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Chapter 83ा
ऐसे hi दिन काटने लगे मेरे कभी माहि तो कभी आयशा दोनों बदल बदल के रात में मेरे पास अति और मुझसे चुदवाती ऐसे hi 1 महीने गुजर गए अब गर्मी का सीजन आ गया था और मेरी याद दस्त थोड़ी बहुत आ चुकी मैं अपने घर वालो को जानने लगा था और माय चलने फिरने भी लगा था लेकिन अभी एक छड़ी के सहारे hi चल रहा था इसी बिच मुझे अपने दोनों भाइयो के मरने का पता चला साथ में मेरे गाओ के 17 लोग भी एक धमाके में मरे गए थे लेकिन जिस दिन ये कांड हुआ था उस दिन मेरे सामने खड़ा वो सकस कौन था जो मेरे सामने से 20 गोलिया दागी थी,
वो मुझे याद नहीं आ रहा था उसकी चेहरे पे आधा मास्क लगा हुआ था आधा hi चेहरा दिख पाया लेकिन माय उसे छोड़ने वाला नहीं था और ऐसे hi सोचने की वजह से मेरा हार्ट बीट बढ़ने लग जाता पीर माय अपने दिमाग को डाइवर्ट कर देता क्युकी अभी भी अंदर से थोड़ा कमजोर ता, ऐसे hi बैठा हुआ ता रूम में तभी सिरा उछलते कूदते हुए मेरे पास ै और जब मेरे पास कड़ी हुई तो माय उसे देख के अरे बेतु ऐसे उछाल कूद नहीं करते देखो तुम्हारी सास फूलने लगी एक तो इतनी दुबली पतली हो और ऐसे भाड़ दौड़ कर रही हो सिरा, जीजू मेरे अब्बू लोग ए हुए है चलो आपको बुला रहे है वो हॉल में बैठे हुए है माय उसकी बात को सुना और
अपनी छड़ी उठा के थोड़ा लंगड़ाते हुए सिरा के साथ चल दिया जब हॉल में पंहुचा तो देखा मेरे ससुराल वाले बैठे हुए थे मुझे देखते hi मेरा छोटा वाला साला जो मेरा जीजा भी था वो उठ के सलाम किया और माय अपने सास ससुर को सलाम किया वो भी मेरा सलाम काबुल किये माय उन लोगो को देख के बहुत खुस हुआ वो भी मुझसे मिल के बहुत खुस हुए पीर वो बताने लगे की 4 महीने हो गए है माहि सिरा को ए हुए उन्हें लेने ए हुए है और अब माहि की शादी भी एक महीने के अंदर कर दी जायगी क्युकी लड़के वाले जल्दी में है वो कब से इंतजार में है इस लिए हम ने सोचा की इसकी अब देर करना ठीक नहीं होगा इस लिए हम माहि की
शादी की कार्ड भी छपवा दिए है इस लिए इनको लेने ए हुए है और रजिया आफरीन को भी ये सुन के माय ससुर से कहा ठीक है ले जाइये सब को और माय माफ़ी चाहता हु आप लोगो से मेरी वजह से माहि की शादी लेट हुई ये सुन के ससुर अरे बीटा आप माफ़ी न मांगे आप की इसमें कोई गलती नहीं है और होनी को कौन ताल सकता है, इधर जब सुनी की उनकी घर जाना है तो रजिया माहि सिरा का मु एक दम छोटा हो गया लेकिन माय भी क्या कर सकता था, पीर वो लोग अगले दिन चले गए इधर शालू भी अपने ससुराल चली गई उसका दूल्हा आया हुआ था और मेरे खंडन के लोग तो पहले hi एते थे और अगले दिन चले जाते,
ऐसे hi दिन काटने लगे मेरे कभी माहि तो कभी आयशा दोनों बदल बदल के रात में मेरे पास अति और मुझसे चुदवाती ऐसे hi 1 महीने गुजर गए अब गर्मी का सीजन आ गया था और मेरी याद दस्त थोड़ी बहुत आ चुकी मैं अपने घर वालो को जानने लगा था और माय चलने फिरने भी लगा था लेकिन अभी एक छड़ी के सहारे hi चल रहा था इसी बिच मुझे अपने दोनों भाइयो के मरने का पता चला साथ में मेरे गाओ के 17 लोग भी एक धमाके में मरे गए थे लेकिन जिस दिन ये कांड हुआ था उस दिन मेरे सामने खड़ा वो सकस कौन था जो मेरे सामने से 20 गोलिया दागी थी,
वो मुझे याद नहीं आ रहा था उसकी चेहरे पे आधा मास्क लगा हुआ था आधा hi चेहरा दिख पाया लेकिन माय उसे छोड़ने वाला नहीं था और ऐसे hi सोचने की वजह से मेरा हार्ट बीट बढ़ने लग जाता पीर माय अपने दिमाग को डाइवर्ट कर देता क्युकी अभी भी अंदर से थोड़ा कमजोर ता, ऐसे hi बैठा हुआ ता रूम में तभी सिरा उछलते कूदते हुए मेरे पास ै और जब मेरे पास कड़ी हुई तो माय उसे देख के अरे बेतु ऐसे उछाल कूद नहीं करते देखो तुम्हारी सास फूलने लगी एक तो इतनी दुबली पतली हो और ऐसे भाड़ दौड़ कर रही हो सिरा, जीजू मेरे अब्बू लोग ए हुए है चलो आपको बुला रहे है वो हॉल में बैठे हुए है माय उसकी बात को सुना और
अपनी छड़ी उठा के थोड़ा लंगड़ाते हुए सिरा के साथ चल दिया जब हॉल में पंहुचा तो देखा मेरे ससुराल वाले बैठे हुए थे मुझे देखते hi मेरा छोटा वाला साला जो मेरा जीजा भी था वो उठ के सलाम किया और माय अपने सास ससुर को सलाम किया वो भी मेरा सलाम काबुल किये माय उन लोगो को देख के बहुत खुस हुआ वो भी मुझसे मिल के बहुत खुस हुए पीर वो बताने लगे की 4 महीने हो गए है माहि सिरा को ए हुए उन्हें लेने ए हुए है और अब माहि की शादी भी एक महीने के अंदर कर दी जायगी क्युकी लड़के वाले जल्दी में है वो कब से इंतजार में है इस लिए हम ने सोचा की इसकी अब देर करना ठीक नहीं होगा इस लिए हम माहि की
शादी की कार्ड भी छपवा दिए है इस लिए इनको लेने ए हुए है और रजिया आफरीन को भी ये सुन के माय ससुर से कहा ठीक है ले जाइये सब को और माय माफ़ी चाहता हु आप लोगो से मेरी वजह से माहि की शादी लेट हुई ये सुन के ससुर अरे बीटा आप माफ़ी न मांगे आप की इसमें कोई गलती नहीं है और होनी को कौन ताल सकता है, इधर जब सुनी की उनकी घर जाना है तो रजिया माहि सिरा का मु एक दम छोटा हो गया लेकिन माय भी क्या कर सकता था, पीर वो लोग अगले दिन चले गए इधर शालू भी अपने ससुराल चली गई उसका दूल्हा आया हुआ था और मेरे खंडन के लोग तो पहले hi एते थे और अगले दिन चले जाते,