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Chapter 87
मेरी सेक्रेटरी का इंटेरो एक बार पीर से:-
मेरा नाम ानिका शर्मा आगे 24, मेरी शादी को 6 साल हो चुके है मेरे पति अमित शर्मा आगे 34 वो एक मरीन अफसर है जिनकी पोस्टिंग विदेश में ज्यादार रहती है वो साल में एक बार एते है और एक बेटी जिसका नाम अवनि शर्मा 5 साल की है, मेरी माँ गायत्री शर्मा आगे 42,
पीर माय प्रिय के घर से निकल के अपने घर के पास आया और ड्राइवर को लेके सिटी हॉस्पिटल पंहुचा तो ड्राइवर को पीर से कॉलोनी भेज दिया इधर माय ऊपर गया चिल्डर्न वार्ड में लेकिन ानिका शर्मा ने एक पर्सनल रूम hi ले ली थी क्युकी उसे कम हाउस से अल्लोव था और जब माय वह पंहुचा तो मुझे देख के ानिका की बेटी अवनि बहुत खुस हुई और बीएड से उठ के मेरे साइन से लग गई पीर माय अपनी जेब से दो चॉकलेट उसे दे दिया और वो और भी खुस हो गई इधर बगल के बीएड पे ानिका सो चुकी थी, अवनि, अंकल मम्मी तो सो गई हम घूमने चले बहार आप मुझे गोदी लो न पीर माय अवनि को गॉड में उठा लिया वो बहुत hi पतली थी सायद बीमारी वजह से,
पीर माय ानिका को जग्य तो दर के अचानक उठी और मुझे अपने पास देख के उसने एक लुम्बी सास ली तो माय और अवनि उसे घर रहे थे ये देख के ानिका मुस्कुराते हुए आप दोनों मुझे ऐसा क्यों घर रहे है तभी अवनि, मम्मी आप दर के उठी हो न, ानिका, हलके से मरते हुए अवनि को है मेरी नानी माय दर गई थी और तू अंकल के गोदी में क्यों छड़ी है चलो सो जाओ अब रात के 12 बज गए है, अवनि, मम्मी माय अंकल के साथ घूमने जा रही हु इस रूम में मुझे ाचा नहीं लगता है पीर माय उसे बहार लेजके सारा वार्ड दिखाया और जब नर्स के केविन के पास पहुंचे तो वह दो नर्स बैठी हुई थी और जब मेरे ऊपर उनकी नज़र पड़ी तो मुझे घूरने लगी,
मैं, उनके पास जेक देखो माय अवनि का करीबी हु ये सुन के एक नर्स है मुझे मालून है और आप मला होंगे मैं उसकी बात को सुन के अरे तुम लोगो को कैसे पता की माय मला हु तो दूसरी नर्स मुस्कुराते हुए ये पूरा वार्ड व्विप का hi है जहा आम लोग इलाज नहीं करवाते न hi उन्हें यहाँ आने की इजात है, पीर माय उनकी बातो को सुन के वह से अवनि को पीर से घूमने लगा थोड़ी देर के बाद अवनि मेरे hi गॉड में सो गई और माय उसके बीएड पे सुलाने आया तो ानिका मुझे देख के उठ गई और मुझे अवनि को सुलाता हुआ देख के उसके आँखों में आंसू आ गए जब मेरी नज़र उसके ऊपर पड़ी तो उससे बोलै अरे तुम क्यों..
रो रही हो और तुम टेंशन लेने की जरुरत नहीं है देखना अवनि बहुत जल्दी ठीक हो जायगी उपरवाले क घर में देर है अंदर nahi,ye सुन के ानिका बीएड से उठी और मेरे गले लग के फुट फुट के रोने लगी और माय उसक सर और पीठ को प्यार से सहलाते हुए ानिका तुम रो मत सब ठीक हो जायगा लेकिन वो कुछ सुनाने को तैयार नहीं थी, थोड़ी देर रोने के बाद ानिका मुझसे अलग हुई और बीएड क किनारे बैठ गई माय भी उसके बगल में बैठ के तुम सो जाओ माय ऐसे hi बैठा हु ये सुन के ानिका बोली सर रात भर आप ऐसे बैठे बैठे कैसे निकल पाएंगे एक काम करिये इसी बीएड पे आप भी लेट जाइये वाइज भी ये सिंगल बीएड थोड़ा चौड़ा है इस लिए हम आ जायँगे,
मैं, अरे नहीं ानिका कोई आ गया तो हम दोनों की इज्जत ख़राब हो सकती है हमें एक साथ ऐसे नहीं सोना चाहिए ानिका, आप फ़िक्र न करे माय गेट बंद कर दूंगी और सुबह hi खोलूंगी इस वजह से न कोई देखेगा और न hi कोई सक करेगा, पीर माय एक साइड पे लेट गया और ानिका गेट लॉक की और रूम की साडी लाइट को बंद कर दी और बस एक जीरो बाल्ट की बल्ब को जला के छोड़ दी जहा उसकी बेटी अवनि सोइ हुई थी पीर ानिका जहा माय सोया था वह ै और एक चादर उठा के मेरे ऊपर दाल दी क्युकी रूम के अंदर एक चल रही थी इस वजह से गर्मी में भी थोड़ा टांड लग रहा था पीर वो मेरे तरफ पीठ करके लेट गई उसने इस पोज़ में सो के गलती कर दी क्युकी..
मेरी सेक्रेटरी का इंटेरो एक बार पीर से:-
मेरा नाम ानिका शर्मा आगे 24, मेरी शादी को 6 साल हो चुके है मेरे पति अमित शर्मा आगे 34 वो एक मरीन अफसर है जिनकी पोस्टिंग विदेश में ज्यादार रहती है वो साल में एक बार एते है और एक बेटी जिसका नाम अवनि शर्मा 5 साल की है, मेरी माँ गायत्री शर्मा आगे 42,
पीर माय प्रिय के घर से निकल के अपने घर के पास आया और ड्राइवर को लेके सिटी हॉस्पिटल पंहुचा तो ड्राइवर को पीर से कॉलोनी भेज दिया इधर माय ऊपर गया चिल्डर्न वार्ड में लेकिन ानिका शर्मा ने एक पर्सनल रूम hi ले ली थी क्युकी उसे कम हाउस से अल्लोव था और जब माय वह पंहुचा तो मुझे देख के ानिका की बेटी अवनि बहुत खुस हुई और बीएड से उठ के मेरे साइन से लग गई पीर माय अपनी जेब से दो चॉकलेट उसे दे दिया और वो और भी खुस हो गई इधर बगल के बीएड पे ानिका सो चुकी थी, अवनि, अंकल मम्मी तो सो गई हम घूमने चले बहार आप मुझे गोदी लो न पीर माय अवनि को गॉड में उठा लिया वो बहुत hi पतली थी सायद बीमारी वजह से,
पीर माय ानिका को जग्य तो दर के अचानक उठी और मुझे अपने पास देख के उसने एक लुम्बी सास ली तो माय और अवनि उसे घर रहे थे ये देख के ानिका मुस्कुराते हुए आप दोनों मुझे ऐसा क्यों घर रहे है तभी अवनि, मम्मी आप दर के उठी हो न, ानिका, हलके से मरते हुए अवनि को है मेरी नानी माय दर गई थी और तू अंकल के गोदी में क्यों छड़ी है चलो सो जाओ अब रात के 12 बज गए है, अवनि, मम्मी माय अंकल के साथ घूमने जा रही हु इस रूम में मुझे ाचा नहीं लगता है पीर माय उसे बहार लेजके सारा वार्ड दिखाया और जब नर्स के केविन के पास पहुंचे तो वह दो नर्स बैठी हुई थी और जब मेरे ऊपर उनकी नज़र पड़ी तो मुझे घूरने लगी,
मैं, उनके पास जेक देखो माय अवनि का करीबी हु ये सुन के एक नर्स है मुझे मालून है और आप मला होंगे मैं उसकी बात को सुन के अरे तुम लोगो को कैसे पता की माय मला हु तो दूसरी नर्स मुस्कुराते हुए ये पूरा वार्ड व्विप का hi है जहा आम लोग इलाज नहीं करवाते न hi उन्हें यहाँ आने की इजात है, पीर माय उनकी बातो को सुन के वह से अवनि को पीर से घूमने लगा थोड़ी देर के बाद अवनि मेरे hi गॉड में सो गई और माय उसके बीएड पे सुलाने आया तो ानिका मुझे देख के उठ गई और मुझे अवनि को सुलाता हुआ देख के उसके आँखों में आंसू आ गए जब मेरी नज़र उसके ऊपर पड़ी तो उससे बोलै अरे तुम क्यों..
रो रही हो और तुम टेंशन लेने की जरुरत नहीं है देखना अवनि बहुत जल्दी ठीक हो जायगी उपरवाले क घर में देर है अंदर nahi,ye सुन के ानिका बीएड से उठी और मेरे गले लग के फुट फुट के रोने लगी और माय उसक सर और पीठ को प्यार से सहलाते हुए ानिका तुम रो मत सब ठीक हो जायगा लेकिन वो कुछ सुनाने को तैयार नहीं थी, थोड़ी देर रोने के बाद ानिका मुझसे अलग हुई और बीएड क किनारे बैठ गई माय भी उसके बगल में बैठ के तुम सो जाओ माय ऐसे hi बैठा हु ये सुन के ानिका बोली सर रात भर आप ऐसे बैठे बैठे कैसे निकल पाएंगे एक काम करिये इसी बीएड पे आप भी लेट जाइये वाइज भी ये सिंगल बीएड थोड़ा चौड़ा है इस लिए हम आ जायँगे,
मैं, अरे नहीं ानिका कोई आ गया तो हम दोनों की इज्जत ख़राब हो सकती है हमें एक साथ ऐसे नहीं सोना चाहिए ानिका, आप फ़िक्र न करे माय गेट बंद कर दूंगी और सुबह hi खोलूंगी इस वजह से न कोई देखेगा और न hi कोई सक करेगा, पीर माय एक साइड पे लेट गया और ानिका गेट लॉक की और रूम की साडी लाइट को बंद कर दी और बस एक जीरो बाल्ट की बल्ब को जला के छोड़ दी जहा उसकी बेटी अवनि सोइ हुई थी पीर ानिका जहा माय सोया था वह ै और एक चादर उठा के मेरे ऊपर दाल दी क्युकी रूम के अंदर एक चल रही थी इस वजह से गर्मी में भी थोड़ा टांड लग रहा था पीर वो मेरे तरफ पीठ करके लेट गई उसने इस पोज़ में सो के गलती कर दी क्युकी..