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किस किस को प्यार करू..
Chapter 1
अब स्टोरी सुरु करते है....
मेरी फॅमिली कुछ इस प्रकार है...
मेरे पिता शेर शाह आगे 80
पहली बीवी सायरा शाह आगे 75
सबसे बड़े भाई जुनैद शाह 50 आगे ये पिटे के मौत के बाद गाओ के मुखिया है और उनकी पहली वाइफ ईरानी शाह 47 शी इस डेड इनकी 3 बेतिया और 1 बीटा पहली पत्नी से,
जुनैद शाह की दूसरी वाइफ नाजिया शाह 30 आगे इनकी कोई संतान अभी तक नहीं हुई है..
1 आमिर शाह 21 आगे
2 आफरीन शाह 18 आगे
3 आयशा शाह क्सक्स आगे
4 अलीजा शाह क्सक्स आगे
मेरा दूसरा भाई अक्का शाह 48 आगे उसकी वाइफ इनायत शाह 39 आगे उनकी 3 बेतिया और 1 बीटा है..
1 सरीफ शाह 20 आगे
2 शालू शाह 18 आगे
3 शमा शाह क्सक्स आगे
4 सहना शाह क्सक्स आगे
माय घर का सबसे छोटा लड़का हु ुर इस स्टोरी का हीरो भी,
मेरा नाम समीर शाह आगे 20, मेरी वाइफ रजिया शाह आगे 30 और मेरा जुड़वाँ 1बीटा और एक बेटी जिसका नाम इस प्रकार है 1 सुल्तान शाह, 2 सुल्ताना शाह
मेरी ससुराल की फॅमिली..
मेरे ससुर सलीम मालिक आगे 65
सास रुकैया मालिक आगे 60
उनकी 4 बेटी और 2 बेटे है.
1 अब्बास मालिक आगे 41
इनकी बीवी उमराओ मालिक आगे 26
2 अक्कू मालिक आगे 38
इनकी बीवी आफरीन शाह आगे 18
3 रुकसाना मालिक आगे 34
इनके हस्बैंड इल्यास मालिक आगे 45
4 रजिया मालिक आगे 30, माय वाइफ
ये दोनों बहने जुड़वाँ थी ये लेट पैदा हुई है
5 माहिरा मालिक आगे 18,
6 सायरा मालिक आगे18,
हमारे पिता का खास जिसका नाम है
संभु आगे 65 इनकी पत्नी मर चुकी है...
उनका 1 बीटा और 3 बेतिया है
1 भूरा आगे 25, सबसे बड़ा बीटा है,2 रानी आगे 23,3 रनो आगे 19,4 मीरा आगे क्सक्स
ये कहानी सुरु होती नार्थ ईस्ट जम्मू के छोटे से गाओ से जहा एक सेक्स जिसका नाम था शेर शाह एक दबंग साक्ष थे, इनकी 3,4 गाओ में पहुंच थी और वो हमारे गाओ के मुखिया थे इस लिए उनका पुरे गाओ में इज्जत करते थे... गाओ की कुल ावादी क्सक्स हजार की थी उस टाइम... मेरे पिता की एक बड़ी हवेली थी कई बीघा जमीं और एक पहाड़ी जमीन था जहा कई सरे पौधे और जड़ी बूटी लगे गए थे पहाड़ी जमीन करीब 3 अकड़ के वर्ग में फैला हुआ हुआ था उस पहाड़ से एक झील पहटि थी जो पुरे गाओ के लोगो के प्यास बुझाता था और जायदात की कोई कमी नई थी, मेरे पिता जब तक इस दुनिया में थे तब तक लोग खुशाल जीवन जी रहे थे हर तरफ खुशाली चाय हुई थी... मेरी माँ बहुत गरीब विधवा थी और इनके माँ बाप नहीं थे इस लिए शेर शाह ले ए अपने घर और उसे खेतो में काम दिया और शर शाह एक दिन नसे में माँ के साथ सो गए जिसका पछतावा उन्हें सुबह हुआ, जब वो उठे तब तक बहुत देर हो चूका था इस लिए सोचे के अगर माँ ने किसी को कुछ बता दिया तो उनकी बदनामी हो सकती है इस किये शेर शाह ने मेरी माँ से निकाह किया और उन्हें अपने घर से 500 मीटर दूर पक्का घर दे दिया क्युकी उनकी पहली बीवी को ये रिस्ता मंजूर नहीं था,
ऐसे hi टाइम बिताते गया और कुछ सालो बाद माय पैदा हु और मुझे देख के दे माँ ने बोलै दूसरे शेर शाह पैदा हुए है और मेरे पिता ये सुन के बहुत खुस हुए..
जब माय हुआ तो मेरे पिता ने अपने घर ले ए बोले मेरा खून है तो बहार क्यों रहेगा लेकिन बड़ी माँ उन्हें खुसी नहीं हुई उन्हें लगा की अब हिस्सा करना होगा दौलत का...
मेरी माँ को वो नौकरानी की तरह काम करवाती अपने हवेली में और जो बचा खुचा खाना होता वो मुझे ला के खिला देती ऐसे hi टाइम गुजरता गया और जब माय 13 साल का था तभी मेरी माँ का इन्तेकाल हो गया बीमारी से,.
कुछ सालो में मेरे पिता और पहली माँ का भी रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई अब माय अकेला हो चूका था कोई पूछने वाला नहीं था मेरे सौतेले भाई लोग खेतो में मुझे भेज के नौकरो की तरह काम करवाने लगे, और वह जो काम करते वो बोलते मालिक आप हम सब के साथ क्यों काम करते है उनकी बातो को सुन के बोलै आप लोग तो जानते है माय इस घर का सौतेला बीटा हु पीर शम्भू काका, बोले लेकिन खून तो आप शेर शाह मालिक का hi है पीर ये लोग नौकरो की तरह क्यों पेश एते है मालिक आप जाओ यहाँ से हम कर लेंगे आपका भी काम..
मैं, संभु चाचा आप की उम्र ज्यादा है आप आराम करे माय अपना काम कर लूंगा आप चिंता न करे, माय कुछ अपने पर्सनालिटी के बारे में बता देता हु माय अपने पिता के ऊपर गया था मेरी लम्बाई लगभग 6फिट 5 इंच की है और माय कुछ खास नहीं दीखता न ज्यादा गोरा और न ज्यादा कला एवरेज कलर है स्किन का लेकिन एक चीज ऊपर वाले ने मुझे नवाजा है वो है लुंड उसकी लम्बाई आम इंसानो से भी ज्यादा बड़ा है करीब 16 इंच लुम्बा और 5, से 6 इंच मोटा इतना लम्बा और मोटा कैसे हुआ वो आपको आगे की स्टोरीज में पता चलेगा और गाओ के लोग मुझे एक दानौ की तरह hi समझते है और मेरा शरीर थोड़ी बॉडीबिल्डर की तरह है अपने खेतो में काम कर कर के माय बिलकुल पाक चूका हु और न मुझे मार से फर्क पड़ता है न किसी जखम से उपरवाले ने इतने जखम दे दिए है की मुझे सहने की आदत हो चुकी है और मेरे भाई लोग उतना धयान नहीं देते थे मेरे माँ बाप क मरने के बाद से hi माय जैसे अनाथ सा हो गया था और खेती बड़ी में मुझे लगा दिया गया था मेरी पढाई लिखे भी उन्होंने छुड़वा दी थी माय 10 वी तक hi पद पाया था गाओ के गवर्नमेंट कॉलेज से और मेरी लाइफ नर्क से भी बत्तर बना दी थी मेरी भाइयो ने और नौकर की तरह ट्रीट करते थे लेकिन मुझे अब आदत सी हो चुकी थी,
मेरे दोनों भाई के बेटे सहर पढाई करने गए हुए थे और उनकी बेतिया 10 वी तक पढाई करवा के घर पे बैठा दिया थे क्युकी उस टाइम लड़कियों को ज्यादा पढाई नहीं करवाई जाती थी और वैसे भी गाओ में बस 10वी तक hi कॉलेज होती थी और माय रोज रात को सोते हुए बस यही दुआ करता था की हे उपरवाले मुझे अपने पास बुला ले माय ऊब चूका हु इस संसार से और मैने क्या गुनाह किया है जो इस जनम में मुझे इतनी बत्तर ज़िन्दगी मिली है यही सब सोच के मेरा दिमाग भी ख़राब होने लगा और अब कोई मतलब भी ज्यादा नहीं रखता था अपने घरवालों से बस अब घर से खेत और खेत से घर सिर्फ यही चलता रहता था मेरा ऐसे hi दिन गुजरने लगे मेरे और जब माय ज्यादा उदास हो जाता तो पहाड़ो पे निकल जाता जो मेरे घर स 2 कम पे था और वह जा के खूब रोटा और ऊपर वाले को कोस्टा...
तभी रट हुए मेरी नज़र वही पहाड़ के खाई में कुछ दिखा सूंदर सा नील रंग का फूल पीर सोचा निचे उतर के मुझे देखना चाहिए माय पहाड़ से एक बरगत का पेड़ था उसकी जेड निचे खाई तक जा रही थी पीर उसे पकड़ के निचे जाने लगा और बहुत मुश्किल से निचे उतरा और जब माय वह पंहुचा तो देखा एक गुफा थी जिसमे मुश्किल से अंदर जाया जा सकता था वो बी लेट के और उस गुफा से पानी की धार भी निकल रही थी और मुझे अंदर जाने में दर लग रहा था
आखिर अंदर कही कोई सैप बिच्छू न हो लेकिन माय हिम्मत करके अंदर जाने लगा कुछ मीटर जाने के बाद मैने देखा अंदर ब्लू कलर का 1 फ्लावर है और बिच से पानी की धार निचे गिर रही है इतनी साफ़ पानी आज तक नहीं देखि और माय वही गुफा के अंदर जा के फ्लावर के पास बैठ गया और एक फूल को तोड़ के शूघने लगा ये फुल सायद चमत्कारी था सूंघते hi मेरे जिस्म में बदलाव आने लगे मस्ती से मेरा सरीर मचलने लगा जिसका असर मेरे लिंग पे हुआ और मेरा लिंग इतना तित हुआ जितना पहले कभी नहीं हुआ था पीर माय सोचने लगा आखिर ये कौन सा फूल है और ऐसे hi सोचते हुए माय वही गुफा के अंदर बेहोस हो गया थोड़ी देर के बाद उठा तो देखा जो ब्लू फ्लावर थे वो गायब हो गए थे बस कुछ फ्लावर बचे थे लेकिन उनमे फूल की जगह फल थे जो अजीब से थे पर्पल कलर और फल के चारो और हल्के कांटे लगे थे जैसे ड्रैगन फ्रूट होते है वैसे hi फल दिख रहे थे, मैने सोचा ऊपर वाले ने मुझे ज़हर दिया है इसे खा के अपना जीवन तयाग कर देता हु और माय खाने लगा लेकिन फल के उन काँटों की वजह से मेरा मु खून से लाल हो गया करीब आधा खाया hi था की माय वही पीर बेहोश हो gaya....Karib 2 घंटे बाद उठा तो माय सोचा ऊपर वाले बी
मुझसे मज़ाक कर रहे क्युकी माय मारा नहीं, पीर माय गुफा में जो पानी था उसे पिने लगा बहुत प्यास लगी थी पानी एक दम मीठा आज तक ऐसा पानी पूरी जिंदगी नहीं पिया था पानी पिने के बाद मेरी भूख बढ़ गई तभी बगल में जो फल आधा खाया था वो वह पड़ा हुआ था पीर उसे उठा के खाने लगा इस बार मेरा मु नहीं चीला और जो पहले घाव बने थे इस फल को कहते हुए वो अब ठीक हो चुके थे माय देख के अचरच में पद गया भला इतनी जल्दी घाव कैसे ठीक हो गया और मेरा सरीर में अलग स जोश ता
पीर थोड़ी देर के बाद माय उस गुफा से निकल गया और बरगत का झाड़ पकड़ के ऊपर चढ़ने लगा इस बार मुझे कोई तकलीफ नहीं हुई क्युकी मेरा सरीर एक दम पत्थर की तरह जो हो गया था थकन भी मुझे नहीं लग रही थी...
ऐसे hi सोचते हुए माय ऊपर पहुंच गया और घर के तरफ जाने लगा पहले मेरा दिमाग जयादा अछि तरह नहीं चलता था लेकिन जब से गुफा से बहार यहाँ हु तब से मुझे दिमाग कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज चलने लगा सायद उस चमत्कारी फूल और पानी पिने से मेरे सरीर में बदलाव आया हो यही मान में सोच रहा था," माय गुफा में बहुत देर तक रहा आज टाइम का पता भी नहीं चला क्युकी साम जो हो चूका था वैसे भी मेरा कौन इंतजार करेगा माँ और पिता तो है नहीं जो मेरे बारे में..
चिंता करेंगे जब माँ थी तब मुझे किसी भी चीज की चिंता नहीं करने देती थी भले hi मेरे पिता हम से अलग रहते थे लेकिन वो मुझे बहुत प्यार करते थे और मुझे कुछ न कुछ हवेली से मेरे लिए भिजवाते रहते थे खाने और पहनने के लिए पीर माय अपने टूटे फहुते कच्चे माकन में पंहुचा जहा पहले यहाँ नौकर रहा करते थे वही घर मुझे मिला था पापा के मरने के बाद पहले भाइयो ने घर से करीब 500 मीटर दूर वाला माकन दे दिया था उस माकन में सीमेंट वाला चाट और दीवाल पक्के थे जिसमे दो रूम लत बाथ अटैच थे और एक हाल टाइप का बना हुआ था और वही हाल में एक लकड़ी वाला चला था जिसमे माय खुद खाना बनता और खता पीर माय भूखा hi अपने टूटे फूटे घर की बिस्तर पे सो गया,
सुबह माय हमेशा की तरह आज भी जल्दी उठ गया था और उठाते hi सबसे पहले बाथरूम में फ्रेश होने चला गया अपनी आँखों को मलते हुए मैने जैसे hi अपने अंडरवियर निचे कर के अपने लुंड को पेशाब करने के लिए पकड़ा तो मुझे एक जोर का झटका क्युकी लिंग पे मेरे हाँथ लगते hi मेरी साडी नींद एक पल में hi गायब हो गयी.
और जब मेरा नज़र अपने लिंग पे गयी तो देहा वो सर उठाये खाद था और माय अपने लुंड को बड़े hi हैरानी से देख रहा था और मुझे समझ hi नहीं आ रहा था की एक hi रात में मेरा लुंड इतना बड़ा कैसे हो गया और मेरा लुंड मेरे घुटने तक था करीब 16 इंच और उसकी मोटाई ऐसी थी जैसे एक मोटा लौकी लटक रहा हो और सूपड़ा ऐसे जैसे टेनिस बॉल हो ये इतना भयानक और खतरनाक लुंड मेरा कैसे हो गया और माय अपने लुंड को बार बार छू कर देख रहा था की क्या ये सच है या कोई ख्वाब और जब मुझ को यकीं हो गया की ये कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत है तो बहुत hi खुश हो गया और जब मेरी बाथरूम के शीशे पे गई तो देखा मेरा सरीर भी एक दम बॉडीबिल्डर की तरह हो गया था और मेरे पेट पे सिक्स एबीएस आ चुके थे मेरे चेहरे पे एक दम रौनक थी पीर उसके बाद माय जल्दी से फ्रेश हुआ और नहाया आज माय बहुत खुस पीर बाथरूम से बहार आ गया.. आज माय 18 का हुआ था और सुबह सुबह मेरे पिता जी के वकील मेरे पास ए और मुझे पक्के घर में देखने के बाद बोले तुम यहाँ क्यों रहते हो तुम शेर शाह के बेटे हो तुम्हे तो हवेली के अंदर होना चाहिए तुम्हारा हक़ बनता है उस हवेली पे और अभी चलो मेरे साथ, मैं, साहेब मेरे भाई लोग घर में घुसने नहीं देते...
वकील, देखो समीर तुम्हारा भी हक़ बराबर है हवेली और पुरे जमीन जायदात पे ऐसा शेर शाह बिल में लिख के गए है माय कोई गलत बात नहीं बोल रहा हु,
मैं, वकील साहेब मुझे पैसा और जायदात की कोई लालच नहीं है बस प्यार hi मिल जय वही बहुत है मेरे liye...Wakil, जैसा तुम कहो लेकिन जब कोई भी तुम्हे यहाँ से और जायदात से निकलने की कोशिश करे तो तुम मत निकलना क्युकी तुम्हारा बराबर का हिस्सा है इस प्रॉपर्टी me,Maun, अपने भाई और भाभियो से बहुत प्यार करता हु क्युकी मेरी माँ ने कहा कहा था इस घर के किसी से नफरत मत करना और माय वही कर रहा हु इतना सालो से मेरी बात सुन वकील साहेब चले गए और माय चारपाई पे लेट gay,Aise hi दिन मेरे बीतने लगे और इधर भाइयो की बेतिया जवान हो रहती थी और उनके शादी की बात चल रही थी क्युकी गाओ में शादी जल्दी करवा दी जाती है, एक लड़का मिला जो एक टीचर था गवर्नमेंट कॉलेज में परिवार भी अच्छा था और बात चलने लगी लेकिन लड़के वाले बोले मेरी बेटी की शादी नहीं हो रही है सावली ह और दिमाग भी काम होने की वजह से 30 साल की हो गई है जब तक इसकी शादी नहीं होगी तब तक बेटे की भी शादी नहीं karunga...Junaid भाई बोले, बहन जी अगर मेरे भाई से आपकी लड़की का शादी करवा दे तो मेरा छोटा भाई पढ़ा लिखा नहीं बस खेती बड़ी करता है ुर जीवन चला रहा है..
लड़कीवाले बोले मुझे कोई आपत्ति नहीं है जैसा भी लड़का हो बस मेरी बेटी की निकाह हो जाये और कुछ नहीं चाहिए,
उसके बाद मेरी ार मेरी भतीजी आफरीन की शादी फिक्स हो गई और डेट निकला 1 महीने बाद की और मेरे घर के कुछ रिस्तेदार को बुलाया गया जो बहुत करीब थे लेकिन ज्यादा धूम धाम स मेरी शादी नई हुई न hi आफरीन की, सुहागरात की रात में बिच वाली इनायत भाभी मेरे कच्चे माकन में ै और बोली सैम चल पक्के माकन में तेरे भाई ने ऊपरवाला गेट खुलवा दिया है आज से तू वही रहेगा और तेरी बीवी को वही रूम में छोड़ दी हु... ये सुनते hi मेरे आँखों में आंसू आ गए क्युकी इतने सालो बाद मेरे बड़े भाई ने मेरे बारे में सोचा और अपने हवेली पे मुझे रहने का मौका दिया वैसे माय चाहता तो जबरदस्ती घर में घुस जाता लेकिन माय जनता था आज नहीं तो कल मेरे भाई मुझे मेरा हक़ देंगे... मेरे पिता ने एक बड़ा हवेली बनवाई थी ये 3 फ्लोर का है और 1सत फ्लोर में 10 रूम्स और 2 बिग हाल और 4 बड़ा रूम मेहमानो के लिए है वेस्टर्न लुक लेत बाथ सब रूम में अटैच है और ऊपर 3रद फ्लोर पे जाने के लिए दो सीढिया है एक बहार से और एक अंदर से.. 1सत फ्लोर पे बड़े भाई और मंझले भाई hi रहते है.. 2ंद फ्लोर में दोनों भाइयो के बच्चे रहते है...
3रद फ्लोर में अब मेरी एंट्री होती है लेकिन ऊपर वाले मंजिल प 3 बड़े रूम वेस्टर्न लत बाथ और 1 स्टोर रूम hi बने ते
जब माय ऊपर रूम म पंहुचा तो देखा रज्जो रेड कलर की लेहेंगा में घूँघट दाल के निचे गद्दे पे बैठी हुई थी वैसे उसे मैने देखा hi नहीं था भाई लोगो ने मेरी निकाह करवा दी थी और मैने कुछ पूछा भी नहीं क्युकी माय अपने भाइयो की इज्जत जो करता था और उनके बात को पत्थर की लकीर समझता था, इधर जब माय रजिया के पास पंहुचा तो थोड़ा वो पीछे हटी तो माय बोलै दर क्यों रही हो मुझसे माय तुम्हारा शौहर हु मेरी आवाज़ को सुन के बाद उसके मु से सुरीली आवाज़ निकली बोली अम्मी ने कही ह ज्यादा बात मत करना और जो तेरा शौहर कहेगा वो करना..
मैं उसकी बात को सुन के वो लड़की को सायद कुछ नहीं पता था क्युकी '. लड़किया घर से काम hi बहार निकलती है और निकलती भी है तो अपने भाई या माँ के साथ बहार जाती है इस लिए उसे दुनिया दरी की समझ नहीं होती है उनके सगी भाभी मौसी या फिर सहेलिया hi सिखाती है, पीर माय बिस्तर पे बैठा और मैने घूँघट ऊपर करने hi वाला था की तभी मेरा हाथ पकड़ ली रजिया ने माय उसकी तरफ देखा और बोलै मेरा हाँथ क्यों पकड़ी तुम तो.. रजिया, पहले मेरा नेक दे फिर घूँघट उठेगा, Main,smile क सतह अब ये किसने कह दिया तो वो बोली अम्मी न,
मेरे पास तो कुछ नहीं है माय कमाता भी नहीं हु और बस खेती बड़ी करता हु और जो अनाज बेच के पैसे मिलते है वो बड़े भाई को देता हु मेरी बातो को सुन के रजिया बोली, जो दिल करे आपका वो मुझे दे दे मुझे पैसे नई चाहिए मैं, उसकी बातो को सुन के मुझे बहुत खुसी हुई और माय सोचने लगा की क्या दू पीर याद आया की अम्मी ने मरने से पहले मुझे एक अंगूठी दी थी और बोली थी की अपने बहु को दूंगी लेकिन उनका सना पूरा नहीं हुआ पीर माय बिस्तर से उठा और बक्शा खोल के देखा तो कपडे के किनारे एक छोटे सी डिब्बी में वो सोने की अंगूठी राखी हुई थी ले के आया और बिस्तर पे बैठ के उसकी मेहँदी लगी बे हाँथ को पकड़ा तो वो शरमाते हुए अपनी हाँथ आगे बड़ा दी, पीर माय अपने दाहिने हाँथ से इस सोने की अंगूठी को पहना दिया और बोलै ये माँ ने अपनी बहु के लिए सभाल क रखी हुई थी अब तुम इसे संभल के रखना कही खो मत देना, और वो खुस हो गई पीर मैने अपने दोनों हांथो से उसका घूँघट ऊपर किया और देखते hi मु से निकला मशाल्ला क्या खूबसूरत चेहरा है भले hi वो एवरेज कलर की थी लेकिन उसकी फेस एक दम मासूम सा दिल hi दिल में माय बहुत खुस हुआ और मुझे ऐसे घूरता हुआ पाई तो रजिया, शरमाते किलर वाली स्माइल दी और उसकी स्माइल देख के मैं तो माय घायल सा गया और पीर माय उसके गौर से
देखने लगा तो पाया की उसके रसीले होठो डार्क लिपस्टिक लगी हुई और तीखी नज़र, सुराही दर गर्दन, उफ़ क़यामत थी मैने आगे बढ़ के उसके सर से घूँघट पूरा हटाई तो देखा सर पे मांग टिका और नाक में एक बड़ी सी नथनी दोनों कानो में बड़े बड़े झुमके गले में हार एक चैन पहनी हुई थी ये सब देख के उससे पूछा की तुम्हे पता है सुहागरात में क्या होता है और क्या नहीं मेरी बात को सुन के रजिया थोड़ा शरमाई और अपनी सुरीली आवाज़ में बोली है मेरी बड़ी बजी ने बताई है ये सुन के बोलै तो क्या बताऊ है आपकी बड़ी बहन ने मुझे भी बताओ क्युकी मुझे तो पता hi नहीं है की सुहागरात क्या होती है,
रजिया चल झूठे लड़को को तो हम लड़कियों से भी ज्यादा पता होता है मुझसे ज्यादा चालाकी न करे आप... उसकी बातो से मेरी हसी निकल गई और बोलै देखो आज तक मेरे लाइफ तुम्हारे शिव कोई लड़की नहीं ै और न hi कभी किसी के साथ कुछ किया है ये मेरा फ़ास्ट टाइम है... रजिया, मेरा भी फर्स्ट टाइम है जी और मुझे तो कोई लड़का पसंद भी नहीं करता था मेरे सवाल रंग की वजह से और जो लड़का शादी के लिए मुझे देखने अत वो मुझे रिजेक्ट कर देता और माय इतनी उदास रहने लगी की मेरा मानशिक संतुलन भी खो दी पीर दवा हुआ तब जेक ठीक हुई हु लेकिन अभी दवा चल रही है और आप पहले लड़के हो जो
मुझे देखे बिना hi शादी के लिए हां कर दिए इस लिए आप की इज्जत माय मरते दम तक करती रहूंगी और आपको कभी शिकायत का मौका नहीं दूंगी आप जो कहोगे वो माय करुँगी ये मेरा प्रॉमिस है आप से ये सुन के मैं थोड़ा साद सा हो गया और उसे बोलै देखो रज्जो मुझे नहीं पता की तुम्हे लड़के क्यों रिजेक्ट कर दिए पैर मुझे तो तुम बहुत खूबसूरत लगी हो तुम्हारे lips,tikhi नज़र, सुराही दर गर्दन देख कर मेरा दिल कुश हो गया लेकिन मुझे कुछ और देखना है क्या तुम दिखाओगी... रजिया, क्या देखना है अब तो ये रज्जो सिर्फ आपकी है जो देखना है वो देखे जो करना है वो करे लेकिन एक वडा करे मुझसे की आज के बाद आप मुझे छोड़ के नई जायँगे
मैं, वडा करता हु रज्जो तुम्हे अपने दिल से कभी दूर नहीं होने दूंगा ये सुन वो मुझसे लिपट के रोने लगी,
मैं, क्या हुआ रज्जो आज रोने की रात नहीं कुश होने की रात है आज हम दो जिस्म एक होने की रात है.. रजिया, कुछ नहीं जी बस हम दोनों के प्यार को किसी की नज़र न लगे यही उपरवाले से दुआ मांगती हु... मैं, रज्जो माय वडा कभी नहीं तोडूंगा जब तक सास है मेरी माय तुमसे खुद से भी ज्यादा प्यार और हिफाज़त करूँगा और मेरी ऐसी बातो से रज्जो बहुत इमोशनल होने लगी और मुझसे लिपट गई और हम दोनों का इमोशनल से रोमांस
में बदल गया माय उसके रसीले होंठो को पिने काटने लगा उस टाइम तो मुझे उतना अत नहीं था लेकिन प्यार भी कोई सीखने की चीज होती है और इधर माय सोचने लगा..
("मेरा एकलौता दोस्त जो भूरा था वो निकाह की रात सब कुछ बता दिया था क्या करना है और कैसे करना है क्युकी वो रात रंगीन वाली किताबे पढता था लेकिन बताने में और परेटिकल करने में जमीं आसमान का अंतर होता है और वही हाल मेरा था") इधर माय किश करते हुए एक हाँथ उसकी पतली कमर के आस लेजके उसके लहंगा उतरने लगा वो मेरे हांथो पे धीरे से मरती है और पीर माय किश ख़तम करके बोलै यार मर क्यों रही हो तो रजिया शरमाते हुए पहले लैंप की रौशनी को बंद करे तो माय कहा यार तुम मेरी बीवी हो निकाह करके काया हु इस लिए तुम्हारा फर्क बनता है की तुम अपने सौहार को अपनी सेक्सी बॉडी का दर्शन करवाओ ये सुन के रजिया, अपनी आंखे बंद कर ली ुर माय उसे बिस्तर पे सीधा लेता के लेहंगा जो एक डोरी सी बंधी थी उसे खोला उसके बाद उसके खींचते हुए पैरो से निकल दिया पीर उसे बैठा दिया सके बाद उसके ब्लाउज़ खोलने के लिए हुक खोजता हु लेकिन मिलता hi नहीं और रज्जो मुझे ऐसा हैरान परेशां देख के बोली हुक मिला माय बोलै नहीं कहा है तो वो बोली खुद खोज लो वैसे तो रज्जो आप की है लेकिन कपडे तो आपको hi खोलने होंगे और माय आपकी कोई मदत नहीं करुँगी खोल खिला क है दी..
इधर मेरे बहुत कोशिश के बाद आखिर हुक मिल गया क्युकी मुझे इतना टाइम क्यों लगा आप समझ सकते है क्युकी आज तक माय किसी लड़की के कपडे देखे तक नहीं थे तो लड़की के कपडे कहा से खोल सकता था ये तो मेरा दोस्त भूरा ने बताया था वर्ण आज माय रज्जो के सामने बहुत सर्मिन्दा होता इधर ब्लाउज़ खोलने के बाद पहली बार उसके ब्रा देखा तो देखता hi रह गया ऐसे घूरते हुए देख के रज्जो शर्मा के बोली ऐसा क्यों घर रहे है जी.. माय, देख लेने दो रज्जो पीर पता नहीं कब नसीब हो ऐसा जन्नत को देखने की ये सुन के रजिया, मेरे होठों पे अपना हाथ रख दी और बोली ऐसा दोबारा मत कहना खुदा करे ऐसी जन्नत हमेशा आपको देखने को मिले यही दुआ है मेरी उसकी ऐसी बातो को सुन के बहुत प्यार आया और मैने किश करते हुए उसे गद्दे पे लेता दिया और और उसके लहंगा को जो उसके घुटने म अटका था उसे pairo..se होते हुए निचे खींच क निकलते hi उसकी मोती मोती जांघ ओह्ह्ह्ह गॉडडडडड क्या गजब की चीजजजज बनाई है अपने भले hi सवाल सरीर था लेकिन उसके जिसम एक गदराया हुआ माल थी यू कह लो एक दम क़यामत थी जब लहंगा और ब्लाउज खोलने के बाद उसका ब्रा पंतय में बदन माय देखते hi सोचा ऐसा बदन किसी लड़की की नहीं होगी भले hi वो मुझसे 10 साल बड़ी थी यानि माय 20 का और वो 30 की..
इधर जब माय गौर से उसके जांघ देखा तो वो इतने चौड़े थे की मेरे दोनों हाथ में भी नहीं आ रही थी और उसकी चुकी ब्रा के ऊपर से hi इतने बड़ी और गोल थी की मेरे दोनों हथेली में कैद नहीं हो रहे थे और उसकी कमर इतने पतले थी की मेरे एक हाथ में कैद हो जाते ऊपर वाले भी क्या लड़की बनाई है भले hi सवाल सरीर है लेकिन उसकी सरीर किसी आम लड़कियों से कही ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी थी, पीर माय बिस्तर से उठा और अपनी शेरवानी और सलवार उतरने लगा तो रज्जो घर के मुझे देखने लगी मेरा सरीर भी उसके सरीर से थोड़ा डार्क था उसके ऐसा घूरता हुए देख माय पूछा क्या देख रही हो तो रजिया कुछ नहीं बोली और शर्मा के अपनी नज़ारे निचे कर ली इधर जब माय अपना सारा कपडा खोल दिया तो मुझे बहुत ठण्ड लगने लगी क्युकी अभी अक्टूबर और नवंबर की ठण्ड तो आप लोग जानते hi है कितनी कड़क की होती है और मैने जैसे hi कपडे खोले वैसे hi मुझे ठण्ड लगने लगी और माय जल्दी से रजाई में घुस गया ऐसा करते hi रज्जो हसने लगी, तुम हसी क्यों तो रजिया बोली आप अभी बच्चे है इतनी ठण्ड तो बचो को लगती है कैसे कपडे खोल के रज़ाई में घुस गए है है पीर मैने उसे पकड़ा और रजाई में खींच लिया किश करने लगा वो भी मेरे होंठो के राश को चूसने लगी और मैने अपना हाथ उसके पुरे सरीर पे सहलाने लगा
जिससे उसका सरीर अकड़ने लगा मज़ा से वैसे भी लड़का हो या लड़की उसकी पहला सेक्स बहुत hi सेक्सी होती है और हम दोनों का ये पहला अनुभव था जिसकी वजह से मज़ा भी दुगनी आ रही थी और मेरे किश और सरीर को रब करना एक्सीटेंड था उसके और आज रज्जो को असली मर्द जो मिला था हत्ता कट्टा क्युकी उनकी हाइट 5 फिट hi था और कहा माय 6.5 मेरे सामने वो बच्ची लग रही थी और माय अपने हाथ को उनकी चुकी दबाते हुए निचे अपना हाथ ले जाने लगा उनकी नाभि में ऊँगली करते हुए छूट पे पहुंचे hi वाला था की तभी रज्जो ने मेरे हाथ पकड़ लिया, लेकिन मैने थोड़ा जोर लगा के हाथ छुड़ा दिया और फिर उसके पंतय के ऊपर से hi उनकी छूट सहलाया तो मुझे अहसास हुआ ओह माय गॉड क्या गद्देदार छूट थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई फुला हुआ ब्रेड उसकी जांघो के बिच में रख गया ho,Aisi खूबसूरत पाकी हुई जवान अनछुई लड़की जिसको मिल जय वो स्वर्ग की अप्सरा भी फीकी लगेंगी रजिया की फिगर 36 के चुकी, 26 की कमर,40 की गांड अब अंदाजा लगा सकते है क्या सेक्सी और क़यामत जिस्म है रजिया का मैने किश करते हुए उसके ब्रा का हुक खोला इस बार हुक जल्दी मिल गया और ब्रा खुलते hi रज्जो के 36 इंच की बोब्ब्स स्प्रिंग की तरह बाउंस करते हुए मेरे चेहरे पे लगी जिससे रज्जो हसने लगी और अपने चुकी छिपाने लगी बोली इन्हे मत देखो मुझे शर्म आ रही है जी...
मुझसे क्या शर्मना माय अब शौहर हु तुम्हारा और पीर उसके चुकी को पकड़ लिया इस बार रज्जो ने कुछ नहीं किया बगल में लैंप जल रही टी और घडी में देखा तो अभी रात 10 hi बज रहे थे क्युकी गाओ में लोग 8 या 9 बजे तक सो जाते है और हम दोनों अपनी पहली सुहागरात मानाने वाले थे और उसके सावली बड़ी करीब 36 साइज की चुके को दबाते हुए उसकी गेहू की डेन की तरह एक दम छोटी निप्पल जो हलकी ब्राउन कलर की उसमे मु में लिया और चूसने लगा और वो मेरे मु को अपने चाची में बढ़ाने लगी भला क्यों न करे पहला जो मर्द था उसके लाइफ में वो अपनी दोनों पैरो से मेरी कमर में दाल के क्रॉस कर ली और अपनी छूट के ऊपर खींचने लगी इधर माय उसकी चुकी को चूसने में लगा रहा उसकी एक चुकी को दबाता तो दूसरे को पिने लगता ऐसे hi एक दूसरे को बदल बदल के पिने लगा तभी वो संत हो गई और एक दम सुस्त पद गई जैसे उसके सरीर में जान hi न हो सैम वैसे hi हो गई माय समझा नहीं आखिर हुआ क्या अभी तो बहुत जोर लगा रही थी और 2मिनट में hi संत हो गई लेकिन माय उसके चुके को पिता हु रहा और अपने हाथ को उसके निचे ले जाने लगा और उसके छूट के अस पास अपने हाथ को ले जा के सहलाने लगा जिससे उसे..
फिर मज़ा आने लगा और वो मेरे हाथ को तित से पकड़ के अपने छूट पे ले जाने लगी और जब मेरा हाथ उसके छूट पे पड़ा तो वो लुम्बी सास छोड़ी और मेरे हाथ को अपने पंतय के ऊपर से hi अपने छूट में दबाओ बढ़ने लगी ... माय समझ चूका था रज्जो सायद ज्यादा गरम हो रही थी
मैने चुकी पिता रहा और पंतय के ऊपर से रज्जो की छूट छेड़ता रहा वो मछली की तरह तड़पती रही ... उसे पलटा पेट की तरफ और उसका चेहरा गद्दे की तरफ हो गया और माय उसके गांड को सहलाने लगा और उसके ऊपर लेट गया मेरा वजन सायद वो सभाल न पाय क्युकी माय 75 कग का था और वो कहा 50 कग की होगी और मेरा लम्बाई जिराफ की तरह और उसकी लम्बाई किसी बकरी की तरह इधर मैने अपना लुंड जो अभी बरमूडा में था उसके गांड प् तूच करने लगा तो रजिया के मु से सिसकारियां निकलने लगी जैसे अह्ह्ह्हह्हह अम्मीय ohhhhhhhhhh godddddddddd प्ल्ज़ अपना पीछे से हटाइये मुझे चुभ रहा है शह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह कितना गरम है आपका ओह्ह्ह्हह्हह अम्मम्मीय,.. माय उसके सेक्सी आवाज़ को सुनते हुए उसकी पंतय में कैद गांड और उसके सावले जिस्म को सहला रहा था उसके सरीर में एक बाल तक नहीं था उसकी और उसकी पूरी बॉडी एक दम रुई की तरह मुलायम थी पीर माय अपनी तरफ करवट बदली मतलब उसे सीधा किया जिससे रज्जो की इस बार भी वो
शर्मा रही थी अब उसके पंतय को खींच के अलग किया
आज माय किस लड़की की पहली बार छूट देखि है माय ने लैंप को ला के उसके छूट की तरफ करके देखने लगा क्या खूबसूरत सावली छूट थी और ब्रेड की तरह एक दम फूली हुई और उसके छोटी सी लकीर से पानी रिष रहा था और उसके छूट की लकीर में एक उंगली अंदर गई तो रज्जो ने मेरा हाथ को तित ली पकड़ ली और मुझे अपना छूट देखते और छेड़ते हुए देखि तो बोली मुझे शर्म आ रही है लैंप को वह टेबल पे रखे प्ल्ज़ मैने वैसा hi किया क्यों आज हम दोनों की पहली मुलाकात थी और वैसे भी वो बहुत शर्म रही थी और पीर अपना बरमूडा उतर के बगल में रख दिया... बरमूडा उतारते hi मेरे लुंड पे उसकी नज़र पड़ी तो लुंड देखते hi उसकी आंखे चढ़ गई और मान में बोली ("या अल्ला ये तो आज मेरी छूट hi फहद डालेगा मसि और सहेलिया बोली थी की 4 से 6 इंच तक बड़ा लुंड होता है लेकिन इनके लिंग तो मेरे एक हाँथ जितना बड़ा और मेरे बाजु जितना मोटा लग रहा है और देखो तो इनके घुटने तक लटक रहा है") वो ऐसे hi मेरे लुंड को घर के देखते हुए बोली ये क्या है उसकी आवाज़ को सुनते hi बोलै वही जो सब लड़को के पास होता है लेकिन ये हर लड़को की तरह नहीं है ये तो करोडो में एक पास hi होता है तुम्हे पसंद नई आया क्या ये सुन के रज्जो, माय इतने बड़े लिंग को नई ले पाऊँगी घुसेगा hi नई
मैं, कुछ नहीं होगा रज्जो एक बार तरय करेंगे अगर घुस गया तो ठीक और नहीं घुसा तो नहीं करेंगे सिंपल... पीर माय उसके करीब आया और उसे सीधा लेता के दोनों पेअर को ऊपर उठा दिया और जैसा भूरा ने बोलै था वैसे hi उसके छूट पे मु लगा दिया और उसके क्लाइटोरिस को चाटने laga...Rajjo तो पीर से मछली की तरह अपना गांड हवा में लहराने लगी और बोलने लगी ाजी सुनो न ऐसा मत करो कोई ऐसे छत्ता है क्या वो गन्दी चीज होती है वह से मु हटा लीजिये प्ल्ज़ नहीं तो मेरा सुसु निकल जायगी प्ल्ज़ मु हटा लीजिये न मुझे कुछ होता है जब आप वह छत्ते है ओह्ह्ह्हह्ह गॉडडडडड शह्ह्हह्ह्ह्ह कीटनाआआ मज़ा अत है जब भी आप हलके से करते है ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Ammmmiii,idhar मुझे तो उसकी छूट चाट और उसकी गंध से मेरे सरीर में अजीब सी उत्तेजना बाद रही थी और माय सोचने लगा की रज्जो की छूट की गंध से मेरा लिंग इतना तित क्यों हो रहा है क्युकी अभी मेरा लुंड जो अब पत्थर का हो चूका tha...Pir छूट से मु हटा के मैने अपने लुंड को रज्जो के हैट में दे दिया लेकिन रज्जो हाथ हटा ली बोली ची माय नहीं पकड़ने वाली ये गन्दी चीज होती है ये सब हराम है ...देखो रज्जो सेक्स करते टाइम कोई गन्दी चीज और न hi कोई हराम चीज होती है सेक्स करते टाइम सब जायज hai...Mere समझने के बाद उसने मेरे लुंड को पकड़ लिया और मैने बोलै इसे सहलाओ ऊपर निचे करो..
वो वैसा hi कर रही थी इधर माय पीर से उसके छूट और क्लाइटोरिस को कहते जा रहा था जैसे कोई सहद हो और और दोनों चुकी पकड़ के जैसे अत गूथते है वैसे hi उसकी
चुकी गूथ रहा था और दर्द और मज़े से वो धीरे धीरे चिल्ला रही थी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मम्मीईई प्लीज धीरे दबाइये न जी बहुत तेज से दबा रहे है आप ओह्ह्ह गॉड सुनो जी रात बहुत हो रही देखो न 11 बजने वाले है सुबह उठना भी है मुझे अब ख़तम करो न ये सब,
मैं, आज सुहागरात है बिना सुहागरात के सोना चाहती हो,
देखो जी आपका बहुत बड़ा है और माय इसे इतनी छोटी सी छूट में कैसे घुसेगा आप hi बोलो और गलती से घुस बी गया तो मेरी क्या हालत करेगा आपका सांड जैसा लिंग देखो न इसका सूपड़ा hi करीब 6 इंच मोटा है और लम्बाई तो मेरे एक हाथ के बराबर है भला मेरी छोटी सी छूट में घुसेगा कैसे, इस सांड जैसे लुंड को कोई लड़की नहीं ले सकती ये मन लो आप अगर जबरदस्ती की तो रोने लगूंगी मैं, ठीक है पीर मेरा क्या होगा ये लिंग इतना जल्दी ढीला नहीं होगा जब तक इसका पानी नहीं निकलेगा ऐसा करो माय तुम्हारे छूट के ऊपर गीश गीश के पानी निकल लेता हु बोलो मंजूर है.. ठीक है लेकिन अंदर मत करना प्ल्ज़... पीर माय उसे सीधा लेता दिया और उसके रसीले होंठो को किश करने लगा और रज्जो को बोलै लिंग को अपनी छूट के
छेद पे राखी वो वैसा hi की और माय उसके छूट के छेद और क्लाइटोरिस पे घिसने लगा तो रज्जो ाजी सुनो न इसमें तेल लगा लो मैने कमरे में अपनी आंख दौड़ाई तो कही दिखी नहीं मैने बोलै तुम्हारे पास कोई तेल है क्या उसने मुझे हटाया अपने ऊपर से और नग्गी hi उठ के कुछ दूर पे
रखे अपने बैग की साइड चैन खोल के एक बॉटल निकली जिसमे नारियल की तेल थी उसने मुझे दिया तो कहा अब तुम hi इस्पे लगाओ क्युकी अब तुम्हे hi इसका धयान रखना है पूरी जिंदगी मेरी बातो को सुन के उसने बोतल की ढक्कन खोल के अपने हथेली पे ले लिया और लुंड की सुपडे पे तेल मलने लगी जिससे मेरा लुंड मचलने लगा जैसे कह रहा हो जल्दी से मुझे घुसा दी इस पारी के गुफा में इधर तेल लगने के बाद मैने उसे पीर लेटाया और ौकी छूट और क्लाइटोरिस पे अपने लिंग से घिसह्णे लगा और इधर किश करते हुए उसकी चुकी को अन्ते की तरह गुथने लगा रज्जो ाजी सुनो न बहुत दर्द कर रहा थोड़ा धीरे दबाओ न प्लीज... इधर माय उसकी छूट की फैंको के ऊपर अपने लिंग को करीब 5 मिनट्स तक घुसने के बाद रज्जो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और वो अपने हांथो को मेरे लिंग पे रख के खुद hi सहलाने लगी और मु से Ahhhhhhhhhh अम्मम्मीय ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जनुउउउउउउ कितना गरम लिंग है मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा पता नहीं मेरा मान इसे अंदर
लने को कह रहा है और मेरी छूट के अंदर जैसे चित्य रेंग रही है और मेरी सुसु भी जैसे निकल रही है इस मज़े से ये कैसा जादू किये है जी कुछ करो न वर्ण कही माय पागल हो न हो जाऊ अह्हह्ह्ह्ह अम्म्मीईई शहहहहह ओह्ह्ह्ह, इधर माय नया था इस मामले में और सोचने लगा
(" ये अभी कह रही थी की मेरे लिंग को अपने अंदर नहीं ले सकती और अब इसे क्या हो गया वो ऐसा क्यों कह रही है और तो और वो मेरे लिंग को कैसे अपने छेद में लेने के लिए तड़प रही है वो खुद hi घुसाने के लिए मर रही है,)
मेरे सोचा इतना तड़प रही है तो कोशिश करते है अंदर डालने का मैने थोड़ा सा अंदर पुश किया तो उसकी कराह निकल गई और छूट में लुंड नहीं घुसा दूसरे बार थड़ा तेज धक्का दिया इस बार भी अंदर नहीं गया और रज्जो अपना होठ को दबा के अंदर लेने क लिए अपना दिल
मजबूत कर रही थी तीसरी बार मैने थोड़ा लुंड
को पकड़ के उसके छूट की छेद में लगा के एक गहरा दक्का मर और रज्जो इतना तेज चीखी की मेरी गांड hi फट गई और मेरा लुंड उसके छूट को फहद के आधा 8 इंच एक hi धक्के में घुस गया और रोने लगी मुझे दक्का देने लगी बहुत दर्द हो रहा जी प्ल्ज़ छोड़ दो मुझे और मेरे अंदर खुजली मची थिर मेरा लुंड पत्थर की तरह कढोर मैने एक और दक्का दिया इस बार मेरा पूरा लुंड उसकी छोटी सी छूट में समां गया और मुझे अपने लुंड पे गरमा गरम पानी गिरने लगा सायद उसका पानी निकल रहा था या पीर ब्लड होगा लेकिन माय उसे छोड़ा नहीं और बस चिल्ला रही थी और माय उसे चोदे जा रहा था उसकी तंग अपने कंधे पे रखा...
और पीर से एक धक्का मारा और पूरा लुंड उसकी छूट में गश गया और वो मछली की तरह फाड् फडाने लगी छोड़ दो मुझे माय अब सह नहीं पाऊँगी ऐसे hi माय उसे धक्के पे धक्का मरते गया करीब 30 मिनट्स तक लगातार छोड़ता रहा और वो चिलाती रही मुझे पता नहीं क्या हो गया था उसे छोड़ते समय मेरा धयान सिर्फ अपने पानी गिराने पे था माय लम्बे लम्बे स्ट्रोक मर रहा था और कराह रही थी,.. पीर पोजीशन चेंज की माय उठा और उसे अपने गॉड में उठा लिया एक बच्चे की तरह और उसे छोड़ने लगा और अब थोड़ा वो संत हुई लेकिन फिर भी चिल्ला रही थी...
पीर माय पोजीशन चेंज किया उसे बीएड पे डौगी स्टाइल में करके पीछे से उसकी गांड को पकड़ के अपने मुसल लुंड को उसी छूट में सत्ता के पीर एक करारा दक्का मारा और मेरा 16 इंच का लुंड और 5 इंच मोटा लूणदा पूरा उसकी छोटी और सावली छूट में गश गया,
और वो बस बोले जा रही आज अपने मुझे मरने का hi प्लान बनाया है न आज के बाद आपके साथ ऐसा कभी नहीं करने दूंगी मेरी छूट अपने फहद डाला माय बिना उसकी बात सुने बस उसे चोदे जा रहा था करीब 45 मिनट्स तक छोड़ने के बाद अब मेरा पानी छूटने वाला था
माय पीर से उसे गॉड में उठा के निचे गद्दे पे पीठ के बाल लेता के छोड़ने लगा अब मेरा लुंड आसानी से अंदर बहार हो रहा था और वही रज्जो मेरी रोये जा रही थी वो संत होने का नाम hi नहीं ले रही थी और उसके छूट भी कई बार पानी बहा चुकी थी अब माय भी पानी छोड़ने के बहुत करीब था मैने उसके तंग को अपने जांघ पे रखे और उसकी चुकी को चूसते हुए उसके कंधे को पकड़ लिया और लम्बे लम्बे स्ट्रोक मरने लगा,
इस बार पहले से भी ज्यादा तेज झटके लगाने लगा और उसके चिल्लाना भी तेज हो गया और करीब 15,20 धक्के लगाने के बाद मेरा पानी चुटी सी छूट गया इतना पानी निकला की वो बोल रही थी मेरे अंदर सुसु क्यों कर रहे हो वो बेचारी को क्या पता ये कोई सुसुस नहीं ये अमृत है लड़कियों के लिए ऐसे करीब 50 मिनट्स की इस चुदाई म कई बार रज्जो झड़ी.
रजिया की छिलने की आवाज सुन के दूसरे मजिले वाली भाभी दौड़ के ै और मेरे रूम के दरवाज़े को खत कहते बोली सैम इतनी तेज क्यों चिल्लाई रज्जो कही तू उसे मर तो नहीं रहा खोल दरवाजा नहीं तो तेरे बड़े भैया को बुलाती hu....Meri गांड hi फट गई भाभी इसके छिलने से यहाँ तक आ गई अब खोलना hi पड़ेगा दरवाजा कही बवाल न हो जय और रज्जो को देखा तो वो रॉय जा रही थी मैने जल्दी जल्दी में बगल में रखे एक चादर उठाई और कमर में लपेट के दरवाज़ा खोल Diya...aur इनायत भाभी अंदर आ गई और मुझे देखा और रज्जो को तुम इतनी तेज चीखी क्यों अगर तुम्हारे भैया लोग यहाँ होते तो क्या सोचते bolo...Rajjo... भाभीजी इन्होने इतना तेज घुसाया की मेरी जान hi निकल दी इन्होने मेरी और इनका बहुत बड़ा लिंग है मेरे हाँथ जितना देखिये मेरी छूट कैसे फट गई है और खून भी निकल रही hai,Bhabhi बोली इतना बड़ा लिंग किसी का नहीं होता समझी और ये सेक्स करने से तेरी छूट नहीं फटी है ये सैम ने कोई मोती चीज को तेरे अंदर घुसाया है तभी फटी है वो मन hi नहीं रही थी की ये लुंड के घुसाने से रज्जो की छूट फटी है...
Chapter 1
अब स्टोरी सुरु करते है....
मेरी फॅमिली कुछ इस प्रकार है...
मेरे पिता शेर शाह आगे 80
पहली बीवी सायरा शाह आगे 75
सबसे बड़े भाई जुनैद शाह 50 आगे ये पिटे के मौत के बाद गाओ के मुखिया है और उनकी पहली वाइफ ईरानी शाह 47 शी इस डेड इनकी 3 बेतिया और 1 बीटा पहली पत्नी से,
जुनैद शाह की दूसरी वाइफ नाजिया शाह 30 आगे इनकी कोई संतान अभी तक नहीं हुई है..
1 आमिर शाह 21 आगे
2 आफरीन शाह 18 आगे
3 आयशा शाह क्सक्स आगे
4 अलीजा शाह क्सक्स आगे
मेरा दूसरा भाई अक्का शाह 48 आगे उसकी वाइफ इनायत शाह 39 आगे उनकी 3 बेतिया और 1 बीटा है..
1 सरीफ शाह 20 आगे
2 शालू शाह 18 आगे
3 शमा शाह क्सक्स आगे
4 सहना शाह क्सक्स आगे
माय घर का सबसे छोटा लड़का हु ुर इस स्टोरी का हीरो भी,
मेरा नाम समीर शाह आगे 20, मेरी वाइफ रजिया शाह आगे 30 और मेरा जुड़वाँ 1बीटा और एक बेटी जिसका नाम इस प्रकार है 1 सुल्तान शाह, 2 सुल्ताना शाह
मेरी ससुराल की फॅमिली..
मेरे ससुर सलीम मालिक आगे 65
सास रुकैया मालिक आगे 60
उनकी 4 बेटी और 2 बेटे है.
1 अब्बास मालिक आगे 41
इनकी बीवी उमराओ मालिक आगे 26
2 अक्कू मालिक आगे 38
इनकी बीवी आफरीन शाह आगे 18
3 रुकसाना मालिक आगे 34
इनके हस्बैंड इल्यास मालिक आगे 45
4 रजिया मालिक आगे 30, माय वाइफ
ये दोनों बहने जुड़वाँ थी ये लेट पैदा हुई है
5 माहिरा मालिक आगे 18,
6 सायरा मालिक आगे18,
हमारे पिता का खास जिसका नाम है
संभु आगे 65 इनकी पत्नी मर चुकी है...
उनका 1 बीटा और 3 बेतिया है
1 भूरा आगे 25, सबसे बड़ा बीटा है,2 रानी आगे 23,3 रनो आगे 19,4 मीरा आगे क्सक्स
ये कहानी सुरु होती नार्थ ईस्ट जम्मू के छोटे से गाओ से जहा एक सेक्स जिसका नाम था शेर शाह एक दबंग साक्ष थे, इनकी 3,4 गाओ में पहुंच थी और वो हमारे गाओ के मुखिया थे इस लिए उनका पुरे गाओ में इज्जत करते थे... गाओ की कुल ावादी क्सक्स हजार की थी उस टाइम... मेरे पिता की एक बड़ी हवेली थी कई बीघा जमीं और एक पहाड़ी जमीन था जहा कई सरे पौधे और जड़ी बूटी लगे गए थे पहाड़ी जमीन करीब 3 अकड़ के वर्ग में फैला हुआ हुआ था उस पहाड़ से एक झील पहटि थी जो पुरे गाओ के लोगो के प्यास बुझाता था और जायदात की कोई कमी नई थी, मेरे पिता जब तक इस दुनिया में थे तब तक लोग खुशाल जीवन जी रहे थे हर तरफ खुशाली चाय हुई थी... मेरी माँ बहुत गरीब विधवा थी और इनके माँ बाप नहीं थे इस लिए शेर शाह ले ए अपने घर और उसे खेतो में काम दिया और शर शाह एक दिन नसे में माँ के साथ सो गए जिसका पछतावा उन्हें सुबह हुआ, जब वो उठे तब तक बहुत देर हो चूका था इस लिए सोचे के अगर माँ ने किसी को कुछ बता दिया तो उनकी बदनामी हो सकती है इस किये शेर शाह ने मेरी माँ से निकाह किया और उन्हें अपने घर से 500 मीटर दूर पक्का घर दे दिया क्युकी उनकी पहली बीवी को ये रिस्ता मंजूर नहीं था,
ऐसे hi टाइम बिताते गया और कुछ सालो बाद माय पैदा हु और मुझे देख के दे माँ ने बोलै दूसरे शेर शाह पैदा हुए है और मेरे पिता ये सुन के बहुत खुस हुए..
जब माय हुआ तो मेरे पिता ने अपने घर ले ए बोले मेरा खून है तो बहार क्यों रहेगा लेकिन बड़ी माँ उन्हें खुसी नहीं हुई उन्हें लगा की अब हिस्सा करना होगा दौलत का...
मेरी माँ को वो नौकरानी की तरह काम करवाती अपने हवेली में और जो बचा खुचा खाना होता वो मुझे ला के खिला देती ऐसे hi टाइम गुजरता गया और जब माय 13 साल का था तभी मेरी माँ का इन्तेकाल हो गया बीमारी से,.
कुछ सालो में मेरे पिता और पहली माँ का भी रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई अब माय अकेला हो चूका था कोई पूछने वाला नहीं था मेरे सौतेले भाई लोग खेतो में मुझे भेज के नौकरो की तरह काम करवाने लगे, और वह जो काम करते वो बोलते मालिक आप हम सब के साथ क्यों काम करते है उनकी बातो को सुन के बोलै आप लोग तो जानते है माय इस घर का सौतेला बीटा हु पीर शम्भू काका, बोले लेकिन खून तो आप शेर शाह मालिक का hi है पीर ये लोग नौकरो की तरह क्यों पेश एते है मालिक आप जाओ यहाँ से हम कर लेंगे आपका भी काम..
मैं, संभु चाचा आप की उम्र ज्यादा है आप आराम करे माय अपना काम कर लूंगा आप चिंता न करे, माय कुछ अपने पर्सनालिटी के बारे में बता देता हु माय अपने पिता के ऊपर गया था मेरी लम्बाई लगभग 6फिट 5 इंच की है और माय कुछ खास नहीं दीखता न ज्यादा गोरा और न ज्यादा कला एवरेज कलर है स्किन का लेकिन एक चीज ऊपर वाले ने मुझे नवाजा है वो है लुंड उसकी लम्बाई आम इंसानो से भी ज्यादा बड़ा है करीब 16 इंच लुम्बा और 5, से 6 इंच मोटा इतना लम्बा और मोटा कैसे हुआ वो आपको आगे की स्टोरीज में पता चलेगा और गाओ के लोग मुझे एक दानौ की तरह hi समझते है और मेरा शरीर थोड़ी बॉडीबिल्डर की तरह है अपने खेतो में काम कर कर के माय बिलकुल पाक चूका हु और न मुझे मार से फर्क पड़ता है न किसी जखम से उपरवाले ने इतने जखम दे दिए है की मुझे सहने की आदत हो चुकी है और मेरे भाई लोग उतना धयान नहीं देते थे मेरे माँ बाप क मरने के बाद से hi माय जैसे अनाथ सा हो गया था और खेती बड़ी में मुझे लगा दिया गया था मेरी पढाई लिखे भी उन्होंने छुड़वा दी थी माय 10 वी तक hi पद पाया था गाओ के गवर्नमेंट कॉलेज से और मेरी लाइफ नर्क से भी बत्तर बना दी थी मेरी भाइयो ने और नौकर की तरह ट्रीट करते थे लेकिन मुझे अब आदत सी हो चुकी थी,
मेरे दोनों भाई के बेटे सहर पढाई करने गए हुए थे और उनकी बेतिया 10 वी तक पढाई करवा के घर पे बैठा दिया थे क्युकी उस टाइम लड़कियों को ज्यादा पढाई नहीं करवाई जाती थी और वैसे भी गाओ में बस 10वी तक hi कॉलेज होती थी और माय रोज रात को सोते हुए बस यही दुआ करता था की हे उपरवाले मुझे अपने पास बुला ले माय ऊब चूका हु इस संसार से और मैने क्या गुनाह किया है जो इस जनम में मुझे इतनी बत्तर ज़िन्दगी मिली है यही सब सोच के मेरा दिमाग भी ख़राब होने लगा और अब कोई मतलब भी ज्यादा नहीं रखता था अपने घरवालों से बस अब घर से खेत और खेत से घर सिर्फ यही चलता रहता था मेरा ऐसे hi दिन गुजरने लगे मेरे और जब माय ज्यादा उदास हो जाता तो पहाड़ो पे निकल जाता जो मेरे घर स 2 कम पे था और वह जा के खूब रोटा और ऊपर वाले को कोस्टा...
तभी रट हुए मेरी नज़र वही पहाड़ के खाई में कुछ दिखा सूंदर सा नील रंग का फूल पीर सोचा निचे उतर के मुझे देखना चाहिए माय पहाड़ से एक बरगत का पेड़ था उसकी जेड निचे खाई तक जा रही थी पीर उसे पकड़ के निचे जाने लगा और बहुत मुश्किल से निचे उतरा और जब माय वह पंहुचा तो देखा एक गुफा थी जिसमे मुश्किल से अंदर जाया जा सकता था वो बी लेट के और उस गुफा से पानी की धार भी निकल रही थी और मुझे अंदर जाने में दर लग रहा था
आखिर अंदर कही कोई सैप बिच्छू न हो लेकिन माय हिम्मत करके अंदर जाने लगा कुछ मीटर जाने के बाद मैने देखा अंदर ब्लू कलर का 1 फ्लावर है और बिच से पानी की धार निचे गिर रही है इतनी साफ़ पानी आज तक नहीं देखि और माय वही गुफा के अंदर जा के फ्लावर के पास बैठ गया और एक फूल को तोड़ के शूघने लगा ये फुल सायद चमत्कारी था सूंघते hi मेरे जिस्म में बदलाव आने लगे मस्ती से मेरा सरीर मचलने लगा जिसका असर मेरे लिंग पे हुआ और मेरा लिंग इतना तित हुआ जितना पहले कभी नहीं हुआ था पीर माय सोचने लगा आखिर ये कौन सा फूल है और ऐसे hi सोचते हुए माय वही गुफा के अंदर बेहोस हो गया थोड़ी देर के बाद उठा तो देखा जो ब्लू फ्लावर थे वो गायब हो गए थे बस कुछ फ्लावर बचे थे लेकिन उनमे फूल की जगह फल थे जो अजीब से थे पर्पल कलर और फल के चारो और हल्के कांटे लगे थे जैसे ड्रैगन फ्रूट होते है वैसे hi फल दिख रहे थे, मैने सोचा ऊपर वाले ने मुझे ज़हर दिया है इसे खा के अपना जीवन तयाग कर देता हु और माय खाने लगा लेकिन फल के उन काँटों की वजह से मेरा मु खून से लाल हो गया करीब आधा खाया hi था की माय वही पीर बेहोश हो gaya....Karib 2 घंटे बाद उठा तो माय सोचा ऊपर वाले बी
मुझसे मज़ाक कर रहे क्युकी माय मारा नहीं, पीर माय गुफा में जो पानी था उसे पिने लगा बहुत प्यास लगी थी पानी एक दम मीठा आज तक ऐसा पानी पूरी जिंदगी नहीं पिया था पानी पिने के बाद मेरी भूख बढ़ गई तभी बगल में जो फल आधा खाया था वो वह पड़ा हुआ था पीर उसे उठा के खाने लगा इस बार मेरा मु नहीं चीला और जो पहले घाव बने थे इस फल को कहते हुए वो अब ठीक हो चुके थे माय देख के अचरच में पद गया भला इतनी जल्दी घाव कैसे ठीक हो गया और मेरा सरीर में अलग स जोश ता
पीर थोड़ी देर के बाद माय उस गुफा से निकल गया और बरगत का झाड़ पकड़ के ऊपर चढ़ने लगा इस बार मुझे कोई तकलीफ नहीं हुई क्युकी मेरा सरीर एक दम पत्थर की तरह जो हो गया था थकन भी मुझे नहीं लग रही थी...
ऐसे hi सोचते हुए माय ऊपर पहुंच गया और घर के तरफ जाने लगा पहले मेरा दिमाग जयादा अछि तरह नहीं चलता था लेकिन जब से गुफा से बहार यहाँ हु तब से मुझे दिमाग कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज चलने लगा सायद उस चमत्कारी फूल और पानी पिने से मेरे सरीर में बदलाव आया हो यही मान में सोच रहा था," माय गुफा में बहुत देर तक रहा आज टाइम का पता भी नहीं चला क्युकी साम जो हो चूका था वैसे भी मेरा कौन इंतजार करेगा माँ और पिता तो है नहीं जो मेरे बारे में..
चिंता करेंगे जब माँ थी तब मुझे किसी भी चीज की चिंता नहीं करने देती थी भले hi मेरे पिता हम से अलग रहते थे लेकिन वो मुझे बहुत प्यार करते थे और मुझे कुछ न कुछ हवेली से मेरे लिए भिजवाते रहते थे खाने और पहनने के लिए पीर माय अपने टूटे फहुते कच्चे माकन में पंहुचा जहा पहले यहाँ नौकर रहा करते थे वही घर मुझे मिला था पापा के मरने के बाद पहले भाइयो ने घर से करीब 500 मीटर दूर वाला माकन दे दिया था उस माकन में सीमेंट वाला चाट और दीवाल पक्के थे जिसमे दो रूम लत बाथ अटैच थे और एक हाल टाइप का बना हुआ था और वही हाल में एक लकड़ी वाला चला था जिसमे माय खुद खाना बनता और खता पीर माय भूखा hi अपने टूटे फूटे घर की बिस्तर पे सो गया,
सुबह माय हमेशा की तरह आज भी जल्दी उठ गया था और उठाते hi सबसे पहले बाथरूम में फ्रेश होने चला गया अपनी आँखों को मलते हुए मैने जैसे hi अपने अंडरवियर निचे कर के अपने लुंड को पेशाब करने के लिए पकड़ा तो मुझे एक जोर का झटका क्युकी लिंग पे मेरे हाँथ लगते hi मेरी साडी नींद एक पल में hi गायब हो गयी.
और जब मेरा नज़र अपने लिंग पे गयी तो देहा वो सर उठाये खाद था और माय अपने लुंड को बड़े hi हैरानी से देख रहा था और मुझे समझ hi नहीं आ रहा था की एक hi रात में मेरा लुंड इतना बड़ा कैसे हो गया और मेरा लुंड मेरे घुटने तक था करीब 16 इंच और उसकी मोटाई ऐसी थी जैसे एक मोटा लौकी लटक रहा हो और सूपड़ा ऐसे जैसे टेनिस बॉल हो ये इतना भयानक और खतरनाक लुंड मेरा कैसे हो गया और माय अपने लुंड को बार बार छू कर देख रहा था की क्या ये सच है या कोई ख्वाब और जब मुझ को यकीं हो गया की ये कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत है तो बहुत hi खुश हो गया और जब मेरी बाथरूम के शीशे पे गई तो देखा मेरा सरीर भी एक दम बॉडीबिल्डर की तरह हो गया था और मेरे पेट पे सिक्स एबीएस आ चुके थे मेरे चेहरे पे एक दम रौनक थी पीर उसके बाद माय जल्दी से फ्रेश हुआ और नहाया आज माय बहुत खुस पीर बाथरूम से बहार आ गया.. आज माय 18 का हुआ था और सुबह सुबह मेरे पिता जी के वकील मेरे पास ए और मुझे पक्के घर में देखने के बाद बोले तुम यहाँ क्यों रहते हो तुम शेर शाह के बेटे हो तुम्हे तो हवेली के अंदर होना चाहिए तुम्हारा हक़ बनता है उस हवेली पे और अभी चलो मेरे साथ, मैं, साहेब मेरे भाई लोग घर में घुसने नहीं देते...
वकील, देखो समीर तुम्हारा भी हक़ बराबर है हवेली और पुरे जमीन जायदात पे ऐसा शेर शाह बिल में लिख के गए है माय कोई गलत बात नहीं बोल रहा हु,
मैं, वकील साहेब मुझे पैसा और जायदात की कोई लालच नहीं है बस प्यार hi मिल जय वही बहुत है मेरे liye...Wakil, जैसा तुम कहो लेकिन जब कोई भी तुम्हे यहाँ से और जायदात से निकलने की कोशिश करे तो तुम मत निकलना क्युकी तुम्हारा बराबर का हिस्सा है इस प्रॉपर्टी me,Maun, अपने भाई और भाभियो से बहुत प्यार करता हु क्युकी मेरी माँ ने कहा कहा था इस घर के किसी से नफरत मत करना और माय वही कर रहा हु इतना सालो से मेरी बात सुन वकील साहेब चले गए और माय चारपाई पे लेट gay,Aise hi दिन मेरे बीतने लगे और इधर भाइयो की बेतिया जवान हो रहती थी और उनके शादी की बात चल रही थी क्युकी गाओ में शादी जल्दी करवा दी जाती है, एक लड़का मिला जो एक टीचर था गवर्नमेंट कॉलेज में परिवार भी अच्छा था और बात चलने लगी लेकिन लड़के वाले बोले मेरी बेटी की शादी नहीं हो रही है सावली ह और दिमाग भी काम होने की वजह से 30 साल की हो गई है जब तक इसकी शादी नहीं होगी तब तक बेटे की भी शादी नहीं karunga...Junaid भाई बोले, बहन जी अगर मेरे भाई से आपकी लड़की का शादी करवा दे तो मेरा छोटा भाई पढ़ा लिखा नहीं बस खेती बड़ी करता है ुर जीवन चला रहा है..
लड़कीवाले बोले मुझे कोई आपत्ति नहीं है जैसा भी लड़का हो बस मेरी बेटी की निकाह हो जाये और कुछ नहीं चाहिए,
उसके बाद मेरी ार मेरी भतीजी आफरीन की शादी फिक्स हो गई और डेट निकला 1 महीने बाद की और मेरे घर के कुछ रिस्तेदार को बुलाया गया जो बहुत करीब थे लेकिन ज्यादा धूम धाम स मेरी शादी नई हुई न hi आफरीन की, सुहागरात की रात में बिच वाली इनायत भाभी मेरे कच्चे माकन में ै और बोली सैम चल पक्के माकन में तेरे भाई ने ऊपरवाला गेट खुलवा दिया है आज से तू वही रहेगा और तेरी बीवी को वही रूम में छोड़ दी हु... ये सुनते hi मेरे आँखों में आंसू आ गए क्युकी इतने सालो बाद मेरे बड़े भाई ने मेरे बारे में सोचा और अपने हवेली पे मुझे रहने का मौका दिया वैसे माय चाहता तो जबरदस्ती घर में घुस जाता लेकिन माय जनता था आज नहीं तो कल मेरे भाई मुझे मेरा हक़ देंगे... मेरे पिता ने एक बड़ा हवेली बनवाई थी ये 3 फ्लोर का है और 1सत फ्लोर में 10 रूम्स और 2 बिग हाल और 4 बड़ा रूम मेहमानो के लिए है वेस्टर्न लुक लेत बाथ सब रूम में अटैच है और ऊपर 3रद फ्लोर पे जाने के लिए दो सीढिया है एक बहार से और एक अंदर से.. 1सत फ्लोर पे बड़े भाई और मंझले भाई hi रहते है.. 2ंद फ्लोर में दोनों भाइयो के बच्चे रहते है...
3रद फ्लोर में अब मेरी एंट्री होती है लेकिन ऊपर वाले मंजिल प 3 बड़े रूम वेस्टर्न लत बाथ और 1 स्टोर रूम hi बने ते
जब माय ऊपर रूम म पंहुचा तो देखा रज्जो रेड कलर की लेहेंगा में घूँघट दाल के निचे गद्दे पे बैठी हुई थी वैसे उसे मैने देखा hi नहीं था भाई लोगो ने मेरी निकाह करवा दी थी और मैने कुछ पूछा भी नहीं क्युकी माय अपने भाइयो की इज्जत जो करता था और उनके बात को पत्थर की लकीर समझता था, इधर जब माय रजिया के पास पंहुचा तो थोड़ा वो पीछे हटी तो माय बोलै दर क्यों रही हो मुझसे माय तुम्हारा शौहर हु मेरी आवाज़ को सुन के बाद उसके मु से सुरीली आवाज़ निकली बोली अम्मी ने कही ह ज्यादा बात मत करना और जो तेरा शौहर कहेगा वो करना..
मैं उसकी बात को सुन के वो लड़की को सायद कुछ नहीं पता था क्युकी '. लड़किया घर से काम hi बहार निकलती है और निकलती भी है तो अपने भाई या माँ के साथ बहार जाती है इस लिए उसे दुनिया दरी की समझ नहीं होती है उनके सगी भाभी मौसी या फिर सहेलिया hi सिखाती है, पीर माय बिस्तर पे बैठा और मैने घूँघट ऊपर करने hi वाला था की तभी मेरा हाथ पकड़ ली रजिया ने माय उसकी तरफ देखा और बोलै मेरा हाँथ क्यों पकड़ी तुम तो.. रजिया, पहले मेरा नेक दे फिर घूँघट उठेगा, Main,smile क सतह अब ये किसने कह दिया तो वो बोली अम्मी न,
मेरे पास तो कुछ नहीं है माय कमाता भी नहीं हु और बस खेती बड़ी करता हु और जो अनाज बेच के पैसे मिलते है वो बड़े भाई को देता हु मेरी बातो को सुन के रजिया बोली, जो दिल करे आपका वो मुझे दे दे मुझे पैसे नई चाहिए मैं, उसकी बातो को सुन के मुझे बहुत खुसी हुई और माय सोचने लगा की क्या दू पीर याद आया की अम्मी ने मरने से पहले मुझे एक अंगूठी दी थी और बोली थी की अपने बहु को दूंगी लेकिन उनका सना पूरा नहीं हुआ पीर माय बिस्तर से उठा और बक्शा खोल के देखा तो कपडे के किनारे एक छोटे सी डिब्बी में वो सोने की अंगूठी राखी हुई थी ले के आया और बिस्तर पे बैठ के उसकी मेहँदी लगी बे हाँथ को पकड़ा तो वो शरमाते हुए अपनी हाँथ आगे बड़ा दी, पीर माय अपने दाहिने हाँथ से इस सोने की अंगूठी को पहना दिया और बोलै ये माँ ने अपनी बहु के लिए सभाल क रखी हुई थी अब तुम इसे संभल के रखना कही खो मत देना, और वो खुस हो गई पीर मैने अपने दोनों हांथो से उसका घूँघट ऊपर किया और देखते hi मु से निकला मशाल्ला क्या खूबसूरत चेहरा है भले hi वो एवरेज कलर की थी लेकिन उसकी फेस एक दम मासूम सा दिल hi दिल में माय बहुत खुस हुआ और मुझे ऐसे घूरता हुआ पाई तो रजिया, शरमाते किलर वाली स्माइल दी और उसकी स्माइल देख के मैं तो माय घायल सा गया और पीर माय उसके गौर से
देखने लगा तो पाया की उसके रसीले होठो डार्क लिपस्टिक लगी हुई और तीखी नज़र, सुराही दर गर्दन, उफ़ क़यामत थी मैने आगे बढ़ के उसके सर से घूँघट पूरा हटाई तो देखा सर पे मांग टिका और नाक में एक बड़ी सी नथनी दोनों कानो में बड़े बड़े झुमके गले में हार एक चैन पहनी हुई थी ये सब देख के उससे पूछा की तुम्हे पता है सुहागरात में क्या होता है और क्या नहीं मेरी बात को सुन के रजिया थोड़ा शरमाई और अपनी सुरीली आवाज़ में बोली है मेरी बड़ी बजी ने बताई है ये सुन के बोलै तो क्या बताऊ है आपकी बड़ी बहन ने मुझे भी बताओ क्युकी मुझे तो पता hi नहीं है की सुहागरात क्या होती है,
रजिया चल झूठे लड़को को तो हम लड़कियों से भी ज्यादा पता होता है मुझसे ज्यादा चालाकी न करे आप... उसकी बातो से मेरी हसी निकल गई और बोलै देखो आज तक मेरे लाइफ तुम्हारे शिव कोई लड़की नहीं ै और न hi कभी किसी के साथ कुछ किया है ये मेरा फ़ास्ट टाइम है... रजिया, मेरा भी फर्स्ट टाइम है जी और मुझे तो कोई लड़का पसंद भी नहीं करता था मेरे सवाल रंग की वजह से और जो लड़का शादी के लिए मुझे देखने अत वो मुझे रिजेक्ट कर देता और माय इतनी उदास रहने लगी की मेरा मानशिक संतुलन भी खो दी पीर दवा हुआ तब जेक ठीक हुई हु लेकिन अभी दवा चल रही है और आप पहले लड़के हो जो
मुझे देखे बिना hi शादी के लिए हां कर दिए इस लिए आप की इज्जत माय मरते दम तक करती रहूंगी और आपको कभी शिकायत का मौका नहीं दूंगी आप जो कहोगे वो माय करुँगी ये मेरा प्रॉमिस है आप से ये सुन के मैं थोड़ा साद सा हो गया और उसे बोलै देखो रज्जो मुझे नहीं पता की तुम्हे लड़के क्यों रिजेक्ट कर दिए पैर मुझे तो तुम बहुत खूबसूरत लगी हो तुम्हारे lips,tikhi नज़र, सुराही दर गर्दन देख कर मेरा दिल कुश हो गया लेकिन मुझे कुछ और देखना है क्या तुम दिखाओगी... रजिया, क्या देखना है अब तो ये रज्जो सिर्फ आपकी है जो देखना है वो देखे जो करना है वो करे लेकिन एक वडा करे मुझसे की आज के बाद आप मुझे छोड़ के नई जायँगे
मैं, वडा करता हु रज्जो तुम्हे अपने दिल से कभी दूर नहीं होने दूंगा ये सुन वो मुझसे लिपट के रोने लगी,
मैं, क्या हुआ रज्जो आज रोने की रात नहीं कुश होने की रात है आज हम दो जिस्म एक होने की रात है.. रजिया, कुछ नहीं जी बस हम दोनों के प्यार को किसी की नज़र न लगे यही उपरवाले से दुआ मांगती हु... मैं, रज्जो माय वडा कभी नहीं तोडूंगा जब तक सास है मेरी माय तुमसे खुद से भी ज्यादा प्यार और हिफाज़त करूँगा और मेरी ऐसी बातो से रज्जो बहुत इमोशनल होने लगी और मुझसे लिपट गई और हम दोनों का इमोशनल से रोमांस
में बदल गया माय उसके रसीले होंठो को पिने काटने लगा उस टाइम तो मुझे उतना अत नहीं था लेकिन प्यार भी कोई सीखने की चीज होती है और इधर माय सोचने लगा..
("मेरा एकलौता दोस्त जो भूरा था वो निकाह की रात सब कुछ बता दिया था क्या करना है और कैसे करना है क्युकी वो रात रंगीन वाली किताबे पढता था लेकिन बताने में और परेटिकल करने में जमीं आसमान का अंतर होता है और वही हाल मेरा था") इधर माय किश करते हुए एक हाँथ उसकी पतली कमर के आस लेजके उसके लहंगा उतरने लगा वो मेरे हांथो पे धीरे से मरती है और पीर माय किश ख़तम करके बोलै यार मर क्यों रही हो तो रजिया शरमाते हुए पहले लैंप की रौशनी को बंद करे तो माय कहा यार तुम मेरी बीवी हो निकाह करके काया हु इस लिए तुम्हारा फर्क बनता है की तुम अपने सौहार को अपनी सेक्सी बॉडी का दर्शन करवाओ ये सुन के रजिया, अपनी आंखे बंद कर ली ुर माय उसे बिस्तर पे सीधा लेता के लेहंगा जो एक डोरी सी बंधी थी उसे खोला उसके बाद उसके खींचते हुए पैरो से निकल दिया पीर उसे बैठा दिया सके बाद उसके ब्लाउज़ खोलने के लिए हुक खोजता हु लेकिन मिलता hi नहीं और रज्जो मुझे ऐसा हैरान परेशां देख के बोली हुक मिला माय बोलै नहीं कहा है तो वो बोली खुद खोज लो वैसे तो रज्जो आप की है लेकिन कपडे तो आपको hi खोलने होंगे और माय आपकी कोई मदत नहीं करुँगी खोल खिला क है दी..
इधर मेरे बहुत कोशिश के बाद आखिर हुक मिल गया क्युकी मुझे इतना टाइम क्यों लगा आप समझ सकते है क्युकी आज तक माय किसी लड़की के कपडे देखे तक नहीं थे तो लड़की के कपडे कहा से खोल सकता था ये तो मेरा दोस्त भूरा ने बताया था वर्ण आज माय रज्जो के सामने बहुत सर्मिन्दा होता इधर ब्लाउज़ खोलने के बाद पहली बार उसके ब्रा देखा तो देखता hi रह गया ऐसे घूरते हुए देख के रज्जो शर्मा के बोली ऐसा क्यों घर रहे है जी.. माय, देख लेने दो रज्जो पीर पता नहीं कब नसीब हो ऐसा जन्नत को देखने की ये सुन के रजिया, मेरे होठों पे अपना हाथ रख दी और बोली ऐसा दोबारा मत कहना खुदा करे ऐसी जन्नत हमेशा आपको देखने को मिले यही दुआ है मेरी उसकी ऐसी बातो को सुन के बहुत प्यार आया और मैने किश करते हुए उसे गद्दे पे लेता दिया और और उसके लहंगा को जो उसके घुटने म अटका था उसे pairo..se होते हुए निचे खींच क निकलते hi उसकी मोती मोती जांघ ओह्ह्ह्ह गॉडडडडड क्या गजब की चीजजजज बनाई है अपने भले hi सवाल सरीर था लेकिन उसके जिसम एक गदराया हुआ माल थी यू कह लो एक दम क़यामत थी जब लहंगा और ब्लाउज खोलने के बाद उसका ब्रा पंतय में बदन माय देखते hi सोचा ऐसा बदन किसी लड़की की नहीं होगी भले hi वो मुझसे 10 साल बड़ी थी यानि माय 20 का और वो 30 की..
इधर जब माय गौर से उसके जांघ देखा तो वो इतने चौड़े थे की मेरे दोनों हाथ में भी नहीं आ रही थी और उसकी चुकी ब्रा के ऊपर से hi इतने बड़ी और गोल थी की मेरे दोनों हथेली में कैद नहीं हो रहे थे और उसकी कमर इतने पतले थी की मेरे एक हाथ में कैद हो जाते ऊपर वाले भी क्या लड़की बनाई है भले hi सवाल सरीर है लेकिन उसकी सरीर किसी आम लड़कियों से कही ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी थी, पीर माय बिस्तर से उठा और अपनी शेरवानी और सलवार उतरने लगा तो रज्जो घर के मुझे देखने लगी मेरा सरीर भी उसके सरीर से थोड़ा डार्क था उसके ऐसा घूरता हुए देख माय पूछा क्या देख रही हो तो रजिया कुछ नहीं बोली और शर्मा के अपनी नज़ारे निचे कर ली इधर जब माय अपना सारा कपडा खोल दिया तो मुझे बहुत ठण्ड लगने लगी क्युकी अभी अक्टूबर और नवंबर की ठण्ड तो आप लोग जानते hi है कितनी कड़क की होती है और मैने जैसे hi कपडे खोले वैसे hi मुझे ठण्ड लगने लगी और माय जल्दी से रजाई में घुस गया ऐसा करते hi रज्जो हसने लगी, तुम हसी क्यों तो रजिया बोली आप अभी बच्चे है इतनी ठण्ड तो बचो को लगती है कैसे कपडे खोल के रज़ाई में घुस गए है है पीर मैने उसे पकड़ा और रजाई में खींच लिया किश करने लगा वो भी मेरे होंठो के राश को चूसने लगी और मैने अपना हाथ उसके पुरे सरीर पे सहलाने लगा
जिससे उसका सरीर अकड़ने लगा मज़ा से वैसे भी लड़का हो या लड़की उसकी पहला सेक्स बहुत hi सेक्सी होती है और हम दोनों का ये पहला अनुभव था जिसकी वजह से मज़ा भी दुगनी आ रही थी और मेरे किश और सरीर को रब करना एक्सीटेंड था उसके और आज रज्जो को असली मर्द जो मिला था हत्ता कट्टा क्युकी उनकी हाइट 5 फिट hi था और कहा माय 6.5 मेरे सामने वो बच्ची लग रही थी और माय अपने हाथ को उनकी चुकी दबाते हुए निचे अपना हाथ ले जाने लगा उनकी नाभि में ऊँगली करते हुए छूट पे पहुंचे hi वाला था की तभी रज्जो ने मेरे हाथ पकड़ लिया, लेकिन मैने थोड़ा जोर लगा के हाथ छुड़ा दिया और फिर उसके पंतय के ऊपर से hi उनकी छूट सहलाया तो मुझे अहसास हुआ ओह माय गॉड क्या गद्देदार छूट थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई फुला हुआ ब्रेड उसकी जांघो के बिच में रख गया ho,Aisi खूबसूरत पाकी हुई जवान अनछुई लड़की जिसको मिल जय वो स्वर्ग की अप्सरा भी फीकी लगेंगी रजिया की फिगर 36 के चुकी, 26 की कमर,40 की गांड अब अंदाजा लगा सकते है क्या सेक्सी और क़यामत जिस्म है रजिया का मैने किश करते हुए उसके ब्रा का हुक खोला इस बार हुक जल्दी मिल गया और ब्रा खुलते hi रज्जो के 36 इंच की बोब्ब्स स्प्रिंग की तरह बाउंस करते हुए मेरे चेहरे पे लगी जिससे रज्जो हसने लगी और अपने चुकी छिपाने लगी बोली इन्हे मत देखो मुझे शर्म आ रही है जी...
मुझसे क्या शर्मना माय अब शौहर हु तुम्हारा और पीर उसके चुकी को पकड़ लिया इस बार रज्जो ने कुछ नहीं किया बगल में लैंप जल रही टी और घडी में देखा तो अभी रात 10 hi बज रहे थे क्युकी गाओ में लोग 8 या 9 बजे तक सो जाते है और हम दोनों अपनी पहली सुहागरात मानाने वाले थे और उसके सावली बड़ी करीब 36 साइज की चुके को दबाते हुए उसकी गेहू की डेन की तरह एक दम छोटी निप्पल जो हलकी ब्राउन कलर की उसमे मु में लिया और चूसने लगा और वो मेरे मु को अपने चाची में बढ़ाने लगी भला क्यों न करे पहला जो मर्द था उसके लाइफ में वो अपनी दोनों पैरो से मेरी कमर में दाल के क्रॉस कर ली और अपनी छूट के ऊपर खींचने लगी इधर माय उसकी चुकी को चूसने में लगा रहा उसकी एक चुकी को दबाता तो दूसरे को पिने लगता ऐसे hi एक दूसरे को बदल बदल के पिने लगा तभी वो संत हो गई और एक दम सुस्त पद गई जैसे उसके सरीर में जान hi न हो सैम वैसे hi हो गई माय समझा नहीं आखिर हुआ क्या अभी तो बहुत जोर लगा रही थी और 2मिनट में hi संत हो गई लेकिन माय उसके चुके को पिता हु रहा और अपने हाथ को उसके निचे ले जाने लगा और उसके छूट के अस पास अपने हाथ को ले जा के सहलाने लगा जिससे उसे..
फिर मज़ा आने लगा और वो मेरे हाथ को तित से पकड़ के अपने छूट पे ले जाने लगी और जब मेरा हाथ उसके छूट पे पड़ा तो वो लुम्बी सास छोड़ी और मेरे हाथ को अपने पंतय के ऊपर से hi अपने छूट में दबाओ बढ़ने लगी ... माय समझ चूका था रज्जो सायद ज्यादा गरम हो रही थी
मैने चुकी पिता रहा और पंतय के ऊपर से रज्जो की छूट छेड़ता रहा वो मछली की तरह तड़पती रही ... उसे पलटा पेट की तरफ और उसका चेहरा गद्दे की तरफ हो गया और माय उसके गांड को सहलाने लगा और उसके ऊपर लेट गया मेरा वजन सायद वो सभाल न पाय क्युकी माय 75 कग का था और वो कहा 50 कग की होगी और मेरा लम्बाई जिराफ की तरह और उसकी लम्बाई किसी बकरी की तरह इधर मैने अपना लुंड जो अभी बरमूडा में था उसके गांड प् तूच करने लगा तो रजिया के मु से सिसकारियां निकलने लगी जैसे अह्ह्ह्हह्हह अम्मीय ohhhhhhhhhh godddddddddd प्ल्ज़ अपना पीछे से हटाइये मुझे चुभ रहा है शह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह कितना गरम है आपका ओह्ह्ह्हह्हह अम्मम्मीय,.. माय उसके सेक्सी आवाज़ को सुनते हुए उसकी पंतय में कैद गांड और उसके सावले जिस्म को सहला रहा था उसके सरीर में एक बाल तक नहीं था उसकी और उसकी पूरी बॉडी एक दम रुई की तरह मुलायम थी पीर माय अपनी तरफ करवट बदली मतलब उसे सीधा किया जिससे रज्जो की इस बार भी वो
शर्मा रही थी अब उसके पंतय को खींच के अलग किया
आज माय किस लड़की की पहली बार छूट देखि है माय ने लैंप को ला के उसके छूट की तरफ करके देखने लगा क्या खूबसूरत सावली छूट थी और ब्रेड की तरह एक दम फूली हुई और उसके छोटी सी लकीर से पानी रिष रहा था और उसके छूट की लकीर में एक उंगली अंदर गई तो रज्जो ने मेरा हाथ को तित ली पकड़ ली और मुझे अपना छूट देखते और छेड़ते हुए देखि तो बोली मुझे शर्म आ रही है लैंप को वह टेबल पे रखे प्ल्ज़ मैने वैसा hi किया क्यों आज हम दोनों की पहली मुलाकात थी और वैसे भी वो बहुत शर्म रही थी और पीर अपना बरमूडा उतर के बगल में रख दिया... बरमूडा उतारते hi मेरे लुंड पे उसकी नज़र पड़ी तो लुंड देखते hi उसकी आंखे चढ़ गई और मान में बोली ("या अल्ला ये तो आज मेरी छूट hi फहद डालेगा मसि और सहेलिया बोली थी की 4 से 6 इंच तक बड़ा लुंड होता है लेकिन इनके लिंग तो मेरे एक हाँथ जितना बड़ा और मेरे बाजु जितना मोटा लग रहा है और देखो तो इनके घुटने तक लटक रहा है") वो ऐसे hi मेरे लुंड को घर के देखते हुए बोली ये क्या है उसकी आवाज़ को सुनते hi बोलै वही जो सब लड़को के पास होता है लेकिन ये हर लड़को की तरह नहीं है ये तो करोडो में एक पास hi होता है तुम्हे पसंद नई आया क्या ये सुन के रज्जो, माय इतने बड़े लिंग को नई ले पाऊँगी घुसेगा hi नई
मैं, कुछ नहीं होगा रज्जो एक बार तरय करेंगे अगर घुस गया तो ठीक और नहीं घुसा तो नहीं करेंगे सिंपल... पीर माय उसके करीब आया और उसे सीधा लेता के दोनों पेअर को ऊपर उठा दिया और जैसा भूरा ने बोलै था वैसे hi उसके छूट पे मु लगा दिया और उसके क्लाइटोरिस को चाटने laga...Rajjo तो पीर से मछली की तरह अपना गांड हवा में लहराने लगी और बोलने लगी ाजी सुनो न ऐसा मत करो कोई ऐसे छत्ता है क्या वो गन्दी चीज होती है वह से मु हटा लीजिये प्ल्ज़ नहीं तो मेरा सुसु निकल जायगी प्ल्ज़ मु हटा लीजिये न मुझे कुछ होता है जब आप वह छत्ते है ओह्ह्ह्हह्ह गॉडडडडड शह्ह्हह्ह्ह्ह कीटनाआआ मज़ा अत है जब भी आप हलके से करते है ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Ammmmiii,idhar मुझे तो उसकी छूट चाट और उसकी गंध से मेरे सरीर में अजीब सी उत्तेजना बाद रही थी और माय सोचने लगा की रज्जो की छूट की गंध से मेरा लिंग इतना तित क्यों हो रहा है क्युकी अभी मेरा लुंड जो अब पत्थर का हो चूका tha...Pir छूट से मु हटा के मैने अपने लुंड को रज्जो के हैट में दे दिया लेकिन रज्जो हाथ हटा ली बोली ची माय नहीं पकड़ने वाली ये गन्दी चीज होती है ये सब हराम है ...देखो रज्जो सेक्स करते टाइम कोई गन्दी चीज और न hi कोई हराम चीज होती है सेक्स करते टाइम सब जायज hai...Mere समझने के बाद उसने मेरे लुंड को पकड़ लिया और मैने बोलै इसे सहलाओ ऊपर निचे करो..
वो वैसा hi कर रही थी इधर माय पीर से उसके छूट और क्लाइटोरिस को कहते जा रहा था जैसे कोई सहद हो और और दोनों चुकी पकड़ के जैसे अत गूथते है वैसे hi उसकी
चुकी गूथ रहा था और दर्द और मज़े से वो धीरे धीरे चिल्ला रही थी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मम्मीईई प्लीज धीरे दबाइये न जी बहुत तेज से दबा रहे है आप ओह्ह्ह गॉड सुनो जी रात बहुत हो रही देखो न 11 बजने वाले है सुबह उठना भी है मुझे अब ख़तम करो न ये सब,
मैं, आज सुहागरात है बिना सुहागरात के सोना चाहती हो,
देखो जी आपका बहुत बड़ा है और माय इसे इतनी छोटी सी छूट में कैसे घुसेगा आप hi बोलो और गलती से घुस बी गया तो मेरी क्या हालत करेगा आपका सांड जैसा लिंग देखो न इसका सूपड़ा hi करीब 6 इंच मोटा है और लम्बाई तो मेरे एक हाथ के बराबर है भला मेरी छोटी सी छूट में घुसेगा कैसे, इस सांड जैसे लुंड को कोई लड़की नहीं ले सकती ये मन लो आप अगर जबरदस्ती की तो रोने लगूंगी मैं, ठीक है पीर मेरा क्या होगा ये लिंग इतना जल्दी ढीला नहीं होगा जब तक इसका पानी नहीं निकलेगा ऐसा करो माय तुम्हारे छूट के ऊपर गीश गीश के पानी निकल लेता हु बोलो मंजूर है.. ठीक है लेकिन अंदर मत करना प्ल्ज़... पीर माय उसे सीधा लेता दिया और उसके रसीले होंठो को किश करने लगा और रज्जो को बोलै लिंग को अपनी छूट के
छेद पे राखी वो वैसा hi की और माय उसके छूट के छेद और क्लाइटोरिस पे घिसने लगा तो रज्जो ाजी सुनो न इसमें तेल लगा लो मैने कमरे में अपनी आंख दौड़ाई तो कही दिखी नहीं मैने बोलै तुम्हारे पास कोई तेल है क्या उसने मुझे हटाया अपने ऊपर से और नग्गी hi उठ के कुछ दूर पे
रखे अपने बैग की साइड चैन खोल के एक बॉटल निकली जिसमे नारियल की तेल थी उसने मुझे दिया तो कहा अब तुम hi इस्पे लगाओ क्युकी अब तुम्हे hi इसका धयान रखना है पूरी जिंदगी मेरी बातो को सुन के उसने बोतल की ढक्कन खोल के अपने हथेली पे ले लिया और लुंड की सुपडे पे तेल मलने लगी जिससे मेरा लुंड मचलने लगा जैसे कह रहा हो जल्दी से मुझे घुसा दी इस पारी के गुफा में इधर तेल लगने के बाद मैने उसे पीर लेटाया और ौकी छूट और क्लाइटोरिस पे अपने लिंग से घिसह्णे लगा और इधर किश करते हुए उसकी चुकी को अन्ते की तरह गुथने लगा रज्जो ाजी सुनो न बहुत दर्द कर रहा थोड़ा धीरे दबाओ न प्लीज... इधर माय उसकी छूट की फैंको के ऊपर अपने लिंग को करीब 5 मिनट्स तक घुसने के बाद रज्जो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और वो अपने हांथो को मेरे लिंग पे रख के खुद hi सहलाने लगी और मु से Ahhhhhhhhhh अम्मम्मीय ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जनुउउउउउउ कितना गरम लिंग है मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा पता नहीं मेरा मान इसे अंदर
लने को कह रहा है और मेरी छूट के अंदर जैसे चित्य रेंग रही है और मेरी सुसु भी जैसे निकल रही है इस मज़े से ये कैसा जादू किये है जी कुछ करो न वर्ण कही माय पागल हो न हो जाऊ अह्हह्ह्ह्ह अम्म्मीईई शहहहहह ओह्ह्ह्ह, इधर माय नया था इस मामले में और सोचने लगा
(" ये अभी कह रही थी की मेरे लिंग को अपने अंदर नहीं ले सकती और अब इसे क्या हो गया वो ऐसा क्यों कह रही है और तो और वो मेरे लिंग को कैसे अपने छेद में लेने के लिए तड़प रही है वो खुद hi घुसाने के लिए मर रही है,)
मेरे सोचा इतना तड़प रही है तो कोशिश करते है अंदर डालने का मैने थोड़ा सा अंदर पुश किया तो उसकी कराह निकल गई और छूट में लुंड नहीं घुसा दूसरे बार थड़ा तेज धक्का दिया इस बार भी अंदर नहीं गया और रज्जो अपना होठ को दबा के अंदर लेने क लिए अपना दिल
मजबूत कर रही थी तीसरी बार मैने थोड़ा लुंड
को पकड़ के उसके छूट की छेद में लगा के एक गहरा दक्का मर और रज्जो इतना तेज चीखी की मेरी गांड hi फट गई और मेरा लुंड उसके छूट को फहद के आधा 8 इंच एक hi धक्के में घुस गया और रोने लगी मुझे दक्का देने लगी बहुत दर्द हो रहा जी प्ल्ज़ छोड़ दो मुझे और मेरे अंदर खुजली मची थिर मेरा लुंड पत्थर की तरह कढोर मैने एक और दक्का दिया इस बार मेरा पूरा लुंड उसकी छोटी सी छूट में समां गया और मुझे अपने लुंड पे गरमा गरम पानी गिरने लगा सायद उसका पानी निकल रहा था या पीर ब्लड होगा लेकिन माय उसे छोड़ा नहीं और बस चिल्ला रही थी और माय उसे चोदे जा रहा था उसकी तंग अपने कंधे पे रखा...
और पीर से एक धक्का मारा और पूरा लुंड उसकी छूट में गश गया और वो मछली की तरह फाड् फडाने लगी छोड़ दो मुझे माय अब सह नहीं पाऊँगी ऐसे hi माय उसे धक्के पे धक्का मरते गया करीब 30 मिनट्स तक लगातार छोड़ता रहा और वो चिलाती रही मुझे पता नहीं क्या हो गया था उसे छोड़ते समय मेरा धयान सिर्फ अपने पानी गिराने पे था माय लम्बे लम्बे स्ट्रोक मर रहा था और कराह रही थी,.. पीर पोजीशन चेंज की माय उठा और उसे अपने गॉड में उठा लिया एक बच्चे की तरह और उसे छोड़ने लगा और अब थोड़ा वो संत हुई लेकिन फिर भी चिल्ला रही थी...
पीर माय पोजीशन चेंज किया उसे बीएड पे डौगी स्टाइल में करके पीछे से उसकी गांड को पकड़ के अपने मुसल लुंड को उसी छूट में सत्ता के पीर एक करारा दक्का मारा और मेरा 16 इंच का लुंड और 5 इंच मोटा लूणदा पूरा उसकी छोटी और सावली छूट में गश गया,
और वो बस बोले जा रही आज अपने मुझे मरने का hi प्लान बनाया है न आज के बाद आपके साथ ऐसा कभी नहीं करने दूंगी मेरी छूट अपने फहद डाला माय बिना उसकी बात सुने बस उसे चोदे जा रहा था करीब 45 मिनट्स तक छोड़ने के बाद अब मेरा पानी छूटने वाला था
माय पीर से उसे गॉड में उठा के निचे गद्दे पे पीठ के बाल लेता के छोड़ने लगा अब मेरा लुंड आसानी से अंदर बहार हो रहा था और वही रज्जो मेरी रोये जा रही थी वो संत होने का नाम hi नहीं ले रही थी और उसके छूट भी कई बार पानी बहा चुकी थी अब माय भी पानी छोड़ने के बहुत करीब था मैने उसके तंग को अपने जांघ पे रखे और उसकी चुकी को चूसते हुए उसके कंधे को पकड़ लिया और लम्बे लम्बे स्ट्रोक मरने लगा,
इस बार पहले से भी ज्यादा तेज झटके लगाने लगा और उसके चिल्लाना भी तेज हो गया और करीब 15,20 धक्के लगाने के बाद मेरा पानी चुटी सी छूट गया इतना पानी निकला की वो बोल रही थी मेरे अंदर सुसु क्यों कर रहे हो वो बेचारी को क्या पता ये कोई सुसुस नहीं ये अमृत है लड़कियों के लिए ऐसे करीब 50 मिनट्स की इस चुदाई म कई बार रज्जो झड़ी.
रजिया की छिलने की आवाज सुन के दूसरे मजिले वाली भाभी दौड़ के ै और मेरे रूम के दरवाज़े को खत कहते बोली सैम इतनी तेज क्यों चिल्लाई रज्जो कही तू उसे मर तो नहीं रहा खोल दरवाजा नहीं तो तेरे बड़े भैया को बुलाती hu....Meri गांड hi फट गई भाभी इसके छिलने से यहाँ तक आ गई अब खोलना hi पड़ेगा दरवाजा कही बवाल न हो जय और रज्जो को देखा तो वो रॉय जा रही थी मैने जल्दी जल्दी में बगल में रखे एक चादर उठाई और कमर में लपेट के दरवाज़ा खोल Diya...aur इनायत भाभी अंदर आ गई और मुझे देखा और रज्जो को तुम इतनी तेज चीखी क्यों अगर तुम्हारे भैया लोग यहाँ होते तो क्या सोचते bolo...Rajjo... भाभीजी इन्होने इतना तेज घुसाया की मेरी जान hi निकल दी इन्होने मेरी और इनका बहुत बड़ा लिंग है मेरे हाँथ जितना देखिये मेरी छूट कैसे फट गई है और खून भी निकल रही hai,Bhabhi बोली इतना बड़ा लिंग किसी का नहीं होता समझी और ये सेक्स करने से तेरी छूट नहीं फटी है ये सैम ने कोई मोती चीज को तेरे अंदर घुसाया है तभी फटी है वो मन hi नहीं रही थी की ये लुंड के घुसाने से रज्जो की छूट फटी है...
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