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अपडेट 20
घर से निकल के मीरा के घर जाने लगा और घर से गंजे की पुड़िया जो ली थी उसे बीड़ी की तम्बाकू और गंजे की तम्बाकू से मिला के रगड़ने लगा अपने हथेली में जब बन गया तो पेपर में लपेट के माचिस जलाई और पिने लगा पिटे पिटे मीरे के घर पहुंच गया,.
दरवाज़ा खत खतया तो रनो ने दरवाज़ा खोला तो देखा hi रह गया आज बहुत hi खूबसूरत लग रही थी साड़ी में और हल्का फुल्का मेकउप भी की हुई थी और एक हाँथ में लालटेन लिए हुए मुझे अंदर आने को बोलै माय गांजा पिटे हुए अंदर आ के रनो से पूछा कहा है कोई दिख नहीं रहा है मीरा कहा है,
मीरा तो मौसी ै थी और मीरा, रानी को ले गई अपने साथ उन्हें सुबह सहर जाना है कपडे लेने शादी के लिए माय इस लिए नहीं गई क्युकी घर भी अकेला नहीं छोड़ना था बाबूजी नाराज हो जाते की घर छोड़ के चली गई कपडे लेने,
माय उदाश हो गया कहा सोचा था की आज मीरा की फूली हुई छूट और गांड पूरी रात छोडूंगा और अब कहा हाँथ से hi काम न चलना पद जय,
ये आपके हाथ में क्या है ये कुछ कपडे लाया था तुम तीनो बहनो के लिए,
रज्जो को प्रेग्नेंट हो गई है न और उसे लेने जब गया था तब सोचा अपने घर क लड़कियों क लिए कपडे ले रहा हु तो तुम सब के लिए भी ले लेता हु,
"जब आफरीन ने लेहंगा वापस करने गया था तभी चुपके से माय mira,rano,Rani के लिए भी एक एक लेहंगा, और एक एक साड़ी ले लिया था साथ में एक के ब्रा पंतय भी",
धन्यवाद् भैया आप ने हमारे लिए इतना सोचा और आपको बधाई हो आप बाप बनाने वाले है माय चाय बना क लती हु तब तक उस रूम में बैठिये यहाँ अगन में बहुत ठण्ड है,
ये मीरा का रूम था माय वह गया और देखा तो आज लकड़ी की बीएड बिछी हुई थी पिछली बार यहाँ खटिया थी आज उस बीएड पे गद्दा और चादर लगा हुआ था और दो मोठे कम्बल रखे हुए थे ओढ़ने के लिए,
माय अभी भी गांजा पि रहा था अभी तक ख़त्म नहीं हुआ था और हल्का हल्का सुरूर होने laga,tabhi रनो चाय ले के आ गई उसने मुझे दिया और गांजा अब तक ख़तम हो चूका था पीर चाय धीरे धीरे पिने लगा और रनो जो सामने चेयर राखी हुई थी वह बैठ गई और चाय पिने लगी माय उसे घर के देखने लगा आज पहली बार उसे इतने करीब से देख रहा था पहले कभी भी मेरी नज़र उसपे नहीं पड़ी थी न hi कभी हवस वाली नज़र से देखा,
रनो 19 साल की है और उसका फिगर 30 साइज के बूब्स, 24 की पतली कमर, और 34 के मेडिअम गांड थी ये समझ लो एक दम पतली दुबली जैसे उसे कोई खाना वन नहीं देता हो,
रनो तुम्हे खाना वन नहीं मिलता क्या,
नहीं भैया सब मिलता है लेकिन माय मोती होती hi नहीं हु,
माय चाय पिटे हुए उसे बोलै चलो शादी के बाद तुम्हारा सरीर भर जायेगा,
वो शर्मा गई,
इतनी ठण्ड है और तुम सिर्फ एक साड़ी पहन के इधर उधर घूम रही हो तबियत ख़राब करना है क्या,
नहीं भैया अभी hi उतरी थी माय खाना खा के लेती हुई थी यही पे आपका इंतजार कर रही थी मुझे बहुत दर लग रहा था अकेले इसलिए कम्बल में चुप गई थी मुझे अकेले में बहुत दर लगता है न और आज मौसी पता नहीं कैसे आ गई जब बाबूजी भैया के ससुराल गए तभी उनको आना था,
माय अब तक चाय पि के कफ को टेबल पे रख दिया और बोलै चलो यहाँ तुम कम्बल में सो जाओ और मेरा बिस्तर कहा लगा है,
भैया आप hi का ये बिस्तर मीरा ने लगा के गई है,
पीर तुम्हे कहा सोना है,
भैया मुझे बहुत दर लगता है अकेले सोने में आज तक कभी अकेली नहीं रही हु न इसलिए मुझे भी यही सोना है,
चलो पीर औ लेट जाओ एक तरफ,
थोड़ा बहार चलो न मेरे साथ मुझे सुसु लगी हुई है कब से लेकिन दर की वजह से जा नहीं प् रही हु,
घर से निकल के मीरा के घर जाने लगा और घर से गंजे की पुड़िया जो ली थी उसे बीड़ी की तम्बाकू और गंजे की तम्बाकू से मिला के रगड़ने लगा अपने हथेली में जब बन गया तो पेपर में लपेट के माचिस जलाई और पिने लगा पिटे पिटे मीरे के घर पहुंच गया,.
दरवाज़ा खत खतया तो रनो ने दरवाज़ा खोला तो देखा hi रह गया आज बहुत hi खूबसूरत लग रही थी साड़ी में और हल्का फुल्का मेकउप भी की हुई थी और एक हाँथ में लालटेन लिए हुए मुझे अंदर आने को बोलै माय गांजा पिटे हुए अंदर आ के रनो से पूछा कहा है कोई दिख नहीं रहा है मीरा कहा है,
मीरा तो मौसी ै थी और मीरा, रानी को ले गई अपने साथ उन्हें सुबह सहर जाना है कपडे लेने शादी के लिए माय इस लिए नहीं गई क्युकी घर भी अकेला नहीं छोड़ना था बाबूजी नाराज हो जाते की घर छोड़ के चली गई कपडे लेने,
माय उदाश हो गया कहा सोचा था की आज मीरा की फूली हुई छूट और गांड पूरी रात छोडूंगा और अब कहा हाँथ से hi काम न चलना पद जय,
ये आपके हाथ में क्या है ये कुछ कपडे लाया था तुम तीनो बहनो के लिए,
रज्जो को प्रेग्नेंट हो गई है न और उसे लेने जब गया था तब सोचा अपने घर क लड़कियों क लिए कपडे ले रहा हु तो तुम सब के लिए भी ले लेता हु,
"जब आफरीन ने लेहंगा वापस करने गया था तभी चुपके से माय mira,rano,Rani के लिए भी एक एक लेहंगा, और एक एक साड़ी ले लिया था साथ में एक के ब्रा पंतय भी",
धन्यवाद् भैया आप ने हमारे लिए इतना सोचा और आपको बधाई हो आप बाप बनाने वाले है माय चाय बना क लती हु तब तक उस रूम में बैठिये यहाँ अगन में बहुत ठण्ड है,
ये मीरा का रूम था माय वह गया और देखा तो आज लकड़ी की बीएड बिछी हुई थी पिछली बार यहाँ खटिया थी आज उस बीएड पे गद्दा और चादर लगा हुआ था और दो मोठे कम्बल रखे हुए थे ओढ़ने के लिए,
माय अभी भी गांजा पि रहा था अभी तक ख़त्म नहीं हुआ था और हल्का हल्का सुरूर होने laga,tabhi रनो चाय ले के आ गई उसने मुझे दिया और गांजा अब तक ख़तम हो चूका था पीर चाय धीरे धीरे पिने लगा और रनो जो सामने चेयर राखी हुई थी वह बैठ गई और चाय पिने लगी माय उसे घर के देखने लगा आज पहली बार उसे इतने करीब से देख रहा था पहले कभी भी मेरी नज़र उसपे नहीं पड़ी थी न hi कभी हवस वाली नज़र से देखा,
रनो 19 साल की है और उसका फिगर 30 साइज के बूब्स, 24 की पतली कमर, और 34 के मेडिअम गांड थी ये समझ लो एक दम पतली दुबली जैसे उसे कोई खाना वन नहीं देता हो,
रनो तुम्हे खाना वन नहीं मिलता क्या,
नहीं भैया सब मिलता है लेकिन माय मोती होती hi नहीं हु,
माय चाय पिटे हुए उसे बोलै चलो शादी के बाद तुम्हारा सरीर भर जायेगा,
वो शर्मा गई,
इतनी ठण्ड है और तुम सिर्फ एक साड़ी पहन के इधर उधर घूम रही हो तबियत ख़राब करना है क्या,
नहीं भैया अभी hi उतरी थी माय खाना खा के लेती हुई थी यही पे आपका इंतजार कर रही थी मुझे बहुत दर लग रहा था अकेले इसलिए कम्बल में चुप गई थी मुझे अकेले में बहुत दर लगता है न और आज मौसी पता नहीं कैसे आ गई जब बाबूजी भैया के ससुराल गए तभी उनको आना था,
माय अब तक चाय पि के कफ को टेबल पे रख दिया और बोलै चलो यहाँ तुम कम्बल में सो जाओ और मेरा बिस्तर कहा लगा है,
भैया आप hi का ये बिस्तर मीरा ने लगा के गई है,
पीर तुम्हे कहा सोना है,
भैया मुझे बहुत दर लगता है अकेले सोने में आज तक कभी अकेली नहीं रही हु न इसलिए मुझे भी यही सोना है,
चलो पीर औ लेट जाओ एक तरफ,
थोड़ा बहार चलो न मेरे साथ मुझे सुसु लगी हुई है कब से लेकिन दर की वजह से जा नहीं प् रही हु,