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सुनो अब पहले चाचू को करने दो पीर बाद में तुम करना नाजिया न मेरे भरी भरकम लुंड जो अभी भी फूल खड़ा था उसे घर रही थी और शालू नाजिया के होने से उसे शर्म आ रही थी अम्मी आप बहार जाओ नहीं तो मेरी सुसु hi नहीं निकलेगी आपके होने से,
नाजिया, अपने चाचू के सामने तुम्हारा निकल जायगा और मेरे सामने नहीं निकलेगी ये कहके हसने लगी,..
भाभी मेरे लुंड को पकड़ के सीधा रखो देखो न मेरा लुंड शालू की नग्गी जगह में घुसा जा रहा है,
नाजिया हस्ते हुए मेरे मुसार काळा लुंड को अपने कोमल हैंतो में पकड़ के सीधा किया और माय मूतने लगा 2 मिनट्स तक करते रहा चाचू मेरा भी निकल जायगा कितना देर लगा रहे हो और शालू भी मेरे खड़े लुंड पे अपने छूट से पेशाब करने लगी उसका कण्ट्रोल छूट गया और इससे नाजिया के हांथो और मेरे लुंड पे अपने गरमा गर्म पेशाब करने लगी और चैन की सास ली,
नाजिया, गांद्दी बच्ची मेरे हांथो और अपने चाचू के लुंड पे hi मूतने लगी तुजे शर्म नहीं अत अरे अम्मी कब से तो कण्ट्रोल की थी अब मेरी क्या गलती पीर ऐसे hi थोड़ी देर बाद हम दोनों पेशाब करके खली हुए और नाजिया ने मेरे लुंड और पुरे पेअर को गर्म पानी साबुन से साफ किया और हम दोनों को कपडे पहना के माय शालू को हल्दी सेरेमनी में ले आया और अभी भी सब लोग बैठे हुए थे,
पीर रेशम चालू हुआ और एक एक करके अब लड़कियों का no. आया हल्दी उठाने को ये रेशम ख़तम करने के बाद बूढी काकी ने दुआओ की बरषत कर दी और बोली बोलै बीटा तुम्हे ऐसे hi खुसी और ताकत दे ऊपर वाले और अपने कंधे पे साडी घर की लड़कियों को उठाओ, ऐसे hi सरे परिवार में एक दूसरे का प्यार बना रहे कभी किसी की नज़र न लगे, इतना बोल के मेरा और शालू का मानता चूमि और वह से जा के पीर से निचे बैठ गई माय बोलै अब उतर सकता हु शालू को,
काकी, अभी नहीं उसे खाना भी अपने गॉड में बैठा के खिलाना है उसके बाद शालू को बिस्तर में ले जेक सुला देना है पीर उसके बाद hi ये रेशम पूरी होगी,.. क्या काकी कही मुझे उल्लू तो नहीं बना रही हो ऐसा भी कोई रेशम होता है क्या,. काकी, है बीटा हमारे खंडन में ऐसे hi उटपटांग रिवाजे है, और लास्ट बात बबुआ जिस दिन शालू की बारात आएगी उस दिन हल्दी उतरने के बाद तुम और शालू एक hi पानी में नहाओगे मतलब किसी बड़े टब में पानी, हल्दी, चन्दन, दूध, गुलाब की पंखुड़ी दाल के सिर्फ तुम hi शालू को नहलाओगे और वह सिर्फ कुमारी लड़किया hi रहेगी कोई शादी सुदा औरत या लड़की तुम दोनों को नहाते नहीं देखिगी और जो लड़किया चाहती है उसकी शादी जल्दी हो वो तुम दोनों के नहाने के बाद जो बचेगा पानी उसमे नाहा सकती है इससे उनकी जल्दी शादी होगी और बच्चे की इच्छा भी पूरी होगी एक बात और शालू तुम पूरा,
कपडा खोल के नाहगी और समीर तुम भी लेकिन तुम्हारी आँखों में पट्टी बंधी होगी इस लिए तुम्हारी मदत शालू या पीर तुम किसी कुमार लड़की की मदत ले सकते हो लेकिन तुम शालू को खुद नहलाओगे उसमे किसी की हेल्प नहीं लेनी है समझ गए न समीर और नाजिया ये सरे रेशम तुम्हारी देख रेख में पूरी होनी चाहिए और याद रहे और एक बात नाजिया मेरे पास औ, माय देखने लगा ये बूढी काकी नाजिया भाभी के कान में क्या खुसुर फुसुर कर रही है, नाजिया जब बूढी काकी की बात सुनी तो शर्मा गई और कहने लगी ये कैसे हो सकता है समीर नहीं मानेगा, काकी तुझे hi मन है और जल्दी बच्चे हो शालू की तो ये रेशम दोनों को निभाना है समझ गई न नाजिया भाभी है में सर हिलाया और वो क्या रेशम के बारे में बात कर रही थी मुझे नहीं सुनाई दिया और न hi मुझे बताया गया ये बात बारात के दिन पता चल जायेगा,
नाजिया, अपने चाचू के सामने तुम्हारा निकल जायगा और मेरे सामने नहीं निकलेगी ये कहके हसने लगी,..
भाभी मेरे लुंड को पकड़ के सीधा रखो देखो न मेरा लुंड शालू की नग्गी जगह में घुसा जा रहा है,
नाजिया हस्ते हुए मेरे मुसार काळा लुंड को अपने कोमल हैंतो में पकड़ के सीधा किया और माय मूतने लगा 2 मिनट्स तक करते रहा चाचू मेरा भी निकल जायगा कितना देर लगा रहे हो और शालू भी मेरे खड़े लुंड पे अपने छूट से पेशाब करने लगी उसका कण्ट्रोल छूट गया और इससे नाजिया के हांथो और मेरे लुंड पे अपने गरमा गर्म पेशाब करने लगी और चैन की सास ली,
नाजिया, गांद्दी बच्ची मेरे हांथो और अपने चाचू के लुंड पे hi मूतने लगी तुजे शर्म नहीं अत अरे अम्मी कब से तो कण्ट्रोल की थी अब मेरी क्या गलती पीर ऐसे hi थोड़ी देर बाद हम दोनों पेशाब करके खली हुए और नाजिया ने मेरे लुंड और पुरे पेअर को गर्म पानी साबुन से साफ किया और हम दोनों को कपडे पहना के माय शालू को हल्दी सेरेमनी में ले आया और अभी भी सब लोग बैठे हुए थे,
पीर रेशम चालू हुआ और एक एक करके अब लड़कियों का no. आया हल्दी उठाने को ये रेशम ख़तम करने के बाद बूढी काकी ने दुआओ की बरषत कर दी और बोली बोलै बीटा तुम्हे ऐसे hi खुसी और ताकत दे ऊपर वाले और अपने कंधे पे साडी घर की लड़कियों को उठाओ, ऐसे hi सरे परिवार में एक दूसरे का प्यार बना रहे कभी किसी की नज़र न लगे, इतना बोल के मेरा और शालू का मानता चूमि और वह से जा के पीर से निचे बैठ गई माय बोलै अब उतर सकता हु शालू को,
काकी, अभी नहीं उसे खाना भी अपने गॉड में बैठा के खिलाना है उसके बाद शालू को बिस्तर में ले जेक सुला देना है पीर उसके बाद hi ये रेशम पूरी होगी,.. क्या काकी कही मुझे उल्लू तो नहीं बना रही हो ऐसा भी कोई रेशम होता है क्या,. काकी, है बीटा हमारे खंडन में ऐसे hi उटपटांग रिवाजे है, और लास्ट बात बबुआ जिस दिन शालू की बारात आएगी उस दिन हल्दी उतरने के बाद तुम और शालू एक hi पानी में नहाओगे मतलब किसी बड़े टब में पानी, हल्दी, चन्दन, दूध, गुलाब की पंखुड़ी दाल के सिर्फ तुम hi शालू को नहलाओगे और वह सिर्फ कुमारी लड़किया hi रहेगी कोई शादी सुदा औरत या लड़की तुम दोनों को नहाते नहीं देखिगी और जो लड़किया चाहती है उसकी शादी जल्दी हो वो तुम दोनों के नहाने के बाद जो बचेगा पानी उसमे नाहा सकती है इससे उनकी जल्दी शादी होगी और बच्चे की इच्छा भी पूरी होगी एक बात और शालू तुम पूरा,
कपडा खोल के नाहगी और समीर तुम भी लेकिन तुम्हारी आँखों में पट्टी बंधी होगी इस लिए तुम्हारी मदत शालू या पीर तुम किसी कुमार लड़की की मदत ले सकते हो लेकिन तुम शालू को खुद नहलाओगे उसमे किसी की हेल्प नहीं लेनी है समझ गए न समीर और नाजिया ये सरे रेशम तुम्हारी देख रेख में पूरी होनी चाहिए और याद रहे और एक बात नाजिया मेरे पास औ, माय देखने लगा ये बूढी काकी नाजिया भाभी के कान में क्या खुसुर फुसुर कर रही है, नाजिया जब बूढी काकी की बात सुनी तो शर्मा गई और कहने लगी ये कैसे हो सकता है समीर नहीं मानेगा, काकी तुझे hi मन है और जल्दी बच्चे हो शालू की तो ये रेशम दोनों को निभाना है समझ गई न नाजिया भाभी है में सर हिलाया और वो क्या रेशम के बारे में बात कर रही थी मुझे नहीं सुनाई दिया और न hi मुझे बताया गया ये बात बारात के दिन पता चल जायेगा,