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साबिया, अरे आप बैठो खड़े क्यों हो गए सिफॅ जा एक कफ चाय लेके आ और सिफॅ चली गई माय आपको देखना चाहती थी क्युकी आप इंगेजमेंट में भी नहीं ए थे और माय आपके घर भी नहीं जा पाई थी लेकिन जितना सुनी थी उससे कहै जयादा आप ताकतवर और हैंडसम दीखते है सैम, हम दोनों को थोड़ी देर बात करते हुए थे तभी सिफॅ चाय ले ै और मुझे दे के वो भी मेरे बगल के सोफे पे बैठ गई, साबिया, समीर आप तो जानते hi हो मेरी 3 बेतिया है और कोई बीटा नहीं है मेरी साडी संपत्ति इन्ही तीनो की होगी और अभी मेरे पास उतना पैसा नहीं है इस लिए ज्यादा सामान नहीं दे प् रही हु वैसे तो सब कुछ दे रही हु लेकिन पैसा वगैरा मेरे पास अभी नहीं है,
मैं, तुरंत बोलै ये आप क्या बोल रही है मेरे भैया लोग दहेज़ के खिलाफ है आप अपनी बेटी को एक जोड़ी में भेज दीजिये हम उसका अपनी बहन बेटियों की तरह ख्याल रखेंगे, उपरवाले का सुकर है की हम लोगो को बहुत कुछ दिया है इस लिए बेफिक्र रहिये हमे कुछ नहीं चाहिए, तब जा के साबिया की जान में जान ै और ये सुन के उनकी आँखों से आंसू निकल गई और माय उनके पास जेक उनके सामने खड़ा होक उसके हाँथ को पकड़ के बोलै आप टेंशन न ले माय आपको जबान देता हु आपकी बेटी को कोई कमी नहीं होने दूंगा माय जब तक जिन्दा हु माय उसे अपनी बहन बेटी की तरह ख्याल रखूँगा पीर वो मेरे बातो को सुन के मेरे गले लग के मुझे तितली पकड़ के बोली,
साबिया, आपको पता नहीं होगा मेरे शौहर दिमाग से थोड़े कमजोर है इस लिए उनके बड़े भाई उनसे साडी जमीं अपने नाम करवा ली और हम लोगो के पास सिर्फ अब हमारा घर hi बचा हुआ है और पीर ये बोल के रोने लगी और उनके बेटी जो सोफे पे बैठी थी वो उठ के रूम का दरवाजा बंद कर दी जिससे उसकी अम्मी की रोने की आवाज़ बहार न जय इधर साबिया के गले लगाने से और उसके बड़े बड़े चुके मेरे साइन में दबाने से मेरा लुंड एक दम खड़ा हो गया और उसके सलवार के ऊपर से उसके छूट पे दस्तक देने लगा और सायद उनको भी पता चल गया होगा लेकिन वो मुझे छोड़ hi नहीं रही थी और मुझे अपने दोनों हाथो से मेरी कमर में दाल के मुझे तितली पकड़ी रही,
इधर माय भी कण्ट्रोल खो दिया और माय भी अपने दोनों हांथो से उसकी गांड को सहलाने लगा उसकी बेटी की नज़र बचा के और उनके गांड को पकड़ के अपनी तरफ खींच के लुंड पे सताने लगा जिससे मेरा लुंड उसके सलवार के ऊपर से छूट में घुसाने लगा लेकिन उनकी बेटी के होते हुए माय कुछ कर भी नहीं सकता था एक तो गंजे का नासा ऊपर से साबिया की चब्बी हुआ सरीर मुझे गर्म करने के लिए काफी था पीर माय हम अलग हुए और माय अपने पेण्ट को एडजस्ट करने लगा जिसे देख के साबिया थोड़ी मुस्कुराते हुए आप इसी रूम में सो जाइएगा माय आपसे बाद में मिलती हु और सिफॅ समीर को यही सुलाना और तुम भी उनके साथ रहना, सिफॅ, ठीक है अम्मी आप जाओ,
पीर वो मेरा पंत के ऊपर तम्बू बना हुआ था उसे देख के हस्ते हुए वह से वो चली गई, माय सिफॅ से बोलै चलता हु बहार मेरा वेट कर रहे होंगे सब लोग, सिफॅ ठीक है लेकिन आप सोने यहाँ ा जाइएगा, मैं, देखता हु मेरे साथ लेडीज है उनका सोने का कहा इंतजाम किया गया ह सिफॅ, इस रूम के बगल वाले हॉल में और जेंट्स का बहार के हाल में इंतजाम किया ह, पीर ठीक है माय यहाँ सोने आ जाऊंगा तुम रहोगी न इस रूम में या कही और सोने जाओगी यहाँ तो एक hi दुबले बीएड दिख रही ह, सिफॅ, आप बीएड पे सो जाना माय अपना कही ार इंतजाम क्र लुंगी वैसे य मेरा रूम ह, मैं, ऐसे कैसे तुम यही सोना जब तक माय नहीं अत उसके बाद जब माय ा जाऊंगा उसके बाद पीर चली जाना, सिफॅ, ठीक है...
मैं, तुरंत बोलै ये आप क्या बोल रही है मेरे भैया लोग दहेज़ के खिलाफ है आप अपनी बेटी को एक जोड़ी में भेज दीजिये हम उसका अपनी बहन बेटियों की तरह ख्याल रखेंगे, उपरवाले का सुकर है की हम लोगो को बहुत कुछ दिया है इस लिए बेफिक्र रहिये हमे कुछ नहीं चाहिए, तब जा के साबिया की जान में जान ै और ये सुन के उनकी आँखों से आंसू निकल गई और माय उनके पास जेक उनके सामने खड़ा होक उसके हाँथ को पकड़ के बोलै आप टेंशन न ले माय आपको जबान देता हु आपकी बेटी को कोई कमी नहीं होने दूंगा माय जब तक जिन्दा हु माय उसे अपनी बहन बेटी की तरह ख्याल रखूँगा पीर वो मेरे बातो को सुन के मेरे गले लग के मुझे तितली पकड़ के बोली,
साबिया, आपको पता नहीं होगा मेरे शौहर दिमाग से थोड़े कमजोर है इस लिए उनके बड़े भाई उनसे साडी जमीं अपने नाम करवा ली और हम लोगो के पास सिर्फ अब हमारा घर hi बचा हुआ है और पीर ये बोल के रोने लगी और उनके बेटी जो सोफे पे बैठी थी वो उठ के रूम का दरवाजा बंद कर दी जिससे उसकी अम्मी की रोने की आवाज़ बहार न जय इधर साबिया के गले लगाने से और उसके बड़े बड़े चुके मेरे साइन में दबाने से मेरा लुंड एक दम खड़ा हो गया और उसके सलवार के ऊपर से उसके छूट पे दस्तक देने लगा और सायद उनको भी पता चल गया होगा लेकिन वो मुझे छोड़ hi नहीं रही थी और मुझे अपने दोनों हाथो से मेरी कमर में दाल के मुझे तितली पकड़ी रही,
इधर माय भी कण्ट्रोल खो दिया और माय भी अपने दोनों हांथो से उसकी गांड को सहलाने लगा उसकी बेटी की नज़र बचा के और उनके गांड को पकड़ के अपनी तरफ खींच के लुंड पे सताने लगा जिससे मेरा लुंड उसके सलवार के ऊपर से छूट में घुसाने लगा लेकिन उनकी बेटी के होते हुए माय कुछ कर भी नहीं सकता था एक तो गंजे का नासा ऊपर से साबिया की चब्बी हुआ सरीर मुझे गर्म करने के लिए काफी था पीर माय हम अलग हुए और माय अपने पेण्ट को एडजस्ट करने लगा जिसे देख के साबिया थोड़ी मुस्कुराते हुए आप इसी रूम में सो जाइएगा माय आपसे बाद में मिलती हु और सिफॅ समीर को यही सुलाना और तुम भी उनके साथ रहना, सिफॅ, ठीक है अम्मी आप जाओ,
पीर वो मेरा पंत के ऊपर तम्बू बना हुआ था उसे देख के हस्ते हुए वह से वो चली गई, माय सिफॅ से बोलै चलता हु बहार मेरा वेट कर रहे होंगे सब लोग, सिफॅ ठीक है लेकिन आप सोने यहाँ ा जाइएगा, मैं, देखता हु मेरे साथ लेडीज है उनका सोने का कहा इंतजाम किया गया ह सिफॅ, इस रूम के बगल वाले हॉल में और जेंट्स का बहार के हाल में इंतजाम किया ह, पीर ठीक है माय यहाँ सोने आ जाऊंगा तुम रहोगी न इस रूम में या कही और सोने जाओगी यहाँ तो एक hi दुबले बीएड दिख रही ह, सिफॅ, आप बीएड पे सो जाना माय अपना कही ार इंतजाम क्र लुंगी वैसे य मेरा रूम ह, मैं, ऐसे कैसे तुम यही सोना जब तक माय नहीं अत उसके बाद जब माय ा जाऊंगा उसके बाद पीर चली जाना, सिफॅ, ठीक है...