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पीर अपने सोच से बहार ै और किचन में चली गई और लकड़ी वाली चला जला के मेरे लिए नास्ते में सेवई और पूड़ी बानी पीर उठ के अपने भाभी पीर रीता को जगाई वो दोनों उठ के बहार चले गए और नीता थोड़ा सा मेकउप की और अपनी ब्लाउज़ उतर दी और पेटीकोट भी बस वो पतली वाली साड़ी भर पहनी और खुद को साइड में देखि तो खुद hi शर्मा गई क्युकी उसकी खड़े खड़े सवाली चुके और पतली कमर और विशाल गांड उस पतली लाल साड़ी ऊपर से दिख रही थी पीर माय जहा सो रहा था उस रूम में ै और गेट को बंद करके मेरे कम्बल में घुस गई और मेरे बगल में लेट के धीरे से भैया उठिये 9 बज गए और ये बोल के वो अपने एक हाँथ को मेरे कमर में डाली और मेरी करीब आ गई तभी मेरा खड़ा मुसार एनाकोंडा उसकी साड़ी के ऊपर से
छूट पे जा टकराई तो उसके मु से Ahhhhhhhhhh मम्मीयी ओह्ह्ह्हह गॉडडडडड की आवाज़ निकली,
मैं, आँखों को खोल के नीता की सावली फेस को देखा तो वो मुस्कुराते हुए उठिये 9 बज गए है माय ये सुन के उसकी कमर में हाँथ दाल के अपने ऊपर खींच लिया और उसके hi होंठो को चूसने लगा तो वो भी बड़ी शिद्दत से मेरे जीभ को अपने मु में लेके चूसने लगी और माय उसकी विशाल गांड 38 साइज की उसे मसलने लगा और अपने खड़े लुंड को उसके साड़ी के ऊपर से छूट पे ठोकर मरते हुए बोलै क्या बात है मेरी जान सुबह सुबह hi क़यामत ध रही हो कही माय तुम्हे अभी hi न छोड़ दू कितनी तित तित चुके है तुम्हारे और गांड इतने मुलायम की जैसे रोइ हो अगर माय आत्मा भागने का नहीं होता तो कल hi तुम्हे छोड़ दिया होता,
नीता, मेरे मुसार अपनी छूट पे पड़ते hi गरम होने लगी और मेरे साइन के बालो से खेलते हुए मेरा भी बहुत मान है करने का भैया कल जो अपने चमत्कारी पानी पिने को दी थी उसे पिने के बाद से मेरी छूट बहुत पानी बहा रही है और मेरा मान इतना छोड़ने का कभी नहीं हुआ जितना आज हो रहा है ऐसा लग रहा है ये मुसार लुंड मेरी छूट में घुस के मेरी छूट को छोड़ छोड़ के फाड् दे, मैं, उसकी गांड को मसलते हुए वो पानी जीन बाबा का है इससे तुम्हारी साडी मनो कामना पूरी होती है साथ में सारा दुःख दर्द ख़तम करता है और साथ hi साथ इसे पिने से लड़कियों की सरीर पूरा खिल जाता है उसे जवान रखता है ये चमत्कारी सैतानी जीन का पानी स,
पीर माय उसे अपने ऊपर से उतर के पीठ की तरफ लेता के उसकी साड़ी उतरने लगा थोड़ी देर म उसे
नग्गा कर दिया और माय तो पहले से hi नग्गा था और अपने खड़े लुंड को नीता की छूट के छेद पे रख के घिसने लगा और माय उसके ऊपर लेट के उसकी गर्दन को काटने चूसने लगा वो अब मज़े में दूसरी दुनिया में चली गई थी और माय उसकी छूट के ऊपर घिसते हुए उसकी चुकी को पकड़ के मसलने लगा और वो अह्ह्ह्हह मम्मीयीय ओह्ह्ह्हह गॉडडडड प्लीज थोड़ा सा दाल दो न भैया मेरी छूट के अंदर मेरी गर्मी को संत कर दो मैं, नहीं मेरी जान अभी टाइम नहीं आया है तुम्हारा छोड़ने का लेकिन माय बहुत जल्द hi तुम्हे छोडूंगा जब इस घर से साडी आत्माओ को बहार भेज दूंगा और ऐसे hi करते हुए वो झाड़ गई और मुझे खास के गले लगा के माय उस दिन का बेसब्री से इंतजार करुँगी भइया अब उठिये और चल के नास्ता कीजिये,
छूट पे जा टकराई तो उसके मु से Ahhhhhhhhhh मम्मीयी ओह्ह्ह्हह गॉडडडडड की आवाज़ निकली,
मैं, आँखों को खोल के नीता की सावली फेस को देखा तो वो मुस्कुराते हुए उठिये 9 बज गए है माय ये सुन के उसकी कमर में हाँथ दाल के अपने ऊपर खींच लिया और उसके hi होंठो को चूसने लगा तो वो भी बड़ी शिद्दत से मेरे जीभ को अपने मु में लेके चूसने लगी और माय उसकी विशाल गांड 38 साइज की उसे मसलने लगा और अपने खड़े लुंड को उसके साड़ी के ऊपर से छूट पे ठोकर मरते हुए बोलै क्या बात है मेरी जान सुबह सुबह hi क़यामत ध रही हो कही माय तुम्हे अभी hi न छोड़ दू कितनी तित तित चुके है तुम्हारे और गांड इतने मुलायम की जैसे रोइ हो अगर माय आत्मा भागने का नहीं होता तो कल hi तुम्हे छोड़ दिया होता,
नीता, मेरे मुसार अपनी छूट पे पड़ते hi गरम होने लगी और मेरे साइन के बालो से खेलते हुए मेरा भी बहुत मान है करने का भैया कल जो अपने चमत्कारी पानी पिने को दी थी उसे पिने के बाद से मेरी छूट बहुत पानी बहा रही है और मेरा मान इतना छोड़ने का कभी नहीं हुआ जितना आज हो रहा है ऐसा लग रहा है ये मुसार लुंड मेरी छूट में घुस के मेरी छूट को छोड़ छोड़ के फाड् दे, मैं, उसकी गांड को मसलते हुए वो पानी जीन बाबा का है इससे तुम्हारी साडी मनो कामना पूरी होती है साथ में सारा दुःख दर्द ख़तम करता है और साथ hi साथ इसे पिने से लड़कियों की सरीर पूरा खिल जाता है उसे जवान रखता है ये चमत्कारी सैतानी जीन का पानी स,
पीर माय उसे अपने ऊपर से उतर के पीठ की तरफ लेता के उसकी साड़ी उतरने लगा थोड़ी देर म उसे
नग्गा कर दिया और माय तो पहले से hi नग्गा था और अपने खड़े लुंड को नीता की छूट के छेद पे रख के घिसने लगा और माय उसके ऊपर लेट के उसकी गर्दन को काटने चूसने लगा वो अब मज़े में दूसरी दुनिया में चली गई थी और माय उसकी छूट के ऊपर घिसते हुए उसकी चुकी को पकड़ के मसलने लगा और वो अह्ह्ह्हह मम्मीयीय ओह्ह्ह्हह गॉडडडड प्लीज थोड़ा सा दाल दो न भैया मेरी छूट के अंदर मेरी गर्मी को संत कर दो मैं, नहीं मेरी जान अभी टाइम नहीं आया है तुम्हारा छोड़ने का लेकिन माय बहुत जल्द hi तुम्हे छोडूंगा जब इस घर से साडी आत्माओ को बहार भेज दूंगा और ऐसे hi करते हुए वो झाड़ गई और मुझे खास के गले लगा के माय उस दिन का बेसब्री से इंतजार करुँगी भइया अब उठिये और चल के नास्ता कीजिये,