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तो मैने अनीता की हाँथ को पकड़ के तरय रूम का दरवाज़ा खोला और उसे अंदर खींच के गेट बंद कर दिया तो अनीता मेरी तरफ देख के सर क्या कर रहे है कोई देख लेगा हमें और हम पकडे जायँगे, मैं, उसकी बातो को दरकिनार करते हुए उसे घुमा दिया अब उसका मु देवर की तरफ और माय उसकी विशाल गांड के पीछे वो मन करती रही इसी बिच मैने उसकी साड़ी को निचे से उठा दिया और उसकी बड़ी बड़ी गांड पंतय के ऊपर से दिखने लगी और जल्दी से उसकी साड़ी खींच के निकल दी अब वो पेटीकोट और ब्लाउज़ में थी वो ये देख के अपनी नज़र पीछे की और वो बोली कुछ नहीं और मैने उसकी सहमति..
समझते हुए उसकी पेटीकोट की डोरी खोजने लगा जो मुझे नहीं मिली और माय परेशां होते हुए यार ये डोरी वाली तुम पेटीकोट क्यों पहनती हो इलास्टिक वाली क्यों नहीं पहनती ये सुन के अनीता अपनी पेटीकोट की डोरी खोल दी जो सर सारा के उसके पैरो के पास गिर गई और पेटीकोट को गिरते hi अनीता स्माइल करते हुए सरे पेटीकोट डोरी वाले hi होते है सर लड़किया ऐसा hi पहनती है और इलास्टिक वाली बहुत जड़ी ढीली हो जाती है इस लिए डोरी सबसे बेस्ट ऑप्शन होता है इधर मैं पेटीकोट खुलते hi उसकी 40 साइज की गोरी गांड जो अभी पंतय के अंदर थी उसे घूरते हुए पंतय भी खींच के निकल दिया पीर माय जल्दी से अपना पंत शर्ट खोल के वह एक कील के ऊपर तंग दिया
अब माय पूरी तरह से नग्गा था और अभी मेरा मुसार तैयार नहीं था वो निचे की और घंटे की तरह इधर उधर लटक रहा था जिसे अपने हांथो से पकड़ के अनीता की गांड के पीछे से उसकी बुर के छेद पे लगा के धीरे धीरे घिसने लगा तो अनीता जो अभी सिर्फ ब्लाउज़ और हाई हील में मेरे सामने कड़ी थी वो अपनी गांड को थोड़ा उठा दी जिसकी वजह से मेरा मुसार उसकी भाठी जैसी गरम बुर में की छेद पे अचे से सेट हो गया और वो अपनी सर को घुमा के सर यहाँ कोई आ जायगा तो सब गड बाद हो जायगी अगर करना है तो चलो कही और लेकिन मेरा मूड आज इस मोल के तरय रूम में छोड़ने का हो रहा था इस लिए उसे चुप रहने को बोलै तो वो देवल को..
पकड़ के अपनी गांड को और पीछे कर दी और इधर मेरा मुसार अब तक एक दम तित हो गया तो माय निचे बैठ के अनीता की 40 साइज की गांड जो एक दम गोल मटोल थी उसकी दरार में अपना मु दाल दिया और अपनी बड़ी जीभ को निकल के कभी गांड की छेद को छत्ता तो कभी छूट की छेद को इस हमले को अनीता सहन नहीं कर प् रही थी उसे मेरी चटाई से खूब मज़ा मिल रहा था जिसका असर उसकी गरम छूट के अंदर हुआ और वो भल भला के मेरे मु में झरने लगी लेकिन माय रुका नहीं उसकी आखरी बून्द जब तक नहीं गिर गई तब तक माय अपना मु वह से नहीं हटाया जब वो एक दम संत हो गई तब माय वह से मु हटाया,
समझते हुए उसकी पेटीकोट की डोरी खोजने लगा जो मुझे नहीं मिली और माय परेशां होते हुए यार ये डोरी वाली तुम पेटीकोट क्यों पहनती हो इलास्टिक वाली क्यों नहीं पहनती ये सुन के अनीता अपनी पेटीकोट की डोरी खोल दी जो सर सारा के उसके पैरो के पास गिर गई और पेटीकोट को गिरते hi अनीता स्माइल करते हुए सरे पेटीकोट डोरी वाले hi होते है सर लड़किया ऐसा hi पहनती है और इलास्टिक वाली बहुत जड़ी ढीली हो जाती है इस लिए डोरी सबसे बेस्ट ऑप्शन होता है इधर मैं पेटीकोट खुलते hi उसकी 40 साइज की गोरी गांड जो अभी पंतय के अंदर थी उसे घूरते हुए पंतय भी खींच के निकल दिया पीर माय जल्दी से अपना पंत शर्ट खोल के वह एक कील के ऊपर तंग दिया
अब माय पूरी तरह से नग्गा था और अभी मेरा मुसार तैयार नहीं था वो निचे की और घंटे की तरह इधर उधर लटक रहा था जिसे अपने हांथो से पकड़ के अनीता की गांड के पीछे से उसकी बुर के छेद पे लगा के धीरे धीरे घिसने लगा तो अनीता जो अभी सिर्फ ब्लाउज़ और हाई हील में मेरे सामने कड़ी थी वो अपनी गांड को थोड़ा उठा दी जिसकी वजह से मेरा मुसार उसकी भाठी जैसी गरम बुर में की छेद पे अचे से सेट हो गया और वो अपनी सर को घुमा के सर यहाँ कोई आ जायगा तो सब गड बाद हो जायगी अगर करना है तो चलो कही और लेकिन मेरा मूड आज इस मोल के तरय रूम में छोड़ने का हो रहा था इस लिए उसे चुप रहने को बोलै तो वो देवल को..
पकड़ के अपनी गांड को और पीछे कर दी और इधर मेरा मुसार अब तक एक दम तित हो गया तो माय निचे बैठ के अनीता की 40 साइज की गांड जो एक दम गोल मटोल थी उसकी दरार में अपना मु दाल दिया और अपनी बड़ी जीभ को निकल के कभी गांड की छेद को छत्ता तो कभी छूट की छेद को इस हमले को अनीता सहन नहीं कर प् रही थी उसे मेरी चटाई से खूब मज़ा मिल रहा था जिसका असर उसकी गरम छूट के अंदर हुआ और वो भल भला के मेरे मु में झरने लगी लेकिन माय रुका नहीं उसकी आखरी बून्द जब तक नहीं गिर गई तब तक माय अपना मु वह से नहीं हटाया जब वो एक दम संत हो गई तब माय वह से मु हटाया,