ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 8 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस मैडोक्स को और शक्तिशाली बनाने का तरीका बताता है....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 66

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- ड्रीम लैंड

कौन हो TUM???????AUR......AUR ये कैसी जगह HAI?????AUR ये अभी क्या हुआ THA.....TUM अचानक कैसे मेरे सामने आ गए....??????

एक शक्श जो इस वक़्त एक बड़ी सी मगर खाली उजाले से भरी हुई ऑडिटोरियम जैसी जगह में खड़े थे........

अभी वो इस जगह को समझने की कोशिश कर hi रहे थे की उनके सामने उस रौशनी सी भरी जगह के बीच और रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से एक दूसरे शक्श बाहर आये.....

जिससे देखकर पहले वाले शक्श शॉक हो गए और सवाल पूछ baithe.....koi यूँ अचानक रौशनी के बीच से प्रकट हो तोह ये एक आम इंसान के लिए तोह ये शॉकिंग बात hi होगी ना!!!!!

2ंद पर्सन- इतना शॉक होने की ज़रुरत नहीं hai.......aap इस वक़्त स्वप्न देख रहे hain......ye जो भी हो रहा है वो आपके नींद में हो रहा है......

1सत- tabhi........par सपने में भी ऐसा कुछ तोह मैंने कभी नहीं देखा जिसमे कोई मुझे ये बता रहा हो की आप सपने में हैं.....

2ंद- वो इसीलिए क्यूंकि आप सपने में hain,mai नहीं....

1सत- मतलब!!!!!!!!

2ंद- मतलब ये की ये जगह जिसमे हम दोनों इस वक़्त खड़े hain,wo मैंने रची hai......maine hi आपके दिमाग में इस सपने को बना है......

ये भले hi एक सपना hai,par जो बात हमारे बीच हो रही hai,wo सच है........

2ंद- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है????????

1सत- आ जाएगी.......

पहला शक्श दूसरे शख्श के पास गया और उसके सर पर हाथ rakha.......pehle शक्श को अपने दिमाग में आज उसके सोने के बाद क्या हुआ वो सब दिखने लगा.......

उसके सोने के बाद एक रौशनी उसके माथे के बीचो बीच लगी और उसके अंदर चली गयी...

और उसके दिमाग के अंदर घुसते hi वो रौशनी फैले गयी और अगले hi पल इस जगह का निर्माण हो गया जहाँ ये दोनों खड़े थे....

जगह के बनते hi पहला शक्श अचानक वहां प्रकट हुआ और उसके बाद का तोह वो और आप दोनों जानते hi हैं........

सारे पिक्टुरेस दिखने के बाद सेकंड शक्श ने अपना हाथ हटा लिया.............

जो भी अपने दिमाग में dikha,usse देखकर 1सत शक्श काफी शॉक हो गए......

1सत शक्श- आप कौन हैं??????

2ंद शक्श- एक अपराधी........

1सत- मतलब?????

2ंद- मई वो हूँ जो ये जानते हुए भी की क्या हो सकता है कुछ भी नहीं कर सकता....

1सत- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है!!!!!!!

2ंद शक्श के चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान आ gayi.usne एक बार फिरसे पहले शक्श के सर पर हाथ रख दिया.......

1सत शक्श की आँखें बंद हो गयी और उससे वो सब कुछ दिखने लगा जिसके बारे में 2ंद शक्श कह रहा था.

इतना hi नहीं जो कुछ हो चूका था और जिस कारण से हुआ था वो सब भी उसके बंद आँखों के आगे घूमने लगा.....

सपने में होने के बावजूद उस शख्स की आँखों में आंसू आ gaye.ye आंसू सिर्फ सपने में hi नहीं निकले the,wo शक्श जो असल में सोया हुआ tha,uske नींद से बंद हो चुकी आँखों के किनारों से भी आसूं निकलने लगे.......

सब कुछ दिखा देने के बाद 2ंद शक्श ने अपना हाथ हटा लिया............

1सत शक्श- अब मुझे खुद भी जीने की कोई ख्वाहिश नहीं है........

2ंद शक्श- बात ख्वाहिश की nahi,sahi और गलत की है.....

1सत शक्श- फिर आप कुछ कर क्यों नहीं रहे??????

2ंद- इसीलिए तोह मई अपराधी हूँ........

1सत - क्या मुझे कारण जानने का भी हक़ नहीं है????

2ंद- अगर आपके पास एक को बचने का मौका हो पर उसके लिए आपको करोड़ों की जान मुश्किल में डालनी पद जाए तोह आप क्या करेंगे????

1सत- एक के लिए करोड़ों की जान को खतरे में कैसे डाला जा सकता है?????

2ंद- आप वही एक हैं.................

1सत शक्श 2ंद शक्श की बात सुनकर चौंक गया......

पर फिर उसके चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान आ गयी.....

1सत- मुझे आपके कहने का मतलब तोह समझ नहीं आया पर आपकी आँखों में मुझे सच दीखता है.....

मुझे अपने मरने का गम नहीं है बल्कि इस बात की ख़ुशी है मेरी मरने से और लोगों की जान बच जायेगी.............

2ंद- आपकी इसी सोच की वजह से हेवन में आपको स्वर्ग वासिओं में सबसे सामनिया स्थान मिलेगा..........

2ंद शक्श ने एक बार 1सत शक्श के पेअर छुए और गायब हो गया...........

2ंद शक्श के गायब होते hi वो जगह भी गायब हो गयी और जो शक्श ये सपना देख रहा tha,uski आँखें खुल गयी..

पहले तोह उससे कुछ समझ नहीं आया फिर उसने अपने आखों के निचे छुआ जहाँ पर उसके सूखे हुए आसुओं की परत अब भी मौजूद थीईई....

कुछ वक़्त लगा पर फिर उस शक्श को समझ आ गया की उसने सपना ज़रूर देखा tha,par ये पहला सपना था जिसमे हक़ीक़त से ज़्यादा सच छुपा हुआ था...

उस शक्श के आँखों में एक बार फिर से आंसूं आ गए पर ये आंसूं बोहोत रेयर the,kyunki इनमे दर्द और ख़ुशी दोनों के पानी मिले हुए थे.....

इस वक़्त सुबह के 4 बज रहे the.raat को वो शक्श काफी लेट सोये थे और आज उनकी नींद जल्दी खुल गयी थी फिर भी उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने इस पूरी ज़िन्दगी की नींद पूरी कर ली है.....

वो फटाफट उठे और उन्होंने स्नान liya.unka मन कुछ व्याकुल हो रहा था....

होता भी क्यों naa,jis इंसान को ये पता हो की उसकी आखरी घडी आ गयी hai,uska मन तोह परेशां होगा hi ना.

तैयार होकर वो शक्श पूजा घर में भगवन की मूरत के सामने बैठ गए और भगवन से आने वाली घडी को जल्दी से आकर बीत जाने की प्रार्थना करने लगे...............

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

कहाँ है यार tu...????????kab से कॉल कर रहे हैं तुझे और तू है की फ़ोन hi नहीं उठा रहा????????

आज संडे hai...breakfast करके मई अपने रूम में लेता कुछ सोच रहा था.....

सुबह से hi मेरे चारों फ्रेंड्स का फ़ोन आ रहा था पर आज मुझे किसीसे भी बात करने का मन नहीं कर रहा था इसीलिए मैंने किसीका फ़ोन नहीं उठाया...

मई- वो थोड़ा बिजी था यार.......

अंजलि और रोनित ने मेरे चेहरे को अभी तक ध्यान से नहीं देखा tha,par मेरी बात में छुपी उदासी को दोनों भांप गए और मेरे चेहरे को ध्यान से देखने लगे....

उन्हें मेरे चेहरे पर भी वही उदासी दिखी जो मेरे बातों में थी.....

अंजलि और रोनित दोनों मेरे एक एक साइड बैठ गए...

अंजलि- क्या हुआ V.J......?????

मई- कुछ भी तोह नहीं...

मेरी आवाज़ अभी भी काफी लौ थी......

रोनित- देख bhai,tere जैसी गहराई की पूँछ पकड़के बातों के अंदर से बात निकलकर बोलने का हुनर न मुझे आता है और नाही अंजू को..

बस इतना बोल सकता हूँ की हम दोनों hi तुझे उदास नहीं देख sakte...toh जो भी बात hai,wo सच सच बता दे....

अंजलि- माना की हम तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,taakat तोह दूर की बात hai,hum तोह तेरे सामने कुछ भी नहीं hain,fir भी शायद तेरी प्रॉब्लम से लड़ने में तेरी कोई हेल्प कर दें......

अंजलि और रोनित की बात सुन मैंने एक बार दोनों को गौर से देखा फिर एक गहरी सांस छोड़ी.......

मई- और अगर मई कहूं की मेरी प्रॉब्लम मेरी ताकत hi है तोह!!!!!!

अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर चौंक गए....

दोनों- मतलब!!!!!!!!!

मई- yaar,pehle कितना सही था naa.......hum तीनो कितनी मस्ती किया करते थे..

रोनित- तोह साले अब क्या बदल गया hai!!!!ab भी तोह हम कितनी मस्ती करते हैं.....

मई- बदल तोह गया है मेरे dost..meri haqiqat,mera अस्तित्व बदल गया hai..pehle मई सिर्फ जयराज सिंह और मीनाक्षी सिंह का बीटा tha......aur अब................

ANJALI-GOD का बीटा hai.......toh ये तोह अछि बात है ना!!!!

ACCHI!!!!!waise तोह हम सभी गॉड के बच्चे हैं पर इस पुरे यूनिवर्स में तू अकेला hi है जसिके पास इस बात का कॉपीराइट भी है........

मई- दूसरा........

दोनों- मतलब!!!!!!

मई- मई गॉड का दूसरा बीटा हूँ.....

मैंने वैसे तोह अंजलि और रोनित को अपने बारे में लगभग सब कुछ बता दिया था पर अपने भाई ास्मोडियस के बारे में नहीं बताया था........

इधर अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर शॉकेड हो गए....

अंजलि- तोह पहला बीटा कौन है....?????

मई- काली शक्तियों का maalik......ASMODEUS...............

रोनित- नाम तोह बड़ा कूल hai......ASMODEUS........

रोनित की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया......

अंजलि- अब्बे है क्यों रहा है???????

मई- तू पहला बाँदा है जिसने ास्मोडियस की तारीफ़ की है.......

रोनित- मतलब!!!!!

मई- तूने मेरी बात ध्यान से नहीं suni...maine कहा की वो काली शक्तियों का मालिक hai.is ब्रम्हांड में जितनी भी चीज़े गलत hain,sabke पीछे उसी का हाथ है....

करोड़ों लोगों को मारा है usne.....har काली और गलत चीज़ से शक्ति मिलती है उससे.....

अंजलि- तोह गॉड उसको पुनीश क्यों नहीं करते?????

मई- वो और mai,dono hi उनके ऊर्जा से बने hain......hume वो मार नहीं sakte?????sirf हम दोनों hi एक दूसरे को मार सकते हैं.....

रोनित- पता hai,bachpan से hi तू हर चीज़ में आगे रहा hai....haalaki मुझे तेरी हर जीत पे बोहोत ख़ुशी मिलती थी पर मई

हमेशा सोचता था की एक बाँदा हर चीज़ में आगे कैसे हो सकता hai!!!!!!mujhe हमेशा से लगा था की तू किसी ख़ास मकसद को पूरा करने के लिए hi जन्मा है.......

फिर एक दिन मुझे पता चला की तू मैजिक भी कर सकता hai.....ek नया jhatka.par इस झटके के साथ साथ मेरी शक की तू ख़ास है यकीं में बदल गया...

पर त्रिअनिन्ग के वक़्त जब हमारे तीनो गुरुओं ने हमें तेरी पूरी असलियत बताई तोह पहले तोह हमे यकीं नहीं hua,par फिर मैंने तेरी aadatein,itna टैलेंटेड होने के बावजूद तेरा ग्राउंडेड hona,itna ज़्यादा हैंडसम होने पर भी कभी किसी लड़की की तरफ आँख उठाकर नहीं dekhna,ye साड़ी बातों पर मेरा ध्यान जाते hi मुझे उनकी बातों पर यकीं होने लगा......

अंजलि- मुझे भी शुरू में डाउट tha,par जब ट्रेनिंग के दौरान हमने अद्भुद चीज़े देखीं और सीखीं तोह मुझे भी इस बात पर यकीं होने लगा.....

और आज तेरे भाई के बारे में सुनकर ये पक्का हो गया की ईश्वर ने तुझे hi क्यों चुना है उससे लड़कर उससे ख़त्म करने के लिए.......

मई- यही सब तोह मई नहीं चाहता hun......yaar,mai एक नार्मल ज़िन्दगी चाहता hun,jaise पहले thi...hard वर्क करके अछि पोजीशन लेकर पास hona,chuttiyon में जादू से नहीं बल्कि फ्लाइट की टिकट लेकर यहाँ वहां घूमने jaana,bade होकर डैड को उनके काम से छुट्टी dena,mom dad,naana,naani इन सब की खूब सेवा karna,in शार्ट वो सब करना जो एक आम बाँदा करता है...

मई ऐसी लाइफ चाहता हूँ yaar.....ye लार्ड ऑफ़ एंजेल बनाना जिसकी वजह से हर कोई मेरे आगे झुके और जो न झुके वो मुझे मारने की कोशिश kare,aur इस चक्कर में खुद hi मारा jaaye,ye सो कॉल्ड सुपरनैचरल लाइफ मुझे नहीं चाहिए....

रोनित- हर कोई इस तरह की पावर्स का भूका होता hai,aur एक तू है जिससे ये सब नहीं chahiye,shayad इसीलिए तू वो है जो है.....

मई- bhai,har चमकती चीज़ सोना नहीं hoti......itne पावर्स होने के बावजूद मुझे कभी कभी ऐसे फैसले लेने पड़ते hain,jisse मेरी आत्मा तक चली हो जाती है...

दिल में इतनी बेचैनी होती है की लगता है सब कुछ अभी ख़त्म हो जाएगा.....

जब आपके दिमाग में पुरे यूनिवर्स का नक्शा चप्पा ho,aapko सबके dukh,unke दर्द दीखते hon,aapke पास पावर्स भी हों जिससे आप उन्हें उनके तकलीफ से मुक्ति दिला सकते hain,iske बावजूद आपके हाथ बंधे हैं.

आप चाहकर भी कुछ नहीं कर sakte.us वक़्त कैसा लगता है ये तुम दोनों इमेजिन भी नहीं कर सकते......

रोनित- याद hai,ek वक़्त था जब तू हमेशा परबलेस में बात किया करता tha.school में जब कभी मई चीटिंग करता था तोह तुझे पता चल जाता था......

और हमेशा मुझे तेरी दांत सुन्नी पड़ती thi..tu हमेशा कहता था की स्मूथ रोड्स नेवर मेक गुड ड्राइवर्स & तेरे इस NO शॉर्टकट तो सक्सेस.

अचे रास्ते कभी अचे ड्राइवर्स नहीं बना सकते और कामियाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता.......

और जब मैंने तुझसे इन दोनों परबलेस का मतलब पूछा तोह तूने कहा था की.....

म्हणत kar......ho सकता है की जिस वक़्त तू हार्ड वर्क कर रहा hoga,padh रहा होगा तोह बाकी चीज़ें जिनमे तू दिलचस्पी लेता hai,wo पीछे छूट jaayen.tu कुछ वक़्त तक अपनी मन पसंद चीज़े ना कर पाए....

पर जिस दिन तेरा रिजल्ट niklega,tu उस रिजल्ट को लेकर अपने माँ डैड के सामने jaayega,aur जब तेरे अचे रिजल्ट को देखकर तेरे पेरेंट्स की आँखों में ख़ुशी की चमक आएगी naa,toh तेरे मन में एक ऐसी ख़ुशी की लेहेर उठेगी जो तुझे उठाकर सीधे सातवे आसमान में बैठा देगी........

मुझे ज्ञान और त्याग का पाठ padhaake,tu खुद hi भूल गया....

आज तू भी मेरी hi तरह डिमांड्स कर रहा hai....normal life,mom डैड की सेवा karna,ye तोह तू अब भी कर सकता है पर जो ज़िम्मेदारी तुझे मिली है अगर तू उसपे खरा उतर गया तोह सोच कितने माँ डैड के बचे पाप के रास्ते को छोड़ सही रास्ते पर चलने लगेंगे..

तेरी जो इंसानो वाली िचायें जाग रही है naa,tere त्याग से नजाने कितने भटके हुए लड़के लड़कियां सुधर कर अपने माँ डैड की सेवा करेंगे......

रोनित की बातें सुनकर अंजलि को आज अपनी चॉइस पर गर्व हो रहा था...

वहीँ मेरे लिए एक बात आज क्लियर हो गयी thi,ki गॉड ने चुन चुन कर लोगों को मेरी ज़िन्दगी में भेजा है....

अगर ऐसे दोस्त हो naa,toh एक kya,mai 100 ास्मोडियस से भीड़ jaaunga......haalaki इसमें मेरा hi नुक्सान तय hai,pelayi भी मेरी hi होनी hai,par साला फिर भी भीड़ तोह जाऊंगा......

मई- तू कब बड़ा हो गया be?????tujhe इतनी इंटेलीजेंट और इंटेलेक्चुअल बातें सूट नहीं करती....

वैसे तेरी इस स्पीच का असर मुझसे ज़्यादा किसी और पर हुआ है....

मेरी बात सुनकर जब रोनित ने अंजलि की तरफ dekha,toh अंजलि शर्मा गयी.....

मई-

नजाने मेरा दोस्त ये

कैसे सेहत है???

तेरा ये शर्माना तोह बिन

छुए hi क़त्ल कर देता है.....

वाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.......

ये आवाज़ हम तीनो ने नहीं सामने से आ रही शनाया के मुँह से निकली thi....SHANAYA के पीछे पीछे hi अवंतिका ने भी एंर्टी मारी......

शनाया- किस बात पर शायरी हो रही hai???hame भी बताओ........

मई- बस किसीके हुस्न के कसीदे पढ़े तोह वो शर्मा गया......

शनाया- किसके???

अवंतिका- तू भी naa,ek नंबर की डुबो hai......in तीनो में हुस्न शब्द किसपे एप्लीकेबल होता hai....???ANJALI par.....toh उसी के लिए बोलै होगा ना.....

शनाया- haan,ye भी hai.but थिस नॉट fair...ANJALI रोनित की g.f है तोह शायरी भी रोनित को करनी चाहिए ना..

रोनित- अगर मैंने शायरी की तोह अभी के अभी हमारा ब्रेकअप हो jaayega.....isiliye मेरी तरफ से मेरा भाई बोल देता है.....

रोनित की बात सुनकर हम सब है दिए.....

अंजलि- तोह chalen,kahin घूम कर आते हैं.....

MAI-haan चलो फिर...

हम सब बहार की ततफ निकल gaye..RONIT,ANJALI और शनाया आगे आगे चल रहे the,AVANTIKA जानबूझ कर कुछ धीरे चल रही थी......

अवंतिका- एक बात पूछूं?????

जैसे hi तीनो हमसे थोड़ा आगे चले गए तोह अवंतिका ने मुझसे पूछा....???

मई- पहले मई पूछूंगा....???????

तुम्हारा हक़ीक़त और सपना एक हुआ?????

अवंतिका मन में- हो गया है पर तुम्हे अभी बता नहीं सकती पर बताउंगी ज़रूर एक दिन.........

अवंतिका- वो सब बाद में पहले ये बताओ की आज तुम्हारी आँखें कुछ उदास सी लग रही hai,aisa क्यों??????

मई अवंतिका की बात सुनकर रूक गया..

अवंतिका भी रूक गयी और मेरी आँखों में देखने लगी.......

मई- फिर कभी बताऊंगा......

अवंतिका- कब??????

मई- एक दिन......

प्लेनेट मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

तोह तुम तैयार हो?????

मैडोक्स- जी बिलकुल.......

ास्मोडियस- एक बार फिर से सोच lo....kyunki एक बार तुमने ट्रांस पूल के पानी के एक बूँद भी पि liya,toh तुम पीछे नहीं हैट सकते.....

उसके बाद तुम्हारे पास सिर्फ वही दो ओप्तिओंस होंगे जिनके बारे में मैंने तुम्हे कल बताया था.....

दर्द.......

त्याग......

मैडोक्स- मई दोनों के लिए तैयार हूँ.....

मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस मुस्कुराया.......

ास्मोडियस- ठीक है fir..taiyar हो जाओ...

ास्मोडियस ने अपना एक हाथ आगे kiya..uske हाथ के ऊपर एक बड़ा सा कटोरा आ गया जिसमे पानी भरा हुआ था......

ास्मोडियस- यही है उस ट्रांस पूल का पानी.........

ास्मोडियस ने अपने दूसरे हाथ की एक ऊँगली उस पानी कटोरे के अंदर daali,ASMODEUS के ऊँगली से वाइट रे निकली और उस पानी में मिलती चली गयी.....

ास्मोडियस- अब तुम इससे पी सकते हो किन्तु याद rahe,isse तुम्हे एक एक गूँथ करके पीना है...........

मैडोक्स ने हाँ में अपनी गर्दन हिलायी...

ास्मोडियस ने अपने हाथ मैडोक्स के तरफ कर diye.wo कटोरा ास्मोडियस के हाथों से उड़ता हुआ निकला और मैडोक्स के हाथों में पहुँच गया...

मैडोक्स ने एक लम्बी सांस खींची और उस कटोरे को अपने होंठों से लगाकर जैसे hi पानी का एक घूँट लिया.........

aaahhhhhhhhh.....ahhhhhhh.ahhhhhhhhh....

मैडोक्स के हाथ से कटोरा छूट गया पैट कटोरा गिरा नहीं और नाही उसके अंदर का पानी ज़रा भी छलका.......

ास्मोडियस ने उससे गिरने से रोक दिया था और खड़े खड़े मुस्कुरा रहा था...

वहीँ मैडोक्स की हालत बोहोत ज़्यादा ख़राब थी..............

उसने अपने गले को खुद दबाया हुआ था और ज़मीं में लोट रहा था या यूँ कहूं दर्द के मारे चटपटा रहा था....

उसके मुँह से कारण भेदी चीखें निकल रही थी...

कुछ देर तक ऐसा hi होता रहा फिर धीरे धीरे मैडोक्स का दर्द काम होने लगा और कुछ hi समय में ठीक हो गया.

ये उस वाइट एनर्जी का कमाल था जिसकी वजह से मैडोक्स अभी तक ज़िंदा था......

ास्मोडियस- lo,piyo.........

मैडोक्स के दर्द काम होते hi ास्मोडियस ने उसकी तरफ वो प्याला फिर से बढ़ा दिया.....

मैडोक्स- nahi.nahi......mai और नहीं पी sakta..............isse पैदा होने वाली जलन असहनीय है....

मौत से भी बदतर है इसकी पीड़ा........

ास्मोडियस- तुम पीछे नहीं हैट सकते MADDOX.maine पहले hi कहा tha,agar तुमने एक बार इस पानी को पीना शुरू किया तोह तुम्हे इससे पूरा पीना पड़ेगा.........

मैडोक्स- पर मई इससे नहीं पी sakta..haan,yaad aaya,aapne एक और विकल्प भी तोह दिया tha..TYAAG......wo क्या है बता dijiye.DARD से तोह त्याग hi ठीक होगा.....

मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस की मुस्कान और गहरी हो गयी....

ास्मोडियस- जैसी तुम्हारी इच्छा....

और फिर जैसे hi ास्मोडियस ने मैडोक्स को त्याग के बारे में bataya,MADDOX की आँखें हैरत से फैले गयी......

MADDOX-ye आप क्या कह रहे hain.mai ये नहीं कर सकता....

ास्मोडियस- तुम्हारे पास तीसरा विकल्प नहीं है bacche..ab मर्ज़ी तुम्हारी hai......aur तुम्हे अपना फैसला जल्दी लेना होगा...

वर्ण जो पानी तुमने अभी पिया hai,wo तुम्हारे गले को फाड़ देगा........

मैडोक्स ास्मोडियस की बात सुनकर दर gaya....dard वो सेह नहीं पा रहा था और त्याग इतना बड़ा था जिससे वो देना नहीं चाहता था.......

मैडोक्स के एक बार फिरसे पानी को पीने का विकल्प चुना पर ये विकल्प उसपे और भारी पड़ा...

पानी को पीते hi इस बार जो दर्द उसके गले में hua,wo पिछले बार के मुकाबले डबल था........

मैडोक्स काफी देर तक अपने गले को पकड़ कर नीचे ज़मीं पर छटपटाता रहा फिर जब उससे कुछ रहत मिली तोह.........

मैडोक्स- TYAGGG....mai त्याग के लिए तैयार हूँ....

मैडोक्स उस पानी से होने वाले दर्द से इतना दर गया था की उसका विवेक ने काम करना बंद कर दिया tha.......usne चिल्ला चिल्लाकर त्याग का विकल्प चुना..........

त्याग कहते hi उसके गले का जलन ख़त्म हो गया......

वहीँ ास्मोडियस की गहरी मुस्कान और गहरी हो गयी मानो वो इसी पल का इंतज़ार कर रहा था...

ास्मोडियस ने ऊपर देखा और अगले पल उसके चेहरे पर एक खिल्ली उड़ाने वाली मुस्कान थी....

ास्मोडियस मन में- इनके लिए आपने मुझे छोड़ा था...........

ास्मोडियस ने अपने हाथ आगे किये और अगले hi पल वहां कोई प्रकट हुआ.........

और जो प्रकट हुआ tha,wo भी अपने आप को यूँ अचानक किसी दूसरी जगह पर देख कर चौंका था.....

पर फिर ासाहनक उस इंसान की नज़र मैडोक्स पर गयी और उससे अपने सुबह का सपना याद आ गया और सपना याद आते hi उसके चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान थी....

3रद पर्सन- देख क्या रहे ho????jo करने के लिए मुझे यहाँ बुलाया hai,wo करो और मुझे भी इस जीवन से मुक्ति दो......

मैडोक्स- मई मजबूर हूँ मममममम.......

जी हाँ doston,ye शक्श और कोई नहीं मैडोक्स की माँ thi..ek साफ़ suthri,bhagwaan में आस्था रखने वाली mahila.........ek मात्र इंसान जो की मैडोक्स का अपना है, करीब है और सबसे important,SACCHA है....

और यही है TYAAG........MADDOX को अपनी माँ के खून को उस पानी में मिला कर पीना hoga,isse उस पानी से हो रहे जलन से मैडोक्स को मुक्ति मिल जायेगी.....

ये बात आज सपने में मैडोक्स की माँ देख चुकी थी इसीलिए वो बिलकुल भी सुरप्रीसेड नहीं हुई...........

ास्मोडियस- लगता है मेरे भाई से बात करके आपका मनोबल काफी बढ़ गया है तभी आपके चेहरे पर बिलकुल भी दर्द नहीं है....

जी हाँ doston,jo शक्श मैडोक्स की माँ के सपने में आया tha,wo और कोई नहीं अपना हीरो विक्रम था......

मैडोक्स- आपका भाई????

ास्मोडियस- जान jaaoge.abhi उसमे वक़्त hai.....filhal इन्हे जिस कारण से बुलाया hai,wo तोह पूरा करो.........

ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे kiya,agle hi पल उसके हाथों में एक चमचमाती तलवार थी..........

ास्मोडियस ने तलवार मैडोक्स के सामने कर दी....

मैडोक्स ने थरथराते हाथों से उस तलवार को पकड़ा...

मैडोक्स की माँ तोह बस उसी फीकी मुस्कान के साथ बिना डरे एक तक मैडोक्स को देख रही थी.......

मैडोक्स ने दो तीन बार तलवार उठायी पर अपनी माँ पर वार नहीं कर पाया......

ास्मोडियस- तुम रहने do.tumse नहीं hoga.tumhare लिए दर्द का विकल्प hi ठीक hai....aur जैसे hi ास्मोडियस ने ट्रांस पूल के पानी का प्याला मैडोक्स के आगे किया मैडोक्स इतना दर गया की

सुभहहहह..................

मैडोक्स की तलवार अपने आप चल गयी और अगले hi पल उसकी माँ का सर ज़मीं पर पड़ा था......

मैडोक्स पथराई आँखों से अपनी माँ के कटे सर को देख रहा था.......

ास्मोडियस- जड़ली से इस पानी में अपनी माँ के खून milaao,kahin खून सुख ना जाये...

मैडोक्स ने थके हाथों से प्याला उठाया और अपनी माँ के खून को पानी में मिलाने लगा..

कहते हैं की मोनलिसा की पेंटिंग में मोनालिसा जिस तरीके से मुस्कुरा रही hai,us मुस्कराहट में इंसान के दिल के सारे भाव दीखते हैं..

मैडोक्स को अपनी माँ के खून को भरते हुए देख वैसी hi कुछ मुस्कानें इस वक़्त ास्मोडियस के चेहरे पर थी...........

कुछ hi देर में मैडोक्स ने पानी में खून को अछि मात्रा में मिला दिया था.....

ास्मोडियस- पी जाओ.......

मैडोक्स ने पानी का एक सिप liya.is बार उससे बिलकुल भी दर्द नहीं hua.dheere धीरे करके मैडोक्स ने पूरा प्याला ख़त्म कर दिया.....

अब मैडोक्स को अपने अंदर पहले से 10 गुना ज़्यादा शक्ति महसूस हो रही थी.....

ास्मोडियस- शक्ति के मिलने से ज़्यादा ज़रूरी है उससे कण्ट्रोल करना आना.........

तुम............................

ास्मोडियस ने मैडोक्स को कुछ निर्देश दिए......

मैडोक्स ने अपनी माँ के शव और सर को उठाया और ास्मोडियस के आगे झुककर गायब हो गया........

मुबारक हो .......................अपने नाम को एक अलग मुकाम की तरफ ले जा रहे हो तुम........

अभी मैडोक्स गायब हुआ hi था की इतने में ास्मोडियस के कानो में ये आवाज़ पड़ी जिससे सुनकर ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी..........

ास्मोडियस- पहली बार अपने बड़े भाई से बात कर रहे ho,aur उसपर भी ताना मार रहे ho.....ye तोह गलत बात है................

जी हाँ doston,ye आवाज़ और किसी की नहीं हममरे हीरो विक्रम की है....

मई- रिश्तों का lihaz!!!!!...........haan,tumse बेहतर ये और कौन jaanega,abhi अभी एक बेटे के हाथों उसकी माँ को मरवा जो दिया तुमने.....

मेरी बात सुनकर ास्मोडियस को ग़ुस्सा आ गया......

ास्मोडियस- beta!!!!!!kaisa beta?????jo सिर्फ शक्ति पाने के जूनून में अपनी माँ को मार de,wo........

मैंने उससे विकल्प दिया tha,agar वो चाहता तोह त्याग के बदले दर्द को चुन सकता tha....par उसने क्या किया?????

थोड़ा सा दर्द भी नहीं झेल saka.....aur इस बात के लिए तुम मुझे कुसूरवार ठहरे रहे हो???????

और क्यों न thehrao...tumme भी तोह हमारे पापा के hi गुण है naa.bhale hi इंसान कितने hi कमीने और घटिया क्यों ना hon,par गलत हमेशा मई hi रहता हूँ....

मई- गलत और सही का निर्णय लेने वाले तुम कौन होते ho?????apne हिसाब से नियम और क़ानून बनाने वाले तुम कौन होते हो????

मैडोक्स तोह तुम को जानता भी नहीं tha..ye तुम थे जिसने उससे यहाँ bulaya,apni ताकत दिखा उसके अंदर छुपे ताकत की भूक को बाहर nikala.fir उससे तरीका बताया की ताकत कैसे हासिल की जाए...

एक ऐसा तरीका जिसमे तुम अछि तरीके से जानते थे की आखिर में क्या hoga????jab कल तुमने मैडोक्स के सामने दो विकल्प rakhe,toh क्या तुमने उन विकल्पों का मतलब उससे samjhaya...nahi.....

तुम आज का वेट कर रहे थे ताकि पहले मैडोक्स वो पानी piye.usse होने वाले जलन को महसूस करे जिससे वो इतना दर जाए की त्याग उससे दर्द से छोटा लगे...

किसीके दिमाग को मणिपुलटे कर उससे भटकने वाले तुम कौन होते हो....?????

अगर पिताजी ने तुम्हे निकला hai,toh उसका कारण उनका इंसानो के प्रति प्रेम नहीं है बल्कि उसका कारण तुम्हारा इंसानो के प्रति नफरत है.....

एक ऐसी नफरत जिसके आगे तुम्हे कुछ भी नहीं dikhta..paap और पुण्य तुम्हे महज़ शब्द लगते हैं और कुछ नहीं....

ास्मोडियस- insaan!!!!!!apne मतलब के लिए किसी का भी गाला काटने से नहीं हिचकिचाने waale.....maasum लड़कियों का रपे करने waale.....bhagwan का नाम लेकर शैतान के काम करने waale...aise इंसानो से नफरत करना कहाँ से गलत है..... ????

मई- पाँचों उँगलियाँ बराबर नहीं होती bhai.....agar इंसानो में खामियां हैं तोह अच्छाइयां भी hai.par क्यूंकि तुम गलत ho,isiliye तुम्हे सिर्फ गलत चीज़े hi पहले दिखती हैं......

ास्मोडियस- ाचा मेरे एक सवाल का जवाब do...mai बुरा hun,chalo मान ली तुम्हारी baat.par तुम क्या हो????

तुमने भी तोह दिग्विजय को मारा है naa......aur उस दिन अवंतिका के दादाजी के भेजे गए लोगों को भी तुमने मारा था..

तोह मुझे ये बताओ की तुममे और मुझमे अंतर क्या है?????

मई- जब भी हम कुछ गलत लिखते hain,toh उससे मिटा देते हैं...

जिन लोगों को मैंने मारा वो भी गलत लिखाई जैसे hi the...aise लोग जिनके हाथ मासूमो के खून से रेंज हुए थे...

ऐसे लोगों को मारना गलत नहीं पुण्य का काम होता है क्यूंकि ऐसा करके आप नजाने कितने और मासूम लोगों को मरने से बचते हो......

तुम जानना चाहते हो ना की तुममे और मुझमे अंतर क्या है.......

मई तुम्हे एक नहीं 3 अंतर बताता हूँ...............

1सत- तुम में और मुझमे वही अंतर है जो अंतर नदी के पानी और समंदर के पानी के बीच होता है..

समंदर कितना hi विशाल क्यों ना ho,uske पानी को पिया नहीं जा सकता.....

और नदी का आकर कितना hi छोटा क्यों ना ho,pyaas उसी के पानी से भुजती है......

2ंद- तुममे और मुझमे वही अंतर है जो अंतर सर्दी की धुप और गर्मी की धुप के बीच होता है..

गर्मी की धुप से बदन जल जाता है वहीँ

सर्दी की धुप से शरीर को राहत मिलती है.....

और आखरी और सबसे बड़ा अंतर है........!!!!!!!!!!!

3रद- " नजरिया "

" ऐटिटूड "

आज के लिए इतना HI.......

आपका अपना V....J.....

 
बुरा क्यों लगेगा bhai,aapka ओपिनियन आप रख रहे gain,par बात ये है की इस स्टोरी की स्क्रिप्ट ऐसी नहीं है जिसमे ऐसा कुछ dikhe...waise भी अगर हीरो की दो बन्दियाँ होंगी तोह हेरोइन के भी दो बन्दे होने chahiyen...jab एक को लिबर्टी मिलेगी तोह दूसरे को क्यों nahi?????par यहाँ तोह मामला ुवार वाले के बेटे का hai.....aisa कुछ दिखाना उसके करैक्टर को नीचे करना hoga...i होप ु understand....aur haan,aaj अपडेट नहीं आ payega.sorry मई इन्फॉर्म करना भूल गया....
 
अब तक आपने पढ़ा की मैडोक्स अपनी माँ का बलिदान देता है वहीँ विक्रम और ास्मोडियस पहली बार एक दूसरे से बात करते हैं....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 67

PLANET-VRIHAKH

प्लेस- बैटल ग्राउंड

ये सब एक नशे की तरह hai........jitna भी कर lo,aur करने का मन करता है.......

सुबह का वक़्त hai.......AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर युद्ध अभ्यास कर रहे है...

एक्चुअली ये कहना ठीक रहेगा की तीनो पिछले 5 महीनो से लगातार दिन भर युद्ध अभ्यास कर रहे हैं वो भी बिना ब्रेक के.....

जब से विक्रम ने तीनो के ज्ञान चक्र की गति को बढ़ाया hai,in तीनो के दिमाग में लड़ने के और स्पेल्स को अलग अलग तरीके से बोलने और उसे में लाने का फितूर सा चा गया है...

और इसका कारण है हर हुनर को सीखने की gati.....teeno hi हर दाव को इतनी बखूबी से सिख कर अप्लाई कर रहे हैं की उनका इंटरेस्ट लेवल लगातार बढ़ता hi जा रहा है.....

और जैसे जैसे इनका इंटरेस्ट लेवल बढ़ रहा hai,inka ज्ञान चक्र इनके दिमाग में लड़ने के और स्पेल्स बोलने के नए नए आइडियाज दाल रहा है जिससे ये और जोश से प्रैक्टिस में ला रहे हैं.....

अभी का सन कुछ ऐसा है की शैला आग के अंदर पानी को मिलकर दोनों की शक्ति जोड़ने के स्पेल को परफेक्ट करने में लगी है....

हालांकि ये करना काफी कठिन hai,kyunki ऐसा सक्सेस्स्फुल्ली करने के लिए मंद को एक hi वक़्त में दो अलग हिस्सों में बाटना पढ़ता है..

एक हिस्से को आग की गर्मी को कण्ट्रोल करना होता है और उसी वक़्त दिमाग के दूसरे हिस्से को पानी की ठंडक को कण्ट्रोल करना होता है...

पर ध्यान चक्र के जागृत होने की वजह से शैला ने इस हुनर में 90 % तक कामियाबी पा ली थी और बचे 10% में मेहनत कर रही थी.....

वहीँ मोकलसर एक हाथ में तलवार और भाले दोनों को और उसी वक़्त दूसरे हाथ में धनुष बाण को एक साथ चलने की प्रैक्टिस कर रहे थे.....

मोकलसर के दोनों हाथ इतनी तेज़ी से चल रहे थे की उनकी कोई भी क्रिया और प्रतिक्रिया दिखाई hi नहीं दे रही थी........

और सबसे अनोखा अभ्यास इस वक़्त अक्षांत कर रहे the....AKSHAANT छोटे छोटे पथरो में अपने दोनों हाथ की ताकत को मिला कर उन्हें छत्तों पर फेक रहे थे..

अनोखी और चमत्कारिक बात ये थी की वो छोटे छोटे पत्थर उन बड़े बड़े चट्टानों को कागज़ की तरह चीरते हुए निकल जा रहे थे....

अक्षांत- सच कहा SHAILA.......pehle तोह मस्तिष्क में ऐसे ऐसे नए अभ्यास के उपाय आते हैं जिन्हे सोचकर लगता है की नहीं हो पायेगा..

पर जब उनका अभ्यास आरम्भ करते हैं तोह सब कुछ अपने आप होता चला जाता है...

जैसे hi उस नए अभ्यास में सफलता मिलती hai,mastishk एक नया अभ्यास तैयार कर देता है....

मोकलसर- और सबसे अजीब बात तोह ये है की हमारा शरीर भी किसी अभ्यास को करने के लिए मन नहीं करता....

हम पिछले 5 माह से लगातार बिना रुके हर दिन अभ्यास करते आ रहे hai,par हमारे शरीर पर इतने कठिन परिश्रम का एक भी चिन्ह नहीं दीखता....

शैला- haan.ye तोह hai.....par मेरे पास एक सुझाव है जिससे हम अपनी सीमाओं को चुनौती दे सकते हैं......

मोकलसर- matlab......kaisi चुनौती?????

शैला- हमारा शरीर इसीलिए नहीं थक रहा है क्यूंकि हमारा मष्तिष्क तरोताज़ा है....

हमने अभी तक जीतने भी अभ्यास किये hain,usse सोचने के लिए और हमे सीखने के लिए हमारे मस्तिष्क को ज़्यादा ज़ोर नहीं लगाना पड़ा है.....

अब ज़ोर hi नहीं लगेगा तोह हमारा मस्तिष्क ठगेगा नहीं और मस्तिष्क थकेगा नहीं तोह शरीर तारो ताज़ा hi रहेगा ना....

तोह क्यों ना हम अपने अभ्यास के चरण को एक पायदान ऊपर ले जाकर और कठिन बना दें..........

अक्षांत- kyun????tumhe ाचा नहीं लग रहा है क्या की हम थक नहीं रहे????

शैला- आसान चुनौतियों में क्या maza????kuch naya,kuch और कठिन करते है ना????

मोकलसर- hmm...toh ये भी लगे हाथ बता दो की तुमने सोचा क्या है?????

शैला- हम तीनो जोड़ी बनाकर तीसरे से युद्ध करेंगे......

मेरा मतलब पहले मई और अक्षांत तुम एक जोड़ी बनकर मोकलसर से लड़ेंगे...

हम तीनो के hi ज्ञान चक्र एक जितने hi खुले हैं....

हम दोनों जब एक साथ मोकलसर पर हुम्ला करेंगे तोह मोकलसर के मस्तिष्क को हम दोनों को हारने के लिए खुदको हम दोनों के मस्तिष्क से भी तेज़ चलना होगा......

फिर एक सत्र के अभ्यास के बाद तुम और मोकलर जोड़ी बन जाना और मेरे साथ युद्ध अभ्यास करना....

फिर अगले सत्र में मई और मोकलसर जोड़ी बन जाएंगे और तुमसे युद्ध करेंगे....

इससे हम और अधिक सशख्त और सक्सहम हो जाएंगे और साथ hi हमे हमारे मष्तिष्क की सीमाओं का भी ज्ञान हो जाएगा.........

मोकलसर- एक बार फिर से सोच lo,ye योजना जितनी सार्थक है उतनी hi खतरनाक भी है...

क्यूंकि हुम्ला करते वक़्त हमारी गति इतनी तेज़ होती है की हम खुद को अचानक रोक नहीं सकते.....

और इस योजना के हिसाब से तोह हम एक जोड़ी बनकर टस्सरे अकेले से लड़ेंगे....

उस वक़्त जो भी अकेला hoga,usse अकेले hi दोनों की गति की बराबरी करनी होगी जो बोहोत कठिन है.....

अगर कहीं कोई चूक हो गयी तोह जो अकेला लड़ रहा hoga,usse गंभीर छोटे भी आ सकती हैं........

शैला- यही तोह असली परीक्षा है जिसमे हमे उत्तीर्ण होना hai.........kyunki बाहर जो हमारे दुश्मन hai,wo बोहोत शक्तिशाली हैं....

उनका गाला काटने के लिए हमारे पास उनसे ज़्यादा taakat,tezi और अन्य भी बोहोत से हुनर की आवश्यकता पड़ेगी.......

अक्षांत- तुम्हारा इशारा निष्कलिका से है ना.......

शैला- haan,aur जब तक मई उसके घमंडी सर को उसके गर्दन से अलग नहीं कर deti,mere ह्रदय को चैन नहीं आएगा.........

अभी तक प्रतिशोध की ज्वाला तुम्हारे भीतर प्रज्वलित है शैला.....?????????

मुझे लगा हमारी पिछली मुलाकात के बाद मेरी शक्ति को देख ये आग ठंडी पद चुकी होगी...

पर देख रही हूँ की मई गलत THI...TUMHE अभी तक ये ग़लतफहमी है की तुम MUJHE,MOUT के देवी निष्कलिका को मार सकती हो....

ये आवाज़ भले hi मोकलसर और अक्षांत नहीं पहचान पाए hon,par शैला इस आवाज़ के मालिक को या यूँ कहूं इस आवाज़ की मालकिन को बोहोत अछि तरह पहचान गयी थी........

शैला- निष्कलिका...................

निष्कलिका- haan,NISHKALIKA.......par तुम मुझे अपनी मौत बुला सकती हो......

तीनो को बस निष्कलिका की आवाज़ hi सुनाई दे रही thi......unhe वो दिख नहीं रही थी....

की तभी...............

सुभहह.......

AKSHAANT-SHAILA.........

तंत्र...........

हुआ ये की शैला के पीठ की तरफ से एक भाला तेज़ गति से उसकी तरफ आया जिससे अक्षांत ने जो की हल्का टेढ़ा खड़ा था, उसने देख लिया....

और उसके मुँह से शैला नाम की चीख निकल गयी.......

पर शैला ये अछि तरीके से जानती थी की निष्कलिका कोई न कोई वार ज़रूर करेगी.....

और जैसे hi उसके पीछे की तरफ से भाला उसकी तरफ aaya,SHAILA की इन्द्रियों ने उससे वार्निंग दे di,aur अगले hi पल शैला के हाथों में एक तलवार चमकी...

शैला ने तेज़ी से पीछे की तरफ अपनी तलवार ghumayi...talwaar भाले की नुकीले भाग से टकराई और झिटक के दूर जा गिरी........

की तभी....................

सभी तरफ से एक साथ कई सारे हथियार प्रकट हुए और तीनो की तरफ तीव्र गति से बढे.......

अब तक अक्षांत और मोकलसर भी संभल चुके the.......dono के hi हाथों में अलग अलग हथियार आ गए....

और जैसे hi निष्कलिका के छोड़े गए हिथयार उनके करीब pahunche,dono के हाथ डबल स्पीड से घूमने lage,aur देखते hi देखते पास एक सेकंड में निष्कलिका के छोड़े गए सारे हथियार यहाँ वहां पड़े हुए थे......

अक्षांत और मोकलसर दोनों ने ये काम इतनी बखूबी से और इतनी तेज़ी से किया था की शैला को कुछ भी करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ी.......

और अगले hi पल तीनो के सामने निष्कलिका प्रकट हुई......

निष्कलिका- adhbhudh......kya बात hai???maza आ gaya.........tum तीनो की युद्ध शैली टफ काफी निखार गयी है........

वैसे तोह मई तुम तीनो को मारने आयी thi,par तुम तीनो के सामर्थ्य को देख कर मई बोहोत खुश हुई हूँ और इसलिए मई तुम्हे एक और मौका देती हूँ....

मेरी सेना में आ jao.mai तुम तीनो को अपना सेना प्रमुख बना dungi...yash और धन की वर्षा होगी तुम तीनो के ऊपर...

पूरा ब्रम्हांड तुम्हारे आगे jhukega.tumhe बस मेरे और मेरे डेविल लार्ड के आगे झुकना होगा.....

वहीँ निष्कलिका के सामने खड़े SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत तोह दूसरे hi ख्यालों में खोये हुए थे.....

उन्हें ये समझ नहीं आ रहा था की निष्कलिका ने उन्हें खोजै कैसे????

विक्रम की स्पेल की वजह से तीनो अपने सभी दुश्मनो की नज़र से बचे हुए the...par आज निष्कलिका ने उन्हें ढूंढ लिया था जो की उनके लिए काफी आश्चर्यजनक था......

निष्कलिका- इतना सोच क्यों रहे ho????meri बात मानना तुम्हारे लिए बोहोत फायदेमंद hoga.....mere शरण में आ जाओ और जिओ...........

अक्षांत- ऐसा कभी भी नहीं होगा NISHKALIKA.......hum मरना पसंद करेंगे पर तुम्हारे आगे झुकना नहीं......

मोकलसर- और हमे मारना तुम्हारे लिए इतना आसान नहीं hoga.abhi अभी तुमने खुद देखा है की हमने कितनी आसानी से तुम्हारे सारे वारों को काट दिया है...

निष्कलिका- hahahaha.........mere वार को तुम kaatoge........!!!!!!!galatfehmi है तुम्हारी....

और जिन वारों की बात तुम आकर रहे ho,wo तोह बस मेरे लिए मनोरंजन tha.agar तुमने मेरी बात नहीं मानी तोह तुम्हे निष्कलिका के वार कितने घातक होते hai,wo भी दिख जाएगा.........

इन सब बातों के बीच शैला जो की हमेशा से hi अग्ग्रेसिवे नेचर की रही hai,wo चुप कड़ी कुछ सोच रही थी....

शैला- तुमने हमे ढूंढा कैसे??????

यही वो सवाल था जिसके बारे में शैला अपने दिमाग में क़ाफीद ेर से गणित लगा रही थी.....

निष्कलिका- रहस्य सुलझम..........

ुनफोल्ड थे सीक्रेट.........

एक ऐसा स्पेल जो बोल तोह कोई भी सकता hai,par उपयोग सिर्फ वही कर सकता है जो अपने दुश्मनो को जिन्हे वो इस स्पेल के ज़रिये ढूंढ़ना चाहता hai,unse अधिक शक्तिशाली हो..........

निष्कलिका की बात सुनकर तीनो को न सिर्फ ये पता चला की निष्कलिका ने उन्हें कैसे dhunda,balki साथ में ये भी पता चल गया की वो तीनो मिलकर भी अभी तक निष्कलिका का सामना नहीं कर सकते............

अरे ये KYA....HUM???????????

निष्कलिका- hahahaha................tum गायब क्यों नहीं हो पा रहे ho,yahi पूछना चाहती हो ना?????

शैला को जैसे hi इस बात का एहसास हुआ की वो तीनो मिलकर भी निष्कलिका का सामना नहीं कर paayenge,toh उसने तीनो को अंतर्ध्यान करने की सोची...

पर चाह कर भी वो हो ऐसा कर नहीं पायी....

निष्कलिका- मैंने ये जगह बाँध दी hai.ab तुम तीनो कोई भी स्पेल का उपयोग नहीं कर सकते......

तुमने मेरा प्रस्ताव को ठुकराकर अपनी मौत को स्वयं आमंत्रण दिया hai...........toh अब मरने के लिए तैयार हो जाओ.......

निष्कलिका ने आसमान की तरफ देखा और अपने दोनों हाथ फैला दिए..

आकाश में काली बादल मंडराने लगे और कुछ hi पलों में पूरा आकाश बिजलियों के कड़कड़ाने से दहल उठा......

पर ये क्या???????!!!!!!!!!!

आकाश में अनेको बिजलियाँ उत्पन्न हो आरही thi...par कोई भी बिजली नीचे ज़मीं की तरफ नहीं गिर रही थी....

साड़ी बिजली वहीँ आकाश के बीच में एक जगह पर अपनी बिजली से उत्पन्न ऊर्जा को गिरा रहे थे.....

कुछ hi देर में इतने सारे बिजलियों के समागम से बानी ऊर्जा का साइज और पावर बोहोत बढ़ चूका था....

उस ऊर्जा में इतनी शक्ति थी की अगर वो ऊर्जा विरहक गृह में गिरती तोह पूरा गृह hi फैट जाता.....

इस बात का अंदेशा शैला के साथ साथ अक्षांत और मोकलसर को भी हो गया था की निष्कलिका सिर्फ उन तीनो को hi नहीं बल्कि उनके पुरे गृह को hi ख़त्म कर देना चाहती है.......

शैला- NISHKALIKA,agar तुम हम तीनो को मारना चाहती हो तोह बेशक मार do,par हमारे गृह ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है जो तुम इससे भी ख़त्म करना चाहती हो.....

तुम्हारे इस आक्रमण से हमारे गृह के करोड़ों बेकसूर लोग मारे जाएंगे....

निष्कलिका- जिस गृह ने तुम तीनो को छुपाने का दुस्साहस किया ho,usse सजा मिलनी hi चाहिए...

इस गृह के समूह विनाश से पुरे ब्रम्हांड में ये सन्देश जाएगा की निष्कलिका के सामने खड़े होने की गलती करने का क्या परिणाम होता है............

निष्कलिका ने अपने दोनों हाथ आकाश की तरफ किये जहाँ बिजली के द्वारा पैदा की गयी ऊर्जा एकत्रित हुई थी.....

निष्कलिका के अपनी तरफ पॉइंट करते hi वो ऊर्जा लाइट स्पीड से AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर की तरफ बढ़ी....

तीनो ने ऊपर वाले को याद कर अपनी आँखें बंद कर li....aisa नहीं था की तीनो को अपनी मौत को खुदसे देखने में दर लगता था पर वो अपने साथ साथ अपने गृह को खंडित होते हुए नहीं देख सकते थे.....

और अगले hi pal........BOOMMMMMM................

पर इतने खतरनाक प्रहार के बाद जो धमाके की आवाज़ aayi,wo इतनी भी तीव्र नहीं थी जितनी होनी चाहिए थी....

पर haan,us धमाके की वजह से चारों तरफ धुआं ज़रूर फैले गया था....

ारी ये KYA???????ASAMBHAV........

निष्कलिका कड़ी ऊपर आकाश के बीच कड़ी मुस्कुरा रही थी पर उसकी ये मुस्कराहट ज़्यादा देर तक नहीं तिकी....

जैसे hi धुआं छठा तोह जो नज़ारा सामने आया उससे देखकर निष्कलिका को भी बिजली के जैसा hi झटका लगा......

गृह तोह दूर की बात hai,jis बैटल ग्राउंड में SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर खड़े the,usse भी कुछ नहीं हुआ था..

और रही बात उन तीनो की तोह वो तोह खड़े खड़े मुस्कुरा रहे थे....

निष्कलिका- ऐसा कैसे हो सकता है?????

आवाज़- जाको राखे SAAIYAN,MAAR सके न कोई..........

जिसकी हिफाज़त खुदा करते HAIN,USSE कोई नहीं मार सकता..........

आवाज़ को सुन निष्कलिका का दिमाग घूम gaya.....ye वही आवाज़ थी जिसने ग्लूटो में भी इन तीनो को बचाया था...

निष्कलिका- आखिर कौन हो tum?????.....kyun बार बार मेरे काम में बाधा डालते हो....???

आवाज़- जिससे तुम बाधा कह रही ho,usse अत्याचार कहते hai..aur रही बात की मई कौन hun,toh जिस तरह तुमने इन तीनो का पता lagaya,waise hi मुझे भी ढूंढ लो.....

निष्कलिका स्पेल बोलने जा hi रही थी की उससे लार्ड ऑफ़ डेविल की बात याद आ गयी...

निष्कलिका- मन तोह मेरा भी बोहोत है की तुझे बेनकाब कर खुद अपने हाथों से maarun....par क्या karun,majboor हूँ.......

आवाज़- फ़िक्र मत kar.teri ख्वाहिश मई बोहोत जल्द पूरी karunga.....hamari मुलाकात में अब ज़्यादा वक़्त नहीं है.......

निष्कलिका ने क्रोध भरी आँखों से एक बार नीचे खड़े तीनो को देखा और गायब हो गयी......

आवाज़- SHAILA,bohot जल्द तुम्हारी ीचा पूरी hogi,tab तक तुम तीनो अपनी ऐसे hi अभ्यास करते रहो....

इसके बाद वो आवाज़ आणि भी बंद हो गयी....

शैला- कब क्या कर de,pata hi नहीं चलता.......???????

मोकलसर- लार्ड ऑफ़ एंजेल hai,hamare सोच से कहीं ऊपर उसकी नज़र रहती है.......

अक्षांत- सही बात hai..chalo,hum अपना अभ्यास पुनः आरम्भ करते हैं......

फिर क्या tha,teeno पुरे जोश से अभ्यास में लग गए......

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- मैजिक डायमेंशन

जादुई आयाम

bhai,aaj तुझे हो क्या गया hai?????aaj तू हमारी पूरी तरीके से लेने पे तुला हुआ है????

फ्लोसान्टो तोह याद hi होंगे aapko....!!!!!arre वही जिन्होंने मति भ्रम मैदान की रचना की थी....

जिन्होंने मुझे ब्रम्हांड के सारे चक्रव्यून तोड़ने और खुद नए व्यूह रचना गढ़ने का वरदान दिया था...

उन्ही के आशीर्वाद से मैंने एक मैजिकल डायमेंशन का निर्माण किया है......

और ये मैंने आज nahi,balki तभी कर लिया था जब रोनित और अंजलि त्रिनेड होकर लौटे थे....

ट्रेनिंग मेरे दोनों दोस्तों का आखरी अभ्यास नहीं था बल्कि वो तोह बस एक शुरुआत थी मेरे दोनों दोस्तों की शक्तियों की दुनिया में खुद को खोजने की....

मई लगातार कई महीनो से कभी 6,तोह कभी 12 और कभी कभी पुरे 24 घंटे इन दोनों को अलग अलग ट्रेनिंग दे रहा हूँ...

अब मेरी बात से आपके दिमाग में ये सवाल आया होगा की अगर एक दिन में इतना ज़्यादा वक़्त हम ट्रेनिंग में बिताते हैं तोह फिर जो इतने साड़ी चीज़ें इस दौरान हुई hai,wo कैसे हुई?????

तोह जैसा की मैंने शुरू में बताया था की इस वक़्त हम मैजिकल डायमेंशन में हैं...

एक ऐसी जगह जो हमारी दुनिया में होकर भी नहीं है.....

जहाँ वक़्त का कोई काम नहीं hai......hamari असली दुनिया में अभी सुबह के 5 बजे हैं.....

हमे आज डायमेंशन वर्ल्ड में प्रैक्टिस करते हुए करीब 12 घंटे हो चुके हैं..

जब मई इन दोनों को लेकर इस मैजिकल डायमेंशन में आया था तब भी असली दुनिया में 5 hi बजे थे....

इन शार्ट इसका ये मतलब है की ये दुनिया वक़्त के बंधनो से आज़ाद है....

एक ऐसी दुनिया जहाँ एक पल में ठण्ड हो जाती है और दूसरे hi पल गर्मी.....

एक अंतहीन लम्बी चौड़ी सी जगह जहाँ आप जो चाहे karo,uska असली दुनिया पर कोई असर नहीं पड़ता....

एक तरीके से इससे मतिभ्रम मैदान का बड़ा स्वरुप कहा जा सकता है.......

रोनित और अंजलि ने अभी तक इसमें ऐसे ऐसे प्रशिक्षण किये hain,jo शायद hi किसीने पहले कभी की होगी...........

आप सबको याद होगा की मैंने अपने मतिभ्रम मैदान के एक टेस्ट के दौरान एक 3 हेडेड सांप से लड़ाई की थी....

पर रोनित और अंजलि ने अब तक एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन तीन बार 6 सर के स्नेक से लढा भी है और उससे हर बार हराया भी है...

पर आज रोनित और अंजलि की हालत ख़राब होने का कारण है मेरा उन दोनों को दिया गया नई चलेंगे.....

तकनीक क्लोन कॉम्बैट............

ये नाम जितना मज़ेदार hai,isme मिलने वाली चुनौती उतनी hi मुश्किल है.....

आज रोनित और अंजलि खुद से hi लड़ रहे हैं....

मतलब आज मैंने दोनों के सामने ऐसे दो मायावी इंसानो की रचना की है जिनके अंदर वो सारे hunar,wo साड़ी विद्या मौजूद हैं जो रोनित और अंजलि में हैं...

रोनित और अंजलि पिछले 12 घंटों से कोशिश कर रहे हैं उन दोनों मायावी छवियों को हारने ki,par अभी तक उन्हें ज़रा सी भी कामियाबी नहीं मिली है.....

मई- saale,sawal को छोड़ के अगर तू जवाब की चिंता करेगा तभी तुझे कुछ सक्सेस मिलेगा समझा.....

रोनित- मतलब........!!!!!!!!!!

मई- तुझे ये पता है की तेरे ॉपपोनेंट्स तेरे हर दाव को पहले से hi जानते hain,kyunki वो तुम दोनों का hi एक अलग रूप hain,toh ऐसे में तुझे क्या करना चाहिए.....?????

रोनित- क्या करना चाहिए??????

मई- वो तुझे सोचना है मुझे नहीं....

अंजलि- यार V.J...... आज हालत ख़राब हो गयी hai...kal सोचें kya?????aaj के लिए रहने देते हैं.........

मई- ठीक hai........par एक बाद याद rakho,ki अभी तुम दोनों जिस लेवल पर ho,agar इससे पार नहीं कर पाए तोह मई तुम दोनों को कहीं नहीं ले जाऊँगा........

रोनित- यार ये तोह गलत है?????

मई- कुछ गलत नहीं hai.....aur ख़ास कर तेरे लिए.....

रोनित- मतलब.....!!!!!!!!

फिर मैंने रोनित को अपने कहने का मतलब समझाया जिससे सुनकर रोनित एक अंदर फिरसे जोश आ गया...

रोनित- कल nahi,hum आज hi प्रैक्टिस करेंगे...........

अंजलि का मुँह रोनित की बात को सुनकर छोटा हो गया था....

मई- नहीं आज nahi...ANJALI थक गयी hai...kal करते हैं.....

अब बात अगर G.f की हो तोह बात तोह माननी पड़ेगी hi.....RONIT ने ठीक है कह diya.....hum सब मैजिकल डायमेंशन से बाहर आकर गार्डन में चले गए...

कुछ देर वहां मस्ती की उसके बाद घर निकल gaye...ab रोनित और अंजलि GF,BF हो गए थे इसीलिए मैंने दोनों को एक साथ एक hi कार या बाइक में अकेले कॉलेज जाने के लिए कह दिया था...

पहले तोह दोनों hi मेरी बात नहीं मान आरहे थे पर मेरे समझने पर मान गए...

आज भी मैंने उन दोनों से कॉलेज में डायरेक्ट मिलने को कहा और घर आ गया....

घर आकर मई फ्रेश hua,nanai naani,mom डैड का आशीर्वाद liya,breakfast किया और कॉलेज के लिए निकल गया जहाँ आज मेरे साथ कुछ नया होने वाला था......

प्लेस- कॉलेज

हे GUYZZZZZ.WHATS उप??????????

फ़रंज़जज़- हे V.J.......

मई कॉलेज पहुंचा और सीधे कैंटीन आ गया.....

अब आप को लगेगा की भाई हीरो को तोह सबकुछ पहले से hi पता चल जाता hai,LORD ऑफ़ एंगेल्स जो है......

इसीलिए पता चल गया होगा की क्लासेज ऑफ होंगी या फिर टीचर आया नहीं होगा इसीलिए सीधे कैंटीन....

तोह आपको बता दूँ की ऐसा कुछ नहीं hai...haan ये सच है की क्लासेज ऑफ थी पर इसका रीज़न टीचर का एब्सेंस नहीं था बल्कि कुछ और था जो की अभी कुछ hi देर में आप सबको पता चल जाएगा....

रोनित- saale,tu लेट कैसे हो गया और उसके ऊपर कॉल लगा रहा हूँ तोह उठता भी नहीं है????

मई- अरे ये पिछले तीन दिन से जो VALENTINE'S वीक का चुतियापा चल रहा hai,isme जल्दी आकर कोई फायदा तोह होना है नहीं.....

बेचारे टीचर्स कॉलेज तोह आते हैं पर खाली क्लास को क्या ख़ाक पढ़ाएंगे इसीलिए क्लासेस भी नहीं लगती...

सारे लड़के लड़कियां या तोह यहाँ कैंटीन में बैठे अपने अपने पार्टनर्स सेट कर रहे होते हैं या फिर कोर्रिडोर्स में घूम घूम कर VALENTINE'S पार्टी के लिए अपना अपना जुगाड़ लगते हुए दीखते हैं....

और साले तेरा कॉल भी इसीलिए नहीं उठाया क्यूंकि मुझे पता था की मई कुछ भी बोलूं पर तू सुनेगा नहीं और जल्दी से आने की रत लगाएगा.......

रोनित- हाँ तोह fir........yahan ये तीनो अपनी गर्ल्स टॉक में बिजी हो जाती हैं और मई अकेला पद जाता हूँ..

अंजलि- मेरे होते हुए भी तुझे अकेला महसूस होता है......

रोनित- अरे nahi,wo तोह mai,mere कहने का मतलब है की अगर तुम तीनो के बीच मई बोलूंगा तोह ठीक नहीं होगा naa,isiliye मई चुप रहता हु पर मुझे भी तोह कंपनी की ज़रुरत पड़ती है ना.....

रोनित के बदले हुए टोन को सुन और देखकर हम सब की हसी छूट गयी.........

रोनित- यार मुझे तोह भूक लग रही hai...chal कुछ लेकर आते हैं...

रोनित को मालुम था की अब मई उसको छेड़ूँगा इसीलिए उसने पहले hi खिसकने की बात भूक की आड़ में कर दी....

मई- चल fir.tum तीनो को क्या क्या चाहिए....???

तीनो गर्ल्स ने बस कॉफ़ी boli...mai और रोनित काउंटर की तरफ चल दिए.......

हमारे जाने के बाद:-

हे गुइज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़..............

गिर्लज़्ज़ज़्ज़- हे शैफाली............

तुम दोनों ने अब तक अपने पार्टनर्स का नाम नहीं दिया मुझे....

ये सवाल शैफाली ने अवंतिका और शनाया से पूछा था........

अवंतिका- पार्टनर्स होंगे तोह नाम देंगे naa....maine तोह पहले भी कहा था की मुझे इन सब में इंटरेस्ट नहीं है.......

शनाया- मुझे भी........

शैफाली- no no no no..........aisa बिलकुल नहीं chalega...1st ईयर के स्टूडेंट्स को तोह पार्टिसिपेट करना hi पड़ेगा........

और अवंतिका तुम तोह मिस फ्रेशर भी रह चुकी ho...tumhare लिए तोह कपोलसरी है......

और SHANAYA,mujhe कोई बहाना नहीं sunana,u हैवे तो पार्टिसिपेट.....

मुझे कल तक अन्य हाउ तुम दोनों के पार्टनर्स के नाम chahiye..thats it....bye....

शैफाली बिना दोनों की कोई बात सुने निकल गयी......

तोह doston,scene कुछ ऐसा है की सत स्टीफेंस में हर साल वैलेंटाइन्स डे की शाम एक वैलेंटाइन्स कांटेस्ट का प्रोग्राम रखा जाता है जिसमे सारे स्टूडेंट्स पेअर में पार्टिसिपेट करते हैं..

बेस्ट कपल को मर & मरस वैलेंटाइन बनाया जाता है......

शनाया- yaar,ye शैफाली ने भी कहाँ फसा diya.....yaar अंजलि, तेरा सही hai...baitha बिठाया B.F hai..tera तोह कोई टेंशन hi नहीं है......

अंजलि- तोह तू भी कोई बाँदा ढूंढ ले naa.abhi तक कितने लड़को ने तुझसे पूछ लिया hai,tu hi है जो सबको तरकाये जा रही है...

शनाया- अब तोह किसी न किसीको हाँ बोलना hi पड़ेगा...

इधर अवंतिका कुछ सोचे जा रही थी जिससे अंजलि ने देख लिया......

अंजलि- AVANTIKA,ek बात पूछूं?????

अवंतिका- तुझे कबसे कुछ पूछने के लिए परमिशन की ज़रुरत पद गयी.....!!!!!????

अंजलि- dekh,tu इस साल की मिस फ्रेशर रह चुकी hai.....ab तेरे साथ जो मर फ्रेशर बना tha,wo तोह अब रहा nahi,toh तू कांटेस्ट में किसके साथ पार्टिसिपेट करेगी....!!!!!!

अवंतिका- वही तोह सोच रही हूँ की किसके साथ जाऊं...????

अंजलि- मई bataun????tu V.J के साथ चली जा.......

अंजलि की बात सुनकर अवंतिका की आँखें एक पल के लिए चमक गयी पर उसने अपने फीलिंग्स को तुरंत कण्ट्रोल कर लिया...

अवंतिका- V.J के साथ?????

शनाया- ु अरे अब्सोलुतेल्य राइट babes...dekh,V.J इस कॉलेज का सबसे हैंडसम बाँदा hai,aur तू सबसे प्रीति लड़की है..

मुझसे बोहोत ज़्यादा नहीं है पर chal,behen है इसलिए एक पॉइंट ज़्यादा देती हूँ.....

शनाया की बात सुनकर अवंतिका और अंजलि है दिए.......

अंजलि- शनाया सही कह रही hai...tum दोनों की जोड़ी परफेक्ट है........

अंजलि की बात सुनकर अवंतिका ने शॉकेड होकर अंजलि की तरफ देखा....

अंजलि- मेरा मतलब कांटेस्ट के liye.......toh मुझे लगता है ु शुड आस्क V.J....!!!!

अवंतिका- मई क्यों puchun???wo लड़का hai,usse पूछना चाहिए!!!!!

अंजलि धीरे से- oh,toh मैडम को V.J के पूछने का इंतज़ार है.......

अवंतिका- क्या कहा तूने??????

अंजलि- कुछ भी तोह nahi...arre मई तोह ये कह रही थी की वो पूछे या tu,baat तोह एक hi है ना....

अवंतिका- बात कैसे एक hui???wo लड़का hai,usse पूछना चाहिए......

शनाया- अरे अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की पहले लड़का पूछेगा या ladki...aur जब बात V.J जैसे बन्दे की होना तोह लेट नहीं करनी chahiye....isse पहले की कोई और बाज़ी मार le,puch ले उससे..

वैसे भी मैंने एक उड़ती उड़ती खबर सुनी है की 1सत ईयर साइंस सेक्शन की अलीशा काफी दिनों से V.J को इम्प्रेस करने की कोशिश कर रही है........

इससे पहले की वो या और कोई V.J को puche,tu मौके पर चौंका मार दे...

अंजलि- dekh,V.J आ रहा hai...yahi बेस्ट मौका hai,jaldi से पूछ ले.....

रोनित- साला आज इतनी भीड़ थी आर्डर देने आने में काफी टाइम लग गया.....

मई- saale,itna सारा आर्डर करेगा तोह बनाने में टाइम तोह लगेगा hi ना....

अवंतिका- V.J...........

रोनित और मई अभी टेबल पर बैठे hi थे की इतने में अवंतिका ने मेरा नाम लिया....

मई- haan,kya hua,aur कुछ चाहिए...????

अवंतिका- नहीं वो actually,mai, wo,tum,matlab क्या मई तुम, हम दोनों....

रोनित- क्या कोई पजल पूछ रही ho!!!..agar ऐसा है तोह रहने do,isse सबका आंसर पता रहता है.....

अंजलि- तू चुप करेगा........

हाँ AVANTIKA,kya पूछ रही थी तुम V.J से??????

अवंतिका- हाँ मई वो तुमसे ये..............

V...J,tujhe क्लास में बुला रहे हैं.....??

अभी अवंतिका आगे कुछ बोलती उससे पहले hi एक बन्दे ने आकर मुझसे कहा....

रोनित- कौन बुला रहा है???

बॉय- मुझे नहीं pata..mujhe जो बोलै गया था मैंने वो बता दिया.....

रोनित- अब्बे किसने क्या बोलै tha,ye तोह bata??arre सुन तोह........!!!!

पर वो लड़का अपनी बात बोलकर निकल गया...

रोनित- अजीब चुटिया करैक्टर था यार.....

इधर मेरे चेहरे पर उस लड़के की बात सुनकर एक मुस्कराहट आ गयी....

मैंने एक बार अवंतिका की तरफ देखा और फिर रोनित से कहा....

मई- haan,ladka था तोह chutiya,par फिर भी कुछ सीखा गया.......

रोनित- hain!!!!!!ab वो क्या सीखा गया भाई????

मई- यही की भले उलटी ,sidhi,nonsense से भरी, अनभुझी hi sahi,par हर बात सही वक़्त पर कह देनी चाहिए वर्ण देर हो जाती है......

रोनित- prabhu,aapke परबलेस मेरे दिमाग को समझ नहीं आते....

मई- सब समझ jaayega..abhi chal,class से आते hain..aap सब यही बैठकर अपनी गर्ल्स टॉक कंटिन्यू kijiye,hum आते हैं....

ये बोलकर मई और रोनित क्लास की तरफ निकल गए...

अभी हमे गए कुछ 2 मिनट hi हुआ था की वही लड़का जो मुझे क्लास जाने को बोलने के लिए आया tha,wo वापस हमारी टेबल्स के बाजू की टेबल पर आया और वहां बैठे कुछ स्टूडेंट्स को कुछ बताने लगा....

उसकी बात सुनकर मेरी तीनो फ्रंज को झटका laga.wo तीनो एक झटके में कड़ी हुईं और हमारी क्लास की तरफ दौड़ीं...

और जैसे hi तीनो क्लास के अंदर एंटर hui,teeno के पेअर सामने चल रहे सन को देखकर जैम गए........

सन कुछ ऐसा था की मेरे चारों तरफ स्टूडेंट्स खड़े the,mere राइट में रोनित मुस्कुराता हुआ खड़ा था...

पर ये तीनो गर्ल्स को लगने वाले झटके की वजह नहीं थी....

झटके का रीज़न मेरे सामने खड़ा था या यूँ कहूं कड़ी थी.....

इस वक़्त मेरे सामने वही लड़की कड़ी थी जिसके बारे में शनाया बात कर रही थी....

अलीशा......

अलीशा - V.J.....WILL ु बे माय वैलेंटाइन.....

ये बोलकर अलीशा ने अपना हाथ मेरे आगे बढ़ा दिया.......

मैंने एक बार अवंतिका की तरफ dekha......aur फिर सामने जहाँ इस वक़्त अलीशा एक उम्मीद लगाए हाथ बढ़ाये मेरी तरफ देख रही थी.....

मई- यस.............

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V...J........
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अलीशा नाम की एक लड़की का VALENTINE'S कांटेस्ट में पार्टनर के लिए हाँ कह देता है.

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-68

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

HI हाईल फादर..........

कैसे हो बिल्जेबब???????...........

बिल्जेबब- ठीक हूँ ...........फादर..............

चक्र गए न doston!!!!!ki ास्मोडियस कब बाप बन गया................

आप में से बोहोटों को लग रहा होगा की ये इस कहानी की कोई नयी एंट्री है पर ऐसा है नहीं.......

बिल्जेबब के बारे में 7तह और 14तह अपडेट में थोड़ा बोहोत बताया गया है...

पर बिल्जेबब की पूरी असलियत आपको आज पता चलेगी जिससे सुनकर मुझे पूरा यकीं है आप सब को झटका लगने वाला है....

14तह अपडेट में मैंने बताया था की बिल्जेबब ास्मोडियस का सबसे खतरनाक डेविल है.

इसके अंदर हर तरह के ब्लैक मैजिक की ताक़त मौजूद hai...iski स्पीड लाइट की स्पीड से भी ज़्यादा तेज़ है और इसके ज़्यादातर स्पेल्स जान लेवा होते हैं........

हालांकि 14तह अपडेट में बिल्जेबब ास्मोडियस को HI हाईल डेविल लार्ड कहकर बुलाता है पर वो इसीलिए क्यूंकि मुझे इस करैक्टर के असलियत को सस्पेंस में रखना था.....

तोह क्या है बिल्जेबब की असलियत.........

बिल्जेबब ास्मोडियस और अलेक्सांद्र का बीटा और उसका छुपाया गया दूसरा सबसे बड़ा राज़ है.........

KAISE????CHALIYE बताता हूँ........

ा फ्लैशबैक नररातिओं:-

ास्मोडियस से पहली बार मिलकर जब अलेसेन्द्र अपने गृह इस्ला वापस लौटी तोह उन्होंने आसमॉडयूस के बारे में जितना उससे पता tha,utna बता दिया.....

अपनी बेटी की बातों के पीछे छुपे प्यार को उसके पिता किंग सोलोमन भांप गए...

वो काफी खुश हुए ये जानकार की उनकी बेटी को प्यार हो गया hai...par उनकी ख़ुशी ज़्यादा देर तक टिक नहीं पायी...

उन्होंने अपने बेटी के दिमाग से ास्मोडियस की छवि निकली पर जो चेहरा उनके सामने आया उससे देखकर उन्हें एक तेज़ झटका लगा....

अलेसेन्द्र ने तोह दुनिया नहीं देखि थी पर किंग सोलोमन को तोह पुरे ब्रह्माण्ड के सभी बड़ी चीज़ों के बारे में पता था...

उनकी बेटी ने शैतानो के देवता को चुना है ये जानकार उनकी आँखों के आगे अँधेरा चा गया..

उन्होंने जब अपनी बेटी को इसके बारे में बताया तोह अलेसेन्द्र को यकीं नहीं हुआ......

अलेसेन्द्र सच्चाई जानने के लिए ास्मोडियस की खोज में फिरसे निकलने वाली थी पर तभी ास्मोडियस ALESENDRA,KING सोलोमन और उनकी वाइफ के सामने प्रकट हुआ....

ास्मोडियस ने अलेसेन्द्र को बताया की जो कुछ भी उसके पिता ने उसके बारे में कहा hai,wo सच है........

फिर ास्मोडियस ने किंग सोलोमन को कहा की अगर वो उसकी शादी अलेसेन्द्र से करा देंगे तोह वो सारे बुरे काम छोड़ देगा..

बुराई कह रही थी की अब वो बुराई नहीं karegi.ye होना तोह असंभव था पर पुत्री प्रेम में अंधे किंग सोलोमन ास्मोडियस की बात मान गए......

पर उनके मानने की एक वजह और भी थी... किंग सोलोमन को ये पता था की शैतानो का देवता होने से पहले ास्मोडियस गॉड का बीटा भी है तोह शायद उनकी बेटी के प्रेम की वजह से ास्मोडियस के अंदर की आचायी फिरसे जाग गयी हो यही सोचकर उन्होंने शादी के लिए हाँ कह दिया......

पर किंग सोलोमन ये नहीं जानते थे की ास्मोडियस का उनकी गृह में आने का असली कारण कुछ और है.....

वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स के बाद ास्मोडियस का प्लान इस्ला गृह जाने का hi था...

ास्मोडियस को इस्ला गृह में एक असीम ऊर्जा का आभास हो गया tha....aur जब अलेसेन्द्र को ास्मोडियस ने पहली बार देखा तब hi वो जान गया था था की अलेसेन्द्र कौन है....

ऐसा नहीं था की ास्मोडियस को अलेसेन्द्र अछि नहीं लगी thi,par उसकी शक्ति की भूक के आगे उसकी मोहोब्बत की आग फीकी पद गयी....

तभी उसने डीडे कर लिया था की अलेसेन्द्र से शादी कर वो इस्ला की उस शक्ति के श्रोत का ढूंढेगा..

ास्मोडियस और अलेसेन्द्र की शादी हो गयी.......

और कुछ hi महीनो में अलेसेन्द्र प्रेग्नेंट भी हो गयी........

इस बीच ास्मोडियस को इस्ला के उस शक्ति श्रोत फाउंटेन ऑफ़ लाइट के बारे में भी पता चल गया था......

वहीँ इस्ला गृह जो की वाइट एनर्जी के आधीन tha,ASMODEUS के आने की वजह से इस गृह की नीव डगमगाने लगी...

इस्ला के log,jo हमेशा तंदरुस्त रहते the,unke शरीर में रोगों का वास होने लगा..

किंग सोलोमन को डाउट हो गया था की इन सब के पीछे ास्मोडियस की उपस्तिथि hi वजह है पर वो डायरेक्टली कुछ बोल नहीं सकते थे..

उन्हें ये भी लग गया था ास्मोडियस ने उनसे झूठ बोलै hai...usne अभी तक काली शक्तियों का त्याग नहीं किया है.....

शक तोह अलेसेन्द्र को भी हो गया था पर वो भी चुप hi रहती थी.......

एक दिन जब ास्मोडियस किंग सोलोमन और अलेसेन्द्र के साथ फाउंटेन ऑफ़ लाइट के सामने गया तोह उसके पहुँचने से पहले hi फाउंटेन ऑफ़ लाइट गायब हो गयी......

फाउंटेन ऑफ़ लाइट वाइट एनर्जी का प्रतिक thi,uske गायब होने से किंग सोलोमन और अलेसेन्द्र को यकीं हो गया की ये सब ास्मोडियस की वजह से hi हुआ है....

वहीँ इतने महीनो से जिसको पाने की ख्वाहिश लिए वो इस गृह में रूका हुआ था उस फाउंटेन को गायब हुआ देख ास्मोडियस को भी ग़ुस्सा आ गया......

और अगले hi पल ास्मोडियस अपने असली रूप में tha....sir से लेकर पेअर तक अँधेरी रात से भी काले kapde,chehra बर्फ से भी ज़्यादा safed.aakhon की पुतलियां स्वेत हो चुकी थी...

ास्मोडियस के असली रूप को देख कर अलेसेन्द्र और किंग सोलोमन की हालत ख़राब हो गयी.......

ास्मोडियस की आँखों की पुटिलयों का कलर एक सेकंड के लिए बदलकर लाल हो gaya..aur अगले hi पल पूरा इस्ला गृह आग से जल उठा.....

किंग सोलोमन ास्मोडियस के पैरों में गिर गए और अपने गृह को नुक्सान न पहुँचाने की ास्मोडियस के आगे भीक मांगने लगे......

ास्मोडियस ने एक लम्बी सांस छोड़ी जैसे की अपने ग़ुस्से को पि गया ho.ASMODEUS के ऐसा करते hi आग भुझ गयी.......

ास्मोडियस ने बोहोत कोशिश की फाउंटेन ऑफ़ लाइट के बारे में पता लगाने की पर नहीं लगा सका....

पर अब ास्मोडियस अपने असली रूप में आ चूका tha....uske शरीर से पाप की तरंगे निकलकर पुरे इस्ला गृह में फैलने लगी...

इस्ला की भोली भाली प्रजा के दिल में भी अब chal,kapat पाप पनपने लगा.....

ये सब देखकर किंग सोलोमन काफी दुखी रहने लगे वहीँ अलेसेन्द्र के दिल में भी ास्मोडियस के लिए नफरत पलने लगी.......

अलेसेन्द्र को एक और बात का भी दर था की कहीं उसका बीटा भी ास्मोडियस की hi तरह न हो जाए.....

कुछ दिन बाद अलेसेन्द्र ने ास्मोडियस को इस्ला गृह को छोड़ कर चले जाने को कहा और फिर कभी न लौट कर आने का वचन लिया...

जिससे सुनकर ास्मोडियस मुस्कुराया.....

ास्मोडियस ने अलेसेन्द्र की बात मान ली पर साथ hi एक शर्त राखी और गायब हो गया.......

तब जाकर कहीं अलेसेन्द्र और पुरे इस्ला गृह ने चैन की सांस थी....

अलेसेन्द्र ने डीडे किया की वो अपने बच्चे को अचे संस्कार देकर एक ाचा इंसान बनाएगी पर वो ये नहीं जानती थी की सांप का बीटा कभी भी हिरन नहीं होता....

आखिर वो दिन भी आ गया जिस दिन अलेसेन्द्र माँ बनाने वाली थी.....

इस अवसर पर इस्ला के राज गुरु और डिफेंडर भी आये हुए थे....

यहाँ मई एक बात बता दूँ की वारियर्स वर्ल्ड के डिफेंडर के साथ जो कुछ भी हुआ उसके बाद गोड्स मैसेंजर ने हर गृह के डिफेंडर को ास्मोडियस से ना उलझने के आदेश दिए थे.....

ास्मोडियस का बच्चा अमावस्या की रात पैदा हुआ और वो भी उस मुहूर्त में जिससे सब काल मुहूर्त कहते थे..

पर बात यहीं पे ख़त्म नहीं hui,ASMODEUS का बच्चा भी ास्मोडियस की hi तरह बर्फ सा सफ़ेद था और उसकी भी आँखों की पुतलियां गायब थी.....

उसके पैदा होते hi उसके शरीर के ऊपर अस्मोदस की hi तरह काले कपडे आ गए थे......

अलेसेन्द्र और उसके माता पिता ये सब देखकर काफी दर गए थे और रही सही कसार राजगुरु ने पूरी कर दी....

राजगुरु ने सबको बताया की ये बचा आगे जाकर इस्ला के लिए खतरनाक साबित होगा...

इसका इस गृह पर रहना ठीक नहीं है......

राजगुरु की बात सुनकर अलेसेन्द्र और उसके माता पिता का दिमाग घूम गया...

किसीको भी कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे.........

की tabhi......mahal में तेज़ हवाएं चलने lagi..wo काली अँधेरी रात और अँधेरी हो gayi......aur ास्मोडियस का बच्चा हवा में उठ गया.....

अभी कोई कुछ समझता उससे पहले hi महल में ास्मोडियस की आवाज़ गूंज गयी....

ास्मोडियस अपने वादे के अनुसार इस्ला नहीं गया था पर वो उस बचे को अपने पास रखना चाहता था.....

उसने अलेसेन्द्र से अपने बेटे को माँगा....

अलेसेन्द्र ये चाहती तोह नहीं थी पर उसके पास कोई ऑप्शन भी तोह नहीं था इसीलिए उसने ास्मोडियस को हाँ केहड़ी और अगले hi पल वो बचा गायब होकर ास्मोडियस के पास पहुँच गया..............

फ्लैशबैक एंड्स:-

ास्मोडियस- कुछ पता चला?????

बिल्जेबब- नहीं FATHER.....sab कुछ वैसा hi है जैसा पहले था........

ास्मोडियस- पर मैंने कुछ महसूस किया था????

बिल्जेबब- महसूस तोह मैंने भी किया था पर जब मई वहां पहुंचा तोह सब कुछ पहले जैसा hi था.......

ास्मोडियस- कोई बात nahi.tum बस नज़र रखे raho.kya तुम तुम्हारी माँ से बात करते हो?????

बिल्जेबब- क्या FATHER.....aap तोह सब जानते hain,fir भी...........

ास्मोडियस- hmm...par क्या तुम्हे कभी ीचा नहीं होती उससे बताने की की तुम उसे बेटे हो????

बिल्जेबब- नहीं FATHER....aur वैसे bhi,wo अच्छी की, गॉड की पूजा करती हैं और मई आपकी......

हम दोनों के सोच की नीव hi इतनी अलग है की मुझे उनमे अपनेपन वाला एहसास hi कभी नहीं होता....

पर haan,jab उन्होंने आपके भाई को शरण दी थी तब मुझे उनपे बोहोत क्रोध आया tha.man तोह किया था की उन्हें और आपके भाई को एक साथ ख़त्म कर dun,par मजबूर था..

आपके ऐसे करने के आदेश ना थे.....

ास्मोडियस- तुम उससे हानि तोह पहुंचा सकते हो पर मार नहीं sakte..hum दोनों की मृत्यु एक दूसरे के हाथों hi हो सकती hai,aur किसीके नहीं....

बिल्जेबब- एक बात पूछूं फादर?????

ASMODEUS-pucho............!!!!?????

बिल्जेबब- आपके भाई ने आप से इतनी साड़ी बातें kahin,aapko गलत ठहराया पर आपने पलट कर जवाब नहीं diya........aisa क्यों????

ास्मोडियस- जवाब तुम्हारे सवाल में hi hai....BHAI.......issi शब्द की वजह से उससे बोलने दिया.........

छोटा भाई hai,choti छोटी चीज़ों में जीतकर खुश होने do......aur वैसे भी, वो रौशनी के जैसा hai....aur रौशनी को रोशन नहीं किया जाता........

ज़िन्दगी की हक़ीक़त हर किसीके लिए अलग अलग होती hai,par जो अपनी हक़ीक़त को खोज उसी रास्ते पर एक दृढ निश्चय के साथ चलने लगता hai,jeet उसीकी होती है....

बिल्जेबब- आपका ansh,aapka खून होने की वजह से मैंने नाजाने कितनी hi शक्तियां हासिल ki,kitni सिद्धियां प्राप्त की पर आज तक आपकी बातों के पीछे छुपे राज़ का पता नहीं लगा पाया....

ास्मोडियस- hahahaha......kuch बातों को समझा नहीं jaata,unpar आँख बंद करके अमल किया जाता है....

जिस दिन तुम उन बातों को अमल में ले aaoge,us बात का मतलब अपनेआप hi समझ जाओगे....

बिल्जेबब- क्या आपके भाई भी आपकी hi तरह बातें करते हैं.....!!!!

ास्मोडियस- hmm,kuch kuch.........tujhe एक काम करना है......

ास्मोडियस के मुँह से अचानक काम सुनकर बिल्जेबब जो अब तक कसुआलय बात कर रहा tha,wo सतर्क हो गया.....

बिल्जेबब- आदेश दे फादर.........

ास्मोडियस ने बिल्जेबब को उसका काम बताया......

बिल्जेबब- जो ागण्य......

बिल्जेबब ने अपना सर झुकाया और गायब हो गया...

ास्मोडियस- देखते हैं BHAI,jab तेरा वक़्त आएगा तोह तू क्या करेगा??????

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज कैंटीन........

हे गुइज़्ज़्ज़्ज़्ज़...................

हे V.J.abhi मेरे फर्न्स शायद और भी कुछ कहते पर मेरे साथ अलीशा को देखकर वो सब शॉकेड हो गए इसीलिए चुप हो गए....

सुबह का वक़्त hai..kal hi की तरह आज भी क्लासेज नहीं लगी thi......ANJALI और रोनित एक साथ आज कॉलेज आये थे.....

और मई आज भी कल hi की तरह थोड़ा लेट आया था......

कल हुए इंसिडेंट के बाद अंजलि और शनाया ने मेरा दिमाग खा दिया था.....

दोनों ने एक घंटे तक मेरी अलीशा को हाँ कहने की बात को अलग अलग तरीके से वेरीफाई किया था.

उन्हें यकीं hi नहीं हो रहा था की मई किसीको इतनी आसानी से हाँ कह सकता हूँ वो भी उसका वैलेंटाइन पार्टनर बनाने के लिए...

इस बीच एक बार रोनित के मुँह से निकल गया की "तोह क्या हुआ yaar.ALISHA है भी तोह कितनी हॉट""......

रोनित के मुँह से ये बात निकलते hi अंजलि ने उसकी हालत ख़राब कर दी थी.....

बोहोत मुश्किल से रोनित ने अंजलि को मनाया था....

पर उसकी क्लास ख़त्म हुई नहीं की उन दोनों ने एक बार फिरसे मेरी क्लास लेने शुरू कर दी.......

इस पुरे दौरान अवंतिका चुप hi rahi...uska चेहरा बिलकुल इमोशनलेस सा हो गया था...

इधर जब इन दोनों के मुँह बंद नहीं हुई तोह मैंने उनसे कहा की किसीके साथ तोह जाना hi था तोह अलीशा में क्या बुराई है....

मेरी बात का उनके पास कोई जवाब नहीं था इसीलिए दोनों चुप हो गए..........

मई कभी भी किसी और के साथ कभी हैंग आउट करता नहीं था इसीलिए अभी मुझे अलीशा के साथ देखकर सभी फिरसे शॉकेड हो गए थे...

MAI-abbe,bhoot देख लिया क्या तुम तीनो ने ??????

रोनित- भूत hi देख लिया लग रहा है मुझे toh......aaj मेरा दोस्त एक लड़की के साथ आ रहा है.......

मई- हाँ तोह इसमें क्या बड़ी बात hai......mai लड़की के साथ नहीं आ सकता kya???sit अलीशा......

मैंने अलीशा के लिए एक चेयर पीछे ki.ALISHA बैठ गयी......

अलीशा- hi गाइस & सॉरी haan,meri वजह से hi आपका फ्रेंड आज लेट आया है.....

अंजलि- मतलब!!!!!!!

अलीशा की बात सुनकर बाकी सबको भी एक झटका लगा....

मई- तुम सब के मैनर्स कहाँ gaye....pehle उसके HI का तोह जवाब दो.......!!!

सब- hi...........

अलीशा- haan,ab बताओ....

अंजलि की एक्ससिटेमेंट देखकर मई ज़ोर से है पड़ा.....

अंजलि- दांत दिखाना बंद कर नहीं तोह तोड़ dungi...haan,tumne बताया nahi,tumhari वजह से V.J कैसे लेट हुआ????

अलीशा- हाँ वो एक्चुअली आज मई V.J के साथ hi आयी हूँ naa.toh इसने पहले मुझे पिक किया फिर हम aaye..is चक्कर में थोड़ा लेट हो गए...

अलीशा की बात सुनकर सबके मुँह खुले के खुले रह गए......

अंजलि- V.J ने तुम्हे पिक किया वो भी तुम्हारे घर से.!!!!!!

अलीशा- हाँ toh!!!!isme इतना सरप्राइज होने की क्या बात है....!!!!!!

रोनित- सरप्राइज.......!!!!!!!!! ये तोह चमत्कार वाली बात hai........V.J ने हम दोनों को छोड़कर आजतक किसी को भी घर जाकर पिक नहीं किया.......

अलीशा- ी गेस ी ऍम लकी थें.......

रोनित- लकी नहीं बोहोत ज़्यादा lucky......bhai एक बात bata,ALISHA सिर्फ वैलेंटाइन पार्टनर है या फिर तेरी वैलेंटाइन है?????

अलीशा- अभी तक तोह पार्टनर hi hun..but..........future ka,who कनौस??????

रोनित- मतलब एक तरफ आग जल गयी hai....kyun????

अंजलि- chupkar...aur ALISHA,kuch अपने बारे में batao............????tumne काफी लेट एडमिशन लिया है naa.infact,shayad 2 hi महीने हुए हैं तुम्हे कॉलेज आते हुए...

और तुम तोह साइंस में हो naa.usme मिड टर्म एडमिशन milna,quite टफ हाँ!!!

ALISHA-haan,wo actually,dad गवर्नमेंट जॉब में hain....unka ट्रांसफर यहाँ हो gaya..is कॉलेज के बारे में मैंने बोहोत सुना था.......

मेरे मार्क्स अचे थे इसीलिए मुझे एडमिशन मिलने में कोई दिक्कत नहीं आयी.....

अंजलि- ohh........aur इतने लड़कों के बीच तुमने V.J को hi क्यों चुना अपने वैलेंटाइन PARTNER?????tum तोह हो भी काफी beautiful....tumhe तोह कोई भी हाँ बोल देगा.

अलीशा- अरे यू serious....tum पूछ रही हो की मैंने बेस्ट को क्यों chuna????inke आगे और कोई है तोह बता do,mai उससे चुन लुंगी........

अवंतिका- ALISHA,pasand बेस्ट देखकर नहीं किया jaata..jisse पसंद किया जाता hai,wo हमारे लिए बेस्ट हो जाता है....

अवंतिका ने ये बात मुझे देखकर कही...

अलीशा- जो हर चीज़ में बेस्ट ho,kya वो पार्टनर के तौर पर भी बेस्ट नहीं हो सकता!!!!!!!

रोनित- ये भी सही hai..waise SHANAYA,AVANTIKA...tum दोनों को भी अब अपने अपने पार्टनर्स ढून्ढ लेने चाहिए.....

वैलेंटाइन्स डे को बस दो दिन hi बचे हैं......

शनाया- मेरा तोह हो गया........

रोनित- kya???kab??aur तूने बताया भी नहीं?????

शनाया- अंजू को तोह बताया tha...mujhe लगा वो तुझे बता देगी.....

रोनित- ANJU....tune मुझे नहीं बताया....

अंजलि- अरे मेरे दिमाग से निकल gaya.aur वैसे bhi,usne वैलेंटाइन कांटेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए पार्टनर चुना hai,life पार्टनर बनाने के लिए नहीं...

रोनित- वैसे है कौन????

मई- विन्सेंट PAUL........hamare hi क्लास का है.....

अभी शनाया कुछ कहती इससे पहले मैंने बोल दिया....

शनाया- हाउ दो ु know????maine तोह कुछ भी नहीं बताया....

रोनित- इससे तू कुछ भी नहीं छुपा sakti...isse सबके बारे में सबकुछ पता रहता है.....

अवंतिका धीरे से- घंटा पता रहता है.........

मई- क्या कहा अवनि...............??????

अवंतिका मेरे सवाल पर हड़बड़ा गयी...

अवंतिका- कुछः भी तोह नहीं.........

मई- तुम्हारी आवाज़ क्यों अटक रही है????

अवंतिका- wwwooo,kuch अटक गया था.....

अवंतिका पानी पीने लगी.....

मई- वो तुम्हारे गले का GHANTA,i मैं घंटी फास गयी होगी.......

मेरी बात सुनकर अवंतिका के मुँह में भरा पानी बाहर आ गया.........

और अवंतिका खांसने लगी.........

शनाया- आराम से बेब्स.........

अवंतिका ने मेरी तरफ dekha,par मुझे देखते hi उससे शर्म aayi,usse पता जो चल गया था की उसने जो धीरे से बोलै था वो मैंने सुन लिया था....

शनाया- वैसे कल अवनि को भी काफी लोगों ने वैलेंटाइन के लिए एप्रोच किया था...

अंजलि- तोह इसमें कौन सी नयी बात hai...madam को तोह 1 महीने से commerce,science,maths और आर्ट्स डिपार्टमेंट के बन्दे भी पूछ रहे हैं....

पर मैडम किसीको हाँ कहे तोह ना!!!!!!

रोनित- हाँ यार AVNI,ab तोह वैसे भी सिर्फ दो hi दिन बाकी hai.......tune अभी तक किसीको फाइनल नहीं kiya.aise में तोह हमारा ग्रुप VALENTINE'S पार्टी में अधूरा रह जाएगा.....

अंजलि- exactly..........bilkul भी मज़ा नहीं aayega....bhale कोई भी जीते ,पर अगर हम सब पार्टिसिपेट करते तोह कितना मज़ा आता!!!!

अलीशा- या babes........u हैवे तो से यस तो समवन.....

शनाया- अरे मेरी पूरी बात तोह सुनो.....

कल भी हमेशा की hi तरह अवनि ने काफी लड़को को रिजेक्ट किया पर लास्ट में एक बाँदा aaya.usne भी अवनि को अप्प्रोच किया...

बाँदा काफी स्मार्ट था पर मुझे लगा की मैडम इससे भी मन कर देंगी पर..........

अंजलि- अवंतिका मान गयी क्या??????

शनाया- थोड़ी थोड़ी........

रोनित- अब ये कुआ लॉजिक हुआ ????

शनाया- मतलब अवनि ने उससे सोच कर bataungi,aisa कहा है........

अंजलि- ये तूने बिलकुल ठीक किया babes.....in लड़को को ना थोड़ा तड़पाकर hi हाँ बोलना chahiye,warna इन्हे हमारी कदर hi नहीं रहती.....

ये बात अंजलि ने रोनित को देखकर कही थी....

रोनित- lai,ab मैंने क्या किया????

अंजलि- क्या kiya!!!!!VALENTINES वीक को स्टार्ट हुए आज 5 दिन हो गए hain.in 5 दिनों में तुमने मुझे सिर्फ एक hi गिफ्ट दिया hai..baaki के 4 कहाँ है?????

रोनित- अरे तूने hi तोह कहा था की तुझे ये 7 दिन के 7 गिफ्ट्स का फंदा समझ नहीं आता....

तुझे ये सब बस शोऑफ लगता hai...isiliye मैंने 1सत डे के बाद तुझे कुछ नहीं दिया...

अंजलि- मैंने बोलै और तूने मन liya.tere पास अपना दिमाग नहीं है क्या?????

अंजलि की बात सुनकर जहाँ तीनो लड़कियां है रही thi,wahin रोनित बेचारा वाला मुँह बनाकर मेरी तरफ देखने लगा....

मई- यही इश्क़ है बच्चे........

थैंक गॉड

हम सिंगल hi अच्छे........

मेरी बात सुनकर सभी है दिए.......

अंजलि- वैसे उस लड़के का नाम क्या hai????aur कौन से ब्रांच से है????

शनाया- मैथ्स ब्रांच से hai....aur नाम है उत्कर्ष.............

अलीशा- क्या नाम बताया तुमने.........?????

HI GUYZZZ,HI अवंतिका............

अभी अलसीः के सवाल का शनाया जवाब देती उससे पहले hi ये आवाज़ हमारे कानो में पड़ी.....

हमारे सामने एक हैंडसम सा बाँदा खड़ा था....

अवंतिका- hi उत्कर्ष............

ये वही लड़का है दोस्तों जिसने अवंतिका को अप्प्रोच किया था.......

उत्कर्ष- AVANTIKA,tumne कुछ socha,jo मैंने कहा था उसके बारे me....we ु के विथ में तो थे VALENTINE'S पार्टी अस माय वैलेंटाइन....

अवंतिका ने एक बार मुस्कुराकर मेरी तरफ देखा और फिर सामने उत्कर्ष की तरफ देखने लगी जो अलीशा की hi तरह एक उम्मीद लिए अवंतिका की तरफ देख रहा था........

अवंतिका- यस................

कॉन्ग्रैट्ट्सस्स............

और फिर कुछ ऐसा हुआ की मेरे सारे दोस्त इन्क्लूडिंग अवंतिका शॉकेड हो गए.....

ये जो कॉंग्रट्स शब्द अभी अभी उच्चारित हुआ था ना ये अलीशा ने कहा था और ये उसने अवंतिका से नहीं बल्कि उत्कर्ष से कहा था...

पर शॉक होने का कारण ये था की ये बोलकर अलीशा उत्कर्ष के गले लग गयी जिससे देखकर मेरे फ्रेंड्स शॉकेड हो गए......

शनाया- अलीशा तू उत्कर्ष को जानती है क्या???

रोनित- ये कैसा सवाल hai!!ofcourse जानती होगी तभी तोह उससे हुग किया hai...ye पूछ की कैसे जानती है????

अलीशा- किसीको कुछ भी पूछने की ज़रुरत नहीं hai......mai बताती हूँ की मई इससे कैसे जानती हूँ........

सो guys,naam तोह आप सब इसका जानते hi ho.....UTKARSH और मुझसे ज़्यादा इससे और कोई नहीं जानता क्यूंकि ये मेरा

भाई है.........

आज के लिए इतना HI.......

आपका अपना V..J....
 
ा प्रकाप सन फ्रॉम ा फ्यूचर अपडेट.........

ईश्वर में विश्वास रखती हो अवंतिका?

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अवंतिका जिससे अभी तक एक खरोच तक नहीं आयी thi,par उसके बाद भी उसकी ऐसी हालत ऐसी हो गयी थी जैसे अभी उसके प्राण निकल jaayenge,wo ास्मोडियस की आवाज़ सुनकर जैसे कोई सपने से जाएगी......

उसकी आँखों में अभी भी ास्मोडियस के रूप और ताकत का दर देखा जा सकता tha....logon के शरीर कांपते hain,par ास्मोडियस की तरफ देखते हुए अलेक्सांद्र की आँखें तक कांप रही थी.......

ास्मोडियस- मैंने पूछा क्या तुम ईश्वर में विश्वास राखी हो?

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??

अलेक्सांद्र- H...A.......A.......A........N........

एक shabd,bas एक शब्द को मुँह से बहार निकलने के लिए अवंतिका को अपने पुरे sharir,yahan तक की अपनी आत्मा तक की शक्ति का इस्तेमाल करना पद गया........

वहीँ अवंतिका के जवाब को सुनकर ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी..........

ास्मोडियस- hmm.......toh फिर ठीक hai........mai तुम्हे तब तक नहीं मार सकता जब तक ये ज़िंदा है.........

वैसे तोह इसकी बस चाँद सासें hi बची है पर मुझे अछि तरह पता है की तुम इसकी जान बचने की कोशिश ज़रूर करोगी........

पर लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की जान बचने के काम में कोई रोड़ा न ho,toh मज़ा नहीं आएगा.........

इसीलिए...................................

AAAHHHHHHHHHH.........................

AAAHHHHHHHHHH.........................

ये चीखें अवंतिका के मुँह से निकल रही थी........

अवंतिका को अपने पुरे शरीर में ऐसा दर्द महसूस हो रहा था जैसे उससे एक साथ कई बिच्छुओं ने डांक मार दिया हो......

और अरे................ ये क्या?

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?!!!!!!!!!!

जैसे जैसे अवंतिका के मुँह से चीख निकल रही thi,uske शरीर का रंग भी बदलकर पीला पड़ते जा रहा था.......

ास्मोडियस- तुम्हारे शरीर में मैंने सकरुण विष छोड़ा है AVANTIKA.........ek ऐसा विष जो बोहोत धीरे धीरे असर करता है......

पर ये विष शरीर में प्रवेश करते hi शरीर में एक ऐसा दर्द पैदा करती hai,jisse मनुष्य सहने से ाचा मरना पसंद करता है.......

अब तुम्हे विक्रम को बचने के लिए इसी दर्द को सहते हुए कोई युक्ति सोचनी पड़ेगी........

और haan,is विष को तुम्हारे शरीर को परलयज़े करने में 1 पहर (12 हॉर्स ) का समय lagega....itna hi वक़्त है तुम्हारे पास इससे बचने के लिए........

अपने ईश्वर को याद करो अवंतिका, सुना है इससे दर्द सेहेन करने की शक्ति मिलती hai........hahahahahha....

हहहहहह....

ये बोलकर ास्मोडियस गायब हो गया और पीछे रह गए दो लोग.....

जिसमे से एक ऐसे पड़ा हुआ था जैसे अभी मर जाएगा और दूसरी ऐसे तड़प रही थी जैसे इस तड़प से बचने के लिए अभी के अभी मरना चाहती हो.....

 
अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस अपने बेटे बिल्जेबब को कुछ काम देता है वहीँ अवंतिका का वॉलनटिने पार्टनर उत्कर्ष विक्रम की वैलेंटाइन पार्टनर अलीशा का भाई निकलता है....

अब आगे:-

CHAPTER-2:-

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 69

प्लेनेट- मिरर वर्ल्ड

प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ थे थ्री मिर्रोर्स

मिरर WORLD......!!!!!!!!!!!ye गृह भी एक अनभुझी पहेली जैसी hi है.....

फादर से नजाने कितनी बार पूछ चूका हूँ इस गृह के बारे me,par उनके जवाब तोह सवाल से भी ज़्यादा उलझे हुए होते हैं....

ास्मोडियस ने अपने बेटे बिल्जेबब को मिरर वर्ल्ड hi भेजा tha.....kyun!!!!kuch hi देर में आपको पता चल जाएगा....

BEELZEBUB-khair,kabhi न कभी तोह इसके बारे में जान कर hi रहूँगा......

फ़िलहाल फादर ने जिस काम के लिए भेजा hai,wo तोह कर lun....par आज कई दिनों बाद मज़ा बोहोत आएगा....

मिर्रोर्स के सामने एक मार्क था जहाँ हर आने वाले को खड़ा होना पड़ता था.....

( मिरर वर्ल्ड के बारे में आपको कहानी के 3रद और लास्ट CHAPTER में पता चलेगा ).....

पर बिल्जेबब किसी भी मार्क के सामने खड़ा नहीं हुआ बल्कि उसने अपने हाथ आगे कर दिए....

बिल्जेबब के हाथों से एक साथ 3 बिजलियों की रेज़ निकली और तीन मिर्रोर्स पर पड़ी......

KRRRRRRRRRRRRR............

मिर्रोर्स पर रेज़ टकराते hi एक अजीब सी आवाज़ हुई पर ये क्या!!!!!!!!!

तीनो मिर्रोर्स वैसे hi the.bijliyon के टकराने से उनमे कोई फर्क नहीं आया पर उससे भी अजीब ये था की ये सब देखकर भी बिल्जेबब के चेहरे पर शॉक nahi,balki एक मुस्कराहट थी...

जैसे की उससे पता था की यही होने वाला है.....

की तभी............

तीनो मिर्रोर्स के बीच एक तेज़ प्रकाश हुआ और उस प्रकाश से एक ेलेक्टिकल रस्सी निकली और बिल्जेबब की तरफ बढ़ी....

उस ेलेक्टिकल रस्सी की स्पीड काफी तेज़ थी पर बिल्जेबब उससे अपनी तरफ आता हुआ आराम से देख रहा था...

पर उसके चेहरे पर अब भी कोई टेंशन नहीं दिख रहा tha....wo अपनी जगह पर अपने कमर पर हाथ टिकाये खड़ा था....

उस इलेक्ट्रिकल रस्सी ने बिल्जेबब को चारों तरफ से जकड लिया और अगले hi पल मिर्रोर्स ने बिल्जेबब को अपने अंदर खींच लिया....

बिल्जेबब बीच वाले मिरर के अंदर से होता हुआ मिरर वर्ल्ड के अंदर दाखिल हो गया....

अब बिल्जेबब मिरर वर्ल्ड की दुनिया के अंदर खड़ा था और इधर उधर देख रहा था मानो किसी का इंतज़ार कर रहा हो....

की तभी..........

बिल्जेबब से थोड़ी दूर एक तेज़ बिजली कड़की और ज़मीं पर गिरी....

ज़मीन पे बिजली के गिरते hi वहां धुआं सा उठ गया और जब वो धुआँ छत्ता तोह वहां कोई खड़ा था जिससे देखकर बिल्जेबब की मुस्कान और गहरी हो गयी......

बिल्जेबब- आओ अग्रसेन aao......mai तुम्हारा hi इंतज़ार कर रहा हूँ......

वहीँ बिल्जेबब के सामने खड़े अग्रसेन के चेहरे पर क्रोध के भाव थे........

बिल्जेबब- अरे arre..........ye kya!!!!chehre पर इतना ghussa...!!!!!lagta है तुम्हे मेरा यहाँ आना ाचा नहीं लगा......

पर फिर भी ये गलत बात hai,mehmaan पसंद हो या ना ho,par उसका उचित स्वागत करना तुम्हारा कर्तव्य है....

अग्रसेन- कर्त्तव्य की बात तुम न hi करो तोह ाचा होगा BEELZEBUB............ASMODEUS के गंदे खून का कभी भी किसी पवित्र जगह पर स्वागत नहीं हो सकता....

अपने पिता के बारे में ऐसी बात सुनकर एक पल के लिए बिल्जेबब को ग़ुस्सा आ गया पर अगले hi पल उसने खुद को शांत कर लिया....

अग्रसेन- मानना padega........abhi तक तुम्हे मेरी बताई हुई बातें याद हैं.....

बिल्जेबब- किसी ज़माने में तुम मेरे गुरु the......aur बिल्जेबब अपने फायदे में आने वाली चीज़ों को कभी नहीं भूलता......

जी हाँ DOSTON,KISI ज़माने में अग्रसेन बिल्जेबब का गुरु THA..ISSI मिरर वर्ल्ड में बिलजुब को एक नहीं बल्कि 2 मिर्रोर्स ने चुना था....

अग्रसेन- ठीक अपने पितः की tarah.......bas एक फर्क hai.....ASMODEUS जिस चीज़ से फायदा होता hai,wo ना सिर्फ उससे याद रखता hai,balki उस चीज़ के श्रोत को पाने की भी कोशिश करता है........

बिल्जेबब- तोह इसमें गलत क्या hai????SHAKTI HI जीवन है..............

अग्रसेन- दूसरों की ख़ुशी छीनकर जो ज़िन्दगी मिलती है उससे जीवन नहीं शापित जीवन कहते हैं........

पर तुम ये नहीं samjhoge............khair,tum अपने आने का कारण बताओ........

बिल्जेबब- YUDH....mai आपसे युद्ध करना चाहता हूँ.......

बिल्जेबब की बात सुनकर एक पल के लिए अग्रसेन चौंक गया पर अगले hi पल मुस्कुराते हुए उसने कहा.......

अग्रसेन- क्या मई इसका कारण जान सकता हूँ??????

बिल्जेबब- बस मन कर रहा है आपको चुनौती देने का...........

अग्रसेन- तुम बिलकुल अपने बाप की तरह हो BEELZEBUB....kuch भी बिना कारण के नहीं करते..

पर मई ये भी जानता हूँ की तुम मुझे वो कारण नहीं बताओगे.......

ठीक hai,mujhe तुम्हारी चुनौती मंज़ूर hai.....par मेरी एक शर्त है......!!!!!

बिल्जेबब- मंज़ूर है.......

अग्रसेन- बिना शर्त सुने????

बिलजुबूब- आपकी यही शर्त है ना की अगर आप जीते तोह मई इस गृह पर कभी भी दोबारा कदम न रखूं!!!!!

अग्रसेन बिल्जेबब की बात सुनकर चौंक gaya.....kyunki अग्रसेन वही कहने वाला था जो अभी अभी बिल्जेबब ने कहा था.....

अग्रसेन- तुम्हे कैसे पता की मई क्या कहने वाला था????

बिल्जेबब- हमारी बातों में hi हमारे सभी सवालों के जवाब छुपे होते हैं...

क्या guruji,aap तोह अपनी hi दी हुई शिक्षा भूल गए.....

आप hi ने तोह थोड़ी देर पहले कहा था ना की मई बिलकुल अपने फादर की तरह हूँ...

जब उनसे किसी के दिल की बात नहीं छुपती तोह मुझसे कैसे छुपेगी.......

khair.mujhe आपकी शर्त मंज़ूर है पर.....

अग्रसेन- तुम्हारी भी एक शर्त hai....KYUN????? यही ना!!!!!!!!

अग्रसेन ने बिल्जेबब की आगे की बात पूरी की पर उसकी बात को सुनकर बिल्जेबब के होंठों पर एक मुस्कान नाच गयी.........

बिल्जेबब- मई कौन होता हूँ आपके सामने कोई शर्त रखने वाला गुरुदेव!!!!!

मेरी तोह बस एक छोटा सा निवेदन hai..agar आप मान ले तोह आपका उपकार होगा...

अग्रसेन- पहले तुम अपनी बात रखो फिर मई बताऊंगा की तुम्हारी बात माननी चाहिए या नहीं....

बिल्जेबब- आप तोह इतने शक्तिशाली hain.mai बस यही चाहता हूँ की आप मुझसे अपनी शक्तियों के बल पर लादेन.........!!!!!

अग्रसेन- मई समझा नहीं......

बिल्जेबब- आपके पास ये जो सोर्ड hai,mai चाहता हूँ की आप इसकी शक्ति का प्रयोग मेरे साथ युद्ध में ना करें.....

वर्ण आप जीत कर भी विजेता नहीं कहलायेंगे क्यूंकि वो जीत इस सोर्ड की आपको दी गयी भीक होगी....

अग्रसेन बिल्जेबब की बात सुन कर भड़क गया.......

अग्रसेन- तुम्हे लगता है की मुझे तुम्हे हारने के लिए इस सोर्ड की ज़रुरत है...

ठीक hai,mai तुम्हे वचन देता हूँ की हमारे बीच जो युद्ध hoga,usme मई इस सोर्ड का उपयोग नहीं करूँगा.....

ये बोलकर अग्रसेन ने अपनी मियाँ अपनी पीठ से निकली और फेक दी......

पर मियां निचे ज़मीं पर नहीं giri,balki हवा में hi झूल गयी............

अग्रसेन- तैयार हो....

बिल्जेबब- हमेशा.......

अग्रसेन ने अपनी आखें बंद की.....

और अगले hi पल............

अग्रसेन के शरीर के अंदर से एक के बाद एक सैकड़ों शास्त्र निकले पर ये क्या......!!!!

वो शास्त्र बस एक पल के लिए hi dikhe,agle पल वो सब गायब हो गए.....

ये एक अनोखा जादू था.............

इसमें एक पल के लिए प्रतिद्वंदी को सारे शास्त्र अपनी तरफ आते हुए दीखते हैं पर अगले hi पल सारे शास्त्र गायब होकर अलग अलग दिशा में बाँट गए.....

सामने वाले को लगता है की सारे शाश्त्र आगे से आ रहे हैं और उसका सारा ध्यान सामने की तरफ hi रहता है.......

पर सारे शाश्त्र चरों तरफ से एक साथ वापस घूम कर उसी प्रतिद्वंदी की तरफ अदृश्य हालत में hi वापस आते हैं....

अग्रसेन के पहले वार से बिल्जेबब के चेहरे पर एक हलकी सी मुस्कान आ गयी मानो उससे पता हो की अग्रसेन ने क्या चाल चली है.......

बिल्जेबब ने अपनी आँखें बंद कर लीन और अग्रसेन द्वारा छोड़े गए सारे शास्त्रों को महसूस करने लगा....

सारे शास्त्रों को अपने चारों तरफ महसूस कर बिल्जेबब ने अपने राइट हैंड की इंडेक्स फिंगर को गोल गोल घुमाया....

माया खंडमममम.....

मैजिक ब्रेक.............

पर ये एक मात्र स्पेल नहीं था जो बिल्जेबब ने बोलै tha....right हैंड के फिंगर को गोल घूमने के साथ साथ बिल्जेबब ने कुछ और भी कुछ किया था.....

बिलजुबूब ने अपने दूसरे हाथ को नीचे रखे हुए लेफ्ट हैंड के इंडेक्स फिंगर को भी गोल गोल घुमाया और.............

काल पाशम........

DEVIL'S बाँडेज.........

पहले स्पेल के उच्चारित होते hi अग्रसेन के छोड़े गए शाश्त्र अपनी जगह पर hi जल गए........

अग्रसेन का सारा ध्यान बिल्जेबब के राइट हैंड की तरफ था.......

अपने शास्त्रों को जलते देख अग्रसेन ज़्यादा शॉक नहीं हुआ क्यूंकि वो जानता था की सिर्फ एक hi वार से बिल्जेबब को हराया नहीं जा सकता...

इसीलिए अपने वार को खली जाते देख अग्रसेन ने तुरंत अपनी आखें बंद कर दूसरा स्पेल बोलने की कोशिश की.......

कोशिश इसीलिए क्यूंकि वो स्पेल बोलने में कामियाब नहीं हो पाया......

क्यूंकि बिल्जेबब के बोले हुए दूसरे स्पेल ने अपना काम कर दिया था.........

MMMMMMM...MMMMMMMMM.............

अग्रसेन- तुम अपनी हरकतों से बाज़ नहीं aaye,haina BEELZEBUB.........ladna था तोह बल से ladte,yun छल करने का क्या मतलब है....??????

हुआ ये की बिल्जेबब के बोले गए दूसरे स्पेल के प्रभाव में आकर अग्रसेन एक काले रे के बंधन में बांध गए थे...

जैसा की मैंने बताया था की अग्रसेन का पूरा ध्यान सामने की तरफ था और बिल्जेबब ने जैसे hi अपना दूसरा स्पेल bola,ek काला दुआ जो की काल पाश था.....

अग्रसेन के पीछे प्रकट हुआ और किसी अजगर की तरह अग्रसेन को अपने घेरे में लपेटता चला गया........

बिल्जेबब- युद्ध में बल से ज़्यादा घातक चल होता hai,isse हमेशा सतर्क रहना chahiye,ye शिक्षा भी आप hi की दी गयी थी गुरुदेव...

और आज आप खुद hi ये सब भूल गए और उसके ऊपर मुझे दोष दे रहे हैं....

इस ब्रम्हांड की सब्सि कठिन और सर्वोच्च शिक्षा मुझे मेरे फादर ने दी है....

और उनके मुताबिक भले किसी भी तरह से क्यों न मिली ho,JEET,JEET होती है.......

अग्रसेन- तोह ab.......intazar किसका hai???maar दो मुझे.....

बिल्जेबब- ठीक कहा aapne,mujhe और विलम्ब नहीं करना चाहिए.....

बिल्जेबब ने हाथ आगे किया और अगले hi पल उसके हाथ में एक सरोद आ गयी...

बिल्जेबब उस सोर्ड को हाथ में पकडे चलते हुए अग्रसेन के सामने खड़ा हो गया.....

और सुबह.............

बिल्जेबब की तलवार तेज़ी से चली और.........

अरे ये क्या!!!!!!!!

बिल्जेबब ने सोर्ड चलायी तोह ज़रूर पर उससे अग्रसेन के गले के पास लाकर रोक दी......

बिल्जेबब- हहहहहहहह.....

मुझे मुर्ख समझा है आपने gurudev....mujhe ज्ञात है की मेरे तलवार आपके गार्डन के आर पार करते hi क्या होगा?????

आपकी ये जो सोर्ड इस वक़्त हवा में लटकी हुई hai,wo आपके हाथ में आ जायेगी और आप पुनः जीवित हो उठेंगे....

और क्यूंकि मैंने आप पर जान लेवा वार किया होगा इसीलिए आप मुझपे इस सोर्ड से हुम्ला कर सकेंगे और मुझे मार देंगे......

पर ऐसा होगा नहीं अग्रसेन..........

मुझे पिताजी ने यहाँ सबकुछ बता कर भेजा hai.unhone मुझे आपको इस काल पाश में बाँधने का आदेश दिया tha,maarne का नहीं.........

मैंने अपना आधा काम तोह कर दिया hai.aadha बाकी है...

बिल्जेबब का अब भी कोई काम बाकी है ये सुनकर अग्रसेन शॉकेड हो गया....

बिल्जेबब- मई जानता हूँ की आप क्या सोच रहे हैं पर चिंता मत kijiye,sab पता चल जाएगा.....

ये जो तलवार मेरे हाथों में है naa,isse मैंने आपको डरने के लिए नहीं रखा hai,balki मेरे दूसरे काम को अंजाम देने के लिए रखा है..........

बिल्जेबब ने जो तलवार पकड़ी thi,usse हवा में लटकती हुई अग्रसेन की सोर्ड की तरफ फेंक दिया....

बिल्जेबब की सोर्ड अग्रसेन की सोर्ड के ठीक सामने हवा में रूक गयी....

बिल्जेबब की सोर्ड से एक रौशनी निकली और अग्रसेन के सोर्ड के ऊपर जाकर रुकी...

और फिर वो रौशनी अग्रसेन के सोर्ड के ऊपर से निचे तक घूमने लगी मानो उसको स्कैन कर रही है.....

और पूरा स्कैन करने के बाद वो रौशनी बिल्जेबब के सोर्ड के ऊपर गयी और एक चादर की तरफ बिल्जेबब के सोर्ड को ओढ़ती चली गयी.............

और अगले पल..........

अग्रसेन की आँखें में शॉक और chinta,dono भाव नाचने लगे....

शॉक इसीलिए क्यूंकि अब बिल्जेबब की सोर्ड हूबहू अग्रसेन की सोर्ड जैसी दिख रही थी..........

टेंशन इसीलिए क्यूंकि अग्रसेन जान गए थे की ऐसा करने के पीछे बिल्जेबब और ास्मोडियस का ज़रूर कोई ख़ास मकसद होगा!!!

वहीँ बिल्जेबब ने फिर कुछ किया......

बिल्जेबब ने एक मायावी दीवाल बनायीं और दोनों स्वोर्ड्स उसी दीवाल पर टेंगा दिया..

उसके बाद उसने और एक स्पेल बोलै....

दोनों स्वोर्ड्स के सामने एक एक दरवाज़ा बन गया पर अगले hi पल गायब भी हो गया.....

बिल्जेबब- अब मई चलता हूँ gurudev...par उससे पहले एक आखरी काम रह गया hai,wo कर लेता हूँ...

बिल्जेबब ने अपने हाथ अग्रसेन की तरफ अपनी एक ऊँगली उठायी और उससे एक तरफ पॉइंट कर दिया...........

जिस काल पाश से अग्रसेन बंधे हुए the,BEELZEBUB के इशारा करते hi वो पाश अग्रसेन को लिए एक जगह पहुंचे और फिर अग्रसेन गायब हो आगये.........

बिल्जेबब- chalo,FATHER द्वारा दिया गया काम तोह पूरा hua...ab चला जाए....

बिलजुबाब अदृश्य हो गया और..............

बिल्जेबब- ARRE,MAI यहाँ कैसे पहुँच गया????????

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज ऑडिटोरियम

yaar,sabhi ने सारे डांस फॉर्म्स चूसे कर लिए hain.....ab हम क्या करें??????

सुबह का वक़्त hai.......mai और मेरे सारे फ्रंज इस वक़्त कॉलेज के ऑडिटोरयम में हैं...

कल अलीशा ने जब कहा की उत्कर्ष उसका भाई है तोह मेरे फ्रंज शॉक हो गए....

ये भी उन सबके लिए एक अजीब सीओ इन्सिडेन्स था की मेरे और अवंतिका के वैलेंटाइन पार्टनर सिब्लिंग्स निकले.........

khair,kuch देर में hi उत्कर्ष हमसे घुल मिल गया....

अवंतिका काफी ओपनली उत्कर्ष से बातें कर रही thi....RONIT और अंजलि ने इस बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया पर शनाया अवंतिका के ऐसे बर्ताव से काफी शॉकेड थी....

क्यूंकि अवंतिका काफी रिजर्व्ड टाइप की लड़की है और सडनली किसी बन्दे के साथ जिससे वो बस कल hi मिली hai,itna ओपन हो जाना वाकई शनाया के लिए ये शॉकिंग बात थी....

पर उसने सोचा की क्यूंकि VALENTINE'S डे को सिर्फ 2 दिन hi बचे है इसीलिए शायद अवंतिका खुदको उत्कर्ष के साथ कम्फर्टेबले फील करवाने के लिए ये सब कर रही है....

खैर आज मिलने का प्रॉमिस करके हम सब अपने अपने घर निकल गए..

और आज हम सभी थोड़ा जल्दी hi कॉलेज आ गए.....

एक्चुअली बात ये थी कांटेस्ट को दो लेवल्स पे डिवाइड किया गया था......

जिसका एक लेवल तोह हमारे लिए सरप्राइज रखा गया था पर फाइनल लेवल पे हमको अपने पार्टनर के साथ एक डांस परफॉरमेंस देना hoga,ye बता दिया गया था......

बाद में पूरा ऑडिटोरयम स्टूडेंट्स से ोकुप्य हो जाता है इसीलिए हम सब आज कुछ जल्दी आ गए.........

आज हमारा ग्रुप एक साथ होकर भी अलग अलग tha..kyunki हर कोई अपने पार्टनर के साथ था इसीलिए हम सब एक साथ होते हुए भी सिर्फ अपने पार्टनर से बात कर रहे थे...

मई- कंटेम्पररी तरय karen........!!!!!VALENTINES डे मेसुइट भी करेगा.......

अवंतिका- नहीं nahi.....CONTEMPORARY हम कर रहे hain...tum लोग कुछ और तरय करो.....

इससे पहले की मेरे सुग्गेस्टिव पे अलीशा कुछ बोलती अवंतिका मैडम जो की हमारे साइड में hi कड़ी thi,unhone अपनी प्रतिक्रिया दे दी......

उत्कर्ष- ये हमने कब डीडे किया?????

उत्कर्ष की बात सुनकर मुझे हसी आ गयी...

मई- यार AVNI,agar हम दोनों hi कंटेम्पररी कर len,toh इसमें प्रॉब्लम है क्या?????

अवंतिका- हम दोनों??????

मई- हम मतलब मई और अलीशा अभी के लिए एक hi हुए naa.....waise hi तुम और उत्कर्ष अभी अस ा कपल डांस कर रहे हो तोह तुम दोनों भी एक हुए.......

इसीलिए हम दोनों........

अवंतिका धीरे से- मुझे कोई शौक नहीं है किसीको भी खुद से मिलकर एक बोलने में...

मई- कुछ कहा?????

अवंतिका- haa,kya???nahi toh........mai तोह ये बोल रही हूँ की हम कंटेम्पररी कर रहे hain,tum कुछ और कर लो?????

अलीशा- पर और बचा क्या???

मई- एक काम करते hain......hum सालसा कर लेते हैं.........

मेरी बात सुनकर अवंतिका का दिमाग घूम gaya.....kahan वो हमे कंटेम्प्ररी डांस करने से रोक रही थी ताकि मुझे और अलीशा को कुछ भी रोमांटिक स्टेप्स करने का मौका न मिले.........

और अब मैंने सालसा कह दिया था जो की रोमांस के साथ साथ सेंसियसनेस्स और सेडक्टिव के लिए बेस्ट माना जाता है...

अवंतिका- kya!!!!!SAALSA!!!!tumhe सालसा का स भी आता है क्या????

मई अवंतिका की बात सुनकर मुस्कुरा दिया....

मई- कोशिश करें में क्या हर्ज़ है????

रोनित- क्या bola???koshish!!!!!AVNI,tum क्या बीच बीच में भूल जाती हो की किस्से बात कर रही हो.........

V.J इस ा गेम इन DANCING....aur उसके ऊपर HIPHOP,BREAK DANCE,CONTEMPRORY और सालसा तोह इसके मैं फोर्टे हैं..........

अलीशा- पर मुझे तोह सचमुच सालसा का स भी नहीं आता....

अवंतिका- मई भी अलीशा के लिए hi बोल रही thi.....V....J के लिए नहीं...

मई धीरे से- पालतू...........

अवंतिका- क्या कहा?????

मई- मई कह तोह रहा था पर तुमसे नहीं अलीशा se...yaar,tum टेंशन मत karo,i'll हेल्प ु आउट.......

और वैसे bhi,hum इजी स्टेप्स hi करेंगे....

अंजलि- यार ALISHA,tum सच में लकी ho........V.J के सिर्फ साथ nahi,ab तुम V.J की बाहों में रहकर ये वैलेंटाइन मनाओगी.....

सही मायनो में कल तुम दोनों hi कपल लगोगे........

इधर सब अंजलि की बातों पर है diye,bas दो लोग ऐसे थे जिनके चेहरे पर अलग एक्सप्रेशंस थे...

1सत अलीशा के जो अंजलि की बात सुनकर शर्मा गयी थी.......

2ंद अवंतिका के जो काफी साद हो गयी थी पर ऊपर से मुस्कुरा रही थी..........

मैंने एक बार अवंतिका की तरफ देखा जो मुझे hi देख रही थी पर मेरे उसके तरफ देखते hi उसने नज़रें घुमा ली......

मैंने भी एक लम्बी सांस छोड़ी और लग गया अपने काम pe..matlab अलीशा को स्टेप्स समझने में..........

पर मुझे रोनित, अंजलि और शनाया और विन्सेंट की जोड़ी को भी बीच बीच में स्टेप्स बताने पद रहे थे..

नहीं बताता तोह साले मुझे भी प्रैक्टिस नहीं करने देते..

वहीँ अवंतिका और उत्कर्ष खुद hi अपनी प्रैक्टिस कर रहे the..UTKARSH को काफी अचे मूव्स आते the,wo अवंतिका को स्टेप्स बताता जा रहा था...

हम सब ने पर्सनल हेड फ़ोन्स लगाए हुए थे ताकि किसी भी जोड़ी को दूसरे के सांग्स से डिस्टर्बेंस ना हो.......

इस पुरे प्रैक्टिस टाइम में अवंतिका है है कर उत्कर्ष से बात करती रही और बीच बीच में मुझे देखती रही..

पर जब भी वो मेरी तरफ देखती तोह साद हो जाती क्यूंकि मैंने उसकी तरफ एक बार भी नहीं देखा था..

ऐसा उससे लगता tha..par पगली को कौन समझाए की.............

जिसकी तस्वीर दिल में बसी हो उससे देखने के लिए आँखों की ज़रुरत नहीं पड़ती.............

khair,is लॉजिक को अवंतिका के समझ में आने में अभी काफी टाइम है..........

हम सबने प्रैक्टिस ख़त्म ki..ab ऑडिटोरियम में काफी स्टूडेंट्स आ चुके थे.....

और जैसा की मैंने बताया था की आजकल क्लासेज नहीं लग रहे थे इसीलिए हम सब ने अपने अपने घर जाने का डीडे किया.....

रोनित और अंजलि आज बाइक से आ गए थे तोह वो अपना निकला gaye....SHANAYA और अवंतिका अपनी कार से अब बच गया मई...

मैंने भी कार अनलॉक की और अंदर बैठ गया..

की तभी................

दो लोगों ने मेरी कार के गिलास को नॉक kiya...maine दूर अनलॉक कर दिया...

एक ने मेरी साइड ओपन की और मेरे साइड वाली सीट पर बैठ गयी और दूसरे ने पीछे वाली दूर ओपन की और पीछे बैठ गया....

ये दोनों और कोई नहीं बल्कि अलीशा और उत्कर्ष थे......

अलीशा- एक बात पूछूं????

मई- हम्म.......

अलीशा- कोई भी लड़की V.J की पार्टनर बनाने के लिए रेडी हो जाती फिर मई hi क्यों???

मई- और अगर वो लड़की मुझे पसंद करने लगती तोह???

मई अपने फायदे के लिए किसीके दिल से तोह नहीं खेल सकता ना.

मेरे लिए अलीशा hi ठीक है और यही बात अवंतिका पे भी लागू होती है इसीलिए अवंतिका के लिए उत्कर्ष hi ठीक है.......

उत्कर्ष- क्या वो हमारी असलियत कभी जान पाएगी......

मई- बिलकुल जानेगी और थैंक्स मेरी हेल्प करने के लिए,

सत अल्फ़्रिक,

सत सकिलिअ..............

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J.....
 
थैंक्स brother...par बड़ा भाई जो की एक शैतान hai,uski भी एक hi वाइफ है तोह फिर हीरो की दो kyun..do गफ्स दिखाना हीरो के माछोनेस को नहीं बल्कि उसके अंदर छुपे हवस को दिखता hai...mohobbat दो दिलों के बीच पनपने वाला एहसास hai,teesre की मौजूदगी इस एहसास के मायने को hi बदल कर रख degi.....agar अवंतिका के दो बफ्स रखने का कोई एंगल bana,tabhi हीरो की लाइफ में भी दूसरी बंदी ला paaunga...saath बने रहिये
 
अब तक आपने पढ़ा की बिल्जेबब अग्रसेन को कैद कर लेता है और उसके सोर्ड का भी एक डुप्लीकेट बना देता है वहीँ दूसरी तरफ ये पता चलता है की अलीशा और उत्कर्ष और कोई नहीं बल्कि सत सकिलिअ और सत अल्फ़्रिक हैं.

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 70

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- पैलेस गार्डन

घूर क्यों रही हो????

प्रातः काल एक शक्श अपनी आँखें बंद किये ध्यान की अवस्था में बैठा हुआ है.....

ध्यान में बैठने से अक्सर तेजस्वी लोगों के शरीर चमकने लगते hain.par इस वक़्त जो शक्श ध्यान अवशता में बैठा tha,uske शरीर से काले धुंए निकल आस पास के सभी उज्वलित जगहों पर अपना असर दिखा रहे थे.....

वो सभी जगह अँधेरे में डूब से गए थे....

सुबह सुबह टहलते हुए निष्कलिका उस जगह पहुंची जहाँ इस वक़्त वो व्यक्ति ध्यान में बैठा हुआ था....

निष्कलिका की नज़र अपने सामने बैठे शक्श पर पड़ी और साथ hi उन काल धुओं par,jo आस पास की जगहों को भी अपने रंग में समेत कर काले कर रहे थे....

निष्कलिका- अँधेरे की जय हो........

निष्कलिका चलते हुए उस शक्श के सामने पहुंची...

उसने अपने हाथ आगे कर diye....NISHKALIKA के हाथों से कुछ काली रोशनियां निकली और उस शक्श की तरफ चल दिन....

पर जो काले धुंए इस वक़्त उस शक्श के शरीर से निकल रहे the,unhone उन काले रेज़ को उस शक्श तक पहुँचने से पहले hi ख़त्म कर दिया....

अब निष्कलिका उस शक्श को ध्यान से देखने लगी....

उस शक्श को भी ध्यान अवश्था में ये ज्ञात हो गया की कोई उससे घूर रहा hai.usne झट से अपनी आँखें खोल दी...

अपने सामने निष्कलिका को खुद को घूरता देख उसने ये सवाल किया था........

निष्कलिका- देख रही हूँ की काबिलियत तोह है tumeme....warna इतने सशक्त काल रक्षक ( काले धुंए ) तुम्हारे शरीर में नहीं बास्ते...

वैसे क्या नाम बताया था तुमने अपना???

अननोन- मैडोक्स..................

जी हाँ doston,ASMODEUS ने मैडोक्स को निष्कलिका के पास hi भेजा था..........

निष्कलिका- haan,MADDOX............par एक बात batao,tumhare गृह पर सबके नाम इतने अजीब क्यों होते हैं.......

MADDOX........!!!DIGVIJAY.............ye भी भला कोई नाम हुआ???????

मैडोक्स- हहहहहहह................

निष्कलिका की बात सुनकर मैडोक्स को हसी आ गयी.........

पर निष्कलिका को मैडोक्स का यूँ हसना पसंद नहीं आया.........

निष्कलिका- मैंने क्या कोई मज़ाक किया है जो तुम है रहे हो........?????

मैडोक्स- मज़ाक hi तोह hai..hamare प्लेनेट के नामो पर सवाल उठाने से पहले तुमने कभी अपने नाम के बारे में सोचा है.....

अगर तुम हमारे प्लेनेट में किसीके सामने अपना नाम बोलोगी तोह उन्हें लगेगा की तुम कोई नाटक मंडली का किरदार हो........

मैडोक्स की बात ने निष्कलिका के ग़ुस्से पर आग में घी का काम किया....

दिग्विजय के हिस्से की पावर को भी पाकर निःकालिका का घमंड सातवे आसमान पर पहुँच चूका था....

ऐसे में किसीका उसके नाम का मज़ाक उड़ाना उससे बिलकुल पसंद नहीं आया...

निष्कलिका- अपनी ज़ुबान को लगाम दो MADDOX..tumhe पता भी है की तुम किसके नाम का मज़ाक उदा रहे हो??????

मैडोक्स- यही बात तुम पर भी लागु होती NISHKALIKA.mere और मेरे भाई के नाम का मज़ाक उड़ने से पहले तुम्हे भी यही सोचना चाहिए था............

निष्कलिका- हम निष्कलिका hain.......kaali शक्तियों की MALIKA....hum जिससे chaahen,jo chaahe,wo बोल सकते हैं.....

मैडोक्स- ग़लतफहमी है tumhari...tum जिस ताकत का घमंड कर रही ho,uska आधा हिस्सा मेरे भाई की दी हुई तुम्हे भीक है....

मैडोक्स की बात सुनकर निष्कलिका के सब्र का बाँध को झकझोर दिया था....

पर निष्कलिका जानती थी की मैडोक्स उसके पास डेविल लार्ड के कहने से आया है इसीलिए वो उससे मार नहीं सकती थी......

निष्कलिका- बोहोत घमंड है ना तुझे अपनी ताकत par.....aur होगा भी क्यों nahi,DEVIL लार्ड का सहारा जो मिला है तुझे........

मैडोक्स- एक और galatfehmi.......chalo,kamsekam तुम्हारे इस ग़लतफहमी को तोह मई दूर कर hi सकता हूँ...

chalo,ek छोटा सा युद्ध करते hain.agar तुमने मुझे हरा दिया तोह मेरा सर तुम्हारे आगे झुक जाएगा पर अगर तुम हारी तोह तुम्हे मेरे आगे झुकना होगा.......

निष्कलिका- मंज़ूर है...........

निष्कलिका ने अपना राइट हैंड एक बार गोल ghumaya,jis गार्डन में इस वक़्त निष्कलिका और मैडोक्स खड़े the,uske चारो तरफ एक स्ट्रांग शील्ड बन गया.......

निष्कलिका- तोह शुरू करें????

मैडोक्स ने कुछ कहा नहीं बस अपनी आँखें बंद कर कुछ बुदबुदाया.......

भूमिएम खननम करोति.....

लैंड डिग्गिंग..........

मैडोक्स के मंत्र उच्चरित करते hi निष्कलिका के नीचे की ज़मीन दोनों तरफ से हलकी खिसक गयी.......

पर ये क्या!!!!!!!????????

निष्कलिका के पेअर ज़मीं के खिसकने से बिलकुल भी नहीं डगमगाए.......

वो वहीँ मुस्कुराती हुई कड़ी रही...

मैडोक्स ने जब निष्कलिका के पैरों की तरफ देखा तोह उससे पता चला की निष्कलिका हलकी हवा में उठी हुई है..

जब पेअर hi ज़मीं पर नहीं hain,toh ज़मीं के खिसकने का निष्कलिका पर असर कैसे होता...............

भूमिएम शक्ति शाश्त्र रोपणः.....

लैंड्स पावर आर्म्स लूसे.............

ये स्पेल मैडोक्स ने नहीं निष्कलिका ने बुदबुदाए थे................

निष्कलिका के स्पेल बोलते hi वो ज़मीन जो दोनों तरफ खिसक गयी thi,uske अंदर से सॉलिड मिटटी के बड़ी बड़ी परतें निकल कर मैडोक्स की तरफ गयी.......

पर वो मिटटी की साड़ी परतें अपने अंदर लोहे के नुकीले औज़ारों को ढके हुए थी.....

मैडोक्स को ये पता चल गया....

और अगले hi पल मैडोक्स हवा में उछला.......

जितनी भी मिटटी की परतें उसकी तरफ आ रही thi,MADDOX उन सब के ऊपर चलता हुआ आगे बढ़ने लगा.....

पर साथ साथ मैडोक्स ने अपने दोनों हाथों को बारी बारी से आगे की तरफ चलना शुरू किया मानो कुछ फेक रहा हो.........

मैडोक्स के दोनों हथेलियों से उसी तरह के नुकीले औज़ार निकले जैसे उन मिटटी के परतों में छुपे हुए थे और वो सब औज़ार एक के बाद एक निष्कलिका की तरफ बढे.......

निष्कलिका शॉकेड हो गयी........

उसके शॉकेड होने का कारण ये नहीं था की मैडोक्स ने उसके वार को काट दिया बल्कि ये था की मैडोक्स को पता चल गया था की उन मिटटी की परतों के आड़ में निष्कलिका ने उसपर किस चीज़ से वार किया है.....

और उन्ही औज़ारों के वार वो अब उसपे कर रहा था.........

अवरोध........

ब्लॉक...........

निष्कलिका के स्पेल बोलते hi जितने भी औज़ार उसकी तरफ आ रहे थे वो एक अदृश्य लोहे की स्टॉपर से टकराने लगे और नीचे गिर गए....

निष्कलिका और मैडोक्स ने एक पल के लिए एक दूसरे की आँखों में देखा मानो एक दूसरे की ताकत को नाप रहे हों.....

ावण्यति ागकुरा............

कट प्लेट्स.........

ये स्पेल निष्कलिका ने बोलै tha.....SPELL के उच्चरित होती hi मैडोक्स को अपने कानो में कुछ तेज़ तेज़ घूमने का आभास हुआ.....

उसने हर तरफ देखा पर उससे कुछ भी नज़र नहीं आया......

प्रकति करोति..........

ुनफोल्ड...........

जब मैडोक्स को कुछ भी दिखाई नहीं दिया तोह उसने ये स्पेल बोलै.......

स्पेल के उच्चारित होते hi मैडोक्स को अपने चारो तरफ ब्लेड्स दिखने लगे.....

जो गोल गोल घूमते हुए उसकी तरफ आ रहे थे....

ये तोह ाचा हुआ की मैडोक्स ने ुनफोल्ड स्पेल राइट टाइम में बोल दिया क्यूंकि वो ब्लेड्स मैडोक्स के काफी पास आ चुके थे....

ागकुरा विच्छेदका

ब्लेड कटर

मैडोक्स ने तुरंत इस स्पेल को उच्चारित किया....

और TANNNNNNNNNNNNN...................

निष्कलिका के छोड़े गए अदृश्य ब्लेड्स मैडोक्स से बस 1 फ़ीट hi दूर थे..

मैडोक्स के स्पेल उच्चारित करते hi वो सारे ब्लेड्स बीच से काटते चले गए..........

निष्कलिका- bas,bohot हुआ.........

ावपि डायटी.........

स्क्वीज़ आउट.........

निष्कलिका ने अपने दोनों हाथों को आगे कर ताली बजाते हुए इस स्पेल को बोलै था,

स्पेल के बोलते hi मैडोक्स के दोनों तरफ दो काले रेज़ की पर सॉलिड लोहे से भी सख्त दीवाल बन गयी और निष्कलिका के ताली बजाते hi वो दोनों दीवाल तेज़ गति से मैडोक्स की तरफ बढे मानो उससे बीच में पिचकना चाहते हों......

काल चक्रम सववाहिता..........

ब्लैक शादौस अलर्ट..........

मैडोक्स ने अपनी आँखें बंद की और इस स्पेल को उच्चरित किया.......

स्पेल के उच्चारित होते hi मैडोक्स को चारों तरफ से काले धुंए ने घेर लिया मानो कोई चादर खुद को किसीपर ओढ़ा रही हो........

और बूम........................

वो काली रेज़ की दीवाल मैडोक्स के चारों तरफ फैले काली चादर से टकराई और एक कारण भेदी विस्फोट हुआ....

निष्कलिका के बिछाये शील्ड की वजह से इस विस्फोट की आवाज़ और असर तोह न hi किसी को सुनाई di,naa hi किसीको कोई नुक्सान पहुंचा पर शील्ड ज़रूर टूट गयी......

मैडोक्स और निष्कलिका एक दूसरे को आश्चर्य चकित होकर देख रहे थे........

निष्कलिका- adhbhoodh.........kaafi औलोकिक और अविस्मरणीय शक्तियों के मालिक हो तुम....

मैडोक्स- मैंने भी जितना सोचा tha,tum उससे कई गुना ज़्यादा शक्तिशाली हो.......

निष्कलिका- अगर हम दोनों मिल जाएँ तोह इस ब्रम्हांड में राज कर सकते हैं.....

मैडोक्स- ये ब्रम्हांड तोह लार्ड ऑफ़ डेविल्स की मिलकियत hai,mujhe तोह बस अपने भाई के मौत का और खुद का प्रतिशोध लेना है......

निष्कलिका- वो तोह ले hi lenge.....par तब तक तुम मेरे मेहमान हो........

और मई क्या हूँ AAPKI????KABAHI हमे भी तोह याद कर लिया करो......

मैडोक्स ने आवाज़ की दिशा में dekha.aur उससे जो dikha,usse देखकर उसकी नज़र वहीँ ठहर गयी..........

निष्कलिका और मैडोक्स से कुछ hi दूर एक बेइन्तेहाँ खूबसूरत लड़की कड़ी थी....

जो अपने गुलाब सी पंखुड़ियों जैसे होंठों पर मुस्कान लिए निष्कलिका की तरफ आ रही थी.....

निष्कलिका ने भी अपनी बाहें खोल di..dono लड़कियों एक दूसरे के गले लगीं.......

निष्कलिका- MADDOX,isse मिलो.....

ये है ''BHUVIKA''........MERI बेहेन........

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज हॉल

ओह...... माय......... गॉड.........................

जस्ट लुक ात him...............he इस सो सो सो हैंडसम यार..............

आज वैलेंटाइन्स डे hai......actually अभी के टाइम के हिसाब से ये वैलेंटाइन्स इवनिंग है....

जैसा की मैंने बताया की अभी शाम का वक़्त है जो अपने स्वरुप को हौले हौले बदलते हुए रात का रूप ले रही है.......

और अभी अभी जो आपने तारीफें suni.ye हमारे कॉलेज हॉल में मौजूद लड़कियों के मुँह से निकली है...

WAJAH!!!!!!abhi अभी आपके भाई ने हॉल में एंट्री ली hai.........jahan सभी लड़कों ने वेस्टर्न ऑउटफिट पहना हुआ है वहीँ उनके कम्पलीट अपोजिट मई ट्रेडिशनल एथनिक ड्रेस में हूँ.......

ब्लैक कुर्ते पायजामे के ऊपर ग्रेफाइट ब्लैक वैस्ट COAT......aur इस ड्रेस में मई लग कैसा रहा हूँ ये तोह आपको अभी अभी गर्ल्स के रिएक्शन से पता चल hi गया होगा....

वैसे मेरे साथ अलीशा भी थी जिसने रेड पॉलिएस्टर बॉडीकॉन ड्रेस पहनी हुई थी और इस ड्रेस में वो किसी एंजेल से काम नहीं लग रही थी.......

( वैसे थी तोह वो एंजेल HI )

सारे लड़के जिनकी नज़र अभी तक अपनी गफ्स और पार्टनर के होते हुए भी 3 लड़कियों को घूरे जा रही thi,ab उनका डायरेक्शन चेंज होकर अलीशा पे आ गया था........

वैसे तोह सारे स्टूडेंट्स जो इस वक़्त इस हॉल में मौजूद the,wo सब अपने पार्टनर के साथ hi आये हुए थे पर फिलहाल लड़के अलग अपने फ्रंज के साथ खड़े हुए थे और लड़कियां अपने फ्रंज के साथ....

पर मेरा ग्रुप इन्टाक्ट tha.hum दोनों चलते हुए उनके पास चले गए..........

मई- हे guyzzzz,wuz उप......??????

पर मेरे ग्रीट का जवाब देना छोड़ सब साले मुझे ऐसे घूरे जा रहे थे मानो पहली बार देख रहे हो......

मई- अब्बे लड़कियों का तोह ठीक hai,par तुम तीनो लड़के होकर भी मुझे घर रहे हो....!!!

चोइसस तोह नहीं बदल गयी ना तुम्हारी.....?????

विन्सेंट- क्या bhai...tu bhi!!!!!waise कमल लग रहे हो..& ALISHA,u तू अरे लुकिंग वैरी ब्यूटीफुल......

अलीशा- थैंक्स......

रोनित- saale,tu एथनिक में आने वाला था तोह मुझे क्यों नहीं bataya,mai भी एथनिक पेहेन लेता.....

मई- और जो अंजलि ने तेरे लिए ड्रेस ख़रीदा था आज के liye,uska क्या होता????

अंजलि- तुझे कैसे!!!!!!!!

मैडम का पता उनके मुँह में hi रह गया क्यूंकि उन्हें य आड़ आ गया था की गलत बन्दे से गलत सवाल पूछ रही थी वो.......

मई- वैसे तुम तीनो को बता dun,apne अपने पार्टनर्स को छुपा कर rakho,saare लड़को की नज़र इनपर hi है......

रोनित- किसकी मजाल है जो इनको कुछ कर के दिखाए?????

मई- meri.....itni ख़ूबसूरती एक साथ बल्क में देखकर मुझे तोह चक्कर आ रहे हैं....

मेरी बात का असर बस दो लड़कियों पर hi hua,kyunki तीसरी तोह जब से मई आया hun,bas बिना पलकें झपकाए मुझे hi देखे जा रही है.....

अब आप तोह समझ hi गए होंगे की मई किसकी बात कर रहा हूँ....

वैसे हाल तोह मेरा भी अवंतिका को देखकर बुरा हो रहा tha..meri hi तरह उसने भी हमारे देश के सबसे ख़ूबसूरत परिधान को पहना हुआ tha..SAARI......

अवंतिका ने रेड कलर की साड़ी पहनी हुई थी जिसमे वो उस मेनका से काम नहीं लग रही थी जो मेरे जैसे विश्वामित्र की तपस्या को भांग करने में लगी हुई थी...

अगर मेरे अंदाज़ में कहूं तोह.............

जब जब मेरी निगाहें

तुझपे पड़ती है,

तब तब मेरा वजूद

खोता है.....

एक दिन तू मेरी होगी,

ये सोचकर hi मुझे

अपने किस्मत पे

रस्क होता है......

मेरी नज़र जैसे hi अवंतिका की घूरती हुई नज़र पे padi,usne अपनी नज़रें घुमा ली.....

तभी उसके पास कड़ी अंजलि ने उसके कान में कुछ बोलै और शामे मेस्सगे अवंतिका ने शनाया को पास kiya.teeno ने हमे एक्सक्यूज़ में बोलै और कहीं निकल गयी....

रोनित- अब ये सब कहाँ जा रही हैं???

मई- वाशरूम..........

रोनित- bhai,susu तोह मुझे भी बड़ी ज़ोर की लग रही hai...kabse कण्ट्रोल करके रखा हूँ..

मई- चल फिर...

मैंने अलीशा को एक्सक्यूज़ में कहा और रोनित के साथ चल पड़ा...

गर्ल्स लो और बॉयज लू आमने सामने hi tha..ladkyan तोह गर्ल्स लू में जा चुकी thi,RONIT भी men's लू में घुस गया और मई बहार खड़ा मोबाइल कोचकने लगा.....

की तभी.............

तुम यहाँ.........

मैंने मोबाइल से नज़र हटा कर सामने देखा जहाँ अवंतिका कड़ी मुझे घर रही थी......

मई- nahi,ye तोह मेरा भूत hai..mai तोह अभी भी हॉल में hi हूँ..........

ावनतिका- तुम naa,ekdum अजीब ho..koi भी सवाल का सीधा सा जवाब नहीं देते..

मई- जब सवाल hi टेढ़ा मेधा होगा तोह जवाब सीधा कैसे dun....dekh कर भी पूछती की तुम यहाँ????

अवंतिका- तुम naa,bohot बदल गए हो???

मई- हम्म.....

अवंतिका को लगा की मई उससे कैसे पूछूंगा पर मैंने हम्म कहा तोह उससे शॉक लगा....

अवंतिका- क्या hmm???matlab तुम्हे पता है की तुम बदल गए हो!!!!!

मई- नहीं....

अवंतिका- तोह हम्म क्यों कहा????

मई- क्यूंकि तुम्हारा सवाल hi गलत hai.hum तोह वैसे hi है जैसे the,shayad तुम्हारे मुझे देखने का तरीका बदल गया है...

मेरी बात सुनकर अवंतिका हड़बड़ा गयी..

अवंतिका- मतलब????

मई- खुद से pucho...wahin से इस सवाल का बेटर जवाब मिलेगा.......

वैसे सवाल पूछने के अलावा तुम्हे और किसी चीज़ में इंटरेस्ट है????

अवंतिका धीरे से- तुम में......

मई- मैंने सुन लिया......

अवंतिका- kya,kya सुन लिया????

अवंतिका मेरी बात सुनकर दर गयी थी...

मई- फ्लश की awaaz..lagta है रोनित हल्का हो गया है.........

अवंतिका- chiii...kuch भी ना.......

पर तभी मेंस लू और GIRL'S loo.dono का दरवाज़ा एक साथ खुला और मेरे सारे फ्रंज बाहर आ गए...

मई- तुम सबने डीडे किया था की एक साथ बाहर आओगे........

रोनित- बकवास बंद कर बे......

अंजलि- अपनी पार्टनर को अकेला छोड़कर यहाँ क्या कर रहा है तू..

अलीशा की बात सुनकर अवंतिका फिरसे साद हो गयी.....

मई- तेरे b.f की chowkidaari.......ab चलें...

हम सब हॉल की तरफ चल pade.par हमारे हॉल में पहुँचते hi हमारे आज की शाम की ANCHOR...MISS शैफाली भी स्टेज पर आ चुकी थी......

शैफाली- hello,everybodyyyyyyyyyy.....sabse पहले ा वैरी हैप्पी वैलेंटाइन्स डे तो आल ऑफ़ ु.....

सो आज का ये कांटेस्ट शुरू करें?????

सब यस यस की हूटिंग करने लगे.....

शैफाली- ऑलराइट then....sabse पहले मई आपको बता दूँ की आज के हमारे कांटेस्ट को जज कॉमर्स के फाइनल ईयर के कुछ स्टूडेंट्स करेंगे....

नाउ किंग बैक तो थे contest,aaj के कांटेस्ट को 3 राउंड्स में डिवाइड किया गया है....

1सत राउंड में आप सब को अपने पार्टनर्स के साथ स्टेज पर आकर रैंप वाक करना होगा..

आप सब में से बेस्ट 4 कपल्स को चुना जाएगा.....

और उसके बाद..............

अब इतनी भी क्या जल्दी hai..........pehle फर्स्ट राउंड तोह पूरा कर लें....

COUPLES,what अरे ु वेटिंग 4........के उप & सेट थे स्टेज ों फायर.........

हम सब अपने अपने पार्टनर्स के साथ एक एक करके रैंप वाक करने लगे....

अंजलि और रोनित के रैंप वाक करते वक़्त काफी हूटिंग हुई और शामे शनाया और विन्सेंट के वाक करने पर भी हुआ....

सेकंड लास्ट जोड़ी अवंतिका और उत्कर्ष the.....AVANTIKA ने एक बार मेरी तरफ देखा फिर आगे निकल गयी......

वो तोह आगे निकल गयी पर मेरे दिल और दिमाग में उस दर्द और शिकायत को छोड़ गयी जो मुझे देखते वक़्त उसके आँखों में थी...

दर्द इस बात का की मई उसके साथ नहीं हूँ और शिकायत इस बात की की मई क्यों उसके साथ नहीं हूँ......?????

तेज़ हुटिंग्स और तालियों से मेरी सोच tooti...ye हूटिंग अवंतिका और उत्कर्ष के लिए हो रही thii.....ab तक की सबसे तेज़ हूटिंग.......

और अब बस मई और अलीशा बचे थे...

मैंने उसका हाथ थामा और हम स्टेज पर चढ़ gaye.hum जैसे जैसे आगे जा रहे the,hall स्टूडेंट्स के शोर से गूंजे जा रहा था...

शायद hi ऐसा कोई उस हॉल में मौजूद होगा जिसने मेरे आल अलीशा के वाक पर शोर नहीं मचाया होगा....

फाइनली हमारी वाक ख़त्म हुई और हम सब अपने फ्रंज के पास जाकर खड़े हो गए....

हम सबने एक दूसरे को कॉंग्रट्स kaha..AVANTIKA अब भी रह रह कर मुझे देखे जा रही थी....

मई धीरे से चलते हुए उसके पास गया..

मई- उदास हो....

अवंतिका- नहीं तोह...

मई- मई पूछ नहीं raha,bata रहा hun..par फ़िक्र मत karo,is कांटेस्ट के ख़त्म होते तक तुम्हारे चेहरे की मुस्कान लौट आएगी.....

मई अवंतिका को बोल लौटकर अपनी जगह पर खड़ा हो गया.......

वहीँ अवंतिका तोह मेरी बात का मतलब समझने की कोशिश कर रही थी...

शैफाली- तोह जैसा की मैंने कहा था की आप में से बेस्ट 4 को चुना jaayega...toh मेरे पास बेस्ट फाइव का नाम आ चूका hai...aur वो नाम हैं.......

अंजलि & रोनित...........

शनाया & विन्सेंट........

अवंतिका & उत्कर्ष.......

अलीशा & विक्रम........

हम सब के नाम अनाउंस होते समय हॉल एक बार फिर से तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा............

शैफाली- तोह doston..........ab है टाइम सेकंड राउंड का..............

पर यहाँ एक ट्विस्ट hai.......humare पास एक बाउल है जिसमे हमने पहले से hi इन चार जोड़ियों ka....oh सॉरी सॉरी इन 8 स्टूडेंट्स का नाम लिख लिया है....

आप सब यही सोच रहे होंगे की मैंने इन सब को 4 जोड़ियां न कहकर 8 स्टूडेंट्स क्यों कहा????

तोह वो इसीलिए दोस्तों की इस राउंड में एक ट्विस्ट hai..waise तोह एक ट्विस्ट और भी है पर उसके बारे में आ सब को लास्ट में मालुम पड़ेगा...

फ़िलहाल के लिए इस राउंड के ट्विस्ट के बारे में बात करते हैं.......

इस राउंड में ये सब यहाँ ऊपर आएंगे और हर कपल में से एक बाउल से एक चित nikalenge...jiske हाथ में जिसके भी नाम का चित hoga,usse ये दूसरा राउंड उसके साथ hi पूरा करना होगा....

अगर आपके चित में आपके पार्टनर का hi नाम हुआ तोह फिर तोह आप लकी है और अगर नहीं तोह जिसका भी नाम hoga,wahi आपका इस राउंड के लिए पार्टनर होगा....

तोह लेटस बिगिन............

इस राउंड एक बारे में सुनकर जहाँ सारे स्टूडेंट्स खुश हो गए थे वहीँ सारे कपल्स थोड़े नर्वस.....

हम सब ऊपर स्टेज पर आ gaye...hum सब लड़कों ने गर्ल्स को चिट्स ुतःने के लिए कहा

अंजलि ,शनाया, अवंतिका और अलीशा ने चित उठाये.....

अंजलि के चित में विन्सेंट निकला...

शनाया के चित में उत्कर्ष निकला....

अलीशा के चित में में रोनित निकला.....

और अवंतिका के चित me......ab बचा hi कौन मेरे alava......MAI hi निकला......

शैफाली- fantastic.....toh हमारे पास हमरे नई फ्रेश पार्टनर्स hain......toh गेम शुरू करते हैं.....

जहाँ मेरे बाकी के फ्रंज के मुँह लटक गए थे वहां एक चेहरा खिल गया tha....aap सब तोह जानते hi हो की किसकी बात हो रही है....

शैफाली- तोह टास्क के बारे में भी बता देती हूँ...........

काफी सिंपल hai...........aap सब में से एक अपने बारे में एक सवाल पूछेगा और उसके पार्टनर को जवाब देना होगा....

सवाल कुछ भी हो सकता hai..apne fav.cheez के बारे में भी या फिर अपने होब्बीएस के या फिर अपने nature,character या फिर ऐटिटूड के बारे में भी....

सामने वाले को उसका जवाब देना hai......total 5 सवाल पूछे jaayenge.jiske जवाब सबसे ज़्यादा राइट होंगे वो टीम जीत जायेगी.......

ये पॉइंट जीतने वाली टीम की ओरिजिनल जोड़ियों को मिलेगी.....

सो गुइज़ रेडी........

रोनित- एक मिनट...

रोनित उठ कर मेरे पास आया और मेरे कान में बोलै....

रोनित- साले tu,apne पावर्स का उसे नहीं karega....sawal तू पूछेगा ,जवाब अवनि degi..thik है......!!!!

मई- तू वहीँ बैठे बैठे अगर ये मन में भी सोच लेता न तोह मुझे पता चल जाता.....

रोनित- अरे हां yaar.chal छोड़ ....बस तू ध्यान रखियो......

रोनित अपनी जगह पर काकर बैठ गया और फिर हुआ हमारा ये टास्क.......

शैफाली सवाल पूछने वाले से पहले से hi उसके सारे सवाल और उसके अंसवेरस लिखवा कर अपने पास रख लेती थी ताकि बाद में कोई चीटिंग ना हो......

पर जैसे की सबको उम्मीद thi,kisi ने भी अपने पार्टनर के सवालों का सही जवाब नहीं दिया..

यहाँ मई आपको बता दूँ की मैंने सत सकीला और सत अल्फ़्रिक को भी अपने पावर को उसे करने के लिए मन किया हुआ था......

और अब बारी थी मेरी और अवंतिका की...

शैफाली- तोह जैसा की हम सबने देखा है की अभी तक किसी भी जोड़ी ने एक भी सही जवाब नहीं दिया है.....

पर अब है हमारे सामने हमारी लास्ट जोड़ी...& गुइज़ ये दोनों मेरे पर्सनल फावस. भी hai.SECRILLA एडवेंचर में इन दोनों ने एक गेम में इतना बेहतरीन परफॉरमेंस दिया था की क्या बताऊँ....

उम्मीद है की आज भी ऐसा hi कुछ होगा..

so,sawaal कौन पूछ रहा है????

मई- मई पूछूंगा.....

मेरी बात सुनकर अवंतिका नर्वस हो गयी.........

अवंतिका धीरे से - बूत V.J,mujhe तुम्हारे बारे में कुछ भी नहीं पता.....

मई- मेरे सवालों को सुनना mat,mehsoos karna..apni आखें बंद कर जो भी तुम्हे महसूस ho,wo बोल देना......

अवंतिका को मेरी बात ठीक से समझ तोह नहीं आयी पर उसने हाँ में मुंडी हिलाड़ी....

मैंने भी बाकियों hi की तरह अपने सवाल और उनके जवाब लिखकर शैफाली को दे दिए..

शैफाली- ok guys,shoot....

मैंने अवंतिका को अपनी आँख बंद करने का इशारा kiya,AVANTIKA ने अपनी आँखें बंद कर ली......

मई- मेरा फव कलर????

अवंतिका जिसकी आँखें बंद thi,uske आँखों के सामने रेड कलर आ गया....

AVANTIKA-RED...........

मई- मेरे इंस्पिरेशन......

अवंतिका के सामने एक तस्वीर उभरी.....

अवंतिका- तुम्हारे डैड.......

मई- सक्सेस और दोस्तों में से अगर मुझे किसी एक को चुनना पड़े तोह मई किस्से चुनूंगा????

अवंतिका- दोस्तों को........

अवंतिका के जवाब को सुनकर मेरे दोनों दोस्तों का दिल भर आया था पर उन्होंने अपने इमोशंस को कण्ट्रोल कर लिया.....

मई- हर इंसान को एक चीज़ है जो मई बराबर देता hun,wo क्या है????

अवंतिका- इज़्ज़त...........

मई- सब कुछ है मेरे paas,fir भी एक चीज़ किम कमी hai,wo क्या है????

AVANTIKA-MOHOBBAT.........

शैफाली- OH,MY,GOD............saare अंसवेरस सही hain...i mean,how????????unbelievable.........hats ऑफ अवंतिका........

guys,give थे विनर्स ा बिग hand.....ek बार फिर हर तरफ हूटिंग और क्लैपिंग शुरू हो गयी..........

हमारे दोस्तों ने भी हमे गले लग कर कॉंग्रट्स किया....

शैफाली- अब बारी है हमारे लास्ट & फाइनल राउंड ki....toh इसके बारे में तोह सबको पहले से बता दिया गया tha,par जो भी बताया गया tha,wo आधी बात थी....

और नाकि की आधी बात ये है की आप सब अपने पार्टनर्स के साथ एक एक करके डांस नहीं करेंगे...

आप सब के सिलेक्टेड सांग्स की c.d को हमने मर्ज करके एक सांग में कन्वर्ट कर दिया hai.....aur साथ hi आखरी में एक छोटा सा म्यूजिक बीट हमने अपनी तरफ से भी ऐड किया है...

आप सभी अपने पार्टनर्स के साथ एक साथ स्टेज पर aayenge..jab जब जिसके भी सिलेक्टेड सांग का म्यूजिक bajega,usse डांस करना होगा..

और आखरी म्यूजिक बीट पर आपको तुरंत इम्प्रोविसे करके डांस करना होगा.......

तोह शुरू करें.....

हम चरों कपल्स स्टेज पर आ गए.....

सूरज हुआ मद्धम

चाँद जलने लगा.....

आसमान यह हाय

क्यों पिघलने लगा.....

इसी सांग के साथ अंजलि और रोनित ने स्लो रोमांटिक डांस शुरू किया........

दोनों एक स्टेप्स इतने अचे नहीं the,par दोनों के बीच की केमिस्ट्री और फील इतना नेचुरल था की सबके सब मंत्रमुग्ध से होकर दोनों को देखने लगे...

अभी उन्हें डांस करते हुए 2 मिनट भी नहीं हुआ था की सांग चेंज हो गया और अब शनाया और विन्सेंट ने पहली नज़र में कैसा जादू कर दिया सांग पर डांस करने लगे............

वो दोनों भी मुश्किल से 2 मं hi डांस कर पाए थे की इतने में थर्ड सांग बज उठा और अब अवंतिका और उत्कर्ष स्टेज के सेंटर में थे....

तेरा होने लगा HUN.KHONE लगा HUN.,song को पूरी तरग से जस्टिफाई करते हुए दोनों डांस करने लगे..

पर ज़्यादातर स्टेप्स करते हुए अवंतिका की नज़र मुझपे hi थी जिससे उत्कर्ष ने भी देख लिया था और उसके चेहरे पर भी मुस्कराहट थी....

और अगले 2 मिनटों के बाद स्टेज पर मई और अलीशा आ गए...........

एक दिन तेरी राहों में

बाहों में पनाहों में

आऊंगा.......

खो जाऊँगा.....

एक दिन तेरा

हो जाऊँगा.....

इस एपिक गाने को हम दोनों के डांस ने और एपिक बना दिया......

क्यूंकि मई और अलीशा सालसा कर रहे the,isiliye हमारा हर movement,har स्टेप बोहोत ज़्यादा सेक्सी और सेन्सुयस लग रहा था....

इतनी देर से खुश हो रही अवंतिका का चेहरा एक बार फिर से मुरझाने लगा पर तभी.......

गाना चेंज हो गया.............

और अब जो म्यूजिक बज रहा था वो तोह इस सदी के सबसे रोमांटिक ट्रैक का म्यूजिक था..........

हम तेरे बिन अभी रह नहीं सकते,

तेरे बिना क्या वजूद मेरा......

तुझसे जुड़ा गर हो जाएंगे

तोह खुद से HI हो जाएंगे जुड़ा.....

गाना जितना भी रोमांटिक क्यों ना ho,steps तोह आने hi चाहिए न उसपे ग्रूव करें के लिए..

अब ये कोई शादी का फंशन तोह था नहीं की किसी भी म्यूजिक पर सपेरा डांस शुरू कर दें..

मेरे सारे फ्रंज नर्वस हो गए क्यूंकि ये सब उनके लिए अनएक्सपेक्टेड था......

नीचे से सारे स्टूडेंट्स जो अभी तक हम सब को चीयर कर रहे थे अब बू बू करके हमारा मज़ाक उड़ने लगे.............

की तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ की सब चुप हो gaye..........sirf 1 आवाज़ आ रही थी.....

म्यूजिक की...

और स्टेज के बीच एक कपल एक दूसरे को थामे हुए हर सेकंड एक ऐसा रोमांटिक मूव कर रहा था की देखने वालों के दिल hi दिल में आह निकल जा रही थी.....

ये कपल और कोई नहीं मई और अवंतिका थे.............

हुआ ये मेरे दोस्तों के नर्वस चेहरों एक बीच बस एक चेहरा ऐसा था जिसके चेहरे पर नर्वस्नेस नहीं बल्कि मायूसी दिख रही थी...

ये चेहरा अवंतिका का था जो मेरी तरफ एक तक देखे जा रही थी मानो कह रही हो की अगर तुमने मुझे चुना होता तोह यूँ बीच में रुकना न पड़ता.......

उसकी आँखों में एक इल्तेजा थी जो कह रही थी की अब भी देर नहीं हुई hai.....ek baar,bas एक बार मुझे pukaron,mai तुम्हारे आधे लिखीं शायरी को पूरा कर दूंगी.....

एक बार अपना हाथ badhao,fir dekho,ye गाना अपने शब्दों के ज़रिये हमारी कहानी बताएगा........

और ,मैंने अवंतिका की दिल की आवाज़ सुन ली और अपना हाथ आगे कर दिया और अवंतिका ने भी बिना देर किये मेरा हाथ थाम लिया......

सारे स्टूडेंट्स के लिए ये बस एक ख़ूबसूरत सा डांस tha,mere दोस्तों की नज़र में हम उनकी इज़्ज़त बचा रहे the,par हम दोनों के लिए तोह ये पल अपने सपने को अपने हक़ीक़त से मिलाने की शुरुआत थी.......

सांग कब ख़त्म हुआ हमे मालुम hi नहीं chala...ye तोह स्टूडेंट्स का शोर और तालियों की गड़गड़ाहट थी जिससे हम दोनों होश में आये..

हमने सबको थैंक्स कहा और अपने दोस्तों एक पास आ गए............

हमारे दोस्त हमारे डांस की तारीफ़ कर रहे the,unka पोपट होने से बचने के लिए थैंक्स कह रहे the,par नजाने kyun,mere और अवंतिका के कानों में अब तक एक दूसरे की तेज़ साँसों की आवाज़ गूंज रही थी.......

शैफाली- wow,what ा performance.yaar सच सच batao,kahin से हमारे प्रोग्राम के सीक्रेट्स लीक तोह नहीं हो गए naa.i mean,such ा स्मूथ डांस एक्ट..

लग hi नहीं रहा था की अभी अभी इम्प्रोविसे किया है.....

anyways,jaisa की मैंने कहा था की अभी एक ट्विस्ट और है तोह वो ट्विस्ट अब डिस्क्लोसे होने वाला है......

ट्विस्ट ये था की आज के मर वैलेंटाइन और मिस वैलेंटाइन का सिलेक्शन सेकंड राउंड के टास्क और लास्ट राउंड के लास्ट सांग को देखकर किया जाने वाला था.....

सो guyz,mere पास इस साल के मर वैलेंटाइन और मिस वैलेंटाइन का नाम आ चूका है,,,,

और वो हैं........................

अन्य गेस guyzzzzzzzzzzzzz....

हर तरफ दो नाम गूंजने लगे.........

शैफाली- ु आल अरे अब्सोलुतेल्य राइट guyssss..........this year's मर & मिस वैलेंटाइन अरे

विक्रम & अवंतिका ........

हम दोनों का नाम आते hi मेरे दोस्त मेरे और अवंतिका पर कूद गए.....

उनसे फ्री होकर मई और अवंतिका स्टेज पर गए और अपनी वैलेंटाइन्स ट्रोपी लेने के लिए हाथ बढ़ाया hi था की शैफाली ने अपना ट्रॉफी वाला हाथ पीछे खिंच लिया...

शैफाली- ऐसे nahi..........pehle कुछ हो जाए.....

मई- ट्रॉफी दोनों की hai,toh बोलना भी दोनों को पड़ेगा......

मैंने अवंतिका की तरफ देखते हुए बोलै...

शैफाली- ये की ना पते की बात.......

थें व्हाट अरे वे वेटिंग फॉर???

शैफाली ने मेरी तरफ माइक कर दिया.......

मई- मई जो भी लाइन bolunga,tumhe उससे पूरी करनी होगी....

अवंतिका ने बस अपनी पलकों को नीचे कर हामी भर दी...

मई- जब दिमाग शांत हो,

पर दिल में बेचैनी हो,

जब सच लग रही साड़ी

ग़लतफहमी हो,

अवंतिका- "HAAN,WAHI प्यार है"....

MAI-JAB तनहा खामोश रातें हों,

पर कानो में एक शोर मच जाए,

अवंतिका- जब साड़ी दुनिये में धुप खिले,

बस खुदके ऊपर HI बादल गरज जाए,

मई- जब सीधे चलने वाले कदम,

अचानक से बहक जाए,

अवंतिका- धूल से भरे रास्ते,

उनके एहसास में,

खुसबू से महक जाए....

मई- वो एहसास जो होता सिर्फ एक बार है,

अवंतिका- " हाँ वही प्यार है"....

मई- जब दोस्तों की महफ़िल में,

उनके नाम से बिकने लगे....

अवंतिका- तेहज़ीब के रंग में ढल,

"उनके" तौर तरीके सिखने लगे.

मई- जब वही पुराण चाँद कुछ,

ज़्यादा खूबसूरत दिखने लगे...

अवंतिका- जब कलम हाथ पकड़,

खुद बी खुद ग़ज़ल लिखने लगे...

मई- वो एहसास जो होता सिर्फ एक बार है,

अवंतिका- " हाँ वही प्यार है "....

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V.J.......

 
थैंक्स फ्रेंड्स 4 थिस ओवरव्हेल्मिंग response...aaj मुझे ये सब लिखने में वाकई काफी दिमाग खर्च करना पड़ा था पर आप सब के रिस्पांस को देख कर सब कुछ वसूल हो gaya...frnz,mai एक हफ्ते तक कोई भी अपडेट नहीं दे paaunga......mere एक रिलेटिव की डेथ हो गयी hai,isiliye मुझे उनके शहर जाना पद रहा hai.mai अभी hi निकल रहा hun....baad में नहीं बता पाऊंगा इसीलिए अभी बता diya.agla अपडेट नेक्स्ट मंडे को जो शायद 4तह फेब hai,tab aayega....sorry frnz,par बूत ी can't हेल्प आईटी......
 
अब तक आपने पढ़ा की मैडोक्स और निष्कलिका में युद्ध होता है जिसका कोई निष्कर्ष नहीं निकलता वहीँ विक्रम और अवंतिका को मर & मिस वैलेंटाइन का ख़िताब मिलता है...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-71

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- पैलेस गार्डन

ये कैसा लड़का HAI?????DIN भर या तोह युद्ध कला का प्रशिक्षण करता रहता है या फिर ध्यान में बैठा रहता है...!!!

सुबह का वक़्त hai......MADDOX निष्कलिका के महल के बाहर बने गार्डन में ध्यान अवस्था में बैठा हुआ है........

सुबह सुबह भुविका जब सैर करने निकली थी तोह उसने मैडोक्स को गार्डन में hi तलवार और अन्य शास्त्रों का अभ्यास करते हुए देखा था..

और पुरे 2 घंटे बाद जब वो लौटी तोह उसने मैडोक्स को ध्यान की अवशता में बैठे हुए देखा.......

कहानी को आगे बढ़ने से पहले चलिए पहले हमारे नए पर फ्यूचर के एक इम्पोर्टेन्ट करैक्टर के बारे में जान लेते हैं....

''BHUVIKA''.........jitna अध्भुध और अलग ये नाम है उतनी hi अलग और चार्मिंग इस नाम के अधिपति का व्यक्तित्व भी है......

ये तोह आप सब को पता hi है की भुविका निष्कलिका की छोटी बेहेन है........

पर इसका नेचर और करैक्टर निष्कलिका के बिलकुल अपोजिट है............

जहाँ निष्कलिका क्रूर है वहीँ भुविका बोहोत कोमल है.....

न तोह कोई chhal,nahi कोई kapat,ek दम साफ़ सुथरी दिल की ladki..............waise तोह निष्कलिका खुद काली शक्तियों का एक बोहोत बड़ा श्रोत है और उससे अचे और सच्चे लोगों से नफरत है........

पर वो अपनी बेहेन जो की एक नेक दिल लड़की hai,uspar जान छिड़कती hai..usne खुद hi अपनी बेहेन को अपनी काली शक्तियों के प्रभाव से दूर रखा है.......

निष्कलिका तोह अपने गृह को छोड़ शक्ति की तलाश में ग्लूटो आ गयी पर भुविका अपने गृह पर hi रही.....

निष्कलिका ने ग्लूटो की महारानी बनाने के बाद भी भुविका को खुदसे दूर hi रखा ये सोचकर की कहीं उसकी बेहेन उसकी सांगत में रहकर उसी की तरह क्रूर ना हो jaaye......BHUVIKA बीच बीच में अपनी बेहेन से मिलने ग्लूटो आया करती है....

ऐसा नहीं था की भुविका को निष्कलिका की सच्चाई पता नहीं thi,BHUVIKA को सब कुछ पता tha,par वो अपनी बेहेन से इतना अधिक प्रेम करती थी की उससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता था........

उन दोनों के माँ बाप के गुज़र जाने के बाद जिस तरह निष्कलिका ने उसकी पूरी ज़िम्मेदारी उठायी thi,usse उसके दिल में अपनी बड़ी बेहेन के लिए माँ का स्थान बना लिया था.....

वैसे तोह भुविका एक सॉफ्ट हेअरटेड चुलबुली सी सबको हँसाने वाली लड़की thi,par अगर बात उसकी बेहेन की हो तोह वो सब सही गलत भूल जाती थी......

उसके लिए उसकी बेहेन hi सही थी और वो उसके खिलाफ कुछ भी नहीं सुन सकती थी....

अब ये ऐटिटूड क्या रंग लाता hai,ye देखना मज़ेदार रहेगा.......

फ़िलहाल के लिए कहानी में वापस चलते हैं...

भुविका ने जो कहा tha,MADDOX ने उससे ध्यान अवस्था में होते हुए भी सुन लिया था....

मैडोक्स ने अपनी आखें खोल दी.......

मैडोक्स- अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लगातार अभ्यास करना गलत तोह नहीं है.....???

भुविका मैडोक्स के यूँ अचानक आँख खोलने और उससे बात करने से हड़बड़ा गयी........

भुविका- आप तोह ध्यान अवशता में थे naa,fir आपने मेरी बात कैसे suni.didi तोह कहती हैं की ध्यान अवशता में हमारा संपर्क बाहरी दुनिया से टूट जाता है....

मैडोक्स- तुम्हारी दीदी सही कहती hain......par एक सच और hai........jiske बारे में शायद तुम्हारी दीदी तुम्हे बताना भूल गयीं!!!!!

भुविका- मेरी दीदी कभी कुछ नहीं भूलती hai.....zaroor आपको hi ध्यान में बैठना नहीं आता होगा....

भुविका के अपनी दीदी के बारे में बात करते वक़्त मैडोक्स ने उसकी आँखों में एक ज़िद dekhi,jisse वो समझ नहीं पाया पर कोई और था जो समझ गया था..........

मैडोक्स- मई जब भी ध्यान में बैठता हूँ तोह मेरे काल चक्र आस पास की हर गतिविधि पर ध्यान देते हैं....

और तुम्हारे आते hi मेरे काल चक्र ने मुझे बता दिया था की तुम मेरे सामने हो इसीलिए मैंने तुम्हारी आवाज़ सुन ली......

भुविका- हाँ तोह वो आपने खुद hi अपनी सुरक्षा के लिए किया है naa,isme भूलने वाली कौन सी बात है....

मेरी दीदी सबकुछ जानती है पर मुझे जितना बताना चाहिए ,वो उतना hi बताती हैं....

निष्कलिका- अरे waah,aap तोह काफी समझदार हो गयी hain,lagta है आपके विवाह का समय आ गया है......

भुविका ने पलट कर dekha,jahan उसकी दीदी उसकी तरफ आ रही थी.....

भुविका- मई कोई शादी वादी नहीं करने waali,bata देती हूँ........

निष्कलिका- और वो भला क्यों????

भुविका- 2 बातें hain.pehli तोह ये की मुझे अभी तक कोई पसंद नहीं आया है......

निष्कलिका- और दूसरी??????

भुविका- मई किसी और के घर कभी नहीं jaaungi......mai आप के पास hi रहूंगी.....

मैडोक्स- पर शादी के बाद तोह पति का घर hi तुम्हारा घर होगा ना......!!!!!!!

अभी निष्कलिका कुछ कहती उससे पहले hi मैडोक्स ने अपनी बात कह दी..........

निष्कलिका को मैडोक्स की आँखों में ये बोलते वक़्त एक जिज्ञासा दिखी थी जिसका मतलब वो अछि तरीके से समझती थी.....

निष्कलिका- kyun????shadi एक बाद पति का घर की लड़की का घर क्यों होगा????

मैडोक्स- arre.ye रिवाज़ सो सदियों से चला आ रहा है?????

निष्कलिका- चला नहीं आ रहा hai,tum मर्द ज़ात ये रिवाज़ सदियों से चलते चले आ रहे हो....

और क्यूंकि औरतों में इतनी हिम्मत नहीं की इस दकियानूसी रिवाज़ के खिलाफ कुछ bolen,isiliye ये बकवास प्रथा आज भी कायम है.....

पर भुविका निष्कलिका की बेहेन hai.kisi प्रथा ki,kisi मर्द की इतनी औकाद नहीं जो निष्कलिका की बेहेन को अपने हिसाब से चला सके......

जिस भी लड़के को हमारी बेहेन पसंद करेगी उससे यही हमारे साथ रहना hoga....aur वो भी हमारे बेहेन के हिसाब से......

मैडोक्स- कोई भी ाचा और योग्य लड़का इसके लिए कभी भी नहीं मानेगा....

निष्कलिका- yogya???????apne पुरुषार्थ को प्राथमिकता देना कहा से एक योग्य पुरुष की निशानी हो गयी.......

ये बस एक घटिया सोच है जो सदियों के इस रूडी वादी मिथ्या को पुरुष के दिमाग ने सत्य का रूप दे दिया है...

पर निष्कलिका की बेहेन किसी भी सोच के बंदिश में नहीं aati..uski शादी उसीकी शर्तों के हिसाब से होगी.....

भुविका- didi.....aapse बेहतर कोई नहीं.....

ये बोलकर भुविका निष्कलिका के गले लग गयी.....

didi,hume आपसे कुछ कहना है!!!!!!!

भुविका की बात ko,actually जिस तरीके से भुविका ने दीदी कहा tha,usse सुनकर निष्कलिका है पड़ी........

भुविका- आप है क्यों रही हैं????

निष्कलिका- क्यूंकि हमें पता है की तुम इस तरीके से तभी बात करती ho,jab तुम्हे कुछ चाहिए होता hai........bolo,kya चाहिए????

भुविका- पहले आप वचन दीजिये की हम जो भी maanenge,aap मन नहीं करेंगे.....

निष्कलिका ने एक पल भुविका की आँखों में देखा और अगले hi पल निष्कलिका के हाथों में एक तलवार चमक उठी.....

निष्कलिका- MADDOX,hamara एक काम करोगे?????

मैडोक्स तोह निष्कलिका के हाथों में तलवार को देखकर hi चौंक गया था...

वो सोच रहा था की अपनी जिस बेहेन से निष्कलिका इतना ज़्यादा प्यार करने का दवा करती hai,uski एक ख्वाहिश पे उससे मरने के लिए तलवार निकल ली.....

मैडोक्स- कैसा काम??????

निष्कलिका- जो भी ख्वाहिश हमारी बेहेन हमारे सामने rakhe,agar हम उस ख्वाहिश को मानने या पूरी करने से मन कर den,toh इस तलवार से हमारा सर काट देना....

मैडोक्स निष्कलिका की बात सुन कर शॉकेड हो gaya...wo क्या सोच रहा था और हो क्या गया......!!!!!!!

वहीँ भुविका अपनी बेहेन की बात सुनकर उसके गले लग गयी.......

भुविका- आप भी ना di,choti सी बात को कितना बड़ा कर देती ho........arre वो तोह मैंने ऐसे hi पूछ लिया tha,mujhe पता है की आपके लिए मेरी ज़िद से ऊपर कुछ भी नहीं है.....

निष्कलिका- तूने बताया नहीं की तुझे क्या चाहिए?????

भुविका- हमे अपने लिए कुछ भी नहीं chahiye..wo दरदसल हम जब घूमने गए थे तोह हमने देखा की आपके सैनिक कुछ लोगों को घर से निकल रहे थे..

हमने जब वजह पूछी तोह वो बोले की उन लोगों ने 1 महीने का कर नहीं चुकाया है इसीलिए उनके घर पर कब्ज़ा किया जा रहा है...

तोह मई चाहती हूँ की उन लोगों के कर को माफ़ कर दिया जाए.....

निष्कलिका के चेहरे पर अपनी बेहेन की बात को सुनकर एक मुस्कान आ गयी....

वहीँ उन दोनों के सामने खड़ा मैडोक्स भी ये देखना चाहता था की पाप की मूरत निष्कलिका अपनी बेहेन की बात मान कर अपने स्वरुप को चुनौती देगी की नहीं.....!!!

निष्कलिका ने एक सैनिक को जो वहीँ उनसे थोड़ी दूर पर खड़ा tha,usse आवाज़ दी....

वो दौड़ता हुआ आया और निष्कलिका के सामने सर झुककर खड़ा हो गया......

निष्कलिका ने भुविका के सर पर हाथ rakha,BHUVIKA के सर से कुछ रौशनी निकली और सामने हवा में रूक गयी...

उस रौशनी ने एक चलचित्र ( फिल्म ) का रूप ले लिया और उसमे वो लोग दिखने लगे जिन्हे निष्कलिका के सैनिक घर से निकाल रहे थे...

निष्कलिका- जाओ और सैनकों से कहो की उन लोगों के कर को ज़िन्दगी भर के लिए माफ़ कर दिया गया है और अभी तक उन लोगों को जितना भी नुक्सान हुआ hoga,usse भी भर दिया जाए...

सैनिक सर झुकाये hi वापस चले गया...

निष्कलिका- अब खुश.........

BHUVIKA-bohot khush.....aap इस ब्रम्हांड की सबसे अछि दीदी हो..........

निष्कलिका- galat...tum इस ब्रम्हांड की सबसे प्यारी लड़की ho.ek ऐसी लड़की जिसकी बात कोई नहीं ताल सकता..........

भुविका ने निष्कलिका के गाल को हम लिया और उछलती कूदती महल के अंदर हाली गयी.......

निष्कलिका- paagal...abhi तक इसका बचपना नहीं गया......

निष्कलिका जैसे hi मैडोक्स के तरफ palti,usse हसीं आ गयी क्यूंकि मैडोक्स उससे आँखें फाड़े देख रहा था.....

निष्कलिका- पहली बार तोह नहीं देख रहो mujhe...phir तुम्हारी आँखें क्यों फटी हुई है??????

MADDOX-tumhe ना सही पर तुम्हारा ये रूप तोह पहली बार hi देखा है ना.

तुम इतनी दरियादिल कबसे हो गयी?????

मैडोक्स की बात सुनकर निष्कलिका के होंठों पे एक मुस्कान नाच गयी....

निष्कलिका- पहले मेरे एक सवाल का जवाब do???tum मेरी बेहेन को इतना घूर घूर कर क्यों देख रहे थे............????

मैडोक्स निष्कलिका की बात सुनकर हड़बड़ा गया...

मैडोक्स- mai,mai कहाँ घूर रहा था....

निष्कलिका- झूठ बोलने की ज़रुरत नहीं है MADDOX....aur एक बात कान खोल कर सुन lo,meri बेहेन का ख्याल अपने दिमाग से निकल दो....

जैसे मई तुम्हारे भाई के लिए नहीं बानी ठीक वैसे hi मेरी बेहेन भी तुम्हारे लिए नहीं बानी है.......

अभी मैडोक्स कुछ कहता उससे पहले hi निष्कलिका ने एक नाम बुदबुदाया...

अगले hi पल निष्कलिका के सामने एक ब्लैक सरसरेर प्रकट हुआ....

निष्कलिका ने कुछ देर पहले तोह चल चित्र चल रही thi,usse फिर से चला दिया....

निष्कलिका- इन लोगों को ध्यान से dekho.aaj रात तुम्हे इन सब को ख़त्म कर के जला देना hai..inke अस्तित्व तक को राख में मिला दो.....

वो सरसरेर ने भी निष्कलिका के आगे अपना सर झुकाया और गायब हो गया....

मैडोक्स जो की अपना पक्ष रखने hi वाला tha,NISHKALIKA का ये रूप देकर एक झटका खाकर रह गया....

मैडोक्स- जब उन्हें मारना hi था तोह उनका कर माँ क्यों kiya???bas अपनी बेहेन के नज़रों में ाचा दिखने के लिए.....

निष्कलिका- मेरी बेहेन ने उनके कर को माफ़ करने के लिए कहा tha,unhe ज़िंदा रखने के लिए नहीं....

जब वो मुझे कर hi नहीं दे sakte,toh जी कर क्या karenge,isiliye उन्हें मौत की सजा मिली....

निष्कलिका ने मैडोक्स को एक ज़हरीली मुस्कान दी और निकल गयी...

मैडोक्स सोचता रह गया की साली ये चीज़ क्या है.....???????

PLANET-EARTH

प्लेस- ड्रीम लैंड......

सन-1

ये तोह गलत लोग नहीं hain.......fir इनकी आत्मा काली कैसे हो गयी है????

arre.......maine अभी तक इस मटर को समझा नहीं hai.....arre कहाँ ले जा रहे ho..mujhe उन लोगों से बात करनी hai...unhe ठीक करना है मुझे...

सन चेंज

अब ये क्या जगह hai...?????ye पत्थर क्यों हिल रहा hai?????itni रौशनी कहाँ से आ रही hai???jaa कर देखता हूँ.....

अब ये क्या बाला है???????

सन चेंज:-

अरे yaar.koi मटर तोह ठीक से samjhun....har बात को पजल बना कर छोड़ना ज़रूरी है क्या????

अब ये कौन सी जगह hai????arre ये toh........iska मतलब ये वो जगह है jahan??????par वो है कहाँ??????

सन चेंज

अब ये मई कहाँ आ gaya??????koi दूसरे युग में तोह नहीं पहुँच गया मई?????

अब ये कौन hai??????AAHHHHH.........fir वही dard???par इससे देखकर kyun????kahin इसके paas???nahi nahi,iske अंदर तोह डार्क एनर्जी है.......

और मुझे तोह वाइट एनर्जी की तलाश hai?????ek बार पास से देखता हूँ????

सन चेंज

lo,ab ये फिरसे शुरू हो gaya......kuch बोलना भी बेकार hai......ab ये कैसी जगह hai????ek min,ye तोह GOD'S बैरियर है....

पर इसके आगे तोह DEVIL'S बैरियर लगा hai......saala अब ये कैसी पहेली है???

अरे aap?????aap यहाँ कैसे ????

nahiiiiiiiiiiii.......ye kaise....????iska matlab,nahi nahi,mai ये नहीं कर सकता..............

सन चेंज:-

yaar,wahan तोह रूक jaata....mai वो नहीं होने दे sakta??????nark वाली फीलिंग देकर स्वर्ग ले आया तू.........

TUM..............!!!!!!!!!!!!nahi nahi....ye नहीं हो सकता........

ये कैसी जगह hai.....????aur ये मेरे साथ क्यों है??????

अरे नहीं yaar,abhi nahi................arree arre,andhera क्यों हो gaya....usse कहीं कुछ हो ना जाए....

मुझे कमसेकम ये तोह देखने दे की वो सही सलामत है या नहीं.........!!!!!

arre,haashhhhhhh....kamse काम वो तोह ठीक hai...par uske,paas जा रहा hun,gayab मत कर dena!!!!arre ये toh,nahi nahi....aisa कैसे!!!!!!!!!!

ये यहाँ!!!! अरे ये क्या और क्यों?????????

अद्भुद.................

सन चेंज:-

पहली baar........THANKS..............pura सन तोह दिखा..

पर लाया कहाँ है इस baar???chalo,aage चलकर पता करता hun.....waise जगह डरावनी सी है........

तुम!!!!!!!!!

यहाँ bhi............iski क्या ज़रुरत है?????

अब ये कौन है.................

arre!!!!!!iske गाल में ये ????????

अरे firse!!!!!ye हो क्या रहा है इससे......

अब ये दर्द भरा शोर kaisa????chal कर देखता हूँ......

ये लड़की मेरे आगे आगे क्यों चल रही hai????issike पीछे हो लेता हूँ....

अरे ये सब log......???inhe भी...........

मेरे कान बजे की मुझे सच में सुनाई diya.....nahi nahi,mujhe सच में उसका नाम सुनाई दिया...... और फिर उसने कुछ बोलै.......

और जैसे मेरे दिमाग में उसकी बोली हुई बात gunji,meri नींद टूट गयी और मई एक झटके में उठ कर बैठ गया......

मई- saala,aaj तोह मेरे साथ अजीब चुतियापा हुआ......

ओह सहित............

हुआ ये की मैंने टाइम देखा तोह मुझे झटका laga....kyunki अभी सुबह के 8 बज रहे हैं..

ये मेरे लाइफ में फर्स्ट टाइम था जब मई इतनी देर तक सोया था.....

मैंने अपना मोबाइल चेक kiya,ANJALI और रोनित के 5,5 मिस कॉल्स थे.......

मई- कमल hai.....itni गहरी नींद की मुझे मोबाइल की रिंग भी सुनाई नहीं दी!!!!!

ऐसा तोह तब भी नहीं हुआ था जब मेरे पास कोई शक्ति नहीं थी....

फिर अचानक मुझे अपने सपने याद आये...

ऐसा कुछ भी मेरे साथ पहली बार हुआ था.......

कुछ देर तक मेरा दिमाग इन्ही सब बातों में उलझा raha,par फिर मैंने अपना दिमाग झटका क्यूंकि मई आलरेडी कॉलेज के लिए लेट हो चूका था...

मई तुरंत बाथरूम में घुसा और फ्रेश होकर शावर लेने लगा...

बाकी के हिस्से तोह nahi,par मेरे दिमाग में मेरे सपने का एक हिस्सा बोहोत ज़्यादा घूम रहा था..

मई चाह कर भी उससे भूल नहीं पा रहा था....

khair,mai फटाफट रेडी होकर नीचे आया जहाँ मेरी फॅमिली बैठी हुई थी.......

मैंने सबको बारी बारी गुड मॉर्निंग ग्रीट किया और ब्रेकफास्ट करने बैठ गया...

पर ब्रेकफास्ट करते वक़्त भी मेरा दिमाग मेरे सपने के उसी हिस्से पर अटका हुआ था...

मेरा ब्रेकफास्ट कब ख़त्म hua,mujhe पता hi नहीं चला....

मई- ok,bye एव्री बॉडी..........

डैड- एक मिनट बीटा........

मैंने अभी बाहर जाने के लिए कदम बढ़ाये hi थे की डैड की आवाज़ सुनकर मई रूक गया....

मई- या dad,whats उप????

डैड- कुछ बात करनी hai.chalo,mai भी तुम्हारे साथ बहार तक चलता हूँ.....

माँ- क्या hua???kya बात करनी है आपको मेरे बेटे से जो यहाँ नहीं कर सकते....!!!

डैड- बिज़नेस रिलेटेड बात है MINU.......ab हमारा बीटा कॉमर्स पढ़ने लगा है तोह मैंने सोचा की उससे कुछ टिप्स लेलूं.....

माँ- आप भी naa.khud तोह हमेशा बिज़नेस में उलझे रहते हैं और अब मेरे बेटे को भी उसी में उलझा रहे हैं...

मई- oh,common mom.....aakhir ये सब बुसिनेस्स आगे चलकर मुझे hi तोह संभालना hai..toh अभी से कुछ कुछ पता रहे तोह ाचा रहेगा ना....

माँ- chup..dad का चमचा.........

नानाजी- beta,wo गलत थोड़ी न बोल रहा hai.ulta तुम्हे तोह खुश होना चाहिए की मेरा पोता अभी से अपने डैड को आराम देने के बारे में सोच रहा है....

मई- exactly..thanks nanu...lets जो डैड...

मई और डैड बहार की तरफ निकल गए...

वैसे मुझे पता था की डैड ने मुझे क्यों रोका है पर मैं उनके दिमाग के सारे विचारों को पढ़ने से खुद को रोक दिया था..

भले hi मई कुछ भी क्यों न बन jaaun,pitah की बातों में जो लॉजिक होते hain,unhe मैजिक से samajhna,galat होता...

मई- जी dad..boliye??

डैड- माँ नहीं तुम bolo..what's तेह प्रॉब्लम???

मई- problem!!!kaisi problem????mujhe तोह कोई प्रॉब्लम नहीं है...

डैड मेरी बात सुनकर कर मुस्कुरा दिए..

डैड- बीटा मई जानता हूँ की अब तुम काफी इंटेलीजेंट ho,ab बड़े भी हो गए ho,tumhari अपनी एक लाइफ hai,par इन सब बातों से ये ज़रूरी तोह नहीं है ना की तुम हर प्रॉब्लम को खुद hi सोल्वे कर लो.....

कभी कभी अपनी प्रोब्लेम्स बता देने से सलूशन अपने आप निकल आता hai.ya फिर अब तुम मुझे अपना लाइफ लाइन नहीं मानते...???

मई- ऐसा कुछ भी नहीं है dad....aap hi मेरे लाइफ लाइन थे ,हैं और हमेशा रहेंगे...

डैड- तोह फिर batao,aisa कौन सी पहेली है जो मेरा सुपर इंटेलीजेंट सोल्वे नहीं कर पा रहा है..

मई- कभी कभी ज़्यादा होशियार होना भी गलत होता है dad....isse आपको सारे जवाब पता होते हैं..

और सारे जवाब पता होना हमेशा ाचा नहीं होता.....

पर उससे भी बुरा होता है जब आप सब जानते हैं और आपको पता होता है की जो भी आप जानते hain,wo ठीक नहीं hai,fir भी आप कुछ नहीं कर sakte,aise में कैसा लगता hai,ye इमेजिन करना भी मुश्किल है.....

डैड- तुम्हे पता है की तुम्हारे पैदा होते वक़्त क्या हुआ था????

मई- haan,mom ने बताया था की उनकी जान को खतरा था.....

डैड- आज की तारीख में मई अगर सबसे ज़्यादा प्यार करता हूँ तोह वो तुमसे करता हूँ माय सोन....

पर पता hai,jab डॉक्टर ने मुझसे बताया था की मीनू की डिलीवरी में कॉम्प्लीकेशन्स है और माँ और bacche,dono में से किसी एक को hi बचाया जा सकता hai,toh मैंने तुम्हारी माँ को चुना था..

और पता hai,tumhari माँ ने मेरे फैसले को मानने से इंकार कर दिया tha..wo तुम्हे पैदा करना चाहती थी....

उसकी बस इतनी सी ख्वाहिश थी की तुम्हे एक बार देख सके.....

उस दिन तोह मुझे उसके फैसले पर बोहोत ग़ुस्सा आया था पर धीरे धीरे मुझे ये एहसास हुआ की वो अपनी जगह बिलकुल सही थी...

हम हर चीज़ को जान तोह सकते हैं पर उससे कण्ट्रोल नहीं कर सकते....

हमे बस खुद क्या करना hai,wahi तय करने का हक़ होता hai,aur बाकी सब वक़्त और ऊपर वाले पर छोड़ देना होता है..

हो सकता है की जो रिजल्ट निकले वो हमे ाचा न lage,par हर चीज़ जो अछि न lage,wo बुरी ho,ye ज़रूरी नहीं होता...

आज एक बार फिर साबित हो गया था की बिना तकलीफ की जड़ को जाने अगर कोई रूह तक को सुकून दिला सकता है तोह ऐसा चमत्कार सिर्फ एक पितः hi कर सकता है.....

मैंने डैड को एक बार हुग किया और कॉलेज के लिए निकल गया.....

इन कॉलेज:-

अंजलि- तोह मिस VALENTINE,party कब दे रही है????

अवंतिका धीरे से- मर वैलेंटाइन को तोह आ जाने दे.....

अंजलि- क्या कहा ???

अवंतिका- कुछ भी तोह nahi..waise ये V.J कहाँ रह गया....

रोनित- पता nahi,aaj सुबह जॉगिंग करने भी नहीं aaya....aur फ़ोन भी नहीं उठा रहा....

अवंतिका- एक और बार तरय कर......

शनाया- उसकी ज़रुरत नहीं hai..wo dekho,V.J आ रहा है..

V.J- हे guyzzz.sorry haan,mai थोड़ा लेट हो गया...

अंजलि- thoda.tu पुरे 2 लेक्टर्स के बाद आ रहा है????

मई- हाँ yaar,aaj नींद hi नहीं खुली....

मेरी बात सुनकर अंजलि और रोनित को शॉक लगा पर दोनों चुप hi रहे...

शनाया- मतलब तेह ग्रेट V.J भी परफेक्ट नहीं hain.unse भी चूक हो जाती है...

शनाया की बात सुनकर सब है दिए.

अवंतिका मन में- कल रात कितना ाचा मौका tha....mai अपने दिल की बात V.J से कह सकती थी..

पर जब भी सोचती हूँ की इससे अपने दिल की बात kahungi,pata नहीं ऐसा क्यों लगता है जैसे मुझे अंदर hi अंदर कोई रोक रहा है ऐसा करने से......

मई- अभी टाइम नहीं हुआ है...........

ये बात मैंने अवंतिका की आँखों में देखकर कही थी जिससे सुनकर वो हड़बड़ा गयी.......

शनाया- किस चीज़ का टाइम??

मई- अरे मई पूछ रहा हूँ की थर्ड लेक्चर का टाइम नहीं हुआ है क्या????

शनाया- ओह सहित.....2 मिनट ऊपर हो gaye..lets जो गाइस......

अंजलि- हम आते hain,tum दोनों जाओ...

अवंतिका और शनाया क्लास की तरफ निकल गए....

रोनित- चल bhai,shuru होजा.......

मैंने रोनित को घर कर देखा...

रोनित- तेरे घूरने से मई डरने वाला नहीं हूँ..

ANJALI-sahi kaha.hume सच सच बता की ऐसा क्या हुआ था की तू आज नहीं आया....

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और मैंने जो भी सपने देखे the,wo सब कुछ दोनों को बता दिया.....

रोनित- साला आधी से ज़यादि बात तोह समझ hi नहीं आयी....

अंजलि- वो सब chhod...V.J,tune बताया की तूने सपने में 2 लड़कियां देखि थी जिसमे से एक का नाम भी तूने सुना था....

और उससे कुछ बताते हुए भी तूने सुना था जिसके बारे में तुझे कुछ भी नहीं मालुम...

मई- हाँ पर नाम मई दोनों लड़कियों के hi जानता हूँ.........

दोनों- what!!!iska मतलब पहली वाली लड़की का नाम तू पहले भी कभी सुन चूका है!!!!

मई- कभी kya,har रोज़ सुनता hun..mai hi kya,tum दोनों भी सुनते हो....

दोनों- हम भी सुनते hain????kaise,matlab कौन है वो लड़की..........?????

मई- अवंतिका........

इस बार तोह दोनों ऐसे उछले जैसे दोनों के सीट के निचे किसी ने स्प्रिंग लगा दिया हो........

अंजलि- अपनी अवंतिका........

रोनित- पर वो वहां कर क्या रही थी????

( मैंने दोनों को सिर्फ इतना बताया था की मैंने अपने सपने में अवंतिका को देखा tha,aur कुछ नहीं )

मई- अब्बे मैंने बताया न की जैसे hi उसका चेहरा aaya,scene चेंज हो गया....

रोनित- अरे हाँ.........

अंजलि- और दूसरी लड़की!!!!???????

मई- अनलिए.........

रोनित- ये वही लड़की है ना जिसने कुछ ऐसा कहा था जिसके बारे में तू भी कुछ नहीं जानता.......!!!!!

मई- हाँ....

दोनों- क्या????????

मई- कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन.......

आज के लिए इतना HI...........

आपका अपना V..J......
 
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