Romance Sex kahani - Ek Bhool 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Romance Sex kahani - Ek Bhool 2

hotaks

Administrator
Staff member
Joined
Dec 5, 2013
Messages
139,843
फ्रेंड्स आप सभी के लिए और अपने लिए भी लिखने जा रहा हु एक और नयी रोमांटिक story...Ummeed है मेरे पुराने की स्टोरीज की तरह ये स्टोरी भी आप सब को पसंद aayega...Aur मुझे वैसा hi साथ मिलेगा जैसे आज तक आप सभी ने दिया है.

मेंटालिटी, एक भूल, कसम और ख्वाहिशें के बाद ये मेरा फिफ्थ स्टोरी hai...Aur पूरी कोशिश करूँगा की आप सब को स्टोरी पसंद आये और कम्पलीट करने ki...Aaj तक सभी स्टोरी को कम्पलीट किया है और इससे भी कम्पलीट जरूर करूँगा.

नोट; 1) फ्रेंड्स इस स्टोरी में ट्रैजिक सीन्स ज्यादा है तो शायद आप सब कम्फर्टेबले ना फील kare...Agar आप को ट्रैजिक लव स्टोरीज पसंद नहीं है तो प्लीज आप स्किप कीजिये स्टोरी को.

2) अब्ब शायद hi मई पहले की तरह क्विक उपदटेस दे पाउ :(...अब्ब लाइफ में कुछ ज्यादा hi बिजी हो गया hun...Story स्टार्ट किया है तो स्टोरी को टाइम देने की पूरी कोशिश karunga...Updates 2, 3 दिन के गैप में aayenge...Aur कभी ज्यादा लेट हो गया तो 1 वीक tak...Isse ज्यादा डिले नहीं करूँगा.

अगर आप इस से कम्फर्टेबले है तो अपनी तरफ से बेस्ट स्टोरी लिखने का कोशिश करूँगा. :थैंक्यू:

थिस स्टोरी इस नॉट ा सीक्वल ऑफ़ एक भूल.
 
इंडेक्स 1



अपडेट 1

अपडेट 2

अपडेट 3

अपडेट 4

अपडेट 5

अपडेट 6

अपडेट 7

अपडेट 8

अपडेट 9

अपडेट 10

अपडेट 11

अपडेट 12

अपडेट 13

अपडेट 14

अपडेट 15

अपडेट 16

अपडेट 17

अपडेट 18

अपडेट 19

अपडेट 20
 
इंडेक्स 2

अपडेट 21

अपडेट 22

अपडेट 23

अपडेट 24

अपडेट 25

अपडेट 26

अपडेट 27

अपडेट 28

अपडेट 29

अपडेट 30

अपडेट 31

अपडेट 32

अपडेट 33

अपडेट 34

अपडेट 35

अपडेट 36
 
इंडेक्स 3

अपडेट 37

अपडेट 38

अपडेट 39

अपडेट 40

अपडेट 41

अपडेट 42

अपडेट 43

अपडेट 44

अपडेट 45

अपडेट 46

अपडेट 47

अपडेट 48

अपडेट 49

अपडेट 50

अपडेट 51

अपडेट 52

अपडेट 53

अपडेट 54

अपडेट 55

अपडेट 56

अपडेट 57

अपडेट 58

अपडेट 59

अपडेट 60

अपडेट 61

अपडेट 62

अपडेट 63

अपडेट 64

अपडेट 65

अपडेट 66

अपडेट 67

अपडेट 68

अपडेट 69

अपडेट 70

अपडेट 71

अपडेट 72

अपडेट 73

अपडेट 74

अपडेट 75

अपडेट 76

अपडेट 77

अपडेट 78

अपडेट 79

अपडेट 80

अपडेट 81

अपडेट 82

अपडेट 83

अपडेट 84

अपडेट 85

अपडेट 86

अपडेट 87

अपडेट 88

अपडेट 89

अपडेट 90

अपडेट 91

अपडेट 92

अपडेट 93

अपडेट 94

अपडेट 95

अपडेट 96

अपडेट 97

अपडेट 98

अपडेट 99

अपडेट 100

अपडेट 101

अपडेट 102

अपडेट 103

अपडेट 104

अपडेट 105

अपडेट 106

अपडेट 107

अपडेट 108

अपडेट 109

अपडेट 110

अपडेट 111

अपडेट 112

अपडेट 113

अपडेट 114

अपडेट 115

अपडेट 116

अपडेट 117

अपडेट 118

अपडेट 119

अपडेट 120

अपडेट 121

अपडेट 122

अपडेट 123
 
वेलकम कामदेव भाई ों थे story...Jaan कर बहुत अच्छा लगा की मेरा स्टोरीज आपको इतना पसंद aaya...Mujhe भी आपका तारीफ़ और क्रिटिसिज्म बहुत पसंद है.

मेंटालिटी कुछ वक्त के बाद पोस्ट karunga...Ek सवाल था आप अभी ख्वाहिशें के कितने अपडेट में है?

इस स्टोरी से एक भूल और कसम की फ्लो में असर नहीं padega...Kasam में 3 उपदटेस बाकी है जो संडे या फिर ट्यूसडे तक कम्पलीट हो jaayega...Ek भूल को ऐसे hi 3, 4 उपदटेस पोस्ट करके जल्द कम्पलीट कर दूंगा :अप्प्रोवे:

आपका और रीडर्स के बारे में तो पता नहीं लेकिन आप अपने इस रीडर से जरूर नाराज होंगे :D...Jald hi आऊंगा भाई आपके स्टोरी पर. :यो:

आप अभी तक जैसे साथ बनते आये है मेरे स्टोरी ka...Uske लिए दिल से शुक्रिया भाई. :थैंक्यू:
 
सॉरी फ्रेंड्स थोड़ा और इंतजार कर lijiye...First अपडेट कल दोपहर में पोस्ट karunga...Story का इम्पोर्टेन्ट अपडेट है और जल्दबाज़ी में अच्छे से लिख नहीं paaunga...Aur करैक्टर का नाम भी अच्छे से सोचा नहीं है.

एक ट्रैजिक रोमांस के साथ थ्रिलर पोरशन भी है स्टोरी mein...Thoda टाइम ले कर अच्छे से लिखने की कोशिश करूँगा.

नेक्स्ट अपडेट ों टुमारो आफ्टरनून. सॉरी फॉर डिले.
 
अपडेट 1

एक लड़का जो अभी तैयार हो कर कही बाहर निकलने hi वाला था की पीछे से आ रही आवाज सुन कर रुक जाता है.

कहा जा रहे हो भैया ऐसे सज धज के?

वो लड़का पीछे अपनी बहिन की तरफ ghuma...Aur मुस्कुराते हुए bola...Guess कर!!!

शायद किसी पार्टी में जा रहे है आप.

लड़का अपना सर पर हाथ मार kar..."Sirf पार्टी में जाते वक्त सूट नहीं पहनता हूँ."

तो क्या आप अब्ब आवारा गर्दी करते वक्त भी सूट पेहेन्ने लगे.

अरे नहीं.

तो फिर?

तेरी भाभी को प्रोपोज़ करने जा रहा हूँ.

लड़का दांत दिखा कर बोलै.

पापा को बताती hun...Rukiye अभी.

डरता हूँ क्या?

लड़का भी शान से बोलै.

Papa...Papa.

अपनी बहिन की आवाज और तेज होता देख...

रुक जा मेरी Maa...Marwayegi क्या?

लड़का का हालत एकदम से भीगी बिल्ली जैसा हो gaya...Uski बहिन भी अब्ब उससे देख हांसे जा रही थी.

आल थे बेस्ट भैया!!! :तुम्बुप:

थैंक यू :)

फिर वो लड़का चला गया अपने मंजिल की taraf...Yani की अपने प्यार का इजहार करने.

Hi कीर्ति.

एक पार्क में पहुँचते hi लड़के ने मुस्कुरा कर कहा.

कीर्ति:- क्यों बुलाया यहाँ मुझे?

कीर्ति की जवाब में कोई भाव नहीं था.

लड़का:- कुछ बात बताना tha...Bahut ख़ास.

कीर्ति:- बोलिये जल्दी.

लड़का अब्ब बिना कोई देर किये पॉकेट से एक रोज निकल कर कीर्ति की तरफ बढ़ा देता है.

लड़का:- खुद से और झूठ बोल नहीं saka...Naa चाहते हुए भी तुमसे आखिर प्यार कर hi baitha...Tumhare प्यार का असर ऐसा है की सुबह शाम तुम hi दिखती ho...Har वक्त तुम्हे hi दिल में रखने का मन करता hai...Tumhari एक झलक पाने के लिए दिल तरस जाता hai...Tumhe देख लेने के बाद hi सुकून मिलता है इस दिल को.

दिल में तो तुम पहले से hi ho...Mera अब्ब एक hi ख्वाहिश है की तुम्हे अपने पलकों पर बिठा कर rakhu...Hamesha हमेशा के लिए.

क्या मुझे जिंदगी भर के लिए तुम्हारा साथ मिलेगा?

लड़का की आवाज में प्यार hi प्यार था अपने कीर्ति के liye...Saath hi एक घबराहट भी.

कीर्ति वो रोज लेती है और लड़का के उम्मीद के उल्टा उस रोज को अपने संदल से कुचल देती है.

लड़का:- ये तुम?

कीर्ति:- श्रुति को जानते है आप?

लड़का:- हाँ.

लड़का ने डरते हुए kaha...Dar इस बात का था की कही कीर्ति कुछ गलत ना समझ ले.

कीर्ति:- और प्रीती.

लड़का:- Haan...Lekin तुम.

कीर्ति:- और कीर्ति.

लड़का:- Haan...Tum.

कीर्ति:- अब्ब श्रुति और प्रीती के बाद मेरा टर्न है ना?

कीर्ति गुस्से में दर्द के साथ बोली.

लड़का:- Nahi...Tum गलत समझ रही हो.

कीर्ति:- आप जान 6 की रात श्रुति के साथ कहा थे?

लड़का कुछ बोल नहीं पाया.

कीर्ति:- जान 8 की रात प्रीती के साथ?

लड़का कुछ बोलता उससे पहले.

कीर्ति:- फिर भी मई गलत hi समझ रही हूँ ना? इतना बेवकूफ समझ रहे है आप मुझे?

लड़का कुछ बोल नहीं पा रहा tha...Usse समझ में hi नहीं आ रहा था की कैसे कीर्ति को समझाए.

कित्ती:- बहुत प्यार करती थी aapse!!!Lekin aap...Aapne तो मेरा दिल hi तोड़ दिया. :(

जब मैंने आपको प्रोपोज़ किया और आपने मन कर दिया फिर भी मई आपके पीछे पड़ी rahi...Ye सोच कर की कभी तो आपका दिल मेरे लिए dhadkega...Aapko भी मुझसे प्यार हो जाएगा.

आज धड़का तो भी एक हवस के रूप में!!!

आपके बारे में सब गलत बोलते thhe...Lekin मई नहीं मानती thi...Hamesha आप में अच्छाई hi दीखता tha...Pyar करती थी naa...Pyar अँधा होता hai...Shayad इसी वजह से अंधी हो गयी थी.

आप सच में बदल gaye...Itna बदल गए की आप अब्ब मुझे भी हवस की नजर से देखने लगे.

माफ़ kijiye...Mai आपकी टाइप की नहीं.

कीर्ति रट हुए boli...Dil का दर्द अब्ब आँखों से बाहर आ रहा था उसकी.

लड़का:- मई तुम्हे समझा सकता hun...Please मेरी बात ध्यान से सुन्ना.

कीर्ति:- नहीं सुन्ना मुझे आपकी कोई baat...Aap एक धोखेबाज़ है.

इतना कह कर कीर्ति वो रोज उस लड़के की मुंह पर मार कर चली जाती है.

लड़का:- प्लीज मेरी बात सुनो.

लड़का भी कीर्ति के पीछे चल pada...Ek बार कीर्ति की कंधे पर हाथ रख कर उससे बुलाने की कोशिश किया तो.

कीर्ति:- छूना मत मुझे.

कीर्ति की आवाज इतना तेज था की वो लड़का भी दर gaya...Abb कीर्ति के गुस्सा और नफरत के सामने वो टिक नहीं पाया.

बस कीर्ति को अपनी जिंदगी से दूर जाता देख रोने laga...Aaj बहुत मजबूर था wo...Aankh इतना भर आया की सामने कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था.

सिर्फ कानो में कुछ सुनाई दे रहा तह "आप धोखेबाज़ hai...Hawas के पुजारी hai."...Bas यही बात उसको बार बार सुनाई दे रहा था.

जब दिल का दर्द संभल नहीं पाया तो वो उसी जगह पर गिर गया लाचार और मजबूर हो कर.

सारे अरमान सारे सपने एक hi पल में टूट gaye...Aaj फिर प्यार में वो हार gaya...Na जाने जिंदगी के और कितने इम्तेहान देना बाकी था उससे.

यार एक तुम hi तो ho...Jo मुझ पर भरोषा करती thi...Pyar करती thi...Pyar करना तुमसे hi सीखा hai...Aur आज जब तुम से प्यार हो गया तो तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho...Nahi मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया hai...Aur हवस नहीं सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे.

तुम्हारे बिना जी नहीं paaunga...Wapas आ जाओ yaar...Hamesha तुम्हे अपने दिल में बिठा कर रखूँगा.

एक मौका तो दो मुझे अपनी बात कहने kaa...Mera प्यार का एहसास कराने ka...Please...Only ओने चांस.

2 इयर्स लेटर
 
अपडेट 2

क्या हुआ यार? ऐसे अकेले क्यों बैठा है?

कैंटीन के एक कोने में बैठा राज को देख उसके दोस्त आकाश उसके पास जा कर बोलै.

राज को कुछ ना बोलता देख आकाश फिर बोलै.

आकाश:- सब खा कर जा चुके hain...Sirf तू hi बैठा है.

राज:- तो क्या करू? अब्ब मई बाकी लोगो की टाइम टेबल की हिसाब से चालू.

राज की बातों में इर्रिटेशन था.

आकाश:- मेरा वो मतलब नहीं tha...Time बहुत हो चूका hai...Next क्लास एनाटोमी का hai...Attend करने का प्लान नहीं है क्या?

आकाश की इस बात से राज का फ़्रस्ट्रेशन और भी बढ़ गया.

राज:- साला जिंदगी बेकार हो चूका hai...Ek तो कीर्ति का tension...Upar से ये पढाई.

अच्छी खासी जिंदगी की वाट लग चुकी है.

राज उदास हो कर क्लास की तरफ चलने लगा.

आकाश:- कीर्ति अभी तक नहीं मानी क्या?

राज:- अब्ब तो मेरी तरफ देखती भी नहीं है.

आकाश:- एक बार अच्छे से माफ़ी मांग ले यार उससे.

राज गुस्सा भरी नजर से आकाश को देखता है और फिर.

राज:- माफ़ी मांग मांग कर थक चूका hun...Kabhi एक मौका तो दे wo...Lekin नहीं.

भूल हो गयी yaar...Lekin सब सही करने का मौका hi नहीं milta...Thak चूका हूँ अब्ब तो इस प्यार के चक्कर से.

प्यार से hi नहीं अपने जिंदगी से hi थक चूका हूँ.

राज खुद को बहुत हारा हुआ महसूस करता है.

आकाश:- हिम्मत rakh...Sab कुछ सही हो जाएगा.

राज:- अब्ब हिम्मत hi नहीं है मुझमे.

एक नजर आकाश को देखने के बाद.

राज:- बहुत वक्त से जानता हूँ कीर्ति ko...School लेवल se...Mujhse 1 क्लास जूनियर thi...Kisi ना किसी extra-curicular एक्टिविटीज में मुलाकात हो hi जाता tha...Lekin उस वक्त कोई मतलब नहीं diya...Yaha तक की बात भी नहीं किया था.

और जब वो 11 में भी मेरे hi कॉलेज में थी तो मुलाकात बढ़ने लगी, बात चीत सुरु होने lagi...Aur उसमे भी जवानी के badlaaw...Dhire धीरे उसकी तरफ अत्त्रक्ट हो hi gaya...Aur ये अट्रैक्शन कब प्यार में बदल गया पता hi नहीं चला.

और जब रीलीज़ हुआ मुझे मेरे प्यार का तो तब तक बहुत देर हो चूका tha...Tab तक बहुत बड़ी भूल कर चूका tha...Aur वही भूल है जिसकी वजह से कीर्ति आज तक मुझसे नाराज है.

फिर दोनों क्लास में पहुँच जाते है.

आकाश सिर्फ राज की बात सुन्न रहा था और समझने की कोशिश कर रहा tha...Naye लेवल और नया कॉलेज tha...Aur दोस्ती भी nayi...Ek हफ्ते की dosti...Itne वक्त में भी राज और आकाश बहुत अच्छे दोस्त बन चुके थे.

राज:- मई वे के इन सर?

राज की इस बात पर प्रोफेसर अपना घडी देखते है और फिर राज और आकाश को घर कर.

प्रोफेसर:- यस के इन.

दोनों जा कर अपने सीट पर बैठ जाते hai...Fir सुरु होता है प्रोफेसर और स्टूडेंट्स के बिच सवाल जवाब का दौर.

जब राज का टर्न आता है तो वो कुछ जवाब नहीं दे पाटा है.

प्रोफेसर:- यू अरे ओने ऑफ़ थे मोस्ट तेर्रिब्ले स्टूडेंट ी हैवे एवर seen...Kam से काम पिछले लेक्टर्स का hi कुछ जवाब दे देते.

राज की हालत पर सभी स्टूडेंट्स हसने लगते hai...Kuch देर तो राज बर्दास्त करता रहा लेकिन जब ये उसका कण्ट्रोल से बाहर हुआ तो.

राज:- Hanso...Aur hanso...Yahi मौका hai...Khush होने ka...Khid का जिंदगी चाहे जैसा भी हो दुसरो पर हसने से hi तुम सब को ख़ुशी मिलता hai...Aur हंसो.

राज ने काफी गुस्से से kaha...Aur उतना hi गुस्सा उससे प्रोफेसर का भी झेलना पड़ा.

क्लास में साइलेंस मेन्टेन करने के लिए उन्होंने राज को क्लास से निकाल दिया.

राज का भी पढ़ने का मन नहीं था तो बिना कुछ पूछे वो भी क्लास से निकल गया.

जाते वक्त लास्ट रौ में बैठी कीर्ति पर एक नजर daala...Uske चेहरे में कोई भाव नहीं tha...Ye देख राज को एक बार फिर दिल में दर्द हुआ.

राज:- (इन हिज मंद) सच में कितना कठोर बन चुकी हो तुम? क्या इतना गलत हूँ मई?

यही सब सोच राज क्लास से बाहर निकल गया.

इन इवनिंग

सांझ में जब राज अपना सामान ले कर हॉस्टल पहुंचा तोह अपना रूम पार्टनर देख वो हैरान रह गया.

राज:- सुमित भैया आप?

हैरानी की hi तो बात tha...Jis सुमित भैया के बारे में वो जानता था वो तो बी. फार्मेसी के 2ंद ईयर में thhe...Lekin आज मब्ब्स के 1सत ईयर में उसके साथ उसके hi रूम पार्टनर के रूप में मिल रहे थे.

सुमित राज का उम्र के हिसाब से भैया tha...Rishta से nahi...Bachpann में दोनों एक hi गांव में रहते थे तो थोड़ा बहुत जान पहचान था.

सुमित:- अरे राज tu...Aa बैठ.

सामने की बीएड की तरफ इशारा कर सुमित ने कहा.

राज अभी भी सुमित को हैरानी से देख रहा था.

सुमित:- मन किया तो ज्वाइन कर लिया.

राज का हैरानी और भी बढ़ gaya...Man लगा तो करियर hi बदल liya...Log इतनी आसानी से अपने करियर के साथ कैसे खेल सकते हैं.

सुमित:- मई मानता हूँ की हमें लाइफ में स्ट्रैट फॉरवर्ड होना chahiye...Jindagi में सिर्फ आगे की बारे में सोचो.

और जिंदगी को अपने हिसाब से jiyo...Duniya जहां के बारे में सोच कर नहीं.

ठीक वैसा hi जब मन किया तो मब्ब्स ज्वाइन कर लिया बिना किसी बात की परवाह किये.

राज सुमित को समझने की कोशिश कर रहा था ये जान्ने के बावजूद भी की ये उसके बस की बात nahi...Sumit कब क्या कर जाए ये उसकी समझ से बाहर था.

[Friends abhi story ka plot aur character development kar raha hun...Abhi story apna main theme tragic romance aur thriller mein aana baaki hai...Thriller portion aate hi story ekdam se unexpected turn lega aur koshish karunga tragedy mein bhi aap sabko story mein engage karke rakh saku.]

आप सब को मकर संक्रांति की बहुत बहुत शुभकामना.
 
अपडेट 3

भाई अब्ब तो बस kar...Sab देख रहे है.

थोड़ा उनकंफर्टबले फील करते हुए आकाश ने कहा.

राज:- तो फिर?

आकाश:- अभी कीर्ति को घूरना बंद kar...Sab देख रहे है yaar...Kya सोचेंगे? तरह तरह की अफवाह फैलेंगे.

राज:- सोचने de...Mujhe क्या फर्क पड़ता hai...Logo के काम hi है sochna...Aur ये अफवाह nahi...Sach है की मई कीर्ति से प्यार करता हूँ.

आकाश:- लोगो का सोचने से फर्क नहीं padega...Lekin अगर कीर्ति बुरा मान गयी तो बहुत फर्क पड़ेगा.

आकाश का बस इतना hi कहना था की राज को कीर्ति का गुस्से से घूरना भी दिख गया.

राज को मज़बूरी में अपना नजर हटाना hi pada...Wo अब्ब उदासी से बुक को पेज टर्न करने लगता है.

कुछ देर में लेक्चर सुरु हो जाता hai...Kisi तरह राज अपना ध्यान लेक्चर पर देने की कोशिश करता hai...Lekin कर नहीं paata...Dimaag में सिर्फ एक hi बात घूम रहा tha...Aakhir कीर्ति को मनाये तो कैसे?

लेक्चर तो अपना फ्लो में चल hi रहा था की तभी कुछ ऐसा होता है जो सबको चौंका देता है.

"मई ी के इन सर?"

एक पल के लिए तो किसी को अपने कान पर विश्वाश नहीं hua...Gate की तरफ देखा तो एक लड़का था जो कुछ अलग hi दिख रहा था बाकी स्टूडेंट्स से.

थोड़ा लम्बा बाल, त्रिम्मेद बियर्ड और आँखों में ब्लू कलर्ड गॉगल्स, एक T-shirt जिसके ऊपर ओपन लाठर जैकेट, हाथों में एक बड़ा सा घडी और निचे ग्रुंजे जीन्स के साथ लाठर शूज.

ये लड़का कोई और नहीं बल्कि सुमित था.

सुमित को जैसे hi कुछ रीलीज़ हुआ उसने अपना गूगल उतार कर फिर पूछा.

सुमित:- मई ी के इन सर?

प्रोफेसर अपना घडी देखते hai...Sumit 20 मिनट लेट था.

प्रोफेसर:- यस के इन.

सुमित जैसे hi अपने सीट की तरफ जाने लगता है तब.

प्रोफ्फ:- लेकिन पहले ये बताओ तुम हो कौन?

प्रोफेसर की इस बात पर सभी क्लास हसने लगते है राज को छोड़ kar...Lekin सुमित को भी कुछ फर्क नहीं पड़ता.

सुमित:- नाम तो सुमित hai..Lekin सब स्टाइट फॉरवर्ड सुमित बोलते hain..Shortcut में SFS...Aur प्रोफेशन से मेडिकल Student...Issi बैच का और इसी क्लास का.

सुमित ने भी बिंदास जवाब दिया.

प्रोफ्फ:- स्टूडेंट हो? लेकिन आज से पहले तो कभी देखा नहीं क्लास में तुम्हे?

गुस्से से प्रोफेसर ने pucha...Pehle hi सुमित लेट था और ऊपर से उसके बात करने का तरीका. :माध:

सुमित:- वो इस लिए क्यों की मई आज फर्स्ट टाइम लेक्चर अटेंड करने आ रहा हूँ.

प्रोफ्फ:- क्या मई वजह जान सकता हूँ?

सुमित:- वजह कुछ खास नहीं hai...Lectures मुझे बोरिंग लगता hai...Isse बेहतर अपने रूम में बैठ कर पढ़ लू.

प्रोफ्फ:- तो कॉलेज में एडमिशन क्यों लिया?

प्रोफेसर का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था.

सुमित:- मब्ब्स की डिग्री के लिए.

प्रोफ्फ:- और नॉलेज?

सुमित:- वो सेल्फ स्टडी से.

प्रोफ्फ:- अच्छा देखता हूँ कितना नॉलेज है तुम्हारे पास सेल्फ स्टडी से.

फिर प्रोफेसर क्वेश्चन फायरिंग करने लगते hai...Aur शॉकिंगली सुमित सभी क़ुएस्तिओन्स का आंसर देता है बड़े आराम से. :डी

सभी स्टूडेंट्स का मुंह खुला का खुला रह जाता है समीर का आंसर और कॉन्फिडेंस देख.

थक हार कर.

प्रोफ्फ:- अगर इतना hi नॉलेज है तो आज लेक्चर क्यों ए?

सुमित:- हॉस्टल मई बोर हो रहा था akele...Iss लिए.

प्रोफेसर का हालत ऐसा हो गया था जैसे वो कभी भी रो देंगे.

प्रोफ्फ:- तुम्हे पता hi होगा एक्साम्स में क्वालीफाई करने के लिए अटेंडेंस भी चाहिए.

सुमित:- आज वो भी देख कर jaaunga...Jitna परसेंट अटेंडेंस की जरुरत है उसी हिसाब से कॉलेज आऊंगा.

प्रोफेसर को भी लगा की वो सुमित को और झेल नहीं पाएंगे.

प्रोफ्फ:- Ok जो तो योर seat...Already वे अरे लेट.

सुमित भी जा कर पढाई पर ध्यान देने लगता है.

लेक्चर फिर से चलने लगता है की तभी.

सुमित:- सर ी हैवे ा क्वेश्चन?

इतना कह कर सुमित क्वेश्चन पूछता hai...Question सुन कर प्रोफेसर भी चौंक जाते है.

प्रोफ्फ:- बीटा थोड़ा काम पढाई किया karo...Ye मब्ब्स लेवल का नहीं मद का hai...Agar फिर भी आंसर चाहिए तो मेरे ऑफिस में aao...Clear कर dunga...Yaha लेक्चर में टाइम वास्ते होगा.

फिर प्रोफेसर पढ़ाने लगते hai...Aur बाकी की क्लास आराम से कम्पलीट हो जाता है.

ऐसे hi 2, 3 लेक्टर्स भी ख़त्म हो जाता hai...Unn लेक्टर्स का प्रोफेसर भी सुमित के क्वेश्चन का शिकार हो जाते है.

ात लंच टाइम

कुछ स्टूडेंट्स कैंटीन की तरफ जाते है तो कुछ स्टूडेंट्स सुमित के पास आते है दोस्ती करने के liye...Unn में से कुछ लड़कियां भी थी.

जब दोस्ती करने वाले स्टूडेंट्स की लाइन ख़त्म होता है तो लास्ट में एक लड़की आती है.

लड़की:- Hello Sumit...I ऍम...

वो कुछ कहती उससे पहले hi.

सुमित:- Hi ब्यूटी क्वीन.

सुमित की इस बात पर कहने की अंदाज़ से वो लड़की गुस्सा हो जाती hai...Gusse में वो आगे चली जाती है.

थोड़ा आगे जा कर सुमित की तरफ मुड़ती है.

सुमित अभी भी उसी लड़की को देख रहा tha...Uski होंठो में मुस्कान था तो आँखों में ढेर सारा प्यार.

ये देख वो लड़की और भी गुस्से के साथ आगे बढ़ जाती है.

आज पुरे क्लास में सुमित गॉसिप मटेरियल tha...Sabhi उसी के बारे में बात कर रहे थे.

राज के अलावा सुमित सब को अजीब और यूनिक लग रहा tha...Raj जानता था की सुमित कब किसी को चौंका दे कुछ पता hi नहीं चलता.

राज अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में बैठा था.

मनीष:- यार Raj...Tu वो आशा को घर क्यों रहा था?

मनीष की बात से राज बुरी तरह चौंक जाता hai...Wo कुछ कहता इससे पहले hi.

रोहित:- अबे nahi...Wo आशा nahi...Kirti thi...Uske hi साइड में बैठी थी.

मनीष:- नहीं ये आशा को hi घर रहा था.

मनीष इतना कह कर रोहित को आँख मार देता है जो राज देख नहीं पाटा.

रोहित:- हाँ हाँ याद aaya...Ye आशा को hi घर रहा था.

मनीष:- वही to...Tu तो छुपा ृष्टं निकला यार राज.

रोहित:- आशा भाभी से बात करना padega...Bhai की सेटिंग जो करवानी है.

मनीष:- हाँ yaar...Chal चलते हैं.

राज:- अबे चुप.

जोर से राज बोलता hai...Aur गुस्से में भी.

राज:- देख रहा हूँ तब से फ़ालतू बकवास कर रहे हो तुम dono...Mai आशा को नहीं कीर्ति को देख रहा था.

ये कहते hi राज चुप हो जाता hai...Chori जो पकड़ा गया था. :डी

मनीष:- 2 दिन से मन कर रहा tha...Abb आया न लाइन में.

मनीष, आकाश और रोहित तीनो हसने लगता है.

राज:- अगर चिढ़ाना hi है तो कीर्ति की नाम jod...Mujhe भी अच्छा लगेगा.

ये कह कर राज भी साथ में हसने लगता hai...Dil के दर्द को तीनो से छुपा कर. :(

दूसरी तरफ...

आशा:- क्या बात है कीर्ति? राज तो तुझ पर पागल हो गया है...

आशा कुछ और बोलती उससे पहले hi.

कीर्ति:- नाम भी मत ले राज का.

बहुत गुस्सा और नफरत भरी आवाज में कीर्ति ने kaha...Fir आशा और हिम्मत जुटा नहीं पायी.
 
अपडेट 4

क्या बात है लड़के? आज कल तुझे भी इश्क़ वाली बीमारी हो गया hai...Kya कहते है वो diagnosis...Haan लोवेरिअ.

हँसते हुए पूछा सुमित ने.

राज:- छोड़िये ना भाई उस बात को.

ना खुस आवाज में राज ने कहा.

सुमित:- ऐसे कैसे छोड़ dun...Pyar हुआ है मेरे भाई ko...Majaak थोड़ी ना hai...Chal तेरा नैया पार लगा देता हूँ.

राज:- वो नहीं मानेगी.

राज का दिल का दर्द जुबान पर आ hi गया.

सुमित:- क्या लड़कियों की तरह रो रहा है? दो मिनट में बोल दाल साड़ी कहानी फिर देखता हूँ.

फिर राज अपना साड़ी कहानी सुमित को सुना देता है.

सुमित:- ऐसी चुतियापा करेगा तो उम्मीद कर भी कैसे सकता है.

क्या लगता है tujhe...Kirti आ कर तुझे बोलेगी.

"ी लव यू राज, तुम चाहे कुछ भी karo...Mai हमेशा तुमसे प्यार करती रहूंगी."

ये एक्सपेक्ट कर रहा है.

सुमित काफी गुस्से में bola...Jab अपना भड़ास निकला तो खुद सोचने लगा, "इतना गुस्सा तो वो पहले कभी हुआ hi nahi...To फिर आज इस छोटी बात पर."

फिर अपने मन में खुद को कहा.

सुमित:- "कीर्ति"

इतना सोचने हे बाद कुछ पल सुमित

राज को देखने लगा.

सुमित:- (इन हिज मंद) मुझे नहीं लगता इतनी जल्द तुम माफ़ कर paaogi...Kuch तो करना पड़ेगा.

राज:- मानता हूँ bhaiya...Bahut बड़ी भूल हुई hai...Lekin क्या एक मौका भी नहीं मिलेगा? कीर्ति भले hi मुझे माफ़ ना करे लेकिन कोई सजा तो de...Bhugatne के लिए तैयार hun...Lekin वो बात भी नहीं करती.

राज की दर्द और भी बढ़ता जा रहा था.

सुमित:- भरोषा rakh...Sab कुछ ठीक हो जाएगा.

सुमित भी अब्ब अपने अंदाज से उल्टा गंभीर आवाज में बोलै.

राज:- किस पर भरोषा करू? खुद par...Hajaar कोशिश कर चूका hun...Lekin कुछ नहीं कर पा रहा hun...Kabhi कभी तो लगता है दुनिया का सबसे बड़ा लूज़र मई hi hun...Kuch नहीं कर पा रहा हूँ.

और किस par...Kirti par...Abb तो हिम्मत टूटने लगा hai...Abb मई भी मानने पर मजबूर हो गया हूँ की कीर्ति मुझे कभी माफ़ नहीं करेगी.

और किस पर? ऊपरवाला par...Wo कभी मेरे नहीं sunenge...Galti hi मेरा hai...Shayad उन्हें भी लगता है की मेरा गलती माफ़ी लायक नहीं है.

राज की लाचारी उसकी बातों से झलक रहा था.

सुमित:- भरोषा रख राज.

अब्ब सुमित की आवाज में भी बदलाव आ रहा था.

राज:- कह दिया ना भगवन भी साथ नहीं है तो कैसे कुछ ठीक हो जाएगा वो भी भरोषा रखने से.

सुमित:- तू बहुत दूर की सोच रहा hai...Bhagwan को इतनी छोटी बात पर कौन पुकारता है? ऐसी छोटी बातों के लिए मई हूँ ना.

सुमित ने कॉन्फिडेंस के साथ kaha...Uski बात सुन कर राज भी हैरान रह गया.

राज:- ये छोटी बात है...

सुमित:- हाँ मेरे लिए.

सुमित की इस अंदाज़ पर राज को कभी गुस्सा आ रहा था तो कभी हैरानी.

राज:- आप मेरा मजाक उड़ा रहे है?

सुमित:- Nahi...Tum दोनों के प्यार को आसमान के सैर करने के लिए उड़ा रहा हूँ.

राज:- आपकी बातें मेरे समझ से बहार है.

सुमित:- तू बेफिक्र reh...Jald hi तुम दोनों को मिला दूंगा.

राज:- लेकिन कैसे?

सुमित:- मेरी बातें तेरे समझ में नहीं आता तो काम करने का तरीका क्या ख़ाक समझेगा?

इतना कह कर सुमित अपना हैडफ़ोन मोबाइल में लगा कर अपने कान में सेट करता है.

राज को कुछ देर से खुद की तरफ घूरता देख...

सुमित:- कह दिया naa...Jald तू सिंगल से मिंगले हो जाएगा.

राज को विश्वाश तो नहीं था लेकिन कही ना कही विश्वाश करने का दिल भी कर रहा tha...Kyuki सामने सुमित tha...Unpredictalbe एंड ुणिमागिनाब्ले.

राज:- लेकिन कब?

सुमित:- बहुत जल्द लेकिन पहले अपना तो जुगाड़ कर लू.

इस बार सुमित की होंठो में मुस्कान tha...Ek अनोखी muskaan...Jo राज के समझ से बाहर था.

Hello ब्यूटी क्वीन!!!

दांत दिखा कर सुमित ने उस लड़की को कहा.

सुमित की आवाज और बातें समझ कर वो लड़की अपने साइड में सुमित को देखती hai...Hairani और गुस्से से.

लड़की:- तुम?

सुमित:- हाँ माय ब्यूटी queen...Sumit...SFS...Full फॉर्म तो पता hi होगा.

लड़की:- लेकिन तुम यहाँ कैसे?

सुमित:- यहाँ सीट खली हो गया तो आ gaya...Socha तुम्हे कंपनी दे du...My ब्यूटी क्वीन.

लड़की:- ये ब्यूटी क्वीन ब्यूटी क्वीन क्या लगा रखा है मेरा नाम....

सुमित:- मेघा.

मेघा:- तुम...

सुमित:- चौंक सकती ho...Lekin मुंह इतना भी मत खोलो की मच्चर घुस जाए.

मेघा इस बार कुछ नहीं kehti...Gusse में वो कुछ बोलने की हालत में नहीं थी.

सुमित:- क्लास के हर बेवकूफ का नाम पता hai...To फिर तुम्हारा नाम कैसे भूल सकता hun...Wo भी अपनी ब्यूटी क्वीन का.

मेघा:- तुम मुझे बार बार ब्यूटी क्वीन कहना बंद करो.

सुमित:- खुद से कैसे झूठ बोल सकता hun...Tum इतनी खूबसूरत हो की तुम्हे अग्ली क्वीन कहने का दिल नहीं कर रहा है.

मेघा अब्ब वह से उठ कर जाने लगती hai...Lekin उससे निराशा hi हाथ लगता hai...Aas पास के सभी सीट पैक था.

मजबूरन उससे वही बैठना पड़ता hai...Ek नजर वो सुमित को देखती है जिसके होंठो में मुस्कान tha...Wohi अनोखी मुस्कान.

ये देख मेघा अपना मुंह गुस्से से दूसरी तरफ कर लेती है और सोचने लगती है.

"कितना घटिया है ये लड़का? अगली बार कुछ बोलै तो पक्का मुंह नोच लुंगी इसका."
 
Back
Top