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- Dec 5, 2013
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सुप्रिया की नींद घर की दुर्बल से खुली, शायद कुछ देर से दुर्बल बज रही थी. वह झूलते हुए दरवाज़ा खोलने गयी, और देखा की अतुल थोड़े गुस्से में घर आया था, उसके चेहरे पर झुंझुलाहट साफ़ दिख रही थी. वह जल्दी से घर में घुसा और जूते उतारने लगा.
अतुल - कहाँ थी, इतनी देर से बेल्ल बजा रहा हूँ...
सुप्रिया - हाँ, सॉरी, मैं सो गयी थी...
अतुल - ये कोई सोने का टाइम है.. और ये टीशर्ट जीन्स कैसे पहना हुआ है आज?
सुप्रिया - ऐसे hi... मैं कर रहा था...
अतुल को टेबल पर रखे गुलाब के फूल दिखे - कोई घर आया था क्या?
सुप्रिया - नहीं तोह?
अतुल - तोह ये फूल कहाँ से आये..
सुप्रिया ने सोच, ओह सहित, वह फूल हटाना तोह भूल hi गयी थी, अब क्या बोलू - वह मेघा ले कर आयी थी..
अतुल का चेहरा मेघा का नाम सुनते hi और भी सद्द गया - मैंने कितनी बार कहा है की उससे दूर hi रहा करो, पर तुम सुनती hi नहीं हो..
आज तोह अतुल घर आते hi ज्यादा hi चीड़ चीड़ कर रहा था, सुप्रिया ने पुछा - क्या हुआ, इतना गुस्सा क्यों हो आज?
अतुल - राहुल की वजह से.
सुप्रिया एक डैम से घबरा सी गयी, क्या राहुल ने अतुल को कुछ बता दिया था? नहीं, अगर ऐसा होता तोह अतुल घर आने का इंतज़ार नहीं करता शायद.
सुप्रिया - क्या किया राहुल ने?
अतुल - कुछ भी नहीं किया... आज भाईसाहब दिन में ऑफिस से निकल गया और फिर शाम को वापस आया. पता नहीं किस लड़की के चक्कर में पड़ा है.
सुप्रिया ने मैं hi मैं रहत की सांस ली, शायद उसने कुछ नहीं बताया था.
अतुल - काम उसका पूरा होता नहीं है... ऐसे रहा तोह उसकी नौकरी चली जाएगी...
सुप्रिया ये सुन कर थोड़ा सा बुरा फील कर रही थी, वह नहीं चाहती की राहुल की जॉब चली जाये. इतना भी बुरा नहीं था वह. आज उसकी वजह से राहुल को शायद ऑफिस में दांत पड़ी होगी.
सुप्रिया - चलो आप खाना खा lo...kafi लेट हो गया है...
दोनों ने खाना खाया और अतुल बीएड पर लेटते hi सो गया. सुप्रिया बीएड में बराबर में लेती थी, पर उसका मैं तोह आज जो भी उस में hi चल रहा था. जो हुआ उससे उसे ाचा तोह लगा था पर उसे राहुल पर भी दया आ रही थी, आज काफी बुरा दिन गया था उसका. उसने अपना फ़ोन उठाया और थोड़ी देर सोचने के बाद राहुल को मैसेज किया.
सुप्रिया - Hi..kya कर रहे हो..
राहुल घर पर अभी भी ऑफिस के काम में hi लगा था. उसके फ़ोन पर मैसेज pop-up हुआ और सुप्रिया का नाम देखते hi उसने झट से फ़ोन उठा लिया.
राहुल - Hi...office के काम में hi लगा हूँ...
सुप्रिया - ाचा... कैसा रहा ऑफिस में सब आज?
राहुल - अतुल ने बताया नहीं? काफी गुस्सा किया उसने मुझपर.
सुप्रिया - ओह... बनानासाद ी ऍम सॉरी मेरी वजह से तुम्हे ये सुन्ना पड़ा... थैंक यू सो मच आज हेल्प करने के लिए...
राहुल - ारी कोई नहीं, तुम्हारी वजह से नहीं था वह. वैसे मैंने तुम्हारा स्व तुम्हे ईमेल कर दिया है.
सुप्रिया - थैंक यू! होप तुम्हारा काम जल्दी से पूरा हो जाये और तुम सो पायो...
राहुल - मुझे ाचा लगा तुमने मैसेज किया सुप्रिया..
सुप्रिया - गुड नाईट..
राहुल - गुड नाईट...
सुप्रिया ने पेट में थोड़ी सी गुदगुदी सी हो रही थी की वह रात को किसी को ऐसे मैसेज कर रही थी. ख़ास कर राहुल को, जिसने उसे बोल hi दिया था की वह उसे लिखे करता है. उसने जल्दी से अपने सारे मैसेज डिलीट किये. उसे थोड़ा गलत लग रहा था जैसे वह अतुल से चीटिंग कर रही हो, पर फिर उसने सोचा की इसमें तोह कुछ भी गलत नहीं था, वह बस एक दोस्त को hi तोह मैसेज कर रही थी.
स्व तोह बन गया था पर अब बस जॉब ढूढ़नी थी. वैसे तोह उसे याद था की विक्रम ने उसे जॉब का ऑफर दिया था पर वह विक्रम के यहाँ जॉब नहीं करना चाहती थी. विक्रम और प्रताप एक दुसरे को जानते थे, शायद सब आपस में मिले हुए hi होंगे ये बड़े लोग. उसे ऐसी जगह नहीं काम करना था जहाँ उसे डर लगे.
रात भर, सुप्रिया अपने फ़ोन पर जॉब ढूंढ़ती रही और उन पर अप्लाई करती रही. उसे लगता था की उसे चाहे फ्रेशर की hi जॉब मिल जाये वह भी ले लेगी. ऑनलाइन अप्प पर वह जॉब अप्लाई करती करती सो गयी.
सुबह अतुल के जाने एक बाद सुप्रिया ने अपना ईमेल चेक किया तोह अभी तक तोह किसी का जवाब वापस नहीं आया था. शाम होते होते वह काफी निराश हो गयी थी की उसे एक भी कॉल नहीं आया. थोड़ा तोह एक्सपीरियंस था hi उसे. अगले 1-2 दिन भी एहि हाल रहा, वह जॉब अप्लाई करती रही पर कोई कॉल नहीं आ रहे थे. शायद उसकी किस्मत में hi जॉब करना नहीं लिखा था.
सुप्रिया ने थक कर साड़ी आशा छोड़ दी थी जब तीसरे दिन उसके फ़ोन पर एक घंटी बजी. दूसरी तरफ एक लड़की की आवाज़ थी.
लड़की - Hello, मिस सुप्रिया?
सुप्रिया - हांजी... आप कौन?
लड़की - Hi, ी ऍम कृति फ्रॉम क्रिएटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड. आपने अकाउंटेंट की जॉब के लिए अप्लाई किया था.
सुप्रिया ये सुन कर एक डैम से काफी एक्ससिटेड हो गयी - यस ma'am. मैंने जॉब अप्लाई किया था...
कृति - आप कल आ सकते है क्या इंटरव्यू के लिए, 11 o'clock?
सुप्रिया ने बिना सोचे समझे जल्दी से बोलै - यस ma'am, बिलकुल. ी विल बे तेरे.
कृति - Ok ग्रेट, वे विल सी यू टुमारो.
सुप्रिया - Ma'am पर आना कहाँ है...
कृति - ओह हमारे ऑफिस का एड्रेस होगा न जॉब एप्लीकेशन में. गोमती Nagar...see यू टुमारो...
सुप्रिया के मैं में और बहुत सारे सवाल थे, पर इससे पहले वह कुछ पूछ पाती, कृति ने फ़ोन काट दिया. सुप्रिया बहुत hi खुश और एक्ससिटेड फील कर रही थी. आखिर उसको एक इंटरव्यू के लिए कॉल आ hi गया था. ओह, पर इंटरव्यू तोह कल hi था, इतनी जल्दी वह कैसे सब मैनेज करेगी. क्या क्या ले कर जाना होगा इंटरव्यू में, क्या कपडे पेहेन्ने होंगे, कैसे जाएगी वह वहां, क्या पूछेंगे उससे वहां?
वह बेसब्री से शाम को अतुल के आने का इंतज़ार कर रही थी. वह उसे ये खुशखबरी सुनना चाहती थी. अतुल हमेशा की तरह थका हुआ सा घर वापस आया.
सुप्रिया ने उसके घर में घुसते है उसे बता दिया - अतुल! आपको पता है मुझे फाइनली जॉब के लिए कॉल आ गया आज...
अतुल - ओह, तुम अभी भी जॉब ढून्ढ रही हो, मुझे लगा था तुमने बंद कर दिया है. तोह क्या बोलै उन्होंने?
सुप्रिया - एहि की मुझे कल आना है.. इंटरव्यू के लिए...
अतुल - ाचा अभी इंटरव्यू है, जॉब नहीं मिली...
सुप्रिया ने चहकते हुए कहा - वह भी मिल जाएगी कल, आप देखना...
अतुल - इतना आसान नहीं होता, वह बहुत सारे लोगो का इंटरव्यू लेंगे, और फिर तुम्हे क्यों जॉब देंगे?
सुप्रिया - क्यों नहीं देंगे? मेरे पास एक्सपीरियंस है.
अतुल - है है है, वह झाँसी की छोटी सी जगह का एक्सपीरियंस...
सुप्रिया को थोड़ा सा गुस्सा आना शुरू हो गया था, अतुल हमेशा उसे नीचे करने में क्यों लगा रहता था. क्या बस उसकी जॉब एक बड़ी जॉब थी. एक दिन वह अतुल से भी बड़ी जॉब पर होना चाहती थी. पर अभी उसने किसी तरह से उसकी नेगेटिविटी को इग्नोर किया.
सुप्रिया - आप चलोगे न मेरे साथ कल इंटरव्यू पर...
अतुल - नहीं बाबा, कल नहीं हो पायेगा, कल कुछ इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट्स आ रहे है.
सुप्रिया हारा हुआ सा महसूस कर रही थी, अब वह बिना अतुल के कैसे इंटरव्यू पर जाएगी. ऑटो तोह कर hi सकती है, पर अगर टाइम पर ऑटो न मिला तोह? इतनी सुबह सुबह तोह काफी भीड़ भी होती है. और बाकी सब सवाल भी तोह थे, अतुल का तोह मूड नहीं लग रहा था उसकी हेल्प करने का. उसे किसी और से hi मदद मांगनी होगी. मेघा को तोह कुछ भी चलना आता नहीं, तोह फिर कौन बचा - राहुल??
अब फिर वह उस बेचारे को परेशान करे. पर कोई और था भी तोह nahi...Ab क्या करे वह... उसे तोह लगा था अतुल खुश होगा और उसे समझायेगा की कैसे करना है कल इंटरव्यू में, पर उसे तोह कोई इंटरेस्ट hi नहीं था इस टॉपिक में, जैसे उसने सोच लिया हो की सुप्रिया को ये जॉब नहीं मिलने वाली थी.
रात को फिर से सुप्रिया ने राहुल को मैसेज किया. अब तोह वह एक दुसरे को फिर से मैसेज करने लगे थे. रोज़ रात को गुड नाईट बोलना जैसे एक आदत सी हो गया था.
सुप्रिया ने भारी मन से राहुल को मैसेज किया - Rahul....mujhe एक हेल्प चाहिए थी प्लीज...
राहुल - हाँ, बोलो न...
सुप्रिया - कल सुबह मुझे गोमती नगर ड्राप कर डोज क्या? मेरा जॉब इंटरव्यू है..
राहुल - ारी वह... फाइनली... कोंग्रटुलतिओन्स...
सुप्रिया - पहले जॉब तोह मिल जाए, फिर कॉंग्रट्स कर देना...
राहुल - हाँ बताया न कितने बजे सुबह...
सुप्रिया - उन्होंने तोह 11 बजे बुलाया है, पर तुम्हे भी तोह ऑफिस जाना होगा न, तोह सुबह 11 से पहले कभी भी ड्राप कर देना... कोई दिक्कत तोह नहीं है न...
राहुल - ठीक है, मैं तुम्हे 9.30 बजे पिक करता हु, तब तक राहुल भी घर से निकल गया होगा, और 10.15 तक वहां ड्राप कर दूंगा. थोड़ा टाइम तोह ऑफिस ढूंढ़ने में भी लग जायेगा.
सुप्रिया - हाँ ये ठीक रहेगा, थैंक यू.
राहुल - ारी, no थैंक यू नीडेड. कुछ भी और याद आये तोह बता देना.
सुप्रिया - मैं क्या पह्नु कल के लिए?
राहुल को लगा की सुप्रिया उससे ये क्यों पूछ रही है, जैसे अतुल नहीं वह उसका पति हो. उसने भी हिम्मत करके मैसेज दाल दिया - तुम तोह हर चीज़ में बहुत खूबसूरत लगती हो, कुछ भी पेहेन लो.
सुप्रिया - बताया न प्लीज...
राहुल - उम्म्म, मुझे पता नहीं वहां का क्या ड्रेस कोड है, पर शायद सलवार कमीज सेफ ऑप्शन रहेगा.
सुप्रिया - ठीक है, ये ाचा आईडिया है.
राहुल - और सुनो, अपने बाल मत बांधना कल, खुले रखना उन्हें, बहुत अचे लगते है खुले बाल तुम पर.
सुप्रिया को उसके फ्लिर्टी से मेस्सगेस पद कर हलकी सी मुस्कान चेहरे पर आ गयी. थोड़ी देर बाद वह बाथरूम में कड़ी अपने आप को आईने में देख रही थी. पिछले कुछ दिनों में टेंशन से उसका वेट थोड़ा काम हो गया था, उसके गोल गोल गाल थोड़े अंदर हो गए थे. वह अलग अलग तरह से अपने बाल बना कर देखने लगी. सच में खुले बालों में hi वह सबसे खूबसूरत लगती थी. उसने तोह कभी इस बारे में सोचा भी नहीं था पर राहुल ने काफी गौर किया था उस पर.
अगले दिन हमेशा की तरह, सुप्रिया ने जल्दी जल्दी अतुल का खाना पैक किया और वह ऑफिस चला गया. पर आज उसे जल्दी जल्दी अपने इंटरव्यू के लिए तैयार होना था. 8.15 तोह बज भी चुके थे. वह फटाफट से नाहा के आयी और रात को अलग निकले हुए एक नए सलवार कमीज को पेहेन लिया, और अचे से मेक उप कर लिया. उसने अपने होंठों पर एक सुर्ख लाल लिपस्टिक लगा ली जिससे उसका पूरा चेहरा और भी खिल उठा. उसने अपने आप को आईने में देखा तोह वह बहुत hi सुन्दर लग रही थी.
तैयार होते होते 9.30 बज hi गए थे, और राहुल का कॉल आ रहा था. वह नीचे आ गया था, तोह सुप्रिया भी जल्दी से भागी भागी नीचे गयी, उसने अपने साथ एक फोल्डर ले लिया था जिसमे उसने अपने कॉलेज की मार्कशीट, बाकी एक्टिविटीज के सर्टिफिकेट्स, और पिछली जॉब के सर का एक लेटर रख लिया था.
राहुल गेट के बहार hi उसका वेट कर रहा था. सुप्रिया जल्दी से आगे की सीट पर बैठी. अभी वह इंटरव्यू के लिए इतनी नर्वस थी की उसे उस दिन के सीखे हुए कोई भी बनावटी खेल याद नहीं थे.
सुप्रिया - सॉरी, देर तोह नहीं हुई?
राहुल - नहीं नहीं, अभी आया हूँ.
राहुल ने उसकी और देखा, क्या गज़ब लग रही था वह इस नीली ड्रेस में, और उसके खुले बाल, उफ्फ्फ्फ़ - बहुत अछि लग रही हो...
सुप्रिया ने शरमाते हुए कहा - थैंक यू, और मैंने बाल खुले hi रखे जैसे तुमने बोलै था...
राहुल भी मुस्कुरा उठा. सच में आज तोह बिलकुल पहले जैसी लग रही थी सुप्रिया, क्यूट और भोली भाली सी. हाय इसे तोह कोई भी देख कर जॉब दे देगा. राहुल ने गाडी चलना शुरू कर दिया.
राहुल - नर्वस तोह नहीं हो न...
सुप्रिया - थोड़ी सी हूँ, पर हो जायेगा सब...
राहुल - बिलकुल, सब ाचा hi होगा. अतुल नहीं चला तुम्हारे साथ?
सुप्रिया ने मुँह बनाते हुए कहा - मुझे अभी नहीं सोचना उनके बारे में...
राहुल - ाचा ठीक है, बस गहरी सांस लो और अपना मंद क्लियर रखना...
थोड़ी देर के बाद वह लोग ऑफिस के बहार पहुंच गए. एक बड़ा सा ऑफिस काम्प्लेक्स था जिसमे कई साड़ी कम्पनीज के ऑफिस थे.
राहुल - यहाँ पार्किंग मिलना थोड़ा मुश्किल है, तोह मुझे यहीं ड्राप करना होगा.
सुप्रिया - हाँ, कोई नहीं, मैं चली जयुंगी..
राहुल - मुझे कॉल कर देना जब इंटरव्यू हो जाए मैं आ जायूँगा तुम्हे लेने..
सुप्रिया - मैं ऑटो से चली जयुंगी वापस, पर थैंक यू सो मच.
सुप्रिया गाडी से उतरने hi वाली थी, उसने राहुल की और देखा. सच में कितना हेल्पफुल तहत वह, और कितनी केयर भी थी उसे उसकी. ऐसा बाँदा उसे क्यों नहीं मिल सकता था लाइफ में. पता नहीं उसे क्या हुआ एक डैम से, उसने जल्दी से राहुल के गाल पर एक हलकी सी किश की और फिर गाडी से उतर कर अंदर की और चली गयी. शायद बस ये उसकी नर्वस्नेस hi थी, और कुछ नहीं. उसके तेज कदम उसे जल्दी से बिल्डिंग के अंदर ले गए.
राहुल भी इस अनएक्सपेक्टेड किश से हैरान रह गया. सुप्रिया क्यों फिर से उसके मैं में प्यार की आशा सी जगह रही थी. पीछे से हॉर्न पड़ते hi उसने अपनी गाडी चलनी शुरू कर दी, और किसी तरह से चलते चलते सुप्रिया को मैसेज किया - आल थे बेस्ट! एंड थैंक यू फॉर थे किश. हार्ट
सुप्रिया अंदर कुछ नयी चीज़ो का सामना कर रही थी, उसका ध्यान उसके फ़ोन पर नहीं था. उसे समझ hi नहीं आ रहा था की वह कहाँ जाए. अंदर एक बोर्ड पर बहुत साड़ी कम्पनीज के नाम लिखे थे और उनका फ्लोर नंबर भी लिखा था. इतना कुछ था सामने की कुछ भी पड़ा नहीं जा रहा था. पर आखिर कार उसे बीच में कहीं - क्रिएटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड लिखा दिख गया. उनका ऑफिस 9तह फ्लोर पर था.
वह जल्दी से लिफ्ट की और गयी और 9तह फ्लोर दबा कर ऊपर पहुंच गयी. उस फ्लोर पर उतारते hi उसने देखा की पूरा फ्लोर कितना साफ़ सुथरा चमकता हुआ सा था. इतना ाचा ऑफिस तोह उसने आज तक नहीं देखा था. ज़मीन एक डैम मार्बल जैसी, और बहुत hi सुन्दर लाइट्स और पेंटिंग. और सामने एक रिसेप्शनिस्ट का डेस्क था. वह उस डेस्क की तरफ गयी.
सुप्रिया - Hello, मैं यहाँ इंटरव्यू के लिए आयी हु...
रिसेप्शनिस्ट - Ok ma'am, कितने बजे है आपका इंटरव्यू?
सुप्रिया - 11 बजे.
रिसेप्शन - ओह, अभी तोह सिर्फ 10.30 बजे है. आप वहां बैठ कर वेट कर ले.
सुप्रिया ने टाइम का तोह ध्यान दिया hi नहीं था. राहुल ने उसे थोड़ा जल्दी hi ड्राप कर दिया था और अब उसे आधा घंटा यहाँ वेट करना पड़ेगा. उफ़, इससे ाचा तोह नीचे hi वेट कर लेती. पर नीचे ऐसा लग रहा थी की पता नहीं ऊपर कैसे जाना होगा.
वह वहीँ लॉबी में सोफे पर बैठ कर वेट करने लगी और इधर उधर देखने लगी.
सुप्रिया सोच रही थी की ये तोह काफी बड़ी कंपनी लग रही है. क्या उसकी जॉब यहाँ लग जाएगी? आते जाते लोग भी उसे घूर रहे थे, कुछ आपस में बात करके है रहे थे. क्या वह उसे देख कर है रहे थे? क्या उसके कपडे तोह ठीक थे? बाल? वह किसी तरह से निर्वसली बैठी रही.
लगभग 25 मिनट के बाद, 2 लोग उसकी तरफ आये. 1 आदमी और एक लड़की. लड़की यंग और सुन्दर थी और उसने शर्ट पंत और उसके ऊपर एक कोट पहना हुआ था. काफी फॉर्मल कपडे थे पर उसकी स्माइल से वह बहुत hi फ्रेंडली सी लग रही थी. आदमी ने भी शर्ट पंत पहनी हुई थी, और उसकी आगे थोड़ी बड़ी थी, काम से काम 35 तोह होगी, सुप्रिया ने सोचा. वैसे लड़को के पास और ऑप्शन भी क्या होता है शर्ट पंत पेहेन्ने के इलावा. पता नहीं ऐसे टाइम में भी सुप्रिया के दिमाग में ये सब मजाक कैसे सूझ जाता था.
कृति ने एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा - Hi सुप्रिया, ी ऍम कृति, हमारी फ़ोन पर बात हुई थी.
सुप्रिया भी कड़ी हो गयी - Hi कृति, कैसे हो आप.
कृति - मैं अछि हु. हाउ अरे यू? सो नीस की आप आ सकीय आज. ये है मेरे सीनियर - मर. साहिल, एंड हम दोनों आपका इंटरव्यू लेंगे.
साहिल का चेहरा काफी सीरियस था, कोई हसी नहीं उसमे, एक डैम खड़ूस - Hello सुप्रिया.
कृति - सो लेटस जो, वहां मीटिंग रूम में चलते है.
सुप्रिया को कृति जितनी स्वीट और प्यारी लग रही थी उतना hi डर उसे साहिल से लग रहा था. जिस तरह से वह उसे घूर रहा था.
कृति - सो, ऑफिस ढूंढ़ने में कोई प्रॉब्लम तोह नहीं हुई?
सुप्रिया - नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं...
कृति - वाटर, कॉफ़ी, कुछ चाहिए?
सुप्रिया - नहीं, कुछ नहीं. थैंक यू.
ऐसे hi बातें करते हुए वह लोग मीटिंग रूम में घुसे और सुप्रिया उन दोनों के सामने बैठी थी.
कृति - सो सुरपिया, मैंने आपका रिज्यूमे देखा था, एंड आईटी वास् इंटरेस्टिंग.
साहिल - सुप्रिया आप अपना रिज्यूमे देना जरा.
सुप्रिया तोह अपना रिज्यूमे लायी hi नहीं थी, उसका पास कंप्यूटर या प्रिंटर तोह था नहीं. उसे लगा था की वह आलरेडी रिज्यूमे को ऑनलाइन भेज चुकी है.
सुप्रिया - उम्म्म... सॉरी सर... वह तोह नहीं है मेरे पास...
साहिल - आप रिज्यूमे के बिना आ गए इंटरव्यू में?
कृति - No प्रॉब्लम, मेरे पास 2 कपीस है. ये लीजिये...
कृति ने मुस्कुरा के सुप्रिया को देखा जैसे उसे कलम डाउन करा रही हो.
साहिल - सो इनका एक्सपीरियंस तोह कुछ ख़ास नहीं है, आपने शॉर्टलिस्ट क्यों किया इन्हे कृति?
सुप्रिया का दिल ये सब सुन कर बैठे जा रहा था. सच में काफी ज्यादा खड़ूस था साहिल.
कृति - सर, इंटरेस्टिंग था, ी थिंक इन्होने का फर्म में जॉब की है, और फिर रिज्यूमे भी काफी अचे से बना हुआ था. ी थिंक एक बार इनकी स्टोरी तोह समझ लेते है.
सुप्रिया कृति से काफी इम्प्रेस हो गयी थी. साहिल उससे जैसे चाहे बात कर रहा था, कृति के चेहरे पर मुस्कान गायब नहीं हुई थी और न hi उसकी आवाज़ ुचि नीची हुई थी. ये देख कर सुप्रिया को भी थोड़ा कॉन्फिडेंस आ गया, और वह उन्हें अपने एक्सपीरियंस के बारे में बताने लगी. सब कुछ उसने काफी अचे से बता दिया और बीच में उनके सवालों का भी जवाब दे दिया.
साहिल - तोह आप हाउसवाइफ हो, अभी आप ये जॉब करना चाहते हो, कल छोड़ डोज..
सुप्रिया - नहीं सर, मैं काफी सीरियस हु जॉब को लेकर, और मैं कहीं न कहीं तोह जॉब जरूर करुँगी.
साहिल - यहाँ काफी काम होता है, और अभी इतना स्टाफ नहीं है तोह दुसरे डिपार्टमेंट में भी हेल्प करना पड़ता है..
सुप्रिया - कोई प्रॉब्लम नहीं सर, मैं सब सीख सकती हु...
साहिल - ठीक है, हम आपको कॉल करके बता देंगे.. कृति मुझे लेट हो रहा है मीटिंग के लिए तोह मैं जा रहा हूँ. बाद में बात करते है.
साहिल - और मस सुप्रिया, ये हार्ट वाले कपडे यहाँ नहीं चलते तोह आपको देखना पड़ेगा...
कृति - Ok सर.
साहिल जल्दी से रूम से चला गया और सुप्रिया अपने डाक्यूमेंट्स समेत कर वापस रखने लगी. साहिल की बातों से उसे लग रहा था की उसे जॉब नहीं मिलेगी, उसने उसके कपड़ो पर भी कमेंट कर दिया था, जो उसे काफी खराब लग रहा था.
कृति - कोंग्रटुलतिओन्स...
सुप्रिया हैरान होते हुए - किस चीज़ के लिए...
कृति ने इधर उधर देखा, जैसे उसे कोई सुन तोह नहीं रहा था - थोड़ा जल्दी है पर ी ऍम सूरे आपको ये जॉब मिल गयी है...
सुप्रिया - उम्म्म... मुझे तोह नहीं लगा ऐसा, साहिल सर की बातें नहीं सुनी आपने...
कृति - आप उनकी बात का बुरा मत मानो. आईटी विल बे ग्रेट तो हैवे ानोथेर गर्ल इन थे टीम. शठ... पर अभी किसी को बोलना मत...
सुप्रिया कृति की और देख रही थी. उसमे कितना उत्साह और चुलबुलापन था. देखने में तोह इतनी बड़ी नहीं लगती थी, पर उसका इंटरव्यू तोह उसने hi लिया था.
कृति - और वैसे न सर को फैशन का सेंस नहीं है, ी लव योर ड्रेस.
सुप्रिया - थैंक यू...
कृति और वह दोनों लिफ्ट की और चल पड़े - चलो, मैं आपको नीचे तक छोड़ देती हूँ.
सुप्रिया - अरे आप क्यों परेशान हो रहे हो, मैं चली जयुंगी…
कृति - इस बहाने थोड़ी सी वाक हो जाएगी चलो…
सुप्रिया सोच रही थी कितना ाचा नेचर था कृति का. सच में काश उसे ये जॉब मिल जाये तोह कृति के साथ काम करना कितना आसान होगा.
वह नीचे पहुंच कर लिफ्ट से बहार निकले hi थे की सामने से सुप्रिया को विक्रम आता दिखा. वह यहाँ क्या कर रहा था. क्या उसका ऑफिस में इसी बिल्डिंग में था. अगर वह उससे जॉब के बारे में पूछेगा तोह वह क्या बोलेगी की उसने विक्रम की जॉब क्यों नहीं ली. विक्रम तोह उनकी और hi आ रहा था, अब वह क्या करे.
विक्रम - मस. सुप्रिया आप यहाँ कैसे. और वह भी मस कृति के साथ?
सुप्रिया - वह बस... ऐसे hi...
कृति है के बोली - मर. विक्रम सिंह, आप बताइये आप यहाँ kaise...aur आप सुप्रिया को कैसे जानते है?
शायद कृति और विक्रम पहले से एक दुसरे को जानते थे.
विक्रम ने घूर कर कृति को देखा और फिर सुप्रिया को - मस सुप्रिया, मुझे तोह लगा था आप मुझे जॉब के लिए मैसेज या कॉल करेंगी, पर आपका तोह कोई मैसेज नहीं आया. और अब यहाँ Ms.Kriti के साथ? कहीं आप मस कृति की कंपनी तोह नहीं ज्वाइन कर रही?
ओह गॉड, अब वह क्या करे, वह तोह इन दोनों के बीच में फास गयी थी. कृति उसके बारे में क्या सोच रही होगी, और विक्रम भी.
सुप्रिया - सर... वह....
तभी एक डैम से कृति और विक्रम दोनों हसने लगे और एक दुसरे के गले मिले. सुप्रिया हैरान हो गयी थी की ये क्या हो रहा था.
विक्रम - भैया की जगह मर. विक्रम कब से बोलना शुरू कर दिया कृति.
कृति - जब से आपने मुझे मस. कृति बोलना शुरू kiya...aur ये कंपनी मेरी कबसे हो गयी?
विक्रम - जबसे तुमने ज्वाइन की है, तब से तुम hi चला रही हो
कृति - मैं?? मैं तो एक जूनियर एम्प्लोयी हु यहाँ, मेरी तोह कोई सुनता भी नहीं है यहाँ. और आप पता नहीं कहाँ कहाँ बिजी रहते हो.
विक्रम - हाँ क्या करू, इतना बड़ा बिज़नेस है मैनेज करने के लिए. पर तुम जानती हो न मेरे लिए ये काफी ख़ास है, क्यूंकि ये मैंने शुरू किया है. बाकी सब तोह ईशा की फॅमिली का hi है.
कृति - ओह सुप्रिया, ये मेरी कजिन भैया है - विक्रम, पर लगता है आप तोह एक दूसरे को पहले से जानते हो. पर कैसे?
विक्रम - हाँ, मैं कब से तरय कर रहा हूँ की सुप्रिया हमारी कंपनी ज्वाइन कर ले, पर इन्हे कोई इंटरेस्ट hi नहीं है.
कृति - पर आज तोह इन्होने आप की hi कंपनी के लिए इंटरव्यू दिया है...
विक्रम - ओह acha...thats ग्रेट...
सुप्रिया को तोह पता hi नहीं था की वह विक्रम की hi कंपनी में इंटरव्यू देने आयी थी. उसने तोह जान बुझ कर विक्रम को मैसेज नहीं किया था पर यहाँ अब वह वापस उसके पास hi पहुंच गयी थी.
सुप्रिया - ओह सॉरी, मुझे पता नहीं था की ये आपकी कंपनी है...
विक्रम - ाचा, तोह आप मेरी कंपनी में काम नहीं करना चाहती हो... अब समझ में आया..
सुप्रिया - नहीं सर, ऐसा कुछ नहीं, मैं बस अपने आप इंटरव्यू दे कर जॉब पाना चाहती थी.
विक्रम - किसी की हेल्प लेने से कोई छोटा नहीं हो जाता, मस सुप्रिया. और अगर आप मेरे थ्रू भी आती तोह इंटरव्यू तोह तब भी देना hi होता.
कृति - भैया आप तोह सुप्रिया को जानते hi हो तोह आप साहिल सर से बात कर लेना न उनके लिए...
विक्रम - ओह साहिल ने इंटरव्यू लिया था? नहीं भाई, उसके बीच में तोह मैं भी नहीं पडूंगा, वह जो बोले फाइनल है. सॉरी सुप्रिया.
सुप्रिया - कोई नहीं सर, जो भी होगा ाचा के लिए hi होगा.
कृति - डोंट वोर्री सुप्रिया, सब ाचा hi होगा.
सुप्रिया - थैंक्स कृति. मैं चलती हूँ अब...
कृति और विक्रम - Bye सुप्रिया...
सुप्रिया उनके bye करके बहार की और चल पड़ी. उसे पीछे से कृति की आवाज़ आयी - कितनी प्रीटी है न वह... सुप्रिया उसकी आवाज़ सुन कर मंद मंद है पड़ी और बहार निकल गयी.
बहार उसे जल्दी से ऑटो मिल गया और वह घर की और निकल गयी. रास्ते भर वह सोचती रही की क्या उसे ये जॉब मिलेगी और अगर मिल भी गयी तोह क्या उसे लेनी चाहिए. शायद विक्रम भी खुश नहीं था, तोह वह क्यों उसे जॉब देगा. और साहिल तोह बिलकुल भी नहीं, पता नहीं कृति क्यों इतना कॉंफिडेंट थी की उसे जॉब मिल गयी थी.
सुप्रिया घर पहुंची थी तोह उस में एनर्जी hi नहीं थी, सब कुछ उल्टा पुल्टा सा हो गया था. उसके फ़ोन पर राहुल के मैसेज थे जो पूछ रहे थे की उसका इंटरव्यू कैसा गया. उसके उसे एक लाइन का रिप्लाई की सब ठीक था. अभी वह किसी से भी बात नहीं करना चाहती थी. अतुल का कोई भी मैसेज नहीं था कुछ भी पूछने के लिए. वह भी उसे कुछ बताने नहीं वाली थी.
शाम को जब अतुल घर आया तोह सुप्रिया ने इंटरव्यू के बारे में कोई बात नहीं छेड़ी, और अतुल ने भी कुछ नहीं पुछा. शायद उसे याद भी नहीं था सुप्रिया के इंटरव्यू के बारे में. आज सच में काफी ख़राब दिन था सुप्रिया का.
2-3 दिन तक कोई खबर नहीं आयी, शायद उसे जॉब नहीं मिली थी. वह बेकार में hi सोच रही थी उसे विक्रम की वजह से जॉब को रिजेक्ट करना पड़ेगा, यहाँ तोह उसे जॉब hi नहीं मिली. और अतुल कितना खुश हो रहा था अंदर hi अंदर, जैसे उसका कहा सच हो गया हो. अब तोह वह उसे और भी कुछ नहीं समझेगा.
बिना मैं के सुप्रिया काम में लगी हुई थी की उसका फ़ोन बज उठा, एक अननोन नंबर था.
सुप्रिया - Hello.
साहिल - मस सुप्रिया, hello, साहिल थिस साइड..
सुप्रिया ने एक डैम से सारा काम छोड़ दिया - Hello Sir..kaise है आप...
साहिल अपनी खड़ूस सी आवाज़ में hi बोल रहा था - गुड, ाचा सुनिए, मैंने आपको ये बताने के लिए कॉल कर रहा हूँ की हमने काफी लोगो का इंटरव्यू लिया और अचे से सबको कंसीडर किया...
सुप्रिया का दिल बैठा जा रहा था, लगता है उसे जॉब नहीं मिली थी. वह शायद रो hi पड़े इस कॉल के बाद.
साहिल - और, हमने पाया की शायद आप इस जॉब के लिए ठीक रहेंगी. हर से कोई आपको कॉल करके डिटेल्स शेयर करेगा, आप देख लेना. जोइनिंग डेट, आप सोच के बता देना.
इतनी गंदे से कौन किसी को ये बताता है की उसकी जॉब लग गयी है. साहिल ने तोह पूरा hi डरा दिया था सुप्रिया को. हद्द हो गयी.
सुप्रिया - थैंक यू सर, थैंक यू सो मच.
साहिल - Ok, चलिए, bye..
सुप्रिया को जॉब मिल गयी थी. क्या ये सच था, उसे तोह यकीं hi नहीं आ रहा था. उसका सपना था एक अछि कंपनी में काम करने का और आज वह शायद पूरा होना शुरू हुआ था. उसका मैं था की वह अभी की अभी किसी के साथ ये खुशखबरी शेयर करे.
उसने अपना फ़ोन उठाया, और वह अतुल को मैसेज भेजने hi वाली थी की उसने वह मैसेज डिलीट कर दिया. फिर एक दूसरा मैसेज टाइप करके राहुल को भेज दिया - राहुल…. मुझे जॉब मिल गयी!!!! थैंक यू सो मच तुम्हारी हेल्प के लिए…
सुप्रिया की नींद घर की दुर्बल से खुली, शायद कुछ देर से दुर्बल बज रही थी. वह झूलते हुए दरवाज़ा खोलने गयी, और देखा की अतुल थोड़े गुस्से में घर आया था, उसके चेहरे पर झुंझुलाहट साफ़ दिख रही थी. वह जल्दी से घर में घुसा और जूते उतारने लगा.
अतुल - कहाँ थी, इतनी देर से बेल्ल बजा रहा हूँ...
सुप्रिया - हाँ, सॉरी, मैं सो गयी थी...
अतुल - ये कोई सोने का टाइम है.. और ये टीशर्ट जीन्स कैसे पहना हुआ है आज?
सुप्रिया - ऐसे hi... मैं कर रहा था...
अतुल को टेबल पर रखे गुलाब के फूल दिखे - कोई घर आया था क्या?
सुप्रिया - नहीं तोह?
अतुल - तोह ये फूल कहाँ से आये..
सुप्रिया ने सोच, ओह सहित, वह फूल हटाना तोह भूल hi गयी थी, अब क्या बोलू - वह मेघा ले कर आयी थी..
अतुल का चेहरा मेघा का नाम सुनते hi और भी सद्द गया - मैंने कितनी बार कहा है की उससे दूर hi रहा करो, पर तुम सुनती hi नहीं हो..
आज तोह अतुल घर आते hi ज्यादा hi चीड़ चीड़ कर रहा था, सुप्रिया ने पुछा - क्या हुआ, इतना गुस्सा क्यों हो आज?
अतुल - राहुल की वजह से.
सुप्रिया एक डैम से घबरा सी गयी, क्या राहुल ने अतुल को कुछ बता दिया था? नहीं, अगर ऐसा होता तोह अतुल घर आने का इंतज़ार नहीं करता शायद.
सुप्रिया - क्या किया राहुल ने?
अतुल - कुछ भी नहीं किया... आज भाईसाहब दिन में ऑफिस से निकल गया और फिर शाम को वापस आया. पता नहीं किस लड़की के चक्कर में पड़ा है.
सुप्रिया ने मैं hi मैं रहत की सांस ली, शायद उसने कुछ नहीं बताया था.
अतुल - काम उसका पूरा होता नहीं है... ऐसे रहा तोह उसकी नौकरी चली जाएगी...
सुप्रिया ये सुन कर थोड़ा सा बुरा फील कर रही थी, वह नहीं चाहती की राहुल की जॉब चली जाये. इतना भी बुरा नहीं था वह. आज उसकी वजह से राहुल को शायद ऑफिस में दांत पड़ी होगी.
सुप्रिया - चलो आप खाना खा lo...kafi लेट हो गया है...
दोनों ने खाना खाया और अतुल बीएड पर लेटते hi सो गया. सुप्रिया बीएड में बराबर में लेती थी, पर उसका मैं तोह आज जो भी उस में hi चल रहा था. जो हुआ उससे उसे ाचा तोह लगा था पर उसे राहुल पर भी दया आ रही थी, आज काफी बुरा दिन गया था उसका. उसने अपना फ़ोन उठाया और थोड़ी देर सोचने के बाद राहुल को मैसेज किया.
सुप्रिया - Hi..kya कर रहे हो..
राहुल घर पर अभी भी ऑफिस के काम में hi लगा था. उसके फ़ोन पर मैसेज pop-up हुआ और सुप्रिया का नाम देखते hi उसने झट से फ़ोन उठा लिया.
राहुल - Hi...office के काम में hi लगा हूँ...
सुप्रिया - ाचा... कैसा रहा ऑफिस में सब आज?
राहुल - अतुल ने बताया नहीं? काफी गुस्सा किया उसने मुझपर.
सुप्रिया - ओह... बनानासाद ी ऍम सॉरी मेरी वजह से तुम्हे ये सुन्ना पड़ा... थैंक यू सो मच आज हेल्प करने के लिए...
राहुल - ारी कोई नहीं, तुम्हारी वजह से नहीं था वह. वैसे मैंने तुम्हारा स्व तुम्हे ईमेल कर दिया है.
सुप्रिया - थैंक यू! होप तुम्हारा काम जल्दी से पूरा हो जाये और तुम सो पायो...
राहुल - मुझे ाचा लगा तुमने मैसेज किया सुप्रिया..
सुप्रिया - गुड नाईट..
राहुल - गुड नाईट...
सुप्रिया ने पेट में थोड़ी सी गुदगुदी सी हो रही थी की वह रात को किसी को ऐसे मैसेज कर रही थी. ख़ास कर राहुल को, जिसने उसे बोल hi दिया था की वह उसे लिखे करता है. उसने जल्दी से अपने सारे मैसेज डिलीट किये. उसे थोड़ा गलत लग रहा था जैसे वह अतुल से चीटिंग कर रही हो, पर फिर उसने सोचा की इसमें तोह कुछ भी गलत नहीं था, वह बस एक दोस्त को hi तोह मैसेज कर रही थी.
स्व तोह बन गया था पर अब बस जॉब ढूढ़नी थी. वैसे तोह उसे याद था की विक्रम ने उसे जॉब का ऑफर दिया था पर वह विक्रम के यहाँ जॉब नहीं करना चाहती थी. विक्रम और प्रताप एक दुसरे को जानते थे, शायद सब आपस में मिले हुए hi होंगे ये बड़े लोग. उसे ऐसी जगह नहीं काम करना था जहाँ उसे डर लगे.
रात भर, सुप्रिया अपने फ़ोन पर जॉब ढूंढ़ती रही और उन पर अप्लाई करती रही. उसे लगता था की उसे चाहे फ्रेशर की hi जॉब मिल जाये वह भी ले लेगी. ऑनलाइन अप्प पर वह जॉब अप्लाई करती करती सो गयी.
सुबह अतुल के जाने एक बाद सुप्रिया ने अपना ईमेल चेक किया तोह अभी तक तोह किसी का जवाब वापस नहीं आया था. शाम होते होते वह काफी निराश हो गयी थी की उसे एक भी कॉल नहीं आया. थोड़ा तोह एक्सपीरियंस था hi उसे. अगले 1-2 दिन भी एहि हाल रहा, वह जॉब अप्लाई करती रही पर कोई कॉल नहीं आ रहे थे. शायद उसकी किस्मत में hi जॉब करना नहीं लिखा था.
सुप्रिया ने थक कर साड़ी आशा छोड़ दी थी जब तीसरे दिन उसके फ़ोन पर एक घंटी बजी. दूसरी तरफ एक लड़की की आवाज़ थी.
लड़की - Hello, मिस सुप्रिया?
सुप्रिया - हांजी... आप कौन?
लड़की - Hi, ी ऍम कृति फ्रॉम क्रिएटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड. आपने अकाउंटेंट की जॉब के लिए अप्लाई किया था.
सुप्रिया ये सुन कर एक डैम से काफी एक्ससिटेड हो गयी - यस ma'am. मैंने जॉब अप्लाई किया था...
कृति - आप कल आ सकते है क्या इंटरव्यू के लिए, 11 o'clock?
सुप्रिया ने बिना सोचे समझे जल्दी से बोलै - यस ma'am, बिलकुल. ी विल बे तेरे.
कृति - Ok ग्रेट, वे विल सी यू टुमारो.
सुप्रिया - Ma'am पर आना कहाँ है...
कृति - ओह हमारे ऑफिस का एड्रेस होगा न जॉब एप्लीकेशन में. गोमती Nagar...see यू टुमारो...
सुप्रिया के मैं में और बहुत सारे सवाल थे, पर इससे पहले वह कुछ पूछ पाती, कृति ने फ़ोन काट दिया. सुप्रिया बहुत hi खुश और एक्ससिटेड फील कर रही थी. आखिर उसको एक इंटरव्यू के लिए कॉल आ hi गया था. ओह, पर इंटरव्यू तोह कल hi था, इतनी जल्दी वह कैसे सब मैनेज करेगी. क्या क्या ले कर जाना होगा इंटरव्यू में, क्या कपडे पेहेन्ने होंगे, कैसे जाएगी वह वहां, क्या पूछेंगे उससे वहां?
वह बेसब्री से शाम को अतुल के आने का इंतज़ार कर रही थी. वह उसे ये खुशखबरी सुनना चाहती थी. अतुल हमेशा की तरह थका हुआ सा घर वापस आया.
सुप्रिया ने उसके घर में घुसते है उसे बता दिया - अतुल! आपको पता है मुझे फाइनली जॉब के लिए कॉल आ गया आज...
अतुल - ओह, तुम अभी भी जॉब ढून्ढ रही हो, मुझे लगा था तुमने बंद कर दिया है. तोह क्या बोलै उन्होंने?
सुप्रिया - एहि की मुझे कल आना है.. इंटरव्यू के लिए...
अतुल - ाचा अभी इंटरव्यू है, जॉब नहीं मिली...
सुप्रिया ने चहकते हुए कहा - वह भी मिल जाएगी कल, आप देखना...
अतुल - इतना आसान नहीं होता, वह बहुत सारे लोगो का इंटरव्यू लेंगे, और फिर तुम्हे क्यों जॉब देंगे?
सुप्रिया - क्यों नहीं देंगे? मेरे पास एक्सपीरियंस है.
अतुल - है है है, वह झाँसी की छोटी सी जगह का एक्सपीरियंस...
सुप्रिया को थोड़ा सा गुस्सा आना शुरू हो गया था, अतुल हमेशा उसे नीचे करने में क्यों लगा रहता था. क्या बस उसकी जॉब एक बड़ी जॉब थी. एक दिन वह अतुल से भी बड़ी जॉब पर होना चाहती थी. पर अभी उसने किसी तरह से उसकी नेगेटिविटी को इग्नोर किया.
सुप्रिया - आप चलोगे न मेरे साथ कल इंटरव्यू पर...
अतुल - नहीं बाबा, कल नहीं हो पायेगा, कल कुछ इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट्स आ रहे है.
सुप्रिया हारा हुआ सा महसूस कर रही थी, अब वह बिना अतुल के कैसे इंटरव्यू पर जाएगी. ऑटो तोह कर hi सकती है, पर अगर टाइम पर ऑटो न मिला तोह? इतनी सुबह सुबह तोह काफी भीड़ भी होती है. और बाकी सब सवाल भी तोह थे, अतुल का तोह मूड नहीं लग रहा था उसकी हेल्प करने का. उसे किसी और से hi मदद मांगनी होगी. मेघा को तोह कुछ भी चलना आता नहीं, तोह फिर कौन बचा - राहुल??
अब फिर वह उस बेचारे को परेशान करे. पर कोई और था भी तोह nahi...Ab क्या करे वह... उसे तोह लगा था अतुल खुश होगा और उसे समझायेगा की कैसे करना है कल इंटरव्यू में, पर उसे तोह कोई इंटरेस्ट hi नहीं था इस टॉपिक में, जैसे उसने सोच लिया हो की सुप्रिया को ये जॉब नहीं मिलने वाली थी.
रात को फिर से सुप्रिया ने राहुल को मैसेज किया. अब तोह वह एक दुसरे को फिर से मैसेज करने लगे थे. रोज़ रात को गुड नाईट बोलना जैसे एक आदत सी हो गया था.
सुप्रिया ने भारी मन से राहुल को मैसेज किया - Rahul....mujhe एक हेल्प चाहिए थी प्लीज...
राहुल - हाँ, बोलो न...
सुप्रिया - कल सुबह मुझे गोमती नगर ड्राप कर डोज क्या? मेरा जॉब इंटरव्यू है..
राहुल - ारी वह... फाइनली... कोंग्रटुलतिओन्स...
सुप्रिया - पहले जॉब तोह मिल जाए, फिर कॉंग्रट्स कर देना...
राहुल - हाँ बताया न कितने बजे सुबह...
सुप्रिया - उन्होंने तोह 11 बजे बुलाया है, पर तुम्हे भी तोह ऑफिस जाना होगा न, तोह सुबह 11 से पहले कभी भी ड्राप कर देना... कोई दिक्कत तोह नहीं है न...
राहुल - ठीक है, मैं तुम्हे 9.30 बजे पिक करता हु, तब तक राहुल भी घर से निकल गया होगा, और 10.15 तक वहां ड्राप कर दूंगा. थोड़ा टाइम तोह ऑफिस ढूंढ़ने में भी लग जायेगा.
सुप्रिया - हाँ ये ठीक रहेगा, थैंक यू.
राहुल - ारी, no थैंक यू नीडेड. कुछ भी और याद आये तोह बता देना.
सुप्रिया - मैं क्या पह्नु कल के लिए?
राहुल को लगा की सुप्रिया उससे ये क्यों पूछ रही है, जैसे अतुल नहीं वह उसका पति हो. उसने भी हिम्मत करके मैसेज दाल दिया - तुम तोह हर चीज़ में बहुत खूबसूरत लगती हो, कुछ भी पेहेन लो.
सुप्रिया - बताया न प्लीज...
राहुल - उम्म्म, मुझे पता नहीं वहां का क्या ड्रेस कोड है, पर शायद सलवार कमीज सेफ ऑप्शन रहेगा.
सुप्रिया - ठीक है, ये ाचा आईडिया है.
राहुल - और सुनो, अपने बाल मत बांधना कल, खुले रखना उन्हें, बहुत अचे लगते है खुले बाल तुम पर.
सुप्रिया को उसके फ्लिर्टी से मेस्सगेस पद कर हलकी सी मुस्कान चेहरे पर आ गयी. थोड़ी देर बाद वह बाथरूम में कड़ी अपने आप को आईने में देख रही थी. पिछले कुछ दिनों में टेंशन से उसका वेट थोड़ा काम हो गया था, उसके गोल गोल गाल थोड़े अंदर हो गए थे. वह अलग अलग तरह से अपने बाल बना कर देखने लगी. सच में खुले बालों में hi वह सबसे खूबसूरत लगती थी. उसने तोह कभी इस बारे में सोचा भी नहीं था पर राहुल ने काफी गौर किया था उस पर.
अगले दिन हमेशा की तरह, सुप्रिया ने जल्दी जल्दी अतुल का खाना पैक किया और वह ऑफिस चला गया. पर आज उसे जल्दी जल्दी अपने इंटरव्यू के लिए तैयार होना था. 8.15 तोह बज भी चुके थे. वह फटाफट से नाहा के आयी और रात को अलग निकले हुए एक नए सलवार कमीज को पेहेन लिया, और अचे से मेक उप कर लिया. उसने अपने होंठों पर एक सुर्ख लाल लिपस्टिक लगा ली जिससे उसका पूरा चेहरा और भी खिल उठा. उसने अपने आप को आईने में देखा तोह वह बहुत hi सुन्दर लग रही थी.
तैयार होते होते 9.30 बज hi गए थे, और राहुल का कॉल आ रहा था. वह नीचे आ गया था, तोह सुप्रिया भी जल्दी से भागी भागी नीचे गयी, उसने अपने साथ एक फोल्डर ले लिया था जिसमे उसने अपने कॉलेज की मार्कशीट, बाकी एक्टिविटीज के सर्टिफिकेट्स, और पिछली जॉब के सर का एक लेटर रख लिया था.
राहुल गेट के बहार hi उसका वेट कर रहा था. सुप्रिया जल्दी से आगे की सीट पर बैठी. अभी वह इंटरव्यू के लिए इतनी नर्वस थी की उसे उस दिन के सीखे हुए कोई भी बनावटी खेल याद नहीं थे.
सुप्रिया - सॉरी, देर तोह नहीं हुई?
राहुल - नहीं नहीं, अभी आया हूँ.
राहुल ने उसकी और देखा, क्या गज़ब लग रही था वह इस नीली ड्रेस में, और उसके खुले बाल, उफ्फ्फ्फ़ - बहुत अछि लग रही हो...
सुप्रिया ने शरमाते हुए कहा - थैंक यू, और मैंने बाल खुले hi रखे जैसे तुमने बोलै था...
राहुल भी मुस्कुरा उठा. सच में आज तोह बिलकुल पहले जैसी लग रही थी सुप्रिया, क्यूट और भोली भाली सी. हाय इसे तोह कोई भी देख कर जॉब दे देगा. राहुल ने गाडी चलना शुरू कर दिया.
राहुल - नर्वस तोह नहीं हो न...
सुप्रिया - थोड़ी सी हूँ, पर हो जायेगा सब...
राहुल - बिलकुल, सब ाचा hi होगा. अतुल नहीं चला तुम्हारे साथ?
सुप्रिया ने मुँह बनाते हुए कहा - मुझे अभी नहीं सोचना उनके बारे में...
राहुल - ाचा ठीक है, बस गहरी सांस लो और अपना मंद क्लियर रखना...
थोड़ी देर के बाद वह लोग ऑफिस के बहार पहुंच गए. एक बड़ा सा ऑफिस काम्प्लेक्स था जिसमे कई साड़ी कम्पनीज के ऑफिस थे.
राहुल - यहाँ पार्किंग मिलना थोड़ा मुश्किल है, तोह मुझे यहीं ड्राप करना होगा.
सुप्रिया - हाँ, कोई नहीं, मैं चली जयुंगी..
राहुल - मुझे कॉल कर देना जब इंटरव्यू हो जाए मैं आ जायूँगा तुम्हे लेने..
सुप्रिया - मैं ऑटो से चली जयुंगी वापस, पर थैंक यू सो मच.
सुप्रिया गाडी से उतरने hi वाली थी, उसने राहुल की और देखा. सच में कितना हेल्पफुल तहत वह, और कितनी केयर भी थी उसे उसकी. ऐसा बाँदा उसे क्यों नहीं मिल सकता था लाइफ में. पता नहीं उसे क्या हुआ एक डैम से, उसने जल्दी से राहुल के गाल पर एक हलकी सी किश की और फिर गाडी से उतर कर अंदर की और चली गयी. शायद बस ये उसकी नर्वस्नेस hi थी, और कुछ नहीं. उसके तेज कदम उसे जल्दी से बिल्डिंग के अंदर ले गए.
राहुल भी इस अनएक्सपेक्टेड किश से हैरान रह गया. सुप्रिया क्यों फिर से उसके मैं में प्यार की आशा सी जगह रही थी. पीछे से हॉर्न पड़ते hi उसने अपनी गाडी चलनी शुरू कर दी, और किसी तरह से चलते चलते सुप्रिया को मैसेज किया - आल थे बेस्ट! एंड थैंक यू फॉर थे किश. हार्ट
सुप्रिया अंदर कुछ नयी चीज़ो का सामना कर रही थी, उसका ध्यान उसके फ़ोन पर नहीं था. उसे समझ hi नहीं आ रहा था की वह कहाँ जाए. अंदर एक बोर्ड पर बहुत साड़ी कम्पनीज के नाम लिखे थे और उनका फ्लोर नंबर भी लिखा था. इतना कुछ था सामने की कुछ भी पड़ा नहीं जा रहा था. पर आखिर कार उसे बीच में कहीं - क्रिएटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड लिखा दिख गया. उनका ऑफिस 9तह फ्लोर पर था.
वह जल्दी से लिफ्ट की और गयी और 9तह फ्लोर दबा कर ऊपर पहुंच गयी. उस फ्लोर पर उतारते hi उसने देखा की पूरा फ्लोर कितना साफ़ सुथरा चमकता हुआ सा था. इतना ाचा ऑफिस तोह उसने आज तक नहीं देखा था. ज़मीन एक डैम मार्बल जैसी, और बहुत hi सुन्दर लाइट्स और पेंटिंग. और सामने एक रिसेप्शनिस्ट का डेस्क था. वह उस डेस्क की तरफ गयी.
सुप्रिया - Hello, मैं यहाँ इंटरव्यू के लिए आयी हु...
रिसेप्शनिस्ट - Ok ma'am, कितने बजे है आपका इंटरव्यू?
सुप्रिया - 11 बजे.
रिसेप्शन - ओह, अभी तोह सिर्फ 10.30 बजे है. आप वहां बैठ कर वेट कर ले.
सुप्रिया ने टाइम का तोह ध्यान दिया hi नहीं था. राहुल ने उसे थोड़ा जल्दी hi ड्राप कर दिया था और अब उसे आधा घंटा यहाँ वेट करना पड़ेगा. उफ़, इससे ाचा तोह नीचे hi वेट कर लेती. पर नीचे ऐसा लग रहा थी की पता नहीं ऊपर कैसे जाना होगा.
वह वहीँ लॉबी में सोफे पर बैठ कर वेट करने लगी और इधर उधर देखने लगी.
सुप्रिया सोच रही थी की ये तोह काफी बड़ी कंपनी लग रही है. क्या उसकी जॉब यहाँ लग जाएगी? आते जाते लोग भी उसे घूर रहे थे, कुछ आपस में बात करके है रहे थे. क्या वह उसे देख कर है रहे थे? क्या उसके कपडे तोह ठीक थे? बाल? वह किसी तरह से निर्वसली बैठी रही.
लगभग 25 मिनट के बाद, 2 लोग उसकी तरफ आये. 1 आदमी और एक लड़की. लड़की यंग और सुन्दर थी और उसने शर्ट पंत और उसके ऊपर एक कोट पहना हुआ था. काफी फॉर्मल कपडे थे पर उसकी स्माइल से वह बहुत hi फ्रेंडली सी लग रही थी. आदमी ने भी शर्ट पंत पहनी हुई थी, और उसकी आगे थोड़ी बड़ी थी, काम से काम 35 तोह होगी, सुप्रिया ने सोचा. वैसे लड़को के पास और ऑप्शन भी क्या होता है शर्ट पंत पेहेन्ने के इलावा. पता नहीं ऐसे टाइम में भी सुप्रिया के दिमाग में ये सब मजाक कैसे सूझ जाता था.
कृति ने एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा - Hi सुप्रिया, ी ऍम कृति, हमारी फ़ोन पर बात हुई थी.
सुप्रिया भी कड़ी हो गयी - Hi कृति, कैसे हो आप.
कृति - मैं अछि हु. हाउ अरे यू? सो नीस की आप आ सकीय आज. ये है मेरे सीनियर - मर. साहिल, एंड हम दोनों आपका इंटरव्यू लेंगे.
साहिल का चेहरा काफी सीरियस था, कोई हसी नहीं उसमे, एक डैम खड़ूस - Hello सुप्रिया.
कृति - सो लेटस जो, वहां मीटिंग रूम में चलते है.
सुप्रिया को कृति जितनी स्वीट और प्यारी लग रही थी उतना hi डर उसे साहिल से लग रहा था. जिस तरह से वह उसे घूर रहा था.
कृति - सो, ऑफिस ढूंढ़ने में कोई प्रॉब्लम तोह नहीं हुई?
सुप्रिया - नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं...
कृति - वाटर, कॉफ़ी, कुछ चाहिए?
सुप्रिया - नहीं, कुछ नहीं. थैंक यू.
ऐसे hi बातें करते हुए वह लोग मीटिंग रूम में घुसे और सुप्रिया उन दोनों के सामने बैठी थी.
कृति - सो सुरपिया, मैंने आपका रिज्यूमे देखा था, एंड आईटी वास् इंटरेस्टिंग.
साहिल - सुप्रिया आप अपना रिज्यूमे देना जरा.
सुप्रिया तोह अपना रिज्यूमे लायी hi नहीं थी, उसका पास कंप्यूटर या प्रिंटर तोह था नहीं. उसे लगा था की वह आलरेडी रिज्यूमे को ऑनलाइन भेज चुकी है.
सुप्रिया - उम्म्म... सॉरी सर... वह तोह नहीं है मेरे पास...
साहिल - आप रिज्यूमे के बिना आ गए इंटरव्यू में?
कृति - No प्रॉब्लम, मेरे पास 2 कपीस है. ये लीजिये...
कृति ने मुस्कुरा के सुप्रिया को देखा जैसे उसे कलम डाउन करा रही हो.
साहिल - सो इनका एक्सपीरियंस तोह कुछ ख़ास नहीं है, आपने शॉर्टलिस्ट क्यों किया इन्हे कृति?
सुप्रिया का दिल ये सब सुन कर बैठे जा रहा था. सच में काफी ज्यादा खड़ूस था साहिल.
कृति - सर, इंटरेस्टिंग था, ी थिंक इन्होने का फर्म में जॉब की है, और फिर रिज्यूमे भी काफी अचे से बना हुआ था. ी थिंक एक बार इनकी स्टोरी तोह समझ लेते है.
सुप्रिया कृति से काफी इम्प्रेस हो गयी थी. साहिल उससे जैसे चाहे बात कर रहा था, कृति के चेहरे पर मुस्कान गायब नहीं हुई थी और न hi उसकी आवाज़ ुचि नीची हुई थी. ये देख कर सुप्रिया को भी थोड़ा कॉन्फिडेंस आ गया, और वह उन्हें अपने एक्सपीरियंस के बारे में बताने लगी. सब कुछ उसने काफी अचे से बता दिया और बीच में उनके सवालों का भी जवाब दे दिया.
साहिल - तोह आप हाउसवाइफ हो, अभी आप ये जॉब करना चाहते हो, कल छोड़ डोज..
सुप्रिया - नहीं सर, मैं काफी सीरियस हु जॉब को लेकर, और मैं कहीं न कहीं तोह जॉब जरूर करुँगी.
साहिल - यहाँ काफी काम होता है, और अभी इतना स्टाफ नहीं है तोह दुसरे डिपार्टमेंट में भी हेल्प करना पड़ता है..
सुप्रिया - कोई प्रॉब्लम नहीं सर, मैं सब सीख सकती हु...
साहिल - ठीक है, हम आपको कॉल करके बता देंगे.. कृति मुझे लेट हो रहा है मीटिंग के लिए तोह मैं जा रहा हूँ. बाद में बात करते है.
साहिल - और मस सुप्रिया, ये हार्ट वाले कपडे यहाँ नहीं चलते तोह आपको देखना पड़ेगा...
कृति - Ok सर.
साहिल जल्दी से रूम से चला गया और सुप्रिया अपने डाक्यूमेंट्स समेत कर वापस रखने लगी. साहिल की बातों से उसे लग रहा था की उसे जॉब नहीं मिलेगी, उसने उसके कपड़ो पर भी कमेंट कर दिया था, जो उसे काफी खराब लग रहा था.
कृति - कोंग्रटुलतिओन्स...
सुप्रिया हैरान होते हुए - किस चीज़ के लिए...
कृति ने इधर उधर देखा, जैसे उसे कोई सुन तोह नहीं रहा था - थोड़ा जल्दी है पर ी ऍम सूरे आपको ये जॉब मिल गयी है...
सुप्रिया - उम्म्म... मुझे तोह नहीं लगा ऐसा, साहिल सर की बातें नहीं सुनी आपने...
कृति - आप उनकी बात का बुरा मत मानो. आईटी विल बे ग्रेट तो हैवे ानोथेर गर्ल इन थे टीम. शठ... पर अभी किसी को बोलना मत...
सुप्रिया कृति की और देख रही थी. उसमे कितना उत्साह और चुलबुलापन था. देखने में तोह इतनी बड़ी नहीं लगती थी, पर उसका इंटरव्यू तोह उसने hi लिया था.
कृति - और वैसे न सर को फैशन का सेंस नहीं है, ी लव योर ड्रेस.
सुप्रिया - थैंक यू...
कृति और वह दोनों लिफ्ट की और चल पड़े - चलो, मैं आपको नीचे तक छोड़ देती हूँ.
सुप्रिया - अरे आप क्यों परेशान हो रहे हो, मैं चली जयुंगी…
कृति - इस बहाने थोड़ी सी वाक हो जाएगी चलो…
सुप्रिया सोच रही थी कितना ाचा नेचर था कृति का. सच में काश उसे ये जॉब मिल जाये तोह कृति के साथ काम करना कितना आसान होगा.
वह नीचे पहुंच कर लिफ्ट से बहार निकले hi थे की सामने से सुप्रिया को विक्रम आता दिखा. वह यहाँ क्या कर रहा था. क्या उसका ऑफिस में इसी बिल्डिंग में था. अगर वह उससे जॉब के बारे में पूछेगा तोह वह क्या बोलेगी की उसने विक्रम की जॉब क्यों नहीं ली. विक्रम तोह उनकी और hi आ रहा था, अब वह क्या करे.
विक्रम - मस. सुप्रिया आप यहाँ कैसे. और वह भी मस कृति के साथ?
सुप्रिया - वह बस... ऐसे hi...
कृति है के बोली - मर. विक्रम सिंह, आप बताइये आप यहाँ kaise...aur आप सुप्रिया को कैसे जानते है?
शायद कृति और विक्रम पहले से एक दुसरे को जानते थे.
विक्रम ने घूर कर कृति को देखा और फिर सुप्रिया को - मस सुप्रिया, मुझे तोह लगा था आप मुझे जॉब के लिए मैसेज या कॉल करेंगी, पर आपका तोह कोई मैसेज नहीं आया. और अब यहाँ Ms.Kriti के साथ? कहीं आप मस कृति की कंपनी तोह नहीं ज्वाइन कर रही?
ओह गॉड, अब वह क्या करे, वह तोह इन दोनों के बीच में फास गयी थी. कृति उसके बारे में क्या सोच रही होगी, और विक्रम भी.
सुप्रिया - सर... वह....
तभी एक डैम से कृति और विक्रम दोनों हसने लगे और एक दुसरे के गले मिले. सुप्रिया हैरान हो गयी थी की ये क्या हो रहा था.
विक्रम - भैया की जगह मर. विक्रम कब से बोलना शुरू कर दिया कृति.
कृति - जब से आपने मुझे मस. कृति बोलना शुरू kiya...aur ये कंपनी मेरी कबसे हो गयी?
विक्रम - जबसे तुमने ज्वाइन की है, तब से तुम hi चला रही हो
कृति - मैं?? मैं तो एक जूनियर एम्प्लोयी हु यहाँ, मेरी तोह कोई सुनता भी नहीं है यहाँ. और आप पता नहीं कहाँ कहाँ बिजी रहते हो.
विक्रम - हाँ क्या करू, इतना बड़ा बिज़नेस है मैनेज करने के लिए. पर तुम जानती हो न मेरे लिए ये काफी ख़ास है, क्यूंकि ये मैंने शुरू किया है. बाकी सब तोह ईशा की फॅमिली का hi है.
कृति - ओह सुप्रिया, ये मेरी कजिन भैया है - विक्रम, पर लगता है आप तोह एक दूसरे को पहले से जानते हो. पर कैसे?
विक्रम - हाँ, मैं कब से तरय कर रहा हूँ की सुप्रिया हमारी कंपनी ज्वाइन कर ले, पर इन्हे कोई इंटरेस्ट hi नहीं है.
कृति - पर आज तोह इन्होने आप की hi कंपनी के लिए इंटरव्यू दिया है...
विक्रम - ओह acha...thats ग्रेट...
सुप्रिया को तोह पता hi नहीं था की वह विक्रम की hi कंपनी में इंटरव्यू देने आयी थी. उसने तोह जान बुझ कर विक्रम को मैसेज नहीं किया था पर यहाँ अब वह वापस उसके पास hi पहुंच गयी थी.
सुप्रिया - ओह सॉरी, मुझे पता नहीं था की ये आपकी कंपनी है...
विक्रम - ाचा, तोह आप मेरी कंपनी में काम नहीं करना चाहती हो... अब समझ में आया..
सुप्रिया - नहीं सर, ऐसा कुछ नहीं, मैं बस अपने आप इंटरव्यू दे कर जॉब पाना चाहती थी.
विक्रम - किसी की हेल्प लेने से कोई छोटा नहीं हो जाता, मस सुप्रिया. और अगर आप मेरे थ्रू भी आती तोह इंटरव्यू तोह तब भी देना hi होता.
कृति - भैया आप तोह सुप्रिया को जानते hi हो तोह आप साहिल सर से बात कर लेना न उनके लिए...
विक्रम - ओह साहिल ने इंटरव्यू लिया था? नहीं भाई, उसके बीच में तोह मैं भी नहीं पडूंगा, वह जो बोले फाइनल है. सॉरी सुप्रिया.
सुप्रिया - कोई नहीं सर, जो भी होगा ाचा के लिए hi होगा.
कृति - डोंट वोर्री सुप्रिया, सब ाचा hi होगा.
सुप्रिया - थैंक्स कृति. मैं चलती हूँ अब...
कृति और विक्रम - Bye सुप्रिया...
सुप्रिया उनके bye करके बहार की और चल पड़ी. उसे पीछे से कृति की आवाज़ आयी - कितनी प्रीटी है न वह... सुप्रिया उसकी आवाज़ सुन कर मंद मंद है पड़ी और बहार निकल गयी.
बहार उसे जल्दी से ऑटो मिल गया और वह घर की और निकल गयी. रास्ते भर वह सोचती रही की क्या उसे ये जॉब मिलेगी और अगर मिल भी गयी तोह क्या उसे लेनी चाहिए. शायद विक्रम भी खुश नहीं था, तोह वह क्यों उसे जॉब देगा. और साहिल तोह बिलकुल भी नहीं, पता नहीं कृति क्यों इतना कॉंफिडेंट थी की उसे जॉब मिल गयी थी.
सुप्रिया घर पहुंची थी तोह उस में एनर्जी hi नहीं थी, सब कुछ उल्टा पुल्टा सा हो गया था. उसके फ़ोन पर राहुल के मैसेज थे जो पूछ रहे थे की उसका इंटरव्यू कैसा गया. उसके उसे एक लाइन का रिप्लाई की सब ठीक था. अभी वह किसी से भी बात नहीं करना चाहती थी. अतुल का कोई भी मैसेज नहीं था कुछ भी पूछने के लिए. वह भी उसे कुछ बताने नहीं वाली थी.
शाम को जब अतुल घर आया तोह सुप्रिया ने इंटरव्यू के बारे में कोई बात नहीं छेड़ी, और अतुल ने भी कुछ नहीं पुछा. शायद उसे याद भी नहीं था सुप्रिया के इंटरव्यू के बारे में. आज सच में काफी ख़राब दिन था सुप्रिया का.
2-3 दिन तक कोई खबर नहीं आयी, शायद उसे जॉब नहीं मिली थी. वह बेकार में hi सोच रही थी उसे विक्रम की वजह से जॉब को रिजेक्ट करना पड़ेगा, यहाँ तोह उसे जॉब hi नहीं मिली. और अतुल कितना खुश हो रहा था अंदर hi अंदर, जैसे उसका कहा सच हो गया हो. अब तोह वह उसे और भी कुछ नहीं समझेगा.
बिना मैं के सुप्रिया काम में लगी हुई थी की उसका फ़ोन बज उठा, एक अननोन नंबर था.
सुप्रिया - Hello.
साहिल - मस सुप्रिया, hello, साहिल थिस साइड..
सुप्रिया ने एक डैम से सारा काम छोड़ दिया - Hello Sir..kaise है आप...
साहिल अपनी खड़ूस सी आवाज़ में hi बोल रहा था - गुड, ाचा सुनिए, मैंने आपको ये बताने के लिए कॉल कर रहा हूँ की हमने काफी लोगो का इंटरव्यू लिया और अचे से सबको कंसीडर किया...
सुप्रिया का दिल बैठा जा रहा था, लगता है उसे जॉब नहीं मिली थी. वह शायद रो hi पड़े इस कॉल के बाद.
साहिल - और, हमने पाया की शायद आप इस जॉब के लिए ठीक रहेंगी. हर से कोई आपको कॉल करके डिटेल्स शेयर करेगा, आप देख लेना. जोइनिंग डेट, आप सोच के बता देना.
इतनी गंदे से कौन किसी को ये बताता है की उसकी जॉब लग गयी है. साहिल ने तोह पूरा hi डरा दिया था सुप्रिया को. हद्द हो गयी.
सुप्रिया - थैंक यू सर, थैंक यू सो मच.
साहिल - Ok, चलिए, bye..
सुप्रिया को जॉब मिल गयी थी. क्या ये सच था, उसे तोह यकीं hi नहीं आ रहा था. उसका सपना था एक अछि कंपनी में काम करने का और आज वह शायद पूरा होना शुरू हुआ था. उसका मैं था की वह अभी की अभी किसी के साथ ये खुशखबरी शेयर करे.
उसने अपना फ़ोन उठाया, और वह अतुल को मैसेज भेजने hi वाली थी की उसने वह मैसेज डिलीट कर दिया. फिर एक दूसरा मैसेज टाइप करके राहुल को भेज दिया - राहुल…. मुझे जॉब मिल गयी!!!! थैंक यू सो मच तुम्हारी हेल्प के लिए…