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Episode 12
अदिति को विदा करके मई रूम पर आया apne....room को साफ़ करके मई बीएड पर बैठ गया...
मोबाइल पैसे सब चूर गए थे... मोबाइल पेटम में hi सब पैसे थे...
मैंने बीएड के निचे देखा तो 500 रुपए मिल गए...
सोंचा थोड़ा आराम कर लून फिर jaunga..bahar कुछ खाने...
कैसे हो रॉक bhai..itne में जगहं आ गया...
क्या हो गया था आप बाइक छोड़ कर कहा भाग गए और देवी आपकी बड़ी देखभाल कर रही hai...door रहना उनसे..
मई: क्यों आया है..
झगन : बाइक मैंने उठा ली थी निचे कड़ी है..
मई: धन्यवाद्....
झगन : अब बताओ क्या माजरा है सब वो तुम्हारी बहन कहा गयी...
मई : जा बाद में बात करेंगे मई थका हुआ हों...
वो मेरे पीछे hi पद gaya..jane की वजाये...
रॉक ji...itne में अदिति खाना लिए आ गयी..
अदिति को देख वो टाला...
खाना लेकर उसने बीएड पर रखा फिर निचे एक कपडा बिछा कर वहां खाना रख दिया...
हाथ धोकर मई उसके साथ निचे बैठ गया...
मई :शुक्रिया मेरा इतना ख्याल रखने के लिए तुम न होती तो मई कब का मर चूका..
Shssshhh...usne मेरे होंठो पर ऊँगली रख di...pal भर में उसकी आँखे बाह gayi...wo बेचारी हर्ट होकर रोने लगी...
मई : सॉरी यार जबान फिसल गयी अब नहीं कहूंगा.. प्लीज माफ़ कर do...maine कान पकड़ कर कहा फिर बहुत देर तक मई उसे मनाता raha...jab उसकी सांसे नार्मल हुई तब वो मानी..
मई : यार न समझ हों मुँह से निकल गया...
अदिति : आईन्दा ऐसा नहीं कहना मेरे बारे में नहीं सोंचा मई आपको बहुत चाहती हों रॉक ji...uski आंखे नाम हो गयी...
मई : कभी nahi...ab मुझे खिला दो बहुत भूक लगी hai..aur प्यार से वो मुझे खिलने लगी मई उसे खिलने लगा...
खाना ख़त्म करके उसने पानी दिया मुझे और हम फिर सब समेत कर बीएड पर बैठ gaye...meri जांघो पर सर रख कर वो लेट गयी...
अदिति : रॉक ji...mai आपको भूल गयी तो आप क्या करेंगे..
मई कहना चाहता था मर जाऊंगा उसके बिना जीने का मई सोंच भी नहीं सकता था लेकिन जो अभी वो रोई उसे देख कर मैंने अपने लफ्ज बदल दिए..
मई : तुम्हे याद दिलाऊंगा जब तक तुम्हे मई याद नहीं आ जाता तब तक कोशिश करता रहूँगा अपनी आखिरी साँस तक..
अदिति : प्रॉमिस..
मई : प्रॉमिस...
और मैंने उसके बालो को चूम लिया...
मई : अच्छा सुनो मई काम पर जा रहा हों...
अदिति : नहीं आप आराम करो...
मई : कीस लेने जा रहा हों हमारे बंगलो की..
अदिति: मई भी चलूंगी...
मैंने उसे साथ लिया और निचे आया...
निचे hi मुझे सेठ मिल गया..
सेठ : कहा जा रही हो..
अदिति : रॉक जी के बंगले को देखने...
सेठ : 2 घंटे में आ जाना हम निकल रहे hai...aur हाँ अपना फेस कवर कर लो..
अदिति ने हामी भरी और फिर मेरे साथ बाइक पर बैठ गयी...
कुछ देर बाद हम मेहता के ऑफिस में थे जहाँ उसकी सेक्रेटरी ने मुझे कीस दी...
जिसे लेकर मई अदिति को लिए बंगलो पर आया...
दुर्गा ने बस सामान हटवाया था रेनोवेशन का काम अब भी रहता था...
अदिति : हमें बंगलो को कलर करना चाहिए...
मई : हाँ सोंचा तो यही था लेकिन पैसे नहीं है...
अदिति : ये लो और आप कलर लेकर आओ मई यही हों..
वो पैसे देते हुए बोली....
मैंने मन करना चाहा..
मई : मई कैसे..
अदिति : ये हमारा घर hai...ab जाओ...
मई : कोनसा कलर..
अदिति : ग्रीन..
और मई चल दिया...
कुछ देर बाद मई 5 बड़ी बाल्टियां लेकर आया उन्हें मिक्स करके हमने जो बैडरूम चुना उस रूम से शुरआत कर दी कलर की...
मई : तुम हैट जाओ मई कर लूंगा..
अदिति : नहीं मुझे भी करना है...
मई ऊपर कलर करने लगा वो निचे niche...hamare कपडे ऑलमोस्ट गंदे हो गए थे...
4 घंटो की कड़ी म्हणत के बाद रूम कलर हो गया था...
अदिति: कैसा लग रहा है..
मई : तुम्हारी तरह बहुत खूबसूरत...
मई उसके पास आकर बोलै की सहारा लेने के लिए मैंने रूम के दूर पर हाथ रख दिया...
मई : opps..door बहुत सुन्दर था मेरे कलर वाले हाथ से सब गन्दा हो गया था..
अदिति: ोप्पस ..इतने में अदिति ने भी अपना हाथ रंग में भिगो कर रख दिया मेरे हाथ के बराबर में..
तेरे बिन जीना है ऐसे
दिल धड़का ना हो जैसे
ये इश्क़ है क्या दुनिया को
हम समझाए कैसे
अब दिलों की राहों में
हम कुछ ऐसा कर जाएं
इक दूजे से बिछड़े तो
सांस लिए बिन मर जाएं
जिसे देख हम दोनों hi हसने lage...mai प्यार से उसे निहार रहा tha...use पाकर सब कुछ मिल गया था ...
Ghrrr...itne में फ़ोन बजा अदिति का..
मई : उठा लो..
अदिति: अंकल बार बार कॉल कर रहे है..
मई : कह दो आ रहे hai..vaise भी बहुत टाइम हो गया...
अदिति : अच्छा ठीक hai...aur वो फ़ोन पर कहने लगी...
गेट लॉक करके हम बहार aye...keys मैंने वही छुपा di...kyoki मुझे अभी यहाँ आना था..
बाइक पर अदिति को लिए मई चल दिया...
मई : जान मई समझा nahi...subah जो kaha...tum मुझे कैसे भूल सकती ho..jo बात मुझे परेशां कर रही थी मैंने पूछ hi ली..
अदिति : मई नहीं जानती मई कोण हों...4 साल पहले मुझे अंकल लाये बस्ती में जिस दिन मेला था वो मेरे आने की खुसी में hi था.. वो कहते मई उन्हें कही मिली thi...mujhe कुछ याद नहीं मई भी अपने बारे में जानना चाहती hon...ki मई हों कोण..
मई : क्या मतलब तुम कोण हो ..
अदिति : मई नहीं janti..agar मई आपको भूल जॉन तो मेरा फ़ोन मुझे दिखाना ...समझ गए...
मई : मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा hai..tum मुझे कैसे भूल सकती ho...tumhari याददास्त कैसे आएगी...
पि pi...itne में मुझे पीछे से हॉर्न की आवाज आयी...
अदिति : अंकल बाइक साइड में karo..usne पीछे घूम कर देख कहा..
मैंने बाइक साइड में रोकी तो कार भी मेरे पीछे आकर रुक गयी ..
अदिति उतर कर सेठ के पास जाने
लगी सेठ भी अदिति के पास...
सेठ : चलो beti...usne अदिति का हाथ पकड़ा और उसे कार में बिठाने लगा.
सेठ की कार आगे बढ़ी तो मई भी उसके पीछे हो लिया...
सेठ अदिति को लिए बस्ती में aya...phir दोनों निकल कर घर में घुस gaye..mai भी रूम पर आगया...
बहुत देर तक मई अदिति का वेट करता रहा बार बार मई छत से बहार देखता लेकिन अदिति नहीं दिखी...
मेरा दिल बड़ा बेचैन हो रहा था एक तरफ सर पर बहुत सी फिकरे सवार थी वही एक अंजना दर दिल में बैठ गया tha...baar बार बेचैनी से मई निचे देखता....
रात 12 बजे मैंने अपना बैग uthaya...aaj पिस्तौल साथ रख ली थी maine...apni ड्रेस बैग में दाल मई निचे aaya...aur फिर बाइक पर बैठ कर चल दिया...
कुछ देर बाद मई अपने बंगलो पर tha...andar आकर मैंने ड्रेस चेंज की और चोर वाली ड्रेस में आया...
बेचैनी अपनी जगह लेकिन फ़िक्र को काम करने के लिए भी मुझे अपना काम करना था 2 महीने ऐसे hi बीत जाते और पता भी नहीं chalta...wahi गायत्री के 5 करोड़...
मैंने कई दिनों पहले यही लोनावला में एक घर का इंतिखाब किया tha...mere बंगलो से उस घर की दूरी भी एक से देर किलो मीटर की थी...
अपने गटेउप में आकर मई घर से निकला और चल दिया अपनी मंजिल....
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कुछ दिन पहले.....
Hello mona....saanvi से बात करने के बाद जूनियर दूसरी कॉल लगा देता है...
कैसे याद किया mr.hinkle..udhar से आवाज आयी...
जूनियर : आपको मुंबई आना होगा मिस मोना...
मोना : क्यों..
जूनियर : वो लड़की याद है जिसकी याददास्त अपने मिटाई थी उसके लिए...
मोना : मई अभी फ्री नहीं हों बोल देना अपनी मैडम से...
जूनियर : मैडम अर्जेन्ट है...
मोना : ओह्ह तो बदला लेना चाहते हो..
जूनियर : आपसे क्या chupana...kab तक आ जाएगी आप...
मोना : तीन चार दिनों में यहाँ से फ्री होकर मुंबई पहुंच कर तुमसे मिलती हों..
जूनियर : ठीक है miss...aapki फीस तैयार है जितना आप कहे..
मोना : जरुरत नहीं बस अपनी मैडम से कह देना नीड होने पर वो अपनी आर्मी के साथ मेरा साथ दे...
जूनियर: ठीक hai...aur कॉल कट हो जाती है..
तभी जूनियर दूसरी कॉल लगा देता है..
जूनियर : hello ...हिंकले स्पीकिंग...
कैसे याद किया sir..udhar से एक मिडिल आगे आदमी की आवाज आयी...
जूनियर : सेठ parakash..ab समय आ गया है प्रकाश राज देसूजा को उसकी अमानत वापस देने ka..us सेल का नाम भी तुम्हारे नाम से मैच होता है..
प्रकाश: क्यों sir..wo ठीक तो है यहाँ..
जूनियर : क्या बकवास कर रहे हो ज़िन्दगी प्यारी नहीं तुम्हे..
प्रकाश : 4 सालो से उसे पला इतनी प्यारी है वो उससे लगाव हो गया माफ़ करना मेरी साड़ी वफाये मैडम सान्वी के लिए है ..बताये क्या करना है..
जूनियर : समझता hon...lekin तुम्हे ये तो करना hi है...4 दिनों बाद उसे लेकर अजना...
प्रकाश : मई उसे फाॅर्स नहीं कर सकता वो बहुत ज़िद्दी है...
जूनियर : ये तुम्हारी प्रॉब्लम hai...mujhe समय पर वो लड़की chahiye...aur कॉल कट कर देता है हिंकले..
चार दिन बाद जूनियर मोना को मुंबई एयरपोर्ट पर रिसीव करने जाता है...
और वहां से एक फाइव स्टार होटल में...
मेले वाली रात...
क्या हुआ था रिशु दोनों में..3 बजे दोनों बहनो के घर में घुसते hi प्रकाश ने रिशु से पूछा..
कुछ नहीं डैड बस दोनों ने बातें ki..rishu धीमे से फुसफुसाई..
प्रकाश : अब अदिति के जाने का समय आ गया है...
रिशु : वो मेरी बहन है dad...pal भर में रिशु की आंखे चालक पड़ी..
प्रकाश : वो परायी hai...use तैयार करो...
उसी रात से रिशु लग गयी अदिति को उसके बारे में batane...wo ये सब दिल पर पत्थर रख कर ..कर रही थी...
अगले दिन...
रिशु : दीदी आपको बचपन की कोई बात याद है...
अदिति : बचपन की कोई bat...koi bat...nahi... मुझे याद क्यों नहीं आ रहा.
रिशु : आप मेरी बहन नहीं है आपकी अपनी फॅमिली है आपके भाई है माँ है डैड है...
अदिति : सच कह रही हो ..देखो रिशु मई रो दूंगी ये मजाक हुआ तो ..
रिशु ना में सर हिला देती है...
अदिति : फिर बताओ मुझे कहा है वो...
रिशु: मई नहीं जानती लेकिन आप जानती है वो कहा है...
अदिति : mai...mai नहीं जानती अब बताओ कहा है वो...
रिशु : उनके बारे में जानने से पहले आपको जानना होगा आप कोण hai...didi आप hi जानती है अपनी फॅमिली के बारे में...
अदिति सर पकड़ बीएड पर बैठ जाती है..
अदिति : साफ़ साफ़ कहो...
रिशु : आपकी मेमोरी लोस्स है दीदी जब वो आएगी वापस तब आपको सब याद आजायेगा लेकिन...
अदिति : लेकिन क्या...
रिशु : जो पल अपने मेरे साथ यहाँ बिताये वो सब आप भूल jayengi...mujhe भी डैडी को भी इस बस्ती को भी...
अदिति : रॉक जी को भी...
रिशु सर हिला देती है...
अदिति : नहीं मई रॉक जी को नहीं भूल सकती... मुझे नहीं जानना अपने बारे में...
रिशु : सच दीदी...
अदिति : और नहीं तो kya...jo मुझे मेरे रॉक जी से दूर करो मई उन सबसे दूर हो जाउंगी...
रिशु: मई भी आपसे दूर नहीं जाना चाहती didi..lekin डैडी नहीं मानेगे हमें यहाँ से जाना होगा...
अदिति : रॉक जी के साथ...
रिशु : उसे भी ले चलना...
प्रकाश दरवाजे से कान लगाए दोनों की बातें सुन रहा था...
कुछ सेकण्ड्स रुक कर वो दूर खोल कर अंदर आ गया...
प्रकश :नाश्ता कर लिया..
रिशु : जी डैडी...
प्रकाश : अच्छा मुझे तो उस लड़के की फ़िक्र है बेचारे की बहन चली गयी अब उसे कोण ब्रेकफास्ट देगा..
अदिति : उफ़ मई तो भूल hi गयी थी मई जाती हों..
और अदिति रूम से निकल किचन में घुस गयी...
रिशु ने जाना चाहा की प्रकश ने हाथ पकड़ कर रोक लिया...
खाना लेकर जैसे hi अदिति घर से निकली..
चटककक...
सेठ ने रिशु के गाल को लाल कर दिया...
प्रकश : तू ये क्या प्लान बना रही थी ladki...agar वो कही भाग गयी तो तेरे बाप के टुकड़े हो jayenge...sab जानते हुए भी तू कैसे प्लानिंग कर सकती है भागने की...
रिशु : सॉरी dad...mujhe उनसे प्यार हो गया कोई बहन नहीं मेरी bas..ab से ऐसा नहीं करुँगी...
रात...
अंकल रिशु... uncle...khoon...
क्या हुआ अदिति beti...prakash रूम से निकल कर हड़बड़ाते हुए बहार आया...
अदिति : रॉक जी के खून .और अदिति अपने हाथ दिखा देती hai...jin पर ब्लड लगा था..
सेठ लम्बे कदम बढ़ा कर पेड़ के पास आया तो उसे रॉकी बेहोश मिला बस्ती के लोग उसके पेट पर कपडा बांध रहे थे...
प्रकश : रिशु कार लेकर आओ जल्दी...
रिशु ने हामी bhari...ki इतने में सेठ को अदिति दिखी रट हुए बड़ी बेचैन....
जो मुझे मेरे रॉक जी से दूर करो मई उस सबसे दूर हो जाउंगी...
प्रकाश को अदिति की बातें याद आने लगी ..
जिन्हे सोंच उसने अदिति का हाथ पकड़ा और उसे कोने में लेकर आया लोगो से दूर..
प्रकाश : अगर उसका इलाज नहीं हुआ तो वो मर जायेगा.....
अदिति : तो आप जल्दी ले चलो हॉस्पिटल...
प्रकाश : मई नहीं जनता वो कोण है न मुझे उसकी परवाह है मुझे किसी की परवाह है वो हो tum...meri बेटी तुमसे मैंने कुछ नहीं माँगा तुम बस अपना इलाज करा लो और जानो अपने बारे में...
अदिति : उनका ब्लड निकल रहा hai...mai उन्हें भूल जाउंगी...
प्रकाश: तुम एक वीडियो मैसेज उसे दे देना अभी बना कर जिससे वो तुम्हे याद दिला dega...sonch लो बेटी अगर तुमने इंकार किया तो मई इलाज नहीं कराऊंगा उसका..
अदिति : मुझे मंजूर है जल्दी chalo...aditi hi जानती थी कितने दर्द में उसने हामी भरी थी...
आज अपने रंगों से बिछड़ी हैं ये तसवीरें
हाथों में कहीं टूट रहीं हैं
मिल कर दो तक़दीरें
और सेठ ने बस्ती वालो की हेल्प से रॉकी को कार में बिठाया और लेकर चल दिया ..
दुनिया ये जीत गयी दिल हार गया..
नहीं सोचा था मिल कर कभी होंगे जुड़ा....
हमने तो हमने बस इश्क़ है किया ...आए..
पीछे बैठी अदिति की आँखों से आंसू गिरकर रॉकी पर गिर रहे थे...
थर्ड day...rocky के बंगलो से आने के बाद..
रूम में हलकी सी रौशनी थी अदिति फ़ोन के कैमरा को ों करती है. उसकी आँखों से आंसू रुक रुक कर चालक रहे थे ...
वो रिकॉर्ड बटन दबती है
अदिति : अगर तुम ये वीडियो देख रहे हो तो शायद मेरी याददाश्त वापस आ चुकी है और शायद मैं तुम्हे भूल चुकी हूँ मुझे पता चला है के जब मेरी पुराणी यादें वापस आएँगी तो तुम मेरी ज़िन्दगी से मिटा दिए जाओगे जैसे तुम कभी थे hi nahi..lekin तुम थे तुम हो
.और शायद मेरे दिल में कहीं हमेशा रहोगे ...मुझे डर लग रहा है इस बात से नहीं के मैं भूल जाउंगी इस बात से के मैं तुम्हे दोबारा पहचान नहीं पाऊँगी ..तुम्हे याद है जब मैं पहली बार तुम पर गुस्सा की थी तुम ने कहा था उसी दिन तुम्हे मुझसे प्यार हो गया था..
तुम ने मुझे जीना सिखाया जब मुझे खुद..
जब नहीं पता था के मैं कौन हूँ तुम ने मेरी ख़ामोशी समझी मेरी बेचैनी समझी मुझे बिना पूछे प्यार किया..
अगर कल मैं तुम्हे देखु और मेरी आँखों में अजनबियत ho..To प्लीज मुझे दोष मत देना वो मैं नहीं हूँगी वो मेरी वापस आयी हुई दुनिया होगी ..अगर मैं तुमसे पूछूं के तुम कौन ho..To गुस्सा मत होना बस एक बार फिर से मुझे वैसे hi देखना जैसे पहली बार देखा था हो सकता है मेरा दिमाग़ तुम्हे भूल जाये. लेकिन मुझे यकीन है मेरा दिल इतना कमज़ोर नहीं.. अगर किस्मत ने चाहा तो शायद मैं फिर से तुमसे प्यार कर बैठूंगी ..दोबारा नए सिरे से बिना यादों के सिर्फ एहसास के सहारे और अगर नहीं तो याद रखना किसी वक़्त किसी लम्हे में मैं तुमसे बेइंतेहा प्यार करती थी और वो सच कभी झूट नहीं बनेगा ी लव यू आज वाली मैं कल वाली मैं के लिए..
अदिति ने एक गहरी साँस ली और फिर बोलने लगी..
अदिति : ये रिशु है मेरी बहन 4 सालो से इसने मुझे संभाला मुझे एक माँ की तरह बोलना लिखना पढ़ना सिखाया मई तुम्हारे अहसान कैसे chukaungi...rishu ..मुझे हमसे तुम्हारी जरुरत पड़ेगी..
प्रकाश : चलो बेटी ..हमें देर हो रही है...
अदिति ने सेठ की आवाज पर कैमरा बंद किया और फ़ोन रिशु को दे दिया जो रट हुए अदिति को देख रही थी ..
बहार आकर वो एक नजर सामने के रूम पर डालती है फिर कार में बैठ चल देती है प्रकाश के साथ....
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मई अँधेरे में सुनसान सड़क से हटकर चल रहा tha...baar बार पुलिस की गाड़ियां आती दिखती और मई चुप जाता....
मैंने चहेरे पर मास्क पहना था हाथो में ग्लव्स और शहरीर पर ऐसी बनयान पंत जो बहुत लचीली होने के साथ हाथो से फिसल जाये...
बस मेरी मंजिल अब 400 मीटर की दुरी पर थी....
उस सोसाइटी में आते hi मेरा सामना बहुत सी स्ट्रीट लाइट्स से हुआ...
जाहिर था यहाँ कामर्स थे....
मुजुए छत चाट जाना था उस घर तक...
एक लम्हे के लिए मन हुआ सोसाइटी के पहले घर में घुस जॉन लेकिन अब प्लान बदलने से दिल में एक दर ये बैठ गया कही फास गया तो पकड़ा jaunga..jis घर में जा रहा था वहां बस 2 लोग थे...
मई पहले घर की दीवार पर चढ़ा...
Dhanmmm...aur निचे कूड़ा...
सब कुछ shant...kuch सेकण्ड्स मैंने वेट किया किसी की आवाज न होने पर मई घर से सटे जीने पर चढ़ gaya...aur दबे पाऊँ ऊपर आया...
और फिर छत छत कूदते हुए मई अपने चुने हुए घर में आया...
निचे जाने के लिए दो रस्ते थे एक छत की ग्रिल से लटक कर दूसरे मेल पर जाया जा सकता था दूसरा रास्ता जीने का था...
दबे पाऊँ मई जीने पर aya...phir चलते हुए दरवाजे पर...
मैंने धक्का मारा हलके से खोलने के लिए दूर नहीं खुला दूसरी साइड से बंद था....
मैंने जल्दी से मैगनेट nikala..aur धीरे धीरे मई लोहे के गेट की कुण्डी सरकने लगा...
चाट...
कुण्डी खुल कर निचे गिरी और दूर अपने आप थोड़ा सा घुल गया...
जिसे मैंने हाथ से आगे किया और मई निचे aya...aur टोर्च जलाई
एक bramda..bada सा दये बाये बड़े बड़े गमलो में पेड़ जिनकी लेट ऊपर लग रही thi...ek फिश जार जिसमे खूबसूरत मछलियां राखी थी...
चलते हुए मई बरामदे से लगे एक बड़े से रूम में आया दूर देखने से hi लग रहा था खुला hai...maine हाथ से पीछे किया...
Chrrrrr....aur दूर पीछे हो gaya...door की आवाज से मेरा दिल धक् धक् करने लगा..
मैंने कुछ सेकंड इंतजार kiya...jab कोई आवाज नहीं आयी मई अंदर आया...
अंदर टोर्च मरी तो मुझे 2 लड़कियां सोते दिखी जिनोह्णे ब्लैंकेट ओढ़ा हुआ tha...sar से लेकर पेअर tha...jisme उनका मुँह भी छुपा था...
वही दूसरी लड़की की पीठ नंगी थी आगे वाली लड़की ने ब्लैंकेट दबाया हुआ tha..maine दूसरी लड़की की पीठ के निचे रौशनी डाली तो मुझे वो एक छोटी चड्डी में सोती dikhi...uski अस्स इतनी बड़ी और टाइट की एक लम्हे के लिए मई नजर न हटा सका....
रॉक ji...aditi को याद करते हुए मैंने अपने खड़े हो रहे हथियार को देखा ...
Dhammm...aaahhhh...agle hi पल मैंने एक घुसा अपने हथियार पर मारा..
दर्द से मेरी चीख निकल gayi....jise आधी मैंने मुँह में दबा लिया..
सब कुछ शांत...
मैंने कुछ लम्हे वेट Kiya...aur जब कोई हलचल लड़कीओ ने नहीं की तब मई चलते हुए बीएड के पास aya...aur ब्लैंकेट मैंने दूसरी लड़की पर डालने laga..na जाने कैसे मेरा हाथ उस लड़की की अस्स पर चला gaya....aur उस पर मैंने हाथ फेर diya...itni टाइट और सुन्दर की मई बेकाबू हो गया..
मैंने हाथ हटाया और ब्लैंकेट दाल दिया...
मुझे बुरा लगा लेकिन मई अपने वश में नहीं था....
लड़की को कवर कर मैंने सामान पर नजर डाली...
किताबे महंगी murtiya...show के लिए रखने वाली..2 चेयर और टेबल जिस पर कपीस राखी थी..
मोबाइल जो टेबल पर रखा था..
सोंचा मेरे पास मोबाइल नहीं है इसलिए मैंने एक मोबाइल उठा कर बैग में दाल liya...mujhe बस एक फ़ोन की जरुरत thi..mai जनता था फ़ोन कितना जरुरी है इसलिए मैंने एक hi उठाया..
चलता हुआ मई अलमारी के पास aya...use खोला तो बहुत से कपडे दिखे...
धीरे धीरे उठा कर मई उन्हें निचे रखने लगा...
एक कपडे का जत्था हटाया तो मुझे उसके निचे नोटों की 4 बड़ी और मोती गड्डियां दिखी...
मैंने बैग आगे किया और गड्डियां उठा कर जैसे hi राखी...
थाककक
.
मई : आआह्ह्ह्ह...
एक भरी सी चीज़ मेरे सर पर पड़ी...
घूमता हुआ मई निचे गिरा....
गिरते हुए मैंने देखा वो वही मूर्ति थी शो वाली जब पड़ी तब मुझे उसके ठोस भरी होने का अहसास हुआ...
धम्मं... गिरते हुए एक और मेरी गर्दन आधे सर पर पड़ी...
और मई होश खो बैठा....
मेरे फ़ोन पर कॉल karo..kahi इस चोर ने न चुरा लिया हो...
टिंग ting...itne में मेरे बैग में घंटी बजी...
मैंने कहा था न..
Hello पुलिस स्टेशन जल्दी मेरे घर आये यहाँ चोर हमने पकड़ा है...
आवाजों से मई धीरे धीरे होश में आया...
होश में आते hi एक तेज दर्द मुझे अपने सर गर्दन सीने पेअर पर महसूस hua...lagta है मुझे बहुत मारा गया था बेहोशी में...
मेरे फेस पर अब भी मास्क था मई बंधा हुआ था चेयर पर कपडे से मोठे कपडे se...tighly..
मुझे इंतजार था पुलिस का अगर आंखे खोलता तो मेरी और पिटाई हो jati..isliye मई ऐसे hi पड़ा रहा...
तुम बचिओ को गेट बंद रखना चाहिए tha...mujhe एक औरत की आवाज आयी...
मैंने किया था ौंटी...
मुझे लड़की की आवाज aayi..jo कुछ मुझे पहचानी lagi...lekin कोण मई नहीं जनता था...
इसकी वीडियो banaye...kya कहती हो..
सही रहेगा विरुल हो जाएगी tu..laa मुझे दे मई बनती हों...
वो शायद दूसरी लड़की को मोबाइल दे रही थी...
मुझे बस लड़कीओ की आवाजे hi आ रही thi...accha हुआ कोई मर्द नहीं था यहाँ...
मई आंखे बंद किये सोंच रहा था अगर वीडियो बानी तो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद हो jayegi...mujhe फिर दुनिया से बिलकुल छुप कर रहना hoga..vaise भी एक दो साल के लिए तो अंदर जाता hi...
एक्शन..
लड़की ने kaha...aur फिर वो मेरे कपडे के मास्क को नोचने लगी....
रॉकी...
रॉकी....
कोण rocky...tum जानती हो इसे...
और मैंने आँखे खोली....
Didi...ahana...aur वो औरत थी जिसे मैंने गायत्री की बहन के कोठे पर देखा था एक बार जब मई वर्जिन ब्लड लेने गया था...
मई उन्हें वो मुझे देख कर सब शॉकेड...
सबके चहेरे ब्लैंकेड हो गए थे....
मुझे निकलना था और मई सोंचने लगा मुझे क्या करना hoga...meri पिस्तौल पीछे नहीं थी वो बीएड के पास राखी टेबल पर पड़ी थी...
Rocky...didi ने मुझे देखा और उसकी आंखे भर आयी...
ये वही थी जिसे मैंने ब्लैंकेट उड़ाया वो उसी चड्डी में थी मेरे samne..aur वो निकली मेरी बहन...
वो रो रही थी मेरी हालत देख कर वही अहाना खामोश थी...
Ting....itne में बेल्ल बजी...
शायद पुलिस आ गयी..
उसी औरत ने कहा...
लावण्या : नैंसी ौंटी उन्हें भेज दो प्लीज उनसे कहना वो भाग गया...
अहाना : सब ठीक है नैंसी aunti..ye कोई चोर नहीं लव का भाई रॉकी है...
मई : कोण rocky...maine भरी आवाज nikali...meri आवाज डीप थी जिसे मैंने और डीप कर लिया इतना की मुझे भी यकीन नहीं होता की ये मई हों...
नैंसी : ओह्ह हाँ इसे maine...lekin ये चोर hai...uska जुमला बदल गया वो छुपाना चाहती थी वो बात जो मई जनता था...
लावण्या : प्लीज aunti...rote हुए उसने हाथ जोड़ लिए...
अहाना : नैंसी ौंटी पुलिस को जाने को कहे...
बेल्ल लगातार बज रही थी जो देख सर हिलाते हुए वो जाने लगी...
मेरी बहन मुझ पर झुक गयी ..और रट हुए मेरे सर को चूमने लगी...
लावण्या : मैंने अपने हाथो से तुम्हे mara...rocky...I'm sorry...mai यहाँ तुम्हे ढूंढ़ने आयी thi...aur यही स्टडी करने लगी...
रट हुए वो मेरे हाथ खोलने lagi...phir पेअर...
जब मई khula...tab मैंने एक नजर लावण्या को देखा...
मई खड़ा हुआ और वो फिर मुझसे चिपक कर रोने लगी...
Dhammmm...aaahhhh....
मैंने उसे धक्का diya...aur वो बीएड पर giri...agle पल मैंने अहाना को धक्का दिया....
अहाना : aaahh...rocky ये कर गए यो...
फिर लम्बे कदम बढ़ा कर मैंने अपनी पिस्तौल उठायी...
मई : कोण rocky...aur गन मैंने दोनों पर तान di...chup चाप कड़ी raho...main अपने बैग के पास aya..aur उसे समेटने लगा...
लावण्या : रॉकी ऐसा मत कर...
मई : sshhh...ek बार और रॉकी कहा तो साडी बुलेट तेरे दाल दूंगा..
लावण्या : मार मुझे...
वो मेरे आगे आगयी और गन पकड़ कर उसने अपने सीने पर रख ली...
मई : चल हैट एड़ी...
लावण्या : आआह्ह्ह्ह...
मैंने धक्का diya...agle hi पल बैग उठाया और मई जीने की तरफ भगा....
रॉकी रुक jao...rocky...didi और अहाना दोनों आवाजे देती रह गयी...
जीने से मई छत पर आया...
दर्द में तड़पने के बावजूद मई छतो को फलांगता हुआ भाग रहा था...
आखिरी घर पर मई रुका....
खली हाथ नहीं जा सकता tha....mujhe ख्याल आया....
और इसी ख्याल के साथ मई उस घर में बने जीने के पास aya...jo जाहिर था लॉक था...
2 मिनट लगे mujhe...kholne में...
बरामदे से होते हुए मैंने टोर्च mari...upar का रूम लॉक था बहार se...kundi पड़ी हुई...
जो देख मई कुण्डी खोल कर अंदर घुस गया....
अंदर सामान पड़ा था ये स्टोर रूम बनाया हुआ tha...maine कीमती चीज़ो पर नजर डाली लेकिन कुछ नहीं मिला ..सिवाए एक संदूक के...
न चाहते हुए भी मैंने एक बार कोशिश करने का सोंचा...
और अपनी मास्टर के nikali...jo ऐसे hi लॉक के लिए बनायीं थी....
चतत्त लॉक khula...aur मुझे बहुत सरे कपडे dikhe...lal कपडे ...
मैंने कपडे hataye...to निचे मुझे एक लाल डब्बा दिखा जिसे देख मेरी आँखों में चमक आ गयी...
ये डब्बा गहनों वाला tha...maine उसे खोला तो अंदर मुझे एक बड़ा सा हार दिखा जिसके मोती की हीरे चमक रहे थे...
उसे हटा कर मैंने और सामान तलहा लेकिन कुछ nahi...maine डब्बा अंदर डाला...
और रूम से मई बहार आया...
फिर सीढ़ियों से उतरता हुआ निचे आया..
निचे सब शांत था अँधेरे में...
3 रूम they...maine तीनो पर रौशनी mari...aur पहले रूम जो दूर के पास था उसके पास आया...
दूर को मैंने पहले khola...fir उसी रूम में घुस gaya...room खुला hi हुआ था...
मैंने अंदर टोर्च मरी यहाँ कोई बीएड नहीं tha...sofe और टेबल thi...aur अलमारी..
एक साइड सोफे पर मुझे 2 बैग दिखे....
मई चलता हुआ उनके पास aya...andar कपडे हो सकते they...sath में मोबाइल bhi...aur मुझे मोबाइल चाहिए tha...isliye मैंने बैग खोला...
बैग खोलते hi जैसे मई जैम gaya...aur मेरी आँखों में चमक आ गयी...
पूरा बैग नोटों से भरा हुआ था...
मैंने जल्दी से दूसरा बैग khola...wo भी नोटों की गड्डीओ से भरा हुआ था...
मैंने एक बैग उठाया और तंग liya...peeth पर...
जा बैग लेकर aa...itne में मुझे आवाज aayi....kayi आदमीओ के चलने की...
दूसरा बैग छोड़ में आगे bhaga...aage अलमारी thi...aur मैंने जैसे hi उसे khola...samne एक औरत कड़ी thi...jo मुझ पर गिरी...
दर था मेरी चीख निकल जाती लेकिन मैंने खुद को संभाला...
मैंने टोर्च जलाई और रौशनी में उसे dekha...ek बेहद सुन्दर औरत उसका गाला कटा हुआ tha...jise देख मेरे हाथ कल्पने लगे...
कदमो की आवाज बेहद करीब हो गयी थी..
मैंने जल्दी से खुद को संभाला और उसी औरत को लिए अलमारी के अंदर बंद हो गया....
दूसरा बैग कहा रखा...
मई : सहित....
मई लक्समी वाली मुसीबत में पढ़ गया था...
मैंने गन निकल ली और औरत के पीछे छुपा li...ab इंतजार था वो कब मेरे पास आकर दूर खोलते है...
देख यही होगा मैंने अभी रखे थे बस..
हां मेरे सामने hi लेकिन कहा गया...
तुझसे मैंने कहा था पहले मई खून साफ़ कर लेता हों तू बैग के पास baith...phir तू jana...lekin तेरी तो फटती है...
चल ढूंढ...
दूसरे कमरे में देख कर aa..kahi वहां तो नहीं रख दिया...
यही रखा था...
वो फ़्रस्ट्रेटेड हो गए थे...
वाशरूम में तो नहीं रख दिया तूने देख जाकर ..
नहीं hai..dekh liya...mai उन्हें देख नहीं पा रहा था लेकिन मुझे उनकी आवाजे आ रही thi...wahi मई एक लाश के साथ था ये सोंच सोंच कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे...
अचानक से मुझे अपनी गन पर हाथ महसूस हुआ...
मैंने दूसरे हाथ से टटोला तो औरत का हाथ hi tha..lekin kohni...maine उसे सीधा कर दिया...
Honnnn...honnn...
पुलिस बैग उठा और nikal...itne में पुलिस की आवाज आयी....
और मुझे उन आदमीओ के भागने की आवाज आयी साथ में hi दूर खुलने की...
उनके निकलते hi मैंने निकलने के लिए दूर खोला और मुझे अपना हाथ किसी के हाथ में महसूस हुआ...
AAaaaaaa.....dar से मेरी चीख निकल gayi...us लाश का हहथ मेरे गन वाले हाथ पर tha...uske साथ मई बहार गिरा...
मेरी ऊपर की साँस ऊपर निचे की निचे रह गयी...
मैंने लाश को देखा और मुझे उसकी पलके झपकते हुए दिखी...
और मैंने दौड़ लगा di....mai भी मैं दूर से nikla....aur मई अँधा ढूंढ भागने लगा...
उसे पकड़ो...
मुझे पीछे से पुलिस वालो की गाड़ियां और आवाज aayi...wo मेरे बेहद नजदीक थे....
अब मुझे अपना अंजाम दिख रहा tha....mere पास पैसे थे खून मेरे कपड़ो पर लगा tha...piche थी एक लाश...
फांसी नहीं तो आजीवन कारावास कन्फर्म थी...
रुक जा नहीं तो शूट कर देंगे...
मई एक गली में घुस gaya......gali इतनी पतली थी जिसमे पुलिस की जीप नहीं घुस सकती thi...jiski मुझे बढ़त मिली...
वो रुके और तब तक मई एक और गली में मुद गया...
भागते भागते मई एक बड़े से मैदान में aya...maine पीछे देखा तो पीछे रौशनी मेरे करीब आ रही थी पुलिस वाले टोर्च लिए भागते हुए मेरे पास आ रहे थे...
मई मैदान में kuda..aur निचे जिसके पहाड़ी थी...
50 सेकंड तक मई लड़खड़ाते लुड़कते हुए निचे एक काँटों के पेड़ पर गिरा...
मई : aaahhhh...mere बहुत से कांटे पेट में ड्रेस चीरते हुए घुस गए थे...
मैंने बेथ कर उन्हें nikala...aur फिर कराहते हुए भागने laga...police वाले निचे उतर रहे थे....
मई 100 मीटर आगे आया तब मुझे बड़े बड़े पेड़ दिखे चांदनी रात me...ab जंगल शुरू हो चूका था....
मई आगे अँधा ढूंढ भाग रहा था पीछे पुलिस आवाजे देते हुए रोक रही थी....
पुलिस : फ़ैल जाओ आगे से घेरो....
मई : aaahhhh..kaha फास गया hon..aur मुझे एक बड़ा सा पेड़ दिखा....
देर किये बिना मई उस पर चढ़ने लगा...
Aaaaasaa....chadhte हुए मुझे एक बेहद दर्द में डूबी चीख सुनाई दी...
देखो उधर कोण hai...mujhe पुलिस वालो की अवेक आयी....
मई अब तक एक डाली पर आगया tha...khud को मैंने पेड़ के पत्तो से ढांप लिया था...
पुलिस वाले : सब जंगल से निकलो jaldi....jaldi करो ..उठाओ इसे....
न जाने पुलिस वालो को क्या हुआ वो भागने lage...mujhe उनके चीखते हुए जल्दी भागो की आवाजे सुनाई दे रही थी...
15 मिनट गुजर गए they...police वालो की आवाजे अणि बंद हो गयी थी....
मैंने सोंचा कुछ देर और वेट कर लोन फिर निचे उतरूंगा....
चररर चररत...
इतने में मुझे पत्तो की चर्राहट और कदमो की लड़खड़ाहट सुनाई di...jo मेरे करीब और करीब होने लगी...
पत्तो से मुँह निकल कर मैंने निचे dekha...niche 2 बेहद छोटे कद के और अजीब शकल सूरत के बोन जैसे इंसान और जानवरो की तरह दिखने वाले 2 लोग दिखे...
और मेरी रिड की हड्डी में एक सार्ड लहार दौड़ gayi...wo दोनों देखने में बेहद डरावने they...unke साथ में एक गए की बैल था जिसे वो खचेडे हुए ला रहे they...jis पेड़ पर मई था वो दोनों उसके निचे बैठ गए...
Kharrrr...kharrr..ki आवाजों पर मैंने निचे dekha...wo दोनों उस जानवर के मुँह मरे उसे कच्चा hi चीरते हुए उसे खा रहे थे....
दिसंबर की सर्दी में भी उन्हें देख मई पसीने से भीग गया....
Hooon...hooon...
क्या हुआ क्या सुंग रहा है...
एक बोना इधर उधर देखते हुए कुछ सूंघने की कोशिश करने लगा...
इंसान यहाँ कही इंसान hai...mujhe सुगंध आ रही है...
उसकी डरावनी आवाज सुन मेरे रोंगटे खड़े हो gaye...wahi अब मुझे इंतजार था वो कब ऊपर आ कर मुझे भी उस जानवर की तरह चीयर कर खाएंगे...
Hooon.....dusra भी खड़ा होकर सूंघने लगा....
सही कह रहा इंसान की सुगंध आ रही..
इतने में दोनों ने ऊपर dekha...mai पत्तो की आड़ में था बस दोनों आँखों को खोले हुए पत्तो झाड़िओ में लिपटे हुआ था..
बहुत दिनों से गए hi खा रहे आज इंसान मिल गया तो पेट भर jayega...unki वही डरावनी आवाज मुझे आयी...
वो बार बार इधर उधर देखते...
मेरी साँस में साँस तब आयी... जब वो दोनों ऊपर देखना छोड़ फिर गए को चबाने लगे...
मई बस मन hi मन सोंच रहा था बस आज बच जॉन किसी तरह...
खर्रर खर्र वो गए की हड्डियां चबा चबा कर खा रहे थे जिससे इतनी डरावनी आवाज निकल रही थी की मेरे जिस्म में एक दर की लहर दौड़ gayi...pasina मेरे चहेरे से निचे gira...furti से मैंने उसके आगे घुटना लगा दिया और पीछे हैट कर बैठ गया..
आधे घंटे में वो पूरी गए ख़त्म कर चुके they...wo फिर सूंघने लगे...
अस्स पास देख कर आते है कोई इंसान है करीब hi...ek ने कहा और दोनों बोन चल दिए....
5 मिनट 10 minute...jab वो नहीं आये तब मैंने टोर्च मरी अस्स पास देखने लगा...
किसी को न पाकर मई धीरे धीरे निचे उतरा...
अब मेरी हालत बहुत ख़राब हो चुकी थी जहाँ जिस्म मर से दुःख रहा था वही अब मेरा शरीर पूरा गर्म पढ़ गया था...
सुबह की किरणे निकल रही थी लेकिन पूरी तरह दिन नहीं निकला था...
जंगल ख़त्म होने से पहले मैंने कपडे को उल्टा pehna...mask और ग्लव्स बैग में रखा दूसरा बैग अब भी मेरे कंधो पर था....
मई उसी रस्ते चल दिया जहाँ से इस जंगल तक पंहुचा था...
हर कदम मुझ पर बहुत भरी पढ़ रहा था...
मेरे होंठ सुख गए थे...
1 घंटा चलने के बाद मई उसी गली में आया जहँ से पुलिस मेरे पीछे लगी thi...ye एक घंटा इतना सख्त गुजरा मुझ पर मेरी आंखे पत्र गयी.....
मुझे अब 2 कम का सफर और करना tha...aur मैंने एक टंकी से पानी पिया जो गन्दा था लेकिन मेरी प्यास बुझाने के लिए काफी...
पानी पिया तो मेरे होंठो की पपड़ी हटी...
और मई फिर चल दिया...
लोग घरों से एक दुक्का निकल रहे थे...
किसी तरह मई अपने बंगलो पंहुचा अंदर आते hi बीएड पर लेट गया...
और न जाने लेते लेते कब मेरी आँख लग गयी...
दोपहर में शरीर के टूटने से मेरी आँख खुली...
मुझे अदिति की याद आ रही थी...
मैंने बैग अपना पैसो का घर में एक सेफ जगह छुपाया और कुछ पैसे निकल कर मई चल दिया....
बुखार से मेरा मुँह पूरा कड़वा हो गया था...
बाइक चलते हुए मुझे दर लग रहा था की कही गिर न jaun...mai कण्ट्रोल खोता की मई फिर खुद को संभालता...
एक मेडिकल शॉप देख मैंने बाइक roki...aur फिर डॉक्टर से दवा ली..
खाने के बाद खाना...
100 रुपए देकर मई फिर बाइक पर aya...aur चल दिया...
मुझे भूक लगी thi...doctor ने भी कहा था खाने के बाद दवा खाने के लिए....
बार बार मुझे उन दो बोनो के चहेरे दिखाई दे रहे थे...
Aaaaahhhhhhh...itne में मेरे सामने वही लाश औरत आ गयी...
Khachhhhh...khichadti हुई बाइक रोड पर giri.....aur मई एक बड़ी सी कार के सामने गिरा....
फिर मुझे कुछ होश नहीं रहा....
पता नहीं कितने बजे मुझे होश आया...
कैसे हो तुम ab...ek बेहद खूबसूरत बॉडी बिल्डर नौजवान मेरे सामने खड़ा था....
मैंने अपने आप को देखा फीवर नहीं था मुझे शायद डॉक्टरों ने दवा दी होगी मुझे बेहोशी me...lekin मेरे खरोंचे थी डॉक्टर ने उन पर पत्तियां की हुई थी...
खिड़की से आ रही रौशनी से मैंने अंदाजा लगाया अभी दिन था...
Hello मैडम उसे होश आ gaya...usne ब्लूटूथ पर बात करते हुए कहा...
मई उठा...
लेते raho...usi जवान ने कहा...
मई : मुझे आप लाये थे यहाँ... शुक्रिया..
उसने सर हिला diya...maine ड्रिप निकली और खड़ा हुआ...
मेरे kapde...itne में नर्स आयी...
आ गया होश आपको...
मई : मेरे कपडे...
उसने कुछ देर बाद कपडे दिए...
चेंजिंग रूम में चेंज कर लेना...
मैंने हामी भरी और रूम में आया फिर चेंज करके बहार...
तुम अभी नहीं जा सकते चलो आओ मेरे साथ...
मई: मुझे जाना है प्लीज जाने do...mujhe मेरी अदिति के पास जाना hai...mai थके से लहजे में बोलै...
मई बहार आया तब मुझे गार्ड्स का एक झुण्ड दिखा गन्स के साथ....
मई : आप कोण हो...
ठीक है छोड़ देता hon..usne शायद ब्लूटूथ पर कहा
...जाओ tum...tumhri बाइक बहार कड़ी hai...parking में...
पता नहीं लेकिन उसने मुझे जाने दिया...
मई थका हरा बहार aya...bike मेरी नहीं थी पार्किंग में बस 1 बाइक thi..lekin वो एक डैम नई और महंगी...
मई पूछने के लिए मुदा की वो मुझे पीछे dikha...wo नौजवान अपने गार्ड्स के साथ में...
मई : भाई मेरी बाइक कहा है..
वो सामने कड़ी है वो तुम्हरी hai...jao ab....isse पहले की मेरा मूड बदले और मई किसी की न सुनु..
मई : इतनी महेरबानी किस लिए...
तो मत ले...
मैंने हामी bhari...aur मई पैदल hi चल दिया...
बहार आकर मैंने ऑटो लिया और बस्ती में आया....
अब 12 बज रहे थे मैंने ऑटो वाले से जब टाइम pucha...yani मेरा एक्सीडेंट कल हुआ था...
Ohhh...kisi तरह मई बस्ती में आया...
फिर भागता हुआ अदिति जी के घर...
वेल प्रेस करने के बाद रिशु ने दूर खोला...
मई : रिशु अदिति जी को...
रिशु : कोण अदिति जी...
मई : क्या बकवास कर रही हो...
मई: aditi...aditi...dhakk देता हुआ मई अंदर आया....
अंदर सेठ मिला मुझे कहते हुए...
सेठ : अंदर कैसे आ गए...
मई : अदिति कहा हो बहार आओ..
मई रूम देखने लगा...
रिशु : पुलिस को बुलाओ डैडी ये ऐसे नहीं जायेगा...
मई : ये तुम क्या कह रही हो rishu...mai हों रॉकी...
रिशु : तुम किरायेदार हो तो अंदर क्यों आये...
मई : सेठ ruko...use कान पर फ़ोन लगता देख मई चीखा...
सेठ : फिर चुप चाप निकलो यहाँ कोई अदिति नहीं है...
मई : प्लीज सेठ बता दो कहा है wo..mai तुम्हारे हाथ जोड़ता हों उसके बिना मई मर jaunga...maine सेठ के पेअर पकड़ liye...aur सिसक सिसक कर रोने लगा..
सेठ : रॉकी हम भूल गए वो कहा गयी... याददाश्त आते hi वो चली गयी... हमारी यादें भी मिट gayi....wo जितनी सीधी थी वो वैसी नहीं hai...wo बहुत पावरफुल लोगो की बेटी थी जो उसे अपने साथ ले gaye...aur मई नहीं जनता वो कहा है...
रिशु : ये देखो ये है तुम्हारी अदिति...
रिशु ने फ़ोन मेरे आगे कर दिया... स्क्रॉल करते हुए वो मुझे अदिति को दिखने लगी....
छोटे न होने के बराबर कपड़ो में ...ये मेरी अदिति नहीं थी..
मई: तुमने ये एडिट की है....
रिशु : ओह्ह really...aur उसने एक वीडियो प्ले कर di..jisme अदिति ब्रा पंतय में एक अंडरवियर पहने लड़के के साथ बीच पर नहाते हुए चल रही थी...
Bhattttt....mujhse बर्दास्त नहीं हुआ और मैंने मोबाइल चीन कर दीवार पर दे मारा...
रिशु : वो अपनी दुनिया में लौट गयी hai...tum समझते क्यों नहीं दंणित...
खली खली आँखों से मई रिशु को देखने लगा...
जाने kahaa.N गए वो दिन, कहते थे तेरी राह में.
Nazaro.n को हम bichhaae.nge
चाहे kahii.n भी तुम रहो, chaahe.nge तुमको उम्र भर
तुमको ना भूल paae.nge
जाने kahaa.N गए वो दिन ...
वो खुद भी रो रही थी...
गुस्से में उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे खचेडे हुए घर के बहार ले आयी...
रिशु : चले जाओ प्लीज अपनी जान प्यारी है तो भूल जाओ use...wo तुम्हे कब का भूल गयी hai...aur मुझे भी...
मेरे कदम jahaa.N pa.De, सजदे किये थे यार ने -
मुझको रुला रुला दिया, जाती hu_ii बहार ने
जाने kahaa.N गए वो दिन ...
मई वही बैठ गया उसकी चौखट पर मुझे हर तरफ आदित्य दिखाई दे रही थी...
मई : maaa....dekh मेरा क्या हाल हो gaya...maaaa....aditi तुमने ऐसा क्यों किया अदिति.....
मई वही घुटनो में मुँह डेल फुट फुट कर रोने लगा...
मई : अदिति तुमने मुझे अकेला कर diya...aditi....
अपनी नज़र me.n आज कल, दिन भी a.ndherii रात है -
साया ही अपने साथ था, साया ही अपने साथ है
जाने kahaa.N गए वो दिन..
मुझे कोई होश नहीं tha...mai बस भूका प्यासा अदिति को पुकार रहा था...
लोग आते और मुझे देख कर चले जाते....
दिन ढला रात aayi...aur भूक मुझे होश में लायी....
मई चलता हुआ मजदूरों के पास aya...wahan खाना बना कर बनता जा रहा था मई भी बैठ गया...
मेरे आगे एक प्लेट में सब्जी राखी फिर रोटी ..
पहला निबला लेते hi मेरे आंसू उसमे गिर गए...
किसी तरह मैंने 2 रोटी khayi...aur किसी तरह रूम पर aya...ate hi मई लेट गया...
रात खली आँखों में गुजर gayi...subah हुई मई वैसे hi लेता रहा...
न मुँह धोया न मई उठा...
लेते लेते रात हो gayi....aur फिर दिन निकल आया...
2 दिनों से कुछ नहीं खाया मुझे भूक लगी थी...
मई उठा मई नहाया कपडे पहन कर कुछ लेने निचे आया...
सेठ जी हमें आप निकल डोज हम कहा जायेंगे...
देवी कहा है बताओ न...
देवी हम कहा जायेंगे हमारे छोटे छोटे बच्चे है...
सेठ : वो चली गयी और अब तुम सब भी निकलो किराया है तो ठीक नहीं तो निकलो...
बस्ती वाले जो किराया नहीं दे सकते थे फ्री में रह रहे थे वो सेठ के आगे गिड़गिड़ा रहे they....rukne के लिए...
सेठ : झगन ये सारा अनाज गोदाम में रखवा दे अब से यहाँ कोई खाना नहीं banega...maine तुम भुक्कड़ो का ठेका नहीं लिया...
सेठ क्या कर रहे ho...hamare बच्चे भूके मर जायेंगे..
सेठ हम पर दया करो...
देवी तुम कहा चली गयी...
बस्ती की औरते बच्चे बूढ़े सब सेठ के पेअर पकड़ रहे they...usse भीक मांग रहे थे उन्हें न निकलने के लिए...
Hnnnn...hnnnm...
सेठ : लो पुलिस भी आ गयी नहीं गए तो तुम सब जेल में जाओगे...
इतने में एक दरोगा कार से निकल कर सेठ के पास आया...
और सेठ उसे बताने लगा...
हम कहा जायेंगे स्पेक्टर साहब...
दरोगा : मई कुछ नहीं कर sakta...tumhe ये बस्ती खली करनी hogi...chalo niklo...nahi गए तो मुझे तुम सब को जेल के डालना होगा...
Devi....devi...ek बच्ची भागते हुए सेठ के घर के बहार खड़े होकर अदिति को आवाजे देने लगी....
देवी बहार आओ...
एक 10 रुपए वाला बिस्कुट dena...sab छोड़ मई किरणे की दुकान पर आया...
वहां नशे की चीज़े भी थी तंबाकू सिगरेट गोला...
मई : वाकई के पैसो की सबसे हार्ड वाली तोम्बाको फ़िल्टर वाली और सिगरेट गोला देना..
शॉपकीपर: 490 का सब...
मैंने गर्दन हिलायी...
2 सिगरेट की डब्बियां 2 फ़िल्टर वाली तोम्बाको और 10 गोले के पैकेट उसे पॉलिथीन में dale...jinhe लेकर मई चल दिया वापस.....
देवी बहार आओ न devi....devi हम आपको छोड़ कर नहीं जाना चाहते ..हम कहा जायेंगे देवी....
वो लड़की अभी भी सेठ के घर के सामने कड़ी उसे पुकार रही थी...
क्या तुम इन्हे ऐसे hi छोड़ doge...inka सहारा नहीं बनोगे मेरे रॉक जी...
वो अपनी जुल्फे मेरे चहेरे पर लहराते हुए बोली....
चुप जाओ beti...tumhe यहाँ से कोई नहीं nikalega...pass आकर मैंने उसका हाथ पकड़ liya...phir उसे गोदी में उठाये मई उसे लिए चलता हुआ सेठ के पास आया..
सब बस्ती वाले अपना सामान समेत रहे थे जाने के लिए...
मई: यहाँ से कोई नहीं जायेगा सेठ...
सेठ : क्यों तू देगा इनका किराया और खाने का kharcha....seth मुझे तना मरते हुए बोलै...
मई : हां सेठ बताओ कितना चाहते हो...
सेठ : महीने का 25 लाख दे पायेगा...
जगह बड़ी थी लोग भी 500 के करीब जिनमे बच्चे बूढ़े सभी they...khana रहने में इतना खर्चा आता hi...itne में सिर्फ किराये पर बंगलो मिल रहा था महीने के रेंट पर मुंबई महँगा शहर था...
मई :मुझे मंजूर hai..aur मैंने जेब से पैसे निकले...
मई : गिनो सेठ....
सेठ ने अपने आदमीओ को आगे किया पैसे लेकर वो गिनने लगे...
5 लाख है seth...unhone थोड़ी देर बाद कहा...
मई : 20 लाख आधे घंटे में लेकर अत हों...
सेठ : कोई बात नहीं रात तक दे सकते हो...
सेठ की इतनी hi अच्छे मेरे लिए काफी थी...
सेठ : तुम सब रह सकते हो और तुम्हारा किराया खर्चा सब रॉक देगा...
सेठ ने कहा और लोगो ने मेरे आगे हाथ जोड़ लिए...
वो मेरे करीब आने लगे...
मई : मई ऐसी हालत में नहीं हों तुमसे कुछ कह sakun...yahan रहो कोई प्रॉब्लम हो तो मेरा रूम वो सामने है....
कहकर मई अपने रूम पर aya...aur नशे करने लगा...
नशे से मेरा सर घूमने laga...gole में सिगरेट फ़िल्टर वाली तोम्बासो से ज्यादा नशा tha...mai चकराने के बाद भी नहीं रुका था मई एक साथ दो दो सिगरेट पि रहा था...
खत खत....
इतने में दूर बजा....
मई : खुला है...
दरवाजा khula...aur कोई अंदर आया पूरा रूम धुएं से भरा था जिस वजह से वो मुझे दिखा नहीं...
खो kho...dhuye से वो खांसी तब मुझे अहसास हुआ वो कोई लड़की है...
क्या हाल कर दिया तुमने अपने रूम ka...umm कोनसा बटन है ..
खत khat...usne बोर्ड में लगे तीनो बटन दबा दिए ...
एक बटन बहार की लाइट का था दूसरा रूम की लाइट का तीसरा फैन का..
फैन चला तो धुआं बहार gaya..ek सिगरेट ख़त्म होने पर मई एक hi पिने laga...na मैंने आने वाली को सर उठा कर देखा...
अकेले रहते हो yahan...usne कहा..
मई : नहीं 4 दीवारी छत और मई..
Mr.chor पहचाना मुझे...
मैंने सर उठा कर देखा उसे...
गन्दी दी टी शर्ट आधी जीन्स जिसे कटा था ताकि फिट बैठ सके जो उसके घुटनो तक thi...chahere पर मिटटी जो गरीबी जो उसके गरीब होने का बता रहे थे...
मई : tum..tum वो ग्रेव वाली लड़की हो...
उसने सर हिलाया...
गंदे फाटे कपड़ो में भी वो गुलाब की तरह खिल रही thi...itni सुन्दर कोई भी देखे तो दीवाना हो जाये...
मई : कोण हो तुम कैसे जानती हो मई चोर हों...
गेस किया था बी थे वे I'm aanya...you कैन कॉल में ana...tumhari hi तरह चोरनी hon..isliye डरने की ज़रूरत nahi...wo हैंड शेक के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए बोली...
मई : ssssh...mujhe औरत जाट से नफरत है..
आया: उम् ब्रोकन हार्ट ..लग hi रहा है तुम्हे देख कर तुम आशिक़ हो...
मई : क्यों आयी हो और क्या चाहती हो...
आया : अबे यार दोस्ती तो कर ले बता दूंगी..
मैंने गन निकली और उस पर तान दी..
मई : सवाल का जवाब दो...
आया : 12 कालीबोर pistol..ise तो मेरी com...leave it...tum ऐसे तो नहीं लगते किसी को मरने वाले...
मैंने गन फेक दी...
मई : मई परेशान हों बताओ क्या चाहती ho...mai समझ गया था जो वो दिखा रही थी वो वो नहीं थी...
आया : अब आये न लाइन par...to मर.
मई : rocky....rocky नाम है मेरा...
आया : तो रॉकी तुम क्या कर रहे थे उस रात ग्रेवयार्ड में..
मई : बताया तब भी बेलीवे नहीं karogi..maine एक गहरी साँस ली और उसे देखा...
अदिति को विदा करके मई रूम पर आया apne....room को साफ़ करके मई बीएड पर बैठ गया...
मोबाइल पैसे सब चूर गए थे... मोबाइल पेटम में hi सब पैसे थे...
मैंने बीएड के निचे देखा तो 500 रुपए मिल गए...
सोंचा थोड़ा आराम कर लून फिर jaunga..bahar कुछ खाने...
कैसे हो रॉक bhai..itne में जगहं आ गया...
क्या हो गया था आप बाइक छोड़ कर कहा भाग गए और देवी आपकी बड़ी देखभाल कर रही hai...door रहना उनसे..
मई: क्यों आया है..
झगन : बाइक मैंने उठा ली थी निचे कड़ी है..
मई: धन्यवाद्....
झगन : अब बताओ क्या माजरा है सब वो तुम्हारी बहन कहा गयी...
मई : जा बाद में बात करेंगे मई थका हुआ हों...
वो मेरे पीछे hi पद gaya..jane की वजाये...
रॉक ji...itne में अदिति खाना लिए आ गयी..
अदिति को देख वो टाला...
खाना लेकर उसने बीएड पर रखा फिर निचे एक कपडा बिछा कर वहां खाना रख दिया...
हाथ धोकर मई उसके साथ निचे बैठ गया...
मई :शुक्रिया मेरा इतना ख्याल रखने के लिए तुम न होती तो मई कब का मर चूका..
Shssshhh...usne मेरे होंठो पर ऊँगली रख di...pal भर में उसकी आँखे बाह gayi...wo बेचारी हर्ट होकर रोने लगी...
मई : सॉरी यार जबान फिसल गयी अब नहीं कहूंगा.. प्लीज माफ़ कर do...maine कान पकड़ कर कहा फिर बहुत देर तक मई उसे मनाता raha...jab उसकी सांसे नार्मल हुई तब वो मानी..
मई : यार न समझ हों मुँह से निकल गया...
अदिति : आईन्दा ऐसा नहीं कहना मेरे बारे में नहीं सोंचा मई आपको बहुत चाहती हों रॉक ji...uski आंखे नाम हो गयी...
मई : कभी nahi...ab मुझे खिला दो बहुत भूक लगी hai..aur प्यार से वो मुझे खिलने लगी मई उसे खिलने लगा...
खाना ख़त्म करके उसने पानी दिया मुझे और हम फिर सब समेत कर बीएड पर बैठ gaye...meri जांघो पर सर रख कर वो लेट गयी...
अदिति : रॉक ji...mai आपको भूल गयी तो आप क्या करेंगे..
मई कहना चाहता था मर जाऊंगा उसके बिना जीने का मई सोंच भी नहीं सकता था लेकिन जो अभी वो रोई उसे देख कर मैंने अपने लफ्ज बदल दिए..
मई : तुम्हे याद दिलाऊंगा जब तक तुम्हे मई याद नहीं आ जाता तब तक कोशिश करता रहूँगा अपनी आखिरी साँस तक..
अदिति : प्रॉमिस..
मई : प्रॉमिस...
और मैंने उसके बालो को चूम लिया...
मई : अच्छा सुनो मई काम पर जा रहा हों...
अदिति : नहीं आप आराम करो...
मई : कीस लेने जा रहा हों हमारे बंगलो की..
अदिति: मई भी चलूंगी...
मैंने उसे साथ लिया और निचे आया...
निचे hi मुझे सेठ मिल गया..
सेठ : कहा जा रही हो..
अदिति : रॉक जी के बंगले को देखने...
सेठ : 2 घंटे में आ जाना हम निकल रहे hai...aur हाँ अपना फेस कवर कर लो..
अदिति ने हामी भरी और फिर मेरे साथ बाइक पर बैठ गयी...
कुछ देर बाद हम मेहता के ऑफिस में थे जहाँ उसकी सेक्रेटरी ने मुझे कीस दी...
जिसे लेकर मई अदिति को लिए बंगलो पर आया...
दुर्गा ने बस सामान हटवाया था रेनोवेशन का काम अब भी रहता था...
अदिति : हमें बंगलो को कलर करना चाहिए...
मई : हाँ सोंचा तो यही था लेकिन पैसे नहीं है...
अदिति : ये लो और आप कलर लेकर आओ मई यही हों..
वो पैसे देते हुए बोली....
मैंने मन करना चाहा..
मई : मई कैसे..
अदिति : ये हमारा घर hai...ab जाओ...
मई : कोनसा कलर..
अदिति : ग्रीन..
और मई चल दिया...
कुछ देर बाद मई 5 बड़ी बाल्टियां लेकर आया उन्हें मिक्स करके हमने जो बैडरूम चुना उस रूम से शुरआत कर दी कलर की...
मई : तुम हैट जाओ मई कर लूंगा..
अदिति : नहीं मुझे भी करना है...
मई ऊपर कलर करने लगा वो निचे niche...hamare कपडे ऑलमोस्ट गंदे हो गए थे...
4 घंटो की कड़ी म्हणत के बाद रूम कलर हो गया था...
अदिति: कैसा लग रहा है..
मई : तुम्हारी तरह बहुत खूबसूरत...
मई उसके पास आकर बोलै की सहारा लेने के लिए मैंने रूम के दूर पर हाथ रख दिया...
मई : opps..door बहुत सुन्दर था मेरे कलर वाले हाथ से सब गन्दा हो गया था..
अदिति: ोप्पस ..इतने में अदिति ने भी अपना हाथ रंग में भिगो कर रख दिया मेरे हाथ के बराबर में..
तेरे बिन जीना है ऐसे
दिल धड़का ना हो जैसे
ये इश्क़ है क्या दुनिया को
हम समझाए कैसे
अब दिलों की राहों में
हम कुछ ऐसा कर जाएं
इक दूजे से बिछड़े तो
सांस लिए बिन मर जाएं
जिसे देख हम दोनों hi हसने lage...mai प्यार से उसे निहार रहा tha...use पाकर सब कुछ मिल गया था ...
Ghrrr...itne में फ़ोन बजा अदिति का..
मई : उठा लो..
अदिति: अंकल बार बार कॉल कर रहे है..
मई : कह दो आ रहे hai..vaise भी बहुत टाइम हो गया...
अदिति : अच्छा ठीक hai...aur वो फ़ोन पर कहने लगी...
गेट लॉक करके हम बहार aye...keys मैंने वही छुपा di...kyoki मुझे अभी यहाँ आना था..
बाइक पर अदिति को लिए मई चल दिया...
मई : जान मई समझा nahi...subah जो kaha...tum मुझे कैसे भूल सकती ho..jo बात मुझे परेशां कर रही थी मैंने पूछ hi ली..
अदिति : मई नहीं जानती मई कोण हों...4 साल पहले मुझे अंकल लाये बस्ती में जिस दिन मेला था वो मेरे आने की खुसी में hi था.. वो कहते मई उन्हें कही मिली thi...mujhe कुछ याद नहीं मई भी अपने बारे में जानना चाहती hon...ki मई हों कोण..
मई : क्या मतलब तुम कोण हो ..
अदिति : मई नहीं janti..agar मई आपको भूल जॉन तो मेरा फ़ोन मुझे दिखाना ...समझ गए...
मई : मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा hai..tum मुझे कैसे भूल सकती ho...tumhari याददास्त कैसे आएगी...
पि pi...itne में मुझे पीछे से हॉर्न की आवाज आयी...
अदिति : अंकल बाइक साइड में karo..usne पीछे घूम कर देख कहा..
मैंने बाइक साइड में रोकी तो कार भी मेरे पीछे आकर रुक गयी ..
अदिति उतर कर सेठ के पास जाने
लगी सेठ भी अदिति के पास...
सेठ : चलो beti...usne अदिति का हाथ पकड़ा और उसे कार में बिठाने लगा.
सेठ की कार आगे बढ़ी तो मई भी उसके पीछे हो लिया...
सेठ अदिति को लिए बस्ती में aya...phir दोनों निकल कर घर में घुस gaye..mai भी रूम पर आगया...
बहुत देर तक मई अदिति का वेट करता रहा बार बार मई छत से बहार देखता लेकिन अदिति नहीं दिखी...
मेरा दिल बड़ा बेचैन हो रहा था एक तरफ सर पर बहुत सी फिकरे सवार थी वही एक अंजना दर दिल में बैठ गया tha...baar बार बेचैनी से मई निचे देखता....
रात 12 बजे मैंने अपना बैग uthaya...aaj पिस्तौल साथ रख ली थी maine...apni ड्रेस बैग में दाल मई निचे aaya...aur फिर बाइक पर बैठ कर चल दिया...
कुछ देर बाद मई अपने बंगलो पर tha...andar आकर मैंने ड्रेस चेंज की और चोर वाली ड्रेस में आया...
बेचैनी अपनी जगह लेकिन फ़िक्र को काम करने के लिए भी मुझे अपना काम करना था 2 महीने ऐसे hi बीत जाते और पता भी नहीं chalta...wahi गायत्री के 5 करोड़...
मैंने कई दिनों पहले यही लोनावला में एक घर का इंतिखाब किया tha...mere बंगलो से उस घर की दूरी भी एक से देर किलो मीटर की थी...
अपने गटेउप में आकर मई घर से निकला और चल दिया अपनी मंजिल....
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कुछ दिन पहले.....
Hello mona....saanvi से बात करने के बाद जूनियर दूसरी कॉल लगा देता है...
कैसे याद किया mr.hinkle..udhar से आवाज आयी...
जूनियर : आपको मुंबई आना होगा मिस मोना...
मोना : क्यों..
जूनियर : वो लड़की याद है जिसकी याददास्त अपने मिटाई थी उसके लिए...
मोना : मई अभी फ्री नहीं हों बोल देना अपनी मैडम से...
जूनियर : मैडम अर्जेन्ट है...
मोना : ओह्ह तो बदला लेना चाहते हो..
जूनियर : आपसे क्या chupana...kab तक आ जाएगी आप...
मोना : तीन चार दिनों में यहाँ से फ्री होकर मुंबई पहुंच कर तुमसे मिलती हों..
जूनियर : ठीक है miss...aapki फीस तैयार है जितना आप कहे..
मोना : जरुरत नहीं बस अपनी मैडम से कह देना नीड होने पर वो अपनी आर्मी के साथ मेरा साथ दे...
जूनियर: ठीक hai...aur कॉल कट हो जाती है..
तभी जूनियर दूसरी कॉल लगा देता है..
जूनियर : hello ...हिंकले स्पीकिंग...
कैसे याद किया sir..udhar से एक मिडिल आगे आदमी की आवाज आयी...
जूनियर : सेठ parakash..ab समय आ गया है प्रकाश राज देसूजा को उसकी अमानत वापस देने ka..us सेल का नाम भी तुम्हारे नाम से मैच होता है..
प्रकाश: क्यों sir..wo ठीक तो है यहाँ..
जूनियर : क्या बकवास कर रहे हो ज़िन्दगी प्यारी नहीं तुम्हे..
प्रकाश : 4 सालो से उसे पला इतनी प्यारी है वो उससे लगाव हो गया माफ़ करना मेरी साड़ी वफाये मैडम सान्वी के लिए है ..बताये क्या करना है..
जूनियर : समझता hon...lekin तुम्हे ये तो करना hi है...4 दिनों बाद उसे लेकर अजना...
प्रकाश : मई उसे फाॅर्स नहीं कर सकता वो बहुत ज़िद्दी है...
जूनियर : ये तुम्हारी प्रॉब्लम hai...mujhe समय पर वो लड़की chahiye...aur कॉल कट कर देता है हिंकले..
चार दिन बाद जूनियर मोना को मुंबई एयरपोर्ट पर रिसीव करने जाता है...
और वहां से एक फाइव स्टार होटल में...
मेले वाली रात...
क्या हुआ था रिशु दोनों में..3 बजे दोनों बहनो के घर में घुसते hi प्रकाश ने रिशु से पूछा..
कुछ नहीं डैड बस दोनों ने बातें ki..rishu धीमे से फुसफुसाई..
प्रकाश : अब अदिति के जाने का समय आ गया है...
रिशु : वो मेरी बहन है dad...pal भर में रिशु की आंखे चालक पड़ी..
प्रकाश : वो परायी hai...use तैयार करो...
उसी रात से रिशु लग गयी अदिति को उसके बारे में batane...wo ये सब दिल पर पत्थर रख कर ..कर रही थी...
अगले दिन...
रिशु : दीदी आपको बचपन की कोई बात याद है...
अदिति : बचपन की कोई bat...koi bat...nahi... मुझे याद क्यों नहीं आ रहा.
रिशु : आप मेरी बहन नहीं है आपकी अपनी फॅमिली है आपके भाई है माँ है डैड है...
अदिति : सच कह रही हो ..देखो रिशु मई रो दूंगी ये मजाक हुआ तो ..
रिशु ना में सर हिला देती है...
अदिति : फिर बताओ मुझे कहा है वो...
रिशु: मई नहीं जानती लेकिन आप जानती है वो कहा है...
अदिति : mai...mai नहीं जानती अब बताओ कहा है वो...
रिशु : उनके बारे में जानने से पहले आपको जानना होगा आप कोण hai...didi आप hi जानती है अपनी फॅमिली के बारे में...
अदिति सर पकड़ बीएड पर बैठ जाती है..
अदिति : साफ़ साफ़ कहो...
रिशु : आपकी मेमोरी लोस्स है दीदी जब वो आएगी वापस तब आपको सब याद आजायेगा लेकिन...
अदिति : लेकिन क्या...
रिशु : जो पल अपने मेरे साथ यहाँ बिताये वो सब आप भूल jayengi...mujhe भी डैडी को भी इस बस्ती को भी...
अदिति : रॉक जी को भी...
रिशु सर हिला देती है...
अदिति : नहीं मई रॉक जी को नहीं भूल सकती... मुझे नहीं जानना अपने बारे में...
रिशु : सच दीदी...
अदिति : और नहीं तो kya...jo मुझे मेरे रॉक जी से दूर करो मई उन सबसे दूर हो जाउंगी...
रिशु: मई भी आपसे दूर नहीं जाना चाहती didi..lekin डैडी नहीं मानेगे हमें यहाँ से जाना होगा...
अदिति : रॉक जी के साथ...
रिशु : उसे भी ले चलना...
प्रकाश दरवाजे से कान लगाए दोनों की बातें सुन रहा था...
कुछ सेकण्ड्स रुक कर वो दूर खोल कर अंदर आ गया...
प्रकश :नाश्ता कर लिया..
रिशु : जी डैडी...
प्रकाश : अच्छा मुझे तो उस लड़के की फ़िक्र है बेचारे की बहन चली गयी अब उसे कोण ब्रेकफास्ट देगा..
अदिति : उफ़ मई तो भूल hi गयी थी मई जाती हों..
और अदिति रूम से निकल किचन में घुस गयी...
रिशु ने जाना चाहा की प्रकश ने हाथ पकड़ कर रोक लिया...
खाना लेकर जैसे hi अदिति घर से निकली..
चटककक...
सेठ ने रिशु के गाल को लाल कर दिया...
प्रकश : तू ये क्या प्लान बना रही थी ladki...agar वो कही भाग गयी तो तेरे बाप के टुकड़े हो jayenge...sab जानते हुए भी तू कैसे प्लानिंग कर सकती है भागने की...
रिशु : सॉरी dad...mujhe उनसे प्यार हो गया कोई बहन नहीं मेरी bas..ab से ऐसा नहीं करुँगी...
रात...
अंकल रिशु... uncle...khoon...
क्या हुआ अदिति beti...prakash रूम से निकल कर हड़बड़ाते हुए बहार आया...
अदिति : रॉक जी के खून .और अदिति अपने हाथ दिखा देती hai...jin पर ब्लड लगा था..
सेठ लम्बे कदम बढ़ा कर पेड़ के पास आया तो उसे रॉकी बेहोश मिला बस्ती के लोग उसके पेट पर कपडा बांध रहे थे...
प्रकश : रिशु कार लेकर आओ जल्दी...
रिशु ने हामी bhari...ki इतने में सेठ को अदिति दिखी रट हुए बड़ी बेचैन....
जो मुझे मेरे रॉक जी से दूर करो मई उस सबसे दूर हो जाउंगी...
प्रकाश को अदिति की बातें याद आने लगी ..
जिन्हे सोंच उसने अदिति का हाथ पकड़ा और उसे कोने में लेकर आया लोगो से दूर..
प्रकाश : अगर उसका इलाज नहीं हुआ तो वो मर जायेगा.....
अदिति : तो आप जल्दी ले चलो हॉस्पिटल...
प्रकाश : मई नहीं जनता वो कोण है न मुझे उसकी परवाह है मुझे किसी की परवाह है वो हो tum...meri बेटी तुमसे मैंने कुछ नहीं माँगा तुम बस अपना इलाज करा लो और जानो अपने बारे में...
अदिति : उनका ब्लड निकल रहा hai...mai उन्हें भूल जाउंगी...
प्रकाश: तुम एक वीडियो मैसेज उसे दे देना अभी बना कर जिससे वो तुम्हे याद दिला dega...sonch लो बेटी अगर तुमने इंकार किया तो मई इलाज नहीं कराऊंगा उसका..
अदिति : मुझे मंजूर है जल्दी chalo...aditi hi जानती थी कितने दर्द में उसने हामी भरी थी...
आज अपने रंगों से बिछड़ी हैं ये तसवीरें
हाथों में कहीं टूट रहीं हैं
मिल कर दो तक़दीरें
और सेठ ने बस्ती वालो की हेल्प से रॉकी को कार में बिठाया और लेकर चल दिया ..
दुनिया ये जीत गयी दिल हार गया..
नहीं सोचा था मिल कर कभी होंगे जुड़ा....
हमने तो हमने बस इश्क़ है किया ...आए..
पीछे बैठी अदिति की आँखों से आंसू गिरकर रॉकी पर गिर रहे थे...
थर्ड day...rocky के बंगलो से आने के बाद..
रूम में हलकी सी रौशनी थी अदिति फ़ोन के कैमरा को ों करती है. उसकी आँखों से आंसू रुक रुक कर चालक रहे थे ...
वो रिकॉर्ड बटन दबती है
अदिति : अगर तुम ये वीडियो देख रहे हो तो शायद मेरी याददाश्त वापस आ चुकी है और शायद मैं तुम्हे भूल चुकी हूँ मुझे पता चला है के जब मेरी पुराणी यादें वापस आएँगी तो तुम मेरी ज़िन्दगी से मिटा दिए जाओगे जैसे तुम कभी थे hi nahi..lekin तुम थे तुम हो
.और शायद मेरे दिल में कहीं हमेशा रहोगे ...मुझे डर लग रहा है इस बात से नहीं के मैं भूल जाउंगी इस बात से के मैं तुम्हे दोबारा पहचान नहीं पाऊँगी ..तुम्हे याद है जब मैं पहली बार तुम पर गुस्सा की थी तुम ने कहा था उसी दिन तुम्हे मुझसे प्यार हो गया था..
तुम ने मुझे जीना सिखाया जब मुझे खुद..
जब नहीं पता था के मैं कौन हूँ तुम ने मेरी ख़ामोशी समझी मेरी बेचैनी समझी मुझे बिना पूछे प्यार किया..
अगर कल मैं तुम्हे देखु और मेरी आँखों में अजनबियत ho..To प्लीज मुझे दोष मत देना वो मैं नहीं हूँगी वो मेरी वापस आयी हुई दुनिया होगी ..अगर मैं तुमसे पूछूं के तुम कौन ho..To गुस्सा मत होना बस एक बार फिर से मुझे वैसे hi देखना जैसे पहली बार देखा था हो सकता है मेरा दिमाग़ तुम्हे भूल जाये. लेकिन मुझे यकीन है मेरा दिल इतना कमज़ोर नहीं.. अगर किस्मत ने चाहा तो शायद मैं फिर से तुमसे प्यार कर बैठूंगी ..दोबारा नए सिरे से बिना यादों के सिर्फ एहसास के सहारे और अगर नहीं तो याद रखना किसी वक़्त किसी लम्हे में मैं तुमसे बेइंतेहा प्यार करती थी और वो सच कभी झूट नहीं बनेगा ी लव यू आज वाली मैं कल वाली मैं के लिए..
अदिति ने एक गहरी साँस ली और फिर बोलने लगी..
अदिति : ये रिशु है मेरी बहन 4 सालो से इसने मुझे संभाला मुझे एक माँ की तरह बोलना लिखना पढ़ना सिखाया मई तुम्हारे अहसान कैसे chukaungi...rishu ..मुझे हमसे तुम्हारी जरुरत पड़ेगी..
प्रकाश : चलो बेटी ..हमें देर हो रही है...
अदिति ने सेठ की आवाज पर कैमरा बंद किया और फ़ोन रिशु को दे दिया जो रट हुए अदिति को देख रही थी ..
बहार आकर वो एक नजर सामने के रूम पर डालती है फिर कार में बैठ चल देती है प्रकाश के साथ....
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मई अँधेरे में सुनसान सड़क से हटकर चल रहा tha...baar बार पुलिस की गाड़ियां आती दिखती और मई चुप जाता....
मैंने चहेरे पर मास्क पहना था हाथो में ग्लव्स और शहरीर पर ऐसी बनयान पंत जो बहुत लचीली होने के साथ हाथो से फिसल जाये...
बस मेरी मंजिल अब 400 मीटर की दुरी पर थी....
उस सोसाइटी में आते hi मेरा सामना बहुत सी स्ट्रीट लाइट्स से हुआ...
जाहिर था यहाँ कामर्स थे....
मुजुए छत चाट जाना था उस घर तक...
एक लम्हे के लिए मन हुआ सोसाइटी के पहले घर में घुस जॉन लेकिन अब प्लान बदलने से दिल में एक दर ये बैठ गया कही फास गया तो पकड़ा jaunga..jis घर में जा रहा था वहां बस 2 लोग थे...
मई पहले घर की दीवार पर चढ़ा...
Dhanmmm...aur निचे कूड़ा...
सब कुछ shant...kuch सेकण्ड्स मैंने वेट किया किसी की आवाज न होने पर मई घर से सटे जीने पर चढ़ gaya...aur दबे पाऊँ ऊपर आया...
और फिर छत छत कूदते हुए मई अपने चुने हुए घर में आया...
निचे जाने के लिए दो रस्ते थे एक छत की ग्रिल से लटक कर दूसरे मेल पर जाया जा सकता था दूसरा रास्ता जीने का था...
दबे पाऊँ मई जीने पर aya...phir चलते हुए दरवाजे पर...
मैंने धक्का मारा हलके से खोलने के लिए दूर नहीं खुला दूसरी साइड से बंद था....
मैंने जल्दी से मैगनेट nikala..aur धीरे धीरे मई लोहे के गेट की कुण्डी सरकने लगा...
चाट...
कुण्डी खुल कर निचे गिरी और दूर अपने आप थोड़ा सा घुल गया...
जिसे मैंने हाथ से आगे किया और मई निचे aya...aur टोर्च जलाई
एक bramda..bada सा दये बाये बड़े बड़े गमलो में पेड़ जिनकी लेट ऊपर लग रही thi...ek फिश जार जिसमे खूबसूरत मछलियां राखी थी...
चलते हुए मई बरामदे से लगे एक बड़े से रूम में आया दूर देखने से hi लग रहा था खुला hai...maine हाथ से पीछे किया...
Chrrrrr....aur दूर पीछे हो gaya...door की आवाज से मेरा दिल धक् धक् करने लगा..
मैंने कुछ सेकंड इंतजार kiya...jab कोई आवाज नहीं आयी मई अंदर आया...
अंदर टोर्च मरी तो मुझे 2 लड़कियां सोते दिखी जिनोह्णे ब्लैंकेट ओढ़ा हुआ tha...sar से लेकर पेअर tha...jisme उनका मुँह भी छुपा था...
वही दूसरी लड़की की पीठ नंगी थी आगे वाली लड़की ने ब्लैंकेट दबाया हुआ tha..maine दूसरी लड़की की पीठ के निचे रौशनी डाली तो मुझे वो एक छोटी चड्डी में सोती dikhi...uski अस्स इतनी बड़ी और टाइट की एक लम्हे के लिए मई नजर न हटा सका....
रॉक ji...aditi को याद करते हुए मैंने अपने खड़े हो रहे हथियार को देखा ...
Dhammm...aaahhhh...agle hi पल मैंने एक घुसा अपने हथियार पर मारा..
दर्द से मेरी चीख निकल gayi....jise आधी मैंने मुँह में दबा लिया..
सब कुछ शांत...
मैंने कुछ लम्हे वेट Kiya...aur जब कोई हलचल लड़कीओ ने नहीं की तब मई चलते हुए बीएड के पास aya...aur ब्लैंकेट मैंने दूसरी लड़की पर डालने laga..na जाने कैसे मेरा हाथ उस लड़की की अस्स पर चला gaya....aur उस पर मैंने हाथ फेर diya...itni टाइट और सुन्दर की मई बेकाबू हो गया..
मैंने हाथ हटाया और ब्लैंकेट दाल दिया...
मुझे बुरा लगा लेकिन मई अपने वश में नहीं था....
लड़की को कवर कर मैंने सामान पर नजर डाली...
किताबे महंगी murtiya...show के लिए रखने वाली..2 चेयर और टेबल जिस पर कपीस राखी थी..
मोबाइल जो टेबल पर रखा था..
सोंचा मेरे पास मोबाइल नहीं है इसलिए मैंने एक मोबाइल उठा कर बैग में दाल liya...mujhe बस एक फ़ोन की जरुरत thi..mai जनता था फ़ोन कितना जरुरी है इसलिए मैंने एक hi उठाया..
चलता हुआ मई अलमारी के पास aya...use खोला तो बहुत से कपडे दिखे...
धीरे धीरे उठा कर मई उन्हें निचे रखने लगा...
एक कपडे का जत्था हटाया तो मुझे उसके निचे नोटों की 4 बड़ी और मोती गड्डियां दिखी...
मैंने बैग आगे किया और गड्डियां उठा कर जैसे hi राखी...
थाककक
.
मई : आआह्ह्ह्ह...
एक भरी सी चीज़ मेरे सर पर पड़ी...
घूमता हुआ मई निचे गिरा....
गिरते हुए मैंने देखा वो वही मूर्ति थी शो वाली जब पड़ी तब मुझे उसके ठोस भरी होने का अहसास हुआ...
धम्मं... गिरते हुए एक और मेरी गर्दन आधे सर पर पड़ी...
और मई होश खो बैठा....
मेरे फ़ोन पर कॉल karo..kahi इस चोर ने न चुरा लिया हो...
टिंग ting...itne में मेरे बैग में घंटी बजी...
मैंने कहा था न..
Hello पुलिस स्टेशन जल्दी मेरे घर आये यहाँ चोर हमने पकड़ा है...
आवाजों से मई धीरे धीरे होश में आया...
होश में आते hi एक तेज दर्द मुझे अपने सर गर्दन सीने पेअर पर महसूस hua...lagta है मुझे बहुत मारा गया था बेहोशी में...
मेरे फेस पर अब भी मास्क था मई बंधा हुआ था चेयर पर कपडे से मोठे कपडे se...tighly..
मुझे इंतजार था पुलिस का अगर आंखे खोलता तो मेरी और पिटाई हो jati..isliye मई ऐसे hi पड़ा रहा...
तुम बचिओ को गेट बंद रखना चाहिए tha...mujhe एक औरत की आवाज आयी...
मैंने किया था ौंटी...
मुझे लड़की की आवाज aayi..jo कुछ मुझे पहचानी lagi...lekin कोण मई नहीं जनता था...
इसकी वीडियो banaye...kya कहती हो..
सही रहेगा विरुल हो जाएगी tu..laa मुझे दे मई बनती हों...
वो शायद दूसरी लड़की को मोबाइल दे रही थी...
मुझे बस लड़कीओ की आवाजे hi आ रही thi...accha हुआ कोई मर्द नहीं था यहाँ...
मई आंखे बंद किये सोंच रहा था अगर वीडियो बानी तो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद हो jayegi...mujhe फिर दुनिया से बिलकुल छुप कर रहना hoga..vaise भी एक दो साल के लिए तो अंदर जाता hi...
एक्शन..
लड़की ने kaha...aur फिर वो मेरे कपडे के मास्क को नोचने लगी....
रॉकी...
रॉकी....
कोण rocky...tum जानती हो इसे...
और मैंने आँखे खोली....
Didi...ahana...aur वो औरत थी जिसे मैंने गायत्री की बहन के कोठे पर देखा था एक बार जब मई वर्जिन ब्लड लेने गया था...
मई उन्हें वो मुझे देख कर सब शॉकेड...
सबके चहेरे ब्लैंकेड हो गए थे....
मुझे निकलना था और मई सोंचने लगा मुझे क्या करना hoga...meri पिस्तौल पीछे नहीं थी वो बीएड के पास राखी टेबल पर पड़ी थी...
Rocky...didi ने मुझे देखा और उसकी आंखे भर आयी...
ये वही थी जिसे मैंने ब्लैंकेट उड़ाया वो उसी चड्डी में थी मेरे samne..aur वो निकली मेरी बहन...
वो रो रही थी मेरी हालत देख कर वही अहाना खामोश थी...
Ting....itne में बेल्ल बजी...
शायद पुलिस आ गयी..
उसी औरत ने कहा...
लावण्या : नैंसी ौंटी उन्हें भेज दो प्लीज उनसे कहना वो भाग गया...
अहाना : सब ठीक है नैंसी aunti..ye कोई चोर नहीं लव का भाई रॉकी है...
मई : कोण rocky...maine भरी आवाज nikali...meri आवाज डीप थी जिसे मैंने और डीप कर लिया इतना की मुझे भी यकीन नहीं होता की ये मई हों...
नैंसी : ओह्ह हाँ इसे maine...lekin ये चोर hai...uska जुमला बदल गया वो छुपाना चाहती थी वो बात जो मई जनता था...
लावण्या : प्लीज aunti...rote हुए उसने हाथ जोड़ लिए...
अहाना : नैंसी ौंटी पुलिस को जाने को कहे...
बेल्ल लगातार बज रही थी जो देख सर हिलाते हुए वो जाने लगी...
मेरी बहन मुझ पर झुक गयी ..और रट हुए मेरे सर को चूमने लगी...
लावण्या : मैंने अपने हाथो से तुम्हे mara...rocky...I'm sorry...mai यहाँ तुम्हे ढूंढ़ने आयी thi...aur यही स्टडी करने लगी...
रट हुए वो मेरे हाथ खोलने lagi...phir पेअर...
जब मई khula...tab मैंने एक नजर लावण्या को देखा...
मई खड़ा हुआ और वो फिर मुझसे चिपक कर रोने लगी...
Dhammmm...aaahhhh....
मैंने उसे धक्का diya...aur वो बीएड पर giri...agle पल मैंने अहाना को धक्का दिया....
अहाना : aaahh...rocky ये कर गए यो...
फिर लम्बे कदम बढ़ा कर मैंने अपनी पिस्तौल उठायी...
मई : कोण rocky...aur गन मैंने दोनों पर तान di...chup चाप कड़ी raho...main अपने बैग के पास aya..aur उसे समेटने लगा...
लावण्या : रॉकी ऐसा मत कर...
मई : sshhh...ek बार और रॉकी कहा तो साडी बुलेट तेरे दाल दूंगा..
लावण्या : मार मुझे...
वो मेरे आगे आगयी और गन पकड़ कर उसने अपने सीने पर रख ली...
मई : चल हैट एड़ी...
लावण्या : आआह्ह्ह्ह...
मैंने धक्का diya...agle hi पल बैग उठाया और मई जीने की तरफ भगा....
रॉकी रुक jao...rocky...didi और अहाना दोनों आवाजे देती रह गयी...
जीने से मई छत पर आया...
दर्द में तड़पने के बावजूद मई छतो को फलांगता हुआ भाग रहा था...
आखिरी घर पर मई रुका....
खली हाथ नहीं जा सकता tha....mujhe ख्याल आया....
और इसी ख्याल के साथ मई उस घर में बने जीने के पास aya...jo जाहिर था लॉक था...
2 मिनट लगे mujhe...kholne में...
बरामदे से होते हुए मैंने टोर्च mari...upar का रूम लॉक था बहार se...kundi पड़ी हुई...
जो देख मई कुण्डी खोल कर अंदर घुस गया....
अंदर सामान पड़ा था ये स्टोर रूम बनाया हुआ tha...maine कीमती चीज़ो पर नजर डाली लेकिन कुछ नहीं मिला ..सिवाए एक संदूक के...
न चाहते हुए भी मैंने एक बार कोशिश करने का सोंचा...
और अपनी मास्टर के nikali...jo ऐसे hi लॉक के लिए बनायीं थी....
चतत्त लॉक khula...aur मुझे बहुत सरे कपडे dikhe...lal कपडे ...
मैंने कपडे hataye...to निचे मुझे एक लाल डब्बा दिखा जिसे देख मेरी आँखों में चमक आ गयी...
ये डब्बा गहनों वाला tha...maine उसे खोला तो अंदर मुझे एक बड़ा सा हार दिखा जिसके मोती की हीरे चमक रहे थे...
उसे हटा कर मैंने और सामान तलहा लेकिन कुछ nahi...maine डब्बा अंदर डाला...
और रूम से मई बहार आया...
फिर सीढ़ियों से उतरता हुआ निचे आया..
निचे सब शांत था अँधेरे में...
3 रूम they...maine तीनो पर रौशनी mari...aur पहले रूम जो दूर के पास था उसके पास आया...
दूर को मैंने पहले khola...fir उसी रूम में घुस gaya...room खुला hi हुआ था...
मैंने अंदर टोर्च मरी यहाँ कोई बीएड नहीं tha...sofe और टेबल thi...aur अलमारी..
एक साइड सोफे पर मुझे 2 बैग दिखे....
मई चलता हुआ उनके पास aya...andar कपडे हो सकते they...sath में मोबाइल bhi...aur मुझे मोबाइल चाहिए tha...isliye मैंने बैग खोला...
बैग खोलते hi जैसे मई जैम gaya...aur मेरी आँखों में चमक आ गयी...
पूरा बैग नोटों से भरा हुआ था...
मैंने जल्दी से दूसरा बैग khola...wo भी नोटों की गड्डीओ से भरा हुआ था...
मैंने एक बैग उठाया और तंग liya...peeth पर...
जा बैग लेकर aa...itne में मुझे आवाज aayi....kayi आदमीओ के चलने की...
दूसरा बैग छोड़ में आगे bhaga...aage अलमारी thi...aur मैंने जैसे hi उसे khola...samne एक औरत कड़ी thi...jo मुझ पर गिरी...
दर था मेरी चीख निकल जाती लेकिन मैंने खुद को संभाला...
मैंने टोर्च जलाई और रौशनी में उसे dekha...ek बेहद सुन्दर औरत उसका गाला कटा हुआ tha...jise देख मेरे हाथ कल्पने लगे...
कदमो की आवाज बेहद करीब हो गयी थी..
मैंने जल्दी से खुद को संभाला और उसी औरत को लिए अलमारी के अंदर बंद हो गया....
दूसरा बैग कहा रखा...
मई : सहित....
मई लक्समी वाली मुसीबत में पढ़ गया था...
मैंने गन निकल ली और औरत के पीछे छुपा li...ab इंतजार था वो कब मेरे पास आकर दूर खोलते है...
देख यही होगा मैंने अभी रखे थे बस..
हां मेरे सामने hi लेकिन कहा गया...
तुझसे मैंने कहा था पहले मई खून साफ़ कर लेता हों तू बैग के पास baith...phir तू jana...lekin तेरी तो फटती है...
चल ढूंढ...
दूसरे कमरे में देख कर aa..kahi वहां तो नहीं रख दिया...
यही रखा था...
वो फ़्रस्ट्रेटेड हो गए थे...
वाशरूम में तो नहीं रख दिया तूने देख जाकर ..
नहीं hai..dekh liya...mai उन्हें देख नहीं पा रहा था लेकिन मुझे उनकी आवाजे आ रही thi...wahi मई एक लाश के साथ था ये सोंच सोंच कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे...
अचानक से मुझे अपनी गन पर हाथ महसूस हुआ...
मैंने दूसरे हाथ से टटोला तो औरत का हाथ hi tha..lekin kohni...maine उसे सीधा कर दिया...
Honnnn...honnn...
पुलिस बैग उठा और nikal...itne में पुलिस की आवाज आयी....
और मुझे उन आदमीओ के भागने की आवाज आयी साथ में hi दूर खुलने की...
उनके निकलते hi मैंने निकलने के लिए दूर खोला और मुझे अपना हाथ किसी के हाथ में महसूस हुआ...
AAaaaaaa.....dar से मेरी चीख निकल gayi...us लाश का हहथ मेरे गन वाले हाथ पर tha...uske साथ मई बहार गिरा...
मेरी ऊपर की साँस ऊपर निचे की निचे रह गयी...
मैंने लाश को देखा और मुझे उसकी पलके झपकते हुए दिखी...
और मैंने दौड़ लगा di....mai भी मैं दूर से nikla....aur मई अँधा ढूंढ भागने लगा...
उसे पकड़ो...
मुझे पीछे से पुलिस वालो की गाड़ियां और आवाज aayi...wo मेरे बेहद नजदीक थे....
अब मुझे अपना अंजाम दिख रहा tha....mere पास पैसे थे खून मेरे कपड़ो पर लगा tha...piche थी एक लाश...
फांसी नहीं तो आजीवन कारावास कन्फर्म थी...
रुक जा नहीं तो शूट कर देंगे...
मई एक गली में घुस gaya......gali इतनी पतली थी जिसमे पुलिस की जीप नहीं घुस सकती thi...jiski मुझे बढ़त मिली...
वो रुके और तब तक मई एक और गली में मुद गया...
भागते भागते मई एक बड़े से मैदान में aya...maine पीछे देखा तो पीछे रौशनी मेरे करीब आ रही थी पुलिस वाले टोर्च लिए भागते हुए मेरे पास आ रहे थे...
मई मैदान में kuda..aur निचे जिसके पहाड़ी थी...
50 सेकंड तक मई लड़खड़ाते लुड़कते हुए निचे एक काँटों के पेड़ पर गिरा...
मई : aaahhhh...mere बहुत से कांटे पेट में ड्रेस चीरते हुए घुस गए थे...
मैंने बेथ कर उन्हें nikala...aur फिर कराहते हुए भागने laga...police वाले निचे उतर रहे थे....
मई 100 मीटर आगे आया तब मुझे बड़े बड़े पेड़ दिखे चांदनी रात me...ab जंगल शुरू हो चूका था....
मई आगे अँधा ढूंढ भाग रहा था पीछे पुलिस आवाजे देते हुए रोक रही थी....
पुलिस : फ़ैल जाओ आगे से घेरो....
मई : aaahhhh..kaha फास गया hon..aur मुझे एक बड़ा सा पेड़ दिखा....
देर किये बिना मई उस पर चढ़ने लगा...
Aaaaasaa....chadhte हुए मुझे एक बेहद दर्द में डूबी चीख सुनाई दी...
देखो उधर कोण hai...mujhe पुलिस वालो की अवेक आयी....
मई अब तक एक डाली पर आगया tha...khud को मैंने पेड़ के पत्तो से ढांप लिया था...
पुलिस वाले : सब जंगल से निकलो jaldi....jaldi करो ..उठाओ इसे....
न जाने पुलिस वालो को क्या हुआ वो भागने lage...mujhe उनके चीखते हुए जल्दी भागो की आवाजे सुनाई दे रही थी...
15 मिनट गुजर गए they...police वालो की आवाजे अणि बंद हो गयी थी....
मैंने सोंचा कुछ देर और वेट कर लोन फिर निचे उतरूंगा....
चररर चररत...
इतने में मुझे पत्तो की चर्राहट और कदमो की लड़खड़ाहट सुनाई di...jo मेरे करीब और करीब होने लगी...
पत्तो से मुँह निकल कर मैंने निचे dekha...niche 2 बेहद छोटे कद के और अजीब शकल सूरत के बोन जैसे इंसान और जानवरो की तरह दिखने वाले 2 लोग दिखे...
और मेरी रिड की हड्डी में एक सार्ड लहार दौड़ gayi...wo दोनों देखने में बेहद डरावने they...unke साथ में एक गए की बैल था जिसे वो खचेडे हुए ला रहे they...jis पेड़ पर मई था वो दोनों उसके निचे बैठ गए...
Kharrrr...kharrr..ki आवाजों पर मैंने निचे dekha...wo दोनों उस जानवर के मुँह मरे उसे कच्चा hi चीरते हुए उसे खा रहे थे....
दिसंबर की सर्दी में भी उन्हें देख मई पसीने से भीग गया....
Hooon...hooon...
क्या हुआ क्या सुंग रहा है...
एक बोना इधर उधर देखते हुए कुछ सूंघने की कोशिश करने लगा...
इंसान यहाँ कही इंसान hai...mujhe सुगंध आ रही है...
उसकी डरावनी आवाज सुन मेरे रोंगटे खड़े हो gaye...wahi अब मुझे इंतजार था वो कब ऊपर आ कर मुझे भी उस जानवर की तरह चीयर कर खाएंगे...
Hooon.....dusra भी खड़ा होकर सूंघने लगा....
सही कह रहा इंसान की सुगंध आ रही..
इतने में दोनों ने ऊपर dekha...mai पत्तो की आड़ में था बस दोनों आँखों को खोले हुए पत्तो झाड़िओ में लिपटे हुआ था..
बहुत दिनों से गए hi खा रहे आज इंसान मिल गया तो पेट भर jayega...unki वही डरावनी आवाज मुझे आयी...
वो बार बार इधर उधर देखते...
मेरी साँस में साँस तब आयी... जब वो दोनों ऊपर देखना छोड़ फिर गए को चबाने लगे...
मई बस मन hi मन सोंच रहा था बस आज बच जॉन किसी तरह...
खर्रर खर्र वो गए की हड्डियां चबा चबा कर खा रहे थे जिससे इतनी डरावनी आवाज निकल रही थी की मेरे जिस्म में एक दर की लहर दौड़ gayi...pasina मेरे चहेरे से निचे gira...furti से मैंने उसके आगे घुटना लगा दिया और पीछे हैट कर बैठ गया..
आधे घंटे में वो पूरी गए ख़त्म कर चुके they...wo फिर सूंघने लगे...
अस्स पास देख कर आते है कोई इंसान है करीब hi...ek ने कहा और दोनों बोन चल दिए....
5 मिनट 10 minute...jab वो नहीं आये तब मैंने टोर्च मरी अस्स पास देखने लगा...
किसी को न पाकर मई धीरे धीरे निचे उतरा...
अब मेरी हालत बहुत ख़राब हो चुकी थी जहाँ जिस्म मर से दुःख रहा था वही अब मेरा शरीर पूरा गर्म पढ़ गया था...
सुबह की किरणे निकल रही थी लेकिन पूरी तरह दिन नहीं निकला था...
जंगल ख़त्म होने से पहले मैंने कपडे को उल्टा pehna...mask और ग्लव्स बैग में रखा दूसरा बैग अब भी मेरे कंधो पर था....
मई उसी रस्ते चल दिया जहाँ से इस जंगल तक पंहुचा था...
हर कदम मुझ पर बहुत भरी पढ़ रहा था...
मेरे होंठ सुख गए थे...
1 घंटा चलने के बाद मई उसी गली में आया जहँ से पुलिस मेरे पीछे लगी thi...ye एक घंटा इतना सख्त गुजरा मुझ पर मेरी आंखे पत्र गयी.....
मुझे अब 2 कम का सफर और करना tha...aur मैंने एक टंकी से पानी पिया जो गन्दा था लेकिन मेरी प्यास बुझाने के लिए काफी...
पानी पिया तो मेरे होंठो की पपड़ी हटी...
और मई फिर चल दिया...
लोग घरों से एक दुक्का निकल रहे थे...
किसी तरह मई अपने बंगलो पंहुचा अंदर आते hi बीएड पर लेट गया...
और न जाने लेते लेते कब मेरी आँख लग गयी...
दोपहर में शरीर के टूटने से मेरी आँख खुली...
मुझे अदिति की याद आ रही थी...
मैंने बैग अपना पैसो का घर में एक सेफ जगह छुपाया और कुछ पैसे निकल कर मई चल दिया....
बुखार से मेरा मुँह पूरा कड़वा हो गया था...
बाइक चलते हुए मुझे दर लग रहा था की कही गिर न jaun...mai कण्ट्रोल खोता की मई फिर खुद को संभालता...
एक मेडिकल शॉप देख मैंने बाइक roki...aur फिर डॉक्टर से दवा ली..
खाने के बाद खाना...
100 रुपए देकर मई फिर बाइक पर aya...aur चल दिया...
मुझे भूक लगी thi...doctor ने भी कहा था खाने के बाद दवा खाने के लिए....
बार बार मुझे उन दो बोनो के चहेरे दिखाई दे रहे थे...
Aaaaahhhhhhh...itne में मेरे सामने वही लाश औरत आ गयी...
Khachhhhh...khichadti हुई बाइक रोड पर giri.....aur मई एक बड़ी सी कार के सामने गिरा....
फिर मुझे कुछ होश नहीं रहा....
पता नहीं कितने बजे मुझे होश आया...
कैसे हो तुम ab...ek बेहद खूबसूरत बॉडी बिल्डर नौजवान मेरे सामने खड़ा था....
मैंने अपने आप को देखा फीवर नहीं था मुझे शायद डॉक्टरों ने दवा दी होगी मुझे बेहोशी me...lekin मेरे खरोंचे थी डॉक्टर ने उन पर पत्तियां की हुई थी...
खिड़की से आ रही रौशनी से मैंने अंदाजा लगाया अभी दिन था...
Hello मैडम उसे होश आ gaya...usne ब्लूटूथ पर बात करते हुए कहा...
मई उठा...
लेते raho...usi जवान ने कहा...
मई : मुझे आप लाये थे यहाँ... शुक्रिया..
उसने सर हिला diya...maine ड्रिप निकली और खड़ा हुआ...
मेरे kapde...itne में नर्स आयी...
आ गया होश आपको...
मई : मेरे कपडे...
उसने कुछ देर बाद कपडे दिए...
चेंजिंग रूम में चेंज कर लेना...
मैंने हामी भरी और रूम में आया फिर चेंज करके बहार...
तुम अभी नहीं जा सकते चलो आओ मेरे साथ...
मई: मुझे जाना है प्लीज जाने do...mujhe मेरी अदिति के पास जाना hai...mai थके से लहजे में बोलै...
मई बहार आया तब मुझे गार्ड्स का एक झुण्ड दिखा गन्स के साथ....
मई : आप कोण हो...
ठीक है छोड़ देता hon..usne शायद ब्लूटूथ पर कहा
...जाओ tum...tumhri बाइक बहार कड़ी hai...parking में...
पता नहीं लेकिन उसने मुझे जाने दिया...
मई थका हरा बहार aya...bike मेरी नहीं थी पार्किंग में बस 1 बाइक thi..lekin वो एक डैम नई और महंगी...
मई पूछने के लिए मुदा की वो मुझे पीछे dikha...wo नौजवान अपने गार्ड्स के साथ में...
मई : भाई मेरी बाइक कहा है..
वो सामने कड़ी है वो तुम्हरी hai...jao ab....isse पहले की मेरा मूड बदले और मई किसी की न सुनु..
मई : इतनी महेरबानी किस लिए...
तो मत ले...
मैंने हामी bhari...aur मई पैदल hi चल दिया...
बहार आकर मैंने ऑटो लिया और बस्ती में आया....
अब 12 बज रहे थे मैंने ऑटो वाले से जब टाइम pucha...yani मेरा एक्सीडेंट कल हुआ था...
Ohhh...kisi तरह मई बस्ती में आया...
फिर भागता हुआ अदिति जी के घर...
वेल प्रेस करने के बाद रिशु ने दूर खोला...
मई : रिशु अदिति जी को...
रिशु : कोण अदिति जी...
मई : क्या बकवास कर रही हो...
मई: aditi...aditi...dhakk देता हुआ मई अंदर आया....
अंदर सेठ मिला मुझे कहते हुए...
सेठ : अंदर कैसे आ गए...
मई : अदिति कहा हो बहार आओ..
मई रूम देखने लगा...
रिशु : पुलिस को बुलाओ डैडी ये ऐसे नहीं जायेगा...
मई : ये तुम क्या कह रही हो rishu...mai हों रॉकी...
रिशु : तुम किरायेदार हो तो अंदर क्यों आये...
मई : सेठ ruko...use कान पर फ़ोन लगता देख मई चीखा...
सेठ : फिर चुप चाप निकलो यहाँ कोई अदिति नहीं है...
मई : प्लीज सेठ बता दो कहा है wo..mai तुम्हारे हाथ जोड़ता हों उसके बिना मई मर jaunga...maine सेठ के पेअर पकड़ liye...aur सिसक सिसक कर रोने लगा..
सेठ : रॉकी हम भूल गए वो कहा गयी... याददाश्त आते hi वो चली गयी... हमारी यादें भी मिट gayi....wo जितनी सीधी थी वो वैसी नहीं hai...wo बहुत पावरफुल लोगो की बेटी थी जो उसे अपने साथ ले gaye...aur मई नहीं जनता वो कहा है...
रिशु : ये देखो ये है तुम्हारी अदिति...
रिशु ने फ़ोन मेरे आगे कर दिया... स्क्रॉल करते हुए वो मुझे अदिति को दिखने लगी....
छोटे न होने के बराबर कपड़ो में ...ये मेरी अदिति नहीं थी..
मई: तुमने ये एडिट की है....
रिशु : ओह्ह really...aur उसने एक वीडियो प्ले कर di..jisme अदिति ब्रा पंतय में एक अंडरवियर पहने लड़के के साथ बीच पर नहाते हुए चल रही थी...
Bhattttt....mujhse बर्दास्त नहीं हुआ और मैंने मोबाइल चीन कर दीवार पर दे मारा...
रिशु : वो अपनी दुनिया में लौट गयी hai...tum समझते क्यों नहीं दंणित...
खली खली आँखों से मई रिशु को देखने लगा...
जाने kahaa.N गए वो दिन, कहते थे तेरी राह में.
Nazaro.n को हम bichhaae.nge
चाहे kahii.n भी तुम रहो, chaahe.nge तुमको उम्र भर
तुमको ना भूल paae.nge
जाने kahaa.N गए वो दिन ...
वो खुद भी रो रही थी...
गुस्से में उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे खचेडे हुए घर के बहार ले आयी...
रिशु : चले जाओ प्लीज अपनी जान प्यारी है तो भूल जाओ use...wo तुम्हे कब का भूल गयी hai...aur मुझे भी...
मेरे कदम jahaa.N pa.De, सजदे किये थे यार ने -
मुझको रुला रुला दिया, जाती hu_ii बहार ने
जाने kahaa.N गए वो दिन ...
मई वही बैठ गया उसकी चौखट पर मुझे हर तरफ आदित्य दिखाई दे रही थी...
मई : maaa....dekh मेरा क्या हाल हो gaya...maaaa....aditi तुमने ऐसा क्यों किया अदिति.....
मई वही घुटनो में मुँह डेल फुट फुट कर रोने लगा...
मई : अदिति तुमने मुझे अकेला कर diya...aditi....
अपनी नज़र me.n आज कल, दिन भी a.ndherii रात है -
साया ही अपने साथ था, साया ही अपने साथ है
जाने kahaa.N गए वो दिन..
मुझे कोई होश नहीं tha...mai बस भूका प्यासा अदिति को पुकार रहा था...
लोग आते और मुझे देख कर चले जाते....
दिन ढला रात aayi...aur भूक मुझे होश में लायी....
मई चलता हुआ मजदूरों के पास aya...wahan खाना बना कर बनता जा रहा था मई भी बैठ गया...
मेरे आगे एक प्लेट में सब्जी राखी फिर रोटी ..
पहला निबला लेते hi मेरे आंसू उसमे गिर गए...
किसी तरह मैंने 2 रोटी khayi...aur किसी तरह रूम पर aya...ate hi मई लेट गया...
रात खली आँखों में गुजर gayi...subah हुई मई वैसे hi लेता रहा...
न मुँह धोया न मई उठा...
लेते लेते रात हो gayi....aur फिर दिन निकल आया...
2 दिनों से कुछ नहीं खाया मुझे भूक लगी थी...
मई उठा मई नहाया कपडे पहन कर कुछ लेने निचे आया...
सेठ जी हमें आप निकल डोज हम कहा जायेंगे...
देवी कहा है बताओ न...
देवी हम कहा जायेंगे हमारे छोटे छोटे बच्चे है...
सेठ : वो चली गयी और अब तुम सब भी निकलो किराया है तो ठीक नहीं तो निकलो...
बस्ती वाले जो किराया नहीं दे सकते थे फ्री में रह रहे थे वो सेठ के आगे गिड़गिड़ा रहे they....rukne के लिए...
सेठ : झगन ये सारा अनाज गोदाम में रखवा दे अब से यहाँ कोई खाना नहीं banega...maine तुम भुक्कड़ो का ठेका नहीं लिया...
सेठ क्या कर रहे ho...hamare बच्चे भूके मर जायेंगे..
सेठ हम पर दया करो...
देवी तुम कहा चली गयी...
बस्ती की औरते बच्चे बूढ़े सब सेठ के पेअर पकड़ रहे they...usse भीक मांग रहे थे उन्हें न निकलने के लिए...
Hnnnn...hnnnm...
सेठ : लो पुलिस भी आ गयी नहीं गए तो तुम सब जेल में जाओगे...
इतने में एक दरोगा कार से निकल कर सेठ के पास आया...
और सेठ उसे बताने लगा...
हम कहा जायेंगे स्पेक्टर साहब...
दरोगा : मई कुछ नहीं कर sakta...tumhe ये बस्ती खली करनी hogi...chalo niklo...nahi गए तो मुझे तुम सब को जेल के डालना होगा...
Devi....devi...ek बच्ची भागते हुए सेठ के घर के बहार खड़े होकर अदिति को आवाजे देने लगी....
देवी बहार आओ...
एक 10 रुपए वाला बिस्कुट dena...sab छोड़ मई किरणे की दुकान पर आया...
वहां नशे की चीज़े भी थी तंबाकू सिगरेट गोला...
मई : वाकई के पैसो की सबसे हार्ड वाली तोम्बाको फ़िल्टर वाली और सिगरेट गोला देना..
शॉपकीपर: 490 का सब...
मैंने गर्दन हिलायी...
2 सिगरेट की डब्बियां 2 फ़िल्टर वाली तोम्बाको और 10 गोले के पैकेट उसे पॉलिथीन में dale...jinhe लेकर मई चल दिया वापस.....
देवी बहार आओ न devi....devi हम आपको छोड़ कर नहीं जाना चाहते ..हम कहा जायेंगे देवी....
वो लड़की अभी भी सेठ के घर के सामने कड़ी उसे पुकार रही थी...
क्या तुम इन्हे ऐसे hi छोड़ doge...inka सहारा नहीं बनोगे मेरे रॉक जी...
वो अपनी जुल्फे मेरे चहेरे पर लहराते हुए बोली....
चुप जाओ beti...tumhe यहाँ से कोई नहीं nikalega...pass आकर मैंने उसका हाथ पकड़ liya...phir उसे गोदी में उठाये मई उसे लिए चलता हुआ सेठ के पास आया..
सब बस्ती वाले अपना सामान समेत रहे थे जाने के लिए...
मई: यहाँ से कोई नहीं जायेगा सेठ...
सेठ : क्यों तू देगा इनका किराया और खाने का kharcha....seth मुझे तना मरते हुए बोलै...
मई : हां सेठ बताओ कितना चाहते हो...
सेठ : महीने का 25 लाख दे पायेगा...
जगह बड़ी थी लोग भी 500 के करीब जिनमे बच्चे बूढ़े सभी they...khana रहने में इतना खर्चा आता hi...itne में सिर्फ किराये पर बंगलो मिल रहा था महीने के रेंट पर मुंबई महँगा शहर था...
मई :मुझे मंजूर hai..aur मैंने जेब से पैसे निकले...
मई : गिनो सेठ....
सेठ ने अपने आदमीओ को आगे किया पैसे लेकर वो गिनने लगे...
5 लाख है seth...unhone थोड़ी देर बाद कहा...
मई : 20 लाख आधे घंटे में लेकर अत हों...
सेठ : कोई बात नहीं रात तक दे सकते हो...
सेठ की इतनी hi अच्छे मेरे लिए काफी थी...
सेठ : तुम सब रह सकते हो और तुम्हारा किराया खर्चा सब रॉक देगा...
सेठ ने कहा और लोगो ने मेरे आगे हाथ जोड़ लिए...
वो मेरे करीब आने लगे...
मई : मई ऐसी हालत में नहीं हों तुमसे कुछ कह sakun...yahan रहो कोई प्रॉब्लम हो तो मेरा रूम वो सामने है....
कहकर मई अपने रूम पर aya...aur नशे करने लगा...
नशे से मेरा सर घूमने laga...gole में सिगरेट फ़िल्टर वाली तोम्बासो से ज्यादा नशा tha...mai चकराने के बाद भी नहीं रुका था मई एक साथ दो दो सिगरेट पि रहा था...
खत खत....
इतने में दूर बजा....
मई : खुला है...
दरवाजा khula...aur कोई अंदर आया पूरा रूम धुएं से भरा था जिस वजह से वो मुझे दिखा नहीं...
खो kho...dhuye से वो खांसी तब मुझे अहसास हुआ वो कोई लड़की है...
क्या हाल कर दिया तुमने अपने रूम ka...umm कोनसा बटन है ..
खत khat...usne बोर्ड में लगे तीनो बटन दबा दिए ...
एक बटन बहार की लाइट का था दूसरा रूम की लाइट का तीसरा फैन का..
फैन चला तो धुआं बहार gaya..ek सिगरेट ख़त्म होने पर मई एक hi पिने laga...na मैंने आने वाली को सर उठा कर देखा...
अकेले रहते हो yahan...usne कहा..
मई : नहीं 4 दीवारी छत और मई..
Mr.chor पहचाना मुझे...
मैंने सर उठा कर देखा उसे...
गन्दी दी टी शर्ट आधी जीन्स जिसे कटा था ताकि फिट बैठ सके जो उसके घुटनो तक thi...chahere पर मिटटी जो गरीबी जो उसके गरीब होने का बता रहे थे...
मई : tum..tum वो ग्रेव वाली लड़की हो...
उसने सर हिलाया...
गंदे फाटे कपड़ो में भी वो गुलाब की तरह खिल रही thi...itni सुन्दर कोई भी देखे तो दीवाना हो जाये...
मई : कोण हो तुम कैसे जानती हो मई चोर हों...
गेस किया था बी थे वे I'm aanya...you कैन कॉल में ana...tumhari hi तरह चोरनी hon..isliye डरने की ज़रूरत nahi...wo हैंड शेक के लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए बोली...
मई : ssssh...mujhe औरत जाट से नफरत है..
आया: उम् ब्रोकन हार्ट ..लग hi रहा है तुम्हे देख कर तुम आशिक़ हो...
मई : क्यों आयी हो और क्या चाहती हो...
आया : अबे यार दोस्ती तो कर ले बता दूंगी..
मैंने गन निकली और उस पर तान दी..
मई : सवाल का जवाब दो...
आया : 12 कालीबोर pistol..ise तो मेरी com...leave it...tum ऐसे तो नहीं लगते किसी को मरने वाले...
मैंने गन फेक दी...
मई : मई परेशान हों बताओ क्या चाहती ho...mai समझ गया था जो वो दिखा रही थी वो वो नहीं थी...
आया : अब आये न लाइन par...to मर.
मई : rocky....rocky नाम है मेरा...
आया : तो रॉकी तुम क्या कर रहे थे उस रात ग्रेवयार्ड में..
मई : बताया तब भी बेलीवे नहीं karogi..maine एक गहरी साँस ली और उसे देखा...