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मई इतना ज्यादा झरि थी की मई पास्ट हो चुकी thi.............itna रिलैक्स मुझे कभी नहीं मिला था जितना रिलैक्स मुझे अभी बिस्टेर पर मिल रहा था अजय की बहो में...........
अजय मेरे जिस्म पर अपना हाथ फेरते हुए bola.............meri जान रुकसाना aunty.......abhi तो चुदाई शुरू हुयी hai.............abhi तो मेरा लुंड एक बार व् पानी नहीं छोरा hai............dekho कैसे टावर के जैसा खड़ा hai..........bolkar अजय मेरे हाथो को अपने लुंड पर ले gaya...........mai व् बिना विरोध किये अजय के लुंड को पकड़ कर सहलाने लगी...........
मई - तुम्हारा लुंड है या hatoda........thakne का नाम हे नहीं ले raha............itni देर से मुझे छोड़ रहे हो फिर व् तुम्हारा लुंड hi की पानी छोड़ने का नाम हे नहीं ले रहा है..............
अजय मेरी चुकी को अपने हाथो से दबाते हुए bola.........mera लुंड इतनी आसानी से झरने वाला नहीं है मेरी jan.........maine टिटेनस क2 खाया hai.......kamsekam 8 घंटा तुम्हे छोड़ने के बाद हे ये ढीला hoga........jabtak इसमें से सारा क्रीम बहार नहीं आ जाता..............
मई मुस्कुराते हुए बोली - तुम इंसान नहीं गधा हो gadha.....hehehehehe..... .हमारे गाओं में भट सारे गधे होते hai......unka लुंड मैंने देखा hai...........bht मोटा और भट badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa रहता hai................jab वो किसी गाढ़ी को छोड़ता है तो गाढ़ी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगती hai............usi तरह तुम्हारा व् लुंड है ...........गधा के jaisa.............ye बोलकर मई अजय के लुंड को धीरे धीरे सहला रही thi........ek अलग हे मज़ा आ रहा था गन्दी बात करते हुए अजय के नंगे जिस्म से चिपक कर उसका मोटा लुंड हाथ में पकड़ कर सहलाने me.................mai फिर गरम होने लगी थी................
अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरे नंगे जिस्म पर फेरने laga.....or फेरते हुए मेरी मोती गांड तक जैसे हे उसका हाथ आया मई गंगनाआए उठी ......अजय धीरे धीरे मेरी मोती गांड को दहकते हुए अपनी ऊँगली को मेरी गांड की दरार में ऊपर निचे करने लगा....... हाआआयययय मुझे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त की वजह से अजय के लुंड को भट ज़ोर से पकड़ लो और अब मेरा हाथ तेज़ हो gaya........ajay के लुंड को मई तेज़ तेज़ सहलाने lagi....idhar अजय मेरी गांड की दरार में अपनी ऊँगली ऊपर से निचे निचे से ऊपर कर रहा tha......meri छूट फिरसे गीली होने लगी...................
मई - उम्मम्मम्म अजय प्लसससससससस वह मत करो न वो गन्दी जगह होती है....... उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय plssssssssssssss वह से हाथ हटा लो.....
अजय - मेरी जान तू इतनी माखन माल है की तेरी कोई जगह गन्दी नहीं hai......har जगह मेरे लिए एक नायब तोहफा hai......bolkar अजय ने मेरी मोती गांड को दोनों हाथो से दबोच liya.....or ज़ोर ज़ोर से मसलने laga..........gand मसलवाने में मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त से कामुक आवाज़ें निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मेरे जिस्म में ये कैसी आग लगा दी hai..........jo बुझ हे नहीं रही है..............
अजय - मेरी जान तू एक छुडासी औरत है और तुझे दस मर्दो का लुंड एक साथ चाहिए तब तेरी प्यास बुझेगी .................बोलकर अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरी छूट में ले gaya...........mai एकदम से सिहर उठी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy ufffffffff...........bolkar अपने छूट को अजय के हाथो के तरफ धकेलने लगी...........
अजय अपने ऊँगली से मेरी छूट को छेर्ने laga...........mai मदहोश होती जा रही thi...............mere छूट की आग फिर से भड़क उठी थी...........
इतने में अजय बीएड से निचे उतर gaya.......mai उसे कामुक आँखों से देखने lagi....jaise कह रही हु की क्या हुआ ......प्लस मेरी प्यास bujhao........kaha जा रहे ho....achanak मुझे छोर कर........
अजय - मई अभी मूट कर अत हु मेरी jan.......teri छूट इतनी टाइट है की 16 साल की कुवारी लड़की फ़ैल है तेरे aage..........teri छूट ने मेरे लुंड को इतना ज़ोर से जकड लिया था की मेरे लुंड को मूट लगने लग gayi..........kasam से एक कुवारी लड़की के जैसी टाइट है तेरी छूट .......इसलिए तो मैंने कहा था ..........बोलकर अजय रुक जाता है........
मई उत्सुकता से पूछने लगी - इसलिए क्या कहा था तुमने........
अजय - यही की तेरे शोहर का लुंड छोटे बच्चे के जैसा hai..........jo आज तक तेरी टाइट छूट को फैला नहीं सका.............
मई एकदम से शर्मा gayi........or मेरी नज़र नीची हो gayi.......mere शोहर की बुराई मुझे भट अछि लग रही thi.........pata नहीं kyu....lekin अजय सच हे कह रहा tha.........mere बेटे का लुंड मेरे शोहर से दो गुना बड़ा है .......सिर्फ मेरे शोहर का हे लुंड इतना छोटा सा क्यों है ..........
मई अभी यही सब सोच रही थी की अजय बाथरूम चला गया .....वो वापस आया तो मई बीएड पैर एकदम नंगी उल्टा लेती हुयी थी ...मेरी मोती गांड ऊपर thi........jise देख कर अजय मेरी मोती गांड को दूर से हे घूरने लगा......
अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रुकसाना रंडी क्या जिस्म है tera........itna कर्तव्य जिस्म तो शायद हे दुनिया में किसी औरत की होगी...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना उठा हुआ गांड है तेरा बहनचोद randi........is गांड के लिए तो एक फुट का लुंड व् छोटा पद jaega...............tujhe तो मई हब्सी मर्दो से छुडवाउंगा साली chhinaar...........tab जाकर तेरे छूट की आग शांत होगी...............
अजय की गन्दी बातो से मई भट ज्यादा होर्नेय हो गयी और अजय के लुंड को घर कर देखने लगी.........
अजय समझ गया मई उसके लुंड को पकड़ना छह रही hu......ajay मेरे करीब आया और और मेरे गर्दन को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ मेरे मुँह को खींचने laga.........maine अपना एक हाथ बढ़ा कर अजय के लुंड को जैसे हे पकड़ना चाहा अजय ने अपना लुंड हटा लिया ......
मई एकदम से तड़प uthi.....or अजय को गुस्सा से देखबे lagi.........ajay अपने लुंड को मेरे मुँह में पास ले gaya....maine फ़ौरन अपना मुब खोल liya.......ajay ने अपना लुंड मेरे मुँह के पास ले जाकर फिर से वापस खींच लिया .........
मई - प्लसससससससस naaaaaaaaaa अजय ऐसे मत तड़पाओ मुझे ......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......
अजय बिना कुछ बोले अपने लुंड को फिर से मेरे मुँह में पास किया .........मई भूखी शेरनी की तरह लुंड पर झपटी अपना मुँह खोल kar.........lekin अजय ने फिर से अपना लुंड हटा diya........mai एकदम से बौखला gayi......abhi खींच देर पहले मई लुंड चूसना नहीं छह रही thi......ajay ने ज़बरदस्ती अपना लुंड मुझे चुसवाया tha....lekin अब मई खुद लुंड को अपने मुँह में लेकर बेतहाशा चूसना चाहती थी लेकिन अजय मुझे तड़पा रहा tha......akhir कार अजय ने एक दो बार मुझे ललचाया और और अपना लुंड मेरे मुँह में घुसा दिया ........
मुझे ऐसा लगा की मई कई दिन की प्यासी हु और मुझे रेगिस्तान में पानी मिल गया ho..........mai अजय के लुंड को अपने होंठो के बिच दबा कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी..........
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी .....आ गयी न अपनी असली औकात में ....देख कैसे लुंड को मुँह में लेने के लिए तू बेचैन हो रही है........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली भट गरम मुँह है तेरा रंडी साली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चूस bahanchod.....sali chhinaar.........bolkar अजय अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने लगा ............
मई अब फुल गरम हो चुकी थी.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय अब प्लसससससससस मुझसे सबर नहीं hota.......ghusa दो मेरी छूट में अपना मुसल लुंड...... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अजय प्लस जल्दी घुसा दो naaaaaaaaaa मेरी छूट मचल रही है...........
अजय ठीक मेरे पीछे आकर बैठ गया ...मई उसी तरह उल्टा लेती रही........ अजय ने पहले मेरे उभरे हुए गांड को गौर से देखा और बोलै ..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आंटी रांड क्या गांड है teri......bolkar अजय ने मेरे गांड पर दन्त गदा diya.....mai दर्द से तड़प उठी लेकिन मुझे इतना ज्यादा मज़ा आया की मई अजय को बोली
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट मज़ा आया और काटो न दन्त मेरी गांड पर....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मुझे क्या से क्या बना दिया है.........
अजय अपना लुंड मेरी गांड की दरार पर छोड़ने laga.......mai तड़प कर अपने गांड को दोनों हांथो से फैला di.....taki मेरी छूट अजय को आराम से मिल jaye..............ajay अब अपना लुंड मेरी छूट और गांड के छेड़ में तगाड्ने laga........mai तो जैसे पागल सी हो गयी.........
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय ये क्या कर रहे हो घुसाओ na.....mujhse और बर्दाश्त नहीं होता..... plssssssssssssss अपनी रंडी आंटी की छूट में अपना मुसल लुंड दाल कर छोड़ो na.....aah मेरी छूट .इ भट खुजली हो रही है अजय plssssssssssssss मत तड़पाओ मुझे..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो ajay.......ghusa दो अपना लुंड मेरी छूट में........
अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक lagaya....or मेरी छूट के छेड़ पर जैसे रखा मुझे एक अलग हे सुकून mila....sukoon और लज़्ज़त की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi.......itne में अजय ने धीरे से अपना लुंड मेरी फैली हुयी छूट में फुचकाककककक करके घुसा diya......maine ज़ोर से सिसकारी ली...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय.........
दर्द तो भट कर रहा लेकिन मज़ा व् भट आ रहा hai....or अंदर तक घुसाओ न मेरे राजा.......... बोलकर मई अपने गांड को अजय को लुंड के तरफ धकेलने lagi...........mere छूट में खलबली मचा रही थी किसी व् तरह अजय के मोठे लुंड को मई अपने छूट में पूरी तरह घुसा लेना चाहती थी........
अजय ने मेरे दुपट्टे को सर से हटा दिया और मेरे बालो को पकड़ कर मेरे कान में kaha..............sach में मेरी जान भट टाइट छूट है teri.....itni चुदाई के बाद व् अभी तक फैली नहीं hai...wapas सिकुड़ गयी है........
मई - तो फैला दो न मेरे raja.......mai तो आयी हु ोयो रूम तुम्हारे मोठे लुंड से अपना टाइट छूट फ़ैलाने क liye.......itna छोड़ो अपनी रंडी रुकसाना को की मेरी छूट एकदम फ़ैल जाये.......
अजय - क्या माल है तू randi.......bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से खींचा और एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका आधा लुंड मेरी छूट में घुस गया...........
Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय कितना मज़ा देता है तुम्हारा लुंड....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा है.............
अजय अब धीरे धीरे मेरी छूट छोड़ने लगा अपने मोठे लुंड se......mai मदहोशी में ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः उफ्फ्फ आह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy करने lagi.......han अजय हाँ ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो मुझे फैला दो मेरी छूट ......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय मेरे राजा ......मुझे दर्द व् हो रहा था और मज़ा व् आ रहा tha..........chudayi में दर्द का मज़ा मैंने पहली बार देखा tha......drd के साथ चुदाई में इतना मज़ा अत है ये तो मुझे मालूम हे नहीं tha......mai अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर रखे हुए थी और अजय दर्द को सहन करते हुए अजय का लुंड अपनी छूट की गहराई में ले रही थी........
अजय फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच करके मुझे चोदे जा रहा था........
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आंटी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त जिस्म है apka.......ekdam माखन के jaisa....gadraya हुआ जिस्म है ........बोलकर अजय मेरे गांड पर दो चार थप्पड़ मार देता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु ....लेकिन ये दर्द मुझे अब मज़ा दे रहा था...........
अजय अपना लुंड बहार निकल कर बीएड से निचे उतर जाता है और जाकर सोफे पर बैठ जाता है.........
अजय - मेरी रांड तुम अपनी गदरायी गांड मटकती हुयी मेरे पास आओ एक रंडी की tarah........bolkar अजय सोफे पर बैठ कर अपने मोठे लुंड को अपने हाथो से सहलाने लगता है........
मई एक कातिल नज़र से अजय को देखती हु और बगल में रखा हुआ अपना दुप्पट्टा अपने सर पर बांध लेती हु...... ......अजय को और ज्यादा तैसे करने क liye.....ajay मेरी इस अदा को देख कर भट ज्यादा कामुक खो जाता है.......
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी टी सच में कमाल hai..........tujhe पता चल गया है की मई कैसे ज्यादा जोश में आऊंगा.........
मई - मेरे राजा को मई इतना जोश चढ़ा दूंगी की जब उसके लुंड से क्रीम निकलेगा तो बन्दूक को गोली के जैसा निकलेगा........
बोलकर मई अजय के करीब जाकर उसके पेअर के पास बैठ गयी और उसके लुंड को हाथो में पकड़ कर सहलाने लगी...........
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रांड मुँह में ले मेरे लुंड ........बोलकर अजय मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ धकेलने laga......maine अजय के हाथो को एक झटके में हटा दिया.....
और अजय को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी और बोली - मई खुद से करुँगी तुम रहने दो.........
अजय के चेहरे पर एक हरामी टाइप की मुस्कान फ़ैल गयी.........
मई व् अजय को देख कर एक कामुक भरी मुस्कान दे di.....or अजय के लुंड को पकड़ कर अपने ज़बान से चाटने लगी.....
मई अपनी नशीली आँखों से अजय के आँखों में देख रही thi......or उसके लुंड को ज़बान से चाट रही थी
आइसक्रीम की तरह.....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना मेरी रांड क्या लुंड चुस्ती है तू बहनचोद ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ऐसे हे चाट .......अब मुँह के अंदर ले न जानेमन.............
मई अजय के लुंड के सुपडे को अपने दोनों होंठो के बिच पकड़ कर सूचक करने lagi..........lekin मैंने मुँह के अंदर नहीं किया......

जिससे अजय तड़प utha.......or मेरे सर को दोबारा पकड़ liya...........or अपने लुंड पर धकेलने लगा.........
मई - मैंने कहा न हाथ मत लगाओ .....मई खुद से तुम्हारा मुसल लुंड चूसूंगी.........
अजय ने हाथ हटा लिया........
मई अजय के लुंड के सुपडे को मुँह में अंदर लेकर चूसने lagi........itna मोटा सूपड़ा था की चूसने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था जिसकी मई कल्पना व् नहीं कर सकती thi.....maine अजय के लुंड को एक हाथ में पकड़ा हुआ था और उसके लुंड को हिलाते हुए उसके लुंड के सुपडे को चूस रही thi............chuste चूसते मई अजय की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखने lagi......or उसी तरह लुंड को चुस्ती रही.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना आंटी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा दे रहा आपका मुँह...... हाआआयययय साली रंडी क्या माल है .............tuuuuuuuuuuuuuuu............or अंदर ले न रांड ....सिर्फ सूपड़ा हे चुस्ती रहेगी kya..............bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ कर मेरे मुँह में अपना मोटा लुंड घुसाने laga.......maine व् अपना पूरा मुँह खोल diya.......taaki उसका मोटा लुंड मई अंदर ले saku........ajay अब धीरे धीरे मेरे मुँह में अपना लुंड छोड़ रहा था मेरे बालों को पकड़ kar.......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई क्या bataun.........ajay के लुंड की बदबू मुझे मदहोश कर रही thi........ajay व् आराम से मेरा मुँह छोड़ रहा tha.........pahle की तरह बेरहमी से नहीं.........

अजय कुछ देर मेरे मुँह में लुंड छोड़ने के बाद मुझे पकड़ कर खड़ा कर दिया और मेरे होंठो को चूसते हुए बोलै
अजय - कुटिया बन जाओ मेरी छम्मक छल्लो.........
मेरी व् छूट लुंड लेने के लिए तड़प रही थी मैंने अजय के लुंड को हाथो में पकड़ कर बोलै...........
मेरे राजा आराम से करना भट मोटा है तुम्हारा.............
अजय - ok मेरी रानी आराम से हे karunga.........bolkar अजय ने मुझे सोफे पर कुटिया बना दिया ......
और मेरी गांड को अपने हाथो से सहलाते हुए बोलै......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी क्या गदरायी गांड है तेरी बहनचोद chhinaar..........aaj मई इस गांड का वो हाल karunga......ki गांड मटकाने के काबिल नहीं रहेगी तू.........
बोलकर अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगाया और मेरी छूट पर रख कर रगड़ने laga...........mai तड़प कर अपने गांड को लुंड के तरफ धकेलने lagi........lekin अजय मुझे तड़पा रहा था.......
मई - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय मत न tadpao....ghusao न अपना मुसल लुंड मेरी छूट में.........
अजय मुस्कुरा कर अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ पर रखा और हल्का सा पुश किया जिससे उसका लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में घुस गया............. लज़्ज़त की वजह से मेरे मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गया............

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरे मुँह से लज़्ज़त भरी आवाज़ निकल रही थी........
अजय अपने लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में थोड़ा घुसाया फिर निकल लिया फिर घुसाया फिर निकाल लिया ...........
मई जल बिन मछली की तरह तड़प उठी.......
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय क्यों तड़पा रहे हो पूरा घुसाओ न अंदर takkkkkkkkkkkk.....

अजय - घुसा तो दूंगा लेकिन तुम चिल्लाने लगोगी फिर से.......
मई - मेरी परवाह मत karo.......mai कितना व् चिल्लाऊं तुम पूरा ghusao.........andar तक........
अजय अपने लुंड को वापस निकल कर उसकी छूट के बहार बहार तगाड्ने लगता hai.......jisse मई और ज्यादा तड़पने लगती hu.............mai अपने गांड को अजय के लुंड पर धक्का मरने लगती हु .......किसी व् तरह अजय के लुंड को अपने छूट को गहराई में घुसना छह रही थी मई लेकिन अजय कमीना मुझे तड़पा रहा था..........
मई इतना बेचैन हो गयी की अजय अपने हाथ को पीछे ले जाकर अजय के लुंड को पकड़ लिया और अपने छूट के छेड़ में रख कर अपने गांड को पीछे धक्का मरने lagi.......lekin फिर व् अजय का लुंड मेरी छूट में नहीं घुस रहा tha........ajay जान बुझ कर अपने लुंड को इधर उधर कर लेता था........
मई - plssssssssssssss न अजय ऐसा मत करो अपनी रुकसाना रांड के साथ....... plssssssssssssss मुझे chodo....warna मई मर्डर jaungi.........mujhse बर्दाश्त नहीं हो raha..........ghusao naaaaaaaaaa ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy plssssssssssssss मई तुंहरे हाथ जोड़ती हु ऐसे मत तड़पाओ मुझे...........
अजय मेरी गांड के छेड़ पर अपना एक ऊँगली रख कर हल्का हल्का सहलाने लगता है.........
अजय - मुझे आपकी गांड चाहिए आंटी......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गांड की छेड़ मुझे पागल कर रही hai..........bolkar अजय मेरे गांड के छेड़ को भट अच्छे से सहला रहा tha..........lekin मई तो छूट को आग से पागल हुए जा रही थी.........
मई - नहीं नहीं plssssssssssssss अजय वह nhi..........meri छूट में लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa..........
अजय - पहले बोलो की तुम मुझे गांड में घुसाने dogi.....tab मई तुम्हारी छूट में लुंड घुसूंगा...........
मई छूट की आग में इतनी पागल हो चुकी थी की मई अजय के लुंड को अपने छूट में लेने के लिए कुछ व् करने क लिए तैयार थी........
मई - हाँ घुसा लेना लेकिन plssssssssssssss पहले मेरी छूट की आग ठंडी कर दो अजय plssssssssssssss घुसाओ न.........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss अब तो घुसा दोंनाआए अपनी रांड रुकसाना की छूट में अपना मोटा लुंड..........
अजय अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का मरता hai.......ajay का आधा लुंड मेरी छूट में समा जाता hai......mai दर्द से तड़प उठती hu.......lekin ये दर्द मुझे इतना च लग रहा था की मेरी आंखें अपने आप बंद हो जाती hai......or मेरे मुँह से दर्द भरी चीखें निकलने लगती है.........
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह ऐसे हे छोड़ो अपनी रंडी को...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय क्या लुंड है तुंहारा haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा आ रहा hai.........zor ज़ोर से छोड़ो मुझे ......... faaaaaaaaaadddddddddddd दो मेरी छूट.........
अजय अपने दोनों हाथो से मेरी चुकी पकड़ कर मुझे हल्का हल्का छोड़ने लगता hai.......mere मुँह से सिसकियाँ निकलने लगती है....... ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ऐसे हे ाः ाः उम् उम् उम् उफ़ उफ़ ाः ाः ाः ाः अजय फाड़ दो मेरी छूट छोड़ छोड़ kar.......mujhe बना लो अपनी रखैल.......

मेरा गदराया हुआ जिस्म अजय के हर धक्के से हिल रहा tha....ajay थप थप करके मेरी छूट छोड़ रहा था.......
मई आंखें बंद करके अजय के धक्को का मज़ा ले रही thi....or सिसकियाँ निकल रही thi......aaaaaaah आआह आआआह आआआह उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii अअअअअअअ राहाआआआआ है .....ऐसे हे हाँ ऐसे हे छोड़ मुझे ........अजय इतनी ज़ोर से धक्के मार रहा था की मेरी मोती गांड थल थल करके हिल रही thi...or मेरी गोरी गांड लाल हो चुकी थी अजय के धक्कों से..........

मई फिर से अपने ओर्गास्म के करीब पहुँच रही thi........maine ज़ोर से सोफे को पकड़ liya.........mai जैसे हे अपने ओर्गास्म तक पहुंची अजय ने अपना लुंड बाहर निकल liya........mai तड़प कर अजय को रोक आँखों से देखने लगी अपना गर्दन घुमा कर.........
मई - plssssssssssssss न अजय क्यों बहार निकले tum......ghusao न..........
अजय बिना कुछ बोले मेरे गांड के पास झुक जाता है और मेरी गांड के छेड़ को चाटने लगता है........
मेरी तो साँस हे अटक जाती है..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy गांड चटवाने में इतना मज़ा अत है मुझे तो मालूम हे नहीं tha............mai अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने लगती hu.........meri गांड के छेड़ को अजय चाट चाट कर अपने थूक से एकदम चिकना कर देता है..........
और फिर अचानक अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में हल्का हल्का कहते हुए धीरे से अंदर करता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa अजय प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii दर्द हो रहा........
अजय - दर्द तो होगा हे मेरी रांड इतना टाइट गांड जो है tera...........bolkar अजय साथ में लाया हुआ सरसो का तेल अपने बैग से निकल कर मेरी पूरी गांड में लगाने लगता hai..........or मेरी गांड के छेड़ पर ढेर सारा सरसो का तेल लगा कर हल्का हल्का मेरी गांड की छेड़ पर अपना ऊँगली चलते हुए हल्का हल्का अपनी ऊँगली को मेरी गांड में घुसाने लगता hai......mujhe फिर से एक तेज़ दर्द होता है.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट दर्द हो रहा निकालो न अपनी ऊँगली वह से.......
अजय - दर्द में हे तो मज़ा है मेरी raand.....bolkar अजय अपनी ऊँगली को थोड़ा और अंदर घुसा देता hai.....mera जिस्म अकड़ सा जाता hai............mai ज़ोर से चिल्लाती हु aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiii प्लसससससससस निकालो......
अजय अपनी ऊँगली निकल कर फिर से वापस वह पर ढेर सारा तेल लगा देता है और दोबारा अपनी ऊँगली घुसता hai....is बार दर्द थोड़ा काम होता hai...........ab अजय अपनी ऊँगली को मेरी गांड में छोड़ने लगता है धीरे dhire..........mai लज़्ज़त से उम्म्म उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करने लगती हु .......
अजय की ऊँगली मेरी गांड के अंदर बहार हो रहा था और मई लज़्ज़त से सोफे को पकड़े हुए सिसकियाँ ले रही thi........ab मुझे ज़रा व् दर्द नहीं हो रहा tha.....ab मुझे मज़ा आने लगा था अपनी गांड अजय की ऊँगली से छुड़वाने में...........
अजय ने ऊँगली बहार निकल कर फिर से अपना मुँह मेरी गांड पर लगा diya......mai लज़्ज़त से अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने lagi........or मेरे मुँह से गन्दी गन्दी बातें निकलने लगी लज़्ज़त की वजह से......
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआखिर तुमने मुझे अपनी रंडी बना हे लिया..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म अजय ऐसे हे छतो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह

अजय - 69 पोज़ में औ न मेरी रांड रुकसाना........
मई समझ नहीं पायी ये 69 पोज़ क्या होता hai..........maine मासूमियत से अजय को तरफ dekha.........ajay समझ गया की मई 69 नहीं जानती........
अजय लेट गया और मुझे अपने ऊपर खींच liya.............ajay का मुँह मेरे गांड के पास था और मेरा मुँह अजय के लुंड के पास था.....
अजय - इसे कहते है 69 मेरी रंडी रुकसाना ........बोलकर अजय अपना मुँह मेरी छूट में लगा दिया.... कामुकता की वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल गयी.......... आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaaa........
मई तो जानती नहीं थी 69 में क्या किया जाता hai.......lekin अजय मेरी छूट को बेतहाशा चूस रहा tha....apni ज़बान मेरी छूट के अंदर घुसा रहा tha........idhar अजय का मोटा लुंड मेरे मुँह के सामने फुंकार रहा tha......mera मन मचलने लगा अजय का लुंड अपने मुँह में लेने क liye.......maine मुस्कुरा कर अजय के लुंड को देखा और मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi....maine अपना अपना मुँह खोल कर अजय के मोठे लुंड को अपने मुँह में भर लिया....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा अत है लुंड चूसने me............ye सोच कर मई अजय के लुंड को हल्का हल्का फिर ज़ोर ज़ोर से चूसने lagi.....idhar अजय अपने लुंड को चुस्त पाकर भट ज्यादा जोश में आ gaya......ajay ने मेरी छूट को चूसते हुए हे अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में घुसाने laga.....mujhe थोड़ा दर्द हुआ पर मई उस दर्द को सहन कर गयी........
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर घुसाओ ऊँगली अपनी आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है उम्मम्मम करके मई अजय का लुंड चूसने लगी ज़ोर ज़ोर se.....idhar अजय मेरी छूट चाट रहा था और अपनी ऊँगली अमेरी गांड में छोड़ रहा था...........
Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये चुदाई तो मैंने सपने में व् नहीं सोची thi..........mai तो अजय की दीवानी हो चुकी thi.......ek साथ तीन तीन तरफ से चुदाई का मज़ा मैंने ज़िन्दगी में नहीं सोचा tha......ki चुदाई में इतना मज़ा व् अत है........
आज पहली बार मेरे तीनो छेड़ एक साथ चुदाई का मज़ा ले रहे the.......ajay अपने लुंड से मेरा मुँह छोड़ रहा था एक हाथ से मेरी गांड छोड़ रहा था और अपने मुँह से मेरी चित छोड़ रहा था...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii itnaaaaaaaaaaaaaa mazaaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff...........
इतना मज़ा पाकर मेरी छूट झरने के करीब फिर से आ चुकी thi......lekin अजय मुझे आज झरने नहीं देना चाहता tha.........mujhe इतना बेचैन कर देना चाहता था की मई खुद से अजय को अपने गांड में लुंड घुसाने बोलू तड़प कर...........
मेरा जिस्म अकड़ने laga....mai झरने हे वाली थी की अजय मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से गिरा दिया........

मई गुस्से से लाल हो gayi.....or अजय को गुस्से से देखते हुए boli.....kaminey हरामी क्यों कर रहे हो मेरे साथ येसब ..........झरने क्यों नहीं देते मुझे...........
अजय हँसते हुए - इतनी व् जल्दी क्या है मेरी randi...........bht ज्यादा छूट में जलन हो रही तेरी बहनचोद शरीफ घर की बहु .......देख तेरी शराफत यही hai....tu एक रंडी है ..........कितनी आग है तेरी छूट me......shareef औरतो की छूट में इतनी आग नहीं hoti..........tu अंदर से रंडी है कुटिया साली............
मई अजय की बातो से एकदम शर्मिंदा हो गयी ........लेकिन अजय सच कह रहा tha.....meri छूट में भट आग hai......mai बिना चूड़े रह नहीं सकती..........
मई - plssssssssssssss न अजय मत न तड़पाओ मुझे .....बस एक बार सिर्फ एक बार मुझे झरने दो अपने लुंड से........
अजय - इतनी जल्दी नहीं साली कुटिया ........
मई अजय को रोक सूरत बना कर देखते हुए खुद से अपने हाथ से अपनी छूट को मसलने lagi......ajay को कामुक आँखों से देखते हुए...........
अजय आगे बढ़ कर मेरे हाथ छूट पर से हटा दिया........
मैंने फिर से अपना हाथ छूट में ले गयी और फिर से छूट को ज़ोर ज़ोर से मसलने lagi......lakin अजय मेरा हाथ पकड़ लिया.......
मई - plssssssssssssss अजय मुझे झरने दो वर्ण मई मर जाउंगी plssssssssssssss ajay.....hath छोरो मेरा........
अजय - मेरा लुंड होते हुए तुम हाथ से करोगी .......
मई मासूमियत से बोली - तो और क्या करू तुम मुझे झरने नहीं देते हो.........
अजय - मई तुम्हे रंडी की तरह छोडूंगा सिर्फ मेरी एक बात मान लो.....
मई - मई तुम्हारी हर बात मानूगी तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी पर प्लस मुझे झरने दो अजय.....
अजय - तुम खुद से मुझे अपना गांड छोड़ने dogi....bina नखरा दिखाए.......
मई - हाँ हाँ ये लो मेरी गांड पर प्लस मुझे झरने दो..........
अजय - तो चल कुटिया बन और अपने हाथो से अपना गांड का छेड़ फैला .........
मैंने बिलकुल वैसा हे Kiya......mai कुटिया बन कर अपने गांड के छेड़ को अपने दोनों हाथो से फैला दिया.........
अजय ने अपने लुंड को आयल से भीगा लिया और मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर अपने लुंड को जैसे हे मेरे गांड के छेड़ पर रखा मई सिहर uthi........meri धड़कन भट तेज़ हो चुकी thi..........lekin मुझमे चुदाई का भूत सवार था..........
अजय ने मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का mara..........meri गांड पहले से हे आयल से पूरी तरह भीगी हुयी thi....or अजय ने अपने ऊँगली से मेरे गांड के छेड़ को फैला दिया tha......jaise हे अजय ने एक जोरदार धक्का मारा उसका लुंड मेरे गांड को चीरता हुआ आधा अंदर चला गया........
मेरे आँखों के आगे अँधेरा छ gaya.....mai इतनी ज़ोर से चीखी की अगर साउंड प्रूफ रूम न होता तो पूरा होटल मेरी चीख सुन लेता.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii........ faaaaaaaaaadddddddddddd dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने मेरी गांड....... उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय भट दर्द हो रहा hai.........mai पूरी ताकत से अपने जिस्म को अजय से दूर करने lagi.......ajay मुझे इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था की मई अजय को लेते देते आगे बढ़ने lagi........kisi तरह मई खुद को अजय से छुरा लेना चाहती thi...........mai अपने हाथ पेअर पटकने lagi...............ajay ने मुझे सोफे से लॉक कर दिया अब मई हिल व् नहीं पा रही thi....bas अपने पेअर को कटी हुयी मुर्गी की तरह फड़फड़ाने लगी thi..........mai लगभग बेहोश हो चुकी थी...........

जब मेरे जिस्म में कोई हरकत न होने लगा तो अजय समझ गया मई बेहोश हो चुकी hu........ajay के चेहरे में एक कातिल मुस्कान तैर gaya............use अपनी मर्दानगी पर घमंड होने लगा............
अजय मेरी परवाह किये बिना अपने लुंड को हल्का हल्का अंदर बहार करने लगा........
और बगल में रखा हुआ पानी की बोतल से मेरे मुँह पर पानी का छिड़काव मरने laga......mai टेंट होश में आ gayi....or दर्द के मारे फिर से चिल्लाने लगी.....
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa भट दर्द हो रहा अजय plssssssssssssss बहार निकालो मुझे नहीं छुड़वाना तुमसे.... plssssssssssssss अजय मई मर्डर जाउंगी plssssssssssssss बहार निकालो......
मेरी आँखों से आंसू का सैलाब निकल रहा tha....mai रोये जा रही थी दर्द की वजह se......lekin अजय ने ज़रा व् रहम नहीं दिखाया और फिर से एक ज़ोर दार धक्का मारा इस बार उसका पूरा का पूरा लुंड मेरी गांड में समां गया........
मई फिर से डॉ से तड़प उठी और अपने जिस्म को ैठने लगी और सोफे पर अपने हाथ पटकने लगी ............
लेकिन अजय तो जैसे एक ज़ालिम कॅशे बन चूका था उसे मुझपर ज़रा व् रहम नहीं आ रही thi....wo उसी तरह अपने लुंड को बहार निकल कर फिर से धक्का मारा ........
अब वो मेरी गांड को हल्का हल्का छोड़ने laga.......kuchh देर की चुदाई के बाद मुझे व् अब मज़ा आने laga.......meri दर्द भरी सिसकारी अब कामुक सिसकियों में बदल गयी........
आज ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः अजय ाः ाः ाः ऐसे हे आसा हे आआ ज़ोर से छोड़ो फाड़ दो मेरी गांड और छूट दोनों को अपने मुसल लुंड से..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसे हे aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy
अजय मुझे ऐस हे उठा कर वह पर राखी हुयी कुर्सी पर घुटनो के बल बिठा दिया........ और मेरी गांड के भयंकर तरीके से छोड़ने laga.......mere दोनों हाथो को अपने एक हाथ से लॉक कर दिया और अपना एक हाथ से मेरे पेट को पकड़ liya.......or दनादन दनादन मेरी गांड को छोड़ने laga........mera पूरा जिस्म अजय के धक्को से हिला रहा tha.....or साथ में मेरी दोनों सुडोल चूचियां व् हर धक्के के साथ उछाल रही थी.........

मई आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है आआआआअह्हह्ह्ह्हह अपनी रंडी को खूब छोड़ो.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह फाड् दो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर मेरे राजा और अंदर .....पूरा अंदर घुसाओ अपना लुंड मेरी गांड में........
अजय - साली रंडी झूट का न न करके नखरे दिखती hai.....andar से तू भट बड़ी रंडी है बहनचोद छिनार.........
मई - हाँ मई अंदर से भट बड़ी रंडी hu.....mujhe लुंड चाहिए चाहे जैसा व् लुंड हो मुझे चाहिए अपने छूट की आग बुझाने ko..........mai अपने बेटे से व् छुड़वा लुंगी एक्ने छूट की प्यास बुझाने को..........
हरामी और अंदर घुसा न कितना धीरे छोड़ रहा कुत्ते सेल मादरचोद रंडी की औलाद. ज़ोर ज़ोर से छोड़ न .......
अजय - रुक साली छिनार तुझे अभी बताता hu......bolkar अजय मुझे गॉड में उठा लिया और अपने लुंड को गांड में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का लुंड सरसराते हुए गांड को छेरते हुए पूरा का पूरा अंदर चला गया.......
मई दर्द से तड़प uthi.....or रोने लगी..... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa रईईईई इस हरामी ने मुझे....... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa फट गयी मेरी गांड ..........कितना ज़ालिम मर्द है ये रंडी की aulaad........mai ज़ोर ज़ोर से अजय को गाली देने lagi......or अजय मेरे दोनों पेअर को अपने हाथो में पकडे हुए मुझे छोड़ रहा था ......मई ज़ोर ज़ोर से रो रही thi.........ajay का पूरा लुंड मेरी गांड की जड़ तक घुस निकल रहा था..........

अजय थक गया तो मुझे निचे उतार कर एक पेअर अपने हाथ में पकड़ liya....or अपना लुंड मेरी छूट में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का पूरा लुंड एक हे बार में छूट की गहराई में घुस गया..........
मेरे रूह को इतना सुकून मिला की मई इसको कल्पना व् नहीं कर सकती hu.........ab अजय उसी पोज़ में मुझे छोड़ने laga........mai अजय की स्टैमिना को देख कर हैरान thi...wo पिछले एक घंटे से मुझे नॉन स्टॉप छोड़ रहा tha........lekin अभी व् उसके जिस्म की ताकत ख़तम नहीं हुयी thi.......mai कामुकता और प्यार भरी नज़र से अजय के चेहरे को देखने लगी और अजय मेरे पेअर को अपने हाथ में थामे हुए मुझे छोड़ने लगा......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय कितनी ताकत है तुंहरे लुंड me.....uuuufffffffffffffffff aaaaaaaaajjjjjjjjjjj तुमने मेरे जिस्म का एक एक अंग तोड़ कर रख दिया है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट.......
अजय अब मुझे सोफे पर लिटा कर छोड़ने laga.............kabhi मेरी गांड में घुसता कभी मेरी छूट में ghusaya..............mai दर्द और लज़्ज़त की वजह से कामुक आवाज़ निकल रही थी...... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....
मई - आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह मई झरने वाली हु........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh और ज़ोर से छोड़ो और ज़ोर से और ज़ोर से ......बोलकर मई झरने लगी .......
इस बार अजय ने मुझे झरने diya.....mai कुछ देर तक ऐसे हे झरती रही और अजय मुझे छोड़ता रहा.......
अजय व् अब झरने वाला tha....ajay के मुँह से व् कामुकता भरी आवाज़ निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई व् आने वाला हु..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh
बोलकर अजय अपना लुंड मेरी छूट से भर निकल कर अपना सारा विरए मेरे चहेरे पर मारने लगा.........
मई अपनी आंखें बंद किये हुए अजय का गरम गरम विरए अपने चेहरे और मुँह पर लेने lagi.......maine मुँह खोल दिया अजय का गरम. गरम विरए जिसे हे मेरे मुँह में गया मई एक लम्बी साँस ली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गाढाआआ विरए है अजय का...... हाआआयययय एकदम फेविकोल के जैसा चिपचिपा और गाढाआआ..........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh रंडी रुकसाना aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हाआआयययय साली कुटिया बोलकर अजय भट सारा विरए मेरे चेहरे पर गिरा दिया.......
मई अजय के लुंड को पकड़ कर उसके विरए को चाटने लगी एक कुटिया की तरह.......

अजय मेरे जिस्म पर अपना हाथ फेरते हुए bola.............meri जान रुकसाना aunty.......abhi तो चुदाई शुरू हुयी hai.............abhi तो मेरा लुंड एक बार व् पानी नहीं छोरा hai............dekho कैसे टावर के जैसा खड़ा hai..........bolkar अजय मेरे हाथो को अपने लुंड पर ले gaya...........mai व् बिना विरोध किये अजय के लुंड को पकड़ कर सहलाने लगी...........
मई - तुम्हारा लुंड है या hatoda........thakne का नाम हे नहीं ले raha............itni देर से मुझे छोड़ रहे हो फिर व् तुम्हारा लुंड hi की पानी छोड़ने का नाम हे नहीं ले रहा है..............
अजय मेरी चुकी को अपने हाथो से दबाते हुए bola.........mera लुंड इतनी आसानी से झरने वाला नहीं है मेरी jan.........maine टिटेनस क2 खाया hai.......kamsekam 8 घंटा तुम्हे छोड़ने के बाद हे ये ढीला hoga........jabtak इसमें से सारा क्रीम बहार नहीं आ जाता..............
मई मुस्कुराते हुए बोली - तुम इंसान नहीं गधा हो gadha.....hehehehehe..... .हमारे गाओं में भट सारे गधे होते hai......unka लुंड मैंने देखा hai...........bht मोटा और भट badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa रहता hai................jab वो किसी गाढ़ी को छोड़ता है तो गाढ़ी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगती hai............usi तरह तुम्हारा व् लुंड है ...........गधा के jaisa.............ye बोलकर मई अजय के लुंड को धीरे धीरे सहला रही thi........ek अलग हे मज़ा आ रहा था गन्दी बात करते हुए अजय के नंगे जिस्म से चिपक कर उसका मोटा लुंड हाथ में पकड़ कर सहलाने me.................mai फिर गरम होने लगी थी................
अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरे नंगे जिस्म पर फेरने laga.....or फेरते हुए मेरी मोती गांड तक जैसे हे उसका हाथ आया मई गंगनाआए उठी ......अजय धीरे धीरे मेरी मोती गांड को दहकते हुए अपनी ऊँगली को मेरी गांड की दरार में ऊपर निचे करने लगा....... हाआआयययय मुझे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त की वजह से अजय के लुंड को भट ज़ोर से पकड़ लो और अब मेरा हाथ तेज़ हो gaya........ajay के लुंड को मई तेज़ तेज़ सहलाने lagi....idhar अजय मेरी गांड की दरार में अपनी ऊँगली ऊपर से निचे निचे से ऊपर कर रहा tha......meri छूट फिरसे गीली होने लगी...................
मई - उम्मम्मम्म अजय प्लसससससससस वह मत करो न वो गन्दी जगह होती है....... उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय plssssssssssssss वह से हाथ हटा लो.....
अजय - मेरी जान तू इतनी माखन माल है की तेरी कोई जगह गन्दी नहीं hai......har जगह मेरे लिए एक नायब तोहफा hai......bolkar अजय ने मेरी मोती गांड को दोनों हाथो से दबोच liya.....or ज़ोर ज़ोर से मसलने laga..........gand मसलवाने में मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त से कामुक आवाज़ें निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मेरे जिस्म में ये कैसी आग लगा दी hai..........jo बुझ हे नहीं रही है..............
अजय - मेरी जान तू एक छुडासी औरत है और तुझे दस मर्दो का लुंड एक साथ चाहिए तब तेरी प्यास बुझेगी .................बोलकर अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरी छूट में ले gaya...........mai एकदम से सिहर उठी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy ufffffffff...........bolkar अपने छूट को अजय के हाथो के तरफ धकेलने लगी...........
अजय अपने ऊँगली से मेरी छूट को छेर्ने laga...........mai मदहोश होती जा रही thi...............mere छूट की आग फिर से भड़क उठी थी...........
इतने में अजय बीएड से निचे उतर gaya.......mai उसे कामुक आँखों से देखने lagi....jaise कह रही हु की क्या हुआ ......प्लस मेरी प्यास bujhao........kaha जा रहे ho....achanak मुझे छोर कर........
अजय - मई अभी मूट कर अत हु मेरी jan.......teri छूट इतनी टाइट है की 16 साल की कुवारी लड़की फ़ैल है तेरे aage..........teri छूट ने मेरे लुंड को इतना ज़ोर से जकड लिया था की मेरे लुंड को मूट लगने लग gayi..........kasam से एक कुवारी लड़की के जैसी टाइट है तेरी छूट .......इसलिए तो मैंने कहा था ..........बोलकर अजय रुक जाता है........
मई उत्सुकता से पूछने लगी - इसलिए क्या कहा था तुमने........
अजय - यही की तेरे शोहर का लुंड छोटे बच्चे के जैसा hai..........jo आज तक तेरी टाइट छूट को फैला नहीं सका.............
मई एकदम से शर्मा gayi........or मेरी नज़र नीची हो gayi.......mere शोहर की बुराई मुझे भट अछि लग रही thi.........pata नहीं kyu....lekin अजय सच हे कह रहा tha.........mere बेटे का लुंड मेरे शोहर से दो गुना बड़ा है .......सिर्फ मेरे शोहर का हे लुंड इतना छोटा सा क्यों है ..........
मई अभी यही सब सोच रही थी की अजय बाथरूम चला गया .....वो वापस आया तो मई बीएड पैर एकदम नंगी उल्टा लेती हुयी थी ...मेरी मोती गांड ऊपर thi........jise देख कर अजय मेरी मोती गांड को दूर से हे घूरने लगा......
अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रुकसाना रंडी क्या जिस्म है tera........itna कर्तव्य जिस्म तो शायद हे दुनिया में किसी औरत की होगी...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना उठा हुआ गांड है तेरा बहनचोद randi........is गांड के लिए तो एक फुट का लुंड व् छोटा पद jaega...............tujhe तो मई हब्सी मर्दो से छुडवाउंगा साली chhinaar...........tab जाकर तेरे छूट की आग शांत होगी...............
अजय की गन्दी बातो से मई भट ज्यादा होर्नेय हो गयी और अजय के लुंड को घर कर देखने लगी.........
अजय समझ गया मई उसके लुंड को पकड़ना छह रही hu......ajay मेरे करीब आया और और मेरे गर्दन को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ मेरे मुँह को खींचने laga.........maine अपना एक हाथ बढ़ा कर अजय के लुंड को जैसे हे पकड़ना चाहा अजय ने अपना लुंड हटा लिया ......
मई एकदम से तड़प uthi.....or अजय को गुस्सा से देखबे lagi.........ajay अपने लुंड को मेरे मुँह में पास ले gaya....maine फ़ौरन अपना मुब खोल liya.......ajay ने अपना लुंड मेरे मुँह के पास ले जाकर फिर से वापस खींच लिया .........
मई - प्लसससससससस naaaaaaaaaa अजय ऐसे मत तड़पाओ मुझे ......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......
अजय बिना कुछ बोले अपने लुंड को फिर से मेरे मुँह में पास किया .........मई भूखी शेरनी की तरह लुंड पर झपटी अपना मुँह खोल kar.........lekin अजय ने फिर से अपना लुंड हटा diya........mai एकदम से बौखला gayi......abhi खींच देर पहले मई लुंड चूसना नहीं छह रही thi......ajay ने ज़बरदस्ती अपना लुंड मुझे चुसवाया tha....lekin अब मई खुद लुंड को अपने मुँह में लेकर बेतहाशा चूसना चाहती थी लेकिन अजय मुझे तड़पा रहा tha......akhir कार अजय ने एक दो बार मुझे ललचाया और और अपना लुंड मेरे मुँह में घुसा दिया ........
मुझे ऐसा लगा की मई कई दिन की प्यासी हु और मुझे रेगिस्तान में पानी मिल गया ho..........mai अजय के लुंड को अपने होंठो के बिच दबा कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी..........
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी .....आ गयी न अपनी असली औकात में ....देख कैसे लुंड को मुँह में लेने के लिए तू बेचैन हो रही है........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली भट गरम मुँह है तेरा रंडी साली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चूस bahanchod.....sali chhinaar.........bolkar अजय अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने लगा ............
मई अब फुल गरम हो चुकी थी.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय अब प्लसससससससस मुझसे सबर नहीं hota.......ghusa दो मेरी छूट में अपना मुसल लुंड...... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अजय प्लस जल्दी घुसा दो naaaaaaaaaa मेरी छूट मचल रही है...........
अजय ठीक मेरे पीछे आकर बैठ गया ...मई उसी तरह उल्टा लेती रही........ अजय ने पहले मेरे उभरे हुए गांड को गौर से देखा और बोलै ..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आंटी रांड क्या गांड है teri......bolkar अजय ने मेरे गांड पर दन्त गदा diya.....mai दर्द से तड़प उठी लेकिन मुझे इतना ज्यादा मज़ा आया की मई अजय को बोली
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट मज़ा आया और काटो न दन्त मेरी गांड पर....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मुझे क्या से क्या बना दिया है.........
अजय अपना लुंड मेरी गांड की दरार पर छोड़ने laga.......mai तड़प कर अपने गांड को दोनों हांथो से फैला di.....taki मेरी छूट अजय को आराम से मिल jaye..............ajay अब अपना लुंड मेरी छूट और गांड के छेड़ में तगाड्ने laga........mai तो जैसे पागल सी हो गयी.........
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय ये क्या कर रहे हो घुसाओ na.....mujhse और बर्दाश्त नहीं होता..... plssssssssssssss अपनी रंडी आंटी की छूट में अपना मुसल लुंड दाल कर छोड़ो na.....aah मेरी छूट .इ भट खुजली हो रही है अजय plssssssssssssss मत तड़पाओ मुझे..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो ajay.......ghusa दो अपना लुंड मेरी छूट में........
अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक lagaya....or मेरी छूट के छेड़ पर जैसे रखा मुझे एक अलग हे सुकून mila....sukoon और लज़्ज़त की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi.......itne में अजय ने धीरे से अपना लुंड मेरी फैली हुयी छूट में फुचकाककककक करके घुसा diya......maine ज़ोर से सिसकारी ली...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय.........
दर्द तो भट कर रहा लेकिन मज़ा व् भट आ रहा hai....or अंदर तक घुसाओ न मेरे राजा.......... बोलकर मई अपने गांड को अजय को लुंड के तरफ धकेलने lagi...........mere छूट में खलबली मचा रही थी किसी व् तरह अजय के मोठे लुंड को मई अपने छूट में पूरी तरह घुसा लेना चाहती थी........
अजय ने मेरे दुपट्टे को सर से हटा दिया और मेरे बालो को पकड़ कर मेरे कान में kaha..............sach में मेरी जान भट टाइट छूट है teri.....itni चुदाई के बाद व् अभी तक फैली नहीं hai...wapas सिकुड़ गयी है........
मई - तो फैला दो न मेरे raja.......mai तो आयी हु ोयो रूम तुम्हारे मोठे लुंड से अपना टाइट छूट फ़ैलाने क liye.......itna छोड़ो अपनी रंडी रुकसाना को की मेरी छूट एकदम फ़ैल जाये.......
अजय - क्या माल है तू randi.......bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से खींचा और एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका आधा लुंड मेरी छूट में घुस गया...........
Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय कितना मज़ा देता है तुम्हारा लुंड....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा है.............
अजय अब धीरे धीरे मेरी छूट छोड़ने लगा अपने मोठे लुंड se......mai मदहोशी में ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः उफ्फ्फ आह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy करने lagi.......han अजय हाँ ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो मुझे फैला दो मेरी छूट ......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय मेरे राजा ......मुझे दर्द व् हो रहा था और मज़ा व् आ रहा tha..........chudayi में दर्द का मज़ा मैंने पहली बार देखा tha......drd के साथ चुदाई में इतना मज़ा अत है ये तो मुझे मालूम हे नहीं tha......mai अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर रखे हुए थी और अजय दर्द को सहन करते हुए अजय का लुंड अपनी छूट की गहराई में ले रही थी........
अजय फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच करके मुझे चोदे जा रहा था........
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आंटी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त जिस्म है apka.......ekdam माखन के jaisa....gadraya हुआ जिस्म है ........बोलकर अजय मेरे गांड पर दो चार थप्पड़ मार देता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु ....लेकिन ये दर्द मुझे अब मज़ा दे रहा था...........
अजय अपना लुंड बहार निकल कर बीएड से निचे उतर जाता है और जाकर सोफे पर बैठ जाता है.........
अजय - मेरी रांड तुम अपनी गदरायी गांड मटकती हुयी मेरे पास आओ एक रंडी की tarah........bolkar अजय सोफे पर बैठ कर अपने मोठे लुंड को अपने हाथो से सहलाने लगता है........
मई एक कातिल नज़र से अजय को देखती हु और बगल में रखा हुआ अपना दुप्पट्टा अपने सर पर बांध लेती हु...... ......अजय को और ज्यादा तैसे करने क liye.....ajay मेरी इस अदा को देख कर भट ज्यादा कामुक खो जाता है.......
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी टी सच में कमाल hai..........tujhe पता चल गया है की मई कैसे ज्यादा जोश में आऊंगा.........
मई - मेरे राजा को मई इतना जोश चढ़ा दूंगी की जब उसके लुंड से क्रीम निकलेगा तो बन्दूक को गोली के जैसा निकलेगा........
बोलकर मई अजय के करीब जाकर उसके पेअर के पास बैठ गयी और उसके लुंड को हाथो में पकड़ कर सहलाने लगी...........
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रांड मुँह में ले मेरे लुंड ........बोलकर अजय मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ धकेलने laga......maine अजय के हाथो को एक झटके में हटा दिया.....
और अजय को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी और बोली - मई खुद से करुँगी तुम रहने दो.........
अजय के चेहरे पर एक हरामी टाइप की मुस्कान फ़ैल गयी.........
मई व् अजय को देख कर एक कामुक भरी मुस्कान दे di.....or अजय के लुंड को पकड़ कर अपने ज़बान से चाटने लगी.....
मई अपनी नशीली आँखों से अजय के आँखों में देख रही thi......or उसके लुंड को ज़बान से चाट रही थी

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना मेरी रांड क्या लुंड चुस्ती है तू बहनचोद ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ऐसे हे चाट .......अब मुँह के अंदर ले न जानेमन.............
मई अजय के लुंड के सुपडे को अपने दोनों होंठो के बिच पकड़ कर सूचक करने lagi..........lekin मैंने मुँह के अंदर नहीं किया......

जिससे अजय तड़प utha.......or मेरे सर को दोबारा पकड़ liya...........or अपने लुंड पर धकेलने लगा.........
मई - मैंने कहा न हाथ मत लगाओ .....मई खुद से तुम्हारा मुसल लुंड चूसूंगी.........
अजय ने हाथ हटा लिया........
मई अजय के लुंड के सुपडे को मुँह में अंदर लेकर चूसने lagi........itna मोटा सूपड़ा था की चूसने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था जिसकी मई कल्पना व् नहीं कर सकती thi.....maine अजय के लुंड को एक हाथ में पकड़ा हुआ था और उसके लुंड को हिलाते हुए उसके लुंड के सुपडे को चूस रही thi............chuste चूसते मई अजय की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखने lagi......or उसी तरह लुंड को चुस्ती रही.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना आंटी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा दे रहा आपका मुँह...... हाआआयययय साली रंडी क्या माल है .............tuuuuuuuuuuuuuuu............or अंदर ले न रांड ....सिर्फ सूपड़ा हे चुस्ती रहेगी kya..............bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ कर मेरे मुँह में अपना मोटा लुंड घुसाने laga.......maine व् अपना पूरा मुँह खोल diya.......taaki उसका मोटा लुंड मई अंदर ले saku........ajay अब धीरे धीरे मेरे मुँह में अपना लुंड छोड़ रहा था मेरे बालों को पकड़ kar.......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई क्या bataun.........ajay के लुंड की बदबू मुझे मदहोश कर रही thi........ajay व् आराम से मेरा मुँह छोड़ रहा tha.........pahle की तरह बेरहमी से नहीं.........

अजय कुछ देर मेरे मुँह में लुंड छोड़ने के बाद मुझे पकड़ कर खड़ा कर दिया और मेरे होंठो को चूसते हुए बोलै
अजय - कुटिया बन जाओ मेरी छम्मक छल्लो.........
मेरी व् छूट लुंड लेने के लिए तड़प रही थी मैंने अजय के लुंड को हाथो में पकड़ कर बोलै...........
मेरे राजा आराम से करना भट मोटा है तुम्हारा.............
अजय - ok मेरी रानी आराम से हे karunga.........bolkar अजय ने मुझे सोफे पर कुटिया बना दिया ......
और मेरी गांड को अपने हाथो से सहलाते हुए बोलै......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी क्या गदरायी गांड है तेरी बहनचोद chhinaar..........aaj मई इस गांड का वो हाल karunga......ki गांड मटकाने के काबिल नहीं रहेगी तू.........
बोलकर अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगाया और मेरी छूट पर रख कर रगड़ने laga...........mai तड़प कर अपने गांड को लुंड के तरफ धकेलने lagi........lekin अजय मुझे तड़पा रहा था.......
मई - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय मत न tadpao....ghusao न अपना मुसल लुंड मेरी छूट में.........
अजय मुस्कुरा कर अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ पर रखा और हल्का सा पुश किया जिससे उसका लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में घुस गया............. लज़्ज़त की वजह से मेरे मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गया............

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरे मुँह से लज़्ज़त भरी आवाज़ निकल रही थी........
अजय अपने लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में थोड़ा घुसाया फिर निकल लिया फिर घुसाया फिर निकाल लिया ...........
मई जल बिन मछली की तरह तड़प उठी.......
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय क्यों तड़पा रहे हो पूरा घुसाओ न अंदर takkkkkkkkkkkk.....

अजय - घुसा तो दूंगा लेकिन तुम चिल्लाने लगोगी फिर से.......
मई - मेरी परवाह मत karo.......mai कितना व् चिल्लाऊं तुम पूरा ghusao.........andar तक........
अजय अपने लुंड को वापस निकल कर उसकी छूट के बहार बहार तगाड्ने लगता hai.......jisse मई और ज्यादा तड़पने लगती hu.............mai अपने गांड को अजय के लुंड पर धक्का मरने लगती हु .......किसी व् तरह अजय के लुंड को अपने छूट को गहराई में घुसना छह रही थी मई लेकिन अजय कमीना मुझे तड़पा रहा था..........
मई इतना बेचैन हो गयी की अजय अपने हाथ को पीछे ले जाकर अजय के लुंड को पकड़ लिया और अपने छूट के छेड़ में रख कर अपने गांड को पीछे धक्का मरने lagi.......lekin फिर व् अजय का लुंड मेरी छूट में नहीं घुस रहा tha........ajay जान बुझ कर अपने लुंड को इधर उधर कर लेता था........
मई - plssssssssssssss न अजय ऐसा मत करो अपनी रुकसाना रांड के साथ....... plssssssssssssss मुझे chodo....warna मई मर्डर jaungi.........mujhse बर्दाश्त नहीं हो raha..........ghusao naaaaaaaaaa ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy plssssssssssssss मई तुंहरे हाथ जोड़ती हु ऐसे मत तड़पाओ मुझे...........
अजय मेरी गांड के छेड़ पर अपना एक ऊँगली रख कर हल्का हल्का सहलाने लगता है.........
अजय - मुझे आपकी गांड चाहिए आंटी......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गांड की छेड़ मुझे पागल कर रही hai..........bolkar अजय मेरे गांड के छेड़ को भट अच्छे से सहला रहा tha..........lekin मई तो छूट को आग से पागल हुए जा रही थी.........
मई - नहीं नहीं plssssssssssssss अजय वह nhi..........meri छूट में लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa..........
अजय - पहले बोलो की तुम मुझे गांड में घुसाने dogi.....tab मई तुम्हारी छूट में लुंड घुसूंगा...........
मई छूट की आग में इतनी पागल हो चुकी थी की मई अजय के लुंड को अपने छूट में लेने के लिए कुछ व् करने क लिए तैयार थी........
मई - हाँ घुसा लेना लेकिन plssssssssssssss पहले मेरी छूट की आग ठंडी कर दो अजय plssssssssssssss घुसाओ न.........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss अब तो घुसा दोंनाआए अपनी रांड रुकसाना की छूट में अपना मोटा लुंड..........
अजय अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का मरता hai.......ajay का आधा लुंड मेरी छूट में समा जाता hai......mai दर्द से तड़प उठती hu.......lekin ये दर्द मुझे इतना च लग रहा था की मेरी आंखें अपने आप बंद हो जाती hai......or मेरे मुँह से दर्द भरी चीखें निकलने लगती है.........
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह ऐसे हे छोड़ो अपनी रंडी को...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय क्या लुंड है तुंहारा haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा आ रहा hai.........zor ज़ोर से छोड़ो मुझे ......... faaaaaaaaaadddddddddddd दो मेरी छूट.........
अजय अपने दोनों हाथो से मेरी चुकी पकड़ कर मुझे हल्का हल्का छोड़ने लगता hai.......mere मुँह से सिसकियाँ निकलने लगती है....... ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ऐसे हे ाः ाः उम् उम् उम् उफ़ उफ़ ाः ाः ाः ाः अजय फाड़ दो मेरी छूट छोड़ छोड़ kar.......mujhe बना लो अपनी रखैल.......

मेरा गदराया हुआ जिस्म अजय के हर धक्के से हिल रहा tha....ajay थप थप करके मेरी छूट छोड़ रहा था.......
मई आंखें बंद करके अजय के धक्को का मज़ा ले रही thi....or सिसकियाँ निकल रही thi......aaaaaaah आआह आआआह आआआह उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii अअअअअअअ राहाआआआआ है .....ऐसे हे हाँ ऐसे हे छोड़ मुझे ........अजय इतनी ज़ोर से धक्के मार रहा था की मेरी मोती गांड थल थल करके हिल रही thi...or मेरी गोरी गांड लाल हो चुकी थी अजय के धक्कों से..........

मई फिर से अपने ओर्गास्म के करीब पहुँच रही thi........maine ज़ोर से सोफे को पकड़ liya.........mai जैसे हे अपने ओर्गास्म तक पहुंची अजय ने अपना लुंड बाहर निकल liya........mai तड़प कर अजय को रोक आँखों से देखने लगी अपना गर्दन घुमा कर.........
मई - plssssssssssssss न अजय क्यों बहार निकले tum......ghusao न..........
अजय बिना कुछ बोले मेरे गांड के पास झुक जाता है और मेरी गांड के छेड़ को चाटने लगता है........
मेरी तो साँस हे अटक जाती है..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy गांड चटवाने में इतना मज़ा अत है मुझे तो मालूम हे नहीं tha............mai अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने लगती hu.........meri गांड के छेड़ को अजय चाट चाट कर अपने थूक से एकदम चिकना कर देता है..........
और फिर अचानक अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में हल्का हल्का कहते हुए धीरे से अंदर करता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa अजय प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii दर्द हो रहा........
अजय - दर्द तो होगा हे मेरी रांड इतना टाइट गांड जो है tera...........bolkar अजय साथ में लाया हुआ सरसो का तेल अपने बैग से निकल कर मेरी पूरी गांड में लगाने लगता hai..........or मेरी गांड के छेड़ पर ढेर सारा सरसो का तेल लगा कर हल्का हल्का मेरी गांड की छेड़ पर अपना ऊँगली चलते हुए हल्का हल्का अपनी ऊँगली को मेरी गांड में घुसाने लगता hai......mujhe फिर से एक तेज़ दर्द होता है.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट दर्द हो रहा निकालो न अपनी ऊँगली वह से.......
अजय - दर्द में हे तो मज़ा है मेरी raand.....bolkar अजय अपनी ऊँगली को थोड़ा और अंदर घुसा देता hai.....mera जिस्म अकड़ सा जाता hai............mai ज़ोर से चिल्लाती हु aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiii प्लसससससससस निकालो......
अजय अपनी ऊँगली निकल कर फिर से वापस वह पर ढेर सारा तेल लगा देता है और दोबारा अपनी ऊँगली घुसता hai....is बार दर्द थोड़ा काम होता hai...........ab अजय अपनी ऊँगली को मेरी गांड में छोड़ने लगता है धीरे dhire..........mai लज़्ज़त से उम्म्म उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करने लगती हु .......
अजय की ऊँगली मेरी गांड के अंदर बहार हो रहा था और मई लज़्ज़त से सोफे को पकड़े हुए सिसकियाँ ले रही thi........ab मुझे ज़रा व् दर्द नहीं हो रहा tha.....ab मुझे मज़ा आने लगा था अपनी गांड अजय की ऊँगली से छुड़वाने में...........
अजय ने ऊँगली बहार निकल कर फिर से अपना मुँह मेरी गांड पर लगा diya......mai लज़्ज़त से अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने lagi........or मेरे मुँह से गन्दी गन्दी बातें निकलने लगी लज़्ज़त की वजह से......
आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआखिर तुमने मुझे अपनी रंडी बना हे लिया..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म अजय ऐसे हे छतो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह

अजय - 69 पोज़ में औ न मेरी रांड रुकसाना........
मई समझ नहीं पायी ये 69 पोज़ क्या होता hai..........maine मासूमियत से अजय को तरफ dekha.........ajay समझ गया की मई 69 नहीं जानती........
अजय लेट गया और मुझे अपने ऊपर खींच liya.............ajay का मुँह मेरे गांड के पास था और मेरा मुँह अजय के लुंड के पास था.....
अजय - इसे कहते है 69 मेरी रंडी रुकसाना ........बोलकर अजय अपना मुँह मेरी छूट में लगा दिया.... कामुकता की वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल गयी.......... आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaaa........
मई तो जानती नहीं थी 69 में क्या किया जाता hai.......lekin अजय मेरी छूट को बेतहाशा चूस रहा tha....apni ज़बान मेरी छूट के अंदर घुसा रहा tha........idhar अजय का मोटा लुंड मेरे मुँह के सामने फुंकार रहा tha......mera मन मचलने लगा अजय का लुंड अपने मुँह में लेने क liye.......maine मुस्कुरा कर अजय के लुंड को देखा और मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi....maine अपना अपना मुँह खोल कर अजय के मोठे लुंड को अपने मुँह में भर लिया....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा अत है लुंड चूसने me............ye सोच कर मई अजय के लुंड को हल्का हल्का फिर ज़ोर ज़ोर से चूसने lagi.....idhar अजय अपने लुंड को चुस्त पाकर भट ज्यादा जोश में आ gaya......ajay ने मेरी छूट को चूसते हुए हे अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में घुसाने laga.....mujhe थोड़ा दर्द हुआ पर मई उस दर्द को सहन कर गयी........
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर घुसाओ ऊँगली अपनी आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है उम्मम्मम करके मई अजय का लुंड चूसने लगी ज़ोर ज़ोर se.....idhar अजय मेरी छूट चाट रहा था और अपनी ऊँगली अमेरी गांड में छोड़ रहा था...........
Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये चुदाई तो मैंने सपने में व् नहीं सोची thi..........mai तो अजय की दीवानी हो चुकी thi.......ek साथ तीन तीन तरफ से चुदाई का मज़ा मैंने ज़िन्दगी में नहीं सोचा tha......ki चुदाई में इतना मज़ा व् अत है........
आज पहली बार मेरे तीनो छेड़ एक साथ चुदाई का मज़ा ले रहे the.......ajay अपने लुंड से मेरा मुँह छोड़ रहा था एक हाथ से मेरी गांड छोड़ रहा था और अपने मुँह से मेरी चित छोड़ रहा था...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii itnaaaaaaaaaaaaaa mazaaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff...........
इतना मज़ा पाकर मेरी छूट झरने के करीब फिर से आ चुकी thi......lekin अजय मुझे आज झरने नहीं देना चाहता tha.........mujhe इतना बेचैन कर देना चाहता था की मई खुद से अजय को अपने गांड में लुंड घुसाने बोलू तड़प कर...........
मेरा जिस्म अकड़ने laga....mai झरने हे वाली थी की अजय मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से गिरा दिया........

मई गुस्से से लाल हो gayi.....or अजय को गुस्से से देखते हुए boli.....kaminey हरामी क्यों कर रहे हो मेरे साथ येसब ..........झरने क्यों नहीं देते मुझे...........
अजय हँसते हुए - इतनी व् जल्दी क्या है मेरी randi...........bht ज्यादा छूट में जलन हो रही तेरी बहनचोद शरीफ घर की बहु .......देख तेरी शराफत यही hai....tu एक रंडी है ..........कितनी आग है तेरी छूट me......shareef औरतो की छूट में इतनी आग नहीं hoti..........tu अंदर से रंडी है कुटिया साली............
मई अजय की बातो से एकदम शर्मिंदा हो गयी ........लेकिन अजय सच कह रहा tha.....meri छूट में भट आग hai......mai बिना चूड़े रह नहीं सकती..........
मई - plssssssssssssss न अजय मत न तड़पाओ मुझे .....बस एक बार सिर्फ एक बार मुझे झरने दो अपने लुंड से........
अजय - इतनी जल्दी नहीं साली कुटिया ........
मई अजय को रोक सूरत बना कर देखते हुए खुद से अपने हाथ से अपनी छूट को मसलने lagi......ajay को कामुक आँखों से देखते हुए...........
अजय आगे बढ़ कर मेरे हाथ छूट पर से हटा दिया........
मैंने फिर से अपना हाथ छूट में ले गयी और फिर से छूट को ज़ोर ज़ोर से मसलने lagi......lakin अजय मेरा हाथ पकड़ लिया.......
मई - plssssssssssssss अजय मुझे झरने दो वर्ण मई मर जाउंगी plssssssssssssss ajay.....hath छोरो मेरा........
अजय - मेरा लुंड होते हुए तुम हाथ से करोगी .......
मई मासूमियत से बोली - तो और क्या करू तुम मुझे झरने नहीं देते हो.........
अजय - मई तुम्हे रंडी की तरह छोडूंगा सिर्फ मेरी एक बात मान लो.....
मई - मई तुम्हारी हर बात मानूगी तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी पर प्लस मुझे झरने दो अजय.....
अजय - तुम खुद से मुझे अपना गांड छोड़ने dogi....bina नखरा दिखाए.......
मई - हाँ हाँ ये लो मेरी गांड पर प्लस मुझे झरने दो..........
अजय - तो चल कुटिया बन और अपने हाथो से अपना गांड का छेड़ फैला .........
मैंने बिलकुल वैसा हे Kiya......mai कुटिया बन कर अपने गांड के छेड़ को अपने दोनों हाथो से फैला दिया.........
अजय ने अपने लुंड को आयल से भीगा लिया और मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर अपने लुंड को जैसे हे मेरे गांड के छेड़ पर रखा मई सिहर uthi........meri धड़कन भट तेज़ हो चुकी thi..........lekin मुझमे चुदाई का भूत सवार था..........
अजय ने मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का mara..........meri गांड पहले से हे आयल से पूरी तरह भीगी हुयी thi....or अजय ने अपने ऊँगली से मेरे गांड के छेड़ को फैला दिया tha......jaise हे अजय ने एक जोरदार धक्का मारा उसका लुंड मेरे गांड को चीरता हुआ आधा अंदर चला गया........
मेरे आँखों के आगे अँधेरा छ gaya.....mai इतनी ज़ोर से चीखी की अगर साउंड प्रूफ रूम न होता तो पूरा होटल मेरी चीख सुन लेता.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii........ faaaaaaaaaadddddddddddd dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने मेरी गांड....... उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय भट दर्द हो रहा hai.........mai पूरी ताकत से अपने जिस्म को अजय से दूर करने lagi.......ajay मुझे इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था की मई अजय को लेते देते आगे बढ़ने lagi........kisi तरह मई खुद को अजय से छुरा लेना चाहती thi...........mai अपने हाथ पेअर पटकने lagi...............ajay ने मुझे सोफे से लॉक कर दिया अब मई हिल व् नहीं पा रही thi....bas अपने पेअर को कटी हुयी मुर्गी की तरह फड़फड़ाने लगी thi..........mai लगभग बेहोश हो चुकी थी...........

जब मेरे जिस्म में कोई हरकत न होने लगा तो अजय समझ गया मई बेहोश हो चुकी hu........ajay के चेहरे में एक कातिल मुस्कान तैर gaya............use अपनी मर्दानगी पर घमंड होने लगा............
अजय मेरी परवाह किये बिना अपने लुंड को हल्का हल्का अंदर बहार करने लगा........
और बगल में रखा हुआ पानी की बोतल से मेरे मुँह पर पानी का छिड़काव मरने laga......mai टेंट होश में आ gayi....or दर्द के मारे फिर से चिल्लाने लगी.....
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa भट दर्द हो रहा अजय plssssssssssssss बहार निकालो मुझे नहीं छुड़वाना तुमसे.... plssssssssssssss अजय मई मर्डर जाउंगी plssssssssssssss बहार निकालो......
मेरी आँखों से आंसू का सैलाब निकल रहा tha....mai रोये जा रही थी दर्द की वजह se......lekin अजय ने ज़रा व् रहम नहीं दिखाया और फिर से एक ज़ोर दार धक्का मारा इस बार उसका पूरा का पूरा लुंड मेरी गांड में समां गया........
मई फिर से डॉ से तड़प उठी और अपने जिस्म को ैठने लगी और सोफे पर अपने हाथ पटकने लगी ............
लेकिन अजय तो जैसे एक ज़ालिम कॅशे बन चूका था उसे मुझपर ज़रा व् रहम नहीं आ रही thi....wo उसी तरह अपने लुंड को बहार निकल कर फिर से धक्का मारा ........
अब वो मेरी गांड को हल्का हल्का छोड़ने laga.......kuchh देर की चुदाई के बाद मुझे व् अब मज़ा आने laga.......meri दर्द भरी सिसकारी अब कामुक सिसकियों में बदल गयी........
आज ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः अजय ाः ाः ाः ऐसे हे आसा हे आआ ज़ोर से छोड़ो फाड़ दो मेरी गांड और छूट दोनों को अपने मुसल लुंड से..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसे हे aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy
अजय मुझे ऐस हे उठा कर वह पर राखी हुयी कुर्सी पर घुटनो के बल बिठा दिया........ और मेरी गांड के भयंकर तरीके से छोड़ने laga.......mere दोनों हाथो को अपने एक हाथ से लॉक कर दिया और अपना एक हाथ से मेरे पेट को पकड़ liya.......or दनादन दनादन मेरी गांड को छोड़ने laga........mera पूरा जिस्म अजय के धक्को से हिला रहा tha.....or साथ में मेरी दोनों सुडोल चूचियां व् हर धक्के के साथ उछाल रही थी.........

मई आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है आआआआअह्हह्ह्ह्हह अपनी रंडी को खूब छोड़ो.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह फाड् दो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर मेरे राजा और अंदर .....पूरा अंदर घुसाओ अपना लुंड मेरी गांड में........
अजय - साली रंडी झूट का न न करके नखरे दिखती hai.....andar से तू भट बड़ी रंडी है बहनचोद छिनार.........
मई - हाँ मई अंदर से भट बड़ी रंडी hu.....mujhe लुंड चाहिए चाहे जैसा व् लुंड हो मुझे चाहिए अपने छूट की आग बुझाने ko..........mai अपने बेटे से व् छुड़वा लुंगी एक्ने छूट की प्यास बुझाने को..........
हरामी और अंदर घुसा न कितना धीरे छोड़ रहा कुत्ते सेल मादरचोद रंडी की औलाद. ज़ोर ज़ोर से छोड़ न .......
अजय - रुक साली छिनार तुझे अभी बताता hu......bolkar अजय मुझे गॉड में उठा लिया और अपने लुंड को गांड में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का लुंड सरसराते हुए गांड को छेरते हुए पूरा का पूरा अंदर चला गया.......
मई दर्द से तड़प uthi.....or रोने लगी..... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa रईईईई इस हरामी ने मुझे....... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa फट गयी मेरी गांड ..........कितना ज़ालिम मर्द है ये रंडी की aulaad........mai ज़ोर ज़ोर से अजय को गाली देने lagi......or अजय मेरे दोनों पेअर को अपने हाथो में पकडे हुए मुझे छोड़ रहा था ......मई ज़ोर ज़ोर से रो रही thi.........ajay का पूरा लुंड मेरी गांड की जड़ तक घुस निकल रहा था..........

अजय थक गया तो मुझे निचे उतार कर एक पेअर अपने हाथ में पकड़ liya....or अपना लुंड मेरी छूट में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का पूरा लुंड एक हे बार में छूट की गहराई में घुस गया..........
मेरे रूह को इतना सुकून मिला की मई इसको कल्पना व् नहीं कर सकती hu.........ab अजय उसी पोज़ में मुझे छोड़ने laga........mai अजय की स्टैमिना को देख कर हैरान thi...wo पिछले एक घंटे से मुझे नॉन स्टॉप छोड़ रहा tha........lekin अभी व् उसके जिस्म की ताकत ख़तम नहीं हुयी thi.......mai कामुकता और प्यार भरी नज़र से अजय के चेहरे को देखने लगी और अजय मेरे पेअर को अपने हाथ में थामे हुए मुझे छोड़ने लगा......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय कितनी ताकत है तुंहरे लुंड me.....uuuufffffffffffffffff aaaaaaaaajjjjjjjjjjj तुमने मेरे जिस्म का एक एक अंग तोड़ कर रख दिया है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट.......
अजय अब मुझे सोफे पर लिटा कर छोड़ने laga.............kabhi मेरी गांड में घुसता कभी मेरी छूट में ghusaya..............mai दर्द और लज़्ज़त की वजह से कामुक आवाज़ निकल रही थी...... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....
मई - आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह मई झरने वाली हु........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh और ज़ोर से छोड़ो और ज़ोर से और ज़ोर से ......बोलकर मई झरने लगी .......
इस बार अजय ने मुझे झरने diya.....mai कुछ देर तक ऐसे हे झरती रही और अजय मुझे छोड़ता रहा.......
अजय व् अब झरने वाला tha....ajay के मुँह से व् कामुकता भरी आवाज़ निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई व् आने वाला हु..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh
बोलकर अजय अपना लुंड मेरी छूट से भर निकल कर अपना सारा विरए मेरे चहेरे पर मारने लगा.........
मई अपनी आंखें बंद किये हुए अजय का गरम गरम विरए अपने चेहरे और मुँह पर लेने lagi.......maine मुँह खोल दिया अजय का गरम. गरम विरए जिसे हे मेरे मुँह में गया मई एक लम्बी साँस ली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गाढाआआ विरए है अजय का...... हाआआयययय एकदम फेविकोल के जैसा चिपचिपा और गाढाआआ..........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh रंडी रुकसाना aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हाआआयययय साली कुटिया बोलकर अजय भट सारा विरए मेरे चेहरे पर गिरा दिया.......
मई अजय के लुंड को पकड़ कर उसके विरए को चाटने लगी एक कुटिया की तरह.......
































































































































































































































