Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 6 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

मई इतना ज्यादा झरि थी की मई पास्ट हो चुकी thi.............itna रिलैक्स मुझे कभी नहीं मिला था जितना रिलैक्स मुझे अभी बिस्टेर पर मिल रहा था अजय की बहो में...........

अजय मेरे जिस्म पर अपना हाथ फेरते हुए bola.............meri जान रुकसाना aunty.......abhi तो चुदाई शुरू हुयी hai.............abhi तो मेरा लुंड एक बार व् पानी नहीं छोरा hai............dekho कैसे टावर के जैसा खड़ा hai..........bolkar अजय मेरे हाथो को अपने लुंड पर ले gaya...........mai व् बिना विरोध किये अजय के लुंड को पकड़ कर सहलाने लगी...........

मई - तुम्हारा लुंड है या hatoda........thakne का नाम हे नहीं ले raha............itni देर से मुझे छोड़ रहे हो फिर व् तुम्हारा लुंड hi की पानी छोड़ने का नाम हे नहीं ले रहा है..............

अजय मेरी चुकी को अपने हाथो से दबाते हुए bola.........mera लुंड इतनी आसानी से झरने वाला नहीं है मेरी jan.........maine टिटेनस क2 खाया hai.......kamsekam 8 घंटा तुम्हे छोड़ने के बाद हे ये ढीला hoga........jabtak इसमें से सारा क्रीम बहार नहीं आ जाता..............

मई मुस्कुराते हुए बोली - तुम इंसान नहीं गधा हो gadha.....hehehehehe..... .हमारे गाओं में भट सारे गधे होते hai......unka लुंड मैंने देखा hai...........bht मोटा और भट badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa रहता hai................jab वो किसी गाढ़ी को छोड़ता है तो गाढ़ी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगती hai............usi तरह तुम्हारा व् लुंड है ...........गधा के jaisa.............ye बोलकर मई अजय के लुंड को धीरे धीरे सहला रही thi........ek अलग हे मज़ा आ रहा था गन्दी बात करते हुए अजय के नंगे जिस्म से चिपक कर उसका मोटा लुंड हाथ में पकड़ कर सहलाने me.................mai फिर गरम होने लगी थी................

अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरे नंगे जिस्म पर फेरने laga.....or फेरते हुए मेरी मोती गांड तक जैसे हे उसका हाथ आया मई गंगनाआए उठी ......अजय धीरे धीरे मेरी मोती गांड को दहकते हुए अपनी ऊँगली को मेरी गांड की दरार में ऊपर निचे करने लगा....... हाआआयययय मुझे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त की वजह से अजय के लुंड को भट ज़ोर से पकड़ लो और अब मेरा हाथ तेज़ हो gaya........ajay के लुंड को मई तेज़ तेज़ सहलाने lagi....idhar अजय मेरी गांड की दरार में अपनी ऊँगली ऊपर से निचे निचे से ऊपर कर रहा tha......meri छूट फिरसे गीली होने लगी...................

मई - उम्मम्मम्म अजय प्लसससससससस वह मत करो न वो गन्दी जगह होती है....... उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय plssssssssssssss वह से हाथ हटा लो.....

अजय - मेरी जान तू इतनी माखन माल है की तेरी कोई जगह गन्दी नहीं hai......har जगह मेरे लिए एक नायब तोहफा hai......bolkar अजय ने मेरी मोती गांड को दोनों हाथो से दबोच liya.....or ज़ोर ज़ोर से मसलने laga..........gand मसलवाने में मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई लज़्ज़त से कामुक आवाज़ें निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मेरे जिस्म में ये कैसी आग लगा दी hai..........jo बुझ हे नहीं रही है..............

अजय - मेरी जान तू एक छुडासी औरत है और तुझे दस मर्दो का लुंड एक साथ चाहिए तब तेरी प्यास बुझेगी .................बोलकर अजय धीरे धीरे अपना हाथ मेरी छूट में ले gaya...........mai एकदम से सिहर उठी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy ufffffffff...........bolkar अपने छूट को अजय के हाथो के तरफ धकेलने लगी...........

अजय अपने ऊँगली से मेरी छूट को छेर्ने laga...........mai मदहोश होती जा रही thi...............mere छूट की आग फिर से भड़क उठी थी...........

इतने में अजय बीएड से निचे उतर gaya.......mai उसे कामुक आँखों से देखने lagi....jaise कह रही हु की क्या हुआ ......प्लस मेरी प्यास bujhao........kaha जा रहे ho....achanak मुझे छोर कर........

अजय - मई अभी मूट कर अत हु मेरी jan.......teri छूट इतनी टाइट है की 16 साल की कुवारी लड़की फ़ैल है तेरे aage..........teri छूट ने मेरे लुंड को इतना ज़ोर से जकड लिया था की मेरे लुंड को मूट लगने लग gayi..........kasam से एक कुवारी लड़की के जैसी टाइट है तेरी छूट .......इसलिए तो मैंने कहा था ..........बोलकर अजय रुक जाता है........

मई उत्सुकता से पूछने लगी - इसलिए क्या कहा था तुमने........

अजय - यही की तेरे शोहर का लुंड छोटे बच्चे के जैसा hai..........jo आज तक तेरी टाइट छूट को फैला नहीं सका.............

मई एकदम से शर्मा gayi........or मेरी नज़र नीची हो gayi.......mere शोहर की बुराई मुझे भट अछि लग रही thi.........pata नहीं kyu....lekin अजय सच हे कह रहा tha.........mere बेटे का लुंड मेरे शोहर से दो गुना बड़ा है .......सिर्फ मेरे शोहर का हे लुंड इतना छोटा सा क्यों है ..........

मई अभी यही सब सोच रही थी की अजय बाथरूम चला गया .....वो वापस आया तो मई बीएड पैर एकदम नंगी उल्टा लेती हुयी थी ...मेरी मोती गांड ऊपर thi........jise देख कर अजय मेरी मोती गांड को दूर से हे घूरने लगा......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रुकसाना रंडी क्या जिस्म है tera........itna कर्तव्य जिस्म तो शायद हे दुनिया में किसी औरत की होगी...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना उठा हुआ गांड है तेरा बहनचोद randi........is गांड के लिए तो एक फुट का लुंड व् छोटा पद jaega...............tujhe तो मई हब्सी मर्दो से छुडवाउंगा साली chhinaar...........tab जाकर तेरे छूट की आग शांत होगी...............

अजय की गन्दी बातो से मई भट ज्यादा होर्नेय हो गयी और अजय के लुंड को घर कर देखने लगी.........

अजय समझ गया मई उसके लुंड को पकड़ना छह रही hu......ajay मेरे करीब आया और और मेरे गर्दन को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ मेरे मुँह को खींचने laga.........maine अपना एक हाथ बढ़ा कर अजय के लुंड को जैसे हे पकड़ना चाहा अजय ने अपना लुंड हटा लिया ......

मई एकदम से तड़प uthi.....or अजय को गुस्सा से देखबे lagi.........ajay अपने लुंड को मेरे मुँह में पास ले gaya....maine फ़ौरन अपना मुब खोल liya.......ajay ने अपना लुंड मेरे मुँह के पास ले जाकर फिर से वापस खींच लिया .........

मई - प्लसससससससस naaaaaaaaaa अजय ऐसे मत तड़पाओ मुझे ......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......

अजय बिना कुछ बोले अपने लुंड को फिर से मेरे मुँह में पास किया .........मई भूखी शेरनी की तरह लुंड पर झपटी अपना मुँह खोल kar.........lekin अजय ने फिर से अपना लुंड हटा diya........mai एकदम से बौखला gayi......abhi खींच देर पहले मई लुंड चूसना नहीं छह रही thi......ajay ने ज़बरदस्ती अपना लुंड मुझे चुसवाया tha....lekin अब मई खुद लुंड को अपने मुँह में लेकर बेतहाशा चूसना चाहती थी लेकिन अजय मुझे तड़पा रहा tha......akhir कार अजय ने एक दो बार मुझे ललचाया और और अपना लुंड मेरे मुँह में घुसा दिया ........

मुझे ऐसा लगा की मई कई दिन की प्यासी हु और मुझे रेगिस्तान में पानी मिल गया ho..........mai अजय के लुंड को अपने होंठो के बिच दबा कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी..........

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अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी .....आ गयी न अपनी असली औकात में ....देख कैसे लुंड को मुँह में लेने के लिए तू बेचैन हो रही है........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली भट गरम मुँह है तेरा रंडी साली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चूस bahanchod.....sali chhinaar.........bolkar अजय अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने लगा ............

मई अब फुल गरम हो चुकी थी.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय अब प्लसससससससस मुझसे सबर नहीं hota.......ghusa दो मेरी छूट में अपना मुसल लुंड...... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अजय प्लस जल्दी घुसा दो naaaaaaaaaa मेरी छूट मचल रही है...........

अजय ठीक मेरे पीछे आकर बैठ गया ...मई उसी तरह उल्टा लेती रही........ अजय ने पहले मेरे उभरे हुए गांड को गौर से देखा और बोलै ..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आंटी रांड क्या गांड है teri......bolkar अजय ने मेरे गांड पर दन्त गदा diya.....mai दर्द से तड़प उठी लेकिन मुझे इतना ज्यादा मज़ा आया की मई अजय को बोली

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट मज़ा आया और काटो न दन्त मेरी गांड पर....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय तुमने मुझे क्या से क्या बना दिया है.........

अजय अपना लुंड मेरी गांड की दरार पर छोड़ने laga.......mai तड़प कर अपने गांड को दोनों हांथो से फैला di.....taki मेरी छूट अजय को आराम से मिल jaye..............ajay अब अपना लुंड मेरी छूट और गांड के छेड़ में तगाड्ने laga........mai तो जैसे पागल सी हो गयी.........

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय ये क्या कर रहे हो घुसाओ na.....mujhse और बर्दाश्त नहीं होता..... plssssssssssssss अपनी रंडी आंटी की छूट में अपना मुसल लुंड दाल कर छोड़ो na.....aah मेरी छूट .इ भट खुजली हो रही है अजय plssssssssssssss मत तड़पाओ मुझे..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो ajay.......ghusa दो अपना लुंड मेरी छूट में........

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अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक lagaya....or मेरी छूट के छेड़ पर जैसे रखा मुझे एक अलग हे सुकून mila....sukoon और लज़्ज़त की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi.......itne में अजय ने धीरे से अपना लुंड मेरी फैली हुयी छूट में फुचकाककककक करके घुसा diya......maine ज़ोर से सिसकारी ली...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय.........

दर्द तो भट कर रहा लेकिन मज़ा व् भट आ रहा hai....or अंदर तक घुसाओ न मेरे राजा.......... बोलकर मई अपने गांड को अजय को लुंड के तरफ धकेलने lagi...........mere छूट में खलबली मचा रही थी किसी व् तरह अजय के मोठे लुंड को मई अपने छूट में पूरी तरह घुसा लेना चाहती थी........

अजय ने मेरे दुपट्टे को सर से हटा दिया और मेरे बालो को पकड़ कर मेरे कान में kaha..............sach में मेरी जान भट टाइट छूट है teri.....itni चुदाई के बाद व् अभी तक फैली नहीं hai...wapas सिकुड़ गयी है........

मई - तो फैला दो न मेरे raja.......mai तो आयी हु ोयो रूम तुम्हारे मोठे लुंड से अपना टाइट छूट फ़ैलाने क liye.......itna छोड़ो अपनी रंडी रुकसाना को की मेरी छूट एकदम फ़ैल जाये.......

अजय - क्या माल है तू randi.......bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से खींचा और एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका आधा लुंड मेरी छूट में घुस गया...........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय कितना मज़ा देता है तुम्हारा लुंड....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा है.............

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अजय अब धीरे धीरे मेरी छूट छोड़ने लगा अपने मोठे लुंड se......mai मदहोशी में ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः उफ्फ्फ आह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy करने lagi.......han अजय हाँ ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोड़ो मुझे फैला दो मेरी छूट ......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय मेरे राजा ......मुझे दर्द व् हो रहा था और मज़ा व् आ रहा tha..........chudayi में दर्द का मज़ा मैंने पहली बार देखा tha......drd के साथ चुदाई में इतना मज़ा अत है ये तो मुझे मालूम हे नहीं tha......mai अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर रखे हुए थी और अजय दर्द को सहन करते हुए अजय का लुंड अपनी छूट की गहराई में ले रही थी........

अजय फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच करके मुझे चोदे जा रहा था........

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आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आंटी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त जिस्म है apka.......ekdam माखन के jaisa....gadraya हुआ जिस्म है ........बोलकर अजय मेरे गांड पर दो चार थप्पड़ मार देता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु ....लेकिन ये दर्द मुझे अब मज़ा दे रहा था...........

अजय अपना लुंड बहार निकल कर बीएड से निचे उतर जाता है और जाकर सोफे पर बैठ जाता है.........

अजय - मेरी रांड तुम अपनी गदरायी गांड मटकती हुयी मेरे पास आओ एक रंडी की tarah........bolkar अजय सोफे पर बैठ कर अपने मोठे लुंड को अपने हाथो से सहलाने लगता है........

मई एक कातिल नज़र से अजय को देखती हु और बगल में रखा हुआ अपना दुप्पट्टा अपने सर पर बांध लेती हु...... ......अजय को और ज्यादा तैसे करने क liye.....ajay मेरी इस अदा को देख कर भट ज्यादा कामुक खो जाता है.......

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी टी सच में कमाल hai..........tujhe पता चल गया है की मई कैसे ज्यादा जोश में आऊंगा.........

मई - मेरे राजा को मई इतना जोश चढ़ा दूंगी की जब उसके लुंड से क्रीम निकलेगा तो बन्दूक को गोली के जैसा निकलेगा........

बोलकर मई अजय के करीब जाकर उसके पेअर के पास बैठ गयी और उसके लुंड को हाथो में पकड़ कर सहलाने लगी...........

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रांड मुँह में ले मेरे लुंड ........बोलकर अजय मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ धकेलने laga......maine अजय के हाथो को एक झटके में हटा दिया.....

और अजय को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी और बोली - मई खुद से करुँगी तुम रहने दो.........

अजय के चेहरे पर एक हरामी टाइप की मुस्कान फ़ैल गयी.........

मई व् अजय को देख कर एक कामुक भरी मुस्कान दे di.....or अजय के लुंड को पकड़ कर अपने ज़बान से चाटने लगी.....

मई अपनी नशीली आँखों से अजय के आँखों में देख रही thi......or उसके लुंड को ज़बान से चाट रही थी 🍦 आइसक्रीम की तरह.....





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना मेरी रांड क्या लुंड चुस्ती है तू बहनचोद ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ऐसे हे चाट .......अब मुँह के अंदर ले न जानेमन.............

मई अजय के लुंड के सुपडे को अपने दोनों होंठो के बिच पकड़ कर सूचक करने lagi..........lekin मैंने मुँह के अंदर नहीं किया......





जिससे अजय तड़प utha.......or मेरे सर को दोबारा पकड़ liya...........or अपने लुंड पर धकेलने लगा.........

मई - मैंने कहा न हाथ मत लगाओ .....मई खुद से तुम्हारा मुसल लुंड चूसूंगी.........

अजय ने हाथ हटा लिया........

मई अजय के लुंड के सुपडे को मुँह में अंदर लेकर चूसने lagi........itna मोटा सूपड़ा था की चूसने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था जिसकी मई कल्पना व् नहीं कर सकती thi.....maine अजय के लुंड को एक हाथ में पकड़ा हुआ था और उसके लुंड को हिलाते हुए उसके लुंड के सुपडे को चूस रही thi............chuste चूसते मई अजय की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखने lagi......or उसी तरह लुंड को चुस्ती रही.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh रुकसाना आंटी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा दे रहा आपका मुँह...... हाआआयययय साली रंडी क्या माल है .............tuuuuuuuuuuuuuuu............or अंदर ले न रांड ....सिर्फ सूपड़ा हे चुस्ती रहेगी kya..............bolkar अजय ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ कर मेरे मुँह में अपना मोटा लुंड घुसाने laga.......maine व् अपना पूरा मुँह खोल diya.......taaki उसका मोटा लुंड मई अंदर ले saku........ajay अब धीरे धीरे मेरे मुँह में अपना लुंड छोड़ रहा था मेरे बालों को पकड़ kar.......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई क्या bataun.........ajay के लुंड की बदबू मुझे मदहोश कर रही thi........ajay व् आराम से मेरा मुँह छोड़ रहा tha.........pahle की तरह बेरहमी से नहीं.........





अजय कुछ देर मेरे मुँह में लुंड छोड़ने के बाद मुझे पकड़ कर खड़ा कर दिया और मेरे होंठो को चूसते हुए बोलै

अजय - कुटिया बन जाओ मेरी छम्मक छल्लो.........

मेरी व् छूट लुंड लेने के लिए तड़प रही थी मैंने अजय के लुंड को हाथो में पकड़ कर बोलै...........

मेरे राजा आराम से करना भट मोटा है तुम्हारा.............

अजय - ok मेरी रानी आराम से हे karunga.........bolkar अजय ने मुझे सोफे पर कुटिया बना दिया ......

और मेरी गांड को अपने हाथो से सहलाते हुए बोलै......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी क्या गदरायी गांड है तेरी बहनचोद chhinaar..........aaj मई इस गांड का वो हाल karunga......ki गांड मटकाने के काबिल नहीं रहेगी तू.........

बोलकर अजय ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगाया और मेरी छूट पर रख कर रगड़ने laga...........mai तड़प कर अपने गांड को लुंड के तरफ धकेलने lagi........lekin अजय मुझे तड़पा रहा था.......

मई - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय मत न tadpao....ghusao न अपना मुसल लुंड मेरी छूट में.........

अजय मुस्कुरा कर अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ पर रखा और हल्का सा पुश किया जिससे उसका लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में घुस गया............. लज़्ज़त की वजह से मेरे मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गया............





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरे मुँह से लज़्ज़त भरी आवाज़ निकल रही थी........

अजय अपने लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में थोड़ा घुसाया फिर निकल लिया फिर घुसाया फिर निकाल लिया ...........

मई जल बिन मछली की तरह तड़प उठी.......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय क्यों तड़पा रहे हो पूरा घुसाओ न अंदर takkkkkkkkkkkk.....





अजय - घुसा तो दूंगा लेकिन तुम चिल्लाने लगोगी फिर से.......

मई - मेरी परवाह मत karo.......mai कितना व् चिल्लाऊं तुम पूरा ghusao.........andar तक........

अजय अपने लुंड को वापस निकल कर उसकी छूट के बहार बहार तगाड्ने लगता hai.......jisse मई और ज्यादा तड़पने लगती hu.............mai अपने गांड को अजय के लुंड पर धक्का मरने लगती हु .......किसी व् तरह अजय के लुंड को अपने छूट को गहराई में घुसना छह रही थी मई लेकिन अजय कमीना मुझे तड़पा रहा था..........

मई इतना बेचैन हो गयी की अजय अपने हाथ को पीछे ले जाकर अजय के लुंड को पकड़ लिया और अपने छूट के छेड़ में रख कर अपने गांड को पीछे धक्का मरने lagi.......lekin फिर व् अजय का लुंड मेरी छूट में नहीं घुस रहा tha........ajay जान बुझ कर अपने लुंड को इधर उधर कर लेता था........

मई - plssssssssssssss न अजय ऐसा मत करो अपनी रुकसाना रांड के साथ....... plssssssssssssss मुझे chodo....warna मई मर्डर jaungi.........mujhse बर्दाश्त नहीं हो raha..........ghusao naaaaaaaaaa ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy plssssssssssssss मई तुंहरे हाथ जोड़ती हु ऐसे मत तड़पाओ मुझे...........

अजय मेरी गांड के छेड़ पर अपना एक ऊँगली रख कर हल्का हल्का सहलाने लगता है.........

अजय - मुझे आपकी गांड चाहिए आंटी......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गांड की छेड़ मुझे पागल कर रही hai..........bolkar अजय मेरे गांड के छेड़ को भट अच्छे से सहला रहा tha..........lekin मई तो छूट को आग से पागल हुए जा रही थी.........

मई - नहीं नहीं plssssssssssssss अजय वह nhi..........meri छूट में लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa..........

अजय - पहले बोलो की तुम मुझे गांड में घुसाने dogi.....tab मई तुम्हारी छूट में लुंड घुसूंगा...........

मई छूट की आग में इतनी पागल हो चुकी थी की मई अजय के लुंड को अपने छूट में लेने के लिए कुछ व् करने क लिए तैयार थी........

मई - हाँ घुसा लेना लेकिन plssssssssssssss पहले मेरी छूट की आग ठंडी कर दो अजय plssssssssssssss घुसाओ न.........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss अब तो घुसा दोंनाआए अपनी रांड रुकसाना की छूट में अपना मोटा लुंड..........

अजय अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का मरता hai.......ajay का आधा लुंड मेरी छूट में समा जाता hai......mai दर्द से तड़प उठती hu.......lekin ये दर्द मुझे इतना च लग रहा था की मेरी आंखें अपने आप बंद हो जाती hai......or मेरे मुँह से दर्द भरी चीखें निकलने लगती है.........

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह ऐसे हे छोड़ो अपनी रंडी को...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय क्या लुंड है तुंहारा haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा आ रहा hai.........zor ज़ोर से छोड़ो मुझे ......... faaaaaaaaaadddddddddddd दो मेरी छूट.........

अजय अपने दोनों हाथो से मेरी चुकी पकड़ कर मुझे हल्का हल्का छोड़ने लगता hai.......mere मुँह से सिसकियाँ निकलने लगती है....... ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ऐसे हे ाः ाः उम् उम् उम् उफ़ उफ़ ाः ाः ाः ाः अजय फाड़ दो मेरी छूट छोड़ छोड़ kar.......mujhe बना लो अपनी रखैल.......





मेरा गदराया हुआ जिस्म अजय के हर धक्के से हिल रहा tha....ajay थप थप करके मेरी छूट छोड़ रहा था.......

मई आंखें बंद करके अजय के धक्को का मज़ा ले रही thi....or सिसकियाँ निकल रही thi......aaaaaaah आआह आआआह आआआह उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii अअअअअअअ राहाआआआआ है .....ऐसे हे हाँ ऐसे हे छोड़ मुझे ........अजय इतनी ज़ोर से धक्के मार रहा था की मेरी मोती गांड थल थल करके हिल रही thi...or मेरी गोरी गांड लाल हो चुकी थी अजय के धक्कों से..........





मई फिर से अपने ओर्गास्म के करीब पहुँच रही thi........maine ज़ोर से सोफे को पकड़ liya.........mai जैसे हे अपने ओर्गास्म तक पहुंची अजय ने अपना लुंड बाहर निकल liya........mai तड़प कर अजय को रोक आँखों से देखने लगी अपना गर्दन घुमा कर.........

मई - plssssssssssssss न अजय क्यों बहार निकले tum......ghusao न..........

अजय बिना कुछ बोले मेरे गांड के पास झुक जाता है और मेरी गांड के छेड़ को चाटने लगता है........

मेरी तो साँस हे अटक जाती है..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy गांड चटवाने में इतना मज़ा अत है मुझे तो मालूम हे नहीं tha............mai अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने लगती hu.........meri गांड के छेड़ को अजय चाट चाट कर अपने थूक से एकदम चिकना कर देता है..........

और फिर अचानक अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में हल्का हल्का कहते हुए धीरे से अंदर करता hai.....mai दर्द से तड़प उठती हु....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa अजय प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii दर्द हो रहा........

अजय - दर्द तो होगा हे मेरी रांड इतना टाइट गांड जो है tera...........bolkar अजय साथ में लाया हुआ सरसो का तेल अपने बैग से निकल कर मेरी पूरी गांड में लगाने लगता hai..........or मेरी गांड के छेड़ पर ढेर सारा सरसो का तेल लगा कर हल्का हल्का मेरी गांड की छेड़ पर अपना ऊँगली चलते हुए हल्का हल्का अपनी ऊँगली को मेरी गांड में घुसाने लगता hai......mujhe फिर से एक तेज़ दर्द होता है.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय भट दर्द हो रहा निकालो न अपनी ऊँगली वह से.......

अजय - दर्द में हे तो मज़ा है मेरी raand.....bolkar अजय अपनी ऊँगली को थोड़ा और अंदर घुसा देता hai.....mera जिस्म अकड़ सा जाता hai............mai ज़ोर से चिल्लाती हु aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiii प्लसससससससस निकालो......

अजय अपनी ऊँगली निकल कर फिर से वापस वह पर ढेर सारा तेल लगा देता है और दोबारा अपनी ऊँगली घुसता hai....is बार दर्द थोड़ा काम होता hai...........ab अजय अपनी ऊँगली को मेरी गांड में छोड़ने लगता है धीरे dhire..........mai लज़्ज़त से उम्म्म उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करने लगती हु .......

अजय की ऊँगली मेरी गांड के अंदर बहार हो रहा था और मई लज़्ज़त से सोफे को पकड़े हुए सिसकियाँ ले रही thi........ab मुझे ज़रा व् दर्द नहीं हो रहा tha.....ab मुझे मज़ा आने लगा था अपनी गांड अजय की ऊँगली से छुड़वाने में...........

अजय ने ऊँगली बहार निकल कर फिर से अपना मुँह मेरी गांड पर लगा diya......mai लज़्ज़त से अपने गांड को अजय के मुँह में रगड़ने lagi........or मेरे मुँह से गन्दी गन्दी बातें निकलने लगी लज़्ज़त की वजह से......

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआखिर तुमने मुझे अपनी रंडी बना हे लिया..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म अजय ऐसे हे छतो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह





अजय - 69 पोज़ में औ न मेरी रांड रुकसाना........

मई समझ नहीं पायी ये 69 पोज़ क्या होता hai..........maine मासूमियत से अजय को तरफ dekha.........ajay समझ गया की मई 69 नहीं जानती........

अजय लेट गया और मुझे अपने ऊपर खींच liya.............ajay का मुँह मेरे गांड के पास था और मेरा मुँह अजय के लुंड के पास था.....

अजय - इसे कहते है 69 मेरी रंडी रुकसाना ........बोलकर अजय अपना मुँह मेरी छूट में लगा दिया.... कामुकता की वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल गयी.......... आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaaa........

मई तो जानती नहीं थी 69 में क्या किया जाता hai.......lekin अजय मेरी छूट को बेतहाशा चूस रहा tha....apni ज़बान मेरी छूट के अंदर घुसा रहा tha........idhar अजय का मोटा लुंड मेरे मुँह के सामने फुंकार रहा tha......mera मन मचलने लगा अजय का लुंड अपने मुँह में लेने क liye.......maine मुस्कुरा कर अजय के लुंड को देखा और मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi....maine अपना अपना मुँह खोल कर अजय के मोठे लुंड को अपने मुँह में भर लिया....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा अत है लुंड चूसने me............ye सोच कर मई अजय के लुंड को हल्का हल्का फिर ज़ोर ज़ोर से चूसने lagi.....idhar अजय अपने लुंड को चुस्त पाकर भट ज्यादा जोश में आ gaya......ajay ने मेरी छूट को चूसते हुए हे अपनी एक ऊँगली मेरी गांड की छेड़ में घुसाने laga.....mujhe थोड़ा दर्द हुआ पर मई उस दर्द को सहन कर गयी........

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर घुसाओ ऊँगली अपनी आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है उम्मम्मम करके मई अजय का लुंड चूसने लगी ज़ोर ज़ोर se.....idhar अजय मेरी छूट चाट रहा था और अपनी ऊँगली अमेरी गांड में छोड़ रहा था...........

Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये चुदाई तो मैंने सपने में व् नहीं सोची thi..........mai तो अजय की दीवानी हो चुकी thi.......ek साथ तीन तीन तरफ से चुदाई का मज़ा मैंने ज़िन्दगी में नहीं सोचा tha......ki चुदाई में इतना मज़ा व् अत है........

आज पहली बार मेरे तीनो छेड़ एक साथ चुदाई का मज़ा ले रहे the.......ajay अपने लुंड से मेरा मुँह छोड़ रहा था एक हाथ से मेरी गांड छोड़ रहा था और अपने मुँह से मेरी चित छोड़ रहा था...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii itnaaaaaaaaaaaaaa mazaaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff...........

इतना मज़ा पाकर मेरी छूट झरने के करीब फिर से आ चुकी thi......lekin अजय मुझे आज झरने नहीं देना चाहता tha.........mujhe इतना बेचैन कर देना चाहता था की मई खुद से अजय को अपने गांड में लुंड घुसाने बोलू तड़प कर...........

मेरा जिस्म अकड़ने laga....mai झरने हे वाली थी की अजय मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से गिरा दिया........





मई गुस्से से लाल हो gayi.....or अजय को गुस्से से देखते हुए boli.....kaminey हरामी क्यों कर रहे हो मेरे साथ येसब ..........झरने क्यों नहीं देते मुझे...........

अजय हँसते हुए - इतनी व् जल्दी क्या है मेरी randi...........bht ज्यादा छूट में जलन हो रही तेरी बहनचोद शरीफ घर की बहु .......देख तेरी शराफत यही hai....tu एक रंडी है ..........कितनी आग है तेरी छूट me......shareef औरतो की छूट में इतनी आग नहीं hoti..........tu अंदर से रंडी है कुटिया साली............

मई अजय की बातो से एकदम शर्मिंदा हो गयी ........लेकिन अजय सच कह रहा tha.....meri छूट में भट आग hai......mai बिना चूड़े रह नहीं सकती..........

मई - plssssssssssssss न अजय मत न तड़पाओ मुझे .....बस एक बार सिर्फ एक बार मुझे झरने दो अपने लुंड से........

अजय - इतनी जल्दी नहीं साली कुटिया ........

मई अजय को रोक सूरत बना कर देखते हुए खुद से अपने हाथ से अपनी छूट को मसलने lagi......ajay को कामुक आँखों से देखते हुए...........

अजय आगे बढ़ कर मेरे हाथ छूट पर से हटा दिया........

मैंने फिर से अपना हाथ छूट में ले गयी और फिर से छूट को ज़ोर ज़ोर से मसलने lagi......lakin अजय मेरा हाथ पकड़ लिया.......

मई - plssssssssssssss अजय मुझे झरने दो वर्ण मई मर जाउंगी plssssssssssssss ajay.....hath छोरो मेरा........

अजय - मेरा लुंड होते हुए तुम हाथ से करोगी .......

मई मासूमियत से बोली - तो और क्या करू तुम मुझे झरने नहीं देते हो.........

अजय - मई तुम्हे रंडी की तरह छोडूंगा सिर्फ मेरी एक बात मान लो.....

मई - मई तुम्हारी हर बात मानूगी तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी पर प्लस मुझे झरने दो अजय.....

अजय - तुम खुद से मुझे अपना गांड छोड़ने dogi....bina नखरा दिखाए.......

मई - हाँ हाँ ये लो मेरी गांड पर प्लस मुझे झरने दो..........

अजय - तो चल कुटिया बन और अपने हाथो से अपना गांड का छेड़ फैला .........

मैंने बिलकुल वैसा हे Kiya......mai कुटिया बन कर अपने गांड के छेड़ को अपने दोनों हाथो से फैला दिया.........

अजय ने अपने लुंड को आयल से भीगा लिया और मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर अपने लुंड को जैसे हे मेरे गांड के छेड़ पर रखा मई सिहर uthi........meri धड़कन भट तेज़ हो चुकी thi..........lekin मुझमे चुदाई का भूत सवार था..........

अजय ने मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का mara..........meri गांड पहले से हे आयल से पूरी तरह भीगी हुयी thi....or अजय ने अपने ऊँगली से मेरे गांड के छेड़ को फैला दिया tha......jaise हे अजय ने एक जोरदार धक्का मारा उसका लुंड मेरे गांड को चीरता हुआ आधा अंदर चला गया........

मेरे आँखों के आगे अँधेरा छ gaya.....mai इतनी ज़ोर से चीखी की अगर साउंड प्रूफ रूम न होता तो पूरा होटल मेरी चीख सुन लेता.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii........ faaaaaaaaaadddddddddddd dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने मेरी गांड....... उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय भट दर्द हो रहा hai.........mai पूरी ताकत से अपने जिस्म को अजय से दूर करने lagi.......ajay मुझे इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था की मई अजय को लेते देते आगे बढ़ने lagi........kisi तरह मई खुद को अजय से छुरा लेना चाहती thi...........mai अपने हाथ पेअर पटकने lagi...............ajay ने मुझे सोफे से लॉक कर दिया अब मई हिल व् नहीं पा रही thi....bas अपने पेअर को कटी हुयी मुर्गी की तरह फड़फड़ाने लगी thi..........mai लगभग बेहोश हो चुकी थी...........





जब मेरे जिस्म में कोई हरकत न होने लगा तो अजय समझ गया मई बेहोश हो चुकी hu........ajay के चेहरे में एक कातिल मुस्कान तैर gaya............use अपनी मर्दानगी पर घमंड होने लगा............

अजय मेरी परवाह किये बिना अपने लुंड को हल्का हल्का अंदर बहार करने लगा........

और बगल में रखा हुआ पानी की बोतल से मेरे मुँह पर पानी का छिड़काव मरने laga......mai टेंट होश में आ gayi....or दर्द के मारे फिर से चिल्लाने लगी.....

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa भट दर्द हो रहा अजय plssssssssssssss बहार निकालो मुझे नहीं छुड़वाना तुमसे.... plssssssssssssss अजय मई मर्डर जाउंगी plssssssssssssss बहार निकालो......

मेरी आँखों से आंसू का सैलाब निकल रहा tha....mai रोये जा रही थी दर्द की वजह se......lekin अजय ने ज़रा व् रहम नहीं दिखाया और फिर से एक ज़ोर दार धक्का मारा इस बार उसका पूरा का पूरा लुंड मेरी गांड में समां गया........

मई फिर से डॉ से तड़प उठी और अपने जिस्म को ैठने लगी और सोफे पर अपने हाथ पटकने लगी ............

लेकिन अजय तो जैसे एक ज़ालिम कॅशे बन चूका था उसे मुझपर ज़रा व् रहम नहीं आ रही thi....wo उसी तरह अपने लुंड को बहार निकल कर फिर से धक्का मारा ........

अब वो मेरी गांड को हल्का हल्का छोड़ने laga.......kuchh देर की चुदाई के बाद मुझे व् अब मज़ा आने laga.......meri दर्द भरी सिसकारी अब कामुक सिसकियों में बदल गयी........

आज ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः अजय ाः ाः ाः ऐसे हे आसा हे आआ ज़ोर से छोड़ो फाड़ दो मेरी गांड और छूट दोनों को अपने मुसल लुंड से..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसे हे aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy

अजय मुझे ऐस हे उठा कर वह पर राखी हुयी कुर्सी पर घुटनो के बल बिठा दिया........ और मेरी गांड के भयंकर तरीके से छोड़ने laga.......mere दोनों हाथो को अपने एक हाथ से लॉक कर दिया और अपना एक हाथ से मेरे पेट को पकड़ liya.......or दनादन दनादन मेरी गांड को छोड़ने laga........mera पूरा जिस्म अजय के धक्को से हिला रहा tha.....or साथ में मेरी दोनों सुडोल चूचियां व् हर धक्के के साथ उछाल रही थी.........





मई आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा है आआआआअह्हह्ह्ह्हह अपनी रंडी को खूब छोड़ो.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह फाड् दो मेरी गांड आआआआअह्हह्ह्ह्हह और अंदर मेरे राजा और अंदर .....पूरा अंदर घुसाओ अपना लुंड मेरी गांड में........

अजय - साली रंडी झूट का न न करके नखरे दिखती hai.....andar से तू भट बड़ी रंडी है बहनचोद छिनार.........

मई - हाँ मई अंदर से भट बड़ी रंडी hu.....mujhe लुंड चाहिए चाहे जैसा व् लुंड हो मुझे चाहिए अपने छूट की आग बुझाने ko..........mai अपने बेटे से व् छुड़वा लुंगी एक्ने छूट की प्यास बुझाने को..........

हरामी और अंदर घुसा न कितना धीरे छोड़ रहा कुत्ते सेल मादरचोद रंडी की औलाद. ज़ोर ज़ोर से छोड़ न .......

अजय - रुक साली छिनार तुझे अभी बताता hu......bolkar अजय मुझे गॉड में उठा लिया और अपने लुंड को गांड में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का लुंड सरसराते हुए गांड को छेरते हुए पूरा का पूरा अंदर चला गया.......

मई दर्द से तड़प uthi.....or रोने लगी..... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaarrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa रईईईई इस हरामी ने मुझे....... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa फट गयी मेरी गांड ..........कितना ज़ालिम मर्द है ये रंडी की aulaad........mai ज़ोर ज़ोर से अजय को गाली देने lagi......or अजय मेरे दोनों पेअर को अपने हाथो में पकडे हुए मुझे छोड़ रहा था ......मई ज़ोर ज़ोर से रो रही thi.........ajay का पूरा लुंड मेरी गांड की जड़ तक घुस निकल रहा था..........





अजय थक गया तो मुझे निचे उतार कर एक पेअर अपने हाथ में पकड़ liya....or अपना लुंड मेरी छूट में सेट करके एक ज़ोरदार धक्का mara......ajay का पूरा लुंड एक हे बार में छूट की गहराई में घुस गया..........

मेरे रूह को इतना सुकून मिला की मई इसको कल्पना व् नहीं कर सकती hu.........ab अजय उसी पोज़ में मुझे छोड़ने laga........mai अजय की स्टैमिना को देख कर हैरान thi...wo पिछले एक घंटे से मुझे नॉन स्टॉप छोड़ रहा tha........lekin अभी व् उसके जिस्म की ताकत ख़तम नहीं हुयी thi.......mai कामुकता और प्यार भरी नज़र से अजय के चेहरे को देखने लगी और अजय मेरे पेअर को अपने हाथ में थामे हुए मुझे छोड़ने लगा......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय कितनी ताकत है तुंहरे लुंड me.....uuuufffffffffffffffff aaaaaaaaajjjjjjjjjjj तुमने मेरे जिस्म का एक एक अंग तोड़ कर रख दिया है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट.......

अजय अब मुझे सोफे पर लिटा कर छोड़ने laga.............kabhi मेरी गांड में घुसता कभी मेरी छूट में ghusaya..............mai दर्द और लज़्ज़त की वजह से कामुक आवाज़ निकल रही थी...... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....

मई - आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह मई झरने वाली हु........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh और ज़ोर से छोड़ो और ज़ोर से और ज़ोर से ......बोलकर मई झरने लगी .......

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इस बार अजय ने मुझे झरने diya.....mai कुछ देर तक ऐसे हे झरती रही और अजय मुझे छोड़ता रहा.......

अजय व् अब झरने वाला tha....ajay के मुँह से व् कामुकता भरी आवाज़ निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई व् आने वाला हु..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

बोलकर अजय अपना लुंड मेरी छूट से भर निकल कर अपना सारा विरए मेरे चहेरे पर मारने लगा.........

मई अपनी आंखें बंद किये हुए अजय का गरम गरम विरए अपने चेहरे और मुँह पर लेने lagi.......maine मुँह खोल दिया अजय का गरम. गरम विरए जिसे हे मेरे मुँह में गया मई एक लम्बी साँस ली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गाढाआआ विरए है अजय का...... हाआआयययय एकदम फेविकोल के जैसा चिपचिपा और गाढाआआ..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh रंडी रुकसाना aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हाआआयययय साली कुटिया बोलकर अजय भट सारा विरए मेरे चेहरे पर गिरा दिया.......

मई अजय के लुंड को पकड़ कर उसके विरए को चाटने लगी एक कुटिया की तरह.......



 
इतनी लम्बी चुदाई क बाद मई इतना थक चुकी थी की उठने की व् ताकत नहीं बची थी मेरे andar............ajay बीएड पर लेते लेते रिलैक्स करने laga.......mai किसी तरह उठ कर बाथरूम तक gayi.........mera अंग अंग दर्द कर रहा tha......meri छूट और गांड सूज चूका tha............chut से ज्यादा दर्द गांड में हो रही thi........aisa लग रहा था जैसे किसी ने गांड फाड़ दिया हो मेरा...........

मई लड़खड़ाते हुए बाथरूम गयी और अजय का गाढाआआ विरए अपने चेहरे पे जिस्म से साफ ki..........fir वापिस आकर अपने कपडे पहन liye.........rat के लगभग दस बज चुके the........mai हैरान थी की इतनी लम्बी चुदाई कोई कैसे कर सकता hai.....mere शोहर तो दस मंत में थक कर जहर जाते hai.............or ये लड़का मुसलसल 4 घंटा छोड़ा था mujhe.........mai इसको मर्दानगी पर फ़िदा हो चुकी thi...........aisi दमदार चुदाई तो मैंने सपने में व् नहीं सोचा था..............

मैंने ब्रा पंतय पहन ली थी और अपने चेहरे पर कपडा लगा liya.......mai अभी सोफे पर हे बैठी थी की अजय ने मुझसे कहा..........

अजय - और मेरी जान रुकसाना आंटी कैसा लगा मेरा साथ........

मैंने अजय के तरफ देखते हुए शर्मा कर बोलै - तुम भट ज़ालिम हो ......इतनी बेरहमी से तो कोई रपे व् नहीं करता hai...........bolkar मई शर्म से लाल हो गयी.......

अजय मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै....... हाआआयययय साली रंडी रुकसाना ब्रा में कैद तेरी चुकी मेरा लुंड फिर से खड़ा कर रही hai............bolkar अजय मेरी चुकी को घूरने लगा जो ब्रा से आधा बहार थी.......

मई अपनी चुकी के तरफ देख कर मुस्कुराई और बोली..........

भट बदमाश हो tum........meri जान निकाल दी तुमने और फिर व् मेरे दूध के पीछे पड़े ho............itna बेरहमी से मुझे करने क बाद तुम्हे फिर व् सुकून नहीं मिला............





अजय - तुम माल हे इतनी छुडासी हो की तुम्हे ज़िन्दगी भर व् छोड़ता रहूँगा तो मेरा मैं नहीं bharega.......meri रांड........

अपनी तारीफ सुन कर मई शर्मा gayi.......sharam से मैंने अपनी नज़र झुका ली.........

अजय मेरी इस अदा को देख कर बोलै...... हाआआयययय मेरी जान क्या शर्माती हो तुम.........

बोलकर अजय अपना खड़ा लुंड हाथ में पकड़ कर मेरे सामने आकर खड़ा हो गया और बोलै ..........जाने से पहले इसे प्यार नहीं करोगी मेरी raand........bolkar अजय मेरे चेहरे को अपने हाथो से पकड़ कर ऊपर kiya.......ajay का लुंड ठीक मेरे मुँह के पास tha...........mere चेहरे में एक नॉटी स्माइल आ गयी........





मैंने अपने मुँह में ढके हुए कपडे को चेहरे से थोड़ा ऊपर किया और सिर्फ मुँह खोल कर अजय के लुंड को अपने मुँह में भर liya.......or धीरे धीरे चूसने लगी.......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh आंटी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चुसो मेरे लुंड को उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तुम तो एक प्रोफेशनल रंडी से व् ाचा चूसने लगी हो........ हाआआयययय मई मर जावा ..........

अजय अपना हाथ मेरे सर पर ले जाकर हल्का हल्का मेरे सर को लुंड पर दबाने laga........or मई मस्ती में अजय का लुंड चूसने लगी.........







अजय - ज़रा अपना खूबसूरत चेहरा दिखते हुए लुंड चुसो न मेरी रंडी.......

बोलकर अजय मेरे चेहरे पर से कपडा हटा दिया......

मई अजय की आँखों में देखते हुए उसके तत्तो को अपने मुँह में भर लिया अजय की आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गयी.....

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी उफ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy बहनचोद साली छिनार aunty..........kya चुस्ती है तू रांड.....





मई अजय की आँखों में छुडासी नज़रो से देखने लगी और उसके लुंड को हाथ में पकड़ कर हल्का हल्का उसके लुंड के सुपडे को चूसने लगी ..........

मो सोचने लगी ..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना मोटा लुंड मेरी छोटी सी गांड की छेड़ में कैसे घुसा होगा...... बाआआपपपपप रईईईई कितना मोटा लुंड है iska......mujhe तो यकीं हे नहीं हो रहा की इतना मोटा लुंड मैंने अपने गांड में घुसा लिया.........

तब तो मुझे चलने में दिक्कत हो रही है.............

यही सब सोचते हुए मई अजय का लुंड चूसने लगी.........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh आंटी रांड क्या खूबसूरत लिप्स है आपके ......इन होंठो को तो मई किसी काले बुड्ढे से छुडवाउंगा............

मई हँसते हुए बोली - हहहहहए ाचा जी खुद मुझे इतनी बेरहमी से करके आपका मैं नहीं भरा जो मुझे किसी काले बुड्ढे से व् करवाना छह रहे हो.......

अजय - करवाना नहीं मेरी रांड छुड़वाना छह रहा हु..........

मई मुस्कुराते हुए उसके तत्तो को अपने गुलाबी ज़बान से चाट तय हुए बोली - हाँ वही........

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अजय - वही नहीं मेरी रंडी छुड़वाना बोलो.......

मई - मई तुम्हारी तरह बेशरम नहीं hu.......badmash ........

अजय - आपको तो मई इतनी बेशरम बना दूंगा की आप खुद दूसरे मर्दो से उछाल उछाल के छुडवाओगी.........

मई अजय को बातो से फिर से गरम होने lagi...........or अजय के लुंड को मुँह में भर कर ज़ोर से चूसने लगी.........

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी लगता है तू मेरा विरए फिर से निकलवा देगी .......इतना मस्त तू चूस रही है की मुझे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है.......







अजय ने मेरी कपडे को निचे से ऊपर उठा दिया मेरी कमर तक जिसकी वजह से मेरी मोती गांड ब्लैक पंतय में कैद भट हे कामुक दिखने लगी अजय ko.....lekin मई तो उसका लुंड चूसने में मस्त थी.........

मई भट मस्ती में अजय का लुंड चूस रही थी अपने हाथो से पकड़ kar.....kabhi मुँह के अंदर लेती कभी उसके लुंड को बहार हे बहार चाटने लगती .........





अजय से अब बर्दास्त करना मुश्किल हो गया ........कुछ देर हे मैंने उसका लुंड चूसा था की अजय के मुँह से कामुकता भरी आवाज़ निकलने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

रंडी साली क्या चूस रही बहनचोद chhinaar.....aise हे हाँ ऐसे हे चूस .......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मई झरने वाला हु aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh...........

बोलते हुए अजय मेरे दुपट्टे को चेहरे पर धक् दिया और अपना सारा गरम गरम विरए मेरे दुपट्टे पर गिराने लगा.........





अजय के वीर्य की स्मेल मुझे फिर से छुडासी बना दिया tha.....maine खुद से अपने कपडे को ऊपर करके ब्रा को व् ऊपर कर दिया और अजय को बोली......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय मेरी चुकी में गिराओ अपना क्रीम ........और मई दोनों हाथो से अपनी चुकी को पकड़ कर अजय के वीर्य को अपनी चुकी में गिरवाने lagi........uska गरम गरम गाढाआआ विरए मेरी चुकी में गिर रहा था और इधर मेरी छूट में हलचल मच रही थी.......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh जान aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh करते हुए अजय अपना पूरा विरए मेरे मुँह पर ढके हुए दुपट्टे पर और मेरी चुकी में गिरा दिया.......

मई मस्त हो चुकी thi....mera मैं तो कर रहा था अजय को बहो में भर कर फिर से अपनी छूट उसके मोठे लुंड से chudwaun........lekin रत के लगभग 10 बजे चुके the....or मुझे जल से जल्द घर जाना था..............

मई उठ कर अपने कपड़ो को ठीक करने lagi.................jisse मेरी सुडोल चुकी कपड़ो में से हल्का हल्का झांक रही थी.......



 
आगे की कहानी ज़ैद की ज़ुबानी........

अम्मी अपने कपड़े ठीक करके वह रखा हुआ टेबल पर हाथ रख कर अपने गांड बहार निकल कर कड़ी हो gayi.....or अजय को एक सेक्सी सी मुस्कान देती हुयी बोली..........

आज तो तुमने मुझे चलने लायक नहीं छोरा hai.....khadi होने की व् ताकत नहीं बची है mujhme......ab पता नहीं मई घर कैसे जाउंगी........





अजय - मई छोर देता हु आपको घर ......

अम्मी - नहीं नहीं ज़ैद को कॉल करके बुला लेती हु...........

अजय - अचे से जाना मेरी जान ....आपकी गदरायी जवानी देख कर कही कोई बुद्धा या जवान आपके पीछे न पद जाये.......

अम्मी हँसते हुए बोली - एक जवान तो पहले से हे पीछे पड़ा hai........ek और पद जाएगा तो व् मई संभाल लुंगी ......बोलकर अम्मी ज़ोर से हंस पड़ी..........

अजय - हाआआयययय ये अदा .....दिल तो करता है आपको रात भर छोड़ता राहु........

अम्मी - घर आ जाना अगर रात भर मज़ा लेना है तो.........

अजय - आप जब बुलाओ बाँदा हाज़िर है.......

अम्मी - भट लेट हो चुकी है अब मुझे जाना hoga......mere शोहर आ गए तो मेरी सहमत आ jaegi.............chalo बई .....

बोलकर अम्मी दरवाज़े से बहार निकल जाती hai........or अजय वही बिस्टेर पर लेता रहता है..............

अम्मी लंगड़ा कर चल रही thi.........itna छोड़ा था अजय ने अम्मी ko......ki उसकी कमर में दर्द हो गया tha....chut और गांड में दर्द तो था हे...........

अम्मी जैसे हे रूम से बहार निकलती है वह पर वही बुद्धा फ्लोर साफ सफाई कर रहा था जो बुद्धा उसके आने के टाइम निचे उसकी गांड को देख कर कमेंट किया tha...........ekdam काला कलूटा गन्दा सा buddha...................shayad वो जान बुझ कर उस रूम के बहार tha.......ammi को हे देखने क liye.....................ammi की नज़र जैसे हे बुड्ढे से मिली बुद्ध एक हरामी स्माइल देने laga........ammi एकदम से शर्मा gayi............or जल्दी जल्दी लिफ्ट के तरफ बढ़ने लगी ..........अम्मी ने पेंसिल हिल वाली रेड कलर की सांडले पहनी हुयी thi.......jiski वजह से उनकी गांड और ज्यादा मटक रही thi.........ammi की बड़ी बड़ी चुकी को उनका कपडा व् नहीं छुपा प् रहा tha........aisa लग रहा था जैसे उनकी दोनों चुकी बुरका फाड़ कर बहार आ जाएगा.........





लंगड़ाने की वजह से अम्मी की मोती गांड एकदम से हिलने लगी ...........अम्मी को अजय की बात यद् आने lagi........."apki गदरायी गांड देख कर कही कोई बुद्धा आपके पीछे न पद jaye"..........ammi की धड़कन तेज़ हो gayi.......ammi मन में सोचने लगी ............कितना गन्दा बुद्धा है owkkkkkk......or मुझे किसे गन्दी नज़रो से देख रहा है बुद्धा खूसट.........

अम्मी बुड्ढे के बगल से गुज़रते हुए एक नज़र बुड्ढे को dekha.........buddhe के दिल में तो छुरियां चल gayi........buddha बोलै ......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या खूबसूरत आंखें hai.........ammi एकदम से शर्म से लाल हो gayi........or अपनी नज़र निचे कर li......or सीधा आगे बढ़ने लगी.......





अम्मी अपनी गांड मटकाती हुयी लिफ्ट के तरफ बढ़ने लगी ....वो सफाई करने वाला लौ क्लास वर्कर बुद्धा अम्मी की गांड को देख कर लार टपकाने लगा..........

अम्मी थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी जिसकी वजह से उसकी गांड और ज्यादा मटक रही थी...........

बुद्धा व् अम्मी के पीछे पीछे लिफ्ट की तरफ बढ़ने लगा अम्मी की मोती गांड को एकदम करीब से देखने के liye...........buddha जल्दी जल्दी चल कर अम्मी के ठीक पीछे आ gaya.....or अम्मी की मरकटी गांड को घूरते हुए इतनी आवाज़ में बोलै की अम्मी सुन ले........

बुद्धा - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली क्या गदराया गांड है इसका...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतनी मोती और इतनी सुडोल गांड मैंने ज़िन्दगी में आज तक नहीं देखि hai..........isko तो कुटिया बना कर छोड़ने में मज़ा हे आ jaega............mera एक फुट का लोढ़ा इसी गांड के लिए बना है ...ऐसा लगता है..........

अम्मी उसकी गन्दी कमेंट सुन कर शर्म से पानी पानी हुए जा रही thi.........ammi को छूट तो पहले से हे गीली थी अजय का लुंड चूस कर और उसका विरए चाट kar.............ab इधर बुड्ढे की गन्दी कमेंट सुन कर तो अम्मी की धड़कने इतनी तेज़ हो गयी की अम्मी उनकंफर्टबले महसूस करने लगी...........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली बड़े घर की शरीफ औरतो को छोड़ने का सपना लगता है सपना हे रह jaega..........bade घर की औरतो का जिस्म इतना गदराया क्यों रहता hai...........kash ये मुझे एक बार मिल jaye.....ise तो मई ऐसा छोडूंगा की साली ज़िन्दगी भर मुझे यद् रखेगी ......

अम्मी के माथे से पसीना निकलने लगा बुड्ढे की बात सुन कर...........

बुद्धा अम्मी के एकदम करीब पहुँच gaya..........or हलके से बोलै.........

बुद्धा - मेमसाब आप आयी थी तो एकदम सही चल रही thi......achanak सा लंगड़ाने कैसे लग गयी aap.......ammi बुड्ढे को गुस्से से देखने lagi.........fir सोची यहाँ उसकी मदद के लिए कोई नहीं hai....isliye बुड्ढे से अच्छे से हे बात करती हु.........





अम्मी हड़बड़ाते हुए बोली ....व वो वो थोड़ी चोट आ गयी है कमर पर.........

बुद्धा हरामी मुस्कान देते हुए बोलै - हाँ ोयो रूम में जो व् आती है सब लंगड़ा कर हे वापस जाती है अपने घर.......

अम्मी बुड्ढे को गुस्सा से देखते हुए घूरने lagi.......or मन हे मन sochti.....sala ठरकी बुद्धा एक पेअर कबर में है और कैसी गन्दी बातें कर रहा है..........





बुद्धा अम्मी को घूरता हुआ देख कर एक हरामी मुस्कान देते हुए bola.......memsab एक बात बोलू बुरा तो नहीं मानोगी आप.......

अम्मी का दिल ज़ोर से धड़कने लगा ....की पता नहीं बुद्धा क्या बोलने वाला है........

अम्मी - हाँ बोलिये.........

बुद्धा - आपको मैंने निचे देखा था आते हुए .............उस टाइम से अभी तक आपकी एक झलक देखने क लिए मई कबसे परेशां hu..............aap बाला की खूबसूरत hai.......aap ढके हुए में इतनी खूबसूरत हो तो अंदर से आप कितनी खूबसूरत होंगी........

अम्मी अपनी तारीफ सुन कर शर्म से लाल हो gayi.......or अपने हाथो से अपने कपडे को सही करते हुए शर्माने lagi........hath ऊपर करने से अम्मी की चुकी और व् ज्यादा दिखने लगी thi.........jise बुद्धा भट गन्दी नज़रो से देखने लगा...........





अम्मी शरमाते हुए बोली - जी शुक्रिया चाचा जी.......

अम्मी के शुक्रिया बोलने से बुड्ढे को हिम्मत और ज्यादा बढ़ गयी..........

बुद्धा भट गन्दी नज़रो से अम्मी की चुकी को घूरते हुए बोलै......

बुद्धा - मेमसाब आपका ये दोनों भट बड़ी बड़ी है.............

अम्मी गुस्से से लाल हो गयी और बोली - ये क्या बदतमीज़ी है............

बुद्धा - इसमें बद्तमीज़ वाली क्या बात हुयी memsab.......apki दोनों आंखें सच में भट बड़ी बड़ी और खूबसूरत hai...ekdam हिरणी की आँखों की तरह............

अम्मी मन हे मन मुस्कुराने lagi......buddha देख कुछ और रहा है और बोल कुछ और रहा hai......kamina कही का ठरकी बुद्धा............

अम्मी ने जान बुझ कर अपने कपडे को कमर के पास थोड़ा समेत लिया जिसकी वजह से उनकी बड़ी बड़ी सुडोल चुकी और व् ज्यादा सेक्सी लगने लगा.............





अम्मी इस बार कुछ नहीं बोली बस अंदर हे अंदर बुड्ढे की बातो को एन्जॉय करने लगी.............

बुद्धा - वैसे आपकी आवाज़ व् भट सुरीली hai.............jab मैंने आपको निचे देखा था तो मुझे ऐसा लगा की जन्नत की कोई हूर आ गयी हो इस होटल me............koi औरत इतनी ज्यादा खूबसूरत कैसे हो सकती है.........

अम्मी एकदम शर्म से लाल हो gayi..........buddhe की बात से.......

अम्मी जल्दी जल्दी लिफ्ट के पास चली gayi......lekin लिफ्ट अभी आया नहीं था..........

बुद्धा - मेमसाब लिफ्ट का मेंटेनन्स का काम चल raha....dus मिनट लगेगा ठीक होने me.........agar आप चाहे तो सीढ़ियों से निचे का सकती हो........

अम्मी एकदम से चौकते हुए बोली - kyaaaaaaaaaaa............ya खुदा दस मिनट मई यहाँ क्या करुँगी .........

बुद्धा - ये ज़रूरी नहीं है की दस मिनट हे lage....usse पहले व् ठीक हो सकता hai.....jabtak आप बहार का नज़ारा dekhiye........waha शीशे से.......

मई मासूमियत से बुड्ढे को देखते हुए बोली - कोई और रास्ता नहीं है क्या चाचा जी.......

बुद्धा मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै - दूसरा एक हे रास्ता है मेमसाब वो है sidhi...........aap इतना परेशां मत howo.....bas दस मिनट की हे तो बात hai.......jabtak आप यहाँ से सिटी का नज़ारा देख lo......yaha से हमारा शहर भट खूबसूरत दीखता है बिलकुल आपकी तरह......

बुद्धा जनता था औरतो को कैसे बास में करना है..........

मेरी अम्मी अपनी तारीफ सुन कर शर्मा gayi.......or उनके चेहरे पर मुस्कान तैर gayi..............ammi मन हे मन सोचती hai......ajay ठीक हे कहता है की मेरा जिस्म इतना गदराया हुआ है की बुद्धा लोग का व् लुंड खड़ा हो jaye.............to क्या मेरा जिस्म देख कर इस बुड्ढे का व् लुंड खड़ा हो गया hoga.............dhatt मई व् क्या क्या सोचने लगती hu..................lekin बुद्धा मेरी दूध को कैसे खा जाने वाली नज़रो से घर रहा hai..........iska मतलब ये मृ मोती गांड को व् खा जाने वाली नज़रो से घर रहा था जब ये मेरे पीछे था to..............ammi का पूरा जिस्म गंगनाआए उठा ये सोच कर की एक काला कलूटा लौ क्लास बुद्धा वर्कर उसकी चुकी को घर रहा hai.....or उसकी मोती गांड को व् घर रहा hai.....ammi ने बुड्ढे को और ज्यादा तैसे करने के लिए अपने चेहरे से कपडा हटा diya..........or भट हे सेक्सी नज़रो से बुड्ढे को देखा.................





बुद्धा पहली बार मेरी अम्मी का चेहरा देख रहा tha......buddha का मुँह खुला का खुला रह गया अम्मी को देख कर बुद्धा के मुँह से निकल gaya..................hey भगवन ये औरत है या पारी या कोई अप्सरा या hoor......itni खूबसूरत औरत तो मैंने अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा था...... ..........

अम्मी अपना मोबाइल निकल कर सेल्फी लेने lagi........ammi ने जान बुझ कर अपनी चुकी को बहार की और निकल लिया और अपने जिस्म को टाइट कर liya....selfie लेने के bahane............aisa लग रहा था जैसे अम्मी की चूचिया कपडा फाड़ कर बहार आ jaengi...........buddha की तो हालत ख़राब हो गयी अम्मी को देख kar............Chand जैसा नूरानी चेहरा गदराया हुआ jism.....badi बड़ी सुडोल चुकी उभरे हुए gand..........buddha का लुंड उसके ट्रॉउज़र के अंदर खड़ा होने लगा...........





बुद्धा मन में सोचने लगा.........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली क्या मस्त माल है randi........man तो कर रहा यही पकड़ कर छोड़ दू इस रंडी ko.....bade घर की औरतों का गांड इतना गदराया हुआ क्यों होता hai..........sochte हुए बुद्धा अपने ट्रॉउज़र के ऊपर से हे अपना लुंड सहलाने laga.................buddhe ने अंदर से अंडरवियर नहीं पहना हुआ tha.......jiski वजह से उसके पतले ट्रॉउज़र से उसका लुंड का शेप साफ़ पता चलने लगा..........

अम्मी की नज़र जैसे हे बुड्ढे की तरफ gayi......ammi का डिल ज़ोर से धक् सा कर gaya..........ammi को ऐसा लगा जैसे उनका दिल एक झटके में बहार निकल jaega..............buddha तरौसे के ऊपर से अपना गधा के जैसा लुंड सहला रहा था अम्मी की गदरायी जवानी देख kar.............ammi की नज़र जैसे अटक सी गयी बुड्ढे के लुंड पर.................

अम्मी मन हे मन सोचने लगी - ओह माय गॉड ये क्या hai............yeto ज़ैद और अजय से व् काफी बड़ा और मोटा लग रहा पंत के अंदर he.....to बहार आएगा तो कितना बड़ा और मोटा होगा........ बाआआपपपपप reeeeeeee........itna बाद लुंड पंत के अंदर देख कर अम्मी की छूट गीली होने लगी...........





अम्मी को अपना लुंड को घूरते देख कर बुद्धा समझ गया की ये छुडासी औरत है ....इसकी छूट को मोटा और बड़ा लुंड चाहिए..............

बुद्धा अम्मी को टोकते हुए bola......kya देख रही हो मेमसाब.....

अम्मी एकदम से हड़बड़ा गयी और बोली - का का का कुछ नहीं कुछ व् तो nhi.........bolkar अम्मी बुड्ढे की तरफ पीठ करके बहार देखने लगी........

अब अम्मी की मोती गांड बुड्ढे के सामने थी............





Aaaaaaaaaaaaah haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या गांड hai.....man तो कर रहा इसे नंगी करके अपना मुँह इसके गांड के छेड़ में लगा दू और इसके गांड को चूस चूस कर उसकी छूट का पानी निकल दू...........

अब बुद्धा खुल कर गन्दी बात बोलने लगा tha......kyu की बुद्धा समझ गया था की अम्मी की अम्मी उसके लुंड को हे घर रही thi.............buddha अम्मी के गांड के एकदम करीब आ गया और गांड को घूरने laga........itni नज़दीक से अम्मी की गांड इतनी सेक्सी लग रही थी की बुड्ढे का लुंड प्रेकम छोड़ने लग गया........





अम्मी का दिल ज़ोरो से धड़क रहा था .....अम्मी मन हे मन सोच रही थी......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे ये क्या हो रहा hai....ek गन्दा बुद्धा को देख कर मेरी छूट क्यों गीली होने लगी hai...........jo व् हो लेकिन बुद्धा का लुंड कितना बड़ा और मोटा दिख रहा था पंत के अंदर..... बाआआपपपपप reeeeeeee.........itna मोटा और बड़ा व् भला किसी मर्द का हो सकता hai........or हरामी बुद्धा कैसी गन्दी नज़रो से मेरी चुकी को घर रहा था .....जैसे खा हे जाएगा कमीना.............





इतने में ज़ैद का कॉल आ गया......

ज़ैद - hello अम्मी कहा ho.....mai आ गया हु निचे पार्किंग में hu....aap आ जाओ......

अम्मी - बीटा यहाँ की लिफ्ट ख़राब hai.......mai 7तह फ्लोर पर हु ........

ज़ैद - ok रुको मई अत हु.......

बोलकर मई सीधी से 7तह फ्लोर आने लगा........

जैसे हे मई वह पहुंचा अम्मी ने वापस से नकाब वैगेरह ठीक कर लिया था..........

मैंने बुड्ढे को अम्मी के पास देखा तो मुझे कुछ डाउट hua..........mai समझ गया की बुद्धा अम्मी की गदरायी जवानी देख कर अम्मी को लाइन मार रहा hai..............mera लुंड हल्का हल्का झटके मरने लगा ...........ये सोच कर की ये गन्दा सा बुद्धा जब अम्मी को छोड़ेगा तो क्या हे मज़ा आएगा ..........

और फिर मेरी नज़र बुड्ढे के ट्रॉउज़र में बना हुआ टेंट पर pada.......mera दिल ज़ोरो से धड़कने laga.........buddha का लुंड वाकई में काफी बड़ा और मोटा था...... ट्रॉउज़र के अंदर किसी अजगर सांप के तरह खड़ा था............

बुद्धा मुझे देख कर डर सा गया............

अम्मी - तुम इतनी ऊपर सीधी चढ़ कर क्यों ए beta.........lift बस स्टार्ट होने हे वाला था अब..........

मई हँसते हुए बोलै - अपने बेटे को क्या इतना कमजोर समझी हो आप अम्मी ...........मई 7 क्या 70 सीधी व् चढ़ सकता हु नॉन स्टॉप............

अम्मी - हाँ हाँ ठीक है .........बड़ा आया टार्ज़न .........

मई - इसमें कोई शक है kya.........waise ये कौन है अम्मी........

अम्मी - ये यहाँ काम करते है beta.......lift बंद थी तो ये अंकल मुझसे थोड़ी बात कर रहे थे..........

अम्मी ने सफ़ेद झूट बोल diya........kahi मई इस बुड्ढे को मरने न लग जॉन.......

लेकिन बुड्ढे का खड़ा लुंड ट्रॉउज़र के अंदर देख कर मई समझ गया की यहाँ क्या चल रहा था.............

मैंने कसुआलय बुड्ढे से पूछा .......क्या नाम है अंकल आप का.........

बुद्धा - जी साब मेरा नाम गुज्जर है........

मई - बड़ा भयंकर नाम है अंकल आप ka.........daku गुज्जर Singh.....hahahahaha..........

बुद्धा - वैसे मेरा नाम शंकर है लेकिन जबसे मेला फिलिम आया है तबसे लोग मुझे गुज्जर हे बोलते hai........bolte है की मई गुज्जर सिंह के जैसा खूंखार दीखता हु..............

मई - लोग सही कहते है uncle......aap सच में भट खूंखार दीखते ho............hahahaha.........waise आप रहते खा हो.......

बुद्धा - जी मई झोपड़ पट्टी में रहने वाला hu..............yaha साफ़ सफाई का काम करता hu..........bht गरीब आदमी हु साब मई........

मई - ाचा मई आपको काका bolunga..........acha काका मेरा नंबर रखिये आपको किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे कॉल करियेगा..........

बुद्धा अम्मी की चुकी को घूरते हुए बोलै - मुझे जो चीज़ चाहिए वो आप मुझे नहीं दे sakte......sirf आपकी अम्मी दे सकती है............

अम्मी बुड्ढे को गुस्से से घूरने lagi.......or मन हे मन सोचने lagi..........sala ठरकी बुद्धा ज़रा व् डर नहीं ise......dekho तो मेरे बेटे के सामने हे मेरी चुकी को कैसे खा जाने वाली नज़रो से घर रहा है...........

मई - तो क्या हुआ आप मेरी अम्मी से ले लेना आपको जो chahiye.........hai न अम्मी .....बोलकर मई अम्मी को देखने लगा.......

अम्मी हड़बड़ाते हुए बोली - हाँ हाँ क्यों नहीं क्यों नहीं.........

बुद्धा अम्मी की चुकी घूरते हुए बोलै - तो कब आ जॉन आपके घर आपसे लेने क liye........buddha डबल मीनिंग में बोलै.........

अम्मी हड़बड़ा कर बोली - जी काका व वो वो करने लगी.....

इतने में मई bola.......lijiye आप अम्मी का मोबाइल नंबर रखिये kaka......kb आपको किसी चीज़ की ज़रूरत पड़े आप अम्मी को कॉल कर लेना............

अम्मी हैरान हो gayi......mai एक अनजान बुड्ढे को अम्मी का नंबर दे रहा tha.................lekin अम्मी को क्या मालूम मई क्या चाहता tha......isi बुड्ढे से अम्मी की चुदाई करवाना था मुझे...........

तो बे कॉन्टिनोएड..........
 
अब आएगग्गीीीी.......

मैंने अम्मी का मोबाइल नंबर गुज्जर को देदिया और खुद का नंबर व् दे दिया.........

मई - अम्मी आप लिफ्ट से जाओ मई सीढ़ियों से अत हु .......

रुकसाना - लेकिन क्यों बीटा तुम व् लिफ्ट से हे चलो .........

अम्मी जब मुझसे बातें कर रही थी तो बुद्धा अम्मी की खूबसूरत चेहरे को हे देख रहा था......





ऐसा लग रहा था जैसे बुद्धा अम्मी के रसीले होंठो को अभी चूस जाएगा ........

अम्मी को गुलाबी गाल लाल लाल होंठ बड़ी बड़ी आंखें देख कर किसी का व् मन मचल उठता.........





मई - भट दिनों बाद तो सीढियाँ चढ़ने उतरने को मिला hai.......isse मेरी फिटनेस अछि rahegi......aap रिसेप्शन के पास रहना मई फ़ौरन आ जाऊंगा........

रुकसाना मुस्कुराते हुए बोली - ok बीटा अस ु विश......





बोलकर अम्मी एक बार तिरछी नज़र से गुज्जर के तरफ dekhi.........or मन हे मन बुदबुदाने lagi.......sala कमीना बुद्धा कितना बेशरम है मेरी चुकी को हे घर raha....ise ज़रा व् डर नहीं है की मेरा बीटा मेरे साथ hai...........buddha बिना शर्मा हाय के अम्मी की चुकी को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा tha........ek बुड्ढे के द्वारा अपनी जवानी को इस तरह घूरता देख कर अम्मी के मन में व् वासना बढ़ने लगी थी......

अम्मी अपने गाल पर हाथ रख कर बुड्ढे को एक अदा से देखने लगी जैसे कह रही हो की देख क्या रहे हो मसल दो मेरी चुकी ko...........kha जाओ inhe.......ammi इतनी नशीली आँखों से बुड्ढे को देख रही थी की बुद्धा पागल सा हो गया अम्मी की इस अदा से देखने भर से........





अम्मी बुड्ढे को तैसे करने के लिए भट हे सेक्सी आवाज़ में बोली - काका अब मई चलती hu........kisi चीज़ की ज़रूरत हो तो बेझिझक मुझे कॉल कर सकते हो aap........bolkar अम्मी हल्का मुस्कुरा देती है........





बुद्धा - जी मेमसाब आपका भट भट dhanyawad.....apke जैसी लड़की मुझ जैसे हर हर गरीब को मिल जाये तो उसका जीवन सफल हो जाये........

गुज्जर ने जान बुझ कर औरत के जगह लड़की वर्ड bola.......khud को लड़की सुनने से अम्मी और व् ज्यादा शर्मा गयी.........





अम्मी शरमाते हुए बोली - ऐसी कोई बात नहीं है काका ये तो हर इंसान का फ़र्ज़ है की गरीबो की मदद करनी चाहिए.......

बुद्धा - लेकिन हर कोई आपके जैसी अच्छी नहीं होती na......apke जैसा बड़ा dil......bolkar बुद्धा अम्मी की चुकी के तरफ इशारा कर देता hai........har लड़की का कहा होता है..........

अम्मी बुड्ढे का डबल मीनिंग बात समझ जाती है की बुद्धा बड़ा उसकी चुकी को कह रहा hai..........ammi शर्म से लाल हो जाती है..........

अम्मी की चुकी इतनी ढकी होने के बाद व् कपडा को फाड़ कर बहार आने को बेताब thi.........dhake हुए कपड़ो में अम्मी की चुकी और व् ज्यादा सेक्सी लग रही thi........ammi को व् शायद मज़ा आ रहा था अपनी चुकी दिखने में.......

अम्मी व् बुद्धा को रिझाने के लिए अपने सर से स्कार्फ़ हटा कर अपने बालो को खुला छोर देती hai.......or फिर बुड्ढे को एक भट हे सेक्सी नज़र से देखने लगती hai......ammi की बड़ी बड़ी सुडोल चुकी क्या कमाल की दिख रही thi.........man तो कर रहा था की अम्मी को बुड्ढे के सामने हे छोड़ दू.........





मई येसब देख कर और ज्यादा गरम होने लगा tha.....mera लुंड पंत के अंदर खड़ा होने लगा था..........

इतने में बुद्धा बोलै - मेमसाब आपके जैसी बड़े घर की लड़कियां इतनी खूबसूरत होने के बावजूद व् कितने नरम दिल की होती है............

अम्मी शरमाते हुए बोली - ठीक है काका अब मई चलती hu...bolkar...........lift के तरफ बढ़ जाती है.......









अअअअअअअ

अम्मी मन हे मन सोचती hai.......kya मई सच में भट सेक्सी हु.....? Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मर्दो को तैसे करने में कितना मज़ा अत hai...........mujhe पहले पता हे नहीं था.........

अम्मी अब जान बुझ कर अपनी बड़ी सी गांड मटकते हुए लिफ्ट के तरफ चल पड़ती hai............ammi जान बुझ कर अपनी गांड को कुछ ज्यादा मटका रही थी ताकि बुद्धा उसकी गांड की थिरकन को देख कर और ज्यादा पागल हो jaye......ammi की मोती गांड उसपर खुले हुए रेशमी baal........dekh कर बुद्धा का लुंड पंत के अंदर हे फड़फड़ाने लगता है..........





अब अम्मी लिफ्ट के पास पहुँच कर एक झटके में पीछे मुड़ती hai.....or अपने बालो को झटका देकर आगे कर लेती hai.......buddha अभी तक अम्मी की मस्तानी गांड को हे घर रहा tha..........apni गांड को इस तरह घूरता देख कर अम्मी का सेक्स और ज्यादा बढ़ जाता है...............





अम्मी बुड्ढे को भट प्यारा इ देखती hai.....sexy नज़रो se..........buddha से रहा नहीं जाता और वो अम्मी की आँखों में देखते हुए अपने हाथो से अपने लुंड को मसल देता hai..........pant के ऊपर से he........pant के ऊपर से लुंड को मसलता देख कर अम्मी की धड़कन बढ़ जाती है और अम्मी की आँखों में नशा छाने लगता hai.........ammi की लाल लाल होंठ और नशीली आंखें देख कर तो बुड्ढे का प्रेकम निकल जाता है........





इतने में लिफ्ट आ जाता hai.......ammi जैसे हे लिफ्ट के अंदर जाने के लिए मुड़ती है उसकी मोती गदरायी गांड देख देख कर बुद्धा अपना लुंड पंत के ऊपर से पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलने लगता hai......or ज़ोर से कहता है ताकि अम्मी सुन ले......

बुद्धा - है मेरी जान क्या गदराया गांड है Tera......man तो कर रहा अपना एक फुट का लुंड इस गदरायी गांड में घुसा कर तुम्हे खूब छोड़ू.........





बुड्ढे की गन्दी बात सुन कर अम्मी की हालत ख़राब होने लगती है वो जल्दी सा लिफ्ट में चली जाती है और लिफ्ट ऑटोमेटिकली बंद हो जाता है............

निचे जाकर अम्मी रिसेप्शन में पहुँच कर वह बैठे हुए एक यंग लड़के से कहती hai..........maine आने के टाइम अपनी I'd दी थी वो I'd वापस कर दीजिये ज़रा........





वो लड़का अम्मी के हुस्न की देख कर पागल हो जाता hai......ammi ने लिफ्ट में हे अपने चेहरे को धक् लिया tha...ammi की सिर्फ आंखें दिख रही thi.....or अम्मी ने जानबूझ कर अपने चुकी के पास से स्कार्फ़ हटा दिया था ताकि उसकी बड़ी बड़ी दूध से व् गोरी चुकी देख कर मर्द अपने लुंड को सहलाने पर मजबूर हो जाये........





लड़का का लुंड एक झटके में खड़ा हो गया था इतनी सेक्सी मिलफ देख कर.........

इधर मई बुड्ढे से बात करते हुए सीढ़ियों से निचे आने लगता है.....

मई - काका मुझे आपसे एक बात करनी है........

बुद्धा - हाँ साहब बोलिये न......

मई - पहले आप वडा करो की ये बात सिर्फ मेरे और आपके बिच रहेगा..........

मई हिचकते हुए बोलै - काका मेरी अम्मी कैसी लगी आपको........

बुद्धा - जी साहब आपकी अम्मी तो भट अछि hai....dil की भट साफ़ है.......

मेरा दिल भट ज़ोरो से धड़कने लगा मई डरते डरते बोलै - मई जो कह रहा हु काका वो आप समझ नहीं रहे ho......mera मतलब hai......meri अम्मी सर से पेअर तक आपको कैसी लगी.......

बुद्धा समझ गया मई क्या कहना चाहता हु......

बुद्धा - आपकी अम्मी सर से पेअर तक भट अछि है ..........बुद्धा व् हरामी था वो मेरे मुँह से गन्दी बातें सुन्ना छह रहा था........

मई - अब मई कैसे समझों काका apko...........meri अम्मी से मई भट प्यार करता hu.......mere अब्बू मेरी अम्मी को सही से प्यार नहीं देते hai.........or अम्मी का जिस्म प्यार पाने के लिए जलता रहता hai..........isliye मई चाहता हु की मेरी अम्मी को मई जिस्मानी ख़ुशी दिलवाऊं दूसरे मर्दो se..........ab बताओ आपको मेरी अम्मी कैसी lagi.........ammi का जिस्म कैसा लगा apko......ammi की खूबसूरती कैसी लगी apko........agar मक आपका साथ दू तो आप मेरी अम्मी को रगड़ कर छोड़ना अपनी रांड बना kar...........itna छोड़ना की अम्मी की छूट का पानी सूख jaye...........itni बेरहमी से छोड़ना मेरी अम्मी को की वो ठीक से चल व् ना पाए............

मई बिना रुके बोलता चला gaya....ek हे साँस me.......or बुद्धा मेरी बातो को हैरान होकर सुनता चला गया........

जब मई बोलना ख़तम किया तो बुद्धा मुझे हँसते हुए देखा और बोलै - बीटा तेरी अम्मी तो कयामत है kyamat.....kya गदराया गांड है तेरी अम्मी ka....haay साला मेरा लुंड अभी तक खड़ा है तेरी अम्मी का गदराया गांड देख kar..........use तो मई अपनी पर्सनल रंडी बना कर इतना छोडूंगा साली छिनार चिल्ला चिल्ला कर मर हे jaegi................sali को कुटिया बना कर उसके गांड में अपना घोड़े जैसा लुंड जब मई घुसूंगा तब तू देखना वो रंडी कैसे छटपटाने लगेगी...........

काका की बात सुन कर मेरा लुंड पंत के अंदर फड़फड़ाने laga....apni हे अम्मी को एक बुड्ढे से छुड़वाने का बात करते हुए एक अजीब सा सेक्स मेरे अंदर चढ़ने लगा tha......mera दिल धक् धक् करने लगा था सिर्फ सोच कर हे की ये बुद्धा मेरी खूबसूरत अम्मी को रगड़ कर जब छोड़ेगा तो कितना हे मज़ा आएगा देखने में..........

मई - तो काका आपका काम है अम्मी को पता कर उसे अपनी रखैल बना कर खूब chodna............kal आप मेरे घर आ जाना कोई बहाना बना kar........han सूरज डूबने के बाद आना जब अँधेरा हो जाएगा.........

बुद्धा - ठीक है beta....mai इस गदरायी घोड़ी के लिए सूली पर चढ़ने के लिए तैयार hu.........ab चाहे जो हो जाये मई इस गदरायी माल की छूट और गांड अपने घोड़े जैसे लुंड से फाड् कर हे रहूँगा........
 
अब आएगग्गीीीी...........

आगे की कहानी रुकसाना की ज़ुबानी.....

मई रिसेप्शन से अपना I'd कार्ड लेकर गाड़ी के तरफ बढ़ gayi......mera बीटा व् गाड़ी के पास आ गया था.....

ज़ैद - अम्मी आप पीछे आराम से बैठ jao........bht ज्यादा थक गयी होंगी आप.....

मई ज़ैद को बातो से झेंप गयी.......

मई - नहीं बीटा मई आगे बैठूंगी........

ज़ैद मेरी आँखों में देखते हुए बोलै - क्यों आप थकी नहीं हो kya........bolkar ज़ैद हल्का मुस्कुरा diya.......mai ज़ैद की बात को समझ कर एकदम से शर्मा gayi.......mujhe पता था ज़ैद क्या कहना छह रहा है........

मई बात को घूमते हुए बोली - जल्दी चलो नाआआआ तुंहरे अब्बू आ जाएंगे तो भट गड़बड़ हो जाएगी .........

ज़ैद ok बोलकर ड्राइविंग सीट पर जाकर बैठ गया और मई उसके बगल में बैठ गयी.......

ज़ैद ड्राइविंग करने laga.........mai शर्म से कुछ बोल नहीं पा रही थी और ज़ैद व् कुछ बोलना छह रहा था लेकिन बोल नहीं पा रहा tha.........hum दोनों इसी तरह खामोश बैठे बैठे घर पहुँच चुके थे.........

कुछ हे देर में ज़ैद के अब्बू आ गए उनके हाथो में भट सारा पैकेट्स था.......

मई - क्या हुआ जी आज भट जल्दी आ गए आप और इन पैकेट्स में क्या है.........

ज़ैद के अब्बू मुस्कुरा कर बोले - आज मेरी बर्बादी की सालगिरह hai......bolkar ज़ैद के अब्बू हंस पड़े...... हमलोग सेलिब्रेट करेंगे.....12 बजे के बाद.........

बेटे के दोस्त से छुड़वाने के चक्कर में मुझे यद् हे नहीं रहा की आज रत हमारी मैरिज एनिवर्सरी hai.........or मेरे शोहर कभी व् एनिवर्सरी सेलिब्रेशन करना नहीं भूलते है........

मैंने वो सब पैकेट उठा कर अपने रूम में रख दिया और मेरे शोहर व् फ्रेश होकर बैडरूम में थोड़ा आराम करते हुए अपना मोबाइल चलने लगे.............

मैंने उन्हें के सामने वो सब पैकेट खोला तो उसमे मुझे रेड साड़ी के साथ मैचिंग ब्रा पंतय ब्लाउज मिला लेकिन उसमे पेटीकोट नहीं था.........

मैंने अपने शोहर को देखते हुए कहा - इसमें तो पेटीकोट है हे नहीं .....

मेरे शोहर ने हँसते हुए कहा - मेरी जान यही तो मई चाहता हु की बिना पेटीकोट के तुम सिर्फ पंतय के ऊपर से साड़ी pahno.......tumhari गांड इतनी मोती और उभरी हुयी है की उसे देखने से हे लुंड खड़ा हो जाता है.........

मई शरमाते हुए बोली - धत्त बदमाश जवान बीटा घर ओर है ऐसे कैसे पहन लू...........

शोहर - जबतक वो सो नहीं जाता तबतक कोई दूसरा पेटीकोट पहन lo......simple.....or उसे खाना खिला कर सुला दो........

मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी .......और मई बोली - जाओ नाहा भट गंदे हो aap..........bolkar मई तैयार होने लगी.......

मई तैयार होकर जैसे हे कड़ी हुयी मुझे देख कर मेरे शोहर की आंखें फटी की फटी रह gayi.........mere हुब्बी ने मेरे लिए रेड साड़ी और उसके मैचिंग का ब्लाउज ब्रा पंतय को लाया था वो सब भट ज्यादा ट्रांसपेरेंट tha..........or एकदम सिल्क tha........maine एक अदा के साथ अपने शोहर को देखा ........मेरे बड़े बड़े दूध ब्लाउज फाड़ कर बहार आने को बेचैन थे.........





अपने शोहर को इस तरह खुद को घूरता देख कर मैंने शरारत भरे अंदाज़ में पूछा - क्या हुआ जनाब को ऐसे क्या देख रहे हो मुझे जैसे पहली बार देखा हो.....

हुब्बी - मसल्लाह क्या लग रही हो बेग़म tum........aisa लग रहा जैसे जन्नत से कोई हूर उतर आयी हो ज़मीन पर......

मैंने सेक्सी नज़रो से उन्हें देखते हुए kaha.......acha जी ..........ज्यादा मस्का लगाने की ज़रूरत नहीं hai.....ghar पर जवान बीटा hai..........uska व् ख्याल रखना पड़ेगा.......

हुब्बी - है मेरी जान उसका ख्याल रखने के चक्कर में मेरा लुंड कही सो न jaye..........ye जो तुम्हारी बड़ी बड़ी कोहिनूर के जैसी चूचियां है इन्हे तो मई आज खा जाऊंगा चबा चबा kar.......bolkar हुब्बी ने मेरे ब्लाउज में कैद बड़ी बड़ी चुकी को घूरने लगे...........





मुझे व् अब हल्का हल्का मदहोशी चढ़ने लगा tha......mere चेहरे पर हलकी सी मुस्कान तैर gayi......or मैंने जान बुझ कर अपने चुकी से अपने साड़ी के पल्लू को हटा diya......jisse मेरी सुडोल चूचियां गुब्बारे के जैसी दिखने लगी ब्लाउज के अंदर se.....aisa लग रहा था जैसे रेड कलर का कोई गुब्बारा हो.......





हुब्बी - सच में रुकसाना मई भट किस्मत वाला हु जो मुझे तुम जैसी हसीं ो जमील हूर पारी mili........haay क्या जिस्म है tumhara......sar से लेकर पेअर तक तुम कयामत हो....

मई अपने हुब्बी के बात से शर्मा गयी और उन्हें देखते हुए एक अदा के साथ मुद gayi.........aisa मैंने जान बुझ कर किया ताकि वो मेरी उभरी हुयी मस्तानी गांड को देख कर व् कुछ bole......kyu की हर औरत को उसके जिस्म की गन्दी तारीफ भट ज्यादा पसंद होती है .............हर औरत चाहती है की उसके गांड और उसके चुकी के बारे में कोई तारीफ करे........





मई जैसे हे मुद कर कड़ी हुयी मेरे हुब्बी का लुंड पंत के अंदर हे सटाक सा खड़ा हो गया..... मेरी सुडोल चुकी देख कर तो हल्का सा जान आया था उनके लुंड में ......लेकिन जैसे हे मेरी मस्तानी उभरी हुयी गांड देखि मेरे हुब्बी हुब्बी ने .....उनका लुंड फ़ौरन टाइट हो गया और पंत के अंदर उछलने लगा........





हुब्बी - है अब और बरदास नहीं होता janeman.....hatao सेलिब्रेशन पहले तुम्हे छोड़ कर इस लुंड को शांत कर लेता हु.......

मई अपने हुब्बी से कभी व् गन्दी भाषा में बात नहीं किया tha......mere हुब्बी गुस्सा हो jate.......unka कहना था की औरत को कभी गन्दी भाषा इस्तेमाल नहीं करनी chahiye............isliye मैंने आज तक कभी उनसे गन्दी भाषा में बात नहीं किया था........

मैंने तिरछी नज़रो से हुब्बी को देखते हुए kaha.......thoda सबर से काम लो जनाब .....जितना ज्यादा प्यास लगती है पानी पिने में इतना ज्यादा मज़ा अत है......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी जान क्या बात कही है tumne........lekin अब मुझसे बरदास नहीं हो raha....mera लुंड अकड़ चूका hai.......agar जल्द हे कुछ न करूँगा तो ये अपने आप उलटी कर देगा......

मैंने मुद कर हुब्बी को देखते हुए मुस्कुरा कर कहा - तो क्या हुआ मेरे सरताज मई दोबारा इसे खड़ा कर दूंगी......

हुब्बी - दोबारा खड़ा करना भट मुश्किल है ise.......yad करो भट मंथ पहले एक बार तुमने भट तरय किया था लेकिन ये बदबख्त है की ज़रा सा व् टाइट नहीं हो पाया tha....baad में मैंने ऊँगली से आपकी प्यास बुझाई थी.....







मई हल्का मुस्कुरा कर बोली - फिर व् मई चाहती हु पहले हमलोग सेलिब्रेट कर लेंगे उसके बाद सेक्स karenge.......warna सेलिब्रेशन का ज़रा व् मज़ा नहीं आएगा.......

आखिर कार मेरे हुब्बी मान हे gaye.......maine अपने बालो को खोल रखा था जिससे मेरी जवानी और ज्यादा निखार गयी थी........





हुब्बी - Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी जान इतनी गदरायी गांड है तुम्हारी की मन कर रहा इन्हे मसल कर रख दू.......





मैंने अपने गांड को थोड़ा बहार निकलते हुए बोलै - तो मसल दो न मेरे सरताज किसने रोका है आपको........





हुब्बी मेरे करीब ए और मेरे गांड पर हाथ फेरने lage......mai मदहोश होने लगी......... aaaaaaaaaaaaah जान plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अब्बी नहीं naaaaaaaaaaa

हुब्बी - ये गदराया जिस्म देख कर मुझे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है मेरी रानी......

मई - उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जाआआंन्नन्नन्न थोड़ी देर की तो बात है..... plssssssssssssss कण्ट्रोल कर लो न जी.........

मेरे हुब्बी थोड़ी देर मेरे गांड को मसलते रहे और मई मदहोशी में aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह करती rahi....fir मैंने खुद पर कण्ट्रोल करके हुब्बी को धक्का देकर खुद से अलग किया और boli.........ab मई चली किचन में आप यही बैठो ....सब तैयारी करके मई आपको बुला लुंगी.......

बोलकर मई अपनी गदरायी गांड मटकती हुयी किचन के तरफ चल padi........Or मेरी मस्तानी गांड को देखते हुए हुब्बी अपना लुंड पंत के ऊपर से मसलते रह गए.....

किचन में मई डिन्नर की तैयारी कर हे रही थी की ज़ैद की नज़र पीछे से मुझे पर पड़ी और वो हैरान रह gaya......saree में उभरी हुयी मेरी गदरायी गांड देख kar......uske माथे से पसीना निकलने laga...uska लुंड बेकाबू हो गया और ट्रॉउज़र के अंदर हे इतना टाइट हो गया की जैसे अभी तरौसे फाड़ कर बहार निकल जाएगा........





मैंने इतनी टाइट साड़ी बंधी हुयी थी की मेरे गांड को दरार आसानी से दिख रही thi.....mere बैकलेस ब्लाउज से मेरी पूरी पीठ नंगी thi........maine जानबूझ कर अपने बालो को सामने कर रखा था ताकि पीछे से मई और ज्यादा छुडासी औरत दिख saku.......mere खुले बाल मेरी छुडासी जवानी पर चार चाँद लगा रहे थे......





अअअअअअअ





ज़ैद बहार खड़े खड़े मेरी गांड को देख कर सोच रहा था -आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अम्मी जान क्या मस्त गदरायी माल हो tum.....haay मन तो कर रहा अपना खड़ा लुंड एक हे झटके में आपकी गदरायी गांड में घुसा दू .......ज़ैद पंत के ऊपर से हे अपने खड़े लुंड को मसल रहा था मेरी गदरायी गांड देखते हुए......





ज़ैद से रहा नहीं gaya............or पीछे से आकर मुझसे लिपट gaya......or अपना दोनों हाथ मेरे नंगे कमर पर जकड liya.......uska खड़ा लुंड मेरे उभरे हुए गांड के दरार के बिच में घुस gaya........mai एकदम से तड़प उठी........

ज़ैद - hello अम्मी जान क्या कर रही ho.....bolte हुए ज़ैद अपने लुंड को मेरी गांड की दरार में घुसाने लगा........

मेरी तो जैसे साँस हे अटक गयी ...मेरे बेटे का मोटा तगड़ा लुंड मेरे गांड की दरार में टक्कर मार रहा tha........jiske वजह से मेरी छूट गीली होने लगी......





ज़ैद - क्या बना रही हो अम्मी जान.....

मेरी आवाज़ कानो रही थी जब मैंने कहा - वो बीटा डिनर तैयार कर रही हु.......

ज़ैद - वाओ अम्मी जान आज तो आप भट खूबसूरत लग रही हो इस साड़ी में.......

मई - थैंक यू बीटा......

ज़ैद - आज कोई खास दिन है kya.....aap हमेशा किसी ख़ास दिन पर हे साड़ी पहनती हो.......

मई - हाँ बीटा आज हमारी मैरिज एनिवर्सरी है na....to तुम्हारे अब्बू ने कहा साड़ी पहनने.......

ज़ैद मेरी नंगी पीठ पर अपना हाथ फेरते हुए kaha.......wow अम्मी जान आपकी साड़ी के साथ साथ आपका ब्लाउज व् काफी खूबसूरत है.......

मेरा जिस्म अब थरथरने लगा था ज़ैद के हाथ फेरने से.......

मई लड़खड़ाते हुए आवाज़ में बोली - वो तुम्हारे अब्बू आज हे नया लेकर ए hai.....bolte हुए मई ज़ैद से दूर चली gayi.....or दूसरे तरफ जाकर दूसरा काम करने लगी.....





ज़ैद वही खड़ा खड़ा मेरी गदरायी जवानी को देखने laga......mujhe ऐसा लग रहा था जैसे मई ज़ैद की आँखों के घूरने से पिघल रही hu......meri धड़कने भट तेज़ हो चुकी थी........

ज़ैद - आज लगता है अब्बू का मन है आपके पिच पर बैटिंग करने ka.....hahahaha





ज़ैद की डबल मीनिंग गन्दी बातो से मई गरम होने लगी thi.....mera हाथ सही से काम नहीं कर रहा था डिनर तैयार करने में ..........मेरे बदन में सिहरन दौड़ गयी thi........maine तिरछी नज़र से ज़ैद के तरफ देखते हुए कहा - वोटो तुम्हारे अब्बू हे जानेगे की वो बैटिंग करेंगे या bowling......bolkar मई हल्का सा मुस्कुरा पड़ी........





ज़ैद - Aaaaaaaaaaaaah अम्मी जान अगर मई अब्बू के जगह होता तो ताबड़तोड़ बैटिंग करता आपकी पिच par........aisa माखन जैसा पिच पर अगर बैटिंग करने का मौका किसी को व् मिलेगा तो वो ताबड़तोड़ बैटिंग करेगा..........

मैंने जान बुझ कर कुछ निकलने के लिए अपने जिस्म को इठलाते हुए अपने गांड को बहार की और निकल diya........apne हे बेटे को सडके करने में मुझे एक अलग हे वासना का एहसास हो रहा tha........itna मज़ा तो चुदाई में व् नहीं अत है जितना मज़ा मुझे अपने बेटे को सडके करने में आ रहा था.........





मैंने एक बार मुद कर ज़ैद को सेक्सी आँखों से देखा लेकिन कुछ कहा नहीं.........

ज़ैद मेरी आँखों में देखते हुए कहा - अम्मी आपकी पिच तो दोनों तरफ से खेलने लायक hai..........do बैट्समैन एक साथ आपकी पिच पर बैटिंग कर सकते hai......bolte हुए ज़ैद मेरी उभरी हुयी गांड को घूरने लगा..........





मई - धत्त बदमाश भट गंदे होते जा रहे हो तुम उस अजय के साथ रहते rahte.........apni अम्मी से इतनी गन्दी बात करते हुए शर्म नहीं अति तुम्हे.......

ज़ैद हँसते हुए बोलै - जिसकी अम्मी इतनी ज्यादा सेक्सी हो सर से पेअर Tak...aage से पीछे तक ऊपर से निचे tak........wo भला खुद पर कैसे कण्ट्रोल कर सकता है आप हे बता दो.........

मई - तुमसे तो बहस करना हे बेकार hai........bolkar मई फ्रीज़ के तरफ मुद गयी और फ्रीज़ खोलकर कुछ निकलने लगी.......

मेरे जिस्म को घूरते हुए ज़ैद ने कहा - आज तो अब्बू सिर्फ सिक्सर हे मरेंगे आपकी पिच par............haay क्या पिच है apki.............mera व् तो मन कर रहा की मई व् आपकी पिच पर सिक्सर Maru......utha उठा कर............





अब मई एकदम बहक चुकी थी ज़ैद की गन्दी बातो se.......kyu की अभी कुछ दिन पहले हे मैंने मेहदी लगाया था ......इसलिए मेरे हाथो में रची हुयी मेहदी मेरे हुस्न पर और ज्यादा चार चाँद लगा रहे the.......mera डीप गाला का ब्लाउज मेरी आधी नंगी चुकी को ठीक से धक् नहीं पा रहे the......meri साँस तेज़ हो चुकी thi......maine एक कामुकता भरे अंदाज़ से ज़ैद को देखते हुए कहा........

तुम्हे कुछ चाहिए क्या beta.....blouse से आधा बहार झांकती हुयी चुकी को घूरते हुए ज़ैद ने कहा........

ज़ैद - मुझे तो आपके ये दोनों खुले हुए पपीते चूसने hai.........bolkar ज़ैद ने अपने होंठो पर ज़बान फेरते हुए ट्रॉउज़र के ऊपर से हे अपना मोटा खड़ा लुंड पकड़ कर सहलाने लगा........





मेरा तो जिस्म जैसे जलने लगा ज़ैद के ऐसा कागने se...............Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh बीटा ऐसी गन्दी बातें मत karo.....mai तुम्हारी अम्मी hu........maine आँख बंद करते हुए एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh bhari........wo व् एक सेक्सी अंदाज़ में ..........मई तो चाहती थी की ज़ैद ए और मुझे अपने बहो में भर कर मेरे दोनों चुकी को मसल मसल कर चूसे..... लेकिन मेरे अंदर की माँ मुझे येसब करने से रोक रही thi.......mai कश्मकश में थी की क्या मई अपने बेटे को अपना जिस्म दिखा कर सही कर रही hu........mere अंदर से आवाज़ आ रही थी की रुकसाना तू ये गलत कर रही है येसब भट बड़ा गुनाह hai.........lekin दूसरे तरफ मेरे जिस्म की आग मुझ पर हावी होती जा रही thi........zaid का खड़ा लुंड ट्रॉउज़र के अंदर से हे इतना बड़ा और हार्ड लग रहा था जिसे देख कर मेरी कामुकता अपने चरम पर पहुँच चुकी thi....meri छूट इतनी गीली हो चुकी थी की अब छूट से पानी रिसने लगा tha........or मेरी नयी नवेली पंतय को भिगो रही थी........





ज़ैद - अम्मी जान क्या करू आप हो हे इतनी हॉट न sexy......apka जिस्म देख कर किसी व् मर्द का लुंड खड़ा हो jaega..........dekho तो मेरा लुंड कैसे झटका खा रहा था ट्रॉउज़र के andar..........bokkar ज़ैद अपने लुंड को ट्रॉउज़र के ऊपर से हे पकड़ कर हिलने laga......ye देख कर तो मेरी हालत हे ख़राब होने लगी............

मई ना चाहते हुए व् ज़ैद के लुंड को भट हे कामुकता से देखने लगी तिरछी नज़रो se................Aaaaaaaaaaaaah बीटा plssssssssssssss तुम यहाँ से जाओ तुम्हारे अब्बू रूम में hai.....unhone ये सब करते हुए देख लिया तो कयामत आ जाएगी...........





ज़ैद आगे बढ़ कर मुझे दिवार से लगा दिया और मेरी आँखों में देखने लगा.......

ज़ैद - अम्मी तुम सच में भट खूबसूरत ho.......tumhari आंखें इतनी नशीली है की मन करता है बास इन आँखों में हे देखता राहु..........

ज़ैद मुझे बहो में जकड लिया था मई व् ज़ैद की आँखों में हे देखे जा रही thi.....meri धड़कने इतनी तेज़ चल रही थी की उसकी वजह से मेरी बड़ी बड़ी चूचियां ऊपर निचे होने लगी थी.........





ज़ैद मेरी नंगी कमर को हल्का हल्का सहलाने लगा और मई मदहोश होने lagi....madhoshi की वजह से मेरी आंखें और ज्यादा कामुक हो चुकी थी......





अचानक ज़ैद ने मेरी आँखों में देखते हुए अपने जलते हुए होंठ मेरे होंठो पर रख diya.........mai न चाहते हुए व् ज़ैद के होंठो को अपने होंठो से चूसने lagi..........zaid मेरे होंठो को चूसते हुए मेरी नंगी कमर पर अपना हाथ फेरने laga.........puch पूछ पूछ की आवाज़ पूरे किचन में गूंजने लगा......









Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff पूछ पूछ पूछ मेरे मुँह से न न निकल रहा था लेकिन मेरा जिस्म ज़ैद से अलग होने को तैयार हे नहीं tha.......mai सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए न न बोल रही थी लेकिन मेरे अंदर की काम ज्वाला इतनी भड़की हुयी थी की मई ज़ैद के होंठो को बस खा जाना चाहती थी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अम्मी उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या रसीले होंठ है tumhare.......bol कर ज़ैद मेरी होंठो को बेतहाशा चूस रहा था और अपने हाथ मेरे पूरे जिस्म पर चला रहा था.......





आआआचानक ज़ैद ने अपना हाथ धीरे से मेरी सुडोल चुकी पर रख diya...mai तो जैसे तड़प uthi.....or ज़ैद के हाथो को अपने हाथो में पकड़ liya......lekin मैंने ज़ैद के हाथो को हटाया nhi......kyu की मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई बयां व् नहीं कर sakti....meri छूट अब भट ज्यादा पानी छोड़ने लगी thi......meri पूरी पंतय छूट रास से गीली हो चुकी थी........





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy उम्म्म्माःह्ह्हह्ह पूछ पूछ पूछ की कामुक आवाज़ मेरे मुँह से निकल रही thi....maine अपना दोनों हाथ पीछे कर के किचन स्लेप पर रख diya....taki ज़ैद आराम से मेरी दोनों चुकी को मसल सके ........





नेरे अंदर की रंडी पूरी तरह मुझ पर हावी हो चुकी थी और मई व् ज़ैद के होंठो को बेतहाशा चूसने lagi.....khaane लगी.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ज़ैद betaaaaaaaaaa plssssssssssssss छोरो मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh पूछ पूछ पूछ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

मेरी साड़ी का पल्लू ज़मीन पर गिरा हुआ था और मेरी दोनों चुकी ब्लाउज से आधा बहार हो चुके थे ज़ैद के मसलने से ..........मई इतनी ज्यादा कामुक हो चुकी थी की मेरा हाथ खुद बा खुद ज़ैद के लुंड पर चला gaya.......or जैसे हे मैंने ट्रॉउज़र के ऊपर से ज़ैद का लुंड पकड़ा .....मेरे जिस्म में 440 वाल्ट का करंट सा दौड़ गया...........



 
मई - Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss अब basssssssssssa व् karooooooooooooooo.....tumhare अब्बू आ जाएंगे....... plssssssssssssss betaaaaaaaaaa..........

मई सिर्फ ऊपरी दिल से येसब बोल रही थी लेकिन मई खुद ज़ैद की बहो से अलग होना नहीं छह रही thi..........mera मन तो कर रहा था ज़ैद के लुंड को ट्रॉउज़र से बहार निकल कर अपने हाथो में पकड़ लू........ हाआआयययय कितना मज़ा आएगा अपने हे बेटे का गरम गरम शख्त लुंड पकड़ने me..............mai ट्रॉउज़र के ऊपर से हे ज़ैद के लुंड को हल्का हल्का सहला रही thi........jisse ज़ैद की व् कामुकता बढ़ती जा रही थी.............

ज़ैद ने अचानक मुझे घुमा दिया और पीछे से मेरी कमर को अपने दोनों हाथो में जकड लिया और अपने खड़े लुंड को मेरे गांड पर धक्का मरने लगा.......

कपडा के ऊपर से हे लुंड के टक्कर से मुझे इतना ज़ादा मज़ा आ रहा था की मैंने अपने एक हाथ से अपने गांड को थाम लिया और धक्को का मज़ा लेने lagi...........mera मन तो कर रहा था की ज़ैद के लुंड को अपने हाथो से पकड़ कर अपने गांड के छेड़ में भिड़ा दू और खुद से हे उसके लुंड पर थूक लगा कर ज़ैद को बोली ....बीटा छोड़ दे अपनी नाजुक अम्मी की गांड .............





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss धीरीईईए naaaaaaaaaa......thapppppp थपप्पपपपप की आवाज़ अब्बू सुन लेंगे............

ज़ैद अब धक्का मरना छोर कर मेरी गर्दन पर किश करने लगा...........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी हाआआयययय क्या माखन जैसा जिस्म है tumhara..............man तो कर रहा की तुम्हे खा jaun........apne दन्त गदा दू तुम्हारे गलो पर......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh नहीं betaaaaaaaaaa प्लस सा मत करना वर्ण गलों पर दाग हो जाएगा और तुम्हारे अब्बू को शक हो जाएगा.........

इतने में ज़ैद ने वो किया जिसने मेरे जिस्म को पूरा कापने पर मजबूर कर diya......zaid ने गर्दन पर किश लेते हुए अचानक मेरे कानो को अपने गरम होंठो में पकड़ कर चूसना शुरू कर diya....mera जिस्म थरथराने laga.....meri छूट में हलचल सी मच gayi...........mujhe ऐसा लगा की मई अभी ओर्गास्म को पहुँच जाउंगी............

मई इतना ज्यादा बहक गयी की अपने चेहरे को पीछे करके ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में भींच लिया और बेतहाशा चूसने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss अब छोर दे मुझे वर्ण अब्बू आ जाएंगे ..... प्लसससससससस betaaaaaaaaaa लेकिन ज़ैद पर तो जैसे भूत सवार tha....wo मुझे छोड़ने का नाम हे नहीं ले रहा tha.......mai चाहती तो एक झटके में उसे खुद से अलग कर सकती थी लेकिन मेरा जिस्म ज़ैद के हाथो की छुवन से पिघल रहा tha.....mera जिस्म नहीं चाहता था की ज़ैद मुझसे अलग हो.........





अब ज़ैद अपने दोनों हाथो को मेरे चुकी पर रख diya.....or अचानक भट ज़ोर से मसल diya.......mere मुँह से ज़ोर की चीख निकल गयी...... uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa..............

ज़ैद के पापा रूम में बैठे बैठे हे ज़ोर आवाज़ में मुझसे पूछे - क्या हुआ आआ......







मेरी डर से हालत ख़राब हो गयी मई ज़ैद को धक्का देकर अपने से दूर कर दी और ज़ोर से हांफने lagi.....hanfte हुए मैंने अपने सांसो को संभाला और मैंने ज़ोर से लाउड आवाज़ में कहा - कुछ नहीं हुआ वो कॉकरोच मेरे पेअर पर चढ़ गया था.........





बोलकर मैंने ज़ैद को बनावटी गुस्से से देखने लगी........- आज तो तुमने मुझे मरवा हे दिया था........

ज़ैद मुस्कुरा कर बोलै - मरवाना तो तुम्हे वैसे व् है मुझसे और अब्बू दोनों से........

मई शर्म से लाल हो गयी और मैंने अपनी नज़रें दूसरी तरफ कर ली हल्का मुस्कुराने लगी........

मई - धत्त बदमाश कुछ व् बोलते ho....tumhe ज़रा व् शर्म नहीं अति नाहा...? अपनी अम्मी के साथ ऐसी गन्दी हरकत करते हुए..........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरी अम्मी जान .......तुम जैसी जन्नत की हूर किसी मर्द के सामने हो तो वो सब कुछ भूल जाएगा तुम अम्मी हो या क्या ho......itna रसीला बदन है तुम्हारा ......की सिर्फ देख कर हे मेरा लुंड अकड़ने लगता है....... तुम्हारी ये चिकनी कमर में ये गहरी नाभि देख कर तो मुर्दों का लुंड खड़ा हो jaye....mai तो फिर व् जीता जागता इंसान हु.......

इतनी देर से मेरी चुकी मसलने की वजह से मेरे ब्लाउज के ऊपर का बटन टूट चूका tha.....or मेरे दूध आधे खुले हुए ब्लाउज से अब ज्यादा बहार निकले हुए the........mera साड़ी का पल्लू ज़मीन पर बिखरा हुआ था और मेरी साड़ी एक साइड से ऊपर उठ चुकी थी जिसकी वजह से मेरे मंसल चिकनी जांघ कयामत धा रही thi.......mera पेट पूरा नंगा था और मेरी गहरी नाभि देख कर ज़ैद पागल हो रहा था.........





ज़ैद फोर्स आगे बढ़ कर मुझे पकड़ लिया और मेरी नंगी पीठ को अपने हाथो से सहलाने laga.......mai कसमसाने lagi......mujhse व् अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया tha.....maine झट से अपने होंठ फिरसे ज़ैद के होंठो में रख दिया और बेतहाशा चूसने lagi......maine आने हाथो से ज़ैद का सर पकड़ लिया और उसके होंठो को अपने मुँह में घुसाने lagi......zaid व् मेरे होंठो को बेतहाशा चूसने लगा और अपने हाथो को मेरी नंगी पीठ पर फेरने लगा........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh betaaaaaaaaaa ये तूने कैसी आग लगा दी है मेरे andar......bolkar मई ज़ैद के होंठो को चूसे जा रही thi......mujhe एक तरफ डर व् लग रहा था की कही मेरे शोहर न आ jaye......darr और कामुकता की वजह से मेरा जिस्म और ज्यादा अकड़ने लगा tha.......itna मज़ा तो मुझे अजय से छोड़ने में व् नहीं आया था जितना मज़ा अभी इस सीटुएशन्स में आ रहा tha.......dil की धड़कन इतनी तेज़ दौड़ रही थी की आज से पहले मेरा दिल इतना तेज़ कभी नहीं धड़का था..........

खुद को मैंने अपने शोहर के लिए सजाया सवार था लेकिन मेरे जिस्म के मज़े मेरा बीटा ले रहा tha.....wo व् मेरे शोहर की मौजूदगी में........





अचानक ज़ैद मेरे ब्लाउज को पीछे से खोलने laga.........Maine किश तोड़ कर ज़ैद को वासना की भूखी नज़रो से dekha......or आँखों हे आँखों में इशारे से bola.......ye क्या कर रहे हो betaaaaaaa.........lekin मई ज़ैद को रोक नहीं रही thi......mujhse वासना इतनी ज्यादा चढ़ चुकी थी की बिना चूड़े अब मई एक पल व् नहीं रह सकती थी.......

ज़ैद मेरे ब्लाउज को पीछे से हल्का हल्का खोलने लगा और मई दोबारा ज़ैद क होंठो को चूसने लगी.......





ज़ैद ने मेरा ब्लाउज खोल कर साइड में रख दिया अब मई केवल ब्रा में थी.......

ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अम्मी क्या माखन जैसा जिस्म है tumhara........bolkar ज़ैद मेरे जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगा......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद ये तुमने क्या Kiya......tumhare अब्बू किसी व् वक़्त यहाँ आ सकते है......... plssssssssssssss मुझे छोरो.........





ज़ैद - अब्बू और मई साथ मिलकर तुम्हे मज़ा दे देंगे अम्मी जान ........वैसे व् तुम्हारा जिस्म इतना ज्यादा सेक्सी है की दो चार मर्दो को तुम अकेले हे संभल लोगी......

ज़ैद के ऐसा कहने से मई एकदम से शर्मा से लाल हो gayi......or मई हल्का घूमने लगी तो ज़ैद अपने हाथो से मेरे चुकी को सहलाते हुए bola........apke ये जो सुडोल चुकी है इनको तो दस मर्द मिलकर व् चूसेंगे तो व् इनका रस ख़तम नहीं होने wala.......itne रसीले आम है तुंहरे.......





मई शरमाते हुए बोली - धत्त बदमाश अपनी अम्मी को इतनी गन्दी बातें बोलते हुए श्रम नहीं अति tumhe......ekdam बेशरम हो चुके हो तुम

ज़ैद मेरी आँखों में देखते हुए बोलै - तुम जैसी छुडासी अम्मी जिसकी होगी वो बेशरम के साथ साथ चुड़क्कड़ व् बन jaega.........wo तो बस दिन रत अपनी छुडासी अम्मी को छोड़ता हे rahega.........kash की तुम व् मुझसे दिन रत चुदवाती मेरी जान ammi.......bolkar ज़ैद मेरे बालो को पकड़ कर मेरे मुँह को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा........





अब हम दोनों किसी की परवाह किये बगैर एक दूसरे में खो चुके the......mujhe अपने शोहर के आने का डर व् सत्ता रहा tha....lekin मुझे मलूम था की मेरे शोहर कभी किचन में घुसते नहीं hai.......wo एक जमींदार खंडन के hai....or उनके खंडन में मर्द को किचन में घुसना उनके शान के खिलाफ मन जाता hai.......fir व् पता नहीं क्यों मुझे भट डर लग रहा था .....मेरी धड़कन राजधानी ट्रैन के जैसा भाग रही थी.........

ज़ैद अब धीरे धीरे मेरे ब्रा को निचे करने laga......jiski वजह से मेरे दिल की धड़कन और ज्यादा बढ़ गयी.........





इतने में डाइनिंग हॉल से आवाज़ आयी - अरे बेग़म डिन्नर बना रही हो या बीरबल किंखिचडी ......जल्दी करो वर्ण मुझे नींद आ जाएगी........

मई हड़बड़ाते हुए ज़ैद को धक्का देकर दूर कर di....or ज़ोर ज़ोर से हफ्ते हुए बोली - या खुदा अब्बू डाइनिंग हॉल में आकर बैठ गए hai...ab तुम अपने रूम कैसे jaoge........maine तो अब्बू को बता दिया की ज़ैद खाना खा कर सो चूका है........

ज़ैद पर तो वासना की भूत सवार tha......zaid नशीली आँखों से मुझे देखते हुए बोलै - मई यही रहता हु किचन में क्यों की अब्बू तो किचन में कभी आते नहीं hai.........tum बिच बिच में अति रहना किचन में और मई तुम्हे प्यार करता रहूँगा बिच बिच में......

मई - धत्त बदमाश ऐसा कुछ नहीं होने वाला समझे na.......mauka देख कर तुम रूम चले जाना और सो Jana......abhi तक जो व् हुआ उसे भूल jao......mai बहक गयी thi.......akhir मई तुम्हारी अम्मी hu......maine भट कुछ करने दे दिया अभी तक tumhe.....ab कुछ व् करने नहीं दूंगी समझे na.............achanak मेरे अंदर पतिवर्ता होने का एहसास कहा से आ gaya......mai खुद को कोसने लगी की छी अपने हे बेटे के साथ इतनी गन्दी हरकत करते हुए मुझे शर्म क्यों नहीं ati........ab बस बहुत हो गया अब नहीं करने दूंगी कुछ व् ज़ैद को........

ये सब सोचते हुए मैंने अपना ब्लाउज पहना और खुद को दोबारा से ठीक करके डिनर लेकर बहार चली गयी .......बहार मेरे शोहर मेरा वेट कर रहे थे और टीवी देख रहे थे..........

ज़ैद वही किचन से हम दोनों को देखने laga.......mai और मेरे शोहर डाइनिंग टेबल पर अपना एनिवर्सरी सेलिब्रेशन कर रहे थे और ज़ैद हम दोनों को छुप कर देख रहा था...... मेरा सारा ध्यान ज़ैद के तरफ था..........
 
अब आएगग्गीीीी.......

मेरा धयान पूरी तरह ज़ैद के तरफ tha.......mera मैं तो कर रहा था की किचन में जाकर ज़ैद से लिपट jaun.........maine एक बार अपना चेहरा किचन के तरफ किया तो वह ज़ैद मुझे कही नज़र नहीं aya.....mai बेसब्री से इधर उधर देखने lagi........maine जानबूझ कर अपने साड़ी का पल्लू को साइड में किया हुआ था ताकि मेरी भारी भरकम गुदाज चुकी दोनों बाप बीटा को दिख sake........maine साड़ी को जांघों तक उठा दिया tha.....meri सेक्सी चिकनी जंघे किसी व् मर्द का लुंड खड़ा करने के लिए काफी था......





अचानक ज़ैद किचन के बीचो बिच आ gaya......mera डिल धक् सा कर gaya......woto ाचा था की मेरे शोहर किचन के तरफ पीठ करके बैठे the........isliye ज़ैद उनको नहीं दिख रहा था.........

ज़ैद ने इशारे से पूछा - क्या देख रही हो अम्मी jan.........kise धुंध रही ho......apni कातिल नज़रो से .........ज़ैद के इशारे से मई अपनी नज़र झुका li.....mai शर्म से लाल हो चुकी थी .....की मेरी चोरी पकड़ी gayi.....mai व् बेचैन हु ज़ैद से छोड़ने क लिए.......





मेरे शोहर - आज तुम कमाल की लग रही हो ruksana.......itni सेक्सी तुम आज से पहले कभी नहीं लगी हो.....

मई - ाचा जी मस्का लगाना कोई आप से सीखे......

तुम्हारा पूरा जिस्म हे माखन है तो मखान में माखन क्या लगाना .....

मई इठलाती हुयी अपने साड़ी का पल्लू ठीक करने lagi.......or ज़ैद के तरफ देखने लगी.......

ज़ैद तरौसे के ऊपर से अपना लुंड सहलाते हुए मुझे इशारे से बोलै - देखो तो क्या हालत हो गयी है मेरे लुंड की.......





मेरे होंठो पर हंसी आ गयी ज़ैद की ये हालत देख kar.......mera खुद का बीटा मेरे गदराये जिस्म को देख कर दूर खड़ा हुआ अपना लुंड सहला रहा tha.......ye देख कर मेरे जिस्म में आग लग रही thi....man तो कर रहा था भाग कर जॉन और ज़ैद से लिपट jaun....or अपने हाथो में उसका लुंड पकड़ लू.........

मुझसे रहा नहीं गया और मई उठ कर कड़ी हो गयी.......

मेरे शोहर - क्या हुआ कहा जा रही हो.....

मई - एक चीज़ रखना भूल गयी टेबल पर वही लेकर आती हु किचन से.....

बोलते हुए मैंने अपनी साड़ी को ठीक करने के बहाने अपनी नंगी पेट और नाभि को ज़ैद को दिखने lagi.........lekin मई ऐसा दिखावा कर रही थी जैसे मई सच में साड़ी ठीक कर रही हु.........





मई धड़कते दिल के साथ किचन के तरफ बढ़ने lagi.......mai जान बुझ कर किचन के तरफ जा रही थी. मुझे मालूम था की अगर मई किचन गयी तो ज़ैद मुझे फिरसे पकड़ेगा और मेरे जिस्म के साथ khelega......mai तो यही चाहती thi........ek तरफ बाप दूसरी तरफ बीटा दोनों से मई मज़ा लेना चाहती थी...... मुझे ज़ैद के हाथो की छुवन चाहिए thi......mai बेचैन हो रही thi......meri बेचैनी बढ़ती जा रही थी..........

मई जैसे हे किचन में दाखिल हुयी ज़ैद मुझे बहो में जकड लिया........

मई - ज़ैद छोरो मुझे बहार अब्बू बैठे है.....

ज़ैद - हाआआयययय अम्मी आपका ये गदराया जिस्म देख कर रहा नहीं jata.......bolkar ज़ैद मेरी नंगी कमर और पेट को सहलाने लगा.....





मई मदहोशी में बोली Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ैद plssssssssssssss छोरो naaaaaaaaaaaaaaa वर्ण अब्बू देख लेंगे......

ज़ैद अचानक अपना होंठ मेरे होंठो पर रख diya......or मेरे होंठो को चूसने laga........mai व् मदहोशी में ज़ैद के होंठो को चूसने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh zaiddddddddddddddd plssssssssssssss naaaaaaaaaa मत करो aisaaaaaaaaaaa...........mai भले हे न न बोल रही थी लेकिन मई खुद ज़ैद के होंठो को चूसे जा रही thi......or ज़ैद मेरे होंठ चूसते हुए अपना हाथ मेरी नंगी कमर पर चला रहा था जिससे मेरी कामुकता और ज्यादा बढ़ती जा रही थी.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी जान क्या मस्त कमर है आपका ....और आपका ये गहरी नाभि तो मुझे पागल हे बना रहा hai....bolkar ज़ैद मेरे साड़ी का पल्लू हटा कर मेरे नाभि को हल्का हल्का सहलते हुए निचे बैठने laga......or फिर अचानक उसने अपना गरम होंठ मेरी गहरी नाभि पर रख diya....mere मुँह से एक कामुकता भरी सिसकारी निकल गयी...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaa plssssssssssssss nhiiiiiiiiiii.............jane दो mujhe....abbu आ जाएंगे ........





मेरी सांसे भट तेज़ चलने lagi........mai किसी तरह ज़ैद को धक्का देकर खुद से दूर की और अपने साड़ी का पल्लू ठीक करके बहार जाते हुए एक कामुक नज़र से ज़ैद को देख कर मुस्कुरा दी........

और मैंने जान बुझ कर अपनी गदरायी गांड को कुछ ज्यादा बहार निकल कर एक अदा के साथ ज़ैद को मुद कर देखो..........





ज़ैद के अब्बू - मेरी जान अब डिनर शुरू करे...????

मई मुस्कुरा कर बोली - हाँ हाँ क्यों नहीं....

मैंने डिनर लगाया और हम दोनों खाना खाने lage.......lekin मेरा ज़रा व् मैं नहीं था खाने ka....mujhe तो बास लुंड की भूख लगी thi.....meri छूट इतना फड़फड़ाने लगी थी की मन कर रहा था कोई व् लुंड अपनी छूट में घुसा lu..........dinner कहते हुए मैंने अपने शोहर का पेग बना दिया और वो व्हिस्की 🥃 पिटे हुए खाना खाने लगे......

मैंने व् बगल में रखा हुआ जूस उठाया और पिने लगी.......

लेकिन मेरे मन. में बस यही चल रहा था की मेरा बीटा कैसे मेरे आधे नंगे जिस्म को घर रहा है किचन से.......





मेरे ब्लाउज से झांकती हुयी मेरी बड़ी बड़ी चुकी तो जैसे ब्लाउज फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो रहा था......

मेरे दिमाग में बस चुदाई हे चल रहा था........

इधर मेरे शोहर के मन में चल रहा था - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी बड़ी बड़ी और सुडोल चुकी है मेरी बेगम रुकसाना ki.......jab व् मई इन चूचियों को गौर से देखता हु मेरा लुंड फड़फड़ाने लगता है........





मेरे शोहर - मेरी जान अपनी साड़ी उतरो न........

मई नखरा दिखते हुए - यहाँ नहीं जणू plssssssssssssss बैडरूम में चलो वह करेंगे......

मेरे शोहर - मेरी जान बेगम बीएड में तो बाद में जाऊंगा तुम्हे गॉड में उठा kar....pahle यहाँ मुझे अपना जलवा तो दिखा दो......

मई नखरा दिखते हुए - plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaaa.....yaha नहीं........

शोहर - प्लस जान करो न .........

मई शरमाते हुए कड़ी होकर अपने शोहर से थोड़ी दूर चली gayi......or एक नज़र किचन के तरफ देखा तो ज़ैद मुझे देख कर आंख मार दिया और इशारे से bola.....utaar दो न मेरी जान अम्मी.......

मई शर्म से लाल हो गयी.........

अब मैंने धीरे धीरे अपनी साड़ी खोलने lagi......mera डिल भट ज़ोरो से धड़कने laga...ek तरफ मेरा बीटा मेरी नंगी जिस्म को देखने के लिए बेचैन था दूसरी तरफ उसका बाप मेरे नंगी जिस्म को देखने के लिए बेताब था..........

मई भट नर्वस हो रही थी ........मेरे चेहरे में नर्वस्नेस साफ़ झलक रही थी........

मैंने जैसे हे साड़ी खोलकर निचे फर्श पर गिराया .....मेरे शोहर के चेहरे पर एक कातिल हंसी तैर gayi....wo दारु पिटे हुए मुझे कामुक आँखों से देखने लगे.........





मई शर्म से अपनी नज़रें निचे झुका कर कड़ी हो gayi.....ab मई सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में बाप बेटे di..........mujhe इतनी शर्म आ रही थी अपने हे बेटे और अपने शोहर के सामने आधी नंगी मई कड़ी थी.....





मेरी कामुकता अपने चरम पर thi.....meri छूट गीली होकर बहाने लगी thi.........mai अब खुल कर सेक्स गेम खेलना चाहती thi.....isliye मई मुद कर पीठ अपने शोहर और बेटे के तरफ करके कड़ी हो gayi.......mere शोहर के ठीक पीछे किचन था जहा से मेरा बीटा येसब देख रहा था........

मैंने एक सेक्सी अदा से अपने बालो को अपने पीठ से हटा कर आगे कर लिया और अपने हाथो को पीछे लेजाकर अपने ब्लाउज का धागा हल्का हल्का खोलने lagi.......meri गदरायी गांड पेटीकोट में कैद कमाल की छुडासी लग रही थी.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh जाआआआंन्नन्नन्न बेगम क्या माल हो तुम yar.........bolte हुए मेरे शोहर व्हिस्की का पेग लगाने lage.......meri ये छुडासी अदा देख कर ज़ैद की व् हालत ख़राब होने लगी और ज़ैद अपना लुंड बहार निकल कर सहलाने लगा.......

मई ब्लाउज उतार कर एक तरफ फेक diya....or हल्का हल्का पीछे मुड़ने lagi........meri नज़र अब व् शर्म से झुकी हुयी thi........mera गदराय जिस्म रेड पंतय और रेड पेटीकोट में इतना चमक रहा था की मुर्दों का व् लुंड खड़ा हो जाता मुझे देख कर.........





मैंने धीरे से नज़र उठा कर अपने शोहर के तरफ dekha.....mere शोहर दारू पिटे हुए मेरे जिस्म को घर रहे थे और एक हाथ से अपना लुंड सहला रहे थे......

शोहर - मेरी रानी बेगम ज़रा निचे वाला व् तो उतरो......

मई शरमाते हुए बोली - प्लसससससससस naaaaaaaaaa जणू यहाँ नहीं naaaaaaaaaa बैडरूम चलते है न.........

अभी तक मेरे शोहर ने भट दारू पि ली थी अब वो फुल नशा में थे......

उन्होंने लड़खड़ाते हुए आवाज़ में कहा - नहीं यही खोलो .....अब उनके आवाज़ में शख्ती आ चुकी थी नशा की वजह से....

मई अब हल्का हल्का आना पेटीकोट उतरने लगी ........जिसे देख कर मेरे शोहर ने मेरी गदरायी गांड देख कर कहा - हाआआयययय साली रंडी क्या मस्त गांड है तेरा ........

मई अब सिर्फ ब्रा पंतय में दोनों बाप बेटे के सामने कड़ी थी..........

मई शर्म से पानी पानी हो रही थी अपने हे बेटे के सामने ब्रा पंतय में.......





अब तक मेरे शोहर ने इतनी दारू पि ली थी की वो होश में नहीं थे.......

वो दारू के नशे में क्या बक रहे उन्हें खुद हे पता नहीं था.......

मेरे शोहर ने कहा - बैडरूम जाओ और वो हनीमून वाला ड्रेस पहन कर औ .....

मई समझ चुकी थी की अब मेरे शोहर की बात ना मानना मेरे लिए आफत बन जाएगी........

मैंने ज़रा व् देर न करते हुए हनीमून वाला सेक्सी ड्रेस जिसका ब्लाउज भट हे छोटा था और निचे का स्कर्ट तो इतना छोटा था की वो सिर्फ सामने और पीछे ढाका हुआ tha...mere साइड से मेरी पूरी गांड और जांघ नंगी थी जिसमे से मेरी रेड पंतय को स्ट्रेप दिख रही थी..........

इस सेक्सी ड्रेस में मैंने जब खुद को देखा तो मेरी छूट और ज्यादा गीली हो गयी.........

मई जैसे हे वो सेक्सी ड्रेस पहन कर वापस आयी तो देखा मेरे शोहर ज़मीन पर गिरे हुए थे नशे की हालत में......

मैंने दौड़ कर शोहर के पास जाकर बैठ गयी और उन्हें हिलने lagi........lekin वो अब हद से ज्यादा नशा में the......unhe मेरी बात तक सुनाई नहीं दे रही थी.........

मैंने मन हे मन सोचा - शीट अब क्या करू ....मेरी छूट इतनी गीली है बिना लुंड घुसाए मई तो पागल हो jaungi......apne बेटे se....nhi नहीं ये मैं क्या सोच रही hu......upar ऊपर छेड़ छार करना ऊपर ऊपर मज़ा लेना और बात hai....lekin अपने बेटे का लुंड मई अपनी छूट में कैसे ले सकती hu...........ye गुनाह hai....or मई ये गुनाह होने नहीं दूंगी......





अभी मई ये सब सोच हे रही थी की ज़ैद ने पीछे से आकर मेरे कंधे पर हाथ रख diya.........mai तड़प uthi....zaid के छुवन se......mere जिस्म में बिजली सी दौड़ गयी .......

ज़ैद - अम्मी जान अब्बू अब नहीं उठने वाले ...वो फुल नशे में है........

ज़ैद का हाँथ मेरी नंगी कंधे पर था जिसकी वजह से मेर दिल की धड़कन भट तेज़ भाग रही thi......pata नहीं ज़ैद क्या कर baithe......wo व् मेरे शोहर के सामने......





मई अब डर गयी थी की कही ज़ैद मुझे मेरे शोहर के सामने मतलब अपने अब्बू के सामने हे कुछ न करने लग जाये......

इतने में ज़ैद ने कहा - अब क्या करोगी ammi.....apni प्यासी छूट को कैसे शांत करोगी.......

मई - क्या बकवास कर रहे हो zaid...mai तुम्हारी अम्मी hu...tameez से बात करो.......

मैंने जान बुझ कर शख्त रवैय्या अपनाया ताकि ज़ैद मेरे साथ गलत हरकत न करे अपने अब्बू के samne....mujhe डर था की ज़ैद के अब्बू को ज़रा व् होश रहा तो मेरी ज़िन्दगी तबाह हो jaegi....isliye मई ज़ैद को खुद से दूर करना चाहती thi....filhaal के लिए..........

मैंने शख्त लहज़े में कहा - ज़ैद चलो अपने अब्बू को बैडरूम में लेके चलो........





ज़ैद ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे गर्दन पर किश करने laga......mai कसमसाने लगी........

मई - ज़ैद छोरो मुझे वर्ण ाचा नहीं होगा..........

ज़ैद व् गुस्सा में आ गया और मेरी दोनों चुकी को ज़ोर से मसलते हुए बोलै - साली रंडी छिनार अभी तो किचन में मुझसे छोड़ने के लिए उतावली हो रही थी और अभी नखरे दिखा रही है कुटिया साली......

ज़ैद के मुँह से अपने लिए गाली सुन कर मई हैरान रह gayi....apni हे अम्मी को कोई गाली कैसे दे सकता hai.....ab मुझे ज़ैद पर ओरिजिनल में गुस्सा आ गया और मैंने ज़ैद को धक्का देकर दूर करते हुए कहा....

मई - हरामज़ादे मई तुम्हारी अम्मी hu.....mujhse ऐसी बात करने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी.......





ज़ैद ने मुझे फोर्स पकड़ कर दिवार से लगा दिया .....

ज़ैद - साली रंडी छिनार मेरे दोस्त अजय से छोड़ने गयी थी तब तो भट आराम से छुड़वा कर आयी उससे ...अब मेरे सामने नखरा दिखा रही है .......

बोलकर ज़ैद मेरे दोनों हाथो को दिवार से लगा कर जकड लिया.......

मई - ज़ैद मेरा हाँथ छोरो वर्ण अच्छा नहीं होगा.....

ज़ैद अचानक अपना हाथ निचे ले जाकर मेरी छूट को पकड़ liya......mai तो जैसे सोहर उठी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd nhiiiiiiiiiii plssssssssssssss छोड़ूऊऊऊ मुझे रईईईई.......





ज़ैद - साली रंडी अम्मी देख तेरी छूट कैसे गीली हो रही है लुंड लेने क liye.....bahar से नखरे दिखा रही और अंदर से छोड़ने के लिए उतावली हो rahi.....sali कुटिया.......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद अपना हाथ वह से hatao....warna ाचा नहीं hoga........mai तुम्हे छोड़ूंगी नहीं समझे naaaaaaaaaa........

मई सिर्फ मुँह से ज़ैद को हाथ हटाने बोल रही thi...lekin ज़ैद के हाथ लगाने से मुझे इतना सुकून मिला था की मई बयां नहीं कर सकती .... मेरा मन तो कर रहा था ज़ैद से लिपट जॉन और कहूं हाँ ज़ैद हाँ ऐसे हे मेरी निगोड़ी छूट को मसल कर रख दो..........





ज़ैद - देखो तो कितना पानी छोर रही है आपकी chut.......ammi जान झूट का बहाना मत banao...tumhari छूट साफ साफ कह रही है उसे लुंड चाहिए.........

मई - plssssssssssssss बीटा मई तुम्हारी अम्मी हु........ plssssssssssssss ऐसा मत करो ये गुनाह hai....or तुंहरे अब्बू व् बगल में hai...agar वो जाग गए तो हम दोनों के लिए ठीक नहीं होगा..... plssssssssssssss अपना हाथ वह से हटा लो naaaaaaaaaa.......

ज़ैद शरारती अंदाज़ में बोलै - वह कहा से अम्मी जान.....

मैं एकदम से शर्म से लाल हो गयी मैंने शरमाते हुए कहा - कितने बेशरम हो गए हो तुम.......

इतने में ज़ैद ने मेरी पंतय के अंदर हाथ घुसा कर मेरी छूट को अपनी ऊँगली से तगाड्ने laga.......mai तो जैसे पागल हे हो गयी........





ज़ैद - तुम्हारी जैसी छुडासी अम्मी जिसकी हो वो बेशरम न बने तो क्या करे मेरी जान रुकसाना .....देखो तो तुम्हारी छूट कैसे पानी छोर रही hai.......andar से पूरी रंडी हो तुम ruksana...sirf बहार से शरीफ बनने का नाटक करती ho.......is ड्रेस में तुम एकदम बाजारू रंडी लग रही हो मेरी रांड ruksana.......bolkar ज़ैद मेरी छूट के क्लीट को मसलने लगा......

मेरा जिस्म पूरी तरह मचलने laga......meri आंखें बंद होने lagi.....meri सांसे इतनी तेज़ चल रही थी जिसकी वजह से मेरी चुकी को की इस सेक्सी ड्रेस में आधा से ज्यादा बहार थी ....ऊपर निचे होने लगी........

मई - कामिनी मई तुम्हारी अम्मी hu.......mujhe मेरे नाम से मत pukaro......last टाइम जो हुआ वो एक एक्सीडेंट tha..........ab मई तुम्हे मेरे साथ और कुछ करने नहीं दूंगी........





ज़ैद - इस ड्रेस में तुम इतना ज्यादा छुडासी लग रही हो अम्मी जान की मेरा लुंड पंत फाड़ कर बहार आ jaega.......tumhare जिस्म का हर अंग निखार कर सामने आ रहा इस ड्रेस me.......jism का एक एक कटाव एक एक कर्व साफ़ दिख रहा इस ड्रेस me.....khaas करके तुम्हारी ये मोती गांड हाआआयययय क्या गांड है तुम्हारी इतना उभरा हुआ और गदर्य गांड तो शायद हे किसी का होता hoga.........tumhare चुकी का निप्पल देखो तो कैसे फुल टाइट हो चूका hai.....jaise कपडा फाड़ कर बहार निकल jaega......or तुम्हारी ये मंडल जांघें कितनी मोती और कितनी चिकनी है अम्मी जान.......

मई मचलते हुए ज़ैद की फिंगर्स को अपने छूट में महसूस करने लगी...

मई मन में - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa कितना मज़ा आ रहा है अपने हे बेटे से अपनी छूट मसलवाने se........lekin येसब गुनाह है आने हे बेटे के साथ मई ये नहीं कर सकती फिर व् मई अपने जिस्म को ज़ैद से अलग क्यों नहीं कर प् रही हु......

ज़ैद अपने हाथो को ज़ोर ज़ोर से मेरी छूट पर घिस रहा tha.....or मेरे मुँह से कामुकता भरी सिसकियाँ निकल रही थी.......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss soooooooooo बेताआआआ plssssssssssssss अब्बू देख लेंगे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





कुछ देर ऐसे हे मेरी छूट को सहलाने के बाद ज़ैद ने मुझे उल्टा कर diya.......or मेरी नंगी पीठ को सहलाते हुए कहा........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी रांड रुकसाना क्या जिस्म लाया है tumne........ye गांड देख कर तो मेरा लुंड अकड़ने लगा hai......man तो कर रहा तेरी मस्तानी गांड में थूक लगा कर अपना लुंड घुसा du.........zara अपना गदराया गांड तो देखने दो मेरी जान ruksana........ye स्कर्ट हटा कर तेरी गदरायी गांड देखनी है मुझे.....

मई - plssssssssssssss plssssssssssssss ऐसा मत karo......tunhare अब्बू यही है तुम्हे शर्म नहीं आ रही अपने अब्बू के सामने अपने हे अम्मी को नंगी करने में........

ज़ैद - अब्बू तो नशे में बेहोश है मेरी jan........bolkar ज़ैद मेरे स्कर्ट को एक हे झटके में निचे गिरा diya......mai निचे से पूरी नंगी हो gayi.....maine जो पंतय पहनी थी वो इतनी छोटी थी की सिर्फ गांड के दरार में उसकी स्ट्रिप घुसी हुयी थी......





ज़ैद ने जैसे हे मरी नंगी गांड इतनी नज़दीक से देखा ज़ैद की धड़कन बेतहाशा तेज़ धड़कने lagi......zaid के मुँह से अनायास हे निकल गया.......

बाप रे क्या गांड है अम्मी जान tumhari.........itni उभरी हुयी और गदरायी गांड तो मैंने आज तक पोर्न वीडियोस में व् नहीं देखा किसी पोर्न स्टार ka.....zaid मेरी गांड को ऐसे घर रहा था जैसे उसने कोई अजूबा देख लिया ho........mai शर्म से पानी पानी हो गयी......

मई - plssssssssssssss ज़ैद ऐसे मत देखो मेरी ज़ीनत ko........mujhe भट शर्म आ रही है..... plssssssssssssss न मत न देखो aise.......mai मुँह से भले हे न न बोल रही थी लेकिन ज़ैद को अपना गांड इस तरह देखने से मेरे छूट में आग लगने लगी thi....meri वासना कई गुना बढ़ गयी.........





कुछ देर गांड को ऐसे हे घूरने के बाद ज़ैद ने अचानक अपना मुँह मेरे गांड के दरार में रख diya......mera जिस्म एकदम से अकड़ gaya.......or मेरी आंखें बंद हो गयी.........

मई मन में - या खुदा हाआआयययय कितना मज़ा आ रहा अपने हे बेटे का जुबां अपने गांड के दरार में फील करने से...... उम्मम्मम्म ऐसा लग रहा की अभी के अभी मई झाररर जाउंगी बिना चूड़े huye........maine अपना एक हाथ पीछे ले जाकर ज़ैद के बाल को पकड़ लिया .....लेकिन उसके सर को हारने के बजाये मैंने ज़ैद के सर को अपने गांड में दबाने lagi......jaise मई कहना छह रही हु की बेताआए मेरे गांड के अंदर घुस जाओ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा है..........





ज़ैद मेरे गांड की दरार को चाट तय हुए अचानक अपना ज़बान मेरी छूट पर फेरने laga.....mai पागल सी हो गयी.......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद plssssssssssssss वह नहीं plssssssssssssss naaaaaaaaaaa उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय ज़ैद plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa karooooooooooooooo aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaaa........





मई - ओह माय गॉड ज़ैद plssssssssssssss स्टॉप naaaaaaaaaaa अपनी अम्मी के साथ ये सब करना गुनाह है betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh..........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी कितना टेस्टी है तुंहारा छूट..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा आ रहा तुंहारा छूट चूसने me.........man तो कर रहा खा जॉन तुम्हरी छूट ko.........bolkar ज़ैद और ज़ोर ज़ोर से मेरी छूट को चूसने और चाटने laga.......ab वो अपना पूरा ज़बान मेरी छूट में घुसा दिया जिससे मई तड़प उठी.......

मई मन में - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना मज़ा आ रहा ज़ैद का ज़बान मेरी छूट की गहराई में घुस रहा तो..........



 
मई - plssssssssssssss betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे पेअर दर्द करने लगे है दिवार से लग कर कड़ी होने में.... plssssssssssssss मुझे छोर दो naaaaaaaaaa मई तुंहरे हाथ जोड़ती हु betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy......

ज़ैद - ok मेरी जान अम्मी चलो सोफे पर चलते है.........

मई - मुझे कही नहीं जाना मुझे अपने रूम जाना hai....samjhe naaaaaaaaaa......

ज़ैद - तुम्हे व् तो मज़ा आ रहा है अम्मी नखरे क्यों दिखा रही हो jada....mai जब तुंहारी छूट चूस रहा था तो तुम्हारी टांगें कामुकता की वजह से कैम्प रही थी..........

ज़ैद ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे सोफे पर ले जाने लगा ...न चाहते हुए व् मेरी बॉडी अपने आप ज़ैद के साथ खींचती चली gayi.......mai सोफे पर लगभग लेट सी गयी जिसकी वजह से मेरी दोनों जांघें खुल गयी और मेरी रेड पंतय साफ़ नज़र आने lagi........maine जान बुझ कर अपना एक पेअर सोफे पर चढ़ा लिया और एक पेअर निचे हे रहने दिया जिससे मेरी रेड पंतय साफ़ साफ़ ज़ैद को दिखने लगी ..........





ज़ैद बिना देर किया मेरे दोनों जांघो को पकड़ कर मेरे दोनों जांघो के बिच अपना मुँह घुसा लिया और बिना देर किये अपना मुँह मेरी छूट पर रख दिया पंतय के ऊपर से he........mai तड़प कर दोनों जांघो को आपस में बीच की और ज़ैद के सर को अपने दोनों जांघो के बिच में जकड ली मैंने......

लेकिन मई अभी व् ज़ैद को बस यही कह रही थी - ज़ैद तुम पागल हो चुके हो अपने अब्बू के सामने हे अपनी अम्मी की ज़ीनत को चाट रहे हो अगर अब्बू जाग गए तो क्या मुँह दिखाओगे उनके सामने तुम..... plssssssssssssss ज़ैद ऐसा मत करो naaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्म





मई न न तो कर रही थी लेकिन मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई खुद से अपनी गांड को हल्का हल्का हिलने लगी ज़ैद के मुँह me........or ज़ैद बेतहाशा मेरी छूट को चूसने लगा पंतय को एक साइड करके.....

मई - ओह माय गॉड मई छह कर व् खुद को ज़ैद से अलग नहीं कर पा रही हु.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा दे रहा उसका ज़ुबान मेरी छूट par....aaj तक किसी ने व् मेरी छूट को इस तरह नहीं मज़ा दिया था जैसा मज़ा आज मुझे ज़ैद दे रहा है चूस कर........





इधर ज़ैद के अब्बू बेहोश जैसी अवस्था में दिवार से लग कर बैठे हुए थे... जस्ट उसके सामने उसका बीटा उसकी की वाइफ की छूट बेतहाशा चूस और चाट रहा था ......ऐसा अनुभव मुझ में और ज्यादा कामुकता पैदा कर रहा था.......

ज़ैद - अम्मी जान तुम मुँह से कुछ और कह रही हो लेकिन तुम्हारी छूट कुछ और कह रही है ..... तुम कितना व् न न कर रही हो लेकिन तुम्हारी छूट तो इतना पानी छोर रहा जैसे आज बाढ़ आ जाएगा... ......

मई - plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa करो betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस स्टॉप ज़ैद मत karooooooooooooooo naaaaaaaaaa येसब गलत है....... aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh बोलकर मई अपने छूट को ज़ैद के मुँह में धकेल रही थी............





ज़ैद अब इतनी ज़ोर ज़ोर से छूट चाट रहा था की मई बरदास नहीं कर पायी और अपनी आंखें बंद करके ज़ैद के बालो को पकड़ लिया और अपना गांड हिलने लगी.......... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ज़ैद ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ैद ऐसे हीरे हाँ aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh और अंदर डालो अपनी ज़बान को aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh भट मज़ा आ ारः है aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh कामिनी अपने हे अम्मी को छूट खासा जाओ आज तुम आआआआअह्हह्ह्ह्हह......

मेरे बाल पूरी तरह से मेरे चेहरे पर बिखर चुके थे..........





ज़ैद के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी ज़ैद मन में सोचने लगा - अम्मी मेरे बालो को पकड़ कर अपने छूट में धकेल रही है इसका मतलब अब अम्मी पूरी तरह से तैयार है लुंड घुसाने के लिए.....

अब मई दोनों हाथो से ज़ैद के सर को ग्रैब कर ली और अपने गांड को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी .........





मैंने अब ज़ैद के सर को पकड़ कर ज़ोर से अपने छूट में भींच लिया और ज़ोर ज़ोर से अपना गांड हिलने lagi.......zaid समझ गया की मई अब झरने वाली hu......maine इतनी ज़ोर से ज़ैद के मुँह को अपने छूट में दबा रखा था की ज़ैद को साँस लेने में दिक्कत होने लगी ........





मेरा पूरा जिस्म अकड़ने lga....mai सांप की तरह अपने जिस्म को ैठने लगी..........

और मेरे मुँह से निकल गया..... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ज़ैद मई झरने वाली हु aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ोर से चुसो अपनी अम्मी की छुट्ट्ट्ट आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa मई गयी मई गयी...........





ज़ैद ने फ़ौरन हे अपना मुँह मेरी छूट से अलग कर liya.....zaid की ताकत के आगे मेरी एक न chali........mai एकदम से जल बिन मछली की तरह तड़प उठी.....

मई निढाल होकर कुछ सेकंड वही लेती रही अपनी आंखें बंद किये हुए......





अअअअअअअ

मैं ज़ैद को हसरत भरी नज़रो से देखने lagi....jaise मई कहना छह रही हु की मुझे झरने क्यों नहीं दिया कामिनी........

मई बनावटी गुस्से से ज़ैद को देखने lagi.......zaid सामने खड़ा खड़ा हरामी मुस्कान देने laga..........meri छूट से रास टपक टपक कर निचे गिरने लगी थी.........





मई सेक्सी आँखों से ज़ैद को देखते हुए बोली - भट गंदे हो तुम ज़ैद ऐसा भला कौन करता है अधूरे में छोर दिया मुझे.......





ज़ैद ने अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए बोलै - मेरी रांड अम्मी जान पहले तुम मेरा लुंड चुसो उसके बाद मई तुम्हारी प्यास बुझाऊंगा........

मई ज़ैद के लुंड को सेक्सी नज़र से देखते हुए स्स्स्सस्स्स्साआआआससेआ की आवाज़ निकली और बोली - मई तो कबसे तड़प रही हु इस लुंड के लिए ज़ैद .... मैंने अपने ज़बान को अपने होंठो में फेरते हुए ज़ैद के लुंड को देखने लगी..........









ज़ैद का लुंड ट्रॉउज़र फाड़ कर बहार आने के लिए उछाल रहा था.........

ज़ैद - देखो तो कैसे उछाल रहा है मेरा लुंड तुंहरे हाथ में जाने के liye......aap मेरी अम्मी जान और अपने कोमल हाथो से मेरा लुंड पकड़ के अपने मुँह में भर लो........

मई तो एक टुक्क ज़ैद के लुंड को हे देखे जा रही थी ...........





ज़ैद - plssssssssssssss मेरी रांड अम्मी जल्दी करो मेरा लुंड फटा का रहा है.....

मई मुस्कुरा कर ज़ैद के पास गयी और ज़ैद के पेअर के पास घुटनों के बॉल बैठ गयी.........

मई - मई ये आखरी बार कर रही hu.....dobara येसब मुझसे नहीं hoga....samjhe Naa.......or हाँ ज्यादा आवाज़ मत करना तुम्हारे अब्बू एक हाथ की दूरी पर हे hai.....agar वो जाग गए तो सहमत आ jaegi........aaj जो व् हुआ वो फ्यूचर में दोबारा कभी नहीं होगा.........

ज़ैद - ok ok naaaaaaaaaa अब करो व् मेरा लुंड मचल रहा है .......





मैंने अपने दोनों हाथो से ज़ैद का ट्रॉउज़र जैसे हे निचे किया ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड किसी नाग सांप की तरफ अकड़ कर खड़ा हो गया मेरी आँखों के सामने........

मेरी आंखें फटी की फटी रह gayi........mai एक टुक्क ज़ैद के लुंड को घूरने lagi......itna बड़ा और मोटा तो इसके अब्बू का व् नहीं hai....maine मन हे मन socha.......wow ज़ैद कितना मोटा लुंड है तुम्हारा ...........मेरी आंख के साथ साथ मेरा मुँह व् खुला का खुला रह गया अपने बेटे का मोटा तगड़ा लुंड देख कर........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी जान पकड़ो न अपने मुलायम हाथो से मेरे लुंड ko....kabse ये फड़फड़ा रहा है आपकी छूट में घुसने के लिए........

मई अभी व् हैरत से उसके लुंड को हे देखे जा रही thi...jaise मई एकदम शोकेड थी इतना मोटा और बड़ा लुंड खुद के बेटे का देख कर............





मैंने अपना एक हाथ आगे बढ़ा कर ज़ैद के गरम लुंड को जैसे हे पकड़ा मेरी छूट में एकदम से आग लग gayi........mai अभी व् मुँह गाड़े हुए उसके लुंड को पकड़ कर देखे जा रही थी........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड रुकसाना और कितना तडपाओगी सहलाओ न इसे.........





मई हल्का हल्का ज़ैद के लुंड को सहलाने लगी..........

ज़ैद ने तो बस मुझे सहलाने को कहा था लेकिन मेरे मुँह से लार टपकने लगा लुंड को मुँह में लेने क लिए मई बेचैन होने लगी.......

मेरा ज़बान अपने आप बहार निकल गया एक कुटिया की tarah......mai अपने जीभ को बहार निकल कर लुंड के तरफ अपने मुँह को बढ़ने lagi.......or एकदम से उसके लुंड को मुँह में भर लिया...... हाआआयययय कितना कामुक स्मेल था ज़ैद के लुंड ka.......zaid के लुंड का स्मेल मुझे और ज्यादा होर्नेय बना रहा था........





मैंने एक हाथ से ज़ैद के लुंड को पकडे हुए हे उसके लुंड को बहार हे बहार चाटने lagi......zaid के मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी.......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरी रांड अम्मी जान रुकसाना ...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम मुँह है तुम्हारा ..........





अचानक मैंने अपना मुँह वापस खींच liya....zaid को तड़पाने के liye.......lekin ज़ैद ने मेरे बाल पकड़ कर अपना खड़ा लुंड वापस मेरे मुँह में दाल diya.....maine व् झट सा अपना मुँह खोल कर ज़ैद का लुंड अपने लाल होंठो में समां लिया और फिर वापस निकल लिया.......

इस तरह मई बार बार उसके लुंड को मुँह में घुसती और वापस बहार निकल leti.....zaid को इतना मज़ा आने लगा की उसकी आंखें बंद हो gayi......or उसके मुँह से बस कामुक सिसकियाँ निकलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान यू अरे फूकिंग सो हॉट..........





मई अब एक बाजारू रंडी की तरह ज़ैद का लुंड चूसने lagi......ka hi उसके टोपे को मुँह में भर कर चुस्ती कभी बहार बहार लुंड को चाट टी कभी लुंड को थोड़ा अंदर मुँह में घुसती......





ज़ैद को इतना ज्यादा मज़ा आने लगा की उससे रहा नहीं गया और उसने मेरे सर को दोनों हाथो से पकड़ कर अपने लुंड को मेरे मुँह के पूरा अंदर घुसाने लगा......

इतना मोटा और बड़ा लुंड मेरे हलक तक घुसने लगा ...ऐसा लग रहा था जैसे मेरा मुँह पूरा फ़ैल चूका है इतने मोठे लुंड से....... मेरी आंख फटने लगी लुंड अंदर घुसने की वजह से......





ज़ैद व् ज्यादा वीलडली मेरे मुँह को नहीं छोड़ रहा था...... वो भट आराम से मेरे मुँह को छोड़ रहा था दोनों हाथो से मेरे बालो को पकड़ कर अपना लुंड मेरे मुँह के अंदर बहार कर रहा था....





ज़ैद इतना ज्यादा कामुक हो गया की वो सोफे पर लगभग लेट सा गया अब मई सोफे पर लेते हुए ज़ैद के लुंड को पूरा पशनातेली चूसने lagi.......meri रेड पंतय में मेरी गदरायी गांड इस वक़्त कोई देख लेता तो बिना मेरे गांड में लुंड घुसाए नहीं रह pata.....meri पतली कमर में मेरी मोती गांड वो व् इतनी छोटी सी पंतय में कैद ....कमल की छुडासी लग रही thi..........zaid ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ कर मेरे सर को अपने लुंड में धकेलने laga..........mai समझ गयी की ज़ैद अब लगता है झरने वाला hai........maine चूसना और ज्यादा तेज़ कर diya..........zaid के मुँह से अब भट तेज़ तेज़ सिसकियाँ निकलने लगी ........





लेकिन मई हैरान थी ज़ैद अभी तक खरा नहीं tha.......kya गजब का स्टैमिना था ज़ैद ka.........zaid के स्टैमिना पर मई फ़िदा हो gayi......ye जब छोड़ेगा तो छूट का क्या हाल करेगा.... हाआआयययय मई ये सोच कर हे रोमांचित होने लगी.......

मई मन हे मन सोच रही thi.......oh गॉड और कितना देर मुझे चूसना padega...,lagbhag आधे घंटे से तो मई इसका लुंड चूस रही हु.........





मई अब ज़ैद का लुंड चूसते चूसते थक चुकी thi...mera मुँह दर्द करने लगा tha......lekin मुझे इतना ज्यादा मज़ा आज से पहले कभी नहीं आया tha.......mai लुंड चूसना छोर कर ज़ैद को रोने जैसी औरत बना कर देखने लगी और बोली

मई - तुम इंसान हो या हैवान .....इतनी देर से मई चूस रही हु और तुम हो की झरने का नाम हे नहीं ले रहे ho.........mai अब थक चुकी हु मेरे मुँह भट दर्द कर रहा है....... plssssssssssssss अब मुझसे नहीं होगा.........





ज़ैद - अभी कहा मेरी जान अभी तो मेरा लुंड तुम्हारे मुँह में ठीक से घुसा व् नहीं hai....pahle इसे पूरा हलक तक घुसा कर के चुसो न........

मई - नहीं अब मुझसे नहीं होगा ...मैंने रोनी सूरत बना कर ज़ैद को bola....abhi मई बोल हे रही थी की ज़ैद नेमेरे बालो को पकड़ा और अपना लुंड एक झटके में मेरे मुँह में घुसा diya.....or ज़बरदस्ती मेरे मुँह को छोड़ने laga........ma गुगुगु करने lagi......zaid इतनी बेरहमी से मेरा मुँह छोड़ रहा था की मेरी साँस हे रुक गयी.......





ज़ैद अब जानवर बन चूका था वो इतनी बेरहमी से मेरा मुँह छोड़ेगा मैंने सोचा नहीं tha.......mere सर को सोफे पर झुका कर अपना लुंड अब पूरी ताकत से मेरे हलक तक घुसने laga......meri आंख फट गयी मेरी साँस रुकने लगी ...मई अपने दोनों हाथो से ज़ैद को धकेलना छह रही थी लेकिन ज़ैद ज़रा सा व् हिल नहीं रहा tha......uske अंदर जैसे जानवर सवार हो चूका tha......mai उसकी अम्मी हु ये वो भूल कर मुझे एक बाजारू रंडी की तरह छोड़ रहा था .....मेरे मुँह ko.......mere आँखों से आंसू बहने लगे.......





ज़ैद को ज़रा व् मुझपर रहम नहीं आ रहा tha....usne अब मेरे बालो को पकड़ कर मेरे मुँह को पूरा का पूरा अपने लुंड में दबा दिया जिसकी वजह से उसका मोटा तगड़ा लुंड मेरे हलक तक पूरा घुस gaya......mai छूटने की पूरी कोशिश करने लगी लेकिन ज़ैद के ताकत के आगे मेरी एक न chali....ab मेरे आँखों के आगे अँधेरा छाने laga......mai बेहोश होने हे वाली थी की ज़ैद ने एक ज़ोर का झटका मेरे मुँह में मारा और मेरे बालो को पकड़ कर मुझे दूर धकेल diya........mai वही बीएड के पास जाकर टकरा gayi...or अपने गर्दन पर हाथ फेरने lagi.....kyu की मेरा गला भट ज्यादा दर्द करने लगा था ज़ैद के लुंड घुसाने की वजह से.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh खो खो खो खो कामिनी हरामज़ादी कही के .....अपनी अम्मी को तूने क्या समझ रखा है ...एक बाजारू randi......chala जा यहाँ से..... हाआआयययय maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना दर्द कर रहा मेरा galaa.......kitni बेरहमी से मेरा गाला छोड़ा है इस लड़के ने..........

ज़ैद हँसते हुए बोलै - साली रांड भट नखरा दिखा रही thi.....isliye मुझे ऐसा करना pada....agar अभी व् तू सही से खुद से नहीं चूसेगी तो मुझे फिरसे वैसे हे तेरा मुँह छोड़ना पड़ेगा........

मई दर गयी की कही फिर से ज़ैद जानवर न बन jaye....isliye मई ज़ैद को गुस्सा भरी नज़रो से देखते हुए आगे बढ़ कर उसके लुंड को पकड़ ली और मुँह में भर कर चूसने लगी ज़ैद की आँखों में देखते huye........abhi व् मई उसका पूरा लुंड अपने मुँह में नहीं ले रही थी .....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रांड ऐसे नहीं कुटिया देख ऐसे चूस बोलकर ज़ैद पहले मेरे बालो को पकड़ कर अपने लुंड से दूर किया और मई ज़ैद को आँखों में देखने लगी की आखिर इसने लुंड को मुझसे दूर क्यों kiya......zaid ने मुझे मुँह खोलने को kaha...maine बिना देर किये हुए ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए अपना मुँह खोल diya.....zaid ने अपना खड़ा लुंड अपने हाथ से पकड़ कर मेरे मुँह में हल्का हल्का घुसाने laga........is बार मुझे ज़रा व् दर्द नहीं hua......mujhe लुंड हलक तक महसूस होने laga....lekin इस बार मुझे मज़ा आ रहा था.......





अब मई खुद से ज़ैद के लुंड को पकड़ कर अपने गलाक तक घुसा कर चूसने lagi...ab मुझे भट ज्यादा मज़ा आ रहा tha.....zaid का लुंड मेरे थूक से पूरी तरह भीग कर चमक रहा था.......





मई पूरी मस्ती में ज़ैद का ाण्डू पकड़ कर उसके लुंड को पूरी तरह हलक में घुसा कर बहार निकल रही thi....zaid व् मेरे बालों को पकड़ कर मुझसे लुंड चुसवाने का मज़ा लेने लगा.....





मेरी छूट में अब खुजली होने लगी थी कामुकता की वजह se.....mera हाथ अपने आप मेरी छूट में चला gaya......mai लुंड चूसते हुए एक हाथ से अपनी छूट को सहलाने लगी.............





मई अपने मन में सोच रही थी की मई इस दुनिया की सबसे बेशरम अम्मी hu...jo खुद के बेटे का लुंड चूस रही हु और अपने बेटे का लुंड चूसते हुए मेंइतनी होर्नेय हो चुकी हु की खुद से अपना छूट सहला रही hu.....lekin मई एक औरत व् तो hu......ek औरत को एक मोटा तगड़ा लुंड मिलेगा तो वो क्या कर सकती hai......mujhe अपने बेटे से छोड़ना नहीं chaiye......iska पानी निकलने के बाद मई भाग कर अपने रूम में बंद हो जाउंगी और अपने ऊँगली से अपनी छूट छोड़ कर जहर jaungi.......abhi मई येसब सोच हे रही थी की ज़ैद ने अपणानलूंड मेरे मुँह से निकला और बोलै.....





ज़ैद - अम्मी मेरी जान मुझे नहीं लगता की लुंड चूसने से मेरा पानी निकलने वाला hai........apko बिना चोदे मेरा पानी नहीं निकलेगा......





मई - नहीं नहीं मई तुम्हारी अम्मी हु मई तुम्हे ऐसा करने नहीं dungi....chahe जो व् हो जाये.......

ज़ैद - ाचा ठीक है तो फिर मई सिर्फ आपके छूट में अपना लुंड रगड़ कर अपना पानी निकल लूंगा........

मई - क्या बक रहे हो तुम अगर गलती से स्लिप होकर तुम्हारा लुंड मेरी छूट में घुस गया तो मई खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाऊँगी........





ज़ैद - plssssssssssssss naaaaaaaaaa अम्मी सिर्फ एक बार करने दो न फिर नहीं बोलूंगा कभी... plssssssssssssss सिर्फ एक बार......

मेरा मन तो कर रहा था की ज़ैद कलुण्ड पकड़ कर अपने छूट में घुसा lu.....lekin दूसरी तरफ मेरा ज़मीर गवारा नहीं दे रहा था की खुद के बेटे से मई चूस jaun.......mai न न करने लगी.....

ज़ैद की आवाज़ लाउड हो गयी - क्यों ऐस कर रही हो अम्मी jan......sirf एक बार मुझे छूट में रगड़ने डोना.......

मई - shiiiiiiiiiiiiiiiii हल्का बोलो अब्बू जाग गए तो कयामत आ jaegi......maine अपने होंठो पर ऊँगली रखते हुए ज़ैद को चुप रहने को कहा........





मई - ok लेकिन सिर्फ भर बहार करना अंदर नहीं घुसना चाहिए.......

ज़ैद - तो पहले अपना जिस्म जबतक पूरी तरह नंगी नहीं करोगी तबतक मई नहीं jharunga......apna ब्लाउज और बारे उतरो न.......

मई अपने ब्लाउज और ब्रा को उतार feka......mere बड़े बड़े दूध अब पूरी तरह नंगी होकर फुल टाइट हो चुकी थी.....





अब मई सिर्फ पंतय में thi.....zaid ने जैसे हे मेरे दूध को देखा वो पागल हो gaya...or झपट कर मुझे पकड़ liya....or मेरे दूध पर टूट pada........ek हाथ से वो मेरे दूध को दबा रहा था और अपने मुँह को दूसरी चुकी में रख कर चूसने laga......mai मदहोशी में अपनी आंख बंद कर li.....or सिसकियाँ लेने लगी........





ज़ैद - हाआआयययय अम्मी क्या मस्त चुकी है tumhari.......bolkar ज़ैद बेतहाशा मेरी चुकी को चूसने लगा और मेरे निप्पल को दांतो से काटने laga.....mai इतना ज्यादा मदहोश हो गयी की ज़ैद के बालो को पकड़ कर अपने चुकी में दबाने लगी......
 
कुछ देर ऐसे हे चुकी चूसने के बाद ज़ैद ने मुझे लिटा diya........or मेरे दोनों जांघो के बिच घुटने के बल बैठ gaya...jiski वजह से उसका खड़ा लुंड मेरी छूट के ठीक ऊपर एक नाग सांप की तरह फुंकार रहा था......

ज़ैद मन में सोच रहा था - अम्मी की आंखें मेरे खड़े लुंड पर हे तिकी हुयी hai........sali कुटिया सिर्फ ऊपर से न न कर रही hai....andar से तो छोड़ने के लिए बेचैन है रंडी sali......dekho तो कैसे घूर रही है मेरे लुंड ko.......aaj इसे मई ऐसा तड़पाऊंगा की ये खुद कहेगी मुझे chodo.....abhi तक मेरी रेड पंतय पूरी तरह छूट रस से भीग चुकी थी......





ज़ैद ने मेरी पंतय के स्ट्रिप को पकड़ कर हल्का हल्का उतरने laga.....maine व् अपना गांड उचका कर पंतय उतरने में ज़ैद की मदद की......

मई मन में - ये मुझे क्या हो रहा hai.....apne हे बेटे से मई अपनी पंतय उतरवा रही hu......lekin जो व् हो मई अपने बेटे को अपनी छूट में लुंड घुसाने नहीं दूंगी........ फिर व् मई इतनी ज्यादा होर्नेय क्यों हो रही hu.....mujhe मुझपर कण्ट्रोल करना मुश्किल हो चूका है..........





मई - प्लसससससससस बीटा कोई आवाज़ मत करना तुम्हारे अब्बू बगल में हे hai....jaldi जल्दी करके ख़तम करो.......

छूट में लुंड तगाड्ने से जल्दी पानी नहीं गिरेगा अम्मी jan.....uske लिए मुझे तुम्हारी रसीली छूट में अपना मोटा लुंड घुसा कर तेरी छूट छोड़ना padega....tab मेरे लुंड शांत होगा.......

मई - मैंने एक बार कह दिया की अंदर भी घुसना है मतलब नहीं घुसना hai....sirf ऊपर ऊपर रगड़ कर गिराओ अपना पानी.....

ज़ैद मेरे ऊपर आ गया और अपने लुंड को जैसे हे मेरे छूट के ऊपर रखा मेरे मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee.............





मेरे मुँह से कामुक सिसकियाँ निकलने lagi.......Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh रगड़ो ....... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा है zaiddddddddddddddd ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy

ज़ैद अपने लुंड को मेरी छूट में भट प्यार से रब कर रहा tha.........or मेरी छूट में खुजली बढ़ती जा रही थी.......

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ज़ैद ने अब अपने लुंड को हाथो से पकड़ कर मेरे छूट में रब करने laga......lund को छूट में गोल गोल घूमने laga.......meri तो कामुकता की वजह से आंख बंद हो gayi...or मई खुद से अपने चुकी को मसलने लगी ........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd अपनी हे अम्मी की छूट में अपना लुंड रब करने में तुझे ज़रा व् शर्म नहीं आ रही है betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.......

ज़ैद - मेरी अम्मी की छूट इतनी गरम है की मेरा लुंड जल रहा है छूट की गर्मी se........ammi जान सिर्फ टोपा घुसाने दो न छूट में.....

मई मदहोशी में बोली नहीं नहीं ऐसा मत करना betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss ये गुनाह hai.........upar ऊपर हे रगड़ कर अपना पानी निकल लो...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaaaaaaa.........maine अपने दोनों हाथो से सोफे का कवर पकड़ liya......or आंखें बंद करके लुंड को छूट में रगड़ने लगी........

इतने में ज़ैद ने अपने खड़े लुंड से मेरी छूट में मारने laga.....meri तो जैसे साँस हे अटक gayi.....itna मज़ा आने लगा मुझे लुंड की मार अपने छूट में पड़ने से.....





मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd plssssssssssssss कुछ करो aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा हैईईईई aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म

ज़ैद ने अपने लुंड को छूट में रब करते हुए अचानक सा लुंड का सूपड़ा हल्का सा मेरी छूट में घुसा diya.....mai तड़प uthi.......mere मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकला गयी.........

मई - plssssssssssssss betaaaaaaaaaa अंदर मत करना plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

ज़ैद ने थोड़ा सा लुंड घुसा कर फिर वापस निकल liya....fir थोड़ा लुंड घुसाया और फिर वापस निकल liya......meri छूट में ज्वालामुखी फटने lagi.....mera जिस्म कंपनी लगा........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd

ज़ैद - कैसे लग रहा है अम्मी jan....maza आ रहा है क नहीं....

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा है ...लेकिन तुम्हारा लुंड कहा पर है वह से स्लिप करके अंदर न चला जाये plssssssssssssss बहार निकल लो betaaaaaaaaaa......





अब ज़ैद समझ गया था की मई पूरी तरह से छोड़ने के लिए तैयार हु.......

ज़ैद अपना लुंड वास् खींच लिया और फिरसे मेरी छूट में रगड़ने laga.......mai तड़प uthi........mera मन तो कर रहा था की ज़ैद का लुंड पकड़ कर अपने छूट में घुसा lu..............meri सहन शक्ति अब जवाब दे चुकी thi.........mai व् अपने गांड को उठा उठा कर लुंड अपने छूट में लेने की कोशिश करने लगी........

मई मन हे मन बोलने लगी - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे राजा betaaaaaaaaaa घुसा दो न अपनी अम्मी की छूट में अपना मोटा लुंड और बरदास नहीं होता betaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मई कामुकता से मर jaungi......mai कितना व् नाहा बोल रही हु लेकिन मेरी छूट तो तुम्हारे लुंड लेने क लिए बेचैन hai.......meri बात मत सुनो और अपना लुंड एक झटके में मेरी छूट में घुसा दो.........

मई अपने गांड को उचका उचका कर लुंड अपने छूट में घुसना छह रही thi......lekin ज़ैद जान बुझ कर अपना लुंड मेरी छूट में घुसने नहीं दे रहा था......

मई बौखला कर ज़ैद का लुंड पकड़ ली और अपने छूट के छेड़ में रख कर अपने छूट को लुंड पर दबाने lagi........lekin ज़ैद लुंड को वास खींच लिया........

मई गुस्से में ज़ैद को देखते हुए बोली - घुसाओ naaaaaaaaaa plssssssssssssss अब मुझसे बरदास नहीं हो रहा plssssssssssssss घुसा दो naaaaaaaaaaa छोड़ दो अपनी अम्मी ko....faad दो मेरी छूट ..........

ज़ैद मुस्कुरा कर बोलै - अभी तो बोल रही थी घुसाने नहीं दूंगी मई तुम्हारी अम्मी हु ये गुनाह hai......ab क्या हुआ.....

मई - मेरी छूट में आग लगा दी है तुमने कामिनी अब बिना चूड़े मई रह नहीं paungi.......ho जाने दो ये गुनाह मुझे परवाह नहीं मुझे बस तुम्हारा लुंड अपनी छूट में घुसना hai.........chodo अपनी अम्मी ko....apni रखैल बना लो छोड़ kar....mai आज से तुम्हारी रखैल hu.......chod छोड़ कर मेरी छूट फाड़ दो.....

ज़ैद - नहीं मई नहीं छोडूंगा अम्मी ये गुनाह hai.......mai बहार बहार रगड़ कर पानी निकल लूंगा.......

मई - plssssssssssssss betaaaaaaaaaa मई तुम्हारे हाथ जोड़ती हु तुम को बोलोगे वो मई karungi.....mujhe और मत तड़पाओ वर्ण मई मर जाउंगी.... plssssssssssssss छोड़ो न betaaaaaaaaaa

बोलकर मई अपने छूट को खुद से रब करने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बीटा भट खुजली हो रही है छूट में आआआआअह्हह्ह्ह्हह घुसा दो न आना मोटा लुंड अपनी अम्मी की छूट me......or बना लो अपनी अम्मी को अपनी रखैल......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बीटा अब बरदास नहीं हो रहा plssssssssssssss छोड़ो naaaaaaaaaaa बोलते हुए मई अपने एक हाथ से अपनी चुकी मसलने लगी और दूसरे हाथ से अपनी छूट रब करने लगी......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss मत तड़पाओ अपनी प्यासी अम्मी को.....

Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय ये कैसी आग लगा दी है तूने हरामी ......मेरे मुँह से अब गन्दी गन्दी गलियां निकल रही thi.....mai कामुकता में पागल हो चुकी thi.....pasiney से मेरा पूरा जिस्म भीग चूका tha.......mai अब ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट को रगड़ने lagi.....mera जिस्म अचानक से अकड़ने laga....mai ओर्गास्म को पहुँचती उससे पहले ज़ैद मेरा हाथ पकड़ लिया.....





मई - ये क्या कर रहा है हरामज़ादे कामिनी छोर मेरा हाथ.......

ज़ैद - मई तुम्हे हाथ से झरने नहीं दूंगा मेरी रंडी अम्मी.......

मई - मई कहती हु छोर मेरा हाथ कामिनी maderchod.......mujhe झरने दे ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss ऐसा ज़ुल्म मत कर मेरे साथ मई तुम्हारी अम्मी हु कुछ तो रहम कर अपनी अम्मी पर.... plssssssssssssss मुझे एक बार झरने दे betaaaaaaaaaa फिर तू जैसा बोलेगा मई वैसा करुँगी plssssssssssssss

ज़ैद - बोल की तू मेरी रांड बनकर रहेगी इस घर me....mai तुझे एक रंडी की तरह छोडूंगा daily........or मई जिससे बोलूंगा तू उससे छुडवाएगी.......

मई जोश में ऐसा पागल थी की मैंने सब बात मान ली ज़ैद की - हाँ हाँ बीटा मई आज से तुम्हारी रखैल हु तू हरी रंडी हु ....तू जैसा बोलेगा मई वैसा karungi.....par plssssssssssssss मुझे एक बार झरने दे दे.........

ज़ैद हल्का मुस्कुराने लगा और मेरे दोनों जङ्घो को अपने हाथो में थाम कर अपना लुंड मेरी छूट में जिसे हे भिड़ाया मेरी एक सुकून को साँस निकली aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh...........

और फिर ज़ैद ने एक ज़ोर का धक्का मारा ज़ैद का आधा लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस gaya......mujhe एक शदीद दर्द hua........mere मुँह से एक ज़ोर की चीख निकल गयी...... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa धीरीईईए भट मोटा है तुम्हारा...........





मई इतनी ज़ोर से चीखी की शायद मेरे शोहर को व् सुनाई दे दिया hoga....mere शोहर अपनी जगह पर हल्का हिलने डोलने लगे...........





ज़ैद ने दोबारा एक ज़ोर का झटका मारा इस बार ज़ैद का पूरा लुंड मेरी छूट में समां gaya....drd से मेरे आँखों से आंसू गिरने lage....mai इतनी ज़ोर से चीखी की अब्बू नशे में हे बड़बड़ाने lage......kaun हल्का कर रहा hai......apni लड़खड़ाती आवाज़ में .............

मई ज़ैद की आँखों में देखने लगी डर की वजह से की कही मेरे शोहर जाग न गए ho.....maine सर उठाकर देखा तो मेरे शोहर अब व् वैसे पड़े हुए हल्का हल्का हिल रहे थे लेकिन उनकी आंखें बंद थी........

मई धीरे से बोली - plssssssssssssss ज़ैद हल्का हल्का करो अब्बू जाग जाएंगे.......





मई सर उठा कर अपनी छूट के तरफ देखने लगी ....ज़ैद क मोटा लुंड मेरी छूट में पूरी तरह घुसा हुआ था......

ज़ैद अब धीरे धीरे अपने लुंड को अंदर बहार करने laga....mujhe दर्द के साथ मज़ा आने laga.....mai व् कामुकता भरी सिसकियाँ निकलने लगी........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म भट मज़ा दे रहे हो तुम अपनी अम्मी को.... aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss धीरररररररररीबीईई naaaaaaaaaaa





मई खुद से अपनी चुकी को सहला रही थी......

मई - मुझे अम्मी मत bulao....ammi के साथ कोई बीटा ऐसा नहीं karta......tum मुझे रुकसाना पुकारो....

ज़ैद - मुझे तो अम्मी हे बोलना hai...ammi को छोड़ने में जो मज़ा है वो किसी और को छोड़ने में kha.....tum खुद मुझसे छोड़ना चाहती थी साली रंडी ......इसलिए मुझे अपनी मोती गांड दिखती रहती थी हर waqt......taki मई तेरी मोती गांड देख कर पागल हो जॉन और तुम्हे रंडी की तरह chodu.......hai न ..?

मई ज़ैद की बातो से शर्म से लाल हो गयी और अपनी नज़र दूसरी तरफ कर ली ...मेरे पास उसका कोई जवाब नहीं tha....zaid सच हे कह रहा था......





मैंने अपनी गर्दन दूसरी तरफ कर ली ज़ैद से नज़र नहीं मिला पा रही थी मई.......





अब ज़ैद अपने धक्को की स्पीड बढ़ने लगा और मेरे मुँह से सिसकियाँ व् तेज़ तेज़ निकलने लगी ........





मई मन हे मन सोचने लगी - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना हार्ड छोड़ रहा ज़ैद .....आखिर उसके पापा ज़ैद के जैसा मुझे क्यों नहीं छोड़ पाते है........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaaaaaaaa कितना मज़ा दे रहा इसका लुंड......





अब ज़ैद मेरे दोनों टैंगो को हाथ में पकड़ कर मेरी छूट में अपना लुंड घुसने laga....fuch फुच की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी .....मई मदहोशी में कामुक सिसकियाँ निकलने लगी ...

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa धीरीईईए naaaaaaaaaa भट मोटा है तुम्हारा लुंड.....









मई मन में - कितना बड़ा मादरचोद निकला मेरा betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म काश ये पहले से मुझे छोड़ रहा होता.........





ज़ैद इतनी ज़ोर ज़ोर छोड़ रहा था की मेरी छूट से पानी छप्प छाप कर के बहार निकल रही thi.......ab मेरा जिस्म एकदम से अकड़ gaya....mai समझ गयी मेंझारने वाली हु......

मई झट से अपने मुँह में हाथ रख लिया ताकि मेरे मुँह से ज्यादा आवाज़ न निकले और मेरे शोहर न सुन ले........





अचानक मेरा जिस्म अकड़ने लगा और मेरी छूट ज़ोर से झरने lagi.......maine अपने मुँह को भट ज़ोर से दबा रखा था फिर व् मेरे मुँह से ज़ोर दार सिसकियाँ निकल रही थी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii..... betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii



 
ज़ैद मुझे ज़ोर ज़ोर से छोड़ रहा था और उसके धक्को से मेरा पूरा जिस्म हिल रहा tha.....mai अपने मुँह में हाथ रख कर अपनी सिसकियाँ दबाने की कोशिश के रही thi........taaki मेरे शोहर मेरी सिसकियाँ सुन कर जग न jaye..........mai अपने आ को किस व् रही thi......ki अपने शोहर के जस्ट बगल में मई खुद के बेटे से चुद रही हु एक रंडी की tarah.........lekin मेरे जिस्म की वासना मेरे लॉयल्टी पर भारी पद रही thi.........mera दिल कर रहा था मई ज़ैद को धक्का देकर अपने ऊपर से हटा दू लेकिन मेरे जिस्म को इतना मज़ा मिल रहा था की मेरा जिस्म मेरे दिल का साथ नहीं दे रहा था.....





ज़ैद मुझे ज़ोर ज़ोर से छोड़ते हुए गलियां देने laga........gaaliyon के साथ चुदाई में इतना मज़ा अत है मुझे आज मालूम चला tha...........chudayi के साथ साथ गालियां मुझे और ज्यादा कामुक कर रही थी......

ज़ैद + aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी अम्मी क्या छूट है तेरी साली कुटिया ..........तुझे छोड़ने में इतना मज़ा आ रहा की आज तक मुझे पोर्न मूवीज देख कर मुठ मरने में इतना मज़ा नहीं आया .........

अब ज़ैद मेरी दर्द भरी चीखें सुनने के लिए मेरे दोनों हाथो को फैला कर ज़ोर से दबोच liya........jiski वजह से मई अब अपनी दर्द भरी चीखों को रोक नहीं प् रही थी........





मेरी बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां हर धक्को के साथ उछाल रही थी....... मई अपना मुँह सोफे के कुसिक्न में सत्ता दिया और आंखें बंद करके चुदाई का मज़ा लेने लगी.......





मैंने दोनों हाथो से चादर पकड़ लिया क्यों की अब ज़ैद भट तेज़ तेज़ धक्के मरने लगा tha.....aisa लग रहा था आज ज़ैद मेरी छूट फाड़ हे dalega......meri दोनों जांघो को अपने हाथो में पकड़ कर भट बेरहमी से मुझे चोदे जा रहा था और मेरी ेमुह से भट तेज़ तेज़ सिसकियाँ निकल रही थी......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa zaiddddddddddddddd plssssssssssssss धीरीईईए plssssssssssssss धैईईईई मई मर जाउंगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट दर्द हो राहाआआआआ मुझे ...........मई लगभग रोने लगी thi........lekin ज़ैद पर तो जैसे शैतान सवार tha...wo मुझे एक बाजारू रंडी की तरह छोड़ रहा था.............





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh रुकसाना मेरी रांड क्या माल है तू साली कुटिया ........क्या टाइट छूट है tera........lagta है अब्बू का लुंड भट छोटा और पतला है इसलिए आज तक तेरी छूट इतनी टाइट hai..........hai न मेरी जान........

मई ज़ैद की बातो से और ज्यादा गरम हो रही thi...........zaid इतनी गन्दी बातें करते हुए मुझे छोड़ रहा था की मई शर्म से लाल हो गयी थी.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली बोल naaaaaaaaaaa रांड ........अब्बू का लुंड भट छोटा है न......

मई व् अपना सर ऊपर उठा कर ज़ैद को ककुमता से देखते हुए बोली ...........हाँ जब तू जान हे रहा है तो फिर पूछ क्यों रहा है........ aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh....kutte छोड़ अपनी रंडी अम्मी को ...फाड़ दे मेरी छूट हरामी मादरचोद .........और ज़ोर से छोड़ न मादरचोद ........मैंने इतनी छुडासी एक्सप्रेशन दिया था अपने चेहरे का की कोई व् मेरे इस छुडासी चेहरे को देख लेता तो उसका लुंड बिना हिलाये हे जहर जाता..........





मेरी छूट अब फिर से एक बार झरने के करीब आ चूका tha........maine एक हाथ से अपनी छूट को सहलाते हुए अपनी आंखें बंद कर li........or बड़बड़ाने lagi....aaaaaaaa

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh उम्मम्मम्म हाआआयययय क्या छोड़ता है ज़ैद तू....... हाआआयययय क्या मर्दानगी है तेरे me...........bolkar मई अपने छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने lagi....or ज़ैद व् ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा........





मेरा जिस्म एक बार फिर से थरथरने laga.........mera इतना तेज़ ओर्गास्म हुआ की मई ज़ैद को रोनी सूरत बना कर देखते हुए बोली ..... हाआआयययय zaiddddddddddddddd.ai गयी मई गयी....

बोलकर मई झरने lagi.....mere जांघ और पेअर दोनों एक साथ थरथराने laga........meri आंख ऊपर चढ़ गयी जैसे मैंने एक बोतल दारू पी ली हो.........





ज़ैद छोड़ते हुए मेरे बगल में लेट गया और मेरे मुँह में अपनी चाट ऊँगली घुसा कर मेरे पकड़ liya........fir अपने होंठो को मेरे होंठो में रख कर ज़ोर ज़ोर से चूसने laga........mai व् ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में कास लो और चूसने लगी..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd बस कर दो बीटा ..........मुझसे अब नहीं hoga.......mera जिस्म पूरी तरह से थक चूका hai.....maine ज़ैद के आँखों में मुस्कुरा कर देखते हुए bola.............zaid आज मुझे दुनिया का सबसे हैंडसम मर्द दिख रहा tha.......mere चेहरे की चमक बता रही थी की मई आज चरम सुख पर पहुँच चुकी थी..........





ज़ैद व् अब झरने वाला tha....zaid ने एक ज़ोर की गुर्राहट के साथ मेरी छूट में अपना पूरा लुंड घुसा कर एक ज़ोरदार धक्का mara...........or ज़ैद मेरी छूट के अंदर हे झरने laga........wo तो भला हो कंडोम का जो ज़ैद ने पहले हे पहन लिया tha.........kuchh सेकंड झरने के बाद ज़ैद ने जैसे हे अपना लुंड मेरी छूट से बहार nikala......mai हैरान रह गयी कंडोम में गिरा हुआ उसका विरए देख कर..............

मई ज़ैद के विरए को देखते हुए हैरानी से सोच्नेगी........ बाआआपपपपप रईईईई कितना ज्यादा विरए गिराया है ज़ैद के लुंड ne...........agar कंडोम अंदर हे फैट जाता तो क्या hota...........meri बच्चेदानी तो ज़ैद के वीर्य से हे भर जाती..........





मको वही निढाल पड़ी रही और सोचने lagi.........maine ये ठीक नहीं Kiya....ane हे बेटे से छुड़ा लिया Maine....mai दुनिया की सबसे बेशरम अम्मी हु...... चहहीइ कितनी गन्दी हु मई जो अपने हे बेटे से छुड़वा रही thi........maine अपने शोहर को व् धोखा दिया hai...........yahi सब सोच रही थी मई रिलैक्स लेते huye.......mujhe यहाँ से जाना hoga....jabtak मई यहाँ रहूंगी ज़ैद मुझे किसी न किसी बहाने फसा हे lega.....or ज़ैद का लुंड देख कर पता नहीं मुझे क्या हो गया tha.......itna मोटा और बड़ा लुंड देख कर मेरा जिस्म मेरा साथ नहीं diya....or मई बहक gayi........lekin अब ऐसा नहीं होने दूंगी mai.....mai अपने कमरे में जाकर अंदर से लॉक कर lungi......taki ज़ैद को मई देख हे न पौन..........

इधर ज़ैद मन हे मन सोच रहा था - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अम्मी जान इस पोजीशन में कितनी छुडासी और सेक्सी दिख rahi......gand देखो साली रंडी ki.......aisa लग रहा की इसकी गांड बस छुड़वाने के लिए हे बानी है.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अम्मी जान आपकी गांड देख कर मेरा लुंड फिरसे टाइट होने लगा hai........bolkar ज़ैद मुझे कमर से पकड़ कर कुटिया बना दिया.....

मई - नहीं नहीं अब नहीं ज़ैद plssssssssssssss मई भट थक चुकी हु betaaaaaaaaaa plssss.....mujhe अपने रूम में जाना hai........or तुम्हारे अब्बू किसी व् वक़्त जाग जाएंगे तो भट बुरा होगा..... plssssssssssssss plssssssssssssss ज़ैद जाने दो अपनी प्यारी अम्मी को........ plssssssssssssss नाआआआ.....

लेकिन ज़ैद ने मेरी एक न सुनी और मेरी गांड के पास बैठ कर मेरी गदरायी गांड को घूरने लगा और अपने हाथो से सहलाने लगा.............

ज़ैद - हाआआयययय अम्मी जान कितनी चिकनी गांड है वाओ........





ज़ैद ने फिर से एक बार अपना मुँह मेरे गांड के बिच में घुसा diya.....mai तड़प उठी......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh zaiddddddddddddddd plssssssssssssss nooooooooooooo भट हो gaya....ab नहीं होने दूंगी मई.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss नाआआआए

मेरा जिस्म फिर से गरम होने लगा था ज़ैद के इस तरह मेरी गांड को चूसने चाटने से..........





मेरी गांड इतनी चौड़ी और उभरी हुयी थी की मेरी पतली कमर में ये मोती गांड एक कयामत से काम नहीं लग रही thi.....shayad इसलिए ज़ैद दोबारा फिर से तैयार हो गया था छोड़ने के लिए मेरी गांड देख कर..........





ज़ैद ेमेरी गांड की दरार और गांड के छेड़ को चूसते हुए अचानक अपना मुँह मेरी छूट पर ले गया ....मई ज़ोर से सीत्कार उठी.....

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiii वहाआआआ नहीं ............. aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh

ज़ैद अपनी ज़बान का कमल देखने में व्यस्त tha...idhar मेरी जान निकली जा रही थी ज़ैद के छूट चूसने se............meri छूट एक बार फिर से मेरा साथ छोर दी और वो फिर से गीली होने lagi....zaid के चाटने से मेरी छूट में वापस से खुजली होने लगी.........





मई - ज़ैद plssssssssssssss वह से अपना मुँह हटा lo......wo गन्दी जगह है.......... plssssssssssssss ज़ैद हटा लो अपना muh........mai मुँह से तो कुछ और बोल रही थी लेकिन मुझे अपनी छूट और गांड चटवाने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई खुद से अपने गांड को हिला हिला कर चटवा रही thi........mai खुद से बाटवकरने लगी मन हे मन - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद के अब्बू आपने कभी मुझे इतनी प्लेअसुरे क्यों नहीं दिया..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा आ रहा है छूट और गांड चटवाने me.......aapane कभी मेरी छूट और गांड ज़ैद के जैसा क्यों नहीं छठा और chusa............kaash क आप व् दूसरे मर्दो को तरह मुझे छोड़ते मेरी छूट चाट तय अपना लुंड चुसवाते mujhe.........lekin आपने कभी ऐसा नहीं किया .. ..





अब ज़ैद चूसना छोर कर अपना लुंड मेरी छूट में रख कर धीरे धीरे रब करने laga......meri धड़कन फिर से तेज़ हो गयी ज़ैद का मोटा लुंड मेरी छूट के छेड़ के पास रब होने se........mera जिस्म सिहरने laga.....mai अपने गांड को हल्का हल्का लुंड पर दबाने lagi...........zaid मुझे तड़पा तड़पा कर छोड़ना चाहता tha.......or मई सच में इतना ज्यादा तड़प रही थी लुंड अपने छूट में घुसवाने के लिए की मई खुद से अपने गांड को लुंड पर दबाने लगी......





ज़ैद समझ गया की मई बेचैन हु लुंड छूट के अंदर घुसाने की liye....zaid ने अपने लुंड को पकड़ कर मेरी छूट के छेड़ पर रख diya........or मई फ़ौरन हे अपने गांड को लुंड के तरफ धकेल di....jisse ज़ैद का लुंड फुचकाककककक करके मेरी छूट में घुस gaya........mere मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी....

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa भट motaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa हैईईईई





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd धीरीईईए naaaaaaaaaa दर्द हो रहा hai...........mera मुँह फैट गया दर्द के वजह से और मेरी ज़बान बहार निकल गयी.............





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी जान क्या मस्त छूट है Tera.......bolkar ज़ैद मेरी दोनों चुकी को अपने हाथो में पकड़ कर ज़ोर से दबा diya......meri आंखें लज़्ज़त की वजह से बंद हो gayi.....mujhe दर्द व् भट हो रहा था......





अचानक मुझे यद् आया की ज़ैद ने कंडोम नहीं पहना hai....ek कंडोम तो अभी अभी उसे करके फेक दिया था ज़ैद ne.......mujhe डर लगने लगा की कही मई प्रेग्नेंट हो गयी तो क्या होगा......

मई कुटिया बानी हुयी ज़ैद का लुंड अपने छूट में ली हुयी thi.....isliye ज़ैद को धक्का देकर मई हटा नहीं सकती थी......

मई - ज़ैद plssssssssssssss भर निकालो अपना लुंड ......तुमने कंडोम नहीं पहना है........ plssssssssssssss कुछ हो गया तो मई कही मुँह दिखने लायक नहीं रहूंगी........

ज़ैद - कुछ नहीं होगा मेरी जान ammi......mai अंदर गिरने नहीं dunga......tum बेफिक्र रहो.......

मई - नहीं नहीं फिर व् प्रोटेक्शन ज़रूरी है betaaaaaaaaaa plssssssssssssss zaiddddddddddddddd नाआ करो बहार निकल लो......





आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी जान बिना कंडोम के इतना मज़ा आ रहा की मई अब हमेशा तुम्हे बिना कंडोम के छोडूंगा........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी आपकी छूट से मेरा नंगा लुंड रब हो रहा तो क्या मज़ा आ रहा mujhe.......condom पहन कर इतना मज़ा नहीं आया tha.......bolkar ज़ैद मेरी छूट में और ज्यादा अंदर लुंड पेल दिया........





मई - Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa........... मार हे डालोगे क्या आज मुझे... धीरीईईए करो naaaaaaaaaa प्लसससससससस.....

मई मन में - ओह माय फूकिंग ऑफ़ हे इस फूकिंग सो डीप इनसाइड me............kitn अंदर तक टक्कर मर रहा ज़ैद का lund.......aaaah आआह ाः ाः ाः ाः.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh रुकसाना मेरी रांड क्या गांड है तेरा बहनचोद साली randi...........itna मस्त गांड दिखा दिखा कर मर्दो का लुंड खड़ा करती है tu.........mai तेरा खुद का बीटा होकर तेरी उभरी हुयी गांड देख कर पागल हो जाता हु तो तू सोच कोई दूसरा मर्द तेरी ये मोती गांड देखता होगा तो उसकी क्या हालत होगी hogi......bina मुठ मारे वो रह नहीं पता होगा.......

ज़ैद की गन्दी गन्दी गलियां और उसकी गन्दी बातें मेरे तब बदन में आग लगा रही थी..........





मैंने जान बुझ कर और अपने गांड को ऊपर उठा दिया और अपना सर सोफे पर रख diya....jisse ज़ैद का लुंड और ज्यादा अंदर तक घुसने laga........meri तो लज़्ज़त के वजह से ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ निकलने लगी.....

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh भट मज़ा आ रहा betaaaaaaaaaa ऐसे हे छोड़ अणि रंडी अम्मी को aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh फाड़ दे मेरी छूट आज तू.





ऊऊऊऊ साली रांड छूट में भट खुजली मची है तेरी ले अभी तेरी छूट का मई भोसड़ा बनता हु बहनचोद साली छिनार अम्मी.......

बोलकर ज़ैद मेरे बालो को पकड़ कर ज़ोर से खींचते हुए मुझे इतनी ज़ोर से छोड़ने लगा की मेरी चीखें पूरे घर में गूंजने लगी..........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii....chhor सेल हरामी ........कुत्ते कामिनी छोर मुझे aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa भट दर्द हो रहा.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee धीरीईईए plssssssss......mai तुम्हारी अम्मी हु ........

मई भले हे धीरे आराम से करने बोल रही थी और मुझे दर्द व् भट हो रहा था लेकिन इस दर्द में मुझे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई खुद नहीं चाहती थी की ज़ैद ruke.......uska लुंड मेरी बच्चेदानी को टक्कर मार रहा था........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa....mai ज़ोर ज़ोर से चिल्ला व् रही थी और मन में सोच व् रही थी की हाआआयययय क्या ताकत है मेरे बेटे me......kash के इसके अब्बू व् मुझे इसी तरह डेली chodte..........mujhe इतनी प्लेअसुरे आज तक कभी नहीं मिली thi......in दोनों लड़को ने मुझे इतना ज़बरदस्त छोड़ा है की मेरी साडी ज़िन्दगी इतनी ज़बरदस्त चुदाई कभी नहीं हुयी...........

ज़ैद व् मन में सोच रहा था - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी टाइट छूट है अम्मी ki......mere लुंड को पूरी तरह जकड लिया है अम्मी की छूट ने.. इतना टाइट अंदर घुस रहा इसलिए मुझे मज़ा भट ज्यादा आ रहा है.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी जान मेरा लुंड लेने में कैसा महसूस हो रहा आपको.......

मई कुछ नहीं बोली सिर्फ सिसकियाँ लेती रही आआह ाः ाः ाः aaaahhh.....har धक्को के साथ मेरी ाः निकल रही थी......

ज़ैद - बोलो न मेरी रांड अम्मी कैसा लग रहा मुझसे छुड़वाने में.......

मई - ाआअह आआआह aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बीटा प्लसससससससस ऐसी गन्दी बातें मत करो मुझसे.........

ज़ैद मुझे गर्दन से पकड़ कर मेरे मुँह को सोफे से चिपका दिया और ज़ोर ज़ोर से छोड़ते हुए बोलै......

साली कुटिया रंडी बोल न कैसा लग रहा अपने हे बेटे से छोड़ने me....sali छिनार बोलती है या नहीं bahanchod.....bolkar ज़ैद मुझे जानवरों की तरह छोड़ने लगा ........मैं छटपटाने lagi......zaid से छूटने की लिए मई हाथ पेअर पटकने लगी......

मई - aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii plssssssssssssss डीईईडीएएएएएएए बेताआए......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ये aaaaaaaaajjjjjjjjjjj मुझे माहाअरररररर dalegaaaaaaaaaaaaa......mai ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने lagi....mere छूट में भट ज्यादा दर्द होने लगा था...........

अअअअअअअ aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii कोई बचाऊऊऊओ मुझेईईई इस जानवर seeeeeeeeee..........

मई कितना ज्यादा चिल्ला रही थी ज़ैद कोनितना ज्यादा मज़ा आ रहा tha....wo इतना हे ज्यादा बेरहमी से मुझे छोड़ रहा था........





आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह साली रांड रुकसाना क्या गांड है तेरा .....आज तो तेरी गांड व् छोडूंगा मई साली कुटिया chhinaar......bolkar ज़ैद मेरे गांड पर ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मरने laga.......mera गांड इतना गोरा था की ज़ैद के थप्पड़ से मेरे गांड पर उसके पंजे का निशान बन गया.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss मई तुम्हारी अम्मी हु betaaaaaaaaaa आराम से करो naaaaaaaaaa मई कही भागी जा रही हु क्या..............

मुझे एक्चुअली में भट ज्यादा मज़ा आ रहा था ...इसलिए मई इतना चिल्ला रही thi..........maine अपना चेहरा घुमा कर ज़ैद को आँखों में भट हे कामुकता से देखने लगी और ज़ैद के लुंड को अपने छूट में लेने lagi......meri बड़ी बड़ी चूचियां ज़ैद के हर धक्को के साथ भट तेज़ हिल रही thi.........mera बिखरे हुए बाल मुझे और ज्यादा सेक्सी बना रहा tha.........zaid व् मेरी आँखों में देखते हुए मुझे बेरहमी से छोड़ रहा था........





छोड़ते छोड़ते मई सोफे पर गिर से गिर पड़ी और ज़ैद का लुंड मेरे छूट की लास्ट गहराई तक घुस gaya.....mujhe इतना ज्यादा मज़ा आने लगा की अब मई खुद मज़ा दलसे अपनी आंखें खोल बंद करने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद और तेज़ और तेज़ aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई झरने वाली हु betaaaaaaaaaa ज़ोर ज़ोर से छोड़ो मुझे betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh......





ज़ैद अब कुछ देर रुक गया जैसे हे उसने सुना मई झरने वाली हु वो छोड़ना बंद कर diya.........mai तो जैसे पागल सी हो gayi..........mai खुद से अपना गांड हिला हिला कर लुंड को अपने छूट में महसूस करने लगी .....मई जल बिन मछली के जैसा तड़प रही thi......aakhir मैंने ज़ैद की आँखों में कामुकता से देखते हुए कहा क्या हुआ बीटा plssssssssssssss करो naaaaaaaaaa ऐसे मत तड़पाओ...........

ज़ैद हँसते हुए बोलै - अभी तो तू कह रही थी मत chodo.....abhi कह रही हो chodo.........pahle तू बोल की तू मेरी रांड अम्मी है......

मेरी छूट इतनी ज्यादा गरम थी की मई बिना चूड़े एक सेकंड व् नहीं रह सकती thi.....mere मुँह से तुरंत निकल gaya.......han betaaaaaaaaaa मई तेरी रांड अम्मी hu.....mai तेरी रखैल अम्मी hu....apni रंडी अम्मी को छोड़ छोड़ कर निढाल कर दे बीटा ......तू जैसे बोलेगा मई वैसे छुडवाउंगी tujhse.......tu जब बोलेगा मई तुझसे छुडवाउंगी ........अब तो अपना लुंड घुसा दे मेरी छूट में..... plssssssssssssss betaaaaaaaaaa

ज़ैद ने मुझे खड़ा करके मेरे दोनों हाथो को अपने हाथो में फसा लिया और मेरे दोनों चुकी को भट ज़ोर से पकड़ कर अपना मोटा लुंड फिरसे मेरी छूट में घुसा दिया............

मेरे मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकली aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh

मई मन में सोचने लगी - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh कितना कमीना है मेरा बीटा मुझे इस तरह के पोज़ में छोड़ते हुए उसे ज़रा व् शर्म नहीं आरही है ......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे व् तो भट मज़ा आ रहा है इस पोज़ में..........





मुझे कड़ी करके मुझे कैची की तरह फसा लिया था ज़ैद ने और पीछे से अपना लुंड मेरी छूट में घुसा कर इतनी बेरहमी से छोड़ रहा था की मेरे मुँह से एक बार फिर से ज़ोरदार चीखें निकलने लगी........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd धीरीईईए अअअअअअअअअम्मम्मम seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee naaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी छोर मेरा हाथ दर्द कर रहा............





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रंडी और ज़ोर से चीला bhanchod...............taki अभी उठ Jaye........itni ज़ोर ज़ोर से चिल्लाएगी रांड साली तो अब्बू जाग जाएंगे......

मई मन में सोचने लगी - मई व् कितनी बेशरम हु को अपने शोहर के सामने हे अपने बेटे से चुद रही हु और मई अपने आप पर कण्ट्रोल व् नहीं कर पा रही हु चिल्लाने se........mere बेटे ने मेरे हाथो को इतनी बुरी तरह जकड लिया है और मुझे इतनी बेरहमी से छोड़ रहा है की मई अपनी चीख निकलने से रोक नहीं पा रही hu...mujhe माफ़ कर देना मेरे प्यारे hubby........aaaah आआह आआह ाः आआह ाआअह......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa मई गयी मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa





अअअअअअअ

ज़ैद और ज़ोर से छोड़ने laga.....meri चीख पूरे रूम में गूंजने lagi......zaid का लुंड मेरी छूट में पिस्टन की तरह अंदर बहार हो रहा था ......ज़ैद ने मेरे एक पेअर को वही सोफे पर चढ़ा दिया था और मेरा एक पेअर ज़मीन पर था.....





आआआआचानक मेरे जिस्म में एक बिजली सी गिरी और मई झरने lagi....mera पूरा जिस्म थरथराने laga......mai इतना तेज़ झरि की मेरे पेअर थर्र्र थरर्र्र कंपनी लगे ........

मई वही निढाल होकर गिर gayi......zaid ने मुझे छोर दिया.........

मई अपने छूट में हाथ रख कर देखने लगी और सोचने लगी......

या खुदा इतना ज्यादा मेरे छूट से कभी पानी नहीं निकला जितना अभी निकला है......





ज़ैद मेरे पास बैठ गया......

मई वही बैठ कर रोने लगी ...की ये मैंने क्या कर diya....apne हे बेटे से अपने हे शोहर के सामने छुड़वा रही हु मई.....

ज़ैद मुझे समझने लगा - ओह अम्मी मेरी जान मत रोवो ......अब्बू को तो तुम्हे हर दिन छोड़ना चाहिए लेकिन अब्बू बेवकूफ है जो इतनी छुडासी बीवी को डेली नहीं छोड़ते.......

मई गुस्से में बोली - क्या बक रहे हो तुम ...अपने ज़बान पर लगाम do...wo तुम्हारे अब्बू hai.....kaminey......



 
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