आगे की कहानी रुकसाना की ज़ुबानी..........
ोयो रूम में जाकर मेरी धड़कने भट तेज़ चल रही thi............mujhe इतना डर कभी नहीं लगा था जितना डर मुझे आज लग रहा tha..............chut को आग बुझाने मई ोयो रूम तो आ गयी थी लेकिन अब मुझे बेचैनी लग रही थी..............
मेरी चुकी कपडा फाड़ कर बहार आने को बेचैन the........kapda में मेरी चुकी और व् ज्यादा छुडासी लग रहे थे.......

और जब सर पर दुपट्टा सही से बांध लिया तो मई सोफे पर बैठ gayi..........Ajay मेरे बगल में आकर बैठ gaya.....or मेरे हाथो को आने हाथो में लेकर बोलै
अजय - कसम से आंटी आपके जैसी खूबसूरत और गदरायी औरत मैंने आज तक नहीं देखि hai.............apka चेहरा गुलाब के जैसा hai...........apki आंखें इतनी नशीली है की आप जिसे एक बार प्यार से देख लो तो वो वही घायल हो jaye...............apki ये रसीले होंठ ufffffffffffffffffffgfggffffffffff..........
बोलकर अजय ने मेरे होंठो को अपने ऊँगली से छेर्ने laga.........lekin डर की वजह से मई अभी व् बेचैन हो रही thi.....mai किसी व् तरह ोयो रूम से भाग जाना चाहती थी.......
मई - अजय अब मुझे जाना hoga......bas तुंहरे कहने पर मई तुमसे मिलने यहाँ तक आ gayi.............taki तुम्हारा दिल न tute...........ab मई मिल चुकी हु अब मुझे जाने दो..........
अजय - इतनी व् जल्दी क्या है aunty......abhi तो आयी ho.....thodi देर बैठो फिर चली jana........itni हड़बड़ी क्यों है apko......kaunsa आपका ट्रैन छूटा का रहा hai.........uncle तो रात में 12 बजे aenge.......zaid को मैंने समझा दिया है............
मैंने आंखे बड़ी बड़ी करते हुए सवालिया नज़रो से अजय को देखा और पूछा - तुमने क्या समझा दिया है ज़ैद को.....???
अजय हँसते हुए बोलै - यही की आंटी जिस तरह तुम्हारी अम्मी है उसी तरह मेरी व् अम्मी hai.....tum बेफिक्र rahna........aunty को मई घर छोर दूंगा.........
मई - तुम दोनों भट गंदे हो .....अपनी हे अम्मी के साथ ये सब करते हुए तुम्हे ज़रा व् शर्म नहीं अति..........
अजय - अपनी अम्मी को छोड़ने में जो मज़ा है वो दूसरी औरत में कहा है मेरी जान रुकसाना...........
मई - मई यहाँ वोसब करने नहीं आयी हु समझे na........mai सिर्फ तुमसे मिलने आयी हु...........
अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छुडासी मस्त गांड वाली aunty.........yahi अदा पर तो मई फ़िदा हु ...............बोलकर ज़ैद मेरे सर को पकड़ कर मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिया और किश कर liya.............maine झटके से अजय को हटा diya..........pls अजय मुझसे नहीं होगा येसब .........अब मुझे जाना hoga......bolkar मई सोफे से उठ गयी........
अजय मेरे हाथ पकड़ liya...........ajay समझ गया की मई दरी हुयी हु........
मई डर से सहमी हुयी अजय के बगल में बैठी thi..................mera खूबसूरत सेक्सी चेहरा अजय को अत्त्रक्ट कर रहा था........

अजय - एक बात बोलू आंटी.....
मई - हम्म्म......
अजय - आप मोबाइल में जितनी हसीं दिखती हो उससे कई गुना ज्यादा सामने से हसीं लगती ho...........itna खूबसूरत चेहरा मैंने आज तक नहीं dekha.........ye चाँद सा चेहरा देख कर लड़को को आप पर क्रश हो जाये.........
मई अपनी तारीफ सुन कर अजय को भोली औरत बना कर देखने lagi........lekin कुछ बोली नहीं.......
अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.ai मर जावा आपके इस भोली सूरत par.......kitni खूबसूरत आंखें है apki........kitne चिकने और गुलाबी गाल है apke.......or सबसे सेक्सी आपका ये होंठ है............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसा लग रहा है जैसे गुलाब की पंखुड़ी हो..........

अपनी तारीफ सुन कर मई शर्म से लाल हो गयी और अजय की आँखों में देखने लगी......
अजय - सच कहु तो आप मेरे सपनो की शहज़ादी ho.......maine सपने में व् इतनी सुन्दर औरत की कल्पना नहीं की थी......
मई - और कितनी तारीफ करोगे ajay....mai इतनी व् हसीं नहीं हु जितना तुम तारीफ कर रहे हो........

अजय - ाचा आप ये बताओ आपने कभी ताजमहल को देखा है.......
मई - हम्म देखा है......
अजय - कैसा है...???
मई - भट भट खूबसूरत ..........
अजय - चंडी रात में कभी चाँद को गौर से देखा है.......
मई - हम्म्म भट बार देखा hai.....mujhe चाँद को देखना भट ाचा लगता है........
अजय - चाँद या ताजमहल को पता है क्या की वो कितने खूबसूरत है.......
मई - नहीं उन्हें कैसे पता हो सकता है......
अजय - यस एक्साक्ट्ली वैसे हे आप ho....aap तो चाँद और ताजमहल से व् कई गुना ज्यादा खूबसूरत ho...........samne से देखने वाला हे बता सकता है वो कितनी खूबसूरत हो.......
आज तक इतनी तारीफ और इस तरह से तारीफ किसी ने व् मेरी नहीं की thi.....ajay के मुँह से अपने लिए इतनी तारीफ सुन कर अब मई नार्मल हो चुकी थी ....एरा डर पूरा का पूरा चला गया था.........
मेरे चेहरे पर अब हंसी आ चुकी thi......mera हँसता हुआ चेहरा देख कर अजय समझ गया की मई अब नार्मल हो चुकी hu..........mai खुल कर मुस्कुरा रही थी और अजय को मुस्कुरा कर देख रही थी.......

मई हँसते हुए अजय को बोली - बातें बनाना तो कोई तुमसे seekhe........tumne हे मेरे बेटे को बिगाड़ा है.......
अजय - ाचा जी वो kaise.......usne कुछ किया क्या आपके साथ.......
मई घबरा गयी अजय के इस सवाल से - न नहीं नहीं तो ऐसी कोई बात नहीं hai.......wa वो कल रत में तुम्हारी मम्मी के साथ वोस्ब कर रहा था zaid.........wo ज़रूर तुमने करवाया होगा .......वर्ण मेरा बीटा ऐसा नहीं था.........
अजय - मेरी मम्मी व् तो एक छुडासी औरत है लेकिन आपके जैसी nhi......aap तो करोड़ो में एक हो मेरी जान aunty..........apke ये बड़े बड़े दूध देख कर हे हर मर्द आपका दीवाना हो jayega.......dekho तो बुरका पहनने के बाद व् आपका दूध कितना बड़ा और सुडोल दिख रहा hai..........bolkar अजय मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से घूरने लगा...........
मई इतराते हुए अजय को देख कर बोली - भट बेशर्म हो tum......badmash कही ke.......apni मम्मी की उम्र की आंटी से ऐसी गन्दी बातें करते हुए शर्म नहीं आती तुम्हे...............

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी रानी रुकसाना आंटी .........जब आंटी आपके जैसी छुडासी माल हो तो फिर शर्म किसे aegi.........itna छुडासी बदन है apka.....itna लुस्टि चेहरा .........की आपको देख कर हे सारा शर्म भाग जाता hai.....man करता है बस आपको बहो में लेकर आपकी दोनों चुकी अपने हाथो में पकड़ कर खूब maslu.......or आपको ऐसी बेरहमी से छोड़ू की आपको छूट सुजा दू..........
मई अजय की गन्दी बातो से फिर से गरम होने lagi.........mere जिस्म में एक झुरझुरी दौड़ने लगी अजय की गन्दी बातो से........
मई - plssssssssssssss अजय ऐसी गन्दी बातें मत karo.......mai एक शरीफ बीवी hu.........mobile में एन्जॉय करना और रियल में अपने शोहर को धोखा देना दोनों अलग बात hai.........mobile तक तो ठीक है लेकिन रियल में मई ऐसा करने की सोच व् नहीं सकती हु............
अजय जान रहा था की औरतो को नखरा दिखने की आदत होती है.........
अजय - ाचा जी फिर आप यहाँ क्यों आयी हो.......
मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था.......
मई अपनी नज़रें झुकाये हुए बोली - मुझे नहीं पता........
अजय मेरे सामने खड़ा हो gaya.......or बोलै देखो तो अपने मेरे लुंड का क्या हाल बना दिया hai..........ye आपके हाथो में जाने के लिए कबसे तड़प रहा है.........
मई नखरा दिखते हुए बोली - मुझे नहीं देखनी.......
अजय - एक बार अपनी नज़र सामने तो करो......
मई भट नज़ाकत से अपने नज़र को धीरे धीरे उठाने लगी और जैसे हे मेरी नज़र अजय के पंत पर गयी मेरा दिल ज़ोरो से धड़कने laga...........ajay का खड़ा लुंड पंत के अंदर से व् भट बड़ा और mota.......itne सामने से अजय का लुंड देख कर मेरा दिल धक् सा रह gaya.........maine घबराहट में अपने सीने में हाथ रख कर आश्चर्य से अजय के लुंड को देख कर कहा.......
Omg कितना बड़ा दिख रहा पंत के andar.....jab बहार निकलेगा तो क्या होगा.................

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh रुकसाना मेरी जान जबसे मैंने तुम्हारी गदरायी मस्त जवानी देखि है मई तो बस तुम्हे छोड़ने के हे सपने देख रहा hu.........aaj वो सपना पूरा होने वाला hai..........mujhe तो अपनी आँखों कर यकीं हे नहीं हो रहा की दुनिया की सबसे सेक्सी औरत रुकसाना मुझसे छोड़ने ोयो रूम आयी है..........
अजय - एक बार अपने हाथो से मेरे लुंड को सहला दो न मेरी जान रुकसाना begham.........pant के ऊपर से हे सहला दो..... plssssssssssssss......kbse तड़प रहा है........
मई शरमाते हुए ना में सर हिला दी.......
अजय - उफ्फ्फफ्फ्फ़ ये नखरे .......नखरे करने से औरत और व् ज्यादा छुडासी दिखती hai.........ek बार सहला दो न मेरी रानी......
रुकसाना - plssssssssssssss अजय nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa..........ab मुझे जाना hoga....bolkar मई कड़ी हो gayi.....lekin मेरा जाने का मैं बिलकुल व् नहीं tha.....mai तो बस नखरे दिखा रही थी...........

अजय - ok बाबा ok चली जाना लेकिन सिर्फ एक बार पंत के ऊपर से पकड़ दो न .......मेरे लुंड ko.........mujhe सुकून मिल जाएगा........ plssssssssssssss रुकसाना आंटी सिर्फ एक बार न......
मई - plssssssssssssss अजय ज़िद्द न करो ....मुझसे नहीं hoga........mobile में येसब करना और बात है .....लेकिन रियल में मई नहीं कर sakti........maine आज तक अपने शोहर के अलावा किसी व् मर्द को टच करने तक नहीं दिया है.............
अजय - तुम एक शरीफ औरत हो इसलिए तो तुम्हे छोड़ने के लिए मई बेचैन हु ............एक शरीफ औरत की छूट और व् ज्यादा टाइट होती है मेरी Rani.......ye मई जनता हु ....इसलिए तो तुम्हे छोड़ने को हवस मेरे दिल में hai.............bolkar अजय मेरे हाथो को पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख दिया............ जैसे हे मैंने अजय का लुंड पंत के ऊपर से महसूस किया मेरी धड़कन इतनी तेज़ हो गयी की ऐसा लग रहा था जैसे सीना फाड़ कर बहार आ jaegi..............meri आंखें और मुँह फटी की फटी रह gayi............pahli बार मैंने किसी गैर मर्द का लुंड को छुआ tha.............lund को छूने के एहसास से हे मेरी छूट गीली होने lagi..........ajay ने मेरी उभरी गांड पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा........
मई कसमसाने लगी - plssssssssssssss अजय nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa plssssssssssssss मुझे जाने दो na......bht गंदे हो तुम...........
मई न न कर रही थी लेकिन मेरा जिस्म मेरा साथ नहीं दे रहा tha....mera जिस्म कह रहा था की उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा आ रहा है अजय के सहलाने se.....ajay मेरे गांड को हल्का हल्का सहला रहा था और मई उसके लुंड को न चाहते हुए व् धीरे धीरे सहलाने लगी...........

अजय ने मुझे कमर में हाथ दाल कर वापस सोफे पर बिठा diya..........mai उसकी कठपुतली की तरह सोफे पर बैठ gayi....bina विरोध किये...........
अजय मेरी जांघों को हल्का हल्का कपडा के ऊपर से सहलाता हुआ धीरे धीरे मेरे एक जांघ के तरफ मेरे कपड़ो को ऊपर करने laga.........mera दिल ज़ोर से धक् धक् करने laga...........mujhe समझ नहीं आ रहा था क्या रियेक्ट करू क्या एक्सप्रेशन du.........mai बस कसमसाने लगी थी...........
मई - plssssssssssssss अजय मुझे नापाक मत karo.....mai एक किसी की बीवी हु और एक बड़े घर की शरीफ बहु हु................. plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय ............ आआआआअह्हह्ह्ह्हह मत करो naaaaaaaaaa ऐसा aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.................
अजय अब मेरी नंगी जांघो पर हाथ फेरने लगा और एक हाथ से मेरे गलों को सहलाने लगा ......मई मदहोश होने lagi.............mere मुँह से उम्मम्मम्म उम्म्म्माःह्ह्हह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह मत करो aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......nikal रहा था...........
अजय मेरे गलो को सहलाते हुए धीरे धीरे अपना हाथ मेरी चुकी पर ले गया और कपडा के ऊपर से हे मेरी चुकी को हल्का हल्का दबाने laga...........mai इतना बेचैन हो गयी की मेरी साँस फूलने लगी...............
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आंटी क्या चुकी है आपकी...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इस चुकी पर तो पूरी ज़िन्दगी कुर्बान कर दू मई.............
अब अजय हल्का हल्का मेरे कपडे का बेल्ट कमर से खोल दिया और कपडा को चुकी से हटा diya.......fir अजय ने अंदर के कपडे को चुकी के पास से खोल diya.........or एक हे झटके में मेरी चुकी को ब्रा से बहार करके नंगा कर दिया........
अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड रुकसाना क्या चुकी है तेरी ...........बोलकर मेरे निप्पल से खेलने laga.........mai रोनी सूरत बना कर अपने गाल पर हाथ रख लिया और अपने चुकी को देखने lagi..............ab मेरा एक हाथ अपने आ अजय के गाल पर चला gaya..........mera जिस्म खुद अजय का साथ देने लगा...........

मुझे भट शर्म आ रही thi..............akhir मई ऐसा कैसे कर सकती hu.....mai एक रॉयल फॅमिली की बहु hu..............mai अपने आप को किसी दूसरे मर्द के हवाले कैसे कर सकती hu.......ye तो एक बदचलन औरत का काम होता hai............mai बदचलन औरत नहीं hu........apne शोहर से लॉयल hu.........mai ऐसा नहीं कर sakti.............yahi सब सोचते हुए मेरी आँखों से आंसू बहने लगे.............
मेरे अंदर की किआ शरीफ औरत जाग गयी और मई रट हुए अजय से बोली - plssssssssssssss अजय मुझे नापाक मत karo..........mai क्या मुँह दिखाउंगी अपने शोहर को............
अजय ठीक मेरे समाने बैठ गया और मेरी चुकी को हाथ से मसलने लगा और बोलै........
अजय - अपने आप को ख़ुशी देना कोई नापाकी nhi...........kisi का दिल दुखाना किसी के साथ बुरा बर्ताव करना येसब गलत hai............dekho तो कितनी खूबसूरत चुकी और गांड दिया है ऊपर वाले ने apko..........apko अपनी ज़िन्दगी जीने का पूरा हक़ hai.........wo व् अपने हिसाब se............aap इतना मत सोचो ........खुद को ख़ुशी देना कोई गुनाह nhi.....koi नापाकी नहीं............

येसब समझते हुए अजय मेरी चुकी को सहला व् रहा था और ज़ोर ज़ोर से दबा व् रहा था.........
अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy माखन के जैसा है आपका jism......or ये चुकी बोलकर अजय अपना मुँह मेरी चुकी पर लगा diya......mai तो जैसे तड़प उठी........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaayyyy......karne लगी..........
मई अजय के सर को पकड़ कर अपने चुकी में दबाने lagi..............lekin मेरे मुँह से बार बार नहीं नहीं हे निकल रहा था......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय नहीं plssssssssssssss मत करो मेरे साथ येसब ...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म उफ्फ्फफ्फ्फ़ अजय plssssssssssssss nhiiiiiiiiiii...........itne में अजय ने मेरे निप्पल को अपने दांतो से काट liya.............mai दर्द से तड़प uthi....or अजय के सर के बालो को पकड़ कर अपने चुकी से अलग कर diya.............or गुस्से में boli.........kaminey जानवर कही के............. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितने ज़ोर से काटा है तूने मेरे निप्पल ko.............kaminey ..........बोलकर मई अपनी चुकी को सहलाने lagi.....drd कम् करने क लिए................
अजय को गुस्सा आ gaya......or उसने मेरे बालो को पकड़ कर ज़ोर से खींचता हुआ bola........sali रंडी छिनार भट नखरे दिखा रही है kabse.........sali रांड तुझे तो मई दिखता हु चुदाई क्या होती hai........tera वो हिजड़ा शोहर तेरी प्यासी छूट को सही से नहीं छोड़ पाया है आज तक इसलिए तो तू मुझसे छोड़ने आयी है यहाँ ोयो रूम ....एक रंडी की तरह.............
मई दर्द से तड़प रही थी और अजय मेरे बालो को ज़ोर से खींचे हुआ था............
मई - अजय छोरो मुझे वर्ण ठीक नहीं होगा........... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh दर्द कर रहा है छोरो mujhe......mujhe नहीं करना तुम्हारे साथ कुछ v........mujhe जाने दो..........
रुक साली छिनार अब्बी तुझे बताता हु.........
बोलकर अजय अपना पंत खोल कर निचे गिरा देता है और जैसे हे उसका मोटा लुंड बहार निकलता है मेरी साँस तेज़ हो जाती है इतना मोटा लुंड अपने आँखों के सामने देख कर...............
अजय - चल पकड़ इसे बहनचोद साली छिनार...........
मई - नहीं नहीं अजय plssssssssssssss मेरे साथ ऐसा मत करो मुझे जाने दो........
अजय मेरे गलो पर दो चार थप्पड़ जड़ देता है ..........मेरा पूरा चेहरा लाल हो जाता hai.............mere आँखों से आंसू ज़ारी हो जाते hai.......mera पूरा दिमाग सुन्न पद जाता hai.......aaj तक मुझे किसी ने थप्पड़ नहीं मारा tha.............wo व् इतनी ज़ोर ज़ोर se.........ajay के ऊँगली का निशाँ मेरे गलो पर छाप गया था.............
मई सुबक सुबक कर रोने लगी..........
अजय - मेरे लुंड को पकड़ साली मोती गांड वाली छिनार वर्ण और मरूंगा..........
मई रट हुए चहेरे से अजय को देखि और उसके लुंड को हाथो में पकड़ लिया........
लुंड इतना मोटा था की मेरे पूरे हथेली में भर सा गया..........

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली छिनार क्या मुलायम हाथ है तेरे बहनचोद कुटिया sali..........ab इसे पकड़ी रहेगी या हिलेगी व् ......या तेरी रंडी अम्मी आकर इसे हिलेगी...........
मई डर के कैंप रही thi......mujhe अभी व् यकीं नहीं हो रहा था की अजय मेरे साथ इतना बुरा karega.....warna मई कभी नहीं अति ोयो रूम............
मई डर से उसके लुंड को अपने हाथो से सहलाने लगी...........
अजय - आआआआअह्हह्ह्ह्हह साली क्या मस्त माल है तू छिनार साली ........ उफ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ऐसे हे हिलती रह बहनचोद........
कुछ देर लुंड हिलने के बाद अजय ने मेरे बाल पकड़ कर वापस खींचा और बोलै चली साली अब इसे चूस.........
मई - नहीं नहीं प्लसससससससस मैंने आज तक किसी का लुंड नहीं चूसा hai..........maine ये बात झूट बोली अजय ko.....kyu की मैंने आज हे होने बेटे का लुंड चूसा tha.....or लुंड चूसने में इतना मज़ा अत है ये मई नहीं जानती thi....wo आज जनि बेटे का लुंड चूस कर.............
अजय - साली फिर से नखरे दिखा रही hai......bolkar अजय ने मेरे गाल पर एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया.......
मई दर्द से कराह उठी............. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss अजय मत मारो मुझे भट दर्द होता है........ plssssssssssssss तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी .........
अजय - तो चल रंडी चूस मेरे लुंड को.........
मई अपने हाथो में अजय का लुंड पकडे हुए थी और मई धीरे से अपना मुँह अजय के लुंड के पास ले gayi...........uske लुंड की बदबू मुझे एक अलग हे जोश दे रहा tha...............aisa लग रहा था जैसे ये बदबू मेरे नाल से होते हुए मेरे छूट तक चली गयी hai............uske लुंड को बदबू से मेरी छूट फड़फड़ाने lagi.....aisi बदबू पहली बार मैंने स्मेल की थी..........
मैंने अपना चेहरा पीछे कर लिया और अजय की आँखों में देखने लगी रट हुए.........
मई - अजय प्लसससससससस मुझसे नहीं hoga......pls कुछ और करवा लो लेकिन मुझसे ये नहीं होगा.......
अजय - लगता है तू ऐसे नहीं मानेगी कुटिया sali........ruk तुझे अभी बता रहा हु........
मई - नहीं नहीं plssssssssssssss मई चुस्ती हु मई चुस्ती हु बोलकर मई अजय के लुंड को अपने ज़बान से जैसे हे लगाया ............अजय कामुकता की वजह से अकड़ सा gaya......mai लुंड को ज़बान से चाट तय हुए अजय की आँखों में देखने lagi.......roni सूरत बना कर........

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली chhinaar.......ise अंदर ले बहनचोद कुटिया साली........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह मैंने तुझे चूसने बोलै है .......चाटने nhi............muh में लेकर चूस मेरे लुंड को..........
मई अजय के लुंड के सुपडे को हल्का हल्का मुँह के अंदर लेने lagi.....lolly पॉप की tarah..........uske लुंड से इतनी तेज़ बदबू आ रही थी की मुझे उलटी जैसा महसूस होने लगा tha...........lekin पता नहीं क्यों ये लुंड की बदबू मेरी कामुकता और ज्यादा बढ़ा रही thi........mera जिस्म जलने लगा था लुंड की ये बदबू se..........mai उसके सुपडे को अपने मुँह के अंदर बहार करने लगी और अजय को भोली सूरत बना कर देखने lagi.....jaise मई कह रही हु की अब थी है na.......aise हे चूसना है न.........

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh रुकसाना रंडी क्या गरम मुँह है तेरा ...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ऐसे हे ....ऐसे हे बहनचोद रंडी sali.........or अंदर ले लुंड को bahanchod.......or अंदर.....
मई फिर व् इतना हे लुंड चूस रही थी थोड़ा थोड़ा सिर्फ सूपड़ा तक अंदर ले रही थी........

अजय गुस्से में मेरे सर को दोनों हाथो से पकड़ कर अपने लुंड में दबा diya.......mai अचानक हुए इस हमले के लिए तैयार नहीं thi........mai अपना मुँह वापस खींचने के लिए पूरी ताकत लगा दी लेकिन अजय एक मर्द था और मई कहा एक नाजुक सी aurat.........ajay ने अपना पूरा का पूरा लुंड मेरे हलक तक घुसा diya.......or मेरे मुँह को छोड़ने laga.........meri तो साँस हे अटक gayi.....aisa लग रहा था जैसे साँस रुक सी गयी hai.........mai दोनों हाथो से अजय के जांघो लार मरने lagi...........lekin कोई फ़ायदा नहीं hua.....ajay मुझे बेरहमी से मेरे मुँह को छोड़ रहा था...........
अजय - साली रंडी नखरे भट करती hai.........dekh बहन छोड़ ऐसे चूसा जाता है lund.....tere उस हिजड़े शोहर ने तुझे चुदाई का असली मज़ा आज तक दिया हे नहीं इसलिए तू चुदाई ठीक से नहीं जानती.........

अजय इतनी बेरहमी से मेरा मुँह छोड़ रहा था की मेरी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा tha......mai अजय के जांघों को मरते मरते थक चुकी thi.......akhir कार अजय ने अपना लुंड मेरे मुँह से बहार निकला तो मई बेसुध होकर ज़मीं पर गिर कर खांसने lagi.........or मेरे मुँह से ढेर सारा थूक बहार गिरने laga......mai बार बार थूक रही thi.....kho खो खो खो ठु ठु करके अजय के गंदे लुंड का स्वाद मई अपने मुँह से पूरा का पूरा निकल देना चाहती thi......lekin अजय के लुंड का स्वाद तो मेरे पूरे अंदर तक चला गया tha........thukne से वो भला कहा बहार आने वाला था.........
अब अजय ने मुझे कंधो से पकड़ कर उठाया और सोफे पर बिठा diya.....or मेरे कपडा को कमर तक ऊपर कर दिया............
और मेरी छूट को अचानक ज़ोर से अपने हाथो से दबोच liya.........meri ज़ोर से चीख निकल गयी........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajayyyyyyyyyyyyyyyyyy nhiiiiiiiiiii plssssssssssssss.......
अजय - साली रंडी कबसे नहीं नहीं करती जा रही है और छूट से बेतहाशा पानी बहा रही hai............tu बहार से सिर्फ दिखावा के लिए एक शरीफ औरत है लेकिन अंदर से पक्का छिनाल है तू रंडी sali........dekh तेरी छूट कितना पानी बहा रही है एक गैर मर्द का लुंड से छोड़ने के liye..............dekh तो तेरी पंतय कितनी भीग चुकी है तेरे छूट रस se...............bolkar अजय ने मेरी पंतय को साइड करके मेरी छूट को अपने हाथो से छेर्ने laga.........meri तो जैसे जान हे निकल गयी............
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्म उफ्फ्फफ्फ्फ़.............
अजय धीरे धीरे मेरी छूट रगड़ते हुए मेरी आँखों में देख रहा था और मई कामुक आँखों से अजय को देख रही थी......
अजय - है साली रंडी कितनी चिकनी और गरम छूट है तेरी madarchod...........bolkar अजय मेरी छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने laga.........meri तो कामुकता की वजह से बुरा हाल हो gaya.............mere मुँह से नहीं के जगह अब कामुक सिसकियों ने ले ली थी.........
मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआयययय............

अजय - बहनचोद भट नखरे दिखा चुकी tu.....ab तेरी छूट छोड़ने का वक़्त आ गया hai..........bolkar अजय ने मुझे सोफे पर ज़बरदस्ती सुला दिया मई उससे छूटने की कोशिश करने लगी.........
अजय नहीं plssssssssssssss अजय नहीं मई एक शरीफ औरत हु plssssssssssssss मुझे गन्दा मत करो मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु............. plssssssssssssss naaaaaaaaaaa betaaaaaaaaaa ऐसा मत करो...........
अजय - चुप साली छिनार बोलकर मेरे दोनों हाथो को अपने हाथो से ज़ोर से पकड़ लिया...........
और अपने लुंड को मेरी छूट के छेड़ में भिड़ा कर एक ज़ोर दर धक्का mara.........meri छूट तो पहले से हे गीली thi....ajay के धक्का मरने से उसका मोटा लुंड मेरी छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया...........
मुझे एक तेज़ दर्द हुआ और मई ज़ोर से चीख पड़ी........... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammiiiiiiiiiiiiiii मर गयी मई ...
मई - uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii कोई बचाओ इस जानवर से....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट दर्द हो रहा hai......ajay plssssssssssssss बहार निकालो तुम्हारा भट मोटा लुंड hai.............mai सहन नहीं कर पाऊँगी इतना मोटा..............
अजय ने मेरे मुँह को दबा दिया और बोलै - साली छिनार कितना चिल्ला रही ...जैसे कोई नयी नवेली दुल्हन hai....sali रंडी हज़ारो बार चुद चुकी है फिर व् ऐसा चिल्ला रही जैसे तेरी सील टूट रही hai..........bolkar अजय एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका पूरा का पूरा लुंड छूट की गहराई में समां gaya..........mera मुँह अजय के हाथो बंद होने की वजह से मेरी चीख अंदर हे घर कर रह गयी..............

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली रांड सच में तेरी छूट भट टाइट hai....lagta है तेरे हिजड़े शोहर का लुंड भट छोटा सा hai........isliye तेरी छूट को ठीक से खोल नहीं पाया है आज तक wo.........hai न.......
मई कुछ नहीं बोली बास दर्द की वजह से मेरे आँखों से आंसू बाह रहे थे और अजय का हाथ मेरे मुँह पर था.......
अजय ने मेरा मुँह छोरा और बोलै बोलना रंडी तेरे शोहर का लुंड भट छोटा है न जो आज तक तेरी इतनी मस्त छूट को सही से खोल नहीं पाया था.......
मई शर्म से लाल हो gayi.............or हाँ में सर हिला दिया..........
अजय - आज तुझे असली मर्द का लुंड मिला है ....है न ....?????
मैंने फिर हम में सर हिला diya..........kyu की सच में मुझे दर्द में वो मज़ा मिल रहा था जिसकी हर औरत ख्वाहिश करती है.........
अब अजय अपने लुंड को एक झटके में बहार निकला और मेरी छूट में अपना मुँह लगा diya...........or ज़ोर ज़ोर से मेरी छूट को चूसने laga........ajay के छूट चूसने से मेरी काम वासना इतनी बढ़ गयी की अब मुझे दर्द का एहसास पूरी तरह ख़तम हो gaya....drd अब लज़्ज़त में बदल चूका tha.............ajay मेरी छूट को पूरा का पूरा मुँह में दबोच लेता और चूसने लगता फिर अचानक अपनी ज़बान को मेरी छूट में घुसा deta...........maine अपना पूरा पेअर खोल दिया और छूट को अचे से चुसवाने lagi.......pahli बार कोई मेरा छूट चूस रहा tha......mujhe आज पहली दफा हे मालूम पड़ा की छूट व् चूसा जाता hai.......or छूट चूसने में इतना ज्यादा मज़ा अत hai.............mere शोहर ने आज तक मेरी छूट नहीं चूसी थी और न हे कभी अपना लुंड मुझे चुसवाया था.............
अब मेरे मुँह से कामुक भरी आवाज़ें निकलने लगी ..... आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह ऐसे हे हाँ ऐसे हे चुसो...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa कितना mazaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaa राहाआआआआ हैईईई.............

छूट चूसते चूसते अजय अचानक मुझे पकड़ कर घुमा दिया और कुटिया बना दिया........
अजय - चल साली कुटिया बन बहनचोद randi.......bolkar उसने मुझे कुटिया बना कर मेरी नंगी गांड को भट अचे से सहलाया और अचानक एक ज़ोरदार थप्पड़ मेरी गांड पर मार diya........mi तिलमिला उठी.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी क्यों मारा मुझे..........
लेकिन मुझे क्या पता था की गांड में थप्पड़ मार कर छुड़वाने का मज़ा हे अलग hai............pahli बार किसी ने मुझे मेरी नंगी गांड पर थप्पड़ मारा था..........
मई हड़बड़ा कर सीधी होना चाही तो अजय ने मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ लिया जिसकी वजह से मई हिल व् नहीं पा रही थी..........
अजय - साली भट नखरे दिखा रही थी अब देख बोलकर अजय ने दनादन दनादन 9 दस थप्पड़ मेरी नंगी गांड में जड़ diya........mai दर्द से रोने lagi.......ajay के पंजो का दाग मेरी गोरी गांड पर छाप चुकी thi.........lekin पता नहीं क्यों थपड मरने की वजह से मेरी छूट और ज्यादा पानी छोर रही thi........aisa लग रहा था जैसे मई पेशाब कर रही हु............
मैंने मन हे मन सोचा .....तो क्या गांड में थप्पड़ खाने से और ज्यादा जोश चढ़ता hai.........isliye मेरी छूट इतना पानी छोर रही है..........
अजय ने अब अपने लुंड को मेरी छूट में सताया और एक ज़ोरदार धक्का mara......uska मोटा लुंड मेरी गीली छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर तक घुस चूका tha......mujhe एक शदीद दर्द हुआ और मई चीख पड़ी.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaaa धैईईईई naaaaaaaaaa plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr डाला इस कामिनी ने आज मुझे............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट फट gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली इतनी टाइट छूट है तो दर्द तो होगा he.....lekin साथ हे साथ मज़ा व् आएगा मेरी raand..............bolar अजय फिरसे मेरे गांड पर थप्पड़ मरने laga......ab अजय का थप्पड़ मरना मुझे दर्द के साथ मज़ा व् दे रहा था.........
अजय अब ज़ोर ज़ोर से मुझे कुटिया बना कर छोड़ने laga........fuch फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच फुच............

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अजय आआआआअह्हह्ह्ह्हह धैईईईई करो naaaaaaaaaa plssssssssssssss मुझे भट दर्द हो रही है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय धैईईईई naaaaaaaaaaa...........lekin अब मुझे इतना मज़ा आ रहा था की मई मदहोश हो चुकी thi......pahli बार कोई गैर मर्द का लुंड मेरी छूट को छोड़ रहा tha.......mai व् अब कामुकता भरी सिसकारी ले रही थी और अपने गांड को अजय के धक्को के साथ पीछे कर रही thi..........aah ाः ाः ाः ाः ाः ाः ाः उम्मम्मम्मम्म ाः उफ्फ्फ आह .........

Aaaaaaaaaaaaah अजय aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh धीरे करो न plssssssssssssss मेरी बच्चेदानी तक टक्कर मर रहा है तुम्हारा लुंड...........
मई अपने चेहरे को पीछे घुमा कर अजय को देखते हुए बोली..........

अजय - चुप साली randi..........aaj तो तेरी छूट का मई वो हाल करूँगा की तू मुझसे चूड़े बिना रह नहीं paegi......aaj तुझे अपने लुंड से इतना छोडूंगा की तू अपने शोहर के लुंड को हमेशा के लिए भूल जाएगी.................

मुझे अजय की गन्दी बातें और ज्यादा जोश चढ़ा रही thi..........mai मन हे मन सोच रही थी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa सच में कितना ताकत है इसके लुंड me.......kash ये लुंड मुझे पहले मिला hota.........poori जवानी मई इस लुंड से चुदवाती ...............
ऐसे हे कुछ देर छोड़ने के बाद मेरा जिस्म अकड़ने laga.....mujhe लगा की जिस्म के अंदर का सारा चीज़ खाली हो चूका hai..........maine ज़ोर से सोफे को पकड़ लिया और अपने गांड को अजय के लुंड में हिलने लगी ज़ोर ज़ोर se........ajay समझ गया की मई झरने वाली हु.........
वो झट सा अपना लुंड बहार निकल liya.......mai जल बिन मछली की तरह तड़प कर रह गयी.........
मई - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय क्यों निकल दिया लुंड बहार घुसाओ न मेरी छूट में...........
अजय - पहले बता तू कौन है मेरी.......
मई जोश में इतनी पागल हो चुकी थी की बिना झरे मई रह नहीं सकती थी.........
मई - मई तुम्हारी रंडी हु ......रखैल hu.....ab तो दाल दो मेरी छूट में अपना लुंड plssssssssssssss ajay......meri छूट भट जल रही है.......
अजय - पहले खुद से मेरे लुंड को चूस कर मुझे खुश करो..........
मई झट सा अजय के लुंड को पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी ऐसे नहीं पूरा अंदर तक लो लुंड ko....halak तक घुसाओ.........
मई रोनी सूरत बना कर बोली - नहीं कर पाऊँगी मई plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ajay.........mujhse नहीं होगा.........
अजय ने मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड में दबाने laga.......mai दर गयी......
मई - प्लस प्लस तुम मत कुछ करो मई खुद से अंदर लुंगी plssssssssssssss naaaaaaaaaaa हाथ हटाओ मेरे सर से......

Aaaaaaaaaaaaah साली ठीक है बूत पूरा हलक तक घुसा के चूस एक रंडी की tarah............tu मेरी रंडी है समझी..... बहनचोद......
मई अपने एक हाथ से अजय का लुंड पकड़ ली और अपने मुँह के अंदर बहार करने lagi....ajay ने फिर से मेरे सर को पकड़ लिया लेकिन इस बार वो कोई दबाव नहीं डाला बस अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने लगा और मई व् उसके लुंड को मज़ा लेकर चूसने लगी...........

Aaaaaaaaaaaaah aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली ऐसे हे लेकिन अभी व् आधा अंदर गया hai...poora अंदर घुसा हलक तक ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh
मई अजय के लुंड को अपने दोनों चुकी के बिच में दबा कर घिसने lagi.....uski आँखों में देखते हुए.......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली तू भट बड़ी रंडी है अंदर se.......lekin बहार से शरीफ बनने का नाटक करती है छिनाल........
मई अजय की नज़रो में छुडास भरी आँखों से देखते हुए उसके लुंड को दोबारा चूसने lagi....maza ले ले कर.......

आआआआअह्हह्ह्ह्हह साली रुक मुझे सोने दे बिस्टेर par......bolkar अजय बिस्टेर पर लेट गया.......
मई एक कुट्टी की तरह घुटनो के बल चलते हुए अजय के लुंड के तरफ चली गयी और अजय की आँखों में एक छुडासी नज़रो से देखते हुए उसके लुंड को ज़बान निकल कर कुटिया की तरह चाटने लगी...... ...........

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली ऐसे हे चुस्ती रह bahanchod.........rukna नहीं.......
लेकिन मेरी छूट इतनी गरम हो चुकी थी की वो अब फटने वाली thi......agar कुछ देर और मई अपने ओर्गास्म तक नहीं पहुँचती तो मेरी छूट ज्वालामुखी की तरह फट जाती.......
मई अजय के ऊपर आ गयी और अपने हाथो से उसके लुंड को अपने छूट में सेट करके धीरे धीरे बैठने lagi........abhi लुंड आधा हे अंदर गया था की मई दर्द से तड़प uthi.......itna मोटा लुंड मई ज़िन्दगी में पहली बार अपने छूट में घुसा रही thi......drd होना तो लाज़मी था........
मेरे मुँह से दर्द भरी कराह निकलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa भट मोटा लुंड है tunhara.......bht दर्द हो रहा .......

ओतने में अजय ने मेरा कमर पकड़ कर ज़ोर से अपने लुंड में बिठा diya........uska मोटा लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ फुचकाककककक करके पूरा अंदर समां gaya.........mujhe इतनी तेज़ दर्द हुयी की जैसे किसी ने चाकू से मेरी छूट को चीयर दिया ho........mai एकदम से भट ज़ोर से चिल्ला uthi........apne मुँह में अपना हाथ रख कर.........
Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ammmmmmiiiiiiiiiiiiii jiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस ज़ालिम ने mujhe......................mai तड़प कर उठना छह रही thi......lekin अजय ने मेरे कमर को इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था की मई हिल व् नहीं प् रही थी..........
मई - plssssssssssssss अजय नहीं नहीं मुझे नहीं करनी तुम्हारे साथ कुछ व्..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa फट गयी मेरी छूट........ plssssssssssssss अजय बहार निकालो इसे..........

मई अजय के ऊपर झुक gayi....or अपने दर्द को काबू करने lagi..........maine भट ज़ोर से पिलो को पकड़ liya......or दर्द को सहन करने लगी........

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय थोड़ा रुक जाओ plssssssssssssss मुझे थोड़ा रिलैक्स होने do........lekin अजय कहा मैंने वाला tha.......usne मुझे ज़ोर से भींच liya.....or अचानक ताबड़तोड़ मुझे छोड़ने लगा......

आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने lagi.......ajay इतने ज़ोरो से झटके मार रहा था की थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रहा tha.......meri दर्द भरी सिसकारी सिसकियाँ सुन कर अजय को और ज्यादा जोश चढ़ रहा tha.....wo और व् तेज़ी से मुझे छोड़ने लगा......

उसने मेरी गांड को पकड़ कर मसल diya.....or गांड के फांक को फैला कर मेरी गांड के छेड़ में अपनी ऊँगली डालने की कोशिश करने laga..........is हरकत से मेरे जिस्म में एक सिहरन दौड़ गया..........

मई अजय के हाथो के पकड़ से खुद को छुड़ा कर स्ट्रैट बैठ गयी .......और पीछे मुद कर ेने में खुद को देखा तो शर्मा गयी मई......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh साली रंडी क्या छूट है तेरी...... uffffff......bolkar अजय मुझे धक्का देकर बीएड पर गिरा दिया और मेरे एक पेअर को अपने कंधे पर रख कर मुझे बेरहमी से छोड़ने laga......mai दर्द से तड़पती हुयी अपने चेहरे लार हाथ रख दिया ....
