Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 21 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

आप इतनी खूबसूरत हो भाभी.. आप अगर आप की खूबसूरती का जलवा उसे दिखाओगे तो आप के कायल ऐड के सामने वो क्या उसका बाप मान जायेगा

होप सो

हां तरय करो .. . और मुझे कॉल करो ...तब तक मई कुछ और सोचती हु

Ok

बोलके आरती ने कॉल कट कर दिया

आरती का बंगलो 2 फ्लोर्स का था ....वो ज्यादा तर तो ग्राउंड फ्लोर hi रहते थे .. ग्राउंड फ्लोर पर सबके कमरे थे और फर्स्ट फ्लोर पर सिर्फ 3 कमरे थे .. उसमे एक बड़ा वाला बैडरूम था .. फरिस्त फ्लोर पर जाने वाले स्टेप्स पर hi आरती इस वक़्त बैठी हुई थी .. अब कंचन का कॉल कट हो चूका था ..

अब वो वह बैठ के सोचने लगती है ..ki कैसे नवाज़ के पास जेक माफ़ी मांगे .. अगर उसने माफ़ नहीं किया तो .. तो क्या कंचन ने कहा वैसे संज संवर कर उसके सामने जाऊ क्या .. पर सिर्फ माफ़ी मांगने के लिए इतना सारा करना पड़ेगा क्या.. नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना chahiye..ye सब गलत है.. पर नवाज़ को कन्विंस करने के लिए क्या करना चाहिए मुझे .. यही सब बाते अब आरती के दिमाग में आने लगी थी..

ओह्ह्ह गॉड अब मई क्या करू





ऐसा वो आँख बंद करते हुई खुद से कहने लगी .. अब इतना कुछ सोचने के कारन और टेंशन के कारन उसके सर में अब दर्द होने लगा था.. अब वो खोई खोई सी thi..use कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या kare...aab तो उसके दिमाग ने काम करना भी बंद कर दिया था…

तब वो कहती है

क्या कंचन दीदी सही कह रही थी क्या ..क्या ऐसा मई कर सकती हु क्या ..नहीं नहीं ये गलत होगा.. माइए अपने पति के अलावा किसी और के लिए मेक उप ... नहीं नहीं ये नहीं हो सकता ...

पर अरविन्द जी भी तो यही कहते है की में तोड़ा मेकअप किया करो ...पर ये एक नौकर के लिए करना सही होगा क्या … पर एक बार तरय करने में क्या जाता है... इतना सोच कर वो आपने मोबाइल ओपन कर के देखती hai...what's ों करके नवाज़ का स्टेटस देखने लगी

..

तब अरविन्द वह आके कहता है

ारे आरती तुम यहाँ क्या कर रही हो

वो मायूस थी .. और कुछ सोच रही थी





आपने पति का आना न आना उसे कुछ फरक नहीं पड़ा .. और उसने कुछ जवाब नहीं दिया .. तब अरविन्द फिर से पूछता है तब कहती है

कुछ नहीं

जरा लौ वौइस् मई बोलती है

तब अरविन्द उसके पास आके बैठ

गया

कुछ नहीं

थोड़ी मायूस लग रही हो ..

आरती कुछ नहीं बोलती ..और नीचे देखने लगती है..

मायके जाना है क्या

तब जरा गुस्से से आपने पति को देखती है





तब अरविन्द कहता है..

मुझे लगा ..

वो आगे कुछ कहता है तभी वह नवाज़ आ जाता है..

मालिक हो गया

नवाज़ का आवाज़ सुनकर आरती उसे देखने लगी ...





पर नवाज़ उसको नहीं देख रहा था .. वो दूसरे और देख रहा तह ..

उसके साड़ी का पल्लू बाजु हैट गया था ..और उस वजह से उसकी शोल्डर नंगी हो गयी थी फिर भी उसपर उसकी नज़र नहीं गयी थी

फिर से ख़राब तो नहीं होगा न

नहीं होगा मालिक

अब दोनों मई बातचीत चल रही थी और आरती लगातार नवाज़ को देख रही थी पर नवाज़ ने उसके तरफ एक बार भी नहीं देखा .. वो दूसरे और देख के आपने मालिक से बात कर रहा था..

अब वो आपने बाल बांधने का नाटक करते हुई उसे देखने लगी





पर नवाज़ उसको अब भाव नहीं देना चाहा रहा था .. बह्व क्या अभी तक उसने आरती को एक बार भी नहीं देखा था ..

ये देख के आरती को गुस्सा आ रहा तह ..

कमीना मुझे देख भी नहीं रहा है ... इतना भी क्या भाव खाना .. अब गलती हो गयी है तो हो गयी ..अब उसकी माफ़ी मांगना चाहा रही हो तो ये साहब जेड मुझे देख भी नहीं रहे है

आरती का what's अप्प ों था वो कंचन ने देखा और उसे मैसेज भेजा

Hi भाभी

Hi दीदी

बात हुई

मेरे सामने hi खड़ा है

मतलब बात बन रही है

कहा दीदी वो देख भी नहीं रहा है

सामने खड़ा है तो आप बात करो न

वो देखे तो बात करू न

फिर वो क्या कर रहा है

आप के भैय्या से बात कर रहा है ..दूसरे और देख के ..

थोड़ा जलवा दिखाओ उसे फिर

उनके होते हुई

हां

आप क्या पागल हो गयी हो क्या दीदी

फिर भैय्या को भगा दो वह

कैसे

हां वो भी है ..आप भैय्या को कैसे जाओ बोल सकते है.. एक काम करो

बोलिये

साड़ी का पल्लू छथि से थोड़ा साइड करो

No वे दीदी

तब आरती को कुछ सुजाता है ..वो आपने बाल खोल देते hai..aur अड्डा के साथ बाल खोल कर बैठ जाती है..





पर इसका असर नवाज़ पाई कुछ भी नहीं होता .. वो बिना देखे अरविन्द को कहता है..

चलता हु साहब

तब आरती कंचन को मैसेज करती है

जा रहा है

No भाभी.. उसे रोको ..

कैसे

तब अरविन्द कहता है

नास्ता करके जाओ .. आरती ने अभी गरमा गरम बनाया होगा ..

तब अरविन्द आरती की और देखते हुई कहता है

बनाया है ..

अरविन्द - खाके जाओ

भूख नहीं है

ऐसा कह के पलट जाता है

तब आरती स्माइल करते हुई उसे देखते हुई कहते है..





नवाज़ गरमा गरम नास्ता है .. खाके जाओ ..

तब बिना पालते बिना कुछ कहे चला गया

तब आरती मैसेज करती है

चला गया

वो no

तुम्हारे भैय्या ने नास्ते के लिए बोलै पर भूख नहीं यही बोल के चला गया .. मैंने भी कहा

बात हुई मतलब

ऐसे बात का क्या फायदा दीदी .. न देखा न जवाब दिया .. पलट के देखा भी नहीं ..

ओह्ह्ह सो साद भाभी
 
उसके जाने के बाद अरविन्द आरती को कहता है

आरती अब मुझे निकलना होगा .. लेत न हो जाये ..वो लोग आते hi होंगे

कबतक लौटेंगे आप??

लेत हो जायेगा .. मई बे उन लोगो के साथ सिटी चला जाऊंगा...

फिर तो रात मई लेत हो जायेगा

हां .. और हो सकता है उन छोड़ने एयरपोर्ट जाना पड़े .. ज्यादा लेत हुआ तो कल hi आऊंगा

अच्छा

हम्म्म

जी चलिए मई आप को नाश्ता दे देती हु .. टिफ़िन देना है के

नहीं .. उनलोगो के साथ हो जायेगा लंच और डिनर

जी ठीक है

फिर दोनों किचन मई चली गयी .. आरती ने नास्ता दिया .. अरविन्द ने नास्ता ख़तम किया तो अरविन्द बैडरूम मई जेक तैयार हुआ ..जाते टाइम आरती को उसने कहा

चलता हु

जी ठीक है अपना ख्याल रखना और खाना वक़्त पर खा लेना.....

ठीक है तुम भी अपना ख्याल रखना.....

आरती- जी

अरविन्द - चलो मैं अब चलता हु…

कह के वो ऑफिस चला जाता है..

वैसे आरती ने सोचा तह आपने पति को छोड़ने बहार जाऊ पर फिर उसने सोचा फिर से उसने मुझे इग्नोर किया तो.. फिर मई क्या करू ..

अरविन्द के जाते hi आरती स्टैर्स के तरफ जाने लगती hai…stair से फरिस्त फ्लोर पर जेक वो वह जो एक छोटी से गैलरी थे जहा कोई अक्सर जाता नहीं था .. वो बंगलो के गेट के सामने और सर्वेंट क्वारटकर के सामने भी खुलता भी था ..उसने सोचा नवाज़ गेट पाई होगा या उसके सर्वेंट क्वार्टर मई होगा .. तो वो उप्पर से देख लगे .. ये सोच के वो गैलरी मई गयी ...

सामने नवाज़ खड़ा था .. गेट पर और उसके साथ कोई लड़की थी .. आरती उसको hi देखने लगी ..

8530020a74ba2044b3b3b110ca8b2eaf.jpg


आरती को इसका बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की ऐसे कंडीशन मई नवाज़ किसी लड़की के साथ होगा .. और वो भी सुबह सुबह

जैसे hi वो देखता है आपने चोर नज़रो से की आरती गैलरी मई आयी और उसे hi डेक रही है तब वो तुरंत उस लड़की के पास आया और उस लड़की की कमर में हाथ दाल कर उसे अपने से साथ दिया .

इधर कब से कंचन उसे मैसेज कर रही थी पर पहले आपने पति के वजह से और अब नवाज़ की वजह से उसका मोबाइल पर ध्यान hi नहीं गया तब कंचन उसे कॉल करती है

hello बहभी

हां बोलिये

आप तो अब से hi मुझे इग्नोर मार रही हो

ऐसे कोई बात नहीं है

आगे क्या हुआ

मुझे जलने कोशिश कर रहा है

नीता के साथ है क्या

नहीं

फिर किसी और के साथ है

कोण है

आप कहा हो और वो कहा है

मई उप्पर गैलरी मई और वो बहार गेट है

उसके साथ क्या कर रहा है

उसको पकड़ा है ..कमर मई हाट दाल के

अच्छा

वो लड़की नवाज़ के बहो मई थी..

वैसे बहभी वो तो जनता है की आप को उसके बारे मई सब पता है

हां पता है उसे

डॉ. सरिता को आपके जरिये hi उसने पटाने की कोशिश की

हां

फिर भी ऐसा बेहवे कर रहा है

हां मुझे भी यही समज नही आ रहा है

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ आपने हाट उस लड़की की गांड पर रख के धीरे से गांड पर हाथ फेरने लगा.

आरती बड़े प्यार से ये देख रही थी..

46914001ac07d52b578d2c6e595ab8bb.jpg


तब हलके से उस लड़की की गगांद नवाज़ ने दबायी ..ये देख के आरती शर्मा जाती है और अपनी निगाहे झुका लेती है.

तब कंचन कहती है

उसने उस लड़की के साथ कुछ किया तो आप शर्माए मत वर्ण वो अलग मतलब निकलेगा

पहले बताना था न

ओह्ह गॉड

शर्मा गयी

हां

अब क्या कर रहा है

उसकी अस्स दबा रहा है

और आप वो देख रही हो

अब क्या करू ..मेरे सामने hi बेशर्मी से कर रहा है तो

हाँ आप कर भी क्या सकती हो

तभी उसे कुछ कह के वो लड़की चली जाती है तब नवाज़ भी वापस आ गया और बिना आरती को देख के आपने रूम मई चला गया ...

और इधर आरती स्माइल करते हुई उसे देखने लगी ..





हलकी सी लजा थी उसके चहरे पर

तब कंचन कहती है

बहभी अब क्या कर रहे वो दोनों

चली गयी वो

वो भी चला गया उसके रूम मई

वो जाने दो ..आप जेक रेडी हो जाऊ ..मई बताई हु क्या करना है

ठीक है

कह कर वो वह से निकल के आपने बैडरूम मई जाती है ..
 
बैडरूम मई आने के बाद वो सोचने लगती है .. फिर बीएड पर बैठ जाती है ..

d1e0ff1d9e7a879eae9f752602ae460c.jpg


उसके चहरे पर स्माइल थी ...

कमीना मुएज जलना चाहा रहा है.. पर ये लड़की कोण थी ..लड़की थी या औरत .. पहले कभी देखि नहीं इसके साथ ... कमीना कहा कहा से लड़किया ढूंढ के लता है ..पता नहीं ..सेल का नसीब बहुत अच्छा है .. सेल को एक से बढ़कर एक सुन्दर लड़किया मिलती है..

ऐसा कहते हुई आरती अब बीएड पर लेट जाती है और कुछ गंभीर सोच में दुब जाती है ...

106c5b83c490665d990ccd5be2a6f19c.jpg


उसे ये अभी भी पता नहीं चल रहा था की अगर नवाज़ का उसपर गुस्सा है तो उसके सामने किसी दूसरी लड़की के साथ ये सब क्यों किया .. क्या मुझे जलने के लिए क्या ..पर उसे तो पता है न मई उसका नीता के साथ जो है मई जानती हु ..वंदना ..कीर्ति .. के साथ का मई जानती हु .. ये सब उसे पता है ..मैंने कब उसपर गुस्सा नहीं किया .. तब उसने कैसे सोच लिया की मई उसके ऐसे करने से जलूँगी ..

फिर स्माइल करते हुई कहती है ..

ad4e713e15e86cc11a23b90592cd643a.jpg


बुद्धू कही का … मई भला उसपे कैसे जलूँगी..

फिर वो कुछ देर तक वैसे hi बीएड पर लेती रही .. बीच बीच मई वो नवाज़ जब से आया है तब से के सब पल याद करने लगी.. ये याद करते हुई आरती लुम्बी लुम्बी साँसे लेने लगी .. और साडी बाते याद करने लगी .....उसे अजीब तो लग रहा था मगर मज़ा भी बहुत आ रहा था...........

फिर आपने आप से कहती है

क्या मई ये जो करने जा रही हु वो करने के बाद क्या मई अपनी इज़्ज़त अपने hi नज़रो में गिरा दूंगी .. क्या अरविन्द जी को पता चलेगा तो वो क्या सोचेंगे मेरे बारे मई .. पापा जी क्या सोचेंगे ..वो कामचोर क्या सोचेंगे .. क्या वो ये सोचेंगे की मई उसके आशिक़ को पटाने की कोशिश कर रही हु .. और मेरे ननद रानी कंचन क्या सोचेगी .. वो क्या सोचेंगे ..उसने तो ऐसा करने को कहा है ..

फिर वो बीएड पाई से उठ के अलमारी के पास जेक एक येलो कलर की साड़ी निकल लेती है ...साथ मई मैचिंग ब्लाउज भी ..ये साड़ी तो सिंपल थी पर इस का ब्लाउज पीछे से धोरी से बांधता tha...aur तोड़ा आगे से लौ कट भी था..

वैसे वो कुछ देर पहले नवाज़ ने उसको रिस्पांस नहीं दिया था उस वजह से वो थोड़ी अपसेट थी ..पर अब उसके दिमाग मई जो आया था उस वजह से उसके चहरे पर फिर से स्माइल आ गयी थी .. आरती अब वो करने जा रही थी जो उस ने आज तक नहीं किया था…. आरती पहली बार अपना जलवा दिखने जा रही थी .. वो भी आपने हस्बैंड के अलावा किसी और को .. और उसके लिए वो रेडी हो रही थी…

,

वो साडी लेके बीएड पर लेट जाती है ..... और जो वो करने जा रही थी उसके बारे मई सोच कर स्माइल करने लगी ..

a9ae13dfbe3b1b4c480629798b3f462e.jpg


फिर वो फ़ौरन बिस्टेर से उठती हैं और बाथरूम जाती हैं फिर अपने सरे उतर देती है ...फिर वो आईने के सामने आती हैं और बड़े ध्यान से आपने आपको निहारने लगती हैं...........

इतना खूबसूरत बदन चोर के उस लड़की के पीछे पागल है ये पागल लड़का .. मई भी तुम दिखती हु नवाज़ के बच्चे मई क्या चीज़ हु ..

ऐसा बोल के स्माइल करती है ..
 
फिर वो फिर से बाथरूम मई जेक नाहा लेती है .. फिर बहार आके सामने के ड्रावर में से वो मेक उप का सामान निकलती हैं और फिर सजने सँवारने लगती हैं....... आँखों पर kajal...........maathe पर एक छोटी बिंदी ..............कानों में दो बड़े बड़े jhumke.............naak में एक छोटी सी गोल्डन ring................aur होंठों पर हलकी की lipstick.........pawn और हाथों की उँगलियों पे nailpolish..............bal खुले हुए .. जो कुछ सामने उसके गलों को छु रहे थे.........

फिर वो साड़ी पहनने लगती hai....wo साड़ी पहनने के बाद अपने बालो को सवारती hai..aur फिर बालो को खुला छोड़ देती hai..phir वो फिर से हल्का सा मेकउप कर लेती है...

वो साडी का पल्लू को एक अलग hi दांग से डालती hai..jis से उस के मम्मी की दरार dikhe…Ye सब वो आज आपने पति के लिए नहीं बल्कि नवाज़ के लिए कर रही थी .. एक नौकर के लिए कर रही थी .. एक बार वो आपने आप को मिरर मई देखती है ..





आपने खुबसुआरति देख के वो खुद hi शर्मा जाती है ..आरती आज नवाज़ को अपना रूप दिखा कर आपने ादो से मार डालना चाहती थी .. फिर स्माइल करते हुई कहती है ..

तेरा क्या होंगे रे नवाज़ आज

ये इतना सज संवर रही है ये न कंचन को पता था न नवाज़ को ...आरती ये सब पहली बार कर रही thi...use तोड़ा अजीब लग रहा tha....wo ये सब अपने मन से कर रही थी… वो सोचती है मुझे जल्दी से बहार हाल मई जाना होगा ..नवाज़ खाने को आने का टाइम हो गया है … वैसे आज उसने नास्ता भी नहीं किया है .. उसको भूख तो बहुत लगती है पर आज क्यों नहीं खाया ..शायद मेरे पाई के गुस्से के वजह से ..आज मई तुम्हारे लिए नवाज़ स्पेशल नास्ता बनूँगी .. तुम्हारे पसंद का ..मिल्कशेक और ऑमलेट .. सॉरी नवाज़ मई नॉन वेग नहीं बना पाऊँगी सो वेग ऑमलेट से hi काम चलना पड़ेगा .. घी दाल के बनूँगी ..

यही सोच कर वो किचन मई जाती है ..और नवाज़ के लिए नाश्ता बनती है ..

अब उसका सब कुछ रेडी हो गया था ..wo हल्कासा मेक उप करके बहार हाल के सोपे पाई जैसे hi बैठ गयी वैसे hi उसका कॉल बजा ..कॉल कंचन का था ..आरती सोचती है ..ye वीडियो कॉल है ..मेरा मेकअप देख के ये कुछ भी पूछेगी ..कॉल hi नहीं उठाती ..तब कंचन 4-5 बार कॉल करती है …इतने मई दूर बेल्ल बज जाती है.. आरती समझ जाती है की नवाज़ hi होगा ..कोण आ सकत है ..नीता तो आने वाली नहीं है .. पापा ने थोड़े देर पहले उसे बताया था जालिम आ चूका है...

अब वो एक बार अपने आप को देखती hai..use अपने आप को देख कर शर्म आ जाती hai..par मन में नवाज़ के बारे मई सोच कर वो दूर ओपन करती है... और बड़ी अदा के साथ उसके सामने कड़ी हो जाती है ..



 
आरती नवाज़ पाई बिजलिया गिराने के लिए दिवार से सात कर सेक्सी पोज़ में कढ़ी हो जाती hai...use लगा उसका ये मदमस्त बदन देख कर पागल hi हो जायेगा …पर हुआ उलटा hi ..उसने बिना आरती को देखे अंदर चला गया .. और शेठ जी को आवाज़ देने लगा .. तब पलट कर वो नवाज़ के पीछे जाने लगी ..

शेठ जी शेठ जी आप कहा हो

पापा जी अभी तक बहार से आये नहीं

आरती के हाथों में की हरी हरी चूड़ियाँ उसके चलने से खनकती है ....और पवन की पायल भी ........

आरती की आवाज़ से नवाज़ पलट गया और पहली बार सुबह से उसने आरती को देखा और देखते hi रह गया ..

नवाज़ के देखने से आरती खुश हो गयी और वो स्माइल करते हुई उसे देखने लगी ..





वो बड़े गौर से आरती के बदन को एक तुक निहारने लगा..........

उसे देख के मैं मई कहता है ..

अरे व मेरी जान आज तो बढ़ी कमल की लग रही hai..ise देख के मई तो अपने आप पर काबू hi नहीं कर पहुँगा …क्या लग रही है रांड .. गुस्से मई मई इसे योन hi इग्नोर करता रहा ..

ये सोचते हुई उसके दिल में हलचल हुई .....साथ में टांगों के बीच भी एक तेज़्ज़ सनसनाहट हुई ...... वहीँ इधर आरती नवाज़ के ऐसे देखने से बहुत खुश हो गयी … उसकी म्हणत रंग लायी .. वो अच्छे से जानती थी की वो क्या देख रहा है .. वो अब अपने सेक्सी अंदाज़ में नवाज़ को देखती है….





वो उसे देखते हुई मैं मई कहती है..

मई जनतीति थी तुम मुझे ज्यादा देर इग्नोर नहीं कर सकते..

नवाज़ के ऐसे देखने से सुबह से जो वो अपसेट थी वो अपसेट चला गया था ..उसे अब ाचा लग रहा tha..........par इधर नवाज़ लगातार उसे hi देख रहा tha..wo आरती को अब अच्छे निहार रहा था.. वो देखता है आरती ने पहली बार आपने उँगलियों में दो सोने की अंगूठी पहनी है.. वो उसकी साड़ी और ब्लाउज देखने लगता है.. और फिर मैं मई कहता है..

कुल मिलकर आज आरती रोज से ज्यादा .. ज्यादा क्या बेहद हसीं लग रही है ..

पहले जब नवाज़ उसे देख रहा था तब उसे बहुत अच्छा लग रहा था .. वो बिना कुछ कहे .. बिना उसे रोके चुप चाप सी वही कड़ी रही........ पर अब उसे नवाज़ के ऐसे देखने से शर्म आ रही थी .. वो अब नवाज़ से नज़र नहीं मिला प् रही थी ..वो अब शर्मा के नीचे देखने लगी..

तब उसे कुछ याद आया तब वो नवाज़ को देखते हुई कहते है

तुम यहाँ सोपे पाई बैठो .. तुमने सुबह से कुछ खाया नहीं है तो तुम भूख लगी होगी .. मैंने अभी अभी तुम्हारे लिए नास्ता बनाया है .. वो मई लेके आती हु ..

नवाज़ ने कुछ नहीं कहा और उसके कहने अनुसार सोफे पाई बैठ गया ..फिर आरती किचन की और चली जाती है.... जाते वक़्त वो एक बार पलट के देखते है..





तब नवाज़ उसको hi देख रहा था.. उसे देखते हुई मैं मई कहती है..

मुझे hi देख रहा है .. देखने दे आरती.. तू hi तो यही चाहते थी ..

थोड़े देर बाद आरती नवाज़ को नास्ता और मिल्कशेक लेके आती है और उसको देखे उसके सामने बैठ जाती है
 
तब नवाज़ उसको hi देख रहा था.. उसे देखते हुई मैं मई कहती है..

मुझे hi देख रहा है .. देखने दे आरती.. तू hi तो यही चाहते थी ..

थोड़े देर बाद आरती नवाज़ को नास्ता और मिल्कशेक लेके आती है और उसको देखे उसके सामने बैठ जाती है..





अब नवाज़ नास्ता कर रहा था और आरती उसे देखे जा रही थी..

उसे देखते हुई आरती कहते है

तुमने नहीं नहाया न अब तक

नहीं

आज तुम्हारा बर्थडे है न

है

तब उसके पास आके उसके सामने कड़ी होक उसे देखने लगी ..





है बर्थडे नवाज़

और उसका हैंडशेक करती है .. नवाज़ उसको देखते हुई कहता है

थैंक्यू मेमसाब

ऐसा कैसा बर्थडे बॉय जो अब तक नहीं नहाया

और आपने जगह पाई जेक कड़ी हो गयी

मुझे लगा आज मेरे बर्थडे पाई आप मुझे नहलाओगे

तब आरती शर्मा जाती है





तुम्हारे बर्थडे पर भला मई क्यों नलौ .. तुम्हारी नीता है न

वो बीमार है

क्या हो गया उसे आज के

दिन hi

पता नहीं ..

ऐसे कैसे पता नहीं

तभी कंचन का उसे मैसेज आ जाती है

कहा हो भाभी कॉल नहीं उठा रही हो

थोड़ा बिजी थी

नवाज़ के साथ

सामने hi बैठा है

मतलब सुलह हो गयी

हम्म्म

बताओ न

अभी उसको नास्ता दिया है वो खा रहा है

स्पेशल वाला

नहीं

फिर सुबह भैय्या और पापा को जो बनके दिया था वही

नहीं ..उसे ठन्डे चीज़े पसंद नहीं है

इसलिए मेरे हॉट भाभी के पीछे पड़ा है

हैट बेशरम

तब नवाज़ आरती के और देखते हुई कहता है

Memsaab..mera गिफ्ट

मिल जायेगा ..

भाभी मुझे दिखा तो दो आपका नवाज़ कैसा दिखता है

वो क्या हीरो है क्या देखने के लिए

आप का तो हीरो है

धत बेशरम!! कुछ भी कहते हो

मई भी कुछ भी कहते हु

नहीं तो क्या

वो जाने दो ..एक बार दिखा तो दो

जब मिलोगे तो देख लेना

मतलब मान गया वो

No

सॉरी बोलै आपने

नहीं

क्यों

अभी तो नास्ता कर रहा है .. नाश्ता तो होने दो मई बात कर लुंगी

जी अच्छा .. बता देना

बता दूंगी

Bye भाभी

Bye

तब नवाज़ की तरफ देखते हुई कहती है

कैसा बना है नास्ता

आप के जैसा hi मस्त

तब उसके और देखते हुई सोचने लगी ..





आ गया अपनी औकात पाई ..बात नहीं कर रहा था वही अच्छा था ..

फिर सुबह क्यों नहीं खाया

वो ...वो

मुज पाई गुस्सा थे न

हां.. आपने

सॉरी.. वो मुझे क्या हो गया पता hi चला .. मई करने एक गयी और हो गया दूसरा .. मेरे वजह से खां का तुम पापा और अरविन्द ने ठंडा ..

वो जाने दो .. आज नहलाओगे क्या .. मेरे बर्थडे पर ..

तब नखरे से कहती है





अच्छा जी.. ऐसा क्या .. मैंने माफ़ी क्या मांगी .. तुम तो फरमाईश पाई फरमाईश करे जा रहे हो ..

प्ल्ज़ मेमसाब.. मेरे प्यारे मेमसाब..

ज्यादा मस्का मत लगाओ.. नहला दूंगी ..

और मालिश

तब नखरे से उसे देखने लगी .. जूठमूठ का गुस्सा दिखते हुई कहती है..

वो भी कर लुंगी ..

ये नवाज़ के लिए बड़ा झटका था .. वो सोचने लगा .. ये लोमड़ी आज मेरे हर बात इतने जल्दी कैसे मान रही है .. कही मेरे गुस्सा के वजह से तो नहीं ..

मेमसाब ये चुरिया .. बहुत hi अच्छी लग रही है आप के हांतो पाई ..

है न

हां मेमसाब..

ये चुरिया मुझे बहुत पसंद है





ये हाट उप्पर करते हुई कहते है तब उसकी नज़र आरती के सेक्सी कमर पर गयी .. जो हाट उप्पर करने से साडी वह से हैट गयी

इसलिए तो

इसलिए तो क्या

इसलिए तो हमें भी पसंद है

आरती को ये नवाज़ की बात समाज नहीं आयी

मतलब आप को जो चीज़ पसंद है वो चीज़ हमें भी पसंद आ hi जाते है..

धत बेशरम

कह के शर्मा जाती है





आप जब शर्मा जाती हो न और hi हसीं लग जाती हो मेमसाब

इसपर आरती कुछ नहीं कहती .. वो शर्म से मरी जा रही थी..

वैसे मेमसाब आज आपने ये चुरिया क्यों पहनी है

नवाज़ के इस सवाल के बाद आरती नवाज़ को देखते हुई सोचते है..

इसको पता तो नहीं चला न की मैंने उसके लिए

बतायेना मेमसाब

कुछ ख़ास रीज़न नहीं है ऐसे hi पहने है

ऐसे कैसे .. इतने अच्छी साडी पहनी आपने आज .. ये नयी नयी चुरिया

नयी नयी नहीं है.. पुराने hi है

मेरे सामने तो पहली बार पहनी है तो मेरे लिए तो नहीं हुई न

हां वो है

मेमसाब आप इस साडी मई कमल की खूबसूरत लग रही हो

तब आरती हँसाने लगी





इतना मस्का लगाने की जरुरत नहीं है .. मई तुम नहला भी रही हु और मालिश भी कर रही हु

और बर्थडे गिफ्ट

और बर्थडे गिफ्ट भी चाहिए तुम

हां .. मुझे पता है मेरे प्यारी मेमसाब मुझे अच्छा वाला बर्थडे गिफ्ट देगी

यहाँ इस गाँव मई मई कहा से तुम अच्छा वाला गिफ्ट दंगे .. जो है वो आज दे दूंगी .. जब हम शहर जायेंगे तब अच्छा वाला बर्थडे गिफ्ट दंगे

हम शहर कब जा रहे है

तुम्हारी महारानी आने के बाद

हम दोनों के बीच उसका क्या काम

तब आरती शर्मा के कहती है

धत बेशरम कुछ भी मत बोलो ..

अच्छा .. फिर दे दो बर्थडे गिफ्ट ..

पहले नास्ता तो ख़तम करो

हां वो कर लूंगा
 
अब नवाज़ नास्ता कर रहा था..

वैसे तुम पहले गिफ्ट चाहिए या पहले नहाना है

नवाज़ कुछ सोच के कहता है

गिफ्ट

अच्छा

स्माइल करते हुई कहते हैं

क्या गिफ्ट देने वाले हो आप

वो पूछते नहीं है .. तुम पक्त नहीं है क्या

हम ठहरे अनारी .. हमें कैसे पता होगा

तुम सब पता होता है .. गिफ्ट के पीछे की इमोशंस देखते हैं.. वैसे गिफ्ट तुम्हारे काम की hi चीज़ है

अच्छा

फिर आज का बर्थडे का क्या प्लान है तुम्हारा

कुछ नहीं

दारू पिने जाना होगा न तुजे आज

मई रोज थोड़े hi पिता हु

तो कल क्यों पिया

वो दोस्तों ने फाॅर्स किया था

अच्छा

आज मेरा बर्थडे था न तो कल मुझसे पार्टी ली

बर्थडे पार्टी मई दारू पीना कंपल्सरी होता है क्या

अब क्या करे दोस्तों के आगे कुछ नहीं चली

अच्छा जी. मुझे लग रहा है दोस्तों के आगे नहीं तुम्हारी भी इच्छा थी

हाँ मेरे भी इच्छा थी

वही.. मई भी तो वही कह रही हु..

हाँ अब कभी कभी इच्छा होती है

हाँ ये कभी कभी hi होना चाहिए रोज नहीं

हाँ रानी

आरती आज खुल रही है ये जान कर नवाज़ ने ये डेरिंग की थीं

रानी कहने के बाद उसका चेहरा खिल उठता है पर वो कहने के लिए कहती है

रानी मत कहो

ठीक है

मेरे घर मई मई ये होने दे सकती.. तुम जानते हो न पापाजी को भी मई दारू पिने नहीं देती .. अरविन्द तो पिटे hi नहीं और पापा जी मेरे दर से अब पिटे नहीं hai..ghar के मालिक को पिने नहीं दे सकती तो तुम कैसे पिने दू.. तुम्हारे वजह से मई वो बाला घर मई नहीं आने दूंगी

हाँ पता है

पता है तो पिया क्यों

मुझे लगा

क्या लगा मुझे पता नहीं चलेगा

हाँ ऐसा hi कुछ

और आपने रूम जरा क्लीन रखा करो

मतलब अपने मेरा रूम क्लीन किया

मई नहीं करुँगी तो क्या कोई भूतानि करेगी क्या





नखरा करते हुई कहती है

मुझे लगा नीता ने किया

उस कामचोर को खुद का काम करने की याद नहीं रहता तुम्हारा काम क्या ख़ाक करेगी

तब नवाज़ हँसाने लगा

तो आज भी पिने का इरादा है क्या

हाँ

अभी तो कहा न तुमने कभी कभी पिता हु

हाँ

तब हस्ते हुई कहते है

तुम्हारा कभी कभी क्या रोज रोज होता है क्या

रोज रोज नहीं कल की पार्टी मई कैच दोस्त नहीं आये थे उसको पार्टी देने है

ऐसे तुम्हारे कितने दोस्त है

बहुत सरे

गाँव तो छोटा सा है

छोटा है पर हर गल्ली मई मेरे एक तो तो दोस्त है hi

हाँ समाज आया
 
वैसे मेरा गिफ्ट कहा है

चलो देते हु

ऐसा कह के बैडरूम में जाती है .. बैडरूम मई थोड़ा आगे की तरफ जाती है.. बैडरूम मई hi .. एक वार्डरॉब के पास जाते है ..

यहाँ है क्या मेरा गिफ्ट

रुको ऐसा कह के आरती वार्डरॉब के ऊपर से कोई चीज़ निकलने की कोशिश कर रही thi...wo कोशिश पूरी कर रही थी लेकिन उसका हाथ वहां तक नहीं पोहंच रहा था....

तब नवाज़ वो देख लेता है ...उसके दिमाग में फ़ौरन कुछ अत है और ओह जल्दी से आरती के पास पोहंच जाता hai....aarti ने अभी तक देखा नहीं था के नवाज़ उसके पीछे खड़ा हैं....

नवाज़ एक बार आरती की गांड की तरफ देखता है फिर अपने पंत में तने हुई अपने लौड़े को देखता hai..wo धीरे से आरती के पीछे हल्का सा सात कर खड़ा हो जाता है और कहता है ....

मैं निकल देता हूँ ....क्या निकलना है??

आरती पीछे घूमने की कोशिश करने का सोचती है लेकिन तभी उसे अहसास होता है के नवाज़ तो उससे टच होकर खड़ा hain...aarti को थोड़ा अजीब लगता हैं लेकिन वो कुछ नहीं bolti...aisa नहीं था के उसे बुरा लगा था लेकिन थोड़ा अजीब ज़रूर लगा था....

वो ऊपर एक चाबी है…

वो थोड़ा धीरे से बोलती है....

आरती के इतने करीब होने पर नवाज़ से कण्ट्रोल नहीं हो रहा tha...wo आरती से आने वाली महक को सूंघने लगता hai....nawaz आरती के जिस्म का शेप देख रहा था पीछे se....itna जवान शादीशुदा ाव्रत को अपने करीब कोई भी अपना आप खो देगा लेकिन नवाज़ जनता था एक गलती और पूरा काम बिगड़ जायेगा...

वो अब अपना हाथ ऊपर करके कप्बोर्ड से वो चाबी निकलने लगता hai....halanki वो आसानी से चाबी निकल सकता था लेकिन जानबूझ कर देरी कर रहा था वो ताकि आरती से थोड़ा चिपकने का टाइम mile....nawaz पीछे से थोड़ा टच होकर खड़ा था....

लेकिन उससे अब कण्ट्रोल नहीं होता और वो छवि निकल कर एक बार आरती की गांड की लकीर पर ऊपर से निचे तक अपनी पंत में बने हुवे लौड़े के तम्बू से घिसता है और उसके बाल को किश करता है ..





नवाज़ के ऐसे करने से आरती के शरीर में बिजली सी दौड़ जाती है ...वो झट से पलट जाती है वैसे hi नवाज़ पीछे हैट जाता है ..

वह थोड़ी देर वैसे hi कड़ी रहती hai...aur नवाज़ के तरफ देख रही thi....aur मैं मई सोच रही थी ..

मेरे पीछे कुछ तो laga....muje अजीब सा अहसा क्यों hua....muje कुछ भी समझ नहीं आ रहा है …

तब उसकी और देखते हुई नवाज़ कहता है

ये लो चाभी …

आरती अब जैसे होश में एते हुई कहते है ....

हहह...

नवाज़ उसके हाथ में चाबी दे देता है और ऐसा एक्टिंग करता है जैसे अभी अभी जो हुवा उसे वो पता hi नहीं....

फिर उसके तरफ देख के आरती अपनी छठी पर का साडी का पल्लू ठीक कर लेती है ..





और सोचते हुई वो पलट जाती है और निचे एक ड्रावर मई दारू की बोतल राखी थी .. वो निकलने के लिए निचे जुख जाती है ..निचे झुकने की वजह से एक बार फिर उसकी गांड बहार आ जाती है .. आरती की गांड देख कर उसका कला सांप फनफना रहा tha....uske हाथ आरती की गांड की तरफ जाने लगते हैं तभी दर के नवाज़ तुरंत अपना हाथ पीछे कर लेता hai....uski गांड को देख के नवाज़ कहता है ..

सससससस साला क्या गांड है iskiii.....kya मज़ा आया मेरे लौड़े को इसकी गांड को छू karrrr....kuch तोह करना होगा इस मुर्गी को अपने निचे लेन के लिए...

आरती वह से दारू की दो बोतल निकल लेते है.. और नवाज़ को देते है..

इसकी क्या जरुरत है

ये है तुम्हारा बर्थडे गिफ्ट

तब नवाज़ स्माइल करते हुई कहता है

थैंक यू मेमसाब

और उसे गले लग जाता है

तब उसे पीछे धकेल के कहती है .. शरमाते हुई





चांस मत मारो

चांस कहा मार रहा हु .. धनवाद कर रहा हु

तब नखरे से कहती है

क्या हर किसी को ऐसे hi धनवाद करते हो क्या

ये स्पेशल लोगो के लिए स्पेशल धनवाद है

तब स्माइल करते हुई कहते है





अच्छा जी

ये जो दारू है न अच्छी क्वालिटी की है.. इम्पोर्टेड है.. यहाँ नहीं मिलेंगे..

हाँ.. हम लोग तो देशी hi पिटे है..

तब स्माइल करते हुई कहते है

ये पिटे hi तुम्हारे दोस्त खुश हो जायेंगे.. तुम बहुत अच्छा कहेंगे..

उन कमीनो ने मुझे अच्छा कहा तो मुझे क्या फरक पड़ेगा.. मेमसाब..

तो किसके अच्छा कहने से फरक पड़ेगा

आप के

चलो हटो जी ..

क्यों

मुझे नहीं लगता

क्यों नहीं लगता

मेरे बात से तुम कुछ फरक पड़ता है ऐसा नहीं लगता

क्यों नहीं लगता

तब दारू की बोतल उतके उसे दिखती है





ये तो बर्थडे सेलिब्रेशन है

अच्छा

हाँ और आप का मैं नहीं है तो नहीं करता

मई इतनी भी बुरी नहीं हु .. जेक करो पार्टी.. वैसे कैसे जाने वाले हो

मेरे बाइक पाई

आते टाइम

आप भी न एक no की बुद्दू हो मेमसाब .. जाऊंगा बाइक पाई तो आऊंगा भी बाइक पाई hi न

बुद्दू.. मई इतना जानती हु बाइक पाई जाओगे तो आओगे बाइक पाई hi.. पर मुझे लगा दारू पिने के बाद तुम्हारे प्यारे दोस्तों मई से कोई तुम चोर्ने आएगा

उसकी क्या जरुरत..

मतलब पाइक तुम खुद hi बाइक चलाओगे

हाँ उसमे क्या डरने की जरुरत है.. वैसे मई किसी के बाप को डरता नहीं हु

पता है मुझे तुम किसी के बाप को डरते नहीं हो वो मई पहले hi दिन जान गए थे..

हाँ न

और इस वजह से मुझे …

और रुख जाते है

और इस वजह से मुझे क्या मेमसाब

कुछ नहीं

तब नवाज़ उसके करीब आता है

पाइक चलने से गिर गए तो

नहीं गिरूंगा .. वैसे भी मई काम पिता हु

हाँ पता है मैंने कल देखा था कितना काम पिटे हो.. ठीक से चल नहीं पा रहे थे

वो जरा ज्यादा हो गए थे

आज भी हो गए तो

आज नहीं होगी.

भला आज क्यों नहीं होगी ज्यादा

आप है न ख्याल रखने

धत्त!!! मई कहा हु वह

चलो तुम भी..

सॉरी आप ..

तब गर्दन निचे करते हुई कहते है





कह लो तुम

तो चलो तुम मेरे साथ

बेशर्म कुछ भी मत बोलो.. मई कैसे आ सकती हु

आ सकती हो.. क्यों नहीं आ सकती

वह तो तुम्हारे सरे दोस्त होंगे न

तुम भी मेरे दोस्त हो न

वैसे दोस्त नहीं हु

वैसे मतलब कैसे दोस्त हो

बेवड़े दोस्त नहीं हु

और हँसाने लगे

फिर बाजु मई जेक आपने पार्स से 2000 के दो नोट निकल लेते है और नवाज़ को देते है

ये किस लिए

तुम्हारे पार्टी के लिए

ठंकु..

उसके ठंकु पाई आरती हँसाने लगी

ज्यादा पीना मत नहीं तो कही गिर जाओगे

नहीं गिरूंगा वैसे भी ये अंग्रेजी ज्यादा चढ़ाते नहीं है

अच्छा है न छाडे तो

ok मेमसाब मई चलता हूँ..

आरती अपने शर्मीले अंदाज़ में मुस्कुरा कर उसको बोली





ठीक है ..

तब नवाज़ बैडरूम से निकल के हाल मई आ जाता है

आरती एक तरफ उसको जाने को बोल रही दूसरी तरफ उसको बुरा भी लग रहा था की वो अब जायेगा तो ये रात को hi आएगा .. आरती भी उसके पीछे पीछे हाल मई आ जाती है..

हाल मई आके आरती कहती है ..

पार्टी को जा रहे हो तो फिर मुझे तुम साथ मई चलने को क्यों बोल रहे थे

वो तो अभी जाना है बहार दोस्तों को बता के आता हु .. दिन मई कहा पार्टी होती है . पार्टी तो रात मई है न

फिर अभी क्यों कहा चलता हु बोल के

दोस्तों को कहके आता हु न .. पार्टी का बंदोबस्त हुआ है बोल के

अच्छा जी
 
दोस्तों को कहके आता हु न .. पार्टी का बंदोबस्त हुआ है बोल के

अच्छा जी

तुजे क्या लगा .. मई अब जा रहा हु ..

हां ऐसे कैसे जा सकता हु .. अभी तो तेरे हाट की मालिश बची है

मुझे लगा तुम भूल गए

ऐसे कैसे भूल सकता हु .. आपने प्यारे मेमसाब के हातो की मालिश

अच्छा जी .. मुझे लगा ाचा हुआ तुम भूल गए .. उतना hi तुमसे पूछा चुद जायेगा

ऐसे कैसे पीछे छूट जायेगा मेमसाब.. अब तो तुजसे रोज मालिश चाहिए

हटो जी .. रोज मालिश करने के लिए मई क्या तुम्हारी नौकर हु क्या

नौकर कहा तू तो मेरे प्यारी मालकिन है

ऐसा कहते हुई उसके पास जाता hai..aur उसको आपने बहो मई भर लेता है ..





Aur usse lipat jata hai .. wo uske baho me sama jana chahata tha tabhi aarti ne himmat karte hui use piche dhakel diya

Ye aap kya kar rahe ho

Usne nawaz ko pahli baar nawaz ko aap kaha tha .. jaise hi usko aapni galti samaz aayi wo kahti hai

Ye tum kya kar rahe ho

Aap kah sakati ho .. muje koi problem nahi hai

Tab smile karte hui kahte hai

Par muje hai ..waise tum ye kya kar rahe the

Dhanewad ..

Tab sharma ke kahti hai

Ek baar kiya na

Ek baar se mera kaha ji bharta hai kya

Besharam !! Tumara ji na tumare jaise hi besharam hai ..

Besharam dil aab kya karega

😜😜

"कौन कहता है कि प्यार एक बार होता है"...😀

"दिल बेशर्म हो तो बार-बार होता है"... 😁😀

😂

Aur hasane laga .. aarti bhi hasane lagi
 
जाओ अभी

जाता हु

फिर पलट के कहता है

तो पक्का पिने जाऊ न

जरा नखरे से कहती है

हां तो बोलै है

बुरा तो नहीं मानोगे न

बुरा मान भी जाऊ तो तुम क्या फरक पड़ता है

वैसे बात नहीं है

मई मन करुँगी तो नहीं पिओगे क्या

नवाज़ कुछ नहीं बोलता

सुनना नहीं है तो पूछ क्यों रहे हो

सुनूंगा न

बोलो क्या बोल रहे थे

यही की

वो आगे बोले उससे पहले आरती कहती है

Don't से ज्यादा हो जायेगे

हाँ वही

मुझे लग रहा है नीता ने बहुत झूठ दिए है तुम

तो तू कण्ट्रोल कर दे

तब उसकी और देखती है और शर्माते हुई निचे देखते है





ठीक है पीओ ज्यादा .. पर बहुत ज्यादा मत पीओ

अच्छा मेमसाब

बहुत ज्यादा हो गयी तो

तब नाराज़गी दिखते हुई कहते है

मई कर भी क्या सकती हु

नहीं नहीं ज्यादा नहीं पिऊंगा .. पर

पर क्या

और एक बोतल मिल जाते तो और थोड़े और पैसे

वो तरय मार रहा था की ये उसकी कितने बात मानती है ताकि फ्यूचर मई इससे पैसे ैताने का उसे अंदाज़ा आ जय

कितना

उतने hi

फिर आरती अंदर जेक बोतल और पैसे लेके आती है और उसे देते हुई कहते है

पीना होने के बाद खाने पाई आ जाना

लेट हो जायेगा

हो जाने दो

बहुत लेते हो जायेगा

बोलै न हो जाने दो.. भूका पेट सोना ठीक नहीं है और ड्रिंक के बाद तो कुछ खाना hi चाहिए

अच्छा जी

मई वेट करुँगी

जी मेमसाब

कब जाने वाले हो पार्टी को

मालिश के बाद

रुको

तब नवाज़ मैं मई कहता है

अब इसने रुकने को क्यों बोलै
 
Back
Top