Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 22 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

तब नवाज़ मैं मई कहता है

अब इसने रुकने को क्यों बोलै .. तब वो पलट के अंदर जाने लगी तब नवाज़ कहता है..

मुझे यहाँ रुको बोलके कहा चल दी मेरे पुरे मेमसाब

तब पलट कर देखते हुई स्माइल करते हुई कहते है





मेरे प्यारे नौटंकी बाज़ नौकर

पहले बार उसने नवाज़ को मेरे प्यारे नौकर कहा था.. इससे नवाज़ कहता है..

ज्यादा नौटंकी मत मार.. तेरे छोटे साहब के कुछ अच्छे कपडे देते हु..

तब नवाज़ हस्ते हुई कहता है

तुम बहुत स्मार्ट हो.. मैं की बात तुरंत जान लेती हो

अब ज्यादा तारीफ मत करो और मुझे कपडे लेन के लिए जाने दो

तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मैंने तुम पकड़ लिया है

ऐसा कहते हुई नवाज़ उसके पास जाता है और उसको पीछे से पकड़ लेता है..





ये चोरो मुझे

ऐसा कहते हुई वो उसे पीछे धकेलने लगी ..पर नवाज़ नहीं हटा

आरती को किसी गैर मर्द ने पहली बार ऐसे पकड़ा था इस वजह से उसे दर भी लग रहा था.. और नवाज़ आपने मू से गरम सांसे आरती के गर्दन पर छोड़ रहा था इस वजह से उसके बदन मई सुरसुराहट हो रही थी ..

इस वजह से उसमे उतने ताकत भी नहीं थी ..

तभी नवाज़ आरती के सुन्दर काळा बालो मई आपने मू रख देता है..

आरती रानी ये तेरे लम्बे लम्बे काळा बल ऐसे लगते है जैसे की स्वर्ग के किसी देवी ने इन बनाया है

तब आरती हस्ते हुई उसका चेहरा आपने बालो से पीछे करते हुई कहते हैं

ऐसे चले मेरे साथ मत चलो .. कोई फायदा नहीं है

ये लम्बे काळा बल कह रहे है मेरे साथ खेलो

अरविन्द जी है उनके साथ खेलने के लिए

तब नवाज़ आरती को घुमा के उसके गांड के निचे हाट दाल के उसे उठा लेता है





ये मई गिर जाउंगी

ऐसा बोल के गिराने के डर से नवाज़ के बहो मई हाट दाल देते है.. नवाज़ के ऐसे करने से आरती के दिल में हलचल होती है...

उसकी घबराहट और बढ़ जाती है...

एक बात पुछु

हां पूछो

तू मेरे लिए hi सजी संवरी है न

धत बेशरम मई भला क्यों तेरे लिए संजय संवारोगे

ऐसा बोल के उसके बहो मई से उतर जेक आगे बैडरूम की तरफ भाग जाती hai..aur नवाज़ ने जो पूछा वो याद करके शर्मा गयी ..





उसको भागते हुई पीछे से नवाज़ देख रहा तह .. ये देख के नवाज़ की आँखें बहार को निकल रही थी उसकी बड़ीई मोतीय चौडीइइ गांड हिलाते हुई देख कर …जो उसके हर कदम पर थिरक थिरक कर हिल रही थी..
 
नवाज़ के इस बेहेवियर से आरती चौंक जाती है .. वो मैं मई कहते है..

इस लड़के को क्या हो गया है आज .. कल तक तो ये अच्छा खासा था .. अब ऐसे क्यों बेहवे कर रहा है .. कल तक तो ये मुझे आप और मेमसाब कह रहा था .. अब ये रानी कह रहा है और आप की जगह तू कह रहा है .

ये सब वो वार्डरॉब को देखते हुई सोच रही थी..





नवाज़ आरती के पीछे पीछे उसके बैडरूम मई चला जाता है ...और वह रखे एक चेयर मई बैठ के आरती के कातिल बक्सीडे देखते हुई आपने लौड़े को मसलते हुई आरती को कैसे पतये इसी जुगाड़ में लग जाता है …

और कितना टाइम लगेगा

नवाज़ की बात सुनते hi आरती होश में आयी और पीछे देखने लगी ..





तब नवाज़ कहता है

मुझे दोस्तों को बताके आना है और अपनी प्यारे मेमसाब से मालिश भी करवानी है

तब बड़ी अड्डा के साथ कहती है

दो मिनट





मेमसाब आप एक अलग hi मिटटी से बनायीं हुई ho...aapki कद्द काठी आपका तरशा हुआ बदन ....आपका जोबन आपका गुलाब के जैसा खिला हुआ mukhada....apka जिस्म का हर चीज़ तारीफ करने लायक hai.....vishwa सुंदरी कॉम्पिटिशन में अगर आप हिस्सा लोगी तो आप फर्स्ट प्राइज आराम से जीत जाओगी.....

आरती नवाज़ की बात सुन के मन मई भहुत खुश हो जाती है.... पर कहने के लिए कहते है

तुम भी न नवाज़ कुछ भी बोलते हो

कुछ भी नहीं सच बोल रहा हु

तब नवाज़ की और देखते हुई कहते है

वह मैरिड लेडी नहीं चलती

वो मिसेस वर्ड होता है न

सब इनफार्मेशन रखते हो तुम

रखनी पड़ती ताकि आप जैसे खूबसूरत औरत के सवाल का जवाब दे सकू

अच्छा

सच कह रहा हु मेमसाब

तब आरती मुस्कुराते हुई कहती है....

तुम भी न नवाज़ .....एकदम पागल हो.....

ऐसा आपने पति का नया ड्रेस उसको देते हुई कहते है

मई इतनी भी खूबसूरत नहीं हु जितना आप बढ़ा चढ़ा कर कह रहे हो.....

इस बार उसने दूसरी बार नवाज़ को आप कहा था .. पर पहले मई और इसमे ये फरक था की पहले कहने के बाद तुरंत वो तुम पाई आयी थी बल्कि अब नहीं

आरती ने ये कहते हुई अपने बालो के लातो को कान के पास किया और नज़रे झुकाये कड़ी रही ....





नहीं नहीं मेमसाब मैंने जो कुछ कहा सब सच tha....kya आजतक साहब ने आपको बताया नहीं की आप कितनी खूबसूरत हो....???

आरती की बात सुन के आरती नवाज़ को देखने लगी .. वो थोड़े बनावटी गुस्सा में नाकज के तरफ देखते हुई कहती है....

नहीं ऐसा नहीं है.... अरविन्द तो मेरी हमेशा तारीफ करते रहते hai....wo तो आपसे भी ज्यादा तारीफ करते है….

आरती ने ये झूट कहा था लेकिन आरती भी अच्छे से जानती थी की नवाज़ ने अब जैसी तारीफ की है वैसे अरविन्द ने ऐसी तारीफ कभी नहीं की ....

ाचा अब तुम जाओ .. ये कपडा पहन लो .. अपने दोस्तों को जल्दी बता के आ जाओ .

कब आ जाऊ

वो तुम पाई देपेंद है..

10 मिनट मई आ जाऊ

आ जाओ पर तुम्हारे इतने इम्पोर्टेन्ट फ्रेंड को मिल के 10 मिनट मई कैसे आ जाओगे

तुमसे कोण इम्पोर्टेन्ट है

फिर जाओ hi मत

नहीं जाता

तब स्माइल करते हुई कहते हैं

नहीं नहीं जेक आओ ..पर पहले ये ड्रेस पहनो

क्यों

तुम्हारी ये गन्दी सी पंत बहुत पुराणी लग रही है और गन्दी भी.. तुम दिनभर काम करते रहते हो .. काम करने से ख़राब हुई होंगे.. और तुमने बोलै भी न नीता तुम्हारे कपडे नहीं धोते और घर मई तुम्हारा जाना नहीं होता इस वजह से तुम्हारी अम्मी नहीं धो पति..

और तुम्हारे इतने सरे गिर्ल्फ्रेंड्स है तो तुमको कहा टाइम मिलता होगा आपने कपडे धोने को..

और ये कहते हुई वो स्माइल करने लगे..





फिर वो आपने आप से कहने लगे..

ये मैंने क्या कह दिया

तब नवाज़ कहता है

मेरे कितने गर्लफ्रेंड तू जानती है

वो जाने दो .. पहले कपडे चेंज करो

यहाँ hi

नहीं तो कहा चेंज करोगे .. क्या पहली बार मेरे सामने शर्ट निकल रहे हो क्या .. कही बार तो नंगे होते रहते हो ..और अपनी बॉडी दिखते रहते हो ..

ठीक है फिर एक बार देखो

दिखाओ

अब शर्ट और पंत निकल देता है

. उसकी तरफ देखते हुई आरती सोचती है .. और आपने आप से कहने लगे...

इसकी हाइट अरविन्द से एक दो इंच काम hi है मगर बॉडी ज़्यादा मस्कुलर है. शायद ये कुछ एक्सरसाइज या गयम वगैरा की वजह से होगी . और फिर खुद से hi कहने लगे.. इन् गरीब लोगो के पास गयम के लिए पैसे कहा होंगे.. और ये खेत मई रहता है और गयम तो इधर गाओं मई है.. खेत से गयम के लिए आना इससे पॉसिबल नहीं होगा.. खेत मई hi ये एक्सरसाइज करता होगा..

तब तक नवाज़ कपडे पहन के कहता है

जेक आता हु

ठीक है
 
थोड़े देर बाद नवाज़ बहार से आ जाता है.. आरती दूर ओपन करती है ..

मेमसाब आप तो अब कमल की लग रही हो

तारीफ करनी की कोई जरुरत नहीं hai..mai मालिश कर रही हु तुम्हारी..

ऐसा कह के उसे वो तेल की बोतल दिखते है.. जो उसने किचन से आते टाइम साथ मई लायी थी जिसपर अब तक नवाज़ की नज़र नहीं थी..

ठीक है फिर सुरु हो जाओ

क्या कपडे पाई hi मालिश करू क्या पहले कपडे तो उतरो

ऐसा कह के बैडरूम मई जेक बीएड पाई बैठ जाती hai...nawaz की तरफ पिट कर के..





नवाज़ उसकी पिट की तरफ देखते हुई कहता है मेमसाब जी एक बात कहु .. आप बुरा तो नहीं मानोगे

कहो कहो

ये जो आपने ब्लाउज पहना है उसमे तो पूरी पिट नंगी दिखती है तो ऐसे ब्लाउज पहनने का क्या मतलब होता है

तब नवाज़ की तरफ गर्दन घुमाके थोड़े से स्माइल चहरे पर लेट हुई कहती है..





किसी के दूसरे के बीवी की पिट ऐसे देखने का क्या मतलब होता है जब की खुद के पास 2 -2 माशूका हो और ये जो दूसरे की बीवी है वो खुद की मालकिन है और अब थोड़े hi देर मई फ्री मई मालिश कर रही हो तो

सॉरी मेमसाब

अब तक नवाज़ ने अपनी शर्ट निकल दी thi.....saath में अपनी बना भी .........और पंत भी.. अब वो सिर्फ आपने ब्लैक कलर के अंडरवियर मई खड़ा था.. ........ उसके जिस्म के कलर जैसा उसका ुंदरपनत था..

फिर आरती एक बड़ा सा बेडशीट्स निकल के बीएड पाई डालती है..

आप क्या यहाँ मालिश करोगे क्या

नहीं तो क्या बाथरूम मई करू

मुझे तो ऐसे hi लगा था..

तुम कुछ भी लगेगा.. चुपचाप लेट जाओ..

तब नवाज़ बीएड पाई लेट जाता है..

मेमसाब आप का बीएड तो बहुत सॉफ्ट है.. किसी मखमल जैसा.. आप को तो साहब के साथ यहाँ सोने मई बहुत मज़ा आता होगा

हां हां बहुत मज़ा आता है तेरे साहब के साथ.. तुजे भी तो मज़ा आया होगा न कल रात वंदना के साथ

जरा नखरे से कहते है.. थोड़ा गुस्सा था उसके कहने मई.. वो गुस्सा नवाज़ पहचान जाता है..

मैंने कुछ गलत कहा क्या मेमसाब जो आप इतना गुस्सा हो गयी..

तब उसकी और देखते हुई कहते है..





नहीं तो

नहीं तो कह रही हो और मुझे गुस्से से देख रही हो

मई कहा गुस्से से देख रही हु..

ऐसा चहरे पर स्माइल करते हुई कहता है..

ठीक से लेटो

ठीक से मतलब

तुम्हारे पिट मई खुजली है na..aise लटोगे तो मई तुम्हारे पिट के कैसे मालिश कर पाउंगी.. पेट पाई लेटो तो तुम्हारे पिट के मालिश कर पाउंगी

ऐसा कहो न फिर आप

हर बात क्या मई hi कहु क्या .. तुम अक्कल नहीं है क्या..

क्या है न मेमसाब आप को देखते है तो हमारी अक्कल कहा घास चरने जाती है पता hi नहीं चलता.. हम बिलकुल बैलबुद्धि हो जाते है..

तब एआरटी शर्मा के नीचे देखने लगती है





और फिर कहती है

ज्यादा मक्खन लगाने की जरुरत नहीं है.. मई मान गयी हु न

क्या सच

मई मालिश की बात कर रही हु

मई भी तो वही बोल रहा हु

तब उसकी और देखते हुई कहती है





पता है मुझे तुम क्या कह रहे थे..

ऐसा कह के उसके बगल मई बीएड पाई बैठ जाती है

तब नवाज़ उसकी और देखते हुई कहता है..

मेमसाब ऐसे न देखा करो hame..nahi तो हमें आपसे प्यार हो जायेगा..

अब ज्यादा बोलै तो मार मिलेगा..





ऐसा कह के हाट से मरने की एक्शन करने लगी..

आप के कोमल हातो का मार भी आप के जैसा की स्वेट होगा..

अच्छा जी.. बहुत बाते सूज रही है तुम

कोई आदमी अगर ऐसे आलीशान बीएड पाई लेता हो वो भी इतने बड़े घर के मालकिन का बीएड और उतने hi बड़ी हुस्न की देवी का बीएड .. और बीएड भी मखमल जैसा हो.. और वो हुस्न की देवी अब मेरे मालिश करने वाली है तो ऐसे बाते आटोमेटिक सूजती है

अच्छा मेरे hi डायलाग मुझे hi चिपका रहे हो

तब नवाज़ हस्ता है

जाओ मई नहीं करती तुम्हारी मालिश

ऐसा कहके गुस्से से उठ जाती है..

तब उसका हाट पकड़ लेता है नवाज़

ऐसा न करो मेमसाब

...

आरती कुछ नहीं कहती.. उसका मू दूसरे तरफ था.. पर हाट अभी भी नवाज़ ने पकड़ा था..

करो न मालिश मेरे प्यारे मेमसाब

अभी भी वो गुस्सा थी.. पर कहती कुछ नहीं है. तब नवाज़ उसके हाट को झटका देता है तब वो झट से निचे बैठ जाती है.. नवाज़ के ऐसे करने से वो उसे गुस्से से देखने लगती है..





वही नवाज़ के चहरे पर उसकी शैतानी मुस्कान थी..

आरती थोड़ी मायूस थी और थोड़ा गुस्सा था.. नवाज़ को लेके .... उसे ऐसे अजीब लग रहा था आपने नौकर की मालिश करना पर फिर भी उसने आपने मैं को रेडी किया था.. पर नवाज़ के बर्ताव से वो 💯 परसेंटेज खफा थी और नवाज़ था की उसे मानाने का जरा भी प्रयास नहीं कर रहा tha..aab तक वो लेता था अब वो अधलेटा खड़ा हुआ . .. और आरती के गर्दन के पास आपने सर लेके जाता है पीछे से और धीरे से कहता है..

गुस्सा हो मुझसे

तब आरती धीरे से कहती है

जी...

नवाज़ को आरती की आवाज़ से पता चल जाता है के वो नाराज़ हुई है ....शयद गुस्सा भी..

नवाज़ आरती के पीछे बैठा था.. थोड़ा नज़दीक था पर अभी तक चिपका नहीं था.. आरती ने आज रोज़ की तरह hi साड़ी पहनी thi...lekin स्लीवलेस पहनी थी.. पता नहीं kyun...wo ज़्यादा स्लीवलेस ब्लाउज वाली साड़ी नहीं पहनती थी लेकिन आज पहनी thi..uski गोरी बहन उस ब्लाउज में मस्त लग रही थी....
 
नवाज़ आरती के पीछे बैठा था.. थोड़ा नज़दीक था पर अभी तक चिपका नहीं था.. आरती ने आज रोज़ की तरह hi साड़ी पहनी thi...lekin स्लीवलेस पहनी थी.. पता नहीं kyun...wo ज़्यादा स्लीवलेस ब्लाउज वाली साड़ी नहीं पहनती थी लेकिन आज पहनी thi..uski गोरी बहन उस ब्लाउज में मस्त लग रही thi....piche बैठकर उसके गोर बहन को hi नवाज़ देख रहा था.. उसका मैं किया की वो उसके गोर बाँहों को चुवे या किश करे पर उसने आपने आप को कण्ट्रोल किया.. तब उसकी नज़र आरती के बाँहों से उसकी गोर गोर लगभग नंगी पिट पर gayi..itane गोर पिट इतने नज़दीक से देखने से नवाज़ का लुंड उसके ुंदरपनत में झटका मरने लगा. ….

आरती को इस बात की खबर hi नहीं थी की नवाज़ पीछे बैठ के क्या सोच रहा है ... वो तो आपने hi सोच मई थी..





नवाज़ के इतने करीब बैठने से उसे मैं hi मैं डर लग रहा था.. उसके मैं मई अजीब से बेचैनी thi..wo आज जिंदगी मई पहली बार आपने हस्बैंड के अलावा किसी मर्द के इतने करीब बैठी थी.. वो भी वो आदमी ाड्नागा उसके पीछे उसके hi बीएड पाई लेता हुआ हो ..आरती के दिल मई एक बेचैनी से थी आने वाले वक्त को लेकर… वो जो ये सोच रही थी उस वजह से जो थोड़ा बहुत गुस्सा था नवाज़ को लेके वो लगभग भूल सी गयी थी..

ऐसे सिचुएशन मई आरती मन hi मान मई सोचने लगी :

क्या मई सही कर रही हु ये सब कर के…

फिर वो खुद hi कहती है

कोनसा कुछ गलत हो जायेगा इस से.. बस मई छोटी से मालिश hi तो कर रही हु..

पर क्या नवाज़ के बदन को चुने के बाद क्या वो भी क्या मेरे गूरे बदन को चुवेगा ..

फिर वो खुद hi आंसर दे देती है..

वो भला क्यों चुवेगा आरती tume..tum उसकी मालिश कर रही हो.. वो तुम्हारी नहीं.. आरती तुम कुछ भी सोचते हो..

फिर वो कुछ सोचके खुद को कहने लगी..

की कितना गन्दा है यार नवाज़ ... कैसे अपने काले पीले डाट निकल के मुस्कुरा रहा था .. वो भी मुझे देख के …कितना कला बदन है इसका.. कैसे बदबू आ रही थी उस वक़्त जब वो मेरे इतने करीब था तब.. अभी भी आ रही है.. मई अभी भी उसके क्लोज बैठी हु.. नहीं नहीं बदबू नहीं वो काम की वजह से पसीना आया होगा तो उस पसीने के बदबू होंगे.. पर क्या उसको जब मई मालिश करूंगी तब क्या मेरे हाथ भी क्या गंदे होंगे क्या …नहीं नहीं वो नहीं होंगे.. उस दिन भी उसको मलिश की थी तब कहा गंदे हुई थे मई भी न कुछ भी सोचते हु..

आरती थोड़ा कन्फ्यूज्ड थी की जैसे वो ये सब कर पाएंगी या नहीं .... और करेंगे तो कैसे करेंगे.. और इधर नवाज़ बस आरती की नंगी गोर गोर पिट देखने में व्यस्त हो गया था... नवाज़ को आज अपनी किस्मत पर बड़ा नाज़ हो रहा tha.raat को वो वंदना को रातभर छोड़ रहा था और अब ये आरती.. आरती जैसे बाला की खूबसूरत औरत.. इतने बड़े घर की बहु .. के इतने पास बैठने का उसे मौका मिल रहा था और इतने खूबसूरत औरत आपने कोमल हटो से उसकी मालिश करने वाली है. ये सब सोचकर नवाज़ ने

अपने होंठो पर जीभ फिरै और आरती की गोरी पीठ को देखते हुई आपने चेहरा धीरे धीरे आगे करने लगा .. पिट और उसके गर्दन की और.

नवाज़ उसके कान के पास आकर कहता है





मेमसाब क्या हुआ आपको .. यहाँ आपका आपने नौकर दर्द से तड़प रहा है और आप हैं की बार बार अपने ख्यालो में खो जा रहे हो . कही साहब की तो याद नहीं आ रही है आप को ..

नवाज़ के इतने करीब आकर कहने से आरती का तो गाला hi सुख गया ..उसे पसीना आने लगा और घबराहट भी होने lagi..darr और घबराकर वो जोर जोर से सांस लेने लगी.. वो समझ hi नहीं पा रही थी की ये आज उसके साथ क्या हो रहा है.

फिर भी खुद को संभालते हुई वो कहती है..

नहीं

ऐसा वो बहुत धीरे से कहती है और न मई गर्दन हिलाते है

कही मेरे इतने करीब आने के वजह से

नवाज़ के ये सहबद्ध सुनकर लगभग आरती होश में आये .. उसे उम्मीद नहीं थी नवाज़ ऐसा कुछ कहेगा और वो भी आपने पति को बीच मई लेकर. इस वजह से वो अपनी गर्दन घुमा के नवाज़ के चेहरे की तरफ देखने लगी.

..
 
नवाज़ के ये सहबद्ध सुनकर लगभग आरती होश में आये .. उसे उम्मीद नहीं थी नवाज़ ऐसा कुछ कहेगा और वो भी आपने पति को बीच मई लेकर. इस वजह से वो अपनी गर्दन घुमा के नवाज़ के चेहरे की तरफ देखने lagi...jara गुस्से मई.. और गुस्से मई कहती है..





क्या कहा तुमने

तब बात बदलकर नवाज़ कहता है

मुझे पानी दीजिए और मेरे दर्द को दूर कीजिये.

वो गुस्से से कहती है..

मई क्या तुम्हारी नौकर हु क्या.. खुद ले लो

मेरा हाट नहीं पहुंचता वह तक.. प्ल्ज़ दे दो न

तब बुरा सा मू बनके आरती निचे जुक के पानी देते है और गर्दन घुमा के बैठ जाती है.. वो अब गुस्से मई थी पर नवाज़ को कुछ बोल नहीं पायी ..और मैं मई कहती है..

कमीना क्या क्या सोच रहा है मेरे बारे मई

अभी आरती अपने विचारों मई थी की उसके मोबाइल की बेल्ल बजती है... फ़ोन को वो देखती है.. फ़ोन उसके पति का tha..phone वो उठा लेते है ..

उसके चहरे पर अभी भी नाराज़गी थी..

hello डार्लिंग कैसे हो....?

कैसे रहूंगी आप के बिना अरविन्द जी ठीक हे hu...aapko मिस कर रही हु....

है डार्लिंग मई भी . मई समझ सकता हु…

आप कुछ नहीं समजते.. मुझे अकेला चोर के चले जाते हो

आरती मुझे तुमको एक बात बतानी है..

क्या बात है अब??

वो यार मुझे यहाँ आपने फैक्ट्री मई जो क्लाइंट मिलाने आये थे न वो मीटिंग तो सक्सेस्स्फुल्ली हुई है पर उनके सीईओ को मिलाने के लिए मुझे न कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाना पड़ेगा ...

ववव अरविन्द जी और ये बात आप मुझको ऐसे और अभी बता रहे हो...

ी म रियली सॉरी यार आरती ...और मुझे अभी hi पता चला तो अभी hi बताऊंगा

अच्छा जी आप को यहाँ से निकालने से पहले ये पता नहीं था क्या अगर आप की ये मीटिंग सक्सेस हुई तो आप को दिल्ली जाना पड़ेगा

तब धीरे से कहता है

है पता था मतलब मैंने बताया था न

आपने एयरपोर्ट की बात की थी

हां

फिर भी आपने जाने से पहले मुझे बताना सही नहीं समाज

सॉरी न

कुछ देर दोनों शांत रहे

कब जाना है ...??

आज शाम को आरती ....

आरती को अरविन्द पे बहुत तेजज ग़ुस्सा आता है…

क्या मतलब आप वापिस घर नहीं आओगे.. वह से hi चले जाओगे..

हां न जाना पड़ेगा.. और तुम्हारी कसम मुझे ये पता नहीं था

मेरे जूठी कसम आप मत खाओ

जूठी नहीं सच्ची कसम खा रहा हु

अब तो आप पर का मेरा जरा भी विश्वास नहीं है

ऐसा न कहो

एक तो आप मुझ पर अच्छे से दिन नहीं देते हो आजकल और अब ये बिज़नेस डील्स एंड all….foreign टूर..

इनका ये जगदा देखकर नवाज़ को मज़ा आ रहा था

सॉरी एरर आरती वो थोड़ा काम जयदा रहता है न आज कल …

आप के लिए काम hi है सबकुछ मई कुछ नहीं

डार्लिंग बस जयदा से जयदा एक हफ्ते की बात है फिर तो वापस आ जाऊंगा एंड ी प्रॉमिस मई वापस आने के बाद तुमको पक्का घूमने लेकर जाऊंगा..

आपने गुसा शांत करते हुई वो कहती है

ठीक है पर याद रखना वापस आके मुझको कही फॉरेन ट्रिप पे घूमने लेके जाना पड़ेंगे...

पक्का डार्लिंग....

आप क्या कर रहे हो... ?

कुछ नहीं बस मीटिंग के लिए जा रहा था तो सोचा की बात कर लू पहले तुमसे...

अच्छा....

डार्लिंग तुम बोर हो जाती होंगी न दिन भर ....

हां अरविन्द जी क्या करू अब ...

वो तुम्हारी प्यारी सहेली नहीं आये क्या

कोण

कामचोर नीता

तब आरती हँसाने लगी

नहीं आज उसकी तबियत ख़राब है

और मालकिन काम कर रही है

हाँ अब क्या कर सकती हु

हाँ वो भी है

अब करे तो क्या करे.. आप ने और पापा जी ये नया सरदर्द मेरे पल्ले बंद दिया है तो मुझे इस सर दर्द को झेलना hi पड़ेगा न

बास कुछ दिन एडजस्ट करलो प्लीज......

बाद मई क्या होगा

बाद मई किसी अच्छे को ढूंढ लेंगे

कोई जरुरत नहीं है

फिर उस कामचोर से hi काम चला लो.. उसके साथ थोड़ा कोपेराते कर लेना... तुमको दुआ ंमिलेगे

मुझे नहीं चाहिए कोई दुआ बुआ

तो एडजस्ट कर लो उस कामचोर को

ये अच्छा है आप का अरविन्द जी.. आप तो चले जाएंगे और मई उस को ज़हीलु यहाँ पर... है न …

हाँ

ी ऍम सॉरी बूत पर मई इसके आगे कुछ नहीं करूंगा अब .....

क्या डार्लिंग.....

आप देखते नहीं हो क्या सब काम मुझे hi करना पड़ता है

एक और माइड को रख लो

मतलब डबल सिरदर्द

तब अरविंद हँसाने लगा

इसके आएगी मई तुम्हारे लिए कुछ नहीं कर सकता

आप को क्या यहाँ काम तो मुझे करना पद रहा है

तुम चाहती क्या हो

कुछ नहीं

फिर मई राखु

हां रख लो

लव यू आरती...

लव यू डार्लिंग

ऐसा कह के आपने पति का कॉल एआरटी एन्ड करके आरती नवाज़ के तरफ घूम जाती है.. और नवाज़ को स्माइल 😊 देते हुई देखने लगती है..





सामने था नवाज़.. वो बीएड पर बैठ कर बेदी फंक रहा था.. किसी नवाब जैसे नवाज़ बीएड पर बैठा tha..aarti को देखते हुई ..उसकी बाते सुनते हुई..

एक्चुअली आपने पति से बात करते हुई आरती को अचानक से किसी चीज़ के स्मेल आती है तब वो सोचती है घूम के देख लू.. किस चीज़ की स्मेल आ रही है पर आपने पति से जगदा करते हुई वो भूल गयी..

नवाज़ को बीड़ी पिता हुआ देख के.. वो भी उसके hi बीएड मई बैठ के.. तो उसे नवाज़ पाई बहुत गुस्सा आ जाता है ..
 
सामने था नवाज़.. वो बीएड पर बैठ कर बेदी फंक रहा था.. किसी नवाब जैसे नवाज़ बीएड पर बैठा tha..aarti को देखते हुई ..उसकी

बाते सुनते हुई..

एक्चुअली आपने पति से बात करते हुई आरती को अचानक से किसी चीज़ के स्मेल आती है तब वो सोचती है घूम के देख लू.. किस चीज़ की स्मेल आ रही है पर आपने पति से जगदा करते हुई वो भूल गयी..

नवाज़ को बीड़ी पिता हुआ देख के.. वो भी उसके hi बीएड मई बैठ के.. तो उसे नवाज़ पाई बहुत गुस्सा आ जाता है.. वो उसे गुस्से मई कहती है





तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई

कैसे हिम्मत

बीड़ी पिने की

बीड़ी पिने मई हिम्मत लगती है मुझे पता hi नहीं था

ज्यादा हुशार बनाने की कोशिश मत करो

मई कहा कुछ कर रहा हो मेमसाब

फिर बीड़ी क्यों पि रहे हो

क्यों

मुझे पसंद नहीं है

मुझे कहा पता था आप को बीड़ी पसंद नहीं है

अभी तो पता चला न

तो फेंक देता हु

ऐसा कह के आपने हाट से बीड़ी उसके बैडरूम मई फेंक देता है

ऐसे फेंकते है क्या कोई

तो

डस्टबिन मई डालना चाहिए था

मुझे कहा पता है मेमसाब

हाँ पता नहीं है इसलिए तुम्हारे रूम की ऐसे हालत थी

अब आप सीखा दो

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है





मई क्यों सिखौ तुम.. तुम्हारी वंदना है.. नीता है..

उन कहा पता है क्या अच्छा है क्या बुरा है

अच्छा जी

ऐसा कह के आपने बाल खुले चोर देती है.. और मिरर के सामने जेक उसे सँवारने लगते है..





ऐसे खुले बालो मई आप बहुत ब्यूटीफुल लगती हो

तब गर्दन घुमा के उसे देखते हुई कहते है

बहुत ब्यूटीफुल हां

हां.. बहुत ब्यूटीफुल एंड बहुत सेक्सी..

तब चहरे पर नखरा दिखते हुई कहती है

मत भूलो मई तुम्हारी मेमसाब हु

वो तो हो hi उसमे भुलाने वाली कोनसी बात है

तब आपने बाल बंदने लगती है

मत बन्दों न मेमसाब.. ऐसे hi आप अच्छी लगती हो

मई क्या तुम्हारी वंदना नहीं हु और न hi नीता.. जो ये कह रहे हो..

पता है मुझे

फिर मई क्यों सुनु

ठीक है मत सुनो आप मेरा पर मेरे दर्द को तो दूर करो

कैसा दर्द

ब्बदां का दर्द

मई भला क्यों दूर करू.. तुम्हारी वंदना है तुम्हारे बदन का दर्द दूर करने के लिए.. रात भर किया होगा न उस छिपकली ने तुम्हारे बदन का दर्द दूर..

छिपकली??

नहीं तो क्या बोलू उसे.. हमेशा तुम चिपक के जो रहती है..

सही नाम दिया है आपने

नवाज़ के ऐसे कहते hi आरती की नज़र नवाज़ के बदन पर जाती है.. वो आगे कुछ बोलने hi वाली थी के उसे कुछ ऐसा दीखता है जिसे देख के वो शर्म से पानी होजाती hai....par उसकी नज़र वह से नहीं हटती..





वो देखती है के नवाज़ के ुंडेपनत में तम्बू सा बना हुवा hai....aarti अपने चेहरे पर कुछ भी एक्सप्रेशस नहीं लती और जैसे उसने कुछ नहीं देखा ऐसा प्रिटेंड करते हुई दूसरे तरफ देखने lagi......aur पलट के बुरा सा मू करके कहते है..





छी गन्दा इंसान कही का.. ........

तभी नवाज़ कहता है

आइये न मेमसाब

आरती कन्फ्यूज्ड थी उसने हाँ तो बोल दिया था पर उसको अजीब लग रहा था अब नवाज़ के पास जाने को ये नज़ारा देख ने के बाद. वो सोच रही थी की कैसे उसके जैसे हसीं सेक्सी औरत एक नौकर के मालिश करेंगे..

कितना गन्दा है नवाज़.. उसे कैसे समाज नहीं आता की मेरे सामने उसको टाइट करने को..

अब उसको थोड़े घिन्न भी आ रही थी... पर हां तो पहले hi बोल दिया था आरती ने तो अब मालिश तो अब करनी तो पड़ेंगे हे .... वो अपने आप को फाइनली कैसे तो मन हे लेती है और पलट जाती है..

मेमसाब ऐसा क्यों तड़पा रही हो मुझे.. करो न मालिश मेरे...

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई बड़ी अदा के साथ कहती है..





ये अच्छा है एक माशूका तुम्हारी घर मई सो रही है और दूसरे के साथ तुमने रात बाहर मज़ा की है और तुम आपने इस पोलड़ी बदन की मालिश मुज जैसे किसी दूसरी की बीवी से करवा रहे हो..

आप बभी तो अपनी hi हो

नहीं मई तुम्हारी नहीं हु.. मई तुम्हारे छोटे मालिक और मेरे प्यारे पतिदेव अरविन्द जी की हु.. वैसे तुमने हमारी बाते सुनी hi होंगे न

हाँ सुना भी देखा भी.. पर मुझे छोटे मालिक के एक बात अछि नहीं लगे

कोनसी ब्बात

इतनी हसीं, ब्यूटीफुल और सेक्सी बीवी का ख्याल वो अच्छे से नहीं रखते..

तब नखरे से कहती है





तुम क्या करना है उससे

मुझे तो करना है

क्या

अब अगर हमारी प्यारी सी मेमसाब को तकलीफ होगी तो हमें बुरा लगेगा न

अच्छा जजी.. इतनी फ़िक्र करते हो क्या आपने प्यारी सी मेमसाब की

ऐसा कह के चहरे पर स्माइल लेट हुई वो थोड़े आगे चलते हुई आये..





उसके कदम अब धीरे धीरे बीएड के तरफ चल पड़ते hain...uski दिल की धड़कन इस वक़्त बढ़ी हुई thi....ab वो वहीँ जारही थी जहाँ जाना थोड़े देर पहले उसे अच्छा नहीं लग रहा था.. गन्दा लग रहा था.. उसे वो की कह रहे थी.. ....वो अब एक ऐसा काम करने जा रहे थी जो एक अच्छे घर की बहु और किसी की बीवी को बिलकुल शोभा नहीं देता.....

हाँ अआप को नहीं लगता

लगता है न..

अच्छा लगता है या बुरा

तब शरमाते हुई कहते है





अच्छा hi लगेगा... बुरा क्यों लगेगा.. तुम्हारा जैसा हैंडसम नौकर अगर मेरे जैसे प्यारे सी मेमसाब की इतनी फ़िक्र करेगा तो अच्छा hi लगेगा न ..

और आकर नवाज़ के पैरो के पास बैठ गए बीएड पाई ..नवाज़ इस समय अधलेटी अवस्था में था. उसकी तरफ देखते हुई स्माइल करते हुई कहती है..





बोलो क्या करना है अब

मालिश

तब तेल की बोतल जो बीएड पाई राखी थी वो अपने हांथो में लेती है और शरमाते हुई निचे गर्दन कर के धीरे से नवाज़ को कहती है.





पलट जाओ..

जैसा आप कहे ऐसा कह के नवाज़ पलट जाता है..
 
अब नवाज़ पलट कर लेता था.. उसका मू निचे था और पिट उप्पर के साइड.. आरती थोड़ा आगे की तरफ सरक के नवाज़ के पास आती हैं और आकर उसके बाजु में बैठ जाती हैं ...... आरती की नज़रें अभी भी नीचे की तरफ झुकी हुई थी.....





अच्छा अब बताओ कहा करनी है मालिश. . कहा दर्द हो रहा है तुम

तब लेते लेते hi गर्दन घुमा के आरती की तरफ देखते हुई कहता है

दिल में

आरती नवाज़ की पीठ पर हल्का सा मरकर स्माइल करती है और शरमाते हुई कहती है





ः तुम बहोत वो हो

क्या हु

कुछ नहीं ..

और बोतल की कैप निकल कर कहते है..

ok मई तुम्हारे पिट पर तेल डालकर तेल से मालिश कर देती हु..

बहुत बढ़िया मेमसाब.. आप काफी स्मार्ट हो ..

तब उसकी तरफ देखते हुई आरती कहते है..





ज्यादा तरफ करके चने के पेड पाई मुझे भेजने की जरुरत नहीं है .. वैसे भी तुम जो चाहते हो वो तुम मिल रहा है..

कहा मिल रहा है मेमसाब

क्या तुम नहीं चाहते थे की मई तुम्हारी मालिश करू

हाँ

फिर क्यों कहा .. कहा मिल रहा है

अच्छा आप मालिश की बात कर रही थी

हाँ.. तुम क्या समजे..

कुछ nahi..aap मालिश करो

उसका लुंड अभी से टाइट हो रहा tha..par अभी कण्ट्रोल में था.. एक्चुअली वो कण्ट्रोल रखने की कोशिश कर रहा था..

अब आरती नज़रे झुककर उसके बाजु मई बैठ कर उसके पिट पर तेल दाल देती है.. और फिर वो तेल जहा गिरा था वह उसने मालिश शुरू करदी ..

अब वो धीरे धीरे मालिश करने लगी.. नवाज़ गर्दन आरती की तरफ hi थी.. वो उसको मालिश करते हुई देखे जा रहा था.. मालिश के लिए उसे थोड़ा जुकना पड़ा था.. गर्दन निचे करने पड़ी थी. .. उस वजह से उसके बूब्स सामने की तरफ जूक हुई थे. .. नवाज़ अब उसके बूब्स ताड रहा था.. बिच बिच में दोनों की नज़रे मिलती थी.. तब आरती शर्मा जाती थी पर मालिश करती रही..

मेमसाब आप से एक बात पूछनी थी

तब वो कहती कुछ नहीं सिर्फ मालिश करती रही बस हाँ मई गर्दन हिलाते है

मेमसाब अपने छोटे मालिक की ऐसे मालिश की है क्या..

तब गर्दन घुमाके उसकी तरफ देखते हुई कहते है





नहीं

तब तो मई बहुत लकी हूँ फिर

क्यों?

जो चांस छोटे मालिक को नहीं मिला वो मुझे मिल रहा है..

चांस??

मेरी प्यारी मेमसाब मेरे मालिश कर रही है वो चांस





अरे तुम्हारे छोटी मालिक की भी करती पर ऐसा मौका नहीं मिला

हमें मिला

हाँ कह सकते हो

ऐसा कह के आरती उसके पिट में हलके हलके हटो से मालिश करने लगी तब उसकी और देखते हुई नवाज़ कहता है

मेमसाब जरा जोर से करो न

ठीक है

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब बुरा न मानिये तो मेरे पैरो पर भी मालिश कर दीजिये न

तब जरा शर्मा के कहते है .. नीचे गर्दन कर के





जी

जैसे hi आरती ने हां कहा तब नवाज़ की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.. उसका प्लान अब सक्सेसफुल होने वाला है ये सोच कर वो खुश हो गया था..

वैसे तुम तो कह रहे थे पिट मई खुजली हुई है और उस वजह से मुझसे मालिश करके ले रहे हो और अब पैरो की भी मालिश करके ले रहे हो

नहीं नहीं पैरो मई दर्द है

पैरो मई दर्द

आरती बड़े आशर्य से उसको पुचहति है

हां पैरो में दर्द है

थोड़े फ़िक्र है ऐसे दिखते हुई कहते है

कब से

उसदिन जबसे आपके ऊपर फिसला हूँ उसदिन से .. दर्द काम नहीं हो रहा!

क्या matlab?kab फिसले मेरे ऊपर

आपके ऊपर मतलब आपके घर की सफाई करते वक़्त फर्श पर फिसल कर गिर गया तब से

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती हँसाने लगी..





achha..to मतलब मेरे फर्श की वजह से ये सब हुआ .. मेरे फर्श की वजह से तुम इतनी तकलीफ हुई.. ऐसा hi न

आपके फर्श से इतने तकलीफ हुई क्या ये पता नहीं पर आपके स्पर्श से ज़रूर हो रही है

क्या?

ऐसा कह के उसके पेअर को मरती है..

मरे स्पर्श से तुम तकलीफ हो रहे है.. वो भला क्यों..

जरा नखरा दिखते हुई कहते है





मेरा मतलब है आपके हाथ में जादू है .. आपने अपने चिकने प्यारे हाथ मेरे पिट को लगाए तो मेरा हर जगह मालिश का दिल करने लगा है

अब ज्यादा नहीं हो रहा है क्या

नहीं न

तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है





वैसे तुम कब गिरे और कहा

आप को पता नहीं है क्या

नहीं तो नीता ने भी बताया नहीं और तुमने भी

वो 2 दिन पहले स्टोर रूम मई

पर कैसे गिरे

आपकी ज़मीन इतनी चिकनी है की मेरा पेअर fısal गया अब मुझे बहुत पैन हो रहा अब बताइये मई क्या करू

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है





ok बाबा मई लगाती हूँ तेल वह और मालिश कर देती हु.. अब कुश..

धन्यवाद

आरती को ये सब कोई सपने जैसे लग रहा था पर न जाने क्यों उसको अंदर हे अंदर ये सब अजीब सी एक्ससिटेमेंट दे रहा था.. अब आरती उसके पैरो पर तेल डालती है .. कनी के थोड़े उप्पर और वह मालिश करने लगी.. अब माहौल काफी गरम हो गया था.. आरती अब उसके पैरो पर तेल मलने लगी और नवाज़ का लुंड टाइट होने लगा..

आज तो मज़ा आ गया मेमसाब..

उसने आरती के बूब्स की तरफ देखते हुए कहा..

बहोत मुलायम है

क्या?

 आपके प्यारे प्यारे मुलायम मुलायम हाथ

(आरती को एहसास हो गया था की उसने बूब्स को कहा और वो मुस्कुरा दी)





आप की स्माइल बहोत प्यारी है मेमसाब

तुम कितनी तारीफ करते हो

आप हो तारीफ के लायक हो

इस पर आरती कुछ नहीं बोलती .. अब ऐसे hi नवाज़ बाते कर रहा था.. और आरती की तारीफ करता जा रहा था.. आरती शर्माए जा रही थी.. थोड़ा बहुत बोल रही बूत ज़ादा बोल नहीं रही थी बस उसके एक पेअर की मालिश किये जा रही थी..

अब नवाज़ ने उसको थोड़ा उप्पर मालिश करने को कहा.. आरती ने धीरे से हां है गर्दन हिलाये और थोड़ा उप्पर मालिश करने lagi..par घुटनो के नीचे hi.. अब वो वह मालिश करने lagi..aab नवाज़ का लुंड खड़ा हो चूका था ..

मेमसाब थोड़ा घुटनो पर भी लगा दीजिये

आरती शरमाते हुई उसके घुटनो पर तेल लगाने लगी पहले hi उसने घुटनो तक तेल लगा दिया था.. अब घुटनो पर तेल लगाकर घुटनो और उसके नीचे मालिश करनी लगी .. अब नवाज़ को बहुत अच्छा लग रहा था.. नवाज़ आपने लुंड बड़ी मुश्किल से कण्ट्रोल कर रहा था पर कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा था..

फिर नवाज़ ने तइस पर मालिश करने को कहा तब वो शरमाते हुई धीरे धीरे मालिश करने लगी…

जैसी है hi आरती की नज़र नवाज़ के लुंड पर गयी आरती चौंक गयी..





आरती बिना बोले उठी और किचन में चल दी.. वो बिना बोले क्यों चली गयी ये सोच कर नवाज़ भी उसके पीछे चला गया.. उसको किचन मई आता देख के आरती कहती है

अरे तुम यहाँ क्यों आ गए.. मई आ रही थी न बाबा तुम्हारे पास.. तुम तो जरा भी साबरा नहीं है..

मुझे लगा आप ने अद्धे मई hi मालिश चोर दी और वह से चले गए..

ऐसे कैसे भला मई कर सकती हु और वो भी भला..

फिर उसके बदन को घर के देखने lagi..wo सिर्फ अपनी ुंदरपनत मई उसके सामने खड़ा था किचन मई .... और फिर कहने लगी..





आपने इतने हैंडसम नौकर के साथ

तो आप यहाँ आयी क्यों

अच्छा जी तुम वजह जननी है

हाँ जी मेमसाब

तुम ने कहा न मई.. मतलब तुम मुज पर फिसल गए..

फिर चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है..





ी मैं हमारे घर के फर्श पर फिसल गए.. उसकी वजह से तुम्हारे पैरो मई दर्द है.. तो मैंने सोचा मेरे वजह से तुम फिस्कल गए हो तो तुम्हारा ये दर्द काम मुझे hi करना होगा. और यही सोचकर मई तुम्हारे लिए तेल गरम करने किचन मई आये.. और तुमने पता नहीं क्या सोचा मेरे बारे मई और मेरे पीछे पीछे यहाँ चले आये ..

एक्चुअली न मुझे लगा न तू.. आप गुस्सा हो गयी मुज पर और गुस्से से आ गयी बैडरूम से..

तू कहने पर अब वो नवाज़ पाई गुस्सा नहीं करती और न hi उसे कुछ कहती या न hi उसे टोकती है.. जैसे पहले करती थी..

गरम किया हुआ तेल हाट मई लेके थोड़ा आगे आती है .. और एक हाट से आपने बाल संवारते हुई कहती है





मई भला कैसे तुम पाई गुस्सा हूँगी.. आपने प्यारे.. ी मैं आपने प्यारे फ्रेंड के आशिक़ पर और मेरे ससुर जी के प्यारे नौकर पर..

क्या कातिल आड़े है यार मेमसाब tumhari..lagta है इस आदाओं से मुझे मार hi डालोगे आप

मरने को भला कोण कहता है फिर..

मरू नहीं तो क्या करू.. मुज जैसे बेचारे को तो अपना दीवाना बना दिया तुमने..

तब हसकर कहती है

तुम कहा से बेचारे.. तुमने तो नीता और वंदना जैसे को तो बेचारा बना दिया है

तब नवाज़ हँसाने लगा और उसको साथ आरती देने लगी

अच्छा है फिर

क्या अच्छा है

तुमने.. आपने.. जो सोचा.. मेरे पेअर की मालिश के लिए तेल गरम कर के मालिश करना

तुम अच्छा लगेगा न

मुझे तेरे… आपकी हर चीज़ अच्छी लगती है..

धत बेशरम

ऐसा कह के उसके गाल को हलके हातो से चपत लगाती है

तुम पसंद तो पक्का आएगा न…

फिर रुख के कहती है!

ये गरम तेल की मालिश

तेरे.. आप की हर चीज़ मुझे पसंद आती है..

बहुत नॉटी बन रहे हो मेरे साथ

नहीं बनु क्या

बनो बनो.. भला तुम कोण रोक रहा है और..

फिर थोड़ा नखरा करते हुई कहती है

और किसी ने रोका तो भी तुम कहा किस से रुकने वाले हो..

उसकी आँखों मई देखते हुई कहती है

है न जी..

आज पहली बार आरती ने नवाज़ को है न जी कहा था.. जो औरते आपने बहुत क्लोज को कहते है.. पति या लवर के लिए कहती है..

हाँ जी
 
फिर रुख के कहती है!

ये गरम तेल की मालिश

तेरे.. आप की हर चीज़ मुझे पसंदटि है..

बहुत नॉटी बन रहे हो मेरे साथ

नहीं बनु क्या

बनो बनो.. भला तुम कोण रोक रहा है और..

फिर थोड़ा नखरा करते हुई कहती है

और किसी ने रोका तो भी तुम कहा किस से रुकने वाले हो..

उसकी आँखों मई देखते हुई कहती है





है न जी..

आज पहली बार आरती ने नवाज़ को है न जी कहा था.. जो औरते आपने बहुत क्लोज को कहते है.. पति या लवर के लिए कहती है..

हाँ जी

चलो अब तुम्हारे मालिश के बाद भी मुझे बहुत सरे काम है

कहा

कहा मतलब हमारे बैडरूम मई

हमारे??

ारे बाबा मतलब मेरे और तुम्हारे छोटे मालिक के बैडरूम मई

हाँ चलिए

तभी उसके ससुर का कॉल आता है

रुको पापा जी का कॉल आया है

स्पीकर पाई कर लो

तब वो नवाज़ की तरफ देखती है.. थोड़े आशर्य से





भला क्यों

करो तो सही

पर क्यों

मोबाइल की रिंग बज रही थी और मोबाइल आरती के हाट मई था..

मुझे बताओ क्यों करना है स्पीकर पाई

बाद मई बताता हु

पहले बताओ

तभी नवाज़ कॉल उठता है और स्पीकर पाई रखता है

hello बीटा

Hello पापा जी

हाँ आरती बीटा तुम कहा हो

मई तो घर मई .. किचन मई.

एक काम था तुमसे

हाँ पापा जी बोलिये न

वो कामचोर कहा है

वो तो आयी नहीं आज

अभी तक नहीं आयी ..

नहीं..

क्यों

बीमार है

अच्छा क्या हुआ उसे

बुखार है

सच बोल रही है वो या ऐसे hi आराम फरमाने के लिए कह रही है

तब हस्ते हुई आरती कहते है





नहीं नहीं सच मई बुखार है उसकी मम्मी ने कहा है

अच्छा फिर ठीक है

क्या काम था उसके पास पापा जी

उस कामचोर के पास मेरा क्या काम होगा..

फिर

एक्चुअली काम तो तुम्हारे पास था बीटा पर अब अकेले कैसे कर पेज ये सोच रहा हु

आप बोलिये तो सही..

नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है





मई कर लुंगी

नहीं तुम अकेले नहीं कर सकती

मई अकेले नहीं हु पापा जी

तो

आपका पसंदीदा नौकर है

कोण नवाज़

हाँ

वो क्या कर रहा है किचन मई

वो नास्ता करने के लिए आया था

तब आरती नवाज़ को देखते हुई बहुत धीरे से बोली





आज लाइफ में पहली बार मैंने पापा जी से झूट बोलै है और वो भी तुम्हारे लिए.. तुम्हारे वजह से

ये तो ट्रेलर है.. पिक्चर अभी बाकि है..

नहीं

हाँ रानी

No रानी समजे

आज पहली बार मेरे लिए जूथ बोलै आगे आगे देखो होता क्या है

मुझे क्या आपने जैसा जूठा बनाओगे क्या

बनाना तो चाहता हु पर आप बनोगे क्या… ये मटर है

कभी नहीं

वो दोनों बहुत क्लोज खड़े थे और बहुत धीरे धीरे बोल रहे थे.. पापा जी को कोई शक नहीं हुआ की आरती किसी से बात कर रही है..

आरती बीटा तुम हो न वह पाई

जी पापा जी

अच्छा उसको फ़ोन दो

हाँ देती हु

नवाज़

हाँ शेठ जी

ारे मुझे बता ये कोनसे टाइम का नास्ता है

तब आरती जीब चबाती है उसे लगा चोरे पकड़ी गयी..





नवाज़ कुछ बोलता इससे पहले hi पापा जी कहते है

सुबह hi नास्ता किया था न तुमने मई जब था तब

नहीं न शेठ जी.. मालकिन जल्दी नास्ता hi नहीं देती.. दस बार मांगना पड़ता है

तब आरती आँखे बड़े करके कहते है





कुछ भी हाँ

अच्छा

हाँ नहीं तो क्या

तब उसके शोल्डर को आरती मरती है





पापा जी को कुछ भी मत बोलो उनको सच hi लगेगा . . तुम्हारा उनको सच hi लगता है..

आरती ने ये कहा तब पापा जी को ठीक से सुनाये नहीं दिया पर आरती का आवाज़ सुनाई दिया.. तब पापा जी कहते है

मई कहता हु आरती बीटा को तुम फ़िक्र मत करो तुम टाइम पाई नास्ता और खाना मिलेगा

तब आरती नवाज़ की और देखते हुई कहते है . . बुरा सा मू बनके..





देखो हुआ न उनका तुम्हारे बात पर भरोसा

तब नवाज़ हँसाने लगा

तब नवाज़ को वो मरने लगी .. उसके छथि मई.. बहुत धीरे से प्यार से..

शेठ जी मुझपर बहोत भरोसा करते है..

हाँ पता है

नवाज़ आरती को फ़ोन दे दो

जी

आरती बीटा

जी पापा जी

नवाज़ को टाइम पाई खाना और नास्ता दिया करो

जी पापा जी

आगे से लेत मत होने दो

जी पापा जी.. मेरे वजह से नहीं वो नीता की वजह से आज लेत हुआ..

वो कामचोर का जाने दो.. आगे से तुम खुद नवाज़ पाई ध्यान दो… काम का बाँदा है..

तब नवाज़ की और देखते हुई कहती है..





काम का बाँदा..

और आँखे उड़ने लगी.. उसके चहरे पर स्माइल थी..

हाँ बीटा ऐसे लोग ढूंढने से भी नहीं मिलते

हाँ पापा जी ऐसे लोग ध्यडने से भी नहीं मिलते

नवाज़ को इशारा करते हुई कहती है..





तो बीटा तुम आगे से खुद नवाज़ पाई ध्यान दो

हाँ पापा जी आज से hi ध्यान दूंगी आप के चहिते नवाज़ पाई

और नवाज़ को देखने लगी

अब नवाज़ को कॉल दो

जी

नवाज़ वो उप्पर के रूम मई एक बॉक्स है.. उसमे कुछ पेस्टीसिड्स है वो आरती के साथ मिलकर वो 4-5 बॉक्स निकल दो.. और मई हरिया को भेज दूंगा उसके पास दे दो

जी शेठ जी

अब आरती को दे दो

जी

आरती बीटा ऊपर के रूम मई कुछ बॉक्स है वो लेन्टाइन पाई है.. तुम दोनों मिलकर वो निकल दो और मैं हरिया को भेज दूंगा.. निकालने के बाद मुझे कॉल करो फिर मई हरिया को भेज दूंगा

जी पापा जी

अरविन्द का कॉल आया था

हाँ

ठीक है.. आपने ध्यान रखो और टाइम पाई खाना खाओ और नवाज़ को भी खिला दो

जी पापा जी

अब रखता हु..

जी

कहते hi पापा जी ने कॉल रख दिया . . कॉल रखते hi आरती कहती है..

पापा जी तो तुम पाई फ़िदा है .. तुम तो बहुत काम की चीज़ निकले





हाँ होंगे hi न मई काम की चीज़ हु न फिर .

हाँ

मान गए न मुझे फिर

बिलकुल वैसे पापा जी ैसिलय किसो पाई भरोसा नहीं करते पर तुम पाई करते है

मई चीज़ hi ऐसे हु मेमसाब

पता है

पता है आप को मई कैसे चीज़ हु

तब शरमाते हुई कहते है

पहले पता नहीं था पर अब पता लग गया है

फिर तो इस काम की चीज़ को कुछ बाकिश मिलेंगे क्या

ज्यादा ऊधो मत और ऊपर चलो और वो बॉक्स कैसे निकले उस के बारे मई सोचो..

ऐसा कह के जाने लगी दूर की तरफ पर नवाज़ वही खड़ा रहा.. तब पलट कर कहती है..

चलो न लेत हो जायेगा फिर

पूरा दिन पड़ा है

क्या शहर नहीं जाना है क्या मूवी देखने

हाँ तू आ रही है क्या

अब नवाज़ तू hi कह रहा tha..aab तुम वर्ड नवाज़ के मू मई आरती के लिए आ नहीं रहा था

तब नखरा करते हुई कहती है

आना तो पड़ेगा hi न.. मेरे प्यारे फ्रेंड के आशिक़ और मेरे ससुर जी के प्यारे नौकर की बात मई कैसे ताल सकती हु..

बहुत बढ़िया मेमसाब

चलो ाअब .. पापा जी के चहेते.. पापा जी इतना भरोसा किया है तो उनका भरोसा मत थोड़ो

मई किसी का भरोसा नहीं तोड़ता मेमसाब

फिर चलो

चलता पर बहुत भूख लगी है कुछ हो जाये

ये अच्छा है मालिश मई करू और भूख तुम लगी है

ऐसा कह के फ्रीज के पास आती है..

अभी वो बॉक्स मुझे hi उतने पड़ेगे न

तो क्या मई ुतौ क्या फिर

नहीं मेरे होते हुई तुम क्यों ुटाओगे

हां .. मालिश भी मई करू.. बॉक्स भी मई hi ुतौ.. ये कैसे चलेगा

नहीं चलेगा न

ऐसा कह के उसके पास जाता है.. तब तक आरती फ्रीज मई से मिल्कशेक का जंबो गिलास निकल के नवाज़ को देती है

वैसे hi नवाज़ मू को लगा लेता है.. एक घूंट लेने के बाद कहता है

तुम नहीं पिओगे क्या

नहीं

क्यों

एक hi गिलास था मिल्कशेक

तो ये आधा आधा पिटे है

तब शर्माकर कहते है





नहीं

एक और सिप लेता है..

दोनों बहुत करीब खड़े थे

देखो सोच लो.. भूक लगेंगे तुम.. मेरे मालिश भी करनी है और बॉक्स भी उतने है..

तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है ..

क्यों बॉक्स तो तुम उठानेवाले हो न जी

जी नहीं

क्या ..

फिर कोण उठाएगा

तुम

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती दर गयी..





डरते हुई कहती है

मई कैसे जी.. वो कितने हैवी होंगे. .मई कैसे उठा पाउंगी..

मई हु न

मतलब

मई तुम उठा लूंगा और तुम बॉक्स को उठा लेना

की.. ये नहीं पॉसिबल

तब नवाज़ हँसाने लगा

कितना दर गयी तुम मेरे मज़ाक से

आरती अभी भी नहीं समाज पायी

वो बस उसे देखते रही और वो मिल्कशेक पिता रहा

ारे बॉक्स मई hi उठाऊंगा पर मुझे हेल्प तो करोगे न

तब हाँ ऐसा कर सकती हु

हाँ ऐसा hi करो न फिर.. दर क्यों रही हो

मुझे लगा तुम मुझे वो बॉक्स उतने को कहोगे

मेरे होते हुई मई मेरे महारानी को ऐसा काम कैसे करने दूंगा

तब नखरे दिखते हुई कहती है

फिर पहले क्यों कहा

मज़ाक तथा

तब उसके छथि को मरने लगी

पर मालिश के लिए और बॉक्स को हेल्प के लिए बॉडी मई जान तो चाहिए

हाँ

तो उसके लिए मिल्कशेक पिऊ

नहीं

पर नवाज़ नहीं सुनाता और मिल्कशेक का गिलास उसके मू को लगता है

अब थोड़े देर पहले कुछ 15 मिनट पहले नवाज़ ने उसका पिया हुआ पानी पिने को कहा तब आरती ने मन किया तह और अब 15 मिनट बाद नवाज़ ने थोड़ा फाॅर्स क्या किया उसका पिया हुआ मिल्कशेक आरती बड़े प्यार से पिया.. 2-3 सिप पिए.. ये सब 15 मिनट मई चेंज हुआ..

अब चलो उप्पर

हाँ चलो कह कर आरती चलने लगी और नवाज़ उसके पीछे चलने लगा..

वैसे मेमसाब मैंने एक बात नोटिस की है

कोनसे बात

पहले मेरे मू से गलती से भी आप को तू निकालता था तो आप गुस्सा हो जाती थी पर अभी मैंने 2-3 बार आप को तू कहा तो आप गुस्सा नहीं हुई और मुझे कुछ कहा भी नहीं

कहने से क्या होता.. तुम थोड़े hi सुंदरनेवाले हो.. वो कहते है न कुत्ते के धूम सीधी नहीं होते टेडी hi रहती है

और हँसाने लगी

बात तो सही कही तूने मेमसाब पर क्या करे इस कुत्ते की मालिश कुटिया सही से नहीं कर रही है

अच्छा जी.. मई मालिश ठीक से नहीं कर रही हु.. देखो अब ये कुटिया तुम्हारे मालिश कैसे करते है

फिर दिखाओ.. कुटिया कुत्ते की मालिश कैसे करती है..

हाँ दिखा दूंगी पर पहले ये पापा जी दिया हुआ काम करते है..

हाँ करते है

अब वो दोनों ऊपर के एक रूम के दूर तक पहुँच गयी थे.. ये वही रूम थी जिस रूम से आरती ने नवाज़ और वंदना का खेल देखा था.. दूर तक पहुँचाने के बाद आरती रूम को देखने लगती है और वही कड़ी रहकर बॉक्स कहा है ये देखने लगी और उसे कैसे उतरे इस सोच मई पद गयी..





रूम के अंदर चलो न

ऐसे पीछे से आके नवाज़ कहता है

वो सोच रही थी इतने सरे बॉक्स है

रहने दे न फिर

उतरने भी है न

उतर लेंगे उसका क्यों इतना टेंशन ले रहे है

तब जरा गुस्से से नवाज़ की और देखती है





तुम क्या पागल हो क्या

मतलब

उसके सर को दिमाख जहा होता है वह कान के पास हाट लगा के कहती है

यहाँ क्या भूसा भरा है क्या

तब नवाज़ स्माइल करते हुई कहता है

भूसा भरा होता तो नीता और वंदना मेरे पीछे पागल नहीं होते





तब उसके चहरे पर स्माइल आती है

हाँ वो तो है

और आरती पटेल जो इतनी खूबसूरत है..

पटेल नहीं अग्रवाल

हाँ जान तुम अग्रवाल हो

तब नखरे से कहते है

ये आरती पटेल कोण है

जान कहने पाई उसने कुछ नहीं कहा था..

थी एक

तब स्माइल करते हुई कहती है

तुम्हारे लिस्ट मई तो नाम इनक्रीस होते जा रहे है

डिलीट कर दो

क्यों अभी नहीं है क्या

नहीं है

अच्छा

तो मई क्या कह रहा था

तब उसके आँखों मई देखते हुई कहते है .. उसकी आँखों मई एक नशा था..





आरती अग्रवाल जो इतने खूबसूरत है

हाँ हां.. जो आरती पटेल..

तब गुस्सा हो जाती है

फिर से पटेल

ये आज अग्रवाल की जगह पटेल क्यों आ रहा है

मुझे क्या मालूम.. शयद मुज से ज्यादा खूबसूरत होगी वो

नहीं नहीं तुम्हारे आगे पानी काम चाय है

क्या क्या ??? क्या कहा तुमने..





पानी काम चाय

मतलब

तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं

फिर ठीक है

मई कह रहा था आरती अग्रवाल जो इतने बड़े रियासत के मालकिन है जिसके पीछे न जाने कितने लड़के पागल है वो हमारी मालिश न करते अगर हमारे मई डैम न होता

तब उसकी आँखों मई देखती हुई कहते है





ज्यादा खुद की तारीफ किया न करो

क्यों न करू

इतना hi दिमाख है तो अब क्यों नहीं चलाया

अब क्या हुआ

क्या हुआ के बच्चे.. इतना नहीं सोचा तुमने की इतने सरे बॉक्स है .. अलग अलग साइज के .. उसमे से 4 -5 बॉक्स हमें उतरने है निचे .. अब डीडे कैसे करे कोनसे बॉक्स निचे उतरने है

दिमाख है तुम .. मुझे लगा सिर्फ खूबसूरत हो .. दिमाख कुछ है hi नहीं

तब उसका कान पकड़ के कहती है

बच्चू मई स्कूल मई और सोल्लगे मई ऑलवेज टॉप करती थी ..

ब्यूटी विथ ब्रेन

हां ब्यूटी विथ ब्रेन

तब वो नवाज़ को देखते हुई कहते है

तुम ऐसे hi आये

मतलब

कपडे नहीं पहने

अब हम दोनों के बीच कपड़ो का क्या काम..

तब आरती शर्मा गयी





धत्त बेशरम

वैसे तूने ये क्यों कहा

तुमने बेशरमी की इस वजह से

वो नहीं कपडे वाली बात

वो क्या

हां रानी

इस बार रानी कहने से आरती स्माइल करते है





और उसको देखते हुई बड़ी अड्डा के साथ कहते है

तुम सुदरोगे नहीं न

तुम सुदराने डोज तो

अच्छा मई नहीं सुदराने दे रही हु क्या

हां ..और कोण

जेक कपडे पहन के आओ

क्यों

क्यों के बच्चे.. इतना नहीं सोचा तुमने की हरिया आने वाला है .. .. और अब तुम ुंदरपनत मई हो और वो भी मेरे साथ.. अगर वो आ गया और हमें ऐसे देखा तो क्या सोचेगा

क्या सोचेगा.. यही सोचेगा की नवाज़ ने मेमसाब को पता लिया

तब उसके गाल पाई हलके हातो से मरती है . . और उसको देखते हुई कहते है





कुछ भी बोलते हो kya..kuch सोकहते नहीं हो क्या बोलने से पहले

नवाज़ ने ये एक तरय मारा था और उसे देखना था की आरती की प्रतिक्रिया क्या है.. और उसके उम्मीद के मुताबिक़ आरती थोड़ा नाराज़ हुई पर उसने ज्यादा गुस्सा नहीं किया.. ये पहले वाली आरती होते तो वो यहाँ बहुत बड़ा बवाल करती पर अब वो आरती नहीं थी.. ये बदली हुई आरती थी..

नवाज़ यही सोच रहा था तब आरती कहते है..

अभी यहाँ hi खड़ा रहना है क्या .. चलो अंदर

बहुत इच्छा है क्या मुझे लेके रूम के अंदर जाने की

बेशरम

चलो

तुमने तो कहा न कपडे बदल के आओ

पहले अंदर जेक देखते है बाद मई चेंज कर लेना

जैसे आप की आद्न्या महारानी ..
 
जैसे आप की आद्न्या महारानी

नौटंकी.. महारानी मई नहीं वो तुम्हारी माशूका है





इस बड़े से रियासत की महारानी की बात कर रहा हु मई

ऐसा हाट करके दीखता.. इतने बड़े रिसायत के ऐसे दिखता है .. जैसे उसकी प्रॉपर्टी दिखा रहा हो

फिर ठीक है कह के वो रूम के अंदर चली जाती है.. और बॉक्स को देखने लगी ..फिर थोड़ा आगे जेक जुख के देखती है बीएड के साइड वह कोई स्टूल है क्या बॉक्स निचे उतरने के लिए ..





आरती क्या देख रही है ऐसा सोच के नवाज़ आरती के पास जाता है जो बीएड के पास कड़ी थी

क्या देख रहे हो ऐसा जुख के

फिर नवाज़ की और देखती है और कहती है





तुम नहीं पता क्या

अभी रानी मुझे कैसे पता होगा की तुम क्या सोच रही हो .. तुम्हारे दिल मई क्या है

मेरे दिल मई कुछ भी नहीं है

फिर क्या सोच रही थी

बॉक्स उतरने के लिए स्टूल देख रही थी

तुम्हारे होते हुई स्टूल की क्या जरुरत

मतलब मई सामजी नहीं

इतने लम्बी हो

तो क्या मुज पाई चढ़ जाओगे क्या

यही तो मई चाहता हु .. तुम पाई चढ़ाना

तुम पाई चढ़ाना नवाज़ ने ऐसे कहते hi आरती शर्मा गयी ..

वो जान गयी नवाज़ ने दूसरा hi मतलब निकल लिया

तब नवाज़ बात को बदलते हुई कहता है

मई तुम उठा लूंगा .. तुम बॉक्स निचे उतर लेना

ऐसा नवाज़ ने बोलते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है





कुछ भी कर के मेरे नज़दीक आना चाहते हो

नज़दीक नहीं बल्कि बहो मई भरना चाहता हु ..
 
मई तुम उठा लूंगा .. तुम बॉक्स निचे उतर लेना

ऐसा नवाज़ ने बोलते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है





कुछ भी कर के मेरे नज़दीक आना चाहते हो न

नज़दीक नहीं बल्कि बहो मई भरना चाहता हु ..

भर लेना बाद मई

सच्ची मेमसाब

बहुत ख़ुशी हुई क्या

नहीं होगी क्या जब इतनी खूबसूरत औरत बहो मई भर लो ऐसा बोले तो

तब नखरे से कहती है





ये ये मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा

अभी तो कहा

तब शरमाते हुई कहते है





पापा जी ने बताया हुआ काम पहले करते है

ऐसा बोल के लेन्टाइन की और देखने लगी

तब नवाज़ कहता है

तो चलीये बॉक्स उतरते है

हाँ

ऐसा कह के लेन्टाइन की और चले जाती है और लेन्टाइन की और देखती है तब उसे बहुत सरे बॉक्स दिखते है

ये सब बॉक्स उतरने है क्या

पता नहीं

फिर

पापा जी को फ़ोन लगाओ उनसे पूछते है

पर स्पीकर पाई फ़ोन रखा तो नीता उठ न जाये

स्पीकर पाई फ़ोन को क्यों रखना है

तब वह उसका एक गूगल था वो लगाकर नवाज़ को देखती है





अब नीचे तो कह रहे थे मोबाइल स्पीकर पाई रख लो और अब कह रहे हो nahi..muje कंफ्यूज मत करो

हाँ ऐसा hi हु मई

बताओ अब क्या करना है

कॉल लगाना है

ठीक है मई कॉल लगाती हु

जी महारानी जी

जी महारानी जी कहते hi उसको देखने लगती है.. अपनी जीभ बहार निकल कर..





और उसके शोल्डर को मरती है.. आरती आपने ससुर को कॉल लगाती है.. पर कॉल hi नहीं लगता.. तब नवाज़ कहता है

पापा जजी का फ़ोन नहीं लग रहा है

फिर अब

वो जो पापा जी उस आदमी को भेजने वाले है उसको तो पता होगा न

उस गड़े को कुछ पता नहीं है

फिर तो बड़ी दिक्कत है

नवाज़ कुछ नहीं कहता..

तब आरती कहती है चलो नीचे वो आदमी आने के बाद देखते है

ठीक है चलो

हाँ चलो जल्दी बहुत सारा काम करना है..
 
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