Adultery Raj-- hero of the family - Page 29 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Raj-- hero of the family

इंडेक्स फर्स्ट पेज पे अवेलेबल ह
 
अपडेट सुरु करने से पहले आप सभी को तहे दिल से धन्यवाद देना चाहूंगा आप सब के प्यार और साथ से आज स्टोरी 800 पेजेज और 2म व्यूज पुरे कर चुकी ह ... मुझे पूरी उम्मीद ह की हम सब आगे बी साथ मिलके और नई मिलेस्तोनेस को टच करेंगे..

थैंक you.....keep सपोर्टिंग.....

अपडेट 100

मेघा अपडेट....2

past—revenge बेगिंस

....... ब्रोकन ....

रिकैप.......

रखा संग सब राज को मारने भागे.....

पूनम का दिल जोर से धड़कने लगा पता नहीं क्यों पर एक अजनबी के लिए उसके दिल मई दर और चिंता ने जगह ले ली ....वो नहीं चाहती थी उसे कुछ हो

राजीव जो साइबर ऑफिस पहुंच चूका था राजीव कुआ हुवा मैडम....

सोनाली--- रखा को ढूंढो....

राजीव ok मैं राज को बी इन्फॉर्म कर देता हु

Sonali---shock होकर वो यही ह....

तभी शिवानी चिल्लाई मम .....

सोनाली व्हाट हप्पेनेड वेट....

शिवानी--- no मम अर्जेंट के हेरे लुक.....



सोनाली--- गुसाई से व्हाट हप्पेनिंग...

जैसे हे दोनों पहुंचे राजीव बी चीख पड़ा ये ये तोह रखा ह.......

सोनाली--- राज....

अब

अजैईईई.....

सोनाली जो 2 कम की दुरी पे हे थी वो कंप्यूटर स्क्रीन पर राज को बस स्टैंड पर देखते hi बिना वकत गवाए किसी की भी कोई बात सुने पैदल हे भाग कड़ी हुवी राज की तरफ .....

उसके पीछे राजीव और शिवानी और पुलिस के जवान भी भाग खड़े हुवे.

राजीव और शिवानी ने सोनाली को जोर जोर से बहुत बार आवाजे लगायी लकिन वो तो जैसे इस टाइम कुछ सुन hi नहीं रही थी. उसको तोह आखो के सामने बस राज hi दिख रहा था जिसके आगे इतने सरे गुंडे खड़े थे.

तोह वही दूसरी तरफ से षुरूति अज्जू अभय भी भागे आरहे थे ...वो समाज गए थे की जरूर कोई न कोई बहुत बड़ी बात हुई है तभी राज सुब कुछ छोड़ क्र यंहा आ पहुंच है....

बस स्टैंड मई

जहान्वी जो अपनी मुम्मा की बांहो मई थी

औरत रट हुए जानवी के पुरे फेस पर ढेर सरे किश करते हुए बहुत hi जायद फ़िक्र से कहती है “ मेरी बच्ची तू ठीक तो है न. कही चोट तो नहीं लगी तम्हे. “

जानवी एक प्यारी सी स्माइल करते हुए “ हां मां मैं बिलकुल ठीक हु. आप कुढ़ देख लो. “

फिर राज की तरफ इसरा कहते हुए “ अब तो मेरा सुपरमैन भी यहाँ आ गया है. अब आप देखना मां हमे कुछ भी नहीं होगा. मेरा सुपरमैन सरे बाद उंक्लेस को यहाँ से पीटीई करके भगा देगा. “

औरत जिसने राज को देखते hi एक पल में पहचान लिया था की यही वो लड़का है जिसने उसको उस दिन वह हाईवे पर रखा के भाई से बचाया था. वो तो अब तक यही सोच रही थी की राज भी यहाँ कुम्भ के मेले में नहाने आया होगा और यहाँ हम जैसे अनजान लोगो को प्रॉब्लम में देख क्र बचने आ गया होगा...

कुकी लास्ट टाइम भी तो उसने यही किया था बिना जान पहचान के मेरी इतनी बड़ी हेल्प की थी.

लकिन जानवी के मुँह से सुपरमैन का नाम सुन कर वो सोच में पद जाती है की जहान्वी इसे कैसे जानती है.

औरत “ जहान्वी बीटा आप इन अंकल को कैसे जानती हो ? “

जानवी बड़े मासूमियत से “ अरे मां ये मेरा सुपर मन है तो मई hi इन्हे जानूँगी न. आप भी न इतनी बड़ी हो कर बच्चो जैसे सवाल करती हो. “

औरत अपने सर पर हाथ रखते हुए “ अरे मेरा मतलब ये था बीटा की आप इनसे कहा मिली थी ? “

जानवी “ ओह्ह्ह तो आप ये पूछ रही थी. “

फिर जानवी अपनी मां को उस दिन मेडिसिन वाली साडी बात बताती है. और आज की भी की उसने hi वो पीछे कड़ी दीदी के फ़ोन से कॉल करके अपने सुपर मन को यहाँ बुलाया है.

अब तो वो औरत अपनी बेटी के मुँह से ये सुब सुनाने के बाद बहुत hi जयादा शॉकेड और आचार्य से राज के तरफ देखने लगती है.

रणवीर सिंह बीटा तू दर मत तू अकेला न ह ये चौधरी रणवीर सिंह बी तेरे साथ खड़ा ह....

राज ने मुस्करा देखा रणवीर सिंह की तरफ

दोनों की आंखे आपस मई मिली ......

पर जब तक रणवीर सिंह कुछ करते या जाहते राज सामने भाग के आगे वाले 100 कग के बॉडीबिल्डर को उठता हुवा सबके पीछे लेजके फेंक दिया ....जो सीधा रखा के आगे जेक गिरा ...राज और रखा की आंखे आपस मिली दोनों हे एक दूसरे को घूरते रहे ...पीछे से आरहे एक के वार को रोका पीछे की तरफ होक रखा को देखते हुवे हे कोहनी का वार उसके पेट मई किया अगले पल वो निचे बेसुध पड़ा था .....पीछे मुड़कर सामने से आरहे दोनों की चेस्ट पे पूरी ताकत से मुक्का जड़ दिया और मुक्का वापस हटते हे दोनों राज की एक लेफ्ट तोह एक राइट साइड मू से खून थूकते हुवे girai.....toh रणवीर सिंह ने बी पीछे एक को धोभी पछाड़ दे दिया और एक को पकड़ के गले की हड्डी चटका दी थी .......रखा ये सब देख तिलमिला रहा था ...

4 जानो ने राज को घेर liya....raj ने राइट लेग को राउंड घुमाया किसी के मु पर तोह किसी के चेस्ट पर किक पड़ी ....वो थड़ा पीछे हुवे तोह आगे खिस कर एक के घुटने पे किक दी kataak...ki आवाज से घुटना टूट गया फिर दूसरे के गले पे पुरे फाॅर्स से पंच मारा वो वंही ढेर हो गया तीसरे के बालो को पकड़ के इतनी जोर निचे की तरफ फेंका की बाल तोह हाथ मई ए हे मु बी रोड से टकराने पर फैट pada...ek बचा उसकी चेस्ट पे किक दी वो उड़ता हुवा पीछे की दुकानों मई गिरा .....राज ने देखा की 2 जानो ने रणवीर सिंह के हाथ पकड़ लिए थे और एक उन्हें मर रहा था ...पूनम आगे भड़ती उसे पहले हे जो मर रहा था वो कई फ़ीट हवा मई उछला और निचे एते वक़्त उसके मू पे साइड से राज का पंच पड़ा वो हवा मई हे घूमता हुवा गिरा एक बार फिर राज और पूनम की निघाये टकराई .....पर अगले हे पल सामने का नजारा देखते हुए पूनम की आखे दर से बड़ी बड़ी हो गयी उसके मू से आवाज हे न निकली पर राज समझा गया की कुछ तो गड़बड़ है. और उसे हवा में तजि से अपने तरफ आता हुआ कुछ महसूस हुआ और वो क्या था ये समझने में राज को बिलकुल भी वक़्त नहीं लगा और उसने अपने राइट हाथ को आगे कर दिया.. बाम.... और एक आयरन रोड जो की राज के सर की तरफ आ रही थी वो सीधे उसके राइट हाथ से टकरा कर वही बेंड हो जाती है. राज के राइट हाथ में भी एक रेड निशान बन गया tha.raj स्माइल करते हुए उस गुंडे की और देखता है और अगले hi पल वो हवा में उडाता हुआ नजर आता है. उसके बाद राज फिर से अपने राइट हाथ को आगे बढ़ा कर जिसने रणवीर सिंह का हाथ पकड़ रखा था उसके कलर को पकड़ता है और उसे जमीन से 3फ़ीट ुचा उठा कर तेजी से निचे जमीं पर पटक देता है. और वो गुंडा जमीं से टकराकर आगे की तरफ किसी बॉल की तरह उछाल जाता है ....तब तक दूसरे को रणवीर सिंह ने एक थाप मई हे लेता दिया जम्मीं पर...

रखा के आदमी जो छिपे हुवे थे वो बी आगये ...अब सामने की तरफ इतने आदमी dekh......deepika अंजना और उनके बी दोस्त घबराने लगे ....

पूनम भी अब घबराने लगी की इतने सरे लोग ....वो बहुत बेचैनी होने लगी और दर से दिल फिरसे तेज़ी से धड़कने लगा जंहा उसे अपने चाचा की परवाह थी तोह ..परवाह उस अजनबी की बी थी जिसके लिए उसके दिल मई एक जगह बन गयी थी ...वो नहीं चाहती थी की उसे कुछ हो और परवाह हो बी क्यों नहीं जो एक अनजान बची के फ़ोन से आगया ...उसे बचने वो कितना नेकदिल होगा ....पर सामने की सिचुएशन देख उसे समाज नहीं ारः था की वो क्या kare....wo अपने दिल मई उठ रहे उस अजनबी के लिए अहसास को समाज नहीं प् रही थी पर जब उसने सामने देखा तोह पाया की वो लड़का इतने लोगो के सामने बी माँ और बेटी के सामने सीना टाँके बिना किसी दर के चट्टान की तरह खड़ा ह......

रणवीर बीटा अब ...

राज चिल्लाकर आज सिर्फ ऊपर वाला हे इन माँ बेटी को लेजा सकता ह वर्ण 20 50 100 500 जितने ह ले आ ....मेरी मौत हे वो रास्ता ह मेरी पीछे जाने का....

इन सब्दो को सुन जंहा दीपिका के आंसू निकल गए ...और वो सुनील और सोनाली को फ़ोन मिलाने लगी तोह ....पूनम का बी यही हाल था .....पर.... कहते ह न नेकी की रह मई चाहे कितनी हे मुसीबत क्यों न हो ऊपर बैठा खुदा उसका रखवाला होता ह ...

रखा खुद अपने 40 आदमी के साथ राज की तरफ भागने लगा उसके साथ पशुपति के आदमी बी भागने लगे मरने के लिए और इधर से राज बी आगे बढ़ gaya..usai चिंता थी माँ बेटी की अकेला होता तोह कोई परवाह नहीं होती ...वो अभी उसी कसमकस मई था की 10 कदम के बाद हे सब रूक गए अब राज अपना एक कदम आगे भदाता सब एक कदम पीछे bhadate.......raka की आंखे हैरानी से चौड़ी हो राखी थी ....

राज को अजीब लगा की 50 60 आदमी होक बी ये दर क्यों रहे h....yahi हाल रणवीर सिंह का बी tha....raj ने पलट के देखा तोह उसके चहेरे पे मुस्कराहट आगयी उसके पीछे एक तरफ राजीव सोनाली शिवानी चली आरही थी तोह क तोह दूसरी तरफ अज्जू अभय षुरूति चले आरहे थे और उनके पीछे पुलिस के 30 जवान लाठी लिए अटैक करने के लिए तैयार थे ...

ये सन देख कर जंहा रणवीर सिंह के चेहरे के भाव बदल गए थे यही हाल पूनम का भी था पर सबसे जायदा कोई खुस थी तोह वो थी दीपिका....

तभी जानवी जोर राज को देखते हुए खुसी से चिल्ला कर बोलती है “ मां ! मां ! वाओ देखो मेरा सुपर मन अपने साथ अपनी टीम भी ले कर आया है.

अब मेरा सुपर मन फ्लाई करके आया होगा न, इसी लिए वो यहाँ सबसे पहले पहुंच गया. और ये सब बेचारे फ्लाई थोड़ी कर सकते है इसी लिए इनको यहाँ आने में टाइम लग गया होगा.

मैंने कहा था न मां मेरा सुपर मन हमें कुछ नहीं होने देगा. आप हे तोह कहती थी सुपर मन सबकी मदद करता ह क्लैप करते हुवे yeh....yehh.....

मेरा सुपर मन वर्ल्ड में सबसे बेस्ट है.

ी लव यू माय सुपरमैन. “

जानवी की बात सुन कर वह खड़े सभी लोगो के फेस पर बड़ी सी स्माइल आ जाती है. राज भी जानवी की तरफ देखते हुए स्माइल करता है.

उसके बाद राज ने सामने रखा की तरफ देखा और उसके चेहरे पे एक ईविल स्माइल आगयी ....

एक आवाज गुंजी ........ ..charge.......aur भगा सामने और उसके पीछे सोनाली राजीव जो तैयार थे वो भी भागे... दो भूखी शेरनिया टूट पड़ी और राजीव टूट पड़ा अपने बदले के लिए तोह दूसरी तरफ जवान खून षुरूति अज्जू अभय टूट पड़े और टूट पड़े पुलिस के 30 जवान के लेथ ...और राज भागता हुवा रखा के सामने पहुंच गया और रखा ने जैसे हे वॉर करने के लिए हाथ घूमता पहले हे राज ने उसका गाला पकड़ कर उठा लिया और जमीन पे निचे फेंक दिया .....रखा संभल बी नहीं पाया था की राज ने उसके पैरो को पकड़ कर उठा के दूर फेंक दिया ...डामर की रोड पर गिरते हे रखा की चीक निकल गयी ...तोह उधर सोनाली राजीव और पुलिस के जवान बुरी तरह गुंडों की धुनाई करने लगे सोनाली शिवानी तोह भुकी शेरनियि की तरह चीरफाड़ करने lagi...bheed के चेहरे पे एक खुसी की लहार थी ...वंही ...एक तरफ जहान्वी के रट हुवे चेहरे पे अब बहुत बड़ी मुस्कान थी ....औरत तब से जब से ये लड़ाई सुरु हुवी थी बस उसकी निघाये राज पे हे थी ...और अभी भी वो उसी को देख रही थी ....

इधर राज रखा को बुरी तरह तोड़ रहा था उसका हर वॉर रखा की चिक चिल्लाहट निकल रहा था तोह दूसरी तरफ पुलिस ने काफी गुंडों को पकड़ लिया था और कुछ भाग गए थे .....जो पकडे गए थे उन सब का कुछ न कुछ टूट गया था ...

पर राज सायद कुछ अलग हे सोच मई था उसने रखा का एक पेअर तोड़ दिया और दूसरा बी ....उसकी चीक उस भीड़ मई गूंज uthi....Uski चीक सोनाली के कान मई गयी तोह उसका बी धयान राज की तरफ गया ....जो रखा के बाल पकड़कर उसे घसीट ता हुवा जहान्वी और उसकी माँ के पास ले आया ....और सामने फेंक दिया ...

राज ये ले छूकर दिखा और रखा ने हाथ उठाया गुसाई से की kadaaaak.....tutne के साथ फिर चीक निकल गयीईइ....

सोनाली राज rook...jao....

पर राज को कान्हा परवा थी ..

राज बोलै था न 5, 50 ,500 कितने बी ला मैं जिन्दा रहूँगा तब तक इनका कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता ह .....

औरत--- बीटा ....

राज ने औरत की तरफ देखा पर पहचान नहीं पाया ...

औरत--- रेस्टुरेंट कार फाइट हिमाचल रोड मैं वही हु ....

राज सब कुछ समाज गया ...फिर कान के पास जेक बोलै तेरे भाई को जिन्दा जलाया था मैंने और तू बी अब ऐसे हे मरेगा यंहा से निकल ते हे... बस कुछ लम्हे और ह तेरे पास तेरे सुलतान को बी मैंने हे मारा था

रखा ने इतना सुना उसका खुम खोल गया वो पागलो की तरह हसने लगा है है है मरोगे तोह तुम और जल्दी से उसने अपनी जेब की तरफ हाथ भदया पर उसे कुछ नहीं मिला वो यंहा वंहा देखने लगा ...

राज कुछ ढूंढ रहा ह ...तू ...कंही ये तोह नहीं .......रिमोट दिखा कर....

राजीव--- डोंट पुश अन्य बटन ...कूल डाउन ..

राज ???????....

सोनाली--- कुछ नहीं ह लाओ मुझे do...aur इन सबको ले chalo....tum मुझे थोड़ी दिएर मई ऑफिस चाहिए हो ...बिना किसी देरी के

पुलिस के घेरे के कारन दीपिका को मौका नहीं मिल रहा था अंदर आने का ...वो भीड़ के शोर के कारन आवाज बी नहीं मर प् रही थी....

पूनम जिसने आज एक रियल एक्शन मूवी देखि थी उसे उसका हीरो मिल गया था प्यार के जज्बातो ने उसके दिल मई पूर्ण रूप से जनम ले लिया ...पहले प्यार के अहसास से हे वो रोमांचित हो गयी उसकी नज़र अब भी राज पर हे थी वो मिलना चाहती थी उसे पर घबरा रही थी बात करने mai....aj उसे उसका साथी मिल गया पर वो उसे मिलने की हीमत नहीं जूता प् रही थी...

पूनम मन मई ....एक बार मिल लू hi hello हे करलु पर चाचा चची भी ह पर दुबारा मौका हे नहीं मिला तोह हे भगवन क्या karu..ap हे कुछ करो प्लीज ....उसके चेहरे पे प्यार के भाव साफ़ साफ़ देखे जा सकते थे जो रणवीर सिंह ने भी देख liye.......ki कैसे पूनम उस लड़के को निहारे जा रही h.....poonam हे भगवन मुझे मेरा जीवन साथी यही चाहिए ह इसमे सभी गुण मेरे बाबा जैसे ह ....मुझे अब बात करनी चाहिए अभी वो बात करने जे किये एक जादम भदया था की तभी पूनम ने देखा की एक लड़की भागते हुवे आरही ह ...उसका दिल अनजाने दर से घबराने laga....wo एक बार लड़की को तोह एक बार राज को देखती ...

पूनम ये बहुत सुन्दर ह प्लीज प्लीज नहीं इसकी गफ न हो प्लीज पर कहते ह न आँखों देखा कभी कभी सच नहीं होता ह आज वही पूनम के लिए होने वाला था ...वो लड़की भागते हुवे आयी और सीधा राज के गले लग गयी पूनम का दिल हे टूट गया उसके प्यार के सपने आने से पहले हे टूट गए वो एक तक उन दोनों को गले मिलते देखती रही अभी भी यकीं नहीं हुवा इसलिए देखती रही की कस ये झूट हो जाये par...Wo लड़की राज से अलग हुवी और 2 थपड राज को लगा कर बोली हाउ मच ी लव ु ...यू क्नोव न ..फिर ऐसा क्यों करते हो मेरे बारे मई जरा बी नहीं सोचा .....पूनम ये सब सुनके मनो गिरने वाली हे थी ....पर हीमत रख कर कड़ी रही ...पर उसकी आँखों का साबरा टूट गया जब राज ने उस लड़की से कहा ी लव यू तू न ...और फिरसे बिना कुछ बोले गले लगा लिया...

पूनम की आँखों से 2 आंसुओ ने जगह बना ली और बाबा को इशारा किया चलने के लिए पूनम का दिल आज पहली बार किसी के लिए धड़का था उसे प्यार हो गया tha....chacha चची के इलावा दिल मई किसी के लिए पहली बार जगह बनायीं थी, किसी के संग प्यार की प्रीत जगाई थी , प्यार का आशियाना बना बी नहीं था की सब उजाड़ गया.... एक तूफान ने पल भर मई हे उसका आशियाना उजाड़ दिया....

राज ने दीपिका को अलग कर जब रणवीर सिंह को ढूंढ़ने की कोसिस की तब तक वो निकल चुके थे ..राज बस गर्दन को एक झटका दिया .....उसे एक बार मिलने की ीचा हुवी पर अब क्या हो सकता था ..राज को पता बी न चला की क्या दूर जा रहा था उसे पर रह रह कर वो उन्हें हे ढूंढ रहा था पर ....उसे दूर पूनम सिंगल सीट पर बैठी थी बस मई ...उसकी आँखों मई अभी भी नमी थी और हजार विचार चल रहे थे मन मई किसी को आंसू न दिख जाये इसलिए उसने आंखे बंद कर्ली पर उसका मन अंदर से चीख रहा था....

Kyuuu.....kyuuu ....क्योऊ .....क्यों किया भगवन अपने मैंने आपसे उसे अपने जीवन साथी के रूप मई माँगा और अपने उसे बी दूर कर दिया मेरे माँ बाप की तरह अगर आप यही चाहते ह इसी मई खुसी मिलती ह तोह आज के बाद पूनम कभी आपसे कुछ नहीं माँगेगीइ.....

पर पूनम को क्या पता ये सब उसी विधाता का रचाया खेल ह जो उसके साथ खेला जा रहा ह .....उसका साथ तोह उसके साथी के रूप मई तभी हो गया था जब वो पैदा बी नहीं हुवी थी बस किस्मत का चक्र अब उन्हें पास ला रहा था ...एक बस मई ढुकि मन से जा रही थी तोह एक अपनी बहन के साथ खुस था मिलकर तोह बहन को पता हे नहीं था की उसने अपने भाई की खुसियो को अनजाने मई हे नजर लगा दी थी... .........

फिर राज ने जहान्वी को गोद मई उठाया ....और उसे अपने सीने से लगा लिया ...राज के दिल को सुकून मिला उसकी आत्मा जो अभी बेचैन थी उसे चैन मिल gaya....usai जो अजीब से ख्याल आरहे the.....wo सब शांत हो गए ...एक बार फिर औरत की आंखे राज से मिली ....और दोनों एक दूसरे को हे देखते रहे ...

राज मुझे माफ़ कीजियेगा मेरी वजह से ये सब हुवा....

औरत--- मेरी किस्मत मई था बीटा तुम्हरी ग़लतीय नाहीइ h...tumne तोह हर बार मेरी मदद हे की ह ..

इनसे थोड़ी दूर ......

गुंडा भाई एक फोटो भेजी ह वो औरत उसके साथ ह .......

सामने से तीख ह आदमी बुला ले और ख़त्म कार्डो उसे ....

गुंडा--- पुलिस बी साथ ह....

सामने से मौके का इंतज़ार करो....

तोह इधर होटल पहुंचकर ....

राज अब बताईये कौन ह जो आपको मारना चाहता ह ......और आपका नाम

औरत--- मेरा नाम दिव्या ह और मेरी जिंदगी बर्बाद करने वाला पशुपति ह.........

आज के लिए इतना हे ........

लाइक्स और प्यार देना न भूले ......


 
इंडेक्स फर्स्ट पेज पर मिलेगा

दोस्तों Xabhi को तो आप लोगो में से मोस्टली लोग जानते hi होंगे. तो मुझे ये कहना था की जल्दी hi फोरम पर "मर. स्फोरम" का एक कांटेस्ट स्टार्ट होने वाला है. जहा आपको अपने पसंद के किसी एक स्फोरम मेंबर को वोट देना है. तो आप सुब लोगो से रिक्वेस्ट है Xabhi भाई को वोट दे क्र उन्हें अपना सपोर्ट दे.

अपडेट 101 --निर्वाण ोाथ
 
इंडेक्स फर्स्ट पेज पर ह

सभी भाई जीत ते ह तोह मैं मेघा का बाप अपडेट दूंगा रीडर को10000 वर्ड्स का .....इसे बड़ा और क्या गिफ्ट दू रीडर को जिसमे एक्शन सेक्स दोनों होगा ..

अपकमिंग अपडेट 101 (निर्वाण ोाथ) टुमारो
 
Ok कल का अपडेट रीडर्स की शिकायतों को मद्दे नज़र रखते हुवे....

9000 प्लस वर्ड्स का मिलेगा जो शिकायत दूर करने के लिए तीख रहेगा...
 
अपडेट 101...

पास्ट रिवेंज बेगिंस

निर्वाण ोाथ


रिकैप....

इनसे थोड़ी दूर ......


गुंडा ----भाई एक फोटो भेजी ह वो औरत उसके साथ ह .......

सामने से--- तीख ह आदमी बुला ले और ख़त्म कार्डो उसे ....

गुंडा--- पुलिस बी साथ ह....

सामने se----mouke का इंतज़ार करो....

तोह इधर होटल पहुंचकर ....

राज अब बताईये कौन ह जो आपको मारना चाहता ह ......और आपका नाम

औरत--- मेरा नाम दिव्या ह और मेरी जिंदगी बर्बाद करने वाला पशुपति ह.........

अब अजैईईई.....

......... पशुपति.......

राज ...कुछ दिएर रुक कर तीख ह दोपहर हो रही ह आपको भूक लगी होगी......

दिव्या --- नहीं .....मुझे भूक नहीं...

Raj...jhanvi को लगी ह और आपको बी लगी ह आप चाहे कुछ बी बोले अजैये ...हम साथ मई खाएंगे और रात को बात करेंगे इस बारे मई तब तक आप आराम करे..

होटल के रेस्टुरेंट मई षुरूति अंजना दीपिका राज दिव्या और जहान्वी सब लंच कर रहे थे और राज को हिचकिया अणि सुरु हो गयी .... हीइइक्कछ्ह हीछ्हः..

दीपिका आप आराम से खाओ भाई ये लो पानी पियो ...

Raj—dii पता नहीं ऐसा क्यों लग रहा ह ....जैसे कोई बहुत जायदा हे याद कर रहा ह ..... दिल बेचैन सा हो रहा ह

दीपिका--- मुस्कराकर मन मई बच्चू तेरी खैर नहीं ह तुजे क्या लगा तू उसे बचकर ऐसे पंगे करता रहेगा आज तेरी चटनी बना डालेगी .......

राज आप ऐसे मुस्करा क्यों रही हो ....

दीपिका हसने के क्या तुजसे पूछना पड़ेगा....

Raj—nahi बिलकुल नहीं पर गुसा क्यों होती ho....nahi बताना. Hichhhh....h तोह हीछ्ह..

Shuruti—raj मुझे लगता ह तुम्हे सोनाली मम याद कर रही h....unhone कहा था न की जल्दी आकर मिलना ....पर तुम्हे 2 ऑवर हो गए h...tum गए हे नहीं...

राज हे भगवान् वो गुसाई की आत्मा सच मई भड़क गयी होगी ....अब क्या karu...jana तोह पड़ेगा ...

दीपिका बस कर नौटंकी ....एक काम कर रोजेज ले जाना ....लड़कियों को पसंद होते ह और चॉकलेट बी

Raj....main आप सबसे शाम को मिलता हु तीख ह और जहान्वी बीटा आप मुम्मा का ख्याल rakhna...ok

जहान्वी – सुपर मन जो बोलेंगे वो जहान्वी करेगीइ....

तोह इधर रिमांड रूम मई रखा का इलाज धुनाई सब हो गया था और पर बम का नहीं बताया उसने इसलिए सोनाली पहले हे आग बबूला हो राखी thi....wo अब इतनी जायदा गुसाई मई थी की ऑफिस बी अंदर से तोड़ फोड़ रखा था ....तोह जोगिन्दर सिंह और राजीव होम मिनिस्टर के पास रिपोर्ट देने के लिए गए हुवे थे ....

राज जब पुलिस स्टेशन पंहुचा तोह उसे पूछताझ के बाद अंदर जाने diya....Andaar का महल ऐसा था मनो कोई मर गया हो बिलकुल शांत जैसे बहुत बड़ा तूफ़ान अभी जस्ट गुजरा हो आवाज आरही थी तोह रखा की कराहने की और उसके चलो की सांस लेने ki....Raj अंदर पैदल चलता हुवा गया तोह शॉक हो गया ...और अपना सर खुजलाने लगा पुलिस वाले सांस रोके खड़े थे ..मतलब सांस ले रहे थे की नहीं ये हे नहीं पता था ...तोह दूसरी तरफ डॉ बिना किसी आवाज के ट्रीटमेंट कर रहे थे .... चारो तरफ लेथ सुताई से टूटे फूटे बिखरे हुवे the....uska दिमाग हे घूम गया की हो क्या रहा ह ....


वो सब पुलिस वालो के बिच से आगे निकल gaya...aur सब उसे आंखे फाड़े हे देख रहे the....sab से लास्ट शिवानी कड़ी थी दीवार के सहरे....

शिवानी ने राज को देखा और हलकी मुस्कराहट के साथ हाथ का िस्कारा कर दिया एक तरफ....

राज शिवानी की मुस्कराहट देख अब सचमुच हे थोड़ा दर और चिंतित हो गया की हो क्या रहा ह क्योकि बम का तोह उसे पता हे नहीं tha...ki रखा ने बम बी फिट किये थे ... ऊपर से पुलिस वाले उसे घर रहे थे कुछ तरस भरी निघाओ से देख रहे थे की घायल शेरनी की मांध मई जा रहा ह क्या होगा इसका कौन बचाएगा इसे....

खैर उसने ऑफिस का दरवाजा खोला जंहा सब टुटा फूटा पड़ा हुवा था गेट खुलने की आवाज से हे सोनाली भड़क gayi...aur बोली मन किया था न दस मिनट कोई नहीं आएगा दफा हो jao..par कुछ दिएर तक उसे गेट बंद करने की आवाज नहीं आयी तोह पलट जे देखा और चिल्ला पड़ी तुम ......तुम्हारी हीमत कैसे हुवी अब आने की...

इडियट दुफर अब ए हो और टेबल पे पड़ा पेपर वेट फेंका राज तुरंत दरवाजा बंद करके बहार आगया.....

शिवानी बहार कड़ी मुस्कारने लगी ..

राज ....आज इतनी भड़की हुवी क्यों ह और तोह और मुज पर बी इतनी भड़की हुवी h..maine क्या किया

शिवानी पहले हंसी फिर साडी बात बता गयी सुरु से लेके एन्ड तक ...

राज बाबा रे इतना बड़ा लौचा ये रखा नका इसका माँ का ....जैकारा करू...

शिवानी--- ऊपर से तुम लेट एते हो और उन्हें पता नहीं था तुम यंहा हो इसलिए जायदा गुसा ह....

Raj—are तोह मुझे सपने थोड़ी हे एते ह की देवी जी भी यही होंगी और रखा बम लगा के बैठा hoga...khair अंदर तोह जाना हे होगा राम राम राम राम राम राम बचना प्रभु राम राम राम राम ..

राज दुबारा गेट को नोक किया और एक सफ़ेद फूल को हाथ से अंदर करके लहराने लगा पर उसे कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला बल्कि दरवाजे पे उड़ती हुवी कोई चीज आके टकराई...

राज हे प्रभु आज तोह बहुत भड़की हुवी ह फिर 2 फूल फिर 3,4,5,6,7 और अंत मई पूरा गुलदस्ता दिखाया और बोलै ये शांति का प्रतीक ह युद्ध विराम हो जाना चाहिए देवी जी मुझे मासूम की कोई गलती नहीं वो तोह रखा अपनी माँ ka...usne किया सब ..... अब कब तक ऐसे बहार खड़ा रखोगी मुझे सब देख रहे ह सोना ........

5 मिनट बाद सोनाली बोली अंदर ाजाओ....

शिवानी जो राज के साथ हे कड़ी thi..good जाओ गुसा ठंडा करो ताकि हमे बी आराम मिले पिचले 48 ऑवर से कोई सोया नहीं ह एक घंटे से जायदा ..ऊपर से बेचारे सरे पुलिस वाले गुंडों को मार मार के थक गए..

राज अंदर गया ...सोनाली पीठ करके कड़ी थी ..राज ने एक रेड रोज 🌹 हाथ मई लिया और पीछे से हे सोनाली के आगे कर दिया सोनाली जी गुसाई मई थी थोड़ी पिघली तोह जरूर पर पीछे नहीं dekha.raj ने अबकी बार एक गुलाब की फूल की पाटिया तोड़ की और सोनाली के ऊपर फेंक दी ....सोनाली जैसे हे मुड़ी उसकी आँखों के सामने गुलाब का गुलदस्ता था .....फुर्रर्रर्र जैसे चिडया उड़ जाती ह वैसे हे सोनाली का गुसा बी कंही उड़ गया ...राज ने आगे भाड़ सोना की कमर को पकड़ कर खुद के पास खिंच गले लगा लिया और सोनाली प्रेम दीवानी को क्या चाहिए प्रेम वो उसे मिल गया वो भी सिमट गयी राज की बांहो मई ...कुछ दिएर गले लगाकर राज ने चेयर पे बिठाया और खुद घुटनो पे सामने बैठ गया...

राज आप इतना गुसा करती हो ...और तोह और मुज पर बी गुसा हो ....अब बताओगी की इतना गुसा क्यों ho...ap किसने भड़काया मेरी सोना का इतना ..

सोनाली--- तुमने और उस चूतिये रखा की वजह से ..

राज .. hhhhhhhhhhh गली.....

सोनाली--- हरामी बम के बारे मई बोल नहीं रहा चीफ सर और मिनिस्टर आने वाले ह ... इसकी माँ की ..

Raj—ne से उसे बांहो मई ले लिया ाचा तीख ह पर आप कबसे इतना गुसा होने लगी हो .....आप तोह मेरी कूल हॉट बेऔतीफुल्ल स्वीट सी सोना हो न

Sonali---baat मत बदलो तुम वंहा थे और इस हरामी ने बम लगा रखा था तुम्हे कुछ हो जाता तोह इस maadar...cho...

हे भगवन शांत मेरी गढ़धारी लेडी भीम ....फिर जब वो शांत न हुवी तोह राज ने उसके होतो को अपने होतो की कैद मई ले लिया सोनाली को तोह मनो किसी ने करंट दे दिया हो उसका सरीर अकड़ गया ...उसके हाथो ने खुद बा खुद राज को बांहो मई जकड liya...jaise वो बी यही चाहती थी ...उसके दिल की हालत ऐसी थी जैसे बरसो बाद उसके दिल पर प्यार की बारिश हुवी ह ..उसकी फ़्रस्ट्रेशन उसका गुसा सब कंही दूर चला गया वो सब कुछ भूल बस अपने राज की बांहो मई किश करती रही

बहार शिवानी को दस मिनट से कोई आवाज नहीं आयी तोह उसे लगा सब तीख ह इसलिए वो अंदर बिना नॉक किये हे आगयी पर सामने का नजारा देख उसकी आंखे बी चौड़ी और मू खुला रह गया और वो जल्दी से वापस बहार आगयी ....पर जल्द बाज़ी मई उसने दरवाज़ा थोड़ा तेज़ी से बंद कर दिया था जिसे आवाज हुवी और अंदर सोनाली होश मई आगयी और राज को अलग करने लगी....

राज क्या हुवा...

सोनाली छोड़ो मुझे तुम बहुत गंदे हो मुझे हर बार अपनी बातो मई फंसा लेते हो... ये ऑफिस ह अभी कोई आया था ...

राज ने उसे बांहो मई कैसे रखा और बोलै तोह क्या हुवा वो जो बी होगा खुस होगा की मैडम का गुसा काम हो गया ह...

सोनाली शुतुप अब छोड़ो बी...

राज लो मैं तोह शिकायत दूर करना चाहता था और उल्टा यंहा दन्त पद रही h......raj ने सोना को बांहो से आज़ाद किया हे था की सोनाली ने उसे पकड़ लिया और दुबारा किस करने लगी और किस इस बार किश इतनी पैशनेट थी की राज ने सोनाली की जांघो को पकड़कर गोद मई उठा लिया और उसके रसीले होठो को चूमते हुवे हे ऑफिस के सोफे पे लेता दिया और किश करता रहा ...राज का हाथ अब निचे सोनाली की झांग को सहलाते हुवे उसके पीछे से सहलाने लगे राज के हाथो का स्पर्श अपने जिस्म पे पाकर सोनाली और एक्सीसिटेड हो गयी ...उसने राज को कसके अपने सीने से लगा लिया शर्ट के अंदर फंसे टाइट भूपस राज की छाती के निचे डाब गए राज के हाथ अब धीरे धीरे सोनाली की शर्ट के अंदर उसकी कमर को सहलात हुवे ऊपर की तरफ आने lage..sonali को अब होश हे नहीं था की वो ऑफिस मई बी ह महीनो से दबी प्यार की आग भड़क उठी और वो बेइंतिहा राज को चूमने लगी काफी देर बाद सोनाली ने अपने होतो को अलग किया उसकी आँखों मई लस्ट की लकीरे थी उसकी शर्ट ऊपर हो राखी थी वो राज को एक तक देखती रही और राज उसे देखता रहा ....कुछ पल और बीत गए .

सोनाली--- सब ख़राब कर diya....muje वाश रूम जाना ह तुम बहुत गंदे ho...i हेट ु और राज को ढाका देकर निचे गिरा दिया

राज है है है ...क्या करू पुरे पुलिस स्टेशन को समशान बना दिया था अपने क्या करता सब डरे हुवे थे बहार.....

सोनाली बेचारी शर्म से भाग कर वाशरूम चली गयी और राज बहार आगया उसे हाफ ऑवर बाद बहार मुस्कारते हुवे निकलते देख सब उसे हे देखने लगे ..

राज ....शिवानी से अब सब तीख h....maine उन्हें समझा दिया ह ..

शिवानी है सब तीख ह देखा मैंने ...

राज ...ाचा आप आयी थी...

शिवानी बात badalkar...tum यंहा क्या कर रहे थे ..

राज मैं क्या आपकी मैडम को thanda...sorry गुसा ठंडा कर रहा था..

शिवानी?????.... ी मैं हरिदवार मई ....क्या कर रहे थे

Raj—ohh आत्मा सुध करने आया था आत्मा सुध तोह नहीं huvi...par अभी अभी तृप्त जरूर हो गयी ...

शिवानी ोूउउ ...

सोनाली--- बहार एते हुवे ये कुछ नहीं बताएगा shivani.....jab तक इसे तुम पर विस्वास नहीं होगा ये कुछ नहीं बताएगा ...अब ये बी बता दीजिये इसका मू कैसे खुलेगा..

राज मुस्कराकर जो हुकुम मेरे आका....

शिवानी और सोनाली दोनों के चेहरे पे मुस्कान आगयी नौटंकी ....

और इनके चेहरे पे मुस्कान देख ठाणे मई बी माहौल शांत होने लगा.....

राज 5 मिनट दीजिये....

और 5 मिनट बाअद

राज अब पूछ लीजिये सब batayega....jo भी पूछोगे.....

सोनाली और शिवानी---??????

राज अब कैसे हुवा ये मत पूछना प्लीज...

शिवानी--- मम इसे कहिये बताये मुझे जानना ह

सोनाली यस मुझे बी जानना ह राज..

राज – आप फ्रेमलेस ह न कभी कोई बात नहीं मानती हो अब मुझे कुछ बोलना ok तोह दूसरी तरफ घूमो और कान मेरी तरफ रहने दे...

राज बिच मई दोनों के कान के पास जाकर मैंने उसे कहा तेरी दोनों बीवी और तेरी बहन और साली को तेरे सामने इस ठाणे मई छोडूंगा और सबसे छुड़वाता रहूँगा तब तक ये करूँगा जब तक तू बोलेगा नहीं .....तोह सोच ले

सोनाली और शिवानी एक साथ शट उप ....शट उप ....शट up...tum बहुत गंदे हो .....शिवानी दूसरी तरफ देखने लगी और सोनाली राज को घूरती रही ... और बोली तुम सेक्स करोगे आज रुको तुम्हे मैं बताती हु .....काट के हाथ मई दे दूंगी ...

शिवानी--- मम😳😳😳😳


इवनिंग 9pm....Hotel

राज जहान्वी कान्हा ह....

वो सो गयी ह....

राज राजीव सर कब तक आएंगे...

शिवानी वो मॉर्निंग तक ayenge....aur मम 11 बजे तक ायेंगीए

राज ok...Toh दिव्या जी अब अब आप बताईये की क्या दुश्मनी ह आपकी ..उसे...

Divya....raj दुश्मनी तोह बहुत पुराणी ह वो तोह नहीं बता सकती हु कसम पूरी होने से पहले ....पर वो मेरे पीछे क्यों पड़ा ह वो बता सकती हु....

Raj—apka दिल जो सही समझे वो bataye.....par सब सच...

Divya....mere पति एक डॉ की पढ़ाई पढ़ रहे थे और मैं शॉप मई part टाइम जॉब करती थी वंही से हमारा प्रेम सुरु हुवा मैं एक अनाथ थी मुझे प्यार के रूप मई सहारा मिल गया और मैंने उनसे शादी कर्ली उन्होंने मुझे पढ़ाया डॉ बनाया .....मैं और वो एक हे हॉस्पिटल मई काम करते थे.... हमारा जीवन बहुत आराम से गुजर रहा था ......मेरा एक हे मकसद था पशुपति को बर्बाद करना इसीलिए मैं सबूत जुटती रहती थी जिसका पता मेरे पति को बी नहीं था... ...मैंने उसका हॉस्पिटल हे ज्वाइन कर लिया ...पर मुझे क्या पता था की इतने साल बाद उसकी दरिंदगी हैवानियत इतनी बढ़ गयी hogi.....wo हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज बी ह वंहा नई स्टूडेंट्स हर साल एते ह ...काफी स्टूडेंट्स पेइंग गेस्ट बांके रहते ह कुछ हॉस्टल मई रहते ह उनमे से एक लड़की थी संजू वो मेरी पेइंग गेस्ट thi....uske साथ मेरा रिलेशन बहन की तरह हो गया वो मुझे दीदी बोलै करती थी .....उसकी एक खास दोस्त thi....saanvi .. वो हॉस्टल मई हे रहती thi....ek बार संजू मुझे बोले गयी दी मैं कुछ दिन सान्वी के साथ हॉस्टल मई रुकूंगी मैंने भी है बोल दिया ... मुझे अपने पति के साथ बहार जाना था सेमिनार अटेंड करने हम चले गए जब मैं 5 दिन बाद लौटी तोह पता लगा हॉस्टल मई रहने वाली लड़की सान्वी मर गयी ह ...और संजू लापता ह ...मैंने बहुत पूछ ताज की पर कुछ पता नहीं लगा 3दिन बाद संजू की भी लाश मिली ......स्निफफ .....स्निफफ ..रट हुवे मार दिया उसे...

राज पानी पीजिये ....

कुछ मिनट्स बाद

दिव्या----- मुझे यकीन हे नहीं हुवा मैंने बहुत पूछताझ की पर सब कहते हमने नहीं देखा हमे नहीं पता वो तोह हॉस्टल आयी हे नहीं और कमरे की रिकॉर्डिंग उसी दिन की हे गायब थी जिसदिन संजू सान्वी के पास हॉस्टल रहने गयी थी.... ....उसके रूम वाली लड़किया कहती ह वो दोनों आयी हे नहीं थी सान्वी तोह सुभे से हे गायब thi.....muje डाउट हुवा की ये कैसे मुमकिन ह चाहे कुछ बी हो जाये मुझे इतना यकीन था की संजू बहुत सिंकेरे और इंटेलीजेंट लड़की थी मेरा उसे इतना ाचा रिलेशन शिप था की वो मुझसे झूट तोह नहीं बोलेगी ...और दोनों की रिपोर्ट मई यही था कॉज ऑफ़ डेथ सेक्स बी मान्य पीपल.... पुलिस वालो ने ये कहके केस को रफा दफा कर दिया की धंधा करने गयी थी... जायदा कमाने के चक्कर मई बहुतो के साथ सेक्स करते करते हे मर गयी और पहली को पहले फेंक दिया और दूसरी को 3 दिन बाद ..और ये सब इसलिए सबने मान लिया क्योकि एक कम की हे दुरी पे ऐसे हे काम होते ह ....इसलिए कॉलेज के स्टूडेंट्स ने बी आवाज नहीं उठायी पर मेरा दिल जनता था की कुछ तोह गलत ह .....मैंने हार न मणि बहुत पूछतज की पर कुछ न पता लगा एक वीक बाद मैं दुबारा से हॉस्पिटल जाने लगी ....मैं लैपटॉप मई रिपोर्ट्स देख रही थी की मुझे एक मेल मिली .......जो संजू ने भेजी थी उसमे लिखा था mam....hospital के बेस मेन्ट मई बानी लैब मई ज़ बॉक्स मई मेमोरी कार्ड ह उसे देखिएगा हो सकता ह मैं न बच्चू बूत आप मुझे इन्साफ दिलाना m....maine ये पढ़ा और मैं सब समाज गयी की मेरा यकीन सही थी की कुछ तोह गड़बड़ h.......main मौका ढूंढ़ने लगी निचे जाने ka....aur एक दिन मौका मिल गया स्टाफ काम था और मैं बेसमेंट लैब जो बहुत जायदा बड़ी थी जंहा ऑर्गन part स्टोर किये जाते थे वंहा गयी और मुझे एक चौकीदार हे मिला और कोई नहीं मैं वो मेमोरी कार्ड ले आयी और जब मैंने उसे देखा इतना कहते हे दिव्या रोने लगी...

शिवानी--- दिव्या जी आप अपने आपको सम्भालिये ...

दिव्या----- sniffff....mmm....sniifff...us..us मेमोरी कार्ड मई रिकॉर्डिंग थी की snifff....sniffff ..सान्वी हॉल मई भाग रही थी और उसके चारो तरफ 5 आदमी खड़े थे सान्वी के कपडे फाटे हुवे थे और वो चिल्ला रही थी जाने दो मुझे ....पर उनलोगो ने उसका रपे किया 5 जाने उसका बलात्कार करते रहे .......और तब तक करते रहे जब तक बेहोश न हो गयी उसे मरते और रपे करते ...वो कसाई की तरह एक बची के साथ रपे करते रहे स्नीिफ्फ्फ ....स्निफफ कोई ऐसा कैसे हो सकता ह ... यही तक रिकॉर्डिंग थी उस मेमोरी कार्ड mai...saanvi की डेड बॉडी के 3 दिन बाद संजू की बॉडी मिली थी क्या किया होगा उन्होंने उस फूल जैसी बची का ....और प्रोस्टीटूट बताने के बाद तोह पुलिस ने बी पल्ला झाड़ liya...par मैं सबूत लेके मेरे पति के साथ गयी सप के पास जो मेरे पति के नोन थे पर स्निफ्फफ्फ ......अहम्म्म्म.... स्निफफ ....उसने बी चाँद रुपियो के लिए दोस्त की दोस्ती बेच दी ..और मेरे पति से वो मेमोरी कार्ड रख लिया और यकीन दिलाया की न्याय hoga..tum आराम करो मई जाता हु सबको पकड़कर जेल मई डालता हु.. पर ...उसी रात जब मैं जहान्वी सुर मेरे पति सो रहे थे तब ....हम पर हमला हुवा मेरे पति ने हमे सुरक्षित निकल दिया


राज की तरफ देखर पर स्निफफ..... ुहममम... स्निफफ.... रट हुवे वो खुद न निकल पाए ....snifff....snifff....un दरिंदो ने मेरे सुहाग को मार दिया ....मैं कुछ न कर पायी .......मैं कुछ न कर पायी raj......main तोह पहले हे मर जाती पर मेरी बेटी के लिए जिन्दा हु ....ताकि ye..apni जिंदगी जी सके ....उसने मेरा सब कुछ चीन लिया .....आज भी पशुपति मेरे पीछे ह क्योकि उसे लगता ह मेरे पास एक कॉपी होगी उस क्लिप की ...पर मेरे पास कोई कॉपी नहीं ह ......आज भी मैं भाग रही थी ताकि यंहा से दूर चली जाऊ पर ये लोग 6 महीने से भी ऊपर से मुझे ढूंढ रहे h...main जुग्गी झोपडी मई रहकर इनसे बचती रही मुझे लगा की इतने वक़्त बाद भूल जायेंगे पर ये तोह आज भी मुझे ढूंढ रहे ह ...मुझे खुदकी जिंदगी नहीं चाहिए मैं तोह बस मेरी बची की जिंदगी मई खुसीय चाहती हु ...मुझे और कुछ नहीं चाहिए कुछ नहीं chahiye........sniifff sniffff....kya गलती थी मेरी जो इन्होने मेरा परिवार ख़त्म किया फिर जिसे बहन की तरह मन उसका दरिंदगी से बलात्कार किया ...मेरे पति को मार दिया ....अब मेरी बची को मरना चाहते ह ......

राज जो कबसे सामने बैठा था और साडी बाटे सुन रहा था ...... उसकी आँखों मई एक गुसा था एक आग बरस रही थी जो इस बार राज की नहीं thi...wo आग थी निर्वाण की जिसकी सजा हे दरिंदगी की साडी हाडे पार करती ह ...राज खड़ा हुवा और दिव्या का हाथ पकड़ चल दिया निचे .....पीछे से सब ने आवाज मरी पर किसी की उसने सुनी नहीं....

शिवानी जंहा सोनाली को कॉल करने भागी तोह अजय अज्जू राजीव सर को पर शूरति राज के पीछे गयी .......


हाफ ऑवर बाद एक फोर्टनेर गेट तोड़ ते हुवे एक विला मई gusi...aur त्येर के स्क्रीच होने की आवाज रात के सन्नाटे मई गूंज उठी ....गार्ड जो डूएटी कर रहे थे उनमे से एक कार की तरफ भगा गेट का फाटक खोलता उसे पहले हे गेट के फाटक समेत 10 फ़ीट दूर जेक gira.....raj उतर कर दूसरे फाटक को खोला और दिव्या का हाथ पकड़कर निचे उतरा... और उसे लेका आगे आने लगा 2 भागते हुवे aye...agai वाले के छाती पे लात लगी वो सीधा जमीन से टकराता हुवा मुड़के पीछे गिरा ...दूसरे के पास आते हे गमला पड़ा हुवा था उसे उठा के उसके सर मई दे मारा वो वंही सर पकड़ लेत गया पीछे 4 चार बॉडी गार्ड जो आरहे थे वो एक पल रुके फिर आगे ए राज ने 2 को डॉज किया और पीछे वाले के एक जबड़े पे पंच दिया खून फेंकता हुवा वंही सीधा gira...dusre के पीछे जेक गर्दन पे मारा कड़क की आवाज हुवी और लेत गया ...तीसरे ने लात घुमाई राज ने निचे बैठ दूसरे पेअर के घुटने में पंच दिया फिर कड़क की आवाज हुवी और टूटे पेअर के साथ लेत गया ......घर के अंडर सब खाना लग रहा था सब खाने के लिए बैठे थे .....तभी एक आदमी उड़ता हुवा हॉल मई आके गिरा सबका ध्यान सामने गया वंहा ..जंहा से राज के साथ दिव्या और उसके पीछे षुरूति आरही थी ....

एक गार्ड अंदर वाला भाग कर आया राज ने एक रैप्टा मारा वो वंही लेत गया जैसे मर गया हो ...फिर दिव्या का हाथ पकड़ के डाइनिंग टेबल के पास आया और उन्हें बैठाया ....

डाइनिंग वाले सभी देख रहे थे जिसमे एक औरत एक लड़की और 2 आदमी थे...

राज खाने का टाइम ह दिव्या जी आप खाना लेंगी न मुझे तोह भूक लगी ह षुरूति मम आप ....ok आप नहीं लेंगी मैं toh...lunga ....अरे भोजन परोसिये न ...घर ए मेहमान को भोजन नहीं परोसते ह क्या ....

पशुपति ने इशारा किया भोजन का ...

राज खाना कहते हुवे अरे वह खाना हो तोह ऐसा क्या हे लज़ीज़ खाना ह ....

लड़की--- तुम्हारी हीमत कैसे...

इसके बाद के सरे सब्द मू मई हे रह गए

Raj—ssshhhh लगता ह बाप. ने तमीज़ न सिखाई ....घर ए मेहमान से इज़्ज़त से बात करते ह और नंबर 2 खाना कहते वक़्त चुप रहते ह और नंबर 3 बड़ो के बिच बोलते नहीं ......है तोह मैं कान्हा था खाना ....वह खाना ाचा ह मेरा तोह हो गया .....अब चलता हु....

पशुपति गुसाई से चेयर को पीछे की तरफ धकेल कर तू जनता ह मैं कौन प .....मेरी पावर क्या ह ....तेरा पता नहीं चलेगा की तू था या नहीं या पैदा बी हुवा tha.ye ह मेरी पावर मेरे एक फ़ोन से हजारो लोग तुजे मरने आजायेंगे ये ह मेरी पावर ....राजू ,रोकड़ा, डोला मारो इसे ...वो तीनो आगे राज ने एक की चेस्ट ोे लात दी वो जितनी तेज़ी से आगे आया था उतनी हे तेज़ी से पीछे गया ...दूसरे के वॉर को हाथ से पकड़के घुमा के पास पड़ी कांच की टेबल पे फेंक दिया ...तीसरे को एक खिंच के रैप्टा दिया वो सिदा जमीन पे लेत गया....

राज ये ह तेरी पावर ये एक रैप्ट मई तोह लेट गए कह रहा ह मेरी पावर मेरी पावर ..पावर यंहा अपने पिछवाड़ा की तरफ इशारा करके यंहा पिछवाड़े मई गुदा चाहिए जो मुजमे कूट कूट के भरा ह और तेरी पावर को चुटकी बजाकर ु ...ु ..ु ...निकलूंगा ये रही जिसे तू ढूंढ रहा था मेरे पास ह .....उखड ले जो उखड सकता ह ....

पशुपति गुसाई मई तिलमिलकर तू ह कौन ..

मैं--- वो हु जो तुजे जिन्दा rakhega,main वो हु जो तुजे जिन्दा नरक दिखायेगा मैं वो हु जो तुजे तेरे कर्मो की सजा देगा ,मैं वो hu....jo तेरी रूह को tadpayega........main बदला hu.......badla हु तेरे अतीत का.....

आज से तेरा सम्राज्य ख़त्म और तेरे बुरे दिन सुरु.........

ये मेरी ोाथ ह....

तीनो मई से कोई कुछ नहीं बोलै ...पुरे रस्ते भर बस divya....raj को देखती रही ...जैसे उसमे उसे कुछ दिखा हो ....

सब होटल पहुंच gaye...raj जैसे हे रूम पंहुचा एक मूका उसके पेट मई पड़ा वो निचे झुका तोह एक किक उसे पड़ी .....वो समाज पता उसे पहले हे उसके हाथ किसी के हाथो मई थे ....और उसके हाथ राशि से बांध दिए ..

राज कौन ह...

वो--- साया............

आज के लिए इतना हे .....


अब भाई लोग लिखे और सपोर्ट मई कमी मत रखना 5क+ वर्ड्स का अपडेट दिया ह और मेरे भाई सभी को फुल सपोर्ट देना का ....
 
इंडेक्स फर्स्ट पेज पर ावेलिएबले ह

अपडेट डेज सिस्टम नहीं ह ..फिर बी अपडेट अप्प्रोक्स सैटरडे वेडनेसडे सैटरडे हे आएंगे ...
 
अब कुछ नहीं करते ह सक भाई सब नार्मल लड़ाई जगदे मई या तू तू मैं मैं मई सिर्फ दूरिया हे अति ह
 
Back
Top