Adultery Raj-- hero of the family - Page 63 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 202…

स्टॉर्म…

…..

प्लेस मुम्बईई……

मुम्बई फार्म हाउस….

Sunil….basement मई बने ट्रेनिंग रूम मई अपने निफे और स्वोर्ड्स से प्रैक्टिस कर रहा tha……..pure रूम मई हवा को काटने की आवाज हे आरही thi….wo एक जम्प लेता और हवा मई हे राउंड लेते हुवे टार्गेट्स पर उन्हें फेंक देता फिर तेज़ी से दूसरी तरफ भाग कर बने आयरन एक पुतले पर अपने हाथो से स्नीक अटैक करदेता …जो बिलकुल वंही लगते जंहा ….लगने के बाद इंसान या तोह मर जाता या फिर जिंदगी भर के लिए बीएड का मोहताज़ हो जाता …..

“मुझे और प्रैक्टिस करनी होगी ….” यही सब्द वो हर 10 मिनट मई एक बार bolta…aur फिर दुगनी तेज़ी से उस बेस मेन्ट मई अपनी ट्रेनिंग करता उसकी एक्सरसाइज और स्पीड देख कर तोह उसके बॉडी गॉर्डस भी हैरान थे …..क्योकि उन्होंने ने भी काफी वक़्त से अपने बॉस को इस तरह ट्रेनिंग मई पसीना पानी की तरह बहता नहीं देखा था …….

तभी वंहा शिवानी की एंट्री huvi….aur वो भी ट्रेनिंग के लिए हे आयी थी ….उसने गन उठायी और लोड करि सीलेंसर लगाकर दूसरे रूम मई चली गयी जो शूटिंग के लिए था वंहा एक के बाद एक गन रीलोड करती और रैंडम टारगेट जो सामने एते उन्हें शूट करती जाती…..

तभी रूम मई ै की आवाज गूंजी स्कोर 7 आउट ऑफ़ 10…

शिवानी “ एक्टिवटे हार्ड मोड”

ै “एक्टिवटे काउंटडाउन स्टार्ट 9…8..7..3..2..1” और टार्गेट्स जल्दी जल्दी अप्पेअर होने लग gaye….aur शिवानी भी तेज़ी से फायर करने लगीई….

वंही बहार लॉन mai….dono मिर्त्युदूत एक दूसरे के सामने ….खड़े

पहला मिर्त्युदूत “जितना दम ह उतना लगा देना ….पता लगा पीटने के बाद बहना बनाये”

दूसरा मित्युदूत “ये तोह बाद मई पता चलेगा” और उसने एक जम्प के साथ अपना घुटना दे मारा जिसे पहला मिर्त्युदूत दूर पीछे जाकर गिरा और गिरने के साथ हे खड़ा हो गया और ज़िग जागते हुवे मित्युदूत तवो के एते वार को डॉज किया और साइड मई आकर मू पर एक पंच दिया जिसे दूसरे मित्युदूत को हुवा तेज़ दर्द…

पहला मित्युदूत “मज़ा आया “

दूसरा मित्युदूत खून थूक कर “सच मई आया अब मेरी बरी “

पहला मित्युदूत “अजा दिएर किस बात की ह”

दूसरे मित्युदूत ने पास आकर राइट किक घुमाई और पहले मित्युदूत ने ब्लॉक करने केलिए अपने हाथ आगे किये हे थे की दूसरे मित्युदूत ने किक हवा मई रोक कर तुरंत लेफ्ट लेग से हवा मई उछलते हुवे लेफ्ट किक को चेस्ट मई दे मरी पहला मित्युदूत उड़ता हुवा पीछे जाकर गिरा …..और बस दोनों मई घमासान युद्ध सुरु हो gaya….ek दूसरे पर वार करते करते एक ने सोर्ड निकल ली और दोनों इतनी तेज़ी से एकदूसरे पर सोर्ड अटैक करने लगे की अगर एककाभी वार मिस हो जाये तोह मौत पक्की थी….

इन्हे दूर से देख रही कविता “ ये दोनों आज ऐसे क्यों लड़ रहे ह जैसे एक दूसरे को जान से मार देंगे”

मनीषा “ी डोंट क्नोव कुटी पर आज दोनों हे बहुत सीरियस ह “

पूनम पीछे से टिया लेकर अति हुवी “ ये लो दोनों की टिया….”

मनीषा “कान्हा बिजी ह “

पूनम “ कंही नहीं तुम दोनों टिया पियो इनकी लड़े इमैन बंद karwati”itna कह वो टिया लेकर दोनों की तरफ जाते हुवे बोली… “बस अब टिया पि लीजिये …और है अगर ये टिया भी ठंडी हुवी तोह मैं आप दोनों का खाना पीना कर दूंगी ….याद रखना फिर करना खली पेट प्रैक्टिस …. “

दोनों मिर्त्युदूत तुरंत रूक गए क्योकि वो दोनों पूनम को बेटी की तरह मानते the….aur पूनम भी सबकी तरह उनका भी ख्याल रखती थी…

पहला मित्युदूत “ऐसा जुल्म मत करना वो तोह तुम्हारे चाचा का आलस दूर भगा रहा था आलसी हो गया ह ….”

दूसरा मिर्त्युदूत बस घूरता रह गया ..

पूनम “सब मालूम ह आप दोना का मुझे आपकी छोटे अभी तक तीख नहीं हुवी ह और आप दोनों …”

दूसरा मित्युदूत “ बस बस हम सब समज गए ह गलती हो गयी….”

पूनम “ वैसे भाई कान्हा ह उन्हें देखा अपने “

मित्युदूत कुछ बोलता उसे पहले हे

मनीषा “बेसमेंट मई ह मार पिटाई से जी नहीं भरा ह अभी ….और है साथ मई शिवानी दी भी ह …चल मैं भी चलती हु देखते ह क्या हो रहा ह”

दोनों निचे टिया लेकर पहुंची तोह सामने एक ट्रांसपेरेंट ग्लास से शिवानी प्रैक्टिस करती हुवी दिखाई दी तोह एक तरफ सुनील प्रैक्टिस मई लगा हुवा था….

पूनम “ भाई आपकी चोट तीख नहीं हुवी ह और आप”

सुनील “ वक़्त नहीं ह पूनम “

मनीषा “किस बात का वक़्त नहीं ह आपके पास”

सुनील आवाज सून कर रूका और पीछे मूड बिना हे बोलै “ पिछली कुछ रातो से सपनो मई कंही दूर एक स्टॉर्म भयानक गर्जन कर रहा ह और मुझे उसकी गर्जन सुनाई देती h….aur उस स्टॉर्म के बीचो बिच मेरा यार घायल खड़ा मुझे मदद के लिए पुकार रहा h….Ho सकता ह ये महज सपना हो पर क्या होगा अगर ये हकीकत हुवी तोह इसलिए वक़्त नहीं ह मेरे पास”

पूनम “पर उनके साथ अपने कहा था उनके गुरु ह “

सुनील “ है पर सब इंसान ह …और धोखे से किसी को भी मारा जा सकता ह चाल मई फंसाया जा सकता ह”

मनीषा “ तोहफिर आपको उनके पास जाना चाहिए ….”.

सुनील “इतना आसान नहीं h…usne अपना ट्रैकर ऑफ कर रखा ह और वो खुद हे ों करेगा तभी मैं जा सकता हु….”

मनीषा “ तोह फिर सोनल दी को कहु ढूंढने के लिए “

सुनील “ आप सच मई राज की जैसी हे हो वो भी सोनाली दी को छेड़ता ह और मुझे पिटवाता ह और आप भी वही कामकर रही हो वो भूत की तरह मेरे पीछे लग जाएँगी राज को ढूंढने के लिए और मैं उन्हें समजा नहीं पाउँगा …”

पूनम “आप को जैसा तीख लगे वैसा करे पर पहले खुदका धयान भी रखे “

पीछे से शिवानी एते हुवे “वो सब तोह तीख ह पर मेरी हिटलर दी कान्हा ह “

सुनील “ एक मिनट और अपनी वाच मई लोकेशन देखि और बोलै …हहहहह वो इस वक़्त जमीन से 100 मेटेरे की ऊंचाई पर ह और करीब ेखोर से एक हे जगह पर ह पर ये कैसे “

शिवानी “ बचऊ वो एक स्नाइपर भी ह ….तुम ये नहीं जानते होंगे ….और वो इस वक़्त डेफिनेटली शिकार कर रही hongi….samjhe बहनो के bhaiyaa….tumhari हर बहन एक मिस्ट्री ह …राखी बंधवाने से हे डूएटी ख़तम नहीं होगी क्यों भाभी “

सुनील “दी सीरियस …वैसे भी दादाजी का कॉल आया था ….तोह वो भी पूछ हे रहे थे उनका …….वेट वेट वो मूव कर रही h….muje लगता ह दादाजी का कॉल गया hoga….ya उन्होंने अभी देख कर वापस किया होगा …. और फिर ….वेट वेट कंही अपने तोह कॉल नहीं करवाया ह ..”

शिवानी “बिलकुल ..मैंने करवाया ह क्या करती तोह वो सुनती हे नहीं ह बस गुसा जिसे गुसा ….गोली चुकार निकली ह गांव पूरा भरा नहीं ह पर उन्हें तोह फ़्रस्ट्रेशन निकालनी h…jab वो सामने होता ह तब उनकी छूऊँ तक नहीं निकलती ह”

पूनम और बाकि सबके चेहरे पर मुस्कान आगयी …

सुनील “ है सही कहा अपने ….”

तभी अनिरुद्ध भी आगये …..

अनिरुद्ध “ पूनम मनीषा कविता आप तीनो ऊपर जाओ”

तीनो जनि ऊपर चली गयी तब….

अनिरुद्ध “ जैसा तुमने कहा तहà वैसा हो गया पर तुम इतना पैसा ….”

सुनील “कभी कभी पैसा जान नहीं बचा पता ह बड़े पापा इसलिए खर्च कर उसका सही उसे करते रहना चाहिए वैसे भी मुझे पैसा कभी चाहिए हे नहीं था और न चहियेगा”

शिवानी “ तोह कान्हा खर्च किया ये तोह बता दे “

सुनील “ हिटलरडीडी को भी अजाने दो वर्ण जान खाएंगी फिर मेरी बस हाफ ऑवर की बात ह तब तक नास्ता करते ह”

शिवानी “ गुड ये तीख ह”

फिर सुनील ने एआरपीएस मैकः “ आप दोनों भी निचे àजाईये”

और कुछ हे दिएर मई दोनों मिर्त्युदूत भी निचे agaye…..aur सोनाली का वेट करने लगे….

प्लेस मंडावा…..

दादाजी ….. दूर से भीमा शेरदिलको ट्रेनिंग देते हुवे देख रहे थे…

भीमा “ एक वार एक हड्डी मेरे शेर “

शेरदिल “कसम खुदा की चाचा एक हड्डी नहीं गर्दन हे उखड दूंगा”

भीमा “शाबास मेरे शेर तोह तोड़ दाल इन लकड़ी के मजबूत पुतलो की गर्दन पर याद रखना कलाई वार के वक़्त बिलकुल सीधी रखना वर्ण कलाई भी टूट सकती ह ….”

शेर दी ने हां मई गर्दन हिलायी और तेज़ी से आगे भड़ता हुवे चेहरे पर तोह चेस्ट पर मरता gaya….aur जब रुका तोह उसके दोनों हाथो से खूंटपाक रहा था….

भीमा “शेर के पसीने नहीं खून निकलता ह जो बताता ह की वो अब और बेहराम और क्रूर ह …”

शेरदिल “ राज भाई के पास कब जाऊंगा चाचा “

तभी पीछे से दादाजी की आवाज आयी

… “जब तुम अपने पिता से जायदा मजबूत और भीमा की ट्रेनिंग मई पास हो जाओगे”


भीमा पेअर चुकार बाबूजी …

शेरदिल… “ नानाजी पर भाई को जरुरत होगी मेरी “

दादाजी “ जरूर ह और ऊपर वाले की रहमत रही तोह तुम उसकी परछाई बनकर उसकी रक्षा karoge…par उसके लिए तुम्हे बहुत म्हणत करनी ह और मेरा दिल कह रहा ह की युद्ध बेहद करीब ह ….क्योकि मुम्बई मई अब आखिरी वार होना h….tum दोनों भाइयो की हीमत हे हमे आखिरी मंझिल की और लेकर जाएगी ….तुम ऐसे हे म्हणत करते रहो “

तभी पीछे से जानवी और रिफत और अजय भी गए जो अपने हाथ से ड्रोन को उदा रहे थे…..

दादाजी “अरे वाह जानू (जानवी) पायलट बनेगा”

जानवी “ऑफ हो नानाजी ये ड्रोन ह ये हमारे पुरे गाँव की निगरानी करता ह ये देखिये इस स्क्रीन पर हम आसपास जो हो रहा ह सब देख सकते ह”

दादाजी ने निचे झुक कर देखा और बोले हम ये तोह बहुत ाचा ह ….किसने बनाया

शेरदिल “आजकल शादियों मई इसका उसे. खूब होता ह …..”

अजय “ये कोई ऐसा वैसा ड्रोन नहीं ह भैया इसमे एडवांस सेंसर और हद कैमरा ह नाईट विशन के साथ ….हम हर छिपी हुवी जगह तक निगरानी रख सकते ह “

रिफत “बिलकुल और मुझे भी चलना अत ह अब हम तीनो एक टीम ह ….मैं भी अब कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग मन लगा कर सिख रही हु “

ठाकुर जगमाल सिंह की आँखों मई ख़ुशी के आंसू आगये ….

भीमा “ बाबूजी “

दादाजी “ मैं तीख हु भीमा …खास उस वक़्त भी सब इतने होशियार होते तोह हम सब आज ऐसे छिपकर नहीं जी रहे होते …”

भीमा “ राज पर विस्वास रखिये बाबूजी उसकी हीमत …सुनील की जिमेदारी और आपके अनुभव से हम पहले से जायदा ताकतवर होंगे और फिर कोई हमपर पीछे से हमला नहीं कर पायेगा”

अजय “ भीमा चाचा …हमरा एक सामान जयपुर इम्पोर्ट होकर आया ह आप वो मंगवा देंगे …देखना ….लेन वाला काफी संभलकर लाये “

दादाजी “भीमा एक काम कर इन तीनो को हे लेजा मूवी शॉपिंग जो करनी ह वो भी करवा देना बहुत दिनों से काम मई हे बिजी थे और तू भी नयी ड्रेस ले ले बूढ़ा लगता ह इन कपड़ो मई…”

जानवी “वहु पार्टी पार्टी पार्टी …..”

रिफत ने उसे अपनी बांहो मई उठा लिया आखिर इतनी बड़ी हवेली मई वो दोनों हे बहने हे तोह एक दूसरे की बेस्ट फ्रेंड्स थी …पिछली लड़ाई के बाद से ये इनसब के लिए ख़ुशी का पल tha……par ऐसा नहीं था की खली ये हे म्हणत कर रही थी एक लड़की और भी थी जो राज के अहसान को मानती थी …और वो थी स्कूल की वो लड़की कृति जिसको राज ने ब्लैकमेलिंग के चुंगल से बचाया था …और आज वही लड़की …अमेरिका दादाजी की वजह से स्टडी कर रही thi….aur उसने अपनी स्ट्रांग विल पावर से ये साबित कर दिया था की दादाजी ने उस पर विस्वास सही दिखाया tha….wo ..एक साथ दो मैनेजमेंट कोर्सेज को पढ़ रही thi….kyoki उसे आगे जाकर एक बड़ी जिमि दरी लेनी थी एक मिडिल क्लास फॅमिली की लड़की अब देमंदाबले लड़की होने लगी थी जिसे अभी से अलग कम्पनीज से करोड़ो के पैकेजेस के ऑफर मिलने लगे the…par उस लड़की के दिल मई सिर्फ एक हे टारगेट था मुझे उसकी मदद के लायक बनना h…aur उसी के लिए उसने सायद हे कोई मिनट ख़राब किया हो …और जल्द हे वो अपने टारगेट पर पहुंचने वाली भी thi……..aur इस वक़्त वो अपने एग्जामिनेशन और प्रोजेक्ट्स के ग्रेड देख रही थी ….और उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे पर आँखों मई एक चमक थी और वो धीरे से बोली “मैं जल्द हे प्रूफ करुँगी राज की तुमने मुझे उस दिन मेरी लाइफ सेव करके मुज पर कितना बड़ा अहसान किया tha…main जल्द वापस आउंगी …राज …”तभी उसके पीछे से आवाज आयी “कृति कोंग्रटुलतिओन्स बेब लेटस जो फॉर पार्टी “

कृति “no बेब िफ़ यू वांट पार्टी थें वे विल सेलिब्रेट इन आवर रूम ओनली ोथेरविसे ी हैवे तो जो फॉर स्टडी इन लाइब्रेरी…”

उसकी बाते सून उसकी फ्रेंड मू लटका कर बोली “स्टडी स्टडी स्टडी हाउ बोरिंग यू अरे कृति “

कृति मुस्कराती रह गयी आखिर सब उसे सीरियस लड़की की इमेज मई जानते थे पर वो आज मुस्करा रही थी क्योकि 2 साल मई उसकी स्टडी पूरी होने वाली thi….phir वो इंडिया जाने वाली थी अपने दोस्त के पास तभी उसे मैसेज आया .. कोंग्रटुलतिओन्स beti…aur मैसेज पढ़कर तुरंत उसने कॉल लगा दिया….

Place…forest नियर मुम्बई…..

सभी “अलर्ट ….आगे पहाड़ आने वाले ह और ये जगह बहुत जायदा गहरी हो गयी पेड़ो और बेलो से ….”

राज “ यस मास्टर मुझे भी ऐसा लग रहा ह जैसे हम मंजिल के बेहद करीब ह क्योकि पिछले दो दिन से हम पर कोई हमला नहीं हुवा ह ये सब बता रहा ह की कुछ बहुत खतरनाक होने वाला ह”

आग “हम्म्म्म तुम सही कह रहे हो और एक बात यंहा बेहद शांति ह …”

राज “ सर पिछली बार जब मैंने उस किलर आर्गेनाइजेशन मेंबर का पीछा किया था तब वो उसी पहाड़ी की तरफ जा रहा था पर आगे मैं उसका पीछा नहीं कर पाया था क्योकि वो गायब हो गया था…”

सभी “ जरूर अंडरग्राउंड उन्होंने बेस बना रखा ह”

आग “ये सामने पहाड़ी देख कितनी बड़ी ह और दोनों पहाड़ी एक दूसरे से चिपकी हुवी ह और वंहा पेड़ो की लम्बाई भी ऊँची ह इसका मतलब साफ़ ह की वंहा जरूर कुछ ऐसा ह जो दुनिया से छिपाया जा रहा ह हमे प्लान ा एक्टिवटे कर देना चाहिए”

सभी “चुप कर पिछली बार एक्टिवटे किया तब कुछ नहीं मिला था और प्लान ा एक्टिवटे करने की वजह से एक महीने नरक की सजा मिली थी …अभी तक रोम सिहर जाता ह …”

आग “तोह उसे तू स्ट्रांग हे हुवा ह ….और मेरा दिल कहता ह आगे हमे मौका नहीं मिलेगा सायद तू समाज रहा मैं क्या कहना चाहता हु

सभी “नहीं अगर वो गद्दार यंहा ह ये सूरे होने पर हे प्लान ा एक्टिवटे करेंगे “

राज “सर सामने देखिये वो एक किलर आर्गेनाईजेशन का किलर दिख रहा ह जो पेड़ पर से निगरानी कर रहा ह ..”

सभी और आग जो राज से पीछे थे वो एआरपीएस मई उसकी आवाज सुनके आगे आगये ..राज एक पेड़ की दाल से छिपकर उन दोनों को इशारा किया और दिखाया

सभी “ सभी चारो तरफ फ़ैल जाओ और धयान से आगे बढ़ो …और तुम राज यही रहकर हमारे सिग्नल का वेट करो “

राज “पर मैं “

सभी “राज तुम हमारा बैक उप हो अगर ये ट्रैप हुवा तोह तुम हमारा बैकअप होवोगे ok और तुम सीधा प्लान ा एक्टिवटे कर डोज और यंहा से तुरंत वापस चले जाओगे “

राज “नहीं “

सभी “बदला नहीं लेना ह”

राज “पर सब को छोड़कर नहीं “

आग “हमरे परिवार को जिसने मारा ह उसका मरना बहुत जरूर ह इसलिए जिद्दी मत बनो जो कहा उसे करो वर्ण बचे हुवे लोग भी मरेंगे क्योकि इस लड़ाई के बाद सब बदलने वाला ह “

राज की मुठिया कास गयी और जबड़े गुसाई और बेबसी से कास गए और फिर उसने है मई गर्दन हिलायी सभी ने उसके कंधे थप थपाये और धीरे धीरे आगे बढ़ gaye….piche राज उन्हें जाता देखता रहा ……उसका दिल उसे उनके पीछे जाने को कह रहा रहा tha…aur उसने कुछ सोच कर काफी duri.rakh कर उनका पीछा करना सुरु कर diya….usne अपने हाथ मई बानी वाच को देखा और उसमे कुछ सेटिंग्स की और फिर उन सबके पीछे जाने laga…wanhi सभी एंड टीम उस किलर के आसपास की जगह को ऑब्सेर्वे करने लगे की कोई आसपास और तोह नहीं ह ….

सभी “ आग उसके पास कोई नहीं ह उसे जिन्दा पकड़ना ह”

आग ने गर्दन है मई मई हिलायी और उस किलर के करीब पहुंच gaye…aur पास पहुंचकर एक पत्थर जो हाथ मई था ु उसे उन्होंने किलर के पीछे की तरफ फेंका जिसकी आवाज से किलर तुरंत एक्शन के लिए पीछे पलटा और आग जल्दी से उसके पीछे आगये और किलर समाज पते तब तक नाइफ उसकी गर्दन पर था…

आग “हिला तोह मरेगा बस 2 सवाल और फिर जाने दूंगा वडा ह “

किलर ने है मई गर्दन धीरे से hilayiii…tabhi सभी भी आगये …

सभी “एंट्रेंस कान्हा से ह”

किलर “200 मीटर आगे 4 पेड़ एक साथ खड़े ह उसके बिच से हे जाना होगा वर्ण एक कदम धन्य भये हुवा तोह ज़हरीली सुईया सरीर के आरपार होंगी ….”

सभी “कितने लोग ह अंदर

किलर “लगभग 50 के करीब होंगे इस वक़्त बाकी 50 मिशन पर गए ह”

सभी ने गर्दन हिलायी तोह आग ने उसकी गर्दन काट दी ….

सभी… “क्या लगता ह “

आग “लगने से क्या होता ह जाना तोह ह हे हमे आज सबको मारकर हे वापस जाऊंगा ..”

सभी “गरम दिमाग …तीख ह पर धयान से टीम को और डिवाइड करदे… हम अलग घुसेंगे मतलब रूक रूक कर ताकि एक साथ न फंसे “

आग “तीख ह” …इतना कह वो सबसे आगे बढे जबकि सभी और टीम पीछे रूक कर उनके पीछे एक एक करके आने लगे…

आग कुछ दिएर बाद “ये रहे वो पेड़ …इनके बिच से हे पैटर्न होना चाहिए …मुझे वो पैटर्न ढूँढना होगा इतना कह आगे बढे और पेड़ो के करीब आगये चारो पेड़ एक खास तरह के सदा बहार पेड़ थे ..आग ने ध्यान से निचे जमीन से लेकर ऊपर तक धयान से देखा तोह उन्हें कुछ भी ऐसा दिखाई नहीं दिया जो खतरनाक हो अब उनकी नज़र निचे पेड़ो के बिच से आगे कुछ मेटेरे दूर आगे गयी जंहा जमीं पर पैटर्न बने हुवे थे अलग अलग ….किसी पर नाइफ तोह किसी पर सोर्ड तोह किसी पर डैगर बना हुवा था…

आग “अब इसका क्या मतलब हो सकता नाइफ ,डैगर सोर्ड ये पैटर्न आगे तक बने हुवे ह …मैं कुछ फेंक कर देखता हु “

उन्होंने ने एक लकड़ी का डुकता फेंका तोह कुछ नहीं हुवा फिर एक पत्थर उठा कर फेंका जो गिरा पर इस बार भी कुछ नहीं हुवा ….. “तोह क्या ये बस महज एक डिज़ाइन ह जैसे हमने बना राखी ह पर दिल तोह कहता ह की नहीं …अब क्या करू एक कदम रख कर देखता हु ….”

और उन्होंने एक कदम रखा कुछ नहीं हुवा ….फिर दूसरा ऐसे हे वो 20 मेटेरे आगे आगये पर फिर भी उन्हें कोई खतरा नहीं दिखा वो अलर्ट होकर आगे बढ़ रहे थे अब धुंध फैलने लगी जिसकी वजह से उन्हें अब सिर्फ 10 मेटेरे आगे तक का हे दिख रहा था वो एअर पीेछे मई बोले “सभी अब तक सब तीख ह”

सभी “ हम तेरे पीछे हे ह और तेरी आवाज रूक रूक कर रही ह धयाँसे “

आग जो सून रहे थे उन्हें सुनाई देना बंद हो गया उन्होंने एअर पीेछे चेक किया तोह उनका कांटेक्ट टूट गया था वो आगे और बढे हे थे की उनका पेअर अबकी बार जैसे हे जमीं को को चुवा निचे की जमीन पूरी गायब हो गयी जैसे निचे जमीं कभी थी हे nahi….wo सिग्नल तक नहीं दे पाए अपने पीछे से आरहे सभी और बाकि को …..उनके पीछे आरहे सभी भी पूरी तरह अलर्ट थे पर उनके एअर पीेछे के कांटेक्ट कुछ कुछ मीटर आगे आकर टूट ते जा रहे the…aag के पीछे वाला फाइटर जैसे हे आगे आया और उसने एक जगह पेअर रखा तोह एक सुई उसके सरीर मई लगी और उसके निचे की जमीं गायब हुवी और वो निचे फिसलते हुवे चला gaya….aur पीछे आरहे सभी और फिघ्टर्स को हवा तक नहीं लगी की वो चक्रवयू मई फंस चुके h….Aur एक एक करके गायब हो रहे h…..xabhi को अहसास हुवा तोह उन्होंने रूक कर एक फाइटर को अपने पास बुलाकर पेड़ पर चढ़ कर साथ आने को कहा पर वो पेड़ पर थोड़ा ऊपर हे चढ़ा था को वो सीधा निचे आकर गिरा ….और उसकी जान चली गयी ….

सभी “इसके सरीर पर कोई खरोच तक नहीं ह फिर कैसे ….”

तभी उन्हें उस फाइटर के मू से खून बहार एते दिखा ….

सभी “ ये तोह पाइजन से मारा गया …फिर तुरंत सभी को मास्क पहनने का इशारा किया……..”

सभी अभी भी कुछ अंतर से आगे बढ़ रहे थे पर बैलो का एक जाल सा बिछा हुवा था साडी जगह …जिसकी वजह से आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा सभी जंहा आग गायब हुवे थे वंहा पर पेअर रखा पर कुछ भी नहीं हुवा वो आगे बढ़ गए और उन्हें अब रास्ता तीन भागो मई बाँट ता दिखाई दिया वो पहले निशानी ढूंढने लगे की आगे वाले किस तरफ गए ह पर उन्हें कौन बताता की वो निचे चले गए ….जब उन्हें कुछ समाज नहीं आया तोह वो बिच वाले रस्ते हे आगे बढ़ते गए और ऐसे हे उनके पीछे आरहे शख्स सभी के बनाये निशंक के पीछे घुस गए ….

सभी कुछ दूर आगे जाकर रूक गए क्योकि उनसे आगे गए 16 जाने गायब थे और जब उनके 15 साथी और आगये तब वो धीरे धीरे आगे बढ़ने लगाई और अब की बार वो सभी सीधे पहुंचे एक खुले मैदान मई जो 60 फ़ीट चौड़ा और इतना हे लम्बा था पर ऊपर से पेड़ की डालो से और बेलो से कवर था जो पुरे साल हरी भरी रहती थी …….

सभी “तैयार हो जाओ”

सभी फाइटर तैयार हो गए पर उन्हें कोई खतरा दिखाई नहीं दिया तभी आसपास की झाडिया हिली और हरी ड्रेस मई एक के बाद एक फाइटर एते गए और उन्हें घेर लिया …उनसब मई से एक आगे आया और बोलै “आपकी पहचान”..

सभी “क्या तुम्हारे गुरु ने लड़ाई मई बाते करना सिखाया ह”

किलर “हमारे मास्टर तुम एक मौका देना कहते ह और जानना चाहते ह तुम कौन हो”

सभी “तुम्हारे मास्टर का नाम “

किलर चुप रहा क्योकि उसे तब बोलना था जब उसे जवाबमिले

किलर “आखिरी बार पूछूंगा आपकी पहचान”

इसबार सभी कुछ नहीं बोले और फाइटिंग के लिए रेडी हो गए ….

वंही कुछ पल पहले आग जब निचे फिसले थे उन्होंने अपनी सोर्ड साइड मई घुसकर खुद को रोकना चाहा पर दीवार स्टील की थी इसलिए वो रोकनही पाए खुद को फिर शूज मई लगे स्पीक्स की मदद से खुदको स्टेबल करना चाहा तोह कुछ कामयाब तोह हुवे पर अभी भी फिसलते हुवे निचे जा रहे थे और जब रुके तोह वो एक हॉल मई थे और अब हॉल के अंदर उनके सामने कई सरे लेवल 3 के किलर्स the….jinhe देख उनके चेहरे पर मुस्कान आगयी …

आग ने कुछ देखा और वो जोर से बोले “है है है ….तू आज भी खुद का कुछ नहीं बना सका और न बना पाया है है है ….बिखरी ह टूउउ है है है है ….सेल गद्दार तेरी नेसल भी गद्दार हे hogi….kyoki तुजसे वो गद्दारी हे सिखिनगी …ाजाओ देखु क्या सिखाया उस गद्दार ने तुम्हे “

और उस हॉल माँ फाइटिंग सुरु हो गयी जंहा आग का खूंखार रूप सामने आया वो कभी फर्श पर फिसलते हुवे तोह कभी जम्प लेते हुवे 7 फिघ्टर्स से लड़ रहे थे और लड़ाई बिलकुल बराबर की थी….

ऊपर सभी की टीम और उन किलर्स के बिच जबरदस्त फाइट सुरु हो gayi…..xabhi जो क्लोज कॉम्बैट और इतनी फाइट कर चुके थे वो पुरे एक्सपीरियंस से लड़ते हुवे एक एक करके पूरी जगह मई घूमते हुवे किलर्स को मार रहे the….koyi भी उनपर हमला नहीं कर पर रहा था पर वो सबके बिच से छिपकर तेज़ी से काम जगह का फायदा उठा रहे थे उनके हर वॉर के साथ वो किलर्स मरते गए साथ हे उनके फाइटर भी मरते gaye…..jab फाइट रुकी तोह सभी के सिर्फ 5 फाइटर जिन्दा बचे थे….

सभी “ क्या करू आगे जाता हु तोह हम मरेंगे” फिर चेहरे पर कठोर एक्सप्रेशन लेकर “आखिर जिन्दा भी तोह bàdle के लिए हे हु मरूंगा तोह इन सबको लेकर मरूंगा…” सभी और आग ने सभी को ट्रेनिंग हे ऐसी दी थी की वो अपनी जान बिना हिचकिचाए दे सकते थे इसलिए उन सभी फिघ्टर्स के चेहरे पर कभी कोई एक्सप्रेशन नहीं होते थे…

सभी palatkar“tum सबको ट्रेनिंग देना मेरे लिए फक्र की बात थी …तुम एक सच्चे वारियर हो जो जिए शान से और मार्गो भी शान से औ होने मरे भाइयो को इज़्ज़त दे…”

सब ने अपनी सोर्ड ऊपर करके अपने मरे हुवे साथियो को रेस्पेक्ट दी

सभी “ यंहा रास्ता ख़तम ह आगे क्या ह मुझे नहीं पता ह अब कान्हा जाये “

तभी जिस जगह वो खड़े थे वो जगह दो जगह मई बाँट गयी और वो सभी निचे जाकर गिरे ……. उनसबको सिर्फ अँधेरा हे दिखाई दे रहा तभी लाइट्स ों हुवी और उन्हें पता लगा की वो एक खड़े मई ह जो पत्थर से किसी ने बनाया ह ….अभी वो कुछ बोलते एक तरफ एक गेट खुला और एक जाना अंदर आया और अपने पीछे आने का इशारा kiya…..wo सभी उस शख्स के पीछे पीछे जाने लगे …थोड़ी दिएर बाद हे वो सभी उसी ट्रेनिंग हल मई था जंहा किलर्स गैंग के किलर्स को उनके मास्टर ने तैयार रहने के लिए कहा tha….xabhi इधर उधर देख हे रहे थे की वो किलर जो इन्हे यंहा लाया था वो बोलै “हेलमेट उतर कर फेस दिखाओ….” सभी ने अपने अपने हेलमेट उतर दिए….

तभी एक आवाज वंहा गूंज गयी….

“वेलकम माय बरोथेर सभी कैसे हो “

सभी आवाज सुनकर इधर उधर देखने लगे पर उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दिया आवाज फिर से आयी .

“ओह भूल गए कोई नहीं मैं यंहा तुम्हारी धांई तरफ ऊपर हु….”

सभी की नज़र ऊपर गयी तोह उन्हें दिखाई दिया वो शख्स और उनके चेहरे पर जानलेवा भाव आगये ..

शख्स “इतना गुसा भाई को देख कर खुसी नहीं हुवी “

सभी “तू सेल गन्दी नाली का कीड़ा ह ….गद्दार ह तू …अरे भाई वो होता ह जो अपनी जान लुटा दे अपने भाई के लिए पर तू मैं तुझे फंसे मार दूंगा,”

सभी जैसे हे आगे बढे एक ब्लेड आकर उनके फाइटर के चेहरे मई घुस गयी और वो तडफडता हुवा निचे गिरकर मर गया …

सभी “तू आज भी नीच हे ह “

शख्स “वक़्त वक़्त की बात ह मेरे पास सब ह पावर ह पैसा ह तेरे पास क्या ह अब और क्या उखड लिया तुमने वफादारी se…uske गुलाम थे तुम…”

सभी “जब एक छोटा भाई बड़े भाई की बात मने तोह उसे प्यार कहते ह इज़्ज़त कहते ह न की गुलामी …और क्या नहीं दिया उन्होंने पर तू …”

शख्स “न सभी मेरे भाई न हिलना मत वर्ण तेरे साथी मरे जायेंगे …..ओह मैं तोह भूल हे गया वो हमारा एक भाई और कान्हा ह आग”

सभी “वो तेरी मौत बनकर ारः होगा”

तभी किलर्स गैंग के किलर्स सभी के फिघ्टर्स को घसीट ते हुवे लाये ….

शख्स “ ये रहे तेरे बाकी साथी जरा इनके फेस दिखाओ” और सबके फेस देख कर इनके बिच तोह नहीं ह ….Aag…phir कान्हा ह सभी दर गया जो आया नहीं “

सभी जबड़े भींचकर “वो तोह तुझे मौत कैसे दू इसके तरीके ढूंढ़ता ह वो डरेगा बिलकुल नहीं वो यही ह”

तभी कुछ किलर्स गैंग के लेवल 3 के फाइटर आग को झांझीरो मई बांधकर लाये …

शख्स “ओह्ह्ह ये रहा हमारा गुसैल भाई आग ये क्या हालत करदी ह तुम सबने खोलो खोलो इन्हे भाई ह मेरा बूत वेट वेट रहने दो ये ऐसा हे ाचा लग रहा ह “

आग बुरी तरह घायल थे क्योकि 7 को उन्होंने मार दिया था पर 7 और आगये थे जिनके सामने वो घुटनो पर agaye…ek लड़ाई जो उनके बराबर के फिघ्टर्स के साथ लड़ी थी वो हे बड़ी मुश्किल रही थी….

आग ने गर्दन उठाकर ऊपर खड़े शख्स को देखा तोह मुस्कराकर बोले “ासशोले नहीं समजा ओह्ह तू तोह गंवार ह फिर मू से खून थूक कर खांसते हुवे बोले गाआंड्डूणु”

ऊपर खड़े शख्स के चेहरे पर गुसाई के भाव आगये …..और बोलै “इन दोनों को बांध दो और बाकि सबको मर दो”

उसका आदेश सुनते हे एक साथ अलग जगह से बहुत सरे किलर्स आगये और सभी को जमीन पर पटक दिया और बाकी सबको मार दिया …..सभी और आग को घसीट ते हुवे ट्रेनिंग ग्राउंड के बिच मई बांध दिया ….वो शख्स ऊपर से चलता हुवा निचे aya…..aur दोनों के आगे खड़ा हो गया ……

सभी “विक्रम ….”

शख्स “विक्रम विक्रम ये नाम सुने काफी वक़्त हो गया h……par तुम तोह छोटे कहकर बुलाते थे और तू आग तू क्या कहता जा बे ला be….muje गुसा अत था जब तुम लोग मुझे ऐसे बुलाते थे क्या मैंने तुमसे काम म्हणत की या काम रिस्क लिया ….तुमसे जायदा गोलिया खांई h”phir पलट कर इनको अचे से स्कैन करो और कोई भी डिवाइस ह तोह उसे पानी मई दाल दो हर हाफ ऑवर मई इन्हे एक कट दो इनकी मौत तड़पते हुवे बिलकुल धीरे धीरे होनी चाहिए ह…

सभी “ सहदेव भाई ने तेरे साथ कभी गलत नहीं किया फिर उनके साथ तूने क्यों किया “

विक्रम जो वापस जा रहा था वो बोलै…. पावर सीक्रेट बस यही कारन ह वैसे भी मुझे उसकी फॅमिली को छोड़ पुरे खंडन को मरना था वो मैंने कर दिया था उन्हें मैंने देखा हे nahi….aur रही बात उसके बीवी बचे की तोह बचा पहले हे मर चूका ह और बीवी भी मर हे चुकी hogi….kya करती जी कर पति के बिना …और तुम लोग क्या करोगे जानकार याद ह न तुम्हारे गुरु को कैसे मार कर पहाड़ी के निचे फेंक दिया था तुम्हारी हे आँखों के सामने …तुम्हारी पावर कुछ नहीं ह उन सबके सामने ….समझे दूर रहते तोह बचे रहते पर अब तुम भी मरोगे….”

आग “है है है सच मई तू गाँड़ूऊ हे ह ……है है है …..

विक्रम “हंसले हंसले अभी तेरी तेरी आँखों के सामने हे सभी मरेगा तड़प तड़प जार तब देखूंगा ऐसे हे हंसेगा kya….aur फिर सबको इशारे से वापस छिपने का आर्डर दिया क्योकि उसे उम्मीद थी की और भी फाइटर आएंगे …

एक ऑवर….

2 ऑवर…..

3 ऑवर ….

4 ऑवर बिट गए…..

विक्रम निचे आने वाला हे था की तभी उस सन्नाटे को चीरते हुवे किसी लोहे की चीज को जमीं पर घसीटने की आवाज आयी ……..विक्रम ने ऊपर से निचे आवाज की दिशा मई देखा जंहा ….एक शख्स एक सोर्ड को जमीं पर घसीट ता हुवा तोह दूसरे हाथ मई चार कटे हुवे सर ला रहा था…….

प्लेस मुम्बई फार्म हाउस …

3 ऑवर पहले ….

टीवी पर न्यूज़ आयी ….

मुम्बई मई मौसम ख़राब होने वाला ह घरो मई रहे सुरक्षित रहे…

पर टीवी से alag…..sunil अपने सूट को पहन रहा था……

सोनाली “उसे घर कर देख रही थी…..

सुनील “ घूरना बंद करिये आप और कोई सवाल नहीं पूछेंगी वो 2 ंद लाकर मई आपकी ड्रेस का सेट ह उसे पहन लो बस और शिवानी दी को भी बोल्दो…

सोनाली ने लाकर से अपनी ड्रेस निकली जिसके साथ हे एक स्नाइपर पड़ी थी …सोनाली ने अपनी ड्रेस्सनीकली जो स्ट्रेचेबल थी और साथ हे एक बुलेटप्रूफ जैकेट भी tha…jo उसने पहन liya…..wo दोनों तैयार हो रहे थे तब मित्युदूत भी आगये ….और बोले … “सब तैयार ह”

सुनील “लेटस जो “

मित्युदूत पर हम सिर्फ 25 जाने हे ह आप अचे से समाज सकते मैं क्या कहना चाहता हु…..

पर सुनील ने उनकी एकनही सुनी और वो बहार निकल गया जंहा सब थे पर किसी ने कुछ नहीं कहा …

वंही राज अब चलकर ट्रेनिंग ग्राउंड की तरफ आने लगा तोह ऊपर से एक किलर सीधा आकर राज के सामने ऊपर निचे जम्प करके आया …..राज ने 2 हे मूव मई उसकी गर्दन ठाड़ से अलग कर di……ab 2 जाने सामने ए राज ने 2no की गर्दन भी धड़ से अलग कर दी …तब उसके सामने आया लेवल 3 के 2 फाइटर जिन्होंने दोनों ने अपनी सोर्ड से एक साथ वार किये राज ने भी दोनों स्वोर्ड्स हाथ मई ले ली और उनके वॉर को रोका …अब एक वार करता जिसे राज रोकता तभी दूसरे का वार ajata….upar से विक्रम सभी से “ ओह तेरा बैक उप ह यंहा तक पहुंचना नामुकिन था पर ये यंहा पहुंचा ह ाचा त्रिनेड किया ह तुमने पर अफसोस ये मरेगा “

वंही राज और दोनों किलर्स के बिच फाइट इंटेंस चल रही थी जंहा राज ने अब मौका मिलते हे एक का पेअर काट दिया और अब अकेले के साथ लड़ना उसके लिए आसान था उसने कुछ मूव्स मई हे दूसरे की गर्दन काट दी…

विक्रम “ बहुत खूब बहुत खूब मेरे साथ अजा जो मांगेगा वो मिलेगा तुझे “

राज “सच मई “

विक्रम “सच मई बोल क्या चाहिए तुझे”

राज “तेरा कलेजा ….वैसे मेरे मास्टर सही कहते ह …..ह तोह चू गाँड़ूऊ…”

विक्रम का चेहरा गुसाई से तिलमिला गया …

आग “ जोर जोर से हसने लगे…”

विक्रम “तेरे तोह जिस्म के हर अंग को तेरे जिन्दा रहते हे काटूंगा main….isai जिन्दा पकड़ो “

उसके आर्डर के साथ हे एक साथ लेवल थ्री के बेहद खुंखाकर फाइटर एक साथ उस पर टूट पड़े …..

एक ऑवर बाद राज घुटनो के बल बैठा था उसके चारो तरफ खून हे खून था किसी का हाथ तोह किसी के पेअर पड़े थे…

विक्रम “ अब क्या करेगा …..कितनो को मरेगा मैं और भेज दूंगा तू अकेला ह और आज तू मरेगा हे मरेगा वो भी मेरे हाथो से तड़प तड़प कर”

राज मुस्करा कर सोर्ड के सहरे खड़ा हुवा और बोलै “ मुदात्तो से तलाश थी जिनकी hume….wo हमे mile…aur मिलते हे अलविदा कह diya…..behraham को इतनी भी क्या जल्दीए थिई” “अभी तोह खून गरम हुवा ह mera….aur है न मैं अकेला था न कभी होता हु ….मेरे लिए मदद अति हे होगी ……वो ऊपर देख स्टॉर्म ारः ह ….

विक्रम को ऊपर कुछ दिखाई नहीं दिया ….वो बोलै “ऊपर छठ ह और कुछ नहीं….

राज “धयान से देख “

Vikram”isai भी पकड़कर बांध दो और मिर्ची नमक लगाओ घाव पर खातिर धरी करो इसकी ….

तभी बूम की आवाज आयी और छठ के परखचे उड़ गए…..

राज ने अपनी सोर्ड को कसकर पकड़ लिया और बोलै “इतनी भी क्या जल्दी ह”……

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…
 
अपडेट 203 ों संडे नाईट बिटवीन 9 पं तो 10 पं....

मेघा अपडेट स्टॉर्म हवस
 
अपडेट 203 …

मेघा अपडेट....

स्टॉर्म हवस…….

बुम्म्म की आवाज से धमाका हुवा …..

राज जोर जोर से हसने लगा …..कहा था न मैं अकेला नहीं हु … इधर देख इधर मेरी तरफ...

मेरा बैक उप देखेगा …….”

फिर गुसाई से उसे घर कर “स्टॉर्म की आवाज तोह सूली अब ऊपर अपनी आंखे खोलके देख उसका कहर तुज पर भरसने वाला हे ह तुझे अब साफ़ साफ़ दिखेगा ….और जब विक्रम ने ऊपर की तरफ धयान से देखा तभी एक बिजली चमकी …और जो उसने देखा उसे देखते हे उसकी आंखे चौड़ी हो gayi….wanhi आग और सभी भी ऊपर देख कर हैरान हो गए थे ……

राज …. “लड़ाई अकेले अपने दम पर न कोई जीता था न कोई जीत पाया ह और न जीत payega….jisne ये करने की सोची वो ख़ाक मई मिल गया……. और मुझे इतिहास बनाना ह न की बनना ह गद्दारी तेरे खून मई ह तोह वफादारी हमारे खून मई आज भी जिन्दा ह ….एक भाई की एक भाई के लिए …..एक दोस्त की एक दोस्त के लिए ….एक गुरु की अपने शिष्य के लिए ….तोह एक शिस्य की अपने गुरु के लिए……. और एक खून की अपने खून के लिए….”

विक्रम बस बहुत बोल लिया tu….ab सबसे पहले तू मरेगा और फिर ये दोनों…. “ टुकड़े टुकड़े कार्डो इन सबको “

उसका आर्डर सुनते हे 2 किलर राज की तरफ भद्दे और दो सभी और आग की तरफ …और चारो ने अपनी स्वोर्ड्स हाथ मई पकड़ ली तोह राज भी तैयार हो गया उसके हाथ से खून रिस्ता हुवा स्वोर्ड्स से अभी भी टपक रहा tha….wo दोनों किलर्स अटैक करते तभी 2 गोलिया उनके खोपड़ी के आर पार हो गयी …….. और दो गोलिया सभी और आग की तरफ बढ़ते किलर्स के सर मई लगी…

विक्रम ने ऊपर की तरफ देखा जंहा अब उसे सब क्लियर नज़र आने लगा था और उसे दिखे बहुत सरे परचुटेस जिनके पीछे बिजलियों की चमक दिख रही थी मनो की तूफान उन पर भरसने वाला हे हो… विक्रम और किलर आर्गेनाईजेशन के किलर्स को पहले दिखाई नहीं दिए था अब अचे से परस्कूति दिखने लगे the…jinhone पुरे आसमान को धक् लिया था और उन्ही मई थी शिवानी और सोनाली भी जिन्होंने गोलिया चलिए थी ……

तभी राज के एआरपीएस मई आवाज आयी …..

“मुझसे तुम्हे कभी दूर नहीं जाने दूंगी और जो तुम्हारी तरफ बढ़ेगा उसे दुनिया से उठा डूंगीए…”

राज जो खून से लेथ पथ था उसके चेहरे पर मुस्कान आगयीईइ…

ऊपर शिवानी और सोनाली दोनों अलग अलग होकर ऊंचाई की तरफ चली गयी और एक पेड़ मई फंस कर रुकी क्योकि वो एक स्नाइपर थी उनको भागने वालो को मरना था बाकि को बचने की जिमेदारी दी थी और वो दोनों हे 5 के ग्रुप के साथ सबसे पहले स्काई से निचे कुड़ी thi…..wanhi सुनील ग्लाइड करते हुवे टीम के साथ निचे ारः था किलर्स आर्गेनाईजेशन के किलर्स ने निचे से उनपर अटैक करने सुरु कर दिए तोह ऊपर से भी पलटवार सुरु हो गया सुनील ग्लाइड करता हुवा तीख राज के पास उतरा ….

सुनील “ह तोह तू इसी लायक दी तीख कहती ह तुजे पीटना चाहिए मन तोह बहुत गालिया देने को करता ह पर लगेंगी तोह मुझे हे… लगता ह जल्दी आगया थोड़ा और पीटने देना चाहिए था एक आधी तंग टूटने देता तोह तीख था ….काम से काम टिका तोह रहता “ सुनील कुछ और कहता राज ने उसे गले लगा लिया ….सुनील भी राज के गले लगने से समाज गया की जरूर कुछ हुवा ह

विक्रम “ हो गया तुम्हारा सर्कस इतना कह उसने चुटकी बजायी तोह बेसमेंट से किलर्स गैंग के लेवल 4 के 25 किलर्स निकल कर ग्राउंड मई आगये “

वंही अब तक सभी और आग को भी छुड़ा लिया गया था….

आग विक्रम से “ विक्रम तेरे लिए सुप्रिसे ह या यु कहु तेरी मौत ह ….वो देख ऊपर “

विक्रम की नज़र ऊपर गयी तोह ….उसकी आंखे हैरानी से फ़ैल गयी और वो बोलै “गुरूओजीए” राज और सहदेव के गुरु जो अपने बॉडी गॉर्डस के बिच ऊपर से निचे आरहे थे सब ने गुरजी को कवर किया हुवा था…

वंही राज सुनील के गले लगे हुवे अपने पिछले पल याद करने लगा जब वो बस मरते मरते बचा था….

सुनील “क्या हुवा मेरे यार “

राज ने कोई जवाब नहीं दिया…

4 ऑवर pahle….raj…

राज…. “नहीं ये सब तीख नहीं ह सभी और आग सर ने जान भुजकर मुझे यंहा रूकने को कहा ह उन्हें पता ह आगे जान जाने का पूरा खतरा ह …..ये ाचा नहीं किया आप दोनों ने …मुझे सिर्फ जिन्दा रखने के लिए यंहा अकेला छोड़ दिया ….बिलकुल नहीं ….मैं खुदगर्ज नहीं हु फिर तुरंत अपनी वाच जो सुनील ने दी थी उसे ों कर दिया और उसमे 2 बार बटन प्रेस किया … “ फिर कुछ पल और रूक कर वो भी उनके पीछे चल दिया और उसे भी वो चारपेड दिखाई दिए…

“ये चार पेड़ और इनके बिच ये रास्ता हम्म्म ये इतना आसान तोह नहीं होने वाला h….kya होगा अगर ये ट्रैप हो ….तोह फिर मुझे ….कैसे …..है एक तरीका ह मैं न ऊपर से जाऊंगा न जमीन से मई दोनों तरफ के पेड़ और बैलो का सहारा लेकर जमीन से 2 फ़ीट ऊपर से जाऊंगा जिसे मेरा साडी जमीं को टच नहीं hoga……aur राज ने एक तरफ दोनों पेअर और एक तरफ हाथ लगा लिए और ऐसे हे वो वो रास्ता धीरे धीरे पार करते हुवे उसी ग्राउंड तक आगया जंहा सभी की फाइट हुवी thi….hmm खुली jagah….aur यंहा फाइट के निसान भी दिख रहे ह ….उसने तुरंत एक राशि निकली और खुद की कमर से बांधकर आगे की तरफ बेलो और पेड़ो पर फेंक डीई …और अब आगे बढ़ने लगा …और जैसे हे वो आधे रस्ते पंहुचा निचे से जमीं खिसक गयी और राज निचे गिरने लगा पर रस्सी की वजह से बच गया …….ऊपर की जगह वापस बंद होने लगी तोह राज तुरंत रस्सी की हेल्प से ऊपर आगया…. “इसका मतलब वो सभी यंहा फंसे the….toh फिर बाकी पिछले 2 रस्ते भी ट्रैप पर हे लेकर जाते होंगे …..अब क्या किया जाये उनकी जानकतरे मई होगी …इसका मतलब यंहा कोई तोह और रास्ता होगा जिसे अंदर जाया जा सकता h…ye कहते उसने धयान से चारो तरफ देखा जंहा उसे एक तरफ एक जगह ऐसी दबी दबी सी लगी जैसे जबरदस्ती लगायी हो और उसका सक सही हुवा वंहा उन बेलो को जानभूझकर घर किया गया था वो उनको हटाकर आगे बढ़ा तोह वंहा करीब 25 मीटर चलने के बाद उसे एक टनल दिखी जिसमे एक आदमी झुक कर अंदर आराम से जा सकता था …वो उस टनल को धयान से देखने लगा …पर उसे कोई खतरा नहीं दिखाई दिया और वो अंदर जाने लगा ….और 10 मेटेरे अंदर गया हे था ल तभी निचे से एक खिसकने की आवाज आयी और राज संभालता उसे पहले हे फिसलते हुवे निचे गिराने लगा और गिरा वो निचे जाकर …..

राज “कितने ट्रैप्स ह यंहा…”

तभी लाइट्स ों हुवी और राज की आंखे चौड़ी हो गयी ….वो शेरो के पिंजरे मई था जिनकी दहाड़ वो सुन रहा था एक रात पहले …उसका दिल जोरो से धड़कने लगा तीन शेर उसे हे देख रहे थे उसने चरण अपनी स्वोर्ड्स निकल ली और तीनो शेर भी उस पर झपट पड़े राज ने सामने से ए दोनों शेर पर स्वोर्ड्स से पूरी ताकत से वार किया पर पीछे से एक तेज़ पंजे का वार हुवा और वो निचे गिर पड़ा ….पर उसने अपनी स्वोर्ड्स से आगे वाले दोनों शेरो को बुरी तरह घायल कर दिया tha…par पीछे वाले शेर ने राज का कन्धा जबड़े मई ले लिया और वो पूरी ताकत लगता उसे पहले हे राज ने सोर्ड को उसके मू पर घोप दिया था ….राज को तेज़ दर्द हो रहा था भले हे उसने जैकेट पहना था पर कान्हड़े के पास से शेर ने उसकी कुछ हदी तोह चटका हे दी thi…ab तीनो शेर दुबारा से हमले के लिए तैयार थे तोह राज भी किसी घायल बाबर शेर की तरह उन सबसे लड़ने के लिए तैयार था ….उसे पता था ये आखिरी मौका होगा उसका वर्ण उसकी मौत तय ह …जैसे हे तीनो शेर ने झप्पटा मारा राज अपना दर्द भूल कर तेज़ी से गोल घूम गया और पूरी ताकत से वार किया जो लगा तीनो को जिसमे से दो तोह बुरी तरह घायल होकर तड़फाड़ने लगे तीसरा राज के ऊपर हे गिर गया राज ने उसे साइड मई धक्का दिया ….और बाकि दोनों शेरो को देखा जो घायल होकर अपनी मौत से पहले तड़फड़ा रहे the….raj ने बहार निकल के लिए देखा तोह …चारो तरफ अलग अलग बड़े बड़े केज थे जिनमे जानवर थे …तभी उसकी निघाये ऊपर की तरफ गयी जंहा केज ऊपर से खुल्ला हुवा था वो तुरंत ऊपर चढ़ गया और सब केज के ऊपर से रेलिंग पर चलते हुवे मैं दूर की तरफ जाने लगा…. निचे से जंगली जानवर जो दूसरे केज मई थे वो अपने सीकर को देख कर घुर्रा रहे थे और उन्सब्कि घुराहट से पूरा केज हॉल गूंज रहा tha…..raj ऊपर से आगे बढ़ता हुवा दूर के पास आगया …वो दूर को खोलता उसी वक़्त किसी ने दूर बहार से ओपन कर दिया ….राज एक पल तोह उसे देखता हे रहा गया क्योकि एक 7 फिट का जबरदस्त बॉडी के साथ एक जाना खड़ा था उसने एक हाथ से राज को बहार आने का इशारा kiya…raj दूर से बहार agaya…par यंहा भी उसे 7 फ़ीट का एक दरिंदा मिला जो उन खूंखार जानवरो के लिए मांस को काट रहा था उसने भी राज को देखा तोह वो मुस्करा उठा और खड़ा हो gaya….Raj भी दोनों को देख रहा था ….साथ फ़ीट के उस दरिंदे ने जो मांस काट रहा था उसने अपने हाथ मई पकडे मोठे से चूरे को देखा और फिर राज को देखा …और चूरे को निचे फेंक दिया और एक बड़े टुकड़े को उठाकर अपने हाथो से राज को घूरते हुवे फाड़ diya….Raj ने साइड मई खड़े उस दूसरे को देखा उसने हाथ से आगे बढ़ने का इशारा किया जैसा बोल रहा हो की जाओ मैं कुछ नहीं करूँगा …. राज ने भी दरग्गेर को अपने हाथ मई ले लिया तभी उसे उसके पीछे से आवाज आयी …

(दरिंदा ने इंग्लिश मई कहा पर मैं हिंदी मई लिखूंगा )“ये रूम पासवर्ड से खुलता ह और तुझे अगर आगे जाना ह तोह बिना हथियार के उसे हारना होगा फिर तू आगे जा सकता ह”

राज के चेहरे पर दर्द के भाव तुरंत गायब हो गए और उसने तुरंत अपने दरग्गेर को सूट मई दाल liya…samne से वो दरिंदा भी आगे आया और उसके पास एते हे राज ने दी राइट लेग की ताकत से भरपूर किक उसके पेट मई जिससे वो दरिंदा सिर्फ एक कदम पीछे हुवा …फिर राज ने दूसरी किक दी उसके मु पर जिससे उस दरिंदे का मू दूसरी मूड गया ….और आगे तुरंत हे राज ने जम्प के साथ एक पंच उसकी चेस्ट पर दे मारा ….जिसे वो दरिंदा कई कदम पीछे खिसकता हुवा gaya….par कंधे मई घाव की वजह से राज को भी बेहद तेज़ दर्द हुवा ….वंही वो दरिंदा राज को देख मुस्कराया और गर्दन को झटका देकर राज की तरफ आया ….और राज को पकड़ने के लिए हाथ भदया पर राज उसके साइड से स्लिप करता हुवा उसके पीछे आया और पीछे से उसकी कमर को पकड़ लिया और पूरी ताकत लगा कर ऊपर उतर कर पीछे पटका जिसे उस दरिंदे का सर भिड़ा निचे और हुवा उसे बेहद तेज़ दर्द …राज के चेहरे पर मुस्कान आगयी उसने दरिंदे की पास की दीवार को देखो और तेज़ी से उसकी तरफ भगा और एक पेअर टिका कर और ऊँची जम्प ली और फिर दोनों घुटने मोड़ कर लैंड हुवा उसकी चेस्ट पर और आवाज आयी कई हडियो के टूटने की ….और दरिंदे की चीक निकल गयी ….पर उसने हर नहीं मणि और राज को किक मरी जिसके प्रेस्सुरेसे राज पीछे जाकर गिरा और खुद दर्द और गुसाई से चिल्लाता हुवा खड़ा हो gaya….aur राज जो अब खड़ा हो गया था उसकी तरफ गुसाई से घूरने लगा ….दरिंदा भगा राज की तरफ तोह सामने से राज भी भगा उसकी तरफ और कुछ कदम पहले जमीं पर फिसलते हुवे अपने दोनों पैरो को सामने से आरहे उस साथ फ़ीट के दरिंदे की झांग पर लगाए और उसे हवा मई उछाल दिया और वो दरिंदा जाकर उड़ता हुवा टकराया पीछे केज से ….और अब राज का दूसरा मौका देने का कोई इरादा नहीं था क्योकि दर्द से उसकी हालत भी बुरी thi…wo आगे बढ़ा उसे मरने तोह दूसरा दरिंदा सामने आगया ….और उसे देख राज भी लड़ने को तैयार हो गया..

दरिन्द “यू विन हम यंहा sirf…in जानवरो की देखभाल करते h…mere भाई को मत मारो तुम जीत गए हो तोह जा सकते हो पर इस रूम के बहार मौत हे ह सिर्फ तुम्हारे लिए “

राज “ मैं भी मौत हे hu….yanha से आज़ाद होना चाहते हो ”

दरिंदा मुस्कराकर “ यंहा से कोई जिन्दा नहीं जा पाया ह मेरी बहन उसके कब्जे मई ह जिसकी वजह से हम मजबूर ह वो यही कैद ह ”

राज “ तुम कान्हा से हो”

दरिंदा “फ़िनलैंड से ह”

राज “ अगर तुम्हारी बहन जिन्दा ह तोह मैं उसे जरूर बचाऊंगा”

इतना कहा और उसने एक हाथ मई डैगर और एक हाथ मई सोर्ड पकड़ ली ….दूर जैसे हे खुला और राज दूर से बहार आया वंहा उसे मिले 10 फाइटर लेवल थ्री के जिनकी चेस्ट पर लेवल थ्री के बैच लगे हुवे थे….

राज “ मरना तोह तुम सबको भी होगा ….वक़्त नहीं ह मेरे पास एक साथ ाजाओ”

और राज की तरफ एक साथ कई स्टार ब्लेड ए राज ने तुरंत भागते हुवे एक जम्प ली और गोल घुमा स्टार ब्लेड्स उसके तीख सरीर के बिलकुल पास से ऊपर और कुछ निचे से निकले ….राज निचे की तरफ उतरा और तुरंत निचे स्लाइड कर गया तीख उसी वक़्त कई और ब्लेड्स उसके ऊपर से निकल गए अब सामने से किलर भी राज के सामने agaye….raj ने आगे वाले के वार को डॉज किया और पीछे वाले के लेग पर कट दिया ….एक कट उसको भी उसकी पीठ पर मिला पर उसने जैकेट पहन राखी थी तोह बच गया ….राज ने घूम कर पीछे वाले के ऊपर वार कर दिया जो उसके लिए अनएक्सपेक्टेड था और वार उसके मू से कट करता हुवा चेस्ट तक agaya….dono तरफ से तेज़ी से वार हो रहे थे राज को भी बराबर कट मिल रहे थे तोह उसके वार भी लेवल थ्री के फाइटर पर भरी पद रहे थे और इन सबकी वजह थी राज जो मॉर्फिन के पैन किलर दोसे ले चूका था उसे पता था की उस पर साइड इफेक्ट्स होंगे पर अभी उसे अपने गुरु और बाकि सबकी जान बचानी thi….isliye वो इस वक़्त दर्द फील नहीं करना चाहता था पर ….पल पल उसकी भी हालत ख़राब होती जा रही थी ..वो खुदसे हे बोल रहा था “ नहीं राज भले हे तू इतने दिन और रात लड़ रहा हो पर तुझे हारना नहीं ह तुझे लड़ना होगा अपनों के लिए अपनों की जान के लिए और वो cheeekha…..tummmm सब मरोगे ….” और पूरी ताकत लगा कर टूट पड़ा खछः खछः की आवाज से किसी के हाथ कटे तो किसी की गर्दन कटती ….और जब वो रुका तोह सबको मार दिया …था उसने सोर्ड को टँगायी और चार धड़ को उठाकर आगे की तरफ चल दिया….

कुछ दिएर पहले …

मुंबई …..

सुनील सोनाली से “बिना सवाल जो कहूंगा वो मन्ना पड़ेगा ये ड्रेस आपको सेफ रखेगी और भावनाओ मई बहकर कोई कदम मत उठाना वर्ण मौत से कोई मतलब कोई नहीं बचा पायेगा ”

सोनाली ने बोलने के लिए मू खोला तोह

सुनील “अंडरस्टैंड”

सोनाली “हम्म्म्म“

सुनील “ good…phir बाकि सब से हमे कब अटैक करना पद जाये पता नहीं ह बूत आप सब एक दूसरे से 10 मेटेरे से जायदा दूर मत होना किसी भी कंडीशन मई हम उस जंगल के साइड मई रहेंगे राज का कोई सिग्नल मिलता ह तोह हे अटैक करेंगे समाज गए वर्ण स्टैंड बी पर रहेंगे”

दोनों मिर्त्युदूत और अभय सोनाली शिवानी और दस फाइटर एक साथ “यस”

सुनील “रेचक अगेन और वेपन्स हम 3 हॉर्स मई निकलेंगे “

सब जैसे हे वेपन्स और कुछ दिएर रिलैक्स होने के लिए जाने लगे तभी …

वंहा के इमरजेंसी स्पीकर ों हो गए ….और श्रुती की आवाज आयी “सुनील भाई अज्जू ने अभी अभी इमरजेंसी वौइस् मैसेज डिटेक्ट किया ह जो राज भाई की तरफ से ए ह ….

सुनील अपनी वाच को टेबल से उठाकर उसे मू के पास लेकर बोलै“ क्विक फ़ास्ट प्ले करो”

वौइस् नोट प्ले huva…aur राज की आवाज आयी

“पता नहीं यार तू जब आएगा तब मैं जिन्दा होऊंगा या नहीं सबका ख्याल रखना …दादाजी को बोलना उनका पोता वीर की तरह लड़ा …अब जाता हु सभी और आग सर को मेरी जरुरत ह …जा रहा हु उन्हें बचने दिएर मत करना….”

और बस वंहा सभी के एक्सप्रेशन चेंज हो गए …….सुनील का तोह एक्सप्रेशन सबसे जायदा भयंकर था….

सुनील “2 मिनट्स तो टेक ऑफ मूव फ़ास्ट मूव फ़ास्ट …”

अनिरुद्ध भी निचे भागते हुवे ए और बोले “एवरीथिंग इस रेडी सोन जो जो” जाहिर सी बात थी उन्होंने भी मैसेज सुना था और उन्हें याद आगया की क्यों सुनील ने कहा था पैसो का सही इस्तेमाल कर लेना चाहिए ह ……

पूरी टीम एक साथ बहार निकली ….जिसमे सबसे आगे सुनील चल रहा था जो फुल कॉम्बैट मोड मई था तोह साइड मई S&S जिनकी बैक पर तंगी थी उनकी स्निप्पर्स और कमर पर गन थी और उनके पीछे थे दोनों मिरतिदूत और हल्क अभय और दस फिघ्टर्स जो सुनील के टॉप बॉडी गॉर्डस थे ………कविता …manisha…poonam चिंता से उन्हें देख रही थी क्योकि इमरजेंसी मैसेज नोट पुरे फार्म हाउस मई प्ले हुवा tha….aur तीनो की हे आंखे भीगी हुवी थी ….पर किसी ने कुछ नहीं कहा सुनील से…

सामने लवण मई एक बड़ा सा हेलीकाप्टर जिसे सुनील के कहने पर 1मंथ के लिए बुक कर के रखा गया था उसका उसे अनिरुद्ध अब समाज गए थे …..सब उसमे सवार हो गए तब सुनील ने पलट कर मनीषा की तरफ देखा फिर पूनम और कविता की तरफ …उनकी आँखों मई वो आंसू देख सकता था …हेलीकाप्टर ऊपर उठने लगा…

वंही …heemachal….ashram…

एक इमरजेंसी सिग्नल मिला और एक वौइस् पुरे आश्रम मई गूंज गयी…

“एमेजेन्सी मिशन ा ..एक्टिवेटिड रेडी फॉर कॉम्बैट…… इमरजेंसी मिशन एक्टिवेटिड रेडी फॉर कॉम्बैट…”

गुरूजी जो ट्रेनिंग देख रहे थे उन्होंने मैसेज सुना तोह उनका चेहरा सख्त हो गया क्योकि मिशन ा का मतलब था की किलर आर्गेनाइजेशन का लीडर मिल गया ह वो तुरंत अपने रूम की तरफ जाने लगे उनके साथ उनके दोनों बॉडी गॉर्ड भी थे…

गुरूजी हाफ ऑवर मई niklenge….taiyar हो जाओ और सभी ट्रेनर्स से कहदो अब असली लड़ाई का वक़्त आगया ह

दोनों जाने “जी गुरुदेव”

गुरूजी “और मैं भी चलूँगा ….”

बॉडी गॉर्ड गुरूजी आप …

गुरूजी “ पर्सनल मटर ह मेरा कोई दिकत ”

दोनों “न न नहहीइ गुरूजी”

इतना कह वो रूम मई आगये और अपनी कॉम्बैट ड्रेस पहनने लगे…. और तैयार हो गए जुंग के लिए जो थी बदले की ….

करंट टाइम….

बेस किलर आर्गेनाइजेशन ….मुम्बई…

राज सुनील के गले लगा हुवा था और सुनील” क्या हुवा मेरे यार “

राज “तू आगया…”

सुनील “बोलै था न खुदसे अलग मत किया के पर तू मंटा हे नहीं ह“

राज मुस्करा “लव यू यार”

सुनील “ तू घायल ह चल तू यंहा से”

राज सुनील के एक कंधे पर हाथ रख कर विक्रम की तरफ इशारा करते हुवे बोलै “वो देख वो रहा गद्दार”

सुनील “पर तू “

राज ने सोर्ड को टेंगा लिया और डैगर को हाथ मई ले लिया और बोलै “अब तू ह न मेरे लिए मुझे अब कैसा दर “

सुनील राज की बात सुनकर अपनी फीलिंग मास्क के अंदर से चेहरे से दिखा नहीं सकता था पर उसकी आंखे सब बोल गयी और वो लड़ने को तैयार हो गया….

वंही गुरूजी अब विक्रम को देख रहे the…aur विक्रम भी ऊपर से उन्हें देखता हुवा जो अब तक हैरान था वो बोलै … “औ बूढ़े औ तेरी उम्र इतनी लम्बी क्यों ह तुजे तोह मैंने अपने हाथो से खंजर मार कर फेंका था न …फिर भी बच gaya…par कोई बात नहीं ….आज तुम सब सरे एक साथ हे हो तोह एक साथ हे मरोगे”

गुरूजी “सिर्फ एक सवाल का जवाब दे दे …सहदेव कान्हा ह क्या वो जिन्दा h…main अपनी साडी शिकायते भूल जाऊंगा”

विक्रम “ है है है ….बूढ़े ….चल बता देता हु मुझे नहीं पता ह क्या हुवा उसका मैंने खली उसके बीवी और बचे को मरवाया था है है है है मतलब बीवी को पकड़वायाथा …और बचे को toh…uski बुवाओ के साथ और रही विद्या की बात तोह वो बेटे और बचे के बिना वो मर हे चुकी होगी क्योकि उसे दस दिन तक जिन्दा रखने की बात thi….muje जो चाहिए वो मिल गया बाकि कोई जिए या या मरे मुझे क्या करना…”

अभी वो इतना हे बोलै था की एक डैगर आकर उसकी तीख बगल मई लगा जो राज ने फेंका था …..जिसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे

“तोह तू ह wo….kasam h…muje इन हाथ से तेरा सरीर नोच कर तुझे मई दर्द दूंगा….”

गुरूजी “ उसे जिन्दा रखना राज उसकी मौत आसान नहीं होनी चाहिए ह “

आग “ ये फौलाद उसी की औलाद ह जिसे तूने धोखा दिया था “

सभी जबड़े भींचकर “सहदेव और विद्या का बीटा राज …”

गुरूजी “बदले की आग मई तपकर बना हथियार जो तुम सब से अपनी के दर्द बदला लेगा”

विक्रम चौंक गया … फिर मन मई बोलै“ सहदेव का बीटा जिन्दा ह मतलब हम राज़ जान सकते ह जरूर इसके साथ कुछ राज़ या क्लू होगा वर्ण इसका बचना नामुकिन ह ..मुझे उनको बताना होगा फिर …पास लगा बटन दबाया और पूरा बेस अलग अलग जगाओ से सरे किलर्स सामने आगये….

तोह गुरूजी भी जोर से बोले …. “टूट पदों और दोनों तरफ से त्रिनेड फोगतेर एक दूसरे पर टूट पड़े …राज विक्रम की तरफ चल पड़ा ….उसकी तरफ भी किलर आर्गेनाइजेशन के किलर ए तोह दोनों मिर्त्युदूत और अभय और सुनील जो राज को घेर कर चल रहे थे उन्होंने मार diya….par एक किलर ऊपर से राज की तरफ कूड़ा तोह ऊपर से एक गोली आयी और उसका खोपडा फाड् गयी ऐसे हे एक जाना गुरूजी के बॉडी गॉर्डस से बचकर गुरूजी की तरफ बढ़ा गुरजी कुछ करते उसी पहले हे ऊपर से एक गोली उसके सर को फाड़ gayi….sonali और शिवानी दोनों ने अपनी जगह संभल ली थी और राज की तरफ बढ़ने वाले हर हत्यारे को मरती जा रही thi….wanhi सभी और आग अपने फाइटर के साथ किलर आर्गेनाइजेशन के किलर्स से लड़ रहे थे …

राज सुनील अभय दोनों मिरतिदूत राज के साथ विक्रम की तरफ भड़ने के लिए आगे बढे तोह उनके सामने लेवल थ्री की ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनर आगये …..

मिर्त्युदूत “अभय राज भाई की सेफ्टी देखना इन्हे हम देखते ह ….”

सुनील “आज तोह ऊपर वाला भी नहीं रोक पायेगा …मेरे यार तू बढ़ आगे इन्हे हम देखते ह …इतना कह वो राज से आगे निकल गया और उन पांचो पर दोनों मित्युदूत के साथ टूट पड़ा “

राज हॉल मई घूस गया जंहा विक्रम ऊपर से निचे उतारकर आया था उसके साथ उसके बॉडी गॉर्डस भी थे

राज “अभय बस देखना ये भाग न पाए”

अभय “जी भाई “

विक्रम “ भाग जाये मैं तोह तुझे लेने आया हु क्योकि तू हमारी आखरी उम्मीद ह…”

राज मैं मौत हु मौत मुझसे बस मौत की उम्मीद कर

विक्रम जाओ उस छोकरे को घसीट कर मेरे पास लाओ …

अभय आगे बढ़ने को हुवा तोह …

राज “तुम उनसे नहीं लड़ पाओगो बस उस पर नज़र रखो “इतना कह उसने सोर्ड डैगर सब फेंक दिए …

विक्रम के चेहरे पर मुड़कान आगयी

राज “तुझे तोह फिर हाथो को दिखाकर इन हाथो से फाड़ूंगा….”

सामने से चारो मई से 2 किलर्स जो लेवल 4 के थे वो आगये …और उन दोनों को राज को जिन्दा पकड़ने का आदेश था तोह वो भी बिना हथियार के हे ए …और राज कुछ करता उसे पहले हे तेज़ी से एक्लात पड़ी उसकी चेस्ट पर वो पीछे कई फ़ीट दूर उड़ता हुवा गिरा ….

अभय “राज भाई “

राज मू से खून थूकता हुवा खड़ा हुवा अभय ने उसे सहारा diya….Raj दुबारा से उन दोनों के सामने पंहुचा और तभी आयी उसकी तरफ दोनों मई से एक की किक जिसे उसने डॉज किया ..पर डॉज के लिए वो निचे झुका तोह पड़ा राज के मू पर पंच और फिर दूसरे वाले ने एक झटके से राज को उठाया और उठाकर दूर पटक diya…..Raj अपने दर्द को सँभालते हुवे दुबारा से खड़ा huva…aur अपने मास्क को निकलकर फेंक दिया ….अब दिखा उसका पूरा चेहरा जो खून से भरा हुवा था …

अभय आगे बढ़ तोह राज ने दुबारा से उसे रोक लिया और बोलै “नहीं अभय ये एक बीटा के बदले की लड़ाई ह ….”

तभी पीछे से उसे आवाज आयी ….

“जोश के साथ होश की जरुरत होती ह पुत्र”

विक्रम “आगया बूढ़ा जब देखो ज्ञान ज्ञान और ज्ञान और आज भी ज्ञान तेरे ज्ञान से क्या होगा ….ये देख इन्हे मैंने तैयार किया ह”

गुरूजी “शांत मन हर समस्या का संधान और नयी राह दीखता ह राज …”

राज “ने एक पल उस फाइटर को देखा और अपने आप को फाइटिंग की पोजीशन मई लेते हुवे एक हाथ से आने का इशारा किया दोनों आगे ए राज ने एक के वार को डॉज किया और पूरी ताकत से उसकी चेस्ट पर पंच किया तोह दूसरे का पंच भी उसी वक़्त उसे भी खुदकी चेस्ट पर लगा …राज पीछे गिरा तोह राज का पंच जिसे लगा था वो भी दूर जाकर गिरा….

गुरूजी “दुबारा से”

राज एक जम्प के साथ खड़ा हुवा दोनों दुबारा वार करने ए तोह राज ने पहले वाले की किक को कोहनी से तोह दूसरे के आरहे पेट की तरफ पंच को घुटने फोल्ड करके रोका ….

गुरूजी गुसाई से “ दुबारा अबकी बार वार करो”

और दोनों जाने दुबारा से वार करने ए तोह राज एक के वार को रोकते हुवे तुरंत दूसरे की तरफ आगया और निचे झुकते हुवे उसकी झांग पर अपने कोहनी से पूरी ताकत से वार किया …तभी दूसरे फाइटर ने उसके मू की तरफ किक मार्डी जिसे राज ने एक हाथ से रोकने की कोसिस की पर प्रेशर की वजह से पीछे घसीट ते हुवे चला गया …

वंही बहार किलर आर्गेनाईजेशन और सभी टीम के बिच भयंकर लड़ाई हो रही थी पल पल दोनों तरफ से फाइटर मरे जा रहे थे ….सभी और आग तोह मौत का तांडव मचा रहे the….toh ऊपर दोनों मैट की देवी मौत भरसा रही थी चूं चूं कर मौत के घाट उतर रही thi….toh वंही सुनील और मिर्त्युदूत्स लड़ रहे थे एक अपने यार के लिए तोह दो जाने सपने मास्टर के लिए वो पांच बराबर के फाइटर भी उन तीनो पर भरी नहीं पद प् रहे थे …अब उन पांच के 2 और साथी आगये ….

सुनील “2 या 200 आज मेरे यार के बदले के बिच कोई नहीं ापायेगा”….

ये कहते वो उनसे वापस भीड़ गया ..

अंदर ….

विक्रम “तू बूढ़े अंदर आगया “

राज “चलो तुम दोनों भी इन दोनों के साथ ाजाओ खून मई उबाल आगया h…”aur राज ने दी सामने खड़े दोनों फिघ्टर्स मई से एक के मू पर किक वो गिरा साइड मई टेबल पर और फिर दूसरे के वार को रोकते हुवे झुक कर दी उसकी घुटने पर …कड़क की आवाज के साथ उसकी हदी टूट गयी वो निचे झुका तोह राज ने दिया पंच उसके जांदे पर …

राज का पंच देख कर अभय का भी खून जोश से भर gaya….aur जबड़े भींच गए और उसके मुँह से आवाज निकली “जबरदस्त”

राज “अजा”

और सबसे आगे आरहे फाइटर के वार को ब्लॉक करके अपना राइट पंच पीछे लेकर पूरी ताकत से उसकी रिब्स पर दिया जिसे आवाज आयी टूटने की और रिब्स की कई हड़िया टूट गयी और वो वंही पसर गया ….बाकि फाइटर भी उसकी तरफ भागे पर राज अब सब दर्द भूल कर बुरी तरह उन पर टूट पड़ा उसका एक एक पंच उनकी हड़िया तोड़ रहा था…

गुरूजी भी देख प् रहे थे की राज अब पहले से काफी समझदार और स्ट्रांग हो गया ह….

इधर विक्रम सिंह ने अपने एआरपीएस मई कुछ कहा उसके बाद कुछ सुर किलर्स पीछे एक रूम्स से आगये …

विक्रम सिर्फ तू जिन्दा रहेगा है है ha…iitna कह वो पीछे रूम मई चला गया

गुरूजी “उसे जाने मत देना जाओ उसी पकड़ो “

राज “पर आप”

गुरूजी “तुम जाओ जल्दी,”

राज के जाने के बाद गुरूजी… “दर लग रहा ह बचे “

अभय “नहीं गुरूजी”

गुरूजी “फिर हम जीत गए “

और गुरूजी और वो दोनों एक्शन मई आगये …गुरूजी का एक एक वार सिर्फ वीक पॉइंट पर हो रहा था जिसका दर्द सहना अचे ाचो के लिए मुश्किल था वंही अभय हल्क था जिसे अपने पर होये वॉर के दर्द से फर्क नहीं पड़ता पर वो जिसपर वार कर रहा था उसकी हालत. जरूर ख़राब हो जाती थी एक तकनीक मई माहिर था तोह एक पावर मई

वंही विक्रम को उम्मीद नहीं थी की राज उसके पीछे आजायेगा …..फिर भी वो हंसा …

“तू आगया ाचा हे हुवा तेरा इंतज़ार नहीं करना पड़ा …तू भी तेरे बाप की तरह जिद्दी ह वफादारी sachayi….kya रखा ह इसमे ….क्या मिला तेरे बाप को मौत और तेरी माँ ko…waise थी कमल की… अले ले बचे को गुसा agaya…badla लेगा अपनी माँ का अजा अजा”

राज जो गुसाई से काँप रहा था वो भगा उसकी तरफ पर जितनी तेज़ी से वो आगे भगा था उतनी हे तेज़ी से पीछे आकर गिरा क्योकि विक्रम का पंच उसे पड़ा था…

विक्रम “क्या सोचा मैं यंहा करता tha….phir रूक कर मैं यंहा तैयार करता था खुद को ये आर्गेनाइजेशन ऐसे हे इतना स्ट्रांग नहीं हुवी ह ….मैंने तैयार किया ह साम्राज्य ….”

राज नीचर गिरा हुवा था उसकी हालत बुरी थी…

विक्रम “तेरे बाप को मैंने बोलै था की ऐसी आर्गेनाइजेशन बनाये जो हमे हेल्प करे जिसमे हम फिघ्टर्स को त्रिनेड करेंगे जो …पॉवरफुल स्ट्रांग honge….par तेरे बाप ने मुझसे आईडिया लिया और सब मुझसे तैयार करवा कर उस रविंदर सिंह को दे दिया …..साला तेरे बाप का जिगरी यार था तेरा बाप खड़े तोह बस दुनिया उठा लेता था तेरे बाप ने ये आर्गेनाइजेशन उसे दे दी …क्यों क्यों kyo…tere बाप के लिए गोली खायी मैंने और सब दिया उसे क्यों क्यों क्यों ” फिर राज की तरफ बढ़कर उसे कलर से पकड़कर ऊपर उठाया और बोलै“ सेल उस रविंदर को तेरे बाप के मरने के बाद ऐसी जगह मई रखा ह जंहा से वो कभी बहार नहीं ापायेगा …साध साध कर मरेगा है है है और पता ह उसे तड़पता देख कर मुझे ख़ुशी मिलती ह सुकून मिलता h..…tera बाप तेरी शादी उसकी बेटी से करना छठा tha….bc तुम बनाओ दुनिया और मैं करू तुम्हारी ग़ुलामी” और खिंच कर राज को एक पंच मारा ..जिसे राज तेज़ी से पीछे जाकर टकराया… “मार दिया तेरे बाप को उसी के अपनों ने ….”

राज दर्द से “मेरी माँ को क्यों मारा उसने तोह तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा था”

विक्रम “ उसने वो भी काम नहीं थी ….वो सही गलत बहुत करती थी उसे दुनिया की साडी भलाई करनी थी ….ये मत करो …वो मत karo…itne पैसे का क्या karoge…garibo मई दे दो ……अरे क्यों दे दे हमने हमारी ताकत से कमाया h….chori नहीं किया पर नहीं तेरी माँ को दया प्यार यही दीखता था इसलिए मरी गयी ….”

तभी गुरूजी सुनील अभय भी अंदर आगये….

विक्रम ने एक बटन दबाया तोह राज और विक्रम को एक शील्ड ने कवर कर लिया …

विक्रम “क्यों बूढ़े तूने बताया नहीं इसे…. की इसकी माँ को मरने मई सबसे बड़ा हाथ इसके बाप के हे खास दोस्त का था है है है “

गुरूजी “टूउउ ….”

विक्रम “बूढ़े ….तुजे भी तोह उसी ने मरवाया था पर तू बच गया … “

गुरुजी “ मुझे पता था तूने किसी के कहने पे किया ह सब पर किसके मुझे ये जानना ह “

विक्रम “ तू कभी नहीं जान पायेगा कभी नहीं और रही बात इस छोकरे की इसकी तलाश किसी को ह वो आज भी सहदेव के वंसज को धुंध रहा ह …ये छोकरा जिन्दा ह मतलब सहदेव का बाप जिन्दा ह क्यों सही कहा न …अब वो बूढ़ा हे हमे वो राज़ बताएगा….”

राज जो बुरी हालत मई शील्ड के सहरे खड़ा सब सून रहा था…

विक्रम गुरूजी को बोल कर राज की तरफ गया और उसे गले से पकड़कर ऊपर उठा लिया राज ने दोनों हाथ लगाकर उससे छूटने की कोसिस की ….

बहार गुरूजी “सुनील तोड़ दो शील्ड”

सुनील गुरूजी की बात सुनकर पॉकेट से गन निकली और उसपर पूरी मागज़ीने खली करदी पर शील्ड को कुछ नहीं हुवा …..अभय ने भी अपनी मागज़ीने पूरी खली करदी …

अंदर से विक्रम “बूढ़े बुढ़ापे से तेरी बूढी सतिया गयी ह एक फ़ीट मोठे शीशे की बुलेट प्रूफ शील्ड ह इसे तू तोड़ नहीं सकता ह …” और राज के मू पर पंच मारा जिसे राज दूसरी तरफ जाकर गिरा… “मज़ा आया इसे मार खता देख कर…. पर तेरी ऐसी सकल देख कर मुझे बहुत सुकून मिल रहा ह अब जाता हु इसे लेकर हम जल्द मिलेंगे …इतना कह वो राज की तरफ बढ़ा तोह”

सुनील गरजा “हाथ मत लगाना वर्ण तेरे टुकड़े टुकड़े कर दूंगा”

पर विक्रम को कोई फर्क नहीं पड़ा …उसे उनकी बेबसी पर मज़ा ारः था….

वंही राज निचे बुरी हालत मई पड़ा हुवा गहरी सोच मई था “बाप को मारा क्योकि उसने भलाई की रविंदर अंकल को कैद कर लिया और वो लड़की आज तक बाप के प्यार को तरसती रह gayi…meri माँ को मारा क्योकि उसमे दया thi….toh क्या मुझे भी एक दिन धोखा milega…meri भी किस्मत मई यही ह”

वो यही सोच रहा था और विक्रम उसके पास पहुंच गया और उसके पेअर को पकड़करघसीट कर दूसरी ले जाने लगा वंही बहार सुनील अभय मित्युदूत्स शील्ड पर राज और मास्टर कहते हुवे वार कर रहे थे toh….guruji भी खुद को असहाय महसूस कर रहे थे…..

राज जो लगातार दिन और रात बड़ी बड़ी लड़ाई लड़ने से पूरी तरह घायल हो चूका था और पूर्ण घाव भी उसके खुल गए थे …वो अपनी दिमागी दुनिया मई आधे होश मई था … और बार एक हे सवाल का जवाब धुंध रहा था की मुझे भी धोखा milega…jiska जवाब उसे नहीं मिल रहा था ….और अंत मई उसे नज़र आया उसके दादाजी का चेहरा जो आंसुओ से भीगा था ….जो उसे हे देख रहे थे अपने से दूर बचपन मई आश्रम जाते हुवे …फिर एक और चेहरा नज़र आया जो था उसकी दिव्या माँ का जो उसे अपना बीटा मानती थी जान छिड़कती थी जो उसके बाल सहला रही थी और नज़र आया सोनाली का चेहरा जो कह रही thi…chalo लड़ो इतनी जल्दी हर gaye….phir दिखा उसे उसके जिगरी यार का चेहरा …जो कह रहा था ….मेरे यार कभी हार हे नहीं सकता h….chal खड़ा हो lad….par raj..ki धुंधली आंखे पूरी खोली उस लड़की के चेहरे ने जो बोल रही thi….ki माँ पापा का प्यार क्या होता ह मुझे तोह पता भी नहीं ह राज …खास मई माँ पापा से एक बार दुबारा से मिल paati…..aur राज के दिमाग मई धोखे से उसका दिल जीत गया….

विक्रम जो राज को दूसरी तरफ से घाइत कर आधा ले जा चूका था वोरूक गया उसने जोर लगाया तोह भी राज को खिंच नहीं paya…bahar सुनील और बाकि भी चिल्लाने लगे उठो राज लड़ो …तुम्हे अपना बदला लेना…..

विक्रम ने राजको गेट का किनारा पकडे देखा तोह खींचकर एक लात मारी जिसे राज दर्द से करते हुवे पीछे खिसक गया …..राज ने धीरे से अपने हाथ टिकाये और फिर धीरे धीरे खड़े होने की कोसिस करने लगा तोह विक्रम ने उसे फिर से खींचकर एक और लात अबकी बार पेअर मई mari…jisai राज कई फ़ीट दूर तक पलटिया कहते हुवे जा कर रुका ….

विक्रम “छोकरे क्यों मरना चाहता ह”

राज खून थूकते हुवे धीरे धीरे फिरसे से खड़ा होने लगा पर दुबारा गिर गया ….उसने दुबारा फिरसे कोसिस की …

विक्रम “ तेरी हड़िया तोड़ के लेके जाऊंगा पर तू jayega”aur इतना कह राज के भये हाथ को मोड़ दिया ….जिसे राज के सोल्जर की हड्डी कंधे से उतर गयी और एक किक विक्रम ने उसके रिब्स पर दी …. “क्यों मरना चाहता ह सीधी तरह चल “

राज मू से खून थूकते हुवे “इतनी भी क्या जल्दी …… बस हड्डिया हे तोह टूटी ह” इतना कह एक झटके से कंधे को सेट कर दिया और लड़ने को तैयार हो गया …

बहार खड़े गुरूजी को राज मई सहदेव का चेहरा दिखने लगा और बोले “ये भी जिद्दी ह वो भी जिद्दी था” इतना कह उनका दिल भर आया …तोह वंही सुनील अभय और मित्युदूत चिल्ला रहे थे मर्दे सेल को ….तोड़ दे इसकी haddiya…cheer दाल जोर जोर से चिल्ला रहे थे राज को खड़ा होता देख उनका पूरा सरीर जोश से काँप रहा था….

अंदर विक्रम आगे बढ़ा और एक किक मरी जिसे राज ने रोकली पर एक पंच मू पर laga……raj कई कदम पीछे खिसक गया पर उसने मुस्करा कर फिरसे आने का इशारा kiya…vikram और गुसाई से मरने आया और एक साथ कई वार किये जिन्हे राज ने ब्लॉक किया पर एक लात फिर से उसके चेस्ट पर लगी जिसे राज पीछे शील्ड से टकरा कर निचे गिरा…

विक्रम “तू मिलजाता तोह तेरी माँ सब बक्ति पर तू नहीं मिला इसलिए वो तड़पती रही “

राज ने कोई जवाब नहीं दिया और धीरे धीरे दुबारा से खड़ा होते हुवे सिर्फ सुनता रहा और विक्रम ने आकर उसे कई सरे पंच उमरे जिनमे कुछ राज ने ब्लॉक किये और कुछ उसके पेट और मू पर pada….par एक पंच राज ने भी विक्रम के मू पर अंत मई मारा …जिसकी वजह से विक्रम भी 2 कदम पीछे खिसक गया …

राज मुस्कराकर “ 3 सवाल सिर्फ”

पर विक्रम गुसाई से पागल हो गया और दुबारा अटैक करने आया और किक पंच सब एकसाथ बरसाए जिसमे कुछ राज रोक पाया और कुछ उसे लगे और अबकी बार राज ने दी किक उसकी रिब्स पर जो पूरी ताकत से मरी थी कड़क की आवाज के साथ वो एकतरफ झुक गया…

राज “मुजमे सहने की बहुत ताकत ह क्योकि बचपन से हे बहुत सहता आया हु….”

विक्रम अब अपने एप से बहार हो गया और अपनी फुल स्किल्स के साथ राज पर अटैक करने लगा जिसे राज ब्लॉक करता और baçhta पर विक्रम को चोट काम लगी थी इसलिए वो पूरी ताकत से वार कर रहा था और एक बार फिर उसने राज को उठाकर फेंक दिया और राज लड़खड़ते हुवे उठा हे था की एक घुटना उसके पेट मई लगा और वो किसी कटी पतंग की तरह पीछे जाकर गिरा …

विक्रम “निकल गयी अकड़ ….जब तेरे बाप की निकल गयी तोह तू….”

वो बात पूरी करता उसे पहले राज ने लेते लेते हाथ ऊँचा कर दिया जिसकी वजह से विक्रम रूक गया और राज धीरे से एक घुटने पर खड़ा होकर बोलै “तू भोंकता बहुत ह चल अजा” और वो अपने पैरो पर खड़ा हो गया ….विक्रम अबकी बार आया तोह राज ने सोच रखा था की उसे क्या करना h….vikram ने एक बाद एक राइट किक लेफ्ट किक राज पर भरसानी सुरु कर दी और राज ब्लॉक करनेकी कोसिस करने लगा वो सही मौके का वेट करने लगा और उसे मिला भी और अबकी बार विक्रम के लेफ्ट पंच से झुक कर बचा और पूरी ताकत से दिया उसकी गर्दन पर पंच और विक्रम लड़खड़ाते हुवे दूर जाकर गिरा ….

राज ने बिना मौके दिए उसका एक हाथ को पकड़ा और तोड़ दिया ….विक्रम चीखा तोह …

राज “कहा था न मुजमे साहहने की आदत ह तू सह नहीं पायेगा…” इतना कह राज ने उसके दूसरे हाथ की हड्डी भी तोड़ दी…

विक्रम ने दर्द मई बिल बोलते हुवे पेअर से किक मारनी चाही तोह…

राज “इन्हे भी तोडूंगा ….इतना कह. घुटने से उसकी हड्ड़ी तोड़ दी ….और धीरे धीरे विक्रम के ऊपर के सूट को चीरने फाड़ने लगा….

बहार सुनील “वो इसे मार देगा”

गुरूजी “नहीं मरेगा जब तक उसे उसके जवाब नहीं मिलेंगे तुम बहार की स्थिति देखो की क्या सिचुएशन ह”

सुनील “जी गुरूजी” और अभय को लेकर बहार चला गया ….वंही राज की साडी बाटे और वंहा क्या हुवा वो सोनाली और शिवानी सभी और आग ने भी एआरपीएस मई सुना था पर वो सब बहार किलर आर्गेनाइजेशन के किलर्स को ख़तम करने पर बिजी the….isliye वो चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते थे ….वंही शील्ड mai…..raj ने विक्रम के सीने पर अपने नाख़ून को रगड़े हुवे कहा “एक बात बताना भूल गया मैंने बचपन से एक काम और किया ह और वो ह तड़पना मुझे तड़पना बहुत पसंद ह” इतना कह उसके सीने से खरोंचते हुवे नाख़ून निचे लेकर आया….”

बहार से गुरूजी “नहीं राज इस पर हक़ तुम्हारे गुरुओ का ह अपने हाथ मत गंदे करो”

राज “ हक़ तोह मेरा भी ह “

गुरूजी “सहदेव तुम्हारे पिता थे तोह मेरे भी बेटे जैसा था तुमसे जायदा हक़ हमारा ह छोड़ दो इसे शील्ड हटाओ “

राज ने बटन को प्रेस कर शील्ड को हटा दया और विक्रम की आँखों मई घूरते हुवे उसकी ऊँगली एक झटके मई तोड़ दी और बोलै “ हम दुबारा मिलेंगे तब तुम और तड़पोगे “

गुरूजी “राज “

राज विक्रम की आँखों मई देख कर मुस्कराया और विक्रम को ऊपर उठा लिया और दूर फेंक diya…..aur बोलै “तड़पाएगा …मेरी माँ को “ और इतना कहकर खुद भी निचे गिर गया क्योकि उसकी बॉडी अपनी लिमिट क्रॉस कर चुकी थी…

एक स्टॉर्म हवस जो उठा बरसा था वो ख़तम हो चूका tha….par क्या सच मई ऐसा था की सब ख़तम हो गया था नहीं …..एक शख्स अभी बाकि था जो सब कुछ जानकार गुसाई से उबाल रहा था…..



“अब मेरा पार्टिसोध तुम्हारे खून से पूरा होगा ….मैं डेथ हेलो बदला जरूर लूंगा”
 
अपडेट 204 ..स्टक अगेन

तो नाईट10 पं
 
अपडेट 204

स्टक अगेन…

इन ड्रीम…

“मैंने कहा था न …मेरा बीटा शेर जैसा होगा”

“Acha…ji ….वैसे वो सबका ख्याल रखता ह “

“बिलकुल मेरी तरह जैसे मैं तुम्हारा रखता हु”

“है बड़ा रखते हो दिन भर बस बहार रहते हो मेरे ख्याल मेरा बीटा रखेगा फिर घूमते रहना बहार”

राज अभी ड्रीम देख रहा था….

उसके पास पूनम बैठी हुवी thi….jo उसके होश मई आने का वेट कर रही thi….uska दिल जनता था की उसने कैसे अपने आंसूओ को बहने से सबके सामने रोके हुवे tha…..abhi भी वो राज के सर मई हाथ फिर रही थी …क्योकि उसे पता था की राज को बालो मई हाथ फिरवाना बहुत सुकून देता ह और यही काम वो पिछले तीन दिन और रातो से कर रही थी सायद हे कोई पल होगा जब वो अपने प्यार से एक पल भी दूर गयी होगी वो अभी राज के बालो को सहलाते हुवे प्यार से निहार रही थी उसी वक़्त रूम मई सोनाली की एंट्री huvi…poonam और उसकी नज़रे मिली पर दोनों ने कुछ नहीं कहा …दोनों जानती थी की दोनों के दिल मई राज के लिए बेइंतिहा प्यार h…aur पूनम जानती थी की उसकी ये बड़ी बहन राज को किस हद तक प्यार करती ह पर वो भी अपने दिल के हाथो अब पूरी तरह मजबूर थी वो न अब जाता सकती थी न पीछे हैट सकती थी ..अब जीना मरना वो राज के संग लिख चुकी थी……

राज इन ड्रीम…

“ाचा वैसे उसकी शादी कैसे करोगे..”

आदमी “ कैसे क्या मतलब गाजे बाजे के साथ मेरा शेर अपनी दुल्हन लेने जायेगा तलवारो के साथ पुरे बारातियो की फौज leke…darta थोड़ी ह उसका बाप तोह उसकी माँ को सबके सामने लड़कर उठा लाया था “

“आपको कोई भी काम प्यार से नहीं करना होता ह ”

आदमी “तीख ह तीख प्यार की देवी जो आप चाहो वैसा हे होगा“ आदमी की बात सून औरत खिल खिलाकर हंस पड़ी और उसके साथ आदमी भी हंस pada…..aur सपने मई दूर से चिप कर देख रहा राज भी मुस्कराने लगा और उसकी ये मुस्कराहट बहार उसके चेहरे पर भी आगयी जिसे ….पास बैठी सोनाली और पूनम दोनों ने देखा….

“पूनम राज जी जरूर कोई खास ड्रीम देख रहे ह “

सोनाली “हा”

तभी राज की आवाज आयी “मायआ”

सोनाली राज के मू से माँ का नाम सून कर भावुक हो गयी और अपनी आँखों मई ए आंसुओ को साफ़ करके बोली “वो बचपन मई कभी माँ का प्यार नहीं प् पाया सिवाए दादाजी के बाकि ने सिर्फ दर्द हे दिया और जब दिव्या मिली तब तक वो प्यार सब्द से मू मोड़ चूका था क्योकि जब उसे प्यार हुवा तोह उसके प्यार को उस पर ट्रस्ट नहीं huva….jisne उसे अंदर तक गुसाई और नफरत से भर diya….pata ह पूनम मुझसे जब भी ये मिलता तब कहता मुझे माँ की गोदी मई सोना ह बस एक बार कहते ह की सब ढक दर्द माँ की छाँव मई दूर हो जाते ह …..राज ने बचपन मई बहुत ढक देखे ह ”

तभी राज के सपने मई उसके माँ और पापा का चेहरा धुंधला पड़ने लगा वो दूर जाने लगे और राज तिलमिलाने लगा उसकी आँखों से आंसू बहने लगे वो सपने मई अपने माँ पापा को रोकने के लिए उनके पीछे भगा …

बहार वो अपने हाथ और सर को हिलने लगा….

सोनाली “जल्दी पूनम डॉ बुलाओ”

पूनम बहार जल्दी से भागी जंहा सुनील …और बाकी सब बैठे थे …”

पूनम “भाई वो राज जी ..डॉ”

सुनील अनिरुद्ध मित्युदूत अभय सब एक साथ अंदर भागे…

जंहा राज धीरे धीरे अपनी आंखे खोल रहा था…..

डॉ ने तुरंत हार्ट रेट बॉडी टेम्परेचर बप प्रेशर सब चेक करना सुरु कर दिया…..

वंही राज सबको देख रहा था …..

डॉ … “अनिरुद्ध जी ये ब्लड सैंपल ह इन्हे तुरंत लैब भिजवा दीजिये बाकि रिपोर्ट्स भी अजय फिर मैं सप्को स्टेटस बताता हु वैसे इन्हे अभी 10 दिन तक कम्पलीट बीएड रेस्ट ह कम्पलीट मतलब कम्पलीट बीएड रेस्ट ह …पसली की हडियो के साथ कई हड़िया टूटी हुवी ह जिन्हे जुड़ने मई टाइम लगेगा… इसलिए धयान रहे की ये बिलकुल भी हिले डुले नहीं ….वर्ण हड़िया गलत जुड़ गयी तोह प्रॉब्लम जायदा होगी और घावों के निशान रह जायेंगे वो अलग”

अनिरुद्ध “ थैंक यू डॉ हम धयान रखेंगे “

अनिरुद्ध “सुनील गुरूजी को इन्फॉर्म कार्डो राज को होश आगया ह जब तक मैं सैंपल भिजवाता हु”

सुनील “जी”

सबके के जाने के बाद …कविता अपने भाई के पास बैठी मुस्करा रही थी ….क्योकि सोनाली पूनम ने उसे पहले हे कहा था की रोना नहीं ह बिलकुल भी वर्ण राज को दुख होगा…

कविता … “भाई आराम करने की ीचा थी तोह वैसे भी कर सकते थे इतनी हड्डिया चटवाने की जरुरत क्या thi….ohhh …खूबसूरत तितलियाँ चाहिए आपको अपना ख्याल रखने के लिए”

कविता की बात सून पूनम और सोनाली कविता को देखने लगे …..

कविता “कहो तोह कई शादिया करवा दू ….बिलकुल पुराने ज़माने की तरह मतलब किंग की तरह फिर आराम से एक साथ सेवा करेंगी सब आपकी ”

सोनाली “चुटकी बहुत बोलने लगी ह”

कविता “आपको क्यों जलन हुवी …आपको नहीं करने को कह रही हमें तोह मेरे भाई की बात कर रही फिर सोनाली की तरफ देख के waise….wo माँ तोह कह रही थी की आप रात….”

सोनाली उसके मू को बंद करती हुवी … “चुप बिलकुल चुप जाओ टिया लेकर औ पातर पातर कितना बोलती ह रूक अभी मंडावा फ़ोन लगाती हु”

कविता “हे हे हे मज़ाक कर थी” फिर मन मई जाते हुवे boli“Hitler भाभी …एक बार शादी करलो फिर बताती हु श्वेता और मैं आपकी बंद बाज़ा देंगे”

अब सिर्फ पूनम और सोनाली बैठे हुवे थे रूम मई पूनम कुछ दिएर सोनाली और राज को अकेले रहने देना चाहती थी इसलिए वो उठकर जाने लगी …

“कान्हा जा रही हो आप”

पूनम “मैं वो बहार”

राज “बैठ जाओ”

पूनम ने सोनाली को देखा तोह उसने निचे बैठने का इशारा किया

राज “जब मैं मौत के करीब था …तब मुझे सब दिखाई दिए थे….”

सोनाली जल्दी se“tumhe कुछ नहीं होगा कभी भी दुबारा ऐसी बात नहीं बोलोगे समझे मरे तुम्हारे दुश्मन” राज की बात सुनकर सोनाली के ये बोलते बोलते आंसू आगये थे”

राज “सॉरी नहीं बोलुंग आप ऐसे रोया मत करो मुझसे लड़ते हुवे अछि लगती हो ये लुक आप पर सूट नहीं करता ह”

सोनाली “फिर मत बोलै करो ऐसी बाते”

राज “और पूनम जी आपके लिए फुटरे मई एक सुप्रिसे रहेगा …दुआ करना मैं कामयाब हो जाऊ बस”

पूनम “मैंने तोह हमेशा मेरी दुआ मई आपकी कामयाभी और ख़ुशी मांगी ह राज जी पर इस तरह आप जान को दांव पर लगाकर बदला मत लो”

सुनील बहार से एते हुवे “ सही कहा पिता इसे वैसे सेल कैसा लगा रहा ह हड़िया तुडवाके”

इतना कहने के साथ हे उसकी नज़र सोनाली और पूनम पर गयी जो एक गुसाई से तोह एक उसे घूर कर देख रही थी तभी उसे रीलीज़ हुवा की पोपट हो गया साला तोह वो खुद ह वो हड़बड़ाकर बोलै “आप दोनों कैर्री ों करो लगता ह मैं गलत टाइम आगया हु मैं बाद मई अत हु इतना कह वो तुरंत बहार निकल गया जंहा कविता उसे टिया लेकर कड़ी मिली …

कविता “क्या हुवा ….हिटलर ने कुछ कहा ”

सुनील “ छोड़ न छोटी तू टिया पीला किस्मत हे फूटती h…msin तोह उनसे जब हे मिलता हु जब उनका पर हाई रहता ह.”

कविता “ओह लगता ह इस बार दोने ने कुछ कहा ह तभी आप जल्दी से बहार ए हो…..

सुनील “हम्म है भी और नहीं भी पर बिना कहे हे सब कह दिया ये समझले एक तोह दोनों की बड़ी बड़ी आंखे.”

कविता “अपने राज भाई को कुछ कहा hoga….sukra मनाओ की उनकी प्रोटेक्टर मनीषा भाभी यंहा नहीं थी वर्ण क्लास लग जानी थी आपकी हे हे हे ”

सुनील “तेरी भी लगी ह लगता तभी तू बहार ह”

कविता साद मूड se“Ha हिटलर को मौका chahiye…main टिया देकर अति हु वर्ण हिटलर की आत्मा भड़क जाएगी”

अंदर दोनों टिया पि रहे थे तब….

सोनाली …. “पूनम इसे जूस पिलाओ डॉ 4 टाइम जूस के लिए कहा ह जब तक मैं दादाजी से बात करके अति हु ”

पूनम “वो सुनील भाई को अंदर भेज देना वो मिले नहीं ह अभी तक इनसे “

सोनाली “hmmm”aur बहार आकर “जाओ मिल लो …

सुनील धीरे से “खदुस्सस हिटलर बहन”

सोनाली कान पर मोबाइल लगाए हुवे बोली “कुछ कहा तूने”

सुनील “नहीं नहीं मेरी कान्हा हीमत ह जो आपको कुछ कह सकू” फिर मन मई राम राम बच gays…kitne तेज़ कान ह …फालतू मई अभी सुना देती …है है है राज बीटा तेरा क्या होगा …. बहुत पिटेगा रे तू…” और राज के पास आगया….

राज “और बोल ले गली”

सुनील “वैसे 4 बॉडी फ्रैक्चर 7 कट 42 टाँके और लम्बा रेस्ट लेकर कैसा लग रहा ह ….और क्या बड़ी बड़ी बाते बोल रहा रहा था तू मैसेज मई …बहुत बड़ा हो गया ह …मैं तेरी गग्गा…” कहते कहते रूक गया क्योकि पूनम वंही thi….aur उसे हे देख रही थी…. “कब तक बचेगा तेरी बाकि हड़िया मैं तोडूंगा गधे….”

राज “गलती हो गयी यार ….सॉरी उस वक़्त कुछ समाज हे नहीं आया ाचा वंहा कोई लड़की कैद मई मिली “

सुनील “है मिली न वंहा 1 नहीं तीन लड़किया मिली थी जो काम के लिए राखी हुवी थी”

राज “ पता कर उन मई से कोई फ़िनलैंड की ह क्या ….और वंहा 2 आदमी और होंगे फ़िनलैंड के जो जानवरो को खाना खिलते ह उन्हें क्रॉस चेक कर और यंहा बुलवा ले “

पूनम “कोई जरुरत नहीं ह आपको हिलने की मैं बुलाऊ सोनाली दी को”

राज “ok बुला लो अगर मैं ये कहु की ये सब आपसे जुड़ा ह तोह…”

पूनम छोङकर “ मतलब apka…mujse कैसे छुड़ा ह”

राज “ साबरा करो”

पूनम “मुझे मत बनाओ आप चुप रहिये” और फिर चमच मई जूस दाल कर मू डालती हुवी “आपकी सेहत पहले ह no कोम्प्रोमाईज़ वर्ण”

सुनील “उसकी बात तोह सुनले पहले”

पूनम “भाई आप ….मैं बड़े पापा और दादाजी को बता दूंगी नहीं नहीं मनीषा भाभी को हे बोल देती हु फिर देखती हु आप कैसे नहीं मानते हो “

सुनील “ माफ़ कर मेरी माँ गलती हो गयी एक काम थी जो अब ये भी सुरु हो gayi….bhai रहने दे मुझसे नहीं होगा”

राज “सिर्फ 5 मिनट प्लीज पूनम जी प्लीज बहुत जरुरी ह”

अब बेचारी क्या बोलती चुप रह गयी …अपने प्यार की रिक्वेस्ट पर …और चुप होकर चुप चाप जूस चमच से पिलाती रही…

रात के करीब 8 बजे वो तीनो जाने वंहा aye….poonam सोनाली कविता शिवानी अनिरुद्ध तोह उनकी हिघ्त देख कर हे हैरान थे वो बार बार उन्हें निचे से ऊपर तक देखते तोह कभी लड़की को….

कविता “मैंने मूवीज मई ऐसी बॉडी वाले देखे ह”

पूनम “ये तोह मित्युदूत चाचा से भी कुछ लम्बे ह “

शिवानी “ह क्या ये ….और ये लड़की भी क्या ऐसी भी होती ह वैसे कुछ भी कहो ह तोह बेऔतीयीय”

राज “ आप तीनो अब फ्री ह आप फ़िनलैंड वापस जा सकते ह या जंहा आपका दिल कहे जाने का मैं अर्रंगे करवा दूंगा “

दरिंदा “मेरा नाम मार्क ह और ये मच ह और ये ालिता हमारी सिस्टर ह वंहा फ़िनलैंड मई हमारा घर ह पर हमे सिर्फ फाइटिंग आती ह जिसके लिए हम दुनिया भर मई ट्रेवल करते ह… हम सिर्फ हमारी बहन के लिए सोच मई ह हमारी वजह से हे हमारी बहन इन सब मई फंस गयी”

राज की जगह सुनील बोलै “ डोंट वोर्री तुम्हारी बहन को पढ़ना ह तोह वो पड़ेगी और सेफ रखने की हमारी जिमेदारी “

मैच “और बदले मई आप हमसे क्या चाहते ह “

सुनील “नथिंग …आपको फाइट अति ह तोह हमारे पास एक ऑफर ह आपको तीख लगे तोह एक्सेप्ट कर lena…kyo न आप हमारे लिए जॉब करे ….मनी सेफ्टी …फ्रीडम ….एक अछि लाइफ सब मिलेगा apko…koyi ऐसा काम नहीं करना पड़ेगा जो मन न करने को कहे”

मार्क “कैसी जॉब”

राज “लॉयल्टी trust….safety बस इतना हे “

मार्क मैच डीपली ऑफर के बारे मई सोचने लगे …

राज “ डोंट वोर्री तुम्हारी बहन वर्ल्ड के बेस्ट प्लेस से स्टडी करेगी और स्टडी पूरी होने पर उसे बेस्ट जॉब मिलेगी और खास बात ये ह फिर तुम्हारे आस पास हे रहेगी ….जब चाहे तुम तीनो मिल सकते हो”

ालिता जो 5.11 इंच की थी वो boli“what अरे यू थिंकिंग बरोथेर ….से यस ी थिंक हे इस नीस पर्सन….

मार्क और मैच एक साथ “ ok …हमे मंजूर ह”

राज “सुनील इनदोनो को रूम दिखा दो और सोनाली मम आप इन्हे नहीं आप रहने दो kabbuuu…alita के लिए एक रूम को अर्रंगे कार्डो “

कविता जी भाई …

और दोनों के जाने बाद शिवानी ने खोलते टेल मई अपनी बातो से पानी दाल डालना सुरु kiya….aur कुछ हे दिएर मई टेल गर्मी से उछाल गया

Shiwani“kya बात ह हीरो एक और ब्यूटी बहुत लम्बी लिस्ट बना ली ह हिमचाल से देहरादून फिर दिल्ली अब मुम्बई मई भी और अब फोरेनर भी मतलब मॉडलिंग की हॉट सिमरन से लेकर फाइटर तक क्या बात ह चा गए तुम तोह”

राज जिसने आंखे आराम करने के लिए बंद हे की थी उसने तुरंत खोल ली ….और हैरानी से देखा….

“शिवानी ….ओह …पर्सनल देख भल करेगी ालिता क्या बात रूम भी सेट करवा दिया ह बाथरूम तक जाने मई दिकत हो रही होगी ह na…hum तोह यू हे देख भल कर रहे थे….…”

राज को पसीने lage“ap कुछ भी बोलती रहती हो ममम मुझे कोई केयर नहीं करवानी ह वो तोह मदद का वडा किया था इसलिए….”

शिवानी “achaa….achaa…toh फिर हेल्प सुनील वंहा जाकर भी कर देता यंहा बुलाने की क्या जरुरत थी …हूऊऊऊ सोचा होगा भाई की बॉडी ऐसी ह तोह बहन की भी मस्त hogi…kyo क्यों सही कहा न लड़ाई मई भी दिमाग चला लिया था क्या बात ह फैन हो गयी मैं तोह तुम्हारी“

सोनाली को कान्हा साबरा होने वाला था वो भड़क गयी “ ये सरे मर्द होते हे एक जैसे ह सेल ठरकी सेल”

राज” mmmm”wo कुछ बोलता उसे पहले हे शिवानी दुबारा बोल पड़ी

शिवानी “हां दी देखा नहीं 5.11 इंच की थी सबकुछ परफेक्ट था ऊपर से निचे तक र राज को कैसे देख रही thi“ye कहते कहते राज को आंख मर दी उधर पूनम को हंसी आरही थी शिवानी की बातो से …और उसने भी बहती गंगा मई हाथ धो हे लिए और सोनाली को और छेद दिया…

“क्या राज जी अपने बताया नहीं की आपको लम्भी हिघ्त वाली पसंद ह” फिर सोनाली की तरफ देख कर वैसे किसी की हिघ्त तोह 5.8 हे ह…” और बस राज बेचारा भाग सकता तोह कबका भाग जाता पर वो अब कुछ कर नहीं सकता था सिवाए …भोली सूरत बनाने के इसलिए उसने झूठे दर्द का बहाना बना लिया ताकि सोनाली पूरी तरह फैट न पड़े और सीने को पकड़ लिया….

राज “दर्द दर्द हो रहा ह बॉडी mai….aaahhhhh….”

पूनम “क्या हुवा आपको”

सोनाली भी सब भूल गयी और राज के करीब आगयी “राज राज क्या हुवा “ कहते हुवे उसके सीने को सहलाने लगी और बोली शिवानी कड़ी क्यों ह डॉ को बुलाओ जल्दी से…

शिवानी मन मई “अरे मेरी भोली दीदी उसने फिरसे तुम्हे फंसा लिया नाटक कर रहा ह ये सुनील सही कहता ह राज के पास एते हे इनका मेरा बाबू शोना सुरु हो जाता ह दिमाग काम नहीं करता ह inka…ek मिनट मई पता लिया उसने तुम्हे”

राज “बस ऐसे हे सहलाओ मैं तीख हु”

सोनाली “ चुप रहो तुम “

और डॉ को शिवानी बहार से अंदर लेकर आयी …

डॉ चेक करने के बाद “देखिये इन्हे आराम करने दीजिये इनसे काम बात करिये “

सोनाली “जीई”

सुनील “नौटंकी कंही का” इतना कह वो भी जल्दी जल्दी खिसकने लगा क्योकि उसे पता था की क्या होने वाला ह और हुवा भी वंही ….पीछे से आवाज आयी … “वंही खड़े रहो हिले भी तोह टंगे तोड़ दूंगी तुम्हारी”

कविता ने तुरंत सबको ग्रुप वीडियो कॉल पे ले लियाओ लाइव टेलीकास्ट करने वाली thi….sunil ki…aur कैमरा का फोकस पूरा दोनों की तरफ कर दिया…

सोनाली “ तुम लेकर ए न उन्हें पता ह न राज की तबियत ख़राब ह फिर भी ….तुम्हे शांति नहीं मिलती ह न” इतना कहते कहते उसके कान पकड़ लिए

“सुनील “आअह्ह्ह्हह डीई मममममैने क्या किया उसी ने बुलाया था”

सोनाली और जोर से कान खींचकर “ तोह डॉ ने कहा वो नहीं सुना था तुमने जो उसकी बात नहीं मणि…”

सुनील “अरे मेरी हिटलर डीई मैं”

सोनाली “ क्या कहा हिटलर बहुत जबान चलने लगी ह तुम्हारी कैंची की तरह आज काट हे देती हु फिर देखती हु कैसे जुबान लड़ते हो मुझसे”

सुनील “अरे मैं कान्हा लड़ायी… फिर अनिरुद्ध को देख kar..bade papa…bade….papa….ap हे समजाओ na….inhe बस मौका चाहिए और मिलते हे पीटने लगती ह अकेला भाई हु इनका …”

अनिरुद्ध “छोड़ दो बेटी राज ने हे कहा होगा तभी इसने किया अगर ये नहीं करता तोह वो नाराज हो जाता इससे”

सुनील “हां पर ये समझे तोह न बस पीटना ह मुझे”

सोनाली ने कान छोड़ा और सर पर थपड मारा “चल चल बहुत हो गया तेरा

नाटक अगली बार नहीं छोडूंगी समजा आज छोड़ रही हु”

सुनील को छोड़कर सोनाली हटी तोह सुनील तुरंत अनिरुद्ध के पास खिशक गया और बोलै “ बड़े पापा उसे होश क्या आया अभी तक खाना नहीं बना ह तीनो se…dekh रहे हो भेद bhav…kahne को तीन बहने यंहा ह उस बंदरिया कविता से तोह उम्मीद हे नहीं ह उसे बनाना नहीं अत ह”

सोनाली ने एक नज़र घूर कर उसे देखा और किचन की तरफ चली गयी ..

अनिरुद्ध “क्यों छेड़ता ह उसे पता ह न गरम दिमाग ह”

सुनील “बड़े पापा इसी प्यार के लिए तोह तरसता हु ाचा लगता ह जब मुझपर मेरी बहने अपना हक़ जताती ह इनके लिए तोह सबकुछ करने को तैयार हु और वैसे भी एक बहन अपने भाई को कभी मरती ह भला ये तोह प्यार ह unka……kyo सही कहा न “

अनिरुद्ध उसकी बात पर मुस्कुराते रह गए ….

वंही रूम के अंदर..

राज “पूनम जी आप भी शिवानी मम के साथ हो गयी …आपसे तोह सारः की उम्मीद थी“

पूनम मुस्कराकर “आपका मैसेज जब सुना था और आप ए ह तबसे मेरी क्या हालत ह मुझे पता ह इसलिए सजा तोह आपको मिलनी हे चाहिए… “

राज पूनम को देखते हुवे “ क्या हालत हुवी”

पूनम अपनी ख़ूबसूरत आँखों से “कुछ रिश्ते बताये या जताये नहीं जाते ह राज जी …आप बस ये याद रखना हमेशा आपसे जायदा आप पर हक़ हमारा ह aur…hum सब की खुसिया आपसे जुडी ह”

राज “आपकी भी “

पूनम ने कोई जवाब नहीं दिया बस राज को देखने लगी और राज उसकी आँखों मई जवाब ढूंढने लगा…”

पूनम ने कुछ पल बाद कहा “बड़े पापा (अनिरुद्ध ) कह रहे थे की आप तीख होने के बाद यंहा से चले जायेंगे”

राज “मेरी मंजिल मई रूकना कंही लिखा हे नहीं ह पूनम जी”

पूनम “साथ छोड़ना तोह नहीं लिखा ह na…manjhil तोह खुद बा खुद दुबारा मिला degi…….bhul तोह नहीं जायेंगे न मुझे……”

राज “साथ आपका कभी नहीं chodunga..toh भूलना तोह बहुत दूर की बात ह“

पूनम “ऐसे नहीं ….फिर पास कान्हा की मूर्ति जो राज की सेफ्टी के लिए उसने राखी थी उसे उठाकर …कान्हा की कसम खाकर कहो की कभी साथ नहीं छोडूंगा और जब याद करुँगी बुलाऊंगी तब आओगे“

राज पूनम की आँखों मई देखकर मन मई सोचता huva…kya माँ पापा जिन्दा होते तोह मेरी शादी पूनम के साथ होती …राज ने पूनम को देखते हुवे अपना एक हाथ कान्हा की मूर्ति पर रखकर kaha“kanha की कसम मैं मेरी स्वीट इनोसेंट पूनम जी का साथ कभी कभी नहीं छोडूंगा और न कभी भूलूंगा …भला इतनी अछि लड़की को कोई कैसे भूल सकता ह और…” इतना कहते कहते वो रूक गया

पूनम “ आप मेरे साथ मेरे गाँव chaloge…chacha जी बहुत अचे ह आपसे मिलकर बहुत खुस होंगे”

राज “आपकी ये ीचा ह तोह मैं एक दिन आपके गाँव जरूर आऊंगा आखिर मुझे आपके हाथ से खाना खाने को जो milega…waise मैं भी तोह देखु इतनी अछि लड़की का बचपन कान्हा और किसके पास बिता ह”

पूनम सायद इतनी की वो बता नहीं सकती थी पर उसकी मुस्कुराहट जो इसवक्त उसके ख़ूबसूरत चेहरे पर थी वो सब भैया कर रही thi…aur इसी मुस्कराहट के साथ बोली “सपने मई माँ को देख रहे थे न”

राज एक पल चौंका फिर बोलै “है माँ पापा को मेरी शादी की बाते करते हुवे सून रहा था…”

पूनम “सायद उनकी ीचा हो आपको शादी करते हुवे देखने की”

राज के पास पूनम के इस सवालका जवाब नहीं था उसे अचानक विक्रम की बात याद agayiiii…”tere बाप दोस्ती को रिश्ते दरी मई बदलना चाहता था ” राज पूनम को देखने लगा….

पूनम राज को ऐसे देखते हुवे देख boli“kya हुवा कान्हा खो गए…”

राज “कुछ नहीं ….आपकी किस्मत मई बहुत ाचा लड़का लिखा होगा …. “

पूनम मन मई “मेरी किस्मत तोह आप हो और यही लिखा हुवा h…ap नहीं तोह फिर कुछ भी नहीं ह राज जी” फिर राज से “मेरी किस्मत आपकी किस्मत राज जी सब पहले हे लिखी जा चुकी ह हम तोह बस अपनी किस्मत मई जो लिखा ह वही पूरा करने की कोसिस कर रहे ह ….जैसे हमारी किस्मत मई एक दूसरे का साथ मतलब मिलना”

राज “क्या सब इतना आसान ह”

पूनम “सच कहु तोह नहीं …किस्मत मई जो लिखा ह उसे पाने के लिए हमे किस्मत मई लिखे को सच भी करना पड़ता h….yahi तोह आप कर रहे हो राज जी और यही मैं कर रही हु”

राज “आप क्या चाहती हो किस्मत से”

पूनम गहरी सांस छोड़कर “मेरी दुनिया बहुत छोटी ह राज जी ….एक परिवार प्यार करने वाला ho….pahle चाचा चची के सिवाए कोई नहीं था तब अपने बड़े पापा दादाजी और एक बड़ा भाई और खूब साडी बहाने दे di…jo मुझे बहुत लाड़प्यार से रखती h….aur कान्हा ने फिर आपके रूप मई एक दोस्त जो मेरा ख्याल रखे मुझे समझे वो दे diya…aur क्या चाहिए muje…aur चाहिए तोह आप हो न”

राज बस पूनम को देखता रहा वो हमेशा इन्ही बातो की वजह से पूनम की तरफ खिंचा चला जाता था …उसकी सिम्पलिसिटी उसकी साफ़ बाते …उसे हमेशा सहज और सुकून देती थी….

पूनम मुस्कराकर “इतना धयान से क्या देख रहे ह आप “

राज “ पूनम जी कभी इस मुस्कराहट को अपने चेहरे से जाने मत दीजियेगा…”

Poonam”jo हुकुम मेरे आका” इतना कह हसने लगी तोह राज भी मुस्कारने laga…phir पूनम को अचानक याद aya…”mar गयी दिव्या आंटी को आपके होश मई एते हे कॉल करना tha…aur मैंने अब तक नहीं किया क्या सोचेंगी वो की लापरवा लड़की ह”

राज “अरे आप इतनी टेंशन मई क्यों आगयी….”

औ राज को कौन बताये की सास ह वो सास से पन्गा नहीं लेते ह…

पूनम ने तुरंत अपना एप्पल मोबिल निकला और दिव्या को कॉल मिला diya….dusri तरफ दिव्या जो 4 महीने बाद कैंप लगने वाला था उसकी तयारी कर रही थी उसने पूनम का फ़ोन देखा तोह तुरंत उठा लिया

“पाँव चुना आंटी ….राज को होश आगया ह”

दिव्या सबके बिच से एक्सक्यूज़ में बोलकर बहार आगयी “खुस रहो बेटीइ जल्दी बात कराओ मेरी “ पूनम ने तुरंत राज की तरफ स्क्रीन को कर दिया …

दिव्या बेचारी की आँखों मई ख़ुशी के आंसू आगये …क्योकि उसे काम की वजह से मुम्बई से राज के होश मसि ए बिना हे वापस आना पड़ा था…

राज “माँ रोना नहीं बिलकुल”

दिव्या आंसू पूछते हुवे मुस्कराने लगी पर उसके आंसू अभी भी बहे जा रहे the….wo एक माँ थी और राज उसका वो बीटा था जैसी उसने दूध नहीं एते हुवे भी अपना दूध पीला कर उसको सच्चे दिल से अपना बीटा माना था….

राज “मैं भी रोने लगूंगा माँ अगर अब चुप नहीं हुवी तोह”

दिव्या “ये आंसू खुद बा खुद आजाते ह जब एक माँ अपने बेटे को दुख मई देखती ह ….अब तुझे बात करते देख लिया न मैं तीख हो जाउंगी “

राज “माँ मुझे आपकी गोदी मई सोना ह”

दिव्या “जल्दी अति हु मेरे बचे …मेरा बस चले तोह अभी अजौ पर मेरे जैसी और माओ को अभी तेरे माँ की जरुरत ह”

राज “लव यू माँ”

दिव्या “स्क्रीन को चूमते हुवे …लव too…ab हिलना मत बिस्तर से बिलकुल भी …और रूक ऋचा से बात कर मैं अभी उसे देती हु”

पूनम जो पास कड़ी थी उसने राज से “आप ऋचा से बात करो मैं बहार जाकर आती हु”

ऋचा को दिव्या ने जैसे हे आवाज दी तोह उसके मुरझाये चेहरे पर रौनक सी आगयी क्योकि पिछले तीन दिन और रातो से न वो तीख से सोई थी और न तीख से उसने खाया था ….

दिव्या “राज बात करो इतना कह वो मोबाइल देकर वापस मीटिंग मई आगयी जो बेहद जरुरी थी….”

राज और ऋचा एक दूसरे को देख रहे थे ….जंहा ऋचा अपनी फीलिंग्स को बहुत ताकत लगाकर रोक रही थी तो राज भी साफ़ साफ़ ऋचा की आँखों के पास काळा घेरे और मुरझाया हुवा चेहरा साफ़ देख पा रहा था…

ऋचा “कैसे ह आप “

राज “डॉ सब जोड़कर चला गया h…yanha कोई हिलने नहीं दे रहा h…pani जूस सब पीला रहे ह …मतलब मुझे कुछ भी करने की जरुरत नहीं ह फिलहाल धत्त्त बाटत हो रखे ह”

ऋचा के मुरझाये चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और इसी मुस्कराहट की वजह से उसकी आँखों मई ए आंसू भी बाह गए….

राज ऋचा की हालत समाज रहा था पर अब उसके मन मई वो प्यार दुबारा से जिन्दा होना नामुकिन था जो कंही दूर दिल के किसी खोने मई दफ़न हो गया था…

ऋचा “ सबकी जान निकलकर कहते हो धत्त्त बाटत ह…”

ऋचा “ पता ह न कितनी टेंशन हो गयी थी सबको ….बहुत तकलीफ होती ह राज”

राज सीरियस hokar“richa हम बड़े हो गए और समाजधर भी अब हमे आगे बढ़ना चाहिए ह न सब भूलकर “

राज की बाते सुनकर ऋचा के होतो पर फीकी मुस्कान आगयी और बोली… “मर राज सिंह निर्वाण हमेशा तुम डीएड नहीं करोगे जाने ka…..hum बढे हो गए ह इसलिए मुझे पता ह की मेरी गलती क्या थी ….और एक बात याद रखना और इसे दिल मई अचे से बिठा लो …इस ऋचा की मांग मई सिन्दूर तुम हे भरोगे ….समझे सिरफफफ tummmm….tum प्यार हो मेरा और रहोगे …..मुझे खुदपर और ऊपर वाले पर यकीन ह तुम्हारे न कहने से कुछ नहीं badlega…bade ए”

राज क्या बोलता वो चुप रहा ….

ऋचा “प्लीज अपना धयान रखना राज”

राज बस ऋचा को देखता रहा

ऋचा “गुसा ारः ह …मरने का मन कर रहा ह ..उसके लिए माय लव आपको तीख होना होगा पहले फिर मार लेना वडा ह उफ़ तक नहीं करुँगी”

राज कॉल कट करने को हुवा था..

ऋचा “ No बिलकुल नहीं वर्ण मैं अपनी सासु माँ को कह दूंगी मुझे दन्त रुलाया”

राज “तुममममम”

ऋचा “तुममम क्या 3 दिन और रात हो गए मुझे तुम्हारे लिए रट हुवे अब इतना तोह मेरी तरफ से भी बनता ह …ok ी म सॉरी गुसा मत होवो रेस्ट करो ….मिस्स्स यू कुछ टाइम बाद कैम्प्स मई जाना ह पता नहीं कब देख पाऊँगी..”

राज “थैंक यू”

ऋचा “हमेशा के लिए नहीं जा रही hu…samjhe”

राज “टाइम से खाना खाना और सोना तुम्हे फिलहाल नींद की जरुरत ह अभी “

ऋचा “ाचा लगा की आज भी तुम्हे फर्क पड़ता ह तक ऑफ़ सेल्फ माँ मीटिंग मई अकेली ह “

राज “खुदका सुर माँ का धयान रखना “

ऋचा “मेरी भी माँ ह वो “

राज बस ऋचा को देखता रह गया और कॉल कट हो गया ….उसे आज ऋचा दूसरे हे रूप मई नज़र आयी तोह उधर ऋचा अपनी आँखों से बेहतर आंसुओ को साफ करती रही क्योकि वो छाती थी की राज उसे अपना ले …पर अब ऋचा समाजधर थी और उसे किस्मत पर पूरा यकीन था….

रात गहराती gayiiii….par दिकत तो अब सुरु हुवी जब राज के रूम मई उसके तीख बगल मई दो बीएड और लगे हुवे पूनम और सोनाली के …राज बेचारा शिवानी की तरफ देखता तोह कभी सुनील की तरफ …पर सुनील और कविता सोनाली की वजह से छु तक करने की हीमत नहीं कर रहे the….isliye तीनो के रूम मई छोड़ कर बाकि सब बहार आगये….

राज “सुनील रूक जाता आप दोनों आराम से सो जाओ”

सोनाली “क्या नाम था उसका ालिता को भुलवा दोऊ मैं तोह चुभ नरही होउंगी तुम्हे”

राज की तोह बाकि बाटे मू मई हे रह गयीईइ आगे बोलने के लिए उसमे हीमत हे नहीं थी…

सोनाली “सांप सूंग अब”

राज “मैंन”

सोनाली “क्या मिमिया रहे हो साफ़ बोलो”

राज “कुछ भी नहीं कुछ भी नहीं कहना ह”

तभी उस वक़्त रूम मई ालिता आगयीईइ और गेट के बहार हॉल मई सुनील ने उसे राज के रूम की तरफ जाते देखा toh…usne अपना सर पकड़ लिया और यही हाल पास मई हे टीवी देख रही शिवानी और कविता का था…

शिवानी “ बम फूटने वाला ह आज भाई सब अपने अपने रूम pakadlo…ye कहते हुवे उसने सुनील की तरफ देखा तोह …वो चौंक गयी क्योकि सुनील मैं दूर से बहार भाग गया था फिर उसने कविता की तरफ देखा तोह और भी चौंक गयी क्योकि वो भी गायब हो गयी थी… “इतना खोफ्फ़ ….हे हे हे अब आएगा maza…raj तुम तोह गए गॉड ब्लेस्स यू मस्त मज़ा आने वाला ह लाइव एक्शन जलन कैट फाइट मूवी देखने को मिलेगी और आज तोह पॉपकॉर्न भी ह”

अंदर ालिता को देखते हे पूनम और सोनाली के कान काढ़े हो गए दोनों ने एक दूसरे को देखा ….और फिर राज को जो ालिता को हे देख रहा था …दोनों को ऐसा लगा जैसे दूध उन्होंने जमाया ..और जब मलाई आयी तोह कोई तीसरी खाने agayiii….aur दोनों ने एक दूसरे को देख जैसे टीम बना ली हो और वो एक पल राज को घूरती तोह एक पल ालिता को जलन से देखती…

ालिता “थैंक यू सो मच …..मुझे थोड़ी थोड़ी हिंदी आती h…main पहले भी इंडिया आया हु अपने जो हमारे लिए किया उसके liye…love यू कभी भी मेरी ज़रूरत हो मैं ajungi…take rest…meet यू टुमारो गुड नाईट स्वीट ड्रीम्स"

राज “गुड नाईट स्वीट ड्रीम्स”

Le…bus आज तोह …जवालामुखी फैट गया वो भी दो जगह ….सोनाली आज राज को इतना पिट टी की उसकी हालत बुरी हो जाती उसने गुसाई से कांपते हुवे राज को देखा पर आज पहली बार कुछ नहीं बोली और यही हाल पूनम का था …ालिता का लव यू सून आज उसके कलेजे पर भी सांप लोट रहे थे वो एक तक राज को घूरे जा रही थी….

राज मू खोल कर कुछ बोलना चाहता था पर दोनों के एक्सप्रेशन देख चुप हो gaya….kyoki उसे अचे से पता था एक वर्ड भी उसने कहा तोह पूनम तोह कुछ नहीं कहेगी पर सोनाली जरूर एक आधा कास degi…dono उठ कर गुसाई से बहार आगयी जंहा शिवानी मस्त पॉपकॉर्न का बाउल लिए उधर हे देख रही thi….aur दोनों बहार आकर अपने अपने रूम की तरफ चली gayi…phir …

पूनम ने कुछ कहना चाहा तोह …सोनाली “शिवानी उस गधे के पास सुनील को भेज देना तीख ह “

शिवानी “वो तोह बहार गया अभी अभी ालिता को रूम मई जाता देख कर”

सोनाली “आने दे उस चूहे ko”itna कह दोनों चली गयी…

शिवानी अंदर राज के पास गयी और दूसरे बीएड पर लेटते हुवे उसे देख कर हसने लगी….. “ नदी किनारे धुंवा उठत ह मैं जानू कुछ होये ….जलन की आग मई मैं जला क्या वो भी जलती होये”

मुम्बई सीक्रेट प्लेस….

रंजन “अपूर्व सिंह जी मुझे कुछ नहीं पता चला ह अभी तक “

अपूर्व सिंह “ मां मैं दुनिया को बनता हु तुम मुझे बना रहे ho…tum अचे से जानते हो मैं क्या कर सकता हु …मुझे हर उस की डिटेल चाहिए ह जो इसमे शामिल tha….muje डेथ हेलो को जवाब देना तुम समाज रहे हो na….tumhe मां यू हे नहीं कहते ह फिर उसके करीब आकर …मैंने सुना ह तुम सुनील सिंघानिया से रिश्ता जोड़ कर और पॉवरफुल बनना छह रहे हो …फिर कामिनी मुस्कान के साथ क्या हो अगर वो हे नहीं रहे तोह….”

रंजन “अप्पाराव सिंह जी मैं पता करता हु पर आपको एक छोटी सी मदद मेरी भी करनी होगी …”

अपूर्व “,बोलो”

रंजन “एक लड़के को मारना होगा मेरी बेटी उसके लिए मुझसे रिस्ता तोड़ने को तैयार h….isliye उसका मरना जरुरी ह”

अपूर्व “तुम मुझे उसकी डिटेल दे दो पर पहले जो कहा ह वो करो “

रंजन “मैं पता करता हु “

रंजन जाने लगा तोह अपूर्व सिंह पीछे से बोलै 90 दिन ह तेरे पास फिर तुजे मुझसे कोई नहीं बचा पायेगा mama…..waise मैंने सुना था ….तू पहले किसी सहदेव के साथ काम करता था …और उस टाइम सब तुम्हे मां कहकर बुलाते थे और फिर तुमने इस नाम को हे दफना दिया”

रंजन ये नाम सुनकर तुरंत रूक गया और पलटकर बोलै “ताकत सबको अछि लगती ह ….किलर आर्गेनाइजेशन भी उसकी मौत पर हे कड़ी हुवी h….mama नाम मेरा अतीत ह उसे वंही रहने दो मैं अब रंजन हु ….अंडरवर्ल्ड का किंग जिसको किसी ने नहीं देखा ह ….

आज के लिए इतना हे……

मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का….
 
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