Adultery Raj-- hero of the family - Page 76 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

दिव्या और विद्या पर देहरादून अटैक अपडेट का नंबर क्या ह
 
अपडेट मॉर्निंग पोस्ट होगा क्योकि अपडेट बड़ा हो रहा ह फिर एडिटिंग ...टाइम लगेगा...
 




सिर्फ एडिटिंग बाकी ह जो थोड़ी दिएर बाद सुरु करूँगा....
 
अपडेट 227

निर्वाण कनौस….

रिकैप

पूनम विलेज…

“राम राम चौधरी साब

रणवीर सिंह “राम राम जी आज मला साब रास्ता कैसे भटक गए”

प्रधान “रास्ता नहीं भटका …गाँव मई लड़की देखने आया tha….par सही न लगी …उपरवाले की दया से सब ह पर कमी ह तोह एक सीधी और सुशिल बहु की …देखो चौधरी साब दूर दूर तक सब एक हे बात कहते ह की लड़की होये तोह पूनम जैसी होये …और इतनी तरफी सुनकर तोह अब मेरे से भी रहा नहीं गया”

रणवीर सिंह “मला साब पूनम अभी बीमार ह उसके कॉलेज मई हादसा हो हाय था तब से घूमसूम रहती ह”

मला “चौधरी साब जब तक पूनम तीख नहीं होती इंतेज़्ज़र करते ह मैं एक भेड़िया डॉ यही बुला लेता हु वो ट्रीटमेंट भी अचे से करेगा और जब पूनम बेटी तीख हो जाएगी ह तब हम आगे बढ़ेंगे

रणवीर सिंह “है ये ाचा रहेगा मला साब ….”

कुछ और बाते करके मला चला gaya…uske जाते हुवे चेहरे पर कामिनी मुस्कान thi…jiska क्या राज़ था वो तोह आगे हे पता चलने वाला था…

अब आगईई….

एक वीक बाद…

दिव्या “कुछ खा ले तूने कुछ खाया भी नहीं ह”

ऋचा “माँ सब मेरी गलती ह मुझे खुद पर काबू रखना चाहिए था मैंने उसे क्यों दिया जबकि पता था की राज को खतरा h…sab मेरी गलती ह”

ऋचा राज का हाथ पकडे रोये जा रही थी….

दिव्या “अगर ऐसे हे रोटी रही तोह तबियत ख़राब हो जाएगी ..मुझे देख मैं माँ हु उसकी ….मैंने भी तोह हीमत राखी ह हुवी न ….किसलिए सिर्फ इसीलिए न ताकि राज तीख हो जाये और तुम पिछले एक वीक से राज को देख देख कर रोये जा रही हो ऐसे तीख हो जायेगा क्या…”

ऋचा “माँ फिर क्या करू जिस साई ये तीख हो जाये”

दिव्या “बस कर मेरी बची …राज की देख भल के लिए सब ह न मैं हु तुम हो डॉ की टीम ह उसे कुछ नहीं होगा वो जल्दी हे तीख हो जायेगा अभी चलो कुछ खालो बहुत रात हो गयी फिर सोना भी ह”

ऋचा मन करती रही पर दिव्या के समझने पर वो समाजगायी और दिव्या के साथ सोने चली गयीईइ पिछले एक वीक से ऋचा खुद को संभल हे नहीं पा रही थी……

रात हुवी और समय भी 10,11 और फिर 12 बज gaye….tabhi हॉस्पिटल के उस साइड के कमरे जंहा राज लेता हुवा था उनकी स्क्रीन 1 सेकंड के लिए ऑफ हुवी और दुबारा से agayiiii….toh रूम के अंदर नर्स ने राज को चेक किया और चेयर पर बैठने के बाद एक उबासी ली और दूर को सेफ्टी के लिए लॉक किया और आंखे बंद करके वापस राज के पास बैठी हे थी की ..एक साया 5 मिनट बाद खिड़की से धीरे धीरे अंदर आया …और नर्स के नाक के पास कुछ लेकर गया और जब संतुस्ट हो गया की वो गहरी नींद मई चली गयी ह तोह …अपनी बैक से एक बड़ा खंजर निकला और बीएड की तरफ चलने laga…..usne अपनी साँसों की आवाज को भी बहुत धीमा रखा हुवा tha…idhar बीएड पर राज की आंखे बंद thiii…jaise हे वो शख्स बीएड के करीब पंहुचा ….और निचे की तरफ jhukha…tabi राज की आंखे खुल गयी और वो सीधा बैठ gaya…..samne खड़ा शख्स तुरंत “मास्टर सब तैयार ह”

निर्वाण के चेहरे पर भयानक मुस्कान आगयी और वो अंगड़ाई लेता हुवा बोलै “कितना वक़्त हो गया”

मित्युदूत “मास्टर ओने वीक हो गए ह”

निर्वाण “एक वीक हो गया ह मुझे सोये हुवे बहुत जिद्दी ह तुम्हारा वो कमजोर मास्टर खैर अब उसका काम हो गया h…ab चलो मुझे उस बूढ़े को देखना ह बहुत सवाल पूछने ह”

मेत्युदूत “वो मास्टर अपनी हवेली मई ह वंहा उसके गॉर्डस ह गन के साथ और अपने तोह कंही और जाने का कहा था”

निर्वाण “ भूल जाओ जो कहा था और तुम्हे वो काढ़ा लेने को दिया था वो लिया”

मेत्युदूत “यस मास्टर”

निर्वाण “उसमे केसर और शिलाजीत जो असली हो उसे एक चमच और मिला लेना और पिया करो उस बेकार राज की तरह कचरा मत बनो हमरी मंज़िल बहुत दूर ह”

तभी उसके सर मई फिर दर्द उठा …तोह निर्वाण ने अपना सर दीवार पर दे मारा …

मित्युदूत “मास्टर”

निर्वाण “ अब तीख ह दिमाग अभी तक पूरा तीख नहीं हुवा ह” इतना कहा और एक दो और तीसरी जम्प मई ऊपर से सीधा जमीन पर था “हम्म्म कमजोर सरीर उस बूढ़े ne…kuch नहीं kiya…aur ये साला भी ….लड़कियों के चक्कर मई जिंदगी ख़राब करता रहा ह इसे पता नहीं ह अभी कुछ”

पीछे पीछे कुछ पल बाद मित्युदूत भी agaya…Nirwana ने मास्क पहन लिया था और मित्युदूत ने भी वो हॉस्पिटल की बाउंड्री से बहार जम्प करे हे थे की सामने ब्लैक ड्रेस मई मास्क पहना हुवा एक लम्बा चौड़ा तगड़ा आदमी खड़ा दिखाई दिया…

मित्युदूत ने तुरंत अपनी सोर्ड निकली और मरने के लिए आगे बढ़ा तोह निर्वाण ने मन कर दिया… फिर निर्वाण ने एक नज़र उसे देखा और मित्युदूत को चलने का इशारा kiya…aur फिर दोनों उस शख्स के पास से निकलने लगे ….

मित्युदूत “मास्टर ये हॉस्पिटल की तरफ जा रहा था”

निर्वाण ने कुछ नहीं कहा और आगे बढ़ता रहा ….और क्रॉस करके एक कदम हे आगे बढ़ा था की उस शख्स ने निर्वाण के कंधे को एक हाथ से पकड़ लिया …और उसी पल निर्वाण की आँखों मई एक अजीब सी चमक दिखी और एक किक उस शख्स के मुज पर पड़ी …पर ये क्या उसने एक हाथ से किक को ब्लॉक कर दिया…

मित्युदूत ने जम्प के साथ एक किक उसकी चेस्ट पर मरीई तोह वो शख्स दो कदम पीछे हैट गया…

निर्वाण “देख खेलने का मन नहीं ह तेरे साथ अभी जाना ह मुझे”

पर उस शख्स ने आगे बढ़ राइट हैंड से गर्दन पर वार किया जिसे निर्वाण ने ब्लॉक कर diya..phir शख्स ने लेफ्ट हैंड का तेज़ी से वार किया जिसे भी निर्वाण ने ब्लॉक कर दिया …अब शख्स ने बिना वक़्त गंवाए घुटने का वार चेस्ट पर किया तोह निर्वाण ने अपने हाथ को निचे करके ब्लॉक कर diya….Aur एक हथेली का पुश उस शख्स की चेस्ट पर मारा …शख्स तीन चार कदम पीछे खिसकता गया फिर एक पेअर को शख्स ने पीछे की तरफ प्रेशर से धकेलते हुवे एक जम्प के साथ उछला और पहले राइट किक और फिर लेफ्ट किक निर्वाण को मरी जिसे निर्वाण ने दोनों हाथो से ब्लॉक कर दिया और फिर घूमकर एक राउंड किक शख्स के जबड़े पर मरी वो शख्स साइड मई जाकर गिरा…

निर्वाण “हम्म दम तोह ह पर तू गलत जगह पर गलत इंसान या यू कहु अपनी बर्बादी से भीड़ गया ह”

शख्स बैक फ्लिप के साथ उठा और निर्वाण को देखने लगा….

तभी मित्युदूत आगे आगया ..

निर्वाण मित्युदूत से “पता ह तुम्हारी दिकत क्या ह तुम उस मास्टर के साथ रह कर कुछ नियम भूल गए हो जाओ करलो मन की”

मित्युदूत आगे बढ़ा और अपना राइट हैंड से मू पर वार किया पर सामने खड़ा निचे झुखा और मित्युदूत को कमर से पकड़कर ऊपर उठाया और सीधा पीछे की तरफ फेंक दिया …पर मित्युदूत भी त्रिनेड फाइटर था उसने अपना एक हाथ जमीन पर टिकाया और वापस खड़ा हो गया..

ये वॉर देख निर्वाण के चेहरे पर हंसी आगयी क्योकि उसने लड़ते वक़्त सामने खड़े शख्स की पावर देखि thi…idhar मित्युदूत अब गुसाई मई आगया और एक साथ हे लेफ्ट राइट पंचेस की बरसात करदी तोह सामने खड़ा शख्स भी पीछे होते हुवे वार को ब्लॉक करता जा रहा था

निर्वाण खुदसे “ अभी पूरी तरह फाइटिंग टेक्निक्स आयी नहीं ह मतलब जल्दी मई टेक्निक्स को सीखा ह …बॉडी पॉवरफुल ह ये एडवांटेज ह पर मित्युदूत से जितना मुश्किल ह जिस हिसाब से ये लड़ रहे ह रिजल्ट यही की दोनों मरे पड़े होंगे कुछ दिएर बाद….

इधर मित्युदूत ने शख्स के चेस्ट पर किक मरते हे गोल घूमकर कोहनी की मुज पर mari….black ड्रेस वाला शख्स लड़खड़ाता हुवा पीछे गिरा …मित्युदूत भी उसी वक़्त अपने घुटने को पकड़कर हवा मई जम्प लेकरसिद्धा उसकी चेस्ट की तरफ कूड़ा पर लास्ट मोमेंट पर सामने वाला शख्स साइड मई हैट गया और फिर फुर्ती से खड़े होकर मित्युदूत का गलत पकड़ लिया मित्युदूत ने भी पंच पेट मई मारा पर उस शख्स ने दर्द महसूस करते हुवे भी मित्युदूत को हवा मई ऊपर उठाया और फिर तेज़ी से जमीं पर पता diya….is बार मित्युदूत को हुवा dard…..par वो कान्हा काम था ..अपने पैरो को गोल घूमते हुवे वो भी खड़ा हो गया..

फिर शख्स ने खड़े होने के साथ हे दिया होना पावर फुल पंच सीने पर मित्युदूत पीछे जाकर गिरा…

निर्वाण “ तुम्हारी फाइट देख बोर हो गया हु …और वैसे तेरा नाम क्या ह”

शख्स “नाम सुनके पिटेगा”

बस ये सुनते हे जो निर्वाण बिलकुल शांत था उसके चेहरे पर वो एक्सप्रेशन आगये जब वो सीकर पर जाता ह …

निर्वाण “2 मिनट बस तुझे मरना नहीं चाहता थस …क्योकि तेरी मेरी दुश्मनी नहीं ह पर इन 2 मिनट मई तू वो दर्द सहेगा जो बहुत काम लोग सहते ह”

सामने खड़े शख्स ने कुछ नहीं कहा और फाइटिंग की पोजीशन मई आगया…

अबकी बार भगा निर्वाण और एक फिर दो और तीसरे स्टेप के बाद निर्वाण की भयंकर फुल फाॅर्स के स्थायी किक उस शख्स की तारा जिसको उसने अपने हाथ से रोकने की कोसिस की पर किक निर्वाण की थी वो साइड मई लुढ़कता चला gaya…aur रूकने के बाद जैसे हे उठा निर्वाण तीख उसके सामने था और एक ऊँगली रिब्स के निचे मरी फिर दूसरी साइड मई मरी फिर उस शख्स ने दर्द मई भी घुटने से मरने की कोसिस की तोह निर्वाण घूमकर पीछे आगया और जांग की एक ख़ास नस को पकड़कर खिंच दिया जिस्मी वजहसे उठा दर्द उस शख्स के और वो दर्द से तड़फड़ाता हुवा जमीं पर गिर गया …

फिर निर्वाण मित्युदूत की तरफ देख कर “इसे मरना तुम्हारे बस का नहीं ह कुछ दिएर बाद ये दुबारा लड़ने लायक होते हे फिर लड़ेगा”

मित्युदूत “मास्टर इसे मार दू”

निर्वाण “नहीं जिस साई मेरी दुश्मनी नहीं मुझे उस साई मतलब नहीं चेक करो इसे”

सामने दर्द मई वो शख्स निर्वाण को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था….

मित्युदूत ने उसे अचे से चेक किया पर कुछ नहीं मिला …और फिर जैसे हे मास्क हटाया वो शॉक हो गया और जल्दी से उस शख्स को सँभालते हुवे बोलै “ तुम यंहा क्यों हो और हो तोह हो फिर बताया क्यों नहीं आने से पहले “

निर्वाण “तभी मुझे अहसास हो गया था की इस साई मुझे दुश्मन जैसी वाइब्स नहीं आरही ह… हटो”

और इतना कह निर्वाण ने उसके उन्ही पॉइंट्स को डरा टच किया जंहा वार किया था और उस शख्स का दर्द गायब हो गया…

निर्वाण “चलो मुझे उस बूढ़े के पास पुराण हिसाब पूरा करने जाना ह”

मित्युदूत “पर मास्टर ये तोह”

निर्वाण “अहसान या यू कहु शेरदिल यही नाम ह न इसका …” फिर शेरदिल की तरफ देख कर “माँ की सेफ्टी के लिए बूढ़े ने भेजा ह न …और बड़ी बड़ी बाते भी कही होंगी भूल जाओ माँ को कोई छू भी नहीं सकता ह जिसका उन्हें दर ह वो भी नहीं होगा क्योकि माँ माँ होती ह चांचे यंहा या ऊपर आसमान की तरफ देख कर वंहा”

शेरदिल गुसाई से “तुम कौन हो”

मित्युदूत ने तुरंत चुप करा दिया और बोले मास्टर रिक्वेस्ट ह इसे साथ ले चले”

निर्वाण ने कुछ नहीं कहा और आगे चलने लगा…

पीछे …

मित्युदूत “तुम्हे जोर से तोह नहीं लगीई”

शेरदिल “नहीं मैं तीख हु पर आपकी दरससस चेंज हो गयी और ये कौन ह आपका मास्टर तोह राज था न”

मित्युदूत “धीरे बोलो मेरे मास्टर वही ह पर मेरी समाज से अभी सब बहार ह”

शेरदिल “मैं समझा नहीं”

मित्युदूत “मुझे खुद समाज नहीं आया अभी तक तोह तुम्हे कैसे समझौ बस अभी इतना samajlo.wo सामने चल रहे ह न वो निर्वाण ह”

शेरदिल “निर्वाण ह ???निर्वाण तोह राज था न …” तभी उसकी आंखे चमक उठी और उसे कुछ महसूस हुवा और वो तुरंत आगे भगा …

मित्युदूत रोकने के liye“are रुको”

पर जब तक दिएर हो चुकी थी और मित्युदूत ने एक आंख बंद कर्ली और 5सेकंड बाद शेरदिल उड़ता हुवा उसके पास आकर गिरा…

मित्युदूत “मेरी बात तोह पूरी सून लेता पहले”

शेरदिल हैरानी से मित्युदूत को देखने लगा

. मित्युदूत “है वो वही ह जो तुमसमाज रहे हो पर वो ..वो होकर भी वो नहीं ह….”

शेरदिल और हैरानी से देखने लगा…

मित्युदूत “कैसे समजौ ये समजलो की उनके सरीर मई 2 आत्माये ह एक राज और निर्वाण की …और अभी निर्वाण ने बॉडी पर कब्ज़ा कर रखा ह”

वंही निर्वाण आगे चलते हुवे बोलै “अगर उस बूढ़े से मैं नहीं मिल पाया तोह जो पनिशमेंट तुमदोनो को मिलेगी ये समाज लेना की गरम तेल की कढ़ाई मई डूबकी और उस दर्द मई थोड़ा हे फरक होगा..

मित्युदूत तेज़ी से “ मास्टर वो रही कार “

शेरदिल “ कार”

निर्वाण “उस राज के साथ मत रहा कर बाप का बदला लेना ह न तोह फाइट सिख स्किल्स पर काम कर …तब ले पायेगा वर्ण अभी पिता वैसे हे पिट ता रहेगा …”

शेरदिल “गुरूजी ने जितना सिखाया उतना सिख लिया”

निर्वाण ने कार मई बैठकर बुरा सामू बनाकर बोलै “घर जा सजा और खुस रह …क्योकि असली दुष्मनायेंगे तोह फालतू मई मारा जायेगा वो बूढ़ा टाइम पास करता ह तुझसे कुछ नहीं होगा तू भी तेरे कमजोर मास्टर की तरह हे ह”

शेरदिल गुसाई से “ये जिंदगी मेरे भाई राज के लिए ह और तुम उसकी बॉडी मई हो तोह तुम्हारे लिए मरूंगा भी और तुम्हे कोई मरने आया तोह उसको टुकड़ो मई बाँट भी दूंगा”

निर्वाण “गुड सुनकर ाचा लगा आज से तुम जो मैं सिखाऊंगा वो सीखोगे बिना सवाल उठाये”


कुछ दिएर बाद …

मित्युदूत “मास्टर वो यंहा ह और पूरी हवेली हथियार बंद आदमियों से गिरी हुवी ह”

निर्वाण “ बचो के खिलोने ह मैं तोह बचपन मई भी इनसे बड़े हथियारों से खेला करता tha”itna कह निर्वाण ने सामने कड़ी वाल को देखा सुर अगले हे पल 2 स्टेप्स मई दीवार के ऊपर खड़ा था…

निर्वाण ने अंदर की सिक्योरिटी देखि जंहा चारो तरफ हथियारों से लेस्स आदमी खड़े थे…

निर्वाण “कितनी भी सिक्योरिटी रख ले” इतना कह निर्वाण ने मित्युदूत को इशारा किया…

मित्युदूत “चलो”

शेरदिल “कान्हा”

मित्युदूत “बस मुझे फॉलो करो”

और मित्युदूत दीवार के एक कौन की तरफ आया और दीवार पर चढ़ gaya….aur शेरदिल भी पीछे पीछे चढ़ गया दोनों जाने एक इलेक्ट्रिक बोर्ड की तरफ ए …

मित्युदूत “अब एक शार्ट सर्किट होगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा देखो” इतना कहा उसने स्विच बोर्ड खोलकर दोनों वायर्स को कट्टिंगप्लॉयर की मदद से आपस मई जोड़ दिया …फिर बोर्ड को बंद करके “अब चलो हमे इनके जनरेटर को भी ख़राब करना ह” बाकि मास्टर देख लेंगे” दोनों जाने चुप चाप बिना किसी को नज़र मई दूसरी तरफ जाने लगे तोह अंदर लाइट के जाते हे दो जाने जेनेरेटर की तरफ कुछ मिनट मई ए …और जेनेरेटर को चालू करने लगे ….तोह इधर मित्युदूत और शेरदिल दीवार के उस तरफ आगये जंहा जेनेरेटर रखा हुवा tha…miryudoot चढ़ने लगा तोह…

श्वर्डिल “मैं करता हु”

मित्युदूत “सूरे हो”

शेरदिल “मंडावा मई जेनेरेटर की नस नस देख चूका हु”

मित्युदूत ने भी है मई गर्दन हिलायी …और शेरदिल एक जम्प के साथ दीवार पर लटक गया और दोनों के जाने का वेट करने लगा और जैसे हे उन्होंने लाइट ों करि और अपनी गन उठाकर उस तरफ खड़े दोनों गॉर्डस से “बस ये तोह तुम दोनों भी कर सकते हो न.” तोह दूसरे दोनों गॉर्डस मई से एक “देखो अईसा ह माँ तोह तुम्हारी ह छुड़ेगी यंहा समझे अब तुम टेल लगाकर मरवाओ या थूक lagakar”itna कह अपने पीलेदान्त दिखा कर हसने laga…idhar शेरदिल इनको बातो मई लगा देख चुपके से अंदर निचे उतर गया और दोनों के जाने का वेट करने लगा और जैसे हे दोनों गए तोह तुरंत अपने नाइफ को निकलकर जनरेटर के पीछे के कुछ स्क्रू निकले और अंदर के एक तार को नाइफ से काट दिया और पूरा एरिया मई लाइट चली गयी… फिर तुरंत चाँद की रौशनी मई हाथ से स्क्रू जितने टाइट हो सकते थे टाइट किये और बहार agaya…idhar वो दोनों गॉर्डस वापस aye…aur उन्हें अत देख जेनेरेटर के पास खड़े दोनों गॉर्डस मई से एक फिर से पीले दांत दीखते हुवे बोलै … “अबे तुम्हारी मईया तोह फिर से छोड़ने को तैयार हो गयी अभी तोह ठंडी हुवी थी लगता ह बहुते हे गर्मी ह” इतना कह दुबारा हसने लगा”

निर्वाण साइड ..

निर्वाण पेड़ की अध् मई दीवार पर खड़ा मित्युदूत के लाइट बंद करने तक अंदर का जायजा ले रहा था और जैसे हे लाइट गयी …उसने एक जम्प लगायी और सीधा अंदर की तरफ कड़ी कार के पास पहुंच गया और उसके निचे घूस गया और फिर दुबारा से लाइट ों और फिर बंद होने का वेट करते हुवे खुदसे बोलै “ दोनों को अकाल नहीं ह राज के साथ लड़कियों और फॅमिली मई रहकर ख़राब हो गए h…ek अलग जाता और एक अलग जाता तोह जल्दी काम होता …अब हर चीज बतानी padegi….ye सब उस बूढ़े और योगी बाबा का किया हुवा ह मिल जाने पर छोडूंगा नà वो ये करते न ये नौबत अति योगी बाबा का कुछ बिगाड़ भी तोह नहीं सकता हु मैं”

तभी लाइट आयी और दुबारा चली गयी…

तोह अंदर लाइट जाते हे नींद टूटी और कुंदन की बीवी बहार आयी “रामु चंपा राजू लाइट कैसे गयी कान्हा हो सब लगता ह मुझे हे निचे जाकर देखना hoga”abhi उसने इतना कह कर दो कदम हे उठाये थे की कुंदन की बेटी भी गुसाई मई मोबाइल की टॉर्च ों करके बहार आगयी और अपनी माँ की आवाज सुनकर बोली “माँ व्हाट हप्पेनेड क्या ह ये लाइट कैसे गयी हमारे यंहा तोह कभी नहीं जाती h…aur कान्हा ये सरे नौकर कान्हा मर गए ”

माँ “मैं देख कर अति हु तू रूक”

पीछे उसकी बेटी गुसाई से पागल होती जा रही थी तोह निचे से सर्वेंट रूम से राजू चंपा रामु बघते हुवे ए और बोले “ जीईई मेम साबबबबब”

कुंदन बेटी “ तुम लोगो को बस सोना खाना और ारामकर्ण अत ह तुम्हारी खाल खींचूंगी अचे से काम करोगे”

इधर निर्वाण तुरंत पिलर पर चढ़कर दूसरी मंजिल पर आगया और रूम को चेक करने लगा पर उसे वंहा कोई नहीं दिखाई दिया तभी उसे जोर जोर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी वो बहार की तरफ आया तोह वंहा उसने कुंदन की बेटी को चिल्लाते हुवे देखा तोह धीरे से बोलै “ ये साली बहुत परेशां करती ह ये भी उस ऋचा की तरह ह जिसे आर्डर देने मदीने मई मज़ा अत ह पर क्या करू उस ऋचा का अभी कुछ कर भी तोह नहीं सकता hu…par इसको तोह जरूर सबक सिखाऊंगा और ये मेरा सबक पूरी जिंदगी याद रखेगीइ वैसे भी बूढ़े की दवाई का ये सरीर झेल नहीं पा रहा ह” इतना कहने के साथ उसके चेहरे पर क्रूर मुस्कान आगयीईइ…

कुंदन की बेटी नौकरो को सुना कर जैसे हे रूम मई घुसी निर्वाण भी उसके पीछे आगया …कुंदन की बेटी बीएड पर मोबाइल साइड मई रख कर के लेती हे थी की एक हाथ उसके मू पर आया और एक नाइफ जो अपने गले पर महसूस करते हे वो बिलबिला गयी… पर एक आवाज आयी “स्स्स्सह्ह्ह बस एक आवाज और तेरा गाला काट दूंगा …आवाज करेगी”

कुण्डी की बेटी ने बोलने की कोसिस की …

निर्वाण “मत बोल इतना कह उसने उसके हे मोबाइल की लाइट उसके मू पर मारी और आगे बोलै …तेरी सूरत तोह बहुत अछि ह पर तेरी सीरत बहुत ख़राब और मुझे तुम जैसी लड़कियों से सदियों से नफरत ह” इतना कह उसने उसके दोनों हाथो को अपने होठो से जकड़ा और बेदर्दी से चूसते हुवे उसके होठो को दांतो से काट gaya…..kundan की बेटी चीक भी नहीं सकती थी वो दर्द से तपने लगी …पर निर्वाण ने उसके होठो को दांतो से बुरी तरह काट लिया था… “तेरे खून मई गर्मी ह और ये गर्मी बताती ह की तू अभी कुंवारी ह तोह आज तुझ पर मेरी पूरी निशानी छोड़ हे देता hu”itna कह वो आगे उसकी नाईट ड्रेस फाड़ने वाला हे था की उसके सर मई दर्द utha…..aur उसने एक हाथ से सर पकड़ लिया …और मन मई बोलै “ तू मुझे रोकेगा” पर फिर से दर्द उठा तोह वो बोलै “तूने भी तोह किया tha…ab तू कुछ नहीं कर सकता ह समझा” फिर से उसके सर मई दर्द उठा “ आह्हः सेल तेरी ये हीमत तुझे पूरा खा जाऊंगा एक दिन….” फिर कुंदन की बेटी से “वो बूढ़ा कुंदन कान्हा ह बोल”

लड़की ने कुछ नहीं कहा तोह

निर्वाण “बोलै था ये ऐसे नहीं मानेगी …आखरी बार ह अबकी बार तेरे होठो को जो हाल ह वो तेरे पुरे जिसम का करूँगा और ये निशान कभी जायेंगे भी नहीं समझी अब बोल”

लड़की “पापा वंहा तीसरे रूम मई ह”

निर्वाण “तोह चल दिखा और गलत हुवी तोह सोच लेना तेरे क्या होगा”

ये सून वो घबरा गयी और निर्वाण को लेकर कुंदन के रूम की तरफ डिस्प्ले लाइट ों करके लेकर जाने लगी तोह ..

निर्वाण खुदसे हे मन मई “ मुझे अभी और मंत्रो का जाप करना होगा तब मुझे पूरा कण्ट्रोल मिलेगा”

दोनों जैसे हे रूम के अंदर पहुंचे और निर्वाण ने रूम बंद किया और मोबाइल टॉर्च ों करके देखा तोह कुंदन लेता हुवा था…… निर्वाण ने लड़की की गर्दन की एक नस दबायी और वो बेहोश हो gayi….phir निर्वाण कुंदन की तरफ मुदा जो बिस्तर पर दोनों हाथो की उंगलियों मई प्लास्टर बंधवाकर लेता हुवा निर्वाण को दर से आंखे फाडे देख रहा था……

निर्वाण “ाचा ह ाचा ह ये दर तेरी आँखों मई ाचा ह….”

कुंदन डरके मरे गेट की तरफ देखने और हिलने लगा की इस उम्मीद मई की कोई तोह आएगा …

निर्वाण ने भी गेट की तरफ देखा और फिर उसके मू को अपनी तरफ घुमाकर “कोई नहीं आएगा बूढ़े ….अब जो पुछु वो बताना सिर्फ 2 मिनट मिलेंगे” जब कुंदन ने कोई रिएक्शन नहीं दिया तोह निर्वाण आगे बोलै “पेअर की उंगलिया तेरी बची हुवी ह फिर और बहुत कुछ” कुंदन के गाल थप थपाकर

“समझा”

कुंदन दर से निर्वाण को देखने लगा “तू मनोहर की बहन को कैसे जनता था” पर कुंदन ने कोई जवाब नहीं दिया तोह

निर्वाण“ ओह्ह तू तोह बोल नहीं सकता”

फिर फल काटने वाला चाकू जो साथ लाया था कुंदन की बेटी के रूम से उसे कुंदन के पेट पर लगा कर … “कुछ और आवाज निकली तोह भले हे तेरे आदमी अजय पर तू नहीं बचेगा और बोनस मई तेरी बेटी भी तेरे साथ जाएगीइ”

कुंदन ने जल्दी से सहमति मई सर hilaya…phir निर्वाण ने अपनी उंगलियों को उसकी गर्दन पर चलाया “अब बोल सकता ह”

कुंदन “मैंन”

निर्वाण ने चाकू को उसके पेट पर धीरे से फिराया…

कुंदन “तुम बचोगे नहीं”

निर्वाण “पता ह इस धरती पर यही दिकत ह किसी को बोलने पर समाज हे नहीं अत ह जब तक उन्हें दर्द नहीं दिया जाये वो बोलते हे नहीं ह” इतना कह उसने दुबारा उसकी गर्दन की नस को अपनी उंगलियों से अलग तरीके से दबाया और बोलै “अब दर्द देख ….” इतना कह वो उसके पैरो की उंगलियों की तरफ गया और kat…kat…kat..kat…kat की आवाज आयी और कुंदन को कितना दर्द हो रहा था इस बात का अंदाज़ा उसकी हिलती गर्दन और आँखों से बाह रहे आंसू से लगाया जा सकता था….. “ये आखरी बार ह अगर अब ये.. वह… main…kiya तोह अबकी बार तोडूंगा नहीं सीधा काट दूंगा समझा” कुंदन ने तुरंत जल्दी से है मई गर्दन हिलायी.. “बोलै था पहले हे मान जाता चल अब बता”

कुंदन की बोलने की नस तीख होते हे वो बोलै “वो कान्हा ह उसके साथ क्या हुवा मुझे नहीं पता ह”

निर्वाण “आगे बोल”

कुंदन “वो सहदेव के साथ काम करती थी मुझे विद्या बहुत पसंद थी पर उसने शादी के दिन हे मन कर दिया और सबके सामने सहदेव के साथ चली गयी और शादी कर ली ….ये मेरे मू पर सबके सामने तमाचा tha….aur मुझे इस अपमान का बदला लेना था इसलिए मैं इंतज़ार करता रहा और ाचा बन कर उमेद सिंह ठाकुर को अपनी तरफ करता रहा कुछ साल बाद मुझे पता लगा की विद्या की बड़ी बहन पुराणी चीजों की खोज मई लगी रहती ह और वो विद्या के संपर्क मई ह तोह मैं उस पर निगरानी रखने लगा ताकि मौका मिल सके मुझे बदले ka….aur जब भी वो यंहा अति मैं ाचा बनकर उस साई मिलता और उसका विस्वास जीतता …उसे मैं शान और शौकत दिखता ….हमारी दोस्ती भी हो gayiiii…par माँ जाने कैसे विद्या को ये पता लग गया तब उन दोनों बहनो का जगदा huva….halaki दोनों बहनो ने सहदेव को पता नहीं लगने दिया …और सीमा भी अब मुझसे चुपके चुपके हे मिलती थी और साडी बाते बताती की सहदेव क्या करता ह कितना कमाता ह waigarah…par एक गलती से सहदेव को भी पता लग गया और फिर हम दोनों नहीं मिले पर कुछ साल बाद वो दुबारा मिली और मुझे मनोहर सिंह से मिलाया और हमारी दोस्ती हो गयी वो भी सहदेव के साथ हे काम करता था उसे सहदेव ने बहुत सपोर्ट kiya…par उसके दिल मई लालच था इसलिए उसने मुझसे हाथ मिला लिया स्मगलिंग आर्म्स डीलिंग करने लगा सहदेव के नेटवर्क का फायदा uthakar…seema …हमारी दोस्ती को बनाये रखने मई अहम् कड़ी thiii…manohar उसका भाई था और वो उसे बहुत प्यार करती थी…”

निर्वाण “ तू ये बता अब ये कान्हा ह मैं दुबारा नहीं पूछूंगा”

कुंदन “उसकी कार एक्सीडेंट मई मौत हो गयी थी”

निर्वाण “ये तोह मुझे भी पता ह मतलब तू सच नहीं बोलेगा”

कुंदन “सच मई मुझे इतना हे पता ह”

निर्वाण “कोई कामकी बात बोल वर्ण अभी मरेगा”

कुंदन का दर से सरीर काँप गया और बोलै “ उसका सायद रॉय इंडस्ट्रीज के ओनर के साथ अफेयर था sayad..ek बार उसके साथ बाते कर रही थी तब सुना था ”

निर्वाण “अब आखिरी सवाल मेरी माँ के बारे मई क्या जनता ह मतलब वो कान्हा ह”

कुंदन कुछ बोलता उसे पहले हे बहार से दरवाजा खड़खड़ाने की आवाज आने लगी ….निर्वाण ने वापस उसकी गर्दन की नस दबायी और गाल पर थप थापा कर बोलै…. “मैंने सुना ह तेरा बीटा किसी लड़की से शादी कर रहा ह …क्या नाम सुना था मैंने है सिम्मी ….वंहा मुलाक़ात होगी ….पूरी तयारी से आना अरे आना क्या उसे पहले तोह मैं तुझसे दुबारा मिलने आऊंगा अपनी माँ के बारे मई पता करने क्योकि आगे के सरे जवाब तोह वंही से मिलेंगे mujhe…security और टाइट कर लेना उंगलिया टूट गयी ह अब तोह ये बिच वाला बचा ह” फिर कुंदन के चेहरे के करीब आकर “सोच के रखना जितना तू मेरी माँ के बारे मई जनता h…warna अबकी बार तेरा काट कर तेरे हेमू मई दे दूंगा”

इतना कह निर्वाण खिड़की की तरफ गया और बहार कुढ़ अँधेरे मई गायब हो गया तोह कुंदन के आदमी दरवाज़ा तोड़ कर अंदर आगये…

कुंदन वाइफ अंदर आकर अपनी बेटी को निचे पड़ा और कुंदन को तड़फड़ाता देख बोली “ हे भगवन क्या हो गया जी और ये निचे ऐसे क्यों पड़ी …. अरे कम्भख्तो जल्दी इसे उठा कर सोफे पर सुलाओ और डॉ को बुलाओ …” फिर कुंदन के पास बैठकर आप क्यों इतना डरे हुवे ह क्या हुवा जी….” फिर उसे याद आया की कुंदन बोल नहीं सकता ह तोह वो खुदसे हे जोर से बोली “हे पर्भ एक तोह ये बोल भी नहीं सकते ह कैसे पता कर ाजी कुछ तोह इशारा कीजिये” तोह कुंदन ने खिड़की की तरफ देखा

कुंडों वाइफ “देखो रे वंहा कोई ह क्या” तुरंत काफी गॉर्डस उस तरफ भागे और खिड़की से झांककर बहार देखा तोह कोई नहीं दिखा ..

कुंदन वाइफ ने तुरंत बलराम को कॉल लगा दिया …और उसे अपने पास बुला लिया…

वंही बहार …

निर्वाण “इसका बीटा कान्हा ह”

मित्युदूत “वो बहार ह मतलब सिटी से बहार दिल्ली गया ह ट्रीटमेंट के लिए”

निर्वाण “उसकी शादी ह न इसलिए जल्दी तीख होना ह”

मित्युदूत “आपको कैसे पता मास्टर”

निर्वाण “तुम्हारे मास्टर से सुना ह …”

शेरदिल “ तुम्हारा मास्टर मैं कंफ्यूज हो गया हु अब तक मैं ये नहीं समाज पाया हु की तुम जिन्दा हो और हम 2 साल से तुम्हारे लिए तड़प रहे कोयी ये सोच के रोटा ह की वो तुम्हारी हेल्प नहीं कर पाया …और कोई सोच कर रोटी ह की तुम्हारी हो नहीं payi…aur तुम यंहा निर्वाण बने हुवे हो …क्या ह ये सब ….”

मित्युदूत इशारे से चुप रहने को कागता रहा पर शेरदिल ने अपनी भड़ास निकल दी आखिर वो भी तोह राज के बदला लेने के लिए हे इतनी ट्रेनिंग कर रहा tha..par निर्वाण उसको कोई जवाब नहीं दिया और इग्नोर मरकर गाड़ी मई बैठ गया जैसे शेरदिल की बात सुनी हे न हो…

मित्युदूत “जो तुमने देखा जो सुना वो कभी अपनी जबान पर मत लाना अब कोई सवाल नहीं चलो काफी वक़्त हो गया ह”

तीनो हॉस्पिटल पहुंचे जंहा निर्वाण वापस बिस्तर पर लेट गया…

तोह शेरदिल मित्युदूत के साथ रूक गया और सुभे ड्रेस चेंज कर रक् के रूम की तरफ आया जंहा पीछे कैसे राज मिला कैसे इलाज हुवा सब मित्युदूत ने बता दिया था…

दिव्या और ऋचा राज के रूम मई थी जंहा डॉ टेमे मॉर्निंग चेक उप कर रही थी…


शेरदिल अंदर एते हुवे “ सब कुछ छुपाया नानाजी को भी नहीं बताया …सब कितना रट ह भाई को याद करके ये आप दोनों ने गलत किया ”

दिव्या ने शेरदिल को देखा तोह “ तुरंत उसे गले से लगा लिया और बोली “ क्या करती बीटा एक माँ हु उसकी सेफ्टी के लिए जो कर सकती थी वो किया और अभी भी वो हे कर रही हु पता नहीं कौन कौन गद्दार ह”

शेरदिल “रंजन को सजा मिल गयी ह और हमला डेथ हेलो ने किया था रंजन ने सब बता दिया था मरने से पहले”

दिव्या “नहीं बीटा अभी खतरा ह जब तक राज का दिमाग तीख नहीं हो जाता ह ये कोमा मई ह और पता नहीं कब तीख होगा आगे का वक़्त और मुश्किल भरा होने वाला ह इसलिए जब तक ये कोमा से बहार आकर तीख नहीं हो जाता हमे राज को छिपा कर रखना होगा”

बूम्म्म्म…….. ये फूटा बम शेरदिल पर …और वो हैरानी से मू बना कर राज तोह कभी दिव्या को देखते हुवे मन मई बोलै “behosh….coma…..ek हफ्ते se….are कल रात हे तोह इसने अछि खासी ढुलाई की थी साला ये क्या हो रहा ..मुझे कुछ समाज नहीं araha…main पागल हो jaunga….kabhi निर्वाण ह राज नहीं सुर अब कस” वो अभी सोच मई हे था की विद्या बोली “तुम यंहा कैसे”

शेरदिल हहहह मैंनं मुझे गुरूजी ने भेजा ह की अबसे राज का प्रोटेक्टर बनकर रहूँगा भाई के साथ”

दिव्या “गुरूजी ने तीख किया ह तुम्हे भेजकर पर तुम किसी मतलब किसी को भी अभी राज के जिन्दा होने के बारे मई नहीं बताओगे समझे और तुम भी खतरों से दूर रहोगे तुम कैसे बचो हो जानते हो न 6 महीने लग गए थे”

शेरदिल “ तीख जैसा आप कहे”

दिव्या “और इसे तुम जानते हे हो ये अब तुम्हारी भाभी हो गयी ह …राज और ऋचा की शादी हो गयी ह”

शेरदिल को एक और शॉक लगा और उसी हैरसनि से “क्या शादी …पर उनकी तोह सोनाली भाभी से शादी होने वाली थी न बड़ी तोह वो न फिर वो बड़ी भाभी नहीं अब वो छोटी भाभी”

दिव्य मुस्कुराकर “है होगी उनसे भी होगी पर इनकी पहले करना जरुरी था और राज को होश आने के बाद कुछ याद नहीं रहेगा तोह तुमभी मत बताना ok और ये तुम्हारी छोटी भाभी हे ह और वो बड़ी ”

शेरदिल “तीख ह अब तीख ह” फिर ऋचा की तरफ देख कर “भाभी अब ये शेरदिल अपनी अंतिम सांस तक राज के साथ हे rahega….ab कोई दुश्मन राज को छू नहीं पायेगा मेरे जिन्दा रहते मौत आयी तोह पहले मेरा सीना चीरे का जाना होगा और ये फौलाद का सीना .ह आसानी से तोह नहीं चीरने दूंगा किसी को भी”

ऋचा भावुक हो कर हां मैं गर्दनहिला दी उसकी आँखों मैं आंसू आगये थे

शेरदिल “ओह्ह भाभी आप टेंशन न करो मेरा यार पूरा तीख ह वो तोह बचपन से लेके अब तक की नींद पूरी रहा ह” फिर राज के पास जाकर “ओह्ह यार क्यों मेरी भाभी को परेशां कर रहा ह चल खड़ा हो जा देख कितना रो रही ह तेरे लिए” पर काफी दिएर बोलने पर भी राज ने कोई जवाब नहीं दिया..

शेरदिल “कोई न तू आराम करले अभी” फिर खुदसे हे “कल साला उस कुंदन को तौरतूतरे करके आया और अब देखो …सच मई ये अब दूसरा निर्वाण बन गया ह kyaa…akhir चल क्या रहा ह”

तोह वंही बलराम पागल हो गया था क्योकि कुंदन के पेअर की उंगलियों की फाक्टूरे की बात जैसे हे डॉ ने बताई ….वो बरस pada…aur जब तक सुभे के 10 बजे बलराम ने हर कक्तव को चेक कर डाला था और वंहा से दिखी उसे वोबलाक car…jismai तीनो ए थे

बलराम “इस कार को धुंध निकालो पता करो किसकी ह ये कार जिसकी भी हो उसे ढूंढकर लेकर औ …मिर्ज़ापुर से जितने आदमी बुलाने हो बुलाओ” इतना कह वो सोचने लगा की आखिर कौन आखिर कौन हो सकता ह ….और सोचते सोचते उसके सक की सुई बार बार लास्ट तक अहाते दिव्या तक जा रही थिई….

बलराम ने अपने पर्सनल असिस्टेंट को बुला कर कुछ कहा और असिस्टेंट तुरंत काम पर लग गया निचे ….बलराम की माँ ने पंडित को बुला रखा था जो choupayiya,panchaang सब खोलकर बैठा हुवा जोड़ भाग लगा रहा था…

कुंडों वाइफ “पंडित जी कुछ पता लगा”

पंडित “राहु और केतु दोनों की दशा प्रबल चल रही ह …. पुराण रोग ह जो अब दुबारा से कुंडली मई दिख रहा ह मतलब कोई पुराण शत्रु ह जो सामने आया ह”

कुंडों वाइफ “आप उपाय बताओ”

पंडित “लक्समी का निवास हे अब विपदाओं को ताल सकता ह”

कुंदन वाइफ “पंडित जी लक्समी की कान्हा कमी ह आप तोह उपाय बताओ आपको सोने से टोल दूंगी”

पंडित मन मई “मुर्ख औरत” फिर मुस्कुरा कर “मेरा मतलब था की घर मई बहु रुपी लक्समी के आगमन से हे ग्रहो की दशा बदल जाएगी और सब मंगलमय होगा”

कुंडों वाइफ सोचकर “तीख ह आप विवाह का सुबह मुहूर्त निकालो जल्दी से जल्दी लड़की हमारी देखि हुवी ह शादी थोड़ा लेट करने वाले थे पर अब जल्दी करेंगे”

पंडित “तीख ह वैसे तोह अगले माह की 3 और 5 तारिक सुबह h…fir भी मई आपको सुबह मुहरत दुबारा देखकर बता दूंगा”

इतना कह अपनी दक्षिणा जो लाखो मई थी वो लेकर चला गया….

दिल्ली….

सिंह ग्रुप के हेड ऑफिस मई…

कृति “एक बात बताओ यंहा की ये बिल्डिंग इतनी विंटेज टाइप स्ट्रक्चर और पुराणी क्यों ह”

एक ओल्ड डायरेक्टर “मम पता नहीं पर सुना ह की इसके ओनर को ांटिक्स बहुत पसंद था इसलिए उन्होंने ने इसे विंटेज टाइप लुक दिया और कंपनी ने ग्रोथ करि तोह उन्होंने इस बिल्डिंग को ऐसा हे रखने को कहा और तब से ऐसी हे ह”


कृति कुछ और बोलती उसे पहले हे उसकी सेकरट्री जेनिफर आकर “मम मीटिंग का टाइम हो गया बड़प पार्टी के लीडर ुअत्तरपर्देश से खुद ए ह और मीटिंग रूम मई वेट कर रहे ह”

कृति “लेटस जो”

इतना कह वो चलते हुवे खुदसे हे बोली “मैं तुम्हारा हे वेट कर रही थी”

Jenifer”any सीरियस मटर मम”

कृति “यस सीरियस ह पर इस बार पर्सनल मटर ह”

जेनिफर मन मई “अब किसने इन्हे भड़का दिया ….अब ये उसे जब तक नहीं छोड़ेगी जबतक बर्बाद न करदेगी ऊपर से ये बोल रही ह पर्सनल मटर ह और दोनों भाई भी यंहा ह प्रॉब्लम बड़ी ह”

जैसे हे वो मीटिंग रूम मई पहुंची …लीडर के साथ 2 जाने और थे…

कृति चेयर पर बैठते हुवे “मैं सीधी बात करती हु आपकी पार्टी का एक मेंबर ह कुंडों नाम ह ….अब उसका नाम क्लियर करना ह”

तीनो उसे एक तक देखने लगे

कृति “नहीं समझे मेरा मतलब ह पोलिटिकल कर्रिएर ,पावर सब ख़तम करनी ह”

लीडर कुछ दिएर कृति को देखा और फिर हँसते हुवे बोलै “ ाचा मज़ाक था मम आपका अब काम की बात करे”

कृति “मेरे एक मिनट की कीमत लाखो मई ह और जितना आप लोग घोटाले करके नहीं कमाते हो उतनी मैं वाइट मनी कमेटी hu….toh आपको क्या लगता ह की मैं यंहा मज़ाक कर रही हु..”

लीडर के साथ वाला “देखिये वो हमारी पार्टी के मुख्या चेहरा ह और उन्ही की बदौलत हमारी पार्टी तिकी हुवी तोह ये तोह इम्पॉसिबल ह”

कृति के चेहरे पर मुस्कान आगयी और जेनीफे को इशारा करने के बाद आगे बोली “गुंडा गर्दी मारकाट से हे जित ते हो न ….सोचो क्या हो अगर मैं मेरा सारा बिज़नेस उप से पैक उप karlu….aur आगे सोचो क्या हो मैं इतर कम्पनीज को धमका कर वंहा इन्वेस्टमेंट करने से रोक du…think थिंक फिर लीडर के पास आकर सोचो क्या हो अगर main….tumhare फॅमिली मेमबर को मरने की एक बहुत बड़ी अमाउंट तुम्हारे हे आदमियों को दे दोऊ….

सोचो सोचो फील karo….kriti जैसे जैसे आगे बोलती जा रही thi….waise वैसे उन तीनो के चेहरे पर पसीने आने सुरु हो गए थे…

कृति “थिनककककक थिनकककककक क्या हो अगर मैं तुम्हारे मला हे खरीद लू पैसे और पावर की कोई कमी नहीं ह मेरे पास …और ये भी छोड़ो क्या हो अगर मैं बाकि दो नेशनल पार्टीज को पैसो मई सपोर्ट कर दू वो तुम्हे जिन्दा हे निगल jayengi…aur वैसे बिना पैसो के तुम्हारी सर्कार खोखली हो जाएगी और फिर जनता हे तुम्हे मार खायेगी वैसे भी 6 महीने बाद इलेक्शन सुरु ह औरविद्या ग्रुप बस ओफ्फिशलय अनाउंसमेंट करने वाला हे पैक उप का फिर तोह अगले इलेक्शन मई तुम्हारा रास्ता साफ़ नहीं तुम लोग हे साफ़ हो जाओगे और फिर एक रात दंगाई तुम्हारे घर को जिन्दा जला दे बीवी बचे तुम सब मर जाओ बहुत बहुत बुरा होगा ”

इतना सब सोचते सोचते तीनो के हाथपांव ठन्डे पड़गए थे….

कृति “और अगर तुम लोग मुझे मरने की सोचो तोह बता दू मेरे 100 मीटर तक कोई भी बिना चेकिंग के नहीं आसक्त ह तोह तुम भूल जाओ की तुम मेरा कुछ उखड पाओगे पर पीछे उस प्रोजेक्टर मई इशारा करके देखो ये लोग मेरी सिक्योरिटी करते ह ”

तीनो ने पीछे मुड़के देखा तोह बिल्डिंग के हर कौन पर अंदर बहार साडी जगह गन्स के साथ सिक्योरिटी गॉर्डस थे….

कृति “मुझे पुलिस प्रोटेक्शन की भी जरुरत नहीं ह क्योकि ये सिक्योरिटी गॉर्डस चाकर भी धोखा नहीं कर सकते ह इनका हर फॅमिली मेमबर मेरे हे बनाये गए क्वार्टर्स मई रहते ह और स्कूल मई उनके बचे पढ़ते ह और फिर भी मैं बता दू मेरे पीछे इनसे भी भयानक बेहद क्रूर इंसान ह”

अब तीनो की फटी पड़ी थी…

कृति “जेन्नी इनके लिए विप सूट ओपन करावा दो और आपके पास बस 2 ऑवर ह जो सोचना हो सोच लेना क्योकि उसके बाद आपके ॉपपोनेंट पार्टी के लीडर भी आने वाला ह”

इतना कह कृति तोह चली गयी पर तीनो सोच मई डूब गए थे क्योकि एक तरफ खायी तोह दूसरी तरफ सीधा पटल लोक का रास्ता खुल रहा था….

इधर कृति वंहा से अपने ऑफिस मई आकर सुनील को कॉल लगाया और बोली “तुम्हारा नाटक बहुत हो चूका ह या तोह तुम आरहे हो या मैं अब खुद आजाऊंगी”

सुनील “वेट वेट मैं जल्द ारः हु”

कृति “लास्ट टाइम चांस दे रही हु आखिर तुम राज से मेरी बात क्यों नहीं करते हो बस एक बार प्लीज बात करनी ह न मुझे उसे”

सुनील “ok आकर करवाता हु प्रॉमिस”

कृति ने ख़ुशी से कॉल काट करदी तभी जेनिफर आकर “मम रॉय इंडस्ट्रीज जापान की कंपनी के साथ हम जो साउथ मई प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट कर रहे ह उसमे प्रॉब्लम क्रिएट कर रही ह और फाॅर्स कर रही ह की हम उनके साथ पार्टनरशिप करे”

कृति “हम्म्म एक काम करो उनके जितने फोरीगन सुप्प्लिएर्स ह उन्हें ऑफर देकर हमरी तरफ करलो …और एग्रीमेंट 5इयर्स का करना no प्रॉफिट no लोस्स की सिचुएशन पर फिर देखती हु क्या करता ह”

जीनिफेर के चेहरे पर मुस्कान आगयी और वो चली गयी….

तोह कानपूर मई ..शेरदिल आंखे फाड़े राज को देख रहा था जो आराम से लेता हुवा था …उसे समाज हे नहीं रहा था कुछ… वो हैरान परेशां रूम से बहार आगया…

तभी हॉस्पिटल मई पुलिस के साथ बलराम दुबारा एंटर हुवा और सीधा राज के रूम की तरफ आने laga…samne से पुलिस और कुछ और लोगो को अत देखा शेरदिल की भौंहे सिकुड़ गयी…..

बलराम आपमें आदमी से “कौनसे रूम मई ह”

आदमी “भाई उस विप रूम मई ह” (ये वही रिसेप्शन पर बैठा हुवा आदमी था जिसने पहले इनफार्मेशन दी थी) वो इतना कहकर जल्दी से आगे रूम की तरफ भगा और रूम के हैंडल को हाथ भी नहीं लगा पाया था की एक भयंकर किक पड़ी उसकी चेस्ट पर और जितनी तेज़ी से आया था उतनी हे तेज़ी से पीछे जाकर बलराम के आगे गिरा और बेहोश हुवा या मर गया किसी को समाज नहीं आया……

“जो भी हो जिस लिए भी हो बस वापस दफा हो जाओ वर्ण सरीर की इतनी हड़िया तोडूंगा की समझ नहीं आएगा”

तभी ैप वररेंट लेकर आगे आया…

शेरदिल “बोलै न जो भी हो जिसलिये भी हो बस दफा हो जाओ…”

ैप “देखो कानून के बिच मई मत औ वर्ण बहुत दिकत होगी”

शेरदिल बिना एक्सप्रेशन ke“meri दिकत से पहले तुम लोगो को जो दिकत होगी वो जिंदगी भर ख़तम नहीं होगी चलो दफा हो जाओ”

तभी ऋचा बहार आकर क्या हो रहा ह फिर उसकी नज़र ैप की तरफ गयी और बोली “,क्या बात ह आप फिर से यंहा”

ैप “इन्होने कम्प्लेन लिखाई ह उस दिन जो आपके साथ थे और मुझे उन्हें अरेस्ट करना होगा”

शेरदिल “तेरी वर्दी समेत तुझे चीयर कर अलग करदूंगा जो एक कदम तू आगे बढ़ा तोह समझा”

ऋचा “शांत हो जाओ आप” फिर ैप से एक मिनट रूकिये और फिर अंदर से मेडिकल रिपोर्ट लाकर “ये देखिये जिसे आप अरेस्ट करने ए ह वो पिछले एकहफ्ते से कोमा मई ह और ये डॉ की रिपोर्ट”

ैप ने रिपोर्ट देखि और बोलै “बलराम सर ये तोह वाकई कोमा मई ह”

बलराम “ झूट ह ये उसदिन तोह मेरा हाथ तोडा था तोह ऐसा क्या हो गया जो कोमा मई ह फिर अपने आदमी से जाओ सेल को बहार लेकर औ झूट बोल रहे ह डॉ“ बलराम के आदमी आगे आगे बढे तोह

शेरदिल जो पहले से हे तमतमाया हुवा था गुसाई मई बस 4 बार हाथ को ऊपर निचे किया और चारो जानो की गर्दन की हड्डी टूट चुकी थी…

शेरदिल “ तेरे और मेरे बिच मई बस ये कड़ी ह इसलिए तू बचा हुवा ह वर्ण यंहा से तब तक तीसरी मंजिल से निचे फेंक देता और जब तक फ़्रंकता रहता जब तक तुम सरे तड़प तड़प कर मर नहीं जाते इसलिए दफा हो जाओ”

ऋचा “ये रिपोर्ट्स आप कंही से भी चेक करवा सकते ह”

बलराम ने इस बार कुछ नहीं कहा और बस मुस्करा कर बिना कुछ कहे वापस चला gaya….par ऋचा समाज गयी थी की उसकी हंसी मई क्या छिपा हुवा ह…


आज के लिए इतना हे
 
अपडेट 227 पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का और सिर्फ लाइक्स पेलने का..

अपकमिंग उपदटेस


228 -- पास्ट 2 years...(Today नाईट 10 पं)

229 -- युद्ध.... (फर्स्ट ... मूवमेंट)


230 -- डेथ हेलो...

थर्ड क्विज का विनर कोई नहीं ह इस बार बस कुछ प्रेडिक्शन तीख ए की दो जगह होगा पर कौन बताएगा ये गलत हुवा ....
 
क्विज .....

पास्ट तवो ईयर कौन batayega....aur कान्हा बताएगा.......

विनर एक डिमांड कर सकता ह ...
 
ऑलमोस्ट सरे प्रेडिक्शन आगये ह फर्स्ट ओपिनियन या कमेंट को हे कंसीडर किया जायेगा वर्ण चीटिंग होगी बाकी के साथ लास्ट क्विज विनर का नाम अभी नहीं बता सकता हु वर्ण मज़ा कीर किरा हो जायेगा.... ..अपडेट के 1क हो गए ह और आफ्टरनून tak2k हो जायेंगे फेवर ह तोह पढ़ने की तोह बिलकुल हीमत नहीं ह....
 
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