Adultery Raj-- hero of the family - Page 78 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

दीपावली की सभी भाइयो को बहुत बहुत शुभकामनाये ...परिवार के साथ ाचा समय बिताये खुलकर हर पल jiye.....kyoki बिता पल वापस नहीं अत ह ...अति ह तोह सिर्फ जिमेदारिया...

हैप्पी दीपावली

200.gif


 
अपडेट 148 ....

Sonali....shiwani....🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣one ऑफ़ थे बेस्ट अपडेट
 
Upcoming...Update 230....

Villian....Death हेलो ों मंडे नाईट बिटवीन 10 तो 11पं
 
अपडेट 230

हाई टाइड… विल्लिअन डेथ हेलो..

Delhi….Singh ग्रुप मीटिंग रूम

“तुमने क्या सोच के ये डिसिशन लिया कितना लोस्स हो गया ह कंपनी को”

“आपको अभी बहुत कुछ सिखने की जरुरत ह आपकी मनमानी नहीं चलेगी ”

“इस कंपनी मई हमारा भी शेयर ह यू डोंट हैवे राइट तो टेक डिशन्स अलोन”

सरे डायरेक्टर कृति की तरफ पॉइंट आउट कर बोले जा रहे थे …कृति काफी दिएर उनकी बाते सुनती रही पर कुछ वक़्त बाद उसका साबरा भी टूट गया

कृति “Enough…..you आल अरे बेहवे लिखे फिश market…Aur आप मर mittal…apka लगता ह कुछ जायदा हे नुक्सान हो गया ह तोह तीख ह आप अपने शेयर सेलौत कर सकते ह 5 परसेंट शेयर के ओनर ह आप और बेहवे ऐसे कर रहे हो जैसे तुम्हारे बाप की कंपनी ह” ये कहते कहते कृति का टेम्पर भी हाई हो गया…

मित्तल गुसाई से “तुम हद से जायदा बढ़ रही हो”

कृति “मुझे तुझ जैसे लोगो से सख्त नफरत ह जो धमकी देते ह और प्रोब्लेम्स क्रिएट करते ह”

तभी दूसरा डायरेक्टर “हम सब 40 परसेंट के शेयर होल्डर्स ह कंपनी मई तोह उड़ना आपको भी नहीं चाहिए ह”

कृति ने टेडी मुस्कान से सबको देखा और फिर उस दूसरे डायरेक्टर की तरफ देख कर कहा…. “यू क्नोव मर. बाटलीवाला ये सब तुम्हारे पीछे हे बोलते ह न …ी मैं अपने के को घूमते हो और सब प्ले करते ह लिखे पपेट टॉयज”

बाटलीवाला “वेल मिस कृति आप गलत सोच रही ह मैं तोह हम सबके लॉसेस की बात कर रहा हु..”

कृति “डोंट वोर्री कवर हो जायेगा बूत ओने थिंक ी वांट तो वैरी क्लियर यू नेवर एवर क्रॉस माय लिमिट्स ….मैं चेयरपर्सन हु और डिसिशन मेकर भी हु एंड यू आल अरे प्रॉफिट होल्डर एंड पार्टनर्स सो सीट कम्फर्टेबली एंड एन्जॉय डिविडेंड्स डोंट एडवाइस में और सुग्गेस्ट में व्हाट तो दो एंड व्हाट नॉट तो दो…” फिर पीछे कड़ी jannifer(alita) से “मित्तल जी को जो फैसिलिटीज कंपनी की तरफ से प्रोवाइड करि जा रही ह वो सब बैक कर लीजिये और मर मित्तल जी आपके फादर ने जो एग्रीमेंट कमपनी के साथ किया था उसे अचे से रीड किया होगा की हर शेयर होल्डर को ओनर एक रेस्पोंसिब्लिटी दे सकता ह बिज़नेस की अगर वो उस यूनिट या उस बुसिनेसस को सक्सेस्स्फुल्ली प्रॉफिट गेन नहीं करता ह तोह उनके शेयर की ओनरशिप कंपनी के ओनर के पास बी डिफ़ॉल्ट ट्रांसफर हो जाएँगी …तोह आज से हे आप फार्मा बुसिनेस्सेस हिमाचल का हैंडल करेंगे और आपके पास एक साल का टाइम होगा उस यूनिट को लोस्स मेकिंग से प्रॉफिट मेकिंग यूनिट बनाने का बाकि टर्म्स एंड कंडीशंस इस एग्रीमेंट मई लिखी गयी ह अचे से रीड कर लेना ”

मित्तल को लगा तगड़ा झटका वो गुसाई से चीखा “यू बीच”

कृति “ी म नॉट बीच ी म योर नाईटमेयर विच मर मित्तल मैच इन्हे बहार का रास्ता दिखाओ और धयान रहे प्रेमिसेस मई विथाउट परमिशन एंटर न कर पाए”

मैच “यस मम”

मित्तल के जाने के बाद बाटलीवाला “मिस कृति वो डिसिशन सिर्फ ओनर हे ले सकता ह और ओनर को आज तक किसी ने भी नहीं देखा ह सो आपका डिसिशन अप्लाई नहीं हो सकता ह विथाउट अन्य लीगल अथॉरिटी”

कृति “रियली बाटलीवाला …” फिर पलटकर “जेन्नी” जेनिफर ने तुरंत एक लत्तेर बाटलीवाला की तरफ बढ़ा दिया …

कृति “आप सबके 40 परसेंट शेयर्स कब आपके हाथ से निकलकर चले जायेंगे पता भी नहीं लगेगा इसलिए एग्रीमेंट को अचे से दुबारा रीड करलेना बिल्लियंस का एम्पायर ह …”

एक फीमेल डायरेक्टर चुप चाप सब स्टार्टिंग से देख रही और समाज रही thi…usne लत्तेर देखा पर बोली कुछ नहीं…

कृति “ओनर सब देख और जानते ह की कौन क्या कर रहा ह ऐसे हे सिंह ग्रुप इतना बड़ा ब्रांड नहीं ह वर्ल्ड mai…aur एक बात क्लियर कर du…work होनेस्त्ली इतर वाइज सेकंड चांस नहीं मिलेगा नाउ मीटिंग इस ओवर और है मर बाटलीवाला डोंट प्ले विथ में चिलदिश गेम्स थिंक बिग्गेर प्लान बिग्गेर”


बाटलीवाला कृति को जाते देखते रह गया toh…meeting रूम मई फेमल डायरेक्टर जो स्टार्ट से चुप थी वो बोली “बाटलीवाला ये तुम्हारी टैंगो के बिच नहीं ayegi…waise आज नाईट ड्रिंक का मूड हो तोह चलिए कुछ बड़ा सोचते ह …”

बाटलीवाला “बिलकुल अब तोह कुछ बड़ा हे सोचना पड़ेगा”

वंही …उत्तरप्रदेश..

कमिश्नर उत्तरप्रदेश कम के ऑफिस मई बैठा हुवा था

कम “तोह तुम ए और आर्डर दे दिया …तोह कानून मंत्री और मई पिछवाड़ा खुजलाने बैठे ह यंहा.. जनता भड़की हुवी ह वो तुमसे कंट्रोल होती नहीं ह ..और मीटिंग मई तुम गुंडों पर एक्शन की प्लानिंग कर रहे थे सामने आयी प्रॉब्लम को छोड़कर”

कमिश्नर “सर रिज़र्व फाॅर्स हर जगह तैनात ह कोई भी ढंगे फसाद नहीं होंगे और इसी प्रॉब्लम का फायदा उठाकर हे तोह इल्लीगल एक्टिविटीज होती ह“

लॉ मिनिस्टर “मतलब तुम हमे सिखाओगे की अब क्या करना ह हम पिछले 30 साल से ह और 4 बार मिनिस्टर बन चुके ह और कम साब दूसरी बार कम बने ह स्टेट के”

कमिश्नर मन मई “सेल कुत्ते हो तुम उस दो कोड़ी के कुंडों के सब जनता हु”

कम “नींद आगयी ह क्या आपको …जागिये ये सोने का टाइम नहीं ह …एक तरीके को पार्टी के करता धर्ता बाहुबली ठाकुर कुंदन सिंह जी के बेटे बलराम सिंह की शादी h…toh पुलिस को समझा के रखियेगा की बिच मई न ए वंहा गोलिया चैलेंज डांस होगा पार्टी के वर्कर होंगे तोह हो हल्ला होगा ..पता लगा तुम आगये टीम के साथ टार्ज़न बन कर …”

कमिश्नर “जैसा आप चाहे सर पुलिस उस दिन आपके पास भी नहीं होगी ….पर आपकी सेफ्टी”

कानून मंत्री “वो हम देख लेंगे वैसे तुम तोह समझदार हो गए जल्दी हे चलो अब जाओ और जनता को सम्भालो हमे भी पार्टी मीटिंग मई जाना ह”

कमिश्नर के जाते हे कम बोलै “हालत सही नहीं ह ऊपर से उस दिन वो सिंह ग्रुप वाली लड़की दिकत बहुत जायदा कर रही ह और विद्या ग्रुप के जाने के नाम से हे जनता पागल हो गयी ह सरकारी हॉस्पिटल से जायदा तोह उनके हॉस्पिटल मई फ्री ट्रीटमेंट मिलता ह …बहुत प्रेशर ह पांडेय जी क्या करे”

कानून मंत्री पांडेय जी “कह आप सही रहे ह पर इस पार्टी को और हम सब को यंहा तक पहुंचने वाले ठाकुर साब हे ह इसलिए उनका साथ छोड़ना मतलब कुंवे से बचे तोह खायी मई गिरना ह पुरे उत्तरप्रदेश मई उनके चेले फैले हुवे h…aur अभी उनपर अटैक हुवा ह वो मामला और गरम ह…”

कम “यही तोह दिकत कुछ समाज नहीं ारः ह …ऊपर से कुछ दिएर पहले हे बलराम का कॉल आया था बहुत गुसाई मई ह …. ओप्पोसिशन भी आग मई भर भर के घी के कटोरे दाल रहा ह”

ये दोनों अपनी आगे की बाते ऐसे हे करते रहे की अब आगे कैसे और क्या करना ह तोह दूसरी तरफ …उमेद सिंह गाँव के बिच मई बैठे हुवे थे…

उमेद सिंह “उस दिन कुछ भी हो सकता ह इसलिए तुम मई से जो रूकना चाहे रूक सकता ह और जो जाना चाहे जा सकता ह…”

सरे गांववाले एक दूसरे को देखने लगे कोई कुछ बोल नहीं प् रहा था …तब एक शराबी आगे आया…. “ठाकुर साब मई दूंगा साथ आपका”

एक गाँव वाला “बेवड़े दारू उतारेगी तब सब भूल जायेगा सामने बाहुबली ठाकुर कुंदन सिंह ह”

शराब उसकी तरफ मू करके ायककक थूऊ …करके थूक दिया और बोतल को निचे मार कर फोड़ दिया “ये ले फेंक दी दारू …अरे पिता हु क्योकि मेरा अब कोई नहीं ह इस दुनिया मई बेटी ह उसकी शादी करदी वो खुस ह इसलिए खेती करता हु और पिता हु मस्त रहता hu…aur तुम लोग सेल मतलबी कंही के इनके बाप दादा ने तुम्हे तुम्हारे बाप दादाओ को खिलाया पिलाया ढक सुख मई साथ दिया और आज इनके दिन क्या ख़राब हुवे तुम सब बदल गए …क्यों रे शमऊ…10 साल पहले तेरी बीवी पेट से थी हॉस्पीटलके खर्चा किसने दिया …और तू जागू मूंछो पर बैठो तांव दे रहा ह तेरे बेटे की डॉक्टरी की फीस किसने दी थी उस दिन तोह रो रो कर मदद की भीख मांग रहा था फिर पलट kar….yahi क्यों तू तू और तुम सब ठाकुर साब के अहसान के निचे दबे हुवे हो …ऊपर वाला देता ह तोह …याद रखना लेता भी h…inka बुरा वक़्त तोह ताल जायेगा पर तुम किस मू से फिर इनके पास आओगे”

शराबी की बात सुनकर पूरा गाँव चुप चाप हो गया था ..

शराबी “ठाकुर साब आज इसी वक़्त से छोड़ दी दारू और अब एक तारिक के बाद हे पिऊंगा …जैसा भी हु आपके साथ खड़ा रहूँगा मैं….”

तभी हलचल हुवी …. और आयी बड़ी हे दरवानी भरी आवाज … “सच्चा इंसान ह तू …पर तू भूल गया की इस धरती पर समझने से कोई नहीं समझता ह ….मैं बताता हु लोग कैसे समझते ह यंहा फिर अपने पीछे से निकला बड़ा सा कुल्हाड़ा और उसे निकलकर आगे रख दिया ..और बोलै “या इधर या उधर …और जो उधर गया उसे मैं नहीं छोडूंगा और जो यंहा बचा उसके बचने की गारंटी नहीं dunga”phir शरभ की तरफ देख कर “ ऐसी बाते समाज मई अति ह”

तभी एक जाना आगे आकर “तुम हमे धमका रहे हो”

निर्वाण “समशान की लाशे तूने खुद देखि ह न क्या लगता ह मैं क्या कर रहा हु” और बस ये सुनते हे और याद एते हे उसके समेत सबकी हालत ख़राब हो गयी…

निर्वाण “मेरा यही नियम ह जो मेरी तरफ नहीं वो मेरा दुश्मन ह और जो मेरा दुश्मन होता ह उसे मैं मरकर भी जिन्दा होकर मरता हु तड़पा तड़पा कर आज का दिन ह सोच लेना और मेरी कही बात मई फर्क नहीं अत ह”

इधर घरमे…” क्या मतलब ह भाभी दीपू भाई …हे निर्वाण ह”

ऋचा “है वही ह निर्वाण कितनी बार बताऊ”

सिम्मी “मतलब वो निर्वाण जिसके नाम से क्रिमिनल दर कर चिप जाते ह जिसको गिरफ्तार करने के लिए पुलिस धुंध रही ह …वो निर्वाण जिसे हर लड़की अपना मशीहा अपना हीरो मानती ह वो हमारा भाई ह”

ऋचा “कल जो तुमने देखा क्या अब भी तुम्हे सक ह”

सिम्मी “फिर आप इतनी दरी हुवी क्यों ह”

ऋचा गुसाई se“main दरी हुवी क्यों हु ये तुम पूछ rahi…tumhari गलती नहीं h…tumhe पता नहीं ह …सोचो जरा की तुम्हारे दीपू भाई को यंहा सबसे छिपकर क्यों रखा ह सोचो क्यों उसकी ऐसी हालत ह …सोचो क्यों सब कुछ पता होते हुवे भी तुम्हारे दादा और पापा ने तुम्हे सच नहीं बताया …सोचो सोचो जरा की क्यों एक 7 फ़ीट का लम्बा चौड़ा आदमी उन्हें आकर मास्टर बोलता h…socho जरा …फिर भी वो इस हालत मई ह तोह उनका दुश्मन कितना झटाराणक होगा….”

तीनो को अहसास हुवा की एक्ससिटेमेंट मई वो क्या गलती कर गयी और तीनो ने पास आकर सॉरी भाभी कहा

ऋचा “तुम्हारी गलती नहीं तुम कुछ जानती हे नहीं ho…mujhe दिख रहा ह की एक तारिक को क्या होने वाला h…agar दुश्मनो को पता लग गया की ये जिन्दा ह तोह वो इनकी तलाश मई आएंगे और गलती से भी अगर ये बात पता लग गयी की वो सहदेव पापा और विद्या माँ के बेटे ह तोह खतरा बहुत बढ़ जायेगा बस इसलिए इनकी यादास्त आने का वेट कर रही thi…ki पहले ये तीख हो जाये … क्योकि इन्हे अपना वडा पूरा करने केलिए किसी को बचने जाना ह और उसका इंतज़ार उनकी बेटी कर रही h…wo बेटी जिसे ये पता भी नहीं ह की उसके पापा जिन्दा ह और जिन्दा ह उसका प्यार जिसके मरने के दुख मई वो सुधबुध खो बैठी j”ye कहते कहते ऋचा भी रो पड़ी ….

सिम्मी और बाकि ने उसी गले लगा लिया


इनसब से दूर फ़िनलैंड के घुमनाम जगह पर चारो तरफ सिक्योरिटी हे सिक्योरिटी थी सभी गॉर्डस आटोमेटिक गन लिए खड़े the…aur दूर तक सिर्फ पानी और बर्फ हे थी और उस पानी के किनारे पर पहाड़ पर बानी हुवी थी दुनिया की खूंखार जाइलो मई से एक जेल जिसमे दुनिया के वो भयानक खूंखार खतरनाक कैदी एते थे जिन्हे तब तक वंहा रहना होता था जब तक वो जेल मई लड़ कर मर नहीं जाते ह या 70 साल के नहीं हो जाते h……is टापू पर बानी जल के हे एक सेल mai…ek आदमी दीवार के सहरे बैठा हुवा था उसकी लम्बी धड़ी चेस्ट से निचे तक आरही थी और बाल भी धड़ी जितने हे बड़े हुवे खुल्ले और बिखरे हुवे the…uske चेहरे पर इस वक़्त न एक्सप्रेशन थे न कोई भाव बस खुली आँखों से वो दीवार को देख रहा था उसके दोनों हाथ और दोनों पैरो को मोती मोती झांझीरो से बंधा गया हुवा tha…tabhi बहार से गॉर्ड की आवाज आयी जो इंग्लिश मई थी पर हम उसे हिंदी मई पढ़ेंगे..

“खड़े हो जाओ खाने का वक़्त हो गया ह ”

और वो शख्स चुप चाप अपनी जगह से उठा और चारो गॉर्डस के साथ बड़े सा दरवाजा खुलने के बाद बहार आया और जैसे हे उसके एक पेअर रखने की आवाज हॉल मई आयी चारो तरफ शांति चा gayiii…sab सेल से बहार देखने लगे ….जंहा उस शख्स का चेहरा बालो से धोखा हुवा था…..

कक्तव से देख रहा प्रिजन का जेलर अपने पास खड़े वार्डन से “ 3 साल और तीस को मार चूका ह इसे पहले वाली जेल मई भी यही स्टेटस ह इसका ये किसी को कुछ नहीं कहता ह पर जिसने अटैक किया वो जिन्दा नहीं रहा h….tumhe इसलिए दिखाया ह क्योकि तुम्हारा फर्स्ट डे ह …इसे दूर हे rahna…waise भी इसके मरने का टाइम पास आ हे चूका ह बस कुछ वक़्त की बात और ह

वार्डन “सर मतलब मई समझा नहीं इसकी तोह याद्दाश गयी हुवी ह न फिर ये इतना खतरनाक”

जेलर “मतलब ये की जो इसे जिन्दा रखने के लिए मनी देते थे उन्होंने पिछले एक साल से अब मनी देना बंद कर दिया …इसका मतलब ह अब उनको इसे कोई मतलब नहीं ह अब चाहे जिए या मरे और तुम्हारे दूसरे सवाल का जवाब मुझे भी नहीं पता ह पर जब इसे गुसा अत ह तोह ये समजलो की इन झांझीरो मई बंधे होने के बावजूद भी उसे काबू मई करने के लिए बहुत जायदा मेंस चाहिए होते ह”

वार्डन “ok सर ी अंडरस्टैंड”

जेलर “अब तुम जाओ और इसे बेवजह परेशां मत करना कुछ दिन इसे चैन से जीने दो और रही इसकी फाइल” जैसे हे फाइल उसने टेबल पर फेंकी उसपर उस शख्स की फोटो लगी हुवी थी और नाम लिखा हुवा था…

रविंदर सिंह

इधर रविंदर खाने की टेबल पर चुप चाप खाना खाने बैठ गया और उसे खाना खाने बैठता देख उसके आस पास की टेबल साडी खली हो गयी …बहुत सरे खतरनाक क्रिमिनल्स अलग अलग जगह अपने ग्रुप्स के साथ बैठे हुवे रविंदर को हे देख रहे थे पर कोई उसके पास नहीं गया….

वंही …

पूनम विलेज….

रणवीर सिंह अपनी वाइफ se“Banglore भेजने के लिए कह रहे थे प्रधान जी बेस्ट डॉ और ट्रीट ह वानः”

पूनम चची “ना मेरा दिल न करे ह अब दूर भेजन का एक काम करो उदयपुर भेजदो.. मेरी बहन के पास उसकी बेटी ह न उसके साथ घूमेगी फिरेगी तोह तीख हो जाएगी”

रणवीर सिंह चौधरी “तीख ह मान ली बात पर बंगलोरे चेक उप के लिए तोह जाना हे होगा न कुछ वक़्त ताकि डॉ साब बता सके की कैसे और क्या क्या हमे धयान रखना होगा और वो सब तभी बता पाएंगे जब ये कुछ बंगलोरे रोजना उनके पास इलाज के लिए जाएगीइ”

चाची “तीख ह जी जो आपको तीख लगे बस मेरी बची तीख हो जाये”

रणवीर सिंह चौधरी बात करके प्रधान के पास चले गए और प्रधान ने भी गरम जोशी से स्वागत किया रणवीर सिंह का…

प्रधान “काफी दिन लगा दिए आने मई “

रणवीर सिंह “ क्या करे प्रधान जी बेटी की बात ह इसलिए बहुत सोचना पड़ता ह”

प्रधान “चिंता मत कीजिये मला प्रधान सब बन लिए अब मनीरी पढ़ चाहिए ह और इतनी जान पहचान तोह हो हे गयी ह बंगलोरे सब तीख रहेगा अब बेफिक्र रहिये”

रणवीर सिंह “तीख ह प्रधान जी मैं जल्द आपको सूचित करता हु की कब पूनम को हम भेज सकते ह ..पर”

प्रधान “आप चिंता मत कीजिये रणवीर जी आप खुद जाकर सब देख लीजियेगा …वंहा मेरा बीटा खुद सब खुद देखेगा…


रणवीर सिंह “तीख ह प्रधान जी ..और आपको अभी से मेरी तरफ से सुभकामनाये एलेक्शंस के जितने पर”

ये सुनते हे प्रधान के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी ..

प्रधान “अब मला से मिनिस्टर तक का सफर आपकी सहयता के बिना नहीं होगा रणवीर जी”

रणवीर सिंह “मेरा पूरा साथ रहेगा मैं आपका पूरा साथ दूंगा नमस्कार”

इतना कह रणवीर सिंह चले गए तोह पीछे प्रधान के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट आगयी……

वंही 7 टट्टू वालो मई से तीन (no 5;6;7)जो अभी उप मई ए थे जानकारी निकलने के लिए और यही से वो तीनो अलग होने वाले थे….

नंबर 6 “मतलब तुम ये कहना चाहते हो की इतने इंसानी कीड़ो के साथ और ढूंढने के बाद भी तुम्हे वो नहीं मिले” ये कह वो जोर जोर से हसने लगा

नंबर 5 “लसगतस ह पिछली बार कम्पटीशन की मसर भूल गया ह तू और फिर पलट कर और तुम(7) हॉस्पिटल जाओ और पता करो वो शख्स कौन था”

नंबर 7 “तीख ह”

और उसके जाने के बाद

नंबर 5 “ ये( नंबर 7)इंसान कितना भी कहो कभी पलटकर न नहीं कहता ह बेहराम ..tez…khatarnak…h अब तक जितना को भी ट्रेनिंग दी उनमे से सबसे बेस्ट इतने काम समय मई इसने विस्वास जीत लिया ह सबका”

नंबर 6 “ डेथ हेलो नाम तीख हे ह उसका बहुत काम आया इसका गुरु और ये ..ट्रेनिंग मई आने से अपना बदला लेने गया था गुरु का और मारकर आया ह आज तक किसी टास्क मई फ़ैल नहीं हुवा… तोह तू इसे उस शख्स के पीछे लगा रहा ह”

नंबर 5 “पता करवा रहा हु की कैसे मेरे वार को रोक लिया उसने और उसमे इतनी ताकत आयी कैसे मुझे ये जानना ह”


नंबर 6“तुझे गुरूजी को बताना चाहिए था जब उनसे मिला और उन्हें न सही तोह कमांडर को बताना चाहिए था”

नंबर 5“ बताता तोह बहुत सुनते और उन्हें सिर्फ अभी बचो की पड़ी ह और तुम जानते हे हो की बचे हे हमारी आखरी उम्मीद ह समय ख़तम होता जा रहा ह”

इधर नंबर 7 डेथ हेलो “हॉस्पिटल के अंदर पंहुचा और जानकारी इकहहट्टा करने लगा और मन मई खुद से बात कर रहा था “क्या वो बच गया होगा या नहीं ….मैंने उसे देखे से मारा ह उस दिन मेरा आदमी अगर उस लड़की को नहीं पकड़ता तोह बराबर की लड़ाई होती h…mera बदला अधूरा रह gaya…main उसे अपने दम पर मरना चाहता था पर नहीं मार पाया”

डेथ हेलो इधर उधर धुनता देखता हुवा कक्तव रूम तक पंहुचा और साडी फूटगे चेक करने लगा और अचानक एकजगह उसकी नज़र रूक गयी कई पल ऐसे हे देखने के बाद उसने अपने पास बेहोश पड़े गॉर्डस को देखा और फिर पूरी हार्ड डिस्क हे निकलकर अपने पास रखली और बोलै “वही आंखे वही चेहरा ह बस बाल और धड़ी बढ़ गयी ह वापस जाकर देखता हु दुबारा से” और चुपके से निकल गया बिना सिक्योरिटी गॉर्डस की नज़र मई ए हुवे…

वंही कुंदन को चेक करने के लिए बड़े बड़े डॉ बहार से आये हुवे थे और उसका इलाज कर रहे थे…

डॉ “इनकी आवाज आने मई आधा साल लग जायेगा…”

बलराम “आधा साल डॉ…”

बलराम माँ बिच मई “इससे पहले नहीं हो सकता ह”

डॉ “मम अगर होता तोह मैं क्यों नहीं करता इनकी आगे जायदा हो गयी ह इसलिए वक़्त जायदा लग रहा ह …और 6 मोनथस भी इसलिए कहा क्योकि आप इतने पैसे खर्च कर रहे ह इतर वाइज इम्पॉसिबल ह इनकी आवाज तीख होना”

बलराम माँ “तीख ह आप सुरु कीजिये मुनीम जी यही जो चाहिए आप इन्हे बता दीजिये ये मंगवा देंगे”

इतना कह वो बलराम को लेकर भवानी के पास आगयी ह

भवानी “क्या कहा डॉ ने”

बलराम “6 महीने लगेंगे”

भवानी “सरे आदमी आगये ह न कोई पीछे नहीं रहना चाहिए सरे गाँव को समशान बना देना न पुलिस न मीडिया”

बलराम माँ “आप भी भूल गए ताकत के साथ चतुराई भी चाहिए अब वो तैयार होंगे इसलिए हमे भी खेल खेलना हे hoga..balram मास्क माँगा और बेहोश करने वाली साडी चीजे चाहे गैस वाली हो या तरल वाली सब मंगवा और टैंकर मंगवा ले और उनकी एंटीडोट भी मंगवा …और न मिले तोह मार कर banwa…sidha भेज फैक्ट्रीज mai…ab बात इज़्ज़त की ह और तेरे पापा खुद ये सब dekhenge…par सब मेरे बताये गए तरीके से hoga…koyi भी गन लेकर नहीं जायेगा सिर्फ talwar,barchi,chakuu,sariye लेकर जायेंगे सबको चीयर देना और याद रहे सरीर का कोई हिंसा बचना नहीं चाहिए ह और सबके मरने के बाद उस गाँव की लाशो को वंही गाढ़ देना सिवाए उस ठाकुर खंडन की औरतो के क्योकि वो हमरे आदमियों की रंडिया बनेगी …उनका मनोरंजन karengi….unki चीखे हे हमारा सुकून होंगी”

भवानी “वाह बहु मान गए क्या दिमाग लगाया h…aur है बलराम उस डॉ को जिन्दा रखना वो मुझे चाहिए ह साली कुटिया बहुत उछाल रही थी उस दिन”

बलराम “बिलकुल ताऊजी जैसा अपने कहा वैसा हे होगा”

तभी बलराम का कॉल रिंग होने लगा और नंबर देखते हे बलराम तुरंत साइड मई आकर बाते करने लगा और काफी दिएर बाद आकर बोलै “वो स्कोर्पियन टट्टूवाले मदद नहीं करेंगे अभी ….उन्हें उन बचो को ढूँढना ह ….समाज नहीं आ रहा ह पहले वो दो आदमी और अब ये लोग …हो क्या रहा ह”

बलराम माँ “पंडित जी ने बोलै ह एक तारिक के बाद सब तीख हो जायेगा और तुम बस आने वाले एकक्शन पर आगे धयान लगाओ हमे वो जितना जरुरी ह”

बलराम ने है मई गर्दन हिला दी…

इधर निर्वाण ऋचा को घर रहा था….

ऋचा “बेबस हो मार नहीं sakte…badala लेना ह…”

निर्वाण “इतनी बाटे सुनकर भी वो कुछ नहीं बोलै और एक तक उसे घूरता रहा”

तभी शेरदिल बेचारा जल्दी से अंदर आगया और सामने दोनों को एक दूसरे को बिना बोलते और घूरता देख वो समाज गया की कुल्हाड़ी अपने पेअर पर नहीं उसने कुढ़ पेअर हे कुल्हाड़ी पर दे मारा ह ..वो मुस्कराते हुवे बोलै “😬😬हे हे हे मैं बाद मई अत हु”

ऋचा “क्यों तुम्हे कंही जाना ह”

शेरदिल “हे हे हे भाभी मैं तोह बस बोलने आया था की मैं दूसरे वाले घर जाऊ अगर कोई काम नहीं ह तोह”

ऋचा “तीख ह जाओ”

निर्वाण “इसे भी लेकर जा अपने साथ”

ऋचा घूरकर “अहसान इन्हे बोल्दो ये मेरा घर ह …मैं तो कंही नहीं जाउंगी जिसे दिकत ह वो जाये”

शेरदिल की सकल देखने लायक thi…sher का जिगरा रखने वाला शेरदिल भाई और भाभी के बिच मई बुरी तरह फंस गया tha…ek बार भाभी को देखता तोह एक बार निर्वाण की तरफ पर मन मई वो उपरवाले से रहम की दवा मांग रहा tha…ki आज बचाला दुबारा ये गलती नहीं करूँगा

निर्वाण “तुममम”

ऋचा “मैं क्या”

निर्वाण “मन तोह करता पंखे की जगह तुझे हे टांग दू और घूमता राहु पर…”

ऋचा कड़ी होकर “पर क्या मैं जब तक नहीं जाउंगी जब तक राज नहीं आजाते ह समझे”

निर्वाण तिरछी मुस्कान से“ वो भूल जायेगा तुझे ….और तब मैं हंसूंगा तेरी सकल देख kar….aur तुम क्या देख रहो हो तुम्हारी ट्रेनिंग हो गयीईइ”

अभी इतना हे बोलै था की बस एक हवा का झोंका हे गया हो इतनी तेज़ी से शेरदिल गायब हो gaya…aur पीछे ऋचा देखती रह गयी और गर्दन घुमा कर अपने बीएड पर agyii…piche निर्वाण खड़ा हे रह गया और कुछ पल बाद अपनी प्रैक्टिस मई लग गया

इधर शेरदिल भागकर घर पंहुचा toh…teeno पूछने लगे की क्या huva…sherdil को कुछ समाज नहीं आया तोह वो बोलै “ कुत्ता पीछे पद गया था”

तीनो हैरानी से उसे देखने लगी ….

शेरदिल “चलो खाना कहते ह वो वंही खाएंगे”

सिम्मी “वंही खाएंगे अरे खाना तैयार ह आप देकर औ पहले उन्हें जल्दी”

और बस शेरदिल की हालत ख़राब हो गयी…

शेरदिल “ पहाड़ चढ़वा लो वो मंजूर पर खाना देने नहीं जाऊंगा और इतना कह बिना खाना खाये हे ऊपर रूम मई भाग गया”


तीनो “इन्हे क्या हुवा ह आज”

प्लेस कमिश्नर होम…

कमिश्नर “कहो विजय क्या न्यूज़ ह”

विजय “सर एक तरीके को बहुत बड़ा कुछ होगा”

कमिश्नर “पता ह मुझे ये बात चीफ मिनिस्टर ने मन कर दिया ह पुलिस प्रोटेक्शन के लिए”

विजय “ तोह अब हम क्या कर सकते ह”

कमिश्नर “ बात दिव्या जी और ऋचा जी की सिक्योरिटी की ह अब दिन भी नहीं बचे ह”

विजय “ तोह हमे क्या करना चाहिए सर आप हे बताईये”

कमिश्नर “मुझे चीफ सर से पूछना होगा मैं उन्हें कॉल लगता हु वो सही गुइडेन्स देंगे हउमै इस तुफ्फ सिचुएशन मई”

इतना कह उन्होंने दिल्ली चीफ को कॉल लगाया

“ क्या हुवा”

कमिश्नर “सर हुवा नहीं ह होने वाला ह एक तरीके को जिस गाँव मई ऋचा जी ह वंहा ठाकुर उमेद सिंह की बेटी से ठाकुर कुंदन सिंह के बेटे बलराम की शादी होने वाली ह और दोनों मई हे पुराणी दुश्मनी ह …जिस हिसाब से शादी के दिन पुलिस प्रोटेक्शन के लिए मन किया गया ह कुछ तोह बहुत बड़ा होगा …क्योकि उप के सरे बदमाश यंहा कुंदन के फार्महाउसेस पर अलग अलग इखट्टा होने लगे ह …”

कमिश्नर “सुना ह मैंने उनकी दुश्मनी का …अगर तुम्हे दिकत आरही ह तोह फिर अब तोह एक हे तरीका ह पर वो भी खतरनाक होगा आज सोनाली भी नहीं ह वर्ण उसी भेज देता तुम्हारे पास”

कमिश्नर “ पर आप किसकी बात कर रहे ह और उसमे खतरा कैसा”

चीफ “मैं उसके मुँह बोले भाई की बात कर रहा हु सुनील सिंघनिया की पर वो आया तोह उसके पीछे वो भी आएंगे”

कमिश्नर “सर आप क्या पहेलियाँ भुजा रहे हो मुझे कुछ समाज नहीं रहा ह आप मुझे और कंफ्यूज कर रहे ह”

दिल्ली चीफ “ मुम्बई काण्ड याद ह और पीछे अभी जो दिल्ली मई हुवा बस वही सब वंहा हो जायेगा पर हमारे पास दूसरा रास्ता भी नहीं ह तुम बस मीडिया को दूर रखना छोड़ो वो भी वो करलेगा मैं उससे बात करता हु सुभे”

कमिश्नर कुछ बोलता उसे पहले हे कॉल डिसकनेक्ट हो गया …

प्लेस मंडावा…

सुनील “यार इसने तोह सुसु कर दीया…”

मनीषा “तोह क्या हुवा भतीजे ह चाचा पर नहीं करेंगे तोह किस पर करेंगे”

सुनील “जब भी इन्हे ऊपर उठता हु तभी हे क्यों करते ह सुसु ”

मनीषा मुस्कुराकर “लाओ अब इनके दूध पिने का वक़्त हो गया ..और आपको भी घांवो मई दादाजी के साथ जाना ह “

सुनील “ो तेरी मैं तोह भूल हे गया tha..abhi आवाज आने वाली हे होगी उनकी मैं नाहटा हु आप ड्रेस निकल दो प्लीज”

मनीषा “कुढ़ निकल लो मैं इन्हे दूध पिलाने ले जा रही हु सोनाली दी के पास”

सुनील बाथरूम मई घुसता उसे पहले हे उसका मोबाइल रिंग करने लगा ….

सुनील “चीफ अंकल भी अभी क्यों कॉल कर रहे ह …” कॉल उठाकर “जी अंकल”

चीफ सर “ तुम्हे ऋचा बेटी के पास जाना होगा उसकी जान को खतरा ह”

आगे डिटेल मई चीफ सर बताते गए और सुनील की आँखों मई गुसा तैरता गया….

इधर डेथ हेलो वीडियो को देख कर खुस हो गया और बोलै “तू जिन्दा ह है है है तू जिन्दा ह मैं ारः हु तेरे पास है है है अबकी बार तू मरेगा मेरे हाथो से राज”

आज के लिए इतना हे …मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स पेलने का…
 
किंग सून मेघा अपडेट 231

Raj.....Hero ऑफ़ थे फॅमिली
 
"इस बार कुछ और हे था किस्मत मई वो एक हे नहीं निकला tha...kuch और भी थे जो रात के साये मई अलग अलग जगह से निकल चुके थे...."

तोह वंही डेथ हेलो राज के घर से कुछ दूर खड़ा था"
 
Ok तोह क्विज बिगिन हो गया ह विनर की एक ख्वाहिश नेक्स्ट अपडेट मई पूरी कर दी जाएगी...

तोह क्वेश्चन ये ह की... नेक्स्ट अपडेट मई क्या होगा..

1 सुनील को राज का पता चल जायेगा

2 क्या राज की यादास्त वापस आ जाएगी...

3 डेथ हेलो क्या करेगा नेक्स्ट अपडेट मई टट्टू वाले और को बुलाएगा ..

4 डेथ हेलो खुद अटैक कर कर देगा और दुबारा राज को घायल कर देगा...


72 हॉर्स ह इन मई से एक पर लॉक कार्डो और ऐसा क्यों लगता ह थोड़ा एक्सप्लेन कर do..kyoki मोस्ट प्रॉबब्ली जब तक अपडेट भी रेडी हो जायेगा...
 
अपकमिंग अपडेट 231 ों सैटरडे नाईट और हो सकता ह पहले भी अजय...

"राज थे हीरो ऑफ़ थे फॅमिली रिवेंज"
 
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