Adultery Raj-- hero of the family - Page 79 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

बहुत सरे अंसवेरस सही ए ह जो क्लोज h...update मई विनर का नाम बता दूंगा जिसका आंसर सबसे पहले और क्लोज आया होगा वो विनर होगा
 
अपडेट आज पूरा हो गया तोह कल नाईट हे दे दूंगा ऑलमोस्ट 5 क वर्ड्स हो चुके ह ....
 




क्विज ओवर हो गया ह ...अपडेट मई नाम आजायेगा ...सबसे पहले विनर का ...ऑप्शन जिसने तीख से रीड किया और फिर आंसर दिया ह वो डेफिनिटेली जीतेगा...
 
अब अपडेट को फिनिश की और लेकर जाते ह
 
अपडेट 231 राज हीरो ऑफ़ थे फॅमिली रेवेंगे

टुडे लेट नाईट और अर्ली इन थे मॉर्निंग
 
हुज़ैफ़ भाई बिलकुल पास रहे आंसर के बस थोड़ा चूक गए ...👏👏👏👏👏

ेलिपेररय बीआरओ का आंसर सही आया ह....

आयुष भाई ने शार्ट मई बिलकुल 100 परसेंट सही आंसर दिया ह राइट लॉजिक के साथ

संजीव संजीव भाई का आंसर भी सही ह


और लास्ट रघुवीर भाई का भी 90 परसेंट आंसर सही ह बस सेकंड part का आंसर नहीं दिया ....

आप सब एक जेन्युइन रिक्वेस्ट जो पूरी हो सकती ह वो पर्सनल मैसेज से सेंड करदे इनबॉक्स मई...
 
अपडेट 231 राज हीरो ऑफ़ थे फॅमिली… रिवेंज

“भाई आखिर अपने कॉल कर लिया…”

शेरदिल “ तू रो मत मुझे भी बहुत याद अति ह तुम्हारी माँ कैसी ह”

रिफत “ रोवुँ नहीं आप को गए लगभग 2 साल हो गए h…maa अछि ह भाई…. अभी बताती हु उन्हें की आपका कॉल आया ह वो बहुत खुश होंगी”

शेरदिल “अभी नहीं मैं बहुत जल्द खुद आकर सरप्राइज दूंगा उन्हें ”

रिफत “भाई आप बहुत बुरे ह माँ बहुत याद करती ह आपको ”

शेरदिल “मैं भी बहुत याद करता hu..tu ये बता बाकि सब भीमा मां, ममता जानवी अजय और नानाजी कैसे ह सब”

रिफत “सब अचे ह भाई आप यंहा किसी की चिंता मत करो मनीषा भाभी और सुप्रिया मामी सबका ख्याल रखती ह”

शेरदिल अभी और कुछ कहने वाला हे था की उसके जस्ट पीछे से आवाज आयी …

“किस्से बात कर रहा ह ट्रेनिंग हो गयी” इतना कह उसने फ़ोन चीन लिया”

शेरदिल की हवईया उड़ गयी अगर रिफत ने राज को देख लिया वीडियो कॉल पर तोह बवाल हो जायेगा वो जल्दी से मोबाइल छीनने के लिए खड़ा हो गया ..

निर्वाण “जाओ 100 पुशअप्स और 100 पुल्ल यूपीएस लगाओ”

शेरदिल “ पहले मेरा मोबाइल वापस दो”

निर्वाण “नहीं मिलेगा” इतना कह उसने पॉकेट मई रख लिया ….

शेरदिल “मुझे मोबाइल दो”

निर्वाण “बाद मई मिलेगा पहले पनिशमेंट पूरा करो”

शेरदिल मन मई “क्या करू भाभी भी यंहा नहीं h”phir कुछ सोच उसने कहा “वो ऋचा भाभी का मोबाइल ह देखेंगी तोह गुस्सा होंगी फिर मत कहना मुझे”

निर्वाण हाथ के इशारे से “इतनी सी ह वो और तू उससे डरता ह मुझे दुबारा उसको धमकी मत देना ”

शेरदिल धीरे से “खुद का जोर चलता नहीं ह उनपर और मुझे सीखा रहे ह”

निर्वाण “क्या बाद बड़ा रहे हो तुम जा रहे हो या भादौ तुम्हारी पनिशमेंट”

शेरदिल “जा रहा हु जा रहा हु पर मोबाइल से छेद चढ़ मत करना वर्ण वो छोड़ेंगी नहीं मुझे ”फिर धीरे से और “तुम्हे भी”

इधर शेरदिल के जाते हे “ हद ह ये भी किसी लड़की से हे बात कर रहा होगा …इतना कह उसने मोबाइल सीधा किया और दिआलिंग लिस्ट देखि तोह उसपर रिफत लिखा हुवा नंबर दिखाई दिया…. और फिर उसने मोबाइल चेक करते हुवे कहा …बर्बाद हो रहा ह ये भी …उसने मोबाइल चेक करना सुरु किया इधर शेरदिल भगा था सिम्मी के घर की तरफ …ताकि वो जल्दी से ऋचा को बुला सके इधर ऋचा सिम्मी डिम्पी नित्ति के बिच बैठी हुवी थी…

नित्ति “क्या हुवा भाभी मू क्यों फुला हुवा ह भैया ने कुछ कहा क्या”

ऋचा “क्या कहु तुम्हारा भाई मल्टीप्ल पर्सनालिटी का सीकर ह दीपू ह जो मुझे बहुत प्यार करता h…aur निर्वाण नफरत करता ह तोह राज अब नफरत तोह नहीं करते ह मुझसे पर प्यार भी नहीं करते ह साली जिंदगी हे झंड बानी हुवी ह एक पति और तीन पर्सनॅलिटिया..”

सिम्मी “हम्म सब मनाएगी उन्हें ाचा अपने बताया की वो श्वेता को बहुत प्यार करते ह वो इतनी अछि ह”

श्वेता का नाम सून ऋचा के चेहरे पर मुस्कान agayi…aur बोली “वो बहुत बदमाश ह उसके आगे राज कुछ नहीं बोलते ह …और वो सुनील राज दोनों की लाड़ली h…dono को एक बार बोल दे न की ये चाहिए तोह दोनों दुनिया सर पर उठा ले उसकी ख़ुशी के लिए …श्वेता ने राज का साथ तब दिया जब वो बिलकुल अकेले थे उनको परिवार से प्यार नहीं mila…usne सगी बहन से बढ़कर राज का साथ दिया और हर ढक सुख खतरे मई साथ नहीं choda..kabhi राज को गरीबी के कारन निचा नहीं देखा ….जबकि उसे पता भी नहीं था की उसका भाई बहुत आमिर ह … इसलिए राज उसे बहुत प्यार करते ह और उसकी बाते और हरकते सुनलो तोह तुम भी हंस हंस कर लोट पॉट हो जाओ”

अभी उसने कहा हे था की शेरदिल भागते हुवे आया “भाभी भाभी”

ऋचा “अगर तुम उसकी तरफ से कुछ कहने ए तोह मुझे कुछ नहीं सुन्ना ह”

शेरदिल “भाभी वो निर्वाण”

ऋचा रोकते हुवे “कहा न कुछ नहीं सुन्ना उनका मुझे”

शेरदिल “हे भगवन” इतना कह उसने अपने सर पर हाथ मारा और जल्दी से आगे बढ़ ऋचा को गॉधी मई उठा लिया और बोलै “सॉरी भाभी आपको उठाया …भाभी माँ का दूसरा रूप होती ह और आप वही हो”

फिर गोदी मई उठाकर भागते हुवे बोलै “वो निर्वाण नहीं राज नहीं दीपू are…..matlb भाई ने मेरा मोबाइल ले लिया ह और उसमे साडी फोटो ह गाँव वाली और जैसे अपने संजय था राज और निर्वाण को तोह दिकत नहीं होगी पर दीपू की पर्सनालिटी जरूर देखने पर रियेक्ट कर सकती ह”

ऋचा गुसाई से “तुम्हे सब बताया और संजय फिर भी तुमने ये क्या कर दिया”

शेरदिल “ भाभी सबकी याद आरही थी इसलिए बस एक बार कॉल कर लिए ”

ऋचा “ are…wanha स्कोटीखेड़ी थी उसे जल्दी पहुंचते”

शेरदिल “सॉरी भाभी अभी बस आप भाई का सोचिये की मोबाइल कैसे लेना ह इसे पहले की कुछ गलत हो जाये”

दोनों जैसे हे घर के अंदर भागते हुवे पहुंचे तोह ऋचा वंही जमीन पर आगे का सन देख शॉक से निचे बैठ gayi….aur शेरदिल आगे भगा जल्दी से….

सामने दीवार पर खून लगा हुवा था दीवार मई खड़ा हो रखा था और सारा सामान टुटा हुवा और बिखरा huva……sherdil ने तुरंत आगे जाकर निर्वाण को पूरी ताकत से पीछे से पकड़ लिया और बोलै “भाभी ये वक़्त रोने धोने का या घूमसूम बैठे रहने का नहीं ह जल्दी कुछ कीजिये”

ऋचा शेरदिल की बात से थोड़ी होश मई आयी और अंदर जाकर जल्दी से बेहोशी की हाई दोसे लेकर आयी और निर्वाण के गले मई लगा diii….kuch पल बाद हे वो बेहोश गया ….

ऋचा “इन्हे निचे बेसमेंट मई लेकर जाओ और बीएड पर सुला दो …मैं ड्रेसिंग का सामान लाती हु”

शेरदिल निचे गया तोह इधर ऋचा की नज़र निचे एक तरफ पड़े मोबाइल पर गयी और उसने मोबाइल पास जाकर उठाया तोह उसमे पूनम के साथ राज की फोटो thi…rakhsabandhan वाले दिन की पार्टी की जिसमे सभी जाने the….richa ने मोबाइल को साइड मई रखा और ड्रेसिंग का किट लेकर निचे आगयी …जंहा राज के हाथ से खून निकल रहा था….

शेरदिल “ी म सॉरी भाभी वो माँ की याद आरही थी तोह गाँव कॉल कर लिया और उसी वक़्त ये आगया”

ऋचा “जो हो गया उसकी बात मत करो तुम जाओ और सिम्मी और सबको बता देना सब तीख ह”

शेरदिल “पर आप”

ऋचा गुसाई से “पहले भी अकेली हे थी न”

शेरदिल बिना आगे कुछ बोले उदास मन से चला गया …और ऋचा की आँखों से आंसू निकलने लगे पर वो बिना रुके हाथो पर ड्रेसिंग करती रही …और बोली “मैं बस ये चाहती हु आप तीख हो जाओ …आप तीख होने के बाद चाहे जो करना मैं उफ़ तक नहीं करुँगी पर प्लीज पहले तीख हो जाईये और यंहा का काम ख़तम करके हम वापस गाँव चलेंगे…” उसे कुढ़ नहीं पता था की वो क्या बोले जा रही ह बस उसके दिल ने जो कहा वो बोलती चली gayiii…is बात से अनजान की सामने लेता हुवा इंसान सून भी रहा ह या nahi…ek ऑवर 2ऑवर 6,ऑवर बिट गए राज उठा तक नहीं ऋचा उसके पास निचे फ्रेश पर सर के पास बैठी बैठी हे सो gayiii…usne एक पल भी राज को अकेला नहीं छोड़ा ….

एक दिन बाद विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल के मैं ऑफिस मई ..

सुनील “माँ कैसी ह आप”

दिव्या “सुनील तुम …वो जल्दी से कड़ी हुवी और सुनील को गले लगा लिया”

सुनील “याद नहीं अति न इस बेटे की”

दिव्या “तुझे तोह पता ह न वंहा रहती हु तोह उसकी बहुत याद अति ह इसलिए आयी नहीं …”

सुनील “आपकी 2 बहु ह उनसे भी मिलने नहीं ayiii….aur जो बानी भी नहीं बस उसके साथ हे रहना ह”

दिव्या के चेहरे पर मुस्कान आगयी तब सुनील आगे बोलै “अब तोह उम्मीद सी टूट गयी ह माँ”

दिव्या के चेहरे के हाव भाव बदल गए …पर उसने तुरंत सही कर लिए और बोली “सब छोड़ पहले ये बता स्पेशलय माँ से मिलने आया ह या काम से आया ह”

सुनील “ओह्ह तोह एक बीटा माँ से मिलने आया तोह माँ को लग रहा ह काम से आया हु”

दिव्या उसके कान पकड़कर “चल सही बता जल्दी से बिना छुपाये”

सुनील “अरे माँ ऋचा से मिलने आया हु अनिरुद्ध पापा से बात हुवी तोह पूछ रहे थे की तुम मिले क्या तोह मुझे लगा भाई होने की जिमेदारी निभाई हे नहीं राज को ढूंढने मई हे लगा रहा इसलिए आगया”

दिव्या “मैं बुलवाती हु उसे वो यंहा से थोड़ी दूर ह”

सुनील “नहीं माँ मैं खुद जाऊंगा सरप्राइज देने”

सुनील के चेहरे पर जाने की जिद देख उसके चेहरे का रंग उड़ने लगा और वो सीरियस होकर बोली “क्या छिपा रहा ह..”

सुनील “और एक माँ क्या छिपा रही ह बेटे से बोलिये की कुछ नहीं छिपा रही ह आप दोनों तीख ह”

दिव्या कुछ नहीं बोल पायी सवाल के आगे

शादी के दिन से एक दिन पहले की शाम….

ऋचा राज की पॉकेट मई विद्या की फोटो वापस रखते huve“subhe सुनील आएगा तोह हम उससे छिपा नहीं सकते h…Divya माँ ने उसे सब बता दिया होगा अब इनके बैगर तुम्हे और मित्युदूत अंकल को हे सब संभालना h….ye लड़ाई विद्या माँ के बदले की ह उनकी तड़प की ह जो कुंदन ठाकुर की वजह से उन्होंने सही h….ahsaan अब वक़्त ह तुम्हे भी दुनिया को बताने और दिखने का की जो रिश्ता अली अंकल सहदेव पापा के लिए था वही तुम्हारा और राज का ह …तुम राज के प्रोटेक्टर ho…uski शील्ड हो

शेरदिल “अब बेफिक्र रहिये भाभी भाई की लड़ाई मेरी लड़ाई ह …कल सालो को काट डालूंगा और अब तोह सुनील भी ारः ह”

ऋचा “उसे समझाना बहुत मुश्किल ह वो शांत और हर बात का मतलब गहराई से निकलता ह मुझे यकीं ह राज के जिन्दा होने की बात उन्होंने छिपा ली होगी पर सुनील को जरा भी सक हुवा तोह वो कैसे रियेक्ट करेगा मैं सोच भी नहीं सकती हु”

तभी उमेद सिंह और गजेंद्र भी आगये सिम्मी के साथ खाना लेकर…

उमेद सिंह “अरे तुम अभी भी सोच रहे ho…ab मरना ह तोह मरेंगे पर कुछ को मार कर तोह मरेंगे हे”

ऋचा “nanaji…dubara ऐसी बाटे मतबल देना सप”

उमेद सिंह “और क्या कहु बेटी …विद्या को खो दिया अब राज को नहीं खो सकते तुम चले जाओ आज रात हे जब ये तीख हो जाये तोह बोलना नानाजी को माफ़ करदे”

ऋचा “इमोशनल बाते मत कीजिये आप हमे कुछ नहीं होगा क्योकि इनका जिगरी यार और मेरा भाई ारः ह अब हम और स्ट्रांग हो गए ह”

गजेंद्र “क्या मतलब”

ऋचा “मतलब मौत आरही ह सुनील ारः ह अगर उसे पता चल गया की वो मुझे किडनैप करने और इन्हे मरने आरहे ह तोह कुंदन का क्या होगा न आप सोच सकते न मैं सोच सकती hu…par उसके बाद मेरा क्या होगा मैं भी नहीं सोच सकती हु”

उमेद सिंह “पर वो अचानक कैसे”

ऋचा “उनसे कुछ छिपा नहीं ह उन्हें इनफार्मेशन मिल गयी होगी कंही से भी बस राज की बात इसलिए छिपी हुवी ह क्यों की दिव्या माँ और मेरी सेफ्टी दो मित्युदूत अंकल कर रहे ह और उन्होंने उन्हें बताया नहीं ह की राज जिन्दा ह … पता नहीं कैसे रियेक्ट करेगा अगर उसी पता लगा राज जिन्दा ह तोह नहीं .nahi…koyi उन्हें कुछ नहीं batayega..ahsaan तुम अभी के अभी दूसरे वाले घर ले जाओ राज को मित्युदूत अंकल के पास”

गजेंद्र “अब कोई फायदा नहीं ह बहु क्योकि बलराम के खबरि गाँव के आस पास छिपे हुवे और उनकी नज़र ह हम पर इसलिए इन्हे बेसमेंट मई हे सेफ रहने दो”

फिर सभी खाना खाने बैठ गए और शेरदिल राज और ऋचा को साथ छोड़कर आज उमेद सिंह के घर की तरफ जाने वाला था प्लानिंग करने ये log…is बात से बेखबर थे की एक साया गाँव के अंदर की तरफ कब आगया था और उनके घर की तरफ हे घूर रहा tha…usne सबको जाते हुवे देखा …

वंही सुनील रात गहरी होने का इंतज़ार कर रहा था …उसने रूम मई इंतज़ार करते हुवे कॉल लगाया … “आप पहुंच गए ह …”

सामने से “है हम पहुंच गए ह”

सुनील “कितने लोग होंगे”

सामने से “कोई गिनती नहीं ह पार्टी वर्कर गुंडे मावली बहुत सरे ह तुम कहो तोह अधो को तोह अभी एक साथ हे तीखाने लगे दे”

सुनील “पहले मुझे सच जानना ह बस सुभे तक रूकिये पहले मुझे जवाब मिल जाये उसके बाद”

सामने से तीख ह

इतना कहके कॉल कट हो गया तभी उसका मोबाइल फिर से रिंग करने लगा …

सुनील “hello”

“हम्म्म आरहे ह ये ”

सुनील “मैं संभल लूंगा”

सामने से “हमरे घर की बहु की तरफ कोई नज़र उठाये तोह हमारा भी खून खोल जाता ह”

सुनील कुछ बोलता उसे पहले हे कॉल कट हो गया

सुनील “पुरे सहर को थोड़ी हे मरना ह यंहा”

रात के दस बजते हे वो दिव्या को कमिश्नर से जरुरी मीटिंग का कहकर निकल गया पर दिव्या जानती थी की वो कान्हा जा रहा पर अब वो भी उसे नहीं रोक सकती thi….wo परेशां हो गयी और सोचने lagi…ki क्या करे अब…

इधर ….

इन dream…Deepu वो एक पहड़ि की ऊंचाई पर खड़ा tha…aur उसके सामने एक लड़का और लड़की एक दूसरे के साथ खड़े हुवे बाते कर रहे थे वो उनकी बाते सुनने केलिए उनकी तरफ चलने लगा और कुछ दूर एक पाथेर के पीछे चिप गया

लड़की “मैं तोह आपका इंतज़ार हमेशा करुँगी कितनी बार कहु”

लड़का “आपको सब पता ह फिर bhi…poonam आपको मुझसे ाचा लड़का मिलना चाहिए ह आप बहुत अछि हो”

लड़की “मुझे तोह बस आप चाहिए और आपसे ाचा मेरे लिए कौन होगा”

लड़का “आप”

लड़की “राज जी छोटी सी जिंदगी ह और ये जिंदगी मुझे बस आपके साथ बितानी h..haridwar से लेकर मुम्बई फिर गाँव आपके साथ बिताया हर पल मेरी जिंदगी का सबसे खास पल h..ab बताईये मुझे तोह बस आपके साथ रहना कोई डिमांड नहीं कोई शिकायत नहीं ..”इतना कह उसने लड़के को अपनी तरफ घमाया तोह …दूर छिपकर देख रहे दीपू को झटका लगा ….और वो हैरानी से खुदसे बोलै “ये तोह मेरी सकल का ह”

इधर लड़की बोली “ नज़रे मत चुराव आप मैं आपकी प्रॉब्लम समझती हु सोनाली दी को मैं मनाऊंगी अपने हे कहा न अभी सबको आप मनाओगी तोह मैं मनाऊंगी”

इधर पेड़ के पीछे छिपा हुवा दीपा लड़की की सकल देखने के लिए एक तरफ जाने लगा ताकि लड़की को देख सके और जब उसने लड़की की सकल देखि तोह उसके चेहरे के हाव भाव बदल गए और वो खुद से बाद बढ़ाया “ये तोह सपनो… सपनो वाली लड़की ह ….जो रोज अति thii…matlb इसके साथ जो लड़का ह वो मैं हु तोह ये तोह यंहा से गिर जायेगा मर जायेगा नहीं मुझे इन्हे बताना hoga…..wo जल्दी से लड़के और लड़की तरफ भगा उन्हें बताने के लिए …पर बता नहीं पा रहा था वो चिल्ला रहा था ओर लड़के और लड़की ने देखा तक नहीं उसकी तरफ क्योकि उसकी आवाज हे नहीं सून रही थी दोनों को और अचानक कई सरे काळा कपडे पहने लोग आगये चारो तरफ से और आया डेथ हेलो और ये सब देख राज के सर मई दर्द होने लगा वो चाहकर भी ये सब रोक नहीं पा रहा था और साडी घटनाये जल्दी जल्दी उसकी आँखों के सामने होने लगी और आया वो पल जो हकीकत मई उसके साथ हुवा था जो उसे सपने मई दिखाई देता था उसने देखा की उसके जैसा दिखने वाला लड़का किनारे से निचे गिर रहा ह और वो लड़की उसकी तरफ भाग रही ह राज कहते huve…aur फिर दीपू के सर मई हुवा तेज़ दर्द और फिर सब शांत हो गया …बीएड पर अकेले लेते हुवे राज का चेहरा भी जो हिल रहा था वो रूक गया और गिरे उसकी आँखों से ansuu…dard के तड़प के…

बहार कुछ दूर वो कला साया ….राज के घर की तरफ हे देख रहा था ..वो साया धीरे से बोलै “आज रात सिर्फ तू और मैं होंगे और कोई नहीं…” इतना कह वो धीरे धीरे आगे बढ़ा और एक स्मोक बम राज के घर की तरफ फेंका ..5 सेकंड बाद हे वो स्मोक बम बहार की तरफ वापस उड़ता हुवा बहार agaya…aur आयी ऋचा बहार गुसाई se…aur इधर उधर देखने लगी तभी कुछ दूर उसे वो साया दिखाई दिया….

ऋचा ने अपनी बैक से गन निकलकर उस पार तान दी…

वो साया “राज के साथ तुम्हारी तरह तीन और थी जिन्हे मैंने अपने हाथो से मारा tha…”phir अपनी गर्दन पर ऊँगली रख कर “ यंहा से धीरे धीरे काट दी thi…bus उस दिन ये बच गया था पर आज नहीं बचेगा”

ऋचा “मेरे रहते तोह इन्हे कुछ नहीं होगा तू एक कदम आगे बढ़ा और तुझे मरने मई मैं कोई गलती नहीं करुँगी”

वो “एक और प्यार करने वाली तुझे तोह देखा नहीं उसके साथ खैर जो भी हो तुझे उसके साथ मरना ह तोह बेसक तुझे भी मर दूंगा” इतना कह वो आगे बढ़ा तोह ऋचा ने सीलेंसर लगी गन से फायर कर दिए …और सामने से डेथ हेलो तेज़ी से मूव करते हुवे बचता गया …और ऋचा के पास पहुंच गया

डेथ हेलो “लगता ह खास रिश्ता ह उसे” …फिर घर की तरफ आवाज मरकर “ क्या तू इसे भी मरता देखेगा या आएगा बचने” ये कहते वक़्त उसने ऋचा की गर्दन पकड़ली …तभी मित्युदूत भी वंहा पहुंच गया …

डेथ हेलो “तू यंहा ह तोह वो बहार क्यों नहीं आया अभी तक ….और तू घुटनो पर बैठ वर्ण इस लड़की की गर्दन तोड़ते एक पल नहीं लगेगा”

मित्युदूत घुटनो पर बैठ गया उसका मास्क उतर कर कोई देखता तोह वो देख सकता था की मित्युदूत सायद इसे पहले कभी इतने गुसाई मई नहीं हुवा होगा ..

डेथ हेलो “चल अजा आज मैं या तू और कोई नहीं”

ऋचा “वो नहीं आएगा वो कोमा मई ह”

डेथ हेलो “लड़की एक झूट और तू अभी मारेगी इसलिए चुप रह”

डेथ हेलो आगे कुछ बोलता उसे पहले हे आवाज आयी …

“तेरी मेरी दुश्मनी क्या ह ये तोह नहीं पता वो लड़की कौन ह ये भी नहीं पता पर तूने जो किया वो सब मुझे पता h…us लड़की की बाते याद ह मुझे 2 साल से वो लड़की हमेशा मेरे खव्बो मई हर दिन रात आयी ह”

डेथ हेलो “आखिर आगया तू…”

“है आगया …बस एक सवाल …वो लड़की जिन्दा ह”

डेथ हेलो “कौन वो जो तेरे साथ थी …उसे मैं क्यों मरूंगा और वैसे भी उससे मेरी कोई दुश्मनी नहीं थी …मेरी तोह तुझसे ह”

“मुझसे मतलब उस लड़के से”

डेथ हेलो राज की बात सुनकर चौंक गया …

राज “इतने दिन लगता था की सब खवाब ह पर वो सब हकीकत ह यानि वो लड़की ह और अब तुझे मरने के बाद मैं उसे ढूंढने जाऊंगा मुझे पूरा सच जानना ह”

डेथ हेलो और राज की नज़रे मिली …

ऋचा “दीपउणु..”

राज ने ऋचा को देखा और ऋचा के चेहरे पर अब बड़ी सी मुस्कान आगयी …और साथ हे अपने पति के वापस आने के ख़ुशी के आन्सुऊ…

दीपू “मैं कौन हु ये तोह नहीं पता पर इतना यकीं हो गया ह की मेरी इस हालत की वजह तू हे ह..”

डेथ हेलो “बिलकुल सही कहा”

दोनों एक दूसरे की तरफ आगे बढे पर सबसे तेज़ बढ़ा मित्युदूत और एक हे सांस मई अपनी स्वोर्ड्स से लगातार वॉर करने लगा…

राज जिसकी दीपू पर्सनालिटी जग गयी थी वो ऋचा से बोलै “ये दोनों कौन ह और ये शख्स उसे मेरे लिए क्यों लड़ रहा ह”

ऋचा भागकर राज के गले लग गयीईइ और बोली “आप जग गए भगवन का शुक्र ह….”

दीपू “है मैं जग गया हु आवाज सुनी तोह बहार आगया पर ये कौन ह”

ऋचा “सब बताउंगी पर पहले मित्युदूत अंकल की मदत करो और इसको बचकर भागने मत देना …तुम्हे मेरी कसम ह ..इसे वो बुरी मौत देना की इसकी रूह काँप जाये …ये दर्द से तड़पना चाहिए ह इसके सरीर की हर हड्डी के इतने टुकड़े करो की कोई दुबारा जोड़ नहीं paye…ye मौत की भीख मांगे पर इसे वो नसीब न हो…

दीपू ऋचा की आँखों मई नफरत साफ़ देख सकता tha…aur वो बस ऋचा को दुखी नहीं देख सकता था ….

इधर मित्युदूत ने 100 से जायदा वार कर दिए थे पर अभी तक वो डेथ हेलो को सिर्फ एक खरोच हे दे पाया था….

डेथ हेलो ने एक लेग को पीछे लिया और एक किक मित्युदूत के मू पर स्वोर्ड्स से बचते हुवे पूरी ताकत से मारी और मित्युदूत सीधा पीछे दीपू के पास आकर gira….jisai राज यानि दीपू ने पकड़ कर उठाया …मित्युदूत दुबारा जाने लगा तोह दीपू ने रोक लिया और बोलै “आप rookiye…ye फाइट विल्लिअन और हीरो की h….aur इस कहानी का हीरो मई हु तोह रिवेंज भी मेरा होगा”

मित्युदूत “नहीं मास्टर एक बार आपकी बात मानकर आपको खो दिया अब नहीं मनाऊंगा”

दीपू “Master…koun मास्टर …आप बैठिये सीरियल हो या रियलिटी hero….hero हे होता ह… और तू अजा या तोह तू या मैं….” फिर खुदसे हे ये क्या बोल दिया वो सीरियल मई तोह हीरो क्या बोल रहा था है “चल ajaa”aur फिर दीपू जिसने सिर्फ ट्रेनिंग हे की थी और छोटे मोठे गुंडों से गाँव मई लड़ाई की थी उसे अंदाज़ा नहीं था की उसका सामना उसके कट्टर दुश्मन से हुवा ह और वो आगे बढ़ कर फाइट की पोजीशन लेकर हमला करता उसे पहले हे एक किक उसके मू पर लगी और वो राउंड घूमते हुवे निचे गिरा ….और वो अभी खड़ा होकर अपने होश संभाले भी नहीं पता की एक और किक उसके सर पर लगी और वो पीछे जाकर गिरा और उसका दिमाग घूमने लगा ….पर इस बिच उसकी आँखों मई दिखा बेहद तेज़ गुसा जो बस कुछ पल हे आया और अबकी बार डेथ हेलो जैसे हे जम्प के साथ अपना घुटना उसकी चेस्ट पे मरने वाला था दीपू साइड मई हैट गया और दिया एक पंच डेथ हेलो के जबड़े पर और डेथ हेलो को हुवा दर्द और वो साइड मई जाकर gira….idhar दीपू ने अपने सर को 2 तीन बार जोर से झटका और डेथ हेलो को देखा …

ऋचा “मारो उसे”

अब भगा दीपू उसकी तरफ बढ़ा और और डेथ हेलो पर लगातार अपनी ट्रेनिंग वाले पंचेस बरसाने लगा जो उसने घंटो प्रैक्टिस करि थी ….डेथ हेलो पंचेस को ब्लॉक करता रहा पर दीपू के पंचेस की तफ्तर भी बहुत तेज़ थी डेथ हेलो के लिए पंचेस को रोकना मुश्किल हो गया था उसने एक चांस लिया और एक किक दीपू के पेट मई मरी तोह दीपू का एक पंच उसकी चेस्ट पर लगा दोनों हे पीछे कई फ़ीट दूर गिरे ….डेथ हेलो के चेहरे पर मुस्कान आगयी और बोलै “ बहुत मज़ा आया अब मेरी बरी”

और उसने दिखाया की वो क्या बन गया ह वो अलग मूव दिखा कर दीपू पर वार करता गया …और दीपू उसके किसी वार को रोक नहीं प् रहा था और पिट ता हुवा बस पीछे जा रहा tha…mityudoot मदद के लिए आगे बढ़ा तोह ऋचा ने रोक लिया और बोली “ये उसकी लड़ाई ह उसे लड़ने दीजिये”

मित्युदूत कुछ कह नहीं पाया …और देखने लगा …इधर दीपू unlimited punches aur kicks khakar निचे गिरा और मू से खून थूका कर हँसते हुवे bola…tujse जायदा तोह मेरी नीचू मरती थी…”

डेथ हेलो एक पल के लिए चौंक गया…

दीपू “अब हीरो की बरी ह”

मित्युदूत भी हैरान हो गया…

ऋचा “उसने बहुत म्हणत की ह इन 1.5 सालो मई”

दीपू आगे बढ़ा और डेथ हेलो के वार को रोकने की कोसिस की तोह डेथ हेलो ने वार को बदल दिया एक किक पेट मई मार्डी पर दीपू ने उसकी कर पकड़ ली और उसी से उठा कर उसे निचे पटक दिया और चेस्ट पर अपने पेअर को उठाकर मरने की कोसिस की तोह डेथ हेलो साइड खिसक गया पर वो खड़ा होता उसे पहले हे आया गुरूजी की दवाई के रोज पिने से आयी ताकत का सुपर पंच और डेथ हेलो पीछे की तरफ कई पलटिया खता हुवा रूका …और दीपू भी हवा मई उछला और अपना घुटना लेकर सीधा उसकी चेस्ट की तारक कूड़ा पर डेथ हेलो एन्ड मोमेंट पर बच साइड मई होकर बच गया और वंही से दीपू के सीने पर किक दे mariii….deepu भी पीछे होकर gira….death हेलो आगे बढ़ा और एक के बाद खड़े होते हुवे दीपू पर जड़ दी पर चौथी किक को दीपू ने पकड़ लिया और उसे दूर फेंक दिया … दोनों एक दूसरे को देखने लगे….

“चल अजा” अब दीपू ने कई पंच कहते हुवे दिया एक पंच उसके सर पर जिस साई डेथ हेलो कुछ पल के लिए अपने होश गांव बैठा और दीपू के पंचेस किक्स इतनी तेज़ी से उस पर पड़े की उसको समाज हे नहीं आया और जब आय तब तक उसका सारा सरीर दुःख रहा था उसके मू नाक से खून निकलरः था उसकी आँखों मई हैरानी थी की कैसे ये इतना ताकतवर हो गया ….उसने तुरंत अपने कलाई को चुपके से हलके से हिलाया तोह एक बड़ा सा निफे उसकी बाजु से उसके हाथ की तरफ आगया जिसे उसने छिपा लिया वो आज राज को जान से मार देना चाहता था…

ऋचा “इसकी हर हड्डी को तोड़ दो ….इसकी चीखे निकालनी चाहिए ह”

ऋचा की बात सून जंहा दीपू के चेहरे पर गुस्सा था तोह डेथ हेलो के चेहरे पर कुटिल मुस्कान और दीपू ने जैसे हे हमला किया डेथ हेलो ने नाइफ को झटके से निकलना और उसकी चेस्ट से थोड़ा ऊपर घुसेड़ दिया ……

डेथ हेलो जो दीपू की मार के बाद खून से सना हुवा था वो बोलै “दर्द का अहसास हुवा” और फिर नाइफ निकल एक कट उसकी चेस्ट पर मर जो लगा उसकी पॉकेट से होता हुवा उसके सीने पर और फिर उस नाइफ का हाथ मारा राज के माथे पर …और राज पीछे होकर गिरा …

ऋचा “अपने सामने का सन देख चौंक सी गयी”

मित्युदूत जल्दी से आगे बढ़ा राज को सँभालने …इधर राज की पॉकेट से गिरी विद्या की फोटो …जिसे देख डेथ हेलो हैरान हो गया था …उसने फोटो हाथ मई उठायी और जितना उसे देखता वो हैरान होता jata….idhar दीपू की क्योंकियस्नेस्स गयी और कुछ हे पल मई जब वापस आयी उसने सामने देखा बोलै “,पिछली बार तू बच गया tha”….aur एक किक डेथ हेलो की चेस्ट पर मरी पर उसे हुवा भयंकर दर्द ….उसने अपने घाव वाले हिसाई पर हाथ रख लिया ….और पूरी दर्द को भूल कर डेथ हेलो पर टूट पड़ा डेथ हेलो समाज भी नहीं की क्या हुवा और करीब 30 से जायदा वरो ने उसकी हालत और ख़राब ख़राब kardi…wo निचे पड़ा हुवा था दर्द mai…usmai लड़ने की हीमत नहीं बची थी ...उसने अपनी पॉकेट से स्मोक बॉम्ब्स निकले और फेंक दिए और बोलै "आज तोह जा रहा हु हम फिर मिलेंगे नए सवालो के साथ" एक बार फिर बच कर निकल गया इधर मित्युदूत दीपू के पास आया …और दीपू को सहारा diya…deepu ने सहरा नहीं लिया..

ऋचा “आप चलिए आपके घाव का ट्रीटमेंट करना पड़ेगा” …उसने कुछ नहीं कहा और साथ चलने लगा ….और थोड़ी दिएर बाद हे वो ऋचा के एक इंजेक्शन से दुबारा सो गया….

मित्युदूत “मुझे लगता ह मास्टर जग गए ह”

ऋचा “नहीं अगर वो होते तोह कुछ कहते सायद चोट की वजह से हुवा ह पर वो बच गया”

मित्युदूत “एक बात उसने विद्या भाभी की फोटो देखि तोह वो इतना हैरान क्यों था”

ऋचा “पता नहीं तुम यंहा रूको मुझे उस घर की तरफ जाना होगा सुनील कभी भी वंहा पहुंच सकता ह दिव्या माँ का मैसेज आया ह”

मित्युदूत “तीख ह अगर कुछ भी होगा मैं आपको इन्फॉर्म कर दूंगा”

ऋचा ने अपनी स्कूटी उठायी और उमेद सिंह के घर पहुंच गयी जंहा सब जगे हुवे हे थे…

शेरदिल “भाभी आप अभी क्या बात ह”

ऋचा “सुनील अभी हे ारः ह और कभी भी पहुंच जायेगा ”

सब बाटे करने लगे सुभे के लिए ऋचा ने किसी को अभी की लड़ाई के बारे मई नहीं बताया वर्ण सब चिंतित हो जाते …

इधर सुनील की कार रस्ते मई हे थी की एक के बाद एक 8 कार और उसके साथ आगे पीछे जुड़ gayiii..jismai मैच और माइक के साथ साथ सुनील के बॉडी gaurds…aur राजीव की टीम थी जो 2 साल मई फुल त्रिनेड हो गयी थी और सुनील ने उन्हें सपने पास हे बुला लिया था… सुभे के 4 बजे …गाँव मई गाड़िया तेज़ी से घुसती हुवी सीधा उमेद सिंह के घर के आगे आकर रुकी सारा परिवार एक साथ बहार आगया देखने के लिए …और सबसे पहले उतरे मैच और माइक जिनकी हिघ्त देख जो गाँव वाले बहार आगये थे बैठे हुवे थे उनकी दर से हवा टाइट हो gayi….aur फिर उतरा sunil….jisne सीधा घर की तरफ नज़र मरी और ऋचा को देख मुस्कराने लगा …ऋचा के भी चेहरे पर मुस्कान आगयी …और उसने भी सुनील को भागकर गले लगा लिया …

“सुनील हम्म माँ ने बता दिया और पूरा गाँव लाठी भले लिए खड़ा ह भाई से इतनी नाराजगी ह ”

ऋचा गले लगे हुवे हे “ आज याद आयी बहन की”

सुनील “ी म सॉरी अब ऐसे हे बहार खड़ा रखेगी”

ऋचा “तुम ऐसे हे अचे हो” और फिर सुनील को मैं गेट के अंदर ले आयी जंहा बहार गर्दन मई हे सभी चेयर पर बैठगए सुनील ने सभी को नमस्ते किया …

सुनील “अब तू बताएगी मुझे सच या माँ की तरह तुझे भी छिपाना ह”

ऋचा ने कुछ नहीं कहा तोह

सुनील “तीख ह जब मई कुछ लगता हे नहीं हु तोह जाता hu”wo खड़ा हुवा तोह ऋचा ने उसका हाथ पकड़ लिया …

सुनील “देख मैं भाई हु मुझे पता ह मेरी बहने क्या करती ह क्या नहीं आज नहीं तोह कल सच मुझे पता लग हे jata..phir क्या जवाब देता मैं अनिरुद्ध पापा की बस नाम के लिए बहन बनाया”

ऋचा “ी म सॉरी 😔

उमेद सिंह “ बीटा हम्म बताते ह पूरी baat”aur साडी बाते gaye…jisai सून सुनील के चेहरे पर क्रूर भाव पल पल एते गए…

सुनील “उस कुंदन और बलराम ने अब बहुत बड़ी गलती करदी ह वो कल आएगा पर जायेगा nahi…yanha उसकी शादी का नहीं मौत का मंडप सजेगा मैच माइक राजीव अंकल तयारी करिये कालका दिन उन्दोनो बाप बेटो का आखिरी दिन होगा” फिर पलटकर उमेद सिंह से “आप मेरे भाई मेरे दोस्त का परिवार ह एक बार कॉल करते तोह ये नौबत हे नहीं अति …”

उमेद सिंह “पर हम अभी भी काम ह”

सुनील “ आप निर्वाण का परिवार ह और उसके परिवार को प्रॉब्लम मई देख अभी कौन कौन आएगा आपको अंदाज़ा भी नहीं ह बस सुभे के सूरज का इंतज़ार कीजिये”

इधर बलराम के घर पर भी तैयारियां पूरी हो चुकी थी…

बलराम “मंत्री जी इस शादी के बाद इस विद्या ग्रुप का मटर सोल्वे हो jayega…ye वडा ह मेरा आपसे …आप तोह आज सीकर कीजिये”

लॉ मिनिस्टर “पूरी तयारी ह गाँव का गाँव साफ़ हो जायेगा आज आप चिंता मत करो और किसी को पता नहीं लगेगा….”

बलराम खड़ा हुवा तोह बहुत तेज़ आवाज होने लगी …और एक के बाद एक हवा मई कई राउंड फायर हुवे …और बड़े बड़े स्पीकर से म्यूजिक 🎶 बजने लगा……

उनपर नज़र रख रहे ैप विजय ने गले से थूक घटक और कमिश्नर को कॉल किया “सर …ये तोह पूरी पार्टी के वर्कर और सरे चांटे हुवे बदमाश ह उप के भी और आस पास के स्टेट्स के भी …

कमिश्नर गहरी सांस छोड़कर “पता ह विजय जब मैं सुब इंस्पेक्टर था तब आज से लगभग 15 20 साल पहले हे ऐसा एकऔर काण्ड हुवा था …और वो भी बहुत भयानक था और आज भी वही हो रहा ह …तुम नज़र रखो इन सब पर और मुझे खबर देते रहो …

दिल्ली …

कृति “अब आपकी बरी ह पैसा आपको मिल चूका ह साडी मीडिया को कवर करलो कोई न्यूज़ नहीं बननी चाहिए ह गाँव के टेलीकॉम कम्युनिकेशन को बंद कार्डो छोटे से एरिया मई किसी को कुछ पता नहीं चलेगा….”

सामने से “आप बे फिक्र रहिये अगर अपने जो कहा वो हो गया तोह कसम से धौड़ा धौड़ा के मरेंगे बाकि को …”

कृति “बस सब ख़तम होते हे उमेद सिंह जी को”

सामने से “बिलकुल उनको उनका रुतबा वापस मिलेगा वो पहले भी हमारे साथ हे थे ये तोह हो जायेगा जैसे अपनी डील हुवी ह पर वो विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल वाला मटर और इंडस्ट्रीज वाला मटर”

कृति “ डोंट वोर्री हो जायेगा”

कॉल कट होते हे कुंदन की अपोजिट पार्टी ने भी सुभे सुभे हे पूरी तयारी कर्ली थी की अगर सब सही हुवा तोह आज तक इतने सालो मई जो उन्होंने सहा ह उसका पूरा बदला लेंगे…

सुभे का सूरज ऊगा हे था की कई और गाड़िया गाँव के अंदर आगयी जिन्हे राजीव ने अपने निशाने पर ले liya…par सामने वाले शाखा को देखते हे उसने जोर से सलूट थोक दिया….

सामने से “राजीव हम तोह ऑफिशियली डूएटी पर ह हे नहीं …हम तोह हमारी बहु के लिए ए ह….”

राजीव “जोगिन्दर सर ,चीफ सर पर आप दोनों”

जोगिन्दर “भूल जाओ हम यंहा ह वैसे ऋचा बेटी कान्हा ह और वो नालायक”

सुनील “ये तीख ह जब खुदको आना था तोह मुझे क्यों भेजा सुर ये क्या ह की हम आरहे ह”

और बस जोगिन्दर ने सर पर धीरे से थपड मारा उसके ….और फिर ऋचा और सबसे मिले …तोह उमेद सिंह गजेंद्र सिंह सिमी डिम्पी नित्ति और बाकि साडी लेडीज हैरान थी…

जोगिन्दर सिंह “ ठाकुर साब( जगमाल सिंह) की नज़र आप पर हमेशा थी वो आपके परिवार को कुछ नहीं होने देते वैसे भी कभी न कभी सामने आना हे tha…toh आज हे सही…

उमेद सिंह की आँखों मई ख़ुशी के आंसू थे…

उमेद सिंह “मैं अगर अपनी जिद और दूसरे के बहकावे मई न अत तोह सायद आज सब सही होता”

चीफ “ठाकुर साब जो बीत गया वो बीत गया भूल जाईये”

सुनील “ इनसे मिलये नानाजी आप ह दिल्ली कमिश्नर बड़े पापा जोगिन्दर सिंह और आप ह सीक्रेट ऑपरेशन्स के पुलिस चीफ ”

दोनों का परिचय सून और चौंक गए उम्मीद सिंह..

चीफ “ और यंहा के नए कमिश्नर भी अपने हे फिर पलट कर पूरी फौज ह क्या सोचा ह सुनील”

सुनील “बस आने दीजिये पुरे गाँव के चारो तरफ हमरी दीवार होगी और पुलिस बिच मई नहीं ह तोह वो भी सीना थोक सामने से हे आएगा…. “ इतना कह उसने राजीव के पास से अपना ब्लैक कलर का हथोड़ा लिया और बोलै “मुम्बई की बची हुवी इसकी प्यास आज भुझेगी”

शेरदिल के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे वो बस शांति से सब देख रहा था…

सुनील “शेरदिल तुम क्यों चुप ho…narajgi ह क्या”

शेरदिल “नहीं तुमसे नाराजगी कैसे होगी बस सोच रहा हु की पहले आप सब ने क्या क्या सहा होगा”

सुनील “हम एक परिवार ह जियेंगे साथ मरेंगे साथ …और इस बार धोखेबाज़ों को पास तक नहीं आने देंगे चाहे वो रिश्तर हो या कोई अपना सागा”

शेरदिल के चेहरे पर मुस्कराहट आगयीईइ….

ऋचा ये लो भाई सबका नास्ता रेडी ह कफ टिया लीजिये …क्योकि बाद मई सायद वक़्त न मिले….

सुनील “पहले बड़े पापा चीफ सर और रज्जेव अंकल को दो ”

ऋचा सबके साथ नास्ता देते हुवे अचानक से बोली … “दिव्या माँ …”

सुनील “वो तीख ह”

ऋचा “मित्युदूत अंकल ह न उनके पास”

सुनील “वो कुंदन के आदमियों के हथियार और कितने जाने आएंगे उसकी निगरानी रख रहे ह दिव्या माँ के पास बॉडी गॉर्डस ह हॉस्पिटल मई फुल सिक्योरिटी ह उन्हें कोई खतरा नहीं ह”

पर इधर कुंदन की वाइफ का खेला गया दांव सही पद गया और वो दिव्या के हॉस्पिटल से बहार निकलने का इंतज़ार कर रही थी और दिव्या ने वही गलती करदी …उसके दिमाग मई रास्त से हे रह रह कर सुनील को सचाई पता लग गयी तोह वो कैसे रियेक्ट करेगा और ऋचा कैसे समजायेगी यही सोच सोच कर सो नहीं पायी थी और सवेरे खुद गाँव जाना चाहती थी सिचुएशन देखने और सँभालने …और उसकी इसी टेंशन ने कुंदन की वाइफ के प्लान को कामयाब बना दिया tha…divya अपने बॉडी गॉर्डस के साथ हॉस्पिटल मई तोह सेफ थी पर बहार बहुत से गुंडे गत लगाए बैठे थे इंतज़ार मई….

कुंदन की वाइफ हवेली मई “ सब देखलो बेहोश करने वाली दवाईया ह टैंकर बुला liya,mask ह सब के pass,jinke पास नहीं ह उनके पास एंटी डॉट्स ह या नहीं” जब कुंदन की वाइफ ये बोल रही थी सामने खड़े सब है मई गर्दन हिला कर बोले जा रहे थे ..

कुंदन वाइफ “भले हे हम बहुत जायदा ह हमारी ताकत जायदा ह पर दुश्मन ko.gslti से भी काम नहीं संजना ह हमरे खबरियो ने खबर दी ह कई साडी गाड़िया वंहा आयी ह मतलब तयारी उन्होंने भी की ह ..

लॉ मिनिस्टर “भाभी जी आप चिंता न करे हमारे पार्टी वर्कर हे उन्हें रौंध डालेंगे”

कुंदन वाइफ “मंत्री जी ..बस यही तोह आप गलती कर जाते ह आपको क्या लगता ह विद्या ग्रुप का नाराज होना …बाकि इंडस्ट्रीज का उप से जाने का एलान करना क्या ये सब ऐसे हे हो गया …nahi….khel बहुत बड़ा हुवा ह इसलिए कायदे और समझदारी से खेलो वर्ण ….बड़े बड़े राजाओ का राज पथ इस लापरवाही मई चला गया…”

कुंदन की वाइफ की बात सुनकर मंत्री की बोलती बंद हो गयी और वो बस मुस्कुराता रहा गया…

कुंदन वाइफ “जो बताया गया ह बस वैसे हे करना फालतू दिमाग मत लगाना …और कुंदन बीटा तुम …गुसाई से नहीं दिमाग से काम lena…aram से करना सब जब तक खतरा न हो कोई कुछ नहीं करेगा …मंडप बहुत सजा ह और फेरे होने के बाद उस डॉक्टरनी को भी दहेज़ मई साथ ले ana….kyoki वो दिव्या तोह हमारे कब्जे मई आजायेगी कुछ हे दिएर mai…aur फिर सारा खेल हमारा होगा.” फिर बलराम को साफा पहनाया और टिका लगा कर हवेली से विदा कर दिया उसके विदा होते he…ye जानकारी गाँव तक पहुंच गयी….

चीफ “वो आरहे ह ….2 ऑवर ह हमरे पास बस…”

जोगिन्दर “ कितने जाने ह”

चीफ “इस गाँव की आबादी से दुगने सब हथियारों से लेस्स ह और यंहा के सिग्नल भी जैम कर दिए गए ह”

शेरदिल “मौत तोह अणि हे ह फिर आज क्यों नहीं”

सुनील हथोड़े को हाथ मई lekar“ha है है मौत तोह तीख ह मौत का खेल हे खेल लेते ह”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स पेलने का…
 
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