Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 4 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 28

अनीता तीसरा पानी पूरी खाकर पानी पूरी वाले के तरफ देख रही थी की वह मुस्कुराते हुए एक और पानी पूरी उसके कटोरे में रख दिया. अनीता फिर से झुक कर खाने लगी तो वह उसकी क्लीवेज देखने लगा. अगला पानी पूरी कहते वक़्त भी ऐसे hi हुआ.

अनीता पांचवा पानी पूरी खा रही थी और पानी पूरी वाला अनीता की चूंकि और पेट देख रहा था. अनीता की नाभि में लटकी हुयी बेल्ली रिंग जब भी देख रहा था वह उसका लुंड में थोड़ा हलचल हो जा रहा था. अनीता यह जानते हुए की पानी पूरी वाला उसकी जिस्म को देख रहा है आराम से बिना शर्म या झिझक के मज़े से पानी पूरी खा रही थी.

अनीता पांचवा पानी पूरी खाकर boli,"Ab थोड़ा कच्चा मिर्च दाल दीजिये".

पानी पूरी वाला उस वक़्त अनीता की नाभि से लटकी बेल्ली बटन रिंग देख रहा था. अनीता का बात सुनकर वह उसके तरफ देखा और मुस्कुरा कर bola,"Jee मेमसाहेब" और वह एक कच्चा मिर्च काट कर आलू में डालकर मिला दिया और अगला पानी पूरी अनीता को खाने दिया.

अनीता फिर से झुक कर पानी पूरी खाने लगी और पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखने लगा. अनीता का चेहरा पानी पूरी खाने के कुछ सेकण्ड्स बाद थोड़ा लाल होने लगा.

यह देखते hi पानी पूरी वाला टिश्यू पेपर निकलकर अनीता के तरफ बढ़ाया तो अनीता मुंह चलती हुयी मुस्कुरा कर उसके तरफ देखकर टिश्यू पेपर ले ली.

पानी पूरी वाला सातवा पानी पूरी दिया तो अनीता कहते hi अपनी दायी हाथ को हिलने लगी जैसा वह तीखा लगने पर किया करती थी. उसकी खूबसूरत गोरा चेहरा और नाक टमाटर जैसा धीरे धीरे लाल होने लगा.

अनीता वह पानी पूरी खा hi रही थी की तभी एक बंध आंसू उसकी गाल पर गिरा जिसे अनीता पोंछ ली. पानी पूरी वाला आराम से अनीता की चूंकि देख रहा था.

अगला पानी पूरी खाने पर फिर से अनीता वैसे hi हाथ हिलायी और एक बंध आंसूं फिर से गिर गया मगर वह गाल पर अटकने के बजाये उसकी चूंकि पर गिरा और कुछ दिन पहले के जैसा कुछ हिस्सा उसकी क्लीवेज के तरफ फिसलने लगा.

अनीता पानी पूरी कहती हुयी अपनी चूंकि पर टिश्यू पेपर लेजाकर वहां से आंसू पोंछ दी. पानी पूरी वाला अनीता की चूंकि पर hi देख रहा था. उसकी क्लीवेज के तरफ आंसू का एक अंश जाते देख उसका लुंड धोती में मचल गया और जब अनीता बिना शर्म के अपनी चूंकि से आंसू पोंछी तो पानी पूरी वाला अपना थूक घोंट लिया.

अनीता अपनी चूंकि पोंछ कर पानी पूरी कहती हुयी पानी पूरी वाले के तरफ देखि तो उसे उसकी चूंकि पर देखते हुए पायी मगर बिना कोई रिएक्शन के चुप चाप पानी पूरी कहती रही.

अगले पल पानी पूरी वाला अनीता के चेहरे पर देखा तो वह मुस्कुरा दी. पानी पूरी वाला भी मुस्कुरा दिया और bola,"u मेमसाहेब".

अनीता तब तक वह पानी पूरी लगभग पूरा खा चुकी थी. वह टिश्यू से आँख के कोने में बड़े hi प्यार से हल्का पोंछकर boli,"Haan बोलिये".

पानी पूरी वाला अगले पल अनीता की क्लीवेज के तरफ ऊँगली दिखते हुए bola,"U मेमसाहेब यहां थोड़ा आंसू लगा हुआ है".

यह बोलते हुए उसका दिल धड़क रहा था मगर थोड़ी बहोत जैसा उम्मीद किया था वैसे hi उम्मीद के मुताबिक अनीता कुछ नहीं बोली और नार्मल तरीके से अपनी नज़र नीचे के तरफ करके अपनी क्लीवेज के तरफ देखि.

वह अपनी क्लीवेज देखि. वहां आंसू का एक छोटा सा अंश था जो उसकी चूंकि की गहराई में जाने से पहले hi फैल कर उसकी स्किन से चिपक गया था.

अनीता वह देखकर boli,"Ohh" और फिर अपनी टिश्यू पेपर को दोनों चूँचियों के बीच गहराई की शुरुआत के पास लेजाकर वहां पोंछ दी. वह पानी पूरी वाला बहोत गौर से वहां देख रहा था.

न चाहते हुए भी उसका बाय हाथ फिर से ठेले के पीछे से उसके धोती के ऊपर से लुंड पर चला गया और वह अनीता की क्लीवेज देखते हुए अपना लुंड मसल दिया.

अनीता क्लीवेज पोंछ कर उसके तरफ देखि तो उसे अपनी चूंकि पर देखते हुए पायी और अगले पल puchhi,"Ab ठीक है तो?".

यह सुनकर पानी पूरी वाला घबराकर उसकी चूंकि से नज़र हटाकर अनीता की चेहरे के तरफ देखा तो वह मुस्कुरा रही थी.

पानी पूरी वाला तब तक चुपके से लुंड से हाथ हटा चूका था. वह अनीता को मुस्कुराते देखा तो वह भी मुस्कुरा diya,"Jee मेमसाहेब" और यह बोलकर वह एक नज़र उसकी क्लीवेज पर देखा hi था की अनीता जवाब में boli,"Thank यू बताने के लिए. मैं तो ध्यान hi नहीं दी".

पानी पूरी वाला यह सुनकर खुश हो गया और मुस्कुराने के साथ ख़ुशी के आवाज़ में bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. आप मज़े से पानी पूरी खाइये. बाकी चीज़ के लिए हम हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही. पानी पूरी वाला अगला पानी पूरी अनीता को दिया तो वह फिर से वैसे hi हाथ हिलने लगी मगर इस बार आंसू थोड़ा सा hi गिरा जो अनीता आंख के पास hi पोंछ दी. वह पोंछने के बाद सामने देखि तो पानी पूरी वाला को खुद की चूंकि पर देखते हुए देखि.

अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद जब थोड़ा पानी पूरी खा ली और पानी पूरी वाला तब भी उसकी चूंकि पर देखे रहा था तो अनीता puchhi,"Aur कहीं पर आंसू लगा है क्या?".

यह सुनकर पानी पूरी वाला अनीता के तरफ देखा मगर वह घबराया नहीं. वह अनीता के आँखों में देखकर "न" में सर हिलाया तो अनीता मुस्कुराकर मुंह चलती हुयी boli,"Tissue पेपर के लिए थैंक यू".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब इसमें थेंकु का कउनो ज़रूरत नहीं है. ी बताइये की मज़ा आ रहा है तो खाने में?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Bahot मज़ा आ रहा है. सच में क्या पानी बनाया है आपने".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Bas मेमसाहेब आपको मज़ा आ रहा है हमरे लिए दिन सफल हो गया".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी कटोरी आगे करके boli,"Achha और दीजिये".

पानी पूरी वाला यह सुनकर bola,"Lijiye मेमसाहेब जितना मैं करे लीजिये. ी तो आपके लिए hi इस्पेसल बनाये हैं. इस्पेसल कस्टमर के लिए इस्पेसल पानी पूरी".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाने lagi,"Hehe आप भी न" और वह यह बोलकर थोड़ा झुक कर अगला पानी पूरी मुंह में रखकर कहती हुयी फिर से अपनी पतली गोरी उँगलियों से परफेक्ट का शेप बनाकर खाने लगी हुए कुछ सेकण्ड्स बाद थोड़ा सा खा ली तो boli,"Sach में बहोत स्पेशल बनाया है आपने".

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुनकर मुस्कुराया और फिर उसकी बदन को देखने लगा. अनीता चुप चाप पानी पूरी कहती रही. 10 पानी पूरी खाने के बाद अनीता boli,"Bas अब और नहीं. मैं इतना पानी पूरी एक साथ कभी नहीं खायी थी".

अनीता यह बोलकर टिश्यू से आँख के पास पोंछती हुयी boli,"Sach में आप बहोत अच्छा पानी पूरी बनाते है".

पानी पूरी वाला यह सुनकर खुश हो गया. अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Ek और टिश्यू पेपर मिलेगा?".

पानी पूरी वाला ख़ुशी से टिश्यू पेपर का डब्बा अनीता के तरफ बढ़ाते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब जितना लेना है ले लीजिये. ी भी इस्पेसल आपके लिए hi है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी एक टिश्यू पेपर निकलकर boli,"Lag रहा है यहाँ पर सिर्फ मैं hi आपकी स्पेशल कस्टमर हूँ".

यह बोलकर वह टिश्यू से अपनी होंठ के पास पोंछने लगी तो पानी पूरी वाला उसके होंठों को देखते हुए bola,"Memsaheb इस्पेसल तो एक hi होता है, अगर एक से ज़्यादा हुआ तो इस्पेसल कहाँ हुआ".

अनीता यह सुनकर अपनी होंठ पोंछकर एक नज़र उसके तरफ देखि और हल्का मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलती हुयी boli,"Baat तो आपने ठीक बोलै".

फिर वह ठेले से लगे एक थैला में टिश्यू पेपर फेंकने वाली थी की वह पानी पूरी वाला bola,"Are मेमसाहेब आप तकलीफ कहे कर रही हैं. हुंका दीजिये हम फ़ेंक देता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are मैं फ़ेंक".

अनीता इतना बोलकर उसके तरफ देखि तो उसे हाथ बढ़ाये हुए उसके तरफ देखते हुए पायी. अनीता उसके आँखों में देखि और मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है अगर आप एहि चाहते हैं तो लीजिये".

अनीता यह बोलकर उसके हाथ में टिश्यू पेपर दे दी और फिर अपनी कान के पास का बाल हटती हुयी boli,"Aap रुकिए मैं पैसे लेकर आती हूँ".

पानी पूरी वाला टिश्यू पेपर लेकर मुस्कुराते हुए सर हिलाकर bola,"theek है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी घूमी और अपनी गांड हिलती हुयी जाने लगी. अनीता की लगभग पूरी नंगी गोरी चिकनी पीठ और उसके नीचे उसकी हिलती हुयी बड़ी गांड को देखकर पानी पूरी वाला अपना बाय हाथ धोती के ऊपर से पकड़ कर धीरे धीरे हिलने लगा.

थोड़ी देर बाद अनीता मुस्कुराती हुयी हाथ में पैसे लिए आयी. पानी पूरी वाला चलते वक़्त उसकी चूंकि देखने लगा. अनीता देख चुकी थी की उसका नज़र कहाँ है.

अनीता मुस्कुराती हुयी चुप चाप उसके पास आकर उसे 100 रुपये देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आपके पैसे".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हर 100 रुपये लिया तो अनीता boli,"Achha ठीक है मैं चलती हूँ. मुझे इतना स्पेशल पानी पूरी खिलने के लिए थैंक यू. वाक़ई बहोत टेस्टी था".

पानी पूरी वाला एक 50 का नोट हाथ में लिए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब थेंकु का का बात है. इस्पेसल कस्टमर को इस्पेसल चीज़ मिलना hi चाहिए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी तो वह पानी पूरी वाला उसकी बदन पर फिर से नज़र दौड़ने लगा. अनीता उसे खुद की बदन को घूरते हुए देखि और कुछ सेकण्ड्स तक कड़ी रहने के बाद boli,"Ab मैं चलूँ?".

पानी पूरी वाला अनीता की ावा सुनकर उसकी चेहरे पर देखा तो वह मुस्कुरा रही थी. पानी पूरी वाला बाए हाथ से लुंड मसलते हुए bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और वह दया हाथ से 50 का नोट उसके तरफ बढ़ाते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब आपका छुट्टा".

अनीता वह देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are 50 रुपये तो आपके नार्मल पानी पूरी का हुआ. आपने तो मुझे स्पेशल पानी पूरी खिलाया है तो उसके हिसाब से 100 रुपये सही है. आप रख लीजिये पूरा पैसा".

पानी पूरी वाला अनीता के तरफ 50 का नोट बढ़ाते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहेब हम तो अपना मर्ज़ी से आपको इस्पेसल पानी पूरी खिलाया हूँ. 50 रुपया hi...".

अनीता उसे बीच में टोकती हुयी boli,"Aur मैं भी बोल कर खायी हूँ की स्पेशल पानी पूरी का स्पेशल दाम दूंगी. खाने से पहले मेरा यह शर्त था जिसे आप मान भी गए थे. अब आपको रखना होगा वर्ण अगली बार से नहीं खाउंगी".

पानी पूरी वाला अनीता किसी ख़ूबसूरती से प्रभावित था hi वह उसकी अच्छे देखकर भी उससे प्रभावित हो गया. इतनी khoobsurat,padhi लिखी और अमीर होने के बावजूद भी ज़रा सा भी घमंड नहीं था उसमे.

पानी पूरी वाला एक पल यह सोचने के बाद 20 का नोट देते हुए bola,"Achha मेमसाहब ी रख लीजिये".

अनीता वह देखकर थोड़ी नाराज़गी से boli,"Aap फिर ज़िद्द करने लगे. आपको कुछ नहीं देना है. रख लीजिये".

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुनकर bola,"Are मेमसाहेब ी हम आपको छूट दे रहा हूँ. आप पहली बार इस्पेसल पानी पूरी खाई है इसलिए".

अनीता थोड़ी कन्फ्यूज्ड होकर उसके तरफ देखकर boli,"Chhoot?".

पानी पूरी वाला थोड़ा सोच कर bola,"U मेमसाहेब अंग्रेजी में का बोलते हैं. हाँ ु डिकसौंद हम आपको डिकसौंद दे रहे हैं".

अनीता यह सुनकर कन्फ्यूज्ड दिखती हुयी boli,"Kya आप मुझे डिक...."

अनीता इतना बोली hi थी की उसे ध्यान आया की उसके मुंह से "डिक" शब्द निकल गया. वह आगे बोलने से खुद को रोककर sochi,"Main भी क्या बोल रही हूँ".

वह कुछ सेकण्ड्स तक और सोच कर मुस्कुराने लगी और तुरंत boli,"Achha आप डिस्काउंट दे रहे हैं मुझे?"

पानी पूरी वाला यह सुनते hi मुस्कुरा कर bola,"Haan मेमसाहेब वही डिकसौंद".

अनीता उसके मुंह से फिर से "डिकसौंद" सुनकर मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलती हुयी boli,"Thank यू मगर स्की कोई ज़रूरत नहीं है. प्लीज आप पैसे रख लीजिये.".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब हम रख लेता हूँ. आप सच में बहोत अच्छी हो मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Aap भी पानी पूरी बहोत अच्छा बनाते हैं".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Hum का खुसी है मेमसाहेब की आपको हमरा पानी पूरी पसंद आया" और फिर अपना नज़र अनीता की बदन पर दौड़ने लगा.

अनीता उसे फिर से खुद की जिस्म को देखते हुए देखने लगी. वह बिना शर्म के चुप चाप कड़ी रही. कुछ सेकण्ड्स तक वैसे hi कड़ी रहने के बाद जब पानी पूरी वाला वापस अनीता के तरफ देखा तो वह मुस्कुराकर boli,"Achha अब चलती हूँ. बहोत लेट हो गयी. आपको भी लेट हो रहा होगा. स्पेशल पानी पूरी के लिए फिर से थैंक यू".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब. थेंकु का कउनो बात नहीं है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर जाने के लिए घूमी तो उसका नज़र ठेले में लगे वही थैले पर गया जो कचरा रखने के लिए लगाया गया था. अनीता देखि की उसमे सिर्फ वह पत्ता का कटोरी है जिसमे वह पानी पूरी खायी थी मगर दोनों टिश्यू पेपर नहीं था.

अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई की कहीं पानी पूरी वाला सड़क पर hi तो नहीं फ़ेंक दिया. अनीता को ऐसे नज़र डेज अरे हुए देख पानी पूरी वाला puchha,"Ka हुआ मेमसाहेब कउनो चीज़ गिर गवा का".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और बिना मुस्कुराये "न" में सर हिलायी और जाने लगी. पानी पूरी वाला फिर से अनीता की लगभग पूरी नंगी गोरी हुए चिकनी पीठ और उसके नीचे हिलती हुयी उसकी बड़ी गांड को देखकर बाये हाथ से लुंड सहलाने लगा.

अनीता गेट के पास जाकर बांध करने के लिए घूमी तो पानी पूरी वाला का दिल धड़क गया और एक पल के लिए लुंड सहलाना रोककर मुस्कुरा दिया. अनीता भी बदले में मुस्कुरा दी.

अनीता को मुस्कुराता देख पानी पूरी वाला अपना नज़र अनीता की चेहरे से नीचे करके उसकी चूंकि देखने लगा और फिर से लुंड सहलाने लगा.

अनीता उसको खुद की चूंकि देखते हुए देख अपनी नज़र उसके ठेले पर ले गयी हुए फिर आँखों के कोने से ठेले के नीचे देखि तो उसका दिल धड़क गया.

अनीता जहाँ कड़ी थी वहां से ठेले का नीचे थोड़ा दिख रहा था, इतना की अनीता को दिख गया की पानी पूरी वाला बाए हाथ से धोती के ऊपर से अपना लुंड सेहला रहा था. उसे यह भी दिख गया की उसके हाथ में वह टिश्यू पेपर भी था जो अनीता उसे की थी अपनी आँख, गाल और क्लीवेज से आंसू और होंठों को पोंछने के लिए.

अनीता का दिल धड़कने के साथ उसकी जिस्म में एक अजीब सा लहर दौड़ गया. वह चुपके से अपनी आँख ऊपर की तो पानी पूरी वाला को खुद की चूंकि देखते पायी. यह देखकर अनीता दरवाज़ा बांध करने लगी तो पानी पूरी वाला नज़र ऊपर करके अनीता के चेहरे पर देखकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराकर दरवाज़ा बांध कर दी.
 
अपडेट 29

अनीता को ट्यूसडे को बाजार जाना था. उसे इस छोटे शहर में आये लगभग डेढ़ महीना हो गया था.

वह एक साड़ी पहनी थी जो नाभि के 3 इनचेस नीचे तक बंधी थी और ब्लाउज हमेशा की तरह छोटा था जिसमे लगभग पूरी पीठ उसकी नंगी थी. बस दो इनचेस का कपडा था पीछे जो उसकी ब्लाउज को बदन पर बंधे रखा था.

ट्यूसडे को गर्मी बहोत थी और लोग जल्दी बाजार करके चले गए थे. बहोत काम hi लोग सड़क और बाजार में थे.

अनीता की नंगी पीठ और कमर पसीने से चमक रही थी और उसकी बदन से उसकी पसीने और परफ्यूम की मिली जुली खुशबु आ रही थी जो की उसे और कामुक बना रही thi.Tight साड़ी में उसकी गांड की उभर साफ़ साफ़ पता चल रही थी.

अनीता छटा पकडे ऑटो स्टैंड से बाजार के तरफ गयी और वहां जाकर एक नज़र हरिया के खड़े होने की जगह देखि मगर वो नहीं था वहां.

अनीता फिर पान की दूकान पर देखती है मगर वो वहाँ भी नहीं था. वह फिर चुप चाप सब्जी मंडी में घुस गयी और सब्जी लेने लगी. बीच बीच में वो कभी कभी इधर उधर भी देखती तो सब्जी वाला पूछ लिया usse,"memsaahab आप कुछो खोज रही है क्या?".

अनीता मुस्कुराती हुई "ना" में सर हिलाई और थोड़े देर बाद सब्जी लेकर बाजार से निकल gayi.Woh सब्जी लेकर बाजार से निकलते हुए एक बार फिर पान दूकान पर देखि और फिर उसी सुनसान रास्ते से ऑटो स्टैंड जाने लगी जिस रास्ते से हरिया उसे एक दो बार ले गया था.

हालाँकि ऑटो स्टैंड जाने के लिए उससे नज़दीक दूसरा रास्ता था जहाँ से अनीता हमेशा आना जाना करती थी मगर आज अनीता एहि रास्ता से जाने का सोची.

थोड़ी दूर जाने के बाद अचानक से अनीता की हाथ से कोई बैग छीन कर भागने लगा. अनीता चिल्लाने लगी और चिल्लाती हुयी खुद उस चोर के पीछे दौड़ने लगी मगर एक तो वो औरत थी ऊपर से साड़ी और हील में चोर के जितना तेज़ दौड़ना मुमकिन नहीं था. हुआ यह की चोर तेज़ी से उससे कहीं आगे दौड़ चूका था.

अनीता फिर भी चिल्लाती हुयी उसके पीछे दौड़ रही थी मगर रास्ता सुनसान होने के कारण उसकी मदद करने के लिए कोई नहीं था. कुछ बेकार के बूढ़े एक तरफ बैठ कर पत्ते खेल रहे थे मगर अनीता की आवास सुन्न वो चुप चाप देख रहे थे और उसकी मदद करने की कोई कोशिश नहीं करता.

मदद करना तो दूर की बात thi,itni खूबसूरत औरत को वो पहली बार इतने सामने से देख रहे थे और उनका ध्यान अनीता की मुसीबत पर काम और दौड़ने के कारण उसकी हिलती हुयी गांड पर ज़्यादा था.

गांड hi nahin,itni भड़काऊ और बदन दिखाऊ तरीके से साड़ी पहनी औरत को उन् बुधो ने सिर्फ टीवी पर hi देखा था और उनकी नज़र अनीता की चमकती लगभग पूरी नंगी पीठ पर भी thi.Woh बूढ़े कभी अनीता की गांड तो कभी उसकी नंगी पीठ को देख रहे the.Budho की हालत ख़राब थी ऐसी औरत को देखकर.

चोर भागकर एक गली में चला गया और अनीता को समझ नहीं आ रहा था की वो कहाँ gaya.Woh हांफ रही थी और साथ hi साथ परेशानी और गर्मी से उसकी गोरी चेहरा लाल हो गयी थी. वो हांफती हुयी एक जगह कड़ी होकर परेशानी से इधर उधर देखने लगी की तभी उसका ध्यान उन बूढ़ों पर गया जो हाथ में पत्ता लिए उसकी तरफ देख रहे थे. उनका ध्यान उसकी ऊपर नीची होती चूँचियों पर hi था.

अनीता उनको चुप चाप बैठे उसकी चूंकि पर देखते हुए देखि hi रही थी की तभी सुनायी diya,"Saale हरामजादे, बहनचोद तेरी इतनी हिम्मत कैसे हुयी" और अनीता को यह आवाज़ जाना पहचाना लगा.

वह घूमकर जिधर से आवाज़ आ रही थी उधर देखने लगी और अगले पल गली से हरिया चोर को कालर से पकडे पीटते हुए आता दिखाई दिया.

यह देखते hi अनीता को ख़ुशी और राहत दोनों hi मिली और वो अपने सीने पर हाथ रखकर चैन की सांस लेती हुयी अपनी सांस दुरुस्त करने lagi.Woh अभी भी जोरो से सांस ले रही थी और उसकी चूंकि ऊपर नीचे हो रही थी.

अनीता सीने पर हाथ रखते हुए boli,"Thank गॉड हरिया जी सही वक़्त पर आ गए".

अनीता हरिया को hi देख रही थी जो उसे 15 दिन बाद दिखा था. हरिया चोर को पीटते हुए bola,"Saale नामर्द शर्म नहीं आती औरत का बैग चुरा कर भाग रहा है" और संग hi संग हरिया चोर को दो थप्पड़ और लगा दिया.

हरिया फिर अनीता की तरफ देखा और वापस चोर को दो थप्पड़ के साथ एक मुक्का भी मारते हुए bola,"haraam जेड, सूअर तेरी हिम्मत कैसे हुयी हमारी मेमसाहेब का बैग चुराने का".

फिर हरिया एक मुक्का और मारकर bola,"Behenchod तू नहीं जानता तूने हमारी मेमसाहेब का बैग चुराकर कितना बड़ा ग़लती किया hai,teri खैर नहीं आज".

चोर का मुंह और आँख थप्पड़ मारने से लाल हो चूका था और उसके मुंह से लार टपक रहा था.

वह रट हुए हरिया से माफ़ी manga"maaf कर दो साब ग़लती हो गयी".

हरिया यह सुनते hi एक लात चोर के गांड पर मारते हुए bola,"Chup बहनचोद, एक दम चुप".

चोर रट हुए bola,"saab मेमसाहब का बैग लौटा कर माफ़ी मांग लेता हूँ मगर छोर दीजिये मुझे साहब".

हरिया यह सुनकर चोर को दो तीन थप्पड़ और मरता hai,"saale बोलै न चुप रहने के लिए. तू क्या लौटाएगा बैग? तू तो अपनी खैर mana,teri ऐसी हालत करूँगा की तू ज़िन्दगी भर सोचेगा सूअर साले".

अनीता इतनी देर से हरिया को अपनी तरफ आते और चोर को पीटते हुए देख रही थी साथ hi साथ उसके मुंह से गन्दी गन्दी गालियां सुन्न रही थी.

हरिया के मुंह से वह पहली बार इतनी गाली और वह भी गन्दी गलियां सुन्न रही थी. हरिया द्वारा इतनी गन्दी गलियां देने पर भी उसे बुरा नहीं लग रहा था बल्कि उसका ध्यान इस बात पर था और उसे यह अच्छा लग रहा था की हरिया ने चोर को पकड़ लिया था.

अनीता हरिया के हिम्मत से प्रभावित हो रही थी मगर चोर को यूँ पीटता और गिड़गिड़ाता देख उसे थोड़ा बुरा लगने लगा. एक तरफ उसे हरिया का यह दबंग अंदाज़ अच्छा लग रहा था वहीँ चोर का गिड़गिड़ाना बुरा भी लग रहा था.

वह ऐसे hi चोर को पीटता और गिड़गिड़ाता देखकर कुछ देर तक असमंजस में थी की क्या करे.

चोर हरिया से फिर माफ़ी मांगने की कोशिश ki,"Saahab माफ़...." की तभी हरिया बीच में hi उसके मुंह पर एक जोर का मुक्का maara,"saale बोलै न चुप" और चोर के मुंह से खून गिरने लगा.

अनीता जो इतनी देर से असमंजस में थी की क्या करे वह चोर के मुंह से खून गिरते देख जल्दी से हरिया जो की अभी उसी की तरफ आ रहा था और उससे कुछ फ़ीट की दूरी पर hi था उसके तरफ gayi,"Hariya जी छोर दीजिये इसे. इसको इसकी ग़लती की सज़ा आपने दे दिया अब छोर दीजिये" .

हरिया एक नज़र अनीता को देखा और फिर चोर को देखते हुए bola,"nahin मेमसाहेब इसने आपका बैग चोरी किया है, हमरे मेमसाहेब को तकलीफ दिया है. इसकी तो आज खैर नहीं".

यह बोलकर जैसे hi हरिया चोर को दुबारा मारने के लिए हाथ उठाया तो अनीता झट से उसका हाथ पकड़ li,"Hariya जी छोर दीजिये इसे. आप ने इसकी ग़लती की सज़ा दे दिया".

हरिया एक नज़र अनीता को देखते हुए bola,"nahin मेमसाहेब छोर दीजिये हमें. हम इसको अभी इतना मरूंगा की यह दुबारा चोरी करने से पहले सोचेगा".

अनीता अभी भी हरिया का हाथ पकडे boli"Hariya जी मेरी बात मानिये प्लीज. आप बहोत मार चुके हैं इसे. इसे सबक मिल गया अब छोर दीजिये".

हरिया यह सुन्नते हुए अनीता की आँखों में देखने लगा और अनीता भी उसके आँखों में देखि.

दोनों कुछ पल ऐसे hi देखते रहे फिर अनीता boli,"Please हरिया जी. अपनी मेमसाहेब का बात मानिये. यह अधमरा हो गया hai,chhor दीजिये इसे".

हरिया यह सुन्न कर नज़र अनीता की क्लीवेज और चूंकि पर ले गया. अनीता उसके नज़र को देखि की कैसे वह उसकी चूँचियों को देख रहा है मगर वह वैसे hi उसका हाथ पकड़ी हुयी कड़ी होकर उसके तरफ देख रही थी.

हरिया जल्दी से अनीता की चूँचियों को देखने के बाद चोर के तरफ देखकर bola,"Dekh साले हमारी मेमसाहब कितनी अच्छी है. सारे शहर में ढूंढने से भी इनके जैसी अच्छी" फिर वह अनीता की चूंकि को देखके bola,"aur बड़े दिल की कोई नहीं मिलेगी".

इतना बोलकर वह अनीता के तरफ देखा तो वह बस कड़ी हुयी हरिया को देख रही थी. हरिया एक पल अनीता के तरफ देखने के बाद चोर के तरफ देखकर bola,"Aur तू साले इनका बैग चोरी करके भाग रहा था. तू हमरी मेमसाहेब का बैग चोरी करके इनको तकलीफ दिया और यह तुमको बचा रही है.".

अनीता हरिया को hi देख रही थी और उसे हरिया के मुंह से खुद की तारीफ सुनकर अच्छा लगने लगा और तो और वो हरिया का दबंग अंदाज़ देखकर और भी प्रभावित हो गयी.

हरिया बात जारी रखते हुए bola,"Chal कमीने, मेमसाहब का पेअर पर गिर कर माफ़ी मांग".

यह सुनकर अनीता झट से boli,"nahin नहीं हरिया जी इसकी कोई ज़रुरत नहीं. मुझे मेरा बैग मिल गया और आपने इसे इतना मारा एहि बहोत है".

अनीता यह बोलकर हरिया का हाथ छोड़कर चोर के हाथ से अपना बैग ले ली.

अनीता की गिरफ्त छुट्टे hi हरिया चोर के तरफ देखते हुए एक थप्पड़ उसके सर के पीछे मारते हुए bola,"sunn बे हरामजादे bhadwe,saale कुत्ते अब से चोरी करना छोर दे समझा. नहीं तो अगली बार अगर तू मेरे हाथ में आ गया तो कसम से तेरी गांड तोड़ दूंगा".

अनीता बैग लेकर हरिया को hi देख रही थी और यूँ हरिया को ऐसे गंदे गलियां देते सुन्न उसे पता नहीं क्यों मगर एक अजीब सी मस्ती बदन में महसूस होने लगी और वो हरिया का दबंग अंदाज़ से प्रभावित हो रही थी. उसके मुंह से गन्दी गालियां सुनकर उसे बुरा नहीं लग रहा था.

वह हरिया को देखते हुए उसके मुंह से गालियों से भरा बात सुन्न रहा थी और बात ख़तम होते hi वो चोर को देखती हुयी boli,"Sunn लिया तुमने हरिया जी ने क्या बोलै. खबरदार जो अब से चोरी किया तो".

अनीता इतना बोली थी की हरिया अपना दया हाथ पीछे से लेजाकर अनीता की कमर पर रख दिया. अनीता उसका हाथ महसूस करने पर भी बिना कोई रिएक्शन के बोलती rahi,"Warna अगली बार हरिया जी तुम्हे पकड़ लिए तो तुम्हारी खैर नहीं और अगर मैं भी वहां रहूंगी तो मैं भी अगली बार नहीं बचूंगी तुम्हे, चाहे हरिया जी तुम्हारी वो hi क्यों न तोड़ दें जो वह बोल रहे हैं. चलो अब जाओ यहां से".

चोर अधमरा हालत में hi खड़े हुआ अनीता की कमर पर हरिया का हाथ देखा. एक पल के लिए उसे अजीब लगा की इतनी खूबसूरत और दिखने में पढ़ी लिखी और अमीर औरत के कमर पर हरिया हाथ रखकर सहलाने लगा तो वह कुछ रियेक्ट क्यों नहीं की.

वह सर उठाकर अनीता की चेहरे पर देखने hi वाला था की तभी उसके गांड पर लात पड़ी और आवाज़ सुनाई diya,"Abe फिर से बैग चोरी करना है kya?Chal निकल यहाँ से नहीं तो अभी hi गांड तोड़ दूंगा हम".

अनीता उसका नज़र देख ली थी की वह उसकी कमर पर हरिया का हाथ देख रहा था मगर वह कोई रिएक्शन नहीं दी और हरिया द्वारा उसके पीछे मारने पर वह हरिया के तरफ देखि.

अगले पल चोर वहां से जैसे तैसे दौड़ते हुए भागने लगा तो हरिया और अनीता दोनी उधर hi देखने लगे. हरिया अनीता की कमर सेहला रहा था और अगले पल नीचे हाथ सड़क कर उसकी गांड पर लेजाकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Sasura बोलने पर भी नहीं जा रहा था, बिना गांड पर लात लगे समझ नहीं आता ी लोगन को".

अनीता अपनी गांड हरिया द्वारा दबाये जाने और साथ hi उसके मुंह से फिर से "गांड" शब्द सुनकर थोड़ी मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखकर बिना शर्म के boli,"Hariya जी अब जाने भी दीजिये. छोड़िये उस बात को".

हरिया यह सुनकर अनीता के तरफ देखा जो मुस्कुराती हुई बात पूरा की तो हरिया भी मुस्कुरा कर उसकी गांड पर हाथ फिरते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप अइसन लोगन को नहीं जानती. ससुरा लोग मार खाकर भी सुधरने वाला नहीं है. गांड पर लात मारे हम तब भगा ससुरा".

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस करती हुयी बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. जब हरिया "गांड" शब्द बोलै तो उसका बात ख़तम होने पर अनीता मुस्कुराती हुयी hi boli,"Hariya जी आप भी न. अब बार बार वह शब्द बोलना ज़रूरी है क्या? आपने तो उसे अच्छे से सबक सीखा दिया है जो उसे याद रहेगा. अब वह बात छोड़िये".

हरिया अनीता की गांड दबाकर puchha,"Kaun सा शब्द मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी सर हिलाकर boli,"Aap भी न हरिया जी. वही जहाँ पर आप उसे अपने पेअर से मारे थे".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए तुरंत puchha,"Gaand?"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया के आँख में देखती हुयी hi आश्चर्यता से आंख बड़ी करके मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप भी न. कोई ऐसे बोलता है क्या?".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता अपनी सर हिलाकर मुस्कुराने लगी. हरिया फिर अनीता की चूँचियों और क्लीवेज पर देखने लगा और अनीता उसका नज़र वहां जाने पर चुप चाप बिना कोई रिएक्शन के कड़ी रही. हरिया उसकी गांड मसलते हुए उसकी चूँचियों के तरफ देख रहा था और अनीता हरिया के चेहरे पर देख रही थी.

कुछ सेकण्ड्स बाद हरिया अनीता के दये साइड में थोड़ा पीछे के तरफ देखते हुए गुस्से में bola,"Abe साले बुद्धो अब इहाँ का देख रहे हो. मेमसाहब की मदद करने तो आये नहीं अब आँख पहाड़ कर का देख रहे हो. चलो निकलो यहां से".

अनीता हरिया का बात सुनकर थोड़ा पीछे के तरफ घूमकर उन् बुद्धो के तरफ देखि तो उसे ध्यान आया की वह बुड्ढे उसके दौड़ते वक़्त तमाशा देख रहे थे. मदद करने के बजाय उसकी जिस्म को घर रहे थे. यह ध्यान आते hi वो भी बुद्धो को घृणा की नज़र से देखने लगी. वह उनको देखती हुयी अपनी गांड से हरिया का हाथ भी नहीं हटाई.
 
अपडेट 30

वह बुड्ढे यह सुन्न कर एक नज़र अनीता की गांड के तरफ देखकर जाने लगे तब भी अनीता हरिया का हाथ नहीं हटाई और घृणा से उनको देखती रही. आम तौर पर शायद वह थोड़ा खिसक कर उसका हाथ अपनी गांड से हटा देती किसी के देखने पर मगर उस वक़्त उसे फर्क नहीं पद रहा था की वह बूढ़े क्या देख या सोच रहे हैं.

बुद्धि को जाता देख हरिया bola,"Kaam धंधा है नहीं बस इधर उधर फिरते रहता है सब और पत्ता खेलते रहेगा. ी नहीं की किसी का थोड़ा मदद भी कर दे".

अनीता यह सुन्न कर हरिया की तरफ गर्दन घुमाकर वापस उसके आँख में देखती हुयी boli,"Haan हरिया जी. मैं चोर के पीछे दौड़ रही थी और यह लोग बस तमाशा देख रहे थे".

फिर वह मुस्कुराती हुई boli,"Woh तो अच्छा हुआ हरिया जी आप आ गए वर्ण बहोत बड़ी मुसीबत हो जाती".

हरिया मुस्कुरा कर बोलता hai,"Are मेमसाहब आप मुसीबत में हो और हम ना आये ऐसा हो नहीं sakta".Yeh सुनकर अनीता मुस्कुराती रही.

हरिया अगले पल bola,"Aur ऐसे भी ससुरा बुद्धा लोग में इतना दम कहाँ की आपका मदद कर सके".

फिर वह अनीता की बदन को ऊपर से नीचे तक देखते हुए उसकी गांड दबाते हुए bola,"Aapka मदद तो हमरे जैसा मरद hi कर सकता है और हम तो हर वक़्त आपकी मदद करने के लिए तैयार हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Lekin हरिया जी पिछली बार तो आप मेरी मदद किये बिना hi चले गए थे. आप बोले थे की आप मेरी मदद किये बिना नहीं jayenge,magar आप अचानक से चले गए. उस दिन मुझे ज़्यादा मार्केटिंग करनी थी और सामान बहोत भारी हो गया था मगर आप बिना मदद किये hi चले गए. खैर आपकी मर्ज़ी. आपको भी काम रहता है और मैं कभी नहीं चाहूंगी की मेरी मदद करने के चक्कर में आपका काम बिगड़ जाये".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ फिरते हुए तुरंत bola,"Are मेमसाहेब हुंका माफ़ कीजियेगा".

फिर वह थोड़ा सोचकर poochha,"to आप हम पर गुस्सा नहीं थी उस दिन?".

अनीता यह सुनकर थोड़ी आश्चर्य से puchhi,"Gussa क्यों?"

फिर वह आगे boli,"Haan नाराज़ तो थी की आप अचानक से भाग गए और मुझे अकेले उस दिन भारी सामान उठाना पड़ा. ऐसे आप नहीं रहते तो मैं कर लेती लेकिन आप मेरी मदद करने का बोलकर अचानक भाग गए तो नाराज़ तो होना hi था मुझे".

फिर वह मुस्कुरा कर boli,"Lekin अब तो मैं बिलकुल भी नाराज़ नहीं हूँ. आपने आज मेरी इतनी बड़ी मदद किया है.".

हरिया यह सुनकर सोचते हुए hi बिना मुस्कुराये नार्मल तरीके से puchha,"Matlab आप और किसी बात के लिए नाराज़ नहीं हैं?".

अनीता उसके आँखों में देखती हुयी थोड़ी सोचती हुयी poochhi,"Aur कौन सी बात?".

हरिया यह सुनकर सांस लिया और फिर अनीता से bola,"Woh आप अचानक से मुझे उस दिन सब्जी वाले के आने के टाइम बोली वो बात?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरातक हुई boli,"Are हरिया जी वो बात. वो हम परेशां थे न की सब्जी वाला इतनी लेट क्यों कर रहा है तो वही उसे आता देख मैं आपको बोलने वाली थी की सब्जी वाला आ रहा है लेकिन मैं बस "हरिया जी" hi बोली थी की आप अचानक से वहाँ से जल्दी जाने लगे. मुझे तो लगा की आपको कोई काम होगा तो मैं आपको नहीं रोकी".

हरिया यह सुन्न कर हैरानी से मुस्कुराने लगा और सांस ले hi रहा था था की अनीता poochhi,"Hariya जी उसमे नाराज़ होने वाली कौन सी बात थी की आपको लगा की मैं नाराज़ या गुस्सा हो जाउंगी?".

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए bola,"are नहीं मेम साहब हमने सोचा की आप नाराज़ होंगी की हम आपको और कोई सब्जी वाले के पास क्यों ले गए. ु ससुरा इतना लेट कर रहा था मूतने में तो हुंका लगा की आप गुस्सा hi गई होगी उसको इतना लेट से आते देख और फिर हम अचानक से चला भी गए".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी boli,"Are उस दिन और कोई सब्जी वाला था भी नहीं. मुझे थोड़ा इंतज़ार करना पड़ा मगर सब्जी मिल gayee.Isme नाराज़ होने की या आप पर गुस्सा होने की क्या बात है. उल्टा मैं तो आपको शुक्रिया करना चाहती हूँ की आप सही वक़्त पर आकर वहां ले गए.".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are बस मेमसाहब हमको ऐसे hi लगा".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर मुस्कुराई तो हरिया भी मुस्कुराकर उसे देखने के बाद उसको इस बार ऊपर से नीचे तक देखने laga.Anita की बदन में एक अजीब सी मज़े की लहर दौड़ गयी हरिया द्वारा यूँ ऊपर से नीचे तक देखे जाने पर.

हरिया अपना बाय हाथ सीधा पंत के ऊपर से लुंड पर रख दिया और वहां सहलाने लगा. अनीता कड़ी हुयी अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस करती हुयी आँखों के कोने से उसे पंत के ऊपर से लुंड सहलाते हुए देखि और यह देखकर उसका दिल थोड़ा धड़क गया और वह जोर की सांस ली तो उसकी चूंकि और ऊपर हो गई.

ठीक उसी वक़्त हरिया अपना नज़र वापस उसकी चूंकि पर ले गया और अनीता की चूँचियों को ऊपर उठते देख उसका नज़र वहीँ जैम गया. अनीता हरिया के लुंड के तरफ एक नज़र देखने के बाद हरिया के तरफ देखि तो उसे खुद की चूंकि पर देखती हुयी पायी. अनीता एक नज़र आस पास दौड़ाई मगर कोई नहीं था. वह बुड्ढे भी कहीं दिख नहीं रहे थे.

अनीता की क्लीवेज भी उसकी हर कमीज और ब्लाउज की तरह इस ब्लाउज में भी दिख रही थी और हरिया उसे देखते हुए अपना लुंड सहलाने के साथ साथ जबान होंठो पर फिरा दिया. अनीता उसको खुद की चूंकि देखते हुए होंठ पर ज़बान फिरते हुए देख ली.

हरिया फिर अनीता की कमर देखने लगा और फिर अनीता की चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुराकर puchhi,"Kya देख रहे हैं हरिया जी? अच्छी नहीं लग रही क्या मैं आज?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाते रहा और फिर वापस अनीता की कमर को देखकर वहाँ हाथ रखकर bola,"Nahin मेमसाहब आप तो एक दम मस्त लग रही हैं. बस हम ी देख रहा हूँ की आप धुप में दौड़कर और फिर यहां इतनी देर से धुप में कड़ी होकर पसीना पसीना हो गयी है".

हरिया फिर अनीता की कमर को हाथ में दबाकर अपने अंगूठे को नीचे से ऊपर उसकी कमर पर फिरते हुए थोड़ा पसीना को पोंछते हुए bola,"Aapka खूबसूरत बदन पर पसीना आने लगा है. चलिए मेमसाहब नहीं तो धुप में रहकर आपकी मुलायम गोरी चमड़ी ख़राब हो जाएगी".

अनीता नीचे अपनी कमर पर हरिया का हाथ को देखि की तभी हरिया उसकी कमर को पूरा अच्छे से सहलाने लगा, उसकी साड़ी से लेकर ब्लाउज तक और फिर कमर को अच्छे सा हाथ में दबाकर bola,"Sach में मेमसाहब ऊपर वाले ने क्या फुरसत से बनाया है आपको".

अनीता यह सुनकर हमेशा की तरह मुस्कुरा boli,"Hariya जी आज फिर मेरी तारीफ करने लगे. अब चलिए नहीं तो मेरी गोरी मुलायम चमड़ी जिसकी आप तारीफ कर रहे हैं ख़राब हो न हो लेकिन मैं बीमार ज़रूर पद जाउंगी".

और यह बोलकर अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe"

हरिया उसको देखकर मुस्कुराते हुए उसकी कमर से हाथ नीचे उसकी गांड पर ले जाकर उसकी गांड को एक बार सहलाकर दबोचते हुए bola,"are मेमसाहब हमारे रहते हम आपको बीमार भी नहीं पड़ने दूंगा".

अनीता को बहोत दिनों बाद हरिया का हाथ अपनी गांड पर आज महसूस हो रहा था और वो बिना किसी प्रॉब्लम के नार्मल तरीके से पिछले कुछ मिनट से अपनी गांड पर उसका हाथ महसूस करती हुयी हरिया से बात कर रही थी.

वह हरिया का बात सुनकर मुस्कुराते हुए boli,"Haan हरिया जी hehehe,chaliye"..

हरिया अनीता से bola,"Ek मिनट मेमसाहेब" और फिर अपने शर्ट के पॉकेट से एक गुटखा निकला. अनीता उसके गुटखे के तरफ देखने लगी.

हरिया उसे पहाड़ कर मुंह में डाला और उसके पैकेट को वहीँ फ़ेंक दिया. अनीता उसे वह पैकेट फेंकते देखि. आम तौर पर अनीता को ऐसे कचरा फेंकते देख अच्छा नहीं लगता मगर हरिया को गुटखा कहते देख कुछ नहीं बोली, बल्कि उसे हरिया का गुटखा खा न अच्छा लग रहा था.

हरिया पैकेट फ़ेंक कर गुटखा कहते हुए अनीता की गांड पर वापस हाथ रख कर उसकी गांड को दबाते हुए bola,"chaliye मेमसाहब" और वह अनीता की सब्जी की थैली जो अनीता वहां पर रखकर बात कर रही थी उसे बाए हाथ में उठा लिया और दये हाथ को अनीता की गांड पर रखे उसके साथ चलने लगा. अनीता भी अपना छटा खोल ली थी.

हरिया आराम से अनीता की गांड पर हाथ रखे सहलाते हुए और दबाते हुए जा रहा था और अनीता बिना किसी चिंता की हरिया को अपनी गांड से खुलेआम सड़क पर खेलने दे रही thi,wo और बात थी की उस वक़्त सड़क पूरा सुनसान था. चलते वक़्त अनीता की गांड की मटक ज़्यादा थी जिसे हरिया भी अपने हाथ से महसूस कर सकता था.

थोड़ी दूर चलने पर अनीता हरिया को देखती हुई poochhi,"Aese हरिया जी इतने दिन से आप कहाँ the?bahot बिजी थे लग रहा है?".

हरिया यह सुनकर धीरे धीरे अनीता के साथ उसकी गांड सहलाते हुए चलते हुए bola,"Are हाँ मेमसाहब बोल सकती हैं आप. आप सोचती थी की हम नालायक हैं मगर देखिये हम भी बीजी हो सकते हैं" और यह बोलकर हरिया अपना लाल दांत दिखाकर मुस्कुरा दिया.

अनीता यह सुनकर रूककर थोड़ा खिलखिला कर boli,"Hehehe हरिया जी वैसी कोई बात नहीं है. अब मैं कह सकती हूँ की नालायक तो आप नहीं हैं. आप तो हर वक़्त कुछ न कुछ करते रहते हैं. कभी अपने दूकान का काम तो कभी मेरी मदद हेहेहे"

फिर अनीता अपनी कान के पास का बाल पीछे करती हुयी एक ऐडा से boli,"Bahot बिजी आदमी हैं आप हर वक़्त कुछ न कुछ करते रहते हैं. तो मुझे लगा की यह पिछले दो हफ्ते आप किसी दूसरी औरत की मदद करने लगे होंगे".

यह बोलकर अनीता फिर खिलखिलाने lagi,"hehehe".

हरिया अनीता को हस्ते हुए देख उसकी गांड मसलते हुए आराम से bola,"Are नहीं मेमसाहेब हम सिर्फ आपका मदद करता हूँ".

हरिया यह बोलकर गन्दी नज़र से अनीता की बदन देखने लगा तो अनीता भी हसना छोड़कर हरिया की गन्दी नज़र को अपनी जिस्म पर देखि. उसके बाद जब हरिया ऊपर देखा तो दोनों का नज़र मिल गया.

हरिया फिर गुटखा साइड में फेंका और सब्जी का थाइल नीचे रखकर गंदे तरीके से बाये हाथ से मुंह पोंछ कर वह हाथ सीधे पंत के ऊपर अपने लुंड पर लेजाकर लुंड को सहलाते हुए अनीता की गांड को देखा.

अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ लेजाकर उसे मसलते हुए देखि और वापस हरिया के चेहरे पर लेजाकर उसे खुद की गांड को हवस भरी नज़र से देखते हुए देखने लगी.

हरिया उसकी गांड को देखते हुए उस पर अपना हाथ फैलाकर पहले पूरी गांड को सहलाया फिर उसकी गांड की दोनों भागो को एक एक करके मसलते हुए अनीता की तरफ हवस भरी नज़र से देखते हुए bola,"Baaki औरतों की मदद करने में कहाँ मज़ा है मेमसाहेब. मज़ा तो सिर्फ आपको मदद करने में है".

अनीता भी बिना शर्म के हरिया को अपनी गांड से खेलते हुए देखती रही और जब हरिया उसको यह बात बोलै तो भी वो बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुई सुनती रही बात ख़तम होने पर puchhi,"Achha?"

फिर वह अपनी बाल पर हाथ फिरती हुयी एक ऐडा से puchhi,"Aakhir ऐसी क्या बात है मेरी मदद करने में जो आपको मेरी मदद करने में मज़ा आता है?".

हरिया यह सुन्न कर मुस्कुराया और अपना लुंड सहलाते हुए और दूसरा हाथ से अनीता की गांड मसलते हुए वो अनीता की चूंकि और फिर गांड देखकर bola,"Sab कुछ है मेमसाहेब सबकुछ. वह भी बाकी औरतों को फीका कर देने वाला.".

अनीता यह सुनती हुयी आँखों के कोने से हरिया के लुंड के तरफ देखि जिसे वह पंत के ऊपर से सेहला रहा था और फिर उसका बात सुन्न कर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी नहीं तो आप फिर से मेरी तारीफ करने लगेंगे और हमें लेट हो जायेगा".

हरिया भी गांड दबोच कर bola,"chaliye मेमसाहेब."

और फिर वह लुंड सहलाना छोर अनीता की थैली उठाकर उसके तरफ देखकर bola,"Aese हुंका कउनो ऐतराज़ नहीं है अगर हमरा सच बोलने से लेट हो जाये हुंका".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी न हरिया जी. चलिए".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा तो अनीता अपनी सर हिलने लगी (जैसा कोई भी हिलता है अगर किसी चीज़ पर यक़ीन न हो या जैसे कोई अद्भुत चीज़ हो) और फिर अपनी गांड हिलती हुयी चलने लगी.

थोड़ी दूर जाने पर अनीता को उन बुद्धो में से एक दिखाई दिया जो उसी की तरफ देख रहा था.

हरिया अनीता की गांड उस वक़्त भी सेहला रहा था तो अनीता बूढ़ा को देखकर घबरा गयी और हरिया का हाथ अपनी गांड से हटाने वाली hi थी की तभी कुछ सोचकर बुड्ढे को घृणा की नज़र से देखि और हरिया का हाथ हटाने के बजाय अपनी गांड की मटक बढ़ा दी.

हरिया अनीता की गांड की मटक बढ़ने का महसूस करते hi अनीता की गांड को अच्छे से पकड़ कर चलते हुए hi उसकी गांड को देखकर हिलना लगा.

अनीता अभी भी बुड्ढे को देख रही थी जो उसे hi देख रहा था और अनीता उसे घृणा से देखने के बाद हरिया द्वारा गांड हिलाये जाने पर हरिया के तरफ देखकर बिना शर्म के मुस्कुरा दी.

हरिया भी गंदे नज़र से उसे देखकर मुस्कुराते हुए फिर से उसकी गांड के दूसरे भाग को हिलने लगा तो अनीता वैसे hi गांड को मटकती हुयी चलते हुए वापस बुड्ढे की तरफ घूमकर उसे घृणा से देखि.

अनीता कुछ कदम आगे जाकर एक कोने में एक पेड़ के पास उसकी छाओं के तरफ गयी aur"ek मिनट हरिया जी" बोलकर झुककर संदल ठीक करने lagi.Anita बैठकर संदल ठीक करने के बजाये झुककर ठीक करती है जिससे उसकी बड़ी गद्देदार गांड का पूरा शेप टाइट साड़ी में उभर कर दिखने लगा.

पहली बार हरिया अनीता को ऐसे झुके देखा था और उसकी बड़ी गांड और उसके ऊपर पतली कमर से एक दिल का शेप बन रहा था जिसे देखकर हरिया का खून गरम होने लगा.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए अनीता के पीछे गया और अपना लुंड पंत के ऊपर से hi उसकी गांड पर सत्ता दिया.

अनीता का दिल यह महसूस करके धड़क गया और धड़कन तेज़ होने lagi.Woh चुप चाप वैसे hi संदल ठीक करती रही तब तक हरिया अपना लुंड उसकी गांड पर सटाकर धीरे धीरे अपना कमर ऊपर नीचे करते हुए अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ने लगा.

यह महसूस करते hi अनीता की धड़कन के साथ साथ सांस भी तेज़ होने लगी. वह कोई जान बूझकर बहाना करके वहां नहीं रुकी थी. उसे सच में संदल ठीक करना था जिसके एक स्ट्राप कुछ देर पहले दौड़ने के कारण थोड़ा ढीला हो गया था और अभी खुल गया था.

लेकिन जिस अंदाज़ में वह झुकी थी वह जान बूझकर बुड्ढे को जलने के लिए की थी. वह चाहती तो बैठकर ठीक कर सकती थी मगर वह जान बूझकर वैसे झुकी हुयी थी यह उम्मीद करते हुए की हरिया उसकी गांड को अच्छे से देखते हुए हिलायेगा और वह बुद्धा यह देखकर हरिया से जलेगा और शायद उसे पछतावा हो उसकी मदद नहीं करने का.

मगर हरिया उसकी सोच से एक कदम आगे बढ़कर सीधा पीछे जाकर अपना लुंड उसकी गांड से सटाकर रगड़ने लगा. अनीता की सांस तो तेज़ होने लगी थी मगर वह यह सोचकर खुश हो गयी की यह देखकर तो वह बुद्धा और ज़्यादा जलेगा. यह सोचकर अनीता हरिया के हिम्मत से प्रभावित हो गई.

अनीता अपनी संदल ठीक करके उठने hi वाली थी की हरिया वैसे hi लुंड रगड़ते हुए दये हाथ से उसकी कमर के दये तरफ से पकड़ कर लुंड रगड़ते हुए bola,"Aap आराम से सेंडल ठीक कीजिये मेमसाहेब. हम आपका बेलेंस बिगड़ने नहीं दूंगा".

अनीता यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी मुस्कुराने लगी. एक तो हरिया का बहाना की वह अनीता की कमर पकड़कर उसकी गांड पर लुंड इसलिए रगड़ रहा था की उसका बैलेंस न बिगड़े और दूसरा उसका संदल को 'सेंडल' और बैलेंस को 'बेलेंस' बोलने का तरीक़ा यह दोनों कारणों से न चाहते हुए भी अनीता की चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी और वह आचार्यता से अपना सर हिलने लगी.

वह मुस्कुराने के बाद सीढ़ी होती हुयी boli,"Ho गया ठीक हरिया जी".

हरिया यह सुनकर चुप चाप अनीता की पीछे से हटकर उसकी बगल में खड़ा हुआ उसकी गांड पर हाथ रखके मायूसी से bola,"Ho गया?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan और मेरे बैलेंस बनाये रखने के लिए थैंक यू".

अनीता के मुंह से यह सुनकर हरिया मुस्कुराने लगा तो अनीता भी मुस्कुराती रही. हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी तो हमरा फ़र्ज़ है आपका मदद करना. जब भी ज़रूरत होगा हम आपका मदद करूँगा".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Lagta है हरिये जी आपने मैं बना लिए है की मेरी हर तरह से मदद करेंगे आप और मदद करने का कोई भी मौक़ा छोड़ेंगे नहीं आप".

हरिया यह सुननकै मुस्कुराते हुए एक पल के लिए आँख बांध करके खोलते हुए bola,"Bilkul मेमसाहेब. ी तो हमरा फ़र्ज़ है".

अनिते यह सुनकर मुस्कुराती हुयी आँखों के कोने से उस बुड्ढे की तरफ देखि तो चौंक गयी उसे अपना लुंड हाथ में लिए हिलाते देखकर. उसका लुंड हाथ में होने के कारण अनीता को सही से दिख नहीं रहा था मगर अनीता समझ गयी की वो बुद्धा लुंड सेहला रहा था.

अनीता उसे घृणा से देखि की तभी हरिया उसकी गांड फिर दबा देता है. अनीता जान रही थी की बुद्धा उसकी गांड को hi देख रहा था. अनीता गांड दबाये जाने पर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुरायी और फिर आँखों के कोने से बुड्ढे के तरफ देखि जो अपने नंगे लुंड को हाथ में लिए सेहला रहा था.

अनीता वह देखने के बाद एक नज़र हरिया के तरफ देखि जो उसकी बदन को देखने में लगा था. अनीता फिर उसके लुंड के तरफ देखकर एक नज़र वापस बुड्ढे के तरफ देखने के बाद अपनी गोरी पतली इंडेक्स फिंगर हरिया के लुंड के तरफ करती हुयी boli,"Hariya जी".
 
अपडेट 31

अनीता हरिया के लुंड के तरफ अपनी पतली गोरी ऊँगली करती हुयी boli,"Hariya जी आपने मेरा बैलेंस तो बनाये रखा मगर मेरी साड़ी में वहां का गन्दा लगा दिए. आप पान थूक कर हाथ से मुंह साफ़ करके वहीँ पूछते है और अब वह मेरी साड़ी में रगड़ कर उसे भी गन्दा कर दिए".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड के तरफ देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब माफ़ कर दीजियेगा. लेकिन गन्दा नहीं हुआ है. हम आपका बेलेंस बना रहे थे तो आपका साड़ी पर रगड़ा गया लेकिन उससे गन्दा नहीं हुआ".

और हरिया यह बोलते हुए अनीता की गांड पर हाथ फिरकर bola,"Pura साफ़ है मेमसाहेब".

फिर हरिया अपने बाये हाथ से लुंड के ऊपर रखकर सहलाते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहेब जो थोड़ा बहोत गन्दा है ु हमरे पंत पर hi लगा है".

अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखि और फिर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी कोई बात नहीं. आप मेरा इतना मदद करते हैं तो अगर थोड़ा गन्दा लग भी जाए तो क्या फ़र्क़ पड़ता है. मैं तो बस यह सोच रही थी की वहां गन्दा लगने पर अच्छा नहीं लगता न".

हरिया यह सुनकर बाये हाथ से अपना लुंड सहलाते हुए अनीता को देखा और फिर उसकी गांड सहलाते हुए उसकी बदन को ऊपर से नीचे देखने लगा. इस बीच अनीता एक नज़र उस बुड्ढे के तरफ देखि जो अपना लुंड हाथ में लिए हिला रहा था.

अनीता वापस हरिया के तरफ देखि तो वह उसकी बदन hi देख रहा था. हरिया को खुद की बदन के तरफ देखते हुए पाकर वह एक नज़र उसके लुंड के तरफ ले गयउ जिसे हरिया पंत के ऊपर से hi अपने बाए हाथ से सेहला रहा था.

अगले पल वह वहां से नज़र हटाकर हरिया के तरफ देखि तो अगले पल वह भी उसके आँखों में देखकर मुस्कुरा दिया. अनीता भी जवाब में मुस्कुरा दी तो वह bola,"Haan मेमसाहेब आपके पीछे गन्दा लगता तो अच्छा नहीं लगता लेकिन हुंका ी ध्यान है. हम कभी नहीं चाहुगा की हमरे वजह से कउनो परेशानी हो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी यह तो मैं जानती हूँ. आप मेरी इतनी मदद करते हैं तो मुझे परेशानी कैसे होने देंगे".

हरिया अनीता की गांड सहलाते हुए मुस्कुराकर bola,"Aese मेमसाहेब आप बोलिये तो हम फ़ोन से आपका पीछे का फोटो खिंच कर आपको दिखा देता हूँ की यहां गन्दा नहीं है".

यह सुनते hi अनीता का दिल धड़क गया. हरिया उससे उसकी गांड का फोटो खिंच कर दिखने के लिए बोल रहा था. अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया इतनी हिम्मत से ऐसा भी कुछ बोल देगा. अनीता उसके हिम्मत से प्रभावित हो गयी मगर मन करती हुयी बोली बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. कोई ज़रूरत नहीं है. जब आप बोल रहे हैं तो मैं मान लेती हूँ".

हरिया अनीता की गांड सहलाते हुए बाय हाथ से लुंड को पंत के ऊपर से hi पकड़ लिया जिसे अनीता एक नज़र देखि और फिर जब वापस हरिया के तरफ देखि तो हरिया मुस्कुराकर bola,"Theek है मेमसाहेब. लेकिन फिर भी आप खुद का तसल्ली के लिए देख लीजिये और महसूस कर लीजिये की हमरा पंत पर जो गन्दा लगा था वह अभी भी वहीँ है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are नहीं हरिया जी ठीक है".

हरिया अनीता के तरफ देखते हुए आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekh लीजिये न मेमसाहेब. हुंका अच्छा लगेगा अगर आपको तसल्ली हो जायेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर उसके लुंड के तरफ देखने लगी तो हरिया अपना लुंड को पंत के ऊपर से hi ऐसे पकड़ा की उसका आकर थोड़ा समझ आये. हरिया के लुंड का इस तरह आकर अनीता पहली बार देख रही थी और यह देखते hi उसकी सांस तेज़ हो गयी.

अनीता उसके लुंड के तरफ देखती हुयी जोर का सांस ली तो उसकी चूंकि ऊपर हो गयी. हरिया अनीता को सांस लेते हुए देखा और फिर अगले पल उसकी उठती हुई चूंकि देखा. अनीता सांस लेने के बाद हरिया के तरफ वापस देखि तो हरिया भी उसकी चूंकि से नज़र हटाकर उसके तरफ देखकर मुस्कुरा दिया.

जवाब में अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है हरिया जी मैं देख ली. अब इस बात को छोड़िये मैं तो बस ऐसे hi बोल दी थी".

हरिया यह सुनकर वैसे hi लुंड को पकडे हुए सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब एक बार छूकर महसूस करके तो देखिये की यहां का गन्दा अभी भी यहां hi लगा है".

यह सुनते hi अनीता का दिल फिर धड़क गया. वह एक नज़र आँखों के कोने से बुड्ढे के तरफ देखि जो अपना लुंड अपने हाथ में लिए अभी भी हिला रहा था. अनीता हरिया को देखकर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. अब छरिये भी उस बात को. मेरे पीछे गन्दा नहीं लगा ठीक है लेकिन आप अब यह चाहते हैं की मेरी हाथ में गन्दा लग जाये".

अनीता यह बोलकर खिखिलने lagi,"Hehehe" और खिलखिलाती हुयी बुड्ढे के तरफ फिर देखने लगी आँखों के कोने से.

हरिया का बात सुनकर वह उसके तरफ dekhi,"Are मेमसाहेब यहां भी गन्दा नहीं लगेगा. और आप हाथ धो लीजियेगा यहां छूने के बाद. काम से काम आपको तसल्ली तो हो जायेगा की हम आपके पीछे गन्दा नहीं लगाया हूँ".

हरिये पीछे का बात बोलते हुए अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसे हिला दिया. अनीता अपनी गांड को हिलता हुआ महसूस करके आँखों के कोने से फिर उस बूढ़े के तरफ देखि और उसका ध्यान हरिया के तरफ वापस तब गया जब हरिया bola,"Aur हुंका भी अच्छा लगेगा की आपको तसल्ली हो गया. छूकर देख लीजिये मेमसाहेब. हुंका अच्छा लगेगा".

हरिया का आखरी बात की उसको अच्छा लगेगा और उस बूढ़े को खुद का लुंड हिलाते हुए देख अनीता एक पल के लिए सोचकर हरिया के आँखों में देखि और फिर उसके लुंड के तरफ देखकर अपनी हाथ उसके लुंड के तरफ लेजाकर उसे एक बार सेहला दी और मुस्कुरातर हुए हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी मैं छूकर देख ली. बस ऊपर से देखने में गन्दा है इसे रगड़ने से गन्दा नहीं होगा मुझे तसल्ली हो गयी. अब चलते हैं नहीं तो लेट हो जायेगा".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलते hain,magar एक बार हुए थोड़ा अच्छे से छूकर देख लीजिये. हम नहीं चाहता हूँ की आप ी समझे की हम इतना गन्दा हूँ की आपको भी गन्दा कर दू".

हरिया का यह बात सुनकर अनीता को थोड़ा बुरा लगा. वह बस मज़ाक में हरिया को वह बात बोली थी और कहीं न कहीं वह जानती थी की हरिया बस वह बातें इसलिए बोल रहा था की वह चाहता था की अनीता वहां छुए मगर अनीता नहीं चाहती थी की जाने अनजाने में भी हरिया को उस बात का बुरा लगे.

वह हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. आप जैसे भी हैं ठीक हैं. आप मेरी मदद करने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं. मैं बिलकुल भी नहीं सोचती की आप गंदे हैं. आप म्हणत मज़दूरी से कमाते हैं. उस चोर की तरह नहीं जो ग़लत काम करके अपना पेट भरता है. अब आप म्हणत मज़दूरी करेंगे तो थोड़ा बहोत गंदे तो लगेंगे hi. इसका मतलब यह नहीं की आप गंदे हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए उसकी बदन को गंदे नज़र से देखकर उसकी गांड दबाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब ऊपर वाले ने जितना खबसूरत आपको बनाया है उतना hi खबसूरत दिल दिया है आपको. सच में मेमसाहेब आप बहोत अच्छी हैं"

अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी बहोत अच्छे हैं हरिया जी".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ab आपके तसल्ली के लिए मेहसुआ कर लेती हूँ की वहां गन्दा नहीं है" और यह बोलकर अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखि और अपनी दायी हाथ से उसे पंत के ऊपर से पकड़ ली. उसका लुंड पंत के ऊपर से पकड़ते hi उसके बदन में बिजली जैसा मज़े का एक लहर दौड़ गया और सांस तेज़ हो गयी.

अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया का लुंड इतना मोटा और बड़ा है. वह तेज़ सांस से उसे पकड़ कर एक बार अपनी हाथ उस पर फिराई और फिर आँखों के कोने से हरिया के तरफ देखि जो अपने लुंड के तरफ देख रहा था और साथ hi उसकी गांड सहलाने के बजाये दबाने लगा था.

हरिया द्वारा गांड दबाये जाने पर अनीता संग संग बुड्ढे को देखि जो उस वक़्त भी अपना लुंड हिला रहा था.

अनीता उसके तरफ एक ऐडा से देखि और हरिया के लुंड को अच्छे से सहलाती हुयी मुस्कुराकर अपनी जबान निकलकर बुड्ढे को चिढ़ा दी.

हरिया अनीता की गांड से खेलने में बिजी था तो वो बुड्ढे को नहीं देखा. वह बुद्धा अनीता के ज़बान निकलकर चिढ़ाते hi झरने लगा. अनीता उसे झरते हुए देख उसके लुंड को ध्यान से देखि जिसमे से बस एक छोटा सा बंध गिरा और उसके बाद एक बंध उसके लुंड के मुंह पर hi चिपका रह गया.

अनीता उसे देखकर अपना सर हिलने लगी जैसे उसके हालत पर अफ़सोस कर रही हो और फिर गर्व से हरिया के लुंड के तरफ देखकर एक बार उसे अच्छे से सहलाकर हरिया के तरफ देखि तो वह भी उसके तरफ देखा.

हरिया से नज़र मिलने पर अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी हाथ उसके लुंड से हटाकर boli,"Hariya जी अब मुझे पूरा यक़ीन है आपने मेरी साड़ी गन्दा नहीं किया है. आपको भी तसल्ली हो गयी की मुझे कोई परेशानी नहीं है?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना आँख एक पल के लिए बांध करके सर हिलाकर वापस आँख खोलकर bola,"Haan मेमसाहेब हमको बहोत अच्छा लगा की आप खुद छूकर देखि".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha अब चलिए. बहोत गर्मी है और क्यूंकि अपने आज मेरी इतनी बड़ी मदद किया है तो इसके लिए चलिए मैं आपको आइस क्रीम खिलाती हूँ".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड को दबाकर bola,"Theek है मेमसाहब मगर आइस क्रीम हमारी पसंद की होगी".

अनीता मुस्कुराते हुई boli,"Theek है चलिए".

हरिया यह सुनकर अपना बाय हाथ से अनीता की सब्जी का थैली उठाने लगा तो अनीता एक नज़र उस बुड्ढे के तरफ डाली जो अब जहाँ खड़ा था उसके पास hi रखे एक पत्थर पर बैठा उसे देख रहा था.

अनीता उसके तरफ देख रही थी की तभी उसे हरिया का हाथ का दबाव अपनी गांड पर बढ़ता महसूस हुआ और अगले पल वह bola,"Chaliye मेमसाहेब" और यह बोलते hi वह उसकी गांड को दबा दिया.

अपनी गांड हरिया द्वारा दबाये जाने से अनीता उस बूढ़े को देखने के बाद अपनी गांड की तरफ देखि और फिर वापस उस बूढ़े के तरफ गर्व से देखकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी".
 
अपडेट 32

दोनों आइस क्रीम वाले के पास गए तो हरिया अनीता की गांड से हाथ हटा चूका था. अनीता को हरिया का यह समझदार अच्छा लगा.

हरिया आइस क्रीम वाले को bola,"Sunn बे एक चम्मच से खाने वाला और एक चूसने वाला आइस क्रीम दे".

अनीता यह सुन्न कर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुरा दी मगर अगले पल आइस क्रीम वाले को देखि जब वह bola,"Are भाई अच्छे से बोलो".

हरिया यह सुनकर bola,"Abe क्या...".

हरिया इतना hi बोलै था की अनीता उसके हाथ को चुपके से पकड़ कर दबाई जैसे उसे रोक रही हो. हरिया ऐसा होने पर रुक कर अनीता के तरफ देखा जो आइस क्रीम वाले को boli,"Ek स्टिक आइस क्रीम और एक कप आइस क्रीम दीजिये".

आइस क्रीम वाला अनीता की बात सुनकर चुप चाप दोनों आइस क्रीम दे दिया. हरिया दोनों आइस क्रीम ले लिया जब अनीता अपने बैग से पैसे निकल रही थी. अनीता बैग से पैसे निकल कर उसे दे रही थी तो वह आइस क्रीम वाला एक नज़र अनीता की क्लीवेज देखने लगा. इतनी खूबसूरत और जवाब औरत जो देखने से hi पढ़ी लिखी और अमीर लग रही थी उसे हरिया जैसे आदमी के साथ देखकर उसे थोड़ा आश्चर्य हो रहा था मगर यह सोचकर तसल्ली किया की शायद हरिया नौकर हो जिसे वह सामान उठाने के लिए साथ लायी थी.

अनीता उसे पैसे देने लगी तो उसे खुद की चूंकि पर देखते हुए देखि मगर उसे नज़रअंदाज़ करके boli,"Yeh लीजिये पैसे".

हरिया का भी ध्यान अनीता की तरफ hi था तो वह आइस क्रीम वाले को अनीता की चूंकि देखते हुए नहीं देखा. आइस क्रीम वाला अनीता की आवास सुनकर हड़बड़ा कर उसकी चूंकि से नज़र हटाकर शर्मिंदगी से सर नीचे करके पैसा ले लिए.

अनीता उसे सर नीचे करते देखि और पैसे देकर हरिया के साथ वहां से जाने लगी. आइस क्रीम वाला एक नज़र उठाकर अनीता की पीठ के तरफ देखा तो उसका दिल धड़क गया उसकी गोरी चिकनी पीठ को लगभग पूरा नंगा देख कर. वह हरिया को अनीता से कुछ बोलते हुए देखा जिसको सुनकर वह मुस्कुरा रही थी. इतनी खूबसूरत औरत को ऐसे हरिया जैसे गंवार और नौकर मज़दूर टाइप के साथ और उसका बात सुनकर मुस्कुराते देख उसका दिल जल गया.

वह धीरे से badbadaya,"Saale को अच्छी मालकिन मिली है जो नौकर होने के बावजूद भी आइस क्रीम खिला रही है और थोड़ा अच्छे से बात क्या कर रही है खुद को हीरो समझ रहा है. सही से बात भी नहीं कर रहा था".

अगले पल उसके पास दूसरा कस्टमर आ गया तो उसका ध्यान उधर चला गया.

वहीँ हरिया थोड़ा आगे जाकर अनीता से जो बात बोल रहा था वह tha,"Memsaaheb हुंका कहे रोक दिए आप. ससुरा इसको भी सही से हम बताते. का ग़लत बोले हम. ी सटीक वाला आइस क्रीम तो चूसा hi जाता है और ी कप वाला तो चम्मच से hi खाया जाता है".

अनीता हरिया का बात सुनकर मुस्कुराने लगी थी की कैसे वह सफाई दे रहा था खासकर जब वह स्टिक आइस क्रीम को सटीक आइस क्रीम बोलै तो उसकी मुस्कराहट बढ़ गयी. एहि देखकर आइस क्रीम वाले का दिल जल गया था.

हरिया आगे bola,"Sasura हुंका दिखाना छह रहा था की हम अंग्रेजी नहीं बोल सकते. हाँ माना की हम आपके जैसे नहीं बोल सकते ीका मतबल ी नहीं की हम सटीक और कप आइस क्रीम भी नहीं बोल सकते".

अनीता हरिया का बात मुस्कुराती हुयी सुन्न रही थी और उसके बोलने के बाद boli,"Chhoriye हरिया जी. क्यों अपना मूड ख़राब कर रहे हैं. चलिए हम अपना आइस क्रीम कहते हैं नहीं तो गर्मी से पिघल जायेगा".

अनीता हरिया का दबंगई देख चुकी थी और ऐसे में उसके बात में उसे एक भोलापन नज़र आया जब वह बोलै की आइस क्रीम वाला अच्छे से बोलने इस लिए बोल रहा था क्यूंकि हरिया चूसने और चम्मच से खाने वाला बोलै, न की स्टिक और कप आइस क्रीम.

अनीता हरिया के भोलेपन पर भी मुस्कुरा रही थी की वह जिस तरीके से "सुन्न बे" बोलै उसके कारण आइस क्रीम वाला ऐसे बोलै वह बात उसे समझ नहीं आया और अनीता के हिसाब से ऐसा इसलिए हुआ क्यूंकि हरिया जिस माहौल से आता था शायद वैसे बात करना आम बात था इसलिए हरिया को वह बुरा मानने वाला बात नहीं लगा.

एक तरह से अनीता हरिया के वैसा बोलने का बुरा नहीं मणि थी और उसका ऐसा बोलने को खुद से जस्टिफाई करने की कोशिश कर रही थी क्यूंकि शायद उसे हरिया का यह दबंगो वाला अंदाज़ अच्छा लग रहा था.

हरिया अनीता की बात सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब ठीक बोल रही हैं आप" और फिर वह अनीता को स्टिक आइस क्रीम देते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहब चूसिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर स्टिक आइस क्रीम लेती हुयी हरिया के तरफ देख कर boli,"Hariya जी आप भी न बहोत फनी है हेहेहे".

हरिया अनीता की कमर पर हाथ रखकर सहलाते हुए थोड़ा करीब होकर bola,"phanni तो हम हैं मेमसाहेब लेकिन उसके साथ साथ हमारे पास और भी कुछो है जिसके पास पहन है?".

अनीता आइस क्रीम का पैकेट पहाड़ रही थी. हरिया का बात सुन्न कर वह थोड़ा सा पैकेट पहाड़ कर उसके तरफ एक ऐडा से मुस्कुराती हुई देखकर boli,"achha?to हरिया जी आप सपेरे हैं और सांप रखते हैं?".

हरिया गंदे तरीके से मुस्कुराते हुए अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता उसे खुद की बदन को गंदे तरीके से देखते हुयी देखने लगी.

हरिया उसकी बदन देखने के बाद उसकी कमर पर हाथ रगड़ते हुए bola,"naa hi हम सपेरे हैं न hi हमारे पास सांप hai,humare पास मेमसाहब आपकी सेवा के लिए सांप जैसा hi पहन वाला कुछ ख़ास है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही. उसे हरिया का बोलने का अंदाज़ और जो वह बोल रहा था वह सुनकर एक अजीब सा मज़ा मिल रहा था जैसे कुछ एंटरटेनमेंट चल रहा हो.

जब हरिया पूरा बोलै तो वह खिलखिलाने lagi,"hehehe" खिलखिलाती हुयी hi वो हरिया के आँखों में देखती हुयी खिलखिलाना बांध करके boli,"Hariya जी आप तो शायर हो गए" और फिर खिलखिलाने lagi,"Hehehe आप भी न सच में बहोत एंटरटेनिंग और फनी हैं हेहेहे".

हरिया अनीता को हस्ते हुए देख bola,"Waah मेमसाहेब सच में आप हस्ते हुए कितना खबसूरत लग रही हैं".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. मैं कुछ भी करूँ आप बस घूम फिरकर मेरी तारीफ करने लगता हैं"

हरिया यह सुन्न कर मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb हम तो बस सच बोल रहा हूँ".

अनीता यह सुनती हुयी हरिया को देख रही थी. हरिया अगले पल अनीता की गांड दबोच कर bola,"Aur आपके पास रहने से हम कुछ भी हो सकता हूँ मेमसाहेब".

हरिया फिर अनीता की चूंकि की घाटी में देखकर bola,"Aur आपके पास रहने से हमारा फानन वाला चीज़ भी फुंफकारने लगता है".

अनीता हरिया को अपनी चूंकि देखते हुए एक नज़र उसके बाये हाथ पर देखि जिससे वह उसके सब्जी का थैली और अपना कप आइस क्रीम दोनों पकडे हुए था ताकि वह डेट हाथ से उसकी गांड दबा सके. अनीता वह देखकर हरिया के तरफ देखती हुयी boli,"Hariya जी आइस क्रीम खा लेते हैं वर्ण पिघल जाएगी".

हरिया भी मुस्कुराते हुआ bola,"jee मेमसाहब".

अगले पल हरिया एक गली दिखते हुए bola,"Memsaaheb उधर चलिए उधर पेड़ हैं. उसके छाओं में हम आराम से आइस क्रीम चाटूँगा और आप चुसियेगा. ऐसे चलने से आपको छटा पकड़ कर आइस क्रीम चूसने में दिक्कत होगा".

अनीता मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर अपना सर उसके बात पर आश्चर्यता से हिलाकर boli,"Aap भी न. चलिए".

अनीता एहब बोलकर चलने लगी तो उसे अपनी गांड पर हरिया का हाथ न होना अजीब लगा तो वो घूम कर dekhi.Hariya एक हाथ में उसके सब्जी का थैला और दूसरे हाथ में आइस क्रीम लिए अनीता के पीछे उसकी गांड को देखते हुए आ रहा था.

हरिया अनीता की गांड को देखते हुए अपने होंठ पर ज़बान फिराया तो अनीता वापस सामने देखती हुयी अपनी गांड की मटक बढ़ा कर चलने लगी.

हरिया अनीता को उस गली में पेड़ के छओ में ले गया. हरिया सब्जी का थैली नीचे रख दिया वहीँ अनीता भी अपनी छटा मोड़ कर बैग में रख ली और दोनों आइस क्रीम को पैकेट से निकलने लगे.

हरिया अनीता की स्टिक आइस क्रीम देखकर bola,"chusiye मेमसाहब".

अनीता हरिया को देखकर मुस्कुरायी और अपना सर फिर से उसके बात पर हिलाकर हरिया के आँखों में देखते हुए एक ऐडा से hi अपनी ज़बान निकलकर आइस क्रीम के टिप पर फिरने लगी और दो तीन बार फिरने के बाद उसके टिप को मुंह में लेकर एक बार चूस ली.

हरिया मुस्कुराते हुए बड़े ध्यान से यह देख रहा था.

अनीता आइस क्रीम के टिप को चूसने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी आइस क्रीम खाइये हरिया जी नहीं तो पिघल जाएगी".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"haan मेमसाहब".

हरिया फिर कप आइस क्रीम को मुंह के पास ले गया और ज़बान निकलकर कप के एक छोर से दूसरे छोर तक चाटकर लकीर बना दिया.

अनीता यह देखकर puchhi,"Hariya जी यह आप कैसे खा रहे हैं?".

हरिया अनीता की तरफ देखा और थोड़ा करीब होकर उसकी कमर पर वापस हाथ रखके उसे सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहब वैसे hi जैसे खाना चाहिए. जिस तरह चूसने में आपको मज़ा आएगा उसी तरह चाटने में हुंका मज़ा आएगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई puchhi,"Aap को कप आइस क्रीम चाट कर खाना पसंद है?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"jee मेमसाहब वो क्या है न हमारा काम चूसना नहीं चाटना hai,isliye".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"To आप मुझे स्टिक आइस क्रीम देकर क्या कहना चाहते हैं की मेरा काम चूसना है?".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटाकर उस हाथ से लुंड मसलते हुए bola,"jee मेमसाहेब आप चूसते हुए अच्छी लगेंगी इसलिए और चूसने वाला चीज़ को चूसा hi जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ देखि और फिर आइस क्रीम को हरिया के आँख में देखते हुए उसके टिप पर ज़बान फिरकर उसे मुंह में लेकर चूस ली.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Waah मेमसाहब सच में आप चूसते हुए अच्छी लग रही हैं".

अनीता मुस्कुराती हुयी आइस क्रीम को मुंह से निकल कर boli,"Hariya जी आप ऐसे hi सिर्फ बोलते रहेंगे तो आपकी आइस क्रीम पिघल जाएगी. आप भी खाइये आइस क्रीम".

हरिया यह सुनकर अनीता की आँखों में देख कर आइस क्रीम के बीच लकीर पर hi दुबारा जबान चलते हुए चाट लिया.

हरिया वैसा करने के बाद bola,"Dekhiye मेमसाहब हम चाट लिए. अब आप भी चूसिये".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुरायी और हरिया के आँखों में देखते हुए आइस क्रीम के टिप पर फिर से ज़बान फिरकर उसे मुंह में लेकर चूसकर वापस से उसके टिप पर ज़बान फिरने लगी.

हरिया भी अनीता को देखते हुए फिर वहीँ जगह पर जबान फिरकर चाटने लगा तो अगले पल अनीता हरिया की आँखों में देखते हुए आइस क्रीम को वापस मुंह में लेकर दो बार चूस कर आइस क्रीम को मुंह से निकलकर उसके ऊपरी भाग पर ज़बान फिरने लगी.

दो बार ज़बान फिरने के बाद वह ज़बान को अपनी होंठो फिरकर वहां से आइस क्रीम साफ़ करके हरिया की तरफ मुस्कुराती हुयी देखने लगी.

हरिया यह सब मुस्कुराते हुए देख रहा था और अनीता उतना चूसने के बाद मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Waah मेमसाहेब क्या चुस्ती है आप".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. अब इसका भी तारीफ करेंगे आप. आप अपना आइस क्रीम खाइये नहीं तो पिघल जाएगी".

हरिया मुस्कुराकर अपना ज़बान निकलकर वह लकीर की शुरुआत में जबान हिलाकर चाटने लगा और फिर उस लकीर को पूरा चाटकर मुस्कुराते हुए अनीता की तरफ देखा.

अनीता यह देख कर मुस्कुराती हुयी हरिया से boli,"Hariya जी ऐसे आप भी बहोत अच्छे से चाट रहे हैं, पुरे एक्सपर्ट लग रहे हैं चाटने में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते रहा तो अनीता poochhi,"Yeh आप चाटने में भी एक्सपर्ट मेरे पास में रहने से हुवे हैं क्या?".

फिर अनीता एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ देखि जिसे वह अपने बाए हाथ से सेहला रहा था और उसके लुंड को देखने के बाद हरिया के तरफ देखती हुयी boli,"Jis तरह से आपका फानन वाला चीज़ मेरे पास रहने से फुंफकारने लगता है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Nahin मेमसाहब चाटने में तो हम अच्छे है hi लेकिन हाँ मेमसाहब आपके पास होने से हमारा फानन वाला चीज़ फुंफकारता है जिसके कारण हम और अच्छे से चाट रहे हैं".

यह बोलकर हरिया अपने पंत के ऊपर से लुंड सहलाते raha.Anita उसे लुंड सहलाता देख फिर से अपनी ज़बान निकलकर आइस क्रीम के टिप पर फिराई और फिर उसके टिप को मुंह में लेकर चूसने लगी तो हरिया puchha,"memsaahab अच्छी लग रही है?".

अनीता उसके लुंड को देखने के बाद हरिया के तरफ देखकर एक सेडक्टिव तरीके से आइस क्रीम के टिप को एक बार और चूस कर मुंह से निकलकर उसे देखती हुयी boli,"haan हरिया जी चूसने में अच्छा लग रहा है. अच्छे से चूसने लायक है आइस क्रीम".

हरिया आराम से अनीता के होंठों को देख रहा था. उसके लिपस्टिक लगे होंठों के बीच वह आइस क्रीम को देख उसके लुंड में हलचल पैदा कर रहा था और जब वह उसे वैसे सेडक्टिव तरीके स्व चूसकर मुंह से निकलकर वह बातें बोली तो उसका लुंड पंत में झटके मारने लगा.

अनीता हरिया को ऐसे खड़ा हुए देख boli,"Aese आप क्यों ृक्क गए? आप भी चाटिये न".

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराया और उसे देखकर आइस क्रीम को लगातार चाटने लगा और फिर एक बार ऊपर से नीचे लकीर पर जबान फिरा दिया.

अनीता यह देखकर मुस्कुरायी और हरिया को देखते हुए खुद भी आइस क्रीम को आधा मुंह में लेकर चूसी और फिर ऊपरी भाग को ज़बान निकलकर दो बार उस पर ज़बान फिरकर वापस आइस क्रीम को आधा मुंह में लेकर चूसी.

आधा आइस क्रीम को मुंह में लेकर चूसने के बाद अनीता अपनी होंठों का गिरफ्त आइस क्रीम पर बनाकर वैसे hi आइस क्रीम को मुंह से निकालने लगी.

हरिया फिर अनीता के लिपस्टिक लगे होंठों के बीच आइस क्रीम को देखा जिस पर उसकी होंठों का गिरफ्त बना हुआ था. यह देखकर हरिया का लुंड फिर झटके मरने लगा.

अनीता एक नज़र आँखों के कोने से हरिया के लुंड के तरफ देखि तो उसे भी पंत में उसका लुंड झटका मारते हुए दिखा.

अनीता आइस क्रीम को वैसे hi मुंह से निकलकर उसके ऊपरी भाग को छाती और फिर अपनी ज़बान को होंठ पर फिरकर होंठ से आइस क्रीम साफ़ करके हरिया को देखकर मुस्कुराने लगी.

हरिया अभी भी अपना लुंड सेहला रहा था. अनीता आइस क्रीम चूसकर उसे देखकर मुस्कुराने के बाद एक नज़र फिर उसके लुंड के तरफ लेजाकर सहलाता देखि तो हरिया bola,"wo मेमसाहब हमारा फानन वाला चीज़ एहि हैं. आपको देखकर फिर फुंफ्कार रहा है".

अनीता अपनी नज़र हरिया के लुंड के तरफ लेजाकर उसको लुंड मसलते हुए देखकर उसका बात सुनी और फिर एक बार फिर आइस क्रीम का टिप मुंह में लेकर सेडक्टिव तरीके से चूसकर बिना शर्म के उसके आँखों में देखकर एक ऐडा से poochhi,"aesa क्यों?".

हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Woh मेमसाहेब आप इतनी अच्छी है तो शायद आपका प्यार चाहता होगा इसलिए आपको देखकर फुंफ्कार रहा है".

अनीता यह सुनती हुयी उसके लुंड के तरफ देखती हुयी आइस क्रीम को मुंह में लेकर चूस रही थी तो हरिया bola,"chhukar देखिये न मेमसाहब कितना फुंफ्कार रहा है. आपके छूने से इसको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिला दी.

हरिया अनीता के थोड़ा और करीब होकर अपना लुंड सहलाते हुए bola,"memsaahab छूकर देखिये na,ek बार hi सही".

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखकर आइस क्रीम को चूस रही थी की तभी हरिया उसकी दूसरी हाथ पकड़ कर अपने पंत के ऊपर लुंड पर रख दिया.

अनीता कोई विरोध नहीं की और मुस्कुराकर आँखें बड़ी करके boli,"Hariya जी आप भी न"

हरिया अनीता की बात सुन्न कर मुस्कुराने लगा तो अनीता अपना सर हिलाकर एक बार आइस क्रीम को चुस्ती हुयी उसके लुंड को सेहला दी.

हरिया मुस्कुराकर poochha,"phunphkaar रहा है न मेमसाहेब".

अनीता उसका लुंड सहलाते हुए मुंह में आइस क्रीम का टिप रखे उसे एक ऐडा से चुस्ती हुयी उसके लुंड के तरफ देखकर "हाँ" में सर हिला दी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराने लगा.

अनीता उसका लुंड सहलाती हुयी उसके चेहरे पर वापस देखकर उसके आँखों में देखती हुयी आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरकर poochhi,"Sirf मुझे hi देखकर यह फुंफकारता है या और किसी को भी देखकर".

हरिया यह सुनकर अपना कमर हिलाकर लुंड आगे पीछे करके अनीता की हाथ में रगड़ने लगा और अनीता की गांड दबाते हुए एक नज़र उसकी बदन को देखने लगा.

अनीता भी बिना शर्म के हरिया के लुंड को धीरे धीरे सहलाती हुयी आइस क्रीम चुस्ती हुयी उसे देख रही थी.

हरिया अनीता की बदन देखने के बाद आइस क्रीम को चाटते हुए उसकी गांड दबाते हुए bola,"Sirf आपको देख कर मेमसाहब, सिर्फ आपको देखकर".

अनीता फिर आइस क्रीम चूसकर poochhi,"aesa क्यों?".

हरिया आइस क्रीम को चाटकर अनीता की गांड की एक भाग को पकड़ कर हिलाते हुए उसे एक बार फिर ऊपर से नीचे देखकर bola,"memsaahab हमने कहा था न की आप में जो बात है वो और किसी में नहीं".

अनीता हरिया का लुंड पंत के ऊपर से सहलाते हुए फिर से आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरकर उसे मुंह में लेकर चूसकर एक ऐडा से मुंह से आइस क्रीम को निकलकर puchhi,"aesi क्या बात है मुझ में हरिया जी".

फिर वह हरिया के लुंड के तरफ आँखों से इशारा करके आगे puchhi,"ki आपका यह मुझे देखकर फुंफकारने लगता है?".

हरिया यह सुनकर कप आइस क्रीम को चाटकर मुस्कुराया और दये हाथ से अनीता की गांड को मसलते हुए ऊपर उसकी कमर पर हाथ लाकर वापस उसकी गांड पर हाथ फिरते हुए बाये हाथ में आइस क्रीम कप रखे हुए hi ऊपर से नीचे उसकी जिस्म पर इशारा करते हुए bolia"Kya नहीं है मेमसाहब?"

अनीता यह सुनती हुयी आइस क्रीम के टिप को होंठों के बीच लेकर चूस रही थी और हरिया का लुंड सेहला रही थी.

हरिया अगले पल बाये हाथ में आइस क्रीम कप लिए उसे अनीता की कमर पर नीचे जहाँ उसकी साड़ी बंधी थी वहां सटाकर ऊपर के तरफ फिरते हुए bola,"Aapki यह दूध जैसी गोरी, मखमल जैसी चिकनी और पतली कमर".

हरिया यह बोलते हुए आइस क्रीम कप को नीचे अनीता की कमर से सताए ऊपर उसकी ब्लाउज के ठीक नीचे तक फिरते हुए ले गया.

ऐसा करने से अनीता को उस गर्मी में अपनी स्किन पर ठंडक महसूस हुआ और साथ hi थोड़ी गुदगुदी भी होने लगी. उसकी कमर उस जगह थोड़ा भीग गया और पानी का बंध ऊपर चूंकि के नीचे से उसकी कमर के तरफ फिसलने लगा जिसे देखकर हरिया अपने ज़बान को होंठों पर फिरने लगा. वहीँ अनीता उसका लुंड सहलाती हुयी आराम से आइस क्रीम के टिप को चूस रही थी.

हरिया अगले पल उसकी गांड के तरफ इशारा करते हुए bola,"aur उसके नीचे इतनी badi,mulayam और उभरी हुयी चीज़. आठ ग़ज़ब की है मेमसाहब".

फिर वह आइस क्रीम कप से उसकी क्लीवेज के तरफ इशारा करके उसकी क्लीवेज में देखा और अगले पल उसकी दोनों चूँचियों के तरफ इशारा करके bola,"Upar भी तो आपकी इतनी मुलायम और उभरी हुयी पहाड़ है. उफ़ सच में मेमसाहेब. आप जैसी किसी का नहीं".

अनीता यह सुनकर हरिया को देखते हुए उसका लुंड सहलाते हुए पहले आइस क्रीम के टिप को चूसी और फिर ज़बान निकलकर उसके टिप पर फिरकर अपनी लिपस्टिक लगी होंठ पर जबान फिरकर boli,"Chaliye यह कोई बात huyee?Aesi तो सभी औरतों की होती है. इसमें ख़ास कुछ नहीं है".

हरिया अपना कमर आगे पीछे करके अनीता की हाथ में लुंड रगड़ रहा था और उसकी टाइट साड़ी के ऊपर से गांड मसलते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Hai तो सबके पास मेमसाहब मगर आपकी जैसी नहीं है. आपका बिलकुल वो क्या कहते हैं shape,haan शेप में है. पूरा आकर में है. कमर पतली और उसके नीचे गद्देदार मुलायम और जितनी बड़ी होनी चाहिए उतनी hi है".

अनीता यह सुनती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका लुंड सहलाती हुयी आइस क्रीम को चूस रही थी और उसके टिप पर ज़बान फिरा रही थी.

हरिया अनीता को आइस क्रीम चूसते देख मुस्कुराया और फिर खुद एक बार कप आइस क्रीम चाट कर अनीता की क्लीवेज की तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Usko भी जितना बड़ा होना चाहिए उतनी hi है वर्ण किसी की तो चिपटी होती है. किसी की लटकी huyee,aur किसी की बड़ी होती है तो हद्द से ज़्यादा कठोर और किसी की तो हद्द से ज़्यादा बड़ी होती है. आपका तो पूरा का पूरा एक डैम मस्त है ऊपर का दोनों पहाड़".

अनीता का दिल तेज़ी से धड़क रहा था हरिया का बात सुनकर. साथ hi उसकी सांस तेज़ थी और बदन में मस्ती की लहर दौड़ रही थी. वह हरिया का लुंड सहलाती हुयी वैसे hi उसे देखती हुयी आइस क्रीम चूस रही थी और उस पर ज़बान फिरा रही थी.

हरिया अगले पल उसके बदन के तरफ ऊपर से लेकर नीचे तक इशारा करते हुए bola,"Sir से लेकर पाओ तक आप पूरी मस्त हो मेमसाहब. ससुरी हेरोइनो से भी ज़्यादा मस्त और आपको देखकर".

हरिया अगले पल अपने आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"humara यह चीज़ फुंफकारने लगता है. देखिये न मेमसाहब फुंफ्कार रहा है न?".

अनीता यह सुनकर फिर से आइस क्रीम चुस्ती हुयी हरिया के लुंड की तरफ देखने के बाद हरिया के आँखों में देखती हुई "हाँ" में सर हिला दी.

हरिया अगले पल थोड़ा अनीता के और करीब मुंह करते हुए bola,"memsaahab जैसे आप जैसी कोई नहीं, वैसे hi हमारे फुंफकारने वाला चीज़ जैसा कहीं नहीं मिलेगा".

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम का तू मुंह में लेकर आराम से चुस्ती हुयी उसके लुंड के तरफ देखि तो हरिया bola,"Dekhna चाहेंगी आप मेमसाहेब?".

अनीता तो ऐसे hi गरम हो चुकी थी इतनी देर में और उसकी पूरी बदन मस्ती की गोते लगा रही थी मगर वो फिर भी "ना" में सर हिला दी और हरिया को देखकर आइस क्रीम के टिप को चूसने लगी.

हरिया उसकी गांड को और जोर से मसलते हुए उसकी चूंकि को देखकर अपने होंठ पर जबान फिरते हुए अनीता को देखा तो वह भी उसे देखती हुई आइस क्रीम के टिप को चूसकर उसपर ज़बान फिरकर ज़बान को अपने लिपस्टिक लगे होंठों पर फिरने लगी तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Kamaal की आइस क्रीम चुस्ती है आप मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी फिर से आइस क्रीम चूसकर हरिया को देखती हुए boli,"Hariya जी आप तो बस मेरी हर एक चीज़ की तारीफ करते हैं. भला आइस क्रीम चूसने में कमाल की क्या बात हुई?".

हरिया अनीता की गांड फिर मसलते हुए कप आइस क्रीम को चाटकर bola,"Hain न कमाल की बात मेमसाहेब. आइस क्रीम चूसना भी कला होता है मेमसाहेब और आप इस कला में माहिर लगती है. बहोत अच्छे से चूस रही हैं आप जैसा कोई नहीं चुस्त. आपके चूसने का एक अलग hi अंदाज़ है.".

अनीता यह सुनकर बस मुस्कुराई और फिर मुस्कुराना छोर हरियाके तरफ देखते हुए एक सेडक्टिव तरीके अपनी ज़बान निकलकर आइस क्रीम के टिप पर फिरै और फिर उसे होंठों के बीच लेकर चूसने लगी तो हरिया का लुंड पंत में झटका मारने लगा जिसे महसूस करके अनीता उसके लुंड के तरफ देखि तो हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहेब कैसे फुंफ्कार रहा है आपको आइस क्रीम चुस्त देख.

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम को होंठों के बीच ली हुयी उसे चुस्ती हुयी हरिया के तरफ वापस देखि तो वह bola,"Waah मेमसाहब क्या बात hai!Kitne अच्छे से चूस रही हैं आप. पूरा माहिर हैं आप चूसने में. वह थोड़ा ऊपर चाटिये न".

अनीता यह सुनकर हरिय के आँखों में देखती हुयी ज़बान निकलकर आइस क्रीम के ऊपर चाटकर मुस्कुराती हुई उसे देखती हुयी boli,"Hariya जी इसमें क्या बात है? आप भी न? ".

हरिया भी अपना कप आइस क्रीम चाटकर अनीता की गांड दबाते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब बहोत ख़ास बात है".

फिर वह आइस क्रीम के नीचे थोड़ा आइस क्रीम को पिघल कर बंध बने लटके हुए देखकर बोलै," देखिये आपके चूसने के सामने ससुरा आइस क्रीम भी टिक नहीं पा रहा है. कैसे पानी निकल रहा है ससुरा का. आप चूस चूस कर ससुरे का पानी निकल दिए हैं".

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम के नीचे लटके तम उस बंध को देखकर अपनी ज़बान निकली और उसको नीचे ले जाकर आइस क्रीम के नीचे से ऊपर तक चाट कर आइस क्रीम के टिप को मुंह में लेकर चूसकर boli,"Hariya जी चूसने से तो पानी निकलेगा hi. ऊपर से इतनी गर्मी भी है तो पानी निकलेगा hi. इसमें ख़ास क्या है?"

हरिया अनीता से bola,"Bahot ख़ास बात है मेमसाहेब. ससुरा ी गर्मी से तो पिघल रहा है मगर ु आपके होंठों का गर्मी से पिघल रहा है. आप जैसा चूस रही हैं ी ससुरा आइस क्रीम का टिकेगा आपके सामने. ससुरा पानी छोर रहा है".

अनीता यह सुनकर फिर से ज़बान निकलकर आइस क्रीम को नीचे से ऊपर तक चाटकर उसके टिप को मुंह में लेकर उसे थोड़ा चूसकर उस पर ज़बान फिरने लगी.

हरिया चुप चाप खड़ा हुआ अपना कमर हिलाते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से अनीता को हाथ में रगड़ रहा था और साथ hi उसकी गांड दबाते हुए उसे आइस क्रीम चूसते हुए देख रहा था.

अनीता आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरने के बाद अपनी होंठों पर वह ज़बान फिरकर boli,"Agar आइस क्रीम पानी छोर रहा है हरिया जी तो वह मेरे लिए hi छोर रहा है ताकि मैं उसे चाट जॉन. मेरा काम है जब कोई चीज़ चूसने उस में से पानी निकले तो उसे चाट जॉन"

अनीता को यूँ आइस क्रीम चाट ते देख और उसकी बात सुनकर हरिया का लुंड पंत में हलचल करने लगा तो अनीता उसे अपने हाथ में महसूस करके एक नज़र उसके तरफ देखि.

वो उसके लुंड के तरफ देख रही थी तो हरिया bola,"Dekhi मेमसाहब आप? कैसे हमारा वो फुंफ्कार रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड को सहलाती हुयी "हाँ" में सर हिलाकर आइस क्रीम चूसने लगी.

हरिया फिर अनीता की गांड को गूंथते हुए bola,"Aesa इसलिए क्यूंकि यह आपकी बात से सहमत है की आपके चूसने से जो भी पानी निकले उसे आपको चाट जाना चाहिए".

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखके उसे सहलाकर boli,"Hariya जी आप चाटना क्यों छोर दिए. आप भी चाट कर अपने आइस क्रीम का पानी निकल दीजिये"

हरिया यह सुनकर अनीता की बदन को गंदे हवस भरे नज़र से देखकर bola,"Haan मेमसाहेब हम भी चाट कर पानी निकलता हूँ ससुरी के".

हरिया यह बोलकर आइस क्रीम पर ज़बान फिरकर चाटने लगा. अनीता भी आइस क्रीम को मुंह में लेकर चुस्ती हुयी उसे देखने लगी.

हरिया आइस क्रीम चाट रहा था तो उसका लुंड पंत में झटके मारने लगा.

अनीता उसके लुंड के झटके को अपनी हाथो में महसूस करके लुंड के तरफ देखि तो हरिया bola,"baahar आना चाहता है मेमसाहब. आज़ाद होना चाहता है. आपको देखकर अब इसे और रहा नहीं जा रहा. आप देखना चाहेगी मेमसाहब?".

अनीता आइस क्रीम चुस्ती हुयी "ना" में सर हिलाई हरिया bola,"are देख लीजिये मेमसाहेब. आपने ऐसा कहीं नहीं देखा होगा."

अनीता हरिया के लुंड को ऊपर से सहलाते हुए सोच रही होती है की तभी हरिया उसकी गांड को दबाकर अपना मुंह उसके मुंह के करीब कर बोलता hai,"Dekh लीजिये मेमसाहब. सच में देखने लायक है हमारा वो चीज़. आपको ज़रूर पसंद आएगा. फुल्ल गारंटी है".

हरिया का मुंह अनीता के करीब होने से उसके मुंह का बदबू अनीता की नाक में जाने लगा और उसके बदन के बदबू के साथ मुंह का बदबू सूंघकर अनीता को अजीब सी मस्ती मिलने लगी.

हरिया का बात सुनकर अनीता बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप तो गारंटी ऐसे दे रहे है जैसे कोई सामान बेच रहे हैं हेहेहे".

हरिया अनीता को हस्ता देख मुस्कुरा कर bola,"Are वैसा बात है तो वैसा hi समझिये. चलिए आज के बाद हमरा ी फुंफकारने वाला चीज़ हम आपके लिए hi ख़ास रखूँगा. जब आपका दिल करे इस्तेमाल करियेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न सच में बातें बनाने में एक्सपर्ट हैं हेहेहे".

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब आपके पास होने से हम सब चीज़ में एक्सपट हो जाते हैं".

अनीता फिर से एक ऐडा से आइस क्रीम को चूसकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan वह तो देख रही हूँ हरिया जी. आप सपेरे की तरह फुंफकारने वाला चीज़ लेकर घूम रहे हैं. वह भी अपने पंत में".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब तो पंत से निकलकर देख लीजिये. हम कहाँ रोक रहा हूँ"

अनीता एक बार और आइस क्रीम चुस्ती हुयी हरिया के आँखों में देखि और फिर उसके लुंड को सहलाती हुई boli,"Nahin हरिया जी आप इसे पंत में hi रहने दीजिये. अगर आप इसे बाहर निकालेंगे तो अगर यह फुंफकारकर मुझे काट लेगा तो?".

हरिया यह सुनकर कप आइस क्रीम पूरा खाकर उसे फ़ेंक दिया. अनीता हरिया को ऐसे कप को गली में hi फेंकते हुए देखि मगर कुछ नहीं बोली.

हरिये अगले पल अपना दूसरा हाथ अनीता की दूसरी गांड पर रखकर उसको थोड़ा खींचकर अपने करीब करके लगभग अपने बाँहों में भर लिया.

ऐसा होने से अनीता की सांस तेज़ होने लगी और उसकी चूंकि ऊपर नीचे होने लगी. वह वैसे hi हरिया को देखती हुयी आइस क्रीम चूसी.

हरिया अपना एक हाथ उसकी गांड पर रखकर उसकी गांड मसलने लगा और दूसरा हाथ ऊपर करके उसकी नंगी कमर पर रखकर सहलाते हुए bola,"are मेमसाहब यह काटने वाली चीज़ नहीं है. बस फुंफकारता है और बिल खोजता है घुसने के लिए. आपको काटेगा nahin,balki आप तो इसे अपने बस में करके रख सकती है इसे थोड़ा प्यार करके".

अनीता यह सुनकर एक नज़र आस पास देखि तो हरिया bola,"are मेमसाहब सुनसान जगह है. इस वक़्त कोई नहीं आता. आप चिंता न करे, बस जो अच्छा लगे करिये. कोई भी नहीं है आस पास".

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम को चूसकर उसका लुंड सहलाती हुयी boli,"Theek है हरिया जी. दिखाइए आप आपका फुंफकारने वाला चीज़".
 
अपडेट 33

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा और अनीता को ऊपर से नीचे गंदे तरीके से देखकर उसकी गांड को जोर से मसल दिया जिसके कारण अनीता "आउच" करके हरिया को देखि मगर कुछ बोली नहीं.

हरिया अनीता को "आउच" करता देख और मुस्कुराने लगा तो अनीता उसके लुंड को सहलाती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी बिना मुस्कुराये एक ऐडा से धीरे से ज़बान निकली और आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरकर उसे होंठों के बीच लेकर चूसने लगी.

अनीता को उस अंदाज़ में आइस क्रीम चूसते देख हरिया मुस्कुराते हुए फिर से अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा और उसकी चूँचियों पर नज़र जमाये अपने होंठों पर ज़बान फिरा दिया.

अनीता चुप चाप उसे खुद की चूँचियों को देखते देख रही थी और आइस क्रीम चूस रही थी. हरिया उसकी चूँचियों से नज़र हटाकर उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी होंठों को गोल करके आइस क्रीम के टिप पर होंठों का गिरफ्त मजबूत करके धीरे धीरे आइस क्रीम को खिंच कर उसे मुंह से निकलकर अपनी ज़बान को होंठों पर फिरकर निचले होंठ को दांतो को बीच दबा दी.

यह देखते hi हरिया का लुंड अनीता की हाथ में hi झटका मारने लगा जिसे महसूस करके अनीता उसके लुंड के तरफ देखि और बेशर्मी से boli,"Hariya जी लग रहा है आपका फुंफकारने वाला चीज़ ज़्यादा फुंफकारने लगा है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब खुश है की आप इसे बाहर आने का मौक़ा दे रही हैं और इसे देखना चाहती हैं. आपके सामने आने के लिए फुंफ्कार रहा है".

अनीता यह हरिया को देखकर उसका बात सुन्न रही थी और उसका बात सुनकर एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखती हुयु उसे सेहला कर boli,"Hmm".

हरिया अगले पल अनीता से थोड़ा अलग होकर उसके सामे खड़ा हो गया तो अनीता के हाथ से उसका लुंड अलग हो गया. अनीता उसके पंत के ऊपर देखती हुयी फिर से आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरने लगी तो हरिया उसे देखते हुए मुस्कुरा कर bola,"Memsaahab आप hi खोलकर निकालिये न इसे".

अनीता यह सुनती हुयी आइस क्रीम के टिप को होंठों के बीच लेकर "ना" में सर हिलाई और उसे चूसने के बाद boli,"nahin हरिया जी आप hi निकालिये".

हरिया अनीता को आइस क्रीम का टिप मुंह में लिए "न" में सर हिलाते हुए देखा तो उसे एक अलग hi मज़ा मिला क्यूंकि जहां अनीता की आँखों में एक मासूमियत थी वहीँ जिस हिसाब से वह आइस क्रीम के टिप को मुंह में लेकर "न" में सर हिला रही थी उसमे शरारत थी.

हरिया उसकी बात सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी चूंकि देखा और फिर अपना लुंड एक बार सहलाकर अनीता की तरफ देखा तो अनीता मुस्कुराकर आइस क्रीम चूसने लगी.

हरिया अनीता की देखते हुए अपना ज़िप खोलने लगा तो अनीता की नज़र वहीँ टिक गयी. अनीता अपनी होंठों के बीच आइस क्रीम रखे उसके लुंड के तरफ देख रही थी.

हरिया अनीता को वैसे उसके लुंड के तरफ देखते हुए देख थोड़ा नज़दीक होकर अनीता की गांड पर हाथ रखकर मसल दिया. ऐसा होने पर अनीता हरिया के तरफ देख कर आइस क्रीम मुंह से निकल कर अपने होंठों पर ज़बान फिराई तो हरिया मुस्कुरा दिया और अनीता की चूँचियों को देखकर अपने मुंह पर ज़बान फिरने लगा.

हरिया अनीता की चूँचियों को देखते हुए hi अपना हाथ अपने पंत में घुसाने लगा तो अनीता अपनी नज़र उसके लुंड के तरफ ले गयी.

हरिया अनीता की चूँचियों को भूख और हवस से देखते हुए उसकी गांड दबा रहा था और दूसरे हाथ को अपने पंत में घुसा कर लुंड निकलने का कोशिश कर रहा था.

वहीँ अनीता बिना शर्म के आइस क्रीम को चुस्ती हुयी उसके पंत के तरफ देखती हुयी उसके लुंड का बाहर आने का इंतज़ार कर रही थी.

हरिया अनीता की गांड पर हाथ फिरते हुए अपना लुंड बाहर निकालकर अनीता की चेहरे पर देखकर मुस्कुराने लगा.

जैसे hi हरिया लुंड बाहर निकला, अनीता की सांस हरिया का लुंड देखते hi जोर हो गयी और उसका दिल धड़कने laga.Use अपने बदन में सनसनी भी महसूस होने लगी.

जब हरिया लुंड निकल रहा था तो अनीता अपनी होंठों को गोल करके आइस क्रीम पर होंठों का गिरफ्त मजबूत करके चूस रही थी मगर जैसे hi वह हरिया का लुंड देखि उसके होंठ अपने आप hi खुल गए और वह वैसे hi आइस क्रीम मुंह में लिए होंठ खोले हरिया का लुंड देखने लगी.

अनीता का होंठ आश्चर्य होने के कारण खुल गया था. अनीता हरिया का लुंड एक दो बार सब्जी वाले के पास नंगा छुई थी जब हरिया चुपके से लुंड पंत से निकल कर उसकी हाथ के पास रख देता था मगर वो उसका लुंड देखि कभी नहीं थी.

लुंड छुई भी थी तो थोड़ी देर के लिया hi क्यूंकि हरिया अपना लुंड खोल कर उसकी हाथ से सत्ता देता था मगर सही से वो उसे महसूस नहीं कर पाती थी. आज पहली बार वो उसका लुंड सही से देख रही थी और उसे यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया का लुंड ऐसा हो सकता था. एहि सोचते हुए उसके होंठ थोड़े खुल गए.

अनीता की सांसें भी मनो थम सी गयी थी हरिया का लुंड dekhkar.Woh बिना पालक झपके हल्का होंठ खोले हरिया का लुंड देखे जा रही थी की तभी हरिया मुस्कुराता हुआ bola,"memsaheb पसंद आया?".

यह सुन्न कर अनीता होश में आयी और हरिया को देखती हुयी आइस क्रीम मुंह से निकल कर जो भी थोड़ा बहोत आइस क्रीम का पानी उसके मुंह में था वह उसे निगलती हुयी हरिया के तरफ देखने लगी. उसका दिल ज़ोर से धड़क रहा था.

हरिया अपना लाल दांत दिखते हुए मुस्कुरा रहा tha.Anita हरिया को देखते हुए जोर का सांस लेकर खुद को कण्ट्रोल करने लगी तो हरिया उसकी उठती चूंकि देखते हुए फिर poochha,"kya हुआ मेमसाहेब पसंद नहीं आया का?".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड देखि तो हरिया उसे अपने हाथों से सहलाते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहेब. हमने कहा था न की हमारे इस चीज़ में एक अलग hi बात है. है न अलग बात?".

अनीता यह सुन्न कर एक गहरी सांस लेकर उसके लुंड को देखती हुयी hi "हाँ" में सर हिला दी.

हरिया अनीता को "हाँ" में सर हिलाते हुए देख मुस्कुराते हुए उसके थोड़ा करीब जाकर bola,"dekhiye मेमसाहब हमने कहा था न यह आपको नहीं कटेगा".

हरिया फिर दये हाथ से अनीता की गांड पकड़ते हुए बाये हाथ से अपना लुंड सहलाते हुए bola,"chhukar देखिये न मेमसाहब आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर उसका लुंड देखती हुयी आइस क्रीम के टिप को चूसी और फिर "ना" में सर हिला दी.

हरिया अनीता की गांड को मसल कर bola,"are मेमसाहब छू लीजिये. छूकर महसूस करने का एक अलग hi मज़ा है".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि और फिर से उसके आँखों में देखती हुई आइस क्रीम के टिप पर ज़बान फिरकर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Chuu लीजिये मेमसाहेब".

फिर वह अनीता की गांड को दबाते हुए आँखों से उसके तरफ इशारा करके bola,"Jaise हम आपका ी पीछे की पहाड़ छूकर मज़ा करते हैं वैसे आप भी हमारा छूकर देखिये. कसम से आपको मज़ा आएगा".

अनीता आइस क्रीम को होंठों के बीच लेकर उसे चुस्ती हुयी हरिया का बात सुन्न रही थी. उसका बात ख़तम होने पर वह आइस क्रीम होंठो के बीच लेकर "न" में सर हिलाई और फिर आइस क्रीम पर होंठों का गिरफ्त बनाये hi उसे खिंच कर मुंह से निकल कर अपनी होंठो पर ज़बान फिरती हुयी boli,"Aese नहीं काट रहा है यह, मगर मेरे छूने से फुंफ्कार कर मेरे हाथ में काट लेगा तो?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा. वह अपना लुंड हाथ में पकडे उसे सहलाते हुए अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब नहीं कटेगा. हमने कहा न की ी सिर्फ फुंफकारता है और ज़्यादा बौखलाने पर बिल खोजता है घुसने के लिए. आप चाहे तो इसे अपने बिल में घुसकर काबू कर सकती हैं".

अनीता का दिल यह सुन्नते hi फिर से तेज़ी से धड़कने लगा और उसकी सांस तेज़ हो गयी जिसके कारण उसकी चूंकि और उठने लगी. हरिया समझ गया की अनीता की सांस तेज़ हैं.

अनीता तेज़ सांस लेकर हरिया के आँखों में देखती हुयी boli,"Pata नहीं हरिया जी अब आप यह क्या बिल का बात करने लगे. मेरे छूने से यह नहीं कटेगा इसकी गारंटी आप लेंगे?"

अनीता यह बोलकर आइस क्रीम पर फिर से जबान फिरने लगी की तभी हरिया मुस्कुराकर bola,"Phull गारंटी है हमरा मेमसाहेब. हम पर भरोसा कीजिये"

अनीता यह सुनकर आइस क्रीम का टिप होंठों के बीच लिए आस पास देखि और फिर हरिया को देखती हुयी सेडक्टिव तरीके से आइस क्रीम चुस्ती हुयी उसका लुंड को अपने नाज़ुक हाथों में पकड़ ली.

अनीता को वैसे आइस क्रीम चुस्त देख और अनीता की खूबसूरत नाज़ुक हाथ का स्पर्श मिलते hi हरिया का लुंड झटका मारा तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखि.

साथ hi हरिया का गरम लुंड अनीता की हाथ में आते hi उसकी बदन में एक सनसनी दौड़ गयी और मस्ती के साथ साथ दिल भी धड़कने लगा.

अनीता इतना मोटा और लम्बा लुंड कभी सामने से नहीं देखि thi,chhuna तो दूर की बात थी.

अनीता हरिया का लुंड पकडे देख hi रही थी की हरिया मुस्कुराते हुए puchha,"memsaahab अच्छा लग रहा है न छूकर?".

अनीता हरिया को देखते हुए आइस क्रीम चूसी और फिर "हाँ" में सर हिला दी.

हरिया अनीता की बात सुनकर उसकी गांड सहलाते हुए उसकी क्लीवेज को देखते हुए अपने ज़बान को होंठों पर फिरते हुए bola,"Jitna मस्त आपकी पीछे का पहाड़ है उतना hi कमाल की आपकी आगे की पहाड़ भी है मेमसाहेब और उसके बीच की खाई तो देखते hi हमारा यह चीज़ फुंफकारने लगता है".

अनीता जानती थी की हरिया उसकी चूंकि और क्लीवेज का बात कर रहा है और हरिया जैसे hi फुंफकारने का बात किया उसका लुंड अनीता की हाथ में hi झटके मारने लगा जिसे अपनी हाथ में महसूस करके अनीता उसके लुंड को देखि.

हरिया यह देखते हुए फिर बोलता hai,"Dekhiye मेमसाहब कैसे फुंफ्कार रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया के आँखों में देखने के बाद बिना कुछ बोले वापस उसके लुंड को देखने लगी.

हरिया उसकी गांड को दबाते हुए bola,"memsaahab ज़रा इसे सहलाइये न. इसे अपने नाज़ुक गोर हाथ से प्यार कीजिये मेमसाहब".

अनीता अभी तक अपना हाथ हरिया के लुंड के नीचे राखी थी और हरिये के बोलने पर वैसे hi सहलाने लगी.

स्टिक आइस क्रीम लगभग ख़तम होने वाला था. बस थोड़ा सा आइस क्रीम उसके नीचे का भाग में लगा हुआ था. हरिया का लुंड वैसे hi सहलाती हुयी अनीता उसके आँखों में देखि और अपनी ज़बान बाहर निकलकर वह आइस क्रीम के आखिरी भाग पर ज़बान फिरै और फिर मुंह खोलकर उसे मुंह में लेकर खा गई और फिर मुंह खोलकर ज़बान बाहर निकलकर उस स्टिक पर नीचे से लेकर ऊपर तक फिरती हुयी जो भी थोड़ा बहोत आइस क्रीम का अंश स्टिक पर था सब चाट गयी.

यह करते हुए अनीता हरिया का लुंड सेहला रही थी और उसके आखों में hi देख रही थी. ज़रा सा भी वह अपनी नज़र हरिया के नज़र से नहीं हटाई.

हरिया का लुंड अभी भी पूरा सख्त नहीं हुआ था मगर फिर भी बहोत बड़ा और मोटा था. उसका लुंड अनीता के सहलाने से और फिर अनीता को वैसे आइस क्रीम कहते और स्टिक को चाट ते देख झटका मारने लगा और सख्त होने लगा तो हरिया अपना लुंड देखकर फिर अनीता की आँखों में देखते हुए मुस्कुराते हुए bola,"Memsaahab देखिये कैसे ख़ुशी से झटका मार रहा है ससुरा. इसे अच्छा लग रहा है आपके सहलाने से. थोड़ा और अच्छे से सहलाइये न मेमसाहब. अच्छे से पकड़ कर पुचकारिये अच्छे से".

अनीता की सांस तेज़ हो रही थी और ऐसे हरिया द्वारा अपनी गांड दबाये और सहलाये जाने से और साथ hi उसके लुंड को झटका मारते हुए बड़ा और सख्त होते महसूस करके उसे बहोत मज़ा मिल रहा tha.Uski बदन में लज्जत भर गयी थी.

अनीता उसका बात सुन्न कर उसके लुंड को देखि और आइस क्रीम स्टिक को फ़ेंक कर एक नज़र हरिया को देखने के बाद उसका लुंड देखते हुए उसका लुंड अपनी मुठी में ले ली मगर फिर भी उसका लुंड उसकी पूरी गिरफ्त में नहीं आया.

अनीता उसके लुंड के मोटापे को देख रही थी और अपने नाज़ुक मुट्ठी में भरने का कोशिश कर रही थी की तभी हरिया bola,"memsaahab थोड़ा मोटा है इसलिए पूरा नहीं पकड़ में आ रहा है, मगर मोटा hi अच्छा है".

अनीता हरिया का बात सुनकर तेज़ सांस लेती हुयी उसके आँखों में देखि तो हरिया अपना लाल दांत दिखते हुए poochha,"memsaahab आपको पसंद आया हमारा हथियार?".

हरिया पहली बार अपने लुंड के लिए "हथियार" शब्द इस्तेमाल किया था यह सुनकर उसका दिल फिर धड़क गया और वह जोर से सांस लेकर हरिया का लुंड अपनी मुठी में लिए हिलती हुयी उसे देखकर सर को "हाँ" में हिला दी.

हरिया अनीता की गांड से हाथ ऊपर लाकर उसकी नंगी कमर को सहलाने लगा और उसकी चूंकि को गन्दी नज़र से देखने के बाद उसकी आँखों में देखकर puchha,"aapne ऐसा हथियार कभी देखा या छुआ है मेमसाहब?".

अनीता उसके लुंड को सहलाती हुयी तेज़ सांस में बोली, "नहीं"

हरिया का लुंड बाहर खुले में और अनीता के सामने आने के बाद पहली बार अनीता कुछ बोली थी और वह भी एक तरह से हरिया के लुंड के तारीफ में hi वह बात था.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की तरफ थोड़ा झुककर उसकी चेहरे के करीब अपना चेहरा करके bol,"humara हथियार बड़ा काम का है मेमसाहब. बड़ा अच्छे से सेवा करता है. अब से ी आपका hi है मेमसाहब. जब आप बोलियेगा आपकी सेवा करेगा, वह भी रगड़ कर".

हरिया "आपकी सेवा करेगा" बोलते वक़्त दाए हाथ से अनीता की गांड दबाते हुए बाए हाथ से मुठी बना कर थोड़ा आगे के तरफ पुश कर दिया था.

हरिया को "आपकी सेवा करेगा" बोलते वक़्त वैसे मुठी से इशारा करते हुए देख और फिर उसके मुंह से "वह भी रगड़ कर" सुन्न अनीता की छूट फड़क गयी और उसकी सांस और तेज़ होने लगी.

वह एक नज़र जल्दी से आस पास देखने के बाद हरिया के आँखों में देखती हुयी जोर का सांस ली और हरिया उसकी उठती चूंकि को देखकर मुस्कुरा दिया.

अनीता चुप चाप उसे एक पल देखि और फिर नीचे नज़र करके उसके लुंड को देखकर हिलती रही.

हरिया भी उसकी चूंकि देखकर नीचे उसकी नंगी कमर पर नज़र जमा दिया और अपना कमर थोड़ा आगे पीछे करके अनीता को लुंड हिलने में मदद करने लगा जिसे महसूस करके अनीता वापस हरिया के तरफ देखि.

हरिया को यूँ अपना कमर हिलाकर अपना लुंड उसकी हाथ में रगड़ते और उसकी नंगी गोरी कमर को गन्दी हवस की नज़र से देखते हुए उसे सहलाते हुए देखकर अनीता की सांस तेज़ होती जा रही थी और साथ hi उसकी छूट थोड़ी गीली होने लगी थी और पूरा रोम रोम मस्ती की लहर में दौड़ रही थी. उसे भी एक तरह का रोमांच और मज़ा मिल रहा था.

हरिया अनीता की नंगी कमर देखते हुए उसकी पीछे की कमर से हाथ सङ्कटे हुए उसकी दोनों साइड से कमर को पकड़ कर उसे सहलाते हुए bola,"Ka कमाल का और खबसूरत कमर है आपकी मेमसाहब. बिलकुल चिकनी और मुलायम. सच में मेमसाहब आपको ऊपर वाले ने फुर्सत से बनाया है".

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड देखने के बाद पहली बार उसका लुंड देखने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप फिर शुरू हो गए मेरी तारीफ करने".

अनीता बिना शर्म के एक गली में हरिया जैसे लौ क्लास आदमी का लुंड सेहला रही थी और मुस्कुराते हुए उससे बात भी कर रही thi.Anita को यूँ मुस्कुराते हुए बात करते देख हरिया का लुंड झटके मारने लगा.

अनीता उसे महसूस करके अपनी नज़र उसके लुंड पर लेजाकए उसे देखती हुयी सेहला रही थी की तभी हरिया bola,"Dekhiye मेमसाहेब हमारा हथियार कैसे हिल रहा है. ी भी सहमत है की आप की कमर बहोत मस्त hai.Bilkul चिकनी और मुलायम".

अनीता मुस्कुराते हुए उसका लुंड सहलाती है और बोलती hai,"Hariya जी यह क्या बात हुयी आप तो बस मेरी तारीफ करते रहते है".

हरिया अनीता की कमर को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए वापस उसकी गांड पर हाथ लेजाकर bola,"Memsaahab सच कह रहा हूँ आप जैसी कोई नहीं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराना बांध करके हरिया का लुंड हिलती हुयी उसके आँखों में देखने लगी. दोनों कुछ पल ऐसे hi एक दूसरे की आँखों में देखते rahe.Anita हरिया का लुंड अच्छे से सेहला रही थी और हरिया भी अनीता की कमर सेहला रहा था.

कुछ पल के बाद अनीता हरिया का लुंड देखती हुई उसे हिलती हुयी boli,"Aese हरिया जी आपका हथियार भी अच्छा है. मैंने ऐसा कभी नहीं देखा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी कमर को सहलाते हुए bola,"Humne कहा था न मेमसाहब आप ऐसा कभी देखि नहीं होंगी. आपकी सेवा के लिए hi है मेमसाहब. आपकी अच्छे से सेवा करेगा यह. जब आप चाहेंगी यह आपका सेवा करेगा".

अनीता यह सुन्न कर कुछ नहीं बोली तो हरिया bola,"achhe से प्यार कीजिये मेमसाहब इसे".

अनीता यह सुनकर boli,"Hariya जी आपका हथियार बहोत मोटा है. पूरा हाथ में नहीं आ रहा".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"memsaahab कोई बात नहीं हाथ में सही से नहीं आ रहा तो".

फिर वह कमर से नीचे हाथ लेजाकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Kahin और अच्छे से जायेगा मेमसाहब. मोटा होने से hi सही से सेवा होता hai,ragad कर सेवा".

अनीता कुछ न बोलकर एक नज़र आस पास दौड़कर उसका लुंड को हिलती रही और हरिया खुलेआम अनीता की पूरी कमर को सहलाते रहा और कभी कभी उसकी गांड दबाते रहा.

हरिया फिर अनीता को थोड़ा और करीब करके उसकी चूंकि को देखने लगा. हरिया अपना सर थोड़ा सामने करके अनीता की क्लीवेज में देखना लगा तो अनीता उसका लुंड हिलती हुयी उसे देखकर boli,"Kya बात है हरिया जी? क्या देख रहे हैं? आज तो पिछली बार की तरह आइस क्रीम भी नहीं गिरा वहां".

हरिया बिना कुछ बोले उसकी क्लीवेज की शुरुआत में ऊँगली घुसाया और फिर पसीने का एक बंध अपने उस ऊँगली पर लेकर अनीता को दिखते हुए bola,"Sasura अंदर घुसने का कोशिश कर रहा था".

अनीता हरिया का बात सुननकट उसके ऊँगली के तरफ देखि तो अगले लाल हरिया पसीना ऊँगली से चाट गया.

अनीता यह देखकर थोड़ी हैरानी से हरिया को देखि और फिर मुस्कुराकर boli,"Hariya जी यह आप क्या कर रहे हैं? छी कोई पसीना चाट ता है क्या?".

यह सुनकर हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब हमने कहा था न की आपकी गोरी khoobsurat,mulayam और चिकनी बदन का पसीना भी साफ़ और मज़ेदार है. इतना साफ़ सुथरा रहती हैं आप".

अनीता यह सुनकर हैरत से मुस्कुराती हुयी उसका लुंड धीरे धीरे हिलती हुयी boli,"Aap बात बनाने में हरिया जी एक्सपर्ट है, लेकिन पसीना कभी साफ़ नहीं होता".

हरिया यह सुनकर अपने दये हाथ से उसकी कमर को सहलाते हुए अंगूठा उसकी ब्लाउज के नीचे उसकी बायीं चूंकि में सत्ता कर बाये हाथ से मुठी बना कर आगे पुश करते हुए bola,"memsaahab हम सेवा करने में भी एक्सपट hai,zabardast तरीके से हम सेवा करते हैं".

हरिया यह बोलकर अपना कमर दो बार पीछे करके दोनों बार थोड़ा आगे कर दिया. अनीता उसके हाथ का म मुट्ठी और फिर लुंड को कमर के साथ आगे पीछे होते देखि और बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी उसे देखकर boli,"Hariya जी पता नहीं आप कितने चीज़ों में एक्सपर्ट हैं, मगर एक बात तो है की मुझे जब भी ज़रूरत पड़ता है आप मेरी मदद करने आ जाते हैं, जैसे आज".

हरिया यह सुनकर धीरे धीरे कमर हिलाते हुए दये हाथ से अनीता की कमर पर हाथ फिरने लगा और मुस्कुराकर bola,"U तो करना hi है मेमसाहेब. आप इतनी अच्छी है".

फिर हरिया हाथ को अनीता की चूंकि के ठीक नीचे रोक कर अपने अंगूठे को वापस उसकी बायीं चूंकि के निचले भाग पर दबाकर आँखों से उसकी बायीं चूंकि के तरफ इशारा करते हुए bola,"Aap का दिल इतना बड़ा है. तो ऐसे में हम आपका मदद कैसे नहीं करेंगे".

अनीता हरिया का हवस भरा भूखा नज़र खुद की बदन पर चुप चाप देख रही थी और बिना शर्म के हरिया का लुंड हिला रही थी.

अगले पल हरिया उसकी कमर पर फिर से हाथ फिरते हुए bola,"Uff मेमसाहेब का खबसूरत बनाया है आपको ऊपर वाले ने. कितना चिकना, मुलायम और गोरा बदन दिया है ऊपर वाले ने आपको".

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके लुंड को तरफ देखि और उसे सहलाते हुए बिना शर्म के वापस हरिया के आँखों में देखती हुयी puchi,"Hariya जी मेरी बदन में ऐसा क्या है जो आपको अच्छा लगता है? ऐसे तो कितनी औरतें होती है".

अनीता ऐसा सवाल एक तरह से हरिया से पूछ चुकी थी मगर बात करते करते उसका यूँ उसकी बदन को ऐसे हवस भरे नज़र से देखना और छेड़ना और साथ hi उसकी ख़ूबसूरती की तारीफ करना अनीता को कहीं न कहीं अच्छा लग रहा था इसलिए वह बातों बातों में यह सवाल दुबारा कर रही थी.

हरिया यह सुनकर गन्दी मुस्कराहट से अनीता को देखा और फिर उसकी चूंकि को देखते हुए अपना अंगूठा नीचे से उसकी ब्लाउज में हल्का दबाया जिससे अनीता को अपनी चूंकि पर उसके अंगूठे का दबाओ महसूस हुआ और साथ hi अपने हाथ में हरिया का लुंड का झटका भी महसूस हुआ. अनीता यह महसूस करके हरिया के लुंड के तरफ देखि.

यह सबसे अनीता की रोम रोम मज़े से भरने लगी.

हरिया फिर उसकी नंगी कमर देखा और बाय हाथ उस पर फिरते हुए उसे अच्छे से सहलाने लगा और फिर bola,"Are मेमसाहेब कहाँ सब औरतों की होती है."

फिर वह अनीता की चूँचियों और गांड की तरफ आँखों से इशारा करते हुए दये हाथ के अंगूठे से उसकी चूंकि पर दबाओ बनाते हुए और बाये हाथ को उसकी कमर से नीचे और पीछे के तरफ खिसका कर उसकी गांड पकड़ कर दबाते हुए bola,"Sab औरतों का इतना बड़ा बड़ा ऊपर नीचे कहाँ होता hai,woh भी जितना बड़ा होना चाहिए उतना बड़ा".

अनीता का दिल यह सुनकर और हरिया का गन्दा हवस भरा नज़र अपनी बदन और उसका हाथ अपनी चूंकि और गांड पर महसूस करते हुए तेज़ी धड़क रहा था और सांस भी तेज़ हो रही थी. इसके साथ उसे एक अलग hi मज़ा मिल रहा था और उसकी छूट धीरे धीरे गीली हो रही थी.

अगले पल हरिया उसकी गांड से हाथ फिर कमर पर लाकर bola,"Aur यह आपकी कमर इतनी mulayam,chikni,gori और जितनी पतली होनी चाहिए उतनी पतली कमर हमने सिर्फ हेरोइनो की hi देखि है मेमसाहब. हम बार बार बोलेंगे की आप हेरोइनो से भी ज़्यादा खूबसूरत हो. कसम से मेमसाहब आप जैसी इस शहर में कोई नहीं. बाकी औरतों की कमर तो मोती और चर्बी से भरी रहती है मगर आप पूरी हीरोइन जैसी hain,balki उनसे भी ज़्यादा खूबसूरत. आपके सामने सब औरत फीकी हैं".

अनीता यह सुनकर बस हरिया का लुंड सहलाते हुए उसे देख रही थी. उसे हरिया के मुंह से अपनी तारीफ सुनने में अच्छा लगने लगा था और वह अच्छे से उसका लुंड मुट्ठी में भरकर धीरे धीरे प्यार से हिला रही थी.

हरिया का लुंड भी इतनी देर से अनीता जैसी खूबसूरत और कामुक औरत के हाथ में रहकर अपना असली आकर में आ रहा tha.Uska लुंड धीरे धीरे सख्त हो रहा था और पहले से ज़्यादा मोटा और लम्बा हो रहा था और साथ hi उसके लुंड का नस भी दिखने लगा था.

अनीता को हरिया का लुंड का नस भी अच्छा लग रहा था और उसे एक अलग मज़ा मिल रहा था उसके लुंड के नस से. उसे यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया का लुंड इतना बड़ा, मोटा और सख्त था.

हरिया फिर अपने बाये हाथ के पाँचों उँगलियों के टिप को अनीता की पेट पर बहोत hi हल्का तरीके से फिरने लगा जिससे अनीता को गुदगुदी लगने लगी और उसकी पेट थोड़ा अंदर के तरफ और बाहर के तरफ होने लगी. यह देखकर हरिया अपना कमर और ज़्यादा हिलने लगा और अनीता भी अपनी हाथ के गिरफ्त में उसके लुंड को पकडे हिलती रही.

अनीता उसका हाथ के उँगलियों को अपनी नंगी पेट पर फिरते हुए देखने लगी और उसके खुरदुरेपन से उसे थोड़ी गुदगुदी और सनसनाहट हो रही थी जो उसे और मज़ा दे रही थी, ऊपर से हरिया का यूँ कमर हिलाकर लगभग उसकी हाथ को छोड़ने से उसकी छूट गीली होने के साथ साथ फड़कने भी लगी.

अनीता खुद को कण्ट्रोल करती हुयी आस पास नज़र दौड़ाई और हरिया से boli,"Hariya जी हमें चलना चाहिए. आइस क्रीम भी हम खा चुके हैं, गर्मी भी बहोत है और मुझे लेट भी हो रही है".

हरिया यह सुन्नते हुए उँगलियाँ उसकी पेट पर फिरते हुए उसकी नाभि तक उँगलियाँ ले जा चूका था और अगले पल bola,"are मेमसाहब आज आप फिर वो बुली रिंग नहीं पहनी".

यह सुनकर अनीता हरिया का लुंड हाथ में लिए hi बिना शर्म के खिलखिला padi,"hehehe हरिया जी".

हरिया अनीता को हस्ते देख अपना दांत दिखते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता एक ऐडा से उसे देखती हुयी boli,"Use बुली रिंग nahin,belly बटन रिंग कहते हैं जिसे शार्ट में बेल्ली रिंग भी कह सकते हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"ohh हाँ मेमसाहब वही बेल्ली रिंग"

अनीता अगले पल poochhi,"Hariya जी आपको मेरी नाभि में बेल्ली रिंग अच्छी लगती है?".

हरिया अनीता की नाभि देखते हुए उसपर उँगलियाँ फिरते हुए bola,"haan मेमसाहब. आप ग़ज़ब की लगती है वो पेहेन कर. एक दम मस्त".

अनीता यह सुनकर एक पल हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका लुंड सहलाती हुयी poochhi,"kyun उसमे क्या अच्छा लगता है?".

हरिया का लुंड अनीता की हाथ का स्पर्श पाकर पूरे रूप में आ चूका tha.Hariya उसकी नाभि के चारो तरफ उँगलियों के फिरने लगा और bola,"Dekhiye मेमसाहब आपकी गोरी चिकनी सपाट पेट में यह गहरी नाभि और उसमे जब वो रिंग लटक कर चमकता है तो वाह देख कर hi हमारा मैं खुश हो जाता है. आपकी चिकनी गोरी पेट पर उसे लटका देख"

फिर हरिया अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"humara यह हथियार भी खुश हो जाता है".

अनीता पहली बार हरिया के मुंह से खुद के लुंड के लिए "हथियार" शब्द सुनी थी. वह समझ गयी हरिया अपने लुंड को "हथियार" बोल रहा था जिससे उसकी सांस तेज़ होने लगी.

अनीता अगले पल उसके लुंड को देखि और सांस काबू करके बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप बस मेरी तारीफ करते रहते हैं और तो और आप देखकर मेरी नाभि की गहराई भी नाप लिए".

हरिया यह सुनकर गंदे तरीके से मुस्कुराते हुए bola,"Hum बोलै हूँ न मेमसाहेब की हम बहोत चीज़ में एक्सपट हूँ. ऊपर से देख कर hi छेड़ का गहराई नाप लेता हूँ".

जिस तरह से हरिया अनीता से bola,"Chhed की गहराई", अनीता की दिल यह सुनते hi धड़क गयी और सांस फिर से तेज़ होने लगी मगर वह बिना शर्म के हरिया को hi देखती रही.

वह खुद को सँभालने के लिए फिर से गहरी सांस ली तो उसकी चूंकि ऊपर हो गयी जिसे महसूस करते hi हरिया अपना नज़र उसकी चूंकि के तरफ ले गया और जब चूंकि ऊपर होकर नीचे हो गयी तो वह गंदे तरीके से हवस भरे नज़र से अनीता की बदन को फिर देखने लगा. अनीता चुप चाप फिर उसके नज़र को अपनी बदन पर रेंगते हुए महसूस करने लगी.

हरिया उसकी बदन को देखते हुए नीचे नज़र उसकी नाभि पर लेजाकर उसकी नाभि में बीच का ऊँगली घुसाने का कोशिश करते हुए bola,"Lekin हम अपना सामन अंदर घुसा कर भी नापना जानता हूँ मेमसाहेब. अभी अंदर घुसकर नाप देता हूँ आपकी गहराई"

यह सुनकर अनीता की दिल फिर धड़क गयी और सांस तेज़ होने लगी. वह आस पास देखकर नज़र अपनी नाभि के तरफ ले गयी. एक तो जो इतनी देर से चल रहा था और अब हरिया का मोटा खुरदुरा ऊँगली अपनी नाभि पर महसूस करके उसकी छूट गीली हो चुकी थी और फड़क रही थी. वह सांस को काबू करती हुयी हरिया के ऊँगली को अपनी नाभि में घुसने का कोशिश करते हुए देखने लगी.

हरिया को अपना मोटा खुरदुरा ऊँगली घुसाने में थोड़ा मुश्किल हो रहा था तो अनीता बिना शर्म के boli,"Hariya जी लगता है आपका सब चीज़ मोटा है".

हरिया यह सुनकर अनीता की तरफ देखा तो अनीता बिना शर्म के मुस्कुरा दी. हरिया भी मुस्कुराकर एक नज़र उसे देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब मोटा में hi तो मज़ा है. मज़ा का असली मज़ा है. जब मोटा चीज़ रगड़ कर फास्ट हुए अंदर घुसता है तो घुसाने वाले और जिसके अंदर घुसता है दोनों को असली मज़ा तभी मिलता है".

अनीता की सांस यह सुनकर फिर तेज़ होने लगी. वह बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका लुंड सेहला रही थी. हरिया आगे bola,"Bas थोड़ा म्हणत करके अंदर घुसना पड़ता है. मगर ससुरा ु मरद hi का जो घुसाने में म्हणत न करे".

यह बात बोलते hi वह ऊँगली का थोड़ा दबाओ बनाया और उसका ऊँगली अनीता की नाभि में थोड़ा सा घुस गया और अनीता की नाभि के चारो तरफ का स्किन उसकी ऊँगली को जकड लिया.

हरिया नीचे के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहेब घुस गया न हमरा सामान आपके अंदर".

अनीता यह सुनकर नीचे अपनी नाभि के तरफ देखि तो हरिया bola,"Aur हमरा सामान मोटा होने से देखिये कितना अच्छा से घुस कर फिट हो गया आपके गहराई में".

अनीता का दिल यह सब सुनकर और महसूस करके तेज़ी स्व धड़क रहा था और सांस तेज़ी स्व चल रही थी. भले hi वह बेशर्म औरत थी मगर उसके साथ ऐसा खुलेआम छेड़ छड़ कभी नहीं हुआ था. हरिया hi उसे आज तक सबसे ज़्यादा छेड़ा था और उसमे भी अभी जिस तरीके स्व छेड़ रहा था ऐसा कभी नहीं छेड़ा था.

अनीता की सांस तेज़ होने से उसकी चूँचियाँ लगातार ऊपर नीचे हो रही थी. हरिया उसकी चूँचियों को देखकर दये हाथ से उसकी गांड दबाकर bola,"Aur जिसके पास बड़े बड़े होते हैं उसके लिए कोई मोटा और लम्बा चीज़ hi सही होता है. ससुरा छोटा और पतला में का मज़ा".

अनीता समझ गयी की हरिया क्या कहना छह रहा था. वह तेज़ सांस लेकर हरिया को देख रही थी जो अपना बात बोलकर अनीता की तरफ देखा तो वह बिना शर्म के उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Hariya जी आप गहराई नाप चुके हैं तो अपनी ऊँगली निकल लीजिये".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब अभी तो हम बस घुसाया हूँ. अभी आपका गहराई कहाँ नापा हूँ. हम तो देखकर hi समझ गए की आपका गहरा कितना है, मगर फिर भी आपके सामने नाप दे रहा हूँ. आप देखिये हम कैसे नापता हूँ".

अनीता यह सुनकर तेज़ सांस लेकर नीचे देखि तो हरिया अपना ऊँगली उसकी नाभि में अंदर बाहर करने लगा. अनीता की सांस यह देखकर और तेज़ होने लगी थी और वह भी हरिया का लुंड और अच्छे से हिलने लगी.

हरिया तीन चार बार hi ऊँगली अंदर बाहर किया था की तभी दोनों को किसी के आने की आहात सुनायी दिया और अनीता झट से हरिया का लुंड छोर दी.

हरिया का लम्बा मोटा लुंड हवा में आकर कर खड़ा हिलने लगा.

अनीता हरिया को boli,"Hariya जी हमें यहां से चलना चाहिए ab.Late हो रही है".

हरिया अपना लुंड अनीता को देखते हुए सहलाते हुए bola,"are मेमसाहब इसका kya?dekhiye न कैसे फुंफ्कार रहा है".

अनीता यह सुनकर एक नज़र हरिया को देखने के बाद उसके लुंड के तरफ देख कर अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच दबायी और फिर एक नज़र उस गली में आने वाले रास्ते के तरफ देखकर हरिया को देखि.
 
अपडेट 34

अनीता हरिया को देखकर boli,"nahin हरिया जी अभी chaliye,isko आप कण्ट्रोल में रखिये अभी".

अनीता यह बोलकर खुद की गांड के पास की साड़ी ठीक करने लगी.

हरिया भी ज़्यादा बात बढ़ाना नहीं चाहता tha.Wo भी किसी के आने की आहात सुन्न रहा था तो वो अनीता को अपनी गांड के पास की साड़ी करता देख जल्दी से अपना लुंड पंत में दाल कर ज़िप लगते हुए bola,"Theek है जैसे हमरी मेमसाहेब का मैं".

अनीता यह सुनकर अपनी गांड के पास का साड़ी ठीक करती हुयी हरिया के तरफ देखि. उसे उतना बड़ा लुंड खड़ा होने पर पंत में घुसना मुश्किल हो रहा था. अनीता को अभी भी यक़ीन नहीं हो रहा था की हरिया का लुंड उतना बड़ा था, बहोत मोटा और लम्बा. वह उसका लुंड देखती हुयी अपनी साड़ी ठीक की और बैग से छत निकलकर खोल दी.

हरिया भी जैसे तैसे खुद का लुंड पंत में घुसा कर अनीता की सब्जी की थैली उठाकर उसकी गांड दबोचकर मुस्कुराया और फिर उसकी गांड को थपथपाते हुए bola,"chaliye हमारी मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और एक नज़र आँखों के कोने से हरिया के लुंड को देखकर अपनी गांड हिलती हुयी चलने लगी. जिस तरह से हरिया उसकी गांड को थपथपाते हुए चलने के लिए बोलै था ऐसा लग रहा था की हरिया अनीता को बोल रहा ho,"Gaand हिलाओ और चलना शुरू करो".

अनीता को भी हरिया का बात सुनकर कुछ ऐसा hi लगा और वह हरिया के यह साहस, यह हिम्मत से प्रभावित हो गयी की वह कितनी हिम्मत से एक तरह से उसे आर्डर दे रहा है की गाने हिलाते हुए चलो.

अनीता हरिया का बात सुन्न कर अपनी गांड पर हरिया का मजबूत हाथ महसूस करती हुयी गांड को हिलती हुयी चलने लगी.

अनीता चलती हुयी एक नज़र हरिया के पंत में उभर देखि तो मैं hi मैं प्रभावित होकर हरिया के चेहरे पर देखि तो हरिया उसकी गांड सहलाते हुए मुस्कुराते हुए bola,"Mann है तो ऊपर से hi छूकर देख लीजिये मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलाकर मुस्कुराती हुयी boli,"Chaliye हरिया जी मुझे लेट हो रही है".

हरिया भी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को बदन को एक बार ऊपर से नीचे तक गंदे नज़र से देखकर उसकी गांड दबाते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए".

दोनों फिर गली से निकल गए और हरिया अनीता की गांड से हाथ हटा दिया.

गली से निकलकर दोनों सामने देखे तो उन्हें वही बुद्धा उधर आते हुए देखा.

वह बुद्धा वो दोनों को देखकर एक जगह खड़ा हो गया और दोनों को गौर से देखने लगा.

हरिया उसके तरफ देखते हुए गुस्से से bola,"to साला ी ससुरा बुद्धा था जो इधर आ रहा था. कमीना साला जहाँ तहँ आ जा रहा है".

अनीता भी बुड्ढे को घृणा की नज़र से देख रही थी और उसे न जाने क्यों हरिया के मुंह से गन्दी गालियां सुन्न कर अच्छा laga.Wo बुद्धा अनीता को hi देख रहा था.

अनीता एक नज़र बुड्ढे को देखने के बाद हरिया की तरफ देखकर एक ऐडा से boli,"Chhoriye हरिया जी. कुछ लोगो के पास कुछ भी काम नहीं रहता है. सब मर्द आप जैसे थोड़े है जो म्हणत मज़दूरी करने के बावजूद भी किसी की मदद करने के लिए भी हर वक़्त तैयार रहते हैं. कुछ लोग तो बस देखते hi रहते हैं".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ रखकर हल्का सा दबाकर bola,"Are मेमसाहेब सब में हमरे जैसा मदद करने का ताक़त"

और फिर हरिया आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"aur तगड़ा सामान भी नहीं है है".

अनीता उसका इशारा करने पर उसके लुंड के तरफ देखि जहाँ पंत के अंदर बड़ा उभर था. अनीता वह देख hi रही थी की हरिया अनीता की चूँचियों को देखते हुए बोलना जारी rakha,"Aap जैसी इतनी बड़ी दिल की औरत का मदद करने के लिए हिम्मत, तगड़ा सामान और दम होना चाहिए".

अनीता हरिया का बात सुनते hi उसके चेहरे पर देखि और उसे खुद की चूँचियों को देखते हुए बड़ा दिल का कहने से समझ गयी की वह क्या कहना चाहता था. वह बिना शर्म के चलती हुयी उसे देखती हुयी बात सुन्न रही थी.

अनीता हरिया का बात सुनकर आँखों के कोने से उस बूढ़े के तरफ देखकर हरिया के तरफ देखि और फिर उसके लुंड पर पंत के ऊपर से हाथ रखकर boli,"Hariya जी इसे अच्छे से अंदर एडजस्ट कीजिये नहीं तो कोई देखेगा तो क्या कहेगा".

अनीता यह बोलते वक़्त हरिया का लुंड को पंत के ऊपर से hi सेहला रही थी और फिर वो उस बुड्ढे की तरफ जल्दी से एक नज़र देखि तो उसे खुद का लुंड सहलाते देखि. यह देखते hi अनीता के चेहरे पर एक गर्व का भाव आ गया और वह उसे देखकर वापस हरिया को देखकर उसके लुंड को अच्छे से पकड़ कर सहलाते हुयी मुस्कुरा दी.

हरिया अपने लुंड पर अनीता की हाथ देखने में व्यस्त था तो वो अनीता को बुड्ढे की तरफ देखते नहीं देखा मगर जैसे hi अनीता उसके तरफ देखकर अच्छे से लुंड पकड़ कर सेहलायी तो वह भी नज़र ऊपर करके अनीता को देखा तब अनीता मुस्कुरा दी.

अनीता को मुस्कुराता देख हरिया भी अपने लाल दांत दिखते हुए मुस्कुराकर अनीता की गांड दबोच कर bola,"Ka बोलेगा मेमसाहेब. ससुरा जो भी देखेगा की समझ जायेगा की हमरे पास तगड़ा सामान है आपका मदद करने के लिए इसलिए हम आपका मदद कर रहा हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसका लुंड सहलाकर boli,"Hariya जी आप भी न बस बातें बनाते हैं. तगड़े सामान को कण्ट्रोल में रखिये".

अनीता इतना बोलने के बाद आँखों के कोने से उस बूढ़े के तरफ देखि और फिर हरिया के लुंड को पकड़ कर पंत में एडजस्ट करने लगी तो हरिया दांत दिखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"are मेमसाहब आपने इसे शांत नहीं किया na,sahi से प्यार नहीं किया इसलिए अभी भी अपना तगड़ा होने का सबूत दे रहा है. दिखा रहा है की आप का प्यार के लायक है यह".

अनीता हरिया के लुंड को पंत के ऊपर से पकडे पंत के अंदर एडजस्ट करके boli,"Are हरिया जी अभी इसे शांत रखिये. कोई देखेगा तो बोलेगा की आप अपना हथियार को अपने कण्ट्रोल में नहीं रखते. अब चलिए".

अनीता उतना बोलकर अपना हाथ उसके लुंड से हटा ली और आँखों के कोने से उस बुड्ढे के तरफ देखकर वापस हरिया के तरफ देखि.

हरिया अनीता की बात सुनकर मुस्कुराया और खुद से भी अपना लुंड को पंत में एडजस्ट करने लगा तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखने लगी और देखने के बाद उस बुड्ढे की तरफ घृणा की नज़र से देखकर उसके खुद के लुंड के तरफ देखि जो वह फिर से निकल कर सहलाने लगा था.

अनीता उसके लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखकर जबान निकल कर चिढ़ा दी और वापस हरिया की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी.

दोनों जैसे hi बुड्ढे के खड़े होने के जगह से आगे बढ़ते हैं तो वह बुद्धा हाथ हिलना बांध कर दिया. हरिया भी अनीता की गांड से हाथ हटा चूका था. अनीता बुड्ढे को एक नज़र देखि और फिर उसके खड़े होने के जगह से आगे बढ़ने पर अपनी गांड की मटक बढ़ा दी और हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी आपको मेरी वजह से आज लेट हो गयी".

हरिया जवाब में अनीता की गांड पर फिर हाथ लेजाकर उसे दबाकर bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. हमरा फिकर मत करिये"

बुद्धा अनीता की मटकती गांड और उसकी नंगी कमर देख रहा था और कैसे हरिया जैसे लौ क्लास आदमी से है है कर बात कर रही थी यह सब देख कर उसका लुंड हरकत करने लगा और वह फिर से लुंड हिलने लगा.

अनीता जवाब में मुस्कुराकर उसे देखकर boli,"Theek है हरिया जी".

वह अनीता को हरिया का लुंड सहलाते हुए पहले hi देख लिया था और अब उसकी मटकती गांड और नंगी कमर देखकर हालत ख़राब होने लगा tha.Wo अपने लुंड पर हाथ रखकर उसे मसलने लगा. वह इतनी खूबसूरत औरत सामने से कभी नहीं देखा था और ऊपर से उसके जैसी खूबसूरत औरत को इतनी बदन दिखाऊ साड़ी पहने देख उसका दिल धड़कने लगा.

साथ hi उसकी गोरी जिस्म पसीने से चमकता देख उसका हालत और ख़राब हो रहा था. उसका हालत और ख़राब होने लगा और उसके दिल का धड़कन बढ़ गया जब वह हरिया को अनीता की गांड पर हाथ रखकर दबाते हुए देखा और अनीता बिना किसी झिझक के मुस्कुराती हुयी उससे बात कर रही थी.

अनीता जैसे hi मुस्कुराकर हरिया के तरफ देखकर boli,"Theek है हरिया जी" तो वह बुद्धा भले hi कुछ सुन्न नहीं पाया था मगर अनीता को वैसे मुस्कुराकर हरिया को जवाब देते देख अपना लुंड सहलाते हुए उसके मुंह से निकल gaya,"besharam बेहया औरत".

यह बोलते hi वह कांपते हुए फिर से झरने लगा. उसका लुंड पूरा खड़ा भी नहीं हुआ था फिर भी वह झरने लगा हुए झरा भी ऐसे की उसका बदन कांपने लगा मगर लुंड से सिर्फ एक बंध hi वीर्य निकला जो उसके लुंड के टिप पर चिपका रह गया.

अनीता जवाब देने के बाद कुछ आगे बढ़कर पीछे घूम कर बुड्ढे को देखि तो वह काँप रहा था.

अनीता उसे काँपता देख समझ गयी की वह जहर रहा था और सीधा उसके आँख में देखि तो वह बुद्धा शर्मिंदगी से सर नीचे कर लिया. अनीता उसके सर नीचे करने पर मुस्कुरा कर अपनी सर को हिलाकर वापस आगे देखते हुए ऑटो स्टैंड चली गयी.

हरिया उसकी गांड से ऑटो स्टैंड पहुँचने से पहले hi हाथ हटा चूका था और दोनों नार्मल तरीके से ऑटो स्टैंड पहुंचे.

ऑटो ड्राइवर पास hi था मगर दूसरी तरफ देख रहा था तो हरिया अनीता के बैठते वक़्त बस थोड़ा सा उसकी गांड छूटे हुए bola,"araam से बैठिये मेमसाहब".

ड्राइवर के होने के कारण वो पिछली बार की तरह अनीता की गांड पकड़ कर उसे बैठाया nahin.Driver फिर थोड़ा आगे बढ़कर दूसरा ड्राइवर से बात करने में बिजी हो गया.

अनीता बैठकर हरिया को मुस्कुराकर देखि और फिर अपने पर्स से 500 का 2 नोट हरिया को देते हुए boli,"Hariya जी यह रख लीजिये. अगर आप नहीं होते तो आज...."

अनीता के पूरा बोलने से पहले hi हरिया बोल pada,"Kaisi बात कर रही है आप मेमसाहब. आप की मदद करना तो हमारा फ़र्ज़ है. हमको जब भी लगेगा की आपको हमरे मदद का ज़रूरत है हम हमेशा हमरे बस में जो भी होगा हम ु करूँगा आपका मदद करने का. आपका सेवा करने का. हम खुसी से आपका मदद करता हूँ. आप इतनी अच्छी है आपका मदद करना तो हुंका अच्छा लगता है. हुंका पैसे नहीं चाहिए".

अनीता उसे देखती हुई मुस्कुराकर boli,"are ठीक है हरिया जी आप अपनी ख़ुशी से मेरी मदद करते हैं लेकिन आज अलग बात है. आज आप नहीं होते तो वो चोर.....".

हरिया अनीता को बीच में hi काट ते हुए बोलता hai,"Are मेमसाहब कुछो हो. हम किसी भी तरह से आपका मदद करू हुंका खुसी होता है. हम नहीं ले सकते यह पैसे. आप मेरी मेमसाहब है और हमारा फ़र्ज़ है आपकी मदद करना" और हरिया फिर अपने पंत के ऊपर से लुंड को सहलाते हुए bola,"Humara फ़र्ज़ आपकी हर तरह से मदद और सेवा करना है और हम खुसी से करूँगा. बस हमें सेवा का मौका दीजिये मेमसाहब. हम अच्छे से सेवा करेंगे आपकी. आप पैसे देकर हमरा ग़रीबी का मज़ाक मत उड़ाइये और हुंका शर्मिंदा मत कीजिये.

हरिया को पंत के ऊपर से लुंड सहलाता देख अनीता उसके लुंड को देखने लगी. वह उसका बात सुन्न उसके चेहरे पर देखि और उसका आख़री जहाँ वह ग़रीबी का बात करने लगा वह सुनकर अनीता को बुरा लगा.

अनीता हरिया का बात सुनकर उसे देखकर boli,"I ऍम सॉरी हरिया जी, मेरा मतलब वह नहीं था. मैं तो बस आपके हिम्मत और बहादुरी के लिए छोटा सा इनाम दे रही थी".

हरिया यह सुनकर लुंड सहलाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम कउनो इनाम के लालच में आपका मदद नहीं किया हूँ. हम ग़रीब ज़रूर हूँ मगर पैसे का लालच नहीं है हुंका".

फिर वो लुंड सहलाते हुए hi अनीता की क्लीवेज देखने लगा तो अनीता poochhi,"To आपको किसी और चीज़ का लालच है हरिया जी?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराने लगा और लुंड सहलाते हुए bola,"Humein बस आप जैसी मेमसाहब की सेवा करने का लालच है. का करे मेमसाहब मगर आप इतनी अच्छी है की हुंका आपका सेवा और मदद करने का बहोत मैं करता है.".

अनीता उसका लुंड देखि और फिर मुस्कुराती हुयी poochhi,"Aap जैसी matlab?Aap क्या मेरे अलावा किसी और की भी सेवा करना चाहते हैं?".

हरिया यह सुनकर अपना लाल दांत दिखते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहब सेवा तो सिर्फ आपकी hi करने का मैं करता है बस आप सेवा करने का मौका दीजिये".

अनीता यह सुनकर उसकी आँखों में देखती हुयी मुस्कुरा कर boli,"Mujhe तो लगा अब मेरी मदद करने के बाद फिर किसी और की भी मदद करने जायेंगे".

और यह बोलकर अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

अनीता को खिलखिलाते देख हरिया भी दांत दिखने लगा और अनीता खिलखिलाना बांध करके हरिया के आँखों में देखने लगी की तभी कुछ पैसेंजर्स के आने की भनक लगने पर वो उधर देखने लगी और फिर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी अब आप चले जाइये. मेरी मदद के लिए शुक्रिया".

और फिर वह 500 के दोनों नोटों को उसके तरफ बढाती हुयी boli,"Aur प्लीज यह पैसे रख लीजिये".

हरिया उसकी क्लीवेज देखकर उसे देखा तो अनीता उसे देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"rakh लीजिये हरिया जी. मैं ख़ुशी से दे रही हूँ".

हरिया उसकी हाथ से पैसे लेकर bola,"Theek है memsaahab,aap खुसी से दे रही हैं तो हम ले लेता हूँ. आप सच में बहोत अच्छी है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो वह puchha,"Phir कब आइयेगा मेमसाहेब?".

अनीता उसे पैसे देकर मुस्कुराती हुयी boli,"pata नहीं हरिया जी, शायद 3-4 दिन बाद फिर आउंगी".

हरिया अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Aapka इंतज़ार रहेगा मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई हरिया को देखि तो हरिया लुंड सहलाते हुए hi फिर bola,"Memsaahab इसे bye कर दीजिये न".

अनीता उसके लुंड के उभर को देखि और फिर हरिया की आँखों में देखने के बाद आस पास देखने लगी. पैसेंजर्स कुछ दूर थे तो अनीता हरिया का लुंड पकड़ कर सेहला दी.

हरिया मुस्कुराने लगा तो अनीता उसके लुंड सहलाती हुयी boli,"Theek है हरिया जी चलती हूँ. आप भी जाइये काम पर अब. चोर से बचने के लिए फिर से शुक्रिया" और यह बोलकर वो उसका लुंड से हाथ हटा ली.

हरिया अपना हाथ बढाकर उसकी कमर पर हाथ फिरते हुए bola,"khyaal रखियेगा मेमसाहब अपना".

अनीता उसके आँखों में एक पल देखि और फिर सामने देखने लगी. अगले पल पैसेंजर्स आकर बैठ गए तो अनीता हरिया को एक नज़र देखि और फिर ऑटो चल पड़ा.

हरिया ऑटो जाते देखते रहा और फिर अपना लुंड धीरे से सेहला कर अपने पॉकेट से एक गुटखा निकल कर खा लिया और वहां से चला गया. वहीँ अनीता चुप चाप ऑटो में बैठी ऑटो स्टैंड पहुँच गयी

अनीता ऑटो में बैठी हुयी हरिया के लुंड के बारे में hi सोच रही थी और उसका लुंड का साइज पर अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा tha.Itna लम्बा और मोटा लुंड वह कभी देखि नहीं थी और आज अनीता न सिर्फ हरिया का मोटा लम्बा लुंड देखि बल्कि बहोत देर तक उसे सहलाई bhi,use अपनी मुट्ठी में भर कर हिलाई bhi.Uska लुंड इतना मोटा था की उसकी हाथ की पूरी पाकर में भी नहीं आ रहा था.

अनीता हरिया का लुंड के बारे में hi सोची जा रही थी और उसकी बदन में आग लगी थी मगर फिर भी वो खुद को सँभालने की कोशिश की और अपने ख्याल से बाहर आ गयी.

वो फिर एक गहरी सांस लेकर खुद को कण्ट्रोल करके सामने ऑटो के आईने में देखने लगी तो ऑटो ड्राइवर का आँख दिखाई दिया जो आईने में उसकी चूंकि पर था.

ऑटो ड्राइवर जल्दी से एक नज़र उसकी क्लीवेज और नंगी कमर को देखकर वापस रोड की तरफ देखने लगा और अनीता भी चुप चाप बाहर देखने लगी.

अनीता साड़ी के पल्लू को अपनी बाई चूंकि के आधे भाग से ऊपर कंधे के तरफ ले गयी थी जिससे दाई चूंकि की उभर और क्लीवेज साफ़ साफ़ दिख रही थी. उसकी बायीं चूंकि का भी उभर आधे hi ढंके होने के कारण साफ़ साफ़ पता चल रहा था. साथ hi उसकी पूरी कमर नंगी थी छोटा ब्लाउज और नाभि के नीचे साड़ी पहनने से.

वो ड्राइवर फिर अनीता की बदन देखने लगा और जैसे hi अनीता को खुद की और देखते पाया वो झट से सामने देखने लगा. अनीता भी ड्राइवर को एक पल देखने के बाद बाहर देखने लगी.

मर्दों की हवस भरी नज़र अनीता के लिए नयी नहीं थी इसलिए उसे कुछ फ़र्क़ नहीं पर रहा था ड्राइवर के देखने से और वो नार्मल भाव से बाहर देखने लगी.

मगर दिल्ली जैसे बड़े शहर में उसे इतने मर्द हवस से नहीं देखते थे जितना की इस छोटे शहर में आने के बाद यहां के मर्द उसे देखते थे. अनीता को यहाँ भी इतने सारे मर्दों के गन्दी हवस भरी नज़रों से कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था बल्कि कभी कभी उसे ऐसी नज़र खुद की ख़ूबसूरती की तारीफ hi लगती थी.

अनीता को कभी कभी अच्छा लगता था की मर्द उसकी जिस्म को इतना खूबसूरत समझते हैं की उसे देखना चाहते थे. उसका तो यहां तक मन्ना था की एक सच्चा मर्द खूबसूरत औरत को नहीं देखेगा तो किसको देखेगा. एक सच्चे मर्द को वही करना चाहिए जो उसे अच्छा लगे और वह करने से झिझकना नहीं चाहिए.

लेकिन भले hi मर्दों की भूखी नज़र का वह बुरा नहीं मानती थी मगर बात हद्द से ज़्यादा बाहर जाना भी उससे अच्छा नहीं लगता था और मर्द छिछोरेपन पर उतरे उसे यह भी अच्छा नहीं लगता था.

अनीता ऐसे hi बाहर देखती हुयी हरिया के लुंड के बारे में जितना काम हो सके उतना काम सोचती हुयी ऑटो स्टैंड पहुंची और घर की तरफ चल दी. दोपहर का वक़्त था तो स्टैंड पर ज़्यादा ऑटो वाले भी नहीं थे और वह चुप चाप घर पहुँच गयी.

घर पहुंचकर अनीता ठंडा पानी लेकर सोफे पर बैठकर गले का प्यास बुझाई और फिर सोचने lagi,"Mujhe यक़ीन नहीं हो रहा की हरिया जी का वो इतना बड़ा है. कितना लम्बा और मोटा था उफ़ मेरी हाथ के पकड़ में भी नहीं आ रहा था. सच में कैसे किसी काले नाग की तरह तन कर खड़ा हुआ फुंफ्कार रहा था. हरिया जी ठीक hi कह रहे थे की वह फुंफकारता है. सच में मोटा और लम्बा होने के साथ साथ तगड़ा भी लग रहा था हरिया जी का हथियार" .

यह सोच कर अनीता है पड़ी "हहहहए" और फिर सोचना जारी rakhi,"tagda है या क्या अभी बोलै नहीं जा सकता" और यह सोचकर वो मुस्कुरा दी.

वो फिर सोचना जारी rakhi,"Tagda दिख रहा था तो तगड़ा होगा hi. हरिया जी पूरी कॉन्फिडेंस से ऐसे hi थोड़े बोल रहे थे. कितनी देर तक मेरे हाथ में टिका हुआ था उनका हथियार"

"हथियार" शब्द फिर से सोचने पर अनीता मुस्कुरा दी और मुस्कुराती हुयी आगे sochi,"Hariya जी का भी एक अलग hi अंदाज़ है. हैं तो एक अनपढ़ मज़दूर मगर कॉन्फिडेंस कितना है की मेरी जैसी औरत का अस्स खुलेआम छूने की उन्होंने हिम्मत दिखाया. पहला दिन तो मुझे नार्मल बाकी मर्द जैसा लगा की वो बस एक बार छूकर अपना दिल बहलाना चाहते थे मगर मेरे हटने पर भी वह हिम्मत नहीं हारे और मेरे अस्स को दुबारा छूकर अच्छे से महसूस करने लगे."

अनीता आगे sochi,"Pata नहीं क्यों मगर उनका यह बोल्ड हरकत मुझे अच्छा लगा. भले hi अनपढ़ मज़दूर हैं मगर आखिर हैं तो एक मर्द hi न तो मेरी जैसी औरत का छूकर दिल नहीं बहलायेंगे तो किसका छूकर दिल बहलायेंगे".

अनीता मुस्कुराती हुयी सोचती rahi,"Bazaar में तो और भी औरतें हैं वो तो उनका भी छूकर दिल बेहला सकते थे मगर मेरा hi अस्स छूना उन्हें अच्छा लगता है. उन्हें मेरी अस्स पसंद है"

यह सोचकर अनीता खिलखिलाने lagi,"hehehe".

वो सोचना जारी rakhi,"Aaj हरिया जी नहीं होते तो वो चोर मेरी बैग चुरा कर भाग जाता. पैसो का तो चिंता नहीं था मगर कुछ डाक्यूमेंट्स वैज्ञारह चोरी होने पर मुश्किल हो जाती. मैं तो सोच भी नहीं सकती थी की हरिया जी जो दो हफ्ते से नहीं दिख रहे थे आज ठीक मौके पर आ जायेंगे."

अनीता आगे sochi,"Kaise वो किसी दबंग की तरह चोर का कालर पकड़ कर पीट रहे थे और उनका गुस्सा तो यह जान कर और बढ़ गया था की चोर मेरी hi बैग चोरी करके भागा था, उस औरत का जिसको वह अपना मेमसाहेब मानते हैं और जिसकी मदद करने के लिए वह हमेशा तैयार रहते हैं"

ऐसे में तो गुस्सा बढ़ना hi था उनका की जिसका मदद करने के लिए वह हमेशा बोलते हैं तो उसका बैग उनके रहते कैसे चोरी हो सकता है. शायद इसलिए वह आज इतनी गन्दी गन्दी गालियां दे रहे थे. गुस्सा थे वह की मेरी बैग चोरी हुआ था और गुस्से में तो गालियां पढ़े लिखे लोग भी देते हैं. हरिया जी तो फिर भी पढ़े लिखे नहीं है और आम तौर पर कितनी इज़्ज़त से मेरे साथ पेश आते हैं. गुस्से में वह गन्दी गन्दी गालियां दे रहे थे तो कुछ ग़लत नहीं कर रहे थे".

वह मुस्कुराकर sochi,"Sach में हरिया जी मेरी मदद करने के लिए हमेशा आ जाते हैं".

अगले पल अनीता की चेहरे से मुस्कराहट के जगह एक घृणा का भाव आ गया जब वह sochi,"Wahi वो बुड्ढे सब मेरी बेबसी देखकर भी कुछ नहीं कर रहे थे. काम से काम मदद करने की कोशिश तो करता कोई मगर कोई कुछ नहीं किया. इसलिए मैंने हरिया जी का हथियार उस बुड्ढे के सामने सेहला कर जाता दिया की हरिया जी मेरे ज़्यादा करीबी है जो मेरी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और उनके होते हुए मुझे उन् बुधो की मदद की कोई ज़रूरत नहीं है.".

इतना सोचते सोचते अनीता को थोड़ा हरिया पर गर्व होने लगा था और वह गर्व वाले एक्सप्रेशन से sochi,"Achha हुआ हरिया जी ने भी मेरी अस्स को उस वक़्त उस बुड्ढे के सामने दबा दिया. यह देखकर वह बुद्धा तो और जल भून गया होगा हरिया जी से हहहहए. हरिया जी भी सही वक़्त पर मेरी अस्स को दबा कर उस बुड्ढे को जला दिए. हेहेहे. मेरी मदद करने की कोशिश भी नहीं किया वह दोनों ने और वह दूसरा बुद्धा मुझे इतनी भूखी नज़रो से देख रहा था.".

अनीता ऐसे किसी को घृणा और नीच नज़र से नहीं देखती थी मगर उसे बहोत बुरा लगा की उन बुद्धो ने उसकी मदद करने की कोशिश भी नहीं किया. इसीलिए अनीता को उनलोगो से नफरत हो गयी थी और वो एक बुद्धा उसको बार बार देखकर उसे और भी गुस्सा कर रहा था.

वो सोचना जारी rakhi,"Bas देख hi सकता था. हरिया जी जैसा दबंग मर्द सब कोई नहीं जो अपना दिल बहलाने के लिए इतना हिम्मत दिखाए और मेरी जैसी औरत को खुलेआम छेड़े. बीच सड़क पर मेरी जिस्म को मर्द की नीयत से देखना और मेरी आँखों में देखते हुए मेरी बूम को मसलना तो बस हरिया जी जैसे मर्द hi कर सकता है. उनकी तो इतनी हिम्मत है की वो बुड्ढे के सामने hi मेरी अस्स को मसल रहे थे. पता नहीं क्यों मगर उस बुड्ढे के सामने जैसे hi उन्होंने मेरा अस्स मसला तो मुझे अच्छा लगा. जैसे वह उस बुड्ढे को दिखा रहे हो की मेरा अस्स पर उनका हक़ है और मेरी अस्स जब चाहे जहाँ चाहे वो छू सकते हैं और मसल सकते हैं. हरिया जी में एक अलग hi बात है और उनके जैसा उनका हथियार भी एक अलग hi तरीक़ा का है".

अनीता की छूट यह सब सोचकर बेचैन होकर फड़कने लगी तो वो होश में आकर boli,"hey भगवान् मैं भी क्या क्या सोच रही हूँ. मैंने तो मुम्मा के मन करने पर कॉलेज में कुछ किया भी नहीं फिर अब क्या हो रहा है मुझे. मेरी सहेलियां कितना मज़ा करती थी कॉलेज में और कैसे मुझे चिढ़ाती थी की वह कैसे अपने बर्फ का वो चुस्ती थी मगर फिर भी मैं खुद को कण्ट्रोल करके रखती थी और अब क्या हो रहा है मुझे? क्यों मुझे हरिया जी और उनके जैसे मजदूर लोग अच्छे लग रहे hain.Unke बदन का पसीने की महक तो मुझे और अच्छा लगने लगा है. छी मैं भी क्या क्या सोच रही हूँ और यह सब सोचकर गीली हो रही हूँ. हरिया जी तो ऐसे hi बाजार में मुझे छेड़ छेड़ कर मेरी पंतय भीगा दिए हैं. मैं नहाकर रिलैक्स हो जाती हूँ वर्ण बैठे बैठे एहि सब सोचती रहूंगी और गीली होते रहूंगी".

अनीता उठकर बैडरूम में जा कर साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज खोलकर ब्रा और पंतय में आईने के सामने कड़ी हो गयी और उसकी नज़र सीधे पंतय के सामने ट्रायंगल एरिया पर गयी जो पूरा गीला होकर भीग चुकी थी.

अपनी पंतय को इतना भीगा देख अनीता गहरी सांस लेकर वहां दाया हाथ लेजाकर महसूस की तो उसे चिपचिपापन महसूस हुआ. अनीता ज़िन्दगी में इतनी गीली कभी नहीं हुयी थी. वह वहां का चिप चिपचिपापन महसूस करके अपनी बायीं हाथ नाक के पास लेजाकर जो का सांस ली और फिर घबराकर नाक के और पंतय के ऊपर से हाथ हटा दी.

हाथ नाक के पास करके सांस लेने से अनीता को एक अजीब सा बदबू महसूस हुआ जिससे सूंघते hi उसकी छूट फड़क गयी और अनीता दोनों जगह से हाथ हटा ली. अनीता की नाक में उसके बाए हाथ में लगे हरिया के लुंड का बदबू घुसा था जिसे सूंघने के लिए hi वह हाथ नाक के पास ले गयी थी. इतनी देर उसका लुंड हाथ में लेकर हिलने ऐ उसके लुंड का महक उसकी हाथो में बैठ चूका था.

अनीता अगले पल थोड़ा घूमकर अपनी गांड देखि. अनीता एक छोटा मॉडर्न पंतय पहनी थी जो सामने से सिर्फ उसकी छूट पर ट्रायंगल कपडा था और पीछे भी ट्रायंगल शेप में इतना hi कपडा था जो की उसकी बड़ी गांड को आधा hi धक् सके. लेकिन चलने से और हरिया द्वारा इतना देर गांड दबाये जाने से वह कपडा भी लगभग पूरा अनीता की गांड की दरार में घुस चूका था और उसकी गांड को दोनों भाग लगभग पूरी नंगी थी जो लाल हो चुकी थी.

अनीता समझ गयी की उसकी गांड की दोनों भाग लाल क्यों है. वह कुछ सेकण्ड्स तक वैसे hi गांड देखती रही और फिर पंतय को निकल दी.

पंतय निकलते वक़्त उसकी छूट के रास का लड़ी उसकी छूट और पंतय के बीच झूल रही थी. यह देखकर अनीता का दिल धड़क रहा था और सांस तेज़ हो रही थी. वह पंतय निकल कर खुद की छूट को देखने लगी जिसपर थोड़ा भी बाल नहीं था. वह अपनी छूट को बहोत साफ़ सुथरा रखती थी.

अनीता अपनी छूट को देखती हुयी उसके ऊपर लगे उसकी छूट की रास पर दायी हाथ ले गयी और चिपचिपापन महसूस करके वहीँ हाथ फिरने लगी.

कुछ सेकण्ड्स बाद वह उस हाथ को अपनी नाक के पास ले गयी और बायीं हाथ को मुंह के सामने करके ज़ोर का सांस ली और खुद की छूट की रास को सूंघने लगी और सूंघते हुए अपनी ज़बान निकलकर बाये हाथ की एक ऊँगली पर चला दी. उसकी मुंह में एक अजीब सा टास्ते गया तो उसका दिल धड़क गया और छूट फड़क गई. वह घबराकर दोनों हाथों को चेहरे के पास से हटाई और एक गहरी सांस लेकर ब्रा निकलकर सभी कपडे लेकर धोने के लिए रख दी और फिर नहाकर खुद को रिलैक्स करके कुछ देर बाद लंच करके सो गयी.

रात को राज आया. अनीता किचन में खाना गर्म कर रही थी और राज डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था की तभी उसके माँ का फ़ोन आया.

राज उठाकर बात करने लगा और खबर खैरियत पूछने के बाद वह puchhi,"Aur मेरी प्यारी बहु कैसी है? तू उसका अच्छे से ख्याल रखता है तो. मेरे पास कोई कम्प्लेन नहीं आना चाहिए".

राज यह सुनकर मुस्कुराते हुए एक नज़र किचन के तरफ देखकर bola,"Haan ठीक है माँ".

अनीता राज को किचन के तरफ देखता देख समझ गयी की उसकी सास उसी के बारे में पूछ रही है तो वह अपने पति को देखकर मुस्कुरा दी.

राज आगे मुस्कुराता हुआ bola,"Haan माँ रखता तो हूँ मगर चुपके से कम्प्लेन चला जाये तो मैं बेचारा क्या कर सकता हूँ".

अनीता यह सुनकर बनाती गुस्से से अपने पति को देखकर मुस्कुरा दी.

उसकी सास आगे boli,"Chup कर शैतान. जब देखो उसे तंग करते रहता है. भगवान् का शूकर कर की इतनी प्यारी और समझदार बीवी मिली है तुझे जो शादी के दो साल होने पर भी आज तक तेरे खिलाफ कुछ नहीं बोली है".

"तो माँ इसका क्रेडिट तो मुझे मिलना चाहिए की मैंने मौक़ा hi नहीं दिया". राज जवाब में बोलै.

अनीता की सास तुरंत बोली," अच्छा छोर बहु को तंग करना बांध कर. मैं जानती हूँ वह पास में hi है इसलिए तू ऐसे बात कर रहा है".

राज भी यह सुनकर हसने laga,"Hahaha माँ तुम भी न".

अनीता अपने पति का बात सुनकर मुस्कुरा दी.

उसकी सास आगे boli,"Achha जिस बात के लिए फ़ोन की हूँ वह सुन्न. तेरे ताऊ जी, मेरा मतलब है तुम्हारे डैड के कजिन जो गाओं में रहते हैं उनकी बेटी की इसी महीने के आखरी में सगाई है. उन्होंने हमें बुलाया है. अब बीटा दिल्ली से तो बहोत दूर है और तेरे डैड के पास इतने दिनों का इस महीने तो बिज़नेस छोर कर जाना मुश्किल है. वह लोग तो तुम्हारी शादी में आये थे और अब हम नहीं जायेंगे तो उन्हें बुरा लग सकता है बीटा".

राज को बात समझ आ रहा था की उसकी माँ कहना क्या छह रही थी. वह एक नज़र अनीता की तरफ देखा.

अनीता की सास आगे boli,"Woh कोई दूर के तो रिश्तेदार हैं नहीं. तुम्हारे डैड के चचेरे भाई हैं ऐसे में मन करना ख़ास कर तब जब तुम अभी जहाँ हो वहां से 8-10 घंटे की hi दुरी है ठीक नहीं लग रहा है हमें. वह लोग तुम्हारी शादी में आये थे तो तुम्हारे और बहु के बारे में भी पूछ रहे थे और तुम दोनों को भी आने के लिए बोल रहे थे. हम तो जा नहीं सकते बीटा लेकिन तुम दोनों चले जाओगे तो उन्हें अच्छा लगेगा नहीं तो कहेंगे की वह गाओं में रहते हैं इसलिए हम नहीं गए. लेकिन बीटा बात यह की बहु कभी कोई गाओं नहीं गयी है. ज़िन्दगी भर दिल्ली में रही है हुए घूमना फिरना भी दूसरे शहरों में hi की है. बड़े शहर का रहें सहन है तो पता नहीं उसे जाने का मैं होगा भी या नहीं. तू तो फिर भी दो तीन बार कुछ दिनों के लिए गाओं गया भी है.

राज थोड़ा सोचकर अनीता के तरफ एक बार देखा और धीरे से bola,"Maa यह सब तो ठीक है. मैं भी एक दो दिन की छूती ले लूंगा और अगर आप और डैड चाहते हैं तो अनीता भी चली जाएगी. एक दो दिन की hi तो बात..."

राज के पूरा बोलने से पहले hi उसकी माँ boli,"Nahin बीटा हम ऐसा नहीं चाहते. हम अपनी मर्ज़ी अपनी प्यारी बहु पर नहीं थोप सकते. जो बात था मैं बता दी मगर अब सब कुछ तुम दोनों के ऊपर hi है. बहु से बात करना अगर वह अपनी ख़ुशी से जाने के लिए तैयार हो जाये तो ठीक है नहीं तो हम कोई बहाना कर देंगे".

राज यह सुनकर "ठीक है" बोलै तो उसकी माँ भी ठीक है रखती हूँ बोलकर फ़ोन काट दी. अनीता की सास को उससे बात करना होता था तो उसके hi मोबाइल पर कॉल करती थी इसलिए वह राज के मोबाइल से अनीता से बात नहीं की. उनके घर में एक दूसरे का मोबाइल कोई उसे नहीं करते थे. इस मामले में पूरी प्राइवेसी रहती थी.
 
विथ थिस अपडेट थे 22,276 वर्ड्स (6 उपदटेस) थे थीफ एंड आइस क्रीम episode केस तो ान एन्ड. होप थिस part ऑफ़ थे स्टोरी वास् एन्जॉयबले. दो शेयर योर थॉट्स.

थैंक्स!!
 
अपडेट 35

"आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआआअह्हह्ह्ह्ह आआआआअह्ह्ह्हह आआआआहहहहहहह"

रात को राज अनीता को छोड़ रहा था और अनीता टंगे फैलाई चुदती हुयी ाँहें भर रही thi.Raj पूरा नंगा हुए अपनी जवान और खूबसूरत बीवी अनीता जो खुद पूरी नंगी थी उसकी टैंगो के बीच अपना कमर ऊपर नीचे करके अपना लुंड अपनी खूबसूरत जवान बीवी की छूट में अंदर बाहर कर रहा था वहीँ अनीता अपनी टंगे फैलाई उसके कमर पर लपेटी अपनी एक हाथ उसके पीठ पर और दूसरी हाथ उसके बालों में फिरती हुयी मज़े से ाँहें भर्ती हुयी चुद रही थी.

उस सुनसान जगह में बने उस घर में केवल दोनों पति पत्नी hi थे जो मास्टर बैडरूम में नंगे होकर जवानी का मज़ा ले रहे थे और उनके मज़े का गवाही उस कमरे में गूंज रही आहें और जिस्म से जिस्म के टकराने की आवाज़ दे रहे थे.

अनीता चुद तो रही थी अपने पति राज से मगर उसकी दिमाग़ में हरिया का लुंड hi घूम रहा tha.Anita बार बार कोशिश कर रही थी की पति से चुड़ते वक़्त सिर्फ उसी का ख्याल रहे मगर ऐसा हो नहीं पा रहा था और बार बार हरिया का लुंड hi उसे नज़र आ रहा था.

यहाँ तक आज अनीता गरम भी हरिया के कारण hi थी. बाजार में छेड़ छड़ और उसके मोटा और लम्बे लुंड को हाथ में लेने से अनीता गरम हो चुकी थी और उसकी छूट पूरी गीली थी. वह घर आकर भले hi खुद को शांत करने का कोशिश की थी मगर थी तो वह एक जवान औरत जिसे रात में एक लुंड का ज़रूरत थी और उसे पति का लुंड मिल तो रहा था अपनी प्यासी छूट में मगर जिस मर्द के कारण उसकी छूट प्यासी थी उसका मोटा लम्बा लुंड उसे अपने पति से चुड़ते वक़्त भी दिमाग़ में घूम रहा था.

अनीता हरिया का ख्याल दिमाग़ से उतरने के लिए अपने पति के आँखों में देखि और फिर उसके बालों में हाथ फिरती हुयी उसपर दबाओ बनाकर उसके चेहरे को नीचे करके उसके होंठों से अपनी होंठ मिला कर चूमने लगी.

अगले पल राज भी छोड़ते हुए मुंह खोलकर अनीता को चूमने लगा और अनीता एक लुंड की प्यासी औरत की तरह खुद भी मुंह खोलकर अपने पति के ज़बान से ज़बान लादकर उसे चूमती हुयी अपनी कमर ऊपर के तरफ धकेलती हुयी चुदाई में उसका खुल कर साथ देने लगी.

राज के लिए अपनी इतनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी का इतना कामुक रूप ज़्यादा देर तक झेलना मुश्किल था और वह आखिरकार कुछ देर में जहर गया और हफ्ते हुए उसकी बगल में लेट गया.

अनीता भी थोड़ी तेज़ सांसें लेती हुयी लेती रही. उसकी बड़ी चूँचियाँ जो नंगी थी और पहाड़ के तरह ऊपर के तरफ तानी हुयी थी वह उसके सांस लेने से ऊपर नीचे हो रही थी और एक में भी हलके पसीने से चमक रही थी.

अनीता को मज़ा तो आया था मगर कुछ कमी लग रही थी उसे. उसे पूरी तरह से संतुष्टि नहीं mili.Raj बस उसकी टांगों के बीच आकर चुप चाप चोदे जा रहा था और अनीता भी लेती हुयी चुद रही थी.

उसे मैं हो रहा था की राज छोड़ते वक़्त कुछ बोले भी मगर वो चुप चाप छोड़ रहा था और वैसे hi छोड़ने के बाद उसके बगल में लेट गया.

अनीता कुछ देर छत की और देखती रही और फिर से हरिया के बारे में सोचने लगी. कुछ देर सोचने के बाद वह एक नज़र अपने बगल में लेते अपने पति राज को देखि जो आँखें बांध करके तेज़ी से सांसें ले रहा था. वह उसके तरफ घूमकर उसके होंठों पर चूमि तो वह आँख खोला. अनीता को सामने देखा तो उसको मुस्कुराता देख राज भी मुस्कुराया और फिर वह भी एक बार अपनी बीवी के होंठ को चूमकर आँख बांध करके बोलै "गूडनिघत जान".

अनीता एक नज़र उसे देखने के बाद मुस्कुराकर धीरे से बोली "गुड नाईट" और उठकर बाथरूम चली gayi.Jab वो वापस आयी तो राज सो चूका था और वो भी उसके बगल में सो गयी.

"पानी पूरी पानी puri,paani पूरी ले लो" अगले दिन शाम को वही पानी पूरी वाला बूढ़ा अनीता के घर के सामने चिल्ला रहा था मगर अनीता सोई हुयी थी तो वो सुनी नहीं.

पानी पूरी वाला बूढ़ा 5 मिनट उसकी घर के सामने hi खड़ा होकर चिल्लाता रहा मगर जब अनीता नहीं आई तो वो वहां से ऑटो स्टैंड के तरफ पानी पूरी बेचने चला गया.

अनीता कुछ देर बाद उठकर गार्डन में पानी दी और फिर नहाकर फ्रेश हो गयी. अनीता को दिन में कभी कभी हरिया का मोटा लम्बा लुंड याद आ जाता तो उसकी बदन में सनसनी मच जाती और छूट फड़क जाती. छूट में हलचल महसूस करने पर वह एक गहरी सांस लेकर खुद के ध्यान को हरिया के लुंड से हटाने की कोशिश करती.

वह शाम में नावेल पढ़ रही थी की हरिया के लुंड का कड़कपन और उसका गर्मी याद आने लगा और वो एक बार फिर सोच padi,"Sach में कितना बड़ा और मोटा है हरिया जी का हथियार और उतना hi कड़क भी था जब मेरी हाथ में था. इतनी हिम्मत दिखाकर मुझे छेड़ते है मगर अपना हथियार भी मुझे दिखने का हिम्मत किया उन्होंने. इतनी हिम्मत सब मर्द में नहीं. सच में हरिया जी एक अलग hi किस्म के मर्द है. अनपढ़ और मजदूर है तो क्या? हैं तो एक भरपूर मर्द hi न और ऐसे भरपूर मर्द को मेरी जैसी औरत को छूने और छेड़ने का दिल करेगा hi. वह बाकी मर्दों जैसे नहीं हैं, पुरे भरपूर मर्द हैं और हिम्मत वाले और दबंग भी. जैसा तगड़ा हथियार है उनके पास उन्हें तो अपना दिल बहलाने के लिए मेरी जैसी जवान औरत का जिस्म से खेलने का मैं करेगा hi".

अनीता के यह सोचते hi उसकी छूट में हलचल होने लगी तो वह खुद से boli,"Ufff मैं भी फिर से क्या क्या सोचने लगी" और फिर नावेल पढ़ने लगी. रात में राज आया मगर बिना चोदे hi सो गया. अनीता का दिल था छुड़वाने का मगर पिछली रात उसकी चुदाई हुयी थी तो वह पहल नहीं की और बिना चूड़े hi सो गयी.

अनीता अगले दिन भी ऐसे hi कभी कभी हरिया और उसके लुंड के बारे में सोचती रही. वह हरिया का हिम्मत और मर्दानगी से प्रभावित thi,khaaskar जब वह चोर को पाकर कर पीटा था तबसे, मगर उसका लुंड देखने के बाद से तो वो उसकी मर्दानगी और हिम्मत से और भी प्रभावित थी.

अनीता एक तो हरिया के लुंड के साइज से वो प्रभावित थी और दूसरा उसके द्वारा अपना लुंड दिखने की हिम्मत से प्रभावित थी. बुरा लगने के बजाये की हरिया उसे अपना लुंड दिखाया अनीता उल्टा उसके हिम्मत से प्रभावित हो गयी की वो अपना लुंड दिखने की बात यूँ खुलेआम बिना झिझक के अनीता से कह दिया और अपना लुंड भी दिखाया use.Anita के लिए यह एक हिम्मत का काम था जो हरिया जैसा मर्द hi कर सकता था और उसके बाद से अब अनीता के लिए हरिया कोई ऐसा वैसा मर्द nahin,balki एक ख़ास मर्द था, दुसरो से अलग.

अनीता दिन भर ऐसे hi कभी कभी सोचती रही और उसकी बदन में यह सब सोचकर आग लग रही थी मगर फिर भी वो खुद को संभल लेती अपने सोच से बाहर आकर.

एक तो वो इतनी खूबसूरत थी ऊपर से जैसे बदन दिखाऊ कपडे पहनती thi,mard हमेशा उसे भूखी नज़र से hi देखते थे मगर अनीता को यह बुरा लगने के बजाये अपनी ख़ूबसूरती की तारीफ लगती थी और मर्द चाहे जितनी भी गौर से उसकी जिस्म को देखे अनीता को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता था और वो कभी अपना बदन ढंकने की कोशिश नहीं करती thi,chahe मर्द साड़ी में उसकी नंगी कमर और पीठ देखे या कमीज में से झांकती उसकी क्लीवेज और अधनंगी पीठ.

अनीता को जब मर्द देखते थे तो उसे ज़रा भी शर्म नहीं आती थी. यह सब के मामले में वह पूरी बेशरम थी मगर अच्छे संस्कारी घर के होने के कारण मर्दों की इतनी गन्दी हवस भरे नज़र का सामना करने पर भी वह नार्मल रहती थी और कभी अपनी मर्यादा पार नहीं की थी वो, मगर यहां इस छोटे शहर में आके पता नहीं क्यों वह एक लगभग 40 साल के अनपढ़ मजदूर हरिया जो उससे 13-15 साल बड़ा था उसको खुलेआम अपनी बदन से खेलने दे रही थी.

थोड़ी बहोत छेड़ छड़ तो उसके साथ होते रहती थी मगर हरिया के साथ एक बार की थोड़ी छेड़ छड़ तक hi बात नहीं थी. वह उससे एक से ज़्यादा बार मिल चूका था और हर बार उसकी गांड मसलता और दबाता था, यहाँ तक की सलवार में हाथ घुसकर उसकी गांड दबाने का कोशिश भी कर चूका था. आखिर उसमें हिम्मत था इसलिए तो वह सीधा उसकी सलवार में हाथ घुसा दिया और अब तो न hi सिर्फ अपना लुंड दिखा दिया है उसे बल्कि उससे अपना लुंड भी सेहलवाया है और अनीता उसके हिम्मत से प्रभावित थी और उसके लुंड और मर्दानगी को देखकर थोड़ा आश्चर्य में भी थी की उसका कितना बड़ा, मोटा और तगड़ा लुंड है.

अनीता को दिल्ली में भी मर्द गन्दी नज़र से देखते थे और कभी कभी छूकर छेड़ते भी थे मगर कभी उसके साथ ऐसा बढ़ चढ़ कर छेड़छाड़ नहीं हुआ जैसे हरिया करता था और उसे हरिया के छेड़छाड़ में जो मज़ा मिलने लगा था वैसा कभी नहीं मिला था.

शायद उसे हरिया जैसे लौ क्लास मर्द का रफ़ और टफ तरीक़ा और आँखों में हवस देखकर अच्छा लग रहा था और खासकर यह सोचकर की उसके जैसे किसी भी मर्द को उसकी जैसी खूबसूरत अमीर घर की पढ़ी लिखी औरत को बहोत hi काम देखने को मिलता था. छूना और छेड़ना तो दूर की बात thi.Aese में जिस हिम्मत से वह उसे छेड़ता था वह काबिले तारीफ थी.

बाकी मर्द तो बस उसे देखते रहते हैं मगर हरिया तो उसे खुल कर हिम्मत से छेड़ता था और शायद हरिया का एहि हिम्मत देखकर वो उसे छेड़ने देती थी.

अनीता को हरिया का यूँ रफ़ तरीके से उसकी गांड मसलना और नंगी कमर को सहलाना हिम्मत का काम लगता था और एहि हिम्मत उसे अच्छा लगता tha.Jo भी कारण था अनीता को इस शहर के मर्दों की गन्दी नज़र में एक अलग hi मज़ा मिल रहा था और लौ क्लास होने के बावजूद उनकी हिम्मत से वो इम्प्रेस्सेड हो रही थी.

फ्राइडे को अनीता को बाजार जाना tha.Woh एक सलवार कमीज पहनकर आईने में खुद को देखि मगर फिर उसे निकाल कर एक दूसरा सलवार कमीज पेहेन ली. यह लाल रंग की सलवार कमीज थी. कमीज छोटा था जो उसकी गांड के थोड़ा नीचे ख़तम हो जाती थी और सलवार भी गांड वाले भाग पर टाइट था. कमीज के साइड कट से उसकी टाइट सलवार दिख रही थी जिसमे उसकी जांघ के साथ साथ उसकी गांड की शेप पता चल रही थी.

अनीता तैयार होकर थोड़ा लेट से बाजार जाने के लिए nikli.Woh ऑटो स्टैंड पर पहुंची तो कुछ ऑटो वाले उसे देखकर खुश हो गए और मुस्कुराने lage.Anita भी मुस्कुराकर उन्हें देखि और फिर जिस ऑटो वाले का जाने का बारी था वो ख़ुशी से आगे आकर bola,"are मेमसाहब धुप में कहे कड़ी है आप. आइये इस ऑटो में बैठिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसे देखि तो उसे ध्यान आया की वह वही दो ऑटो ड्राइवर में से एक था जो कुछ दिन पहले झगड़ा कर रहा था.

अनीता एक पल उसे देखि और फिर मुस्कुराती हुयी छटा मोड़कर बैग में रखकर ऑटो में बैठने लगी तो ऑटो वाला बैठने के बहाने घबराते हुए अनीता की कमर पर थोड़ा सा हाथ रखकर हटा लिया. उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था. अनीता बैठकर उसे मुस्कुराकर देखि और फिर मोबाइल में कुछ करने लगी.

वो ऑटो ड्राइवर अनीता की ख़ूबसूरती देख रहा था और मैं hi मैं खुश हो रहा था की आख़िरकार आज वह उसके ऑटो में बैठी hai.Woh मुस्कुराते हुए अनीता की गोरी हाथ और उसकी पतली गोरी उंगलिया मोबाइल को पकडे देख रहा था. उँगलियों के अंत में उसकी लम्बी नाख़ून और उसमे लगी लाल रंग की नेल पोलिश उसे और भी खूबसूरत बना रही थी जिसे वह ड्राइवर देख रहा था.

बहोत ऑटो वाले अनीता को देखकर खुद को कण्ट्रोल में रखते थे और यह समझते थे की अनीता अमीर घर की है तो उसकी इज़्ज़त करते थे और उसे ज़्यादा देखते नहीं the,magar 4-5 मनचले ऑटो वाले उसे देख कर हमेशा खुश हो जाते थे और उसे देखने की कोशिश करते थे.

वहीँ कुछ ऑटो वाले उसे देखना तो चाहते थे मगर घबराते थे और चोरी छुपे आँखों के कोने से देखते थे. उनके लिए तो ऐसा था की कोई मॉडल या एक्ट्रेस को सामने से देख रहे हो.

वह ऑटो ड्राइवर को अनीता की जिस्म से मेहेंगी परफ्यूम की खुस्भु मिल रही थी जो उसे बहोत अच्छा लग रहा था और वह मुस्कुराते हुए उसे देख रहा था की तभी अनीता का ध्यान उसके तरफ गया. अनीता उसको खुद को ऐसे देखता देख एक पल देखती रही.

अनीता को खुद के तरफ देखते हुए ऑटो ड्राइवर का दिल धड़क गया और थोड़ा होश में आते हुए नज़र इधर उधर करने लगा की तभी कुछ पैसेंजर्स आकर उसके बगल में और आगे आकर बैठ गए.

ड्राइवर चुप चाप ड्राइविंग सीट पर जाने लगा तो अनीता चुप चाप बाहर देखने लगी. ड्राइवर सीट पर बैठकर ऑटो स्टार्ट किया और ऑटो बाजार की तरफ चल पड़ी.

वह ड्राइवर उसके बाद अनीता को ज़्यादा देखने का कोशिश नहीं करता और ऑटो बाजार पहुँच गया.

अनीता उतारते वक़्त उसे पैसे देकर गांड हिलती हुई बाजार में जाने लगी. बाकी मनचले ड्राइवर्स की तरह वह भी अनीता की गांड देखने लगा. वह उसकी गांड देखने में इतना व्यस्त हो गया की एक दूसरा ऑटो उससे बाद में आकर लाइन में ऑटो लगा दिया.

दूसरा ऑटो को लाइन में लगता देख उसे ध्यान आया मगर इससे पहले वह कुछ करता वह लाइन में लग चूका था. वह धीरे से bola,"Abe साले मेरे से बाद में आकर...".

इतना बोलकर उसे ध्यान आया की अब कुछ बोलने से फायदा नहीं है और वह वापस बाजार के तरफ देखा तो अनीता वहां से जा चुकी थी. वह फिर धीरे से bola,"Line भी गया और इधर मेमसाहब भी. किस्मत hi ख़राब है मेरी" और जाकर ऑटो लाइन में लगा दिया.

अनीता बाजार पहुँच कर सब्जी मंडी के बाहर कड़ी होकर आस पास देखि मगर हरिया आस पास नहीं था. अनीता पान दूकान पर देखि मगर वहां भी वह नहीं था.

अनीता 1 मिनट वहीँ कड़ी होकर आसपास देखती रही और फिर बाजार के अंदर घुसने लगी की तभी उसे हरिया दूर से आता दिखाई दिया.

अनीता उधर देखकर मुस्कुरा di.Hariya उसे देखकर जल्दी से अपना लुंड सहलाते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता उसके पंत के उभर को देखि और फिर हरिया के तरफ देखि.

हरिया जब थोड़ा पास आने लगा तो अनीता घूमकर अपने बाल पर उंगलियां फिरकर उसे पकड़ कर पीठ से साइड के तरफ कर दी और बाजार के अंदर जाने लगी. इस बार चलते वक़्त उसकी गांड की मटक भी बढ़ गयी थी.

अनीता थोड़ा आगे चलते हुए पीछे देखि तो हरिया को उसकी गांड देखते हुए बाये हाथ से लुंड सहलाते और दये हाथ में गुटखा का पैकेट पकडे दांत से फारते हुए पाई.

एक टाइट फिटिंग और छोटी कमीज के नीचे एक टाइट सलवार पहने होने के कारण अनीता की गांड की मटक साफ़ पता चल रही थी.

हरिया अनीता को देखकर गुटखा का पैकेट फाड़कर मुस्कुराने लगा और अपने लुंड को पंत के ऊपर से सेहला दिया.

अनीता बिना शर्म के उसके लुंड पर देखि और फिर हरिया के आँखों में देखने के बाद चेहरे पर बिना कोई एक्सप्रेशन लाये वापस सामने देखकर गाने मटकती हुयी चलने लगी.

थोड़ी आगे जाकर वो कड़ी हो गयी और हरिया को देखि तो हरिया को अभी भी लुंड सहलाते हुए आता देखि.

अनीता उसके पंत को देखकर वापस उसके चेहरे पर देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Kaisi हैं आप मेमसाहेब?"

अनीता भी जवाब में मुस्कुराकर boli,"Hariya जी आप आ गए? मैं ठीक हूँ. आप कैसे हैं?".

हरिया गुटखा चबाता हुआ अनीता के पास जाकर पहले उसकी क्लीवेज देखा. अनीता की क्लीवेज इस कमीज में बाकी दिनों से ज़्यादा दिख रही थी. हरिया अनीता की क्लीवेज कुछ सेकण्ड्स देखते रहा और गुटखा चबाता रहा.

अनीता की क्लीवेज अच्छी खासी दिख रही थी और साथ hi उसकी चूंकि की ऊपरी भाग भी दिख रही थी. वह चुप चाप कड़ी हुयी हरिया को खुस की चूंकि को देखते हुए देखने लगी और एक नज़र आस पास दौड़ा ली.

हरिया उसकी चूंकि देखने के बाद गुटखा को बगल में थूक दिया और गंदे तरीके से मुंह पोंछकर bola,"jee मेमसाहब हम आ गए. आपकी मदद करने"

और वह हाथ को पंत के ऊपर से लुंड पर लेजाकर उसमे लगे गुटखे को पोंछते हुए लुंड सहलाकर bola,"Aur हम भी बहोत अच्छा हूँ. अभी तो दुनिया का सबसे किस्मत वाला आदमी हूँ".

यह बोलकर वह अनीता को चूंकि देखने लगा और वहीँ अनीता उसके लुंड के तरफ देखने लगी.
 
अपडेट 36

अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराती हुयी अपनी बाल में ऊँगली फिरती हुयी boli,"Hariya जी आज फिर मैं थोड़ा लेट हो गयी. सब्भी सब्जी वाले फिर जा चुके हैं".

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Are तो का हुआ मेमसाहब. अब हम आ गए हैं तो आपको चिंता करने की ज़रुरत नहीं. हम दिलाएंगे आपको जो भी चाहिए".

अनीता एक नज़र हरिया के पंत के तरफ देखि जहाँ वह अपना लुंड पंत के ऊपर से hi सेहला रहा था और फिर हरिया को देखकर मुस्कुराती हुई boli,"haan हरिया जी आप आ गए तो चिंता की बात नहीं".

हरिया अनीता की बात सुनने के बाद मुस्कुराया और फिर से उसे ऊपर से नीचे देखने laga.Anita की सांस तेज़ होने लगी हरिया की नज़र अपने बदन पर पड़ने से, फिर भी वह वह बिना शर्म के चुप चाप कड़ी थी.

हरिया के बदन से थोड़ी बहोत पसीने की बदबू भी आ रही थी जिसे सूंघकर अनीता की सांस और तेज़ हो रही थी. उसके बदन की बदबू अनीता को खराब लगने के बजाय एक अजीब सा एहसास दिला रहा था.

हरिया अनीता की सलवार देख रहा था जो की तीग़ फिटिंग थी. वह लेग्गिंग्स नहीं थी जो उसकी पैरो से चिपककर रहे मगर इतना टाइट फिटिंग थी की उसको जांघ क शेप और साइड से देखने पर उसकी गांड की शेप पता चले.

अनीता की टांग देखते हुए hi हरिया अपना लुंड सहलाने लगा. अनीता फिर से उसके लुंड के तरफ देखि और अगले पल हरिया का हाथ अपनी जांघ पर महसूस की और आँखों के कोने से अपनी जांघ के तरफ देखने के बाद हरिया के चेहरे पर देखने लगी की उसका नज़र कहाँ था.

वह देखि की हरिया का नज़र उसकी जांघ पर hi था और वह उसकी जांघ पर हाथ फिरते हुए हाथ को ऊपर के तरफ लेजाकर कमीज के साइड कट से हाथ घुसकर सीधा उसकी गांड पर ले गया. ऐसा करने से हरिया अनीता की गांड पर सलवार के ऊपर से hi हाथ रखा हुआ था.

हरिया अनीता की गांड पर हाथ फिरने लगा तो अनीता एक पल आस पास देखि मगर सब्जी मंडी में कोई नहीं था.

अनीता वापस हरिया के तरफ देखि तो वह उसकी क्लीवेज देख रहा था. बाकी दिनों के मुक़ाबले आज अनीता की न क्लीवेज ज़्यादा दिख रही थी. हरिया उसकी क्लीवेज देखने के बाद उसके चेहरे पर देखकर bola,"Kya मस्त लग रही हैं आप मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"Hariya जी आप भी न. मुझे देखते hi आप शुरू हो जाते हैं मेरी तारीफ करना".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसके थोड़ा करीब आकर उसकी क्लीवेज में देखा और फिर उसे देखते हुए उसकी गांड को हाथ में भरकर दबाते हुए bola,"Ab का करे मेमसाहेब आप हैं hi ऐसी की ससुरा ज़बान पर अपने आप hi सच आ जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha ठीक है हरिया जी. अब मुझे सब्जी लेने में मदद भी कीजियेगा या ऐसे hi खड़े होकर मेरी तारीफ करते रहिएगा"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब सब्जी लेने में भी मदद करेंगे और साथ में आपकी तारीफ भी करेंगे. फ़िलहाल चलिए उसी सब्जी वाले के पास चलते हैं. ु ससुरा सब्जी वाला ज़रूर होगा. ु अलग बात है की ससुरा फिर से मूतने चला गया हो" और यह कहते hi हरिया दांत दिखते हुए अनीता की गांड दबा दिया.

अनीता हरिया का बात सुनकर मुस्कुराती हुयी और साथ hi आश्चर्य से अपनी आंखें बड़ी करके boli,"Hariya जी आप भी न. अब चलिए नहीं तो आप ऐसे hi बातें बनाते रहेंगे".

अनीता यह बोलकर उसका लाल दांत में गुटखा लगे देखने लगी जो उसके दांत दिखते हुए मुस्कुराने से देख रहा था.

अगले पल हरिया लाल दांत दिखने के बाद उसकी गांड दबाकर उसे थप तपते हुए bola,"Chaliye मेमसाहेब".

यह दूसरी बार था जब हरिया उसकी गांड थपथपाते हुए चलने के लिए बोलै था. पहली बार वह ऐसा तब किया था जब वह पिछली बार बाजार आयी थी और आइस क्रीम खाने के बाद उसके साथ गली से निकलकर ऑटो स्टैंड जा रही थी.

अनीता को न जाने क्यों चलने के लिए बोलते वक़्त हरिया का ऐसे उसकी गांड थप थापना अच्छा लगा. यह अंदाज़ में उसे उसकी मर्दानगी और दबंगई लग रही थी जैसे वह उसे आर्डर दे रहा हो की जब चलना hi है तो कड़ी मत रहो, अपनी गांड हिलाओ और चलो.

हरिया का बात सुनकर वह मुस्कुराई और boli,"Chaliye हरिया जी" और घूमकर गांड हिलती हुयी चलने लगी.

हरिया भी अपने हाथ में उसकी गांड की थिरकन महसूस करते हुए अपना हाथ उसकी गांड पर फिरते हुए चलने लगा.

अनीता अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटका रही थी और हरिया उसकी गांड की बायीं फांक को तो कभी दायी फांक को गूंथते हुए जा रहा था.

वह एक बार अपना हाथ को उसकी बाई गांड पर फैला दिया और फिर अपने उँगलियों को उसकी गांड की दरार में फंसा कर पूरी बाई गांड को दबोचने की कोशिश करने लगा मगर अनीता की बड़ी गांड हरिया के पूरी पकड़ में नहीं आया. फिर भी हरिया जैसे भी करके अनीता की गांड को जितना हो सके दबोच लिया और उसे दबोच कर हिलने लगा.

ऐसा करने से अनीता की बदन में मस्ती की लहर दौड़ने lagi.Gaand दबोचे और दबोच कर हिलाये जाने पर अनीता चलते हुए hi हरिया को देखि तो हरिया उसे देखकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड सहलाते रहा और उसकी गांड को हिलना छोर कर उसे मसलते हुए उसकी चूंकि को देखकर bola"memsaahab सच में आज भी आप कमाल की लग रही hain,poori मस्त".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप फिर मेरी तारीफ करने लगे".

हरिया यह सुनकर अपना हाथ अनीता की बाई गांड से दाई गांड पर लेजाकर उसको सहलाया और फिर उसे दबोचते हुए bola,"memsaahab आप इतनी अच्छी लगती है की हम से आपकी तारीफ किये बिना रहा नहीं जाता. कसम से आप पूरी की पूरी मस्त लग रही हो".

अनीता को हरिया के मुंह से ऐसी लहज़े में तारीफ सुनकर अच्छा लग रहा था. हरिया के मुंह से आ रहे गुटखे का गंध भी अनीता को अजीब तो लग रहा था मगर एक नशा का भी काम कर रहा tha.Woh अपनी गांड जितना मटका सकती थी उतना मटका रही थी और हरिया का बात सुनकर उसके लुंड को एक बार देखती हुयी अपनी आँखों से इशारा करती हुयी puchhi,"Aese मुझे देखकर आपका हथियार आज भी फुंफ्कार रहा है क्या?".

यह सुनकर और अनीता की आँखों का इशारा देखकर हरिया और भी मुस्कुराने लगा. अनीता का यूँ उसके लुंड के तरफ इशारा करना और उसके लुंड को "हथियार" कहना उसे अच्छा लगा. वह अनीता की गांड को सहलाते हुए अपना लुंड के ऊपर से हाथ हटाकर bola"Haan मेमसाहब. देखिये न फुंफ्कार रहा है. और थोड़ा गुस्सा भी है".

अनीता उसके पंत में उभर को देखि तो उसकी सांस और तेज़ होने lagi.Woh चलते हुए hi एक नज़र उसके उभर को देखने के बाद हरिया के आँखों में देखती हुयी puchhi"kyun?gussa क्यों है आपका हथियार?".

हरिया वैसे hi अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Woh मेमसाहब आपने इसे अभी तक hello नहीं बोलै न इसलिए. आपको देखकर खुश होकर झटके मारने लगा था की मेमसाहब का प्यार milega,magar आपने इसे प्यार नहीं किया अभी तक".

अनीता उसके लुंड का उभार देखि और फिर आसपास देखकर जल्दी से उसका लुंड पंत के ऊपर से सेहला कर हाथ हटा li.Bazaar खाली था तो अनीता को ज़्यादा झिझक नहीं हुयी हरिया का लुंड सहलाने mein.Wo जैसे hi हरिया का लुंड पंत के ऊपर से सेहले उसका लुंड झटका मारने लगा और उसके लुंड का कड़कपन महसूस करके और पंत में झटका मारते देख अनीता की छूट फड़क गयी और बदन में करंट जैसा महसूस हुआ.

वह बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Kar दिया मैंने hello आपके हथियार को हरिया जी".

हरिया अनीता की गांड की दरार में जितना हो सके उतना hi ऊँगली घुसकर ऊपर नीचे करने लगा और यह महसूस करते हुए अनीता भी बिना शर्म के हरिया से बात बोलने के बाद उसे देखती rahi.Anita को एक अजीब सा मज़ा मिल रहा था isme.Hariya का हिम्मत देख उसे अच्छा लग रहा था.

हरिया अनीता को देखकर मुस्कुराया और गुटखा का रास मुंह में लिए hi बोलता hai,"Woh मेमसाहब देखि आप हमरे हथियार को? कैसे आप की प्यारी हाथ महसूस करते hi खुश हो गया".

अनीता बिना शर्म के हल्का सा मुस्कुराती हुयी "हाँ" में सर हिला दी.

हरिया फिर bola,"Woh मेमसाहब थोड़ा बाहर आना चाहता है. खुद को आपको दिखाना चाहता है की कितना खुश है आपको देखकर".

यह सुनकर अनीता का दिल धड़क गया की हरिया फिर से उसे अपना लुंड दिखने के लिए बोल रहा है. एक तो अनीता को फिर से हरिया का लम्बा मोटा लुंड नंगा लुंड का ख्याल आने लगा की उसका लुंड कितना बड़ा है और ऊपर से हरिया का हिम्मत के बारे में सोचने लगी की कैसे बेधड़क वह अपना लुंड दिखने के लिए बोल रहा था वह.

धड़कते दिल से अनीता बिना शर्म के धीरे से boli,"Hariya जी आप भी न. यह बाजार hai,aese कैसे हो सकता है?".

हरिया यह सुनकर गुटखा थूक दिया और अनीता उसे गुटखा थूकते देखने लगी. हरिया गुटखा थूकने के बाद अपना मुंह हमेशा की तरह गंदे तरीके से पोंछ कर वह हाथ को पंत पर hi लुंड के ऊपर पोंछते हुए लुंड सहलाने लगा तो अनीता अपनी नज़र उसके लुंड के तरफ ले गयी.

हरिया अनीता को खुद के लुंड के तरफ देखते हुए देखकर उसकी गांड की दरार में ऊँगली फिरते हुए उसकी चूंकि देखकर bola,"memsaheb कहीं और चलिए हम आपको अपना हथियार अच्छे से दिखाएंगे. उसको भी ख़ुशी होगी आपके सामने आकर".

यह सुनकर अनीता की सांस और तेज़ हो गयी और दिल धड़कने laga.Hariya अपना हिम्मत का प्रदर्शन करते हुए उसे अपना लुंड अच्छा से दिखने का प्रस्ताव भी रख दिया था अब. हरिया का यह बोलने से वह उससे प्रभावित हो गई. उसे हरिया का हिम्मत अच्छा लगा.

अनीता ज़ोर का सांस लेकर चलती हुई hi उसके आँखों में देखि और बिना शर्म के उसका लुंड को पंत के ऊपर से फिर सहलाकर boli,"Mujhe बाजार करना है हरिया जी. इसे अभी थोड़ा कण्ट्रोल में रखिये".

अनीता यह बोलकर हरिया का लुंड सहलाकर हाथ हटा ली. हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाकर उसकी गांड थप तपते हुए bola,"theek है मेमसाहेब अभी बाजार कर लीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और गांड हिलती हुयी चलती रही.

दोनों बाजार के एक कोने में वही सब्जीवाला जिसके पास से अनीता हमेशा लेट होने पर सब्जी खरीदती थी उसके पास पहुँच gaye.Hariya अनीता की गांड से हाथ हटा चूका था और नार्मल तरीके से उसके साथ चलते हुए सब्जी वाला के पास पहुंचा.

सब्जीवाला कंक्रीट के बने ऊँचे प्लेटफार्म पर बैठा मोबाइल में कुछ देख कर है रहा tha.Wo जैसे hi अनीता को देखा मुस्कुराते हुए मोबाइल रखकर bola,"aaiye मेमसाहब".

सब्जी वाला हरिया को लगभग 19-20 दिन बाद अनीता के साथ देख रहा tha.Aakhiri बार जब हरिया अनीता के साथ आया था तो वो पेशाब करने गया था और वापस आते हुए हरिया को जल्दी से जाते हुए देखा tha.Use लगा था की हरिया अनीता को परेशां कर रहा था इसलिए अनीता उसे दांत कर भगा दी थी. हालाँकि अनीता उसको बोली थी की वह किसी काम से चला गया था मगर फिर भी न जाने क्यों उसे यही लग रहा था की वह अनीता को परेशां hi कर रहा था शायद इसलिए भाग गया.

वो हरिया को देखते हुए बोल pada,"are भाई तुम फिर आ गए मेमसाहब को परेशां करने".

यह सुनकर हरिया थोड़ा गुस्सा हो गया मगर इससे पहले वो कुछ बोलता अनीता बोल padi,"Yeh मेरे साथ हैं और मेरी मदद करते हैं सामान उठाने में. आप चुप चाप सब्जी दीजिये. मुझे इनसे कोई परेशानी नहीं".

अनीता और हरिया दोनों hi उस कंक्रीट के प्लेटफार्म के पास खड़े थे और वो प्लेटफार्म से उनके कमर के नीचे का भाग ढाका था ऊपर से वहाँ थोड़ा अँधेरा भी था.

हरिया अनीता की बात सुनकर फिर से उसकी कमीज के नीचे से उसकी गांड पर हाथ रखकर दबाते हुए सब्जी वाला को गुस्से से देखते हुए bola,"sunn लिया बे? मेमसाहब को हमसे कउनो परेशानी नहीं. साले तू भूल गया की मेमसाहब को तेरे दूकान पर हम लाया था वर्ण तेरी दूकान ऐसी जगह है जहाँ कोई खरीदने भी नहीं आता. इसलिए तू सबसे लेट तक बाजार में रहता है".

सब्जी वाला यह सुनकर चुप raha.Use भी लगा की वो बेकार में बोल पड़ा tha.Woh सोचा की अगर अनीता को परेशानी होती तो वो खुद बोलती वो क्यों बोल pada.Aur यह भी सही बात था की हरिया hi अनीता को उसके दूकान पर लाया था.

हरिया अनीता की गांड की दरार में उंगलियां घुसाने लगा और फिर ज़िप खोल कर अपना लुंड बाहर निकाल कर अनीता की हाथ में सताते हुए उसकी दोनों गांड के भाग को बारी बारी से दबोचते हुए bola,"abe मेमसाहब का इतना बड़ा बड़ा सामान हम उठता हूँ. हम जितना हो सके उतना उनका बोझ काम करता हूँ और तू ससुरा चाहता है की मेमसाहेब यह दोनों बोझ खुद उठाये".

हरिया का लुंड अपने हाथ से सटने पर अनीता हरिया का नंगा लुंड की छुअन मिलते hi थोड़ा घबरा गयी मगर फिर खुद को संभाली यह सोचकर की सब्जी वाला देख नहीं सकता था.

अनीता आँखों के कोने से एक नज़र उसके लुंड को देखि और फिर हरिया जब उसकी गांड दबाता हुए उसकी दो बड़े बड़े सामान का बोझ उठाने का बात किया तो वह उसके चेहरे पर देखने लगी और वह बात सुनते हुए उसका दिल धड़कने और सांस थोड़ी तेज़ होने लगी और बदन में मज़े की लहर फिर दौड़ने लगी.

अनीता हरिया की हिम्मत से फिर प्रभावित होने lagi.Woh एक नज़र हरिया के लुंड के तरफ देखकर वापस हरिया को देखने lagi.Anita की सांस थोड़ी तेज़ होने लगी और चूंकि ऊपर नीचे होने lagi.Sabjiwale का नज़र न चाहते हुए भी अनीता की चूंकि पर चला गया और एक पल उसकी कमीज के बाहर दिखाई दे रही ऊपरी चूंकि और क्लीवेज देखकर उसका भी दिल धड़क गया. ऊपर से अनीता की बड़ी चूँचियों को ऐसे ऊपर नीचे होते देख उसके लुंड में भी हलचल होने लगा.

सब्जी वाला खुद को कण्ट्रोल करके हरिया का बात पर ध्यान लगा दिया. अनीता का ध्यान सब्जी वाले के तरफ गया जब वह हरिया का बात ख़तम होने पर सब्जियां चुनते हुए थोड़ा आश्चर्य से bola,"Do दो सामान. अरे भाई सब्जी का तो एक hi थैला रहता है".

हरिया अनीता की गांड वैसे hi दबोचकर हिलाते हुए bola,"Abe तेरे को बात समझ नहीं आएगा. ी अंदर का बात है".

अनीता यह सुनकर मैं hi मैं मुस्कुराने लगी वहीँ सब्जीवाला थोड़ा कन्फ्यूज्ड दीखते हुए bola,"Ander का बात?".

हरिया जवाब में अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Ander का बात और सामान दोनों".

सब्जीवाला यह सुनकर और कन्फ्यूज्ड होते हुए bola,"Ander का समां...."

इससे पहले वह पूरा बोलता अनीता नीच में बोल padi,"Offo आप भी कितना बात करते हैं. मैं आलरेडी लेट हो चुकी हूँ. यह कैसे मेरी मदद करते हैं उसकी चिंता आप छोड़िये और सब्जियां जल्दी दीजिये".

सब्जीवाला अनीता की बात सुनकर थोड़ा घबरा गया और सब्जियों पर ध्यान देते हुए घबराकर bola,"Haan मेमसाहेब. माफ़ कीजिये".

हरिया थोड़ा आगे होकर अपना लुंड अनीता की हाथ से और अच्छे से सत्ता कर उसकी हाथ में देने कक कोशिश करने लगा और साथ hi वो अनीता की इलास्टिक की सलवार में हाथ घुसाने लगा.

हरिया सब्जीवाले द्वारा माफ़ी मांगने वाला बात सुनकर अनीता की सलवार के अंदर हाथ घुसा दिया और उसकी पंतय के बाहर उसकी गांड का जो भाग था उसे मसलते हुए सब्जी वाले को bola,"sunn लिया बे मेमसाहब को हमसे कोई परेशानी नहीं. हम मेमसाहब की मदद करते हैं उनकी दोनों सामान का बोझ उठाने में. हम नहीं चाहते की मेमसाहब को कोई परेशानी हो हमरे रहते हुए. हमें मेमसाहब की मदद करने में अच्छा लगता है और अगर मेमसाहब बोले तो हम उनकी हर तरह से सेवा भी करेंगे और कैसे करेंगे क्या करेंगे यह हमरा अंदर का बात है. तुमको जान्ने का ज़रूरत नहीं. है न मेमसाहब?"

सब्जी वाला को अपनी कही बात पर पछतावा हो रहा था और ऊपर से हरिया का दबंग अंदाज़ में बोलने से वो थोड़ा घबरा गया था इसलिए वो चुप चाप सब्जी तौलने में लगा था.

वहीँ अनीता को जब महसूस हुआ की हरिया अब सीधा उसकी नंगी गांड पर हाथ रखे हुए उसे मसलते हुए सब्जीवाले से बात कर रहा है तो उसका भी दिल धड़कने लगा और सांस और तेज़ होने लगी. उसे अपनी नंगी गैंग पर हरिया का मजबूत पकड़ और उसका खुरदुरा हाथ महसूस करके गुदगुदी होने लगी और एक अजीब सा मज़ा मिलने लगा.

वह एक नज़र सब्जी वाले के तरफ देखि जो हरिया का बात सुनता हुआ चुप चाप सब्जी चुनने में लगा था और फिर वह हरिया के तरफ देखकर उसका बात सुनने लगी.

आखिर में जब हरिया puchha,"Hain न मेमसाहेब" तो अनीता एक नज़र आँखों के कोने से सब्जी वाले के तरफ देखि की सब्जी वाला सब्जियों पर ध्यान देने लगा था तो वह हरिया के तरफ देखकर हल्का मुस्कुराती हुई अपना सर हिलने लगी. हरिया अनीता को देखकर दांत दिखने लगा और अनीता के थोड़े और करीब होकर अपने लुंड को अनीता की हाथ में अच्छे से सत्ता कर उसकी गांड को सलवार के अंदर से दबोच कर अपने आँखों से लुंड के तरफ इशारा किया.

अनीता हरिया का बात सुनकर मुस्कुराने के अलावा कुछ बोली नहीं. हरिया जब उसे नीचे लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता एक नज़र सब्जी वाले को देखि जो अब चुप चाप सब्जी तौलने में लगा था और फिर वो हरिया का लुंड हाथ में पकड़ ली और अगले पल हरिया उसकी आधी गांड को ढंकती पंतय के अंदर अपना उँगलियाँ घुसा दिया.

अनीता की नंगी गांड को महसूस करने से हरिया का लुंड ऐसे hi अकड़ने लगा था और जब अनीता उसे हाथ में पकड़ी तो वह थोड़ा झटका मारा जिसे अनीता महसूस करके एक आँखों के कोने से सब्जी वाले को देखने के बाद उसके लुंड के तरफ देखि.

अनीता की सांस तेज़ हो चुकी थी और बदन में लज़्ज़त का एहसास हो रहा था हरिया के लुंड को पकड़ने से और उसके झटके को महसूस करके.

साथ hi ऐसे बाजार में खुलेआम हरिया का उसकी सलवार में हाथ घुसाने से अनीता हरिया का हिम्मत और मर्दानगी से इम्प्रेस हो gayi.Wo जानती थी की बाजार में अभी देखने वाला कोई नहीं इसलिए वो कुछ नहीं बोली और खुद भी हरिया का लुंड हाथ में लिए सहलाने लगी.

हरिया को अनीता की नंगी गांड की चिकनापन और गर्माहट के साथ उसकी कोमलता महसूस होते hi उसका लुंड हरकत करने लगा और खड़ा होने laga.Hariya इतनी नरम और चिकनी गांड कभी नहीं छुआ था. हालांकि हरिया अनीता की गांड हमेशा उसकी साड़ी या सलवार के ऊपर से छूटा और दबाता था मगर उसकी नंगी गांड पहली बार छू रहा था.

पिछली बार भी वह उसकी नंगी गांड छूने के लिए उसकी सलवार में हाथ घुसाने का कोशिश किया था मगर उसी वक़्त अचानक से सब्जी वाला आ गया था जिसे देखकर अनीता उसे अचानक से पीछे हटाई थी और हरिया को लगा की अनीता शायद उसकी सलवार में हाथ घुसाने से नाराज़ हो गयी थी एहि सब कन्फूसिओं में वह वहां से अचानक से चला गया और अनीता की नंगी गांड छू नहीं पाया था.

मगर आज कोई कन्फूसिओं नहीं था. हरिया हिम्मत दिखा कर उसकी सलवार में हाथ घुसा कर उसकी नंगी गांड, उसकी गांड की स्किन को आराम से महसूस करते हुए उसपर हाथ फिरा रहा था और अनीता भी कुछ नहीं बोल रही थी. बल्कि वह खुद उसके लम्बे मोठे लुंड को नंगा हाथ में पकड़ी धीरे धीरे हिला रही थी.

हरिया का लुंड धीरे धीरे बड़ा हो रहा था हुए अनीता यह महसूस करती हुयी उसके लुंड को धीरे धीरे हिला रही थी.

अपने लुंड को बड़ा होते महसूस करके हरिया अनीता को देखने लगा तो अनीता यह महसूस करते hi उसे देखि और दोनों की नज़रे मिल गयी.

हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी नंगी गांड को सहलाते हुए अपने उँगलियों को उसकी गांड की दरार में ले गया.

हरिया के उँगलियों को अपनी नंगी गांड की दरार में महसूस करते hi अनीता की बदन में एक बिजली सी दौड़ गई और उसका दिल धड़क गया. साथ hi उसकी सांस भी तेज़ हो गई. यह सबके बावजूद वह बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका लुंड हिला रही थी.

हरिया उसकी गांड की दरार में उँगलियाँ फंसाये hi उसकी गांड को दबोच कर bola,"memsaahab तरबूज बहोत बड़ी और चिकनी है. इतनी चिकनी और बड़ी तरबूज हमने आज तक कभी नहीं छुआ".

अनीता की दिल एक बार फिर धड़क गयी और सांस तेज़ हो गयी यह सुनते hi. अगले पल वह सब्जी वाले के तरफ देखने लगी जब वह हरिया का बात सुनकर bola,"are भाई तरबूज यहाँ कहाँ है?".

हरिया यह सुनकर थोड़ा गुस्से में अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Abe साले तुझे बोलै न चुप रहने के लिए. बीच में बोले बिना चैन नहीं मिलता का तुझे".

अनीता भी हरिया के बाद boli,"aap चुप चाप सब्जी दीजिये न क्यों बार बार बोल रहे हैं?".

सब्जी वाला "माफ़ कीजिये मेमसाहेब" बोलकर चुप हो गया और हरिया अनीता की गांड की दरार की शुरुआत में अपनी बीच की ऊँगली ले गया और थोड़ा सा उसकी दरार में घुसा कर ऊपर नीचे करने लगा.

अनीता चुप चाप एक बार आस पास देखि और फिर वैसे हु चुप चाप हरिया का लुंड हिलती हुयी चुप चाप सब्जी वाले को देखने लगी.

हरिया धीरे धीरे अपना बीच का ऊँगली उसकी गांड की दरार में घुसाने लगा तो अनीता की सांस तेज़ होने लगी मगर वह कुछ नहीं बोली.

सब्जी वाला सब्जी पैक करने लगा तो हरिया आराम से उसकी गांड की दरार में अपना ऊँगली अंदर घुसा रहा था और जैसे hi अनीता को अपनी गांड की छेड़ पर उसका मोटा खुरदुरा ऊँगली महसूस हुआ वह अपनी हाथ में हरिया का लम्बा और मोटा लुंड का झटका महसूस की.

अनीता की दिल फिर धड़क गयी और अपनी तेज़ सां को कण्ट्रोल करती हुयी वह हरिया का लुंड छोड़कर खुद थोड़ा आगे होकर बैग से पैसे निकलती हुयी boli,"Sabji पैक हो गया. पैसे दे देता हूँ"

अनीता के थोड़ा आगे होने से उसकी गांड की छेड़ हरिया के ऊँगली से थोड़ा आगे होकर दोनों के बीच का स्पर्श ख़तम हो गया मगर आगे कोई ज़्यादा जगह नहीं होने के कारण हरिया का ऊँगली उसकी दरार में hi अटका हुआ था.

हरिया यह सुनकर अनीता को तरफ देखा तो अनीता पैसे निकलकर सब्जी वाले को देकर हरिया के तरफ देखि जो उसके आँखों में hi देख रहा था. अनीता उसके आँखों में देखकर boli,"Humein चलना चाहिए अब"

हरिया एक पल अनीता को देखने के बाद उसकी गांड को दरार में फिर ऊँगली घुसते हुए bola,"Lekin आप तो एक चीज़ लेना hi भूल गयी मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर थोड़ी आश्चर्यता से puchhi,"Kya?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड की दरार में ऊँगली घुसते हुए अपने बाए हाथ के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee".

अनीता उसके बाए हाथ के तरफ देखि तो उसका दिल फिर धड़क गया और उसी वक़्त उसकी गांड की छेड़ पर फिर से हरिया का ऊँगली मेहसुआ हुआ. अनीता तेज़ सांस और धड़कते दिल से अपनी गांड की छेड़ पर हरिया का मोटा खुरदुरा ऊँगली महसूस करती हुयी उसके बाये हाथ के तरफ देख hi रही थी की सब्जी वाला bola,"Are भाई हम मेमसाहेब को हम एक दम ताज़ा ताज़ा खीड़ा दे दिया हूँ".

हरिया यह सुनकर उसके तरफ देखकर गुस्से से bola,"Abe तेरे से पूछा कोई?".

अनीता भी हरिया के बाद सब्जी वाले से boli,"Offo आप क्यों बार बार बीच में बोल पड़ते हैं".

फिर अनीता हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी इन्होने तो मुझे अच्छे ताज़े खीदे दे दिए हैं तो फिर यह क्यों?".

हरिया के हाथ में एक लम्बा और मोटा खीड़ा था जिसे देखते hi अनीता का दिल धड़क गया था. हरिया वह खीदे को हाथ में लिए bola,"Are मेमसाहेब ु छोटा छोटा पतला खीड़ा ठीक है लेकिन आपको काम से काम एक मोटा और लम्बा खीड़ा लेकर जाना चाहिए. इसका अपना अलग मज़ा है. इस्तेमाल करके तो देखिये".

सब्जी वाला हरिया का बात सुनकर बोलना चाहता था की खीड़ा इस्तेमाल करना मतलब खाना hi हुआ हो और उसके लिए छोटे छोटे पतले खीदे hi ठीक हैं मगर अनीता से वह फिर दांत नहीं सुन्ना चाहता था. उसे भी अनीता जैसी खूबसूरत औरत जो किसी हीरोइन जैसी खूबसूरत और सेक्सी थी उसकी नज़र में अच्छा बनना था और इसलिए वह दिखाना चाहता था की हरिया का बात सही नहीं है लेकिन उसे फिर से अनीता से दांत नहीं खाना था और हरिया के दबंग अंदाज़ से भी वह थोड़ा डरा हुआ था तो वह चुप छापा रहा.

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके आँखों से नज़र हटाकर खीदे के तरफ ले गयी तो हरिया थोड़ा आगे बढ़कर अपना लुंड फिर से अनीता के हाथ के पास कर दिया.

अनीता का बया हाथ कंक्रीट के प्लेटफार्म पर था तो हरिया अपना लुंड उसके हाथ से सत्ता नहीं पाया, बस उसके थोड़ा नीचे करके bola,"Memsaheb छू कर देखिये तो की बड़ा हुए मोटा खीड़ा में एक अलग hi मज़ा है. आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि तो वह आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा कर दिया. अनीता वापस खीदे के तरफ देखने लगी और अपनी बायीं हाथ प्लेटफार्म से नीचे ले जा कर हरिया के लुंड को अपनी मुट्ठी में भरकर थोड़ा धीरे से हिलने लगी. अँधेरा होने के कारण सब्जी वाले को प्लेटफार्म के पीछे का नज़ारा समझ नहीं आया.

हरिया अपना कमर धीरे धीरे आगे पीछे करके अपना लुंड अनीता की मुट्ठी में घिसते हुए bola,"Mota और लम्बा खीड़ा अच्छा है न मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखि और फिर उसके बाए हाथ से वह मोटा और लम्बा खीड़ा अपनी दाई हाथ में लेकर बाए हाथ से उसका लुंड हिलती हुयी boli,"Haan ठीक hi है".

हरिया यह सुनकर bola,"Memsaheb बड़ा और मोटा खीड़ा में अलग मज़ा है. आपको ऐसा hi खीड़ा का ज़रूरत है हम जानत हूँ. आपको भी ऐसा खीड़ा पसंद आएगा अगर आप इस्तेमाल करियेगा तो. मोटा और लम्बा खीड़ा ले जाइये मेमसाहेब और इसका आदत लगाइये. आपको मोटा और लम्बा खीड़ा का आदत लग जायेगा तो एहि अच्छा लगेगा और मज़ा देगा. ले जाइये एक मोटा और लम्बा खीड़ा".

अनीता की सांस यह सब सुनते हुए तेज़ हो गई. वह तेज़ सांस से बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी गांड की छेड़ पर उसके ऊँगली को महसूस करती हुयी उसके लुंड को सेहला रही थी और उसका बात सुन्न रही थी.

हरिया जब बात पूरा किया तो अनीता खीदे के तरफ देखकर सब्जी वाले से boli,"Jee दे दीजिये एक मोटा और लम्बा खीड़ा".

हरिया यह सुनकर bola,"Ee का देगा मोटा और लम्बा खीड़ा".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर धीरे से मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलने लगी तो हरिया भी दांत दिखा दिया.

वहीँ सब्जी वाला bola,"Are भाई सब खीड़ा तो हमरा hi है. लेकिन फिर भी तुम्हारा पसंद वाला hi दिए देता हूँ".

सब्जी वाला यह बोलकर अनीता की हाथ से वह हरिया का उठाया हुआ खीड़ा लेकर तौलने जा रहा था की तभी हरिया bola,"Abe लेना तो मेमसाहेब को है."

यह सुनकर अनीता की दिल धड़क गयी की तभी हरिया bola,"Mera मतलब इस्तेमाल तो मेमसाहेब को करना है तो पसंद मेमसाहेब करेगी".

अनीता हरिया को देखती हुयी बात सुन्न रही थी. हरिया सब्जी वाले के तरफ देखकर बात बोलने के बाद अनीता की तरफ देखकर मुस्कुराकर bola,"Memsaheb आपको मोटाई और लम्बाई का अंदाजा हो गया होगा. जो खीड़ा आपके हिसाब से हमरे खीदे के बराबर मोटा और लम्बा लगे आप ु खीड़ा ले लीजिये".

अनीता यह सुनकर खीदे के भण्डार के तरफ देखि तो सब्जी वाला bola,"Humka नहीं लगता की इससे लम्बा और मोटा खीड़ा मिलेगा आपको".

सब्जीवाला का बात सुनकर हरिया गुस्से से कुछ बोलने hi वाला था की वह अनीता की पतली और गोरी इंडेक्स फिंगर के तरफ देखा और उसका आवाज़ सुनकर रुक गया.

अनीता बायीं हाथ से हरिया का लुंड हिलती हुयी दायी हाथ के इंडेक्स फिंगर से एक खीदे के तरफ दिखती हुयी boli,"Jee वह खीड़ा दीजिये".

हरिया सब्जीवाला को कुछ बोलना भूल जिधर अंकटा दिखा रही थी उधर देखने लगा. सब्जी वाला भी उधर hi देखने लगा.

हरिया देखा की खीदे के ढेर के अंदर एक खीड़ा था जिसका आगे का कुछ हिस्सा hi दिख रहा था और ध्यान से नहीं देखने पर किसी को वह दीखता भी नहीं. उस खीदे का आगे का हिस्सा काफी मोटा था.

अगले पल सब्जी वाला उस आगे का हिस्सा के पकड़ कर उठाने लगा तब हरिया का ध्यान उसके पीछे के हिस्से पर भी गया जो दिख रहा था. मतलब उस खीदे का आगे का और पीछे दोनों का हिस्सा थोड़ा दिख रहा था जिसे ध्यान से देखने से hi समझ आता की वह खीड़ा मोटा के साथ साथ लम्बा भी था.

हरिया उधर देख रहा था और जब सब्जी वाला उसे उठाया तब सब्जीवाले और हरिया को समझ आया की हरिया जो खीड़ा उठाया था उस खीदे से डेढ़ गुना लम्बा और मोटा अनीता जो खीड़ा चुनी थी वह था.

हरिया यह देखकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड की छेड़ पर ऊँगली फेरते हुए bola,"Waah मेमसाहेब एक दम सही चीज़ चुनी हैं आप. एक दम हमरे खीदे के हिसाब से"

सब्जीवाला अगले पल वह खीड़ा तौलते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब हुंका भी नहीं पता था की इतना मोटा और लम्बा खीड़ा इहाँ है. ी भाई आपको बोलै उसका चुना हुआ खीड़ा जैसा मोटा और लम्बा खीड़ा चुनने के लिए लेकिन आप तो उससे डेढ़ गुना बड़ा और मोटा खीड़ा चुन ली वह भी ऐसे जगह से जहाँ किसी का ध्यान भी नहीं जाये".

अनीता को सब्जी वाले की बात पर हसी आ रही थी मगर वह हसी कण्ट्रोल करके बस बिना शर्म के मुस्कुराती रही और हरिया का लुंड हिलती रही. वहीँ हरिया भी अनीता को मुस्कुराता देख मुस्कुराते हुए सब्जीवाला का बात सुन्न रहा था.

हरिया सब्जी वाला का बात सुनकर अनीता की गांड की छी पर ऊँगली रगड़ते हुए bola,"Are तो लेना तो मेमसाहेब को है तो नज़र भी तो मेमसाहेब को आएगा न. तुमको थोड़े लेना है की तुमको नज़र आएगा".

अनीता हरिया का बात सुनती हुयी उसे देखकर उसका लुंड हिलती हुयी मुस्कुरा रही थी.

अगले पल हरिया bola,"Aese तुमको लेना है तो हम जो चुने थे ु ले लो".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी आंखें बड़ी करके हरिया को देखि तो हरिया भी दांत दिखा कर मुस्कुराने लगा. अनीता अपनी सर हिलने लगी और सब्जी वाला का आवाज़ सुनकर उधर देखने lagi,"Nahin भाई हुंका नहीं चाहिए. हमरे लिए छोटा छोटा देसी खीड़ा hi ठीक है".

फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Magar जो भी हो मेमसाहेब आपकी नज़र बहोत तेज़ हैं. इतने खीड़ों के बीच छुपा हुआ वह बड़ा और मोटा खीड़ा आपका नज़र से बच नहीं पाया. हम इतना खीड़ा बेचता हूँ मगर इतना बड़ा और मोटा खीड़ा बहोत काम hi देखने को मिलता है"

अनीता यह सुनकर हरिया का लुंड हिलती हुयी और खुद की गांड की छी पर उसका ऊँगली महसूस करती हुयी बिना शर्म के मुस्कुरा रही थी.

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके तरफ देखि जो मुस्कुराते हुए bola,"Are अगर ऐसा मोटा और लम्बा खीड़ा हमेशा दिखेगा तो ख़ास कैसे रहेगा? ऐसा खीड़ा बहोत काम ख़ास लोगो के लिए hi होता है"

फिर वह अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"jaise मेमसाहेब. ऐसा मोटा और लम्बा खीड़ा मेमसाहेब के लिए hi था इसलिए तो मेमसाहेब को मिला और मेमसाहेब को भी पता है की उन्हें कैसा खीड़ा अच्छा लगेगा और उससे मज़ा aayega.Isliye तो मेमसाहेब हमरा जैसा मोटा और लम्बा खीड़ा चुनी. मेमसाहेब की नज़र मोटा और लम्बा खीड़ा पारखी में माहिर है."

सब्जी वाला यह सब सुन्न रहा था. अनीता की सांस तेज़ थी हरिया का बात सुन्नते हुए. हरिया का बात ख़तम होते hi वह उसके आँखों में देखती हुयी तुरंत boli,"Aese आप भी तो माहिर है बड़े बड़े और चिकने तरबूज परखने में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड की छेड़ में बीच का ऊँगली रगड़ते हुए उस हाथ के पंजे को उसकी गांड पर फिरते हुए bola,"U तो हम हूँ मेमसाहेब".

दोनों का ध्यान सब्जीवाले पर गया जब वह बोलने laga,"Lekin एक बात ग़लत बोल गए भाई. मेमसाहेब तुम्हारे चुने हुए खीड़ा जैसा नहीं उससे डेढ़ गुना बड़ा और मोटा खीड़ा चुनी है".

हरिया सब्जीवाले के तरफ थोड़ा गुस्से से देखते हुए bola,"Abe मेमसाहब हमरे खीड़ा जैसा बड़ा और मोटा खीड़ा चुनी है क्यूंकि उनको वैसा hi खीड़ा पसंद है".

अगले पल हरिया अनीता की गांड की छेड़ पर ऊँगली से प्रेशर बनाते हुए bola,"Ee अंदर का बात है. तोहार समझ नहीं आएगा".

अनीता अपनी गांड की छेड़ पर प्रेशर बनते hi हरिया के तरफ देखकर अपनी आँखें बड़ी करके अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा की तो हरिया मुस्कुरा कर दांत दिखते हुए प्रेशर काम कर दिया.

अगले पल सब्जी वाला हरिया का चुना हुआ खीड़ा और अनीता का चुना हुआ खीड़ा को साथ करके नापते हुए bola,"Are भाई ी देखो".

सब्जीवाला के आगे बोलने से पहले hi अनीता अपनी दायी हाथ बढ़ा कर उसके हाथ से वह खुद का चुना हुआ खीड़ा लेकर बैग में रखती हुयी boli,"Aap लोग अब बातें करना बांध कीजिये मुझे लेट हो रही है".

सब्जीवाला छूटा पैसा अनीता को देते हुए bola,"Are मेमसाहेब ी भाई का बात hi ऐसा है की लोग सोच में पद जाये और बात बढ़ते रहे".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Yeh तो जिस तरह से बड़ी बड़ी और चिकनी तरबूज पहचानने में माहिर हैं वैसे hi चाटने में माहिर है".

हरिया यह सुनकर अनीता की गांड की छेड़ पर ऊँगली रगड़ रहा था वहीँ अनीता बोलती हुयी उसका लुंड हिला रही थी.

सब्जी वाला यह सुनकर है diya,"Hahaha हाँ ी भाई तो दिमाग़ चाटने में माहिर लगता हैं. लेकिन अच्छा है हसी मज़ाक हो जाता है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा रही थी. हरिया यह सुनकर सब्जीवाला से bola,"Chalo भाई ी तो अच्छा हुआ की तुम का हमरा बात सुनकर अच्छा लगा. ऐसे एक बात बोल डेट हैं की हम दिमाग़ नहीं कुछ और चाटने में माहिर हूँ"

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देख रही थी. इतना बोलकर हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"U भी ऐसा की मज़ा आ जाये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Baatein हो गयी? अब चले?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए".

अनीता हरिया का बात सुनने के बाद अपनी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा की तो हरिया मुस्कुराये हुए अपना दाया हाथ उसकी पंतय से निकल कर फिर सलवार से निकल दिया और खुद से hi उसकी सलवार के इलास्टिक को कमर पर ठीक कर दिया.

अनीता को हरिया का यूँ उसकी सलवार ठीक करना अच्छा लगा की उसे खुद से ठीक नहीं करना होगा. वह भी अपनी हाथ से hi उसके लुंड को पंत के अंदर घुसा दी और चैन ऊपर करने का कोशिश करने लगी मगर एक हाथ से चैन ऊपर होना मुमकिन नहीं था खासकर जब इतना बड़ा उभर हो वहां पर.

हरिया यह समझकर अपने बाए हाथ से पंत को आपस में जोड़ कर पकड़ लिया तो अनीता उसका चैन ऊपर खिंच दी.

हरिया अनीता को एक नज़र देखा और फिर उसकी गांड को सलवार के ऊपर से सहलाते हुए उसे थप तपते हुए bola,"Chaliye मेमसाहेब" और अपना हाथ वहां से हटा लिया और सब्जी का थैला उठा लिया.

दोनों उस सब्जी दुकान से जाने लगे तो सब्जी वाला अनीता की कमीज में अधनंगी गोरी चिकनी पीठ देखकर अपना लुंड धोती में एडजस्ट करने लगा. अनीता जैसी खूबसूरत औरत को ऐसे घुल मिल कर बात करते हुए और उसकी क्लीवेज और बड़ी चूँचियों को ऊपर नीचे होते देखते हुए उसका भी लुंड अकड़ने लगा था.
 
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