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अनीता रामु को अपनी कमर और नाभि देखते हुए देख ली थी मगर वो नार्मल कड़ी रही. रामु लिविंग रूम से होते हुए घर के बाहर निकल गया.
अनीता हरिया को देखती हुयी boli,"Main पैसे लेकर आती हूँ".
अनीता यह बोलकर बैडरूम में जाकर पैसे लेकर लिविंग रूम में आयी तो हरिया को स्टोर रूम से लिविंग रूम में आते हुए देखि.
हरिया उसे देखकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड मसलकर bola,”yeh लीजिये मेमसाहब इसे पकड़ लीजिये".
अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखकर उसका बात सुनी. अगले पल हरिया अपने दूसरे हाथ से कुछ पेपर्स देते हुए bola,"Ee बिल पकड़िए मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर उसका लुंड से नज़र हटाकर उसके हाथ में पकडे बिल को देखि तो हरिया bola,"Aur साथ में दुकान की एक कॉपी है उस पर आप सिग्न कर दीजिये मालिक को देना है”.
अनीता मुस्कुराती हुयी बिल ली तो हरिया मुस्कुराते हुए अपना लुंड मसलकर bola,"Aese मेमसाहेब आप कुछ और पकड़ना छह रही थी का?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप भी न".
हरिया अपना लुंड मसलते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता उसके लुंड के तरफ एक नज़र डालकर अपनी गांड मटकती हुयी डाइनिंग टेबल के पास जाकर झुककर सिग्न करने लगी.
हरिया अनीता को गांड मटकते हुए चलते देखकर अपना लुंड मसलते रहा और अनीता जब सिग्न करके सीधा होने वाली थी की हरिया का मुंह साड़ी के ऊपर से hi अपनी गांड पर महसूस करके चौंक गयी मगर हरिया उसकी गांड पकडे हुए था तो अनीता को सीधा होने का मौक़ा नहीं मिला और वो वैसी hi झुकी रही.
हरिया उसकी गांड की दोनों भागो को पकड़ कर उसमे अपना मुंह रगड़ने लगा.
अनीता की सांस फिर तेज़ और छूट में हलचल होने lagi.Uski धड़कन भी तेज़ हो गयी और बदन में मस्ती की लहर फिर दौड़ने लगी.
वो वैसे hi झुकी हुयी दरवाज़े की तरफ देखि तो दरवाज़ा बांध दिखाई दिया.
हरिया उसकी गांड पर अपना मुंह रगड़ते hue,”ummmmmmmmm उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम” करने लगा.
अनीता के साथ ऐसा पहली बार हुआ था की कोई उसकी गांड पर अपना मुंह रगड़ रहा हो भले hi वो साड़ी के ऊपर से hi ho.Agar अनीता नंगी होती तो हरिया का मुंह ठीक उसकी गांड की दरार में होता मगर फिर भी साड़ी के ऊपर से हरिया अपना नाक और मुंह उसकी दोनों गांड की भाग के बीच में hi रगड़ रहा tha.Anita की मुलायम गांड हरिया का मुंह रगड़ने से हिलने लगी थी.
हरिया मज़े se,”ummmmmmm उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम” करके उसकी गांड पर मुंह और नाक रगड़े जा रहा था. अनीता फिर से दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया से boli,”Hariya जी क्या कर रहे हैं. रामु आ जायेगा” मगर हरिया नहीं ruka.Anita फिर वैसी hi झुकी रही और हरिया को उसकी गांड से खेलने दी.
हरिया अपना पकड़ उसकी गांड से ढीला करके उसकी गांड गूंथते हुए उसमे नाक और मुंह रगड़ने लगा मगर फिर भी अनीता सीढ़ी होने की कोशिश नहीं की.
हरिया बिना रुके उसकी गांड में लगातार मुंह और नाक साडी के ऊपर से hi घुसाने की कोशिश कर रहा था और रगड़ रहा tha,”ummmmmmm उम्मम्मम्मम्म ह्म्मम्म्म्म ह्म्मम्म्म्म उम्मम्मम्म”.
अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद फिर boli,”Hariya जी क्या कर रहे हैं मुंह हटाइये वहां से. वहां कोई मुंह रगड़ता है क्या? छोड़िये"
और फिर अनीता कामुक तरीके से boli,"aaaaaahhhhhhhh उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ हरिया जी छोड़िये न रामु आ जायेगा aaaaahhhhh”,magar हरिया फिर भी अपना मुंह उसकी गांड से नहीं हटाया.
अनीता तेज़ी से सांस लेती हुयी वैसे hi झुकी रही और उसकी छूट में हलचल होने lagi.Uski अंग अंग मज़े में डूबने लगा और वक़्त के साथ सांस और तेज़ चलने लगी.
वो खुद को कण्ट्रोल करने की कोशिश में फिर कुछ सेकण्ड्स बाद boli,”Hariya जी हटाइये अपना मुंह मेरी बूम se,yeh गन्दा है”.
यह सुनकर हरिया अनीता की गांड में नाक रगड़ते हुए bola,”ummm बूम क्या होता है मेमसाहब? उम्म्म्म”.
अनीता वैसी hi झुकी हुयी boli,”wo मेरी अस्स पर से अपना मुंह हटाइये न. वहां मुंह नहीं रखनी chahiye,aaaaaahhhhhhh वो गन्दी जगह है और रामु भी कभी भी आ सकता है”.
हरिया एक बार फिर अनीता की गांड में मुंह और नायक रगड़ने laga,”ummmmmmm उनमममम” और फिर सिर्फ नाक रगड़ते हुए bola,”memsahab हमें अंग्रेजी नहीं आती”.
यह सुनकर अनीता की छूट फड़क gayee.Wo जानती थी की हरिया चाहता है की वो हिंदी में bole.Wo जोर से सांस लेकर boli,”please हरिया जी आप मेरी तरबूज से अपना मुंह हटाइये. रामु कभी भी आ सकता है आआअह्ह्ह्हह”.
हरिया यह सुनकर अपना मुंह अनीता की गांड से हटाकर उसकी गांड को पकड़ कर हिलाते हुए उसकी आँखों में देखा.
अनीता भी जब हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस नहीं की तो गर्दन घुमाकर पीछे देखि तो दोनों की नज़रे मिली.
हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी गांड हिलाते हुए bola,”memsaahab इसे गांड कहते हैं गांड”.
अनीता की छूट यह सुनकर फड़क गयी और सांस यह सुनकर फिर से तेज़ होने lagi.Wo सांस को कण्ट्रोल करती हुयी उसे देखकर boli,”Hariya जी रामु कभी भी आ सकता है”.
हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड हिलाते हुए bola,”memsahab एक बार आप अपनी गांड मेरी मुंह पर खुद से रगड़ दीजिये न”.
यह सुनते hi अनीता को अपनी बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और उसकी दिल जोर से धड़क gayee.Saans तो ऐसे hi जोर से चल रही थी उसकी.
वो तेज़ सांस लेती हुयी boli,”nahin हरिया जी अगर आपको अच्छा लग रहा है तो जल्दी से आप खुद एक बार और मेरी बूम में अपना मुंह रगड़ लीजिये”.
अनीता को अपनी hi मुंह से यह बात सुनकर अजीब लगा मगर उसकी मज़े में इज़ाफ़ा हो गया.
यह बोलकर अनीता दरवाज़े की तरफ देखि तो हरिया bola,”are मेमसाहब रामु खुद आवाज़ dega,aayega नहीं. आप बस हमरे मुंह पर अपनी गांड अच्छे से हिलाकर रगड़ दीजिये फिर हम चला जाऊंगा”.
अनीता को न जाने क्यों हरिया के चले जाने का बात सुनकर अच्छा नहीं laga.Wo एक बार दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया को देखती हुयी boli,”theek है हरिया जी” और हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर मुंह सत्ता दिया.
अनीता की छूट फड़क रही थी और थोड़ी गीली भी होने लगी thi.Wo जोर से सांस लेकर अपनी सांस को काबू की और फिर वैसे hi झुकी हुयी अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ने लगी.
जैसे hi वो अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ी अनीता की बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और बदन में मज़ा hi मज़ा भर gaya.Mazaa आने के बावजूद भी वह खुद को कण्ट्रोल की और 5 सेकण्ड्स में hi अपनी गांड हिलना बांध करके boli,”bas हरिया जी अब हो गया”.
हरिया अपना मुंह उसकी गांड से हटते हुए bola,”memsaahab आपकी गांड जैसी सच में किसी की गांड नहीं. थोड़ा अच्छे से रगडिये न अपनी गांड”.
अनीता झुकी हुयी सामने hi देख रही थी और हरिया का बात सुन्न रही thi.Hariya का बात सुनने के बाद जब वो दुबारा हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस की तो वो एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखकर वापस अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ने लगी.
हरिया भी अपना सर हिलने लगा और “उम्मम्मम्म उनमममममम उम्मम्मम्म” करके अनीता की गांड पर मुंह रगड़ते raha.Anita थोड़ी देर दाया बाय गांड करके हरिया के मुंह पर रगड़ी फिर अपनी गांड ऊपर नीचे करने lagi.Wo अपनी गांड को हरिया के फ़ोरेहेअद से लेकर मुंह तक रगड़ने lagi.Uski छूट में हलचल हो रही थी ऐसा करने से और सांस धीरे धीरे और तेज़ हो रही thi.Maze का तो ठिकाना hi नहीं था और मज़े से उसका बुरा हाल था.
मज़ा आने के बावजूद अनीता होश नहीं खोई थी और थोड़ी देर के बाद गांड हिलती हुयी hi boli,”Hariya जी अब बहोत हो गया” मगर हरिया कुछ नहीं बोलै और बस “उम्मम्मम उम्मम्मम उम्मम्मम्म” किये अनीता की गांड में मुंह रगड़ रहा था.
अनीता भी जवाब नहीं मिलने पर अपनी गांड को वैसे hi हरिया की मुंह पर रगड़ती रही और फिर डाइनिंग टेबल को पकड़ कर अपनी गांड को और जोर से हरिया की मुंह की तरफ दबा कर गांड को गोल गोल हिलने lagi.Uski बदन में गर्मी बढ़ने लगी थी और अब वो भी धीरे धीरे होश खो रही थी और अपनी गांड हिलने में उसे मज़ा आ रहा था.
फिर वो वैसे hi टेबल पकड़ी हुयी गांड को ऊपर नीचे करने lagi.Hariya भी अपना मुंह उसकी गांड में सताए जैसे तैसे bola,”waah मेमसाहब सच में क्या ज़बरदस्त गांड है आपकी. ऐसे hi हिलाते rahiye,ummmmmmmm उम्मम्मम्म उम्मम्मम्म आआह्ह्ह्हह मेमसाहब हिलाइये अपनी बड़ी मुलायम गांड को”.
अनीता को मज़ा आ रहा था और यह सुनकर वह मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को गोल गोल और ऊपर नीचे करके हरिया के मुंह पर और जोर से रगड़ने लगी की तभी दोनों को रामु का आवाज़ सुनाई diya,”are हरिया जल्दी karo,itna टाइम कहे लग रहा है”.
रामु की आवाज़ सुनते hi अनीता घबरा कर सीधे हो गई और हरिया भी खड़ा हो gaya.Ramu का आवाज़ बाहर से hi आ रही थी तो हरिया चिल्ला कर bola,”Are कहे गाला पहाड़ रहे हो. हम आ रहा हूँ न. तुम ठेले के पास hi रुको” और फिर हरिया अनीता को देखा तो दोनों की नज़रे मिली.
हरिया ऊपर से नीचे अनीता को देखकर bola,"Sasura कबाब में हड्डी हो गया साला वर्ण हम आज आपकी गांड से और खेलते मेमसाहब."
फिर हरिया अपना हाथ अनीता के पीछे लजाकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Sach में मेमसाहब बहोत hi अच्छी है आपकी गांड”.
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली बस हरिया को देखती हुई जोर से सांस लेकर खुद को कण्ट्रोल करके boli,"Hariya जी यह रहा बिल और पैसे" और अनीता अपनी हाथ में रखे पैसे और बिल को हरिया को दे दी.
हरिया उसकी खूबसूरत हाथ और पतली पतली उँगलियाँ देखा और फिर उसकी हाथ से पैसे और बिल लेकर दूसरा हाथ से अनीता की वही हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर लेजाकर bola,”aaj फुर्सत नहीं मेमसाहब. कभी फुर्सत मिलेगा तो अपने लुंड से अच्छे से सेवा करूँगा आपकी. देखिये ससुरा हमरा लुंड कैसे आपकी सेवा करने के लिए तगड़ा होकर इंतज़ार कर रहा है”.
अनीता हरिया का लुंड पंत के ऊपर से देखि जहाँ उसका लुंड का उभार दिख रहा था और अपने हाथ में उसकी सख्ती महसूस करती हुयी उसे पंत के ऊपर सहलाने lagi.Sach में हरिया का लुंड बहोत सख्त और तगड़ा लग रहा था.
हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहब आराम से इसे बाहर निकलकर देखिये".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी रामु बुला रहा है आपको".
हरिया अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाकर bola,"Are ु ससुरा आने से पहले एक बार और आवाज़ देगा. अभी ु बैठकर बीड़ी पी रहा होगा".
अनीता यह सुनकर एक बार दरवाज़े के तरफ देखि जो बांध था. अनीता फिर हरिया के लुंड के उभर के तरफ देखकर उसके पंत का ज़िप पकड़ कर नीचे करने लगी और ऐसा करते हुए वह वापस हरिया के आँखों में देखने लगी.
वह हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका ज़िप खोलकर उसके पंत के अंदर हाथ घुसकर उसके अंडरवियर के ऊपर से उसका लुंड पकड़ ली और फिर उसके अंडरवियर के अंदर भी हाथ घुसकर उसका लुंड पकड़ ली.
हरिया का नंगा लुंड पर हाथ पड़ते hi अनीता की छूट में हलचल होने लगी. इतना मोटा और लम्बा लुंड पकड़ कर अनीता जैसी कामुक औरत की छूट में बेचैनी होना hi था. उसकी सांस और ज़्यादा तेज़ होने लगी और चूंकि ऊपर नीचे होने लगी जो हरिया अपने हाथ में महसूस कर रहा था.
अनीता की चूँचियों को ऊपर नीचे होता और उसकी सांस को तेज़ होते महसूस करके हरिया को समझ आ गया की ऐसा उसका लुंड पकड़ने से हुआ है.
अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस से हरिया का लुंड पकड़ कर बाहर निकल ली. अनीता ऐसा करते वक़्त हरिया के आँखों में देख रही थी और हरिया उसकी चूंकि दबा रहा था.
अनीता उसका लुंड निकलकर नज़र नीचे करके उसके लुंड को देखि तो उसकी दिल एक बार फिर धड़क गया. सच में हरिया का लुंड बहोत मोटा और लम्बा था और अनीता को उसके लुंड को अपनी हाथ में महसूस करके अच्छा लग रहा था. वह उसे पकड़ कर धीरे धीरे हिलने लगी.
कुछ सेकण्ड्स हरिया का लुंड हिलने के बाद अनीता boli,"Hariya जी अब हो गया. रामु फिर से आवाज़ देगा और कहीं अंदर न आ जाये".
हरिया यह सुनकर गहरा सांस लेकर अपना सर सहमति में हिलाया और फिर अनीता की दोनों चूँचियों को पकड़ कर जोर से बेरहमी से मसल दिया जिससे अनीता की मुंह से “सीईई आउच" निकल गया और न चाहते हुए भी उसकी बायीं हाथ हरिया के छाती पर चला गया और वह उसके छाती पर हाथ रखती हुयी ाःह भर di,"Aaaahh हरिया जी"
अनीता की आह सुनकर हरिया मुस्कुराया और अचानक से अनीता को पलट कर डाइनिंग टेबल पर झुका दिया और उसकी गांड पकड़ कर पीछे से उसकी गांड पर धक्के लगाने लगा.
अनीता उसके नंगे लुंड के धक्के को अपनी साड़ी से ढंकी गांड पर महसूस की मगर कुछ बोली नहीं और हरिया के हर धक्के पर “आआअह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह” करने लगी.
हरिया का धक्का इतना जोरदार था की अनीता के मुंह से अपने आप “आअह्ह्ह” निकल जा रही thi.Hariya फिर अनीता की गांड छोर कर उसकी एक कन्धा पकड़ कर धक्के लगते रहा और दूसरा हाथ से उसकी नंगी कमर से लेकर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा.
अनीता उसके हर धक्के पर बस झुकी हुयी "आआह्ह्ह्ह" कर रही थी.
हरिया उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरने के बाद नीचे हाथ लेकर गांड पर एक थप्पड़ मारा जिससे अनीता के मुंह से “आउच आअह्ह्ह हरिया जी” निकल गयी और वह डाइनिंग टेबल के दोनों तरफ पकड़ ली.
हरिया अनीता को डाइनिंग टेबल पकडे देख उसकी दूसरे कंधे पर हाथ लेजाकर उसकी दोनों कन्धा पकड़ कर जोर से दो बार धक्के लगाया और फिर कंधे पकडे हुए hi उसे ऊपर उठाया.
हरिया के ऊपर के तरफ उठाने से अनीता डाइनिंग टेबल छोर दी और हरिया के सामने सीढ़ी कड़ी हुयी अपनी कमर को आर्च करके गांड को थोड़ा पीछे के तरफ कर दी.
हरिया उसके पीछे खड़ा हुआ उसकी कंधो से हाथ नीचे लेजाकर उसकी दोनों चूँचियों को पकड़ कर उसे मसलते हुए दो जोरदार धक्के लगते हुए bola,"Ise कहते हैं थिकै मेमसाहब. ऐसे hi थिकै होती है".
वहीँ हरिया का बात सुनती हुयी उसके धक्के पर अनीता आहे भर्ती रही "आआह्ह्ह आआह्ह्ह"
हरिया वैसे hi अनीता की दोनों चूँचियों को मसलते हुए पीछे से धक्का लगते हुए bola,”memsahab हम बहोत ज़बरदस्त तरीके से ठुकाई करते हैं. पूरा रगड़ रगड़ कर ठुकाई करते हैं. कसम से आपने इतनी ज़बरदस्त ठुकाई कभी नहीं करवाई होगी. आपके जैसी खबसूरत और जवाब औरत को ऐसे hi ठुकाई की ज़रूरत है. बोलिये मेमसाहब हमसे ठुकवाइयेगा”.
अनीता वैसे hi हरिया के आगे उसके लुंड से गांड सताए कड़ी हुयी अपनी गांड पर उसके नंगे लुंड का धक्का महसूस करती हुयी उसका बात सुन्न रही थी.
उसकी सांस तेज़ी से चल रही थी और चूंकि ऊपर नीचे हो रही थी. उसकी चूंकि हरिया के हाथ में hi ऊपर नीचे हो रही थी और हरिया उसे मसल रहा था.
अनीता हरिया का बात सुनकर तेज़ सांस लेती हुयी बस “हाँ” में अपना सर हिलाई तो हरिया उसकी चूंकि जोर से दबाते हुए उसकी गांड पर धक्का लगते हुए bola,”munh से बोलिये न मेमसाहब. आप हमसे ठुकवाइयेगा? खुलकर बोलिये”.
अनीता वैसे hi ज़ोर का सांस लेती हुयी अपने होंठों पर ज़बान फिरकर सर हिलती हुयी बोली “हाँ हरिया जी”.
अनीता को यक़ीन नहीं हुआ की वह "हाँ" बोली मगर उसे अपनी जवाब का कोई पछतावा नहीं था. यह सुनकर हरिया मुस्कुराया और उसके पीछे से हटकर उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा जिससे अनीता “सीई आउच” की और घूमकर हरिया को देखने लगी. अनीता तेज़ सांस लेती हुयी हरिया को देख रही थी वहीँ हरिया भी पुरे हवस से अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता चुप चाप कड़ी हुयी हरिया के हवस भरे नज़र को अपनी जिस्म पर रेंगने दे रही थी.
हरिया को यह सब अच्छा लग रहा था मगर वह भी जान रहा था की उसके पास टाइम नहीं है. वह अनीता को देखकर अपने जेब से एक कागज़ निकाल कर bola,”memsaahab हम आपको अपना लम्बर दे रहे हैं. कभी मौक़ा हो तो हमें याद कीजियेगा. जब जहां बोलेंगी हम आपकी अच्छे से सेवा करेंगे”.
अनीता हरिया को देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. उसका बात सुनकर वह कागज़ पर उसके मोबाइल नंबर की तरफ देखि.
हरिया मुस्कुराते हुए bola,”lijiye मेमसाहब” तो अनीता वो कागज़ लेने के लिए अपनी हाथ बधाई मगर हरिया bola,"Are मेमसाहब हम भी बेकार में आपको परेशां कर रहे हैं. हम hi रख देते हैं कागज़".
अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देख hi रही थी की अगले पल वह कागज़ को मोड़ कर अपना हाथ अनीता की क्लीवेज के तरफ लेजाकर उसकी क्लीवेज में वह कागज़ घुसकर bola,"Lijiye मेमसाहब हम रख दिए".
अनीता को समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे या क्या बोले तो वह चुप थी. हरिया मुस्कुराते हुए “चलते हैं मेमसाहब” बोलकर दरवाज़े की तरफ जाने लगा तो अनीता आवाज़ में रान्दीपना लाकर boli,"Hariya जी एक मिनट".
हरिया यह सुनकर रुक कर अनीता को देखा तो वह दो कदम आगे बढ़कर उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Ise तो अंदर कर लीजिये".
अनीता यह बोलकर उसका लुंड पंत के अंदर करने लगी तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब जब आप हैं तो हम अपना लौड़ा खुद अंदर करते हुए अच्छा नहीं लगेंगे. ी तो आपका ख़बसूरती का बेइज्जती होगा की आपके जैसी माल सामने होते हुए हम अपना लौड़ा अंदर कर रहे हैं".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी दाए हाथ से उसका लुंड अंदर करती हुयी बाए हाथ को हरिया के छाती पर रखकर अपनी चूँचियों को थोड़ा आगे करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न बातें बनाने में माहिर हैं".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम ठोकने में भी माहिर है".
अनीता यह सुनकर दाएं हाथ से उसका ज़िप लगाती हुयी बाए हाथ को उसके छाती पर फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Jaiye हरिया जी जहाँ जा रहे हैं वहां कोई मिले तो उसकी ठुकाई कर दीजियेगा"
अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe" तो हरिया भी मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर एक थप्पड़ मार दिया जिससे अनीता खिलखिलाना बांध करके हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में hi boli,"Ouch आअह्ह्ह हरिया जी उम्म्म".
हरिया उसको देखकर मुस्कुराया और bola,"Chalte हैं मेमसाहेब".
अनीता उसके छाती पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Theek है हरिया जी".
हरिया यह बोलकर वहां से जाने लगा और दरवाज़े के नज़दीक जाकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाया तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी चूँचियों के ऊपर का ब्लाउज ठीक करने लगी. हरिया अनीता की चूँचियों को एक बार देखा.
अनीता की चेहरे पर न hi मुस्कराहट थी और न hi gussa,thi तो बस एक चुनौती की bhao,jaise वो हरिया को जाताना चाहती हो की वो अगर एक दुमदार मर्द है तो वो भी काम नहीं और हरिया की सभी चुनौतियों के लिए तैयार है.
अपनी चूँचियों के ऊपर का ब्लाउज ठीक करते हुए अनीता की चेहरे पर एक गर्व की भाव thi,apni हुस्न और ख़ूबसूरती का garv.Hariya मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को देखकर घर से निकल गया.
अनीता उसके पीछे पीछे मैं गेट बांध करने गयी और मैं गेट के पास जब वो पहुंची तो हरिया को ठेले पर पीछे बैठते देखि.
रामु जो ठेले की सीट पर बैठे हुए था वह हरिया को देखकर bola,”kitna देर लगा दिए हरिया” जिसे अनीता सुन्न ली.
हरिया अनीता को गेट पर खड़ा देख लिया और उसे देखते हुए bola,”Woh मेमसाहब की मदद कर रहा tha,aur कोई चीज़ की ज़रुरत होने पर हमें बोलने के लिए बोल दिया है”.
यह बोलते हुए हरिया फिर अपना लुंड सेहला दिया अनीता को देखते hue.Anita उसके लुंड के तरफ देख रही थी की तभी रामु को अनीता की उपस्थिति का आभास हुआ और वो घूमकर गेट की तरफ देखा तो अनीता को कड़ी देखकर उसका दिल धड़क गया.
उसका नज़र अनीता की नाभि में लटकी बेल्ली रिंग पर फिर चला gaya.Usne सिर्फ फिल्मो में hi तीन चार बार बेल्ली रिंग देखा था और ऐसे अपने सामने किसी औरत को बेल्ली रिंग पहने देख उसे बहोत hi कामुक लग रहा था और न चाहते हुए भी उसकी नज़र अनीता की नाभि से लटकी 3 इनचेस की बेल्ली रिंग पर चला जा रहा था.
इतनी gori,mulayam,chikni और सपाट पेट के बीच नाभि में लटकी बेल्ली रिंग देखकर रामु को बहोत hi कामुक और आकर्षित लग रहा tha.Anita की नज़र फिर रामु के तरफ गयी तो वह उसे फिर अपनी नाभि पर देखते हुए pai.Wo वैसे hi कड़ी उसे देखती रही की तभी रामु भी उसके चेहरे पर देखा. दोनों की नज़र एक पल के लिए मिली फिर रामु सामने देखते हुए bola,”chalo हरिया”.
अनीता यह सुनकर दरवाज़े के पास से hi chillai,"Ek मिनट रुकिएगा".
अनीता की आवाज़ सुन्न दोनों उसके तरफ देखने लगे की तभी अनीता सीढ़ियों से नीचे उतारकर गार्डन के तरफ बढ़ी और दोनों को वह दिखाई देना बांध हो गयी तो दोनों का नज़र बहरी लोहे के गेट पर चला गया जहाँ से अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद बाहर निकली. अनीता बाहर निकलने से पहले अपनी क्लीवेज से हरिया के नंबर लिखा हुआ पेपर हाथ में ले ली.
अनीता गेट से बाहर निकलकर गांड मटकती हुयी उनके ठेले के पास गयी और रामु और हरिया दोनों की तरफ 500-500 के नोट बढाती हुयी boli,”Mattress लाकर बीएड पर बिछाने के लिए थैंक यू”.
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,”are कोई बात नहीं मेमसाहब यह तो हमारा काम tha,isme पैसे की क्या बात है”.
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,”bas बख्सिश समझ कर रख लीजिये. आप दोनों ने अच्छे से सब सेट कर दिया तो बदले में बख्शीश तो मिलनी चाहिए न”.
हरिया एक नज़र रामु के तरफ देखा जो सीट पर hi बैठा घूमकर पीछे देख रहा था. हरिया उसको देखने के बाद उसे सहमति में इशारा किया और अनीता की हाथ से पैसा लेकर bola,”shukriya memsaahab,aur कोई सेवा की ज़रुरत हो तो हमें ज़रूर याद कीजियेगा”.
अनीता उसके बात को सुनकर मुस्कुराई की तभी हरिया के मोबाइल पर उसके मालिक का कॉल आ गया तो वो उससे बात करने लगा.
अनीता फिर रामु को देखकर थोड़ा आगे सीट के तरफ जाकर उसके तरफ पैसा बढाती हुयी boli,”aap भी लीजिये न”.
रामु अनीता को देखा और फिर उसकी हाथ की तरफ देखते हुए पैसा ले लिया. पैसा लेते हुए अनीता की हाथ को पहली बार वो छुआ tha.Itni मुलायम और खूबसूरत हाथ छूकर उसे एक अजीब सा एहसास हुआ और वो एक पल उसकी हाथ को देखते रहा. गोरा पतला और लम्बा हाथ और उसमे गोरी पतली पतली उँगलियों को देखकर रामु को अच्छा लगा.
वो फिर अनीता की चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा दी.
रामु उसे देखते हुए bola,”Thenku मेमसाहेब” और अनीता की नाक में फिर रामु के मुंह से शराब की गंध घुस गई. वह पहले hi हरिया और रामु के मुंह से शराब की गंध महसूस मर चुकी थी.
रामु न चाहते हुए भी इतने नज़दीक से अनीता की नाभि को एक नज़र देख hi लिया और अनीता उसे अपनी नाभि देखते हुए देखि की तभी हरिया कॉल काटते हुए bola,”chalo रामु. मालिक बोल रहे हैं जल्दी karne,ab इससे जल्दी क्या होगा. चलो चलो”.
अनीता ठेले के पास से हैट गयी तो हरिया bola,"Chalte हैं मेमसाहेब. गद्दा को लेकर कउनो शिकायत होने पर ज़रूर बोलियेगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और रामु ठेला चलने laga.Hariya पीछे बैठा अनीता को hi देख रहा था और उसे देखते हुए फिर से अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाने लगा. अनीता भी उसे hi देख रही थी और उसे लुंड सहलाता देख उसके लुंड को देखने लगी.
हरिया लुंड सहलाते हुए ठेला के पीछे बैठा अनीता को देखते हुए जा रहा था और अनीता भी कड़ी हुयी उसे जाता देख रही थी. थोड़ी दूर हरिया के जाने पर वो बगीचा में आकर मैं गेट बांध करके दौड़ कर बैडरूम में जाकर पेअर लटकाये हुए बीएड पर लेट गयी और तेज़ सांसें लेने लगी.
अनीता रामु को अपनी कमर और नाभि देखते हुए देख ली थी मगर वो नार्मल कड़ी रही. रामु लिविंग रूम से होते हुए घर के बाहर निकल गया.
अनीता हरिया को देखती हुयी boli,"Main पैसे लेकर आती हूँ".
अनीता यह बोलकर बैडरूम में जाकर पैसे लेकर लिविंग रूम में आयी तो हरिया को स्टोर रूम से लिविंग रूम में आते हुए देखि.
हरिया उसे देखकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड मसलकर bola,”yeh लीजिये मेमसाहब इसे पकड़ लीजिये".
अनीता हरिया के लुंड के तरफ देखकर उसका बात सुनी. अगले पल हरिया अपने दूसरे हाथ से कुछ पेपर्स देते हुए bola,"Ee बिल पकड़िए मेमसाहेब".
अनीता यह सुनकर उसका लुंड से नज़र हटाकर उसके हाथ में पकडे बिल को देखि तो हरिया bola,"Aur साथ में दुकान की एक कॉपी है उस पर आप सिग्न कर दीजिये मालिक को देना है”.
अनीता मुस्कुराती हुयी बिल ली तो हरिया मुस्कुराते हुए अपना लुंड मसलकर bola,"Aese मेमसाहेब आप कुछ और पकड़ना छह रही थी का?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Hariya जी आप भी न".
हरिया अपना लुंड मसलते हुए मुस्कुराने लगा तो अनीता उसके लुंड के तरफ एक नज़र डालकर अपनी गांड मटकती हुयी डाइनिंग टेबल के पास जाकर झुककर सिग्न करने लगी.
हरिया अनीता को गांड मटकते हुए चलते देखकर अपना लुंड मसलते रहा और अनीता जब सिग्न करके सीधा होने वाली थी की हरिया का मुंह साड़ी के ऊपर से hi अपनी गांड पर महसूस करके चौंक गयी मगर हरिया उसकी गांड पकडे हुए था तो अनीता को सीधा होने का मौक़ा नहीं मिला और वो वैसी hi झुकी रही.
हरिया उसकी गांड की दोनों भागो को पकड़ कर उसमे अपना मुंह रगड़ने लगा.
अनीता की सांस फिर तेज़ और छूट में हलचल होने lagi.Uski धड़कन भी तेज़ हो गयी और बदन में मस्ती की लहर फिर दौड़ने लगी.
वो वैसे hi झुकी हुयी दरवाज़े की तरफ देखि तो दरवाज़ा बांध दिखाई दिया.
हरिया उसकी गांड पर अपना मुंह रगड़ते hue,”ummmmmmmmm उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम” करने लगा.
अनीता के साथ ऐसा पहली बार हुआ था की कोई उसकी गांड पर अपना मुंह रगड़ रहा हो भले hi वो साड़ी के ऊपर से hi ho.Agar अनीता नंगी होती तो हरिया का मुंह ठीक उसकी गांड की दरार में होता मगर फिर भी साड़ी के ऊपर से हरिया अपना नाक और मुंह उसकी दोनों गांड की भाग के बीच में hi रगड़ रहा tha.Anita की मुलायम गांड हरिया का मुंह रगड़ने से हिलने लगी थी.
हरिया मज़े se,”ummmmmmm उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम” करके उसकी गांड पर मुंह और नाक रगड़े जा रहा था. अनीता फिर से दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया से boli,”Hariya जी क्या कर रहे हैं. रामु आ जायेगा” मगर हरिया नहीं ruka.Anita फिर वैसी hi झुकी रही और हरिया को उसकी गांड से खेलने दी.
हरिया अपना पकड़ उसकी गांड से ढीला करके उसकी गांड गूंथते हुए उसमे नाक और मुंह रगड़ने लगा मगर फिर भी अनीता सीढ़ी होने की कोशिश नहीं की.
हरिया बिना रुके उसकी गांड में लगातार मुंह और नाक साडी के ऊपर से hi घुसाने की कोशिश कर रहा था और रगड़ रहा tha,”ummmmmmm उम्मम्मम्मम्म ह्म्मम्म्म्म ह्म्मम्म्म्म उम्मम्मम्म”.
अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद फिर boli,”Hariya जी क्या कर रहे हैं मुंह हटाइये वहां से. वहां कोई मुंह रगड़ता है क्या? छोड़िये"
और फिर अनीता कामुक तरीके से boli,"aaaaaahhhhhhhh उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ हरिया जी छोड़िये न रामु आ जायेगा aaaaahhhhh”,magar हरिया फिर भी अपना मुंह उसकी गांड से नहीं हटाया.
अनीता तेज़ी से सांस लेती हुयी वैसे hi झुकी रही और उसकी छूट में हलचल होने lagi.Uski अंग अंग मज़े में डूबने लगा और वक़्त के साथ सांस और तेज़ चलने लगी.
वो खुद को कण्ट्रोल करने की कोशिश में फिर कुछ सेकण्ड्स बाद boli,”Hariya जी हटाइये अपना मुंह मेरी बूम se,yeh गन्दा है”.
यह सुनकर हरिया अनीता की गांड में नाक रगड़ते हुए bola,”ummm बूम क्या होता है मेमसाहब? उम्म्म्म”.
अनीता वैसी hi झुकी हुयी boli,”wo मेरी अस्स पर से अपना मुंह हटाइये न. वहां मुंह नहीं रखनी chahiye,aaaaaahhhhhhh वो गन्दी जगह है और रामु भी कभी भी आ सकता है”.
हरिया एक बार फिर अनीता की गांड में मुंह और नायक रगड़ने laga,”ummmmmmm उनमममम” और फिर सिर्फ नाक रगड़ते हुए bola,”memsahab हमें अंग्रेजी नहीं आती”.
यह सुनकर अनीता की छूट फड़क gayee.Wo जानती थी की हरिया चाहता है की वो हिंदी में bole.Wo जोर से सांस लेकर boli,”please हरिया जी आप मेरी तरबूज से अपना मुंह हटाइये. रामु कभी भी आ सकता है आआअह्ह्ह्हह”.
हरिया यह सुनकर अपना मुंह अनीता की गांड से हटाकर उसकी गांड को पकड़ कर हिलाते हुए उसकी आँखों में देखा.
अनीता भी जब हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस नहीं की तो गर्दन घुमाकर पीछे देखि तो दोनों की नज़रे मिली.
हरिया अनीता की आँखों में देखते हुए उसकी गांड हिलाते हुए bola,”memsaahab इसे गांड कहते हैं गांड”.
अनीता की छूट यह सुनकर फड़क गयी और सांस यह सुनकर फिर से तेज़ होने lagi.Wo सांस को कण्ट्रोल करती हुयी उसे देखकर boli,”Hariya जी रामु कभी भी आ सकता है”.
हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड हिलाते हुए bola,”memsahab एक बार आप अपनी गांड मेरी मुंह पर खुद से रगड़ दीजिये न”.
यह सुनते hi अनीता को अपनी बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और उसकी दिल जोर से धड़क gayee.Saans तो ऐसे hi जोर से चल रही थी उसकी.
वो तेज़ सांस लेती हुयी boli,”nahin हरिया जी अगर आपको अच्छा लग रहा है तो जल्दी से आप खुद एक बार और मेरी बूम में अपना मुंह रगड़ लीजिये”.
अनीता को अपनी hi मुंह से यह बात सुनकर अजीब लगा मगर उसकी मज़े में इज़ाफ़ा हो गया.
यह बोलकर अनीता दरवाज़े की तरफ देखि तो हरिया bola,”are मेमसाहब रामु खुद आवाज़ dega,aayega नहीं. आप बस हमरे मुंह पर अपनी गांड अच्छे से हिलाकर रगड़ दीजिये फिर हम चला जाऊंगा”.
अनीता को न जाने क्यों हरिया के चले जाने का बात सुनकर अच्छा नहीं laga.Wo एक बार दरवाज़े की तरफ देखकर हरिया को देखती हुयी boli,”theek है हरिया जी” और हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर मुंह सत्ता दिया.
अनीता की छूट फड़क रही थी और थोड़ी गीली भी होने लगी thi.Wo जोर से सांस लेकर अपनी सांस को काबू की और फिर वैसे hi झुकी हुयी अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ने लगी.
जैसे hi वो अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ी अनीता की बदन में करंट जैसा महसूस हुआ और बदन में मज़ा hi मज़ा भर gaya.Mazaa आने के बावजूद भी वह खुद को कण्ट्रोल की और 5 सेकण्ड्स में hi अपनी गांड हिलना बांध करके boli,”bas हरिया जी अब हो गया”.
हरिया अपना मुंह उसकी गांड से हटते हुए bola,”memsaahab आपकी गांड जैसी सच में किसी की गांड नहीं. थोड़ा अच्छे से रगडिये न अपनी गांड”.
अनीता झुकी हुयी सामने hi देख रही थी और हरिया का बात सुन्न रही thi.Hariya का बात सुनने के बाद जब वो दुबारा हरिया का मुंह अपनी गांड पर महसूस की तो वो एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखकर वापस अपनी गांड हिलाकर हरिया के मुंह पर रगड़ने लगी.
हरिया भी अपना सर हिलने लगा और “उम्मम्मम्म उनमममममम उम्मम्मम्म” करके अनीता की गांड पर मुंह रगड़ते raha.Anita थोड़ी देर दाया बाय गांड करके हरिया के मुंह पर रगड़ी फिर अपनी गांड ऊपर नीचे करने lagi.Wo अपनी गांड को हरिया के फ़ोरेहेअद से लेकर मुंह तक रगड़ने lagi.Uski छूट में हलचल हो रही थी ऐसा करने से और सांस धीरे धीरे और तेज़ हो रही thi.Maze का तो ठिकाना hi नहीं था और मज़े से उसका बुरा हाल था.
मज़ा आने के बावजूद अनीता होश नहीं खोई थी और थोड़ी देर के बाद गांड हिलती हुयी hi boli,”Hariya जी अब बहोत हो गया” मगर हरिया कुछ नहीं बोलै और बस “उम्मम्मम उम्मम्मम उम्मम्मम्म” किये अनीता की गांड में मुंह रगड़ रहा था.
अनीता भी जवाब नहीं मिलने पर अपनी गांड को वैसे hi हरिया की मुंह पर रगड़ती रही और फिर डाइनिंग टेबल को पकड़ कर अपनी गांड को और जोर से हरिया की मुंह की तरफ दबा कर गांड को गोल गोल हिलने lagi.Uski बदन में गर्मी बढ़ने लगी थी और अब वो भी धीरे धीरे होश खो रही थी और अपनी गांड हिलने में उसे मज़ा आ रहा था.
फिर वो वैसे hi टेबल पकड़ी हुयी गांड को ऊपर नीचे करने lagi.Hariya भी अपना मुंह उसकी गांड में सताए जैसे तैसे bola,”waah मेमसाहब सच में क्या ज़बरदस्त गांड है आपकी. ऐसे hi हिलाते rahiye,ummmmmmmm उम्मम्मम्म उम्मम्मम्म आआह्ह्ह्हह मेमसाहब हिलाइये अपनी बड़ी मुलायम गांड को”.
अनीता को मज़ा आ रहा था और यह सुनकर वह मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को गोल गोल और ऊपर नीचे करके हरिया के मुंह पर और जोर से रगड़ने लगी की तभी दोनों को रामु का आवाज़ सुनाई diya,”are हरिया जल्दी karo,itna टाइम कहे लग रहा है”.
रामु की आवाज़ सुनते hi अनीता घबरा कर सीधे हो गई और हरिया भी खड़ा हो gaya.Ramu का आवाज़ बाहर से hi आ रही थी तो हरिया चिल्ला कर bola,”Are कहे गाला पहाड़ रहे हो. हम आ रहा हूँ न. तुम ठेले के पास hi रुको” और फिर हरिया अनीता को देखा तो दोनों की नज़रे मिली.
हरिया ऊपर से नीचे अनीता को देखकर bola,"Sasura कबाब में हड्डी हो गया साला वर्ण हम आज आपकी गांड से और खेलते मेमसाहब."
फिर हरिया अपना हाथ अनीता के पीछे लजाकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Sach में मेमसाहब बहोत hi अच्छी है आपकी गांड”.
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली बस हरिया को देखती हुई जोर से सांस लेकर खुद को कण्ट्रोल करके boli,"Hariya जी यह रहा बिल और पैसे" और अनीता अपनी हाथ में रखे पैसे और बिल को हरिया को दे दी.
हरिया उसकी खूबसूरत हाथ और पतली पतली उँगलियाँ देखा और फिर उसकी हाथ से पैसे और बिल लेकर दूसरा हाथ से अनीता की वही हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर लेजाकर bola,”aaj फुर्सत नहीं मेमसाहब. कभी फुर्सत मिलेगा तो अपने लुंड से अच्छे से सेवा करूँगा आपकी. देखिये ससुरा हमरा लुंड कैसे आपकी सेवा करने के लिए तगड़ा होकर इंतज़ार कर रहा है”.
अनीता हरिया का लुंड पंत के ऊपर से देखि जहाँ उसका लुंड का उभार दिख रहा था और अपने हाथ में उसकी सख्ती महसूस करती हुयी उसे पंत के ऊपर सहलाने lagi.Sach में हरिया का लुंड बहोत सख्त और तगड़ा लग रहा था.
हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहब आराम से इसे बाहर निकलकर देखिये".
अनीता यह सुनकर हरिया को देखकर boli,"Hariya जी रामु बुला रहा है आपको".
हरिया अनीता को देखते हुए उसकी चूंकि दबाकर bola,"Are ु ससुरा आने से पहले एक बार और आवाज़ देगा. अभी ु बैठकर बीड़ी पी रहा होगा".
अनीता यह सुनकर एक बार दरवाज़े के तरफ देखि जो बांध था. अनीता फिर हरिया के लुंड के उभर के तरफ देखकर उसके पंत का ज़िप पकड़ कर नीचे करने लगी और ऐसा करते हुए वह वापस हरिया के आँखों में देखने लगी.
वह हरिया के आँखों में देखती हुयी उसका ज़िप खोलकर उसके पंत के अंदर हाथ घुसकर उसके अंडरवियर के ऊपर से उसका लुंड पकड़ ली और फिर उसके अंडरवियर के अंदर भी हाथ घुसकर उसका लुंड पकड़ ली.
हरिया का नंगा लुंड पर हाथ पड़ते hi अनीता की छूट में हलचल होने लगी. इतना मोटा और लम्बा लुंड पकड़ कर अनीता जैसी कामुक औरत की छूट में बेचैनी होना hi था. उसकी सांस और ज़्यादा तेज़ होने लगी और चूंकि ऊपर नीचे होने लगी जो हरिया अपने हाथ में महसूस कर रहा था.
अनीता की चूँचियों को ऊपर नीचे होता और उसकी सांस को तेज़ होते महसूस करके हरिया को समझ आ गया की ऐसा उसका लुंड पकड़ने से हुआ है.
अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस से हरिया का लुंड पकड़ कर बाहर निकल ली. अनीता ऐसा करते वक़्त हरिया के आँखों में देख रही थी और हरिया उसकी चूंकि दबा रहा था.
अनीता उसका लुंड निकलकर नज़र नीचे करके उसके लुंड को देखि तो उसकी दिल एक बार फिर धड़क गया. सच में हरिया का लुंड बहोत मोटा और लम्बा था और अनीता को उसके लुंड को अपनी हाथ में महसूस करके अच्छा लग रहा था. वह उसे पकड़ कर धीरे धीरे हिलने लगी.
कुछ सेकण्ड्स हरिया का लुंड हिलने के बाद अनीता boli,"Hariya जी अब हो गया. रामु फिर से आवाज़ देगा और कहीं अंदर न आ जाये".
हरिया यह सुनकर गहरा सांस लेकर अपना सर सहमति में हिलाया और फिर अनीता की दोनों चूँचियों को पकड़ कर जोर से बेरहमी से मसल दिया जिससे अनीता की मुंह से “सीईई आउच" निकल गया और न चाहते हुए भी उसकी बायीं हाथ हरिया के छाती पर चला गया और वह उसके छाती पर हाथ रखती हुयी ाःह भर di,"Aaaahh हरिया जी"
अनीता की आह सुनकर हरिया मुस्कुराया और अचानक से अनीता को पलट कर डाइनिंग टेबल पर झुका दिया और उसकी गांड पकड़ कर पीछे से उसकी गांड पर धक्के लगाने लगा.
अनीता उसके नंगे लुंड के धक्के को अपनी साड़ी से ढंकी गांड पर महसूस की मगर कुछ बोली नहीं और हरिया के हर धक्के पर “आआअह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह” करने लगी.
हरिया का धक्का इतना जोरदार था की अनीता के मुंह से अपने आप “आअह्ह्ह” निकल जा रही thi.Hariya फिर अनीता की गांड छोर कर उसकी एक कन्धा पकड़ कर धक्के लगते रहा और दूसरा हाथ से उसकी नंगी कमर से लेकर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा.
अनीता उसके हर धक्के पर बस झुकी हुयी "आआह्ह्ह्ह" कर रही थी.
हरिया उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरने के बाद नीचे हाथ लेकर गांड पर एक थप्पड़ मारा जिससे अनीता के मुंह से “आउच आअह्ह्ह हरिया जी” निकल गयी और वह डाइनिंग टेबल के दोनों तरफ पकड़ ली.
हरिया अनीता को डाइनिंग टेबल पकडे देख उसकी दूसरे कंधे पर हाथ लेजाकर उसकी दोनों कन्धा पकड़ कर जोर से दो बार धक्के लगाया और फिर कंधे पकडे हुए hi उसे ऊपर उठाया.
हरिया के ऊपर के तरफ उठाने से अनीता डाइनिंग टेबल छोर दी और हरिया के सामने सीढ़ी कड़ी हुयी अपनी कमर को आर्च करके गांड को थोड़ा पीछे के तरफ कर दी.
हरिया उसके पीछे खड़ा हुआ उसकी कंधो से हाथ नीचे लेजाकर उसकी दोनों चूँचियों को पकड़ कर उसे मसलते हुए दो जोरदार धक्के लगते हुए bola,"Ise कहते हैं थिकै मेमसाहब. ऐसे hi थिकै होती है".
वहीँ हरिया का बात सुनती हुयी उसके धक्के पर अनीता आहे भर्ती रही "आआह्ह्ह आआह्ह्ह"
हरिया वैसे hi अनीता की दोनों चूँचियों को मसलते हुए पीछे से धक्का लगते हुए bola,”memsahab हम बहोत ज़बरदस्त तरीके से ठुकाई करते हैं. पूरा रगड़ रगड़ कर ठुकाई करते हैं. कसम से आपने इतनी ज़बरदस्त ठुकाई कभी नहीं करवाई होगी. आपके जैसी खबसूरत और जवाब औरत को ऐसे hi ठुकाई की ज़रूरत है. बोलिये मेमसाहब हमसे ठुकवाइयेगा”.
अनीता वैसे hi हरिया के आगे उसके लुंड से गांड सताए कड़ी हुयी अपनी गांड पर उसके नंगे लुंड का धक्का महसूस करती हुयी उसका बात सुन्न रही थी.
उसकी सांस तेज़ी से चल रही थी और चूंकि ऊपर नीचे हो रही थी. उसकी चूंकि हरिया के हाथ में hi ऊपर नीचे हो रही थी और हरिया उसे मसल रहा था.
अनीता हरिया का बात सुनकर तेज़ सांस लेती हुयी बस “हाँ” में अपना सर हिलाई तो हरिया उसकी चूंकि जोर से दबाते हुए उसकी गांड पर धक्का लगते हुए bola,”munh से बोलिये न मेमसाहब. आप हमसे ठुकवाइयेगा? खुलकर बोलिये”.
अनीता वैसे hi ज़ोर का सांस लेती हुयी अपने होंठों पर ज़बान फिरकर सर हिलती हुयी बोली “हाँ हरिया जी”.
अनीता को यक़ीन नहीं हुआ की वह "हाँ" बोली मगर उसे अपनी जवाब का कोई पछतावा नहीं था. यह सुनकर हरिया मुस्कुराया और उसके पीछे से हटकर उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा जिससे अनीता “सीई आउच” की और घूमकर हरिया को देखने लगी. अनीता तेज़ सांस लेती हुयी हरिया को देख रही थी वहीँ हरिया भी पुरे हवस से अनीता को ऊपर से नीचे देखने लगा. अनीता चुप चाप कड़ी हुयी हरिया के हवस भरे नज़र को अपनी जिस्म पर रेंगने दे रही थी.
हरिया को यह सब अच्छा लग रहा था मगर वह भी जान रहा था की उसके पास टाइम नहीं है. वह अनीता को देखकर अपने जेब से एक कागज़ निकाल कर bola,”memsaahab हम आपको अपना लम्बर दे रहे हैं. कभी मौक़ा हो तो हमें याद कीजियेगा. जब जहां बोलेंगी हम आपकी अच्छे से सेवा करेंगे”.
अनीता हरिया को देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. उसका बात सुनकर वह कागज़ पर उसके मोबाइल नंबर की तरफ देखि.
हरिया मुस्कुराते हुए bola,”lijiye मेमसाहब” तो अनीता वो कागज़ लेने के लिए अपनी हाथ बधाई मगर हरिया bola,"Are मेमसाहब हम भी बेकार में आपको परेशां कर रहे हैं. हम hi रख देते हैं कागज़".
अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देख hi रही थी की अगले पल वह कागज़ को मोड़ कर अपना हाथ अनीता की क्लीवेज के तरफ लेजाकर उसकी क्लीवेज में वह कागज़ घुसकर bola,"Lijiye मेमसाहब हम रख दिए".
अनीता को समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे या क्या बोले तो वह चुप थी. हरिया मुस्कुराते हुए “चलते हैं मेमसाहब” बोलकर दरवाज़े की तरफ जाने लगा तो अनीता आवाज़ में रान्दीपना लाकर boli,"Hariya जी एक मिनट".
हरिया यह सुनकर रुक कर अनीता को देखा तो वह दो कदम आगे बढ़कर उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Ise तो अंदर कर लीजिये".
अनीता यह बोलकर उसका लुंड पंत के अंदर करने लगी तो हरिया मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब जब आप हैं तो हम अपना लौड़ा खुद अंदर करते हुए अच्छा नहीं लगेंगे. ी तो आपका ख़बसूरती का बेइज्जती होगा की आपके जैसी माल सामने होते हुए हम अपना लौड़ा अंदर कर रहे हैं".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी दाए हाथ से उसका लुंड अंदर करती हुयी बाए हाथ को हरिया के छाती पर रखकर अपनी चूँचियों को थोड़ा आगे करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी न बातें बनाने में माहिर हैं".
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम ठोकने में भी माहिर है".
अनीता यह सुनकर दाएं हाथ से उसका ज़िप लगाती हुयी बाए हाथ को उसके छाती पर फेरती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Jaiye हरिया जी जहाँ जा रहे हैं वहां कोई मिले तो उसकी ठुकाई कर दीजियेगा"
अनीता यह बोलकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe" तो हरिया भी मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पर एक थप्पड़ मार दिया जिससे अनीता खिलखिलाना बांध करके हरिया को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में hi boli,"Ouch आअह्ह्ह हरिया जी उम्म्म".
हरिया उसको देखकर मुस्कुराया और bola,"Chalte हैं मेमसाहेब".
अनीता उसके छाती पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Theek है हरिया जी".
हरिया यह बोलकर वहां से जाने लगा और दरवाज़े के नज़दीक जाकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाया तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी चूँचियों के ऊपर का ब्लाउज ठीक करने लगी. हरिया अनीता की चूँचियों को एक बार देखा.
अनीता की चेहरे पर न hi मुस्कराहट थी और न hi gussa,thi तो बस एक चुनौती की bhao,jaise वो हरिया को जाताना चाहती हो की वो अगर एक दुमदार मर्द है तो वो भी काम नहीं और हरिया की सभी चुनौतियों के लिए तैयार है.
अपनी चूँचियों के ऊपर का ब्लाउज ठीक करते हुए अनीता की चेहरे पर एक गर्व की भाव thi,apni हुस्न और ख़ूबसूरती का garv.Hariya मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को देखकर घर से निकल गया.
अनीता उसके पीछे पीछे मैं गेट बांध करने गयी और मैं गेट के पास जब वो पहुंची तो हरिया को ठेले पर पीछे बैठते देखि.
रामु जो ठेले की सीट पर बैठे हुए था वह हरिया को देखकर bola,”kitna देर लगा दिए हरिया” जिसे अनीता सुन्न ली.
हरिया अनीता को गेट पर खड़ा देख लिया और उसे देखते हुए bola,”Woh मेमसाहब की मदद कर रहा tha,aur कोई चीज़ की ज़रुरत होने पर हमें बोलने के लिए बोल दिया है”.
यह बोलते हुए हरिया फिर अपना लुंड सेहला दिया अनीता को देखते hue.Anita उसके लुंड के तरफ देख रही थी की तभी रामु को अनीता की उपस्थिति का आभास हुआ और वो घूमकर गेट की तरफ देखा तो अनीता को कड़ी देखकर उसका दिल धड़क गया.
उसका नज़र अनीता की नाभि में लटकी बेल्ली रिंग पर फिर चला gaya.Usne सिर्फ फिल्मो में hi तीन चार बार बेल्ली रिंग देखा था और ऐसे अपने सामने किसी औरत को बेल्ली रिंग पहने देख उसे बहोत hi कामुक लग रहा था और न चाहते हुए भी उसकी नज़र अनीता की नाभि से लटकी 3 इनचेस की बेल्ली रिंग पर चला जा रहा था.
इतनी gori,mulayam,chikni और सपाट पेट के बीच नाभि में लटकी बेल्ली रिंग देखकर रामु को बहोत hi कामुक और आकर्षित लग रहा tha.Anita की नज़र फिर रामु के तरफ गयी तो वह उसे फिर अपनी नाभि पर देखते हुए pai.Wo वैसे hi कड़ी उसे देखती रही की तभी रामु भी उसके चेहरे पर देखा. दोनों की नज़र एक पल के लिए मिली फिर रामु सामने देखते हुए bola,”chalo हरिया”.
अनीता यह सुनकर दरवाज़े के पास से hi chillai,"Ek मिनट रुकिएगा".
अनीता की आवाज़ सुन्न दोनों उसके तरफ देखने लगे की तभी अनीता सीढ़ियों से नीचे उतारकर गार्डन के तरफ बढ़ी और दोनों को वह दिखाई देना बांध हो गयी तो दोनों का नज़र बहरी लोहे के गेट पर चला गया जहाँ से अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद बाहर निकली. अनीता बाहर निकलने से पहले अपनी क्लीवेज से हरिया के नंबर लिखा हुआ पेपर हाथ में ले ली.
अनीता गेट से बाहर निकलकर गांड मटकती हुयी उनके ठेले के पास गयी और रामु और हरिया दोनों की तरफ 500-500 के नोट बढाती हुयी boli,”Mattress लाकर बीएड पर बिछाने के लिए थैंक यू”.
हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,”are कोई बात नहीं मेमसाहब यह तो हमारा काम tha,isme पैसे की क्या बात है”.
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,”bas बख्सिश समझ कर रख लीजिये. आप दोनों ने अच्छे से सब सेट कर दिया तो बदले में बख्शीश तो मिलनी चाहिए न”.
हरिया एक नज़र रामु के तरफ देखा जो सीट पर hi बैठा घूमकर पीछे देख रहा था. हरिया उसको देखने के बाद उसे सहमति में इशारा किया और अनीता की हाथ से पैसा लेकर bola,”shukriya memsaahab,aur कोई सेवा की ज़रुरत हो तो हमें ज़रूर याद कीजियेगा”.
अनीता उसके बात को सुनकर मुस्कुराई की तभी हरिया के मोबाइल पर उसके मालिक का कॉल आ गया तो वो उससे बात करने लगा.
अनीता फिर रामु को देखकर थोड़ा आगे सीट के तरफ जाकर उसके तरफ पैसा बढाती हुयी boli,”aap भी लीजिये न”.
रामु अनीता को देखा और फिर उसकी हाथ की तरफ देखते हुए पैसा ले लिया. पैसा लेते हुए अनीता की हाथ को पहली बार वो छुआ tha.Itni मुलायम और खूबसूरत हाथ छूकर उसे एक अजीब सा एहसास हुआ और वो एक पल उसकी हाथ को देखते रहा. गोरा पतला और लम्बा हाथ और उसमे गोरी पतली पतली उँगलियों को देखकर रामु को अच्छा लगा.
वो फिर अनीता की चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुरा दी.
रामु उसे देखते हुए bola,”Thenku मेमसाहेब” और अनीता की नाक में फिर रामु के मुंह से शराब की गंध घुस गई. वह पहले hi हरिया और रामु के मुंह से शराब की गंध महसूस मर चुकी थी.
रामु न चाहते हुए भी इतने नज़दीक से अनीता की नाभि को एक नज़र देख hi लिया और अनीता उसे अपनी नाभि देखते हुए देखि की तभी हरिया कॉल काटते हुए bola,”chalo रामु. मालिक बोल रहे हैं जल्दी karne,ab इससे जल्दी क्या होगा. चलो चलो”.
अनीता ठेले के पास से हैट गयी तो हरिया bola,"Chalte हैं मेमसाहेब. गद्दा को लेकर कउनो शिकायत होने पर ज़रूर बोलियेगा".
अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और रामु ठेला चलने laga.Hariya पीछे बैठा अनीता को hi देख रहा था और उसे देखते हुए फिर से अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाने लगा. अनीता भी उसे hi देख रही थी और उसे लुंड सहलाता देख उसके लुंड को देखने लगी.
हरिया लुंड सहलाते हुए ठेला के पीछे बैठा अनीता को देखते हुए जा रहा था और अनीता भी कड़ी हुयी उसे जाता देख रही थी. थोड़ी दूर हरिया के जाने पर वो बगीचा में आकर मैं गेट बांध करके दौड़ कर बैडरूम में जाकर पेअर लटकाये हुए बीएड पर लेट गयी और तेज़ सांसें लेने लगी.