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- Dec 5, 2013
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Episode 9
विशाल जैसी हे सुपरस्टोर सी अपनी ड्यूटी कम्पलीट क्र क निकला तो सामने अर्णव और कबीर खरे थय.
कबीर. चल.
विशाल. कहाँ.
अर्णव. चले गए तो पता चल जाए गए.
कबीर ने विशाल को अपनी गारी में बैठाया और ड्राइव करने लगा.
कच दिएर क बढ़ कार एक क्लब क सामने आ क्र रुकी.
टीनू अंदर चले गए.
विशाल ने ये पहली बार देखा था.
अंडे म्यूजिक चल रहा था. लोग डांस क्र रही थय. यहाँ 18 सी लय क्र 80 साल तक की औरतें और मर्द थय.
कच ड्रिंक क्र रही थय और कच डांस क्र रही थय.
कबीर. ये देख.... ये होती है असल ज़िन्दगी.
के ों लेटस डांस.
कबीर और अर्णव डांस करने लगी और विशाल एक कार्नर में खरा हो क्र देखने लगा.
यहाँ कच कपल्स थय और कच सिंगल थय.
सब अपनी धुन में थय. किसी को दूसरी की परवाह नहीं थी.
विशाल की नज़र एक कार्नर पैर गयी जहाँ एक लड़का और एक मातुरे औरत किसिंग क्र रही थय.
विशाल पोर्न देखता था लकिन उस ने लाइव किश पहली बार देखि थी और ये देख क्र उसका लुंड खरा होने लगा था.
विशाल की नज़र उन लोगन पैर जमी थी. और कच दिएर क बढ़ वो लोग किश क्र क अलग हुए और डांस करने लगी.
विशाल की जेब में इतने पेसय भी नहीं थय क वि एक ड्रिंक ले सके.
विशाल एक कार्नर में खरा सब कच देख रहा था.
कच दिएर क बढ़ एक औरत विशाल क पास आई.
औरत. Hi हैंडसम.
विशाल. Hi.
औरत. अरे यू अलोन.
विशाल. नहीं में अपने दोस्तुं क साथ आया हूँ
औरत. तो कहाँ हैं तुम्हारे दोस्त.
विशाल. वो डांस क्र रही हैं
औरत. तो तुम डांस क्यों नहीं क्र रही.
विशाल. मुझे डांस पसनद नहीं है.
औरत. मेरी साथ डांस करो गए.
विशाल चुप हो गया.
औरत. Let's हैवे ा ड्रिंक. उस ने विशाल का हाथ पकड़ा और उसको बार काउंटर पैर लय गयी.
औरत ने बार काउंटर पैर 2 ड्रिंक्स का आर्डर दिए और विशाल क साथ बेथ गयी.
औरत. बी थे वे ी ऍम ललिता.
विशाल.....
ललिता. तुम क्या करते हो विशाल.
विशाल. स्टडी करता हूँ
ललिता. और उस क इलावा.
विशाल. उस क इलावा एक जॉब करता हूँ और बचूं को टूशन पढ़ाता हूँ
ललिता. इसका मतलब सेल्फमेड हो. कहाँ रहते हो.
में एक गाओं सी हूँ. यहाँ एक घर में रेंट पैर रहता हूँ.
ललिता. नीस तो मीट यू.
विशाल. आप क्या करती हैं.
ललिता. कच खास नहीं. में बस लाइफ एन्जॉय क्र रही हूँ.
आवाज़. विशाल let's जो. ये आवाज़ कबीर की थी.
विशाल. में चलता हूँ. इतस नीस तो मीट यू.
ललिता. Ok. I'll सी यू अगेन सम टाइम.
विशाल दोस्तुं क साथ निकल गया.
अर्णव. वो औरत कोण थी.
विशाल. पता नहीं यार. बात क्र रही थी. ललिता नाम था उस का.
कबीर. नंबर तो ले लेता उसका.
विशाल. नंबर तक बात हे नहीं पोहंची.
कबीर. चल नेक्स्ट टाइम.
अमेरिका.
अनिल. प्रिय मुझे तुम सी ज़रूरी बात करनी है.
प्रिय. क्या बात है. तुम मुझे ऐसी अरविन्द क रूम से लय क्र आ गयी.
अनिल. देखो प्रिय मेरी बात दहन सी सुनो.
मुझे पता चला है क तुम एक छोटे गाओं सी आई हो.
प्रिय. हाँ ठीक सुना है तुम ने.
अनिल. अगर तुम्हें इस फॅमिली में सर्वाइव करना है तो तुम्हें अपना लाइफ स्टाइल चेंज करना हो गए.
प्रिय. लकिन किसी..
अनिल. तुम अपना लाइफ स्टाइल अपनी ड्रेसिंग अपना बोलने का तरीका सब बदलना हो गए. तब हे तुम इस फॅमिली में सर्वाइव क्र सकती हो.
प्रिय. लकिन में ऐसा किसी करूं गई.
अनिल. मेरी एक दोस्त है ंकितय में. में तुम्हें उसका नंबर दूँ गई. तुम उस सी कांटेक्ट क्र लेना वो तुम्हारी हेल्प क्रय गई.
प्रिय. थैंक यू अनिल.
अनिल ने प्रिय को अपनी दोस्त का नंबर दिए और प्रिय अपने कमरे में चली गयी.
दूसरी तरफ रॉकी गाओं जा रहा था.
बलराम और हरिलाल दोस्त थय और रॉकी बलराम का बीटा था इस लिए हरिलाल को रॉकी का इंतज़ार था.
रॉकी गाओं पोहंचा तो.
हरिलाल. राकेश केसा है मेरा शेर..
रॉकी. हरी अंकल ी ऍम गुड. हाउ अरे यू. एंड प्लीज कॉल में रॉकी. ी don't लिखे राकेश.
हरिलाल. चल ठीक है. रॉकी. आने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई.
रॉकी. नहीं अंकल एवरीथिंग वास् फाइन.
कामिनी देखो कोण आया है.
कामिनी...
हरिलाल की बीवी 48 साल की है. गाओं की औरत है.
देखने में सुन्दर है लकिन गाओं में रहने की वजह सी ज़्यादा अपना ख्याल नहीं रखती.
कामिनी. राकेश केसा है. भाई साहब और भाबी ग किसी हैं.
रॉकी. सब ठीक हैं आंटी लकिन में राकेश नहीं रॉकी हूँ.
कामिनी. ाचा ाचा रॉकी. चल थोड़ा आराम क्र ले.
कामिनी रॉकी को कमरे में लय गयी.
ये तेरा कमरा है....
रॉकी बीएड पैर बेथ गया
रॉकी. आंटी सुनो....
कामिनी. हाँ बोल.
रॉकी. एक बात बोलूं अंकल को नहीं बताओ गई.
कामिनी. नहीं बताओं गई. बोल.
रॉकी. आप भट सुन्दर हो.
कामिनी थोड़ा सा शरमाई और बोली. इस में अंकल को न बताने वाली कोण सी बात है.
रॉकी. अगर में उनकी पत्नी को सुन्दर बोलूं गए तो उनको ाचा तो नहीं लगे गए न.
कामिनी. तो तुम कोण सा गलत नियत सी मुझे सुन्दर बोल रहे हो.
रॉकी. हाँ ये भी है.
कामिनी. चल अब तू आराम क्र.
कामिनी चली गयी.
रॉकी. सोचते हुए..
रॉकी. नियत तो मेरी तुम भट जल्दी जान जाओ गई कामिनी आंटी. बस मौका मिलने दो.
रॉकी बीएड पैर लेत गया.
सुबह प्रिय और अरविन्द की फ्लाइट थी. आदित्य और अनिल उनको एयरपोर्ट साथ चोर्ने आय.
जाते हुए अनिल प्रिय क कान में बोली.
अनिल. अभी ने तुम्हारे लिए मैसेज भेजा है. बोल रहा था क वो तुम्हें भट मिस करे गए.
प्रिय. अभी को थैंक यू बोलना.
अरविन्द और प्रिय प्लेन में बेथ गए.
शर्मा. विशाल कहाँ थय तुम बचे तुम्हारा इंतज़ार क्र रही थय.
विशाल. शर्मा अंकल वो में कच एक्स्ट्रा स्टडीज क लिए रुक गया था.
शर्मा. जब भी तुम ने लेट आना हो तो मुझे बता दिए करो.
विशाल. दुबारा दहन रखूं गए अंकल.
शर्मा. चलो आओ खाना खा लो.
विशाल शर्मा क घर एक कमरे में रहता था.
वो घर क कच काम क्र देता और साथ हे बचूं को पढ़ाता.
उस क बदले शर्मा उस सी कमरे का रेंट नहीं लेता था और विशाल का खाना भी शर्मा क साथ हे होता था.
मरस. शर्मा...
आ जाओ सब लोग खाना खा लो.
मरस शर्मा.
नाम अमला. आगे 42
सब उनको माला बोलते हैं. हाउसवाइफ हैं.
उन क 2 बेटी हैं एक 12 साल का और एक 10 साल का. दोनो स्कूल जाते हैं.
माला. विशाल आज तुम इतना लेट क्यों आय.
विशाल. माला आंटी में स्टडी क लिए रुक गया था.
माला. कोई बात नहीं. अगली बार अपने अंकल को इन्फॉर्म क्र देना
विशाल. ग आंटी.
प्रिय और अरविन्द की फ्लाइट वापस पोहंच चुकी थी और एयरपोर्ट पैर ड्राइवर उनका वेट क्र रहा था.
अरविन्द और प्रिय कार में बैठी और गोविन्द कार चलने लगा.
गोविन्द ने अपना रियर व्यू मिरर प्रिय की आंखूं पैर सेट क्र लिए और बार बार प्रिय को देखने लगा.
गोविन्द. अरविन्द भैया किसी रही आपकी फ्लाइट.
अरविन्द. अछि रही.
गोविन्द. सब ने आपको भट मिस किआ.
अरविन्द. सब मतलब
गोविन्द. मतलब बेगम साहिबा मालिक और रॉकी भैया.
अरविन्द. रॉकी मुझे मिस करे गए. कहाँ है वो
गोविन्द. रॉकी भैया तो क्सक्सक्सववव गाओं गए हैं.
अपने गाओं का नाम सुन क्र प्रिय को अपने माँ बाप की यद् आ गयी.
कच दिएर में हम बलराम हाउस वापस पोहंच गए.
हम दोनो अपने कमरे में चली गए.
अरविन्द. अब डॉ की दी हुई मेडिसिन यद् सी ले लेना. मुझे जल्दी सी जल्दी बचा चाहिए.
प्रिय. समझ गयी.
हम फ्रेश हो क्र बहार आ आ गए. डिनर का टाइम हो रहा था. हम ने डिनर किआ और अपने कमरे में चले गए
कमरे में आती हे अरविन्द ने मेरी कपड़े उतरी और मेरी ऊपर चढ़ गए और कच दिएर में अपना काम क्र क सो गए.
प्रिय को नींद नहीं आ रही थी. प्रिय क मंद में डॉ एलन क साथ गुज़ारा टाइम चल रहा था.
प्रिय सोच रही थी क सेक्स का असल मज़ा तो उसको डॉ एलन ने दिया था.
अरविन्द आज तक प्रिय को वो मज़ा नहीं दे पाया.
प्रिय वो मज़ा पहर सी फील करना चाहती थी. यही सब सोचते हुए प्रिय का हाथ उस क क्लीट पैर चला गया और वो अपने क्लीट को रगड़ने लगी.
प्रिय क दिमाग़ में डॉ एलन का मोटा लुंड और उस क प्रिय की छूट में लुंड घुसा क्र धक्के चल रही थय और प्रिय की अपने हाथ की मूवमेंट बढ़ती जा रही थी.
कच हे दिएर में प्रिय अपने हाथ सी हे झाड़ गयी और उसको कच सुकून मिला.
रॉकी डिनर पैर बैठा था लकिन रॉकी की नज़र कामिनी पैर तिकी थी.
कामिनी रॉकी को देखती तो रॉकी स्माइल क्र देता.
हरिलाल को अंदाज़ा भी नहीं था क क्या हो रहा है. और कामिनी भी ये नहीं जानती थी क रॉकी क दिमाग़ में क्या चल रहा है.
डिनर क बढ़ रॉकी हरिलाल क साथ बैठा था
2 लोग घर क अंदर आए.
इन में सी एक मर्द था और एक औरत थी.
औरत भट हे सुन्दर थी. उस क लम्बे बाल थय पतली कमर और भट हे सेक्सी फिगर था.
रॉकी की उस पैर एक नज़र पररि तो रॉकी का दिमाग़ घूम गया.
रॉकी सोचते हुए. "ये गाओं की औरतें इतनी हॉट किसी हैं. प्रिय तो क़यामत है हे. और ये भी भट हॉट है."
विशाल जैसी हे सुपरस्टोर सी अपनी ड्यूटी कम्पलीट क्र क निकला तो सामने अर्णव और कबीर खरे थय.
कबीर. चल.
विशाल. कहाँ.
अर्णव. चले गए तो पता चल जाए गए.
कबीर ने विशाल को अपनी गारी में बैठाया और ड्राइव करने लगा.
कच दिएर क बढ़ कार एक क्लब क सामने आ क्र रुकी.
टीनू अंदर चले गए.
विशाल ने ये पहली बार देखा था.
अंडे म्यूजिक चल रहा था. लोग डांस क्र रही थय. यहाँ 18 सी लय क्र 80 साल तक की औरतें और मर्द थय.
कच ड्रिंक क्र रही थय और कच डांस क्र रही थय.
कबीर. ये देख.... ये होती है असल ज़िन्दगी.
के ों लेटस डांस.
कबीर और अर्णव डांस करने लगी और विशाल एक कार्नर में खरा हो क्र देखने लगा.
यहाँ कच कपल्स थय और कच सिंगल थय.
सब अपनी धुन में थय. किसी को दूसरी की परवाह नहीं थी.
विशाल की नज़र एक कार्नर पैर गयी जहाँ एक लड़का और एक मातुरे औरत किसिंग क्र रही थय.
विशाल पोर्न देखता था लकिन उस ने लाइव किश पहली बार देखि थी और ये देख क्र उसका लुंड खरा होने लगा था.
विशाल की नज़र उन लोगन पैर जमी थी. और कच दिएर क बढ़ वो लोग किश क्र क अलग हुए और डांस करने लगी.
विशाल की जेब में इतने पेसय भी नहीं थय क वि एक ड्रिंक ले सके.
विशाल एक कार्नर में खरा सब कच देख रहा था.
कच दिएर क बढ़ एक औरत विशाल क पास आई.
औरत. Hi हैंडसम.
विशाल. Hi.
औरत. अरे यू अलोन.
विशाल. नहीं में अपने दोस्तुं क साथ आया हूँ
औरत. तो कहाँ हैं तुम्हारे दोस्त.
विशाल. वो डांस क्र रही हैं
औरत. तो तुम डांस क्यों नहीं क्र रही.
विशाल. मुझे डांस पसनद नहीं है.
औरत. मेरी साथ डांस करो गए.
विशाल चुप हो गया.
औरत. Let's हैवे ा ड्रिंक. उस ने विशाल का हाथ पकड़ा और उसको बार काउंटर पैर लय गयी.
औरत ने बार काउंटर पैर 2 ड्रिंक्स का आर्डर दिए और विशाल क साथ बेथ गयी.
औरत. बी थे वे ी ऍम ललिता.
विशाल.....
ललिता. तुम क्या करते हो विशाल.
विशाल. स्टडी करता हूँ
ललिता. और उस क इलावा.
विशाल. उस क इलावा एक जॉब करता हूँ और बचूं को टूशन पढ़ाता हूँ
ललिता. इसका मतलब सेल्फमेड हो. कहाँ रहते हो.
में एक गाओं सी हूँ. यहाँ एक घर में रेंट पैर रहता हूँ.
ललिता. नीस तो मीट यू.
विशाल. आप क्या करती हैं.
ललिता. कच खास नहीं. में बस लाइफ एन्जॉय क्र रही हूँ.
आवाज़. विशाल let's जो. ये आवाज़ कबीर की थी.
विशाल. में चलता हूँ. इतस नीस तो मीट यू.
ललिता. Ok. I'll सी यू अगेन सम टाइम.
विशाल दोस्तुं क साथ निकल गया.
अर्णव. वो औरत कोण थी.
विशाल. पता नहीं यार. बात क्र रही थी. ललिता नाम था उस का.
कबीर. नंबर तो ले लेता उसका.
विशाल. नंबर तक बात हे नहीं पोहंची.
कबीर. चल नेक्स्ट टाइम.
अमेरिका.
अनिल. प्रिय मुझे तुम सी ज़रूरी बात करनी है.
प्रिय. क्या बात है. तुम मुझे ऐसी अरविन्द क रूम से लय क्र आ गयी.
अनिल. देखो प्रिय मेरी बात दहन सी सुनो.
मुझे पता चला है क तुम एक छोटे गाओं सी आई हो.
प्रिय. हाँ ठीक सुना है तुम ने.
अनिल. अगर तुम्हें इस फॅमिली में सर्वाइव करना है तो तुम्हें अपना लाइफ स्टाइल चेंज करना हो गए.
प्रिय. लकिन किसी..
अनिल. तुम अपना लाइफ स्टाइल अपनी ड्रेसिंग अपना बोलने का तरीका सब बदलना हो गए. तब हे तुम इस फॅमिली में सर्वाइव क्र सकती हो.
प्रिय. लकिन में ऐसा किसी करूं गई.
अनिल. मेरी एक दोस्त है ंकितय में. में तुम्हें उसका नंबर दूँ गई. तुम उस सी कांटेक्ट क्र लेना वो तुम्हारी हेल्प क्रय गई.
प्रिय. थैंक यू अनिल.
अनिल ने प्रिय को अपनी दोस्त का नंबर दिए और प्रिय अपने कमरे में चली गयी.
दूसरी तरफ रॉकी गाओं जा रहा था.
बलराम और हरिलाल दोस्त थय और रॉकी बलराम का बीटा था इस लिए हरिलाल को रॉकी का इंतज़ार था.
रॉकी गाओं पोहंचा तो.
हरिलाल. राकेश केसा है मेरा शेर..
रॉकी. हरी अंकल ी ऍम गुड. हाउ अरे यू. एंड प्लीज कॉल में रॉकी. ी don't लिखे राकेश.
हरिलाल. चल ठीक है. रॉकी. आने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई.
रॉकी. नहीं अंकल एवरीथिंग वास् फाइन.
कामिनी देखो कोण आया है.
कामिनी...
हरिलाल की बीवी 48 साल की है. गाओं की औरत है.
देखने में सुन्दर है लकिन गाओं में रहने की वजह सी ज़्यादा अपना ख्याल नहीं रखती.
कामिनी. राकेश केसा है. भाई साहब और भाबी ग किसी हैं.
रॉकी. सब ठीक हैं आंटी लकिन में राकेश नहीं रॉकी हूँ.
कामिनी. ाचा ाचा रॉकी. चल थोड़ा आराम क्र ले.
कामिनी रॉकी को कमरे में लय गयी.
ये तेरा कमरा है....
रॉकी बीएड पैर बेथ गया
रॉकी. आंटी सुनो....
कामिनी. हाँ बोल.
रॉकी. एक बात बोलूं अंकल को नहीं बताओ गई.
कामिनी. नहीं बताओं गई. बोल.
रॉकी. आप भट सुन्दर हो.
कामिनी थोड़ा सा शरमाई और बोली. इस में अंकल को न बताने वाली कोण सी बात है.
रॉकी. अगर में उनकी पत्नी को सुन्दर बोलूं गए तो उनको ाचा तो नहीं लगे गए न.
कामिनी. तो तुम कोण सा गलत नियत सी मुझे सुन्दर बोल रहे हो.
रॉकी. हाँ ये भी है.
कामिनी. चल अब तू आराम क्र.
कामिनी चली गयी.
रॉकी. सोचते हुए..
रॉकी. नियत तो मेरी तुम भट जल्दी जान जाओ गई कामिनी आंटी. बस मौका मिलने दो.
रॉकी बीएड पैर लेत गया.
सुबह प्रिय और अरविन्द की फ्लाइट थी. आदित्य और अनिल उनको एयरपोर्ट साथ चोर्ने आय.
जाते हुए अनिल प्रिय क कान में बोली.
अनिल. अभी ने तुम्हारे लिए मैसेज भेजा है. बोल रहा था क वो तुम्हें भट मिस करे गए.
प्रिय. अभी को थैंक यू बोलना.
अरविन्द और प्रिय प्लेन में बेथ गए.
शर्मा. विशाल कहाँ थय तुम बचे तुम्हारा इंतज़ार क्र रही थय.
विशाल. शर्मा अंकल वो में कच एक्स्ट्रा स्टडीज क लिए रुक गया था.
शर्मा. जब भी तुम ने लेट आना हो तो मुझे बता दिए करो.
विशाल. दुबारा दहन रखूं गए अंकल.
शर्मा. चलो आओ खाना खा लो.
विशाल शर्मा क घर एक कमरे में रहता था.
वो घर क कच काम क्र देता और साथ हे बचूं को पढ़ाता.
उस क बदले शर्मा उस सी कमरे का रेंट नहीं लेता था और विशाल का खाना भी शर्मा क साथ हे होता था.
मरस. शर्मा...
आ जाओ सब लोग खाना खा लो.
मरस शर्मा.
नाम अमला. आगे 42
सब उनको माला बोलते हैं. हाउसवाइफ हैं.
उन क 2 बेटी हैं एक 12 साल का और एक 10 साल का. दोनो स्कूल जाते हैं.
माला. विशाल आज तुम इतना लेट क्यों आय.
विशाल. माला आंटी में स्टडी क लिए रुक गया था.
माला. कोई बात नहीं. अगली बार अपने अंकल को इन्फॉर्म क्र देना
विशाल. ग आंटी.
प्रिय और अरविन्द की फ्लाइट वापस पोहंच चुकी थी और एयरपोर्ट पैर ड्राइवर उनका वेट क्र रहा था.
अरविन्द और प्रिय कार में बैठी और गोविन्द कार चलने लगा.
गोविन्द ने अपना रियर व्यू मिरर प्रिय की आंखूं पैर सेट क्र लिए और बार बार प्रिय को देखने लगा.
गोविन्द. अरविन्द भैया किसी रही आपकी फ्लाइट.
अरविन्द. अछि रही.
गोविन्द. सब ने आपको भट मिस किआ.
अरविन्द. सब मतलब
गोविन्द. मतलब बेगम साहिबा मालिक और रॉकी भैया.
अरविन्द. रॉकी मुझे मिस करे गए. कहाँ है वो
गोविन्द. रॉकी भैया तो क्सक्सक्सववव गाओं गए हैं.
अपने गाओं का नाम सुन क्र प्रिय को अपने माँ बाप की यद् आ गयी.
कच दिएर में हम बलराम हाउस वापस पोहंच गए.
हम दोनो अपने कमरे में चली गए.
अरविन्द. अब डॉ की दी हुई मेडिसिन यद् सी ले लेना. मुझे जल्दी सी जल्दी बचा चाहिए.
प्रिय. समझ गयी.
हम फ्रेश हो क्र बहार आ आ गए. डिनर का टाइम हो रहा था. हम ने डिनर किआ और अपने कमरे में चले गए
कमरे में आती हे अरविन्द ने मेरी कपड़े उतरी और मेरी ऊपर चढ़ गए और कच दिएर में अपना काम क्र क सो गए.
प्रिय को नींद नहीं आ रही थी. प्रिय क मंद में डॉ एलन क साथ गुज़ारा टाइम चल रहा था.
प्रिय सोच रही थी क सेक्स का असल मज़ा तो उसको डॉ एलन ने दिया था.
अरविन्द आज तक प्रिय को वो मज़ा नहीं दे पाया.
प्रिय वो मज़ा पहर सी फील करना चाहती थी. यही सब सोचते हुए प्रिय का हाथ उस क क्लीट पैर चला गया और वो अपने क्लीट को रगड़ने लगी.
प्रिय क दिमाग़ में डॉ एलन का मोटा लुंड और उस क प्रिय की छूट में लुंड घुसा क्र धक्के चल रही थय और प्रिय की अपने हाथ की मूवमेंट बढ़ती जा रही थी.
कच हे दिएर में प्रिय अपने हाथ सी हे झाड़ गयी और उसको कच सुकून मिला.
रॉकी डिनर पैर बैठा था लकिन रॉकी की नज़र कामिनी पैर तिकी थी.
कामिनी रॉकी को देखती तो रॉकी स्माइल क्र देता.
हरिलाल को अंदाज़ा भी नहीं था क क्या हो रहा है. और कामिनी भी ये नहीं जानती थी क रॉकी क दिमाग़ में क्या चल रहा है.
डिनर क बढ़ रॉकी हरिलाल क साथ बैठा था
2 लोग घर क अंदर आए.
इन में सी एक मर्द था और एक औरत थी.
औरत भट हे सुन्दर थी. उस क लम्बे बाल थय पतली कमर और भट हे सेक्सी फिगर था.
रॉकी की उस पैर एक नज़र पररि तो रॉकी का दिमाग़ घूम गया.
रॉकी सोचते हुए. "ये गाओं की औरतें इतनी हॉट किसी हैं. प्रिय तो क़यामत है हे. और ये भी भट हॉट है."