ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 15 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

थैंक्स बरोथेर 4 थिस ब्यूटीफुल रिव्यु.. ास्मोडियस एंड विक्रम, बोथ क्नोव एवरीथिंग बूत ात थे शामे टाइम, थे कैन मणिपुलटे एच इतर तू.. थे कैन हाईड थेमसेल्वेस फ्रॉम एच इतर व्हेन थे दोनोट वांट थेमसेल्स तो बे अनकवर्ड...

लिखे तेरे अरे मान्य प्लेसेस वेयर ास्मोडियस गोज एंड V.J डोएसेंट है ा क्लू अबाउट आईटी एंड शामे वाईस वर्सा
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और अवंतिका ट्विस्टेड डायमेंशन में जाते हैं जहाँ विक्रम कुछ नया करता है वहीँ विक्रम के द्वारा भुविका और अनलिए को उनके रिश्ते के बारे में और ास्मोडियस के छल के बारे में पता चलता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-103

PLANET-EARTH

PLACE-FOREST

LORD,AAPKA हम जितना भी ध्यानवाद करें वो काम HOGA...PEHLE आपने हमारे गृह में आकर हमे हमारे श्राप से मुक्त कराया और आज आपने हमे हमारी बेहेन से मिला दिया....

ये बोलकर अनलिए मेरे आगे झुकने लगी पर मैंने उससे ऐसा करने से रोक दिया....

ास्मोडियस से गले लगने के बाद मई अपने दोस्तों को और भुविका को लेकर वहां से गायब हो गया...

मेरे गायब होते hi मेरे सारे एंगेल्स भी गायब हो गए.....

वहीँ मई गायब होकर मुंबई से बाहर एक छोटे से जंगल में पहुंचा....

यहाँ पहुँचते hi अनलिए दोबारा अपनी बेहेन के गले लग gayi..kuch देर तक गले लगे रहने के बाद जब दोनों अलग हुए तोह अनलिए ने अपनी बात कही...

MAI-tum दोनों के साथ जो hua,wo पूरी तरह अनैतिक tha...aur एक गलत चीज़ को सही करना hi मेरा काम भी है और कर्त्तव्य bhi....iske लिए धन्यवाद कैसा????

अवंतिका- वैसे अब तुम्हारे मन की भावनाओ का क्या हाल hai???kya अब भी V.J के सामने तुम्हे अपनी भावनाओ में प्रबलता लग रही है.....???

अवंतिका के सवाल से अनलिए का ध्यान अपने उन स्ट्रांग फीलिंग्स की तरफ गया जो अब उसके अंदर बिलकुल नहीं थी.....

और इस बात का बोध होते hi वो शॉकेड हो गयी....

ANALIA-arre haan,is तरफ तोह हमारा ध्यान hi नहीं gaya...ab लार्ड के सामने होने पर भी हमारी भावन्ये सामान्य हैं पर हमे ये समझ नहीं आ रहा है की अचानक ये परिवर्तन कैसे आ गया????

मई- वो इसीलिए क्यूंकि तुम्हारे अंदर जो मेरे लिए प्रबल इच्छाएं thi,wo तुम्हारी बेहेन की वजह से थी....

तुम्हारी भावनाये भुविका से जुडी हुई हैं... और कुछ देर पहले तक भुविका के अंदर मेरे लिए बोहोत नफरत thi,infact मई इस ब्रम्हांड में अकेला ऐसा शक्श hun,jisse वो नफरत करती थी....

पर क्यूंकि तुम एक वाइट एनर्जी की श्रोत ho,isiliye उसकी भावनाये तुमपर पूरा असर नहीं कर पायी पर फिर भी उसकी मेरी प्रति नकारात्मक सोच की वजह से तुम्हारे अंदर भी मुझे देख कर एक प्रबल भावना ने जन्म ले लिया....

ऐसी भावना जो ना नकारात्मक थी और नाही सकारात्मक पर फिर भी प्रबल थी....

अवंतिका- और इसीलिए hi V.J ने तुम्हारे अंदर आकर्षण के भावना पैदा ki..kyunki अगर V.J ऐसा नहीं karta,toh तुम्हारी उसके प्रति भावनाये वक़्त के साथ और प्रबल हो जाती और तुम उस भावना को समझ भी नहीं पाती..

और उन हालातों में तुम चैन से जी नहीं पाती पर V.J द्वारा तुम्हारे अंदर छोड़े आकर्षण की वजह से तुम्हारी भावनाओं को एक नाम मिल gaya...PYAR...

और ऐसा होते hi तुम्हारे अंदर एक ठैराव आ गया और तुम शांत हो गयी.....

पर उसी नकली भावना की वजह से जिससे V.J ने तुम्हारे अंदर डाला tha,tumhe उसके पास यहाँ धरती पर खींच लायी जिससे तुम्हारा और तुम्हारी बेहेन का मिलान हो गया....

और अब क्यूंकि तुम्हारी बेहेन के मन V.J में प्रति कोई गलत भावना नहीं है इसीलिए तुम्हारे मन की प्रबल भावनाएं भी ख़त्म हो गयी है...

ANALIA-LORD,hum आपका ये उपकार ज़िन्दगी भर नहीं भूलेंगे....

MAI-har दस मिनट में कोई न कोई वजह देकर तू धन्यवाद धन्यवाद बोलती रहती है....

यार एक काम kar,tere धन्यवाद का जितना भी कोटा बचा हुआ hai,wo अभी एक साथ बोल कर ख़त्म कर दे....

मेरी बात सुन जहाँ अवंतिका और अनलिए के चेहरे पर मुस्कराहट आ gayi,wahin 2 चेहरे ऐसे भी थे जिनमे दो अलग अलग भाव थे....

रोनित और भुविका......

जहाँ भुविका के चेहरे पर pachtaave,aatmglaani और शर्म के भाव थे वहीँ रोनित के चेहरे पर ग़ुस्सा साफ़ दिख रहा था....

और रोनित के इसी ग़ुस्से की वजह से मई सबको यहाँ मुंबई से थोड़ा बाहर एक छोटे से जंगल में लेकर आया था...

मई जानता था की जो ग़ुस्से का लावा रोनित के दिल में उफान मार रहा hai,wo कभी भी फैट सकता है और ऐसे में हमारा किसी पब्लिक प्लेस में या फिर हमारे घर पर होना ठीक नहीं है....

जहाँ अनलिए इस वक़्त अपने hi ख़ुशी में मगन थी वहीँ रोनित के ग़ुस्से से अवंतिका और उसके साथ साथ भुविका भी वाकिफ थी....

भुविका ने कई बार रोनित की तरफ देखा था और हर बार उसके चेहरे पर खुदके लिए बेशुमार ग़ुस्सा और नफरत दिखी थी...

वो अछि तरह जानती थी की उसने जो रोनित के साथ किया hai,uske लिए वो उससे कभी माफ़ नहीं करेगा....

इस वक़्त भी भुविका के अंदर एक डेविल का अंश मौजूद the,par अपनी बेहेन से मिलने के बाद उसके अंदर की नकारात्मकता जैसे कमज़ोर सी पढ़ गयी थी.....

अनलिए के रूप में उससे उसकी असली बेहेन मिल गयी थी जिसके वजह से उसके अंदर मौजूद वाइट एनर्जी उसके अंदर की ब्लैक एनर्जी पर भारी पढ़ रही थी....

जो हुआ या फिर ये कहूं की भुविका ने जो किया वो उससे बदल तोह नहीं सकती थी पर अपने किये की माफ़ी तोह वो हम सब से और सबसे ज़्यादा और पहले रोनित से तोह मांग hi सकती thi...isiliye........

BHUVIKA-RONIT............

चटाख............

रोनित...........

जैसे hi भुविका ने रोनित kaha,RONIT तेज़ी से आगे बढ़ा और सेकंड के दुस्वे हिस्से से भी काम टाइम में उसका हाथ घुमा जो भुविका के गालों से टकराया....

रोनित के मुकाबले भुविका में गयी गुना ज़्यादा शक्ति थी इसी वजह से रोनित के थप्पड़ का उसपर कोई ज़्यादा असर नहीं हुआ..

वो बस हल्का सा पीछे हाथ गयी पर अपनी बेहेन को यूँ थप्पड़ खाता देख अनलिए रोनित का नाम लेकर चिल्लाई....

अनलिए- आप हमारी बेहेन पर हाथ कैसे उठा सकते हैं रोनित????

अनलिए तुरंत अपने बेहेन के पास पहुंची और उसके गाल को जिसपर रोनित ने तमाचा मारा tha,sehlate हुए बोली......

रोनित- तकलीफ hui....wo भी उस रिश्ते के लिए जिसके बारे में तुम्हे अभी अभी पता चला है....

तोह सोचो मुझे कितनी तकलीफ हुयी होगी जब इसने मेरे बचपन के प्यार को मार डाला...

रोनित ने चीखते हुए अपनी बात kahi...ye सब बोलते वक़्त रोनित की आखों में इतना दर्द tha,itna ग़ुस्सा था जिससे देखकर एक तरफ अनलिए को दर लगने लगा वहीँ भुविका का सर एक बार फिरसे शर्म से झुक गया.....

अनलिए- आपको तोह पता है रोणितजी की भुविका ने जो भी किया उसमे इनका हाथ होकर भी नहीं था.....

ये तोह बेहेन प्रेम के वश में आकर वो सब कर baithi....wo प्रेम जो ये मुझसे करती थी किन्तु ास्मोडियस की वजह से उन्हें वो एहसास किसी और के लिए लगने लगा था....

रोनित- waah....kya तर्क दिया है तुमने ANALIA....behen प्रेम में आकर ये एक ऐसी लड़की का बदला लेने निकली जो कहीं से भी सही नहीं थी....

जिसने खुद नजाने कितने hi बेक़सूर लोगों की जाने ली hai..jaanta हूँ की इसका दिल बेहेन शब्द से जुड़े होने की वजह से सिर्फ उसकी तरफ hi झुकता था...

पर दिल के साथ साथ भगवन ने हम सबको दिमाग नाम की भी तोह चीज़ दी है naa...ussi दिमाग का इस्तेमाल कर ये सही और गलत के बीच का फर्क तक नहीं समझ पायी...????!!!!

इसने कोई गलती नहीं की hai,balki पाप किया है और माफ़ी गलती की मिलती है पाप की nahi....aur इसके पाप की सजा आज मई इससे दे कर रहूँगा.....

भुविका- रोनित......

पर इससे आगे भुविका कुछ कह नहीं paayi..kyunki अपनी बात ख़त्म कर रोनित तेज़ी से आगे बढ़ा और इस बार उसने भुविका के चेहरे पर एक किक जड़ दी जिससे एक बार फिरसे भुविका लड़खड़ाते हुए थोड़ा पीछे हो गयी.....

अपनी बेहेन को बचने के लिए अनलिए आगे बढ़ी पर रोनित ने उससे उसके हाथ से पकड़ पीछे धकेल दिया....

अनलिए तेज़ी से पीछे की तरफ गिरने को हुई पर इससे पहले की वो girti,AVANTIKA ने उससे पकड़ लिया...

वहीँ जैसे hi रोनित ने अनलिए को धक्का diya,BHUVIKA को ग़ुस्सा आ गया और उसने रोनित को मारने के लिए अपना हाथ उठाया पर......

उसके हाथ हिले भी nahi....pehle तोह उससे इसका कारण समझ में नहीं आया पर जब उसने मेरी तरफ देखा तोह....

मई- सोचना भी नहीं.....

मेरी बात सुन भुविका का रोनित पर जो ग़ुस्सा आया tha,wo ख़त्म सा हो गया पर रोनित का ग़ुस्सा तोह पल पल बढ़ता hi जा रहा था....

उसने एक के बाद एक कई सरे पंचेस भुविका को maare..BHUVIKA भी चुप चाप उन पंचेस को खाती रही....

पर एक बात थी की भुविका पर रोनित के पूंछे का कुछ ख़ास असर नहीं हो रहा था.

वहीँ अपनी बेहेन को यूँ मारता खता देख अनलिए से सेहेन नहीं हुआ इसीलिए.....

अनलिए- LORD...apne फ्रेंड को रोकिये naa...wo हमारी बेहेन को मार देगा....

मई- इस वक़्त रोनित बोहोत ग़ुस्से में hai...jab तक ये ग़ुस्सा उसके अंदर hai,kuch भी करना ठीक नहीं होगा....

अनलिए- तोह क्या जब तक रोणितजी का ग़ुस्सा शांत नहीं हो jaata,hamari बेहेन यूँही मार खाती रहे....

मई- तुम्हारी बेहेन ने जो काम किए hai,uske लिए तोह रोनित से पहले मुझे hi उससे मार देना चाहिए था....

पर वो ज़िंदा है क्यूंकि उसने जो किया hai,wo कहीं न कहीं उससे करवाया गया है.....

उसकी किस्मत को उसके जन्म से पहले hi बदल दिया गया था इसीलिए मई शांत हूँ.

पर रोनित के साथ जो उसने किया hai,uske लिए उससे दंड मिलना चाहिए या nahi,iska फैसला रोनित karega,mai नहीं.....

यहाँ हम बात कर रहे the,wahan रोनित लगा हुआ था भुविका को मारने me..par अब उससे भी समझ में आने लगा था की उसके वार से या पंचेस और किक्स से भुविका को ज़्यादा फर्क पड़ेगा नहीं इसीलिए.....

RONIT-V.JJ..........

मेरी तरफ देख रोनित ने बस मेरा नाम hi लिया पर मुझे पता था की उससे क्या चाहिए इसीलिए मेरे शरीर से मेरी शक्ति के एक छोटा सा भाग बाहर निकला और उसने रोनित के शरीर को बिना छुए उससे चारों तरफ से घेर लिया...

ऐसा होने के बाद मैंने रोनित को देख हाँ में अपना सर हिलाया जिसका मतलब वो समझ गया और अगले hi पल.....

AHHHH......AHHHH.......AHHHHH........

अबकी बार रोनित ने जितनी बार भी भुविका को पंचेस या किक्स maare,un सब का भुविका पर बोहोत ज़्यादा प्रभाव पड़ा...

कुछ hi सेकण्ड्स में भुविका के होंठ फैट चुके the.maathe से खून निकलने लगा tha,pair हलके मूड से गए the,haath झूल से गए थे.....

ANALIA-BHUVIKAAAAA..................

अनलिए की इस चीख की वजह ये थी की भुविका दर्द और थकन की वजह से अपने घुटनो के बल बैठने hi वाली थी की रोनित का पेअर ज़ोर से घुमा और उसके जबड़े से टकराया जिसके फल स्वरुप भुविका घूमती हुई नीचे ज़मीं पर गिर गयी......

भुविका के गिरते hi अनलिए की चीख निकल गयी....

वो अपनी बेहेन के पास जाने की लिए तड़प रही थी पर अवंतिका ने उसका हाथ नहीं छोड़ा...

रोनित अभी जिस मूड में tha,us मूड में वो अनलिए को भी नुक्सान पहुंचा सकता था इसीलिए अवंतिका ने उसे जाने नहीं दिया....

वहीँ निचे गिरने के बाद भुविका ने अपनी बोझिल आँखों से एक बार रोनित को देखा और कुछ कहने के लिए उसके लैब हिलने hi वाले थे की.......

स्वाति प्रकटम

सोर्ड अप्पेअर

ये स्पेल रोनित ने बोलै tha..SPELL के बोलते hi रोनित के हाथों में एक तलवार चमक उठी जिससे देखकर जहाँ अनलिए का दर सातवे आसमान पर पहुँच गया वहीँ भुविका को लग गया की उसका अंतिम समय आ गया है...

रोनित ने अपना तलवार वाला हाथ ऊपर उठाया और.....

खच..........

भुविका.............

अअअअअ.......................

जैसे hi रोनित ने अपनी तलवार चलायी तोह एक आवाज़ हुई जिससे सुनकर अनलिए की चीख निकल गयी....

उसने एक ज़ोर का झटका देकर अपना हाथ अवंतिका के हाथ से छुड़ा लिया और अपनी बेहेन के पास भागी....

अपने बेहेन के पास जाते hi जहाँ उसके आँखों के आंसू तेज़ हो गए वहीँ दो आँखों में हैरत के भाव थे....

ये दो आँखें और किसी की नहीं भुविका की थी जो आँख फाड़े कभी रोनित को देखती तोह कभी अपने बाजू में ज़मीं में धसे तलवार को......

अनलिए के भी जो आंसू निकल रहे the,wo ख़ुशी के the..apni बेहेन को ज़िंदा देखने की ख़ुशी......

वहीँ तलवार ज़मीं में आधे से ज़्यादा धसने के बाद......

RONIT-AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA..........

रोनित आकाश की तरफ देख कर ज़ोर से cheekha....uski चीख में मजबूरी और दर्द दोनों साफ़ समझ आ रहे थे.....

वहीँ रोनित को भुविका को जान से ना मारता देख मेरे और अवंतिका के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी...

आज मुझे मेरे फ्रेंड पर गर्व हो रहा tha...aaj उसकी वजह से इंसानियत और अच्छाई फिर जीत गयी थी.....

मई और अवंतिका चलते हुए रोनित के पास pahunche...aur मैंने जैसे hi उसके कंधे पर हाथ lagaya,wo झट से मेरे गले लग कर रोने लगा.....

मैंने भी उससे चुप नहीं कराया और कुछ देर रोने diya....meri शक्तियां जीसने रोनित को घेरा हुआ tha,wo वापस मुझमे समां गयी थी.

वहीँ अपनी बेहेन का सहारा लेते हुए भुविका धीरे धीरे कड़ी हो चुकी थी....

उसकी आँखों में अभी तक अविश्वास झलक रहा tha...wo समझ नहीं पा रही थी की आखिर रोनित ने उससे ज़िंदा क्यों छोड़ दिया.....

कुछ देर तक मुझसे गले लग रट रहने के बाद जब रोनित मुझसे अलग हुआ और जैसे hi उसकी नज़र भुविका की तरफ गयी तोह.....

BHUVIKA-tumne मुझे ज़िंदा क्यों छोड़ diya....maine तुम्हारे साथ जो किया है उसके बाद तोह मुझे वैसे भी जीना का कोई हक़ नहीं है...

रोनित- यहीं तुम गलत हो BHUVIKA..kisi को मारना या ना maarna,iska फैसला करने वाले हम कोई नहीं होते....

जब ज़िन्दगी उस ऊपर वाले ने दी hai,tu लेने का अधिकार भी सिर्फ उसी का hai...par तुम जैसे कुछ मुर्ख इस बात को अनदेखा कर खुद hi दुसरो के जीवन का फैसला लेने लगते हो....

इतना भी नहीं सोचते की तुम जान एक की लेते ho,par उसके साथ साथ मर बोहोत से लोग जाते हैं...

जिससे तुम्हारे जैसे पापी मारते hain,uski साँसों के साथ साथ उसके अपनों की भी साँसें रूक जाती है....

आज अगर मई तुम्हे मार deta,toh मुझमे और तुममे क्या फर्क रह jaata...tum तोह मर जाती पर तुम्हारी बेहेन ज़िन्दगी भर तुम्हारी याद में रोटी रहती....

जो मेरे साथ हुआ hai,jis दर्द के साथ मई जी रहा hun,wahi दर्द मई किसी और को कैसे दे सकता हूँ....

पर haan,ye भी सच है की मई अंजलि से जितना प्यार करता hun,tumse उतनी hi नफरत करता हूँ और हमेशा करता रहूँगा.....

रोनित की बातें भुविका के दिमाग में किसी हथोड़े की तरह बज रही thi...RONIT ने अगर उससे मार दिया होता तोह उससे इतनी तकलीफ नहीं होती जितनी उससे अभी महसूस हो रही थी....

एक और चीज़ थी जो भुविका को महसूस हो रही थी जिससे वो लगातार अंदर hi अंदर ज़ब्त किये जा रही थी और वो था दर्द...

दर्द जो उससे खुदके अंदर छुपा डेविल या ये कहूं की उसके अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी दे रहा था....

रोनित से मार खाते वक़्त नजाने कितनी hi बार भुविका के अंदर मौजूद डेविल ने उससे रोनित को पलटवार करने को कहा पर भुविका ने उसकी बात नहीं मानी और चुप चाप मार खाती रही.....

उसके अंदर मौजूद वाइट एनर्जी उससे खुद को सयंमित करने में मदद कर रही थी और इसी वजह से भुविका के अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी और वाइट एनर्जी के बीच एक किस्म का युद्ध शुरू हो गया जिसकी वजह से भुविका को इस वक़्त बोहोत ज़्यादा दर्द महसूस हो रहा था....

भुविका के दर्द से मई भी अनजान नहीं था और ये जानकार मुझे बोहोत ख़ुशी हो रही थी की भुविका खुद के ऊपर अपने अंदर मौजूद शैतान को हावी नहीं हो ने दे रही है....

मुझे ये भी पता था की जो दर्द उसके दिल में उठ रहा है उस दर्द के सामने उसके शरीर में उठ रहा दर्द कुछ भी नहीं था..

उससे पता था की ये घिनौना एहसास जो उससे खुदके लिए महसूस हो रहा है वो शायद कभी नहीं जाएगा.....

भुविका ने एक बार रोनित की तरफ देखा और फिर मेरी taraf..mujhe कुछ देर तक देखने के बाद भुविका के लैब हिले.....

भुविका- LORD,bhale hi रोनित ने मुझे जीवित छोड़ दिया ho,par मैंने जो किया hai,uske बाद मुझे जीने का कोई हक़ नहीं है....

मुझे खुदसे घृणा सी हो रही hai...ye ज़िन्दगी मेरे लिए मौत से भी बदतर है....

मई इस लायक तोह nahi,par मेरी आपसे एक प्रार्थना hai,ek निवेदन है....

मई- मई सुन रहा hun,bolo......

भुविका- मुझे मृत्यु दे dijiye...mujhe इस श्रापित जीवन से मुक्ति दे दीजिये.....

जहाँ भुविका की बात सुनकर मेरे चेहरे पर स्माइल आ गयी वहीँ.......

अनलिए- BHUVIKA...ye क्या बोल रही हैं आप????

BHUVIKA-wahi जो सच hai..wahi जो होना chahiye....mai जानती हूँ की तुम्हे मेरी बात बिलकुल अच्छी नहीं लगी पर एक बार बस एक बार मेरी बेहेन के नज़रिये से बाहर निकलकर खुद से ये सवाल करो की......

मैंने जो कृत्या किये hain,uske बाद क्या मुझे जीने का कोई हक़ है???

बिलकुल nahi....hum तोह क्यूरियस वाले हैं ANALIA,WHITE एनर्जी के pratik...wo एनर्जी जो हमे स्वयं परमेश्वर से मिलती है.

अनजाने में hi सही पर ब्लैक एनर्जी को अपनाकर मैंने पहले hi एक बोहोत बड़ा पाप कर लिया है....

और फिर दुष्कर्मी बनकर मैंने उस पाप का भार और बढ़ा लिया hai...ab इस पाप से मुक्ति का सिर्फ एक hi उपाय hai,aur वो है मौत....

अनलिए अपनी बेहेन से बोहोत कुछ कहना चाहती थी पर वो कह ना paayi..wo जानती थी की कहीं न कहीं भुविका सच hi कह रही है..

अनलिए ये भी समझ रही थी भुविका की आत्म ग्लानि इतनी ज़्यादा है की ये ज़िन्दगी उसके लिए मौत से भी बदतर है पर उसी समय पर वो अपनी बेहेन से दूर भी नहीं होना चाहती थी...

और अगले hi पल दोनों बेहेने मेरी तरफ देखने लगी....

एक के आँखों में निवेदन था तोह दूसरे की आँखों में लाचारी और एक इल्तजा की मई उसकी लाचारी को ना सिर्फ समझू पर उससे दूर भी करूँ....

वहीँ मई तोह मुस्कुराते हुए hi दोनों बहेनो को देख रहा tha..unki बातों को सुन रहा tha.aur जब दोनों की baatein,tark वितर्क ख़त्म हुआ और दोनों की नज़र मुझपर गयी तोह.....

MAI-BHUVIKA,naa मई तुम्हारे दिल में उठ रहे ग्लानि के दर्द से अनजान हूँ और नाही तुम्हारे शरीर में उठ रहे बी ब्लैक एनर्जी के दर्द से.....

रोनित जब तुम्हे मार रहा tha,tab भी तुमने खुदके अंदर उठ रहे शैतान के उफान को दबा कर rakha,tumhare पश्चाताप और उसके एहसास में कहा गया हर शब्द सच्चा है और एक ब्लैक एनर्जी का धारक के मन में ऐसी भावना का होना बोहोत बड़ी बात है....

मेरी बातों को भुविका ध्यान से सुन रही थी और बीतते पल के साथ उससे आश्चर्य भी हो रहा था...

और वो इसीलिए क्यूंकि जबसे मैंने बोलना शुरू किया tha,tabse उसके शरीर में उठ रहा असीम दर्द काम होने लगा था...

मेरी बातों से ना सिर्फ उसके शरीर के दर्द से राहत मिल रही थी बल्कि उसके दिल का dard,uski ग्लानि भी उससे काम होती महसूस हो रही थी...

MAI-tum मरना छाती हो पर तुम्हे ये तोह मालुम hi है ना की इस वक़्त तुम्हारा शरीर के अंदर जो ब्लैक एनर्जी hai,uski वजह से तुम भी एक डेविल की श्रेणी में hi आती हो!!!

भुविका ने मेरे सवाल पर हाँ में अपना सर हिलाया....

मई- तोह तुम्हे ये भी पता होगा की जब एक डेविल मरता hai,toh सिर्फ उसका शरीर hi ख़त्म नहीं होता बल्कि उसकी आत्मा तक दम तोड़ देती है...

दम तोड़ते hi वो आत्मा अनंत काल के लिए एक दर्द भरे अँधेरे में गुम हो जाती है जिसमे उससे रौशनी कभी नसीब नहीं होती....

जहाँ भुविका ने एक फीकी मुस्कान के साथ फिरसे हाँ में अपना सर हिलाया वहीँ अनलिए मेरे द्वारा बताई गयी बात को सुनकर अपनी बेहेन के लिए दर गयी...

वो कुछ कहने hi वाली थी की मैंने अपना हाथ आगे कर के उससे बोलने से रोक दिया...

मई- ANALIA,tum भुविका की नियति को बदल नहीं sakti.....iske साथ जो होना hai,wo हर हाल में होकर hi रहेगा....

जहाँ मेरी बात सुनकर अनलिए बोहोत ज़्यादा निराश हो गयी वहीँ पहली बार भुविका के चेहरे पर संतुष्टि के भाव जागे थे....

मई- वैसे तोह आज तक किसी डेविल को ये मौका नहीं मिला है पर मई तुम्हे ये मौका देता हूँ....

BHUVIKA-kaisa मौका???

मई- उस अंधकार को जिसमे तुम्हारी आत्मा सदैव के लिए कैद hogi,usse मरने से पहले hi महसूस करने का.....

और इससे पहले की मेरे बात का मतलब भुविका समझती या कोई प्रतिक्रिया deti,mere हाथ उसकी तरफ उठ गए और ऐसा होने के अगले पल hi.....

धम्म........

इस आवाज़ के साथ भुविका का शरीर नीचे ज़मीं पर गिर गया....

अपनी बेहेन को यूँ अचानक गिरता हुआ देख अनलिए बोहोत घबरा गयी और वो भी तुरंत भुविका के पास बैठ गयी..

अपनी बेहेन को छूटे hi अनलिए को एक झटका laga....aur वो इसीलिए क्यूंकि इस वक़्त भुविका का शरीर एकदम ठंडा था जैसे एक मुर्दे का होता है...

उसने तुरंत भुविका के सर को अपनी गोद में ले लिया और उससे उठाने की कोशिह करने लगी पर कोई फायदा नहीं हुआ...

डरते डरते अनलिए ने मुझे देखा पर मुझसे कुछ पूछने की उसकी हिम्मत नहीं हुई...

अवंतिका और रोनित भी समझने की कोशिश कर रहे थे की ये अचानक मेरे हाथ आगे करने के बाद भुविका को क्या hua??wo गिर क्यों गयी??

पर उन्होंने मुझसे कुछ नहीं pucha..dono hi जानते थे की no भी हुआ hai,wo कुछ hi देर में खुद hi डिस्क्लोसे हो जाएगा....

तोह हुआ ये था की मेरे हाथ आगे करते hi भुविका के शरीर से उसकी स्पिरिट या फिर ये कहूं की उसकी स्पिरिट का ब्लैक part जो की डेविल का tha,wo खींचते हुए बाहर आ गया और बाहर आते hi मैंने उससे उसी अंधकार में भेज दिया जिसमे मरने के बाद हर डेविल का सोल जाता था.....

पर यूँ अचानक भुविका के अंदर से उसकी स्पिरिट के नकारात्मक या फिर ये कहूं की डेविल के part के निकलने की वजह से भुविका का जिस्म बोहोत ज़्यादा कमज़ोर हो गया...

इतना hi nahi,uske दिमाग को भी एक ज़ोर का झटका लगा जिसकी वजह से वो भी डक्टिवे हो गया और नतीजा......

भुविका एक मौत सी बेहोशी में चली गयी थी.......

अनलिए- LORD,kya मेरी बेहेन मुज

हे छोड़कर चली गयी....????

बोहोत देर के बाद अनलिए के मुँह से बस इतनी hi बात निकल पायी...

मई- नहीं....

मेरी बात सुनते hi अनलिए की आँखों में एक चमक आ गयी.....

अनलिए- तोह fir,iska शरीर इतना ठंडा क्यों पढ़ गया है....???

MAI-iske अंदर के डेविल को मैंने जिस दुनिया में भेजा hai,wahan पहुँचने के बाद भी वो अभी तक इससे कुछ हद तक जुड़ा हुआ है...

वो वहां से वापस आना चाहता है या फिर इससे भी अपने साथ उस दुनिया में लेजाना चाहता hai.kamzor hi सही पर उसकी पकड़ की वजह से इसका शरीर किसी मरे हुए इंसान की तरह ठंडा है...

अनलिए- तोह क्या मेरी बेहेन उस अंधकार वाली दुनिया में चली जायेगी....

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ आगे कर diya..aur अगले hi पल भुविका के शरीर के अंदर का हिस्सा दिखने लगा जिससे देखकर सब शॉकेड हो गए....

दरअसल भुविका के अंदर जो क्यूरियस की वाइट एनर्जी thi,jisse उसके डेविल वाले रूप ने कैद कर लिया tha,wo अब आज़ाद हो चुकी थी..

और धीरे धीरे भुविका के सारे शरीर में फ़ैल रही थी.....

अनलिए- ये सब क्या है???

मई- ये वही एनर्जी है जो तुम्हारे शरीर में हर वक़्त घूमती रहती hai....wahi एनर्जी जिससे तुम क्यूरियस वासियों का जन्म होता है....

ये एनर्जी भुविका के अंदर कैद हो गयी थी जो अब आज़ाद हो गयी है और उसके शरीर में फैले रही hai..jaise hi ये एनर्जी उसके पुरे शरीर में failegi,usse होश आ जाएगा....

मेरी बात सुनकर अनलिए की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...

वो बेसब्री से अपनी बेहेन के उठने का इंतज़ार करने लगी....

कुछ देर laga,jaise hi वाइट एनर्जी ने भुविका के सारे शरीर को ghera,uski आँखें धीरे धीरे खुल गयी....

आँख खुलते hi भुविका की नज़र सबसे पहले अपनी बेहेन पर गयी जिससे देखकर उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी....

अपनी बेहेन को होश में आता देख अनलिए झट से झुक कर अपनी बहन के गले लग गयी...

कुछ देर तक गले लगे रहने के बाद जब दोनों अलग हुए तोह भुविका की नज़र मुझपर gayi...is वक़्त उसके चेरे पर मेरे लिए आभार के भाव थे....

कुछ देर तक यूँही लेटने के बाद भुविका ने जैसे hi उठने की कोशिश की

अह्ह्ह्ह........

एक दर्द भरी कराह उसके गले से निकल गयी जिससे सुनकर अनलिए घबरा गयी.....

ANALIA-kya हुआ भुविका....????

भुविका- पता nahi,par मेरे पैरों में मुझे ताकत महसूस hi नहीं हो रही...

पैरों में hi kya,mujhe अपने शरीर में कहीं भी कोई शक्ति महसूस नहीं हो रही....

अनलिए- अभी अभी तुम ठीक हुई हो ना isiliye..dekhna,kuch hi देर में तुम पूरी ठीक हो जाओगी.....

मई- nahi....BHUVIKA कभी ठीक नहीं हो सकती.....

इससे पहले की भुविका कुछ kehti,meri आवाज़ सबके कानो में पड़ी जिससे सुनकर सभी शॉकेड हो गए...

ANALIA-kabhi ठीक नहीं हो sakti???par क्यों LORD....????aapne तोह इसके अंदर की ब्लैक एनर्जी निकल दी है naa??toh अब क्या परेशानी है???

मई- वही तोह परेशानी hai...BLACK एनर्जी तोह निकल gayi,par अपने साथ भुविका की शारीरिक शत्कि भी साथ ले गयी...

इतना hi nahi,BLACK एनर्जी के पुरे निकलने जाने की वजह से भुविका का ह्रदय और मस्तिष्क भी कमज़ोर हो गए

हैं जिसकी वजह से कभी भी इसकी मृत्यु हो सकती है...

मेरी बात सुनकर अनलिए घबरा gayi..wo कुछ कहती उससे पहले hi.....

भुविका- पर LORD,BLACK एनर्जी तोह मेरे अंदर कुछ hi समय पहले समायी thi...usse पहले तोह ऐसा कुछ नहीं था फिर भी मई पूरी तरह से स्वस्थ थी.....

MAI-manushya योनि में पैदा होने वाले हर इंसान के अंदर जन्म लेते hi ब्लैक और वाइट एनर्जी के कण उसमे समां जाते hain.sirf क्यूरियस hi एक ऐसा गृह है जहाँ के इंसानो में कोई ब्लैक एनर्जी नहीं होती...

अनलिए- पर LORD,meri बेहेन भी तोह क्यूरियस वासी है ना!!!

मई- पूरी नहीं aadhi....garbh में आने के वक़्त भले hi भुविका क्यूरियस में thi,par उसका जन्म ग्लूटो में हुआ था....

अनलिए और भुविका की माँ के गर्भ के अंदर जो वाइट एनर्जी thi,ASMODEUS के उससे बाहर निकलने की वजह से उस एनर्जी के कुछ कण गर्भ में hi रह गए....

और इसी वजह से भुविका की आतंरिक शक्ति भी ठीक से पनप नहीं पायी और इसी वजह से अपनी बेहेन के मामले में वो सही और गलत का फर्क नहीं कर पाती थी....

वाइट एनर्जी के जितने कानो ने भुविका के रूप में जन्म liya,wo उससे ज़िंदा रखने के लिए काफी नहीं थे पर क्यूंकि भुविका का जन्म ग्लूटो में हुआ जहाँ ब्लैक एनर्जी भी पायी जाती thi,isiliye भुविका की वाइट एनर्जी के साथ वहां की ब्लैक ेनेग्री भी मिल गयी जिसकी वजह से भुविका न सिर्फ बच गयी बल्कि तंदरुस्त भी निकली.....

पर अभी जब मैंने भुविका के अंदर के डेविल और उसकी ब्लैक एनर्जी को nikala,toh उस ब्लैक एनर्जी ने भुविका के जन्म के समय उससे मिले ब्लैक एनर्जी को भी अपने साथ साथ खींच लिया और इसीलिए भुविका की ऐसी हालत हो गयी.....

अनलिए- तोह आप मेरी बेहेन को ठीक कर दीजिये ना LORD....uske शरीर में वाइट एनर्जी के कुछ कण दाल दीजिये....

MAI-mai ऐसा नहीं कर sakta.....mere ऐसा करते hi भुविका की तुरंत मौत हो जायेगी....

अनलिए- पर क्यों LORD???aapki hi ऊर्जा तोह मेरे और हम सब क्यूरियस वासियों के अंदर बह रही hai...jab हमे आप अपनी ऊर्जा दे सकते हैं तोह भुविका को क्यों नहीं....

मई- तुम्हे ये याद रहा की मैंने तुम्हे अपनी ऊर्जा di,par ये याद नहीं रहा की मुझे ऐसा क्यों करना पड़ा था???

श्राप की वजह से तुम सबके अंदर की वाइट एनर्जी ख़त्म हो चुकी thi..tum सबके अंदर सिर्फ ब्लैक एनर्जी hi बची थी जिससे मैंने अपनी ऊर्जा से अपनी वाइट एनर्जी से हटाया था....

पर तुम्हारे बेहेन के अंदर पहले से वाइट एनर्जी hai...wo एनर्जी जो उससे उसके जन्म लेने से पहले hi प्राप्त हुई थी....

इतने सालों से भुविका के शरीर को इतनी hi वाइट एनर्जी की आदत हो गयी hai...isse ज़्यादा अगर कोई ऊर्जा उसके शरीर में समां सकती है तोह वो सिर्फ ब्लैक एनर्जी है...

अगर मैंने अपनी ऊर्जा का हल्का सा भी कण उसके अंदर डाला तोह उसका शरीर उसी वक़्त फैट जाएगा.....

अवंतिका- तोह अब????

मई- अब कुछ nahi...agar भुविका कहे तोह मई उसके शरीर में वापस कुछ मात्रा में ब्लैक एनर्जी दाल सकता hun,isse वो पहले जैसी हो जायेगी.....

इससे पहले की कोई कुछ कहता....

भुविका- nahi......mai मरना पसंद karungi,par दोबारा ब्लैक एनर्जी के कण को छूना तक मुझे गवारा नहीं....

अनलिए- पर BHUVIKA,aise तोह तुम जीवित नहीं रह पाओगी.....

अनलिए ने रट हुए अपनी बात कही.....

भुविका- रो मत मेरी behen...mar तोह मई उसी वक़्त गयी थी जब मैंने अँधेरे के रास्ते को चुना था...

मुझे तोह इस बात की ख़ुशी है की मई पाक साफ़ होने के बाद अपनी आँखें हमेशा के लिए बंद करने वाली हूँ....

LORD,aaj आपने मेरे ऊपर इतने एहसान किये हैं जिससे मई अगले 7 जन्मो तक भी चूका नहीं पाउंगी...

बस एक ख्वाशीष बच गयी hai,aur वो ये की मेरी मौत आपके हाथों ho....isse मेरी आत्मा को मोक्ष मिल जाएगा....

जहाँ भुविका की बात सुनकर ANALIA,aur उसके साथ साथ अवंतिका और यहाँ तक की रोनित तक को बुरा लगा वहीँ मेरे चेहरे पर मुस्कान नाच गयी....

अनलिए- क्या हमारी बेहेन को बचने का कोई तरीका नहीं????

MAI-isiliye मई हमेशा कहता हूँ की बातों को ध्यान से सुनना chahiye..har बात अपने आप में एक पहेली है जिससे सुलझाते hi हमारे सारे परेशानियों का हल मिल सकता है....

किसी को भी मेरी बात समझ नहीं aayi,sabhi ाँहों में सवाल लिए मुझे देख रहे the....par मेरी बातों से सभी के मन में एक उम्मीद की किरण jagi,khaas कर अनलिए के मन में और इसीलिए.....

अनलिए- क्या हमारी बेहेन ठीक हो सकती है???

मई- हाँ भी और नहीं भी.....

किसी को भी मेरी बात का मतलब समझ नहीं आया???

अनलिए- हम समझे नहीं....

MAI-pehle ये बताओ की मैंने भुविका के अंदर जो वाइट एनर्जी की कमी hai,uska क्या कारण बताया था????

भुविका- यही की ास्मोडियस ने मुझे लेजाने के लिए जो गर्भ से वाइट एनर्जी निकली thi,us एनर्जी के कुछ कण जो की मेरे शरीर के लिए the,wo गर्भ में hi रह गए थे....

MAI-hmm.ab ये बताओ की अगर तुम्हारे हिस्से की वाइट एनर्जी गर्भ में hi रह गयी थी तोह फिर वो गयी kahan????aur अब वो कहाँ है???

कुछ देर तक सोचने एक बाद सभी के मुँह से एक साथ निकला....

SAB-ANALIA.........

अनलिए- haan,wo कण तोह मुझमे समां गया hoga....par मुझे इस बात का कभी आभास नहीं हुआ???

मई- पानी में पानी मिलाने से पानी को फर्क नहीं पड़ता अनलिए...

जिस तरह भुविका के शरीर को काम वाइट एनर्जी की आदत हो गयी hai,ussi तरह तुम्हारे शरीर को भी ज़्यादा वाइट एनर्जी की आदत हो गयी है....

पुरे क्यूरियस वासियों में एक तुम hi हो जिसके अंदर मेरी ऊर्जा सबसे ज़्यादा hai...aur इसीलिए hi गॉड ने पुरे क्यूरियस में सिर्फ तुम्हे hi चुना tha,mere सपनो में आने के लिए....

ANALIA-oh....par इससे हमारी बेहेन का क्या सम्बन्ध????

MAI-sambhandh hai....bhale hi तुम्हे तुम्हारे अंदर मौजूद आवशयकता से अधिक ऊर्जा से लाभ नहीं हुआ hai,par तुम्हारी बेहेन को हो सकता है.....

ANALIA-matlab,hume जो अलग से ऊर्जा मिली hai,usse बाहर निकलकर भुविका को दिया जा सकता है...

MAI-urja कोई दूकान में मिलने वाला सामान नहीं hai,jo किसी को भी उठाकर दे दिया जाए और वैसे भी मैंने बताया था ना की भुविका के शरीर में और वाइट एनर्जी को नहीं डाला जा सकता...

अनलिए- फिर हमारी बेहेन हमारी ऊर्जा से कैसे ठीक हो सकती है???

MAI-maine कब कहा की वो ठीक हो सकती है....

पर हाँ उससे तुम्हारी अत्यधिक ऊर्जा से लाभ मिल सकता है....

सब- कैसे????

MAI-BHUVIKA को अपने असली स्वरुप में लौटना होगा....

इस बार भी किसीको मेरी बात का मतलब समझ में नहीं aaya.....par इससे पहले की कोई कुछ पूछता....

MAI-BHUVIKA का या फिर किसी भी क्यूरियस वासी का असली स्वरुप वाइट एनर्जी होता है जो उसके जन्म से पहले उसका असली रूप होता है और मरने के समय भी हर क्यूरियस वासी उसी वाइट एनर्जी के रूप में बदल जाता है....

भुविका को भी अपने इस शारीरिक रूप को त्याग अपने असली रूप वाइट एनर्जी में बदलना होगा.....

जहाँ मेरी बात सुनकर भुविका के चेहरे पर संतोष tha,wahin अनलिए फिरसे उदास हो गयी....

अनलिए- मतलब तोह वही हुआ naa..kisi भी तरह से bhi,par भुविका को मरना तोह पड़ा hi ना....

मई- nahi..jab तक तुम हो भुविका मर नहीं sakti..tum दोनों की मौत एक साथ होगी जिसमे अभी काफी समय है....

अनलिए- मतलब????

MAI-tumhare अंदर मौजूद अलग से जो ऊर्जा है वो असल में तुम्हारी बेहेन का निवास स्थान है....

वाइट एनर्जी में बदलने का बाद भुविका तुम्हारे अंदर समां jaayegi..jab ऐसा होगा तोह तुम्हारे अंदर मौजूद भुविका की ऊर्जा उससे मिल जायेगी....

ऐसा होते hi भुविका हमेशा के लिए तुम्हारे साथ तुम्हारे शरीर के अंदर रह सकेगी......

तुम उससे हमेशा महसूस कर पाओगी जैसा अभी कर पा रही ho..itna hi नहीं तुम उससे बात भी कर सकोगी और ज़रुरत पढ़ने पर एक स्पिरिट का रूप लेकर भुविका कुछ देर के लिए तुमसे बाहर भी आ सकती है जिससे तुम्हे अपनी बेहेन को देखने की इच्छा भी पूरी होती रहेगी....

मेरी बात सुनकर अनलिए और भुविका की ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha.....dono के सर मेरे सम्मान में मेरे आगे झुक गए...

अवंतिका और रोनित भी मेरी बात सुनकर खुश हो गए थे....

BHUVIKA-aapne तोह मेरे श्राप को वरदान में बदल दिया LORD....ab मुझे और मेरी बेहेन को कोई भी जुड़ा नहीं कर पायेगा.....

अनलिए- आपका कोटि कोटि धन्यवाद् लार्ड...

मई- तैयार हो भुविका.....

भुविका- jee....par उसे pehle,RONIT.....mai इस काबिल तोह nahi..par मुझे इंतज़ार रैहगा तुम्हारी माफ़ी का.....

ये बोल भुविका ने अपनी आखें बंद की और अगले hi पल....

उसका शिरीर वाइट एनर्जी में बदल गया और हवा में उठ अनलिए के सीने के सामने आकर रूक गया.....

एक सेकंड रूकने के बाद भुविका की एनर्जी अनलिए के शरीर के अंदर प्रवेश कर गयी....

ऐसा होते समय अनलिए की आँखें बंद हो gayi...ANALIA के अंदर जाते hi भुविका की एनर्जी उसके बाकी के अनर्गय के साथ मिल गयी और ऐसा होते hi भुविका अनलिए के साथ हमेशा हमेशा के लिए जुड़ गयी....

भुविका- इस नए घर के लिए धन्यवाद बेहेन....

ये आवाज़ अनलिए के अंदर से आयी थी जिससे सुनकर अनलिए के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी...

अनलिए की आँखें अभी भी बंद thi....apni बेहेन को अपने अंदर अचे से महसूस कर जैसे hi अनलिए ने अपनी आखें kholi,wo शॉकेड रह गयी....

reason..is वक़्त वो एअर्थ में नहीं बल्कि अपने गृह क्यूरियस में थी.....

वो कुछ ठीक से समझती तभी......

तुम्हारा कार्य पूरा हुआ ANALIA...AB बाकी का जीवन अपनी बेहेन के साथ अपने गृह में ख़ुशी ख़ुशी बिताओ.....

ये आवाज़ मेरी थी जिससे सुनकर अनलिए और उसके अंदर मौजूद भुविका खुश हो गयी....

मन hi मन मुझे धन्यवाद देते हुए दोनों एक दूसरे में गुथे हुए अपने लोगों के तरफ बढ़ गए......

वहीँ जैसे hi अनलिए गायब हुई....

RONIT-abbe ये कहाँ गायब हो गयी...

मई- उसका काम ख़त्म hua..wo अपने घर चली gayi...ab तुझे भी घर जाना hoga..mujhe और अवनि को कल वाली जगह जाना है....

रोनित- अब पूछूंगा की तुम दोनों कहाँ जा रहे हो तोह तू बताएगा तोह नहीं...

मई- satyavachan....par बोहोत जल्द मई कहाँ गया था और क्यों गया tha,dono hi बातें तुझे पता चल जायेगी.....

और अब bye......

रोनित ने कुछ कहने के लिए मुँह खोला hi था पर फिर उससे अपना मुँह बंद करना पड़ा...

reason..filhal वो उसी पार्किंग में खड़ा था जहाँ से हम यहाँ आये थे...

एक लम्बी सांस लेते हुए वो अपनी बाइक की तरफ बढ़ गया....

वहीँ रोनित को गायब करने के बाद मई भी अवंतिका का हाथ पकड़ा गायब हो गया और अगले hi पल हम दोनों कल वाली जगह पर थे.....

थे ट्विस्टेड डायमेंशन

प्लेनेट- मांसलिकेल

PLACE-ASMODEUS पैलेस

कुछ हुआ है ना फादर.......

ास्मोडियस को स्माइल करता देख बिल्जेबब ने धीरे से उससे पूछा....

जब विक्रम को ास्मोडियस ने गले lagaya,tabhi से बिल्जेबब को ये बात खटक रही थी....

गले लग जब दोनों भाई अलग हुए और फिर जैसे hi विक्रम अपने दोस्तों और भुविका को लेकर गायब hua,toh बिल्जेबब तुरंत अपने सवालों को लेकर ास्मोडियस के पास लपका पर जैसे hi वो ास्मोडियस के करीब gaya,toh चौंक गया...

reason....ASMODEUS के चेहरे पर एक स्माइल thi..ek ऐसी स्माइल जो उसके चेहरे पर तभी आती है जब उसके शातिर दिमाग में कुछ नया उपजा होता है..

जब ास्मोडियस ने कुछ ऐसा कर दिया होता है जिसके बारे में तभी पता चल सकता है जब ास्मोडियस सामने से उसके बारे में खुद बताये.....

अपनी बात कह जिज्ञासा भरी नज़रों से बिल्जेबब ास्मोडियस के तरफ देखने लगा.....

ास्मोडियस- तुम्हे ऐसा क्यों लगा की कुछ हुआ है????

बिल्जेबब- आपके चेहरे पर इस वक़्त दिख रही रहस्यमयी मुस्कराहट की वजह से...

ये भाव अकारण आपके मुख पर कभी नहीं aate..pichli बार ऐसे भाव आपके चेहरे पर तभी आये थे जब विक्रम को क्यूरियस के बारे में पता चला था....

और आपने उनके वहां पहुँचने से पहले hi अपनी चाल चल दी thi..aisi चाल जिसकी वजह से विक्रम का अस्तित्व hi बदल गया था...

आज फिरसे वही मुस्कराहट आपके चेहरे पर hai...aur मुझे ऐसा लग रहा की आपका विक्रम को गले लगाना अकारण नहीं है और कहीं न कहीं ये मुस्कराहट भी उस आलिंगन से जुडी हुई है......

बिल्जेबब की बात सुनकर ास्मोडियस के चेहरे की मुस्कराहट और गहरी हो गयी....

ास्मोडियस- तुमने सही कहा BEELZEBUB...VIKRAM को मैंने अकारण गले नहीं लगाया था....

जब हम दोनों एक दूसरे के गले लगे हुए the,us वक़्त मैंने विक्रम के मस्तिष्क में शैडो वर्ल्ड और वहां फसे समय संचालकों की झलकियां दाल दी थी.....

ास्मोडियस की बात सुनकर बेल्ज़सेबुब शॉकेड हो गया....

बिल्जेबब- पर इससे तोह विक्रम न सिर्फ शैडो वर्ल्ड के बारे में सब जान जाएंगे बल्कि वहां जाकर वो सभी समय संचालकों को आज़ाद भी करा लेंगे...

ास्मोडियस- कुछ देर पहले मेरी मुस्कराहट को देख मेरे योजना का अंदाज़ा लगाकर तुमने एक विद्वान होने का परिचय दिया और अभी बेवकूफों भरी बातें कर फिर से अपने मुर्ख होने का ढिंढोरा पीट रहे हो....

murkh,sawaal पूछने से पहले एक बार सवाल के विषय में तोह सोच लिया करो...

विषय मतलब शैडो WORLD..kya जानते हो तुम शैडो वर्ल्ड के बारे में....

ास्मोडियस की बातों को सुन बिल्जेबब का सर नीचे हो गया था और जब ास्मोडियस ने उससे सवाल किया तोह.....

BEELZEBUB-SHADOW वर्ल्ड आपके खुदकी रचना hai...SHADOW वर्ल्ड वैसे तोह एक गृह है पर असल में वो एक कारागार है....

ASMODEUS-haan.kaaragar..ek ऐसा कारगर जिसके बाहर से अंदर तक जाना भी बोहोत कठिन है....

या फिर ये कहूं की विक्रम को छोड़ कर किसी के लिए भी इस कारगर को ढूंढ तक पाना नामुमकिन है पर अगर विक्रम उस कारागार नुमा गृह को खोज उसके अंदर चला भी जाए तोह वहां से बाहर आना उसके लिए भी नामुमकिन है..

क्यूंकि शैडो वर्ल्ड को सिर्फ बाहर से नियंत्रित कर खोला जा सकता hai,andar से नहीं.....

बिल्जेबब- पर FATHER,agar विक्रम चाहे तोह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर शैडो वर्ल्ड का विनाश भी कर सकता है..

और ऐसा में तोह विक्रम समय संचालकों को बचा कर वापस एलोप्टुस पहुंचा देगा....

ास्मोडियस- ऐसा नहीं hoga....VIKRAM छह कर भी शैडो वर्ल्ड को ख़त्म नहीं करेगा....

BEELZEBUB-kya मई पूछ सकता हूँ क्यों फादर???

ास्मोडियस ने कुछ कहा नहीं बस अपने सीने के ऊपर हाथ rakha..agle hi पल उसके सेने के बीच एक तेज़ रौशनी हुई और जब रौशनी घाटी तोह ास्मोडियस के हाथ में कुछ था जिससे उसने बिल्जेबब के सामने कर दिया....

बिल्जेबब- परिवर्तक......

ास्मोडियस- haan,PARIVARTAK....

परिवर्तक के अंदर से जो किरणे निकलती hain,in किरणों से जो अदृश्य सेतु बनता hai,usse ब्रम्हांड के हर जीवनयापी गृह जुड़ जाता है.....

विक्रम के शैडो वर्ल्ड में जाते hi मई इस परिवर्तक से निकलने वाली किरणों को ब्रम्हांड के हर गृह से जोड़ दूंगा....

ऐसा होने के बाद विक्रम छह कर भी शैडो वर्ल्ड को ख़त्म नहीं कर पायेगा क्यूंकि शैडो वर्ल्ड के ख़त्म होने के साथ साथ उससे जुड़े होने के कारण सारे गृह भी ख़त्म हो जाएंगे.....

और इसीलिए.........

या तोह विक्रम को अपनी क़ुरबानी देनी होगी या फिर पुरे ब्रम्हांड की.......

आज के लिए इतना HI.......

आपका अपना V.J
 
थैंक्स बरोथेर.. अगर आपने गौर किया होगा तोह इस अपडेट में कुल 2 सीन्स the..par पहला वाला दूसरे सन से बोहोत ज़्यादा बड़ा था जबकि दूसरा सन जस्ट विक्रम के जाने के बाद का था इसका मतलब है की भुविका के साथ जो भी हुआ वो ास्मोडियस के सन के बाद हुआ है..

और एक वजह बिल्जेबब या ास्मोडियस के रिएक्शन को ना दिखने की तोह वो ये है की ास्मोडियस से ये बात छुपी नहीं थी को भुविका के साथ क्या होने वाला hai.last उपडते में उसने भुविका से कहा भी था की उससे अब विक्रम की चिंता करने की ज़रुरत नहीं है..




 
बरोथेर, अक्सर लोगों को कहते सुना है की प्यार दिल से होता है चेहरे या जिस्म से नहीं..

पर ये बात पूरी तरीके से सच नहीं hai...sharir,chehra,chaharcter सब मिल्लर उस एहसास को जागते हैं जिससे हम प्यार कहते हैं..

अंजलि की आत्मा को किसी और के शरीर में डालने से उस दूसरी लड़की का करैक्टर hi बदल जाएगा जिससे उसका ऐटिटूड प्रभावित होगा.. अब जिसके ऊपर पूरी कहानी hai,ussi चीज़ को कैसे चेंज कर सकता हूँ...

रोनित को अंजलि किसी और में दिख hi नहीं सकती और जो दिख गया तोह अंजलि से उसने कभी प्यार किया hi नहीं tha...hope ु अंडरस्टुड... साथ बने रहिये...
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम भुविका को एक शक्ति पुंज में बदलकर उससे अनलिए के अंदर दाल दोनों को क्यूरियस भेज देता है वहीँ ास्मोडियस बिल्जेबब को अपना विक्रम को गले लगाने का कारण बताता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-104

PART-1

PLACE-TWISTED डायमेंशन

एक बात पूछूं?????

मई- HMM.PUCHO....

AVANTIKA-kuch हुआ है naa..i मैं तुमने कुछ किया है ना!!!!!

और साथ hi तुम्हे कुछ पता भी चला hai...haina!!!!

अवंतिका के सवाल पर मई बस उससे देखकर मुस्कुरा दिया......

पर मुझे मुस्कुराता देखकर अवंतिका का शक यकीं में बदल गया....

अवंतिका- ी कनेव it..mujhe लगा hi था की कुछ तोह बात hai..jab से हम यहाँ वापस आएं hain,tumhare चेहरे पर दो दो एक्सप्रेशंस एक के बाद एक लगातार बन रहे हैं.....

और मुझे लग रहा है की हो न ho,hum जो कुछ देर पहले मांसलिकेल गए the,wahin कुछ न कुछ हुआ hai.....RIGHT!!!!!

अवंतिका की बात सुन मैंने एक बार फिरसे उसकी तरफ मुस्कुराकर देखा....

मई- और ऐसा तुम्हे क्यों लगता है????

अवंतिका- well,MONSLICKEL से आने के बाद से hi मैंने तुम्हारे चेहरे पर थोड़ी टेंशन और थोड़ी ख़ुशी नोटिस की थी पर उस वक़्त अनलिए और भुविका का मटर तुम्हे सोल्वे करना था इसीलिए तुम अपनी फीलिंग्स को कण्ट्रोल में रखे हुए थे पर यहाँ आने के बाद वो फीलिंग्स फिर तुम्हारे चेहरे पर दिखने लगी है.....

अवंतिका की बात सुन मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और........

MAI-tum सही ho......MONSLICKEL जाकर मुझे एक फायदा भी हुआ है साथ hi कुछ पता भी चला है...

जो फायदा हुआ है उसीकी वजह से मई खुश हूँ और जो पता चली hai,uski वजह से भी मई खुश हूँ पर साथ साथ थोड़ा टेंशन भी हो गया है.....

अवंतिका- क्या मई तुम्हारी ख़ुशी की और टेंशन लेने की वजह जान सकती हूँ....!!!!!???

अवंतिका की बात सुनकर उससे देख मई फिर एक बार मुस्कुराया..

मैंने अपनी हथेली को उसके गाल पर रख diya..mere ऐसा करते hi अवंतिका ने भी अपना सर मेरी हथेली पर झुका सा लिया...

MAI-saaya मई dekhunga,aur

तुम अक्स को पहचान जाओगी....

मेरे दिमाग में उभरी हर बात

tum,sirf तुम hi जान पाओगी.....

मेरी बात सुन अवंतिका मुस्कुरा uthi...uske सवाल का जवाब तोह मुझे उससे देना था hi पर उससे पहले.....

मैंने अपना दूसरा हाथ आगे kiya..mere ऐसा करते hi मेरी बनायीं शील्ड जो इस वक़्त मेरे सामने hi thi,wo हैट गयी...

उस शील्ड के हठेठे hi हम दोनों की यादें वापस हम दोनों के दिमाग के अंदर समां गयी.....

याद के दिमाग में वापस जाने से अवंतिका की आखें एक सेकंड के लिए बंद हुई फिर खुल gayi....mera दूसरा हाथ अभी भी उसके गाल को सेहला रहा था....

कुछ देर तक यूँही रहने के बाद मैंने बात आगे बधाई.....

मई- मेरे खुश होने और टेंशन में होने की कड़ी एक hi है...

मेरी बात सुन अवंतिका के माथे पर सवाल के सीवटें उभर उठी...

MAI-yaad है मांसलिकेल से निकलने से पहले ास्मोडियस ने मुझे गले लगने को कहा था...

अवंतिका- haan,par मुझे उसका तुमसे ऐसा कहना थोड़ा अजीब लगा था...

MAI-hmm.jaise hi मई और ास्मोडियस एक दूसरे के गले lage,mere दिमाग में कुछ विशंस दिखने लगे....

अवंतिका- कैसे विशंस???

मई- किसी प्लेनेट की और वहां मौजूद लोगों ki...sabse अजीब बात ये थी की उस प्लेनेट के लोग एक्चुअल में स्पिरिट्स जैसे लग रहे थे.. ी मैं उनके बस शादौस the,bodies नहीं थी.....

और जैसे क्यूरियस के लोग जब श्रापग्रस्त the,toh जिस तरह उनके बॉडी में थोड़ी थोड़ी देर में कट्स बन जाते the,waise hi उन शादौस के नीचे थोड़ी थोड़ी देर में आग जल रही थी जिसकी वजह से उन्हें काफी तकलीफ हो रही thi....ussi विशंस या फिर ये कहूं की उस प्लेनेट के लोगों की हालत की वजह से hi मुझे थोड़ी टेंशन हो गयी है....

अवंतिका जो बड़े ध्यान से मेरी बात सुन रही thi,jaise hi मैंने क्यूरियस वाली बात का एक्साम्प्ले diya,uske कान खड़े हो गए...

और जैसे hi मैंने अपनी बात ख़त्म की......

AVANTIKA-ye सब विशंस तुम्हारे दिमाग में डालकर तुम्हे दोबारा फ़साने के लिए ये पक्का ास्मोडियस की कोई नयी चाल है.....

मई- हो भी सकता है.....

अवंतिका- हो भी सकता है matlab???wo विशंस यूँही तुम्हारे दिमाग में कैसे आ जायेंगे और ख़ास करके तब जब तुम ास्मोडियस के गले लगे हुए थे...

MAI-agar वो ये नहीं कहता तोह मई उससे ऐसा कुछ करने के लिए कहने वाला था....

अवंतिका- matlab!!!mai समझी नहीं....

मई- मेरा मतलब मई खुद चाहता था की किसी तरह मेरे और ास्मोडियस के बॉडी का कोई कनेक्शन हो जाए और उसके मुझे गले लगते hi मेरी ख्वाहिश पूरी हो गयी....

अवंतिका- पर क्यों????

मैंने कुछ कहा नहीं और पहले अपना राइट हैंड हर तरफ घुमा diya.....mere ऐसा करते hi मेरे हाथों से एक मोती रे निकली और एक बड़े से चादर का रूप लेते हुए उस रे हमारे चरों तरफ फ़ैल गयी या फिर ये कहूं की हमे उस रे ने खुदके अंदर धक् सा लिया था.....

अब ये जगह पूरी तरके से सुरक्षित thi....hamare आस पास की जगहों को चारों तरफ से ढकने के बाद एक बार मैंने अपने दोनों हाथ फैलाये और आखें बंद कर लीन.....

अगले hi पल मेरे पुरे शरीर से रेज़ की एक हलकी सी परत बाहर निकली और मेरे और अवंतिका के सामने आकर कड़ी हो गयी....

पर उस रे को देखकर अवंतिका की आखें बड़ी हो गयी.....

AVANTIKA-ye तोह......

MAI-ASMODEUS की ब्लैक एनर्जी का एक कण है......

मैंने अवंतिका की बात को पूरा किया...

AVANTIKA-par ये तुम्हे कैसे मिला और इसकी तुम्हे क्या ज़रुरत पढ़ गयी???

MAI-maine कहा था ना की अगर ास्मोडियस मुझे गले लगने को नहीं कहता तोह मई hi उससे ऐसा कुछ करने को कहता....

वो मैंने इन्ही रेज़ को पाने के लिए कहा tha....mere और ास्मोडियस के गले लगते hi उसकी ऊर्जा मेरी ऊर्जा से चिपक गयी और हमारे अलग होते वक़्त उसकी ऊर्जा के कण मेरी ऊर्जा के अंदर समां गए जिन्हे मैंने अपनी ऊर्जा में बदलने से पहले hi कैद कर लिया जिससे वो अपना स्वरुप न खो पाएं....

जो विशंस मुझे ास्मोडियस के गले लगते hi दिखे the,wo इन रेज़ की वजह से भी दिख सकते हैं इसीलिए जब तुमने कहा की असमदोसुस ने hi मेरे दिमाग में उन विशंस को डाला hai,toh मैंने हो भी सकता है कहा था.....

अवंतिका- ास्मोडियस की ऊर्जा के कण बिना उसकी इजाज़त के तुम्हारे अंदर कैसे समां गए???

MAI-tum दो बातें भूल रही ho...pehli ये की वाइट एनर्जी से hi ब्लैक एनर्जी बानी hai,BLACK एनर्जी से वाइट इनर्जी नहीं...

इसीलिए वाइट एनर्जी जब चाहे ब्लैक एनर्जी को अपने अंदर खींच सकती है पर ब्लैक एनर्जी को ऐसा करने के लिए बोहोत से मेझस लेने पड़ेंगे...

दूसरा ास्मोडियस भी किसी ज़माने में एक एंजेल tha...uske डेविल लार्ड बनाने के बाद भी उसके शरीर में वाइट एनर्जी लगातार दौड़ती रहती है..

इनफैक्ट उसकी ब्लैक एनर्जी को शक्तियां भी उसके शरीर में बसी वाइट एनर्जी hi देती है और इसी वजह से ास्मोडियस इतना खतरनाक है....

पर फिर भी ास्मोडियस अब सिर्फ वाइट एनर्जी का एक धारक hi hai,naahi वो उनका मालिक है और नाही उसका उत्तराधिकारी...

उन रेज़ का उत्तराधिकारी मई हूँ और इसी वजह से जब उसके शरीर में लिपटी ब्लैक एनर्जी मेरी ऊर्जा से प्रभावित होकर मुझसे लिपटी तोह मैंने उन एनर्जी के साथ आये वाइट एनर्जी को कमांड किया की मुझे उसके अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी के कुछ कण चाहिए तोह उन वाइट एनर्जी ने बिना ास्मोडियस के ज़हन में आये उसके शरीर से निकलने वाली ब्लैक एनर्जी के कुछ कानो को मेरे अंदर ट्रांसफर कर दिया....

AVANTIKA-oh.....

मई- ये था तुम्हारे कैसे किया का जवाब अब बचा तुम्हारा दूसरा सवाल की ऐसा करने की मुझे क्या ज़रुरत पढ़ गयी....????

अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बस मुझे देखती रही....

MAI-kal जो मेरा यहाँ पर दूसरा काम tha,uske बारे में मैंने तुम्हे कुछ बताया th???yaad है!!!

AVANTIKA-haan,tumne कहा था की उस काम में थोड़ा ज़्यादा वक़्त लग जाएगा....

MAI-hmm...aur वो ज़्यादा वक़्त लगने वाली बात मैंने इसीलिए बताई थी क्यूंकि.............

फिर मैंने अवंतिका को कल के मेरे काम में देरी होने की वजह बताई और साथ ने ये भी बताया की मई ास्मोडियस की ब्लैक एनर्जी क्यों लाया हूँ....

मेरी बात सुनकर अवंतिका के चेहरे पर सटिस्फैक्शन में भाव आ गए.....

AVANTIKA-toh अब????!!!!

मई- कल जो स्पेल मैंने तुम्हे बताया tha,wo याद है....

अवंतिका- OFCOURSE.....KAWACHAM परिवरणम...

मई- वैरी good...toh जैसा तुमने कल किया था तुम्हे आज भी ठीक वैसा hi करना hai...tum ध्यान में बैठो और जैसे hi मेरी ऊर्जा का भाग तुम्हारे सर को टच kare,SPELL बोल देना..

AVANATIKA-cool....

अवंतिका मेरे बाजू में hi ध्यान मुद्रा में बैठ gayi..uske आँख बंद करते hi मेरे हाथ से मेरी ऊर्जा निकली और उसके सर के ऊपर जाकर रूक गयी...

फिर मई भी ध्यान अवशता में बैठ gaya...aur अगले hi पल........

मेरी ऊर्जा मेरे शरीर के बाहर आ gayi.....jaisi hi मेरी ऊर्जा मेरी शरीर से बाहर आयी......

कल hi की तरह आज भी एक के बाद एक दो चीज़ें हुई....

उद्धारगृहाती ज़क्ति प्रकति करोति

बोर्रोवेद पावर ुनफोल्ड

मेरे मुँह से पहला स्पेल निकला और उसके अगले hi पल....

कवचं परिवरणम....

शील्ड कवर

मेरे स्पेल बोलने के अगले hi पल अवंतिका के सर के ऊपर जो मेरी ऊर्जा का कण रूका हुआ tha,wo उसके दिमाग में प्रवेश कर गया और ऐसा होते hi अवंतिका के मुँह से उसके द्वारा कहे जाने वाला स्पेल निकला.....

और फिर दोबारा एक के बाद दो चीज़ें हुईं....

पहली ये की मेरे स्पेल की वजह से कल वाई चीज़ दोबारा मेरे अंदर से निकली और ऐसा होते hi मेरी ऊर्जा ने उससे खिंच लिया....

और जैसे hi उस चीज़ ने मेरी ऊर्जा को chhua,meri ऊर्जा kal.hi की तरह डिस्बैलेंस हो गयी और उसी हालत में मेरे करीब आने लगी पर इससे पहले की वो मेरे बॉडी को छूती,

दूसरी चीज़ हो गयी और वो ये की अवंतिका के स्पेल के प्रभाव से उसके शरीर से उसकी शील्ड बाहर आ गयी और उसने मुझे और अवंतिका को अपने घेरे में ले लिया..

मेरी ऊर्जा सीधे जाकर ावनतिका के शील्ड से टकराई और पीछे हैट गयी....

वहीँ मेरी ऊर्जा और उस दूसरी चीज़ के मिलते hi मेरी आखें खुल गयी....

मई एक तक अपनी ऊर्जा को देखने laga..darasal मई अपने िरजा के अंदर मौजूद चीज़ को स्कैन कर रहा था पर कल hi की तरह आज भी मुझे कोई ख़ास फायदा नहीं हुआ और इसीलिए मैंने अपने हाथ एक बार फिरसे आगे कर स्पेल कहा....

रावदोनं......

इन्सर्ट......

स्पेल बोलने के बाद मई दोबारा मेरी ऊर्जा के अंदर मौजूद चीज़ को स्कैन करने laga...kuch देर लगा पर फिर मुझे फाइनली कामियाबी मिली.....

जैसी hi मेरा काम ख़त्म hua,maine अपनी ऊर्जा को उस चीज़ से जो फ़िलहाल उससे मिली हुई thi,alag कर दिया...

दोनों को अलग कर मैंने अवंतिका की शील्ड वापस उसके शरीर में पहुंचा दी और अपनी ऊर्जा को वापस खुद में सामने दिया.....

शील्ड के वापस शरीर में जाते hi अवंतिका के अंदर जो मेरी ऊर्जा थी वो उससे बाहर आकर मुझमे समां गयी...

मेरी ऊर्जा के निकलते hi अवंतिका की आँखें खुल गयी और उसने झट से मेरी तरफ देखा...

मेरे चेहरे पर मुस्कान देख अवंतिका समझ गयी मेरा काम पूरा हुआ..

हम दोनों खड़े hue..maine अवंतिका को अपनी बाहों में ले लिया.....

कुछ देर तक यूँही रहने के बाद.....

AVANTIKA-AB!!!!!

मैंने कुछ कहा नहीं बस एक बार फिरसे हाथ आगे कर diye...aisa करते hi मेरे हाथों से मेरी ऊर्जा बाहर आयी और सामे हवा में तैरती हुई उस चीज़ और उसके साथ साथ जो ास्मोडियस की ऊर्जा मई लाया tha,usse जाकर टकराई...

अगले hi पल एक छोटा सा धमाका hua...dhamaka होते hi वहां रौशनी हुई और जैसा की मैंने बताया था की ट्विस्टेड डायमेंशन में रौशनी नहीं tikti,isiliye धमाके की रौशनी के उभरते hi ट्विस्टेड डायमेंशन ने उस रौशनी को खुदमे सोख लिया.....

अब ना वो चीज़ बची और नाही ास्मोडियस की वो एनर्जी जो मेरे साथ साथ यहाँ आयी थी.....

यहाँ का काम अब ख़त्म हो चूका tha...maine जो शील्ड अपने चरों तरफ बिछाई thi,usse हटा दिया....

मई- चलें!!!!!

अवंतिका ने हाँ में अपना सर हिलाया और अगले hi पल हम दोनों गायब हो चुके थे.....

PLANET-MONSLICKEL

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

FATHER,MUJHE.............

ASMODEUS-BHUVIKA महसूस नहीं हो रही hai,yahi कहना चाहते हो ना!!!!

बिल्जेबब की बात को ास्मोडियस ने पूरा किया....

बिल्जेबब- जी फादर....

ास्मोडियस- वो इसीलिए क्यूंकि तुम्हारा उससे सम्बन्ध टूट चूका hai.....itna hi nahi,BHUVIKA अब डेविल भी नहीं रही....

अपने पितः की बात सुनकर बिल्जेबब चौंका....

बिल्जेबब- पर ये कैसे संभव है FATHER???BHUVIKA और मई तोह एक दूसरे की शक्तियों से जुड़े हुए the..bina एक दूसरे की मर्ज़ी के हम दोनों कैसे अलग हो सकते हैं???

और भुविका अब डेविल नहीं rahi...ye कैसे हो सकता hai???hamari प्रजाति में आया तोह जा सकता है किन्तु इस योनि से निकला नहीं जा सकता...

बिल्जेबब की बात सुनकर ास्मोडियस ने उससे घर कर देखा जिससे बिल्जेबब सकपका गया....

ास्मोडियस- जिसने डेविल्स की रचना ki,tum उससे डेविल्स के स्वरुप के बारे में बता रहे हो....!!!!!

ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब का सर नीचे झुक गया....

ASMODEUS-BHUVIKA एक डेविल में बदली ज़रूर thi,par ये मत भूलो की उसके अंदर वाइट एनर्जी पहले से थी...

और वो भी इतनी मात्रा में जिसकी वजह से उसके अंदर तुम्हारे खून द्वारा डाली गयी ब्लैक एनर्जी से भी कोई फर्क नहीं पड़ा था....

उसके अंदर डेविल्स की सोच और शक्तियां तोह आ गयी किन्तु उसके अंदर पहले से मौजूद वाइट एनर्जी की वजह से स्थ्यइ रूप से वो शक्तियां उसके शरीर पर कभी कब्ज़ा नहीं कर पायी...

और ये बात विक्रम को पता thi.....isiliye उसने उसी वाइट एनर्जी की मदद से जो की भुविका के अंदर पहले से मौजूद thi,hamari एनर्जी को बाहर निकल दिया...

और ऐसा होते hi तुम दोनों का एक दूसरे से सम्बन्ध टूट गया....

ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब ने कुछ कहा नहीं बस हाँ में अपना सर हिला दिया....

ास्मोडियस- जो बीत गया उससे भूल jaao,jo आने वाला hai,usse ग्रहण करो....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब ने सवाल भरी नज़रों से उसकी तरफ देखा....

ास्मोडियस- याद है क्रॉस वर्ल्डस में मेरे अंदर तीन रेज़ समायी थी और मैंने तुम्हे बताया था की उनमे से एक रे तुम्हारे लिए है....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब की आँखें चमक uthi...ASMODEUS की बात सुनकर उससे अंदाज़ा हो गया था की उससे अब उन रेज़ के बारे में पता चलने वाला है.....

बिल्जेबब- जी FATHER..aur उन रेज़ के बारे में जानने की जिज्ञासा अभी भी मेरे मन में प्रबल है....

बिलज़रबुब की बात सुनकर ास्मोडियस मुस्कुरा उठा....

ASMODEUS-hmm...baaki दोनों रेज़ के जानने से पहले उस रे के बारे में जानलो जो तुम्हारे लिए है....

फिर उसके बाद ास्मोडियस ने बिल्जेबब को उस रे के बारे में बताना शुरू किया...

बिल्जेबब को पता था की ास्मोडियस के दिमाग का कोई सांई नहीं पर फिर भी जैसे hi ास्मोडियस ने बिल्जेबब को उसके इस्तेमाल की रे के बारे में bataya,uski आँखें हैरत से फैले गयी और उसके मुँह से अनायास hi निकल गया की.....

बिल्जेबब- क्या ऐसा हो सकता है!!!!???

पर अपनी बात कह बिल्जेबब घबरा gaya.usse लगा की उसका ऐसा कहना ास्मोडियस को उसकी तौहीन भी लग सकती hai...aur इस वजह से उसकी आखों में दर दिखने लगा.....

पर बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस नाराज़ नहीं hua,balki उसकी मुस्कराहट और गहरी हो गयी....

ास्मोडियस- घबराओ मत.....

इतना hi कहा ास्मोडियस ने पर उतनी hi बात सुन बिल्जेबब का ना सिर्फ दर ख़त्म हो गया बल्कि उसके मन की जिज्ञासा फिर से बढ़ गयी...

और वो इसीलिए क्यूंकि ास्मोडियस द्वारा बताये गए रे के राज़ की वजह से अब वो बाकी के दोनों रेज़ के बारे में जानने के लिए अधीर हो उठा....

बिल्जेबब की अधीरता से ास्मोडियस भी भली भाति परिचित था और इससे पहले की बिल्जेबब उन दो रेज़ के बारे में पूछता.....

ास्मोडियस- बाकी की दोनों रेज़...............................

ास्मोडियस बाकी की दोनों रेज़ के बारे में बताता गया जिससे सुनकर एक बार फिरसे बिल्जेबब की आखें चौड़ी होती चली गयी....

और जैसे hi ास्मोडियस ने अपनी बात पूरी की....

BEELZEBUB-TOH इसीलिए दूर किया था आपने विक्रम से उनका ASTITV,AUR बदला था उनका ऐटिटूड.....

PLANET-MIRRORS वर्ल्ड

PLACE-PLANETS बॉर्डर

अब्बे ये कैसा प्लेनेट HAI???PURA वीरान पड़ा हुआ HAI...AUR वो दूर में क्या चीज़ें हैं जो चमक रही है.....?????

मुझे विश्वास नहीं हो RAHA.YE तोह मिर्रोर्स वर्ल्ड है......

इससे पहले की मई रोनित की बात का कोई जवाब deta,uske बाजू में कड़ी शैला ने फुल एक्ससिटेमेंट में अपनी बात कही..

एक्ससिटेड सिर्फ शैला hi नहीं हुई थी, बल्कि खुदको मिर्रोर्स वर्ल्ड में खड़ा देख शैला के दूसरी साइड में खड़े अक्षांत और मोकलसर भी काफी खुश हो गए थे.....

दोनों के चेहरे पर इस वक़्त बोहोत बड़ी मुस्कान थी.....

कल ट्विस्टेड डायमेंशन से लौटहटहे मुझे और अवंतिका को रात हो गयी thi....RONIT को मैंने कॉल करके आज घर पर आने को कहा था.

जैसे hi रोनित घर आया मैंने उससे बताया की हमे 2 दिन के लिए कहीं जाना है....

मेरी बात सुन रोनित की एक्ससिटेमेंट बढ़ गयी पर इससे पहले की वो मुझसे कुछ पूछता मैंने उससे अपनी एक्ससिटेमेंट शांत रखने को कहा...

मैंने उससे बस इतना बताया की हम जहाँ जा रहे hain,wahan हम ना सिर्फ मेरे काम से जा रहे हैं बल्कि वहां उसका भी एक बोहोत इम्पोर्टेन्ट काम है..

और वो क्या hai,ye उससे वहां पहुंचके hi मालुम पड़ेगा...

हम दोनों ने अपने घर वालों से दो दिन की कैंपिंग पर जाने की परमिशन ले ली और वहीँ अवंतिका ने किसी फ्रेंड की बेहेन की शादी का बहाना बना लिया.....

एक सुनसान जगह पर पहुँच mai,RONIT और अवंतिका गायब हो गए और सीधे व्रीहाख पहुंचे और वहां से शैला मोकलसर और अक्षांत को साथ लेकर हम यहाँ मिर्रोर्स वर्ल्ड की सरहद पर पहुंचे जिससे देखकर जहाँ एक तरफ रोनित कन्फ्यूज्ड था वहीँ दूसरी तरफ शैला मोकलसर और अक्षांत बेहद खुश..

और इन सब से अलग अवंतिका को तोह मैंने सब पहले से बता दिया था इसीलिए वो नार्मल थी...

RONIT-oye अक्षांत तू यहीं पैदा हुआ है क्या???

अक्षांत- नहीं तोह क्यों????

रोनित- नहीं शैला इस जगह को देखकर ऐसे खुश हो रही है जैसे ये इसका ससुराल हो.....

शैला- ये सिर्फ मेरा नहीं बल्कि हर योद्धा ka,har सरसरेर का और हर भुद्धिजीव का ससुराल है....

शैला की बात रोनित को समझ नहीं aayi....par इससे पहले की शैला रोनित से कुछ कहती.....

मई- इस जगह को मिर्रोर्स वर्ल्ड कहते hain....door वो चीज़ें जो तुझे चमकती हुई दिख रही hain,wo और कुछ नहीं बल्कि वो तीन मिर्रोर्स है जिनसे होकर इस दुनिया के अंदर जाय जाता है....

रोनित- दुनिया के अंदर मतलब???

MAI-MIRRORS WORLD...GOD के इजाज़त से अग्रसेन का बनाया एक अधभुद GRAH...aisa गृह जहाँ हर व्यक्ति अपने हुनर को उसकी आखरी शिखर तक लेजाने के लिए आता है....

इस गृह के अंदर सिर्फ वही जा सकता है जिससे वो जो तीन मिर्रोर्स चमक रही hai,unme से कोई एक उससे खुद चुने...

रोनित- मिर्रोर्स चुनती hain!!!!!par किस बिनाह पर????

MAI-Un तीन मिर्रोर्स में अलग अलग काबिलियत छुपी हुई है जिसके बिनाह पर वो यहाँ पहुँचने वाले का चुनाव करती है..

पहली मिरर की काबिलियत है कबटिंग.....

हर काबिल योद्धा का चुनाव इस मिरर के द्वारा होता है....

अगर इस मिरर के सामने खड़ा होने वाला यहाँ से युद्ध प्रशिक्षण लेने के काबिल hai,toh ये मिरर उससे अपने अंदर खींच उससे उसके पहले पड़ाव तक पहुंचा देती है.....

दूसरे मिरर की काबिलियत है सरसरी

हर काबिल मैजिशियन का चुनाव इस मिरर के द्वारा होता है....

तीसरे मिरर की काबिलियत है मंद गेमिंग...

हर भुद्धिमान व्यक्ति का चुनाव इस मिरर के द्वारा होता hai.....ye मिरर कुछ हार्ड पज़ल्स पूछती hai,aur इसमें अंदर जाने को इच्छा रखने वाले को उन पज़ल्स का सही जवाब देना पढता है....

SHAILA-ek समय tha,jab हम तीनो यहाँ आने के लिए बोहित अधीर थे पर बाबा (अक्षांट्स डैड) हम तीनो से hi कहते थे की हम फ़िलहाल उस लायक नहीं हैं की यहाँ आ सकें....

पर फिर हमारी मुलाकात विक्रम से हो गयी और उसने हमे इतना सशक्त बना दिया की हमारी यहाँ आने की इच्छा ख़त्म हो गयी....

किन्तु भुविका से सामना होने के बाद मुझे एहसास हुआ की हमारी शक्तियां काफी नहीं hain.hume और शक्तियां प्राप्त करनी होंगी और उसके लिए मिर्रोर्स वर्ल्ड से बेहतर कोई जगह नहीं है...

जब विक्रम ने मुझे और अक्षांत को भुविका से आज़ाद कराया tha,tab मेरे मन में और शक्तिशाली बनाने का विचार आया था जिससे विक्रम ने जान लिया था ौरीसने मुझे आश्वस्त किया था की मेरी ख्वाहिश ज़रूर पूरी होगी और आज मुझे मिर्रोर्स वर्ल्ड में लाकर विक्रम ने मुझे अधिक शक्तिशाली बनाने का रास्ता दिखा दिया है....

रोनित जो ध्यान से मेरी और मेरे बाद शैला की बात सुन रहा tha,SHAILA की बात ख़त्म होते hi.......

रोनित- मुझे नहीं की यहाँ से शक्तियां प्राप्त करने के बाद भी हमे कोई फायदा होगा..

हम भले hi ब्रम्हांड के सबसे शक्तिशाली yodha,magicians या बुद्धिजीव क्यों ना बन जाएँ पर आसुरी शक्तियों से या फिर ये कहूं की उन ब्लैक एनर्जी के धारकों से लड़ना और उनसे जीतना जिन्हे ास्मोडियस ने अपनी शक्ति से तैयार किया होता hai,lagbhag नामुमकिन है.....

यहाँ पहुंचकर जो एक्ससिटेमेंट उन तीनो में दिख रही thi,RONIT की बात सुनकर वो आधी हो गयी फिर भी उम्मीद तोह उन तीनो को अब भी थी और इसिलए....

शैला- फिर bhi,humari ताकतें तोह बढ़ hi जाएंगी ना और वैसे भी हमारे पास और कोई विकल्प भी तोह नहीं है.....

मई- और कोई विकल्प हो ना ho,par यहाँ इन तीनो मिर्रोर्स से शक्ति हासिल करने का विकल्प अब नहीं रहा...

मेरी बॉट्स सुनकर वो चारों चौंके.....

CHAARON-MATLAB....!!!!!!!

चारों के मुँह से ये शब्द एक साथ निकला...

मई- मतलब ये की इन तीनो मिर्रोर्स को शक्ति जिसकी वजह से मिलती thi,wo अब कैद में है जिसकी वजह से ये अब काम नहीं करती....

मेरी बात सुनकर चारों फिरसे चौंके पर इससे पहले की उनमे से कोई इस बारे में मुझसे puchta,maine यहाँ अग्रसेन और बिल्जेबब के बीच हुई लड़ाई और उसके बाद जो हुआ उसके बारे में बताया जिससे सुनकर सभी निराश हो गए....

शैला- मतलब यहाँ से हमे कोई लाभ नहीं होगा!!!!!

मई- मैंने ऐसा तोह नहीं कहा...

रोनित- अब्बे तूने hi तोह बताया ना की मिर्रोर्स काम नहीं कर रही...

MAI-aur तूने भी तोह कहा था की मिर्रोर्स से शक्तियां बढ़ने पर भी कोई ख़ास फायदा नहीं होगा...

रोनित- bhai,mujhe इतना तोह मालुम है की तेरे दिमाग में कोई न कोई आईडिया है जिससे हमे फायदा होने वाला hai.par yaar,jo भी बात hai,sidhe सीधे bata,teri ये घुमावदार बातें मुझे गणित जैसी लगती है और तुझे तोह पता है की मई मैथ्स में कितना वीक था....

रोनित की बात सुनकर मेरे साथ साथ सभी है दिए पर साथ साथ बाकी के तीनो के मन में भी मेरी बात सुनकर वापस एक उम्मीद की किरण जाग गयी थी......

MAI-tumhe यहाँ से शक्तियां milengi,aisi शक्तियां जिनसे तुम सब किसी भी अधर्मी का चाहे वो कितना hi शक्तिशाली और मायावी क्यों naa,naash कर पाओगे....

मेरी बात सुन सभी के चेहरे खिल गए.....

रोनित- अब ये की न तूने मेरे भाई वाली बात.....

मई- पर जैसा की मैंने कहा tha,koi भी चीज़ मुफ्त में नहीं milti..usse पाने के लिए कीमत चुकानी पड़ती है...

जिस शक्ति की मई बात कर रहा hin,usse पाने के लिए तुम्हे बोहोत खतरे उठाने पड़ेंगे.....

रोनित- अरे bhai,jaan भी चली जाए ना तोह गम भी कोई गम नहीं पर अब यहाँ से जायेंगे तोह अपने लख्श्य का पार करके hi जाएंगे...

SAB-bilkul.....

मई- जान किसी की नहीं जायेगी पर जिस चीज़ को कामना लिए तुम सब यहाँ आये ho,agar कामियाब नहीं हुए तोह तोह जो है वो भी तुमसे छीन जाएगा....

मेरी बात किसी को समझ में नहीं आयी...

मई- तुम सब यहाँ शक्तियां प्राप्त करने आये हो जिससे पाने के लिए तुम्हे उन्ही शक्तियों के द्वारा बिछाए माया जाल और दूसरी चुनौतियों से लड़ना पड़ेगा और जीतना पड़ेगा पर अगर तुम ऐसा करने में नाकामियाब rahe,toh वो शक्तियां तोह तुम्हे नहीं मिलेंगी उसके ऊपर तुम्हारे पास अभी जो शक्तियां hai,wo भी तुमसे छीन ली जाएंगी...

मेरी बात सुनकर सभी चौंक gaye..kuch देर तक एक दूसरे को देखने के बाद आँखों hi आँखों में सभी ने जैसे एक फैसला लिया और.....

SABHI-hum तैयार हैं...

उन चारों के फैसले से मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गयी.....

RONIT-par यार ये तोह बता की हमे ये शक्तियां मिलेंगी कहाँ????

MAI-MIRRORS के अंदर की दुनिया में....

रोनित- थान व्हाट अरे वे वेटिंग for..lets जो...

ये बोल जैसे hi रोनित ने अपना एक कदम आगे बढ़ाया....

आह्हः........................

रोनित के शरीर को एक तेज़ झटका लगा और वो उड़ते हुए पीछे जा गिरा...

कुछ देर तक अपनी सिचुएशन को समझने के बाद अपनी कमर को सहलाता हुआ वो खड़ा हुआ....

वहीँ रोनित के साथ जो हुआ उससे देख सभी शॉकेड हो गए थे....

मई- तूने इतना भी नहीं सोचा की जब हमे मिर्रोर्स के अंदर से अपने सफर की शुरुआत करनी है तोह मैंने तुम सब को यहाँ मिर्रोर्स से इतनी दूर गृह के सरहद पर क्यों प्रकट किया....

RONIT-ab पूछता हूँ भाई साला ये क्या लोचा है और मुझे करंट कौन चुटिया मार गया....

MAI-DIGVIJAY.....

मेरे मुँह से दिग्विजय सुन जहाँ एक तरफ मोकलसर अक्षांत और शैला नार्मल रहे वहीँ अवंतिका और रोनित चौंक गए....

RONIT-DIGVIJAY....!!!par वो तोह मर गया है ना...!!!

मई- haan,par जाते जाते एक आखरी काण्ड कर गया है.....

RONIT-matlab!!!

MAI-matlab गृह दरवाराम BANDHAM...(UPDATE 62)

इसी स्पेल से दिग्विजय ने मिर्रोर्स वर्ल्ड को हर तरफ से बांध दिया hai......aur इसी वजह से यहाँ के सरहद को पार नहीं किया जा sakta....sirf ब्लैक एनर्जी के धारक hi इस घेरे के अंदर जा सकते हसीन..

रोनित- अब्बे तोह तेरे लिए कौन सी बड़ी बात hai..tod दे उसके बंधन को....

मई- मई ऐसा कर तोह सकता हूँ पर मेरे ऐसा करने से मिर्रोर्स वर्ल्ड के अंदर की दुनिया को नुक्सान पहुँच सकता है और मई ऐसा नहीं चाहता....

हाँ अगर मई इस बंधन के अंदर होता तोह इससे आसानी से तोड़ सकता था जिससे इस गृह को भी कोई नुक्सान नहीं होता पर फ़िलहाल तोह मई बाहर हूँ...

RONIT-Toh अब!!!!

MAI-ab ये........

ये कहकर मैंने अपना हाथ आगे kiya..mere ऐसा करते hi मेरे हाथों के ऊपर एक ब्लैक रे नाचने लगी जिससे देखकर सभी चौंक गए....

SHAILA-ye तोह ब्लैक एनर्जी है....

RONIT-ye तुझे कहाँ से मिली????

MAI-ye वही ब्लैक एनर्जी है जो भुविका के अंदर थी जिससे मैंने बाहर निकला था....

रोनित- पर इससे तोह तूने दूसरी दुनिया में भेज दिया था ना..!!!

मई- हाँ पर सिर्फ तब जे लिए जब तक भुविका अपने गृह नहीं पहुँच jaati..kyunki अगर मई इससे भुविका के क्यूरियस पहुँचने से पहले वापस बुला लेता तोह ये उससे ज़रूर नुक्सान पहुँचाने की कोशिश करता पर अब ये कुछ नहीं कर सकता....

रोनित- पर तूने इससे वापस बुलाया hi क्यों है????

मैंने कुछ कहा नहीं बस उस ब्लैक एनर्जी को हल्का छू liya..mere ऐसा करते hi वो एक बड़े से बॉल में कन्वर्ट हो गया....

पर वो बॉल हर तरफ से बंद नहीं था बल्कि हमारी तरफ से खुल्ला था मानो कोई दरवाज़ा हो....

मई- चलो....

ये बोल मई उस ब्लैक एनर्जी के बॉल के अंदर चला गया..

मेरे पीछे पीछे बाकी सब भी उसके अंदर आ गए...

रोनित- कमाल hai....BLACK एनर्जी के अंदर होने के बावजूद ये हमे नुक्सान नहीं पहुंचा रहा है...

AVANTIKA-duffer... वाइट एनर्जी के वारिस के साथ खड़ा है tu..aise में कोई शक्ति तुझे कैसे नुक्सान पहुंचा सकती है....

अवंतिका की बात सुन मई मुस्कुरा diya.sabke अंदर आते hi मैंने अपना हाथ आगे kiya...mere ऐसा करते hi वो ब्लैक एनर्जी की बॉल आगे बढ़ गयी....

इस बार कुछ भी नहीं हुआ.. हम आराम से उस बंधन के अंदर चले गए..

बंधन के अंदर पहुँचते hi मैंने अपने हाथ आगे किये और......

बंधन अक्लोनाम.......

शील्ड ब्लास्ट..........

मेरे स्पेल बोलते hi दिग्विजय का बनाया गया बंधन ब्लास्ट हो गया पर क्यूंकि हम इस वक़्त उस बंधन के अंदर थे इसीलिए गृह को कोई नुक्सान नहीं हुआ...

बंधन को तोड़ने के बाद मई सभी को लेकर उस ब्लैक एनर्जी के बॉल से बहार आ आया और और अगले hi पल वो ब्लैक एनर्जी भी गायब हो चुकी थी.

मैंने उससे वापस उसकी अँधेरे की दुनिया में भेज दिया था......

रोनित- saale,ye सब पहले नहीं कर सकता tha...befaltu का मुझे इतनी ज़ोर का झटका लगा.....

MAI-apni सधी बुद्धि लगाने से फुर्सत मिले तोह तू कुछ सुने ना... फायदे की बात सुनी नहीं की उछलना शुरू....

मई कुछ बताऊँ उससे पहले hi तू आगे बढ़ गया था..

रोनित- अब्बे तोह तू रोक भी तोह सकता था....

मई- फिर तुझे सीख कैसे मिलती की हड़बड़ी में हमेशा गड़बड़ी होती है.....

रोनित कुछ कहने hi वाला था की....

अवंतिका- बाकी की लड़ाई घर वापस जाकर कर lena..abhi आगे बढ़ें....

मई- और कितना aage...pohonch तोह गए हम......

मेरी बात सुन जब सभी ने सामने देखा तोह चौंक gaye...kyunki इस वक़्त हम थे थ्री मिर्रोर्स के सामने खड़े थे....

रोनित और मेरी बेहेस में सब हम दोनों में इतना इन्वॉल्व हो गए थे की किसी को भनक तक नहीं लगी की मैंने सबको गायब कर यहाँ मिर्रोर्स के सामने ला दिया है.....

जैसे hi सबकी नज़र सामने हवा में कड़ी उन तीनो बड़े बड़े मिर्रोर्स पर गयी तोह उन्हें मेरी कही गयी बात याद आयी...

तीनो मिर्रोर्स के नीचे बड़े बड़े अक्षरों में उन मिर्रोर्स की काबिलियत लिखी हुई थी.....

अवंतिका- मिर्रोर्स की शक्तियां तोह ख़त्म हो गयी है naa..fir हम अंदर कैसे जाएंगे.....

मैंने कुछ कहा नहीं बस पहले अवंतिका को मुस्कुराकर देखा और आगे बढ़ तीनो मिर्रोर्स के बीच खड़ा हो गया....

बीच में खड़ा हो मैंने एक बार पलट कर अवंतिका को देखा और.....

मई- हर शक्ति मुझसे hi है और मई उस शक्ति se....aur अब मई यहाँ हूँ तोह इन मिर्रोर्स की शक्ति भी यहीं है.....

ये बोल मैंने सामने मिर्रोर्स की तरफ देखा और अपने हाथ फैला दिए...

मेरा ऐसा करते hi मेरे शरीर से एक तेज़ चमकदार किरण जो की मेरी hi ऊर्जा थी वो निकली और तीनो मिर्रोर्स से जाकर टकराई.....

और ऐसा होते hi.......

वो तीनो मिर्रोर्स तेज़ चमकने lagi....aur अगले hi पल.....

दोनों साइड के मिर्रोर्स एक झटके में बीच वाले मिर्रोर्स से टकराये पर ये क्या????

टकराने से किसी भी मिरर को कोई नुक्सान नहीं हुआ उल्टा साइड वाले दोनों मिर्रोर्स बीच वाले मिरर ले अंदर समां गए....

और ऐसा होने के दूसरे hi पल.....

उस बचे हुए एक मिरर के बीच से एक तेज़ रौशनी की बीम निकली और मेरे सीने के बीच में पड़ी...

ऐसा होते hi मई उस बीम के थ्रू मिरर की तरफ खींचने लगा..

वहीँ जैसे hi मई खींचने laga,mere शरीर से भी 5 रेज़ निकली और जाकर उन पाँचों से टकराई...

ऐसा होते hi वो पाँचों भी मेरी hi तरह खींचने लगे...

और कुछ hi देर में हम सब मिरर के दूसरी तरफ थे....

एडवेंचर बेगिंस:-

UNBELIEVABLE......yaar बाहर से देख कर कोई अंदाज़ा भी नहीं लगा सकता की ये जगह ऐसी भी हो सकती है.....

जैसे hi हम मिरर के थ्रू मिर्रोर्स वर्ल्ड के अंदर aaye,toh यहाँ के नज़ारे को देख कर सभी शॉकेड हो गए...

मिरर के दूसरी तरफ जहाँ से हम यहाँ आये the,wahan का पूरा इलाका बंज़र था जबकि ये जगह जहाँ हम सब अभी खड़े the,wo पूरी हरी भरी थी.....

हर तरफ पेड़ hi पेड़ पौधे और ऊपर नीला akash..behad hi ख़ूबसूरत प्राकृतिक दृश्य....

रोनित- यार कितना ाचा मौसम है यहाँ का और वो dekho,wahan दूर में कुछ चमक रहा है...

रोनित ने सामने पॉइंट करते हुए कहा...

मई- वो चमकीली जगह hi तुम सबकी मंज़िल है....

मेरी बात सुनकर सभी शॉकेड होकर मुझे देखने लगे....

मई- haan,wo वही जगह है जो तुम्हे या तोह असाधारण शक्तियां देगा या फिर तुमसे तुम्हारी शक्तियां चीन लेगा....

मेरी बात सुनकर सभी के आँखों में एक चमक आ गयी.....

रोनित- भाई अब और इंतज़ार नहीं hota...chalo चलते हैं.....

ये बोलकर रोनित और उसके साथ बाकियों ने अपने कदम आगे बढ़ाया hi थे की.....

साईं साईंननं साईंननं.......

हज़ारों की तादाद में तीर तेज़ी से मेरे दोस्तों की तरफ आये...

और सबसे बड़ी बात ये थी की वो तीर अदृश्य थे और साथ hi उनके हवा को चीरते हुए आने की आवाज़ भी तनी काम थी शायद hi कोई उससे सुन पाए....

मौत बनकर आते हुए वो तीर मेरे दोस्तों से कुछ दूर आकर विज़िबल हो गए जिससे मेरे दोस्तों ने देख लिया....

पर उन तीरों की स्पीड इतनी ज़्यादा थी की इतने काम टाइम में मेरे दोस्त उससे रोकने के लिए नाही कोई स्पेल बोल सकते और नाही उसके रास्ते से हैट सकते थे...

कोई फैसला न ले पाने और उन पैने तीरो के एकदम करीब आ जाने की वजह से सभी की आखें बंद हो गयी और अगले hi पल.....

तंत्र............

वो सारे तीर एक अदृश्य लोहे की दीवाल से टकराते चले गए....

वहीँ अपने सामने से आ रही आवाज़ को सुन सभी ने अपनी आखें खोली और तीर की हो रही दशा को देख पहले तोह सब चौंके पर फिर मेरा एहसास होते hi सभी नार्मल हो गए..

वहीँ कुछ देर तक लगातार तीरों की बारिश होती रही पर फिर मेरे दोस्तों को कोई नुक्सान न होते देख तीरों का आना बंद हो गया....

अवंतिका- ये सब कौन कर रहा hai..??kahin ये भी बिल्जेबब का कोई माया जाल तोह नहीं है....

मई- nahi......DHANUR,mai आपको देख सकता hun....saamne आ जाइये.....

जैसे hi मेरी बात ख़त्म hui,mere सामने कुछ hi दूर पर एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से धनुर बाहर आये जिनके आँखों में विस्मय के भाव थे....

धनुर- कौन हो तुम....????

पर मैंने कुछ कहा नहीं बस मुस्कुराते हुए धनुर को देखने लगा पर जितना मई मुस्कुरा रहा tha,utna hi धनुर के चेहरे का रंग उड़ता जा रहा था..

reason..DHANUR के मुझसे मेरे बारे में पूछते hi मई अपने असली रूप में सिर्फ उन्हें दिखने लगा...

मेरी असलियत जानकार या फिर ये कहूं की देखकर धनुर दर gaye...unhe लगने लगा की लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के ऊपर बाण वर्षा करके उन्होंने एक बोहोत बड़ा पाप किया है और इसीलिए.....

वो झट से मेरे पैरों को चुने के लिए आगे बढे पर मैंने उन्हें रोक दिया....

मई- आप अपना काम कर रहे थे इसीलिए आप लज्जित महसूस ना करें...

पिछली बार बिल्जेबब के आने के समय आप यहाँ नहीं थे और उसी बीच अग्रसेन के साथ जो कुछ भी हुआ उसकी वजह से आप खुद को गुनेहगार मान रहे हैं पर यकीं मानिये ऐसा कुछ भी नहीं है..

जो hua,usse होना hi tha.....aur रही अग्रसेन की बात तोह अब जब मई यहाँ हूँ तोह वो आज़ाद हो जाएंगे....

धनुर ने कुछ कहा नहीं बस मेरे आगे हाथ जोड़े खड़े रहे....

MAI-mai उनके मन में उठ रहे सवाल से भली भाली परिचित था पर फ़िलहाल मुझे मेरे दोस्तों को उस चमकती चीज़ के पास लेजाकर उसके बारे में बताना बोहोत ज़रूरी था इसीलिए....

मई- chaliye,us तरफ चलते हैं...

ये बोल मई हवा में उठ गया और मेरे साथ साथ धनुर अवंतिका और मेरे बाकी के दोस्त भी उठ गए और हम सब तेज़ी से आगे बढ़ने लगे और कुछ hi पलों में हम उस चमकती जगह के पास खड़े थे....

पर अब जो हम उस चमकती जगह के पास

Pahunche,toh उस जगह को देख सभी चौंक गए.....

शैला- ये तोह....

MOKALSAR-taalab hai.....(update 21)

रोनित- पर ये काला क्यों है???

अक्षांत- और इसके ऊपर क्या चमक रहा है???

सभी ने एक एक कर अपने सारे सवाल पूछ लिए...

मई- यही है तुम्हारी मंज़िल........

अग्रसेन ने एक सोर्ड के ज़रिये इस पुरे गृह को बनाया tha..us सोर्ड में असीमित शक्तियां वाइट एनर्जी की शक्तियां thi..aisi शक्तियां जो सिर्फ एंगेल्स में होती हैं......

पर इस दुनिया को बनाने के लिए अग्रसेन को सोर्ड से जितनी ऊर्जा की ज़रुरत thi,SWORD से उससे दोगुना मात्रा में ऊर्जा बाहर आ गयी जिसकी वजह से ये गृह बनाने के बाद अस्थिर हो गया.....

यहाँ के स्थिरता को कायम रखने के लिए अग्रसेन ने बाकी की ऊर्जा को इस तालाब में बदल diya.....par उसके बाद भी यहाँ की ऊर्जा बोहोत ज़्यादा थी जिससे स्थिर करना बोहोत ज़रूरी था....

और इसीलिए अग्रसेन ने थे थ्री मिर्रोर्स बनाये और साथ hi ब्रम्हांड के लाखों काबिल yodhaon,magicians,aur बुद्धि जीवियों को यहाँ बुलाकर उनके कला को निखारना शुरू किया....

इन शक्ति अर्जित करने वालों में वाइट एनर्जी के धारक भी थे और ब्लैक एनर्जी के भी जिनमे दिग्विजय और बिल्जेबब भी शामिल हैं....

हर कोई जो यहाँ आता और यहाँ के सारे परीक्षाओं में उत्तीर्ण होता तोह अग्रसेन उससे यहाँ इस तालाब में ले आते और यहाँ वो डुबकी लगता..

इससे उसकी शक्तियां काफी गुना तक बढ़ जाती थी पर यहाँ डुबकी लगाने वाले को ये नहीं पता होता था की उसके डुबकी लगते hi उसके शरीर की सफ़ेद या ब्लैक ऊर्जा का एक भाग इस तालाब में hi रह जाता था....

ये तालाब इसीलिए hi काला है क्यूंकि यहाँ शक्तियां प्राप्त करने के लिए आने वाले ज़्यादतर लोग ब्लैक एनर्जी के धारक रहे हैं और जो चमकीली परत इस तालाब के ऊपर बिछी हुई है वो यहाँ आने वाले वाइट एनर्जी के धारकों और खुद सोर्ड की ऊर्जा की वजह से है....

मेरे सारे दोस्त मेरी बात ध्यान से सुन रहे the..meri बात ख़त्म होते hi....

RONIT-ab हमे क्या करना होगा...???

रोनित के सवाल पर मैंने कुछ कहा नहीं बा अपने हाथ आगे कर diye..mere ऐसा करते hi मेरे उंगलियों से वाइट एनर्जी की रेज़ निकलकर तालाब में जाने लगी और ऐसा होते hi तालाब का रंग हल्का हल्का बदलने लगा..

कुछ hi देर में तालाब का रैंड आधा काला और आधा सफ़ेद था....

तालाब में आये इस नए परिवर्तन को देखने के बाद रोनित फिरसे कुछ कहने hi वाला था की मैंने उससे दोबारा तालाब की तरफ देखने के लिए कहा और जैसे hi उसने तालाब की तरफ वापस नज़रें घुमाईं....

RONIT-abbe ये दरवाज़ा कहाँ से बन गया???

मई- रोनित का सवाल सभी का tha..sabhi मेरी तरफ देखने लगे...

मई- आसुरी शक्तियों से लड़ने के लिए तुम्हारे अंदर एंगेल्स की ऊर्जा होनी चाहिए पर उस ऊर्जा को तुम सब का शरीर फ़िलहाल बर्दाश्त नहीं कर सकता...

पर इतने सालों से ब्लैक और वाइट एनर्जी को खुदमे समेटने की वजह से ये तालाब एक तरह के शील्ड के परिवर्तित हो गया है......

एक ऐसा शील्ड जिसने अगर तुम सब को अपना लिया तोह तुम्हारे शरीर के अंदर रहकर ये तुम्हे एंगेल्स की वाइट एनर्जी को धारण करने के लायक बना देगा...

पर ये इतना आसान नहीं hai....maine अपनी ऊर्जा से इस तालाब की ऊर्जा को बाँध दिया है पर ऐसा करने से इसकी शक्तियां उससे अलग होकर अस्थिर हो गयी हैं.....

जो दरवाज़ा तुम देख रहे हो वो उन शक्तियों ने बनाया hai....jo भी उस दरवाज़े के अंदर जायेगा उससे इस तालाब की शक्ति से लढ़कार जीतना होगा...

अगर वो ऐसा करने में कामियाब हुआ तोह इस तालाब की शक्तियां एक कवच का रूप ले लेंगी और जैसे hi ऐसा hoga,wo कवच और ऊर्जा वापस एक दूसरे से मिलकर उन्हें हारने वाले के शरीर के अंदर चली जाएंगी....

पर अगर ऐसा नहीं हुआ तोह तालाब की शक्तियां उससे लड़ने वाले की शक्ति भी उससे छीन लेंगी और दोबारा वो और ऊर्जा पहले जैसी एक हो जाएंगी.....

क्या तुम सब तैयार हो....

SAB-haan,hum तैयार हैं...

रोनित- अब तू भी जा और अग्रसेन को बचा कर ले आ.....

रोनित की बात सुनते hi मेरी नज़र धनुर पर गयी जो मेरी तरफ hi देख रहे थे और अब भी उनके चेहरे पर सवाल थे....

मई- मुझे पता है की अग्रसेन के पास जो सोर्ड है वो मेरी है.....

मेरी बात सुनकर धनुर के चेहरे से आधी टेंशन निकल गयी पर आधी अभी भी थी जो की असल में मैं टेंशन थी...

धनुर- आपको ये भी पता होगा की बिल्जेबब ने आपके तलवार के साथ कुछ छल क्या hai..aur अगर आपको तलवार तक पहुंचना है तोह पहले बेलेलज़ेबुब की माया जो की असल में ास्मोडियस का माया जाल hai,usse तोडना होगा...

मई- मुझे पता है....

रोनित- आप टेंशन मत lijiye,ye उन सब माया जालों को ज़रूर तोड़ देगा...

रोनित जो अभी भी मेरे पास hi खड़ा tha,usne धनुर की बात का जवाब दिया...

DHANUR-is बात का तोह मुझे भी यकीं है की लार्ड उस माया जाल को ज़रूर तोड़ देंगे किन्तु....

रोनित- पर kya???maaya जाल का hi तोह टेंशन है ना???

धनुर- असली तकलीफ तोह उसस्के बाद शुरू होगी....

शैला- मतलब????

DHANUR-bhale hi तलवार लार्ड की है पर गॉड ने उससे अग्रसेन के हवाले किया tha...isiliye मायाजाल के हथ्थे hi सोर्ड वापस अग्रसेन के पास चली जाएगी....

रोनित- हाँ तोह V.J अग्रसेन से अपनी सोर्ड वापस ले लेगा ना.....

DHANUR-ye इतना आसान नहीं hai....AGRASENA यूँही लार्ड को सोर्ड नहीं देगा....

रोनित- मतलब???

DHANUR-SWORD हासिल करने के लिए लार्ड को एक नामुकिन काम को मुमकिन बनाना होगा....

अवंतिका- कैसा काम???

DHANUR-aapki सोर्ड जो फ़िलहाल अगरससेना की मिलकियत है और जिसके रहते अग्रसेन को एक खरोच तक नहीं लग सकती....

आपको उसी सोर्ड से अग्रसेन को मारना होगा.....

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V...J.....
 
थैंक्स बरोथेर इस स्टोरी को इतना पसंद करने के लिए..

अब आते है आपके सवाल पर तोह haan,aapne अपडेट ठीक से नहीं पढ़ा है क्यूंकि विक्रम ने भुविका की कंडीशन पूरी समझायी thi.khair,koi बात nahi,aisa होना एकदम नार्मल है क्यूंकि वो बात इतनी पेचीदा थी की समझने में दिक्कत आना कोई बड़ी बात नहीं..

मई आपको फिरसे समझाता हूँ...

तोह हुआ ये था की क्यूरियस में जब ास्मोडियस ने भुविका को जो की उस वक़्त सिर्फ एक वाइट एनर्जी thi,usse निकला तोह उस वाइट एनर्जी के कुछ कण वही भुविका की माँ के कोख में hi रह गए..

ास्मोडियस ने उस ऊर्जा को संभल कर अपने पास रखा और सही वक़्त आने पर उस वाइट एनर्जी को निष्कलिका की माँ के गर्भ में दाल दिया...

क्यूरियस hi एक ऐसा गृह है जिसमे सिर्फ वाइट एनर्जी रहती है बाकी ब्रम्हांड के हर गृह में वाइट और ब्लैक ऊर्जा दोनों hi बचे के जन्म लेते hi उससे घेर लेते हैं..

जब भुविका का जन्म हुआ तब उसमे वाइट एनर्जी की कमी थी पर क्यूंकि उसके अंदर पैदा होने से पूर्व hi वाइट एनर्जी थी या फिर ये कहूं की वो खुद वाइट एनर्जी थी इसीलिए उसके अंदर और वाइट एनर्जी नहीं जा सकती थी पर नार्मल ज़िन्दगी जीने के लिए उससे ऊर्जा की ज़रुरत थी और इसीलिए hi उसके शरीर में बेस वाइट एनर्जी ने ग्लूटो के ब्लैक एनर्जी के कानो को खुद से जोड़ लिया जिस वजह से वो नोर्मल्ली बड़ी हुई...

पर जब विक्रम ने उसके अंदर के डेविल को या फिर ये कहीं की ब्लैक एनर्जी को जो उससे ास्मोडियस के थ्रू मिला tha,usse बाहर निकला तोह उस ऊर्जा ने अपने साथ साथ उस ब्लैक एनर्जी को भी खींच लिया जिससे भुविका के जन्म के वक़्त उसके वाइट एनर्जी ने भुविका को नार्मल करने लिए खींचा था इसीलिए ब्लैक एनर्जी के निकलते hi भुविका अपाहिज हो गयी....
 
बरोथेर, जैसे पुरे ब्रम्हांड में क्यूरियस hi ऐसा गृह है जिसमे ब्लैक एनर्जी नहीं है वैसे hi पुरे ब्रम्हांड में विक्रम hi लार्ड ऑफ़ एंगेल्स है...

ब्रम्हांड में यार व्यक्ति ब्लैक और वाइट एनर्जी का धारक है हबकि विक्रम वाइट एनर्जी का वारिस..

जिस वाइट एनर्जी से ब्लैक एनर्जी बनी hai,us वाइट एनर्जी का उत्तराधिकारी है wo...uspe ब्रम्हांड के नियमो का तब तक कोई असर नहीं हो सकता जब तक वो खुद ना चाहे...

ठीक उसके भाई की tarah..black एनर्जी ने उससे नहीं बल्कि उसने ब्लैक एनर्जी को चुना है...

इसीलिए मैंने कई जगह लिखा है की जहाँ विक्रम या ास्मोडियस hon,wahan कुछ भी हो सकता है....
 
अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस बिल्जेबब को थे थ्री रेज़ का राज़ बताता है वहीँ विक्रम एंड कंपनी मिर्रोर्स वर्ल्ड पहुँच चुके हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & DEVIL'S डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-105

PART-2

PLANET-MIRRORS वर्ल्ड

थे एडवेंचर कॉन्टिनुएस:-

BHAIYON,YE सर तोह लग गए काम PE.AB हमारी बारी.....

पर अंदर जाने से पहले हमे कोई योजना बना लेनी चाहिए.......

रोनित & पार्टी को तालाब के और उनकी चुनौती के बारे में सब कुछ बताकर मई और अवंतिका अपने चुनौती के सामने या फिर ये कहूं की बिल्जेबब के द्वारा रची गयी मायाजाल के सामने जाने के लिए गायब हो गए......

वहीँ धनुर अब भी मेरे दोस्तों के साथ hi खड़े थे....

हमारे जाने के बाद रोनित ने बात आगे बधाई जिसके जवाब में शैला ने अपनी बात राखी....

रोनित- yojna,par किस liye????mera मतलब है की अंदर हमारा सामना किस चीज़ से होने वाला hai,iska हममे से किसी को भी कोई अंदाज़ा नहीं है...

और बिना ये जाने की हम किन किन चीज़ों का सामना करने वाले hain,hum योजना बनाये तोह बनाये कैसे????

MOKALSAR-tum सही हो RONIT...kintu फिर भी सतर्कता की दृष्टिकोण से हममे अंदर जाने से पहले hi कुछ न कुछ तयारी कर लेनी चाहिए..

मेरे कहने का अर्थ ये है की हो सकता है की जो द्वार हमारे सामने दिख रहा hai,wahan पर पहुँचते hi हम सब पर आक्रमण हो जाए और वैसी स्थिति के लिए हमे पहले से तैयार रहना चाहिए....

AKSHAANT-MOKALSAR ठीक कह रहा hai..yaad करो की जैसे hi हम यहाँ मिर्रोर्स वर्ल्ड के अंदर पहुंचे the,toh धनुर द्वारा जिन तीरों से हम पर आक्रमण हुआ tha,usse तोह हम देख भी नहीं पाए थे...

अगर विक्रम हमारे साथ नहीं होता तोह हममे से कोई अब तक जीवित भी नहीं बचता...

पर अब जब विक्रम हमारे साथ नहीं है तोह हमे हर पग के साथ चौकन्ना रहना होगा....

युद्ध की योजना तोह हम सब अपनी चुनौतियों को देखने के बाद hi तय कर सकते हैं किन्तु किसी भी अप्रत्याक्षित या आकस्मिक हमले के लिए तोह हमे अभी से तैयार होना होगा ना....

धनुर- क्या आप सब सच में उस तालाब के द्वार के अंदर जाने का खतरा मोल लेना चाहते हैं???

धनुर जो अब तक मेरे दोस्तों की बातें सुन रहे the,AKSHAANT की बात ख़त्म होते hi उन्होंने अपना सवाल सबके सामने रखा.....

रोनित- आपके मन में इस सवाल के उठने का कारण मई समझ रहा hun...kuch देर पहले आपके किये गए प्रहार को हममे से कोई देख तक नहीं पाया tha,isiliye आपको हम सब के कौशल पर संदेह हो रहा होगा...

मई मानता हूँ की अत्ति निश्चिंतता भी सही नहीं और इसी लापरवाही की वजह से हम आपके वार को रोक नहीं पाए पर ये भी एक सच है की जब विक्रम साथ हो तोह किसी भी खतरे से बचने के लिए सजग रहने की ज़रुरत hi नहीं है...

नाही ऐसा कोई षष्ट बना है और नाही कोई अस्त्र जो विक्रम के रहते उसके दोस्तों का बाल भी बांका कर de...aur इसीलिए hi हम सब निश्चिन्त थे....

और जहाँ तक सवाल इस तालाब के द्वार के अंदर जाने का hai,toh हम सबको ये तोह ज्ञात नहीं है की हमारा सामना किन चुनौतियों से होने वाला hai,par इतना मालुम है वो चुनौतियां कहीं से भी आसान नहीं होने वाली...

हमे ये तोह नहीं मालुम की हमे कितनी तकलीफों का सामना करना padega,par ये ज़रूर मालुम है की वो तकलीफें हमारे हौसले से बढ़कर नहीं हो सकती....

हमे ये भी मालुम है की अगर हम असफल रहे तोह जो taakat,jo शक्तियां हमारे पास है वो भी हमसे छीन जाएंगी,

पर साथ साथ हमे ये भी मालुम है की उन शक्तियों के बिना जो इस तालाब की चुनौतियों को पार कर हमे मिलनी वाली hain,in शक्तियों का जो हमारे अंदर hai,koi मोल नहीं.....

इसीलिए हम इस द्वार के अंदर भी jaayenge,aur बाहर भी आएंगे और वो भी सही सलामत शक्तियों के भंडार पर सवार होकर..

जहाँ रोनित की बात सुनकर धनुर उससे काफी इम्प्रेस हो गए वहीँ AKSHAANT,MOKALSAR और शैला को आज रोनित में मेरी झलक दिख रही थी....

SHAILA-tum तोह बिलकुल विक्रम की तरह बात कर रहे हो....

रोनित- V.J की तरह ताकत तोह नहीं पर उसका ऐटिटूड तोह उधर ले hi सकता हूँ ना..

यही V.J का सबसे बड़ा हथियार है और अगर हम सबको इस मिरर वर्ल्ड में मिल रही चुनौतियों को पार करना hai,toh हमे भी इस ऐटिटूड नाम के हथियार को साथ लेकर चलना होगा....

DHANUR-mujhe तुम्हारा हौसला बोहोत ाचा laga..tumhari बातों से तुम्हारी सत्यता और नेकदिली भी झलकती है..

मुझे पूरा यकीं है की जिस ताकत को पाने के लिए तुम सब यहाँ आये ho,uska तुम सब सदुपयोग hi करोगे...

इसीलिए इस चुनोतियों के सफर में मई भी तुम सब के साथ हूँ...

धनुर की बात सुनकर मेरे सारे फ्रेंड्स खुश हो गए....

अक्षांत- आप जैसे अनुभवी मार्गदर्शक का साथ हमारे लिए किसी वरदान से काम नहीं...

धनुर- अब और विलम्ब करना उचित nahi..chalo,aage बढ़ो.....

धनुर की बात सुन मेरे सारे फ्रेंड्स ने उनके एडवेंचर के सफर का श्री गणेश करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाये....

तालाब का पानी अब पूरी तरह से जैम चूका tha....wo द्वार जिससे होकर मेरे फ्रेंड्स को तालाब के अंदर जाना tha,wo बीच में था..

मेरे सारे फ्रेंड्स और उनके साथ धनुर एक साथ चलते हुए आगे बढे और दरवाज़े के सामने पहुँच कर रूक गए...

अक्षांत- एक कदम और फिर हम इस दरवाज़े के अंदर honge...sab सजग raho....andar पेअर रखते hi कुछ भी हो सकता है...

शैला- फिर भी खतरा बोहोत है क्यूंकि दरवाज़े के दूसरी तरफ तोह घाना अँधेरा hai..andar क्या hai,kuch दिख hi नहीं रहा....

मोकलसर- पर अंदर जाना तोह पड़ेगा hi ना....!!!!!!

रोनित जो अभी अंदर की तरफ hi देख रहा tha,usne मोकलसर की बात ख़त्म होते hi.....

शास्त्रम पकारतम.....

वेपन आपार.......

SAAYEN........SAAYEN..........SAAYEN........

रोनित के मुँह से स्पेल उच्चारित होते hi इस आवाज़ के साथ उसके हाथ से बोहोत सारे krupal,teer,aur भाले निकले जो दरवाज़े के अंदर चले गए....

रोनित को लगा की अगर दरवाज़े के अंदर कोई घात लगा चुप कर हुम्ला करने के लिए बैठा होगा तोह उसके छोड़े गए शास्त्रों से मारा जाएगा पर ऐसा कुछ नहीं हुआ...

सारे शाश्त्र अंदर तोह गए पर उसके बाद ना तोह कोई आवाज़ हुई और नाही और कोई प्रतिक्रिया.....

अब उन सब के पास रिस्क लेकर अंदर जाने के अलावा और कोई चारा नहीं था......

और इसीलिए एक लम्बी सांस छोड़ते हुए रोनित ने आगे बढ़ते हुए अपना राइट पेअर दरवाज़े के अंदर डाला...

और तभी..................

PLACE-MAGIC वाल

अरे तलवार तोह सामने उस दीवाल पर तंगी हुई hai....par हम तोह एक तलवार लेने आये the,par वहां दीवाल पर तोह दो तलवारे तंगी hain...par दोनों एक दम एक जैसी लग रही है...

क्या असली तलवार को पहचानना hi वो चुनौती है जिससे तुम्हे पार करना है....

मई और अवंतिका गायब होकर उस मायावी दीवाल के सामने पहुंचे जिससे बिल्जेबब ने बनाया था और उस दीवाल पर असली तलवार और उसी की एक हूबहू नक़ल बनाकर टेंगा दिया था....

मई- haan....yahi वो चुनौती है जो बिल्जेबब ने यहाँ आने वाले के लिए राखी है....

अवंतिका- पर बिल्जेबब के किसी भी माया को तोडना तोह तुम्हारे लिए आसान काम हैना!!!!!!

मई- तुमने मेरी बात ध्यान से सुनी nahi....maine कहा की सामने दिख रही माया बिल्जेबब ने राखी है...

पर इस माया को बिल्जेबब के दिमाग में ास्मोडियस ने डाला hai....iska मतलब है की इस माया का निर्माता ास्मोडियस है....

अवंतिका- फिर तोह ये माया बोहोत खतरनाक होगी और इससे पार करना बोहोत मुश्किल....

मई- आसान काम में मज़ा भी नहीं आता madam....aur वैसे भी ास्मोडियस का तोह काम hi है मुझसे सवाल करना और मेरा काम है उसके सवालों का जवाब देना....

सामने दिख रही माया के रूप में उसने अपना इस बार का सवाल पूछ लिया है अब मेरी बारी है उससे जवाब देने की....

अवंतिका- तुम और तुम्हारी baatein....par ये तोह बताओ की शुरुआत कहाँ से करनी है....

मई- आगे बढ़ो.....

मेरी बात सुनकर एक बार अवंतिका ने मेरी तरफ dekha.maine उससे आँखों से hi आगे बढ़ने का इशारा किया...

मेरे इशारे पर जैसे hi अवंतिका ने अपना राइट पेअर आगे बढ़ाया......

तक्क.........

अवंतिका का पेअर एक अदृश्य चीज़ से टकराया जिससे ये आवाज़ ubhri.....ek इनविजिबल चीज़ के टकराने से अवंतिका शॉकेड हो गयी और उस इनविजिबल बैरियर के बारे में मुझसे पूछने के लिए वो पीछे मुड़ने hi वाली थी की....

अवंतिका- अरे ये तोह दरवाज़ा जैसा लग रहा है....

मई- दरवाज़ा नहीं darwaze...apne सामने वाले दरवाज़े के साइड में देखो...

मेरे कहने से अवंतिका की नज़र साइड की तरफ गयी तोह फिर चौंक गयी....

उसके साइड में भी उसके सामने जैसा hi दरवाज़ा था....

अवंतिका- कमल hai...ye अचानक दो दो दरवाज़े कहाँ से आ गए और ये दोनों बंद क्यों हैं....

MAI-band होने के साथ साथ दोनों में एक कॉमन बात और है....

AVANTIKA-kaun सी बात???

MAI-dono दरवाज़े दोनों तलवारों के ठीक सिद्ध में बने हैं....

मेरी बात सुन जब अवंतिका ने मेरी कही बात पर गौर किया तोह.....

अवंतिका- अरे haan,ye तोह मैंने ध्यान hi नहीं दिया tha...par इन सब का मतलब क्या है???

मई- सिंपल hai..dono दरवाज़ों में से एक को हमे चुनना hai..sahi दरवाज़ा हमे असली तलवार के पास पहुंचा देगी और नकली दरवाज़ा हमे उस चक्रव्यूह में ले जायेगी जिससे भेद कर hi हम इस माया जाल को तोड़ पाएंगे.....

अवंतिका- wow....toh फिर हमे कौन सा दरवाज़ा चुनना चाहिए....

मई- उससे कुछ फर्क नहीं padta..koi सा भी चुन लो...

AVANTIKA-matlab!!!!koi सा भी kaise????agar ऐसे hi चुन लिया तोह हम कहीं ास्मोडियस के चक्रव्यूह में फास ना जाएँ???

मई- ये माया जाल ास्मोडियस का बना हुआ hai...ek तरह से कहा जा सकता है की ये एक खेल है जिससे उसने बनाया है....

जब तक हम इस खेल को खेलने के लिए तैयार नहीं honge,tab तक ना तोह हम इस माया जाल को समझ पाएंगे और नाही इससे तोड़ पाएंगे....

अवंतिका- मुझे तुम्हारी कोई भी बात समझ में नहीं आयी...

अवंतिका की बात सुन मई मुस्कुरा दिया...

मई- थोड़ा टाइम do..sab समझ में आ jaayega..filhal बिना सोचे समझे जिस दरवाज़े के सामने कड़ी ho,usse धक्का दो....

मेरी बात सुन अवंतिका ने हाँ में अपना सर हिलाया और वापस सामने मूड गयी..

मन hi मन ईश्वर का नाम लेते हुए अवंतिका ने अपने सामने वाले दरवाज़े पर अपने दोनों हथेली रखे और पुश किया....

अवंतिका के पुश करते hi दरवाज़ा बिना आवाज़ किये खुलता चला गया

और तभी....................

बैक तो फ्रेंड्स:-

अरे ये जगह तोह बिलकुल हमारे ट्रेनिंग की जगह मैजिकल डायमेंशन जैसी दिख रही है.....

हाँ हूबहू वैसी HI है......

रोनित की बात का SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत ने समर्थन किया....

तोह हुआ यूँ की जैसे hi रोनित ने अपना राइट पेअर दरवाज़े के अंदर rakha,darwaaze के अंदर का अँधेरा तेज़ रौशनी में बदल गया जिसमे से कुछ रेज़ निकलकर मेरे सभी दोस्तों और धनुर के ऊपर पड़े और वो सभी उस रेज़ के माध्यम से उस दरवाज़े के अंदर की दुनिया में खींचते चले गए....

दरवाज़े के अंदर खींचने के बाद भी तेज़ रौशनी की वजह से किसी को कुछ दिख नहीं रहा था पर कुछ देर बाद रौशनी अपने आप काम होने लगी और कुछ hi देर में एक नार्मल लाइट के बीच सभी ने खुदको एक बड़े से अंतहीन जगह पर खड़ा पाया...

ये जगह ठीक उस मैजिकल डायमेंशन की तरह दिख रही जिसमे रोनित और अंजलि और दूसरी तरफ SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत मुझसे युद्ध परसिहीक्षण लिया करते थे....

जहाँ सभी इस जगह के उनके प्रैक्टिस की जगह से रेसेम्ब्लेंस के बारे में बात कर रहे थे वहीँ धनुर उन सब की बातें सुन रहा था और जैसे hi सभी ने रोनित की बात का समर्थन किया.......

धनुर- क्या तुम सब जादुई आयाम के बारे में बात कर रहे हो???

शैला- ji.....VIKRAM हमे ठीक ऐसी hi एक जादुई आयाम में लेजाकर युद्ध प्रशिक्षण देते थे.....

DHANUR-hmm..kintu इस जाउदयी आयाम और उस जादुई आयाम जहाँ तुम सब प्रशिक्षण लेते the,usme अंतर है.....

उस आयाम में अगर तुम किसी युद्ध कला को सीखते वक़्त या फिर किसी अस्त्र को प्रयोग में लाते वक़्त असफल होते थे तोह तुम्हे और अनेको मौके मिलते थे अपनी गलती को सुधरने के लिए....

किन्तु यहाँ तुम्हे कोई दूसरा मौका नहीं milega....ek चूक और सब ख़त्म...

RONIT-ye बात हम जानते hain...ye कोई प्रशिक्षण में मिलने वाली चुनौती नहीं है बल्कि असली चुनौती है जिसमे या तोह इस पार या फिर उस पार......

धनुर- मेरे मन में एक और बात आ रही hai...aur वो ये की तुम्हारे पेअर रखते hi हमे उस दरवाज़े ने इस जगह पर पहुँचाया है..

वो जगह जिससे तुम सब पहले से परिचित ho...iska अर्थ ये है की ये जगह तुम्हारे स्पर्श से तुम्हारे बारे में सब कुछ जान चुकी है और इसीलिए उसने तुम्हारे सामने पहली चुनौती के लिए इस जगह को चुना है....

मोकलसर- पर अभी तक कुछ हुआ कैसे nahi!!!mera मतलब है की हम यहाँ कितनी देर से खड़े hain,fir भी अभी तक हम पर किसी तरह का न तोह आक्रमण हुआ है और नाही किसी तरह की चुनौती मिली है....

शैला- वो सामने dekho....wahan सफ़ेद चूर्ण से चार गोले बने हुए हैं....

शैला की बात सुनकर सभी की नज़र उनसे कुछ आगे फ्लोर की तरफ गयी जहाँ 4 सर्कल्स बने हुए थे......

अक्षांत- अरे haan,us जगह पर तोह मेरा ध्यान hi नहीं gaya....kintu इन गोलों का क्या मतलब हो सकता है...????

मोकलसर- शायद वो गोले हम चारों के लिए बनाये गए ho...aur हमारे उन गोलों के अंदर खड़े होने के बाद यहाँ की चुनौतियां सामने आएं!!!!

शैला- किन्तु हम तोह पांच हैं naa..fir चार गोलों का क्या अभिप्राय हो सकता है...

DHANUR-MOKALSAR सही hai...maine कहा था की हमारे स्पर्श से इस जगह ने हमारे बारे में सब कुछ जान लिया है..

ये हमारे सारे भावनाओं को परिचित hai...is जगह को ये मालुम है की मई यहाँ बस तुम सबका साथ देने आया hun,mujhe खुद यहाँ से कुछ भी नहीं चाहिए इसीलिए मेरे लिए कोई गोला नहीं बना.....

रोनित- धनुर सहीं hain..aur अब हमे बातों में वक़्त नहीं बर्बाद करना चाहिए और आगे बढ़ उन गोलों में खड़े हो जाना चाहिए...

रोनित की बात पर सभी हाँ में अपना सर हिलाते हुए आगे बढ़ने लगे...

वहीँ धनुर अपनी जगह पर hi खड़े रहे...........

मेरे दोस्त सतर्कता से हर तरफ देखते हुए आगे बढे और उन चार सर्कल्स के सामने पहुँच गए...

पर सर्किल के सामने पहुँचते hi चारों को एक झटका लगा....

और वो इसीलिए क्यूंकि उन गोलों के अंदर उन सब का नाम लिखा हुआ था...

वो सब एक दूसरे की तरफ देखने lage...ab ये बात क्लियर हो गयी की उनकी आगे की जर्नी इस गोले के अंदर से hi शुरू होगी.....

एक दूसरे को आखों hi आखों में देखने के बाद सभी ने एक लम्बी सांस छोड़ी और उस सर्किल के घेरे के अंदर चले गए.....

और तभी............

एक साथ दो चीज़ें हुई.....

pehli.....har गोला जिसके अंदर मेरे चारों दोस्त the,wo तेज़ी से बड़ा होने लगा जिसकी वजह से हर सर्किल एक दूसरे से दूर होने लगे....

देखते hi देखते हर सर्किल बड़ा होकर खुदमे hi एक मैजिकल डायमेंशन बन गया..

तोह अब कुल चार मैजिकल डाइमेंशन्स the..aur मेरा हर दोस्त अपने खुदके एक मैजिकल डायमेंशन ने अकेला खड़ा था....

dusra.....har सर्किल के खुदको एक एक मैजिकल डायमेंशन में बदलने की वजह से मेरे दोस्त एक दूसरे को नहीं देख पा रहे थे पर धनुर एक साथ सभी को देख सकते थे...

और वो ऐसे की जैसे hi सर्कल्स एक्सपैंड हुए तोह जिस मैजिकल डायमेंशन में धनुर खड़े हुए the,wo एक बड़े से रूम में कन्वर्ट हो गया..

रूम में कन्वर्ट होने के बाद धनुर के सामने हवा में चार बड़े बड़े परदे बन गए जिनमे मेरे चारों दोस्त दिख रहे थे..

कहा जा सकता है की धनुर अभी एक दर्शक की तरह मेरे दोस्तों की एक्शन मूवी को उन पार्डन से देखने वाले थे...

वहीँ मेरे चारों दोस्त उनके आस पास हो रहे परिवर्तन को देखकर बोहोत ज़्यादा चकित थे और वो शॉक और बढ़ गया जब कुछ पल बाद उन सब ने खुद को अकेला एक डायमेंशन में खड़ा पाया...

कुछ सेकण्ड्स लगे उन सब को सँभालने में और जैसे hi अपने विचार से बाहर आकर सब की नज़र सामने गयी तोह चारों एक बार फिरसे चौंक गए.....

रीज़न.....

अब वो मैजिकल डायमेंशन में अकेले नहीं the..is वक़्त उन सब के सामने कोई न कोई खड़ा था जिससे देख कर सभी के मुँह से एक साथ निकला.....

क्लोन COMBAT.......(update 73)

जी हाँ doston,is वक़्त मेरे चारों दोस्तों के आगे उनके क्लोन्स खड़े थे जिन्हे देखकर उन्हें अंदाज़ा हो गया था की जैसे प्रशिक्षण के समय जिस तरह क्लोन कॉम्बैट फाइटिंग के वक़्त उनके सामने वाले क्लोन्स के अंदर उन जैसी hi प्रतिभा होती थी ठीक उसी तरह से उनके सामने जो इस वक़्त उनके क्लोन्स खड़े the,unme भी उन सब के hi जितनी ताकत और खूबियां मौजूद होंगी..

पर प्रशिक्षण वाले क्लोन्स और इनमे एक अंतर था और वो ये की ट्रेनिंग वाले क्लोन्स के चेहरों पर कोई भाव नहीं होते थे पर इस वक़्त जो क्लोन्स मेरे दोस्तों के सामने खड़े the,unke चेहरे पर क्रोध और दरिंदगी के भाव थे...

वो सभी अपने असली स्वरुप यानी की मेरे दोस्तों को खा जाने वाली नज़रों से देख रहे थे.....

वहीँ धनुर भी बड़ी दिलसचस्पी लेकर उनके सामने हवा में झूल रहे पार्डन को देख रहे थे....

क्लोन्स- तुम सब ने यहाँ आकर बोहोत बड़ी गलती कर दी hai....jis ताकत को तुम सब पाने की लालसा लिए यहाँ आये ho,wo तोह तुम्हे मिलने से rahi,ulta तुम्हारी अब तक की म्हणत से कमाई गयी ताकत भी हम तुमसे छीन लेंगे....

ये बात सभी क्लोन्स ने अपने स्वरुप के असली मालिक से की थी....

RONIT-dekh bhai,mera रूप लेनेने से तू मई नहीं बन jaata....aur अपने ये साढ़े दिआलॉगस अपने पास rakh..jis काम से आया है वो कर..

तुझे हारने के लिए मुझे खुदको हराना होगा और जिस शक्ति की चाहत लिए मई यहाँ आया hun,uske लिए मई खुदको हरा कर hi रहूँगा....

ऐसी hi कुछ बातें मेरे बाकी के दोस्तों ने भी की....

मेरे दोस्तों की बातें सुन उनके क्लोन्स के चेहरे का ग़ुस्सा और ज़्यादा दिखने लगा....

और अगले hi पल.........

रमोस्टमाने

रिलीज़ पावर

ये स्पेल चारों क्लोन्स ने एक साथ बोलै था जिसके उच्चारित होते hi उनके शरीर से बोहोत ज़्यादा मात्रा में हवा के रूप में उनकी पावर बाहर आयी और हर तरफ से फैलते हुए मेरे दोस्तों के तरफ बढ़ गयी....

ये वार बोहोत घातक था क्यूंकि इससे बचने के लिए मेरे फ्रेंड्स कहीं जा भी नहीं सकते थे क्यूंकि वो हवा रुपी पावर फाॅर्स पुरे मैजिकल डायमेंशन की चौड़ाई को घेरे हुए उनकी तरफ आ रही थी....

पर जो ट्रेनिंग मेरे द्वारा उन सब को दी गयी thi,usse कठिन से कठिन परिस्तिथि में भी खुदको सयंमित रखने का हुनर उनमे था...

वो जानते थे की एक सय्यमित दिमाग hi हर प्रॉब्लम का हल ढूंढ सकता है और इस वक़्त भी इतने घातक आक्रमण के होने के बावजूद वो सब शांत hi थे.....

अब तक वो हवा रुपी पावर फाॅर्स मेरे फ्रेंड्स के बोहोत पास आ चुकी thi....mere फ्रेंड्स ने अपने मन को एकदम शांत रखा हुआ था पर उनके दिमाग बोहोत तेज़ी से चल रहे थे...

वो सब इस आक्रमण से खुदको बचने की युक्ति सोच रहे थे और तभी मेरे फ्रेंड्स के दिमाग की बत्ती जाली.....

वामोस्टामाने

ऑब्सेर्वे पावर.......

क्लोन्स की hi तरह मेरे चारों फ्रेंड्स ने भी ये स्पेल एक साथ बोलै था...

मेरे फ्रेंड्स का इस स्पेल को उच्चारित करने का सबसे बड़ा कारण ये था की जिस स्पेल को मेरे फ्रेंड्स के क्लोन्स ने कहा tha,usse जो पावर बाहर आयी thi,wo कहीं ना कहीं मेरे फ्रेंड्स की hi थी....

क्यूंकि जो पावर मेरे फ्रेंड्स के अंदर thi,wahi पावर उनके क्लोन्स के भी अंदर थी..

और इसी सोच के दिमाग के उभरते hi उन सब ने ऑब्सेर्वे पावर का स्पेल बोलै..

स्पेल के उच्चारित होते hi जो एयर फाॅर्स बड़ी तेज़ी से मेरे फ्रेंड्स के तरफ आ रहा tha,naa सिर्फ उसकी स्पीड काम हो गयी पर देखते hi देखते उसका दायरा भी काम होने लगा और मेरे दोस्तों के पास पहुँचते पहुँचते वो हवा एक एयर रे में बदल गयी जिससे मेरे दोस्तों के शरीर ने ऑब्सेर्वे कर लिया....

पावर को ऑब्सेर्वे कर मेरे दोस्तों ने जब सामने देखा तोह उनके क्लोन्स को खुदको घूरते पाया....

SHAILA-ab घूरती hi रहेगी या आगे का दाव भी खेलेगी.......

नाही शैला के क्लोन ने उससे कोई जवाब दिया और नाही मेरे बाकी के दोस्तों के किये गए सवाल पर उनके क्लोन्स ने कुछ कहा...

सारे क्लोन्स ये सोच रहे थे की उन्हें जो मंत्र पता hai,wo उनके सामने खड़े उनके रूप धारण किये गए शरीर के असली मालिक को भी पता है और साथ hi उस मंत्र का काट भी और इसीलिए मंत्रो के युद्ध में उन्हें हराना असंभव होगा और इसीलिए.......

अगले hi पल मेरे दोस्तों के क्लोन्स के हाथों में एक एक तलवार चमक उठी.....

क्लोन्स के हाथों में तलवार देख मेरे दोस्त भी समझ गए की अब ये अस्त्र शास्त्र की लड़ाई करेंगे....

वहीँ तलवार के हाथों में आने के अगले hi पल सारे क्लोन्स के शरीर तीर की तरह हवा में आगे बढे और अगले hi पल....

TANNN,TANNN,TANNN,TANNN..............

इसी आवाज़ एक साथ चरों CL0NES के तलवार मेरे दोस्तों के तलवार से टकराये...

क्लोन्स के हवा में उठते hi मेरे दोस्तों ने भी एक एक तलवार का आवाहन कर लिए था और क्लोन्स के उनके पास आते hi उन्होंने अपनी अपनी तलवार आगे कर दी थी......

तलवारों के टकराते hi मेरे फ्रेंड्स ने तलवार को एक झटका दिया जिसकी वजह से क्लोन्स हवा में कलाबाज़ी खाते हुए कुछ पीछे जाकर खड़े हो गए....

एक पल के इंतज़ार के बाद क्लोन्स तेज़ी से आगे बढे और.....

सेकंड के दसवे हिस्से से भी काम समय में सारे क्लोन्स के तलवार लगातार चलने लगे...

मेरे दोस्त भी हर तरह से चौंकन्ने the..unhone क्लोन्स के हर वार को ब्लॉक करना शुरू कर दिया...

कुछ 15 मिनट तक क्लोन्स लगातार मेरे फ्रेंड्स पर अपनी तलवार से अलग अलग एंगल्स से वार करते hi जा रहे थे जिससे मेरे फ्रेंड्स बखूबी ब्लॉक कर रहे थे....

लगातार वार करने के बाद भी जब क्लोन्स मेरे दोस्तों को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा पाए तोह सभी वापस कलाबाज़ी खाते हुए पीछे जाकर खड़े हो गए...

पर ये हालत बस 5 सेकंड का hi hoga...kyunki पीछे हथ्थे hi एक बार फिरसे सभी क्लोन्स ने मेरे दोस्तों के ऊपर जम्प लगा दिया पर इस बार दो चंगेस थे..

pehla.....is बार क्लोन्स के एक नहीं बल्कि दोनों हाथों में तलवारे थी...

dusra.....CLONES का ये हुम्ला दो तरफ़ा tha...saamne की तरफ से वो खुद मेरे दोस्तों की तरफ बढ़ रहे थे वहीँ बाकी के तीनो तरफ से एक साथ कई सारे अस्त्र मेरे दोस्तों की तरफ लपके...

इस दो तरफ़ा हमले का एहसास होते hi एक पल के लिए मेरे दोस्त भी शॉकेड हो गए पर जल्दी से खुदको वापस सँभालते हुए सभी ने अपने बचाव का रास्ता खोज लिया...

जहाँ एक तरफ रोनित और अक्षांत ने भी खुदको हवा में उछलते हुए अपने क्लोन्स के ऊपर से निकल गए वहीँ शैला और अक्षांत नीचे ज़मीं में लेटकर फिसलते हुए आगे की तरफ बढ़ गए....

क्लोन्स ने जो मायावी अस्त्र मेरे दोस्तों के ऊपर छोड़े the,wo सारे अस्त्र मेरे दोस्तों के कद के हिसाब से hi उनकी तरफ बढे थे...

इसीलिए रोनित और मोकलसर के क्लोन्स के काफी ऊपर से निकलने की वजह से वो अस्त्र खाली चले गए वहीँ अक्षांत और शैला के नीचे ज़मीं पर फिसलते हुए जाने की वजह से ना hi उनके क्लोन उन्हें छू पाए और नाही उनके छोड़े गए अस्त्र...

एक hi वक़्त पर मेरे दोस्त और उनके क्लोन्स के पेअर ज़मीं पर फिर ठीके पर जहाँ पहले मेरे दोस्त खड़े the,ab वहां उनके क्लोन्स थे और वहीँ क्लोन्स की जगह पर मेरे दोस्त खड़े थे...

अब तक मेरे दोस्त सिर्फ डिफेंसिव मोड पर थे और क्लोन्स अटैक मोड पर..

पर ज़मीं पर पेअर टिकते hi मेरे दोस्त तेज़ी से घूमे और बिजली की रफ़्तार से उनके क्लोन्स के पास पहुँच गए और अगले hi पल....

तंत्र तंत्र की आवाज़ एक बार फिरसे चरों मैजिकल डायमेंशन में गूंज गयी....

मेरे दोस्त लगातार बोहोत तेज़ी से उनके क्लोन्स के ऊपर हुम्ला करने लगे पर क्लोन्स भी बखूबी उनके वारो को रोक रहे थे....

लगातार बोहोत देर तक आक्रमण करने की वजह से मेरे दोस्त थकने लगे वहीँ मायावी जीव होने की वजह से क्लोन्स अभी भी फ्रेश थे.....

थकन की वजह से जैसे hi मेरे दोस्तों की तलवार चलने की स्पीड काम हुई....

THAAP,DHAAK,THAAP,DHAAK......

ये दो आवाज़ें फिरसे चरों डीएमनसिएंस में गूंज उठी...

reason....mere दोस्तों की स्पीड काम होते hi उनके क्लोन्स तुरंत डिफेंसिव से अटैकिंग मोड पर आ गए और मौका देखते hi मोकलसर और रोनित के क्लोन्स ने दोनों के छाती पर अपनी अपनी लाठ मार दी जिसकी वजह से धाक की आवाज़ के साथ दोनों उड़ते हुए दूर जाकर गिरे.

वहीँ शैला और अक्षांत के धीरे होते hi उनके क्लोन्स तुरंत गोल घूमते हुए उनके पीछे पहुंचे और उनकी पीठ पर अपने तलवार की मूठ से प्रहार किया जिसकी वजह से थाप की आवाज़ के साथ वो दोनों आगे की तरफ उड़ते हुए गिरे.....

पर गिरते के साथ hi मेरे दोस्त तुरंत खड़े हो gaye..is वक़्त चारों क्लोन्स के चेहरे पर एक खिल्ली उड़ने वाली हसी थी पर मेरे दोस्तों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा....

मेरे सारे दोस्त इस वक़्त एक दूसरे को देख नहीं सकते थे पर अपनी शक्ति से एक दूसरे को महसूस तोह कर hi सकते थे इसीलिए....

खड़े होते hi सभी के आँख बंद होते चले gaye...aur जैसे hi उनकी आँखें बंद huin,ek साथ सभी के दिल में एक आवाज़ गुंजी....

REFLEX.......APRAYAKSHIT.........

ये आवाज़ मेरी थी जिससे सुनते hi उनके दिमाग की बत्ती जाली और चारों ने एक दूसरे के दिल से खुदको जोड़ दिया और ऐसा होते hi सभी के फाइटिंग टेक्निक्स एक दूसरे से बदल गए....

अक्षांत की तकनीक शैला में ट्रांसफर हो गयी वहीँ शैला की अक्षांत में..

रोनित की मोकलसर में और मोकलसर की रोनित में....

वहीँ मेरे दोस्तों के क्लोन्स ने जब देखा की उनके प्रतिद्वंदियों की आखें बंद हैं तोह उन्हें उसी अवस्था में ख़त्म करने की लिए वो आगे बढे और जैसे hi उन सब ने अपनी तलवार घुमाई....

tadak,tadak,tadak,tadak..........

इन चार आवाज़ों के साथ चारों क्लोन्स के गर्दन की हड्डी टूट गयी और वो निचे लुड़कते चले गए....

तोह हुआ ये की जैसे hi चरों क्लोन्स मेरे दोस्तों के पास pahunche,mere दोस्तों को ना सिर्फ इस बात का एहसास हो गया बल्कि वो तैयार भी हो गए पर अपने अपने तरीको से नहीं बल्कि उसके तरीके से जिसकी फैटिंग तकनीक अब उनकी थी....

जहाँ रोनित और अक्षांत उनके क्लोन्स के पास पहुँचते hi उनकी राइट और लेफ्ट की तरफ आ गए वहीँ शैला जम्प करते हुए उसके क्लोन के सर के ऊपर पहुँच गयी और मोकलसर नीचे से होते हुए अपने क्लोन के पीछे पहुँच गए...

अपनी अपनी जगह पहुंचकर सभी ने अपने अपने क्लोन्स के सर को पकड़ा और दूसरी तरफ घूमते चले गए जिससे उनके क्लोन्स की गर्दन की हड्डी टूट गयी और वो नीचे गिरते चले गए..

पर तभी दो चीज़ें हुई...

pehli....CLONES के ज़मीं पर गिरने से पहले hi वो धुआं बनकर गायब हो गए...

dusri.....CLONES के गायब होते hi दोबारा मैजिकल डाइमेंशन्स का आकर बदलने लगा और देखते hi देखते चारों मैजिकल डाइमेंशन्स वापस छोटे होते चले गए और फाइनली मेरे दोस्त उसी मैजिकल डायमेंशन के सर्किल में एक दूसरे के बाजू में खड़े थे जहाँ से उनकी शुरुआत हुई थी...

धनुर के सामने की माया भी ख़त्म हो चुकी थी और वो भी उसी मैजिकल डायमेंशन में खड़े थे...

जैसे hi सबकी नज़र एक दूसरे पर padi,sabhi समझ गए की बाकी के 3 भी अपने पहली चुनौती को पार करने में कामियाब हो गए hain...sabhi की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा..

चरों ने एक दूसरे के गले लगाके अपनी ख़ुशी ज़ाहिर ki...DHANUR जो की उनके पीछे hi खड़े the,wo भी उनके पास आ गए...

DHANUR-appratim...tum सब नाही सिर्फ एक बोहोत अचे योद्धा हो बल्कि जिस शक्ति की तलाश में तुम सब यहाँ आये ho,uske लायक भी हो...

धनुर की बात सुनकर सभी मुस्कुरा दिए...

AKSHAANT-waise हमारे यहाँ से जाने के बाद आपके साथ क्या हुआ???

अक्षांत के सवाल पर धनुर सभी को बताने लगे की उनके जाने के बाद उनके साथ क्या हुआ...

जहाँ सभी धनुर की बात सुन रहे थे वहीँ रोनित अपने hi किसी ख्याल में खोया हुआ मुस्कुरा रहा था जिससे शैला ने देख लिए....

SHAILA-tujhe क्या hua??muskura क्यों रहा है???

शैला की बात सुन सभी का ध्यान रोनित पर गया तोह सभी ने उससे मुस्कुराता हुआ paaya....wo भी उसकी मुस्कान के पीछे के राज़ को जानने के लिए उसकी तरफ देखने लगे...

रोनित- मई सोच रहा था की V.J ने हम सबको ट्रेनिंग दी जिससे हम सबकी युद्ध कला कितनी ज़्यादा निखार गयी पर जब हम सबका सामना बिल्जेबब और भुविका से हुआ तोह हमे हमारी ट्रेनिंग बेकार लगने लगी..

हमे लगा की जो ट्रेनिंग हमे V.J ने दी hai,uska कोई मोल नहीं पर dekho...aaj जिस शक्ति की तलाश में हम यहाँ आये hain,us शक्ति तक हम कभी भी नहीं पहुँच पाते अगर V.J ने हमे वो ट्रेनिंग नहीं दी होती...

रोनित की बात पर सभी के सर झुक गए क्यूंकि मेरे ट्रेनिंग के लिए नेगेटिव विचार सभी के मन में आया था पर आज उसी ट्रेनिंग ने उन्हें कामियाब बनाया था....

DHANUR-shuruat 1 से hi होती है पर कभी कभी ऊँचे पायदान पर पहुँचने के चक्कर में हम उस पहली सिद्दी को भूल जाते हैं...

किन्तु तुम सब को इस बात का एहसास है यही बोहोत बड़ी बात hai...khud को निराश मत होने दो क्यूंकि ऐसा होने पर तुम सब का आत्मविश्वास डोलने लगेगा जो तुम्हारी आने वाली चुनौती के लिए ाचा नहीं होगा..

रोनित- ऐसा कभी नहीं hoga....jaante हैं kyun,kyunki हम भले hi V.J पर भरोसा ना रख पाएं हों पर उसने हमपर भरोसा किया है.

ऐसा भरोसा जो अगर कोई चाहे भी तोह तोड़ नहीं पायेगा..

V.J हमे यहाँ लाता hi नहीं अगर हम यहाँ आने के काबिल नहीं hote..aur अब जब हम यहाँ आएं है तोह जीत कर hi जाएंगे.....

सभी- बिलकुल.....

शैला- पर अब kya......???agli चुनौती के लिए हमे कहाँ जाना होगा....

धनुर- wahan..saamne देखो...

धनुर ने सामने पॉइंट करते हुए अपनी बात kahi..DHANUR के पॉइंट की हुई जगह पर जैसे hi सबकी नज़र gayi,sabhi फिरसे शॉकेड हो गए...

क्यूंकि उनसे कुछ hi दूर सामने चार रोशनियां कड़ी thi..khadi इसीलिए क्यूंकि वो चार रोशनियां असल में आकृतियां थी जिनपर मेरे चारों दोस्तों के नाम लिखे हुए थे...

एक दूसरे की तरफ एक बार देख मेरे चारों दोस्त उस रौशनी की आकृति की तरफ चल दिए..

आकृति के पास पहुँच कर सबने अपना हाथ उस रौशनी के आगे कर दिया.

और तभी...........

बैक तो हीरो:-

ये मई कहाँ आ GAYI????AUR V.J अभी तक कैसे नहीं पहुंचा???

अरे ये क्या हो हो रहा HAI??YE जगह हिल क्यों रही HAI???V.JJJ.....V...JJJJJ...........

अवंतिका ज़ोर ज़ोर से मेरा नाम पुकारने लगी.....

तोह हुआ ये की अवंतिका के दरवाज़े को पुश करते hi वो खुलता चला गया..

पर जैसे hi दरवाज़ा पूरा khula,us दरवाज़े के अंदर तेज़ रौशनी हुई जिससे तेज़ किरणे बाहर निकलते हुए अवंतिका पर पड़ी...

और ऐसा होते hi अवंतिका उन किरणों के साथ दरवाज़े के अंदर खींचती हुई चली गयी....

रौशनी के समंदर से होते हुए अवंतिका का शरीर हवा में तैरता हुआ आगे बढ़ने लगा और कुछ hi देर बाद अवंतिका के पेअर किसी जगह पर आकर टिक गए..

क्यूंकि रौशनी अब भी कायम थी इसीलिए अवंतिका को अंदाज़ा नहीं था की वो कहाँ पर है और नाही उससे मेरे कोई अंदाज़ा था...

पर उसकी उलझने कुछ hi देर की thi..kuch देर के बाद रौशनी धीरे धीरे काम होने लगी और जैसे hi सामने का नज़ारा साफ़ हुआ तोह अवंतिका चौंक गयी.....

reason...is वक़्त अवंतिका एक पथरीली जगह पर कड़ी थी जहाँ दूर दूर तक पत्थरों के अलावा और कुछ नहीं था....

वो उस जगह को समझ उसके बारे में कह hi रही थी की अचानक वो साड़ी जगह कांपने लगी मानो वहां भूकंप आ गया हो....

इस भूकंप की वजह से अवंतिका भी खड़े खड़े लड़खड़ाने लगी और ये सब होता देख मेरा नाम लेकर चिलाने लगी.....

V.JJJ..........................

यहीं हूँ AV.....RELAX......

आवाज़ सुन जैसे hi अवंतिका ने पीछे की तरफ देखा तोह मुझे खड़ा paaya...mujhe देखते hi उसकी टेंशन ख़त्म हो गयी पर भूकंप की वजह से उसका शरीर अभी भी लड़खड़ा रहा था इसीलिए मैंने उससे उसके कंधो से पकड़ लिया जिससे उसका हिलना डुलना बंद हो गया...

दरअसल अवंतिका के उस दरवाज़े के अंदर से आ रहे रौशनी के द्वारा खींचे जाने के कुछ पल बाद मई उस उस रौशनी से होता हुआ यहाँ आया...

reason...mai जानता था की पहली चुनौती के रूप में कोई माया हमे नुक्सान पहुँचाने की कोशिश करेगी.....

पर अवंतिका के सुरक्षा कवच की वजह से उस माया का असर ख़त्म हो जाएगा और वैसा hi hua...kaise,aayi खुद जान लीजिये...

अवंतिका- ये सब क्या हो रहा hai???ye जगह हिल क्यों रही है???

MAI-pehle इसका हिलना बंद हो जाने do,fir बताता हूँ.....

अवंतिका कुछ कहने hi वाली थी पर तभी उसने महसूस किया की इस जगह का हिलना धीरे धीरे काम होने लगा है....

और कुछ hi सेकण्ड्स में वो भूकंप पूरी तत्रह ख़त्म हो गया जिससे अवंतिका ने राहत की सासंस ली......

अवंतिका- अब तोह बताओ की ये सब क्या चक्कर है...

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ अवंतिका की तरफ कर दिया..

मेरे हाथ से एक इनविजिबल रे निकली और अवंतिका की बॉडी से होते हुये हर तरफ फैलने लगी....

अवंतिका आँखों में सवाल लिए मुझे देख रही थी...

मैंने उससे इशारे से हर तरफ नज़र घूमने को कहा और जैसे hi अवंतिका की नज़र सब तरफ ghumi,wo शॉकेड रह गयी....

REASON......jis पथरीली दुनिया के बीच में हम खड़े the,wahan दूर दूर से बोहोत सी इनविजिबल तरंगे विबरते करते हुई आकर अवंतिका के शरीर में समां रही थी...

क्यूंकि पहले वो तरंगे इनविजिबल थी इसीलिए अवंतिका को वो दिख नहीं रही थी पर मेरे हाथों के द्वारा छोड़े गए रेज़ की वजह से अब वो विज़िबल हो गयी थी.....

अवंतिका हैरान परेशां सी कभी उन तरंगो को देखती तोह कभी अपने शरीर को छूकर...

उससे समझ नहीं आ रहा था की ये तरंगे आखिर हैं क्या और उसके अपने शरीर में सामने के बावजूद उससे कुछ महसूस क्यों नहीं हो रहा है....

और जब उससे कुछ समझ में नहीं आया तोह वो मेरी तरफ एक बार फिरसे सवाल भरी नज़रों से देखने लगी...

मई- जो तरंगे तुम्हारी बॉडी में समां रही है वो और कुछ नहीं बल्कि तुम्हारी hi शील्ड है जो यहाँ आते hi खतरे को भांपते हुए एक्टिव हो गयी हैं..

जो भूकंप अभी यहाँ आ रहा था वो भी यहाँ का एक माया जाल था...

और ये इसीलिए आया था क्यूंकि तुमने बिना किसी म्हणत के यहाँ के पहले चुनौती को आसानी से पार कर लिया था...

अवंतिका- पहली chunouti.....wo क्या थी???

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपनी एक ऊँगली को नीचे पत्थर की तरफ पॉइंट किया....

मेरे ऐसा करते hi मेरे ऊँगली से एक बून्द पानी निकली और नीचे पत्थर की तरफ बढ़ गयी..

और जैसे hi उस पानी के बूँद ने पत्थर को chua,AVANTIKA की आखें हैरत से फैले गयी..

reason....jahan वो पानी का बूँद गिरा tha,wahan से भाप निकलने लगी थी जिसका मतलब था की वो पत्थर आग की तरह गरम था....

MAI-ye chunouti....tumhare इस पत्थर पर कदम रखने के कुछ hi पलों बाद ये पत्थर गरम होना शुरू हो गए थे पर ऐसा होते hi तुम्हारी शील्ड ने तुम्हे कवर कर लिया जिससे तुम्हारे पैरों को इस पत्थर की गर्मी महसूस hi नहीं हुई....

तुमपर कोई असर ना होता देख इस जगह ने एक दूसरी चाल चली और वो थी...

अवंतिका- भूकंप की......

मई- hmm..jisse तुम लड़खड़ी हुई इन पत्थरों पर गिर जाती और तुम्हे चोट लगती...

पर तुम्हारे शील्ड ने ना सिर्फ तुम्हे सहारा दिया ताकि तुम अपने आप को इस जगह पर थोड़ा बोहोत स्टेबल कर लो बल्कि उस शील्ड ने तरंगो का रूप लेते हुए इस पूरी जगह में फैले गयी और यहाँ के माया को ख़त्म कर दिया...

AVANTIKA-ohh.toh इसीलिए तुमने मुझे पहले भेजा था और फिर थोड़ी देर बाद यहाँ पहुंचे...

मई- हाँ..

अवंतिका- पर इतना कुछ करने की क्या ज़रुरत thi...tum खुद भी तोह इस जगह की माय को ख़त्म कर सकते थे...

मई- nahi..chakravyuh का पहला नियम है की हमे चक्रव्यूह के रचइता के हिसाब से खेलना पड़ता है..

ये सारा चक्रव्यूह ास्मोडियस का hai...mai यहाँ खुदको बचने के लिए तोह मैजिक का उसे कर सकता हूँ किन्तु यहाँ की माया को तोड़ने के लिए नहीं..

उसके लिए मुझे अपना दिमाग लगाना padega...agar मई यहाँ तुमसे पहले आ जाता तोह मेरा शील्ड भी तुम्हारी तरह एक्टिव हो जाता..

पर जहाँ तुम्हारी शील्ड ने अपने आप को बचने के लिए इस जगह के माया को ख़त्म किया वहीँ मेरा शील्ड यहाँ के माया के जागने से पहले hi उससे ख़त्म कर देता जिससे हम कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते....

अवंतिका- oh......toh अब???

मई- आगे देखो.....

मेरे कहते hi अवंतिका वापस पलटी और आगे का सन देख वो एक बार फिरसे चौंक गयी..

जहाँ कुछ देर पहले तक दूर दूर तक पहरीली ज़मीं थी वहीँ अब अवंतिका के ठीक सामने एक बोहोत बड़ी खायी थी....

अवंतिका- अरे ये कहाँ से आयी...???

मई- जब तुम मुझसे बात कर रही थी तभी हमारी दूसरी चुनौती ने खुद को आकर दे दिया था....

अवंतिका- aakar!!!!kaisa aakaar???ye तोह एक खायी hai....khayi में कैसे चुनौती???

मई- खायी सिर्फ एक माया जाल hai..chunouti उसके अंदर है...

अवंतिका- मतलब!!!!

मई- मतलब ये....

ये बोल मई तेज़ी से आगे बढ़ा और.......

AAAAAAAAAAAAA................

अवंतिका की चीख मेरी हरकत की वजह से निकली थी...

दरअसल मई अवंतिका की कमर को पकड़ते हुए आगे बढ़ा और खायी में छलांग लगा दिया.....

अवंतिका ने ज़ोर से मुझे पकड़ लिया और अपनी आखें बंद कर lin..par कुछ देर के बाद जैसे hi उससे अपने पैरों के नीचे कुछ महसूस हुआ तोह अवंतिका झट से मुझसे अलग होकर नीचे देखने लगी...

और नीचे देख वो एक बार फिरसे चौंक गयी.......

reason....hum दोनों इस वक़्त एक खुली हुई जगह पर खड़े थे और हमारे पैरों के नीचे छोटी छोटी घांस थी....

MAI-kis बात का दर था मैडम aapko..mere रहते आपको कुछ हो सकता है भला???

ावतीका- कुछ होने की वजह से मैंने अपनी आखें बंद नहीं की thi..bas मुझे उचाईन से दर लगता है.....

अवंतिका की बात सुनकर मई है दिया...

अवंतिका- अब हस्ते hi रहोगे की आगे क्या करना hai,iska पता लगाओगे...???

मई- पता लगाने की कोई ज़रुरत नहीं hai..saamne देखो...

अवंतिका की नज़रें जो इस बार भी यहाँ पहुँचते hi पहले निचे गयी थी और फिर mujhpar,usne सामने की तरफ देखा और हमेशा की तरह फिरसे चौंक गयी....

रीज़न...........

हमारे सामने हवा में कुछ लिखा हुआ था जिससे अवंतिका ने पढ़ना शुरू किया....

ये दौड़ तुम्हारी है,

इसमें तुम्हे अकेले hi

भागना होगा.....

नयी शक्ति को पाने

के liye,tumhe अपनी शक्ति

को त्यागना होगा.....

ऊर्जा के बहाव को कुछ देर

के लिए रोक दो.......

मंज़िल पर पहुँचने

tak,apni शक्ति को मुझे

सौंप दो.....

अवंतिका- इसका क्या मतलब है???

मई- वही जिसका मुझे दर था...

अवंतिका- मतलब!!!!

MAI-ye मायावी दुनिया समझ चुकी है की तुम्हारे पास एक ऐसा शील्ड है जो इस जगह को ना सिर्फ नुक्सान पहुंचा सकता है बल्कि बिना किसी म्हणत के हरा भी सकता है..

हम यहाँ सोर्ड के लिए आये हैं जो मेरी शक्ति hai...par मेरी असली शक्ति तुम ho...is पहेली का मतलब है की अगर मई आगे बढ़ना चाहता हूँ तोह तुम्हे मुझसे अलग होना पड़ेगा....

इतना hi नहीं आगे बढ़ने के लिए मुझे तुम्हारी ऊर्जा को तुमसे अलग करना पड़ेगा और इस चक्रव्यूह को तोड़ने तक तुम्हे इस जगह के हवाले करना पड़ेगा...

मेरी बात सुन अवंतिका कुछ देर तक मुझे देखती रही फिर.......

अवंतिका- ठीक hai.....jaisa तुम चाहो...

मई- तुम्हे दर नहीं लग रहा है ये सोचकर की बिना तुम्हारे शील्ड के तुमपर हुम्ला भी हो सकता है...

मेरी बात सुनकर अवंतिका मुस्कुरा दी....

अवंतिका- मेरा शील्ड तुम ho..aur जब तक तुम ho,AVANTIKA का कोई कुछ बिगड़ नहीं सकता...

इस बार मेरी बारी थी मुस्कुराने के लिए..

मैंने अपना हाथ अवंतिका के सर पर रख दिया और....

कवचं बहिर्भाव.....

शील्ड के आउट......

मेरे स्पेल बोलते hi अवंतिका की शील्ड एनर्जी उसके शरीर से बाहर आकर मुझमे समां गयी.....

MAI-ye शील्ड भले hi मेरे पास hai,par सिर्फ तब तक जब तक तुमपर कोई जान लेवा आकर्मण नहीं hota..aisa कुछ होते hi ये मुझसे निकलकर तुममे वापस समां जायेगी..

अवंतिका- मैंने कहा naa,mujhe इन सब बातों की परवाह नहीं...

मैंने आगे बढ़कर एक बार अवंतिका का माथा चूमा और...

मई- jaao,tumhari सवारी आ गयी...

मेरी बात सुन अवंतिका ने सामने की तरफ dekha..is वक़्त हमारे सामने एक पिंजरा था जिसका दरवाज़ा खुला हुआ था...

एक बार मुझसे गले लग अवंतिका उस पिंजरे में चली गयी...

जैसे hi अवंतिका पिंजरे के अंदर gayi,pinjre का दरवाज़ा लॉक हो गया और अगले hi पल.....

पिंजरे में एक तेज़ प्रकाश हुआ और वो पिंजरा गायब हो गया था....

पिंजरे के गायब होते hi मैंने सामने देखा जहाँ हवा में कुछ देर पहले कुछ लिखा हुआ था..

अब वो लेखनी गायब हो चुकी थी और उसकी जगह उस जगह पर कुछ नया लिखा हुआ था जिसे में पढ़ने लगा...

श्वेतता पर लाल रंग

रचेगा.....

आगे तभी बढ़ पायेगा जब इस

चुनौती में ज़िंदा बचेगा.....

स्वांस को रोके तू आगे बढ़ेगा....

अपनी परछाई के दूसरे स्वरुप से

देखना है तू कैसे लड़ेगा!!!!!?????

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V..J.....
 
नार्मल बन्दे को जब सुपरहेरो दिखा सकते हैं तोह गॉड के बेटे में क्या खराबी है...

विक्रम और ास्मोडियस के करैक्टर के साथ गॉड के बेटे का hi आइडेंटिटी सुईठे करता hai.bina उस आइडेंटिटी के जो चीज़ें ुए दोनों कर रहे हैं, उससे मई किसी और तरीके से जस्टिफाई नहीं कर पाटा but,but ,but....i कन्नोत कण्ट्रोल ुर logics...suit ुरसेल्फ़....
 
बरोथेर, जो शक्तियों या हुनर रोनित, मोकलसर अक्षांत और शैला में hai,wo उन्हें किसी योद्धा या माजिशन्स से तोह जीता सकते हैं पर सुपर पावर्स जैसे भुविका या बिल्जेबब में hain,unse nahi...par तालाब से जो शक्तियां रोनित और उसके दोस्तों को मिलेगी usse,wo डार्क माजिक्स वाले बन्दों को भी चुनौती दे पाएंगे

इसीलिए रोनित ने कहा की बिना तालाब की चुनौतियों को पार करके जो शक्तियां मिलेंगी, उसके बिना इन शक्तियों का कोई मतलब नहीं था
 
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