ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 3 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की विक्रम का सामना रूपांतरण यन्त्र से होता है जिसने एक विशाल थ्री हेडेड स्नेक का रूप ले लिया HAI.WAHIN दिग्विजय वारियर्स का सामना नहीं कर पता और बेहोश हो जाता HAI.AB आगे.....

CHAPTER:- 1

(DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट)

अपडेट- 20

दिग्विजय बेहोश पड़ा tha.dhanur उसके सामने खड़े हुए थे. धनुर ने अपना हाथ दिग्विजय के सर पे rakha.unke हाथों से एक सफ़ेद रौशनी निकली और दिग्विजय के अंदर चली gayi.DIGVIJAY के सारे ज़ख्म भर गए और उससे होश आ गया.

दिग्विजय- धन्यवाद गुरुवार.

धनुर- तुमने रानशूरों को क्यों बुलाया जब तुम तैयार नहीं थे.

दिग्विजय- मैंने अपने अंदर धरती और आकाश दोनों की hi शक्ति महसूस की थी गुरुवार. मुझे लगा मई तैयार हूँ इसीलिए मैंने युद्ध करने की सोची....

धनुर- आधा पेट भोजन कभी भी शरीर को पूरी ऊर्जा नहीं देता पुत्र वैसे hi आधी शक्ति तुम्हे विजयी नहीं बना sakti.jab तक तुम्हारा शरीर दोनों की hi ऊर्जा से पूरी तरह नहीं भर जाता तुम तैयार नहीं हो शक्ति आज़माने की लिए....

दिग्विजय- मुझे माफ़ कर दीजिये guruwar.ab ऐसी गलती नहीं होगी.

दिग्विजय वापस ध्यान में बैठ गया और धनुर गायब हो गए.....

वही दूसरी तरफ:-

मेरी हालत ख़राब हो चुकी thi.mai पिछले 6 घंटे से लगा हुआ था पर अभी तक सांप को एक खरोच तक नहीं पहुंचा पाया tha.wo तोह ाचा है की अब मेरे चोट तुरंत भर जाते थे वर्ण अभी तक तोह मेरा काम तमाम हो चूका होता.

ये साला सांप भी एक नंबर का ढीट tha.saale को लगती hi नहीं thi,maine आग से पानी से चट्टान से हर तरीके का वार अब तक इस्पे कर लिया था पर कुछ फायदा नहीं हुआ था.

अब मैंने आग पानी इत्यादि से लड़ने का हुनर कहाँ से सिख लिया इससे जानने के लिए एक छोटे से फ्लैशबैक में जाते है....

एक रात पहले........

गुरूजी ने जो द्रव पिलाया था उसका असर तुरंत hua.meri थकन पूरी मिट गयी और अब मुझे नींद भी नहीं आ रही thi,guruji ने जो किताब दी थी मैंने उससे पढ़ने की सोची...

जैसे hi मैंने किताब खोली एक नया चमत्कार हुआ. बुक की पेजेज बुक्स से निकलकर चिड़ियों की तरह एक एक करके हवा में उड़ने लगी.
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देखते hi देखते साड़ी पेजेज मेरे आस पास फ़ैल गयी...

अब saala,mujhe ये समझ नहीं आ रहा था की गुरूजी ने किताब पढ़ने के लिए दिया है की उड़ाने के लिए....

अभी मई कुछ और सोचता की एक पेज उड़ते हुए मेरे सामने आया और और रूक गया.

वितनुते रहसयम......

(ुनफोल्ड थे सीक्रेट)

उस पेज पर बड़े बड़े अक्षरों में ये शब्द लिखे हुए थे....

मेरे ये शब्द दोहराये. पुरे टेंट में एक तेज़ रौशनी फलिए गयी, उस रौशनी के काम होते hi सारे पेजेज एक एक करके मेरे आँखों के सामने आते रहे और मई उनमे लिखा मंत्र याद करता रहा.

हर पेज पर शास्त्रों को अस्त्रों की तरह कैसे इस्तेमाल करना है ये लिखा हुआ tha.usme अग्नि और जल का आवाहन mantra,unko पैदा करने की विधि भी लिखी हुई thi.kisi भी शाश्त्र का रूप बदलकर कुछ नया banana,aur भी बोहोत कुछ लिखा था जो आगे चलकर पता chalega.mai करीब 3 घंटे तक पढता gaya.jab भी मई कुछ पढता मुझे ऐसा लगता जैसे मई सिर्फ उस मंत्र को पढ़ hi नहीं रहा हूँ बल्कि शास्त्रों के साथ उनका प्रयोग भी कर रहा hun.ab मुझे काफी कुछ पता चल चूका tha.par इतनी देर तक पढ़ने के बावजूद मई किताब का बस 2 परसेंट hi पढ़ पाया tha.jaise hi मेरे मन में आया की मई अब बाद में padhunga,saare पेजेज वापस बुक में समां gaye.book बांध होकर मेरे हाथों में आ गयी.

GAZAB....ye तोह मेरे मन को भी पढ़ लेती है...

बैक तो प्रेजेंट:-

पर मई हार तोह मान नहीं सकता tha.maine अपने मन को शांत किया और दौड़ पड़ा सांप की aur.taklif ये थी की उसके 3 सर the....isiliye उससे चकमा देना मुश्किल था...

मुझे अपने करीब आता देख उसने अपना ज़हर मेरी तरफ phenka.uska ज़हर ग्रीन कलर का था और काफी ज़्यादा मात्रा में था. मई अपने घुटनो पर स्लाइड करते हुए ज़हर से बचता हुआ आगे निकल गया. अब मैंने दो तरफ़ा हमले की सोची. मैंने तलवार का आवाहन किया. तलवार हाथ में आते hi मैंने उससे सामने की तरफ फेक दिया .

जलम परिग्रहं.........

तलवार उस सांप के एक सर के सामने पहुंचकर रुक गयी और उससे फुल फाॅर्स में पानी निकल कर सांप को लगने lagi.ye फाॅर्स बोहोत ज़्यादा था, सांप को लगते hi वो पीछे जाने laga.ye पहली बार था जब मैंने सांप को बैक फुट में किया tha.mai दौड़ते हुए सांप के पीछे pahuncha.uske फैन में पहुंचकर मैंने एक ज़ोर की छलांग लगाई और DHAADDDDDD....saamp के एक सर को काट दिया....

मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं tha.maine सामने देखा तोह अक्षांत और शैला भी फटी आँखों से मेरी तरफ देख रहे the.abhi मई आगे बढ़ता की शैला के मुँह से एक ज़ोरदार चीख nikli.jab तक मई कुछ समझ पता देर हो चुकी थी

मुझे ऐसा लगा जैसे मुझे कोई तिघ्टलय बाँध रहा hai.ye उस सांप का फैन था जो मुझे लपेट रहा tha.meri तोह हालत खराब हो gayi.maine ऊपर देखा तोह एक नया झटका मेरा इंतज़ार कर रहा tha...saamp का सर जो मैंने काट दिया था उसकी जगह एक नए सर ने ले ली thi.mera पूरा कॉन्फिडेंस hi ख़त्म हो गया.

इधर सांप अपना फैन लगातार कस्ते hi जा रहा tha...mujhe अपनी हड्डियां टूटती सी लग रही thi.dard की अधिकता से मई बेहोश हो गया.

शैला- NAHIII.......VIKRAM तोह बेहोश हो gaya.hume hi कुछ करना होगा, वर्ण वो बच नहीं पायेगा.....

अक्षांत- हम कुछ नहीं कर सकते शैला. मतिभ्रम का ये नियम है की जो फेज खुद निकले.

शैला- तोह तुमने यही चुनौती क्यों चुनी फिर....

अक्षांत- मुझे क्या पता था की रूपांतरण यन्त्र ऐसा विकराल रूप भी ले सकता hai.MATIBHRAM मैदान की किताब में भी ऐसा कुछ कभी नहीं हुआ है.

शैला- तोह अब हम क्या करें.....!!!!!!

अक्षांत- कुछ नहीं कर सकते hum.jo करेगा विक्रम करेगा.

मेरी आत्मा मेरे शरीर को छोड़ फिर उसी रौशनी के सामने कड़ी थी जहाँ हर दिन ध्यान अवशता में मई पहुँचता हूँ....

रौशनी- क्या हुआ VIKRAM.....itne में hi हार मान gaye.tum इतने कमज़ोर नहीं हो vikram.khud को pehchano.apne अंदर झांको. ये छोटी मोती बाधाएं तुम्हे नहीं रोक sakti.utho, इनका मुकाबला करो.

मई तोह बस उस रौशनी की आवाज़ में hi हो गया था. रौशनी मेरी तरफ बढ़ी और मुझे छू लिया. मुझे एक झटका सा लगा और मेरी आँख खुल गयी....

मई अब भी उस सांप के फैन में फसा हुआ tha.par अब मुझे ज़रा सा भी दर्द नहीं हो रहा tha.mujhe होश में आता देख अक्षांत और शैला में भी जोश आ गया.

अग्नि PRAKATAM.........mere पुरे शरीर से अग्नि निकलने lagi.saamp अग्नि बर्दाश्त नहीं कर पाया और अपना फैन ढीला कर diya.maine एक ऊँची छलांग मारी और सांप के ठीक सामने खड़ा हो गया....

सांप ने अपने तीनो सिरसे एक साथ मेरे ऊपर ज़हर छोड़ा जो की बोहोत ज़्यादा मात्रा में था.

अभूपापपति ( प्रोटेक्शन ) ...मेरे सामने एक शील्ड बन गयी ,जिसमे सारा ज़हर रूक गया.......

अब मुझे ये खेल ख़त्म करना था......

मैंने उसका वार उसपे hi करने की सोची....

विष ब्रमजाते.........

सारा ज़हर जो मेरी बनायीं शील्ड में रूका हुआ tha.wo वापस उसी की तरफ बढ़ गया.

मैंने अपने दोनों हाथ फैलाये, एक हाथ में फायर दिखने लगा और दूसरे में water........maine दोनों हाथों को मिलाया ....संसरवा (फ्लो टुगेदर) और अपने हाथ आगे कर दिए.

फायर और वाटर दोनों एक साथ पर अलग अलग दिशा में फैले गए और जो रूप लिया उससे देख कर अक्षांत और शैला स्तब्ध रह गए...

क्यूंकि मेरे तीनो हथियार ( फायर, वाटर, पोइज़न )

ने भी सांप का रूप ले लिया था. वो सांप कुछ समझ पता उससे पहले hi मेरे तीनो सांपो ने उसके अलग अलग हिस्सों को अपने मुँह के अंदर ले लिया और निगलते चले गए..... और देखते hi देखते उस सांप को पूरा निगल gaye.saamp के ख़त्म होते hi वो तीनो भी गायब हो गए......

सब कुछ SHAANT........aur यहाँ मेरा डांस chalu.......wo भी शादी type.....thodi देर बाद जब मेरा एक्ससिटेमेंट कण्ट्रोल में आया तोह मैंने सामने देखा जहाँ अक्षांत और शैला ऐसे खड़े थे जैसे कोई भूत देख लिया ho..abhi मई उनके पास जाता की

कडकडकडडडडकडडडडडड......

एक ज़ोर की बिजली कड़की और उसके बीच में से एक साधु टाइप के आदमी बहार निकले और मेरे पास aaye.abhi मई कुछ बोलने वाला hi था की अक्षांत और शैला दौड़ते हुए आये और उनके आगे झुक गए

उनको ऐसा करते देख मई भी झुक गया.

अननोन- उठो बचो.....

हम तीनो उठ गए.

मई- आप कौन है?

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उनके जवाब देने से पहले अक्षांत ने जवाब दे दिया.

अक्षांत- विक्रम ये फ्लोसान्टो हैं.....

मति भ्रम चुनौती के RACHAYITA......yahi नहीं इस ब्रम्हांड में जितनी भी चक्रव्यू hain,uske रचयिता भी यहीं है....

फ्लोसान्टो- विक्रम, मई तुम्हारे पराक्रम से बोहोत प्रसन्न hun.aaj तक किसीने मेरे इस चुनौती को इतनी जल्दी और इतनी सहजता से पार नहीं क्या है.

ले, कहाँ से आसानी से पार kiya.saare नुत बोल्ट ढीले हो गए इस चक्कर me...par बोलता भी क्या.

मई- धन्यवाद फ्लोसान्टो.......

फ्लोसान्टो- मई तुम्हे कुछ देना चाहता हूँ पुत्र.

फिर फ्लोसान्टो ने मेरे सर के ऊपर हाथ रखा और कुछ budbudaye.unke हाथों से रौशनी निकलकर मेरे अंदर सामने lagi........meri आँखें बंद हो gayi.gyaan का सागर मेरे अंदर सामने लगा.

फ्लोसान्टो ने अपना हाथ हटाया और बोले.....

फ्लोसान्टो- putra,maine तुम्हारे अंदर इस ब्रम्हांड के सारे चक्रव्यू के राज़ दाल दिए hain.ab ऐसा कोई चक्रव्यू नहीं होगा ऐसी कोई गुत्थी (पजल) नहीं हग ी जिससे तुम सुलझा नहीं sakte.yahi नहीं अगर तुम चाहो तोह खुद भी बड़ी से बड़ी चक्रव्यू की रचना कर अपने दुश्मन को फसा सकते हो.......

मैंने फ्लोसान्टो के पाँव छुए, VIJAYIBHAV.....kehkar वो गायब हो गए.......

उनके गायब होते hi मतिभ्रम मैदान भी गायब हो गया और हम वापस जंगल में आ gaye.par ये क्या अभी भी दिन निकला हुआ tha.maine अक्षांत की तरफ dekha.wo मेरी कन्फूसिओं समझ गए.

अक्षांत- रूपांतरण यन्त्र के रूप बदलते hi हमारा समय चक्र रूक गया था.

पर आज का प्रशिक्षण यहीं रोकते हैं. विक्रम तुम जाकर विश्राम karo.mai दोनों को bye बोलकर निकल गया.

शैला- विक्रम अग्नि और पानी दोनों का इस्तेमाल इतने अचे से कैसे कर रहा tha.hume उससे पूछना चाहिए.

अक्षांत- सिर्फ अग्नि और पानी का hi नहीं और भी बोहोत कुछ किया है आज usne.par हमे पूछने की ज़रुरत नहीं.

शैला- क्यों???

अक्षांत- जब विक्रम ने शक्ति का इस्तेमाल करना आरम्भ लिया था, तब गुरूजी ने मेरे मस्तिष्क से जुड़कर कहा था की सही वक़्त पर हमे सब पता चल जायेगा.

शैला- ओह्ह्ह!!!! चलो फिर, हम भी ऊपर चलते हैं....

वहीँ दूसरी और:-

दिग्विजय को ध्यान में बैठे 2 दिन हो गए the....usse अपने अंदर असीम शक्ति का आभास हो रहा tha.par पिछली बार की गलती की वजह से वो कोई चांस नहीं ले रहा tha.par अब उसके अंदर ऊर्जा इतनी बढ़ गयी थी की वो बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था.....

ऑंखें खोलो PUTRA.TUM तैयार हो......

दिग्विजय ने तुरंत अपनी आखें खोल di.ye आवाज़ दिग्विजय में अंतर्मन से आयी थी जो धनुर ने कही thi.par ऊर्जा इतनी अधिक थी की दिग्विजय को ऊर्जा सँभालने में कुछ वक़्त लगा.

दिग्विजय- युद्ध विस्पृधा.............

और 10 वारियर्स प्रकट hue......aur दिग्विजय की तरफ दोनों तरफ से बढ़ने लगे. इस बार दिग्विजय ने कुछ नहीं kiya.bas चुप चाप खड़ा raha.jaise hi वारियर्स ने वार करने के लिए अपने तलवार उठाये, दिग्विजय ने अपना एक हाथ आगे किया, और धरती का आवाहन किया......

PRATIGHAATH.....ek मिटटी के कलर की रौशनी निकली और वारियर्स पे पड़ी और एक तरफ के वारियर्स खुद मिटटी हो गए.

दिग्विजय ने अपना दूसरा हाथ आगे किया और आकाश का आवाहन किया, PRATIGHAATH......DIGVIJAY के हाथों से तेज़ बिजली निकली और वारियर्स राख हो गए.

एक तेज़ गड़गड़ाहट के साथ धनुर प्रकट गए पर इस बार वो अकेले नहीं थे उनके साथ थे अग्रसेन...........

अग्रसेन- बोहोत अचे baalak.bohot काम वक़्त में तुम काफी कुछ सिख गए ho.yahan से धनुर का काम समाप्त हुआ. आगे का प्रशिक्षण मई तुम्हे दूंगा.

दिग्विजय ने धनुर का आशीर्वाद लिया. धनुर गायब हो गए....

अग्रसेन- अभी तक तुमने अस्त्र और शास्त्र को सीधे तरीके से चलना सीखा है और धरती एवम आकाश की शक्ति को वश में करना जाना hai.ab मई तुम्हे "समायोजन विबजूति" (कंबाइन पावर) सिखाऊंगा.....

जितने भी युद्ध कला अभी तक तुमने सीखे हैं उससे तुम सामने वाले को तभी हरा सकते हो जब तक वो तुमसे काम या फिर तुम्हारे जितना hi शक्तिशाली ho.par इस युद्ध कला से तुम अपनी शक्ति जितनी चाहे उतनी बढ़ा सकते हो.

DIGVIJAY-(man में) wow.....ab आएगा मज़ा .अगर मैंने ये सिख लिया तोह वो विक्रम क्या मई तोह ब्रम्हांड में सबसे शक्तिशाली बन जाऊंगा....

अग्रसेन- तोह शुरू करें!!!!!

दिग्विजय- जैसा आप उचित समझे गुरुवार.......

वहीँ धवलगढ़ में:-

mummyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy..........

क्या हुआ अवनि (पेट नाम ऑफ़ AVANTIKA)kyun चिल्ला रही हो?

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अवंतिका- माँ, मेरा नाश्ता कहाँ है?

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मई आलरेडी लेट हो गयी हूँ.......

माँ- सुबह सुबह कहाँ जाने की तयारी है.....!!!!

अवंतिका- ओफ्फो mom.kal रात hi तोह बताया था, आज मेरा आउटिंग का प्लान hai.now प्लीज, no मोरे questions.i'm आलरेडी लेट. शनाया के 10 कॉल आ चुके हैं अब तक.

माँ नाश्ता लाती hui......koi काम आराम से किया hai.agar जाना hi था तोह पहले रेडी होना था ना....

अवंतिका- ओह के ों mom...its नॉट ा बिग deal...waise माँ डैड कहाँ है???

MOM-Wo तोह सुबह hi निकल गए ऑस्ट्रेलिया....

अवंतिका- ओह सहित!!!! अब क्या करूँ!!!! इडा..... दादाजी को पटती hun.......mom, दादाजी कहाँ है?

माँ- वो बहार गार्डन में बैठे हैं. क्यों क्या हुआ???

अवंतिका- कुछ नहीं mom.aise hi. (मन में, आपको बताया तोह सीधे मन कर डौगी, पर दादाजी की बात नहीं तालोगी)

फिर अवंतिका ने चुपचाप नाश्ता किया ,माँ को bye बोलकर बहार आ गयी.....

अवंतिका- hi dadu...how अरे ु थिस मॉर्निंग...!!!!!!

दादाजी- I'M फाइन beta.aapki सवारी कहाँ चली सुबह सुबह...!!!!

अवंतिका- वो दादू, फ्रेंड्स के साथ ज़रा ghumne.acha दादू आपने मेरे बर्थडे पर प्रॉमिस किया था की मेरी एक विश आप पूरी करेंगे.

दादाजी- अरे बीटा सब तोह तेरा hi hai.jo चाहिए बता मिल जायेगा.

अवंतिका- पक्का naa.baad में मन मत कीजियेगा.

दादाजी (थोड़े रुबाब में) हम आहूजा hain.apni बात से पीछे नहीं हतेथे.......

अवंतिका- दादू मई ************* ....................

जिससे सुनके पहले तोह दादू शॉक हो गए फिर उदास.......

क्या माँगा होगा अवंतिका NE.......YE तोह खैर अगले अपडेट में पता चलेगा.

चलिए एक छोटा सा इंट्रो इनकी फॅमिली का भी हो जाए.........

दादाजी- गुलशन आहूजा...

दादीजी- शर्मीला आहूजा...

डैड- नविन आहूजा...

मदर- दीप्ती आहूजा....

एल्डर बरोथेर- रियांश आहूजा.....

चाचाजी- निखलेश आहूजा......

चाचीजी- अमृता आहूजा.....

निखलेश सोन- देवांश आहूजा.....

निखलेश डॉटर- शनाया आहूजा....

डेविड- बॉडी गार्ड ऑफ़ नवीन आहूजा.....

सारे चरक्टेर्स का डिस्क्रिप्शन और नेचर उनके रोले आने के टाइम होगा.

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J........

 
अब तक आपने पढ़ा की फ्लोसान्टो ने विक्रम को मतिभ्रम मैदान की चुनौती में सफल होने के कारन कुछ शक्तियां DI....WAHIN दिग्विजय ने भी अपनी चुनौती पार कर LI.AVANTIKA अपने दादू से कुछ ऐसा मांगती है जिससे उसके दादू उदास हो जाते हैं......

अब आगे:-

CHAPTER-1

(DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट)

अपडेट-21

अवंतिका- दादू पलज़्ज़ज़्ज़ज़ नाहा, देखिये आपने प्रॉमिस किया था.....

दादाजी- बीटा, तू कभी हमसे दूर नहीं गयी है...... कैसे मैनेज karegi!!!!aur जाने की ज़रुरत hi क्या hai.yahin पढ़ ले. तेरे स्कूल में भी तोह कॉमर्स हैं ना...

अवंतिका- है दादू पर स्टेट बोर्ड ka.abhi तक मैंने I.C.S.E hi पढ़ा hai.aage भी उसी ाफ़िलिएशन के साथ पढ़ना चाहती हूँ और वो यहाँ नहीं hai.aur मई अकेली कहाँ जा रही हूँ, शनाया भी मेरे साथ जा रही hai.aur वैसे भी dadu,hum अकेले थोड़ी rahenge,hum तोह मामाजी के यहाँ rahenge.wahan विपुल भैया और वाणी भी hain.plz न dadu,jaane दीजिये naa.waise भी एक आहूजा ने प्रॉमिस किया hai,isse तोडा नहीं जा sakta,aisa आप hi कहते हैं.

दादू- मई तोह मान भी जॉन पर तेरी daadi,papa और मम्मी को कौन manayega.aur तुझे लगता है शनाया को तेरे चाचा चची जाने देंगे.

अवंतिका- तभी तोह आपसे बोल रही हूँ dadu...aapka फैसला तोह सबको मानना hi पड़ेगा ना.

दादाजी- वाह बीटा. अपने दादा को hi फसा दिया...

अवंतिका- आप hi तोह मेरे लाइफ लाइन हैं दादू... प्ल्ज़ मान जाइये ना.....!!!!!

दादा- ठीक hai,thik hai.mai बात करता हूँ सबसे...

अवंतिका की ख़ुशी का ठिकाना न tha.....thank उउउउउउउ daaaaduuuuuuu.luv उउउउउउउ, ु र थे बेस्ट दादूऊ इन डी वर्ल्ड......

ाचा दादू मई लेट हो रही hun,mai चलती hun..bye ुममुआहहह seeyaaaaa....aur अवंतिका उछलते कूदते निकल गयी.

DADU-apna ख्याल रखना और ज़्यादा मस्ती मत karna.pagal है puri.....fir दादू भी घर अंदर चले गए........

दादाजी INTRO......GULSHAN AHUJA.AGE 66.पर शरीर से आज भी FIT.HONGE भी क्यों ना अपने ज़माने के कुश्ती चैंपियन हैं YE.HEIGHT 6 FEET.GHAAT घात का पानी पिया है INHONE.JAWANI में हर काण्ड किया है INHONE.WAISE तोह खानदानी रहीस है पर अपनी म्हणत से अपने बिज़नेस एम्पायर को और बड़ा बना DIYA,ACHE और बुरे सब काम किये है INHONE.GHAMAND कूट कूट कर भरा है INME.KAAFI रंगीन मिजाज़ के HAIN.GHAR में इनकी HI हुकमत चलती HAI.SAB इनसे डरते हैं बस अवंतिका HI है जो इनपे राज करती है......

वहीँ दूसरी तरफ हेवन में:-

संत ALFRICK-jitna सोचा tha,VIKRAM उससे ज़्यादा तेज़ी से तैयार हो रहा है.

संत सेबेस्टियन- हाँ, आश्चर्य तोह हमे भी hai,par वो स्वयं परमेश्वर का अंश hai,uski आतंरिक शक्ति और दृढ़ता उससे सब कुछ जल्दी hi सीखा देगी

संत सकिलिअ- हां ये तोह hai.apke कहे अनुसार मैंने वो किताब गुरु विशाखत तक पहुंचा दी thi.unhone वो किताब विक्रम को दे दी hai,aur उस किताब ने उससे अपना मालिक भी चुन लिया है.

संत सेबेस्टियन- वो किताब सदियों से अपने मालिक के इंतज़ार में thi.najane कितनो ने उससे खोलने की कोशिश की पर नहीं खोल paaye,jinme हम भी शामिल है.

संत सकिलिअ- हाँ ास्मोडियस भी उससे पाना चाहता tha,aur हम भी उससे नहीं रोक पाते ,पर वो किताब ुस्तक पहुँचने से पहले hi गायब हो gayi.vikram की ट्रेनिंग से पहले hi वो खुद वापस हमारे पास आयी.

संत सेबेस्टियन- उस किताब में सिर्फ शास्त्रों का ज्ञान hi नहीं hai,is पुरे ब्रम्हांड के सभी शक्तियों का राज़ छुपा hai.agar ास्मोडियस के हाथों में वो किताब लग जाती तोह अनर्थ हो jaata.par अब फ़िक्र की कोई बात नहीं hai.kitab अब विक्रम से जुड़ चुकी hai.ab उससे कोई चुरा नहीं सकता.

संत अल्फ़्रिक- एक चिंता तोह hai.DIGVIJAY..... वो स्वयं अग्रसेन से ट्रेनिंग ले रहा hai.aur अब तोह वो अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँचने hi वाला hai.kahin कुछ गलत न हो जाए....

संत सेबेस्टियन- कुछ नहीं hoga.aap निश्चिंत rahen.aage जो होगा उससे देखकर आप दोनों भी हैरान रह जायेंगे...

बैक तो हीरो:-

मेरी ट्रेनिंग का दूसरा हफ्ता भी पूरा हो चूका tha.CHHAL बल चुनौती के बाद अक्षांतजी ने मुझे और ताकतवर होने की शिक्षा दी. दिग्विजय की hi तरह मुझे भी धरती और आकाश की शक्ति से खुदको जोड़ना sikhaya.VIGHRNATI (अनलयसे) मंत्र के द्वारा मुझे किसी भी वास्तु जंतु और मनुष्य की ताकत का अंदाज़ा लगाना sikhaya,jiske बाद मई धरती या आकाश की शक्ति का आवाहन कर अपनी शक्ति अपने कॉम्पिटिटर से बढ़ा लेता था.

पर मेरे पास कुछ ऐसी भी शक्तियां आ चुकी थी जिनसे मई किसीसे भी ज़्यादा शक्तिशाली बन सकता tha,jo की मुझे मेरी किताब ने सिखाया tha.par अभी तक उन शक्तियों को आज़माने की ज़रुरत मुझे नहीं पढ़ी थी....

मुझे और गतिशील बनाने की ज़रुरत अक्षांतजी को नहीं पड़ी क्यूंकि मेरी स्पीड दिन बा दिन बढ़ती hi जा रही thi.ab तोह मई पुरे पहाड़ का चक्कर 1 सेकंड से भी काम में पूरा कर लेता था.

पहले हफ्ते के आखरी दिन hi मोकलसर लौट आये the.doosre हफ्ते की पहले दिन से उन्होंने मेरी ट्रेनिंग शुरू कर दी थी.

मैंने करवमगा से लेकर हमारे वर्ल्ड की सबसे प्राचीन युद्ध शैली कळरिप्पयट्टु तक सभी कॉम्बैट फाइटिंग sikhi.uske बाद मोकलसर ने मुझे इस ब्रम्हांड के सारे वर्ल्डस में प्रैक्टिस की जाने वाली सारे फाइटिंग फॉर्म्स सिखाये जिनमे से कुछ सिख कर मुझे पता चला की हमारा वर्ल्ड इन स्किल्स में अभी बोहोत पीछे है.... वहीँ हर रात वो रहस्यमयी किताब मुझे ऐसा ऐसा ज्ञान दे रही थी की ये सब ट्रेनिंग जो मई ले रहा था वो उसके सामने बोहोत पीछे थी.

हर रोज़ सुबह मई गुरूजी के साथ ध्यान में बैठता था जिसकी वजह से अब मेरा दिमाग मेरे दिल से लगभग हर वक़्त जुड़ा रहता tha.iska फायदा मुझे हर पल हर काम में होता tha.mai जो भी फैसला लेता उसका परिणाम मेरे आखों के सामने दिखने lagta.wahin शाम को मेरे प्रशिक्षण के बाद गुरूजी मुझे युद्धनीति और शास्त्रों की बारीकियां बताते थे.

पर एक अजीब बात thi,guruji ने वो किताब मुझे दी thi,par उसके बाद कभी भी उसका ज़िक्र नहीं किया.

मेरे प्रशिक्षण का तीसरा हफ्ता भी शुरू हो gaya.is ट्रेनिंग में मई और शैला बोहोत अचे फ्रेंड बन गए the.mai उससे उसके नाम से hi पुकारता था.

आज तीसरे हफ्ते का आखरी दिन tha.abhi हम एक बड़ी सी खुली जगह में खड़े थे जहाँ एक और एक बड़ा सा तालाब था और दूसरी तरफ बड़ा सा रेगिस्तान बना हुआ tha...ye भी एक मायाजाल था जो शैला ने बनाया था.

शैला- VIKRAM,abi तक जो भी तुमने मुझसे सीखा है सब याद कर lo.aaj तुम्हारा इम्तिहान है.

विक्रम- कैसा इम्तिहान!!!

शैला- YUDH.aaj तुम मुझसे युद्ध karoge.mai तुम्हारे ऊपर शक्ति प्रदर्शन karungi.tumhe मेरे हर वार का जवाब देना है.

अब मुझे क्या परेशानी होनी thi.waise भी अब मुझे ये सब ाचा लगने लगा था....

MAI-thik hai,mai तैयार हूँ......

शैला- त्रिशूलं VARIPRAWAAH......(TRISHUL'S वॉटरफॉल)

तालाब से एक बड़ा सा फवारा निकला और आसमान में जाकर रूक gaya.fir उस फवारे ने सैकड़ों त्रिशूल के रूप ले लिए और वो त्रिशूल तेज़ी से मेरी और बढ़ने लगे...

मई- वायुसेना PRAKATAM...mere ये बोलते hi ट्रांसपेरेंट योद्धा हवा में उठ गए.

त्रिशूल BHANGAM.....aur इसी के साथ साथ सारे योद्धा उड़ते हुए सारे त्रिशूलों से takraye,saare त्रिशूल बिखर कर फिर से पानी बन कर निचे बरस गए.....

शैला- बोहोत अचे VIKRAM.ab ये सम्हालो,

वायु वाटलं ( एयर स्टॉर्म )

ज़मीन से हवा का के बवंडर उठा और विकराल रूप लेकर मेरी और बढ़ने laga.abhi मई कुछ बोलता उससे पहले hi शैला ने फिर एक मंत्र कहा......

वालुका मिज़रायटी.....( सैंड मिक्सचर )

रेगिस्तान से भी एक बवंडर उठा और मेरी तरफ बढ़ने laga.......ye दो तरफ़ा हुम्ला था.

मई- वायु पारस CHAKRAWAT(OVER स्टॉर्म)

एक हवा का छोटा सा पर शक्तिशाली बवंडर मेरे पैरों के निचे बना और मुझे उड़ाते हुए सामने वाले बवंडर के ठीक ऊपर खड़ा कर दिया.

ज्वर भंगम....... मेरे मंत्र बोलते hi मई और मेरा बनाया हुआ भवंडर शैला के बवंडर जो मेरे पैरों के नीचे था उसमे सामने laga.dekhte hi देखते मई उस बवंडर में पूरा समां गया और बवंडर ख़त्म होने laga.jab बवंडर ख़त्म हो गया तोह मई वापस ज़मीन पर आ गया.

पर अभी रेट वाला बवंडर बाकी था जो मेरे करीब आ चूका था.

नीर PRAKATAM......mere सामने पानी की बड़ी सी चादर बन gayi.jaise hi वो बवंडर पानी से टकराया

समावेश. सारा रेट जो उस बवंडर में tha,usse पानी अपने अंदर खींचने laga.paani चादर की तरह लपेटा गया और पुरे बवंडर को अपने अंदर समेत liya.kuch hi देर में बवंडर नष्ट हो gaya.bawandar के गायब होते hi मैंने पानी को गायब कर दिया.

शैला- अद्भूद विक्रम. मुझे तुमपर गर्व hai.dekhna एक दिन तुम पुरे ब्रम्हांड के सबसे बड़े योद्धा बनोगे और मुझे पूरा यकीं है उसका घमंड भी तुम hi todoge...aakhri लाइन बोलते हुए शैला बोहोत hi ग़ुस्से में thi,aur उसके आँखों से आंसूं निकल गए...

मई- क्या हुआ शैला? तुम्हारे आँख में aansu!aur किसका घमंड तोडना है?

शैला पुरे ग़ुस्से से, निष्कालिका.....

MAI-ye कौन है......

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??

शैला- bataungi.par अभी nahi.sahi वक़्त पर......

मई- मुझे इंतज़ार rahega.par प्ल्ज़ रोना मत..

शैला- मुस्कुराते हुए, हाँ पक्का. हम वापसी के लिए चल पड़े......

वही दूसरी तरफ:..........

अग्रसेन ने दिग्विजय को अपनी शक्ति बढ़ने की ट्रेनिंग दे दी thi.aaj उसका भी टेस्ट था...

अग्रसेन- तुम तैयार हो...

दिग्विजय- जी गुरुवार....

रोटककककक....

अग्रसेन के पुकारते hi एक गीगान्टिक (विशालकाय) गेंदा प्रकट hua.iska साइज नार्मल गेंदे से 10 गुना ज़्यादा था.

एक पल के लिए तोह दिग्विजय की फटी पर फिर वो संभल गया.

रोटक के आते hi अग्रसेन गायब हो गए.....

रोटक ने एक ज़ोर की गुर्राहट भरी और दौड़ पड़ा दिग्विजय की तरफ....

दिग्विजय भी तैयार था. जैसे hi रोहतक करीब आया दिग्विजय ने उसने उसके ऊपर से छलांग लगा दी और दूसरी तरफ पहुँच gaya.par जैसे hi पलटा अह्हह्ह्ह्ह..... दिग्विजय छिटक कर दूर गिर गया.

हुआ ये की दिग्विजय के ऊपर कूदते hi रोहतक भी बिजली की गति से पलटा और इससे पहले की दिग्विजय पालते उसके पीछे पहुँच गया.

गिरते hi दिग्विजय तुरंत खड़ा हो gaya.wo समझ गया की गति में रोटक को हराना मुश्किल hoga,matlab अब उससे बल से hi लड़ना tha,par शक्ति को बढ़ने के लिए उससे रोटक को चुना ज़रूरी था.

इधर रोटक वापस दौड़ता हुआ दिग्विजय के पास आया और जब वो दिग्विजय से टकराने वाला था दिग्विजय ने अपने हाथ आगे कर उसके सर को पकड़ liya.par रोटक बोहोत शक्तिशाली tha.usse ज़्यादा देर तक रोका नहीं जा सकता था.

BHURIGUNA......(multiply)

इस मंत्र का अभ्यास दिग्विजय पिछले 2 हफ़्तों से कर रहा tha.is मंत्र का इस्तेमाल करने वाले की शक्ति सामने वाले से ज़्यादा हो जाती thi.par ये आसान नहीं tha.is मंत्र का पूरा लाभ तभी मिल सकता था जब इसके इस्तेमाल करने वाले के मन में कोई संदेह न ho.kaafi कठिन अभ्यास और लगातार प्रशिशक्षण के बाद जाकर दिग्विजय इस मंत्र का इस्तेमाल करना सीख पाया था..

मंत्र बोलते hi दिग्विजय के हाथों में शक्ति भर गयी और उसने रोटक को वही रोक दिया और एक ज़ोर का प्रहार रोटक के सर पर kiya.ROTAK नीचे गिर गया और बेहोश हो गया.

रोटक के बेहोश होते hi अग्रसेन प्रकट हुए...

अग्रसेन- अत्ति उत्तम putra........hum तुम्हारी लगन और बहादुरी से प्रस्सन hue.tumne सारे प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पुरे किये जिसके लिए तुम पुरस्कार के हकदार हो.

अग्रसेन दिग्विजय को लेकर गायब हो गए और पहुंचे एक तालाब के paas.par ये तालाब थोड़ा अलग tha,yahan का पानी काला था और उसके ऊपर जगह जगह चमकीली परत थी.

अग्रसेन- जाओ putra.apne वस्त्र उतरो और पानी में चले जाओ.....

दिग्विजय ने भी चुप चाप अपने कपडे उतरे और पानी के अंदर चला गया....

जैसे जैसे वो पानी के अंदर जा रहा था उससे लग रहा था जैसे उसकी ऊर्जा भी बढ़ रही hai,kuch देर दिग्विजय पानी के अंदर रहा फिर बहार आ gaya.usse अपने अंदर असीम शक्ति महसूस हो रही थी.

अग्रसेन- पुत्र अब तुम्हारी शक्ति 10 गुना तक बढ़ गयी hai.tumhara प्रशिक्षण पूर्ण hua.an तुम लौट सकते हो.

दिग्विजय का तोह ख़ुशी का ठिकाना न रहा.

दिग्विजय- धन्यवाद गुरुवार...

AGRASENA-VIJAYI भाव. और अग्रसेन गायब हो गए.

दिग्विजय- हाहाहाःहाहा... अब मुझसे ज़यादा पावरफुल कोई nahi.par एक बार खुद को आज़मा लेना चाहिए.

''ग्लूटो'' तैयार हो jaao.TUMHARA नया राजा आ रहा है........

वहीँ धवल ग्रह में.........

1 हफ्ता गुज़र चूका tha.dadaji ने सबको बता दिया था की अवंतिका और शनाया पढ़ने बहार जा रही hai.pehle तोह कोई नहीं maana,par दादाजी के सामने किसी की एक न chali.waise दीप्ती (AVNI'S मदर} को ज़्यादा नहीं मानना पड़ा क्यूंकि उनका भाई जो वहां रहता था.

रात का वक़्त था सब डिनर के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठे थे.

अवंतिका के डैड भी ऑस्ट्रेलिया से लौट चुके थे...

a.dad- अरे ु सूरे अवनि तुम मुंबई में पढ़ना चाहती हो.

अवंतिका- या dad,i वांट तो.....

a.dad- और तुम शनाया...!!!!!

शनाया- ओफ़्कौर्से बड़े papa.mai अवनि से दूर थोड़ी रहूंगी.

अवंतिका- ोोू babes,u र सुच ा स्वीट हार्ट. ी लव ु...

S.DAD- ठीक है fir.agle हफ्ते तक चले jana.thik है न डैड....

दादाजी- हम्म ठीक है.

A.MOM-apne मामाजी को बता dena.wo तुम्हारा एडमिशन करवा देंगे. वैसे कौन से स्कूल में पढोगे तुम दोनों....

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AVNI/SHANAYA-humne आलरेडी मामाजी को बता दिया hai.aur हमारे नए स्कूल का नाम है......

''ST.JOSEPH'S''...........

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम की ट्रेनिंग के 3 हफ्ते ख़त्म हो चुके HAIN.WAHIN दिग्विजय की पूरी ट्रेनिंग ख़त्म हो गयी HAI.AVANTIKA ने भी अपने घर वालों को मुंबई जाकर पढ़ने के लिए मन लिया है.......

अब आगे:-

CHAPTER-1

(DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट)

अपडेट-22

ये मेरा आखरी हफ्ता tha,yani की मेरा एग्जाम time.in 3 हफ़्तों में मैंने जो भी सीखा था अब उसका टेस्ट होने वाला tha.mai काफी एक्ससिटेड tha.maine सोच लिया था की मई किताब में लिखे स्पेल जिनका अभी तक मैंने इस्तेमाल नहीं किया था, उनका भी टेस्ट कर लूंगा.....

अब मुझे किसी भी बात से हैरानी नहीं होती thi,par अब जो मेरे सामने tha,usse देखकर मई काफी शॉकेड हो गया था...

इस वक़्त मई और मेरे चारो गुरु एक ऐसी जगह में खड़े the,jo किसीका भी दिमाग हिला सकती hai.humare पैरों के निचे तोह ज़मीन thi,par मेरे दायीं तरफ पानी का अंत हिन् दीवाल tha,baayin तरफ आग की दीवाल thi,aur ऊपर तोह आसमान hi गायब tha.exact तोह नहीं पता पर कोई कला भवर सा था जो मुझे ब्लैक होल टाइप का दिख रहा tha.sirf मई hi नहीं बाकी तीनो भी काफी शॉकेड the.shayad ऐसा नज़ारे की उन्होंने भी कल्पना नहीं की थी....

बाबा विशाखत- क्या सोच रहे हो विक्रम...

मई जैसे होश में आया...

मई- हाँ......... जी gurudev.mai,kuch भी तोह नहीं.

मेरी लड़खड़ाहट देखकर गुरूजी मुस्कुरा दिए.

बाबा विशाखत- यही तुम्हारी परीक्षा है विक्रम. तुम्हे इस अग्नि, और पानी की दीवाल को तोडना है और तुम्हारे ऊपर जो ब्लैकहोल दिख रहा है उससे भी ख़त्म करके वापस आकाश में बदलना है.......

पर एक और बढ़ा है तुम्हारे रास्ते में.

akshaant,shaila,mokalsar तुम्हे ऐसा करने से रोकेंगे.........

शैला- किन्तु गुरुवार, ये तोह असंभव है. ब्लैक होल में तोह हज़ारों गृह से भी ज़्यादा शक्ति होती hai,aur ये अग्नि और पानी इनका तोह कोई अंत hi नहीं दिख raha.itni ऊर्जा का सामना करना किसीके बस में नहीं है...

बाबा विशाखत- मई जानता हूँ putri.par विक्रम को ये असंभव कार्य संभव बनाना hoga.aur एक बात विक्रम, फ्लोसान्टो द्वारा दिया गया वरदान तुम्हारे किसी काम नहीं aayega.kyunki ये कोई भ्रम नहीं दण्डपात गृह ( पनिशमेंट वर्ल्ड ) है......

अब मई क्या kehta,jo भी हो भिड़ना तोह था hi...

मई- जो आज्ञा gurudev.mai तैयार हूँ.

मेरे इस तरह बिना किसी सवाल किये मान जाने से बाकी के तीनो शॉकेड हो गए..

बाबा विशाखत- तोह फिर परीक्षा आरम्भ ho.ek ज़ोर की बिजली उस ब्लैक होल में kadki,aur गुरूजी गायब हो गए.......

अब मई और वो तीनो आमने सामने the.guruji ने उनको पहले hi निर्देश दे दिए थे की मुझपे किसी भी तरह की रिहायत नहीं बरती जाए.

अक्षांत ने अपनी तलवार आगे की और कहा- शिला VARSHAM.......(STONE रेन)

सैकड़ों बड़े बड़े पत्थर उड़के मेरी और आने लगे.

मई- पेशानी......( ग्राइंड स्टोन )मेरे मंत्र बोलते hi सारे पत्थर चूर चूर हो गए.

शैला ने बाकी दोनों को अपने पास बुलाकर कुछ कहा.

MANTRASHUTI.mere मंत्र के बोलते hi मुझे उनकी साड़ी बातें सुनाई देने लगी.

शैला- विक्रम को हम अकेले अकेले कभी नहीं हरा sakte.uspe एक साथ हुम्ला करते hain.dekhte हैं वो संभल पाटा है की नहीं...

दोनों- ठीक है...

यहाँ ये सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्करात आ gayi.isiliye नहीं क्यूंकि मैंने उनकी बातें सुन ली थी बल्कि इसीलिए की अब मई अपने सीक्रेट किताब के मन्त्रों को तरय करने वाला था.

उधर मोकलसर ने trishul,farsa और भाले का आवाहन कर मेरी तरफ फेक diya.SHAILA ने एक बवंडर बनाया और आग की दीवाल से मिलकर उसमे आग भर दी और मोकलसर के शास्त्रों के ऊपर उससे छोड़ दिया.

पर अभी तोह अक्षांत बाकी था जिसने अपना सबसे बड़े अस्त्र का इस्तेमाल किया...

दैविगुंट VIBJUTI...(DOUBLE पावर)

मोकलसर और शैला के छोड़े हुए अस्त्र की ताकत अक्षांत के इस मंत्र से दोगुना ज़यादि शक्तिशाली हो गयी ुर मेरी तरफ बढ़ने लगी.

मैंने अपनी आँखें बंद की और अपनी इन्द्रियों को एक किया.

सम्पूर्ण शक्तियम SAMNIVESHAM.(INSERTION ऑफ़ आल पावर्स)

हर तरफ एक तेज़ रौशनी फैले gayi.kuch भी देखना इम्पॉसिबल tha.saamne खड़े तीनो में से किसीको भी न कुछ दिख रहा था न वो कुछ समझ पा रहे थे की हो क्या रहा है...

जब रौशनी घाटी तोह उनकी आँखें सिर्फ खुली नहीं चौड़ी हो gayi.kyunki उनका छोड़ा अस्त्र गायब हो चूका था और सामने मई खड़ा मुस्कुरा रहा था.

तीनो को अपनी आँखों पर भरोसा hi नहीं हो रहा था.

हुआ ये था की जो मंत्र मैंने बोलै था वो उस किताब ने मुझे सिखाई thi.is मंत्र के उच्चारण करते hi जितने भी मंत्र और विद्या मैंने ली थी सब मेरे मंद से जुड़ने लगी.

हर स्पेल को तोड़ने के लिए उससे जुड़ा मंत्र बोलना पढता tha.par अब सारे के सारे मंत्र और उनका तोड़ मेरे दिमाग में फिट होगया tha.ab जब भी किसी भी तरह का वार मुझपर होगा तोह उस वार का काट अपने आप मेरे मस्तिष्क में गूंज uthega.us स्पेल का तोड़ आटोमेटिक एक्टिव होजायेगा और मेरे हाथों में आ जायेगा. मुझे बस उसका प्रयोग करना tha.ab से मुझे किसी भी मंत्र के काट के लिया बार बार स्पेल बोलने की ज़रुरत नहीं थी.

अभी मैंने वही किया tha.mere दिमाग में ुन्तीणो के वार का तोड़ गूंज उठा और मेरे हाथों में रौशनी चमकने lagi.kyunki उस मंत्र की ऊर्जा बोहोत ज़्यादा थी कुछ भी देखना मुश्किल हो गया tha.maine अपना हाथ आगे किया और मेरे हाथों से रौशनी निकल कर उस बवंडर और मोकलसर के शास्त्रों पे पड़ी. वो सब वहीँ ख़त्म हो गए.....

वो तीनो मेरे पास आये.

शैला- ये तुमने कैसे किया विक्रम. मैंने अपनी पूरी ज़िन्दगी में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा.

मई उन्हें सच बताना नहीं चाहता था..

मई- मैंने तोह बस अपने शरीर की ऊर्जा की मदद li,tum तीनो के वार को ख़त्म करने के लिए.

अक्षांत- इतनी ऊर्जा की हम तीनो के मंत्र एक साथ निष्प्रभावित हो गए.

अब इसमें मई क्या बता सकता hun.gurudev ने मुझे सिखाया था ऐसा करना.

गुरूजी का नाम सुनने के बाद तीनो में से कोई कुछ नहीं बोलै.

मोकलसर- वो सब तोह ठीक hai,par इस जगह का क्या करें?

शैला- haan,yahan से तोह निकलने के लिए कोई जगह hi नहीं hai.ek तरफ अग्नि hai,dusri तरफ पानी और ऊपर तोह ब्लैक होल hai.ek बार उसमे फेज तोह पता नहीं ब्रम्हांड के किस तरफ से निकलेंगे.

मई- मैंने कुछ सोचा है.

अक्षांत- हाँ मुझे भी यही लगता है की तुम hi कुछ कर सकते ho.ab तोह तुम ये गृह भी ख़त्म कर दो तोह भी मुझे आश्चर्य नहीं होगा.

शैला- हाँ सही kaha.pata नहीं कब क्या कर de.batao क्या सोचा है तुमने,

अब वक़्त था दूसरे स्पेल को तरय करने का.

मई- तुम तीनो थोड़ा पीछे हैट जाओ....

तीनो के पीछे हत्थे hi मैंने अपने हाथ फैलाये.

संपूर्ण अन्थयासता YAMANA.....(COMPLETE कंटेंट्स कण्ट्रोल)

इस मंत्र के उसे से जितने भी शक्ति शोर्थ मेरे आस पास होते उनसब को कण्ट्रोल कर सकता tha.mere एक हाथ से एक पिली रे निकली और आग के दीवाल से टकराई और दूसरे से नीली रे निकलकर पानी के दीवाल से टकराई. देखते hi देखते दोनों दीवालों का रूप बदलने laga.dono hi छोटे होने लगे .

कुछ hi पल में दोनों आग और पानी के गोलों में बदल gaye.dono का आकर ज़रूर छोटा हो गया tha,par मेरे रेज़ की वजह से एनर्जी काफी बढ़ गयी थी जिसकी वजह से पूरी जगह हिलने लगी.

मैंने दोनों गोलों को ऊपर ब्लैक होल की तरफ फेक diya.dono गोले बोहोत तेज़ी से ऊपर गए और जैसे hi ब्लैक होल में पहुंचे मैंने अपनी मुठी बंद कर li.dono गोले रुक gaye.maine अपने दोनों हाथों को जोड़ diya.mere ऐसा करते hi दोनों गोले एक दूसरे की तरफ बढे और टकरा गए.

DHADDAAAMMMMMM.......EK तेज़ गर्जना HUI....har तरफ तेज़ रौशनी फैले gayi.jab रौशनी घाटी तोह जो सामने आया उससे देखकर मई तोह खुश हो गया और अस उसुअल इन तीनो के मुँह खुल गए.

ब्लैक होल गायब हो चूका tha.ab हमारे ऊपर नीला आसमान अपनी बाहें पसारे खड़ा था..... सब कुछ नार्मल होते hi गुरूजी प्रकट हुए.

बाबा विशाखत- अत्ति उत्तम putr.aaj जो तुमने कर दिखाया है वो आज से पहले कभी किसीने नहीं किया था.

मई- ये सब आप सब की शिक्षा से hi संभव हो पाया है गुरूजी.

इधर ये तीनो जो स्तब्ध खड़े थे गुरूजी को देखकर होश में आये.

बाबा विशाखत- हमारा यहाँ का काम समाप्त hua.ab हमे चलना चाहिए.

हम गायब होगये और वापस अपने टेंट्स के सामने पहुंचे.

बाबा विशाखत- जाओ बचो विश्राम करो.

मई अपने टेंट में चला gaya,aur वो तीनो अपने....

वहीँ धवलगढ़ में:-

6 दिन निकल चुके the.kal अवंतिका और शनाया को मुंबई जाना था.

सुबह का वक़्त hai.ye हमारी हेरोइन कहाँ gayi.acha यहाँ है....

अवनि अपने रूम में बीएड पर लेती कोई मैगज़ीन पद रही thi.itne में उसके रूम का दूर खुला और शनाया अंदर आयी.....

शनाया- हे स्वीट हार्ट. goodmorning.aaj तू मॉर्निंग वाक के लिए क्यों नहीं uthi.maine कितना नॉक किया पर आपकी नींद टूटे तब ना.

अवनि- गुड मॉर्निंग babes.haan yaar,aaj नींद hi नहीं khuli.pata है रात भर मुंबई के hi सपने देखती रही हूँ..

शनाया- oho.somebody इस रॉय एक्ससिटेड haan.waise तोह मई भी बोहोत एक्सीटेंड hun,ab हम भी ओपनली लाइफ जी payenge.warna यहाँ तोह अन्य्तिमे या तोह घर पे raho,aur अगर बहार निकलो तोह बोडीगार्ड्स के साथ.

अवनि- तेल्ल में अबाउट आईटी yaar.finally वे विल बे फ्री बर्ड्स रेडी तो फ्लाई.......

hipeeeeeee........dono hi ज़ोर से चिल्ला baithi.awaaz सुन शनाया की माँ अंदर आयी

S.MOM- क्या hua.SHANAYA तुझे अवनि को बुलाना भेजा था और तू भी यही बैठ गयी.

शनाया- ऊप्स mom.i कम्प्लीटली forgot.ye सब इस अवनि की बची के वजह से hai.hamesha अपनी बात में फसा लेती है.

अवनि- क्या kaha,mai फसा लेती hun,rook अभी तुझे बताती हूँ..... और शुरू हुई पिलो फाइट जिसका लॉजिक मुझे आज तक पता नहीं chala.saala अजीब झगड़ा गज़ब प्यार.

S.MOM-bas करो तुम dono.abhi भी बची की बची hi ho.chalo नाश्ता लग चूका hai.sab तुम्हारा वेट कर रहे हैं...

शनाया- जाते हैं जाते hai.waise चची आज बोहोत हॉट लग रही ho.kya बात है.

S.MOM- रूक तोह badmash.mujhe छेड़ती hai.par ये दोनों कहाँ रूकने वाली thi.bhagti हुई पहुँच गयी नीचे डाइनिंग टेबल की तरफ जहाँ पूरी फॅमिली बैठी हुई थी...

AVNI/SHANAYA- गुड मॉर्निंग एव्री ओने....

सब- गुड मॉर्निंग गर्ल्स...

A/MOM- आओ baitho.breakfast ठंडा हो रहा है....

( दीप्ती AHUJA-SHAANT स्वाभाव की एक अछि MAHILA.APNE परिवार पर ये जान छिड़कती HAIN.APNE पति को एक नेक दिल और शरीफ आदमी समझती हैं)

दादीजी- beta,aap लोगों की सब तयारी हो gayi.shopping वगैरह.....

(दादीजी- शर्मीला AHUJA.DIL की अछि HAI,APNE हस्बैंड को अपना भगवन मानती HAI.UNKI असलियत नहीं JAANTI.PURA टाइम पूजा पाठ में निकलती है.

शनाया- dadi.shopping यहाँ क्यों karen,hum मुंबई जा रहे hain.the शॉपिंग paradise.jo भी करेंगे वहीँ करेंगे.

दादाजी- ठीक hai.tum दोनों कल मॉर्निंग कार से निकल jana.lamba सफर है. रात तक पहुँच जाओगी....

अवनि- ok दादू.

A/DAD- तुम्हारे मां से बात हो गयी hai.yahan तुम्हारे रिजल्ट्स निकलते hi वहां वो तुम्हारे एडमिशंस करा देंगे.

(नविन AHUJA-APNE बाप से भी 10 कदम AAGE.AISA शायद HI कोई गलत काम होगा जो ये नहीं KARTE.DRUGS से लेकर ह्यूमन ट्रैफिकिंग सारे हरामीपन वाले काम में आगे

अवनि- थैंक्स डैड.

अब तक शनाया की माँ भी आकर बैठ गयी थी.

S/MOM- वैसे वो school,kya नाम था uska,haan st.joseph.kaisa स्कूल है.!!!!!!

(अमृता AHUJA-YE भी दीप्ती जैसी HI HAI.BAS चुबुली बोहोत HAI.SHANAYA से जितना प्यार करती है उतना HI अवंतिका से भी करती हैं.

अवनि- चाचीजी इतस थे फिनस्ट स्कूल ऑफ़ mumbai.pata है डैड वहां का 11तह कॉमर्स का कट आउट hi 88 परसेंट है और साइंस का 90 परसेंट है.

डैड- हमारे दोनों बचे hi तोप्पेर्स hai.admission तोह आराम से हो जायेगा.

S/DAD- bhaiya,agar तोप्पेर्स न भी होते तोह किस्मे हिम्मत है की हमारे बच्चो का एडमिशन न करे.

(निखलेश AHUJA,ITNA जान लीजिये की ये अपने भाई का ज़ेरॉक्स है....

दादाजी- hmm.ye तोह है.

फिर कुछ खास न हुआ और ये दिन भी ऐसे hi निकल गया.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

दिग्विजय पहुंचा ग्लूटो.

ग्लूटो- अपने आप में एक अनोखा grah.isse चैलेंज वर्ल्ड भी कहते हैं......

ये प्लेनेट सिर्फ चैलेंजेज के लिए जाना जाता hai.yahan पर हर साल एक कम्पटीशन होता है जिसमे पुरे यूनिवर्स के हज़ारो प्लैनेट्स से warriors,magicians और इंटेलीजेंट लोग आते हैं पार्टिसिपेट karne.jo भी इस कॉम्पिटिशन के फाइनल्स को जीत जाता hai,usse यहाँ के राजा को चुनौती देने का मौका मिलता hai.agar वो उस राजा को हरा दे तोह इस गृह का नया राजा बन जाता hai.par पिछले 10 सालों से ग्लूटो पर किसी राजा का नहीं बल्कि रानी का राज है.10 वर्षो में उससे कोई भी नहीं हरा पाया hai.is रानी का नाम है.......

निष्कलिका.....

देखते है दिग्विजय और ग्लूटो जब टकराएंगे तोह क्या HOGA.IDHAR विक्रम की ट्रेनिंग भी अपने अंतिम चरण में HAI.EK तरीके से देखा जाए तोह अब उसकी ज़िन्दगी HI बदल चुकी HAI.IDHAR अवंतिका भी अपने हीरो के स्कूल में HI आ रही HAI.DONO की मुलाकात क्या रंग LAYEGI,YE जानना मज़ेदार HOGA.BOHOT से राज़ हैं जो धीरे धीरे खुलने वाले हैं.

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V.J........
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम ने दण्डपात गृह की चुनौती सफलतापूर्वक पूरी कर LI.WAHIN अवंतिका और शनाया अगले दिन मुंबई जाने के लिए सेट HAIN.DIGVIJAY पहुँचता है ग्लूटो प्लेनेट जहाँ फ़िलहाल किसी निष्कलिका नाम की रानी का राज HAI.....AB आगे............

CHAPTER- 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त एंड थे हौली स्पिरिट )

अपडेट 23:-

A/MOM- avni,shanaya,beta अपना ख्याल rakhna.pehli बार हमसे दूर rahogi...pata नहीं कैसे मैनेज karogi.....ye कहते कहते दीप्ती की आँखों में आंसू आ गए.

इस वक़्त पूरी आहूजा फॅमिली बहार लॉन में कड़ी थी अवंतिका और शनाया को सी ऑफ करने के लिए.

अवनि- ओह के ों mom.hum मामाजी के यहाँ रहेंगे तोह अकेले कहाँ से हुए.

और वैसे भी वहां वाणी और गौरव भैया भी तोह है ना हमारे saath.so प्ल्ज़ डोंट डरॉय जस्ट चिल्लाफी......

अभी अमृता भी कुछ कहने hi वाली थी की

शनाया- माँ plz,aap अब शामे दिआलॉगस रिपीट मत karna.AVNI ने जो कहा मेरा भी वही जवाब hai.extra कुछ ऐड नहीं करुँगी मई.

सभी शनाया की बात पर है दिए और अमृता ने उसके कान पकड़ लिए...

S/MOM- हर वक़्त बस मज़ाक hi सूझता है तुम दोनों ko.kyun?

SHANAYA-ouch mom.sorry sorry,par क्या करती सभी यहाँ ऐसे फेस बना कर खड़े हैं जैसे हम मुंबई नहीं कारगिल जा रहे हैं.

सभी शनाया की बात पर फिर है दिए.

अमृता- ाचा तुम दोनों ने रियांश और देवांश से बात कर ली है ना.

( रियांश AHUJA-NAVEEN'S सोन... देवांश AHUJA-SON ऑफ़ निखलेश AHUJA...AVANTIKA और शनाया की HI तरह ये भी हम उम्र हैं और फ़िलहाल कनाडा में रॉयल रोड्स यूनिवर्सिटी से M.B.A कर रहे हैं...)

शनाया- हाँ माँ कल hi बात हुई थी.

A/DAD- चलो fir,jaldi से niklo.rasta लम्बा है....

अवंतिका- dad,ek एक्स्ट्रा car,kaafi थी naa,ye पूरा काफिला भेजने की क्या ज़रुरत hai......aisa लग रहा है जैसे कोई C.M या P.M जा रहा है.....

अभी नवीन कुछ कहते उससे पहले दादाजी बोल उठे.

DADAJI-hamari पोतियां किसी C.M या P.M से काम है kya.ye ज़रूरी है beta.security के मामले में no arguments.ok!!!

अब दादाजी के आगे किसकी chalti,AVNI और शनाया ने भी चुप रहना hi ठीक समझा वर्ण कहीं जाना hi कैंसिल न कर दें......

अवनि- ok then.....by एव्री ओने.

दोनों ने बारी बारी से सबके पेअर चुकार आशीर्वाद लिए और कार में बैठ निकल पड़े.

उनकी कार के आगे 10 कार थी और पीछे 10 car.dekhkar वाकई ऐसा लग रहा था जैसे कोई C.M कहीं जा रहा है.......

बैक तो हीरो:-

सुबह का वक़्त hai,mai और गुरूजी उसी झरने के पास ध्यान करने बैठे हैं.

बाबा VISHAKHT-ab तक जो भी तुमने सीखा hai,usse तुम हर अस्त्र क्षेत्र का सामना कर paoge,koi भी तुम्हे किसी भी युद्ध में परास्त नहीं कर paayega,kintu खतरा सिर्फ उस शत्रु से नहीं होता जो सामने से वार kare,sabse ज़्यादा खतरा आस्तीन में छुपे सांप से होता hai.un लोगों से होता है जो हमें अपने जाल में फसकर षडियंत्र द्वारा हानि पहुंचते hain.is ब्रम्हांड का सबसे बड़ा मायाजाल वो समाज है जहाँ हम रहते hai.mithya ,धोकेबाज़ी , वो अस्त्र है जो सीधे हमारे ह्रदय पर वार करते हैं और एक ऐसा कष्ट पहुंचते है जो किसी प्राण घाटी मंत्र से भी ज़्यादा पीडादेई होता है.

पुत्र, आज मई तुम्हे एक नयी शिक्षा देने वाला हूँ जिसके उपयोग से कोई भी तुम्हे धोका नहीं देगा.....

मई- नयी shiksha.wo क्या गुरुदेव!!!

बाबा VISHAKHT=ANUBHAVATI.... इस मंत्र के सही उपयोग से तुम किसी के भी मन को पढ़ सकोगे......

और दूसरा दर्शनम KAROTI....is मंत्र को अगर तुम उपयोग में ला पाए तोह तुम किसीके भी आँखों ने जो भी देखा होगा या उस पल देख रहा hoga,wo सब तुम भी देख सकोगे.....

मई- wow,ye तोह बोहोत काम के मंत्र हैं..

बाबा विशाखत- तोह चलो पहले मंत्र का अब्यास आरम्भ करो...... अनुभवति मंत्र का उच्चारण करते वक़्त तुम्हे अपने अंदर जो भी रौशनी दिखेगी तुम्हे उस रौशनी को अपने ह्रदय से जोड़ना होगा.

और दर्शनम करोति मंत्र के उच्चारण के वक़्त तुम्हे जो रौशनी dikhegi,usse अपने मस्तिष्क से जोड़ना होगा.

तोह आरम्भ करें.......

मई- जो आज्ञा gurudev....aur मई लग गया दोनों मंत्र का आवाहन करने me..ek चीज़ थी जो मुझे किताब ने सिखाई thi.wo ये की अब मई जितने चाहूँ उतने स्पेल्स एक साथ उसे कर सकता tha.mujhe अलग अलग प्रैक्टिस करने की ज़रुरत नहीं थी.

और सबसे अछि बात ये थी की अब मुझे किसी भी मंत्र को बार बार बोलने की ज़रुरत नहीं thi.situation के हिसाब से मेरा दिमाग अपने आप इस्तेमाल में आने वाला मंत्र बोल देता था और मई आसानी से उससे प्रयोग में ला सकता था.

सिर्फ कुछ hi देर में अनुभवति मंत्र के आवाहन से एक रौशनी मेरे हार्ट से जुड़ गयी और दर्शनम करोति मंत्र से एक रौशनी मेरे दिमाग से जुड़ hayi...ek रौशनी मेरे सर से निकलने लगी और एक रौशनी मेरे सीने से. मेरे सामने बैठे गुरूजी ये देखकर मुस्कुराने लगे.....

बाबा विशाखत ( मन में ) अद्भुद पुत्र अद्भुद...

मई ध्यान में बैठा था की मुझे गुरूजी की आवाज़ सुनाई di.meri आँखें खुल गयी.

सामने बैठे गुरूजी मुस्कुरा रहे थे.

बाबा विशाखत- ये मेरी hi आवाज़ थी पुत्र जो मैंने मन में कही थी और तुमने सुन ली......

वहीँ दूसरी तरफ:-

दिग्विजय एक लम्बी लाइन में खड़ा tha.usse यूँ लाइन में खड़ा होना ाचा तोह नहीं लग रहा था पर अभी वो बस माहौल को समझना चाहता था.

उसके डैड ने उससे बताया था इसके बारे me.GLUTO गृह के एंट्री में hi एक चेक पॉइंट hai.jitne भी ग्रहो से लोग यहाँ पार्टिसिपेट करने आते हैं उन्हें वहीँ लाइन में खड़े होकर पहले वहां से सिक्के लेने पड़ते hain.ye सिक्के उन्हें अपने गृह से लाये सोने और हीरे के बदले मिलते hai.un सिक्को से hi यहाँ रहा जा सकता है.

दिग्विजय ने अपने आस पास dekha.uske जैसे hi सैकड़ों लोग अलग अलग लाइन में खड़े थे.

कुछ hi देर बाद दिग्विजय का भी नंबर आ गया.....

XXX-sone लाये हो या हीरे!!!!!

दिग्विजय- दोनों.. ये कहकर दिग्विजय ने अपने हाथ में पकड़ा झोला सामने मेज़ पर रख कर खोल दिया.

क्सक्सक्स इतने हीरे और सोने और को देखकर शौकीद रह गया. इतने saare.tum कौन से गृह से हो?

दिग्विजय- एअर्थ....

क्सक्सक्स फिरसे शॉकेड होते हुए- क्या kaha,EARTH...... ये पहली बार है जब कोई एअर्थ से आया है प्रतिस्प्रधा में भाग लेने के liye....ye lo.ye कहकर क्सक्सक्स ने 10000 सिक्के निकल कर रख दिए.

दिग्विजय- इतने काम.

क्सक्सक्स- तुम्हे ये काम लग रहे hain.tum इतने सिक्को से पुरे 2 महीने यहाँ रह सकते ho,agar टिक पाओ तोह.

दिग्विजय- क्या मतलब अगर टिक पौन तोह!!!

क्सक्सक्स- bache,yahan एक हफ्ता टिकना भी मुश्किल hai.yahan एक से एक खतरनाक योद्धा आते है फिर भी 1 हफ्ते नहीं टिक paate.tum तोह बचे हो और ऊपर से इतने सिक्के ले कर जा रहे ho.tumhe तोह बहार hi कोई इन सिक्को के लिए मार देगा.

दिग्विजय. हहहहहह... मर गए दिग्विजय को मारने वाले.

दिग्विजय उन सिक्को को लेकर आगे चला गया...

आगे का नज़ारा भी अजीब hi tha.koi कहीं भी बैठकर जुआ खेल रहा tha,nashe में दुबे लोग यहाँ वहां घूम रहे थे, कुछ ुनिफॉर्मस में थे मतलब वहां के सैनिक the,woh सब भी ये सब देख कर भी कुछ नहीं बोल रहे the.wahan जितने भी बिल्डिंग्स से सब पत्थर के बने थे.

अब दिग्विजय को भी कहीं तोह रुकना hi था तोह उसने किसी होटल का पता लगाने की sochi.saamne hi एक ग्रुप खड़ा था. दिग्विजय उन लोगों की तरफ चल पड़ा.

दिग्विजय- भाई लोग. यहाँ कहीं कोई होटल होगा रुकने के लिए.

सामने खड़े सभी लोगों ने दिग्विजय को गौर से देखा.....

पहला आदमी- तुम कौन हो bache,yahan क्या कर रहे हो?

दिग्विजय- जितना पूछ रहा हूँ उतना bata.faltu की पंचायत मेरे सामने मत कर.

दिग्विजय से ऐसे जवाब की उम्मीद वहां किसी को न थी..

दूसरा- क्या बोलै tu.humse जुबां लड़ता hai..saale तेरी तोह......

ओह्ह, ाः धुप्प कड़क...

ऐसी 9 बार आवाज़ें aayi.wahan कुल 10 लोग खड़े थे.1 को छोड़ के बाकी सभी ज़मीं पर थे और बेहोश हो चुके the.ye सब देखकर आस पास काफी भीड़ जमा हो गयी थी. 9तह बाँदा तोह थार थार कांप रहा था.

दिग्विजय- हाँ तोह मई क्या पूछ रहा tha.haan, यहाँ कोई होटल है आस पास रहने के लिए...

वो आदमी तोह बस ठगा सा खड़ा कांप रहा था.

दिग्विजय- अब्बे तू अड्रेस बता सके इसीलिए तुझे छोड़ा maine.ab बताता है या तुझे भी मार कहानी है...

आदमी- वो सामने जो ईमारत दिख रही है वहां से दायी और मुद jao.wahan बोहोत सी सराय हैं रहने के लिए.....

दिग्विजय- थैंक्स बीआरओ.

रूक जाओ....

अभी दिग्विजय थोड़ा आगे hi गया था की इस आवाज़ से रूक gaya.palat कर देखा तोह वही सैनिक थे जिन्हे उसने थोड़ी देर पहले देखा था....

सैनिक- कौन हो तुम और इन लोगों को क्यों मारा.

दिग्विजय- नाम DIGVIJAY.inki शकल पसंद नहीं आयी तोह पेल दिया.

सैनिक- तुम जानते हो तुम किस्से बात कर रहे ho.hum यहाँ के मुख्या सिपाही hain.hum तुम्हे कारावास में दाल सकते हैं...

दिग्विजय- क्या बोलै मुख्या sipahi.chiii,saale इंसल्ट कर दी meri.senapati,mantri भी बोलता तोह कुछ ठीक lagta.upar से बड़े बड़े dialouge.kya वर्ड बोलै हाँ karawaas,saale मई तुझे चिन्दी चोर दीखता हूँ क्या जो आया धमकी दिया और जेल में दाल diya.isse पहले की मेरा दिमाग ghume,fut ले यहाँ se...saale नहीं तोह निम्बू जैसा निचोड़ दूंगा.

सैनिक- तेरा इतना dusshas.giraftaar करो इससे.

अब दिग्विजय के पास इतना टाइम नहीं था की यहाँ टाइम पास करे.

दिग्विजय- दुआसा ट्रायगना.....

सैनिको के हाथ में जितने भी सशत्र थे वो उन्ही के सामने आगे खड़े हो गए.....

DIGVIJAY-ABHISAAR...... अभी तोह सैनिक इस शॉक से नहीं उबरे थे की उनके शास्त्रों को क्या हुआ hai.uske ऊपर उनके सशत्र उन्ही पर हुम्ला करने लग gaye.thodi hi देर में सभी सैनिक ज़मीं पर the.koi मारा तोह नहीं पर गंभीर ढंग से घायल ज़रूर हो गए थे.

वहां खड़े सभी लोग स्तब्ध रह गए थे...

दिग्विजय वहां नहीं रुका और आगे निकल गया.

बैक तो हीरो-

1 महीना ख़त्म हो चूका tha.meri ट्रेनिंग ख़त्म हो गयी thi.ek तरफ मई काफी खुश था क्यूंकि मई अब अपने माँ डैड के पास वापस जा रहा tha,wahin मेरे अंदर एक खालीपन भी भर गया tha.mujhe इस जगह इस ट्रेनिंग से एक लगाव सा हो गया tha.par कहते है ना समय ाचा हो या बुरा ख़त्म तोह हो hi जाता है......

अभी मई अपनी पैकिंग कर hi रहा था की गुरूजी अंदर आये.

बाबा विशाखत- तैयार हो गए पुत्र.

मई- जी गुरुदेव.....

बाबा विशाखत- तुम्हारी किताब कहाँ है.

मई- ये rahi.maine किताब बैग में राखी थी वो निकल कर दिखाई

बाबा विशाखत- इससे अपने सीने के ऊपर रखो....

मैंने रख लिया.

पर तभी उस बुक में से एक तेज़ रौशनी निकली और जब घाटी तोह बुक गायब थी.

मई- अरे ये कहाँ गयी...

बाबा विशाखत- तुम्हारे अंदर...

मई- मेरे अंदर मतलब....

बाबा विशाखत- वो सिर्फ एक पुस्तक नहीं है vikram,tumhara hi एक अंश है जो अब तुम्हारे अंदर hi rahega.jab भी तुम्हे उससे पढ़ना हो उससे याद कर लेना वो तुम्हारे सामने आ जाएगी.

मई- किन्तु गुरुदेव एक किताब मेरा अंश कैसे हुई???

बाबा विशाखत- सही वक़्त आने पर इसका जवाब भी तुम्हे किताब hi देगी..

मैंने भी ज़्यादा नहीं सोचा...

बाबा विशाखत- chale.hame विलम्ब नहीं करना चाहिए.....

मई और बाबा बहार आये तोह मैंने देखा तीनो बहार hi खड़े थे.

मई तीनो से बारी बारी mila.jab शैला से गले मिल रहा था वो धीरे से बोली..

SHAILA-meri गुरुदक्षिणा बाकी है.

मई- जो आप मानगो...

शैला- अभी नहीं जब भी सही वक़्त आएगा तोह मई आउंगी तुम्हारे पास अपनी गुरुदक्षिणा लेने..

मई- ठीक hai.jab भी दिल करे मांग लेना...

बाबा विशाखत ने वर्ल्ड दूर खोल दिया जिसमे से होकर वो तीनो चले गए.

हम भी गायब होकर सीधे मेरे घर के पास pahunche.abhi रात के करब 8 बज रहे the.hum जहाँ पहुंचे थे वहां थोड़ा ज़्यादा अँधेरा था .हमारा यूँ अचानक प्रकट होना कोई भी नहीं देख सकता था.

इतने दिनों बाद अपने घर को देखकर मई बोहोत खुश हो गया.

बाबा विशाखत- जाओ पुत्र...

मई- आप नहीं चलेंगे गुरुदेव !!!!!

बाबा विशाखत...... आज नहीं पुत्र.... अभी तुम jao.....mai फिर कभी आऊंगा..

गुरुदेव गायब हो गए....

मई काफी देर तक उस जगह को जहाँ बाबा खड़े the,ek तक देखता raha.thoda बुरा लग रहा था गुरूजी से अलग hokar.par कर भी क्या सकता था.

मई भी चल पड़ा अपने घर की taraf.bahar वाच मन खड़ा tha.mujhe देखते hi उसने सलूट किया और मेरा बैग लेने आगे आया.

मई- अरे kaka,ek hi तोह बैग hai.mai लेजाऊंगा. मई अंदर की तरफ चल पड़ा.

मई जब अंदर pahuncha,mujhe हॉल में hi माँ डैड बैठे दिख गए जो किसी बात पर डिस्कशन कर रहे थे.

मई- mom,dad.dono को देखकर मई अपनी एक्ससिटेमेंट कण्ट्रोल नहीं कर पाया और ज़ोर से चिल्लाया.

मुझे देखते hi माँ उठी और दौड़ते हुए मेरे गले लग gayi.unki आँखों में आंसू the.piche पीछे डैड भी आ रहे the.itne दिनों के बाद माँ को गले लगते hi मेरे भी आंसू निकल गए....

डैड- ोये khoteya.bas अपनी माँ से hi मिलेगा या अपने बाप के कलेजे को भी थोड़ी ठंडक देगा. मई माँ से अलग हो डैड के गले लग gaya.aansu तोह डैड के आँखों में भी थे पर आखिर पापा the,emotions को दबा गए.

DAD-arre yaar,tu तोह और हैंडसम हो gaya.teri बॉडी भी थोड़ी चौड़ी लग रही hai.kya खिला रहे थे गुरूजी tujhe.lo जी अब तुम वो माँ वाला डीएलओगे कैसे मरोगी

माँ- कौन सा डीएलओगे???

डैड- अरे वही की कितना दुबला हो गया hai.wahan कुछ खाने को नहीं देते थे क्या.

मई और डैड दोनों hi इस बात पर है पड़े और माँ ने मुँह बना लिया.

माँ- आपको जब देखो मज़ाक hi सूझता रहता hai.abhi तक तोह मैंने अपने बचे को ठीक से देखा भी नहीं.....

डैड- bhagyawaan,agar तुम्हारा बीटा पूरी ज़िन्दगी भी तुम्हारे सामने बैठे तब भी तुम यही कहोगी....

माँ- हो गया आपका. जा बीटा फ्रेश हो जा फिर डिनर करते हैं...

मई- हाँ माँ आपके हाथों के खाने के लिए तोह मई तरस गया hun.mai भागते हुए रूम गया फ्रेश हुआ और नीचे आ गया.

जब मई नीचे आया तोह दोनों कुछ बात कर रहे the.mujhe आता देख चुप हो गए...

अब मई पहले वाला विक्रम तोह था nahi.mom,dad,jitni भी धीरे बात कर len,mai तोह सुन hi lunga..waise एक बात और thi,mai जब से आया tha,dad की आँखों में कुछ टेंशन thi,jisse वो मुझसे छुपाने की कोशिश कर रहे the.pehle मैंने ध्यान नहीं दिया था पर अब उनकी हलकी सी बात सुनाने के बाद मुझे ये याद आ गया था.

डैड- और beta,kya क्या सिखाया गुरुदेव ne.dinner ख़त्म करने के बाद मई माँ और डैड वही सोफे पर बैठे थे तोह डैड ने पूछा...

मई- फिजिकल ट्रेनिंग डैड और थोड़ा िक ट्रिगर करवाया.

डैड- फिजिकल ट्रेनिंग मतलब!!!!

मई- कॉम्बैट फाइटिंग डैड.......

डैड- वेल वेल, मतलब अब हमारा बीटा एक फाइटर बन गया hai,haan...

मई- यस डैड.

माँ- पर किसीसे लड़ने मत बैठ जाना.

मई- के ों mom,you क्नोव में...

ऐसी hi कुछ देर बातें होती rahin.ab मुझे कन्फर्म हो गया था की डैड सच में कुछ प्रॉब्लम में हैं... मैंने डैड की आँखों में झाँका और मेरी आँखों में पिछले एक महीने में डैड के साथ क्या क्या हुआ hai,sab दिखने लगा.

मई- माँ dad,i'm तू tired.mai सो जॉन..

माँ - हाँ बेटाजी आप सो जाओ.

मई- ok then,good नाईट mom,good नाईट डैड.

दोनों- गुड नाईट बीटा.

मई चल पड़ा स्टैर्स से ऊपर की taraf.par अब मेरी आँखें लाल होने लगी thi,jabde भींचे हुए the,muthiyan कासी हुई थी.

मई- ''बलबीर सिंह BAAGA''.......(DIGVIJAY'S डैड) तू तोह गया बीटा.........

आज के लिए इतना HI.

आपका अपना V.J......
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका और शनाया दोनों मुंबई के लिए निकल चुके HAIN,WAHIN दिग्विजय ने भी ग्लूटो पहुंचते HI पन्गा ले लिया HAI.VIKRAM भी अपने घर पहुँच चूका है और अपने डैड की प्रॉब्लम की वजह भी उससे पता चल गयी है.

अब आगे:-

CHAPTER- 1

(DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट)

अपडेट 24:-

अवंतिका- वाणी, प्रीयू, मौसी, गौरव भैया........... where's एवरीबॉडी.....

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रात के करीब 8 बज रहे थे जब अवंतिका और शनाया मुंबई अपने मां के घर pahunche......awaaz सुनकर मामीजी जो किचन में थी बाहर आयी...

ममी- ओह माय god.meri बच्चियां आ gayi.muhe लगा 11 बज जायेगा तुम लोगों को पहुँचने में.

शनाया- हम लोग एक काम करते hain,wapas जाकर 3 घंटे बाद फिर से आते हैं.....

मामीजी- चुप badmash.kuch भी बोलती hai.ek मिनट रूको मई अभी aayi.maami कहीं गयी और जब वापस आयी तोह उनके हाथ में आरती की थाली थी.

अवंतिका- ओह के ों mausi.ye ज़रूरी है क्या?

मामी- चुप कर के कड़ी reh.mousi ने बारी बारी दोनों की आरती की.

शनाया- हो gaya.acha मामी ये vaani,priyu,gourav भैया कहाँ है और मामाजी भी नहीं दिख रहे.

वाणी इधर है babes.abhi मामीजी कुछ कहती उससे पहले hi पीछे से एक आवाज़ aayi.......awaaz सुनकर अवंतिका और शनाया ने पीछे मुड़के देखा. वाणी और प्रियंका खड़े मुस्कुरा रहे थे.

( वाणी ARORA.SUPER हॉट LADKI.ISNE भी अभी 10तह कम्पलीट किया HAI.JITNI हॉट है घमंड भी उतना HI HAI.APNI गलती कभी नहीं मानती...)

( प्रियंका ARORA.VAANI'S लिटिल SISTER.GHARWAALE और फ्रंज प्यार से प्रीयू बुलाते हैं. अभी 8तह में है वो भी अपने हीरो की स्कूल ME.SWEET लड़की है पर बोहोत HI चंचल है.)

AAAAAAAAAAAAA............... और फिर शुरू हुआ लड़कियों का कॉमन talent.gala पहाड़ कर chillana.pata नहीं एक दूसरे से मिलने पे ऐसा क्या हो जाता है की ऐसी आवाज़ें निकलती है इनके गले se.shakal तोह वही रहती है फिर भी इतना शॉकिंग एक्सप्रेशन!!!!! पता नहीं क्या लॉजिक hai.khair कहानी लॉजिक की नहीं मैजिक की है, उसी पर फोकस करते हैं.

मामी तोह इनके चिल्लाते hi कान में हाथ रख कर वापस किचन चले गयी thi.kuch देर लगा पर तीनो की एक्ससिटेमेंट आखिरकार कुछ काम हुई.

वाणी- i'm सो एक्ससिटेड babes.ab हम सब साथ rahenge.mujhe तोह अब भी यकीं नहीं हो रहा की ये सच है....

शनाया- एक्ससिटेड की bachi.jab पता था की हम आ रहे hain,fir भी दोनों गायब थी.

प्रियंका- अरे di,mom ने कहा की आप लोगों को आते आते 11 बज जायेंगे तोह हम भी घूमने चले gaye.khair वो सब chhodo,waise दी आप दोनों तोह काफी हॉट हो गए ho.lagta है मुंबई के लड़को के हार्ट फ़ैल होने वाले हैं...

अवंतिका प्रियंका के कान पकड़ते हुए- प्रीयू की bachi,thigni से है पर बातें बड़ी बड़ी haan.kaun सिखाता है तुझे ये सब.

PRIYANKA-aah दी. कान छोडो तोह बताऊँ naa.haan,toh दी ऐसा है की टैलेंटेड लोगों को कुछ सीखना नहीं padta.aur हम तोह पैदाइशी टैलेंटेड हैं.....

प्रीयू की बात पर सब है दिए.

अवंतिका- तोह मिस talented,exams कैसे गए तुम्हारे?

प्रियंका- सुपर्ब दी.

SHANAYA-very good.waise वाणी तू कप्स में हैं ना!!!

वाणी- है नहीं थी, अब तोह हम भी तुम लोगों के साथ hi डेरा डालेंगे.

अवंतिका- haan,bohot मज़ा आने वाला है इस साल.

प्रियंका- अब तक आप लोग मुझसे बड़े the,par अब मई आप लोगों से बड़ी हो गयी....

वाणी- वो कैसे?

प्रियंका- अरे दी सिंपल सी बात है, आप सब मेरे स्कूल में आ रहे ho,toh इस हिसाब से मई आपकी सीनियर हुई ना.

अवंतिका- ok madam,bas प्लीज सीनियर की तरह हमारी रैगिंग मत लेना.

प्रियंका- सोचेंगे....

सभी इस बात पे फिर है दिए.

शनाया- वाकई yaar,ab तोह मज़ा आ jayega.st जोसफ में हम चारो का राज होगा.

वाणी- 4 नहीं 6. एक मेरे दो फ्रेंड भी मेरे साथ आएंगे st.joseph में padhne.aur बेब्स हम जहाँ जाते हैं वहां राज करते हैं.

प्रियंका- ओहो मैडम log,break lagao....aur ये गलत फेहमी निकल दो की आपमें से किसीको भी वहां प्रायोरिटी मिलेगी.....

शनाया- क्यों नहीं milegi.humse बेस्ट कोई है क्या kahin.mai और अवनि स्टडीज में टोपर hain.uske ऊपर मई सिंगिंग में और अवनि डांस में no.1 hai.priority तोह हमे hi मिलेगी....

वाणी- और नहीं तोह kya.aur तुम भूल रही हो की हम टेक्सटाइल किंग सतीश अरोरा के बचे hain.pure मुंबई की 5तह रिचेस्ट फॅमिली हैं hum.hum जहाँ भी जाते हैं सब कुछ हमारे हिसाब से होता है....

प्रियंका- अवनि दी, शनाया दी आप लोग पढाई में, गाने में, डांस में बेस्ट तब तक हैं जब तक आप हमारे स्कूल में नहीं आ jate.ek बार आ गए तोह फिर सेकंड और थर्ड पोजीशन से hi काम चलना होगा.

शनाया- सेकंड matlab!!!toh फर्स्ट कौन आएगा....

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प्रियंका- विक्रम जयराज SINGH.the बेस्ट स्टूडेंट ऑफ़ और school.unke जैसा कोई nahi.studies में best,sports में champion,kya आवाज़ है unki.gaane में भी no.1.aur dance,aisa लगता है बॉडी में हड्डियां hi नहीं hai.he इस तहत flexible.pichli 3 साल से अन्तर स्कूल लेवल डांस और सिंगिंग चैंपियन hain.itna hi नहीं हे इस ा दमन गुड पोएट yaar.itni सी उम्र में क्या पोएट्रियस करते hain.aur

.......

वाणी- बस बस मेरी maa.aur कितना पकाएगी उस, व्हाट वास् थे नाम..... haan...VIKRAM के नाम se.waise मैंने भी काफी सुना है उसके बारे me.hamare टीचर्स भी उसका एक्साम्प्लेस देते रहते है. चलो हम भी देखते है कौन है ये विक्रम.......

शनाया- हम्म देखते hain,aisa कौन है जो हमें हरा सकता है..

अवंतिका- विक्रम जयराज SINGH.....hmm नीस नाम.........

बैक तो हीरो:-

मई- hmm,toh ये है बलबीर सिंह BAGGA.....saale की पर्सनालिटी तोह जानवर जैसी है.

इस वक़्त मई अपने बीएड पर लेता लैपटॉप में बलबीर सिंह की डिटेल्स चेक कर रहा था....

अब मुझमे ताकत तोह बोहोत thi,guruji ने मुझे इस ब्रम्हांड के कई राज़ भी बताये थे पर मेरे ट्रेनिंग के आखरी दिन उन्होंने मुझसे कुछ कहा था जो मुझे अभी याद आ रहा था.

लास्ट वर्ड्स ऑफ़ बाबा विशाखत तो विक्रम दूरिंग थे लास्ट डे ऑफ़ ट्रेनिंग:-

गुरूजी- पुत्र एक बात हमेशा याद rakhna,hum जितने भी शक्तिशाली क्यों न हो jaye,kisi को भी काम आंकने की गलती कभी मत karna.dharti पर ऐसे बोहोत से लोग और जीव हैं जो मायावी hain.kabhi भी अपने दुश्मन की पूरी जानकारी लिए बगैर उससे लड़ना mat.bhavishya में तुम्हे इस ब्रम्हांड के लिए बोहोत बड़ी बड़ी लड़ाइयां लड़नी hai,par ब्रम्हांड से पहले तुम्हारी प्राथमिकता तुम्हारे परिवार के लिए और समाज के लिए लड़ना hai.par जो भी करना क्रोध और आवेश में आकर नहीं ठन्डे दिमाग से करना.

फ्लैशबैक एंड्स....

तब मुझे गुरूजी की बात उतनी समझ नहीं आयी thi,par अब समझने लगा tha.maine डैड के आँखों से देखा था की आज से कुछ 28 दिन पहले बलबीर मेरे डैड से मिला था.

फ्लैशबैक-

बलबीर- गुड मॉर्निंग जयराज जी....

डैड- गुड morning.bataiye आज हमारे ऑफिस में आपका कैसे आना हुआ!!!!

BALBEER-aap बताइये जयराज ji,kya सोचा फिर आपने मेरी पार्टी ज्वाइन करने के ऑफर के बारे में.!!!!

डैड- इसका जवाब तोह मैंने आपको दे दिया tha,mujhe कोई इंटरेस्ट नहीं है आपकी पार्टी में.

बबलीर- एक बार फिर सोच लीजिये जयराज JI.mujhse हाथ मिलकर आपका फायदा hi होगा और न मिलकर नुक्सान....

जयराज- हर बात को फायदे और नुक्सान की कसौटी पे नहीं तौलना चाहिए BALBEERJI.khair ये आपको समझ नहीं आएगा और वैसे भी मई सोच कर फैसला करता hun,faisla करके नहीं सोचता.....

बलबीरजी उठते हुए- ये भी सही है. पर एक सलाह है मेरी, जिस ऊंचाई पर आप खड़े hain,wahan से निचे गिरना बोहोत तकलीफ दे सकता है aapko.khair चलता हूँ....

और इसी दिन के बाद से डैड को नुक्सान होना शुरू hua.india में हमारी कुल 30 फैक्ट्रीज hain,aur अब्रॉड में 6. यहाँ की 5 फैक्ट्रीज में अचानक आग लग गयी और अब्रॉड की दो फैक्ट्रीज me.hamara अरबो का नुक्सान हो चूका tha.itna hi नहीं स्टॉक मार्किट में भी हमारे कंपनी के शेयर्स काफी गिर गए the,aur 4 डीलरशिप भी कैंसिल हो गयी थी...

डैड और माँ का दो बार एक्सीडेंट होते होते भी बचा था...

प्रतक्ष्यतम ( विसुअल इंस्पेक्शन ) ये स्पेल मुझे किताब ने सिखाई thi,isse मई जो भी गड़बड़ लगे उसका पता लगा सकता था.

मेरे स्पेल बोलते hi मेरे अंदर से रेज़ निकली और हर उस जगह पर पहुंची जहाँ प्रोब्लेम्स हुई थी जिससे देखकर मुझे शॉक लगा.

हमारी जितनी भी फैक्ट्रीज में आग लगी थी वो आग अपने आप hi जल उठी thi.unka कोई सोर्स नहीं tha.aur जिन ट्रक्स से माँ डैड का एक्सीडेंट होने वाला tha,uske ड्राइवर को भी हिप्नोतिजे किया गया था.

ये सब देखकर मई समझ गया की ये किसी साधारण इंसान का काम तोह हो नहीं sakta.BALBEER क्या चीज़ है ये जानने के लिए hi मई उसका विकिपीडिया चेक कर रहा tha.baaki सब तोह नार्मल था पर उसका पास्ट पूरा गायब tha.na उसके माँ डैड का पता tha,wo कहाँ पैदा हुआ कुछ भी ठीक से नहीं लिखा tha.achanak रातों रात वो सक्सेसफुल हो गया था.

मई= साला पक्का कुछ झोल hai....ye बलबीर कोई नार्मल बाँदा तोह हो नहीं sakta.par साला जितना भी बड़ा टॉप ho,iski ऐसी की तैसी कर के hi रहूँगा.

ये गुरूजी भी naa,mujhe सिर्फ डिफेंस के स्पेल्स hi सिखाये hain.un स्पेल्स से अटैक तभी कर सकता हूँ जब सामने से हुम्ला ho.kya करूँ!!!!!!

haan,khud हुम्ला नहीं कर सकता तोह kya,karwa तोह सकता hun.ab देख बीटा BALBEER,jaise तूने कोई एविडेंस नहीं chhoda,mai भी नहीं छोडूंगा....

मैंने फिर से आखें बंद की और ध्यान lagaya.mujhe बलबीर का चेहरा दिखने लगा और उसके ख़ास आदमियों का bhi.un में से एक आदमी को मैंने चुना और उसकी पूरी जन्म कुंडली मेरे दिमाग में बैठ gayi.meri आँख खुल गयी.

अब जो भी करना था कल hi करना tha.main कुछ देर तक सोचता रहा फिर सो गया.

इतने दिनों तक लगातार 4 बजे उठने की वजह से आज भी मेरी आँख 4 बजे hi खुल gayi.mai फ्रेश होकर ध्यान में बैठ gaya.mai करीब 3 घंटो तक ध्यान में बैठा raha.dhyan का सबसे बड़ा फायदा जो मुझे हुआ था वो ये था की अब मुझे किसी भी स्पेल को बोलने की ज़रुरत नहीं पढ़ती thi.mere सोचने भर से हर मंत्र काम करने लगता था.

ध्यान से उठकर बाकी काम निपटाकर नीचे aaya.mom डैड दोनों hi डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे.

मई- गुड मॉर्निंग माँ डैड..

दोनों- गुडमॉर्निंग बीटा.

डैड- सुबह सुबह कहाँ जाने की तैयारी है???

मई- एक फ्रेंड के घर डैड...

डैड- alright.aao नाश्ता कर लो. फिर कुछ खास नहीं hua.mai नाश्ता करके निकल गया bahar.mai कार से जाना नहीं चाहता tha,mai नहीं चाहता था की किसीको कुछ पता चले की मई कहाँ गया tha,isiliye पैदल hi निकल pada...kuch hi दूर से ऑटो पकड़ कर मई चल पड़ा अपनी मंज़िल की तरफ.....

वहीँ ग्लूटो में:-

दिग्विजय- प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कितने सिक्के लगेंगे.

आए- एक भी nahi.jitna भुगतान करना था तुम सोना बदलते वक़्त कर चुके हो. ये लो parchi.tum जिस श्रेणी में भाग लेना चाहते हो उसके निचे बिंदु लगादो.

दिग्विजय- श्रेणी मतलब???

आए- अरे अगर तुम योद्धा हो तोह योद्धा के निचे lagao,jadugar हो तोह उसके niche.dono हो तोह दोनों के निचे.

दिग्विजय ने दोनों के निचे टिक लगा diya.aur चल पड़ा अंदर की taraf.is वक़्त दिग्विजय उस जगह पहुँच चूका था जहाँ फाइट के लिए चैलेंज दिया जाता है.

कल के पंगे के बाद दिग्विजय सीधा एक छोटे से होटल टाइप की जगह gaya.wahan एक रूम ले लिया और वहीँ पे काम करने वाले बन्दे से यहाँ का पता लगाया और पहुँच गया आज सबको चैलेंज करने.

ये एक बोहोत बड़ा ग्राउंड था जो चारो तरफ लोगों से घिरा हुआ tha.DIGVIJAY ने नज़र घुमाई तोह एक जगह उससे वहां लड़ने वालो की लम्बी लाइन लगी हुई dikhi.DIGVIJAY भी उस लाइन में जाकर खड़ा हो गया.

इस वक़्त ग्राउंड में दो योद्धा लड़ रहे the.yahan लड़ने के कोई ख़ास नियम नहीं the.kisiko हारने की लिए या तोह उसके मुँह से हार क़ुबूल करवा लो या उससे मार do.DIGVIJAY को ये सब बोरिंग लग रहा tha.par कर भी क्या सकता tha,apni बारी का वेट करने के siwa.bohot देर बाद कहीं जाके दिग्विजय का नंबर आया.

दिग्विजय जाकर ग्राउंड के बीच खड़ा हो gaya.uske सामने एक लम्बा चौड़ा आदमी खड़ा था जो योद्धा लग रहा tha.jitne भी लोग बैठे थे वो उसी के नाम से चिल्ला रहे थे.....

दिग्विजय- चल आ भी bhai,kitna टाइम लगाएगा.

योद्धा- पहले तुम भी तोह कोई हथियार चुन लो...

दिग्विजय- अब्बे टाइम पास मत कर और लड़..

सामने वाला योद्धा दिग्विजय की तरफ दौड़ पड़ा.

दिग्विजय निचे झुका और धरती को छू कर कुछ मंत्र कहा...

उस योद्धा के पैरों के निचे की ज़मीन हलकी फैट गयी और उसके पेअर निचे धस गए. ज़मीन वापस पहली सी हो gayi.ab वो हिल भी नहीं पा रहा tha.sab ये देखकर एक दम चुप हो गए.

दिग्विजय आराम से चलते हुए उसके पास गया और अपने हाथ आगे कर diye.us आदमी के हाथ से तलवार छूटकर दिग्विजय के हाथ में आ gayi...wo आदमी ये देखकर थार थार कांपने laga.wahin दिग्विजय मुस्कुराते हुए उसकी तरफ बढ़ रहा था...

आदमी- मई अपनी हार स्वीकार करता हूँ.....

दिग्विजय- shabaash.ye हुई न baat.acha हुआ होशियारी नहीं dikhayi,warna खली फ़ोकट मर jaata.chal अब निकल.

दिग्विजय के ऐसा बोलते hi ज़मीन ढीली पद गयी और उस आदमी के पेअर बहार आ gaye.wo एक सेक् भी नहीं रुका, सीधा भाग गया.....

उसके जाने के बाद आया एक मैजिशियन.

दिग्विजय- चल आजा bhai.tu भी हुनर आज़माले.....

मैजिशियन- मई भी एक जादूगर हूँ तुम मुझे अपनी माया में फसा नहीं सकोगे....

दिग्विजय- चल देखते hain.tu शुरू kar.baad में मौका मिलेगा नहीं.

मैजिशियन= जल prakatam.magician के हाथों में पानी का एक बड़ा सा बॉल आ गया.

दिग्विजय- हाँ भाई ये सही किया, बोहोत देर से चेहरा नहीं धोया हूँ yaar.nul सिस्टम भी है kya.ye थोड़ा ज़्यादा है.

मैजिशियन को दिग्विजय की बात पर बोहोत ग़ुस्सा aaya,usne वो वाटर बॉल उसकी तरफ फेंक दी.

दिग्विजय ने अपने हाथ आगे kiye,wo बॉल वहीँ रूक गयी.

दिग्विजय- वज्राघात..... एक ज़ोर की बिजली कड़की और सीधे उस वाटर बॉल पे padi.DIGVIJAY ने अपने हाथ फिर आगे kiye,wo बॉल वापस दोगुनी स्पीड से गयी और मजिकाएँ से takrayi.wo तड़पता हुआ दूर जा गिरा और मर गया.

दिग्विजय- bechara,bhari जवानी में hi मारा gaya.aur कोई.....

अब सभी दिग्विजय से दर गए थे. कोई आगे आने को तैयार नहीं tha.par आये तोह लड़ने hi the,ek मैजिशियन डरते डरते दिग्विजय के सामने आकर खड़ा हो गया.

दिग्विजय- अक्कल बड़ी की bhains,bol bhains,kyun!!!!!abbe बेवकूफ ये चैलेंज ज़िन्दगी से बढ़कर है kya.khair तेरी मर्ज़ी पर यार मेरे पास भी फालतू टाइम नहीं hai.ek काम करो लाइन में जितने खड़े hain,sabhi एक साथ आ जाओ.

सभी ये सुनकर शॉकेड हो gaye.hote भी क्यों naa,aisa पहली बार हुआ था.

कुछ hi देर में करीब 100 लोग दिग्विजय के सामने थे.

दिग्विजय- अब आएगा मज़ा.

आल- सभी ने एक साथ अपने अपने अस्त्र शास्त्र से दिग्विजय के ऊपर वार कर diya.dher साड़ी talwaare,bhaale,barche,teer और उनके साथ साथ पानी के spears,balls,fire बॉल्स, दिग्विजय के तरफ बढ़ने लगे.

दिग्विजय- सुरक्षा कवच प्रकटम......

सारे के सारे अस्त्र शाश्त्र कवच से टकराये और बेकार हो gaye.jitne भी

लोग ग्राउंड को घेरे खड़े the,stabdh रह gaye.yahan तक की जितने वारियर्स और माजिशन्स दिग्विजय के सामने खड़े थे अपने घुटनो पर झुक गए.

दिग्विजय- समझदार हो सब.

तभी एक ज़ोर की बिजली कड़की और वहीँ ग्राउंड के ऊपर हवा में एक चेहरा ubhra.adha चेहरा ढाका hua.ye कोई और नहीं निष्कलिका थी......
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बैक तो हीरो:-

मई- अमित मेहता ,राइट.....

अमित- दो ी क्नोव ु?

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मई- यू डोंट नीड तो......

इस वक़्त मई एक बिल्डिंग के पार्किंग में खड़ा था, जो की बलबीर सिंह बग्गा के ऑफिस की HI पार्किंग THI,AUR मेरे सामने था अमित MEHTA.MAI यहाँ इसी से मिलने आया THA.YE बलबीर सिंह का ख़ास आदमी THA.USKE अचे बुरे सभी धंधो का काला चिटठा इसके पास THA.PAR मेरा मकसद कुछ और था.....

मई चलते हुए उसके पास गया.

अमित- ओह bache,ek बार पूछा समझ नहीं आया kya.kaun है तू?

पर तब तक मई उसके पास पहुँच चूका tha..maine तेज़ी से उसके सर पर हाथ रख diya.wo खड़े खड़े hi बेहोश हो गया और मुझे बलबीर के सारे ख़ास आदमियों के चेहरे दिखने लगे.

मेरा काम हो गया tha.mere हाथों से रौशनी निकली और उसके अंदर चली gayi.mai बहार की और चल diya.mere जाने के बाद उससे होश आया, पर अब उससे कुछ भी याद नहीं था की अभी क्या हुआ tha,wo भी चला गया.

अभी 11 बज रहे the.mai सीधे एक गार्डन में pahuncha.ye गार्डन उसी एरिया में था और अक्सर इस वक़्त खली hi रहता था.

मई एक पेड़ के पीछे ध्यान में बैठ gaya.mere हाथों से रेज़ निकली और जितने भी बलबीर के ख़ास आदमी थे जिनका चेहरा मैंने अमित से देखा tha,unme समां गए.

मेरा काम ख़त्म हो चूका tha.mai मुस्कुराते हुए घर के लिए निकल गया.

मई- mom,i'm होम.

माँ- आ गया मेरा bacha.bhook लगी है क्या.

मई- no mom.mai रूम जा रहा hun,lunch टाइम बुला लेना.

माँ- ok बीटा.....

पूरा 1 महीना बीत गया था मुझे रोनित और अंजलि से बात किये hue.room पहुंचकर मैंने बारी बारी दोनों को कॉल किया पर दोनों ने hi नहीं uthaya.maine ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और लैपटॉप पे एक मूवी लगाकर देखने लगा.

लंच टाइम पर निचे गया लंच की और फिर रूम में आकर सो gaya.shaam को 6 बजे मेरी नींद खुली.

मई- यार आज काफी देर तक सोता raha...chalo फ्रेश होकर रोनित के घर चलते हैं.

मई जब नीचे आया तोह माँ और डैड टीवी के सामने बैठे हुए थे और न्यूज़ देख रहे थे.

मई- गूदेवेनिंग dad.aaj जल्दी आ गए आप.

डैड- हाँ बीटा आज काम काम था.

मेरी भी नज़र टीवी पर पड़ी जहाँ न्यूज़ रिपोर्टर नई सुना रही थी...

न्यूज़ रिपोर्टर- जैसा की आप सब देख रहे हैं की बलबीर सिंह बग्गा के आयल प्लांट में आग लग गयी hai.sirf इसी में hi नहीं बलबीरजी के ऐसा और 4 प्लांट्स में आग लग गयी hai.itna hi नहीं राजस्थान में बने उनके 5 स्टार होटल में भी आग लग गयी hai.itna सब कोई हादसा तोह हो नहीं sakta.ye देखना दिलचस्प होगा की इतनी बड़ी वारदात को किसने अंजाम दिया hai.kaun है जो बलबीर सिंह को बर्बाद करना चाहता है. जानने के लिए साथ बने रहिये कैमरामैन आशुतोष क इ साथ मई श्रेया ********* SE.......DHANYAWAD...

ये सब देखकर मेरे चेहरे पर एक मुस्कराहट आ गयी.

मई- माँ dad,mai ज़रा आता हूँ बहार से..

डैड- ok beta,enjoy.......

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका को अपने हीरो का नाम पता चलता है वहीँ दिग्विजय के सामने सभी घुटने तक देते HAIN....IDHAR विक्रम ने भी बलबीर को काफी नुक्सान पहुंचा दिया है.

अब आगे:-

CHAPTER - 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट 25:-

शनाया- तोह आज का क्या प्लान है?? सुबह सब ब्रेकफास्ट करने बैठे hi थे की शनाया मैडम ने पूछा.....

VAANI-aaj फुल डे आउटिंग करते है. शॉपिंग चलते hain.fir वहीँ मॉल में hi लंच कर लेंगे. उसके बाद मूवी dekhenge.then शाम को बीच chalenge.than बैक तो होम.

प्रियाना- नीस प्लान di.aaj तोह मज़ा आ jayega.mom आप भी चलो ना.

अवंतिका- हाँ maami,aap भी चलो ना हमारे साथ.....

मामी- नहीं baccho.tum सब jao.mujhe मेरी एक फ्रेंड के घर जाना hai.....maine उससे प्रॉमिस किया था वर्ण मई तुम लोगों के साथ ज़रूर जाती....

वाणी- ok mom.aap अपनी फ्रेंड के साथ एन्जॉय karo,hum सब जाते hai.toh गर्ल्स रेडी हो jao,ye मुंबई hai,laate से निकले तोह ट्रैफिक में hi शाम हो जाएगी.......

फिर सब रेडी होकर निकल गए मुंबई दर्शन करने.........

इन्हे छोड़ते है हैं और देखते है हमारे दिग्विजय भाई साहब का क्या हाल है........

निष्कलिका- बोहोत khub.pehli बार ऐसा कोई वीर आया है जिससे मिलने खुद निष्कलिका आयी है.

दिग्विजय तोह निष्कलिका की ख़ूबसूरती में hi खो गया tha.waise दिग्विजय भी काफी हैंडसम tha,nishkalika भी उसके पर्सनालिटी से काफी इम्प्रेस हो गयी थी...

दिग्विजय- तोह आप हैं NISHKALIKA.bohot सुना है आपके बारे me,mai तोह यहाँ आपसे मिलने hi आया था.

निष्कलिका- हमसे मिलने!!!!! कहो क्यों मिलना चाहते थे हमसे.

दिग्विजय- आपको युद्ध में चुनौती देना चाहता hun....DIGVIJAY ने बिना घुमाये सीधे मुद्दे की बात की.

निष्कलिका- हाहाहाहा..... हमसे yudh.kyun मरना चाहते हो .वैसे भी तुम्हारे जैसे वीर बोहोत मुश्किल से मिलते hain.ye लड़ने का विचार त्यागो हमारे सेनापति बन jao.jo मांगोगे वो मिलेगा.....

दिग्विजय मुस्कुराते हुए- जब मई तुमसे जीत कर यहाँ का राजा बन सकता हूँ तोह फिर सेनापति क्यों बनु!!!!!

निष्कलिका- अगर तुम्हारी यही इच्छा है तोह यही sahi.chalo फिर मैदान me.waise भी काफी वक़्त हो गया हमे शक्तिप्रदर्शन करे हुए......

दिग्विजय- चलिए फिर.......

अब दिग्विजय और निष्कलिका आमने सामने the.maidan चारो तरफ से पूरी तरह भरा हुआ tha.par हर तरफ ख़ामोशी thi.sabhi निष्कलिका की ताकत से परिचित थे तोह वहीँ अभी कुछ देर पहले दिग्विजय ने जो किया था उससे भी सभी काफी प्रभावित थे.

निष्कलिका ने पुरे ग्राउंड को सुरक्षित कर दिया ताकि किसी भी देखने वाले को नुकसान न पहुंचे...

दिग्विजय- तोह शुरू करें!!!!

निष्कलिका ने जवाब में अपने हाथ फैला दिए और कुछ मंत्र पढ़ा. दिग्विजय जहाँ खड़ा था ठीक उसके ऊपर आसमान खुल गया और वहां से बोहोत से अस्त्र दिग्विजय के ऊपर बरसने लगे.

अब ये वार दिग्विजय के लिए नया था पर वो जल्दी hi संभल गया

दिग्विजय ने अपना राइट हैंड ऊपर उठाया और गोल गोल घूमने laga.DIGVIJAY से 10 फ़ीट ऊपर hi एक और दरवाज़ा खुल gaya.saare शास्त्र उस के अंदर जाने lage.jab सारे शास्त्र उस दरवाज़े के अंदर चले गए तोह दरवाज़ा बंद हो गया...

पर अब दिग्विजय समझ गया था की निष्कलिका को वो काम नहीं आंक sakta.jiska पहला वार hi इतना घातक हो वो आगे बोहोत कुछ कर सकती है.....

दिग्विजय ने धरती का आवाहन kiya.pure ग्राउंड में धमाकों के साथ बड़े बड़े गड्ढे होने lage.NISHKALIKA हवा में उठ गयी पर तभी मिटटी ने एक हाथ का आकर लिया और निस्कालिका को पकड़ लिया और खिंच कर एक गड्ढे में दाल diya....jaise hi निष्कलिका अंदर समायी गड्ढा भर गया.

अभी दिग्विजय खुश हो hi रहा था की निष्कलिका ज़मीं पहाड़ कर बहार निकली.

निष्कलिका- बस बोहोत hua.usne अपने हाथ ऊपर kiye.aasman में बिजली कड़कने lagi.NISHKALIKA यहीं नहीं ruki,usne कुछ मंत्र पढ़ा जिससे वो साड़ी बिजली एक hi जगह गिरने लगी और उस जगह पर बोहोत बड़ा इलेक्ट्रिकल बॉल दिखने laga.NISHKALIKA ने अपने हाथ आगे kiye,wo बॉल तेज़ी से दिग्विजय की तरफ आने लगा.

दिग्विजय ने महसूस किया की उस इलेक्ट्रिकल बॉल में बोहोत ज़्यादा एनर्जी है और उसकी स्पीड भी काफी ज़्यादा थी.....

दिग्विजय ने एक सुरक्षा कवच बनाया और उसमे आकाश की ऊर्जा भर के छोड़ दिया.

इलेक्ट्रिक बॉल और सुरक्षा कवच टकराये और BOOMMMMMMMMM..ek कान को फाड़ देने वाले आवाज़ के साथ ब्लास्ट हुआ.

उस ब्लास्ट का इम्पैक्ट इतना ज़्यादा था की उसकी चपेट में दोनों आ gaye....DIGVIJAY और निष्कलिका दोनों hi उड़ते हुए दूर जा gire.dono hi बुरी तरीके से घायल हो चुके the.dard ज़्यादा होने की वजह से दोनों बेहोश हो गए.....

लोगों को तोह कुछ नहीं हुआ पर निष्कलिका द्वारा बनाया गया सुरक्षा कवच टूट gaya.wahan बैठे किसीमे भी इतनी हिम्मत नहीं थी की निष्कलिका और दिग्विजय में से किसी के पास भी जाए.

कुछ आधे घंटे बाद दोनों को होश aaya.dono के पास hi हीलिंग पावर थी इसीलिए दोनों के hi घाव भर चुके थे.

निष्कलिका- adbhudh.pehli बार मुझे मेरी टक्कर का कोई मिला है.

दिग्विजय- मुझे bhi.raja तोह अब भी मई बनाना चाहता हूँ पर अकेले nahi,mujhe तुम्हारा साथ chahiye.kya तुम मेरी रानी bonogi........ye बोलते हुए दिग्विजय अपने घुटनो पर बैठ गया और अपना हाथ निष्कलिका के आगे बढ़ा दिया.....

निष्कलिका की ख़ुशी का ठिकाना न raha.usne दिग्विजय को उठाया और गले लग गयी........

निष्कलिका- मई भी तुमसे यही कहना चाहती thi.agar हम दोनों एक हो जाएँ तोह पुरे ब्रम्हांड पर राज कर सकते hain.aur निष्कलिका ने अपने होंठ दिग्विजय के होठों से जोड़ दिए......

महाराज दिग्विजय की जय हो...

महारानी निष्कलिका की जय हो...

ये नारा हर तरफ गूंज उठा.......

वहीँ दूसरी तरफ:-

बलबीर- ये सब कैसे हो सकता है? कौन है जो मुझे नुक्सान पहुंचा सकता है....

बलबीर ये जान चूका था की उसके प्लांट्स और होटल को और किसी ने नहीं उसी के ख़ास आदमियों ने आग लगायी thi.par बलबीर के चौंकने का कारण कुछ और tha.usse ये पता चल गया था की उसके आदमियों को हिप्नोतिसे किया गया hai....BALBEER ने बोहोत कोशिश की पर हिप्नोतिसे स्पेल के सोर्स का पता नहीं लगा पाया.

बलबीर- कौन हो सकता है जिस तक मेरे स्पेल्स नहीं पहुँच पा रहे hain.fir अचानक जैसे उससे कुछ याद आया.

अरे ये मई कैसे भूल gaya.wo जयराज का beta.kahin वो तोह नहीं इन सब के piche.par वो ये सब क्यों karega.kahin उससे पता तोह नहीं चल गया की मैंने hi उसके बाप की फैक्ट्रीज और होटल में आग लगायी hai...par कैसे???

बलबीर ने आँखें बंद ki,usse विक्रम दिखने laga.wo कहीं जा रहा था और इस वक़्त अकेला था.

बलबीर- इसका खेल hi ख़त्म कर देता hun.BALBEER ने अपने ब्लैक मैजिक में से सबसे खतरनाक घटुका स्पेल का ध्यान kiya.uske हाथों में से ब्लैक रेज़ निकलकर विक्रम की तरफ बढ़ गयी

बलबीर- तेरा खेल ख़त्म बचे.....

पर इससे पहले की काली रेज़ विक्रम को छू पाती विक्रम का सुरक्षा कवच एक्टिव हो gaya.ek इनविजिबल रौशनी की चादर विक्रम के हर तरफ फैले gayi.wo रेज़ सीधे उस चादर से टकराई और ख़त्म हो गयी.

ये सब बलबीर ध्यान में बैठकर देख रहा tha.uske छोड़े गए रेज़ जैसे hi विक्रम के सुरक्षा कवच से टकराये, बलबीर के दिमाग में एक तेज़ दर्द उठा और वो बेहोश हो गया.

वहीँ मीनाक्षी मेन्शन में.......

डैड - hello.haan,what, कब??? पर हमारे क्लाइंट्स तोह. थॉट्स फैंटास्टिक न्यूज़ ashish.haan मई निकल रहा हूँ अभी.1 घंटे में ऑफिस पहुँच जाऊंगा...

MINU,MINU........

माँ- क्या हुआ??? आप न अभी भी बचे hi ho.thoda सा भी सबर नहीं hai.ab जल्दी boliye,meri सब्ज़ी जल जाएगी...

डैड- अरे jaaneman,sabzi का ख्याल है apko,aur यहाँ जो जल रहा है उसका क्या!!!!!

माँ- जल रहा hai.kahan??? क्या जल रहा है...

डैड- मेरा dil,jo आपकी खूसूरति को देखकर आज भी जल उठता है उसका क्या...?

माँ- आप na,beta जवान होने लगा hai,fir भी बचपना नहीं गया आपका.....

डैड- darling.........arz किया है..........

दिमाग तोह समझदार है,

पर ये दिल बेचारा दुफर है......

लाख samjhao,samajhta hi नहीं,

ये भी आपकी ख़ूबसूरती का hi असर है.....

माँ डैड की शायरी पर शर्मा गयी......

डैड- कुछ तोह रेहम दिखाओ,

कुछ तोह खुदा से डरो.....

जान लेनी है तोह सीधी लेलो,

शर्मा के हमें घायल न करो.....

माँ- आज बड़ा प्यार आ तहा है आपको.

डैड- yaar,ye तोह नाइंसाफी hai.yun आज कहकर हमारे प्यार को रुस्वा न karo.hum तोह नजाने कितने जन्मो से आपके दीवाने हैं....

माँ- बस bas,bohot हुई flirting.ab बताओगे भी मुझे क्यों बुलाया था आपने?

डैड- अरे yaar,tum न अपनी हॉटनेस ज़रा काम karo.iske चलते मई बाकी सब भूल जाता hun.ek गुड न्यूज़ है.

माँ- रियली!!!! क्या??

डैड- हमारे क्लाइंट्स जिन्होंने अपनी डीलरशिप वापस ले ली thi,wo सब हमसे वापस जुड़ना चाहते hain....itna hi नहीं ये बात पता नहीं कैसे स्टॉक मार्किट में भी लीक हो गयी है जिससे हमारे शेयर्स की प्राइस फिर बढ़ने लगी है.

माँ बस कड़ी मुस्कुरा रही थी.

डैड- क्या hua,tum खुश नहीं हुई.

माँ- मेरी ख़ुशी आपकी और हमारे बेटे की ख़ुशी में hai.....aap दोनों खुश तोह मई खुश...

डैड- ओह minu.i ऍम सो लकी तो हैवे ु अस माय लाइफ partner.DAD ने माँ को एक टाइट हुग diya,maathe पर किश कर ऑफिस निकल गए.....

बैक तो हीरो:-

MAI-aunty नमस्ते...... रोनित है क्या.....!!!!!!!!

R/MOM- आओ beta.kya बात है आज सवेरे सवेरे hi दर्शन दे दिए aapne.itni मेहेरबानी.

मई- आंटी कल hi तोह माफ़ी मांगी थी aapse.ab माँ डैड का आर्डर tha,kaise मन karta.chaliye एक और बार माफ़ी मांगता hun.ye बोलकर मई आंटी के पैरों के आगे उल्टा लेट गया.

मई- हमका माफ़ी देदो आंटी.

R/MOM- बस कर nautanki.tu नहीं सुधेरगा.

जा. वो अपने कमरे में hi hai.anjali भी आयी hai.tum लोगों का आजका कोई प्लान है क्या?

मई- अब तक तोह नहीं hai.dekhte hain.phir मई ऊपर रोनित के रूम की तरफ चल दिया....

ऊपर पहुंचा तोह देखा दोनों x-box में लगे हुए थे....

मई- kameeno,dono को इतने कॉल kiye,ek का भी रिप्लाई नहीं kiya.upar से मुझसे मिलने भी नहीं aaye.waah रे मेरे bestfriends......maine ये सब बस मज़ाक में hi कहा था.....

दोनों मुझे यूँ अचानक अपने सामने देख चौंक gaye,par फिर बिना ध्यान दिए खेलने लगे.

मुझे ये बोहोत बुरा laga,par मैंने जाने दिया.

मैंने जाके टीवी का पावर बटन बंद कर diya.jab भी हममे से कोई भी अपनी बात मनवाना चाहता tha,aisa hi करता tha.hum तीनो के बीच ये बोहोत नार्मल सी बात thi.par इस बार जो हुआ वो मैंने कभी नहीं सोचा था...

रोनित पुरे ग़ुस्से में- अब्बे ये तेरा घर नहीं मेरा घर hai.apni मनमानी अपने घर में जाकर karna,yahan nahi.ANJALI ने रोनित का हाथ दबाया पर तब तक वो ज़हर उगल चूका था.

रोनित हमेशा से hi ऐसा tha.ghusse में उससे एहसास नहीं होता था की वो क्या बोल रहा hai....par इस बार उसने लाइन क्रॉस कर दी थी.....

मेरा पारा काफी चढ़ गया tha,par मैंने खुद को कण्ट्रोल किया.

मई- sorry.aage से ध्यान dunga.meri आँखें भर गयी thi.isse पहले की मेरे आंसूं दीखते मई पलट गया और जाने लगा.

पर मेरा हाथ किसीने पकड़ liya.ye अंजलि thi.maine अपनी आँखें साफ़ की और मुदा..

मई- क्या हुआ.

अंजलि- सॉरी यार v.j. तू तोह जानता है न isko.ghusse में कुछ भी बोल देता hai.par तूने भी तोह हमसे झूठ बोलै की तू अपनी माँ के किसी रिलेटिव से मिलने जा रहा है जबकि हमे पता है की तू कहीं और गया था.

मैंने अंजलि की आँखों में jhanka,RONIT ने अंजलि को जो जो बताया था ,वो सब मुझे दिख गया.

मई बस मुस्कुराकर वापस पलट गया.

अंजलि- कुछ कहेगा नहीं.

मई- जो आपकी ख़ामोशी को न समझ paaye,wo आपके लफ़्ज़ों को कभी नहीं समझ सकता.....

मई बहार जाने hi वाला था की रोनित की आवाज़ से फिर एक बार रूक गया...

रोनित- अब्बे jaana.tujhe रोका किसने hai.tere जाने से हमे भी अब कोई फर्क नहीं पड़ता......

मई रोनित के सामने जाकर - 2 बातें कभी भूलना mat.pehli जो तूने अभी कही और दूसरी जो मई कहने वाला हूँ.....

अभी तूने जो भी कहा मैंने सुन liya,kyunki अब तक मई तेरा दोस्त tha....par अब जब भी तू मेरे सामने आये तोह ये याद रखना की तेरे सामने विक्रम जयराज सिंह खड़ा होगा जिसके सामने अकड़ भी झुक कर चलती hai.isiliye जब भी मुझसे सामना हो, अपनी भलाई के लिए अपने जुबां को उसकी हद याद दिलाते रहना वर्ण तू खुद की hi शकल नहीं पहचान पायेगा....

और तुझे तोह अचे से पता है की विक्रम जो भी बोलता HAI,WO हो जाता है......

चल चलता हूँ....

रोनित- साले तू मुझे धमकी दे रहा है, अब्बे उम् उममममममममम.......

इसके आगे रोनित बोल नहीं paaya,kyunki मैंने उसका गाला पहाड़ कर उठा दिया था......

मई- अब्बे मोती budhi........ek बार में बात समझ नहीं आती क्यों??

अंजलि- क्या कर रहे हो V.J.niche उतरो उससे.

मई- विक्रम. V.J मई सिर्फ दोस्तों के लिए hun.aur मुझे बोलना छोड़ और इस मंद बुद्धि को samjha.abhi तोह सिर्फ ज़मीं से उठाया hai,agar और बकवास की ना तोह दुनिया से उठा dunga.maine रोनित को उठाकर बीएड पर फेक दिया.

अंजलि भाग कर उसके पास gayi.wo अपना गाला पकड़ कर खांस रहा tha.par मई रुका नहीं और वहां से निकल गया....

मेरे जाने के बाद:-

कुछ टाइम तक रोनित खांसता रहा पर फिर ठीक

हो गया.

रोनित- देखा tune.ek तोह गलती करता है ऊपर से चटकककककहहहहहह.....

अंजलि- chup,bilkul chup.tu समझता क्या है अपने आप ko.jab देखो अपनी चलता hai.hum दोस्त हैं तेरे गुलाम नहीं है जो तेरे हिसाब से chalenge.saale डूब mar.teri वजह से मेरी भी बचपन की दोस्ती टूट गयी.

saale,pehle मुझे कसम दी की मई V.J से बात ना karun,pehle उससे जवाब mangenge.aise मांगते हैं jawab.aur क्या बोलै था tune,ye तेरा घर नहीं hai,tu जो उसके घर दिन रात पड़ा रहता था तब ये बात याद नहीं आयी की वो भी तेरा घर नहीं hai.hamare बीच ये tera,ye मेरा कब से आ गया.

आज पहली बार मैंने उसकी आँखों में आंसू देखे hain.wo भी हमारी वजह se,jo उससे अपना बेस्ट फ्रेंड बोलते हैं उनकी वजह se.ye बोलते बोलते अंजलि के आँखों से आंसू निकल गए...

रोनित- तुझे उसकी गलती नहीं दिखती क्या???

चटकककककहहहह.......

अंजलि- chup,ekdum chup......kya गलती है uski.yahi की वो अपने रिलेटिव के यहाँ नहीं कहीं और गया tha.par क्यों गया tha,kya वजह हो सकती है की पहली बार हमे बिना बताये उससे जाना पढ़ रहा hai,janane की कोशिश की तूने.

और चल अगर नहीं भी bataya,toh क्या ये कोई गुनाह है जो ऐसे गैरों की तरह ट्रीट किया उससे तूने और अपने साथ साथ मुझे भी करवाया....

याद hai,V.J हमेशा तुझसे कहता था की अपने ग़ुस्से को अपने जस्बातों पर हावी मत होने दिया kar.warna एक दिन बोहोत pachtayega.aaj hi वो दिन है.

रोनित ग़ुस्सा वो रिश्ता है जो कुछ वक़्त के लिए रहता hai,par दोस्ती का रिश्ता ज़िन्दगी भर के liye.tune अपने ग़ुस्से को दोस्ती से ऊपर rakha.aaj तूने एक नहीं दो दोस्त खोये hain.aaj से तेरी मेरी दोस्ती भी ख़त्म.......

अंजलि रट हुए वहां से चली गयी और रोनित ठगा सा खड़ा रह गया.

इधर मेरा मूड ऑफ हो चूका tha.ghar जाने का भी मन नहीं कर रहा tha....maine एक ऑटो की और मॉल के लिए निकल पड़ा.

मई मॉल पहुंचके- आ तोह गया hun.ab क्या karun.pehle माँ को फ़ोन कर लेता hun.maine एक बूथ से माँ को कॉल करके बता दिया की मई लंच बहार hi करूँगा.

(मेरे रोनित और अंजलि तीनो के पास फ़िलहाल मोबाइल्स नहीं hain.hamne डीडे किया था की 10तह क्रॉस करने के बाद hi मोबाइल उसे करेंगे)

माँ से बात करके मई मॉल के अंदर चला गया.

मई - अब कहाँ jaun.ek काम करता हूँ मूवी hi देख लेता hun.mai मूवी देखने पीवीआर में चला gaya.puri मूवी में मुझे आज सुबह जो हुआ वो hi याद आ रहा tha.kab मूवी शुरू हुई कब khatm,mujhe पता hi नहीं chala.ab भूक लगने लगी थी तोह मई फ़ूड कार्नर की तरफ चल पड़ा.

लंच कर बिल पाय करके मई पलटा hi था की एक लड़की मुझसे टकरा gayi.uske हाथ में कॉफ़ी थी जो मेरे टी शर्ट में गिर गयी.

लड़की- ओह सहित. i'm एक्सट्रेमेली sorry,mera ध्यान नहीं tha.i'm रियली sorry....please.....

मई- अरे relax.its ok.ho जाता है कभी कभी...

अभी तक उसने मेरा चेहरा नहीं देखा tha.wo मेरी टीशर्ट जिसपे उसने कॉफ़ी गिरा दी थी उससे hi देख रही thi.meri आवाज़ सुनकर उसने मेरे चेहरे को देखा तोह शॉकेड हो गयी

प्रियंका- सर aap..oh माय god,i जस्ट चैंट बिलीव it.ye मैंने क्या कर diya.i'm रियली सॉरी सर..

मई- हे हे फर्स्ट ऑफ़ आल relax.aur आप मुझे सर बोल रही hain.kya आप मुझे जानती हैं.

!!!!

लड़की- ओफ़्कौर्से sir.mai भी सत जोसफ की स्टूडेंट hun.aapki junior.8th में hun.by थे वे मेरा नाम प्रियंका hai.....(APNE हीरो की SAALI,I मैं होने वाली )

मई- ओह ी see.well,nice 2 मीट ु PRIYANKA.chaliye मई चलता हूँ

प्रियंका- पर सर आपकी टीशर्ट!!!!

मई- i'll मैनेज.....

प्रियंका- सर एक रिक्वेस्ट hai.kya आप मेरी सिस्टर्स से मिल सकते hain.please सर.

मई- आप की सिस्टर्स se.par क्यों???

प्रियंका- सर इस साल वो भी हमारे स्कूल में पढ़ने आ रही हैं और वो सब आप hi की क्लास में hain.maine उन्हें आपके बारे में बताया hai.please सर एक बार मिल लीजिये ना..

मैंने बोहोत ना बोलै पर वो मानी नहीं और मुझे वेट करने को बोलकर चली गयी..

पर मुझे लेट हो रहा था तोह मई निकल गया...

दूसरी तरफ वो दौड़ते हुए अपने सिस्टर्स के पास pahunchi..par वहां सिर्फ अवंतिका कड़ी थी....

प्रियंका- अवनि दी, वाणी दी और शनाया दी कहाँ हैं???

अवंतिका- वो तोह बाथरूम गए hain.kyun क्या हुआ???

प्रियंका- ओहो ये दी लोग भी naa,galat टाइम पे hi इन्हे प्रेशर आता है.

अवंतिका- बतएगी क्या हुआ है?

प्रियंका- बताउंगी नहीं dikhaungi.aap चलिए मेरे साथ.

अवंतिका- रूक toh.kahan जाना है पहले ये बता.

प्रियंका- ओहो di.aap सवाल बोहोत पूछते ho.aapko याद है कल रात मैंने अपने स्कूल के टोपर के बारे में बताया tha.VIKRAM जयराज SINGH.wo यहीं hain.maine उन्हें रोक के रखा hai.chaliye मिलती हूँ.

विक्रम नाम सुनके पता नहीं अवंतिका के मन में क्या आया वो चुप चाप प्रियंका के पीछे पीछे चल di.par जब दोनों पहुंचे तोह मई वहां नहीं था.

प्रियंका- अरे कहाँ gaye.yahin तोह खड़े the.arre वो देखो एग्जिट गेट के पास हैं.

अवंतिका ने देखा तोह मई बहार निकल रहा था.

सिर्फ मेरा बैक दिख रहा था....

प्रियंका- gaye.kya di,bina सवाल जवाब किये आते तोह मिल लेते उनसे.

अवंतिका- इतनी भी क्या जल्दी थी उससे जो रोकने पर भी चला gaya.fake...... ऐटिटूड.........

तोह DOSTON,AAJ के लिए इतना HI

आपका अपना V.J.............
 
अब तक आपने पढ़ा की दिग्विजय और निष्कलिका एक हो जाते HAIN.BALBEER विक्रम को नहीं मार PATA.WAHIN विक्रम की अपने दोस्तों से दोस्ती टूट जाती HAI.AVANTIKA विक्रम को देखती है पर पीछे से....

अब आगे:-

CHAPTER- 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट)

अपडेट 26-

मेरी रोनित और अंजलि के झगडे को पूरा 1 महीना हो गया tha.us झगडे के अगले दिन hi अंजलि मेरे घर आयी थी.

अंजलि- हे V.J...whats उप?

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मई- सीधे टॉपिक की बात करें...

अंजलि को मेरे जवाब से काफी तकलीफ हुई क्यूंकि इस तरह से बात में बाकी सारे क्लास मात से करता tha.point तो point.wo समझ गयी की अब वो भी मेरे लिए बाकियों में से एक है...

अंजलि- V.J.mujhe एक बार एक्सप्लेन करने का मौका तोह दे.

मई- hmm.theek है पर उससे पहले एक सवाल का जवाब दे...

अगर कोई किसी का मर्डर कर दे और उससे मर्डर करते हुए एक थर्ड बाँदा देख ले पर पुलिस का ना बताये तोह क्या वो सही है या गलत....

अंजलि- बिलकुल galat......chup रहना भी मर्डर करने जितना बड़ा hi जुर्म है....

MAI-fantastic......ab अपना एक्सप्लनेशन शुरू कर.

अंजलि- V.J. ट्रस्ट में yaar,kal जो भी हुआ वैसा करने का न मेरा कोई इंटेंशन था न hi रोनित ka.mujhe नहीं पता था की रोनित इतना ज़्यादा बोल dega.usne मुझसे कहा था की तूने हम दोनों से झूठ बोलै hai.tu अपने किसी रिलेटिव के यहाँ नहीं किसी बाबा के साथ गया है.

जिस दिन तू जा रहा tha,RONIT अपने डैड के साथ कहीं से आ रहा tha.usne तुझे किसी बाबा के पीछे पीछे बैग लटकाये जाते dekha.par वो कार में tha.ghar पहुँचते hi वो तुरंत जहाँ से तू जा रहा था उस तरफ भगा पर तब तक तू जा चूका tha.usne ये मुझे बताया पर मुझे यकीं नहीं hua.hum दोनों तेरे घर aaye,par आंटी ने कहा की तू तोह उनके रिलेटिव के यहाँ जा चूका है.

रोनित ने मुझसे कहा की तूने hi आंटी को झूठ बोलने को कहा है और जब तक तू सच नहीं बताएगा हम तुझसे बात नहीं karenge...isiliye मई कल चुप थी....

मई- हम्म्म्म.... ठीक उस थर्ड बन्दे की tarah.hainaaa..........

पहले तोह अंजलि नहीं समझी पर जब उससे मेरी बात का मतलब समझ में आया तोह उसके आंसू निकल gaye.wo समझ गयी की रोनित ने का बोलना जितना गलत tha,utna hi उसका चुप रहना भी गलत था.......

वो आगे कुछ नहीं बोल पायी और चली गयी.

हम तीनो की फैमिलीज़ काफी क्लोज हैं .हर महीने तीनो में से किसी भी एक घर में एक गेट टुगेदर रखा जाता है जिसमे बस हम तीनो फैमिलीज़ hi रहते hai.is बार का गेट टुगेदर कल शाम हमारे घर में था जिसमे हम तीनो के बीच की टेंशन सभी ने नोटिस की थी पर किसीने भी हमसे कुछ नहीं कहा और पूरा गेट टुगेदर स्मूथली ख़त्म हुआ.

नेक्स्ट डे

मीनाक्षी मेन्शन:-

ब्रेकफास्ट के बाद मई बहार पूल के पास बैठा कुछ सोच रहा था की डैड की आवाज़ मेरे कानो में पड़ी.

डैड- कहाँ खोये हो बरखुरदार.

मैंने सामने देखा तोह डैड और माँ दोनों मेरे सामने खड़े थे.....

मई- कहीं नहीं dad.bas स्टडीज के बारे में सोच रहा tha.DAD और माँ दोनों मेरे सामने आकर बैठ गए.....

डैड- beta,mai ये तोह नहीं जानता की तुम तीनो के बीच क्या हुआ hai,aur मई इंटरफेरे भी नहीं karunga,after आल इतस योर life,but बीटा ये याद रखना की अचे फ्रेंड्स आसानी से नहीं मिलते और झगडे कभी भी किसी रिलेशनशिप से बड़े नहीं होते....

मई डैड की बात पर मुस्कुरा दिया.

मई- मई ये बात जनता हूँ डैड...

मई उठकर जाने लगा.. पर माँ की बात सुनकर रूक गया.....

माँ- बीटा जो भी हुआ हो तुम लोगों के beech,kya तू वो सब भूल नहीं सकता.

MAI-dad, आप hi कहते हैं ना की

अगर कोई तुम्हारे शरीर को चोट पहुंचाए तोह भले उससे एक बार माफ़ कर DO.PAR अगर कोई तुम्हारे दिल को चोट पहुंचाए तोह उससे कभी माफ़ मत KARNA.aakhri लाइन बोलते वक़्त मेरा गाला भर गया था.

mom,dad सब कुछ देख सकते है पर मेरे आंसू नहीं.

डैड- बीटा एक बात याद rakhna,teri ख़ुशी से hi हमारी ख़ुशी जुडी हुई hai.agar कभी तू उदास हुआ तोह समझ जाना की तू खुद को नहीं हमें उदास कर रहा है.

मई जाकर दोनों के गले लग गया.

मई - ये बात मई अचे से जानता हूँ एंड mom,dad ु गाइस don't हैवे 2 वोर्री अबाउट me.mai आपका बीटा hun.aur आपके बेटे को पैसिकालय या मेंटली हराना इतना आसान नहीं है.

ok माँ dad,mujhe स्कूल कॉल करना hai,toh मई रूम जॉन...

!!!!!!

माँ- हाँ तू jaa,mai लंच के वक़्त आवाज़ दूंगी.....

फिर पुरे दिन कुछ ख़ास नहीं hua.par मई कल के लिए बोहोत एक्ससिटेड tha.kal 25तह मई tha.mera birthday.par मेरी एक्ससिटेमेंट की वजह कुछ और thi.kal हमारे बोर्ड एक्साम्स का रिजल्ट आने वाला था.

रात को डिनर के वक़्त:-

डैड- तोह fir,excited 4 टोम्मारो.

मई- ओफ़्कौर्से dad.kal के लिए hi तोह पुरे साल मेहनत की थी...

डैड- मेहनत की थी!!!! किसकी बात कर रहा है???

मई- रिजल्ट की और किस ki.kal हमारे बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट आने वाला है naa....waise आप किस चीज़ के बारे में बात कर रहे हैं!!!

डैड- अरे duffer.kal तेरा बर्थडे है......

मई- ओह teri....mai तोह भूल hi गया था.

माँ- lae,kahe का टोपर है tu.apna बर्थडे तक याद नहीं रहता.....

मई- ओह के ों mom,uske लिए आप दोनों हो naa....waise भी बर्थडे भी कोई याद रखने की चीज़ है.

माँ- तेरे लिए नहीं hogi.par हम दोनों के लिए कल का दिन हमारी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा दिन है.....

मई- माँ please,no मीणा कुमारी सेंटीमेंट्स ok.ye बात आप मुझे पहले भी 1000 टाइम्स बता चुके हो.

माँ- और आगे भी बताती रहूंगी.

डैड- वैसे कल का कोई प्रोग्राम बनाया है क्या???

अब मई क्या kehta,mere हर बर्थडे की प्लानिंग तोह रोनित और अंजलि करते थे...

मई- no dad,koi प्लान नहीं है.

डैड- मई क्या कहता hun,tere बर्थडे और टॉप करने की ख़ुशी में कल एक बड़ी सी पार्टी देते हैं.

मई- आपको किसने बोल दिया की मैंने टॉप किया है!!!!

डैड- मुझे कौन batayega.mujhe पता है मेरा बेटे hi टॉप करेगा.

मई- अब वो तोह कल hi पता चलेगा की मई किस पोजीशन में आया hun.par हाँ एक बात क्लियर कर dun,koi पार्टी नहीं होगी.....

माँ- क्यों नहीं होगी....

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मई- अरे mom,mujhe नहीं पसंद ये sab.ek केक मंगवा lena,aap, dad,mai ,मरथा aunty,aur घर के सारे स्टाफ तोह है naa.mai केक काट dunga.ho गयी party.and no मोरे डिसकशंस ों this.ye फाइनल hai.acha mom,dad,kal मॉर्निंग मुझे जल्दी स्कूल जाना hai,toh मई सोने जा रहा हूँ.

मुझे पता tha,aur थोड़ी देर भी रुका तोह माँ डैड कोई न कोई इमोशनल ड्रामा करके पार्टी के लिए मुझे मनवा hi lenge.....to मई दोनों को गुड नाईट कह कर भाग गया.

मेरे जाने के बाद:-

माँ- अब क्या karen.humne तो इन्वितेस भी भेज दिए hain.ye तोह मन कर रहा है.

डैड- करने do.mai भी इसका बाप hun.party तोह होक rahegi.wo भी इतनी शानदार की पूरा मुंबई देखता रह जायेगा.......

चलिए देखते HAIN,HAMARE बलबीरजी के होश में आने के बाद क्या हुआ.......

स्माल फ्लैशबैक:-

बेहोश होने के कुछ 1 घंटे बाद बलबीर को होश आया...

बलबीर- ये कैसे हो सकता hai.itni ऊर्जा की मेरी hi शक्ति वापस मेरे तरफ मोड़ di.itna सशख्त सुरक्षा कवच कौन बना सकता है.

जितना सोचा tha,ye मामला तोह उससे बोहोत ज़्यादा गंभीर है..

आमने सामने की लड़ाई से hi उससे हरा सकता हूँ पर अभी ये मुमकिन nahi.DEVIL लार्ड भी अभी नहीं hain.mujhe उनके लौटने तक इंतज़ार करना hoga.par उस लड़के पर नज़र तोह रखनी hi पड़ेगी....

बलबीर- ग्लेज़र, रिद्दीक....

बलबीर के सामने दो काले धुंए उठे और उसके बीच से दो डेविल्स प्रकट हुए.

बलबीर ने उन्हें कुछ इंस्ट्रक्शंस diye.dono सर झुका कर गायब हो गए...

बलबीर- विक्रम, कुछ वक़्त और जी le.jis दिन लार्ड aaye,tu और तेरी फॅमिली ख़त्म.......

फ्लैशबैक एंड्स:-

मॉर्निंग कमरे में नॉक होने से मेरी नींद khuli....maine जाकर रूम खोला तोह माँ थी...

माँ- गुड मॉर्निंग bacha.kya बात hai,aaj मुझे तुझे उठाना पड़ा.

मई- गुड मॉर्निंग mom.acha खासा जल्दी सो गया tha.khud मुझे आधी रात को उठाकर विश करते ho.fir नींद भी लेट से आयी तोह जल्दी कैसे उठूं?

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माँ- सब तेरी गलती hai.door लॉक करके क्यों सोता hai.hame लगा फ्रेंड्स से बात कर रहा होगा इसीलिए नॉक किया.

मई- ाचा वो सब chhodo.abhi कितने बजे हैं???

माँ-6 बज गए.

मई- WHATTTT.mom आप पहले नहीं उठा सकते थे.8 बजे स्कूल पहुंचना है.....

माँ- हाँ तोह क्या hua.abhi कौन सी देर हुई है!!!!

मई- अरे माँ आपको पता है मुझे हड़बड़ी में कुछ भी करना ाचा नहीं लगता.

माँ- तोह एक काम kar.sirf फ्रेश होकर चला jaa.kaunsa क्लास लगनी hai.aakar नाहा लेना.

मई- mom,ab मई आपकी हर खूबी तोह अपना नहीं सकता ना....

माँ- हाँ वो तोह hai,hainnn एक min.....kya बोलै तू.... रूक बताती हूँ tujhe.apni माँ का मज़ाक उडाता है...

पर तब तक मई बाथरूम में घुस चूका tha...fatafat नाहा धोकर नीचे aaya.breakfast लगा हुआ tha.mai फटाफट खाने लगा..

डैड- अरे आराम se....itni भी देरी नहीं हुई hai.sirf 7 बजे hain.aaram से टाइम पर स्कूल पहुँच जायेगा.

पर मई कहाँ सुनने वाला tha.jitni जल्दी हो सके ब्रेकफास्ट ख़त्म kiya.mai उठा hi था की

मरथा आंटी- हपय बर्थडे विक्की baba.god तुमको हमेशा खुश रखे....

मैंने आंटी के पेअर छुए..

मरथा आंटी- अरे ये क्या करता है बाबा.

MAI-aur क्या करूँगा, ब्लेस्सिंग्स ले रहा हूँ.

चलिए चलता hun,bye डैड bye माँ.

MOM/DAD- bye beta.all थे बेस्ट......

मई कार में बैठ निकल पड़ा स्कूल की तरफ....

वहीँ वाणी के घर में:-

अनुकृति अरोरा- अरे मई आपको कल बताना भूल gayi,kisi जयराज सिंह के घर से इन्विते आया है......

इस वक़्त पूरी अरोरा फॅमिली इन्क्लूडिंग अवनि & शनाया ब्रेकफास्ट कर रहे थे......

सतीश अरोरा- जयराज SINGH.wo सीमेंट king.......mai तोह खुद उनसे मिलने की सोच रहा tha.chalo ाचा hua,issi बहाने मुलाकात हो jayegi.....waise किस चीज़ का इन्विते है??? ( सतीश अरोरा- मुंबई अंडरवर्ल्ड DON.PAR दुनिया के लिए एक बिज़नेस मन HAIN.INKE इंडिया भर में माल्स और होटल्स हैं....)

अनुकृति- उनके बेटे का बर्थडे hai.ussi के लिए पार्टी दी है.......

प्रियंका- अरे waah....aaj विक्रम सर का बिर्तडाय है....

सतीश- तुम उनके बेटे को कैसे जानती हो???

प्रियंका- वो स्कूल में मेरे सीनियर हैं..

सतीश- ओह.

प्रियंका- ये तोह कमल हो gaya.aaj उनका बर्थडे भी है और उनके 10तह का रिजल्ट भी....

सतीश- acha.kaisa है स्टडीज में लड़का???

अभी प्रियंका कुछ कहती उससे पहले वाणी बोल उठी...

वाणी- अरे डैड इससे न hi पूछिए तोह ठीक hai.varna अभी विक्रम पुराण शुरू कर degi.ye फैन है उसकी

सतीश- acha,itna तेज़ है स्टडीज में!!!!

प्रियंका- हाँ हूँ मई fan,toh..... और डैड पढाई में hi नहीं वो सबमे no.1 हैं...

सतीश- acha,fir तोह मिलना पड़ेगा....

अवंतिका ये सब सुन कर कुछ सोच रही थी.....

अनुकृति- वैसे आज अवनि और SHANAYA,tum लोगों का भी तोह रिजल्ट है ना.....

शनाया- हाँ maami.priyu देखते हैं किसका रिजल्ट ज़्यादा ाचा आता hai,hamara या तेरे उस विक्रम का....

अनुकृति- oho..competition...

शनाया- बिलकुल......

प्रियंका- ठीक है fir....mai विक्रम सर के क्लास में एक दीदी को जानती hun.mai उनसे विक्रम सर का रिजल्ट पूछ लुंगी....

सतीश- उसकी क्या zaroorat.shaam को चल रहे हैं न हम सब उनकी पार्टी me....wahan उससे डायरेक्ट पूछ लेना.

प्रियंका- haan,ye सहीं रहेगा.....

अवंतिका (मन में)- तोह आज मुलाकात होगी मर विक्रम से........

वहीँ स्कूल में.........

अनुप्रिया मम ( क्लास टीचर )- विक्रम यू अरे 10 मिनट्स लेट.

विक्रम- i'm रियली सॉरी mam.it वोट हैपन अगेन..

मम- relax.i'm जस्ट kidding.go,join थे लाइन...

इस वक़्त पूरा 10तह इससे डिपार्टमेंट ग्राउंड में खड़ा tha.mai भी जाकर आखरी में खड़ा हो गया.

सामने स्टेज पर हमारे प्रिंसिपल मर B.K यूएल सर और फैकल्टी मेंबर्स खड़े the.do और लोग भी थे जिन्हे मई नहीं जानता था.

प्रिन्सी- i'm वैरी प्राउड तो अन्नोउंस तहत आवर स्कूल्ज 10तह रिजल्ट है रेटेनेड थे रिकॉर्ड ऑफ़ लास्ट ईयर ऑफ़ 100 % पासिंग रिजल्ट्स...

मैंने दूसरी लाइन में आगे खड़े रोनित की तरफ देखा, जो अनाउंसमेंट सुनकर खुश हो गया था.

आप सब अपने रिजल्ट्स आपके क्लास्तीचेर से ले सकते hain.yahan हम सिर्फ टॉप 2 रिजल्ट्स अन्नोउंस करेंगे.

सो विथाउट अन्य फुरदर देय 2ंद पोजीशन अचीव किया है विथ 95%

मिस अंजलि रामनानी ने.....

पूरा ग्राउंड तालियों से गूंज utha.ANJALI ने एक बार मेरी लाइन की तरफ dekha,par मेरे आखरी में खड़े होने की वजह से मई उससे दिखा nahi.uska चेहरा उतर gaya.apni ट्रॉफी और सर्टिफिकेट कलेक्ट कर वो वापस अपनी लाइन में कड़ी हो गयी...

प्रिन्सी- नाउ किंग तो थे फर्स्ट पोजीशन

जिस स्टूडेंट ने इस बार फर्स्ट पोजीशन अचीव की hai,us स्टूडेंट ने न सिर्फ इस स्कूल में ना hi शहर में और न hi स्टेट में बल्कि पूरी कंट्री में इससे लेवल पर फर्स्ट पोजीशन हासिल की है.

सभी सर की अनाउंसमेंट से शॉकेड हो गए.

प्रिन्सी- सो विथाउट वेस्टिंग अन्य मोरे टाइम लेट में वेलकम ों स्टेज नॉट ओनली आवर school's बूत INDIA'S मोस्ट इंटेलीजेंट स्टूडेंट....

विक्रम जयराज सिंह......

एव्री बॉडी गिव हिम ा बिग हैंड.......

सर की अनाउंसमेंट सुनकर मई भी काफी शॉकेड हो गया tha.ussi कंडीशन में मई स्टेज की तरफ बढ़ा...

एक बार फिर पूरा ग्राउंड तालियों से गूंज उठा.

अंजलि और रोनित दोनों की आँखों में आंसू the.par मैंने ध्यान नहीं दिया और स्टेज पर चढ़ गया.

प्रिन्सी- ओने मोरे thing.aaj हमारे बीच िक्सक बोर्ड के डायरेक्टर और सेक्रेटरी मौजूद है और कुछ कहना चाहते है.

डायरेक्टर- हम यहाँ ये बताने आये हैं की विक्रम को पुरे कंट्री में फर्स्ट आने के लिए इससे बोर्ड की तरफ से 25 लाख का स्कालरशिप मिलता hai.congratulations VIKRAM,u डेसेर्वे आईटी.......

ये मेरे लिए एक और सरप्राइज tha.maine अपनी trophy,certificate और चेक लिया और नीचे आ gaya.saare टीचर्स और मेरे क्लासमेट्स मुझे बधाई दे रहे थे.

अंजलि और रोनित अलग अलग खड़े होकर बस मुझे देख रहे थे.....

अनिल-( क्लास मात ) अरे ये रोनित और अंजलि कहाँ hain.sab ने तुझे विश कर लिया पर तेरे बेसटीएस hi गायब हैं.

अपना नाम सुन दोनों hi मेरे पास आने लगे.

मई- शायरी सुनेगा.....( अनिल को मेरे शायरी काफी पसंद थे)

अनिल- नेकी और पूछ पूछ.. इरशाद.......

तब तक दोनों मेरे पास आ चुके थे...

"रिश्तें अगर गहरे हों,

तोह ख़ामोशी भी शोर मचा सकती है...

हमे खबर न थी की सिर्फ कांटें hi नहीं,

फूल भी चोट पहुंचा सकती है".....

दोनों की आँखें शर्म से झुक गयी...

मैंने एक बार दोनों की तरफ देखा और निकल गया..

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J......
 
अब तक आपने पढ़ा की बलबीर 2 डेविल्स को विक्रम के पीछे लगता है वहीँ विक्रम आल इंडिया टॉप पोजीशन में आता है.....

अब आगे:-

CHAPTER - 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

मेगा अपडेट - 27

YAHOOOOO.....aur इसी के साथ शुरू हुआ मिस शनाया आहूजा का देसी डांस.....

( doston,aap में से जो भी ब्रांडेड कपड़ो से लड़ी hi फि टाइप दिखने वाली लड़कियों से बात करने में कतराता hai,trust में अंदर से ये भी ढिंचाक होती hain,par सिर्फ घर में...)

और बिना मटर जाने उसका साथ देने मंच पर उत्तरी हमारी क्यूट सी प्रियंका.......

अवंतिका- oye,pagal हो गयी है kya???aur प्रीयू तू किस ख़ुशी में नाच रही है......

प्रियंका- दीदी अकेले नाचती अछि थोड़ी लगेंगी तोह मई भी नाच रही हूँ.

वाणी- हे bhagwan....kya बेहेन दी है tune.....ek नंबर की ढक्कन hai.tum दोनों ये नाचना बंद करोगे और सीरियसली इससे डांस कहते hain,aisa लग रहा है दोनों के पीछे किसीने कुत्ते छोड़ दिए हैं...

शनाया- ोये मेरे डांस के बारे में कुछ मत kehna.AVNI से बस थोड़ा काम hi आता है..

अवंतिका- अरे मेरी maa,mujhse भी ाचा डांस करती है tu.ab बताएगी अभी किस ख़ुशी में डांस कर रही है???

शनाया- अरे जानेमन रिजल्ट्स आ गए है.96.2 % के साथ मई सेकंड आयी हूँ और डार्लिंग तूने तोह धवलपुर डिस्ट्रिक्ट में टॉप किया है पुरे 97% के साथ.....

AAAAAAAAAA...AAAAAAAAAAA... और जैसी की उम्मीद थी इनका बिना सर पेअर का चिल्लाना शुरू हो गया....

अवंतिका- रियली!!! i'm सो हैप्पी फॉर यू....

शनाया- & i'm हैप्पी 4 यू........

अवनि- अरे हमसे भी बधाईयां लेलो यार....

कॉंग्रट्स बेब्स.

AVNI/SHANYA- थैंक्स स्वीट हार्ट...

प्रियंका- इतनी बड़ी news,chote से थैंक्स से काम नहीं chalega.....party देनी पड़ेगी आप दोनों को.....

शनाया- done...aaj hi करते हैं..

प्रियंका- आज nahi.aaj तोह विक्रम भैया के घर जाना है न पार्टी में.....

शनाया- विक्रम से याद aaya,dekha मैंने कहा था ना हमसे आगे कोई nahi.wo तोह सिर्फ स्कूल में फर्स्ट आता है और हम दोनों तोह पुरे डिस्ट्रिक्ट में 1सत और 2ंद आये हैं....

प्रियंका- मई नहीं maanti.....aur अभी उनका रिजल्ट पता नहीं चला है.

वाणी- तू हमारी बेहेन या उसकी!!!!

प्रियंका- फैक्ट इस ा फैक्ट.......

वाणी- वो तोह शाम को पता चल hi jayega....khair वो सब छोडो पार्टी हम लोग बाद में कर lenge,par शाम के लिए शॉपिंग भी तोह करनी hai.party में सबसे हॉट हमको hi दिखना है.

प्रियंका- शॉपिंग..... yahoooo.chalo फिर तुरंत निकलते हैं...

चलिए इन्हे शॉपिंग करने देते हैं और अपने हीरो की तरफ चलते हैं....

मई- माँ, डैड ये सब क्या हैं?

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मई जस्ट अभी घर पहुंचा tha.par कार अंदर नहीं जा पायी क्यूंकि बाहर hi काफी मीडिया रिपोर्टर्स खड़े the.....aur साइड में mom,dad के साथ साथ anjali,ronit और दोनों के पेरेंट्स खड़े थे......

अभी डैड या माँ कुछ kehte,usse पहले hi

रिपोर्टर- सर पुरे इंडिया में 10तह बोर्ड एक्साम्स में फर्स्ट पोजीशन अचीव कर आपको कैसा लग रहा है....

डैड- मेरी आप सब से रिक्वेस्ट है की अभी कोई सवाल मत puchiye.aaj मेरे बेटे का बर्थडे भी hai.is दोहरी ख़ुशी में हमने रात को एक पार्टी राखी hai.aap सब भी इन्वितेद hain.aap अपने सवाल वहीँ पूछ लीजियेगा...

रिपोर्टर- ये हैं मर जयराज SINGH.the प्राउड फादर ऑफ़ विक्रम जयराज सिंह जिन्होंने इस साल इससे बोर्ड एग्जामिनेशन के आज तक के सभी रिकार्ड्स तोड़ दिए हैं..

इस न्यूज़ की पूरी स्टोरी हम आज रात को खुद मर विक्रम जयराज सिंह से sunenge.camera मन रवि के साथ मई सोनम ******* से....

डैड ने सबको थैंक्स कहा कर हम सब अंदर आ गए.

अंदर हॉल में पहुंचके डैड बिना कुछ बोले मेरे गले लग gaye.fir माँ ने मेरा माथा chuma.dono कुछ बोल नहीं रहे थे बस दोनों की आँखों में आंसूं और चेहरे पर मुस्कराहट थी....

मई- क्या डैड...!!!! आप तोह खुद कह रहे थे की मेरा बीटा hi टॉप karega.toh फिर इतने इमोशनल क्यों?

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डैड- आज तक जब भी कोई तेरे बारे में बात करता था तोह ये कहता था की ये जयराज सिंह का बीटा hai......jisse सुनके मई जनता हूँ तुझे प्राउड फील होता tha.haina!!!!

मई- ऑफ़ कोर्स DAD.sirf इसीलिए नहीं क्यूंकि आप मेरे डैड hain.aapne अपने दम पे जो मुकाम हासिल की hai,wo बोहोत काम लोग hi कर पाते hain....thats व्हाई i'm रियली प्राउड ऑफ़ यू....

डैड- जानता hai,ek बाप को गर्व कब होता hai????jab लोग उससे उसके बेटे के नाम से जानने लगते हैं....

इतना बड़ा इंडस्ट्रियलिस्ट hun,fir भी आज पहली बार उस रिपोर्टर ने तुझे मेरा बीटा नहीं बल्कि मुझे तेरा डैड कहकर इंट्रोडस karwaya.ye मेरी लाइफ का सबसे बड़ा दिन है मेरे बचे.

डैड एक बार फिर मेरे गले लग gaye.wahan मौजूद सबकी आँखें भर चुकी thi.mahoul को हल्का करने के लिए........

माँ- दोनों बाप बेटे सारा प्यार आपस में hi बाँट lo.meri तोह कोई वैल्यू hi नहीं है......

डैड- अरे मेरी जान अगर आपके बिना तोह हम अधूरे hain.aapke hi साथ से तोह ऐसा शेर जैसा बीटा हुआ है...

माँ- जाओ ji.aas पास देख भी लिया karo.kahin भी शुरू हो जाते हो.

हरप्रीत UNCLE(RONIT'S DAD)-ab हमसे क्या शर्माना bhabhiji.....hum कोई गैर थोड़ी hain...par एक बात है yaar,tu न भाभीजी से थोड़ा काम रोमांटिक हुआ kar.tere चक्कर में तेरी भाभी मुझे सुनती रहती है की मई तेरे जैसा इसके साथ नहीं नहीं karta.ab यार जोंनि लीवर से शाहरुख़ खान का काम करने बोलोगे तोह कैसे चलेगा.

अंकल की बात पर सब हंस दिए....

कविता आंटी- तुम na,kuch भी बोलते ho.aur यहाँ हम अपने बचे के लिए आये hai,aap लोगों की बातें सुनाने के लिए नहीं.

आंटी मेरे पास aayi.mai उनके पाऊँ छूने झुका hi था की उन्होंने मेरे कान पकड़ लिए...

R/MOM- बधाई तोह तुझे बाद में milegi.pehle ये बता की एक महीने से घर क्यों नहीं aaya.naaraz तोह तू इस नालायक ( रोनित) से है naa,isme हमारी क्या गलती.....

नेहा आंटी ( ANJALI'S माँ )-हमें अपना मंटा तोह हमसे मिलने आता na.ek हम हैं जो इससे अपने बच्चो से बढ़कर प्यार किया hai,par इससे kya,hum थोड़ी न इसके कुछ लगते हैं....

नेहा आंटी और कविता आंटी दोनों की आँखों में आंसू थे.

मई दोनों के पैरों के पास बैठ गया..

मई- मुझे माफ़ कर दीजिये aunty.chahe तोह मार लीजिये पर प्ल्ज़ रोईए mat.maine भी आपको माँ का hi दर्जा दिया hai,aur उंक्लेस को डैड ka.aaj जब मुझे पता चला की मई फर्स्ट आया हूँ ,मेरी आँखों के सामने सिर्फ माँ और डैड का नहीं आप सब का चेहरा घूम गया tha.bhale hi हमारे घर अलग अलग hain,par हम सब एक फॅमिली हैं और हमेशा rahenge.par मेरी वजह से आपके आँखों में आंसू aaye,aap जो सजा देना chahen,de दीजिये.

दोनों- सजा तोह तुझे milegi....ye कहकर दोनों ने अपने हाथ उठाये.

खा बीटा thappad,maine भी अपनी आँखें बंद कर li.mujhe मेरे गालों पर कुछ गिलका एहसास hua.maine अपनी आँखें kholi.dono ने थप्पड़ नहीं एक एक पप्पी चिपका दी थी..

मई- aunty.sukhi पप्पी दिया karona.ye गीली गीली पप्पी आपके फ्यूचर बहु के लिए छोड़ दो....

कविता आंटी- क्या बोलै tu.10th क्या पास हुआ गर्लफ्रेंड बनाने की बात करता है.

फिर हो गयी मेरी ठुकाई chalu.par माँ के हाथ से भी कभी लगता है kya....thodi देर हल्का हल्का मुझे मारने के बाद आंटी ने मुझे छोड़ दिया.

फिर मैंने सबके पेअर चुकार आशीर्वाद लिया.

मई- ाचा मई चेंज करके आता हूँ....

माँ- ठीक है.

अभी तक मैंने अंजलि और रोनित को अवॉयड hi किया था.

मई ऊपर अपने कमरे में चला गया.

मेरे जाने के बाद नीचे सब अंजलि और रोनित की तरफ देखने lage.dono सर झुकाये मेरे कमरे की तरफ चल बढे......

मेरे कमरे में हम तीनो की एक बड़ी सी फोटो thi.mai उसी को देख रहा tha.mujhe मेरे पीछे किसीके होने का एहसास हुआ.

मई पलटा तोह देखा की रोनित नीचे घुटनो के बल बैठा हुआ है...

रोनित- मैंने जो kiya,jo कहा वो माफ़ी के काबिल nahi.mai ये तोह नहीं कह सकता की मुझे माफ़ करके फिर से दोस्ती करले क्यूंकि मई तेरा दोस्त कहलाने के लायक नहीं हूँ.

बचपन से hi मेरी हर गलती को तू ढकते आया hai,najane कितनी बार माँ डैड की दांत से बचाया hai.mai बिना सोचे समझे किसी से भी भीड़ जाता tha,par सिर्फ तेरी वजह से बच जाता tha.tere और अंजलि के लिए मई ओवर पोस्सेसिवे हो गया tha.mujhe दर लगा रहता था की कहीं हम अलग न हो जाएँ.

उस दिन जब तुझे जाता हुआ देखा तोह मेरा दर मेरे सर पर चढ़ गया. पता नहीं मुझे क्या hua,kuch भी उल्टा सीधा सोचने laga.pehli बार था जब तू एक महीने के लिए हमसे दूर हुआ tha.mere अंदर ग़ुस्सा बढ़ते hi जारहा था.

फिर अचानक तू सामने आ gaya....mai खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाया और वो सब बोल बैठा.

मई जस्टिफिकेशन नहीं दे रहा hun,bas अपने मन का थोड़ा बोझ हल्का कर रहा हूँ.

मुझे माफ़ कर दे bhai.........RONIT आगे कुछ न बोल paaya,aur रोने laga.ye फर्स्ट टाइम था जब मैंने उससे रट हुए देखा था.

अंजलि दरवाज़े के पास कड़ी ये सब सुन रही thi.wo भी रो पड़ी......

मई- माफ़ kiya.chal अब निकल.......

रोनित ने मेरी तरफ dekha,mere चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे...

भारी कदमो से वो utha,aur भीगी आँखें लिए बहार जाने लगा.

मई- पूरी बात सुन पहले......

रोनित पलट कर मेरी तरफ देखने लगा.

मई- तू अंदर आ..

अंजलि भी सर झुकार अंदर आ गयी....

मई- रैंक लगा है दोनों ka.acha सा रेस्टुअरंत ढूंढो और पार्टी do.chalo निकलो.

दोनों दौड़ते हुए आये और मेरे गले लग gaye......aur ज़ोर से रोने लगे......

मई- हाथो बे dono.....puri शर्ट गीली कर दी.....

दोनों ने एक एक मुक्का मेरे पेट पर मार दिया......

मई- aahhhhh.ab तोह बस करो kameeno.mujhe भी रुलाओगे क्या.....

पर दोनों में से किसीने मुझे नहीं छोड़ा...

अभी ये सब और chalta,par मम्मी आ गयी..

माँ- hmm,toh भारत मिलाप हो गया तीनो का....

माँ की आवाज़ सुन दोनों मुझसे अलग हुए..

मई- थैंक गॉड आप गयी mom.wara आज यहीं खड़े खड़े नाहा लेता...

रोनित- चुप बे.

मई- haan,aise रहा kar.rona धोना तुझे सूट नहीं करता...

अंजलि- तोह रुलाता hi क्यों है...

मई- वाह beta,ulta चोर कोतवाल को डांटे....

अंजलि- haan,toh क्या करेगा.

मई- क्या karunga.kuch नहीं करूँगा.

मेरे रिएक्शन से सभी है पड़े....

माँ- तुम तीनो का हो गया तोह बता do...mujhe कुछ काम था.....

मई- हाँ माँ बोलो ना!!!

माँ- तुझसे नहीं इन दोनों से.

दोनों- हां आंटी कहिये ना..

माँ- इसके सामने nahi.neeche आ जाना....

मई- kyun,mere सामने क्यों नहीं!!!!

माँ- वो सब बाद में पता chalega.abhi तुम दोनों नीचे aao...aur तू फ्रेश हो जा....

मैंने भी कंधे उचका दिए और वो दोनों नीचे चले गए...

नीचे

माँ- suno,aaj एक पार्टी राखी है.

अंजलि- वाओ party.aunty पहले बोलना था naa,mai क्या पहनूंगी......

रोनित- चुप कर जा तू एक min..party का नाम सुना नहीं की शॉपिंग का भूत घुस जाता है तेरे अंदर....

अंजलि ने मुँह बना लिया....

माँ- अरे पूरी बात तोह suno.VICKY को पता नहीं है इस पार्टी के बारे me,toh तुम लोग घूमने के बहाने उससे बहार ले जाओ और सीधे शाम को लेकर आना...

रोनित- दोने आंटी.......

दोनों वापस मेरे कमरे में आ गए और माँ सब के पास चली gayi.mom से सबको हमारे पैच उप के बारे में बता दिया जिससे सुनकर सब बोहोत खुश हो गए.......

इधर जब दोनों मेरे कमरे में पहुंचे तब मई बाथरूम में था.

रोनित- चलो ाचा hai,kamina चुपके हमारी बात नहीं सुन रहा tha.par उन्हें नहीं पता था की मई सब सुन चूका hun.kaan जो इतने तेज़ hain....par मई भी खुश tha.ek तोह मई 1सत पोजीशन पे आया था और उससे भी इम्पोर्टेन्ट आज मेरे दोनों फ्रंज मुझे वापस मिल गए थे.....

रोनित ने सुब्बार्ड से मेरा एक टीशर्ट और जीन्स निकल लिया और वहीँ पेहेन्ने लगा.

अंजलि- ओह besharam.mai यहीं कड़ी हूँ...

रोनित- तू तोह ऐसे शर्मा रही है जैसे कोई लड़की हो???

अंजलि- फिर भी,, क्या बोलै tu,chup कर जा वार्ना पिटेगा मेरे हाथों...

अंजलि- तू तोह V.J के कपडे पेहेन lega...mai क्या pehnu.....mai ऐसे बहार नहीं जाउंगी...

तभी मई बाथरूम से बहार आया.

मई- कहाँ जाना है....

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?

रोनित- wo,wo हाँ यार एक महीने से हम तेरे चक्कर में कहीं बहार नहीं gaye.toh सोचा आज दिन भर ghumenge.aur सुन तुझे बिर्तडाय विश भी हम अभी नहीं karenge.shaam को गिफ्ट देंगे तब karenge...RONIT फ्लो फ्लो में ज़्यादा बोल गया.

अंजलि- बेडा garg....saale तू मुँह hi मत खोला kar....thoda तोह उससे सोचने देता की हम विश क्यों नहीं कर rahe.bas मुँह खोला और बक दिया......

रोनित- अरे हाँ yaar.sorry.

अंजलि- अब तेरे सॉरी का अचार डालूं....

मई- अरे तुम लोग लड़ना बंद karo.ANJALI हम पहले तेरे घर चलते hain.wahan तू चेंज कर lena.fir चलेंगे घूमने...

फिर लुक ख़ास नहीं hua.hum तीनो निचे aaye,permission ली और चल पड़े ghumne.hum दिन भर घूमते rahe.aaj इतने दिनों के बाद इन दोनों के साथ घूम कर दिल को एक अलग hi सुकून मिल रहा tha......shaam ढलते ढलते हम वापस आ गए.

वैसे तोह मई सब जानता था फिर भी चौंकते हुए बोलै....

मई- ये घर क्यों सजा है.

कह

रोनित- तेरे बर्थडे सेलिब्रेशन के liye...dekh नाराज़ मत hona....yaar अंकल आंटी का बोहोत मन tha.plz मान जा न..

मई- अरे मई नाराज़ नहीं hun...chalo अंदर चलते है.

दोनों मुझे नार्मल देखके बोहोत खुश हो गए और हम तीनो अंदर चले आये.

लॉन में hi सब खड़े the.saare स्टाफ के साथ डैड और दोनों उंक्लेस खुद डोरशंस कर रहे ......हम तीनो की मॉम्स इंस्ट्रक्शंस दे रहे the.ek स्टेज भी लगा हुआ था.........

हम चलते हुए माँ के पास पोहोंच गए.

मई- ये सब क्या है माँ?

माँ- सॉरी beta.par तेरे डैड का बोहोत मन था तोह...

मई- इतस ok mom.waise dad,uncles बड़े अचे लग रहे हो...

R/DAD- बोल ले beta.jsb तेरी शादी होगी तब पता चलेगा...

R/MOM- आप काम में ध्यान दीजिये.

R/DAD- तोह अब तक क्या मई मंजीरा बजा रहा tha.subah से लगा हुआ हूँ फिर भी चैन नहीं है इसको...

R/MOM- क्या कहा?

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R/DAD- मैंने क्या kaha.kuch भी तोह नहीं.

हम तीनो बस है रहे थे.

MOM-tum तीनो क्यों दन्त दिखा रहे ho.jao रेडी हो jao.VICKY,RONIT और तेरे कपडे तेरे रूम में रखे हैं और अंजलि बीटा तुम्हारे कपडे मेरे रूम में hai.jao रेडी हो जाओ.

हम तीनो भी बस मुंडी हिलाकर चल दिए चेंज करने....

चलिए इनके चेंज करने तक देखते हैं अरोरस का क्या हाल है

वाणी- क्या हुआ priyu.muh फुलाकर क्यों बैठी है.

प्रियंका- और क्या करूँ.1 घंटे से लगे हुए ho.ab तक तैयार नहीं हुए.

शनाया- अरे तैयार होने में वक़्त तोह लगेगा ना.....

प्रियंका- इतना टाइम???

वाणी- चिल babes.tu एक काम कर माँ डैड को जाकर देख वो तैयार हुए की नहीं....

तब तक हम भी रेडी हो जाते हैं....

प्रियंका- ठीक hai.jaldi नीचे आना.

पर लड़कियां हैं लेट तोह होना hi hai.....kareeb 30 मिनट बाद शनाया और वाणी नीचे aaye......dono ने वेस्टर्न ऑउटफिट पहना हुआ था...

V/MOM- कितना टाइम लगाती हो तुम दोनों....

वाणी- ओह चिल्लाक्स mom.ab तोह आ गए ना.

V/DAD- ये अवनि कहाँ है.

प्रियंका- वव्वव्वव्व......

अभी वाणी कुछ जवाब देती उससे पहले hi प्रियंका बोल उठी.

सब ने पलट कर देखा तोह देखते hi रह गए...

सिद्धियों पर अवंतिका कड़ी थी वाइट एथनिक ड्रेस में.

प्रियंका- वाओ di.u र जस्ट किलिंग it....aap इतनी ब्यूटीफुल दिख रही हो की एंगेल्स भी शर्मा जाएँ.....

अवंतिका- बिलकुल तेरी tarah.ye बोलकर अवंतिका ने प्रियंका के गाल पे एक किश कर diya.....PRIYANKA ने भी एथनिक वियर

hi पहना था पर ग्रीन कलर में.

V/MOM- सच beti.tu बोहोत ब्यूटीफुल दिख रही hai.sikho तुम दोनों कुछ अवनि se..(VAANI,SHANAYA)

दोनों के hi मुँह उतर गए....

अवन्तिकका- ओह कॉमन aunty.sab की अपनी चॉइस होती hai.waise भी ये दोनों किसीसे काम नहीं लग रहे हैं....

वाणी- थैंक्स baby.mom आप सीखो कुछ....

V/DAD- अब लड़ते hi रहोगे की चलें?

प्रियंका- और नहीं तोह kya.agar थोड़ी देर और रुके तोह खली प्लेट्स धोने जाना होगा.

ऐसी hi नोक झोंक के साथ अरोरस निकल पड़े अपने हीरो के घर.......

बैक तो हीरो:-

रोनित- GAZABBBBB.kasam से यार क्या दिख रहा है tu..aaj तोह पार्टी की साड़ी लड़कियां फ्लैट होने वाली हैं...

मई- काम तोह तू भी नहीं दिख रहा hai....chal चलते hain.waise भी हम लेट हो गए hain.mom दो बार बुला चुकी hai....saare गेस्ट्स आ चुके हैं.....

अंजलि- तुम लोग रेडी हुए की नहीं.....

अभी हम बहार निकलते की इतने में अंजलि अंदर आयी जिससे देख कर रोनित का मुँह खुला का खुला रह गया.

अंजलि लग hi इतनी सुन्दर रही थी...

अंजलि- क्या hua.aise क्या देख रहा है...

मई- शब्द मेरे हैं पर फीलिंग्स रोनित भाईसाहब की है.

तोह अर्ज़ किया है

"अक्सर लोग कहते हैं की

किसीको देखकर कोई कैसे खो सकता है !!!

असल सवाल तोह ये है की जिससे देखकर

खो jaayen,itna खूबसूरत कोई

कैसे हो सकता है" !!!!

जहाँ एक तरफ रोनित होश में आया वहीँ अंजलि ब्लश करने लगी.....

मई- दो बातें याद रख.........

पहली की

"यूँ अचानक सामने आया न कर....

और अगर आ भी गयी.....

तोह yun......SHARMAYA न कर".......

अंजलि- तू कभी नहीं sudherega.ab तेरा हो गया तोह chale,saare गेस्ट्स आ चुके हैं और तेरा इंतज़ार हो रहा है....

ऐसे hi मस्ती करते करते हम निकले निचे पार्टी के लिए जहाँ मेरे साथ कुछ नया होने वाला था...

वहीँ पार्टी में:-

सतीश- गुड इवनिंग मर जयराज सिंह.....

डैड- गुड ेवेनिंग मर सतीश ARORA.thank यू की आप हमारे बुलाने पर aaye.meet माय वाइफ मीनाक्षी......

सतीश- नमस्ते bhabhiji....satish ने एक सरसरी नज़र मीनाक्षी के पूरे बदन पर घुमाई जिससे मीनू भांप गयी...

माँ- नमस्ते भाईसाहब........

सतीश- ये मेरी फॅमिली hai.meri वाइफ ANUKRITI,meri बेटियां VAANI,PRIYANKA और मेरी भांजियां अवंतिका और शनाया.

MOM/DAD- नमस्ते bhabhiji.hello kids.chaliye बैठते हैं.

सतीश- वैसे जिसके लिए ये पार्टी राखी है आपके साहब जाड़े वो दिख नहीं रहे.

डैड - तैयार हो रहा hai.aata hi होगा.

काफी सारे राउंड सोफ़ेस और कोचेस लगे हुए the,sab जाकर बैठ गए...

सतीश- मानना पड़ेगा ,शहर के सारे vip's को बुलाया है aapne.media भी उन्ही के लिए आयी है.

डैड- नहीं मीडिया तोह विक्रम के लिए आयी है.

शनाया- kyun????birthday तोह कोई न्यूज़ जैसी चीज़ नहीं है.....

माँ- बर्थडे के लिए नहीं विक्की फर्स्ट आया hai....isiliye.....

सतीश- फर्स्ट तोह हमारी भांजी भी आयी hai,wo भी पूरी डिस्ट्रिक्ट me.fir भी मीडिया तोह नहीं आयी...

ये बात सतीश ने थोड़ी अकड़ से कही थी जो जयराज और मीनू भांप गए....

जयराज- कॉंग्रट्स beta.waise हमारा बीटा पुरे इंडिया में फर्स्ट आया hai.....shayad इसीलिए

पुरे अरोरस इन्क्लूडिंग अवंतिका & शनाया का मुँह खुला का खुला रह गया....

सतीश- वाह क्या बात hai.i मस्ट से ु अरे ा वैरी लकी man.mai क्या कह रहा था जैराजजी की जब तक आपका बीटा आता है क्यों न कुछ बिज़नेस की बातें करलें.

डैड- sure....chaliye बचो को यहाँ एन्जॉय करने देते hain.hum दूसरी टेबल पर चलते हैं.......

दोनों उठकर दूसरी टेबल की तरफ चल दिए..

माँ- वेटर, कोल्ड ड्रिंक्स सर्वे करो बचो ko...beta आप लोग baitho,mai आती हूँ...

शनाया- no प्रॉब्लम आंटी...

ओह सहित..............

ये क्या कर दिया tumne.dekh के नहीं चल सकते क्या!!!!!

वेटर- सॉरी maa'm...wo गलती से हो गया.

अवनि- सॉरी ..माय foot.kitni एक्सपेंसिव ड्रेस है पता भी है.....

मरथा आंटी- वो गलती से हो गया hoga.aao बेटी मई तुम्हे वाश रूम ले चलती hun....clean कर लो......

हुआ यूँ की जब वेटर ड्रिंक्स सर्वे करने aaya,ussi वक़्त एक दूसरे टेबल से सूप का आर्डर aaya.dono वेटर्स जब क्रॉस कर रहे थे तोह ड्रिंक्स वाले का पेअर मत में फसा और वो सूप वाले से टकरा gaya.soup वाला संभल नहीं पाया और सूप सीधा अवंतिका के ड्रेस में गिरी......

अवंतिका मरथा आंटी के साथ चल पड़ी.

ठीक उसी वक़्त मई अंजलि और रोनित के साथ एंट्री कर रहा tha....AVANTIKA ठीक मेरे सामने से मेरी तरफ hi चली आ रही thi.mai इन दोनों की तरफ देख कर चल रहा था और अवंतिका अपनी ड्रेस को देखके चल रही थी.....

हम दोनों hi एक दूसरे के काफी करीब आ चुके the.meri और अवंतिका की नज़र सामने जाने hi वाली थी की एक ज़ोर की बिजली kadki.mai और वो दोनों hi आसमान की तरफ देखते हुए एक दूसरे को क्रॉस कर गए........

दज- लेडीज एंड gentleman,please वेलकम मन ऑफ़ थे MOMENT...........VIKRAM जयराज सिंह......

एक स्पॉट लाइट सीधे मेरे ऊपर padi.sab मुझे hi देखने लगे.

वाणी- वववववव...... नाउ थॉट्स ा हॉट गाए........

शनाया तोह मुँह खोले मुझे घूरे जा रही थी....

प्रियंका- मुँह बंद कर लो di.makhi घुस जाएगी.

शनाया ने तुरंत मुँह बंद कर लिया और थोड़ी ेम्बरेंसेड हो गयी.....

मेरा नाम सुन अवंतिका ने पलट कर dekha,is बार भी उससे सिर्फ मेरी बैक hi दिखी....

वो अंदर चली गयी......

मुझे देखते hi मीडिया वाले मेरे पास आ गए पर तब तक माँ डैड भी मेरे पास आ चुके थे.......

डैड- देखिये पहले केक काट जाने दीजिये उसके बाद आप लोग इंटरव्यू ले लीजियेगा...

हम सब लॉन के बीच में जमा हुए जहाँ एक बड़ा सा केक रखा हुआ tha......cake कटाई सेरेमनी के बाद मई रोनित और अंजलि के साथ मीडिया वालों के पास चला गया.

सतीश- एक बार और सोच लीजिये.....

JAIRAJ-uski ज़रुरत नहीं है, ये मेरा आखरी फैसला है....

सतीश- जैरज़ि अछि खासी फॅमिली है apki,kamse काम उनका तोह ख्याल करें..

डैड का दिमाग घुमा पर उन्होंने आराम से जवाब दिया....

डैड- फॅमिली तोह आपकी भी है.

हुआ ये था की सतीश और डैड बैठकर बिज़नेस की बात कर रहे the.DAD होटल्स स्टार्ट करना चाहते हैं जो सतीश नहीं chahta.wo डैड को बैक आउट करने को कह रहा था.......

सतीश- hahaha....abhi आप मुझे जानते नहीं जैराजजी.... कहीं ऐसा न हो आपका फैसला आपके होनहार बेटे पर भारी पड़े.....

अब मेरा नाम जैसे hi सतीश ने कहा पापा का दिमाग घूम गया...

डैड चिल्लाकर- अपनी औकाद में रहो सतीश वर्ण यहीं गाड़ दूंगा.....

सतीश- तू मुझे gaadega.mai चहुँ तोह तुझे और तेरी फॅमिली को यहीं ख़त्म कर सकता hun.namuna dikhaun.SATISH के साथ दो बॉडी गार्ड्स the.usne दोनों को इशारा किया.

धूपपपपप धडामममममम..

अभी वो कुछ करते उससे पहले hi वो ज़मीन पर थे......

हुआ ये की मई इंटरव्यू दे hi रहा था पर मुझे डैड की साड़ी बातें सुनाई दे रही thi....jaise hi सतीश ने अपने बॉडी गार्ड्स को इशारा किया मई वहां पहुँच गया और दोनों को गले से उठाकर पटक दिया....

सतीश- तेरी इतनी himmat.....tujhe और तेरे बाप को उम्मम्मम्मम....

आगे वो कुछ बोल नहीं पाया क्यूंकि उससे भी मई गाला पकड़ कर उठा चूका था.....

मई- अपने ज़ुबान को अपने हलक के अंदर rakh.agar मई रखने में आ गया naa,toh जहाँ से निकलता है वहीँ से खाना भी पड़ेगा.....

उसका मुँह पूरा लाल हो चूका था..

माँ- बीटा छोड़ उससे.....

मैंने उससे नीचे फेक दिया...

अभी मई पलटा hi था की

चाआताकककहहहहहहहहह.....

मेरे गाल पर किसीने ज़ोर का तमाचा मारा........

और मारने वाली थी मिस अवंतिका.

हुआ ये की अवंतिका जब आयी तब मैंने उसके मां का गाला पकड़ा हुआ था......

उससे आया ग़ुस्सा और उसने मुझे चिपका दिया

अवंतिका- हाउ डरे u.tumhari हिम्मत कैसे हुई मेरे मां जी का गाला पकड़ने ki.tamiz नाम की चीज़ पता है भी की नहीं.....

मई- अगर पता न होता मैडम तोह आपके गालों पर मेरे उँगलियों के निशान होते....

चटाखहहहहह.....

घबराइए nahi,ye तमाचा मुझे नहीं अवंतिका के गाल पर पड़ा था और मारने वाली थी मेरी स्वीट हार्ट अंजलि........

अंजलि- ये नहीं मार सकता तोह क्या hua,mai तोह मार सकती हूँ naa......dobara अगर V.J के बारे में कुछ बोलै या हाथ लगाया naa,toh तेरा ये थोबड़ा मार मार के सुजा दूंगी....

सतीश कुछ कर नहीं सकता tha.ek तोह मीडिया की वजह से और दूसरा डैड की पूरी सिक्योरिटी इस वक़्त लॉन में आ चुकी थी..

मई- अपने तशरीफ़ का टोकरा uthayiye,aur निकलिए यहाँ से....

सतीश चुपचाप अपनी फॅमिली के साथ निकल गया.....

अवंतिका पलट पलट कर मुझे ग़ुस्से से घूरे जा रही थी...

अंजलि- ये तोह ऐसे देख रही है जैसे मार hi डालेगी...

मई- मर गए हमे मारने वाले......

रोनित- वैसे थी हॉट......

मई - हम्म. पर क्या फायदा....!!!!!!!!!

...........फेक ऐटिटूड............

तोह दोस्तों आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V........J.........
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने दोस्तों को माफ़ कर देता है वहीँ अवंतिका से उसकी पहली मुलाकात थप्पड़ से शुरू होती HAI......AB आगे........

CHAPTER- 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट - 28

मई- तुम दोनों को हुआ क्या hai.jab से आया hun,dekh रहा hun,muh लकता के घूम रहे हो......

अंजलि- तोह क्या नाचें!!!!! कल पार्टी के लिए क्या क्या सोचा tha.tujhe स्टेज पर gawayenge,tu गिटार bajayega,fir लास्ट में हम दोनों तुझे तेरा गिफ्ट denge......par सब गड़बड़ हो गया...

मई- होता है yaar....just चिल.......

रोनित- तुझे क्या hai,plan तोह हमारा फ़ैल हुआ है..

मई- अब्बे तुम्हारा तोह सिर्फ प्लान फ़ैल hua,meri तोह पूरी पार्टी फ़ैल हो gayi...par अब उसके लिए रट हुए तोह नहीं बैठ सकता naa.ab वो सब छोडो और चुप चाप मेरा गिफ्ट निकालो...

रोनित- अब्बे सुबह जॉगिंग के टाइम कौन गिफ्ट लेकर घूमता है bhai.thodi देर बाद आएंगे तेरे ghar.tab ले लियो........

मई- चलो fir.waise भी आज लेट हो गया hai.ghar चलते हैं....

हम अपने अपने घर निकल गए...

मई- गुड मॉर्निंग माँ, गुड मॉर्निंग डैड.

दोनों- गुड मॉर्निंग बीटा..

जब मई घर पहुंचा तोह माँ डैड दोनों hi बहार लॉन में बैठे मिले...

डैड- हो गयी एक्सरसाइज......!!!!!

मई- या dad.par लगता है आज आप ने गयम नहीं की और माँ नाही आपने yoga.right!!!!1

दोनों- हाँ बीटा आज मन नहीं था.....

मई- ओह के ों MOM/DAD.just लेट आईटी बे naa.jo हुआ उससे भूल जाओ.....

कल रात को पार्टी के बाद से hi माँ डैड का मूड काफी ऑफ tha.maine भी अब तक दोनों से इस बारे में बात नहीं की thi...par कब तक ऐसे hi chalta.isiliye मैंने टॉपिक छेड़ दी....

डैड- सॉरी beta.kal तुम्हारा बर्थडे tha.hum सब कितने एक्ससिटेड the.par सब ख़राब हो गया.......

मई- थिस इस नॉट दोने dad.agar आप कोई गलती करें भी ना तोह भी मुझसे माफ़ी मांगे की ज़रुरत नहीं hai.i'm योर son.birthday,results,kuch भी आप दोनों से ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट नहीं है....

माँ- फिर भी beta.....dukh तोह होता hi है ना.

मई- कोई दुःख नहीं hota.par haan,mere पास कुछ है जिससे आप दोनों का मूड एक सेकंड में ठीक हो जायेगा.

माँ- ाचा!!! वो क्या???

मई- वेट kijiye.mai अभी आया.

मई अपने रूम में गया और जब आया तोह मेरे हाथ में कुछ था....

मई- आप दोनों अपना हाथ आगे कीजिये....

माँ- तू और तेरे सुरपरिसेस.

दोनों ने अपने हाथ आगे कर दिए जिसके ऊपर मैंने एक फोल्डेड पेपर रख दिया....

डैड- ये क्या है???

मई- खोल कर देख लीजिये..

डैड ने पेपर ुनफोल्ड किया और अंदर जो लिखा था उससे पढ़कर दोनों शॉकेड हो गए...

मई- मेरी पहली kamayi....aap दोनों के लिए....

माँ- इतने रुपये का चेक तुझे कहाँ से मिला???

मई- फर्स्ट आने की वजह से मुझे 25 लक्ष की स्कालरशिप मिली है....

DAD/MOM- व्हाट.....!!! थिस इस सुच ा बिग news.....aur तू हमें अब बता रहा है...

मई- कल पार्टी के बाद बताने वाला था पर टाइम hi नहीं mila....aur ाचा hi हुआ ना जो अभी bataya,dekha मैंने कहा था न की आपका मूड ठीक हो जायेगा.....

दोनों- रियली बीटा वे अरे वैरी प्राउड ऑफ़ ु...

डैड- पर इतने रुपये का हम क्या करेंगे....

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मई- रियली dad.aap इंडिया एक टॉप थ्री बिज़नेस टीक्यूंस में से एक हो और सिर्फ 25 लक्ष के इन्वेस्टमेंट को ज़्यादा बोल रहे हो!!!!

डैड- बीटा ये 25 लक्ष मेरे अरबों की दौलत से ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है क्यूंकि ये पैसे मेरा बीटा मुझे दे रहा है.....

मई- ओह dad.no इमोशनल talks..please..

डैड- ठीक hai.....par बता तोह इन पैसों का क्या करना है???

मई- मई क्या bataun...haan,ek काम kijiye,mom के नाम पे जो N.G.O है ना उसमे दे दीजिये जिससे छोटे बचे जो पढ़ाई एफ्फोर्ड नहीं कर पाते वो इन पैसो की मदद से पढ़ पाएंगे..

मेरी बात सुन कर डैड की छाती चौड़ी हो गयी और माँ के आँखों में आंसू आ गए..

माँ- बीटा हमारा सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट और प्रॉफिट तोह तू hai......thik है ये पैसे N.G.O में hi जायेंगे.....

मई - थैंक्स mom.acha अब मई चला फ्रेश होने.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

सतीश- लखन, उसपे नज़र rakh.mujhe उसकी पल पल की खबर चाहिए...

लकहान- मालिक आप कहें तोह उससे और उसके बीवी बचे को ख़त्म कर दूँ....

(लखन- सतीश का सबसे खतरनाक aadmi.hieght 6.5. दीखता भी पूरा जानवर hai.satish के लिए कुछ भी कर सकता है)....

सतीश- नहीं lakhan.wo कोई छोटा मोटा आदमी नहीं hai.uski पहुँच सेंट्रल मिनिस्ट्री तक hai...upar से हमारा झगड़ा मीडिया के सामने हुआ hai...abhi उसपर हुम्ला किया तोह हम फास jayenge....tu बस उसपर नज़र रख ,बाकी का मई देखता हूँ......

लखन- ठीक है मालिक....

सतीश- JAIRAJ,teri ज़िन्दगी की उलटी गिनती चालू........

बैक तो मीनाक्षी मेन्शन:-

डैड- वैसे एक बात बता तेरे अंदर इतनी ताकत कहाँ से आयी....2,2 लोगों को एक हाथ से hi उठा लिया था तूने..

मई- ट्रेनिंग डैड.

माँ- मानना padega....guruji ऐसा भी कुछ सिखाएंगे tujhe,ye सोचा नहीं था....

डैड- हाँ bhai,itni एनर्जी..

गुड मॉर्निंग uncle,good मॉर्निंग आंटी....

अभी मई कुछ कहता उससे पहले अंजलि और रोनित आ गए...

MOM/DAD- गुड मॉर्निंग बच्चों......

माँ- नाश्ता करोगे??

अंजलि- नहीं आंटी मई तोह कर के hi आयी hun.is भुक्कड़ से पूछ लो...

रोनित- चुपरे.... आंटी मैंने भी कर ली है......

मई- वो सब chhodo,pehle मेरा गिफ्ट निकालो.

अंजलि- abbe,gift मांग रहा है या हफ्ता...!!!!

मई- वो तू जो samajh.par निकल....

रोनित- देते हैं, देते हैं...

फिर दोनों बहार गए और जब लौटे तोह मई खुश हो गया...

रोनित- ये ले.....

मई- थैंक्स yaar....mai ये लेने hi वाला था.....

रोनित- मुझे पता hai,isiliye मैंने ले ली.....

रोनित मेरे लिए लेटेस्ट इलेक्ट्रॉनिक गिटार लाया था.....

अंजलि- और ये रही मेरी गिफ्ट....

मई- अरे तू तोह मेरी एंजेल है यार......

रोनित- क्या खाख एंजेल hai...books भी कोई गिफ्ट में देता है क्या....!!!!

मई- अब्बे साले ये बुक्स मेरे ड्रीम कलेक्शंस मेसे hain.mai 6 महीने से इन्हे ढूंढ रहा था.

( एक्चुअली मुझे अन्सिएंट वर्ल्ड पे छपी किताबें बोहोत पसंद है और मेरे पास उनका एक कलेक्शन भी है जिनमे तीन किताबें काम thi.ye बोहोत रेयर बुक्स thi.maine बोहोत तरय किया पर मुझे मिल hi नहीं रहीं thi.ANJALI वही तीनो बुक्स लायी थी...)

अंजलि- रहने दे V.J. बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद..

अभी रोनित कुछ कहता उससे पहले माँ बोल उठी.....

तुम तीनो बाद में झगड़ना पहले तुम तीनो के लिए हमारी तरफ से भी गिफ्ट्स hain,pehle वो देख लो.....

तीनो- gifts.kaun से gifts.kahan hain????pehle क्यों नहीं बताया!!!

डैड- अरे चुप हो जाओ teeno.aur बहार चलो.....

हम तीनो माँ डैड के पीछे पीछे बहार चल दिए...

डैड- अब अपनी आँखें बंद karo.ANJALI तुम खुली रख सकती हो..

मई- kyun,ye क्यों आँख बंद नहीं कर रही है...

माँ- चुप चाप आँख बंद करता है या गिफ्ट कैंसिल करूँ.

मैंने और रोनित ने भी मुँह बनके ऑंखें बंद कर ली...

हमारे स्टाफ से 2 लोग कुछ लाये और हमारे सामने रख गए....

मई चाहता तोह अपने सेंसेस से सब देख सकता था पर उसमे क्या मज़ा...

डैड- अब अपनी आँखें खोलो.....

जैसे hi मैंने और रोनित ने अपनी आँखें खोली हमारी आँखें फटी की फटी रह गयी....

हम दोनों की ड्रीम बाइक शामे thi.aur इस वक़्त हमारे आँखों के सामने वही कड़ी थी....
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दुकाती...1199......

मई- ओह माय god......aap दोनों को कैसे पता चला की ये

हम दोनों की फव है....!!!!!

माँ- अरे तेरे और रोनित दोनों के hi कमरों में तोह इसी की फोटोज लगी हुई hain....HAPPY?

मई- ओह mom,dad ी can't तेल्ल यू हाउ हैप्पी ी am...mai दोनों के गले लग गया.......

रोनित- हैट बे तू......

और साला मुझे हटके खुद माँ डैड के गले लग गया.......

थोड़ी एक्ससिटेमेंट काम हुई तोह हमने अंजलि की तरफ देखा जो मुँह फुलाकर कड़ी थी..

मई- अब तुझे क्या हुआ...

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??

माँ- अरे bacha,tera चेहरा क्यों फुला हुआ है...!!!! नाराज़ है क्या???

अंजलि- और नहीं तोह kya.inke लिए बाइक और मेरे लिए कुछ नहीं...

डैड- अरे बीटा तू ऐसा कैसे सोच सकती hai...ek बार इन दोनों के लिए कुछ नहीं आएगा पर तेरे लिए कुछ न aaye,aisa हो hi नहीं सकता......

अंजलि- really.mere लिया क्या लिया है......

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?

माँ- जो लिया है उससे यहाँ नहीं लाया जा sakta.ek काम कर तू ऊपर सेकंड फ्लोर पे जो गेस्ट रूम है naa,wahan जाके देख...

अंजलि ने मेरा और रोनित का हाथ पकड़ा और खींचती हुई ऊपर ले gayi..hamare पीछे पीछे माँ डैड भी आ गए...

हमने रूम जैसे hi khola,hum सभी के मुँह खुले रह गए...

रोनित- ओह बीटा, पूरा शो रूम hi खरीद लिया क्या?

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मई- अब्बे ये एक शो रूम में फिट नहीं होगा ये दो शोरूम का सामान है..

माँ- पसंद आया...

अंजलि झट से माँ के गले लग गयी फिर डैड ke.thanks अंकल थैंक्स आंटी.....

एक्चुअली पूरा कमरा जो की किसी बड़े शोरूम से काम नहीं था पूरा ब्रांडेड गर्ल्स क्लोथिंग से भरा हुआ था.....

माँ- मरूंगी एक thappad.tu बेटी है hamari.hame थैंक्स बोलेगी....

अंजलि- ये तोह 2,3 साल की शॉपिंग एक साथ हो गयी..

मई- 2,3 saal.arre ये तोह 2,3 जनम के कपडे हैं...

अंजलि- वैरी फनी....

डैड- बीटा आप लोग chalo.mai ये कपडे तुम्हारे घर भिजवा दूंगा.

हम नीचे हॉल में आ गए.

माँ- अभी मेरा गिफ्ट बाकी है.

हम तीनो- और क्या gift.itna कुछ तो दे diya.ab क्या बचा....!!!!

माँ - बिलकुल बचा hai.ab तुम्हारे 10तह ख़त्म hue.....isiliye अब तुम ये रख सकते हो....

माँ के हाथ में एक छोटी बैग thi.humne उससे खोला तोह हमारी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा..

बैग में हम तीनो के लिए लेटेस्ट ीफोनेस थे..

माँ- तोह fir,thode दिन hi वकेशंस बचे hain.kuch प्लान किया है!!!

माँ- कहाँ mom.kyun न इंडिया में hi कहीं चलें...!!!

अभी माँ कुछ कहती की

डैड- मुश्किल है यार..

माँ- क्यों क्या हुआ....

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?

डैड- अरे वो लंदन की एक कंपनी है उनसे एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है डायमंड्स मैन्युफैक्चरिंग ka..mujhe आकाश और तीनो को उसके लिए जाना padega.aur वहां एक शोरूम भी खोलना hai.pata नहीं कितना वक़्त लगे.

एक काम करो bacho,tum तीनो कहीं हो आओ....

मैंने दोनों की तरफ देखा..

रोनित- no uncle.hum तोह हमेशा पूरी फॅमिली के साथ hi जाते hai.akele नहीं जाएंगे..

माँ- पर बीटा......

अंजलि- no पर वॉर aunty....next हॉलीडेज में चले जायेंगे..

डैड- done...ab यहीं रहोगे क्या दिन bhar.nayi बाइक्स मिली hai,bike राइड पे जाओ....

मई- ok dad.chalo yaaro.dhoom machayennn....bye माँ bye डैड..

दोनों- bye uncle,bye आंटी...

माँ- आराम से चलना.

पर अब सुनता कौन hai....mera फव रेड था और रोनित का white.hum निकल पड़े बाइक राइड पर....

ऐसे hi पुरे वकेशंस हम तीनो घूमते फिरते बिताने लगे......

वहीँ दूसरी तरफ

AVANTIKA-may वे के इन सर......

प्रिन्सी- yes,come इन....

अवंतिका और उसकी साड़ी बेहेने ार वाणी के दोनों फ्रेंड्स इस वक़्त सत जोसफ में एडमिशन करवाने आये हुए थे.

पर जैसे hi अवंतिका ने प्रिंसिपल केबिन के अंदर कदम rakha,uska दिमाग घूम gaya....uska क्या शनाया और वाणी की भी शामे हालत थी.

प्रिंसिपल सर के पीछे दीवार पर विक्रम के 3 बड़े बड़े फोटोज लगे हुए थे ट्रॉफीज के saath.aur बीच की फोटो के नीचे बड़े बड़े लेटर्स में थे ब्राइटेस्ट स्टूडेंट ऑफ़ इंडिया लिखा हुआ था....

अवंतिका को विक्रम का चेहरा देख बोहोत ग़ुस्सा aaya......party से आने के बाद से hi वो विक्रम के बारे में बोहोत बुरा भला कह रही थी.

थोड़ा रिवर्स मारते HAIN.....AAJ सुबह

शनाया- देख बेब्स मई अब भी बोल रही हूँ किसी दूसरे स्कूल में एडमिशन ले लेते hain.ST जोसफ में तोह विक्रम का hi बोल बाला था.

अवंतिका- nahi,hum वहीँ padhenge.....mai उस विक्रम को उसकी औकाद दिखा कर रहूंगी.........

वाणी- बिलकुल babes.badla तोह मुझे भी लेना है मेरे डैड की बेइज़त्ती का usse.hum वहीँ padhenge....aur मेरे दोस्त भी hai,fikar not,uski तोह हम हालत ख़राब कर देंगे....

( वो कहते हैं NAA,VINASHKAALAYE,VIPARIT भुद्धि )

बैक तो प्रेजेंट:-

प्रिन्सी- आप में से अवंतिका और शनाया कौन है?

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AVNI/SHANAYA- हम हैं सर..

प्रिन्सी- आप दोनों के रिजल्ट्स काफी अचे हैं और साथ में आप दोनों hi कुछ करीकुलर एक्टिविटीज में भी आगे hain...aur सत जोसफ टैलेंटेड बचो की काफी कदर करता hai.yahan आपको अपना टैलेंट और निखारने के काफी मौके मिलेंगे...

प्रिन्सी- और आप teeno....aapka एडमिशन मेरिट पर नहीं रिक्वेस्ट से हो रहा hai.aap तीनो इस बात का ख्याल रखेंगे की आप कम्पलीट डिसिप्लिन में rahen.all राइट???

तीनो - यस सर..........

प्रिन्सी- good.school 16तह ऑफ़ जून से स्टार्ट हो रही hai....you मई जो नाउ....

सभी- थैंक यू सर..

बहार आके..

वाणी- डिसिप्लिन, माय foot.dekhna यहाँ तोह हम राज करेंगे...

शेखर- bilkul.kya नाम था उस बन्दे का...

वाणी- विक्रम.

शेखर- हाँ VIKRAM.uski तोह ऐसी बजाऊंगा की ज़िन्दगी भर याद रखेगा.....( शेखर JAISWAL...SON ऑफ़ गजेंद्र JAISWAL.MLA HAI....APNE बाप के दम पर बोहोत उचकता है...)

नीमा- वो जानता नहीं उसने किस्से पन्गा लिया है...( नीमा चंदवानी, डॉटर ऑफ़ आशीष CHANWANI...TRANSPORT किंग हैं YE...LADKI को अपनी खूबसूरती और पैसो का बड़ा गुरूर है)

शनाया=- और उसकी वो सो कॉल्ड friend..usko तोह मई छोडूंगी नहीं...

अवंतिका- मई नहीं हम नहीं छोड़ेंगे...

वहीँ दूसरी तरफ :-

आकाश- hello हाँ गुप्तजी ( प् ऑफ़ आकाश ). अरे kab............par वो मीटिंग तोह अगले महीने थी naa...........kya गुप्तजी आपने हाँ क्यों कह diya....yahan का काम अभी पूरा नहीं हुआ hai...............chaliye देखता हूँ मई.......

जयराज आकाश और हरप्रीत को लंदन गए 1 हफ्ता हो चूका था......

जयराज- क्या हुआ?

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आकाश- अरे यार वो दिल्ली से एक पार्टी अगले महीने आने वाली thi.wo परसो आ रही hai.saala आर्डर भी बड़ा है और यहाँ का काम भी नहीं हुआ hai.ab क्या करें...

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हरप्रीत- तू चले जा naa.hum दोनों यहाँ का देख लेंगे......

आकाश- वही तोह मैं प्रॉब्लम hai.contract में हम दोनों के सिग्नेचर ज़रूरी हैं.

जयराज- तोह तुम दोनों चले jao.yahan की टेंशन मत lo.sirf एक हफ्ते का काम और बचा hai.mai देख लूंगा..

आकाश- अरे तू अकेले कैसे मैनेज करेगा!!!

जयराज- सब हो jayega.tu टेंशन न le.aur अब कोई बेहेस nahi.ek काम करो तुम लोग अभी hi निकल jao.mai पायलट को फ़ोन कर देता हूँ.

( हमारे पास 2 चार्टर प्लान्स hain.dad और उंक्लेस उसी में लंदन गए हैं )

आकाश और हरप्रीत दोनों hi घर के लिए निकल गए...

पर डैड को नहीं मालूम था की उंक्लेस के जाते hi एक काण्ड हो जायेगा.......

बैक तो हीरो:-

रोनित - 1 हफ्ता aur.then बैक तो school.....saala ये तबियत को भी अभी ख़राब होना था.

रोनित की तबियत दो दिन से ख़राब thi.jab भी उसकी तबियत बिगड़ती है वो मेरे घर शिफ्ट हो जाता hai.ye उसकी बचपन की आदत है

अंजलि- तोह रोटा क्यों hai.school खुलने तक ठीक हो जायेगा......

मई- हाँ yaar,tention न ले.

NAHIIIIIIIIIIIIII.................

एक ज़ोर की आवाज़ माँ के रूम से aayi.hum तीनो भागते हुए रूम में गए तोह देखा की माँ निचे फर्श पर बेहोश पड़ी है.....

मई- ममममममम... रोनित पानी ला...

मैंने माँ का सर अपनी गोद में ले liya.ANJALI तोह बस रोये जा रही थी..

यहाँ मेरे आँखें भी भर गयी सिर्फ इसीलिए नहीं की माँ बेहोश हुई thi.isiliye क्यूंकि मुझे उनकी बेहोशी की वजह पता चल चुकी थी......

अंजलि- मई डॉक्टर को कॉल करती हूँ...

उसकी ज़रुरत नहीं hai.MOM को होश आ गया है...

हुआ ये की मैंने एक हाथ से जो माँ के सर के निचे था माँ को होश में लाने के लिए रेज़ छोड़े जो माँ के सर में समां गए जिससे माँ को होश आ गया.

माँ उठते hi रोने लगी.

मई- माँ प्लीज चुप हो जाईये.

अंजलि- आंटी हुआ क्या है.

माँ- बीटा तेरे अंकल का एक्सीडेंट हो गया hai.unki कंडीशन ठीक नहीं है...

मई- mom,dad को कुछ नहीं होगा.

माँ- सच में बीटा.

मई- promise.mai पायलट अंकल को कॉल कर देता hun,hum अभी निकलते हैं........

अंजलि तुम सबको खबर कर दो.

आधे घंटे में सब हमारे घर में थे और हम एयरपोर्ट के निकल gaye.RONIT और अंजलि को माँ और औंटीएस ने जाने से मन कर दिया क्यूंकि रोनित की तबियत सही नहीं थी और अंजलि को उसका ख्याल रखने के लिए बोलै गया...

दोनों इस बात पर बोहोत नाराज़ हुए पर हम आलरेडी लेट हो रहे थे इसीलिए ज़्यादा कुछ बोल नहीं पाए.

रोनित- ठीक है jao.par अगर मेरे ठीक होते तक अंकल ठीक नहीं हुए तोह हम आ जायेंगे.

सब- ok दोने...

और हम सब निकल गए लंदन के लिए....

इन लंदन:-

मई- एक्सक्यूज़ me...which रूम इस जयराज सिंह इन...

रिसेप्शनिस्ट- एंड ु अरे?

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?

मई= ी ऍम हिज सोन.

रिसेप्शनिस्ट- ok,he इस इन इमरजेंसी वार्ड no 307 इन थर्ड फ्लोर.

मई- थैंक्स.

हम सब भागते हुए लिफ्ट में घुस गए.

इस वक़्त लंदन में शाम के 7 बज रहे the....hume पहुँचने में कुछ 17 घंटे लगे the.is बीच माँ के एक मिनट के लिए भी आंसू नहीं रुके थे.....

जब हम डैड के रूम में पहुंचे तोह डैड बेहोश the.puri बॉडी में मचिनेस लगी हुई thi.naak से एक पाइप वेंटिलेटर में गया हुआ था जिसके सहारे डैड सांस ले रहे थे.

डैड की ये हालत देखकर माँ के आंसू तेज़ हो गए...

मई- डॉक् how's माय फादर???

डॉक्टर- can't से एनीथिंग now.next 24 हॉर्स अरे वैरी क्रिटिकल 4 him.if हे सुविवेस इन थिस 24 hours,than ओनली there's सम होप.

मई- हे विल doc,he's ा fighter.can ी स्टे हेरे.

डॉक्- ओने ात ा टाइम....

पहले माँ कुछ देर डैड के पास ruki.wo बस रोये hi जा रही थी.

मई- माँ, आप बहार jao.aise में आपकी तबियत बिगड़ जाएगी...

माँ- नहीं मुझे कहीं नहीं जाना...

मई- डैड को जब होश आएगा और आपको इस हालत में देखेंगे तोह उनकी तबियत और बिगड़ जाएगी...

माँ- नहीं nahi.inhe कुछ नहीं hoga.mai फ्रेश होकर आती hun.tu इनके पास बैठ.

मई - OK माँ..

माँ के जाने के बाद मैंने सारे परदे ठीक किये और डैड के पास बैठ गया.

मैंने अपना राइट हैंड डैड के सर पर rakha,healing रेज़ निकलकर डैड के अंदर चली गयी.

मई- doctorrrrr.mai ज़ोर से चिल्लाया...

doctor,nurse और मेरी पूरी फॅमिली दौड़ते हुए अंदर आये और जो देखा उससे देख कर शॉक हो गए...

डॉक्टर- थिस इस इम्पॉसिबल....

डैड की आँखें खुली हुई थी...

डॉक्टर- नर्स टेक आउट थे वेंटीलेटर पाइप.

नर्स तुरंत अपने काम में लग गयी....

कुछ hi देर में जितने भी मचिनेस लगे थे डैड पे वो सब हटा दिए गए..

डॉक्टर ने डैड का चेक उप किया तोह स्तब्ध रह गए.

डॉक्टर- इन माय व्होले कर्रिएर थिस इस थे फर्स्ट टाइम ी हैवे सीन सुच miracle.a फ्यू मिनट्स बैक आईटी सीमेड no होप 4 ु एंड now,all ुर बॉडी पार्ट्स अरे पर्फेक्ट्ली इन वर्किंग आर्डर.

मई- ी टोल्ड ु doc,my डैड इस ा फाइटर.

डॉक्- ी डोंट क्नोव अबाउट that,but हे डेफिनाटेली इस ओने हेलल ऑफ़ ा लकी मन.

डॉक्टर चले gaye.mom काफी देर तक डैड के गले लग कर रोटी रही.

मई- माँ डैड अब ठीक hai.baakiyon को भी मिलने दीजिये....

उसके बाद सभी डैड से मिले.

रात को मई हॉस्पिटल में hi रूक गया.

मैंने रोनित और अंजलि को कॉल करके डैड के बारे में बता दिया था..

ऐसे hi दिन बीतने लगे और सिर्फ 10 दिन में hi डैड पुरे ठीक हो गए जोकि सभी के लिए वाकई शॉकिंग बात thi.khud डैड के लिए bhi...doctor तोह पागल hi हो गया था डैड की रिकवरी का लॉजिक ढूंढ़ते dhundte.ab उससे कौन samjhaye.jahan साइंस का लॉजिक ख़त्म होता है वहीँ मैजिक शुरू होता है....

11तह डे हम अपने प्लेन में the.aaj सभी की ख़ुशी देखते hi बनती thi.khaas कर के माँ ki....pichle 10 दिनों में मैंने माँ को डैड से एक मं के लिए भी अलग होते नहीं देखा.

शाम के 3 बजे हम मुंबई में लैंड हुए....

मई- माँ डैड मई रोनित और अंजलि से मिलकर आता हूँ.

घर पहुँचते hi मैंने बोलै...

कविता आंटी- हमारे साथ hi चल.

मई- nopes.aap आते रहना मई चला.

कविता- अरे सुन तोह...

पर मई कहाँ सुनने वाला था .अपनी बाइक उठायी और निकल पड़ा रोनित के घर....

इतने दिनों के बाद अपने बेसटीएस से मिलने का मज़ा hi कुछ और tha.mai पुरे एक्ससिटेमेंट के साथ रोनित के घर पहुंचा जहाँ एक और सरप्राइज या यूँ कहूं शॉक मेरा इंतज़ार कर रहा था....

रोनित- अरे भाई आ गया तू.....

रोनित को देखकर मेरा दिमाग घूम gaya....uske राइट हैंड में प्लास्टर चढ़ा हुआ tha.sir पे भी पट्टी बंधी थी...

मैंने उसकी आँखों में देखा और जो दिखा उससे मेरे जबड़े सख्त होते चले gaye.aankhen लाल हो गयी.....

मई मन में-

VAANI,SHANAYA,SHEKHAR,NIMA,AVANTIKAAAAA.....

तैयार RAHO....V...J आ रहा है.........

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.....J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने डैड को हील कर देता HAI,WAHIN जब वो घर पहुँचता है तोह रोनित के हाथों में पट्टी बंधी रहती है..

अब आगे:-

CHAPTER 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट - 29

R/MOM- मेरा bacha.kaise हुआ ये सब!!! और तूने फ़ोन करके बताया भी नहीं.... कविता आंटी लगातार रोये hi जा रही थी......

इस वक़्त रोनित के घर पर सभी मौजूद the.aunty अंकल जब घर पहुंचे तोह रोनित की हालत देख कर सकते में आ गए.

मैंने भी माँ को कॉल करके बता दिया. माँ डैड अंजलि और उसके पेरेंट्स के साथ पोहुंच गयी.

रोनित- माँ मई ठीक hun.ek छोटा सा एक्सीडेंट हो गया tha.please आप रोना बंद करो..

R/DAD- चुप kar.teri बाइक की हालत देखकर hi पता चल रहा है कितना बड़ा एक्सीडेंट हुआ होगा और तू छोटा सा एक्सीडेंट बोल रहा hai.wo तोह ाचा है की अंजलि तेरे साथ नहीं थी.

अंजलि बस चुप चाप सर झुकाये कड़ी थी...

R/MOM- आज से तेरा बाइक में घूमना कैंसिल..

मेरे डैड- भाभी इस उम्र में ये होता hai.agar इसके एक्साम्स में काम मार्क्स आएंगे तोह क्या पढाई रुकवा doge.RONIT आईन्दा से गाडी धीरे चलना.....

रोनित- थैंक्स uncle.pakka.mom अब ऐसा कुछ भी नहीं hoga.please मुझे माफ़ कर दो...

मेरी माँ- ाचा चलो इससे रेस्ट करने दो हम नीचे चलते है..

यहाँ मई एक बात बता दूँ की मेरे रोनित के और अंजलि के घर का डिज़ाइन शामे है....

सब उठकर नीचे चले गए....

मई- तू वहां क्यों कड़ी hai.idhar आ....

अंजलि चुप चाप मेरे पास आ गयी....

अभी मई कुछ कहने hi वाला था की डैड और दोनों उंक्लेस अंदर आये.....

डैड- रोनित कोई झूठ nahi,kitne लड़के थे......

रोनित मई और अंजलि डैड के सवाल से शॉकेड हो गए......

R/DAD- बीटा हम तुम लोगों के बाप hain.toh बिना नाटक किये जो पूछें उसका सीधा सा जवाब दे.......

रोनित- 10...

R/DAD- कहाँ पे हुआ ये sab??aur तू अकेला था!!!!!

रोनित- स्कूल से थोड़ी aage.wo एरिया खली hi रहता hai.ANJALI भी साथ थी....

आकाश- anju....tumhare साथ उन्होंने कुछ kiya.sach बताना...

अंजलि अपने डैड की कड़क आवाज़ सुनकर दर गयी.

अंजलि- लड़को ने तोह नहीं पर कुछ लड़कियां भी thi...unhone ...

मेरे डैड- उन्होंने क्या...

अंजलि- उन्होंने थप्पड़ मारे.....

अंजलि के डैड से ज़्यादा तोह मेरे डैड का दिमाग घूम gaya.unhone अंजलि को सगी बेटी से भी ज़्यादा प्यार किया hai.....uski एक खरोच भी बर्दाश्त नहीं कर पाते थे.....

मेरे डैड जब ज़्यादा ग़ुस्सा होते थे तब एकदम चुप हो जाते the....abhi भी वही हुआ था.

मेरे डैड- चलो...

तीनो जाने के लिए पलट गए.

मई- एक सेकंड dad,uncles....

तीनो रुक गए.

मई- ये प्रॉब्लम मई हैंडल करूँगा...

उंक्लेस कुछ कहने वाले थे पर डैड ने रोक लिया....

डैड- इतना याद रखना की दोबारा कोई भी मेरे दोनों बचो के आस पास आने से भी डरे.

मई- ी प्रॉमिस....

डैड- चलो....

बहार जाकर....

हरप्रीत- हम हैंडल कर लेते ना.

आकाश- और नहीं तोह kya.bache पढाई करेंगे की ये सब में उलझेंगे.

डैड- उन्हें अपने प्रॉब्लम से खुद लड़ना सीखना hoga.aur वैसे भी मैंने विक्की की आँखों में एक आग देखि hai.wo सब ठीक कर देगा...

इधर रूम में:-

मई- अगली बार मई कितनी भी सीरियस कंडीशन में क्यों ना rahun,agar तुम दोनों में से किसी पर भी कोई तकलीफ आयी और तुम लोगों ने मुझे नहीं बताया तोह मई लाइफ में तुम दोनों से बात नहीं करूँगा......

अंजलि- ऐसे मत बोल यार....

रोनित- भाई जब वो मुझे मार रहे the,tab मैंने उन लोगों को बोलै भी की एक बार तू aajaaye,mujhe और अंजलि को मारना उनको बोहोत भारी पड़ेगा....

मई- चल कोई नहीं बस कल तक वेट karo.unka हिसाब हो जायेगा.

रोनित- अरे कल नहीं yaar.mujhe ठीक तोह हो जाने de.mujhe उन लोगों की हालत ख़राब होते हुए देखना है......

मई- तू कल तक ठीक हो जायेगा...

रोनित- पागल है kya.haath फ्रैक्चर हुआ hai.doctor ने एक महीने का बीएड रेस्ट बोलै है.

मई- तू भूल रहा है बीटा की V.J जो बोलता है वो हो जाता hai.....jis वजह से तू मुझसे नाराज़ हुआ था वही वजह तुझे ठीक भी करेगी.....

रोनित- मतलब!!!!

मई- तुम दोनों ruko,mai आता हूँ......

मई दोनों को परेशां छोड़ बाहर बालकनी में आ gaya.aas पास dekha,jab पक्का हो गया की कोई नहीं है तोह मैंने अपना हाथ आगे kiya.ek तेज़ रौशनी मेरे हथेली के ऊपर chamki.jab रौशनी घाटी तोह मेरे हाथों में एक कटोरी जितना बड़ा मटका था जिसमे ग्रीन लिक्विड था.

ये वही टॉनिक था जो गुरूजी ने मुझे अपने ट्रेनिंग के पहले रात दिया tha.isse पीते hi thakan,chot,mit जाती है और हड्डियां भी जुड़ जाती hai.mai वापस रूम में चला गया....

मई- ये ले और पी जा...

रोनित- ये क्या है???

मई- saale,zeher hai.kya karega.bina सवाल किये नहीं पी सकता क्या?

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रोनित- पीटा हूँ naa.chillata क्यों है???

पर जैसे hi रोनित ने वो ग्रीन जूस का पहला सिप liya,toh उससे बहार फेक दिया..

रोनित- yaak.kitna कड़वा hai.....mai नहीं पीटा...

मई- saale,arange जूस चाहिए tujhe.....chup चाप पी jaa.nakhra दिखाया ना तोह दूसरा हाथ भी तोड़ दूंगा.

अंजलि- पर ये है क्या???

मई- सब पता चल जाएगा.... चल बे पी चुप चाप.

रोनित ने अपनी नाक बंद की और एक झटके में पी गया.

रोनित- याक, chi,uuuuu कोई शक्कर lao,choclate lao,ice क्रीम lao.mere मुँह का टास्ते ख़राब हो गया.

मई- कुछ नहीं मिलेगा तुझे.10 मिनट वेट कर.

रोनित- saale,tu मेरा दोस्त नहीं hai.aur 10 मं में क्या हो जायेगा???

मई- वो 10 मं में पता चल जाएगा.....

10 मं हम ऐसे hi टाइम पास करते रहे...

आफ्टर 10 मं:-

मई रोनित की सर की और हाथ की पट्टी हटाने लगा.

अंजलि- अब्बे पागल हो गया है क्या!!!!

रोनित- तू कर क्या रहा है..

पर मई अपने काम में लगा raha.maine उसकी दोनों पट्टी निकल di...ANJALI का तोह मुँह hi खुल गया.

रोनित- अब तू क्यों मुँह खोले कड़ी hai.aur तू saaale........ek min.....mera हाथ ......ये कैसे ठीक हो gaya.abbe dekh.mera हाथ ठीक हो gaya.ANJALI,dekh मेरा फ्रैक्चर ठीक हो gaya.yahoooooooooo.aur कमीना नाचने लगा..... रोनित इतनी ज़ोर से चिल्लाया की नीचे बैठे सब लग ऊपर आ गए.

R/MOM- क्या hua.kyun chillaya.aurrrrr

आगे आंटी कुछ बोल ना paayin,aur आँखें फाड़े रोनित को देखने lagi.yahi हाल बाकी सब का भी था....

मई- अरे हो क्या गया है आप सब को...

मेरी माँ- ये रोनित का हाथ कैसे ठीक हो gaya.aur उसके सर का chot,wo भी कैसे ठीक हो गया.

रोनित को अब तक अपने सर के चोट का ख्याल नहीं tha,mom की बात सुन उसने अपने सर पे हाथ लगाया तोह फिर चौंक गया.

रोनित- हाँ yaar,ye भी ठीक हो गया.

मेरे डैड- कोई batayega,ye सब हुआ कैसे???

अंजलि और रोनित ने मेरी तरफ ऊँगली दिखा di.sab मुझे शॉकेड होकर देखने lage.ab कुछ तोह बताना था hi...

मई- माँ dad,meri ट्रेनिंग याद है naa.usme मुझे बोन और हेल्थ ठीक करने के नुस्खे भी सिखाये गए the...ek टॉनिक है जिससे बोनस तुरंत जुड़ जाते hain.RONIT को वही पिलाया है maine.dad को भी मैंने वही पिलाया था उस din.tabhi वो तुरंत रिकवर हो गए थे.( झूठ )

सभी बोहोत शॉकेड हुए मेरी बात सुनके..

A/DAD- कैसी traing.aur तूने कब लेली...

माँ डैड ने फिर सबको जितना उन्हें पता था वो बता दिया.

माँ आकर मेरे गले लग गयी.

माँ- तेरे डैड को तूने ठीक किया और अब तक बताया भी nahi.agar रोनित ठीक नहीं होता तोह हमे पता भी नहीं चलता..

R/MOM- थैंक्स बीटा....

मई- थैंक्स किस बात ki.mera भाई है aunty.mai नहीं करूँगा तोह कौन करेगा....

सभी ने मुझे ब्लेस्सिंग्स दी और नीचे चले गए....

अंजलि- अब तोह बता कहाँ गया tha,aur क्या क्या सीखा है.

रोनित- तू फिर न भड़क जाए इसीलिए मई नहीं पूछ रहा tha.par अब तोह बताना hi पड़ेगा....

मैंने दोनों को कच्ची पक्की बात मिलके बता दी गुरूजी के बारे me.utni hi बताई जितना वो हज़म कर सकते थे..

रोनित- साले हमे बोलता तोह हम भी जाते naa.akele सिख के आ gaya.waise क्या क्या सीखा..

मई- ज़्यादा कुछ नहीं yaar.ek तोह कुछ मेडिसिन्स के बारे में और कुछ फाइटिंग टेक्निक्स.

अंजलि- wow....tu तोह वैसे भी ाचा लड़ता hai.us दिन स्कूल में देखा humne...uske ऊपर और सिख गया.

रोनित- हाँ अब आएगा maza.un सालों को इतना पेलेंगे की ज़िन्दगी भर हमारे नाम से phategi...aur अगर हम मार भी खा गए तोह क्या tention.....teri दवाई से तुरंत ठीक हो जाएंगे.

मई- साला नौटंकी.....

रोनित- चलो न yaar.kahin घूम कर आते hain.jab से तू गया hai,hum भी कहीं नहीं gaye,aur ऊपर से साला हाथ टूट gaya.ghar hi में बंद था इतने दिनों से.

मई - चलो फिर......

हम ने घर वालों से परमिशन ली और निकल पड़े ghumne.din भर घूमते rahe.raat को थोड़ा लेट घर aaye.ghar वालों से दांत khayi.ek कान से सुनी दूसरे से निकल di.aur जाकर सो गए......

वहीँ दूसरी तरफ:-

शेखर- अवनि, SHANAYA,yaar स्कूल में हर तरफ तुम दोनों का नाम hi गूंज रहा hai...not बाद हाँ....

शाम का वक़्त hai.AVANTIKA & ग्रुप जुहू के एक कैफ़े में बैठे हुए हैं....

वाणी- आखिर सिस्टर्स किसकी हैं..

नीमा- और वो दोनों तोह स्कूल hi नहीं आये उस दिन के बाद.

शेखर- किस मुँह से aate.aisi हालत की थी हमने उस दिन दोनों ki,abhi भी शर्म से अपने घरों में छुपे बैठे होंगे......

अवंतिका- haan,par हमे अलर्ट रहना padega....wo विक्रम कभी भी आ सकता hai.aur वो बदला ज़रूर लेगा..

शेखर- घंटा lega.uski भी वही हालत करेंगे जो उसके दोस्त की की थी.....

नीमा- मैंने सुना है की उसके बाप का कोई एक्सीडेंट हुआ है और सभी लंदन गए हुए हैं.....

शेखर- वहीँ रहे तोह hi ठीक hai.wapas आया तोह उसके बाप जैसी hi हालत कर देंगे उसकी.....

शनाया- जो भी करना स्कूल के बहार hi karna.school के अंदर उससे हाथ लगाना या कमेंट करने का मतलब है सीधे रेस्टीकेट होना...

शेखर- ऐसा कुछ नहीं होगा.

वाणी- नहीं यार ये सच hai.maine सुना है 9तह में एक लड़के ने विक्रम से चिढ कर उससे उल्टा सीधा बोल दिया था तोह प्रिन्सी ने बिना उसकी एक्सप्लनेशन सुने ससपेंड कर दिया था.

अवंतिका- स्कूल में उससे कोई बेहेस नहीं karega.agar वो भी कुछ बोल दे तोह चुप rahenge.school के बहार निपटेंगे उससे....

नीमा- और अगर उसने प्रिन्सी को कुछ बताया तोह....

अवंतिका- नहीं batayega.bohot ऐटिटूड है उसमे.......

कुछ देर और चित चाट कर सभी घर निकल जाते हैं....

नेक्स्ट डे:-

रोनित- थैंक यू अंकल........

हम ब्रेकफास्ट करके उठे hi थे की रोनित और अंजलि आ gaye.RONIT तोह सीधे डैड के गले लग थैंक्स कहने लगा.

डैड- ोये khote,tu भी मेरा बीटा hai.isme थैंक्स की कौनसी बात है.

अंजलि- और मई...!!!

माँ- तू तोह हमारी प्रिंसेस है.

मई- कोई मुझे भी बातयेगा की ये गधा थैंक्स क्यों बोल रहा है!!!

रोनित- तू gadha.aur बाटूंगा नहीं dikhaunga.chal बहार.

हम सब जब बहार आये तोह मई वाकई सुरप्रीसेड रह गया .सामे एक ब्रांड नई वाइट दुकाती 1199 खड़ी थी....

मई- ये तूने कब li.kal दिन भर तोह हमारे साथ था.

रोनित- अंकल ने मंगवा दी....

डैड- और नहीं तोह kya.mera बीटा क्या रेपाइरेड बाइक चलता.

रोनित एक बार फिर डैड के गले लग गया

मई- वाह यार मज़ा आ gaya.par अभी चलना chahiye,hum आलरेडी लेट हो चुके hain.....mom डैड को bye बोल हम निकल गए स्कूल....

इन स्कूल:-

मई- मई ी के इन मम.

हमे स्कूल पहुँचते पहुँचते थोड़ी देर हो hi गयी thi.assembly ख़त्म हो चुकी thi.par मेरी वजह से प्रिन्सी या टीचर्स ने कुछ नहीं बोलै.......

कृतिका MA'AM ( क्लास टीचर )- ओह VIKRAM.come in.tum तोह काफी पैक्टुअल ho.kaise लेट हो गए.

मई- सॉरी ma'am.it वोट हैपन अगेन...

MA'AM - इतस ok.mujhe तुम्हारे डैड के बारे में पता hai.i'm रियली सॉरी 4 व्हाट हप्पेनेड.

वैसे सामने तोह सब सीट्स फुल hai.aaj आप तीनो को पीछे बैठना padega.par उससे pehle,class.jo नए हैं उन्हें बता दूँ थे बॉय स्टैंडिंग इन्फ्रोन्ट ऑफ़ यू हिज नाम इस विक्रम जयराज SINGH.he है टोप्पड़ india's इससे रणकी ंग थिस year....so ा बिग राउंड ऑफ़ अप्पलायड्स 4 विक्रम.

पूरा क्लास तालियों से गूंज utha.saamne की सीट्स पर अवंतिका और शनाया बैठी हुई thi.uske पीछे वाणी और SHEKHAR.ye साले तोह ऐसे ताली बजा रहे थे जैसे कोई मचार उनके दोनों हाथों के बीच में हो और वो ज़ोर ज़ोर से उससे मारना चाहते हो.

मई- थैंक्स एव्री body.maine चरों को कम्प्लीटली इग्नोर किया था पर बिना देखे भी तोह मुझे दीखता तोह सब कुछ hi था.

पर रोनित और अंजलि फुलटू चारो को घूरते हुए मेरे पीछे पीछे चल दिए.

MA'AM- सो स्टूडेंट्स मेरे ख्याल से आप लोगों ने आज के टेस्ट का प्रेप कर लिया hoga...i

रोनित का चेहरा तोह टेस्ट का नाम सुनते hi उतर गया था.

MA'AM-VIKRAM,RONIT,ANJALI आप तीनो कुछ दिनों से एब्सेंट थे इसीलिए आप तीनो इस टेस्ट का हिस्सा नहीं होंगे..

रोनित- haash,bach gaye.mujhe तोह लगा था आज लग गए हमारे.

पर जहाँ सब कुछ आराम से हो जाए वो हमारी लाइफ तोह हो नहीं sakti....aur अब तोह हमारे कुछ दुश्मन हमारे सामने hi थे...

अवंतिका- ma'am आप तोह कह रहे थे की विक्रम इंडिया टोपर hai.usse आंसर पता होने के लिए स्कूल आने की क्या ज़रुरत hai.test तोह उससे भी देना चाहिए....

MA'AM- बीटा वो 10तह टोपर hai.aur अभी हम 11तह में हैं....

शनाया- पर ma'am क्लैपिंग भी तोह 11तह में hi हुई naa.jab अप्प्रिसशन ले सकता है तोह टेस्ट भी दे hi सकता है.

मई बस ये सब सुनके मुस्कुरा रहा था...

रोनित- ये लड़कियां तेरी लगाने पर तुली हुईं हैं और तू मुस्कुरा रहा है....

MA'AM- पर.....

मई- इतस ok mam.mai भी टेस्ट दूंगा.

अवंतिका- मैंने कहा था na,bohot आटीटुडे hai.ab आएगा maza.claases तोह आया नहीं hai.answers दे नहीं पायेगा और फिर होगी इसकी insult.charo आपस में बात कर है रहे थे....

मई यहाँ बैठा उनकी साड़ी बातें सुनकर बस मुस्कुरा रहा था..

MA'AM- ok टेस्ट ओरल है.

जिससे भी अंसवेरस पता हो अपने हाथ uthaye.aur एक baat,question ध्यान से सुने...

फर्स्ट क्वेश्चन- who's थे एक्चुअल फादर ऑफ़ इकोनॉमिक्स?

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?

अवंतिका ने हाथ उठाये,

MA'AM- यस अवंतिका.

AVANTIKA-ADAM SMITH.ye बोलकर उसने मेरी तरफ देखा जैसे मेरा मज़ाक उदा रही ho.par तभी मैंने हाथ ऊपर किये.

MA'AM- यस VIKRAM.do यू हैवे ा डिफरेंट आंसर.!!!

मई- मोस्ट पीपल वोउल्ड से तहत आदम स्मिथ वास् थे फादर ऑफ़ economics.but,there वेरे ओठेर्स हु चामे बिफोर him.one ऑफ़ ठोस पीपल वास् रिचर्ड CANTILLON.born इन 1680,डीएड इन 14तह मई 1734.हे वास् ान आयरिश बैंकर एंड ा मर्चेंट हु वास् थे ऑथर ऑफ़ थे बुक ''एस्से ों इकनोमिक थ्योरी''.....

MA'AM- अब्सॉल्युटली राइट विक्रम.

अवंतिका का चेहरा देखने लायक tha.same कशन बाकी टीओ की भी थी....

MA'AM- ok नेक्स्ट question....now थिस ा टफ ओने.....

व्हाट इस मैंट बी थे टर्म्स प्राइस elasticity,cross-price इलास्टिसिटी एंड इनकम इलास्टिसिटी?

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मैंने हाथ ऊपर किये...

MA'AM- सरप्राइज होकर यस विक्रम..

वहीँ ये चारो भी मुझे देखने लगे....

मई- एच ऑफ़ थी इस ान इकनोमिक टर्म रिलेटेड 2 थे रिलेशनशिप बिटवीन प्राइस & demand...price इलास्टिसिटी इस थे simplest.it बसीकली रेफेर्स तो थे अमाउंट तहत डिमांड्स 4 ा गुड और वेयर सर्विस रेक्विरेस...

मेरे जवाब से चारो के मुँह खुले के खुले रह गए.

MA'AM- अमेजिंग VIKRAM....ye फर्स्ट टाइम है जब मई तुम्हे padhaungi.par मैंने इतना सुना है तुम्हारे बारे में की कभी कभी लगता था की कुछ ज़्यादा hi तारीफ़ करते है तुम्हारी teachers.but नाउ ी हैवे सीन बी myself.bina क्लास अटेंड किये तुम्हे इतना नॉलेज hai,class अटेंड करने के बाद कितना hoga.u टोटली डेसेर्वे थे पोजीशन ु चामे लास्ट ईयर....

मई- थैंक्स मां.

इधर मेरे दोनों दोस्त खुश हो रहे थे वहीँ उन चारो के मुँह सुख गए...

ऐसे hi टीचर्स आते रहे और क्लासेज चलती रही...

हमारे स्कूल में 2 इंटरवल्स होते the.dono hi इंटरवल्स में वो चरों हमें घूरे जा रहे थे पर हम अपने में hi लगे हुए the.itne दिनों में उन लोगों ने कुछ पॉपुलैरिटी गेन कर ली थी पर मेरे आने के बाद कोई उन्हें पूछ hi नहीं रहा था.

शेखर- ये साला कुछ ज़्यादा hi उड़ रहा hai.aaj इसका फुल & फाइनल कर hi देता हूँ

नीमा- पर कितना हॉट है यार.....

वाणी- हॉट माय फुट.

शेखर ने फ़ोन nikala.school में फ़ोन अल्लोवेद नहीं था पर कुछ स्टूडेंट्स छुपा के लाते थे.

शेखर- हाँ तैयार rehna.hum लोगों के पहुँचते तक बस इन्हे घेरे rakhna.is साले को तोह मई अपने हाथों से dhounga...chal रखता हूँ..

बीटा विक्रम तू तोह गया......

इधर मैंने शेखर की साड़ी बात सुन ली थी और दूसरे कान से निकल भी दी थी...

छुट्टी में जब हम बाइक स्टैंड पहुंचे तोह वहां काफी भीड़ thi.humne पास जाकर देखा तोह कुछ लड़के जो फ़ोन्स लाते हैं हमारी बाइक के साथ फोटोज खिचवा रहे the.aur बाकी सब बस बाइक्स चैकोट कर रहे थे.....

रोनित- अब्बे हटो re.ghus जाओगे क्या???

हमे देख सब हैट gaye.hum बाइक पर बैठे निकल गए.

वहीँ दूसरी तरफ:-

चमचा 1- स्कूल की लास्ट बेल्ल बज गयी hai.wo आते hi honge.taiyar रहो सब....

( ये सब शेखर के चमचे हैं इसीलिए इनका इंट्रो नहीं होगा )

चमचा 2- वो देखो bhai,wo उस दिन वाला लड़का और लड़की आ रहे hain.saath में एक और hai.wahi लग रहे हैं.

चमचा 1- हाँ वहीँ हैं.........

बैक तो हीरो:-

रोनित- वो देख saamne,ye उस दिन वाले लड़के हैं.....

अंजलि- V.J मुझे दर लग रहा है......

मई- relax.thodi देर बाद दर उन्हें लगेगा....

उन लड़कों ने रास्ता घेरा हुआ tha...humne उनके सामने जाकर गाडी रोक दी.....

चमचा 1- क्यों बे...

मई- shhhhhhhhhhh.........tere बॉस को आजाने de.fir बकवास कर लियो...

शेखर- ले आ गया.....

वो चमचा कुछ बोलता उससे पहले मेरे पीछे से आवाज़ आयी....

शिकार- देख क्या रहे ho...maaro साले को....

सारे लड़को के हाथ में कुछ न कुछ tha.jaise chain,hockey stick,base बॉल bat....etc...saamne वाले बन्दे ने अपना हॉकी स्टिक उठाया hi था की......

CHATAAKHHHH.mera एक हल्का थप्पड़ उसके थोबड़े पर पड़ा ( ज़ोर का मारता तोह बाल सुधर केंद्र में 2 साल गुज़ारने पड़ते ) वो बाँदा 2 बार घुमा और फिर ज़मीन पर gira.uski आँखें खुली थी पर वो हिल नहीं पा रहा tha.ek साइड का होठ पूरा उखड चूका था...

वहां जितने लोग खड़े थे सब जड़ हो gaye.koi हिल भी नहीं पा रहा tha.par मई रूका nahi.meri बॉडी और हाथ 9 बार घूमे

aaahhh.kad kad.dhap,dhapppp...... 9 बार आवाज़ें हुई और मई वापस जहाँ खड़ा था वहां वापस आकर खड़ा हो गया..

शेखर के सारे बन्दे ज़मीन पर पड़े the....kisika हाथ टूटा tha.kisika pair,kuch बेहोश हो चुके the.....yahan मेरे दोस्त और उनके पीछे खड़े शेखर और चारों लड़कियों को तोह ठीक से कुछ दिखा भी नहीं था...

सबको बस एक झोंका सा आगे की तरफ गुज़रते हुए दिखा जो उनके चमचो से टकराते हुए वापस अपनी जगह पर खड़ा था...

शेखर- उम्मंहहहहहहहह....

अभी शेखर कुछ समझ भी पाटा उससे पहले hi मैंने उससे एक हाथ से हवा में उठा दिया था.

मई- bh****ke ,तेरी इतनी हिम्मत हो गयी की तूने मेरे दोस्त पर हाथ uthaya.saale चहुँ तोह एक सेकंड में तेरी गर्दन तोड़ dun,par तुझे सजा मई नहीं रोनित dega.RONITTTTT मार MA*******OD को...... मैंने शेखर को रोनित के पेअर के पास फेक दिया.

रोनित ने एक हॉकी स्टिक उठायी और शुरू किया पेलना.

शेखर- भाई भाई प्लीज मुझे माफ़ karde...bhai मई इन लड़कियों के कहने में आ गया tha..aaaahhhhhhh...

आगे वो बोल नहीं पाया क्यूंकि रोनित ने स्टिक सीधा उसके राइट हैंड पे मार दी थी...

रोनित- साले इसी हाथ से मेरा हाथ तोडा था न tune.le.RONIT उससे तब तक मारता रहा जब तक वो बेहोश नहीं हो गया...

चारो लड़कियां तोह आँखें खोल कर खड़े खड़े hi बेहोश हो गयीं थी...

CHATAAKKKHHHHH...thappad वाणी को पड़ा होश बाकी तीनो को भी आ गया.

और थप्पड़ मारने वाली थी हमारी अंजलि......

अंजलि- क्यों...... क्या हुआ??? उस दिन तोह बोहोत धमकियाँ दे रहे थे....... अब मुँह क्यों बंद hai.bolo....

चरों ने भागने में hi भलाई samjhi.charon मुड़ने को हुई पर हिल नहीं paayin.maine और रोनित ने दो दो लड़कियों के हाथ पीछे से पकड़ लिए थे..

अवंतिका- छोडो मुझे......

मई- chup...ANJALI जब तक मन करे मार.

फिर क्या था चटाककक चटाककककक chatakkkkkk.baari बारी चरों के गलों पर अंजलि अपनी उँगलियों के निशाँ छापती चली gayi........aur जब तक थक नहीं गयी काउंटिंग चालू रही......

अंजलि- दोबारा अगर हमसे तुम लोग उलझने की कोशिश भी किये ना ,तोह ये सिर्फ ट्रेलर था ,अगली बार पूरी पिक्चर dikhayenge..V.J रोनित चलो.......

वाणी- तुम तीनो को लगता है सब ख़त्म हो gaya......mere डैड तुम तीनो को छोड़ेंगे नहीं..

मई मुस्कुराते हुए- पहले वो खुद को तोह बचाले.......

उन लोगों को वैसे hi छोड़ हम तीनो निकल गए.....

वहीँ दूसरी और:-

tad,tad,tad,tad, तलवार से तलवार टकरा रही thi...ye दो लोग थे जिनके बीच तलवार बाज़ी हो रही thi....ek था दिग्विजय और दूसरे का चेहरा नकाब के पीछे छुपा हुआ था...

दिग्विजय- आज तू मुझसे नहीं बच sakta.aaj तेरी ज़िन्दगी का आखरी दिन है......

पर सामने वाला कुछ नहीं bola,bas ज़ोर से अपनी तलवार चला di.DIGVIJAY ने उसके वार को रोकने के लिए अपनी तलवार आगे की पर ये क्या....!!!!!! सामने वाले की तलवार से टकराते hi दिग्विजय की तलवार टूट गयी

अभी दिग्विजय संभल भी नहीं पाया था की AAAHHHHHHHHHHHHHHH.....ek तेज़ दर्द भरी आवाज़ हर तरफ गूंज gayi.ye आवाज़ दिग्विजय की thi.uske चेस्ट के बीच में नकाबपोश की तलवार घुस चुकी thi.DIGVIJAY ज़मीं पर गिर gaya....dard उसकी आँखों में साफ़ दिख रहा tha.....wo फटी आँखों से नकाबपोश की तरफ देखे जा रहा था...

तभी नकाबपोश ने अपना नकाब हटाया और जो चेहरा सामने आया उससे देख कर दिग्विजय का दिमाग घूम गया.

विक्रममममममम....

इसी के साथ दिग्विजय की नींद टूट गयी......

दोस्तों आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V.J.........
 
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