Episode 35
खाना खा कर हम दोनों स्टेशन के लिए निकल gaye....ac वाली मैंने 2 टिकट ली आकर ट्रैन में बैठ Gaye...ye 10 बजे हमारे यहाँ से hi चलती थी बनकर..
poooooo.....train के हॉर्न पर हमारा सफर सुरु हो गया....
नेक्स्ट कंटिन्यू....
समवेयर इन बैंगलोर.
हिडन बंकर....
एक आदमी पुराणी सी चेयर पर बैठे जमीन को घुर्र रहा tha..wo अपनी यादो में गम शूम tha...uske होंठ हिल रहे थे आँखों से आंसू टपक रहे they....hilte होंठो से वो कह रहा था ...मुझे माफ़ कर दो jiju....mujhe माफ़ कर दो जीजू..
कैसा है bhaiya....itne में 2 पुलिस वालो के साथ भैरव सेल के अंदर दाखिल हुआ...
जवाब तो दे दे ऐसी भी क्या narazgi..hahahahah
भैरव पास आकर हिलाते हुए बोलै...
जिस पर वो आदमी सर उठा कर भैरव को घूरने लगता hai....aur उसकी आँखों से आंसू निकलने लगते है...
भैरव : आज नयी वीडियो लाया हों तेरी प्यारी भांजी अनुसुइया ki....hahahahahahah..
भैरव के इशारे पर पुलिस वाले उस आदमी को पकड़ लेते है...
आअह्ह्ह्ह और तेज aaahhh...aaaah दोनों एक साथ dalo...aaahh fuck...ek साथ chodo...ohhhh...yessss....
भैरव ने एक वीडियो प्ले कर दी थी जिसमे अनुसुइया दो मंत्रीओ से सेक्स कर रही thi...police वाले उसे जबरजस्ती दिखा रहे थे....
nahiiiihiiiii....nahi...chhod दो mujhe...chhod do....mat करो ये ..वो फूर कर रोने लगा...
पुलिस वाले उसे आंखे भी बंद नहीं करने दे रहे थे....
भैरव : और चीखो प्रकाश bhaiya...aur chikho...tumhari चीखे मुझे प्रसन्न करती है..
पोलिसवाले आँखों के गोले पकड़ कर प्रकाश को अनुसुइया की वीडियो दिखा रहे थे...
भैरव : तुम्हे इस दर्द से मुक्ति दे देता परन्तु भैया महाराज का आदेश है तुम्हे ज़िन्दगी भर तड़पाया Jaye...acha बताओ कैसी है अनुसुइया तुम्हारे जीजू बेटी ..पूरी संगमर मर की तरह तराशी हुई makhmali....hahahaha.
भैरव : जल्द hi तेरी बेटी और तेरी छोटी भतीजी सोना की भी वीडियो दिखाऊंगा तुझे हहहहह...
दर्द बर्दाश्त न होने पर प्रकाश बेहोश हो जाता है..
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चटककक चटककक चटककक...
क्यों मर रहे हो maharaj...mohini रूम में अंदर एते हुए बोली...
थप्पड़ जिस लड़की को पड़े थे वो अनुसुइया thi...gusse में उसकी रागे ऊपर निचे हो रही thi..marne वाला था महाराज.
अनुसुइया : कुछ भी हो जाये मई भैरव को बर्बाद करके रख दूंगी...
चटकककक...
महाराज : चुप बिलकुल ..तू मेरी बस एक विष कन्या है इससे ज्यादा तेरी औक़ात nahi....ab अगर तूने ऐसा कुछ कहा तो मई भूल जाऊंगा तू मेरी बेटी है... महाराज मरते हुए बोलै...
मोहिनी : बताएँगे हुआ क्या है क्यों मार रहे हो इसे...
महाराज : इसे ले जाओ और samjhao...hamara मिशन पहले है रिश्ते नाते बाद में...
आज पहली बार महाराज अनुसुइया के इतने करीब था लेकिन मास्क उसके फेस पर अब भी था...
मोहिनी : चल मेरे साथ....
मोहिनी हाथ पकड़ कर अनुसुइया को ले जाती है...
दोनों बहार अति है बहार hi अनुसुइया की कार कड़ी होती है...
कार में एते hi अनुसुइया घुसे मरने लगती है...
मोहिनी : पागल हो गयी है...
अनुसुइया : हाउ कैन हे हिट में...
मोहिनी : hahaha..tu क्या सोंच रही है तुझे कोई मर नहीं सकता बहुत बड़ी फेमिनिस्ट है ...है na...ohh डार्लिंग औरत हमेसा से hi कमज़ोर हे वो बस कमज़ोरों पर हुक्म चला सकती उन्हें मर सकती दबा sakti..jaise hi उस से ज्यादा शक्ति शैली कोई मिलेगा वो उसे झुका देगा और अपना लुंड उसकी छूट में दाल देगा और फिर उछाल उछाल कर लेंगी bhi...ye हमारी और हम जैसी हजारो फेमिनिस्ट की कहानी है.. औरत से वफादारी सिर्फ एक मर्द करता है. चल अब बता क्या हुआ....
मोहिनी की बात सुनकर अनुसुइया गहरी सोंच में पद गयी थी..
अनुसुइया : तुझे यद् है वो जिसने कहा था स्नेहा के बारे में बताएगा पहले की बात hai..Mai आरोही के होटल गयी thi...jahan उसने मुझे सेक्स करने की शर्त राखी... एक्चुअली उस सब के पीछे भैरव था मेरा mama..wo मेरे भाई से बदला लेना चाहता था ..जब मैंने ये बात महाराज को बताई तो उन्होंने कहा भैरव माफ़ी मांग रहा है उसे माफ़ कर दो...
मोहिनी : भैरव की पत्नी तेरी ममी महाराज की बहन है...
अनुसुइया : व्हाट...
मोहिनी : haa..isliye वो कमज़ोर पद गए उसके मामले me..chal अब भूल जा...
अनुसुइया : तुझे इतना सब कैसे पता..
मोहिनी : फिर कभी बताउंगी ..अपने मिशन पर ध्यान दे...
और मोहिनी कार से निकल जाती है...
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आप सीबीआई ज्वाइन कर रही हो क्या मई कर सकती hon...us राक्छस को मई आपने हाथो से marungi...harshi आरोही को देख बोली जो अभी उसके रूम में आयी थी उससे मिलने..
हरषि की बात सुन आरोही मुस्कुरा देती है...
हरषि : आप है रही हो..
आरोही : तो क्या रोना चाहिए.
हरषि : हमने अपने बाप को खोया ...एक दिन भी नहीं हुआ और आप हसने लगी..
आरोही : तू सच नहीं janti....aur आरोही उसे सब बता देती है...
मई : अब भी तू सोग मनाएगी...
हरषि : ऐसा बाप किसी को न मिले....
हरषि को सिसकता देख मई उसे गले लगा लेती हों...
मई : मई घर जा रही हों तू अपना ख्याल रखना...
अलग होकर मई रूम से निकल गयी...
मैंने अपना बैग लिया और कार में ayi...fir हर्ष को मैसेज कर di..jane का...
घर आकर मैंने कार पार्क की फिर अंदर आकर सब तरफ देखने लगी ..
घर खली खली लग रहा था कुछ भी तो नहीं था yahan...mai गार्डन में एक पेड़ के निचे बैठ गयी ..
ोये क्या कर रहे हो ...आज मई तुम्हे खा जाऊंगा...
कैसी लग रही हों...
बहुत खूबसूरत...
छोड़ दे गेंदा स्वामी उसे sale...tune मेरी बीवी को chhua...Mai तेरी जान ले लूंगा...
आरोही आगयी आप ...गीता की आवाज़ से मई अपनी यादो से निकली..
मई : हां गीता...
अछि से ज्यादा मेरे दिमाग में बुरी यादें थी...
गीता : कॉफ़ी.
मई : टिया पराठा और नारियल की चटनी...
गीता : ये तो सलिल को पसंद था न...
मई : तू भी जानती है...
गीता : आज बहुत साद लग रही हो aap...ye सलिल के लिए है या अपने पिता के लिए...
मई : वो मेरा बाप नहीं tha...wo मेरा बाप नहीं था...
गीता : क्या हुआ.... ाचा मई छाए पराठा लेकर अति hon.mere जवाब न देने पर वो चली गयी....
jaan..ice cream...tumhe तुर्किश आइस क्रीम पसंद है न...
ये मेरी पत्नी नहीं हो सकती didi...ye मेरी पत्नी नहीं हो सकती...
क्यों उदास हो...
तुम आगये सलिल...
तुम्हे छोड़ कर जाऊंगा भी कहा...
मम टिया पराठे और नारियल की चटनी... गीता प्लेट रखते हुए boli...fir चली गयी...
सच कह रहे हो...
हां मेरी जान....
मैंने तुम्हारा बहुत दिल दुखाया...
खूबसूरत लड़किया तो बानी है मर्दो का दिल दुखने के लिए...
ओह्ह मेरे शायर ..
aarohi..aarohi...
क्या हो गया है तुम्हे..
मई: रोहित सलिल कहा Gaye..abhi तो मेरी बाँहों में थे.. फिर मैंने अपने हाथो को dekha...jo खली थे...
रोहित : तुम मुझे छोड़ कर अकेली चली आयी...
मई: हाँ...
कहकर मई थाली में रखा पराठा खाने लगी....
रोहित : वाओ पराठे...
ठप्प्प...
मई: तुम नहीं खा सकते ise...ye सिर्फ मई और सलिल खा सकते hai...mai उसके हाथ पर मरते हुए बोली....
रोहित : क्या हुआ जान...
मई : don't कॉल में लिखे थिस...
रोहित : मुझे आज मेरी आरोही दिखाई नहीं दे रही...
कुछ कहे बिना मैंने अपने थाली उठाई और अपने बैडरूम में आगे...
बैडरूम को फिर लॉक करके मई छाए पराठे खाने लगी...
कहे कर मई लेट गयी.....
दिन बिटने लगे मई ज्यादा तर अपने रूम में hi रहती...
बार बार फ़ोन को देखती शायद कोई मैसेज आया हो या call...lekin कुछ नहीं....
aarohi...chalo कुछ खा लो कब तक ऐसे बैठी रहोगी...
मैंने कोई जवाब नहीं दिया..
रोहित : हम्म तो प्यार हो गया तुम्हे usse...apna पत्ता तो काटना hi tha...acha बताओ ग़म भुलाने के लिए कुछ पिओगी..
मैंने ना में सर हिला दिया..
मई : मुझे जाना hai....kuch कहे बिना मई उठी और गेराज से कार लेकर निकल गयी....
कुछ देर बाद मई अनुसुइया के घर के बहार कड़ी थी...
टिंगगगगगगग.....
बेल्ल बजने के कुछ देर बाद सोना ने दूर खोला...
सोना : तू यहाँ क्या लेने आयी है बीच...
मई : मुझे अनुसुइया से बात करनी है..
सोना : वो नहीं है यहाँ चल निकल...
कोण है सोना...
अनुसूया की आवाज़ सुन मई सोना को धक्का देते हुए अंदर आगयी.
tu...kya लेने ayi...anusuiya मुझे देख बोली..
मई : मई बात करने आयी हों...
अनुसुइया : बक...
मई : मई सलिल के साथ रहना चाहती hon..tum उसे कहो न वो मेरे साथ आकर rahe..Mai अपना बदला भूल जाउंगी tumse...kabhi चीट नहीं karungi...Aisa कुछ नहीं करुँगी जिससे सलिल नाराज़ हो..
अनुसुइया : हाहाहाःहाहा...
सोना : हहहहहहह दीदी मई क्या सुन रही हों...
अनुसुइया : फिर से बोल स्नेहा बहुत हसी आ रही है....
दोनों को हस्ता देख मैंने उनके सामने हाथ जोड़ दिए....
मई : जितना चाहे है लो जो चाहे सजा दे दो बूत प्लीज मुझे मेरे सलिल लौटा दो..
अनुसुइया : hahahaha...chal अपनी नक् रगड़ मेरे कदमो में फिर सोचूंगी...
कुछ कहे बिना मैंने अनुसुइया के शू पर अपनी नक् रख दी...
सोना : ोये मेरे पेअर पर भी रगड़...
सोना की बात सुनकर भीगती आँखों से मैंने उसकी बात मणि...
मई : प्लीज अब मुझे मेरे सलिल लौटा do...meri सभी लड़ाइयां उन बेबस लड़कीओ के लिए थी जिन्हे तुम लती और विष कन्या banati...Mai बुरी नहीं hon..Mai बस सही गलत में फर्क समझ नहीं payi..ab मेरी आंखे खुल गयी है. प्लीज उनसे कहो मुझे अपना ले..
अनुसुइया : aahh..tu मॉस कहती hai...apvitra हो गयी है...
सोना : मॉस खाने वाली क्या तू अपना मॉस खा सकती है..
मई : अब कभी नहीं khaungi...lassan प्याज भी नहीं...
अनुशिया : hahahahahah...yar sona...maza आ रहा है...
सोना : हाहाहा दीदी हँसा नहीं रुक रही ..ोये चल एक बार फिर से नाक रगड़...
हाहाहाहाहा...
हहहह ..
मई दोनों के मुँह देखने लगी...
तेरी खता है मेरे जिया
तेरी खता है मेरे जिया
ुण्णपे भरोसा क्यों तूने किया
अनुसुइया : मेरे भाई ने घर बसने का फैसला कर लिया है ...अब उसके अस्स पास भी दिखाई मत Dena...Sona निकल इसे..
सोना : चल रंडी निकल मेरे घर se...aur फिर उसने हाथ पकड़ कर बहार निकल दिया....
तू मेरी इज़्ज़त थी आरोही...
तूने धोका दिया तूने दिल तोडा है..
कार में आकर मई हाईवे पर आगे...
धोकेबाज़ ...उनकी आवाज़ मेरे कानो में गूंज रही थी..
Salil...highway पर वो मुझे बाइक से जाते दिखे ..
salil....salil ...सर निकलकर मई आवाज़ देने लगी...
pii...piii......Maine कई हॉर्न मरे लेकिन उन्होंने सुना नहीं...
आगे आकर उनकी बाइक ruki...to मई भागते हुए पीछे आगे....
वो अपना बैग लेकर जैसे hi बाइक से उतरे
मई उनके पीछे हाथ जोड़े कड़ी थी...
मई : मुझे माफ़ कर do..ghar चलो मेरे sath...mere salil...mujhse बहुत बड़ी गलती हो गयी
सलिल : तू साली कुटिया यहाँ भी आ gyi...bhadwi जीने दे mujhe...ab तेरी छूट पर थकूंगा भी nhi...bas अब तू कोठे पर हर सुवर से chudegi...hahaha घर chalo...ye मेरे काम की जगह है ...चैन से जीने दे मुझे...
मई : मेरी बात सुनो कुछ बताना है..
सलिल : साली मेरी खुसी भी नहीं देखि जा रही tujhse..bhag रैंड
वो चले गए और मई जाता देखती रही..
सब झूठे झूठे वादे थे उनके
चल पीछे पीछे आया तू जिनके
वह पिया आये न
वह पिया आये न
पिया आये न वह पिया आये न
अब सभी उन् ख़्वाबों की तू डगर छोड़ दे
अब सभी उन् ख़्वाबों को तू खुद hi तोड़ दे
वह पिया आये न
वह पिया आये न
पिया आये न वह.. पिया आये न
तेरी खता है मेरे जिया
तेरी खता है मेरे जिया
हर खता की होती है कोई न कोई सज़ा
ग़म लिखे हो किस्मत में तो बन hi जाती वजह
अब सभी ग़म अश्क़ों में सिमट से गए
अब सभी आंसू पलकों से लिपट से गए
वह पिया आये न
वह.. पिया आये न
पिया आये न वह... पिया आये न
सच लगा था जो बेवजह
हमको वह भरम हो गया है
भोर आने थे जिस फ़साने में
वह ख़तम हो गया
भूले हम भूले वह
कैसे सबसे कहें बात यह
अब चलो हम धीरे धीरे बिहाल से गए
अब चलो हम जैसे भी हो संभल से गए
वह पिया आये न
वह.. पिया आये न (वह पिया आये न)
पिया आये न.....
तेरी खता है मेरे जिया
तेरी खता है मेरे जिया
ुण्णपे भरोसा क्यों तूने किया
रोहित तुम ने बुलाया अपनी बहन ko.maine आंसू पोछकर कहा.
रोहित : हां फ्लैट पर है तुमने जवाब नहीं दिया तो मई घर लेकर नहीं आया.
मई : मेरे पहुंचने से पहले लेकर aao...call कट करके मई अपनी कार में ayi.....kuch देर बाद घर..
रोहित एक टीनएज लड़की के साथ गार्डन में धुप सेक रहा था..
रोहित : Priyanka...ye तेरी भाभी hai...Rohit ने मेरे पास आने पर कहा..
प्रियंका : hi भाभी..
मई उसकी बहन को देखने लगी... एवरेज थी बूत उसे चेंज किया जा सकता tha...dikhne में अछि थी.
मई : रोहित तुमने सब समझा दिया न..
रोहित :haa...jo तुम कहोगी वही करेगी लेकिन अपना वडा निभाना..
मैंने सर हिलाया और प्रियंका को अपने पीछे आने का कहा...
मेरे पीछे पीछे वो मेरे रूम में आगे...
मई : तुमने एक मिशन करना है प्रियंका..
प्रियंका: है भाई ने बताया मई तैयार हों..
उसकी बात सुनकर मई मुस्कुराई.
प्रियंका : एक बात कहूं भाभी...
मई : है बोलो..
प्रियंका : आप बहुत खूबसूरत हो बिलकुल माखन की तरह...
उसकी बात सुनकर मैंने मुस्कुराते हुए उसकी अस्स पकड़ li...fir मई उसे दबाने लगी...
मई : ाचा साइज है...
फिर मैंने उसके बूब को पकड़ liya..dabate हुए मई उसे देखने लगी ..
मैं: छोटे है लेकिन बड़ा कर dungi....fir मैंने उसके जिस्म का एक एक कपडा उतर diya....ab वो बिलकुल नंगी थी...
मई : हाथ हटाओ और मुझे dekho...meri बात सुनकर उसने वैसा hi किया...
मई : अब तैयार हो जाओ अपनी ट्रेनिंग के लिए...
मैंने बीएड पर बैठते हुए kaha...fir मैंने अपनी टंगे खोल दी उसके सामने.
मई : छतो इसे ..
मेरी बात सुनकर वो झुककर मेरी छूट चाटने लगी....
मैंने खिड़की से देखा रोहित झांक रहा है ये देख मैंने दर्ज से डिलडो निकल लिया....
डिलडो अपने लगा कर मैंने प्रियंका को jhukaya...aur उसकी गांड पर डिलडो सेट kiya...fir रोहित को स्माइल देते हुए मैंने धक्का मारा....
प्रियंका : aaaaaaaaahhhh....mar dala....aaaaaahhhhh निकालो....
उसके रोने की परवाह किये बिना उसे दबाते हुए मई बुरी तरह से उसकी गांड छोड़ने लगी....
वो रट हुए चीख रही थी लेकिन मैंने छोड़ा नहीं....
प्रियंका : आअह्ह्ह मुम्ममय aaaahhh...bhaiyaaaaaaaa .. बचाओ.....
ये देख मैंने रोहित को अंदर आने का इशारा किया....
wo.agaya तो उसकी बहन उठने लगी...
रोहित : लेती रहो प्रियंका...
प्रियंका : मुझे बचाओ इनसे...
मई : रोहित कपडे उतर कर तुम भी दॉञे स्टाइल में ाजाओ..
रोहित ; मई ड्रिंक लेकर आया...
कुछ देर बाद वो 3 glass.me.drink लेकर aya....Maine लैंड निकल लिया था अब प्रियंका को थोड़ा आराम देने के लिए.
ek.usne.priyanka को diya...ek खुद लिया...
रोहित : तुम नहीं पिओगी...
ाल्चोल स्मोकिंग किसी टाइप का नशा नहीं करना नहीं तो जान चली जाएगी...
मई : नहीं रोहित अगर मैंने पि ली तो मेरा गुस्सा मेरी नफरत ख़त्म हो जाएगी अनुसुइया के liye....mujhe जलने दो इस आग में.
दोनों ने पि ली तो मैंने रोहित को डोगग्य बना दिया...
मई : ाचा ऐसा Karo....Priyaka तुम रोहित के निचे ayo...apni बहन की गांड maroge...Priyanka ये भी ट्रेनिंग का hi part है..
रोहित : तुम जो कह रही हो मई सब करूँगा लेकिन मुझे छोड़ना नहीं...
मई : नहीं मेरे Rohit...I लव you...kehkar मैंने उसके सर को चुम लिया....
aaaaaaahhhh..Priyanka के घोड़ी बनते hi रोहित ने अपना लुंड उसकी गांड में पेल दिया...
रोहित : aaaaaahhhh...piche से मैंने रोहित की गांड में अपना डिलडो पेल दिया....
chappp...chapp...fir मई बिना रुके छोड़ने लगी...
प्रियंका : aaaahhhh..bhai....aaahh...
रोहित: आआह्ह्ह्ह आरोही....
मई : मम्मी दबाओ अपनी बहन के....
मेरे कहने पर रोहित वीलडली उसकी मम्मी दबाने laga....uski बहन चीख रही थी न तो मुझे दया आ रही थी न रोहित को.
मई : रोहित चेंज पोजीशन.... प्रियंका की छूट ने पानी छोड़ दिया था....
रोहित की गांड से मैंने लुंड निकला और प्रियंका की गांड में दाल दिया..
रोहित प्रियंका के मुँह को छोड़ने लगा..
2 घंटे की ताबड़ तोड़ चुदाई के बाद हम रुके..
रोहित ने एक बार अपना माल प्रियंका की गांड में डाला एक बार मुँह में....
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दिल्ली...
कुछ समय पहले.....
जंगल में लड़ते हुए माहेश्वरी आगे चली गयी thi....wo एक हाथ से टोर्च दूसरे से गन थामे ईटर को ढूंढ रही thi...eater पेड़ पर बैठा उसे निहार रहा था ..
उसे देख वो पीछे से निचे उतरने लगता है...
मिश्री आगे बढ़ गयी थी....
mishi....aaahh...mishi...
किसी की आवाज़ पर वो पलटी...
aarohi...mishi आरोही को देख भागते हुए आयी..
मिश्री : तुम यहाँ कब ayi...tum तो headquarter.nahi...tum..
इससे पहले मिश्री समझ पति आरोही ने उसे बाँहों में जाकर लिया..
ईटर : आरोही नहीं narshimha...aaaahhh...kitni मखमली है tu....narshima उसे छत्ते हुए बोलै...
रुको मई तुम्हे बता सकती हों वो लड़की कहा रहती hai...agar मुझे न मारो...
ईटर : सच बोल रही है..
मिश्री : हां...
ईटर : कहा रहती है वो..
मिश्री : मुझे मरोगे तो नहीं...
ईटर : मई सिर्फ उन्हें ज़िंदा छोड़ता जो मेरे साथ रहना चाहे बता कहा रहती हो वो...
मिश्री : वो यहाँ की नहीं बंगलोरे की है...
ईटर : मेरे साथ रहेगी या मारेगी...
मिश्री : मुझे मत मारो जो तुम...
mishi....mishi...itne में पोलिसवाले आगये...
बंगलोरे .
आँख का इलाज करा कर ईटर बैगंलोर आगया tha...usne मिश्री का रूप liya...aur वो ढूंढ़ने लगा आशना को....
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पू....
रत के 12 बज रहे थे....
मई : मई कब तक मुंबई पहुंच जायँगे.. मैंने पूछा.
आशना : subah...ek बात पूछूं..
मई : हाँ पूछ.
आशना : कल उन पुलिस भाभी ने मुझे माँ को लेकर कुछ कहा तो क्या करोगे आप...
मई : क्या सोंचती वो ऐसी नहीं hai...aur अगर कल को बदल गयी तो उसे डाइवोर्स दे दूंगा...
आशना : ऐसा नहीं karna...agar वो आपको खुश रखे.
मई : अछि लड़किया कभी अपने हुब्बी की माँ बहनो भइओ को बोझ नहीं samjhti..jo समझती वो अछि नहीं होती..
आशना : अकाल आगे आप में...
मई : है धोके के बाद दुनिया समझ आने लगती है.
आशना : एक बात कहु अगर बुरा न मने..
मई : बोल न तू भी इजाज़त लेगी.
आशना : वर्किंग वीमेन से शादी न kare...Mai कॉलेज में देखती हों मैरिड डॉक्टर्स दूसरे डॉक्टर्स के साथ अफेयर्स में hai...sirf इसी प्रोफेशन में नहीं सभी प्रोफेशन में वर्किंग वीमेन aren't मैरिज मटेरियल..
वो सच बोल रही थी....
मई : उसके बचपन का सपना था आईपीएस Banna...Mai बचपन से उसे जनता hon..wo ऐसी नहीं है..
तभी मेरी आँखों के सामने वो लम्हा घूम गया जब वो पुलिस स्टेशन में किसी की गोदी में बैठी थी...
सब याद करते हुए मैंने उसे कॉल लगा दी...
hello सलिल... रिसीव करते hi उसने कहा.
मई : हम्म्म.
सौम्य : इतनी रत में सब ठीक तो है.
मई : है कुछ पूछना था...
सौम्य : क्या पूछो.
मई : तुम्हे एक बार मैंने किसी की गोदी में बैठे देखा था..
सौम्य : गलती हो गयी yaar...sorry ...मुझे खुद बहुत बुरा फील होता है वो सब सोंच कर.. एक्चुअली मैंने तुम्हे तैसे करने के लिए सब kiya...jan बुझ कर तुम्हे बहार bithaya...mujhe पता था तुम अंदर ajaoge..aur तुम्हे जलूस देख मुझे अहसास हो गया तुम मुझे चाहते ho...bas वाइफ की वजह से फैसला नहीं कर पा रहे they...vaise तुम्हारी पहली वाइफ मई hi हों...
मई : वो kaise...tumhari मांग तो कोर्ट में भरी महेश के फाॅर्स करने पर..
सौम्य : मुझे किडनैप करके जो पहले भरी...
मई : मुझे सच में याद नहीं...
सौम्य: तुम मेरी ले रहे थे वो भी याद नहीं..
मई : मई तुम्हारी कब ले रहा था..
सौम्य : सही है नहीं है yaad...vaise भी मैंने सोसाइटी में तुम मेरा रपे कर रहे अफवाह ुरा di...Mai जानती थी मेरा हीरो सबका सामना कर लेगा...
मई : कण तम्मा मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा...
सौम्य : उल्लू तो हो hi...acha सोने do...subah अति हों घर...
मई : मई मुंबई जा रहा hon...chal सो जा...
कॉल कट करके मैंने फ़ोन जेब में रख लिया...
आशना : क्या लेने की बात कर रहे थे...
मई : कुछ नहीं सो जा...
आशना : मई आपके पास सो जॉन..
मई : aja....aur वो मेरी सीट पर मुझसे चिपक कर लेट gayi...uske बूब्स मेरे साइन में दबने lage..jiske अहसास से मेरा अजगर खड़ा हो gaya..aur उसकी थिंग्स से टच होने लगा...
मेरे अजगर का अहसास पाकर शरमाते हुए उसने अपना मुँह मेरे साइन में छुपा लिया..
मई : तू बहुत प्यारी है aashna...bhut pyari..kehte हुए मैंने उसके चिक्स को चुम liya..uske बदन की खुशबु मुझे मदहोश कर रही thi...wo फूल थी मेरा मन हो रहा था उसे मसल कर रख don...mere अंदर का शैतान जाग गया था...
आशना : तो मुझसे शादी क्यों नहीं कर लेते...
उसके अचानक से सवाल पर मुझे खांसी आगयी.....
मई : saumya...maine फूलती सांसो से कहा.
आशना : आपकी खुसी के लिए मई उसे अपना लुंगी .
कुछ कहे बिना मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए...
उसने आंखे बंद कर ली और वो मेरा साथ देने लगी....
अगर मैंने तुम्हे किसी लड़की के साथ देख लिया to...mai तुम पर चीट करने के लिए एक बार भी नहीं सोचूंगी ..सौम्य की धमकी यद् एते hi मैंने अपने लिप्स हटा लिए..
मई : सौम्य से मई तुम्हारे बारे में बात karunga...uski परमिशन के बिना कुछ नहीं...
आशना ने हामी भरी...
आशना: ी लव यू मेरे सलिल...
मई : ी लव यू तू...
भाई बहन बस नाम के थे हम दिल के किसी कोने में मुझे उसे पाने की ख्वाहिश थी...
मैंने खुद पे कण्ट्रोल करते हुए उसकी तरफ पीट कर ली.. और उसने मुझे पीछे से हुग कर लिया.
आशना : फाइनली आज कह hi दिया...
मई मुस्कुरा दिया...
सुबह हम दोनों मुंबई जंक्शन पर उतरे....
आशना : अब मुझे फॉलो करो ...ब्रिज से होते हुए हम दोनों जंक्शन के बहार ए....
कहा जाना है भाई साहब...
मैडम कहा जाना hai...itne में कई लोग हमारे पास आगये..
आशना : अँधेरी ...कितने रुपए..
600 रुपए...
आशना : 100 रुपया दूंगी...
नहीं मैडम इतने में कोण जाता...
मेरा हाथ पकड़ आशना मुझे बहार ले जाने लगी...
सुनो मैडम ...वही टैक्सी वाला पास भागते हुए हमारे पास आया...
टैक्सी वाला : चलो मैडम चलते वैसे इतना किराया लेता नहीं लेकिन आप जैसी खूबसूरत लड़की मेरी टैक्सी में बैठ जाये यही बहुत है...
उसकी बात पर आशना मुस्कुरा दी....
हम दोनों टैक्सी में ए और टैक्सी चल दी....
आशना : बस यही...
कुछ देर बाद गलिओं से होते हुए हम दोनों एक घर के पास रुके..
किराया देकर मैंने उसे चलता किया...
आशना....
इतने में दूर खुला और एक आदमी निकला..
मां जान... भागते हुए आशना उसके गले लग गयी....
मई घर से थोड़ा साइड हो गया ...
कुछ देर बाद आशना आयी...
आशना : यहाँ क्यों रुके हो चलो अंदर...
मई : तू जा समझा kar...usne मुझे बहुत मनाया लेकिन मई गया नहीं...
आशना बेटी आओ na..itne में वो आदमी फिर आगया..
मां जान देखिये न ये आ नहीं रहे....
बीटा शर्मा क्यों रहे हो चलो aao..Maine सर हिलाया और पीछे पीछे चलने लगा....
अंदर आकर आशना एक औरत जो कुर्सी पर बैठी थी जिसकी पीठ मेरी तरफ थी उसकी गॉड में सर रख कर जमीन में बैठ गयी ...
वो औरत प्यार से आशना का सर सेहला रही थी....
आशना : माँ ये वही है जिन्होंने मुझे अपने घर में रखा मेरा एडमिशन कराया...
आशना की बात सुनकर वो कड़ी हुई ...
और मेरी तरफ पलटी.....
औरत : समझ नहीं आ रहा तुम्हरा अहसान किस तरह ...
मा ....उन्हें देख कर मई घुटनो पर agaya....meri आँखों से आंसू गिरने लगे....
आशना : सलिल जी क्या हुआ....
बीटा क्या हुआ... उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मई उनसे लिपट गया....
मई : maaaa....maaaaa...mai सलिल hon....apka beta...maaa....aur मई फुट फुट कर रोने लगा....
माँ : salil....salil...salil...salil...anusuiya....sona...prakash....samar ji...samantha....
आशना : क्या हुआ Bhai....aise क्यों रो rahe...aashna के सवाल par...Maine फ़ोन nikala...aur माँ की फोटो dikhai...jo मैंने तब ली जब मई और आरोही फोटो लगा रहे they...aur माँ पापा की फोटो पकड़ कर हमने सेल्फी ली...
मई : आशना ये मेरी माँ है....
आशना : क्या.... और हैरत से उसका मुँह खुल गया.
माँ : salil....tu सलिल hai...tu इतना बड़ा हो गया...
मई : हां maaa...Mai salil...meri बात सुनकर माँ ने मुझे अपने साइन से लगा लिया....
dhammmm.....salil की माँ की बात सुनकर आशना के हाथो से फ़ोन छूट गया...
माँ: मार दिया उन्होंने मेरे समर जी ko...maar Diya....aur माँ सिसक सिसक कर रोने लगी.....
आशना : माँ आपको सब याद आगया क्या...
माँ : हां मेरी बेटी...
मई : माँ kisne.....maar दिया....
माँ : मेरे बाप ne....bhairav ने.... पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति ने.....
मई : अह्ह्ह maa...Teri कसम खता हों जिसने मेरे पापा को मारा मई उसे ज़िंदा दफ़न कर दूंगा....
आशना: क्या पापा का नाम समर था यही पापा है मेरे...
माँ : है beti....yahi है तुम्हारे papa...maa ने पापा की फोटो चुम ली...
बहन क्या कर रही है ये साडी बातें बाद में करना चल पहले बेटे से मिल le..aashna के मां की बात सुन माँ सर हिलने लगी....
सुन रही हो तुम्हारी नन्द का बीटा आया है चाहे शये लेकर aao...baccho को भी उठाओ और कहो उनकी आशना दीदी आगयी....
didi...itne में दो बचे भागते हुए हमारी तरफ आने लगे ...
आशना : साहिरा समीर...
आशना ने दोनों को बाँहों में भर लिया फिर दोनों को चूमने लगी...
माँ से मिलकर मई खड़ा हुआ aur...Maine आशना के मां के सामने हाथ जोड़ लिए....
मई : समझ नहीं आ रहा आपका अहसान का किस तरह बदला don...apne 19 साल मेरी माँ का ख्याल रखा....
बेटे अहसान कैसा वो बहन है meri...kuch कहे बिना मई उनके गले लग गया..
मां : चलो आओ बैठो....
मुझे बिठाया उन्होंने इतने में आंटी नाश्ता ले आयी...
माँ: salil...anusuiya कहा है ..वो नहीं आयी मेरी बेटी सोना कहा है .. तड़प कर माँ सबके बारे में पूछने लगी...
आशना : माँ सब bataungi...aao पहले नाश्ता करे....
आशना : माँ सब bataungi...aao पहले नाश्ता kare....mujhe खामोस देख आशना जवाब देने लगी.
और हम ब्रेकफास्ट करने लगे.
मां : मई स्टेशन के पास वाले ग्रेवयार्ड में अपनी बहन को दफना कर आ रहा tha...tab ये मुझे मिली thi...Matti खा रही thi...inke पेट से लगा ये प्रेगनत hai....Inka चहेरा मेरी बहन से मिलता tha...mujhe ऐसा लगा जैसे मेरी बहन ho...mujhse देखा नहीं गया ...और मई इसे अपने घर ले आया.... डॉक्टर को दिखाया उसने कहा डिलीवरी होने वाली hai...3..mahine बाद आशना पैदा Hui...bahan सही गलत जानती नहीं थी तो मैंने इन्हे अस्पताल में दाल Diya....fir इनकी तस्वीर पूरी मुंबई में लगा दी इनका रिलेटिव मिल जाये ये सोंचकर ...लेकिन 2 साल हो गए कोई नहीं aya.....tab मैंने रखने का फैसला kiya...aur बेटी को बढ़ा kiya...dekho आज ये मेरी जान तुम्हारे सामने hai...mama की बात सुन पीछे से आशना ने उन्हें हुग कर लिया...
मां : इलाज करने के बाद बहन ठीक तो हो गयी लेकिन अपनी याददास्त भूल चुकी थी....
माँ :मुझे पता नहीं मई कैसे ट्रैन में बैठ गयी एक औरत ने जबरदस्ती मुझसे मेरे कपडे छीन liye...aur अपनी गन्दी शॉल मुझे दे दी ..फिर वो मेरा मंगलसूत्र लेकर कूद गयी और ट्रैन के निचे agayi...uske बाद मई ट्रैन से यहाँ आयी ..उतारकर कई दिन मई स्टेशन पर सोती rahi...ek औरत ने मुझे कपडे diye...tab भूक की तलाश में मई मिटटी और पेड़ कहते हुए उस ग्रेवयार्ड में चली गयी जहाँ भाई मिला...
मुझे समझ नहीं आ रहा था उनका अहसान कैसे चुकाऊं...
मां : कल वो कंजर आया अपने गुंडों के sath...bol रहा था अगर आशना को नहीं बुलाया तो उसकी माँ को उठा ले jayega...police भी हमारी बात सुन नहीं Rahi...beta तू इन्हे ले जा यहाँ से जल्द से जल्द...
माँ : मई तुझे छोड़ कर नहीं जाउंगी...
मां : क्या कर रही है pagal...wo कंजर आगया तो बेटे को नुकसान पंहुचा सकता hai...vaise भी मई तुझसे मिलने अत रहूँगा ...मां को इस तरह बोलता देख ऐसा लग रहा था जैसे मई और दीदी बोल रहे हो ...
मां : रुको मई सब्जी लेकर अत हों खाना खा कर निकल जाना...
वो चले gaye....kuch देर बाद aye...aur किस्तें में घुस Gaye....unke साथ hi आशना भी...
वापस ए वो और हम बातें करने लगे...
दोपहर में खाना रेडी hua...aur आशना ने हमारे सामने लेकर रख दिया...
आशना और माँ ने जब अपनी प्लेट में निकला तब मई समझा ये मीट hai...mama सब्जी का बोलकर मीट ले ए थे..
मैंने दीदी से वडा किया था लेकिन माँ को लेग पीेछे खता देख मैंने वडा तोड़ने का फैसला किया... इससे पहले मई कहता माँ अपने हाथो से मुझे खिलने लगी.....
प्यार से मई माँ को....
माँ : भाई मुझे सब कुछ मिल गया है ..
मां : मई कहता था न पतिकेन्स रख सब ठीक हो jayega...jameen जायदाद बेचकर मई जल्द तेरे पास शिफ्ट हो जाऊंगा....
माँ : नहीं आया तो मरूंगी भी तुझे...
दोनों का प्यार देख मेरी आंखे भर आयी....
खाना खा कर माँ का सामान मैंने आशना ने पैक किया और मां की कार में रख diya....aashna और माँ बचो से मिलते हुए फुट फुट कर रोने लगी...
आशना : समीर साहिरा को मरना nahi...tumhe इसका ख्याल रखना है जैसे मेरे भाई रखते...
समर : दीदी नहीं मरूंगा मुझे छोड़ कर मत जाओ....
आशना : मां जान ने क्या कहा वो जल्द मेरे पास ajayenge...fir हम तीनो साथ में खेलेंगे ..
maa....maa ने दोनों बचो को हुग कर लिया और वो दोनों माँ से लिपट गए.....
माँ अलग हुई तो मैंने दोनों बचो को 2 2 हज़ार रुपए दे दिए....
अपनी वाच मैंने मां को दे di....jo उन्होंने बहुत मुश्किल से ली....
फिर हम कार में aye...aur मां ने कार आगे बढ़ा दी....
स्टेशन पर मां हमारे साथ hi बैठ गए ... टिकट्स भी वही लेकर ए.
मां मुझसे वह मई क्या करता हों पूछने lage....behno के बारे में पूछा तो मई गोआल कर गया... कॉन्टेक्ट्स मैंने एक्सचेंज कर लिए थे कह भी दिया सिद्धार्थ ए तो मुझे कॉल करना...
ट्रैन आयी तो मां ने हमें बिठा Diya....fir bye बोलकर चले gaye...hamari ट्रैन भी चल di...ham अब भी एक वाली hi ट्रैन में थे.....
टिंग ting....call देख मई माँ के पास से उठ गया....
मई : माँ अभी आया ..दूर आकर मैंने कॉल रिसीव की ...
मई : तूने अगर दुबारा कॉल की तो तेरे यार के इतने टुकड़े करूँगा तेरी ज़िन्दगी बीत जाएगी तू गईं नहीं payegi...mar गया हों मई तेरे लिए और तू मेरे लिए....
सोना,: इमोशनल fool...tumhara न्यूज़ पेपर में नाम आ रहा था उस झगडे के बाद भी उसने तुम्हारी हेल्प की और सब रोक diya...chutiyapa छोड़ो और घर आकर रहो ...हम दोनों माफ़ी मांगेगे..
मई : तू मेरी बहन नहीं हो sakti..nhi चाहिए तेरी माफ़ी न मुझे तेरी ज़रूरत है ...तुम मुझे अकेला क्यों नहीं छोर देती ho...marna है तो मर दो टार्चर मत करो... उसके जवाब से मेरी आंखे भर आयी ..
सोना : तुम्हारे लिए मैंने एक्टिंग chhori..kya नहीं किया खुद काम करके तुम्हे khilaya..aur तुम इडियट मेरा सर खा rahe.didi मुझसे बात नहीं करती ठीक से ..इसलिए घर आओ मुझे माफ़ करो...
मई : मई ट्रैन में हों अगर तूने मुझसे बात करने की कोशिश की तो कूद जाऊंगा ...
सोना : ट्रैन में क्या कर रहे कही जा रहे हो क्या...
मई : मुंबई से आ रहा हों..
सोना : क्या करने गए थे मुंबई.
मई : तू मेरी क्या लगती जो तुझे मई बताऊँ..
सोना : बचपन में तुम मुझे गन्दी तरह से छूटे they...meri पुसी में ऊँगली भी की तुमने . एक बार मेरा हाथ अपने लुंड पर भी रखा...
मई : प्लीज चुप हो Jaa...aur मई सिसक सिसक कर रोने लगा.
सोना : यही तो मई समझा रही hon..tumne भी गलतिअन की मैंने भी क्यों न एक दूसरे को माफ़ कर देते है..
मई : ाचा I'm sorry...lekin मुझे अपनी शकल मत dikhana.kehkar मैंने कॉल कट कर दी.
मुझे समझ नहीं आ रहा था मई क्या karun...ek तरफ गिल्ट एक तरफ सोना पर गुस्सा..
टिंग टिंग....
इतने में उसकी कॉल फिर agayi...Maine कॉल कट करके नंबर ब्लॉक कर दिया...
खड़े खड़े मई बहार देखने laga...man हो रहा था कूद जाने ka...ek तरफ बदला था माँ का मेरा एक तरफ मेरी अपनी बहने मुझे जान से मरने पर तुली थी...
माँ का सोंचकर चलते हुए मई उनके पास आगया जहाँ आशना उनसे बात कर रही थी...
आशना : हां माँ भाई ने कई बार अनुसुइया दीदी को गैर मर्दो के साथ pakda..unhone अपने हुब्बी को दलाल बना दिया tha..aur 20 दिन पहले सोना ने भाई को अपने बर्फ से pitwaya...maa वो लोग बहुत बुरी hai..mujhe नफरत है उनसे.
मेरा अहसास पाकर माँ ने मुझे देखा...
माँ: क्या ये सब सच है salil...kuch कहे बिना लेटते हुए मैंने माँ की गोदी में सर रख diya..aur सिसकने लगा..
माँ: क्या हुआ मेरे लाल को..
मई : माँ सोना की कॉल आयी thi...aur मैंने सब बता दिया सिवाए इसके की मेरी उस पर गन्दी नजर थी ..
मेरी बात सुनकर माँ के चहेरे का रंग बदल Gaya...unke फेस पर गुस्सा आगया...
माँ : उन्हें अपनी बेटी कहते हुए घिन आ रही है सोंच लुंगी सिर्फ मेरा बीटा था जो मुझे मिल gya...betiyan कभी थी nhi...agar आज समर जी होते तो जीते जी मर जाते ..उन्हें जब पता चलता उनकी बेटियां बहार मुँह कला करती है तो उन पर क्या गुज़रती ....
आशना : माँ पापा को क्या हुआ था उनके बारे में बताओ na...apne कभी उनकी बात नहीं की....
माँ : मई बहुत बड़े परिवार से थी पिता जी मला थे उनके रिश्तेदार भी बड़ी पोस्टो पर थे पिता जी का ख्वाब था प्राइम मिनिस्टर बनने का ज्यादा तर समय वो काम में बिताते थे.. हम दो बहनो का एक भाई प्रकाश जहाँ हम दोनों बहने हद से ज्यादा गोरी थी वही वो सांवला था तुम्हारे नाना खुद भी काळा थे लेकिन वो समझते थे प्रकाश उनका बीटा नहीं hai...bachpan में उसे प्यार नहीं मिला लेकिन हम उसे साइन से लगा कर रखती थी.....
aaaaaahhh....ro नहीं बीटा बस हो गया...
उस दिन मुझे बलि पहनाई गयी थी....
maahi......ro मत मेरी माहि...
छोटे मालिक बस थोड़ा सा दर्द होता है कान चिढ़ाने में...
प्रकाश : मेरी महा लक्समी मेरी सुभ्लक्मी को जो भी दर्द देगा वो मेरे हाथो से बच payega...chalo अंकल कान दो अपना....
अअअअअअअ....
हाहाहाहा.. और प्रकाश ने कान छेड़ने वाले के कान में hi बलि दाल दी .. जिसे देख हम दोनों बहने हसने लगी...
एक बार लक्समी की बलि कुवे में गिर गयी और वो रोने लगी ..
क्या Laxmi...ro क्यों रही...
दीदी भैया ने जन्मदिन पर बलि दी थी वो कुवे में गिर गयी....
माहि : bhaiyyyaaaaa...laxmi रो रही hai.....meri आवाज़ पर वो भागे चले ए....
प्रकाश : क्या हुआ मेरी सुब्भो...
bhaiyaa...rote हुए वो कुवे की तरफ इशारा करने लगे....
प्रकाश : सुनो गाओं वालो कुवे में सोना है....
गोअन वाले उनकी आवाज़ पर भागे चले ए ...
पूरा दिन लगाकर गाओं वालो ने कुवे का पानी nikala...jab मिटटी निकलने लगे तब बाल्टी में बलि देख भाई ने उठा ली...
प्रकाश : गाउन वालो सोना मिल gaya..bhaiyya बलि दिखते हुए बोले...
क्या छोटे मालिक इतने से सोने के लिए इतनी म्हणत karai....Sara दिन हो गया गाओं वालो को पानी निकलते निकलते...
प्रकाश : ये कोई आम बलि नहीं मेरी बहन की बलि है चाचा...
वो ऐसा hi था हमारे लिए कुछ भी कर जाता था ...
मनहूस सुबह सुबह तेरा चेहरा देख लिया Maine...pita जी गरजते हुए bole....fir वो उन्हें गुस्से में मरने लगे....
पिता जी उसे मरते और हम दोनों बहने संभालती...
एक दिन माँ हमें छोर कर चली gayi...tab हम तीनो भाई बहन 10 वि कच्चा में they...unke देहांत के बाद पिता जी अपनी दूसरी औरत को ले ए जिनसे उनका एक बीटा था भैरव....
उसी दिन प्रकाश भैया डीएनए रिपोर्ट ले ए जिससे ये साबित हो गया वो पिता जी के बेटे hai...pita जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उनोहने प्रकाश को अपना लिया ..अब भैया ज्यादा समय पिता के साथ गुजरते they...wo उनकी तरह बनने लगे थे...
एक दिन घर पर मंत्रीओ की मीटिंग थी उस दिन नौकर होली के त्यौहार की वजह से छुट्टी पर they...to पानी मांगने पर हम दोनों बहने अंदर gayi....pani लेकर ..अंदर सब नशे में तुन होकर मीट खा रहे थे....
माहि : पिता जी Pani....ek तरफ सुभहो सबको पानी देने लगी एक तरफ mai...tabhi एक ने रंग लेकर मेरी कमर पर लगाने लगा...
हैप्पी होली...
माहि : हैप्पी होली ji....wo यही पर नहीं रुका आगे उसने मेरी साड़ी में अंदर हाथ डालने लगा...
मई : आप ये क्या कर रहे है ji...pita जी देखिये न....
देवी जी रंग जहाँ जहाँ लगे शरीर का वो हिस्सा पवित्र हो जाता hai...aur उसने मुझे जबरजस्ती अपनी गोदी में बिठा लिया...
मई : पिता जी...
लक्समी : पिता जी देखिये न...
बेटी कोई बात नहीं होली है होली में तो सबको खुश करना चाहिए...
पिता जी की बात सुनकर मई रोने lagi...aur वो मेरी कमर मसलने लगा...
Aaaahhhhhh...ek ने लक्समी के दूध पकड़ लिए और उनमे रंग लगाने laga..wo लक्समी के साथ बहुत गन्दी हरकते कर रहा था....
पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति ...aaaaaaa...ek लात उसकी पीठ में पड़ी और वो टेबल में डाब Gaya...bhaiya की आवाज़ सुन मई पहले hi उठ गयी थी...
भैया ने जो उसकी मार लगाई वो किसी के कब्जे में नहीं आ रहे they...sharab की बोतल उन्होंने उसके सर पर फोड़ दी थी ..