Broken by Her! (Story of a man) - Page 10 - SexBaba
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Broken by Her! (Story of a man)

थँक्स वरो.

और करैक्टर आएंगे जिन्हे सलिल रोलेक्स के बारे में पता होगा..

अनु ने झमेला को मारा तब कहानी बहुत डार्क हो जाएगी क्या ऐसा होना चाहिए वरो ?

रपे हुआ या नहीं ये तो आगे hi पता चलेगा

लीडर नहीं थे वर्कर थे vro.suspence मत खोलो वरो हहहह

एन्ड में आएगा वरो जब सिचुएशन क्रिएट होगी उसके आने वाली...

वरो उस स्टोरी पर भी आओ हंटिंग ऑफ़ लोने साइको पर
 
सही वरो

हां वरो..

पजामा नहीं पंजा पार्टी हाहाहाहा.

सही गेस है वरो..

वरो सोना को ज़िंदा नहीं छोड़ा tha...ha सही कहा रोलेक्स की वजह से hi...

रियली अप्प्रेसिएटेड वरो

इतने अच्छे से कोई नहीं समझा स्टोरी को...


हाहाहा let's सी.

मोना स्टोरी अपकमिंग में देखने को मिलेगी वरो

थँक्स ु सो मच वरो
 
Episode 30 ..

अगली सुबह मई लूटी पीती लंगड़ाते हुए घर आयी...

दीदी माँ क्या हुआ ऐसे क्यों चल रही ho...ye रोलेक्स tha...kuch कहे बिना रट हुए मई उसके साइन से लग गयी...

नेक्स्ट कंटिन्यू...

सलिल के गले लग कर मुझे एक अलग hi सुकून मिल रहा था...

मई : कुछ नहीं बस तुम्हारी फ़िक्र हो रही थी.


मई अपने आंसू साफ़ करके boli...mai कमज़ोर पद जाती तो तीनो का ख्याल कोण रखता.

रोलेक्स : दीदी क्या hua..usne फिर अपना सवाल दोहराया...

सलिल : दीदी बोलो न...

मई : कुछ नहीं हुआ बस थक गयी हों होटल के काम se...alag होकर मई किसी तरह लम्बे कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ने लगी....

एते hi मई बीएड पर लेट गयी..

दीदी पेअर दवा दू आपके .सलिल अंदर आकर बोलै...

मैंने प्यारी सी स्माइल दी जिस पर वो पेअर दबाने लगा...

मई : आज दोपहर डॉक्टर के पास चलेंगे तुम्हारे स्कूल के आने के बाद..

रोलेक्स : मुझे मरने didi...rolex का सवाल सुन मुझे अपनी सांसे थमती महसूस हुई..

सलिल : सच में didi..salil खुश होकर बोलै.

सलिल को देखते हुए मई रोलेक्स को महसूस करने लगी...


मई : कभी नहीं...

ब्रेकफास्ट इस ready...Sona अंदर आकर बोली..

मई : तुम दोनों जाओ मई भी नहाकर अति हों...

उन दोनों को भेज मई अपने ज़ख्मो पर क्रीम लगाने लगी....

उसने मुझे नोचा था मेरे ब्रैस्ट लिप्स अस्स वागिना सब जगह से खून निकल रहा था ...मई अभी भी अपने अंदर उसका लिंग महसूस कर पा रही thi...maine सोंच लिया था अब कभी पंडित k.N.M के पास जाउंगी तो उसे मार दूंगी परन्तु उससे पहले मुझे जानना था ...महाराज ने क्यों मुझे उसके पास भेजा...

दोपहर में सलिल सोना स्कूल से aye...unke लड़ने से मेरी नींद खुल गयी...

चिके सुन मई भागकर आंगन में आयी...

मई : शांत हो जाओ teeno...Aaj तीनो hi आपस में बहस कर रहे थे सोना दोनों को समझा रही थी न लड़ने ko...mere इंटरफेरे करने पर तीनो चुप हो गए..

मई : तुम्हारे जिस्म पर ये खून कैसे लगा सलिल..

रोलेक्स : ये हमारा नहीं है...

मई : फिर किसका है...

सोना :दीदी रोलेक्स ने मुझे भी मारा और टीचर को भी फिर स्टूडेंट्स को भी...


मई : तुमने सोना पर हाथ उठाया Rolex...maine उस पर गुस्से करते हुए चीख कर पूछा..

उसे जवाब न देता देख मैंने सोना को देखा...

सोना : दीदी टीचर ने आपको बुलाया है...

मई : बताओगी हुआ क्या है ..

सोना : आज सभी क्लास वाले एक साथ बैठे थे 10तह वाले bhi...usne सलिल को देख kaha....sir गेम खिला रहे थे जिसमे मैंने भी पार्टिसिपेट किया और सलिल भाई ने bhi...uske बाद बायोलॉजी वाले सर ए जो हमसे बातें करने लगे बातों hi बातो में उनका टॉपिक फीमेल मेल बॉडी चंगेस पर चला gaya......fir.....

टीचर : किशोर अवस्ता में पहुंचने पर मर्दो का लिंग बढ़ने लगता है और लड़कीओ के ब्रैस्ट...

सर के कहने पर हमारी पूरी क्लास हसने लगी...

टीचर : सब अपनी बॉडीज को देखो तुम्हारे बॉडी पार्ट्स बड़े या nahi..sir के कहने पर हम सब फिर हसने लगे...

टीचर : सोना मेरे सामने बड़ी हुई देखो सोना में कितने चंगेस agaye..Sona के उभर कितने मोठे हो gaye...kehte हुए सर ने मेरे उभारो की शेप का हाथ बनाया हलके से छू कर वो सबको दिखने लगे..

सर को इस तरह करता देख मई और मेरी पूरी क्लास हसने लगी...

टीचर: समय के साथ सोना के उभर और बढ़ेंगे सिर्फ सोना hi नहीं तुम सभी के भी उभा....

धमममममममम.....

aaaaaaaaaaa..

.

अचानक से दिवार से प्रोजेक्टर टूट कर सर के सर पर आकर लगा....

मई : सर ठीक है..

dhammmmm...mai आगे कुछ कह पति भाई ने प्रोजेक्टर उठा के सर के साइन पर दे mara...aur उनके मुँह से खून निकलने लगा वो दर्द में बुरी तरह चीख रहे थे...

मई : पागल हो गए हो तुम...

मेरी आवाज पर भाई पालते और गुस्से से मुझे देखने लगे...

मई : दीदी से कहूँगी तुमने...

रोलेक्स : beshram...apni इज़्ज़त लूटने पर दन्त निकल रही थी...

chatakkkkk.....itne में भाई ने एक थप्पड़ मुझे दे mara..Mera सर बेंच से laga...fir उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए...

सलिल : छोड़ रोलेक्स use...mai दर्द में रो रही थी भाई बेदर्दी बालो से पकड़ मुझे उठा रहे थे...

salil...sale छोड़ अपनी बहन ko...itne में बहुत से स्टूडेंट्स आगये..

सलिल stopped...tumne टीचर को मारा अब अपनी बहन को मार रहे ho....gusse में चीखते हुए भाई की तरफ बड़ी...

भाई ने मुझे छोड़ा और गुस्से में प्रोजेक्टर को dekha....fir जो सभी स्टूडेंट्स ने देखा उसे देख सब मुँह हैरत से खुल गए...

भाई के देख ने से  प्रोजेक्टर टीचर्स के जा के लगा...

टीचर : कोई रोको इसे...

Dhammmm..dhammm...dhammm.

टीचर के कहने पर स्टूडेंट्स भाई को मरने लगे...

रोलेक्स : aaaaaaaaaa....bhai गुस्से में chikhe...aur स्टूडेंट्स दर्द में...

सलिल भाई ने इन्हे रोका और स्कूल से इन्हे बहार ले गए....

इनके जाने के बाद टीचर ने मुझे बुलाया और कहा घर जाकर आपको भेजूं...

मई : ये क्या किया तुमने रोलेक्स..

रोलेक्स : ये दन्त निकल रही थी जब टीचर ने छुआ...

मई : ये नार्मल hai...lekin तुमने वहां तमाशा क्यों खड़ा किया..

रोलेक्स : व्हाट....

मई : रूम में जाओ apne...Sona तुम इन्हे खाना दो ...मई तुम्हारी टीचर्स से मिलकर अति hon...kehte हुए मई मां का फ़ोन लगाने लगी...

सोना : मई नहीं दूंगी इसने मुझे mara..Sona का जवाब सुन कुछ कहे बिना रोलेक्स अपने रूम की तरफ बढ़ गया..

मई: सोनाआ....

मेरे गुस्सा करने पर सोना भी अपने रूम की तरफ भाग गयी....

दोनों को नाराज़ देख मेरा सर फटने laga...meri अपनी भी प्रोब्लेम्स थी जो मुझे देखनी थी...

मई : दोनों ध्यान से सुन lo...mai स्कूल जा रही हों तुम्हारे ...सोना तुम खाना डौगी और रोलेक्स बिना किसी सवाल के तुम खाओगे...

कहकर मई घर से निकल गयी....

स्कूल मई मां के साथ आयी... स्कूल भी मां का hi था तो टीचर्स सलिल का कुछ नहीं कर paye...balki उन्होंने मुझे सुझाव दिया सलिल और सोना को अलग अलग एजुकेशन देने का जो मुझे भी सही लगा...

मिस सुंदरी की कॉल आने पर मई स्कूल से सीधा उनके पास चली gayi...Jahan मुझे असाइनमेंट दी गयी जिस वजह से रत गुज़ारनी पद गयी...

अगले दिन मई घर ayi...salil छत पर खड़े सोना को घर रहा था जो ब्रेकफास्ट बना रही थी..

ऐसे क्यों चल रही हो दीदी आप ठीक ho...Sona मुझे देख बोली...

मई : हां मई ठीक हों बस थोड़ी थकन hai....aur मई वही स्टैर्स पर बैठ गयी...

मई : लंच डिनर किया था ...

सोना : सिर्फ मैंने...

मई : उन दोनों ने.

सोना : दोपहर में ए नहीं रात को घर से निकल gaye...rat में पता नहीं किस समय ए...

मई : जाओ उसे लेकर आओ..

सोना : उसने मुझे मारा...

मई : शट उप सोना...

सोना: टीचर ने छुआ तो उसे इतना गुस्सा आया जब सलिल भाई छूटे तो कुछ नहीं...

मई : हां सही kaha...sun लिया हो तो निचे ajao....maine उसे आवाज दी.

सलिल : है didi...wo छत से उतारकर पास आकर बोलै..

मई : मई बहुत थकी हुई हों ...जो पूछूं उसका सही जवाब देना वर्ण बहुत मरूंगी...

उसके सर हिलने पर मैंने आगे कहा..

मई : तुम सोना को छूटे हो...

मेरे सवाल से उसका सर झुक gaya...aur मुझे मेरा जवाब भी मिल gaya..ye देख मई फट पड़ी..

मई : शर्म नहीं अति तुम्हे अपनी hi बहन पर हवस रखते हुए chhi.mere गुस्सा करने पर उसकी आंखे नाम हो गयी..

मई : रत में कहा गए थे और कब ए..

सलिल : बस मेला देखने राम लीला का..

मई : मुँह हाथ धोकर ब्रेकफास्ट करो फिर हम डॉक्टर के पास चलेंगे..

दोपहर में मई सलिल को उन्ही डॉक्टर के पास ले गयी जिनके पास पहले ले जाती थी..

चेकउप करने के बाद मैंने सलिल को बहार भेज दिया...

मई : क्या आया रिपोर्ट में डॉक्टर...

डॉक्टर: वो अब अपना 30% मंद उसे कर रहा hai...aesa पॉसिबल हुआ है सिर्फ तुम्हारी वजह se...lekin खतरा अब भी टाला नहीं है...

मई : मतलब.. डॉक्टर

डॉक्टर : 5% बढ़ना भी बहुत देन्गेरौस है सलिल के liye...ise देखते हुए ये भी साफ़ हो गया है वो आगे भी अपना मंद उसे karega..har रोज़ उसके झगडे और गुस्से में रहना उसे बेचैन कर रहा है.. इस बेचैनी में वो और अपने मंद को उसे karega..jiska असर सलिल पर hoga...ek बात और टेलेकेनेसिस की पावर्स तो वो उसे कर पा रहा फ्यूचर में शायद वो टेलिपाथी हिप्नोटिस्म जैसी खतरनाक पावर उसे करने लग जाये ...ये सब उसके लिए बहुत आसान है... सिंपल सा उपाय है उसे कभी टेलिपाथी हिप्नोटिस्म जैसे सह्ब्दों को सुनने से दूर रखो..

मई : कोई रास्ता नहीं है..

डॉक्टर : उसे सुला सकते है... गहरी नींद me..jisse सलिल के ऊपर से उसका कण्ट्रोल पूरी तरह से हैट जायेगा.. डॉक्टर यहाँ आयी हुई है तुम कहो तो मई उससे बात करूँ..

मई : डॉक्टर क्या फिर मई रोलेक्स से दुबारा मिल सकुंगी...

डॉक्टर : शायद नहीं ..

मई : मुझे जाना होगा....

और कुछ कहे बिना मई वहां से उठ गयी...

बहार आकर मैंने सलिल को लिया और पार्किंग में आयी जहाँ मेरी स्कूटी कड़ी थी ..

मेरे बैठते hi वो भी बैठ गया..

मई : कसकर पकड़ lo..salil..mere कहने पर भी उसने मुझे नहीं पकड़ा..

मई :रोलेक्स मुझे पकड़ लो गिर जाओगे...

रोलेक्स : डॉक्टर ने क्या kaha...wo मुझे पकड़ते हुए बोलै..

घर आकर हमने खाना खाया फिर मई सलिल को लेकर उसके स्कूल चल di..Jahan से मैंने उसके सर्टिफिकेट लिए फिर दूसरे स्कूल में उसका एडमिशन कराया....

घर आकर मई सोना के साथ रात का डिनर बनाने लगी...

मई : ऐसे क्यों बैठे हो गम शूम se..mere पूछने पर भी सलिल ने कोई जवाब नहीं दिया..

मई : रोलेक्स..

रोलेक्स : जी दीदी..

मई : जाओ मेरी असाइनमेंट कम्पलीट कर do..same राइटिंग होनी चाहिए.

रोलेक्स : don't वोर्री दीदी..

दिन गुजरने लगे मई उस पर नजर रखने lagi..salil अब हम दोनों बहनो के करीब आने पर हिचकिचाता था जितनी हो सकता था दूर रहने की कोशिश करता था..

एक दिन रात में मई 11 बजे आगयी Ghar..salil को देखने के लिए मई जब रूम में गयी तब उसका बीएड खली देख मई सोना के रूम में आयी...

मैंने पानी दाल के उसे जगाया .

मई : सोना सलिल कहा है..

सोना: वो मेले में गए है..

उसका जवाब सुन मैंने घर लॉक किया और स्कूटी लेके चल दी...

हमारे यहाँ राम लीला लगता हर साल जिसका मेला 15 से 20 दिन चलता वही एक छोटा थेटर लगता जहाँ प्रो मूवीज चलाई जाती थी...

मेले में आकर मई सीधा थिएटर में आयी...

थिएटर में सलिल अपने दोस्तों के साथ शोर मचाते हुए हैंड प्रैक्टिस कर रहा था...

जिसका सबसे पहले निकलेगा वो बनेगा सेक्स king....kisi ने kaha...aur सब लड़के प्रो देखते हुए हैंडप्रैक्टिस करने लगे जिनमे सलिल भी था...

सलिल : मई hon..mai hon...mai hi हों.....

15 सेकंड भी नहीं हुए थे और सलिल का निकल आया....

सेक्स किंग अवार्ड गोज तो salil....badle में थिएटर वाले ने उसे सेक्स किंग की कैप गिफ्ट की...

सब देख कर मन हुआ सलिल को वही मरुँ लेकिन इतने सरे मर्दो को देख मई चुप चाप चली आयी...

अगले दिन से वो सेक्स किंग वाला कैप लगाए घूमने laga.....maine अभी तक जाहिर नहीं होने दिया मई उसके सभी कुकर्मो से अवेयर हों..

मैंने सोंचा उसे डरा धमका कर रखना चाहिए ताकि वो बिगड़े न...

उस दिन संडे था जब वो कैप लगाए कही जाने के लिए ब्रेकफास्ट करने आया...

मई : कितनी घटिया कैप लगायी है तुमने..

सलिल : धुप से बचने के लिए...

मई : यहाँ आओ...

मेरी आवाज पर वो पास आया..

मई : मेरे पेअर छुयो और जो मई कहूँगी वो हर रोज़ तुम कहोगे मेरे पेअर छू ke...samjh गए..

सर हिलाते हुए वो पेअर छूने के लिए झुक गया...

मई :

मेरी प्यारी दीदी मुझे आशीर्वाद do...meri दीदी सबसे बेस्ट है मई कभी भी अपनी दीदी के अगेंस्ट नहीं jaunga..didi जो कहेंगी बस वही करूँगा न ज्यादा न काम न jyada..didi की साडी बातें manuga..na दीदी से कभी सवाल करूँगा

.
..ईस्ट और वेस्ट माय दीद इस थे बेस्ट..

मेरे साथ साथ वो भी रिपीट कर रहा था जो मुझे बड़ा फनी लग रहा था.

 मई: रोलेक्स अब तुम्हारी बरी..

फिर वो लाइन्स रोलेक्स ने भी रिपीट की...

सुनते हुए प्राउड फीलिंग आ रही थी..

ब्रेकफास्ट करके वो चला गया..

सोना : दीदी वो मुझसे बोल नहीं रहे..

मई : दोनों..

सोना : सलिल भाई बोलते है बूत अब पास नहीं एते लेकिन रोलेक्स भाई उस दिन से बोले hi नहीं...

मई : माफ़ी मांगेगी तो वो पिगल जायेगा..

ब्रेकफास्ट करके मई अपने कॉलेज चली gayi..Sona को स्कूल छोड़ते हुए...

देखते hi देखते काफी समय गुज़र gaya...ab मुझमे बहुत हद तक चंगेस आगये थे बॉडी चंगेस तो थे hi नुरतुरे वाइज भी और ड्रेसिंग की वजह से भी...

रोलेक्स ड्रेसिंग को लेकर मुझे टोकता तो मई उसे मार के चुप करा देती thi..mai उन दोनों की तरफ से बिलकुल निश्चिंत थी जिस वजह से मैंने उसकी डेरी नहीं पड़ी..

एक दिन आशिक़ रात में घर आया..

मई : तुम इस वक्त..

आशिक़ : है दीदी वो सलिल के थोड़ी चोट आयी hai...wo हॉस्पिटल में है...

मई : क्या हुआ उसे..

आशिक़ : वो ठीक है बस आपको बिल भरना है... हॉस्पिटल का..

पीछे मैंने आशिक़ को बिठाया और उसे लेकर हॉस्पिटल आयी...

मई : कुछ हुआ तो नहीं tumhe...wo पेट के बल लेता था... हैरानी की बात थी उसके जिस्म पर कोई चोट नहीं लगी थी....

सलिल : मई ठीक हों दीदी बिल भर दो मई कुछ देर में आजाऊंगा..

मई : हुआ क्या है तुम्हे...

सलिल : जो कहा है उतना करो न didi...jhamela है तो मेरे साथ...

मई : चोट कहा लगी है तुम्हे...

सलिल : समझ में नहीं आता घर जाओ मई ajaunga..uske चिकने पर मई रूम से निकल गयी आशिक़ को लेकर.

मई : क्या हुआ है उसे..

आशिक़ : अंदुरुनी चोट लगी hai...uske फेस एक्सप्रेशन से लग रहा था वो झूट बोल रहा है...

ये देख मई डॉक्टर के पास ayi...aur बिल भरते हुए मैंने डॉक्टर से पूछा.


डॉक्टर : हरामी रपे करते हुए वायरल हुआ बचने के लिए लड़की ने इसकी गांड में 12 इंच का डिलडो दाल diya....kehte हुए उस डॉक्टर ने वीडियो लगा के फ़ोन मेरे सामने कर दिया...

उसे देख मई डॉक्टर का कोर्ट पहन सलिल के वार्ड में आयी और उसे इतना मारा पीटते पीटते वो बेहोश हो gaya...aashiq के बचने पर मई रुकी...

मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी थी जाहिर न करके अगर मई ऐसा करती तो सलिल पहले hi सुधर जाता...3 दिन बाद मई उसे लेकर घर आयी...

सोसाइटी में एते hi सभी लोग उसे देखने लगे...

मेरे सामने किसी ने कुछ नहीं kaha...lekin आपस में छोटे बड़े सभी सलिल को लेकर चीमा गोईंया कर रहे थे...


अगले दिन मैंने घर में कामर्स लगवा दिए...

मई : आज के बाद तुम फ़ोन नहीं चलाओगे न रूम लॉक करके sooge,na अकेले रहोगे समझ गए...

वो कुछ न कह सका सिवाए सर हिलने के...

फ़ोन छीन कर मैंने अपनी पॉकेट में दाल लिया...

मई : निकलो यहाँ se..bahar घूमो....

कुछ कहे बिना वो निकल गया...

मई : जाओ इसके पीछे कोई उलटी सीधी हरकत न kare...meri बात सुनकर उसके पीछे पीछे सोना भी चली गयी...

मई उसके रूम में आकर उसकी डेरी देखने लगी...

स्कूल बैग में मुझे दो डेयरीज mili...dono की हैंड राइटिंग अलग अलग थी पहली hi लाइन प्रकार मई समझ गयी एक सलिल की है एक रोलेक्स ki...Rolex की डायरी रख मैंने सलिल की डेरी खोल ली...

salil's पर्सपेक्टिव...

ब्लू फिल्मो ने मेरी ज़िन्दगी तबाह करके रख di..mai आज अपनी hi बहनो की नज़रो में गिर गया tha...didi और मेरी सोना मुझे बड़ी हकरत से देख रही thi..us समय मन हो रहा था मई मर जॉन .. मई क्या करूँ हवस का भूत जब चढ़ता है तब न रिश्ते दीखते है न कुछ aur...pagal हो गया हों...

हो गया Tera...chal अब सजा सुबह स्कूल भी जाना hai...Rolex मेरे आंसुओ पर हस्ता हुआ बोलै..

मई : मुझसे बात मत कर मेरा मूड ख़राब है...

रोलेक्स : भाड़ में जा सेल परं addict..Sona पर गन्दी नज़र रखता है ...अब मगरमछ के आंसू वह रहा है जब पकड़ा गया...

उसकी बात सुनकर मई घर से निकल gaya...bhagte हुए ब्रिज पर आया...


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रेलिंग पकड़ के मई बहते समुन्दर को देखने लगा..

रोलेक्स : अब क्या कूदेगा यहाँ से....

रोलेक्स को जवाब मेरे आंसुओ ने दिया..

और मई रेलिंग पर चढ़ gaya..aur फिर आंखे बंद करके कदम आगे बढ़ा दिए...

आसमान की छत पे है अपनी दुनिया..

खिलखिलाती है जिसमे अपनी खुशियां

चाँद की छलनी लिए

तारे चुनते हैं हम

जादुई है ये जहां

नहीं है कोई ग़म

बन्दे हैं हम उसके

हमपे किसका ज़ोर

जैसे hi मई गिरने लगा रोलेक्स ने हाथ बढ़ा के रेलिंग पकड़ ली....

मई : क्या कर रहा है छोड़ मुझे...

रोलेक्स : दीदी ने कहा साथ नहीं छोड़ना...

मई : रोलेक्स छोड़ दे mujhe...mai दीदी का सामना नहीं कर पाउँगा न सोना ka...aur झमेला को पता चला तो वो मुझे देखेगा भी nhi...meri ये लत मेरी मौत से hi छूटेगी...

रोलेक्स : तुम मर गए तो मई भी मर जाऊंगा...

मई : सेल कमीने अब समझ में आया तू कितना बड़ा वाला है...

रोलेक्स : hahahah...feel थे air...agar इतना hi दुःख है तो अपना एडिक्शन छोड़ क्यों नहीं देता...

मई : छोड़ mujhe...kamine तू ऐसे नहीं manega...aaaaaa...

dhammmm....jis साइड में रोलेक्स का दिमाग था मैंने उसी साइड में अपने सर पर पंच दे mara...agle hi पल उसका हाथ छूट गया.....

aaaaa......chapppppppppp....

और मई सीधा पानी पर आकर gira...dubne के लिए मैंने अपनी आंखे बंद कर ली....

जब मुझे होश aya...tab मई एक यार्ड पर था...

मई : मई कैसे बचा.. कमीने तू मुझे चैन से मरने भी नहीं देता..

रोलेक्स : क्या करू दीदी से वडा जो किया है ...हाथ नहीं छोड़ना साथ नहीं छोड़ना...

मई :कमीने तुझे पता है सोना मुझे देख कर बचती है...

salil....Rolex से बात करते हुए मुझे एक लड़की की आवाज ayi...agle hi पल मेरा दिमाग सो गया...

फिर जब मुझे होश आया तब मई घर पर था...

तूने मुझ पर कण्ट्रोल क्यों kiya...uthte hi मई उस पर गरजा..

मई : वो किस लड़की की आवाज थी...

रोलेक्स : किसी की नहीं...

मई : तू सीक्रेट रखता है kamine....dhammmm...us पर चिल्लाते हुए मैंने एक घुसा सर पर दे मारा...

मई : आआह्ह्ह्ह...

रोलेक्स : अब तूने मारा तो ाचा नहीं hoga....bhul मत हमारी क्या डील हुई थी एक दूसरे के सीक्रेट्स में इंटरफेरे नहीं करेंगे.

चोट मुझे hi लगती इसलिए मैंने आगे नहीं मारा उसे...

हम दोनों ने डील की थी जब रोलेक्स चाहे मुझे पूरी तरह कण्ट्रोल कर सकता है जब मई चहुँ रोलेक्स को सोने के लिए कह सकता हों..

मई मन में: कोई ाचा दिन देखकर सोना से माफ़ी मांग लूंगा...

नाश्ता करके मई स्कूल आगया...

अगले दिन सोना जब अपने स्कूल के लिए निकल गयी तो उससे सॉरी कहने के लिए पीछे पीछे मई भी चल दिया..

रस्ते में एक सुनसान जगह पर वो ruki...pedo के पास फिर इधर उधर देखने लगी...

मई : ये यहाँ क्यों रुक गयी..

रोलेक्स : चल चलकर पूछते hai....ham आगे बढे hi थे की सोना ने शर्ट उतारकर बैग में रख li...agle hi पल उसने अपनी स्कूल की स्कर्ट उतारकर बैग में रख ली....


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अंदर सोना एक सेक्सी सी ड्रेस पहनी हुई थी...

मई : कितनी सुन्दर लग रही है वो इस ड्रेस में..

रोलेक्स : जस्ट लिखे प्रो स्टार ...

मई : बकवास बंद कर अपनी....

कहते हुए मैंने सोना की तरफ दौड़ लगा दी...

रोलेक्स : रुक पीछा कर इसका देख ये कहाँ जा रही है...

उसकी बात सुनकर मई रुक गया...

कुछ देर बाद बस ayi..jis पर सोना चढ़ gayi...chhupte हुए हम दोनों भी..

बस भीड़ से भरी हुई thi...Sona अंदर बढ़ गयी उससे थोड़ी दुरी पर मई आकर खड़ा हो गया...


पूरी बस सोना के पीछे के उभर को घुर्र रही thi...jise देख हम दोनों को hi गुस्सा आ रहा था...

सोना बस में मर्दो से अटखेलियां कर रही थी...

एक मर्द उसके पीछे आकर खड़ा हो गया जो अपना लिंग उसकी बैक पर रगड़ने लगा..


मई : सेल हरा....

रोलेक्स: चुप हो जा वो सुन legi...wo मेरे दिमाग में बोलै...

मई : वो अपना उससे लड़ा रहा है .

रोलेक्स : देखता जा..

जैसे hi सोना के पीछे वाला आदमी धक्का मरने को होता है सोना साइड हो जाती है और धक्का आगे वाले आदमी के लगता है....

जो गुस्से में सोना के पीछे वाले आदमी को मरने लगता है वही बस में सभी मर्द जो सोना के पास खड़े थे वो हसने लगते है..

कुछ देर बाद सोना का स्टॉप aya...wo बस से उत्तरी साथ में मई भी उतर गया..

रोड से कुछ hi दुरी पर बने एक स्कूल में वो घुस गयी...

मई : ये यहाँ ....इसका स्कूल तो दूसरा था..

रोलेक्स : एक्टिंग की क्लास ले रही है yahan...chal अब तू सो जा...

फिर मुझे होश नहीं रहा apna..jab होश आया तो मई वही स्कूल के बहार खड़ा था...

मई : सेल वश में क्यों किया तूने मुझे..

रोलेक्स : अंदर देखने गया था तू साथ होता तो खींच खींच करता...

मई : मेरा साथ इतना hi बुरा लगता है तो मर क्यों नहीं जाता..

रोलेक्स : मई नहीं मरने wala...tujhe मरे बगैर..

मई : क्या देखा तूने अंदर..

रोलेक्स : वो एक्टिंग सीख रही और क्या..

कुछ देर बाद सोना स्कूल से बहार आयी...

मई उसके सामने जाकर खड़ा हो गया...

मुझे देख वो अपनी ड्रेस निचे करने lagi..wahi ड्रेस खींचने से ऊपर का हिस्सा उसका दिख्हने laga...achanak से उसने जल्दी से बैग में से शर्ट निकल के अपने ऊपर डालने लगी..

मई : तू दर क्यों रही है पागल मई तो तुझसे माफ़ी मांगने आया था...

सोना : वो ...वो mai...acting...mujhe देखते हुए सोना की जबान बुरी तरह से लड़खड़ाने लगी ..

मई : कोई बात नहीं चल ....सोना सच में मई शर्मिंदा हों मैंने तुझे chhua..aaaaaaaaaaaa.....baten करते हुए hi अचानक से सोना ने स्प्रे निकला और मेरी आँखों में दाल दिया...

मई : aaaaaahhhh....ye क्यों किया...

भगति सोना को मैंने पीछे से आवाज दी ...

अपने आप hi मेरे कदम सोना की तरफ बढ़ने लगे...

मई : मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है रुक जा सेल ...

साला लड़की को छेड़ रहा hai....ek लड़की इस पर स्प्रे मर के गयी hai....mujhe कही से आवाज आयी..

भागते हुए पता नहीं मेरा पेअर किस्से लड़ा और मई निचे जा gira...tabhi कही से मेरे ऊपर लटें बरसने lagi...aur मई अपना होश खो बैठा...

जब मुझे होश आया तब मई एक बस के पीछे भाग रहा था मेरी आंखे भी ठीक हो गयी थी...

कुछ देर बाद बस ruki...Sona उसमे से nikli....usne मुझे पीछे मुद के देखा..

मई : सोना रुक jaaa...Sona....

इतने में वो भगति हुई घर में घुस गयी ...

घर लॉक था मई दिवार फंड के अंदर आगया...


मई : ये भाग क्यों रही hai...hamse backar..mai तो माफ़ी मांगने आया tha...mere कहने पर रोलेक्स कुछ नहीं बोलै..

इतने में सोना ड्रेस चेंज करके आयी.

सोना : didi....didi....didi को पुकारते हुए वो उनके रूम में घुस गयी...

धम्म्मम्म..

मई : sale...latak के भी उतर सकते थे कूदने की क्या ज़रूरत thi..Sona को भागता देख रोलेक्स दिवार से hi कूद गया..

भागते हुए हम दोनों दीदी के रूम में aye..Sona डरते हुए रूम लॉक कर रही थी की इतने में हम दोनों पहुंच गए...

उधर से सोना रूम बंद कर रही थी इधर से हम रूम को धक्का देते हुए खोल रहे थे...

मेरे एक hi धक्के से सोना पीछे होकर गिरी...

रूम खोलकर मई अंदर आया...

मई : तू भाग क्यों Rahi...tune मेरी आँखों में स्प्रे क्यों डाला...

सोना : दीदी से पूछकर अकेडमी ज्वाइन की...

रोलेक्स : इन कपड़ो में ...

सोना : दीदी भी तो पहनती है ऐसे कपडे..

रोलेक्स : बस में वो तेरा हरामीपन करना क्या tha..kya दीदी भी ऐसा hi करती है...

कहते हुए उसने सोना को बालो से पकड़ के उठा लिया...

मई : छोड़ use...Rolex..

रोलेक्स : तू भी चाहता है ये तेरी तरह bane...sonch के देख इसकी ड्रेस किसकी तरह thi...kehte हुए उसने मेरे मंद में प्रो एक्ट्रेस की यादें दाल दी..

मई : सोना ऐसे कपडे पहनने की क्या ज़रूरत थी...

सोना : भाई अब नहीं पहनुंगी सच में इनसे कहो न जाये यहाँ से...

चटककककक....

सोना बोल hi रही थी की रोलेक्स ने एक खींच के उसके गाल पर मारा..

मई : तेरी तो सेल....

जैसे hi मई रोलेक्स को मरने को हुआ मई सो गया...

रात को मई डिनर करके सोना के रूम में आया..

मई : क्या किया था उसने तुम्हारे sath..rote हुए सोना मेरे गले लग गयी..

सोना : अब से मई कभी शार्ट ड्रेस नहीं पहनुंगी..

मई : हम्म यही सही rahega...acha मुझे माफ़ तो कर de...mai बीमार हों सोना इसी वजह से गलत हरकत कर बैठा तू चाहे तो मुझे मार ले...

सोना : कभी नहीं....

मई : उसने तुझे मारा..

सोना : थोड़ा sa..Marne को हुए तो दीदी आगयी...

मई : चल मई उसे मई समझाऊंगा...

रोलेक्स : आज के बाद मई तुझे कोई गलत हरकत करते न देखूं वर्ण भूल जाऊंगा तू मेरी बहन है...

सोना : दीदी से क्यों नहीं कहते....

सोना के जवाब से गुस्सा होकर रोलेक्स मुझे लेकर उठ गया...

आज मई एक लड़की से मिला जो देखने में बहुत सुन्दर thi...Mia गुप्ता...

सलिल की डेरी पढ़ते हुए मुझे पता चला ये मिया गुप्ता वही है जिसे सलिल वीडियो में मरते हुए फ़क करने की कोशिश कर रहा tha...use वायरल करने वाली मिया गुप्ता hi थी...

मिया गुप्ता झूटी बेवफा nikli...aaaaaaaa...mia गुप्ता मई तुम्हे कभी माफ़ नहीं करूँगा...

रोलेक्स : hahahahaha...kutte की तरह रोना बंद कर इर्रिटेट कर रहा है मुझे..

मई : तू था जब वो मेरे डिलडो दाल रही थी...

रोलेक्स : नहीं सो रहा था mai...tune hi खा था मिया के टाइम सोने के लिए..

मई : सब मुझे मार रहे तू मुझे बचता भी nahi...Mia ने धमकी दी वो और हमें वायरल कर देगी... प्लीज रुकवा दे... सोसाइटी के सभी लोग मुझे गलियां देते और मरते है...

रोलेक्स : तेरे साथ यही होना चाहिए सेल प्रो addict..ye ज़िन्दगी तूने चुनी है अब तेरे भुगतने की बरी hai...chal मई झमेला के पास जा रहा हों..

जबरजस्ती वो मुझे लेकर घर से बहार आया...

Salil...nalle तूने मेरा दिल तोडा मेरे सपने tode...mai कुछ दूर hi चला की मुझे पीछे से आवाज आयी...

मई : सौम्य...

सौम्य : बहुत सॉफ्ट है hai...aaaaaaaa..

भागते हुए वो भुकी शेरनी की तरह मुझ पर कूद gayi....mujhe गिराकर वो मुझे मरने लगी...

मई : आआअह्ह्ह छोड़ दे sali...kutiya...

सौम्य : सब मिलकर मारो इस रेपिस्ट को...

मई : सेल तू क्या काम है जो सबको बुला रहा है...

सौम्य : मई लड़की हों नाले..

मई : कपडे देख नल्ली लड़को वाले पहनी hai..aaaahhh...itne में एक अंडा मेरे मुँह पर आकर लगा..

सौम्य : छोटू बात de...is रेपिस्ट की गांड में डालूंगी...

मई : nahi....ye अनयाये hai...chhod दे सौम्य...

घूमते हुए उसने मुझे उल्टा किया और मेरी पंत खोल के निचे की फिर मेरा underwear...mujhe कई सोसाइटी के कीड़े पकडे हुए they..mai खुद को बचा भी नहीं पा रहा था..

सौम्य पूरा दाल don...chhotu मोठे ने पूछा..

सौम्य : हैट दूर मई dalungi...wo बेट छीन कर छोटू को हटते हुए बोली..

सौम्य : मीठी मीठी बातें मुझसे की ...सपने मुझे दिखाए और मुँह कला किसी और लड़की के साथ kiya...dhokebaz...

चटककककक... गुस्से में उसने मेरे चुत्रो पर थप्पड़ दे मारा..

मई : तुझसे थोड़ी बातें कर ली बहन की लौड़ी वो मीठी मीठी बातें हो gayi...aaaaa..itne में मुझे अपने होल में बात घुसता महसूस हुआ..

मई : बचा ले भाई... प्लीज....

अगले hi पल बेट छूटकर सौम्य के हाथो से दूर जाकर गिरा...

मुझे पकडे हुए लोगो के सर आपस में लड़ने लगे...

अंडरवियर और पंत ऊपर करते हुए मैंने सोसाइटी से बहार के लिए दौड़ लगा दी..


और सीधा मई झमेला जिस ढाबे पर काम करता वहां एके रुका...

मई : एक समोसा और एक chaye..mai कुर्सी पर बैठते हुए bola..fir लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...

कुछ देर बाद झमेला आया...

झमेला : गरीब दो तो मंगवा लेता..

मई : तेरा ढाबा है जितना मन चाहे खा..

झमेला : हां तेरा खसम है जो मुझे फ्री में खाने को देगा...

रोलेक्स : अभी ये पीटकर आ रहा है फिर भी इसकी चुटिया पैंटी नहीं निकली...

झमेला : क्या हुआ था...

सलिल : कुछ नहीं हुआ tha...acha बता कब तक फ्री होगा...

झमेला : मई थक चूका हों इस काम से सेल...

रोलेक्स : चल अड्डे पर चलते है...

झमेला : तू जा मई पीछे पीछे आ रहा हों.

मई थोड़ा आगे बढ़ा तो पीछे से झमेला आगया...

रस्ते भर मई झमेला से बात करते आया फिर एक बड़े से शोरूम में जहाँ कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था..

झमेला : कैसा चल रहा है सब..

ठीक है sahab...jhamela के पूछने पर एक इंजीनियर ने जवाब दिया..

मई : तू साहब..

झमेला : है हटेले...

सलिल : सच बता न सेल..

झमेला : ये रोलेक्स का hai...meri आगे ज्यादा है इसलिए मुझे साहब बना दिया इसने...

मई : तूने ये कब liya....paise कहा से ए..

रोलेक्स : कैसे भी ए हो...

अंदर एते हुए मैंने देखा निचे का तो बन गया था ऊपर के हिस्से पर काम हो रहा tha...ye घर नहीं था बड़े बड़े रूम्स थे बड़े बड़े हॉल they...sidio से उतारते हुए हम बेसमेंट में ए..

यहाँ मई पहले भी बहुत बार आया था लेकिन ये मेरा hi है अब पता चल रहा था मुझे..

इतने में झमेला एक सेफ खोलकर कैमरा निकल के लाया..

झमेला : काम हो गया...

उसी समय मई सेंसलेस हो गया..

जब मुझे होश आया तब मई घर पर था दीदी कामर्स लगवा रही थी....

सलिल की डेरी ख़त्म हुई तो मैंने उसके पेजेज फाड़ दिए जहाँ उसने रोलेक्स का वरन किया था ...फिर रोलेक्स की डेरी उठा ली.

माँ का प्यार क्या होता है मई नहीं जनता हो न हो वो दीदी के प्यार की तरह होता होगा...

मैंने पेजेज पालते ....और आगे पढ़ने लगी...

डॉक्टर ने क्या कहा didi..aap मेरा ओप्प्रेशन karayegi...mujhe मार देंगी आप. हॉस्पिटल से निकलकर मैंने दीदी से पूछा...

दीदी : nahi..kabhi नहीं...

दीदी की बात सुन मैंने उन्हें और कसकर हुग कर लिया...

मई : दीदी आप कितनी सुन्दर हो कितनी अच्छी स्मेल आरही आपके पास से...

सलिल क्यों दीदी के लिए पागल हो गया अब मुझे अहसास हो रहा था दीदी की सुंदरता देख...

दीदी : तुम्हे मई अछि लगती हों..

मई : कुछ भी दीदी.....

मैंने टालते हुए कहा...

पता नहीं दीदी इतनी बोल्ड कैसे हो गयी मेरे साथ....

मैंने फिर पेजेज पालते...

तूने गौर किया दीदी किस तरह थकी हुई अति hai...maine सलिल से पूछा...

भाई : क्या मतलब है tera...raat भर ड्यूटी देंगी तो थकेगी नहीं..

मई : तुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ता दीदी पर क्या गुज़र रही hai...wo कहाँ से पैसे ला रही hai...Aaj तक तूने दीदी जहाँ काम करती वो होटल भी नहीं देखा..

भाई : तू कहना क्या चाहता है साफ़ साफ़ बोल..

रोलेक्स : मुझे लगता है दीदी कोई गलत काम कर रही hai...aaaaahh..sale...mai बोल hi रहा था की इतने में सलिल ने एक घुसा मेरे सर पर दे मारा...

मई : तू ऐसे नहीं manega....aur फिर मैंने उसे झटके देने शुरू Kiye.use दिन में टारे दिखाई देने लगे...


सलिल मुझसे बहुत नफरत करने लगा hai...didi मेरी तारीफ करती है तो वो मुझे जेएलओसी की निगाह से देखता hai...wo नहीं जनता लेकिन मई उसका दिमाग पढ़ सकता hon...aur जब से मैंने दीदी को लेकर उसके मन में शक पैदा किया तब से वो और मुझसे नफरत करने लगा.....



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उस दिन दीदी किसी के साथ आयी thi....pehli बार हमारे घर में कोई लड़की आयी थी..

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दीदी देखने से बीमार लग रही थी उनकी आँखों का काजल फैला हुआ था चहेरा लाल पड़ा tha..ankhe नाम थी..

मई : क्या हुआ आपको...

दीदी : कुछ नहीं बस थक गयी हों...

कहते हुए दीदी मेरे पास से जाने लगी...

दीदी : सलिल ये है मोहिनी मेरी दोस्त...

मोहिनी : hi सलिल..

भाई : hi मोहिनी जी यू अरे सो ब्यूटीफुल...


दीदी : तुम यही रुको मई अभी आयी..

मोहिनी : don't वोर्री सिया फ्रेश होकर आओ मई सलिल के साथ हों...

मई : सिया...

दीदी : मेरी निक name...kehte हुए दीदी अंदर चली गयी..

भाई मोहिनी को लिए सोफे पे बैठ गया..

मोहिनी : है तो बदमाश क्या कर रहे हो आज kal...kehte हुए मोहिनी सलिल के गले में हाथ दाल देती है..

मोहिनी को देख सलिल का लिंग खड़ा होने लगा..

मोहिनी : मजे करने है..

भाई : कैसे मजे...

मोहिनी : आप मेरे sath....Mera हाथ पकड़ वो सलिल को रूम में ले गयी...

फिर वो एक एक करके अपने कपडे उतरने लगी...

भाई : दीदी आजायेगी...

मोहिनी : उसे टाइम lagega...tab तक मई तुम्हे वन्हला की सैर करा dungi...salil तो शायद इसी के लिए बैठा था मोहिनी को ब्रा पंतय में देख उसने अपने ऊपर के कपडे उतर दिए..

घुटनो पे बैठ मोहिनी ने सलिल का अंडरवियर निकल diya...fir उसके छोटे से डिक को मुँह में भर लिया...

10 सेकंड बाद सलिल का निकल गया...

सलिल : देखो कितनी जल्दी निकल गया...

मोहिनी : ये क्या था इतनी जल्दी निकल गए..

सलिल : भूलो मत तुम सेक्स किंग के साथ ho...salil बड़े गर्व से बोलै..

मोहिनी : तुम वो भी सेक्स किंग wtf...


सलिल : मुझे लगता है तुम्हे कोई ज्ञान नहीं सेक्स ka...mai सेक्स किंग हों देखो अवार्ड में मैंने ये सेक्स किंग की कैप भी jiti...e की जगह ा है मैंने दीदी के कारन किया ..

उसे इग्नोर करना..

मोहिनी हैरानी से सलिल की बातें सुन रही thi...fir थका मर के हसने लगी...

मोहिनी : हहहह सेक्स king....dekho सलिल तुम ये हिलने की लत छोड़ do...Aisa hi रहा तो कुछ समय बाद तुम्हारा खड़ा भी नहीं होगा...

हस्ते हुए वो अपने कपडे पहनने लगी...

तो तुम यहाँ सेक्स करने आयी थी इसके sath..kapde पहन मैंने उससे पूछा..

मोहिनी : इसके किसके तुम्हारे sath....yahan हमारे सिवा है hi कोण...

मई : एक लोसर के साथ सेक्स वो भी तुम्हारे जैसी हाई क्लास लड़की ... इम्पॉसिबल अब बताओ क्यों किया ये..

मोहिनी: अपने आप को hi लूज़र कह रहे ho...hahah वैरी फनी...

मई : मई ये नहीं हों मई कोई और हों...

मोहिनी : हहहहह सलिल आज के लिए इतना मजाक काफी hai...mai किसी से नहीं कहूँगी don't वोर्री...

मई : तुम्हारी तो....

इतने में लाइट्स फ्लिकर करने लगी....

चरररररररर.... चलता हुआ फैन निचे गिरने लगा...

मोहिनी : रोलेक्स स्टोप्पड़ प्लीज..

मई : तुम तो जानती हो मुझे...

मोहिनी : हां सिया ने बोलै था सलिल के साथ सेक्स करके उसकी लत छुड़ाने के लिए...

कहते हुए वो गेट की तरफ भाग गयी...


मैंने पेजेज पालते और आगे पढ़ने लगी...

मेरी लैब तैयार हो गयी थी aaj...didi का सपना था मई कोई बड़ा साइंटिस्ट banu...isliye मैंने मेडिकल लाइन से सम्बंधित mbbs.mds.bams.bhms.bums.md ...सभी कोर्सेज की बुक्स पढ़ Dali...mai दीदी का सपना पूरा कर रहा था दीदी ने मेरी बुक्स कबाड़ी को बेच दी..

झमेला ने अपने नाम पर मेरी लैब्स तैयार की जहाँ मई एक्सपेरिमेंट करता था ...मेरे देश में सबसे ज्यादा गरीबी थी ...मैंने गरीब औरतो को नाले का पानी पिटे देखा था ...जिसने मेरे दिल को चलनी कर दिया उस दिन मैंने कसम खा ली मई गरीबी को ख़त्म करने के लिए कुछ करूँगा....

मैंने सीड्स तैयार किये थे ...सलिल अभी छोटा था इसलिए मैंने उस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया....

भाई: पूछ न दीदी se...bhai रिक्वेस्ट करते हुए bola...wo मोहिनी का अड्रेस जानना चाहता था...

मैंने पेजेज पालते और आगे पढ़ने लगी....

मैंने कुछ ऐसा देखा जो शायद मई लिख न paun...didi ऐसी होगी मई सोंच भी नहीं सकता tha...lekin क्या ये सच है मुझे इसकी असल जननी thi..jhamela को लिए मई लग gaya..didi की जासूसी में..

झमेला : तू ये मत बता सलिल ko...wo जानेगा तो टूट jayega...tujhse भी ज्यादा प्यार करता है वो दीदी से...

मई : नहीं बताऊंगा तो आगे तो उसे पता चल hi जायेगा...

झमेला : तब का तब देखंगे....

हाहाहा तू पकड़ा gaya...mai भाई का मजाक बनाते हुए बोलै..

भाई : सेल है ले kutte...Tera तो कोई वजूद है hi नहीं ...

छप्प्प्प ...इतने में एक अंडा भाई के सर पर आकर लगा..

नाले सेल हरामी लड़की को सेक्स मशीन समझता है... सोसाइटी का कीड़ा है तू...

मई : सही कहा...

भाई : बंदकर अपनी bakwas....bacha मुझे...

मई भाई ko.leke पार्क में आया जहाँ वो अपना सर साफ़ करके बेंच पर लेट गया..

भाई : तू बदला लेगा मिया गुप्ता se...sali कुटिया ने किसी को मुँह दिखने लायक नहीं chhoda...us नर्स से भी लेना जिसने मुझे हॉस्पिटल में आकर मारा...

मई : भूल जा. ...

भाई को करनी का फल मिल रहा था मई इंटरफेरे करता तो वो कभी अपने बुरे कर्मो का अहसास नहीं कर पता..

डेरी ख़त्म हो गयी thi....lekin मेरे मन में बहुत से सवाल छोड़ gayi...jaise...Rolex को क्या पता चला होगा मेरे बारे me...kya उसने मुझे महाराज के पास देख लिया था या किसी के साथ इंटिमेट होते hue....agar ऐसा था तो परिणाम भयानक होने वाले थे...

मैंने एक बहुत बड़ी गलती कर दी थी दोनों की डेरी न padhkar...lekin अब सोंच लिया था देर नहीं लगाउंगी...

रात को वो दोनों बहार से ए..

मई : तुम दोनों बैठो मई खाना लगा देती hon...sonaaa...aajao...

सोना के साथ मिलकर मई दोनों को सर्वे करने लगी...

मई : रोलेक्स आज मैंने तुम्हारी पसंद का हलवा बनाया है...

उसने कोई जवाब नहीं दिया न वो खा रहा था...

ये देख मैंने सोना को कोहनी मरी ..

सोना : भाई खाओ na...halwa कितना ाचा है दीदी ने स्पेशल आपके लिए बनाया है..

रोलेक्स : चुप चाप खा...

मई : ाचा तो तुम कॉलेज में आगये ho...age कोनसा कोर्स करने का सोंचा है..

सलिल : दीदी मई अर्चेओलॉजिस्ट बनुगा..

मई : और तुम...

रोलेक्स : I'm क्विटिंग माय स्टडी...

मई : व्हाट लेकिन क्यों...

रोलेक्स : no मीन्स no ...

मई : क्या हुआ नाराज़ हो mujhse..mai उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली...

कुछ कहे बिना वो खाना छोड़कर चला गया...

दिन गुजरने लगे लेकिन रोलेक्स की नाराज़गी काम न हुई हो वो मुझसे बस मतलब के लिए बोलता मई हर रोज़ उसकी डेरी देखती लेकिन कुछ नहीं मिलता..

मैंने सोंच लिया था अपने सवालो के जवाब आशिक़ से लुंगी...

रोलेक्स पर नज़र रखते हुए मुझे सलिल के राज़ पता चले...

सलिल जहाँ भी थोड़ा सा अकेलापन देखता तो शुरू हो जाता..


हैंड प्रैक्टिस ने उसे किसी को मुँह दिखने लायक नहीं छोड़ा था फिर भी वो अपनी लत को छोड़ नहीं पाया था..

सब काम को साइड करके मैंने सोंच लिया था पहले सलिल को ठीक करुँगी फिर रोलेक्स को देखूंगी...

सलिल की वीडियो वायरल हो गयी थी सोसाइटी में सब मुझसे उसकी शिकायते करते कुछ से मई लड़ी कुछ की बातें सुनती रही...

वीडियो से तो कुछ पता नहीं चला लेकिन जिसकी वीडियो वायरल हुई उसके बारे में मुझे सलिल की डेरी से पता चल गया...

मिया गुप्ता का अड्रेस नहीं मिला लेकिन मिश्री गुप्ता का मिल गया...

उसकी डिटेल्स निकली तो पता चला वो बहुत हाई प्रोफाइल फॅमिली से बिलोंग करती hai..uska बाप जनरल था उसकी माँ रॉ एजेंट थी ...पूरा घर उसका देश को सेवा दे रहा था...

मई उससे मिलने उसके घर चली गयी...

उसका घर बड़ा था मुझे वेट करने के लिए कहा गया कुछ देर बाद मिश्री गुप्ता aayi....wo अकेली नहीं थी उसके साथ भी एक लड़की thi...dekhne में दोनों hi बेहद सुन्दर थी...

यार स्नेहा क्यों फ़िक्र कर रही है मई हों न जुगाड़ कर dungi...wo अपने साथ वाली से बातें करते हुए वेटिंग रूम में आयी...

मुझे देख वो खामोश हो गयी...

स्नेहा मुझे अछि लगी थी वजह थी उसकी khubsurti...use देख मैंने मन में थान लिया इसे अपनी पार्टी से jodungi...lekin उसके लिए मेरा स्नेहा को जानना जरुरी tha...mera रूल था किसी इनोसेंस को पार्टी से नहीं जोड़ने का ...मई उन लड़कीओ को चुनती थी जो नाईट क्लब्स में बफ्स के साथ आकर अयाशी करती थी फिर अगले दिन उन्हें छोड़ देती मोस्टली चेटर गर्ल्स hi मेरा टारगेट होती thi...party में ये रूल भी सिर्फ मेरा hi tha...kisi और का नहीं...

मिश्री : स्नेहा वेट करो अंदर अभी ayi..mujhe देख उसने कहा जिस पर स्नेहा मुझे देखे बिना वापस हो गयी...

मिश्री : है तो क्यों मिलना चाहती थी मुझसे ...

मई : मई सलिल की बहन हों..

मिश्री: पता है ज़िंदा छोड़ दिया उसे महेरबानी samjho...ab जाओ यहाँ से..

मई : उस वीडियो को वायरल करना बंद कर do..mai चली जाउंगी...

मिश्री : उस नाले ने मेरे भाई को मारा hai...apne भाई के लिए गली सुनकर मेरा मन हुआ उसका मुँह तोड़ देने का लेकिन अपने भाई के किये की वजह से कुछ न कर सकीय..

मई : इसमें उसकी कोई गलती नहीं hai...wo एडिक्ट है तुम्हारे भाई की तरह please...isse उसकी लाइफ ख़राब हो जाएगी..

मिश्री : तुम्हारा भाई तो रहेगा न तुम्हारे pasa..mai तो खो चुकी हों..

मई : तुम चाहो तो कीमत ले लो मई सब कुछ करुँगी बूत उस वीडियो को रोक दो...

मिश्री : कुछ भी...

मई : है कुछ भी ..

मिश्री : ठीक है आज रात में मिलो बेचलर क्लब में...

मिश्री के घर से मई अपने घर ayi...raste में कॉल करके मैंने मोहिनी को बुला लिया....

मैंने मोहिनी को अपना प्लान समझाया फिर सोना को बुलाया..

सोना : है didi...bulaya अपने...

मई : हां जाओ अपने भाई को बुला lao...aur तुम सीधा अपने रूम में चली Jana...meri बात सुनकर वो चली गयी...

मैंने और मोहिनी ने एक्टिंग शुरू कर दी..

मई : मई थक चुकी हों mohini...salil की वजह से किसी को मुँह दिखने लायक नहीं बची हों...

मोहिनी : हां yaar...sahi कहा.. रियली sad..vaise तुमने कहा नहीं रोलेक्स से सलिल को सही करने के लिए

मई : तुम्हे क्या लगता है मैंने रोलेक्स से कहा nahi...maine कहा tha..janti हो उसने क्या kaha...har किसी को अपनी करनी का फल milega...wo बहुत स्टोन हेअरटेड है इन मामलो में...

मोहिनी : शायद रोलेक्स तुम्हे प्यार नहीं करता वर्ण जिस बहन ने इतना बड़ा किया पला पोषा उसकी बात मैंने से इंकार नहीं करता...

मई : यही na...aur मई रोने लगी..

मई : मैंने क्या नहीं किया रातो को जगती थी खुद नहीं कहती थी रोलेक्स को देती थी मैंने अपना सब कुछ अपने तीनो भाई बहनो पर लुटा दिया और वो hai..apne सामने अपनी दीदी को कुछ नहीं samajhta...mai तंग आगयी हों मोहिनी सलिल को इस हाल में देख ke...Rolex चाहे तो उसे ठीक कर सकता है lekin..aur मई बिलख बिलख के रोने लगी...

मई कभी ऐसा नहीं कहती लेकिन सलिल के लिए आअज अपना अहसान गिना रही थी...

मई : मन होता है सब छोड़ के चली जॉन...

मोहिनी : रोना बंद करो yaar...sach में तुम्हारा भाई बहुत पत्थर दिल है...

रोना बंद करो दीदी... रोलेक्स अंदर आकर bola...uski आंखे भीगी हुई थी...

उसे देख मई जल्दी से आंसू साफ़ करने लगी...

मई : ओह्ह आगये tum...ha तो आज तुम क्या kahoge..puchne के लिए बुलाया था..

रोलेक्स : didi...kuch कहे बिना वो मेरे गले लग गया...

मई : सब सुन लिया...

रोलेक्स : hmm....aap चाहती हो सलिल ठीक हो जाये मई कर दूंगा लेकिन आपको भी मुझसे वडा करना होगा आप शादी करेंगी वो भी इसी महीने..

मई : वडा लेकिन मुझे थोड़ा टाइम do...kisi पसंद करने के लिए....

रत को खाना खिलाकर मई मोहिनी के साथ क्लब आयी...

मई : तुम यही से नज़र रखो...

एक जगह मुझे मिश्री कुछ लड़को के साथ पीती दिख gayi...use देख मई उसके पास चल दी..

मिश्री : लुक गैस हाउ प्रीटी she's ..

उसके साथ दोस्त घूम कर मुझे देखने लगे...


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wow....so ब्यूटीफुल chick...so gorgeous..uske दोस्त मुझे देख अपने दिलो को सँभालने लगे..

मिश्री : के here...sit.

उसकी बात सुनकर मई उसके पास आकर बैठ गयी ..

मई : क्यों बुलाया है...

मिश्री : गीज़ let's हैवे सम ड्रिंक...

उसने एक ड्रिंक का गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया अपने दोस्तों के साथ..

मई : सॉरी ी don't ड्रिंक..

मिश्री : don't फॉरगेट सुबह तुमने क्या कहा था...

न चाहते हुए भी मैंने ड्रिंक ले कर एक साँस में पि ली..

मई : है तो क्यों बुलाया था मुझे..

मिश्री : तुम्हारे गैंगबैंग के liye..ye सब भूके सूअर तुम पर chadenge...by थे वे ये सब मेरे फ्रेंड hai...maine इनसे प्रॉमिस किया था इनसे दूर होने से पहले इन्हे खुद से भी सुन्दर लड़की के साथ सुलाउंगी ...और तुम मिल गयी...

मई : please...maine बेबसी से उसे देखा...

मिश्री : तुम जा सकती हो..

मई : okay fine...mai तैयार हों लेकिन यहाँ नहीं प्लेस मेरा होगा..

वो तैयार हो गयी...

मिश्री : थोड़ा ड्रग्स ले लो तुम्हे ज्यादा दर्द नहीं होगा....

मैंने ड्रग्स ले liya...fir उसे और उसके दोस्तों को लेकर मोहिनी के घर आयी...

जहाँ उसके सभी दोस्त मेरा शोषण कर रहे थे हालाँकि मई खुद भी कोई पवित्र नहीं thi...mishi अस ा मास्टर मुझे स्लेव की तरह ट्रीट कर रही थी...

सुबह तक उसके दोस्त मुझे नोचते रहे...

मई: अब अपना प्रॉमिस nibhao...maine किसी तरह कहा..

मिश्री : वीडियो डिलीट कर दी hai...check..kehte हुए उसने अपना फ़ोन मेरी तरफ फेका...

फ़ोन लेकर माइए अचे से चेक किया...

मिश्री : आगे वायरल होने से भी रोक दूंगी...

फिर वो अपने दोस्तों को लेकर चली गयी...

घर मैंने कॉल करके सोना से कह दिया अपने भइओ से कह दो दो दिन तक मई नहीं आउंगी...

दो आराम करने के बाद मई घर सलिल के लिए बाइक लेकर गयी...

बाइक देख वो बहुत खुश हो गया...

सलिल के रूम को देखा तो उसमे सभी धर्मो की हौली बुक्स थी...

मई : ये कौन लाया यहाँ..

रोलेक्स : इसके लिए... एडिक्शन तभी छूटेगा जब अपने रचयिता का भये होगा मन में...

मई : तो हमारी बुक्स कभी नहीं थी.

रोलेक्स : सभी से कुछ न कुछ ाचा सिखने को मिलेगा....

मई : थैंक you...pyar से मैंने उसे साइन से लगा लिया...

2 महीने बाद..

anusuiya's फारेस्ट base...city से 80 k.m दूर.

सुंदरी की लाश मेरी आँखों के सामने पड़ी thi....use इतनी बुरी तरह से मारा गया था जिसे देख दर के साथ मेरी उबकाई आगयी...

उसके हाथ पेअर कटे हुए they...ankhe थी hi नहीं उसकी बॉडी में....

मई : ये कैसे हुआ maharaj...Aaj महाराज को मई पहली बार दिन में देख रही thi...chahere को कवर किये हुए थे वो...

मेरी बात सुनकर उन्होंने मोहिनी को देखा..

मोहिनी : 40 लड़कियों को वो ले gaye...hamare बहुत से आदमी मरे गए...

मई : किसी गैंग का काम hai...police तो आ नहीं sakti...mai खुद में बुदबुदाते हुए बोली....

मोहिनी : नहीं वो सिर्फ 2 they...ek तो किसी राक्छस की तरह था हरे रंग का....10 फट. जितना लम्बा बहुत powerful...dusra नार्मल tha..keh रहे है वो जादूगर tha...wo देखने से hi चीज़ो को हिला रहा था..

कही रोलेक्स झमेला तो नहीं ...लेकिन आशिक़ तो उसकी हिघ्त इतनी nahi....man में सोंचते हुए मई कड़ियाँ जोड़ने लगी...

रोलेक्स को सलिल का एडिक्शन छुड़ाते देख मई रोलेक्स की तरफ से बिलकुल बेफिक्र हो गयी thi...mujhe जल्द से जल्द घर जाकर डेरी देखनी थी ab..agar रोलेक्स हुआ तो परिणाम मेरे लिए भी घातक हो जाते महाराज भी चैन से नहीं बैठते और सहायद मुझे सलिल को मरना padta...mai अपने भइओ से बहुत प्यार करती हों लेकिन अपने उद्देस्य से ज्यादा नहीं...

मई : ये कोण hai...ek खूबसूरती सी लड़की जो बॉडीज देख रही थी उसे देख मैंने पूछा...

मोहिनी : महाराज की बेटी....

महाराज: सिया यहाँ आओ ..

महाराज की आवाज पर मई पास आकर कड़ी हो गयी ..इतने में दूसरी लड़की भी मेरे पास आकर कड़ी हो गयी जो महाराज की बेटी थी....

महाराज : सुंदरी की मौत से ज्यादा ग़म मुझे उन 40 लड़कीओ का hai...tum अछि तरह जानती हो siya...wo हमें कितना फायदा पहुंचने वाली थी...

मई : जानती हों Maharaj...mere पास उनके अड्रेस है जल्द वापस ले आउंगी..

महाराज : shabash....ab से तुम सुंदरी की जगह संभालोगी...

मई : जैसा आप कहे....

महाराज : हमें बहुत सी लड़कीओ ने धोका diya...bhut सी आज़ाद होने के बाद देश छोड़कर भाग gayi...to किसी ने डबल क्रॉस किया लेकिन अब ऐसा नहीं होगा...

मई : जी महाराज मई अब उन पर नज़र रखूंगी...

फिर भी दूर rahogi...unki मेन्टल कंडीशन क्या है ये हमारा जानना बहुत ज़रूरी hai....maharaj की बेटी ने कहा..

महाराज : ये है मोना... पसयचत्रिस्ट्स..

मोना : मोना wow...just लिखे कैट..

महाराज : भूलो मत किसके सामने खड़ी हो...

मोना : सॉरी ...

महाराज : अब से ये तुम्हारी हेल्प करेगी...

मोना : मई उनके साथ रहूंगी उन्हें हिप्नोतिजे karungi...unke बारे में janugi...fir उस हिसाब से तुम आगे का काम करना हमें नुकसान नहीं होगा...

मैंने सर हिजलाया....

मई : महाराज मुझे मोहिनी की ज़रूरत पड़ेगी....

मोहिनी अनाथ थी उसे मां लेकर ए थे ....

मेरा मुक़ाबला मोहिनी से हुआ तो वो जीत गयी thi...mohini पहली लड़की थी जिससे मई हरी thi....mai रात भर जगी थी और मेरा बलात्कार उस हैवान ने किया था जिस कारन मुझमे शक्ति नहीं थी लड़ने की फिर भी मई लड़ी लेकिन हार गयी..

वो मुझे मरने hi वाली थी की उसने अपनी सोर्ड फेक दी ..और दिखाया ऐसे जैसे उसके हाथ से छूट गयी...

इतनी देर में मई अपनी सोर्ड उठा के कड़ी हो गयी...

मई : तुमने क्यों किया ऐसा...

मोहिनी : इस नर्क से ाचा है तुम मुझे मार दो....

मई : तुम्हे जीवन का उद्देस्य प्राप्त होगा yahan...mai महाराज से बात करती हों तुम्हारे लिए...

मैदान से मई महाराज के पास आयी जहाँ मैंने उनसे मोहिनी की जान की भिक mangi...Maharaj निर्दयी नहीं थे इसलिए उन्होंने मोहिनी की जान बक्श दी...

बहुत समय लगा मोहिनी को राज़ी करने के liye...munje कई बार उसके साथ इंटिमेट होना pada..tab जाकर वो तैयार Hui...us दिन से वो मेरी सबसे अछि दोस्त बन गयी....

महाराज : किस लिए...

मई : मई लोगो के सामने आना नहीं चाहती मां जी की भी रेपुटेशन ख़राब होगी यदि कभी मई किसी चीज़ में इन्वॉल्व पायी gayi...mai मोहिनी को सामने रखूंगी पीछे मई रहूंगी..

महाबाज: ये सही रहेगा...

अब मैंने मोना से दोस्ती बढ़ानी शुरू कर दी thi...wo मेरे काम आ सकती thi...mai जितना मोना को जानती जाती मेरा मुँह हैरत से खुलता जाता ...वो बहुत काम की थी....

कई दिनों बाद मई घर ayi...aur मुझे याद aya...abhi से मेरी शादी है....

शादी के बाद मई कुछ अभी के घर रही फिर वापस अपने घर आगयी ..

एते hi सबसे पहले मई सलिल के रूम में आयी...

वो सो रहा था...

डेरी कबाड़ से निकल कर मई अपने रूम में आगयी...

डेरी खोल कर देखि तो वो वही तक थी जहाँ तक मई पढ़ चुकी थी...

आगे के पेजेज पलटते हुए मेरी उंगलिओ से कुछ गिला गिला फील हुआ...

ये रोलेक्स की डेरी थी जो आसानी से नहीं पड़ी जा सकती thi...isliye मैंने कैंडल जलाई और उसकी रौशनी में डेरी को देखा तो मुझे साफ़ साफ़ शब्द दिकहि देने लगे....

डेरी पढ़ते हुए मेरे रोंगटे खड़े होने Lage..Rolex की नफरत मेरे लिए देख मेरी आंखे बहने लगी....

अगर अब दीदी नहीं सुधरी तो मई उन्हें मार dunga....karni का फल सबको मिलता hai...fir चाहे वो मेरी बहन hi क्यों न हो...

आखिरी लाइन पढ़कर मई फुट फुट कर रोने लगी ....

तुम्हे यहाँ नहीं आना चाहिए tha...yahan मई हों अपने भाई बहनो का ख्याल रखने के liye...Rolex की आवाज सुन मैंने डेरी पीछे कर ली...

मई : मुझे माफ़ कर do...mai मजबूर thi..mujhe कुछ पता नहीं tha..mai बहुत छोटी thi.Rolex .... प्लीज....

रोलेक्स : इसीलिए तो ज़िंदा ho...kehkar वो पास आया और मेरे हाथ से डेरी लेकर चला गया साथ में कैंडल भी ले गया...

सुबह होते hi मई बिना ब्रेकफास्ट किये अभी को लेकर अपने घर चल दी....

रस्ते में मई अभी से अलग हुई और भगति Hui...sidha मोना के अपार्टमेंट में आयी.....

 
Episode 31

सुबह होते hi मई बिना ब्रेकफास्ट किये अभी को लेकर अपने घर चल दी....

रस्ते में मई अभी से अलग हुई और भगति Hui...sidha मोना के अपार्टमेंट में आयी......

नेक्स्ट कंटिन्यू.....

टिंग टिंग .....मेरे बेल्ल प्रेस करने पर दूर खुला....

तुम इस वक्त यहाँ .मुझे देखते hi मोना ने कहा...

मई : haa...aur मई जबरदस्ती अंदर घुसने लगी जिसे देख वो साइड होकर मुझे देखने लगी...

अंदर आकर मई सोफे पर बैठ के अपने भाई की बातें याद करने लगी...

मुझे समझ में नहीं आ रहा था मई क्या करूँ....

मोना : तुम ठीक हो सिया...

मैंने सर हिलाया...

मोना : कुछ लोगी... कॉफ़ी..

मई : हां....

कुछ देर बाद वो कॉफ़ी लेकर आयी एक कप मुझे दूसरा खुद अपने होंठो से लगते हुए वो मेरे पास hi बैठ गयी...

मोना :क्या बात hai...Maharaj ने कुछ कहा...

मैंने ना में सर हिलाया फिर कहा...

मई : तुम अपने डैड को महाराज बुलाती हो...

मोना : तो तुम जानती हो वो मेरे पिता जी hai...but kaise...unhone तो जाहिर नहीं होने दिया था...

मोना की बात सुन मुझे समझ आया मोहिनी असल में मुझे मोना का सीक्रेट बता रही थी उस दिन....

मई : हां लेकिन मई उसके लिए नहीं ayi...ummm...kaise कहु...

मोना : मुँह से....

मई : सीक्रेट hai..Mai उसे घूरते हुए बोली..

मोना : सॉरी ...तुम्हे देख के मई हॉर्नी फील करने लगती हों सो जस्ट किडिंग...

मई : भरोसा कर सकती hon...mai उसकी झंघ पर हाथ रखते हुए बोली...

मई : मेरे लिए मेरा धर्म hi महाराज है लेकिन ...मेरा हाथ पकड़ उसने अपनी शार्ट में दाल लिया फिर आंखे बंद करके मजे लेने lagi...na चाहते हुए मई भी उसकी छूट सहलाने लगी...

मोना : बोलती रहो...

मई : बात मेरी फॅमिली की है ...मई महाराज को सब बताउंगी लेकिन उससे पहले मई कोशिश करना चाहती हों सब ठीक करने की कर लेती हों तो सही नहीं तो महाराज की हेल्प से करुँगी...

मोना: बात क्या है.

उसकी बात सुनकर उसकी छूट पर हाथ चलते हुए मई फिर बोलने लगी..

मई : मेरा Bhai...uff...wada करो किसी से नहीं कहोगी..

मोना : नहीं कहूँगी बोलो भी...

मई : मेरा जो भाई है वो डबल माइंडेड है एक बॉडी बूत दो मंद ...

मेरी बात सुनकर मोना जो आंखे बंद किये सोफे से सर लगाए मजे ले रही थी हैरानी से उठ कर ठीक से बैठ जाती है...

वो मेरा हाथ भी निकल लेती है अपनी चड्डी में से...

मोना : रियली...

मई : हां ...और मैंने अपने बैग से सलिल की रिपोर्ट निकल के उसे दे दी...

मोना : can't believe...ye बहुत hi रेयर केस hai...wo रिपोर्ट देखते हुए बोली.

मई : haa...Maharaj ने मेरे बारे में बताया hi होगा तुम्हे की मई अपनी जान से ज्यादा अपने उद्देस्य से प्रेम करती हों बूत इस बार मामला मेरे भाई का hai...mai फिर भी पीछे नहीं hatungi..mai कोशिश करुँगी उसे ठीक करने की..

रिसेंटली जो गर्ल्स गायब हुई थी उसके पीछे मेरे भाई का hi हाथ tha..mere कहने पर मोना ने कोई रिएक्शन नहीं दिया ..बस धीमे से कहा

ाचा..

मई : मई बस अपने भाई को बचाना चाहती हों तुम समझ रही हो न..

मोना : हां और ये भी की तुम बताने से दर रही हो ये सोंचकर की मई पिता जी से कुछ न कह दूँ और वो तुम्हारे भाई को मरवा देंगे ...don't वोर्री.

मई : मुझे अपने भाई की चिंता नहीं महाराज की hai....unhone अगर किसी को भेजा उसे मरने तो मेरा भाई उन तक पहुंच जायेगा....

मोना : व्हाट..

मई : वो क्या है तुम्हे शुरू से सब बताती hon...bachpan में hi वो टेलेकेनेसिस की पावर्स उसे करने लगा tha.....Maine दोनों को जानने के लिए कहा वो अपनी बातें एक डेरी में लिखे.... फिर मई बोलती गयी मोना हैरत से सुनती गयी.....

मई : जब मैंने कल रात उसकी डेरी पड़ी तब अपने लिए उसमे छुपी नफरत देखि...

मोना : क्या लिखा था उसमे...

रोलेक्स पर्सपेक्टिव.

दीदी जब भी घर अति थकी सी लगती चहेरा भी उजड़ा हुआ लगता tha...jo मुझे उन पर शक करने के लिए मजबूर कर रहा था .

एक रात मैंने उनका पीछा किया...

aaaaaaaaahhhh...aur छोड़ो ...आआह्ह्ह तेज aaaaaaaaaahhhh..aur तेज ...ohhhhhh..aaaaaahhhh.
..मंत्री जी तुम्हारे धक्के बहुत शानदार hai.aaaaaahhh.

मंत्री : आआह्ह्ह मेरी चुड़क्कड़ रंडी siyaa....Teri गुलाबी छूट आज खा जाऊंगा.


अंदर दीदी नंगी अपने से डबल आगे के व्यक्ति से छुड़वा रही थी..

उन्हें इस तरह देख मेरे कदम भरी हो गए मेरा दिल बैठ gaya...Shak करना गलत था लेकिन शक सही था.

मन हुआ उनके पास जाने का फिर दिल में ख्याल आया शायद ये दीदी हमारे लिए hi कर रही hai..unhe एक मौका देना चाहिए..

ाचा ये हुआ सलिल सो रहा था मई यहाँ उसे सुला कर लाया था..

अपना वचन निभाते हुए

अब अपनी सेवा फूल पार्टी को देना मंत्री ji..didi कपडे पहनते हुए बोली.

कल hi ज्वाइन कर लूंगा..

दीदी चली गयी ..मंत्री के सोते hi मई वाशरूम से निकल गया...

मई चाहता तो मंत्री को मार सकता था लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया..

अगर मई ऐसा करता तो मुझे दीदी को भी सजा देनी होती...

उस रात के बाद मई चुप चुप रहने laga...didi को जब भी देखता मुझे वही सब याद ata..Kai बार मैंने अपनी डेरी के थ्रो मैसेज के थ्रो दीदी को चेताया लेकिन दीदी नहीं मणि..

ये देख मैंने सोना के फ़ोन से झमेला से दीदी के बारे में बात की...

झमेला : वो ऐसी होगी मैंने सोंचा नहीं tha..shayad ऐसा हो सकता है उन्होंने ये सब तेरे और सोना के पालन पोषण के लिए किया हो.

मई : है ऐसा hi है इसलिए तो चुप hon.tu एक काम कर सलिल है बीमार मई कुछ कर नहीं sakta...tu दीदी का पीछा कर वो जो करे उसकी वीडियो बना के मुझे दिखा ठीक होते hi मई तेरे पास आऊंगा.

झमेला : यार मई उन्हें अपनी बहन मंटा tha.uski रुआंसी सी आवाज आयी..

मई: तू मंटा है मेरी सगी hai..janta हों तुझे हर्ट हुआ है जिसकी हम दिल से इज्जत करे फिर वो गिरने वाले काम करे तो बहुत हर्ट होता है..

झमेला : तू वडा कर ऐसा वैसा कोई कदम नहीं uthayega..unhe मरेगा nhi..mai तभी ये करूँगा.

मई : तूने hi कहा था ऐसी लड़कीओ के बारे में kabhi..sarvanash के लिए.. घर की इज्जत जब बहार मुँह मरे तो उसे मर दो.

झमेला : है लेकिन यहाँ सिचुएशन अलग hai..ab वडा कर.

मई: वडा...

कुछ दिन बाद मई ठीक हुआ और झमेला के पास आया...

सलिल को सुला कर मई कैमरा चेक करने लगा जिसे झमेला ने रिकॉर्ड किया था.

झमेला : वो किसी ग्रुप के लिए काम करती hai...jisme लड़कीओ की स्मगलिंग भी hai...maine कुछ लड़कीओ को किडनैप होता देखा hai..didi भी थी उनके साथ और उनके साथ वाली लड़की भी...

मैंने बचने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा...

वीडियो फुटेज में दीदी इंटिमेट हो रही थी ये देख झमेला ने कैमरा हटा liya..aur उसमे किडनैप हो रही लड़कीओ की भी फुटेज थी..

मई : कहा गयी hogi...inhe लेकर

झमेला : पता नहीं...

मैंने गाड़ी की नंबर से गाड़ी वाले व्यक्ति का अड्रेस nikala..pata चला वो कही गया हुआ hai...pata नहीं कब तक आएगा.

ये देख मई उसके आने का वेट करने लगा...

समय गुजरने लगा वो नहीं आया लेकिन मई जितना दीदी को जनता जाता मुझे उनसे उतनी hi नफरत होने lagi....mere अंदर गुस्सा और नफरत भर रही थी लेकिन इस पर दीदी का प्यार हावी hi रहा.

एक दिन दीदी मोहिनी से सलिल के बारे में बात कर रही thi...didi के आंसू देख मुझे उन पर तरस आगया...

और मैंने सलिल को ठीक करने का फैसला किया इस शर्त पर दीदी शादी करेंगी..

मैंने हर रिलिजन की बुक सलिल को पढ़ने के लिए दी ..सब में से वो कुछ न कुछ सिख रहा था..

बुराई को अच्छी से hi ख़त्म किया जा सकता है हुआ भी यही ..

40 दिन हो गए थे सलिल ने एक बार भी हंदपराफतिके नहीं की थी..

भाई कितने स्मार्ट हो गए हो आप ..हैंड प्रैक्टिस छोड़ने से सलिल की आंखे गद्दे से बहार आगयी थी फेस भी ग्लो करने लगा tha...jise देख सोना तारीफ किये बिना रह न पायी...

अनुसुइया : सही कहा सोना..

सलिल : है दीदी अब मेरी आंखे खुल गयी है और दिल भी संभल गया है ..

अनुसुइया : that's माय boy...pass आकर दीदी ने सलिल को चुम लिया...

अनुसुइया : थैंक you...thank यू सो मच...

मई : जल्दी से शादी कर लो..

अनुसुइया : हां ..और दीदी ने फिर चुम लिया..

अनुसुइया : ाचा बताओ तुम्हे अभी पसंद आया...

सलिल : झमेला को घर जमाई बना लेंगे.

अनुसुइया : शट up.....wo भाई की तरह है..

मई : हटेले तू भी न ..

सलिल : मई तो हमारा फायदा सोंच रहा tha...wo अपना सर खुजाते हुए बोलै.

सोना : दीदी आज का डिनर मुझसे नहीं होगा कही बहार चले.... प्लीज...

अनुसुइया : okay...

दीदी के हामी भरते hi हम सब घर से बहार ए ...और दीदी की कार मई बैठ के चल दिए....

रस्ते में जाते हुए हमें सड़क पर घूमते हुए झमेला दिखा...

मई : दीदी गाड़ी रोको...

मेरे कहने पर दीदी ने कार रोकी और मैंने शीशा निचे किया .

मई : ोये ...कहा जा रहा था...

मेरी आवाज पर वो पलटा..

झमेला : बुक लेने जा रहा था...

मई : अजा खाना खिला कर laun...maine गेट खोला और वो अंदर आकर बैठ गया..

सलिल : मुझे तो दंति हो...

दीदी ने कोई जवाब नहीं दिया गाड़ी आगे बढ़ा दी....

कुछ देर बाद गाड़ी एक बड़े रेस्टुरेंट में रुकी...

गाड़ी से निकल हम सब अंदर ए...

मेनू देख दीदी हमसे पूछने लगी..

अनुसुइया : क्या कहोगे..

सोना : चिनेसे प्लाटर.

अनुसुइया : तुम दोनों.

सलिल : गोभी के पराठे विथ टिया..

मई : इटालियन शर्मा.

अनुसुइया : आशिक़ तुम..

आशिक़ : चिनेसे प्लाटर.

खाना आया और हम सब खाने लगे..

सलिल :आंखे उधर कर sale...salil के गुस्सा करने पर मैंने उन्हें dekha..ek तीन लड़को का ग्रुप सोना और दीदी को गन्दी नजरो से देख रहा था..

हाहाहाहा पिल्ला देखो गुस्सा कर रहा है ..उनमे से एक ने कहा...

hahahah...hahaha...hahaha..jise सुन उसके वाकई दोस्त हसने लगे..

हम कही भी देख सकते है समझा वैसे भी इतना पैसा खाने का इसलिए hi देते है पापा की परिओ का दीदार कर sake..hahaha..unme से एक और ने कहा .

दूसरे की बात सुनकर उसके दोस्त फिर हसने लगे..

सलिल : तेरी तो sale....salil उठते हुए उन्हें मरने बढ़ा की दीदी ने उसका हाथ पकड़ लिया.

अनुसुइया : salil...mat लगो उन बदमाशों के मुँह वैसे भी हम यहाँ खाना खाने ए है .

मई : बैठ जा मई कुछ करता हों ..

मैंने उसके दिमाग में मेस्सगे chhoda..jis पर वो बैठ गया...

वो दीदी को देख के गंदे इशारे और कमेंट कर रहे थे और मई मुस्कुरा रहा था...

मैंने वेटर को आवाज दी .जो पास में hi खड़ा था जल्दी से मेरे पास आया..

मई : एक गिलास सम चीज़ विथ ईटिंग नाइफ जल्दी से लेकर aao..you कैन चार्ज..

मेरी बात सुनकर वो चला गया..

मैंने जल्दी से अपना खाना ख़तम kiya...salil अब खा नहीं रहा tha..gusse में.. .मैंने hi उसका प्रथा खाया..

जैसे hi वेटर मेरा बताया सामान लेकर आया मैंने निचे करते हुए सारा सामान झमेला को थमा दिया..

मई : अभी आया वाशरूम से..

उस ग्रुप को जाने के लिए खड़ा होता देख मैंने कहा..

झमेला : रुक मई भी चलता हों...

हम दोनों बहार ए...

होटल हाईवे के पास था अंदर को पार्किंग थी...

सब चीज़े देखते हुए मई अपना काम करने laga...maine ऐसे ट्रैप बिछाये जिन्हे शब्दों में नहीं बताया जा सकता झमेला हैरान था मेरे ट्रैप्स को देख.

फिर कुछ देर बाद मई वापस aya..to देखा वो दीदी पर फिर से कमेंट कर रहे hai...mujhe देखते hi वो लोग हैट गए और बहार को जाने लगे...

दीदी बिल पाय करके उठ गयी ..

कुछ कहे बिना हम सब भी बहार ए..

धम्म...

चलते मैंने दूर पर शोल्डर मारा ..

aaaahhh....aaaaahhhhhhh...itne में उस ग्रुप का एक आदमी जिसके पैरो में मेरा बंधा हुआ फंदा उलझा जिससे वो गिरा ...गिरते hi झुका हुआ गिलास सीधा हुआ और उसके गले में जा घुसा...

shravan.......uske दोस्त चिल्लाये...

भागते हुए उसका एक दोस्त जब उसके करीब पंहुचा तो उसका पेअर चीज़ पर रखने से फिसला...

और वो लड़खड़ाते हुए डस्टबिन का ढक्कन खोलते हुए उसमे जाकर gira..dhakkan के खुलते हुए दो नाइफ उसकी गर्दन में आकर पैबस्त हो गए...

तीसरा जो अपने साथिओ की मौत से डरा सेहमा खड़ा था वो डरकर रोड की तरह bhaga...Jahan जमीन में पड़े स्पून को देख बचने के लिए उसने जम्प मरी और वो कार के सामने आगया...

उड़ता हुआ वो दूर जाकर गिरा स्पीड से आ रही एक कार उसकी गर्दन पर चढ़ गयी थी...

मेरी दोनों बहने और अस्स पास के लोग शॉकेड में खड़े देख रहे थे किसी को न बचने का मौका मिला न कुछ कहने का..

सलिल : सलिल मई ऐसा नहीं चाहता tha...ye तूने तो नहीं किया..

मैंने सलिल का कोई जवाब नहीं दिया.

अनुसुइया : चलो यहाँ से...

दीदी सीधा पार्किंग में हमें लेकर ayi...ham लोग सीधा कार से होटल के बहार निकले..

रस्ते में कोई किसी से बात नहीं कर रहा tha...ye देख मैंने सिचुएशन को ठीक किया..

मई : दीदी कही और चले ..सबका मूड भी फ्रेश हो jayega....mujhe कुछ सामान भी खरीदना है..

एक पार्क के बहार दीदी ने कार रोकी..

कार से निकलकर दीदी मुझे गुस्से से देखने लगी...

उनसे कुछ कहा नहीं गया वो रोने लगी..

सोना : क्या हुआ दीदी ..पास जाकर सोना गले लगा कर उनकी पीठ सहलाने लगी..

मई : बन गया न विलन..

झमेला : थिस इस तू मच मुझे लगा था केवड़ा बिन रहा है..

मई : चुप जा gareeb...mujhse ये रिश्ते नाते नहीं देखे जाते ab..sabse दिल उचट हो गया hai...agar मई इसकी बॉडी में न होता तो सब कुछ छोड़ के चला गया होता...

झमेला : मेरा तो कोई अपना नहीं है मुझसे पूछ मई कितना तरसता हों रिश्तो के लिए..

मई : इतना अहसास मत दिला यार बहुत मुश्किल से मजबूत करता हों खुद को..

झमेला : जनता हों यार तेरी जगह कोई होता तो वो भी यही karta...chal आइस क्रीम लेट है इनका मूड फ्रेश करते है..

पास लगी रेहड़ी पर आकर हमने आइस क्रीम li...aur फिर वापस चलते हुए उनके पास ए...

मई : ये तेरे liye..aur ये दीदी आपके liye..mai दोनों की आइस क्रीम देते हुए बोलै.

सोना मुझे देख रही थी.

मई : पकड़ na...jaldi से उसने हाथ बढ़ा कर आइस क्रीम ले ली...

फिर दीदी ने भी

मई : क्यों उदास हो ..

अनुसुइया : नहीं बस कुछ ाचा नहीं लग रहा...

मई :आज की तेरी शॉपिंग मेरी तरफ से..

सोना : सच में .

मई : हां...

आइस क्रीम खा कर हम लोग आगे बढ़ गए...

मॉल में आकर हम लोग शॉपिंग करने लगे....

शॉपिंग करके हम लोग घूमते हुए चीज़ो को देखने लगे..

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अनुसुइया : जानते हो सलिल ये कोण hai..didi एक स्टेचू को देखते हुए बोली.

दीदी के सलिल से कहने पर मैंने उस पर से अपना कण्ट्रोल छोड़ दिया.

सलिल : जनता हों didi...krishman मूवी का एक्टर इसकी फिल्म भी देखि है मैंने.

अनुसुइया : opps...haa..wo तो है लेकिन मूवी में जो ये काम करता है अचे वो देखे तुमने ...लोगो की मदद करना गुंडों को मरना pitna...but किसी को जान से नहीं... पिट कर उन्हें सुधारना.

सलिल : है सही बात है दीदी ..

अनुसुइया : जीवन ऐसे hi जीना चाहिए लोगो के साथ खुश रहकर..

सलिल : घर चलकर यही मूवी देखेंगे..

सलिल का जवाब सुन दीदी सर पर हाथ रखते हुए आगे बढ़ गयी...

सोना : हम थोड़े प्राइवेट क्लोथ्स लेने जा रहे यही रुको...


सलिल : है समझ गया जा..

सोना : अपनी पसंद का कलर बता दो दीदी के लिए...

सलिल : तेरी तो ..सोना ..घर चलकर तेरी चमड़ी उधेड़ूँगा mai...salil को चिढ़ा कर सोना दन्त दिखते हुए भाग गयी...

सलिल : बबली कही की....

मई : क्या सुपर हीरो बन सकते है झमेला..

झमेला : haa...uske लिए चाहिए होगा फौलादी जिगर हिम्मत sacchai..aur कमज़ोरों के लिए हमदर्दी ..

मई : साथ में हमें चाहिए होगा फार्मूला ो और इसमें मई मिलाऊँगा गमा ..

उसी रात से मैंने मैंने अपने सुपर हीरो प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया ...

6 हफ्ते दिन रात म्हणत के बाद मैंने तैयार किया एक सुपर हीरो वायरस...

यार साला छोड़ता नहीं मुझे बनिया कुछ और काम देखना padega....jhamela होटल से आया tha...ye उसका डेली का रूटीन था और मई उसे यही मिलता था...

मई : मैंने वायरस तैयार कर लिया.

झमेला : सच में ये काम करेगा..

मई : हां और नहीं तो क्या...

झमेला : तू लेट मई लगता hon...bas मुझे बता देना कैसे क्या करना है...

मई : पागल हो गया है मई क्यों अपने इंजेक्ट करूँगा...

झमेला : तो कल किसी बकरे को अपने कॉलेज से ले ana....aise क्या देख रहा hai...sochna भी mat...Mera उसे देखने पर वो भड़क उठा...

मई : प्लीज झमेला सुन न ..

झमेला : गलती से भी मत सोंचना नहीं तो आज खून खराबा हो जायेगा

मई : वडा करता हों तुझे कुछ नहीं होने dunga...ek बार ये इंजेक्ट हो गया तो तू बन जायेगा सुपर हीरो ..मई उसे वायरस दिखते हुए बोलै.

झमेला : तू तो हटेला है hi सेल मुझे भी मरवाएगा...

मई: यही तेरी दोस्ती hai...agar मैंने इंजेक्ट किया और कुछ गड़बड़ हो गयी तो सही कौन karega...tujhe कुछ होता है तो मई जी जान लगा दूंगा तुझे बचने के लिए..

झमेला: अगर मर गया तो मेरी आत्मा तेरा पीछा नहीं chodegi..har कर वो मेरे पास आया...

मई : ये है फार्मूला 0

क्ष जो मई कही से लाया ...

झमेला : कहा से.... जब तूने नहीं बनाया इसे फिर तुझे कैसे पता इसमें सुपर हीरो वाली दबाई है...

मई : रुक...

कहकर मैंने एक बॉक्स निकला जो आइस रूम में रखा tha...fir उसे लेकर मई झमेला के पास आया..

मई : ये dekh...mere कहने पर झमेला बड़ी गौर से बॉक्स में बंद चूहे को देख रहा था जिसके जिस्म से आग निकल रही थी ..

मई : अगर बर्फ में न रखूं तो ये 2 मिनट में बॉक्स से निकल जायेगा..

उसे विश्वास दिला कर मैंने बॉक्स वापस आइस रूम में रख दिया...

मई : ये सिर्फ फार्मूला 0 का कमल था मैंने इसमें गमा रेडिएशन मिलाया जिससे इसकी ताकत और बढ़ जाएगी और इससे अचे रिजल्ट milenge...chal अब इस स्ट्रेचर पर लेट जा ..

झमेला : सोंच ले अगर मुझे कुछ हुआ तो आत्मा बन कर ...वो लेटते हुए बोलै...

मई : कुछ नहीं होगा भरोसा रख...

उसे लिटा कर मैंने अचे से उसे बंधा फिर उसके शरीर में मोठे मोठे इंजेक्शन इंजेक्ट करने laga..fir पाइप उसकी बॉडी में डालकर मैंने वायरस छोड़ दिया...

झमेला : aaaaaaahhhh....mujhe क्या हो रहा hai......aaaaaahhhh hatele.....aaaaaaa....bhut दर्द हो रहा है .....

मई : बस इंजेक्ट होने वाला है ...

वायरस इंजेक्ट होने से उसकी मॉस पेशियाँ बुरी तरह से खींचने लगी मई उसे देख उसका दर्द फील कर पा रहा था ...

झमेला : maaaaaaaaaaaaaaaa....

धीरे धीरे उसका शरीर बढ़ने लगा उसके जिस्म की स्किन का कलर भी सफ़ेद से कला होने laga....dhire धीरे काळा से हरा होने laga...aur झमेला बुरी तरह से चीख रहा था उसका रोना देख मेरा दिल भी बैठ रहा था ....उसे कुछ हो जाता तो मई खुद कभी माफ़ नहीं कर पता....

कुछ hi पालो में वो पूरी तरह एक बड़े दानव में ट्रांसफर हो गया उसकी जीन्स फैट गयी थी शर्ट भी ऊपर से आंखे किसी रेप्टिले जैसी हो गयी thi....uska साइज भी पहले से बढ़ गया tha...jism एक डैम कठोर हो गया था.

वो गुस्से से मुझे देखने लगा....

मई : झमेला तू thik.....aahh...Mere पुकारने पर उसने गुस्से से मुझे घूरते हुए अपना बंधा हुआ हाथ खींचा जिससे रस्सी और पाइप्स जिनसे वायरस इंजेक्ट किया था वो मेरे मुँह पर आकर लगे...

देखते hi देखते वो स्टेचर तोड़ते हुए खड़ा हो gaya....fir उसने गुस्से से मुझे देखा...

मई : झमेला ये मई हों रोलेक्स....

वो मेरी तरफ बढ़ रहा था और मई पीछे हैट रहा था...

उसके इरादे भांप कर मैंने दौड़ लगा दी...

dhammmmmm...dhammmmm....lab के दरवाज़े तोड़ता हुआ वो मेरा पीछा करने लगा....

पल भर में उसने तांडव मचा दिया tha....meri लैब का सत्यानाश कर दिया था उसने ...

बहार जब मई कंस्ट्रक्शन साइट में छुपा तो उसने उसे भी तोड़ दिया...

वो किसी राक्षस की तरह बन गया जिस चीज़ को छूटा उसे मिटा देता ....ये देख मई उसे लोगो से दूर ले aya..wo लोगो के घरो पर कुरता हुआ मेरे पीछे आ रहा ths.use मैदान में छोड़ मई छुपकर दूसरी साइड में भागने लगा...

मुझे न देख उसने एक बड़ी जम्प मरी जो शायद एक k.m के अस्स पास की थी...

सुबह जब धूल हटी तब मुझे दिखी उसकी बर्बादी ..मेरी लैब के आगे का बांग्ला अस्स पास के घर सब बर्बाद हो गए they..lab तो देखने से खण्डार लग रही थी....

मई बाइक से ढूंढ़ता हुआ उसे मैदान की तरफ चल diya....Jahan रात उसे छोड़ा था..

.एक बड़े से गद्दे को देख मई बाइक से उतर उसकी तरफ bhaga...jhamela नंगा पड़ा सो रहा tha...ab वो अपनी पहले वाली हालत में आगया था..

मैंने आवाजे देकर उसे जगाया...

झमेला : क्या हुआ था मुझे...

मैंने फ़ोन से जो तबाही की फोटोज खींची वो उसे दिखा di....ye फ़ोन मेरा था मई इसे सलिल को सुलाने के बाद hi उसे करता था...

झमेला : ये मैंने क्या कर दिया.......

मई : जो हुआ सो हुआ आगे ऐसा कुछ न हो उसके लिए हमें काम करना होगा...

मई उसे बाइक पर लेकर फिर लैब आया...

मेरी लैब के अस्स पास लोगो की भीड़ थी पुलिस की भी भरी नफरी thi....media वाले लोगो का स्टेटमेंट ले रहे थे जिन्होंने झमेला को देखा वो कह रहे थे वो कोई राक्छस था जिन्होंने नहीं देखा वो कह रहे थे तूफ़ान से उनके घर gire....kuch कह रहे थे पटल से दानव निकला.

झमेला : किसी को जान की हानि तो नहीं हुई ..

मई : अभी तक तो ऐसा कुछ नहीं दिखा...

झमेला : मुझे क्या हुआ था..

मई : शायद वायरस रिएक्शन कर gaya...koi न मई निकल दूंगा तेरे शरीर से....

लैब के अंदर आकर मैंने उसे किसी तरह उसे करने लायक बनाया..

फिर झमेला की बॉडी से वायरस निकलने लगा....

जब वायरस के साथ खून आने लगा तो मैंने उसे छोर दिया....

लैब से निकलकर हम दोनों ज़रूरी सामान समेटने लगे...

झमेला : इसे फिर से बना सकते है..

मई : नहीं अब कोई और जगह तलाश करूँगा दीदी ने फारेस्ट पार्क में एक बांग्ला लिया है वहां लैब शिफ्ट करूँगा...

झमेला : कहाँ पर.

मई : वो जंगल में है न park..west स्ट्रीट के पास.

झमेला : वो तो बड़ी गन्दी जगह है सेल वहां क्यों liya..wo भी जंगल में.

मई : मुझे नहीं पता वो तो जानती भी नहीं उनकी प्रॉपर्टी लेने वाली बात मई जनता हों लेकिन मेरे काम के लिए सही जगह है वो दीदी से बात करूँगा...

झमेला : है लोगो की नजर न पड़े..

अपना सामान मैंने झमेला के रूम पर रख दिया....

झमेला : सयुंगा कहा और खाना कहा बनाऊगा..

मई : छत par...thik है चलता हों...

मई घर आया और मैंने सलिल पर से अपना कण्ट्रोल छोड़ दिया.....

वो हैरानी से अपने अस्स पास देखने लगा...

सलिल : ये किसका घर hai...wo खुद में बुड़बुड़या....

सलिल भाई agaye...Sona जो टीवी देख रही थी हमारी आवाज पर भगति हुई आयी ..

सोना : तीन रातो से गयाब हो दीदी बहुत गुस्सा है..

मई : आया था मई सुबह होते hi चला गया था...

सलिल : ये कोण bola...tu कोण है ladki..mai यहाँ क्यों हों...

वो भूल गया था मुझे यहाँ तक की सोना और हमारे घर को भी..


सोना : क्या किया तुमने मेरे भाई के साथ ...सोना मुझ पे भड़कते हुए बोली.

मई : कुछ नहीं ruk...aur मई सलिल और अपनी यादें उसमे डालने लगा...

सोना : मई सब दीदी से कहूँगी ..

मई : जा कह दे मुझे क्या दर है उसका...

कहता हुआ मई अपने रूम में आगया ...जैसे hi सलिल को सब याद आया वो मुझ पर चिल्लाने लगा..

सलिल : तू इतने इतने दिन मुझ पर कण्ट्रोल रखता hai...tu मुझे पागल कर रहा है.

मई : शट उप मुझे सोने दे...

वो चिल्लाता रहा मैंने अलार्म लगा के खुद को सुला दिया....

रात को दीदी आयी जिनसे दोनों ने मेरी शिकायत की...

अनुसुइया : तुम्हे अब सब याद है न सलिल...

सलिल : लेकिन दीदी..

सोना : दीदी थिस इस नॉट फेयर.

अनुसुइया : शट उप डिनर निकालो मई आ रही हों...

पता नहीं दीदी मुझसे दर रही थी या मेरी गलतिओ को इग्नोर करने की kosish.mujhe उनका डांटना ाचा लगता था लेकिन अब हालत बदल गए थे.

मई : मुझे बात करनी hai..mai सलिल के ऊपर सेंट्रल जमाते हुए बोलै..

दीदी ने मुझे देखा और आगे बोलने का कहा.

मई : मुझे वो बंगलो चाहिए पार्क वाला अपनी लैब वहां शिफ्ट करूँगा.

अनुसुइया : ओह तुम जानते हो ...दे दूंगी लेकिन एक शर्त है लॉक्ड रूम को कभी ओपन नहीं karoge...aur बंगलो की उन जगहों पर भी नहीं जहाँ मई chahungi...Sona की कसम खा के वडा करो...

सोना : मेरे मरने से इन्हे फर्क नहीं पड़ेगा अपनी कसम खिलाओ didi..wo किचन से चिल्लाई...

मई : तुम्हारी कसम...

दीदी ने हामी भरी....

अगले दिन मैंने और झमेला ने मिलकर वहां लैब सेट कर li..jisme हमें कई दिन लगे...

बंगला बहुत बड़ा था बहुत सी जगहे थी जहाँ जाने के लिए दीदी ने मुझ पर पावंदी लगा दी थी...

हमें कई दिन Lage...sab सेट करने me...didi ने कुछ दिनों में एक दिवार खिचवा di...aur एक और बैक साइड में बंगलो के पीछे गेट निकलवा diya...ab बंगलाऊ दो भागो में बाँट गया tha...mai जानना चाहता था लेकिन अपनी कसम की वजह से नहीं गया...

कुछ दिन बाद मुझे वो गाड़ी वाला अपने फ्लैट में एते दिखा....

फेस को मास्क से हाईड करके मई पहुंच गया उसके pass..wo कार पार्किंग में अपनी कार से कही जा रहा था बैठने से पहले hi मैंने उसे दबोच लिया.

मई भरी आवाज़ में : मुझे पता है तू लड़कीओ को किडनैप करता hai...ab मरने के लिए तैयार होजा...

आदमी : तू जोकर की कस्टम में आएगा और मई तुझसे दर जाऊंगा.

मई : सीधी तरह बता दे उन लड़कीओ के साथ तुम लोग क्या करते हो ..

आदमी : भरी आवाज़ निकलना बंद kar...ye देख रहा पप्पू पेजर इसका कटा पानी नहीं मांगता ..वो मुझे अपनी गन दिखते हुए बोलै...

मेरे गुस्से में देखते hi उसकी गन उसी को पॉइंट करने लगी...


मई: आखिरी बार पूछ रहा हों क्या करते हो उन लड़कीओ के साथ तुम और कोण है वो जिसके लिए तुम काम करते हो..

अपनी तरफ गन देख के उसके भाव चेंज हो गए जो अभी तक मुझे सीरियस नहीं ले रहा था अब उसके चहेरे पर दर के बहो आगये थे...

आदमी : मई भी नहीं चाहता ऐसा हो वो बहुत खतरनाक लोग हैं...

मई : मुझे बताओ उनके बारे में...

आदमी : वो लड़कीओ को किडनैप करके ब्रैंवश करते है फिर उन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल...

मई: मुझे ले चलो उनके पास..

आदमी : अभी नहीं kal...forest park.at मिडनाइट.

मई : भरोसा कैसे करू...

आगे बढ़कर उसने कार का गेट खोला जिसमे से एक छोटी बची निकली पापा कहते हुए...

आदमी : इसकी कसम...

उसकी बात सुनकर मई झमेला के पास aya...aur मैंने उसे सब बताया...

अगली रात हम दोनों फारेस्ट पार्क में पहुंच gaye...wahi हमें ब्लैंकेट में फेस छुपाये एक पेड़ के पीछे छुपा वो आदमी मिला...


मई : तुमने ये मास्क क्यों लगाया है..

आदमी : यहाँ कामर्स लगे hai...ab मेरी बात ध्यान से suno...meri बेटी है मई नहीं जा सकता तुम्हारे साथ लेकिन तुम्हे उन तक पहुंचने का रास्ता दिखा सकता hon...chaho तो तुम मुझे मार दो लेकिन मई साथ नहीं जाऊंगा..

उसकी बात सुनकर मई झमेला उसका फेस देखने लगे...

झमेला : अगर तुम्हे डबल क्रॉस किया तो तुम्हे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ़कर मार देंगे...

आदमी : तुम्हारे साथ गया तो वो लोग भी...

झमेला ने मेरा हाथ दबाया और हम दोनों उसके पीछे पीछे चल दिए...

वो जंगल से चुप छुपा कर हमें मेरे hi बंगलो में लाया...

मई : ये तो मेरा बंगलो है...

आदमी : क्या कोण हो तुम ..ये बंगलो तो सिया मैडम...

झमेला : ये उसका भाई hi तो है...

आदमी : फिर तुम क्यों ऐसा कर रहे हो...

झमेला :ये उस जैसा नहीं है अब चलो सीधी तरह...

आदमी: हमें उस साइड से जाना hai..lekin वहां सिक्योरिटी छुपी बैठी है.

मई : इस साइड से उदार जाने का रास्ता है ..

दोनों को साथ लिए मई अपने बंगलो में आया फिर छत पर जहाँ आसानी से दीदी वाले पोरशन में मई दोनों को लेकर दाखिल हो gaya....banglow में आवाज़े आ रही थी लेकिन हम लोग चुप रहे थे...

छुपते छुपाते वो हमें एक खली रूम में लाया फिर उसने एक आइडल को घुमाया और बेसमेंट का दूर khula...sidio से उतारते हुए हम निचे ए...

हमें अपने पीछे अब कदमो की आहत हो रही thi...koi हमारी तरफ आ रहा था..

निचे तो कोई और hi दुनिया थी...

निचे एक बड़ी सुरंग बानी thi...aur रेल की लाइन्स बिछी थी ...

आदमी : जल्दी chalo....koi आ रहा है...

वो भागते हुए बोलै उसके पीछे हम दोनों भी भागने लगे....

कुछ दूर आने पर कुछ गाड़िओ के पास वो रुक gaya...ye गाड़ियां ट्रैन की पात्रिओं पर चलने वाली थी...

आदमी : ये गाड़ियां तुम्हे वहां तक पंहुचा dengi...age तुम देखना तुम्हे क्या करना है...

कोण है ....

कोण hai...wahan...

हमें और पीछे से दोनों तरफ से आवाज़े आयी...

आदमी : ये ब्लैंकेट तुम पकड़ो मई उन्हें देखता हों तुम इसे सम्भालो यहाँ अकेला hi गार्ड होता है ..वो आगे वाले गार्ड्स के बारे में बताते हुए bola..fir भागते हुए वापस पलट Gaya...andar उनसे कोर्ट पहना tha..jahir था वो उनमे hi मिल जाता..

आगे बढ़कर हमने उस गार्ड को ठिकाने लगाया और ट्रैन ट्रैक पर चलने वाली गाड़ी को स्टार्ट कर diya...jis पर हम दोनों आसानी से agaye...aur भी आजाते अगर साथ होते.....

सुबह के समय हम दोनों वहां पहुंचे....

ये भी एक बहुत बड़ी बिल्डिंग थी ....जंगल में बानी हुई...

आते hi हम लोगो ने चारो तरफ गार्ड्स को dekha....hamari खली गाड़ी गार्ड्स के पास आकर रुकी हम उन्हें देखते hi पहले hi उतर गए थे...

झमेला : क्या करना है..

मई : मई अटैक करूँगा तुम लड़कीओ को निकलना...

झमेला : है सही है अंदर भी लाडे बिना नहीं जा सकते..

प्लानिंग करके हम दोनों ने उन पर अटैक कर दिया....

झमेला छुपकर अंदर चला gaya..mai गुरदस से लड़ने लगा....

कुछ देर बाद बहुत सी लड़कीओ के साथ झमेला बहार आया...

की इतने में एक आटोमेटिक गेट जो बहुत बड़ा शटर टाइप था खुला....

और उसमे से बहुत से गार्ड्स के साथ एक 40 साल के पास की औरत बहार निकली...

ये सिर्फ गुफा की लड़कियां है आगे और हैं सेक्शन बी me...unhe यही ट्रैन करती है .उनमे से एक लड़की ने कहा.

रुक जा वर्ण तेरा भेजा उड़ जायेगा...

एक औरत जिसके साथ बहुत से गार्ड थे उसकी आवाज़ पर मुझे रुकना पड़ा ...

उसके गार्ड्स ने मुझ पर अपनी गन्स तान दी...

औरत : ये हिले तो शूट कर देना..

मुझे ृक्तता देख लड़कीओ को लेकर जंगल की तरफ भागता हुआ झमला भी रुक गया...

तुझे जानती हों मई अनुसुइया के bhai...hamara कुत्ता hi हमें काटने chala...wo मेरे पास एते हुए बोली..

औरत : तुझे पता है मई कोण हों सुंदरी नाम है मेरा ,तेरी बहन को रंडी मैंने hi बनाया hai....chal घुटनो पर अजा apne...aur उस कुत्ते को लड़कीओ के साथ यहाँ बुला..

उसकी बात सुनकर गुस्से में मेरी रागे फटने lagi....mere गुस्से के साथ hi उसके गुर्दे की गन्स हिलने लगी जिसे वो कसकर पकड़ने लगे...

ये देख सुंदरी पीछे को हटी...

dhayeeeeeeeeeeee.....

जब मेरा ध्यान उसके आदमीओ की तरफ tha...usne पर्स के अंदर से मुझ पर गोली चलाई...

मई : आआआहहहहह.... धम्म्मम्म गोली मेरे पेट को छू कर निकल gayi.....aur दर्द से मई गिर गया....

रोलेस्ग्ग्ग्ग्स...

aaaaaaaaaaaaaa....jhamela की एक दिल को झकझोरने वाली चीख मुझे सुनाई दी....

hulk372.jpg


dhammmmmmmmmmmmm....

झमेला वापस से बदल गया था....

मई : साला कमीना.....

मुझे छोड़ सुंदरी के गार्ड्स झमेला की तरफ बढ़ने lage...pass आकर वो उसे शूट करने lage..jinka असर भी झमेला पर नहीं हो रहा था.

झमेला उन पर कूड़ा और मुझे गुरदस की चीखे सुनाई देने लगी ..वो बहुत बेदर्दी से गार्ड्स को मार रहा था...

अपने लोगो को मरता देख सुंदरी अंदर को भागने लगी उसके पीछे मई ...

अंदर आकर मैंने उसे अपने काबू में किया और सेक्शन बी की लड़कीओ को आज़ाद कराया....


सुंदरी को बांध कर मई उन सबके साथ बहार आया....

झमेला गार्ड्स की लाशो पर जम्प मर रहा था जिससे गार्ड्स के अंदरूनी अंग जिस्म से फैट फैट कर बहार निकल रहे थे...

रुक जाओ ये सब मर चुके hain....ek लड़की जिसे झमेला ने बहार निकला वो झमेला के पास आकर बोली ..

मई : nahiiiiiii.........jhamelaaaaaa......

धम्ममम्मम्म्म्म.....

aaaaaaaaaaaaaaaaa.....

गुस्से में झमेला ने हाथ घुमाया और वो लड़की उड़ते हुए 100 मत्र दूर एक पेड़ से लगी और उसकी गर्दन में डाली घुस गयी.....

मई : सब पीछे हटऊऊऊ....

जो लड़कियां झमेला के पास कड़ी थी मेरी आवाज़ पर पीछे को भागी..

लड़की को देख झमेला रुक गया उसने जम्प मरी और पेड़ से लड़की को उठा कर वाकई लड़कीओ के पास आया...

वो उसका पेट दवाकर उसे उठाने की कोशिश करने लगा....

सुंदरी : हाहाहाहाहा...

झमेला को ऐसा करते देख सुंदरी उस पर हसने लगी...

मई : बदला लो तुम लोग इससे ....कहते हुए मैंने अपनी उँगलियाँ सुंदरी की आंख में दाल दी और जब बहार निकली तब उसके दोनों गोले मेरी मुट्ठी में थे...

aaaaaaaaaaaaaaaaa....

आंखे निकलते hi सुंदरी की दर्दनाक आवाज़े पुरे जंगल में गूंजने lagi.wo बिलनीला रही थी..

मई : दर क्यों रही हो मारो इसे...

मेरी बात सुनकर वो सब लड़कियां टूट पड़ी....

चलता हुआ मई झमेला के पास आया....

मई : झमेला वो मर चुकी है....

मेरी बात सुनकर उसका चहेरा उतर गया....

aaaaaaaaa.....itne में एक लड़की कही से टूटी डाली लेकर उसने पीछे से झमेला के मरी....

लड़की : कुत्ते तूने मेरी बहन को मारा मई तेरी जान ले lungi...mai नहीं डर्टी तुझसे हैवान...

वो मरे जा रही थी झमेला उसे साद फेस लिए देखे जा रहा था..

मेरे इशारे पर दूसरी लड़कीओ ने उसे roka.....aur झमेला जंगल की तरफ भाग गया.....

मई : पागल हो गयी हो tum...apne में नहीं है तुम्हे भी मार देता वो..

लड़की : नहीं चाहिए मुझे ये zindagi..tum लोग न एते तो काम से काम मेरी बहन तो ज़िंदा होती....

रात को लड़कीओ को लेकर मैंने वही पढ़ाओ किया.... उन्हें सब समझा कर मई अकेला जंगल में चला gaya....jahmela को ढूंढ़ने...

बहुत ढूंढ़ने पर मुझे झमेला अपनी नार्मल हालत में गम शूम बैठा मिला...

मई : सुबह हो गयी तुझे ढूंढ़ते ढूंढ़ते और तू यहाँ hai...chal उठ हमें निकलना भी है...

मैंने बहुत मनाया तब उसने कुछ कहा...

झमेला :तूने मुझे शैतान बना दिया वो मई नहीं हों जिसने उसे mara...tune ये भी कहा था मई ठीक हो गया हों..

मई :;यार वायरस को मरने के लिए वायरस बनाना पड़ेगा ..मैंने तो बस तेरा ब्लड निकला था...

झमेला : kamine.....gusse में वो मुझ पर कूद गया....

मई : ाःह सेल मेरे बुलेट लगी है ...मेरे कहने पर वो हटा...

झमेला : कहा पर..

मई : छोर न चल निकलते है...

उसे लेकर मई वापस उस बिल्डिंग की तरफ चल दिया....

मई : तेरा भी हल मेरी तरह हो गया है...

झमेला : कैसे..

मई : डबल पर्सनालिटी तुझ में भी अब दो लोग है..

झमेला : तूने देखा न वो कितनी तबाही मचा सकता है ..अब किसी निर्दोष को मारा तो मई बर्दास्त नहीं कर पाउँगा.

मई : यहाँ से निकलने दे फिर कुछ करता हों..

उन लड़कीओ को लिए उसी रस्ते से हमने वापसी का सफर शुरू kiya...yahan पहले से कई गाड़िया कड़ी थी ...मैंने सबको बिठाना शुरू कर दिया हर गाड़ी में 7 7 लड़कियां थी आगे झमेला था बिच में लड़कियां सबसे पीछे मई ...मैंने सभी से वडा ले लिया था की वो कभी हमारे बारे में किसी को नहीं बताएंगी....

मुझे आगे बैठना है मुझे उससे माफ़ी मांगनी hai...wahi लड़की बोली जिसकी बहन झमेला के हाथो मर गयी thi...ye कुछ गड़बड़ न करे इसलिए मैंने उसे अपने साथ hi बिठा लिया था....

मई : पहुंचने पर मांग लेना..

लड़की : गाड़ी रोको मुझे अभी जाना hai...nhi तो मई कूद जाउंगी...

मेरे इशारे पर वाकई लड़कीओ ने उसे पकड़ लिया....

5 घंटे बाद हम लोग मेरे बंगलो से पहले hi उतर गए....

सबको लिए झमेला मेरे पास आया...

झमेला : आगे दीदी के लोग होंगे और गुरदस भी...

मैंने सर हिलाया सबको लिए फिर हम जंगल के रस्ते से चल दिए.....

आआआअह्हह्ह्ह्हह ....

मई : झमेला......

उस लड़की ने चुपके से आकर एक नाइफ जो पता नहीं उसने कहा से लिया झमेला की पीठ में मार दिया....

मई : लड़कियों सब पीछे hato.....mai चीखा और भागते हुए झमेला के पास आया जिसके पास कड़ी लड़की मुस्कुरा रही थी...

मैंने झमेला को थमा और नाइफ निकल के दूर फेका....

मई : झमेला शांत हो jaa...kuch नहीं हुआ hai...mere सहलाने पर उसका बदलना रुक गया..

hahahahhaha....piche से वो लड़की फिर हम पर हसने लगी...

shrisha...bas बहुत हुआ ...तुम्हारा भी हल हम सुंदरी की तरह करने में देर नहीं lagayenge....sabhi लड़कियां श्रीशा की तरफ बढ़ते हुए बोली...

श्रीशा : पास मत आना mere...usne नाइफ उठा कर अपनी गर्दन पर रख लिया.....

श्रीशा : इसने मेरी बहन को mara.....aaaaahhh...

मई : नहीं रुकूउ...

खछःह khachhhh...khachhc...kapdo को फाड़ते हुए उसने अपने शरीर में कई जगह नाइफ मर लिए फिर ाकाहिरी नाइफ अपने सर me...aur धड़ाम से वो गिर गयी...

हम लोग बस हैरत और ग़म में बैठे उसे देखते रहे..

ज़िंदा hai...ek लड़की ने उसकी नब्ज़ टटोल कर कहा...

इसे फर्स्ट अिध दे दी तो बच जाएगी...

झमेला : उसे बंगलो पर ले जा इन्हे लेकर मई आ रहा hon...usne बिना मुझे देखे kaha...guilt ने मुझे और झमेला दोनों को बेचैन कर दिया था..


******************************

सभी लड़कीओ को हमने उनके घर chhoda...fir अपने काम में लग gaye...Mera एक hi मकसद था झमेला को हरे पहलवान में बदलने से रोकना कुछ दिनों की म्हणत के बाद मैंने एक दिवस बनाया जो झमेला की धड़कने नार्मल रखे और वो हरे पहलवान में न बदले....

उस दिन के बाद से झमेला बिलकुल खामोश हो गया था मेरे पास भी नहीं अत tha....shayad इस सब की वजह कही न कही मई hi था....

जो रोलेक्स की डेरी में लिखा था वो सब मोना को बता कर मैंने एक गहरी साँस ली..

मई : वहां से आने के बाद उसने मुझे शादी के लिए फाॅर्स किया जो मुझे करनी पड़ी...

मोना : श्रीशा का क्या हुआ.

मई : उसके बारे में और कुछ नहीं लिखा था....

मोना : रोलेक्स वाओ.....

मई : अब तुम समझ गयी होगी मैंने तुम्हे ये सब क्यों बताया....

मोना: haa..aur तुम बिलकुल सही लड़की के पास आयी हो..

मई : मई क्या करू मेरी समझ में नहीं आ रहा ऑपरेशन करा कर मई उसे मरना नहीं chahti....isse सलिल को भी हानि पहुंच सकती है.

मोना : उसे काबू करना hi सबसे बड़ा टास्क है एक बार हो गया तो मई उसे हिप्नोतिजे करके सुला दूंगी उसे उसके hi दिमाग में कैद कर दूंगी....


मई : कैसे काबू करूँ...

मोना: तुम्हे सोना का इस्तेमाल करना hoga...aur मई कुछ दबाई दूंगी वो तुम्हे उसके खाने में देंगी hogi...aur हर रात दूध ये छाए में उसे हॉर्नी करने वाली टैब्स अलग से देना..

मई : सोना का इस्तेमाल कैसे....

मेरे सवाल पर मोना मुस्कुरा दी..

मोना : रोलेक्स को सोना ने अपनी तरफ आकर्षित करना होगा और इसमें तुम भी उसका साथ dogi....kya सोना अपने भाई के साथ ऐसा करेगी...

मई: मेरे कहने पर कुछ भी करेगी...

मोना : ठीक है आज रत मई तुम्हे दबाई dungi...Aaj से hi उसका ट्रीटमेंट शुरू कर दूंगी ,हाई पावर की उत्तेजक करने वाली टैब्स तुम मेडिकल से खरीद लेना..

मई : रोलेक्स इस तरह कमज़ोर हो जायेगा वो तो लड़कीओ के पास भी नहीं जाता..

मोना : औरत स्मार्ट से स्मार्ट मर्द के दिमाग को जुंग लगा देती है.

मोना के पास से होकर मैंने सोना से बात की वो तैयार हो gayi..fir उसी रात से हमने रोलेक्स को टैब्स देनी शुरू कर di..mai मोना की भी दवाई दे रही थी और उसे हॉर्नी होने वाली टैब्स भी...

दूसरी तरफ मई रोलेक्स की बचाई लड़कीओ को ढूंढ ढूंढ कर वापस ला रही thi...mai आशिक़ के पास जहाँ वो होटल में काम करता वह गयी वो नहीं मिला उसकी कल्चरल यूनिवर्सिटी जहाँ वो फ्री में पड़े कर रहा था वह गयी वह भी नहीं मिला....

कुछ दिन रुक कर मई ससुराल में आगयी अभी को अब्रॉड भेज मई फिर अपना काम करने लगी 80% गर्ल्स वापस ला चुकी थी mai....shrisha को भी ढूंढा मैंने उसका कुछ पता नहीं चला....

.

.घर पे सोना अपना काम कर रही थी ऐसे hi 2 महीने गुज़र गए....

एक रात फ्री होकर मैंने सोना को कॉल की...

कॉल रिसीव करते hi वो रोने लगी...

मई : क्या हुआ सोना तुम्हे मारा है रोलेक्स ने.

सोना : नहीं didi...wo हिचकियाँ लेती हुई बोली..

मई : फिर क्यों रो रही हो..

सोना : he's इन पैन.

मई : क्या हुआ शुरू से सब बताओ..

सोना: आपके जाने के बाद मई....

sona's पर्सपेक्टिव.

मई टाइम के अनुसार भाई को मोना और दीदी की टैब्स देती thi...ek तरफ जहाँ भाई चीज़ो को भूलने लगे वही दूसरी तरफ उत्तेजना में वो रात बिस्तर पर करवट बदलते गुज़र देते...

उस दिन भाई कही से आये they...unhe कॉफ़ी देकर मई नहाने चली गयी...

मई नहाते हुए सोंच रही थी आज भाई को रिझाने के लिए क्या पह्नु....

नाहा कर मई ड्रेसेस देखने लगी देखते हुए मुझे एक बेहद सेक्सी ड्रेस पसंद आयी ..जिसे मैंने पहन लिया और रात का खाना बनाने के लिए किचन में आगयी....

कुछ देर बाद जब भाई किचन से गुज़रे तो मुझे देख कर रुक गए...


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उस समय मई कड़ी थी...

रोलेक्स भाई को इग्नोर कर मई स्टूल पर बैठ कर उन्हें अपनी अस्स दिखने lagi..jahir ऐसा कर रही थी जैसे मैंने उन्हें देखा hi नहीं..


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रोलेक्स: ss..ssh..Sona...Bhai की गिगी का मई मन hi मन मज़ा ले रही थी ..कुछ देर पहले hi कॉफी में मई उन्हें हॉर्नी होने की तब देकर आयी थी ..

मुझे भी भाई के सामने ओने पीेछे ड्रेस जिसमे मेरी 36 साइज की अस्स दिखे ऐसी ड्रेस पहनना बुरा लग रहा था लेकिन ऐसा मई भाई के लिए hi कर रही थी और कही न कही अपनी आज़ादी के लिए bhi...apna जिस्म दिखते हुए मेरे अंदर भी अजीब से फीलिंग्स आ रही थी..

रोलेक्स: Sona...ye..tumne क्या पहना है..

मई: क्या हुआ Bhai...mai अपनी अस्स टेबल पर दबाते हुए निचे उतारते हुए बोली..

फिर इनोसेंट फेस बना कर भाई को देखने लगी ..

रोलेक्स: कई दिनों से नोट कर रहा हों तुम कितनी गन्दी गन्दी ड्रेस पहनने लगी हो मई मरूंगा सोना जाओ चेंज करके aao..wo मुझे देखे बिना बोले.

ये देख मई hi उनके पास आकर कड़ी हो गयी...


मई : क्या खराबी है इसमें ,मई घूमते हुए कभी उन्हें अपनी गांड कभी नंगी थिंग्स कभी ड्रेस फाड़ कर बहार निकल रहे बूब्स दिखते हुए बोली...

कण अँखिओं से मैंने देखा भाई का लिंग पूरी तरह खड़ा था..

रोलेक्स : तेरी समझ में नहीं aya...wo मेरे हेयर पकड़ कर बोले..

रोलेक्स : इसे तो शार्ट ड्रेस भी नहीं कह sakta..wo गुस्से और हवस भरी आवाज़ में बोले..

मई : दीदी के जाने के बाद आप मुझे बोझ समझ कर पाल रहे ho...itni hi बुरी हों तो जाने क्यों नहीं देते मुझे मेरी दीदी के pass...dikh नहीं रहा गर्मी है ..कोनसा मई सबको दिखा रही हों घर में भी अपनी मर्ज़ी से नहीं रह सकती mai..ye हालत बना दी अपने meri...ek मिनट ...कही आप मुझे इन कपड़ो में देख खुद पर कण्ट्रोल तो नहीं खो rahe...chhote कपडे क्या पहने आप अपनी hi बहन पर हवस रखने लगे... इमोशनल ड्रामा करते हुए मैंने अपना पैसा फेका ..भाई का मुँह देखने लायक था हीहीही...

रोलेक्स: k..k..kya मतलब है तेरा ..ये तू क्या बकवास कर रही है..

मई : और नहीं तो क्या ...आपको दर है मुझे इन ड्रेसेस में देख आप खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर payenge...mai अभी दीदी के पास जा रही hon...gusse में पेअर पटकते हुए मई रूम की तरफ चल दी...

जाते हुए अगर वो मुझे देखते होंगे तो डेफिनिटेली वो मेरे हिलते चुत्रो को देख आहें भर रहे होंगे...

रूम में आकर मई सेक्सी अदाए बिखेरते हुए झुक कर अपना सामान पैक करने lagi..meri गांड भी बहार की तरफ hi thi....ek मिनट भी नहीं हुआ था की इतने में भाई आगये....

रोलेक्स : सोना सुन न ..उनकी हवस में लिपटी आवाज़ आयी ...भाई की जगह कोई और होता मुझे इस हालत में देख मेरा रपे कर चूका होता ..

बिना सुने मई झुके हुए hi बैग में कपडे रखने लगी ..

इतने में मुझे अपने पीछे किसी का अहसास हुआ रोलेक्स ने मुझे पीछे से पकड़ लिया था..

रोलेक्स : क्या कर रही है पागल तू चली जाएगी तो मई कैसे रहूँगा..

मई : मई एक आज़ादी पसंद लड़की हों घुट घुट कर नहीं जी sakti...mai फिर झुकी जिससे मेरी अस्स सीधा रोलेक्स भाई के लुंफ से जा लगी और मुझे अपनी अस्स की गोलाई पर उनका लिंग फील होने लगा..

रोलेक्स : क्या bolun...aah Sona..tu बची है सही गलत नहीं जानती इतने दिनों से तुझे नोटिस कर रहा हों तू बहुत शार्ट ड्रेसेस पहनती आज कुछ ज्यादा hi तूने..

मई : मई दीदी के सामने भी ऐसी hi पहनती और मई बालिग हो चुकी hon..vaise भी मई कोनसी ये ड्रेसेस बहार पहन रही हों घर में भी अपनी मर्ज़ी से नहीं रह sakti..mai अपने बैग्स की चैन लगते हुए बोली...

रोलेक्स: ाचा ठीक है तू पहन जो तेरा मन करे...

मई : सच कह रहे हो ..

रोलेक्स: हां तू मुझे बहुत अछि लगती है..

मई : कितनी अछि....

रोलेक्स : बहुत achi...Bhai का जवाब सुन मई पलट gayi...aur सीधे उनके गले लग gayi...mere गले लगते hi रोलेक्स भाई का उभर सीधा मेरी पुसी से जा laga...na जाने क्यों लेकिन मई एक अलग hi दुनिया में चली gayi...mai उन्हें और कसकर हुग कर ली और उनके हाथ मैंने अपने नंगी गांड पर रख दिए....

हम दोनों एक दूसरे को फील कर रहे they...ki इतने में रोलेक्स मेरी नंगी गांड को दबाने लगे

ये देख उंगलिओ पर खड़े होकर मैंने अपने लिप्स भाई के लिप्स पर रख diye...ek हाथ पकड़ कर मैंने अपनी पुसी पर रख दिया किश करते हुए hi मैंने उनका लैंड पकड़ लिया और हिलने लगी....

2 सेकंड hi मुझे लिंग दबाबते हुए थे की अपने हाथो पर मुझे कुछ गिला गिला महसूस hua...ohh सहित मई मन में बुदबुदाई ...सलिल भाई ने रोलेक्स भाई को इस लायक छोड़ा hi नहीं की वो कुछ कर sake...vaise दीदी ने मुझे कहा था आगे न बढ़ने को लेकिन मई खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर पायी...

निकलने के बाद अगले hi पल उन्होंने मुझे धक्का दे दिया....

फिर गुस्से से मुझे देखने लगे....

अब उनका प्यार जिसके लिए वो मेरी गलत बातों को भी मैंने के लिए मजबूर हो गए थे वो कही ख़त्म हो गया था अब उनकी आँखों में मुझे गुस्सा दिखाई दे रहा था...

भाई के गुस्से के साथ hi रूम की चीज़े हिलने लगी ...

मई : आप मेरे करीब ए तो मुझे लगा आप मुझे चाहते hai..apko खुसी देने के लिए मैंने अपनी परवाह नहीं की.. मुझे दीदी ने ट्रैन किया था फ़ैल कैसे हो जाती...

मेरे कहते hi सब कुछ शांत हो गया..

रोलेक्स : I'm sorry..mujhe नींद आ रही hai...mujhe देखे बिना वो बीएड पर लेट गए...

उफ़ भाई इतने भोले थे मेरे ड्रामा करने पर अपनी hi गलती मान लिए.

मई : भाई खाना खा लो...

रोलेक्स : नहीं दो घंटे बाद जगूंगा फिर खाऊंगा....

मई : ठीक है मई भी आपके साथ...

भाई को सोता छोड़ मई सेल्फीज़ लेने लगी उसी सेक्सी ड्रेस में...

aaahhh...sala kamina....sale ने मेरी वाट लगा कर रख दी...

भाई की आवाज़ सुन मई पलटी तो देखा वो टॉवल में लिपटे आ रहे है...

सोना मेरे रूम से कपडे लाना ..वो सर झुकाये दर्द में करते हुए bole...unki आवाज़ पर बिना कुछ कहे मई उनके रूम में कपडे लेने चली गयी...

शायद इसे मेरा रोग तो नहीं लग gaya...chup ये तेरी तरह नहीं है शायद nightfall...lekin अभी तो 8 बज रहे hai...kuch भी हो वो मेरी तरह नहीं.....

जब मई कपडे लेकर पहुंची तो देखा वो अपने आप से बातें कर रहे hai...unhe बातें करता देख मेरा माथा thanka..kahi ये सलिल तो नहीं ...

कपडे रख कर मई चुप चाप जाने लगी...

ruk...unhone मुझे आईने में जाते हुए देख लिया था....

आवाज़ पर मई रुक गयी....

तेरी to........chatakkkkkkkkkk.....gusse में वो घूमे और इतनी तेज मेरे फेस पर थापार मारा की मुझे दिन में टारे दिखाई देने लगे....


मई : क्या कर रहे हो पागल हो गए हो.. तुमने अभी कहा था तुम्हे मेरी ड्रेसिंग से कोई प्रॉब्लम nahi.mai रट हुए दहाडी...

बकवास कर रही है tu...maine ऐसा कहा मई तो पता नहीं कितने दिनों बाद जगा hon...didi की शादी के तीसरे din...aah आज date...kehkar उन्होंने अपने फ़ोन में डेट देखि...

सलिल : तीन mahine.....sale rolex...tune ये क्या पहना hai...Rolex पर चिल्लाते हुए उन्होंने मुझे घुरा...

सलिल : तू रोलेक्स के सामने इन कपड़ो में thi....aise कपडे पता है कोण पहनता hai.....Teri तो....

गुस्से में हुंकार भरते हुए उन्होंने मुझे पकड़ा और लात घुसो से मेरे जिस्म को लाल करके रख दिया.....

मेरे रोने चीखने चिल्लाने पर उन्होंने मुझे छोड़ा..


मई : मई आआअह्ह्ह didi......tum पागल हो गए ho.....mujhe ठीक से बोल भी नहीं मिल रहा था पूरा शरीर दर्द से दुःख रहा था....

सलिल : है मई पागल hon....Rolex ने और तूने मुझे पागल किया है ....

वो मेरी ड्रेस को देखते हुए पागलो की तरह बोले...

मई : नाहीई भाई मरना मत बहुत दर्द हो रहा है....

चटकककक चटकककककककक chatakkkk...dhamm ... धम्म...

मई: आआआह्ह्ह्ह didi.......kutte छोड़ मुझे हरामी सेल गांडू पोर्न addict..rote हुए मई मार भी खा रही थी और भाई को गन्दी गन्दी गलियां भी निकल रही thi....na जाने कब पीटते पीटते मई बेहोश हो गयी.....

सुबह में जब मुझे होश आया तब मेरी ड्रेस चेंज थी...

आंखे खोलते hi सबसे पहले मुझे भाई hi दिखे ....जो मेरे पास hi बैठे थे...

मैंने सोंच लिया था अब मई यहाँ नहीं rahungi....mujhe भी सलिल से नफरत हो गयी थी....

मई : gando....maine गुस्से में गली दी...

क्या बकवास कर रही है Sona...ye बता तेरी ये हालत कैसे hui...Rolex भाई है जानकर मेरी जान में जान आयी...

मई : सपने में boli...fir मई अपनी इस हालत के एक्सक्यूज़ देने lagi....Rolex भाई सलिल भाई से भी ज्यादा प्यार करते थे इसलिए मेरी बातों में आगये...

मई : मुझे आईना देखना है....

मेरी बात सुनकर भाई ने मुझे उठाया और मिरर के पास लाये...

पूरा जिस्म मेरा रेड और नील निशान से भरा हुआ था चहेरे का नक्सा hi बिगड़ दिया tha...mujhe फर्स्ट अिध दी हुई थी जो शायद रोलेक्स भाई ने hi दी थी...

मुझे वापस लिटा कर वो मेरे लिए खाना बनाने चले गए...

उनके जाते hi मैंने दीदी को कॉल लगा दी....

मई : मुझे नहीं करना ये भाड़ में जाओ ...कल रात सलिल गंडो ने मुझे कुत्ते की तरह मारा ..उनके फ़ोन रिसीव करते hi मई फट पड़ी....

अनुसुइया : शांत हो जाओ Sona...plzz...

मई: मेरा पूरा जिस्म लाल और नीला पद गया hai...itni सुन्दर दिखती थी मई आज खुद को hi नहीं देख पा रही हों..

अनुसुइया : रोलेक्स रहा तो तुम्हारी आज़ादी वो पूरी तरह छीन lega...salil को तो मई काबू में कर लुंगी लेकिन रोलेक्स नहीं होगा....

मई ; मुझे नहीं रहना इन दोनों पागलो me...yahan आओ और मुझे लेकर जाओ नहीं तो मई खुद कहीं चली जाउंगी..

अनुसुइया : अपने हिस्से की रोटी तुम्हे दी ..खुद को बेचकर तुम्हे खिलाया किसी चीज़ की कभी कमी महसूस नहीं होने दी और आज जब मुझे तुम्हारी ज़रूरत है तो तुम मुझे छोड़ कर जा रही ho...didi का इमोशनल अत्याचार और मई पिघल गयी...

ठीक होते hi मैंने फिर अपना जादू भाई पर चलना शुरू कर diya...mai एक से बढ़कर एक सेक्सी भड़काऊ ड्रेसेस पहन कर भाई को लुभाती कभी वो मेरे करीब आजाते और कभी मुझसे दूर रहने की कोशिश करते ..

ऐसे hi 25 दिन गुज़र गए....

एक दिन जब मई कॉलेज से घर आयी तब मुझे भाई के रूम से आवाज़े ayi...keys हम दोनों के पास hi thi...isliye मई अंदर आगयी...

आवाज़े सुन मई दबे पाओ रोलेक्स भाई के रूम में गयी....

दरवाज़ा खुला था मई छुपकर देखने लगी....

अंदर एक लड़की बंधी थी चहेरे पर उसके टेप बंधा था जिस वजह से वो मुझे ठीक से दिखाई नहीं दे रही थी....

रोलेक्स : मई खोल रहा हों चीखना चिल्लाना नहीं ...भाई उसे खोलते हुए बोले...

जब उसके हाथ पेअर खुले तब मुझे वो दिखी वो सौम्य थी हमारी सोसाइटी की.

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa बछूऊऊऊ.... खुलते hi वो चीख पड़ी जिसे अगले hi पल भाई ने उसका मुँह दबा लिया....

रोलेक्स : तुझसे मन किया था न मैंने चीखना नहीं ..अब सुन मुझे तेरी छूट chahiye...aaaaaa saliii....Bhai बोल hi रहे थे की सौम्य ने उनके हाथ पे काट liya...jis कारन वो उनकी गिरफ्त से छूट gayi...jise अगले पल भाई ने हाथ से पकड़ लिया ...


रोलेक्स : साली बात सुन ले पहले मेरी फिर जो करना है कर लेना..

सौम्य: अब कहने सुनने को बचा hi क्या है ...बहुत सॉफ्ट है बहुत सॉफ्ट hai..tumhari वीडियो वायरल होने के बाद..

रोलेक्स : भादवी वो मई नहीं हों वो मेरा बड़ा भाई hai...salil मई रोलेक्स हों तेरा Rolex...Aaj मुझे तेरी छूट चाहिए नहीं तो मई मर जाऊंगा..

सौम्य : सेल चूतिये सलिल तू मुझे उल्लू समझ रहा है तेरी गांड में पिंटू का बात दाल दूंगी जाने दे मुझे... हमारे बिच जो कुछ था सब ख़त्म हो गया है...

रोलेक्स : सुन na...mujhe तेरी ज़रूरत है तुझे चाहता हों मई ..भाई नरम पड़ते हुए बोले ..

ओह्ह तो ये दोनों लवर हैं...

मई मन में बुदबुदाई....

सौम्य : चाहता मुझे है और मुँह कला उस लड़की के साथ कर रहा था.

Rolex:yahi तो तुझे समझा रहा हों वो मई नहीं सलिल था मई रोलेक्स हों हम दोनों दो है...

सौम्य : तुम साइको हो..

रोलेक्स : जो समझना है समझ लेकिन मुझे अपनी गुलाबी दे दे..

सौम्य : मई शादी से पहले टच भी नहीं करने दूंगी....

रोलेक्स : हर बात में लड़को को कॉपी करती है..

सौम्य : तुम्हे करती hon...saumya बात काटते हुए बोली...

रोलेक्स : और देने का टाइम आया तो नखरे करने लगी ...उफ़ मेरी saumya...mai बुद्धू समझा hi nahi....apna सेंटेंस पूरा कर वो सौम्य का जवाब देते हुए बोले..

अगले hi पल उनोने लोहे की हैट से अपना नाख़ून कट कर लिया...

रोलेक्स : तू पूरी पागल है...

सौम्य : कितनी पागल...

रोलेक्स: पूरी pagal...kehte हुए भाई ने उसकी मांग भर दी...

सौम्य : ये क्या kiya...wo बड़ी आंखे लिए भाई को देखते हुए बोली...

रोलेक्स : तूने hi तो कहा था शादी किये बिना छूने नहीं degi...ab तू मेरी पत्नी है...

सौम्य : फिर प्यार का नाटक सिर्फ मेरी लेने के liye...gusse में हुंकार भरते हुए वो भाई पर झपटी...

dhammmm...bed पर गिराकर भाई उसके ऊपर agaye....uske हाथो को घुटनो से दबा कर भाई किश करते हुए सौम्य के बूब्स दबाने लगे....

मुझे मेरा प्लान फ़ैल होता दिख रहा था इसलिए मई अंदर बढ़ गयी ..

मई: भाई क्या कहेंगे वही बना ......कहकर मई हैरान होने की एक्टिंग करने लगी....

सौम्य : तुम्हारा भाई मेरा रपे कर रहा है.... सौम्य रट हुए बुदबुदाई.

मुझे देखते hi भाई उसके ऊपर से हेट और सौम्य कड़ी हो गयी...

मई : मेरा भाई रेपिस्ट होगा मई सोंच भी नहीं सकती thi....chhi घिन आ रही है तुम्हे अपना भाई कहते hue...niche सर डेल भाई चुप चाप मेरी बातें सुनने लगे...

सौम्य बहार जाने लगी तो मई उसके सामने आगयी....

मई : प्लस ये किसी से मत kehna...hamari बहुत बदनामी होगी...

उसने सर हिलाया तो मैंने उसे जाने का रास्ता दिया....

फिर खुद भी भाई के रूम से निकल गयी...

जब खाना लेकर मई गयी तब भाई का रूम लॉक था उन्होंने नहीं खोला तो मई वापस आगयी...

रात को कई सोसाइटी के लोग घर ए भाई की शिकायत करने....

सौम्य रंडी ने अपना मुँह खोल दिया tha..Anna अंकल और उनकी वाइफ के सामने बस इतनी कसार छोड़ी भाई को रेपिस्ट नहीं kaha...kisi तरह मैंने उन्हें समझाया..

सबके जाने के बाद मई एक सेक्सी ड्रेस पहन कर भाई के रूम में खाना लेकर गयी....

खत खत ...

मई : भाई दूर ओपन करो मई खाना लायी hon...maine भी कुछ नहीं खाया है....

मेरे दूर पीटने और भाई को इमोशनल करने पर भाई ने दूर खोल दिया...

खो खो kho...andar एते hi मई बुरी तरह से खांसने लगी रूम पूरा धुएं से भरा हुआ था ..

भाई लाल आंखे लिए फिर बाद पर बैठ कर सिगरेट पिने लगे...

मई : क्या हुआ है आपको....

रोलेक्स : कुछ नहीं मुझे क्या hoga....wo अपने फेस पर झूटी हसी लेट हुए बोले..

रोलेक्स : तू सोई nahi...Jaa जेक सजा ...

खाना रख के मैंने उन्हें पास आकर हुग कर लिया....

मई : क्या हालत बना ली अपने अपनी....

रोलेक्स : कुछ भी ..बस स्मोकिंग शुरू की है और कुछ nhi...tu फ़िक्र मत कर मई अपना रूम साफ़ कर dunga...jald hi मई भी शादी कर लूंगा फिर तुझे काम करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी...

मई : शट up...usne सोसाइटी में सब जगह आपको मोलेस्टर साबित कर दिया hai..aap उससे प्यार करते थे...

रोलेक्स : haa...uska नाम ...उसका नाम क्या tha...wo सोंचते हुए बोले..

मई : सौम्य...

रोलेक्स: है saumya...mai भूल रहा hon...Sona ...ये क्या हो रहा है मुझे...

मई : सिगरेट छोड़े ise..aur मैंने उनके हाथो से सिगरेट लेली..

मई : कितनी साडी है ये ...निचे 40 से ज्यादा सिगरेट पड़ी थी...

रोलेक्स : वो धोकेबाज़ hai...mai उसका रपे नहीं कर रहा था...

मई : जानती hon...vaise भी उसके बहुत से मेल बस्ती है पूरी रंडी है wo...mai झूट बोली..

रोलेक्स : सच me..ufff..unki दर्द में आह निकली...

कभी सोंचा नहीं था रोलेक्स भाई भी साद होंगे उन्हें रोना आ रहा था लेकिन मेरी मौजूदगी की वजह से रो नहीं पा रहे थे.

मई :हां भाई..

रोलेक्स: तू उसके जैसी नहीं है न तो गली नहीं देना...

मई : हम्म सॉरी.

रोलेक्स : और इस तरह की ड्रेस भी मत पहना कर..


मई: हमारी बात हुई थी न इस बारे में .

मेरी बात सुनकर उनका सर झुक गया...

मई: क्यों साद हो रहे क्या पता कोई आपके प्यार के लिए तरस रहा ho...aur मई उठकर सीधा भाई की गोदी में बैठ गयी....

मुझे उनकी गहरी गहरी सांसे अपनी नैक पर फील हो रही थी.....

मई : मई खाना ला रही हों...

कहकर मई उठी और खाना भाई के पास लेकर उन्हें खिलने लगी...

रोलेक्स : तूने खाया...

मई : खा लुंगी पहले आप खाओ...

वो शायद साद थे बहुत ज्यादा वर्ण पहले खुद कहते फिर मुझे खिलते..

मई : मई शादी नहीं करुँगी न आपको करने dungi...bhul जाओ सौम्य को मई हों न आपके pas...mai आपके लिए तरस रही हों और आप..

रोलेक्स : सोंचना भी mat...ja यहाँ से नहीं खाना मुझे...

मई :ठीक है मई भी नहीं खाउंगी..

थाली टेबल पर रख मई उठकर जाने लगी...

मैंने दोनों दवा दे दी थी अब बस असर दिखने की देर थी...

रोलेक्स : क्यों मुझे मजबूर कर रही है सख्त फैसले लेने par...ye पाप hai..bhut बड़ा पाप...

मई : ये सब नहीं जानती बस आपको प्यार करती हों मई...


रोलेक्स: खाना खा फिर बात करते है..

मई : नही khanaa...mai चीखी..

रोलेक्स : ाचा ठीक है खा ले..

मई : आप मुझे अपनी पत्नी बनाओगे..

रोलेक्स : sonaaa...chali जा यहाँ से....

उनकी चीख सुन मई रूम से निकल गयी...

दिल के एक कोने में तीस सी उठ रही थी जो मई कर रही थी उसके लिए....

रूम में आकर मई रोने लगी...

दो मिनट भी नहीं हुए थे की भाई पीछे आकर खड़े हो गए...

रोलेक्स : चल खा le...wo भीगती आँखों से बोले...

उनकी बात सुन मैंने चहेरा घुटनो में छुपा लिया...


रोलेक्स : प्ल्ज़ Sona...tu मेरी गुड़िया है..

मई ; अब मई बड़ी हो गयी हों..

रोलेक्स : ठीक है जो तू कहेगी वैसा hi होगा चल अब खा ले...

मई : पहले मुझे किश करे...

कहकर मई चहेरा उनके पास ले gayi...unki आँखों में देखते हुए मैंने अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए..

उनका एक हाथ अपने हाफ शो हो रहे बूब पर...

कुछ सेकंड किश करने के बाद वो खुद हैट Gaye...mai कामयाब हो चुकी thi...ab डबल दोसे देना था बस...

अगले दिन मई कॉलेज में बास्केटबॉल खेल रही थी तब मेरी फ्रेंड ने आवाज़ दी..


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हे सोना तेरा फ़ोन बज रहा है..

गेम छोड़ मैंने कॉल पिक ki...call दीदी की थी...

मई : है दीदी ..

अनुसुइया: रोलेक्स की कॉल आयी thi...wo बहुत साद हो रहा tha...tumhe लेकर..

दीदी की बात सुनकर मई उन्हें बताने लगी रत जो हुआ...

अनुसुइया : है वो इसी बारे में बात कर रहा था लेकिन ठीक से बता नहीं पाया..

मई : क्या चाहती हो आप यही पर रोक डॉन सब...

अनुसुइया : मेरी खुद समझ में नहीं आ रहा है क्या karun...lekin करना तो है hi ...ऐसा करो ..फिर दीदी मुझे गाइड करने लगी...

कलेसे से सीधा मई दीदी के घर आगयी...

5 बजे मुझे भाई की कॉल्स आने लगी....1 ,2,10...बहुत साडी लेकिन मैंने उतःया नहीं..

दीदी को बताया तो दीदी ने भाई को 7 बजे कॉल करके बताया मई उनके पास hon..aur मेरी फोटो भेजी वैष्णो के रूम को साफ़ करते हुए....

2 घंटे बाद भाई घर आ पहुंचे तब मई दीदी की सास का सर दबा रही thi....jo मैंने hi ज़िद्द की थी दबाने की...

मुझे इस तरह देख भाई साद हो गए...

सबसे hi hello करने के बाद उन्होंने मुझे चलने का इशारा किया...

कुछ कहे बिना मई दीदी के रूम में आकर लेट गयी...

पीछे पीछे दीदी और भाई भी आगये...

अनुसुइया : सोना नाटक बंद कर निकल मेरे घर से... रोलेक्स भूल जाओ ये कलमुही तुम्हारी बहन है....

दीदी तो मेरी भी माँ थी एक्टिंग में बहुत मुश्किल से मई रोने की एक्टिंग कर पा रही थी...

रोलेक्स : तुम कोनसी सुधरी हुई हो या तुम्हारे बारे में मई जनता नहीं hon..kash माँ होती तो तुम दोनों को छोड़कर चला जाता...

ेमोटीनल फूल दीदी साद होकर भाई के गले लग गयी...


अनुशिया : मई हों न तुम्हारी दीदी maa....Bhai के गले लग दीदी हिचकियाँ लेकर रोने लगी..

अगले hi पल भाई ने उन्हें खुद से दूर कर दिया...

रोलेक्स : सोना चल अब कभी किसी से कोई शिकायत नहीं करूँगा ...मेरे न उठने पर उन्होंने मुझे गोदी लिया और जबरजस्ती लेने जाने लगे....

घर से निकलते hi मैंने उनके होंठो पर होंठ रख दिए इस बार भाई ने मेरा साथ दिया....

घर लेकर उन्होंने मेरे प्यार को स्वीकार करने का वचन दिया .

दिन यूँ hi गुजरने Lage...ab हम दोनों के बिच किसिंग आम हो गयी thi...isse आगे कभी भाई ने नहीं बढ़ने दिया...

मैंने दोसे भी डबल कर diye...Bhai ज्यादा समय बाहर hi गुज़रते थे रातो में भी उन्होंने आना लेट कर diya...kabhi 12 बजे कभी 1 कभी सुबह में....

जितना भी समय मिलता मई उनके साथ मीठी मीठी बातें करती ...वही भाई मुझे बताये वो चीज़ो को भूलने lage...dimag कमज़ोर हो गया unka...na सोंच पते है न अब किसी चीज़ को दिमाग से वो हिला पते hai....na चीज़ो को याद रख पते hai....is बिच सलिल भाई 1 बार hi mile...us दिन मई कॉलेज से आयी थी जिस कारन ड्रेस चेंज नहीं की थी...

बंगलोरे में भी खौफ का आलम छ गया था 9 लड़कियां बहुत डरावनी हालत में मिली thi...unka रपे हुआ था बॉडी पार्ट्स अलग अलग जगहों पर मिले थे ..

एक दिन मुझे दीदी की कॉल आयी ..और दीदी ने मुझे भाई का पीछा करने के लिए कहा....

रात को डिनर के बाद जब मई सोने के लिए रूम से निकल गयी तब भाई की आहत हुई उन्होंने मुझे जगाया नहीं जगी तो वो रूम बहार से धकेल कर चले गए ..

उनके जाते hi मैंने ड्रेस चेंज की और दीदी की स्कूटी निकली उनका पीछा करने लगी...


भाई चलते हुए एक खण्डार में ए...

ये जगह मई पहचानती thi....ye कभी भाई की लैब हुआ करती थी...

भाई के जाने के बाद मई भी अंदर चल दी....

भाई मेरी नजरो से ओझल हो गए तो मई उन्हें ढूंढ़ते ढूंढ़ते बेसमेंट में आयी...

बेसमेंट में 3 लड़कियां बंधी थी एक स्टेचर पर बंधी लेती थी....

एक लम्बा सा डंडा उस मसकमान ने डिलडो वाली मशीन में lagaya...dildo की jagah...fir वापस वो उस लड़की के पास aye..jiski आवाज़ मुझे बहुत धीमी आ रही थी...

फिर मसकमान ने डॉक्टर वाले इक्विपमेंट में से एक धारधार बॉडी को चिंरंए वाली मशीन निकली और उसे लड़की की आँख में दाल दी....

aaaaaaaaaahhhhhhh......ek दर्दनाक चीख लड़की की बेसमेंट में गूंज गयी ...वही मसकमान उसकी चीखो को एन्जॉय कर रहा था.....

सामने का नजारा देख मेरा दिल मुँह को agaya...Jahan दर से मेरा रोअम रोअम खड़ा हो गया वही आंखे बहार निकली देख मुझे ुबकि आने लगी...

वही वो तीनो लड़कियां सर्किट आँखों से सब देख रही thi...un लड़कीओ की हालत दर से बहुत ख़राब थी वो पथरी की मूरत बन गयी थी जिन्हे देख मुझे रोना आ रहा tha..wahi मसकमान की दहसत मेरे दिल में भी बैठ गयी थी.

आंखे निकल मसकमान उस लड़की का हाथ काटने Laga....wo धीरे धीरे काट रहा था जिससे लड़की चीख चिल्लाते हुए मार देने की भिक मांग रही थी वही लड़की की चीखे मसकमान एन्जॉय कर रहा था..

हाथ काट जाने पर लड़की बेहोश हो गयी ..

वही उस मसकमान ने लड़की की टैंगो को छुड़ा करके बंधा और डिलडो वाली मशीन लड़की की छूट पर सेट की और डिलडो चालू कर दिया जो असल में एक डंडा था....

कुछ hi देर में लड़की को होश आगे और वो फिर चीखने लगी....

लड़की को रोटा पित्त देख उसने डिलडो की मशीन क पास आकर कुछ किया...

लड़की की एक ज़ोरदार चीख निकली...

आगे मुझसे न देखा गया और मेरी आंखे बंद हो गयी दर से .

लकड़ी की रोड पूरी लड़की के अंदर घुस गयी थी जो एक फुट लम्बी thi...jo सीधा लड़की के सर से बहार निकली...

फिर दरिंदा नाइफ उठा कर लड़की का दिल निकलने लगा...


उसने आंखे और दिल निकल कर एक शीशे के ज़ार में रख लिए ..जहाँ और भी ज़ार थे टोटल 9 ....जिन्हे शायद उसने पहले मारा था ये वो थी जिनकी न्यूज़ पुरे बंगलोरे में पोपलौर थी.

तुम तीनो के बाद अनुसुइया की बरी hai...pehli बार वो बोलै और मई होश में ayi...mujhe अहसास हुआ दर से मेरी सुसु निकल गयी है....

धड़कते दिल के साथ मई लैब से बहार निकली और और दीदी को कॉल करके सब बता दी...

अनुसुइया : क्या वो मसकमान रोलेक्स है...

मई: पता नहीं didi...mujhe जल्दी से ले जाओ यहाँ se...awaz मैंने पहचान ली थी लेकिन मई ये मन्ना नहीं छह रही थी की वो मेरा भाई है दीदी को भी मैंने इसलिए नहीं बताया..

अनुसुइया : रोना बंद करो ...सोना थोड़ी हिम्मत dikhao...kya उसके कपडे रोलेक्स जैसे थे...

मई : उसने कपड़ो के ऊपर रेनकोट पहना था खून से बचने के लिए...

अनुसुइया ; जाओ उसके pas...meri टीम रस्ते में है मई भी आ रही hon...un तीन लड़कीओ को रोको....

मई : वो रोलेक्स न हुआ to..nhi दीदी मई नहीं jaungi...Rolex भी हुआ तो वो पागल सनकी है ...ऐसे दरिंदे को ज़िंदा दफ़न कर देना चाहिए लेकिन अपने पला..

अनुसुइया : सलिल ऐसा नहीं है उसके लिए करो....

दीदी से बात करके जब मई जाने लगी तब मुझे आहत hui....ahat सुनकर मई दिवार के पीछे चुप गयी.....

बेसमेंट से निकलने वाला रोलेक्स tha...uske हाथो में एक काली पन्नी थी जिसमे शायद लड़की की बॉडी थी...

उसके बहार निकलने पर मैंने देखा पन्नी आगे रख कर वो बाइक से कही जा रहा है....

******************************

कुछ देर बाद दीदी आयी ...

सोना ...वो अंदर है ..दीदी को देख रट हुए मई उनके गले लग गयी...

अनुसुइया : क्या वो रोलेक्स था ..

हिच्किओं के कारन मई जवाब भी नहीं दे पा रही थी किसी तरह मैंने सर हिलाया..

अनुसुइया :पानी लेकर आओ ..दीदी की आवाज़ पर गुरदस जल्दी से पानी लाये....

पानी पीकर मई कुछ संभाली...

मई :दीदी वो बहार गया hai...kisi भी वक्त यहाँ आ सकता है हमें यहाँ से निकलना होगा....

अनुसुइया : उन तीनो को भी मार दिया उसने..

मई :पता नहीं ....

दीदी के इशारे पर गुरदस अंदर गए....

aaaaaaaaaaaaaaaaaaa....ek ज़ोरदार चीख हमें गार्ड की सुनाई दी.....

भागकर जब हम लोग पहुंचे तो एक गुरदस का गाला तार से कटा पड़ा था दूसरे के गले में तार हिल्गा था जो रुका हुआ था...

हम सबने मिलकर किसी तरह ट्रैप्स को फ़ैल किया और उन तीनो लड़कीओ को खोला जो पूरी नंगी थी और बोलने की हालत में नहीं थी....

सबको लेकर हम बहार ए...

अनुसुइया : उसके आने से पहले तुम घर जाओ...

मई : मई नहीं रहूंगी उस हैवान के साथ ab..mai दीदी पर चीखी...


अनुसुइया : तुम्हे कुछ नहीं करेगा वो क्योकि तुमसे प्यार करता hai...tum चाहती हो और लड़कीओ का हाल ऐसा ho....mere गार्ड्स तुम्हारे अस्स पास hi rahenge...didi के मानाने पर मई मन गयी साथ में दीदी ने एक गन भी दे di...jise मैंने पर्स में दाल लिया...

अनुसुइया : इन लड़कीओ को हॉस्पिटल ले jao...waki मेरे घर अस्स पास rehna...Sona हर 15 मिनट में सिग्नल देगी ठीक होने का..

मई : आप कहा जाओगी...

अनुसुइया : मोना के पास तुम भी सुबह वही आ जाना...

मुझे दीदी ने घर ड्राप किया...

मैंने अंदर आकर भाई का रूम देखा खली देख मेरी जान में जान आयी...

फिर अपने रूम को लॉक करके मई लेट गयी.....

सुबह जब उठी तो आंखे बंद किये hi मैंने अंगड़ाई ली....

aaap....ankhe खोलते hi मुझे रोलेक्स दिखा....

रोलेक्स : क्या हुआ..

मई : रूम लॉक था फिर कैसे...

रोलेक्स : खोल लिया maine...tumhare लिए ब्रेकफास्ट लाया हों..

ummmmmmhhh....khete हुए उसने मेरे होंठो को चुम liya...mujhe घिन आ रही थी उससे....

फिर वो मुझे अपने हाथो से ब्रेकफास्ट करने लगे...

मई : बाद में खा lungi...abhi भूक नहीं..

रोलेक्स : खा लो ठंडा हो रहा है...

न चाहते हुए भी मुझे उसके हाथ से खाना पड़ा...

रोलेक्स :फिल्म देखने चलोगी....

मई : नहीं मई कॉलेज जाउंगी....

रोलेक्स : कॉलेज से आने के बाद का कह रहा हों मई...

मई : ठीक है...

रोलेक्स : तुमने पूछा नहीं मई क्यों कह रहा हों ऐसा....

मई :है क्यों ..

रोलेक्स : हमें भी लवर की तरह टाइम स्पेंड करना chahiye...mai तुम्हे इग्नोर कर रहा था इतने दिनों से तुम्हारा दिल dukhaya...lekin अब और नहीं... फाइनली मैंने तुम्हे दिल से अपना लिया है मेरी सोना....

रोलेक्स : क्या हुआ तुम खुश नहीं ho...mere जवाब न देने पर उन्होंने आगे कहा...

मई : nahi...bhut खुश hon....aur मई गले लग gayi..apne इमोशंस छुपाने के लिए.

गले लगे hi वो मुझे चूमने laga...us समय मेरी हालत दर से जहाँ पतली थी वही उसके नज़दीक आने से मुझे घिन आ रही थी....

रोलेक्स :आंखे बंद करो .उसने अलग होकर कहा...

रोलेक्स : बड़ी करने के लिए नहीं बंद करने के लिए कहा है ..

मई : ओह्ह han....aur मैंने आंखे बंद कर ली..

रोलेक्स : हाथ आगे करो...

उसकी आवाज़ सुन मेरी धड़कने बहुत फ़ास्ट चलने lagi...mujhe लग रहा था जैसे उसके हाथ में कुल्हाड़ी है मेरे हाथ आगे करते hi वो काट देगा...

वो मेरी ऊँगली में शायद रिंग दाल रहा था ..

रोलेक्स : खोल लो.. पहनने के बाद उसने कहा..

मई :वाओ Rolex...you मेड माय डे...

और मई फिर गले लगने की एक्टिंग करने लगी...

रोलेक्स : भाई से सीधा Rolex..mujhe उसे भाई कहते हुए घिन आ रही थी इसलिए मैंने उसका नाम लिया जिसे उसने पकड़ लिया.

मई : सॉरी हम लवर है न इसलिए अबसे नहीं लुंगी...

रोलेक्स : तुम मुझे कुछ भी बुला सकती ho..meri स्वीट सोना..


मई : ावववव यू अरे सो स्वीट..

रोलेक्स : मुझे कभी धोका मत देना वर्ण मई भूल जाऊंगा तुमसे मेरा क्या रिश्ता है...

मई : कभी नहीं ..ाचा मई कॉलेज जॉन अब..

रोलेक्स : हाँ जाओ...

तैयार होकर मई घर से सीधा कॉलेज ayi....mujhe दर था कही भाई मेरा पीछा न कर रहे हो...

कॉलेज में मुझे दीदी ने कॉल की और एक अड्रेस पे बुलाया...

उस अड्रेस पर गयी तो मई पहली बार मोना से मिली....

वो उसी का फ्लैट था...

अनुसुइया : ाजाओ सोना...


मई दीदी के पास जाकर बैठ gayi...wo तीनो लड़कियां भी वही थी....

अनुसुइया : इसने तुम्हे बचाया है...

दीदी की बात सुनकर वो तीनो लड़कियां रोने लगी...

थस.. थैंक you...unme से एक ने कहा.

अनुसुइया : यही एक बोल पा रही है वाकई अब भी शॉक में है...

मई : तुम तीनो को क्यों किडनैप किया था..

अनुसुइया : इन तीनो और जिन्हे उसने मारा है कुछ समय पहले वो और झमेला hi उसे सुंदरी के पास से बचा कर laye...halanki ये आना नहीं चाहती थी लेकिन फाॅर्स करने पर रोलेक्स इन्हे वह से लेकर aya..dar से इन्होने भी कुछ नहीं कहा रोलेक्स se..inhone मेरी पार्टी अपनी मर्ज़ी से ज्वाइन की thi....jab रोलेक्स को पता चला ये फिर धंदा कर रही है तो उसने इन्हे किडनैप कर लिया और इन्हे मरने लगा...


अनुसुइया : मोना अब समय आगया है उसे लगाम लगायी jaye...kab करोगी तुम ऐसा...

मोना : तुम batao...wo अपने मंद को कितना उसे कर पा रहा है....

मई : 50% तक...

मोना : कुछ दिन और रुक जाओ ..

मई : उसे शक हो सकता hai...aur रुकी तो...

मोना : 20 दिन और दबाई दो तुम use...uske बाद वो बिलकुल नार्मल पर्सन की तरह बन जायेगा फिर हम कुछ karenge...vaise भी मैंने कुछ सामान यूरोप से मंगवाया है..

अनुसुइया : मई सोंच रही हों उसे वही ले चालू यहाँ लोगो को शक हो सकता है...

मोना : kaise..koi प्लान है..

फिर दीदी बताने lagi...aur हम सुनते रहे...

मई : उसे लाएंगे कैसे वहां..

अनुसुइया : जिसने रोलेक्स की हेल्प की थी उस तक पहुंच गयी हों मई उसकी बेटी भी मेरे hi पास hai....wahi layega...lekin मुझे तुम्हारी भी हेल्प चाहिए hogi...tum अपनी किसी फ्रेंड को नाटक के लिए तैयार करो ...जिसकी किडनेपिंग के बारे में तुम रोलेक्स को बता सको .और वो वहां फिर ए मेरे गद्दार गुर्द के थ्रू.

मोना : एक sawal...itna कुछ वो जान गया तुम्हारे बारे में उसने आगे जानने की कोशिश क्यों नहीं की होगी...

अनुसूया : उसने मुझे त्याग दिया ..वो जान गया मेरी ज़िन्दगी यही है इसलिए वो मेरे पीछे नहीं आया ..ये लड़किया कोइंसिडेन्स से मिली use..jo उसने मरना शुरू कर diya....kal रात hi मुझे उसकी कॉल ayi...wo लड़कीओ के बारे में पूछ रहा tha...maine इमोशनल किया तो कहने लगा उसे ऐसा बनाने वाली मई हों..

मई : अगर मोना को पहचान लिया और प्लान फ़ैल हो गया तो ..

अनुसुइया : प्लान बी भी है मेरे पास..

मई : क्या ..

मुझे देखते हुए दीदी मुस्कुरा दी और मई भी...

गुरदस से कहकर मोना ने उन तीनो लड़कीओ को सेफ जगह इलाज के लिए भेज दिया था ..


मई : ठीक है मई भी जाती हों दीदी ..

अनुसुइया : हाँ जाओ....

मोना : नहीं रुको ...मई तुमसे कुछ अकेले में बात करना चाहती हों...


मोना की बात सुनकर मई कड़ी हो गयी..

मोना : अनु तुम यही रुको मई अभी आयी...

मेरा हाथ पकड़ मोना मुझे अपने रूम में ले गयी....
 
थँक्स वरो फर्स्ट टाइम रिव्यु में गलती की है वरो

वरो सब कुछ बता कर हुआ है दो तरह की दबाई दी गयी है

एक हॉर्नी होने की दूसरी मोना ने di...wo.

है वरो ये तो सही hi है

हाहाहा है वरो सलिल का असल दुश्मन उसकी लत थी वो ख़त्म वो ठीक हो गया

वो दिखावा था उस समय वरो

रॉंग वरो यही गलती है

सोना की नहीं सौम्य की मांग भरी है रोलेक्स ने


नहीं वरो let's सी..

एन्ड में नहीं तो दूसरी स्टोरीज में

बिलकुल है वरो वर्शन 2.0

ये तो बिलकुल सही कहा वरो
 
Episode 32

मोना : अनु तुम यही रुको मई अभी आयी...

मेरा हाथ पकड़ मोना मुझे अपने रूम में ले गयी....


नेक्स्ट कंटिन्यू...

पूर्वी डेरी पड़ते पड़ते सो गयी थी...

अगले दिन फिर उसने डेरी पड़नी शुरू कर दी .


मोना : मई मशीन मंगवा रही हों यूरोप से रोलेक्स को कण्ट्रोल करने के लिए..

मई: थैंक यू सो मच मोना...

मोना : ी don't नीड योर थैंक्स..

मई : फिर क्या chahiye...mai पलके ुचकर कर बोली...

मेरी बात सुन मोना मुस्कुराते हुए मेरे पास ayi...aur उसने अपने लिप्स मेरे होंठो पर रख दिए..

एक हाथ से वो मेरी पुसी दबाने लगी दूसरे से मेरा boob...mai भी किश में उसका साथ देने लगी..

मई ऐसा नहीं चाहती थी लेकिन दीदी बहार थी वो भी जानती थी मोना मुझे अंदर क्यों ले गयी है...

सोना सब कुछ ठीक hai...didi की आवाज़ बहार से आयी...

मई : है दीदी I'm comfortable.mera जवाब सुन मुझे दीदी के कदमो की आहत हुई शयद वो जा रही थी.


फिर 2 घंटे बाद मुझे मोना ने chhoda...mai बस अपनी विर्जिना hi बचा पायी वो भी ये कहकर सील टूटी हुई रोलेक्स को मिली तो उसे मुझ पर डाउट हो जायेगा अस्स नहीं बचा payi..8inch लम्बे डिलडो से मोना ने मुझे छोड़ा था अस्स में से खून निकल आया tha..boobs लाल कर दिए थे काट काट और खींच खींच के मजा मुझे भी उसने बहुत दिया ..

लंगड़ाते हुए मई दीदी के पास ayi....didi सो रही थी..

मई : दीदी उठो na....didi..

मेरे जगाने पर दीदी उठ gayi...meri हालत देख दीदी सब कुछ समझ गयी...

मई : मई जा रही हों...

अनुसुइया : रुको मई छोड़ देती हों...

मेरी हालत ठीक कर दीदी ने मुझे पीछे स्कूटी पर बिठाया और घर से कुछ दूर पहले उतर दिया...

घर आकर मई लेट gayi...agle दिन दर्द की वजह से कॉलेज भी नहीं gayi...Rolex मेरा बहुत ख्याल रख रहा था ...

मई ठीक हुई तो जितना हो सकता मई उससे दूर रहने की कोशिश करती ..

दिन यूँ hi गुजरने lage...wo मुझे चूमता छत्ता तो कोई न कोई बहाना बना कर मई दूर हो जाती वो आगे बढ़ना चाहता था लेकिन मैंने बढ़ने नहीं दिया...

दबाई के हव्य दोसे की वजह से वो बहुत सी चीज़े भूलने lage....kabhi कोई सामान रख कर भूल jate...kbhi कुछ...

सलिल भाई कही डाब गए थे रोलेक्स उन्हें बहार hi नहीं आने देता था...

सोना की कहानी सुनकर मैंने एक गहरी साँस ली...

मई : Sona...ab समय आ गया hai...Rolex के जाने ka....ab देखना कितना मंद उसे कर पा रहा है...

सोना : क्या करना है दीदी...

मई : तुमने अपनी फ्रेंड से बात की..

सोना : वो तैयार है दीदी...

मई : ठीक है तुम उसे लेकर नाईट क्लब में आना रोलेक्स को इन्फॉर्म करके वापसी के समय मेरे लोग तुम्हारी फ्रेंड को किडनैप कर लेंगे...

सोना : ठीक है समझ gayi...lekin दीदी भाई को कैसे पता चलेगा मेरी फ्रेंड को उठाने वाले आपके hi लोग है..

मई : तुम्हे मेरे एक गार्ड की पॉकेट फाड़ के उसका वॉलेट निकल लेना...

रात को सोना अपनी फ्रेंड के पास जा रही थी तभी मेरे लोगो ने उसे उठा लिया.....

2 घंटे बाद मुझे सोना की कॉल आयी...

मई : क्या हुआ सोना...

सोना : मई रट हुए रोलेक्स के पास gayi...aur उसे सब bataya...fir बैग से वॉलेट निकलते हुए गार्ड की पॉकेट का कपडा भी निकल liya....taki शक न हो..

रोलेक्स : ये किसका hai.wo.wallet को देख बोले.

मई : उन लोगो में से किसी का भाई जल्दी चलो पुलिस के पास..

वॉलेट लेकर वो देखने लगे...

रोलेक्स :फूल party....Rolex ने गुस्से में हुंकार भरी...

मई : भाई चलो न जल्दी से..

रोलेक्स : Sona...aahhh... सोना पुलिस इनका कुछ नहीं बिगड़ सकती...

मई : मुझे मेरी दोस्त chahiye...mai chikhi..jisme दर्द था.

रोलेक्स : तू साद न हो मई कुछ करता हों...

सोना: रोलेक्स इतना कहकर चले गए...

सोना की बात सुनकर मैंने कॉल कट कर दी....

फिर मैंने एक सेक्सी सी ड्रेस निकली और पहन Li...bad पर डिलडो रख दिया जिससे मई अभी की गांड मरती thi...mujhe पता था रोलेक्स कहा आ रहा होगा...

20 मिनट बाद वेल बजने lagi...vaishnvi और सासु माँ ने दूर khola..mai अपने दूर से गेट पर झांक रही थी....

वो दोनों पीछे हुई और रोलेक्स अंदर aya..unse कुछ कहकर वो सीधा मेरे रूम की तरफ बढ़ने लगा...

कुछ देर बाद मेरा रूम ज़ोर ज़ोर से बजने लगा...

मई : आह्हः कोण है सासु माँ....

रोलेक्स : अनुसुइया दूर खोलो...

rolex....tum....maine एक्टिंग करते हुए जवाब diya..fir उठकर दूर खोल diya...wo अंदर आया आकर गुस्से में मुझे देखने laga..ubasi लेते हुए मैंने दूर लॉक किया और बीएड पर बैठ गयी...


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वो बड़े ध्यान से मेरी नंगी टंगे हाफ शो हो रहा क्लीवेज देख रहा था.

मई : रोलेक्स

तुम इस समय यहाँ सब ठीक..

रोलेक्स : सोना की फ्रेंड कहा hai...wo मेरी बात काटते हुए गुस्से में

बोलै.

मई : कोनसी फ्रेंड ...मई गुस्से और हैरत के मिले जुले भाव से बोली.


रोलेक्स: मुझे गुस्सा न दिलाओ तुम्हारे सभी काळा चित्तो के बारे में जनता hon...tum मेरी बहन हो इसलिए तुम्हे..

उसने एक दर्द भरी आह bhari...tumhe मारा हुआ त्याग दिया है maine...ab चुप चाप बता दो कहा है सोना की फ्रेंड...

मई : मैंने उन्हें छोड़ दिया...

मेरे जवाब से गुस्सा होकर उसने मुझे एक हाथ से उठा कर तंग दिया....

रोलेक्स : कैसी औरत है tu...aurto को hi किडनैप करके उनसे धंदा कराती है...

वो मेरा गाला दबा रहा था मई उसका सर सेहला रही thi...aur मेरी आँखों से आंसू उसके चहेरे पर गिर रहे थे...

dhammmmm...meri साँस घुटने पर उसने मुझे बीएड पर फेक diya...aur मई लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी....


रोलेक्स : मैंने सोंचा था तेरे रस्ते में नहीं आऊंगा लेकिन तू चाहती है मई तेरे पीछे aaun...itni गिर गयी तूने अपनी hi बहन की दोस्त को किडनैप कर liya...ab आया हों तो तेरी पूरी टीम का सफाया होगा आखिर में तू मारेगी.

मई : मैंने सब छोड़ दिया...

रोलेक्स : झूटी..

मई : तुम्हारे लिए सब छोड़ दिया ..

रोलेक्स : सलिल की कसम खा....

मई : मई सलिल से भी ज्यादा सोना से प्यार करती हों सोना की कसम सब छोड़ दिया..

मेरे आंसुओ को देख वो नरम pada...fir मेरे पास hi आकर बैठ गया..

पीछे से मैंने उसे गिरा कर अपनी नंगी थिंग्स पर उसका सर रख लिया...

झुककर मई उसके चेहरे को चूमने लगी....

dhammmmm....usne डिलडो उठा कर शीशे पे दे mara..jo शायद उसके हाथ से लगा था.

मई : तेरे जीजू मुझे संतुस्ट नहीं कर पते इसलिए वो ये लाये ...सॉरी अब फेक दूंगी बस तू नाराज़ न होना...

रोलेक्स : मई गुमराह हो चूका हों didi...ab तो झमेला भी नहीं जो मुझे सीधी रह dikhaye...mujhe संभल लो दीदी....

मई : हां मेरे betu...sar सहलाते हुए मई उसका सर दबाने लगी....

मई: तुम हैवान बन गए अपनी दीदी से दूर hokar...itni बेदर्दी से मारा तुमने उन लड़कीओ को....

रोलेक्स : कोनसी लड़कियां didi...mai क्यों मरूंगा किसी को...

मई : क्या मतलब कही तुम मुझसे झूट तो नहीं बोल रहे...

रोलेक्स : नहीं didi...mujhe अब कुछ याद नहीं रहता थकन महसूस होती है तो सो जाता हों सलिल को भी आज़ाद नहीं chodta.kaji वो तुम्हारे बारे में न जान jaye..fir क्या होता है मुझे कुछ याद नहीं रहता अनजान जगह पर खुदा पता hon....shayad ये मेरी गलती है...

काश मई उससे पूछती कैसी गलती... उसकी बातों ने सत्य कर दिया और मैंने कुछ न पूछा....

मई :तुम दूर रहना मई सोना की फ्रेंड को सही सलामत ले आउंगी..

रोलेक्स : नहीं didi....ab आप उस दलदल में नहीं jaogi....aap बस सोना को sambhale..wo बहुत बिगड़ गयी है.

मई : क्यों सोना को क्या हुआ....

रोलेक्स : वो मेरी तरफ अततरयक्त hai...mujhe गुस्सा अत मई कुछ गलत न कर बैठु उसके sath...mai मरना नहीं चाहता.

मई : मई भी तो हों अपने शोना पर..

कहते हुए मैंने झुककर किश करना चाहा तो उसने अपने होंठो पर हाथ रख लिया...


रोलेक्स : गुस्सा न दिलाये मुझे....

मई: जस्ट किडिंग जानती हों तुम बड़े क्या ho...tumhe छेड़ रही थी...


रोलेक्स : क्या से क्या हो गयी life.....wo अफ़सोस से बोलै.

मई : सब ठीक हो jayega..chalo सो जाओ...

रोलेक्स : नहीं मुझे जाना hoga...aur वो मेरी गोदी से उठ गया....

मई : मत जाओ प्लीज....

रोलेक्स: सोना अकेली है....

और वो घर से निकल गया.....

अगले दिन वो सोना को लिए मेरे पास आया..

सबसे मिलकर मई उसे अपने रूम में ले गयी...

रोलेक्स : मई कुछ दिनों के लिए कॉलेज टूर पर जा रहा हों...

मई : झूट....

सोना : मुझे मेरी फ्रेंड chahiye...is टाइम पर सोना को रोना मुझे बिलकुल ाचा नहीं laga...gadhi ओवर एक्टिंग कर रही थी...

रोलेक्स : सच me...tour hai...Shimla का.

मई : अगर सोना की फ्रेंड के पास जा रहे हो तो जान लो मैंने बात कर ली है कुछ पैसे लगेंगे वो वापस आजायेगी...

रोलेक्स : कहा न टूर है...

मई : मई नहीं जाने dungi...agar टूर है तो सोना की कसम खा कर bolo...mai भी ओवर एक्टिंग करते हुए boli..uska भरोसा जितने के लिए..

रोलेक्स : आपकी Kasam...wo मेरे सर पर हाथ रखता हुआ बोलै....

मैंने आँखों से हामी भरी और वो घर से निकल गया....

उसे दूर तक छोड़कर हम दोनों वापस आगये....

सोना : सोंचा नहीं था इतना माइंडेड पर्सन हमारी बातों में आजायेगा..

मई : येह मैंने bhi...mona सच कह रही थी..

सोना : क्या...

मई : जब मोना ने मुझे कहा रोलेक्स को औरत के पीछे लगा दो तब मुझे भरोसा नहीं हुआ था रोलेक्स कभी किसी लड़की से प्यार करेगा और दिमागी तौर पर परलयज़ेड हो jayega...tumne कर दिखाया सोना...

सोना : सिर्फ मई नहीं मोना की दबाई मई और सबसे ज्यादा क्रेडिट किसी को जाता है तो वो हो आप...

मई : शट up...mai सिर्फ ये सब सलिल के लिए कर रही हों तरस गयी हों उसका लहजा सुनने के लिए.

सोना: उसने मुझे जानवरो की तरह mara...ab मारा तो मई अपने फ्रेंड्स से पिटवा दूंगी...

अनुसुइया : और मई चुप rahungi...maine नफरत से कहा...

सोना : ठीक है मई घर छोड़ कर चली jaungi....vaise भी मई अब टिक टोक से एअर्निंग करने लगी हों...

मई : जैसे रोलेक्स को प्यार से काबू किया वैसे hi उसे karna...aur हाँ उसके ज्यादा करीब नहीं जाना...

सोना : lol उसके जैसे हजारो मेरे आगे पीछे फिरते है...

************************

रात 11 बजे मुझे कॉल आयी......

ये वही गार्ड था जिसकी बेटी मेरे पास थी....

गार्ड : मम राजू बना कर उसे सेक्शन ा में अस ा गार्ड तैनात कर दिया है..

मई : गुड...

गार्ड: मैडम वो आपके बॉस के बारे में पूछ रहा था...

मई : तुमने बताया.

गार्ड: नहीं मैडम

अनुसुइया : ाचा किया.

गार्ड : मम मेरी बेटी से बात करा दो... प्लीज....

मई : कुत्ते जितना पुछु उतना जवाब दे थैंक्स बोल तेरी बेटी को अनाथ नहीं kiya...kaam होते hi तुझे तेरी बेटी मिल jayegi..uski पल पल की खबर मुझे देना....

कॉल कट करके मैंने सोना को जगाया..

मई : चलो डार्लिंग हमें निकलना होगा....

उसी रात सोना को लिए मई अड्डे पर ayi...aur सोना को मैंने छुपा Diya..Mona ऑलरेडी अपने काम पर लगी thi.....ab बस इंतज़ार था कब वो कोई हरकत करता है ताकि हमें उसकी स्ट्रेंथ का अंदाज़ा हो और वैसा hi एक्शन लें...

तीसरे दिन उसने सभी लड़कीओ को रिहा करा लिया ....न चाहते हुए भी मुझे उसके सामने आना पड़ा..

रोलेक्स : इन सबको छोड़ने के बाद तुम्हारी बरी hai....wo बिल्डिंग से बहार निकलते हुए मुझे देख बोलै..

सबको लिए वो जंगल की तरफ भाग गया.

गार्ड्स को मैंने रोक रखा tha...usne बस एक सेक्शन के गार्ड्स को मारा था वाकई मैंने जंगल में फैला दिए थे...

अब बस इंतज़ार था मोना की कॉल ka....wo स्पाई थी , साइकेट्रिस्ट थी हिप्नोटिस्म जानती थी किसी के भी दिमाग में घुस जाती thi.telepathy जानती thi...aur भी बहुत सी खूबियां थी usme.sex में भी जबरजस्त थी...

सुबह में मुझे उसकी कॉल आयी...

मोना : hello anu...wo मिल गया hai...mai उसे सुलाकर सलिल को लेकर अति हों अगर नाकाम राहु तो लड़कीओ पर फायरिंग शुरू कर देना नहीं तो वो मुझे मार देगा....

मई : don't वोर्री मोहिनी है उधर...

कॉल कट करके मैंने मोहिनी से कहा..

कुछ देर बाद मोना रोलेक्स के साथ अति dikhi....jo रोलेक्स नहीं था सलिल था..

मेरे पास एते hi सलिल मेरे गले लग गया.....

कुछ कहे बिना मई उसे अंदर ले आयी...

सलिल : ये कोनसी जगह है ये हमारा घर है..

मई :नहीं हॉस्पिटल तुम्हारे कुछ टेस्ट होंगे फिर हम घर चलेंगे...

मोना के इशारे पर मई उसे उस रूम की तरफ ले जाने लगी जहाँ दिमाग में घुसने वाली मशीन लगी thi...jise मोना ने यूरोप से मंगवाया था..

सलिल : दीदी मुझे कुछ याद नहीं आ raha..Sona ने दूध पि लिया..

मोना : ये बचपन में चला गया है.

उसके भोलेपन पर मुझे इतना प्यार आया की मैंने उसके होंठ चुम लिए...

बकवास test....bhut लोगो ने चूसा है तेरे होंठो को... अचानक से वो सीधा हो gaya....ye लहजा न सलिल का था न रोलेक्स का...

मई : Rolex...mai शॉक में बोली...

मुझे देख वो मुस्कुराने लगा...

पल भर में मेरा चहेरा पसीने से भीग Gaya...meri धड़कने बहुत फ़ास्ट चलने लगी .. घबराहट में मेरे मुँह से शब्द नहीं निकल रहे they...mai सोंच सोंच कर दर रही थी पता नहीं ये अब क्या karega...dhire धीरे मई कदम पीछे लेने lagi.ye देख उसने मेरी कलाई पकड़ ली.

तूने ये कैसे किया...

उसने मेरी कलाई घूमते हुए मोना से पूछा...

मोना : kya...Mona की माध्यम से आवाज़ आयी...

तूने रोलेक्स को कैसे सुलाया...


मई : तुम hi तो रोलेक्स ho...salil...tum हो ये...

मोना : नहीं अनु ये उन दोनों में से कोई नहीं hai....batao कोण हो tum..mai तुम्हारे सवालो के जवाब दूंगी.

सही कहा तूने मई दोनों में से कोई नहीं hon....jab रोलेक्स भूलने लगा सब कुछ तब मेरा जन्म hua....kuch समय मुझे चीज़ों को समझने में laga...rishto को जाना तुम्हे जाना तुमसे मेरा क्या रिश्ता है vagairah..Sona जो मेरी जान है मेरी होने वाली वाइफ उसे जाना और उसके प्यार को ..फिर मैंने अपना नाम rakha...mujhe कोई नाम देने वाला नहीं था इसलिए मैंने अपना नाम खुद hi रख लिया... रोलेक्स 2.0. इन्शोर्ट रोलेक्स 2...मई सब कुछ याद रखता hon....Rolex अपनी टेलेकिनेसिस की पावर खो चूका लेकिन मई नहीं वो सो जाता है लेकिन मई nahi....mai सलिल के साथ भी रह सकता hon....chalo अब बताओ कैसे तुमने रोलेक्स को sulaya...wo बोल रहा था हम दोनों शॉक में होकर सुन रही थी..

दो ने hi हमारी नाक में डैम कर रखा था ये तीसरा और आगया था.

मोना के जवाब में देने पर वो मेरा हाथ घूमने लगा.

मई : ाः मुझे दर्द हो रहा है रोलेक्स छोडो मुझे..

मोना : उसे छोड़ो तुम्हे बताती हों...

रोलेक्स 2 : क्या हो मई तुझे टार्चर करके पुछु....

मोना : टेलिपाथी के ज़रिये तुम्हारे दिमाग में घुसी फिर तुम्हे हिप्नोतिजे किया....

रोलेक्स 2: acha....tujhe काम डरावनी मौत दूंगा इसके मुक़ाबला में...

मई :अअअअअअअ ...

chatttt...aur उसने मेरा हाथ तोड़ दिया.....

मई : आआअह्ह्ह.... Rolex...maine तुम्हे पला है.....

रोलेक्स 2: और यहाँ मरने के लिए ले ayi....sali चालबाज़.

मोना : तुम सच नहीं हो तुम्हारा कोई वजूद नहीं ....सलिल का अपना शरीर hai...Rolex का दिमाग hai..tumhara क्या hai...ek बहरूपिया जिसे रोलेक्स ने क्रिएट Kiya....uski स्प्लिट पर्सनालिटी...

रोलेक्स 2: तू बकवास कर रही है ...मरने के दर se...lekin तू maregi....aur ये भी ...आआआआ... गुस्से में चीखते हुए उसने नाइफ निकला.

मोना : तुम्हारी सोना मेरे कब्जे में hai...ise कुछ किया तो वो मर जाएगी....

जैसे hi वो नाइफ से मेरा हाथ काटने को हुआ मोना की बात सुनकर रुक गया...

रोलेक्स 2 : वो घर पर है....

मोना : मई उसे लेकर आ रही hon...lekin इसे कुछ मत करना....

उसने हामी भरी..

रोलेक्स 2: डबल क्रॉस किया तो बहुत बुरी तरह करूँगा तेरे जिस्म को.....

मोना ने सर हिजलाया और वो आगे बढ़ गयी....

मई : सलिल मुझे बहुत पैन हो रहा hai...mai उसके सामने गिड़गिड़ाते हुए बोली...

hahahahhaha...mujhe दर्द में देख वो हसने लगा.....

मई : तुम्हे कुछ याद nahi...maine ये सब तुम्हारे लिए kiya....maine अपने आप को बेच दिया सिर्फ तुम्हारा पेट भरने के liye...aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....

मई बोल hi रही थी की उसने मेरा हाथ दवा दिया जिससे मई दर्द में बुरी तरह तड़पते हुए चीखने लगी....

मई : मुझे पूरी ज़िन्दगी अफ़सोस रहेगा मैंने तेरे लिए अपना सौदा किया..

रोलेक्स: 2 chal.mai तेरा दर्द काम कर देता हों.

उसने मेरी गर्दन पर लात राखी फिर अपना भर मेरी गर्दन पर डालने लगा...

मई: aaaaaaaaahhhhh...uuuuuu.....mere मुँह से घुटी घुटी आवाज़े निकलने लगी. ब्रीथिंग रूकती महसूस हो रही thi..aur मुझे अपना अंत दिखाई देने लगा.

रुक jao...use कुछ हुआ तो ये भी मरी jayegi....Mona मेरी हालत देख chikhi...Mona ने नाइफ सोना की गर्दन पर लगाया हुआ था..

मोना की आवाज़ पर उसने अपना पेअर हटा लिया और मई लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी...

सोना : भाई मुझे बचा lo...ye मुझे मार degi...Bhai ये बहन के नाम पर कलंक है ...ये यहाँ मेरा सौदा करने लायी है..

रोलेक्स 2 ; जनता hon...Sona....tu दर मत मई हों न...

मोना : उसे मेरे पास bhejo....mai इसे भेज रही हों....

रोलेक्स 2: chal.uth...usne मेरा टुटा हाथ दबाते हुए कहा...

मई : aaaahhhhhh...maine अपनी चीख को दबाया और उसे दया भरी नजर से देखने लगी...

मई : मुझे मार दो...

रोलेक्स 2: मेरे सामने तेरा ये इमोशनल ड्रामा नहीं चलेगा randi...chal जा यहाँ se...kuch देर बाद तेरी ख्वाहिश पूरी hogi...wo बड़ी हकरत से बोलै.

उसका जवाब सुन रोटी हुई मई मोना में पास जाने लगी और सोना उसके पास आने लगी....

bhai....Sona भागते हुए उसके गले लग गयी....

रोलेक्स 2 : तुझे कुछ हुआ तो नहीं....

सोना : नहीं..

रोलेक्स 2: don't क्राई मेरे होते हुए तुझे kuch...aaaaa...

धमममममम

अचानक से सोना ने उसे धक्का दे दिया...

अपनी गर्दन में लगे इंजेक्शन को थामे वो निचे जा गिरा...

रोलेक्स 2: धोका.....

सोना : तूने मेरी दीदी को mara.....aaaaaaaa...

धम्मं...

अगले hi पल सोना ने उसके मैं part पर लात मरी....

रोलेक्स 2: धोकेबाज़...

सोना : अगर सलिल की बॉडी न होती तो तेरी बोटियन कर deti...kutte तूने दीदी को मारा..



रोलेक्स 2: रोलेक्स से वो प्यार..

सोना : hahahahhahhaha.....my foot...you मदर फुकेर रोलेक्स एंड रोलेक्स 2...

और रोलेक्स की आंखे बंद हो गयी....

सोना ने घोड़े के लगाने वाला इंजेक्शन लगाया था..

मई : ये कैसा इंजेक्शन था Mona...salil की बॉडी को कुछ होगा तो नहीं....

सोना : गंडो उठ na...tu मेरी दीदी को मरेगा.

धम्मं dhammm...Sona रोलेक्स को उठाते हुए उसके मुँह पर शू की ठोकरे मार रही thi...kabhi जहाँ उसका दिमाग था वहां मार रही thi...aur गुस्से में उसे गलियां निकल रही थी..



साड़ी दुनिया से जित के मैं आया हूँ इधर

तेरे आगे hi मैं हारा किया तूने क्या असर

मैं दिल का राज़ कहता हूँ

के जब जब सांसें लेता हूँ

तेरा hi नाम लेता हूँ

ये तूने क्या किया...


सोनाआए....

मेरी चीख पर सोना रुकी..

भागते हुए मई जेक रोलेक्स से चिपट gayi....usse चिपटे हुए मई बचो की तरह रोने लगी..

सोना : दीदी पागल हो गयी हो tum..iske लिए रो रही हो तुम कुछ देर पहले hi इसने आपको मरने की कोशिश की...

सोना की बात सुन मैंने गुस्से में उसे देखा....

मई : तू नफरत में इतनी अंधी हो गयी ये भी भूल गयी ये सलिल hai...tu तो वैसे भी नफरत करती है मेरे भइओ से..

मोना : शांत हो जाओ तुम dono...guards बॉडी को उठाओ...

मई : शट उप Mona...ye मेरा भाई hai..nahi...nahi...kya तुम्हे इसे मार ...

मोना ; नहीं तगड़ा वाला बेहसूश किया hai...chalo उठाओ सलिल को...

सोना : सुलाने से बेहतर है इसका दिमाग hi निकल लो न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी...

मोना : उसके लिए सर का ऑपरेशन करना padega...jo मई नहीं कर sakti...apni बहन से पूछ लो क्या करना है...

मई : मोना ये अंधी है नफरत में...

सोना : सीधी तरह बोलो न अब विलन मुझे बना रही ho...plan आपका tha...Aisa करना आप चाहती thi...mai तो शादी के बाद घर छोड़ कर जा रही थी अपने कहा रोलेक्स को मरने के लिए

...अभी मार रहा था वो तब भी तुम्हारी आंखे नहीं khuli...had है दीदी..

मई : मोना मई अब ऐसा नहीं करना चाहती मई अपने भाई को लेकर घर जा रही हों...

मोना : पागल हो गयी हो tum...hamari जान पर बन आयी इसे कण्ट्रोल करने में ..अब जगा तो ज़िंदा नहीं छोड़ेगा..

मई : मुझे मंज़ूर hai...mujhe उसे साबित करना है मई उसकी दुश्मन नहीं हों..

मोना : कर तो रही हो उसे न मरकर....

***********************

दो दिन बाद रोलेक्स को होश आगया था ...वो मेरे सामने बैठा tha...ankho पर उसके पट्टी बंधी thi...sar पर उसके दिमाग की machine....upar उसके एक बहुत रिफ्लेक्ट होने वाली लाइट thi....jiske जलने पर आँखों के सामने अँधेरा चा जाता जिस्म जलने लगता...

रोलेक्स : ला ला ला....

मोना : तो कैसा लग रहा है...

रोलेक्स : तुम मुझे मार नहीं sakti...tumhe क्या लगता hai...maine कोशिश नहीं की thi..12th में hi मई डॉक्टर के पास गया था ऑपरेशन के थ्रू सलिल का दिमाग निकलने के लिए लेकिन डॉक्टर ने मेरी उमीदो पर पानी फेर दिए ये कहकर किसी एक भी दिमाग निकला तो दोनों मरे jayenge...ham दोनों के ब्रेन जुड़े हुए hai...ab मुझे मारा तो सलिल भी maraga...aur मई ज़िंदा रहा तो सबसे पहले सोना को मरूंगा... सोना तूने तो देखा था मुझे टार्चर करते hue..usse भी बुरी मौत dunga...pehle तेरे शरीर से स्किन उतरूंगा फिर हर दिन तेरी उंगलियां काटूंगा तेरे ज़ख्मो में चिली पाउडर bharunga...tu तड़पेगी और मई hasunga....Teri विगिना में मई जोक्स डालूंगा जो तेरा सारा काम रास चूस लेंगी..

मोना : रोलेक्स 2 कोण hai...Mona उसकी बात काटते हुए बोली...

रोलेक्स : लाललाल...

मोना : तुम्ही रोलेक्स 2 लगते हो..

रोलेक्स 2: दूर की नज़र है तेरी....


मोना : तो अब बताओगे तुम्हे कैसे रोलेक्स ने जन्म दिया या बनाया...

रोलेक्स2 : लालला...

mona's पर्सपेक्टिव....

ललललला.....

रोलेक्स2 : ये कोण बोलै....

मई : तुम्हारी अंतर आत्मा....

रोलेक्स 2 : साली तू कैसे मेरे दिमाग में ghusi...how it's पॉसिबल....


मई: लललला....

मई उसके दिमाग में घुस गयी थी उसकी आवाज़ के through...pehle जैसे वो मुझे तरसा रहा था जवाबो के लिए अब मई तरसा रही थी..

रोलेक्स : तू खेल खेलना चाहती है...


मई: लललला..

मई शयद रोलेक्स की स्प्लिट पर्सनालिटी hon..maine उसके दिमाग में अपनी सोंच डाली...

रोलेक्स2: साली मेरे दिमाग से खेलना बंद कर...

उसने मेरी सोंच पकड़ li...jo मेरे लिए पहली बार था.....

ये देख मैंने उसके सर के ऊपर लगी लाइट ों कर दी....

शॉक वाली मशीन को ों कर diya...dimag में मई उसे झटके देने लगी.....

रोलेक्स2 : aaaaaaaaaaaaaaaaaaa......

सब तरफ से मई उस पर हमले कर रही थी वो दर्द में चीख चिल्ला रहा था...

सिया अपने भाई का दर्द नहीं देख पा रही थी इसलिए मैंने उसे बहार भेज diya...Sona चिल कर रही थी इसलिए रुक गयी.

आधे घंटे तक उसे टार्चर करने के बाद वो दिमागी तौर पर बहुत कमज़ोर हो गया....

अब मैंने उसकी सोंचे ुढना शुरू ki...ek एक करके उसके सभी राज़ मेरे सामने खुलने लगे....


सिया से तंग आकर उसने सिया को मरने की कोशिश की लेकिन अपनी बांड की वजह से वो ऐसा न कर saka...Rolex सुपरहमन था मन ऑफ़ वर्ड्स लेकिन रिश्तो के आगे उसे झुकना pada....ek तरफ वो मेरी दवाइओं के कारन चीज़ो को भूलने लगा टेलेकिनेसिस की पावर्स ने काम करना छोड़ दिया वही दूसरी तरफ सोना भी सिया के नक्से कदम पर चलने lagi...yahan भी प्यार के हाथो वो मजबूर हो gaya...dono से निपटने के लिए उसने अपनी स्प्लिट पर्सनालिटी को क्रिएट Kiya...jab वो आयी तब उसे सोना से प्यार हो गया.. और उसने रोलेक्स को कण्ट्रोल करना शुरू कर दिया...

मई: पॉसवर्ड क्या है मई भूल gaya..maine उसके दिमाग में अपनी सोंच डाली...

वो दिमागी तौर पर इतना कमज़ोर था की उसे पता hi नहीं चला की ये उसकी सोंच है या मेरी..... रोलेक्स ने अपने दिमाग में पॉसवर्ड लगा रखा था रोलेक्स 2 को कण्ट्रोल देने ka...aur उसे ख़त्म करने के लिए मुझे भी उसकी ज़रूरत थी....

समुन्दर ...रेलगाड़ी... jahaz..Agni...stars..003...uski बेहद वीकनेस भरी आवाज़ निकली..

बंद करूऊओ.....


मई उसके दिमाग में hi बैठी thi....ab रोलेक्स आगया tha....wo सिचुएशन समझने की कोशिश कर रहा था....

मैंने फिर उसके कोड दोहराये और रोलेक्स 2 को लायी....

रोलेक्स 2 : बंद karo....ise बंद करो...

मेरे इशारे पर सोना ने शकक वाली मशीन बंद कर दी..

मई : देख लिया तुमने तुम असली नहीं हो सिर्फ एक पासवर्ड और तुम्हारा वजूद ख़त्म...

रोलेक्स 2 मेरी बात सुन कर रोने laga...use अहसास हो गया था वो असली नहीं...

मई : अब जाना चाहोगे....

रोलेक्स 2 : मई दोनों से जुड़ा hon...Rolex के मरे मई नहीं जा सकता...

मई :देखते hai....mere इशारे पर रूम में अँधेरा छ gaya.sona ने यूरोप से लायी हिप्नोटिस्म की मशीन ों कर di...Rolex 2 उसमे खो gaya...uske दिमाग में बैठी mai..use खोटी गयी खोटी गयी....

4 घंटे बाद जब वो चला गया और रोलेक्स आगया तो मैंने उसे छोड़ दिया...

भरी सर लिए सोना के साथ मई बहार निकली...

रोलेक्स अंदर बंधा रह गया था..

थकी हरी मई बीएड पर लेट gayi...Sona ने एक लड़की को मुझे मस्सगे देने पर लगा दिया....

अनुसुइया ने मुझ पर सवालो की बौछार कर दी....

मई : थोड़ा यार रिलैक्स होने do..fir बताती हों सब...

कुछ देर बाद अंदर जो हुआ मैंने सब बता दिया....

अनुसुइया : क्या रोलेक्स 2 मर गया..

मई : नहीं यार अभी वो खो गया ...उसे मैंने कैद कर diya...dekho कब तक वापस aye....shayad न bhi..let's see...Rolex सलिल के हर्ट होने पर वो अत hai...ab रोलेक्स को कैसे कैद करुँगी उसी के मंद में फिर देखती हों क्या होता है...

अगले दिन मैंने रोलेक्स का नंबर लगा दिया....

रोलेक्स : तुम ये कैसे कर पा रही हो मेरे दिमाग में तुम कैसे ये कैसी नॉलेज hai...shayad रोलेक्स 2 ने अपनी यदि रोलेक्स में नहीं डाली थी इसलिए वो फिर अपना सवाल दोहरा रहा था.

मई : टेलिपाथी का नाम सुना hai...usi के थ्रू मई तुम्हारे अंदर झांक पा रही हों...

रोलेक्स: मई लाया था टेलिपाथी की किताबे लेकिन अनुसुइया बेच di...sali कुटिया..

मई : फिर भी तुम नहीं सीख पते चार साल की थी तब से सीख रही अब जाकर सीखी हों...

रोलेक्स : तू मुझे नहीं जानती...

मई : अब तक नहीं लेकिन ab...mere इशारे पर सोना ने शॉक मशीन ों कर दी इधर मैंने लाइट जला दी जो उसके शरीर को जलने lagi....dhire धीरे वो बहुत कमज़ोर हो गया...

फिर मैंने अँधेरा किया और उसे हिप्नोतिजे करने वाली मशीन ों कर di...mai वैसे भी हिप्नोतिजे कर लेती लेकिन रोलेक्स का केस अलग था....

रोलेक्स : मई रोलेक्स हों मई रोलेक्स हों मई रोलेक्स hon...wo खुद को याद रखने की कोशिश कर रहा था....

रोलेक्स : aaaaaaaaaaaaaaaaa....wo चीखा और उसके सर से जुडी मशीन टूटकर गिरने lagi....wo टेलेकिनेसिस की पावर्स उसे कर पा रहा था इतना वीक होने के बाद भी ...हिप्नोटिस्म मशीन बंद कर मई उसे लाइट से जलने लगी...

रोलेक्स : aaaaaaaaaaaaa...ab वो दर्द में चीख रहा था....

रुक जाओ Mona...Anu चीखी और पास आकर उसने लाइट बंद कर दी...

रोलेक्स : दीदी....

अनुसुइया : I'm sorry...aur अनुसुइया ने रट हुए अपना सर रोलेक्स के पैरो में रख दिया....

रोलेक्स : मुझे खोल दो दीदी... please...mai चला जाऊंगा....

मई इंजेक्शन लिए तैयार थी दोनों को मैंने ाकाहिरी मीटिंग का मौका दिया था ...अपने भाई को दर्द में देख अनुसुइया बदल रही थी...

अनुसुइया : खोल दूंगी वडा करो तुम सोना को नहीं maroge...usne सब मेरे कहने पर kiya....mai पहले चाहती थी लेकिन अब नहीं चाहती तुम्हे marna...tum कही चले jana...wada करो सोना को नहीं Maro...aaaaaaahhh....anu बोल hi रही थी की उसकी गर्दन रोलेक्स ने अपने पैरो में फसा li...na चाहते हुए भी मुझे इंजेक्शन देना पड़ा....


दो दिन बाद मैंने फिर अपना काम शुरू कर दिया....

मैंने रोलेक्स के दिमाग में इतने रूम बनाये वो एक से निकलता दूसरे में फास jata...aur मई रूम बनती गयी....

4 दिन लगे मुझे और मई कामयाब हो गयी.... रोलेक्स सो गया tha...apne hi दिमाग के रूम्स में जिसे मैंने क्रिएट किया tha....jab उसकी तरफ से कोई एक्टिविटी नहीं हुई तब मैंने उसे छोड़ diya...wo एक गहरी नींद में चला गया tha..wo ज़िंदा था लेकिन जैसे इंसान कोमा में नहीं चले जाते रोलेक्स का भी हाल ऐसा hi था....

रोलेक्स चाहता तो बच सकता था कण्ट्रोल सलिल को dekar...lekin उसने ऐसा नहीं किया सलिल को हर्ट होता देखने से बेहतर उसे खुद का अंत सही laga...salil को हर्ट शायद दोनों बहने भी न करने देती...

सलिल जब वापस आगया तो मैंने उसे हिप्नोतिजे kiya...Rolex की यदि उसके कौन्सियस मंद से निकल कर सुब कौन्सियस मंद में डालकर लॉक लगा दी...

कई दिन लगे मुझे सलिल के मंद से रोलेक्स की यादें भुलाने me....lekin मई कामयाब हो गयी....


**********************

रोलेक्स जा चूका tha...Aaj 4 महीने हो गए उसे गए hue....mona ने जो मुझे बताया मैंने उसी के शब्दों को अपनी डेरी में लिख लिया.....

रोलेक्स की याद अति थी मुझे हर पल ..ज़िन्दगी में रह गया था तो बस kash..kash वो मेरा पीछा न करता काश वो मेरे बारे में न जनता....

टिंग...

सुबह के समय दूर बेल्ल बजी और मैंने जाकर दूर खोला...

मई : तुम...

झमेला : मई रोलेक्स से...

उसके आगे बोलने से पहले hi मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया..

और उसे लेकर मई सोसाइटी के पार्क में आयी...

सबसे पहले मैंने उसके हाथ में बंधा ब्रेसलेट dekha..use देख मेरी जान में जान आयी...

मई : क्यों मिलना चाहते हो रोलेक्स से..

झमेला : कुछ पर्सनल बातें hai..kya हुआ आप मुझे यहाँ क्यों ले आयी...

मई : बताओ क्यों मिलना चाहते हो और इतने दिनों से कहा थे..

झमेला : आप इतना हाइप क्यों क्रिएट कर रही हो बताओ कहा है वो...

मई : बता दूंगी वडा करो तुम भी बताओगे..

उसने हामी bhari...aur मैंने सब बता diya...meri बात सुनकर उसकी नाम हो गयी चहेरे पर गुस्सा आगया.

मई : अगर तुम चाहते हो सलिल ज़िंदा रहे तो कभी सलिल के सामने रोलेक्स का नाम नहीं lena..mai चाहती तो सलिल के दिमाग से तुम्हारी यादें भी मिटा देती लेकिन मैंने ऐसा नहीं kiya...ab तुम भी अपनी दोस्ती nibhao..wo क़ातिल बन गया था..

झमेला : और आप क्या ho..ye बात उसे कहना जो आपके बारे में न जनता हो..

मई : मैंने वो सब गलत काम छोड़ diye...mere हालत ऐसे नहीं थे की मई दोनों भइओ को पाल सकूँ बचपन में hi मुझे उस गंदगी में उतरना पड़ा.. रोलेक्स के जाते हुए मैंने उससे वडा दिया मई वैसा कोई काम नहीं karungi...mere कुछ झूट कुछ सच को सुन वो पिघल गया...

मई : तुम सलिल के सामने कभी रोलेक्स का नाम नहीं लोगो बोलो.. वडा करो....

उसने बड़े साद होकर वडा किया...

मई : अब बताओ क्यों रोलेक्स से मिलने ए थे..

झमेला : कुछ नहीं ऐसे hi...

मई : शिरीष कहा है...


झमेला कुछ कहे बिना उठकर चला gaya...maine उसका पीछा किया तो जाना वो एक हॉस्पिटल में गया hai...wahi मुझे शिरीष मिली.

डॉक्टर : आप पैसे ले ए...

झमेला डॉक्टर के सवाल पर गुमसुम सा श्रीशा को देखने laga...jo अंदर स्टेचर पर लेती थी..

डॉक्टर : अगर आप फीस डिपाजिट नहीं करेंगे तो इनका इलाज नहीं हो सकता..

झमेला ने भगतो आँखों के साथ डॉक्टर के सामने हाथ जोड़ दिए..

झमेला : मई कैसे भी करके आपकी पायी पायी चूका दूंगा आप उसका इलाज करे प्लीज....

डॉक्टर ; I'm सॉरी...

धम्म्मम्म... डॉक्टर के जवाब से झमेला सदमे से गिर गया.

वो वही घुटनो में मुँह छुपाये बैठ गया....

कहा ले जा रहे हो ise...kuch देर बाद नर्स श्रीशा का स्ट्रेचर ले जा रही थी जिन्हे देख झमेला खड़ा हो गया..


ओट में ट्रीटमेंट के liye..sath जा रही डॉक्टर ने कहा..

झमेला : लेकिन पैसे...

डॉक्टर : उन्होंने दे दिए...

डॉक्टर के कहते hi मैंने झमेला के सर पर हाथ रख दिया....

मुझे देख वो हाथ जोड़ने लगा..

मई : सलिल होता तब भी ऐसे hi करते.

और मैंने उसे हुग कर लिया..

मई: सिर्फ वो दोनों hi नहीं तुम भी मेरे भाई ho..Bhai को मुसीबत में कैसे अकेला छोड़ deti..wada करो रोलेक्स का राज़ कभी सलिल को नहीं बताओगे...

उसने वडा किया...

पैसे से क्या नहीं ख़रीदा जा सकता था पैसे से मैंने उसकी लॉयल्टी खरीद ली थी....

वो दर रहा था श्रीशा के लिए लेकिन मैंने वो उसे दे दी....

धीरे धीरे दिन गुजरने लगे मई सलिल का बेहेवियर नोट करने lagi...Rolex को न देख मई उसे लेकर सोसाइटी छोड़ दी...

सोना के दिल में भी सलिल फिर से अपना प्यार जगाने में कामयाब raha...kisi बात को सलिल मन करता मई उसे दन्त deti...use काबू में रखने के लिए मैंने उससे पेअर छुवने शुरू कर diye...aur वो खुसी खुसी ऐसा करता था..

तीन साल गुज़र गए और रोलेक्स नहीं aya...ab हम दोनों बहने सूरे हो गयी थी की वो कभी नहीं ayega...so हमने भी मूव ों कर liya....aur सलिल की शादी करने की sonchi...ladki उसने पहले hi पसंद कर ली थी ....

सलिल चलो हमें लड़की देखने जाना है...

सलिल : दीदी मेरा इंटरव्यू hai....mai नहीं रहा लड़की देखने..

डेरी के पैन ख़त्म हो चुके they...purvi जो अपने आंसू संभाले हुए thi...Rolex के बारे में जानकर फुट फुट कर रोने लगी....

पूर्वी : मेरा सलिल hi मेरा रोलेक्स hai....wo खुद में budbudai...use वो लम्हे याद आ रहे थे जो उसने सलिल के साथ बिताये थे जिन्हे सोंच सोंच वो मुस्कुराये जा रही थी..

इतने में पूर्वी का फ़ोन बजने लगा..

कुछ समय पहले....

आरोही मम coffee....geeta कॉफी देते हुए बोली...

एक कफ ट्रे से उठा कर आरोही पिने लगी...

गीता :मम ये भी उठा लो कहना अपने बनाई है वर्ण सलिल सर पिएंगे नहीं...

आरोही : वो जा चूका है ये तुम पि लो...

गीता: ओह्ह ...कल पूर्वी मम आयी thi...apko देखने काफी देर तक आपके रूम में रेस्ट ki...mujhe खाना बनाने के लिए कह दिया..

आरोही : कुछ किया था उसने...

गीता : देखि नहीं mam.jab खाना बन गया तो वो बिना खाये hi चली गयी.


गीता का जवाब सुन आरोही अपने रूम में अति है और सबसे पहले अपना सेफ ओपन करती है...

सब कुछ होता है usme...wo डेरी के पेजेज देखती है तो उसे अहसास हो जाता है सियाही देख की ये अभी लिखे गए hai..usne पहले भी डेरी को ओपन किया tha....wo पूर्वी की हैंडराइटिंग भी पेहचानति थी..

आरोही :bicth....use अहसास हो गया था पूर्वी असल नोट्स डेरी के ले गयी hai...jaldi से वो होटल में कॉल करती है..

आरोही : cara....purvi है वहां.

करा : है अपने रूम में...

आरोही : उसे निकलने मत देना मई अभी आ रही हों...

करा : हुआ क्या है...

आरोही : आकर बताती हों.... कॉफ़ी छोड़ वो हड़बड़ाहट में गेराज की तरफ भगति है...

कार निकल के वो hotel.ke लिए निकल जाती है...

होटल आकर वो पूर्वी के रूम की तरफ भागने लगती hai....use देख पीछे piche...Rohit भी उसके साथ हो लेता है .

पूर्वी के रूम पर ाकए आरोही दूर पीटने लगती है...

khattttt....khatt..

आरोही : पूर्वी दूर kholo...purvi...

रोहित : हुआ क्या है...


आरोही : बिस्तह ी साइड ओपन थे दूर...

रोहित : बताओगी हुआ क्या है...

आरोही : मैनेजर को बुलाओ अभी कीस के sath...aarohi को गुस्से में देख रोहित चला जाता है...

कुछ देर बाद अत है और पूर्वी के रूम का गेट खुलता है....

पूर्वी रूम में नहीं होती लेकिन शावर की आवाज़ आ रही होती है...

आरोही : purvi...purvi बहार niklo....aarohi कई आवाज़े लगाती है लेकिन पूर्वी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलता.

आरोही : इसे खोलो...

मैनेजर : मम ये अंदर से hi खुलेगा...

आरोही : तोड़ do....Rohit..

रोहित दूर तोड़ने लगता hai...aarohi रूम को खंगालने लगती है..

एक जगह पर steal.ke गार्बेज बॉक्स में आरोही को कुछ पैन जले मिलते है..

क्या कर रहे हो खोल रही हों baba.itne में आरोही को पूर्वी की आवाज़ सुनाई देती है और पूर्वी टॉवल में लिपटी भीगी हुई बहार निकलती है...

आरोही : क्या कर रही थी तुम इतनी देर से andar....kitne देर से हम चीख रहे थे सुनाई नहीं दिया तुम्हे....

पूर्वी : वाशरूम में थी यार फिर नहाने लगी...

आरोही ; सीधी तरह बताओ वो डेरी कहा है ...तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे घर चोरी करने की...

पूर्वी : वो तो मैंने जला दी...

चटककककक..... पूर्वी के जवाब से गुस्सा होकर आरोही एक ज़ोरदार थप्पड़ पूर्वी को मरती है....

पूर्वी : आज तुमने बची कुछ दोस्ती भी ख़त्म कर di...congrats..

आरोही : भाड़ में जाये तुम्हारी दोस्ती मुझे बताओ क्या था उस डेरी में..

पूर्वी : hahahahhaah.....tum पर तरस आ रहा है mujhe....meri प्यारी स्नेहा...

कहते हुए पूर्वी आगे बढ़कर ड्रेस पहनने लगती hai..fir अपना बैग पैक करने लगती है....

इधर आरोही ने रोहित को समझा दिया...

रोहित : बहुत महंगा पड़ेगा तुम्हे purvi..hamhari दोस्ती का नजीज़ फायदा न उठाओ सीधी तरह बताओ क्या था उस डेरी में..

पूर्वी : मैंने बिना पड़े उसे जला दिया..

पूर्वी के जवाब से गुस्सा होकर रोहित पीछे से आकर पूर्वी को बाँहों में भर बाद पर गिरा देता है...

रोहित : मुझे फाॅर्स करने पर मजबूर मत करो....

पूर्वी : बलात्कार करोगे मेरा या टार्चर करोगे Mera..bolo....jo भी करो इसके सामने karna....mooh तब भी नहीं खोलूंगी mai....villain तो तुम बन hi गयी ho...aarohi...tum तब भी ऐसी hi थी जब तुम्हे सिया के बारे में नहीं पता था जब तुम्हे सलिल के बारे में नहीं पता था ...मेरे साथ कुछ गलत करोगी तो मुझे हैरानी नहीं होगी..

आरोही : जाने दो ise...Rohit...ab अगर तू मेरे सामने आयी तो मई भूल जाउंगी पूर्वी तू मेरी दोस्त है....

बैग लिए पूर्वी पहले रूम से फिर होटल से...

एक दूसरे होटल में उसने स्टे किया....


*****************************

टिंग......

दूर बेल्ल बजने पर सोना जब दूर ओपन करती है तो वहां कोई नहीं hota...niche जमीन पर उसे एक फाइल जिसके साथ एक लत्तेर होता है पड़े मिलते है....

लत्तेर पद कर वो फाइल ओपन करके देखती है फिर जल्दी से अनुसुइया को कॉल लगा देती है...

प्रेजेंट टाइम.......

जहाँ झमेला मुझे अक्सर लता था मई वही आगया tha...ye खण्डार था पूरी बिल्डिंग धसी हुई......

मई अंदर गया फिर वह से बेसमेंट में बेसमेंट में hi मुझे झमेला चिकना ,दीपक दलाल और अपने कई साथिओ के साथ मिला...

उसके साथी झमेला के हाथ में बंधे ब्रेसलेट को ारी से कट रहे थे....


मई : अगर ये ब्रेसलेट कट गया तुम लोग इसे संभल नहीं पाओगे..

मेरी आवाज़ पर उन सब ने मुझे देखा....
 
Episode 32

उसके साथी झमेला के हाथ में बंधे ब्रेसलेट को ारी से कट रहे थे....


मई : अगर ये ब्रेसलेट कट गया तुम लोग इसे संभल नहीं पाओगे..

मेरी आवाज़ पर उन सब ने मुझे देखा....

नेक्स्ट कंटिन्यू....


मई किस से बात कर रहा hun.jhamela ारी को रोक मेरे पास एते हुए बोलै.

मई : पता नहीं कोण हूँ Mai..mujhe आवाज़े सुनाई देती है.

चिकना: कैसी awaze...salil भाई.

मई : पता नहीं सपना है या कोई मेरे मंद में बोलता है..

बोलते हुए मैंने झमेला को देखा मेरी बात सुन उसकी आंखे बंद हुई जैसे वो कुछ छुपा रहा है..

झमेला : ाचा बता यहाँ कैसे आया.

कुछ कहे बिना मैंने गन उस पर तन di..aur नाम आँखों से उसे देखने लगा.

चिकना : क्या कर रहे हो सलिल भाई..

ैदा रघु: सलिल भाई क्या कर रेल अपने यार के साथ..

बरी बरी से उसके सभी दोस्त मुझे रोकने लगे...

सबको हटा कर झमेला बिलकुल आगे agaya..gun उसके साइन से टच होने लगी..

झमेला : क्यों...

मई : आरोही.

झमेला : मेरे बाद मेरी बहन का ख्याल rakhna.kehkar वो मेरी आँखों में देखने लगा..

अगले hi पल गन मेरे हाथ से गिर गयी और मई झमेला के गले लगे सिसकने लगा....

हम सब लैब क hi फाटे हुए सोफे पर बैठ गए...

झमेला : अब बताएगा क्या हुआ है..

मई : कुछ भी झूट नहीं था जो मैंने पहले देखा tha...aur फिर मई उसे बताने लगा वो सब जो अब तक आरोही ने मेरे साथ किया...

झमेला : मेरी माँ की बेटी नहीं हो सकती वो..

चिकना : अब क्या करना है सलिल भाई ..

मई : सब से पहले अपने माथे से ब्रोकर का टैग हटाना है ..

झमेला : मालाब...

मई : आग लगाने जा रहा हों..

झमेला : मई भी चलता हों .

चिकना: मई भी ..

रघु: मई भी...

मई : पकडे गए तो पूरी ज़िन्दगी के लिए जेल जाओगे....

झमेला : वो तो घर है अपना.

और हम सब लैब से बहार aye...bahar आकर हमने ऑटो रोका उसमे सब बैठ कर चल दिए अपनी मंज़िल..

********************

कुछ देर बाद हम कोर्ट में थे...

जी फरयादी जज साहब ने आपको अंदर बुलाया है...

जज के नौकर ने आकर कहा जिसकी आवाज़ पर मई और झमेला खड़े हो गए...

असिस्टेंट: सिर्फ एक उनसे मिल सकता है...

झमेला: मटर इसका है बात मुझे करनी है..

झमेला की बात सुन उसने अंदर आने का इशारा किया और मैंने चिकना को....

अंदर ए तो जज जाने की तैयारी कर रहा था...

मई : पहचाना मुझे...

जज : क्या मतलब कोण हो भाई जल्दी से बोलो क्या काम है..

मई : मई वही हों जिसके माथे पर तुमने बेग़ैरती का टैग लगाया... जिसने तुम्हारे गंदे कानून 13 ा को मैंने से इंकार kiya...aur तुमने उसे 1 साल की सजा सुना दी...

जज : ाचा तू हाँ याद आया यहाँ क्या लेने आया..

मई : मेरा लत्तेर मुझे वापस करो...

जज : असिस्टेंट भगाओ इन्हे यहाँ से..

असिस्टेंट क कुछ बोलने से पहले वो झमेला की पकड़ में था...

मई : जो मुझे चाहिए वो मई लेकर रहूँगा चाहे तू दे या तेरी लाश.. चिका तो असिस्टेंट से पहले तू मरेगा.

जज : रुको रुको देता hon...hadbadahat में वो जल्दी जल्दी लत्तेर देखने लगा...10 मिनट की खोज के बाद लत्तेर उसने मुझे थमा diya...jise लेकर मैंने पॉकेट में रख दिया ..झमेला को देखा तो वो खड़ा था असिस्टेंट की गाला घुटने से मौत हो गयी थी...

जज : पुलिस तुम्हे छोड़ेगी नहीं..

मई : जनता hon..mere इशारे पर झमेला ने जज को भी पकड़ कर बांध दिया मुँह में उसके कपडा थुश दिया जिससे वो चीख न पाए ..


मई : इतनी एजुकेशन हासिल करके तू बना जज और तू इंसाफ का hi गाला घोटने लगा...

जज : ुनुनुन ...

वो कुछ बोलना चाहता था मेरे इशारे पर झमेला ने उसके मुँह से कपडा निकल दिया...

जज : मुझे माफ़ कर दो ..मई अब पूरी ईमानदारी से अपना फ़र्ज़ निभाउंगा..

मई : ssshhh....acha बता तेरे कितने बचे है .

जज : एक लड़की दो लड़के

मई : तीनो मैरिड है..

जुगड़े ने सर हिला कर हामी भरी.

मई : तेरी बेटी तेरे दामाद को चीट करे तो तू क्या karega....jawab de..mera सवाल सुन कर वो बेबसी से मुझे देखने लगा...

जज : समझाऊंगा उसे ..

मई : और अगर तेरे बेटी की बहु बहार मुँह मारेगी tab...jhut बोलै तो जान से मार दूंगा..

जज : मरवा दूंगा अगर मेरे बेटो के साथ ऐसा की तो ..

मई : जो कानून जानवर भी फॉलो नहीं करते वो तुम औरतो के साथ इंसाफ और कानून के नाम पर इंसानो पर इम्प्लीमेंट कर रहे हो ...मेरे जैसे हज़ारो लाखो गरीब लोग है जो दिन भर अपनी बीवी को भरपेट खाना खिलने के लिए जानवरो की तरह काम करते है और उनकी पत्नी जब धोता देती पकड़ी जाये और वो अलग होना चाहे तो तुम जैसे जज जिनके हाथ में नियाये व्यवस्था है लोगो को इंसाफ देने की जगह उनके माथे पर ब्रोकर का टैग लगा देते हो ये कहकर की कानून इसकी इजाज़त देता hai..aur जब तुम्हारे अपने घर में ऐसा हो तो तुम्हारा इंसाफ बदल जाता है...

मई : झमेला जज साहब से पूछो इस जुर्म की सजा क्या है उनके कानून में..

जज : प्लीज मुझे छोड़ दो मई आगे से ये जॉब hi छोड़ दूंगा.

मई : मैंने सवाल किया है जज साहिब..

जज : ये कानून का part है इसलिए इस पर कोई सजा नहीं...

मई : जानते हो मेरी अदालत में क्या सजा है इसकी....

जज सवाल भरी नजरो से मेरी तरफ देखने लगा..

मई : भयानक मौत.... मेरे कहते hi झमेला ने उसके मुँह में कपडा थुश दिया...

सलिल भाई सारा इंतेज़ाम हो गया hai..kuch देर बाद चिकना केबिन के गेट से झांकते हुए बोलै...

हम साडी प्लानिंग करके ए थे..

झमेला : कुछ देर यही रुकना होगा अँधेरा होने तक ..चिकना बहार से लॉक लगा de...din ढल जाने पर अजना अभी पेंटर लोगो के सतह कहीं चुप जा.

झमेला की बात सुन चिकना लॉक लगा कर चला गया...

**********************

वो लत्तेर पढ़ते hi सोना जल्दी से अनुसुइया को कॉल लगा देती है...

सोना : दीदी ...didi...wo ..रोलेक्स.

अनुसुइया : तू इतना हड़बड़ा क्यों रही है ठीक से बोल..

सोना : दीदी जल्दी से घर आओ ..दीदी किसी को रोलेक्स की सचाई पता चल गयी है .

अनुसुइया : व्हाट....

और कॉल कट हो जाती है...

कुछ देर में अनुसुइया सोना ने सामने होती है... जिसके साथ मोहिनी भी होती है.


तुम से नीच बहने मैंने आज तक नहीं dekhi..jo अपने hi भाई रोलेक्स को मरकर कितनी खुश है ..मई कोण हों यही सोंच रही हो न मई भी तुम्हारा शिकार होने वाली एक लड़की हों ..मेरा दिल नहीं कर रहा है तुम्हे माफ़ करने का लेकिन कर रही हों तुमने मेरी इज़्ज़त का सोडा किया लेकिन तुम्हारे भाई ने मुझे bachaya...tumhara राज़ तुम्हे सौंप कर जा रही हों रोलेक्स भी तुम्हारा दुश्मन है आरोही भी आरोही को रोलेक्स की सच्चाई पता चली तो वो देर नहीं करेगी रोलेक्स को बहार लेन में दोनों hi तुम्हारे दुश्मन hai..iske बदले में मई बस एक चीज़ चाहती हों मेरे सलिल की लाइफ से चली जाओ हमेशा के लिए....

मोहिनी : क्या लिखा है ..कहते हुए मोहिनी लत्तेर अनु के हाथ से छीन कर पढ़ने लगती है...

सोना : दीदी रोलेक्स आगया तो मुझे जान से मर dega..Sona डरते हुए अनुसुइया के गले लग गयी...

अनुसुइया : कुछ नहीं hoga...Mai हों न..

मोहिनी : अब क्या करना hai...Rolex का राज़ फहश हो चूका है हमें तो ये भी नहीं पता ये लत्तेर देने वाली हमारी दुश्मन है या दोस्त...

अनुसुइया : जो भी हो वो भी नहीं चाहती रोलेक्स बहार aye...well मई मोना को तैयार कर दूंगी अगर कभी ऐसा कुछ होता है.

सोना : ये तो पता करना होगा ये कोण है कही आरोही की कोई चल तो नहीं..

अनुसुइया : घर के कक्तव में देखा.

सोना : गलीच आगयी जितनी देर वो यहाँ रही.

मोहिनी : कैमरा जमेर उसे की वो.

अनुसुइया : सोसाइटी के कक्तव देखती हूँ शायद usme.aayi हो..

कहकर अनुसुइया अपने पालतू सप को फ़ोन लगा देती है और साडी कक्तव फुटेज मंगवा लेती अपनी सोसाइटी की.


*****************

कुछ देर बाद अँधेरा हुआ और दूर khula..judge को लेकर हम उस जगह ए जहाँ मुकदमा लड़ा जाता है...

हमने जज को बीचो बिच बंद दिया फिर घासलेट से उसे भीगकर कोर्ट को भीगने लगे... पीछे के रस्ते से छुपते हुए हम लोग बहार ए ...बहार आकर मैंने माचिस की तीली जला कर जमीन पर फेक दी ....

कुछ hi देर में कोर्ट शोलो से ढकने लगी...

दूर से हम सब कोर्ट को जलता देख रहे थे...

लोग आग बुजहने के लिए पानी दाल रहे थे कुछ hi देर में फायर एक्सटीन्गुइशेर की गाड़ियां भी आगयी लेकिन मई अपना काम कर चूका था.

चिकना : झमेला भाई छाए की तालाब लग रही है.

झमेला : चाहिए तो बनती है..

मई : रुको मई देखता हों रास्ता साफ़ होगा तो इशारा दूंगा..

छुपते छुपाते हम छाए की टापरी पर ए...

वह लगी टीवी पर झमेला की hi न्यूज़ चल रही thi...jhamela और उसके दोस्त सभी मुँह छुपाये बैठे थे सिवाए मेरे .

कुछ देर बाद छाए आयी.

मई: छोटू तेरे पास गोले होंगे..

छोटू : है भाई .

मैंने पैसे दिए और 10 गोले मंगवा लिए...

झमेला : ऐसे क्या देख रहा है hatele..mai उस टाइप का नहीं हों..

मुझे हर रिश्ते ने धोका दिया यहाँ तक की खून के रिश्तो ने भी लेकिन एक दोस्ती का रिश्ता ऐसा था जिस पर मुझे प्राउड था...

मई : आज मेरे साथ soyega..uff तू कितना गोरा hai...kamsin लड़की की तरह..

झमेला : तेरी तो सेल तेरी निगाहो में मुझे हवस दिख रही है ...हवसी.

हम दोनों की बातों पर झमेला के दोस्त खिल खिला कर हसने लगे.

झमेला : चल चिकना तू बहना के पास जा मई अड्डे पर जा रहा हों..

कहकर वो चला गया मई भी उठकर घर की तरफ चल दिया..

ऑटो से जब मई घर आया तब दूर खुला था...

chatakkkkk...mere बेटे की तरफ आंख उठा कर देखि तो तेरी आंखे निकल lungi...ate hi मुझे सासु माँ दिखी जो आरोही को हॉल में मार रही थी..

आरोही : उस लावारिस के लिए आप अपनी बेटी को छोड़ रही हो माँ..

आशिक़ मेरा बीटा hai...anath nhi..samajh गयी..

आरोही : जिसे उसने मारा वो मेरे पिता जी है.


सुहासिनी : फिर तेरा मेरा रिश्ता khatm..bhul जा तेरी कोई माँ है..

आरोही : माँ सुनो तो माँ..

आरोही पुकारती रह गयी सासु माँ आगे बढ़ गयी.

मेरे पास आकर वो रुक गयी...

मई : आप सब जानती thi.mai रोहित को देख बोलै जो दूर खड़ा था.

सुहासिनी : मुझे नहीं पता था आरोही की शादी के बारे में मई तुमसे गोवा में पहली बार मिली thi...tab मई सेल्फिश हो गयी ये जाने बिना मेरी बेटी तुम्हारा ये हाल नहीं ये मेरी बेटी नहीं hai...ab मुझे सेल्फिश होने की सजा भी मिल रही है.

कहते हुए वो आगे बढ़ गयी...

चलते हुए मई अपने बैडरूम में आकर बीएड पर बैठ गया...

नशे से मेरा सर घूम रहा था...

बीएड पर hi मुझे एक भरा हुआ कंडोम दिखा..

कुछ देर बाद आरोही आयी जिसके साथ में गीता थी जो पानी लिए thi..tray से पानी उठा कर उसने मुझे दिया..


मई : गीता चैनल तू अपने हाथ से दे...

मेरे कहने पर दोनों एक दूसरे का चहेरा देखने lagi..fir आरोही ने गीता को पानी थमाया उसने मुझे...

मार दिया झमेला को.

पानी का गिलास लेकर जब गीता चली गयी तब आरोही ने मुझसे पूछा.

मई उसके सवाल पर उसे देखने लगा.


मई : कितनी हसीं हो तुम .कहते हुए मई उसके गलो पर हाथ फेरने लगा...

उसके नरम मिल्की गाल मुझे बड़े प्यारे लग रहे थे...

गलो से फेरते हुए मई ऊँगली से उसके लिप्स मसलने laga...ek हाथ से मई उसकी साड़ी ऊपर करने लगा...

साड़ी कमर तक उठा कर मैंने झुक कर देखा तो उसकी पुसी गीली हो राखी थी अंदर पंतय भी नहीं पहने थी...

आरोही : अभी मेरा मूड नहीं बताओ न तुमने मारा उसे.

कुछ कहे बिना मैंने गन उस पर तान दी...

आरोही : पागल हो गए हो क्या...


उसके डरने पर मैंने गन उसकी तरफ बढ़ा di...jise लेकर वो बुलेट्स देखने लगी...

थका हरा मई फिर बीएड पर बैठ गया..

आरोही : इसमें तो साडी बुलेट्स है मतलब तुमने नहीं मारा..

मई : किसके साथ मुँह कला कर रही थी .

मई वही कंडोम उठा कर दिखते हुए बोलै ..

मेरे सवाल पर उसकी नज़रे झुक गयी..

मई : अगर तुझ से पहले जैसा प्यार होता तो अब तक तुझे मार चूका होता लेकिन अब मुझे तेरे जीने मरने से फर्क नहीं पड़ता ...

कड़ी कड़ी वो बस मुझे घूरती रही..


मई : वर्षा को कॉल करके bula...suna नहीं तूने रंडी...

मेरी चीखने पर उसने कॉल लगा दी..

आरोही : hello वर्षा घर अजा तेरे जीजू तुझे बुला रहे hai...ha अभी..

उठकर मई अपना सामान पैक करने लगा...

आरोही : ये क्या कर रहे हो..

मई : तुझसे मतलब..

आरोही : भूल गए तुम्हारी भी तो वीडियो वायरल हुई थी मिश्री के sath...bhut सॉफ्ट है बहुत सॉफ्ट hai...bhul गए वो sab..uske वाबजूद भी मैंने तुमसे प्यार किया.

सामान पैक करके मई बीएड पर बैठ गया.

मई : मेरी बहन को मरने का प्लान कहा तक पंहुचा.

आरोही : मई क्या करू मई निम्फोमानिअस हों ..बनाया भी तो तुम्हारी बहन ने Hi..hai गयी गलती भूल जाओ..

मई : कुछ मत कर बस मेरे सवालो के जवाब दे.

आरोही : पहले आशिक़ को मरूंगी..

मई : तेरे बाप ने जो उसकी फॅमिली के साथ किया उसका क्या.

मेरी बात सुन कर उसका मुँह बंद हो गया...

मई : तुझसे तो इंसाफ की बात भी नहीं की जा रही hai..tu क्या जाने सच्चाई क्या होती है...

आरोही : एवरीथिंग इस फेयर इन लव एंड वॉर.

मई : अगर ऐसा है तो लवर द्वारा अपनी लवर पर एसिड अटैक भी जयेज़ hai..aur जुंग में मासूमो ko..Mai तो कह भी नहीं सकता जो तेरी आइडियोलॉजी है.

आरोही : तुम्हारी बहन के रूल्स है.

बुलाया था जीजू apne..varsha अंदर एते हुए बोली..

मई: हां..

कहते मैंने उसके आगे वो लत्तेर कर दिया.

मई : वर्षा आज अपने ऊपर से मैंने ब्रोकर का टैग हटा diya....pehchana ये क्या है..

मेरी बात सुनकर उसने सर हिला दिया.


उसे देखते हुए मैंने माचिस निकली और लत्तेर में आग लगा दी..

मई : माँ की छूट सेक्शन 13 ा की...

मई : तू मुझे डाइवोर्स दे या नहीं लेकिन मई तुझे डाइवोर्स दे रहा हों...

आरोही ; ये क्या कह रहे हो ...

वर्षा : आरोही टीवी ों कर...

आरोही के कुछ न कहने पर वो खुद hi टीवी ों कर देती hai...jis पर जज की जाली लाश दिखाई जा रही थी..

आरोही : ये तुमने किया...

मई : तू इस लायक नहीं है तुझे जवाब दिया जाये....

वर्षा : आरोही ये अपनी औक़ात भूल गया है.

मई : फेमिनिस्ट भी औक़ात की बात करेगी जो छोटी छोटी बातों पर नंगी हो जाती है..

वर्षा : स्टोप्पड़ यू फूकिंग इन्सेल.

मई : ी didn't पिस्सेद ों योर फेस बीच..

वर्षा : हाउ डरे यू कालिंग में बिस्तह.

मई: अब जिससे चाहे मरवा ी don't केयर .वर्षा को मिडिल फिंगर दिखते हुए मैंने आरोही से कहा..

फिर रूम से बहार निकल गया.

salil.......salil....

भाग के आकर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया....


आरोही : ऐसा मत करो ...मई अकेली पद जाउंगी..

मई : अकेली कहा है रोहित है न तेरे sath...Mai उसे देखते हुए बोलै जो आरोही के चीखने पर रूम से निकल आया था..

आरोही : तुम कहा रहोगे कहाँ से खाओगे कुछ सोंचा है तुमने..

मई : तू अपनी फ़िक्र कर रंडी...

और हाथ झटक कर मई आगे बढ़ गया..

आरोही : तुमने खून किया जज का ..पुलिस से मई तुम्हे बचा सकती हों.

अनसुना करते हुए मई घर से निकल आया...

आरोही : तुम वापस आओगे मेरे पास.

मई : इतने भी बुरे दिन नहीं ए अभी .

और मई आगे बढ़ गया...

बहार आकर मई रोड पर hi चलने लगा...

मई मन में: कहा जॉन ab...jhamela की बहन तो घर पर है पैसे भी नहीं है और कही ठहरने के...

रोड के किनारे किनारे चलते हुए मैंने 2 गोले और मुँह में दाल लिए...

सार्ड हवाएं मेरे जिस्म के आर पार हो रही thi...garm कपडे मई पहना नहीं था...

किसी की यार परवाह क्यों ...

किसी से यार मई क्यों दारू...

इस दुनिया ने मुझको क्या दिया..

मई इसकी उसकी फ़िक्र क्यों Karu...agar ज़रा थके हो सुनो खुसी में आप थोड़ा ग़म भरो लगाओ घुट तुम भी प्यार se..meri hi तरह...

pi...pi....mai गुनगुना hi रहा था की एक कार की हॉर्न मुझे सुनाई दी अपने पीछे से...

पीछे मुदा तो कार मेरे पास आकर रुक गयी और मिरर निचे हुआ.

कहा जा रहे हो सलिल भाई बैग लिए..

मई : चल be...aur मई आगे बढ़ गया.

ये कारन था सोना का फिऑन्स.

कुछ दूर hi चला था की गाड़ी फिर रुक गयी और उसमे से कारन निकला...


सलिल bhai...suno to...wo कार से निकलकर आवाज़ देता हुआ बोलै.

मई : मेरा दिमाग ख़राब है निकल जा warna....Mai बोल hi रहा था इतने में सोना कार से बहार आगयी...

मई : कैसी है tu..us दिन के लिए सॉरी...

वो कुछ नहीं बोली तो मैंने hi आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया...

मई : पता नहीं tha...gussa था तो कुछ समझ नहीं आया तुझे पीट दिया माफ़ कर दे मेरी छुई mui...mai उसके गले लगे hi bola...mere कहने पर उसने अपने हाथ मेरी पीठ पर कास लिए...

सोना : कहा जा रहे बैग लिए..

मई : उस रंडी को छोड़ दिया हमेशा के लिए अब देखो कहा जॉन...

सोना : आरोही को..

मई : हां

सोना : वो इसी लायक thi..abhi कोई आगे थोड़ी हुई आपकी पूरी ज़िन्दगी पड़ी है उसके साथ बर्बाद क्यों करनी..

मई : हां सही बोल रही...

सोना : चलो घर चलते है..

मई : नहीं तू जा.

सोना : चलो नहीं तो माफ़ नहीं करुँगी वैसे भी उस घर में मेरे भी तो पैसे पूरा दीदी का थोड़ी hai...ab chalo...wo मेरा हाथ पकड़ कार की तरफ ले जाते हुए बोली..

मई : इसे छोड़ दे सोना...

सोना : kise.wo मेरी तरफ मुड़ते हुए बोली...

मई : ये साला सुवर hai...Mai इस भड़वे की बात कर रहा hon...mai कारन को देखते हुए बोलै जो मेरी बात से गुस्से में जल भून गया था..

कारन : तमीज से बात कर सोना की वजह से तुझे बर्दास्त कर रहा हों.

मई : तेरी शादी मेरी बहन से हो रही और तू क्लब में उस लड़की के साथ मुँह कला कर रहा tha...chal निकल तेरी इंगेजमेंट टूट गयी...

कारन : मुझे नहीं पता तू क्या बकवास कर रहा है क्लब तो मई जाता रहता हों.

मई : मई स्विंगर्स क्लब की बात कर रहा जहाँ तुझे मैंने मुँह कला करते पकड़ा था.

कारन: तू वह क्या करने गया था... तुझे भी शोक है..

मई : मई ..साली mishi...mai गया लेकिन तूने देखा मुझे किसी के साथ कुछ गलत करते .

कारन : मुझे कैसे पता तू क्यों गया स्विंगर्स क्लब और तूने क्या किया वह बस इतना पता वो high-profile रेड लाइट एरिया है.

मई : हर बात पर झूट बोलने वाले तुझ से बात करना hi बेकार है.. चल सोना...

मेरे कहने पर सोना ने मेरा हाथ छोड़ दिया...

कारन : सोना ये बोड़ा नशे में है और ये झूट बोल रहा है

मई : साथ चल सोना नहीं तो उस दिन से बुरा मरूंगा.

मेरे कहने पर सोना भाग कर कारन के पीछे जाकर चुप गयी...

कारन : चल अब निकल...

मुझे यक़ीन नहीं आ रहा था सोना मेरी जगह कारन को चुनेगी..

वो कारन के पीछे से कण अँखिओं से मुझे देख रही थी..

मैंने बैग ज़मीन में फेका और सोना को लेने कारन की तरफ बढ़ा...

सोना और कारन के पीछे हो गयी और कारन लड़ने के स्टाइल में आगया...

मई : घर चल दीदी जो फैसला करेंगी वो मानुगा...

सोना : मुझे सब पता है अब जाओ यहाँ से.

मई : व्हाट ..अब तो बिलकुल भी नहीं तेरी चमड़ी न उधेड़ी तो मेरा नाम भी सलिल नहीं..

मैंने सोना को पकड़ने के लिए हाथ आगे बढ़ाया तो कारन ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

मई : तेरी तो sale...kehte हुए मैंने दूसरे हाथ से मुक्का मारा तो कारन ने पकड़ लिया...

dhammmm...agle hi पल उसने अपना माथा मेरे माथे पर मारा और मई लड़खड़ाता हुआ पीछे जा गिरा...

मई : aaaaaaaaaaaa...sala नशा

गुस्से में चीखते हुए मई उसे मरने भगा की लड़खड़ा में फिर गिर गया नशे की वजह से .

कारन : हहहह अबे सेल तू तो मारने से पहले hi गिर Gaya...jaa माँ का दूध पीकर आ...

मई : aah..sale ...कराहते हुए मई utha...Karan पर कूद gaya...mere साथ hi कारन और सोना दोनों गिरे...

सोना : आआआह्ह्ह्ह....

कारन : sale...meri सोना को marega....lete लेते hi उसने मेरे मुँह पर घुसा दे मारा...

मई : aaaa..Teri माँ ki....aur मैंने उसके हाथ में दन्त गदा दिए...

मुझे उठा कर वो मेरी पीठ में कोहनिया मरने laga...ek हाथ से उसने मेरे बाल खींचने सुरु कर diye..bal खींचने से उसका हटा मेरे डेंटन से निकल गया...

अगले hi पल उसका एक पंच मेरे मुँह पर पड़ा...

गिरते गिरते मई bacha...sidha होकर मैंने एक मुक्का उसके गले पर दे मारा..

कारन : आह्हः...

सोना : karan....ruk जाओ सलिल वर्ण ाचा नहीं hoga....wo कारन के आगे आकर उसे छुपाते हुए बोली.

सोना को अनसुना कर मई कारन की तरफ दौड़ा...

इतने में मेरे सर पर पीछे से डंडा जैसा कुछ पड़ा...

पीछे मुद कर मैंने देखा तो किसी ने लकड़ी की रोड मरी थी...

वो कोई 6,7 लोग थे...

सॉरी सर हम समझे आपका फॅमिली मटर है जब आगे नहीं ए आप तो देखने आगये..

वो शायद कारन के बॉडीगार्ड थे.

कारन : ये हमारा फॅमिली मेंबर नहीं है है न Sona...vaise ाचा किया तुम आगये ..

मई ज़मीन पर पड़ा था रिलैक्स होने पर फिर खड़ा होने लगा ..


मई : aaaahhh..mai कारन की तरफ बढ़ा की पीछे से मुझे उसके बॉडीगार्ड्स ने पकड़ लिया..

मई: छोड़ो सालो....

चटककक चटककककक चटकककक..

कारन : मेरी सोना को मरेगा सेल...

कहते हुए पास आकर कारन मेरे मुँह पर थप्पड़ मरने लगा...

मई : आ thoooo...sale हिजड़ो का सहारा ले raha...mai थूकते हुए बोलै..

थूक पोछते हुए उसने मुझे गुस्से से देखा...

कारन: नंगा करो इस गांडू ko...Teri औक़ात hi क्या है ...अपनी बहनो के वजह से तू लोगो से इज़्ज़त पता है..

सोना : एनफ इस एनफ Karan..leave हिम..

कारन : इसकी वजह से छोड़ रहा हों tujhe..warna तू गांडू hai...Teri औरत को भी छोड़ चूका हों मई samjha...sali मुझसे सोना की इनफार्मेशन लेने आयी thi...badi मस्त थी तेरी aurat..bol रही थी तेरा छोटा लैंड उसे सेटिसफी नहीं कर पता..

dhammm...kehte हुए उसने मेरे मुँह पर पेअर की ठोकर मरी...

कारन: और हाँ सुन...

कहते हुए उसने सोना को पकड़ कर अपने पास किया और बाँहों में भर liya...fir उसके जिस्म पर हाथ फेरने laga...boobs पकड़ कर वो दबाने laga..fir उसने मुझ पर थूक दिया.

कारन : बहुत जल्द हम दोनों शादी कर रहे hai..rok सके तो रोक लेना..

कहकर वो आगे बढ़ Gaya...besuddh मई वही पड़ा रहा....

उसके जाने के बाद मई फुट फुट कर रोने लगा....

उसकी मार से ज्यादा दर्द मुझे सोना की बेवफाई का हो रहा tha..agar वो कारन की वाइफ होती तब बिलकुल भी बुरा नहीं लगता लेकिन वो अभी मेरी बहन थी..


वो सच hi कह रहा था लोग मेरी इज़्ज़त मेरी बहनो की वजह से करते वर्ण कोई मुझ पर थूके भी न...

मन हो रहा था आरोही के पास जॉन जैसा वो चाहती वैसा बन जाऊ काम से काम ये हाल तो नहीं hoga...wahi मेरी इनर सोल कह रही थी मुझे हालातो से लड़ना chahiye.aur मैंने अपनी इनर सोल की आवाज़ सुनी...

मैंने उठना चाहा तो दर्द की वजह से उठ न पाया..

नशे में होने की वजह से मैंने आंखे बंद कर ली....

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सलिल के जाने के बाद आरोही वही गम शूम सी बैठी थी.

वर्षा : भूल जाओ use...dekhna अब उसके लोडे लगा दूंगी.

आरोही कोई जवाब नहीं देती.

वर्षा : उसने जज को मारा है लेकिन अकेले कैसे उसने ये सब किया होगा.

आरोही : मुझे अकेला छोर दे तू जा घर ..

तुम्हे उससे प्यार हो gaya..Rohit पास बैठते हुए बोलै..

रोहित के कहने पर भी आरोही कोई जवाब नहीं देती.

रोहित : तुम्हारे पास चांस था अनुसुइया को हर्ट करने का लेकिन तुमने गवा दिया.

आरोही : सलिल की कोई गलती नहीं न वो उस जैसा है...

वर्षा : साद क्यों है तू फिर.

आरोही : तुझे लगता है मुझे फर्क पड़ेगा उसके जाने se..mai माँ को लेकर परेशां हों..

वर्षा : फिर मई कॉल करके बता देती हों कोर्ट को सलिल ने जलाया..

रोहित : क्या...

वर्षा : हां उसी ने jalaya...fir वर्षा बताने लगी जो सलिल ने किया और जो उसने न्यूज़ में देखा.

आरोही : ज़रूरत नहीं है वर्षा मई पहले hi उसे बहुत हर्ट कर चुकी हों.

वर्षा : उसने जो मेरी इंसल्ट की अभी उसका क्या..

आरोही : मई मन कर रही हों न..

कुछ कहे बिना वर्षा जाने के लिए निकल जाती है.

रोहित : वर्षा सुनो तो ..varsha..Rohit पीछे से आवाजे लगते हुए बोलै.

आरोही : जाने दो उसे.

आरोही के कहने पर रोहित रुक गया.

आरोही : कैसे भी करके पता करो पूर्वी से उस डेरी का सीक्रेट बस वो मारनी नहीं चाहिए.

रोहित : don't वोर्री...

आरोही : सिया का क्या हुआ.

रोहित : किसी भी टाइम मेरे शूटर उसे शूट कर सकते है.

आरोही : मई उसे तड़पना चाहती hon...lekin कैसे समझ नहीं आ रहा.

रोहित : तुमने हुकुम का इक्का तो खो diya...chot उसे लगती दर्द सिया को होता.

आरोही : सिया के ऊपर भी कोई है पहले उस तक पहुँचूँगी.. सिया को तो किसी भी टाइम शूट करा सकती hon.lekin मई उसे इतनी आसान मौत नहीं देना चाहती.

रोहित : भैरव.


आरोही : नहीं कोई और hai...ho न हो वो बंगलोरे से hi लीड कर रहा है मुझे पता करना hoga...tum बता रहे थे तुम्हारी एक छोटी बहन भी है.

रोहित : गाओं में है क्यों पूछ रही.

आरोही : बुलवा लो उसे..

रोहित : नहीं वो नहीं आ रही मई उसे इस गंदगी में डालने का सोंच भी नहीं सकता..

आरोही : वडा करती हों उसकी हिफाजत मई करुँगी..

रोहित : करना क्या है..

आरोही : अब मई उतरूंगी मैदान में पहले आशिक़ को ख़त्म करुँगी फिर सिया से बदला लुंगी...

रोहित : तुम्हे इस रूप में देखने के लिए कब से तरस रहा था माय लेडी velvet.aur रोहित आरोही को चुम लेता है.

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कारन सीधा सोना को घर ड्राप करता है घर आकर सोना हल्का फुल्का डिनर करती hai...fir बीएड पर लेट जाती hai.bed पर लेते लेते वो अपने सोशल एकाउंट्स पर फोल्लोवेर्स के रिप्लाई देने लगती है.5 मिनट के लिए लाइव भी जाती hai..uske दिमाग में कुछ देर पहले हुई hi घटना बार बार उसे सलिल के साथ हुई घटना hi याद आ रही.

सोना : गलती मेरी थोड़ी hai...Mai क्यों सोंच रही इतना वैसे भी साडी ज़िन्दगी तो नहीं पाल रही मई बड़े हो गए है उन्हें भी समझना chahiye..huh..

खुद में बुदबुदाते हुए वो फिर फ़ोन चलने लगी..

खाना खा लिया...

सिया की आवाज़ पर सोना उठकर बैठ गयी.

सोना : है दीदी मुझे लगा आप नहीं होगी तो खा ली आपके लिए निकल दूँ .

अनसुइया : नहीं मई खाकर आ रही हों.

कपडे उतर कर अनुसुइया भी सोना के पास लेट जाती है.

अनुसुइया : ज्यादा देर फ़ोन उसे नहीं करना सो जाना . और अनुसुइया आंखे बंद कर लेती है .

सोना भी फ़ोन रख के लेट जाती है.

काफी देर तक सोना इधर से उधर कार्बेट बदलती रहती लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी..

अनुसुइया : सो जा न yaar..anusuiya हलकी नींद में बोली..

सोना : नींद नहीं आ रही दीदी...

अनुसुइया : सजा अजयेगी...

सोना : दीदी मुझे भाई मिले थे जब मई घर आ रही thi...Maine उन्हें लाना चाहा तो वो कारन से लड़ पड़े ..

अनुसुइया : व्हाट ... अनुसुइया उठते हुए boli..ab उसकी नींद उड़ चुकी थी..

सोना : गलती सलिल की थी दीदी फिर कारन ने उन्हें मारा...

अनुसुइया : पूरी बात बता मुझे इन detail..anusuiya सोना का हाथ पकड़ उठाते हुए बोली.

सोना : वो बोल रहे थे उन्होंने आरोही को छोड़ दिया हमेशा के लिए वो बैग लेकर कही जा रहे थे fir.....jo हुआ सोना सब बता देती है...

साडी बात सुनकर अनुसुइया बेहद गुस्से से सोना को देखती है...

फिर कुछ कहे बिना जो ब्लैंकेट वो ोधी थी उसे लपेट कर घर से निकल जाती है ..

सलिल को वो कॉल करती है लेकिन कोई रिस्पांस नहीं अत ...

आरोही के घर से थोड़ी दूर पहले hi उसे एक बैग पड़ा दिखाई देता है वही उसे ठण्ड में ठिठुरता हुआ सलिल दिखाई देता है ...

सलिल नींद में hi कांपते हुए अपने आप में सिमट रहा था सलिल की हालत देख अनुसुइया की आंखे बहने लगी ..

तुम्हे मा याद नहीं अति..

मेरी दीदी माँ है न मेरे पास .

ईस्ट और बेस्ट माय दीदी इस बेस्ट...

सब याद करते हुए अनुसुइया भाग कर सलिल के पास अति hai...blaket ुधा कर वो सलिल को उठाते हुए अपने जिस्म की गर्माहट उसे देने लगती है.

अनुसुइया : salil...salil.. उठ Jaa...chal घर चलते है...

थोड़ी कोशिश के बाद सलिल जाग गया..

सलिल : तुम...

अनुसुइया : चल घर सोना..

सलिल : भाग यहाँ से मेरी कोई बहन नहीं hai..kehte हुए सलिल की रुलाई छूट गयी.

अनुसुइया : चल न प्लीज घर चलकर बात करेंगे...

aaaa.....gusse में सलिल मिटटी कंकर अनुसुइया पर फेक मरने लगा...

सलिल : भाग साली मेरी कोई बहन मेरा कोई नहीं hai...na हुआ नसीब करारे जान हवस करार भी अब नहीं..

तेरा इंतज़ार भी बहुत किया तेरा इंतज़ार भी अब नहीं.

अनुसुइया पर मिटटी फेकते हुए सलिल के अंदर से उम्मीद को तोड़ने वाली आवाज़ निकली वही अनुसुइया मतलब समझ कर टूट gayi...use अब समझ आगया था वो सलिल को खो चुकी है...

घर जब आयी अनुसुइया तो उसे बरामदे में सोना ब्लैंकेट में लिपटी mili...jo उसी का इंतज़ार कर रही थी...

सोना : सलिल को ढूंढ़ने गयी थी...

अनुसुइया : नहीं होटल में कुछ काम था वही गयी थी...

कहकर अनुसुइया दूसरे रूम की तरफ बढ़ गयी....

सोना :यहाँ क्यों सो रही दीदी..

सोना अंदर आकर बोली जिसके सवाल पर अनुसुइया उसे घूरने लगी ..

सोना : क्या हुआ दीदी बोलो न आप भाई के पास गयी...

अनुसुइया : जाकर सजा....

सोना : मई आपके पास सोऊंगी अभी ब्लैंकेट लेकर ayi...Sona के जाते hi अनुसुइया रूम लॉक कर लेती है..


सोना अति तो बहुत देर तक रूम नॉक करती रहती लेकिन अनुसुइया खोलती नहीं...

सुबह 4 बजे अनुसुइया का फ़ोन बजता hai...kai बार बजने पर अनुसुइया कॉल उठा लेती है..

अनुसुइया : hello...kon...

मैडम मई हों ैप राघव..

अनुसुइया : है बोलो इस समय क्यों कॉल की..

राघव : मैडम आपके भाई ने जज को मार दिया सिटी कोर्ट जला दिया पुलिस उसे ढूंढ़ने निकल गयी hai...raat 11 बजे के पास किसी ने गवाही दी आपके भाई के khilaf...pehle पुलिस को पता नहीं था कोर्ट आपके भाई ने जलाया.

अनुसुइया : किसने खबर दी कुछ पता चला...

राघव : नहीं मैडम अभी गवाह मैंने देखा nhi...use छुपा कर रखा गया hai...ap अपने भाई को अंडरग्राउंड कर दो..

अनुसुइया : मेरी उसकी बात नहीं होती तुम उसे ढूंढ कर कही छुपा do..waki मई भी कोशिश करती हों..

राघव : ठीक है मम जैसे hi कोई खबर मिलेगी आपको इन्फॉर्म करता हों..

कॉल कट करके कपडे पहन कर अनुसुइया निकल जाती है....

कुत्ते के भोकने से सलिल की नींद खुली...

कुत्तो को भागकर उसने खुद को ब्लैंकेट में देखा...

ब्लैंकेट लपेट कर उसने बैग उठाया और चल दिया एक तरफ...

आधे घंटे बाद मई अपने अड्डे पर था जहां मुझे झमेला छुपा था .

chikna...chiknaa...andar आकर मैंने सबसे पहले चिकना को जगाया.


यहाँ सिर्फ चिकना और उसके दोस्त सो रहे थे झमेला था नहीं.

चिकना : आठ सलिल bhai.wo नींद में बोलै.

मई: है झमेला कहा है और तू यहाँ क्या कर रहा है..


चिकना : रात मई जब गया तो झमेला भाई की माँ आयी हुई थी तब सना ने मुझे झमेला भाई को घर भेजने का बोलकर यहाँ भेज दिया..

मई : पुलिस उसे hi dhund...acha तुम लोग यही छुपे रहना...

और मई बहार आगया...

कुछ आधे घंटे बाद मई अपनी सोसाइटी में था....

जाते हुए मुझे पुलिस की जीप दिखी जिसमे कान्तम्मा बैठ रही थी ..जीप भी उसके घर के सामने hi कड़ी थी .

मुँह छुपाते हुए बैग से मई आगे बढ़ Gaya...knock करने पर माँ जी की आवाज़ आयी..

कोण है...

मई : मई हों माजी salil..akela हों..

मेरे कहने पर गेट खुल गया...

वो दोनों कहाँ hai..Maine गेट बंद करते हुए कहा...

सुहासिनी : अंदर है...

मई अंदर आया तो भाई बहन ब्रेकफास्ट कर रहे थे...

मई : तू कितने आराम से खा रहा है अड्डे पर क्यों नहीं gya..kisi ने देख लिया तो प्रॉब्लम हो जाएगी.

सना : बैठो भाई छाए लेकर ati..mujhe देख वो चाहिए लेने चली गयी...

भूक लगी थी तो मई झमेला के साथ hi बैठ पराठे खाने लगा..

झमेला : गया था यार एक पोलिसिअ ौंटी की जीप कड़ी थी तो वापस आगया..

मई: वो सौम्य है तू जनता है उसे.

झमेला : वो भाभी पुलिस वाली बन गयी ...

मई : तुझे पता है मेरी उसकी शादी के बारे में..

झमेला : क्या मतलब तेरी उससे शादी हो गयी..

मई : वही तो मई कह रहा हों तुझे कैसे पता मेरी उसकी शादी हो गयी...

सना : भाई पराठे और छाए...

झमेला : ाचा तेरी और उसकी शादी हो गयी..

छाए पराठे लेकर मई खाने लगा..

मई : तू रहने दे कंफ्यूज कर रहा है..

झमेला : अब निकलू कैसे यहाँ से..

मई : कोई रास्ता नहीं है कोहरा भी हैट गया hai..nikla तो पता चल जायेगा आरोही के बाप की पुलिस तुझे कुत्ते की तरह ढूंढ रही है..

रात होने तक यही ruko..maa जी एते हुए बोली मैंने भी उनकी हामी भरी..

झमेला : आरोही ने मुझसे डील की थी उसके बाप को छोड़ ने के बदले में वाकई पुलिस वालो के नाम की लिस्ट दी जिसने मेरे खंडन को खतम किया.

माजी: दिखाओ मुझे...

पर्स से लिस्ट निकल कर झमेला माँ जी को दे देता है..

मई : और तूने डील तोड़ दी स्टिल उसका बाप ज़िंदा है..

झमेला : मैं कुलप्रीत तो वही था कैसे छोड़ सकता hon..ab फिर कोशिश करूंगा.

मई : नहीं पहले मई उसके घर का हल देखूंगा...

सना : भाई और लेकर अति हों पराठे..

ting......ting....

मई : मई देखता हों...

उठकर मई दूर पर आया...

मई : कोण है...

पुत्तर मई hon..jasahn आंटी की आवाज़ सुन मैंने हल्का सा दूर खोल मुँह बहार निकला चाहा की एक तेज का धक्का लगा और मई गेट समिट पीछे हुआ...

फिर मुझे पुलिस की भरी नफरी अंदर घुसते दिखाई दी...

जश्न : बेटी ये क्या कर रही की जुर्म है सलिल पुत्तर डा...

न्यायपालिका और न्यायधीस को जलने के जुर्म में तुम्हे अरेस्ट कर रही हों..

मई : अरेस्ट कर ले लेकिन उस कोठे को न्यायपालिका और उस दल्ले को न्यायधीस न बोल सौम्य...

जवाब दिए बिना सौम्य मेरे हाथो को पकड़ हाथ कड़ी लगा देती है...

सौम्य : अंदर तलाशी लो देखो कोण है अंदर...

मई : कोई नहीं है मई hi अकेला हों...

मेरे भाई को छोड़ do...itne में सना रट हुए बहार आगयी....

सना : प्लीज मैडम मेरे भाई ने कुछ नहीं किया...

पास आकर सना सौम्य के हाथ से मेरा हाथ छुड़ाने लगी.....

सौम्य : लड़की पीछे हैट वर्ण तुझे भी अंदर कर दूंगी...

सना : प्लीज मैडम मेरे भाई को छोड़ दो ...सना फरियादी कर रही थी इतने में पुलिस वाले माजी और झमेला को अंदर से पकड़ लाये...

झमेला : bhabhi...abhi हम तुम्हारे बारे में hi बात कर रहे थे..

सौम्य : इस समय मई आईपीएस सौम्य हों किसी की भाभी किसी की पत्नी नहीं...

मई : माँ जी को छोड़ दो वो निर्दोष है..

सौम्य : निर्दोष हुई तो वडा करती हों उन पर आंच भी नहीं आएगी..

सना : sir...sir...mai अभी अपने भाई से मिली हों प्लीज उसे छोड़ दो...

चटककककककक....

झमेला : पोलिसिएई.......

मई : सेल ठुल्ले .. हाथ काट डालूंगा तेरा तूने मेरी बहन को हाथ लगाया..

चटकककक....

सेल पुलिस वाले को गली देगा..

एक पोलिसिअ मुझे मरते हुए बोलै...

सेल मुझे गली dega...abhi रुक बताता हों....

मुझे गुस्सा दिलाते हुए वो सना को उठाने लगा.. लेकिन मेरा ध्यान उस पर नहीं था...

पुलिस : इस साली को भी हतः कड़ी पहना..

chattttttttt......lohe की दोनों हथकड़ियां टूट कर बिखर gayi...usi के साथ अध् कटा ब्रेसलेट भी.

जहाँ हम सब हैरत से झमेला को देख रहे थे वही आवाज़ पर पोलिसवाले ने पीछे देखा.

मेरा दोस्त झमेला एक विशाल राक्छस में बदल गया था...


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पीछे देखते hi दर से पोलिसवाले ने सना का हाथ छोड़ diya..rakchas झमेला बड़ी गुस्से से पोलिसवाले को देख रहा था...

aaaaaaaaaaaaaaaaaaa....agle hi पल झमेला के हाथो में पोलिसवाले की गर्दन थी और वो किसी राक्छस की तरह झूल रहा था ...

गुस्से में झमेला ने दूसरे हाथ से पोलिसवाले की पसलीओ में हाथ दाल कर पोलिसवाले के आगे का पूरा हिस्सा खींच लिया..

aaaaaaaaaa....

एक दर्दनाक चीख के साथ पोलिसवाले शांत पढ़ गया....

ढाये dhaye...dhaye...der किये बिना सौम्य ने उस पर फायरिंग कर दी....

chatttttttttttttttt.....dhammmm...dhammmm....

उसने दोनों हाथो से ताली bajai...hatho से निकली वबे के प्रेशर से गेट तोड़ते हुए मई सौम्य पोलिसवाले बहार आकर गिरे....



हेडक्वार्टर

फ़ोन करो जल्दी ...

सौम्य की आवाज़ पर मुझे होश आया...

मेरी तो समझ में hi नहीं आ रहा था ये हो क्या रहा hai....jhamela कही मर के भूत तो नहीं बन गया...

मुझे छोड़ सरे पोलिसवाले भाग gaye..unke साथ सौम्य भी..

इतने में झमेला बहार आया....


मई : झमेला ये क्या हो गया tujhe....tu भूत तो नहीं बन गया.

मेरी आवाज़ पर उसने मुझे देखा...

फिर रुक कर उसने अपना एक हाथ मेरी तरफ किया...

झमेला : साला हटेला...

धम्म्म्म...

उसका सीधा मुक्का मेरे मुँह पर पड़ा और कलाबाजियां खता हुआ मई सौम्य के पास आकर गिरा..

सौम्य : आखिर ये क्या बाला आगयी आशिक़ पर..

मई : मुझे खुद नहीं पता...

सौम्य : इसे गाड़ी में डालो वाकई इस पर सब तरफ से फायरिंग करो.....

मई : साली कामिनी....2 हवलदार घसीट कर गाड़ी की तरफ ले जाने लगे...

dhammmmmm....ki इतने में एक िनत मुझे पकडे हवलदार के आकर lagi...mujhe ले जाते देख झमेला गुस्से में पुलिसवालो को देखने लगा था िनत भी उसी ने फेकि थी..

सौम्य : एवरीबॉडी शूट हिम...

ढाये dhaye...dhaye...dhaye...

झमेला पर सब तरफ से फायरिंग हो रही thi..golia उसके शरीर से टकरा कर निचे गिर जा रही thi...log भी डरते हुए तमाशा देख रहे थे....

मई : झमेला nahi....ye मेरी माँ ने लगाया था jhamela...wo पेड़ उखेड़ रहा था अगले hi पल उसने पेड़ उखेड़ कर पुलिसवालो पर फेका अब वो और गुस्से में आगया था....

मुझे छोड़ पोलिसवाले पार्क की तरफ भागने लगे थे...

एक लॉन्ग जम्प मरते हुए झमेला पार्क में रुका...

मई : गजब jhamela....Maine हैरत से काना उसकी जम्प 100 मत्र. लम्बी thi...policewalo के सामने खड़ा था वो...

उसने बेंच पर लात मरी तो बेंच उड़ते हुए पुलिस वालो के लगी और वो दर्द से बुरी तरह कराहने लगे...

oun..oun...oun...police की और गाड़ियां आ रही thi...society में...

उनके एते hi सौम्य ने फिर फायर का आर्डर दे दिया..

स्तर गन एक 47 की बौछार हो रही थी..

झमेला मुँह पर हाथ रख कर पुलिस वालो की तरफ बढ़ रहा था...

aaaaaaaaaa...gusse में उसने एक जम्प मरी और उन गाड़िओ के पास आकर रुका जिसमे सौम्य पहले आयी थी...

उसने वही गाड़ी उठा कर गोली चला रहे पुलिस वालो की गाड़िओ पर से मरी.....

धम्म्मम्म....

गाड़िओ के ब्लास्ट से आगे की लपटे चारो तरफ उड़ने lagi...acha ये हुआ पुलिस वाले पहले hi कूद गए थे....

रुक jao....warna मई इसे शूट कर दूंगी.....

सौम्य की आवाज़ पर झमेला पलटा और मई भी....

सौम्य ने गन सना पर तान राखी थी...

झमेला हाथ से रुकने का इशारा करने laga...uski समझ में नहीं आ रहा था वो मेरे निगहबॉर को देख रहा था जो दूर से उसे देख रहे थे.

वो बाल नोचते हुए हाथ पेअर मरने laga...uski समझ में नहीं आ रहा था वो क्या करे...

सौम्य : जाओ रोको use...warna मई तुम्हारी माँ को शूट कर दूंगी...

सना को छोड़ सौम्य ने माँ जी पर गन तान दी...

सना भागते हुए झमेला के पास जाने लगी...

झमेला से कुछ दूर आकर वो रुक gayi...wo दर रही थी उसके पास जाने से..


भाई ये मई hon...apki bahan...wapas ajayen...bhai....uski बहन मिन्नतें कर रही थी उसकी...

झमेला के हाथ पर हाथ रख के वो उसे शांत करने लगी...

सना के छूटे hi झमेला घुटनो पर बैठ उसके साइन से लग gaya....dekhte hi देखते वो वापस झमेला बन गया राक्छस से...

कुछ देर में पुलिस आयी ..और उसने झमेला को हथकड़ियां पहना दी...

मई : saumya...maa जी और सना दोनों इनोसेंट है.. प्लीज उन्हें जाने दो.

सौम्य : ये फिर बदल गया तो... सिक्योरिटी के लिए इन्हे साथ ले जा रही हों वडा करती हों एक खरोच भी नहीं आने दूंगी..

फिर मुझे अलग कार में झमेला को अलग गाड़ी में वो पुलिस स्टेशन ले जाने लगे.

सौम्य झमेला के साथ गयी थी..

पुलिस स्टेशन लेकर उन्होंने मुझे बंद कर दिया...


**************

राघव से बात होते hi अनुसुइया उठ गयी...

दूर खोल के जब बहार आयी तब सोना उसे दूर पर सोते मिली..

दूर की आवाज़ से सोना भी उठ gayi...anusuiya बिना कुछ कहे फलांग कर आगे निकल जाती hai...Sona बस देखती रह जाती है..

अपने रूम में आकर अनुसुइया शावर लेकर जल्दी जल्दी तैयार होने लगती है..

तैयार होकर जैसे hi मुड़ती उसे सोना उदास फेस लिए दिखाई देती है..

सोना : मुझे पता है आप सलिल भाई के पास गयी थी ..गयी थी ब्लैंकेट लेकर आयी तो विथाउट ब्लैंकेट.. दीदी माफ़ कर दो न please...galti सलिल भाई की थी लड़ाई उन..

अनुसुइया: सशः आगे कुछ बोली तो मई भूल जाउंगी तू मेरी बहन hai..usne जब कह दिया दीदी के पास चल फैसला वो करेंगी तो तुझे मेरे पास आना चाहिए था वो कैसा है तू अचे से जानती थी असल में तू वही है जिसने बेहोसी में रोलेक्स के नाजुक part पर पेअर की ठोकरे मरी थी... कॉलेज में जब तुझे मां के लड़के ने हररस किया तब उसने उसे बहरा कर diya...repoter से भी उसी ने तुझे bachaya...sab भूल गयी tu..aur तूने अपने यार से मेरे भाई को pitwaya...kya होता अगर सलिल की जगह रोलेक्स होता ...तू बस जा ab...tujhe ख्याल भी नहीं आया वो तेरा भाई hai..mai समझती थी तुझे नफरत रोलेक्स से है लेकिन नहीं तुझे नफरत एक्चुअल में सलिल से है...

सोना : ऐसा नहीं है didi...Maine कारन को बहुत danta...mujhe भी बहुत ..

अनुसुइया : अपना रंडी रोना कही और kar...phone को कानो से लगते हुए अनुसुइया बहार जाने क लिए निकल जाती है...

************************

तू होगा वो खुनी मैंने सोंचा नहीं था सेल कोर्ट hi जला दी तूने.

आज तुझसे सरे हिसाब चुकता होंगे...

मुझे लॉकअप में ए आधा घंटा हो गया थी तभी 2 जनि पहचानी आवाज़े मेरे कानों में गुंजी जिनमे मेरे लिए नफरत और गुस्सा था.


 
Episode 34

तू होगा वो खुनी मैंने सोंचा नहीं था सेल कोर्ट hi जला दी तूने.

आज तुझसे सरे हिसाब चुकता होंगे...


मुझे लॉकअप में ए आधा घंटा हो गया थी तभी 2 जनि पहचानी आवाज़े मेरे कानों में गुंजी जिनमे मेरे लिए नफरत और गुस्सा था..

नेक्स्ट कंटिन्यू...


पिछले दिन..

हॉस्पिटल से छुट्टी लेकर हर्ष मिश्रा को लेकर घर आया दोनों की hi आँखों में बेहद गुस्सा और नफरत भरी थी...

पिता जी आप ठीक hai...niharika भागते हुए थमते हुए boli...ki मिश्रा ने उसे धक्का दे दिया..

मिश्रा : हर्ष इसकी खाल उधेड़ दे सारा बदला इस रैंड से निकल....

सोफे पर बिठा कर मिश्रा को हर्ष गुस्से में निहारिका की तरफ बढ़ता है...

फिर बुरी तरह लात घुसे वो निहारिका पर बरसाने लगता है...

निहारिका : आप क्यों कर रहे हो Aisa...mujhe माफ़ कर do...pita ji...pita ji....roko inhe....mera क्या दोष है

पीटते हुए निहारिका मिश्रा के आगे हाथ जोड़ने लगी...

हर्ष : साली रैंड kalmuhi..us कुत्ते की बहन है tu...sali..yahi तेरा दोष है.

dhammmmm..dhammm..dhammmm...


हर्ष निहारिका का सर पकड़ कर सर दिवार में मरने लगता है कुछ देर में उसका सर फैट जाता है...

पापा छोड़े मां को papa...banti बबली आकर निहारिका को हुग कर लेते है ये देख हर्ष दोनों को उठा के अलग कर देता है...

हर्ष : दोनों अंदर जाओ वर्ण तुम दोनों को भी मरूंगा...

बनती : आप गंदे पापा..

डरे सहमे दोनों बचे रट हुए अंदर चले जाते है..

निहारिका बेहोश हो गयी थी....

ये देख हर्ष हाथ पकड़ कर उसे उठाने लगता है..

हर्ष : उठ साली rand...na उठने पर हर्ष उसकी पीठ पर लेट मरने लगता है..

Chatttt..fir गुस्से में उसका हाथ तोड़ देता है...

maaaaaaaaa..niharika बेहोशी से दर्द में चीख उठती है...


harsh....bhai....harshi चीखते हुए अंदर aayi...niharika को देख भागते हुए उसे सँभालने लगती है..

हरषि : क्यों जानवरो की तरह मर रहे थे..

harshi...aaa..harshi...niharika की दबी दबी आवाजे आ रही थी...

हरषि : कुछ नहीं होगा bhabhi..harshi जल्दी से एम्बुलेंस को कॉल लगाने लगती है..

मिश्रा : हरषि कॉल कट kar...jab हरषि नहीं ृक्ति तो हर्ष फ़ोन छीन लेता है..

हरषि : पागल हो गए है आप dono...mujhe बताओगे क्यों मार रहे थे ..

हर्ष : ये किसी के साथ हमारी गैर मोजुदगी में मुँह कला कर रही थी इसका यार तो भाग गया ये पकड़ी गयी ..

हरषि : अगर ये बात मेरे बारे में या दीदी के बारे में कहते तो मान लेती लेकिन भाभी के लिए कहोगे कभी यकीं नहीं करूंगी...

मिश्रा : ये उसकी बहन है जिसने तुम्हारे बाप का ये हल किया..

हरषि : जीजू के दोस्त की बहन..

मिश्रा : है और यही इसका दोष है.

हरषि : बनती बबली के बारे में soncho...kehte हुए हरषि फ़ोन लेकर एम्बुलेंस को कॉल लगा देती है..

हर्ष : डॉक्टर को पता न चले की ये डोमेस्टिक वायलेंस का शिकार है...

हरषि सर हिला देती है..

कुछ देर बाद एम्बुलेंस अति है और हरषि निहारिका को लेकर हॉस्पिटल के लिए निकल जाती है....

मिश्रा : अब जाओ इसके भाई को ढूंढ कर ख़त्म Karo....jitni फाॅर्स लगे lagao...Maine ऊपर बात कर ली है...

हर्ष सर हिलता हुआ निकल जाता है.

****************************

सुबह अपने लोगो से जो उसने सना पर नजर रखने के लिए भेजे उनसे आरोही को झमेला सलिल की फुटेज मिलती है...

रोहित : अब झमेला को मरने का सपना छोड़ दो....

आरोही को भी अहसास हो गया था इसलिए वो कुछ नहीं कहती...

आरोही : सलिल को अरेस्ट करने की वजह समझ नहीं ayi...Maine रत hi सर से बात की थी की इस केस से जुड़े जो भी साबुत सलिल से जुड़े हो उन्हें गायब कर दिया jaye.fir kaise.kehte हुए आरोही कॉल लगा देती है.

रोहित : वर्षा रात गुस्से में गयी थी...

आरोही : hello सर मेरे हुब्बी अरेस्ट हो गए ये कैसे hua....call रिसीव होते hi आरोही ने खा.

आवाज़: स्नेहा मैंने सब कर दिया था लेकिन रात को किसी ने सलिल के खिलाफ गवाही di...mere पास उसके स्टेटमेंट की कॉपी है रुको तुम्हे भेजता हों..

कुछ देर बाद कॉपी अति है जिसमे रत की साडी बातें लिखी होती है..

सलिल ने जज से अपनी बेइज्जती का बदला लिया उसे सेक्शन 13 ा पसंद नहीं था इसी गुस्से में उसने कोर्ट को जला दिया जज को मार Diya...ye सब मैंने dekha...chasmadeed kanchan.rohit आरोही से फ़ोन लेकर स्टेटमेंट पड़ते हुए बोलै.

आरोही : varsha..tumhara शक सही था..

गाड़ी लेकर उसी समय दोनों वर्षा के लिए निकल जाते...

कुछ देर में दोनों वर्षा के घर के बहार खड़े थे...

बेल्ल बजने पर वर्षा ने आकर दूर खोला..

वर्षा : तुम इतनी सुबह सब ठीक तो है...

धक्का देते हुए आरोही अंदर आगयी..

आरोही : तुझे मन किया था न मैंने फिर अपना मुँह क्यों खोला तूने साली तूने मेरे हुब्बी को फसा दिया...

वर्षा : पहली बात वो रत तुम्हे छोड़ गया दूसरी बात मेरा इसमें कोई हाथ नहीं..

आरोही : jhut....kanchan तेरे ग्रुप की है जिससे मेरी फाइट भी हुई थी जब उसने सलिल पर पत्थर मरे थे...

वर्षा : कंचन ने गवाही di...mujhe नहीं पता था...

आरोही : मैंने तो नहीं कहा था कंचन ने गवाही दी...

वर्षा : पकड़ी गयी....

आरोही : तुझे पता है तूने किस से पन्गा liya...salil की बहन सिया मैडम है वो तुझे कुत्तो के आगे दाल देगी...

वर्षा : kya.....yar मई उस पर गुस्सा thi..ab मई क्या Karu...kanchan को पुलिस ने छुपा दिया रत से उसकी कोई कॉल नहीं आयी..


आरोही : भुगत जो तूने किया hai...kehkar आरोही आगे बढ़ जाती है...

***********************


अनुसुइया अपने लोगो को सलिल को ढूंढ़ने का कहकर एक फाइव स्टार होटल में बैठी ब्रेकफास्ट कर रही होती की तभी उसके पास राघव की कॉल अति है....

**************************

मैंने सर उठा के देखा तो सामने महेश और अर्जुन the..jo लॉकअप खोल रहे थे.

मई : महेश सर...

महेश : है sale...Aaj तेरी गांड पर पता न चलाया तो मेरा नाम भी महेश nhi...tune मुझसे मेरी मन पसंद लड़की को छिना है तू तो गया बीटा...

chatakkkk....mujhe मरने के बाद बोलै..

अर्जुन : बात क्या कर रहे हो भैया मारो सेल को .

मई : सॉरी न sir..Sara किया धरा उस सौम्य का है मई तो सच बताना चाहता था उसने रोक लिया..

महेश : सेल उसे दोष दे रहा है वो न होती तो अब तक मई तेरी बहन बीवी को छोड़ चूका hota...mai तेरी औरत को छोड़ने आ रहा था की मेरी मुलाकात सौम्य से हो गयी और मैंने उसे तेरी दूसरी शादी का bataya..tab उसने मुझे साडी सच्चाई बता di...nhi तो अब तक तू अपनी बहन बीवी को मुझसे चुड़ते हुए देख रहा होता...

.मई : सर मेरी बहन पर मत आओ...

अर्जुन : चुप बे गांडू....

मई : तेरी बहन न छोड़ी अर्जुन मेरा नाम भी सलिल नहीं...

सेल की हिम्मत तो देखो bhaiya...dhammmm dhammmm...Arjun मेरे मुँह पर घुस मरते हुए बोलै...

चटककक chatakkkk.chatakkk...

महेश : मेरी बहन को गली देगा....

गुस्से में महेश भी मुझे मरने लगा....

मई : मतलब तुम दोनों की बहन है अब तो ज़रूर छुड़ेगी मुझसे..

महेश : hawaldar..danda दे ..

महेश की चीख पर हवलदार डंडा लेकर आया....

dhammmm...agle hi पल उसने मेरे पैरो की यदि पर डंडा मारा..

मई : aaaaaa...maaaa..dard से मेरी चीख निकल गयी....

policiye.....ruk जा वर्ण मई तेरे खंडन को आग लगा dungi...Mahesh अगला डंडा मरता की मुझे किसी की जनि पहचानी आवाज़ आयी...

मैंने घूम कर देखा दीदी वकीलों की फ़ौज के साथ आयी थी....

अर्जुन : तू कोण है ladki..shayad इसकी बहन लग रही है.

महेश : साली मुझ कमिश्नर को हुल degi...hawaldar इसे भी अंदर करो....

मैडम को हाथ लगाया तो तुम्हारी वर्दी उतर jayegi....wakilo की फ़ौज आगे हुए बोली...

अनुसुइया : तेरी गांड में डैम है तो करके dekh....ruk अभी बताती हों मई क्या कर सकती hon...kehte हुए अनुसुइया कॉल लगा देती है...

अनुसुइया : महाराज ये पुलिस वाला मुझे अंदर कर रहा hai....didi ने कॉल रिसीव होते hi कहा..

अनुसुइया : जी उसका नाम है अर्जुन आईपीएस और कमिश्नर Mahesh....thik है ..हाँ भेज दे....

उधर पता नहीं क्या बात हुई दीदी बस हाँ में हाँ मिला रही थी..

हाथ लगा ab....didi पर्स से पिस्तौल महेश को दिखते हुए बोली....

अनुसुइया : मई बहुत गुस्से में हों आज कल तूने मेरा दिमाग ख़राब किया तो एक लम्हा नहीं सोचूंगी तुम्हे मरने के लिए.

दीदी को देख महेश और अर्जुन ने भी गन निकल ली थी अपनी...


रुक जाओ anusuiya....kai मंत्री एक तरफ से एते हुए बोले....

उन्हें देख दीदी ने गन वापस पर्स में दाल ली...

मंत्री : जाकर फैक्स चेक करो कमिश्नर babu...tum दोनों इस केस से हटाए जा चुके हो....

वकील मेरी बेल्ल करने की कर यवाही करने लगते है लेकिन साबुत मेरे अगेंस्ट they...jis वजह से उन्हें भी मुश्किल हो रही थी.

इतने में एक हवलदार फैक्स लेकर महेश को थमा देता है...

अर्जुन : क्या है भैया इसमें..

महेश : हमें इस केस से हटाया जा चूका hai...delhi से गृहमंत्री का लत्तेर आया है...

महेश की बात सुन कर अर्जुन भी हैरत से दीदी को देखने लगा.

महेश अर्जुन को लिए लॉकअप से बहार आगया....

दीदी के पास आकर वो रुक गया..

महेश : मैंने अब तक 199 एनकाउंटर किये hai...tu कितनी भी कोशिश कर ले इसे नहीं chhodunga...dusri सेंचुरी इसे मर कर क्रिएट करूँगा मई...

अनुशिया : जो तुम्हे इस केस से हटा सकती है वो तुम्हारी वर्दी उतरने का भी डैम रखती है...

महेश : हवलदारों ों ड्यूटी कमिश्नर को गन दिखने के लिए इसे अरेस्ट karo....finger प्रिंट ले लेना इसके मैच करने के लिए..

वकील : ये रहे गन का licence..aur papers...wakeel अपने बैग में से पेपर निकलते हुए बोलै....

वकील 2: तुम एक निर्दोष को मार रहे थे इसलिए मैडम ने अपनी और अपने भाई के बचाव में गन nikali...wo सेक्शन गिनाते हुए बोलै...

वकील 3: ये रही कोर्ट की बेल्ल order.jise वकील पहले hi ले ए थे कोर्ट से.

अर्जुन : सालो साडी तैयारी करके आये हो..

महेश : मैंने आज तक किसी की इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ नहीं किया लेकिन तुझे अपने निचे न लिटाया तो मेरा नाम भी कमिश्नर महेश नहीं.

अनुसुइया : अगर ऐसा हुआ तो ज़िन्दगी भर तेरे कदमो में पारी रहूंगी.

महेश : अगर चहुँ तो तुझे अरेस्ट कर सकता हों गन के लिए लेकिन तुझे मई लम्बा अंदर karunga..meri तरफ से दुश्मनी की ट्रीट

samjh.mahesh जाते हुए बोलै.


दीदी ने मुस्कुराते हुए उसे क्रिप्य स्माइल di...fir एक तरफ किसी को देखने लगी थी जो मुझे दिखाई नहीं दे रहा था.

मुझे अब अहसास हो रहा था अपने किये ka..meri वजह से मेरी बहन शर्मिंदगी उठा Rahi...Maine सोंचा था अगर पकड़ा गया तो वाकई ज़िन्दगी जेल में गुज़ारूंगा मौका मिला तो भाग भी jaunga..lekin अब हालत बिलकुल बदल गए थे...

अनुसुइया :राघव इसे खोलो....

दीदी के कहने पर एक पोलिसवाले लॉकअप खोलने लगा और दीदी अंदर आयी..

मई : मुझे तुम्हारी हेल्प नहीं चाहिए..

अनुसुइया : मुँह बंद rakho...jab तक यहाँ से नहीं निकल जाते जैसा मई कहु वैसा करना....

मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन मुझे करना तो यही था.

अनुसुइया : पूरी बात बताओ मुझे तुमने क्या किया और कैसे...

फिर मई दीदी को बताने लगा क्या किया मैंने और कैसे....

अनुसुइया : आशिक़ के दोस्त भी अरेस्ट हुए..

मई : अभी सिर्फ मई jhamela...uske दोस्त छुपे हुए है...

अनुसुइया : acha...aur आशिक़ को क्यों अरेस्ट किया...

मई : उसने आरोही के बाप पर जानलेवा हमला kiya...use बच्ये किसी तरह..

अनुसुइया : वो यहाँ hai.didi सर उठा कर पास खड़े पोलिसवाले से पूछते हुए बोली...

राघव : मम उस केस से दूर रहे वो बहुत हाई प्रोफाइल केस बन गया hai..na वो यहाँ hai..use कही और ले जाया गया hai...jyda डिटेल मेरे पास भी नहीं.

अनुसुइया : तुम बेफिक्र रहो मई देख लुंगी...


मई : झमेला की बहन और मेरी सासु माँ को भी पुलिस ले गयी किसी तरह उन्हें बचाओ...

अनुसुइया : ठीक है मई मालूम करती हों क्या क्या सेक्शन लगाए है तुम पर बेल्ल हो सकती या नहीं..

कहकर दीदी चली गयी...

कुछ देर बाद वकील ए जो मुझे समझने Lage...ki क्या कहना hai....wakil से पूछने पर पता चला मेरे खिलाफ एक नहीं कई गवाह hai...jinhe छुपा कर रखा हुआ ाचा ये है किसी कक्तव में मई नहीं आया हों कैमरा कंप्यूटर जलने की वजह se...ab केस की सुनवाई कोर्ट में hogi..kehkar वो चला गया....

उसके जाते hi मई भी लेट गया..

salil....kisi ने मुझे पुकारा..

मई : क्या लेने ayi...Maine बिना देखे लेते लेते जवाब दिया...

बात तो suno...aarohi फिर आवाज़ देते हुए बोली.

मई : जा ऋ तेरा मेरा रिश्ता ख़त्म अब किस रिश्ते से बुला रही है....

आरोही : झमेला को क्या हुआ था वो बदला कैसे...

मई : मुझे खुद नहीं पता ...अब निकल...

रोहित : अपनी बहन से बोलो तुम्हारे खिलाफ गवाही देने वाली वर्षा के ग्रुप की कोई फेमिनिस्ट मेंबर है और उसे भेजने वाली वर्षा है..

मई : ठीक है अब nikal....fir मुझे कोई आवाज़ नहीं आयी....

सुनवाई के दिन मेरी मुलाकात दीदी से hui...aur मैंने उन्हें बता दिया वर्षा के बारे me..didi ने मुझे बताया जज को खरीद लिया है unhone...unke फ्रेंड का रिलेटिव है.

केस की सुनवाई hui....didi के वकील ो ने गवाहों को मेरा जाती दुश्मन साबित कर दिया....

मुझसे सवाल पूछे तो मैंने वही कहा जो वकीलों ने कहने के लिए कहा था....

आखिर में एक औरत जिसने कहा मैंने माफ़ी नामा की वजह से जज को मारा..

मुझसे सवाल हुआ तो मैंने इंकार कर Diya...agar कोई निर्दोष इंसान होता तो मई नहीं करता लेकिन जज कोई निर्दोष नहीं था...

जज : तमाम गवाहों और सबूतों को मद्दे नज़र रखते ये अदालत मुल्ज़िम को सजा देने के लिए और सबूतों की मांग करती है...

मई रिहा हो जाता लेकिन जज के बेटी और बेटो की वजह से दीदी के जज ने केस की तारिख आगे बढ़ा दी...

मुझे फिर लॉकअप में दाल दिया गया....

रात का खाना खिलाकर दीदी चली gayi..blanket ओढ़ कर मई भी लेट गया कोई 10 मिनट बाद लॉकअप खुलने की आवाज़ आयी...

मई : कोण hai...Maine बिना देखे hi आवाज़ दी...

लेते रहो....

मई : मेरी धर्म पत्नी.... डाइवोर्स chahiye...Mai उठते हुए बोलै...

सौम्य : तो खरीद लिया sabko...wo तना देते हुए बोली...

मई : तुम्हारा सिस्टम रंडी से भी सस्ता है...

सौम्य : जबान को लगाम दो...

मई : तब कहा था तुम्हारा इंसाफ जब मेरे दोस्त के खंडन को पुलिसवालो ने ख़त्म किया और जब वो बदला लेने आया तो उसे हाथ कड़ी लगा दी ..

सौम्य : कुछ बुरे लोगो की वजह से पूरा सिस्टम तो बुरा नहीं होगा न..

मई : पूरा सिस्टम hi सदा हुआ है मम apka....acha बताओ झमेला कहा है...

सौम्य : वो यहाँ नहीं hai...use एक गुप्त जेल में रखा गया hai...uski बेल्ल नामुमकिन hai...tumhari बहन भी कुछ नहीं कर पायेगी....

मई : क्या मतलब...

सौम्य: मैंने उसके केस को पढ़ा hai...bhut हाई प्रोफाइल लोग जुड़े है खान फॅमिली के हत्याकांड के piche...uski सुनवाई भी नहीं होगी उसे एक दो दिन में मर दिया jayega....agar कोर्ट में केस चला तो बहुत बड़े बड़े नाम बहार आएंगे और डिपार्टमेंट की बदनामी होगी अलग से इसलिए उसे मरने का फैसला किया gaya....dusri बात उस दिन उसने कई पुलिसवालो को मारा जिस कारन उसे मरना और आसान हो गया है.

सौम्य की बात सुनकर मेरा दिल बैठ गया....

मेरा बर्थडे है और तू यहाँ hai...kamine मेरे स्कुल के फ्रेंड्स सभी दोस्त ए सिवाए तेरे चल मेरे साथ ..

अपुन क्या करता उधर बड़े बड़े लोगो में...

चल साथ झमेला मैंने तेरी वजह से केक नहीं कटा hai...tu नहीं गया तो कट भी नहीं करूँगा .

ये है na....wo अपने पीछे से केक निकलते हुए बोलै....

सेल कमीने....

.एक तू नस्ली एक मई नस्ली वाकई सब नकली...

मई : मुझे यहाँ से निकालो मुझे बचाना है उसे ..कहते हुए मैंने हाथ जोड़ दिए.....

सौम्य : I'm सॉरी salil...wo बेबसी से बोली...

मई : मेरी दीदी से बात करा दो...

सौम्य : तुम्हारी दीदी ने उनसे डील कर ली है तुम्हारी रिहाई के badle....aur झमेला से भी...

मई : झूट बोल रही हो tum...didi कभी ऐसा नहीं कर सकती...

सौम्य : सच्चाई कड़वी है लेकिन सुन lo...tum पर जो जज को मरने का केस बना वो झमेला पर दाल दिया gaya...aashiq की भी गवाही की वीडियो आयी सबूत के तौर पर की कोर्ट उसने जलाया और जज को भी उसने मारा..

मई : ऐसा उसने क्यों किया....

सौम्य : अनुसुइया के वकीलों ने कहा उससे तुम्हे फांसी हो रही है इसलिए उसने तुम्हारा इलज़ाम अपने सर ले liya...jab तुम उसे अपने साथ लेट मेरे साथ डेट पर तब मुझे गुस्सा अत था तुम par...Mai कहती थी हमारी डेट पर उस हड्डी को क्यों ले ए और तुम मुझे दन्त कर कहते थे उसका तुम्हारे सिवा कोई नहीं दुबारा उसके खिलाफ मेरे कण नहीं भरना वर्ण तेरी मेरी आखिरी मुलाकात hogi....aaj मुझे अहसास हो रहा hai..tum दोनों की दोस्ती कितनी गहरी थी...

मुझे नहीं पता वो क्या और कब की बात कर रही थी लेकिन दोस्ती हमारी ऐसी hi थी...

मई :मई कल कोर्ट में बता दूंगा वो झमेला नहीं मई हों जिसने कोर्ट जलाया...

सौम्य : ऐसा करोगे तो अपने दोस्त को बचने का आखिरी मौका भी खो डोज..

मई : क्या मतलब...

सौम्य : कल तुम रिहा हो गए तो शयद झमेला को बचा पाओ...

मई : वो कहा है...

सौम्य : कोण जनता है ये मई जानती hon...fir वो मुझे कण में एड्रेस बताने लगी...

मई : तुम मेरी मदद क्यों कर रही हो..

सौम्य : झमेला तक तो ठीक था लेकिन झमेला के साथ उसकी बहन को भी मर दिया जायेगा...

सौम्य की बात सुन मेरा दिल ज़ोरो से धड़का...

मुझे अब इंतज़ार था तो बस कल रिहा होने का...

मई : एक काम करो तुम मेरा...

सौम्य : क्या...

मई: तुम मिश्रा के घर जाओ उसे कहो तुम उन लोगो को अवेयर करना चाहती हो जो लोग खान फॅमिली को मरने के पीछे है झमेला के दोस्त उन्हें मर देंगे .वो तुम्हे लिस्ट देगा वो लेकर मुझे देना...

सौम्य : ठीक है कोशिश करुँगी...

मैंने भी सर हिला दिया....

सौम्य : तुम्हारी वाइफ मिलने नहीं आयी .

मई : मैंने छोड़ दिया उसे .

सौम्य : उसने रान्दीपना छोड़ा नहीं..

मई : नहीं उस जैसी औरत किसी की नहीं हो sakti...aur तुम्हारी फॅमिली को तुमने क्या एक्सक्यूज़ दिया...

सौम्य : यही की झगड़ा हुआ हमारा अब मई तुमसे अलग होना चाहती हों..

मई : तुम्हारे पापा ने तो मुझे एक्सेप्ट कर लिया था वो कैसे मन gaye..unki तो इज़्ज़त पर बात आगयी thi...wo मिलने भी नहीं ए मुझसे...

सौम्य : आ रहे थे लेकिन माँ ने रोक लिया..

मई : मतलब..

सौम्य : मैंने माँ

से कहा तुम्हारा वो स्टैंड नहीं होता तुम नामर्द ho...video तो तुम्हारी वायरल hi हो गयी थी उन्होंने भी यकीं कर लिया.. सुसाइड का रीज़न भी यही बताया की तुमसे शादी करके मेरी ज़िन्दगी बर्बाद हो gayi..tumne धोका दिया अपनी नामर्दानगी के बारे में न बता कर ...फिर माँ ने साडी बातें पापा से कह दी माँ ने समझाया की अगर मुझे फाॅर्स किया तो फिर सुसाइड करुँगी ..वैसे भी हमारी नस्ल आगे नहीं badegi...ek लौटी थी तो मन गए...

कोई और टाइम होता तो मई सौम्य को सुनाता उससे झगड़ा करता लेकिन ये वक्त मुस्कुराने का नहीं था.

मई : अब आगे क्या करोगी या कोई पसंद है...

जवाब दिए बिना वो आगे बढ़ गयी मई उसे जाता देखता रहा...

कुछ कदम चलकर वो वापस मुड़ी ..

सौम्य : ये पूर्वी कोण है तुम्हारी .

मई : कैसे जानती हो...

सौम्य : मिलने आयी है.

मई : जल्दी भेजो उसे...

सौम्य ने सर हिलाया और जाने के लिए मुद gayi....uske जाते hi पूर्वी आयी मई भी सलाखों के पास आकर खड़ा हो गया.

कैसे हो tum...salakho के अंदर हाथ दाल वो मेरे गलो को थम कर बोली.

मई ; हम्म्म ठीक हों.

पूर्वी ; कोर्ट जलना था तो मुझे बुला lete....sare एविडेंस गयाब कर देती.

मई : आगे से ख्याल rakhunga...mujhe तुम्हारी हेल्प चाहिए.

पूर्वी : हुकुम करो...

मई : झमेला मुसीबत में hai...aur फिर मैंने उसे साडी बात बता दी..

मई : वो उत्तर से की जेल में है अबॉण्डों बीच से होते हुए तुम्हे अंदर जाने का रास्ता milega..use उसकी बहन को रिहा करो और उसे कहना कही दूर चला जाये अपनी बहन को लेकर.

पूर्वी : अभी जॉन...

मई : हाँ abhi...tumhari कोई भरोसे की दोस्त है...


पूर्वी : आरोही थी bas...lekin मई कर lungi...wo जाने के लिए मुड़ते हुए बोली..

मई : suno....tumhare पास जितने भी पैसे है उसे दे देना खर्चे के लिए कहना अपनी नयी शुरुआत करे...

सर हिलाते हुए वो चली गयी...

अब मुझे थोड़ी रहत मी और मई लेट गया.....

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आरोही सलिल से मिलकर घर जा रही होती है की तभी उसे हरषि की कॉल अति है..

रोहित को लिए वो सीधा हॉस्पिटल अति है..

क्या हुआ hai..aarohi हरषि से पूछते हुए बोली...

हरषि : निहारिका सीरियस कंडीशन में hai...bhai ने बहुत मारा दीदी..

आरोही : क्यों...

हरषि: निहारिका जीजू के दोस्त की बहन है..

आरोही : व्हाट...

हरषि: पिता जी ने कहा हर्ष भाई बदला ले रहे है भाभी के भाई ने पिता जी को जख्मी किया वो उसकी बहन को...

तुझसे तो साली सच्चाई और इंसाफ की बात भी नहीं की jati...aarohi के दिमाग में झमका हुआ...

आरोही : कब से हो यहाँ होश आया उसे.

हरषि : कल आयी थी.. हां आगया वाकई डॉक्टर बतायंगे आकर.

आरोही हरषि के साथ बेंच पर बैठ जाती है..

आरोही : तुझे एक कहानी sunau..mujhe क्लैरिटी देगी.

हरषि : क्या..

आरोही : एक आदमी जो पोलिसवाले था उसने एक खंडन को ख़त्म कर Diya...us खंडन में तीन बचे बच गए दो साथ रहे तीसरे को वो पोलिसवाले ले गया उसने उसे पला बड़ा किया अपने बेटे से विवाह करा Diya...kuch वक्त बाद वो लड़का बड़ा हुआ और अपने खंडन की मौत का बदला लेने आया पुलिस वाले se...us पुलिस वाले की बेटी भी hai..aur भी बचे hai...ab वो पुलिस वाले की बेटी अपने बाप को बचाएगी या सच्चाई का साथ दे अपने बाप को उस लड़के द्वारा मरने दे...

हरषि : अगर एक बेटी से पूछ रही हो तो उसे अपने बाप को बचाना चाहिए..


हरषि का जवाब सुन आरोही दिल में फैसला कर लेती है की वो अपने बाप को प्रोटेक्ट करेगी.

***************************

सलिल से मिलकर सौम्य उसी समय मिश्रा के घर निकल जाती है...

कुछ देर में वो मिश्रा के घर के सामने होती दूर बेल्ल बजने पर हर्ष दरवाज़ा खोलता है...

के in...harsh उसे देख अंदर आने के लिए रास्ता देते हुए बोलै...

अंदर आकर सौम्य सोफे पर बैठ जाती है..

सौम्य : वो mujhe..itne में सौम्य आरोही को देखती है जो रूम से निकल कर आयी थी देखने ..उसे देख सौम्य टॉन्ट मरते हुए मुस्कुरा देती है..

सौम्य : मई सर को अवेयर करने आयी थी बुला देंगे उन्हें..

हर्ष : पिता जी वही गए उससे मिलने जिसे तुमने पकड़ा था...

हर्ष की बात सुन उसे शॉक लगता है.

आरोही : किस से अवेयर करने

सौम्य : आशिक़ के दोस्त सर को और उनके दोस्तों को जो उसकी फॅमिली के नरसंहार के पीछे थे उन्हें नुकसान पंहुचा सकते hai..isliye अवेयर करने आगयी..


हर्ष : don't वोर्री मई पिता जी से कह दूंगा अभी वो अपने उन्ही दोस्तों के साथ hai..hamari चिंता करने के लिए धन्यवाद.

सौम्य : उसी सेल में जहाँ आशिक़ है..

हर्ष : हाँ...

सौम्य : ठीक है फिर मिलती hon..by थे वे तुम्हे सलिल ने क्यों chhora..saumya उठते हुए बोली ..

हर्ष : तुम दोनों अलग हो गए आरोही.

सौम्य : नहीं बताना चाहती it's okay..use बचपन से जानती हों न इसलिए पूछ बैठी .सी यू..

और सौम्य घर से निकल जाती है..

उसी के साथ निहारिका को लिए हर्ष भी..

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एक पानी के अंदर बानी जेल में आशिक़ बहुत मोती मोती जंजीरो से बंधा tha...jo बड़े बड़े जहाज़ों में लगाई जाती उन जंज़ीदो se..uske आगे करंट छोड़ा गया था जो बंगलोरे के साइंटिस्ट ने किया था उसे रोकने के लिए.

इतने में उसके सामने की जेल में बहुत सरे बूढ़े अफसर आते hai..unhi में मिश्रा भी होता है जो झमेला को देख तंजिया हसी हसने लगता hai...use देख झमेला गुस्से में आ जाता है..

मिश्रा : तुझे बहुत पहले मर चुके होते लेकिन तेरी पावर का राज़ जानने के लिए तुझे अब तक ज़िंदा rakha...lekin आज रत तुझे मर दूंगा लेकिन उससे पहले तुझे तड़पाऊंगा मई...

झमेला : पछतायेगा तू...

जमीला का जवाब सुन सेल में हसी का फव्वारा छूट जाता है....

मिश्रा : हम hi है वो सब जिसने तेरे खंडन के बचे बड़े हर एक मर्द को दर्दनाक मौत दी और तेरी घर की औरतों की ..... ...hahahaha..fir हसी का फवारा छूट जाता है...

झमेला गुस्से में उठता है लेकिन जंजीरो के बोझ और आगे करंट की वजह से आगे नहीं बाद पता..

इसने देखा नहीं इसे फिर से दिखाए मिश्रा जी ...मिश्रा का एक साथी बोलै...

मिश्रा : क्यों नहीं नरेन् ji...le आओ इसकी बहन ko...aur उस रंडी को भी जिसने मुझे धोका दिया...

इतने में पोलिसवाले सना और सुहासिनी को पकड़ के ले एते है...

नरेन् : हर्ष बाबू नहीं ए अभी तक...

मिश्रा : आजायेगा..

हाय हसीना क्या मॉल hai...ek और साथी सना को पकड़ कर बाँहों में भर कर उसे हररस करने लगता है...

झमेला : aaaaaaaaaa....chhhod दोऊ use....ek डैम से झमेला की आवाज़ भरी हो गयी और उसके कपडे फैट के अलग हो गए ..उसका रूप बदल चूका था..

खुनी निगाहो से वो उन सभी 17 पुलिसवालो को देखने लगा...

सना को पकड़ा पोलिसवाले झमेला को देख दर से सना को छोड़ देता है ...सना भागते हुए सलाखों के पास अति है...

मिश्रा : डरो नहीं पांडेय जी ये नहीं निकल सकता आज की रात तो हुस्न से खेलने की रत है ..

थू...

सुहासिनी : तू तो सुवरो से भी ज्यादा गिरा हुआ hai...suhasini थूकते हुए बोली..

sali...chatakkk चटक्क..

पास आकर मिश्रा सुहासिनी को मरने लगता है ..

मिश्रा : साली मुझे धोका देकर इसे अपना बीटा बना liya...tu भी देखेगी इसकी बर्बादी aaj...uske बाद तेरे हाथ पेअर काट के तुझे भिक मांगने के लिए छोड़ दूंगा...

सुहासिनी : तेरे अंजाम का सोंच कर मुझे तुझ पर तरस आ रहा hai...ye अकेला नहीं है इसके जैसा एक और है इसका dost...ise कुछ हो गया तो वो आएगा .. लेकिन तू बचेगा नहीं मिश्रा...

मिश्रा : कोण दोस्त बोल साली...

सुहासिनी : रोलेक्स ...जिसने इसे बनाया...

मिश्रा : ये कोण है...

सुहासिनी : हाहाहा....

aaaaaaaaaaaa...itne में दर्दनाक दहाड़ पूरी जेल में गूंज जाती है....

सना को पकड़ कई रिटायर पोलिसवाले सना की इज़्ज़त लूट रहे थे और वो भाग रही थी...

मिश्रा : इसे ज़िंदा rakhna...aur चीख आज तेरे सामने तेरी बहन की इज़्ज़त lutegi....hawaldaro से कहकर वो झमेला से बोलै...

मिश्रा : ऐसे मज़ा नहीं आ रहा जैम मंगाए jaye...sana पर झपट रहे लोगो को रोक मिश्रा सना का हाथ पकड़ उसे अपनी तरफ खींचते हुए बोलै...

इतने में एक पुलिस वाला ड्रिंक की बॉटल्स की पति उठा laya...sab ड्रिंक्स लेकर सना पर डालने लगे...

मिश्रा : आज तेरी बहन की इज़्ज़त लुटेगी वो भी तेरे samne....hahahah...usi के साथ फिर सब हसने लगते है...

chrrrrrrrrr...ek पुलिस वाला ड्रिंक डालते हुए सना की शर्ट पकड़ कर फाड़ देता है...

bhaiiii.....sana रट हुए झमेला को देखती है...

अंदर aashiq...janzeero को खींचते हुए करंट के पास अत है जैसे hi पर करने के लिए कदम बढ़ता शॉक लगने से पीछे को आकर गिरता है...

पिता जी एक और रैंड agayi...harsh एते हुए bola...jiske साथ निहारिका थी ..

निहारिका : ऐसा क्यों बोल रहे हो जी ..ये सब कोण है और मुझे यहाँ क्यों लाये.....

मिश्रा : अजा बीटा....

हर्ष : हाहाहा तू रैंड है साली ....

मिश्रा निहारिका के पास आकर उसका हाथ पकड़ते हुए उसे सेल के पास लता है..

मिश्रा : इसे देख तेरी एक और bahan...ise मैंने अपनी अय्यासी के लिए बचा लिया था फिर इसे पढ़ाया likhaya...aur अपने बेटे की पत्नी banaya..mere बेटे ने इसकी हर दिन इज़्ज़त luti...yani तेरी बहन ki...hahahaha..

aaaaaaaaaaaaaa....jhamela फिर भागता हुआ आया और शॉक लगने से पीछे आकर गिरा...

हर्ष : पिता जी मई चलता हों इसे ख़त्म कर देना मई अब दूसरी शादी करूँगा...

मिश्रा : सब को खुस करके ये भी मर दी jayegi....Mishra का जवाब सुन हर्ष मुस्कुराते हुए चला जाता है .

शॉक में डूबी निहारिका कभी झमेला को देखती तो कभी सना को...

निहारिका : पिता जी आप ये क्या कह रहे हो .

मिश्रा : तेरी समझ में नहीं aya...ye तेरा भाई है और ये तेरी बहन तेरा असली नाम निहारिका नहीं नीमरा है...

निहारिका : नीमरा ...

baba....chachu...chota baba...sehzada...

और निहारिका को अपनी पुराणी यदि याद आने लगती है...

निहारिका : शेह्ज़ादा ayan....mera भाई मेरे ताऊ का beta...sana मेरे ताऊ की बेटी ...तुमने मारा unhe...mere परिवार को तुमने mara..kutte....yad करते hue...niharika हाथ छुड़ा कर मिश्रा के साइन पर घुसा मरती hai...jahan गोली लगी थी उसके...

chatakkk...chatakk....chatakkkk...

गुस्से में मिश्रा और उसके आदमी निहारिका को मरने लगते है अंदर झमेला बुरी तरह तड़पने लगता है ..

मिश्रा : नंगा करो दोनों को....

आआआ.....

भाई ...

मिश्रा के सभी साथी भेडिओ की तरह दोनों पर झलतते hai...dono बहने बुरी तरह से खुद को बचने की नाकाम कोशिश करने लगती है....


रत 8 बजे पूर्वी चली थी और 9 बजे वो सेल में आगयी thi...wo छुपी बैठी सब देख रही थी उसे मौका नहीं मिल रहा था झमेला की सेल में जाने ka..kyoki सामने सभी लोग they...wo छुपी बैठी थी सामने देख उसकी आँखों में भी खून उतर आया था...

अपनी बहन को देख झमेला बुरी तरह तड़प रहा था....

मिश्रा के sathi...sana को गिराकर उसपर लेटने लगते hai...ye देख सना की एक बेहद दर्द भरी आवाज़ निकलती है...

सना: bhaiiii....aur हेल्प के लिए हाथ ऊपर करती है..

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.....

वही आशिक़ गुस्से में फर्श के साथ जंजीर उखड लेता है...

dhammm...agle hi पल वो शॉक वाली मशीन पर जंजीर मरता है...

आवाज़े करती हुई वो बंद हो जाती है लेकिन शॉक की वेव्स अब भी झमेला के चारो तरफ फैली thi...parwah किये बिना झमेला उस शॉक की वबेस को चीरते हुए निकल जाता है...

जहाँ जहाँ जलने के निशान थे अगले hi पल वो सब भरने लगते है...

Aaaa......koi कुछ समझ पता की झमेला लॉक उप का गेट उखड के घूमते हुए उसकी बहनो पर झुके लोगो पर फेकता है...

वही मिश्रा दर से जैम जाता है...

मिश्रा के साथी कराहते हुए दूर जाकर गिरते है...

दोनों बहने उठकर भागते हुए झमेला के गले लग जाती है....

बहनो को पीछे कर झमेला मिश्रा को पकड़ता है....

कन्धा पकड़ कर झमेला मिश्रा का हाथ खींचने लगता है...

सना : भाई इसे मौत दो की इसकी रूह भी कैंप जाये...

मिश्रा: aaaaaaaaaaaa...Mishra का हाथ अलग हो चूका था और वो दर्द में बुरी तरह तड़पने लगता है....

फिर उसे उठा कर गुस्से में झमेला एक तरफ से टंगे एक तरफ से सीना पकड़ कर खींचने लगता है...

वही पुलिस वाले आकर मिश्रा से बचकर झमेला को शूट करने लगते है...

मिश्रा: aaaaaaaaaaaaaa....aaaaaaaa...jhamela उसे बिच से अलग कर रहा था और मिश्रा दर्द में चीख रहा था...

अगले hi पल मिश्रा के sharir.do भागो में बाँट गया था धड़ कमर से अलग हो गया था उसके ऑर्गन्स झमेला के हाथ से निचे गिर रहे थे....

सना: हाहाहाहाहा hahahaha..sana उसकी मौत पर रट हुए हसने लगी...

फायरिंग कर रहे पुलिसवालो पर झमेला जंजीर fek.kar.marta है और उनके सर फैट जाते है...

फिर झमेला भागते हुए मिश्रा के साथिओ का पीछा करने लगता है...

jhamela.ke जाते hi पूर्वी सामने आजाती है.

पूर्वी : डरो मत मुझे सलिल ने भेजा है...

सुहासिनी को अंदर ले जा रहे पुलिस वाले को पूर्वी टपका कर उन्हें आज़ाद कर देती hai...fir अपना कोट सना को पहना देती hai...jo फटी हुई शर्ट में thi...niharika अपनी सधी और जैकेट ठीक करने लगती है....

पूर्वी : तुम दोनों के साथ कुछ हुआ तो नहीं.

सना और निहारिका दोनों ना में सर हिलती hai..suhasini पास आकर सना को गले लगा लेती है...

पूर्वी : हमें चलना होगा आशिक़ के पीछे...

और सब आवाज़ों को सुनती हुई भागने लगती है..

रस्ते me.unhe पुलिसवालो की और मिश्रा के साथिओ ko.lashe.milti hai...kisi का सर क्रश था किसी के धड़ पर सर hi नहीं tha..to किसी के चहेरे पर जंजीर घुसने के निशान थे...

जितनी ज्यादा वो आगे बढ़ रही थी उतनी hi उन्हें लाशे मिल रही थी...

तबोड़ा और आगे आने पर उन्हें झमेला दीखता है जो बड़ी बेदर्दी से पुलिसवालो को और मिश्रा के साथिओ को मर रहा था....

झमेला इतने गुस्से में था की उसने पल भर में लाशे बिछा दी थी...

आगे दो लोगो को भागता देख झमेला जम्प मरता हुआ उनके आगे आजाता है...

फिर दोनों को पकड़ लेता hai....dono को उल्टा करके उनके सरो पर लेट मरता है और दोनों के सर हवा में उड़ते हुए सेल से बहार आकर गिरते है...

बचे कूचे पोलिसवाले सना के पीछे आकर चुप जाते है....

policewale..hame बचा लो please..unki बेबसी देख सना सर हिला देती hai...vaise इनमे वो लोग नहीं थे जो मिश्रा के साथ थे...

झमेला गुस्से में दोनों को जो मिश्रा के साथी थे उन्हें उठा उठा कर पटक रहा था...

सना के आने पर वो रुका...

सना : bhai...sab ख़त्म हो गए...

झमेला : वो रहते hai...jhamela की भरी आवाज़ निकली....

सना : वो दुश्मन नहीं है....

और फिर सना झमेला के हाथ को थम लेती है...

और झमेला बदलने लगता है...

झमेला को उसकी असली फोम में देख निहारिका उसे पहचान लेती है...

भागते हुए आकर वो झमेला क पास रुक जाती है...

निहारिका : मेरा दिल कहता था तुमसे मेरा कोई रिश्ता hai...sehzade ayan..tum हमारे सेहज़ादे थे खान बाबा के bete...mujhe सब याद आगया है....

और वो रट हुए झमेला के गले लग जाती है...

झमेला भी उसे साइन से लगा कर सिसकने लगता है....

पूर्वी : आशिक़ हमें यहाँ से निकलना होगा फाॅर्स किसी भी वक्त यहाँ आ सकती है...

झमेला : तुम उस रोहित की वाइफ...

पूर्वी : सब झूट hai...mujhe सलिल ने भेजा तुम्हारे लिए अफ़सोस मई समय पर तुम्हारी हेल्प न कर सकीय ..अब जल्दी से निकलो यहाँ से...

सब लोग सेल से बहार एते है....

बहार hi एक कार कड़ी होती जिसमे पूर्वी सब को बिठा लेती है...

एक सुनसान जगह आकर पूर्वी कार रोक लेती है...

पूर्वी : सलिल चाहता है तुम यहाँ से कही दूर चले जाओ....

झमेला : मेरे लिए यही सही रहेगा...

निहारिका : मेरे बचे भाई...

सुहासिनी : मई सुबह ले आउंगी...

पूर्वी : नहीं रुक सकते ौंटी प्रॉब्लम हो जाएगी ...आज रत hi ये शहर छोड़ना hoga....tum कलकत्ता चले जाओ सेहज़ादे ayan..waha मेरी दोस्त है जो तुम्हारा ख्याल रखेगी ...

निहारिका : मई अपने बचो के बिना नहीं जी सकती भाई..

झमेला : मई अपनी बहन के लिए हर खतरा उठा सकता hon....tum गाड़ी हर्ष के घर ले चलो...

पूर्वी : समझो ayan...meri न सही सलिल की बात mano..aisa karo...tum तीनो निकल jao..aunti को मई कल रत बिठा दूंगी बचो के sath...nimra समझो please...aunti आप कल आरोही से किसी तरह बचे ले लेना..

सुहासिनी: ठीक है...

निहारिका : ठीक है भाई हम चलते hai..jhamela भी फिर हामी भर देता है.

अस्स पास की दुकानों से पूर्वी सामान लेकर तीनो का हुलिया बदलती hai..fir उन्हें लेकर स्टेशन अति है...

पूर्वी : तुम यही बैठो मई टिकट लेकर अति हों.

टिकट लेकर पूर्वी उनके साथ कलकत्ता जाने वाली ट्रैन का वेट करने लगती है..

पूर्वी : ये बैग रखो इसमें कुछ पैसे है तुम्हारे काम आएंगे..

झमेला : मई कैसे ले सकता हों...

पूर्वी : सलिल के आ रहे थे मुझ पर समझो उसी के hai...usne hi कहा है तुम्हे देने के liye...salil के है ये जानकर झमेला पैसे ले लेता है...

फिर पूर्वी ट्रैन में तीनो को बिठा कर सुहासिनी को साथ लिए अपने फ्लैट पर आजाती है.

*******************

रत 1 बजे हर्ष के घर कॉल अति है कॉल उठा कर सामने से पोलिसवाले की आवाज़ सुन कर उसकी नींद गयाब हो जाती hai...wo भागते हुए घर से बहार अत है और कार लेकर निकल जाता है..

उधर सौम्य को भी ड्यूटी पर बड़े अफसरों के साथ बुला लिया जाता है...

वही सौम्य की मुलाकात अर्जुन और महेश से होती है.

महेश : तुम्हारे पति के दोस्त ने 100 से ज्यादा पुलिस वाले और 17 रिटायर पुलिस वालो को बड़ी बेरहमी से मर दिया है...150 में से सिर्फ 26 पुलिस वाले बचे है...

सौम्य : उसकी बहन निर्दोष thi...lekin मई फिर उसे पकड़ूँगी और अपने हाथो से सजा dungi...sirf उसे...

डगप सर और होम मिनिस्टर साहब मीटिंग में बुला रहे है आप तीनो को.

मीटिंग रूम में जब तीनो जाते hai..to डगप को बड़े गुस्से में देखते है ..

डगप : उसने यहाँ लाशे बिछा दी उनके घर वालो को क्या जवाब दूंगा मई..


डगप की बौखलाहट पर सब चुप थे .

डगप : जवाब देने की जिम्मेदारी तुम्हारी है कमिश्नर Mahesh..mujhe नहीं पता तुम क्या जवाब doge...media को इस सब दूर hi रखना...


यस सर....

सब पोलिसवाले एक साथ जवाब देते है.

डगप : वो कोण है जिसने उस हरे राक्छस को पकड़ा..

महेश : आईपीएस अफसर सौम्य रेडडी sir...kehte हुए महेश उसे खड़े होने का इशारा करता है..

सौम्य भी कड़ी हो जाती है..

डगप : है तुम्हारे बारे में पता चला की तुमने उसे पकड़ा उम्मीद है तुम फिर उसे पकड़ेगी...

सौम्य : यस sir...lekin सर मई कुछ कहना चाहती हों...

डगप : कहो...

सौम्य : सर इस सब में हमारी भी गलती है...

अर्जुन : व्हाट नॉनसेंस तुम क्या बक रही हो..

डगप : शट उप Arjun...bolne दो उसे.. यू कंटिन्यू..


सौम्य : सर मैंने आशिक़ जिसे मैंने नाम दिया ग्रीन man..usse बात की जब मई उसे सेल में ले जा रही thi...usne अपनी फॅमिली के नरसंहार के बारे में bataya.maine थोड़ी रिसर्च की और रिटायर कमिश्नर मिश्रा द्वारा उसके परिवार के नरसंहार के बारे में जानने को Mila...uski गिरफ़्तारी को सीक्रेट रखना हमारी गलतिओ में से एक है दूसरी गलती ये की अपनी नाक बचने के लिए हमें उसका शूट का आर्डर देना उसने मिश्रा पर अटैक किया था उस समय वो मरे नहीं थे हमने क़ानूनी राइट्स भी उससे छीन लिए थी सबसे बड़ी गलती हमारी ये की हमने उसकी माँ और उसकी बहन जो इनोसेंट थी उन्हें भी मरने का आर्डर दे diya..ye भी हमारी गलतिओ में से एक गलती है..

डगप : शट उप तुमने सोंचा है अगर सीक्रेट न रखते तो डिपार्टमेंट की कितनी बदनामी hogi...log पुलिस पर भरोसा करना छोड़ dete...jin पुलिस वालो उसने मारा शूट का आर्डर उनकी वजह से दिया.

सौम्य : सॉरी सर मई पास मंजर बता रही thi...aur इनोसेंट लोगो को मरने का रीज़न तो आप hi जानते honge..sir मई उसकी इनोसेंट बहन की बात कर रही हों.

डगप : कभी कभी कानून को भी अपने हाथ गंदे करने पड़ते है खैर मई इसकी तहकीकात खुद karunga..ab मुझे बताओ उसे कैसे पकड़ेगी..

सौम्य : सर पहले मई यहाँ क्या हुआ जानना chahungi...mishra के पुराने साथी रिटायर 17 अफसर यहाँ क्या कर रहे थे...

डगप : चश्मदीद को बुलाओ महेश..

हम सब प्रेजेंट है sir..bache हुए पोलिसवाले बोले..

डगप ; तुम में से जिसने सब देखा वो सब बताये.

एक पोलिसवाले खड़ा होकर बोलने लगा..

पोलिसवाले : सर जेलर साहब जो मरे गए उन्होंने मिश्रा सर से डील की थी की उसके एनकाउंटर से पहले वो उसे तड़पना चाहते hai...fir उन्होंने उसकी bahan...aur पुलिस वाला सब बता देता है..

सौम्य सब जान कर बहुत हताश होती है...

सौम्य : सर हमारा डिपार्टमेंट लोगो को इंसाफ देने के लिए बना यहाँ ...छी...

डगप : जज़्बाती न बनो अफसर कभी कभी कुछ ग़लतीगण हो जाती hai...ab उसे पकड़ने के बारे में सोंचो..

डगप के जवाब से सौम्य उसे देखती रह जाती उसके अंदर जुंग छिड़ चुकी थी जो पहले से hi भड़क रही थी..

सौम्य : सर मई चाहती हों ये केस महेश सर या उनके भाई देखे वो मुझ से ज्यादा काबिल है.

डगप : तुम महेश की हेल्प करोगी..

सर हिलती हुई सौम्य बैठ जाती है..

डगप : ये केस तुम सम्भालो गए महेश..

महेश : यस sir...miss सौम्य hi है जो इस केस में हेल्प कर सकती hai...gareen मन का दोस्त मिस सौम्य का एक्स हस्बैंड है...

डगप : व्हाट..

महेश : जी sir...miss सौम्य hi है जो अपने हस्बैंड से ग्रीन मन का सीक्रेट निकल सकती है..

डगप : देर किस बात की सौम्य काम पर लग जाओ..

सौम्य : यस sir...kehte हुए सौम्य महेश को देखने लगती है गुस्से में.

फिर महेश सौम्य और डगप को प्लान समझने लगा.


***************"""""""""""

अगले दिन कोर्ट में सुनवाई हुई झमेला की वीडियो ने पूरा केस पलटा कर रख दिया....

जज ने फिर देर किये बिना मेरी रिहाई का फैसला सुना दिया....

कटघरे से निकलते hi दी ने मुझे बाँहों में भर लिया...

सलिल भाई माफ़ कर do...didi से अलग होते hi घाना हाथ जोड़े मेरे सामने एते हुए बोलै..

अनुसुइया : जज इसी के रिश्तेदार है इसने बहुत हेल्प की है तुम्हारी तुम्हे रिहा करने me..Maine तो साफ़ कह दिया तुम करोगे तभी मई करुँगी ..

मई : तुम्हारे कहने पर hi तो इसने मारा था मुझे...

बीटा मई बर्दास्त नहीं कर पाया जब तुमने अनुसुइया को बुरा भला कहा.... प्लीज मुझे माफ़ कर do...Vishnu हाथ जोड़ते हुए बोलै...

इतने में ौंटी विष्णु की वाइफ भी कहने लगी माफ़ करने के लिए..

अनुसुइया : मुझे कर सकते हो तो इन्हे भी कर दो....

मई : मुझे कही जाना hai....sabse अलग होता हुआ Mai...bahar की तरफ bhaga...ki मुझे बहार hi पूर्वी दिख गयी जो मेरी तरफ आ रही थी मुझे देख उसने थम्ब्स उप का इशारा Kiya....jiska मतलब था काम हो gaya.....jise देख मेरी जान में जान आयी

इतने में दीदी ने आकर फिर मुझे पकड़ liya.didi को देख पूर्वी नजरो से ओझल हो गयी..

अनुसुइया : कर दो न यार उन्होंने हमारी हेल्प की..

मई : ताकि तुम्हे उनके साथ सोने का लाइसेंस मिल जाये...

अनुसुइया : यार गलती अंकल की नहीं मैंने hi उन्हें फसाया था वो सब करने के लिए वो मुझे बेटी hi मानते थे ...मुझे ज़रूरत थी ौंटी के भाई की जो पंजा पार्टी में tha...usne मुझे आठ m.l.a दिए इसलिए मैंने वो सब kiya...tum जानते हो मेरी ज़िन्दगी का गोआल क्या hai...har राज्य में सिर्फ फूल पार्टी का raz..Mai जो करती उसे दिल पर मत lo...lekin अब वडा करती हों तुमने कभी अगर पकड़ा फिर जो सजा डोज चुप चाप भुगत lungi...maf कर दो उन्हें..... प्लीज मेरे लिए..

आरोही एक घडी समझ कर सुधर जाती लेकिन मेरी बहन जैसी औरत कभी नहीं.

मई : ठीक है किया माफ़ लेकिन पहले की तरह उनसे मिलूंगा भूल जाओ ...उसने इतना कुछ किया की मुझे झुकना pada..Maine कहा भी सिर्फ ऊपर के दिल से अंदर से मुझे विष्णु से और उसके गांडू बेटे गणेश से नफरत hi thi...Mai न वो दिन भुला था जब मैंने दीदी को उसके साथ पकड़ा tha...maafi का मतलब जान छुड़ाना था मुझे तो विष्णु से बदला लेना था राधा के थ्रू..

कहकर मई आगे बढ़ gaya...court की सीडीओ से उतारते हुए मुझे अपनी तरफ अति सौम्य दिख gayi..uske साथ hi मुझे अर्जुन और महेश दिखे जो दूर जीप के पास खड़े होकर मुझे देख रहे थे...

अछि लग रही हो madam...Maine उसे देख कहा जो पास आकर रुक गयी थी....

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सुन ग्लासेज में वो बेहद हसीं लग रही थी..

सौम्य : ये रहा तुम्हारा phone...aur वॉलेट...

फ़ोन लेकर मैंने जेब में रखा और वॉलेट चेक करने लगा...

सौम्य : पैसे निकल liye...batao कितने थे मई दे देती hon.wo पर्स खली देख बोली.

मई : नहीं मई िदश देख रहा hon..ye पहले भी खली hi था...

सौम्य : तो तुम्हारे दोस्त ने अपना बदला ले liya...sabhi कल्प्रिट्स को मरकर.

मैंने हामी भरी लेकिन अभी मुझे भी कुछ पता नहीं था जल्द से जल्द मुझे पूर्वी से मिलना tha...janne के लिए की वह क्या हुआ...

सौम्य : ...मई समझ चुकी हों

कानून का samman,vardi के प्रति वफादारी सिस्टम के साथ लॉयल्टी ये साडी बातें खोकली है असल लाइफ में इनका कोई मॉल नहीं ..जिसकी पावर उसी को इंसाफ मिलता है.

मई : क्यों मैडम ये जॉब छोड़ रही हो.

सौम्य : नहीं पावर में रहने के लिए इसकी बहुत ज़रूरत है.

...लेकिन काम मई अपनी मर्जी से karungi...insaf bhi....tum बताओ अब क्या करोगे वाइफ से तो अलग हो गए हो...

मई : पहले कोई जॉब करूँगा फिर अगर कोई अछि लड़की मिली जो मुझे बिना मतलब के प्यार करे लॉयल हो तो शादी का सोचूंगा...

सौम्य : गुड...

मई : तुम..

सौम्य कोई जवाब नहीं देती ..वापस से सोडियां उतरने लगती है..

मई : सुनो madam....meri आवाज़ पर वो रुक गयी....

धड़कते दिल के साथ मई उसके पास gaya..samajh नहीं आ रहा था कैसे bolu...ek तो पुराण एक्सपीरियंस शादी का इतना बुरा था की आगे घर बसने का मन hi नहीं हो रहा था वही सौम्य को देख दिल फिर एक और तजुर्बा करने का बोलने लगा...

मई : madam...kehkar मई रुक gaya..mujhe उसकी फूलती सांसो की आवाज़ आ रही थी जो हल मेरा था वही उसका..

मई : किसी और के होने से बेहतर है क्यों न हम एक दूसरे के हो जाये....

सौम्य : छोर कर jaoge...wo फूलती सांसो के साथ बोली.

मई : कभी नहीं...

सौम्य : और..

मई : शादी करोगी..

सौम्य: और कितनी बार दो बार तो कर चुकी हों..

मई : एक बार hi तो की मैडम..

salil....itne में दीदी की आवाज़ आयी...

सौम्य : घुटनो पर बैठ के प्रॉप्स करो...

मई : अभी....

सौम्य : क्यों इसके लिए मुहूर्त निकलना है .

मई : मेरे पास कुछ है nahi..Dene के लिए.

सौम्य : चलेगा.

हर मन के मई घुटनो पर आगया..


क्या बोलना है मेरी समझ में hi नहीं आरहा था..

मई : मैडम shit..meri kantamma...mere बचो की मां बनोगी...

सौम्य : ऐसे कोण प्रोपोज़ करता hai..wo अफ़सोस करते हुए बोली.

मई : फिर से तरय करता हों...

मई : madam...I वांट तो होल्ड योर हैंड अंटिल माय लास्ट ब्रेथ विल यू मर्री में.

खुश होते हुए उसने सर हिला कर हामी भर di...fir उठा कर मेरे गले लग गयी..

तभी मेरे कानो में क्लैपिंग की आवाज़ ayi....Maine नजरे घुमा के देखा तो दीदी और राधा के साथ सोना ,विष्णु सब क्लैपिंग कर रहे they..unhe देख मेरी ख़ुशी कही गायब हो गयी....

मैंने सौम्य का हाथ पकड़ा और सीडीओ से उतरने लगा बिना कुछ kahe...piche दीदी आवाज़ देती रह गयी.

सौम्य : कही छोड़ दू...

मई : हाँ सोसाइटी....

उसके साथ जीप में बैठ कर चल दिया..

सौम्य: महेश से होशियार rehna...bade ऑफिसर्स ने उसे झमेला का केस दिया hai...uski ताकत का राज़ पता करने के liye...halanki पहले मुझे दिया था क्योकि पहले मैंने hi उसे पकड़ा फिर मैंने सर को दे दिया ..अब वो झमेला का सीक्रेट तुम से निकालेंगे.

मई : उसे मेरी बहन देख लेगी फिर भी होशियार रहूँगा...

सौम्य : वैसे जानते हो क्या है उसका सीक्रेट...

मई : नहीं यार मई खुद हैरान हों..

सौम्य : वो भी तुंहारी hi तरह साइंटिस्ट है तुम्ही ने उसकी एजुकेशन गेन करने में हेल्प की शायद उसी ने कुछ बना लिया हो ..

मई : अब मई साइंटिस्ट कब बना ..

सौम्य : स्टॉप लाइंग..

मई : कुछ भी ...

इतने में मेरा घर आगया....

मई : अंदर आओ न....

मेरे कहने पर वो आगयी...

क्यारी में मैंने पेड़ को देखा जिसकी जेड भी उखड़ी हुई thi...samne नया दूर लगा था...

मई : ये तुमने Kiya....Mai नई दूर दिखते हुए बोलै.

सौम्य : नहीं तो....

मई : चाबी कहा होगी ....वर्ण फिर तोडना पड़ेगा....

आगये puttar...itne में ौंटी अपनी छत से boli....wo कपडे सूखा रही थी.

जश्न : रुको अति हों...

कुछ देर बाद ौंटी आयी जिनके हाथ में के थी...

जश्न : तुम्हारे घर चोरी न हो जाये तो तुम्हारे अंकल ने ये न्य दूर लगवा दिया....

मई : वो सब तो ठीक है ौंटी अपने मुझे पकड़वाया क्यों...

जश्न : बीटा इसने मैडम ने सॉरी गलती से बोल दी बीटा तुझे बचपन से देख रही तो आदत पढ़ gyi.saumya ने


खा तुम खतरे में हो तो तुम्हे बचने के liye.wo अटकते हुए बोली.. ौंटी को डरता देख सौम्य मुस्कुराने लगी...

के लेकर मैंने दूर खोला घर गन्दा था खून और मॉस जगह जगह पड़ा था ..बॉडी शायद पुलिस वाले ले गए थे लेकिन सफाई सालो ने नहीं की.

मई : शायद इसे साफ़ करना होगा तुम चाहो to...bad me...ana..Mai रुकट्टे हुए बोलै...

सौम्य : मोटर से पानी की पाइप जोड़ो....

कुछ कहे बिना मैंने मोटर ों की और पाइप जोड़ने लगा बस पाइप था की अंदर hi नहीं जा रहा था....

hato...itne में सौम्य agayi...use देख .मेरा मुँह खुला रह Gaya...wo सिर्फ पंतय में थी ऊपर सिर्फ उसकी पुलिस वाली शर्ट थी पंत उसने उतर दी thi....shirt उसकी जांघो तक आ रही थी जिस वजह से पंतय नहीं दिखी.

मुझसे पाइप लेकर उसने मोटर में फिट किया ...फिर घर धोने लगी...

मई अंदर झाड़ू लगाने लगा....

सफाई करने के बाद मई 2 कॉफ़ी बना कर लाया एक उसे दी एक खुद पिने लगा.

सौम्य : तुम्हे शादी के बाद भी ये करना hoga...khana बनाना कपड़े धोना घर की साफ सफाई..

मई : भूल jao...na मई जनता हों न करूँगा.

सौम्य : पुलिस का डंडा पड़ेगा तो सब अजयेगा...

मई : ाचा ठीक है तुम सीखा देना कर lunga...Maine टालने के लिए कहा...

सौम्य : गुड बॉय..

मई फ़ोन निकल कर ों करने लगा...

सौम्य : शादी के बाद मई जॉब नहीं छोड़ूंगी...

मई : तुम्हारा कानून मेरे अगेंस्ट हो गया तो.

सौम्य : तुम्हे बचाऊंगी..

मैंने फ़ोन देखा तो आशना की बहुत साडी कॉल्स थी आरोही के मैसेज थे जिसमे उसने कहा कुछ बताना है घर ana...aarohi को इग्नोर करते हुए मैंने आशना को कॉल लगा दी...

मई : आशना ...तुम ठीक हो.. कॉल रिसीव होते hi मैंने कहा..

आशना : भाई आप रिहा हो गए...

मई : हाँ हो गया...

आशना : अभी कहा हो ..

मई : घर पर हों अपने यद् है एक दो दिन तुम भी रही थी वही पुराण घर.

आशना : मई मिलने आ रही हों..

मई : संभल कर आना...

और कॉल कट हो गयी...

सौम्य : कोण है ये..

मई : मेरी मुँह बोली बहन मुंबई से है..

सौम्य : तुम्हारे अस्स पास बहुत सी लड़कीओ को देख रही हों शादी के बाद चीट किया तो शामे रिप्लाई के लिए रेडी रहना.

मई : बहन है यार कुछ भी बोलती हो.

सौम्य :जस्ट अवेयर ...ाचा बताओ जहाँ मई रही थी वो घर भी तुम्हारा है न वह क्यों नहीं रहते...

मई : मेरी बहनो से मेरी नहीं banti...unke काम मुझे पसंद नहीं..

सौम्य : अनुसुइया ने डील की mujhse...tumhare दोस्तों को बचने के लिए..60 लैस दिए बोल रही थी आगे उसके लिए काम करना हो तो बताना.

मई : तुम रिश्वत लेती हो..

सौम्य : बताई थी न चेंज हो गयी hon...ab उसका ऑफर भी एक्सेप्ट कर lungi...ache पैसे दे रही..

मई : मई इतने नहीं कमा sakta...sonch लो अगर मेरे साथ रहना है...

सौम्य : क्यों अनुसुइया की प्रॉपर्टी पर तुम्हरा हक़ नहीं..


मई : नहीं वो उसके hi पैसे hai...na मई उसे पसंद करता.

मेरी बात सुनकर वो चुप हो गयी...

सौम्य : ाचा मेरी पंत लेकर आओ बरामदे में से..

उठकर मैंने पंत लेकर दी जिसे उसने पहन लिया...

मई : पता नहीं कब तुम्हे प्यार करने लगा...

सौम्य : कब शादी करना चाहते हो..

मई : जॉब लगने के बाद रिजल्ट तो आगया मेरा बस लेने जाना है फिर जॉब ढूढूंगा...

सौम्य : ठीक है चलती hon..khyal रखना.

मई : सुनो...

सौम्य : क्या...

पास आकर मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख diye..mujhe देखते हुए वो मेरा साथ देने लगी...

1 मिनट किश करने के बाद हम अलग हुए...

उसका चहेरा सुर्खी से भर गया..

सौम्य : bye...hath हिलती हुई सर झुकाये वो चली गयी..

उसके जाते hi मैंने पूर्वी को कॉल लगा कर बुला लिया...

फिर अंदर आकर लेट गया....

कुछ देर बाद दूर बेल्ल baji...aashna अंदर आयी ...

एते hi मेरे गले लग गयी...

आशना : क्या बोलू आपको..

मई : क्यों टेंशन ले रही मई बच गया na..acha बता स्टडी कैसी चल रही.

आशना : सब ठीक है बस हरषि तुम पर गुस्सा होने की वजह से मेरी रैगिंग करती..

मई : लड़ाई करती है.

आशना : नहीं टॉन्ट मरती वो बोली आपसे पचुप करने को मई मन कर दी तो नाराज़ हो gayi..abhi घर गयी है अपने.

मई : छोड़ उसे तू अंदर आ..

अंदर आकर उसे बीएड पर लेकर मई बैठ Gaya...sar मैंने उसकी तइस पर रख liya...uski बॉडी से बड़ी प्यारी स्मेल आ रही थी...

मई : मैंने आरोही को छोड़ Diya...fir मई उसे बताने लगा...

आशना : बहुत शातिर है wo..Sona सही थी..

मई : उसे भी छोड़ diya...kuch दिन पहले उसने अपने फिऑन्स से पिटवाया था ...कभी कभी लगता है विलन मई hi हों..

आशना : विलन होते तो इस ऑर्फ़न को अपनाते kya..wo मेरे बालो में उंगलिया फेरते हुए बोली.

मई : दुबारा बोली तो मरूंगा...

आशना : अब आपका ख्याल रखने के लिए यही रहूंगी यही से कॉलेज उप डाउन karungi..acha कुछ खाया अपने.

मई: नहीं कफ बनाई थी देख किचन में कुछ है...

मेरी बात सुनकर वो उठकर चली गयी .

कुछ देर बाद वापस आयी..

आशना : ये तो खाने लायक नहीं साड़ी सब्जी साध गयी ...

मई : चल फिर रहने de..uthkar मई ालमिरह देखने laga..aarohi सारा सोना ले गयी थी...

मई : साली भीकरण...

आशना : क्या हुआ पैसे नहीं है...

मई : तू बेफिक्र रह मई जुगाड़ कर लूंगा.

आशना : ये lo...wo अपने पर्स से पैसे निकलते हुए बोली...

मई : तेरे पास कहा से ए.


आशना : एक औरत की इमरजेंसी डिलीवरी की थी उसी के हुब्बी ने खुश होकर तेन थाउजेंड diye...vaise भी मां जी भेजते रहते hai...chalo रखो..

इतने में फिर दूर बेल्ल baji...purvi का सोंचकर मई जल्दी से भगा...

दूर खोला तो सामने वही thi...use देखते hi मैंने हुग कर लिया और प्यार से चुम लिया...

मई : क्या हुआ था अब बताओ सब....

***************************

हर दिन की तरह आरोही उठकर ब्रश कर रही होती है की तभी उसे हर्ष के रोने की आवाज़ अति है वाशरूम से निकल कर वो हर्ष की आवाज़ को फॉलो करते हुए वो उसके पास अति है...

सामने लोगो की भीड़ लगी होती है सब की निगाह कटी पीती बॉडी पर जिसके पास हर्ष बैठा रो रहा होता है...

पास आकर आरोही कपडा हटा कर देखती तो पीछे होकर गिर जाती है....

.फिर दर्दनाक चीख मरती Hai...harshi भी देख रोने लगती है...

आरोही : किसने किया ये हर्ष....

हर्ष : सलिल के दोस्त ne...body में ऑर्गन्स भी नहीं छोड़े पिता जी का हाथ मिला नहीं दो भागो में अलग कर दिया उसने...

सभी लोगो में एक औरत शॉल में मुँह छुपाये कड़ी thi...dophar में अर्थी मरघट की तरफ ले जाई जाने लगती hai...aarohi और हरषि अकेली रह जाती हर्ष के साथ रोहित भी गया था..

सबके जाते hi शॉल वाली औरत आरोही के पास आकर बैठ जाती है जो मुँह छुपाये रो रही थी...

औरत : बड़ी दर्दनाक मौत मारा तेरा बाप लगता है बहुत ज्यादा पाप किये होंगे...

औरत की आवाज़ सुन आरोही मरने वाली होती है की आवाज़ का लहजा पहचान रुक जाती है..

आरोही : आपको शर्म नहीं आ रही मेरे जख्मो पर नमक छिड़कते हुए...

सुहासिनी : बिलकुल भी nahi...tujhe पता है रत क्या हुआ था...

सुहासिनी की बात सुन आरोही हैरत से देखने लगती है..

सुहासिनी : जिस बहन के साथ तू खेली बड़ी हुई तेरा बाप अपने दोस्तों के साथ उस पर शराब डालते हुए उसका रपे कर रहा tha...aur तेरी माँ के साथ भी यही कर रहा था wo...Tera भाई मुझ पर थूक कर gya....fir सुहासिनी शुरू से लेकर अंत तक सब बता देती है...

सब जानकर आरोही के आंसू सुख गए थे ..रट हुए वो अपनी माँ के गले लग गयी...

आरोही : वो मेरा बाप नहीं हो सकता maa..mera बाप नहीं हो सकता...

सुहासिनी : तेरे बाप ने निहारिका की इज़्ज़त लूटी जिसकी करनी की सजा तुझे mili...na वो किसी के साथ गलत करता न उसकी बेटी के साथ बुरा होता....

ाररोहि : सही कह रही हो maa...Maine आपका बहुत दिल dukhaya...apki बातो को न मन kar...aj की माये अपनी बेटिओ से पैसे कमा रही लेकिन आप अपने मुझे इज़्ज़त की ज़िन्दगी जीना सिखाया लेकिन मैंने उसी को ठुकरा दिया...

सुहासिनी : दामाद जी के पास जा बेटी उनसे माफ़ी मांग le..apna बदला भूल जा उनकी बहन से.

आरोही : वो नहीं मानेगे maa...Mai उन्हें खो चुकी hon..Mai फिर भी जाउंगी उनके पास..

सुहासिनी : तुझे एक काम करना है...

आरोही : क्या माँ..

सुहासिनी : निहारिका के बचे उसे दे दे मई उन्हें उसके पास ले जा रही hon...isse पहले की हर्ष ajaye..mujhe उनके पास जाना है..

आरोही : एक शर्त पर माँ अगर आप मेरे साथ rahe....mujhe आपकी ज़रूरत है माँ..

सुहासिनी सोंच में पद जाती hai...fir सर हिला देती है....

बचो को लेने के लिए जब आरोही अंदर जाती तो बचो को हरषि के पास पति जो दोनों को लिए साइन से लगाए हुए थी...

आरोही : बनती babli..mamma के पास जाना hai..aao मेरे pass...dono बचे हां में सर हिलाते हुए आरोही के पास आजाते है..

आरोही के साथ बचे देख हरषि फिर ग़म में दुब जाती है...

बचो को लिए वो बहार अति hai..jahan सुहासिनी होती है...

आरोही : बनती बबली ये ौंटी तुम्हारी नानी माँ है तुम्हारी मां की मां इनके साथ jao...ye तुम्हे उनके पास ले जाएगी...

सुहासिनी : मई इन्हे इनकी माँ के पास छोड़कर वापस आजाऊंगी पूछना नहीं मई कहा जा रही हों..

फिर आरोही से बच्चे लेकर सुहासिनी बहार निकल जाती है...

बहार आकर वो पूर्वी को कॉल करती hai...kuch देर बाद आकर पूर्वी तीनो को स्टेशन ले जाती है....

आरोही अपनी माँ का पीछा कर रही थी उनके साथ पूर्वी को देख वो चौंक जाती लेकिन कुछ कहती nahi...station पर लेकर पूर्वी उन्हें ट्रैन में बिठा देती hai...yahi समय था जब सलिल उसे कॉल करता है....

जैसे hi पूर्वी वापस होती उसे अपने सामने आरोही कड़ी दिखाई देती...

आरोही : तुम उनकी हेल्प क्यों कर रही ho...maa का तो समझ में अत hai...lekin तुम...

पूर्वी : मेरे सलिल के फ्रेंड है वो...

आरोही : होश में तो हो तुम्हारे कब से हो गए वो...

पूर्वी : हुए नहीं तो हो जायँगे...

कहते हुए पूर्वी कार में बैठ जाती hai.fir मिरर निचे करके आरोही को आवाज़ देती है
.

पूर्वी : suno....mujhe मेरा प्यार मिल गया है जिससे मई प्यार करती थी..

आरोही : राजू .....फिर सलिल को अपना कहने की वजह...

जवाब दिए बिना पूर्वी आगे बढ़ जाती है..

आरोही : साली जला रही थी mujhe....man में सोंचते हुए आरोही भी घर के लिए लौट जाती है.

**************************

पूर्वी : और अभी ौंटी को मई कलकत्ता जाने वाली ट्रैन पर बिठा ayi...jhamela ने अपना बदला ले लिया जानकर मेरी जान में जान आयी...

मई : मई बहुत खुश हों purvi...samjh नहीं आ रहा तुम्हरा अहसान किस तरह चुकाऊं...

पूर्वी : वक्त आने पर मांग लुंगी..

मई : चलो मार्किट चलते कुछ समाज लाना है.... Mai.uthta हुआ जहाँ बरामदे में मैंने बाइक कड़ी की उसके पास aya...usi के पास मेरी एक्टिवा थी.

मई : चैनल sali....aashna तुम एक्टिवा से कॉलेज उप डाउन करना...

आशना : मुझे चलनी नहीं अति...

मई : मई सीखा दूंगा पूर्वी भी है.

कहते हुए मैंने बाइक बहार निकली जिसमे मेरी हेल्प पूर्वी ने भी की...

मई : तुम तो कार से आयी ho....pehle पता होता तो इसी से चलते...

पूर्वी : हार्ले की बात hi और है... पेट्रोल फुल था पीछे पूर्वी को बिठा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा di...piche पूर्वी अपने बड़े बड़े मम्मी मेरी पीठ में गधा रही थी जिस वजह से मुझे उलझन हो रही thi...wahi उसने दोनों हाथ मेरे पेट पर कास liye...koi भी हमें देखता तो गफ बर्फ hi कहता...

मार्किट आकर मैंने सब्जी राशन लिया और नई जुटे और नई कोट लिया मैंने जॉब के liye....jiska पाय मैंने पूर्वी से karaya.sara सामान मैंने पूर्वी को पकड़ाया कुछ आगे रख liya...aur बाइक घर के लिए मुदा दी...

पूर्वी : एते समय कोई हमें गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड समझता अब देखगे तो तो पति पत्नी समझेगा ...

उसकी बात सुन मई भी मुस्कुरा दिया...

मई : कितनी अछि हो तुम यार...

घर आकर कुछ देर पूर्वी बैठी और रत का खाना खा कर वो चली gayi...Mai अपने सर्टिफिकेट सही करने laga..fir रिज्यूमे बनवा कर लाया..

अगले din...uthkar मई तैयार हुआ आशना को ड्राप करते हुए मई कॉलेज से रिजल्ट लेकर सीधा ऑफिस आया जहाँ मई पहले एक और बार आया था...

अपनी फाइल देकर मई वेट करने laga..ye अर्चेओलॉजिस्ट का ऑफिस था...

एक घंटे बाद मेरा नाम अन्नोउंस हुआ...

मई अंदर गया तो एक गोरा आदमी बैठा था जिसे मई पहचानता था...

तो तुम आगये और पास भी हो gaye.wo मुझे देख बोले..

मई : है विक्टर sir...apne जैसा कहा मैंने वही Kiya...pass भी हो गया..

विक्टर : बैठ jao...chalo तुम्हारा टेस्ट लेता हों आखिरी टेस्ट के बाद तुम्हारी जॉब पक्की...

मई : I'm रेडी सर...

विक्टर : क्या फरोह की आर्किटेक्ट प्लेसेस सिर्फ ेगीपत में hi है.

मई : नहीं सर.. अमेरिका में भी पायी जाती hai..unki nishaniya...Maya सिविलाइज़ेशन के किंग्स भी फरोह की तरह hi इमारते क्रिएट करते जो बहुत से रजो को अपने अंदर लिए बैठी है..

विक्टर : उनका अंत...

मई : उनकी टेक्नोलॉजी जो हमसे हजारो गुना आगे थी....

विक्टर : ाचा बताओ साल्लेर्य कितनी लोगे...

सर की बात सुन मेरी आंखे भर आयी...

फिर वो खुद hi बोलने लगे.

विक्टर :80 के महान तनख्वाह खज़ाना मिला उसमे से 2% अचीवमेंट का अलग se...videsh जाओगे तो उसका खर्चा कंपनी uthayegi...apni चेयर से उठ कर मई उनके गले लग गया....

विक्टर : अरे भाई तुमने अपना वडा निभाया मैंने अपना...

मई : थैंक यू सो मच सर ..

दिन भर मई उनके साथ hi रहा....

रत में स्वीट लेते हुए मैंने सौम्य को कॉल करके घर बुला liya...abhi मई आशना के hi पैसे खर्च कर रहा था सर ने 15 दिन बाद एडवांस देने का कहा था...

स्वीट लेकर मई घर आया और सबसे पहले मैंने आशना को खिलाया अपनी जॉब लगने की खुसी में...

Ting.....itne में दूर बेल्ल बजी....

मैंने जाकर खोला तो सामने सौम्य कड़ी थी जिसके चहेरे पर गुस्सा था...

मुझे कालर से पकड़ उसने बहार खींच लिया...

मई : मेरी कान्तम्मा गुस्सा क्यों है...

सौम्य : बाइक पर किसके साथ गुल चरते ुरा रहे थे..

मई : ओह्ह मेरी kantamma...wo मेरी फ्रेंड पूर्वी है सब्जियां लेने गया था...

सौम्य : सच बोल रहे हो.

मई : हाँ मेरी जान..

सौम्य : दुबारा दिखे तो लॉक उप में बंद कर दूंगी...

मई : वो तो घर है अपना...

सौम्य : तुम्हारी to...mujhe मरने के लिए bhagi...mai घर में घुस गया...

अंदर आकर उसने मुझे पकड़ लिया...

सौम्य : चीट किया तो थोक dungi...wo अपनी पिस्तौल मेरी बम्ब में डालते हुए बोली...

मई : आठ क्या कर रही hai...chal गयी तो मेरी गान ुर जाएगी...

सौम्य : ऐसे hi डरना ...कहते हुए वो मेरा बम्ब दवा देती है...

मई : मज़ेदार तो ये hai...aur कसकर मैंने उसकी वर्दी में सख्त गांड पकड़ ली....

आशना : क्या कर रहे हो...

उसकी आवाज़ पर मैंने जल्दी से हाथ हटाया....

मई : आशना स्वीट लेकर आओ तेरी भाभी आयी है...

उस टाइम तो आशना कुछ नहीं boli...chup चाप स्वीट लेकर उसने सौम्य को दे di...jo उसने पहले खुद खायी फिर मुझे अपनी झूटी खिला दी...

सौम्य : मई बहुत खुश हों तुम्हारे लिए...

कुछ देर सौम्य बैठी फिर चली gayi...uske बाद मई आशना को सौम्य के बारे में बताने लगा...

दिन गुजरने lage...mai रोज़ आशना को ड्राप करता और अपनी जॉब पर जाता... एक दो बार दीदी मिली लेकिन मैंने उनसे भी कोई बात नहीं की ...उन्होंने अपने फवौर यद् दिलाये तो मैंने कहा उनके यार को माफ़ करने की कीमत दे दी .होशियार रहना कहकर वो चली गयी...15 वे दिन मुझे एडवांस साल्लेर्य भी मिल गयी...

दिन भर जॉब पर रहकर रत को मई घर चल दिया....

घर आया तो हर दिन की तरह आशना ने मेरा वेलकम नहीं किया जैसे वो खुसी से करती थी...

अंदर आया तो वो बीएड पर लेती थी.

मई : aashna...kya हुआ ठीक हो तुम..

मेरी आवाज़ पर वो उठ कर बैठ gayi...fir जल्दी से अपने आंसू पोछने लगी.

आशना : है भाई... बैठो मई खाना निकल कर लती..

मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी थिंग्स पर गिरा दिया...

मई : क्या बात है ..मई उसके बालो में हाथ फेरते हुए बोलै...

आशना : मां की फ़ोन आयी थी वो सीड आज फिर माँ को तंग kiya...mera एड्रेस पूछ रहा tha....wo पहले से hi परेशन hai...wo कमीना और कर देता है.

मई : उन्हें यहाँ ले आऊं फिर तो कोई प्रॉब्लम नहीं...

आशना : मेरा खर्चा तो उठा रहे हो आप पहले से hi...ab मेरी माँ का भी...

गुस्से में मैंने उसे अपने ऊपर से hataya...aur घर से बहार जाने लगा..

आशना : भाई सुने to...sorry na...piche से आकर उसने मुझे हुग कर लिया....

मई : दुबारा ऐसा कुछ बोली तो तुझे छोड़ कर चला जाऊंगा...

आशना : कभी नहीं bolungi...Mai बिलकुल बुद्धू हों अपने भाई को नाराज़ कर देती..

मई : हाँ ये तो hai...Mai नेक्स्ट वीक अमेरिका जा रहा हों रिसर्च करने ...अभी तुम्हारी माँ को ले एते hai...kya कहती ho...free भी हों..

आशना : जैसा आपको सही लगे....

खाना खा कर हम दोनों स्टेशन के लिए निकल gaye....ac वाली मैंने 2 टिकट ली आकर ट्रैन में बैठ Gaye...ye 10 बजे हमारे यहाँ से hi चलती थी बनकर..

poooooo.....train के हॉर्न पर हमारा सफर सुरु हो गया....

**************************

अंतिम संस्कार से लौट कर हर्ष घर अत है और c.b.i की टीम को बुलाता है...

फिर चलते हुए वो आरोही के पास अत है..

हर्ष : आरोही हमें बदला लेना hai..kuch देर में c.b.i की टीम यहाँ ajayegi.maine मीटिंग राखी hai..jald hi हम उसे ढूंढ लेंगे...

आरोही कोई जवाब नहीं देती .हर्ष साद समझ कर इग्नोर कर देता है.

इतने में भगति हुई हरषि आ जाती है..

हरषि : दीदी बनती बबली कहा है पुरे घर में देख ली मिल नहीं रहे..

आरोही : वो मैंने अंदर भेजे थे देख कर aao...ek निगहबॉर ौंटी जो शॉल में थी लास्ट टाइम मैंने उनके साथ देखे...

हरषि हर्ष आरोही तीनो सब जगह देखने लगते है.. निगहबॉर के घर जाते न मिलने पर हर्ष पुलिस को कॉल करके ढूंढ़ने के लिए कहता है ...

1 घंटा बीत गया था लेकिन बचे नहीं मिले ..गली में लगे कक्तव में एक औरत बचो को ले जाती दिखाओ देती है...

हड़बड़ाहट में हर्ष आगे नहीं देखता hai...roti हुई हरषि को सँभालने लगता hai...chupke से आरोही आगे की फुटेज डिलीट कर देती है...

थके हरे तीनो घर एते है..

....थोड़ी देर बाद... officer's की टीम आजाती hai...apne घर में hi हर्ष मीटिंग रख लेता है...

हर्ष : रोहित आरोही नहीं आयी..


रोहित : रुको मई लेकर अत हों...

कुछ देर बाद आरोही भी आकर ऑफिसर्स के साथ बैठ जाती है...

हर्ष : जिन लोगो को मैंने उसे ढूंढ़ने के मिशन पर लगाया वो रिपोर्ट दे .

हर्ष की आवाज़ पर दो ऑफिसर्स खड़े हो जाते है...

अफसर 1: सर वो हमें स्टेशन पर दिखा था...

हर्ष : व्हाट तुमने फिर पकड़ा क्यों नहीं...

अफसर 2: चीफ अगर हम भीड़ में कुछ करते और वो बदल जाता तो बहुत सी जाने jati..isliye हमने हेडक्वार्टर फ़ोन करके मालोह्त्र सर से पूछा क्या करना चाहिए उन्होंने हमें नजर रखने के लिए कहा...

हर्ष : मालोह्त्र sir..ap मुझसे आगे में बड़े है लेकिन चीफ मई हों आपका ...ऐसा क्यों किया अपने मेरे पिता की जान नहीं गयी kya...mujhe संतुस्ट करने वाला आंसर देना.

मालोह्त्र : हर्ष वो ताकतवर hai...agar उसे छेड़ते तो वही होता जो अफसर ने kaha...hame कोई उसके जैसा hi चाहिए जो उसे कण्ट्रोल कर सके...

हर्ष : उसके jaisa...lekin kaise..ye तो इम्पॉसिबल है.

हर्ष के साथ सभी ऑफिसर्स चीमा गोयंग्य करने लगे..

मालोह्त्र : शांत हो जाओ sab...sab को चुप कराकर मालोह्त्र हर्ष को देखता है...

मालोह्त्र: जब मई दिल्ली में था तब मेरी उनसे मुलाकात हुई thi..wo रॉ स्पाई है ..मुंबई सीबीआई के चीफ रह चुके अभी जनरल है मिलिट्री के. .उनकी दुश्मनी थी एक ऐसी hi शक्तिओ वाले se...unhone कसम खायी थी वो बदला लेंगे उससे और वो कामयाब हुए...

हर्ष : क्या नाम है unka....kya वो हमारी हेल्प के लिए आएंगे.

मालोह्त्र : है ayenge...naam है Surya...unki एक गन्दी आदत है बस..

हर्ष : कैसी गन्दी आदत..

मालोह्त्र : औरत...

हर्ष : ाचा... कहकर वो आरोही को देखने लगा..

हर्ष : मेरी बहन भी हमारे साथ इस मिशन पर होगी...

आरोही : हर्षा मुझे क्राइम ब्रांच ज्वाइन करनी है मई अस ा अफसर इस मिशन पर आना चाहती हों.

हर्ष : मई तुम्हे सीबीआई अफसर बना तो दूंगा लेकिन इसमें लम्बा प्रोसेस होगा...1 मंथ तक रुकना पड़ेगा..

आरोही : मई इंतज़ार करुँगी...

हर्ष : सूर्य सर को जल्द यहाँ बुलाओ..

मालोह्त्र : ठीक है मई मीटिंग के बाद उन्हें कॉल करूँगा..

फिर हर्ष आशिक़ को ढूंढ़ने के इंस्ट्रक्शंस देने लगता है...
 


Episode 35

खाना खा कर हम दोनों स्टेशन के लिए निकल gaye....ac वाली मैंने 2 टिकट ली आकर ट्रैन में बैठ Gaye...ye 10 बजे हमारे यहाँ से hi चलती थी बनकर..

poooooo.....train के हॉर्न पर हमारा सफर सुरु हो गया....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

समवेयर इन बैंगलोर.

हिडन बंकर....

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एक आदमी पुराणी सी चेयर पर बैठे जमीन को घुर्र रहा tha..wo अपनी यादो में गम शूम tha...uske होंठ हिल रहे थे आँखों से आंसू टपक रहे they....hilte होंठो से वो कह रहा था ...मुझे माफ़ कर दो jiju....mujhe माफ़ कर दो जीजू..

कैसा है bhaiya....itne में 2 पुलिस वालो के साथ भैरव सेल के अंदर दाखिल हुआ...

जवाब तो दे दे ऐसी भी क्या narazgi..hahahahah

भैरव पास आकर हिलाते हुए बोलै...

जिस पर वो आदमी सर उठा कर भैरव को घूरने लगता hai....aur उसकी आँखों से आंसू निकलने लगते है...

भैरव : आज नयी वीडियो लाया हों तेरी प्यारी भांजी अनुसुइया ki....hahahahahahah..

भैरव के इशारे पर पुलिस वाले उस आदमी को पकड़ लेते है...

आअह्ह्ह्ह और तेज aaahhh...aaaah दोनों एक साथ dalo...aaahh fuck...ek साथ chodo...ohhhh...yessss....

भैरव ने एक वीडियो प्ले कर दी थी जिसमे अनुसुइया दो मंत्रीओ से सेक्स कर रही thi...police वाले उसे जबरजस्ती दिखा रहे थे....

nahiiiihiiiii....nahi...chhod दो mujhe...chhod do....mat करो ये ..वो फूर कर रोने लगा...

पुलिस वाले उसे आंखे भी बंद नहीं करने दे रहे थे....

भैरव : और चीखो प्रकाश bhaiya...aur chikho...tumhari चीखे मुझे प्रसन्न करती है..

पोलिसवाले आँखों के गोले पकड़ कर प्रकाश को अनुसुइया की वीडियो दिखा रहे थे...

भैरव : तुम्हे इस दर्द से मुक्ति दे देता परन्तु भैया महाराज का आदेश है तुम्हे ज़िन्दगी भर तड़पाया Jaye...acha बताओ कैसी है अनुसुइया तुम्हारे जीजू बेटी ..पूरी संगमर मर की तरह तराशी हुई makhmali....hahahaha.

भैरव : जल्द hi तेरी बेटी और तेरी छोटी भतीजी सोना की भी वीडियो दिखाऊंगा तुझे हहहहह...

दर्द बर्दाश्त न होने पर प्रकाश बेहोश हो जाता है..

********************

चटककक चटककक चटककक...

क्यों मर रहे हो maharaj...mohini रूम में अंदर एते हुए बोली...

थप्पड़ जिस लड़की को पड़े थे वो अनुसुइया thi...gusse में उसकी रागे ऊपर निचे हो रही thi..marne वाला था महाराज.

अनुसुइया : कुछ भी हो जाये मई भैरव को बर्बाद करके रख दूंगी...

चटकककक...

महाराज : चुप बिलकुल ..तू मेरी बस एक विष कन्या है इससे ज्यादा तेरी औक़ात nahi....ab अगर तूने ऐसा कुछ कहा तो मई भूल जाऊंगा तू मेरी बेटी है... महाराज मरते हुए बोलै...

मोहिनी : बताएँगे हुआ क्या है क्यों मार रहे हो इसे...

महाराज : इसे ले जाओ और samjhao...hamara मिशन पहले है रिश्ते नाते बाद में...

आज पहली बार महाराज अनुसुइया के इतने करीब था लेकिन मास्क उसके फेस पर अब भी था...

मोहिनी : चल मेरे साथ....

मोहिनी हाथ पकड़ कर अनुसुइया को ले जाती है...

दोनों बहार अति है बहार hi अनुसुइया की कार कड़ी होती है...


कार में एते hi अनुसुइया घुसे मरने लगती है...

मोहिनी : पागल हो गयी है...

अनुसुइया : हाउ कैन हे हिट में...

मोहिनी : hahaha..tu क्या सोंच रही है तुझे कोई मर नहीं सकता बहुत बड़ी फेमिनिस्ट है ...है na...ohh डार्लिंग औरत हमेसा से hi कमज़ोर हे वो बस कमज़ोरों पर हुक्म चला सकती उन्हें मर सकती दबा sakti..jaise hi उस से ज्यादा शक्ति शैली कोई मिलेगा वो उसे झुका देगा और अपना लुंड उसकी छूट में दाल देगा और फिर उछाल उछाल कर लेंगी bhi...ye हमारी और हम जैसी हजारो फेमिनिस्ट की कहानी है.. औरत से वफादारी सिर्फ एक मर्द करता है. चल अब बता क्या हुआ....

मोहिनी की बात सुनकर अनुसुइया गहरी सोंच में पद गयी थी..

अनुसुइया : तुझे यद् है वो जिसने कहा था स्नेहा के बारे में बताएगा पहले की बात hai..Mai आरोही के होटल गयी thi...jahan उसने मुझे सेक्स करने की शर्त राखी... एक्चुअली उस सब के पीछे भैरव था मेरा mama..wo मेरे भाई से बदला लेना चाहता था ..जब मैंने ये बात महाराज को बताई तो उन्होंने कहा भैरव माफ़ी मांग रहा है उसे माफ़ कर दो...

मोहिनी : भैरव की पत्नी तेरी ममी महाराज की बहन है...

अनुसुइया : व्हाट...

मोहिनी : haa..isliye वो कमज़ोर पद गए उसके मामले me..chal अब भूल जा...

अनुसुइया : तुझे इतना सब कैसे पता..

मोहिनी : फिर कभी बताउंगी ..अपने मिशन पर ध्यान दे...

और मोहिनी कार से निकल जाती है...

**************************

आप सीबीआई ज्वाइन कर रही हो क्या मई कर सकती hon...us राक्छस को मई आपने हाथो से marungi...harshi आरोही को देख बोली जो अभी उसके रूम में आयी थी उससे मिलने..

हरषि की बात सुन आरोही मुस्कुरा देती है...

हरषि : आप है रही हो..

आरोही : तो क्या रोना चाहिए.

हरषि : हमने अपने बाप को खोया ...एक दिन भी नहीं हुआ और आप हसने लगी..

आरोही : तू सच नहीं janti....aur आरोही उसे सब बता देती है...

मई : अब भी तू सोग मनाएगी...

हरषि : ऐसा बाप किसी को न मिले....

हरषि को सिसकता देख मई उसे गले लगा लेती हों...

मई : मई घर जा रही हों तू अपना ख्याल रखना...

अलग होकर मई रूम से निकल गयी...

मैंने अपना बैग लिया और कार में ayi...fir हर्ष को मैसेज कर di..jane का...

घर आकर मैंने कार पार्क की फिर अंदर आकर सब तरफ देखने लगी ..

घर खली खली लग रहा था कुछ भी तो नहीं था yahan...mai गार्डन में एक पेड़ के निचे बैठ गयी ..

ोये क्या कर रहे हो ...आज मई तुम्हे खा जाऊंगा...

कैसी लग रही हों...

बहुत खूबसूरत...

छोड़ दे गेंदा स्वामी उसे sale...tune मेरी बीवी को chhua...Mai तेरी जान ले लूंगा...

आरोही आगयी आप ...गीता की आवाज़ से मई अपनी यादो से निकली..

मई : हां गीता...

अछि से ज्यादा मेरे दिमाग में बुरी यादें थी...


गीता : कॉफ़ी.

मई : टिया पराठा और नारियल की चटनी...

गीता : ये तो सलिल को पसंद था न...

मई : तू भी जानती है...

गीता : आज बहुत साद लग रही हो aap...ye सलिल के लिए है या अपने पिता के लिए...

मई : वो मेरा बाप नहीं tha...wo मेरा बाप नहीं था...

गीता : क्या हुआ.... ाचा मई छाए पराठा लेकर अति hon.mere जवाब न देने पर वो चली गयी....

jaan..ice cream...tumhe तुर्किश आइस क्रीम पसंद है न...

ये मेरी पत्नी नहीं हो सकती didi...ye मेरी पत्नी नहीं हो सकती...

क्यों उदास हो...

तुम आगये सलिल...

तुम्हे छोड़ कर जाऊंगा भी कहा...

मम टिया पराठे और नारियल की चटनी... गीता प्लेट रखते हुए boli...fir चली गयी...

सच कह रहे हो...

हां मेरी जान....

मैंने तुम्हारा बहुत दिल दुखाया...

खूबसूरत लड़किया तो बानी है मर्दो का दिल दुखने के लिए...

ओह्ह मेरे शायर ..

aarohi..aarohi...

क्या हो गया है तुम्हे..

मई: रोहित सलिल कहा Gaye..abhi तो मेरी बाँहों में थे.. फिर मैंने अपने हाथो को dekha...jo खली थे...

रोहित : तुम मुझे छोड़ कर अकेली चली आयी...

मई: हाँ...

कहकर मई थाली में रखा पराठा खाने लगी....

रोहित : वाओ पराठे...

ठप्प्प...


मई: तुम नहीं खा सकते ise...ye सिर्फ मई और सलिल खा सकते hai...mai उसके हाथ पर मरते हुए बोली....

रोहित : क्या हुआ जान...

मई : don't कॉल में लिखे थिस...

रोहित : मुझे आज मेरी आरोही दिखाई नहीं दे रही...

कुछ कहे बिना मैंने अपने थाली उठाई और अपने बैडरूम में आगे...

बैडरूम को फिर लॉक करके मई छाए पराठे खाने लगी...

कहे कर मई लेट गयी.....

दिन बिटने लगे मई ज्यादा तर अपने रूम में hi रहती...

बार बार फ़ोन को देखती शायद कोई मैसेज आया हो या call...lekin कुछ नहीं....

aarohi...chalo कुछ खा लो कब तक ऐसे बैठी रहोगी...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

रोहित : हम्म तो प्यार हो गया तुम्हे usse...apna पत्ता तो काटना hi tha...acha बताओ ग़म भुलाने के लिए कुछ पिओगी..

मैंने ना में सर हिला दिया..

मई : मुझे जाना hai....kuch कहे बिना मई उठी और गेराज से कार लेकर निकल गयी....

कुछ देर बाद मई अनुसुइया के घर के बहार कड़ी थी...

टिंगगगगगगग.....

बेल्ल बजने के कुछ देर बाद सोना ने दूर खोला...

सोना : तू यहाँ क्या लेने आयी है बीच...

मई : मुझे अनुसुइया से बात करनी है..

सोना : वो नहीं है यहाँ चल निकल...

कोण है सोना...

अनुसूया की आवाज़ सुन मई सोना को धक्का देते हुए अंदर आगयी.

tu...kya लेने ayi...anusuiya मुझे देख बोली..

मई : मई बात करने आयी हों...

अनुसुइया : बक...

मई : मई सलिल के साथ रहना चाहती hon..tum उसे कहो न वो मेरे साथ आकर rahe..Mai अपना बदला भूल जाउंगी tumse...kabhi चीट नहीं karungi...Aisa कुछ नहीं करुँगी जिससे सलिल नाराज़ हो..

अनुसुइया : हाहाहाःहाहा...

सोना : हहहहहहह दीदी मई क्या सुन रही हों...

अनुसुइया : फिर से बोल स्नेहा बहुत हसी आ रही है....

दोनों को हस्ता देख मैंने उनके सामने हाथ जोड़ दिए....

मई : जितना चाहे है लो जो चाहे सजा दे दो बूत प्लीज मुझे मेरे सलिल लौटा दो..

अनुसुइया : hahahaha...chal अपनी नक् रगड़ मेरे कदमो में फिर सोचूंगी...

कुछ कहे बिना मैंने अनुसुइया के शू पर अपनी नक् रख दी...

सोना : ोये मेरे पेअर पर भी रगड़...

सोना की बात सुनकर भीगती आँखों से मैंने उसकी बात मणि...

मई : प्लीज अब मुझे मेरे सलिल लौटा do...meri सभी लड़ाइयां उन बेबस लड़कीओ के लिए थी जिन्हे तुम लती और विष कन्या banati...Mai बुरी नहीं hon..Mai बस सही गलत में फर्क समझ नहीं payi..ab मेरी आंखे खुल गयी है. प्लीज उनसे कहो मुझे अपना ले..

अनुसुइया : aahh..tu मॉस कहती hai...apvitra हो गयी है...

सोना : मॉस खाने वाली क्या तू अपना मॉस खा सकती है..

मई : अब कभी नहीं khaungi...lassan प्याज भी नहीं...

अनुशिया : hahahahahah...yar sona...maza आ रहा है...

सोना : हाहाहा दीदी हँसा नहीं रुक रही ..ोये चल एक बार फिर से नाक रगड़...

हाहाहाहाहा...

हहहह ..

मई दोनों के मुँह देखने लगी...


तेरी खता है मेरे जिया

तेरी खता है मेरे जिया

ुण्णपे भरोसा क्यों तूने किया

अनुसुइया : मेरे भाई ने घर बसने का फैसला कर लिया है ...अब उसके अस्स पास भी दिखाई मत Dena...Sona निकल इसे..

सोना : चल रंडी निकल मेरे घर se...aur फिर उसने हाथ पकड़ कर बहार निकल दिया....

तू मेरी इज़्ज़त थी आरोही...

तूने धोका दिया तूने दिल तोडा है..

कार में आकर मई हाईवे पर आगे...

धोकेबाज़ ...उनकी आवाज़ मेरे कानो में गूंज रही थी..

Salil...highway पर वो मुझे बाइक से जाते दिखे ..

salil....salil ...सर निकलकर मई आवाज़ देने लगी...

pii...piii......Maine कई हॉर्न मरे लेकिन उन्होंने सुना नहीं...

आगे आकर उनकी बाइक ruki...to मई भागते हुए पीछे आगे....

वो अपना बैग लेकर जैसे hi बाइक से उतरे

मई उनके पीछे हाथ जोड़े कड़ी थी...

मई : मुझे माफ़ कर do..ghar चलो मेरे sath...mere salil...mujhse बहुत बड़ी गलती हो गयी

सलिल : तू साली कुटिया यहाँ भी आ gyi...bhadwi जीने दे mujhe...ab तेरी छूट पर थकूंगा भी nhi...bas अब तू कोठे पर हर सुवर से chudegi...hahaha घर chalo...ye मेरे काम की जगह है ...चैन से जीने दे मुझे...

मई : मेरी बात सुनो कुछ बताना है..

सलिल : साली मेरी खुसी भी नहीं देखि जा रही tujhse..bhag रैंड

वो चले गए और मई जाता देखती रही..

सब झूठे झूठे वादे थे उनके

चल पीछे पीछे आया तू जिनके

वह पिया आये न

वह पिया आये न

पिया आये न वह पिया आये न

अब सभी उन् ख़्वाबों की तू डगर छोड़ दे

अब सभी उन् ख़्वाबों को तू खुद hi तोड़ दे

वह पिया आये न

वह पिया आये न

पिया आये न वह.. पिया आये न

तेरी खता है मेरे जिया

तेरी खता है मेरे जिया

हर खता की होती है कोई न कोई सज़ा

ग़म लिखे हो किस्मत में तो बन hi जाती वजह

अब सभी ग़म अश्क़ों में सिमट से गए

अब सभी आंसू पलकों से लिपट से गए

वह पिया आये न

वह.. पिया आये न

पिया आये न वह... पिया आये न

सच लगा था जो बेवजह

हमको वह भरम हो गया है

भोर आने थे जिस फ़साने में

वह ख़तम हो गया

भूले हम भूले वह

कैसे सबसे कहें बात यह

अब चलो हम धीरे धीरे बिहाल से गए

अब चलो हम जैसे भी हो संभल से गए

वह पिया आये न

वह.. पिया आये न (वह पिया आये न)

पिया आये न.....

तेरी खता है मेरे जिया

तेरी खता है मेरे जिया

ुण्णपे भरोसा क्यों तूने किया

रोहित तुम ने बुलाया अपनी बहन ko.maine आंसू पोछकर कहा.

रोहित : हां फ्लैट पर है तुमने जवाब नहीं दिया तो मई घर लेकर नहीं आया.

मई : मेरे पहुंचने से पहले लेकर aao...call कट करके मई अपनी कार में ayi.....kuch देर बाद घर..

रोहित एक टीनएज लड़की के साथ गार्डन में धुप सेक रहा था..


रोहित : Priyanka...ye तेरी भाभी hai...Rohit ने मेरे पास आने पर कहा..

प्रियंका : hi भाभी..

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मई उसकी बहन को देखने लगी... एवरेज थी बूत उसे चेंज किया जा सकता tha...dikhne में अछि थी.

मई : रोहित तुमने सब समझा दिया न..

रोहित :haa...jo तुम कहोगी वही करेगी लेकिन अपना वडा निभाना..

मैंने सर हिलाया और प्रियंका को अपने पीछे आने का कहा...

मेरे पीछे पीछे वो मेरे रूम में आगे...

मई : तुमने एक मिशन करना है प्रियंका..

प्रियंका: है भाई ने बताया मई तैयार हों..

उसकी बात सुनकर मई मुस्कुराई.

प्रियंका : एक बात कहूं भाभी...

मई : है बोलो..

प्रियंका : आप बहुत खूबसूरत हो बिलकुल माखन की तरह...

उसकी बात सुनकर मैंने मुस्कुराते हुए उसकी अस्स पकड़ li...fir मई उसे दबाने लगी...

मई : ाचा साइज है...

फिर मैंने उसके बूब को पकड़ liya..dabate हुए मई उसे देखने लगी ..

मैं: छोटे है लेकिन बड़ा कर dungi....fir मैंने उसके जिस्म का एक एक कपडा उतर diya....ab वो बिलकुल नंगी थी...

मई : हाथ हटाओ और मुझे dekho...meri बात सुनकर उसने वैसा hi किया...

मई : अब तैयार हो जाओ अपनी ट्रेनिंग के लिए...

मैंने बीएड पर बैठते हुए kaha...fir मैंने अपनी टंगे खोल दी उसके सामने.

मई : छतो इसे ..

मेरी बात सुनकर वो झुककर मेरी छूट चाटने लगी....

मैंने खिड़की से देखा रोहित झांक रहा है ये देख मैंने दर्ज से डिलडो निकल लिया....

डिलडो अपने लगा कर मैंने प्रियंका को jhukaya...aur उसकी गांड पर डिलडो सेट kiya...fir रोहित को स्माइल देते हुए मैंने धक्का मारा....

प्रियंका : aaaaaaaaahhhh....mar dala....aaaaaahhhhh निकालो....

उसके रोने की परवाह किये बिना उसे दबाते हुए मई बुरी तरह से उसकी गांड छोड़ने लगी....

वो रट हुए चीख रही थी लेकिन मैंने छोड़ा नहीं....

प्रियंका : आअह्ह्ह मुम्ममय aaaahhh...bhaiyaaaaaaaa .. बचाओ.....

ये देख मैंने रोहित को अंदर आने का इशारा किया....

wo.agaya तो उसकी बहन उठने लगी...

रोहित : लेती रहो प्रियंका...

प्रियंका : मुझे बचाओ इनसे...

मई : रोहित कपडे उतर कर तुम भी दॉञे स्टाइल में ाजाओ..

रोहित ; मई ड्रिंक लेकर आया...

कुछ देर बाद वो 3 glass.me.drink लेकर aya....Maine लैंड निकल लिया था अब प्रियंका को थोड़ा आराम देने के लिए
.

ek.usne.priyanka को diya...ek खुद लिया...

रोहित : तुम नहीं पिओगी...

ाल्चोल स्मोकिंग किसी टाइप का नशा नहीं करना नहीं तो जान चली जाएगी...

मई : नहीं रोहित अगर मैंने पि ली तो मेरा गुस्सा मेरी नफरत ख़त्म हो जाएगी अनुसुइया के liye....mujhe जलने दो इस आग में.

दोनों ने पि ली तो मैंने रोहित को डोगग्य बना दिया...

मई : ाचा ऐसा Karo....Priyaka तुम रोहित के निचे ayo...apni बहन की गांड maroge...Priyanka ये भी ट्रेनिंग का hi part है..

रोहित : तुम जो कह रही हो मई सब करूँगा लेकिन मुझे छोड़ना नहीं...

मई : नहीं मेरे Rohit...I लव you...kehkar मैंने उसके सर को चुम लिया....

aaaaaaahhhh..Priyanka के घोड़ी बनते hi रोहित ने अपना लुंड उसकी गांड में पेल दिया...

रोहित : aaaaaahhhh...piche से मैंने रोहित की गांड में अपना डिलडो पेल दिया....

chappp...chapp...fir मई बिना रुके छोड़ने लगी...

प्रियंका : aaaahhhh..bhai....aaahh...

रोहित: आआह्ह्ह्ह आरोही....

मई : मम्मी दबाओ अपनी बहन के....

मेरे कहने पर रोहित वीलडली उसकी मम्मी दबाने laga....uski बहन चीख रही थी न तो मुझे दया आ रही थी न रोहित को.

मई : रोहित चेंज पोजीशन.... प्रियंका की छूट ने पानी छोड़ दिया था....

रोहित की गांड से मैंने लुंड निकला और प्रियंका की गांड में दाल दिया..

रोहित प्रियंका के मुँह को छोड़ने लगा..

2 घंटे की ताबड़ तोड़ चुदाई के बाद हम रुके..

रोहित ने एक बार अपना माल  प्रियंका की गांड में डाला एक बार मुँह में....

***†****************",***"***"'**

दिल्ली...

कुछ समय पहले.....

जंगल में लड़ते हुए माहेश्वरी आगे चली गयी thi....wo एक हाथ से टोर्च दूसरे से गन थामे ईटर को ढूंढ रही thi...eater पेड़ पर बैठा उसे निहार रहा था ..

उसे देख वो पीछे से निचे उतरने लगता है...

मिश्री आगे बढ़ गयी थी....

mishi....aaahh...mishi...

किसी की आवाज़ पर वो पलटी...

aarohi...mishi आरोही को देख भागते हुए आयी..

मिश्री : तुम यहाँ कब ayi...tum तो headquarter.nahi...tum..

इससे पहले मिश्री समझ पति आरोही ने उसे बाँहों में जाकर लिया..

ईटर : आरोही नहीं narshimha...aaaahhh...kitni मखमली है tu....narshima उसे छत्ते हुए बोलै...

रुको मई तुम्हे बता सकती हों वो लड़की कहा रहती hai...agar मुझे न मारो...

ईटर : सच बोल रही है..

मिश्री : हां...

ईटर : कहा रहती है वो..

मिश्री : मुझे मरोगे तो नहीं...

ईटर : मई सिर्फ उन्हें ज़िंदा छोड़ता जो मेरे साथ रहना चाहे बता कहा रहती हो वो...

मिश्री : वो यहाँ की नहीं बंगलोरे की है...

ईटर : मेरे साथ रहेगी या मारेगी...

मिश्री : मुझे मत मारो जो तुम...

mishi....mishi...itne में पोलिसवाले आगये...

बंगलोरे .

आँख का इलाज करा कर ईटर बैगंलोर आगया tha...usne मिश्री का रूप liya...aur वो ढूंढ़ने लगा आशना को....

****************************

पू....

रत के 12 बज रहे थे....

मई : मई कब तक मुंबई पहुंच जायँगे.. मैंने पूछा.

आशना : subah...ek बात पूछूं..

मई : हाँ पूछ.

आशना : कल उन पुलिस भाभी ने मुझे माँ को लेकर कुछ कहा तो क्या करोगे आप...

मई : क्या सोंचती वो ऐसी नहीं hai...aur अगर कल को बदल गयी तो उसे डाइवोर्स दे दूंगा...

आशना : ऐसा नहीं karna...agar वो आपको खुश रखे.

मई : अछि लड़किया कभी अपने हुब्बी की माँ बहनो भइओ को बोझ नहीं samjhti..jo समझती वो अछि नहीं होती..

आशना : अकाल आगे आप में...

मई : है धोके के बाद दुनिया समझ आने लगती है.

आशना : एक बात कहु अगर बुरा न मने..

मई : बोल न तू भी इजाज़त लेगी.

आशना : वर्किंग वीमेन से शादी न kare...Mai कॉलेज में देखती हों मैरिड डॉक्टर्स दूसरे डॉक्टर्स के साथ अफेयर्स में hai...sirf इसी प्रोफेशन में नहीं सभी प्रोफेशन में वर्किंग वीमेन aren't मैरिज मटेरियल..

वो सच बोल रही थी....

मई : उसके बचपन का सपना था आईपीएस Banna...Mai बचपन से उसे जनता hon..wo ऐसी नहीं है..

तभी मेरी आँखों के सामने वो लम्हा घूम गया जब वो पुलिस स्टेशन में किसी की गोदी में बैठी थी...

सब याद करते हुए मैंने उसे कॉल लगा दी...

hello सलिल... रिसीव करते hi उसने कहा.

मई : हम्म्म.

सौम्य : इतनी रत में सब ठीक तो है.

मई : है कुछ पूछना था...

सौम्य : क्या पूछो.

मई : तुम्हे एक बार मैंने किसी की गोदी में बैठे देखा था..

सौम्य : गलती हो गयी yaar...sorry ...मुझे खुद बहुत बुरा फील होता है वो सब सोंच कर.. एक्चुअली मैंने तुम्हे तैसे करने के लिए सब kiya...jan बुझ कर तुम्हे बहार bithaya...mujhe पता था तुम अंदर ajaoge..aur तुम्हे जलूस देख मुझे अहसास हो गया तुम मुझे चाहते ho...bas वाइफ की वजह से फैसला नहीं कर पा रहे they...vaise तुम्हारी पहली वाइफ मई hi हों...

मई : वो kaise...tumhari मांग तो कोर्ट में भरी महेश के फाॅर्स करने पर..

सौम्य : मुझे किडनैप करके जो पहले भरी...

मई : मुझे सच में याद नहीं...

सौम्य: तुम मेरी ले रहे थे वो भी याद नहीं..

मई : मई तुम्हारी कब ले रहा था..

सौम्य : सही है नहीं है yaad...vaise भी मैंने सोसाइटी में तुम मेरा रपे कर रहे अफवाह ुरा di...Mai जानती थी मेरा हीरो सबका सामना कर लेगा...

मई : कण तम्मा मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा...

सौम्य : उल्लू तो हो hi...acha सोने do...subah अति हों घर...

मई : मई मुंबई जा रहा hon...chal सो जा...

कॉल कट करके मैंने फ़ोन जेब में रख लिया...

आशना : क्या लेने की बात कर रहे थे...

मई : कुछ नहीं सो जा...

आशना : मई आपके पास सो जॉन..

मई : aja....aur वो मेरी सीट पर मुझसे चिपक कर लेट gayi...uske बूब्स मेरे साइन में दबने lage..jiske अहसास से मेरा अजगर खड़ा हो gaya..aur उसकी थिंग्स से टच होने लगा...

मेरे अजगर का अहसास पाकर शरमाते हुए उसने अपना मुँह मेरे साइन में छुपा लिया..

मई : तू बहुत प्यारी है aashna...bhut pyari..kehte हुए मैंने उसके चिक्स को चुम liya..uske बदन की खुशबु मुझे मदहोश कर रही thi...wo फूल थी मेरा मन हो रहा था उसे मसल कर रख don...mere अंदर का शैतान जाग गया था...

आशना : तो मुझसे शादी क्यों नहीं कर लेते...

उसके अचानक से सवाल पर मुझे खांसी आगयी.....

मई : saumya...maine फूलती सांसो से कहा.

आशना : आपकी खुसी के लिए मई उसे अपना लुंगी .

कुछ कहे बिना मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए...

उसने आंखे बंद कर ली और वो मेरा साथ देने लगी....

अगर मैंने तुम्हे किसी लड़की के साथ देख लिया to...mai तुम पर चीट करने के लिए एक बार भी नहीं सोचूंगी ..सौम्य की धमकी यद् एते hi मैंने अपने लिप्स हटा लिए..

मई : सौम्य से मई तुम्हारे बारे में बात karunga...uski परमिशन के बिना कुछ नहीं...

आशना ने हामी भरी...

आशना: ी लव यू मेरे सलिल...

मई : ी लव यू तू...

भाई बहन बस नाम के थे हम दिल के किसी कोने में मुझे उसे पाने की ख्वाहिश थी...

मैंने खुद पे कण्ट्रोल करते हुए उसकी तरफ पीट कर ली.. और उसने मुझे पीछे से हुग कर लिया.

आशना : फाइनली आज कह hi दिया...

मई मुस्कुरा दिया...

सुबह हम दोनों मुंबई जंक्शन पर उतरे....

आशना : अब मुझे फॉलो करो ...ब्रिज से होते हुए हम दोनों जंक्शन के बहार ए....

कहा जाना है भाई साहब...

मैडम कहा जाना hai...itne में कई लोग हमारे पास आगये..

आशना : अँधेरी ...कितने रुपए..

600 रुपए...

आशना : 100 रुपया दूंगी...

नहीं मैडम इतने में कोण जाता...

मेरा हाथ पकड़ आशना मुझे बहार ले जाने लगी...

सुनो मैडम ...वही टैक्सी वाला पास भागते हुए हमारे पास आया...

टैक्सी वाला : चलो मैडम चलते वैसे इतना किराया लेता नहीं लेकिन आप जैसी खूबसूरत लड़की मेरी टैक्सी में बैठ जाये यही बहुत है...

उसकी बात पर आशना मुस्कुरा दी....

हम दोनों टैक्सी में ए और टैक्सी चल दी....

आशना : बस यही...

कुछ देर बाद गलिओं से होते हुए हम दोनों एक घर के पास रुके..

किराया देकर मैंने उसे चलता किया...

आशना....

इतने में दूर खुला और एक आदमी निकला..

मां जान... भागते हुए आशना उसके गले लग गयी....

मई घर से थोड़ा साइड हो गया ...

कुछ देर बाद आशना आयी...

आशना : यहाँ क्यों रुके हो चलो अंदर...

मई : तू जा समझा kar...usne मुझे बहुत मनाया लेकिन मई गया नहीं...

आशना बेटी आओ na..itne में वो आदमी फिर आगया..

मां जान देखिये न ये आ नहीं रहे....

बीटा शर्मा क्यों रहे हो चलो aao..Maine सर हिलाया और पीछे पीछे चलने लगा....

अंदर आकर आशना एक औरत जो कुर्सी पर बैठी थी जिसकी पीठ मेरी तरफ थी उसकी गॉड में सर रख कर जमीन में बैठ गयी ...

वो औरत प्यार से आशना का सर सेहला रही थी....

आशना : माँ ये वही है जिन्होंने मुझे अपने घर में रखा मेरा एडमिशन कराया...

आशना की बात सुनकर वो कड़ी हुई ...

और मेरी तरफ पलटी.....

औरत : समझ नहीं आ रहा तुम्हरा अहसान किस तरह ...

मा ....उन्हें देख कर मई घुटनो पर agaya....meri आँखों से आंसू गिरने लगे....

आशना : सलिल जी क्या हुआ....

बीटा क्या हुआ... उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मई उनसे लिपट गया....

मई : maaaa....maaaaa...mai सलिल hon....apka beta...maaa....aur मई फुट फुट कर रोने लगा....

माँ : salil....salil...salil...salil...anusuiya....sona...prakash....samar ji...samantha....

आशना : क्या हुआ Bhai....aise क्यों रो rahe...aashna के सवाल par...Maine फ़ोन nikala...aur माँ की फोटो dikhai...jo मैंने तब ली जब मई और आरोही फोटो लगा रहे they...aur माँ पापा की फोटो पकड़ कर हमने सेल्फी ली...

मई : आशना ये मेरी माँ है....

आशना : क्या.... और हैरत से उसका मुँह खुल गया.

माँ : salil....tu सलिल hai...tu इतना बड़ा हो गया...

मई : हां maaa...Mai salil...meri बात सुनकर माँ ने मुझे अपने साइन से लगा लिया....

dhammmm.....salil की माँ की बात सुनकर आशना के हाथो से फ़ोन छूट गया...

माँ: मार दिया उन्होंने मेरे समर जी ko...maar Diya....aur माँ सिसक सिसक कर रोने लगी.....

आशना : माँ आपको सब याद आगया क्या...

माँ : हां मेरी बेटी...

मई : माँ kisne.....maar दिया....

माँ : मेरे बाप ne....bhairav ने.... पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति ने.....

मई : अह्ह्ह maa...Teri कसम खता हों जिसने मेरे पापा को मारा मई उसे ज़िंदा दफ़न कर दूंगा....

आशना: क्या पापा का नाम समर था यही पापा है मेरे...

माँ : है beti....yahi है तुम्हारे papa...maa ने पापा की फोटो चुम ली...

बहन क्या कर रही है ये साडी बातें बाद में करना चल पहले बेटे से मिल le..aashna के मां की बात सुन माँ सर हिलने लगी....

सुन रही हो तुम्हारी नन्द का बीटा आया है चाहे शये लेकर aao...baccho को भी उठाओ और कहो उनकी आशना दीदी आगयी....

didi...itne में दो बचे भागते हुए हमारी तरफ आने लगे ...

आशना : साहिरा समीर...

आशना ने दोनों को बाँहों में भर लिया फिर दोनों को चूमने लगी...

माँ से मिलकर मई खड़ा हुआ aur...Maine आशना के मां के सामने हाथ जोड़ लिए....

मई : समझ नहीं आ रहा आपका अहसान का किस तरह बदला don...apne 19 साल मेरी माँ का ख्याल रखा....

बेटे अहसान कैसा वो बहन है meri...kuch कहे बिना मई उनके गले लग गया..

मां : चलो आओ बैठो....

मुझे बिठाया उन्होंने इतने में आंटी नाश्ता ले आयी...

माँ: salil...anusuiya कहा है ..वो नहीं आयी मेरी बेटी सोना कहा है .. तड़प कर माँ सबके बारे में पूछने लगी...

आशना : माँ सब bataungi...aao पहले नाश्ता करे....

आशना : माँ सब bataungi...aao पहले नाश्ता kare....mujhe खामोस देख आशना जवाब देने लगी.

और हम ब्रेकफास्ट करने लगे.

मां : मई स्टेशन के पास वाले ग्रेवयार्ड में अपनी बहन को दफना कर आ रहा tha...tab ये मुझे मिली thi...Matti खा रही thi...inke पेट से लगा ये प्रेगनत hai....Inka चहेरा मेरी बहन से मिलता tha...mujhe ऐसा लगा जैसे मेरी बहन ho...mujhse देखा नहीं गया ...और मई इसे अपने घर ले आया.... डॉक्टर को दिखाया उसने कहा डिलीवरी होने वाली hai...3..mahine बाद आशना पैदा Hui...bahan सही गलत जानती नहीं थी तो मैंने इन्हे अस्पताल में दाल Diya....fir इनकी तस्वीर पूरी मुंबई में लगा दी इनका रिलेटिव मिल जाये ये सोंचकर ...लेकिन 2 साल हो गए कोई नहीं aya.....tab मैंने रखने का फैसला kiya...aur बेटी को बढ़ा kiya...dekho आज ये मेरी जान तुम्हारे सामने hai...mama की बात सुन पीछे से आशना ने उन्हें हुग कर लिया...

मां : इलाज करने के बाद बहन ठीक तो हो गयी लेकिन अपनी याददास्त भूल चुकी थी....

माँ :मुझे पता नहीं मई कैसे ट्रैन में बैठ गयी एक औरत ने जबरदस्ती मुझसे मेरे कपडे छीन liye...aur अपनी गन्दी शॉल मुझे दे दी ..फिर वो मेरा मंगलसूत्र लेकर कूद गयी और ट्रैन के निचे agayi...uske बाद मई ट्रैन से यहाँ आयी ..उतारकर कई दिन मई स्टेशन पर सोती rahi...ek औरत ने मुझे कपडे diye...tab भूक की तलाश में मई मिटटी और पेड़ कहते हुए उस ग्रेवयार्ड में चली गयी जहाँ भाई मिला...

मुझे समझ नहीं आ रहा था उनका अहसान कैसे चुकाऊं...

मां : कल वो कंजर आया अपने गुंडों के sath...bol रहा था अगर आशना को नहीं बुलाया तो उसकी माँ को उठा ले jayega...police भी हमारी बात सुन नहीं Rahi...beta तू इन्हे ले जा यहाँ से जल्द से जल्द...

माँ : मई तुझे छोड़ कर नहीं जाउंगी...

मां : क्या कर रही है pagal...wo कंजर आगया तो बेटे को नुकसान पंहुचा सकता hai...vaise भी मई तुझसे मिलने अत रहूँगा ...मां को इस तरह बोलता देख ऐसा लग रहा था जैसे मई और दीदी बोल रहे हो ...

मां : रुको मई सब्जी लेकर अत हों खाना खा कर निकल जाना...

वो चले gaye....kuch देर बाद aye...aur किस्तें में घुस Gaye....unke साथ hi आशना भी...

वापस ए वो और हम बातें करने लगे...

दोपहर में खाना रेडी hua...aur आशना ने हमारे सामने लेकर रख दिया...

आशना और माँ ने जब अपनी प्लेट में निकला तब मई समझा ये मीट hai...mama सब्जी का बोलकर मीट ले ए थे..

मैंने दीदी से वडा किया था लेकिन माँ को लेग पीेछे खता देख मैंने वडा तोड़ने का फैसला किया... इससे पहले मई कहता माँ अपने हाथो से मुझे खिलने लगी.....

प्यार से मई माँ को....

माँ : भाई मुझे सब कुछ मिल गया है ..

मां : मई कहता था न पतिकेन्स रख सब ठीक हो jayega...jameen जायदाद बेचकर मई जल्द तेरे पास शिफ्ट हो जाऊंगा....

माँ : नहीं आया तो मरूंगी भी तुझे...

दोनों का प्यार देख मेरी आंखे भर आयी....

खाना खा कर माँ का सामान मैंने आशना ने पैक किया और मां की कार में रख diya....aashna और माँ बचो से मिलते हुए फुट फुट कर रोने लगी...

आशना : समीर साहिरा को मरना nahi...tumhe इसका ख्याल रखना है जैसे मेरे भाई रखते...

समर : दीदी नहीं मरूंगा मुझे छोड़ कर मत जाओ....

आशना : मां जान ने क्या कहा वो जल्द मेरे पास ajayenge...fir हम तीनो साथ में खेलेंगे ..

maa....maa ने दोनों बचो को हुग कर लिया और वो दोनों माँ से लिपट गए.....

माँ अलग हुई तो मैंने दोनों बचो को 2 2 हज़ार रुपए दे दिए....

अपनी वाच मैंने मां को दे di....jo उन्होंने बहुत मुश्किल से ली....

फिर हम कार में aye...aur मां ने कार आगे बढ़ा दी....

स्टेशन पर मां हमारे साथ hi बैठ गए ... टिकट्स भी वही लेकर ए.

मां मुझसे वह मई क्या करता हों पूछने lage....behno के बारे में पूछा तो मई गोआल कर गया... कॉन्टेक्ट्स मैंने एक्सचेंज कर लिए थे कह भी दिया सिद्धार्थ ए तो मुझे कॉल करना...

ट्रैन आयी तो मां ने हमें बिठा Diya....fir bye बोलकर चले gaye...hamari ट्रैन भी चल di...ham अब भी एक वाली hi ट्रैन में थे.....

टिंग ting....call देख मई माँ के पास से उठ गया....

मई : माँ अभी आया ..दूर आकर मैंने कॉल रिसीव की ...

मई : तूने अगर दुबारा कॉल की तो तेरे यार के इतने टुकड़े करूँगा तेरी ज़िन्दगी बीत जाएगी तू गईं नहीं payegi...mar गया हों मई तेरे लिए और तू मेरे लिए....

सोना,: इमोशनल fool...tumhara न्यूज़ पेपर में नाम आ रहा था उस झगडे के बाद भी उसने तुम्हारी हेल्प की और सब रोक diya...chutiyapa छोड़ो और घर आकर रहो ...हम दोनों माफ़ी मांगेगे..

मई : तू मेरी बहन नहीं हो sakti..nhi चाहिए तेरी माफ़ी न मुझे तेरी ज़रूरत है ...तुम मुझे अकेला क्यों नहीं छोर देती ho...marna है तो मर दो टार्चर मत करो... उसके जवाब से मेरी आंखे भर आयी ..

सोना : तुम्हारे लिए मैंने एक्टिंग chhori..kya नहीं किया खुद काम करके तुम्हे khilaya..aur तुम इडियट मेरा सर खा rahe.didi मुझसे बात नहीं करती ठीक से ..इसलिए घर आओ मुझे माफ़ करो...

मई : मई ट्रैन में हों अगर तूने मुझसे बात करने की कोशिश की तो कूद जाऊंगा ...

सोना : ट्रैन में क्या कर रहे कही जा रहे हो क्या...

मई : मुंबई से आ रहा हों..

सोना : क्या करने गए थे मुंबई.

मई : तू मेरी क्या लगती जो तुझे मई बताऊँ..

सोना : बचपन में तुम मुझे गन्दी तरह से छूटे they...meri पुसी में ऊँगली भी की तुमने . एक बार मेरा हाथ अपने लुंड पर भी रखा...

मई : प्लीज चुप हो Jaa...aur मई सिसक सिसक कर रोने लगा.

सोना : यही तो मई समझा रही hon..tumne भी गलतिअन की मैंने भी क्यों न एक दूसरे को माफ़ कर देते है..

मई : ाचा I'm sorry...lekin मुझे अपनी शकल मत dikhana.kehkar मैंने कॉल कट कर दी.

मुझे समझ नहीं आ रहा था मई क्या karun...ek तरफ गिल्ट एक तरफ सोना पर गुस्सा..

टिंग टिंग....

इतने में उसकी कॉल फिर agayi...Maine कॉल कट करके नंबर ब्लॉक कर दिया...

खड़े खड़े मई बहार देखने laga...man हो रहा था कूद जाने ka...ek तरफ बदला था माँ का मेरा एक तरफ मेरी अपनी बहने मुझे जान से मरने पर तुली थी...

माँ का सोंचकर चलते हुए मई उनके पास आगया जहाँ आशना उनसे बात कर रही थी...

आशना : हां माँ भाई ने कई बार अनुसुइया दीदी को गैर मर्दो के साथ pakda..unhone अपने हुब्बी को दलाल बना दिया tha..aur 20 दिन पहले सोना ने भाई को अपने बर्फ से pitwaya...maa वो लोग बहुत बुरी hai..mujhe नफरत है उनसे.

मेरा अहसास पाकर माँ ने मुझे देखा...

माँ: क्या ये सब सच है salil...kuch कहे बिना लेटते हुए मैंने माँ की गोदी में सर रख diya..aur सिसकने लगा..

माँ: क्या हुआ मेरे लाल को..

मई : माँ सोना की कॉल आयी thi...aur मैंने सब बता दिया सिवाए इसके की मेरी उस पर गन्दी नजर थी ..

मेरी बात सुनकर माँ के चहेरे का रंग बदल Gaya...unke फेस पर गुस्सा आगया...

माँ : उन्हें अपनी बेटी कहते हुए घिन आ रही है सोंच लुंगी सिर्फ मेरा बीटा था जो मुझे मिल gya...betiyan कभी थी nhi...agar आज समर जी होते तो जीते जी मर जाते ..उन्हें जब पता चलता उनकी बेटियां बहार मुँह कला करती है तो उन पर क्या गुज़रती ....

आशना : माँ पापा को क्या हुआ था उनके बारे में बताओ na...apne कभी उनकी बात नहीं की....

माँ : मई बहुत बड़े परिवार से थी पिता जी मला थे उनके रिश्तेदार भी बड़ी पोस्टो पर थे पिता जी का ख्वाब था प्राइम मिनिस्टर बनने का ज्यादा तर समय वो काम में बिताते थे.. हम दो बहनो का एक भाई प्रकाश जहाँ हम दोनों बहने हद से ज्यादा गोरी थी वही वो सांवला था तुम्हारे नाना खुद भी काळा थे लेकिन वो समझते थे प्रकाश उनका बीटा नहीं hai...bachpan में उसे प्यार नहीं मिला लेकिन हम उसे साइन से लगा कर रखती थी.....

aaaaaahhh....ro नहीं बीटा बस हो गया...

उस दिन मुझे बलि पहनाई गयी थी....

maahi......ro मत मेरी माहि...

छोटे मालिक बस थोड़ा सा दर्द होता है कान चिढ़ाने में...

प्रकाश : मेरी महा लक्समी मेरी सुभ्लक्मी को जो भी दर्द देगा वो मेरे हाथो से बच payega...chalo अंकल कान दो अपना....

अअअअअअअ....

हाहाहाहा.. और प्रकाश ने कान छेड़ने वाले के कान में hi बलि दाल दी .. जिसे देख हम दोनों बहने हसने लगी...

एक बार लक्समी की बलि कुवे में गिर गयी और वो रोने लगी ..


क्या Laxmi...ro क्यों रही...

दीदी भैया ने जन्मदिन पर बलि दी थी वो कुवे में गिर गयी....

माहि : bhaiyyyaaaaa...laxmi रो रही hai.....meri आवाज़ पर वो भागे चले ए....

प्रकाश : क्या हुआ मेरी सुब्भो...

bhaiyaa...rote हुए वो कुवे की तरफ इशारा करने लगे....

प्रकाश : सुनो गाओं वालो कुवे में सोना है....

गोअन वाले उनकी आवाज़ पर भागे चले ए ...

पूरा दिन लगाकर गाओं वालो ने कुवे का पानी nikala...jab मिटटी निकलने लगे तब बाल्टी में बलि देख भाई ने उठा ली...

प्रकाश : गाउन वालो सोना मिल gaya..bhaiyya बलि दिखते हुए बोले...

क्या छोटे मालिक इतने से सोने के लिए इतनी म्हणत karai....Sara दिन हो गया गाओं वालो को पानी निकलते निकलते...

प्रकाश : ये कोई आम बलि नहीं मेरी बहन की बलि है चाचा...

वो ऐसा hi था हमारे लिए कुछ भी कर जाता था ...

मनहूस सुबह सुबह तेरा चेहरा देख लिया Maine...pita जी गरजते हुए bole....fir वो उन्हें गुस्से में मरने लगे....

पिता जी उसे मरते और हम दोनों बहने संभालती...

एक दिन माँ हमें छोर कर चली gayi...tab हम तीनो भाई बहन 10 वि कच्चा में they...unke देहांत के बाद पिता जी अपनी दूसरी औरत को ले ए जिनसे उनका एक बीटा था भैरव....

उसी दिन प्रकाश भैया डीएनए रिपोर्ट ले ए जिससे ये साबित हो गया वो पिता जी के बेटे hai...pita जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उनोहने प्रकाश को अपना लिया ..अब भैया ज्यादा समय पिता के साथ गुजरते they...wo उनकी तरह बनने लगे थे...

एक दिन घर पर मंत्रीओ की मीटिंग थी उस दिन नौकर होली के त्यौहार की वजह से छुट्टी पर they...to पानी मांगने पर हम दोनों बहने अंदर gayi....pani लेकर ..अंदर सब नशे में तुन होकर मीट खा रहे थे....

माहि : पिता जी Pani....ek तरफ सुभहो सबको पानी देने लगी एक तरफ mai...tabhi एक ने रंग लेकर मेरी कमर पर लगाने लगा...

हैप्पी होली...

माहि : हैप्पी होली ji....wo यही पर नहीं रुका आगे उसने मेरी साड़ी में अंदर हाथ डालने लगा...

मई : आप ये क्या कर रहे है ji...pita जी देखिये न....

देवी जी रंग जहाँ जहाँ लगे शरीर का वो हिस्सा पवित्र हो जाता hai...aur उसने मुझे जबरजस्ती अपनी गोदी में बिठा लिया...

मई : पिता जी...

लक्समी : पिता जी देखिये न...

बेटी कोई बात नहीं होली है होली में तो सबको खुश करना चाहिए...

पिता जी की बात सुनकर मई रोने lagi...aur वो मेरी कमर मसलने लगा...

Aaaahhhhhh...ek ने लक्समी के दूध पकड़ लिए और उनमे रंग लगाने laga..wo लक्समी के साथ बहुत गन्दी हरकते कर रहा था....

पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति ...aaaaaaa...ek लात उसकी पीठ में पड़ी और वो टेबल में डाब Gaya...bhaiya की आवाज़ सुन मई पहले hi उठ गयी थी...

भैया ने जो उसकी मार लगाई वो किसी के कब्जे में नहीं आ रहे they...sharab की बोतल उन्होंने उसके सर पर फोड़ दी थी ..
 
वरो उस टाइम छोटा था salil...aur रोलेक्स का एप्पीरेंस अनुसुइया के सामने हुआ..

जाहिर है

आगे पता चलेगा वरो

Don't वोर्री वरो

ये पागल हो गया है असल में प्यार तो ये भी करता है लेकिन इसका प्यार अँधा है.

सही बात वरो.

बिलकुल वरो लेकिन आरोही उसी का खून है..

पूरा कोड नहीं बोलै था दूसरी बात उस समय उलझन में था ..

वरो असल में वो दर गयी थी ये सोचकर आरोही सलिल को नुकसान न पंहुचा दे तब उसे अपनी नहीं सलिल की फ़िक्र थी.


अपकमिंग का एक episode रहता है

वरो पूरा फलैशबैक इसी पर बेस्ड है.

अगले episode में सरे राज खुल जायेंगे.

Don't वोर्री वरो

हाहाहा अब क्या बोलू प्यार भी है अपनी ायसि भी करनी है जिसके लिए बेटी बाप को भी मर देगी है यहाँ तो भाई है..

वाकई वरो ये कमेंट पहले पड़ी रिप्लाई के चक्कर दिकजी नहीं अभी और वैसे दिमाग ख़राब है episode डिलीट होने के कारन
 
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