Broken by Her! (Story of a man) - Page 11 - SexBaba
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Broken by Her! (Story of a man)

Episode 36



  



भैया ने जो उसकी मार लगाई वो किसी के कब्जे में नहीं आ रहे they...sharab की बोतल उन्होंने उसके सर पर फोड़ दी थी ..

नेक्स्ट कंटिन्यू.

मंत्रीओ के पकड़ने पर लड़ाई रुकी....

प्रकाश : पिता जी तुम नशे में टुन्न हो और तुम्हारी बेटी के साथ ये पंडित साला उनकी इज़्ज़त से खेल रहा .

लेकर जा inhe....pknm बीटा रुक जाओ... पंडित ने गन निकल ली थी प्रकाश को मरने के लिए पिता जी बिच में आगये तो वो रुक गया...

जा प्रकाश यहाँ se...na चाहते हुए भी भैया कमरे से हमें लेकर निकल गए....

पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति चदानकया tha....pata नहीं क्या बात हुई उनकी जो पिता जी हम बहनो के सामने उसकी तारीफे करने lage..wo भी आया था घर..

पंडित कृष्णा : मुझसे गलती हो गयी देविओ मई नशे में था प्रकाश तुम से भी चमा छठा हों...

पिता जी के कहने पर हमने माफ़ कर diya...mujhe बाद में पता चला उसने पिता जी को पं बनने के ख्वाब दिखाए और पिता जी ने उससे हमारा सौदा कर दिया..

12तह हुआ तो पिता जी ने kaha...chalo अब तुम शहर jao..aur suno...tum दोनों को मेरे सपने को पूरा करना है...

माहि : क्या सपना है पिता जी आपका...

नरसिम्हा रओ : बेटी तुम्हे इस देश से सम्भिधान का खत्म करके हमारा कानून स्थापित करना है..

माहि : kaise....Pita जी...

नरसिम्हा : तुम्हे विषकन्या बनना होगा ...तुम दोनों शहर जाओ पड़े के साथ तुम्हारी ट्रेनिंग होगी और तुम बनोगी विष Kanya...prantu कभी भी अपने भाई को इस बारे में नहीं बताना तुम दोनों को तुम्हारी माँ की सौगंध....

मजबूरन हमें पिता जी को वचन देना पड़ा...

प्रकाश से हम पहली बार अलग हो रहे थे बंगलोरे हमारे गाओं से 3 k.m के फैसले पर था..

शहर में आकर हमें एक ाचा सा घर दिया गया यूनिवर्सिटी की जगह पहले हम आश्रम गए जो बन रहा था उसके निचे एक दुनिया आबाद थी हसीनाओं ki...waha हमारी ट्रेनिंग होने lagi....waha पहले हमें लड़ना सिखाया जाने लगा फिर गन्दी baten...waha वस्त्र हम बस नाम भर को pahente...andar से हम टूट गयी थी.... कॉलेज में हम दोनों बहने चुप चाप hi रहती किसी से कोई बात नहीं सिर्फ काम से Kam...pita जी मिलने ए तो हमने शिकायत की इस पर उन्होंने हमें hi डांटा....

इसी बिच कॉलेज में एक लड़का जिसका नाम डेविड था वो सुब्भो को पसंद आगया tha...lekin मई परिणाम को जानती थी इसलिए मैंने सुभो को समझाया लेकिन वो नहीं mani....pita जी को पता नहीं है इसलिए मैंने भी ये बात छुपा ली....

वो दिन भी आगया जब हमारी ट्रेनिंग पूरी हो gayi....ab हमें टास्क दिया जाना था उन मर्दो को फ़साने का जिनसे उनके पोलिटिकल बेनिफिट्स जुड़े थे....

उससे एक दिन पहले hi सुब्भो ने डेविड के साथ भागने का फैसला Kiya....Mai सुभो के साथ आयी स्टेशन पर....

इतने में डेविड भी agaya....use देखते hi सुब्भो उसके गले लग गयी....

चत्तत्त छत्त chatt....pandit कृष्णा नारायण मूर्ति तालियां बजता हुआ न जाने खा से agaya...aur मेरी जान हलक में आगयी.....

devidd.....ek लड़का सबको इग्नोर करता हुआ एक बैग लेकर आया जिसकी आँखों पर चस्मा tha....ise मैंने देखा था लेकिन याद नहीं आ रहा tha....kahan.

ये ले इसके बिना जाता भिक मांगनी पद जाती....

डेविड पंडित को देखकर चुप था.

डेविड : तू भाग यहाँ से...

ओह्ह इन लोगो के दर से कह रहा hai...usne मजाकिया लहजे में खा.

पंडित : मैंने सोंचा तुझे इसके साथ ऐश करने dun...iske साथ तू हमारा भी काम करेगी लेकिन tu..tu तो भाग रही hai...mujhe तो सब पता था तू किसके साथ उठती बैठती hai...aur तू इसका साथ देने यहाँ चली ayi....tujhe भी सजा milegi....dekh क्या रहे हो दोनों लड़को को मार दो इन दोनों को पकड़ कर अड्डे पर लाओ...

वेट वेट wait...dekho दोस्तों मई बस इसे बैग देने आया था ये मेरा कोई दोस्त बेस्ट नहीं hai....Mai इधर बैठा हों तुम जो चाहे इसके साथ Karo...apan तो शो देखेगा.

डेविड : तुझसे बदतर दोस्त किसी का नहीं हो सकता...

मुझे भी उससे नफरत हो गयी थी...

हां पता hai...Gunda भाई जल्दी से शो शुरू Karo..wo अपनी मस्ती में बेंच पर जाकर बैठ गया....

aaaaaaaaa.....gunde चीखते हुए डेविड को मरने आने लगे....

पंडित : ऐ सब ruko....pandit की आवाज़ पर सभी गुंडे रुक कर उसे देखने लगे....

पंडित : ता थैया ता थैया हो ....धूम तानना धूम तानना...

पंडित गेट हुए नाच रहा था उसके गुंडे उसे देख अपना सर खुजाने लगे और मेरी हसी छूट गयी....

कुछ देर बाद पंडित को होश आया....

पंडित : ये ...ये मई यहाँ कैसे....

गुंडा : महाराज आप नाच रहे ता थिया थैया करके...

तेरी तो sale....chatakkkk.... पंडित गुस्से में उसे थप्पड़ मर देता है...

पंडित : सेल पागल हो गया है मई nachunga...lekin मई यहाँ आया कैसे ..वो गहरी सोंचो में डूबता हुआ बोलै...

छोड़ दिया जाये या मार दिया जाये बोल तेरे साथ क्या सुलूक किया jaye...pandit गेट हुए फिर नाचने laga....nachte हुए वो एक काळा गुंडे के पास आया और पंडित ने उसके होंठो पर होंठ रख के उसे चूमने लगा....

पंडित : चीई...

गुंडा : महाराज क्या कर रहे हो मई लड़की नहीं हों....

दोनों को इस तरह देख मई मुश्किल से अपनी हसी दबा रही thi...wahi मई सोंच में पद गयी पंडित को आखिर हुआ क्या ...

पंडित : बकवास बंद कर मई तेरे काळा होंठो को चूमूंगा....

चटकककककक....

गुंडा : चूतिये तूने hi चूमे they...Gunda मरते हुए बोलै.

पंडित : तूने मुझे mara...Maro इस सेल ko...aur पंडित के गुंडे अपने गुंडे साथी को मरने लगे .....

रुक जाओ sab...jab वो गुंडा अधमरा हो गया तो पंडित ने उसे रोक दिया...

पंडित : दुश्मन मई तेरी दुश्मन तू मेरा ...मई नागिन तू sapera....nachte हुए पंडित फिर एक गुंडा के पास आया और उसकी धोती उतरने लगा ..

गुंडा : क्या कर रहे हो महाराज जैसे इसे मरवाया मुझे भी मरवाओगे...

पंडित : कालिया चरण उतरने दे न re...aur पंडित ने उसकी धोती खोल दी...

गुंडा : madarchod....aaaaa...dhammmm...

अगले hi पल वो लकड़ी की रोड पंडित के मुँह पर मरता है...

पंडित : aaaaaah...mar डाला re...sale तूने मुझे मारा ...मार डालो रे ise...pandit दर्द में चीखा.

वाकई गुंडों ने बेदिली से उसे भी अधमरा कर दिया....


पंडित : रुक jao.....uski आवाज़ पर गुंडे रुक गए....

पंडित : aaaja...aai बहार दिल hai..bekarar ..ो मेरे राजकुमार तेरे बिन रहा न जाये.... गेट हुए पंडित अपने एक गुंडे की गांड दबाने लगा...

गुंडा : क्या कर रहे ho...ab तुम मुझे मरवा डोज इससे ाचा है मई भाग जॉन...

पंडित सोंचो में गम था की गुंडा भागने laga....uske साथ hi आधे से ज्यादा गुंडे भाग गए....

पंडित : ये मुझे क्या हो गया है ..मारो इस सेल ko...sun...usne एक गुंडे को आवाज़ दी जो डेविड को मरने जा रहा था..

पंडित : क्या नाम है तेरा...

गुंडा : विरजू महाराज...

पंडित : जा मर उसे...

बिरजू: ऐसे नाही Jayeen....dhammmmmm.. अगले hi पल गुंडे ने लकड़ी की रोड पंडित के कंधो पर मरी ..

पंडित : आआआ ..aaaaaaaa....uski मार से पंडित दर्द में बिलबिलाने लगा...

जैसे hi वो डेविड को मरने वाले होते पंडित की आवाज़ पर रुक जाते है.

पंडित : aaaa...maro इस सेल को....

बिरजू : ये हम सबको मरवा देगा जान बचानी है तो भाग चलो....

बिरजू की बात सुन सभी गुंडे उसके साथ भाग लिए....

पंडित : कहा जा रहे हो मुझे छोड़ kar...tumhari जान ले लूंगा...

पंडित चीखता रह गया गुंडे भाग गए....

इतने में डेविड चलते हुए aya...pandit के पास....

पंडित : तूने क्या Kiya....ye कैसे किया...

डेविड : मेरी तरफ आँख उठा कर भी नहीं देख्नना ...वर्ण अगली बार तुझे ज़िंदा नहीं chhodunga...Mai सुब्भो से शादी करूँगा रोक सके तो रोक Lena...chal निकल ab...darte हुए पंडित भाग गया...

सुब्भो : कैसे किया तुमने ye...wo आकर डेविड के गले लग गयी ...ट्रैन ayi.aur वो दोनों चले गए ...

मैंने डेविड के दोस्त को देखा वो नहीं था .. मैंने सोंचा था उसे सुनौगी लेकिन वो था नहीं....

अगले दिन उनिवेर्सिटी में पिता जी और प्रकाश aye...unke एते hi टीचर्स ने क्लास खली करा ली ..

सिवाए एक के सब क्लास से निकल गए थे...

सोने दो न sir....uski आवाज़ पर मैंने उसे पीछे मुद के देखा वो वही था डेविड का dost...wo पीछे बैठता था मेरे क्लास का सबसे नालायक लड़का जो बस सोता रहता tha...ankho पर हर समय सुन ग्लासेज लगाए जिससे पता न चले की सो रहा है..

ऐ उठो मला साहब ए hai..sir उसे उठाते हुए बोले...

कुछ कहे बिना सर वापस हो गए लेकिन वो नहीं उठा मुझे दर था पिता जी ए तो इसे मरेंगे जरूर...

मई : भाग जाओ पिता जी मरेंगे...

चल ऋ ..और वो फिर आंखे बंद कर लिए.

माहि ....पिता जी गरजते हुए अंदर ए ..

वो मरते उससे पहले प्रकाश मेरे आगे आगये...

नरसिम्हा रओ : हैट जा मेरे सामने से...

प्रकाश : मई बात कर रहा हों na...bata दे माहि कहा गयी सुब्भो...

मई: भैय्या वो भाग गयी...

प्रकाश : कहा गयी...

मई : नहीं जानती भैया....

नरसिम्हा : जब तू नहीं जानती तो कैसे स्टेशन पर छोड़ने गयी...

मई : मई उसे वापस लेने गयी लेकिन वो नहीं आयी....

नरसिम्हा : झूट बोल रही है तू...

मई : मई सच कह रही हों...

saliii...pita जी मरने को हुए फिर भैया आगये...

मई : पिता जी अपने जैसा खा मैंने वैसा किया ..मई विष कन्या बन गयी hon...is बिच कैसे सुब्भो उस डेविड से प्यार करने लगी पता hi नहीं chala...pita जी द्वारा दिलाई गयी ट्रेनिंग मई उन्ही पर उसे कर रही थी...

प्रकाश : क्या boli...tu विष कन्या बन gayi...pita ji....gusse में भैया ने उनका गिरेवान पकड़ लिया...

नरसिम्हा : रुक जा बेटे मुझसे गलती हो गयी ...तू भी जनता है मई अपने सपने के लिए कितना सख्त hon...ijjat धन दौलत सब से बढ़कर हमारा सपना है हमारे liye...lakho बेटिओ को बचने के लिए मैंने अपनी दोनों बेटियां कुर्बान कर दी...

प्रकाश : मेरी बहन hi क्यों...

पिता जी देखो यहाँ कोई hai...ae चल उठ रे...

क्या यार सोने भी नहीं देते...

प्रकाश : सोने दे इसे भैरव...

भैया की बात सुन भैरव पीछे आगया..

प्रकाश : और tum...tumhe तो बाप कहते हुए भी शर्म आती है mujhe...tu भी किसी के साथ भाग जाना महा laxmi..kam से काम इस आदमी से तो बच जाएगी...

चटककककक..

पिता जी मरकर गुस्से में देखने लगे प्रकाश को...

नरसिम्हा : तू विष कन्या नहीं बनेगी लेकिन मुझे बता उस डेविड ने क्या जादू किया पंडित कृष्णा नारायण पर जो वो पागलो जैसी हरकते करने लगा...

हाय मेरी बन्नो मुझे याद कर rahi...itne में भैरव पिता जी के पास आकर उनसे लिपटने लगा..

भैरव : ऐ चल न कोचे में चले...

chatakkkkk....pita जी ने गुस्से में उसे एक तमाचा जड़ दिया..

भैरव : पहचाना नहीं मई डेविड हों.... हाहाहा...

पिता : devid...kaha है tu....dikhai क्यों नहीं दे रहा...

भैरव : अबे मई आत्मा हों इसके शरीर me..mere पीछे मत आना न मेरे बारे में बात करना वर्ण ...कहता हुआ भैरव गन गुंडे से छीन कर पिता जी पर तान देता है...

प्रकाश : क्या कर रहा bhairo...ruk जा...


ढाये... गोली पिता जी के कान के पास से निकल के दिवार में घुस gayi...pita जी का शरीर दर से थार थार कंपनी लगा...

भैरव : ये गोली तेरे सर में भी घुस सकती thi...chal अब निकल जल्दी से.

कोई बात किये बिना पिता जी प्रकाश का हाथ पकड़ ऐसे भागे जैसे हठी के सर से सींग...

सबके जाने के बाद वो उठे और मेरे सामने से गुज़रते हुए अपनी धुन में गाने lage..mere समय का फेमोस गण.

आशिक़ हूँ मैं कातिल भी हूँ

सबके दिलों में शामिल भी हूँ

दिल को चुराना नींदें उड़ाना

बस एहि मेरा कुसूर

वादों से अपने मुकरता नहीं

मरने से मैं कभी डरता नहीं

बादशाह ो बादशाह

बादशाह हे बादशाह

बादशाह ो बादशाह

मई उन्हें गेट जाता देखती रही...

मई : हे baadshah...usne मुझे मुड़कर देखा और मुस्कुरा दिया...

मई : तुमने अपने दोस्त को अकेला छोरा स्टेशन par....usne सुन कर भी अनसुना कर दिया...

कॉलेज से आकर मई देर रत तक वही गण सुनती rahi....sunte हुए मई अपने आप से hi बातें कर रही थी...

मई: वो कितना ढीट है ...पिता जी से भी नहीं Dara...mujhe तो कोई भाव hi नहीं देता...

मई खुद को आईने में देखने लगी.

आँखों में चणक सुर्ख गुलाबी rangat..mathe पर बिंदी .

मई : कितनी सुन्दर हों न मई.. हे baadshah....kya हो गया mujhe...Mai क्यों उसके बारे में इतना सोंच रही हों...

धम्मं धम्मं....

मई : इस वक्त कोण आया hoga...door बजने पर मई बुदबुदाई...

कोण hai....Maine दूर पर आकर पूछा.

छोटी malkin...sahab ने भेजा है...

मैंने दूर खोला और वो अंदर आया..

पिता जी ने अपने गुंडे द्वारा लत्तेर भेजा था जिसमे लिखा था...

महा अगर चाहती है तू विषकन्या न बने तो मालूम कर क्या जादू किया डेविड ne...pandit ने कहा उसका दोस्त भी था उससे राज़ उगलवा ..अगर तूने ऐस नहीं किया तो पंडित न तुझे छोड़ेगा न प्रकाश को....

मई पंडित की शक्ति से परिचित थी इसलिए मैंने चुप चाप पिता जी की बात मैंने का फैसला kiya...aur जवाब लिखकर भेज दिया..

अगले दिन मई सबसे पीछे जाकर बैठने लगी....

ओह्ह hello कहा बैठ रही हो..

मई : क्यों तुमने ये सीट रिज़र्व कर राखी hai...Mai बैग टेबल पर रख कमर पर हाथ रखते हुए बोली...

ाचा मुझे डिस्टर्ब मत karna...aur उसने आंखे बंद कर li...pass में बैठते hi मैंने अपने पेअर उसके पेअर से लगाने शुरू कर दिए...


क्या कर रही है potti..pair हटा ऋ अपना.

मई : मुझे इस तरह कम्फर्ट मिल रहा है...

ाचा चल मुझे भी de...aur उसने सबके सामने अपना सर मेरे कंधे पर रख लिया...

ोये क्या कर रहे ho...dekho मम आगयी utho...us ढीट ने अपना सर नहीं हटाया वैसे hi बैठा रहा...

सबकी अटेंडेंस लगने लगी सब खड़े होकर अटेंडेंस दे रहे they...jaise hi मेरी बरी आयी मई कड़ी होने lagi..madam ने बैठे रहने का इशारा कर दिया...

मई : अटेंडेंस तो लगवा लो अपनी...

तुझे बोलै था डिस्टर्ब नहीं करने ka...chal उठ यहाँ se...us ज़ालिम ने धक्का देकर मुझे सीट से उठा Diya...uska ऐसा सख्त दिल देख मुझे रोना आगया वही मेरा दिल उसकी इन हरकतों पर उस पर न्योछावर हो रहा था....

रेसस्स में वो मुझे पेड़ के निचे बैठे मिले...

सॉरी न अब नहीं उठाउंगी... प्लीज सॉरी...

है devid...mujhe देख वो आसमान में देख बातें करने लगे ..

क्या bola...ye जो कड़ी hai...haa ...क्या कहा ....

मई : क्या हुआ ऐसे क्यों बातें कर rahe...asman में देख कर...

डेविड की आत्मा हवा में कड़ी दिख नहीं रही...

मई : kahan...mai सर खुजाते हुए बोली.

..

ाचा ये इसलिए आयी मेरे पास..

मई : क्या कह रहा है वो...

वो कह रहा है तू अपने पिता के कहने पर मुझे फ़साने ayi...devid की आत्मा का राज़ जानने के लिए...

मई : सच में डेविड hai...ab तो मुझे भी यकीं आगया था...

ठीक है डेविड मई देख lunga...tu जा...

है तो मैडम मेरे दोस्त का राज़ जानने आयी थी...

सॉरी ji...pita जी ने धमकी दी thi..aur मई रोने लगी...

रो या सर पीट मेरे अस्स पास मत दिख्यो...

मई : कितने पत्थर दिल हो रोटी हुई लड़की को छुपा भी नहीं सकते...

क्यों तू मेरी औरत है क्या...

मई : बना लो न....

चल ऋ...

मई : मई सच कह रही hon...jab से देखि तब से दीवानी हो गयी हों तुम्हारी....

मेरे से प्यार नको कर एड़ी ..कहते हुए वो आगे बढ़ गए...

मई : खाना तो खा lo....Mai आपके लिए लेकर आयी hon...Mai भागकर पास आकर बोली..

क्या बनाई....

मई : आलू के पराठे नारियल की chatni..mai टिफ़िन आगे करते हुए boli...tiffin लेकर वो वही पेड़ के निचे बैठ कर खाने lage...mai उन्हें खता निहारने लगी..

मई : सुन ग्लासेज हटा दो न... कहते हुए कोण पहनता है...

देख नहीं पायेगी...

मई : ऐसा भी क्या hai...kehte हुए मैंने हटा diye...aur वो मुझे देखने लगे...

वो नीली ankhe...uffff....Mai एक लम्हे भी उनकी तब न ला saki...maine वैसे hi सुन ग्लासेज लगा दिए...

मई : सारा खा लिया मेरे लिए कुछ नहीं छोड़ा...

तुझे बोलै था अहसान kar...tiffin मुझे देकर वो आगे बढ़ गए....

मुझे प्यार तो हो गया था लेकिन मुझे दर भी था अपने भाई का....

मई : नाम तो बता दो अपना नीली आँखों वाले...

कल जान लेगी...

कहकर वो आगे बढ़ गए....

agle.din मई बहुत सर संवर के कॉलेज ayi...har कोई मुझे देख कर आहें भर रहा था और मई उन्हें देखकर....

मई : यहाँ बैठ जॉन प्लीज डिस्टर्ब नहीं करुँगी...

चल बैठ Jaa..wo मुझे बिना देखे बोले..

मई : मुझे देख तो lo...mere कहने पर उन्होंने आंखे खोली...

क़ातिल लग रही है और उन्होंने अपना सर मेरा हाथ बिछा कर उस पर रख लिया...

अटेंडेंस लगने lagi...ki तभी मैडम ने मुझे पुकरा फिर उन्हें पुकारा...

समर ...

कुछ कहे बिना उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया....

मई : आपका नाम समर है ...कितना प्यारा नाम hai..ha बचो वो तुम्हारे पापा मेरे समर जी थे...

डिस्टर्ब...

मई : सॉरी सॉरी....

अबे डिस्टर्ब करना ये बोल रहा हों...

और मई शुरू हो gayi..kaha से हो aap..kitni आगे है apki..shadi हो गयी kya..Maine एक साँस में कई सवाल कर डेल..

आज क्या बना कर layi...wo जवाब दिए बिना मुझसे खाने का पूछने लगे..

मई : इडली डोसा संवर..

टिफ़िन बैग से nikal.wo खाने लगे....

तू भी खा ले पॉटी फिर बोलेगी अकेले अकेले खा liya...wo पहली बार था जब हमने साथ में खाना खाया...

वो मेरे करीब आने लगे थे और मुझे भी उनसे मोहब्बत हो gayi...unki हरकतों को देख मुझे यकीं हो गया था जादू असल में डेविड के पास नहीं इनके पास hai...wo क्या था ये मई नहीं जान payi...Mai जितनी भोली बनती थी उनके सामने उतनी थी नहीं...

फिर एक दिन पिता जी का खत भी आगया था...

तूने अभी तक कोई खबर नहीं bheji..pandit को पहले से hi तेरे भाई पर गुस्सा hai...jald पता कर उसकी शक्ति का स्त्रोत नहीं तो वो प्रकाश को मर देगा तो मुझे दोष न देना...

उसी रत मैंने भाई की मोहब्बत में खत लिख कर समर जी के बारे में सब बता दिया....

अगले दिन जब मई कॉलेज आयी तब वो नहीं they....mai बार बार दूर को देखती सारा दिन हो गया लेकिन वो नहीं ए...

रत को पिता जी अपने गुंडों के साथ घर ए...

मुझे कार में बिठा कर वो ले चले अपने साथ...

वो मुझे पुलिस स्टेशन laye..andar आकर मैंने एक सेल में समर जी को बंधा dekha...unke जिस्म पर इतनी छोटे थी जिन्हे देख मेरी जान हलक में आगे...

मई : समर jiii....mai चीख पड़ी...

मेरी आवाज़ सुन कर उन्होंने आंखे kholi...fir ऐसे देखा जैसे मई बहुत बड़ी मुजरिम हों...

मई : समर जी को छोड़ दो पिता जी..

नरसिम्हा : इससे पूछ अपनी शक्ति का स्त्रोत बताये...

मई भागकर सेल के पास आकर कड़ी हो गयी...

मई : समर जी बता दो पिता जी आपको छोड़ देंगे...

समर : धोकेबाज़ .. उन्होंने बड़ी मुश्किल से शब्द मुँह से nikale...aur मई रट हुए कंपनी लगी...

नरसिम्हा : मारो इसे...

धम्म्म्म धम्म्म्म धम्म्म्म..

पुलिस वाले उन पर डंडे तोड़ने lage...jab वो पीटते पीटते बेहोश हो गए तब पुलिसवालो ने उनके घाव पर नमक मिर्च डालनी शुरू कर दी...

aaaaaaaaaa....wo बेहोशी से जाग कर दर्द में चीखने लगे...

मई : पिता jii...chhod दो इन्हे पिता ji....Mai आपके पेअर पड़ती हों...

aaaaaaa...andar वो चीख रहे थे बहार मई....

मई : पिता ji....aaaa....

पुलिस वाला : बता sale...tujhe छोड़ दूंगा...

समर : जनता तब भी तुझे नहीं batata...unka जवाब सुन मुझे धक्का laga...aur मुझे अपनी गलती का अहसास हो gaya...wo शक्ति सच में डेविड की थी...

मई : पिता जी मुझसे भूल हो गयी ..मई सूरे नहीं थी .. प्रकाश भैया की वजह से मैंने इनका नाम ले liya....pita जी इन्हे जाने दो ये निर्दोस है...

पोलिसवाले : सर जितना इसे मारा अचे से अचे क़ातिल भी सब उगल देते hai...mujhe लगता है ये सच कह रहा है...

नरसिम्हा : फिर इससे डेविड का पता पूछो...

मई : मई जानती हों पिता जी इन्हे जाने दो .

नरसिम्हा : चल बता...

मई : ऐसे नहीं पहले इन्हे जाने दो....

उसी रत पिता जी ने उन्हें गाड़ी में बिठाया और बंगलोरे की सरहद पर छोड़ दिया..

नरसिम्हा : चल जा और सुन जो तेरे साथ हुआ उसे उगलना नहीं वर्ण अगली बार ज़िंदा नहीं छोडूंगा..

वो बस में बैठ कर चले gaye...aur मैंने पिता जी को डेविड का एड्रेस दे दिया.....

पिता जी ने खुश होकर मुझे कार di...devid के पास जाने से पहले..

जब डेविड के पास वो गए तब उनका भी वही हाल हुआ जो पंडित का हुआ था...

लड़कियां जिस ज़िन्दगी के ख्वाहिश कर रही थी उस समय मई वो जी कर भी खुश नहीं थी ... मई अब काम कहती रातो को करबाते badalti..bar बार मुझे समर जी दिखाई देते.

कुछ दिनों बाद भाई ए ..

mahi....ye क्या हालत बना ली tune...kitni सुख गयी है tu...bhai को देख मई उनके गले लग गयी...

मई : भाई मुझे वो चाहिए मेरे समर जी वर्ण मई उनके बिना जी नहीं पाऊँगी...

मेरी तड़प देख भैया पिघल गए...

प्रकाश : मई उसे धुंध कर यहाँ वापस launga...kal hi कॉलेज से एड्रेस निकल कर उससे मिलने जाऊंगा...


हर दिन की तरह मई दूर को टाक रही थी की वो अंदर ए...

समर ji....sabki परवाह किये बिना मई भागकर उनके गले लग कर फुट फुट कर रोने लगी...

चल हैट ऋ धोकेबाज़...

वो मुझे धक्का देकर अंदर जाने lage...mai उनकी hi सीट पर बैठी थी ..मेरा बैग रखा देख उन्होंने उठा के फेक दिया....

ये देख मई पास आयी और उनका हाथ पकड़ कर खींचने लगी...

समर महा लक्समी तुम दोनों क्लास से बहार जाओ....

न चाहते हुए उन्हें भी मेरे साथ बहार आना पड़ा....

बहार मई उनका हाथ पकड़ खींचते हुए अपने साथ ले जाने लगी...

मई : देखो नहीं चले तो मई chikhungi...Mai सिर्फ बात करना चाहती हों सिर्फ एक baar...unhe मेरे आंसुओ पर दया agayi...aur वो मेरे साथ कार में आकर बैठ गए....

कॉलेज से मई एक माउंटेन पर उन्हें लेकर आयी....

कार से निकलकर वो माउंटेन देखने लगे....

मई : यहाँ से गिरने वालो की लाश का भी पता नहीं चलता होगा...

समर : यहाँ क्यों layi...kudne का प्लान है तो कूद जा.

मई : मई आपसे सच में बहुत प्यार करती हों....

समर : फिर से बोली तो निचे फेक दूंगा...

मई : मई सच कह रही हों समर जी मई बहुत प्यार करती हों आपसे...

चटकककक...

एक hi थप्पड़ से मई घूम कर जमीन पर गिर गयी....

और वो पैदल hi जाने लगे...

मई : मई जानती हों समर जी आप भी मुझसे प्यार करते हो... वर्ण मेरे लिए कभी नहीं एते...

वो नहीं रुके ...उन्हें जाता देख मेरे दिल का दर्द गीत बनकर बहार आने लगा...

मई : ओहो ooooo....Tu पागल प्रेमी आवारा ...दिल तेरी मोहबत का मारा.. तुझे पहचान लिया रे... अपना तुझे मान लिया रे तुझे पहचान लिया re...oye ोये.. छेद के मुझको मेरे दिल में प्यार जगाया तूने ..प्यार से थी अनजान मुझे ये प्यार सिखाया tune..oye ोये ..शीशा तोड़ो पत्थर तोड़ो दिल मेरा न तोड़ो ऐसे मोड़ पे लाके यूँ न प्यार का दमन छोड़ो तू पागल प्रेमी awara..mai उनके आगे आकर गए रही थी और वो बर्बर मुझे धक्का दे कर गिरा कर आगे बढ़ jate....unhe इस तरह देख मेरी आंखे भर आयी...

मई : अगर नहीं रुके तो यहाँ से कूद कर अपनी जान दे दूंगी समर ji.....bina देखे वो आगे बढ़ gaye...aur मई पेड़ की आड़ में आकर छुपकर उन्हें जाता देखने लगी..

मई : aaaaaaaaaa....mai ने एक चीख मरी जो माउंटेन में गूंजने lagi...unhone पीछे मुद के देखा मुझे न देख वो इधर उधर देखने Lage....Oho..ho..hooo...


प्रेम दीवानी तू जीती मैं तेरे प्यार से हारा... लौट के वापस आजा ऐसा होगा अब न दुबारा ऐसा होगा अब न दुबारा ...

समर jii......mai भागकर उनके गले आकर लग gayi....mere समर ji..badhawas होकर मई उन्हें चूमने लगी....

समर ': चल शादी कर लेते hai....aur उसी दिन हमने शादी कर ली....

मुझे लेकर समर जी हैदराबाद अपने घर aye...unka घर बहुत बड़ा था उतना hi बड़ा उनका pairwar...khan परिवार पुरे हैदराबाद में फेमोस था...

माँ आपकी बहु....

हमें देख उनकी पूरी फैमिली इकट्ठी हो गयी...

तूने शादी कर ली shehzade...tujhe पढ़ने के लिए भेजी थी Mai...fir उन्होंने मुझे देखा....


बहु को अंदर ले jao...wo शायद मेरी सासु माँ थी...

chatakkk...piche hi मुझे थप्पड़ की आवाज़ ayi...shayad समर जी को पड़ा था..

फिर क्या बात हुई उनकी मुझे नहीं पता...

मई अंदर आयी तो उनके घर की औरते मुझसे मेरी डिटेल पूछने लगी...

हमारे शहज़ादे देखो कितनी हसीं बीवी laye....ek ने कहा जो मेरी जेठानी थी...

क्यों हमारे समर क्या काम है किसी se.dusri ने खा.

हाय किसी की नज़र न lage...pyar से उन्होंने मेरा माथा चुम liya...devrani जी ये है तुम्हारे हुब्बी की छोटी भाभी और मई हों बड़ी bhabhi...aur ये हम सबके bache...Mai बस सर हिला रही थी...

सबसे बड़ी भाभी तुम्हारी हॉस्पिटल गयी है उनकी डिलीवरी होने वाली hai..unhi ने कहा...

क्या कर रही हो तुम बेटी के लिए कुछ खाने पिने का लेकर aao...fir कुछ देर में बहुत साडी चीज़े मेरे सामने थी....

वो ए तो वो भी मेरे साथ hi खाने lage....sabki मौजूदगी में मई पूछ भी नहीं सकती थी की उनकी माँ ने क्या कहा....

हमारी ख़ामोशी देख वो खुद hi चली गयी thi...siwaye बचो के जो अपने चाचू को छोड़ने का नाम नहीं ले रहे थे....

चाचू सना का भाई आएगा या बहन...

समर :नीमरा बीटा तुम्हारा भाई ayega...jo तुम्हे प्रोटेक्ट करेगा...

मई : क्या कहा माँ जी ने...

समर : वो तो मान गयी है लेकिन खान भाई आएंगे तब फैसला होगा असल में खान भाई ने अपने दोस्त को जबान दे दी है मेरे लिए उन्होंने अपने दोस्त की बेटी मांग li...usi को लेकर परेशां हों..

मई : शादी तो नहीं हुई फिर क्यों इतना सोंच रहे...

समर : तुम नहीं जानती हो हमारे यहाँ जबान की कितनी अहमियत hai...ek बार जबान दे दी तो फिर जान देकर भी वडा निभाते है...


मई : आपके पापा.

समर : वो भी ऐसे hi है..


खा कर मैंने बर्तन समेटे और पांच साल की नीमरा के हाथ भेज दिए...

खान भाई आगये सब लोग छुप जाओ... बचो शैतानी करना बंद कर do...awaze सुन कर समर जी उठने लगे...

समर : तुम यही रुको मई बात करके आता हों....

उनके जाते hi मई दरवाज़े की ऊँट से देखने लगी...

अरे सेहज़ादे तुम आगये मिलो अपने छोटे सेहज़ादे se..beta हुआ है तुम्हारी भाभी ko...wo बचा समर जी को दिखते हुए बोले...

खान भाई बड़े रोआबदार गोर से बहुत अछि पर्सनालिटी रखते थे बिलकुल समर जी की तरह..

वो बचे को लेकर खिलने लगे...

समर : हाय मेरी जान कितना खूबसूरत hai...tu भी छोटा और मई भी छोटा हम दोनों hi घर में छोटे..

खान भाई : शहज़ादे क्या नाम रखोगे अपने भतीजे का...

समर : शेह्ज़ादा ayan...kaisa है भाई...

बहुत acha..unhone कहा...

खान भाई दीदी नहीं आयी .समर जी की भाबी ने पूछा.

खान भाई : अरे वो हॉस्पिटल मई तो बचे को दिखने ले aya...tum बताओ शहज़ादे स्टडी कैसी चल रही और कब aye....bhabhi से कहकर उनोहने समर जी से पूछा...

समर : भाई मैंने शादी कर ली...

समर जी की बात सुनकर खान भाई को धक्का लगा...

देवर जी बचा मुझे दो मई इसे कपडे पहना कर लती हों...

खान भाई : क्यों किया तूने ये Samar...Maine जबान दी thi...teri शादी मेरे दोस्त की बेटी से होगी अब मई उसे क्या मुँह दिखाऊंगा...

समर : भाई सिचुएशन hi ऐसी आगे जो मुझे ये फैसला लेना pada...ap कहेंगे तो मई उससे भी शादी कर लूंगा...

और वो मान jayenge..khan भाई गरजते हुए बोले...

समर : आपको मुझसे एक बार पूछना चाहिए था...

खान भाई : क्या ...मुझे तेरी ज़िन्दगी का फैसला लेने हक़ नहीं है..

समर : bhai...mai कह रहा हों अपने गलती की मुझे न बता कर ...अगर बताते तो मई कभी न करता..

खान भाई समर जी के जवाब से बेहद गुस्से में आगये..

खान भाई : निकल जा यहाँ से इस घर के दरवाजे तुझ पर बंद हो गए है..

बीटा छोटा भाई है तेरा..

खान भाई : माँ इसने गलती की है...

कुछ कहे बिना उनोहने दूर को देखा जहाँ मई कड़ी थी ..फिर समर जी आगे बढ़ने लगे...

उन्हें बढ़ता देख मई भी पीछे जाने लगी...

खान भाई : रुक जाओ beti...hamare घर में बेटिओ को नहीं निकला जाता...

मई : मई उनके बिना नहीं जी sakti...aur मई आगे बढ़ गयी...

उस दिन वो हैदराबाद में अपने दोस्त के घर ruke...fir हम दोनों वापस बंगलोरे आगये ...मुझे दर था पिता जी ने देख लिया तो इन्हे मर देंगे मैंने उन्हें बहुत रोका वो नहीं मने फिर समर जी को देख न जाने मुझमे कहाँ से हिम्मत agayi...aur वो मुझे वापस ले ए...

भैया ने बताया वो कहाँ मुझसे मिलने आएंगे मई समर जी को लेकर वही agayi....sham के समय प्रकाश भैया ए...

मैंने झुककर आशीर्वाद लिया... उन्होंने हम दोनों को गले लगा लिया....

प्रकाश : पिता जी बहुत षड्यंत्रकारी है तुम दोनों यहाँ क्यों आगये ..तुम्हे देखेंगे तो मर देंगे..

मई : bhaiya...Mai बोलती की समर जी ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

समर : क्या चाहते है वो...

प्रकाश : जीजू आप नहीं जानते उन्हें अगर लोगो को पता चल गया मेरी दोनों बहनो ने कही और शादियां की तो उन्हें वोट नहीं मिलेंगे और वो आप दोनों को ढूंढ़कर मर देंगे...

समर : ये स्टडी कर रही है जब तक कम्पलीट नहीं हो जाती तब तक मई यहाँ से नहीं जाऊंगा...

भैया ने बहुत मनाया समर जी ने एक न mani....thak कर भैया को hi हार माननी पड़ी...

प्रकाश : अभी कहा रुके हो तुम दोनों...

मई : उसी घर में जहाँ मई रहती...

प्रकाश : pagal...agar पिता जी को पता चल जाता तूने सोंचा है क्या परिणाम होगा iska...bhaiya मरने को हुए लेकिन रुक गए....

प्रकाश : यहाँ से कुछ दूर एक पॉश इलाके में घर बन रहे है वही घर लेकर दूंगा वही रहना..

समर : ठीक है लेकिन पैसे मई दूंगा...

अगले दिन समर जी और भैया ने सोसाइटी में घर ख़रीदा समर जी के लाख रोकने पर भैया ने आधे पैसे diye...agle दिन हम शिफ्ट हो गए ..

भैया घर एते और घर के हालत बताते ..भैया बताते पंडित की पावर दिन पर दिन बढ़ रही उसका बाप कम बन गया और पिता जी होम मिनिस्टर बन गए भैया मला बन गए और भैरव भी मला बन gaya....mai भेस बदल कर कॉलेज जाती ...समर जी ने काम शुरू कर दिया था वो मुझे लेने और छोड़ने जाते थे मेरे लिए स्टडी उनोहने ओपन से सुरु कर दी thi...pita जी के गुंडों से तो मई बच जाती लेकिन टीचर्स के लिए समर जी ने कहा था की बस मई स्टडी करूँ अटेंडेंस न लगाऊं टीचर बिना बोले मुझे दे degi...Mai जो स्टडी करती वो रात में समर जी के साथ शेयर करती thi...zindagi बहुत खूबसूरत हो गयी थी मेरी..

मई भी प्रेग्नेंट हो gayi..samar जी अब मेरा बहुत ख्याल रखते थे....

एक दिन प्रकश के साथ सुब्भो घर आयी...

chatakkkkkk...mujhe देखते hi उसने थप्पड़ मर दिया....

मई : सुब्भो...

सुब्भो नहीं samantha...tumne छीन लिया use....mere टोनी को मुझसे...

मई : क्या कह रही है...

सामंथा : तुमने मेरा एड्रेस दिया hai...tumne मेरा एड्रेस दिया था उन्हें और पिता जी मेरा बचा उठा कर ले gaye..uski बात सुनकर मैंने उसे गले लगा लिया....

सामंथा : दीदी दूर हो जाओ मुझसे...

मई : डेविड की आत्मा से कहो न ढूंढ़ने को...

सामंथा : शट उप वो कोई जादू नहीं जानते...

क्या हो रहा hai..Samar जी काम से आगये they....unhe देख दीदी चुप हो गयी उनका रोना भी बंद हो गया...

डेविड को bulao...samar जी कुछ देर बाद बोले.

सामंथा : वो बहार है मई लेकर अति हों...

कुछ देर बाद डेविड सामंथा के साथ ए...

समर : तू सामंथा को लेकर मुंबई Jaa..andheri गली no 5 के कचरे के डब्बे में टोनी को rakha...flight से जा बचा लेगा उसे.....

डेविड सामंथा को लेकर उसी वक्त निकल गया...

मई : आपको कैसे पता ...अपने पूछा भी नहीं सामंथा सीधे हल बता दिया...

प्रकाश : जीजू क्या बात है...

समर : कुछ नहीं तुम्हारे बाप पर नज़र रखता हों उसी ने मुंबई टोनी को कचरे के डब्बे में डाला....

भैया ये सुन गुस्से में घर से निकल गए....

1 महीने बाद सामंथा फिर आयी...

सामंथा : हमने मुंबई की खाक छान ली लेकिन हमें बचा नहीं Mila...wo फुट फुट कर रोने लगी..

उसी समय भैया आगये.

प्रकाश : पिता जी को पता नहीं क्या हो गया 1 महीने से मुंबई की गलियों में टोनी को ढूंढ रहे है..

सामंथा ने खामोश बैठे समर जी के आगे अंचल फैला दिया...

सामंथा : समर जी मुझे मेरा बीटा दिला दो...

समर : वो वहां नहीं है जहाँ तुम्हारे बाप ने छोड़ा था... इतना यकीं है वो ज़िंदा है..

सामंथा : मुझे कुछ नहीं सुन्ना मुझे मेरा टोनी चाहिए....

समर : सेल साहब मई मुंबई जा रहा हों अपनी बहन का ख्याल रखना. .

उसी रत वो सामंथा डेविड के साथ निकल गए....

उनके जाने के 2 दिन बाद पिता जी और पंडित घर आगये और मुझे उठा कर घर ले gaye...mai चीखती रही लेकिन वो नहीं मने.....

नरसिम्हा : उस सेल डेविड ने पता नहीं क्या कर दिया मई पागलो की तरह मुंबई की खाक छान रहा tha....aur तूने इस मालिक के साथ मुँह कला कर लिया..

पंडित : इसे मई बहुत बड़ी रैंड बनाऊंगा ab...iske पेट फुला हुआ है साली उसका बीज अपने अंदर पाल रही है....

नरसिम्हा : घर चलकर इसका पेट चिर के बचा निकलूंगा...

मई : नहीं पिता ji...Aisa मत Karo...ye मेरे समर जी की निशानी hai...mujhe छोड़ दो..

मई रोटी पित्ती रही लेकिन पिता जी नहीं मने...

घर लेकर वो चाकू से मेरा पेट चिर रहे थे की प्रकाश भैया बिच में आगये ...

प्रकाश भैया ने चाकू छीन कर धक्का दे दिया....

प्रकाश : पागल हो गए हो tum...apni hi औलाद को मरने पर तुले हो...

नरसिम्हा : रंडी के बचे तू मेरा खून नहीं हो sakta...hat जा मेरे सामने से वर्ण तेरा गाला भी रेट दूंगा...

प्रकाश : अगर इसे कुछ हुआ तो कल अखबार की सुर्खिओ पर आपकी फोटो होगी और आपका सपना खाक में मिल jayega..iski पूरी सोसाइटी ने देखा है आपको इसे उठाते hue....kuch दिन रुक jao...bhaiya जो कह रहे थे उसका मतलब था अभी न मारो कुछ दिन रुक jao....fir मरना जिसे समझ कर मई टूट गयी...

नरसिम्हा : बंद कर दो इसे कमरे me....pita जी के कहने पर उनके गुंडों ने मुझे कमरे में बंद कर दिया...

रात को भैया खाना लेकर ए...

मई : नहीं खाना मुझे ले जाओ इसे धोकेबाज़ ...मुझे कुछ दिन बाद मरने का कह रहे थे...

प्रकाश : ओह मेरी pagal..tujhe बचने के लिए समय माँगा Maine...is बिच मई कैसे भी करके तुझे निकल दूंगा यहाँ से...

भैया की बात सुन मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ और मई उनके गले लग गयी.....

इसकी नौबत नहीं आयी अगले दिन सुबह सुबह गोलिओ की धड़धड़ से मेरी आंख khuli...Mai भाग कर चाट की ग्रिल पर से देखने लगी.

वो नीली आँखों वाले समर जी बेहद गुस्से में अंदर दाखिल हो रहे थे आज उनकी आँखों पर चस्मा नहीं गुस्सा था.....

उनके पीछे पिता जी का hi बॉडीगार्ड था जो पिता जी के लोगो को hi मार रहा tha....sab हैरत से उन्हें देख रहे थे.....

नरसिम्हा : मार डालो इन दोनों को ...पिता जी के गुंडे उनकी तरफ बढे की बॉडीगार्ड ने सबको भून डाला....

dhaye...sabko मरकर बॉडीगार्ड ने खुद को भी शूट कर लिया...

नरसिम्हा : तू मुझे जनता नहीं है...

समर :अब कुछ मत bol....unki आवाज़ गूंज रही थी पुरे हॉल में...

समर : अपने बारे में बता कर मेरे बारे में जानकर कोई रेस शुरू मत कर....

aaaaaaaaaaaa....

इतने में भैरव नाइफ लिए उनकी और बढ़ा पीछे से....

dhammmmm....hawa में जम्प करके उन्होंने चलते फैन को पकड़ कर घूम के भैरव के सर पर मारा ..

भैरव : अअअअअअअ.....

फिर लटक रहे तर से उन्होंने भैरव को बांधकर उल्टा लटका दिया....

भैरव : कोण है तू....

समर : जिसकी सोंच से दुनिया लरज़ उठती है...

भैरव : hahahaha....mai सोंच रहा हों तुझे कैसे तड़पा तड़पा के मरूंगा....

समर : तू मुझे marega.....mujhe मरने का सोंच कर hi तेरी ज़िन्दगी उलटी लटक gayi....unki आवाज़ से भैरव डरकर उन्हें देखने लगा...

अअअअअ....

धमममममममम.....

ग़ुस्से में उन्होंने भैरव के सर पर लात मरी और वो दिवार में जाकर लग कर बेहोश हो गया...

नरसिम्हा : इसकी बलि दे दे.... प्रकाश...

पिता जी की आवाज़ सुनकर वो जम्प लगा कर उनके सामने आकर खड़े हो गए....

समर : मेरे माँ बाप के हम चार बेटे है और तेरी बात मैंने वाला तेरा सिर्फ एक हम में से कोई एक मर भी गया तो फ़र्क़ नहीं padega...lekin तेरा मारा तो तेरी अर्थी को भी कोई कन्धा नहीं देगा...


पिता जी नजरे उठा कर समर जी को देखने की भी हिम्मत नहीं कर पा रहे थे...

समर ji....bhagte हुए आकर मई उनके गले लग गयी....

ससष्ठ ssshhh...pita जी मुझे डरते हुए अंदर जाने का कह रहे they...dar से उनकी आवाज़ नहीं निकल रही थी..


समर : sun....aaj के बाद मुझे दिखाई नहीं देना मेरी फॅमिली के आस पास भी नहीं तो तेरे साम्राज्य को मई आग लगा दूंगा...

नरसिम्हा : मेरी पहुंच दिल्ली तक है अगर एक टेलीफोन कर दिया तो तेरा खंडन मिट जायेगा...

समर : दिखा अपनी ताकत....

भागते हुए पिता जी टेलीफोन लेकर कॉल करने लगे...


नरसिम्हा : hello .कम साहब आर्मी भेजो मेरे घर ये मेरी बेटी को ली जा raha......kya ...ये आप क्या कह rahe....Mai नरसिम्हा बोल रहा हों...

समर : हैंड्सफ्री kar...taki सब तेरी औक़ात देखे...

पिता जी ने हैंड्सफ्री कर दिया...

दुबारा अगर तूने कॉल की तो तुझे जेल में डालकर रपे केस लगवा dunga...chal फ़ोन rakh...udhar से c.m की आवाज़ आयी..

फ़ोन रख कर पिता जी हैरत से देखने लगे ..

समर : और कोशिश कर....

पिता जी बार बार कॉल करने लगे सभी उन्हें गलियन देकर दूत कर कॉल कट रहे थे...

समर : sun...agar जीना चाहता है तो मुझे भूल Jaa....Mai यही रहूँगा अगर तूने मेरी माहि की तरफ आंख भी उठाई तो मई तुझे अँधा कर दूंगा...

मेरा हाथ पकड़ कर समर जी चलने lage...bahar निकलते हुए मई देख रही थी सरे बोडीगार्ड्स की लाशे पड़ी थी...

अब मुझे यकीं हो गया था वो शक्ति डेविड के पास नहीं मेरे समर जी के पास है...

तीन महीने बाद मेरी डिलीवरी हुई और अनुसुइया ayi...anusuiya बिलकुल समर जी की तरह थी वही नीली ankhe....jab से मई आयी थी तब से पिता जी की तरफ से कोई बात नहीं हुई थी....

एक दिन मेरी सासु माँ आयी समर जी को लेने के liye....unhone बहुत मनाया लेकिन समर जी ने जाने से इंकार कर दिया...

सेहज़ादे अपने भाई की न मेरी सोंच मई तेरे बिना कैसे जी रही हों चल घर chal...Tera भाई मन गया है वो बुला रहा है तुझे....

समर : माँ वो क्यों नहीं ए फिर...

माँ : वो बड़ा है बीटा ज़िद्द छोड़ दे उसने पला है तुझे...

समर : माँ ये बहुत सी उमीदे लेकर मेरे साथ आयी थी और भाई ने निकल दिया...

गलती हो गयी उससे..

समर : वो यहाँ ए गए तो मई चलूँगा ...वाकई आप यहाँ रहो अपनी पोती से मिलो...

एक हफ्ता सासु माँ रही उनके साथ से मुझे अहसास hi नहीं हुआ वो मेरी नहीं समर जी की माँ hai...pura दिन वो अनुसुइया को खिलाती उनकी आँखों का तारा थी वो....

एक वीक बाद वो चली गयी....

एक दिन मार्किट में मुझे प्रकश भैया मिल Gaye...unki भी विवाह हो गयी thi...unhe और अपनी भाभी को लेकर मई घर आयी....

मई : मिलो इससे माँ के नाम पर रखा इसका नाम अनुसुइया...

प्रकश : आठ मेरी लाड़ली...

नंदरानी : वो कहा आपके...

मई : काम पर गए है....

अकेली हो दर नहीं लगता..

मई : उनके होते मुझे कोई दर नहीं लगता सीता भाभी..

सीता : सुना है उनके पास शक्तिया है..

मई : नहीं भाभी ऐसा कुछ नहीं है...

प्रकश : तू बुआ बनने वाली है.

मई : सच में भैया..

भैया ने सर हिला Diya...aur मई भाभी के गले लग गयी..

दिन बीतने lage...anusuiya 1 साल से ज्यादा की हो गयी भैया छुपकर मुझसे मिलते रहते they...kabhi कभी सामंथा भी ati...mai उसे दिलसे देती...

समर जी के घर से भी खत एते कभी मेरी देवरानी खत लिखती कभी जेट जी कभी उनकी maa..Mai उन्हें खत लिख कर अपने बारे में बताती वो सब बुलाते लेकिन समर जी जाने का नाम नहीं लेते....

अनुसुइया तीन साल की हो गयी थी पिता जी ने हमें परेशां नहीं किया tha..ab मई उनकी तरफ से निचिंत हो गयी थी...

एक दिन समर जी न्यूज़ पेपर लेकर aye..usme मैंने पढ़ा पिता जी गृहमंत्री बन गए थे परन्तु उनकी सत्ता बंगलोरे से ख़त्म हो गयी उप में जैम गयी थी उनका मंत्री उप में कम बन गया था पिता जी केंद्र सर्कार में आगये they...fool पार्टी अब फेमोस होने लगी थी....

मई : ऐसा लग रहा है पिता जी बन जायेंगे p.m आने वाले समय me..mujhe दर लग रहा है...

समर : क्यों दर रही हो मई हों na...tum बस हमारे होने वाले बचे का ख्याल rakho...wo मेरे पेट पर हाथ रखते हुए बोले....

मई: ाचा बताये क्या होगा बेटी या बीटा..

समर : मुझे अब बीटा

chahiye....jise मई अपनी तरह बना sakun...jiski सोंच से दुनिया लरज़ उठे...

मई : क्या है वो Shakti...akhirkar मैंने पूछ hi लिया उनसे...

समर : telepathy...apne तक hi रखना इसे..

मई : तो आप सबको कण्ट्रोल कर रहे थे...

समर : हां..

मई : badmash....aur मई उन पर कूद कर उन्हें प्यार करने लगी....

सलिल के आने के बाद हमारा प्यार और बढ़ने लगा...

इसी तरह एक साल और बिट gaya...meri भाभी अति प्रकश के साथ वो बातों hi बातों में समर जी की शक्तिओ के बारे में पूछती जिसे मई ताल देती थी....

सीता : तुम बताती नहीं हो जबकि हम तुम्हे इतना प्यार करते..

मई : सच में भाभी समर जी अपना राज़ किसी को नहीं देते....

सीता : पूछ कर बताना zarur..Mai बस उत्सुक hon...vaise तो तुम से ज्यादा मई घृणा करती हों अपने ससुर से कुत्ता sala...janwar ..

मई : कैसा भी है मेरा बाप है...

प्रकश : सीता सही कह रही है माहि वो बहुत कुत्ता पापी hai...usne मुझे भैरव का p.a बना दिया hai....tu नहीं जानती जब समर जी ने तुझे बचाया उसके अगले वीक उसने मीटिंग राखी और पुलिस c.m मंत्री सबको बुलाया उनसे पूछा वो लोग क्यों सहायता के लिए नहीं ए ..तब सब ने खा उन्होंने ऐसा क्यों किया वो खुद नहीं जानते ...सब ने खा समर के पास कोई शक्ति है जो हमसे कुछ भी करा सकती hai...faisla हुआ जब तक समर की शक्तिओ का तोड़ नहीं मिल जाता तब तक उससे दूर hi raho...warna पिता जी तो अगले दिन hi मरने आ रहे they...wo बदले नहीं है समझ गयी...

मुझे बहुत अफ़सोस हुआ ये जानकर.

प्रकाश : तब से लेकर अब तक पिता जी किसी ऐसे को ढूंढ रहे जो जीजू को टक्कर दे sake...jis दिन मिल गया वो जीजू को छोड़ेंगे नहीं....

भाइयाँ की बातो से अहसास हुआ मेरा बाप दरिंदा है....


इसी बिच सोना का जन्म हुआ...7 सेल हो गयी थी समर जी अपने घर नहीं गए थे ..मई 1 मंथ की प्रेगनेंट भी थी..

उधर पिता जी p.m बन गए थे और भैरव c.m ... प्रकाश भैया अब भी मला hi थे...

पंडित के बारे में भैया बता रहे थे उसकी भी दो बेतिया पैदा हुई है वो चाहता तो पं बनता लेकिन उसने पिता जी को बनाया ...उसकी पावर p.m से भी ज्यादा बढ़ गयी थी...

उस दिन समर जी काम पर नहीं गए थे सर्दियों के मौसम में धुप सेक रहे थे पास आकर मई भी बैठ गयी...

मई : कितने खत एते है घर से चलते क्यों नहीं...

समर : मैंने शायद बहुत बड़ी गलती कर दी न जाकर..

मई : चलो न फिर चलते है..

समर : भैया का सामना कैसे karunga...wo नाराज़ थे और मैंने उन्हें मुड़कर भी नहीं देखा...

मई : हम माफ़ी मांग लेंगे जब बचो को देखेंगे तो सब भूल jayenge..unse कहना हमारे परिवार का सबसे छोटा शेह्ज़ादा ये है सलिल....

समर : हम्म ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं मिल एते है....

उनकी बात सुनकर मैंने उन्हें चुम लिया...

समर : तुम बचो को स्कूल से लेकर आओ मई ...वह ले जाने के लिए कुछ सामान लेकर अत हों...

वो सामान लेने चले गए बचो लेकर मई सामान पैक करने लगी...

की इतने में भैया आगये भाभी के साथ...

कहा जा रही है...


मई: समर जी के घर...

प्रकश : कहा रहते है wo...tune कभी बताया नहीं...

मई : हैदराबाद में खान परिवार बहुत फेमस है वह..

प्रकश : है जनता हों उन्हें बहुत भले लोग hai...lekin तू नहीं जानती पिता जी के राइवल भी है वो लोग जब उन्हें ये पता चलेगा तू उस घर की बहू है तो वो पागल हो जायँगे.

मई : बताना नहीं...

सीता : हम लोगो ने आज तक उनसे कोई बात शेयर नहीं की tumhari...na हम उनसे बात करना पसंद करते hai...acha बताओ कब तक के लिए जा रही हो...

मई : पता नहीं भाभी....

सीता : अब बता भी दो समर जी की शक्तिओ का raz..kya पता फिर मिले भी या नहीं.

मई : भाभी सच ने नहीं जानती...

सीता : एक हम है जो अपने घर की बातें बताते है एक तुम हो जो छोटी सी बात नहीं batati...ham कोनसे किसी से कहने जा रहे.

प्रकाश : बता भी दो माहि ये बार बार मुझसे पूछती है ... क्यूरियस है जानने के लिए लेकिन भरोसे की है..

और मैंने अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी गलती कर di...parinam सोंचे बिना..

मई : वो टेलिपाथी जानते है वो आवाज़ के जरिये किसी को भी कण्ट्रोल कर सकते है किसी के भी दिमाग में झांक सकते है..

सीता : वाओ नन्द ji...apko तो हीरो mile..ek मेरे है कालू लेकिन दिल के बहुत अचे..

मई : मेरे भाई को कला नहीं कहना मुझसे पूछे कितने सुन्दर है..

सीता : मजाक में बोली नन्द जी..


मई: किसी को बताना नहीं..

प्रकाश :भरोसा rakh...acha सुन होसियार रहना पिता जी बदले की आग में जल रहे hai...jiju पहले इंसान है जिसे वो नहीं झुका sake...pita जी को लगा जीजू के पास शक्तियां है इसलिए वो साधु जादूगरों को बुला रहे जीजू को ख़त्म करने के लिए...

मैंने हामी भरी...

रत को hi मई समर जी बचो को लिए निकल गए हैदराबाद के लिए...

हमें ए एक महीना हो गया मेरी नन्द जेठानी जेठ सभी ने हमारा बहुत अचे से स्वागत किया सब हमें बहुत प्यार करते सबसे ज्यादा बचो से...

अब मुझे कोई प्यार नहीं करते सब इसे karte...khan भाई का बीटा रट हुए bola..jis पर हम सब हसने लगे समर जी ने उसे बाँहों में भर लिया...

समर : अयन ये तुम्हारा भाई hai.tum बड़े हो तुम hi तो इसे प्यार karoge..salil बीटा यहाँ आओ...

सलिल : है पापा..

समर : bhai....hai ये तुम्हारा हमेशा साथ रहना...

2 महीने बाद हम वापस बंगलोरे agaye..bacho की छुट्टियां ख़त्म हो गयी thi.sab बहुत रोक रहे थे लेकिन समर जी ने समझाया अगली साल यही शिफ्ट हो जायेंगे जिस पर उन्होंने जाने दिया..

घर आकर हमें एक वीक हो गया था फिर हमारे ऊपर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा...

एक सुबह समर जी का नौकर घर आया और समर जी को देख दहाड़े मर कर रोने लगा....

समर : क्या हुआ चाचा रो क्यों रहे...

सबको मार दिया छोटे सर्कार खान भाई को मार दिया बचो को भी नहीं छोड़ा उन ज़ालिमों ने...

समर: aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa...

मई : नाहीइइइइइइइ.....

समर जी और मई वही बेहोश हो गए...

रत को हम दोनों को होश aya...hamare बचे हमें रट हुए उठा रहे थे...

गुस्से में समर जी उठे...

मई : nahi...kaha जा रहे है aap...bhagkar मई उनके कदमो से लिपट गयी...

समर : तुम्हारा बाप मई उसे ज़िंदा नहीं छोडूंगा...

मई : वो आपको मर देगा समर ji...wo आपको मर dega...agar गए तो हमें लांग कर जाना hoga...Maine सलिल सोना को उनके कदमो पर रख दिया...

समर : mahi...unki गुस्से भरी आवाज़ सुन मई हैट गयी....

10 दिन बाद वो घर ए...

मई भागकर उनसे लिपट गयी...

मई : कहा से आ रहे है आप..

समर : दफना kar...wo अपने घर के लोगो के बारे में बता रहे थे...

समर : तुमने उन्हें बता दिया मेरे बारे में...

मई : मुझे माफ़ कर दो समर ji...mai उनके कदमो से लिपट गयी...

समर : पता नहीं वो कहा है तुम्हारा बाप भैरव पंडित Murthy..Mai उन सबके दिमागों में गया लेकिन सब Khali..Aisa तभी होता जब कोई मर जाये या बेहोश हो.....

मई : कुछ पता नहीं चला..

समर : आखिर में मई प्रकश के दिमाग में गया और उससे दिमाग के जरिये बात ki...wo एक जेल में बंद था..


प्रकश : प्रकश मुझे माफ़ कर दो जीजू मुझसे बहुत बड़ी गलती हो gayi..aud आपका परिवार उजाड़ गया ...ाःह ये मैंने क्या कर diya..jiju माफ़ कर दो...

समर: तुम यहाँ कैसे ए..


प्रकश : मई नहीं जनता था सीता विष कन्या hai...apka राज़ माहि से लेकर उसने पिता जी को बता diya...salo से पिता जी ऐसे लोगो को ढूंढ रहे थे जो आपको काबू कर sake...sadhu जादूगर सब ...सीता के बताने बाद बहुत ढूंढ़ने पर कोई आपके जैसा hi मिल गया जो टेलिपाथी जनता tha...usne hi सबको कहा बेहोश होकर छुपाने के लिए...

समर : तो तुम मेरे दिमाग में छुपे बैठे ho...bologe nahi...itna dar...Maine उसे बहुत उकसाया लेकिन वो बोलै नहीं...

प्रकाश : क्या हुआ जीजू...

समर : वो तीनो कहा है तुम जानते ho..Mai उन तक कैसे पहुंच सकता हों..

प्रकाश : नहीं जीजू ..मई नहीं जनता लेकिन इतना जनता हों.. पिता जी साधु से मिल ने के बाद कोई दवा कहते प्रति कल 9 baje...jawan रहने की...

समर: तुम जानते हो तुम कहा कैद हो..

प्रकाश : मुझे बेहोश करके लाये ये log...jiju मेरी बेटी को बचा लो....

समर : मई ढूंढूंगा उसे...

मई : अब क्या करेंगे आप...

समर : जा रहा हों ढूढ़ने जब तक तुम्हारे बाप को नहीं ढूंढ लेता तब तक मुझे चैन नहीं मिलेगा ...

वो चले गए ...उनके जाने के 5 दिन बाद अख़बार में खबर आयी p.m चेंज हो गया hai...pita जी के बारे में था वो मर गए है..

दसमे दिन समर जी वापस ए...

मई : पिता जी को अपने mara...wo मिले आपको...

समर : तुम्हारा बाप जानवर बन गया वो इंसानी मॉस खाने लगा था मैंने उसे पागल तो कर दिया लेकिन मर नहीं पाया उसे कहीं छुपा दिया गया hai....un दोनों का कोई पता नहीं चला अभी तक...

मई : मुझे एना के घर जाकर सोना पड़ता है न जाने कब कोण अजय आप यही rahe...meri बात उन्होंने mani...aur घर रहने लगे...

वो अब गहरी सोंचो में बैठ जाते दिन हो या रत उनकी आंखे बंद hi रहती असल में वो भैरव और पंडित को ढूंढ रहे थे..

फिर वो भयानक दिन भी आया...

मई: मई बचो को लेने जा रही hon...jald आजाऊंगी...

समर : जाओ मई साथ hon...koi खतरा दिखे तो उससे बात karna...jab भी मई घर से बहार जाती वो मुझे यही कहते थे...

सोसाइटी से निकलते वक्त मुझे सोसाइटी जाते हुए कार दिखी....

मई पागल हो गयी thi....tab सामंथा आयी..

jiju....didi कहा गयी....

samantha..unhone आंखे बंद किये hi कहा..

सामंथा : आप के परिवार का सुनकर बहुत दुःख हुआ jiju....meri बेटी हुई है टीना...

समर : कैसे कहां congra.aur समर जी के आंसू निकलने लगे...

सामंथा : जीजू मई मिठाई लायी thi...ye खा लो आप...

समर : तुम किसके सामने कड़ी हो पता है तुम्हे....

सामंथा : jiju......wo मेरी टीना और डेविड मो मर denge...bacha लो unhe...Mai आपके पेअर पढ़ती हों... jiju...unhone खा है अगर मई ये आपको खिला डॉन तो वो उन्हें छोर देंगे और दीदी आपके बचो को भी...

समर जी मुझे देख रहे थे उनकी आँखों में उदासी थी...

सामंथा : समर ji...mai अपने एक बेटे को पहले hi खो चुकी hon...bacha लो मेरे घर को समर जी .और मैंने हाथ जोड़ लिए.......

समर : अपनी दीदी और मेरे बचो का ख्याल रखना....

आगे बढ़कर मैंने लड्डू उन्हें खिला Diya..us वक्त दीदी मेरे हाथ कैंप रहे they...didi....



क्या कभी अम्बर से

सूर्य बिछड़ता है



दीपक जलता है..

कैसी है ये अनहोनी

हर आंक हुयी नाम

छोड़ गया जो तू

कैसे जियेंगे हम

दीदी आँखों में ांसो लिए उन्होंने मुस्कुराते हुए खा लिया..... डीडीई माफ़ कर दो मुझे....

जब मई घर आयी तब उन्हें कुंडे में फांसी पैट लटका गए थे पंडित के log..unki सांसे चल रही थी मुँह से खून निकल रहा था....

अपने समर जी को इस तरह देख मई उसी समय पागल हो गयी....

सामंथा ने मुझे होश में न देख सब बता दिया ...

मुझे होश नहीं फिर तुम्हारे पापा के साथ क्या hua....shayad वो ज़ालिम उनकी बॉडी भी ले गए थे...

सामंथा तुमने ये क्या कर Diya....maa फुट फुट रोने लगी....
 
Episode 37

सामंथा ने मुझे होश में न देख सब बता दिया ...

मुझे होश नहीं फिर तुम्हारे पापा के साथ क्या hua....shayad वो ज़ालिम उनकी बॉडी भी ले गए थे...

सामंथा तुमने ये क्या कर Diya....maa फुट फुट रोने लगी....

नेक्स्ट कंटिन्यू...

माँ: वो सामंथा थी जिसने तुम्हारे पापा को ज़हर दिया था..


अपने पापा के बारे में जानकर मई घुटनो में सर लेकर बैठ Gaya...fir सिसक सिसक कर रोने लगा.

अपने परिवार की बेदर्दी से हत्या कांड पर जो मेरे नाना ने मेरे पापा की दुश्मनी में ki..Mai अपने बाप की तरह एक परसेंट भी नहीं tha..is बात का ग़म भी मुझे छलनी कर रहा था ..

मई : माँ क्या मेरा एक और भाई भी tha...maa ने ना में सर हिला दिया...

माँ को छोर कर मई गेट खोल के खड़ा हो गया फिर सिगरेट निकल कर जला ली...

मुझे सभी से बदला लेना था भैरव पंडित कृष्णा नारयण murti..wo सब पॉलिटिशंस जिनका हाथ मेरे परिवार को मरने में tha...apni कमज़ोरी का सोंच कर मैंने भांग का गोला निकला और निगल liya...fir सिगरेट फेक माँ के पास आकर पानी पिया...

माँ: मेरे पास aao...pass आकर मई माँ के पास बैठ Gaya...ek साइड में आशना बैठी thi...jo मुझे अब देख भी नहीं रही थी...

माँ : अपने पापा की तरह soncho...mai गयी तो भैरव तुम्हे परेशां karega...shayad नुकसान भी पहुचाये...

मई : हां maa...kehkar मैंने खिड़की से बहार dekha...bahar रौशनी फ़ैल रही थी हम पहुंचने वाले थे...

गेट पर आकर मैंने पूर्वी को कॉल लगा दी...

मई : hello पूर्वी..

पूर्वी : है सलिल इतनी सुबह...

मई : अभी स्टेशन पर आओ 15 मिनट में..

पूर्वी : कोई ज़रूरी काम है..

मई : है बहुत ज़रूरी..

कहकर मैंने कॉल कट कर दी..

और फिर माँ के पास आगया..

मई : माँ हमारे परिवार के कुछ लोग ज़िंदा hai..Ayan..jo मुझे बचपन में hi मिल gaya...ham साथ बड़े hue...pta hi नहीं था वो मेरा भाई hai...aur मई फुट फुट कर रोने लगा...

माँ : कहा है वो...

मई : माँ वो दूर है सुरक्षित...

माँ : मैंने उसे बचपन में देखा था...

मई : दो बहने और भी hai...wo भी उसके साथ है...

ssssshhhhhhh...ki आवाज़ के साथ ट्रैन रुकी...

मुंबई से आने वाली मुंबई बंगलोरे एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर प्लेटफार्म नंबर 6 पर आगयी है...

और हम दोनों भी बहार निकले...

मई नजरे दुआदते हुए पूर्वी को देखने लगा...

न दिखने पर मैंने उसे कॉल ki...aur अपनी लोकेशन batai...kuch देर बाद वो हमारे सामने थी...

मई : मैंने तो कहा था अंदर आने के लिए...

पूर्वी : मुझे लगा था बहार मिलोगे ाचा कहा से आ रहे.

मई : मुंबई से...

पूर्वी : आओ कार लायी हों...

चलते हुए हम स्टेशन से बहार ए ..

पूर्वी : ये आंटी कोण है..

मई : मेरी माँ है...

पूर्वी: व्हाट....

मैंने सर हिलाया...

पूर्वी : आशीर्वाद दो maa..wo झुककर माँ के पेअर छूने लगी.

मई : माँ ये मेरी दोस्त hai...isne hi आपके अयन की हेल्प की ..

माँ : खुश रहो बीटा.

कार के पास आकर उसने माँ को bithaya...fir मई और वो आगे बैठ गए..

पूर्वी : कैसे...

फिर मई उसे बताने लगा कैसे मई आशना से मिला फिर अपनी माँ se...ye भी बता दिया झमेला मेरा hi भाई है..

मई : अब माँ को तुम अपने साथ रखना मेरे साथ रहेगी तो उनकी जान को खतरा हो सकता है...

पूर्वी : तुम्हारी hi सोसइटी के बराबर वाली सोसाइटी में रहती hon...pass होंगे तो मिल भी लोगे..

मई : एक और अहसान..

पूर्वी : हिसाब रख रही हों..

सोसाइटी से गुज़रते हुए माँ बहार देखने लगी...

कार से हम उतरे तो माँ क्यारी और उनमे लगे पेड़ो को देखने लगी...

माँ : यहाँ मई और समर जी बैठते they...us समय इतनी आबादी नहीं thi..ek पेड़ भी हमने लगाया क्या वो सूख गया..

मई : माँ वो बड़ा हो गया और आपके भतीजे ने उखाड़ दिया...

माँ : कोई बात नहीं...


धड़कते दिल के साथ माँ ने दूर khola...wo गिरने लगी तो मैंने संभल लिया.... मई उनके दिल की हालत बहुत अचे से समझ रहा था..

माँ जमीं में बैठ के रोने लगी...

पूर्वी : माँ जी संभाले खुद ko...apko अब अपने बचो के लिए जीना है...

आशना : माँ देखिये न हमें हमारे अपने मिल गए ..

माँ : मेरी bachi...maa ने सर हिलाते हुए उसे गले लगा लिया...

माँ : सबसे बहादुर...18 साल तक मेरा ख्याल रखने वाली..

मई : आओ माँ अंदर चले...

माँ को उठा कर मई बैडरूम में लाया.

माँ को लिटा कर मई उनके पास hi लेट गया...

पूर्वी : मई ब्रेकफास्ट की तैयारी करती हों..

आशना: मई भी चलती हों..

माँ : अनुसुइया , सोना aaah..kya वो सच में ऐसी है सलिल...

मई : हां maa...bhul जाओ उन्हें सोंच लेना आप उनसे कभी मिली nhi...Mai माँ के दिल की हालत समझ रहा tha..lekin दीदी से मिलने के बाद उनका हाल भी मेरी hi तरह हो जाता....

रात भर के जगे थे ham..kuch देर में hi सो गए...

माँ के अंचल टेल सोने से मई सरे ग़म भूल गया...

टिक टिक टिक... फ़ोन की आवाज से मेरी आँख खुली..

माँ सो रही थी...

मई : hello विक्टर सर... मैंने कॉल रिसीव करके कहा.

विक्टर : है यार कहा हो...

मई : सर घर पर हों.

विक्टर : यार आज निकलना है हमने याद है..

मई : जी sir...Mai कुछ देर में आ रहा हों..

विक्टर: कोई जल्दी नहीं है बस 4 बजे रेडी रहना... मई लेने आऊंगा..

मई : हां sir..aur मैंने कॉल कट कर दी..

नहाने के लिए मई वाशरूम में घुसा ...की एक डैम से मैंने अपनी आंखे बंद कर ली...

मई : दूर लॉक नहीं कर मिला तुझे...

अंदर आशना नाहा रही थी मैंने बस उसका चहेरा hi देखा था..

आशना : purvi...towel देना...

मैंने बीएड से उठा कर उसे टॉवल पकड़े..

मई : कोई जल्दी नहीं है नाहा ले..

उसने टॉवल ले लिया लेकिन कुछ कहा नहीं..

वो टॉवल बांध कर बहार आयी...

मई : पागल हो गयी है tu...parso जो हुआ भूल जा use..Aisa दुबारा की तो मार खायेगी...

वाशरूम में आकर मई नहाने laga..aashna सिसकती हुई चली गयी..

तैयार होकर मई बहार आया तो देखा पूर्वी किचन में पराठे बना रही है..

मई : तुम क्यों कर रही हो ये sab...aashna...

मेरी आवाज़ पर वो aayi...pass से गुज़रते हुए मुझे उसकी हिचकियाँ सुनाई दी..

और मैंने अपना सर पकड़ लिया..

पूर्वी आयी तो मई उसे लेकर बैठ गया..

कुछ देर बाद आशना ने हम दोनों के सामने चाहे प्रथा रख दिए..

पूर्वी : क्या करोगे अब...

मई : क्या करूँ मई हों भी किसी लायक..

पूर्वी : बदला छोड़ do...tum इसकी कीमत दे चुके हो अपने पापा को खो kar..ab तुम्हारे साथ एक बहन और माँ भी है..

मई : hmmm...Mai कुछ दिनों के लिए अमेरिका जा रहा hon..dono का ख्याल rakhna...chaho तो रत में माँ को लेकर यही सो जाया करना...

पूर्वी: है ये ठीक रहेगा..

नाश्ता करके मई उठा और आशना को लेकर रूम में आया..

मई : क्यों रो रही hai...chahti है उन दोनों की तरह तुझे भी छोड़ दूँ..

आशना : मुझे गिल्ट हो रहा hai...kehkar उसने सर निचे कर लिया और मैंने उसे हुग कर लिया..

मई : पहले हम अनजान थे अपने रिश्ते के बारे में न जानकर लेकिन अब nahi..bhul जा उसे...

उसने सर हिलाया...

मई : जा मेरा बैग पैक kar...mujhe निकलना hai..sun कोई खतरा दिखे तो अनुसुइया दीदी को कॉल करना...

कुछ देर बाद पूर्वी को माँ और आशना के पास छोड़ मई निकल गया...


कुछ देर बाद मई टैक्सी से अपने ऑफिस के बहार utra.pay करके मई अंदर चल दिया...

अंदर जाते हुए मुझे एक जाना पहचाना चहेरा कुर्सी पर बैठा दिखाई दिया...

उन्हें देख मई रुक गया...

पास आकर मई उसे देखने laga...meri आहत पर उसने मुझे dekha...use देखते हुए मैंने हाथ जोड़ लिए...

कैसे हो salil...usne मुझसे खुस मिजाज स्वर में पूछा..

मैंने झुककर पेअर पकड़ने चाहे तो उसने मुझे साइन से लगा लिया...

क्यों शडमिंदा कर रहे हो यार..

मई : क्या बोलू जीजू...

अभी: कुछ नहीं बैठो आकर..

पास मई भी बैठ गया...

मई: आप यहाँ...

अभी : है विक्टर से मिलने आया tha..dost है Mera...kuch दिनों में निकल जाऊंगा अब्रॉड के लिए सोंचा इससे मिल आऊं..

मई : ाचा kiya....jiju...Maine धीमे से कहा..

अभी : मत कहो yar..ab हम अलग हो गए है..

मई: आज आपको बोलता देख रहा hon...warna तो है ठीक hai..ha ठीक है hi कहते थे...

अभी : तुम्हारी बहन ने किसी लायक छोड़ा hi kaha...gand में खीरा कभी ब्रश डालने पर मजबूर कर diya..maja भी अत लेकिन सिर्फ उसके साथ hi...ab ऐसा कुछ नहीं karta...kehkar उन्होंने अपना सर झुका liya..ankhe नाम हो गयी थी..

मेरे पास शब्द नहीं थे कहने के liye..isliye सतभावना देने के लिए मैंने उनकी पीठ पर हाथ रख दिया..

अगर अभी मेरे जीजू न होते तो मई हस्ता मजाक उडाता lekin..ye टार्चर था...

अभी : तुम्हे बता भी इसीलिए रहा hon..kyoki वो साडी यादें किसी बुरे सपने की तरह मेरे अंदर बस गयी hai..jo मुझे जीने नहीं deti..Sharm अति है खुद को मर्द कहते हुए..

मई : आप कहेंगे तो दीदी को मर पीट कर आपके पास ले आऊंगा..

अभी : यार मैंने उसे बड़ी मुस्किलो से छोड़ा hai...adhi प्रॉपर्टी देकर..

मई : व्हाट...

अभी : haa..kuch दिनों पहले मुझसे मिलने आयी thi..pta नहीं कैसे उसे पता चल गया मई इंडिया आया हुआ हों...

मई : क्यों..

अभी : माफ़ी mangne..Maine कहा माफ़ किया बस दुबारा अपनी शकल न dikhana..bahut नाटक किया usne...bad में बोली वो भी अब घर बसा लेगी..

मई : आपकी वाइफ कैसी hai..suna था अपने किसी अंग्रेजन से विवाह कर लिया था..

अभी : वो भी तुम्हारी बहन की तरह है यूँ कहु उससे भी age...ghar का काम नहीं करती मैंने टोका तो रोने lagi..jis वजह से मुझे 5क डॉलर पर माइड रखनी पड़ी ...उसे मैंने समझा दिया उस पर नजर rakhna..ek दिन मई ुक गया था तब माध ने उसकी 30 लोगो के साथ वीडियो bheji..Mai तो आया hi हों chudne...ab रंडियां छोड़ता हों जमकर..

मई : 2 hi बार गलतिअ हुई है आपसे एक तरय और कर लो jiju...acha बताये मैरिड लड़की से शादी करेंगे..2 बचे है उसके परन्तु है बहुत achi..apka बहुत ख्याल रखेगी..

अभी : रणदीव के साथ खुस हों हर रोज़ एक नयी रंडी फसा कर छोड़ता hon..bharosa करो रोने लगती hai..ab मैंने दूसरी वाइफ को जेब खर्च देना बंद कर दिया hai...jo भी कमाता सब रणदीव पर उडाता.

मई : जब भी मन हो मेरे घर अजना .. कहता हुआ मई उठ गया...

ऑफिस में आया तो dekha...victor सर बैठे रिसर्च डाक्यूमेंट्स पद रहे थे..

मई : किंग सर..

विक्टर : अंदर आकर पूछ rahe..fir वो मुस्कुरा diye..aur मई भी..

tinggg...mere एते hi उन्होंने बेल्ल बजे और एक पेओन अंदर आया..

विक्टर : इंस्पेक्टर को भेजो अंदर..

पेओन सर हिलाते हुए चला गया..


विक्टर ; मैंने तो कहा था रिसीव करूँगा आकर..

मई ; कोई बात नहीं sir.....free था

अपने बुलाया ...वो अंदर आया तो मैंने उसे देखा...

बहुत hi सख्त फेस दिखने में एक डैम gora..uske शरीर का कसाव देख के लग रहा था उसके सिक्स पैक तो होंगे hi..

विक्टर : इंस्पेक्टर ये है salil..salil इंस्पेक्टर ये

हम्हारे गार्ड के रूप में हम्हारे साथ रहेंगे...

मैंने हाथ मिलाया....

विक्टर : ठीक है मई अपने दोस्त से मिलकर अत hon..tab तक तुम ये वाकई के रिसर्च नोट्स पढ़ो वह काम आएंगे..

सर चले gaye..Mai बैठे पढ़ने लगा..

इंस्पेक्टर: माया सिविलाइज़ेशन..

मई : है जानते हो..

इंस्पेक्टर : मेरा भी फेवरेट सब्जेक्ट यही hai.archelogy.

मई : ओह्ह तो इंस्पेक्टर बन गए..

इंस्पेक्टर : ये मेरा नाम नहीं hai..logo को सही नाम नहीं पता इसलिए इंस्पेक्टर बुलाते इंटेड of....ispe

सर ने कहा सामान दे दो कार में रखने के लिए..

इतने में पेओन अंदर एते हुए बोलै..

मैंने हाथ से बैग की तरफ इशारा किया जिसे लेकर वो चला गया...

कुछ देर बाद हम दोनों भी बहार nikle...bahar विक्टर सर बैठे अभी से बातें कर रहे थे...

मुझे देख कर वो उठ गए..

विक्टर : ठीक है वीक से पहले आने की कोशिश करूंगा..

अभी : जल्दी आना नहीं चला जाऊंगा...

विक्टर : don't वोर्री तेरे बदले में मई तेरे साथ हों...

अभी जीजू ने सर हिलाया और वो चले गए..

कार में आकर हम चारो भी चल दिए मई inspector,victor सर और उनकी secretary..dazy..

एयरपोर्ट से हम अपनी फ्लाइट में ए...

11 घंटे के सफर के बाद हम नार्थ अमेरिका के एयरपोर्ट पर उतरे...

बहार एते हुए हमें एक अंग्रेज हमारे नाम का बोर्ड लिए खड़ा मिला...

विक्टर : ये है डनण्य... कंपनी की तरफ से...

कुछ बातें करके उसने हमें साथ लिया और बन में आया ...

डनण्य : होटल चलेंगे सर और साइट पर..

विक्टर : सारा सामान लाये हो वर्कर बग़ैरह..

डनण्य : सब है सर सामान और वर्कर पहले hi साइट पर छोड़ आया हों....

विक्टर: गुड और खाना..

डनण्य : वो भी सर...

विक्टर : great...ek सलिल हमारे यहाँ के वर्कर है...

मई : जनता हों sir....aur हम दोनों मुस्कुरा दिए....

इंस्पेक्टर : जहाँ जा रहे है ये जगह डरावनी hai...hoshiyar rahna...ye अपने में hi बहुत सरे रहस्यों को छुपाये बैठी hai...kehte है आकाशिए आफत से ये बस्ती तबाह हो गयी thi....haa मम्मी...

हमसे कहकर अचानक से उसने फ़ोन निकल के कानो पर लगा liya...Mai और विक्टर सर उसे देखने लगे..


इंस्पेक्टर: मम्मी मई ठीक hon...abhi दोस्तों के साथ पिकनिक पर जा रहा हों... इंस्पेक्टर का शरीर बिलकुल ढीला पद गया था जहाँ वो अभी सख्त दिखाई दे रहा था अब बिलकुल ढीला था उसकी आवाज में भी इनोसेंस आगयी thi..kisi बचे की तरह बोल रहा था वो.

विक्टर सर मुझे देख कर सर के पास ऊँगली लेकर घूमने lage...isharo से बता रहे थे इसकी खिसक गयी hai..jise देख मई मुस्कुरा दिया....

*************************


कैसे बैठी हो didi..yahan इतनी akeli..didi..harshi आरोही को हिलाते हुए बोली..

आरोही अपने होटल की बालकनी में बैठी पेड़ो और हाईवे पर चल रही गाड़िओ का व्यू देख अपनी यादो में खोयी थी..

आरोही : तू कब आयी..

हरषि : घर गयी थी पता चला आप होटल आयी हुई हो..

आरोही : हां दोस्तों के साथ मीटिंग है..

हरषि : didi...mujhe आपके साथ रहना है..

आरोही : मेरे साथ नहीं रह सकती समझा kar..mere साथ रहेगी तो तुझे प्रॉब्लम होगी मेरे कामो से.

हरषि : मई यहाँ होटल में रह lungi..yahi से कॉलेज के लिए उप डाउन करुँगी.. बस घर नहीं रहना..

आरोही : तू वह सुरक्षित hai...anusuiya मुझसे बदला लेने के लिए तुझे नुकसान पंहुचा सकती है..

हरषि : घर में भी तो भेड़िये है दीदी..

आरोही : कुछ हुआ है...

रट हुए हरषि सर हिला देती है..

हरषि : उस रत मई लेती थी की हर्षा मेरे पास आकर लेट gaya..Maine रिश्ते की वजह से मन नहीं किया.. फिर......

हरषि : हर्षा भाई इतनी तिघलय हुग क्यों कर रहे hai...didi वो अंडरवियर में थे वो अपना पेनिस मेरे अंदर डालने की कोशिश कर रहे थे..

हर्ष : कुछ नहीं होता harshi..ab हम hi तो है एक दूसरे ke...Teri जवानी कोई और लूटने वाला है उससे पहले मई क्यों नहीं... और उन्होंने मेरी लोअर निचे की फिर chaddi..aur अपना पेनिस मेरी बैक में दाल Diya...Mai चीखती रही लेकिन दीदी वो नहीं रुके...

हरषि : छोड़ दो मुझे bhai...chhod do...Mai आपकी बहन hon...ye सब क्यों कर रहे hai..Mai लैंप मरकर उन्हें धक्का देकर कड़ी हो गयी...

सर थामे वो मेरे पास ए..

हर्ष : harshi...pita जी का बदला लेने के लिए जिसे बुलाया है तुझे उसे खुश करना है.. आरोही करती परन्तु वो तैयार नहीं वो बीमार है..

हरषि : तो आप क्यों कर रहे ho..chii..

हर्ष : Mai...Mai उनसे पहले तेरे साथ सोना चाहता hon..tu उन्हें छूट देना मुझे अस्स दे de..ghar का मॉल भी घर में रहेगा...

हरषि : आरोही दीदी को पता चला to...tumhe ज़िंदा नहीं chhodengi..mujhe समझ नहीं ारः था मई कैसे रियेक्ट करू दीदी..

हर्ष : मई उसके साथ भी सो चूका hon..tu भी तो छुप कर देखती थी mujhe...Mai सब जनता hon...harshi समझ न अब हम दोनों hi एक दूसरे के है...

हरषि : मुझे समय दो सोंचने का...

दीदी मैंने उस रत तो खुद को बचा लिए परन्तु आगे नहीं बचा paungi..kehkar हरषि सुबकने लगी...

आरोही : क्या करू हरषि वो अकेला भाई है hamara..use मारा तो कोण बचेगा hamara...sab तो ख़त्म हो गया hai...tu बचना चाहती है तो मार दे use..kehte हुए आरोही अपनी गन पर्स से निकल कर हरषि को दे देती है...

हरषि: मई नहीं मर सकती didi...kehkar हरषि रोने लगती है...

आरोही : मई हर्षा को samjhaungi...nahi मन तो भूल जाना तेरा कोई भाई है..

हरषि : काश जीजू होते didi...wo उसका सीबीआई चेइफ़ होना भी नहीं dekhte...Mai उनसे इन अपनों के लिए लड़ी थी...

आरोही हरषि की बात सुनकर उस पर से निगाहे हटा कर होटल के बहार का व्यू देखने लगती है...


Soona-Soona Lamha-Lamha

मेरी रहे Tanha-Tanha

आ कर मुझे तुम थाम लो

मंज़िल तेरी देखे रास्ता


आरोही: फिर क्या चाहती है.

हरषि : मई मरना नहीं chahti..bas चाहती हों वो सुधर जाये...

आरोही : ठीक है तू जा मई बात करुँगी..

हरषि : मई सामान लायी हों यही कोई खली रूम देख लेती हों..

आरोही सर हिला देती है जिसे देख हरषि चली जाती है...

हरषि के जाते hi आरोही फ़ोन में सलिल की और अपनी फोटो देखने लगती है..



मुद के ज़रा अब देख लो

ऐसा मिलान फिर हो ना हो

सब कुछ मेरा तुम Hi तो हो

बेपनाह प्यार है, आजा

तेरा इंतज़ार है, आजा

हो, बेपनाह प्यार है, आजा

तेरा इंतज़ार है, आजा

Soona-Soona Lamaha-Lamaha

मेरी राहें Tanhaa-Tanhaa

बिछड़े भी हम जो कभी रास्तों में

तो Sang-Sang रहेंगी सदा

क़दमों की आवाज़ सुन के चलूंगी

तुम्हें ढूंढ लूंगी सदा

भूली मोहब्बत की ये खुशबुयें हैं

हवाओं में फैली हुई

छूकर मुझे आज महसूस कर लो

वो यादें मेरी अनछुई

ऐसा मिलान फिर हो न हो

सब कुछ मेरा तुम Hi तो हो

बेपनाह प्यार है, आजा

तेरा इंतज़ार है, आजा

हो, बेपनाह प्यार है, आजा

तेरा इंतज़ार है, आजा

Soona-Soona Lamaha-Lamaha

मेरी रहे Tanha-Tanha


आरोही सब आगये hai...Rohit के कंधे पर हाथ रखने से आरोही को होश अत hai..wo रोहित से छुपते हुए अपने रुमाल से अपनी आंखे पॉच लेती hai...jise रोहित नोटिस कर लेता है..

रोहित : तुम्हारी खुसी के लिए छोड़ भी सकता हों लेकिन अब मेरे पास कुछ नहीं सिवाए तुम्हे खोने ke..mardangi भी खो दी बी सेक्सुअल बन gaya...apni बहन की नजरो में भी गिर गया अब वो मुझे भाई नहीं मुझसे किसी दलाल की तरह मिलती hai...kya ज़िन्दगी हो गयी है bc..pyar ने गांडू बना diya...sab कुछ खोकर भी हर jaunga...hahahahaha...

आरोही : sssahhhhh..hontho पर ऊँगली रखते हुए आरोही रोहिति के होंठो पर अपने होंठ रख देती है...

रोहित : मई पागल होकर सुसाइड कर लूंगा..

आरोही : मई संभूलूँगी तुम्हे.

रोहित : फिर तुम इतनी कमज़ोर क्यों पढ़ रही हो...

आरोही : nahi...fir वो रोहित को दिखते हुए अपनी और सलिल की साडी फोटोज डिलीट कर देती है...

आरोही : chale...Rohit सर हिला देता है..

दोनों चलते हुए मीटिंग रूम में एते है..

जहाँ पहले से hi..cara ,प्रियंका, धीरज और दो लोग होते है...

आरोही : हमारा हुकुम का इक्का भिस्मा कहा hai..aarohi ने एते hi पूछा

करा : उसका कोई अत पता nhi...varsha भी गयाब है और पूर्वी ने सर को hi छोड़ diya...to बताओ क्यों बुलाया है..

आरोही : गाइस मेरी पर्सनल रिवेंज hai..tum लोग चाहो तो जा सकते हो अगर मेरा साथ डोज तो मुँह मांगी कीमत मिलेगी...

धीरज : हम तुम्हारे साथ है aarohi..tum और रोहित हमारी फॅमिली है..

करा : सही kaha...ab बताओ क्या करना है..

आरोही बोलने लगी वो सब सुनने लगी..

आरोही : हमारी पहली प्रायोरिटी होगी वर्षा को chhudana..aur अनुसुइया सोना को रोड पर Lana..third फूल पार्टी में अब हमारी टीम की एक सदस्य घुस कर उनके सीक्रेट हम तक लाएगी जिसे हम पब्लिक में रेवेअल करेंगे... ये काम करने वाली है प्रियंका...

करा : सब सही लेकिन सर ने मन किया है फूल पार्टी में घुस कर सपयिन्ग से उसका kya..unhone नताइज भी bataye..agar पकड़ी गयी तो वो पंजा पार्टी से बदला lenge...ham बस कुछ hi राज्यों तक सिमित है और फूल पार्टी केंद्र में है..

आरोही :जानती हों लेकिन हम ये सबसे चुप कर karenge..gys इन सभी पार्टीस के अपने बेनिफिट्स hai..Inka काम हो जाने के बाद ये हमें छाए में से माखी की तरह निकल कर फेक denge...Mai तुम्हे पैसा दे रही hon...kam होने के बाद हम ये देश छोड़ देंगे..

कहकर आरोही सबके चहेरे देखने लगी...

रोहित : आरोही सही कह रही है guys..hamse बेहतर इन पॉलिटिशंस को कोण जनता होगा...

करा : ठीक है मई साथ हों...

करा के साथ वाकई सब भी हामी भरते है...

आरोही : प्रिय पहले तुम अनुसुइया तक पहुँचो उसके बाद जो भी कुछ पता चले वो तुम मुझे bataogi...riky और सुरेश तुम दोनों उस पर ट्वेंटी फोर हॉर्स नजर rakhoge..wo क्या करती कहा जाती sab..Cara तुम उसके फ़ोन किसी तरह से हैक Karo...waki मई अपना काम karungi..dheeraj तुम सोना को देखो..

सब हामी भरकर चले जाते hai...apne अपने काम पर....

***********************

अनुसुइया मोहिनी के साथ सुबह में घर अति hai...us समय सोना शावर लेकर बहार आयी थी...

सोना : आगयी... didi...ap बैठो मई बस अभी ब्रेकफास्ट लेकर आयी...

अनुसुइया : सोना ...

सोना : हाँ दीदी... टॉवल में लिपटी सोना अनुसुइया के पास आकर कड़ी हो जाती है...

हाथ पकड़ कर अनुसूया सोना को पास hi बिठा लेती है..

अनुसुइया: तू गयी थी सलिल के पास..

सोना : कहा दीदी टाइम hi नहीं Mila...but मेरी परसो बात हुई थी...

अनुसुइया : क्या बात हुई थी...

सोना : बताता भी कहा है वो didi...bol रहे थे मुंबई hai..ab शायद आगये ho..Maine माफ़ी मांगी तो गुस्सा करने लगे...

अनुसुइया : वो ऐसा hi hai...tu आज जाना और ठीक से माफ़ी मांगना..

सोना : हाँ दीदी ज्यादा hi इमोशनल ड्रामा करुँगी हीहीही..

मोहिनी : जल्दी से ब्रेकफास्ट ला भूक लगी है..

ठप्प ...

अनुसुइया : kamini...tu तो मुझसे भी 2 कदम आगे hai..anusuiya अस्स पर मरते हुए बोली.

सोना : hahaha..akhir बहन किसकी हों..

हस्ते हुए सोना चली जाती है..

मोहिनी : उस दिन तो इसे गलियन दे रही थी तूने इसे माफ़ कर दिया..

अनसुइया : एक दिन आरोही आयी थी तो मई बोल दी इससे आरोही को जलने के liye...uske बाद ..

सोना : दीदी अब तो माफ़ कर do..aarohi के बहाने आप मुझसे बोली यही बहुत है..

मई : सोना तूने मेरे भाई को पिटवाया hai.wo तो मई उसे नहीं दिखाना चाहती thi...hamare बिच क्या चल रहा है.


सोना : दीदी अपने नहीं पिटवाया विष्णु से भाई ko...ham दोनों hi एक से hain.ab माफ़ भी कर do..vaise भी मई कुछ दिनों के बाद चली जाउंगी...

उसके जाने का सोंच कर मैंने माफ़ कर दिया... कुछ दिन hi है मेरे साथ फिर शादी करके चली जाएगी...

मोहिनी : सही Kiya...Maharaj चाहते है इसे भी जोड़ ले अपने साथ..

अनुसुइया : वो तैयार है बस विवाह के बाद आना चाहती है...

मोहिनी : है दिन hi कितने रह गए...

अनुसुइया : तू रुक मई अभी अति hon..Sona मोहिनी के साथ ब्रेकफास्ट कर Lena...mera वेट नहीं करना..

उठ कर अनुसुइया घर से बहार ayi...fir बराबर वाले घर में जो विष्णु का था..

विष्णु : ाजाओ अनुसुइया

राधा : अनुसुइया दीदी के..

विष्णु के घर में सब ब्रेकफास्ट कर रहे थे....

मुस्कुराते हुए अनुसुइया उनके साथ बैठ कर ब्रेकफास्ट करने लगती है..

अनुसुइया : सोना ने बनाया नहीं ब्रेकफास्ट सोंचा यहाँ कर लोन..

विष्णु : बिलकुल सही किया...

अनुसुइया : है न ये भी तो मेरा hi घर hai...matlab हो जायेगा.

अनुसुइया की बात पर जहाँ विष्णु खुश होने लगा वही उसकी वाइफ गुस्से में देखने लगी...

अनुसुइया : घाना दिखाई नहीं दे रहा कहा है मेरा हीरो..

राधा: आपका हीरो सो रहा है...

ब्रेकफास्ट करके अनुसुइया विष्णु के साथ उसके बैडरूम में agai..ate hi उसने रूम लॉक कर लिया...

कैसे हो मेरे raja..kehte हुए अनुसुइया विष्णु को बाद पर धक्का दे देती है..

विष्णु : दोनों नाराज़ hai...rat में आने का बोलकर गयी थी अब आ रही हो .

अनुसुइया : उम् इसे तो मई मन लुंगी बूत ये मेरा शोना क्यों उदास hai..vishnu पर लेटते हुए अनुसुइया उसके लैंड को मसलते हुए एक हाथ से गलो को पकड़ कर पूछने लगती है..

विष्णु : हाय मेरी Jaan...jab ऐसे बोलती हो तो सब कुछ न्योछावर करने का दिल करता है..

अनुसुइया : sachi...han..

विष्णु : हाँ..

दोनों की सांसे एक दूसरे के मुँह पर पढ़ रही thi..anusuiya विष्णु की बाँहों में झुकी किसी बची की तरह लग रही थी....

अनुसुइया : कैसे बेलीवे करू..

विष्णु : हाय मेरी जान तुम बोलो तो दिल चीयर कर दिखा ...aahhh..du..anusuiya विष्णु से बातें भी कर रही थी और अपना एक हाथ उसके लैंड पर भी चला रही थी...

अनुसुइया : ssshh...bhut मरूंगी जो असा कहा to...pehle hi मुझ पर इतने फेवर किये है...

विष्णु : ओह्ह मई तो पूछना भूल hi गया क्या बना उन 8 मला का..

अनुसुइया : वो हमारी पार्टी में आगये hai..filahal 16 मला और चाहिए फूल पार्टी की गवर्नमेंट के liye..but मेरे दिमाग में कुछ और चल रहा है...

विष्णु : क्या...

अनुसुइया : umm.chhota विष्णु तो मन gaya..ye वाला कब मानेगा..

अनुसुइया विष्णु का लैंड पकड़ कर दबाते हुए boli...fir पंत खोल कर विष्णु के 10 इंच लम्बे लैंड पर आकर उस पर जीभ भरने लगती है...

विष्णु : बताओ न जानेमन क्या चल रहा तुम्हारे दिमाग में..

अनुसुइया : मई चाहती हों अगले c.m तुम बनो यहाँ के..

विष्णु : what...vishnu झटके से उठ कर बैठ गया..

अनुसुइया : है Shona..apko मेरे लिए बनना होगा...

अपने स्कर्ट ऊपर करके अनुसुइया पंतय को साइड में कर विष्णु के लैंड पर बैठ जाती है....

विष्णु : aaaahhh...janeman इसमें जानती हो कितना पैसा lagega...ek मिनट क्या तुम महाराज से गद्दारी करने का सोंच रही हो..

अनुसुइया : aaaahh...ummm... nahi..uddesya वही रहेगा Mera...prantu मई भैरव को किसी सूरत c.m नहीं देख sakti..aur paiso....aahhh की चिंता न करो...

विष्णु : काम से काम 100 करोड़..

अनुसुइया : 500 dungi....aur अनुसुइया विष्णु के लैंड पर तेज तेज उछलने लगती है..

विष्णु : aaahhh...itna Paisa...kaha से laogi...janeman...

अनुसुइया : क़र्ज़ लुंगी...

विष्णु : मेरे पास हजार करोड़ तो होंगे hi...wo भी तो तुम्हारे hi है..

अनुसुइया : ओह्ह्ह मेरे Shona...jhukkar अनुसुइया अपने लिप्स विष्णु के होंठो पर रख देती है किश करते हुए विष्णु अनुसुइया के गोल मटोल आम दबाने लगता है...

अनुसुइया : aaaaahhhhh...aaahhhhhh..aur तेज मेरे heroo...aaaaahhhhh....

1 घंटे के बाद दोनों अपना कार्यक्रम करके थक कर एक दूसरे पर लेट जाते है..

विष्णु : कब की डेट राखी सोना की शादी की...

अनुसुइया : 26 December...sari तैयारी आपको करनी है शोना..

विष्णु : मई देख लूंगा...

ummmm...anusuiya उसके निप्पल को चुम लेती है...

अनुसुइया : क्या सोंच रहे...

विष्णु : हमारा व्यवह कब होगा...

अनुसुइया : सोना की शादी के एक महीने bad...apne बात की ौंटी से..

विष्णु : वो तो मन gayi...lekin..wo कैसे manega...tumhara बिगड़ैल भाई...

अनुसुइया : उसे मुझ पर छोड़ दो...

विष्णु : वो नहीं manega..mujhe मरने की कोशिश की उसने तो क्या करोगी...

अनुसुइया : भूल जाउंगी वो मेरा भाई hai...mere होने वाले पति hi मेरे लिए सबसे बढ़कर है..

विष्णु : उस दिन उसके सामने तुम्हे छोड़ते हुए मजा बहुत आया था...

अनुसुइया : मुझे भी एक थ्रिल विबे ayi..pata नहीं क्यों..

विष्णु : एक बार और उसके सामने..

अनुसुइया : marungi...soncha भी तो..

विष्णु : विवाह के बाद तो कर सकते है न...

अनुसुइया: तब देखा jayega...anusuiya ने उठते हुए कहा...

फिर कपडे पहन कर बाल सँवारने लगी...


अनुसुइया : ठीक है शोना टेक care..kiss करके अनुसुइया रूम खोल कर बहार आयी की उसे विष्णु की पत्नी कड़ी मिल गयी...

जिसने अनुसुइया को देखते हुए हाथ जोड़ लिए...

अनुसुइया ने सर हिलाया फिर कुछ कहे बिना आगे बढ़ गयी...

थोड़े आगे आने पर उसे खड़ा घाना मिल गया...

स्टेप mom..ghana पास आकर बोलै..

अनुसुइया : badmash...gale में बाहें डालकर अनुसुइया उसे झुका देती है...

घाना : प्यार मई करता हों मजे मेरे बाप को मिल रहे...

अनुसुइया : जानती हों तेरी निगाहे मुझमे क्या dekhti...kehte हुए अनुसुइया खड़ा करके घाना को चुम लेती है..

घाना : चिक्स पर नहीं स्टेप mom...mujhe होंठो पर चाहिए...

अनुसुइया : तुम भी न बहुत शरारती हो गए हो..

ummmmmm....kuch सेकंड का किश करके अनुसुइया अलग हो जाती है...

घाना : मुझे वो हक़ चाहिए जो डैडी को है आप पर..

घाना की आवाज़ पर अनुसुइया मुड़कर उसे देखती है...

अनुसुइया : अपने बाप की तरह जब डैम हो तब आना मेरे पास..


कहते हुए अनुसुइया आगे बढ़ जाती है....

*********************

हमें 2 घंटे हो गए थे ट्रेवल करते हुए सहर से हम बहुत दूर आगये थे...

मैंने बन का मिरर निचे करके बहार देखा तो अब जंगल था चारो तरफ जिसका कोना दिखाई नहीं दे रहा था....

डनण्य : ये सारा रास्ता साफ़ कराया था अमेरिकन टीम ने जब वो रिसर्च करने आयी thi...nahi तो जहाँ हम चल रहे है ये सब जंगल hi था..

विक्टर : क्या हुआ उनकी खोज का...

डनण्य : कुछ नहीं पता सर उस टीम से फिर कभी मेरा मिलना नहीं हुआ..

सामने hi मुझे टैंट लगे और मीचिनो के साथ वर्कर दिखाई देने lage...jo घूमते हुए काम कर रहे थे..

जीप रुकी और हम सब उतरे...

उतारते hi मुझे इंस्पेक्टर ने निचे इसरा किया...

हमारे पैरो के निचे की मिटटी बिलकुल काली thi...Mai उठा कर हाथ से देखने लगा...

मई : विक्टर sir...iske कद कद बिलकुल अलग hai...pani लेकर आओ कोई...

विक्टर : हाँ अजीब है ये जगह और उतनी hi वीरान उदास है...

water..ek वर्कर ने पानी diya...jise लेकर मैंने मट्टी पर डाला...

इंस्पेक्टर : नहीं बनेगा...

मई गोला बनाना चाहता था मिटटी गीली करके लेकिन नहीं बना..

मिटटी फेक मैंने हाथ धो लिए...

इंस्पेक्टर : खुदाई का काम कहा हो रहा है...

डनण्य : Jimmie..kaha है..

जिम्मी को बुलाने भेजा hai...ek वर्कर ने कहा..

विक्टर : आओ तब तक कुछ खाये पिए फिर साइट देखने चलेंगे...

हम अपने टैंट में आकर बैठ गए ..

विक्टर: बैठने के लिए सही है लेकिन लेटने के लिए छोटा है...

इंस्पेक्टर : मई पहरा दूंगा आप दोनों सोना..

खाना आया और हम सब खाने लगे....

aaaaaaaaaaaaa...ek चीख पर हम सब लोग bhage...bahar के लिए...

बहार एक वर्कर दर्द में करहा रहा था...

मई : क्या हुआ ise...inspector ने जल्दी से उसे uthaya...aur टैंट में लेकर आया...

विक्टर : डॉक्टर को bulao..itne में हमारे साथ hi डॉक्टर उसकी नब्ज़ पकड़ कर चेक करने लगा...

वर्कर : वो खाना मत khana...usne किसी तरह दर्द में कहा...

डॉक्टर : कोई पानी लेकर aao..pass रखा पानी मैंने वर्कर के मुँह से lagaya...fir डॉक्टर ने उसे गोली दे दी...

कुछ देर बाद वर्कर को रिलीफ मिला...

विक्टर : क्या हुआ था तुम्हे..

वर्कर : सर मैंने पानी की बचत करने के लिए पास एक छोटे से तालाब से पानी लिया खाने में डालने के liye...dikhne में बिलकुल साफ़ था मैंने पिया तो पिने में भी ाचा लेकिन फिर पेट में दर्द सुरु हो gaya...ab भी हो रहा है लेकिन हल्का..

विक्टर : तुम आराम करो...

वर्कर को छोड़ हम सब बहार ए..

विक्टर : डॉक्टर पानी को माइक्रोस्कोप से चेक करो देखो उसमे क्या है पिने लायक है या nhi...aur कोई भी यहाँ की किसी चीज़ को न हाथ लगाएगा न कुछ खायेगा...

हम वापस अपने टैंट में ए और अपना रेडीमेड खाना खाया...

उसके बाद साइट के लिए चल दिए....

दूर से hi हमें पिरामिड नजर आने लगे...


6.jpg


पास आकर हम उसे हैरत से देखने लगे...

वर्कर और जनरेटर की आवाज़ आ रही थी...

इतने में एक लड़की के साथ एक आदमी हमारी तरफ आने लगा...

जिम्मी... अमेरिकन टीम का इंचार्ज.

प्रोफेसर  हेलेना..

बरी बरी से हम सबने उनसे हाथ मिलाया..

विक्टर : कुछ मिला..

हेलेना : एक ग्रेव bas..aao मेरे साथ...

हम उसके साथ चल दिए जो नाम लेकर पिरामिड के अंदर घुस gayi...pyramid को कट कर अंदर जाने का रास्ता बनाया गया था...

मई : इसे अपने कटा प्रोफेसर..

हेलेना : नहीं साल पहले अमेरिकन टीम आयी थी यहाँ खोज करने उन लोगो ने hi बनाया tha..andar जाने के लिए रास्ता...

झुककर वो ग्रेव को साफ़ करने लगी...

हेलेना : ये अन्सिएंट टाइम्स की है...

ग्रेव की साइड्स से धूल हटा कर वो पढ़ने लगी...

राजकुमार खेमू..800 bc..me इसकी डेथ हुई थी...

मई उसे इमेजिन करने laga...wo लोग तीर कमान से लड़ते होंगे मर्द और औरते छोड़े खालो से बने कपडे पहनती होगी ..

हेलेना : इसे पूजा जाता था क्योकि ये राजकुमार था ..वो ग्रेव पर लिखी लाइन्स का ट्रांसलेशन करके बता रही थी...

इंस्पेक्टर : आज खुद ये मारा पड़ा है..

कहता हुआ वो आगे बाद गया...

विक्टर : इसके ऊपर का पत्थर हटा कर देखा...

लाइट्स दिखाओ.. इंस्पेक्टर की आवाज़ पर वर्कर उसे लाइट दिखने लगे...

हेलेना : नहीं लेकिन मुझे यकीं है हम से पहले ए इसे हटा चुके होंगे...

विक्टर : देखने में क्या जा रहा है...

मई और विक्टर सर डैम लगाकर ग्रेव के ऊपर का पत्थर हटाने लगे...

वो hata...ki एक काली माखिओ का झुण्ड ऊपर के लिए uda...jo बॉडी पर लिप्त था...

विक्टर : आआआआ....

मई : सब निचे झुको.....

मई लेटते हुए चीखा.....

भिन्न्न भिन्न करती हुई वो मखियाँ रौशनी की तरफ जाने लगी....

हम लोग जमीन में मुँह छुपाये पड़े थे की कुछ देर बाद बहार से चीखो की आवाज़ आयी...

उठकर मई बहार आया...

मई : सब झुक jao....jaldiii.....

मेरी आवाज़ पर सभी वर्कर इक्विपमेंट छोड़ अपनी जगह पर लेटने लगे...

मखियाँ फिर भी अपना काम कर गयी थी...

जिन लोगो के माखिओ ने कटा वो बुरी तरह से चीख रहे थे देखते hi देखते उनके मुँह सूज गए थे किसी पीठ किसी का हाथ....

मई : शांत हो जाओ...

वो चीख रहे थे...

ये जगह शापित है ..हमें यहाँ नहीं आना चाहिए था..

मई : असा कुछ नहीं hai...jakhmio को जल्दी से टेंट में ले jao...doctor के पास...

मेरे कहने पर सही वर्कर जख्मो को ले जाने लगे..

salil...victor सर की आवाज़ पर मई अंदर आया...

अब उतनी रौशनी नहीं thi...khodne का काम रुक चूका tha..pedo की कटाई भी रुक गयी थी वर्कर्स के जाने के बाद .

मेरे अंदर आने पर विक्टर सर मुझे बॉडी दिखने लगे...

बॉडी देख मई जो कहने आया था वो बात मेरे दिमाग से निकल गयी...

हेलेना जिम्मी की हेल्प से ग्रेव के ऊपर का पत्थर हटाने lagi...fir वो ग्रेव के अंदर का सामान खोल कर निकलने लगी...

एक तरफ से विक्टर सर भी निकल रहे थे...

इतने में इंस्पेक्टर अपने साथ बर्तन और कपडे ले आया...

मई : उन माखिओ ने कई वर्कर्स को जहकँइ कर दिया है...

विक्टर : जिम्मी डनण्य को उनके पास भेजो...

मई : आपको उनके ज़ख्म देखने chahiye...wo किसी फोड़े की तरह है..

विक्टर : रुको चलते है...

हेलेना को सिक्के मिले एक अजीब सी ितों के अंदर एक अजीब से मग जो सोने का था..

हेलेना :सुना था यहाँ आसमानी आफत आयी फिर ये ग्रेव कैसे बच गयी...

इंस्पेक्टर; ये वो नहीं है जो हम ढूंढ रहे hai...mayavi सिविलाइज़ेशन के बाद की ग्रेव है.. 2000 साल बाद ki...wo बर्तन और कपडे रखते हुए bola...jinhe उठा कर मई देखने लगा..

इंस्पेक्टर : इनकी मौत बावा से हुई...

विक्टर सर को भी सोना मिला..

हेलेना : इन लोगो का विश्वाश था स्वर्ग नर्क में जाने के लिए अचे कर्म की जगह सोना इन्हे मरने के बाद की लाइफ में आराम देगा इसलिए इसे इन्ही चीज़ो के साथ दफ़न किया gaya..wo विक्टर सर के सामान को देखते बोली...

इंस्पेक्टर : अब ये सोना तो यहाँ की गवर्नमेंट का हो गया इसका क्या hoga..wo मजाक बनाते हुए बोल रहा था जिस पर हमें भी हसी आगयी.

विक्टर : एक बात समझ में नहीं ayi...jo हमसे पहले यहाँ ए उन्होंने इस ग्रेव को क्यों नहीं खोला..

हेलेना : पता नहीं...

इंस्पेक्टर : हो सकता hai..wo यहाँ ए hi न ho..kisi और ने इसे khola..wo हेलेना को देखते हुए बोलै..

मई : कब से हो यहाँ.

हेलेना : आज 4तह दिन है...

इतने में जिम्मी सारा मिला हुआ सामान अपने बैग में रखने लगा...

हेलेना : अंदर और भी होगी बूत खोदना पड़ेगा..

जिम्मी : रुको मई मशीन से इस साडी जगह का 3डी स्कैन लेता hon..sahi जगह खोदने के लिए..


सामान समेत कर वो अपने काम पर लग gya...victor सर को लेकर मई बहार आया..

मई : अब बताये ये हमारा प्रोजेक्ट है या इन अमेरिकन्स का..

विक्टर : क्या बताऊँ yaar...inhi का है ...काफी समय पहले एक टीम ने यहाँ रिसर्च की ..उसके बाद कुछ दिन पहले इसका कॉन्ट्रैक्ट मेरे पास aya.americans की तरफ se...Milne वाले सामान पर 5% हमें 95% इन्हे वाकई खर्चा हमारा सब कुछ इनके जिम्मे..

मई : ये तो हमसे अचे है नॉलेज में फिर इन लोगो ने इतनी दूर से टीम क्यों बुलाई..

विक्टर : कोई दर की वजह से ये प्रोजेक्ट ले hi नहीं रहा tha...acha ऑफर था तो मैंने हां कर दी...

मई : मतलब कुछ गड़बड़ hai..wo मखियाँ मेरे काट लेती फिर..

विक्टर : कुछ नहीं होगा yaar...bas एक बात की मुझे खाये जा रही है...

मैंने क्वेश्चन भरी आँखों से उन्हें देखा..

विक्टर : सारा सोना इन लोगो को मिल jayega..bc...

मई : है ये बात तो मुझे भी खटक रही hai...double क्रॉस kare...kuch नहीं तो अपने देश के गरीबो को दान hi कर देंगे..

विक्टर : है लेकिन ये काम बहुत सफाई से करना होगा...

वो मई कह रहा था मायावी सिविलाइज़ेशन के पिरामिड आगे है चलकर देखे.. इंस्पेक्टर हमारे पास आकर बोलै.

विक्टर : ठीक है हेलेना से बात करते है...

अंदर डनण्य मशीन से छेड़ कर रहा tha...acha ये हुआ जिम्मी के पास मैप बनाने वाली मशीन थी जिससे पिरामिड की लाबाई चुदाई की विषुयल हम देख पा रहे थे...

हेलेना : आगे के पिरामिड दूर है ..जंगल काटना padega..rasta बनाना padega..genrator और गाड़िओ के गुजरने के liye..helena विक्टर सर के आगे जाने पर पूछने पर बोली...

अंदर एक एक बन्दे के घुसने की जगह हुई और हम सब लेटकर अंदर घुसने लगे...

काफी देर बाद हम अंदर ए...

विक्टर : पढ़ो..

मई उस ग्रेव को कोड करने लगा...

इंस्पेक्टर : ये स्लेव्स की ग्रेव है जिन्हे ज़िंदा hi दफनाया गया राजकुमार के sath..mai कोड hi कर रहा था की इंस्पेक्टर बोल utha...mai सोंचने लगा मेरी जगह पर इस सेल को होना चाहिए था..

हेलेना : है सही kaha..ek पिरामिड में सिर्फ एक hi किंग या प्रिंस की ग्रेव हो सकती है...

विक्टर : खोलकर देखते है शायद कुछ मिले.

और हम सब लग gaye...ek घंटे की म्हणत के बाद हमारे हाथ लगी सिर्फ haddiyan...aur तीर कमान.

जिन्हे लेकर हम बहार ए..

इंस्पेक्टर : अब कुछ हाथ नहीं लगेगा खज़ाना सिर्फ किंग के साथ दफन किया जाता है...

विक्टर : हेलेना चले फिर...

डनण्य: कहा सर यहाँ सब तरफ तो जंगल hi जंगल है पिरामिड भी नजर नहीं आ रहे..

हेलेना : मैप है मेरे पास लेकिन इन पेड़ो की वजह से ढूंढ़ना मुश्किल hai..vaise भी अभी दिन ढल गया है ...आगे जाने का रास्ता भी नहीं hai...kal रास्ता बनाएंगे....

हम सब वापस टैंट के पास आगये...

विक्टर सर को लिए मई वर्कर्स के टैंट में आया जहाँ काली मखियों के काटने से घायल वर्कर थे...

विक्टर : क्या हुआ Dr...ye ठीक तो हो जायेंगे.

डॉक्टर : दवा तो दे दी है..

ohh...worker की हालत देख विक्टर सर उलटी करते बहार को भागे...

उनके पीछे मई भी आगया...

विक्टर : क्या हो गयी इनकी हालत...

इतने में सभी वर्कर हमारे पास आकर इकठ्ठा हो गए..

वर्कर : ये शापित जगह hai..ham जा रहे hai...hame नहीं मरना यहाँ..

हेलेना : हम तुम्हे डबल मजदूरी denge...wo अपने टैंट से निकलते हुए आकर बोली..

विक्टर सर भी समझने lage..lekin वर्कर थे की मैंने को तैयार नहीं..

मई : देखो दोस्तों हम भी तुम्हारे साथ यहाँ hai...khatra जितना तुम्हे है उतना hi हमें है..

वर्कर : तुम लोगो ने किया क्या घायलों के लिए..

मई : विक्टर सर घायलों को अभी हॉस्पिटल के लिए भेजना होगा....

हेलेना और विक्टर सर ने हामी भरी..

मई : ठीक है घायलों को अभी हम हॉस्पिटल के लिए रवाना कर रहे है..

और फिर एक गाड़ी पर 3 घायल वर्कर के साथ 2 लोगो को मैंने भेज Diya...tab जाकर वर्कर मने...

मई : सब लोग जाकर अपने टैंट में जाकर लेट जाओ..

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इतने में इंस्पेक्टर ने लकड़ियां काट कर आग लगा दी..

विक्टर : ये कितना चिल है यार..

मई : है सर..

firecamp.ke पास बैठ हम लोग बॉक्स का खाना खाने लगे...

मई : हेलेना 6 वर्कर काम हो gaye...kam रुक jayega...kya करना है..

हेलेना : एक हफ्ते के काम में 2 हफ्ते लग jayenge..Maine जाने वाले वर्कर्स से कह दिया एते समय अपने साथ कुछ वर्कर ले aye..but परेशानी ये है यहाँ कोई आना नहीं चाहता...

अब दिन पूरी तरह ढल गया tha...sab तरफ अँधेरा छ गया tha...pass लगे कैंप भी दिखाई नहीं दे रहे they...aag की रौशनी में हम सब एक दूसरे को देख पा रहे थे...

इंस्पेक्टर : जंगल काटेंगे तो 2 हफ्ते की जगह 2 महीने 2 साल भी लग jayenge..na तो इतना राशन है और न pani...na हमें ठीक से ये पता है पिरामिड्स है kaha..siwaye इसके जिसे आज हमने ढूंढा...

विक्टर : बात तो सही hai..tumhare पास कोई आईडिया है...

इंस्पेक्टर : डॉक्टर और सामान को लेकर हम आगे बढ़ते hai...jungle में पिरामिड ढूढेंगे..

जिम्मी : करेक्ट उसके लिए हमें चाहिए टोर्च और पत्थर तोड़ने के लिए worker..genrator की ज़रूरत hi ख़त्म..

मई : हां सही है...

हेलेना : ठीक है कल मिलते hai...jimmie को लिए वो चली gayi...victor सर भी चले gaye..ab सिर्फ मई और इंस्पेक्टर और एक वर्कर बैठा था...

मई : इंडियन लग रहे हो आप..

वर्कर : यस इंडियन...

मई : हमारे साथ तो ए nahi...yahi से हो.

वर्कर : मैक्सिको से सभी वर्कर के sath..pehle मई भी अर्चेओलॉजिस्ट tha..ek गलती हुई और मेरी जॉब चली gayi..uncle का कहना था मैक्सिकन वर्कर के साथ उन्हें भी यहाँ काम पर लाया gaya..na की वो मैक्सिकन है..

मई : ाचा nice...to कुछ जानते हो यहाँ के बारे में..

वर्कर : बहुत kuch..ye जमीं अपने अंदर हज़ारो राज़ दफ़न किये हुए hai..aaj अमेरिका जितना टेक्नोलॉजी में दुनिया से आगे hai..ye जगह हज़ारो वर्ष पहले कभी अमेरिका से हजारो गुना ज्यादा आगे थी...

मई : ये सब तो मैंने भी पता है...

मेरी बात सुनकर अंकल चुप हो गए..

मई : इंडियंस hi यहाँ के फरोह थे..

वर्कर : नहीं उनकी प्रजाति अलग thi...kuch हद तक वो दीखते थे इंडियंस की तरह.....

hooooooooonnnnnnnnnnnnnn...ohhhnnnnnnnnnnnnnnnn....

जंगल से डरावनी चिंघाडो की आवाज़ सुन कर हम तीनो एक दूसरे का फेस देखने लगे..

मई : ये क्या है...

वर्कर : सुबह तक ऐसी hi आवाजे अति hai..aur वो उठकर चले गए...

मई : अंकल हेलेना को भेज देना..

इंस्पेक्टर : क्यों पसंद आगयी..

मई : क्या यार ..मई तो तुझे देख के हैरान hon..in आवाज़ों को सुनकर भी तू चिल कर रहा hai...kehkar मेंसे सिगरेट आग से जला ली..

मई : तुम pioge..uski हां पर मैंने एक उसे दे दी...

इंस्पेक्टर: शादी हो गयी...

मई : हां तुम्हारी..

इंस्पेक्टर : बचे भी है..

मई : तुम्हारे है..

शामे जवाब सुनने पर इंस्पेक्टर चुप हो गया...

ounnnnnnnnnnnn...

मई : चलो अंदर चलते है...

इंस्पेक्टर : नहीं तुम jao...Mai पहरा दूंगा..

मई : तुम्हारी समझ में नहीं आ रहा ये आवाज़े कैसी है...

इंस्पेक्टर : जानवरो की है...

मई : ठीक hai...khatra दिखे तो chikhna...helena के न आने पर मई टेंट में आगया...

ग्राम कपडे उतर कर मई विक्टर सर के पास लेट गया...

अगली सुबह मई उठा और बहार aya...bahar इंस्पेक्टर चेयर पर बैठे सो रहा tha...aag अब बुझ गयी thi..bas शोले जल रहे थे...

मुँह धोकर मैंने इंस्पेक्टर को uthaya...mujhse पानी लेकर वो मुँह धोने laga...helena को देखा तो वो गोलिओ के पाउच से एक गोली निकल कर मसलने लगी देखते hi देखते उसमे से झाग निकलने लगे..

मई : साबुन चाहिए...

इंस्पेक्टर : हाँ है तो दो...

मई चलता हुआ हेलेना के पास आया..

मई : ये क्या था जिससे तुम मुँह धो रही हो...

हेलेना : मैंने hi साबुन घिस कर उसकी गोलियन banai..chahiye..

मई : येह तवो...

उसने गोलियन दी और मई थैंक्स कहता हुआ इंस्पेक्टर के पास आया...

वर्कर से सामान लेकर इंस्पेक्टर शोलो पर कॉफ़ी बनाने laga...helena और जिमी को भी हमने अपने साथ ब्रेकफास्ट पर बुला लिया...

मई : सरे वर्कर तैयार हो jao...jalane के लिए lights..ek हफ्ते का rashan...khodne के लिए hathiyar..sab साथ रख lo...hame एक वीक के लिए जाना hai..to उसी हिसाब से तैयारी करो..

मेरे कहने पर सब तैयारी करने लगे....

इतने में रात निकली कार वापस आगे...

मुझसे पहले जिमी उन तक pahucha..bhagkar मई भी आया...

जिमी : क्या हुआ कैसे लौट ए...

जिमी के पूछने पर वर्कर रोने लगे...

वर्कर : रस्ते में hi उन्होंने डैम तोड़ दिया..

जिमी : उन्हें मुआवज़ा मिल jayega..tum शोर करके वर्कर्स को डराओ mat...tum दोनों को भी 20 .20 हज़ार डॉलर दूंगा..

पैसे के आगे दोनों वर्कर मन gaye..lekin अब मुझे दर लगने लगा था...

मई : आगे खतरा है तो फिर हम आगे नहीं jayenge..rat भी मुझे डरावने सपने आ रहे they...so भी नहीं पाया..

जिमी : क्या कर रहे हो पागल हो गए हो...

इंस्पेक्टर : मई आगे rahunga..agar हमने ये खोज की तो सोंचो हम क्या डिस्कवर karenge..salil रिस्क तो लेना padega..aur जो तुमने विक्टर सर से कहा hai..usme भी तुम्हारा साथ दूंगा.. हम अपने देश के लोगो का भला karenge..aur तुम्हे भी तो पैसो की ज़रूरत होगी..

मेरी समझ में ये नहीं आ रहा था इस सेल को कैसे पता चल gaya...mera और विक्टर सर का प्लान.

मई : ठीक है तेरे पीछे hi रहूँगा...

मुझे घर बनवाना था आशना की शादी करनी थी अपना बदला लेना tha...bhut कुछ था मेरी ज़िन्दगी में जिसे करने के लिए पैसे की ज़रूरत थी...

मई हर तो गया hi था इसलिए एक चांस लेने का फैसला किया.

इंस्पेक्टर : तुम दोनों यही रुक कर सामान और टैंट की रख वाली karna..sabhi वर्कर्स को हम अपने साथ ले जा रहे hai..tumhare हिस्से का खाना छोड़ जायेंगे.

जिमी ने भी उसकी बात की हामी भरी...

11 बजे हम लोग पैदल hi जंगल की तरफ चल diye...helena मैप में रास्ता देख बता रही thi...uske साथ इन्स्पेटर था उसके पीछे मई विक्टर सर और Jimmy...ham कुल 18 लोग थे सबसे पीछे वर्कर्स के साथ डनण्य tha...workers hi सारा सामान धो रहे थे.. पर्सनल बैग्स हम सबके कंधो पर थे.

जंगल में झाडिया hi झाड़ियां थी पेड़ भी बहुत बड़े बड़े और लम्बे थे जिन पर सांप लटक रहे थे... इंस्पेक्टर तलवार से झाड़ियां काटते हुए आगे बढ़ रहा था...

चलते चलते हमें रात हो गयी लेकिन एक भी पिरामिड दिखाई नहीं दिया....

एक जगह को साफ़ करके इंस्पेक्टर ने रुकने का कहा....

इंस्पेक्टर : आगे का सफर हम सुबह करेंगे...

सभी लोग जगहे साफ़ करके अपने अपने पैक होने वाले टैंट निकल कर लेटने lage...ye टैंट लेटने वाले they..charo तरफ से बंद अन्दर hi ब्लैंकेट होता है इनके...

इंस्पेक्टर : सलिल तुम यहाँ बिछा lo..wo एक जगह साफ़ करके बोलै...

जिमी : जल्दी जल्दी खाना खाओ और लाइट्स को बंद कर दो...

इंस्पेक्टर फिर लकड़ियां तोड़कर जलने लगा...

आग के सामने बैठ कर हमने खाना खाया..

विक्टर : ठीक है सलिल मई सोने चला तुम भी जल्दी अजना...

ूउउउनंनंमंममम....

हेलेना डरकर मुझसे चिपट गयी...

इंस्पेक्टर : डरो नहीं जंगली जानवर है...

वर्कर : हमने यहाँ चिड़ियाँ भी नहीं dekhi..ye जगह इतनी शापित है यहाँ कोई जीव जंतु नहीं है .

ये वही अंकल थे जिनसे मेरी कल रात बात Hui...uncle की बात सुनकर मुझे भी ध्यान आया ...मैंने भी सिवाए हम लोगो और सांपो माखिओ के किसी को नहीं देखा था...

इंस्पेक्टर : अंकल सांप तो अपने देखो hoge...unki खुराक के लिए जीव जंतु भी है जाहिर सी बात है..

इंस्पेक्टर को देख समझ hi नहीं आ रहा था वो कैसा बाँदा hai...itna हाजिर जवाब ..

वर्कर : हम कही गलत रस्ते पर तो नहीं जा rahe..wo आवाज़े अब और तेज हो गयी है...

हेलेना : हम सही रस्ते पर है...

वर्कर : बुरा न मने तो मुझे दिखा सकती है मैप...

जिमी : शट up..kam से काम रखो..

मई : दांतो नहीं यार अंकल भी कभी अर्चेओलॉजिस्ट हुआ करते थे..

हेलेना : क्या नाम है तुम्हारा..

वर्कर : केवल..

हेलेना: मैप की भासा पता नहीं कैसी hai...Mai पूरी तरह से समझ नहीं पा रही hon.wo मैप निकल कर देते हुए बोली...

आग की रौशनी में अंकल मैप देखने लगे...

केवल : ठीक से दिखाई नहीं दे रहा hai..subah दिखाना...

मैंने फ़ोन की लाइट मैप पर दाल di..jab से यहाँ आया तब से न तो कॉल हो रही थी ना आ रही thi...mobile का अब उसे हो रहा था...

केवल : ये कदीम लिपि की कॉपी hai...tumhare पास कैसे आयी...

हम सब हेलेना को देखने लगे..

हेलेना : रिकॉर्ड में थी...

केवल : कॉपी के लिए भी ओरिजिनल की तो ज़रूरत padegi...original रिकॉर्ड में कैसे आया...

हेलेना : वो Mai...Mai नहीं janti..mujhe मेरे ऑफिस में मिला..

मई : हेलेना हमारे चार लोगो का सैक्रिफाइस हो गया है मेरे पास राइट है इस खोज को यही बंद करने ka..sidhi तरह बताओ तुम क्या छुपा रही हो..

हेलेना: जो पहले ए अर्चेओलॉजिस्ट उन्होंने यही इसे प्रिंट किया था उनके सामान में मिला था...

मई : क्या हुआ उनके साथ...

हेलेना : वो किसी वायरस का शिकार हो गए थे...

उसकी बात सुनकर मैंने अपना सर पकड़ liya...Mai फास गया था बुरी तरह...

या फिर हम सभी...

केवल : हमें नार्थ में जाना hoga...uncle हाथ से लेफ्ट की तरफ इशारा करते हुए बोले...

कुछ कहे बिना मई सबके पास से उठकर विक्टर सर के पास आकर लेट गया...

मई : सर जाग रहे हो..

विक्टर : हाँ...

मई : सर ये हेलेना साली हमारी बलि देने के लिए लायी hai...aur मैंने सब बता दिया..

विक्टर: देख लेते है एक दो din..aur नहीं तो वापस chalenge..bas ध्यान रखना किसी भी चीज़ को पहले हाथ नहीं लगाना..

मई : चिपको नहीं सर... उन्होंने अपनी तंग मेरे ऊपर रख दी थी...

विक्टर : सॉरी यार आदत है वाइफ के ऊपर रखने की..

मई : बचे है आपके...

विक्टर : हाँ 2 है छोटे hi है abhi..tum बताओ ..

मई : अलग हो गया हों sir..ab दूसरी शादी karunga...aur मैंने आंखे बंद कर ली....

अगले दिन मैप केवल वर्कर के हाथो में था और हम सब उन्हें फॉलो कर रहे थे....

दोपहर में हमें एक पेड़ो से ढाका पिरामिड नजर आया..

केवल : ये किंग का hai..konse किंग का ये तो नहीं pata...lekin सब होशियार हो jao...king की ग्रेव के पास गरवा बचने के लिए ट्रैप्स लगाए जाते है..

chrrr...ek पुराणी पानी की बोतल पर मेरा पेअर लगा..

मई : यहाँ लोग ए they...bottle उठा कर मैंने पिरामिड की तरफ फेकि....

कुछ न होने पर इंस्पेक्टर आगे बढ़ गया जिसके साथ अंकल थे...

केवल : जहाँ मई कदम रखूं वही कदम रखना...

दोनों को फॉलो करते हुए हम सब पीछे पीछे चलने लगे....

पिरामिड के अंदर का रास्ता बंद किया हुआ था...

हेलेना के कहने पर वर्कर फिर खोलने लगे...

मशीन न होने की वजह से टाइम लग रहा था...

रास्ता पहले खुला होने के कारन जल्दी खुल गया लेकिन अब दिन ढल रहा था...

हम सब अंदर ए...

अंदर एते hi हमारी आवाज़े गूंजने लगी..

जिमी : हेलेना ग्रेव का पता kro...kal का दिन जो वास्ते हुआ वो आज रत काम करके पूरा करेंगे..

केवल : आगे hai..lekin आगे भी ट्रैप हो सकते है...

हेलेना ने मैप लिया और उधर hi जाने को कहा जिधर अंकल ने बताया था..

जिमी : दांय काम के वर्कर्स को हमारे साथ भेजो वाकई के यही रुको...

हम लोग भूल भुलैयो से होते हुए आगे बढ़ने लगे हम जगहों को मार्क करते हुए जा रहे थे ...सबसे आगे वर्कर they...jo लाइट दिखा रहे थे...

आगे हमें एक बड़ा रूम dikha...jis पर लकड़ी का दूर था...

जिमी के कहने पर वर्कर तोड़ने लगे...

dhammmmm...door टुटा और अंदर देख कर हम सबके रोंगटे खड़े हो गए दर से...

अंदर कुछ था जो बैठा हुआ tha..jisse रौशनी फुट रही thi...jimmy ने वर्कर से लाइट लेकर उस पर डाली तो वो मुझे दिखाई diya...wo कोई कोयले से भी कला था दिवार से तक lagaye..gale में उसके सोना हीरे जवाहरात पड़े थे नाक में उसकी बलि thi...uski आंखे खुली थी लेकिन वीरान ऐसा लग रहा था जैसे वो हमें देख रहा हो...

डरकर सरे वर्कर पीछे को bhage...mai भी भागता लेकिन इंस्पेक्टर कमीने ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

जिमी : रुक जाओ सब ये मुर्दा hai...wapas ाजाओ...

हेलेना टोर्च लेकर अंदर badhi...usne एक लकड़ी से उस बैठे हुए को हिलाया...

मेरा दिल धक् धक् कर रहा था बुरी तरह se...aisa लग रहा था जैसे वो उठकर हम सबको खा जायेगा...

हेलेना के साथ इंस्पेक्टर था जिसने आभूषण उस पर से उतरने शुरू कर diye...kewal अंकल भी कहा पीछे रहते वो भी माल बटोरने लगे...

मई ग्रेव देखने लगा...

उस पर अजीब hi भासा लिखी thi...Mai साफ कर रहा था उन्हें जोड़ रहा था...

tutenkhu.ka साल्वे...

मई : ये गुलाम की ग्रेव है जो किंग का खास था...

विक्टर : गुलाम वो है जो बैठा हुआ है भेड़िये जैसा...

विक्टर सर को देख मई हैट गया .

विक्टर: तुतेनहु किंग ..ये स्लेव नहीं बल्कि ऐरो और भेड़िये का निशान बना है जिसका मतलब है ये इस किंग की रक्षा करने वाला स्लेव hai..sir उस आभूषणों से जड़ित की तरफ इशारा करते हुए bole...jis पर से अब उतर लिया गया था..

मई : सर नया hon..na..

विक्टर : 9 हजार साल पुराणी है ये ग्रेव..

मई : सर उस गुलाम की आंखे ख़राब क्यों नहीं Hui..jism bhi...dekhe...

डालो isme...Maine कहा बुड्ढे दाल isme...jimmy की आवाज़ पर मैंने उसे देखा जो अंकल पर भड़क रहा tha..uncle के हाथो में बेषुमार हीरे और सोना था जिसे जिमी बैग में डालने के लिए कह रहा था..

केवल : ये हमारा hai...mujhe मिला..

इंस्पेक्टर: दाल दो अंकल...

जिमी : बुड्ढे डालता है या मरू tujhe...wo गन निकल कर bola...jis पर हेलेना अंकल से सोना छीन कर बैग में डालने लगी...

विक्टर सर मुझे इशारा करने लगे...

इंस्पेक्टर : सोना हमारे मन में लालच पैदा कर रहा है जिमी गन अंदर रख...

हेलेना : है जिमी ये सही कह रहा है..

विक्टर : आज रत hi इसे पर करना hai...wo धीरे से फुसफुसाए हिंदी me...Maine आँखों से हामी भर दी...

सारा सोना लेकर जिमी निकल gaya...aur हेलेना हमारे पास आगयी...

विक्टर : इसे कल kholen...bhut रत हो गयी है...

सर की बात पर हेलेना ने हामी भरी और हम सब भी वापस हो लिए...

पिरामिड के उसी हॉल में हम सबने पढ़ाओ किया tha...wahi आगये थे हम..

अंकल सभी वर्कर्स के कानो में सोने का लालच दाल रहे they...aisi बात थी नहीं की ये खबर उड़ती न...

इंस्पेक्टर बहार से लकड़ियां लेकर जलने laga...jiske पास बैठकर हम खाने लगे...

खा कर सब बरी बरी से लेटने वाले टैंट बिछा कर उसमे घुस Gaye...siwaye मेरे और इंस्पेक्टर के...

इंस्पेक्टर : तुम नहीं जा रहे सोने...

मई : नहीं यार विक्टर सर मुझसे चिपट कर लेटते वो भी अंडरवियर में...

इंस्पेक्टर : ठीक है तुम पहरा दो कई दिनों से जाग रहा hon...aur वो उठ Gaya...fir अपना टेंट लगा कर आग के पास hi लेट gaya...usi के पास मई बैठा था...

मई: पता है जिमी ने सोना कहा रखा है ..न अभी तक आया वो..

इंस्पेक्टर: वो टेंट में रखने गया है...

मई : वह पहुंचेगा कैसे बिना मैप के..

इंस्पेक्टर : हम पेड़ो को मार्क करके ए hai...vaise भी वो हेलेना का सीनियर है.. बॉडीगार्ड तो डनण्य है जो गायब है.. मतलब उसके साथ...

मई : है सही kaha...pedo पर मार्क वाली बात मेरे दिमाग से hi निकल गयी थी...

इंस्पेक्टर : आओगे मेरे पास... लेकिन सोता मई भी हों अंडरवियर में...

मई : नहीं वरो तुम सो जाओ...

इंस्पेक्टर : नींद लगे तो अजना मई भी जाग रहा हों...

मैंने हामी भरी और तपने लगा....

बैठे... बैठे hi जब नींद आने लगी तो मैंने आंखे बंद कर ली....

कई वर्ष गुजरे दिन हुए कई वर्ष गुजरे रात hue...kyo पल ठहरता है ये..

क्यों वक्त बदलता नहीं है..

ये राह सूनी है क्यों..

क्यों कोई निकलता नहीं है...

मई हलकी नींद में hi था की गाने की आवाज से मेरी आँख khuli...Maine चारो तरफ देखा सब सो रहे थे...

गाने की आवाज़ को सुनता हुआ मई आगे बढ़ने laga...mujhe कोई होश नहीं tha..us गाने में जैसे मैगनेट था जो मुझे अपनी तरफ खिंच रहा था...

salil...kuch दूर आने पर मुझे इंस्पेक्टर की आवाज़ आयी...

कई बरस गुज़रे दिन हुए..

कई बरस गुज़रे रात हुए...

उस गुनगुनाहट की आवाज़ पर मुझे कोई होश नहीं था मई बस चलता जा रहा था...

चलते हुए मई उसी कमरे में आगया जहाँ सोना मिला था किंग की ग्रेव के पास..

अब मुझे वहां 2 लाल आंखे जलती हुई दिखाई दे रही थी....

वहां मत jaoo..mujhe वही आवाज़ सुनाई दी जो अभी गए रही थी...

अब मुझे होश आगया था लेकिन देर हो गयी थी...

वो आंखे चलते हुए मेरे सामने आकर कड़ी हो गयी थी...

मैंने भागना चाहा लेकिन मेरे कदम जैसे फास गए हो...

मेरे आभूषण कहा hai...bolo...wo मुझ पर गरजा अँधेरे में वो दिखाई नहीं दे रहा था इतना कला होने की वजह से लेकिन उसके दर से मेरी फट के हाथ में आगयी थी...

बता मेरे आभूसन कहा है....

भागो ...वो आवाज़ फिर मुझे सुनाई di..aur मैंने दौड़ लगा दी...

पता नहीं मई किस तरफ जा रहा tha...mai बस भाग रहा था....

धम्मं dhammm...uske भरी भरी कदमो की आहत मुझे सुनाई दे रही थी...

भागते हुए मुझे ऐसा लग रहा था जैसा मेरा कलेजा मुँह को आएगा...

भागते मई एक दरिया में आकर gira...mai अँधा ढूंढ भाग रहा था.

दरिया के बिच में मुझे चारो तरफ नीली रौशनी पड़ती दिखाई दे रही थी जिसके बिच हवा में कुछ था...

पहनो use...warna वो तुम्हे मार dega...wahi आवाज फिर मुझे सुनाई दी...

मई तैरते हुए उस रौशनी के पास aya...aur मैंने उस रौशनी के अंदर हाथ दाल दिया..

क्या तुम इसके योग्य ho...awaz पर मैंने डरकर पीछे देखा...

मेरे पीछे आने wala..freeze हो गया था....

अगर तुम इसके योग्य नहीं हुए तो जान से जाओगे ..जवाब दो तीन सवालो का.

सवाल ..वो नाज़ुक क्या है जब बोले तो टूट जाये..

मई : वो नाजुक क्या है जब बोले टूट jaye...tut jaye...khamoshi...khamoshi बोलने से टूट जाती है..

सही जवाब...

दूसरा sawal...wo क्या है जो इंसान की अपनी है लेकिन इस्तेमाल दुनिया करती है..

मई: वो क्या है जो इंसान की अपनी है लेकिन इस्तेमाल दुनिया करती hai..kya इस्तेमाल करती hai...sonchte हुए मैंने आंखे बंद कर li...mai क्या हो सकती hai...salil...salil...

मई : naam...wo नाम है जिसे दुनिया इस्तेमाल करती है...

डरकर मैंने पीछे देखा वो दरिंदा पानी में आगया था...

अब आखिरी sawal...Maine अगर अपना नाम लिया तो मई गायब हो जाऊंगा..

मई : ये .. kya...ho सकता hai..iska jwab...Maine डरकर पीछे मुड़कर देखा तो वो बिलकुल मेरे पास आकर खड़ा हो गया था...

मई : नाम लेने से gyab...khamoshi... ख़ामोशी hi है जिसका नाम लेने से वो गायब हो जाती hai...roshni हटी और मेरे हाथ में एक मास्क agaya...Maine पीछे मुड़कर देखा तो वो दरिंदा मुझे खुनी निगाहो से देख रहा था..

पहनो ise...mujhe उस अनजान आवाज़ का ख्याल आया और मैंने दरिंदे का हाथ चलने से पहले उस मास्क को पहन लिया..

मई : aaaaaaaaahhh...aaahhhhhhhh....mujhe ऐसा लग रहा था वो मास्क मेरी खाल छीलकर मेरे अंदर घुस रहा है...

उसने मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे उठाना चाहा हैरत की बात मई उससे हिला भी नहीं...

धम्म्म्म.. मेरा हाथ चला और उस दरिंदे के पेट पर pada....aur वो उड़ते हुए दूर जाकर gira...fir गयाब हो गया..

अगर मेरे आभूषण वापस नहीं ए तो मई तुझसे जुड़ jaunga...mujhe उसकी आवाज़ आयी....

उसका पीछा करो वो वही milega..mujhe वही कोमल आवाज़ सुनाई दी...

मई : आप कोण ho...aur यहाँ कैसे...

आवाज़ : मई 9 हज़ार साल से यहाँ hon.kaid me...mai अपने माँ बाप की इकलौती बेटी थी और सबसे खूबसूरत मुझे लोग दूर दूर से देखने एते they...jab थोड़ी बड़ी हुई तो इस फरोह की मुझ पर नजर पड़ी और इसने मुझे मेरे हस्बैंड से छीन liya...yahan के लोगो को कुदरत ने बहुत कुछ दिया tha...yahan के लोग आसमान में उड़ सकते they...na दिखने वाली चीज़ो को देख सकते they..jo दुनिया आज है हम इससे हज़ारो साल आगे they..sab मिलने के बाद यहाँ के लोगो में घमंड आगया था ..जिस वजह से हम पर आसमानी आफत आयी और ये जगह तबाह हो gayi...aur यहाँ के रहने वाले भी.

मई : जब राजा ने आपको आपके हस्बैंड से छीन लिया फिर क्या हुआ...

आवाज़: इसने मुझे गन्दा करना चाहा लेकिन मेरे इंकार पर इसने मुझे जादूगरों से कैद करा diya..ki मुझे ऐसी सजा देगा जो कभी किसी को न मिली ho.un जादूगरों ने मुझ पर विनाशकाल तक जीवित रहने का जादू kiya...tab से मई यही कैद हों..

मई: आप ज़िंदा हो..

आवाज़ : है जैसे तुम..

मई : मुझे बताओ मई क्या कर सकता हों आपके liye...kaise आपको आज़ाद करू...

आवाज़ : तुम नहीं कर सकते जाकर अपने लोगो को बचाओ...

आवाज़ के कहने पर मई चल दिया अपने लोगो के पास...

बहार आया तो मुझे एक जगह एक सफ़ेद कपड़ो में आदमी दिखाई दिया जिसके शरीर पर पत्तिया बंधी thi...chehre पर मास्क था..

मेरे आभूषण कहा hai...us दरिंदे ने वही सवाल उससे दोहराया...

मई : उन्हें तो जिमी ले गया...

मरोगे dono......gusse में लाल आंखे लिए वो हम दोनों की तरफ badha...aur हम दोनों भी उसकी तरफ कूड़े....
 
Episode 38.

फेज थ्री...


नाईटमेयर इस किंग..

मेरे आभूषण कहा hai...us दरिंदे ने वही सवाल उससे दोहराया...

मई : उन्हें तो जिमी ले गया...

मरोगे dono......gusse में लाल आंखे लिए वो हम दोनों की तरफ badha...aur हम दोनों भी उसकी तरफ कूड़े....

नेक्स्ट कंटिन्यू........

मम bill...ek वेटर बिल बुक अनुसुइया की टेबल पर रखता हुआ बोलै...

अनुसुइया जो फाइव स्टार होटल में रत का डिनर करने आयी थी..

बैग से पैसे निकल कर अनुसुइया ने उसमे रख दिए....

फिर अपना पर्स उठाये बहार को चल di...wo यहाँ खाना खाने ए thi...raat का..

होटल से बहार hi थी की उसे एक धक्का laga...kisi ने पर्स खींचा था उसका..

पर्स निकला और अनुसुइया ने झुके हुए hi पेअर आगे किया..

पर्स छीनने wali...anusuiya से तो बच गयी लेकिन आगे एक चट्टान से टकरा गयी...

जिससे टकराई थी वो अनुसुइया का बॉडीगार्ड tha...6ft का...

उसने गर्दन पकड़ कर घुमा दिया उसे...

chatakkkk...pas आकर अनुसुइया ने एक थप्पड़ उसके मारा...

अनुसुइया : किसका बैग चुरा रही है पता भी है तुझे...

लड़की : मम चोरी भी बता कर की जाती है क्या...

अनुसुइया : बीच.. दाल लो इसे गाड़ी में..

मम इस चोरनी को हमारे हवाले कर do..ise इतना लम्बा अंदर कराएँगे की ये दुबारा चोरी का सोंचे गई भी nahi..police को कॉल कर दिया है अति hi hogi..itne में मैनेजर आकर bola..jis पर अनुसुइया के बॉडीगार्ड रुक गए...

लड़की : मम.. प्लीज जितना चाहे मर लो बस पुलिस से बचा lo...mam...Mai आपके बहुत काम आ सकती hon..mam...papi पेट का सवाल था... please...mai तो सक्सेस भी नहीं Hui...Mai कुछ भी करुँगी आपके लिए mam...bas पुलिस से बचा लो..

होटल गार्ड जब लड़की को पकड़ने लगे तो वो अनुसुइया को पुकारने लगी...

अनुसुइया : क्या कर सकती है...

लड़की : कुछ भी...

अनुसुइया : ओह्ह ये मुझे पसंद ayi..guards बिठा लो इसे ...

होटल गार्ड से छीन कर अनुसुइया के गॉर्ड उस लड़की को अनुसुइया की लमोनी में बिठा लेते है...

लड़की : क्या सिस्टम है madam...kya मस्त नींद अति होगी yahan...ek डैम rapchik..ladki कार को देख हैरत से बोलने लगी..

अनुसूया : क्या नाम है..

लड़की : प्रिय..

अनुसुइया : कहा से है यहाँ की तो नहीं लगती...

प्रिय : मुंबई की हों मैडम...2 साल पहले आयी थी yahan..kam के liye..job के बदले सब साहब लोग साला सोने को बोलते थे... जॉब तो मिली nahi...bhuki प्यासी स्टेशन पर बैठी थी की एक चोर ने मेरा बैग चुरा liya...meri हालत देख उसे तरस Agaya...fir मई उसके साथ हो li...lekin अब सोंचती हों कोम्प्रोमाईज़ कर लेना चाहिए था इन पुलिस के झमेलों से तो बची रहूंगी...

अनुसुइया : वर्जिन है...

अनुसुइया के सवाल पर प्रिय शर्माने लगी...

प्रिय : क्या पूछ रही हो मैडम...

अनुसुइया : पंत utar...nahi तो पुलिस स्टेशन ले जाउंगी और तेरी साडी लाइफ वही गुज़रेगी...

प्रिय : क्या करती हो मैडम उतर रही हों न..

पंत उतरने पर प्रिय पंतय में आजाती है...

अनुसुइया हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खिंच लेती hai...fir पंतय निचे करके उसकी पुसी में ऊँगली दाल देती है..

प्रिय : aahhh..madam क्या कर रही हो मुझे करंट लग रहा है...

अनुसुइया ने ऊँगली निकली और बोल रही प्रिय के मुँह में दाल दी...

अनुसुइया : चूस...

प्रिय ने नाक बंद करके ऊँगली जीब से साफ़ की...


प्रिय: कितना गन्दा है...

अनुसुइया : कपडे पहन ले ..बता काम करेगी मेरे liye...ache पैसे दूंगी...

प्रिय : यही गन्दा काम na...kar लुंगी madam..kitna डौगी ये बताओ..

अनुसुइया : तेरी सोंच से भी zyada...kuch दिन तेरी ट्रैंनिंग hogi.fir तू बहार की दुनिया देख payegi..guards ..

अनुसुइया के इशारे पर गार्ड्स प्रिय की आँखों पर पट्टी बांध देते hai...aur मुँह पर टेप लगा देते है..

कुछ देर बाद गाड़ी एक बिल्डिंग में आकर ृक्ति है...

गार्ड्स प्रिय को उठा कर अनुसुइया के पीछे पीछे ले चलते है...

चलते हुए अनुसुइया लिफ्ट से एक बहुत बड़े हॉल में अति है...

जहाँ बहुत सी लड़कियां होती है ..कोई मार्शल आर्ट्स सीख रहा होता है कोई डांस कर रही होती hai..koi क्लासेज ले रही होती है...

अनुसुइया के इशारे पर दो लड़कियां प्रिय को ले जाती है...

अनुसुइया : rakhee...ise डी ब्लॉक में रखना...

अनुसुइया के कहने पर दूसरी लड़की सर हिला देती है...

फिर अनुसुइया हॉल से निकलते हुए कॉल लगा देती है...

अनुसुइया : hello मौसी...

सामंथा : hello अनु..

अनुसुइया : मौसी आप आ रही hai...shadi की साडी देखभाल अपने hi करनी है..

सामंथा : है मई निकल गयी हों..

अनुसुइया : वाकई सब...

सामंथा : सब आ रहे है सिवाए तुम्हारे मौसा के वो शादी वाले दिन आएंगे...

अनुसुइया: ठीक hai...aap अजय मई आपको घर पर मिलती हों...

लिफ्ट से अनुसुइया ऊपर ayi...aur मोहिनी के केबिन की तरफ चल दी...

दूर बजने पर दूर khula...lekin खोलने वाली दिखाई नहीं di...samne मोहिनी किसी के साथ तो बैठी थी ...अनुसुइया सोंच में पद गयी थी की किसने khola..ki इतने में दो हाथ उसकी आँखों पर आ pade...door खोलने वाली दूर खोल दरवाज़े के पीछे छुप गयी थी..

pehchano...anusuiya हाथ पकड़ कर खींचने वाली होती है की उसे आवाज़ अति जिस वजह से रुक जाती है...

अनुसुइया : कोण है मोहिनी...

मोहिनी : गेस कर महाराज की लाड़ली है...

अनुसुइया : मोना मेरी डार्लिंग वापस आगयी क्या..

मई मोना नहीं hon..pehchano....

अनुसुइया : हिंट तो दे यार...

लड़की : umm...Mera नाम सूप नहीं है पिता जी....

अनुसुइया हिंट सुन अपनी यादो में चली गयी...

भैरव :अनु थोड़ी देर सुप्रिया के साथ खेल lo...fir घर जाना...

अनुसुइया : आओ सुप्रिया....

सुप्रिया : दीदी मुझे घूमने वाला खेलना है....

अनुसुइया : आओ बहार चले गर्दन में...

सुप्रिया : नहीं दीदी यही खेलना है...

हरमनकार anusuiya..hath पकड़ कर खुद घूमते हुए सुप्रिया को घूमने लगी....

सुप्रिया : aaaaa...kitna मजा आ रहा didi....aisa लग रहा है मई हवाओ में हों...

अनुसुइया : हाथ नहीं छोड़ना नहीं तो गिर jaogi....tej नहीं ...

सुप्रिया : aaaa..tej karo.maza आ रहा आए मई उड़ रही. चक्कर आ रहे hai..supriya ने जम्प मरी उड़ने के liye.aur उसके हाथ से अनुसुइया का हाथ छूट गया...

अनुसुइया घूमते हुए खुद को सँभालने लगी...

सुप्रिया घूमते हुए एक एंटीक स्ततुते के पास गिरी बचने के लिए उसने स्टेचू को पकड़ना चाहा लेकिन बैलेंस न बनने की वजह से स्टेचू पर हाथ लगे...

धम्म्मम्म...

स्टेचू और सुप्रिया दोनों एक साथ giri...alag अलग दिशा में...

अनुसुइया भी खुद को ब्लानके करने की वजह से सुप्रिया को संभल नहीं पायी...

सुप्रिया : मम्मी संजू ने देखो मूर्ति तोड़ di....Supriya खुद को संभल उठते हुए चीखी...

इतनी देर से दोनों को खेलता देख रही लड़की ये सुन कर दर से सहम गयी...

इतने में भैरव की औरत ayi...room से निकल कर ...

क्या हुआ बीटा क्यों chikhi...Hey कलमुही ये तूने क्या कर diya...itne में उसकी नजर स्टेचू पर पड़ी..

सुप्रिया: मम्मी मैंने नहीं संजना ने todi...Maine इसे अपने साथ नहीं खिलाया तो इसने गुस्से में तोड़ दी...

संजना: chachi...ma..Maine

इसी कलमुही को कह रही hon...itne में भैरव की औरत संजना के पास आजाती hai..aur डरकर संजना की बोलती बंद हो जाती है...

क्या ऋ छोटी कुटिया तूने इतनी महंगी मूर्ति तोड़ di...apsagun कर diya...aaj मई तेरी खाल खींच लुंगी....

चटककक chatakkkk...chatakkk...


बालो से पकड़ कर भैरव की औरत उसे मरने लगी..

संजना : चची chachi...aaahh... Maine...nhi...aaaahhh...maaaa....maaaa...

सुप्रिया : दीदी चलो बहार खेले...

सुप्रिया हाथ पकड़ कर अनुसुइया को खींचते हुए बोली...

अनुसुइया बोलना चाहती थी लेकिन दर की वजह से बिच में नहीं आयी..

अनुशिया : तुमने झूट क्यों कहा...

सुप्रिया : नहीं कहती तो मम्मी मुझे दंति....

अनुसुइया : कोण है वो...

सुप्रिया : वो हमारे नौकर की बेटी है संजना पिता जी कहते उसकी रगो में गन्दा खून दौड़ रहा...

अनुसुइया जब भी अति घर संजना को पित्त देखती....

अनुसुइया : सुप्रिया.....

सुप्रिया : ओह पहचान liya...aur हाथ हटा कर सुप्रिया आगे आजाती है...

अनुसुइया : अमेरिका से कब आयी...

सुप्रिया : 1 वीक pehle..didi..pata चला भाई ने सोना को हररस kiya...mujhe बहुत गुस्सा aya...pita जी आपसे माफ़ी मांग रहे घर बुलाया है डिनर के लिए..

अनुसुइया : तुझे इतना hi पता hai...tere बाप ने मेरे भाई को हुमिलियते करने के लिए उसकी वाइफ और मुझे अपने लोगो के साथ sulaya...ab वो चाहता है उसे माफ़ कर दूँ..


सुप्रिया: मुझे नहीं पता था इस बारे में...

अनुसुइया : एक बात अपने दिमाग में दाल ले Supriya...Mai वो छोटी अनुसुइया नहीं रही जो तेरे और तेरे बाप के इशारे पर नाचती thi...agar तुझे मुझसे रिश्ता रखना है तो अपने बाप को बिच में कभी मत Lana...ab बता क्यों आयी है....

अनुसुइया की बात से सुप्रिया के फेस पर गुस्सा आगया tha...jise वो जाहिर नहीं करती.

सुप्रिया : ये संजना hai...pita जी और महाराज ने कहा इसे अपने पास रख लो...

सुप्रिया की बात सुन अनुसुइया का ध्यान अपने पास बैठी लड़की पर जाता hai...jis पर उसने ध्यान नहीं दिया tha....wo सर झुकाये सोफे को मुट्ठी में भींचे बैठी थी...


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अनुसुइया : sanjana...bahut खूबसूरत हो तुम...

सुप्रिया : जवाब दे न...

संजना : जी जी...

अनुसुइया : डरो नहीं....

संजना सर हिला देती है....

अनुसुइया : ठीक है सुप्रिया मई देख लुंगी इसे...

सुप्रिया : मेरी ट्रेनिंग...

अनुसुइया : कल से अजना...

कुछ कहे बिना सुप्रिया जाने के लिए मुद जाती है...

मोहिनी : काफी प्रीटी hai...lekin shant...anusuiya आँखों से हामी भर देती है..

अनुसुइया : तुम्हे बचपन में देखा था..

संजना कोई जवाब नहीं देती .

अनुसुइया : तुम्हारे कपडे कैसे फाटे..

अनुसुइया उसका टॉप देखते हुए बोली जो फटा हुआ था...

संजना : जी छोटी मालकिन के है फैट गए तो उन्होंने मुझे दे दिए..

अनुसुइया : घर में कोण कोण है...

संजना : कोई नहीं ji...bachpan से अकेली हों..

अनुसुइया : छोटी थी तब देखा था tumhe...kaha चली गयी थी....

संजना : छोटी मालकिन के साथ अमेरिका उनका ख्याल रखने के लिए...

अनुसुइया : मई भी अनाथ hon..kehte हुए अनुसुइया संजना के सर पर हाथ फेरने लगती है...

संजना : अब मई कपडे उतरूं क्या...

संजना की बात सुन दोनों एक दूसरे का फेस देखने लगती है...

अनुसुइया : कॉफी बनानी अति है..

संजना : जी...

अनुसुइया : वो सामने किचन है जाओ बना कर लाओ...

अनुसुइया की बात सुन कर संजना उठ गयी...

मोहिनी : धमाल मचा देगी ye...ache अचे इशारो पर नाचेंगे इसके...

अनुसुइया ; पता नहीं क्यों इसके साथ कुछ गलत करने का मन नहीं हो रहा hai...sonch रही हों सलिल से शादी करा दूँ इसकी बूत सौम्य भी तो है उसकी लाइफ में....

मोहिनी : पागल हो गयी है ये नायब है बिलकुल तेरी tarah....ise भैरव ने भेजा है जो तेरा दुश्मन है ये तो भूल जा तू इसे बचा payegi...bacha भी ली तो महाराज तेरे पीछे पद जयेन्गे..

अनुसुइया: फिर तू hi देख इसकी ट्रेनिंग.

**********************

मम आपको कमिश्नर सर ने बुलाया hai...ek हवलदार सौम्य के केबिन में आकर बोलै...

सौम्य ने सर उठा कर देखा जो अपनी बेंच पर झुकी केसेस की फाइल्स पद रही थी...

सौम्य : तुम चलो मई आ रही hon..aur हाँ सुनो एक कॉफ़ी लेकर आओ अछि वाली.....

जी madam...hawaldar चला गया.

तो सौम्य भी उठ gayi....kapde सेट करके वो चलती हुई कमिश्नर के केबिन में आयी...

बुलाया था sir...saumya ने आकर पूछा..

महेश : है बैठो...

सौम्य बैठ गयी...

महेश : कुछ पता चला ग्रीन मन के बारे में...

सौम्य : सर सलिल कुछ नहीं जनता मैंने पूछा था...

महेश : तुम कैसे बताओगी कुछ उसके बारे me...Maine देखा था कोर्ट के बहार उसने तुम्हे प्रोपोज़ किया..

सौम्य : सर हम बहुत टाइम से एक दूसरे से प्यार करते hai...wo तो हमारे झगडे होते है तो अलग हो जाते hai...is सब के बाद भी पहले मेरे लिए मेरा फ़र्ज़ hai..kuch pata...chalega तो बताउंगी..

महेश : वो शादी शुदा है तुम्हे इससे प्रॉब्लम नहीं होती..

सौम्य : सर वो अलग हो गए hai..dusri बात आप मेरे काम से रिलेटेड बातें करे पर्सनल लाइफ से नहीं...

महेश : क्यों nahi...Maine सोंचा था वो ाचा इंसान hai..Maine तुम्हारी शादी कराइ अपने हिस्से की औरत उसे di...aur उसने क्या किया मुझे और तुम्हे दोनों को धोका diya...agar अच्छी का भूत मुझ पर सवार न होता तो मई आज तुम्हारा पति होता...

सौम्य : sir...mujhe वही महेश सर पसंद है जिनसे मेरे पिता ने मेरा रिश्ता लगाया tha...aap अचे इंसान के रूप में अचे लगते है...

महेश : ाचा बनकर बहुत कटा है मेरा...

सौम्य : नहीं sir..balki आप बच gaye..kyoki हमारी शादी 2018 में भी हुई thi...us समय मई छोटी थी करियर का भूत सवार था तो मैंने उसे छोड़ दिया....

महेश : ाचा छोडो ये sab...ye देखो... काम की बात करते है..

महेश फाइल्स सौम्य के आगे फेकता हुआ bola...jise उठा कर वो देखने लगती है...

महेश : 2012 आठ class...salil ने आर्ट्स साइड li..aur सलिल ने साइंस साइड li...ek दूसरे स्कूल से..

सौम्य : सर इसमें तो सलिल के बारे में hai..hame तो ग्रीन मन के बारे में जानना है...

महेश : आगे पढ़ो...2014 सलिल ने सोशल साइंस ली और सलिल ने बायोलॉजी science...twist यहाँ 2 है ..पहला सलिल ने आठ क्लास के बाद आगे की स्टडी दो स्कूल्ज से की एक में साइंस और एक में आर्ट्स... दूसरा ट्विस्ट ये है अब सलिल के साथ ग्रीन मन भी है जिसने ली है बायोलॉजी... कॉलेज में भी ये साथ है...2018 के बाद सलिल ने साइंस स्टडी छोड़ कर ारचेलोगिस्ट बनने का फैसला kiya...but ग्रीन मन पढता raha....matlab ये दोनों सुरु से hi साथ थे....

सौम्य : सर इतनी डिटेल्स तो मेरे पास भी नहीं थी सलिल की कही ये दो लोग तो नहीं मुझे भी कभी कभी ऐसा hi लगता hai...do जुड़वाँ भाई ..

महेश : शट up..tum टॉपिक चेंज कर रही ho...judwa बना kar...wo एक hi है.. सिर्फ उसने स्टडी दो अलग अलग सब्जेक्ट्स में की है.

सौम्य : नहीं सर ..मई...

सौम्य आगे बोलती की महेश ने हाथ से रुकने का इशारा किया..

महेश : मैंने उसका रिकॉर्ड निकलवाया सभी टीचर्स ने बताया वो बहुत गुस्सैल था अपने आप से बातें करता था लेकिन पढ़ने में बहुत तेज वो अपने टीचर्स को hi उलझा देता tha...ho न हो उसी ने ग्रीन मन को बनने में हेल्प की hai...green मन आशिक़ नार्मल बचो की तरह था..

सौम्य : नहीं sir..han वो इंटेलिजेंट है बूत सोमेतिमेस उसके फ़ुज़े उड़े रहते hai...wo ऐसा कुछ नहीं कर sakta...Maine बहुत टार्चर किया है उसे टीनएज में..

महेश : तुम नहीं उसकी पत्नी बताएगी उसका sach...jao तुम अर्जुन के साथ दूसरे केस पर काम करो वो तुम्हे डिटेल दे dega..wo थेतरे रूम में है...

उठकर सौम्य ठठेर रूम में अति है जो अँधेरे में डूबा होता hai...mobile जलने पर उसे दिखाई देता है अंदर अर्जुन एक सोफे पर बैठा hai...jiske हाथ में एक फाइल है...

अर्जुन : के sit...wo अपने पास सोफे पर इशारा करते हुए बोलै...

सौम्य पास आकर बैठ जाती है...

अर्जुन : पहले कक्तव देख लो फिर केस समझाता hon...kehte हुए अर्जुन रिमोट का बूटूँ बड़ी सी टीवी को दिखता hai...jisse वो ों हो जाती है....

स्क्रीन पर एक खली रूम दिख रहा tha..dekhne से वीडियो कक्तव फुटेज लग रही थी वीडियो टाइमिंग 18 मिनट्स की शो हो रही थी...

अर्जुन : ये 2 घंटे की है जिसे मैंने शार्ट में कर दिया...

इतने में एक खूबसूरत लड़की रूम में दाखिल hui...jiske साथ लड़का. भी था.

अर्जुन : ये पहन लो साउंड के liye...Arjun हेडफोन्स देते हुए bola...dusri खुद लगा लेता है...

aaahh..aram se...wo चुटिया नहीं है.. हमारे पास समय hi समय hai..ladka लड़की के बूब्स दबाते हुए बोलै...

सौम्य : सर फॉरवर्ड करके देखे..

अर्जुन : नहीं केस समझने के लिए पूरी देखना ज़रूरी hai...agar तुम से ये नहीं हो सकता तो रिजाइन दे दो..


सौम्य : सॉरी sir...aur सौम्य देखने लगती है...

दोनों नंगे हो gaye...ladka लड़की की छूट चाटने लगा...

इधर दोनों देखते हुए गरम हो गए थे अर्जुन बार बार अपना लैंड मसल रहा tha...jise सौम्य नोटिस कर लेती है कुछ कहती नहीं...

वही सौम्य का फेस लाल पद गया था...

अर्जुन गैप ख़त्म करते हुए सौम्य के पास बैठ जाता है...

फुटेज में वाइल्ड सेक्स चल रहा tha..saumya अपने होर्मोनेस की वजह से अपने पेअर निचे रगड़ रही थी


सौम्य को गरम देख अर्जुन उसकी थिंग्स पर हाथ रख देता hai...sehlate हुए अर्जुन उसकी पुसी को टच करने लगता hai...saumya का एक हाथ पकड़ कर अर्जुन अपने लैंड पर रख देता है..

सौम्य चाहा कर भी खुद को नहीं रोक पा रही thi...wo अर्जुन के लैंड पर हाथ चलने लगती hai..der न करते हुए अर्जुन लैंड बहार निकल लेता है...

दूसरे हाथ से वो सौम्य की पंत खोल कर उसमे हाथ दाल छूट सहलाने लगता hai...unglio से पंतय साइड में कर वो उसमे ऊँगली डालने लगता है...

सौम्य की छूट बहुत गरम thi...saumya को तैयार देख अर्जुन उसे अपनी तरफ खिंच कर उसके होंठो पर अपने होंठ रख देता hai...saumya अर्जुन की गोदी में बैठ वीलडली किश करते हुए उसका साथ देने लगती hai...niche अर्जुन का लैंड सौम्य की छूट पर घिस रहा था...

आआआहहह उम्मम्मम....

दोनों के किस्सेस की आवाज़े पुरे थेटरे रूम में गूंज रही थी....

मैडम cofeee...darwaza खुला और किसी की आवाज़ से दोनों झटके से अलग हुए ...

सौम्य जल्दी से अपने कपडे सेट करने lagi...wahi अर्जुन ने पंत ऊपर कर ली...

सौम्य का फेस बिलकुल लाल था...

हवलदार : सॉरी sir..mujhe लगा..

अर्जुन : कॉफ़ी दो और थोड़ी देर बाद मेरे ऑफिस में आना.

सौम्य को अब अहसास हो रहा था अपनी गलती ka..kuch कहे बिना वो रूम से निकल जाती है

.

सौम्य अपने केबिन में आकर बेंच में मुँह छुपा कर रोने लगती गिल्ट में..

2 घंटे बाद अर्जुन सौम्य के केबिन में अत है...

सौम्य उससे नजरे नहीं मिला पा रही थी...

अर्जुन : जो हुआ उसमे तुम्हारी कोई गलती नहीं मेरी hai...us वीडियो को देख मई बहक गया था...

सौम्य : नहीं सर मेरी गलती है ..आप जाये ab..saumya ने कल्प्ति आवाज़ में खा.

अर्जुन : मुझे वो वीडियो तुम्हे अकेले दिखानी चाहिए thi...chalo अब भूल जाओ अपने आप दोष न do...mai भी क्या करता हमारा काम hi ऐसा है जो साथ में देखनी पड़ी..

सौम्य : मई सब जानती हों मुझसे मीठी मीठी न करो आप आरोही के साथ क्या गुल खिलते थे मुझे सब पता है..

अर्जुन :वो तो पूरी रंडी है.. तुम खुद को उससे कपड़े कर रही ho...tum खा वो kha..tumhari जैसी सच्ची ऑनेस्ट अफसर को hi मैंने इस केस से जोड़ा hai..bhaiya तो नाराज़ है लेकिन मैंने उन्हें समझाया तुम गेम ho..mere मन में तुम्हारे लिए बहुत सम्मान hai...gira हुआ मई hi हों..


Chatakkk...afsos करते हुए अर्जुन अपने थप्पड़ मरने लगता है...

सौम्य : क्या कर रहे है sir...bhag कर सौम्य हाथ पकड़ लेती है.

अर्जुन : पहले मुझे माफ़ करो...

सौम्य : ठीक है अब मरना बंद करे...

अर्जुन : थैंक you...tum भी वडा करो तुम अफ़सोस नहीं krogi...na गिल्ट में रहोगी...

सौम्य सर हिला देती है...

अर्जुन : ये लो फाइल और उस केस की कद थेतरे में जा के देख लो...

सौम्य फाइल लेकर चली जाती है...


*********************

aaaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaa..

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चीखते हुए हम दोनों उस पर कूड़े ..

जैसे hi उसके पास पहुंचे वो गयाब हो गया....

dhammm...achanak से उसने मेरे पीछे खड़े मम्मी की ड्रेस पहने आदमी पर हमला किया....

गर्दन पकड़ कर उसने फुर्ती से अपना हाथ उसके दिल की तरफ बढ़ाया...

ये देख मैंने उसके दिल में घुसने से पहले हाथ आगे करके कलाई पकड़ ली..

इतने में मम्मी की ड्रेस वाले ने अपने पीछे से हथियार निकला और उसके हाथ पर वॉर किया...

उस दरिंदे का हाथ कटा और उसमे से कला ब्लड निकलने laga....alag नहीं हुआ था बस कटा था...

ये तूने क्या Kiya..mummy की ड्रेस वाला बुदबुदाया.

तुझे इस पर दया आ रही है..

आवाज़ से मैंने पहचाना ये इंस्पेक्टर hai..Mai हैरत में था इस सेल के पास ये पावर्स कहा से आगे...

इंस्पेक्टर : इसे नहीं मारा तो वो हमें मर dega...wo खुद से hi बातें कर रहा था..

हाथ काटने से वो दरिंदा बड़ा होने laga...usne दिवार में हाथ रगड़ा जिससे मसाला निकला और उसने उसे अपने हाथ पर लगा liya...jisse उसका हाथ पहले जैसा हो गया....

मेरे abhushan..wo गरजा

मुझे शर्ट से पकड़ कर उसने सामने दिवार में दे mara...mai जो उसकी पीठ पर सवार था..

aaaaaaaaa....dhammmmmm....diwar तोड़ता हुआ मई एक दूसरे खाने me.aya...

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wtf ....शामे वैसा hi एक और दरिंदा वह सर jhukaye..abhushano से लेस्स लाल आंखे लिए बैठा था....

ounnnnnnnnnnnn....mujhe देख उसने वही डरावनी आवाज़ nikali.jinehe मई जंगलो में सुन रहा tha..ye आभूषणों के साथ और ज्यादा खतरनाक लग रहा था.....

इसे बोतल में कैद करना hoga...wahi कोयल जैसी आवाज़ मुझे सुनाई दी...

मैंने इधर उधर आंखे चलाई तो ग्रेव के पास hi मुझे बोतल दिख gayi...itne में वो दरिंदा मेरे सामने आकर खड़ा हो गया....

उस बोतल का पानी इस पर डालो....

aaaaaaa.....awaz के कहने पर मई कुछ करता उससे पहले hi उसने मुझे उठा कर जमीन पर दे मारा....

aaaaaaaaaa....agle hi पल उसने अपनी लत मेरे साइन पर मरी....

और मेरी एक और दर्द नक् चीख गूंज गयी...

dhammmmmm....lete हुए hi मैंने उसके लात मरी....

Aaaaaaa...chikhta हुआ वो छत वाली दिवार से laga...hairat से मई अपने आप को देखने लगा....

उसके गिरने से पहले मई utha...aur हवा की स्पीड से मैंने बोतल uthai...uske गिरते hi उस पर मैंने पानी डाला....

पानी पड़ते hi उसके शरीर से धुआं निकलने laga...hawa में मिलकर वो उस बोतल में agaya....ye देख मैंने कैप लगा दी...

इसे उसी पानी में दाल दो जहाँ तुम्हे ये मास्क मिला...

मई उस खाने से nikla..to मुझे बहार दूसरा दरिंदा बुरी तरह से जख्मी mila...usi के पास इंस्पेक्टर पड़ा tha...ab वो मम्मी वाली ड्रेस में नहीं था...

bhooott.....darinde को छोड़ चीखता हुआ इंस्पेक्टर एक साइड को भगा....

दरिंदे में भी इतनी शक्ति नहीं थी की वो उसे पकड़ लेता..

मैंने बोतल उसी पानी में डाली जहाँ मुझे मास्क मिला था...


आवाज़: शुक्रिया मुझे आज़ाद करने के लिए बूत अब मेरे पास ज्यादा समय नहीं है .

.ध्यान से सुनो मेरी बात... तुम पर जादू किया गया hai...jaldi से उस मास्क को उतर कर सीधे चले आओ....

awaz.ke कहने पर मैंने अपने चहेरे को छुआ वह कोई मास्क नहीं था मेरे हाथो में मेरी खाल आ रही thi...Maine खाल को खींचा तो मास्क मुझे महसूस hua..aur मई उसे निकलने लगा...

मुझे अलग मत Karo...ye आवाज़ मर्दानी थी जो मास्क निकल जाने पर मुझे सुनाई di...Maine दये बाये देखा कोई नहीं दिखा.

मास्क कमर में रख कर मई उधर hi चलने लगा जिधर आवाज़ ने कहा....

मई : मुझ पर जादू कैसे hua...Maine पूछा..

यही रुक jao..ek खाने के बहार आने पर उसने मुझे रोक diya...ab आवाज़ में वो कोमलता नहीं थी जो अब तक थी..

खाने के बहार एक छोटा सा मोकला बना था जिस में से एक हाथ बहार आया...

आवाज़ : इसे पहन lo....kuch समय पहले एक अघोरी तांत्रिक ने तुम पर जादू किया tha...uske हाथ में एक लॉकेट था..

मई : kab....Maine पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं aya...locket मोकळे पर रख कर उसने हाथ खींच लिया...

मैंने जैसे hi लॉकेट उठाया उसने मोकळे में ईंट रख di...jisse मोकला बंद हो गया..

आवाज़ : सलिल समर के bete...is मास्क को अपनी जगह पर रख do...ab तुम्हे इसकी ज़रूरत नहीं है...

मई : क्यों मेरे दोस्त...

आवाज़ : ये उनका एक उपकरण ,गैजेट hai..ye जिनके पास रहा वो बहुत शक्तिशाली हुए मगर इसकी भूक ने उन्हें बर्बाद कर diya...ise फेक do....Maine कहा फेक do..ye तुम्हे अपने इशारो पर नचायेगा यहाँ की हर चीज़ शापित है...

आवाज़ में गुस्सा देख मई पीछे को हो गया...

मई सोंच में था बहुत gehri...ye मास्क किसी उम्मीद की तरह मेरी ज़िन्दगी में आया था...

मई : मई अपना बदला लेने के बाद इसे फेक dunga..tum नहीं जानती मेरे साथ क्या hua..Mai अपनी कहानी शार्ट में सुनाने लगा.


लेकिन कोई आवाज़ नहीं ayi..Mujhe उसके शब्द यद् ए जिसमे उसने कहा उसके पास ज्यादा समय नहीं है.

फिर कुछ कहे बिना मैंने जाने के लिए दौड़ लगा दी....

उस दरिंदे के पास से गुज़रते हुए मैंने मास्क फिर पहन liya...isliye की वो लड़ेगा तो मई भी ladunga....lekin उसने कुछ नहीं kaha...na उससे उठा जा रहा था..

आवाज़ का लॉकेट भी मैंने गले में दाल लिया..

मुझे भीगने की वजह से बहुत ठण्ड लग रही थी मेरी जॉकेट स्वेटर सब में पानी भरा tha...meri सोंचे इंस्पेक्टर की जलाई आग की तरफ जा रही थी....

भागता हुआ मई सबके बिच आया...

इतना कुछ हो गया था और सब पड़े सो रहे थे....

अपना बैग लेकर मई आग के पास आया...

फिर अपने कपडे उतरने लगा...

आखिर में मैंने अंडरवियर उतरा...

मई : ये क्या hai...hairat से मेरे मुँह से निकला...

मेरे पेट की जगह पर अब सिक्स पैक अबस थे सबसे अजीब बात मेरा हथियार मेरी टांगों के बिच झूल रहा था जिसकी लाबाई मोटाई देख मुझे अजीब hi शॉक laga...wo डबल हो गया tha...motai लम्बाई में..

क्या देख लिया... इंस्पेक्टर की सख्त आवाज मुझे सुनाई di...aur मई शॉक से निकला...

मैंने जल्दी से बैग से निकला हुआ अंडरवियर उठाया और पहना...

इंस्पेक्टर : मस्त है देगा...

मई : आगे वाला फ्री है लेगा...

मेरे जवाब पर वो चुप हो गया..

मई : साला चुटिया...

जल्दी से कपडे पहन कर मई आग सेकने लगा...

dhamm..dhamm..dhamm...mujhe कुछ देर hi हुई होगी की मुझे भरी भरी कदमो की आहत सुनाई दी....

आवाज़ पर इंस्पेक्टर अपने टैंट में से निकल आया...

और हम दोनों खड़े होकर सामने देखने लगे...

वही दरिंदा लाल आंखे लिए हमारी तरफ आ रहा था...

मई : सब जागो jaldiii...Mai चीखा...

भागु.... bhoot...bhaooot...awaz से वो सब भी जग गए they...mujhe ज्यादा गाला नहीं फाड़ना पड़ा ..

सब अँधा ढूंढ अपना सामान लेकर बहार को भागने लगे ..तो कुछ सब कुछ छोड़ कर...

ounnnnnn.....usne अपना मुँह khola...aur उसमे से वही मखियाँ निकलने लगी....

इंस्पेक्टर : तू इन सब को यहाँ से लेकर Jaa...jaldiii.... इंस्पेक्टर ने कहा और उसकी ड्रेस बदल गयी ..

मई : जहाँ ये मिला वही एक बोतल राखी है उसमे जो है वो इस पर डालना और इसे कैद कर देना वर्ण ये मरेगा nahi...Maine जाते हुए कहा .

भिन्न्न bhinn...karti मखियाँ हमारे पीछे आने लगी...

पास आकर मैंने विकर सर और हेलेना पर हाथ rakha...jo केवल अंकल के निकलने पर रुके थे...

उनके निकलते hi हम तीनो भी निकले ...

मई : sabb..jhuk jaoo...humare निकलते hi माखिओ का झुण्ड हमारे पीछे आया .

हेलेना और विक्टर सर को लिए मई गिर गया....

aaaaaaaa...aaaaasa...

कुछ वर्कर्स बुरी तरह चीखने lage...shyad उनके काट लिया था...

कुछ देर बाद माखिओ की भीं भिनभिनाहट काम हुई तो मैंने उन्हें सर उठा कर देखा....

मखिया चली गयी थी दूसरी दिशा में..

मई : bhagooo...aur हम सब अँधा ढूंढ भागने लगे....

कुछ आगे जाकर मई रुका और मैंने सबको साथ में किया...

आअह्ह्ह्ह...

मई : क्या हुआ अंकल ठीक हो aap..kewal वर्कर के कराहने पर मैंने पूछा.

केवल : हाँ ठीक हों beta...bas झड़ी लग गयी थी..

मई : और वाकई सब ठीक है..

हमारा सारा सामान वही रह Gaya..kisi ने कहा.

हेलेना : सामान के बिना हम कैसे सर्वाइव करेंगे...

मेरे पास लाइट है... कहते हुए एक वर्कर ने जला दी..

bhnnn...bhnnn...

मई : लाइट बंद kar...mere कहने पर उसने लाइट बंद ki...kuch मखियाँ अब भी हमारे अस्स पास थी..

विक्टर : हमें चलते रहना होगा ... इंस्पेक्टर हमें निकालो यहाँ se...sabse ज्यादा विक्टर सर की फैट रही थी...

मई : वो वही रह गया...

हेलेना : ओह्ह सहित अब हम भी यहाँ से बचकर नहीं निकल सकते किसी के पास गरम कपडे है...

मेरे पास भी नहीं है..

मुझे बहुत ठण्ड लग रही है.

वर्कर एक दूसरे में सिकुड़ रहे थे..

मई : शांत हो jao..Mai अपना बैग लाया hon..shayad कुछ मिल जाये आग जलने के liye..tum लोग लकड़ियां इकट्ठी करो ..और सब साथ में hi रहना...

दिसंबर चल रहा है वहां बहुत ठंड होगी इसलिए मैंने ग्राम ब्लैंकेट रख दिए..

अबे यार क्यों रखे बोझ धोने के लिए सब इंतेज़ाम कंपनी कर रही है..

ब्लैंकेट निकलते हुए मुझे मेरी आशना यद् आगयी..

मुझे सिगरेट और गोले का पैकेट मिला जिसे मैंने जेब में रख liya...lighter मेरी जेब में पड़ा था...

और सब शर्ट पंत थी जिन्हे मैंने नहीं निकला...

मई : शर्ट पंत है किसी को chahiye...Mai ब्लैंकेट ोडते हुए bola..itne में एक दो वर्कर आगये..

हेलेना मेरे ब्लैंकेट में घुस गयी...

मुझे फिर बैग खोल कर उन्हें देना पड़ा.

विक्टर : जितनी जल्दी हो सके यहाँ से चलो...

इतने में वर्कर टहनिया तोड़ लाये...

मई : इन्हे पकडे रहो ...सब साथ में रहने लाइन बी line...uncle आप सब को आगे लेकर chalo...ek बार फिर हम आगे बढ़ने लगे.

मई हेलेना विक्टर सर सबसे पीछे ब्लैंकेट में हो गए..

aaaa..tum log...wo सर्दी से कल्प रहा था.

1 घंटा अँधेरे में चलने के बाद हमें जिमी मिला...

हेलेना : तुम गए नहीं...

जिमी : मुझे रास्ता hi नहीं Mila...Sona डनण्य लेकर भाग गया.

केवल : हम भी पता नहीं किस दिशा में जा रहे है..

मई : फिर यही रात काटेंगे सुबह सफर करेंगे...

आग जलाई gayi..aur हम सब उसके पास बैठ Gaye...aag जलने में hi हमें बहुत टाइम लग गया tha...lakdiyan गीली होने के कारन...

आग से मैंने एक सिग्रर jalai..aur होंठो से लगा ली..

मई : जिमी पानी देना...

जिमी से पानी लेकर मैंने एक गोला निगल लिया...

सरे वर्कर मुझे सिगरेट पीटा हुआ घुर्र रहे थे...

मैंने उनके आगे डब्बी कर दी...

बरी बरी से निकल कर वो पिने lage...ek हेलेना और विक्टर सर ने भी निकल ली...

हेलेना : वो अभी तक नहीं आया...

विक्टर: अब क्या कर सकते है...

मई ; वो किंग की ग्रेव रह hi gayi..reserch का क्या होगा...

हेलेना ; यहाँ से ज़िंदा बच जाये यही बहुत है.. रिसर्च गयी भाड़ me...galti मेरी थी जो मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए हां ki...ye जानते हुए भी की जो यहाँ से बढ़कर ए उनमे से कोई नहीं बचा..

जिमी : रिसर्च का सोना भी हाथ से निकल गया....

वर्कर : हमें मुवाजा मिलेगा न..

जिमी : सिर्फ वर्किंग fees...matlab मजदूरी..

वर्कर : हमारे लोग मरे gaye...aur हमारा भी कुछ पता नहीं तुम कह रहे हो सिर्फ majdoori...hamari बात हुई थी अगर सोना मिला तो सभी को 1,1 परसेंट डोज...

जिमी : उसे डनण्य ले गया सॉरी विक्टर अब आपको भी 5% नहीं मिलेगा..

केवल : तू झूट बोल रहा है स
आरा सोना तुम लोगो ने ले लिया जो मुझे मिला था...

जिमी : चुप कर बुड्ढे...

केवल : साथिओ इसे मरकर हम सोना ले सकते hai...Sona इसी के पास है.

केवल वर्कर की बात पर सभी वर्कर खड़े हो गए...


जिमी : जिसने भी पास आने की कोशिश की जान से jyega..usne गन निकल ली थी..

जिमी : मई सच कह रहा hon..sona नहीं hai...use वो ले gaya..subah डनण्य हमें वही मिलेगा...

गन दिखने पर वर्कर शांत बैठ गए..

विक्टर : salil..yar वाशरूम जाना है..

मई : जाओ न सर..

विक्टर : साथ आओ न...

मई : क्या सर ग्राम ब्लैंकेट से nikaloge..krahate हुए मई उठा और विक्टर सर के साथ चल दिया...

कुछ दूर लेकर विक्टर सर मुझे हाथ पकड़ कर एक पेड़ के पीछे ले ए .

विक्टर : डनण्य की लाश देखि Maine..use इसने मर दिया hai...Sona इसी के पास है..

मई : कहा पर..

विक्टर : रस्ते me...worker दर न जाये इसलिए मैंने उसकी न्यूज़ लीक नहीं की...

मई : तो उससे मर के पूछते है सोना कहा है..


विक्टर : nahi...Sona खरबो का है सोंचो कितना पुराण hai...agar हमने इसे डरा धमका कर सोना ले भी लिया तो फबि सीआईए सब हमारे पीछे लग jayengi...is तरह लेना है इसे पता नहीं चले और हमारा काम भी हो jaye...subah होने से पहले हमें ढूंढ़ना hai..nahi मिला तो जब ये सोना लेने जायेगा तब हम इसके पीछे होंगे...

मई नजर rakhunga...kewal वर्कर मुस्कुराते हुए bola...jo आगया था हमारा पीछा करते हुए..

विक्टर : तुझे बोलै था हमारे पीछे आने के लिए..

केवल : मुझे ज्यादा नहीं चाहिए बस थोड़ा अपनी बेटी की शादी के लिए..

मई : रहने देते है न सर...

विक्टर : ठीक है गेम नहीं khelna...dhyan रखना उस पर...

वापस से मई ब्लैंकेट में आकर बैठ गया....

विक्टर सर मेरे बराबर में थे हेलेना मेरे बराबर में...

हेलेना के जिस्म की गार्हत मुझे गर्म करने lagi...ye देख मैंने अपना एक हाथ उसकी थिंग्स पर रख diya....dhire धीरे मई उसे मसलने लगा...

उसने मेरी सोंच के खिलाफ अपना हाथ मेरे लैंड पर रख diya....jise वो मसलने लगी....

उसकी हाँ देख मैंने लैंड बहार निकल लिया...

विक्टर सर कबाब में हड्डी बन रहे थे ये देख मई उनसे ब्लैंकेट छीनने लगा....

मई : सर तीन लोग नहीं आ रहे है ...ये लड़की है कुछ ख्याल करो..

विक्टर : है समझ रहा हों..

तना मरते हुए विक्टर सर उठ Gaye...Maine ब्लैंकेट आगे से छुपा लिया..

अंदर हेलेना हाथ चलने lagi...mai उसकी छूट को मसलने लगा....

सरे वर्कर जिसे जहाँ जगह मिली वो वही लेट गया tha...matlab आंखे बंद किये बैठे थे..

हेलेना : तुम्हारा कितना बड़ा hai...ufff...wo फुसफुसाई...

उसकी पंत खोल कर मैंने अपनी फिंगर उसकी पुसी में दाल di....aur अंदर बहार करने laga...ek हाथ से मई हेलेना के बूब्स मसलने लगा...

हेलेना : aaaahhh..aahhh...wo हलकी हलकी आहें भर रही थी...

सलिल यार ठण्ड से बुरा हल हो रहा hai...victor सर फिर agaye...mere रोकने से पहले hi वो हम दोनों के बिच में आकर बैठ गए...

मजबूरन हम दोनों को हाथ हटाने pade..ek दूसरे के ऊपर se...wahi मेरे हथियार पर मरदाना हाथ लगा जो विक्टर सर का था...

मई : क्या कर रहे हो सर...

विक्टर : तुम्हारे मजे के चक्कर में मेरी ठण्ड से हालत पतली हो रही है ...यहाँ से बचे तो मेरे घर चलना मेरी वाइफ बहुत सुन्दर है..

मई : सर मई हाथ मरने की बात कर रहा हों...

विक्टर : वो तुम्हारा हाथ नहीं था..

मई: नहीं सर...

विक्टर : इतना बड़ा किसका होता है...

मई : मेरा है sir...kuch कहे रहे थे वाइफ के बारे me...kya आपको ये गलत नहीं लगता..

विक्टर : एक समय के बाद विवाहित जीवन में बोआरीअत आजाती hai..samjhe...thode मजे के लिए कर लेते है...


पता नहीं कैसे मई ये सब बातें सर से कर रहा tha...mere अंदर इस समय इतनी हवस थी कोई भी औरत होती मई पेल देता...

बातें करते करते थक गए तो हमने आंखे बंद कर ली...

न जाने किस पहर आवाज़ों से मेरी आंख khuli...aur मैंने विक्टर सर को uthaya...halka हल्का उँजाला फ़ैल रहा था...

मई : कोई नहीं hai..Maine धीमे से खा..

मई : हम hi तीन बचे hai...ap हेलेना के पास रहो मई देख कर अत hon..sab कहा गए.....

विक्टर सर ने हामी भरी और मई उठ गया...

जलती लकड़ी लेकर मई आगे बढ़ने लगा...

एक जगह पर मुझे सबकी भीड़ दिखाई दी...

सब मिलकर जिमी को मार रहे थे...

इतने में सबकी भीड़ से केवल वर्कर निकले और आगे को जाने lage....wo बहुत रुक रुक कर चल रहे थे ...

ढाये....

गोली चली और मई आगे को आया...

मई : हटो सब....

मैंने जिमी के ऊपर से सबको हटाया...

जिमी : ाचा हुआ तुम आगये...

मई : गोली किसने चलाई....

मई आगे को bhaga...age केवल वर्कर तड़प रहा tha...goli उन्ही के लगी थी...

और मैंने बैग उठाते हुए उसे देखा ...

मैंने जल्दी से केवल अंकल को उठाया...

मई : aap...age मुझे पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ी...

बैग कहा gaya...jimmy और वाकई सब भागते हुए ए...

जिमी : बुड्ढे बैग कहा गया....

मई : दूर हैट ja...aur मैंने गुस्से में उसे देखा...

जिमी : यही कही होगा ढूंढो उसे....

इतने में विक्टर सर आगये...

क्या हुआ...

मैंने कुछ कहे बिना केवल को उठा लिया...

मई : बैग नहीं milega...use वही दरिंदा ले gaya...jise जान प्यारी है मेरे साथ अजय....

मेरी आवाज़ पर उनोहने ढूंढ़ना बंद किया....

सब हताश थे...

जिमी : दिन निकलेगा तो वो सो जायेगा हमारे पास मौका होगा सोना लेने का..

हेलेना : पागल हो गए हो tum...jise जाना है जाये इसके sath...ye मिशन यही ख़त्म हुआ ...

वर्कर : चलो सब घर चलते hai...vaise भी हमने बहुत साथी खो दिए है...

सब मेरे साथ हो लिए...

विक्टर : यही दफन कर देते है....

मई : ये जगह सही नहीं hai...ise


इसके परिवार को हेलेना सौंप देगी....

कई घंटों के सफर के बाद हम सब टेंट के पास ए जहाँ हमारा कुछ सामान गाड़ियां थी..

जो सामान हमारा बचा था हमने वो लिया फिर उसी वन में जिससे मई यहाँ आया था केवल वोकर को लिटा दिया मेरे साथ hi विक्टर सर कुछ वर्कर आगये हेलेना ड्राइव करने लगी....


बचे हुए लोगो को सामान के साथ दूसरी गाड़िओ से आना था..

3 घंटे बाद सरहद ख़त्म Hui...aur हम आबादी के बिच aye...ek अलग hi सुकून हमें वहां से निकल कर मिला..

विक्टर : यार खली हाथ जा रहे hai...age कोई इरादा है हेलेना...

हेलेना : ऐसी शापित जगहों से अब दूर rahungi...filahal तुम लोग मेरे साथ चलो मेरे घर तैयार होकर मेरी एजेंसी को रिपोर्ट dena...aur इन्हे हॉस्पिटल को दे dungi...inki फॅमिली से कोई आएगा तो बता दूंगी..

मई : थैंक यू....

कुछ देर बाद हम हॉस्पिटल से होकर हेलेना के घर aye...jahan हमने शावर लिया...

हेलेना ने हम दोनों के लिए पिज़्ज़ा आर्डर Kiya...workers को उसने एजेंसी भेज दिया था किराया देकर वाकई के पैसे उन्हें एजेंसी ने देने थे...

विक्टर : एजेंसी चलो फिर हमें निकलना भी है...

हेलेना : आज रुक jao...wo मुझे देखते हुए बोली..

हेलेना एक तीस के करीब अछि दिखने वाली औरत thi...kafi हद तक आरोही की तरह बस आरोही क्यूट थी और हेलेना मातुरे...

विक्टर : अब हमारा यहाँ काम hi कहा बचा...

खा कर हमने बैग लिए और चल दिए...

एजेंसी आकर हमने रिपोर्ट di...unhe भरोसा होने में देर नहीं lagi...kyoki वो हमसे पहले वाली टीम को भी खो चुके थे....

एजेंसी से हम तीनो बहार ए...

मई : सर कुछ दिला दो घर ले जाने के लिए..

विक्टर : क्या दिलों यार पैसे कहा hai...5k डॉलर दिए है बस..

मई : सर बार बार अमेरिका थोड़ी आना होता है...

विक्टर : चलो....

मई: हेलेना चलोगी मेरे साथ..

हेलेना : है अगर वह जेक तुम मुझे कॉल करो...

मई मुस्कुरा दिया...

हेलेना हमें एक मॉल में लेकर ayi....jahan से मैंने कुछ खाने पिने की चीज़े li...fir हम कपड़ो की साइड में चल दिए..

मैंने आशना के लिए एक टॉप एक हूडि जैकेट और 2 जीन्स li...ek जीन्स और शर्ट मैंने पूर्वी के लिए ली...

विक्टर : तुम चलो काउंटर पर मई आया..

हेलेना का हाथ पकड़ मई चल दिया...

4 कदम hi चले थे की हम वापस आगये...

विक्टर सर वाइफ के लिए एक सेक्सी ड्रेस देख रहे थे...

मई : क्या सर छुपा रहे ho...dress बड़ी सेक्सी है...

विक्टर : समजा karo..wo हेलेना की तरफ आंखे दिखते हुए बोले...

मई : क्या sir..wo यही की है...

विकटोत सर पोर्न स्टार वाली ड्रेसेस अपनी वाइफ के लिए लेने लगे...


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एक ड्रेस मैंने अपनी सौम्य के लिए देख ली....

सब लेकर हम काउंटर पर ए और विक्टर सर ने रट हुए बिल भरा...

मॉल से हम निकले और हमें हेलेना एयरपोर्ट तक छोड़ने आयी...

bye बोलकर वो चली गयी...

हम लोग भी आगे बढ़ गए...

कस्टम वालो के पास आकर हमने टिकट्स की डेट चेंज कराइ....

सर इंडिया के लिए हाफ ऑवर की फ्लाइट है तब तक आप वेट कर लें..

हम लोग नए टिकट लेकर वेटिंग एरिया में बैठ गए...

विक्टर : सोना मिल जाता तो ले भी कैसे jate...dekha कितनी सख्त चेकिंग हो रही है...

मई : सही कहा sir...vaise आप इंस्पेक्टर को कब से जानते है...

विक्टर : जिस दिन तुम मिले उसी दिन मिला...

मई : मतलब..

विक्टर : हमारी एजेंसी के जो ओनर है उन्होंने कहा था अपनी टीम में अस ा गार्ड उसे ले jaun..samajh नहीं आ रहा उन्हें अब क्या जवाब दूंगा... तुम गवाही देने चलना.

मई : ठीक है सर...

हमारी फ्लाइट का टाइम हुआ और हम फ्लाइट में ए....

एयर होस्टेस से मैंने खाना mangwaya...aur भुक्कड़ो की तरह खाने लगा...

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तिंग्गग्ग...

कोण होगा आशना... दुर्बल बजने पर पूर्वी ने पूछा..

आशना : आप माँ को अंदर लेकर जाओ मई देखती हों शायद सौम्य आयी हो...

चलती हुई आशना ने आकर दूर khola..samne सोना कड़ी थी..

सोना : hi कुटी...

आशना : tum..kya लेने आयी हो..

सोना : wtf..mere hi घर में मुझसे पूछ रही हो क्या लेने आयी ho..chalo बताओ भाई कहा है मेरा..

आशना : तुम्हारी बकवास के लिए टाइम नहीं है मेरे pass..vaise भी तू उनसे अब मिलकर क्या karegi...tune उन्हें अपने यार से pitwaya..dhikkar हो तुझ पर..

सोना : तू कुछ ज्यादा नहीं बोल रही hai..bakwas की तो रोड पर लेकर खड़ा कर दूंगी ये मेरा घर है...

आशना : कोशिश करके देख ले...

सोना : मई लड़ने के मूड में नहीं आयी hon..warna तुझे बताती साली bitch...bta मेरा भाई कहा है...

चटककककक...

आशना : तूने मुझे बीच कहा vaisya..aashna थप्पड़ मरते हुए बोली...

थप्पड़ खा के सोना बेहद गुस्से में आशना को देख्नने लगी...

सोना : तूने बहुत बरी गलती कर दी hai..aarohi से तो मैंने नाक रगड़वाई अगर तुझसे नुदे करके नाक न रगड़वाई तो मेरा नाम भी सोना nahi..Mai यहाँ लड़ने नहीं आयी लेकिन अब तू देख मई तेरा क्या karti...aaaah..kehte हुए सोना ने अंदर आना चाहा तो आशना ने पीछे के लिए धक्का दे diya...sona पीछे को आकर गिरी...

पूर्वी : सलिल नहीं है यहाँ..

इतने में पूर्वी ने आकर कहा..

आशना : ऐसे लड़ेगी मेरे एक धक्के से तू बहार को giri...hahaha..thoda खा pi...aashna उस पर हस्ते हुए बोली...

सोना : कहा गए है wo..Sona उठकर खुद को झड़ते हुए बोली..

पूर्वी : America...ajyenge तो बता दूंगी तुम आयी थी..

कोण है आशना...

आशना : कोई नहीं है माँ एक भीकरण है बस छुट्टे दे रही hon..bechari ने वैश्यावृति छोर कर ाचा जीवन जीने का फैसला किया hai..dusri बात आशना ने धीमे से कही..

कुछ कहे बिना सोना गेट पर ayi...use अंदर अपनी तरफ पीठ किये एक औरत बैठी dikhi...jo सब्जिअं काट रही थी...

सोना : ये मेरी शादी का कार्ड भाई ए तो उन्हें दे Dena...isi वीक है.

वो बैग से कार्ड निकल कर पूर्वी को देते हुए boli...jise पूर्वी ले लेती है..

सोना : और तू ...अभी तक तो तुझे बची समझ रही थी लेकिन अब मैंने तुझे सच मच की वैस्य न बनाया तो मेरा नाम भी सोना nahi...kehte हुए सोना जाने के लिए मुद जाती है..

चर्रर्र... गुस्से में आशना सोना का वेडिंग कार्ड लेकर फाड़कर घर के बहार रखे कूड़ेदान में दाल देती है...

वेडिंग कार्ड फाड़ने की आवाज़ पर सोना पलटती है...

आशना : कोंग्रटुलतिओन्स इन advance..aur आशना दूर बंद करके अंदर चली जाती है...

सोना जाती आशना को स्माइल देते हुए वापस हो जाती है.....

******************************

रात को अनुसुइया अपने घर आयी...

पूरा घर लिघ्तों से सजा था घर के बहार और अंदर दोनों तरफ लोगो की चहल कदमी thi...jo मोस्टली नेइबोर्स थे....

राजा की आएगी बारात ..रंगीली होगी रत मगन मई nachungi...magan मई nachungi...ek तरफ कई औरते बैठी ढोल पर गीत गए रही थी...

अनुसुइया ाचा हुआ तुम agai...Sona देखो दूर नहीं खोल रही महेंदी की रस्म के लिए सरे लोग आगये hai....wo अंदर बैठी hai...samantha अनुसईया के पास आकर बोली...

अनुसुइया : ए मेरे साथ...

दोनों चलती हुई सोना के रूम के पास अति hai...jahan टोनी ,टीना जय दूर पीट रहे होते है..

टोनी : मां देखो न दूर नहीं खोल रही ... तोड़ दूँ..

अनुसुइया : sona...betu..door खोलो देखो मई आगयी hon..Maine कहा kholo...sona...ab ज्यादा हो रहा hai...Sona मेरी जान खोल भी दो..

छत्त..

दूर खुला और सोना कुछ कहे बिना घुटनो में मुँह डाली बीएड पर बैठ गयी..

अनुसुइया : मौसी आप सब यही ruke..sabko दूर पर छोड़ अनुसुइया दूर लॉक कर लेती hai...fir चलते हुए सोना के पास अति है...

अनुसुइया : क्या हुआ क्यों उदास है मेरी Jaan...salil ने कुछ कहा tha...jab कार्ड देने गयी..

सोना : भाई नहीं they...wo रंडी aashna...rote हुए सोना सब बता देती है...

सोना : अब मई चाहती हों आप उसे वैस्य बनाओ..

अनुसुइया : hahaha...tu भी न yaar...bachi है wo...chhor उसे चल आ तेरे हाथो में मेहँदी लगाऊं...

dhammmmm...gusse में सोना लैंप उठा कर दिवार में मरती है...

सोना : पहले मई भी उसे बची समझती thi..usne मेरी शादी का कार्ड फेका ...मुझे थप्पड़ mare..wo हमसे हमारे भाई को चीन रही hai...apko मेरी कोई परवाह hi nahi...Sona बीएड से उठकर गुस्से में हुंकारे भरते हुए बोली...

dhammm...dhammm...jyada गुस्सा आने पर रूम की चीज़े फेकने लगती है...

अनुसुइया : पागल हो गयी है kya..pass आकर अनुसुइया सोना को पकड़ कर बीएड पर बिठा देती है...

अनुसुइया : सलिल उसे बहन मंटा hai...agar उसे पता चल गया तो हम दोनों से उसे जो थोड़ा बहुत प्यार है ख़त्म हो jayega...smjhi...

अनुसुइया : उसने मेरी इंसल्ट ki...aap उसे विष कन्या बनाओगी या nhi...wo हमसे सलिल को छीन लेगी didi..samajhti क्यों नहीं.

अनुसुइया : तू मूड ठीक कर apna...Mai कुछ करती hon....kal उसे उसके कॉलेज से निकलवा दूंगी..

सोना : मौसी भी गयी thi...bhai को lene..aur उसने उनकी भी इंसल्ट की...

अनुसुइया : क्या..

सोना : है दीदी.. सिर्फ कॉलेज से hi नहीं निकलना उसे विष कन्या बनाओ..

अनुसुइया: जा पहले उन्हें लेकर आ..

सोना उठकर सामंथा को लेकर अति है...

अनुसुइया : क्या हुआ था mausi...jab आप सलिल के पास गयी थी..

समता: मैंने जाकर दूर बेल्ल बजे और एक लड़की ने खोला.

आप कोण किस्से मिलना hai..aashna ने दूर खोल के पूछा..

ऐसा लगता है जैसे मैंने इन नीली आँखों को कही देखा है... सामंथा अंदर एते बोली...

आशना : पहले नाम बताये कोण हो आप ..भाई अभी घर नहीं है..

सामंथा : मई सलिल की मौसी hon...uski मां अब आने दो...

जैसे hi सामंथा अंदर आने को होती है आशना उसे बहार को धक्का दे देती है...

आशना : हमसे हमारा सब कुछ छीनने वाली वो तू hai..nikal जा मेरे घर से डायन...

सामंथा : क्या हो गया है तुम्हे ऐसे क्यों बोल रही हो .

आशना : क्या हो गया तूने मुझसे मेरा सब कुछ चीन...

क्या कर रही है aashna....niklo मैडम यहाँ se...isse पहले की धक्का देकर निकलू.

एक दूसरी लड़की ने आकर मुझे इंसल्ट करके निकल दिया..

सोना : दीदी वो पूर्वी थी...

अनुसुइया : मौसी आप सबको लेकर चलो मई इसे लेकर अति hon..anusuiya के कहने पर सब रूम से चले जाते है ..

अनुसुइया : पूर्वी आरोही की फ्रेंड है न वो क्या कर रही है उसके साथ..

सोना : मुझे क्या पता...

अनुसुइया : चल तू सबके pass..Mai उसे देख lungi...bhut से सवालो के जवाब देने है उसे अब....

***************************

10 बजे हम दोनों इंडिया लैंड हुए ...

बंगलोरे एयरपोर्ट से निकल कर हम बहार aye...bahar hi हमें दज़य मिल गयी...

दज़य : कैसा रहा प्रोजेक्ट सर .

विक्टर : कोई और सवाल करो दज़य...

दज़य : कहा तक लिफ्ट chahiye...wo ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए बोली...

दज़य : ऑफिस या घर..

विक्टर : चलोगे मेरे साथ...

मई मुस्कुरा दिया....

विक्टर : घर ले चलो दज़य...

कुछ देर बाद हम विक्टर सर के घर पर ए...

एक 28 के अस्स पास की आगे की अटरेक्टिव औरत ने दूर खोला...

विक्टर : कैसी हो मेरी Jaan...gate खोलते hi उन्होंने उसे बाँहों में भर लिया...

ाःह क्या कर रहे हो छोडो ...

विक्टर सर ने उसे निचे उतरा...

विक्टर : एल्सा ये है मेरा कौलीगुए salil...ye भी मेरे साथ अमेरिका गया था...

एल्सा : आओ अंदर...

बैग लेकर मई अंदर आया...

विक्टर : बचे कहा है..

एल्सा : स्कूल गए hai...tum बैठो मई कुछ खाने का लेकर अति हों...

वो चली कुछ देर बाद उसने हमारे सामने छाए नास्ता रखा...

फिर वो खाना सामान वाले बैग ले गयी....

विक्टर : कैसी लगी...

मई: अछि है सर...

विक्टर : अब तुम शो देखो...

एल्सा सामान रख कर वापस किचन में घुस गयी...

विक्टर सर पीछे से Gaye...aur एल्सा को बाँहों में भर लेते hai...mujhe दिखते हुए वो उसकी गांड मसलने लगते है...

एल्सा सूट शलवार में thi...jisme से उसकी मोती गांड का शेप अचे से दिखाई दे रहा था....

एल्सा : ाः क्या कर रहे ho...chhodo भी घर में गेस्ट है...

विक्टर : तो क्या हुआ Jaan...bhut प्यासा हों...

कहते हुए वो उसकी प्लाज़ो में हाथ दाल देते है...

एल्सा : संजो न गेस्ट है...

विक्टर : तो रूम में चलो वर्ण यही छोड़ने लग जाऊंगा...

एल्सा : ठीक है तुम चलो मई आ रही हों...

विक्टर सर मुझे देखते हुए मेरे पास से गुज़र गए...

कुछ देर बाद एल्सा भी उधर hi चल दी...

एल्सा : आप वेट करो मई अभी आयी..5 मिनट बाद...

मई : कोई बात नहीं...

वो जाते हुए बोली...

मई बैठा उनका वेट करने लगा...

कुछ सोंचकर मैंने मास्क खींचा...

मई : aaahhh...nikalte हुए मुझे बड़ी तकलीफ हुई....

माँ अकेली है आशना मेरा वेट कर रही hogi...call पर भी उनसे बात नहीं हुई....

एक साथ साडी सोंचे मेरे दिमाग में आगे...

salil...ajao...ek रूम के बहार से नंगे विक्टर सर की आवाज़ मुझे आयी...

मई : विक्टर sir..maa मेरी अकेली है घर par...mujhe जाना होगा....

मैंने अपना बैग लिया और बहार को चल दिया...

विक्टर : सुनो salil...salil..

वो बुलाते रहे लेकिन मई आगे बढ़ गया...

घर से निकल कर मैंने मास्क फिर लगा लिया....

बहार आकर मैंने एक टैक्सी li....aur चल दिया घर...

अब मुझे अफ़सोस हो रहा था की क्यों चला आया मई विक्टर सर के घर से इतनी हॉट वाइफ थी उनकी..

रस्ते भर उनकी वाइफ को सोंचता हुआ मई घर आया...

bhai....door खोलते hi मुझे देख आशना मेरे गले लग गयी....

मई : हाय मेरी जान तेरी बहुत यद् आयी..

आशना : मुझे भी...

अंदर भी आने दो ab..purvi एते हुए boli...mujhe देख उसके होंठो से हसी नहीं जा रही थी...

मई: देख बैग में क्या क्या है बहुत कुछ लाया...

बैग निचे रख मई पूर्वी के पास खड़ा हो गया...

पूर्वी : कैसी रही trip...kehte हुए उसने आगे बढ़कर मुझे हुग कर लिया...

मई : बस किसी तरह आगया bachkar...kuch हुआ तो नहीं था यहाँ...

पूर्वी : nhi....itne में माँ अंदर से निकली...

माँ को देख मई उनके पास आया और उनके गले लग गया...

मई : आपसे ठीक से मिल भी नहीं पाया और जाना पड़ा...

माँ : कोई बात नहीं ...

माँ मुझे लेकर रूम में आगे..

माँ की गोदी में सर रख कर मई लेट गया...

मई : माँ अब अपने दुश्मनो की ार्थिया देखने के लिए तैयार हो जाओ...

माँ : तुम कमज़ोर हो बहुत और मई तुम्हे खो नहीं सकती....


मई : नहीं माँ मुझे कुछ मिला hai....aur मैंने माँ को शार्ट में बता Diya...mask के बारे में.

माँ : बड़ी ताकत के साथ बड़ी ज़िम्मेदारी भी अति hai....badla लेना मगर किसी पर अत्याचार नहीं karna...aisa तुम्हारे पापा कहते they...wo थे भी ऐसे hi...

ये सरे कपडे किसके लिए laye..mere कोनसे hai..aashna अंदर एते हुए बोली...

मई : मुझे दिखा मई बताता हों...

माँ : बैठ मई तेरे लिए कुछ खाने का लती हों..

उठकर माँ चली गयी...


आशना : ये किसके hai..wo मुझे एक ड्रेस दिखते हुए बोली..

मई : ये तेरे है...

आशना : ये ..

मई : ये माँ के लिए hai..ab रहने दे...

आशना : और भी hai...aur ye...chii कैसी ड्रेस है ye...jo मई सौम्य के लिए लाया था वो उसने निकल ली थी...

मई : क्या कर रही है ये तेरी भाभी की hai...Mai जम्प मर के उससे ड्रेस छींटे हुए बोलै..

आशना : ची कितनी गन्दी ड्रेस laye...hato देखने do...wo मुझसे छीन कर देखने लगी...

मई : पागल हो गयी है तू गन्दी भी बोल रही और देख भी रही...

आशना : कपडे hi तो है....

आशना जल्दी से आलू चील दे फिर मई पराठे बाण डॉन...

मई : जा माँ बुला रही hai...dress छीन कर मैंने रख di...wo मुझे छुड़ाते हुए चली गयी..

मई : ये तुम्हारे liye...jyada कॉस्टली नहीं है लेकिन तुम पर अछि lagegi...Mai एक ड्रेस पूर्वी को देते हुए बोलै...

पूर्वी : बहुत अछि है ..भाभी कोण ..कोई और भी तुम्हारी ज़िन्दगी में...

मई : सौम्य...

पूर्वी : जानती हों और ये उस पर ज्यादा अछि लगेगी ...

मई : नहीं रख लो...

पूर्वी : नहीं चाहिए न...

मई : उससे मेरी शादी हो गयी है...

पूर्वी : ाचा ठीक है चलती hon...jate हुए उसने ड्रेस मुझे थमा दी...

मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

मई : कुछ कहना है...

पूर्वी : hnn...usne ना में हुंकार भरी की उसकी आंख से आंसू निचे गिर गया..

मई: फिर रो क्यों रही हो...

पूर्वी : हाथ छोड़ो न...

मई : तुम रोहित के साथ इंटिमेट हुई थी...

पूर्वी : सिवाए उसके भूतो के sath...lekin क्यों पूछ रहे ...

मई : बस ऐसे hi...bol दो न सुन रहा हों...

पूर्वी : दिखाई नहीं देता मेरी आँखों में...

मई : दीखता है लेकिन मई सुन्ना चाहता हों...

पूर्वी : I'm इन लव विथ यू madly...wo अफ़सोस करते हुए बोली...

पूर्वी : मई पुरे नहीं हों ..आगे चीट करने का ख्याल भी नहीं अत hai...kya मुझे जीने का हक़ नहीं...

मई : सौम्य से प्रॉब्लम तो नहीं तुम्हे उसे एक्सेप्ट krogi...tumne पहले क्यों नहीं कहा यार...

पूर्वी : कैसे कहती मई गन्दी हों न...

मई : तुम सच्ची हो इतना काफी है ...

कहकर मैंने उसका हाथ छोड़ दिया...

वो मेरे करीब आयी और मुझे देखने लगी मई उसे...

हम दोनों की सांसे एक दूसरे के चहेरे पर पद रही थी...

उसने मेरे गले में बाहें डाली और मैंने उसके होंठो पर होंठ रख दिए....

किश करते हुए मैंने उसे गेट से लगा दिया.....

हम दोनों के होंठ एक दूसरे के होंठो को मुँह में लिए चूस रहे थे...

सांसे उखाड़ने पर मैंने उसे छोड़ दिया...

पूर्वी : तुम्हारा चुहिया खड़ा होता है...

मई : दूसरे कमरे में चल दिखता hon...Maine उसे निचे उतारते हुए कहा..

पूर्वी : मजाक कर रही हों मुझे फर्क नहीं पड़ता ...

मई : चल na....Maine हाथ पकड़ कर कहा..

दूसरे कमरे में लेकर मैंने उसे बीएड पर गिरा दिया खुद उसके ऊपर आज्ञा...

नैक पर किश करते हुए मैंने उसके बूब कपड़ो के ऊपर से दबाने लगा...

मई : खोल कर देख...

उसने सर हिलाया और मेरी पंत खोलने लगी...

कुछ देर बाद मेरा डिक उसके हाथ में tha...Mai बीएड पर पेअर फैला के बैठ गया...

पूर्वी शॉक में मेरे डिक को देख रही थी...

पूर्वी : kaise..itna बड़ा तो किसी घोड़े का भी नहीं होता

मई : मुँह में ले फिर बताता hon...wo साइड में ayi...aur मेरे लैंड पर झुक गयी...

बड़ी कोशिश से उसके मुँह में टोपा गया...

अपने स्पिट से वो उसे गिला करने lagi..Mai उसके बूब दबाने लगा...

उसे बहुत एक्सपीरियंस था मुझे बहुत मजा आ रहा था...

parathe....oppss...

आशना पराठे लेकर रूम में एते हुए बोली...

पूर्वी जल्दी से उठी और खुद को ठीक करने लगी...

आशना को देख मई अपना डिक सहलाने लगा...

सहलाते हुए मई उसके जिस्म के उठाओ चढ़ाओ देखने लगा..

ऐसी चीज़ जिससे कभी दिल न भरे..

आशना : पहन लिए कपडे अभी आपसे पूछती हों..

पूर्वी : पागल हो गए हो पहनो कपडे...

मैंने गुस्से में उसे dekha...jis पर वो दर गयी...

aap...kon ho...usne मुझे dekha...hairat se...Mai जो उसे पास आने का इशारा कर रहा था...

dhammm....usne प्लेट मेरे ऊपर feki...lekin मैंने प्लेट और पराठे दोनों फुर्ती से कैच कर लिए...

आशना : ये भी नहीं पता मुझसे क्या रिश्ता है तुम्हारा...

पूर्वी : कपडे ठीक करो अपने...

आशना : maaaa....maaaaa....


मैंने जल्दी से कपडे पहने...

मई : क्या कर रही है पागल हो गयी है..

आशना : तुम भी सोना और अनुसुइया की तरह ho...behad घटिया इंसान...

अब मुझे अहसास हुआ मैंने क्या कर diya....Maine जल्दी से मास्क खींचा...

मास्क निकल कर मई लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...

पूर्वी : ये क्या है...

मई : सब बताता hon...mai हैरत से मास्क देखने laga...jo मुझे hi देख रहा था...

पहन लो mujhe....Mai hi हों जो तुम्हारी हेल्प कर सकता है तुम्हारी आवेंगे में...

मई : तुम बोल सकते हो...

मास्क : मई क्या नहीं कर सकता...

मई: ये सब तुम्हारी वजह से hua..Mai अपनी सौम्य के लिए लॉयल tha...pehle विक्टर सर अब ये...

मास्क : एक राजा की बहुत साडी रनिया होती hai...ye सब तुम्हारी राणीअ है...

dhammmmm...gusse में मैंने मास्क दिवार पर दे मारा....

मई : तुमने सुना आशना ...ये मई नहीं हों...

आशना : है सुना ..

पूर्वी : तुम किस्से बातें कर रहे थे वो मास्क तुम्हारे चेहरे से कैसे निकला..

मई : क्या matlab...Mai उससे बातें कर रहा tha...aashna मेरी तरफ dekh...tujhe मई ऐसा लगता हों...

क्या हुआ aashna...kyo चीख Rahi...maa के आने पर मैंने माँ से बचकर आशना के सामने हाथ जोड़ लिए...

आशना : कुछ नहीं maa..chaye बना दो इनके लिए...


आवाज़ देकर बुलाने से ाचा था बोल देती छाए बनानी hai.pagal ladki....kehte हुए माँ वापस हो गयी...

पूर्वी : तुम अपने आप से बातें कर रहे थे...


मई : मई जहाँ गया था मुझे ये वही Mila...aashna...Mai इतना गिरा हुआ नहीं hon...ye बातें करता hai...ise पहन कर मई बहुत हॉर्नी हो जाता hon...like निम्फोमानिअस...

कुछ कहे बिना वो चली गयी...

मई :: मई सच कह रहा हों...

पूर्वी: ी बेलीवे अब ध्यान रखना...

मैंने सर हिलाया...

मुझे पहन lo...salil...mere dost...mask मुझे बहुत देर से बुला रहा था.... मैंने उसे uthaya...aur तोड़ने लगा...

मास्क : मुझे तोड़ दिया तो अपना बदला कैसे लोगे...

उसकी बात सुनकर मैंने उसे अपनी ालमिरह में रख diya...fir वाशरूम में घुस गया....

नहाते हुए मुझे वो लम्हे याद आ रहे थे जब आशना मेरे रूम में आयी थी और मई उसे...

dhammmm...aaahhh...

गुस्से में मैंने अपना हाथ दिवार पर दे mara...aur मेरे हाथ में चोट लगी...

नाहा कर मई बहार aya..aur मई कपडे पहन कर लेट गया...

पूर्वी : खाना तो खा lo...uski बात सुनकर मई उठा और मैंने बीएड के सिरहाने से गोला निकला मुँह में दाल लिया....

पूर्वी : तो तुमने इसे छोड़ा नहीं .

मई : मई बीमार हों मुझसे दूर raho...aur मैंने अपनी आंखे बंद कर ली...

पूर्वी : मई हों न.. वो मेरे पास बैठते हुए बोली ..मैंने अपना सर उसकी गोदी में रख liya...wo सहलाने लगी...

न जाने कब मुझे नींद आगयी...۔۔
 
Episode 39.

थे नाईटमेयर

नेक्स्ट कंटिन्यू

Salil...salil...tumhara फ़ोन बज रहा है...

किसी के पुकारने पर मेरी आंख khuli..Maine देखा वो पूर्वी है जो अभी तक वैसे hi बैठी थी...

पूर्वी : रत हो गयी है उठ जाओ तुमने कुछ खाया भी नहीं है ..

मई : hnn...aur मई उठ गया...

पूर्वी : aaah..so गए है पेअर...

मई : उठ जाती यार...

पूर्वी : कोई बात नहीं ....आशना खाना ले आओ....

कुछ देर बाद आशना आयी ..

मई : तूने मुझे माफ़ कर दिया...

पूर्वी : तुम्हारी कहानी सुनाई ..की तुम ऐसे नहीं हो...

आशना : हाँ कर diya...mai गर्ल हों मेरे सामने चिपका चिपकी न किया karo...meri भी फीलिंग्स है...

मई : तेरे पेअर पढता हों... अब जो करू..

आशना : ाचा खाओ...

मई पराठा खाने laga...jo ठन्डे थे ..

उठ gaye....beta..maa अंदर एते हुए बोली...

फिर मेरे पास hi आकर बैठ गयी...

माँ: uh..wo...wo कैसी दिखती hai...bas देखना चाहती हों....

आशना : माँ समझ में नहीं अत apko...wo वैश्य है dono...apko पता भी है kuch...wo अपने यारो के साथ भाई के सामने सोती थी...

माँ : uff...kya हो गयी मेरी bachiyan...maa रोने लगी...

आशना : अब रोना शुरू कर do...milna है उनसे तो चलो मेरे sath...apke बेटे के साथ जो किया उसे भूल jao...papa की कहानी सुनते हुए कैसे कह रही थी पापा ऐसे है वैसे hai..aap कैसी हो माँ..

मई : आपको मिलना है उनसे माँ..

माँ : नहीं बीटा बस ख्याल agaya...tumhare पापा होते तो वो भी त्याग देते इसलिए मई भी त्याग रही hon...mai तुम्हारा ग़म समझती हों...

मई : मुझे दर है कही आप भी घुट घुट कर न जिए ...मई वो कभी नहीं भूल सकता जब सोना ने मुझे ऐसे देखा जैसे मई उसका दुश्मन हों वो मर से भी ज्यादा दर्द देने वाला अहसास था ...मई उसका दुश्मन थोड़ी hon..maaa...

माँ : ससष्ठ चुप होजा मेरे lal...mujhe यद् अति है उनकी लेकिन अब नहीं karungi...Maine सर हिलाया...

खा कर मई बीएड से तक लगा कर बैठ Gaya...Maine मोबाइल उठा कर देखा तो उस पर तीन मिस कॉल थी सौम्य की...

मैंने बैक कॉल लगा di...maa बर्तन लेकर चली गयी...

मई : हाँ जानू यद् आगयी मेरी....

सौम्य : तुम्हे आगयी

ऐश कर रहे होंगे लड़कीओ के साथ नाचते हुए तुम्हारी तो बहुत साडी फ्रेंड है...

मई : कहा यार सुबह काम से आया कई दिनों बाद फिर सो गया उठा तो ठन्डे पराठे खिलाये आशना ने..

सौम्य : क्या तुम सामने वाले घर में हो...

मई : और कहा jaunga...yahi हों..

सौम्य : बहार आओ लाइट्स के निचे मई भी आ रही हों...

मई : ठीक है...

कॉल कट करके मई उठ गया... और मैंने बैग से कपडे निकल के अपनी शर्ट में छुपा लिए..

मई : अत हों...

पूर्वी से कहकर मई आगे बढ़ गया...

बहार आया तो ठंडी हवाओ से सामना हुआ सब तरफ कोहरा tha....park की लाइट्स जल रही थी जिनकी लाइट न के बराबर दिख रही थी...

एक जगह पर गिरेकट बैठे जुआन खेल रहे थे लाइट की रौशनी में...

मई हमारी मिलने वाली जगह जो लाइट के निचे बेंच थी वह आकर बैठ गया...

कुछ देर बाद गर्म उँगलियाँ मुझे अपनी आँखों पर महसूस हुई...

मई : पता नहीं कोण hai..aise hi रखे रहो बहुत ठण्ड लग रही है .. पीछे हाथ ले जाकर मैंने उसकी बॉल्स पकड़ ली और दबाने लगा...

सौम्य : कमीने इंसान...

मई मुस्कुरा दिया...

सौम्य : तुम्हारी कॉल क्यों नहीं लग रही थी...

मई : ऐसी जगह था जहाँ कोई टावर बेगरह नहीं था... मैसेज किया था न जाते समय...

सौम्य : तो आज ए अमेरिका से..

मई : han..mai खड़ा होते हुए बोलै..

सौम्य : क्या देख रहे हो salo...niklo इधर se..wo उन गिरेकतो से बोली जो हमें मिलता देखने लगे थे..


पुलिस वाली है उठो रे sab..unka एक साथी bola...aur सब उठ गए...

सौम्य : dekha...kaise डरके भागे..


मई : मुझे भी बंद कर le..apni जेल me..roz तुझे घुरा करूँगा..

सौम्य : badmash..aur उसने मेरे गले में बाहें दाल दी...

मई : अंकल से बात की...

सौम्य : तुम आओ घर पर तुम्हे चेक करेंगे..

मई : mr...bhlla रेडडी आपकी लड़की मेरी पत्नी है मुझे उससे फिर से शादी करनी hai...bich में नहीं ana...Mai उसके घर की तरफ फेस करते हुए चीखा...

सौम्य : डेरिंग दिखाओगे आईपीएस सौम्य को..

हप्प...

मई : ाःह

अगले hi पल उसने मेरी बैक पकड़ ली..

वो दबाते हुए उंगलियन अंदर डालने की कोशिश कर रही थी...

मई : देख छोड़ de...warna पछ्तायेगी...

सौम्य : उफ़ कितनी नरम है इसे तो मई डिलडो से मरूंगी ...

उसके न छोड़ने पर मैंने उसकी बैक पकड़ ली...

सौम्य : ाःह कमीने हो पुरे...

बैक कोर्ट की वजह से हाथ में नहीं आयी तो मैंने ज़ोर से बूब दबा diya...uchalkar वो पीछे हो गयी...

सौम्य : तुम्हारे साथ रहूंगी तो मई भी बिगड़ जाउंगी...

मई : बातें देखो इनकी अपने आप मुझे बिगड़ कर कह रही है बिगड़ जाएगी...

सौम्य : कितने रोमांटिक हो गए ho..apni मुँह बोली बहन ..फ्रेंड ...गफ्फ से तो नहीं सीख रहे...

मई : वो मुँह बोली नहीं सगी बहन है..

सौम्य : बहन से यद् आया मई तो यहाँ काम से आयी थी... कहते हुए उसने अपने कोर्ट में से एक कार्ड निकला और मेरे सामने कर दिया...

सौम्य : आज पार्टी है खाना hai..kal रुखसती hai...tum यहाँ क्या कर रहे ho...isliye तो मैंने फ़ोन किया मई भी आ रही thi...but तुम यहाँ nikle..aisi भी क्या नाराज़गी...

dhammm..card देखते हुए मई सदमे से बेंच पर बैठ गया...

मई : मुझे बताया भी नहीं...

सौम्य: क्या ...वो ऐसा कैसे कर सकती hai...wo भी अपने सेज भाई के साथ...

मई : k..k..koi ...बैठत nahii..meri आवाज़ सुन सौम्य मेरे पास आकर बैठ गयी...

उसने मेरा सर अपने साइन से लगा लिया...

बहुत देर तक मई कार्ड पर सोना और कारन की फोटो देखता रहा...

सौम्य : अनुसुइया से पूछूँगी जरूर मई...

मई : ज़रूरत नहीं hai...tumhare लिए कुछ लाया हों दिखाऊं...

कहते हुए मैंने अपनी शर्ट से उसकी ड्रेस निकल ली...

मई : ये अमेरिका से laya...tumhare लिए..

सौम्य : कल पहन कर आउंगी...

मई : पहले देख Lena...chal तू जा मई भी सोने जा रहा हों...

सौम्य : कुछ कहना था..

मैंने सर हिलाया..

सौम्य : वो मेरी एक जूनियर है .. मैंने उसे एक केस Diya..wo केस चीटिंग का था हस्बैंड ने वाइफ की वीडियो रिकॉर्ड की काम पर जाने के बाद वो क्या karti..usne पिता था अपनी वाइफ और उसके पार्टनर को वाइफ ने रिपोर्ट करा के अंदर करा दिया हस्बैंड... बदले में हस्बैंड ने कक्तव फुटेज di...to मेरी जूनियर जो मैरिड है उसने वो सप के साथ क्लिप देखि और दोनों बहक gaye..video देखते hue...ab वो गिल्ट में है ...मुझसे पूछ रही वो अपने हस्बैंड को बता दे ये sab..meri जूनियर..

मई : हाँ.

सौम्य : तुम उसकी जगह होते तो क्या करते ...

मई : छोड़ देता तुझे मरता अलग से.. सच बता तू तो नहीं थी..

सौम्य : नहीं shona...Maine बस तुम्हारी गए लेने के लिए पूछा...

मई : ाचा चल bye..

सौम्य : ठीक hai..bye..

हुग करके वो चली गयी मई भी आगे बढ़ गया...

घर आकर मैंने सिगरेट ली और छत पर आगया...

एक घंटे तक मई वही बैठा Raha...call आयी तो मैंने बताया मई ऊपर हों...

यहाँ क्या कर रहे हो इतनी ठण्ड me..aashna ऊपर आकर बोली..

मई : कुछ नहीं bas.aise hi..

आशना : पूरा शरीर ठंडा पद गया है चलो निचे डिनर करने...

मई : अभी तो खाया था..

आशना : माँ ने पराठे बनाये चिकेन ke..nariyal की चटनी और छाए भी है...

हाथ पकड़ कर वो मुझे निचे ले आयी... रूम में आकर मैंने गोला खाया फिर हाथ धोकर सबके साथ बैठ गया...

गोला खाने के बाद भूक कुछ ज्यादा hi लगती है...3 पराठे खा कर मई उठा...

मई : माँ मज़ा agaya...aalu भी मिक्स कर लेना अब से और गोबी भी..

माँ : सुबह खिलाती हों..

माँ ने मुस्कुरा के कहा...


माँ के हाथो का टेस्ट बड़ा कमल का था...

रूम में आकर मई लेट gaya...kuch देर बाद पूर्वी भी आकर लेट गयी...

आशना : यहाँ मई लेटूंगी...

पूर्वी : अजा तीनो अजायँगे...

वो बिच में आकर लेट गयी...

आशना : बीएड से गिर जाओ तो मुझसे न कहना..

पूर्वी : नहीं कहूँगी यार..

आशना : आप दोनों के बिच क्या चल रहा hai..ye तो पता है आप मेरे भाई के लिए पागल हो..

पूर्वी : है ये तो hai...tere भाई ने मुझे अपना लिया..

आशना :सौम्य से बचकर रहना वो तो मुझ पर भी डाउट करती hai..pta नहीं क्या होगा आप तीनो का ..और वो पूर्वी को हुग करके लेट गयी मैंने उसकी तरफ पीठ कर ली...

सोना को सोंचते हुए गोले के नशे में न जाने कब मेरी आँख लग गयी...

सुबह उठ कर मई तैयार हुआ और बिना नशा किये बहार agaya...sabse कह दिया था भूक नहीं है.

कुछ देर बाद मैंने ऑफिस की पार्किंग में बाइक पार्क ki...aur ऑफिस में आया...

विक्टर सर नहीं ए थे आज....

सब मुझसे पूछने लगे अमेरिका की ट्रिप कैसी रही...

मैंने सबको बहार भेज दिया ...

तुम यहाँ बैठे ho...pta नहीं कब अभी अंदर आगया था...

अभी : सोना की शादी में तुम नहीं गए..

मई : बैठो न...

अभी : नहीं यार विक्टर से मिलने आया tha...wo अभी रस्ते में hai...aaj देखो कितना लेट हो गया...

मई : हाँ आज लेट हो गए...

अभी : तुम्हारी बहन कार्ड देने आयी thi...meri प्रॉपर्टी भी वापस देने का बोल रही थी... कह रही थी इतनी बुरी नहीं है wo....mai भी जनता था वो मेरी माँ डाइवोर्स न ले इसलिए उसने ऐसा kiya...uske पास पैसो की कमी थोड़ी hai...caroro में है...

मई : हाँ होगा...

अभी : ठीक है चलता hon...tum हो आओ यही तो मौका होता hai..apno के साथ खड़े होना का...

अभी गया तो मई भी उठ गया...

बहार आकर मैंने बाइक निकली और चल दिया....

घर आया तो खूब अचे से सजा हुआ था... बाइक पार्क करके मई वहां चल दिया जहाँ पंडाल लगा था...

सब तरफ लोग hi लोग थे..

एक जगह मुझे अनुसुइया दीदी दिखी जो बहुत खूबसूरत लग रही thi....wo काम बता रही थी और मेहमानो का स्वागत कर रही थी...

एक जगह पर गरीब लोग खाना खा रहे थे दूसरी जगह पर अमीर log...ek जगह पर आने वाले रिश्तेदार पैसे दे रहे थे जो शादी पर आने वाले देते है...

उनके पास आकर मैंने पर्स निकला...200 रुपये पड़े थे मैंने वही दे दिए...

गरीब लोगो का खाना उधर hai...usne पैसे लेकर कहा...


मई उधर hi चल दिया....

सभी गरीब लोगो के साथ मई बैठ Gaya...pattal में मुझे किसी ने संवर दिया किसी ने लग पीेछे किसी ने डोसा किसी ने इडली...

सलिल beta...ek मिठाई देने वाले ने मुझे dekha...ye भीमा चाचा था पापा के दोस्त ...जो हमारे बचपन में घर एते they...inhone नौकरी के लिए मेरी सिफारिश भी की thi..jo किसी काम की नहीं थी...

भीमा : तुम यहाँ अनाथो में खा रहे हो...

मई : कोई बात नहीं चाचा...

भीमा : मई ये नहीं sahunga...abhi मई अनुसुइया से कहता hon...tum तो इस घर के चराग हो यहाँ खाओगे..

वो चले गए गुस्से में कहते हुए..

salil...kuch देर बाद दीदी ayi...Mai सर निचे किये खाने लगा....

मई : खाना ाचा hai...aur मई उठ गया....

दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने साथ ले जाने लगी....

सोना को मंगलसूत्र पहनाया जा रहा tha....sab लोग उस पर फूल दाल रहे they...didi मुझे मंडप में ले आयी थी...

सोना बहुत खूबसूरत लग रही थी लाल जोड़े में...

रस्म होने के बाद वो सबके पेअर चुने लगी कारन के sath...mausi के छू कर वो दीदी के छूने लगी...

मुझे देखा तो उसने खुस होते हुए कान पकड़ लिए फिर पेअर छूने के लिए झुक गयी...

कारन : लौड़े के पेअर कोण छुए...

झुकी सोना ने उसे देखा...

मैंने पेअर पीछे कर liye...aur अपना हाथ छुड़ा लिया...

सब होने के बाद बिदाई के लिए गेस्ट गाड़िओ के पास आकर खड़े हो gaye....ek जगह खड़ा होकर मई भी देखने लगा...

दीदी से मिलकर सोना फुट फुट कर रोने lagi...didi ने पता नहीं क्या कहा सब हसने लगे....

फिर सोना ने कुछ कहा दीदी इधर उधर लोगो में मुझे देखने lagi....Mai टेंट की आड़ में हो गया....

सोना ने एक बार देखा फिर वो भी कार में बैठ गयी....

गाड़ी आगे बढ़ी तो मई भी निकल आया...

सलिल रुको.... पीछे से दीदी ने आवाज़ दी...

मेरे न रुकने पर दीदी भाग कर मेरे पास आयी...

अनुसुइया : सब जगह वो ढूंढ रही थी....

मैंने मुस्कुरा कर दीदी को देखा फिर आगे बढ़ गया.....

पार्किंग से मैंने बाइक ली और घर को चल दिया...

***********************

तुम्हे मेरे भाई से ऐसा नहीं कहना चाहिए था...

कारन : उस चूतिये को क्यों बुलाया शादी में...

सोना : मंद योर language...wo मेरा भाई है आएगा नहीं आखिरी बार देख भी नहीं पायी.....

कारन : शट उप यार हमारी सुहागरात है उस चूतिये को याद मत करो...

सोना : एक शब्द और कहा तो ाचा नहीं होगा...

कारन : ाचा acha..kehte हुए वो सोना के बूब्स दबाने लगता है...

सोना : मई मज़ाक नहीं कर रही हों... दुबारा अपने भाई के खिलाफ कुछ न sunu..sona हाथ हटते हुए बोली..

कारन : ाचा सॉरी उस चूतिये को कुछ नहीं कहूंगा आखिर साला है Mera..ab हाथ छोडो...

सोना इग्नोर करते हुए हाथ छोड़ देती है....

रस्ते भर कारन सोना के बूब्स मसलते हुए आया....

एक बड़े से घर में आकर गाड़ी ruki....dono कार से nikle....aur बहार ए...

सोना : कोई लेने नहीं आया....

कारन : सब अंदर है....

चलते हुए कारन के साथ सोना अंदर आयी..

अंदर कारन की पूरी फॅमिली होती है....

सोना बरी बरी सबके पेअर छूने लगती है...

पेअर छूटे हुए वो चेयर पर बैठे एक आदमी के पास अति है...

धम्मं.

जैसे hi पेअर छूने के लिए झुकट्टी वो आदमी सोना के लात मरता है.....

आदमी : दुनिया इस सागर गुप्ता के कदमो में झुकट्टी है और उस दो टेक की रंडी ने मुझसे भरी महफ़िल में नाक रगड़वाई...

कारन : भैया मई ले आया अब आप अपना बदला पूरा Karo....hahahah....

सोना हैरानी से कारन को और गुप्ता को देखने lagi...uski कुछ समझ में नहीं आ रहा था...

सोना : कारन ...जेठ ji...aap ऐसा क्यों कर रहे है...

गुप्ता : तू इस घर की बहु तभी बनेगी जब वो रंडी अनुसुइया मेरे कदमो में नाक ragdegi....us दिन पार्टी से निकाल कर उसने जो मेरी बेइज्जती की उसे तो मई सेह gaya...agle din..wo मेरे ऑफिस आयी....

क्या बोल रहा था मेरी बहन को रंडी बनाएगा tu....bahan के लिए तो माफ़ कर दूंगी लेकिन तूने एक बात और कही थी की तू मेरे भाई को जान से मार देगा...


मई : तुम्हे कैसे पता चली ये बात...

इतने में रीतिरे कमिश्नर महरा उसके पीछे से nikla...us गद्दार ने अनुसुइया को सब बता दिया था.

अनुसुइया : गॉर्डस पकड़ो इसे.

उसके गार्ड्स ने मुझे मेरे केबिन से nikala...aur मेरे एम्प्लाइज के पास घसीटे हुए मुझे लाये....


अनुसुइया : जान प्यारी है तो नाक ragad...nahi तो मई तुझे ले जाउंगी अपने sath...mujhe तो तू जनता hi है पुलिस मेरी पॉकेट में है.

उसने सबके सामने मुझसे नाक रगड़वाई....

उसके बाद मई घर आकर फांसी के फंदे पर लटकने laga...tab कारन ने मुझे bachaya..usne मुझे बचन दिया वो मेरा बदला लेगा....

सोना : दीदी की जगह मई आपसे माफ़ी मांगती हों पुराणी बातें भूल जाइये...

hatttt...gusse में गुप्ता सोना के लात मर देता है...

सोना गिरकर कभी कारन को देखती कभी गुप्ता ko...uski आँखों से आंसू बहने लगे थे.

गुप्ता : बुला उस रंडी को और उसे बोल यहाँ आकर मेरे पैरो में नाक रगड़े...

गुप्ता फ़ोन देता हुआ बोलै..

सोना रट हुए फ़ोन ले लेती hai....fir अपने फ़ोन से नंबर लेकर गुप्ता के फ़ोन से डायल करने लगती है...

दो रिंग के बाद कॉल रिसीव होती है....

सोना : hunnn...hunnn...sona हिचकियाँ लेकर रोने लगती है...


सोना : रेलगाड़ी जहाज़ से अग्नि stars...003..2.0...bhaii....akhiri शब्द कहते हुए सोना रोने लगी..



sona.ne खा bhi.sargoshee में .

फिर सब वेट करने लगते है.....

कुछ देर बाद....

aaaaaaa.......aaaaa.....ghhhhrrrr...


गार्ड्स की चीखो के साथ सबको बाइक की आवाज़ सुनाई देती है...

गुप्ता : तूने किसे bulaya...gusse में गुप्ता सोना के पास आकर उसके बाल खींचते हुए पूछने लगा..

कारन : बोल कुटिया तूने किसे bulaya...karan गर्दन दबाते हुए पूछने लगा....

सोना : तूने मेरी दीदी को bulaya....Maine तेरे बाप ko....Sona गुप्ता की आँखों में देखते हुए बोली...

chatakkk....Gupta थप्पड़ मरकर दिवार में लगी एक 47 उठा लेता है....

सोना : मई तो मरूंगी बचोगे तुम भी नहीं...

इतने में बाइक अंदर आकर ृक्ति है और उस पर से सलिल..

निचे उतरता है....

ढाये ढाये ढाये....

गुप्ता एक 47 से हमला कर देता है वही कारन पिस्तौल तान देता है...

khannn...khannnn..

गोलियन सलिल के शरीर से लगकर निचे गिर रही थी....

सलिल ने सोना को देखा जो उसे हैरत में डूबी देख रही थी....

किसने रुलाया ....इसे रुलाने का हक़ सिर्फ मेरा है...

अबे लौड़े tu...tere golian....aaaaaaaaaaaaaaaa....mammmmiiii..

कारन हीरो बनते हुए सलिल के पास गया की उसका हाथ टेड़ा हो gaya...jo करने वाला सलिल था...

chattt....agle hi पल कारन का हाथ टूट कर झूलने लगा...

कारन : aaaaaaaaaa.... गार्ड्स मार डालो इसे..


ढाये ढाये dhaye...gupta फिर गोलाइन चलने laga..agle hi पल सलिल ने कारन को आगे कर दिया....

कारन : aaaaaaaaaa...

karan....karan.....sab chikhe....gupta गन फेक कारन के पास आया....

वो रोटा उससे पहले hi सलिल ने पकड़ लिया....

सलिल : तेरे लिए कोण रोयेगा....

dhammmmm....chatttttt....ek घुसे में दिवार तोड़ता हुआ गुप्ता दूसरे रूम में जाकर गिरा उसके मुँह से खून निकलने लगा...

गुप्ता की घर की औरतो ने सलिल के सामने हाथ जोड़ liye...mardo की हिम्मत hi नहीं हुई आगे आने की...

सलिल ने बाइक पकड़ी और हवा में उठाते हुए मुदा दी फिर खुद बैठ गया....

सोना चलते हुए aayi....aur पीछे बैठने की कोशिश करने lagi...lehnga भरी होने की वजह से बैठ नहीं पा रही थी...

ये देख सलिल ने हाथ पकड़ कर आगे बिठा liya...Sona उड़ती हुई आगे आकर सलिल की भों में बैठ जाती है.

सोना ने आगे बैठते हुए अपने पेअर सलिल की कमर में दाल liye....hath उसकी बाँहों me..Sona ने लेहंगा ऊपर खींच लिया था जिस वजह से उसका लेहंगा घुटनो तक ऊपर आगया घ जिस कारन पेअर नंगे हो गए थे..

ghrrrrrr....salil ने बाइक आगे बढ़ा दी....

दोनों घर से निकले और बाइक हाईवे पर चलने लगी...

सोना रट हुए बताने लगी की क्या हुआ...

सलिल ने न कुछ कहा न सतभावना दी...

सोना को सलिल के गले लगे कुछ सख्त सा अपनी थिंग्स पर फील hua....Sona को समझने में देर नहीं लगी ये क्या है...

महसूस करते हुए सोना सलिल को और कसकर हुग कर लेती है...

अब सलिल का हथियार सीधा सोना की पुसी पर लग रहा था जिसे महसूस कर वो मुस्कुरा देती है....

सोना: आप बहुत अचे हो...

कहते हुए सोना सलिल के होंठो को गलो को चुम लेती है....

सोना : मैंने बहुत सी गलतियां की है लेकिन अब nahi....ghar नहीं जाना....


सोना अपने घर जाने वाले रस्ते पर बाइक को देखती है तो सलिल को रोकने लगती है.....

सोना : अभी घर पर गेस्ट honge...kahi और ले चलो किसी होटल me...apne घर ले chalo...hotel नहीं...

सोना की बात सुन सलिल बाइक घुमा लेता है...

सोना : ये सब शायद मेरे hi फैसलों का नतीजा hai...kitna रोका था apne...I'm सॉरी मेरे hero.....sona भीगती आँखों से सलिल की गर्दन को चुम लेती हों...

कुछ देर बाद दोनों एक फाइव स्टार होटल के सामने रुके थे...

सोना ; घर ले चलो प्लीज आपके साथ रहना चाहती हों..

सलिल ने कुछ नहीं कहा बाइक पार्क करने के लिए गार्ड को दे दी...

सोना का हाथ पकड़ वो काउंटर पर aya...bhut से जाने पहचाने चहेरे सलिल को देख रहे they...koi कुछ कहता नहीं...

एक रूम चाहिए कुछ घंटो के लिए....

सलिल ने वॉलेट निकला तो उसमे 20 रुपए पड़े थे...

ये देख सोना ने अपने फ़ोन का कवर हटा कर कार्ड रेसप्तनिस्ट को दिया....

कीस लेकर दोनों एक रूम में ए....

******************************

2 दिन पहले....

ting.....anusuiya की मोबाइल पर एक मैसेज आया...

अनुसुइया मोबाइल में व्हाट्सप्प खोल कर उस मैसेज को देखने लगती है जो एक वीडियो मैसेज था..

aahhhhh...maza आ रहा hai...aaaahhh...

मेरी जान को मज़ा आ रहा है...

वीडियो देखते हुए अनुसुइया का चहेरा गुस्से से फूलने लगता hai....uske दिमाग की नसे फटने को हो रही थी...

गुस्से में hi वो कॉल लगा देती है...

अनुसुइया : तू pachtayegi....bhut पछ्तायेगी..

ओह्ह मैडम siya..aap तो अभी से रोने लगी अभी तो बहुत कुछ देखना है apne....udhar से आरोही की आवाज़ आयी...

अनुसुइया : मई तेरे घर की सभी औरतो को पब्लिक स्लेव बना dungi...raste से गुजरने वाला हर कोई उन्हें chodega...tere मुँह में कुत्ता का लैंड डालूंगी...

आरोही : गली ठीक से दे दे बहन की Lodi...ab अपनी बकवास बंद कर और मेरी बात सुन....100 कार्रोरे के साथ वर्षा को लेकर Aa...abhi अगर चाहती है ये वीडियो वायरल न हो...

अनुसुइया : तू ऐसा क्यों कर रही hai...tune सलिल के लिए नाक रगड़ी thi....tu उससे प्यार करती थी...

आरोही : हाहाहा और तूने क्या Kiya...mere दिल में अब किसी के लिए जगह nahi....jaisa कह रही हों वैसा कर नहीं तो पूरा बंगलोरे तेरी इज़्ज़त का मजाक उड़ाएगा...

अनुसुइया : मेरे घर शादी है..

.

आरोही : उस छोटी रैंड की...

अनुसुइया : न मेरे पास इतना पैसा hai...purvi को मई छोड़ दे रही हों..

आरोही : रंडी मुझे पता है तेरे पास इससे डबल है आखिर बंगलोरे की सबसे बड़ी वैस्य तू hi तो hai...ab सीधी तरह ले aa..nhi तो वीडियो वायरल हो जाएगी..

अनुसुइया : मुझे समय दो इतना पैसा अर्रंगे करने के लिए...

आरोही : 2 दिन बाद रत 8 बजे मेरे होटल में ajana...akeli आना..

अनुसुइया : वो सोना की रुखसती का दिन hai...agle दिन.

आरोही : जैसा कह रही हों चुप चाप कर होशियारी की तो वीडियो रिलीज़ हो जाएगी पुरे 5 घंटे की है सिर्फ मई अकेली नहीं.... हहहहह

आरोही की हसी के साथ कॉल कट हो जाती है....

क्या हुआ किसकी कॉल thi...samantha परेशां देख बोली...

अनुसुइया : आप यहाँ सब देखे मई कुछ देर में aayi...aur हाँ ye...mere रूम की ालमिरह में जो सेफ है उसकी कीस hai...jitne पैसे हो गिनकर एक बैग में दाल देना....

कीस देकर अनुसुइया निकल जाती है....

एक घंटे बाद अनुसुइया अपने बेस पर होती है...

aaaaasa.....gooooo...goooo....

एक सेल जैसे पिंजरे में वर्षा बिलकुल नंगी पड़ी होती और उस पर 6 आदमी चढ़े होते hai....use इस तरह बंधा गया था 2 आदमीओ के लैंड उसके मुँह में होते है 2 आदमीओ के गांड में दो के छूट में ...वर्षा के पुरे जिस्म पर काटने के निशान होते है....

वो आदमी कोई बहशी थे देखने में भी बेहद डरावने...

अनुसुइया : उसे बहार निकालो....

कई गार्ड्स गन liye...andar जाते है...


गार्ड्स जब उन दरिंदो को हट्टे तो वो गार्ड्स पर चीखने लगते है...

ये देख गार्ड्स उनके बंदूके की नाली मरते जिससे वो डरते हुए अलग हो जाते है...

बेसुद्ध वर्षा को उठा कर वो लोग अनुसुइया के पास लेट है...

अनुसुइया : इसे कपडे पहनाओ....

पूर्वी : aaahhh...purvi कल्पते हाथो से उसके सामने हाथ जोड़ लेती है.....

अनुसुइया : कुछ दिन बाद तेरे साथ आरोही होगी अगर बचपना चाहती है जैसा मई कहूं कर...

वर्षा सर हिला देती है....

वर्षा को लेकर अनुसुइया विष्णु के घर अति है...

विष्णु : ये कोण है...

अनुसुइया : 2 दिन इसे यही रखो खिलाओ पिलाओ और बांध दो...

विष्णु सर हिला कर हामी भरता है...

**********************

पिछले दिन.....

तो अब तू उसे भी गन्दा करना चाहता hai..aarohi ने हर्ष से खा ...जो उसके hi कमरे में आया था एक बैग लिए...

हर्ष : सब उगल दिया usne....pass आकर बैठी आरोही के हर्ष बूब्स ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगता है...

हर्ष : ये ले अपनी िदश...4 बजे तेरा आखिरी इंटरव्यू होगा उसके बाद तू बन जाएगी officer...harsh कार्ड्स और िदश सोफे पर आरोही के पास फेककते हुए बोलै...

आरोही : तू समझता क्यों nahi...hamare बाप का हाल देख कैसा हुआ बहुत से बॉडी पार्ट्स मिसिंग थे...

हर्ष : उसे कोलकत्ता में देखा गया hai...wahi कही छुपा बैठा है साला लोगो के इलाज करता फिर रहा hai..Mai..

आरोही : शट up...Mai हरषि की बात कर रही hon...use छोड़ de..tu मेरा अकेला भाई hai...Mai नहीं चाहती तेरे साथ कुछ गलत कर बैठूं...

हर्ष : फिर तू क्यों मेरे अंदर के जानवर को शांत नहीं करती...

आरोही : 7 महीनो की बात है रुक जा...

हर्ष : चल तुझे किसी से मिलता hon...niche बार में बैठे है...

िदश बैग में रख आरोही चल देती hai...harsh के साथ....

आरोही : वडा कर तू हरषि के साथ कुछ गलत नहीं karega...Harsha...wada कर...

हर्ष : अगर वो खुद मेरे पास आयी तो..

आरोही : मई बिच में नहीं आउंगी....

हर्ष : wada....wo आरोही के हाथ पर हाथ रखता हुआ बोलै...

दोनों चलते हुए बार में aye...jahan लड़कियां डांस कर रही थी लोग बैठे पिटे हुए उन्हें देख रहे they...unhi में एक शक़्स सुन ग्लासेज लगाए पि रहा होता है.....

आरोही देखती है वो कोई 32 साल के अस्स पास का आदमी होता hai...dekhne में बेहद अत्तारक्टिवे और उसकी बॉडी के कट्स बहार से hi देख रहे थे नंगी आस्तीनों पर जिन्हे उसमे समेटा हुआ था कपडे एक डैम उसके शरीर से लगे हुए थे....

हर्ष : सूर्य ये मेरी बहन है aarohi...aarohi सूर्य सर....

सूर्य : खूबसूरत हसीना कैसी हो Aarohi...surya हैंडशेक के लिए हाथ देता हुआ बोलै...

आरोही : थैंक यू sir...aarohi हाथ मिलते हुए बोली...

हाथ मिला कर सूर्य चुम लेता है...

हर्ष : काम की बात कर ली jaye...kehte हुए हर्ष फ़ोन में झमेला की वीडियो दिखने लगता है...

हर्ष: रिपोर्ट आयी 15 दिन पहले इसे कोलकाता में देखा गया ...लोगो को इलाज करते hue...tab से हमारी टीम ढूंढ रही है...

सूर्य : ये बना कैसे Aisa...ise रोकना नामुमकिन सा है...

हर्ष : आप नहीं रोक सकते...

सूर्य : सच कहूं nahi...lekin कोशिश कर सकता hon....isse जुड़ा हुआ कोई है इसका रिलेटिव ..जिसे ढल बनाया जा सके

हर्ष : हाँ ये दोनों बहने hai..aur ये इसका दोस्त ...हर्ष झमेला की बहन और सलिल की फोटो दिखते हुए बोलै...

आरोही : उसे क्यों इस सब में शामिल कर रहे हो..

सूर्य सवाल भरी नजरो से हर्ष को देखता है....

हर्ष : ये दरअसल इसका पति hai...aur ग्रीन मन का दोस्त...

सूर्य : फिर तो और आसान है हो न हो ये तो जनता hi होगा...

आरोही : वो कुछ नहीं jante...wo सीधे साढ़े इंसान है...

सूर्य : मेरी बात कराओ उससे...

आरोही : अब हम साथ नहीं...

सूर्य : फिर क्या दिक्कत है उठा लेते है...

आरोही : प्लीज sir...apne भी तो किसी से प्यार किया होगा...

आरोही सूर्य के हाथो पर हाथ रखते हुए बोली..

सूर्य : हाँ किया tha...meri सुबह लक्समी उसे आर्य ने मार दिया फिर दुबारा मुझे आर्य की hi लवर आकांक्षा से प्यार हुआ... वो तो नहीं मिली लेकिन मैंने आर्य की बहनो से अपना बदला liya...charo एक से बढ़कर ek....charo को गुलाम बना लिया था मैंने apna...kehte हुए सूर्य भरा गिलास होंठो से लगा लेता है...

आरोही : आप इनसे दूर रहे...

सूर्य : थोड़ी सी पूछताछ करूँगा bas...wada करता हों हाथ भी नहीं lagaunga...aarohi सर हिला कर हामी भर्ती है...

हर्ष : फिर अभी चलते है इसके pass...raat में कलकत्ता के लिए निकल जायेंगे..

आरोही : नहीं Harsha...anusuiya कल आ रही hai...Mai जानती हों वो कोई न कोई गड़बड़ karegi...Mai चाहती हों कल सूर्य मेरे साथ रहे....

हर्ष : क्या मतलब समझा नहीं ..

फिर आरोही उसे बताने लगी...

सूर्य : मेरा क्या फायदा...

आरोही : वो 100 करोड़ ला रही hai...50cr आपके...

सूर्य : इंटरेस्टिंग...

हर्ष : फिर दो दिन बाद हम निकलेंगे..

डील दोने करके तीनो हाथ मिलते है...

प्रेजेंट टाइम....

एक बैग और वर्षा के साथ अनुसुइया होटल में दाखिल होती है...

अंदर चली जाये ..एक वेटर ने अनुसुइया के पास आकर कहा....

बैग और वर्षा को लिए अनुसुइया आगे बढ़ गयी....

बार बार उसे वेटर आकर आगे जाने के लिए गाइड कर रहे थे...

चलते हुए अनुसुइया एक क्लब में अति है.....


BB4.jpg


जहाँ पार्टी चल रही होती hai...lal नीली रौशनी सब तरफ फैली हुई थी..

LmpwZw


थोड़ी फुर्सत भी मेरी जान कभी

बाहों को दीजिये

थोड़ी फुर्सत भी मेरी जान कभी

बाहों को दीजिये

आज की रात मज़ा हुस्न का

आँखों से लीजिये

आज की रात मज़ा हुस्न का

आँखों से लीजिये

वक़्त बर्बाद न बिन बात की

बातों में कीजिये.

एक तरफ दज की धुन पर डांसर डांस कर रही होती है....

अनुसुइया : मोहिनी यहाँ बहुत लोग है कुछ करना nahi...anusuiya के कण में छोटी सी ब्लूटूथ लगी थी जिस पर उसने कहा...

मोहिनी : हाँ दिख रहा hai....usne इसलिए लोगो में बुलाया ...जाओ तुम अपना काम करो पैसे का क्या है बाद में वापस ले लेंगे...

एक जगह आरोही उसे बार काउंटर पर बैठी dikhi...jiske साथ और भी लोग थे...

चलते हुए वो आरोही के पास आयी..

उसने वर्षा को आगे कर diya...jo आरोही के गले लग गयी....

आरोही : तुझे मन किया था न ..आरोही उसे खुद से अलग करते हुए बोली....

वर्षा हाथ जोड़ने लगती लेकिन आरोही इग्नोर कर देती है....

आरोही : पैसे...

अनुसुइया : पहले वीडियो डिलीट करो...

आरोही : होशियारी दिखाई तो विरुल हो जाएगी...

न चाहते हुए भी अनुसुइया बैग आगे कर देती hai...jo पैसो से भरा था...

आरोही : पुरे hai...aarohi बैग खोल कर देखने लगती है...

अनुसुइया : हाँ...

आरोही: लगते तो पुरे hi है.

cara...aarohi पैसो को देखते हुए boli.itne में करा आग्गै..

अनुसुइया : ahan...pehle video..Cara के चुने से पहले hi अनुसुइया ने सूट केस पकड़ कर कहा...

आरोही : इतनी भी क्या जल्दी है मेरी Jaan....pehle नाक ragad....aarohi चेयर पर बैठ पेअर अनुसुइया की तरफ करते हुए बोली....

अनुसुइया : ये तो कभी नहीं होगा....

dhaye....piche से गन निकल कर अनुसुइया ने आरोही को शूट कर दिया....

गोली रुकी तब अनुसुइया ने dekha...goli किसी की उंगलिओ में फांसी thi...aarohi के पेट में घुसी नहीं थी...

गोली लगने से पहले hi सूर्य ने अपनी उंगलिओ से पकड़ ली थी....

गोली की आवाज़ सुनकर कुछ लोग भागने लगे...

सूर्य : तुम तो दर गयी...

आरोही : अपने लिए nahi...randi तुझे पता है तू कितनी बड़ी गलती करने जा रही thi...tujhe इसकी सजा मिलेगी...

सूर्य को देख अनुसुइया शॉक में होती है...

उसे भी शूट करो ..उसके कानो में आवाज़ आयी...

अनुसुइया ने गन का रुख सूर्य की तरफ कर दिया...

अगले hi पल गन अनुसुइया के हाथ से छीन गयी...

उसे अहसास हुआ कोई उसके पीछे है...

unnn...bahut प्यारी महक hai...Surya अनुसुइया के बालो को सूंघते हुए बोलै...

सूर्य : तू मुझे पसंद आगयी hai...jab तक जी नहीं भर जाता तुझे अपनी स्लेव बना कर रखूँगा....

आरोही : ले जाओ सर ise....iski चीखो से मेरा होटल गूंजना चाहिए.....

धम्ममम्मम्म्म्म...

एक धमाके से सबकी नजर स्टेज पर गयी और सब उधर देखने लगे....

***********************

3 घंटे बाद सलिल मुस्कुराता हुआ रूम से nikla...aur होटल के बार में आकर सिगरेट पिने लगा...

की उसे अनुसुइया बैग के साथ जाती दिखी...

और वो उसके पीछे हो लिया मुस्कुराते हुए....

जिसे देख सब शॉक में थे वो सलिल था जो स्टेज पर आकर नाचने लगा था...


आशिक़ हूँ मैं

कातिल भी हूँ

सबके दिलोओं में

शामिल भी हूँ...

आशिक़ हूँ मैं

कातिल भी हूँ

सबके दिलोओं में

शामिल भी हूँ

दिल को चुराना

नींदें उड़ाना

दिल को चुराना

नींदें उड़ाना

बस एहि मेरा कसूर

वादों से अपने मुकरता नहीं

मरने से मैं कभी डरता नहीं

बादशाह ो बादशाह

बादशाह इ बादशाह

नाचते हुए सलिल आरोही और अनुसुइया के पास आया.....

चारों तरफ हैं मेरे hi चर्चे

होटों पे है बस मेरा नाम

रंगून भरी सुबह मेरी

मस्ती में डूबी है मेरी शाम

झूठी खहनी सच्ची लगे

आवारगी मुझे ाची लगे

नग्मे सुनना, सबको नाचना

बस एहि मेरा कसूर

वादों से अपने मुकरता नहीं

मरने से मैं कभी डरता नहीं

बादशाह ो बादशाह

दज की धुन पर पास आकर सलिल ने अनुसुइया का हाथ पकड़ा और घूमने लगा...


बादशाह ो बादशाह

बादशाह...

है यह मोहब्बत कमज़ोरी मेरी

चाहत की दुनिया पे मेरा राज

अनुसुइया से होते हुए salil...aarohi के पास आया और नाचते हुए hi उसकी चेयर को घुमा दिया....

आरोही के गलो को दबाते हुए सलिल ने सूटकेस पर पेअर rakha....aur उसे पीछे की तरफ kiya...jisse वो स्टेज की तरफ बढ़ गया...

दज पर नाचते हुए सलिल ने काउंटर पर से अल्कोहल की बोतल उठाई....

नाचते हुए सलिल ने सूटकेस खोला फिर नोट्स की गड्डिया हवा में उड़ाते हुए ऊपर को फेकने लगा...


बस उस के आगे झुकता मेरा सर

झुकते मेरे सामने तक तो ताज

अंदाज़ मेरा सभ से जुड़ा

मैं बादशाहों का बादशाह

सपने सजाना, हसना हसना

बस एहि मेरा कसूर

वादों से अपने मुकरता नहीं

मरने से मैं कभी डरता नहीं

बादशाह ो बादशाह

बादशाह इ बादशाह

अल्कोहल की बोतल खोल कर वो उसे नोटों की गड्डीओ पर डालने लगा....

जेब से सिगरेट निकल कर सलिल ने होंठो से लगा li...fir लाइटर से सिगरेट जलने लगा...

सूर्य : मुझे इसके इरादे ठीक नहीं लग रहे...

रोहित : रोको उसे...

सिगरेट जला कर सलिल ने जलता लाइटर पैसो पर फेक दिया....

aaaag....aaagg....bache हुए पार्टी में ए लोग चीखते हुए भागने लगे...

अल्कोहल की वजह से पैसो ने तुरंत आग पकड़ ली....

ऐ pagal.....Surya चीखा...

सलिल सेल तूने क्या Kiya...Rohit चीखा...

अनुसुइया सुन रही ho....ye सलिल नहीं hai....anusuiya bhago....buletooth में मोहिनी की आवाज़ आयी....

आरोही : हर्षा शूट नहीं karnaaaa....surya sir....ruk jao....aarohi चीखते हुए उठी शूट कर रहे हर्ष और सलिल की तरफ जा रहे सूर्य को रोकने lagi...ki उसके पेट में दर्द होने लगा धुएं से....

कण्ट्रोल शिफ्टिंग तो 2.0...

और सलिल के दिमाग के खाने खोलने लगे...


GIF-241215-131711.gif


रोकेष 2.0 अन्तर... पासवर्ड चंगेस...

रोलेक्स 2 ने अपनी तरफ आ रहे सूर्य को देखा फिर छत्त पर लगे झूमर को...

jhammmmmmmm.....jhumar उखड कर सूर्य के ऊपर गिरा.....

सूर्य : आआह्ह... सूर्य बड़े से झूमर के निचे डाब गया....

लाइट्स फ्लिकर करने लगी....

dhaye...dhaye.dhaye...

हर्ष ने 3 फायर कर दिए they...sari गोलियन रोलेक्स 2 के पास से गुज़र गयी थी...

सलिल को कुछ न होता देख हर्ष भाग खड़ा हुआ....

आरोही : अनुसुइया सलिल को क्या hua...ye इतने वॉयलेंट क्यों हो गए...

अनुसुइया : ये सलिल नहीं hai...jaan प्यारी है तो भाग....

दोनों भागने को हुई की रोलेक्स 2 उनके सामने आ खड़ा हुआ....

कैसी हो दीदी....4 साल बाद मिल रहे hai..aur आप भाग रही ho.aapne तो मुझे मार hi दिया tha...rolex करीब हो रहा था अनुसुइया पीछे हो रही थी...

बार काउंटर के पीछे होने पर अनुसुइया रुक गयी....

अनुसुइया : प्लीज माफ़ कर दो....

अनुसुइया डरते हुए boli...ankhe बंद करते हुए उसने रोलेक्स के सामने हाथ जोड़ लिए...

क्या तुम राजू ho...aarohi ने देखते हुए कहा...

रोलेक्स 2 : तू कोण है...

आरोही : तुमने मेरी जान बचाई थी isse...aarohi अनुसुइया की तरफ हाथ करते हुए बोली...

आरोही: फिर मेरी इसी के भाई से शादी हो गयी...

रोलेक्स : क्या तू आरोही है सलिल की पत्नी...

आरोही : हाँ...

अगले hi पल रोलेक्स ने आरोही को गर्दन से पकड़ कर तंग दिया....

रोलेक्स 2 : सलिल की मेमोरीज स्कैन करते हुए मुझे आरोही के बारे में पता चला यानि की tere...tune उसे गांडू बनाने की कोशिश ki...use हुमिलियते kiya....tere साथ सलिल की यादें बहुत बुरी Hain...Teri जैसी पत्नी को ज़िंदा जला देना चाहिए...

आरोही : aaahhhh...tum...ne...k .kk..kaise स्कैन किया सलिल का दिमाग वो कहा है...

रोलेक्स 2 : ये मरने से पहले सवाल का जवाब चाहती है... रोलेक्स अनुसुइया को देखते हुए बोलै...

अनुसुइया : यही सलिल भी है और रोलेक्स bhi...ek बॉडी दो दिमाग एक सलिल का एक मेरे इस भाई का...

रोलेक्स 2 : bhai...hahahahaha

आरोही : मेरे सलिल जी aaa...muj..jhe छोड़ do....Mai प्रेगनेंट hon...apka बचा मेरे पेट में hai..aarohi ने किसी तरह कहा...

जिस पर रोलेक्स 2 की पकड़ ढीली पद गयी...

रोलेक्स 2 : जब तक ये बचा तेरे पेट में है तू ज़िंदा है...

आरोही को छोड़ रोलेक्स 2 ने अनुसुइया को खींचा जिसे वो इतनी देर से पकडे हुए था...

रोलेक्स 2 : सोंच मई तेरे साथ क्या karunga...jawab दे... अनुसुइया के जवाब न देने पर रोलेक्स चीखा...

अनुसुइया : तू मुझे तड़पाएगा मुझे मरेगा जान से...

रोलेक्स : इससे भी बुरा.....

आआअह्ह्ह.....

सूर्य रोलेक्स को लेकर बार काउंटर में घुस gaya...counter बिच में से टूटकर अलग हो गया..

आरोही और अनुसुइया ने भागने के लिए दौड़ लगा दी...

भागते हुए अनुसुइया का फ़ोन बजा....

उसने भागते हुए hi कॉल ब्लूटूथ से कनेक्ट कर ली....

सामने की आवाज़ सुनकर अनुसुइया के कदम रुक गए...

अनुसुइया : sonaa....ye क्या हुआ tujhe...Sona...what..

बात करते हुए hi अनुसुइया मुद गयी....

आरोही : कहा जा रही है....

अनुसुइया : रूम नंबर 202 किधर है...

आरोही : 2ंद फ्लोर...

आरोही रुक कर boli....fir कुछ सोंचकर अनुसुइया के पीछे हो गयी....

भागते हुए अनुसुइया आरोही रोहित करा एक रूम में ए....

अनुसुइया : sonaaaaaaaaaaaaa....samne बीएड पर सोना को देख अनुसुइया चीख मार के घुटनो पर आगयी...

आरोही : sona...sab भूल कर आरोही भी उसे दया की दृस्टि से देखने लगी....

सोना बंधी पड़ी थी एक हाथ hi उसका फ्री tha...uski वेडिंग ड्रेसस जगह जगह से फटी thi...uske जिस्म पर दांतो के निशान they...uski पुसी के निचे बीएड पर स्पर्म और ब्लड के निशान they...Sona की अस्स और पुसी दोनों खुली हुई थी....

छत्त को घूरते हुए सोना की आँखों से आंसू निकलकर बीएड को गीला कर रहे थे....

आरोही ने आगे बढ़कर सोना के नंगे शरीर पर ब्लैंकेट डाली....

आरोही : वो कोई जानवर hai...tu और ये मेरी सबसे बड़ी एनिमी हो लेकिन आज मुझे तुम दोनों पर तरस आ रहा है ..उसकी दरिंदगी देख कर मुझे लग रहा है वो मुझे भी नहीं chhodega....Teri लड़ाई में मई तेरे साथ हों अनु...

करा : 100 करोड़ जला दिए उसने...

अनुसुइया : वो मेरी ज़िन्दगी भर की कमाई thi...is बार मई उसे सुलाउंगी nahi...salil क सर से hi निकल के कुचल दूंगी...

रोहित : तुमने रोका क्यों नहीं आरोही use...jab वो सूटकेस ले जा रहा था...

आरोही : मुझे लगा वो सलिल है जो कोई पागल पैन कर रहे..

hmm...itne में अनु के फ़ोन पर कॉल आगयी...

madam...hamne उसे उठा लिया hai..hosh आने पर चीख रही hai...udhar से आवाज आयी..

अनुसुइया : उसे बेस ले jao....usne जो मेरी बहन के साथ दरिंदगी की है मई उसकी बहन को भी नहीं छोडूंगी..

करा : इसे उठाओ और निकलो यहाँ से इससे पहले वो ए....

सोना को उठा कर सब लोग छुपते हुए होटल से निकल जाते है......
 
ऐसा कुछ नहीं है वरो जब तुम्हे समझ नहीं आया तो मई क्या कर सकता हों..

मैंने बहुत सी छोटी छोटी डिटेल्स दी थी अगर वो समझ अति तो ये कहने की जरुरत नहीं पड़ती.

इंसान हमेशा एक सा नहीं रहता उसमे चंगेस एते है जैसे hi उसने दुनिया देखनी शुरू की उसमे चंगेस स्ने लगे..

लॉजिक गलत निकला न ..let's एक्सप्लेन.

आशना ने ट्रैन में hi कहा था वर्किंग वुमन सलिल जैसे के लिए सही नहीं..

दूसरी बात जैसे hi वो आईपीएस बानी उसने दुनिया देखि चंगेस आने कॉमन है..

दूसरी बात जब एक औरत एक पराये मर्द के साथ होममेड पोर्न देखेगी तो न बहके ऐसा हो hi नहीं वो भी वो औरत जो सेक्स से अनजान वर्जिन अवस्था में हो..

दूसरी बात उसने कोई सलिल को टार्चर नहीं किया उस समय वो अपनी ड्यूटी पर thi...fir उसने आकर सलिल को सेल में बहुत कुछ बताया bhi...wo सच्ची पुलिस अफसर थी जब उसने अपने बड़ो को देखा नाइंसाफी करते देख वो बदलने lagi.usne भी खुद कहा ये

दूसरी बात वो बोल्ड थी मतलब उसने बहुत सरे कांड किये है सलिल की हेल्प के बाद भी उसने उसे कई बार नंगा किया है ..मतलब वो सेक्स के लिए तड़प रही है.

महेश और उसके भाई के साथ काम करना उसकी ड्यूटी में अत है न की वो खुद बैठ रही थोड़ी अकाल लड़ाओ

तुम्हे क्यों गलत साबित करूँगा मेरी कोई दुश्मनी नहीं .

6 महीने पहले hi मैंने देव वरो से कहा कोण क्या है ये आगे hi पता chalega..itni साडी डिटेल्स दी बूत वरो तुमने एक भी नहीं समझी

सारा दोष राइटर को दे रहे हो

साबित कर दो ये स्टोरी कॉपी पेस्ट है एक दो दिलोगे के सिवा...

पहले समझो फिर राइटर को दोष दो
 
थँक्स वरो

जाहिर स बात है



इसका क्या होगा वरो गेस करो

Let's सी

वरो स्टोरी शार्ट में कर di...age वो खुद एक्सप्लेन करेगी...

Let's सी नहीं वरो सीता और भैरव की औरत दोनों अलग है

हम्म

हाहाहा

वर्किंग वुमन

हाहाहा

साला अर्जुन मजे में है

हाहाहा है वरो..

वरो ये तो उसकी स्टोरी में hi पता चलेगा ..नाम सोंच के बताओ वरो

मास्क वही बोलै था वरो सलिल ने गौर नहीं किया था...

Let's सी

वरो सही हो

वरो ये डिटेल्स कोई नोटिस नहीं करता

कुछ हद तक

पावर का नशा

बेचारी के साथ हुआ hi इतना बुरा...

टॉप पर पूर्वी नहीं है

यूप
 
थँक्स

हाहाहा थँक्स वरो

दोनों hi सही है

एक्सपीरियंस हो गया है

Let's सी वरो होता या नहीं

मोस्ट ब्रोकन सन

वरो बाइक पर सलिल था

नोटिस किया हो सलिल के गोलियन जिस्म पर लग रही थी

जबकि रोलेक्स बच रहा था


Let's वरो what's एक्चुअल रियलिटी

वरो वो ओपन माइंडेड है

वरो लास्ट में एक्सप्लेन होगा

हाहाहा

वरो तुम भूल गए नाम सही है

सूर्य की वाइफ का नाम सुबह लक्समी hi है नहीं तो episode 22 पढ़ लो सिम्पथी का

यहाँ सामंथा का नाम है महा लक्समी

सलिल की माँ का नाम महा लक्समी



हहह

ः थँक्स वरो

वरो जान बुझ कर किया न की स्वाग

हर्ष को झमेला ने छोड़ा लेकिन रोलेक्स ऐसा नहीं है

शॉक तो लग hi था

Let's सी बचा किसका है

वरो ये आगे आएगा
 
एपीसाइड 40

थे स्टेट वस रोलेक्स...


अनुसुइया : उसे बेस ले jao....usne जो मेरी बहन के साथ दरिंदगी की है मई उसकी बहन को भी नहीं छोडूंगी..

करा : इसे उठाओ और निकलो यहाँ से इससे पहले वो ए....

सोना को उठा कर सब लोग छुपते हुए होटल से निकल जाते है......

नेक्स्ट कंटिन्यू...


मेरे साथ aao....warna उन दरिंदो के पास जेल में दाल दी jaogi...ek लड़की ने संजना से kaha..jis पर संजना डरते हुए उठ कर उसके पीछे पीछे चल दी...

संजना देखती है एक बड़ा सा हॉल है जिसमे बहुत सी लड़कियां ब्रा पंतय में घूम रही hai...kuch लड़कियां आपस में मजाक मस्ती करते हुए गन्दी हरकते कर रही है कुछ रिंग के अंदर लड़ रही है कुछ दिवार में लगी बड़ी बड़ी एलसीडी पर पोर्न देख रही है....

सब देख संजना के आंसू निकलने लगते है...

संजना को लिए वो लड़की संजना को एक रूम में लती hai..jahan एक औरत बड़े से आईने के सामने बैठे सिंगर कर रही थी..

होंठो पर डार्क रेड lipstick...saree में बड़े दूध सेक्सी पर्सनालिटी जो भी देखे लैंड मसलने लगे...

मैडम ये लड़की जब से आयी है ..न ठीक से ट्रेनिंग कर रही है और न आर्डर मान रही hai...kal तो रूम से निकली hi nahi...maar भी लगाई है लेकिन इसकी समझ में आ hi नहीं Raha...samjana को लायी लड़की ने कहा..

मैडम : क्यों ऋ रैंड तुझे समझ नहीं आ रहा hai...tujhe पैसे मिलेंगे आयेश करेगी tu...madam बिना संजना को देखे मिरर में देखते हुए अपने बालो में गजरा लगते हुए बोली...

संजना कोई जवाब नहीं देती...

बोल भी sali...usi लड़की ने संजना के चुत्रो पर मरते हुए कहा..

मैडम : कोण है ये....

लड़की : मोहिनी मैडम लायी इसे ..

मैडम : डिटेल निकली iski..madam कानो में झुमके डालते हुए बोली....

लड़की : जी सीता madam...ise महाराज ने भेजा बोले भरोसे की hai...bas ट्रैन करना है ा ब्लॉक में...

सीता : महाराज की रिश्तेदार hai..unke परिवार से है...

लड़की : नहीं..

सीता : फिर ऐसा करो इसे नंगा करके हव्य दोसे do...aur दो डिलडो के सामने बांध do.seeta बिना देखे बोली..

सीता की बात सुनकर संजना सुबकने लगी...

लड़की : नायब है हर्ट करने से मन किया है...

सीता : उफ़ nayab....kabhi मई bhi...seeta चेयर से पलटी संजना को देख उसके सब्द मुँह में hi रह गए...

सीता : क्या नाम है तुम्हारा...

लड़की : रैंड बोल क्या नाम है Tera...warna हंटर से मरूंगी...

संजना फिर कुछ नहीं कहती...

लड़की : तेरी तो...

दिवाद में लगी स्टिक लेकर लड़की सनजना को सोफे पर झुका देती है...

chrrrr...kapde फाड़कर वो स्टिक संजना की बैक पर मरने लगती है..

सीता : रुक जाओ...

पास आकर सीता संजना को उठा कर देखने लगती है...

फिर सोफे पर बैठ कर संजना को अपने पास बिठा लेती है...

सीता : जवानी में बिलकुल मई तुम्हारी hi तरह दिखती थी...

संजना : मुझसे कहा गया मुझे सिर्फ एक बार कपडे उतरने hai...prantu यहाँ कुछ और हो रहा है..

सीता : एक बार उतर सकती हो तो बार बार भी उतर सकती हो....

संजना : एक औरत जब मन में थान ले वो अपनी इज़्ज़त का सोडा नहीं करेगी फिर दुनिया की कोई ताकत उसे झुका नहीं sakti...Mai मर जाउंगी लेकिन ये नहीं करुँगी....

सीता : तूने मेरा अभी रूप नहीं देखा है ladki...Maine अछि अछि को अपने इशारो पर नचाया चल बता क्या नाम है तेरा महाराज को कैसे जानती hai...nhi बोलेगी तो तेरे मुँह में ये दाल dungi...seeta सोफे पर से 15 इंच का लम्बा डिलडो उठा कर संजना के फेस पर फेरते हुए बोली.

संजना : संजना दीक्षित....

नाम सुन सीता के हाथ से डिलडो गिर जाता है .

सीता : sanjana....aur सीता अपनी यादो में खो जाती है..

अपने जैसा कहा मैंने किया मैंने समर का राज़ आपको लेकर दिया अब मेरे पति को क्यों ले जा रहे हो maharaj...seeta महाराज के कदमो से लिपटते हुए boli...jiske एक हाथ में गोदी में एक बची थी...

महाराज : सीता ये तेरी तरह नहीं hai...agar इसे आज़ाद छोड़ा तो ये उस समर के पास जायेगा..

कुछ दिन बाद.

भैरव मेरी बेटी कहा है...

इतने में एक गुंडा कपडे में जाली हुई बॉडी लता है...

भैरव : समर ने अपने बदले में जला कर मर डाला संजना को सीता...

सीता : नाहीईईई....

सीता : मेरी भी एक बेटी थी उसका नाम भी संजना tha...aaj अगर वो ज़िंदा होती तो तेरे जितनी होती...

संजना : तुम्हारे अंदर ममता देख रही हों Mai...fir तुम क्यों किसी की बेटी के जीवन से खिलवाड़ कर रही हो..

सीता : hahahha...yahan सब अपनी मर्जी से आयी सिवाए तेरे और mere...ek समय था जब लड़कियां उठाई जाती थी अब सब अपनी मर्जी से अति hai...duniya तरक्की कर रही है...

संजना : धिक्कार हो ऐसी तरक्की पर..

सीता : महाराज को कहा मिली तू...

संजना : कोण maharaj...Mai नहीं जानती..

सीता : फिर तू कहा से आयी...

संजना कोई जवाब नहीं देती..

सीता : जवाब दे लड़की...

संजना : मई नहीं बता सकती...


सीता : प्यार की भासा तेरे समझ में नहीं ati...ruk...kehte हुए सीता लड़की को इशारा करती hai...jo डिलडो उठा कर सीता को देती hai...fir वो संजना को पकड़ उसका मुँह खोल देती है...

संजजा : आए....

सीता 15 इंच का डिलडो संजना के मुँह में दाल देती है....

घु घु ghu...sanjana के मुँह से आवाज़े निकलने लगती है उसकी आँखों से आंसू...

सीता : जो मेरा हुक्म नहीं मानती उनके लिए मेरे अंदर कोई दया नहीं...


संजना के मुँह से वोमिट किनारो से निकल कर गिरने लगती hai...ye देख सीता डिलडो निकल लेती है ..

ohhoooooo....sanjana के मुँह से वोमिट होती है जो फर्श पर hi गिरती है...

सीता : अब ये तेरे चुत्रो के बिच jayega...jab तू महाराज को नहीं मिली फिर यहाँ कैसे आयी...

संजजा :Su..suo...supriya.. मेमसाब लायी यहाँ..

संजना ने दर्द में कराहते हुए कहा..

सीता : सुप्रिया भैरव की बेटी...

संजना सर हिला देती है..

सीता : तू भैरव को कैसे जानती...

सीता : उन्होंने hi पला मुझे....

सीता : क्या......

एक बार फिर सीता अपनी यादो में खो जाती है...

देखो ise....dekho... prakash....mar दिया समर ने ise..seeta सलाखों के अंदर बंद आदमी के सामने बॉडी को रख चीखते हुए बोली..

मेरे जीजू कभी ऐसा नहीं कर सकते ..ये सब किया धरा इस हरामी और तेरा hai...prakash तड़प कर बोलै..

बदसूरत मई मरूंगी अपनी जान से ज्यादा प्यारी बेटी ko....Teri अब भी समझ में नहीं aya...bhairav आज से ये मेरा पति nahi....mat करो इसे आज़ाद....

सीता : तुम्हारे माँ बाप कहा है तुम कब मिली भैरव ko...seeta तड़प कर बोली...

संजना : जब से होश संभाला तब से अकेली हों मेरा कोई nahi...bachpan से hi भैरव मालिक ने पला...

सीता : मेरी beti....meri sanjana...meri संजना हो tum....tadap कर सीता सनजना को खुद से चिपटा लेती है..

वोमिट साफ़ कर रही लड़की दोनों को देख रुक जाती है...

संजना : मई तुम्हारी बेटी नहीं hon..hui भी तो मई तुम्हारी जैसी औरत को अपनी माँ नहीं मान सकती..

सीता : ऐसा मत कहो मेरी जान मुझे batao...apne बारे में...

संजना : छोटी मालकिन कहती थी मेरी रगो में गन्दा खून दौड़ रहा hai...tumhe देख कर आज यकीं हो gaya...wo सच कहती थी...

कही न कही संजना सीता के फेस को देख यकीं कर बैठी थी यही उसकी माँ है...

सीता देख आज मई किसे laya...anusuiya समर का गन्दा khun....ise ऐसी रंडी बना ये सेक्स के लिए जानवरो के भी निचे अजय...

इसे मई निम्फोमानिअस बनाउंगी bhairav...America से मैंने ऐसा ड्रग्स मंगवाया है जो एक बार बॉडी में गया मिडिल आगे तक असर करता hai...tum चलो मई इंजेक्शन लेकर आ रही हों...

कुछ देर बाद सीता इंजेक्शन लेकर अति hai..aur अनुसुइया के लगा देती है...

सीता : अब इसे रंडी न भी बनाऊ तो ये लैंड के लिए हर समय बेचैन रहेगी और किसी के भी साथ karegi...samar न सही समर के गंदे खून से मेरा बदला पूरा होगा..

सीता : वो अपने दुश्मनो के बचो को कहते गन्दा khun..meri bachi...tum hi मेरी sanjana...prakash सही कह रहे थे...

एक बार फिर सीता संजना को गले लगाए पागलो की तरह चूमने लगती है....

attention...guru जी आगये hai...nayi आने वाली गर्ल्स गुरु जी के पास आकर कड़ी हो jaye...hall में अनाउंसमेंट hui...jiski आवाज़ सीता के रूम तक आ रही थी...

आवाज़ सुन कर सीता ने डरकर संजना को देखा...

सीता : मई तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगी...

संजना : बेटी बना कर मुझे इस गंदगी में उतरना चाहती हो...

सीता : समझो मेरी बची तुम सच में मेरी बेटी ho...Mai तुम्हे सब बताउंगी...

लड़की : मैडम गुरु जी आगये है वो देख लेंगे इसे....

सीता : जाओ यहाँ से..

संजना : अगर तुम्हारी जैसी औरत मेरी मम्मी है तो फिर मई इस गंदगी में उत्तुङ्गी...

कहते हुए संजना कड़ी हो जाती है..

सीता : nahi...nahi...Mai ये नहीं होने दे सकती...

संजना : तुमने अभी क्या किया मेरे sath....sanjana फुट फुट कर रोने लगी...

सीता : मई तुम्हारे पेअर पड़ती हों मुझे माफ़ कर दो...

संजना पेअर छुड़ा कर आगे बढ़ जाती है.

सीता : sanjana...meri बची...

संजना मुद कर भी नहीं देखती...

लड़की : आओ मेरे sath...sanjana का हाथ पकड़ वो लड़की उसे अपने साथ ले जाने लगती है...

सब लड़कियां संजना को hi देखने लगती है जो सिसक सिसक कर रो रही थी...

हॉल में एक सोफे पर एक आदमी पेअर के ऊपर पेअर रख के बैठा होता है उसकी आगे भी 45 के अस्स पास होती है...

उसके सामने लाइन से लड़किया कड़ी होती है..

लड़की : इनके पीछे कड़ी हो जाओ...

संजना भी लाइन में जाकर कड़ी हो जाती है...

गुरु जी : क्या नाम है बीटा तुम्हारा..

लड़की : पूजा..

नाम सुनकर गुरु पूजा को देखने लगता है...

गुरु जी : इसे डी ब्लॉक में दाल दो

लड़की दो लड़कीओ के साथ चली जाती है.

गुरु : नाम क्या है ..उसने दूसरी लड़की से पूछा

जी प्रिय ...

गुरु नाम सुनकर प्रिय को देखने लगता है फिर मुस्कुरा देता है...

गुरु जी : इसे दरिंदो के पास छोड़ दो...

प्रिय : लेकिन kyo....Priya चीखी...3 दिन से यहाँ है प्रिय जानती थी दरिंदो के पास छोड़ना मतलब रपे..

गुरु : जासूसी की सजा है ये..

प्रिय सुन कर शॉकेड हो गयी...

प्रिय : कैसे पता..

प्रिय चीखती रहती है उसे कोई जवाब नहीं मिलता..

लड़किया अति रहती नाम बताती रहती आखिर में संजना रह जाती है.

गुरु ji..ise मैं देख lungi...aap इसे जाने do...seeta पास आकर बोली...

सीता की बात सुन गुरु संजना को देखने लगा..

गुरु : beti...uff..to आज मिल hi गयी अपनी बेटी से..

सीता रट हुए संजना को देखने लगी...

सीता : इसे जाने do...Maine अपना सब कुछ इस मकसद पर न्योछावर कर diya..bas आज अपनी बेटी मांग रही hon..guru जी जाने दो इसे...

गुरु : अब तू हमारा सच जानकर खतरनाक हो गयी hai...ise बंद कर दो बेसमेंट की सेल में...

सीता : नहीं ऐसा मत Karo...Maine hi समर का राज़ diya...apne पति से गद्दारी ki...ye मत Karo....seeta चीखती रह जाती है लड़कियां उसे ले जाती है...

गुरु : क्या नाम है तुम्हारा..

संजना : संजना....

गुरु : बहुत सुन्दर हो तुम Devi...bhut Sundar...meri जांघो पर आकर बैठ जाओ...

संजना नहीं अति तो लड़किआं उसे जबरजस्ती खींचने लगती है....

गुरु ji....goongi की कॉल आयी hai...itne में एक लड़की पास आकर बोली....

गुरु : क्या कहा उसने.....

लड़की : वो कोमा से जाग गया...

गुरु : kya...jhatke से गुरु खड़ा हो जाता है...

गुरु : गूंगी के सिवा किसी को उसके पास नहीं bhejna..gungi से कहो मई आ रहा हों ...उसे वैसे hi बांध कर रखे..

लड़की : जी सर .

गुरु : संजना को डी ब्लॉक में डालकर तैयार करो ...मई जल्द आऊंगा.

लड़की चली जाती है और गुरु भी उठकर जाने लगता है....

**************************

प्रेजेंट day.....kuch देर पहले

ठीक है माँ मई जा रही हों अपना ख्याल rakhna...aashna बैग उठाते हुए बोली...

rukooo...aa रही hon...room से भगति हुई पूर्वी ने कहा...

महा लक्समी : संभल कर जाना..

आशना : क्या पूर्वी बची नहीं हों Mai...chali जाउंगी ...

पूर्वी : मेरी जान तेरी होने वाली भाभी हों तेरा ख्याल रखना मेरी जिन्मेदारी hai...chal aa...hath पकड़ कर आशना को पूर्वी कार में लायी फिर दोनों चल दी......

कॉलेज आकर पूर्वी ने बहार ड्राप किया....

पूर्वी : छुट्टी के बाद कॉल करना..

आशना : क्यों इतनी फ़िक्र कर रही हो अजुनगी न....

2 गार्ड जो कॉलेज के बहार थे वो आशना को पूर्वी के साथ देखते है .

और आशना आगे बढ़ जाती है...

आज भी साथ में hai...teesra दिन हो गया है अभी तक हम इसे पकड़ नहीं paye.guard ने दूसरे गार्ड से कहा..

मैडम ने भी कहा है अकेली हो तब uthana...dusre ने कहा..

गार्ड 1 : चल चलते है कल की तरह फिर पूरा दिन वेट करना padega...aur वो दूसरी वाली के साथ में चली जाएगी .

गार्ड 2 : नहीं हम उसके आने का वेट करेंगे..

4 बजे आशना बहार अति है... पूर्वी को परेशां न करने का सोंच कर खुद hi ऑटो को देखने लगती है...

कहा जाना है madam...ek ऑटो वाले ने आकर खा.

आशना : वंडर सोसाइटी...

ाजाओ मैडम...

आशना आकर बैठ जाती है....

ऑटो थोड़ी दूर hi चला था की एक आदमी और आकर बैठ जाता है बैठते hi वो एक स्प्रे आशना पर छिड़क देता hai...aashna कुछ समझ पति की बेहोश हो जाती है...

कुछ दूर आकर वो एक कार में आशना को डालते है और चल देते है उसे लेकर...

कुछ देर बाद पूर्वी अति है... स्टूडेंट्स आ जा रहे थे उनमे hi वो आशना को देखने लगी...

काफी देर बाद भी आशना दिखाई न दी तो वो कॉल लगा देती है...

पूर्वी : नंबर off..wo सलिल को कॉल करती लेकिन कॉल पिछ नहीं होती....

कॉलेज में पूछ टाच करने पर पता चलता है वो तो निकल गयी...

वो घर आती है....

माँ आशना aayi...andar आकर उसने पूछा..

महा लक्समी : क्या मतलब वो तुम्हारे साथ नहीं आयी...

पूर्वी : शायद किसी फ्रेंड के साथ गयी है आप जाये मई लेकर अति हों...

और पूर्वी बहार निकल जाती है...

बहार आकर आशना की कॉल लगाई स्टिल स्विच ऑफ आ रहा tha...salil की उठाई वो पिछ नहीं कर रहा tha...thak कर उसने एक और नंबर डायल कर दिया...

hello....tumhari बहन और तुम्हारा भाई खतरे में hai...call रिसीव करते hi पूर्वी ने कहा..

मेरी बहन मेरा भाई...

पूर्वी : han...wo तुम्हारा भाई है...

अनुसुइया बहन कहने के लायक नहीं है.

पूर्वी : वो नहीं न सोना एक और hai...yahan ाजाओ सब बताती हों.

आईएम किंग.... और कॉल कट हो जाती है..

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प्रेजेंट टाइम कुछ देर पहले.

कीस लेकर दोनों रूम में आगये सोना जाकर बीएड पर बैठ गयी सलिल खिड़की के पास जाने लगा...۔

मैंने तुझे रोका था न वो सही नहीं hai۔۔۔fir bh...itne में सलिल का अपने ऊपर से कण्ट्रोल हैट गया

सोना :गलती हो गयी.. थैंक यू Bhai...I लव यू सो much...mujhe पता था आप आओगे...

लेकिन तूने मुझे क्यों अनलॉक किया...

सोना : आप agaye...ab सोना की हार्टबीट बढ़ गयी थी...

खिड़की से बहार देखते हुए hi रोलेक्स ने सलिल पर से कण्ट्रोल छीन लिया था...

सोना : m...ma..mai आपसे माफ़ी मांगना चाहती thi...Mai नहीं चाहती आप कमज़ोर बन कर raho..har कोई आपको हर्ट करे.. इसलिए आपको अनलॉक कर diya..bhai को प्रोटेक्ट करने के लिए..

रोलेक्स : कर दी न galti....Rolex की भरी सी आवाज़ आयी..

सोना : han..hame आपकी ज़रूरत hai..mujhe अहसास हो गया है मैंने क्या Kiya..jinhe अपना समझा वो मेरे दुश्मन निकले जो अपना था उसे मैंने मरने की कोशिश की..

रोलेक्स : देर कर दी न अहसास करने में..

सोना : कभी समझ hi नहीं पायी सही galat...hamesha वो किया जो मुझे पसंद tha...hamesha इस उलझन में रही आप और दीदी में से किसे फॉलो karun...aap पोर्न एडिक्ट थे दीदी ओपन माइंडेड..

रोलेक्स : और Mai...mujhe तो तूने कभी भाई मन hi nahi...siwaye एक मॉस के टुकड़े के..

सोना : ऐसा नहीं है...

सोना उठकर पीछे से हुग कर लेती है...

सोना : उस समय छोटी थी न आपको समझी न आपके प्यार ko...lekin आपसे बहुत प्यार करती हों..

रोलेक्स : hahahaha...pyar...Sona जब तूने मुझे इंजेक्शन लगाया तब मई बेहोश नहीं परलयज़ेड हुआ tha..tune मेरे मैं part पर ठोकरे मरी thi...aur मुझे सब याद hai...ghumte हुए रोलेक्स की आवाज़ भरी हो गयी और उसने सोना को पकड़ कर तंग दिया...

सोना : aa..jo चाहे सजा दे दो लेकिन मुझे माफ़ कर दो...

रोलेक्स : तेरे अंदर की रंडी को आज मई ख़त्म कर दूंगा...

dhammm..chhhrrr....uthaye हुए एक hi हाथ से सोना को रोलेक्स ने बीएड पर फेक दिया...

रोलेक्स : लेकिन तुझसे पहले मुझे जानना है सलिल के साथ क्या hua....ab अपनी घड़ियाँ गईं..

कहते हुए रोलेक्स फिर खिड़की से बहार देखते हुए सलिल की सोंचे उधेड़ने लगा....

सोना ko.wo बीएड पर फेक देता है

2 घंटे बाद रोलेक्स ने सोना को देखा जो सोशल मीडिया उसे कर रही थी....

सोना : कितनी खुश थी Mai...aur वो लोग दरिंदे nikle....bad में बात करती हों भाई agaye...sona लाइव थी जहाँ उसके फोल्लोवेर्स उसके लिए रो रहे थे...

सोना देखती है रोलेक्स की आंखे भीगी हुई है और वो गुस्से में उसे घुर्र रहा है...

********************************

सोना को पीठ पर बिठाये अनुसुइया भाग रही थी पीछे सोना की पीठ पर हाथ आरोही राखी thi....sahara देने के लिए....

aarohi....yahan aao...harsh उसे देख अपने पास बुलाने लगा....

हर्ष : मैंने टीम को बुला लिया है वो अति hi होगी...

siyaa....itne में एक कार aayi..awaz देते हुए उसने गेट खोल diya...anusuiya ने सोना को बिठाया फिर खुद बैठ gayi...harsh को इग्नोर कर उसके साथ hi आरोही bhi...car लेन वाली मोहिनी थी.

अनुसुइया : हॉस्पिटल ले चलो...

मोहिनी ने कार हॉस्पिटल की तरफ बढ़ा दी...

हाईवे पर मोहिनी की कार के पीछे और भी गाड़ियां थी जिसमे करा रोहित थे...

हॉस्पिटल आकर अनु ने जल्दी से स्टेचर पर सोना को लिटाया जिसे वार्ड बॉय डॉक्टर के पास ले गए...

मोहिनी : तुम बैठो डॉक्टर देख lenge..mohini की बात सुन कर अनु बेंच पर बैठ जाती है...

मुझे बताओगी ये सब क्या hai...aarohi पास बैठती हुई बोली...

अनुसुइया : तुमने जो नोट्स चुराए वो नहीं पड़े...

आरोही : मुझे लगा वो सलिल की डेरी के पेज है गौर नहीं की thi...kitni डम्ब हों मई...

अनुसुइया पेट पर हाथ फिरने लगी...

अनुसुइया : तू सच में प्रेग्नेंट है..


आरोही : han...chahe तो डॉक्टर्स से कन्फर्म करा le....mujhe जानना hai...rolex और सलिल कोण hai..do दिमाग कैसे...

अनुसुइया : मई भी अनजान थी usse...wo सलिल के साथ पैदा हुआ tha...jahan सलिल कमज़ोर tha...wo स्मार्ट tha...dono के दिमाग अलग अलग थे और बॉडी ek...fir एक दिन उसने अपना अहसास karaya......fir अनुसुइया बताने लगी...

अनुसुइया : इस तरह हमने उसे sulaya...lekin अब वो फिर जाग गया hai...wo न तो तुझे छोड़ेगा न मुझे न सोना ko..sabse ज्यादा वो तुझे हर्ट karega...aur तब तक करेगा जब तक तू मर नहीं jati...usse बचना है तो उसे सुलाना padega...tere पास सबसे बड़ा हथिआर है उसे झुकाने का...

आरोही : कितनी अभागन हों Mai...aarohi की आंखे बंद Hui..fir उनमे से आंसू निकलने लगे...

इतने में डॉक्टर आगयी...

अनुसुइया : कैसी है वो डॉक्टर..

डॉक्टर : खतरे से बहार है ...अभी सो रही hai...hosh आने पर मिल लेना..

कहकर डॉक्टर चली गयी...

अनुसुइया : जब तू सलिल से प्यार करती है तो तूने उसका रपे क्यों किया...

आरोही : वो फेक है बस नशे में करके मैंने उनकी वौइस् रिकॉर्डिंग की थी...

अनुशिया : फिर भी डिलीट कर दे ..

अनुसुइया को दिखते हुए आरोही सब वीडियोस डिलीट कर देती है...

aarohi...come... करा ने पास आकर हाथ पकड़ कर कहा जिस पर आरोही उठ गयी....

चलते हुए दोनों हॉस्पिटल के बहार aayi...jahan धीरज और रोहित पहले से थे....

हॉस्पिटल से बहार स्तर पर बैठ पिलर से तक लगा कर आरोही रोने लगी...

रोहित: अब तुम क्यों रो रही हो..

आरोही : सलिल वो थे जिनसे मैंने प्यार Kiya...Raju...unka असली नाम रोलेक्स hai...Maine पाकर भी उन्हें खो diya...rote हुए आरोही नेल्स से फर्श खुरचने लगती है..

रोहित : वो तुम्हे मर deta..aur तुमने ये बात मुझसे भी छुपाई प्रेगनेट होने वाली...

आरोही : इतनी साडी गलतियां की लेकिन जिस में मेरा कसूर नहीं था उसमे दोषी साबित Hui..Rohit देखो न मेरा क्या हल हो gaya..Mai अपने प्यार को पाकर भी खो दी...

रोहित : तुम रोना बंद करो...

आरोही : तुम शॉक में नहीं हो उसे देख kar..kya तुम जानते थे सलिल hi रोलेक्स है..

रोहित कुछ कहे बिना जाने लगता है..

आरोही : जवाब दो मुझे...

रोहित : मैंने वो नोट्स पहले hi पद लिए तभी तो पूर्वी ने चुराए...

धोकेबाज़ ....chatakkkkk....gusse में आरोही उठी और रोहित पर चीखते हुए उसके थप्पड़ मरती है ..

चटककक चटककक चटककक...

आरोही : क्यों किया तुमने ये बोलो kyo..aarohi मरते हुए उसका गिरेवान पकड़ खींचने लगी...

रोहित : मई समझा था तुम मुझे छोड़ डौगी अगर सलिल के बारे में पता चला ...और .वो तो पहले से hi मैरिड है...

एक गज और रोहित ने गिरा दी...

आरोही झुक कर घुटनो पर आगयी...

उसे अहसास हो रहा था उसने क्या खोया...

करा: अफ़सोस करने बंद karo...mujhe batao...tum उस सिया के साथ हो गयी हो kya..kuch देर देकर करा ने पूछा...

करा : आज जो सोना के साथ हुआ इसका मुझे भी अफ़सोस है ये मत भूलो इन दोनों ने तुमसे नक् ragadwai...aur न जाने अनु ने कितनी hi लड़कीओ की इज़्ज़त looti...aaj उसकी बहन के साथ हुआ तो अफ़सोस kaisa..ab बताओ तुम उसके साथ हो गयी हो..

आरोही ने आंसू पोछे फिर सब तरफ देख ना में सर हिलने लगी..

आरोही : it's गेम ...ी विल एक्सप्लेन लेटर

करा : टेक योर टाइम...

आरोही : तुम होटल जाओ और देखो वह क्या हो रहा hai...salil मुसीबत में हो तो कॉल करना....

करा धीरज को लिए निकल जाती है...

दफा हो jao...apne पीछे आरोही रोहित को देख उस पर चिल्लाई जिस पर वो पीछे लौट गया...

आरोही बेंच पर आकर बैठ gayi...Mohini अनुसुइया दोनों सोना के वार्ड में thi...aarohi अंदर आकर बातें सुनने लगी....

अनुसुइया : क्या हल बना दिया उसने tumhara...wo भुगतेगा इस पाप की सजा....


अनुसुइया सोना के बालो में हाथ फेरते हुए बोली...

सोना बोल पाओगी tum..I मैं मेडिकली प्रॉब्लम तो नहीं...

सोना कोई जवाब नहीं देती...

अनुसुइया : सोना जवाब दो न प्लीज...

सोना : हम्म्म..

अनुसुइया : उसने रपे किया था...

सोना ना में गर्दन हिलने लगती है...

मोहिनी : फिर ऐसी अवस्था में कैसे आयी..

सोना : उससे भी bura....aur सोना रोने लगती है....

इन्हे रोने न den...sadme में hai..pass कड़ी डॉक्टर ने कहा..

अनुसुइया : क्या मई इसे ले जा सकती हों..

डॉक्टर : han..lekin केयर karna..sadme से निकलने में..

अनुसुइया हामी भर्ती है....

एक चेयर पर सोना को बिठा कर चारो हॉस्पिटल से बहार की तरफ चल देती है...

अनुसुइया : तुम्हारे साथी कहा गए..

आरोही : सलिल को देखने hotel..door से hi बस नजर रखेंगे..

अनुसुइया गर्दन हिला देती है...

कार के पास आकर अनुसुइया सोना को चेयर से उठा कर कार में बिठाती है जिसमे आरोही भी उसकी हेल्प करती है....

चेयर डिक्की में दाल अनु खुद भी बैठ जाती है...

आरोही : मेरे घर चलो सेफ रहोगी..

अनुसुइया: मेरे पास बहुत प्लेसेस hai...tumhe कॉल karungi...anusuiya के इशारे पर मोहिनी कार आगे बढ़ा देती है...

आरोही पार्किंग में अपनी कार में अति है जहाँ रोहित पहले से था...

सोना तुम यहाँ कैसे आयी कारन का क्या hua...wo कहा hai...Anu उसका सर सहलाते हुए बोली.

सोना : कारन ने धोका kia...sona धीमे से बोली...

सोना : वो आपसे बदला लेना चाहता tha....fir सोना अटक अटक कर सब बता देती है...

अनुसुइया : उसे तो मई छोडूंगी nhi....lekin पहले रोलेक्स से निपटना है..

मोहिनी : रोलेक्स को बेहोश करके बेस ले चलते hai....mere पास कुछ गन्स है...

सोना : मरी जाओगी...

अनुसुइया : क्या मतलब...

सोना :वो टेलेकिनेसिस नहीं थी.. वो पहले से भी बहुत ज्यादा पावरफुल बन गए hai...Gupta ने एक 47 से फायर किये भाई के खरोच भी नहीं आयी...

मोहिनी : ये क्या है...

अनुसुइया: हर्ष की गोलिओ से मैंने उसे बचते हुए देखा tha....lekin ये नहीं जानती थी...

सोना : यहाँ से कही दूर चलो didi...jahan सिर्फ हम दोनों हो...

अनुसुइया : सोना जो शुरू किया है उसे ख़त्म तो करना hi hai...mohini तू इसे ले जा कही सेफ जगह...

कहकर अनु कॉल करने लगती है...


*********************************

काउंटर तोड़ते हुए दोनों निचे गिरे....

aaaaaaaaaaaa....Maine गुस्से में खड़े होते हुए चीखते हुए उसे देखा...

उठकर उसने मेरे पंच मारा...

धम्म...

उसके पंच को मैंने पकड़ लिया..

और मई उसे खुनी निगाहो से देखने लगा....

aaaaaaaaaaa.....dhammmmmm....

पांच वाले हाथ को पकड़े मैंने उसे उठाया और दूर को feka....wo दिवार में जा के लगा....

Aaaaa.....chikhte हुए मई उसकी तरफ बढ़ा....

भागते हुए मैंने अपना घुटना उसके मारा वो जो दिवार से लगा था....

dhammmmm..diwar तोड़ता हुआ मई अंदर घुस गया ...वो हैट गया था...

aaaaaaaa.....mai सीधा हुआ तो देखा वो भाग रहा है....

दिवार वाले रूम से निकल कर मई उसके पीछे हो लिया...

वो बहुत स्पीड से भाग रहा tha..usse 20 स्पीड मेरी थी....

dhammmmm....aaaaaaaaa....

पीछे से आकर मैंने उसके उड़कर घुटना mara..aur वो खा रहे लोगो के बिच आकर गिरा....

हम दोनों को देख सब खड़े हो गए....

उसने बचने के लिए एक आदमी को मेरे आगे कर diya...hath से हटाता हुआ मई उसकी तरफ बढ़ने लगा..

aaaaa.....usne फिर एक को टेबल के पास से खींचकर मेरी तरफ फेका...

और फिर वो भागने लगा...

मई : kayar....chikhte हुए मई उसके पीछे भगा....

भागते हुए वो होटल ke.park में आया...

मई नहीं चाहता था ये होटल तू बर्बाद kare...jaise तूने वो 100 करोड़ jala.diye सेल पागल...

hunnn.....gusse में हुंकार भरता हुआ मई उसकी तरफ badha...aur वो मेरी तरफ....

dhammmmmm....ham दोनों का पंच एक दूसरे के पंच से laga....aur वेव से पार्क में राखी टेबल्स उड़कर दूर गिरी....

aaaaaaaaaaaaa....chikhte हुए मई फिर उसकी तरफ बढ़ा....

dhammmmmm......aaaaaaaa....

इस बार मेरा घुटना उसके साइन पर पड़ा और उसका पंच मेरे पेट पर ....

वो Gira..aur जमीन में गद्दा हो गया...

aaaaaaaaaaaaaaa....

dhammmm...dhammmm....dhammm....

उस पर बैठे मई उसे मरने लगा.....

मई : बता कोण है tu....aaaaaa....

धम्मं dhammmm....dhammm.... पूछते हुए मई फिर उसे मरने लगा...

aaaa....sale बोलने तो दे....

dhammmmm....usne घुसा मारा और उड़ता हुआ मई उसके ऊपर से हटा....

aaaaaaaa....chikhta हुआ मई उस पर kuda...usne पीछे के लिए लात घुमाई जिसे मैंने पकड़ लिया हवा में hi हाथ घूमते हुए मैंने उसकी गर्दन पकड़ी फिर उसका मुँह ज़मीं पर दे मारा...

मई : कोण है तू....

जनरल सूर्य तेरा kaal...ab तू मुझसे जुड़ गया hai...tere जैसे hi एक ने मेरा ईगो हर्ट किया था तो मैंने उसकी बहनो को स्लेव बना लिया था apna...teri तो नीली आँखों वाली बहन भी मुझे पसंद आगयी hai....aur तेरी औरत को जब चाहे अपनी गोदी में बिठा लोन...

मई : इस सब के लिए तेरा ज़िंदा रहना भी ज़रूरी है....

aaaaaaaaaa......

छत्तत्ततत्तत....

aaaaaaaaaaaaaaaaaa....

गुस्से में चीखते हुए मैंने सूर्य का हाथ तोड़ Diya....aur उसकी दर्दनाक चीख निकल गयी.....

उसकी पीठ को घुटनो से दबाते हुए मैंने उसके मुँह में दोनों हाथ दाल diye..aur ऊपर निचे को खींचने लगा..

सूर्य : आआआआआ.....

मई : aaaaaaaaaaaa.....

handsoff...hath पीछे करके घुटनो पर ajao....nhi तो शूट कर दूंगा..

मैंने गुस्से में मुड़कर पीछे dekha...wo कोई 20 के करीब पुलिस वाले और इतने hi कुछ साधा वर्दी में थे....

मई : चला जा पोलिसिये ...मैं घूरते हुए बोलै...

शूट karo...unme से एक बोलै

लेकिन हार्स सर सूर्य सर को गोली लग जाएगी...

मैंने कहा शूट करो... इसके हेड को टारगेट करो....

ढाये ढाये ढाये....

रुको ....सब रुको....

जैसे hi उन्होंने गोलियन चलाई मैंने सूर्य को उठा कर उनके सामने कर दिया खुद उसके पीछे हो गया....

जैसे वो रुके...

मैंने सूर्य को उन पर फेका....

aaaaaaaaa.....chikhte हुए मई उनकी तरफ भगा.....

हवा में जम्प करके मैंने एक के घुसा मारा दूसरे की गर्दन पैरो में फसा कर मई कई पुलिस वालो पर गिरा....

dhaye...unke उठने से पहले मैंने एक की गन चीनी और एक सदा वर्दी वाले के सर को उदा दिया...

ढाये ढाये ढाये....

पुलिस वालो ने मुझे शूट किया तो मैंने उनके साथिओ को पकड़ कर आगे कर दिया....

जैसे hi वो रुके मैंने उनके साथिओ को hi उनकी तरफ फेका....

फिर खुद उन पर कूद गया....

ढाये ढाये ....दो पुलिस वालो को मरकर मैंने तीसरे के मुँह में छीनी हुई बन्दूक दाल दी....

dhaye....goli के साथ उसका सर उड़ गया.....

dhaye....goli चली और मई साइड में हो gaya...goli मेरी गर्दन से होती हुई गुज़र गयी...

ढाये dhaye...do गोलियां आकर मेरी पीठ में lagi...Maine हाथ लगा कर देखा तो वहां कुछ नहीं था....

.

पुलिस : गोलियन इसके अंदर नहीं घुस रही है....

aaaaaaaaaaa....Mai गोली मरने वाले पुलिस वाले पर कूद गया...

chatt...gira कर मैंने उसकी गर्दन पीछे को घुमा di...aur उसकी आंखे बहार निकल आयी...

हर्ष सर भाग gaye....sathio...

अर्जुन सर भी भाग गए...

पुलिस वालो में शोर उठ gaya...wo मुझे छोड़ भागने लगे....

Suryaaaaaa.....mai पीछे के लिए पलटा....

सलिल रुक जाओ....

सूर्य नहीं था लेकिन मेरे सामने सौम्य थी पुलिस की वर्दी में...

ये तुमने क्या कर Diya....wo चीखती हुई मेरे पास आकर कड़ी हो gayi...uska एक हाथ रिवाल्वर पर था...

मई : वो कहा गया....

सौम्य : कोण....

anusuiya.....yad एते hi मई होटल की तरफ भगा....

सलिल रुक जाओ मई शूट कर दूंगी....

मेरे न रुकने पर वो मेरे पीछे आने लगी....

मई अंदर aya....waiter टुटा फूटा सामान उठा रहे थे ...मेरे एते hi मुझे डरते हुए देखने लगे....

मई : कहा गए वो सब....

वो सब चले gaye....ek ने कहा..

भागने की कोशिश की तो भूल जाउंगी तुम मेरे कोण ho...piche से आकर उसने मुझे हाथ कड़ी पहना दी....

chatakkkkk....pagal हो गयी है तू सौम्य....

थप्पड़ मर के मैंने हाथ खिंचा और हाथ कड़ी तोड़ दी ...

सौम्य : तुमने मुझे mara....wo रोने लगी...

मई : भूल gayi...jab तेरी ज़रूरत थी तब तूने मुझे धोका दिया tha....*kehkar मई बहार को जाने लगा..

सौम्य:: ruko...salil...

वो मेरे पीछे आने लगी...

सौम्य: ये बहुत पुराणी बात है...

मई : मेरी जो आज हालत है इसकी जिम्मेदार सिर्फ तू hai...us दिन तू मेरी फिजिकल नीड्स पूरी कर देती तो आज मई ऐसा न होता... साली randi....pyar के नाम पर टाइम पास करती thi....bhag जा वर्ण जान से मर दूंगा...

सौम्य : ये साडी पुराणी बातें अब kyo...kya तुम्हे सब याद आगया .

मई : मेरे पीछे मत आ....

मई उस पर चीखा जिस पर वो रुक गयी ..

रोलेक्स2: हमें अपनी पहचान छुपानी नहीं चाहिए thi...isliye हमें कोई नहीं जनता...

मई : वो मेरे लिए इम्पोर्टेंस नहीं rakhti....mera सर घूम रहा है...

रोलेक्स 2: मेरा भी किसी चीज़ की छह लग रही है...

मई : सिगरेट पि थी तो थोड़ा कण्ट्रोल हुआ लेकिन अब फिर वही हाल...

रोलेक्स 2: सलिल को कण्ट्रोल दे देख वो क्या करता है....

होटल से बहार आकर मैंने कण्ट्रोल सलिल को दे दिया....

aaaaahhh....mai yahan...kaise...wo अपने अस्स पास की चीज़े देखने लगा...

सलिल : sona...room में hai...itni रत हो गयी..

सोंचते हुए उसने कॉल लगा दी....

hello salil...udhar से किसी ने कहा..


सलिल: है ये सोना का फ़ोन तुम्हारे पास कैसे आया mohini...bat करते हुए उसने सिगरेट जला ली..

मोहिनी : वो मेरे साथ है...

सलिल : क्या तुम ले गयी थी होटल से उसे....

सिगरेट पिटे हुए उसने एक गोला निकला और निगल लिया...

फिर वो यहाँ वहां कुछ देखने लगा...

एक जगह पानी का फ्रिज देख वो उधर hi चलने लगा...

मोहिनी : हां मई le.gayi थी लो बात करो अनु से बहुत ज़रूरी है सलिल..

सलिल : एक मिनट रुको पानी पि लोन...

फ़ोन पॉकेट में रख वो झुककर पानी पिने लगा....

hello salil..jwab दो...

है सुन रहा हों...

अनुसुइया : salil...apne ऊपर से रोलेक्स को हावी होने से रोको...

मई : आप हो कहा दीदी...

अनुसुइया : रोलेक्स ... क्यों कर रहे हो ऐसा...

मई : बताओ न दीदी कहा हो..

अनुसुइया : जो सोना के साथ किया है इसका बदला मई तुमसे लेकर रहूंगी...

मई : आ रहा हों तुम्हारे pass..chalo कॉल कट करो किसी की कॉल आ रही है...

दीदी का फ़ोन कट करके मैंने आने वाली कॉल रिसीव की...

मई : पूर्वी...

तुम्हे होश भी hai....kitni कॉल्स की है मैंने tumhe...wo चीखी...

मई : कानो से खून क्यों निकल रही है...

पूर्वी : भरी आवाज़ निकलना बंद करो मई पागल हो रही हों salil....aashna मिल नहीं रही hai...maa जी बार बार पूछ रही है उसके बारे में..

bhai....tum पुरे पागल हो ..रॉय बन गए hahaha....wo आपका उसे कर रही hai...aisi बहने किसी की नहीं हो sakti...bhabhi अपने धोका दिया मेरे भाई ko....mama देखो न भाई अंदर नहीं आ rahe....maaa...aap मेरी माँ हो...

मई : आशना मेरी bahan...aur मेरे आंसू निकल ए....

पूर्वी : मुझे शक है उसे अनुसुइया ने उठाया ...जब तुम अमेरिका गए थे तब आशना और सोना की लड़ाई हुई thi...Sona ने धमकी दी thi....wo आशना को वैश्य बना देगी .....सलिल हो न हो अनु आशना को बेस ले गयी है मई तुम्हे एड्रेस

मई : मई जनता हों वो कहा milegi...aur मैंने कॉल कट कर दी...

मई वापस से होटल की पार्किंग में आया बाइक लेकर मई चल दिया.....

riding-a-motorcycle-girl-or-guy-on-a-bike.gif


हाईवे पर आकर मैंने 140 की स्पीड से बाइक दौड़ा दी....

कुछ देर बाद मई जंगल में बने पार्क में था....

मैंने बंगलो के सामने बाइक रोकी....

स्टॉप और I'll शूट यू...

जब मई अंदर घुसने लगा तब छत के गार्ड ने मुझे देख मुझ पर गन तने कहा..

उसे देखता हुआ मई पीछे हुआ....

aaaaaaaaaa....agle hi पल मैंने भागते हुए जम्प मरी ....गेट के ऊपर से उछलते हुए मैंने दोनों पेअर उसके साइन पर मरे...

aaaaaaaaaaaa...uski दर्दनाक चीख निकल गयी.

मेरी स्पीड इतनी थी की वो कुछ समझ hi नहीं पाया...

dhaye...agle hi पल उसकी गन से मैंने उसे शूट कर दिया...

छत से निचे कूड़ा वह कई गार्ड आगये थे....

ढाये ढाये ढाये dhaye...maine उसी गन से वाकई गुंडों को भी भून डाला....

age.bhagte हुए मुझे कई गॉर्ड मिले मैंने उन पर जम्प लगा दी....

किसी का हाथ किसी की गर्दन तोड़ कर मई फ्री हुआ और आगे भागने लगा ...

आगे भी बहुत से गॉर्ड मिले उनके साथ भी मैंने वही Kiya...bhagta हुआ मई गुफा में आया जहाँ जहाँ पत्रिओ पर चलने वाली गाड़ी खाद्यान thi......Maine कई गाडिओं को रेस देकर छोड़ diya...fir भागते हुए मई पहली वाली बोगी में बैठ गया....

**********************

यही रोक दे.. और तू सोना को लेकर Jaa...car रुकने पर अनुसुइया उतारते हुए बोली..

कहा जा रही hai...mohini ने पूछा..

अनुसुइया : बेस..

कहकर अनुशिया आगे जाती है जहाँ गाड़ियां कड़ी थी...

अनु के गाड़ी में बैठते hi वो चल देती है...

अनु : बेस ले चलो शार्ट रस्ते से..

ड्राइवर : जी मैडम.....

***************************

आशना को दोनों गुंडे बोगी में बिठाये चल देते है बेस की तरफ...

कितनी मस्त है न ye...inoncent देख इसके फेस पर इसे मसलने का मन हो रहा hai..ek गुंडा बेहोश आशना को देख बोलै .

तो मसल ले वैसे भी मैडम ने कितने गुस्से में कहा ऐसी माल बार बार हाथ नहीं ayegi..dusre गुंडे ने कहा..

पहला गुंडा आशना पर लेट कर उसके कोर्ट के ऊपर से उसके बूब मसलने लगा....

दूसरे का जब लैंड खड़ा हुआ तो वो उसे आशना के होंठो से लगाने लगा...

बूब मसलते हुए गुंडे ने प्लाज़ो के ऊपर से आशना की छूट को मुट्ठी में भर लिया...

आअह्ह्ह्ह...

कराहते हुए आशना uthi...uthte hi उसने दोनों को अपने ऊपर से धक्का दे दिया...

कुत्तो अगर मेरे पास ए तो जान से मर dungi...aashna कोने में सिमटते हुए बोली..

जणू तेरा उद्घाटन हमें hi करेंगे अब रह नहीं पाएंगे तुझे हासिल किये Bina...ek ने कहा..

तू बहुत प्यारी है मेरी जान तुजे भी बहुत मज़ा ayega...dusra अपना लैंड मसलते हुए बोलै...

ohhhoo...aashna ने उलटी कर दी जो लैंड मसल रहे गुंडे के ऊपर गिरी...

आशना : मेरा भाई यहाँ अत hi होगा वो तुम दोनों को जान से मर dega..apni तरफ बढ़ता देख आशना सेहम कर बोली.

चल ri...yahan आएगा तो मारा जायेगा...

आशना : पास नहीं आना वर्ण कूद jaungi...aashna ने एक पेअर बोगी के ऊपर रख लिया कूदने के लिए..

ae.kya कर रही है पागल हो गयी hai..Gunda बौखला कर बोलै

आशना : पास नहीं आना वर्ण कूद जाउंगी..

तू निचे अजा हम नहीं आएंगे तेरे पास...

आशना ने ना में गर्दन हिला दी.

गुंडों ने भी हार मान Li...unhe दर भी था इसे कुछ हो न जाये

कुछ देर बाद उन्होंने ट्रैन जिसका सिर्फ एक बोगी थी रोकी...

फिर आशना को घसीट कर अंदर िमररात में लाये.

**************************

कुछ देर बाद मुझे जंगल में बना बेस दिखाई देने लगा...

मैंने अपनी बोगी रोकी फिर पीछे आ रही उनको ओने बी ओने रोकने लगा..

कोण हो तुम I'd dikhao...piche से किसी ने गन मेरी पीठ पर रख कर पूछा...

dhammmmmmm.....ghum कर मैंने गन चीनी और उसके घुसा मारा....

आआआआ....

धम्म्मम्म....

गेट तोड़ता हुआ वो अंदर गिरा...

ढाये ढाये dhaye...uske गिरते hi बहुत से गॉर्ड मेरे सामने agaye...jinhe मैंने भून डाला...

गन फेककता हुआ मई अंदर आया....

अंदर कोई नहीं था सिवाए 2 औरतो के जो एक बड़े से हॉल में सो रही थी....

आष्णाआआ...

मैं एते hi गरजा...

मेरी आवाज़ चारो तरफ गूंजने लगी वो दोनों औरते उठ कर बैठ गयी....

छप्प chappo.chappp

एक तरफ से मुझे बहुत से कदमो की आवाज़े आने लगी....

कोण हो तुम....

मई : औरत मेरी बहन कहा hai..Mai उसकी आँखों में देखते हुए गरजा....

हथियार निचे दाल दे वर्ण तेरा भेजा उदा दूंगा..50 से ज्यादा गॉर्डस जो गन लिए मेरे सामने आकर खड़े हो गए.

मैंने टूटे हुए गेट को देखा....

dhammmmm...dhammm dhammmm..dhamm....


जब तक गेट पूरी तरह से टूट नहीं गया वो उन सबके पड़ता रहा...

chattt....chatt....Maine दिवार में लगी बड़ी एलसीडी को dekha..jiski स्क्रीन टूटने lagi.....nukila बन कर कांच दिवार से निकला.

aaaaaaaahhh....aahhhhhhh आअह्ह्ह्हह...

हवा की स्पीड जाते हुए वो उनके जिस्मो से पार होने लगी...

बहुत से गॉर्ड डरकर भागने लगे...

khannnn....ek ने उसे शूट कर दिया...

ढाये dhaye...agle hi पल कैयो ने मुझ पर गोलियन चलाई....

कुछ मेरे लग कर गिर गयी कुछ से मई बच गया..

मई : aaaa....gusse में मैंने दिवार पर लगे लोहे के हैंडल को देखा...

aaaaaaaaaaa...aaaaa...aaaa.

देखते hi देखते सभी गॉर्डस की लाशे बिच गयी....

dhammmmmm...kisi ने पीछे से मेरे सर पर लोहे की रोड मरी....

मई : आआआआ ....

Aaaa....chatt....gusse में नै मुदा और मैंने उसकी गर्दन पकड़ कर घुमा दी....

अब कई लर्कियन शोर सुनकर हॉल में आगयी थी जो सब ब्रा पंतय में thi...kuch को छोड़कर जो गार्ड की ड्रेस में थी..

इस इमरत को दुबारा से बनाया गया था...

मई : मेरी बहन कहा hai....Maine दूसरी औरत से पूछा जिसके हाथ में रोड थी...

khannnnn....mere देखते hi उसके हाथ से रोड गिर गयी....

क्या नाम है...

मई : आशना...

औरत : साडी लड़कीओ को हॉल में लेकर aao...uski आवाज़ पर गॉर्ड लड़कियों ने अलार्म बजा दिया....

कुछ देर में सभी लड़कियां हॉल में जमा थी....

मई : तुम में से आशना कोण hai...Maine उन लड़कीओ को देखा जो मुझे दीकहै दे रही थी....

मैंने देखा कुछ लड़कियां जो पूरी नुदे थी वो सबसे पीछे थी...

मई बस नाम जनता था मुझे शकल नहीं पता थी...

कई लड़कीओ ने ना में सर हिलाया..

मई : तू आशना hai...ek से मैंने पूछा..

ना में सर हिलती वो हैट गयी...

मई ; पीछे वाली आगे आओ..

ब्रा पंतय वाली लड़कियां हटने लगी और नुदे लड़कियां आगे आने लगी...

एक लड़की जो नुदे थी वो हाथो से अपने प्राइवेट पार्ट्स छुपाये thi....ankho में उसके आंसू भरे थे...

भाई मुझे कपडे चाहिए...

मुझे सबसे पीछे से आवाज़ आयी...

मैंने अपनी जैकेट उतर कर फेकि..


फिर शर्ट फेक दी मई अब पंत और टी शर्ट में रह गया था....

मई बेचैन था उसे देखने के लिए...

aaaaaaaaaaaaa.....aaaaaaa.....

इतने में मुझे पीछे से आवाज़े आयी....

बहुत से दरिंदो जैसे इंसान जो देखने में बेहद गंदे और नंगे थे चीखते हुए मेरी तरफ आ रहे थे....

मई : aaaaaaaaaa....

dhammmmmm......chatttt....

हवा की स्पीड से मई उनकी तरफ badha...ek के मैंने पंच mara...dusre की गर्दन पकड़ कर मैंने घुमा दी....

धम्म्म्म... पंच वाला दिवार में जाकर लगा और उसका सर फैट गया....

सभी दरिंदे मुझ पर कूद गए....

मई : aaaaaaaaa.....dhammmm धम्म्म्म धमममममम....

aaaaaaaaaaa...

aaaaaaaaaa....aaaaaa....

वो उड़ उड़ कर दीवारों और छतो से लग रहे थे....

धमममममम धम्म्म्म...

दो की मैंने लात पकड़ ली और मई उन्हें फर्श पर पाठकियाँ मरने लगा.

aaaaaaaaaaaa....

aaaaaaaaaa.

unka.sar.fat गया और वो दर्द में चिकने लगे....

आआआह मुझे बचाओ.

मैंने देखा एक लड़की सेल में रेंगते हुए मेरी तरफ आने की कोशिश कर रही थी....


मैंने उन दोनों को छोड़ा और लड़की के पास आया...

मैंने सहारा देकर खड़ा किया फिर बहार निकला...

लड़की को लिए चलता हुआ मई उन सबके पास आया ...

मई : इसे भी कपडे दो....

bhai.....itne में लड़की मुझसे लिपट गयी...

मई : आशना हो तुम...

मैंने उसे खुद से अलग Kiya...wo रो रही थी हिचकियाँ लेकर....


मई: मई चुप होजा मेरी बहन मई आगया hon....tu कितनी खूबसूरत है और कितनी pyari...Maine उसके सर को चुम लिया...

उसने जैकेट पहन ली थी और शर्ट निचे बांध ली थी..

आशना : यहाँ दीदी काम करती है भाई...

मई : जनता hon....tu बहुत प्यारी है तू मेरी bahan....Maine उसे फिर से चुम लिया...

आशना : क्या हो गया है आपको भाई...

वो नहीं जानती थी मई उससे पहली बार मिल रहा हों....

मई : तू मेरी बातें मानेगी...

आशना : इंकार कब किया..

मई : जैसा मई कहूंगा करेगी न...

आशना : हाँ न ..

मई : aahn...aur मैंने उसे गले लगा liya...mujhe जो सुकून मिल रहा था मई बता नहीं सकता ..

मई : ओह्ह मेरी आशना तू कहा चली gayi....Tera बचपन भी नहीं देख पाया....

आशना : रोलेक्स भाई....

मई: हाँ मई रोलेक्स हों....

मेरी बात सुनकर वो मेरे सर को मेरे चहेरे को चूमने लगी.....

आशना: मेरे बहादुर भाई आप सच में हो...

मई : हाँ तुझे कैसे पता मेरे बारे में...


आशना : पूर्वी ने बताया जब मई आपसे नाराज़ हो गयी thi..aap सो रहे थे...

मई : पूर्वी कोण है....

आशना : आपकी lover....ab घर चले भाई माँ परेशां हो रही hogi...waha चक्कर सब बताउंगी..

मई : है तू बहुत प्यारी है मेरी जाएं ..

आशना : आप भी....

मई : सुनो लड़कीओ तुम में से जो इस गंदगी से निकलना चाहती है मेरे साथ अजय...

सिवाए एक लड़की के कोई मेरे पास नहीं aya...wo सिसक रही थी नुदे भी थी उसने खुद को हाथो से कवर किया हुआ था...

मई : तुम डरो मत मई तुम्हे प्रोटेक्ट करूँगा...

हम अपनी मर्ज़ी से यहाँ hai...apni बहन को लेकर जाओ..

कई लड़कीओ ने कहा..


मई: क्यों तुम समाज को गन्दा करने पर tuli...ye पाप hai...apne माँ बाप का soncho..bhaio का soncho...kya गुज़रेगी उन पर...

मेरे कहने पर कुछ और आगयी...

मई : क्या सोंच रही ho...aao मई तुम्हे बचाऊंगा सबसे..

तुम्हे समझ में नहीं अत हम यहाँ अपनी मर्जी से ए hai...kai लड़कीओ ने कहा..

मई : क्या ये पाप nahi...agar तुम आओगी मेरे साथ तो म्हणत करके भी ज़िन्दगी गुज़र सकती हो नहीं आओगी तो तुम आज़ाद हमेशा यही रहोगी...

पाप पुण्य जैसा कुछ नहीं hota...ab जाओ यहाँ से ..कुछ लड़कीओ ने कहा..

हम मर्दो की हवस मिटने के लिए अवेलेबल है जिस वजह से रापस में गिरावट आ रही है...

मई : ऐसा नहीं है रपे रेड लाइट एरिया से रुक नहीं रहे बल्कि बढ़ रहे hai...jism की हवस बढ़ती hi रहती है... तुम से बुझाने के बाद चस्का लग जायेगा... सोसाइटी क

Whatever...jao भी ये मत समझना हम तुमसे दर jayengi...hamne ये लाइफ खुद चुनी है...

वो मेरी बात काटते हुए चीखी...

आशना : चलो bhai...ye नहीं आएंगी...

मैंने सर हिलाया..

मई : कपडे लेकर आओ इनके लिए...

मैंने एक औरत को घूरकर kaha...jis पर वो भाग गयी...

कुछ देर बाद कपडे लेकर ayi....pehna कर मई लड़कीओ को लिए बहार आया...

वो 5 लड़कियां थी एक हज़ार में से बस यही आयी थी मेरे साथ ...

मई : तुम सब यही ruko....Mai अभी aya...Maine उन्हें एक जगह खड़ा कर दिया..

जहाँ से जनरेटर किआ आवाज आ रही थी मई उधर चल दिया....

जनरेटर रूम में आकर मैंने इधर उधर देखा....

2 बड़े चैने डीजल से भरी देख मैंने उठा ली.....

चैने को लेकर मई फिर उन लड़कीओ के पास आया जो लाशे उठा रही thi....mujhe देख कर कड़ी हो गयी...

उन्हें घूरते हुए मई उन पर दिसेल डालने लगा...

मई : जब इनर सोल मर जाये तब इंसान को जीने का अधिकार नहीं rehta..wo भूल जाता hai...sahi क्या है गलत क्या hai...wo कैंसर की तरह फैलने लगता hai...jahan से गुज़रे गन्दा करता चला जाता है...

ये क्या कर रहे हो tum....ye दिसेल hai....ruk jao....you मदर फुकेर stooped...ruk जाओ प्लीज...


nhi..koi रोको इसे...

महाराज को कॉल करो koi....in लड़कीओ को कुछ हुआ तो अंजाम बहुत घातक होंगे....

सब इसके पेअर पकड़ lo....iski पंत खोलो.....

दिसेल पड़ता देख वो सब चीखने lagi...kaio ने मुझे पकड़ liya...aur वो मेरे साथ खींचने लगी..

मई : खूबसूरती ...paise....sab कुछ होने के बाद तुमने चुना वो रास्ता जो इंसानो का नहीं hai...is पाप की सजा गरुण पुराण में है अग्नि में जला रख कर देना ....

सब डालकर मई आगे को चल diya....wo सब मेरे पीछे आने लगी.....

dhammmmm...dham....

मेरे पंच की वबे से वो साडी लड़कियां पीछे को गिरी....

जेब से मैंने सिगरेट nikali...hontho से लगा कर मैंने लाइटर जलाया....

khannn....fir मैंने जमीन पर गिरे दिसेल पर फेकते हुए आगे बढ़ गया...

aaaaaaaaaaaaaaaaaa....aaaaaaaaaaaaaaaaa....aaaaaaaaaaaa....

पीछे मुझे उन लड़कियों के चीखने की आवाजे सुनाई देने लगी....

ये क्या किया तुमने पागल हो गए हो....

मुझसे कहकर आशना जलती ईमारत को देखने lagi....jahan से जलती हुई लड़कियां निकल निकल कर भाग रही थी....

आशना : आप दरिंदे हो....

मई : मई दरिंदा hon....tu जानती भी है kuch...Mai न अत तो तुझे ये नोच कर खा रहे होते....

ये इसी लायक है ..जो लड़की मुझे सेल में मिली उसने कहा...

इतने में लड़की 2 मर्दो के साथ आयी जल रही लड़कीओ की हेल्प करने लगी..

आग की रौशनी में मुझे उसका चहेरा दिखा....

आशना : anusuiya...nahi....ruko.....

लड़की की आग बुझा कर दीदी पलटी तो उनके पीछे मई खड़ा tha....mujhe देख दीदी सहम कर पीछे को गिरी....

अनुसुइया : ये तुमने क्या कर diya...wo तुम्हे नहीं छोड़ेंगे...

मई : तुम्हे अपनी जान की फ़िक्र करनी चाहिए ......

और मैंने गुस्से में दीदी को तंग दिया.....

मई : मई नहीं अत तो मेरी बहन की इज़्ज़त तू लूट चुकी hoti....sonchkar hi रूह कैंप जाती है....

अनुसुइया : onnn....onnn...uski गर्दन मेरे हाथ में होने की वजह से वो बोल नहीं पा रही थी...

भाई छोडो ise....bhai छोड़ दो मर जाएँगी ye...aashana मेरे पास आकर मुझसे दीदी को छुड़ाने लगी...

दीदी की आंखे बहार को निकलने लगी....

आशना : मैंने कहा छोरो... कैसी भी सही हमारी बहन hai....bhai छोरो मर जाएगी ye....chatakkkkkkk.....

उसने खींच कर मेरे थप्पड़ mara....aur मेरे एक हाथ की उंगलिओ को मुँह में लेकर काट लिया....

dhammmm.....Maine दीदी को साइड में फेक दिया....

डरकर आशना मुझे देखने लगी...

खो खो kho....khaste हुए दीदी लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी....

मई : जानती है ये कोण hai....ye हमारी बहन है हमारी सगी bahan....salil पर क्या गुज़रेगी तुम्हे अंदाज़ा hai....jab उसे पता चलेगा तुमने इसका रपे करना चाहा..

दीदी हैरत से आशना को देखने लगी...

मई: एक तुम हो एक ये है जो तुम्हारे लिए मुझसे लड़ रही है....

आशना : भाई चलो माँ इंतज़ार कर रही है...

अनुसुइया : माँ.. दीदी फिर हैरत से देखने लगी....

कुछ कहे बिना मई आशना को लेकर आगे बढ़ गया....

बोगी पर मैंने सबको बिठाया और चल दिया.....

कुछ देर बाद बंगलो से निकल कर हम बहार ए...

बहार मेरी बाइक कड़ी थी जिसे मैंने लॉक कर दिया....


पैदल hi हम सब पार्क से निकलने Lage....chalte हुए मैंने कॉल लगा दी..

आप जिस नंबर से संपर्क कर रहे है वो अभी पहुंच से बहार है...

मई : ये झमेला कहा gaya...mai खुद में बुदबुदाया..

सुनिए क्या आप हमें अपने पास rakhegi...hame कुछ नहीं चाहिए बस 2 वक्त का खाना दे देना रहने के लिए chhat...Mai सारा काम कर लेती hon...aashna की hi तरह एक भोली सी लड़की ने कहा..

जिसे मैंने अब घोर से देखा...

आशना : अपने घर का काम हम खुद hi कर लेते है....

आपके निगहबॉर को कोई नौकरानी चाहिए हो...

आशना : घबराओ मत मई तुम्हारा ख्याल rakhungi....tumhare घर में क्या कोई है nahi....tumhare माँ बाप.

nahi...koi नहीं hai...anath हों...

आशना : क्या नाम है...

सनजना...

आशना : जब तक तुम्हरा इंतेज़ाम नहीं हो जाता तुम हमारे साथ hi रहना...

मुझे बस हाईवे तक hi जाना है टैक्सी लेकर मई चली jaungi..ek और लड़की ने कहा....

आशना : तुम्हारा नाम...

प्रिय...

हम भी यही रहती hai....hame भी बस हाईवे तक hi छोड़ Dena...dusri लड़कीओ ने खा

मई : अगर घर में सेफ रहोगी तो hi जाना..


हमें उठाया गया tha...un लड़कीओ ने कहा...

चलते हुए हम हाईवे पर आगये....


मैंने एक टैक्सी रोकी...

प्रिय : मेरा घर पास में hi है मई चली jaungi...kehte हुए वो टैक्सी में बैठ गयी...

मई : ठीक है संभल कर jana.use बीमार देख मैंने खा

प्रिय : थान यू सो मच रोलेक्स सर.

मैंने दूसरी टैक्सी roki....aur उन लड़कीओ को लिए उसमे बैठ गया....

ओने बी ओने मैंने सबको उनके घर chhoda...aakhir में अपने घर आया .

कड़ाके की ठण्ड में एक लड़की जो शायद पूर्वी थी बहार बैठी थी जिसके साथ एक औरत और thi....wo शायद मेरी माँ थी..

मई : पूर्वी से पैसे लेकर इसे दे...

हम तीनो टैक्सी से बहार aye...Mai आगे बढ़ गया आशना पूर्वी के पास रुक gayi...aashna के साथ hi संजना रुक गयी..

बैठी माँ की मैंने गोदी में सर रख दिया...

माँ : तू आगयी मेरी बची...

आशना : है माँ मई agayi....bhai ने बचाया....

आशना की बात सुन माँ मेरे सर पर हाथ फेरने लगी....

मई : माँ मई तुझे याद हों...

माँ : है मेरे बचे सलिल....

मई : मई सलिल नहीं hon....goadi से सर उठा कर मई माँ को देखने लगा...

मई : मई सलिल नहीं हों....

आशना : माँ वो सही कह रहे hai...ye सलिल नहीं है...

पूर्वी : kya..Rolex...

माँ : समर जी ने सही कहा tha...aur माहि अपनी यादो में खो गयी...

चार साल का सलिल खेल रहा होता है की खेल खेल में सोना का मुँह नोच के भाग जाता है...

छोटी सोना गाला फाड़ कर रोने लगती है...

महा लक्समी : salil...aaj मई तेरी टंगे तोड़ दूंगी कितनी बार कहा है छोटी बहन को न मारा kar...mahi उसे पकड़ने के लिए भागी....

पापा मोती मर रही bachao...salil भागता hua...Samar की गोदी में चला गया..

महा लक्समी : बदमाश अपनी माँ को मोती kahega...abhi रुक तू...

समर : है अब तुम मोती हो गयी हो जानेमन...

महा लक्समी : 3 तीन बचे कर के पतली कहा से रहूंगी...

समर : तुम आज भी उतनी hi हसीं हो मेरी जान...

सलिल : अअअअअअअ पापाआ....

पास आकर माहि सलिल का कण पकड़ कर खींच लेती है....

माहि : अब बोल मोती कहेगा...

सलिल : पापा मोती ने मारा....

समर : छोड़ भी दो ...

माहि : मज़ा aya..mahi सलिल को रट देख मज़े लेते हुए बोली....

समर : क्यों मरते हो छोटी बहन को ..

सलिल : मई नहीं मरता papa...wo मुझे मरती..

समर : प्यारे badmash...ummm ummm...salil को गोदी में उठा कर समर चूमने लगता है...

माहि : ये बहुत मरता है बचो को समझाओ ise...ek बार तो सोना की आंख बच गयी...

समर : चलो देखते है तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है...

और समर सलिल के दिमाग में घुस जाता है...

समर : mahi.....mahi..jaldi आओ...

माहि : क्या हुआ क्यों चीख रहे हो...

समर : ये एक नहीं है mahi...ye दो है...

माहि : कहा है do...pagal हो गए हो आप...

समर : सच कह रहा hon...salil के दिमाग में दो दिमाग hai...wo सच रहा hai...mahi वो मुझे पापा बुला रहा hai...mahi...dekho माहि...

माहि : बाप बेटे मिल कर मुझे उल्लू बना रहे हो ...न तो सलिल ने कुछ कहा न तुम्हारे दूसरे बेटे ने...

समर : दिमाग में कहा उसने...

माहि : जाओ ji...ap तो खली हो मुझे सौ काम करने है...

समर : मेरे bete...salil की बॉडी को कण्ट्रोल करने की कोशिश karo....aao... तुम्हारा naam...sun रही हो क्या नाम राखु इसका...

माहि : आप खली हो मुझे अपनी तरह खली न समझो...

समर : तुम्हारा नाम साहिर है आज se...kaho papa...control Karo...kosish करो बीटा....

sahir.....kehkar माँ मेरे गलो को थामकर मुझे देखने लगी...

माँ : समर जी सच कह रहे they.....mere bache....aur माँ ने मुझे अपने साइन से लगा लिया....

मई : माँ अब तेरे हर दुश्मन से इन्तेक़ाम lunga...mujhe सब पता है माँ बस तू मुझे चहेरा दिखती जाना...

काफी देर तक मई वैसे hi बैठा रहा....

आशना : भाई अंदर चलो ठण्ड लग रही है...

माँ : तुम कोण हो beti...maa संजना को देख बोली...

मई : माँ ये एक सटे हुई लड़की है इसका कोई नहीं है तो मई यहाँ ले आया...

माँ : ाचा kiya...aao बेटी इसे अपना hi घर समझो....

हम सब अंदर आये...


माँ : पूर्वी बीटा खाना लगा मुझे भी भूक लगी है और ये सब भी भूके है....

जमीन में चटाई बिछाने के लिए आशना झुकी तो मुझे वो दिख गयी ..

मई : तू पहले कपडे बदल के आ आशना...

मेरी बात सुनकर वो चुप चाप चली gayi...Maine अपने मैं part में ेररक्शन महसूस ki...na जाने क्यों मई आशना के पीछे हो liya....gate पर खड़ा होकर मई उसे कपडे बदलते हुए देखने लगा...

उसने एक एक करके सरे कपडे निकल diye...uska जिस्म अंदर से पूरा लाल था..

न जाने कब मई उसके पीछे आकर खड़ा हो gaya....pant के ऊपर से hi मई अपना डिक उसके चुत्रो में घुसाने laga...wo झटके से अलग हुई...

Bhai.....wo हैरानी से मुझे देखने lagi...Maine अपना लैंड मसल दिया...

chatakkkk...agle hi पल उसने थप्पड़ मेरे मुँह पर चिपका diya...fir वाशरूम की तरफ भाग गयी....

मई : आआह्ह्ह ये मुझे क्या हो रहा है....

मैंने लैंड निकला और हाथ चलने लगा....

रोलेक्स ाजाओ खाना लग गया... पूर्वी की आवाज पर मई रुका....

मैंने पंत ऊपर chadai...aur निचे aya...fir अचे से हाथ धोकर सबके साथ बैठ गया...

मई हैरत में था सलिल का इतना बड़ा कैसे हो गया....

खाने के दौरान आशना aagayi...mujhe घूरते हुए वो माँ के पास. बैठ गयी...

आशना : माँ इसकी शादी करा do....warna मई ...करा दूंगी किसी से bhi...wo सेंटेंस चेंज करते हुए बोली...

माँ : पूर्वी बीटा तुम्हे पसंद है साहिर...

आशना : दोनों लवर है माँ..

मई : पागल हो गयी hai...ye विष कन्या hai...tujhe देखा है मैंने ....

माँ : क्या....

पूर्वी : अपने बचाया था मुझे राजू बन kar...maa जी डरो nahi...Maine वो सब छोड़ दिया hai....Mai वैसी नहीं हों ....

मई : चल ऋ खाना खा कर निकल इधर se...shadi का सोंचना भी नहीं मुझसे तू सलिल की hai....meri बात सुनकर वो रोने लगी...

माँ : मई भी विष कन्या थी kabhi..aur मई एक नजर में पहचान लेती हों कोण क्या hai...ye तुम्हारी नहीं मेरे सलिल की पत्नी बनेगी...

माँ की बात सुनकर उठी पूर्वी बैठ गयी....

सिसकते हुए वो खाना खाने लगी ..

आशना : बेवकूफ तुझे तमीज़ नहीं कैसे बोलते है रुला दिया बेचारी को...

मई : तू क्यों इतना भड़क रही है...

आशना : सॉरी kaho....isne क्या नहीं किया हमारे liye...hamare भाई अयन को भी इसने hi bachaya...tum जब अमेरिका में थे तब रातो को जागकर हमें प्रोटेक्ट किया...

मई : ाचा सॉरी चल रोना बंद kar...tu क्यों भड़क रही मुझ पर इतना..

आशना : मई मरूंगी रोलेक्स ..

मई : ाचा ठीक है..

चटक्क...

माँ : कैसे बोल रही बड़े भाई से...

माँ हलके से मरते हुए boli...jis पर वो चुप चाप खाने लगी ...

वो शायद गुस्सा हो गयी थी मेरी हरकतों से...

खा कर हम सब उठे...

माँ : संजना बीटा तुम ऊपर के रूम में जाकर सो जाओ...

सर झुकाये वो चली गयी..

मई अपने रूम में आगया...

मेरे लेटते hi माँ मेरे पास आकर लेट गयी....

मुझे उस गोले की तालाब हुई तो माँ से छुपकर मैंने उसे मुँह में दाल liya....fir उठकर पानी पीकर लेट गया..

रोलेक्स 2 : सेल ने बॉडी के ल लगा दिए..

रोलेक्स : हां आने नहीं दूंगा इसे ab...chal सो जा बहुत रात हो gayi..aur मैंने आंखे बंद कर ली नशे की वजह से मेरी आँख लग गयी....

************************

ला ला la..gate हुए मिश्री अपने घर में घुसी....

वाशरूम में नहाकर वो मिरर के सामने बैठ कर अपनी बॉडी पर लोशन्स और क्रीम्स लगाने लगी....

क्रीम लगते हुए वो खुद को आईने में घूरने लगी...

aaaaaahh...khauf से उसकी चीख निकल gayi.....use आईने में एक और मिश्री दिखाई दी थी..

उसने डरते हुए पीछे dekha....piche देखा तो कोई नहीं था....

वो सांसे सँभालते हुए फिर क्रीम लगाने lagi...ab वो जल्दी कर रही थी...

aaaaaaaasaahhh....is बार उसने साफ अपने पीछे मिश्री को खड़े देखा..

कोण hai...wo घूमी लेकिन कोई नहीं दिखा....

मिश्री : कोण hai...samne aao...wo उठकर रूम में चारो तरफ देखने लगी...

ला ला ला la...use पीछे से आवाज़ सुनाई दी वो palti..jis चेयर पर अभी वो बैठी थी उसी चेयर पर मिश्री बैठी क्रीम लगा रही थी.....

aaaaasaasaaaannn..use देख मिश्री दर्दनाक चीख मरती है.... पीछे होते हुए गिर जाती है...

तू तो मुझे भूल hi गयी थी... दूसरी मिश्री उठते हुए boli...aur उसका रूप बदलने लगा...

मिश्री : तुम.....

नरसिम्हा रओ : है Mai.....aur उसने पास आकर मिश्री को तंग दिया...

नरसिम्हा : पहले तेरी छूट खाऊंगा फिर दूध चबा चबा कर खाऊंगा....

मिश्री : रुक जाओ वो यही रहती hai...Mai तुम्हे उसके पास ले चलूंगी...

मिश्री की बाउकलाहट पर ईटर रुक जाता है..

टिंग टिंग ....इतने में मिश्री का फ़ोन बजने लगता है....

नरसिम्हा : अगर तूने मुझसे अब चालाकी की तो तुझे ज़िंदा रख कर तेरे जिस्म के अंग खाऊंगा...

मिश्री : मई तुम्हारी सेविका हों कोई चालाकी nahi...Mai फ़ोन उठा लोन...

ईटर ने हामी भरी जिस पर मिश्री भागकर कॉल पिक करती है.

मिश्री : aarohi...thik है... मई सुबह आउंगी तुम्हे बाद में कॉल करती हों...

और मिश्री कॉल कट कर देती है...

मिश्री : सुबह ले चालू....

नरसिम्हा : आज रात मुझे खुस kar....mishi को पकड़ नरसिम्हा उसे उठा कर बीएड के पास लेकर पटक देता hai....mishi पर चढ़ वो उसके कपडे फाड़ते हुए उसे नोचने लगता है..

*****************************

3 घंटे बाद....

सुबह के 5 बजे कोहरा सब तरफ फैला हुआ था..... ढूंढ में बहुत सी गाड़िओ की हेडलाइट्स जल रही thi....ek k.m के दायरे में बस गाड़ियां hi गाड़ियां थी सभी DCM...unke आखिर में थे कुछ टैंक......

फौजी गाड़िओ से उतारकर सोसाइटी के घरो में दबे पाऊँ जा रहे थे दीवारे फलांग कर....

जश्न सो रही होती है उसे अपने घर में बहुत दे कदमो की आहत होती है जैसे बहुत से लोग कूड़े हो उसके घर में....

वो कसमसाते हुए बिस्तर से उठी जैसे hi उसने गेट खोला सामने बहुत दे फौजी गन लिए....

जान प्यारी है तो दबे पाऊँ यहाँ से निकल jao....is सोसाइटी में टेररियस्त ने बम छुपाया है...

जसाहन : आप सच कह रहे हो...

बुढ़िया समझ में नहीं आया जल्दी kar....jashan अपने पति और चिंकी मिन्की को उठाने भागी.....

पूरी सोसाइटी में यही हो रहा tha....har घर में 5 फौजी गन लिए घुसे हुए थे.....

सौम्य ने भी अपनी फॅमिली को निकल कर गाड़ी में बिठा दिया था....

भल्ला रेडडी : तुम नहीं आ रही हो हमारे साथ...

सौम्य : नहीं पिता जी आप jao...mujhe कुछ काम करना है....

दूर खड़े हजारो पुलिस वालो d.i.g के साथ महेश और अर्जुन सौम्य को hi देख रहे थे....

अपने घर वालो को भेज सौम्य महेश के पास अति है....

सौम्य : सर मई टारगेट की पोजीशन देख्नने जा रही hon...koi घर में मिला तो बहार निकल दूंगी....

महेश : जाओ हमारी नजर तुम पर hi है....

सर हिलती हुई सौम्य आगे बढ़ जाती है....

सलिल के घर से गुजरते हुए saumya...salil के बराबर तीसरे घर में कुछ हवलदारों के साथ घुस जाती है...

सौम्य : तुम बैडरूम में जाकर dekho...Mai ऊपर देख कर अति हों...

हवलदार सर हिलाते हुए बैडरूम की तरफ बढ़ जाते है सौम्य भगति हुई छत पर अति है.....

छतो से होती हुई सौम्य एक छत से दूसरी छत पर अति फिर teesri...salil का घर dekh...saumya इधर उधर देखने lagti....saumya जिस घर में थी वो तीन मेल थी सलिल जिस घर में था वो दो male...kudtti तो सौम्य को चोट भी अति और दिखने का भी दर था...

वो बेचैनी से इधर उधर देखने lagi....ek देख उसने जल्दी से उठाया और सलिल के घर के खुले आंगन में फेक di....fir भागने के लिए वापस हो गयी...

धमममममम..

ईंट की आवाज़ से पास में सो रही संजना पूर्वी जाग उठती है.... वही आशना भी उठ जाती hai.....jo अकेले सो रही थी....

पूर्वी : ये आवाज़े कैसी hai......aur पूर्वी बिस्तर से उठ गयी...

धम्म्मम्म..

धम्म्मम्म....

भगति हुई पूर्वी सलिल के रूम के बहार आयी और दरवाज़ा पीटने लगी....

पूर्वी : माँ ji....salil....rolex.....jaldi से दूर खोलो....

क्या हो रहा है ये आवाज़े कैसी hai....aashna उठकर पास एते हुए बोली...

पूर्वी : मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है...

ये किसी ने फेका है शायद हम इसी आवाज़ से jage...sanjana ईंट लिए बोली...

क्या hua....darwaza खोल माहि ने पूछा.....

पूर्वी अंदर को भागी...

पूर्वी : रोलेक्स.... rolex....salil था की उठ नहीं पा रहा था नशे की वजह से...

रोलेक्स को न उठता देख पूर्वी ने पानी से भरा जग उस पर दाल दिया...

हड़बड़ा कर मई उठा.....

मई : पूर्वी....

पूर्वी : ससससस आवाज़ सुनो....

मैंने आशना की टी शर्ट से मुँह पोछा और कॉन्सेंट्रेटे करने लगा...

उठकर मई आंगन में आया....

संजना : किसी ने ये फेका.....

दो कदम मई पीछे hua....agle hi पल उड़ता हुआ मई बरामदे और बैठक की छत पर आया...

छत्त की दिवार से खड़ा होकर मई बहार देखने लगा.....

जहाँ तक मेरी नजर जा रही थी वह तक लोग और गाड़ियां hi गाड़ियां थी....

सिर्फ 2 हजार से ज्यादा लोग गन लिए मेरे घर के सामने खड़े थे उनका निशाना था मई....

salil....niche ajao....aur सरेंडर कर दो अगर जान प्यारी hai....kisi ने ानोंकेमेन्ट की...

मैंने घूमकर निचे dekha...jahan संजना आशना दरी सेहमी कड़ी थी.....

पूर्वी : ये स्पेशल फोर्सेज है सरेंडर कर दो rolex...wo मेरे पास hi आकर कड़ी हो गयी थी.....

मई : तुम छत के रस्ते से माँ और आशना को लेकर जाओ.....

सलिल आखिरी मौका सरेंडर कर do...nahi तो हमारी मिस्ले तुम्हारे घर को रख में बदल देगी...

पूर्वी : सरेंडर कर do....maa और आशना के बारे में सोंचो...

वो मेरा हाथ पकड़ मुझे निचे लायी....

सबको लिए दरवाज़ा खोल कर हम बहार आये....

मुझे देख सेकड़ो स्पेशल फोर्सेज के लोग मेरी तरफ आने लगे...

मई एक घर की दीवारों को देखने laga..Maine अपने दिमाग पर ज़ोर डाला तो वो हिली.....

कोई हरकत की तो मार दिए jaoge.....fir अनाउंसमेंट हुई...

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....ek भरी सी आवाज़ चारो तरफ गूंज गयी.....

ग्रीन man....green मन आगया है yahan.....sab लोग पोजीशन ले लो....

सब तरफ शोर उठ गया.....



 
Episode 41

कोई हरकत की तो मार दिए jaoge.....fir अनाउंसमेंट हुई...

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....ek भरी सी आवाज़ चारो तरफ गूंज गयी.....

ग्रीन man....green मन आगया है yahan.....sab लोग पोजीशन ले लो....

सब तरफ शोर उठ गया.....

नेक्स्ट कंटिन्यू.


अनुसुइया जाती आशना और रोलेक्स को देखने लगती है.....

आशना मेरी बहन hai...meri माँ ज़िंदा hai...kahi वो झूट नहीं नहीं ऐसे समय पर कोई चांस nahi...meri maa...meri छोटी bahan...anusuiya घुटनो में मुँह छुपाये रट हुए खुद से बातें कर रही थी....

aaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaaaaa aa....aaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaaa...

लड़कीओ के चीखने की आवाज़े सब तरफ गूंज रही थी...

madam....madam...Matti पानी लड़कीओ पर डालते हुए दोनों गार्ड अनुसुइया को पुकारने लगे जिसके पास बदहवास होकर जलती हुई लड़की आ रही थी....

अअअअअ....

वो लड़की अनुसुइया पर गिरी...

झटके से अनुसुइया उससे दूर hui...fir जल्दी से अपना कोर्ट निकल कर उसकी आग बुझाने लगी....

किसी तरह इन्हे bacaho....anusuiya दूसरी लड़कीओ लो जलता देख चिकि...

मुझे bachao...mujhe bacha....aur अनुसुइया द्वारा बचाई हुई लड़की की सांसे रुक गयी....

बहुत जलन हो रही है madam...aaaaahhh..Rolex से पहले जिस लड़की की आग अनु ने बुझाई वो उसे देख तड़पते हुए अपने पास बुलाने लगी....

अनुसुइया : कुछ नहीं होगा मई तुम्हे बचा lungi...anusuiya उसके पास तो बैठ गयी लेकिन उसे छू नहीं पति पूरी बॉडी काली पढ़ जाने की वजह से...

लड़की : मैडम दर्द बर्दास्त नहीं हो रहा hai...anusuiya उसकी बात सुनकर फुट फुट कर रोने लगी...

लड़की : मैडम मेरी सुंदरता की हकीकत ये hai...aaaaahh...wo अपनी जाली हुई बॉडी को दिखते हुए बोली...

अनुसुइया : काश मई उसकी बात मन लेती न जाने क्या हो गया मई कह hi नहीं पायी मई ये सब छोर dungi...aaaaahhh..madam मुझे इस दर्द से छूट करा दे do...madam...

उसका दर्द देख अनुसुइया अपनी गन निकल लेती है...

अनुसुइया आंखे बंद किये शूट करना चाहती लेकिन उससे गोली नहीं चलती...

अनुसुइया : मई उसकी ज़िन्दगी नर्क बना dungi...Mai उसे बचा समझती थी लेकिन ab...use मरे बिना मई चैन से नहीं बैठूंगी जियेगा भी तो जीने के लिए tarasega...gun फेक अनुसुइया कॉल लगा देती है..

अनुसुइया : mohini....sab ख़त्म हो gaya...call रिसीव होते hi अनु रो पड़ी..

मोहिनी : क्या हुआ siya..aise क्यों रो रही है...

अनुसुइया : रोलेक्स ne....sab जला दिया सभी विष कन्याओ को आग के हवाले कर दिया...

मोहिनी : क्या कह रही है tu...siya...agar ऐसा हुआ तो महाराज तुझे जान से मर देंगे...

अनुसुइया : ऐसा hi हुआ hai....jaldi से गॉर्डस भेज गाड़िओ के sath...yahan लडकिया जाली पारी hai.....wo जल रही है...

मोहिनी: ये क्या हो गया siya...iske परिणाम बहुत घातक होंगे तेरे लिए भी और तेरी फॅमिली के लिए bhi....maharaj को जब पता चलेगा वो छोड़ेंगे नहीं ...इंचार्ज तू थी अनु...

अनुसुइया : मई क्या karun....mohini मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है...

मोहिनी : तू कही छुप जा इससे पहले महाराज के गुस्से का सामना करना पड़े..

अनुसुइया : तू गार्ड्स भेज उसने सबको मार दिया hai...aur सोना का ख्याल रखना...

मोहिनी : ये तेरी आखिरी हेल्प है जो मई कर रही hon...aur कॉल कट हो जाती है...

अनुसुइया उन दोनों गॉर्डस के साथ मिलकर आग बुझाने लगती है.....

क्या हुआ दीदी को मोहिनी...

मोहिनी कुछ कहे बिना रूम से निकल जाती hai...chalte हुए वो एक रूम में अति है...

महाराज ...Maharaj...uthiye...room में आकर सो रहे महाराज को मोहिनी उठाने लगती है...

क्या hua...tum इस samay...wo हड़बड़ा कर उठते हुए बोलै...

मोहिनी : अनु के भाई ने बेस को जला दिया साथ में लड़कीओ को भी...

महाराज : kyaaaaa....ye नहीं हो sakta...Mai अनुसुइया की खाल उतर dunga...kon है उसका Bhai...Maharaj होंठो को काटते हुए गुस्से में गरजा..

मोहिनी : पहले आर्डर दो गुरदस को वहां जाकर उन लड़कीओ की हेल्प kare...base को जलने से बचाये...

महाराज जल्दी से कॉल लगा देता hai...fir अपने गुरदस को इंस्ट्रक्शंस देने लगता है....

महाराज : अब बताओ कोण है ...वो.. महाराज ने गार्ड्स को इंस्ट्रक्शंस देने के बाद खा.

मोहिनी : वो 2 दिमाग के साथ पैदा हुआ था एक बॉडी दो दिमाग एक था सलिल जिसे आप जानते हो दूसरा था रोलेक्स जिसे आप भूत के रूप में जानते हो वो कोई भूत नहीं था वो सलिल के सर का दूसरा हिस्सा tha......fir मोहिनी बताने लगी...

चटकककककक...

साडी बात सुनकर महाराज गुस्से में थप्पड़ मरता है...

महाराज : तू सब जानती थी...

मोहिनी : वो मेरी दोस्त thi...hamne उसे कण्ट्रोल कर लिया था...

महाराज : शट उप बेवक़ूफ़ ladki...guru चरण दस को bula..aur मोना को भी...

मोहिनी : sorry...kehte हुए मोहिनी कॉल लगाने लगती है.

महाराज : मेरी टेबल पर आधे घंटे में स्टेट को रन करने वाले सभी ऑफिशल्स मौजूद ho..wo सुबह का सूरज नहीं देखेगा...

मोहिनी : c.m नहीं आएगा वो पंजा पार्टी से hai..mohini की बात सुन जाता हुआ महाराज रुक जाता है..

महाराज : उसे डराओ अगर नहीं अत तो सीबीआई भेज दो उसके घर और हर एक मला के Ghar....p.m से बोलो धमकी दे उसे...

मोहिनी : ठीक है....

और मोहिनी कॉल करने लगती है.

ठीक आधे घंटे बाद सरे ऑफिशल्स डीएम .c.m दिग.. कमिश्नर ips..genral सीबीआई चीफ सब महाराज की टेबल पर बैठे होते है उनके बिच मास्क में महाराज बैठा होता है...

महाराज के कहने पर सामने स्क्रीन पर एक तस्वीर शो होती है..

महाराज : ये मुझे सुबह तक ज़िंदा या मुर्दा चाहिए...

मई इसे जनता hon...ek ने कहा..

पिछली रात इसने 17 सीबीआई अफसर 15 पुलिसवालो को का खून किया है...

महाराज : तुम कैसे जानते हो..

मेरी बहन का पति hai..lekin अब दोनों अलग हो Gaye.harsh महाराज को देख बोलै...

महाराज : तुम जनरल को इसका घर दिखाओ .और तुम ैरस्त्रीके कर दो इस के घर पर..

जनरल : सर ऐसा किया तो लोग गोवेर्मेंट से क़ुएस्तिओन्स करेंगे..

हर्ष : जहाँ इसका घर है वो सोसाइटी है अगर वहां एयर स्ट्राइक की तो बहुत लोग मरे जायेंगे..

महाराज : फिर ऐसा करो जितनी ज्यादा फोर्सेज टैंक्स ले जा सकते हो ले jao...ye टेलेकिनेसिस जनता hai...kuch देर पहले hi इसने मेरे 200 के करीब आदमीओ को मर दिया hai...jo सब हथियारों से लेस्स the..guess कर सकते हो ये कितना पावरफुल है.

ठीक है सर हम निकलते है..

सब ऑफिशल्स हामी भरते है..

**********************

अनुसुइया को आग बुझाते हुए आधा घंटा हो गया था की उसे हेलीकाप्टर की आवाज़ अति है..

हेलिकोप्तेर्स आकर बिल्डिंग पर पानी डालने लगते है...

कुछ देर बाद बहुत सी गाड़िया आ जाती है जिसमे आग बुझाने वाली गाड़ियां भी थी..

कुछ hi देर में हॉल में बहुत पानी भर गया था....

अनुसुइया गार्ड्स के साथ अंदर जाती है..

अनुसुइया : ज़ख्मिओ को जल्दी से चॉपर में दाल कर इलाज के लिए भेजो.... बिल्डिंग छान मारो देखो कोण कोण ज़िंदा hai...Anu आर्डर देते हुए गार्ड्स से बोली.

अनुसुइया देखती है हजार लड़कीओ में से करीब 300 के करीब जल गयी....200 के करीब घायल है....

इतने में रूम्स में से बहुत सी लड़कियां निकल कर अति hai....ye वो थी जो भाग गयी थी....

वो दरिंदा चला gaya.ladkio ने pucha..anusuiya सर हिला देती है....

सबको देखते हुए अनुसुइया सोंचने लगती है कोण है दरिंदा वो या रोलेक्स...

अनुसुइया घायलों को उठा कर जल्दी जल्दी गार्ड्स के साथ भेजने लगी...

ये औरत और ये सब कैद खाने में मिले...

गार्ड्स कुछ औरतो और एक मर्द को अनुसुइया के पास लेट हुए बोलै...

जिसमे एक आदमी बेसुद्ध था टार्चर की वजह से उसे होश hi नहीं था उसे कोण थमा है...

prakash....prakash...seeta चीख पड़ी...

सीता : छोड़ो mujhe...guards से हाथ छुड़ा कर सीता भागते हुए प्रकाश के पास आयी...

सीता : प्रकाश देखो मुझे.... prakash...gaurds से छीन कर सीता प्रकाश को थम लेती है...

सीता : प्रकाश देखो मुझे.... प्रकाश...

अपनी साड़ी के पल्लू को फर्श पर गिरे पानी में भीगा कर सीता पल्लू प्रकाश के मुँह पर मरती है....

सीता : हमारी संजना ज़िंदा hai...Mai उससे मिली prakash....sun रहे हो तुम...

अनुसुइया सब सुन रही थी लेकिन वो नजर अंदाज़ करते हुए लड़कीओ को उठाने में हेल्प कर रही थी...

sanjana...praksh की हलकी सी आवाज़ निकली..

सीता : haa...prakash वो ज़िंदा है...

प्रकाश : roti....bhuk के सामने प्रकाश को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था...

सीता प्रकाश को लेकर उस रूम में घुस जाती है जिसमे वो रहती थी....

खाना ढूंढ कर वो प्रकाश को खिलने लगती है...

इन कैदियों का क्या करे madam..ek गॉर्ड ने आकर पूछा...

अनुसुइया : इनकी सेल रहने लायक है...

गार्ड : है मैडम वह तक आग नहीं पहुंची...

अनुसुइया : ठीक है fir...inhe वापस कैद कर दो....

गॉर्ड : चलो रे सब वापस..

दो कैदी रूम में गए hai..ek गॉर्ड ने कहा...

जिस पर पहला वाला gaurd...room में घुस कर खा रहे प्रकश और सीता को उठा लेता है....

सीता : छोड़ दो inhe...Mai यहाँ काम करती थी...

गॉर्ड : कैदी मतलब kaidi...chal...aur वो दोनों को घसीटे हुए बहार लता है...

सीता : अनुसुइया beti....Anu beti...meri बात सुनो...

अनुसुइया : मई मजाक के मूड में नहीं हों seeta...hamesha रंडी कहने वाली आज बेटी कैसे कहने lagi....tu शायद इसी लायक है.

अनुसुइया की बात सुन गॉर्ड रुक जाता है...

सीता : ये तेरे सेज मां hai...Mai तेरी mami....tere पापा ज़िंदा hai....tere परिवार को khatm....Maine किया हहहह.....

इतने में गुरु चरण दस आगया ..और सीता के शब्द बदल गए...

अनुसुइया सीता के सब्द समझने की कोशिश करने लगी..

गुरु : ले जाओ इन दोनों को ..अनुसुइया को भी कैद खाने में दाल do...anusuiya तुम्हारा फैसला महाराज करेंगे...

अनुसुइया : ये क्या बकवास कर रहे हो तुम ..मुझे महाराज के पास ले चलो...

गुरु : भूलो मत किसके सामने कड़ी ho...pakad लो इसे ...

2 गॉर्ड अनसुइया को पकड़ कर सीता के पीछे कैद खाने में ले जाने लगते hai...anusuiya हाथ पेअर मरती रह जाती है...

निचे लेकर उसे एक तहखाने में बंद कर दिया जाता hai....jiske बराबर में सीता भी होती है....

******************************

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ढाये ढाये.... dhaye.....dhaye....non स्टॉप गोलियन चल रही थी सोसाइटी के गेट की तरफ.....

जहाँ करीब 15 हज़ार से ज्यादा स्पेशल फोर्सेज और पुलिस थी ....वो सब झमेला पर फायरिंग कर रहे थे ....

aaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaaaaa....aaaaaaaa....

फोर्सेज की बेहद दर्द भरी चीखे निकल रही थी....

झमेला फोर्सेज के बिच में घुसकर उन्हें पकड़ कर मार रहा था वो कोशिश कर रहा था मेरी तरफ आने की.....

कोई हरकत की तो भून कर रख दिए jaoge......apni फॅमिली के बारे में सोचो..

मेरे सामने जो 2 हज़ार के करीब फाॅर्स थी उनमे अधो की गन्स का रुख झमेला की तरफ हो गया था...

मुझे मेरी दायी तरफ से आवाज़ ayi...ye फौजी दस्ता भी घाट लगाए बैठा था झमेला के आने से इन्हे सामने आना पड़ा....


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हाथ पीछे karo..ghutno पर ajao...fir अनाउंसमेंट हुई....

मैंने अपनी फॅमिली को देखा फिर हाथ पीछे करते हुए घुटनो पर आगया....


इतने में माँ ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और ना में सर हिला दिया.....

माँ को देखते हुए मई खड़ा हो गया...

ढाये ढाये dhaye....mere खड़े होते hi एक फौजी ने कई फायर मुझ पर कर दिए.....

रुक jao....fire मत करो.... दूसरे फौजी अनाउंसमेंट करने लगे....

aaaaaaaaaaaa....aaaaaaaaaa....aaaaaaaa..aaaaaaaaaaa...

झमेला फ़ौज में भागते हुए घुसकर फ़ौज को चीरते हुए उसने जम्प mari....aur मेरे पास आकर gira....uske घिरते hi हम सबको एक झटका laga....uske पैरो के निचे गद्दा हो गया...

बहुत से फौजी घायल साथिओ को छोड़ भागने लगे...

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Aaaaaaaaaaaa..... उसने गुस्से में फ़ौज को देखते हुए दहाड़ मरी...

2.0 टेकिंग control...aur मैंने माँ को अपने पीछे किया....

dhammmmmmmmmm........aaaaaaaaaaaaaaa....aaaaaaaaaaa....aaaaaaa....

एक बड़ी दिवार उखड कर फ़ौजिओं के ऊपर giri...aur वो दर्द में चीखने लगे....

थपप्पपपपपपप......

झमेला ने दोनों हाथो को मिलकर क्लाप्स की और वबे से मेरे सामने के फौजी उड़ते हुए दूर जाकर गिरे....

dhaye....dhaye......

इतने में किसी फौजी ने र्गव मिस्लेस फायर कर दी.....

झमेला ने उन्हें पकड़ कर फ़ौजिओं की तरफ hi फेक दिया.....

मई : रास्ता साफ़ है तू इन्हे लेकर जा....

aaaaaaaaaaa....usne गुस्से से मुझ पर दहाड़ मरी....

मई : प्लीज इन्हे अड्डे पर लेकर जाए....

मेरे प्लस कहने पर उसने सबको बाँहों में उठाया और भागते हुए हवा में जम्प लगा di.....udte हुए वो मेरी आँखों से ओझल हो gaya...army भी उस पर फायरिंग नहीं कर पायी...

ढाये ढाये ढाये dhaye....samne वाली फ़ौज को झमेला ने लड़ने लायक नहीं छोड़ा था इतने में पीछे से टैंक पर सवार फ़ौज आगयी.... उन्होंने मुझ पर गोलिओ की बरसात कर दी.....

साडी गोलियन मेरे कपड़ो को फाड़ कर निचे गिर गयी.....

गोलिओ से कुछ न होते देख उन्होंने मिस्ले फायर कर दी....

aaaaaaaaaaaaaaaaa...dhammmmmm..

मिस्ले के ऊपर से उछलते हुए मई टैंक पर आकर गिरा....

धमममममममम...

मिस्ले सीधे मेरे घर में घुस gayi...ek बड़ा धमाका हुआ और मेरा घर रख में बदल गया....

मैंने गुस्से में टैंक की नाली को देखा....

chattttt.....nali उखड कर मैंने टैंक के ऊपर फायर कर रहे फौजी के दिल में घुसा di...aaaaaaaa...fauji की दर्दनाक चीख निकल गयी...

..टैंक की नाली सीना चीरते hue...tank में घुस गयी.....

ढाये..... dhaye....itne में दो राकेट मिस्ले दूसरे टैंक से मुझ पर फायर हुई....

bhattttttttttttttt....

जम्प करते हुए मई कूद गया मेरे कूदते hi पहले वाला टैंक फैट कर जल गया...

aaaaaaaaaaaaaaaaa....gusse में मैंने टैंक की नाली पकड़ कर उसे उठा Diya....fir उसे घूमने लगा.....

aaaaaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaaaaaaaa....aaaAaAAaaaa....faujio के पास आकर मई उन्हें घुमा कर टैंक से मरने लगा....

फ़ौजिओं के दस्ते के दस्ते हवा में उड़ उड़ कर दूर जाकर गिर रहे they....jiske भी टैंक लगता उसके जिसमे के हिस्से अलग हो jate....kisi को मई टैंक से कुचल रहा था उनकी बॉडीज पीस कर जमीन में बह रही thi.....pani की तरह

देखते hi देखते खून से मई तर हो gaya...mere टैंक से खून टपक टपक कर मुझ पर गिरने laga....faujio के खून से टैंक नाहा गया था...

सब तरफ लाशे hi लाशे हो गयी थी....

हथियार दाल do...warna तुम्हारी प्रेमिका को जान से मार दिया jayega....anouncement हुई....

मैंने घूम कर देखा जहाँ से मुझ पर लाइट्स की रौशनी पद रही थी एक बड़ा policewala...saumya पर गन तने हुए tha...ye कोई 50 के अस्स पोलिसवाले थे आधे भाग गए थे आधे आगे नहीं ए बहुत से मैंने मार दिए थे...

dhammmm....saumya को देखते हुए मैंने टैंक फेक दिया....

हिले डुले तो जान से मार दिए jaoge...apne आप को हमारे हवाले कर दो...

मई : तुझे लगता है मई इसके लिए घुटने tekunga....aaaaaaaa.....bhagte हुए ....मई उसके पास आकर खड़ा हो गया....

मेरे एते hi उसके हाथ कंपनी lage.....uske साथी डरकर पीछे को भागने लगे.....

dhaye.....gun घुमा कर मैंने उसके दर से खुले मुँह में दाल कर उसी के हाथ से फायरिंग करा दी....

महेश sirrrrrr.....saumya की दर्द में डूबी कानो को फाड़ने वाली चीख निकली....

महेश का सर फट गया tha....goli सार फाड़ते हुए पीछे से निकल गयी....

सौम्य : ये तुमने क्या कर दिया salil......wo महेश की बॉडी थामे फिर चीखी...

सलिल nahi....Mai रोलेक्स hon...Maine कहा और बचे हुए पुलिसवालो को देखने लगा.....

लड़ उससे सकते है जो इंसान हो ये हैवान hai...golio का इस पर असर नहीं हो रहा भागो....

आर्मी के बड़े ऑफिसर्स ने भागते हुए अनुनेमेंट की..

जिस पर सरे पुलिस वाले और फौजी अँधा ढूंढ भागने लगे....

मई शोले निकल रहे अपन घर को देखने लगा....

जानवर हो tum...janwar....kitne लोगो को मारा है tumne....saumya मेरे पास आकर मेरा हाथ झुंझ लेट हुए चीखने लगी...

मई : अगर मई इन्हे नहीं मरता तो ये मुझे मार dete....ye ए मेरे पास मई नहीं गया....

सौम्य : मैंने तुम्हे उठा कर बहुत बड़ी गलती कर di...itne लोग न marte...wo पीछे लाशे देख रट हुए बोली..

मई : तुम चाहती हो इनके हाथो अपने परिवार के साथ मर jata..jhamela के साथ क्या हुआ tha..pta तो होगा tumhe...kya तुम गयी थी उसकी हेल्प करने जब वो उसकी यानि मेरी बहन की इज़्ज़त लूट रहे थे..

सौम्य : तुम्हारे अंदर बिलकुल भी दया नहीं hai....pathar हो tum...itne लोगो को मार दिया...

मई : इतनी बड़ी तादाद में ये यहाँ क्यों ए थे...

सौम्य : मुझे नहीं पता....

मई : गलत jawab....balo से पकड़ कर मैंने सौम्य को अपने आगे kiya..fir गर्दन से उठा कर तंग दिया....

चलते हुए मई अपने जल रहे घर के पास उसे लाया...

मई : वीरगति की सुभकामनाये...

rukooooo...sab बताती hon....wo चीख पड़ी....

मैंने उसे छोड़ diya....wo खांसते हुए अपनी सांसे ठीक करने लगी...

सौम्य : army..cbi..police डिपार्टमेंट इनफैक्ट सभी डिपार्टमेंट के बड़े ऑफिशल्स के पास p.m की कॉल आयी थी तुमने मरने के लिए ...बूत p.m से बढ़कर भी कोई hai...Mai गयी थी उसके pass....tab उसने आर्डर दिया ...वो मास्क में था सब उसे महाराज कह रहे थे....

मई : कहा मिलेगा वो....

सौम्य : मई नहीं जानती सभी को ब्लैक मिरर वाली कार्स में ले जाया गया tha...kaha जा रहे थे हम सिर्फ ड्राइवर को पता tha...jo उनका hi आदमी था...

मई : और कुछ उसके बारे me....Tera जवाब तेरी ज़िन्दगी का फैसला karega..usne नाम आँखों से मुझे देखा...

सौम्य : dig..army चीफ, सीबीआई चेइफ़ और एक्स कम भैरव सब ए हुए they...bas इतना hi जानती हों.

उसकी बात सुनकर मई जाने के लिए मुद गया...

suno...kya तुम hi सलिल ho...usne पीछे से आवाज़ दी...

मई : नहीं...

सौम्य : वो कोण है जो मुझे चाहता hai...wo चिकि..

मैंने घूम कर उसे देखा .

मई : वो मई hon..lekin तेरे लिए मेरा प्यार उसी दिन ख़त्म हो गया था जब तूने मेरा साथ छोड़ दिया tha...kehkar मई आगे बढ़ गया..

सौम्य : कब की बात कर रहे हो tum..wo भगति हुई आयी और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया..

मई : जब तुझसे मैंने शादी की thi..janti है मई ऐसा नहीं न मुझे जिस्म की चाहत thi..pata नहीं कैसे शायद मेरी बहनो ने मुझे हॉर्नी करने का नशा दिया tha...tab मई तुझे लाया tha..ye सोंचकर तू मेरा साथ degi..lekin तूने क्या किया मुझे छोड़ गयी ..हवस में मई इतना अँधा हो गया ये भी भूल गया सोना मेरी बहन hai...sab तूने किया..

सौम्य : मई उस समय छोटी थी करियर बनाना था... प्रेशर था मुझ पर...

मई : हँ wtf वीमेन empowerment...ab दुबारा मुझे अरेस्ट करने नहीं आना वर्ण तुझे माफ़ी नहीं मिलेगी ..हाथ छुड़ा कर मई आगे बढ़ गया...

सोसाइटी से निकलते हुए मुझे पुलिस वालो की बहुत सी गाड़िया dikhi...ek मुजरिमो वाली बन पर सवार होकर मई चल दिया....

सोसाइटी से निकलते हुए मैंने dekha...sabhi गाडीअन टैंक छोड़ कर भाग गए थे....

बहुत दूर तक का एरिया खली कराया गया था....

आधे घंटे बाद मई अपने अड्डे पर आया जहाँ पहले कभी मेरी लैब थी ..

छत पर hi मुझे एक हरा पहलवान खड़ा दिख गया गाड़ी देख उसने निचे जम्प मार दी....

उसे देख मई वन से निकल aya...mujhe देख वो रुक गया...

मई : क्या बोलते है..

झमेला रुक जा देख मई हों ye..use गुस्से में देख मैंने सलिल की यादें खंगालनी शुरू कर दी...

झमेला नहीं ग्रीन man..usne दहाड़ते हुए खा.

मई : शांत हो Jaa...ab कोई दुश्मन नहीं hai....ssshh... अपनी तरफ बढ़ता देख मैंने वही शब्द कहे जो सलिल की मेमोरी से पता चले..

मई : ग्रीन मन मई तेरा दोस्त hon..salil...rolex...ham दो है बूत एक hi बॉडी me.pass आकर मई उसके हाथ को सहलाते हुए बोलै...

रोलेक्स नहीं salil...wo फिर गरजा..

मई : है मई सलिल hi तो hon..mere हरे पहलवान..

झमेला : आआह्ह्ह....

धीरे धीरे वो बदलने लगा...

वो नार्मल हुआ तो मुझे देखने लगा...

झमेला : कैसा है हटेले....

मई : jhamele...aur मई उसके गले लग गया...

मई : कब से तुझे नहीं देखा था...

झमेला : है हो गए 2 mahine...ek मिनट तू...

मई : है मई हों ये...

झमेला : तू वापस आगया...

मई : है मेरे भाई ..तूने मुझे जगाने की कोशिश क्यों नहीं की...

झमेला : चल घर चलते है...

मई : मैंने कुछ पूछा है...

झमेला : मई घर से यहाँ कैसे आया .

मई : घर जल gaya...tu सबको यहाँ लाया ..

झमेला : मुझे नहीं pata...uski बात सुनकर मई अंदर के लिए भगा...

sahir....mujhe देख माँ सोफे से उठ gayi...andar सब सोफे पर बैठे थे संजना निचे बैठी thi...sabko देख कर मेरी जान में जान आयी ..इतने में झमेला भी मेरे पास आगया...

ये लोग कोण है पूर्वी के sath..wo सबको देखते हुए बोलै..

मई : तुझे सच में याद नहीं tha...inhe तू लाया यहाँ...

झमेला : नहीं yaar...wo हरा राक्छस.

मैंने सर हिला दिया...

मई : चल आ तुझे माँ से milaun...Teri और मेरी माँ... उसका हाथ पकड़ मई सबके पास आया...

मेरे पास एते hi माँ मुझे टटोलने लगी...

माँ : तू ठीक तो है..

मई : खून मेरा नहीं है माँ...

माँ : यहाँ कही पानी hai...tu मुँह हाथ धो ले..

मई : आओ मेरे sath...sabko लेकर मई बेसमेंट में आया ..

टूटी सीढ़ियां देख मैंने झमेला को देखा...

निचे कूद कर मैंने टूटे फूटे सामान से टेम्प सीढ़ियां बनाई और सबको निचे utara...aakhir में संजना और झमेला रह गए...

मई : आओ निचे..

संजम : नहीं मई जा रही हों...

मई : कहा जाओगी...

संजना : पता नहीं लेकिन अब आप पर बोझ नहीं बन sakti...aap भी मुसीबत में हो..

मई : उन लोगो ने तुम्हे हमारे साथ देख liya...jane नहीं दे sakta...Maine झमेला को इशारा Kiya...usne संजना को पकड़ कर मुझे थमा दिया....

सबको लेकर मई अंदर aya..aur लाइट्स ों ki..na होने पर मैंने झमेला को कनेक्शन ठीक करने भेज दिया...

माँ : वो सही कह रहा है यहाँ से जाओगी वो तुम्हे पकड़ कर फिर उस नर्क में छोड़ देंगे जहाँ से तुम्हे ये बचा कर laya...maa सुबकती संजना को समझते हुए बोली...

माँ : क्या तुम वापस जाना चाहती हो..

संजना ने ना में सर हिला दिया...

मई : आशना यहाँ की साफ़ सफाई करनी पड़ेगी...

इतने में लाइट आगे....

पूर्वी : लगता तो ऐसा hi hai..ajao संजना..

मई : यहाँ कई रूम्स hai..aao तुम्हे दिखता hon...sab में मशीन राखी थी जिन्हे मैंने शिफ्ट कर diya..lekin अब खली hai...aao..

पूर्वी : it's okay हम देख लेंगे तुम जाकर मुँह हाथ dho..aur पानी का कनेक्शन देखो कहा है..

मई : हाँ....

फिर मई गाइड करता रहा वो लोग सफाई करने lagi...jhamela भी मेरे साथ लग gaya....bistar काम they...lekin खाना बनाने के लिए कुछ नहीं tha....niche का काम हमारा हुआ तो हमने लैब का गेट सेट kiya...pehle ये खण्डार था गेट भी टुटा tha...jise झमेला ने तोडा था...

सब करके मई निचे सबके पास aya...hame दोपहर हो गयी सब सेट करने में..

पूर्वी : सब हो गया hai...tum दोनों जाकर नाहा लो...

मई : तू नाहा ले पहले कितनी देर से फटी पेण्ट में है...

मेरी बात सुनकर वो चला गया...

पूर्वी : तुमने बताया नहीं उसे माँ उसकी छोटी माँ है...


मई : हालत देख रही हो कैसे hai...naha कर आएगा तो बता दूंगा..

माँ : क्या बता डोज...

मई : कुछ नहीं माँ...

माँ : वो हरा सा कोण था वो कहा गया जो हमें यहाँ लाया...

मई : अभी आएगा माँ वो तब देख लेना...

आशना : हम यहाँ रहेंगे... मेरी स्टडी का क्या होगा..

माँ : तुझे स्टडी की पड़ी है सारा सहर तेरे भाई का दुश्मन बना है...

रोलेक्स कपडे de...jhamela अंदर से चीखा...

मैंने अपने कपडे उसे दिए अलमारी से निकल कर जिन्हे मई यही छोड़ गया tha...ek जोड़ी मैंने अपने लिए भी निकल लिए..

झमेला नाहा कर बहार आया मई अंदर घुस गया....

कुछ देर बाद नाहा कर मई भी सबके पास आया...

झमेला : चल ऊपर चलते है सबके लिए कुछ खाने का भी लाना है..

मैंने माँ के अंचल से मुँह पोंछा फिर झमेला को देखा..

मई : माँ वो हरा पहलवान और ..आपके जेठ जी का बीटा यही है...


माँ : kya...Maa ने हैरत से उसे dekha....jis पर मैंने सर हिला दिया..

पूर्वी : जी माँ ये अयन hai...aashna तुम्हारा भाई...

गुमसुम बैठी आशना पूर्वी की बात सुनकर झटके से उठी...

झमेला : क्या मतलब purvi...ye सच में..

पूर्वी : हां Ayan...salil तुम्हारा भाई है ..सलिल के पापा और तुम्हारे पापा सेज भाई है..

पूर्वी की बात सुन वो नाम आँखों से माँ को देखने लगा...

माँ और आशना ने आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया...

झमेला : मई तो समझता था Mai...anath hon...kehte हुए उसकी आंखे नाम हो गयी...

माँ : मेरे होते हुए नहीं मेरे bache...bar बार तुम्हे देख कर असा लग रहा था जैसे तुम्हे देखा है...

झमेला : हाय तू कितनी प्यारी hai...meri बेबी doll..wo आशना के सर पर हाथ फेरता हुआ bola...jis पर आशना उसके सर को चुम लेती है...

आशना : किस्मत देखे हम मिलकर भी न मिल पाए...

झमेला : हां shayad...lekin अब हम साथ है...

माँ : तुम कहा थे क्या कर रहे थे सब बताओ mujhe...meri भाभी के सतह किआ hua...tumhe याद hai...tum कैसे बचे...

झमेला : माँ सब को ख़त्म कर दिया उन लोगो ने मुझे और सना को उसी एक पोलिसवाले की वाइफ ने pala...kuch महीने उनके साथ रहकर मई बिचार गया लेकिन सना उनके साथ rahi...fir सलिल ने मुझे उनके बारे में बताया...

आशना : वो माँ सलिल की सास hai...aarohi भाई की वाइफ झमेला भाई की मुँह बोली बहन है..

झमेला : एक बहन को उस पोलिसवाले ने पला था जिसके साथ वो ज़्यादती करता tha...uska सोंचता हों माँ तो टूट जाता hon...jhamela रट हुए घुटनो पर आगया..

मई : उसके हर एक आंसू का बदला लेंगे ham...apni बहन निहारिका का सुनकर मन हो रहा था कोई मेरे साइन को चीरकर दिल निकल ले...

झमेला : मैंने मार Diya...choti माँ उसे..

माँ : तुम पूरा सच नहीं jante...fir माँ उसे बताने लगी...

झमेला के आंसुओ से माँ का अंचल भीग gaya...wo सिसक सिसक कर रोने लगा वही हाल मेरा था...

झमेला : माँ जो बचे है मई उन्हें भी मार दूंगा शुरुआत भैरव से होगी...

माँ : तुम्हे बदला भी लेना है और अपने पिता को और अपने परिवार को इनोसेंट भी साबित करना है...

हम दोनों ने हामी भरी...

संजना : सीता आपकी भाभी hai..sanjana के सवाल पर हम सब ने उसे देखा..

माँ: तुम कैसे जानती हो ..

संजना : वो मुझे वही मिली thi...jahan लड़कीओ को ट्रैन किया जाता है..

मई : चल झमेला वही चलते है... सीता को मरकर उससे मां का पूछेंगे...

संजना: वो मेरी माँ है... वो भीगती आँखों से बोली...

हम सब : क्या...

हम सब हैरत से उसे देखने Lage..jis पर उसने सर हिला दिया...

तुम्हारी माँ ने हमसे हमारा सब कुछ छीन liya..jhamela ने बड़ी नफरत से उसे dekha..use देखते हुए वो बदलने laga...uski आँखों का रंग भी चेंज होने लगा..

आशना : भाई शांत हो jao...wo झमेला से लिपट कर उसकी पीठ सहलाने लगी...

माँ: हमारे साथ जो हुआ इसमें इसका कसूर नहीं है मेरे bache...gussa छोड़ दो...

झमेला माँ और आशना की बात सुनकर अपने दोनों रूपों से लड़ रहा tha...aashna और माँ उसे बदलने नहीं दे रही thi..maa ने उसे अपने अंचल में छुपा लिया...

संजना : मई भी उस औरत से उतनी hi नफरत करती हों जितनी aap..pehle जब सच नहीं जानती थी तब दिल के एक कोने में उसका प्यार था जो अब ख़त्म हो गया... तुम्हे लगता है मुझे मरकर तुम्हारा गुस्सा शांत होगा तो तुम मुझे मार सकते हो....

उसकी आँखों से बहने वाले आंसुओ को देख झमेला शांत हो गया...

संजना : मई भी कोई खुश नहीं Rahi..mujhe भैरव ने pala...naukro की तरह वो मुझे बहुत मरते they...bachpan से लेकर अब तक यही सेहती आ रही हों...

उसकी बात सुनकर मैंने संजना को गले लगा liya...wo भी मुझ से लिपट कर सिसकने लगी.....

माँ : तुम मेरे भाई की बेटी हो जो मुझ पर जान वार्ता tha...aao मेरी बची मेरे pass...mujhse अलग होकर वो माँ से लिपट गयी...

झमेला उठा उठकर उसने अपनी फटी पंत में से मोबाइल निकला फिर बहार को जाने laga...mai भी उसके पीछे बहार आगया...

उसकी आंखे नाम देख मैंने उसे पीछे से हुग कर लिया...

मई : स्स्स्सह्ह....

घूमकर वो मेरे साइन से लग गया...

मई : जब तक हम अपने दुश्मनो को नर्क नहीं भेज देते खामोश नहीं बैठे गए..

एक दूसरे को शांत करके हम दोनों सोफे पर बैठ Gaye..purvi आशना को लिए मेरे पास आगयी थी...

पूर्वी : अब क्या करना hai...yahan न खाने का इंतजाम है न रहने का एडजस्ट तो कर hi लेंगे...

अब ऐसा कुछ नहीं hoga..ham रोलेक्स hai..ham डरकर चुप कर जीने के लिए नहीं Bane..ham डोमिनाते करने के लिए बने है .2.0 मेरे दिमाग को कण्ट्रोल करके बोलै..

मई : हम यहाँ डरकर और नहीं chupenge...Mai घर देखने जा रहा हों...

झमेला : साडी पुलिस मिलिट्री हमारे पीछे hai...hame देखते hi वो शूट कर देंगे..

2.0: मई नहीं डरता...

झमेला : आम लोग मरे jayenge...ham खतरनाक है तो हमें छुपकर रहना होगा...

मई : वो सही कह रहा hai...Rolex..

रोलेक्स 2. : कब तक हम छुप कर रहेंगे...

झमेला : सलिल को बहार निकल....

मई : तूने मुझे जगाया क्यों नहीं...

मेरी बात सुनकर उसे सांप सूंघ गया...

झमेला : मुझे कॉल करनी hai...usne फ़ोन निकला और कॉल लगा दी...

झमेला : चिकना...

चिकना : कहा हो भाई..

.ये न्यूज़ में क्या दिखा रहे hai..bhai ये सब कैसे हो gaya..mujhe झमेला के फ़ोन की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही thi...meri सुनने की सेंसर्स बहुत तेज हो गए थे..

झमेला : सब बाद में बताता hon..tu अड्डे पर 6 लोगो का खाना लेकर आ.. छुपकर...

चिकना : क्या लेकर आऊं..

झमेला : जो तुझे पसंद हो...

चिकना : क्या बोल रे हो bhai...mujhe तो रोस्टेड चिकन पसंद है...

मई : आशना जो खाना है झमेला को बता दे...

आखिर में रोस्टेड चिकन रोटी चावल पर बात ख़तम हो gayi...jhamela सच में भोला था...

पूर्वी : तुम आ गए तो हमारी जान बच गयी...

झमेला : मुझे नहीं पता tha...wo मेरा भाई यही hoga...usne मेरा हाथ थम लिया....

आशना : आप दोनों में बड़ा कोण है..

झमेला : मई hon....aur इसलिए तू मेरी साडी बाटे मानेगा..

मई : भूल जा..

आशना: क्यों न भाई हम दोनों इनकी पिटाई कर दे...

झमेला : िदेओ तो ाचा hai...aur वो मुझ पर कूद gaya..mere पेट में हाथ डालकर वो गुदगुदी करने लगा...

मई : क्या कर रहा hai...aaaahh... छोड़ de..acha manuga..mere भाई ..

मेरे हर मैंने पर उसने मुझे छोड़ा..

पूर्वी : अब क्या करना है कुछ सोंचा है..

मई : भैरव और महाराज को मरकर हम ये शहर छोड़ denge...kahi दूर अलग पहचान के साथ रहेंगे..

झमेला : फिर आज भैरव से hi शुरुआत करते hai..Maine हामी भरी...

कुछ देर बाद झमेला का फ़ोन बजा...

झमेला : मई बहार जा रहा hon..chikna आया है .

मई : नहीं तू यहाँ रुक मई जाऊंगा..

अंदर के रस्ते से मई छत पर aya...sab तरफ देख कर मैंने एक जगह मुझे मेरी पुराणी बाइक पर मुझे चिकना दिखा जिसके पीछे ैदा रघु था खाने के बैग्स पकडे...

किसी को न देख मैंने जम्प मार di...aur उसने थोड़े फैसले पर कूड़ा...

मई : कैसे हो तुम दोनों...

रघु : सलिल भाई ...तुम ने तो ाचा फसाया hame..sali पुलिस रोज़ उठा कर पूछ टाच करती है...

मई : क्या मतलब..

चिकना : कुछ नहीं सलिल भाई ये साला उसी जज की बात कर रहा है ..

मुझे ध्यान आया सलिल ने एक जज को ज़िंदा जला दिया था...

मई सोंच में पद गया सलिल इतना डेरिंग कब से बन गया...

मैंने खाना लिया...

चिकना : न्यूज़ पर बहुत एफए उड़ रही hai..hare रक्षक और tumhari..Puri तरह से विल्लिअन बना कर दिखाया जा रहा hai...wo अफवाह को अफ्फा कह रहा था.

मई : सुबह जो सोसाइटी में हुआ उससे रिलेटेड न्यूज़ में..

चिकना : नहीं सलिल भाई ..उससे रिलेटेड तो कुछ nahi...sabhi झूठे आरोप लगाए जा रहे hai...apki सोसाइटी में लॉक डाउन लगा दिया है...

मई : ाचा..

चिकना : यही छुपे रहो हम टाइम पर खाना पंहुचा ते रहेंगे..

मैंने उसे थैंक्स कहा और वापस अंदर आया...

फिर साथ में बैठ कर हम सब खाने लगे...

झमेला : सोना और दीदी कहा hai...wo जानती है मेरे बारे में और छोटी माँ के बारे me...khate हुए उसने पूछा..

मई : भूल जा उन्हें...

झमेला : क्या मतलब भूल जॉन...

मई : तुझे लगता hai...wo हमारे साथ इस तरह rahengi..har समय अय्याशी करने वाली..

झमेला मेरे जवाब से चुप हो gaya...lekin मई उसे जनता था वो चुप नहीं बैठेगा .

खा कर हम दोनों हॉल में ऊपर आगये...

मई : तूने मुझे बहार क्यों नहीं nikala...tu तो जनता था मई और सलिल अलग अलग hai...tujhe पता है सलिल के साथ क्या हुआ...

झमेला : सब पता है...

मई : फिर kyo....Mai उस पर चीखा...

झमेला : मई मजबूर था अनुसुइया के अहसानो टेल डाब कर ..फिर वो मुझे बताने लगा...

मई : अनुसुइया ऐसी औरत है जिससे कभी वफादारी नहीं की जा सकती...

झमेला : जैसी भी है हमारी बहन है...

मई : नहीं सिर्फ तेरी.....

मेरी बात सुनकर वो उठ गया...

झमेला : मई जा रहा हों...

मई : कहा जा रहा है..

झमेला : मेरे साथ माँ जी आयी थी ..उनसे मिलने...

मई : माँ जी कोण...

झमेला : आरोही की माँ...

कुछ कहे बिना फिर वो आगे बढ़ gaya...mujhe उसकी माँ से दिक्कत नहीं थी आरोही की माँ ने सिर्फ उस पर नहीं मुझ पर भी अहसान किया था...

***********************

चटककक चटकककक चटककककक....

aaaaaaaaaa...aaaaaaaaahhhh...aaaaahhhhh...

बूब्स पर गलो पर थप्पड़ मरते हुए ईटर मिश्री को बुरी तरह से छोड़ रहा tha...uska लैंड मिश्री की छूट में बार बार अंदर बहार हो रहा था..

बेडशीट मुट्ठी में भींचे मिश्री बुरी तरह से चीख रही thi....eater की मार और उसकी चुदाई से मिश्री की बॉडी पूरी लाल पढ़ गयी थी....

चप्प्पो चप्प्प छप्प...

ईटर लगा तर मिश्री के धक्के मर रहा tha...uski लाल छूट सूज गयी थी ...

मिश्री : ाः बस करो ..... प्लीज रुक jao..subah होने वाली है....

मिश्री को इग्नोर कर उसके मोठे मोठे लाल बूब्स देख ईटर उनमे दन्त गदा देता है...

aaaaaaaaaaaaaaa...aur मिश्री की एक दर्दनाक चीख गूंज उठती है...

सुबह मिश्री पर से ईटर उठता है ...

लंगड़ाते हुए मिश्री कपडे पहनती है और ईटर के साथ चल देती है सलिल के घर....

सोसाइटी से कुछ पीछे hi उसे बहुत सी मिलिट्री व्हीकल्स और आर्मी दिख जाती है...

एक्सक्यूज़ में मम आप आगे नहीं जा sakti...ek सिपाही ने मिरर नॉक करके कहा...

मिश्री : स्पेशल forces..jis पर मिश्री उसे अपनी ईद दिखा देती है...

I'd देख आर्मी वाले उसे जाने देते है...

वो थोड़ी hi आगे बड़ी की एक भीड़ उसे जो फ़ौज थी पीछे भगति हुई दिखाई देती है...

ईटर : ये सब क्या हो रहा है..

मिश्री : पता नहीं...

दोनों कार से उतारकर आगे जाने लगे...

भीड़ को चीरते हुए दोनों सोसाइटी के गेट पर ए...

दूर खड़े होकर मिश्री और ईटर देखते है रोलेक्स आर्मी वालो के खून से नहाया है और टैंक को किसी पिलो की तरह उठा कर मार रहा है ..

मिश्री : salil...akhir तुम हो कोण.

ईटर : ये दूसरा है लेकिन ये जगा kaise..kehte हुए ईटर फिर जादू करता है लेकिन रोलेक्स पर असर नहीं होता..

मिश्री: क्या दूसरा है..

ईटर : ये दो है एक शरीर में दो लोग..

मिश्री : kya...hairat से वो रोलेक्स को देखने लगी..

ईटर : ये हो क्यों नहीं Raha....aaaaaaa..

गुस्से में ईटर अपने बाल नोचने लगा...

ईटर : bhairav...ek जगह ईटर को भैरव दिखाई देता है...

भैरव को देख उसका दिमाग घूमने लगता है...

मिश्री का हाथ छोड़ वो अपना सर पकड़ लेता है...

कुछ कहे बिना ईटर भैरव की तरफ बढ़ता है जो आर्मी ऑफिशल्स के साथ दूर से सलिल को लड़ता देख रहा था...

आर्मी को भगाते देख मिश्री भी भागने लगती है...

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गीता के बर्बर वाली सेल में लेकर अनुसुइया को बंद कर दिया था..

अनु Anu....Geeta आवाज़ देते हुए चीख रही थी उसकी आवाज़ में चिंता और परेशानी दोनों थी...

अनु बेटी मेरी बात तो suno..Anu beti..seeta फिर आवाज़ देते हुए चीखी..

क्यों चीख रही है kutia...ek तो उस मादरचोद चरण ने बंद कर दिया और तेरा tourture...mujhe सब याद है तूने बचपन में मेरे साथ क्या किया tha...ye सोंच रही है मई तुझे निकलूंगी तो भूल Jaa..anu गुस्से माँ झल्लाते हुए बोली...

सीता : तूने कभी जानने की कोशिश नहीं की मैंने ऐसा क्यों किया तेरे साथ...

अनुसुइया : तू मेरे मुँह पे पी करती थी छिनाल तेरी माँ का bhosda..Mai महाराज की वजह से चुप थी अब तुझ से एक एक बात का बदला लुंगी निकलने दे यहाँ से...

सीता : मई तेरी ममी हों...

अनुसुइया : माँ छुड़ा...

सीता : मेरी बात सुन ले फिर जितनी चाहे गलियन Dena...Maharaj ने तेरे खंडन को ख़त्म किया बचो को भी नहीं chhora...is सब में साथ दिया Maine...wo बूढ़ा आदमी जो न जाने कब से यहाँ बंद था वो तेरा सागा मां hai...jiski गोदी में तू खेलती थी...

अनुसुइया: क्या कहना छह रही है..

सीता : ये सब तेरी माँ से शुरू हुआ tha....fir गीता बताने लगी...

सीता : महाराज के लोगो ने तेरे पापा के परिवार को बड़ी बेदर्दी से mara...wo तेरे पापा को रोक नहीं पाए थे तब उन्होंने मुझे chuna...mene तेरे मां प्रकाश को अपने प्यार के जल में fasaya...aur उन्हें मजबूर करके तेरे पापा का राज़ मालूम kiya....aur फिर तेरे परिवार को मरने में मैंने उनका साथ diya...mujh से वडा किया था महाराज ने मुझे प्रकश और हमारी बेटी को वो अछि ज़िन्दगी denge...power का स्त्रोत पता चलने पर महाराज मुंबई से गुरु चरण दस को laya...prantu तेरे नाना बहुत से तांत्रिको को वो तो सालो से hi ऐसा कर रहे थे तांत्रिक तो कुछ नहीं कर पाए परन्तु गुरु चरण दस ने धोके से तेरे पापा को हरा diya...usne गाइड किया और तेरी मौसी के हाथो तेरे पिता को ज़हर दिलाया gaya...wo मई थी जिसने तेरी मौसी की बेटी को किडनैप किया tha...fir गीता बताने लगी..

सब जानकर दिवार के पार लॉक अनु की आँखों से आंसू बहने लगे...

सीता : तेरे पापा के शरीर को मई इसलिए लेकर आयी थी की उसके कालेजों निकल कर खाउंगी परन्तु चरण दस के कहने पर ....

गुरु चरण दस : डॉक्टर ये मरना नहीं चाहिए...

सीता : पागल हो गए हो tum...Mai इसकी लाश से बदला लेने के लिए इसे लायी इसने मेरी बेटी की जान ली..

महाराज : जज़्बाती मत बन इसे ज़िंदा रखने के ऊपर से आर्डर ए है..

गुरु चरण दस : ये नायब है गीता जितना ज्ञान इसे टेलिपाथी का है मुझे भी नहीं है...

सीता : क्या हो कल को ये ठीक होते hi हमें मरने आगया...

गुरु चरण : ये हमारी कैद में रहेगा 24 हॉर्स एक स्नाइपर इसके सर पर सवार रहेगा जैसे hi इससे खतरा महसूस हुआ इसे मर दिया जायगा..

सीता : डॉक्टर्स की कोशिश से तुम्हारे पापा को होश तो आगया था परन्तु वो कोमा में चले गए they...parso मैंने सुना वो कोमा से बहार agaye...ab तुम उन्हें बचाओ..

सीता : अनु बेटी सुन रही ho...Anu...Geeta बहुत पुकारती है परन्तु अनु कोई जवाब नहीं देती.

अनुसुइया अपने पापा के बारे में जानकर टूट गयी thi...usse बोलै नहीं जा रहा था...

सीता : अनु जवाब दो beti..anu..

अनुसुइया : चल निकलते है यहाँ से...

अनु के हाथो में फ़ोन था और उसने कॉल लगा दी...

**********************

टिंग टिंग ting.....kai बार बेल्ल बजने पर गीता आकर गेट खोलती है..

गीता : तुम...

सहारा देकर गीता प्रियका को अंदर लती है....

प्रियंका : पानी ....

गीता सर हिलती हुई चली जाती है और कुछ देर बाद पानी लेकर अति है और प्रिय को पिलाती है...

प्रिय कुछ संभालती है तो रूम देखती है ये उसके भाई रोहित का रूम था अब यहाँ न तो वो था न उसका सामान...

प्रिय : भूक लगी hai...aur भाभी भाई को भेजो...

गीता सर हिलती हुई चली जाती है...

उसके जाने के कुछ देर बाद आरोही अति है...

प्रियंका tum.....tum आयी कैसे...

प्रियंका : उन्हें पता चल गया...

आरोही : क्या पता चल गया...

प्रियंका : की मई जासूस hon...wo लोग बहुत खतरनाक hai...wo सब जानते है..


आरोही : kaise....sab जानते hai...kya हुआ था मुझे ठीक से batao...baat करते हुए आरोही कॉल लगा देती है...

आरोही : घर आओ तुम्हारी बहन आयी है..

इतने में गीता खाना लेकर आगे रख देती है जिस पर प्रिय भुक्कड़ो की तरह खाने लगती है ..

खा कर प्रियंका बोलना शुरू करती है..

प्रियंका : मुझे एक आदमी के पास ले जाया गया जो दिमाग पद सकता hai.....fir उन्होंने मुझे दरिंदो के आगे दाल Diya...jinhone मेरा तीन दिन तक रपे किया ....अगर वो न अत तो मई मर चुकी huti...usne बेस को आग लगा दी बहुत सी लड़कियां मरी gayi...uski बहन को उठा लिया गया tha..uthane वाली भी उसकी बहन थी...

आरोही : anusuiya...aarohi को होटल वाली बात याद आगयी थी...

प्रियंका : हां उसका ऐसा hi नाम था..

Priya..itne में रोहित आगया और उसके गले लग gaya....dono भाई बहन एक दूसरे से गले लग कर रोने lage...Rohit अपने किये पर रो रहा था और प्रिय के साथ जो हुआ वो उस पर रो रही थी...

प्रिय रोहित की गिरफ्त से निकल कर उसे गुस्से से देखने लगती है...

रोहित : चल हॉस्पिटल चलते है..

प्रिय को बाँहों में भर के रोहित उसे ले जाने लगता है..

आरोही : अब यहाँ मत ana...ruk कर रोहित एक बार आरोही को देखता है फिर आते बढ़ जाता है...

हॉस्पिटल में प्रिय का इलाज चलता है पावर के ग्लूकोस उसे चढ़ाये जाते है...

सुबह प्रिय जगती है तो रोहित को अपने पास सोता हुआ पति है...

कैसी हो tum...Priyanka की आवाज़ से रोहित भी जग गया था..

प्रियंका : तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी...

रोहित उसके सामने हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगने लगता है...

रोहित : मुझे माफ़ कर दो हम अब घर chalenge..sab छोड़ चार कर.


प्रियंका : मुझे डिस्चार्ज कराओ..

रोहित ने सर हिलाया और प्रियंका को डिस्चार्ज करा कर वो अपनी कार में laya...jahan से दोनों होटल ए..

प्रियंका : yahan..bhabhi के घर ...

रोहित : वो कोई तेरी भाभी नहीं है उसने मुझे छोड़ diya...is होटल में मेरा शेयर है कुछ दिन यही रुकते है फिर बेचकर घर चलेंगे..

प्रियंका कोई जवाब नहीं देती बस रोहित को गुस्से में घूरती रहती है...

दोनों चलते हुए रूम में ए...

प्रियंका : तू कुछ खायेगी..

प्रियंका ने सर हिला दिया..

जिसे देख रोहित आर्डर देकर खाना hotel.me मंगवा लेता है..

प्रियंका : ये शायद डेड है चार्ज पर लगा do..wo अपना फ़ोन रोहित की तरफ बढ़ाते हुए boli..jise लेकर रोहित चार्ज पर लगा देता है..

रोहित : ों हो गया है..

प्रियंका : पहले जब आयी तब इस टाइम भीड़ होती थी अब तो गिनती के लोग hai..bechna hi सही रहेगा..

रोहित : रोलेक्स ने यहाँ मार काट की जिस वजह से कस्टमर आने बंद हो गए..

प्रियंका : उसी ने मेरी जान बचाई..

रोहित : हां वो ऐसा hi hai..shayad मैंने उसके साथ बहुत गलत किया..

प्रियंका : तुम मुझे देखने भी नहीं ए तुम्हारी बहन ज़िंदा भी है या मर gayi...bolte हुए प्रियंका की आँखों से आंसू निकलने लगे..

रोहित : मुझे लगा था तुम आरोही के बताये काम पर हो..

प्रियंका : क्या हुआ उससे तुमने तो कहा था वो मेरी भाभी है..

रोहित : वो मतलबी रंडी है ..

प्रियंका : मुझे सब बताओ..

रोहित : जब उसके बाप ने मुझे रिजेक्ट कर दिया तब हमारी डील हुई thi..wo जिससे भी विवाह करेगी मुझे अपने साथ रखेगी चाहे नौकर hi बना kar..usse इतना प्यार था की मई उसका नौकर बनने के लिए भी तैयार हो gaya...fir उसकी शादी हुई aur........Rohit ने सब बता दिया..

रोहित : उसका खोया हुआ राजू उसे मिल गया अब मई उसके किसी काम का नहीं Raha...wo मुझे साथ रखती लेकिन रोलेक्स सलिल से अलग है ये जानते हुए उसने मुझे खुद से जुड़ा कर diya...Rohit कहते हुए रोना चाहता था लेकिन प्रियंका की मौजूदगी में रो नहीं पाया..

प्रियंका : तुम वो हो जिसने सिर्फ अपनी ज़िन्दगी hi नहीं अपना सम्मान भी खाक में मिला दिया सिर्फ अपना नहीं अपनी बहन की इज़्ज़त खुद भी लूटी और दुसरो से भी लुटवाई..

रोहित : माफ़ कर दे मेरी बहन..

प्रियंका : जो तुमने किया इसकी माफ़ी नहीं सजा है .बीएड से उठकर वो अपना फ़ोन उठाते हुए बोली...

फ़ोन लेकर वो टिंडर अप्प डाउनलोड करती है और अकाउंट बनती hai...uski पिक्स देख मिंटो में बहुत सरे मेस्सगेस उसे आने लगते है...

रोहित : जो सजा देगी मुझे मंज़ूर है बस तू माफ़ कर दे..

रोहित से बात करते हुए प्रियंका रिप्लाई देते हुए टाइप भी कर रही थी..

प्रियंका : माफ़ कर दू तुम्हारी और मेरी गांड उसने एक साथ मारी ये माफ़ कर दूँ ..तुम्हे सजा मिलेगी लेकिन माफ़ी nahi..kuch देर में यहाँ कुछ लोग आ रहे है ..चलो उठो तुम्हे तैयार कर देती हों .

फ़ोन रख कर वो रोहित के पास आयी और उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी...

रोहित : क्या कर रही हो ..

प्रियंका : कुछ मत बोलो...

रोहित को चुप करा कर वो उसे नंगा करके वाशरूम में लायी फिर नेहला कर उसने रोहित को मिरर के पास बिठा Diya..fir उसे लड़कीओ वाले उन्देर्गर्मेन्ट्स पहना कर उसका मेकअप करने लगी..

ये फाइव स्टार होटल था जहाँ सब कुछ अवेलेबल tha...jo ड्रेस प्रिय ने रोहित को पहनाई थी वो उसी के कपडे थे जिसे रोहित तब लाया जह आरोही ने उसे घर से निकला था..

रोहित : तू ये क्या कर रही है...

प्रियंका : बहुत मज़ा आएगा tujhe..isliye अब कोई सवाल नहीं..

टिंग ....

रिंग बजने पर प्रियंका ने दूर खोला सामने एक 7 f.t का कला नीग्रो खड़ा था उसके पीछे 7 और मर्द थे...

सेक्सी स्माइल देते हुए उसने सबको अंदर ले लिया...

अंदर आकर उन सब मर्दो ने रोहित को देखा जिस पर वो सब प्रश्नभरी नजरो से प्रियंका को देखने लगे..

वही रोहित उन मर्दो को देख कर वाशरूम की तरफ भगा उसकी हिम्मत भी नहीं हुई प्रियंका से कुछ पूछने की...

प्रिय : वीडियो कॉल पर दिखाया था न वो यही है ..रोहित से बात करते हुए प्रिय ने साइलेंट वीडियो कॉल कन्फर्मेशन के लिए इन्ही बॉयज में से किसी एक को दिखाई थी .

जनता हों मेरी Jaan...ek गोरा लड़का जो इंडियन था गयम बॉय वो प्रिय को बाँहों में लेकर बोलै..

प्रियंका : तुम्ही हो nikhil...thanks इन सब को यहाँ लेन के लिए..

निखिल : छूट के लिए कुछ भी करूँगा...

प्रियंका : ये कोण hai..Priya काळा नीग्रो को देखते हुए बोली..

प्रियंका : सोंचा नहीं था तुम इतनी जल्दी इन्हे ले आओगे..

निखिल : ये रोबर्ट है मेरा गयम trainer..aur वाकई के मेरे dost..nikhil कपड़ो के ऊपर से छूट और बूब मसलते हुए बोलै.

प्रियंका : इसे बता दिया न सब..

निखिल: सिर्फ इसे hi नहीं किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं है..

निखिल की बात सुनकर प्रियंका मुड़ी और उसने अपने लिप्स उसके लिप्स पर रख diye..kiss करके वो पीछे हटी..

प्रियंका : मई रोहित को लेकर अति hon..tab तक तुम जाम निकालो...

निखिल : वो बैग उठा तू banayegi...tere जिस्म से piyunga.nikhil की बात सुनकर ..प्रियंका मुस्कुरा दी...

चलते हुए वो वाशरूम में आयी..

प्रियंका : रोहित दरवाज़ा खोल..

रोहित : मत कर Aisa..tu पश्ताऐगी बहन...

प्रियंका : तूने कहा था सजा के लिए सोंच ले ये तेरी सजा है वैसे भी तू लैंड लेने की चाहत रखता है.. प्लास्टिक रबर के लैंड कहा इतना मज़ा देते है .चल अब khol...warna तू मुँह दिखने के लायक नहीं bachega..nangi होकर होटल में घुमुंगी सबसे कहूँगी मई तेरी बहन हों.

मरता क्या न करता डरकर रोहित ने दूर खोल दिया..

प्रियंका : चल आ..

प्रियंका हाथ पकड़ कर ले जाने लगी...


थप्प्प्प...

चलते हुए प्रियंका ने रोहित के चुत्रो पर थप्पड़ mara...jisse सब उस पर हसने लगे..

प्रियंका: डार्लिंग चल पग bana...piche ऊँगली करके उसने रोहित को आगे बढ़ा diya..khud काळा वाले रोबर्ट की गोदी में आकर बैठ गयी जो बीएड पर बैठा था...

रोहित जैम बना कर सबको पिलाने लगा..

पिटे हुए hi प्रियंका ने अपने आधे कपडे nikal.diye..fir उसने रोबर्ट को खड़ा किया और उसकी पंत उतर दी..

दांतो से अंडरवियर उतर कर प्रियंका ने रोबर्ट का लैंड मुँह में ले liya...dusre मर्द आकर प्रियंका के बूब्स छूट दबाने लगे...

एक हाथ में प्रियंका जाम पकडे हुए thi..usne पास बैठे रोहित को गिरा Diya..jo रोबर के लैंड के निचे लेट गया tha..aur खुद प्रियंका रोहित के साइन पर आगयी..

picchh..pehle उसने रोबर्ट का चूसा थूक रोहित ke.hontho पर थूका फिर उसका मुँह खोल दिया...

फिर प्रियंका रोबर्ट के लिंग पर अल्कोहल डालते हुए रोहित के मुँह पर गिराने लगी..

सारा पि jao...ek हाथ से रोहित की थोड़ी खोल प्रियंका उसका मुँह खोलते हुए बोली...

रोहित जब पिने लगा तो प्रियंका ने दूसरे मर्दो को देख कर इशारा किया...

एक रोहित के बूब्स दबाने laga...dusra उसकी गांड में ऊँगली करने लगा...


5 घंटे तक वो ाथो मर्द बरी बरी से प्रियंका और रोहित को छोड़ते rahe...Rohit की गांड और मुँह सूज गए they...uske बूब्स भी प्रियंका ने बड़े करा दिए they...aisa hi हाल प्रियंका का भी था...

निखिल: ठीक है बेब मिलते रहेंगे..

प्रियंका : ओफ़्कौर्से डार्लिंग...

किश करके निखिल अपने लोगो को लेकर चला गया...

रोहित उल्टा पड़ा था उसकी गांड से निकले खून से बाद शीट लाल हो गयी thi...Rohit की आँखों से आंसू निकल रहे थे...

प्रियंका : मज़ा आया ..आआह्ह क्या दमदार चुदाई हुई हम दोनों की...

रट हुए रोहित अपना सर प्रियंका की थिंग्स पर रख लेता है...

प्रियंका : इसका मतलब तुम्हे भी मज़ा आया...

पास बीएड पर पड़े डिलडो को प्रियंका ने उठा कर कमर से बांध liya...ye डिलडो उसने चुदाई के समय निकला था रोहित के लिए फाइव स्टार होटल में इस तरह की चीज़े राखी हुई होती है...

डिलडो को रोहित के मुँह में डालकर प्रियंका उसके बालो में उंगलिअ फेरने लगी...

प्रियंका : पैन किलर ला दूंगी खा लेना..

रोहित : ूँ onn..rohit कुछ बोलना चाहता tha..lekin डिलडो मुँह में होने की वजह से कुछ बोल नहीं पा रहा था ये डेकन प्रियंका डिलडो निकल देती है.

प्रियंका : कुछ कहना चाहते हो कहो न आज तुमने मुझे खुस किया है तुम्हारी साडी बातें सुनुँगी..

रोहित : मुझे माफ़ कर do..tum गाओं चली जाओ मम्मी के pass..Mai तुम्हे अपना चहेरा कभी नहीं dikhaunga...tum वही रहना..

प्रियंका : चूतिये तू अब भी रिश्ता निभा रहा है अभी रुक तू...

गुस्से में उठकर प्रियंका रोहित के पीछे आयी उसके पेट के निचे पिलो रख उसने रोहित की टंगे चूड़ी की और डिलडो उसकी गांड में दाल दिया...

रोहित : aaaaaahhhh..nikalo प्लीज...

प्रियंका : चुप बे चुटुये अब तू मेरा फूकिंग तोय hai..kehte हुए प्रियंका धक्के मरने लगी...

रोहित : आआह्ह्ह aaaahhh...ruk जाओ Priya...Mai तुमसे बहुत प्यार करता hon..priya आआअह्ह nahi...aaahh...

प्रियंका : और चीख gandu...aaaaaahh..aaaahh...

छप्प छप्प chapp...Priyanka इतनी तेज धक्के मार रही थी पूरा रूम उसके ढको से गूंज रहा था..

30 मिनट बाद वो ruki...aur उसने लैंड गांड से निकला..

रोहित को सीधा करके वो उसके पेट पर आकर बैठ गयी...

प्रियंका : अपनी चुदाई को एन्जॉय कर रहा था chutiye.aur मेरे सामने ड्रामा कर रहा है ...देख तेरा पानी निकल gaya.rohit का छुम उंगलिओ पर लेकर वो उसके मुँह में ऊँगली दाल देती hai...fir लैंड दाल देती hai...Rohit की आँखों से निकलने वाले आंसुओ ने बीएड गीला कर दिया था...

रोहित की आँखों के सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी चल रही थी उसकी आँखों के सामने विंडो thi...use इस हाल में लेन वाली सिर्फ आरोही थी.

प्रियंका : चल मई नाहा कर फिर खाना कहते hai..Priya आवाज़ से रोहित अपनी सोंचो से निकला..

कपडे लेकर प्रियंका चली गयी..

प्रिय के जाते hi रोहित ने कॉल लगा di.ek दो रिंग के बाद आरोही ने कॉल पिछ की..

आरोही : तुम पागल हो मुझे कॉल कर रहे हो मेरा भाई आया हुआ है और मम्मी bhi..hamare बिच अब सब ख़त्म समझ में नहीं अत तुझे..
आरोही ने फ़ोन उठाते hi कहा.

रोहित: कोई किसी के लिए खुद को इतना नहीं girata...jitna मैंने गिराया hai..tumhare लिए...

आरोही : तूने कॉल किस लिए ki..agar ये रंडी रोना करने के लिए की है तो ाचा नहीं होगा.

रोहित : मई मरने जा रहा हों..

आरोही : तो मर Jaa..udhar से अआरोहि की आवाज़ आयी और कॉल कट हो गयी..

रोहित : dhokebaz....Rohit फुट फर कर रोने लगा...

*************************


तो बे कंटिन्यू
 
Episode 42.

टिंग ting...door खुला हुआ था फिर भी अयन अंदर नहीं जा रहा था..

अजय andar...itne में गीता ने आकर कहा..

अयन : माँ जी को भेज दो कहना मई बहार खड़ा हों .

गीता : तुम सब्जी बेचते हो न..

अयन : तू तो घरो में काम करती hai...ab जाओ भेजो उन्हें..

गीता वापस मुद gayi...andar आयी तो अंदर मिश्री आरोही और उसकी मम्मी तीनो बैठी थी..

गीता : वो सब्जी बेचने वाला सलिल का दोस्त आपको बुला रहा है..

आरोही : ओह aashiq..to आप चली jaogi..apne तो कहा था मेरे साथ रहोगी.

सुहासिनी :नहीं.. तुम जाओ उसे मन कर लाओ भाई है तुम्हारा..

आरोही : किस मुँह से mummy..aur आरोही का सर झुक गया..

सुहासिनी : जाओ स्नेहा इससे पहले वो चला जाये..

हामी भर्ती हुई आरोही रूम से निकल gayi..aur चलती हुई गेट के पास आयी..

अंदर नहीं aaoge..aarohi ने अयन को देखते hi कहा..

अयन ने आरोही को देखा फिर इग्नोर कर Diya..wo जाने को हुआ की पीछे उसे सुहासिनी अति दिख गयी..

आरोही : मिश्रा की मौत का मुझे बिलकुल भी अफ़सोस nahi...wo दरिंदा मेरा बाप है इसमें मेरी क्या galti..Mai सो नहीं पति हों ये संस्कार की वो मेरा बाप है..

पास आकर आरोही ने हाथ जोड़ लिए..

आरोही : क्या मेरे लिए माफ़ी नहीं hai..rote हुए आरोही ने अयन के पेअर पकड़ लिए..

अयन ये देख पीछे हो गया..

आरोही : मेरा कोई भाई नहीं hai..wo दरिंदा हर्ष उसी दरिंदे का बीटा hai..sirf तुम हो जिसे मई अपना कह सकती hon...tum छोड़ जाओगे तो कैसे jiyungi..aarohi मिन्नतें करते हुए बोली..

अयन : उसका क्या जो तुमने मेरे भाई के साथ में kiya...tumne धोका दिया use..uski इज़्ज़त थी tum...jhamela के मुँह से फूटने वाले सब्दो को सुनकर आरोही की हिचकियाँ बांध गयी..

अयन : मुझे मरना चाहा मेरे दुश्मन की बेटी हो इसमें तुम्हारा कसूर नहीं अगर तुम उसके जैसी नहीं सब माफ़ हो सकता है लेकिन ये nahi..Mai कभी ये माफ़ नहीं कर सकता मेरे भाई की वाइफ तुम्हारे जैसी हो..

आरोही : मैंने धोका अपने साथ किया hai..mujhe इस दलदल में लेन वाली उन्ही की बहन thi...tum रोलेक्स मुझे जो सजा देंगे मंजूर hai..aarohi रट हुए उठी और पास आकर उसने झमेला का हाथ पकड़ लिया..

आरोही : मई इसकी कसम खा कर कहती हों अब कभी ऐसा काम नहीं करुँगी जिससे मेरे भाई और मेरे पति का सर jhuke..aarohi jhamela.ka हाथ पेट पर रख कर बोली

अयन : क्या मतलब.

सुहासिनी : स्नेहा के पेट में सलिल का बचा है..

अयन अपनी माँ की बात सुनकर पिघल गया..

सुहासिनी : अयन एक बार माफ़ कर दो ise..mere liye..ab इसने ऐसा कुछ किया जिससे मेरा सर निचा हो तो सोंच लुंगी ये मर गयी है मेरे लिए..

न चाहते हुए भी अयन ने आरोही को देख सर हिला Diya...jo देख आरोही उसके गले लग गयी...

आरोही : अपने भाई को पाकर मुझे सरे जहाँ की दौलत मिल gayi...paglo की तरह आरोही उसे चूमने लगी...

सुहासिनी : चलो अंदर चलते है...

तीनो अंदर ए...

आरोही : तुम बैठो मई तुम्हारे लिए कॉफ़ी लेकर आयी...

मिश्री : सर्वेंट को बोल दो..

आरोही : अपने भाई के लिए मई खुद करुँगी....

मिश्री : रुको मई भी आ रही hon...mishi को देख झमेला उसे पहचानने की कोशिश कर रहा था...

जब मिश्री जाने लगी तब उसने देखा मिश्री लंगड़ा कर चल रही है...

अयन : माँ ये बदल गयी है न.

सुहासिनी : अगर अपने बाप के जैसी होती तो मेरे एक बार कहने पर बचो को मेरे साथ न bhejti...tujhe अपनी माँ पर तो यकीं है न...

अयन : जान से भी ज्यादा..

कुछ देर बाद आरोही कई तरह की मिठाई और कफ लेकर आयी और सब उसने टेबल पर अचे से jhamela.ke.pass रख दी...

आरोही : चलो aao...hath पकड़ कर आरोही ने झमेला को चेयर पर बिठा दिया... फिर खुद उसके पास बैठ गयी .कफ हाथ में झमेला को थमा कर वो खुद स्वीट उठा के खिलने लगी...

आरोही : शर्माओ मत चलो खाओ..

सुहासिनी : किसी ने देखा तो नहीं यहाँ एते हुए...

झमेला : नहीं माँ रुमाल बांध कर aya..police वाले दिखे तो रास्ता बदल दिया..

आरोही : इतनी साडी आर्मी वह क्यों आयी थी क्या हुआ था वह...

अयन: वो सलिल के लिए आयी thi...Mai जब गया तो मैंने पुलिस देखि वो लोग मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे they..fir मैंने बताया मई सलिल से मिलने आया जब उन्होंने मुझे देखा तो अरेस्ट करने लगे जिस पर मई शयद बदल गया tha..fir झमेला बताने लगा..

अयन : वो मेरा भाई है maa..aur मेरी माँ भी ज़िंदा hai...meri छोटी माँ..

सुहासिनी : क्या सच में..

झमेला सर हिला देता है...

सुहासिनी : मई बहुत खुश हों तुम्हे तुम्हारे अपने तो मिले...

अयन : बस पेट भर गया वह से खा कर आया था...

चेयर से उठ कर झमेला फिर बीएड पर आकर बैठ जाता है...

आरोही बीएड पर आकर बैठते हुए झमेला का सर पकड़ने लगती है..

आरोही : चलो ajao.mujhe अपने भाई को प्यार करना hai.jhamela का सर झुका कर आरोही अपनी गोदी में उसे लिटा लेती है..

झमेला : तू इस तरह के कपडे नहीं पहना कर bahan...aarohi गयम ड्रेस में थी जिसमे उसकी बॉडी शेप साफ़ दिखाई दे रही थी.

आरोही : आप जैसे कहोगे वैसे pehnugi...mujhe अपने साथ शॉपिंग पर ले chalna..kehte हुए आरोही उसका सर दबाने लगी...

झमेला : अबे मई मुजरिम हों आज़ादी से घूम नहीं सकता..

आरोही : मई कोशिश करुँगी किसी तरह se..apko इनोसेंट साबित करने की .

झमेला : नहीं तू कुछ नहीं karegi..tu पहले hi बहुत गलतिअन कर चुकी hai...ham अपनी प्रोब्लेम्स से खुद निपट लेंगे...

आरोही : bhai..mujhe मेरे पति chahiye..aarohi की आंख से आंसू निकला और झमेला के चहेरे पर गिरा..

आरोही : वो नहीं मिले तो मई मर jaungi...mujhe वो चाहिए..

आरोही की बात सुनकर झमेला उठ कर बैठ गया...

रट हुए आरोही उसके गले लग गयी...

आरोही : मई मर जाउंगी रोलेक्स के बिना...

झमेला : मई बात करूँगा उससे लेकिन जब सलिल होगा रोलेक्स कभी नहीं ayega..wo दोनों अलग है aarohi..samjh इस बात को..

आरोही : मुझे वो chahiye...bolte हुए आरोही के मुँह से लार निकलने lagi..jo तब निकलती जब कोई ग़म में हो...

आरोही : अपनी बहन का सुहाग अगर तुम न लाये तो मई अपनी जान दे दूंगी.

झमेला : तू रोना बंद कर मई बात करूँगा उससे...

आरोही : वडा karo..aap लाओगे न..

झमेला : हां चल आंसू poch...apne hi रुमाल से झमेला आरोही के आंसू पोछने लगा...

झमेला का प्यार देख आरोही उसके गले लग गयी..


आरोही : मम्मी अपने मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुसी दे दी मुझे मेरा भाई dekar..Mummy मई जानती थी ये मेरा भाई है मेरा बड़ा bhai...mai इन्हे पैसे भी देती थी ज्यादा जब सब्जी लेने जाती थी..

झमेला : तू जानती थी फिर तूने क्यों नहीं बताया...

आरोही : मई सूरे नहीं थी की आप hi मेरे भाई हो सना की तरह दीखते थे बिलकुल इसलिए ये सब करती थी...

मिश्री : रियली ग्रेट मतलब सिर्फ बहन की तरह दीखता है तो इतनी मेहरबान हो गयी...

आरोही : निकला भी तो मेरा hi भाई na..you क्नोव व्हाट जो एक माँ का दूध पिटे है वो भी सेज भाई बहन होते है भले जन्म देने वाली माये अलग अलग हो...

झमेला : सही कहा तू मेरे लिए ऐसी hi है जैसे सना और आशना..

झमेला की बात सुनकर आरोही और उससे सात कर बैठ जाती है..

आरोही : उन दोनों को क्यों नहीं laye..niharika तो मेरे सामने बड़ी हुई और सना bhi...niharika एक बड़ी बहन की तरह मेरा साथ diya...uske साथ जो हुआ सोंच कर दिल जल रहा है भाई...

सुहासिनी : क्यों उदास कर रही है उसे...

आरोही : मई भी na..kyo नहीं लाये दोनों को...

झमेला : वो इंडिया में नहीं है...

आरोही : फिर कहा है वो...

झमेला : खंसरिस्तान कैप्टन ज़ियाँ के घर पर...

आरोही : ये कोण है और ये खंसरिस्तान कहा है...

झमेला : बहुत लम्बी कहानी है तू बता बात करेगी उनसे...

आरोही : हां और मई कहानी भी सुनुँगी...

झमेला ने कॉल लगा di...kafi देर तक आरोही बात करती रही अपनी बहनो से....

आरोही: अब मुझे बताओ ये कैप्टन ज़ियाँ कोण है और खंसरिस्तान कहा hai...aarohi ने कॉल कट हो जाने के बाद पूछा..

झमेला ने मिश्री को देखा फिर आरोही को..

झमेला : फिर कभी..

आरोही : ये मेरी बचपन की दोस्त है मिश्री Don't वोर्री भरोसे की hai...ab ये मेरे साथ रहेगी एक दरिंदा इसके पीछे पड़ा hai..to मैंने अपने पास रोक लिया..

झमेला : तुम्हे देख कर ऐसा लगता है जैसे पहले देखा hai..han याद आया मिया गुप्ता...

झमेला के कहते hi मिश्री और आरोही दोनों के चहेरो के रंग उड़ गए...

झमेला : वो न इक नंबर की गाढ़ी थी उसके भाई ने अपनी गलत आदतों की वजह से सुसाइड किया वो कुटिआ बदला सलिल से लेने आगयी...

झमेला की बात सुनकर दोनों एक दूसरे को देखने लगी..

आरोही : आशिक़ भाई वो न...

टिंग टिंग..

इतने में आरोही का फ़ोन विबरते होने लगा..

आरोही ने नंबर देखा फिर अपने भाई को..

आरोही : भाई अभी ayi...kehte हुए आरोही उठी और रूम से निकल गयी.

मिश्री : मई भी अति hon..uthkar मिश्री चलते हुए बहार आयी जहाँ आरोही किसी से गुस्से में बात कर रही थी...

मिश्री : किस पर भड़क रही है .

आरोही : वही रोहित hai...itne अचे मूड में थी सारा मूड ख़राब कर दिया...

मिश्री : उसे छोर वैसे भाई से बहुत चिपक रही है...

आरोही : शट उप यार..

मिश्री : क्यों वो मर्द नहीं है...

आरोही : क्या मतलब है तेरा..

मिश्री : मेरी सेटिंग करा दे ग्रीन मन से सटले हो जाउंगी यार तेरी तरह..

आरोही : सलिल ने देख लिया तुझे तो सोंचा है क्या hoga..chal अब..

मिश्री : तो सलिल दे दे मुझे..

आरोही : रत भर नरभछी के साथ आग बुझा कर तू मुझसे मेरे पति को मांग रही hai...aarohi गुस्से में उबलते हुए बोली.

मिश्री : उसका पहला प्यार मई हों..

आरोही : यहाँ रहना चाहती है या nahi..Teri जल रही है मुझसे..

मिश्री आरोही को देखती रह जाती है लेकिन कुछ कहती नहीं...

आरोही : चल अब...

मिश्री : तू जा मई सूर्य सर के पास जा रही हों..

आरोही : मेरे भाई को पता न चले न मम्मी को की वो यहाँ है..

मिश्री ने सर हिलाया और पीछे को मुद गयी...

आरोही चलते हुए रूम में आयी और झमेला से बातें करने लगी ..

आरोही : यहाँ ले आओ sabko...Mai छुपा कर रखूंगी...

अयन : ठीक है मई बात करूँगा...

टिंग ting....itne में आरोही का फ़ोन फिर बजने लगा...

आरोही : anu...number देखते हुए आरोही कॉल पिछ कर लेती है...

आरोही : hello अनुसुइया...

अनुसुइया : aarohi...mujhe तेरी ज़रूरत है ..मुझे महाराज ने कैद कर लिया है...

आरोही : क्या मतलब कैद कर लिया किसने किया kaid...tujhe कोण कैद कर सकता है..

अनुसुइया : जिसके लिए मई काम करती thi...batane का समय नहीं है तू बेस से मुझे निकल सकती है..

आरोही : तूने मुझे hi क्यों कॉल की..

अनुसुइया : मेरे सभी लोग महाराज के लोग है सिवाए tere...tu आएगी या नहीं..

आरोही : मई तेरे भाई के साथ हों..


कोण hai...suhasini से हैट कर झमेला ने फ़ोन आरोही के हाथो से ले लिया...

आरोही : अनुसुइया है उसे उसके बॉस महाराज ने कैद कर लिया है...

अयन : hello दीदी...

अनुसुइया : aashiq...tum..

अयन : कहा हो आप...

अनुसुइया : बेस पर हों...

अयन : ठीक है मई आ रहा हों...

और झमेला ने फ़ोन आरोही को दे दिया...

जाने के लिए झमेला उठ गया...

आरोही : मई भी चलूंगी साथ...

अयन : नहीं तुम माँ बनने वाली हो..

आरोही: सब तरफ पुलिस hi पुलिस है यहाँ से निकल देती हों...

सुहासिनी : वो सही कह रही hai..agar पकडे गए तो देर हो जाएगी...

झमेला ने हामी भरी और दोनों साथ में चल दिए...

आरोही ने कार निकली जिसमे झमेला बैठ गया.....

*********************

ऑफिशल्स की रिपोर्ट के बाद महाराज और मोहिनी उदास बैठे थे...

आप दोनों का मुँह क्यों लटका हुआ hai..kyo बुलाया mujhe..Mona अंदर एते हुए बोली...


महाराज : आगयी तुम...

मोना : हां आगयी...

मोहिनी : 4 हज़ार से ज़्यदा फ़ौजिओं को उसने मार दिया है और इतने hi बुरी तरह घायल हुए...

मोना : किसने...

मोहिनी: रोलेक्स वो आगया...

chatt..jhatke से मोना के हाथ से फ़ोन गिर गया...

मोना : ये कैसे hua...wo कैसे आ सकता है..

मोहिनी: मई उससे होटल में mili..Surya न अत तो वो अनु को मार deta...fir मोहिनी बताने लगी...

मोना : दो hi दिनों में इतने सरे लोगो को मार दिया..

महाराज : फ़ौजिओं की जान से बढ़कर मेरी विष कानए थी जिन्हे उसने जला दिया...

मोना : अनु कहा है...

महाराज : वो रंडी कैद में है...

मोना : पागल हो गए ho..sabse बड़े हथियार को तुमने कैद में दाल दिया ..

महाराज : बेवक़ूफ़ लड़की अपने बाप से किस तरह से बात कर रही hai...khaal उधर दूंगा तेरी...

मोना : पिता जी मई कह रही हों उसकी बहन hi है जो उसे काबू कर सकती है..

महाराज : कुछ देर पहले चरण ने कहा वो अपने बाप के बारे में जान गयी hai...tujhe लगता है इसके बाद वो हमारे किसी काम की रही...

मोना : है पिता ji...aap तो जानते है आपको क्या करना है...

मोहिनी: क्या मतलब...

महाराज : समझ Gaya..abhi उसे उसकी पोस्ट पर बहाल करता हों..

मोना: अभी तक मई उसकी दुश्मन हों अपना सच जान कर वो पिता जी को मरने के लिए पागल हो जायेगा...

महाराज :तुम उसके दिमाग में घुस सकती हो...

मोना : देखती hon...aur मोना ने आंखे बंद कर ली..

मोना : महाराज भैरव अंकल को bachao....Mona परेशां होते हुए बोली ..

मोहिनी : क्या हुआ....

मोना : वो भैरव के घर जाने वाला hai....uski सोंचे रह रह कर भैरव की तरफ जा रही है...

महाराज : तुम कण्ट्रोल कर सकती हो..

मोना : वो टेलेकिनेसिस जनता है उसकी सोंचो में छेड़ छार की तो वो पाकर लेगा...

महाराज : मई भैरव के घर आर्मी भेजता हों...

**************************

टिंग टिंग....

ड्राइव करते हुए दोनों जंगल वाले पार्क में आगये they...ki इतने में आरोही का फ़ोन बजने लगा...

आरोही : अनुसुइया hai...aarohi कार रोकते हुए boli..jis पर गेट खोल रहा अयन रुक जाता है...

आरोही : hello Anu...aur आरोही हैंड्सफ्री कर देती है ..

अनुसुइया : तू मत आ मई निकल आयी हों..

अयन : kaise...kya रोलेक्स..

अनुसुइया : नहीं aashiq...mulaqat होगी फिर कभी तो बताउंगी..

अयन : मैंने पूछा कहा हो अभी मई लेने आ रहा हों..

अनुसुइया : तुम मुझ पर हुक्म नहीं चला सकते...

आरोही : ये तुम्हारा सागा बड़ा कजिन है अनु...

अयन : मुझे पता है तुम्हे कैसे लाइन पर लाना है ..झमेला के स्वर में गुस्सा आगया था...

वही आरोही की बात सुन अनुसुइया चुप हो गयी थी...

अनुसुइया : क्या तुम बड़े पापा के बेटे ho..anusuiya भराये स्वर में बोली..

अयन : हाँ..

अनुसुइया : मुझे रोलेक्स रहने देगा अपने साथ क्या मेरी माँ सच में ज़िंदा है...

अयन : मई मिला हों उनसे...

अनुसुइया : रोलेक्स मुझे जान से मर देगा..

अयन : मई हों न मई बचाऊंगा तुम्हे ...छोटी माँ से नहीं मिलोगी...

अनुसुइया : मई रात में आपसे आकर मिलती हों आरोही के घर मेरा इंतज़ार करना...

अयन : अभी क्यों नहीं ..कोई प्रॉब्लम है तो मई आजाता हों न...

अनुसुइया : नहीं भाई मई ठीक हों प्रॉमिस मई आपसे रत में आकर मिलती हों...

और अनुसुइया कॉल कट कर देती है...

आरोही : चलो घर चलते है वो आजायेगी...

और आरोही कार मुदा देती है ...

*****************************

रात को अनुसुइया महाराज के सामने हाजिर होती hai...anusuiya देखती है रूम में 2 गार्ड और गुरु चरण दस के साथ मोना और मोहिनी भी है....

महाराज : तो तुम्हे सब पता चल गया मैंने तुम्हारे परिवार को mara...kehkar महाराज अनुसुइया को देखने लगता है जो कोई जवाब नहीं देती..

महाराज : बदला लेना चाहती ho..Anu फिर कोई जवाब नहीं देती ..

ये देख महाराज मोहिनी को इशारा करता है जो अनु के पास आकर उसे गन थमा देती है ..

महाराज : चाहो तो अपना बदला ले सकती ho...lekin पहले मेरी बात सुन लो...

अनु के हाथ गन पकडे कैंप रहे थे..

महाराज : ये मई नहीं था जिसने तुम्हारे परिवार को मारा ये तुम्हारा नाना था..

चरण दस : जब सीता तुम्हे सच्चाई बता रही थी तब मई उसके दिमाग में बैठा था मई चाहता तो रोक सकता था use..lekin महाराज के कहने पर मैंने ऐसा नहीं Kiya...wo चाहते थे तुम्हे सच्चाई पता चले..

अनुसुइया : अभी भी आप मेरे दिमाग में हो...

चरण दस : आदत से मजबूर हों...

महाराज : मुझे मरने के बाद तुम क्या करोगी अनु... मैंने कहा जवाब दो..

अनुसुइया : मुझे नहीं pata..I मैं मई आपको नहीं मार सकती ..महाराज के ज़ोर देने पर अनु के होंठ हिले..

चरण : ये सच कह रही है इसे अफ़सोस है अपनों को खोने का ..लेकिन आपके लिए गुस्सा नहीं...

महाराज : जनता हों ये मुझसे बहुत प्यार करती hai...iske लिए मई देवता हों..

अनुसुइया : आप मेरे लिए देवता हो..

महाराज : सही कहा मेरी bachi...Mai बताता हों तुम्हे वो सच जो तुम नहीं janti...tum जिस दुनिया में जी रही हो इसमें वापसी नहीं hoti...mera सपना मेरे साथ मर jayega...tumhara भाई तुम्हे कभी नहीं अपनाएगा वो कैसे अपनाएगा जिसके सामने तुम दूसरे मर्दो के साथ इंटिमेट hui...ye ज़िन्दगी जो मैंने तुम्हे दी है ऐश इशरत वाली ये ख़त्म हो jayegi..tum क्या पहनोगी कहा जाओगी ये तुम नहीं वो डीडे karega..kya तुम अपनी आज़ादी खोना चाहती हो मुझे मर kar..bolo अनुसुइया ..चलो चाहो तो तुम मुझे मार do...tumhe एक और अपना राज़ दे रहा हों mai..aur महाराज अपने फेस पर से मास्क हटा देता है...

अनुसुइया : पंडित कृष्णा नारायण Murthy...anusuiya के मुँह से हैरत से निकला...

महाराज : है मई अब तुम्हे आसानी होगी मुझे मरने me...chalo चलाओ गोली अनु...

अनुसुइया गुस्से में अपना निशाना महाराज को बना लेती है...

महाराज : तुम से मुझे तभी प्यार हो गया था जब तुम जवान हुई thi..tumhe कोई गन्दा व्यक्ति हाथ लगाए उससे पहले मैंने तुम्हे शुध्द कर diya...meri बची ये सपना हमारा था सम्भिदान को बदलना मेरे साथ ये भी ख़त्म हो जायेगा ... और तुम ये पावर ये फेम सब खो dogi....Mai था जिसने तुम्हे सब कुछ दिया...

अनुसुइया : और इसकी कीमत क्या दी मैंने अपने मेरा रपे किया....

महाराज : तुम्हे ऐसा लगता है तो मार दो mujhe....kar लो अपना बदला पूरा मेरी बची...

चत्तत्त..

अनु ने रट हुए ट्रिगर दवा दिया... निष्णा था उसका अपना सर ...

जब गोली नहीं निकली तो अनु देखने लगी...

महाराज : तुम्हारा टेस्ट था मुझे मरती तो इसमें से गोली nikalti...pass आकर महाराज ने गन ली और उसकी मागज़ीने खोल कर अनु को दिखा दी...

महाराज : अब तुम्हे अपनी वफादारी साबित करनी है ..

अनुसुइया : कैसे करनी है..

महाराज : हमारे बगल वाले रूम में तुम्हारा बाप है ...जाओ मार दो use...Maharaj ने गन बदल कर अनु को दे दी...

अनु ने गन बदलते हुए देख लिया लेकिन कहा कुछ nahi....gun लेकर वो चल di...chalte हुए वो एक रूम के पास आयी...

उसके आते hi रूम की दिवार का एक छोटा सा दूर खुला जिसने से सिर्फ खाना दिया जा सकता tha...usme से अनुसुइया एक आदमी को हैरान परेशां बैठा देखती hai...jiski दहदि बहुत बड़बि थी सर के बाल bhi....chahere पर वक्त की मार thi...use देख अनुसुइया की आँखों से आंसुओ की लारी बहने लगती है..

पापा मई क्या बनु बरी hokar...nanhi अनुसुइया समर से लिपटते हुए बोली...

मेरी लाड़ली जो तुम चाहो..

आपको क्या पसंद है पापा....

मई चाहता हों तुम डॉक्टर bano..khabardar जो इलाज के पैसे लिए...

क्यों पापा हमसे तो लेते है डॉक्टर पैसे...

हम्म्म वो इसलिए हम उनकी तरह nahi...hamare देश की 50 करोड़ की आबादी में से 15 करोड़ लोग भूके सोते है जिनके पास इलाज के पैसे nhi..ab समझी लोगो की हेल्प करना hi सबसे बड़ा धर्म है...

समझ गयी पापा...

ाः मेरी सेहज़ादी....

सब याद एते hi अनुसुइया का जिस्म कंपनी लगता है...

महाराज : नहीं होगा तो वापस ajao..tum जा सकती हो Anu....Maharaj पीछे से आवाज़ देते हुए बोलै...

चरण : भूलो मत अनु तुम क्या हो ..

मंत्री जी आपको पुरे मज़े दूंगी...

अरे चारो को झेल लुंगी जस्ट फ़क में बेब्स...

मेरा भाई भी आगया तब भी नहीं रुकूंगी मई ज़ोर से छोड़ो विष्णु..

साली रंडी...

फाड़ दो अपनी इस रंडी की छूट....

चरण दस : क्या होगा जब उसे पता चलेगा तुम क्या ho....tumne क्या किया hai...iske बारे में फाइल थी जिसमे पड़ा था मैंने ये बहुत hi ाचा इंसान hai..coma से जागने के बाद जब इसे पता छालेः उसकी बेटी बंगलोरे की सबसे बड़ी हाई प्रोफाइल रैंड है तो क्या गुज़रेगी उस par...jite जी रोज़ मरेगा..

अपनी ज़िन्दगी को याद करके अनुसुइया आंखे साफ़ करके आंखे बंद करते हुए ट्रिगर दबाने लगती है..

ढाये......

फायर होता है लेकिन गोली नहीं निकलती...

मोना :  कलप्प्पिंग तुम फिर पास हो गयी हो...

मोना की आवाज़ सुनते hi छोटा सा होल बंद हो जाता है जिसमे से अनुसुइया अपने बाप को देख रही थी...

कुछ न समझते हुए अनुसुइया महाराज को देखने लगती है...

महाराज : ये भी टेस्ट hi था तुम्हारा...

चलते हुए अनुसुइया महाराज के पास आकर गन उसे दे देती है...

महाराज : तुम्हे फिर से तुम्हारी मैडम क्वीन की पोस्ट पर बहाल किया जाता है अब तुम्हारा एक्सेस उतना hi है जितना चरण दस का hai...mona के जितने मेरी बची...

अनुशिया : मेरे पापा...

महाराज : तुम क्या चाहती हो वही होगा उनके साथ...

अनुसुइया : मई चाहती हों वो इस शहर से कही दूर चले jaye...aur वो ज़िंदा रहे...

महाराज : ऐसा hi hoga...lekin उससे पहले तुम्हे मेरा एक काम करना है जो तुम्हे मोना समझाएगी...

अनुसुइया : मई जानती हों...

महाराज : ठीक है अब तुम जा सकती ho...jald hi मुझे अछि न्यूज़ देना...

अनुसुइया सर हिला कर पीछे को घूम जाती hai..jiske साथ मोना और मोहिनी भी....

अनुसुइया : सोना कहा है...

मोहिनी : अपने रूम में आराम कर रही है तेरे आने से पहले hi मैंने उसे मेडिसिन दी थी...

अनुसुइया: मुझे उसके पास ले चल...

मोना : तो इस बार क्या करना hai...jaaneman...

अनुसुइया : सलिल पर अब बुलेट भी असर नहीं करती तू hi बता क्या karun...Mai तो उसे मरना चाहती hon...usne बहुत सी इनोसेंट लड़कीओ को बेदर्दी से मारा hai..wo सब मेरी आँखों के सामने मरी...

मोहिनी : उसने यहाँ भी तबाही मचाई करीब 4क लोगो को बहुत बुरी तरह मारा hai..Maharaj ने उस पर अटैक कराया था...

मोना : रोलेक्स को सुलाया तो वो कभी भी वापस आ सकता है उसे ख़त्म करने का एक hi उपाय है उसे सलिल से अलग कर Dena..uska ब्रेन ऑपरेशन.

अनुसुइया : ये कैसे होगा...

मोना : isse...kehte हुए मोना बैग से एक इंजेक्शन निकल के अनु को दे देती है..

मोना : इसे देने के बाद सलिल की हार्टबीट बिलकुल स्लो हो जाएगी उसकी बॉडी paralyze...wo भी पुरे 5 दिनों के liye...antitode नहीं दिया तो खेल khatm..Maine डॉक्टर की टीम तैयार कर ली है तू बस ये दे de...uske बाद मई उसका ओप्रशन करा दूंगी ..

मोहिनी : इस taraf...room खोलकर मोहिनी उसमे घुस जाती है उसके साथ hi मोना और अनु भी...

अनुसुइया इंजेक्शन अपने बैग में रख लेती है...

दीदी... सोना अनु को देख बोली..

अनुसुइया : लेती raho...pass आकर अनुसुइया सोना का हाथ पकड़ लेती है ..

अनुसुइया : अब कैसी हो तुम .. अनुसूया के प्रश्न पर सोना की आंखे चालक पड़ती है और वो अपना सर अपनी बहन की गोदी में रख लेती है...

सोना : दीदी मई जीना नहीं chahti...Sona फुट फुट कर रोने लगती है...

अनुसुइया : चल घर चलते hai....sahara देकर अनु सोना को उठाने लगती है....

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अयन आया नहीं बीटा मेरा दिल घबरा रहा है बहुत देख कितनी रात हो gayi...raat के 10 बज रहे they....maaa ने ऊपर आकर कहा...

मई : माँ वो आजायेगा बचा नहीं है...

pi...pi...itne में बाइक के हॉर्न की आवाज़ आयी....

मई : आप लोग निचे जाये मई देखता हों...

जीने से मई छत पर आया बहार देखा तो बहार चिकना खड़ा था खाना liye...mai जम्प मार के उसके पास आया...

चिकना : भाई khana...ham अपनी मर्ज़ी से ले ए hai...agli बार अपनी पसंद का कुछ मंगवाना हो तो बता दो...

मई : नहीं बहुत है ये..

चिकना : ठीक है भाई सुबह मिलते है...

मई : तू बाइक छोड़ jaa...raat में क्सिसि समय यही से ले जाना...

चिकना : आप अभी कही जायेंगे...

मई : नहीं सबको खाना खिलने के बाद..

चिकना : ठीक है तब तक मई यही वेट कर रहा hon...aaoge तो फिर ले जाना वर्ण बाइक पार हो जाएगी...

मई : ठीक है अत हों...

khana.lekar मई अंदर आया फिर सबके साथ बैठकर खाने लगा....

खाना ाचा लाया था wo...roasted मीट और नूडल्स pasta...sath में पराठे भी थे जो सलिल के लिए लाये थे लेकिन मुझे पराठो से एलेर्जी थी ...

बैठ कर हम सब खाने लगे..

आशना : माँ मई हॉस्टल चली जाती हों...

माँ : बेवक़ूफ़ लड़की तेरा भाई इतनी मुसीबत में है हम छुपकर रह रहे है और तुझे हॉस्टल जाना है ..

आशना : इसकी प्रॉब्लम है तो ये देखे न मई क्यों अपनी ज़िन्दगी ख़राब करू...

चटकककक.....

माँ ने थप्पड़ मारा तो वो गुस्से में उठ गयी....

माँ : खाना छोड़ेगी तो बहुत मरूंगी...

आशना : मार दो माँ काम से काम हब्श की गन्दी निगाहो से तो बच जाउंगी ..कहकर वो रूम में घुस गयी..

मई : खिला कर आया माँ.

खाना प्लेट में लेकर मई उसके पास आया..

मई : चल खा ले...

आशना : तू जा यहाँ se....warna मरूंगी...

मई : मुझे खुद नहीं पता मैंने वो कैसे कर liya..mujhe माफ़ कर दे...

आशना : जो तूने किया है ये माफ़ी के लायक nahi...thukenge लोग तुझ पर..

मई : तू थूक le...Mai बहुत शर्मिंदा hon...Maine हाथ जोड़ लिए...

आशना : माफ़ तो कर दूंगी लेकिन तू मुझसे अब दूर रहेगा कभी टच नहीं करेगा...

मई : वडा करता hon..chal.kha ले...

मेरे मानाने पर वो खाने लगी...

अपने कुकर्मो की वजह से मेरी भूक मर गयी थी....

सबको खिला कर मैंने लिटा दिया फिर ऊपर आगया....

हाफ ऑवर बाद मई बेसमेंट में आया..

मई : sanjana..hey संजना...

भाई aap...so नींद से जागते हुए बोली...

मई : भाई क्यों बोल रही है...

संजना : आप मेरी बुआ के बेटे हो इसलिए कहा...

मई: नहीं बनना hai..chal uth...hath पकड़ कर मैंने उसे खड़ा कर दिया..

नींद में होने की वजह से कड़ी होते hi वो गिरने लगी तो मैंने उसे बाँहों में भर लिया मेरा हाथ उसकी कमर पर उसे थमने के लिए चला gaya...uske लिप्स मेरे गलो पर आकर लगे...

संजना : सॉरी भाई...

मई : अबे भाई क्यों बार बार बोल रही...

वो आंखे मसलने लगी...

चल aa...use लेकर मई ऊपर आया...

संजना: क्यों लाये आप यहाँ...

मई : तूने भैरव का घर देखा है...

उसने हां में दर हिला दिया ...

मई : चल मुझे ले चल...

संजना : इतनी रात में...

मई : हां चल ab...use लेकर मई ऊपर आया... गेट से बहार जाना मैंने ठीक नहीं समझा...

मुझे नशे की तालाब लग रही थी लेकिन मैंने बर्दास्त करना hi सही समझा...

मैंने संजना को बाँहों में उठा लिया..

संजना : ये क्या कर रहे हो...

जवाब दिए बिना मैंने जम्प मार दी...

उसने मुझे कसकर पकड़ लिया..

ाचा ये हुआ वो चिकि nhi...bahar hi मुझे चिकना मिल gaya...jisse मैंने बाइक. ली और संजना को पीछे बिठाया...

मई : मेरे आने तक यही रहना कोई अंदर जाने न पाए.....

चिकना : बेफिक्र रहो..

उसका जवाब सुन मैंने बाइक भगा दी....

फिर संजना मुझे रास्ता बताने लगी और मई उधर hi चलने लगा...

******************************

टिंग ting.....Krishna नारायण मूर्ति सो रहा था उसका फ़ोन बहुत देर से बज रहा था...

फ़ोन की आवाज़ सुन उनसे आधी नींद में कॉल पिक करके फ़ोन कानो से लगा लिया...

महाराज : hello कोण.....

उधर की आवाज़ सुनकर महाराज का मुँह खुला का खुला रह Gaya...uski नींद उड़ gayi....uske हाथ से फ़ोन बीएड पर गिर गया....

हुस्न में आने पर उसने वेल प्रेस की...

सर आप ठीक है..

एक नौकर भागता हुआ अंदर आया..

महाराज : जल्दी से मोना और मोहिनी मैडम को भेजो...

नौकर हामी भरते हुए चला गया....

महाराज कपडे पहनने लगा..

कुछ देर बाद दोनों रूम में थी...

महाराज :मोहिनी जेट तैयार करो मई जा रहा हों...

मोहिनी : कहा जा रहे हो पिता जी..

मोना : ओह्ह सहित....

महाराज : मेरे दिमाग में घुसना बंद कर लड़की...

मोहिनी : मुंबई किस लिए...

महाराज : आर्मी हाई टेक हथियार सब इस्तेमाल करके देख लिया लेकिन कोई उसका कुछ नहीं बिगड़ saka...agar पूरी आर्मी भी उससे लड़ने बेजी तब भी वो जीत जायेगा...

मोहिनी: फिर क्या करेंगे...

महाराज : हमें कोई उसके जैसा hi चाहिए hoga...siya के भरोसे मई नहीं बैठ सकता...

मोहिनी : उसके जैसा लेकिन ये कैसे मुमकिन hai...mere तो कोर्स से hi बहार है पिता जी...

महाराज : समर से लड़ने में भी मेरी हेल्प उन्होंने hi की थी चरण दस को dekar..Shetty सर जो इस देश के असल करता धर्ता है...16 सालो में मेरी उनसे सिर्फ एक बार hi बात Hui...pm.se बोलो मेरी मीटिंग करने के liye..aur मोना तुम मेरे आने तक यहाँ की इंचार्ज हो...

महाराज की बात सुनकर दोनों बहने हामी भर्ती hai..wahi मोहिनी कॉल करने लगती है....
 
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