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अपडेट 68 चावला स्पेंट थे नाईट तेरे
सुबह 4.30 बजे चावला साहब की नींद कुछ आवाज़ों से टूटी, धानंद अपनी बेटी के ऊपर था, छोड़ रहा था फिर से उठने से पहले क्यूंकि वो उसी टाइम को उठता है हर रोज़ और बग़ीचे में कुछ काम करके अपने काम पर जाने के लिए रेडी होता है. संजना की सिसकती तड़पती आवाज़ भी आये थे चावला साहब को वो फुस्फुसाते हुए अपने पापा से कह रही थी, “साहब की नींद टूट जाएगी, आहिस्ता पापा, मत जगाओ उन्हें उफ्फ्फ्फ़, आआह्ह्ह्ह पापाआआ मत करो नाह अभी रात को काम से वापस आओगे तो करना नाह! स्स्स्सस्शह्ह्ह पापा, उफ्फ्फ्फ़ वो जाग जाएंगे नाह!!”
चावला साहब ने सोते हुए रहने की नाटक किये, वो वैसे hi पड़े रहे बीएड पर दोनों को धीमी ेंख को खोल कर देखते हुए, उनको बड़ा hi मज़ा ारः था बाप बेटी को करते हुए देख कर…. अभी कुछ घंटे पहले hi दोनों ने उसस्के अंदर ग़ुस्साये थे अपने अपने लिंग को पर अभी फिरसे ले रही थी अपने पापा के मुस्सल को अपने अंदर….
संजना पीठ पर थी लेते हुए, आनंद उसस्के ऊपर था, उस्सकी जांघें फैली हुई थी और आनंद पेल रहा था उस्सको, एकांत बार तो संजना की टांगें चावला साहब के टांगों से टकराये और उस्सकी बाहें भी चावला साहब के जिस्म से टकराये कई बार जब तक उसस्के पापा उसस्के साथ करता रहा, बीएड भी हिल रहे थे जिस से चावला साहब का बदन भी बीएड पर हिल रहा था….
करने के बाद आनंद उतर गया बीएड से और अपने बहार के काम में लग गया, वही सुबह को चाय वग़ैरा बनता था संजना के लिए, वो तो दिन के 10 बजे सो कर उठती थी.
तो आनंद के जाने के बाद संजना चावला साहब के चेहरे में बड़े प्यार से देखती रही, कई बार किश भी किया और उनको अपने बाहों में जाकर लिया यह समझते हुए के वो नींद में हैं. दोनों बिल्कुल नंगे थे रात भर, बल्कि तीनों नंगे सोये थे, कुछ खाया पिया नहीं था किसी ने पिज़्ज़ा वैसा के वैसा hi रह गया, नशे में थे तीनों और करने के बाद सोते रह गए थे सुबह तक….
चावला साहब भी तो सुबह 5 बजे उठ जाता है जब सान्वी किचन में होती है तो, मगर अभी सोने का ढोंग कर रहा था संजना के पास…. कोई 30 मिनट्स तक संजना उनको बाहों में भरे लेते रहे और संजना का हाथ उनके लिंग पर गया तो देखा के खड़ा हुआ hai…tab उस्सने कहीं पढ़ा था के मॉर्निंग इरेक्शन कहते है उनको जो सुबह सुबह खड़ा होता है लिंग….. मगर उस्सको नहीं पता था के चावला साहब ने उस्सको अपने पापा के साथ करते देखा तभी से उंनका खड़ा हुआ है….
मगर चावला साहब को फिलहाल करने का मात्र नहीं था बिल्कुल…. कल रात की संजना की डबल पेनेट्रेशन के बाद उस्का हो गया था….. संजना उठ कर टॉयलेट कई वैसे नंगी hi, तब चावला साहब अपने पीठ पर लेट कर सान्वी को याद किया….. उस्सने सोचा इस वक़्त सान्वी किचन में पहुँच गयी होगी और चावला साहब को घर पर नहीं पाकर पता नहीं कैसे रियेक्ट किया होगा, विवान से किआ बात किया होगा, किआ पूछा होगा….
चावला साहब ने दिल में ठान लिया था के सान्वी से दूरी रखेगा अब क्यूंकि सुबह को निकलते वक़्त सान्वी ने उसस्के दिल को ठेस पहुचायी थी, चावला साहब यह सोचता था के सान्वी खुद उन् से हमबिस्तर होना चाहती है मगर नखरें भरी हुई है सटी सावित्री बनना चाहती hai…iss कारण चावला साहब ने सोचा कौन बेकार में अपना वक़्त बर्बाद करे एक तो मिल hi गयी है इधर और यह भी तो अब घर की एक सदस्य बनने hi वाली थी तो घर में बैठे बिठाये मिल जाएगी संजना unnko…to सान्वी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी उनको…. यह चावला साहब सोच और समझ रहे थे.
उन्हों ने सोचा पता नहीं कितने फ़ोन किये होंगे सान्वी ने उनको, शायद इस वक़्त भी फ़ोन कर रही होगी, मोबाइल तो कल रात से स्विच ऑफ कर दिए थे, तो अब ों करने को मैं कर रहा था चेक करने के लिए के कितने मिसकॉल आये होंगे सान्वी की… मगर फिर सोचा के अगर ों करेगा और सान्वी अभी अभी फ़ोन कर रही होगी तो… इस लिए मोबाइल को नहीं ों किया तब तक संजना वापस आयी टॉयलेट से और देखा के चावला साहब जागे हुए हैं तो ख़ुशी से बीएड पर उंनसे लिपट गयी और उनको चूमते हुए कहा, “आप जाग गए जनाब? अच्छी नींद आयी नाह? हम्म आज पहली रात गुज़ारे आप ने मेरे साथ मेरे बीएड पर खुश हुए आप हुज़ूर?”
चावला साहब ने मुस्कुराते हुए संजना को बाहों में भर कर कहा, “हम्म्म बहोत hi खुश हूँ, बहोत एन्जॉय किया बहोत अच्छी नींद आयी, मगर अब तो जल्दी से घर जाना पड़ेगा मुझे!”
संजना ने तब बच्चों वाली हरकत में मुंह बनाते हुए कहा, “क्यों मुझे ड्राइविंग स्कूल नहीं चौररने चलोगे आज आप? भूल गए किआ मुझको आज दूसरे दिन का ट्यूशन है ड्राइविंग की? कुछ भी नहीं पढ़ा है मैं ने रूट कोड्स वग़ैरा… कल लेसन याद करना चाहिए था मगर हम तीनों तो बिजी थे नाह आप hi की वजह से….. आप की मोबाइल खो गए थे, आप नशे में गिर्र पड़े थे ेट्स ेट्स….”
चावला साहब ने उस से कहा, “ठीक है 10 बजे घर से निकलेंगे और तुमको वहां चोरर कर मैं वापस घर चला जाऊंगा और तुम आज बस से वापस घर अजना okay?.... और मुझे बताओ जिस ड्राइवर ने मेरे कार को यहाँ तक ड्राइव करके लाया था उस्सने कितने पैसे लिए थे तुमसे?”
संजना नहीं बताना चाहती थी, उस्सने कहा कोई बात नहीं उस्सकी फ़िक्र नाह करें…. मगर चावला साहब को पता था कैसे पता लगाना है वो पता लगा लेगा….
संजना के पापा ने 6 बजे चावला साहब से मुलाकात किये और काम के लिए निकलने से पहले चावला साहब से कुछ बातें किये जब संजना नहाने गयी थी. उस्सने चावला साहब से कहा,
“अब क्युके आप को पता है हमारा रिश्ता कैसा है संजना के साथ तो उसस्के शादी के बाद मुझसे मिलने तो आने देना कुमसे कम 2 हफ़्तों में एक बार, उसस्के बिना मेरा जीना दुश्वार हो जाएगा साहब.”
तो चावला साहब ने कहा, “अरे हर हफ्ते में आएगी, उस्सको ड्राइविंग सीखवा रहा हूँ इसी लिए नाह के वो तुमसे मिलने आ सके यहाँ, जितना चाहो मिलना उस से बल्कि मैं तो कहूंगा कभी कभार हम दोनों एक साथ आएंगे तुमसे मिलने और मौज मस्ती करेंगे तीनों मिलकर कल रात की तरह क्यों?”
आनंद बहोत खुश हुआ और कहा, “हाँ क्यों नहीं मालिक, शादी के बाद तो वो शायद और भी खुल जाएगी और उस्सको भी ज़्यादा ज़रुरत पड़ेगी हमारे मस्तियों की है नाह?”
चावला साहब ने कहा, “हाँ बिल्कुल शादी के बाद सेक्स लाइफ उनकी और बढ़ावा देगी उस्सको मस्ती करने की, हम खूब एन्जॉय करेंगे भाई वो है hi ऐसी के उसस्के साथ कभी मैं नहीं भरता और आरव तो उस्सको वैसे ख़ुशी कभी भी नहीं दे पाएगा तो हमको hi संजना को वो सब खुशियां देना होगा नाह? हेहेहे”
और आनंद काम के लिए चला गया. नहाने के बाद संजना ने चावला साहब को ब्रेकफास्ट सर्वे किया उसस्के नहाने के बाद और थोड़ा गप्पे शाप्पे मारे दोनों ने, किश विस्स किये और 8 बजे थे तो चावला साहब अपने मोबाइल देख रहे थे बार बार बिना ों किये तो संजना ने कहाः के वो बस से आज चली जाएगी ड्राइविंग और चावला साहब को वापस घर जाने को कहा अगर चाहे तो. दिख रहा था के चावला साहब बेताब थे इसी लिए संजना ने सोचा के क्यों उनको रोकना जबकि उस्सकी ड्राइविंग लेसन तो 1 बजे को था तो 10 से 1 बजे तक वो करती भी किआ उस शहर में, तो चावला साहब भी निकलने को तैयार हुआ. संजना को बाहों में भरके खूब प्यार किया, किश किये और 8.30 सुबह को चावला साहब वहां से निकले घर वापस जाने के लिए.
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली.
सुबह 4.30 बजे चावला साहब की नींद कुछ आवाज़ों से टूटी, धानंद अपनी बेटी के ऊपर था, छोड़ रहा था फिर से उठने से पहले क्यूंकि वो उसी टाइम को उठता है हर रोज़ और बग़ीचे में कुछ काम करके अपने काम पर जाने के लिए रेडी होता है. संजना की सिसकती तड़पती आवाज़ भी आये थे चावला साहब को वो फुस्फुसाते हुए अपने पापा से कह रही थी, “साहब की नींद टूट जाएगी, आहिस्ता पापा, मत जगाओ उन्हें उफ्फ्फ्फ़, आआह्ह्ह्ह पापाआआ मत करो नाह अभी रात को काम से वापस आओगे तो करना नाह! स्स्स्सस्शह्ह्ह पापा, उफ्फ्फ्फ़ वो जाग जाएंगे नाह!!”
चावला साहब ने सोते हुए रहने की नाटक किये, वो वैसे hi पड़े रहे बीएड पर दोनों को धीमी ेंख को खोल कर देखते हुए, उनको बड़ा hi मज़ा ारः था बाप बेटी को करते हुए देख कर…. अभी कुछ घंटे पहले hi दोनों ने उसस्के अंदर ग़ुस्साये थे अपने अपने लिंग को पर अभी फिरसे ले रही थी अपने पापा के मुस्सल को अपने अंदर….
संजना पीठ पर थी लेते हुए, आनंद उसस्के ऊपर था, उस्सकी जांघें फैली हुई थी और आनंद पेल रहा था उस्सको, एकांत बार तो संजना की टांगें चावला साहब के टांगों से टकराये और उस्सकी बाहें भी चावला साहब के जिस्म से टकराये कई बार जब तक उसस्के पापा उसस्के साथ करता रहा, बीएड भी हिल रहे थे जिस से चावला साहब का बदन भी बीएड पर हिल रहा था….
करने के बाद आनंद उतर गया बीएड से और अपने बहार के काम में लग गया, वही सुबह को चाय वग़ैरा बनता था संजना के लिए, वो तो दिन के 10 बजे सो कर उठती थी.
तो आनंद के जाने के बाद संजना चावला साहब के चेहरे में बड़े प्यार से देखती रही, कई बार किश भी किया और उनको अपने बाहों में जाकर लिया यह समझते हुए के वो नींद में हैं. दोनों बिल्कुल नंगे थे रात भर, बल्कि तीनों नंगे सोये थे, कुछ खाया पिया नहीं था किसी ने पिज़्ज़ा वैसा के वैसा hi रह गया, नशे में थे तीनों और करने के बाद सोते रह गए थे सुबह तक….
चावला साहब भी तो सुबह 5 बजे उठ जाता है जब सान्वी किचन में होती है तो, मगर अभी सोने का ढोंग कर रहा था संजना के पास…. कोई 30 मिनट्स तक संजना उनको बाहों में भरे लेते रहे और संजना का हाथ उनके लिंग पर गया तो देखा के खड़ा हुआ hai…tab उस्सने कहीं पढ़ा था के मॉर्निंग इरेक्शन कहते है उनको जो सुबह सुबह खड़ा होता है लिंग….. मगर उस्सको नहीं पता था के चावला साहब ने उस्सको अपने पापा के साथ करते देखा तभी से उंनका खड़ा हुआ है….
मगर चावला साहब को फिलहाल करने का मात्र नहीं था बिल्कुल…. कल रात की संजना की डबल पेनेट्रेशन के बाद उस्का हो गया था….. संजना उठ कर टॉयलेट कई वैसे नंगी hi, तब चावला साहब अपने पीठ पर लेट कर सान्वी को याद किया….. उस्सने सोचा इस वक़्त सान्वी किचन में पहुँच गयी होगी और चावला साहब को घर पर नहीं पाकर पता नहीं कैसे रियेक्ट किया होगा, विवान से किआ बात किया होगा, किआ पूछा होगा….
चावला साहब ने दिल में ठान लिया था के सान्वी से दूरी रखेगा अब क्यूंकि सुबह को निकलते वक़्त सान्वी ने उसस्के दिल को ठेस पहुचायी थी, चावला साहब यह सोचता था के सान्वी खुद उन् से हमबिस्तर होना चाहती है मगर नखरें भरी हुई है सटी सावित्री बनना चाहती hai…iss कारण चावला साहब ने सोचा कौन बेकार में अपना वक़्त बर्बाद करे एक तो मिल hi गयी है इधर और यह भी तो अब घर की एक सदस्य बनने hi वाली थी तो घर में बैठे बिठाये मिल जाएगी संजना unnko…to सान्वी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी उनको…. यह चावला साहब सोच और समझ रहे थे.
उन्हों ने सोचा पता नहीं कितने फ़ोन किये होंगे सान्वी ने उनको, शायद इस वक़्त भी फ़ोन कर रही होगी, मोबाइल तो कल रात से स्विच ऑफ कर दिए थे, तो अब ों करने को मैं कर रहा था चेक करने के लिए के कितने मिसकॉल आये होंगे सान्वी की… मगर फिर सोचा के अगर ों करेगा और सान्वी अभी अभी फ़ोन कर रही होगी तो… इस लिए मोबाइल को नहीं ों किया तब तक संजना वापस आयी टॉयलेट से और देखा के चावला साहब जागे हुए हैं तो ख़ुशी से बीएड पर उंनसे लिपट गयी और उनको चूमते हुए कहा, “आप जाग गए जनाब? अच्छी नींद आयी नाह? हम्म आज पहली रात गुज़ारे आप ने मेरे साथ मेरे बीएड पर खुश हुए आप हुज़ूर?”
चावला साहब ने मुस्कुराते हुए संजना को बाहों में भर कर कहा, “हम्म्म बहोत hi खुश हूँ, बहोत एन्जॉय किया बहोत अच्छी नींद आयी, मगर अब तो जल्दी से घर जाना पड़ेगा मुझे!”
संजना ने तब बच्चों वाली हरकत में मुंह बनाते हुए कहा, “क्यों मुझे ड्राइविंग स्कूल नहीं चौररने चलोगे आज आप? भूल गए किआ मुझको आज दूसरे दिन का ट्यूशन है ड्राइविंग की? कुछ भी नहीं पढ़ा है मैं ने रूट कोड्स वग़ैरा… कल लेसन याद करना चाहिए था मगर हम तीनों तो बिजी थे नाह आप hi की वजह से….. आप की मोबाइल खो गए थे, आप नशे में गिर्र पड़े थे ेट्स ेट्स….”
चावला साहब ने उस से कहा, “ठीक है 10 बजे घर से निकलेंगे और तुमको वहां चोरर कर मैं वापस घर चला जाऊंगा और तुम आज बस से वापस घर अजना okay?.... और मुझे बताओ जिस ड्राइवर ने मेरे कार को यहाँ तक ड्राइव करके लाया था उस्सने कितने पैसे लिए थे तुमसे?”
संजना नहीं बताना चाहती थी, उस्सने कहा कोई बात नहीं उस्सकी फ़िक्र नाह करें…. मगर चावला साहब को पता था कैसे पता लगाना है वो पता लगा लेगा….
संजना के पापा ने 6 बजे चावला साहब से मुलाकात किये और काम के लिए निकलने से पहले चावला साहब से कुछ बातें किये जब संजना नहाने गयी थी. उस्सने चावला साहब से कहा,
“अब क्युके आप को पता है हमारा रिश्ता कैसा है संजना के साथ तो उसस्के शादी के बाद मुझसे मिलने तो आने देना कुमसे कम 2 हफ़्तों में एक बार, उसस्के बिना मेरा जीना दुश्वार हो जाएगा साहब.”
तो चावला साहब ने कहा, “अरे हर हफ्ते में आएगी, उस्सको ड्राइविंग सीखवा रहा हूँ इसी लिए नाह के वो तुमसे मिलने आ सके यहाँ, जितना चाहो मिलना उस से बल्कि मैं तो कहूंगा कभी कभार हम दोनों एक साथ आएंगे तुमसे मिलने और मौज मस्ती करेंगे तीनों मिलकर कल रात की तरह क्यों?”
आनंद बहोत खुश हुआ और कहा, “हाँ क्यों नहीं मालिक, शादी के बाद तो वो शायद और भी खुल जाएगी और उस्सको भी ज़्यादा ज़रुरत पड़ेगी हमारे मस्तियों की है नाह?”
चावला साहब ने कहा, “हाँ बिल्कुल शादी के बाद सेक्स लाइफ उनकी और बढ़ावा देगी उस्सको मस्ती करने की, हम खूब एन्जॉय करेंगे भाई वो है hi ऐसी के उसस्के साथ कभी मैं नहीं भरता और आरव तो उस्सको वैसे ख़ुशी कभी भी नहीं दे पाएगा तो हमको hi संजना को वो सब खुशियां देना होगा नाह? हेहेहे”
और आनंद काम के लिए चला गया. नहाने के बाद संजना ने चावला साहब को ब्रेकफास्ट सर्वे किया उसस्के नहाने के बाद और थोड़ा गप्पे शाप्पे मारे दोनों ने, किश विस्स किये और 8 बजे थे तो चावला साहब अपने मोबाइल देख रहे थे बार बार बिना ों किये तो संजना ने कहाः के वो बस से आज चली जाएगी ड्राइविंग और चावला साहब को वापस घर जाने को कहा अगर चाहे तो. दिख रहा था के चावला साहब बेताब थे इसी लिए संजना ने सोचा के क्यों उनको रोकना जबकि उस्सकी ड्राइविंग लेसन तो 1 बजे को था तो 10 से 1 बजे तक वो करती भी किआ उस शहर में, तो चावला साहब भी निकलने को तैयार हुआ. संजना को बाहों में भरके खूब प्यार किया, किश किये और 8.30 सुबह को चावला साहब वहां से निकले घर वापस जाने के लिए.
तो बे कॉन्टिनोएड इन नेक्स्ट पोस्ट इम्मेडिएटली.