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- Dec 5, 2013
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अब aage.Me- और फिर हम कार में बेथ के राज के घर पर जाते हे.
में- तो मुझे कुछ याद आता हे जो कुछ मोनथस पहले जो हुआ था वो याद आ रहा था ुष रत की पूरी घटना ये बात राज के मम्मी पापा के एनिवर्सरी की बात थी जब में राज के घर गया था
नोट- अगर कुछ रिफरेन्स करना हे तो पेज no. 14 एंड 15 पद लेना थोड़ा. ुष रत क्या हुआ तो पता चल जाएंगे.
में- और हम बात करते करते राज के घर आ गए थे.
और फिर दूर ओपन था तो हम आदर चले गए.
राज- माँ कहा हो देखो कोण आया माँ.
राज- लगता हे माँ किचन में चल माँ को सरप्राइज देते हे.
में- ok
और हम किचन में जाता हे तो आंटी वह पर थी.
राज- माँ देखो कोण आया हे.
में- और जैसे hi आंटी उठी तो में तो देखते hi रह गया आंटी को और मेने नोटिस किया राज भी ुष की माँ को देख रहा हे.
में- हम दोनों इसलिए देख रहे थे की आंटी का पल्लो गिर गया था और क्या क़यामत लग रही थी बता नहीं सकता बड़े बड़े बॉब्स.
में- में तो खो गया था
और फिर हम को देख के साडी ठीक करती हे.
राज- में माँ को देख hi रहा फिर मेरी नजर मोंटी पर गयी तो वो भी माँ को hi देख रहा था सायद ये मेरा वहां था . मेने इतना लोड नहीं लिया.
में- और आंटी साड़ी ठीक कर के.
काजल राज माँ- अरे बीटा मोंटी तुम कब आये और बताया भी नहीं.
में- क्या हे तू जान
काजल- क्या हुआ मोंटी
में- कुछ नहीं
काजल- कोण कोण आया तुम्हारी माँ भी आयी हे क्या.
में- नहीं आंटी में hi आया हु.
काजल- जब से तू गांव गया तू तो हमको भूल hi गया हे.
में- अरे आंटी अपनों को भी कोई भूलता हे क्या.
काजल - चलो तुम बैठो में चाय लती हु.
में- ok आंटी
और हम बहार आ के बेथ जाते हे में तो आंटी के बहार में hi सोच रहा था और इतने में
राज- क्या हुआ मोंटी क्या सोच रहा हे भाभी के भरे में सोच रहा हे क्या.
में- नहीं य्र्र
राज- फिर
में- कुछ नहीं भाई
और आंटी चाय ले कर आ जाती हे हम चाय पिटे हे.
काजल- और मोंटी बीटा केसा आना हुआ तुम्हारा.
में- वो आंटी वो.
काजल- वो वो क्या बोल न.
राज- अरे माँ वो इसकी दादी हेना.
काजल- हां.
राज- उनकी उनका ऑपरेशन्स हुआ हे. इसलिए मोंटी आया हे.
Kajal-are बीटा तूने बताया भी नहीं केसा ऑपरेशन्स
राज- वो उनके पैरो माँ अब ज्यादा देर उनसे खड़े नहीं रहा जाता न इसलिए और में है देता हु.
राज- क्यों भाई सही बोल रहा हु न.
में- हां भाई
काजल- क्या बोल रहे हो तुम दोनों पेअर का ऑपरेशन से खड़े रहने से क्या मतलब हे.
राज- अरे माँ इस की दादी से अब ज्यादा खड़े नहीं रहा जाता हे तुम समझ जाओ अब.
काजल- चल ठीक हे कल मुझे ले चलना में मिल लुंगी उनसे.
में- अबे अब क्या करे.
राज- नहीं माँ तुम उनसे नहीं मिल सकती.
काजल- नहीं मिल सकती क्यों नहीं मिल सकती.
राज- वो डॉ ने उनको रेस्ट का बोलै हे.
काजल- तो ठीक हे परसो मिल लुंगी.
में- ये साला राज मारयेंगा
राज- अरे नहीं माँ परसो भी नहीं मिल सकती.
काजल- क्यों.
राज- क्यों की उनका ऑपरेशन्स हुआ हे और डॉ ने 5 दिन तक किसी से मिलने से मना किया हे.
काजल - ऐसा हे तो ठीक हे 5 दिन के बाद मिल लेंगे और वैसे भी अब मोंटी तो हम्हारे घर में hi रहेंगे न क्यों मोंटी
में- हां aunty.Me- आंटी वो.
काजल- हां बोल न
में- आंटी वो कमला के लिए टिफ़िन बना दो न.
और मुझे रीलीज़ होता हे क्यों की मेरे मुँह से क्या निकल गया.
क्यों की आंटी मेरे पुरे फॅमिली के सब के नाम जानती थी और अब तो क्लियर हो गया था.
काजल- क्या कहा तुमने कमला.
राज- अरे य्र्र ये क्या कर दिया मोंटी ने अब क्या होंगे.
में- में वो में वो.
काजल- में वो क्या कमला तो तुम्हारी दादी का नाम हेना और तुम तुम्हारी दादी का नाम ले रहे हो. तुम हे शर्म नहीं आती अपनी दादी का नाम ले रहे हो.
में- क्या कृ अब फास गया.
आइडियल
में- हां आंटी कमला मेरी दादी का hi नाम हे.
काजल- तो तुम तुम्हारी दादी का नाम कैसे ले सकते हो.
में- हां वो क्या हेना दादी ये hi चाहती हे की में उनका नाम लू.
काजल- दादी खुद चाहती हे ये कैसे हो सकता हे.
में- हां वो दादी का कहना की जब तुम सिटी आये तो तू दादा बन के रह मुझे तेरे दादा की याद नहीं आएंगे इसलिए
काजल- क्या बोल रहा हे कुछ समझ नहीं आ रहा हे. तुम्हारी दादी ऐसा क्यों बोलेंगी. चल जो भी हो बना दूंगी कमला का टिफ़िन और है देती हे.
और राज और में बात करते हे.
में- राज में आता हु पानी पि के
राज- ok भाई
में- और में किचन में चले जाता हु तो देखता हु की आंटी खाना बना रही हे.
में- आंटी साड़ी और ड्रेस दोनों पहनती थी. आंटी की ब्रा की पति क्लियर दिख रही थी जिस देख के hi मेरा लैंड सलामी देने लग गया था.
और में फिर आंटी के पास चले जाता हु और उनके पीछे खड़ा हो जाता और थोड़ा पास हो कर
में- में उनके कण के पास जा कर और आंटी क्या बना रही हो.
में- और एक डैम से आंटी शॉकेड हो जाती हे.
काजल- कोण हे.
तुम यहाँ क्या कर रहे हो
में- कुछ नहीं पानी पिने आया था.
काजल - तुमने तो मुझे द्र hi दिया था मोंटी.
में- अरे मेरे से क्या डरना आंटी
ले लो पानी पि लो.
में- में कुछ हेल्प कर दू आंटी.
काजल- हेल्प और तुम.
में- हां में.
काजल- आज तक न राज ने हेल्प की और न राज के पापा ने तो तुम हेल्प करेंगे.
में- हां आंटी बोलो क्या करना हे में घर पर भी करता हु
काजल- वह ये तो अछि बात ले लेकिन में तुमसे काम नहीं करा सकती मुझे ाचा नहीं लगेंगे.
और में आंटी से थोड़ा और चिपक जाता हु.
जिस से अब आंटी दर जाती क्यों की उनके पीछे मेरा जानवर टक्क्र गया था.
काजल- अरे तुम क्या कर रहे हो दूर हटो.
में- क्यों क्या हुआ आंटी
काजल- कुछ नहीं थोड़ा दूर हटो.
में- बताओ न क्या हुआ आंटी अब क्या में आप के पास भी नहीं खड़ा रह सकता.
काजल- खड़ा रहे के लिए थोड़ी मना कर रही हु में.
में- तो फिर.
काजल- कुछ नहीं तुम थोड़ा दूर तो हतो
में- ok.
तो फिर करू आप की हेल्प
काजल- नहीं में कर लुंगी मोंटी
में- नहीं में करूंगा आप की हेल्प
काजल- तू नहीं मानेगा हेना
में- हां.
चलो बताओ क्या कृ.
काजल- एक काम करो सब्जी धो लो.
में- ok मैडम
काजल- क्या कहा मैडम
में- में हां.
काजल- आंटी हु तुम्हारी मैडम नहीं.
में- अब तुम मुझे बहुत सारा कुछ सुखाऊँगी तो मैडम हुयी न.
काजल- कुछ भी पागल.
में- और में सब्जी धोता हु तो हम एक दूसरे को देख रहे थे.
काजल- मेको क्या देख रहे हो सब्जी को अचे वाश करो.
में- हां मैडम
ये लो हो गयी सब्जी वाश अब बताओ क्या करना हे.
काजल- बस अब तुम जाओ.
में- नहीं मुझे हेल्प करनी हे आप की.
काजल- कर तो दी.
में- ये तो थोड़ी सी हे.
काजल- तो फिर कितनी करना हे.
में- बहुत साडी.
काजल- तो ठीक हे फिर तुम आता घुन दो.
में- आता
काजल- हां.
में- ok.
और में आता घंटा हु तो मेरे को बदमाशी करनी थी तो में थोड़ा सा आता आंटी के ऊपर फेक देता हु.
काजल - ये क्या बदमाशी हे मोंटी.
में- सॉरी आंटी.
ये लो हो गया आप का आता गुंदना.
काजल- बस हो गया.
में- और में आंटी के पीछे जा के खड़ा हो जाता हु और उनसे चिपक जाता हु एक डैम से
काजल- क्या कर रहे हो मोंटी हटो. कितनी बार बोलै हे दूर खड़े रो.
में- में उनके बालो को सूंघ कर मदहोश हो जाता क्या खुसबू हे आंटी आप के बालो की
काजल- मुझे भी पता नहीं क्या हो गया था.
में- क्या खुसबू हे आंटी इन बालो की.
में मदहोश हो गया था और अपना कंट्रोल खो दिया था मेने दोनों हाथ आगे कर के आंटी की कमर पकड़ ली अब मेरी हिम्मत बाद गयी तो मेने उनको किश करने के लिए थोड़ा और आगे बड़ा उनके गाल के पास था आंटी एक डैम से
काजल- ये क्या कर रहे हो मोंटी दूर हटो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मेरे इतने करीब आने की और तुम ये क्या कर रहे थे.
में- आंटी तो गुस्सा हो गयी क्या कृ
में- अरे सॉरी आंटी वो गलती से हो gya.me तो आप के बालो की खुसबू सुंग रहा था बहुत अछि अस रही थी.
काजल- चल अब जाओ बहुत हेल्प कर ली.
में- ok आंटी मेने सोचा बहार hi जाने में फायदा हे. और में बहार आ जाता हु.
राज- क्या हुआ भाई बहुत टाइम लगा दिया था.
में- हां य्र्र आंटी से बात कर रहा था और कुछ हेल्प.
राज- चल बढ़िया हे अब आगे बता क्या करना हे.
काजल- ये मोंटी क्या कर रहा था मेरे साथ और में ुष को रुख क्यों नहीं पायी
और इतने में आंटी आ जाती हे
काजल - चल आ जाओ खाना खता हे. और फिर हम खाना खता हे. आंटी वो कमला का टिफ़िन दे दो
काजल- ok
में- और में टिफ़िन ले कर हॉस्पिटल चले जाता हु.
काजल- में रूम में बैठी थी ये मोंटी मेरे से इतना चिपक क्यों रहा था और मुझे भी क्या हो गया था ुष को हटाया भी नहीं. पता नहीं वो क्या करने वाला था
राज- क्या हुआ माँ क्या सोच रही हो.
काजल- कुछ नहीं बीटा.
राज- आप कही मोंटी के आने से तो नाराज नहीं हो
काजल- अरे नहीं ुष के आने से क्यों में तो ठीक हु.
राज- ok माँ. टेंशन न लो में बहुत जल्दी तुम्हारी ये उदासी और बोरिंग लाइफ ख़तम कर दूंगा ऐसा सुख दूंगा आप को.
राज- य्र्र माँ को कैसे पतौ कुछ समझ नहीं आ रहा हे.
साला ये लैंड फिर से खड़ा हो गया.
राज- और मुझे मुठ मरना पड़ती हे.
मोंटी- ये लो कमला खाना खा लो.
दादी- आप मेरे लिए कितना परेशान हो रहे हो जी
में- अरे मेरी जान तुम मेरी पत्नी हो किसी बात कर रही हो.
दादी- फिर भी.
में- कोई बात नहीं
दादी- बस एक बार सब ठीक हो जाये फिर में आप की बहुत सेवा करूंगी
में- हां कर लेना पहले खाना खा लो
दादी- जी.
और में दादी को खाना खिला लेता हु और पूरा टाइम उनके पास hi रहता हु.
रत हो जाती हे.
काजल- राज मोंटी आया नहीं हॉस्पिटल से
राज- आ जायेगा माँ में सोने जा रहा हु
काजल- ठीक हे beta.me भी अपने रूम में जा रही हु.
राज- ok माँ.
में- तो मुझे कुछ याद आता हे जो कुछ मोनथस पहले जो हुआ था वो याद आ रहा था ुष रत की पूरी घटना ये बात राज के मम्मी पापा के एनिवर्सरी की बात थी जब में राज के घर गया था
नोट- अगर कुछ रिफरेन्स करना हे तो पेज no. 14 एंड 15 पद लेना थोड़ा. ुष रत क्या हुआ तो पता चल जाएंगे.
में- और हम बात करते करते राज के घर आ गए थे.
और फिर दूर ओपन था तो हम आदर चले गए.
राज- माँ कहा हो देखो कोण आया माँ.
राज- लगता हे माँ किचन में चल माँ को सरप्राइज देते हे.
में- ok
और हम किचन में जाता हे तो आंटी वह पर थी.
राज- माँ देखो कोण आया हे.
में- और जैसे hi आंटी उठी तो में तो देखते hi रह गया आंटी को और मेने नोटिस किया राज भी ुष की माँ को देख रहा हे.
में- हम दोनों इसलिए देख रहे थे की आंटी का पल्लो गिर गया था और क्या क़यामत लग रही थी बता नहीं सकता बड़े बड़े बॉब्स.
में- में तो खो गया था
और फिर हम को देख के साडी ठीक करती हे.
राज- में माँ को देख hi रहा फिर मेरी नजर मोंटी पर गयी तो वो भी माँ को hi देख रहा था सायद ये मेरा वहां था . मेने इतना लोड नहीं लिया.
में- और आंटी साड़ी ठीक कर के.
काजल राज माँ- अरे बीटा मोंटी तुम कब आये और बताया भी नहीं.
में- क्या हे तू जान
काजल- क्या हुआ मोंटी
में- कुछ नहीं
काजल- कोण कोण आया तुम्हारी माँ भी आयी हे क्या.
में- नहीं आंटी में hi आया हु.
काजल- जब से तू गांव गया तू तो हमको भूल hi गया हे.
में- अरे आंटी अपनों को भी कोई भूलता हे क्या.
काजल - चलो तुम बैठो में चाय लती हु.
में- ok आंटी
और हम बहार आ के बेथ जाते हे में तो आंटी के बहार में hi सोच रहा था और इतने में
राज- क्या हुआ मोंटी क्या सोच रहा हे भाभी के भरे में सोच रहा हे क्या.
में- नहीं य्र्र
राज- फिर
में- कुछ नहीं भाई
और आंटी चाय ले कर आ जाती हे हम चाय पिटे हे.
काजल- और मोंटी बीटा केसा आना हुआ तुम्हारा.
में- वो आंटी वो.
काजल- वो वो क्या बोल न.
राज- अरे माँ वो इसकी दादी हेना.
काजल- हां.
राज- उनकी उनका ऑपरेशन्स हुआ हे. इसलिए मोंटी आया हे.
Kajal-are बीटा तूने बताया भी नहीं केसा ऑपरेशन्स
राज- वो उनके पैरो माँ अब ज्यादा देर उनसे खड़े नहीं रहा जाता न इसलिए और में है देता हु.
राज- क्यों भाई सही बोल रहा हु न.
में- हां भाई
काजल- क्या बोल रहे हो तुम दोनों पेअर का ऑपरेशन से खड़े रहने से क्या मतलब हे.
राज- अरे माँ इस की दादी से अब ज्यादा खड़े नहीं रहा जाता हे तुम समझ जाओ अब.
काजल- चल ठीक हे कल मुझे ले चलना में मिल लुंगी उनसे.
में- अबे अब क्या करे.
राज- नहीं माँ तुम उनसे नहीं मिल सकती.
काजल- नहीं मिल सकती क्यों नहीं मिल सकती.
राज- वो डॉ ने उनको रेस्ट का बोलै हे.
काजल- तो ठीक हे परसो मिल लुंगी.
में- ये साला राज मारयेंगा
राज- अरे नहीं माँ परसो भी नहीं मिल सकती.
काजल- क्यों.
राज- क्यों की उनका ऑपरेशन्स हुआ हे और डॉ ने 5 दिन तक किसी से मिलने से मना किया हे.
काजल - ऐसा हे तो ठीक हे 5 दिन के बाद मिल लेंगे और वैसे भी अब मोंटी तो हम्हारे घर में hi रहेंगे न क्यों मोंटी
में- हां aunty.Me- आंटी वो.
काजल- हां बोल न
में- आंटी वो कमला के लिए टिफ़िन बना दो न.
और मुझे रीलीज़ होता हे क्यों की मेरे मुँह से क्या निकल गया.
क्यों की आंटी मेरे पुरे फॅमिली के सब के नाम जानती थी और अब तो क्लियर हो गया था.
काजल- क्या कहा तुमने कमला.
राज- अरे य्र्र ये क्या कर दिया मोंटी ने अब क्या होंगे.
में- में वो में वो.
काजल- में वो क्या कमला तो तुम्हारी दादी का नाम हेना और तुम तुम्हारी दादी का नाम ले रहे हो. तुम हे शर्म नहीं आती अपनी दादी का नाम ले रहे हो.
में- क्या कृ अब फास गया.
आइडियल
में- हां आंटी कमला मेरी दादी का hi नाम हे.
काजल- तो तुम तुम्हारी दादी का नाम कैसे ले सकते हो.
में- हां वो क्या हेना दादी ये hi चाहती हे की में उनका नाम लू.
काजल- दादी खुद चाहती हे ये कैसे हो सकता हे.
में- हां वो दादी का कहना की जब तुम सिटी आये तो तू दादा बन के रह मुझे तेरे दादा की याद नहीं आएंगे इसलिए
काजल- क्या बोल रहा हे कुछ समझ नहीं आ रहा हे. तुम्हारी दादी ऐसा क्यों बोलेंगी. चल जो भी हो बना दूंगी कमला का टिफ़िन और है देती हे.
और राज और में बात करते हे.
में- राज में आता हु पानी पि के
राज- ok भाई
में- और में किचन में चले जाता हु तो देखता हु की आंटी खाना बना रही हे.
में- आंटी साड़ी और ड्रेस दोनों पहनती थी. आंटी की ब्रा की पति क्लियर दिख रही थी जिस देख के hi मेरा लैंड सलामी देने लग गया था.
और में फिर आंटी के पास चले जाता हु और उनके पीछे खड़ा हो जाता और थोड़ा पास हो कर
में- में उनके कण के पास जा कर और आंटी क्या बना रही हो.
में- और एक डैम से आंटी शॉकेड हो जाती हे.
काजल- कोण हे.
तुम यहाँ क्या कर रहे हो
में- कुछ नहीं पानी पिने आया था.
काजल - तुमने तो मुझे द्र hi दिया था मोंटी.
में- अरे मेरे से क्या डरना आंटी
ले लो पानी पि लो.
में- में कुछ हेल्प कर दू आंटी.
काजल- हेल्प और तुम.
में- हां में.
काजल- आज तक न राज ने हेल्प की और न राज के पापा ने तो तुम हेल्प करेंगे.
में- हां आंटी बोलो क्या करना हे में घर पर भी करता हु
काजल- वह ये तो अछि बात ले लेकिन में तुमसे काम नहीं करा सकती मुझे ाचा नहीं लगेंगे.
और में आंटी से थोड़ा और चिपक जाता हु.
जिस से अब आंटी दर जाती क्यों की उनके पीछे मेरा जानवर टक्क्र गया था.
काजल- अरे तुम क्या कर रहे हो दूर हटो.
में- क्यों क्या हुआ आंटी
काजल- कुछ नहीं थोड़ा दूर हटो.
में- बताओ न क्या हुआ आंटी अब क्या में आप के पास भी नहीं खड़ा रह सकता.
काजल- खड़ा रहे के लिए थोड़ी मना कर रही हु में.
में- तो फिर.
काजल- कुछ नहीं तुम थोड़ा दूर तो हतो
में- ok.
तो फिर करू आप की हेल्प
काजल- नहीं में कर लुंगी मोंटी
में- नहीं में करूंगा आप की हेल्प
काजल- तू नहीं मानेगा हेना
में- हां.
चलो बताओ क्या कृ.
काजल- एक काम करो सब्जी धो लो.
में- ok मैडम
काजल- क्या कहा मैडम
में- में हां.
काजल- आंटी हु तुम्हारी मैडम नहीं.
में- अब तुम मुझे बहुत सारा कुछ सुखाऊँगी तो मैडम हुयी न.
काजल- कुछ भी पागल.
में- और में सब्जी धोता हु तो हम एक दूसरे को देख रहे थे.
काजल- मेको क्या देख रहे हो सब्जी को अचे वाश करो.
में- हां मैडम
ये लो हो गयी सब्जी वाश अब बताओ क्या करना हे.
काजल- बस अब तुम जाओ.
में- नहीं मुझे हेल्प करनी हे आप की.
काजल- कर तो दी.
में- ये तो थोड़ी सी हे.
काजल- तो फिर कितनी करना हे.
में- बहुत साडी.
काजल- तो ठीक हे फिर तुम आता घुन दो.
में- आता
काजल- हां.
में- ok.
और में आता घंटा हु तो मेरे को बदमाशी करनी थी तो में थोड़ा सा आता आंटी के ऊपर फेक देता हु.
काजल - ये क्या बदमाशी हे मोंटी.
में- सॉरी आंटी.
ये लो हो गया आप का आता गुंदना.
काजल- बस हो गया.
में- और में आंटी के पीछे जा के खड़ा हो जाता हु और उनसे चिपक जाता हु एक डैम से
काजल- क्या कर रहे हो मोंटी हटो. कितनी बार बोलै हे दूर खड़े रो.
में- में उनके बालो को सूंघ कर मदहोश हो जाता क्या खुसबू हे आंटी आप के बालो की
काजल- मुझे भी पता नहीं क्या हो गया था.
में- क्या खुसबू हे आंटी इन बालो की.
में मदहोश हो गया था और अपना कंट्रोल खो दिया था मेने दोनों हाथ आगे कर के आंटी की कमर पकड़ ली अब मेरी हिम्मत बाद गयी तो मेने उनको किश करने के लिए थोड़ा और आगे बड़ा उनके गाल के पास था आंटी एक डैम से
काजल- ये क्या कर रहे हो मोंटी दूर हटो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मेरे इतने करीब आने की और तुम ये क्या कर रहे थे.
में- आंटी तो गुस्सा हो गयी क्या कृ
में- अरे सॉरी आंटी वो गलती से हो gya.me तो आप के बालो की खुसबू सुंग रहा था बहुत अछि अस रही थी.
काजल- चल अब जाओ बहुत हेल्प कर ली.
में- ok आंटी मेने सोचा बहार hi जाने में फायदा हे. और में बहार आ जाता हु.
राज- क्या हुआ भाई बहुत टाइम लगा दिया था.
में- हां य्र्र आंटी से बात कर रहा था और कुछ हेल्प.
राज- चल बढ़िया हे अब आगे बता क्या करना हे.
काजल- ये मोंटी क्या कर रहा था मेरे साथ और में ुष को रुख क्यों नहीं पायी
और इतने में आंटी आ जाती हे
काजल - चल आ जाओ खाना खता हे. और फिर हम खाना खता हे. आंटी वो कमला का टिफ़िन दे दो
काजल- ok
में- और में टिफ़िन ले कर हॉस्पिटल चले जाता हु.
काजल- में रूम में बैठी थी ये मोंटी मेरे से इतना चिपक क्यों रहा था और मुझे भी क्या हो गया था ुष को हटाया भी नहीं. पता नहीं वो क्या करने वाला था
राज- क्या हुआ माँ क्या सोच रही हो.
काजल- कुछ नहीं बीटा.
राज- आप कही मोंटी के आने से तो नाराज नहीं हो
काजल- अरे नहीं ुष के आने से क्यों में तो ठीक हु.
राज- ok माँ. टेंशन न लो में बहुत जल्दी तुम्हारी ये उदासी और बोरिंग लाइफ ख़तम कर दूंगा ऐसा सुख दूंगा आप को.
राज- य्र्र माँ को कैसे पतौ कुछ समझ नहीं आ रहा हे.
साला ये लैंड फिर से खड़ा हो गया.
राज- और मुझे मुठ मरना पड़ती हे.
मोंटी- ये लो कमला खाना खा लो.
दादी- आप मेरे लिए कितना परेशान हो रहे हो जी
में- अरे मेरी जान तुम मेरी पत्नी हो किसी बात कर रही हो.
दादी- फिर भी.
में- कोई बात नहीं
दादी- बस एक बार सब ठीक हो जाये फिर में आप की बहुत सेवा करूंगी
में- हां कर लेना पहले खाना खा लो
दादी- जी.
और में दादी को खाना खिला लेता हु और पूरा टाइम उनके पास hi रहता हु.
रत हो जाती हे.
काजल- राज मोंटी आया नहीं हॉस्पिटल से
राज- आ जायेगा माँ में सोने जा रहा हु
काजल- ठीक हे beta.me भी अपने रूम में जा रही हु.
राज- ok माँ.