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- Dec 5, 2013
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अब आगे.
में- में अब राज की माँ की छूट पर लैंड रगड़ रहा था.
आंटी- अब दाल दो जी जल्दी कब से तड़प रही हु में.
में- हां मेरी जान हम दोनों बहुत हवस में थे.
चल ले मेरी jaan.or में लैंड अब छूट में डालने hi वाला था की. हम जिस रूम में थे बाद पर और साइड में विंडो थी. तो जोर से किसी के ठोकने की आवाज आयी तो हम दोनों दर गए. ये किसी ने विंडो को ठोका था.
में- अब हम दोनों की हवस उड़ गयी हम दर गए की कोण हे.
आंटी- अरे जी कोण ये और ये विंडो क्यों थोक रहा हे.
में- चोरो डार्लिंग अब एन्जॉय करो.
आंटी- नहीं जी
और इतने में विंडो बहुत जोर से कोई फिर से ठोकता हे.
आंटी- नहीं जी मुझे दर लग रहा हे जल्दी हटो.
और ये कपडा खोलो.
में- नहीं खपड़ा मत करो काजल.
आंटी- नहीं कोई चोर आ गया लगता हे.
में- और इतने में राज की माँ का हाथ आखो पर बन्दे कपडे पर चले जाता हे.
में- नहीं नहीं nhi.or में नहीं नहीं बोलता और वो हो गया जो मेने और आंटी ने कभी सोचा भी नहीं था.
में- और जैसे hi राज की मम्मी काजल ने मुझे उनके पास नंगा देखा तो उनकी हवस और होश दोनों उड़ गए. हम दोनों पुरे नंगे थे.
में- काजल मेरे जिस्म को hi देख रही थी फिर मेने नोटिस किया की आंटी गुस्सा क्यों नहीं हो रही हे मुझे मर क्यों नहीं रही हे और काजल की नजरो का मेने पीछा किया तो देखा वो तो मेरे लैंड को hi देख रही.
में- साला मेरा लैंड खड़ा हे वो hi देख रही हे. अगर ये हंगामा नहीं हुआ होता तो मेरे लैंड अभी इस की छूट में होता.
में- बहुत गौर से मेरे लैंड को देख रही thi.or ुष की ससे फुल हुयी थी.
में- देखे भी क्यों नहीं मेरा लैंड था hi ऐसा.
में- मेरा लैंड जटके मर रहा था. मेरा जानवर अपना मुँह उठा के नाग के जैसे फुक कर रहा इस को अब बिल होना tha.Mene सोच ये मेरे लैंड को देखने में लगी हे सही समय हे इस को छोड़ देता हु. और में आगे बड़ा और ुष के पास आया वो बस मुझे hi देख रही thi.mene सोचा टाइम वास्ते न करते हुए लैंड दाल देता हु. और जैसी में झुका तो साला फिर से किसी ने माँ छुड़ा ली और वो विंडो को थोक दिया जिस से आंटी होश में आ गयी और मुझे नंगा सामने देख मुझे दूर करते हुए.
आंटी- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मेरे पास आने कमीने कुत्ते हरामी और मुझे 2-3 कहते रख दी और फिर अपनी तरफ देखि तो वो पूरी नंगी थी वो खुद को कवर करने के लिए ुष ने अपने सरीर पर सारे ूद ली.
में- इस आधे डाके सरीर में भी आंटी बहुत सेक्सी और हॉट लग रही थी
आंटी- चले जा कुत्ते मेरे सामने से तू.
में- और इतने में राज का कॉल आंटी के फ़ोन पर बजा तो आंटी ने देख राज का कॉल हे तो आंटी हे हड़बड़ा के कॉल उठाया.
उदार से राज
राज- अरे माँ कहा हो कब से कॉल कर रहा हु कितनी बेल्ल बजे कहा हो आप जब बेल्ल से भी आप ने दूर ओपन नहीं किया तो में विंडो को थोक रहा hu.kab से परेशान हु में..
काजल- मतलब ये विंडो राज थोक रहा हे. मेरी तो हवा निकल गयी मेरा बीटा बहार हे और में यहाँ क्या कर रही थी अभी इतने देर से
राज- क्या हुआ माँ.
काजल- है है है है बीटा.
राज- माँ आप हकला क्यों रही हो क्या हुआ तुम ठीक तो होना.
काजल- - है है बीटा में ठीक हु.
राज- ठीक हे अब जल्दी से दूर ओपन करो.
काजल -है बीटा.
राज फ़ोन रख देता हे.
काजल - फिर मेरी नजर मोंटी पर जाती हे वो नंगा अभी तक यही खड़ा था.
काजल-- कमीने तू यही खड़ा हे निकल जा यहाँ से और और सुन राज आ रहा हे उसे कुछ पता नहीं चलना चाइये और निकल यहाँ से तुझे तो में बाद में बताती हु.
में- आंटी मेरी बात तो सुनो.
आंटी- तू जाता हे की नहीं की बोलू राज को की इस ने मेरी इज्जत लूटी.
में- मेने सोचा अभी ये बहुत गुस्से में बाद में देखता हु
में- में नंगा hi बहार निकलता हु.
काजल- और जैसी हे मोंटी नंगा बहार जा रहा था तो ुष की बॉडी पीछे से बहुत बहुत अछि थी. वो पुरे बारे सरीर का मालिक था जैसे पहलवान हो.
Aunty-me ये क्या सोच रही हु.
और इतने में राज का फिर से कॉल आता हे.
राज- अरे में दूर ओपन करो.
आंटी- हां आयी बीटा.
मुझे सारे पहने में टाइम लगता और राज बहार था.
मेने जैसी hi बाद के निचे देखा तो मेरी ब्रा पंतय पाटिकट सब बिखरे पड़े the.jesi मेरी सुहागरात हुयी हो. और रत का सीन याद आने लगे.
में जल्दी से उनको उठा कर बाद के निचे कर देती हु. और एक शट दाल लेती hu.or बहार आ जाती हु जल्दी से दूर ओपन करती हु.
काजल- और में जैसे hi दूर ओपन करती हु तो देखती हु राज मुझे hi देख रहा था मेने ुष की नजरो को देखो तो रीज़न ये था.
काजल- में पसीने में थी बाल बिखरे हुए थे जैसे में चुद कर आ रही हो.
में- माँ कहा इतनी टी....
कहल- और वो बोलते बोलते रुख गया और मुझे hi देख रहा था या ये कहु मेरे बदन को मेरे बॉब्स को देख रहा था.
काजल- क्या हुआ बीटा.
राज- में कुछ नहीं बोलै
काजल- राज राज
राज- हां माँ.
काजल- क्या हुआ बीटा
राज- कुछ नहीं कहा था आप कब से आया हु में.
काजल- वो बीटा में वो
राज - क्या वो वो बोलो अब
और ये इतना पसीना क्यों आ रहा हे और सास क्यों फूल रही हे.
काजल- क्या बताऊ अब इस को.
बीटा में नाह रही थी.
राज मेरे बॉब्स hi देख रहा था बस
काजल- चल अंदर आ.
राज- माँ मोंटी कहा हे
काजल- पता नहीं
राज- पता नहीं वो तो घर पर आया था.
काजल- होंगे कही मुझे क्या पता
राज- अरे तो इतना गुस्सा क्यों हो रही हो तुम क्या हुआ आप को.
काजल- कुछ नहीं.
राज- ok
काजल - तू अभी इस वकत क्यों आया में गबरा भी बहुत रही थी मेरे बॉब्स ऊपर निचे हो रहे थे.
राज- क्यों में मेरे घर में नहीं आ सकता क्या.
काजल- नहीं में तो पूछ रही हु.
राज- वो काम था थोड़ा.
काजल- में तेरे लिए पानी लती हु.
राज- नहीं मुझे काम हे में रूम में जा रहा हु.
काजल- ठीक हे में भी चेंज कर के आती हु.
राज- मेने काम का इसलिए बोलै क्यों में माँ को देख के बहुत गरम हो गया था. मेरा लैंड भी खड़ा हो गया था. अब मुठ hi मरना पड़ेंगी.
और ीदार मोंटी.
में- साला ये भें का लावड़ा मक राज हर बार मेरा गेम बिगड़ देता हे ुष दिन भी और आज भी साला जब भी में इस की माँ को छोड़ने जाता हु तो ये आ जाता हे साला जैसे चौकीदार हो अपनी माँ ka.baki कब तक बचेंगे सेल जल्दी तेरी माँ मेरे निचे होंगी.
काजल - में ीदार रूम में सीधे बाथरूम में जाती हु. और मिरर में अपने आप को देखती हु तो मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था अपने आप पर क्यों की में मेरे बेटे के सामने ऐसे गयी थी. क्या सोचता होंगे मेरा बीटा मेरे बारे में जभी वो मुझे घर रहा था.
काजल - अभी जो कुछ देर पहले हुआ में ुष के बारे में सोच रही थी की ये जो भी हुआ वो राज के पापा नहीं थे मोंटी था मेरे बेटे का दोस्त मेरे बेटे की उम्र का और में ुष की माँ की उम्र की औरत .लेकिन में इतनी कैसे हवस में बहक गयी की में अपने पति और मोंटी को न पहचान पायी. क्या मेरे अंदर इतनी गर्मी हे जो एक मेरे बेटे के उम्र के लड़के के साथ इतनी गरम हो gyi.kya सच में मुझे किसी मार्स की जरुरत he.Kya कृ इस आग का.
काजल- मन अरे कामिनी क्या सोच रही हे तेरे बेटे का दोस्त हे इस के साथ ऐसा करने में तुझे सरम भी नहीं आयी इतनी हवस में अंधी हो गयी.
काजल- मुझे अब अपने आप पर बहुत गुस्सा आता हे की मेने क्या कर दिया वो तो जवान हे पर में मुझे तो कण्ट्रोल करना चाइये.
काजल- क्या करू कण्ट्रोल करना था मुझे ये आग किसी दिन मुझे बदनाम कर देंगी.
काजल- और में शट निकल देती हु और जैसे hi निचे देखती हु तो हैरान हो जाती hu.kyu की मुझे भरोष नहीं था की निचे ऐसा हो सकता हे.
काजल- ये क्या हो रहा मेरे साथ मुझे खुद पर कण्ट्रोल क्यों नहीं हो रहा he.or ये इतना पानी क्यों चोर रही he.aa आ माँ इसकी गर्मी क्या कृ इस का ये आग मुझे जला न डेल. ये इतनी गरम क्यों हो रही हे मेरी छूट आ ये तड़प कुछ तो करना पड़ेंगे इस का.
काजल - और में अपना हाथ मेरी छूट पर जाता हे जो पूरी गीली थी.
ीदार में- मेरे लैंड को अब संत करना था क्यों की ये बेथ नहीं रहा था.
में- में मुठ मरना चालू कर देता हु. क्यों की मुझे पता था ये झड़े बिना नहीं बेथ सकता.
में - आ काजल मेरी जान क्या जिस्म हे तेरा साली तूने मुझे दो बार मारा हे इस कहते का बदला तो में लूंगा और वो भी तेरी छूट से अब तेरी छूट का बोशदा नहीं बना दिया तो बोलना.
सेल राज तेरी वजह से मेरा दो बार काम फ़ैल हो गया तेरी माँ को तो ऐसा छोडूंगा
क्या जिस्म हे तेरा इस उम्र में भी मेरी रानी तेरी प्यास तो में अपने इस लैंड से भुजङ्गा.
में- और काजल को याद करके मुठ मरता हु मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और गुस्सा भी.
अब ीदार राज के रूम में.
राज- ये साला लैंड खड़ा हो गया.
क्या जिस्म य्र्र माँ कमल की हे माँ बहुत प्यासी हे बेचारी. मुझे लगता हे अभी भी छूट में ऊँगली hi कर रही थी जभी तो इतने पसीने में थी. क्या बॉब्स हे मेरी माँ तेरे अब इस सेल को संत करना पड़ेंगे और राज नंगा हो जाता हे और मुठ मरने लग जाता हे ऐसा नहीं था की राज का लैंड छोटा राज का लैंड भी ाचा तो वो आराम से किसी को भी सटिस्फी कर सकता था.
राज- आ माँ तू टेंशन न ले तेरा बीटा अब तुझे खुश करेंगे जो काम मेरा बाप नहीं करा में करूँगा मेरी रानी तुझे ऐसा सुख दूंगा की तू पापा को पूरा भूल जाएँगी. में तेरी रत रंगीन करूँगा तेरा बिस्तसर तेरा बीटा गरम करेंगे तेरा.
अब ीदार.
काजल- क्या कृ इस निगोड़ी छूट का ये ऐसे संत नहीं होंगी लगता हे इस को संत hi करना पड़ेंगे.
काजल- और में भी छूट में ऊँगली करती हु. और पता नहीं में छूट में ऊँगली कर रही थी तो मेरे सामने मोंटी का फेस क्यों आ रहा था.
काजल- और में हवस फिर से आ गयी और मोंटी की बॉडी के बारे में सोचने लगी क्या बॉडी ुष की और फिर मेरी आखो के सामने ुष का लैंड दिख रहा था क्या लैंड हे ुष इतना बड़ा कैसे नाग के जैसे फुकर मर रहा था वो मुझ पर. मेरे बिल में घुसने के लिए.
Kajal-me ये क्या सोच रही हु.
ाचा हुआ मोंटी आ गया नहीं तो मुझे फाड् के रख देता.
काजल- कितना बड़ा लैंड हे ुष अगर मेरी छूट में गया तो ये तो छूट hi फाड् देंगे ये में क्या सोच रही हु.
अब इस घर का माहौल ये हो गया था की 3no हवस की आग में झेल रहे थे किसी को छूट होनी थी तो किसी को लैंड कोई छूट में ऊँगली कर रहा था तो कोई मुठ मर रहा था.
काजल- और पता नहीं मेरे मुँह से मोंटी का नाम निकल जाता हे आ मोंटी क्या लैंड हे तेरा.
काजल- में अब लैंड के लिए पागल हो गयी थी.
काजल- आ कोई तो इस छूट की आग संत करो कब तक ऊँगली से काम चलौ. राज के पापा मुझे लैंड होना अब राज बीटा तू hi ला दे किदार से और में रो रही थी.
काजल- क्या मेरे नसीब में सुख नहीं हे क्या आए अस के में ऐसे hi तड़प तड़प के मर जाऊ.
और में ऊँगली की स्पीड बड़ा देती. हु.
में- में भी ीदार आ काजल मेरी जान आ
राज- आ मम्मी तुम्हारी प्यास तो में भुजङ्गा आ आ
अब घर में बस आ आ की आवाजे आ रही थी.
और फिर 3no झाड़ जाते हे अब 3no को ाचा लगता हे.
अब देखते हे काजल को सब से पहले कोण छोड़ता हे राज या मोंटी
या फिर काजल सब से पहले किस से चुदवाती हे राज या मोंटी से.
में- में अब राज की माँ की छूट पर लैंड रगड़ रहा था.
आंटी- अब दाल दो जी जल्दी कब से तड़प रही हु में.
में- हां मेरी जान हम दोनों बहुत हवस में थे.
चल ले मेरी jaan.or में लैंड अब छूट में डालने hi वाला था की. हम जिस रूम में थे बाद पर और साइड में विंडो थी. तो जोर से किसी के ठोकने की आवाज आयी तो हम दोनों दर गए. ये किसी ने विंडो को ठोका था.
में- अब हम दोनों की हवस उड़ गयी हम दर गए की कोण हे.
आंटी- अरे जी कोण ये और ये विंडो क्यों थोक रहा हे.
में- चोरो डार्लिंग अब एन्जॉय करो.
आंटी- नहीं जी
और इतने में विंडो बहुत जोर से कोई फिर से ठोकता हे.
आंटी- नहीं जी मुझे दर लग रहा हे जल्दी हटो.
और ये कपडा खोलो.
में- नहीं खपड़ा मत करो काजल.
आंटी- नहीं कोई चोर आ गया लगता हे.
में- और इतने में राज की माँ का हाथ आखो पर बन्दे कपडे पर चले जाता हे.
में- नहीं नहीं nhi.or में नहीं नहीं बोलता और वो हो गया जो मेने और आंटी ने कभी सोचा भी नहीं था.
में- और जैसे hi राज की मम्मी काजल ने मुझे उनके पास नंगा देखा तो उनकी हवस और होश दोनों उड़ गए. हम दोनों पुरे नंगे थे.
में- काजल मेरे जिस्म को hi देख रही थी फिर मेने नोटिस किया की आंटी गुस्सा क्यों नहीं हो रही हे मुझे मर क्यों नहीं रही हे और काजल की नजरो का मेने पीछा किया तो देखा वो तो मेरे लैंड को hi देख रही.
में- साला मेरा लैंड खड़ा हे वो hi देख रही हे. अगर ये हंगामा नहीं हुआ होता तो मेरे लैंड अभी इस की छूट में होता.
में- बहुत गौर से मेरे लैंड को देख रही thi.or ुष की ससे फुल हुयी थी.
में- देखे भी क्यों नहीं मेरा लैंड था hi ऐसा.
में- मेरा लैंड जटके मर रहा था. मेरा जानवर अपना मुँह उठा के नाग के जैसे फुक कर रहा इस को अब बिल होना tha.Mene सोच ये मेरे लैंड को देखने में लगी हे सही समय हे इस को छोड़ देता हु. और में आगे बड़ा और ुष के पास आया वो बस मुझे hi देख रही thi.mene सोचा टाइम वास्ते न करते हुए लैंड दाल देता हु. और जैसी में झुका तो साला फिर से किसी ने माँ छुड़ा ली और वो विंडो को थोक दिया जिस से आंटी होश में आ गयी और मुझे नंगा सामने देख मुझे दूर करते हुए.
आंटी- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मेरे पास आने कमीने कुत्ते हरामी और मुझे 2-3 कहते रख दी और फिर अपनी तरफ देखि तो वो पूरी नंगी थी वो खुद को कवर करने के लिए ुष ने अपने सरीर पर सारे ूद ली.
में- इस आधे डाके सरीर में भी आंटी बहुत सेक्सी और हॉट लग रही थी
आंटी- चले जा कुत्ते मेरे सामने से तू.
में- और इतने में राज का कॉल आंटी के फ़ोन पर बजा तो आंटी ने देख राज का कॉल हे तो आंटी हे हड़बड़ा के कॉल उठाया.
उदार से राज
राज- अरे माँ कहा हो कब से कॉल कर रहा हु कितनी बेल्ल बजे कहा हो आप जब बेल्ल से भी आप ने दूर ओपन नहीं किया तो में विंडो को थोक रहा hu.kab से परेशान हु में..
काजल- मतलब ये विंडो राज थोक रहा हे. मेरी तो हवा निकल गयी मेरा बीटा बहार हे और में यहाँ क्या कर रही थी अभी इतने देर से
राज- क्या हुआ माँ.
काजल- है है है है बीटा.
राज- माँ आप हकला क्यों रही हो क्या हुआ तुम ठीक तो होना.
काजल- - है है बीटा में ठीक हु.
राज- ठीक हे अब जल्दी से दूर ओपन करो.
काजल -है बीटा.
राज फ़ोन रख देता हे.
काजल - फिर मेरी नजर मोंटी पर जाती हे वो नंगा अभी तक यही खड़ा था.
काजल-- कमीने तू यही खड़ा हे निकल जा यहाँ से और और सुन राज आ रहा हे उसे कुछ पता नहीं चलना चाइये और निकल यहाँ से तुझे तो में बाद में बताती हु.
में- आंटी मेरी बात तो सुनो.
आंटी- तू जाता हे की नहीं की बोलू राज को की इस ने मेरी इज्जत लूटी.
में- मेने सोचा अभी ये बहुत गुस्से में बाद में देखता हु
में- में नंगा hi बहार निकलता हु.
काजल- और जैसी हे मोंटी नंगा बहार जा रहा था तो ुष की बॉडी पीछे से बहुत बहुत अछि थी. वो पुरे बारे सरीर का मालिक था जैसे पहलवान हो.
Aunty-me ये क्या सोच रही हु.
और इतने में राज का फिर से कॉल आता हे.
राज- अरे में दूर ओपन करो.
आंटी- हां आयी बीटा.
मुझे सारे पहने में टाइम लगता और राज बहार था.
मेने जैसी hi बाद के निचे देखा तो मेरी ब्रा पंतय पाटिकट सब बिखरे पड़े the.jesi मेरी सुहागरात हुयी हो. और रत का सीन याद आने लगे.
में जल्दी से उनको उठा कर बाद के निचे कर देती हु. और एक शट दाल लेती hu.or बहार आ जाती हु जल्दी से दूर ओपन करती हु.
काजल- और में जैसे hi दूर ओपन करती हु तो देखती हु राज मुझे hi देख रहा था मेने ुष की नजरो को देखो तो रीज़न ये था.
काजल- में पसीने में थी बाल बिखरे हुए थे जैसे में चुद कर आ रही हो.
में- माँ कहा इतनी टी....
कहल- और वो बोलते बोलते रुख गया और मुझे hi देख रहा था या ये कहु मेरे बदन को मेरे बॉब्स को देख रहा था.
काजल- क्या हुआ बीटा.
राज- में कुछ नहीं बोलै
काजल- राज राज
राज- हां माँ.
काजल- क्या हुआ बीटा
राज- कुछ नहीं कहा था आप कब से आया हु में.
काजल- वो बीटा में वो
राज - क्या वो वो बोलो अब
और ये इतना पसीना क्यों आ रहा हे और सास क्यों फूल रही हे.
काजल- क्या बताऊ अब इस को.
बीटा में नाह रही थी.
राज मेरे बॉब्स hi देख रहा था बस
काजल- चल अंदर आ.
राज- माँ मोंटी कहा हे
काजल- पता नहीं
राज- पता नहीं वो तो घर पर आया था.
काजल- होंगे कही मुझे क्या पता
राज- अरे तो इतना गुस्सा क्यों हो रही हो तुम क्या हुआ आप को.
काजल- कुछ नहीं.
राज- ok
काजल - तू अभी इस वकत क्यों आया में गबरा भी बहुत रही थी मेरे बॉब्स ऊपर निचे हो रहे थे.
राज- क्यों में मेरे घर में नहीं आ सकता क्या.
काजल- नहीं में तो पूछ रही हु.
राज- वो काम था थोड़ा.
काजल- में तेरे लिए पानी लती हु.
राज- नहीं मुझे काम हे में रूम में जा रहा हु.
काजल- ठीक हे में भी चेंज कर के आती हु.
राज- मेने काम का इसलिए बोलै क्यों में माँ को देख के बहुत गरम हो गया था. मेरा लैंड भी खड़ा हो गया था. अब मुठ hi मरना पड़ेंगी.
और ीदार मोंटी.
में- साला ये भें का लावड़ा मक राज हर बार मेरा गेम बिगड़ देता हे ुष दिन भी और आज भी साला जब भी में इस की माँ को छोड़ने जाता हु तो ये आ जाता हे साला जैसे चौकीदार हो अपनी माँ ka.baki कब तक बचेंगे सेल जल्दी तेरी माँ मेरे निचे होंगी.
काजल - में ीदार रूम में सीधे बाथरूम में जाती हु. और मिरर में अपने आप को देखती हु तो मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था अपने आप पर क्यों की में मेरे बेटे के सामने ऐसे गयी थी. क्या सोचता होंगे मेरा बीटा मेरे बारे में जभी वो मुझे घर रहा था.
काजल - अभी जो कुछ देर पहले हुआ में ुष के बारे में सोच रही थी की ये जो भी हुआ वो राज के पापा नहीं थे मोंटी था मेरे बेटे का दोस्त मेरे बेटे की उम्र का और में ुष की माँ की उम्र की औरत .लेकिन में इतनी कैसे हवस में बहक गयी की में अपने पति और मोंटी को न पहचान पायी. क्या मेरे अंदर इतनी गर्मी हे जो एक मेरे बेटे के उम्र के लड़के के साथ इतनी गरम हो gyi.kya सच में मुझे किसी मार्स की जरुरत he.Kya कृ इस आग का.
काजल- मन अरे कामिनी क्या सोच रही हे तेरे बेटे का दोस्त हे इस के साथ ऐसा करने में तुझे सरम भी नहीं आयी इतनी हवस में अंधी हो गयी.
काजल- मुझे अब अपने आप पर बहुत गुस्सा आता हे की मेने क्या कर दिया वो तो जवान हे पर में मुझे तो कण्ट्रोल करना चाइये.
काजल- क्या करू कण्ट्रोल करना था मुझे ये आग किसी दिन मुझे बदनाम कर देंगी.
काजल- और में शट निकल देती हु और जैसे hi निचे देखती हु तो हैरान हो जाती hu.kyu की मुझे भरोष नहीं था की निचे ऐसा हो सकता हे.
काजल- ये क्या हो रहा मेरे साथ मुझे खुद पर कण्ट्रोल क्यों नहीं हो रहा he.or ये इतना पानी क्यों चोर रही he.aa आ माँ इसकी गर्मी क्या कृ इस का ये आग मुझे जला न डेल. ये इतनी गरम क्यों हो रही हे मेरी छूट आ ये तड़प कुछ तो करना पड़ेंगे इस का.
काजल - और में अपना हाथ मेरी छूट पर जाता हे जो पूरी गीली थी.
ीदार में- मेरे लैंड को अब संत करना था क्यों की ये बेथ नहीं रहा था.
में- में मुठ मरना चालू कर देता हु. क्यों की मुझे पता था ये झड़े बिना नहीं बेथ सकता.
में - आ काजल मेरी जान क्या जिस्म हे तेरा साली तूने मुझे दो बार मारा हे इस कहते का बदला तो में लूंगा और वो भी तेरी छूट से अब तेरी छूट का बोशदा नहीं बना दिया तो बोलना.
सेल राज तेरी वजह से मेरा दो बार काम फ़ैल हो गया तेरी माँ को तो ऐसा छोडूंगा
क्या जिस्म हे तेरा इस उम्र में भी मेरी रानी तेरी प्यास तो में अपने इस लैंड से भुजङ्गा.
में- और काजल को याद करके मुठ मरता हु मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और गुस्सा भी.
अब ीदार राज के रूम में.
राज- ये साला लैंड खड़ा हो गया.
क्या जिस्म य्र्र माँ कमल की हे माँ बहुत प्यासी हे बेचारी. मुझे लगता हे अभी भी छूट में ऊँगली hi कर रही थी जभी तो इतने पसीने में थी. क्या बॉब्स हे मेरी माँ तेरे अब इस सेल को संत करना पड़ेंगे और राज नंगा हो जाता हे और मुठ मरने लग जाता हे ऐसा नहीं था की राज का लैंड छोटा राज का लैंड भी ाचा तो वो आराम से किसी को भी सटिस्फी कर सकता था.
राज- आ माँ तू टेंशन न ले तेरा बीटा अब तुझे खुश करेंगे जो काम मेरा बाप नहीं करा में करूँगा मेरी रानी तुझे ऐसा सुख दूंगा की तू पापा को पूरा भूल जाएँगी. में तेरी रत रंगीन करूँगा तेरा बिस्तसर तेरा बीटा गरम करेंगे तेरा.
अब ीदार.
काजल- क्या कृ इस निगोड़ी छूट का ये ऐसे संत नहीं होंगी लगता हे इस को संत hi करना पड़ेंगे.
काजल- और में भी छूट में ऊँगली करती हु. और पता नहीं में छूट में ऊँगली कर रही थी तो मेरे सामने मोंटी का फेस क्यों आ रहा था.
काजल- और में हवस फिर से आ गयी और मोंटी की बॉडी के बारे में सोचने लगी क्या बॉडी ुष की और फिर मेरी आखो के सामने ुष का लैंड दिख रहा था क्या लैंड हे ुष इतना बड़ा कैसे नाग के जैसे फुकर मर रहा था वो मुझ पर. मेरे बिल में घुसने के लिए.
Kajal-me ये क्या सोच रही हु.
ाचा हुआ मोंटी आ गया नहीं तो मुझे फाड् के रख देता.
काजल- कितना बड़ा लैंड हे ुष अगर मेरी छूट में गया तो ये तो छूट hi फाड् देंगे ये में क्या सोच रही हु.
अब इस घर का माहौल ये हो गया था की 3no हवस की आग में झेल रहे थे किसी को छूट होनी थी तो किसी को लैंड कोई छूट में ऊँगली कर रहा था तो कोई मुठ मर रहा था.
काजल- और पता नहीं मेरे मुँह से मोंटी का नाम निकल जाता हे आ मोंटी क्या लैंड हे तेरा.
काजल- में अब लैंड के लिए पागल हो गयी थी.
काजल- आ कोई तो इस छूट की आग संत करो कब तक ऊँगली से काम चलौ. राज के पापा मुझे लैंड होना अब राज बीटा तू hi ला दे किदार से और में रो रही थी.
काजल- क्या मेरे नसीब में सुख नहीं हे क्या आए अस के में ऐसे hi तड़प तड़प के मर जाऊ.
और में ऊँगली की स्पीड बड़ा देती. हु.
में- में भी ीदार आ काजल मेरी जान आ
राज- आ मम्मी तुम्हारी प्यास तो में भुजङ्गा आ आ
अब घर में बस आ आ की आवाजे आ रही थी.
और फिर 3no झाड़ जाते हे अब 3no को ाचा लगता हे.
अब देखते हे काजल को सब से पहले कोण छोड़ता हे राज या मोंटी
या फिर काजल सब से पहले किस से चुदवाती हे राज या मोंटी से.