Fantasy इच्छाधारी देव - Page 15 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 101

नागार्जुन मुस्कराते हुए– तुम गुस्से में बहोत खूबसूरत लगती हो शलाका………..

शलाका – अच्छा , तो क्या मए वैसे खूबसूरत नहीं लगती?

……. कोई अँधा hi होगा जो तुम्हे खूबसूरत न कहे. नागार्जुन ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा.

लेकिन तुम तो आँखों वाले हो फिर भी कभी तारीफ तो नहीं की मेरी शलाका ने भी उसी तरह नागार्जुन की आँखों में देखते हुए कहा.

…. तुम एक राजकुमारी हो, मए तुम्हारे सामने कुछ नहीं भला मए कैसे तुम्हरी तारीफ कर सकता हु?

….आज बोलै है फिर कभी ऐसा मत बोलना नागार्जुन, और मए तुम्हरे लिए कोई राजकुमारी नहीं हु समझे. हम तो अब तक बहोत अचे दोस्त है न? कभी मेने राजकुमारियों वाली कोई हरकत की है क्या? शलाका ने मुँह फूलते हुए कहा.

अच्छा बाबा नहीं करुगा ऐसी बात आगे से. माफ़ कर दो अब मुझे नागार्जुन ने भी कानो को हाथ लगते हुए कहा

ऐसे नहीं तुम्हे तो सजा दूगी मए, माफ़ नहीं करुँगी तुमने ऐसा बोलै कैसे.

….. ok मंजूर है बोलो मेरी सजा क्या है? नागार्जुन ने अब हथियार दाल दिए थे.

कल तुम सिर्फ वो पहनोगे फंक्शन में जो मए कहुगी शलाका ने अधिकार से कहा और मुस्कराने लगी.

ओह्ह गॉड इतनी बड़ी सजा? चलो ठीक है बताओ क्या पहनना है मुझे कल?

शलाका वही राखी अलमारी से एक सूट निकल के नागार्जुन को देती है.

ये लो कल तुम ये पहनोगे.

ये कब लिया तुमने? नागार्जुन सूट को अप्लता पलटा के देखते हुए बोलै

जब मए शॉपिंग करने गयी थी तो तुम्हारे लिए ले लिया था. क्यों की तुम्हे तो शॉपिंग करने की फुर्सत थी नहीं तुम यहाँ जो बिजी हो गए थे अब अपने दोस्तों का इतना ख्याल तो रखना hi पड़ता है न.

….. अरे वाह पर मेरे लिए क्यों लिया तुमने ये मए कुछ भी इंतजाम कर लेता यार?

…..सवाल नहीं बस मैने कहा न कल तुम इसे पहनोगे, तो पहनोगे बात ख़तम. शलाका ने आंखे तरेरते हुए होकुम सुना दिया.

ok , पर तुम क्या पहनोगी कल?

शलाका ने उसी अलमारी से अपना ड्रेस निकल के दिखाया वो भी शामे था मेहरून कलर का ईवनिंग गाउन

ववववव इतस तो बेऔतीफुल्ल बहोत अच्छी लगोगी तुम इसमें

….एक काम करते है मए इसे पहनती हु तुम भी मुझे ये सूट पहन के दिखाओ शलाका ने चहकते हुए कहा

क्या अभी? अरे रहने दो न कल पहनूंगा तो देख लेना. नागार्जुन टालने लगा

……नहीं मए चाहती हु के तुम्हे इस सूट में सबसे पहले मए hi देखु. जो कल पॉसिबल नहीं होगा. आखिर मैने खरीदा है तुम्हरे लिए इतना हक़ तो बनता है. और मए ये भी चाहती हु के मेरी इस ड्रेस में सबसे पहले तुम मुझे देखो. चलो चेंज कर लेते है और नयी ड्रेस पहन के देखते है.

तो क्या इसे तुम मेरे सामने यही पहनोगी? नागार्जुन ने शलाका को छेड़ते हुए कहा. और मुस्कराने लगा.

शलाका नागार्जुन की आँखों में देखते हुई……… क्या तुम ऐसा चाहते हो?

……………………….. नागार्जुन सिर्फ शलाका की आँखों में देखता रहता है कुछ कह नहीं पता.

…….फ़िलहाल तो मए इसे बाथरूम में पहनती हु तुम यही चेंज करो बाद में सोच के बताना फिर कभी. क्यों की नई ड्रेसेस तो आती रहेगी न.

इतना कह कर शलाका वो ड्रेस लेती है और बाथरूम में घुस जाती है और नागार्जुन उसे जाते देखता रहता है. फिर वो भी अपने कपडे उतर के शलाका का दिया हुआ सूट पहन लेता है. एक डैम ग्रूम सूट था. मेहरून क्लोलोर का पेण्ट, ब्लेजर, शामे कलर की साटन की शर्ट और टाई, सब कुछ पहन लेने के बाद वो शूज भी पहन लेता है और शलाका का वेट करता है. थोड़ी hi देर में शलाका बहार आती है वो बेहद खूबसूरत लग रही थी उस ईवनिंग गाउन में.

नागार्जुन तो आंखे फाडे शलाका को देखता रह जाता है जिसमे से उसके उन्नत उरोज भी कुछ दिख रहे थे. और उन दिलकश उरोजों की गहरी घाटी भी. एक डैम तने हुए उरोज. पीछे उसकी गांड एक डैम उभरी हुई. पतली कमर और लम्बे घने काळा बाल जो खुले हुए थे .

शलाका - ऐसे क्या देख रहे हो कैसी लग रही हु मए इस ड्रेस में?

न – अवेसमे यार….. यू अरे सो मच हॉट . बहोत खूबसूरत लग रही हो. कल खुद को बचा कर रखना कही किसी की नजर न लगे तुम्हे.

स – तुम हो न मुझे सबकी नजर से बचा के रखना .

न – जरूर, अब ये बताओ मेरा ड्रेस कैसा लग रहा है?

स – तुम तो दूल्हे लग रहे हो इस ड्रेस में. देखना कही कल hi तुमसे कोई शादी के लिए न कह दे.

न – जिसे कहना है जब वो कहेगी तब hi मए शादी करुगा. यु किसी के भी कहने से नहीं.

स – अच्छा? कौन है वो हमें भी बताओ हम तुम्हारी सिफारिश कर देंगे.

न – बताना hi होता तो इतना समय इंतजार नहीं करता.

स – तो अब मत करो इंतजार उसे कह दो वार्ना कही देर न हो जाये अब समय ज्यादा नहीं बचा .

दोनों एक दूजे की आँखों में hi अपने अपने सवालो के जवाब ढूंढने में लगे हुए थे. लेकिन दोनों में से की भी धुंध नहीं पा रहा था.

न – अब तुम जाओ चेंज कर लो और सो जाओ कल बहोत काम है.

स – हम यही सो जाते है न

न – ठीक है जैसी तुम्हरी मर्जी. यही सो जाओ बीएड पे. मए दूसरे पे सो जाता हु.

फिर दोनों hi चेंज कर लेते है और नागार्जुन एक बार सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बारीकी से नजर मार के सो जाता हैस शलक भी दूसरे बीएड पे लेती हुई थी, नींद तो इन्हे भी नहीं आ रही थी दोनों hi अपने अपने बिस्तर पे करवाते बदलते रहे आखिर आधी रत के बाद जा कर उन्हें भी नींद आयी.

दूसरे दिन सुबह से hi सब तैयार होने में लगे हुए थे निश्चित समय पर सरे मेहमान देवा के बंगले पे आ जाते है जिसमे हवेली से भी सब शामिल थे. उस के बाद तीनो होने वाली दुल्हन आती है फिर पूजा और हवन होता है. इसी सब में दोपहर हो जाती है. तीनो दूल्हे और तीनो दुल्हन बहोत hi शानदार लग रहे थे. फिर तीनो जोड़े एक दूजे को माला पहनते है. फिर आती है अंगूठी पहनने की बरी.

दन – अरे सावित्री देवा और पायल को अँगूठिया दो , और पद्मा बहन आप भी बच्चियों को अँगूठिया दो तो ये रसम भी पूरी हो जाये.

तभी महाराज बीएस - क्षमा चाहते है दीनानाथ जी लेकिन ये सौभाग्य हमें दे. हम बच्चो के लिए अँगूठिया लाये है अगर आप लोगो की इजाजत हो तो ये वाली अँगूठिया hi बच्चे पहनाये एक दूजे को.

दन – अरे भाई साब आपने क्यों तकलीफ की?

सड़ – कमल करते है दन जी भला इसमें तकलीफ कैसी क्या हमारे बच्चे हमसे नगुठिया नहीं ले सकते? अरे भाई ये तो इनकी hi है. इनका हक़ है इन पर. आखिर ये लोग हम से अलग तो नहीं.

दन – बिलकुल सुमंत देव जी जरूर. आपने सही कहा.

और फिर महारज बीएस ने देव को वही हीरो से जड़ी सोने की अंगूठी दी जो पिछली बार उसने पूनम को पहनाई thi.saath hi रूद्र को भी वैसे hi अंगूठी दी और सड़ ने पूनम को पिछली बार वाली अंगूठी दी. साथ hi उन्होंने पायल और नीलम को भी वैसे hi हीरो से जड़ी सोने की अंगूठी दी. तीनो जोड़ो ने एक दूजे को अँगूठिया पहना दी. और तालियों की गड गडाहट के साथ उनकी सगाई सकुशल सम्पन्न हुई.

लेकिन इतनी भरी और इतनी कीमती अँगूठिया सरे गाँव में चर्चा का विषय बन गयी.

दन – महाराज आपने बच्चो को इतनी कीमती अँगूठिया क्यों दी. इसकी क्या जरुरत थी.

बीएस – बच्चो से कीमती भी भला कुछ होता है क्या दन जी? और ऐसा कह कर आप हमें पराया कर रहे है.

दन – मए अपने शब्दों के लिए माफ़ी चाहता हु आपका पूरा हक़ है लेकिन फिर भी ये अँगूठिया तो बहोत ज्यादा कीमती है. आपको यकीन अनहि होगा इस एक अंगूठी की कीमत में ये पूरा गाँव खरीदा जा सकता है.

सड़ – इस अंगूठी से हमारे बच्चो को खुशिया मिल जाये तो हम समझेंगे हमने पूरी दुनिया hi खरीद ली दन जी अब छोड़िये भी इन अंगूठियों की बाते. आइये कुछ खा लेते है बड़ी भूख लग रही है.

फिर ये तीनो यु hi घूमते हुए कुछ खाने लगते है. उधर दोनों महाराणीअ भी लेडीज के साथ बैठी थी और वह भी चर्चा का विषय वही अँगूठिया थी. इसे सरे गाँव की औरते पूनम और नीलम की अँगूठिया देख देख कर ललचा रही थी. क्यों की अँगूठिया बेहद शानदार थी hi. हलाकि पायल को रामु ने एक सोने की अंगूठी hi पहनाई थी. जो की जाहिर है उन अंगूठियों के सामने कुछ नहीं थी. लेकिन पायल को महारानी कौशेय और नीलमणि ने सोने का सेट और दूसरे हीरे जड़ित गहने दिए थे जो की उसे भी खास बना रहे थे. कुल मिला कर तीनो लड़किया इस समय पूरे गाँव वालो की नजरो में अप्सराये लग रही थी. और वो सभी इनके गहनों की और इनकी तारीफे करते नहीं थक रही थी.

उधर……………..
 
आपके इतने प्यार के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद आपका हर कमेंट हमें खुद हमारी पूरी स्टोरी को हमारी hi आँखों के आगे चला रहा है जिससे हमें ये भी पता चल रहा है के कही कुछ छूट तो नहीं गया अगर छूटा है तो उसे फ्यूचर अपडेट में कवर करना होगा. आपका बहोत बहोत धन्यवाद भाई उममीर है आपका साथ यु hi बना रहेगा स्टोरी के अंत तक .

और है आपकी इस बात से हम सहमत है के देव नाम आजकल खूब चल रहा है स्टोरी में लेकिन ये सबकी अपनी चॉइस है. भाई कोई इसी को रोक नहीं सकता वेल हर देव का चाररेक्टर हर स्टोरी में अलग जा रहा है ये सबसे अच्छी बात है.
 
अपडेट - 102

उधर……. जब से चन्नो आयी थी गुरुम उसी में खोया हुआ था. और मौके की तलाश में था की कब उसे अकेले में चन्नो से बात करने का मौका मिले लेकिन सगाई के कामो में उसे फुर्सत hi नहीं मिल रही थी. और जब वो फ्री होता तो चन्नो को दूसरी लेडीज घेर के बैठी मिलती. आखिर सगाई के बाद जब सरे लोग खाना खाने गए तो चन्नो गुरुम को ढूंढने लगी जो कुछ दूरी पर एक पेड़ के नीचे बैठा था आँखे बंद किये हुए. असल में वो आंखे बंद किये हुए भी अपनी शील्ड कवर को hi चेक कर रहा था और बहरी खतरों पे hi नजर लगा के बैठा था जो की उसे दूर तक नजर नहीं आ रहे थे. तभी किसी ने उसे कंधे से पकड़ के हिजलाया तो उसका ध्यान टूटा

गुरुम – हम्म्म कौन? अरे चन्नो तुम, आओ आओ मए तुम्हारा hi इंतजार कर रहा था.

चन्नो - मेरा इंतजार यु आंखे बंद कर के? भला क्यों?

गुरुम – यु hi बस तुमसे बात करने को जी छह रहा था लेकिन तुम्हे तो फुर्सत hi नहीं सुबह से देख रहा हु.

चन्नो – अच्छा जी सुबह से आप मुझे देख रहे थे. देवभाईया को बताऊ क्या?

गुरुम हंस कर – बता दो मए कोई तुम्हे चुरा के थोड़े hi ले जा रहा हु मए तो बस देख रहा था के कब तुम्हे समय मिले और तुमसे बात कर सकू?

चन्नो – ऐसी क्या बात है जिस के लिए परेशां थे आप?

गुरुम – चन्नो आज इन्हे एक बंधन में बांधते हुए देख कर मुझे ये अहसास हुआ की ये बंधन हर किसी के लिए कितने जरुरी होते है इस बंधन के बिना जिंदगी अधूरी है न

चन्नो – आप सही बोल रहे है गुरुम, लेकिन जरुरी नहीं की हर किसी को एक ऐसा जीवन साथी मिले जाये जिस के साथ वो बेफिक्र हो कर अपनी पूरी जिंदगी बिता सके कुछ ऐसे भी अभागे इस दुनिया में होते है जिन्हे उनके जीवन साथी hi मझधार में छोड़ के चले जाते है दुनिया की ठोकरे खाने के लिए .

गुरुम – चन्नो ऐसा क्यों कह रही हो?

चन्नो - छोड़िये गुरुम जी. कुछ और बात कीजिये न

गुरुम – ok तो फिर अब मुझे अपने बारे में बताओ मए आज तुम्हे जानना चाहता हु.

चन्नो – गुरुम जी बात घूम फिर के वापस वही आ गयी , आप मुझे जानने की बात छोड़िये, और ये बताइये अब आपने आगे का क्या सोचा है कुछ करना है जिंदगी में या यही इसी गाँव में बसने का विचार है?

गुरुम - विचार तो दुनिया को मुठी में करने का है पर समझ नहीं आता किस के लिए करू ये सब. कोई है भी तो नहीं मेरा जिस के लिए मए कुछ करू.

चन्नो – फिर तो आपको शादी कर लेनी चाहिए वो भी जल्दी hi.

गुरुम – चन्नो, अभी मैने तुमसे तुम्हारे बारे में जानना चाहा तो तुमने मुझे इस काबिल नहीं समझा के मुझे कुछ खुद के बारे में बता भी सको भला कोई लड़की मुझे अपनी जिंदगी में क्या शामिल करेगी?

चन्नो – ये आप कैसी बाटे कर रहे है गुरुम जी. भला मए हु hi क्या जो आपके सामने भी कड़ी रह सकू? आप काबिल की बात करते है मए तो ये सोच रही हु के मए किसी काबिल नहीं और मेरी जिंदाई की बेकार की बातो से आप बोर हो जायेगे , और फिर मए आपको अपनी बाटे बता के बोर नहीं करना चाहती बस इसीलिए कुछ नहीं कहा लेकिन आप तो खुद अपने आप में बहोत अचे है. आपको पाकर तो किसी भी लड़की की जिंदगी सवार जाएगी. वो तो कोई खुशकिस्मत hi होगी और सबसे बदकिस्मत वो होगी जो आपको इंकार करे.

गुरुम ने अचानक चन्नो का हाथ अपने हाथो में ले लिया

गुरुम – चन्नो मए नहीं जनता तुम क्या हो, कौन हो, और तुमने अब तक कैसी जिंदगी जी है मए कुछ नहीं जनता तुम्हारे बारे में लेकिन फिर भी आज मए बिना कुछ जाने तुमसे तुम्हारा हाथ मांगता हु. अगर तुम मुझे इस काबिल समझो तो ….

चन्नो की आँखों में आंसू आ जाते है– गुरुम जी मैने कहा न अभी के वो कोई बदकिस्मत hi होगी जो आपको इंकार करे. तो देख लीजिये मए hi हु वो बदकिस्मत लड़की. जिस के सामने खुशिया दरवाजा पीट रही है और वो खुशियों के लिए दरवाजा नहीं खोल रही. …. जी है गुरुम जी. मए आपके जज्बातो की इज्जत करती हु लेकिन ये संभव नहीं है. मए आप के प्यार के लायक नहीं हु. मुझे इतनी इज्जत न दीजिये. मए इस काबिल बिलकुल नहीं हु.

गुरुम – चन्नो रो मत. मैने तुम्हे अब तक नहीं जाना सिर्फ मेरे दिल ने तुम्हे चाहा है और मैने तुम्हारे सामने अपने दिल की बात राखी है. मए कोई तुम पर तरस खा कर तुम्हे अपनाना नहीं चाहता और न hi मुझे कुछ भी जानना है तुम्हारे बारे में. बस तुम मेरा हाथ थम लो. मुझे और कुछ नहीं चाहिए.

गुरुम अपना हाथ आगे किये बैठा था लेकिन चन्नो सिर्फ रोये जा रही थी. और तभी वो एक डैम से उठी और पलट के आगे बढ़ गयी गुरुम की नजरे जमीन की तरफ hi थी और उसकी आँखों से भी दो बूँद आंसू टपक पड़े. तभी

देवा – ये क्या हो रहा है भाई दोनों hi रो रहे हो मेरी सगाई में. मुझे सगाई नहीं करनी चाहिए थी क्या ? क्यों गुरुम क्या कहते हो?

गुरुम – अरे देवा भाई कैसी बाते करते हो आप. भला मेरी पूनम भाभी जैसा कोई है क्या पूरे ब्रम्हांड में. आप दोनों तो हो hi एक दूजे के लिए. तो आप लोगो के रिश्ते पे मए क्यों रोग. मए तो बस यु hi.

देवा चन्नो को कंधे से पकड़ के गुरुम के पास आता है.

देवा – मैने सब सुन लिया है, चन्नो तुम बेकार में चिंता कर रही हो. भगवन एक दरवाजा बंद करता है तो दूसरा उससे भी बेहतर दरवाजा खोलता है गुरुम का हाथ थम के तुम जिंदगी की साडी खुशिया पाओगी ये एक भाई का वादा है. जाओ और गुरुम का हाथ थम लो खुश रहो बीटा. इतना कह कर देवा चन्नो का हाथ गुरुम के हाथ में दे देता है. और चन्नो के सर पे हाथ फिर देता है.

देवा – मेरी बहन का ख्याल रखना गुरुम. अब मए चलता हु तुम दोनों की वजह से अपनी होने वाली दुल्हन को अकेला छोड़ के आना पड़ा मुझे. अब तुम लोग बैठ कर बाटे करो मए चलता हु.

इतना कह कर देवा जाने लगता है तो गुरुम आगे बाद के देवा के गले लग जाता है और चन्नो भी देवा के गले लग जाती है और रोने लगती है.

गुरुम – थैंक यू भाई थैंक यू वैरी मच आपके कितने अहसान हो गए मुझ पर. जिस तरह भगवन सिर्फ देता hi है बिना किसी स्वार्थ के उसी तरह आप भी मुझे बस दिए जा रहे हो पहले एक अच्छी जिंदगी, फिर अपनी दोस्ती और भाई जैसा प्यार, फिर इतना अच्छा परिवार और अब चन्नो के रूप में आपने मुझे मेरी साँसे दे दी जीने का सही मक़सद दे दिया.

देवा – चल बे इमोशनल मत हो. कुछ नहीं किया मैने. चलो थोड़ी देर के बाद अंदर आ जाना मए चलता हु.

फिर देवा अंदर चला जाता है. और गुरुम चन्नो का चेहरा उठा के ऊपर करता है और उसके गलो पे बहते आंसू अपने होठो से चूस लेता है. और तभी चन्नो गुरुम के गले से लग जाती है और रोने लगती है.

गुरुम भी उसकी पीठ सहलाते हुए – अरे अब क्यों रो रही हो अब तो तृम्हारे भाई ने hi तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में दिया है न. अब तो तुम्हे कोई एतराज नहीं न.

चन्नो के होठो पे मुस्कान आ जाती है. वो गार्डन हिला कर न में इशारा करती है.

चन्नो – गुरुम भाई ने मेरा हाथ आपके हाथ में दे तो दिया है और मए भी भाई की बहोत इज्जत करती हु मए उनके फैसले को इंकार नहीं कर सकती लेकिन मए चाहती हु के आप अब मेरे बारे में सब जान लो और फिर फैसला करो के क्या आप मुझे अपनी जीवन साथी बनाना चाहोगे या नहीं. क्यों के सब जानने के बाद अगर आप चाहो तो मुझे अभी छोड़ सकते हो मुझे बुरा नहीं लगेगा. और मए देवा भैया को भी समझा दूगी उनके मन में आप के लिए कोई बुराई नहीं आएगी. आखिर ये आपकी पूरी जिंदगी का सवाल है किसी दबाव में शादी जैसे मामलो के फैसले कर लेना उचित नहीं .

गुरुम – तो शुरू करो कह दो जो कहना चाहती हो. मए सुन रहा हु.
 
अपडेट - 103

गुरुम – तो शुरू करो कह दो जो कहना चाहती हो. मए सुन रहा हु.

चन्नो दूर तक शून्य में देखती हुई – बात तब की है जब मए पास के गाँव में रहती थी मेरे पिता जी एक गरीब किसान है. हमारे पास अपने खेत तो नहीं थे इसीलिए वो दुसरो के खेतो में मजदूरी hi करते थे. तभी एक दिन उनके hi साथ काम करने वाले उनके दोस्त ने अपने बेटे हरिया के लिए मेरा हाथ मांग लिया. जो की यहाँ ठाकुर के खेतो में काम करता है. उन्हें कोई दहेज़ भी नहीं चाहिए था बस उन्हें मए पसंद आ गयी थी तो वो मेरी शादी अपने बेटे से करा देना चाहते थे. मेरे बाबू जी भी गरीबी से तंग आ चुके थे. ऐसे में बेटी बिना दहेज़ के कोई मांग रहा था. तो वो इंकार नहीं कर पाए और मेरी मर्जी के बिना या यु कह लो के मुझसे पूछे बिना hi मेरी शादी हरिया से करवा दी. हरिया की शर्त थी के जिस दिन शादी होगी उसी दिन वो यहाँ वापस आ जायेगा. क्यों की वो वह अपने माँ बाप के घर में नहीं रहना चाहता था.

सब ने ये बात मन ली और हमारी शादी हो गयी विदाई जैसे hi हुई हरिया मुझे अपने साथ यहाँ ले आया मए शादी के जोड़े में hi यहाँ आ गयी. न वह उसके माँ बाप के घर में कोई गृह प्रवेश हुआ न कोई सुहागरात बस सीधे यहाँ आ गए हम लोग . और किस्मत देखो यहाँ आते hi. हरिया ठाकुर से आशीर्वाद लेने मुझे हवेली ले गया दुल्हन के जोड़े में सिमटी सिकुड़ी मए ने ठाकुर के पैर छुए तो उसने मुझे उठाया और

ठाकुर - वाह हरिया तेरी लुगाई तो बेहद खूबसूरत है रे. तेरी तो किस्मत hi खुल गयी ऐसी चाँद सी लुगाई कहा सब के नसीब में होती है. अब तो तू इस चाँद की चांदनी में दिन रत डूबा hi रहेगा.

हरिया दांत निपोरते हुए – hi hi hi नहीं मालिक ऐसी भी क्या बात है हम तो आपके गुलाम है आप के वफादार है भला आप को भुला के हम कैसे जी पाएंगे.

ठाकुर - ठीक बात हरिया हम भी देखेंगे टुक़ितना बड़ा वफादार आहे हमारा. अभी तो जाओ तुम लोग अपने घर और है ये लेते जाओ हमारी तरफ से तेरी लुगाई की मुँह दिखाई.

ठाकुर ने अपने कुर्ते की जेब से 100 -100 के 8-10 नॉट निकल के मेरे गाल पे घुमाये और हरिया को दे दिए. फिर थोड़ी देर के बाद हम घर आ गए. ठाकुर ने हमारा कमरा फूलो से सजवाया ये कह कर की आज सुहागरात है तो उसका इंतजाम ठाकुर की तरफ से होगा. मए कमरे में फूलो की सेज पे बैठी अपने पति का इंतजार कर रही थी और अपने आने वाली जिंदगी के रंगीन सपने देख रही थी के तभी बहार दरवाजा खटखटाया गया मए उठकर गयी तो बहार ठाकुर का आदमी खड़ा था उसने भी भूखी नजरो से मुझे घुरा और फिर कहा के पास के गाँव में जहा ठाकुर के खेत है वह चोरी हुई है ठाकुर साब के कुछ आदमी भी मरे गए है उन चोरो के हाथो. तो कोई 10 लोगो को ठाकुर ने भेजा है वह . इसीलिए तुम्हारा पति आज नहीं आएगा, सो जाओ. क्यों की तुम्हरा पति भी वही गया है. मामले को देखने.

मेरा मूड तो बहोत ख़राब हुआ लेकिन मए कर भी क्या सकती थी. शादी के बाद पहली रात और मए फूलो की सेज पर अकेली लेती हुई थी. ऐसे hi हफ्ता भर बीत गया लेकिन मेरा पति नहीं आया बस उससे फ़ोन पे बात होती रहती थी. के ठाकुर से बात हो गयी है बस आज आउगा, कल आउगा लेकिन वो नहीं आ पाया. इधर एक रात कोई 9 बजे मुझे हवेली से hi एक नौकरानी बुलाने आयी और अपने साथ मुझे हवेली ले गयी. और ठाकुर के कमरे में छोड़ के चली गयी. जहा ठाकुर फुल नशे में सिर्फ एक धोती पहने अपने पलंग पे लेता था उसके हाथ में तब भी दारू का गिलास था.

फ्लैशबैक

ठाकुर – आ गयी तू…… चल आ और आकर मेरे साथ इस बिस्तर पे लेट जा. आज तुझे जन्नत दिखता हु मए, और तेरी नाजुक सी जन्नत को देखता हु मए बहोत इंतजार करवाया है तूने जालिम, तुझे पाने के लिए मैने क्या कुछ नहीं किया. अपने गांव में खुद hi मैने अपने दो आदमी मरवा दिए ये दिखने के लिए की वह चोरी हुई है. और हमारे आदमी भी मरे है तब जाकर तेरा वो साला कुत्ता पति यहाँ से गया. अब भी रोज hi आने को बोलता है क्यों की वो भी तुझे छोड़ के तेरी सील तोडना चाहता है तुझे छोड़ने के लिए वो भी मारा जा रहा है और मरे भी क्यों नहीं तू है भी तो इतना कड़क माल. लेकिन मए तुझे चोदे बिना, तेरी सील तोड़े बिना उसे कैसे आने दू? तेरी कुवारी छूट छोड़ने के लिए hi तो हिछ…. मैने उसे यहाँ से भगाया था न. चल आजा उतर कपडे और लेट जा मेरे बिस्तर पे आज रत तेरी जवानी की शराब पीयुगा और लगातार पियुगा फिर 2-4 दिन बाद तेरे पति को बुला दुगा तू उससे अपनी चूड़ी हुई छूट मरवाती रहना मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी. पर तेरा उद्घाटन तो मए hi करुगा. और साथ hi तू मेरी रखैल भी बनेगी आज से बल्कि अभी से. तेरा पति hi तुझे छोड़ सकता है मेरे आलावा क्यों की वो तुझे ब्याह के लाया है. तू पत्नी उसकी रहेगी लेकिन रखैल मेरी.

चन्नो – नहीं मालिक आप तो हमारे भगवन है हमारी इज्जत ख़राब मत कीजिये हमें जाने दीजिये. हम क्या मुँह दिखाएंगे अपने पति को हम आपसे हाथ जोड़ते है.

ठाकुर – साली चैनल रो तो ऐसे रही है जैसे अब तक सचमुच कुवारी hi होगी? पता नहीं शादी से पाहे तेरी इस जवानी का रास कितनो ने पिया होगा. तेरे ये बड़े बड़े चुके क्या अपने आप इतने बड़े हो गए और तेरी या गांड उफ्फफ्फ्फ़ हाय क्या गांड है तेरी ये भी क्या अपने आप hi इतनी बड़ी हो गयी पता नहीं कितनो ने निचोड़ा होगा इन्हे, तेरे तो कई सरे यार रहे होंगे न.

चन्नो – नहीं मालिक हम पर कोई डेग नहीं है. मए गरीब बाप की बेटी हु मेरे लिए इज्जत hi सबकुछ है.

ठाकुर – ये बता के तो तूने मुझे खुश कर दिया चल उतर अपनी साड़ी वैसे भी तेरे पति को बोल चूका हु मए के अब तू मेरी रखैल बन कर रहेगी. वो हरामी तुझे कुछ नहीं कहेगा. और अगर तुझे छोड़े तो बता देना मए उसकी गांड में गोली मर दुगा. वो तुझे रखेगा भी बीवी बना के और तुझे छोड़ेगा भी बच्चे भी देगा. बस मुझे खुश कर दे इधर आ साली रंडी.

चन्नो गिड़गिड़ाते हुए – नहीं मालिक मुझ पर रहम कीजिये.

ठाकुर देख साली तूने अगर अभी के अभी पूरे कपडे नहीं उतरे तो मए अपने आदमी को फ़ोन लगा के बोल दुगा वो तेरे पति को गोली मर देंगे वह. और यहाँ तो मए तुझे छोड़ूगा hi. फिर तेरा क्या होगा? पुलिस मेरा घंटा कुछ नहीं उखाड़ेगी न कोई मंत्री. इसीलिए अच्छा यही है के मेरी बात मन आ जा नंगी हो कर मेरी बहो में. और खुद को अभी से मेरी रखैल मान ले.

चन्नो – नहीं मालिक

ठाकुर ने मोबाइल उठाया.

चन्नो – रहम कीजिये मालिक फ़ोन मत कीजिये मेरे पति की जान मत लीजिये मए…. मए …. उतरती हु.

और चन्नो ने अपनी साड़ी का पल्लू निचे गिरा दिया. उसकी तानी हुई चूचिया ब्लाउज में देख कर ठाकुर की आंखे और ज्यादा लाल होने लगी. और उसने चन्नो पे नजरे गड़ाए हुए hi बोतले उठा के सीधे अपने मुँह से लगा ली और नीट hi पीने लगा जोश में, फिर उसने अपना ब्लाउज भी धीरे धीरे खोल दिया. फिर ब्रा, फिर पेटीकोट और सबसे आखिर में अपनी पेंटी.

ठाकुर – waaaaaaaaaaaahhhh क्या मक्खन चीज है तू. साली रंडी पति से छोड़ने के लिए उसे अपनी कुवारी बुर देने के लिए अपनी बुर को चिकनी भी कर ली sssseeeeeeeeee बाल का नामोनिशान नहीं छोड़ा अपनी बुर पे. आआआअह्ह अब ये मक्खन जैसी रसमलाई सी बुर तो मए hi चखूगा. इधर आ और हमें अपनी बुर दे चखने को आज तो रात भर छुड़ेगी तू मेरे लौड़े से और तेरी इस कमसिन बुर को तो मए छोड़ छोड़ के फाडूगा आज रत भर.

ठाकुर ने झपट्टा मर के चन्नो को पकड़ लिया. और उसे चूमने लगा. और उसकी नंगी चूचिया पकड़ के मसलने लगा फिर अपनी धोती को भी खोल दिया और चन्नो को धक्का देकर बिस्तर पे गिरा दिया चन्नो सिर्फ रोये जा रही थी. उसकी सुहागरात की जगह बलात्कार की रत हो रही थी.

ठाकुर - चल साली कुटिया मेरा लौड़ा चूस जल्दी.

चन्नो – नहीं मालिक ये मुझसे नहीं hoga.mae नहीं करुँगी

तःकुर ने खिंच कर एक थप्पड़ चन्नो के गाल पे मारा साली रंडी कुटिया तेरी इतनी औकात नहीं के तू हमें मन कर सके चल और मेरा लौड़ा चूस के तैयार कर आज इससे तुझे छोड़ के तेरी छूट फाडूगा.

ठाकुर लेट जाता है और चन्नो आगे बाद के ठाकुर के लुंड को पकड़ के अपने मुँह में डालने लगती है उसे उलटी सी आ रहे थी लेकिन मज़बूरी में आँखे बंद कर के वो ठाकुर का लुंड मुँह में भर लेती है और उस पर अपना सर आगे पीछे करने लगती है ठाकुर भी चन्नो का चेहरा पकड़ के तेजी से नशे में चन्नो का मुँह छोड़ने लगता है कोई 1 मिनट hi ठाकुर ने अपनी कमर हिलायी थी के उसकी पिचकारी निकलने लगती है जो सीधा चन्नो के मुँह में जाकर गिरती है ठाकुर चन्नो को छोड़ देता है और बिस्तर पे गिर के बेहोश हो जाता है चन्नो तेजी से कमरे में बने बाथरूम में जाती है और ठाकुर का सारा पानी थूक देती है और 8-10 कुल्ले करती है जब उसका मुँह साफ हो जाता है तो वो डरते हुए बहार आती है. और देखती है के ठाकुर तो बेहोश हो चूका है. उसने एक दो आवाज़े लगायी लेकिन ठाकुर तो उठने वाला था नहीं. चन्नो ने जल्दी जल्दी अपने सरे कपडे पहने और अपना हुलिया ठीक किया. और तेजी से बहार निकल गयी. और अपने कमरे में आकर दरवाजा बंद कर के सो गयी.

प्रेजेंट टाइम............

चन्नो – उस रत के बाद ठाकुर मुझे रोज hi बुलवाता और वही घिनौना काम करने को कहता, लेकिन वो पहले तो मेरे चूसने से hi पास्ट हो जाता था. उसके बाद तो ऐसा हुआ के मए हाथ में लेकर थोड़ा सा हिला कर उसे अपनी सिर्फ अदाओ से hi गिरा देती थी. मेरा नंगा बदन देख के hi ठाकुर उत्तेजित हो जाता था और जब दूसरे दिन बुलवाता तो उसे ऐसा लगता मए उस पे हंस रही हु. तो ठाकुर ने अब अँधेरा करना शुरू किया और मेरे कपडे उतरवा के मुझे फिर चूसने को कहता इससे ठाकुर थोड़ी देर तो टिक जाता लेकिन बिना कुछ किये hi पास्ट हो जाता. फिर ठाकुर ने ताक़त की गोलिया खाई और मुझे वैसे hi करने की कोशिश की लेकिन कामयाब न हुआ आखिर एक दिन ठाकुर ताक़त की गोलिया खाकर सीधा hi मुझ पे चढ़ गया उस दिन उसने मुझे चूसने नहीं दिया शायद वो अपनी मर्दानगी साबित करने पे तुला था. उसदिन उसे कुछ सफलता मिली. उसने अपना हथियार मेरे अंदर डालने की कोशिश की. कोई 1 या आधा इंच उसने डाला भी लेकिन मेरी गर्मी और मेरे कुंवारेपन की कसावट के आगे ढेर हो गया और बिना कुछ किये hi खलास हो गया. अब तो उसे मुझ से ज्यादा खुद पे क्रोध आने लगा पर वो मजबूर था. अपना गुस्सा निकलने के लिए उसने मुझे अपने नौकर भीमा के हवाले किया ताकि वो मेरी इज्जत लूट ले और ठाकुर का गुस्सा कुछ काम हो. लेकिन भीमा मुझे ले जाने के बाद भी मेरे साथ कुछ न कर सका उसकी परमानेंट रखेल उस दिन आ गयी और भीमा ने मुझे जाने दिया ये कह कर की अब तू मेरी दूसरी रखैल है कल तुझे काली से फूल बनाऊगा आज नहीं. मए वापस घर चली आयी. और फिर दूसरे hi दिन आप लोगो ने आ कर सबको ख़तम किया और उस भीमा को तो रूद्र भैया ने मारा था आपके सामने. सब कुछ ख़तम हुआ मेरी जान में जान आयी के अब मए अपने पति से मिल सकुंगी. अब मेरे और मेरे पति के बीच कोई नहीं आ सकता अब हमारा मिलान होगा. और आखिरकार मए सच्ची सुहागन बन पाउगी. उसे मए जब सब कुछ बताऊगी तो उसे भी भगवन के ऊपर और मेरे पत्नीधर्म पर विश्वास हो जायेगा मेरी भी अब खुशाल जिंदगी होगी.

उसे मैने कई बार फ़ोन लगाए ता के मए उसे सब कुछ बता सकू और उसे अपने पास बुला सकू लेकिन न उसे फ़ोन उठाना था न उसने उठाया मेरा फ़ोन.

ऐसे hi एक दिन देवा भैया के फ़ोन से मैने उससे बात की क्यों के मेरा तो no देख कर hi वो फ़ोन काट देता था. अनजान no. जान कर उसने फ़ोन तो उठा लिया लेकिन उसने मेरी ये सब बाटे सुनी hi नहीं ये तक नहीं जाना के मए आज भी कुवारी हु. बस उसने मुझे छोड़ दिया ये कह कर के मए किसी रखैल को अपनी पत्नी नहीं बनाऊगा, मुझे किसी की झूठन मंजूर नहीं. उसने अपनी दूसरी शादी की बात भी मुझे कही. और देवा भैया ने ये सब जान कर मुझे अपनी बहन बना लिया और हवेली में रहने को बोलै.

मैने अपने माँ बाप से मिलने की भी कोशिश की उनसे बात की लेकिन वो ठहरे गरीब मेरी शादी तो उनके लिए मुक्ति hi थी फिर से मुझे अपने घर में रखना उन्हें भी मंजूर नहीं था मए एक तरह से लावारिस hi हो गयी. माँ बाप होते हुए भी नहीं रहे पति ने मुझे बिना कसूर की सजा दे दी और छोड़ दिया, तो ऐसे में उसके माँ बाप से कोई उम्मीद रखना hi बेवकूफी होती इसीलिए मैने खुद को भाग्य के भरोसे छोड़ दिया मए तो कब की जान दे देती लेकिन एक बार हरिया से मिल कर उसे सच्चाई बताना चाहती थी. पर सब जान्ने के बाद भी उसका जवाब मुझे इंकार में hi मिला मए उसके लायक नहीं रही. मए अब जिन्दा हु तो बस देवा भैया के लिए. उन्होंने hi मुझे सहारा दिया है.

उस दिन जब हम लोगो को रस्ते में हरिया मिला और मैने और ठकुराइन ने उसे सब बताया तब जाकर मेरा क्रोध उस पर से शांत हुआ. और तभी मए या जान पायी के उसकी दूसरी शादी अभी हुई नहीं बल्कि होने वाली है लेकिन किस्मत देखो उसे वो भी नहीं मिली उस लड़की ने hi मुझे बताया के अब वो इस हरिया से शादी नहीं करेगी. पर मए अपनी किस्मत को कोसती hi रही की पता नहीं मेरी किस्मत में क्या है देवा भैया तो मेरे लिए भगवन बन के आये मेरी जिंदगी में वार्ना शायद मए अब तक अपनी जान दे चुकी होती. उन्होंने hi मुझे संभाला भी और बचाया भी दुनिया की ठोकरों से और आज मेरे उसी भगवन ने मेरा हाथ तुम्हारे हाथ में दिया है.

ये थी मेरी कहानी गुरुम इसीलिए मए आपसे दूर जा रही थी. मए अभागन हु जिसने भी मुझे पाने की कोशिश की मए उसकी नहीं हो पायी. बल्कि उस पर मुसीबते hi आयी मए आपको मुसीबत में नहीं डालना चाहती थी. अब भी मए यही कहुगी के देवा भैया से मए बात कर लगी. लेकिन आप मुझे पाने की बात भूल जाइये. मए हाथ जोड़ती हु.

चन्नो की आँखे रो रो कर लाल हो चुकी थी. उसने नजर उठा कर गुरुम को देखा जो उसकी तारा पीठ फेरे खड़ा था उससे दूर……………………
 
अपडेट – 104

गुरुम ने चन्नो को पलट कर देखा उसकी भी आँखे इस वक़्त नाम थी. वो तेजी से आगे बढ़ा और चन्नो को खिंच कर अपने सीने से लगा लिया.

गुरुम – बस चन्नो बस अब कभी मत रोना. जितना तुमको रोना था तुम रो चुकी अब इन आँखों में कभी आंसू मत लाना मेरे जीते जी. और ये तो बहोत अच्छा हुआ के मैने तुमसे शादी की बात और अपने प्यार की बात पहले कर दी बिना तुम्हारी कहानी जाने. वार्ना शायद तुम्हे ये लगता के तुम्हे अपनाकर मए तुम पर कोई अहसान कर रहा हु. मुझे भगवन ने बचा लिया इस कलंक से तुम्हारे इस शक से. पर चन्नो मेरा प्यार सिर्फ तुम्हारे इस जिस्म से नहीं है. मए तुम्हे दिल से चाहता हु. और जिंदगी भर चाहुगा. मुझे तुम्हरे अतीत से कोई फरक नहीं पड़ता. बल्कि मेरी नजरो में तुम्हरी इज्जत बाद गयी है मेरी जान.

आज से तुम न तो लावारिस हो न hi अकेली. आज से मए हु तुम्हारा , अब दुःख की हलकी सी गरम हवा भी ये गुरुम तुम तक नहीं आने देगा. तुम पर आँख उठाने से पहले हर कुत्ते को पहले मुझसे टकराना पड़ेगा. और तुम्हरा गुरुम आज वो ताक़त है. के उससे कोई माई का लाल टकरा नहीं सकता. पूरी सेना पे अकेला भरी पद सकता हु मए. और ये सब भी देवा भैया की वजह से hi हुआ है. अब तुम शांत हो जाओ और चलो अंदर आज हम दोनों साथ में खाना खायेगे.

चन्नो गुरुम की छाती से लिपट जाती है और गुरुम भी उसे अपने सीने से लगा लेता है. फिर उसके गाल पे एक किश कर के गुरुम चन्नो का हाथ पकड़ के अंदर हॉल में ले आता है जहा सब लोग बैठे थे.

जैसे hi दोनों अंदर आते है सब उन्हें देख कर चौंक जाते है क्यों के अभी भी गुरुम और चन्नो के हाथ मिले हुए थे.

सब एक डैम शांत हो के दोनों को देखने लगते है. तो चन्नो अपनी नजरे नीचे कर लेती है. और गुरुम का हाथ छोड़ देती है .

तभी देवा उठ खड़ा होता है. अब सभी देवा को देख रहे थे के ये क्या करता है किसी को ये नहीं मालूम था के ये दोनों हाथ देवा ने hi मिलवाये है.

देवा उठ कर जोर जोर से ताली बजने लगता है और मुस्कराने लगता है. ये देख कर सभी खुश हो जाते है और सभी तालिया बजा के गुरुम और चन्नो का स्वागत करते है. अब शर्माने की बरी चन्नो की थी, तभी पूनम उठकर चन्नो के पास जाती है तो चन्नो पूनम के गले लग के शर्माने लगती है.

पूनम – अरे मेरी ननद रानी तो शर्माने लगी. अरे भाई पहले बता दिया होता तो आज hi तुम दोनों की सगाई भी हो जाती. क्यों गुरुम?

गुरुम – वो भाभी हम तो बस यु hi..

पूनम – यु hi मतलब? शादी नहीं करनी क्या चन्नो से?

गुरुम – अरे भाभी कैसी बात करती हो आप, आप कहे तो अभी कर लू शादी मेरा वो मतलब नहीं था.



गुरुम की बात सुन कर फिर से सब हसने लगते है.

देवा – ओफ्फो पूनम अब बस भी करो. परेशां मत करो इस नए जोड़े को.

रूद्र के पिता जी – भाई मौका भी है और दस्तूर भी सरे मेहमान भी है और हम लोग भी रूद्र और नीलम बहु के लिए अँगूठिया लाये थे जो की वैसी hi राखी रह गयी क्यों के दोनों महाराज ने hi बच्चो को अँगूठिया दे दी तो क्यों न जो अँगूठिया हम लाये है उनका सदुपयोग किया जाये?

देवा – हम कुछ समझे नहीं चाचा जी?

रप –अरे देवा बीटा मेरे कहने का मतलब है के क्यों न गुरुम और चन्नो की भी सगाई कर दी जाये सरे बड़े तो है hi और अँगूठिया भी है hi हमारे पास क्यों गुरुम क्या विचार है सगाई करोगे चन्नो से?

गुरुम चन्नो को देखते हुए – इससे बड़ा सौभाग्य मेरे लिए और क्या हो सकता है चाचा जी. मए तैयार हु. अगर चन्नो चाहे तो?

चन्नो भी शर्मा गयी लेकिन कुछ कह नहीं पायी.

माला – अरे गुरुम बीटा जो लड़की सबके सामने तुम्हारा हाथ पकड़ के आ सकती है. और अभी शर्मा रही है उसका मतलब है hi होता है. चलो एक दूजे को अंगूठी पहना दो और बांध जाओ तुम लोग भी एक प्यार के बंधन में.

फिर उन दोनों को भी अँगूठिया दी जाती है जो की धरती के हिसाब से बहोत ज्यादा कीमती थी. गुरुम भी चन्नो का हाथ पकड़ के उसकी ऊँगली में अंगूठी पहना देता है उस के बाद चन्नो भी गुरुम को अंगूठी पहना देती है . पूरा हॉल फिर से तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठता है. सरे लोग खुश थे.

देवा – भाई ये तो कमल hi हो गया न कहा तो हम सिर्फ तीन सगैया करने वाले थे लेकिन देखो इनकी भी हो गई. अब इस घर में एक ख़ुशी और बढ़ गयी है साथ hi भूख भी चलो पहले खाना खा लिया जाये.

फिर सरे लोग नए जोड़े एक साथ बैठ जाते है बाकि लोगो के साथ. और खाना कहते है. उसके बाद नाच गण छेड़ छड़ चालू हो जाती है.

इसी तरह ये दिन बीत जाता है और रत को भी सब लोग खाना पीना कर के सो जाते है. दूसरे दिन सुबह

बीएस – दीनानाथ जी हम लोगो को इजाजत दीजिये अब हमें जाना होगा.

दन – अरे भाई साब ऐसी भी क्या जल्दी है ये आपका hi घर है. कुछ दिन रुकिए हमारे साथ भी.

सड़ – रुक तो जाते दन जी लेकिन हमारे वह के काम भी रुके हुए है तो इसीलिए आपसे आज्ञा चाहते है.

दन – ठीक है अगर आप जाना चाहे तो हम आपको मजबूर नहीं करेंगे लेकिन अभी नहीं आप दिन में जाइएगा खाना खा कर. चलिए आइये हम आप लोगो को आपके बेटे देवा का खेत और बैग दिखते है. औरतो को भी बुला लीजिये सब साथ में चलते है वो लोग भी तो देखे अपने बेटे देवा के खेत और बैग.

फिर महारानी कौशल्या और नीलमणि साथ hi savitri,diya, रूद्र की और नीलम की माँ भी आ जाती है. उसके बाद सरे गेट्स और लेडीज घूमने निकल जाते है.

इधर घर में इस वक़्त देवा , पूनम, नीलम, रूद्र, गुरुम , चन्नो, शलाका, नागार्जुन hi थे. पायल तो देवकी और रामु के साथ पद्मा के घर पे थी और बाकि के मेहमान देवा के पुराणे घर में.

देवा - आप सब लोग जरा मेरे पास आइये मुझे बात करनी है कुछ. देवा की पूरी गैंग उसके पास आ जाती है. और सब लोग हल में सोफे पे बैठ जाते है.

देवा – देखो मए अभी जो कुछ भी कह रहा हु बहोत सोच समझ के कह रहा हु. हम सब एक दूजे से अच्छी तरह वाकिफ है लेकिन हमारे ग्रुप में नयी एंट्री हुई है चन्नो की. और मए चाहता हु गुरुम की इसे साडी सच्चाई बताई जाये जो की बेहद जरुरी है भविष्य के लिए. और ये सही मौका है.

गुरुम – भाई आप जो कहेगे सोच समझ के hi कहेगे मुझे कोई एतराज नहीं है.

चन्नो – ऐसी क्या बात है भैया जो मए नहीं जानती ?

देवा – बहोत कुछ ऐसा है जो तुम नहीं जानती मेरे बारे में हम सब के बारे में यहाँ तक की गुरुम के बारे में भी.

चन्नो थोड़ा परेशां होते हुए – ऐसी क्या बात है. बताइये न मुझे भी . मेरा मन घबरा रहा है.

देवा – भाई के होते घबराहट तो तुझे होनी hi नहीं चाहिए और फिर अब तो गुरुम जैसा जीवन साथी तेरे साथ है. फिर भी हमारी सच्चाई सुनो……………………………………….

उसके बाद देवा चन्नो को सब शुरू से बता देता है. अपने बारे में रूद्र , नीलम, पूनम शलाका, नागार्जुन के बारे में. सब जान कर चन्नो की आँखे हैरत से बड़ी हो गयी थी. और बाकि सब उसकी हैरानी देख कर मुस्करा रहे थे.

चन्नो – इसका मतलब मेरा भैया सचमुच का राजा भैया hae?aur मेरी पूनम भाभी तो सच मच की राजकुमारी है वो भी इस धरती की नहीं तिलिस्म नगरी की. आआआआआह.

देवा मुस्करा के - है मेरी बहना मए सचमुच का राजकुमार हु . राजा तो मेरे पिताजी है न महाराज भैरव सिंह जी

ये दोनों आपके रियल में माता पिता है और पूनम भाभी के भी?

देवा - है लेकिन क्यों की घरवाले सब समझ नहीं पते इसीलिए उन्हें अभी कुछ नहीं बताया पर वक़्त आने पे उन्हें भी सब बता देंगे हम . अब एक और बात सुनो.

चन्नो - अब भी कुछ बचा है क्या कितने सरप्राइज डोज भैया?

देवा – अरे अभी गुरुम के बारे में जानना तो बाकि है न?

चन्नो – लेकिन गुरुम ने तो अपने बारे में मुझे सब बता hi दिया है न.

देवा – है उसने बताया है लेकिन सब नहीं बताया. उसने तुम्हे अपनी पूरी जिंदगी की सच्चाई बताइय है. पर मुझसे मिलने के बाद क्या हुआ ये नहीं बताया है न अभी.

चन्नो – उसके बाद क्या हुआ भैया?

देवा – गुरुम को अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए मुझे उसे भी अपने जैसा बनाना था इसीलिए मैने फ़कीर बाबा से इजाजत लेकर उसे भी अपनी शक्तिया दे दी है. और अब वो एक असाधारण इंसाने बन चूका है. हमारे जितनी तो नहीं लेकिन है उसमे भी बहोत जयादा पावर्स है. जिनका मुकाबला इस धरती पे तो कोई आम इंसाने नहीं कर सकता. इस धरती के लिए तो ये ऐसा है के बड़ी से बड़ी मिलिट्री भी इसके सामने कुछ नहीं. हे इस ा ओने मन आर्मी नाउ.

चन्नो हैरत से कभी देवा को तो कभी गुरुम को देख रही थी फिर अचानक. वो उठी और देवा के पैरो पे गिर पड़ी.

देवा – अरे ये क्या कर रही है पगली?

चन्नो – देवा भैया आप भगवन है. और अपने भगवन के पैर छूना हर किसी के भाग्य में नहीं होता मुझे ये सौभाग्य मिला है इसे मुझसे मत छीनिये .

देवा – नहीं बीटा मए कोई भगवन नहीं हु. और अगर यहाँ तेरा कोई भगवन है तो वो गुरुम hi है क्यों की पति hi परमेश्वर होता है न. उस हिसाब से. हलाकि ये अभी पति बना नहीं लेकिन बनने वाला तो है न.

देवा की ये बात सुन के सभी हंस पड़ते है. और चन्नो पलट के गुरुम के गले लग जाती है.

पूनम – चलो बस करो अभी रोमांस का टाइम नहीं है और चन्नो यहाँ तेरे भाई भाभी भी बैठे है. इमोशंस को कण्ट्रोल कर. ऐसी भी क्या बेताबी है बन्नो

चन्नो शर्मा के – सॉरी भाभी.

देवा – कोई बात नहीं , अब गुरुम तुम सुनो……….
 
अपडेट – 105

देवा – कोई बात नहीं , अब गुरुम तुम सुनो……….

…………चन्नो को लेकर हवेली चलो और वह उसे अपनी पावर्स तुम आज hi दे दो. उस के बाद इसे जब नींद आये तो सुला देना कल तक ये पूरी पावर्स को सहेज लेगी अपने अंदर और फिट हो जाएगी. और ये भी हमारी टीम का हिस्सा बन जाएगी. उसके बाद तुम्हे इसे एक निंजा भी बनाना है क्यों के अब ये तुम्हारे साथ हर कदम पे रहेगी. लेकिन जब तक ये तुम्हारे हिसाब से एक परफेक्ट निंजा न बन जाये. इसे कही लेकर मत जाना किसी मिशन में. वार्ना ये उलझा देगी तुझे. इसे निंजा ट्रेनिंग देने के लिए तुम्हे किसी बहार वाले की मदद लेने की जरुरत नहीं पड़ने वाली तुम खुद hi अपनी शक्तियों के डैम पे ये कर सकते हो ये तो तुम जानते hi हो. इसे एक बेहद खतरनाक निंजा बनाना है तुम्हे. और इस पावर ट्रांसफर का सबसे अहम् रूल तो तुम्हे याद hi होगा न?

गुरुम गर्दन झुका के डरते हुए - जी..... जी... भाई m..m...mujhe यद् है वो रूल

चन्नो - ऐसा क्या रूल है जिससे गुरुम इतना घबरा रहा है भैया?

देवा - है जानना तो तुम्हारे लिए भी जरूरी hi है. तो रूल ये है के यदि शक्तिया मिलने के बाद तुमने उन शक्तियों का कोई गलत इस्तेमाल किया जिससे इंसानियत को खतरा पैदा होने का दर हो तो जो तुम्हे शक्तिया देगा उसे hi तुम्हे समाप्त करना होगा अपने हाथो से . और यदि वो ऐसा नहीं कर पाया तो उसी समय उसकी साडी शक्तिया उसका साथ छोड़ देगी और फिर तुम दोनों को मए अपने हाथो से समाप्त कर दुगा. यही रूल है.

चन्नो मुस्कराते हुए - बहोत सही ru;e है ये तो . और गुरुम आप क्यों दर रहे हो? पहली बात तो मए कभी कोई गलत कदम नहीं उठाउंगी और अगर मैने आपका और भैया का भरोसा तोडा दिल तोडा और इंसानियत के लिए कोई खतरा बानी तब तो मुझे वैसे भी जीने का हक़ नहीं होगा न आप बेझिझक मुझे मार डालना लेकिन मेरे भैया का साथ मत छोड़ना. और भैया मए आपसे भी वादा करती हु के मए भले hi आपकी सगी बहन नहीं हु लेकिन आपको भैया कहा है तो उस बात का मान रखूगी ये शक्तिया मिलने के बाद अपनी जान दे दूगी लेकिन कोई ऐसा काम नहीं करुँगी जो इंसानियत, या आपके उसूलो के खिलाफ हो आप निश्चिंत रहिये.

देवा - मए जनता हु मेरी बहन अगर मए नहीं जनता तो मए गुरुम को तुम्हे शक्तिया देने के लिए कभी नहीं कहता. अब तुम इसे तब तक परेशां मत करना जब तक तुम ट्रेंनेड नहीं हो जाती पूरी तरह से. चलो गुरुम हवेली चलना है अब

गुरुम - ठीक है देवा, चन्नो तू भी ध्यान से सुन ले कोई जिद मत करना मेरे साथ वार्ना देवा को बोल दुगा मए.

चन्नो - मैने कब जिद की है जी आपसे?

गुरुम – की नहीं लेकिन अगर मए कही गया तो मेरे पीछे मत आ जाना के मिशन पे मए भी चलुगी. जब तक मए न चहु तुम नहीं चलोगी कही भी मिशन पे ok?

चन्नो – ok.

देवा – ok गाइस हम लोग आते है. आप सब यही आराम कीजिये. फिर आगे का प्लान करते है.

फिर देवा , गुरुम और चन्नो हवेली की तरफ निकल जाते है. और बाकि बचे हुए लोगो में से पूनम और नीलम भी पूनम के घर चले जाते है अब सिर्फ शलाका और नागार्जुन घर पे रह जाते है.

इधर ये लोग हवेली पहुंचते है. तो माला सामने मिल जाती है.

माला – अरे देवा तुम लोग यहाँ अचानक कैसे ?

देवा – बस चन्नो को छोड़ने आये थे.

माला - ok बैठो मए अभी आती हु.

फिर माला उठकर अंदर चली जाती है. और देवा के कहने पे गुरुम और चन्नो अंदर चन्नो के कमरे में चले जाते है. थोड़ी देर के बाद माला आती है वापस. और उसके पीछे पीछे एक नौकर हाथ में जूस की ट्रे ले कर आता है. और वही टेबल पे रख देता है.

माला - अरे वो दोनों कहा गए.

देवा - वो चन्नो की तबियत कुछ सही नहीं थी तो वो दोनों कमरे में है.

माला - अरे अचानक क्या हुआ चन्नो को ?

देवा – उसे कुछ सर में दर्द था अब नया जोड़ा है. तो गुरुम कुछ ज्यादा hi फ़िक्र करने लगा . और उसने कहा थोड़ी देर चन्नो का सर दबा देता हु तो उसे नींद आ जाएगी.

माला – हाहाहाहा ओह्ह तो होने वाली बीवी की सेवा करने में लगा हुआ है. पर सिर्फ सर hi दबाएगा न?

देवा – अब हमें क्या करना उनसे जो जी में आये करे. वैसे मुझे उन दोनों पे भरोसा है. वो अभी कोई ऐसा वैसा कदम नहीं उठाएंगे. कावेरी कहा है? देवा ने तुरंत बात को बदलने की गरज से कहा.

माला – वो तो सुबह जल्दी hi चली गयी उस के ऑफिस से काल आया था उसे काम था अपनी ड्यूटी करनी थी इसीलिए बोल के गयी है अगले हफ्ते आएगी तो तुमसे माफ़ी मांग लेगी, बिना मिले जाने की.

देवा – कोई बात नहीं ड्यूटी जरूरी है. अपनी बताओ कोई परेशानी तो नहीं है न.

माला – नहीं देवा परेशानी तो कोई नहीं लेकिन इतनी बड़ी जायदाद को सँभालने में कुछ दिक्कत आ रही है. इतने खेतो की देखभाल वह की आमदनी का हिसाब किताब. इन सब का बहोत लोड है यार. और एक मटर पे तुमसे बात करनी थी.

देवा – है बोलो न.

माला - हमारे hi गाँव में पुराने खंडहर के पीछे की जो पूरी जमीन खली पड़ी है असल में वो है तो हमारी hi तुम्हे पता होगा न.

देवा – है मए जनता हु तो क्या हुआ किसी ने कब्ज़ा किया है क्या?

माला – किसी की गांड में इतना डैम नहीं की हवेली की खली जमीन की तरफ मुँह कर के मूट भी ले और फिर अब तो तुम हमारे साथ हो ये बात भी सब hi जानते है तो कब्जे का तो सवाल hi नहीं है. मए तो ये कह रही थी की वो जमीन बंजर है उसे किसी तरह से बेचने का जुगाड़ लगाओ न वो अगर बिक जाये तो अच्छा hi होगा क्यों की किसी काम की तो है नहीं. है उसके दो ढाई करोड़ hi मिल जाये तो अच्छा है. हलाकि जमीन इतनी बड़ी है की बनते तो ज्यादा hi है पर कोई उसे लेगा क्यों?

देवा – बस इतनी सी बात तो एक काम करो आज से वो जमीं मेरी हुई . समझो मैने खरीद ली और पैसे तुम को मिल जायेगे कल hi. अब खुश.

माला – बिलकुल नहीं. कोई खुश नहीं हु मए. मुझे पागल समझा है क्या? अरे अगर तुम्हे hi रखनी है तो तुम यु hi रख सकते हो हमारे बीच पैसे कहा से आये. मए तो ये कह रही थी के अगर शहर से कोई खरीदना चाहे या यहाँ कोई फैक्ट्री या कुछ और बनाने का इच्छुक हो तो उसे बेच दे हम. पर अगर तुम्हे hi उस जमीं पे काम है तो वो सच में तुम्हारी हुई. मुझे कोई पैसे नहीं चाहिए.

देवा – सोच लो प्रॉपर्टी में बाकि भी तीन पार्टनर है. उन्हें क्या जवाब डौगी, अगर मुझे जमीं यु hi दे दी तो.

तभी सीढ़ियों से कामिनी , ज्योति और रति भी उतरने लगती है तो…..

रति – हम तीनो भी माँ जी का hi साथ देगी. सच hi कहा उन्होंने अगर जमीं तुम्हे चाहिए तो फिर वो तुम्हारी हुई कोई पैसे नहीं चाहिए हमें. और ये बात मए हम तीनो की तरफ से कह रही हु. समझे.

देवा – अरे देवियो ऐसा भी कुछ नहीं है. जमीं तो मैने ले hi ली और फ्री में मए लगा नहीं. क्यों की जब तक मेरे बच्चे बड़े नहीं हो जाते खुद कमाने नहीं लगते तब तक एक लम्बे समय के लिए बहोत सरे पैसे चाहिए. खेतो का क्या है कभी कोई प्रॉब्लम आ गयी तो साइड में भी कुछ होना चाहिए न. और है. मए कल तुम चारो के अकाउंट में सवा –सवा करोड़ दाल दुगा. यानि जमीन की कुल कीमत 5 करोड़ जो तुम चारो में बाँट जाएगी.

कामिनी - यार ये सही नहीं हो रहा है. देवा तुम हमारे बीच पैसे को ला रहे हो.

देवा – चुप करो कोई बात नहीं करेगा. मए पेपर्स बनवा लगा और कल hi पैसा ट्रांसफर हो जायेगा. Ok .

माला – ठीक है जैसी तुम्हरी मर्जी लेकिन हम चारो के पास ये पैसा तुम्हारी अमानत रहेगा जब चाहिए हो ले लेना. उसे हम चारो खर्चनहीं नहीं करेगी. क्यों की तुम्हारा hi दिया अब इतना ज्यादा है हमारे पास की हम उसे hi नहीं संभल प् रहे है. अब ये सवा सवा करोड़ और हम करेंगे क्या उसका. वो भी चारो अलग अलग. इसीलिए जमीं तुम्हरी हुई और पैसे का जो तुम्हरा जी आये वो कर लेना.

तभी वह गुरुम आ जाता है. और सब उसे देख कर हसने लगते है.

गुरुम – क्या हुआ भाई आप सब मुझे देख कर हंस क्यों रहे है?

माला – कर दी चन्नो की मालिश?

गुरुम ने देवा को देखा तो

देवा – अरे इनके कहने का मतलब है चन्नो के सर में दर्द था न तो कर आये उसके सर की मालिश. इतना कह कर देवा ने उसे आँख मर दी.

गुरुम – वो …. है कर दी अब वो सो रही है उसे नींद आ रही थी. मैने उसे टेबलेट भी खिला दी थी. डॉ. ने कहा था न की अब वो कल सुबह hi उठेगी . तो आप लोग उसे सोने देना प्लस. खाने के लिए भी मत उठाना. कल वो उठेगी तो फ्रेश फील करेगी.

माला – ठीक है गुरुम तुम चिंता मत करो मए उसी के पास सो जोगी. रत में उसे कोई तकलीफ न हो.

देवा – ok अब हम चलते है. जल्द hi मिलुंगा नयी खुशखबरी के साथ. bye एवरीवन.

नेक्स्ट अपडेट - 106
 
अपडेट - 106

देवा – ok अब मए चलता हु. जल्द hi मिलुंगा नयी खुशखबरी के साथ. Bye एवरीवन.

फिर देवा और गुरुम वह से निकल आते है. गाड़ी में देवा - हो गयी पावर्स ट्रांसफर?

गुरुम - है भाई लेकिन पावर्स के जाते hi उसे एक झटका सा लगा मए तो घबरा hi गया था. फिर वो धीरे धीरे बेहोश हो गयी. तो मैने उसे उसके बिस्तर पे सुला दिया.

देवा – देखो गुरुम आम इंसाने का शरीर जैसे एक डैम से बहोत सारा खाना बर्दाश्त नहीं कर पता वैसे hi शरीर को पावर्स धीरे धीरे मिले तो ऐसा कुछ नहीं होता लेकिन एक डैम से तुम पावर्स को दाल दो तो शरीर भी एडजस्ट नहीं कर पता इसीलिए बेहोशी आ जाती है. अगर कोई आम इंसान ऐसी पावर्स अपने अंदर लाना चाहे तो ला सकता है. लेकिन उस के लिए उसे बहोत लम्बे समय तक योग साधना करनी पड़ती है वो भी एक ऐसे गुरु के मार्ग दर्शन से जिस के पास ऐसी शक्तिया हो. और फिर कठिन स्थिति में वही संभालता है. अगर कोई बिना गुरु के कुछ पाना चाहे तो वो कभी नहीं प् सकता.

गुरुम – बिना गुरु के क्यों नहीं प् सकता कोई भी? बस योग साधना hi तो करनी है.

देवा – कहते है बच्चे की पहली गुरु माँ होती है. फिर बाप फिर समाज, फिर स्कूल कॉलेज में वह के मासटर्स, और यहाँ तक के उसके दोस्त भी. देखा जाये तो हमें हर कदम पे हर छेत्र में गुरु की जरुरत पड़ती hi है. किसी नवजात बच्चे को जंगल में छोड़ दिया जाये. तो वो क्या तुम्हारी हमारी तरह बाटे कर सकता है?, क्या उसके पास इतना तेज दिमाग हो सकता है? कभी नहीं. ये सब हमारे पास आता है क्यों की हम सब ने गुरु से hi सीखा है सब. तो भला ऐसी अद्भुत शक्तिया बिना गुरु के हासिल करना संभव है?

गुरुम – तुमने बिलकुल सही कहा देवा, सच में गुरु की महिमा बहोत बड़ी है उसे बखान नहीं किया जा सकता. और न hi कभी किसी गुरु का क़र्ज़ उतरा जा सकता है. बिलकुल सही बात है के बिना गुरु के हम कुछ नहीं सीख सकते यहाँ तक की एक कदम नहीं उठा सकते. तो ये पावर्स कैसे हासिल हो सकती है. अब देखो न आज अनजाने में hi लेकिन चन्नो का मए गुरु भी बन गया क्यों के उसे मैने hi सब पावर्स दी उनका ज्ञान दिया.

देवा – अब समझे तुम.

इधर जब गुरुम और देवा चन्नो को लेकर हवेली से निकले तब हवेली में तो नागार्जुन और शलाका hi बचे थे. उन तीनो के जाने के बाद तब………

शलाका – नागार्जुन सगाई का सब काम तो अचे से निपट hi गया. बहोत अच्छा हुआ न गुरुम और चन्नो भी मिल गए.

न – है वो तो मिल hi गए. और मए उनके लिए खुश हु. चन्नो एक अच्छी बीवी साबित होगी अपने गुरुम के लिए.

स – है क्यों नहीं , उस बेचारी ने बहोत तकलीफे देखि है लाइफ में. गुरुम भी उसे बहोत प्यार देगा.

न – है क्यों की वो भी तो बचपन से सच्चे प्यार के लिए तरसा है न.

शलाका - वो भी मतलब? और कौन तरसा है सच्चे प्यार के लिए?

न – कोई नहीं यार मए तो ऐसी hi फ्लो में कह गया.

स – नागार्जुन तुम क्या समझते हो मए नहीं जानती के तुम भी बचपन से अकेले रहे हो. तुम्हारे होश सँभालते hi तुम्हारी माँ चल बसी, पिता जी ने तुम्हे संभाला और फिर वो भी महाराज भैरव सिंह जी के लिए लड़ते हुए एक जुंग में शहीद हो गए. फिर तुम्हे एक तरह से महाराज भैरव सिंह जी ने hi पला है. देव और रूद्र भी तुम्हारे लिए भाई जैसे दोस्त hi थे. पर उन के जाने के बाद तो तुम भी अकेले पद गए. तुमने शादी क्यों नहीं कर ली?

न – शलाका मैने ये किसी को नहीं कहा था लेकिन मेरी भी इच्छा नहीं हुई शादी की. भैरव सिंह जी और महारानी नीलमणि इतने उदास और दुखी रहने लगे देव और रूद्र के जाने के बाद. एक मए hi तो था जो उनके पास उनके साथ था. जिस बेटे की सगाई वाले दिन hi मौत हो जाये उसके माँ बाप पे क्या बीती होगी तुम समझ hi सकती हो. और अभी तुमने hi कलह के उन्होंने मुझे भी बेटे की तरह hi पला है तो भला मए कैसे अपनी खुशिया मन लेता उन्हें दुखी छोड़ के. इसीलिए मैने भी शादी नहीं की थी.

स – तो अब तो कर hi सकते हो न? अब तो सब मिल गए है यहाँ तक के देव और पूनम भी.

न – है कर लगा अगर कोई मुझे सँभालने वाली मिल जाये तो?

स – ढूंढोगे तो मिलेगी न यु hi आकर तो तुम्हारी गॉड में नहीं गिरेगी.

न – अगर मेरी किस्मत में होगी तो वो जरूर आएगी. लेकिन जिसे मए चाहता हु उसे मए कह नहीं सकता शलाका , तुम नहीं समझोगी.

शलाका एक डैम से उठी और नागार्जुन के सामने कड़ी हो गयी

नागार्जुन उसे देखता रहा पर कहा कुछ नहीं.

स – मए जानती हु तुम्हारा मूड कैसे सही होगा तुम अभी उदास हो चुके हो न तो क्या मेरे साथ डांस करोगे?

न – क्या डांस और मए? मुझे नहीं आता.

स – हम लोगो के लिए ये छोटी छोटी बाटे मटर नहीं करती उठो और मेरे साथ वेस्टर्न डांस करो मए सॉफ्ट म्यूजिक लगा देती हु. के ों.

फिर शलाका ने एक सॉफ्ट म्यूजिक लगा दिया और नागार्जुन के सामने कड़ी हो गयी इस समय वो एक स्कर्ट और टॉप में थी. नागार्जुन ने एक हाथ में उसका हाथ थमा और दूसरा हाथ उसकी पतली कमर में दाल दिया. शलाका ने भी एक हाथ में नागार्जुन का हाथ पकड़ के दूसरा उसकी गार्डन में दाल लिया और दोनों थिरकने लगे. थोड़ी देर के डांस के बाद शलक पलट गयी अब उसकी पीठ नागार्जुन की छाती से चिपक चुकी थी और नागार्जुन के दोनों हाथ उसकी कमर से सरकते हुए उसके पेट पे थे. दोनों काफी देर तक इसी मुद्रा में थिरकते रहे तभी नागार्जुन धीरे से झुका और शलाका की गोरी गार्डन पे एक किश कर दिया.

शलाका सिहर उठी और नागार्जुन के सर के बालो में उंगलिया फिरने लगी और नागार्जुन से और जयादा चिपक गयी अब नागार्जुन और शलाका ने थिरकना बंद कर दिया और इसी पोज़ में रुक गए कोई जल्दबाजी नहीं थी. कोई हवस नहीं बस वो एक नए आनंद का अनुभव कर के खुश हो रहे थे.

तभी शलाका तेजी से पलटी और अपने होठ नागार्जुन के होठो पे रख के उसे चुम लिया और अपने होठ हटा दिया. और नागार्जुन से दूर होने लगी लेकिन नागर्जुन ने उसका हाथ थमा हुआ था जो उसने नहीं छोड़ा शलाका फिर नागार्जुन की तरफ पलटी अब उसकी आँखों में शर्म की लाली थी.

नागार्जुन उसी पल घुटनो के बल बैठ गया और शलाका के दोनों हाथ पकड़ के उन्हें चुम लिया.

न – मैने कहा थान ा जो मेरी किस्मत में होगी वो मेरे पास जरूर aayegi……..shalaka ी लव यू……………….. विल ु….?

शलाका ने कुछ देर नागार्जुन की आँखों में देखा और फिर वो भी उसके सामने घुटनो पे बैठ गयी और नागार्जुन के हाथो को चुम कर.

स – ी आल्सो लव यू नागार्जुन ………………… ी लव यू तू……….

फिर दोनों ने लपक के एक दूजे को गले से लगा लिया और नागार्जुन ने अब की बार शलाका का चेहरा अपने हाथो में लेकर अपने होठ उसके होठो पे रख दिए. शलाका भी पूरा सहयोग करती हुई अपने होठो को खोल कर नागार्जुन के होठो को अपने अंदर कर लेती है और दोनों hi सलौली बहोत प्यार से स्मूथली एक दूजे के होठो को चूसने लगते है. ये हवस का नहीं प्यार का मिलान था जिससे शरीर में तरंगे तो थी लेकिन कोई हवस नहीं थी. अब तक नागार्जुन ने शलाका का नीचे का होठ चूस चूस के लाल कर दिया था और शलाका ने नागार्जुन का ऊपर का होठ अब दोनों ने होठ बदल दिए और फिर से उस प्यार भरे चुम्बन में डूब गए. थोड़ी देर के बाद नागार्जुन ने शलाका का चेहरा खुद से दूर किया और उसकी आँखों में देखा जहा उसे be-intaha प्यार नजर आया. तो नागार्जुन ने फिर से शलाका को गले से लगा दिया. अचानक वो झटके से दूर हुए और यहाँ वह देखने लगा.

शलाका – क्या हुआ डिअर?

न – अरे यार हम अपने प्यार के चक्कर में भूल hi गए थे के पूरे घर में कैमरा है किसी ने देख लिया तो?

शलाका ठहाका लगा कर हंस दी उसकी हंसी रुक hi नहीं रही थी तो वो पेट पकड़ के जमीन पे hi लेट गयी .

न – अरे तुझे हंसी आ रहे है यहाँ मेरी हालत देखो

स – हे भगवन कितना घबरा जाते हो अरे माय लव मैने सरे कैमरा का मैं स्विच ऑफ कर दिए था जब वो तीनो जा रहे थे. और वैसे भी देव से क्या छिपा है उसे तो पता चल hi जायेगा. और चलना भी चाहिए. के मैने उसके लिए साडू भाई ढूंढा है.

नागार्जुन – इधर आ साधू की बच्ची तुझे बताता हु मए.

शलाका- ाआउउउउउउच ………………. मए ऐसे हाथ नहीं आने वाली मिस्टर.

और शलाका वह से उठकर भागने लगती है. तभी बहार गाड़ी की आवाज़ आती है तो दोनों संभल जाते है. और शलाका दौड़ कर कमरे में चली जाती है और नागार्जुन भी अपना चेहरा साफ़ करके बल बना के टीवी देखने लगता है. तभी बेल्ल बजती है और नागार्जुन बिना एक पल गवाए दरवाजा खोल देता है. तो सामने…

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तभी बेल्ल बजती है और नागार्जुन बिना एक पल गवाए दरवाजा खोल देता है. तो सामने…

देवा और गुरुम थे जो अपनी hi बातो में लगे हुए थे.

देवा – अरे नागार्जुन अब तक कोई आया नहीं क्या?

न – नहीं देवा अब तक कोई नहीं आया.

वो तीनो आकर सोफे पे बैठ जाते है.

देवा – शलाका कहा है?

न – ऊपर है बुलाऊ क्या?

देवा – अरे वो खुद hi आ गयी

शलाका भी आकर उन के साथ बैठ जाती है.

गुरुम – देवा सगाई का काम तो निपट गया और चन्नो भी अब सेट है उसे आराम hi करना है अभी. अब जरा एना गैंग पे ध्यान देते है न.

शलाका – राइट , देवा विठल गनग में अभी टाइम है तो क्यों न एना को निपटाया जाये?

देवा – तुम लोग सही कह रहे हो. लेकिन उससे पहले मुझे किसी से मिलना है. उसके बाद एना का no. आएगा.

शलाका – किस्से मिलना है देवा?

देवा – बाद में पता चलेगा एक काम करते है हम चारो अभी शहर चलते है.

न – लेकिन देवा घर में तो अभी कोई भी नहीं है और फिर महाराज , महारानी को क्या कहोगे?

देवा – है यार वो भी है. तो ठीक है उन लोगो के जाने के बाद चलेंगे शहर. लेकिन चलेंगे आज hi.

थोड़ी देर के बाद सरे बड़े लोग आ जाते है और उनके लंच का प्रोग्राम होता है. यु तो लंच सभी को करना था. देवा के मां ममी भी इस वक़्त बंगले पे hi थे. तो सभी लंच करते है. लंच के बाद

बीएस – दीनानाथ जी आप सब ने हमें इतना मान दिया हम आपके आभारी है. अब हमें इजाजत दीजिये. फिर जल्द hi मिलेंगे.

दन – अरे भाई साब आप तो शर्मिंदा कर रहे है भला हमने ऐसा भी क्या किया है ये तो हमारा फ़र्ज़ hi था.

सड़ – आप का दिल बहोत बड़ा है दन जी हमें आप के पास आ कर बहोत अच्छा लगा. कभी हमारे लायक कोई भी सेवा हो तो हमें यद् कीजियेगा या देवा को बोल दीजियेगा. हम स्वयं हाजिर हो जायेगे.

दन – अरे आप जैसे महाराज अगर मुझे ऐसा कहे तो कुछ अजीब सा लगता है. फिर भी मए आपकी बात यद् रखुगा. और इस बार मए खुद आप लोगो के पास आउगा.

बीएस – जरूर, बीटा देव आप सरे परिवार को जल्द hi हमारे पास लेकर आइये. और इसे हमारा आदेश hi मने.

देवा – जी जरूर लोग और जल्द hi लोग.

फिर महाराज भराव सिंह, महारानी नीलमणि, महाराज सुमंत देव और महारानी कौशल्या और उनके साथ hi रूद्र के माँ बाप और नीलम के माँ बाप सब लोग विदा लेकर निकलते है.

देवा - बाबू जी मए जरा सब को छोड़ के आता हु.

दन – ठीक है बीटा लेकिन जल्दी आना.

देवा – जी बाबू जी हम जल्दी hi आ जायेगे.

फिर देवा उन्हें गाड़ी में लेकर निकलता है और दूसरी गाड़ी में रूद्र अपने और नीलम के माता पिता को लेकर निकलता है.

खंडहर के पास आकर सब लोग उतारते है तो रूद्र और देवा सब से बरी बरी मिलते है

बीएस – बीटा देव यहाँ आकर बहोत दिल को ख़ुशी भी मिली और सुकून भी. बहोत अच्छा हुआ हम लोग यहाँ आये. लेकिन यु झूठ बोलकर मिलना अच्छा नहीं लगा. तुम दीनानाथ जी को जल्द hi सब बता के उन्हें हमसे मिलवाने ले आओ जब तक ऐसा नहीं कर देते हमें चैन नहीं आएगा. ऐसे भले इंसाने के साथ झूठ बोलै है ये बात हमें कहती रहेगी.

देव – पिता जी मए जल्द hi यहाँ के सरे लोगो को ले आउगा. और वह आपसे और महारज सुमंत देव जी से मिलवा कर आपकी शिकायत दूर करुगा.

सड़ – जीते रहो देव अब हम लोग चलते है.

फिर वो लोग वह से अपने यान में बैठ कर निकल जाते है.

रूद्र – अबे क्या बोल गया तू? पता है कितना मुश्किल है यहाँ के लोगो को समझाना सब तो गाँव के है तेरा ये बाप लाठी मार के सर फोड़ देगा पता है न?

देवा- अबे फाड़ मत मेरी वैसे hi डरा हुआ हु अब ऐसा न बोलता तो क्या बोलता तू hi बता?

रूद्र – भाई फटी तो मेरी भी पड़ी है. कुछ तो करना पड़ेगा.

देव – चिंता मत कर करेंगे कुछ न कुछ.

रूद्र – है यार…….. चल अब घर चलते है.

देवा – अबे सेल सैंड बुद्धि घर जा के क्या कहेगा इन लोगो का प्लेन खड़ा था खंडहर में जिसमे तू इन्हे बिठा के जल्दी से घर भी आ गया?

रूद्र – मेरी तो मति मरी गयी है यार. तू सही है भाई चल बेकरी काट ते है. नदी किनारे hi चल के बैठते है या फिर तेरे खेत में.

देव – नहीं दोस्त उससे भी जरूरी काम है हमारे पास

रूद्र – अरे भाई काम है तो चलो निपटा देते है.

देव – रुको ,

और फिर देवा शलाका, गुरुम और नागार्जुन को बुलवा लेता है

रूद्र – भाई ये पंटर लोग को कए को बुलाया ?

शलाका – क्या बोले तुम रूद्र? हम पंटर लोग है?

रूद्र - सॉरी देवी……… है तो देवा मेरे कहने का मतलब के तुमने तो पूरी सेना बुला ली क्या कही काण्ड करने जाना है?

देवा – नहीं काण्ड करने नहीं जाना लेकिन जाना काण्ड के लिए hi है

रूद्र – भाई कुछ ऐसा बोल ले जो हम जैसे गरीबो को भी समझ में आ जाये.

देवा – चलो फिर बैठो गाड़ी में तुम लोगो को भी पता चल जायेगा.

फिर पांचो एक hi गाड़ी में बैठ जाते है और दूसरी गाड़ी वही छोड़ देते है . और निकल पड़ते है शहर की तरफ. जब देवा की गाड़ी शहर में पहुंचने वाली थी तब देवा ने अपना फ़ोन निकला और कही लगाया.

दूसरी तरफ घंटी जा रही थी जैसे hi फ़ोन पिक हुआ

देवा – hello कावेरी कहा हो इस वक़्त?

कावेरी - ओह्ह्ह्हह देवा मए तो अभी ऑफिस में हु क्या हुआ?

मए अभी आता हु तुम्हारी ऑफिस में कुछ काम है तुमसे. वही रहना.

कावेरी - ok

कोई आधे घंटे में देवा की गाड़ी पुलिस हेड क्वार्टर के सामने रूकती है वो सब उतर कर सीधे hi कावेरी की ऑफिस की तरफ जाते है.

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अपडेट - 108

कोई आधे घंटे में देवा की गाड़ी पुलिस हेड क्वार्टर के सामने रूकती है वो सब उतर कर सीधे hi कावेरी की ऑफिस की तरफ जाते है. और कावेरी के केबिन के बहार hi एक हवलदार से………..

शलाका– कावेरी मैडम से कहिये देवा आया है.

कांस्टेबल उन सब को ऊपर से नीचे तक देखता है उसकी आँखों में कई सवाल थे.

रूद्र – ऐसे मत देख आँखे निकल के हाथ में आ जाएगी अपनी मैडम से बोल जो बोलै गया बोलने को.

कांस्टेबल रूद्र को खा जाने वाली नजरो से घूरते हुए कावेरी के केबिन में जाता है. और 1 मिनट में वापस आता है अब उसकी आँखों की भाषा बदल चुकी थी.

स – जाइये सर मैडम आप लोगो का इंतजार कर रही है.

रूद्र – इसीलिए कहा था मुन्ना ऐसे मत देख. अभी अंदर जाकर मए बोल दू न तेरी मैडम से क तू हमें घर रहा था तो तेरी पेण्ट यही उतर देगी वो. आइंदा ध्यान रखना और ये हमारे चेहरे अपने दिमाग में बिठा ले.

सब लोग अंदर जाते है तो कावेरी सब को देख कर शॉक हो जाती है.

कावेरी – अरे वाह सब लोग आये है तब तो जरूर hi कोई खास बात होगी. एक मिनट मए और चेयर्स मंगवाती हु.

देवा – नहीं कावेरी हम यहाँ बैठने नहीं आये तुम्हे अपने साथ ले जाने आये है.

कावेरी – मुझे? लेकिन कहा देवा?

देवा – दिग साब के पास जाना है उन के बंगले पे. हम भी जा सकते थे पर तुम चलोगी तो तुम नहीं जानती तुम्हे क्या सरप्राइज मिलेगा.

कावेरी – लेकिन वो तो इस वक़्त ऑफिस में होंगे

देवा – गुड ये तो और अच्छी बात है तुम उन्हें कॉल करो और चलो जल्दी.

कावेरी तुरंत कॉल लगाकर कन्फर्म करती है और सब निकल पड़ते है दिग के ऑफिस में

दिग के केबिन में इस वक़्त देवा , कावेरी, शलाका, नागार्जुन, और गुरुम बैठे थे.

दिग – देवा बीटा तुम से हमने कहा था तुम जब चाहो हम से मिल सकते हो फिर कावेरी के साथ आने की क्या जरुरत पद गयी तुम अकेले भी आ सकते थे.

देवा – सो काइंड ऑफ़ यू सर लेकिन असल में हम जिस काम से आये है उसमे कावेरी का भी रोले होगा इसलिए इन्हे भी साथ लाये है.

दिग – ok, तो कहो क्या कहना चाहते हो भाई.

देवा – सर असल में हम जो करने जा रहे है उसे अभी करेंगे तो वो कहलायेगा मर्डर. जी है हम सब मर्डर करने जा रहे है.

देवा की ये बात सुन कर जहा एक तरफ दिग चौंका वही कावेरी भी अपनी कुर्सी से उछाल पड़ी साथ hi यही हालत रूद्र की भी थी और सबसे पहले वही बोलै

रूद्र – अबे पगला गया है क्या? ये क्या बोल रहा hae?wo भी दिग साब के सामने?

कावेरी – है देवा ये क्या कह रहे हो? कोई प्रॉब्लम हुई है क्या? मुझे बताओ पूरा डिपार्टमेंट तुम्हारे साथ खड़ा कर दूगी ऐसा क्या हुआ किसका मर्डर करने जा रहे हो और सर से hi परमिशन लेने आ गए?

दिग – सब लोग शांत रहो, देवा वो नहीं कहना चाहता जिस पर तुम लोगो ने रिएक्शन दिया है. ये एक बेहद समझदार लड़का है. इसकी बात में भेद है, है न देवा? तो साफ़ साफ़ बोलो जो कहना चाहते हो?

देवा – आप ठीक समझे सर. मैने कहा अभी करेंगे तो मर्डर कहलायेगा लेकिन अगर वो आप के सपोर्ट में करेंगे तो देश सेवा. और हम देश सेवा hi करना चाहते है जिसे आपके डिपार्टमेंट की भाषा में कहते है अन्कॉउंटर लेकिन हमारे जिस्म पर वर्दी नहीं इसीलिए वो मर्डर हो जायेगा. तो उसी प्रॉब्लम का सलूशन आपसे चाहिए हमें.

दिग – करना क्या चाहते हो?

देवा – मए और मेरी टीम इस शहर को क्राइम फ्री करना चाहते है जिसे आपका डिपार्टमेंट नहीं कर प् रहा है ऊपर के प्रेशर की वजह से. साफ़ शब्दों में कहा जाये तो मए एना गैंग को ख़तम करना चाहता हु. और अगर कोई और भी गैंग मिला तो उसे भी. लेकिन अपने तरीके से अपनी टीम के साथ उसमे सिर्फ कावेरी hi शामिल होगी सारा क्रेडिट उसी का होगा. लेकिन काम और उसके बाद के एक्शन हमारे. वह से मिलने वाले डाक्यूमेंट्स और नशीली चीज़ो पर डिपार्टमेंट का हक़ होगा लेकिन वह का पूरा पैसा और हथियार हमारे. नाम आपका और काम हमारा. यानि 50-50. और पूरी मलाई कावेरी की.

दिग – बहोत बड़ी बात कर रहे हो देवा. ये इतना आसान नहीं जितना तुम समझ रहे हो वो क्रिमिनल्स है तुम लोग ने अभी देखा hi क्या है. तुम उन लोगो के सामने नहीं टिक सकते.

देवा – कावेरी कड़ी हो जाओ.

कावेरी उठकर कड़ी हो गयी.

रिवाल्वर निकालो

उसने निकल ली

अब दरवाजे के पास जाओ और वह कड़ी हो जाओ

कावेरी ने वही किया.

अब गुरुम पे फायर करो यदि उसे गोली ने छू भी लिया तो मए दिग सर की बात मन लगा. और चुप चाप चला जाउगा

दिग – ये क्या पागलपन है देवा?

देवा – कावेरी शूटटट……

धय……… गोली चली और कावेरी और दिग की साँस रुक गयी लेकिन उन्हें देख कर आश्चर्य हुआ के जो गुरुम 2 सेकंड पहल कुर्सी पे था अब वो कावेरी के बगल में खड़ा था. और गोली गुरुम वाली कुर्सी के पैर को तोड़ चुकी थी.

दिग ने अपनी जेब से रुमाल निकला और अपना पसीना पोंछते हुए देवा को देखने लगा.

शलाका………… फायर……….

एक सेकंड में शलाका ने अपनी जेब से मोजर निकल के कावेरी की तरफ फिर कर दिया किसी को कुछ समझ नहीं आया कावेरी तो थार थार काँप रही थी इस अचानक हमले से लेकिन जब उसने अपनी गार्डन नीचे झुका के देखा तो उसकी कमर में लगे होल्स्टर (जिसमे रिवाल्वर रखते है) की पट्टी वह से गायब थी शलाका की गोली ने उसे उदय था.

देवा – सर क्या है कोई आपके पूरे डिपार्टमेंट में जो इतनी फुर्ती रखता ho.ya जिसका ऐसा निशाना हो?

मैने अभी इन दोनों को बताये बिना ये आदेश दिया था सोचिये अगर इन्हे प्लान पता होगा तो ये क्या कर जायेगे? अभी मेरे आर्डर का पता न तो गुरुम को था न शलाका को फिर भी आपने गुरुम की फुर्ती और शलाका का निशाना देख hi लिया है.

दिग – देवा तुम जो कह रहे हो सब सही है. लेकिन तुम लोग सिविलियन्स हो मए कैसे तुम्हे परमिशन दे सकता हु. और अगर मन लो मैने है कर भी दी तो पूरी फॉर्मेलिटी में बहोत समय लगेगा. तुम्हे कावेरी के अंडर स्पेशल फाॅर्स बनाने के लिए.

देवा – सर आप है कहे बस . बाकि सब पेपर्स बनवाना हमारे ऊपर है.

दिग - देखो जब सरे पप्रेस बन जायेगे तब कम साब की परमिशन की जरुरत होगी. और फिर लास्ट में मेरे सिग्न होंगे और उसके बाद hi तुम लोग एक्शन में आ सकते हो. मुझे है कहने में टाइम नहीं लगेगा लेकिन पेपर्स में बहोत टाइम लगता है ये इतना आसान नहीं है.

देवा ने अपना सर कुर्सी की पुष्ट पे रख दिया और आंखे बंद कर ली जिसे देख कर गुरुम, नागार्जुन, शलाका, और रूद्र के चेहरे पे मुस्कान आ गयी. थोड़ी देर के बाद देवा ने अपनी आंखे खोली

देवा – गुरुम गाड़ी में जो बैग है उसे लेके आओ.

दिग – देवा कोई बैग या पैसा यहाँ कुछ नहीं कर सकता. बाकि मए तुम्हारी बात से सहमत हु तुम्हारे पास जो टीम है वो हमारे पास नहीं है. मए कोशिश करुगा के तुम सब को ये मौका दिलवा सकू लेकिन………….

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अपडेट - 109

तभी गुरुम अंदर आया और देवा ने बैग से पेपर्स की फाइल दिग की तरफ सरका दी.

सर सरे पेपर्स देख लीजिये इसमें मेरे इन चार साथियो के आलावा भी तीन लड़किया है जो अभी यहाँ नहीं आयी लेकिन उनका भी पूरा डिटेल इसी में है और वो भी हमारी टीम का हिस्सा रहेगी.

दिग ने सरे पेपर्स ध्यान से एक एक कर के देखे तो उसकी आंखे उबाल पड़ी

दिग – ये सब कब हुआ? कैसे हुआ? तुम क्या चीज़ हो ये सब तुमने कब किया देवा ? सरे पेपर्स ok है बस तुम्हे मेरी और कम साब की hi परमिशन चाहिए बाकि सबसे तुम मिल भी चुके हो और मजे की बात ये है के सब सहमत भी है. और तुम सबकी ट्रेनिंग इतनी हाई लावेल पे हुई है के जिसका कोई हिसाब नहीं. यू आल अरे परफेक्ट कमांडो, तुम सब वो चीज़ हो के पूरी मिलिट्री भी तुम लोगो के आगे घुटने तक दे. मुझे तो यकीन नहीं आ रहा के इतनी खुबिया किसी एक इंसाने में कैसे हो सकती है.

देवा – सर अब आश्चर्य करना छोड़िये और हमें परमिशन दीजिये प्लीज. और कम साब से भी बात कर लीजिये. इतस रिक्वेस्ट.

दिग – प्लीज……….? तुम मुझे प्लीज कह रहे हो? अरे तुम तो वो चीज़ हो के मुझे तुमसे प्लीज कह कर ये केस देना है. मुझे कहना है के देवा प्लीज ये केस ले लीजिये एंड दो समथिंग फॉर और सिटी, फॉर आवर स्टेट.

मए तुम्हे और तुम्हरी पूरी टीम को परमिशन देता हु. जो एंड डिस्ट्रॉय थम. कम साब से मए बात कर लगा. Don’t वोर्री. इस कमरे से बहार जैसा के तुमने hi कहा कावेरी तुम सब की हेड होगी तुम सबको उसके अंडर hi काम करना होगा. पब्लिक , प्रेस , मीडिया , डिटमट और मिनिस्ट्री सबको दिखने के लिए. लेकिन हम सब जानते है के असली हेड देवा hi होगा. उसके ऑर्डर्स बाकि सब के साथ साथ कावेरी भी फॉलो करेगी कोई भी देवा को ओवरलुक नहीं करेगा उसके ऑर्डर्स के बिना कोई एक कदम भी नहीं उठाएगा. कोई नहीं. बेस्ट ऑफ़ लक किड्स.

फिर दिग ने अपने सिग्न कर के उस पूरी गैंग के खिलाफ एक तरह से डेथ वारंट दे दिया.

दिग – देवा एक सवाल है जो अब भी मुझे परेशां कर रहा है. मैने सुना है पैसे की कोई कमी नहीं तुम्हारे पास तो फिर ये गैंगस्टर्स के पैसे क्यों लेना चाहते हो?

देवा – सर उन्होंने सरे पैसे गलत कामो से कमाए है सर्कार ले लेगी तो उसमे से भी ये पैसे या तो भ्रष्ट नेताओ की जेब में जायेगा या फिर ी ऍम सॉरी तो से बूत पुलिस hi हजम कर जाएगी. सही मायने में उस पैसे का उसे नहीं होगा. लेकिन मए उन पैसो से एक ऐसी दुनिया बनाना चाहता हु जो किसी बेसहारा को सहारा दे उसे नयी जिंदगी दे. बस इसीलिए. और है ये बात मए प्रूव भी करुगा. वेट एंड वाच.

दिग – ी ऍम प्राउड ऑफ़ यू यंग मन . मुझे तुम पर और तुम्हरी पूरी टीम पे गर्व है. जाओ भगवन तुम्हे कामयाब करे.

फिर सब लोग बहार आ जाते है. तो कावेरी – ा देवा तुम्हे निशाने पे लेने के लिए मए hi मिली थी ? जानते हो फैट के हाथ में आ गयी थी?

सभी कावेरी की बात पे हसने लगे

देवा – जनता हु माय डिअर लेकिन क्या करता तुम्हारा दिग मैंने को तैयरा hi नहीं था. और इसीलिए मैने शलाका से कह कर फायर करवा दिया.

कावेरी - और ये भूत जो तुमने मेरे सर पे बिठा दिया( उसने गुरुम की तरफ इशारा किया) जानते हो मेरा ध्यान तो गोली चलने से ज्यादा ये सोचने पे था के कही इसे गोली न लग जाये पर ये तो मेरे बगल में आ कर कब खड़ा हुआ पता hi नहीं चला. मए कितना दर गयी थी पता है?

देवा – इसे hi फुर्ती कहते है स्वीट हार्ट चलो अब रूठना छोडो अब तुम हमारी टीम का हिस्सा हो.

कावेरी – थैंक्स देवा पता नहीं कितने और अहसान करोगे तुम मुझ पर. मुझे अपनी टीम में लेकर तो तुमने कमल hi कर दिया. अब मए पूरी जान लड़ा दूगी एना गैंग के खिलाफ साडी रिपोर्ट निकलने में, अब मए वह के एक एक मेंबर की जनम कुंडली बना दूगी.

देवा – ो hello महारनी लक्समी बाई जो जानकारी तुमने दी थी उस के बेस पे मेरी इस बाकि टीम ने एना को खोद डाला है अब तक. अब तुम्हे कुछ नहीं मिलेगा. इन लोगो ने तो उसके कुत्ते तक की जनम कुंडली बना डाली है. अब तुम मेरे कॉल का इंतजार करो हम जल्द hi चलेंगे उस एना का गणना उखाड़ने. चलो bye अब हम जा रहे है..

कावेरी - ok गाइस bye. फिर मिलेंगे.

और फिर देवा एंड ग्रुप वह से निकल कर गाँव वापस आ जाते है. इस सब में भी रात हो गयी थी. तो सब खाना खा के अपने अपने कमरों में चले जाते है. वह शलाका जा कर साडी बाते नीलम और पूनम को बता देती है और ये भी के उन्हें ओफ्फिशलय एना गैंग को ख़तम करने के ऑर्डर्स मिले है अब वो जो भी करेंगे पुलिस परमिशन उनके पास है. यानि लाइसेंस तो किल फॉर गैंगस्टर्स.

इधर देवा अपने कमरे में आता है तो उसके पास एक कॉल आता है.

देवा – hello मर. विजय कैसे है आप.

विजय – मए ठीक हु सर. बस मए शहर पहुंच गया था. तो सोचा आपसे बात कर लू ी होप ी don’t डिस्टुरेब यू

देवा – नॉट ात आल विजय. कैसा रहा तुम्हारा सफर?

विजय - आल गुड़ . देवा जी मए कल सुबह आ जाउगा आपके गाँव इस आईटी ok?

देवा – है बिलकुल. वैसे अगर अपनी बात शाम को हो जाती तो अभी तुम मेरे साथ यहाँ घर पे होते , क्यों की मए शाम को शहर में hi था.

विजय - ओह्ह्ह्ह माय बाद लक. मए एक्चुअली कोई 1 घंटा पहले hi शहर में पंहुचा हु.

देवा – नेवर मंद. तुम कल आ जाओ सुबह. अभी आराम कर लो.

विजय - या सूरे. Ok गुड नाईट देवा जी

देवा – गुड नाईट.

फिर देवा भी सो जाता है. और दूसरे दिन सुबह. वो उठकर तैयार हो जाता है. और नाश्ते के बाद. वो बस विजय का hi इंतजार कर रहा था की विजय का कॉल आ जाता है

विजय – गुड़ मॉर्निंग देवा जी.

देवा – गुड़ मरंग विजय वेयर अरे यू मन?

विजय - बस आपके गाँव में एंट्री कर चूका हु. मुझे आना कहा है?

देवा – तुम गाँव में किसी से भी मेरा नाम ले के पूछ लो वो तुम्हे मेरे बंगलो का एड्रेस बता देंगे.

विजय - ok देवा जी I’ll बे तेरे इन फ्यू मिनट्स

देवा – वेलकम विजय ी ऍम वेटिंग फॉर यू

थोड़ी देर में hi एक टेक्सी आकर देवा के बंगले के गेट पे रूकती है तो इण्टरकॉम पे गार्ड अंदर बात करता hae.Deva विजय को अंदर लेन के लिए बोल देता है.

विजय एक हैंडसम पर्सनल्टी का मिल्क, गोरा रंग. कैसा हुआ बदन, चेहरे से hi व्यस्तता झलक रही थी और रईसी भी. ये वही है जिसे देवा ने ऑनलाइन सेलेक्ट किया है ज्योति के लिए.

विजय – hello सर माय सेल्फ विजय सिंह.

देवा – ी ऍम देवा. के इन साइड विजय

विजय - थैंक्स सर

फिर देवा विजय को हॉल में लेकर बिठा देता है. और हलचल पूछ कर उसे नाश्ता करवाता है. और ऊके बाद कॉफी पीते हुए.

देवा – विजय एक्चुअली वैसे तो हमने साडी बाटे डिस्कस कर hi ली थी ऑनलाइन. पर अभी भी वक़्त है सोच लो जो तुम करने जा रहे हो. क्या उस पे कायम रह पाओगे?

विजय – सर मुझे कायम रहना hi होगा आपने पहले hi बताया था के सरे डाक्यूमेंट्स पे मेरे सिग्न पहले से होंगे hi.

देवा – है वो तो सेफ्टी के लिए होंगे hi. लेकिन मए तुमसे अभी लागले बात नहीं कर रहा फ्रेंडली पूछ रहा हु. के ऐसा क्यों कर रहे हो. तुम हैंडसम हो चाहो तो नार्मल शादी कर के भी रह सकते हो और अपनी बीवी को अपने साथ विदेश लेके जा सकते हो प्रॉब्लम क्या है? तुमसे शादी कर के विदेश जाने के लिए बहोत सी लड़किया रेडी हो जाएगी. चाहो तो इसी गाँव में ऐसी लड़की मिल जाएगी या फिर सिटी साइड से भी मिल जाएगी.

विजय - नहीं देवा जी ये पॉसिबल नहीं………

नेक्स्ट अपडेट - 110
 
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