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- Dec 5, 2013
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खतरा – तुम गलत मत बोलो वो हमारे भगवन है वो सबसे शक्तिशाली है. वैसे ये इसके पीछे भी एक कहानी है गलती मेरी और मेरी बीवी की थी.
रूद्र – कैसे?
खतरा बिना किसी संकोच के बोलता चला गया……
……मए और मेरी बीवी एक बार दिन के hi समय सम्भोग में व्यस्त थे. और हमें सम्भोग में कोई 3-4 घंटे हो चुके थे. लेकिन न वो थक रही थी न मए. क्यों के हम 5 साल बाद सम्भोग कर रहे थे तो दोनों hi लगे हुए थे. इस बीच त्रिकाल ने हमें कई आवाज़े दी पर हम में से किसी ने नहीं सुनी. जब हम लोग फुर्सत हुए तो हमारा ध्यान त्रिकाल की क्रोध भरी आवाज़ पे गया और हमें हमारी गलती का अहसास भी हुआ .
तब त्रिकाल ने कहा के उसने यु तो इस तिलिस्म कैद वॉर पे 12 जोड़े पहरेदारी के लिए नियुक्त किये थे. हर महीने की ड्यूटी लगने वाली थी लेकिन अब हमने उसकी बात को नजरअंदाज कर के उसकी बेइज्जती की है इसकी सजा के तौर पे अब हमें तब तक अलग अलग रह के पहरेदारी करनी पड़ेगी जब तक ये तिलिस्म नहीं टूटता.
रूद्र – अरे वाह एक बार की छू…... मेरा मतलब समभग का इतना बुरा परिणाम. बहोत बुरा हुआ तुम्हारे साथ. तभी तो मैने कहा के त्रिकाल ने गलत किया तुम्हारे साथ चलो मन तुमने 5-6 घंटे लगा दिए उसकी आवाज़ नहीं सुनी उस के लिए वो तुम्हे फिर से 5-6 साल की सजा दे देता अब ये क्या के अनिश्चितकाल की सजा दी जाये.
खतरा – मैने कहा न गलत बात मत कहो गलती उनकी नहीं हमारी थी. महँ त्रिकाल की बात अनसुनी कर देना कोई छोटा अपराध नहीं है ये तो उनकी कृपा hi थी के उन्होंने हमें उसी समय म्रत्युदंड नहीं दिया.
रूद्र – अबे ये जीना भी कोई जीना है लल्लू? बीवी के होते तू सेल रंडवे जैसी जिंदगी जी रहा है. समझ कुछ अंधभक्ति बहोत बुरी होती है मुर्ख.
खतरा ने जलती नजरो से रूद्र को देखा जो उसे देख के मुस्करा रहा था.
तभी सामने उन्हें गुफा में hi एक कमरा बना नजर आया. जिस के दरवाजे पे एक बड़ी औरत कड़ी थी हाथ जोड़ के.
खतरा – ये ढिबरी है यहाँ पर इनका घर है ये.
ढिबरी - आओ पूनम, देव सिंह , रूद्र, नीलम तुम साह्रो को देख कर ख़ुशी हुई.
पूनम – तुम हमें जानती हो?
ढिबरी – तिलिस्म नगरी की राजकुमारी को कौन नहीं जानेगा और देव तो नागलोक का राजकुमार है. भला इसे कोई भूल सकता है. और जब आप दोनों का जिक्र हो और कोई रूद्र या नीलम को नजरअंदाज कर दे ऐसा हो hi नहीं सकता. है तुम लोग मुझे नहीं जानते होंगे मए तो तब भी थी तुम्हारी hi नगरी में राजकुमारी, लेकिन हम छोटे लोगो के बारे में तुम नहीं जानती . हम तुम्हरी प्रजा में से hi थे. और आज भी है. मुझे राजकुमारी की सेवा कर के ख़ुशी होगी .
पूनम – है मए नहीं जानती तुम्हे .
ढिबरी - कोई बात नहीं. चलिए पीछे नहाने के कमरे भी बने हुए है ठंडा पानी है नाहा लो फिर आकर खाना खा लो मए लगाती हु तब तक.
फिर चारो अंदर चले गए..
खतरा – और ढिबरी कैसी हो तुम ?
ढिबरी - मेरे बारे में क्या पूछता है जो पूछना है साफ़ साफ़ बोल?
खतरा – अब तुझसे साफ़ साफ़ बोल भी तो नहीं सकता लेकिन इतना जरूर कहुगाके मेरी बीवी की दिला दे बहोत यद् आती है उसकी और बहोत मन भी कर रहा है उसकी लेने का.
ढिबरी – इस लेने के चक्कर ने hi तुझे उससे दूर किया है. उस दिन मैने भी कितना तेरे घर का दरवाजा पीटा था पर तू लेने में hi व्यस्त था.
खतरा – तू मिली है मेरी बीवी से?
ढिबरी - है कल hi मिली थी वो खुश है वह. पर वो भी तुझे यद् करती है.
खतरा – यद् करती है तो खुश कैसे है? कही और दे रही है क्या किसी को?
ढिबरी – उसे भी देनी है तुझे. और उसे पता चल चूका है के देव और पूनम आ चुके है खुश इसीलिए है बेवक़ूफ़. वो किसी और को नहीं देगी ये तू भी जनता है.
खतरा – ओह्ह्ह्ह ऐसा मए समझा कोई और खुश कर रहा है उसे.
ढिबरी - कचरा निकल अपने दिमाग से वो ऐसी नहीं है ये तू भलीभांति जनता है. है तुझे किसी और की चाहिए तो बोल दे मए इंतजाम कर दूगी त्रिकाल इतना भी बुरा नहीं है उसने मुझे कह रखा है के अगर खतरा किसी और की लेना चाहे तो किसी को भी ले औ. वैसे भी खली hi रहता है तू लम्बे समय तक. तो जिसकी चाहे जितनी चाहे लेता रह.
खतरा खुश हो कर – तो ले आ न मेरी बीवी को आज रत.
ढिबरी - तेरी अकाल पे तो पठार पड़े है. तू बात समझा नहीं. मैने कहा कोई और. तेरी बीवी की नहीं मिलनी तुझे. अभी ये तेरी सजा है और उसकी भी. इसीलिए किसी और की लेनी है तो बोल बहोत है तेरे लिए तैयार. आखिर त्रिकाल के खास सेवक की सेवा कौन नहीं करना चाहेगी.
खतरा – फिर रहने दे माल जमा hi होने दे मेरे अंदर जिस दिन अपनी बीवी से मिलुंगा त्रिकाल से छुट्टी ले के एक साल घर पे रहुगा और बीवी की लगा किसी और की नहीं लेनी मुझे. देख वो लोग आ रहे है तू खाना लगा दे.
ढिबरी भी मुस्कराते हुए अपने हाथ हवा में कर के कोई मंत्र पढ़ती है सामने पूरा गरमा गरम खाना सज जाता है.
इतने में सब नाहा के वापस आये तो ढिबरी के कमरे में टेबल पे पूरा खाना लगा हुआ था.
ढिबरी - आइये आपलोग खाना खा लीजिये.
फिर चारो बैठ गए खाना खाने
रूद्र – क्या बात है खतरा तुझे नहीं खाना?
खतरा – नहीं मए तो खता रहता हु तुम खा लो?
रूद्र ने बुरा सा मुँह बना के खतरा को देखा तो वो मुस्करा दिया.
खाना ख़तम करने के बाद. सब चलने लगे तो बहार आ कर
खतरा – मेरी बीवी को मेरा प्यार दे देना तुम hi. और हो सके तो ले आ उसे त्रिकाल से बात कर के क्यों की मुझे नहीं लगता ये लोग इस बार सफल होंगे. फिर हमें लम्बे समय तक इंतजार hi करना है न. अब इनके यहाँ आने और मेरी इनको दी गयी सहायता के एवज में मुझे अपनी बीवी से कुछ दिन मिलने की छूट तो मिलनी hi चाहिए न.
ढिबरी – बात तो सही है तेरी, मए त्रिकाल से बात करुँगी अब जा तू.
सब लोग आगे बढ़ जाते है खाना खा के और नाहा के चारो के अंदर फुर्ती आ गयी थी.
रूद्र – क्या खतरा सेटिंग कर रहे थे अपनी?
खतरा – मए कोई सेटिंग नहीं कर रहा था अपनी बीवी का हल चल पुछा रहा था.
रूद्र ने पीछे मुद के देखा तो अब वह कोई घर नहीं था गुफा दूर तक सुनी थी.
रूद्र – खतरा वो घर कहा गया?
खतरा – वो ढिबरी का घर था वो अपनी मुट्ठी में बंद कर के ले गयी . यहाँ सब मायावी है.
फिर सभी लोग चुप चाप आगे बढ़ने लगते है बीच बीच में रूद्र और खतरा hi बात कर रहे थे लेकिन इतनी देर में पूनम ने एक शब्द भी बात नहीं की थी. कोई दो घंटे चलने के बाद वो गुफा ख़तम हो गयी और खतरा वही दीवार के सहारे टिक के बैठ गया.
ये चारो आँखे फाड् के सामने देख रहे थे.
सामने गुफा के तीन दरवाजे नजर आ रहे थे.
खतरा – मेरा काम ख़तम हुआ तुम आगे जाओ मए यही रहुगा पर यहाँ से तुम्हे hi आगे जाना है?
देव – लेकिन तुम तो हमें रास्ता दिखने आये थे.
खतरा – है तो दिखा दिया न मुझे यही तक रास्ता दिखाना था. अब तुम्हे जाना है आगे. या चाहो तो यही रुक जाओ जब तक तुम लोगो की इच्छा. ढिबरी को बुला के समय समय पे तुम लोगो का खाना पन्ने दिलवाता रहुगा.
रूद्र – अबे सटकले यहाँ रुकने के लिए आये क्या हम लोग बता किस रस्ते जाना है?
खतरा - ...............
खतरा – तुम गलत मत बोलो वो हमारे भगवन है वो सबसे शक्तिशाली है. वैसे ये इसके पीछे भी एक कहानी है गलती मेरी और मेरी बीवी की थी.
रूद्र – कैसे?
खतरा बिना किसी संकोच के बोलता चला गया……
……मए और मेरी बीवी एक बार दिन के hi समय सम्भोग में व्यस्त थे. और हमें सम्भोग में कोई 3-4 घंटे हो चुके थे. लेकिन न वो थक रही थी न मए. क्यों के हम 5 साल बाद सम्भोग कर रहे थे तो दोनों hi लगे हुए थे. इस बीच त्रिकाल ने हमें कई आवाज़े दी पर हम में से किसी ने नहीं सुनी. जब हम लोग फुर्सत हुए तो हमारा ध्यान त्रिकाल की क्रोध भरी आवाज़ पे गया और हमें हमारी गलती का अहसास भी हुआ .
तब त्रिकाल ने कहा के उसने यु तो इस तिलिस्म कैद वॉर पे 12 जोड़े पहरेदारी के लिए नियुक्त किये थे. हर महीने की ड्यूटी लगने वाली थी लेकिन अब हमने उसकी बात को नजरअंदाज कर के उसकी बेइज्जती की है इसकी सजा के तौर पे अब हमें तब तक अलग अलग रह के पहरेदारी करनी पड़ेगी जब तक ये तिलिस्म नहीं टूटता.
रूद्र – अरे वाह एक बार की छू…... मेरा मतलब समभग का इतना बुरा परिणाम. बहोत बुरा हुआ तुम्हारे साथ. तभी तो मैने कहा के त्रिकाल ने गलत किया तुम्हारे साथ चलो मन तुमने 5-6 घंटे लगा दिए उसकी आवाज़ नहीं सुनी उस के लिए वो तुम्हे फिर से 5-6 साल की सजा दे देता अब ये क्या के अनिश्चितकाल की सजा दी जाये.
खतरा – मैने कहा न गलत बात मत कहो गलती उनकी नहीं हमारी थी. महँ त्रिकाल की बात अनसुनी कर देना कोई छोटा अपराध नहीं है ये तो उनकी कृपा hi थी के उन्होंने हमें उसी समय म्रत्युदंड नहीं दिया.
रूद्र – अबे ये जीना भी कोई जीना है लल्लू? बीवी के होते तू सेल रंडवे जैसी जिंदगी जी रहा है. समझ कुछ अंधभक्ति बहोत बुरी होती है मुर्ख.
खतरा ने जलती नजरो से रूद्र को देखा जो उसे देख के मुस्करा रहा था.
तभी सामने उन्हें गुफा में hi एक कमरा बना नजर आया. जिस के दरवाजे पे एक बड़ी औरत कड़ी थी हाथ जोड़ के.
खतरा – ये ढिबरी है यहाँ पर इनका घर है ये.
ढिबरी - आओ पूनम, देव सिंह , रूद्र, नीलम तुम साह्रो को देख कर ख़ुशी हुई.
पूनम – तुम हमें जानती हो?
ढिबरी – तिलिस्म नगरी की राजकुमारी को कौन नहीं जानेगा और देव तो नागलोक का राजकुमार है. भला इसे कोई भूल सकता है. और जब आप दोनों का जिक्र हो और कोई रूद्र या नीलम को नजरअंदाज कर दे ऐसा हो hi नहीं सकता. है तुम लोग मुझे नहीं जानते होंगे मए तो तब भी थी तुम्हारी hi नगरी में राजकुमारी, लेकिन हम छोटे लोगो के बारे में तुम नहीं जानती . हम तुम्हरी प्रजा में से hi थे. और आज भी है. मुझे राजकुमारी की सेवा कर के ख़ुशी होगी .
पूनम – है मए नहीं जानती तुम्हे .
ढिबरी - कोई बात नहीं. चलिए पीछे नहाने के कमरे भी बने हुए है ठंडा पानी है नाहा लो फिर आकर खाना खा लो मए लगाती हु तब तक.
फिर चारो अंदर चले गए..
खतरा – और ढिबरी कैसी हो तुम ?
ढिबरी - मेरे बारे में क्या पूछता है जो पूछना है साफ़ साफ़ बोल?
खतरा – अब तुझसे साफ़ साफ़ बोल भी तो नहीं सकता लेकिन इतना जरूर कहुगाके मेरी बीवी की दिला दे बहोत यद् आती है उसकी और बहोत मन भी कर रहा है उसकी लेने का.
ढिबरी – इस लेने के चक्कर ने hi तुझे उससे दूर किया है. उस दिन मैने भी कितना तेरे घर का दरवाजा पीटा था पर तू लेने में hi व्यस्त था.
खतरा – तू मिली है मेरी बीवी से?
ढिबरी - है कल hi मिली थी वो खुश है वह. पर वो भी तुझे यद् करती है.
खतरा – यद् करती है तो खुश कैसे है? कही और दे रही है क्या किसी को?
ढिबरी – उसे भी देनी है तुझे. और उसे पता चल चूका है के देव और पूनम आ चुके है खुश इसीलिए है बेवक़ूफ़. वो किसी और को नहीं देगी ये तू भी जनता है.
खतरा – ओह्ह्ह्ह ऐसा मए समझा कोई और खुश कर रहा है उसे.
ढिबरी - कचरा निकल अपने दिमाग से वो ऐसी नहीं है ये तू भलीभांति जनता है. है तुझे किसी और की चाहिए तो बोल दे मए इंतजाम कर दूगी त्रिकाल इतना भी बुरा नहीं है उसने मुझे कह रखा है के अगर खतरा किसी और की लेना चाहे तो किसी को भी ले औ. वैसे भी खली hi रहता है तू लम्बे समय तक. तो जिसकी चाहे जितनी चाहे लेता रह.
खतरा खुश हो कर – तो ले आ न मेरी बीवी को आज रत.
ढिबरी - तेरी अकाल पे तो पठार पड़े है. तू बात समझा नहीं. मैने कहा कोई और. तेरी बीवी की नहीं मिलनी तुझे. अभी ये तेरी सजा है और उसकी भी. इसीलिए किसी और की लेनी है तो बोल बहोत है तेरे लिए तैयार. आखिर त्रिकाल के खास सेवक की सेवा कौन नहीं करना चाहेगी.
खतरा – फिर रहने दे माल जमा hi होने दे मेरे अंदर जिस दिन अपनी बीवी से मिलुंगा त्रिकाल से छुट्टी ले के एक साल घर पे रहुगा और बीवी की लगा किसी और की नहीं लेनी मुझे. देख वो लोग आ रहे है तू खाना लगा दे.
ढिबरी भी मुस्कराते हुए अपने हाथ हवा में कर के कोई मंत्र पढ़ती है सामने पूरा गरमा गरम खाना सज जाता है.
इतने में सब नाहा के वापस आये तो ढिबरी के कमरे में टेबल पे पूरा खाना लगा हुआ था.
ढिबरी - आइये आपलोग खाना खा लीजिये.
फिर चारो बैठ गए खाना खाने
रूद्र – क्या बात है खतरा तुझे नहीं खाना?
खतरा – नहीं मए तो खता रहता हु तुम खा लो?
रूद्र ने बुरा सा मुँह बना के खतरा को देखा तो वो मुस्करा दिया.
खाना ख़तम करने के बाद. सब चलने लगे तो बहार आ कर
खतरा – मेरी बीवी को मेरा प्यार दे देना तुम hi. और हो सके तो ले आ उसे त्रिकाल से बात कर के क्यों की मुझे नहीं लगता ये लोग इस बार सफल होंगे. फिर हमें लम्बे समय तक इंतजार hi करना है न. अब इनके यहाँ आने और मेरी इनको दी गयी सहायता के एवज में मुझे अपनी बीवी से कुछ दिन मिलने की छूट तो मिलनी hi चाहिए न.
ढिबरी – बात तो सही है तेरी, मए त्रिकाल से बात करुँगी अब जा तू.
सब लोग आगे बढ़ जाते है खाना खा के और नाहा के चारो के अंदर फुर्ती आ गयी थी.
रूद्र – क्या खतरा सेटिंग कर रहे थे अपनी?
खतरा – मए कोई सेटिंग नहीं कर रहा था अपनी बीवी का हल चल पुछा रहा था.
रूद्र ने पीछे मुद के देखा तो अब वह कोई घर नहीं था गुफा दूर तक सुनी थी.
रूद्र – खतरा वो घर कहा गया?
खतरा – वो ढिबरी का घर था वो अपनी मुट्ठी में बंद कर के ले गयी . यहाँ सब मायावी है.
फिर सभी लोग चुप चाप आगे बढ़ने लगते है बीच बीच में रूद्र और खतरा hi बात कर रहे थे लेकिन इतनी देर में पूनम ने एक शब्द भी बात नहीं की थी. कोई दो घंटे चलने के बाद वो गुफा ख़तम हो गयी और खतरा वही दीवार के सहारे टिक के बैठ गया.
ये चारो आँखे फाड् के सामने देख रहे थे.
सामने गुफा के तीन दरवाजे नजर आ रहे थे.
खतरा – मेरा काम ख़तम हुआ तुम आगे जाओ मए यही रहुगा पर यहाँ से तुम्हे hi आगे जाना है?
देव – लेकिन तुम तो हमें रास्ता दिखने आये थे.
खतरा – है तो दिखा दिया न मुझे यही तक रास्ता दिखाना था. अब तुम्हे जाना है आगे. या चाहो तो यही रुक जाओ जब तक तुम लोगो की इच्छा. ढिबरी को बुला के समय समय पे तुम लोगो का खाना पन्ने दिलवाता रहुगा.
रूद्र – अबे सटकले यहाँ रुकने के लिए आये क्या हम लोग बता किस रस्ते जाना है?
खतरा - ...............