Fantasy इच्छाधारी देव - Page 22 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Fantasy इच्छाधारी देव

भाई आपके कमेंट के लिए धन्यवाद और आपने राजा के बारे में पुछा तो उस पर हम सिर्फ इतना hi कहेगे की राजा का रोले तो बस इस नगरी तक hi है तो उसके पास्ट में जा कर ये जानना के उसे राजा hi क्यों बनाया ी थिंक इतस वास्ते ऑफ़ टाइम. तो इसीलिए उस पर नहीं जाते है के ये राजा क्यों बना और त्रिकाल से क्यों बात की. वो त्रिकाल से बात कर रहा है इसका मतलब के वही वो देव के सामने फ़ैल हो गया. और देव का सोचना सही साबित हुआ के वो त्रिकाल से hi बात करेगा. लेकिन अब दरबार में क्या होगा. ये देखने लायक बात होगी. और उम्मीद है आप लोगो को पसंद आएगा.
 
ी ऍम फुल्ली एग्री नैना जी के भीख मांगना मतलब कमाने का एक आसान रास्ता ढूंढने जैसा hi है और अलसी पैन की निशानी है. और इतना hi नहीं बल्कि ये हमारे देश का दुर्भाग्य hi साबित होता है के लोग ऐसे रस्ते अपनाते है अपनी आजीविका चलने के लिए. जो के सरासर गलत है. ये बात तब और ज्यादा गलत हो जाती है जब ये काम कोई सक्षम व्यक्ति करता है चाहे वो औरत हो या मर्द. ये क्राइम तब बन जाता है जब बड़े लोग इसमें बच्चो को भी इन्वॉल्व कर देते है. है ये भी सही है के तरस खाकर hi सही लेकिन भीख देना भी एक तरह से उसे बढ़ावा देने के जैसा hi है. अपडेट के ऊपर आपके रिव्यु के लिए आपका धन्यवाद.
 
अपडेट- 140

यहाँ देव, रूद्र, नीलम, पूनम सभी ख़ामोशी से बैठे थे लेकिन सोच सब के दिमाग में चल रही थी. थोड़ी देर के बाद खाना आ गया और उसके बाद इन्होने खाना खा के वही बिछे गड्डो पे लेटकर आराम किया जब फिर से दरबार लगा तो सैनिक इन्हे बुलाने आ गए. और ये चारो फिर दरबार में खड़े थे.

अब आगे..........

राजा – देखो देव मैने तुम्हारे बारे में सब पता किया है तुम्हारे आने का मकसद भी मुझे पता है. पर उस सब से मेरा कोई वास्ता नहीं है. और जो गलती तुमने की है यहाँ ……..

देव बीच में – मैने कोई गलती नहीं की है गलती आपकी व्यवस्था में है. आप पहले से बता देते या कोई इंतजाम किया होता तो मए भीख देता hi नहीं. वैसे भी मए भीख देने में यकीन नहीं रखता बल्कि उन हालातो को ख़तम करने का इच्छुक रहता हु जिसमे किसी को भीख मांगने की जरुरत hi नरहे. लेकिन यहाँ मेरे पास ऐसे न तो साधन है न hi इतना समय के यहाँ किसी तरह के हालत को सुधरने बैठु. इसीलिए अब ये मत कहियेगा की मैने कोई गलती की है.

राजा - अच्छा ठीक है अनजाने में तुमने गलती की है. और यहाँ के कानून के मुताबिक तुम्हे सजा भी भुगतनी पड़ेगी.

देव – कैसी सजा ?

राजा - गलती क्यों की अनजाने में हुई है इसीलिए सजा में तुम्हे आराम दिया जायेगा. मतलब सजा तुम्हरी पसंद की होगी. मंजूर है?

देव – बिना सुने मए कुछ मंजूर नहीं करुगा इसीलिए पहले आप बता दीजिये बाद में मए सोच के बोलूगा.

राजा – ठीक है. तो पहली सजा ये है के ये भिखारी जिस गली में अनंत कल के लिए भीख मांग रहा था तुम लोगो को सिर्फ वह पर एक वर्ष भीख मांगनी होगी. उसके बाद तुम सब आजाद हो.

क्यों के ये कार्य अनजाने में हुआ है इसीलिए सजा में नरमी है. यदि यही तुमने जानबूझकर किया होता तो तुम्हे भी वह भीख अनंतकाल तक मांगनी पड़ती.

इसके बदले में दूसरी सजा ये है के तुम दोनों पुरुषो को मए आज़ाद कर दुगा अपनी नगरी से बिना कोई सजा दिए लेकिन ये लड़किया हमारी महारानी की दसिया बन कर महल में रहेगी और रोज रत को हमारा दिल भी बहलाएगी और अगर तुम अपने मकसद में कामयाब हो जाते हो जिसके लिए के तुम लोग यहाँ आये हो, तो जब तुम्हरी वापसी होगी इन्हे तुम लोगो को वापस कर दिया जायेगा. और अगर ये भी मंजूर नहीं तो तीसरी सजा ये है के तुम्हे हमारे सबसे खूंखार हथियार से लड़ना होगा. एक ऐसा दानव ऐसा योद्धा जिसे स्वयं त्रिकाल ने बनाया है. जिसने आज तक हार नहीं मणि जब से ये तिलिस्म बना है तब से वही यहाँ का योद्धा है लेकिन है हमारा सेवक. त्रिकाल का तोहफा है वो.

देव – क्या उसके बारे में भी थोड़ा खुल कर बतायेगे महाराज?

रूद्र की तो आँखे गुस्से से लाल हुई पड़ी थी राजा की बात सुन कर hi वो तो देव ने उसे इशारे से रोका हुआ था क्यों की वो जनता था के रूद्र भड़का तो साला बंद बजा देगा. और अभी देव इस मूड में नहीं था वो राजा की ( असल में त्रिकाल की ) पूरी योजना जान लेना चाहता था.

राजा – उसे तुम देख नहीं सकते उसकी लम्बाई चौड़ाई का कुछ अंदाजा नहीं लगा सकते वो अदृश्य है . उसके हाथ hi उसके हथियार है, शक्तिशाली इतना के पहाड़ उठा ले. चट्टान को चुटकी से मसल दे. उससे लड़ने वाला कभी जीवित नहीं रहता. बाकि तो यदि तुमने उसके सामने जाने का फैसला लिया तो खुद समझ hi जाओगे.

रूद्र – अरे लेकिन जब वो दिखेगा hi नहीं तो लड़ेंगे किस्से? और उसे जानेगे कैसे?

राजा – ये तो देव की समस्या है हमारी नहीं. लेकिन अगर तुमने उसे हरा दिया जो के नामुमकिन है तो फिर तुम सब को सम्मान सहित इस नगरी से बिना किसी सजा के विदा किया जायेगा.

देव – थोड़ी देर सोचने के बाद

देव – महाराज मए कुछ कहना चाहुगा लेकिन आपके पास आकर. क्यों की इतनी दूर से कहना मुझे अच्छा नहीं लग रहा है.

राजा – ठीक है तुम हमारे पास आ कर कह सकते हो.

देव राजा के पास चला गया और इतनी आवाज़ में बात करने लगा के कोई और न सुन सके.

वही पूनम और नीलम के चेहरे भी गुस्से से लाल हो चुके थे अब उन पर एक मुस्कान थी क्यों की वो जानती थी के देव राजा के पास जाका उसकी hi मरने वाला है. लेकिन रूद्र सिर्फ अपने क्रोध में जला जा रहा था.

देव – राजा तुम्हारी पहली शर्त. के हम लोग यहाँ एक वर्ष भीख मांगे. हमें मंजूर नहीं क्यों के ये हाथ दे ने के लिए बड़े थे कभी मांगने के लिए नहीं फ़ैल सकते और तुम हम सब को अभी जानते नहीं हो के हम कौन है. हम जिसके सर पे हाथ रख दे वो भिखारी भी तुम जैसे 1000 राजाओ को भीख दे सकता है. इसीलिए हमसे भीख मंगवाने की तुम्हारी औकात नहीं.

दूसरी सजा के तुम इन लड़कियों को अपनी महारानी की दासी बनाओगे और अपना खिलौना वो भी तब तक जब तक हम इस तिलिस्म को न तोड़ दे. तो सुन राजा ये मेरी पूनम है यानि तिलिस्म नगरी की राजकुमारी और मेरी होने वाली महारानी और ये है नीलम एक मणि धरी, शिवभक्तिनि, इच्छाधारी, खूंखार नागिन अरे इसका कटा तो पानी भी नहीं मांगता खुद पानी की तरह बाह जाता है. ये है मेरे परम मित्र रूद्र की होने वाली महारानी. जो के उस से कही ज्यादा खूंखार है वो खुद भी एक इच्छाधारी और मणि धरी है. ये दोनों लड़किया भविष्य की महारानियाँ है. और वो भी ऐसी महारानियाँ जिनके सामने संसार की हर महारानी भीख मांगती नजर आये. और तेरे जैसो के लिए तो ये जिन्दा नर्क की आग hae.To इन्हे दासी बनाने का सपना तू सपने में भी मत देखना वार्ना तेरे सपने में आकर ये वो तबाही मचाएगी के तुझे कभी सपना hi नहीं आएगा. 24 घंटे तेरी आंखे इस दर से खुली रहेगी के कही आँख बंद करते hi ये तेरे सामने में न आ जाये.

अब रही बात तेरी तीसरी सजा की. तो मंजूर तो मुझे वो भी नहीं. क्यों की हमारी गर्दन उड़ाना या हमें मसलना यहाँ किसी के बस की बात नहीं पर है तुम एक राजा हो तो मए इसे तुम्हरी ललकार समझ कर मंजूर करता हु. पर इसमें अगर हर मेरी हुई तो मेरे मरते hi तुम बेशक जीत जाओगे पर अगर जीत हुई जो की होगी hi. तो तुम्हारी सजा क्या होगी? क्या यही के हम लोग यहाँ से निकल जायेगे ? वो तो हम जायेगे hi. और सच कहु जा तो अभी भी सकते है. कोई हमें नहीं रोक सकता न तुम न तुम्हारा कोई अदृश्य योद्धा. पर तुमने हमें ललकारा है. गलती तुमने की और अपनी गलती छुपाने के लिए तुम हमें सजा देना चाहते हो? ऐसा नहीं होगा.

अब मेरी बात को और ध्यान से सुनो जैसा के मैने कहा मुझे तुम्हारी तीरसि बात मंजूर है मए तेरे उस अदृश्य योद्धा को धूल में मिलाउंगा. तुमने हमें तीन सजाओ में से एक चुनने को कहा न अब मए तुम्हे तीन रस्ते देता हु वो भी बिना किसी से सलाह किये.

1. मेरे जीतनेय के बाद तुम हमें यहाँ से निकलोगे साथ hi हम जिस चीज़ की तलाश में है तुम हमें सीधा वह पंहुचा डोज.

राजा - ये मुमकिन नहीं है. ये मेरे बस में नहीं. मए त्रिकाल के नियमो से बंधा हुआ हु.

देव – ठीक है तो दूसरा रास्ता ये है के मुझे अभी त्रिकाल से मिलवा दो मए खुद hi बात कर लगा उससे के मेरे जितने पे मुझे क्या चाहिए. साथ hi ये भी कह दुगा के उसने तुम जैसे मुर्ख को राजा बनाया. जिसने उसके नियम तक सब को नहीं बताये है. तुम बेकार हो किसी काम के नहीं.

राजा – देव मेरी हालत समझो मए मंटा हु गलती मेरी है. और उसी वजह से मए तुम्हे यहाँ से निकल भी दुगा लेकिन उस के आगे मए कोई सहायता नहीं कर सकता क्यों के ये तिलिसिम चक्र बहोत बड़ा है मए खुद नहीं जनता पूरा इसके विषय में. और त्रिकाल किसी से भी मेरे कहने पे नहीं मिलेगा वो खुद जब चाहे किसी से भी बात कर सकता है मेरी इतनी मजाल नहीं के मए त्रिकाल से तुम्हे मिलवा सकू. वो भगवन है हमारा. इस तिलिस्म में बसी नगरी का भगवन.

देव – ठीक है चलो मान ली तुम्हरी विवशता. तुम भी क्या याद रखोगे लेकिन फिर तुम्हे मेरी तीसरी बात माननी होगी के मेरे जीतने के उपरांत हमें यहाँ से निकलने से पहले हम वो रत तुम्हारे शाही मेहमान बन के रहेंगे और तुम्हारी रानी मेरी होगी पूरी रत के लिए. आखिर तुम भी तो हमारी रानियों को अपने पास रखने की बात कर चुके हो न हम से. बोलो मंजूर है? और अगर मए हर भी गया तो भी मेरे तीनो साथियो को तुम सुरक्षित यहाँ से निकलोगे.

राजा के होठ बीच गए और उसने जलती हुई आँखों से देव को घुरा.

देव – अपना जवाब दो राजा तुम्हे मेरी तीनो बातो में से क्या मंजूर है?

राजा अपनी मुठिया भींच कर – देव तुमने आज वो बात कह दी है जो किसी के विचार में आने पर भी हम उसे कड़े से कड़ा दंड देते. लेकिन मए क्यों के घिर चूका हु, मेरे पास कोई रास्ता नहीं है, तुम्हारी पहले की दोनों बाटे मन्ना मेरे वश में नहीं, इसीलिए मुझे तुम्हारी तीसरी बात मंजूर है. पर मए जनता हु इसकी नौबत नहीं आएगी क्यों के मेरे योद्धा से जितना तुम्हारे भी बस में नहीं है. तुम्हारी लाश पड़ी होगी हमारे सामने ये मए जनता हु. और लाश किसी के साथ रत नहीं बिताती. है उसके बाद तुम्हरे साथी तुम्हरे बिना यहाँ से सकुशल बहार निकल दिए जायेगे. आगे उनके साथ क्या होता ये त्रिकाल की मर्जी.

देव – देखते है राजा की किस को क्या मिलता है.

देव वह से उठकर थोड़ा जोर से – ठीक है राजा हमें आपकी तीसरी शर्त मंजूर है. लड़ने का इंतजाम कीजिये.

राजा – तो जैसा की तय हुआ है. देव अकेला हमारे उस अदृश्य योद्धा से लड़ेगा. ये बात मए hi नहीं बल्कि यहाँ का हर निवासी जनता है के उस योद्धा को परास्त करना तो दूर उससे लड़ने की बात सोचना भी आत्म हत्या करने के बराबर है. लेकिन क्यों की हमने हमारी व्यवस्था की गलती के कारन देव को तीन रस्ते बताये जिससे के वो चाहता तो अपनी जान बचा सकता था. लेकिन इसने पहले के दोनों रस्ते बंद कर के हमारी तीसरी शर्त मणि है और साथ hi देव का ये निवेदन है के इस लड़ाई के उपरांत इसके तीनो साथियो को हर हल में छोड़ा जाये क्यों की भीख देने की गलती अनजाने में hi सही लेकिन देव से हुई थी. इसीलिए इस लड़ाई के उपरांत यदि देव हर भी जाता है तो इसके साथियो को इस नगरी से बहार निकल दिया जायेगा. अब रही बात देव की तो यही सही. अब इसकी मदद तो त्रिकाल भी नहीं कर सकता…………….

……………हे अदृश्य योद्धा. हमें यदा कड़ा तुम्हारी आवाज़े सुनाई देती है. जिससे की ये प्रतीत होता है के तुम खुद खली बैठे बैठे परेशां हो रहे हो तो तुम्हारे लिए त्रिकाल की अपार दया से एक शिकार आ रहा है. जिस पर तुम अपना क्रोध निकलने के लिए और इसे मसलने के लिकए पूरी तरह से स्वतंत्र हो. कल तुम्हे इस देव से लड़ना है तैयार रहना.

………… देव तुम्हारी लड़ाई हमारे उस अदृश्य योद्धा से कल प्रातः कल होगी. तुम्हे समय से हमारे खेल मैदान में आना है. तब तक आज की रत तुम और तुम्हारे साथी हमारे मेहमान हो. कल का कल देखेंगे के तुम्हारे साथ क्या किया जाता है.

फिर सभा सम्पत हो गयी और देव अपने साथियो के साथ उसी कमरे में आ गया.
 
थैंक यू वैरी मच फॉर योर लवली रिव्यु लिखे ऑलवेज. नेक्स्ट अपडेट हम बिना किसी इंतजार के देने वाले थे बैक तो बैक 2 ुपड़तै कंटिन्यू. लेकिन मुझे कुछ चेंज करने पड़े ाक्टुअलय कुछ नहीं बल्कि पूरा अपडेट hi चेंज करना पड़ा. उसका कारन भी खास hi है. जो के आपको पता चल जायेगा. वेल नेक्स्ट अपडेट बहोत जल्द देने की कोशिश है. और दे भी देंगे.
 
अपडेट – 141

………… देव तुम्हारी लड़ाई हमारे उस अदृश्य योद्धा से कल प्रातः कल होगी. तुम्हे समय से हमारे खेल मैदान में आना है. तब तक आज की रत तुम और तुम्हारे साथी हमारे मेहमान हो. कल का कल देखेंगे के तुम्हारे साथ क्या किया जाता है.

फिर सभा सम्पत हो गयी और देव अपने साथियो के साथ उसी कमरे में आ गया.



अब आगे…………..


पूनम – तुमने राजा को क्या कहा था पास जाकर

देव ने सब कुछ उन्हें सच सच बताया

रूद्र – तो इसका मतलब तुम जीत की रत इस महल की महारानी के साथ बिताओगे?

देव – है क्यों की उसने मेरी होने वाली पत्नी पे बुरी नजर डाली और मेरी बहन सामान नीलम पे भी और इसकी सजा दिए बिना मए यहाँ से कैसे जा सकता हु. अब उस पर हाथ तो उठा नहीं सकता उसे मर भी नहीं सकता लेकिन उसे जख्म तो दे hi सकता हु न.

पूनम – देव मए भी सोच रही थी के हमारी भरे दरबार में बेइज्जती के बाद भी तुम खामोश कैसे हो रूद्र तो गुस्से से कंपनी hi लगा था और राजा पे कूदने वाला था लेकिन नीलम उसे पकड़ के कड़ी थी हमें बस तुम्हारे इशारे का इंतजार hi था पर तुमने जो सोचा सही सोचा है. लेकिन फिर भी एक बात कहुगी, गलती राजा ने की अपनी गन्दी नियत के साथ. तो इसकी सजा महारानी को क्यों मिले?

देव – पूनम मए इतना नीच नहीं के राजा की गलती की सजा निर्दोष रानी को दू. मए बस उसके कमरे में रत बिताऊंगा. रानी को अपनी तरफ से कुछ नै करुगा लेकिन अगर रानी ने मुझ में दिलचस्पी दिखाई तो सिर्फ उसकी ख़ुशी के लिए मए सब कुछ करुगा. नहीं तो मए रानी के कमरे से सुबह को निकलूंगा बिना कुछ किये पर राजा जिंदगी भर यही सोचेगा के मैने रानी के साथ सबकुछ किया. और उसे हमेशा अपनी गलती का अहसास होता रहेगा.

रूद्र – लेकिन अगर इस बात पर राजा ने रानी को छोड़ दिया तो?

पूनम – राजा ऐसा नहीं कर सकता यहाँ के हर इंसाने को कार्य दिया गया जैसे भिखारी को भीख मांगने का कार्य दिया गया था. वैसे hi राजा को राज करने का कार्य दिया गया है और रानी को उसकी पत्नी होने का कार्य दिया गया है. यहाँ सभी अपनी अपनी सजा काट रहे है. मत भूलो. जैसे हमारे यहाँ फिल्मो में डायरेक्टर की तरफ से सबको रोल दिया जाता है. अब फिल्म में जो भी हो उस एक्टर या एक्ट्रेस की निजी जिंदगी उससे प्रभावित तो नहीं होती न. वैसे hi ये सब है फिर चाहे वो राजा और रानी hi क्यों न हो. इसीलिए राजा छह कर भी रानी को अपने महल से नहीं निकल पायेगा बल्कि उसे रानी से वैसा hi एक अचे पति का व्यव्हार करते रहना पड़ेगा और रानी को उसकी पत्नी का किरदार निभाते रहना पड़ेगा. इनका डायरेक्टर है त्रिकाल. यदि वो कुछ चेंज करना चाहे तो कर दे लेकिन यहाँ के लोग यानि इस तिलिस्मी फिल्म के एक्टर अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकते.

नीलम - फिर तो देव का फैसला सही है., देव भैया आप जाओ और उस राजा को बता दो की हम पे नजर देल कर उसने क्या खोया ? यदि हाथ लगा लेता तो क्या खो सकता था. क्यों की उनकी इस फिल्म या नौटंकी के हम कोई एक्टर नहीं है. न hi हम किसी त्रिकाल नाम के डायरेक्टर के कहने पे चलने वालो में से है.

देव तुम लोग निश्चिन्त रहो ऐसा hi होगा

इस मायावी नगरी में तो अँधेरा होते hi सब काम बंद हो जाते थे. उन्हें यहाँ अपने परिवार को बढ़ाने का पूरा अधिकार था यानि कोई फॅमिली प्लानिंग नहीं जो करना है अपनी बीवी के साथ करो जितना करना है करो., बच्चे पैदा करो. उस हिसाब से वह रत हो चुकी थी. और सब लोग अपने अपने कमरों में बंद थे अपनी मनमानी करने के लिए. LOL

दूसरे दिन सुबह इन सबको जल्दी उठा दिया गया. और ये लोग भी महल में hi तैयार होने लगे. फिर इनका नाश्ता भी इनके कमरे में पंहुचा दिया गया अब तक इन्हे न तो राजा दिखाई दिया था न रानी न hi उनका कोई सन्देश आया था. जबकि ये अपने सब निजी कार्यो से फ्री हो चुके थे.

रूद्र – अबे ये राजा नगरी छोड़ के तो नहीं बहग गया न तेरे दर से.

देव – अबे हैट गयी है क्या वो क्यों भागेगा मए उसे थोड़े न मरने वाला हु.

रूद्र - है तू तो रानी…….

नीलम बिच में - स्टॉप आईटी रूद्र.

रूद्र – ओह्ह सॉरी हनी.

देव और पूनम मुस्कराने लगे.

पूनम - देव अब क्या सोचा है तुमने कैसे लड़ोगे उससे. जो दिखाई hi न दे.

देव – यार भले hi वो दिखाई न दे लेकिन उसका वजूद तो है hi न. तभी तो वो मुझ पर वार करेगा. बस मए उसे देखे बिना उसके वजूद पर वार करुगा. लेकिन कैसे ये मए भी नहीं जनता पर करना तो वही है न. है उसके लिए मुझे कंसंट्रेशन की जरुरत होगी फुल वो भी.

पूनम – हम्म्म्म मेरा भी यही विचार था. लेकिन मए तुम्हे एक चीज़ देती हु इसे अपने पास रख लो इसका इस्तेमाल करना. वो तुम्हे दिखने लगेगा.

रूद्र – क्या दिखने लगेगा. क्या ये कोई गैजेट है?

पूनम – नहीं रूद्र ये तो बस साधारण hi है बस इससे मार्किंग हो जाएगी और देव इसका इस्तेमाल तभी करना जब उसे तुम एक बार पकड़ लो.

ददेव – ok प्रिंसेस ी विल.

रूद्र – कुछ भी हो वो दिखने लगे देव को बस लेकिन ऐसा होगा न?

पूनम - है ऐसा hi कुछ . लेकिन उससे पहले देव को उसे पकड़ना होगा कुछ सेकंड के लिए hi सही. वो भी बिना देखे. जब ये उसे पकड़ लेगा तब वो इसकी मदद से दिखने लगेगा. लेकिन सिर्फ देव को. क्यों की हम सब तो दूर होंगे न. पर कुछ देर के बाद वो हम सब को भी दिखने लगेगा. बूत ी थिंक तब तक देव उसका कीमा बना चुक्का होगा.

नीलम - देव भैया उसे छोड़ना नहीं. क्यों की उसे मरने केबाद hi उस राजा को वो सजा मिलेगी जो मिलनी जरुरी आहे उसने पूनम और मेरा नाम लिया अपनी गन्दी जबान से. और हमारे बारे में गलत सोच कर गलती कर दी है. और उसे सजा देने का यही मौका है.

तभी वह एक सैनिक आता है.

सैनिक - चलिए आपका उस खेल मैदान में जाने का समय आ गया है. और महाराज का आदेश भी आया है.

रूद्र – तेरे महाराज की तो आज बंद बजेगी बीटा चल.

फिर देव , रूद्र, पूनम और नीलम वह से निकल पड़ते है उस सैनिक के साथ .
 
अपडेट - 142

रूद्र – तेरे महाराज की तो आज बंद बजेगी बीटा चल.

फिर देव , रूद्र, पूनम और नीलम वह से निकल पड़ते है उस सैनिक के साथ .



अब आगे..........


थोड़ी देर में hi वो लोग उस खेल के मैदान में आ जाते है. जो की किसी स्टेडियम की तरह था दिखने में. और पूरा भीड़ से खचाखच भरा हुआ था. क्यों की सभी उत्सुक थे इस लड़ाई को देखने के लिए. जब राजा की नजर इन चारो पर पड़ती है.

राजा – आओ देव हम तुमसे आखरी बार पूछ रहे है क्या तुम तैयार हो? अगर चाहो तो अब भी अपना फैसला बदल कर मेरी बाकि की दोनों में से कोई भी सजा चुन कर तुम इस भयानक मौत से बच सकते हो.

देव – तयारी तो अनादि करते है राजा खिलाडी तयारी नहीं करते तैयार hi रहते है. और हमें मालूम है के हम इस वक़्त त्रिकाल के तिलिस्म में है और इस तिलिस्म में कदम रखने से पहले hi हम यहाँ होने वाली हर घटना दुर्घटने के लिए तैयार थे तो जब हम इस तिलिस्म के बीचो बिष खड़े है तो अब क्या तयारी करनी है हमें? इसीलिए बुला लो अपने उस योद्धा को जिस पर तुम्हे घमंड है के उसे कोई हरा नहीं सकता आज उसकी गार्डन और तुम्हारा घमंड दोनों के टूटने का दिन है. और ये होगा ी प्रॉमिस यू

राजा - क्या?

देव – ओह्ह्ह कुछ नहीं

रूद्र - ( धीरे से) साला तिलिस्म में इंग्लिश ? घंटा समझ आएगी इन्हे.

राजा – वो योद्धा यही है और तुम्हे देख भी रहा है और सुन भी रहा है.

देव – मए कैसे मन लू के वो यही है?

राजा – अभी मिलवा देता हु.

………….योद्धा अपने यहाँ होने का प्रमाण दो.

तभी एक तलवार हवा में घूमती है और राजा के सामने बानी एक शेर की मूर्ति का सर कट कर नीचे गिर पड़ता है.

रूद्र – ओह्ह तो ये महाशय यही खड़े है.

देव भी सामने देखता है तो एक तलवार हवा में उस से कुछ दो फ़ीट ऊपर तानी हुई नजर आती है.

देव अपने सामने खली जगह को घर रहा था. उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था लेकिन फिर भी वो मुस्करा के उस तरफ देखता है.

देव – तो तुम हो वो अदृश्य योद्धा ? अब तुम कितने बड़े योद्धा हो ये तो पता चल hi रहा है भला न दिखाई देकर अगर तुमने किसी को मार भी गिराया तो उसमे कौन सी बड़ी बात है? ऐसे में तुम योद्धा कहलाने के लायक तो हो नहीं तुम्हे बेकार में hi योद्धा का नाम दिया गया हर. और मेरे हिसाब से तुम कोई खतरनाक भी नहीं हो? क्यों की बिना दिखाई दिए तो एक बच्चा भी अपने से बड़े को मर सकता है. तुम यदि कोई असली यदा होते तो सीना तान के मेरा सामना करते तब पता चलता के योद्धा कौन है.

योद्धा – मुझे भड़काने का प्रयास मत करो देव . और मैने ये जान बूझकर नहीं किया है ये तो त्रिकाल महँ ने मुझे अदृश्य किया है. वार्ना मए सामने आकर भी तुम पर उतना hi भरी पड़ता जितना अदृश्य होकर पडूगा. और मैने तुम्हारे बारे में भी जाना है के तुम कोई साधारण इंसाने नहीं हो. तो चलो मैदान में आज हम दोनों में से किसी एक का आखरी दिन है.

देव – राजा ने मुझे चुनने के लिए तीन रस्ते दिए थे . बदले में मैने भी उसे तीन रस्ते दिए थे. अब मए तुम्हे दो रस्ते दे रहा हु. तुम्हे भी हक़ है क्यों की बिना किसी कसूर के तुम अपनी जान दांव पे लगाने वाले हो. वो भी इस राजा की वजह से.

तो पहला रास्ता तो यही है के तुम मुझसे लड़ो और मारे जाओ. लेकिन दूसरा रास्ता ये है के तुम अभी अपनी तलवार जो तुमने उठा राखी है उसे नीचे की तरफ करके इस लड़ाई से बहार हो जाओ और अपनी जान बचा लो क्यों के जैसा तुमने कहा तुम मेरे बारे में जानते हो तो उस हिसाब से तुम खुद भी अपनी जान नहीं गवाना चाहोगे.

योद्धा – देव, बातो में समय न गवाओ. होंगे तुम कोई बाहुबली. लेकिन मुझे भी काम कर के मत आंको क्यों की ये तुम्हारे लिए घातक सिद्ध हो जायेगा. अब चलो मैदान में मैने तुमसे लड़ना का मार्ग hi चुना है.

देव – ठीक है चलो.

पूनम - अपना ख्याल रखना देव और मेरी बात भी यद् रखना.

देव – मुझे याद है. और रूद्र यदि मुझे कुछ हो जाये तो अपने ऊपर नियंत्रण रखना. उस हालत में नीलम के साथ साथ पूनम की जिम्मेदारी भी तुम्हरी होगी. वो स्वर्ण मणि हर हाल में तुम तीनो हासिल करना.

रूद्र – बकवास न कर और जा, जा कर उसे मर के आ. ये छछूंदर तेरा बल नहीं उखड सकता जनता हु मए. चल जा.

तभी उस योद्धा की तलवार नीचे गिरने की आवाज आती है. सब पलट कर देखते है. अब योद्धा वह है या मैदान को निकल गया किसी को नहीं पता था.

देव आगे बढ़ कर मैडना की तरफ बढ़ता है. और अब वो मैदान के बीचो बिच खड़ा था.

राजा – देव मैदान में सभी तरह के हथियार रखे है जो चाहो चुन सकते हो. मुकाबला शुरू किया जाये.

राजा की बात सुन कर वह पे खड़ा एक सैनिक जोर से वही रखा एक नागदा बजा देता है. जो के मुकाबले के शुरू होने का संकेत था.

देव मैदान में खड़ा चारो तरफ देख रहा था उसे कोई अंदाजा नहीं हो प् रहा था के वो योद्धा कहा है. क्यों की पूरे मैदान में वो अकेला खड़ा था.

देव – अबे खली हाथ hi लड़ेगा क्या? सामने हथियार है जिसे चाहे उठा के मुझ पर वार कर.

तभी देव को अपने पीछे से आवाज आती है.

योद्धा – तेरे लिए तो मेरे हाथ hi काफी है देव और मए कोई हथियार उठा कर तुम्हे अपनी स्थिति का आभास होने नहीं दुगा. क्यों के मौत कब किस वक़्त कहा से कैसे आती है कोई नहीं जनता और तेरे साथ भी आज यही होना है. तेरे साथी तेरी हालत पे खून के ांसो रोयेंगे.

देव चारो तरफ गोल घूम रहा था क्यों की योद्धा की आवाज़ चारो तरफ से आ रही थी शायद वो बात करते हुए देव के चारो तरफ घूम रहा था. शयना तो वो भी था और वो समझ रहा था के देव उसकी आवाज़ से उसकी पोजीशन पता कर के उस पर वार कर सकता है.
 
अपडेट - 143

देव चारो तरफ गोल घूम रहा था क्यों की योद्धा की आवाज़ चारो तरफ से आ रही थी शायद वो बात करते हुए देव के चारो तरफ घूम रहा था. शयना तो वो भी था और वो समझ रहा था के देव उसकी आवाज़ से उसकी पोजीशन पता कर के उस पर वार कर सकता है.

अब आगे…

तभी देव को अपनी पीठ पे एक जोरदार धक्का सा लगा. ये उस योद्धा ने किक मरी थी. देव की पीठ पर. देव लड़खड़ाता हुआ आगे को हुआ लेकिन खुद को गिरने नहीं दिया.

योद्धा- क्यों देव कैसा रहा पहले वार?

देव चारो तरफ अंदाजा लगते हुआ गोल घूम रहा था.

देव – बहोत hi घटिया था. साला पहला वार किया वो भी पीठ पर. सेल सुना नहीं है दिलओगे पीठ पे मारा है साइन पे खायेगा. ( देव ने मर्द फिल्म का दिलओगे चिपका दिया).

योद्धा - मए सुनता नहीं सुनाता हु.

देव – है लौड़े तू अमिताभ से बड़ा है न. अभी बताता हु सेल.

लेकिन इतने में योद्धा का हथोड़े जैसा घुसा देव के मुँह पे पड़ा. और देव फिर लड़खड़ा गया अभी वो सम्भला hi था के योद्धा ने बिना कोई बात किये देव की दूसरी कनपटी को अपने घुसे से सेंक दिया. देव का सर घूम गया उसके घुसो से.

रूद्र – ये देव कर क्या रहा है. वो साला वार पे वार किये जा रहा है और देव तो जैसे बेबस हो गया है.

पूनम शांत आवाज़ में. – देव अपने दिमाग से मात देगा उसे क्यों की क्रोध यहाँ घातक सिद्ध होगा और वो योद्धा देव को गुस्सा hi दिलाना चाहता है लेकिन देव शांत रह के उसे hi क्रोधित करता जा रहा है जो देव के लिए फायदेमंद और उस दूसरे के लिए घातक सिद्ध hoga.isiliye देव की तरह शांत रहो और मजे लो फाइट के.

नीलम - हाउ रौदे पूनम दी यहाँ देव मार खा रहा है और आप मजे लेने की बात कर रही है वो देखो फिर से देव को पंच पड़ा है पेट में. और देव पूरा झुक गया है कुछ करो न.

पूनम – मए क्या करू मए जाऊ क्या लड़ने. वह देव यहाँ ये रूद्र. मुझे हिलने भी नहीं देंगे. और तू मुझे कह रही है के मए कुछ करू. पागल हुई है क्या? और लड़ने में तू कौन सी काम है ये देव और रूद्र को भुला कर्त ु जा सकती आहे तो आज कर दिखा मैदान में.

नीलम - सॉरी मए तो भूल hi गयी थी के ये भी तो है यहाँ आप hi जाओ न रूद्र देव की हेल्प के लिए.

रूद्र – तू हिली भी तो तुझे छोटी से पकड़ के यही बांध दुगा साला कोई खोल न पायेगा जिंदगी भर. और अभी तो तू चोंच बंद hi रख चंद्रमुखी. मए वह गया न तो देव उस सेल दो कौड़ी के योद्धा को छोड़ मुझे hi कूट देगा. और मेरा अभी पीटने का कोई मूड नहीं है.

पूनम - देखा इसीलिए मने कहा था मजे लो.

मैदान में देव को अब तक अभोत छोटे आयी थी. योध के द्वारा. लेकिन देव ने अब तक कुछ नहीं किया था. वो अब कोई बात भी नहीं कर रहा था. अचानक देव ने आंखे बंद की और मैडना के बीचो बीच खड़ा हो गया. आँखे बंद कर के. जैसे hi योद्धा ने अपना हाथ घुमाया देव को मरने के लिए उसी वक़्त देव ने अपना हाथ अपने चेहरे के आगे किया और योद्धा का हाथ देव के पंजे में आ गया. देव ने तुरंत अपनी जलती हुई आंखे खोली और अपने सामने घूरते हुए एक भयानक पंच सामने वाले की छाती का निशाना बना के चला दिया एक जोरदार चीख गूंज उठी.

देव – क्यों बे गांडू बोलै थान ा पीठ पे मारा है सीने पे खायेगा.

फिर देव बाला की फुर्ती से उसका हाथ पकड़ के घूम गया और. योद्धा का दूसरा हाथ भी अण्डजए से पकड़ लिया अब देव ने उसके दोनों हाथो को उसके पीछे से पकड़ लिया और अपनी लात आगे के जो दिखाई तो किसी को नहीं दे रहा था लेकिन असल में देव ने दोनों हाथो से योद्धा के हाथ पकड़ के अपनी लत उसकी पीठ पे जमा दी और फुल प्रेशर देने लगा योद्धा की चीख निकलने लगी लेकिन अब देव उसका हाथ छोड़ने के मूड में नहीं था देव उसे अपनी लत के प्रेशर से जमीन पे दबाने लगा और पूरी ताक़त से उसके हाथ मरोड़ने लगा. योद्धा अपने हाथ छुड़ाने के लिए चाट पता रहा था के बस एक बार देव के हाथो से उसका हाथ निकल जाये तो दूसरी बार वो देव के इतने नजदीक आने की गलती नहीं करेगा, लेकिन अब तो देर हो चुकी थी और वो देव के हाथ में पद चूका था. देव ने उसका एक हाथ छोड़ के तुरंत अपनी जेब से एक छोटा सा चाकू निकला और जो हाथ पकड़ रखा था उस पर कट मरता चला गया. (यही वो चीज़ थी जो चलने से पहले पूनम ने देव को दी थी. )

योद्धा चीखने लगा. तो देव ने तुरंत हवा में hi अपने सामने तेजी से उस चाकू को लहराया. अब सबको हवा में जख्मो के निशान दिखने लगे और उन से टपकता खून भी दिखने लगा. देव ने अब जा कर उसका हाथ छोड़ा.

देव – क्यों बे सैंड बोलता है न खुद को और ये सब तुझे योद्धा कहते है न आ बीटा अपना योद्धा डालता हु अब मए तेरी गांड में. भोसड़ी के. इनविजिबल. बस व्हाट थे फ़क. सेल इतने घुसे तो न खाये आज तक मैने जीतनेय तूने मार लिए बीटा. लेकिन तेरे से डबल सहना हु मए. और मए यही चाहता था के तू ओवर कॉंफिडेंट हो जाये. और मेरे ज्यादा से ज्यादा करीब आये. तू आया और मैने पेल दिया तुझे. इतना कह कर देव ने एक फ्लाइंग किक जड़ दी उसकी पसली पे जो के रॉय बहतो hi भयानक लगी उसके. वो योद्धा भी अब उछाल कर दूर हो गया. और जमीन पे गिर के तड़पने लगा. देव अब यही नहीं रुका और दौड़ के गया और मैदान में hi खुद को गिराया और अपनी टंगे सीढ़ी कर दी स्किड होता हुआ गया देव और उसके दोनों पैर लगे भोत जोर से योद्धा के थोबड़े पे जो उसका नक्शा बिगड़ने के लिए काफी था. इस किक से उसके 4 दन्त जमीन पे गिरे नजर आने लगे देव ने जम्प मारी अपने सामने तड़पती आकृति पर. इस बार देव ने अपनी पाश कला का उपयोग करते हुए. किसी अजगर की तरह उसे लप्पेट लिया. उसकी दोनों टैंगो में अपनी टैंगो की कैची बना के फसे और उसे घुमा के उसकी पीठ पे चढ़ गया. फिर उसके दोनों हाथो को मूड के उसी की गार्डन पे लप्पेट दिया और अपने हाथो से उसे लॉक कर दिया. और धीरे धीरे अपनी गिरफ्त को बढ़ने लगा.

योद्धा की चीखे निकल रही थी अब उसकी एक एक हड्डी बहोत धीरे धीरे टूट रही थी. और क्लियर हड़िया टूटने की आवाज़ आ रही थी.

रूद्र चिल्ला के - ये बात नागराज……. सेल की ऊँगली की हड्डी भी नहीं बचनी चाहिए. अगर बची तो सेल मए तेरी हड्डिया तोड़ूगा. यद् रखना. तोड़ मादरचोद को…………..

देव ने उसकी बात सुन कर उसे देखा और इस पोज़ में भी उसके होठो पे मुस्कान आ गयी. लेकिन उसने अपनी गिरफ्त को ढीला नहीं होने दिया. यु hi पल पल बढ़ती इस गिरफ्त से उस योद्धा की साडी हड़िया टूट गयी तभी देव ने आखरी झटका दिया उसकी गार्डन पे और उसकी गार्डन की हड्डी को तोड़ दिया जिससे उस योद्धा का शरीर किसी हवा निकले गुब्बारे की तरह झूलने लगा. वो असहनीय दर्द से तड़प रहा था देव ने अब उसे छोड़ा.

देव – सेल जी तो चाहता है तुझे अभी निगल जाऊ वैसे भी किसी अजगर की लंच के बराबर तो तू माइल्ड हो hi चूका है. लेकिन यहाँ के लोग सेल ऐसे बेहोश होंगे की उन्हें कभी होश नहीं आएगा अगर मैने तुझे अभी निगला तो इसीलिए. तुझे छोड़ रहा हु. लेकिन तब तक वो योद्धा अपने प्राण त्याग चूका था.

देव ने अपने बाल बनाये कपडे झड़े और अपने दोनों हाथो को कमर पे रख कर राजा की तरफ देखा जो देव को किसी अजूबे की तरह hi देख रहा था.

देव – अब?

राजा कुछ बोलता उससे पहले hi वह पर एक बुजुर्ग मंत्र खड़ा हुआ.

मंत्री - बधाई हो देव आप ये मुकाबला जीत चुके है हमारे महाराज की शर्त को पूरा कर के आपने सुरक्षित और सम्मान के साथ इस नगरी से जाने का अपना मार्ग खोल लिया है. अब से आप और आपके साथी मुजरिम नहीं रहे बल्कि आज़ाद है इसके साथ hi. वो भिखारी भी अब आज़ाद किया जाता है. ये सब मए त्रिकाल महांके आदेश पे hi कह रहा हु. उस भिखारी को अभी इस नगरी से सुरक्षित बहार निकला जायेगा. आज उसकी सजा सम्पत हुई. अब वो फिर से एक साधारण नागरिक बन के अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत करेगा. और देव आप और आपके साथी अपनी इच्छा से जब तक चाहे इस नगरी में शाही मेहमान बन कर रह सकते है. और जब भी आप लोग अपना आगे का सफर शुरू करना चाहे आपको यहाँ से बहार का मार्ग दिखाया जायेगा. अब आप अपने कक्ष में आराम कर सकते है.

देव राजा की आँखों में देखते हुए वापस. अपने साथियो के पास आ गया. और फिर वो सब वापस महल में आ गए.

रूद्र – भाई क्या फिल्म दिखा दी मजा आ गया.
 
टी

तारीफ के लिए बहोत बहोत धन्यवाद नैना जी. है हमारा ये प्रयास रहता है के कहानी का फ्लो न बिगड़ने पाए लेकिन आज भी जब हम अपनी कहानी को शुरू से पढ़ते है तो कई अपडेट पसंद नहीं आते. हलाकि वो कहानी ला बेस बनाने के लिए थे पर हम खुद उन से सटिस्फी नहीं. पर जो हो गया उसे बदल नहीं सकते पर हर नए अपडेट में कोशिश यही रहती है के फ्लो में hi अपडेट चले आउट ऑफ़ लाइन न जाये कुछ उन नेसेसरी न हो. वेल थैंक्स अगेन फॉर रेवो
 
नैना जी अगेन थैंक्स फॉर योर 3रद रेवो आपने पूनम की बात को सही पिन पॉइंट किया.

दूसरा देव के पास ब्लाइंड फोल्ड के आलावा कोई रास्ता था भी नहीं और वही काम आया.

त्रिकाल जिनको गलती आपने बताई शायद उसे ये कॉन्फिडेंस था के कोई उस योद्धा को मर hi नहीं पायेगा इसलिए वो फ़ैल हो गया.

आपकी ये बात कबीले तारीफ है के आप हर बात पे अच्छे से ध्यान देती है.
 
हाहाहाहाहा बिलकुल सभी भाई. उस कंडीशन में बहोत सरे रीडर्स और कुछ कहे न कहे लेकिन नई अपडेट की डिमांड इतनी तेजी से करते के उनसे रहा नहीं जाता और अगर हम नए अपडेट न दे पते किन्ही करने से तो वो सब रीडर्स नाराज होते. लेकिन पूरी फाइट एक बार में पढ़ कर सभी को अच्छा लगा. और उससे भी अच्छा हमें लगा. आप सब के इतने खूबसूरत रिव्यु प् कर.
 
Back
Top