Fantasy इच्छाधारी देव - Page 24 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 148

राजा – आप जाकर स्नान कर लीजिये उस के बाद अपने साथियो के साथ आ जाइएगा हम आपको इस नगरी से बहार निकलने का मार्ग बता देंगे. और बाकि की बाटे भी वही होगी.



अब आगे………


इतना कह कर राजा वह से चला गया और देव अपने उस रूम में आ गया जहा. पूनम, नीलम और रूद्र देव का hi इंतजार कर रहे थे. देव को देखते hi

रूद्र – आओ महारथी आओ बजा दिया बंद महारानी का?

इतना सुनते hi पूनम खुद को रोक नहीं पायी और देव के गले लग के रोने लगी.

देव ने पूनम की पीठ को सहलाया और उसे चुप करने लगा. और जब सब शांत हुए तो देव उनके बीच बैठ गया

रूद्र – अब कुछ बोलेगा भी या हम लोग यु hi बैठे रहे.

देव – बहोत कुछ है तुम सब को बताने के लिए लेकिन ये जगह सही नहीं है अभी हम लोग महाराज के पास जायेगे फिर वो हमें यहाँ से बहार निकल देंगे और फिर मए बताउगा के क्या हुआ कैसे हुआ.

रूद्र – chheeee…cheeeeee हमें नहीं सुन्ना के क्या हुआ और कैसे हुआ , यहाँ कोई बच्चा नहीं है. हम सब जानते है के क्या हुआ और कैसे हुआ इससे हमें कोई मतलब नहीं.

देव – रूद्र मेरे भाई बिना सुने तुम मुझे गलत नहीं ठहरा सकते यहाँ से निकल कर मेरी बात सुन लेना फिर जो जी में आये वो कहना मए तुम तीनो की बात मन लगा अगर मए गलत हुआ तो.

फिर देव नहाने चला गया और ये लोग भी तैयार हो गए. कुछ समय बाद ये लोग महाराज के सामने खड़े थे. जहा सिर्फ महाराज hi थे और उनका एक मंत्री.

राजा – तो देव सिंह वादे के मुताबिक हमने आपकी एक शर्त पूरी की और अब दूसरा वादा भी पूरा करना है आप लोगो को सुरक्षित यहाँ से निकलने का . लेकिन अब हमारी महारानी हमारे साथ नहीं रह सकती उसे भी ये नगरी छोड़ के जाना पड़ेगा. और उनका कहना है के वो आपके साथ hi निकलना चाहती है. बाकि जैसी त्रिकाल की इच्छा. तो इस हिसाब से हमारी महारानी भी आप के साथ जाएगी. आप चाहे तो वो अपना रास्ता बदल लेगी उनेह अपने साथ आप रखे ऐसी कोई शर्त नहीं है हमारी ये आप लोगो की अपनी मर्जी है. लेकिन क्यों की यहाँ से निकलने का रास्ता एक hi है तो आप सब के साथ वो भी निकलेगी अभी.

………. महारानी आप भी आ जाइये चलने का समय हो गया है.

तभो वह रजनी आती है. सिर्फ एक साड़ी में कोई गहने नहीं थे अभी उसके शरीर पे महारानियो वाले.

रजनी को देखते hi पूनम चौंक गयी और कुछ बोलने hi वाली थी के देव ने उसका हाथ दबा दिया. और पूनम चुप हो गयी. रूद्र और नीलम ने भी देव को देखा देव ने उन्हें भी आंख के इशारे से चुप रहने को कहा .

महाराज, मंत्री, देव, पूनम, रूद्र, नीलम और रजनी सभी उस कमरे के एक कोने में खड़े हो गए. राजा अपने सिंघासन पे गया और अपने सिंघासन के बाजु में रखे शेर की गार्डन पकड़ के उलटी दिशा में घुमा दी जिससे उस कमरे की तीन तरफ की दीवारे लोहे की बन गयी. अब कोई और इस कमरे में नहीं देख सकता था. फिर राजा ने उसी शेर की गार्डन को और ज्यादा उल्टा घुअमाया तो जहा वो सब लोग खड़े थे वह एक दरवाजा बन गया.

राजा -आप सब लोग जा सकते है. लेकिन जाने से पहले मए आपको कुछ देना चाहता हु. देव और पूनम आप दोनों मेरे पास आये.

देव और पूनम राजा के पास जाते है तो राजा अपना हाथ आगे कर के आंखे बंद करता है और कोई मंत्र पढता है. फिर अपनी आंखे खोल कर अपनी हथेली खोलता है उसमे दो बहोत बड़े हेरे चमक रहे थे. नीले रंग के थे दोनों हिरे.

राजा - ये दोनों हेरे आप आप दोनों रख लीजिये.

देव – लेकिन महाराज हमें इसकी क्या जरुरत है?

राजा – देव ये कोई तोहफा नहीं है बल्कि ये आपकी अमानत है जो किसी ने मेरे पास रखवाई थी मए जनता था आप आएंगे एक दिन और मुझे ये आपको देनी है. ये आपके काम आएंगे रखिये और संभल के रखना इन्हे. ये कब कैसे और क्यों आपके काम आएंगे ये आपकी बूढी पे निर्भर करता है.

देव और पूनम वो हेरे ले लेते है. एक हिरा पूनम ले लेती है और अपनी ब्रा में दाल देती है और एक हिरा देव ले कर अपनी जेब में रख लेता है.

राजा – अब यहाँ से निकल कर आप सुरक्षित बहार पहुंच जायेगे. आगे क्या होगा. ये त्रिकाल जाने. लेकिन इस नगरी से आप सुरक्षित निकल सकते है बिना किसी रुकावट के. और रानी मुझे माफ़ कीजियेगा मेरी वजह से आपको रानी के पद से हटाया गया, इसमें मेरी hi गलती थी. मुझे देव की ऐसी शर्त नहीं माननी थी और न hi इनकी रानियों के लिए कुछ उपशब्द कहने थे. फिर कभी मिले तो उम्मीद करता हु आप मुझसे घृणा नहीं करेगी.

रजनी - नहीं महाराज इसमें आपकी गलती है hi नहीं घृणा कैसी ये सब तो त्रिकाल का तिलिस्म है मुझे सब यद् है हम लोग तो यहाँ अपने कर्मो के आधार पे आये हुए है. मेरे कर्मो का सिलसिला यहाँ ख़तम होता है अब मुझे आगे जाना hi है. बस ये घटना तो मेरे जाने का सिर्फ एक मार्ग है. तो घृणा वाली बात सोची भी नहीं जा सकती. त्रिकाल ने चाहा तो हम फिर मिलेंगे कही किसी नए खेल में एक दूजे के सह कलाकार बन कर. और वादा है इस बार मए आपको निराश नहीं होने दूगी. लेकिन वो वक़्त कब आएगा कोई नहीं जनता. शायद part तवो में आ जाये.

राजा – part तवो में मतलब? मए समझा नहीं ?

रजनी - जी कुछ नहीं महाराज ये तो राइटर ने मेरे मुँह से कहलवा दिया जो त्रिकाल से भी बड़ा है इस कहानी के लिए. ख़ैर छोड़िये इन बातो को. आपके साथ बिताया हुआ वक़्त यादगार रहेगा मेरे लिए. अब आप नयी महारानी का चुनाव कीजिये और मुझे इजाजत दीजिये. मेरे नए सफर पे जाने के लिए अब मेरे करम मुझे पता नहीं कहा ले जायेगे.

फिर सभी लोग निकल जाते है. और सब के जाने के बाद राजा ने सब कुछ सामान्य कर दिया.

राजा – चलो कोई तो इस नगरी से निकला मए नहीं रानी hi सही. अब देखते है हमारी नयी रानी कौन बनेगी.

मंत्री - मेर नजर में 1-2 ऐसी लड़किया है जो आपकी महारानी बनने के योग्य भी है और जो आपको पत्नी का सुख भी दे सकती है.

राजा – चलो फिर दरबार बुलवाओ हम आज hi नयी रानी लाएंगे क्यों की ये नगरी बिना महारानी क ीक दिन भी रही तो त्रिकाल का कहर हम पर hi टूटेगा.

उधर बहार आते hi उन्होंने खुद को एक खुली जगह पे पाया. बड़े बड़े पत्थर चारो तरफ फैले हुए थे. थोड़ी थोड़ी दूरी पे पेड़ भी थे.

देव सबको साथ ले के ऐसी जगह पे पंहुचा जहा छाँव काफी थी और वह पठार भी ज्यादा थे.

देव – सब लोग यहाँ बैठो.

सब के बैठने के बाद पूनम hi बोली.

पूनम – ये तो रजनी आंटी है न? मए इनसे मिली हु हमारी सगाई में आयी थी सुन्दर लाल अंकल के साथ आपके बाबू जी के दोस्त.

देव -है भी और न भी.

रूद्र – अबे भांग खायी है kya?ye है न क्या होता है? हमें भी यद् है ये सुन्दर लाल जी की पत्नी है.

देव और रजनी ने एक दूजे को देखा और मुस्करा दिए.

नीलम – तो रजनी आंटी आप हमारे साथ बहार आयी मतलब की रत को आप लोगो ने सम्भोग तो किया . पर आपको क्या जरुरत थी करने की आप मन कर देती न देव को. बेकार में अब आप खतरों में पद गयी वो भी एक रत के मजे के लिए?

रजनी - नहीं नीलम यहाँ बात एक रत के मजे की है hi नहीं ये तो मेरे सेकड़ो सालो के प्लान का नतीजा है. ये सब मैने hi सेट किया था.
 
यू अरे राइट बीआरओ. इसका जवाब तो आपको हमसे hi मिल सकता है . लेकिन अभी तिलिस्म का सफर तो बहोत लम्बा है इसीलिए अभी आफ्टर तिलिस्म क्या होगा रजनी का ये सोचा नहीं है. इसीलिए हम भी नहीं बता सकते. चलिए आगे देखेंगे के उसे कैसे सेट करना है यही उससे गुड़ bye करनी है या ले चलना है. वापस सूर्यगढ़. रिव्यु के लिए धन्यवाद भाई
 
नैना जी आप पर एक गाने की कुछ पंक्तिया पूरी तरह सही बैठती है के......

"एक hi बात में कर जाती है वो कितनी hi बाटे

उसकी बाटे ख़तम न हो ढल जाये लम्बी राते"

आपकी बातो का जवाब आपके हर पॉइंट के साथ. पहले पॉइंट की बात करे तो जो हिरे राजा ने देव और पूनम को दिए वो राजा ने क्यों दिए या उसको किसने दिए देव और पूनम की अमानत बता कर. ये राज़ है बहोत गहरा. और आपने उसी पॉइंट को पकड़ा जिसे हमने सिर्फ एक लाइन में hi लिख कर ख़तम कर दिया था. जिससे किसी का ध्यान न जाये. हमने इस बात को ज्यादा हाई लाइट नहीं किया कहानी में पर आप ने उसे hi नोट किया नीस शार्प आईज. वेल इस राज़ से पर्दा उठेगा सबसे अंत में. इसीलिए सॉरी तो से के अभी नहीं बता सकते उस बारे में. है आप लोग अंदाज़े लगा सकते है की देव की सहायता करने वाला कौन है . लेकिन उस पर मेरी है या न नहीं मिलेगी. क्यों की है बोलै तो राज़ ख़तम न बोलै तो आपके मंद से वो मददगार आउट और ऐसा हम नहीं चाहेंगे.

अप्पने ये भी सही कहा के वो सब सिर्फ नगरी से आज़ाद हुए है. तिलिस्म से नहीं


मोस्ट इम्पोर्टेन्ट बात के रजनी क्या बोल रही थी 2ंद part के बारे में तो उसे बोलने दीजिये. होगी उसके पास कोई इनफार्मेशन अपने को तो पता नहीं यार. उसने ऐसा क्यों बोलै मिलेगी तो पूछ लगा उससे.

एनीवे थैंक्स फॉर यू वंडरफुल रिव्यु लिखे ऑलवेज. स्टे तुनेड. एंड बे सेफ.
 
ये तो जाहिर सी बात है के कोई किसी के लिए कुछ तभी छोड़ता है जब उसके वह आने के लिए वो सूरे होता है. तो आपकी बात सही hi है. वो जनता था देव एंड पार्टी के तिलिस्म में पहुंचने की बात. अब वो कौन है ये आप अंदाजा जरूर लगाइये लेकिन यहाँ मत बता देना आप. वार्ना सबको हिंट मिलेगा तो कोई न कोई तो सही अंदाजे पे पहुंच hi जायेगा और सारा सुस्पेंस ख़तम हो जायेगा आगे ka.ha सोचने के लिए सब फ्री है. पर यहाँ उस पे डिसकसया कोई नाम प्ल्ज़ no..... इतस रिक्वेस्ट यार.
 
अपडेट - 149

नीलम – तो रजनी आंटी आप हमारे साथ बहार आयी मतलब की रत को आप लोगो ने सम्भोग तो किया . पर आपको क्या जरुरत थी करने की आप मन कर देती न देव को. बेकार में अब आप खतरों में पद गयी वो भी एक रत के मजे के लिए?

रजनी - नहीं नीलम यहाँ बात एक रत के मजे की है hi नहीं ये तो मेरे सेकड़ो सालो के प्लान का नतीजा है. ये सब मैने hi सेट किया था.

अब आगे…….

पूनम – क्या मतलब?

देव – ऐसे नहीं , रुको मए सब कुछ शुरू से बताता हु. तो बात यु है के……………………….

और देव सब कुछ उन्हें बता देता है. जिसे सुन कर सभी हैरान रह गए.

पूनम – ओह्ह्ह्ह तो ये बात है. फिर तो देव आपने जो किया सही किया मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं. आपने इन्हे सेकड़ो सालो की सजा से मुक्त करवा दिया. मुझे आप पर गर्व है.

रजनी - चलो अच्छा है सब की परेशानी ख़तम हुई

रूद्र – लेकिन रजनी आंटी अभी कहा ख़तम हुई? परेशानिया तो तब तक है जब तक हम लोग यहाँ है.

रजनी - अरे यार आंटी मए धरती लोक पे हु यहाँ आंटी दिख रही हु क्या ? यहाँ आप सब मुझे रजनी hi कहेगे. वैसे भी यह मेरा असली नाम है. अब आंटी बोलै न तो देख लेना.

सभी हंस पड़ते है.

रूद्र – अच्छा ठीक है तो आंटी………. ओह्ह ी मैं रजनी बताओ अब क्या करना है कहा चलना है?

रजनी - मए बहोत कुछ जानती हु जब से तुम लोग यहाँ आये तो क्या हुआ. लेकिन क्या होगा ये मए भी नहीं जानती. है मए तिलिस्म की जानकारी रखती हु. पूनम की तरह लेकिन ये त्रिकाल का तिलिस्मी चक्र है. तो आगे बढ़ते है. और निपटेंगे जो सामने aayega.pahle तुम चार थे फिर शंकर के आने पे 5 हुए अब हम 6 है. ईश्वर की मेहरबानी है की चार से 6 हुए है. वार्ना इस तिलिस्म में गिनती बढ़ती नहीं घटती है. क्यों पूनम ?

पूनम – सही कहा पहले हम चार थे फिर शंकर के आने पे 5 हुए अब रजनी के आने के बाद हम 6 लोग हो गए है. हमारी टीम बड़ी है घाटी नहीं है. तो ये अचे संकेत है.

मुझे भूल गयी पूणामतभि एक तरफ से खतरा की आवाज आयी जिसे देख कर रूद्र ने सर पीट लिया

रूद्र – अबे तू फिर आ गया सेल एक तो कुछ बताता है नहीं और उस पर तुझे अपनी टीम का मेंबर भी कहे बेवकूफ.

खतरा -ये तो तुम बताओगे न के मए पागल हु या तुमसे भी समझदार क्यों के मए बाटे पागलो वाली करता हु पर हु तुमसे भी ज्यादा समझदार पर है मए बेवकूफ भी हो सकता हु.

रूद्र – देखा तेरी यही बाटे परेशां करती है मुझे.

खतरा – मेरी बाटे परेशां करती है और रास्ता भी दिखती है. चलो मए बताता हु कहा चलना है ये रजनी क्या बताएगी तुम्हे इसे कुछ नहीं मालूम ये तो तुम्हे भटकने आयी है त्रिकाल की जासूस है ये. सही तो मए बताउगा तुम्हे.

खतरा की बात सुन कर सभी एक दूजे को देख कर मुस्कराने लगते है.

रजनी - खतरा यहाँ सब जानते है के सच क्या है इसीलिए तेरी इस चल में यहाँ कोई नहीं फसने वाला.

खतरा – देखा मैने कहा न ये तुम लोगो को उलझाएगी hi रास्ता तो मए दिखाऊगा आखिर इस नगरी तक भी मैने hi पहुंचाया तुम लोगो को.

रूद्र – अबे सेल रास्ता बताएगा या रस्ते लगाएगा?

देव – गलत बात मत बोलो खतरा, तुमने नहीं पहुंचाया हमने दिमाग से काम लिया और सही जगह पहुंचे वार्ना तुम तो तीसरे दरवाजे में भेज रहे थे हमें.

खतरा – वो तो मेरा काम है

रूद्र – वही काम तुम अब भी कर रहे हो.

खतरा – चलो चलते हुए बाटे करेंगे आओ उत्तर दिशा में जाना है. पर तुम चाहो तो पूर्व में भी चल सकते हो मेरे हिसाब से तो उत्तर में hi चलना चाहिए, वैसे दिशाए तो चारो hi मस्त लग रही है.

सबने अपनी नजरे रजनी पे राखी रजनी ने इंकार में गार्डन हिला दी

खतरा – क्या हुआ उठो न , आओ मेरे पीछे इतना मत सोचो. उत्तर hi सही दिशा है. विश्वास करो. इतना कह कर वो आगे बढ़ गया और आगे के पेड़ो के बीच से निकलता चला गया. अब वो दिखाई नहीं दे रहा था.

रजनी के साथ सभी सोच में दुबे हुए थे. और जहा खतरा गया था उस तरफ देख रहे थे.

तभी पूनम – हमें अभी पूर्व में चलना चाहिए.

रूद्र - पर पूर्व में क्यों?

पूनम – वो इसीलिए क्यों की हमने जब तिलिस्म में प्रवेश किया तब हम पूर्व दिशा में थे और वही से आगे बढ़ रहे थे और आज जब महाराज ने हमें उस नगरी से निकला तो उस वक़्त उन्होंने भी हमें पूर्व दिशा में hi भेजा था मए बस उसी हिसाब से अंदाजा लगा रही हु. बाकि सूरे तो यह एप हममे से कोई नहीं है. सब अंदाजे से hi चलना है.

तुम्हारी बात सही है पूनम हमें पूर्व में hi आगे बढ़ना होगा. क्यों के अगर खतरा के दो में से एक बात सही है तो उसने पहले उत्तर दिशा बोलै और फिर पूर्व hi बोलै उस हिसाब से भी पूर्व दिशा सही है.

सब के चेहरे पे रौनक आ गयी और एक साथ पूर्व दिशा में चल पड़े. वही एक पेड़ की आड़ से खतरा उन्हें जाते हुए देख रहा था और उस के चेहरे पे मुस्कान आ गयी. और वो वही से अदृश्य हो गया.

इधर ये सब लोग आगे बढ़ते चले जा रहे थे सबसे आगे इस वक़्त रूद्र था. के तभी अचानक रूद्र ने जहा पैर रखा वह से जमीन दो भागो में अलग हो गयी और नीचे गहरी खायी बन गयी और रूद्र उसमे गिरने लगा लेकिन गिरते हुए उसने किनारे से निकले हुए पठार को थम लिया. खाई में नीचे बहोत तेज नुकीले लम्बे लम्बे पत्थर तलवार की तरह खड़े थे. अगर रूद्र नीचे गिरा तो वो सब उसके बदन में घुस सकते थे. जिससे पालक झपकते hi किसी के भी प्राण निकल जाये.

ये सब देख कर नीलम की चीख निकल गयी. सभी वही रुक गए और देव यहाँ वह देखने लगा के रूद्र को बचने के लिए कुछ मिल जाये तभी पूनम ने अपने कंधे पे लटके बैग में से एक छड़ी निकली

मए इसे बहार निकलती हु देव आप परेशां मत होइए और एक तरफ आ जाओ पूनम ने कहा………

और अपनी छड़ी को आगे कर के कुछ मंत्र पढ़ने लगी.

तभी उसकी छड़ी में आगे से एक छोटा सा बाज़ निकला वो चिड़िया से भी छोटा था. अभी उसने थोड़ा आगे तक hi उड़न भरी थी के वो एक विशालकाय बाज़ में बदल गया उसका एक पंख इतना बड़ा था के ये सब उस एक पंख पे बैठ जाये तो भी जगह बच जाये. उसके पंख फड़फड़ाने पे हेलीकाप्टर के चलने की सी आवाज़ पैदा हो रही थी. वो तेजी से ऊपर आसमान में गया और फिर अपनी दिशा बदल के तीर की तरह रूद्र की तरफ आने लगा और अपने विशाल पंजे खोल दिए. जैसे hi वो रूद्र तक पंहुचा उस ने रूद्र के कंधो पे अपने पंजे से पकड़ बनायीं और उसी तेजी से उड़ता हुआ फिर ऊपर चला गया और एक गोल राउंड ले के रूद्र को सब के बीच में खड़ा कर दिया. और फिर से उन सब के चारो तरफ गोल घूमने लगा. तभी पूनम ने अपनी छड़ी आगे की तो उस बाज़ का आकर छोटा होता चला गया और वो गोल घूमते हुए छोटा होता गया और उस छड़ी में वापस समां गया. पूनम ने वो छड़ी वापस बैग में राखी.

रूद्र – क्या कमल था ये? पहले तो वो जमीन मेरे पैरो के नीचे से यु गायब हुई जैसे के थी hi नहीं फिर पूनम भाभी आप के इस बाज़ ने तो कमल hi कर दिया.

पूनम - जमीन गायब नहीं हुई. बल्कि जमीन थी hi नहीं वो बस आँखों का धोखा था. असल में यहाँ खाई hi थी. जमीन तो इस खाई के उस तरफ है. ये सब तिलिस्म है त्रिकाल का तिलिस्म. उसने हमारे लिए कदम कदम पे मौत का जल बिछा रखा है.

देव – लेकिन अब हम इस खाई को पार कैसे करेंगे?

रजनी - उसका इंतजम मए करती हु.

देव – लेकिन इससे त्रिकाल तुमसे नाराज नहीं होगा?

रजनी - वो तो तुम सब से भी होगा लेकिन उसकी ख़ुशी के लिए हम जान तो नहीं दे सकते न. और वैसे भी तुम्हरी वजह से अब मए उसकी गुलामी से आजाद हु. मुझे तो यहाँ से निकलने का प्रयास करना hi है न. अब वो मए अकेले भटकते हुए करू या तुम लोगो के साथ उससे कोई फरक नहीं पड़ता मए तो त्रिकाल की दी हुई सजा hi भोग रही हु ये मेरी किस्मत है के तुम सब साथ हो. वार्ना मए अकेली भी होती तो प्रयास तो करती hi यहाँ से निकलने के लिए. और त्रिकाल ने भी मुझे नगरी से इसीलिए निकला है के अब वह के सुख न भोगु बल्कि जो सुख एक रत का मैने भोगा उसके बदले में यही इस तिलिस्म से निकलने की कोशिश करती राहु और किसी हादसे का शिकार हो कर मरी जाऊ. और अगर किस्मत से बच गयी तो उसमे उसे कोई परेशानी नहीं . यदि मरी गयी तो उसका प्लान सक्सेस.
 
भाई जल्द hi दे देंगे अपडेट. वैसे ये अपडेट hi अभी तक कई रेगुलर रीडर्स ने नहीं पढ़ा लेट आने वाले रेविएवस से hi पता चलता है. और हमें रीडर्स से कोई शिकायत भी नहीं जैसे राइटर की अपनी जिंदगी होती है वैसे hi रीडर्स की लाइफ में भी बहोत काम होते है तो एक डैम से सब नहीं पढ़ पते. वेल. नया अपडेट भी ऑलमोस्ट रेडी है ी होप के कल तक आ जाये. बूत नॉट सूरे.
 
नैना जी थैंक यू रेव्य मच फॉर योर वंडरफुल रेवो. अद्भुत तरीके से आपने कहानी का सारांश चित्रित किया हेड्स ऑफ. आपने सही कहा के मुश्किलों को बढ़ने के लिए खतरा जैसा प्राणी भी तो है. और वो समय समय पर अपनी चले चल रहा है. और देव एंड पार्टी उन खतरों से कभी बचते है कभी फास्ट है. लेकिन खतरा से भी ऊपर जो बैठा है त्रिकाल उसकी तो हर चल कामयाब hi हुई है अब तक. क्यों की देव को या किसी को भी अब तक कोई अंदाज़ा नहीं के वो सही रस्ते पे है भी या नहीं. यानि वो उन्हें भटकने में तो सफल hi है न.

वो सब बस एक अंदाज़े से या एक दूसरे की बातो पे hi चल रहे है. और इस चक्कर में कभी भी कुछ भी हो सकता है. क्यों की त्रिकाल भी शांत नहीं बैठा है. ये जो खाई अभी रूद्र के सामने आ गयी वो त्रिकाल का जल hi तो था. ये लोग खतरा से बच गए लेकिन त्रिकाल से नहीं. उसमे तो ये फास hi गए . ऐसे आगे चल के किस के साथ क्या होगा. ये तो आने वाला वक़्त hi बताएगा. क्यों की इस बार तो पूनम ने बचा लिया लेकिन अगर पूनम hi न होती हो? या आगे जा कर पूनम को hi कुछ हो गया तो? क्या होगा देव का? कैसा होगा उसका क्रोध? क्या करेगा रूद्र अगर देव की जान पे बन आये तो? या देव का सामना किस्से होगा अगर नीलम को कुछ हुआ और देव ने अपना विकराल रूप दिखा दिया तो? या रूद्र फिर से किसी जाल में फास गया या उसे कुछ हो hi गया तो कैसा होगा वो रूप जो पूनम, देव और नीलम दिखा देंगे ? सवाल बहोत सरे है और डरावने भी. अब क्या होगा ये आगे देखेंगे.

ान्यवय थैंक्स अगेन . स्टे तुनेड. सी यू सून इन नेक्स्ट अपडेट.
 
xf192.png


वेल्ल्विशेर्स ऑफ़ स्फोरम - ऑफिसियल पार्टी थ्रेड

वेल्ल्विशेर्स ऑफ़ स्फोरम वे टुवर्ड्स थे बेटरमेंट ऑफ़ फोरम जस्ट रिप्लाई इन पार्टी थ्रेड (वेल्ल्विशेर्स ऑफ़ स्फोरम - ऑफिसियल पार्टी थ्रेड)....... "ी ज्वाइन थिस पार्टी" और "ी ऍम इन" एंड योर नाम विल बे एडेड इन थे Party's मेंबर्स लिस्ट अस सून अस ी के ऑनलाइन. :अन्नोउंस: आल मेंबर्स प्लीज...

favicon.ico


xforum.live
 
अपडेट - 150

ाजनी - वो तो तुम सब से भी होगा लेकिन त्रिकाल की ख़ुशी के लिए हम जान तो नहीं दे सकते न. और वैसे भी तुम्हरी वजह से अब मए उसकी गुलामी से आजाद हु. मुझे तो यहाँ से निकलने का प्रयास करना hi है न. अब वो मए अकेले भटकते हुए करू या तुम लोगो के साथ उससे कोई फरक नहीं पड़ता मए तो त्रिकाल की दी हुई सजा hi भोग रही हु ये मेरी किस्मत है के तुम सब साथ हो. और ये भी कह सकते हॉप के ये मेरे बरसो की म्हणत और प्लान है ेके इस वक़्त मए यहाँ से निकलने का प्रयास तुम सब के साथ करुँगी. वार्ना मए अकेली भी होती तो प्रयास तो करती hi यहाँ से निकलने के लिए. और त्रिकाल ने भी मुझे नगरी से इसीलिए निकला है के अब वह के सुख न भोगु बल्कि जो सुख एक रत का मैने भोगा उसके बदले में यही इस तिलिस्म से निकलने की कोशिश करती राहु और किसी हादसे का शिकार हो कर मरी जाऊ. और अगर किस्मत से बच गयी तो उसमे उसे कोई परेशानी नहीं . यदि मरी गयी तो उसका प्लान सक्सेस.

अब आगे………

इतना कह कर रजनी सबसे आगे आ गयी और अपने दोनों हाथ उठा कर कुछ मंत्र पड़ने लगी. देखते hi देखते वो खाई भरने लगी और कुछ hi देर में वह समतल जमीन आ गयी.

सबसे पहले रजनी hi उस जमीन पे जा कड़ी हुई…….. आजाओ सब. कोई परेशानी नहीं है अब.

फिर सभी आगे बढे. और उस हिस्से को पार कर गए.

देव – आखिर कहा मिलेगी हमें स्वर्ण मणि? कब ख़तम होगा ये सफर ?

रजनी - देव ये सफर कितना लम्बा है कोई नहीं कह सकता. और अभी तो तुम लोग बस इस तिलिस्मी चक्र में आये hi हो. अभी तो पता नहीं कितने खतरे होंगे.

चलिए थोड़ा मुंबई दशन कर लिए जाये.

इधर मुंबई में मन्नू एक शानदार हॉल में विठल के साथ बैठा था. दोनों के hi हाथो में वाइन गिलास थे. और उनके आजु बाजु ट्रांसपेरेंट ब्रा पेंटी में लड़किया कड़ी थी. जो बेहद खूबसूरत और कामुक थी. इनके गिलास खली होने लगते तो वो फिर से भर देती.

मन्नू –विठल भाई बहोत लम्बा समय हो गया हम दोनों को अंडरग्राउंड हुए. अब वक़्त आ गया है के अपने दुश्मनो से बदला लिया जाये.

विठल - चलो फिर शुरू करते है. पहले तुम्हारे गाँव चल के तुम्हारे दुश्मन के परिवार को ख़तम करते है और फिर यहाँ आकर अपने दुश्मनो को ख़तम करेंगे.

मन्नू - है और फिर यहाँ से जब पुलिस खदेड़ देगी तो कहा गांड मरने जायेगे? नहीं विठल भाई हम पहले यहाँ के दुश्मन निपटाएंगे. जब यहाँ माहौल गरम होगा तो तुम्हे वैसे भी ये जगह छोड़नी पड़ेगी और कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड होना पड़ेगा. तब हम उस वक़्त में गाँव चल के मेरे दुश्मन का सफाया भी करेंगे और कुछ महीने आप मेरे मेहमान रहेंगे. मेरी हवेली के आलावा गाँव की जिस औरत या लड़की पे ऊँगली रख देंगे वो आप के बिस्तर पे होगी हर रत नया माल ऐसे में आप वह बोर भी नहीं होंगे. और मुंबई से दूर रह कर भी आपकी बादशाहत चलेगी.

विठल – हाहाहाःहाहा भाई मन्नू तूने तो दिल खुश कर दिया वैसे भी ये शहर की औरतो की चिकनी छूट को छोड़ छोड़ के बोर हो गए है. अब तो गाँव की बुर छोड़नी है झांटो से भरी हुई. उस छुअन का भी अपना hi मजा होता है. वो गठीले सावले बदन, वो रसीले होठ, भरी चूचिया , मोती गांड , और झांटो से भरी हुई बुर. वाआआह्ह्ह्हह्ह क्या बात है अपने गाँवो की. तूने तो सालो पहले की यदि ताज़ा करा दी यार. अब तो जाना hi पड़ेगा जल्दी hi. इस ख्वाब को पूरा करने.

मन्नू – हर मजा ले लेना. वह भी एक तरह से आपका hi राज होगा. मेरे किसी भी आदमी को आप हुकुम देंगे तो वो आपकी दिखाई औरत या लड़की को उठा के आप के बिस्तर पे पटक देगा. और एक खास बात भी है. मेरे पास वह जमीन बहोत है. मेरे बाबू जी भी मुझे मन नहीं करेंगे आप वह चल के देख लो फिर वह भी हम लोग मिल के कोई न कोई काम शुरू करेंगे मेरा तो विचार है के एक शराब की फैक्ट्री खोल ले. अफीम की खेती भी हमारे गाँव में भरपूर होती है तो वो भी काम कर सकते है और इस सब के लिए मए चाहता हु की आप यहाँ से फ्री हो कर चले कही ऐसा न हो के यहाँ के दुश्मन फिर से आपके धंधो पे अपने दन्त गदा दे. तो पहले सफाया यही पे करते है.

विठल – मुझे तुम्हारा सुझाव पसंद आया मन्नू. जैसा तुम कहोगे वैसा hi करेंगे. यु भी जब से तुम्हारा साथ मिला है. लक्समी जी की कृपा दृष्टि हम पे बढ़ गयी है. हर धंधे में मुनाफा डबल से भी ज्यादा आने लगा है. तेरा खौफ भी चारो तरफ फ़ैल गया है. जिससे हमारे साथ कोई बेईमानी नहीं कर प् रहा है. तुझे अपने साथ मिला कर मए खुश हु मन्नू.

मन्नू - तो कल hi से हम यहाँ के दुश्मन साफ करना शुरू करते है.

विठल – यार मन्नू एक छोटी शसि समस्या है . हमारा लड़कियों का कन्साइनमेंट आने वाला था. उसी शहर से जिस के आपस तुम्हारा गाँव है. वह के गैंगस्टर एना को तो जानते हो न.

मन्नू - अचे से जनता हु पेर्सनली मिला भी हु उससे काम का बाँदा है.

विठल - है वही उसका एक आदमी था विल्सन कर के जो लड़कियों का धंधा संभालता था. उस के अड्डे पे किसी ने हमला कर के उसे और उसके सरे साथियो को मार दिया है. उन लोगो की लाशो तक का पता नहीं चला. हमला करने वालो ने विल्सन के अड्डे से साडी लड़किया hi नहीं उड़ाई बल्कि वह झाड़ू मर के गए है. एना बता रहा था के विल्सन के सरे बैंक एकाउंट्स भी खली पड़े है. करोडो का नुकसान हुआ है एना को. हलाकि उसमे नुकसान हमारा भी हुआ है. लड़कियों की पेमेंट ले कर हमारे आदमी गए थे वो लोग भी मरे गए और हमारा पैसा भी गया.

मन्नू – विठल भाई आपने पेमेंट कर दी अब वह क्या हुआ उससे हमें क्या? एना या तो हमारा पैसा देगा या लड़किया. जैसी की बात हुई थी. उसमे परेशानी क्या hae?usse मए बात कर लगा.

विठल – नहीं मन्नू तुम समझे नहीं. एना अकेला नहीं है कई मंत्रियो का हाथ है उसके सर पे. वह का कोई मला भी उसके साथ है. कोई कुंदन सिंह कर के है. और एना तो कह रहा है. के न हमारे आदमी मिल रहे है ,न विल्सन, न hi लड़किया, न उसके अड्डे का कोई भी आदमी, न पैसा. ऐसे में वो कैसे मन ले के ये काम हमने नहीं करवाया. उसका मन्ना है के ये काम हमने करवाया है क्यों की एना पे हाथ डालने का जिगरा किसी में नहीं.

मन्नू – तो क्या ये हमारा काम है?

विठल – नहीं यार मए धंधे में बेईमानी नहीं करता. ये हमने नहीं करवाया.

मन्नू – तो फिर एना पे हाथ डालने का हौसला किया किसने?

विठल – यही तो समस्या है, यही समझ में नहीं आ रहा है. मैने अपने आदमी लगाए है. उन्होंने इतना पता किया है की पुलिस वह पहुंची थी लेकिन सब कुछ हो जाने के बाद और उन्होंने पूरी सफाई करवाई है लेकिन पुलिस को भी कुछ हथियार hi मिले और ड्रग्स इससे ज्यादा कुछ नहीं. और वो हथियार भी पुराने और बेकार थे. न पुलिस को कोई पैसे मिले वह से न hi लड़किया.

मन्नू गहरी सोच में डूब गया.

ये एक बहोत बड़ी समस्या है विठल भाई. इसे हलके में मत लेना जिसका भी ये काम है वो खतरनाक से ज्यादा चालक भी है. जिसने एना पे हाथ डालने का कारनामा किया. पुलिस को बेकार की चीज़े थमा दी और वो जगह सील करवा दी. इससे अब एना दुबारा उस ठिकाने का इस्तेमाल नहीं कर पायेगा. और न hi कोई और वह आ पायेगा. इस तरह से उसने एक साथ कई सरे शिकार कर लिए और उस स्पॉट से तो एना का पूरा सफाया hi कर दिया. अब एना वह पलट के नहीं जा सकता क्यों की गया तो उसे जवाब देना भरी पद जायेगा भले hi उसके सर पे कितने hi मंत्रियो का हाथ हो. जिसने भी ये सब किया है वो कोई मामूली आदमी नहीं होगा. चलो उस बारे में कुछ पता चले तो बताना अभी मए जा रहा हु सोने.

फिर मन्नू वही कड़ी एक लड़की की गांड पे थप्पड़ मरता है और आगे निकल जाता है. जिससे वो लड़की मन्नू के पीछे पीछे जाने लगती है और विठल वही बैठ कर शराब पीते हुए सोचने लगता है.

यहाँ तिलिस्मी चक्र में सभी आगे बढ़ रहे थे. के तभी

रौद्र – देव वो सामने कोई गाँव नजर आ रहा है. शायद वह पे कोई हमें आगे का रास्ता बता दे.

रजनी - इस भूल में मत रहना की कोई भी यहाँ तुम्हे रास्ता बता देगा.

नीलम - लेकिन रजनी यहाँ भी तो इंसान hi है न और कही न कही इंसानियत की भावना तो होती है.

रजनी - है ये सही है लेकिन हमें कोई भी उस स्वर्ण मणि तक नहीं पंहुचा सकता. वो त्रिकाल की सुरक्षा में है.

थोड़ी hi देर में वो लोग उस गाँव में पहुंच जाते है. जहा सभी अपने अपने कामो में व्यस्त नजर आ रहे थे. तभी वह से एक आदमी गुजरा जिसे रूद्र ने रोक लिया.

रूद्र – अरे ताऊ क्या आप हमारी मदद कर सकते है?

ा – क्या बात है बोल रूद्र ? उस आदमी ने पलट कर रूद्र को देखा और कहा.

रूद्र के साथ सभी चौंक पड़ते है..............
 
थैंक यू वैरी मच भाई आपके शानदार रिव्यु के लिए. अब ठाकुर क्या करता है अघोरी के साथ मिल कर. ये तो आने वाले वक़्त में पता चल hi जायेगा. और साथ hi ये भी के मन्नू और विठल के सपने कितने पूरे होते है ये भी. क्यों की उनके सरे सपने पूरे हो सकते है बस शर्त इतनी सी है के देव एंड पार्टी में से एक को भी ये लोग जिन्दा न छोड़े. अगर इतना सा काम ये कर सकते है तब तो शराब की फैक्ट्री भी खुल जाएगी और अफीम की खेती भी हो जाएगी. और देव एंड पार्टी को ये लोग पूरा निपटा देते है या कितने लोगो को ये मर पाए उस पर भी देपेंद होता है. ख़ैर ये लोग कितना क्या कर पते है वो सब आपके सामने होगा. आगे चल कर. लेकिन ये तो फैक्ट है के अब इतनी बड़ी फौज है तो खली हाथ भी नहीं जाएगी ये भी सच है. क्या होगा ये उपदटेस hi बता पाने की क्षमता रखते है. सो वेट एंड वाच भाई.
 
Back
Top