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- Dec 5, 2013
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#74.
“सही कहा शैफाली ने।" सुयश ने ऐमू को देखते हुए कहा- “अभी ऐमू से आगे हमें और भी चीजे पता चल सकती हैं।"
“पर जाने क्यों मुझे इस ऐमू से बहुत डर लग रहा है।" जॉनी ने ऐमू को घूरते हुए कहा।
“जो डर गया...वो मर गया....ऐमू नहीं डरा.... ऐमू बच गया।" ऐमू ने जॉनी को चिढ़ाते हुए कहा।
ऐमू की बात सुनकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गयी।
सभी अब सामान्य सी बातचीत करते हुए आगे की ओर बढ़ गये। पर ऐसे में भी कुछ लोगो को इस सफर
से कोई खास परेशानी नहीं हो रही थी।
जैसे अल्बर्ट हर पेड़ और पत्तियों को ध्यान से देखता हुआ चल रहा था। उसके लिये इस सफर में इतना कुछ था, जितना कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा था।
एलेक्स और क्रिस्टी को भी इस सफर में अब कोई परेशानी महसूस नहीं हो रही थी। वो दोनो एक दूसरे को छेड़ते हुए पूरे सफर पर एन्जॉय कर रहे थे।
“एलेक्स!"
क्रिस्टी ने एलेक्स की ओर देखते हुए शरारत भरे अंदाज में कहा- “क्या तुम्हें जंगल पसंद हैं?"
“बिल्कुल!”
एलेक्स ने जवाब दिया- “मुझे तो यह जंगल बहुत पसंद आ रहा है। मेरा तो मन यहीं बसने का कर रहा है। शहर के धूल और धुंए से हटकर स्वच्छ वातावरण में रहना।"
“हां ठीक कहा।"
क्रिस्टी ने हंसकर कहा- “तुम्हारे अंदर कुछ गुण भी जंगली जैसे हैं। जैसे पेड़ पर चढ़ना। बंदर से खूब पटरी खायेगी तुम्हारी, इसी खूबी की वजह से। और हां यहाँ पर किसी जंगली लड़की से शादी करके सेटल भी हो जाना।"
“एक मिनट अपने नाखून दिखाना।" एलेक्स ने बड़ा सीरियस होकर क्रिस्टी से कहा।
क्रिस्टी ने अपने दोनों हाथो को एलेक्स के आगे फैलाकर ना समझते हुए कहा- “नाखून क्यों?"
एलेक्स की नजर क्रिस्टी के लंबे और खूबसूरत गुलाबी नाखूनो पर गयी।
“नाखून तो तुम्हारे भी जंगली के जैसे हैं।"
इस बार एलेक्स ने क्रिस्टी का मजाक उड़ाया- “पर चेहरा जंगली के जैसा नहीं है। पर तुम चिंता ना करो, कुछ दिन जंगल में रहने के बाद तुम जंगली जैसी लगने लगोगी, फिर मैं तुम्हीं से शादी करके इस जंगल में सेटल हो जाऊंगा।"
सभी चुपचाप चलते हुए एलेक्स और क्रिस्टी की बातों का मजा लेकर मुस्कुरा रहे थे।
धीरे-धीरे छोटे पेड़ ख़तम होने लगे और अब उसकी जगह बड़े और विशालकाय पेडों का सिलसिला शुरू हो गया।
क्रिस्टी ने एक नजर उन घने पेडों पर मारी और फिर बोल उठी-
“एलेक्स क्या तुम इस पेड़ पर घर बना सकते हो? मुझे ट्री-हाउस बहुत अच्छे लगते हैं।" कहते-कहते क्रिस्टी एक घने पेड़ के पास पहुंच गयी।
सुयश की नज़रो एक क्षण के लिए क्रिस्टी पर पड़ी। उसे क्रिस्टी के पीछे वाली पेड़ की जड़ धीरे-धीरे हिलती नजर आयी। सुयश को तुरंत खतरे का अहसास हुआ और वह क्रिस्टी की ओर भागा।
किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या हुआ? सुयश ने क्रिस्टी का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा।
क्रिस्टी को एक झटका लगा और वह बाकी खड़े लोगों की तरफ जमीन पर गिर गयी।
मगर सुयश क्रिस्टी को खींचने के चक्कर में पेड़ के और पास पहुंच गया।
अचानक उस पेड़ की एक जड़ में हरकत हुई और वह तेजी से सुयश के दांये पैर में लिपट गयी।
“आदमखोर पेड़!" अल्बर्ट जोर से चीखा- “ये सब आदमखोर पेड़ हैं। इनसे बच कर रहो।"
अल्बर्ट की आवाज सुनते ही सभी उन आदमखोर पेडों से दूर हो गये। क्रिस्टी को एलेक्स ने सहारा देकर दूर कर लिया।
पेड़ की पकड़ सुयश के पैरों पर बहुत तेज थी। सुयश छूटने की भरसक कोशिश कर रहा था।
अब पेड़ की कुछ शाखाओं ने भी सुयश को पूरी तरह से जकड़ लिया। वह शाखाएं धीरे-धीरे अब सुयश का खून चूसने लगी।
सुयश को अपने शरीर पर सुइयां चुभने जैसा अहसास होने लगा। वह दर्द से कराह उठा- “आहऽऽऽऽ!"
यह देख तौफीक और ब्रैंडन चाकू निकालकर उस पेड़ की ओर बढ़ने लगे।
“रुक जाओ।" तभी सुयश की आवाज गूंजी- “मेरे पास कोई नहीं आयेगा। अगर मुझे बचाने कोई आयेगा, तो यह पेड़ उसे भी अपना शिकार बना लेगा। आहऽऽऽऽऽ।"
सुयश की आवाज सुन तौफीक और ब्रैंडन अपनी जगह पर रुक गये।
“छोड़ दे गंदे पेड़, ऐमू के दोस्त को छोड़ दे।" यह कहकर ऐमू अपनी चोंच से पेड़ की डाल पर प्रहार
करने लगा।
परंतु भला ऐमू की चोंच से पेड़ पर क्या असर पड़ने वाला था।
तभी ब्रूनो तेजी से आगे बढ़ा और सुयश के शरीर से लिपटी, पेड़ की डाली को अपने दांतो से नोचने की कोशिश करने लगा।
मगर पेड़ की पकड़ इतनी सख्त थी कि ब्रूनो भी कुछ नहीं कर पा रहा था।
असलम ने तुरंत सिग्नल-फ्लैयर गन निकालकर, उसमें एक फ्लैयर फिट किया और वह गन तौफीक के हाथो में पकड़ा दी।
तौफीक ने निशाना लगाकर पेड़ पर फायर कर दिया। पर जैसे ही फ्लैयर पेड़ के पास पहुंचा, पेड़ की एक डाली हरकत में आयी और वह पास आ रहे सिग्नल-फ्लैयर से जोर से टकरायी।
सिग्नल-फ्लैयर एक झटके से दूर जाकर गिरा।
अब तौफीक ने एक नजर असलम और ब्रैंडन पर मारी। जैसे वह पूछने की कोशिश कर रहा हो कि अब क्या करना है?
उधर सुयश की चीखे बढ़ती जा रहीं थी। और असलम के पास भी अब आखरी फ्लैयर बचा था।
ब्रैंडन ने धीरे से इशारा कर असलम से वह आखरी फ्लैयर भी देने को कहा। असलम ने आखरी फ्लैयर भी तौफीक के हाथ पर रख दी।
तौफीक ने तुरंत आखरी फ्लैयर को अपने गन में लोड किया और पेड़ पर निशाना लगा कर फायर कर दिया।
पर पुनः वही घटना हुई। पेड़ की डाल ने भी पुनरावृति करते हुए इस फ्लैयर को भी दूर उछाल दिया।
तौफीक ने सिग्नल-फ्लैयर ख़तम होते देख गुस्से से गन को ही पेड़ पर खींच कर मार दिया, पर खाली गन से पेड़ का क्या होने वाला था।
तभी अल्बर्ट ने पास पड़ी कुछ लकडियों को लाइटर से जला लिया और सुयश को बचाते हुए, उसे एक-एक कर पेड़ की ओर फ़ेकने लगे।
पर पता नहीं क्यों उस आग से पेड़ पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
अब किसी के भी पास कोई ऐसा उपाय नहीं सूझ रहा था जिसके द्वारा सुयश को बचाया जा सके।
इस बार शैफाली भी कुछ नहीं कर पा रही थी। वह बेबस सी नम आँखो से सुयश को निहार रही थी।
उधर ब्रूनो और ऐमू के प्रयास भी निरर्थक लग रहे थे।
अचानक ‘चर्र..-चर्र.. की आवाज के साथ सुयश की शर्ट पीठ के पास से फट गयी।
जिसके कारण सुयश की पीठ पर बना सुनहरे रंग का सूर्य का टैटू चमकने लगा।
युगाका भी दूर से इस पूरे घटनाक्रम को देख रहा था। सुयश के चमकते टैटू को देख युगाका की आँखे आश्चर्य से सिकुड गयी।
उधर सुयश की चीखे अब बढ़ती जा रही थी।
ब्रूनो तब तक गुस्से से पेड़ की छाल को काफ़ी जगह से नोच चुका था, पर पेड़ की डाल जाने क्यों ब्रूनो और ऐमू को कुछ नहीं कर रही थी।
सूर्य की किरणें उन घने पेडों के बीच से कहीं-कहीं पर छनकर आ रही थी।
तभी सूर्य की एक पतली किरण सुयश की पीठ पर बने उस सुनहरे टैटू पर जा पड़ी।
सूर्य की किरणें पड़ते ही टैटू की चमक और बढ़ गयी। अब टैटू बहुत तेज सुनहरी किरणें बिखेरने लगा।
सभी यह नजारा देख आश्चर्य से भर उठे।
सुयश के टैटू से एक सुनहरी किरण निकली और उस पेड़ को अपने घेरे में ले लिया।
सुनहरी किरणें के घेरे में आते ही पेड़ की पकड़ सुयश पर ढीली पड़ गयी।
यह देख अल्बर्ट जोर से चिल्लाया- “कैप्टन, भागो वहां से, आप पेड़ की पकड़ से छूट गये हो।"
सुयश लगभग निढाल हो चुका था, परंतु अल्बर्ट की आवाज ने जैसे उसके शरीर में रक्त का नया संचार कर दिया हो।
सुयश तुरंत उठकर पेड़ की पकड़ से दूर हो गया। उसके साथ ब्रूनो और ऐमू भी पेड़ के पास से हट गये।
सुनहरी रोशनी ने अभी भी पेड़ को जकड़ा हुआ था।
तभी ‘भक्क’ की आवाज के साथ उस पेड़ में आग लग गयी।
आदमखोर पेड़ अब ‘धू-धू’ करके जल उठा।
सुयश ने यह पूरी घटना नहीं देखी थी। उसे नहीं पता था कि पेड़ में आग कैसे लग गयी।
जब सुयश थोड़ा सा बेहतर दिखा तो अल्बर्ट ने उसे सारी बातें बता दी।
सभी की नजरे अब सुयश की पीठ पर बने टैटू पर थी। गोल आग फेंकता हुआ सूर्य वाला टैटू सुयश की पीठ पर अभी भी चमक रहा था।
“कैप्टन, यह आपकी पीठ पर बना टैटू सुनहरा कैसे हो गया?" ब्रेंडन ने सुयश से पूछा- “यह तो काले रंग का था।"
“सुनहरा!“
सुयश ने आश्चर्य से कहा- “लेकिन मेरा टैटू तो काले रंग का ही है।"
“क्या बात कर रहे हैं कैप्टन?"
अल्बर्ट ने आश्चर्य से कहा- “आपकी पीठ पर लगभग 8 इंच डायामीटर
का सुनहरा टैटू ही बना है। आपके कहे अनुसार अगर यह काले रंग का था तो सुनहरा कैसे हो गया?"
यह बात किसी की समझ में नहीं आयी।
तभी शैफाली बोल उठी- “मुझे ऐसा लगता है कि जिस समय आपने देवी शलाका की मूर्ति को स्पर्श किया था, उस समय उन सातों खंभो से अलग-अलग रंग की किरण निकलकर आप पर पड़ी थी। शायद उसी के प्रभाव से आपका टैटू सुनहरा बन गया है।"
“तुम कहीं यह तो नहीं कहना चाहती शैफाली?“
क्रिस्टी ने कहा- “कि देवी ने अपनी कुछ शक्तियां कैप्टन के टैटू में डाल दी हैं? इसी वजह से इस टैटू ने कैप्टन के प्राणों की रक्षा की है।"
“हो भी सकता है।"
अल्बर्ट ने कहा- “पर जो भी है, अब तो यह श्योर है कि यह सुनहरा टैटू अपने अंदर कुछ शक्तियां तो अवश्य रखे है।"
“एक बात और प्रोफेसर, वह पेड़ ब्रूनो और ऐमू को कुछ नहीं कर रहा था।" एलेक्स ने कहा।
“हो सकता है कि यहां के पेड़ जानवरों को कुछ ना कहते हो?" अल्बर्ट ने अपने विचार व्यक्त किये।
उधर पेड़ में लगी आग ने, आश्चर्यजनक तरीके से केवल उसी पेड़ को जलाया, जो सुयश को पकड़े था। उस पेड़ के जलने के बाद वह आग भी गायब हो गयी।
तौफीक ने अपना जैकेट उतारकर सुयश को पहना दिया। अब सभी फ़िर से आगे की ओर बढ़ गये।
जारी रहेगी_______
“सही कहा शैफाली ने।" सुयश ने ऐमू को देखते हुए कहा- “अभी ऐमू से आगे हमें और भी चीजे पता चल सकती हैं।"
“पर जाने क्यों मुझे इस ऐमू से बहुत डर लग रहा है।" जॉनी ने ऐमू को घूरते हुए कहा।
“जो डर गया...वो मर गया....ऐमू नहीं डरा.... ऐमू बच गया।" ऐमू ने जॉनी को चिढ़ाते हुए कहा।
ऐमू की बात सुनकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गयी।
सभी अब सामान्य सी बातचीत करते हुए आगे की ओर बढ़ गये। पर ऐसे में भी कुछ लोगो को इस सफर
से कोई खास परेशानी नहीं हो रही थी।
जैसे अल्बर्ट हर पेड़ और पत्तियों को ध्यान से देखता हुआ चल रहा था। उसके लिये इस सफर में इतना कुछ था, जितना कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा था।
एलेक्स और क्रिस्टी को भी इस सफर में अब कोई परेशानी महसूस नहीं हो रही थी। वो दोनो एक दूसरे को छेड़ते हुए पूरे सफर पर एन्जॉय कर रहे थे।
“एलेक्स!"
क्रिस्टी ने एलेक्स की ओर देखते हुए शरारत भरे अंदाज में कहा- “क्या तुम्हें जंगल पसंद हैं?"
“बिल्कुल!”
एलेक्स ने जवाब दिया- “मुझे तो यह जंगल बहुत पसंद आ रहा है। मेरा तो मन यहीं बसने का कर रहा है। शहर के धूल और धुंए से हटकर स्वच्छ वातावरण में रहना।"
“हां ठीक कहा।"
क्रिस्टी ने हंसकर कहा- “तुम्हारे अंदर कुछ गुण भी जंगली जैसे हैं। जैसे पेड़ पर चढ़ना। बंदर से खूब पटरी खायेगी तुम्हारी, इसी खूबी की वजह से। और हां यहाँ पर किसी जंगली लड़की से शादी करके सेटल भी हो जाना।"
“एक मिनट अपने नाखून दिखाना।" एलेक्स ने बड़ा सीरियस होकर क्रिस्टी से कहा।
क्रिस्टी ने अपने दोनों हाथो को एलेक्स के आगे फैलाकर ना समझते हुए कहा- “नाखून क्यों?"
एलेक्स की नजर क्रिस्टी के लंबे और खूबसूरत गुलाबी नाखूनो पर गयी।
“नाखून तो तुम्हारे भी जंगली के जैसे हैं।"
इस बार एलेक्स ने क्रिस्टी का मजाक उड़ाया- “पर चेहरा जंगली के जैसा नहीं है। पर तुम चिंता ना करो, कुछ दिन जंगल में रहने के बाद तुम जंगली जैसी लगने लगोगी, फिर मैं तुम्हीं से शादी करके इस जंगल में सेटल हो जाऊंगा।"
सभी चुपचाप चलते हुए एलेक्स और क्रिस्टी की बातों का मजा लेकर मुस्कुरा रहे थे।
धीरे-धीरे छोटे पेड़ ख़तम होने लगे और अब उसकी जगह बड़े और विशालकाय पेडों का सिलसिला शुरू हो गया।
क्रिस्टी ने एक नजर उन घने पेडों पर मारी और फिर बोल उठी-
“एलेक्स क्या तुम इस पेड़ पर घर बना सकते हो? मुझे ट्री-हाउस बहुत अच्छे लगते हैं।" कहते-कहते क्रिस्टी एक घने पेड़ के पास पहुंच गयी।
सुयश की नज़रो एक क्षण के लिए क्रिस्टी पर पड़ी। उसे क्रिस्टी के पीछे वाली पेड़ की जड़ धीरे-धीरे हिलती नजर आयी। सुयश को तुरंत खतरे का अहसास हुआ और वह क्रिस्टी की ओर भागा।
किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या हुआ? सुयश ने क्रिस्टी का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा।
क्रिस्टी को एक झटका लगा और वह बाकी खड़े लोगों की तरफ जमीन पर गिर गयी।
मगर सुयश क्रिस्टी को खींचने के चक्कर में पेड़ के और पास पहुंच गया।
अचानक उस पेड़ की एक जड़ में हरकत हुई और वह तेजी से सुयश के दांये पैर में लिपट गयी।
“आदमखोर पेड़!" अल्बर्ट जोर से चीखा- “ये सब आदमखोर पेड़ हैं। इनसे बच कर रहो।"
अल्बर्ट की आवाज सुनते ही सभी उन आदमखोर पेडों से दूर हो गये। क्रिस्टी को एलेक्स ने सहारा देकर दूर कर लिया।
पेड़ की पकड़ सुयश के पैरों पर बहुत तेज थी। सुयश छूटने की भरसक कोशिश कर रहा था।
अब पेड़ की कुछ शाखाओं ने भी सुयश को पूरी तरह से जकड़ लिया। वह शाखाएं धीरे-धीरे अब सुयश का खून चूसने लगी।
सुयश को अपने शरीर पर सुइयां चुभने जैसा अहसास होने लगा। वह दर्द से कराह उठा- “आहऽऽऽऽ!"
यह देख तौफीक और ब्रैंडन चाकू निकालकर उस पेड़ की ओर बढ़ने लगे।
“रुक जाओ।" तभी सुयश की आवाज गूंजी- “मेरे पास कोई नहीं आयेगा। अगर मुझे बचाने कोई आयेगा, तो यह पेड़ उसे भी अपना शिकार बना लेगा। आहऽऽऽऽऽ।"
सुयश की आवाज सुन तौफीक और ब्रैंडन अपनी जगह पर रुक गये।
“छोड़ दे गंदे पेड़, ऐमू के दोस्त को छोड़ दे।" यह कहकर ऐमू अपनी चोंच से पेड़ की डाल पर प्रहार
करने लगा।
परंतु भला ऐमू की चोंच से पेड़ पर क्या असर पड़ने वाला था।
तभी ब्रूनो तेजी से आगे बढ़ा और सुयश के शरीर से लिपटी, पेड़ की डाली को अपने दांतो से नोचने की कोशिश करने लगा।
मगर पेड़ की पकड़ इतनी सख्त थी कि ब्रूनो भी कुछ नहीं कर पा रहा था।
असलम ने तुरंत सिग्नल-फ्लैयर गन निकालकर, उसमें एक फ्लैयर फिट किया और वह गन तौफीक के हाथो में पकड़ा दी।
तौफीक ने निशाना लगाकर पेड़ पर फायर कर दिया। पर जैसे ही फ्लैयर पेड़ के पास पहुंचा, पेड़ की एक डाली हरकत में आयी और वह पास आ रहे सिग्नल-फ्लैयर से जोर से टकरायी।
सिग्नल-फ्लैयर एक झटके से दूर जाकर गिरा।
अब तौफीक ने एक नजर असलम और ब्रैंडन पर मारी। जैसे वह पूछने की कोशिश कर रहा हो कि अब क्या करना है?
उधर सुयश की चीखे बढ़ती जा रहीं थी। और असलम के पास भी अब आखरी फ्लैयर बचा था।
ब्रैंडन ने धीरे से इशारा कर असलम से वह आखरी फ्लैयर भी देने को कहा। असलम ने आखरी फ्लैयर भी तौफीक के हाथ पर रख दी।
तौफीक ने तुरंत आखरी फ्लैयर को अपने गन में लोड किया और पेड़ पर निशाना लगा कर फायर कर दिया।
पर पुनः वही घटना हुई। पेड़ की डाल ने भी पुनरावृति करते हुए इस फ्लैयर को भी दूर उछाल दिया।
तौफीक ने सिग्नल-फ्लैयर ख़तम होते देख गुस्से से गन को ही पेड़ पर खींच कर मार दिया, पर खाली गन से पेड़ का क्या होने वाला था।
तभी अल्बर्ट ने पास पड़ी कुछ लकडियों को लाइटर से जला लिया और सुयश को बचाते हुए, उसे एक-एक कर पेड़ की ओर फ़ेकने लगे।
पर पता नहीं क्यों उस आग से पेड़ पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
अब किसी के भी पास कोई ऐसा उपाय नहीं सूझ रहा था जिसके द्वारा सुयश को बचाया जा सके।
इस बार शैफाली भी कुछ नहीं कर पा रही थी। वह बेबस सी नम आँखो से सुयश को निहार रही थी।
उधर ब्रूनो और ऐमू के प्रयास भी निरर्थक लग रहे थे।
अचानक ‘चर्र..-चर्र.. की आवाज के साथ सुयश की शर्ट पीठ के पास से फट गयी।
जिसके कारण सुयश की पीठ पर बना सुनहरे रंग का सूर्य का टैटू चमकने लगा।
युगाका भी दूर से इस पूरे घटनाक्रम को देख रहा था। सुयश के चमकते टैटू को देख युगाका की आँखे आश्चर्य से सिकुड गयी।
उधर सुयश की चीखे अब बढ़ती जा रही थी।
ब्रूनो तब तक गुस्से से पेड़ की छाल को काफ़ी जगह से नोच चुका था, पर पेड़ की डाल जाने क्यों ब्रूनो और ऐमू को कुछ नहीं कर रही थी।
सूर्य की किरणें उन घने पेडों के बीच से कहीं-कहीं पर छनकर आ रही थी।
तभी सूर्य की एक पतली किरण सुयश की पीठ पर बने उस सुनहरे टैटू पर जा पड़ी।
सूर्य की किरणें पड़ते ही टैटू की चमक और बढ़ गयी। अब टैटू बहुत तेज सुनहरी किरणें बिखेरने लगा।
सभी यह नजारा देख आश्चर्य से भर उठे।
सुयश के टैटू से एक सुनहरी किरण निकली और उस पेड़ को अपने घेरे में ले लिया।
सुनहरी किरणें के घेरे में आते ही पेड़ की पकड़ सुयश पर ढीली पड़ गयी।
यह देख अल्बर्ट जोर से चिल्लाया- “कैप्टन, भागो वहां से, आप पेड़ की पकड़ से छूट गये हो।"
सुयश लगभग निढाल हो चुका था, परंतु अल्बर्ट की आवाज ने जैसे उसके शरीर में रक्त का नया संचार कर दिया हो।
सुयश तुरंत उठकर पेड़ की पकड़ से दूर हो गया। उसके साथ ब्रूनो और ऐमू भी पेड़ के पास से हट गये।
सुनहरी रोशनी ने अभी भी पेड़ को जकड़ा हुआ था।
तभी ‘भक्क’ की आवाज के साथ उस पेड़ में आग लग गयी।
आदमखोर पेड़ अब ‘धू-धू’ करके जल उठा।
सुयश ने यह पूरी घटना नहीं देखी थी। उसे नहीं पता था कि पेड़ में आग कैसे लग गयी।
जब सुयश थोड़ा सा बेहतर दिखा तो अल्बर्ट ने उसे सारी बातें बता दी।
सभी की नजरे अब सुयश की पीठ पर बने टैटू पर थी। गोल आग फेंकता हुआ सूर्य वाला टैटू सुयश की पीठ पर अभी भी चमक रहा था।
“कैप्टन, यह आपकी पीठ पर बना टैटू सुनहरा कैसे हो गया?" ब्रेंडन ने सुयश से पूछा- “यह तो काले रंग का था।"
“सुनहरा!“
सुयश ने आश्चर्य से कहा- “लेकिन मेरा टैटू तो काले रंग का ही है।"
“क्या बात कर रहे हैं कैप्टन?"
अल्बर्ट ने आश्चर्य से कहा- “आपकी पीठ पर लगभग 8 इंच डायामीटर
का सुनहरा टैटू ही बना है। आपके कहे अनुसार अगर यह काले रंग का था तो सुनहरा कैसे हो गया?"
यह बात किसी की समझ में नहीं आयी।
तभी शैफाली बोल उठी- “मुझे ऐसा लगता है कि जिस समय आपने देवी शलाका की मूर्ति को स्पर्श किया था, उस समय उन सातों खंभो से अलग-अलग रंग की किरण निकलकर आप पर पड़ी थी। शायद उसी के प्रभाव से आपका टैटू सुनहरा बन गया है।"
“तुम कहीं यह तो नहीं कहना चाहती शैफाली?“
क्रिस्टी ने कहा- “कि देवी ने अपनी कुछ शक्तियां कैप्टन के टैटू में डाल दी हैं? इसी वजह से इस टैटू ने कैप्टन के प्राणों की रक्षा की है।"
“हो भी सकता है।"
अल्बर्ट ने कहा- “पर जो भी है, अब तो यह श्योर है कि यह सुनहरा टैटू अपने अंदर कुछ शक्तियां तो अवश्य रखे है।"
“एक बात और प्रोफेसर, वह पेड़ ब्रूनो और ऐमू को कुछ नहीं कर रहा था।" एलेक्स ने कहा।
“हो सकता है कि यहां के पेड़ जानवरों को कुछ ना कहते हो?" अल्बर्ट ने अपने विचार व्यक्त किये।
उधर पेड़ में लगी आग ने, आश्चर्यजनक तरीके से केवल उसी पेड़ को जलाया, जो सुयश को पकड़े था। उस पेड़ के जलने के बाद वह आग भी गायब हो गयी।
तौफीक ने अपना जैकेट उतारकर सुयश को पहना दिया। अब सभी फ़िर से आगे की ओर बढ़ गये।
जारी रहेगी_______