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- Dec 5, 2013
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अपडेट. 28
समय ....क्या दी अकेली अकेली पानी निकल रहे हो मुझे बता दिया होता हेहेहे
सोनिया ....हेहेहे गुड़िया मेरी चोर अपनी पंतय देख
समय ने छूट को छुआ तो पूरी गीली थी
दोनों बहेनो ने एक राउंड एक दूसरे की छूट चूस कर पानी निकला पुर सो गई एक प्यार नींद .......
अब आगे.........
वही दिल्ली से दूर त्रिकाल सिंह आवर संबु दोनों जा पहुंचे उदयपुर
जहा पे त्रिकाल सिंह को अपने बेटे भैरव आवर रॉकी बहुत ज्यादा याद आने लगी थे
त्रिकाल सींग बहुत ज्यादा परेशान हो चूका था
संबु ...क्या हुवा गुरुदेव आप विचलित क्यों हो रहे हो
त्रिकाल सिंह ...संबु मुझे यहाँ ऐसा लग रहा है की मेरे दोनों बेटे यही कहि है
संबु ...ये कैसे संभव है गुरुदेव
trikal...ham सत्य कह रहे है
हमें ऐसा लग रहा है की वो दोनों तड़प रहे है तकलीफ में है
हमें ऐसा लग रहा है
संबु ...अगर ऐसा है तो आप उनको अपनी मन्त्रिक ( काली ) सक्तियो से दंड क्यों नै लेते हो
त्रिकाल ...अब जो बे है संबु तुम उचित कह रहे हो हमें यही कहि कोई मसान ( सैमसन भूमि )
देख कर अपनी मन्त्रिक सक्तियो के द्वारा उनको खोजना चाइये
कीच समय पश्चात त्रिकाल आवर संबु एक पुराने मसान में
नज़र आये
त्रिकाल यहाँ पे अपनी काली शक्तियों को प्रबल करने ड़याँ में भेठ गया
वही संबु त्रिकाल की रखवाली करने लगा
कुछ गान्तो की म्हणत से त्रिकाल को पता चल गया के उनके दोनों बेटे मरे जा चुके है
त्रिकाल वही पे फुट फुट के रोने लगा
संबु बे रो रहा था
त्रिकाल जैसा बे था पापी दुराचारी
क्रिमिनल .रेपिस्ट उस सब पाप करम किये थे किन्तु वो अपने दोनों बेटो से बहुत प्रेम करता था
आवर उसे इस बात का अंदेसा तो हो चूका था बहुत पहले हे की कुछ तो बुरा हुवा है उनके साथ में नै तो कब के लौट आते उसके बेटे उसके पास
संबु ....गुरुदेव सम्भालिया खुद को अगर आप ऐसे हे टूट गए तो भैरव आवर रॉकी को मरने वालो को सजा कैसे दे पाएंगे
त्रिकाल सिंह गुस्से में उसका चेहरा पहले से दरिंदो जैसा डराना था अब तो आवर बे बड़ा दरिंदा नज़र आ रहा था
त्रिकाल सिंह ...गुस्से me....nai संबु हम उसके खंडन को हे मिटा देंगे जिन्होंने हमारे बेटो को हमसे अलग कर के उनको तड़पा तड़पा के मारा है
संबु ...ऐसा हे होगा गुरुदेव बस एक बार पता चल जाये तो अपनी इन्हे हाथो से तड़पा तड़पा के मरूंगा मई
त्रिकाल ...नै संबु जिसजिस किसी ने मेरे बेटो को मारा है मई उस से जुड़े हर एक लड़की या ोुरत उनको मई अपनी आवर अपने सिसयो की रखेल बनाऊंगा आवर आदमियों की तड़पा तड़पा के बलि चढ़ाऊंगा
संबु ..उन सब की यही सजा है गुरुदेव
तबे वह पे एक काली से परछाई हवा में परगट होती है
जिसे देख संबु आवर त्रिकाल हाथ जोड़ के परनाम करते है
त्रिकाल एंड संबु ...परनाम गुरुदेव
परछाई ....त्रिकाल हम तुम्हारे गुरु नै है
तुम एक महापापी हो दुराचारी हो हम नै है तुम्हारे गुरु
त्रिकाल ....गुरुदेव आज मई जो बे हु आपकी हे दी हुए मन्त्रिक शिक्षा के कारन हु
परछाई ....नै हमने तुम्हे मन्त्रिक विद्या जरूर शिखाई थी किन्तु हमने कबे बलि यज्ञ नै किया आवर न हे अपने गुरु की चाल ( धोखे ) से हत्या की थी
तुम एक महापापी हो तुमने सक्तियो के लिया हमारी धोखे से हत्या की
तबे तुम्हे हमने सर्फ़ दिया की समय आने पे तुम्हारे कोई बे विद्या काम नै आएगी तुमने जिन काली शक्तियों के लिया हमें मारा वो काली सकतिया तुम्हारे किसी काम नै आएगी
आवर उसकी शुरुआत हो चुकी है
तुम यहाँ खुद नै आये हो तुम्हे लाया गया है
त्रिकाल ...ऐसा कबे नै होगा गुरुदेव त्रिकाल से कोई उसकी सकती नै चीन सकता है
परछाई ...ऐसा तुम्हे लगता है
खेर छोड़ो ये सब वक़्त अपने आँचल में क्या छुपाये है समय आने पे हे पता चलेगा
परछाई .....हमने तुम्हे कबे शिक्षा दी थे तो थोड़ी सहायता कर देते है तुम्हारी
संबु ....कैसे सहायता गुरुदेव
परछाई .....त्रिकाल तुम्हारे दोनों बेटो की हत्या यही पे हुयी थी किन्तु तुम हत्यारे तक आवर अपने दोनों बेटो की पापा आत्मा तक कबे नै पहुंच पाओगे
त्रिकाल ...क्यों गुरुदेव ऐसे कोनसी बढ़ा है जो मुझे उन तक नै पहुंचने दे रहे है
मैंने बहुत बार कोसिस की उन तक पहुंचने की किन्तु न तो वो स्तन आवर न वो इंसान नज़र आ रहा जहा उनकी मरतु हुयी आवर जिस ने उनको मारा
परछाई ....तुम नै पहुंच सकते उन तक उनकी रक्षा स्वयं महादेव करते है तुम क्या पूछो गए वह तक
है तुम्हारे बेटो का अंतिम संस्कार यही पे हुवा था उस पेड के आगे ( एक पेड के आवर इसरत करते हुए )
Trikal....kya महादेव उनकी रक्षा करते है ये संभव नै गुरुदेव
परछाई ...उनके लिया कुछ बे असंभव नै त्रिकाल मेरा मुक्ति डाटा जल्द हे आने वाला है
उसी के हाथो तुम्हारी मरतु होगी
तुम्हारी मरतु का सेक्सी मई रहूँगा
चलता हु जल्द आखरी मुलाकात होगी
वही दिल्ली में सब जल्दी नास्ता वगेरा कर के कल की पार्टी की तयारी कर थे
दिव्या इस वक़्त अपनी माँ सा ( मोहिनी देवी ) के पैरो की मालिश कर रहे थी आवर अपनी माँ से बात बे कर रहे थी
( मोहिनी देवी केवल सुन रहे थे बोल तो केवल दिव्या रहे थी )
दिव्या ...पता है माँ कल हमारे प्रिंस घर आ रहे है
हम उनको पुरे 5साल बाद देख पाएंगे
दिव्या ...माँ क्या प्रिंस हमें पहचान पाएंगे
क्या हम प्रिंस को पहचान पाएंगे
( मोहिनी अपने मन में हमारा देव आ रहा है मेरा बच्चा मेरा राजकुमार आ रहा है
अब तो काफी बड़े हो गया होगा मेरा बच्चा
हम उनको उनकी पसंद का खाना बना कर अपने हाथो से खिलाएंगे
अपने हाथ की आवर देखते हुए
किन्तु हम तो कबे उठ हे नै सकते
....ये सोचते हुए मोहिनी की आँखों से आंसू निकल गए )
दिव्या ...क्या हुवा माँ हमने कितनी बार आपको बोलै है आप रोया मत कीजिए
आपकी आँखों में आंसू अछए नै लगते
( मोहिनी क्या कृ मेरी गुड़िया अपने राजकुमार को गले नै लगा सकती इतनी लचर जो हो गई रोये नै तो क्या करे
अपने बेटे के लिया खाना नै बना सकता न अपने हाथो से खिला सकते है
नै हे कुछ बात कर सकते है
फिर से आंसू निकल जाते है )
दिव्या ...माँ अब से हम रोज प्रिंस के साथ रहना चाहते है उन से बहुत साडी बाते करनी है
क्या वो हमें अब बे प्यार करते है
माँ हम प्रिंस के बिना नै जी पाएंगे प्लेसेस हमें उनसे दूर न करना
( कहते कहते दिव्या की खूबसूरत आंको में आंसू बहने लगे आवर वो रोरी हुए रूम से निकल गई )
((( मोहिनी ...न मेरी बच्ची आपको आपके प्रिंस से कोई दूर नै करेगा
किन्तु हमें दर है जो प्यार आप कर भेटि है अपने भाई से वो प्यार भाई भें वाला नै है
ही एकलिंग जी मेरी गुड़िया की खुशिया आपके आशीर्वाद बिना संभव नै
आशीर्वाद बनाये रखना एकलिंग जी )))
थोड़ा रतन सिंह की आवर बे देख ले
कल जब सब राणा मेंशन से निकले तो उनके चेहरों पे जो सुबह के आते वक़्त मौसी थी अबे वो नै थी
सब साम को काफी लेट 8 बजे तक घर पहुंचे
माया देवी ....जानवी बीटा देखो तो कृषि क्या कर रहे है
उसको बोलना की कल के लिया आपने कपडे पैक करले ले
कल उसको जीजा ( दीदी ..रानी माँ के लिया यहाँ जीजा सब्द प्रयोग किया जा रहा है )
के यहाँ जाना है
अच्छा चलो हम बे साथ में चलते है
जानवी ...जी माँ आपकी लाड़ली को आप हे समझाओ हमसे नै समाज ने वाली वो
माया देवी ...है है जानती हु तुम दोनों माँ बेटी को
खुसी अबे अपने रूम में अपनी किसी दोस्त से बात कर रहे थी
माया देवी ..क्या कर रहे है मेरी गुड़िया रानी
खुसी ..दादी माँ हमने कितनी बार आपसे खा है हम गुड़िया नै है अब
है रानी कह सकती है आप हमें
आपको तो पता है हमारा राजकुमार आने वाला है
माया देवी ...तुम्हे कैसे पता की तुम्हारा राजकुमार आने वाला है हमने तो नै बताया आपको
...जानवी अपनी सास की बात सुन के सर पिट लेती है ....
खुसी ...क्या खा आपने दादी माँ
आप किस राजकुमार की बात कर थे है
आप दोनों के दीमक में क्या प्लान चल रहा है बताओगी हमें
माया देवी ...नै नै खुसी बीटा हम तो आपके हे राजकुमार की बात कर थे है
अबे आपने हे तो बोलै आपका राजकुमार आने वाला है
खुसी ..क्या आप दोनों सच कह रहे है
माया देवी ...है बीटा हम सच कह रहे है
माया देवी ...अच्छा सुनु खुसी बीटा हम आपसे एक ज्यूरी बात करना चाहते है
खुसी ...दादी माँ ऐसे क्या बात है
जानवी devi...khusi आपको कुछ दिन के लिया राणा मेंशन में जाना होगा
कल आपको आपके दादू आवर गुरुवार के साथ जाना है
इस लिया आप अपने पैकिंग कर लीजिये कुछ दिन के कपडे आपकी डेली उसे के जो चीज़े जरीरी है वो
सब पैक करलो
खुसी ....आप किश राणा मेंशन की बात कर रहे है
यहाँ दिल्ली में तो सायद एक हे राणा मेंशन है
उम्म्म्म है याद आया रुद्रप्रताप राणा जी कहि आप R.d ..मेंशन की तो बात नै कर रहे है
( खुसी ने ये सब खुस होती हुए खा जैसे उसको खजाना मिल गया हो ...अब्द न सही बाद में तो मिलेगा हे खजाना )
जानवी देवी ...है हम उसी मेंशन की बात कर रहे है
(बहार खिड़की से रतन सिंह सुन आवर देख रहा था
उसको यकीं नै था की राणा जी सबकुछ जानते हुए खुसी की रक्षा करने वाले है
वो खुसी को खुस हो कर नाचते देख अपनी आँखों में आये आंसू पूछते हुए चल दिया
किन्तु कोई था जो रतन सिंह को काफी टाइम से देख रहा था
यार सस्पेंस नै बदउगा वो रघुवीर था.)/
खुसी ....अह्ह्ह यही याहू ओह्ह्ह याहू यही
माँ आप नै जानती हम कितना खुश है आज
लव यू माय स्वीट माँ
लव यू माय डार्लिंग ग्रंड्मा माँ
माया देवी ...क्यों ऐसा क्यों हो गया ऐसा क्या है वह पे जो आप इतना खुश है
जानवी देवी ...है खुसी ये तो हम बे जानना चाहते है
खुसी ...माँ दादी माँ पहले आप बताओ आप कैसे जानती है उनको आवर वो हमें वह क्यों रुकने देंगे
जानवी देवी ...बस बस मेरी जान संत संत सब बताते है
हम आज वह पर गए थे
जिन राणा जी तुम बात कर रहे हो ..रुद्रप्रताप राणा जी ...वो उदयपुर के राजा है आवर उनके पिता तुम्हारे दादू के दोस्त हुवा करते थे
आवर दूसरी बात वो आपको क्यों रुकने देंगे तो बात एहि की परसो उन्हीके यहाँ पे उनके राजकुमार रुद्रदेव की बर्थडे पार्टी है
वो काफी समय से गए हुए थे वो परसो लौट रहे है
तो आपको इन्विटेशन मिला है आवर आपको कल अपने दादू के साथ जाना है
खुसी ....वाओ माँ क्या खुशखबरी सुनाई है आपने आज तो हम आपको दुबले चुम्बी देंगे आवर दादी डार्लिंग आपको बे
पुसवः पूछ हम्म्म माय स्वीट माँ
पूछ पूछ माय लवली ग्रंड्मा
क्या वो सच में उदयपुर की राजा है आवर दूदू के दोस्त के बेटे है
माया देवी ... है वो सच में उदयपुर के राजा है आवर आपके दादू के दोस्त के बेटे बे है अब आवर नै बस बस मेरी गुड़िया रानी
खुसी ...दादी माँ ...
माया देवी ...ok ok गुड़िया नै तू तो मेरी राजकुमारी है
खुसी ...आपको पता है दादी माँ मेरा उस मेंशन में गुमने का ड्रीम था काफी बार में गई थे उस तरफ लेकिन कबे अंदर नै जा पायी अबे गुमगि बे आवर वही पे जब तक दिल करेगा स्टे बे करुँगी
माया देवी ...ठीक है ठीक है आवर है वह बे तुम्हे तुम्हारे उम्र की आवर बहने बे मेलिगी तो ज्यादा मस्ती नै नै करना
जानवी देवी ..है खुसी आवर कोई शिकायत नै आणि चाइये हम लोग परसो तक आएंगे तुम कल कुछ आवर शॉपिंग कर लेना पार्टी के लिया
अब चलो खाना खो आवर पैकिंग पूरी करो फिर सो जाना है ok
खुसी ...ok माँ एंड दादी
सब सोने चले गए सिवाय रतन सिंह की वो आज रात बे अपनी पुराणी यादे में निकलने वाले थे
.......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स
शेयर योर सुग्गेस्टियन्स
नेक्स्ट अपडेट कल
समय ....क्या दी अकेली अकेली पानी निकल रहे हो मुझे बता दिया होता हेहेहे
सोनिया ....हेहेहे गुड़िया मेरी चोर अपनी पंतय देख
समय ने छूट को छुआ तो पूरी गीली थी
दोनों बहेनो ने एक राउंड एक दूसरे की छूट चूस कर पानी निकला पुर सो गई एक प्यार नींद .......
अब आगे.........
वही दिल्ली से दूर त्रिकाल सिंह आवर संबु दोनों जा पहुंचे उदयपुर
जहा पे त्रिकाल सिंह को अपने बेटे भैरव आवर रॉकी बहुत ज्यादा याद आने लगी थे
त्रिकाल सींग बहुत ज्यादा परेशान हो चूका था
संबु ...क्या हुवा गुरुदेव आप विचलित क्यों हो रहे हो
त्रिकाल सिंह ...संबु मुझे यहाँ ऐसा लग रहा है की मेरे दोनों बेटे यही कहि है
संबु ...ये कैसे संभव है गुरुदेव
trikal...ham सत्य कह रहे है
हमें ऐसा लग रहा है की वो दोनों तड़प रहे है तकलीफ में है
हमें ऐसा लग रहा है
संबु ...अगर ऐसा है तो आप उनको अपनी मन्त्रिक ( काली ) सक्तियो से दंड क्यों नै लेते हो
त्रिकाल ...अब जो बे है संबु तुम उचित कह रहे हो हमें यही कहि कोई मसान ( सैमसन भूमि )
देख कर अपनी मन्त्रिक सक्तियो के द्वारा उनको खोजना चाइये
कीच समय पश्चात त्रिकाल आवर संबु एक पुराने मसान में
नज़र आये
त्रिकाल यहाँ पे अपनी काली शक्तियों को प्रबल करने ड़याँ में भेठ गया
वही संबु त्रिकाल की रखवाली करने लगा
कुछ गान्तो की म्हणत से त्रिकाल को पता चल गया के उनके दोनों बेटे मरे जा चुके है
त्रिकाल वही पे फुट फुट के रोने लगा
संबु बे रो रहा था
त्रिकाल जैसा बे था पापी दुराचारी
क्रिमिनल .रेपिस्ट उस सब पाप करम किये थे किन्तु वो अपने दोनों बेटो से बहुत प्रेम करता था
आवर उसे इस बात का अंदेसा तो हो चूका था बहुत पहले हे की कुछ तो बुरा हुवा है उनके साथ में नै तो कब के लौट आते उसके बेटे उसके पास
संबु ....गुरुदेव सम्भालिया खुद को अगर आप ऐसे हे टूट गए तो भैरव आवर रॉकी को मरने वालो को सजा कैसे दे पाएंगे
त्रिकाल सिंह गुस्से में उसका चेहरा पहले से दरिंदो जैसा डराना था अब तो आवर बे बड़ा दरिंदा नज़र आ रहा था
त्रिकाल सिंह ...गुस्से me....nai संबु हम उसके खंडन को हे मिटा देंगे जिन्होंने हमारे बेटो को हमसे अलग कर के उनको तड़पा तड़पा के मारा है
संबु ...ऐसा हे होगा गुरुदेव बस एक बार पता चल जाये तो अपनी इन्हे हाथो से तड़पा तड़पा के मरूंगा मई
त्रिकाल ...नै संबु जिसजिस किसी ने मेरे बेटो को मारा है मई उस से जुड़े हर एक लड़की या ोुरत उनको मई अपनी आवर अपने सिसयो की रखेल बनाऊंगा आवर आदमियों की तड़पा तड़पा के बलि चढ़ाऊंगा
संबु ..उन सब की यही सजा है गुरुदेव
तबे वह पे एक काली से परछाई हवा में परगट होती है
जिसे देख संबु आवर त्रिकाल हाथ जोड़ के परनाम करते है
त्रिकाल एंड संबु ...परनाम गुरुदेव
परछाई ....त्रिकाल हम तुम्हारे गुरु नै है
तुम एक महापापी हो दुराचारी हो हम नै है तुम्हारे गुरु
त्रिकाल ....गुरुदेव आज मई जो बे हु आपकी हे दी हुए मन्त्रिक शिक्षा के कारन हु
परछाई ....नै हमने तुम्हे मन्त्रिक विद्या जरूर शिखाई थी किन्तु हमने कबे बलि यज्ञ नै किया आवर न हे अपने गुरु की चाल ( धोखे ) से हत्या की थी
तुम एक महापापी हो तुमने सक्तियो के लिया हमारी धोखे से हत्या की
तबे तुम्हे हमने सर्फ़ दिया की समय आने पे तुम्हारे कोई बे विद्या काम नै आएगी तुमने जिन काली शक्तियों के लिया हमें मारा वो काली सकतिया तुम्हारे किसी काम नै आएगी
आवर उसकी शुरुआत हो चुकी है
तुम यहाँ खुद नै आये हो तुम्हे लाया गया है
त्रिकाल ...ऐसा कबे नै होगा गुरुदेव त्रिकाल से कोई उसकी सकती नै चीन सकता है
परछाई ...ऐसा तुम्हे लगता है
खेर छोड़ो ये सब वक़्त अपने आँचल में क्या छुपाये है समय आने पे हे पता चलेगा
परछाई .....हमने तुम्हे कबे शिक्षा दी थे तो थोड़ी सहायता कर देते है तुम्हारी
संबु ....कैसे सहायता गुरुदेव
परछाई .....त्रिकाल तुम्हारे दोनों बेटो की हत्या यही पे हुयी थी किन्तु तुम हत्यारे तक आवर अपने दोनों बेटो की पापा आत्मा तक कबे नै पहुंच पाओगे
त्रिकाल ...क्यों गुरुदेव ऐसे कोनसी बढ़ा है जो मुझे उन तक नै पहुंचने दे रहे है
मैंने बहुत बार कोसिस की उन तक पहुंचने की किन्तु न तो वो स्तन आवर न वो इंसान नज़र आ रहा जहा उनकी मरतु हुयी आवर जिस ने उनको मारा
परछाई ....तुम नै पहुंच सकते उन तक उनकी रक्षा स्वयं महादेव करते है तुम क्या पूछो गए वह तक
है तुम्हारे बेटो का अंतिम संस्कार यही पे हुवा था उस पेड के आगे ( एक पेड के आवर इसरत करते हुए )
Trikal....kya महादेव उनकी रक्षा करते है ये संभव नै गुरुदेव
परछाई ...उनके लिया कुछ बे असंभव नै त्रिकाल मेरा मुक्ति डाटा जल्द हे आने वाला है
उसी के हाथो तुम्हारी मरतु होगी
तुम्हारी मरतु का सेक्सी मई रहूँगा
चलता हु जल्द आखरी मुलाकात होगी
वही दिल्ली में सब जल्दी नास्ता वगेरा कर के कल की पार्टी की तयारी कर थे
दिव्या इस वक़्त अपनी माँ सा ( मोहिनी देवी ) के पैरो की मालिश कर रहे थी आवर अपनी माँ से बात बे कर रहे थी
( मोहिनी देवी केवल सुन रहे थे बोल तो केवल दिव्या रहे थी )
दिव्या ...पता है माँ कल हमारे प्रिंस घर आ रहे है
हम उनको पुरे 5साल बाद देख पाएंगे
दिव्या ...माँ क्या प्रिंस हमें पहचान पाएंगे
क्या हम प्रिंस को पहचान पाएंगे
( मोहिनी अपने मन में हमारा देव आ रहा है मेरा बच्चा मेरा राजकुमार आ रहा है
अब तो काफी बड़े हो गया होगा मेरा बच्चा
हम उनको उनकी पसंद का खाना बना कर अपने हाथो से खिलाएंगे
अपने हाथ की आवर देखते हुए
किन्तु हम तो कबे उठ हे नै सकते
....ये सोचते हुए मोहिनी की आँखों से आंसू निकल गए )
दिव्या ...क्या हुवा माँ हमने कितनी बार आपको बोलै है आप रोया मत कीजिए
आपकी आँखों में आंसू अछए नै लगते
( मोहिनी क्या कृ मेरी गुड़िया अपने राजकुमार को गले नै लगा सकती इतनी लचर जो हो गई रोये नै तो क्या करे
अपने बेटे के लिया खाना नै बना सकता न अपने हाथो से खिला सकते है
नै हे कुछ बात कर सकते है
फिर से आंसू निकल जाते है )
दिव्या ...माँ अब से हम रोज प्रिंस के साथ रहना चाहते है उन से बहुत साडी बाते करनी है
क्या वो हमें अब बे प्यार करते है
माँ हम प्रिंस के बिना नै जी पाएंगे प्लेसेस हमें उनसे दूर न करना
( कहते कहते दिव्या की खूबसूरत आंको में आंसू बहने लगे आवर वो रोरी हुए रूम से निकल गई )
((( मोहिनी ...न मेरी बच्ची आपको आपके प्रिंस से कोई दूर नै करेगा
किन्तु हमें दर है जो प्यार आप कर भेटि है अपने भाई से वो प्यार भाई भें वाला नै है
ही एकलिंग जी मेरी गुड़िया की खुशिया आपके आशीर्वाद बिना संभव नै
आशीर्वाद बनाये रखना एकलिंग जी )))
थोड़ा रतन सिंह की आवर बे देख ले
कल जब सब राणा मेंशन से निकले तो उनके चेहरों पे जो सुबह के आते वक़्त मौसी थी अबे वो नै थी
सब साम को काफी लेट 8 बजे तक घर पहुंचे
माया देवी ....जानवी बीटा देखो तो कृषि क्या कर रहे है
उसको बोलना की कल के लिया आपने कपडे पैक करले ले
कल उसको जीजा ( दीदी ..रानी माँ के लिया यहाँ जीजा सब्द प्रयोग किया जा रहा है )
के यहाँ जाना है
अच्छा चलो हम बे साथ में चलते है
जानवी ...जी माँ आपकी लाड़ली को आप हे समझाओ हमसे नै समाज ने वाली वो
माया देवी ...है है जानती हु तुम दोनों माँ बेटी को
खुसी अबे अपने रूम में अपनी किसी दोस्त से बात कर रहे थी
माया देवी ..क्या कर रहे है मेरी गुड़िया रानी
खुसी ..दादी माँ हमने कितनी बार आपसे खा है हम गुड़िया नै है अब
है रानी कह सकती है आप हमें
आपको तो पता है हमारा राजकुमार आने वाला है
माया देवी ...तुम्हे कैसे पता की तुम्हारा राजकुमार आने वाला है हमने तो नै बताया आपको
...जानवी अपनी सास की बात सुन के सर पिट लेती है ....
खुसी ...क्या खा आपने दादी माँ
आप किस राजकुमार की बात कर थे है
आप दोनों के दीमक में क्या प्लान चल रहा है बताओगी हमें
माया देवी ...नै नै खुसी बीटा हम तो आपके हे राजकुमार की बात कर थे है
अबे आपने हे तो बोलै आपका राजकुमार आने वाला है
खुसी ..क्या आप दोनों सच कह रहे है
माया देवी ...है बीटा हम सच कह रहे है
माया देवी ...अच्छा सुनु खुसी बीटा हम आपसे एक ज्यूरी बात करना चाहते है
खुसी ...दादी माँ ऐसे क्या बात है
जानवी devi...khusi आपको कुछ दिन के लिया राणा मेंशन में जाना होगा
कल आपको आपके दादू आवर गुरुवार के साथ जाना है
इस लिया आप अपने पैकिंग कर लीजिये कुछ दिन के कपडे आपकी डेली उसे के जो चीज़े जरीरी है वो
सब पैक करलो
खुसी ....आप किश राणा मेंशन की बात कर रहे है
यहाँ दिल्ली में तो सायद एक हे राणा मेंशन है
उम्म्म्म है याद आया रुद्रप्रताप राणा जी कहि आप R.d ..मेंशन की तो बात नै कर रहे है
( खुसी ने ये सब खुस होती हुए खा जैसे उसको खजाना मिल गया हो ...अब्द न सही बाद में तो मिलेगा हे खजाना )
जानवी देवी ...है हम उसी मेंशन की बात कर रहे है
(बहार खिड़की से रतन सिंह सुन आवर देख रहा था
उसको यकीं नै था की राणा जी सबकुछ जानते हुए खुसी की रक्षा करने वाले है
वो खुसी को खुस हो कर नाचते देख अपनी आँखों में आये आंसू पूछते हुए चल दिया
किन्तु कोई था जो रतन सिंह को काफी टाइम से देख रहा था
यार सस्पेंस नै बदउगा वो रघुवीर था.)/
खुसी ....अह्ह्ह यही याहू ओह्ह्ह याहू यही
माँ आप नै जानती हम कितना खुश है आज
लव यू माय स्वीट माँ
लव यू माय डार्लिंग ग्रंड्मा माँ
माया देवी ...क्यों ऐसा क्यों हो गया ऐसा क्या है वह पे जो आप इतना खुश है
जानवी देवी ...है खुसी ये तो हम बे जानना चाहते है
खुसी ...माँ दादी माँ पहले आप बताओ आप कैसे जानती है उनको आवर वो हमें वह क्यों रुकने देंगे
जानवी देवी ...बस बस मेरी जान संत संत सब बताते है
हम आज वह पर गए थे
जिन राणा जी तुम बात कर रहे हो ..रुद्रप्रताप राणा जी ...वो उदयपुर के राजा है आवर उनके पिता तुम्हारे दादू के दोस्त हुवा करते थे
आवर दूसरी बात वो आपको क्यों रुकने देंगे तो बात एहि की परसो उन्हीके यहाँ पे उनके राजकुमार रुद्रदेव की बर्थडे पार्टी है
वो काफी समय से गए हुए थे वो परसो लौट रहे है
तो आपको इन्विटेशन मिला है आवर आपको कल अपने दादू के साथ जाना है
खुसी ....वाओ माँ क्या खुशखबरी सुनाई है आपने आज तो हम आपको दुबले चुम्बी देंगे आवर दादी डार्लिंग आपको बे
पुसवः पूछ हम्म्म माय स्वीट माँ
पूछ पूछ माय लवली ग्रंड्मा
क्या वो सच में उदयपुर की राजा है आवर दूदू के दोस्त के बेटे है
माया देवी ... है वो सच में उदयपुर के राजा है आवर आपके दादू के दोस्त के बेटे बे है अब आवर नै बस बस मेरी गुड़िया रानी
खुसी ...दादी माँ ...
माया देवी ...ok ok गुड़िया नै तू तो मेरी राजकुमारी है
खुसी ...आपको पता है दादी माँ मेरा उस मेंशन में गुमने का ड्रीम था काफी बार में गई थे उस तरफ लेकिन कबे अंदर नै जा पायी अबे गुमगि बे आवर वही पे जब तक दिल करेगा स्टे बे करुँगी
माया देवी ...ठीक है ठीक है आवर है वह बे तुम्हे तुम्हारे उम्र की आवर बहने बे मेलिगी तो ज्यादा मस्ती नै नै करना
जानवी देवी ..है खुसी आवर कोई शिकायत नै आणि चाइये हम लोग परसो तक आएंगे तुम कल कुछ आवर शॉपिंग कर लेना पार्टी के लिया
अब चलो खाना खो आवर पैकिंग पूरी करो फिर सो जाना है ok
खुसी ...ok माँ एंड दादी
सब सोने चले गए सिवाय रतन सिंह की वो आज रात बे अपनी पुराणी यादे में निकलने वाले थे
.......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स
शेयर योर सुग्गेस्टियन्स
नेक्स्ट अपडेट कल