Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak - Page 12 - SexBaba
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Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak

अपडेट 81

देव की बात सुन शीतल चादर के अंदर गुस्से कर अपनी निघ्त्य निकल देती है

देव भी निचे किसक कर दोनों के बिच में चादर में लेट जाता है

कुछ देर बात करने के बाद देव ने शीतल के गाल पे गुड नाईट किश किया फिर चंचल के गाल पे भी आवर अपनी आँखे बंद कर के लेट गया

कुछ 15,20 मिंट में हे दोनों सो गया

देव इस बात से अनभिज्ञ की उसकी बगल में एक खूबसूरत चंचल लड़की पूरी नुदे हो कर सोये हुए है ............

अब आगे .........

सुबह जब शीतल की आँखे खुली तो उसकी आँखे खुली की खुली हे रह गई

क्युकी देव शीतल के पीछे से चिपका हुआ था आवर शीतल को बाँहों में भर रखा था देव का हाथ अपनी बूब्स पे महसूस करते हे शीतल की नींद ुध गई आवर उसकी आँखे खुली गई

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( शीतल ......ही एकलिंग जी ये क्या होगा रहा है प्रिंस मेरे बूब्स को पकड़ रखा है )

शीतल डेरी से अपनी गर्दन गुमना कर देखते तो देव को सोया हुआ प् कर उसको कुछ रहत मिलती है

पर जैसे उसका ध्यान अपनी गांड के हॉल पे कुछ गरम गरम चिंता है तो शीतल की सांसे तेज होने लगी

शीतल जल्दी से अपनी बूब्स पे से देव का हाथ हटा कर बाथरूम की आवर भाग जाती है

देव बीएड पे हुए हलचल से सिदा लेट जाता है

कुछ 15 ,20 मिंट बाद जा शीतल फ्रेश hi कर बहार निकली तो सामने कुछ आवर हे सीन था

सामने चंचल पूरी नंगी थी आवर देव चंचल के नंगे जिसम से लिप्त हुआ पीछे से आराम से सो रहा था

देव का हाथ चंचल की 34 की चूचियों पे था

आवर चंचल का हाथ देव की गांड पे

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शीतल ......बस यही देखने बाकि था प्रिंस ने दी की चूचियों भी दबा दी आवर ये दी भी देखो कैसे पूरी नंगी चिपका हुए है इनसे

शीतल ने दोनों पे चादर डाला आवर देव को जगाने लगी

शीतल .....प्रिंस उठो सुबह होते गई है आप आपको ध्यान नहीं करना है

शीतल के 2,3 बार हिलने से देव भी उठ जाता है

अपने हाथो में किसी कोमल नरम स्पंच जैसे नरम चीज़ का अहसास होते हे देव समाज जाता की ये क्या

शीतल भी गबरा गई थी क्युकी देव के हिलता हुआ हाथ का रुकना काफी था की देव को चंचल के माँगा सोने का पता चल गया

देव ......दी मैं अपने रूम में जा रहा हूँ

कह कर देव बिना कुछ बोले निकल गया

देव को ये तक नहीं पता था की सुबह के मॉर्निंग इरेक्शन के कारन उसका लैंड हार्ड हो कर बहार भी अपनी ोकत दिखा रहा है

देव के रूम से जाते हे शीतल रूम को लॉक कर पुरे गुस्से से चिलाती चंचल पे

किसी आवर ने ये शीतल को ऐसे चले देखा होता तो कोई यकीं नहीं करता की ये शीतल होगी

क्युकी शीतल अपने नाम की तरह बहुत शांत रहती है

चंचल हड़बड़ाते हुए उठी सामने गुस्से में शीतल का चेहरा देख चंचल की हवा खुश्क होने लगी

शीतल ......देख लिया अपनी बेहूदगी का नतीजा आपने

चंचल .......शीतल दी मैंने क्या किया है जो आप गुस्सा हो गई

शीतल चंचल के सरीर से चादर खिंच कर अलग करती है

शीतल .......ये किया है आपने आपको पता है रात को प्रिंस यही सोये थे

शीतल की बात सुन कर चंचल को ख़ुशी हुए पैर अबले हे पल शीतल की बात सुनते हे उसकी सकल रोने वाली हो गई

शीतल .......प्रिंस को आपके माँगा हो कर सोने का पता चल गया वो बिना कुछ बोले नाराज़ hi कर अपने रूम में चले गए

आपकी वजह से वो मुझसे भी बात नहीं की

चंचल .....सॉरी दी मुझे माफ कर दीजिये मुझसे गलती हो गई

चंचल फुट फुट कर रोने लगी

शीतल को भी अब अपनी बहन को रोटी हुए देख कर बुरा लग रहा था

शीतल ......सॉरी दी पैर मैं क्या करती आप जानती है न मैं आपसे कितना प्यार करती हूँ पैर आपसे से कही ज्यादा प्रिंस से वो आज आपके कारन नाराज़ हो गया उन्होंने गुड मॉर्निंग तक विश नहीं किया

डेरी डेरी शीतल की आँखों में भी आंसू बहते हुए शीतल के खूबसूरत चेहरे को बीघाट हुए निचे गिरने लगे

चंचल अपनी बहन को गले से लगाती है

चंचल ......सॉरी दी मैं प्रिंस से माफी मांग लुंगी आप रोये नहीं प्लेसेस

कुछ टाइम बाद शीतल नार्मल हो जाती है

डेरी से शीतल चंचल की चुकी को पकड़ कर सहलाने देती है

चंचल ....िस्ससाहहह दी ये क्या था आप कब से

शीतल .....ऐसा कुछ नहीं है वो तो मैं देख रही थी के प्रिंस को कैसा लगा होगा इनको पकड़ कर

चंचल शीतल की बात सुन कर चौंक गई

चंचल .....क्या सच में दी उन्होंने इनको चूहा था

शीतल ....है दी अब आप जल्दी से फ्रेश हो कर कपडे पहनो कही आप पे मेरी नियत न ख़राब hi जाये

प्रिंस का पता नहीं क्या हुआ होगा

चंचल मस्ती करते हुए

शीतल की दोनों चूचियों को सहला कर बैग जाती है जाते हुए

चंचल .......दी कभी प्रिंस को पकड़ ने का मौका दीजिये आपको भी पता चल जायेगा कैसा लगा होगा मुझे आवर उनको हेहेहे

देव अपने रूम में जब पंहुचा तो सीधा बाथरूम में गुस्स गया

देव ......क्या चंचल दी मेरे साथ में नुदे हो कर सोई थी

आवर मुझे पता भी नहीं चला शीतल दी मेरे बारे में क्या सोच रहे होगी के कैसा भाई हूँ मैं जो अपनी हे बहन के साथ

सहित मैंने ध्यान क्यों नहीं दिया मेरा ये भी तो खड़ा था जब मैं उठा था

इसका मतलब उन्होंने देख लिया आवर चंचल दी तो नंगी मेरे बाँहों में थी उसका मतलब उनको भी पता होगा

मुझे दी को सॉरी बोलना चाइये

देव फटाफट रेडी hi कर निकला पर बहार में निधि उस से टकरा गई

निधि .....क्या हुआ प्रिंस इतने जल्दी में किदार चले आप सुबह सुबह

देव .....सॉरी दी मेरा ध्यान कही आवर था

कुछ नहीं वो शीतल दी के पास जा रहा हूँ कुछ काम था उनसे

निधि .......अगर काम जरूरी न हो तो मेरे साथ चलिए आप

देव .....हम्म्म ठीक है चलिए आप

निधि देव को ले कर अपने रूम में चली गई

देव .....बोलिये दी क्या बात है

निधि अपनी अलमारी खोलती है आवर उसमे से कुछ नई ड्रेसेस निकल कर देव के सामने रखनी है

निधि .....प्रिंस मैं चाहती हूँ की आप मेरी ड्रेस सेलेक्ट करे की मैं कोनसी ड्रेस पह्नु

देव ......क्या दी अआप इतनी खूबसूरत है कोई भी ड्रेस आप पहनो आप पे सब खूबसूरत हे लगेंगी

क्युकी खूबसूरत कपडे में नहीं इंसानो में होती है

निधि ......थैंक्स प्रिंस पैर आप सेलेक्ट करो न प्लेसेस

देव 3,4 ड्रेस में से सबसे अच्छी ड्रेस सेलेक्ट करके निधि को देता है जो की ब्लैक कलर्स में थी देव ने निधि के कलर को ध्यान में रख कर ये ड्रेस स्लेक्टे की थी

निधि .......आप यही रुकना मैं अभी आई चेंज करके

देव ....OK बूत जल्दी आना आप दी

निधि अपनी ड्रेस आवर मैचिंग अंडर गारमेंट्स ब्रा पंतय ले कर चली गयी

कुछ 10 मिंट बाद बाथरूम से निकली

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निधि ......कैसे लग रही हूँ मैं प्रिंस

देव .....बहुत खूबसूरत सच कहु दी तो आप कोई भी ड्रेस तरय करो आप पे सब खूबसूरत हे लगेगी

आपसे ड्रेस की खूबसूरती बढ़ जाती है

नदी ......थैंक्स प्रिंस ुम्मम्हा

देव .....उम्म्म्मः दी किसी की नज़र न लगे आपको

ok मैं चलती हूँ दी

देव वह निकल कर शीतल के रूम में पंहुचा पैर तब तक दोनों बहने त्यार hi कर रूम से निकल गई थी

देव जब हलकी में पंहुचा तो वह पहले से हे सब त्यार थे

रतन फॅमिली भी पहुंच चुकी थी रतन सिंह आवर रघुवीर को छोड़ कर

देव ने सब का आशीर्वाद लिया सब से गले मिला तभी वह सोनिया समय की फॅमिली भी पहुंच गई

सब से मिलने के बाद माँ सा ने चलने की तयारी एक बार फिर से देखने को कहा

वहीँ शालिनी आवर रुपाली आज पहली बार राणा मेंशन को देख रही थी

माया देवी .....देव बीटा अपनी बस को अपना महल नहीं दिखाओगे क्या

दिव्या आगे बढ़ी पर मोहिनी के न में गर्दन हिलने पे रुक गई

देव .....क्यों नहीं माँ सा चलिए बस सा आप दोनों मेरे साथ चलिए

शालिनी आवर रुपाली दोनों हे ख़ुशी ख़ुशी देव का हाथ ताम चली लगी जिस से दिव्या को गुस्सा आने लगा

मोहिनी .....दिव्या बीटा आप मेरा साथ आये कुछ सामान रह गया है रूम में

दिव्या ......जी माँ

दिव्या मोहिनी के साथ चली गई दादा ये सब देख कर कुछ चिंतित हो गई

क्युकी उन्होंने दिव्या का वो रूप पहले भी देखा था जिस से सवयं माँ सा भी डर्टी है

माँ सा .....मैं अभी आई माया

माँ सा भी मोहिनी के रूम की आवर चल दी

मोहिनी .....बेटी दिव्या ऐसा गुस्सा नहीं करते मैंने आपको पहले भी कहा था न

दिव्या .....माँ आपने देखा न उन्होंने क्या किया

मोहिनी .....बेटी उनका भी हक़ है देव पे वो बुआ है देव की आप भुला रही है आपने क्या कहा था

दिव्या .......सॉरी माँ पैर हम खुद को रोक नहीं लेट है जब प्रिंस को किसी आवर के साथ देखते है

माँ सा .......तो फिर एक काम करो भुला जाओ प्रिंस को क्युकी वो कभी भी किसी एक का नहीं hi सकता है

तुम्हे इतना सा देखने पे गुस्सा आ गया तो जब सचाई पता चलेगा तो क्या करोगी

दिव्या .....क्या मतलब है माँ सा

माँ सा .....जैसे आप प्रेम करती जो वैसे बहुत से लड़किया या आपकी बहने है सब देव से प्रेम करती है खुद मोहिनी नंदिता रेणुका तुम्हारी दोनों बुआ सोनिया आवर समय किस किस को देव से दूर करोगी या उनको देख कर गुस्सा करोगी

ये एक ऐसा बोम फोड़ा था माँ सा ने जिसने चपेट में खुद मोहिनी भी आ गई

आवर हैरान भी थी की माँ सा को कैसे पता चला की रेणुका आवर नंदिता भी देव से प्रेम करती है

दिव्या तो किसी स्टेचू के तरह माँ सा को देख रही थी

मोहिनी ......ये आप क्या कह रही है माँ सा

माँ सा .....बेटी इन निधि आँखों ने दुनिया देखि मुझसे कुछ नहीं छुपा है

आवर कोई भी जो देव के साथ कुछ वक़्त बिताएगा वो उस से न चाहते हुए भी प्रेम कर बैठेगा उसका जनम हे इस लिया हुआ है

मोहिनी आगे कुछ न बोल पाई

दिव्या .....माँ सा हम क्या करे हम प्रिंस को किसी आवर के साथ देख खुद पे काबू नहीं रख पते है

माँ सा दिव्या के आंसू पिंच खुद के गले लगा लेती है

माँ सा .....चिंता न कर बेटी बहुत जल्दी मैं गुरुदेव से बात करती हूँ पैर बीटा ऐसा गुस्सा करने से तुम खुद देव को अपने से दूर कर रही हो

कुछ देर मोहिनी आवर माँ सा के समजने से दिव्या का गुस्सा shan't होते जाता है

देव दोनों को अच्छे से गमाता है तभी शालिनी का फ़ोन बहने लगता है तो वो फ़ोन ले कर कुछ अलग चली गई

रुपाली जो अब तक एकांत देख रही थी उसको मौका मिल गया देव से अकेले में कुछ बात करने का

रुपाली ......तो आपने क्या सोचा है देव

देव ....किस बारे में बुआ सा

रुपाली .....बुआ सा नहीं रुपाली अभी तो हम अकेले है

देव .....OK रुपाली

रुपाली ......मुझे अपने बच्चे की माँ कब बना रहे हो

देव .....उदयपुर चल कर बताता हूँ आपको अभी यहाँ तो कुछ हाउ नहीं सकता आपकी इच्छापूर्ति उदयपुर आवर में हे होगी

देव की बात सुनते हे रुपाली उछाल कर देव के कमर में अपनी रेंज मैश काश कर किश करने लगी

देव ने भी रुपाली का पूरा साथ दिया 3,4 मिंट बाद किसी के खस्ने से इन दोनों का ध्यान टुटा तो सामने देखते हे दोनों के चेहरे सफ़ेद पद गए ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........
 
अपडेट. 82

रुपाली ......तो आपने क्या सोचा है देव

देव ....किस बारे में बुआ सा

रुपाली .....बुआ सा नहीं रुपाली अभी तो हम अकेले है

देव .....OK रुपाली

रुपाली ......मुझे अपने बच्चे की माँ कब बना रहे हो

देव .....उदयपुर चल कर बताता हूँ आपको अभी यहाँ तो कुछ हाउ नहीं सकता आपकी इच्छापूर्ति उदयपुर आवर में हे होगी

देव की बात सुनते हे रुपाली उछाल कर देव के कमर में अपनी रेंज मैश काश कर किश करने लगी

देव ने भी रुपाली का पूरा साथ दिया 3,4 मिंट बाद किसी के खस्ने से इन दोनों का ध्यान टुटा तो सामने देखते हे दोनों के चेहरे सफ़ेद पद गए ........

अब आगे ...........

4 पं. उदयपुर महल .....

अभी कुछ समय पूर्व हे राणा फॅमिली उदयपुर महल पंहुचा थी देव के गुरुदेव के पास जाने के बाद आज पहला मौका था जब पूरा राणा परिवार यहाँ एकता हुआ था

चारो आवर से पूरा महल सजाया गया था

आज भी इस महल की रौनक देखते hi बनती थे

महल के चारो तरफ आज भी पुराणी सही सैनिक के भेष भूसा में सिपाही खड़े पहरेदारी कर रहे थे

वक़्त भले हे आज राजा महाराजाओ का नहीं था पैर आज भी राणा फॅमिली का राज़ चलता था

राणा फॅमिली के यहाँ पहुंचते हे पुरे उदयपुर में ये खबर फ़ैल गई की उनके राजा महल पदर चुके है

देखते हे देखते वह उदयपुर के नामचीन लोगो की भीड़ मां होने लगी

माँ सा ......रूद्र बीटा ये सब क्या है हम यहाँ कुछ वक़्त बच्चो के साथ बिताना आये है

आवर बहार ये सब क्या है

राणा जी .....माँ सा हम इतने बरसो बाद आये है तो ये सब मिलने चले आये हम अभी इनको भिजवाते है

देव ......नहीं पापा घर आये मेहमान को ऐसे भेजना गलत है

बड़े पापा से कह कर इनके जलपान की वय्वस्ता कीजिये आवर उनके सामने जा कर बात कीजिये आवर एक वक़्त निर्धारित कीजिये ताकि आप उन सब से समय ले कर मिलो आवर उनकी जरूरी आव्सय्कताये पूरी करो आप राजा हो यहाँ के

अपनी परजा का ख़तम रखना भी आपका दरम है

माँ सा .....उचित कहा बीटा आपने

हमें लगता है रूद्र बीटा आपका राजगद्दी त्याग करने का समय आ गया है

राणा जी .....हाहाहा मुझे भी ऐसा हे लगता है माँ सा

सुबह मुहूर्त देख हम देव को राजगद्दी का ुत्रादिकारी घोषित करने के साथ हे इनका साज्याभिषेक भी कर हे दे तो बेहतर है

देव ......अभी वो समय नहीं आया है पापा अभी हमें बहुत से करता करने है फ़िलहाल हमें राजगद्दी से दूर हे रखे

माँ सा .....जा बीटा आप उनसे बात करो सभी थाखे हुए है

आप उनको उचित समय दे कर विदा करो .

राणा जी वह से चल दिए बहार जहा इस वक़्त बिजनेसमैन कुछ व्यापारी आवर समाज सेवक पुलिस ऑफिसर्स राणा जी से मिलने आये थे

देव .....माँ सा हम आराम करना चाहते है

माँ सा ......बीटा देव आज सुबह कुछ हुआ था क्या घर पे

माँ सा की बात सुन देव को रुपाली के साथ पकडे जाने वाली घटना याद आ गई

देव .....क्या माँ सा हम आपके कहने का मतलब नहीं समजे

माँ सा .....बीटा हम सुबह से इस बात को नोटिस कर रहे है की आपकी दो लाड़ली बहने शीतल आवर चंचल कुछ उदाश है वो बार बार आपको हे देख रही है

देव .....नहीं तो माँ सा मुझे तो ऐसा कुछ याद नहीं है

फिर भी आप चिंता न करो मैं अभी उनकी उदाश का पता करता हूँ

माँ सा .....जा बीटा मुझे मेरे कोई भी बेटी उदाश नहीं दिखनी चाइये ये तुम्हारी जिमेवारी है तुम कैसे उनको खुश रखते ये तुम जानो

देव .....जी माँ सा

देव वह से शीतल के पास चला गया

देव .....दी आप मेरे साथ चलिए चाट पे आपसे कुछ बात करनी है

शीतल की हवा खुसक होने लगी उसको लग रहा था की उसका प्रिंस अभी गुस्सा है

देव .....क्या हुआ चलो मेरे साथ

देव के ऐसा बोन पे शीतल की हिमत जबाब दे गई आवर उसके आँखों से आंसू गाल पे लुढ़क गए

देव ने ये देख लिया तो देव ने शीतल को अपने गॉड में उठाया आवर सीढ़ियों होता हुए चाट पे आ गया

देव .....दी आप तो क्यों रही हो..

शीतल बिना कोई रिएक्शन दिए सुबकती रही

देव ......प्लेसेस दी चुप हो जाये.

तभी वह चंचल भी आ जाती है वो अपनी गर्दन झुकाये देव के सामने आ कड़ी होती है

चंचल .....मुझे माफ कर दीजिये प्रिंस मुझसे गलती हो गई

मैं ऐसा दोबारा कभी नहीं करूंगी

प्लेसेस दी पे गुस्सा न हो आप

देव ......आप दोनों को हुआ क्या है दी

मैं भला आपसे दोनों पे गुस्सा क्यों होऊंगा

मैं तो खुद सॉरी बोलने आया था सुबह पैर आप दोनों रूम में मिली हे नहीं

देव की बात सुन दोनों बहने एक दूसरे का मुँह देखने लगी

शीतल ......आप क्यों सॉरी बोलना चाहते थे

देव ......वो वो हम सुबह के लिया सॉरी बोल रहे थे चंचल दी को

हमें माफ कर दे दी जो भी हुआ वो हमसे अनजाने में नींद में हो गया

चंचल .....पैर आपसे हुआ क्या था हमें तो कुछ भी मालूम नहीं है

शीतल देव आवर चंचल की बात सुन कर सरम से गाढ़ी जा रही थी

( देव ....अब इनको कैसे कहूं की नींद में मैंने इनके बून्स दबाये थे )

देव ......आपको पता नहीं है तो फिर जाने दीजिये दी

आवर शीतल दी मैं आप पे गुस्सा नहीं हूँ आप भी मुझे माफ कर दीजिये मैं आपको बिना विश किये जल्दी में रूम से चला गया था उसके लिए

( शीतल .....क्या मुझे प्रिंस को बोल देना चाइये पैर यहाँ दी भी है उनके सामने कैसे बोले )

शीतल ......आप नाराज़ नहीं बस यही बहुत है मेरे लिया प्रिंस

देव .....अब तो मुस्कुरा दीजिये सुबह से आप दोनों उदाश है दी मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता है आप में से किसी को उदाश देख कर

देव आगे बढ़ कर दोनों को एक साथ अपने सीने से लगा लेता है

शीतल थोड़ी भावुक हो जाती है

शीतल .....प्रिंस आप हमसे नज़र नहीं होना प्लेसेस हम आपकी नाराजगी नहीं बर्दास्त कर सकते है

देव .....ुम्मम्हा दी आप ऐसे ख्याल अपने दिलो दीमक से निकल दीजिये ऐसा कभी नहीं होगा

शीतल ......ी लव यू प्रिंस हम आपसे बहुत प्यार करते है

देव .......ी लव यू तो दी बस आप ऐसे खामोश न रहा करो

शीतल तो बस ी लव यू के आगे कुछ सुना भी नहीं

( चंचल .....ये दी तो बड़ी फ़ास्ट निकली हमेशा चुहि मुहि से रही है आवर मैं कब से बोलने को तड़प रही हूँ )

चंचल .....ी लव यू प्रिंस मैं भी आपसे बहुत प्यार करती हूँ

देव .....ी लव यू तो चंचु दी हाहाहा

अब हम निचे चले

दोनों देव के गलो पे लिपस्टिक चिपका दी आवर दोनों देव का हाथ ताम कर ख़ुशी ख़ुशी निचे चल दी

जहा देव का ी लव यू कहने का मतलब भाई बहन वाला प्यार से था

वही दोनों बहने अपने दिल में इतने हे टाइम पता नहीं क्या क्या सपने बन लिए थे

जब देव दोनों के साथ निचे पंहुचा तो ज्यादा तर मेंबर्स टिया कॉफ़ी की चुस्किया ले रहे थे

देव को देखते हे सबकी हंसी छूठ गई

देव ......क्या हुआ आप सबको आप मुझे देख कर हंस क्यों रहे है

दिव्या ....हेहेहे प्रिंस अपनी फेस देखिये इन दोनों की लिपस्टिक के हिसँ आपकी दोनों गालो पे छापा हुआ है

शीतल ने जल्दी से अपना हैंकि से देव के गाल साफ किये

शीलत अपने दोनों कब पकड़ के डेरी से

शीतल .....सॉरी प्रिंस हमने ध्यान नहीं दिया

ऐसा हे चंचल ने किया तो देव की भी हंसी छूठ गई

देव .....ुम्मम्हा उम्म्म्मः कोई नहीं दी चाहता है don't वोर्री आप बस खुश रहा करो

दिव्या .....बिलकुल ठीक कह रहे है प्रिंस आप सब खुश रहेगी तो प्रिंस को भी अच्छा लगेगा

रेणुका ......बिलकुल ठीक कहा मेरी बच्ची ने

तुम सब को खुश देख कर तो हम सब को ख़ुशी होती है

सब रात तक ऐसे हे हंसी मजाक करते रहते है

दिल्ली .....

रुद्रांश कविता जूही कोमल के साथ दिल्ली पहुंच चूका था

रुद्रांश आवर बाकि सब के ठहरने की वय्वस्ता देव ने पहली हे कर दी थी

रुद्रांश ......आप सब अभी आराम करो मैं कुछ टाइम में आया हूँ

कोमल .....भैया मुझे भी आपके साथ चलना है प्लेसेस

रुद्रांश ....बीटा मैं किसी काम से जा रहा हूँ आप क्या करेंगी वह पे

कोमल .....मुझे कुछ नहीं पता मुझे बस आपके साथ चलना है

कह कर कोमल अपना मुँह फुला लेती है

जूही ......अगर आप बुरा न मने तो मैं कोमल के साथ रुक जाउंगी आप अपना काम कर लेना

कविता ......ले जाये उसको वो नहीं रुकने वाली आज कल कुछ ज्यादा हे जीडी जो हो गई है

रुद्रांश ......अच्छा ठीक है चलो फिर चले

आप भी चलिए कविता जी आप अकेले यहाँ क्या करोगी रुक कर

कविता .......जी नहीं मैं थान गई हूँ आप हो आये

कोमल .....प्लेसेस माँ चलिए न आप भी

कविता ......सच में बीटा मैं थान गई हूँ

कुछ देर बार रुद्रांश कोमल जूही को ले कर रितिका से मिलने चल देता है

कोमल ......भैया हम कहा चल रहे है

रुद्रांश ......कोमल हमें किसी से मिलना है पैर आप दोनों मुझे उनके सामने प्रिंस के नाम से हे पुकारोगी

कोमल ......ऐसा क्यों भैया कोई सीक्रेट है क्या

रुद्रांश ......हाहाहा है मेरी प्रिंसेस ऐसा हे कुछ संजो ठीक है

कुछ देर बार रुद्रांश एक बिल्डिंग के सामने कार रोकता है

रुद्रांश .....आप यही पे रुको मैं अभी आया

रुद्रांश बहार निकल कर अपने डेविल प्रिंस के रूप में आ जाता है आवर

आवर सिक्योरिटी भी डेविल प्रिंस को बिना रोले अंदर जाने देती है

कुछ देर बाद डेविल प्रिंस मर .विक्रम सिंह के सामने था

विक्रम सिंह .....प्रिंस आप यहाँ पे

डेविल प्रिंस .....क्या मैं आपकी बेटी से मिल सकता हूँ

विक्रम सिंह .....जी बिलकुल वो आपसे मिल कर बहुत खुश होगी चलिए आप मेरे साथ

विक्रम सिंह डेविल प्रिंस को ले कर रितिका के रूम में पंहुचा जहा रितिका कही गहरी सोच में गम थी

विक्रम सिंह .....बेटी रितिका देखो आपसे मिलने कोण आया है

रितिका की जब तन्द्रा टूटी तो खुद के सामने डेविल प्रिंस को देख कर चौंक उठी

रितिका खुश होते हुए

रितिका .....प्रिंस आप यहाँ पे

डेविल प्रिंस .....आप से मिलने आया हूँ क्या हम कही बहार चल कर बात कर सकते है

रितिका ......जी बिलकुल क्यों नहीं बस 2 मिंट दीजिये मैं त्यार हो कर अभी आती हूँ

डेविल प्रिंस .....मैं बिल्डिंग के बहार आपका वेट कर रहा हूँ

विक्रम सिंह ........क्या मैं कुछ बात कर सकता हूँ प्रिंस

डेविल प्रिंस .........क्यों नहीं विक्रम सिंह जी

विक्रम सिंह डेविल प्रिंस के साथ वह से अपने ऑफिस में आ जाता है

डेविल प्रिंस ......जी बोलिये विक्रम सिंह जी

विक्रम सिंह ......अगर आपको कोई प्रॉब्लम न हो तो क्या आप इंडियन आर्मी ज्वाइन करेंगे

डेविल प्रिंस .....हाहाहाहा विक्रम सिंह जी ये कैसे बात कर रहे है आप

माफ कीजिये मेरे लिए ये मुमकिन नहीं है

है जब भी मेरी जरूरत हो मैं आपकी हेल्प के लिया त्यार हूँ बस ऑफिसियल मैं आर्मी ज्वाइन नहीं कर सकता इंडियन आर्मी को जब भी जहा भी जरूरत हो मैं त्यार हूँ

रितिका ......ये क्या है पापा आप इनको अपने साथ क्यों रखना चाहते है जबकि आपको पता है मैंने क्या कहा था

डेविल प्रिंस .......चलिए मिस रितिका हम चलते है आवर मर विक्रम जी आप कभी भी जरूरत पड़ने पे मुझे याद कर सकते है OK bye

डेविल प्रिंस रितिका को ले कर निकल जाता है बहार जहा कोमल आवर जूही उनका वेट कर रही थी कार में

ृत्का जब कार में किसी आवर को भी देखते है तो

रितिका .....प्रिंस ये कोण है आपके साथ में

डेविल प्रिंस ......अंदर बैठो सब बताता हूँ

रितिका जूही के साथ पीछे की सहित पे बेथ जाती है आवर डेविल प्रिंस अपने रियल अवतार में लौट आता है

(रितिका .....वाओ यार कितना हैंडसम है प्रिंस ये मेरा लाइफ पार्टनर बन जाये तो )

रितिका .........ये चेहरा है जो उस नकाब के पीछे छुपा रखा था आपने

रुद्रांश .....है मिस रितिका पैर ये मेरा असली फेस नहीं है जब आप पे मैं पूर्ण विस्वाश करने लगूंगा तो अपना रियल फेस भी दिखा दूंगा

कोमल ......प्रिंस भैया ये कोण है आवर हमारे साथ क्यों है

रुद्रांश .....रितिका इनसे मिलो ये है जूही चंग डार्क वर्ल्ड निंजस के बॉस की बेटी मिस जूही चंग

रुद्रांश .....जूही ये है मिस रितिका सिंह इंडियन रॉ एजेंट

रुद्रांश की बात सुन कर रितिका को गुस्सा आया

रितिका .....प्रिंस आपने मेरा रॉ में होने की बात इनको क्यों बताई जबकि आप जानते हे होंगे की हम अपनी िडेंटीफ़्य शो नहीं करते है

जूही .....नीस तो मीट यू मिस रितिका सिंह

आपसे मिल कर ख़ुशी हुए

एंड don't वोर्री मैं आपकी आइडेंटिटी किसी को शो नहीं करूंगी ी प्रॉमिस

रुद्रांश .....आवर ये है हमारी....

कोमल प्रिंस को बिच में हे रोक कर

कोमल .....हम है प्रिंसेस कोमल सिंह प्रिंस भैया की प्रिंसेस आपसे मिल कर ख़ुशी हुए दीदी

कुछ देर बार रुद्रांश सबको ले कर एक होटल में पंहुचा

रुद्रांश .......चलो अंदर चलते है

4 टॉप फ्लोर पे बंद एक स्वीट में पहुंचे

रुद्रांश .......रितिका तुम्हारे लिया एक ऑफर है मेरे पास

रितिका ......कैसा ऑफर प्रिंस

रुद्रांश ......तुम रॉ से रीजन दे दो आवर मेरी टीम ज्वाइन करो

बेसक जरूरत पड़ने पे तुम रॉ की भी मदद कर सकती हो

रितिका ......ये आप क्या कह रहे है मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ

रुद्रांश .......क्युकी अब तुम वो रितिका नहीं रही हो जो पहले हुआ करती थी तुमने ये खुद भी महसूस किया होगा

रितिका .......आपको मेरी जरूरत तो है नहीं फिर आप मुझे क्यों अपने टीम में लेना चाहते हो आप अकेले हे हज़ारो के बराबर हो

रुद्रांश .......क्युकी मैं चाहता हूँ तुम अपनी ताकत अपने दीमक का सही उसे करो

रितिका ......मुझे मंजूर है प्रिंस पैर मैं रॉ से रीजन नहीं दे सकती हूँ

रुद्रांश .....OK बूत तुम किसी खास मिशन पे हे उनकी मदद कर सकती हो

जूही .......क्या मैं कुछ बोल सकती हूँ प्रिंस

रुद्रांश ......बोलो जूही क्या खाना चाहती हो

जूही .....प्रिंस अलीमा आवर ालिस दोनों में सुपरनैचरल पावर्स है आवर सायद रितिका में भी है पैर आपने मुझे क्यों चुना जबकि मैं सरत के मुताबिक आपकी गुलाम हूँ

रुद्रांश .......जूही मैंने सरत राखी हे इस लिया थी क्युकी तुम एक अच्छी लड़की हो तुम्हारे मुझे जरूरत है अगर तुम अभी भी खुद को मेरा गुलाम समझती हो तो मैं तुम्हे जहा तुम कहोगी छोड़ आऊंगा तुम्हे कभी कोई परेशानी होगी

कोमल ......जूही दी आप न बहुत ाची है भैया आप इनको कही नहीं जाने देना मुझे ये दीदी बहुत पसंद है अलीमा दीदी भी बहुत अच्छी है

रुद्रांश .....आवर ालिस उसका क्या क्या रितिका अच्छी नहीं है

कोमल ....अच्छी तो ालिस दीदी भी पैर अलीमा दीदी उनसे ज्यादा अच्छी है

आवर रितिका दीदी भी अच्छी है आवर खूबसूरत भी आप न भाई उनसे सदी करलो

रुद्रांश ....क्या सदी ( अगर भाई को पता चला तो मेरा क्या होगा )

कोमल की बात सुन रितिका की दिल की धड़कन अचानक से तेज हो जाती है

वही जूही कुछ आवर हे सोच रही थी

कुछ देर बाद रुद्रांश रितिका को आर्मी बेस पंहुचा कर घर की तरफ निकल जाता है ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .........
 
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रुद्रांश .....आवर ालिस उसका क्या क्या रितिका अच्छी नहीं है

कोमल ....अच्छी तो ालिस दीदी भी पैर अलीमा दीदी उनसे ज्यादा अच्छी है

आवर रितिका दीदी भी अच्छी है आवर खूबसूरत भी आप न भाई उनसे सदी करलो

रुद्रांश ....क्या सदी ( अगर भाई को पता चला तो मेरा क्या होगा )

कोमल की बात सुन रितिका की दिल की धड़कन अचानक से तेज हो जाती है

वही जूही कुछ आवर हे सोच रही थी

कुछ देर बाद रुद्रांश रितिका को आर्मी बेस पंहुचा कर घर की तरफ निकल जाता है ...........

अब आगे ..........

रुद्रांश पुरे रस्ते ड्राइव करते हुए बस

एक हे बात सोच रहा था की क्या वो कोमल जो मान्य रहे है वो उसे दे पायेगा

ऐसा नहीं है की रुद्रांश को रितिका अच्छी नहीं लगी

पैर रुद्रांश जनता था की वो एक अंश मात्र है रुद्रदेव का

रुद्रदेव के बिना उसका कोई अस्तित्व हे नहीं है

इन्हे सब सोच में खोया कब तक रुद्रांश कार में बैठा रहा

जूही कब से रुद्रांश को हे देख रहे थी

जूही ने रुद्रांश को हिलाया तक जा कर अपने सोच से बहार निकला रुद्रांश

रुद्रांश ......क्या हुआ जूही

जूही .....आप कहा खो गए कब से देख रहे है आप अपनी हे सोच में गम है कोमल भी अंदर जा चुकी है

रुद्रांश अपनी बगल में देखता तो वाकई में कोमल वह नहीं थी

रुद्रांश ........कुछ नहीं जूही चले अंदर चले

जूही ......मैं जानती हूँ आप कोमल की बात से परेशान है न .

जब आप कोमल से इतना प्यार करते है तो उसकी बात माननी चाइये आपको

रुद्रांश ......तुम्हे क्या लगता है जूही मैं कोमल की बात क्यों नहीं मन रहा हूँ

जूही ......सायद आपको को रितिका पसंद नहीं हो ( प्लेसेस कह दीजिये की वो आपको पसंद नहीं है )

रुद्रांश ........ऐसा नहीं है जूही रितिका बहुत अच्छी लड़की है तुम्हारी तरह सूरत आवर सीरत दोनों में हे वो बहुत अच्छी लड़की है पैर

जूही .....पैर क्या जब वो आपको पसंद है तो फिर प्रॉब्लम क्या है

रुद्रांश एक गहरी साँस छोड़ते हुए

रुद्रांश ......क्युकी मेरी मज़बूरी है जिसके चलते मैं कोई भी फैसला नहीं ले सकता हूँ

इतना कह कर रुद्रांश उदाश मन से कार से उतर कर अंदर की आवर चल देता

जूही रुद्रांश की बात सुन कर हैरान थी

जूही ......ऐसे क्या मज़बूरी है इनकी जो इतना सक्तिसाली होने पे भी इनको मजबूर कर सकती है

जूही जब अंदर पहुंची तो वह केवल कोमल कविता हे थे

कविता .....आई जूही कहा रह गई थी तुम

जूही ......कुछ नहीं कविता जी वो मैं बहार हे थी

कविता ......जूही मैं तुमसे कुछ साल हे बड़ी हूँ अगर तुम चाहो तो मुझे दीदी कह कर बुला सकती हो

जूही ......जी दीदी

कविता ......कोमल बीटा जाओ रुद्रांश जी को बुला लाओ हम डिनर लगते है

कोमल .........मुझे नहीं जाना आप हे जाओ ( कोमल ने थोड़ा नाराजगी से बोलै )

कविता ........इसे क्या हुआ है आज ये क्यों मुँह फुलाए बैठी है

जूही .........कुछ नहीं दीदी सायद उनसे नाराज है कोई बात को ले कर के

कविता ..........कोमल बीटा क्या हुआ आपको आप रुद्रांश जी से नाराज हो क्या

कोमल ......हु भैया मेरे बात हे नहीं मन रहे है

कविता ......बस इतनी से बात से नाराज हो गई आप चलो मैं बात करती हूँ उनसे

तभी रुद्रांश सीढ़ियों से निचे उतरता वह आ पंहुचा

कविता आवर जूही जल्दी हे डिनर लगते है

कविता जी तीन प्लेट में खाना लगती है

क्युकी कोमल जब से रुद्रांश साथ रहने लगा है उसके साथ हे खाना कहती थी

कोमल ......मुझे अलग से खाना डालो माँ

कोमल की बात सुन कर तीनो को हे जतका लगा

कविता रुद्रांश की आवर देखती है

रुद्रांश ......क्या हुआ मेरी प्रिंसेस को अभी भी नाराज़ हो क्या मुझसे

कोमल .....हम्म

कविता ........ये क्या बात हुए कोमल बीटा

कोमल .......भैया मेरी बात क्यों नहीं मानते है माँ

कविता ......बीटा वो मन जायेंगे मैं बात करती हूँ उनसे

कविता ......रुद्रांश जी आप मन जाये न कोमल की बात वो बहुत जीडी है

रुद्रांश .......आपको पता भी की कोमल क्या चाहती है अगर किसी चीज़ या कुछ आवर चाइये होता तो मैं खुद कोमल को मना नहीं करता पैर जो कोमल बोल रही है वो करना संभव नहीं है मेरे लिया

कविता ......ऐसा क्या बोल दिया है कोमल ने

जूही ......मैं बताती हूँ दीदी दरशल कोमल चाहती है के रुद्रांश जी रितिका को कोमल की भाबी बनाया ी मैं रुद्रांश जी रितिका से सदी करे

कविता .....क्याआ.....

जूही .......जी है अब आप हे समजाओ कोमल को

कविता गुस्से से कोमल को देखती है

कोमल फ़ौरन रुद्रांश की गॉड में चढ़ जाती है

रुद्रांश .....कविता जी

रुद्रांश का न में इसरा देख कविता अपने गुस्से को shan't कर लेती है

कोमल काफी दर गई थी क्युकी कविता ने कभी भी कोमल पे गुस्सा न किया था पता नहीं आज ऐसा क्या हुआ जो कविता इतने गुस्से में थी

रुद्रांश .......कोमल आप जो चाहती है वही होगा अब आप नाराज न हो आवर खाना खाओ

कोमल करते हुए अपनी माँ को देखते है जो की कोमल को हे देख रही थी

रुद्रांश .....ड्रॉ नहीं आपकी माँ अब गुस्सा नहीं करेगी

रुद्रांश कोमल को अपने हाथो से खाना खिलता है

कोमल भी एक दो निवाले रुद्रांश को खिलाती है

कुछ देर में सबका डिनर फिनिश हो जाता है

रुद्रांश ......आप लोग रेस्ट कीजिये मैं कोमल के साथ बहार जो कर आता हूँ ........

शीतन लोक .........

डेविल किंग आकाश गंगा में की आवर निकल चूका था बिना किसी को कुछ बताया

अब शीतल लोक का किंग था डेविल

जिसने अपना असर दिखाना भी सुरु कर दिया था

अपने लोक के लड़कियों को दिन भर पेलना जिसको जब चाइये मर देना

डेविल अभी अभी महल में लौटा था

अपने सामने डेविल किंग की बेटी को देख उस पे फिर से हवश हावी होने लगी

डेविल प्रिंस अपने पिता का ऐसे उसको घूरना बहुत अजीब लगा

वो ये बात बहुत अच्छे से जानती थी के उसके पिता उस से कोई खास प्रेम या लगाव नहीं रखते पैर आज उसको अपने पिता की नज़र में केवल आवर केवल अपने लिया हवश हे नज़र आ रही थी

डेविल जल्दी हे वह से निकल गया क्युकी हवश के चलते खुद पे काबू नहीं रख प् रहा था

d.princess ......ये आज डेविल किंग को क्या हुआ है

पहले तो कभी उन्होंने मुझे इस तरह से नहीं देखा

आज उनकी आँखों में मुझे जो दिखा क्या वो सच में मुझे ऐसे हे देखते है या ये कोई भरम था मेरा

तभी d.princess की दासी गाब्री हुए डेविल के रूम की तरफ से आती हुए दिखाई दी

अभी d.princess कुछ पूछती उस से पहले हे उस दासी का सरीर रख में बदल गया उसकी बस एक आखिर चीख सुनाओ दी

d.princess ने जब डेविल किंग के रूम की तरफ देखा तो डेविल किंग गुस्से में खड़ा d.princess को हे देख रहा था

d.princess ने वह से निकलना हे उचित समजा

d.Princess वह से निकल कर अपने घोड़े जैसे दिखने वाले अजीब से जानवर पे बेथ कर एक दिशा की आवर तेजी से निकल

कुछ गान्तो के बाद एक खतरनाक जंगल के सामने अपने घोड़े को रोका

चारो तरफ अच्छे से देखने के बाद उस जंगल में प्रवेश कर गई

देखते हे देखते जंगल से गायब हो एक भूमिगत महल में पहुंची जहा बहुत से औरते बच्चे बूढ़े बहुत हे बुरी हालत में थे

d.princess को देखते हे सब उनको परनाम करने लगे

डी प्रिंसेस सबके बिच से निकलते हुए एक कक्ष में चली गई जहा पे एक बूढी औरत किसी मूर्ति के सामने तांत्रिक पूजा कर रहे थी

d.princess .....परनाम मसि माँ ( शीतनो में माँ की बहन को किस नाम से पुकारा जाता है मुझे नहीं पता )

मसि maa.......kya हुआ मेरी बच्ची आज आप कुछ ज्यादा हे परेशान लग रही हो

d.princess ......मसि माँ आज मुझे डेविल किंग को देख कर बहुत हे विचित्र अनुभूति हुए फिर जो कुछ भी महसूस किया आवर देखा सब कह सुनाया

मसि माँ .....बेटी उस शीतन से उम्मीद भी क्या की जा सकती है

d.princess ......मसि माँ बात कुछ आवर भी जो मैं समाज नहीं प् रही हूँ

आज मुझे उनकी आँखों में अपने लिया केवल हवश हे नज़र आई

मसि माँ ......तुम चिंता न करो मेरी बच्ची तुम्हे वो कोई नुकसान नहीं पंहुचा सकता है अगर उसने कुछ भी गलत किया तो उसका दंड भी उसको भुगतना होगा तुम पे माँ चंडिका ( चंडालिका )का आशीर्वाद है

d.princess ......आप तो माँ चंडिका की पराम् भक्त हो आप हे कुछ पता कीजिये न मसि माँ

मसि माँ ......ठीक है बेटी मुझे कुछ समय दे मैं पता करती हूँ

उदयपुर महल ........

रात में सब डिनर करने के बाद अपने तय रूम में चले गए सोने के लिए

निधि आज बहुत खुश थी क्युकी आज देव उसके साथ सोने वाला था

देव ......चले दी सोने मैं बहुत थान गया हूँ

निधि ......चलिए प्रिंस

दोनों रूम में चले गए रूम में पहुंचते कपडे चेंज कर दोनों सो गए

.वही महल के एक रूम में जानवी आवर रुपाली दोनों हे थे ख़ुशी सोनालिका के साथ रुकने वाली थी

जानवी आवर रुपाली दोनों बीएड पे लेट गई

जानवी ......रुपाली कैसा लग रहा है यहाँ आ कर के

रुपाली ......बहुत अच्छा लगा भाबी सा बहुत खूबसूरत महल है

जानवी ......राणा जी की फॅमिली कैसे लगी

रुपाली ......बहुत हे अच्छी फॅमिली है भाबी सा आपको पता है आज मैं पहली बार दिलवर भाई सा रूद्र भाई सा विजय भाई सा से मिली हूँ

पैर उनसे मिल कर बिलकुल भी ऐसा नहीं लगा जैसे मैं उनकी सगी बहन न हो कर उनके पिता के दोस्त की बेटी हूँ

माँ सा ने तो मुझे अपनी सबसे छोटी आवर लाड़ली बेटी तक मन लिया है

जानवी .......आप नंदिता मोहिनी रेणुका जीजा से नहीं मिली क्या

रुपाली .......मिली तो तीनो भाबी सा से हूँ पैर ये मोहिनी भाबी सा आज भी कितनी खूबसूरत आवर जवान है इनको देख कर कोई भी नहीं कह सकता की उनके 3 जवान बच्चे है

वो आज भी 26,27 साल की लगती है

उनसे तो मैं भी बड़ी उम्र की लगती हूँ भाबी सा

जानवी .......आपको पता है वो अभी कुछ टाइम पहले ऐसे नहीं थी वो पीछे 5 सालो से बीमार थी या ये कहु तो गलत न होगा की जिन्दा लॉस थी जब तक देव नहीं लौटे जिस दिन देव गए उस दिन से हे उन्होंने बिस्तर पकड़ लिया था देव ने पता नहीं क्या किया जो वो फिर से ठीक तो हुए हे साथ में जवान आवर खूबसूरत भी हो गई

रुपाली .......वो बहुत खूबसूरत होने के साथ हे बहुत अच्छी भी है दिल की

देव की पूरी फॅमिली हे बहुत अच्छी है भाबी सा

जानवी ........आवर देव उनके बारे में क्या ख्याल है

देव का नाम आते हे आज सुबह की घटना जो रुपाली सायद भुला चुकी थी उसके जेहन में फिर से तजा जो हो गयी की कैसे सुबह देव के सरीर से चिपका हुए किश कर रही थी आवर जानवी ने दोनों को रेंज हाथ पकड़ लिया था

( जी है सुबह देव आवर रुपाली को किश करते हुए जानवी ने हे देखा था )

रुपाली .....वो वो भाबी सा

जानवी .....गैब्रो नहीं रुपाली आज भी हम आपको अपनी वही छोटी से गुड़िया समझते है आप ननद बाद में हो पहले हमारी लिया आप हमारी बेटी हो ...............

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अपडेट. 84

देव का नाम आते हे आज सुबह की घटना जो रुपाली सायद भुला चुकी थी उसके जेहन में फिर से तजा जो हो गयी की कैसे सुबह देव के सरीर से चिपका हुए किश कर रही थी आवर जानवी ने दोनों को रेंज हाथ पकड़ लिया था

( जी है सुबह देव आवर रुपाली को किश करते हुए जानवी ने हे देखा था )

रुपाली .....वो वो भाबी सा

जानवी .....गैब्रो नहीं रुपाली आज भी हम आपको अपनी वही छोटी से गुड़िया समझते है आप ननद बाद में हो पहले हमारी लिया आप हमारी बेटी हो ...............

अब आगे ........

रुपाली .......भाबी सा हमने आप से कुछ छुपाया है

जानवी .....वहीँ तो हम जानना चाहते है की आपके आवर देव के बिच कब से ये सब चल रहा है

रुपाली .......भाबी सा आप तो हमारे बारी में सब कुछ जानती है

हम कब से माँ बनना चाहते है ताकि हमारे ससुराल वाले हमें परेशान न करे

पैर जब चारो आवर से निराशा हाथ लगी तो आखिर में जब हम ससुराल से आपके पास आये तब पहली बार हम देव से मिले थे उनको देख कर हमारी भावनाये बदलने लगी

पैर जब हमें पता चला की उनका हमसे क्या रिस्ता है तो हम किसी तरह खुद को रोक लिया

पैर उन्होंने सायद हमारे दुःख को समाज लिया था आपको याद हे होगा उस दिन क्या हुआ था जब गुरुदेव आये थे उन्होंने हमारी कुंडली देखे जिसे देख कर उन्होंने कहा थी की हम माँ बन सकते है पैर उनकी कुंडली देख कर कुछ आवर हे कहा

जानवी .......ऐसा क्या कहा गुरुदेव ने

रुपाली .......यही की हम उनके द्वारा कभी माँ नहीं बन सकती है क्युकी उन्होंने कुछ तो ऐसा किया था जिसके कारन वो कभी पिता नहीं बन सकते है

जानवी ......तो इस लिया आप ने माँ बनने के लिया देव को चुना है क्या है

रुपाली ......माँ सा के कहने पे आवर माँ सा को भी पता है इस बारी में क्युकी उन्होंने हे देव से बात की थी वो हमें माँ बनाये

जानवी ........माँ सा के अलावा किस को पता है आपके आवर देव के बारे में

रुपाली ......माँ सा के अलावा अब आपको पता है इस बारे में

जानवी ......तो क्या देव आपको माँ बनाने के लिया त्यार है

रुपाली .....उन्होंने पहले तो उस रात माँ सा को मना कर दिया था पैर बाद में वो त्यार hi गए माँ आवर मेरे कहने पे

मैं तो यही चाहती थी की उस रात हे सब हो जाये पैर उन्होंने हे कहा की मैं अच्छे से सोच विचार के बाद हे कोई फैसला कृ

हम उस रात साथ में हे सोये थे पैर उन्होंने कुछ भी नहीं किया जबकि हम त्यार थे अगर रात में कुछ भी करते तो हम उनको मना नहीं करते

जानवी ......क्या आप देव से प्यार करती है

रुपाली .....है भाबी सा हम उनको चाहने लगे है पता नहीं कैसे पैर उनको देखते हे हमें प्यार hi गया था

जानवी .....चलो रात काफी हो गई अब सो जाये आवर हमारी तरफ से आल थे बेस्ट एकलिंग जी करे जल्दी हे आपकी मनोकामना पूरी हो जल्दी से आप माँ बनो

रुपाली सरमने लगी

रुपाली .....भाबी सा क्या आप भी देव से.....

जानवी ......आपको क्या लगता है कोई औरत या लड़की उनसे मिलने के बाद खुद को रोक सकती है हमारा भी हल कुछ ऐसा हे है

रुपाली .......आपको भी आल थे बेस्ट वैसे ओपनिंग हुए या नहीं हेहेहे

जानवी ......हेहेहे बहुत हंसी आ रही है जब तुम्हारी ओपनिंग होगी उसके बाद देखते है क्या होता है

चलो अब सो जाओ जल्दी सुबह जल्दी उठ जाना आवर कही गुमने का प्लान बनाओ देव के साथ

रुपाली .....जी भाबी सा गुड नाईट

जानवी .....गुड नाईट गुड़िया

सवपन लोक ........

इस वक़्त देव सवपन लोक के महल में विराजमान थे साथ में महारानी सौपनीका थी सीमा भी वही मौजूद था किन्तु वो दोनों से काफी दूर था

सौपनीका ........प्रिंस अब आपको अपनी बाकि सक्तियो को प्राप्त करने के लिया अन्य लोको की यात्रा पे निकलना होगा

प्रिंस .........किन्तु हमें ज्ञात नहीं है फ़िलहाल की हमें किस लोक की यात्रा पे निकलना होगा

सौपनीका .......इस बार आपको परीलोक के यात्रा के लिया निकलना होगा

क्युकी परीलोक पे खतरा मंडरा रहा है

प्रिंस ........परीलोक वह मुझे किस सकती को प्राप्त करना है ये तो गुरुदेव हे बता सकते है

सौपनीका ........गुरुदेव केवल आपको वह पहुंचे का मार्ग दिखा सकते है वह आपको कोनसी सकती किस रूप में प्राप्त होगी ये आपके सिवाय कोई नहीं जनता हम भी नहीं

प्रिंस .....हम जल्दी हे गुरुदेव से इस विषय पे चर्चा करते है

सौपनीका .......आपको अब आपके विवाह के विषय में भी सोचना होगा

प्रिंस .....पैर इतना जल्दी विवाह क्यों

सौपनीका

सौपनीका ........कोई जल्दी नहीं है प्रिंस सब कुछ नियति द्वारा निर्धारित है पूर्व से हे

प्रिंस .....ठीक है हम गुरुदेव से इस विषय पे बात करते है

सौपनीका ......क्या आप हमारे साथ सवपन लोक का भर्मण करना चाहेंगे

प्रिंस ........क्यों नहीं सपना

सौपनीका ......सिंहा

सिंह महारानी सौपनीका का आदेश मिलते हे अपने विशालकाय रूप में आ जाता है

सौपनीका प्रिंस का हाथ थम उड़ते हुए सिंह पे स्वर हो जाती है

सिंह सौपनीका के बैठते हे अपने सवेट बड़े बड़े फांख फैलते हुए गले हे पल आकाश में था

सिंह ........आज मैं बहुत खुश हूँ रानी माँ आज कितने समय बाद फिर एक बार आपकी सेवा का मौका मिला

प्रिंस .......क्या मतलब है सिंह तुम्हारा

सौपनीका बात को सँभालते हुए

सौपनीका ......प्रिंस सिंह इस लिया खुश है क्युकी बरसो बाद सिंह की हम सवारी कर रहे है इस लिए

सिंह ......जी भाई हम यही कह रहे है

प्रिंस आकाश में उड़ते हुए सिंह पे बेथ कर वास् पास के खूबसूरत नज़ारे को देखते हुए

प्रिंस .......सौपानिका सवपन लोक आपके हे जैसे बेहद खूबसूरत है

सौपनीका ......प्रिंस ये सवपन लोक अब आपका भी इतना हे है कितना हमारा ये अपने सवामी की सोच के अनुकूल परिवर्तित हो जाता है

अभी जो भी देख रहे है वो सब आपकी सोच है जो आपके सामने है

कुछ देर आकाश से सवपन लोक का भर्मण करने के बाद सौपनीका सिंह को एक आवर चलने का इसरा करती है

सिंह भी एक अच्छे बहन आवर सेवक का दरम निभाते हुए बदलो को चीरते हुए

एक बहुत बड़े रेनबो पे उतरता है

सौपनीका प्रिंस के साथ उस रेनबो पे उतरता है सिंह पैर से

सौपनीका अपने हाथो में एक बहुत हे खूबसूरत फुल्लो के राँबिरंगे गुलदस्ता ( बुक्के) को ले कर अपने घुटनो पे ( जैसे पर्पस करते है ) होते हुए प्रिंस के सामने वो गुलदस्ता बढ़ा कर

सौपनीका ........प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा हम सौपनीका सवपन लोक की महारानी आपसे अपने दिल की बात कहना चाहते है

क्या हमें इजाजत है

प्रिंस ......जी बिलकुल महारानी सौपनीका आपको इजाजत है

सौपनीका ......हम महारानी सौपनीका आपसे अत्यंत प्रेम करते है रुद्रदेव सिंह राणा आवर आपके सामने हम अपने विवाह का प्रस्ताव रखते है क्या हमें आप अपने जीवनसाथी के रूप में सवीकार करेंगे

प्रिंस ....है सौपनीका हम आपके प्रेम को सवीकार करते है हम भी आपसे प्रेम करते है

साथ हे हम आपके प्रेम पूर्वक रखे गए विवाह प्रस्ताव को सवीकार कर अपनी जीवन साथी के रूप में सवीकार करते हुए पार्टम जीवनसाथी का अदिकार भी प्रदान करते है .पार्टम जीवनसाथी इस लिया क्युकी हम नहीं जानते हमारे कितने विवाह होना लिखा है नियति द्वारा

सौपनीका .......हमें आपके अनेक विवाह से कोई आपत्ति नहीं है प्रिंस आपके जीवनसाथी के रूप में जिस भी कन्या (लड़की ) का आगमन होगा हम हर्षो ुलाश (ख़ुशी ख़ुशी ) से उन्हें अपनी बहन का स्थान देंगे न की उनसे कोई ईर्ष्या करेंगे

प्रिंस सौपनीका को खड़ा करके अपने सीने से लगा लेता है

आवर प्यार से सौपनीका अपने कोमल गुलाबी गुलाब की फंखुडियो जैसे कोमल मधभरे होंठ प्रिंस के लाभों से मिला देती है

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सौपनीका आवर प्रिंस के दिल एक होते हे पुरे सवपन लोक में एक पल के लिया अंदर सा हुए पैर अबले हे पल मनो पुरे भारमंद के तारे सवपन लोक में जगमगा उठे हो

सिंह ख़ुशी से दहाड़ मरते हुए पुरे सवपन लोक में उड़ने लगा

पूरा सवपन लोक रंगबिरंगी आतिशी बाज़िया होने लगी

कुछ देर बात प्रिंस आवर सौपनीका अलग होते है

सौपनीका प्रिंस का हाथ थम कर निचे उतर आती है

सौपनीका ......प्रिंस आपसे एक निवेदन है आप मुझे ुशी नाम से बुलाये जो आपने कुछ समय पूर्व पुकारा था

प्रिंस .......आपको निवेदन करने की आव्सय्कता नहीं है सपना

सपना ( सौपनीका )........आप माँ से कब मिलवा रहे है मुझे

प्रिंस .....किस से

सपना .....आपकी माँ से कब मिलवा रहे है आप मुझे क्या कहते है आपके लोक हम्म्म है सासु माँ से

प्रिंस सपना को छोड़ते हुए

प्रिंस .......ये आप आवर आपकी सासु माँ के बिच का मसला है आप जानो

सपना .....अच्छा तो आप ऐसे नहीं मानोगे आप भूल रहे है मैं उनसे यहाँ भी मिल सकती हूँ

प्रिंस सपना की बात सुन कर सोचने लगता है तभी उसको अपनी माँ मोहिनी की आवाज सुनाई देती है जब प्रिंस सामने देखता है तो उसके होश हे ुध जाते है

सपना जल्दी से मोहिनी के सपने में जो हो रहा था फ़ौरन उस दृश्य को हटा देती है

प्रिंस अभी भी मुँह फाडे बस देख रहा था

सपना ....सरमसर हो कर अपनी गर्दन निचे जुखा लेती है

ऐसा क्या देख लिया था दोनों ने आये चल कर देखते है

जैसे हे प्रिंस के कानो में अपनी माँ मोहिनी की मस्ती भरी सिसकारियां के बिच अपना नाम सुनाओ देता है तो सोचा उसकी नजर सामने किसी मूवी हॉल में परदे पे चलती हद क्वालिटी सेक्स मूवी जैसा सीन था

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दरशल मोहिनी इस वक़्त जो सपना देख रही थी उसमे वो अपने बेटे देव के साथ में सेक्स कर रही थी

बीएड पे घोड़ी बन कर अपनी चुदाई का सुख प्राप्त कर रही थी

देव पीछे अपने माँ मोहिनी की कमर पकड़ कर अपना लैंड मोहिनी की छूट में पेले जा रहा था

मोहिनी .......अह्ह्ह्हह मेरी जान मेरे बेटे देव आवर जोर से छोड़ो अपनी मोहिनी की मुनिया ....

यही वो वर्ड थे जो प्रिंस के कानो में पड़े थे जब प्रिंस ने सामने देखता तो मोहिनी का जो सपना था वो सामने चल रहा था

कुछ देर बाद सपना ने हिमत जूठा कर प्रिंस से बात की

सपना ......मुझे माफ कीजिये मुझे नहीं पता था की मम्मी जी इस वक़्त ये सब कर रही होंगी सपने में

प्रिंस .......जनता हूँ सपना माँ जो भी अपने सपने में कर रही है ये मैं भी जनता हूँ माँ के अलावा बाकि सब के सपने भी देखे है मैंने

सपना .......फिर आप क्यों उनको तड़पते रहे है जबकि आपको सब कुछ पता है

जबकि आपने समय शालिनी बुआ आवर आपकी दोस्त जुली की इच्छा पूरी की है फिर आप मम्मी जी को क्यों तरशा रहे है

आप जानते है न अब वो पिताजी ( राणा जी ) से प्रेम नहीं करती है वो आपको हे सब कुछ मानती है भले हे वो पत्नी पिता जी की है

पैर उस स्थान पे रहते आप हो

प्रिंस .......मैं जनता हूँ बस मैं कुछ समय चाहता था

सपना .......आप मेरी बात सुन कर चौंके नहीं

प्रिंस ......किस लिया ....क्या मुझे पता नहीं है मुझसे जुड़ा हर सपना आप सबसे पहले देखती है उनके लिया हे तो आपने अलग से स्थान चुना है

सपना .......तो आपको सब ज्ञात है

सपना आगे बढ़ कर प्रिंस के गले लग जाती है

प्रिंस सपना को अपने गॉड में उठा महल की आवर निकल जाता है

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sapna.......kya आप सच में मम्मी जी से मुझे नहीं मिलाओगे स्वामी

प्रिंस ......आप जब चाहो तब हे आपको माँ से क्या बाकि सब से मिलवा देता हूँ पैर मेरी बहनो को आपको हे संभालना होगा

सपना ......उनकी आप चिंता न करे स्वामी वो सब मैं देख लुंगी

वैसे आपको चंचल से थोड़ा बीच कर रहना चाइये

प्रिंस ......आप मुझे स्वामी न कहो .प्रिंस या देव .कहो

आवर चंचल दी ने ऐसा क्या कर दिया

तभी प्रिंस के सामने वो दृश्य चलने लगा जब कोमल आवर चंचल प्रिंस के रूम में प्रिंस को जगाने पहुंची थी आवर प्रिंस गहरी नींद में था तब चंचल ने जो प्रिंस लैंड के साथ खेला था वो दृश्य प्रिंस के सामने चलने लगा

प्रिंस ......ये तो सच में बहुत शीतन है उनसे बात करनी पड़ेगी

सपना .....नहीं ऐसा आप बिलकुल भी नहीं करेंगे क्युकी वो भी आपकी जीवन संगिनी है उनका बाकि सब से ज्यादा हक़ बनता है

प्रिंस ......ये आप क्या कह रही है सपना

सपना ......आज मैं आपको वो सत्य बताने जा रही हूँ जो केवल माँ सा आवर गुरुदेव हे जानते है पूर्ण सत्य

प्रिंस .......ऐसा कोनसी सत्य है जिस से मैं अनभिज्ञ हूँ

सपना ......सत्य ये है की .दिव्या कोमल चंचल शीतल निधि आपके पांच तत्वों की दरक है

वो पाछो आपकी जीवन साथी है

उनका जनम हे आपकी पत्निया बनने के लिया हुआ है

प्रिंस के लिया किसी जटके से काम नहीं था पैर सबसे बड़ा जतका ये था की माँ सा को इन सबने बारी में मेरे जनम से पूरा हे पता चल चूका था

प्रिंस ......माँ सा को ये सब कैसे पता सपना

सपना .....ये मैं आपको अभी नहीं बता सकती स्वामी बस इतना जान लीजिये के आप माँ सा की भक्ति का वरदान हो उनकी आज्ञा का निरादर कभी न करना स्वामी

प्रिंस ......ऐसा कभी नहीं होगा जब मैं माँ सा की आज्ञा को उल्लंघन कृ

सपना अब आपको को परतवि लोक लौट जाना चाइये मैं उचित समय पे गुरुदेव के साथ आपके महल पाडारूंगी

प्रिंस .......मैं इन्तजार करूंगा आपका सपना उम्म्म्मः

सपना ......उम्म्म्मः ज्यादा प्रतीक्षा नहीं करनी होगी आपको स्वामी शुभ परभात स्वामी

प्रिंस ....शुभ परभात सपना ..

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........

दोस्तों कल कोई अपडेट नहीं दे पाउँगा इस लिया अभी एक अपडेट पोस्ट कर रहा हूँ ......
 
अपडेट. 85

प्रिंस ......ऐसा कभी नहीं होगा जब मैं माँ सा की आज्ञा को उल्लंघन कृ

सपना अब आपको को परतवि लोक लौट जाना चाइये मैं उचित समय पे गुरुदेव के साथ आपके महल पाडारूंगी

प्रिंस .......मैं इन्तजार करूंगा आपका सपना उम्म्म्मः

सपना ......उम्म्म्मः ज्यादा प्रतीक्षा नहीं करनी होगी आपको स्वामी शुभ परभात स्वामी

प्रिंस ....शुभ परभात सपना

अब आगे ........

सुबह देव अपने समय से उठ गया निधि उसकी बाँहों में बहुत हे सुकून से सोई हुए थे

देव .....कितनी प्यारी लग रही हो.. दी

देव निधि के खूबसूरत चेहरे पे आये रेशमी जुल्फों को हटा देता आवर प्यार से माथे पे किस कर बेथ जाता

बीएड पे हुए हलचल से निधि की नींद टूट जाती है

निधि देव की पीठ के तरफ से चिपटे हुए

निधि .......गुड मॉर्निंग प्रिंस

देव ......गुड मॉर्निंग दी

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दी आप इतना जल्दी क्यों उठ गए अब लेट जाये मैं चलती हूँ मुझे अपनी प्रैक्टिस करनी है

निधि .......OK प्रिंस

कुछ देर बाद देव फ्रेश हो कर के मंदिर के पास बने बगीचे में बेथ कर ध्यान योग करने लगता है

माँ सा जब अपनी पूजा कर लौटी तो देव को ध्यान में लीं देख डिसट्रब किये बिना दूर से देव को देखती रही

2 हर बाद जब देव ने आँखे खोली तो अपनी माँ सा को अपने सामने कुछ दुरी पे एक तक खुद को देखते हुए पाया

देव ......क्या हुआ माँ सा क्या सोच रही है आप

माँ सा ......सोच रही हूँ अब आपके लिया मुझे लड़की दंड लेनी चाइये आपके विवाह के लिया

देव .....हाहाहा माँ सा मैं अभी 19 का हुआ हूँ इतनी भी क्या जल्दी है ( लड़की ढूंढ़ने की जरूरत नहीं माँ सा वो तो पहले से हे निर्धारित है )

माँ सा .....आपको देख कर तो नहीं लगता बीटा जी की आप 19 के हो

अभी देव कुछ जबाब देता की माया देवी जानवी के साथ वह आ पहुंची

माया देवी ..........सच कहा जीजा आपने अब देव के लिया सुन्दर से राजकुमारी दंड हे लेनी चाइये आपको

जानवी ......माँ सा मेरी नजर में है अगर देव को पसंद hi तो

देव ......अच्छा तो आप भी माँ सा के साथ मिल कर मेरी हे खिचाई कर रहे है चची जी

माँ सा .......जानवी बेटी लड़की तो मैंने पहले से हे देख राखी है बस मेरे बेटे को पसंद आ जाये तो जल्दी हे दोनों की सदी पाकी कर दे

देव ........मुझे नहीं करनी सदी अभी माँ सा मैं जा रहा हूँ मुझे काम है

माया देवी ......देव बीटा सुनो अगर साम को कोई काम न hi तो आप रुपाली आवर जानवी बेटी के साथ रतनगढ़ हो आएंगे

देव ........अभी तो कुछ कह नहीं सकता छोटी माँ सा साम को बताता हूँ आपको

माँ सा .........कुछ काम था क्या माया रतनगढ़ में रुपाली आवर जानवी का

माया देवी .......है जीजा कुछ समाज रखा है दोनों का वो लामा जरूरी था अब गुरुदेव 2 दिन बाद की पूजा राखी है तो दोनों को जरूरत होगी न

माँ सा ........ठीक है देव बीटा आप साम को चले जाना रतनगढ़ के लिया आवर अगर लेट हो तो रात में वही रुक जाना

देव .......जी माँ सा जैसा आप कहे

मैं अभी चला हूँ सभी को शॉपिंग पे भी ले कर जाना है

माँ सा ......लगता है मेरे बेटे को आज अच्छे से लूटने वाली है सब मिल कर

जानवी ......माँ सा मैं भी जॉन क्या

माया देवी .......ठीक है तुम भी कुछ शॉपिंग कर लेना अपने लिया रुपाली को भी साथ ले जाओ

देव वह से निकला तो जानवी भी उसके पीछे पीछे चल दी

जानवी ........क्या हुआ क्या सोच रहे हो देव

देव ......कुछ नहीं बस ऐसे हे वैसे आपको रतनगढ़ में क्या काम है चची जी

जानवी ........काम तो बहुत जरूरी है आप चलो तो सही एक बार ( आज रात आपकी ेजात कितने वाली है एक साथ दो बार )

देव ......क्या कहा आपने चची जी

जानवी ......यही की काम तो बहुत जरूरी है आप चलो तो सही एक बार

देव ......नहीं उसके बाद क्या कहा आपने

जानवी ........उसके आगे तो कुछ भी नहीं कहा लगता है आपके कण बज रहे है

दिव्या ....प्रिंस आप यहाँ होने मैंने आपको पुरे महल में देख लिया

देव दिव्या को गले से लगा कर

देव ......गुड मॉर्निंग दी उम्म्म्मः क्या हुआ जो आप मुझे दंड रही है इतनी सुबह सुबह

दिव्या .....गुड मॉर्निंग प्रिंस उम्म्म्मः वो हमें शॉपिंग पे चलना है की नहीं वही पूछना के लिया दंड रही थी

देव ......हाहाहा दीदी अभी तो सुबह के 8 बजे है इतनी सुबह सुबह कहा पे शॉपिंग करना है आपको

दिव्या .....( सरमते हुए ) वो हमें ब्यूटिशियन के पास भी चलना है पहले

देव .......don't वोर्री दी आप चलो कुछ हे देर में ब्यूटिशियन यही महल में आने वाली है मैंने कल हे उनको सन्देश भेजवा दिया था

कुछ वक़्त के लिया वो सब यही महल में रहेगी 10 बजे वो यहाँ होंगी सब को जैसे त्यार होना है हो जाना पैर आप लोग मेकउप वगेरा न उसे करना आप पहले से हे बहुत खूबसूरत है क्यों सही कहा न चची जी मैंने

जानवी .....बिलकुल सही कहा आपने देव

बस कुछ फिनिशिंग के अलावा फेस पे कुछ भी करवा ने की जरूरत नहीं है दिव्या बीटा

दिव्या ......OK प्रिंस जैसा आप कहो मैं बाकि सबको भी बोल देती हूँ

देव ......OK बुआ सा कहा है

दिव्या .....वो अपने रूम में है शालिनी बुआ समय बुआ आवर सोनिया बुआ सा

देव ......OK आप चलो मैं मिल कर आता हूँ आप मेरे कुछ कपडे वही पे पंहुचा दीजियेगा

दिव्या एक बार देव को देख कर OK बोल कर निकल गई

जानवी ......क्या बात है सुबह सुबह समय से मिलने का चक्कर क्या है

देव ........आप भी चलिए आपको भी पता चल जायेगा की चाकर क्या है जानवी डार्लिंग

जानवी ......बड़े आये जानवी डार्लिंग कहने वाले रात को देखती हूँ आपको तो

जानवी जल्दी से वह से निकल गई क्युकी देव ने अपने इरादा साफ कर दिया था

देव जब रूम में पंहुचा तो वह सिर्फ समय थी

समय को अकेला देख देव ने दूर लॉक किया आवर समय को अपने बाँहों में भर लिया

समय .......क्या बात है आज मेरी जान का मूड कुछ ज्यादा हे नॉटी लग रहा है

देव .......पता नहीं समय डार्लिंग आज ध्यान से उठने के बाद से हे बहुत मन कर रहा था बार बार आपका हे चेहरा सामने आ रहा था

समय .........उम्म्म्म उम्म्म्मः

मैं भी कब से तड़प रही हूँ प्रिंस आपके आग़ोश में सामने को पैर आप हर वक़्त किसी न किसी के साथ में होते हो

तो मन मार कर आपसे दूर रहती हूँ

देव समय के साड़ी को उतारते हुए किश करने लगा जल्दी हे समय सिर्फ ब्रा पंतय में कड़ी थी

समय ने जल्दी से देव की t-shirts आवर सॉर्ट निकला

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देव समय को पीछे से चिपटे हुए समय की गर्दन पे किस करते हुए समय को चूचियों का मर्दन करने लगा बड़े प्यार से

समय ......उम्म्म्मः प्रिंस इनको आवर जोर से दबाओ बहुत परेशान करती है

जब भी आपको देखती हूँ ये टाइट हो जाते है

निचे छूट में खारिश होने लगती है

देव .....उम्म्म्महहह डार्लिंग आज आपकी पूरी खारिश मिटा दूंगा आवर इनकी आकद भी

देव ने समय की ब्रा को खोल कर एक चुकी को अपने मुँह में भर लिया आवर चूसने हुए दूसरी चुकी को अपने हाथो से मसलने दबाने लगा

कुछ देर दोनों ढूढ को दबाने आवर चूसने के बाद देव समय की पंतय निकल उसकी गरम भाप के साथ नमकीन कॉमर्स बहती छूट पे अपने होंठ चिपका दिए

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समय ......इस्स्स्सस्श्ठा प्रिंस उफ्फफ्फ्फ़ बहुत गुदगुदी हो रही है

उम्मम्मम्हा माँ बहुत अच्छा लग रहा है

देव अपनी जइब को तीखा करके समय की समय छूट को अपनी जइब से छोड़ने लगा

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देव का अपनी छूट के साथ ऐसे खेलना समय ज्यादा बर्दास्त नहीं कर पाई

आवर कपट हुए देव के मुँह पे कॉमर्स की बौछार करने लगी

समय .....अह्ह्ह्हह्हह प्रिंस मैं ुध रही उम्म्म्म ये कैसा मज़ा है मेरी जान

देव ........क्या बात है डार्लिंग आपने तो आज नदी नाले सब खोल डेल

समय कुछ देर सुस्ताने के बाद

समय ......उसमे गलती आपकी है प्रिंस आप हे मुझे वक़्त नहीं देते हो

तो ये पानी अंदर हे अंदर स्टोर होता रहा आवर आज एक साथ सब बाह गया

समय घुटनो पे बेथ देव के लैंड को थम

मोती फूले हुए लाल लिंगमुंड पे अपनी जुबान फिरते हुए चाटने लगी

देव के मुँह से तेज सिसकारियां निकलना लगी तभी बाथरूम को दूर खुला तो देव की नज़र अनायाश हे उस आवर गम गई दूर पे सोनिया बुआ को देख अगले हे पल देव की साडी मस्ती गायब हो गई अभी जो किसी घायल शेषनाग के जैसे फोन उठाया खड़ा देव का लैंड समय के हाथ में हे

सिकुड़ गया

जब ऐसा हुआ तो समय ने देव की तरफ देखा ये पूछना के लिया की ये क्या हुआ

जब देव को कही आवर ऐसे देखते पाया तो उसकी नजर भी सोनिया पे पड़ी जो केवल अपने सरीर पे टॉवल लपेटे हुए थी

देव ने जल्दी से अपना सॉर्ट आवर

t-shirts पहना आवर बहार निकल गया

समय .......ये क्या किया दी आपने

समय की आवाज सुन सोनिया समय की तरफ देखने लगी

सोनिया .....मैंने क्या किया गुड़िया आवर तुम दिन में हे सुरु हो गई

समय उदाश हो चुकी थी एक तो इतने टाइम बाद देव के साथ मौका मिला था उस से ज्यादा आज देव खुद अपनी मर्ज़ी से आया था उसके पास

सोनिया .......क्या हुआ गुड़िया देख मुझे पता नहीं था की देव आवर तुम क्या कर रही हो

समय .......सॉरी दी उसमे आपकी गलती नहीं है मैं जानती हूँ

सोनिया...... तो फिर तुम उदाश क्यों हो गई

समय .......क्युकी प्रिंस अब परेशान हो रहा होगा क्युकी आपने हम दोनों को उस हालत में देखा है भले हे आपको पता है हम दोनों का रिस्ता आवर प्रिंस को भी पता है की आप भी प्रिंस प्यार करती है पैर फिर भी वो आपके सामने ऐसे तो नहीं आने का सोचा होगा

सोनिया ......तुम उदाश न हो मैं बात करती हूँ तुम फ्रेश हो जाओ

देव समय के रूम से निकल कर अपने रूम में पंहुचा आवर खुद को संत कर फ्रेश होने लगा पैर अब देव का लैंड फिर से तनाव में आने लगा था

देव को ये थोड़ा अजीब लग रहा था आज जब से वो ध्यान से उठा है तब से बार बार उसका ध्यान सेक्स की आवर जा रहा था

देव ने ऐसे अपने लैंड को ठीक से

एडजस्ट किया आवर त्यार होना कर चाट पे चला गया

देव .....अब इसको कैसे shan't कृ ये तो बैठने का नाम हे नहीं ले रहा है

आवर दीदी लोगो की साथ शॉपिंग पे भी जाना है अगर किसी ने ऐसे देखा तो क्या सोचेगा मेरे बारे में

वही दिव्या निचे देव को बाते के लिया ढूंढ़ते हुए समय की रूम में पहुंची

दिव्या ....बुआ सा प्रिंस कहा है

सोनिया ......बेटी वो तो यहाँ से कुछ देर पहले हे चले गए थे

दिव्या .....सायद अपने रूम में होंगे आप भी चलिए आवर नास्ता कर लीजिये माँ सा ने कहा है

सोनिया .....आप चलो बीटा मैं समय के साथ आ रही हूँ

दिव्या देव को पुरे महल में जहा भी हो सकता था वह दंड लिया पैर कुछ पता नहीं चला

फ़ोन भी देव का निधि के पास हे था

मोहिनी .......क्या हुआ अभी तक देव नहीं आया

दिव्या .....माँ मैंने प्रिंस को सब जगह डुंडा पैर वो मुझे मिले हे नहीं

ख़ुशी ......दीदी प्रिंस को कुछ वक़्त पहले ऊपर जाते हुए देखा था मैंने वो सायद कुछ परेशान भी लग रहे थे इस लिया मैंने उनको डिसट्रब नहीं किया

मोहिनी .....तुम सब नास्ता करो मैं अभी आती हूँ देव को ले कर के

मोहिनी वह से चाट की आवर चल

वह जब मोहिनी पहुंची तो देव

दीवार के शेयर एक कोने में खड़ा था उसका पूरा चेहरा पसीने में भीगा हुआ था

मोहिनी देव की हालत देख गाब्री गई

आवर दौड़ के देव के पास पहुंची

मोगिनी ......देव क्या हुआ बीटा तुम्हे इतना पसीना क्यों आ रहा है

देव .....अह्ह्ह्ह माँ मुझे पैन हो रहा है बहुत तेज

मोहिनी .....मुझे बताओ कहा पैन हो रहा है तुम्हे हम अभी डॉक्टर के पास चलते है

देव ......माँ उसमे डॉक्टर कुछ नहीं कर सकता है

देव की बात सुन कर मोहिनीं गौर से देव को देखती है जब देव के दोनों हाथ अपने पेण्ट की चैन पे देखती है आवर वह उठे हुए भाग को तब मोहिनी को समाज आता है की देव को पैन कहा आवर क्यों हो रहा है

मोहिनी .......अगर आपको ये प्रॉब्लम थी तो मुझे पहले नहीं बता सकते थे क्या

चलिए मेरे साथ मेरा रूम में मैं आपकी मालिश कर देती हूँ

देव .......माँ रहने दीजिये आप मैं ठीक हो जाऊंगा

मोहिनी .......मुझे पता है ये कैसे ठीक होगा चलो मेरे साथ

देव मोहिनी के साथ चला गया सबकी नज़रो से बच कर

मोहिनी .....आप बैठो यहाँ मैं अभी आती हूँ

मोहिनी बहार जा कर सबसे कह दिया की देव बाद में नास्ता करेगा आवर इसारे से समय को अपने साथ चलने को कहा

समय .....क्या हुआ भाबी सा आपने मुझे क्यों भुला या

मोहिनी .....आपके प्रिंस को आपकी जरूरत है जाओ उसको पैन हो रहा है उसकी मदद करो

समय को कुछ समाज तो नहीं आया पैर इतना पता चला की देव को पैन है

समय मोहिनी अंदर पहुंचे

मोहिनी ......देव अपनी बुआ सा के साथ जाओ मैं यही बहार रूकती हूँ

देव बिना कुछ बोले बाथरूम में गुस्स गया पीछे से समय भी ......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स.......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स........

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अपडेट. 85 बी

समय .....क्या हुआ भाबी सा आपने मुझे क्यों भुला या

मोहिनी .....आपके प्रिंस को आपकी जरूरत है जाओ उसको पैन हो रहा है उसकी मदद करो

समय को कुछ समाज तो नहीं आया पैर इतना पता चला की देव को पैन है

समय मोहिनी अंदर पहुंचे

मोहिनी ......देव अपनी बुआ सा के साथ जाओ मैं यही बहार रूकती हूँ

देव बिना कुछ बोले बाथरूम में गुस्स गया पीछे से समय भी ......

अब आगे ..........

देव आवर समय तक़रीबन 45 मिन्ट्स बाद निकले

देव इस वक़्त बहुत सरम रहा था वही समय की बदली हुए चल देख

मोहिनी खुद की हंसी नहीं रोक पाई

देव बहार निकल गया रेणुका देव को देखते हे

रेणुका ......देव आपका नास्ता लगा दे क्या

देव .....जी लगा दीजिये बाकि सब कहा है कोई नज़र नहीं आ रहा है

रेणुका ......बाकि सभी त्यार जो रही है वो बेऔतिकीओं आ चुकी है तो वो सब वही है

देव ......OK मम्मी आपने नास्ता किया

रेणुका ......है बस तुम दीदी आवर समय हे रह गए है नास्ता किये बिना

देव .......OK आप माँ आवर बुआ सा का नास्ता भी लगा दीजिये वो आती हे होंगी

रेणुका ......लो दीदी आवर समय भी आ गए समय आपको क्या हुआ है ऐसे लंगड़ा कर क्यों चल रही है आप

रेणुका की बात से जहा समय को सरम आ रही थे वही मोहिनी मंद मंद मुस्कुरा रही थी

मोहिनी ......कुछ नहीं छोटी गुड़िया के पेअर के मैश चढ़ गई है अभी अभी देव ने अच्छे से मालिश कर दी है कुछ देर में ठीक जो जाएगी

मोहिनी की बात सुन देव जो नास्ता कर रहा था उसका खाना गले में हे अटक गया

रेणुका .......आराम से देव ध्यान कहा है तुम्हारा लो पानी पीओ

अब बेचारा देव क्या कहता की उसका ध्यान कहा था

रेणुका .....समय ऐसा क्या काम कर रही थी जो नाश चढ़ गई इतने नौकर है दसिया है अगर आपके भाई सा को पता चला तो हम सबकी खेर नहीं

समय .....ऐसा कुछ नहीं है भाबी सा वो बस हलकी सा पेअर मुद गया था हम ठीक है अब

मोहिनी देव के बगल में बेथ नास्ता करने लगी वही समय निचे गर्दन किये नास्ता कर रही थी तीनो में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था

( रेणुका ..अब इनको क्या हुआ है कोई कुछ नहीं बोल रहा है जबकि देव तो कभी भी ऐसे shan't नहीं रहता सायद कुछ आवर हे बात है आवर समय भी झूट बोल रही है पेअर में दर्द होता तो चल कुछ अलग हे होती ये ऐसे चल रही थे jaise..kahi देव फिर से तो नहीं चढ़ गया समय पे हम्म्म तो ये बात है अच्छा है कोई तो है जो खुश है )

कुछ देर में देव नास्ता कर अपने पापा आवर चाचा के साथ कुछ कामो में देख रेख में लग जाता है

ऐसे हे घूमते हुए देव जब कारगढ़ की आवर पंहुचा तो देव को बहुत हे अजीब लगा कुछ ब्लैक एनर्जी से महसूस हुए

देव उस एनर्जी का पीछा करते हुए एक गेट के पास पंहुचा जो की लॉक था

देव ....ये एनर्जी का केन्देर तो इस गेट के पीछे महसूस होने रहा

देव अपने आसपास नज़र डालता है तो कुछ दुरी पे एक सैनिक नज़र आता है

देव .....hello सुनिए जरा यहाँ आएंगे क्या आप

देव की आवाज सुन वो सैनिक देव के पास आ जाता है

सैनिक ......हुकुम कुंवर सा

देव ......आपको पता है इस गेट के पीछे क्या है

सैनिक .....जी कुंवर सा पता है इस गेट के पीछे कारगढ़ है जहा पहले बंदियों को रखा जाता था

देव ......क्या आपके पास इस गेट की लॉक की चाबी है

सैनिक .....माफ कीजिये कुंवर सा यहाँ की कितनी भी चाबियां है वो सब दिवान जी के पास या फिर बड़े हुकुम राणा जी के पास हे hi सकती है

देव ......आप जाये आवर दिवान जी को बुला कर लाये

सैनिक ....जी कुंवर सा

सैनिक कुछ 10 मिंट बाद दिवान जी के साथ में लिया देव के पास पहुँचता है

दिवान जी .....कुंवर जी आप यहाँ पे क्या कर रहे है

देव ......दिवान जी हमें कारगढ़ देखा है क्या आपके पास यहाँ की चाबी है अगर है तो आप ये गेट का लॉक खोल दीजिये

वही से गुजरते हुए दिलावर की जब नज़र देव आवर दिवान जी पे पड़ी तो वो भी वह आ गए

दिलावर सिंह ......क्या हुए देव आप यहाँ क्या कर रहे है

देव .....चाचा जी कुछ नहीं बस हम तो ऐसे हे तुम्हे हुए आ गया

दिवान जी .....कुंवर जी कारगढ़ देखा चाहते है

दिलावर सिंह .....अरे दिवान जी उसमे प्रॉब्लम क्या है देखने दीजिये न

दिवान जी .....बीटा सायद आप भूल गए है की गुरु जी ने क्या कहा था

दिलवर सिंह दिवान जी की बात सुन कुछ सोच कर

दिलावर सिंह ......आप चाबी मुझे दीजिये आवर किसी को भी अंदर न आने दीजियेगा

दिलावर सिंह चाबी ले कर गेट खोल देव के साथ अंदर चल दिया

देव ......चाचा जी क्या कहा था गुरु जी ने ऐसा

आवर ऐसा क्या है यहाँ जो किसी को भी आने नहीं दिया जाता है

दिलावर सिंह ......तुम खुद हे पता कर चुके जो तो मुझसे क्यों पूछ रहे हो यहाँ कुछ पापी आत्माये है कुछ यहाँ से मुक्त नहीं हो पायी तो कुछ को गुरु जी ने यहाँ से मुक्त नहीं होने दिया

दिलावर सिंह की बात सुन कर देव ने दिलवर सिंह के चारो तरफ तांत्रिक गुरुदेव द्वारा प्राप्त अंश रूपी कवच दिलवर सिंह को कवर कर दिया

दिलवर सिंह ......ये क्या किया आपने बीटा

देव .....आपकी सुरक्षा के लिया अपने सुरक्षा कवच से मैंने आपको सुरक्षित कर दिया

10 ,12 कारगढ़ के बाद देव अचानक से रुक गया

दिलावर सिंह ....क्या हुआ देव बीटा आप रुक क्यों गए

देव .......चाचा जी यहाँ मुझे बहुत आदिक मरता में ब्लैक एनर्जी महसूस होने लगी है

जैसे किसी महापापी की आत्मा यहाँ मौजूद हो

दिलावर सिंह .....आओ मेरा साथ मैं ले चाहता हूँ तुम्हे वह पे

कुछ देर बाद जमीं के अंदर नानी कल कोठरी के सामने देव आवर दिलवर खड़े थे देव के आँखे लाल होने लगी थी

दिलावर सिंह ....देव क्या हुआ बीटा तुम्हारी आँखे

देव .......आप चिंता न करे मुझे कुछ नहीं होगा रहा बस मेरी तामसिक सकतिया मुझपे हावी होने की कोशिश कर रही है

दिलवर सिंह ..........देव बेटे तुम अपने सुरक्षा कवच को मुझपे से जाता लो आवर खुद की सुरक्षा करो तुम्हे कुछ हो गया तो बहुत सी जिन्दगिया तबाह hi जाएगी

देव .......आप चिंता न करे चाचा जी मुझे कुछ नहीं होगा ये बस मामूली काली सकतिया है जिनका कोई अस्तित्व भी नहीं है

बस आप सन्ति से देखते रहो

कुछ भी हो आप मेरे नजदीक न आना आवर डरना तो बिलकुल भी नहीं

देव वही निचे बेथ ध्यान में लीं hi जाता है कुछ 15 मिंट बाद देव जब अपनी आँखे खोलता है तो पूरी तरह से काली आँखे देख दिलावर को पसिनी छूटने लगी उसको गब्रहत होने लगी

देव ने कल कोठरी का गेट खोल दिया

गेट खुलते हे रॉकी आवर भैरव की काली आत्माये देव के सामने थे

देव ........तुम दोनों को देख कर गईं आती है मुझे तुम दोनों ने न जाने कितने हे पाप किये है जिनको सजा अभी भी भुगत रहे हो

रॉकी ......क्या तुम हमें देख सकते हो

देव ......तुम्हे हे नहीं तुम्हारे पाप करम भी देख सकता हूँ

रॉकी देव की बात सुन देव के चरणों में गिर जाता है

रॉकी ......मैं नहीं जनता आप कोण हो आवर क्यों यहाँ आये है मैं आपसे मुक्ति की भीख मांगता हूँ मुझे मुक्त कर दे मैं अपने पापो का प्रायश्चित करना चाहता हूँ

देव .......ठीक है अगर तुम प्रायश्चित करना चाहते हो तो तुम्हे मुलती का मार्ग भी दिखाऊंगा

किन्तु भैरव तुम आज भी ुशी काम वाष्ण में लिप्त हो तुम्हारी आत्मा तब काली हो चुकी है

देव रॉकी के सर पे हाथ रख कुछ मंत्रो उच्चारण करता है जिस से देव के हाथो से होते हुए काली हर्जा देव में समाहित होने लगती है

देखते हे देखते रॉकी की आत्मा सफ़ेद ऊर्जा रूप दर्जन कर कल कोटरी की चाट से होती हुए आकाश में लुप्त हो जाती है

भैरव ......क्या किया तुमने रॉकी के साथ मैं तुम्हे जिन्दा नहीं छोडूंगा

देव .....मूरख मैंने तुम्हे सावधान किया था पैर तुम नहीं मने तुम्हारी लिया उचित दंड यही है की तुम्हारी आत्मा को नस्ट कर दिया जाये

देव आँखे बंद कर गुरुदेव का आह्वाहन करता है

कुछ पल बाद गुरुदेव देव के सामने थे

देव .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .......कल्याणम अस्तु पुत्र देव विजय भाव पुत्र

देव ......गुरुदेव रॉकी ने अपने पाप करम के लिया प्रायश्चित का मार्ग चुना किन्तु भैरव की आत्मा ईस्वरीय अंश तक कलुषित हो चुकी है उसका नस्ट हो जाना हे उचित है

क्या मुझे ऐसा करने की आज्ञा है गुरुदेव

गुरुदेव ......नहीं पुत्र किसी भी आत्मा को नस्ट करने का अदिकार केवल गॉड को है है तुम उनसे निवेदन करो उनकी प्राथना करो तो तुम्हारी भक्ति भाव से परशान ( खुश ) हो तुम्हे ये दिव्या सकती प्राप्त हो सकती है

Dev.....gurudev आप उचित कह रहे है सृस्टि में संगरक (विनाश ) का दायित्व मेरे परबु का है

उनकी आज्ञा बिना ये कार्य कर मैं उनके क्रोध का पत्र नहीं बनना चाहता हूँ

( गुरुदेव .......एक पिता कभी अपनी पुत्र पे क्रेडिट नहीं हो सकते है )

गुरुदेव .....उचित कहा पुत्र तुम उनकी स्तुति वंदना कर उन्हें प्र्शन (खुश ) करो

देव निचे बेथ आसान मुद्रा दर्जन कर गॉड की वंदना करने लगा

जैसे हे देव की वंदना पूर्ण हुए बहार का मौसम अचानक से बदलने लगा

गुरुदेव ......पुत्र देव लगता है गॉड तुम्हारी स्तुति से खुश हुए है

देव गुरुदेव के साथ बहार निकल आया साथ हे दिलवर सिंह भी

तभी आकाश से एक लाल रखा सी निचे आती हुए नज़र आयी

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वो रौशनी आ कर के सोचा भैरव की काली आत्मा पे पड़ी

कुछ पल भैरव चीखता रहा फिर उसकी आत्मा उस सकती की साथ हे नस्ट हो गयी

गुरुदेव ने उस रौशनी को परनाम किया तो देव ने भी हाथ जोड़ परनाम किया

देव ....ये क्या था गुरुदेव वो दिव्या विनाशकारी सकती क्यों वापिस लौट गई

गुरुदेव अभी कुछ बोलते उस से पूर्व के समय रुक गया

गुरुदेव अपने घुटनो पे हाथ जोड़ नमन करते है

तभी उनके सामने दुन्वा सा उतने लगता है कुछ देर वो दुन्वा किसी परछाई के जैसे हिलता है फिर गायब hi जाता है

रुका हुआ समय फिर से चलने लगा

गुरुदेव .....वो सकती तुम्हे अभी प्राप्त नहीं होगी

उसको प्राप्त करने के लिया तुम्हे परीलोक की यात्रा करनी होगी

देव ......परीलोक के क्या तो सपना मेरा मतलब सौपनीका ने भी कहा था की परीलोक खतरे में है

गुरुदेव .....उचित कहा पुत्र तुम्हे सिगरा हे वह के लिया यात्रा आरम्भ करनी होगी किन्तु ...

देव ....किन्तु क्या गुरुदेव

गुरुदेव .....हम कल लौटे पे आपसे इस विषय में बात करते है अभी आप इन सभी आत्मा को मुक्त कर दीजिये

dev......Jo आज्ञा गुरुदेव

देव अपनी पवित्र ऊर्जा से सभी आत्मा को मुक्त कर उनके गंतव्य की आवर अग्रसर कर देता है

देव ......चले चाचा जी

दिलवर सिंह ........बीटा ये क्या था वो रौशनी वो चीखे आवर गुरुदेव यहाँ अचानक कैसे

देव .....आप ये सब न सोचिये चलो बहार चलते है

दिलावर सिंह .....तुम हर बार मुझे ऐसे उल्लू बना देते हो देव

वैसे ये परीलोक का क्या चाकर है देव

देव .....हाहाहा आपकी बहु लेन जा रहा हूँ चाचा जी

( देव ने कहा तो मज़ाक में हे था पैर उसे क्या पता वह पे सच में एक खूबसूरत बीबी मिलने वाली है )

दिलावर ......हाहाहा बीटा पहले यहाँ जो है उन्हें तो संभल ले

वैसे सपना कोण है कहा कहा अकाउंट खोल रहोगे है

जैसे देव आवर दिलवर बहार निकले सभी लड़कियों को छोड़ कर बाकि सब वही खड़े थे गेट के पास

माँ सा .....देव दिलावर तुम ठीक तो हो न वो रौशनी कैसे थी

( देव ....लगता है ये तो गड़बड़ जो गयी

गुरुदेव से पूछना हूँ

देव ....गुरुदेव सबने वो दिव्या सकती देखि है अब सब पूछ रहे है क्या कृ

गुरुदेव .....बीटा देव उनकी चिंता न करो कुछ देर में वो इस विषय के बारे में भूल जायेंगे )

माँ सा .....चलो भी तुम सब यहाँ क्या कर रहे हो

मोहिनी ....चल बीटा तेरी बहने त्यार हो गई है शॉपिंग के लिया

.दिलवर सिंह कभी बाकियो के देखता कभी देव को

माँ सा .....दिलावर बीटा मेरा साथ आई तुम

सभी वह से चले गए

.दोपहर में देव अपनी बहनो .ख़ुशी रुपाली जानवी समय सोनिया को ले कर शॉपिंग पे चल दिया

रॉयल गार्ड्स उनके साथ होने की वजह से ज्यादा प्रॉब्लम के बिना हे साम 6 बजे थक सबने खूब शॉपिंग की देव से ज्यादा हालत देव की ख़राब थी वीर भी न बीच पायस अपनी बहनो से

सभी ने देव की पसंद के ड्रेसेस ले जिसमे देव का तेल अच्छे से निकला

6 बजे जब सब घर पहुंचे तो शॉपिंग बैग्स देख

माँ सा ....लगता है पूरा उदयपुर के माल्स हे खरीद लिए है क्या

देव ......माँ सा मैं तो चला फ्रेश होने

रुपाली .....देव हमें रतनगढ़ के लिया भी निकलना है

देव .....OK आप भी फ्रेश hi आये कोमल दी आप मेरे लिया कॉफ़ी बना दीजिये प्लेसेस

कोमल ......OK प्रिंस आप फ्रेश जो आये तब तक आपकी कॉफ़ी रेडी मिलेगा आपको

देव ......OK दी लव यू ुम्मम्हा

बस कोमल को आवर क्या चाइये सबके सामने अपने लिया इतना सुन न हे काफी था उनकी ख़ुशी को दुगुनी करने के लिया

जल्दी हे रुपाली देव जानवी त्यार जो निचे आये देव कॉफ़ी पि कर सबको कल सुबह आने का बोल निकल गया अपनी कार ले कर देव के मना कर के बाद भी कुछ सिक्योरिटी आवर कुछ रॉयल सैनिक देव के साथ गए

दिल्ली ....

रितिका जब से होटल में रुद्रांश ( प्रिंस ) से मिल कर लौटी थी तब से बहुत खुश थी

विक्रम सिंह ने भी रितिका से पीछा उसकी ख़ुशी का कारन तो रितिका ने अपनी पापा को गुमना फिर कर जबाब दिया

विक्रम सिंह भी आर्मी अफसर थे उनको की अनुभवी आँखों से कब तक रितिका बच पति

उनको अहसास हो चूका था की उनकी बेटी को किसी से प्यार हो गया है

रितिका को बार बार कोमल द्वारा अपने लिए भाबी कहा जाना बहुत अच्छा लगा था

बार बार रितिका को वही बाते याद आ रही थी साथ हे अलीमा ालिस के बारे में जानने की भी उत्सुकता हो रही थी

या ये कहे तो बेहतर होगा की रितिका के मन में अलीमा आवर ालिस के बारे में सोच सोच कर एक दर बेथ चूका था की कही प्रिंस उन दोनों में से किसी से प्यार तो नहीं करता है

रितिका फिर से रुद्रांश ( प्रिंस ) से मिलना चाहती थी

आवर अपना रॉ को ले कर फैसला भी प्रिंस को बताना चाहती थी

वही रुद्रांश कोमल से कुछ वक़्त की मोहलत मान्य लेता है जिस से वो देव को कोमल से मिलवा सके आवर साथ हे रुद्रांश चाहता था की वो अपनी सचाई भी कोमल से बता दे

आज रत रुद्रांश आवर जूही डार्क वर्ल्ड के निंजस के सीकर पे निकलना वाले थे

जूही इस बात से अनजान थी की आज रात रुद्रांश उसकी परीक्षा लेने वाला था

क्या जूही रुद्रांश की परीक्षा में कामयाब hi पायेगा या फिर नाकामयाब .............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ............
 
अपडेट. 86

वही रुद्रांश कोमल से कुछ वक़्त की मोहलत मान्य लेता है जिस से वो देव को कोमल से मिलवा सके आवर साथ हे रुद्रांश चाहता था की वो अपनी सचाई भी कोमल से बता दे

आज रत रुद्रांश आवर जूही डार्क वर्ल्ड के निंजस के सीकर पे निकलना वाले थे

जूही इस बात से अनजान थी की आज रात रुद्रांश उसकी परीक्षा लेने वाला था

क्या जूही रुद्रांश की परीक्षा में कामयाब hi पायेगा या फिर नाकामयाब .............

अब आगे ........

देव .........बुआ सा हमें रतनगढ़ (रतन सहर ) पहुंचने में कितना समय लगने वाला है

रुपाली बुआ .......मुझे पता नहीं है देव यहाँ से कितना वक़्त लगता है

आप भाबी सा से पूछिए उनको पता होगा यहाँ का

पीछे की सहित पे बैठी जानवी देवी देव अगर हम बिना रुके ड्राइव करते है तो 2हर का रास्ता है यहाँ से रतनगढ़ का

देव .......ok मैं मैप पे रास्ता सेट कर देता हूँ जिस से किसी तरह की प्रॉब्लम न हो

रुपाली बुआ ......है ये ठीक रहेगा देव क्युकी भाबी सा को भी काफी वक़्त हो चूका है इस तरफ आये हुए

जानवी ......सच कहा गुड़िया आपने

अब काफी कुछ बदल चूका है रतनगढ़ की तरफ भी

देव ......वैसे आपको रतनगढ़ वाले घर से क्या लाना है

रुपाली आवर जानवी देव की बात सुन सोचने लगी की क्या जबाब दे देव को

देव .....क्या हुआ आप दोनों किस सोच में डूबी हो

जानवी ........वो क्या है देव वह माँ सा आवर हमारे पुराने गहने रखे हुए है वही सब ले कर जाना है

ऐसे हे बात चित करते हुए देव जानवी रुपाली रात 8 बजे रतनगढ़ आ पहुंचे

देव .......चची जी आपने हवेली पे सूचित किया था क्या की हम लोग आ रहे है

जानवी ......क्यों क्या हुआ देव मैंने तो नहीं कहा था किसी को भी

देव ......ok फिर अब हम डिनर करने के बाद हे चलते है क्यों बेवजह किसी को रात में परेशान करना बिना किसी वजह के

रुपाली ......है ये ठीक है इस बहाने बर्षो बाद रतनगढ़ के भोजन का भी आनंद ले लेंगे

दिल्ली का खाना वैसे तो बहुत अच्छा आवर टेस्टी भी होता है

पैर अपने राज्य की अपने गांव के खाने की बात हे कुछ आवर होती है

देव ......सच कहा बुआ सा अपने सहर की अपने घर के खाने में जो सवाद होता है वो कही नहीं मिलता है देश की हर राज्य की मिटटी आवर उसके पानी का स्वाद अलग अलग होता है

वैसे हे हर जगह की एक खासियत स्पेशिलिटी होती है खाने में

कुछ देर बाद देव एक अच्छे से राजस्थानी होटल के पार्किंग में कार रोक दोनों को अपने साथ अंदर ले गया

देव ......चची जी बुआ सा आप हे आर्डर करे यहाँ का मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं है

रुपाली ......ok तुम्हारे लिया मैं अपनी पसंद का डिनर आर्डर कर देती हूँ

देव ......ok मैं वाशरूम हो कर आता हु

देव वेटर से वाशरूम का पूछ एक तरफ वाशरूम की आवर निकल गया

2,3 मिंट बाद वापिस लौट आया आते वक़्त एक दो मनचलो पे नज़र भी पड़ी पैर वो अपनी लिमिट में थे तो देव ने भी इग्नोर कर जानवी आवर रुपाली के साथ आ बैठा

देव .....क्या हुआ आप लोगो ने आर्डर नहीं किया डिनर

जानवी .....नहीं नहीं वो हमने आर्डर कर दिया है आवर वेटर ने 5 मिनट्स का बोलै है

देव .....ok आप भी फ्रेश हो आये

देव एक वेटर को इसारे से अपनी आवर बुला कर

देव .....क्या आप बता सकते है महिलाओ के लिया वाशरूम किस तरफ है

देव जिस तरफ वाशरूम में हो कर आया था उसके विपरीत दिशा की आवर इसरत करते हुए वेटर ने देव को बता दिया

देव ......थैंक्स

वेटर ...उसकी कोई जरूरत नहीं है सर ये काम है मेरा आप लोगो की हेल्प आवर सेवा करना

जानवी रुपाली दोनों चली गयी उन तीन लड़को भी नज़र थी दोनों पे

कुछ देर में वेटर ने खाना सर्व करना सुरु कर दिया पता नहीं क्या क्या आर्डर कर दिया था रुपाली आवर जानवी ने

देव ......ये आप लोगो ने क्या क्या आर्डर कर दिया है

रुपाली .......क्या हुआ तुम्हे पसंद नहीं आया क्या

देव .....ऐसे बात नहीं पैर इतना सब कुछ कोण खाने वाला है मुझे तो इन सब के नाम तक नहीं आते है

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जल्द हे वेटर्स ने तीन राजस्थानी थाली लगा ड़सफ्फ जानवी ......देव ये सब राजस्थानी खाना है

देव .....जो भी हो हम तीनो के लिया बहुत ज्यादा लग रहा है

रुपाली ....वो तो अभी पता चल जायेगा जब आप खाना खाना स्टार्ट करोगे तब देखना ज्यादा है या काम पड़ेगा

देव ने जैसे हे खाना स्टार्ट किया खाना वाकई में बेहद लजीज बना था

देव ......बुआ सा सच में खाना बेहद लजीज है खुसबू का तो कोई जबाब हे नहीं है

देखते हे देखते तीनो ने पूरा खाना साफ

देव .......बुआ सा खाना बहुत हे टेस्टी था अब तो जगह भी नहीं बची कुछ आवर खाने के लिया

जानवी रुपाली देव खाना खा कर निकल गए

कुछ देर मनचलो ने पीछा किया पैर जैसे हे कार हवेली में एंटर हुए

तीनो मनचले वह से निकल गए

रुपाली ......देव आपको पता है कुछ लोगो ने हमारा पीछा किया था

देव ......पता है बुआ सा अब ऐसे मनचले हर जगह होते है इनको इग्नोर करना चाइये जब तक एक लिमिट में रहे

तीनो को देख घर के देख रेख करने वाले नौकर भी आ गए

इनका पास कुछ खास सामान तो था नहीं

कुछ देर बात करने के बाद सोने चल दिए

रुपाली .......भाबी सा सोना कैसे है

जानवी ......क्या मतलब है रुपाली सोने से आपका

रुपाली ......भाबी सा देव को किस रूम में रखना है पुर हम दोनों को किस रूम में सोना है

जानवी ......देव आप ख़ुशी के रूम में सो जाये मैं आवर रुपाली आपके बगल वाले मेरे रूम में है

देव .....ok मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है गुड नाईट

देव को बताएं हुए रूम में जा कर देव फ्रेश हो कर लेट जाता है

वही देव के जाने के बाद जानवी रुपाली को अपने रूम में ले जाती है

जानवी .......रुपाली आप फ्रेश हो जाओ

rupali......ji भाबी सा

कह कर रुपाली बाथरूम में चली गई

जानवी अपने मन में

जानवी ......जानती हूँ गुड़िया तुम यहाँ क्यों आई हो आई तो मैं भी इस लिया हूँ पैर तुम्हारी जरुरत कुछ आवर है इस लिया आज तुम हे देव के साथ रथ बिताना

जानवी रुपाली के लिया अपना अपनी अलमारी से एक हॉट एंड सेक्सी निघ्त्य निकल कर रख देती है

वही अंदर रुपाली

रुपाली ......भाबी सा से कैसे कहु की मैं देव को यहाँ क्यों ले कर आई हूँ उन्होंने भी मुझे अपने साथ हे सुलाना था क्या जबकि उनको सब कुछ पता है

जानवी .......गुड़िया कितना टाइम आवर लगेगा

रुपाली .....आई भाबी सा बस 2 मिनट

कुछ देर बाद रुपाली बाथरूम से बहार निकली

जानवी ......गुड़िया ये निघ्त्य पहन लो आवर है तुम मेरे साथ नहीं देव के साथ सोने वाली हो तो उस हिसाब से त्यार होना

जानवी की बात सुनते हे रुपाली ख़ुशी से जानवी के गले लग गई

रुपाली ......थैंक्स भाबी सा आप बहुत अच्छी हो

जानवी .....जानती हूँ मेरी बच्ची तुम्हारे दिल का हल मुझसे छुपा नहीं है

अब जाओ उस से पहले देव को नींद लग जाये

रुपाली ......क्यों न हम दोनों...

जानवी ......नहीं गुड़िया ऐसा ठीक नहीं है मस्ती मजाक तक ठीक है पैर दोनों एक साथ नहीं नहीं ऐसा नहीं होगा

रुपाली ......ठीक है भाबी सा उम्म्म्मः ी लव यू भाबी सा

जानवी .....हेहेहे ये किसी विशि देव के लिया रखो

आवर कोई भी प्रॉब्लम हो तो मुझे कॉल कर देना

रुपाली .....जी भाबी सा

जानवी अपने कपडे ले बाथरूम चली गयी

रुपाली पीछे से फटाफट हॉट एंड सेक्सी लुक में त्यार हो गई

रुपाली .....भाबी सा कितना टाइम लगेगा आपको

जानवी .....तुम जाओ मैं सो जाउंगी

रुपाली ......ok भाबी सा गुड नाईट

जानवी .....हेहेहे गुड नाईट तो सुबह पता चलेगी आपकी कैसे रही गुड नाईट

रुपाली जब रूम में पहुंची तो देव बस ऐसे हे आँखे बंद कर लेता था

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रुपाली आगे भाड़ देव के पास कड़ी हो जाती है

रुपाली .......देव सो गए क्या आप

रुपाली की आवाज सुन देव ने आँखे खोली

अपने सामने रुपाली को ऐसे हॉट एंड सेक्सी लुक में देख देव की चेहरे की मुस्कान गहरी हो गई

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देव .....क्या बात है बुआ सा आप आवर वो भी इस वक़्त ऐसे

रुपाली अपनी नाईट गाउन हटा ब्रा पंतय में देव के ऊपर आ बैठी

dev......lagta है आपके इरादे कुछ नेक नहीं है आज

रुपाली ......हम्म ऐसा हे कुछ संजो आप इस से अच्छा मौका पहले मिला भी तो नहीं

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देव .......एक बार आवर सोच लीजिये बुआ सा

रुपाली ......अब आवर नहीं देव आवर इस वक़्त आपके सामने आपकी बुआ नहीं है देव केवल आपकी रुपाली है

देव रुपाली को अपनी गॉड में बैठा लेता है

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रुपाली .......उम्म्म्मः देव कब से मैं आपके इस स्पर्श के लिया तड़प रही थे आज मेरी इच्छा पूरी कर दीजिये

देव रुपाली की कोमल 36 के नितम्बो सहलाते हुए रुपाली की गले पे सीने पे किश करते हुए बड़े हे प्यार से रुपाली को

सवर्गीय आनंद देने लगा

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रुपाली अपने कोमल कोमल उंगलियां देव के सीने पे चलने लगी

डेरी डेरी देव का शेर अंगड़ाई लेते हुए रुपाली की गुफाद्वार पे नॉक करने लगा

रुपाली ......िस्स्सस्साआह देव मुझे ये निचे क्या चूब रहा है

देव ......वही जो आपकी इच्छा पूर्ति करने वाला है आपको माँ बना कर के

रुपाली अपने नितम्बो को देव के मानदंड पे हलके हलके रगड़ते हुए

रुपाली ......ये कुछ ज्यादा हे बड़ा लग रहा है मुझे देव

रुपाली देव से अलग हो देव के अंडरवियर निकलने लगती है

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देव .......आप खुद हे देख लीजिये अभी भी वक़्त आपके हाथ में है हहहह

रुपाली ......अब तो कुछ भी हो जाये अब पीछे नहीं हटूंगी

देव ने रुपाली की ब्रा पंतय निकल दिया

रुपाली ने भी देव के अंडरवियर निकल दी

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देव के नागराज ाज़ार होते हे नाग के जैसे फैन फैला दिया

rupali.....yee यी क्या है देव इतना बड़ा

देव ......क्यों आपने पहले नहीं देखा क्या ऐसा कुछ

रुपाली .........रियल लाइफ में ऐसा पहले बार देख रही हूँ मैं

रुपाली देव के नजदीक हो डरते हुए देव के नाग को अपने हाथो में थम लिया

देव ......आप अगर ऐसे डरने लगी तो फिट भूल जाये आप आगे बढ़ पाएंगी

रुपाली ......मुझे दर नहीं है देव पैर ये कुछ जयादा हे बड़ा है

देव .......तो फिर रहने दीजिये आप

देव की बात सुन रुपाली एक बार देव की आँखों में देखती है फिर देव के लाल सुपडे को अपने मुँह में भर लेती है

कुछ देर अपनी जइब देव के सुपाड़ी पे गुमने के बाद लैंड की चूसै सुरु कर देती है

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देव .....उम्म्म्मः अह्हह्ह्ह्ह बुआ सा

कहा से सीखा आपने िस्स्सस्साः ये सब करना

रुपाली ......उम्म्म हम्म्म अह्ह्ह्हह देव मैंने पोर्न बहुत देखि है

सूयप्र सुऊपीरर

देव रुपाली को अपने आवर गुहा कर्व अपने ऊपर ले लेता है

आवर रुपाली की फड़फ़ती छूट को सूंघने लगता है

रूपल .......अह्हह्ह्ह्ह देव ये क्या कर रहे हो

रुपाली अपनी छूट पे गिरती देव की गरम सांसो को महसूस कर आवर ज्यादा उत्तेजित हो जाती है

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जैसे हे देव ने अपने होंटो में रुपाली की छूट के फूले हुए होंटो भर की खींचा

रुपाली ......अह्ह्ह्हह्हह देव ये क्या कर रहे जो भी कर रहे हो बहुत अच्छा लगा

देव अपनी जुबान को नोकदार बना कर एक दो बार छूट के अंदर बहार किया बस रुपाली कपट हुए अपना कॉमर्स देव के मुँह पे छोड़ दिया

देव पुरे पानी को साफ कर के जातक गया

देव .....उम्मम्माआठ बुआ आपकी छूट का पानी बड़ा टेस्टी है अब थोड़ा नमकीन नमकीन

देव की बात सुन रुपाली सरमने लगी

देव रुपाली को बीएड पे अच्छे से लिटा देता है

आवर खुद रुपाली के पैरो की बोथ बेथ अपने लैंड को रुपाली की छूट इ घिसने लगा

क्रीम लगा कर अच्छे से त्यार करने के बाद देव ने अपने लैंड को रुपाली की छूट में पुस किया

जो थोड़ी बहुत मुश्किल के बाद लगभग 6 इंच तक चला गया

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देव की नज़र जब रुपाली के चेहरे पे पड़ी तो उसके जबड़े कैसे हुए थे

आवर उसकी खूबसूरत आँखों में आंसू थे

देव आगे झुक कर रुपाली को किश करने लगा

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2,3 मिनट्स किस करने पे जब रुपाली कुछ नार्मल होने लगी तो

दे ने अपने कमर आगे पीछे करते हुए

डेरी डेरी चुदाई करने लगा

रुपाली .....उम्म्म्मः अह्ह्ह्ब देव ी लव यू हम्म्म बस ऐसे हे अपनी रुपाली को प्यार करो

देव .....अह्ह्ह्हह बुआ आपकी छूट बहुत कोमल है बुरी तरह से मेरा लैंड से चिपकी हुए है

जैसेव हे देव लैंड बहार निकलता उसके साथ में हे रुपाली की छूट का गहरा लाल हिस्सा देव के लैंड से चिपका हुआ बहार आता जब अंदर लैंड जाता तो फिर से अंदर चला जाता

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कुछ देर बाद हे रुपाली अपने छूट को तेजी से घिसते हुए झाड़ने की जागर पे थे

रुपाली ........आआह्ह्ह्हह्ह देव मेरी छूट से शैलाब आने वाला है आवर तेज करो पल्सेस अह्हह्ह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा

देव अपने लैंड पे रुपाली की कस्ती हुए छूट को महसूस कर समाज चूका था की वो झाड़ने वाली है

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जैसे हे रुपाली झाड़ने लगी देव ने उचित मौका देख रुपाली के झाड़ते हुए हे पूरा लैंड रुपाली की रसभती भाटी छूट में उतर दिया

रुपाली...... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह देव मर डाला रे मेरे सी छूट फैट गईई अह्हह्ह्ह्ह

देव ने जब रुपाली की छूट देख आईटी तो उस में से पानी के साथ साथ कुछ बुँदे ब्लड भी देव के लैंड के साथ निकल रही थे

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रात भर चली इस चुदाई से रुपाली की छूट पूरी तरह से फुल चुकी थी रात में देव ने तीन बार रुपाली की छूट में वीर्य दान किया

आवर रुपाली को अपनी बहो में भर कर सो गया

सुबह काफी देर तक जब दोनों नहीं उठे तब जानवी को हे दोनों को उठाने आना पड़ा

जानवी जब रम में पहुंची तो दोनों बड़े बे फ़िक्र हो कर सोये हुए थे

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janvi....ye क्या है देखो तो दोनों कैसे सोये है

janvi.......rupali देव उठ जाओ सुबह हो गयी है

रुपाली कुनमुनाते हुए

रुपाली ........भाबी सा सोने दीजिये न नींद आ रही है

रुपाली आवर जानवी की आवाज सुन देव उठ जाता है

dev......good मॉर्निंग जानवी डार्लिंग

जानवी .......क्या कहा देव आवर आप दोनों को सरम नहीं आती ऐसे हे नंगे लेते हो दोनों

देव .......क्यों क्या हुआ रात में सब कुछ तो लाइव देखा था अब क्या हो गया

देव की बात सुनते हे जानवी के चेहरे पे मुस्कान फ़ैल जाती है वही रुपाली ये सब सुन कर उसकी नींद हे ुध जाती है

रुपाली ........क्या कहा भाबी सा ने सब देखा था रात में मगर कैसे..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स............
 
अपडेट. 87

dev......good मॉर्निंग जानवी डार्लिंग

जानवी .......क्या कहा देव आवर आप दोनों को सरम नहीं आती ऐसे हे नंगे लेते हो दोनों

देव .......क्यों क्या हुआ रात में सब कुछ तो लाइव देखा था अब क्या हो गया

देव की बात सुनते हे जानवी के चेहरे पे मुस्कान फ़ैल जाती है वही रुपाली ये सब सुन कर उसकी नींद हे ुध जाती है

रुपाली ........क्या कहा भाबी सा ने सब देखा था रात में मगर कैसे..........

अब आगे .......

दिल्ली 11 पं .....

रुद्रांश जूही को ले कर के एक पुराने बंगले पे पंहुचा

जूही .......प्रिंस हम यहाँ क्यों आये है

रुद्रांश ........तुम अपने पुराने निंजा ग्रुप से नहीं मिलना चाहोगी क्या

जूही ........आपको उनके बारे में कैसे पता चला की वो सब यहाँ होंगे

रुद्रांश .......तुम्हे अभी भी लगता है जो मुझे ढूंढ़ते हुए यहाँ आये उनकी खबर मुझे नहीं होगी

जूही .......सॉरी मेरा वो मतलब नहीं था

पैर मैं उनसे नहीं मिलना चाहती हूँ क्युकी मुझे पता है आप उन्हें जिन्दा तो छोड़ने वाले है नहीं

भले हे वो बुरे है पैर मैं नहीं चाहती की उनको मरता हुआ देखु

रुद्रांश ......अगर मैं तुम्हे एक मौका देता हूँ की तुम उनकी जिंदगी बचा सकती हो या फिर मुझे चुन सकती हो तो तुम क्या चुनोगी

जूही ......क्या मतलब है आपका

रुद्रांश ......चलो अंदर चले सब पता चल जायेगा

रुद्रांश आगे भाड़ जाता है वही जूही रुद्रांश के पीछे चल देती है रुद्रांश की कही बात सोचते हुए

कुछ हे देर बाद 4,5 निंजस रुद्रांश के सामने थे

रुद्रांश .......मुझे तुम्हारे लीडर से मिलना है मैं बिना किसी हतियार के आया हु

निंजा.....1 .रुद्रांश की तलाशी लेने को आगे बढ़ता है तभी एक जोरदार किक उसके फेस पे लगती

जूही ......तुम्हारी हिमत कैसे हुए डेविल प्रिंस की तलाशी लेने की जबकि वो बोल चुके है की इनके पास कोई हतियार नहीं है

निंजा 2.....मिस चेंज आप यहाँ वो भी इसके साथ में

जूही ......जुबान संभल कर बोलना अगली बार समजे नहीं तो

रुद्रांश .......कूल डाउन जूही क्या अब अपने लीडर के पास ले चलोगे तुम अगर मुझे तुम सबको मरना हे होता तो अब तक मर चूका होता

निंजा .....1 आप मिस चेंज के साथ आये है हम आपको नहीं रोकेंगे

रुद्रांश जूही का हाथ थम आगे भाड़ गया

निंजस ने जब ये देखा तो सालो की सबकी जानते सुलग गई यही तो रुद्रांश चाहता था

कुछ देर बाद सदियों से होते हुए एक बेसमेंट में पहुंचे

डेविल प्रिंस को देख सब चौकाने हो गए पैर जैसे हे लीडर की नज़र जूही पे पड़ी उसके चेहरे का रंग बदलने लगा

लीडर .......मिस चेंज आपने गाडरी की है अपने भाइयो से अपने हे मास्टर से फिर आप यहाँ क्यों आई क्या आपको पता नहीं है मास्टर के सकत नियमो के बारे में

रुद्रांश .......जूही मेरे आर्डर पे यहाँ आई है

रुद्रांश की बात आवर उसका हाथ जूही के हाथ में देख लीडर रुद्रांश की आवर तेजी से बढ़ कर अपनी सोर्ड सेकरुद्रांश पे वॉर करने हे वाला था पैर बिच में hi लीडर की सोर्ड जूही ने ब्लॉक कर दी

जूही ......ऐसा सोचना भी नहीं मेरे होते हुए

लीडर ......ओह्ह तो जो सुना वो सच है तुम उसकी गुलाम बन चुकी हो

जूही ......है ऐसा तुम कह सकते है डेविल प्रिंस हे अब मेरे सब कुछ है

रुद्रांश .......तुम सब को मैं एक मौका देता हूँ

तुम सब अपने देश लोट जाओ आवर एक अच्छी सुरुवात करो अपनी लाइफ की

लीडर ......आवर अगर हम ऐसा न करे तो

रुद्रांश ......फिर तुम सबको मरना होगा पैर तुम सब को मैं नहीं जूही मारेगी .क्यों जूही मैंने सही कहा न

जूही ......पैर मैं कैसे डेविल प्रिंस

रुद्रांश ......जूही वक़्त आ गया है मैंने इनको एक नई लाइफ की शुरुआत करने का चांस दिया था इन्होने वो चांस खो दिया

अब तुम भी अपना फैसला कर सकती हो तुम इन 10 निंजस की जिंदगी चुनती हो या फिर मुझे चुनती हो

तुम्हारे पास केवल 2 मिन्ट्स है सोचने के लिया

अगर तुमने मुझे चुना तो कल को तुम्हारे पिता को भी मरना पद सकता है तुम्हे

मैं बहार इन्तजार कर रहा हूँ

रुद्रांश बहार निकल गया आवर जाते हुए जूही के हाथो में अपनी सोर्ड था दी जो रुद्रांश के याद करते हे उसके हाथो में आ गई थी

जूही के दिलो दीमक में बस रुद्रांश की हे बात गूंज रही थी 10 जिन्दगिया या फिर रुद्रांश

लीडर ......क्या सोचने लगी हो मिस चेंज आप मास्टर को देखा देने का अंजाम जानती हो न

जूही ......सोचना क्या है मुझे मेरे प्रिंस चाइये

इसके साथ हे जूही आवर निंजस एक दूसरे पे टूट पड़े

बहार रुद्रांश मुस्कुरा रहा था

रुद्रांश ......तुमने उचित निर्णय लिया जूही आज से तुम मेरी दोस्त हो

अंदर एक साथ जूही पे 10 निंजस के हमले से जूही भी उनका सामना नहीं कर प् रही थी क्युकी वो सब जूही की टेक्निक्स उसके मूव अच्छे से पता थे

जैसे हे जूही की बॉडी पे पहला वर हुआ डेविल प्रिंस की सोर्ड में वाइब्रेशन होने लगा

जूही .....ये क्या हो रहा स्वोर्ड्स में ये ऐसे विबरते क्यों होने लगी

तभी लीडर का वर सीधा जूही की गर्दन पे हुआ जूही आच्चंक से वर होने पे संभल नहीं पाई पैर उसकी सोर्ड ने बहुत तेजी से वर को ब्लॉक भी किया साथ जूही के दोनों हाथ बहुत तेजी से की टेक्निक से अलग डिफरेंट तरीके से सोर्ड के वर होने लगे देखते हे देखते निंजस के हतियारो के टुकड़े करते हुए उनके सरीर के भी टुकड़े होने लगे

15 मिन्ट्स बाद जूही बहार निकली आवर निकलते हु डेविल प्रिंस के गले लग गई

रुद्रांश ......क्या हुआ जूही तुम ऐसे क्यों रियेक्ट कर रही हो

जूही ......आपका बहुत बहुत शुक्रिया मेरी जान बचने के लिया डेविल प्रिंस

रुद्रांश .....रुद्रांश न की डेविल प्रिंस दोस्तों के लिया मैं रुद्रांश हूँ पैर जब तक हम यहाँ है तुम प्रिंस भी कह सकती हो

आवर तुम दोस्त हो मेरी तुम्हारे लिया इतना तो कर हे सकता हूँ

जूही .........थैंक्स मुझे अपना दोस्त समजने के लिया

क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकती अगर आप ठीक समजे तो

रुद्रांश ......कार में बात करे हम

जूही ......जी ठीक है

दोनों बहार कार की तरफ आ जाते है

जूही .....क्या मैं कार ड्राइव कृ

रुद्रांश दूसरी तरफ का दूर खोल बेथ जाता है जूही ड्राइव करने लगती है

रुद्रांश ......अब पूछो क्या पूछना है जूही

जूही ......यही की अगर मैंने अपने ग्रुप के लोगो की जिंदगी चुनी होती तो आप का क्या फैसला होता मुझे ले कर

रुद्रांश .......उन सभी को एक मौका देता आवर उन सबके साथ हे तुम्हे भी वही पंहुचा देता जहा तुम्हारे पिता है

जूही .......क्या आप फिर कभी मुझसे मिलते उसके बाद

रुद्रांश ......है एक आखरी बार जब मैं तुम्हारे पिता को ख़तम करने आता तब आवर सायद तुम्हे भी मेरे हाथो मरना पड़ता

जो मैं नहीं चाहता की कभी कोई बेगुनाह मेरे हाथो मारा जाये

जूही .......एक आवर बात जो मुझे थोड़ी अजीब लगी

रुद्रांश ......यही न की अचानक से मेरी दी हुए स्वोर्ड्स विबरते कैसे होने लगी

वो तुम्हारी परीक्षा में सफल होने का पुरस्कार था तुम्हारे लिया आज से वो दोनों स्वोर्ड्स तुम्हारी हुए

जूही .....पैर वो तो आपकी है फिर आप

रुद्रांश ......हाहाहा तुम्हे क्या लगा की मैंने तुम्हे अपनी असली स्वोर्ड्स दी है बिलकुल भी नहीं मेरी स्वोर्ड्स कोई भी नहीं चला सकता है मेरी आवर उनके..

जूही .....उनके से क्या मतलब कोई आवर भी है जो आपकी सोर्ड को चला सकता है

रुद्रांश ......है एक इंसान मेरा भाई केवल वही है जो इस सोर्ड को उठा सकते है

जूही .....क्या वो भी आपकी तरह

रुद्रांश ......2 दिन बाद मिलना चाहोगी उनसे क्युकी उनका आदेश है हमें उनके यहाँ जाना है कोमल आवर कविता जी को भी बुलाया है उन्होंने तो तुम भी चलना इस लिया हे मैंने उनके बारे में बताया है

जूही .......मैं जरूर चलूंगी उनसे मिलने

रुद्रांश .....मेरी बहनो के सामने उनके नजदीक न जाना

जूही ....ऐसा क्या खाश है उनमे आवर उनकी बहनो में

रुद्रांश ........संभल कर कार चलाओ

जूही .....सॉरी पैर पता नहीं कैसे मुझे लगा किसी ने तेजी से कार को क्रॉस किया है

rudransh......lagta है फिर से इनका सीकर सुरु करना होगा

जूही .....आप किस की बात कर रहे हो प्रिंस

रुद्रांश ....वैम्पायर की बात कर रहा हूँ जो की कभी ालिस आवर अलीमा हुआ करती थी

रुद्रांश कार के साथ हे गायब हो जूही को ले कर के

जूही .....ये क्या था प्रिंस हम यहाँ क्यों आये है

रुद्रांश ......वैम्पायर का सीकर करने त्यार हो तुम

जुली ......पैर मैंने कभी ऐसा पहले नहीं किया है

रुद्रांश ......अपनी स्वोर्ड्स को याद करो सब समाज जाओगी

जुली आवर रुद्रांश इस वक़्त दिल्ली बहार ुशी जंगल की शुरुआत में खड़े थे

रुद्रांश जूही से सोर्ड ले कर किसी मंत्र का उच्चारण करने लगता है कुछ देर बाद हे दोनों स्वोर्ड्स चमकने लगी

रुद्रांश .....अब ये पूरी तरह त्यार है वैम्पायरे के सीकर के लिया

जूही ......आपने क्या किया है इनके साथ..

अभी जूही अपनी बात भी पूरी नहीं की थी के किसी के चीखें के आवाज रुद्रांश आवर जूही के कानो में पड़ी

जूही ......लगता है उन्होंने किसी इंसान को अपना सीकर बनाया है

रुद्रांश .....नहीं ये किसी इंसान की चीख नहीं है बल्कि ये उनमे से हे किसी की चीख है

फिर से उन्होंने वही चल चली जो की पहले भी इनके आड़े समूह का सीकर करवा चुकी है

इक बात का ध्यान रखना तुम्हारे सामने जो कोई भी आये उसको मर देना सोर्ड से या तो उनकी गर्दन सरीर से अलग करना या फिर सोर्ड उनके यहाँ दिल में उतर देना क्युकी जंगल में कोई भी इंसान इस वक़्त मौजूद नहीं है हम दोनों के सिवाय

दोनों बात करते हुए बहुत नजदीकी आ चुके थे उन चीखो के

सामने कुछ दुरी पे कुछ तीन लोग एक खूबसूरत महिला के साथ जबरदस्त कर रहे थे

रुद्रांश ........कोण हो तुम आवर यहाँ इसकी औरत के सात क्या कर रहे हो

लड़की ......प्लीज मुझे इनसे बच्चा लीजिये ये लोग मुझे मर डालेंगे

रुद्रांश .......क्या सच में

रुद्रांश उन सबकी तरफ घर कर देखता है जिसमे से एक के यादो में रुद्रांश गुस्स जाता है

रुद्रांश अपना हाथ मरिया की तरफ करता है जिस से तेजी से बिजली की तरंगे उस लड़की को जकड लेती है

लड़की .....अह्हह्ह्ह्ह ये तुम क्या कर रहे हो मुझे छोड़ो

रुद्रांश ......क्यों रखा इंसान से वैम्पायर गुलाम बन कर कैसा लग रहा है

रखा ......को कूँ हो तुम आवर तुमने ये कैसे किया

रुद्रांश .....तुम इंसान से वैम्पायर बन कर भी बेवकूफ के बेवकूफ हे रहे रखा

मरिया जी आप भी ऐसे है ये उम्मीद नहीं थी मुझे आप तो जनम से वैम्प हो

मरिया ......तुम वही हो न जिसने हमारे साथियो को मारा था हम तुम्हे जिन्दा नहीं छोड़ेंगे

रुद्रांश .....पहले खुद को चढ़ा तो लो वैसे तुम लोग क्यों नहीं भाग रहे हो ओह्ह्ह मैं तो भूल हे गया तुम्हारे तो पेअर जमीं में दशे हुए है

रुद्रांश ......जूही मरिया को छोड़ कर बाकि तीनो को ख़तम कर दो

juhi......ji डेविल प्रिंस

mariya.....devil प्रिंस तुम तुम तो रूस में थे न

मरिया आगे कुछ बोलती की उस से पहले हे जूही ने तीनो की मुंडी एक एक जटके में ुधा दी

तीनो के दिल में जैसे हे सोर्ड उतरी जूही ने तीनो के सरीर फैलने लगी मनो को गधा तरल हो

मरिया ......वमपकिंग तुम्हे छोड़ेंगे नहीं डेविल प्रिंस

रुद्रांश ......वक़्त आने दो उसका भी यही हल होगा

तुम्हारे लिया सुरप्रीसेड है एक नहीं नहीं एक नहीं दो सुरप्रीसेड है

त्यार हो वैम्प मिस मरिया

रुद्रांश जूही आवर मरिया को ले कर टेलीपोर्ट हो गया ..........

कोलकाता ( दानव वन )

त्रिकाल आवर संबु बहुत मुस्किलो के बाद आखिर कार दानव वन पहुंच गए थे

जितनी मुश्किल उनको यहाँ आने में हुए थी उस से कही ज्यादा या काम सायद दानव वन में प्रवेश करने के बाद होने वाली थी

संबु ........बॉस यहाँ तक पहुंचते पहुंचते ऐसे हालत हो गई है पता नहीं आगे होने वाला है अब भी कहता हूँ बॉस ये जगह ठीक नहीं है

त्रिकाल ......भूल गए तुमने हे ये जगह आने का निश्चय किया था

अब पीछे खतना मूर्खता होगी

संबु .......बॉस आप के पास तो तांत्रिक आवर तामसिक दोनों सक्रिय है पैर मेरे पास इतने सक्रिय नहीं है की मैं यहाँ जिन्दा रह पौन

त्रिकाल ......कह तो तुम ठीक रहे हो

तुम यही रहो ये लो इस बुक में तांत्रिक मंत्रो की पूरी जानकारी है जो की मैंने तुम्हारे लिया हे त्यार की थी तुम किसी पुराने मसान में या कब्रिस्तान में इन तांत्रिक क

मंत्रो को सिद्ध कर सकते हो अब तुम लौट जाओ सुबह होने को है दानव वन का अदृश्य भग्ग कुछ पल के लिया खुला रहेगा जिस से मुझे आगे का रास्ता मिलेगा

संबु ......जी बॉस जल्दी हे मिलते है

संबु वह से चला जाता है वही त्रिकाल उस जंगल में एक बड़े से पेड़ ( ट्री ) के पास चला जाता है

जैसे हे सूर्य की पहली किरण उस पेड़ पे पड़ी वह का नज़ारा हे बदल गया

क्युकी उस बड़े से पेड़ में से एक रास्ता नजर आने लगा था त्रिकाल ने बिना कोई विलम्भ किये उस रस्ते पे भाड़ गया मुश्किल से एक मिनट्स से काम समय में पहले जैसा फिर से सबकुछ हो गया...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स...............
 
अपडेट. 88

संबु ......जी बॉस जल्दी हे मिलते है

संबु वह से चला जाता है वही त्रिकाल उस जंगल में एक बड़े से पेड़ ( ट्री ) के पास चला जाता है

जैसे हे सूर्य की पहली किरण उस पेड़ पे पड़ी वह का नज़ारा हे बदल गया

क्युकी उस बड़े से पेड़ में से एक रास्ता नजर आने लगा था त्रिकाल ने बिना कोई विलम्भ किये उस रस्ते पे भाड़ गया मुश्किल से एक मिनट्स से काम समय में पहले जैसा फिर से सबकुछ हो गया.........

अब आगे..........

उदयपुर महल ..........

सुबह सुबह एक नौकर ने आ कर माँ सा को सन्देश दिया की गुरुदेव गुरु माँ के साथ उदयपुर पदर चुके है

माँ सा .........सबको सूचित कर दो गुरुदेव के आने के विषय में हम अभी पूजा कर आ रहे है

नौकर ......जी राजमाता

माँ सा एकलिंग जी की पूजा इत्यादि से निवृत्त हो गुरुदेव के विश्राम कक्ष की आवर निकल गई

वही जब बाकि राणा फॅमिली गुरुदेव से मिलने पहुंची तो आज गुरुदेव आवर गुरुमा के साथ खूबसूरत पारी जैसी लड़की को देख सभी उसकी सूरत में हे खोने लगे

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सब को ऐसा कोय देख गुरुमा ने हे सबको चेताया तब जा कर सबकी तन्द्रा भांग हुई

एक एक करके सबने गुरुदेव का आशीर्वाद लिया लड़किया अभी भी सायद सोई हुए थी जिस कारन यहाँ पे उनमे से कोई भी नहीं थी

तभी माँ सा भी विश्राम कक्ष में पदर चुकी थी

माँ सा .....परनाम गुरुदेव माफ कीजिये हम पूजा में व्यस्त थे

गुरुदेव .......कल्याण हो पुत्री हम जानते है ये समय आपकी पूजा का होता है माफी मांगने की आव्सय्कता नहीं है आपको

माँ सा .......आज आपके साथ में ये पारी जैसे खूबसूरत बच्ची कोण है गुरुदेव

गुरुदेव ........आपको तो फ है हमारी कोई संतान नहीं है इस लिया हमने इस बच्ची को हे अपनी पुत्री मन है ये हमारी दत्तक पुत्री है

माँ सा .......गुरुदेव आपकी पुत्री बहुत प्यारी है

किसी कल्पना से परे है इसकी खूबसूरती

मोहिनी .......सच कहा माँ सा आपने इनको देख ऐसा परतीत होता है जैसे सपनो की दुनिया की मलिका पार्थवी पे उतर आई हो

माँ सा .......बेटी आपका नाम क्या है

लड़की .......जी हमारा नाम सौपनीका है पैर आप हमें सपना कह सकती है

सपना की मधुर वाणी सुन सब मोहित से होने लगे मनो किसी ने एक साथ संगीत के सभी सुर चढ़ दिए हो

मन को मोहित कर देने वाले रूप लावण्या के साथ दिव्या मधुर वाणी सुन सबका मन प्रफुल्लित हो उठा

माँ सा ........जैसा रूप वैसे हे मधुर आवाज है पुत्री तुम्हारी

मोहिनी बेटी सपना को अपने साथ ले जाये आवर गुरुदेव के जलपान की वयस्था करे

mohini........ji माँ सा हम अभी वयस्था करते है आवो बेटी सपना आप हमारे साथ चलिए गुरुमा आप भी आये

मोहिनी के साथ में रेणुका नंदिता शालिनी समय सोनिया भी निकल गई

गुरुदेव .......विजय आप जरा द्वार बंद कर दीजिये

विजयप्रताप रूम को लॉक कर देते है

गुरुदेव .......आप सभी से कुछ विशेष चर्चा करनी है आवर साथ हे कुछ सत्य ऐसे है जिनसे आपका अवगत होना आवशयक है किन्तु याद रहे यहाँ पे जो भी चर्चा हो वो रुद्रदेव तक न पहुंचे

माँ सा .....ऐसे क्या बात है गुरुदेव मेरे बेटे पे कोई संकट तो नहीं है न गुरुदेव

गुरुदेव .....फ़िलहाल तो नहीं है देवी

माँ सा .....फ़िलहाल से क्या मतलब है गुरुदेव

गुरुदेव ......शांत हो जाये देवी हमने जो सत्य देव के जनम के साथ आपको बताया था अब उसको पूर्ण करने का समय आ चूका है

माँ सा .....पैर आपने तो कुछ आवर भी कहा था गुरुदेव

गुरुदेव ......ग्रहो की दिशा बदल रहे है देवी समय से पूर्व देव को अपनी यात्रा पूर्ण करनी होगी

राणा जी ......माफ कीजिये गुरुदेव पैर हम अभी भी नहीं समाज प् रहे है आपकी बात

गुरुदेव ......तो सुनो राणा जी आवर आप सब भी रुद्रदेव कोई सदर्न बालक नहीं है रुद्रदेव एक दिव्या सकती है जिसका जनम विशेष उदेश्य के लिया हुआ आवर साथ में उसके सहयोगी सक्रिय है तुम्हारी पुत्रिया

दिव्या है देव की अग्नि तत्वा सकती

कोमल है देव की आकाश तत्वा सकती

चंचल वायु तत्वा सकती

शीतल जल तत्वा सकती

आवर निधि है देव की पार्थवी तत्वा सकती

इन पाछो का जनम रुद्रदेव के शक्तियों के रूप में हुआ है

गुरुदेव की बात सुन राणा जी माया देवी आवर विजय को बहुत बड़ा जतका लगा

उनको संदेह तो था की देव में कुछ तो एब्नार्मल है पैर देव एक दिव्या सकती है ये ज्ञात नहीं था

राणा जी .......पैर ये कैसे संभव है गुरुदेव

गुरुदेव ......तुम्हारी माँ सा की निस्वार्थ भक्ति का फाल तुम्हे मिला है रुद्रप्रताप इस देवी ने अपनी आजीवन भक्ति से प्राप्त वरदान की फलसवरूप उस दिव्या सकती को तुम्हारी पुत्र के रूप में पाया है

दिलावर .......गुरुदेव तो क्या आपने जो माँ सा को बरसो पूर्व कहा था क्या वो अब सत्य होने वाला है

gurudev........ha पुत्र वो समय आ चूका है हम ुशी विषय पे चर्चा करने यहाँ आये है

माँ सा .......गुरुदेव हमें कुछ आवर भी जानना है

गुरुदेव .........आप जो सोच रही है वो समय आ चूका है

सपना का यहाँ आनेका कारन हे यही है देवी जो आप सोच रही है

गुरुदेव की बात सुन माँ सा बहुत खुश होती है

गुरुदेव ........ देवी हम चाहते है की आप अपने पुत्रो को देव आवर 5 तत्वा सक्तियो की विषय में खुद बताये

माँ सा .......गुरुदेव ये हमसे नहीं होगा हमें माफ करे

गुरुदेव .....उचित है देवी फिर आप बहार जाये हम बात करते है

गुरुदेव के कहते हे माया देवी आवर माँ सा बहार चली गई

पीछे रह गए गुरुदेव राणा जी .विजय पड़ताल .दिलावर सिंह ....

1 हर बाद सब रूम से बहार निकले जिसमे राणा जी आवर विजयप्रताप कुछ चिंतित थे वही दिलावर सिंह खुश दिखाई दे रहे थे .....

रतनगढ़ .......

सुबह सुबह देव द्वारा दिए जटके के बाद सबने नास्ता किया आवर कुछ सामान ले कर मानवी रुपाली देव के साथ निकल पड़े उदयपुर के लिया

रुपाली की चल में अभी भी बदलाव देखा जा सकता था

रुपाली अभी भी सुबह के वाकये से शर्मा रही थे

रतनशर से बहार निकलते हे

जानवी ......क्या बात है लाडो रानी एक हे रात में निखार आ गया चेहरे पे

रुपाली ......भाबी सा आपको ऐसा नहीं करना चाइये था हमारे साथ में

जानवी ......मैंने क्या किया गुड़िया

रुपाली .......जब हमने आपसे कहा तब तो आपने मन कर दिया था

देव दोनों की बाते सुनते हे मज़ा लेते हुए ड्राइविंग कर रहा था

देव .........हाहाहा क्या आप सच में इनके सामने वो सब करना चाहती थी रुपाली

रुपाली .......आप हसना बंद कीजिये एक तो पूरी रात हमारी हालत ख़राब कर दी

जानवी .......वैसे लाडो रानी आप है नदी हिमत वाली

रुपाली .......जब आपका no.aayega तब पता चलेगा आपकी हिमत का

जानवी .....है हमारी ऐसे किस्मत कहा गुड़िया हम तो कब से आस लगाए बैठे है

देव ..........क्या बात है आपको बड़ी जल्दी है

जानवी ..........क्यों नहीं होने चाइये थी क्या हम भी तो आपसे प्यार करते है

रुपाली .......आप दोनों लगे रहो मैं सो रही हूँ पहुंच जाये तो जग्गा देना

जानवी ........कहो तो मैं ड्राइव कर लेती हूँ देव को पीछे भेज देती गुड़िया

रुपाली ......उसकी जरूरत नहीं है भाबी सा हमें जब जरूरत होगी हक़ से इनकी गॉड में बेथ जायेंगे अभी आपके पास अच्छा मौका है गॉड में बैठने का सोच लीजिये

कुछ हे देर में रुपाली पीछे आराम से लेट गयी देव ने भी स्पीड थोड़ी स्लोवे कर दी ताकि रुपाली अपनी नींद पूरी कर ले

जानवी .........क्या सोच में डुभे हो देव बाबू

देव ...........ऐसा कुछ नहीं है चची जी

जानवी .........इस वक़्त भी चची अब तो हम अकेले है

देव .......तो फिर वह क्या कर रही है आप

इतने वक़्त से दोनों की बाते सुन कर देव का लैंड खड़ा हो चूका था

ऐसा हे हल कुछ जानवी का था क्युकी रात में जानवी ने रुपाली आवर देव के लाइव चुदाई देखि थी तब से वो बार बार गीली हो रही थी

देव को चेहरा अपनी आवर करते हुए जानवी देव को किश करने लगी

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देव भी जानवी का साथ देने लगा जल्द हे देव को जानवी की तड़प का अहसास हो गया जब किश करते उसकी गॉड में आ बैठी

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जानवी ......उमंमाहहह देव आपको पता है हमने कितनी मुश्किल से खुद को रोका है

जब आप आवर रुपाली मिलान कर रहे थे हम खुद को रुपाली से जलन करने से रोक नहीं पाए

रुपाली हमारी लिया हमारी मुस्कान से काम नहीं है हमने हमेशा अपनी बेटी हे समजा है रुपाली को

देव ......जनता हूँ आपका दिल बहुत साफ है उसमे सबके लिया प्यार हे प्यार है

जानवी .....उम्म्म्महा है पैर आपके लिया कुछ ज्यादा हे प्यार है

देव ........फिर रात को आप क्यों नहीं आई अपने हिस्से का प्यार पाने

जानवी .......हम रुपाली के सामने आप से प्यार नहीं करना चाहते थे आवर एक दर था रुपाली को ले कर इस लिया हे हम वह आये थे ताकि जरूरत पड़े तो हम रुपाली की मदद कर सके फिर जब हमने आपको आवर रुपाली के प्रेम मिलान देखा तो खुद वापिस नहीं लौट पाए

आप रुपाली को माँ बिना दीजिये हमें प्यार न भी करेंगे तो हम ख़ुशी ख़ुशी रुपाली के लिया ये भी स्वीकार कर लेंगे

देव .........आप जानती है हमारी माँ सा हमेसा हंसा एक बात कहती है पर्म से पूरी दुनिया जीती जा सकती है आवर ये हम भी मानते है

आज आपका रुपाली के लिया प्यार देख हम बहुत खुश हुए

आपको आपका हिस्से का प्यार मिलना चाइये

इतना कह कर देव जानवी को अपने गॉड में अच्छे से बैठा लेता है आवर किश करने लगता है

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डेरी डेरी जानवी देव पे हावी होते हुए

बड़ी सीडट के साथ देव के होंटो का राश चूसने लगी

देव के एक हाथ को अपने हाथ से थम कर खुद हे अपनी चूचियों का मर्दन करने लगी

जानवी की सॉफ्ट सॉफ्ट चूचियों को दबाते हुए देव ने कुछ देर किश किया फिर जानवी को अपनी सहित पे बैठा दिया

कुछ देर अपनी सांसो को सयमित कर रुपाली ने खुद हे देव की जीप खोल देव के लिंग को बहार निकला आवर मुँह में भर लिया

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देव ........उम्मम्मम अह्ह्ह्हह आपके ऐसा करने से कही एक्सीडेंट न हो जाये

जानवी ........कुछ नहीं होगा जान बस आप ड्राइव पे ध्यान दीजिये बाकि मुज पे छोड़ दीजिये

उम्म्म्महा कुछ भी कहो उम् उम् आपका हतियार है बड़ा जबरदस्त

देव अपनी लैंड की चूसा से आनंदित होते हुए

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देव ........हम्म्म अह्ह्ह जनवीई अह्ह्ह्हह बहुत मस्त लग रहा है ऐसे हे प्यार करो उम्म्म्म अह्ह्ह

जानवी जी जान से देव के लैंड को चूसने लगी

जानवी की लैंड चूसा का असर सोढा उसकी बूब्स आवर छूट पे होने लगा

जानवी की जो पहले से हे गीली छूट थी उसमे मिटटी मिटटी सुरसुहात होने लगी

बार बार जानवी का एक हाथ अपनी छूट पे जा रहा था

वही जानवी ने देव के पेण्ट को थोड़ा निचे खिसका कर देव के ा अंडकोष को अपने मुँह में भर लिया

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देव ........अह्ह्ह्हह जानवी उम्म्म्म ये क्या कर रहे हो िस्स्सस्साआठ

देव की तेज सीकरी सुन कर जानवी ने बड़ी तेजी से कभी लैंड तो कभी ा अंडकोष चूसने लगी

जानवी .......उम्म्म्म हम्म्म. अह्ह्ह्हह देव मुझे खुजली हो रही है

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देव ने जानवी के कमर में हाथ दाल जानवी की चूचियों को थम कर मसलने लगा

डेरी डेरे जानवी को को भी मज़ा आ ने लगा

जानवी ......देव अब आवर नहीं रुक सकती कार को साइड में लगा कर मेरी खुजली का कुछ करो

देव ने एक तरफ अच्छी मघा देख अपनी कार को रोक दिया

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देव ने जानवी के गांड को सह लेट हुए

अपना हाथ जानवी की रसभती छूट से खेलने लगा

देखते हे देखते जानवी की छूट ने पहिला चरम सुख प्राप्त कर लिया

देव ने अपने सीट की पीछे खैशगी कर जानवी को अपने गॉड में बैठा लिया आवर पंतय साइड कर अपने लैंड को जानवी की छूट पे सेट किया

देव .....तुम त्यार जानवी रुपाली सोये हुए है चिलाना नहीं

जानवी .....आहिस्ता आहिस्ता डालना हम नहीं चाहते की रुपाली को कुछ भी पता चले

देव ने डेरी डेरी जानवी की पनियाई हुई छूट में आहिस्ता आहिस्ता अपने लैंड को पुस करने लगा

भले हे जानवी एक बच्चे की माँ थी पैर देव का लैंड झेलने में उसको भी दर्द हो रहा था

जानवी से जब दर्द बर्दास्त नहीं हुआ तो जानवी ने अपने होंठ देव से चिपका दिए आवर डेरी डेरी लैंड छूट से अंदर बहार करने लगा

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कुछ देर बाद जब जानवी की छूट में देव के लैंड ने मघा बना ले तब देर न करते हे देव ने एक तेज प्रहार कोज्या जिस से छूट को खोलते हुए लगभग 7 इंच लैंड अंदर पहुंच गया

जानवी के मुँह से निकली चीख देव में मुँह में हे डाब कर रह गई

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देव को किसी चीज़ का दर नहीं था क्युकी देव ने कार को अदृश्य ा कर दिया था

देव अपनी जाती अनुसार जानवी की चुदाई करने लगा हुआ था

कुछ पल बाद जानवी ने विबरते करते हुए झाड़ने लगा

जब जानवी झाड़ रही थी तो एक पल को तो पूरा सरीर हे कैंप उठा

जानवी .....उम्म्म अह्ह्ह अह्ह्ह देव मेरी जान आज आपने मुझे प्यार कर अपनी गुलाम बना लिया

देव ....अह्ह्ह नहीं डार्लिंग आप गुलाम नहीं आप चची जान मेरी बस जब ऐसे पल में साथ हो तब आप जानवी डार्लिंग

देव .....आपने कभी खुले में सेक्स कर्मा का सोचा है

जानवी ....उम्म्म्म अह्ह्ह जैसा कहो मैं त्यार हूँ

देव बे जानवी को सीट पे let's कर अच्छे से जानवी की गरम छूट का मर्दन मरने लगा

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जानवी आवर देव की सिसकारियां कार में गूंजने लगी वही इन आवाजों से रुपाली की नींद टूट चुकी थी पैर फिर भी वो सोने का नाटक कर लेती लेती दोनों के चुदाई देख रही थी

देव ....अह्ह्ह्ह जणू तुम्हारी छूट वाकई बहुत फ्लेक्सिबल है इतनी जल्दी लैंड के मुताबिक एडजस्ट हो जाती है

जानवी .....अह्ह्ह्हह मेरी जापान आज मुझे जानत की शेर करनी है आपने साथ

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देव जानवी छूट में लम्बे लम्बे स्ट्रोक लगा ने लगा है

जिस से जानवी की बच्चेदानी पे होने रहे नॉक से

जानवी के पुरे सरीर में एक अलग हे उमंग का संचार होने लगा

मनो किसी ने संगीत के सेफ सुर एक साथ चढ़ दिए हो

देव की बढ़ती चुदाई स्पीड देख जानवी भी अपनी मुनिया को देवी के लैंड के िरद गिरद कसने लगी है जिस से देवी के मुँह से न चाहते हुए भी कामुक सिसकारियां का मधुर दौनी निकल ने लागित जिसका असर रुपाली की छूट पे भी होने लगता है

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जानवी ......अह्ह्ह्हह ईएएसस्सस देवी अह्ह्ह्हह फ़क में बेबी अह्ह्ह्हह आवर तेज देव

देव ......अह्ह्ह्हह जानना मेरा होने वाला है अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म एसससस

दोनों के तेजी से चलती कमर से जानवी की गीली छूट से पुच्छ पुच्छ की आवाज bye तेज होने लगी

कुछ हे देर में एक चीख के साथ जानवी शांत पद गयी 30 सेकंड तक रुक रुक कर कपटी जानवी को जब अपने बच्चेदानी पे गरम किसी लीव के जैसे देवी के वीर्य को महसूस किया तो एक बार फिर से संकुचन हुआ आवर जानवी की छूट से लैंड के साथ हे हल्का हल्का पिसाब निकल ने लगा जबकि जानवी की आँखे पलट चुकी थी

जैसे देवी ने जानवी की हालत देखि उसने जानवी के मय्बे पे हाथ रखा 2 मिंट बाद जानवी ने आँखों खोली अपने निचे इतना गीला पैन महसूस कर देव की तरफ देखा

देव ........आप थीं तो है न

जानवी .....है मैं थीं हूँ सॉरी वो....

देव ......it's OK कभी कभी ऐसा होना नार्मल है खुद को डिश न दीजिये

कुछ देर में जानवी ने ड्रेस चेंज की आवर देवी ने कार उदयपुर की आवर दौड़ा दी ........

सुबह जब से गुरुदेव ने दिलावर राणा जी विजय से बात की है तब से राणा जी कुछ ज्यादा हे परेशान से नजर आ रहे थे

उन्होंने थीं से नास्ता भी नहीं किया

�मोहिनी राणा जी को देखते हे समाज गई थी की कोई तो बात है जो इनको परेशान कर रही है

मोहिनी .......राणा जी सुनिए आपसे कुछ बात करनी है

राणा जी ......जी बोलिये क्या बात है

मोहिनी .......आपको सुबह से देख रही हूँ आप कुछ परेशान लग रहे है

राणा जी ......ऐसा कुछ नहीं है मोहिनी

मोहिनी ......बुलिये मत मैं आपकी पत्नी हूँ मैंने आपके साथ जिंदगी गुजारी है

क्या इतना भी अदिकार नहीं है की आपकी परेशानी की वजह जब पौन

रानी जी ......ठीक है चलिए रूम में चल कर बात करते है

दोनों जब रूम में पहुंचे तो आज सुबह जो कुछ भी गुरुदेव ने कहा वो सब कुछ �मोहिनी को बता दिया राणा जी ने

मोहिनी ....आप इस बात को ले कर परेशान है हमें तो बहुत पहले हे पता चल गया था

राणा जी .......क्याआ आवर आपने हमें आज तक भनक भी न

ये आपने अच्छा नहीं किया क्या हमारा इतना भी अदिकार नहीं रहा

मोहिनी ......किसने कहा की आपका अदिकार नहीं है

एक बात बताये जब आज आपको ये सब गुरुदेव से फ चला उसके बावजूद आप परेशान है तो क्या आप हमारी बात पे विश्वाश कर पते या ये सब सवीकार कर परे

राणा जी ......हमें नहीं फ पैर हम कैसे ये सब होने दे सकते

मोहिनी ......सुनिए मुझे नहीं पता आप क्या चाहते है आवर क्या नहीं पैर मेरे बेटे को कुछ भी हुआ तो इस बार हम सायद जीवित भी न रहे आवर नहीं बाकि परिवार बच्चेगा

राणा जी ......यही तो हमारी विवशता है �मोहिनी हम कुछ कर नहीं सकती आवर समाज को क्या मुँह दिखाएंगे

मोहिनी .......उस की चिंता आप न कीजिये मेरा बीटा सब कुछ संभल सकता है बस आप उसका साथ दीजिये वो आपके मर्जी के बिना कुछ भी नहीं करेगा

राणा जी ......हम देव का साथ देने पैर आपको वचन देना होगा की हमारे पूर्वजो ने जो ेजात मन सामान कमाया जो नाम कमाया है उस पे कोई आंच नहीं वाणी चाइये

ये आप आवर देवी कैसे करेंगे हमें पता नहीं पैर ये आपको करना होगा

मोहिनी .......उसके लिया आपको वचन की कोई आव्सय्कता नहीं है राणा जी देव ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिस से किसी को देश पहुंचे

वही लड़किया सब सपना के साथ लगी हुए थे

जब से सपना आई थी तब से कोई भी उस से सुर नहीं हुए थी खुश करके के दिव्या को सपना बहुत अच्छी लगी

लगभग 12 बजे देवी उदयपुर पहुंचे

सबसे पहले गुरुदेव आवर गुरुमा से मिला आवर उसके बाद देव अपने रूम में फ्रेश होने चल दिया

जल्दी हे त्यार जो दिव्या के रूम में पंहुचा

देव .....hello दी गुड आफ्टरनून जैसे दिव्या ने देव को देखा दिव्या सब के बिच से निकल देव के सीने से जा चिपकी

दिव्या ......गुड आफ्टरनून प्रिंस आप लौट आये

देव की जैसे हे नज़र सपना पे पड़ी दोनों के नज़रे टकराई आवर दोनों एक दूसरे में खोने लगे

दिव्या .........प्रिंस गुरुदेव से मिले आप

दिव्या प्रिंस का कोई रिप्लाई न मिलने पर प्रिंस के सीने से अलग होती है प्रिंस आवर सपना को एक दूसरे में खोये देख कर भी आज पता नहीं क्यों दिव्या को कोई जलन या गुस्सा नहीं था

दिव्या ....उह्ह्हून ुहुन्न कहा खोल गए प्रिंस इनसे से मिलो ये है सौपनीका उर्फ़ सपना गुरुदेव की पुत्री है ये

देव ......hello सपना जी हाउ अरे यू

सपना .....hello प्रिंस ी ऍम फाइन एंड यू मर.

कोमल .........प्रिंस आपको इनकी शॉपिंग करवानी है कल के लिया

देव .......लगता है कुछ ज्यादा हे गहरी दोस्ती हो गई आप सबकी सपना से

चंचल .......आपको कोई सक है क्या प्रिंस

देव .......नहीं पैर आप लोगो ने अपनी दोस्त के चाकर में अपने प्रिंस को हे भुला दिया

( सपना समाज गई थे की प्रिंस इनको चढ़ रहा है )

कोमल .....प्रिंस आप ऐसे कैसे कह सकते है

हम कैसे आपको भुला सकते है

देव ......फिर आपने दिव्या दी के जैसे मुझसे क्यों नहीं मिली मैंने तो आप सभी की विश किया था

देव की बात सुन शीतल आवर �कोमल की आँखे बस बहने हे वाली थी की देव जल्दी से दोनों को बिच पहुंच कर दोनों को एक साथ सीने से लगा लिया

देव ......अरे यार दी सपना मज़ाक भी नहीं समझती जो मैं तो बस आप सबसे महल कर रहा था आपने तो रोना हे सुरु कर दिया

कोमल ...सॉरी प्रिंस ......

देव ने हलके से कोमल के लिप्स पे किश कर दिया उसके बाद शीतल को (2,3 सेकंड का किश ) भी वैसे हे किश कर दिया

देव .......आपको सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है है दी चलो अब मुस्कुरा भी दीजिये

चंचल ......प्रिंस ये क्या बात हुए

देव .......अब ऐसा कोनसी बात कह दी मैंने

दिव्या ......इन दोनों को किश किया आवर हमें क्यों नहीं

दिव्या आवर �चंचल ने भी अपने हिस्से का किश कर दिया �चंचल ने थोड़ा लम्बा किश किया जिसे देख दिव्या ने �चंचल के पिछवाड़े पे हल्का आ चपेट लगा दिया

कोमल .....सोना आवर गुड़िया क्या हुआ तुम दोनों ऐसे क्यों शर्मा रही हो हमारा ये तो बचपन से चलता आ रहा है

सोना ....कुछ नहीं दी बस ऐसे हे

देव ....ीदार आना तुम्हे दोनों

जैसे देवी के पास सोनालिका आवर ख़ुशी पहुंची दोनों की गालो पे देव ने किश कर दिया

देव ......अब सर्मना बंद करो आवर चलो चल कर खाना कहते है आप भी चलिए सपना जी

सपना .....आप चलिए हम आते है कुछ देर में ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट. 89

कोमल .....सोना आवर गुड़िया क्या हुआ तुम दोनों ऐसे क्यों शर्मा रही हो हमारा ये तो बचपन से चलता आ रहा है

सोना ....कुछ नहीं दी बस ऐसे हे

देव ....ीदार आना तुम्हे दोनों

जैसे देवी के पास सोनालिका आवर ख़ुशी पहुंची दोनों की गालो पे देव ने किश कर दिया

देव ......अब सर्मना बंद करो आवर चलो चल कर खाना कहते है आप भी चलिए सपना जी

सपना .....आप चलिए हम आते है कुछ देर में ........

अब आगे ..........

सब के चले जाने के बाद देव ने रूम को लॉक किया आवर सपना के सामने आ खड़ा हुआ

दोनों एक दूसरे की आँखों में खोये मुस्कुराने लगे

सपना ....ऐसे क्या देख रहे है आप हमें प्रिंस

देव ......सपने हमें सूचित क्यों नहीं किया की आप परतवि लोक आ रही है न हम्हे गुरुदेव ने बताया की आप आ रही है क्या हमें इतना भी जानने की इजाजत नहीं है

सपना ......आप ऐसा क्यों सोचते है हम तो बस आपके पास जल्द से जल्द आना चाहते थे आपको विस्मित करना चाहते थे इस लिया हे हमने आपको अपने आने की बारे में पहले नहीं बताया

देव ......कोई बात नहीं वैसे आप परतवि लोक के इस रूप में बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही हो

सपना ......सुक्रिया प्रिंस हमें भी परतवि लोक के वस्त्र बहुत पसंद आये कुछ कुछ को छोड़ कर

प्रिंस ......अपने होने वाले ससुराल कैसा लगा आपको

सपना ......सब बहुत अच्छे है खाश कर मोहिनी मम्मी जी आपको पता है उनकी दिली खवाइश है की हम आपकी पत्नी बने

देव सपना को अपने बाँहों में भर लेता है

देव ......तो क्या सोचा है आपने माँ की खवाइश को ले कर के

सपना ......हम आपको क्यों बताये जो बताना था वो बाबा ने माँ सा को बता भी दिया होगा

देव ......ऐसा क्या बता दिया गुरुदेव ने माँ सा को जो आप नाम नहीं बता रही है

अभी सपना कुछ बोलती की तभी गेट पे नॉक होता है

सपना ......दिव्या दी है बहार

देव दिव्या का नाम सुनते हे गायब हो अपने रूम में जा पंहुचा

सपना ने गेट खोल दिव्या के साथ चल दी भोजन करने

गुरुदेव को छोड़ बाकि सबने एक साथ भोजन किया

रुपाली आवर जानवी की चेहरे की रौनक देख मोहिनी की अनुभवी आँखों से ज्यादा देर दोनों बच नहीं पायी

मोहिनी देवी को देख मंद मंद मुस्कुरा रही थी

( मोहिनी .....लगता है रात में देवी ने दोनों का no.laga दिया है

पता नहीं देवी का क्या होगा जब उसकी बीबियो को हे सब पता चलेगा मेरे प्यारा बीटा प्रिंस )

मोहिनी के मन की बाते सुन सपना की हंसी चुत जाती है खाना कहते हुए जिसके चलते हुए सपना को ठसका लग जाता है देव जल्दी से अपना पानी का गिलास सपना की आवर भदाता है

मोहिनी खांस करके देव को सबका यही बैठे होने का इसरा करते है देव जल्दी से खड़ा फिनिश्ड कर बहार की तरफ निकला हे था की एक के बाद एक 6,7 कार्स आ कर के रूकती है

जिसमे से रेणुका आवर मोहिनी के पीहर पक्ष से उनके पिता भाई भाबी बच्चे आये थे तभी 2 कार्स आवर आती है जिनमे से निशा चौहान अपने माँ डैड आवर दादू के साथ उतरती है

महल में सुचना मिलते हे दिलावर रहना जी विजय आदि लोग द्वार की तरफ आ गया

देव आगे भध अपने नाना जी रघुवीर आवर नानी जी आशा देवी के पेअर छू कर गले मिलता है

फिर दुस्यंत नाना जी आवर लतिका देवी ( नानी जी ) से भी ुशी उमंग आवर उत्साह से मिलता है जिस से देव के सर पे स्नेहपूर्वक हाथ फिरते हुए ढेरो आशीर्वाद से देव की नवाजा

रणजीत सिंह .....कुंवर जी हम भी है इंतजार में जरा हमें भी आपके सीना नापने का शोभाग्य दे दीजिये

देव ......हम आपसे बहुत नाराज है मां श्री

देव अपनी ममी जी कामिनी देवी के पेअर छूटा है पैर बिच में हे ममी जी देव के माथे को चुम कर गले से लगा लेती है

देव .......कैसे है ममी जी आप

कामिनी देवी मुस्कुराते हुए बहुत डिम्हे से

कामिनी देवी .....अच्छे हे हम भी देव वैसे आप कुछ ज्यादा हे हॉट हो गए जो

रणजीत .....ये क्या बात हुए भांजे श्री अपनी ममी सा से मिल सकता हो पैर हमसे नहीं

पीछे से मोहिनी की आवाज सुन कर रणजीत आवर बाकि सब उदार देखते है जहा से बाकि परिवार हॉल में आ रहा था

मोहिनी ......गलत क्या किया भाई सा आपसे नाराज़ hi कर देव

देव ....परनाम मां जी जैसे है आप आने में कोई तकलीफ तो नहीं हुए आपको

देविन्द्र ......हम अच्छे है बीटा जी आप जैसे है आवर इनसे मिलो हे है आपकी ममी सा निहारिका

देव ने निहारिका ममी के पेअर चूहे उनके पास में हे एक खूबसूरत से लड़की मॉडर्न कपड़ो में किसी हॉट मॉडल जैसे खड़ा थी

देव ......मां जी हे कोण है

शीतल ......प्रिंस ये है वेदिका मां जी की बेटी आवर हमारे छोटी सिस्टर भी

dev......hi वेदिका कैसे है आप

वेदिका .....हम अच्छे है देव तो आप है वो जिनकी शीतल दी हमेशा तारीफ करती है

कुछ देर में अलग अलग ग्रुप बन गए बुजुर्ग एक तरफ महिलाये एक तरफ आवर जवान बचे एक तरफ

3 बजे के आसपास देव त्यार होने चल दिया क्युकी सपना को शॉपिंग पे जो ले कर जाना था

कुछ देर बाद देव रेडी जो के निचे आ गया

देव .....माँ मैं बहार जा रहा हूँ सपना जी को ले कर के उनकी शॉपिंग करवानी है

मोहिनी .......OK बीटा आवर जल्दी आ जाना ज्यादा टाइम न लगाना

वेदिका .......बुआ सा क्या हम भी जा सकते है देव के साथ

दिव्या .....वेदिका हम सब प्यार से उन्हें प्रिंस बुलाते है देव केवल मम्मी आवर पापा चाचा लोग हे बुलाते है

वेदिका .....सॉरी दी क्या हम भी जाये

मोहिनी सपना आवर प्रिंस को देखते है प्रिंस पलकों के इसारे से है करने को कहता है

मोहिनी ......OK बीटा आप भी जा सकती है

देव इसारे से वीर को भी चलने को कहता है

वीर बहार निकल गेराज से कार निकल लेता है

जब देव सपना वेदिका पहुंचे तो

वीर .......भाई सा क्या हम भी चले आपके साथ में

देव .....क्यों नहीं वीर चलो हमें भी कंपनी मिलेगी क्युकी लड़कियों की शॉपिंग मतलब 3,4 जानते तो गए संजो

सपना ......अच्छा तो क्या हम लोग इतना टाइम लगते है

वीर ..........सच कहे सपना जी तो भाई सा बिल्कुल थिंक बोल रहे है जब भी मैं दी लोगो के साथ शॉपिंग पे जाता हूँ मेरी हालत बहुत बुरी हो जाती है भाई सा हमेशा मुझे फशा कर खुद बच निकलते है

वेदिका .......अब इतना टाइम तो लगता हे है शॉपिंग में ब्रांडेड कपडे उनके मैचिंग के की बाकि के सामान

देव कार सीट पे बेथ जाता है बाकि सब भी भेट जाते है

जल्दी हे महल से कार निकल उदयपुर के मुख्या मार्किट के आवर निकल गयी

जो भी कार देखता सब जो जानते है की कार किसकी है आवर कोण ड्राइव कर रहा है तो सब सलाम करते बहार आये

कुछ हे देर बाद देव ने एक बड़े से शॉपिंग मॉल के पार्किंग में कार पार्क की आवर तीनो बहार निकले एक तरफ भीड़ को देख

देव .....वीर जाता देखा वह इतनी भीड़ क्यों है

वीर उस भीड़ की तरफ भध गया वह जा कर देखा तो दिखने में एक पागल से लड़की जो कोई 22 ,23 इयर्स के आसपास रही होगी उसके कपडे कुछ जगह से फाटे हुए थे उसे 1 लड़का मर रहा था आवर एक आदमी जो दिखने में पैसे वाला लग रहा था

वो उसको गली दे रहा था

वीर आगे भध उस लड़के के कान के निचे बजता है

वीर .......सेल हरामखोर एक लड़की पे हाथ उठता है ये भी नहीं देखा की वो लड़की है उसके मुँह से खून निकल रहा

इसे के साथ बियर ने 2,3 तपाद आवर चिपका दिए

वो जो गली दे रहा था बिच में आया आवर वीर की कालर पकड़ लिया बस वीर ने भी अच्छे गुमा के मारा एक थपड में निचे जमीं पे

वीर को वापिस आता न देख देव वेदिका सपना भी उस आवर भध गए

वीर ......तुम्हारी हिमत जैसे हुए मेरे कालर पकड़ने की एक तो गलती करता है ऊपर से कालर भी पकड़ता है

आवर तुम सब हिंजड़ो की तरह बस खड़ा खड़ा तमाशा देखो

आदमी .....तुम जाने नहीं मैं नॉन हूँ

वीर ......बता टन है तू मैं भी तो देखु

आदमी .....मैं इस मॉल का मैनेजर हूँ इसने मेरी बेटे की 25 लाख की कार का क्या हॉल किया है

वीर ने जब कार देखि तो कुछ गंदे हाथो के नीसाण बने हुए थे

वीर ने एक आवर चाहता मारा उस आदमी को सेल बस इतने से के लिया तुम बाप बेटे इस मासूम को मार रहे थे गली दे रहे थे

वीर ीदार उस आदमी से बात कर रहा था तब तक उस लड़के ने वह अपने कुछ दोस्तों को बुलवा लिया

देव भीड़ को हटा कर वह पंहुचा

देव .......क्या हो रहा है यहाँ पे इतनी भीड़ क्यों लगा राखी है

वीर .....भाई सा ये यहाँ का मैनेजर है इस लड़की ने दहाड़ गलती से इसके बेटे की नई कार पे गंदे हाथो से नीसाण बना दिए ये इसका बीटा देखा क्या हालत की है इस लड़की की

देव ने जब उसकी तरफ देखा तो वाकई में उस लड़की की हालत ख़राब थी जिसके देख देव गुस्से में दोनों बाप बेटे को गुरा

देव .......क्या इसकी छोटी से गलती की ये सजा है इस लड़की का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है उसने तो अनजाने में गलती कर दिया पैर तुम सब तो खुदा को समझदार कहते हो

सपना आगे भध अपने रुमाल से उस लड़की के बहते हुए खून को साफ कर उसके आंसू पोंछती है

देव ........वीर आग लगा दो उस कार को जिसके कारन ये सब हुआ है

आदमी .....नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते हो

वो आदमियों वीर को रोकने लगा

देव ......वीर हमने क्या कहा सुना नहीं

वीर ने उसकी आवर उसके बेटे को साइड में देखा दिया आवर कार की पेट्रोल का पाइप्स कट कर के जाती हुए तीली छोड़ दी देखते हे देखते नई कार दू दू करके जलने लगे एक दमका हुए आवर 10,12 फिट उछाल कर कार निचे गिरी जिस से बच्ची कुछ कार भी किसी कायाक नहीं बची

देव .....वीर इस लड़की को हॉस्पिटल भेजने का इंतजाम करो आवर हम मॉल में है वही आ जाना ये आवर हॉस्पिटल में बोल देना उसका पूरा ट्रीटमेंट अच्छे से होना चाइये

वीर ......आप चिंता न करो भाई सा मैं देख लूंगा

देव .......आप सब क्या तमाशा देख रहे हो निकली यहाँ से

देव वेदिका सपना को ले कर मॉल में चला जाता है

वही मैनेजर ने पुलिस को कॉल कर दिया था उसके बेटे के दोस्त लोग भी आ चुके थे वही देव शॉपिंग मॉल में बैठा सो खूबसूरत बालाओ के साथ कॉफ़ी की चुस्किया ले रहा था

जैसे हे देव ने लास्ट सिप लिया किसी ने देव के पीछे से कालर पकड़ी

जिस से देव के चेहरे पे डेविल प्रिंस वाक मुस्कान थी पैर कोई आवर भी था जो पूरी तरह महाकाली का अवतार दर्जन कर चुकी थी...........

साउथ अफ्रीका.........

मार्क साउथ अफ्रीका के सबसे बड़े डॉन को मार कर उसकी जगह हटिया चूका था

मरीना को मार्क ने किसी अच्छे

साइंटिस्ट का पता करने को कहा था जो की मार्क आवर वमपकिंग के मंसूबो को कामयाब कर पाए

एक था एक ऐसे ड्रग्स त्यार करना जिसमे मार्क अपना ब्लड उसे कर बिना किसी के नजरो में आये अपनी फौज त्यार कर सके जो भी वो ड्रग्स ले वो डिग्री डिग्री वैम्पायर में बदल जाये

आवर दूसरा मकसद था की वैम्पायर ब्लड के साथ ऐसा एक्सपेरिमेंट्स करे की वामपिरेस भी दूप में निकल सके

मार्क बड़ी तेजी से वमपकिंग के हुकुम का पालन कर रहा था

अफ्रीकन सीक्रेट एजेंसी दिन न दिन भाड़ रहे खून खरबे के पीछे छुपे उस चेहरे तक पहुंचे की जी you'd कोशिश कर रही थी

पैर अभी तक उनके हाथ कोई भी कामयाभी हाथ नहीं लगी थी

मार्क ......मरीना वमपकिंग का सन्देश आया है की हमें जल्द से जल्द अपने कान को पूरा करना होगा

मरीना .......पैर मार्क ये सब इतना आसान नहीं है ये तुम भी जानते हो फिर भी

मार्क ......जनता हूँ मेरी जान पैर क्या किया जाये कुछ भी समाज नहीं आ रहा

मरीना ........एक काम क्यों नहीं करते है हम किसी आवर काउंटी के साइंटिस्ट्स को ये काम सौंपे तो कैसा रहेगा

मार्क .....नहीं मरीना इसे तो हमारा भेद भी खुल सकता है जैसे इंडिया में पहले हे हो चूका है आवर उसका खामयाजा भी भुगत चुके है हम

मरीना .......मेरे पास उस से भी बेहतर प्लान है

मार्क .....ऐसा क्या प्लान है

मरीना ........क्यों न हम इन साइंटिस्ट्स को पहले वैम्पायर बनाये आवर जब खुद वो वैम्पायर बन जायेंगे तो खुद दूप में निकलने के लिया एक्सपेरिमेंट्स करेंगे बदले में हम इन्हे उनकी जरूरत की चीज़े देंगे

मार्क ......पैर ड्रग्स का क्या करे

मरीना ......किसी ऐसे इंसाने को ढूंढ़ना होगा जो ड्रग्स का बहुत बड़ा डीलर हो क्युकी एक वही है जो ऐसा काम कर सकता है दौलत के लिया

मार्क .......क्या प्लान है मारिया ान देखा कैसे हमारे गुलामो की तादात बढ़ती है हम भी बे खौफ बहार निकल पाएंगे

चलो इस बात पे आज जवान जिसम के साथ जासं मनाये

मार्क आवर मरीना एक बन्दे से रूम में गुस्से जाते है जहा कुछ लड़की आवर कुछ नीग्रो बन्दे लैंड वाले अफ्रीकन लड़के थे

मरीना उन सब लड़को के बिच जा कर टूट पड़ी भूखी कुटिया की तरह उनके बन्दे लैंड पे

वही मार्क एक एक करके लड़कियों की आगे आवर पीछे से खोलने laga......inko यहाँ छोड़ हम जाता रूस की तरफ चलते है

रूस 11:00 ऍम

डेनियल ऑफिस

डेनियल इस वक़्त अपने ऑफिस में बैठा हुआ था

जहा कुछ आवर लोग भी बैठे हुए थे

जैसे कोई खाश मीटिंग चल रहे हो

डेनियल .......देखो मैंने जो तुम सब को संजय है काम वैसे हे होना चाइये

पूरी काउंटी से लिस्ट त्यार करो कोई भी नहीं बचना चाइये

हर उसकी मदद करो जिसको वाकई में जरूरत हो

आदमी 1.....बूत सर हमें उसके लिया जो पैसा चाइये वो कहा से आएगा

डेनियल .......पैसो की तुम सब चिंता न करो पैर एक बात का ख्याल रखना अगर एक पैसे की भी गड़बड़ हुए तो मौत का दूसरा नाम डेविल प्रिंस तुम्हारे सामने खड़ा होगा

क्युकी इन सब में पैसा डेविल प्रिंस का लग रहा है

या ये कहु की डेविल प्रिंस हम सब का बॉस है आवर हम उसके लिया काम कर रहे है ईमानदारी से अपना काम करो कोई प्रॉब्लम फिर वो चाहे कैसे भी उसको सोल्वे करने का काम मेरा आवर डेविल प्रिंस का होगा

डेनियल की पूरी बात सुन उन सबकी हवाइयां ुध चुकी थी

पैर उनको इस बात की भी कृषि थी की वो अपनी कंट्री के लिया कुछ अच्छा कर रहे है

डेनियल ने 5 को 5 आइडेंटिटी कार्ड दिए

डेनियल .....इन कार्ड को तुम किसी भी जगह उसे कर किसी भी प्रॉब्लम से बच सकते हो बूत गलत उसे किया तो आजम भी भुगतना

हर मंथ को तुम्हारे अकाउंट के तुम्हारे सेलरी पहुंच जाएगी

5 वह से निकल गए अपने अपने काम के लिया

डेनियल वह से निकल कर कोमल मेंशन पंहुचा जहा पे अलीना आवर ालिस रहती है रुस्सियन मफ्फिए के टूर पे

डेनियल ....प्रिंस का कोई सन्देश मिस अलीना ालिस

अलीमा ......वो इंडिया पहुंच चुके है कुछ वक़्त वही रहेंगे हमारे लिया आर्डर है की हमें बाकि का काम ख़तम करना है रूस से लगभग सभी बिज़नेस से उनकी फ्रॉफिट का 5 ℅ अकाउंट में आ चूका है अब बारी है चाइना आवर उस की आज रात हम चाइना के किया निकल जायेंगे

डेनियल .....ok अगर कुछ हेल्प चाइये तो वह हमारे कुछ एजेंट्स है उनकी हेल्प भी ले सकती है आप

अलीमा ......उनसे कहो को वही की जितने भी क्रिमिनल्स है उनकी पूरी जनम कुंडली निकले आवर हमारे रुकने की वय्वस्ता करे

डेनियल ......काम हो जायेगा आपके पहुंचने से पहले हे साउथ अफ्रीका में कुछ दिनों से बहुत कुछ हो रहा है जो समाज से बहार है

ालिस ........डेविल प्रिंस से कुछ भी नहीं छुपा है वो खुद वह का देख लेंगे

बस आप बाकि कंट्री में जितने आपके एजेंट्स है उनको खबर कर दीजिये की वो सब वह की क्रिमनल का देता एकता करे

डेनियल कुछ बार वह से निकल जाता है .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स............

हैप्पी नई इयर्स फ्रेंड्स.............
 
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