Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 6 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 50

मैने डॉक्टर के हाथ पैर बाँध दिया और मुँह पे टेप चिपका के सो गया

सुबह में

मैने अपनी आँखें खोलके देखा तो डॉक्टर छटपटा रहा था

उपर से कंधे में दर्द

समझ ही नही आ रहा था

डॉक्टर को देखु या अपने ज़ख़्म को

मैं उठा और डॉक्टर के मुँहसे टेप हटा दिया

डॉक्टर- मेरी बीवी और बेटी कहाँ हैं क्या किया तुमने उनके साथ

दिलीप- इतना ज़ोर से बोलेगा तो मेरे कान के पर्दे फॅट जाएँगे

पहले यह बता इंजेक्षन कौनसा लूँ मेरे कंधे में बहुत दर्द हो रहा है

[डॉक्टर ने मुझे इंजेक्षन का नाम बताया फिर दवाई ख़ाके कुछ आराम मिला]

हाँ तो डॉक्टर रंजन शुरू करदो अपनी कहानी अपनी ही ज़ुबानी

डॉक्टर- कौनसी कहानी देखो यह तुम ठीक नही कर रहे हो

दिलीप- डॉक्टर फालतू का बोर मत कर तू शुरू होगा या मैं अपने आदमी को बोलू कि वो तेरी बेटी के साथ शुरू हो जाए

डॉक्टर- मैं कुछ समझा नही

दिलीप- मैं समझाता हूँ तू अपनी स्टोरी सुनाएगा या तेरी बेटी जो 18 साल कुछ महीने की है

मेरे आदमी सबसे पहले तेरी बेटी का टॉप उतारेंगे फिर जीन्स उतारेंगे

डॉक्टर- नही मैं बताता हूँ प्लीज़

दिलीप- शुरू हो जा

डॉक्टर- 1 महीना पहले मुझे किसी का फोन आया प्राइवेट नंबर से

उसने बोला एक काम करने का 50लाख दूँगा पहले तो मैं नही माना

दिलीप- जो बात मेन है वो बता तू अपनी सोच अपने पास रख

डॉक्टर- मैं तय्यार हो गया उसने बोला कि इस जगह पे मिलने को मैं मिलने गया यह एमएलए का बेटा मदन था

मदन बोला कि एक लड़की को किडनॅप करेगा उसकी नंगी फोटो लेके उसको ब्लॅकमेल करेगा

तुम्हे सिर्फ़ उसको बेहोश करने का काम करना है

डॉक्टर- मैने मदन को सॉफ बोल दिया कि रेप का चक्कर होगा तो मैं साथ नही हूँ

मदन ने मुझे यकीन दिलाया कि ऐसा कुछ नही है उस दिन से जब भी मैं अपनी बेटी की तरफ देखता

मुझे अच्च्छा नही लगता क्यूंकी मदन जिसके साथ यह सब करने वाला था वो भी किसी की बेटी थी

मैने अपना इरादा बदल दिया और मदन ने जो अड्रेस दिया था मिलने के लिए

मैं वहाँ जैसे ही पहुँचा किसिके चिल्लाने की आवाज़ आई मैं समझ गया कि यह वोही लड़की है

मैं पीछे से गया और बेहोशी वाला इंजेक्षन उसकी गर्दन पे लगा दिया

लेकिन जब मैने उसका चेहरा देखा तो मैं डर गया क्यूंकी यह ठाकुर साहब की बेटी थी

इससे पहले मैं कुछ कर पाता मदन के आदमी आए और उसको उठाके ले गये

बाद में मैने किसी तरह मदन से पूछ लिया कि वो कहाँ है

मैं उसी जगह पे गया और पोलीस की साइरन बजा दी अपने मोबाइल में

मदन डर से भाग गया मैने फिर बेहोशी का इंजेक्षन लगा दिया

दिलीप- और रास्ते पे लेजाके फेंक दिया नही वो भी मुँह पे लाल रंग लगाके

डॉक्टर- मैं डर गया था इसके अलावा मुझे कुछ सूझा ही नही

दिलीप- मैने डॉक्टर के हाथ पैर खोल दिए और कहा जाओ

डॉक्टर- मेरी बेटी और बीवी

दिलीप- 1 महीने बाद तुझे अड्रेस मिल जाएगा

डॉक्टर- प्लीज़ ऐसा मत करो मुझे मेरी बेटी से मिला दो

दिलीप- 2 महीने बाद

आगे अगर कुछ बोला है तो 4 महीना जा

डॉक्टर चला गया

मैने एसपी को फोन लगाया

एसपी- हाँ बोलो

दिलीप- जज की बेटी

एसपी- उन्होने सिग्नेचर कर दिया तो अब उनकी बेटी का क्या काम है

उनकी बेटी उनके घर पहुँच गयी है

दिलीप- और एमएलए की सारी प्रॉपर्टी

एसपी- सब को सील कर दिया गया है

दिलीप- और एमएलए का बाज़ार

एसपी- वहाँ से हमें 600 लड़कियाँ मिली है और 2000 औरते

दिलीप- बॉम्ब बनाने की फॅक्टरी में

एसपी- वहाँ भी हम ने छापा मारा है

डिफेन्स मिनिस्ट्री ने सारे सबूत को देखते हुए एमएलए के खिलाफ शूट अट साइट का ऑर्डर दे दिया है...
 
अपडेट 50ए

दिलीप- ठीक है अब वक़्त आगया है

एसपी- किसका

दिलीप- मैने फोन काट दिया

30 मिनिट बाद एक आदमी बड़ा सा बॅग लेके अंदर आया

आदमी- सर यह रहा आपका समान ऑल दा बेस्ट कहके वो चला गया

मैने टीवी ऑन किया

न्यूज़- एमएलए की सारी प्रॉपर्टी को सील कर दिया गया है

और एमएलए को देखते ही गोली मार देने का ऑर्डर है

एमएलए हाउस

एमएलए- हरामियो कल मेरा बेटा किडनॅप हुआ आज मैं बर्बाद हो गया

और तुम सब गांद मरा रहे हो

[एमएलए अपने गुन्डो पे चिल्ला रहा था]

और इनस्पेकटर तू भी हरामी निकला तेरे सामने नोटो की गॅडी इसलिए नही फेंकता हूँ

की आज कोई मेरी गांद मार के चला जाए और तू कल आके बताता है कि मेरी गांद मार ली गई

इनस्पेकटर- सर यह सब एसपी का किया धरा है एसपी के सरपे आइजी का हाथ है

एसपी ने डिपार्टमेंट में से किसी को नही बताया कि वो ऐसा कर रहा है

वरना आप तो जानते हैं जब एसपी आपके खिलाफ कोई करवाही करने की सोचता था सबसे पहले मैं आपको बताता था

और आप मॅजिस्ट्रेट की बेटी को उठवा लेते थे

एमएलए- एक कहावत है अगर जीत ना सको तो किसी को जीतने भी ना दो

एसपी एसपी एसपी

एसपी और आइ जी के घर की औरतो को उठा लाओ जो भी सामने आए सब को ख़तम करदेना

कुछ गुंडे बाहर चले गये

तभी एक आदमी दौड़ता हुआ अंदर आया यह एमएलए का सेक्रेटरी था

सर अभी हमे पता चला है कि छोटे मालिक ने ठाकुर की बेटी के साथ लफडा किया था

एमएलए- तू यह कहना चाहता है कि ठाकुर ने मुझे बर्बाद कर दिया

सेकेट्री- सर छोटे मालिक को ठाकुर की बेटी पे हाथ नही डालना चाहिए था

[एमएलए ने अपनी कमर से गन निकाली और सेक्रेटरी को ठोक दिया]

एमएलए- वो मेरा बेटा है इसलिए वो कुछ भी कर सकता है

[एमएलए अपने गुन्डो की तरफ देखता है]

जो भी ठाकुर के घर की औरतो को मेरे पास सबसे पहले लाएगा

उसे 50 करोड़ रुपया दूँगा और अगर खाली हाथ आए तो एक-2 को जान से मार दूँगा

[सब गुन्डो के मुँह से कुत्ते जैसी लार टपकने लगी सब गुंडे भागे ठाकुर के घर की तरफ]

1 घंटे बाद

गुंडे दौड़ते हुए आए अंदर आए

गुंडा- सर एसपी के घर में कोई नही है और नाही आइजी के घर में कोई है

एमएलए- भोसड़ीवालो तुम सब अपने आप को इस शहर के सबसे बड़े गुंडे कहते हो

किसी ने मेरी गांद मारली और तुम सब को कुछ पता ही नही है

गुंडा- सर एक और बात समझ में नही आरहि है हम सब इतनी मुसीबत में हैं

और हमारा बॉस अभी तक नही आया

एमएलए- तो मैं क्या करूँ

सुनो मादरचोदो अगर आज मैं मरूँगा तो यह शहर भी मेरे साथ मरेगा

पूरे शहर में डाइनमाइट बिछा दो

दिलीप हाउस

मैं दीवार पे टॅंगी फोटो सब देख रहा था

तभी मुझे फोन आया

अखिल- कमिने तेरा बड़ा मामा यहाँ से निकल चुका है और वो भी 500 लोगो के साथ

दिलीप- लुक्खे एक काम भी ठीक से नही कर सकता

अखिल- एक तो तूने मुझे अपना प्लान बताया नही उपर से मुझे ही गाली दे रहा है

तेरी वजह से मेरी हड्डी पसली टूट गयी वो तो मेरी किस्मत अच्छी थी

कि एक देवी जैसी माजी ने आके तेरे मामा को रोक लिया वरना

दिलीप- बड़ी नानी

[मैने फोन काट दिया]

मुझे कदमो की आवाज़ आने लगी मैने एक चीज़ उठाई उसे अपने कंधे में लटकाया

और जल्दी से शॉल ओढ़ लिया और सोफे के नीचे छुप गया

एक-2 करके 20 लोग अंदर घुसे सब के हाथो में गन्स थी

सारे गुन्डो ने पूरा घर छान मारा

गुंडा- कोई नही है

गुंडा2- अगर हम खाली हाथ गये तो एमएलए हमें ठोक देगा

दिलीप- मैं सोफे के नीचे से बाहर निकला

तुम सब को तो मैं ठोकुन्गा

[सब गुंडे मुझे देखके हँसने लगे]

गुंडा- तू हमे ठोकेगा तू तो अभी ठीक से पैदा भी नही हुआ है

बच्चे इससे पहले हम तुझे जान से मार दें चला जा यहाँ से

दिलीप- यही बच्चा अब तुम्हारी माँ चोदेगा

[गुन्डो ने मुझपे गन तान दी]

मैने अपना शॉल निकाल दिया गुन्डो की फॅट गयी

गुंडे- बाज़ूका

दिलीप- मैने बेज़ूका का मुँह गुन्डो की तरफ किया और ट्रिग्गर दबा दिया

धडाम

एक ज़ोरदार धमाके के साथ सब गुन्डो के छितरे उड़ गये....
 
अपडेट 50बी

दिलीप- छोटे मामा का घर जलने लगा

मैने फाइयर ब्रिगेड को पहले ही फोन कर दिया था

मैं एमएलए को फोन लगाया

एमएलए- हेलो

दिलीप- बेटा जिंदा चाहिए या मुर्दा

एमएलए- कौन बोल रहा है

दिलीप- तेरे बेटे का बाप

अगर तुझे अपना बेटा जिंदा चाहिए तो अभी तू और तेरा बॉस पुराने खंडहर में आजा

[मैने फोन काट दिया]

मैं घर से पुराने खंडहर पहुँचा

और नीचे ज़मीन पे बैठ गया

1 घंटे बाद मुझे गाडियो की आवाज़ आने लगी

मैं बेहोशी का नाटक करने लगा

एक के बाद एक 10 गाड़ी खंडहर के बीच आके रुकी

गाड़ी में से एमएलए बाहर निकला

एमएलए- ढुंढ़ो सब मिलके देखो कहाँ है मेरा बेटा

सब मदन को ढूँढ रहे थे

तभी एक गुंडे की नज़र मुझपे पड़ी

मालिक

गुंडे ने आवाज़ दी

एमएलए दौड़ता हुआ गुंडे के पास पहुँचा

एमएलए- कहाँ है मेरा बेटा

[तभी एमएलए की नज़र मुझ पे पड़ी]

[कौन है पलट इसको गुंडे ने मुझे पलटा]

पानी मार इसके मुँह पे

[गुंडे ने मेरे मुँह पे पानी मारा]

मैं होश में आया

दिलीप- पिताजी कहते हुए मैं एमएलए के गले लग गया

एमएलए ने मुझे अपने आप से अलग किया

एमएलए- कौन हो तुम और मेरा बेटा कहाँ है

दिलीप- पिताजी यह आप क्या कह रहे हैं

मैं आपका बेटा मदन हूँ

[यह सुनके एमएलए और गुन्डो का मुँह खुला का खुला रह गया]

गुंडा1- मालिक यह हमारे साथ गेम खेल रहा है

दिलीप- अबे काटिए मैं गेम खेल रहा हूँ

गुंडा1- मालिक काटिए तो मुझे छोटे मालिक कहते है

एमएलए- ऐसा कैसे हो सकता है

तुम्हारी शकल मेरे बेटे से नही मिलती

दिलीप- पिताजी अगर आपको यकीन नही है तो आप मुझे गोली मार दीजिए

एमएलए- एक ऐसी बात है जो मेरे अलावा सिर्फ़ मेरे बेटे को पता है

वो कौनसी बात है

दिलीप- सबके सामने बताऊ

एमएलए- हाँ

दिलीप- सबसे पहले जिस लड़की को आपने बेचा था

वो आपकी सग़ी बहेन थी

एमएलए- अब मुझे यकीन हो गया कि तू मेरा बेटा है पर तेरा चेहरा

और तुझे किडनॅप किसने किया है

दिलीप- आप उसका कुछ नही बिगाड़ सकते

एमएलए- तू अपने बाप को चेलेंज कर रहा है

दिलीप- नही

एमएलए- फिर बता कौन है वो हरामी

दिलीप- आपका बॉस उसने ही हमे बर्बाद किया है और वो यही पे है

एमएलए- ऐसा नही हो सकता

दिलीप- मैने कहा था आप उसका कुछ नही बिगाड़ सकते

एमएलए- हरामी सीएम ऐसा नही कर सकता [एमएलए ने चीखते हुए कहा]

[एक गोली काटिए के भेजे को चीरती हुई निकल गयी]

दिलीप- मैने आपको कहा था ना कि वो यही पे है वो मुझे मार देगा

एमएलए- कोई नही मारेगा तुझे मैं हूँ ना खड़े खड़े मुँह क्या देख रहे हो

सीएम जहाँ भी दिखे ठोक दो

सब अलग होगये गोलियो की आवाज़ आने लगी

एक एक करके एमएलए के सारे गुंडे नीचे गिरते गये

जब सारे गुंडे मर गये

तभी मुझे गोली लगी और मैं मर गया

एमएलए- मदन मेरे बेटे उठ जा

एक मास्कमेन ने एमएलए की कनपटी पे गन तान दी

एमएलए- मैं तुझे 100 करोड़ रुपया दूँगा

बस मुझे सीएम को मारना है

मास्कमेन ने तुरंत सीएम को कॉल किया

मास्कमेन- सीएम 30 मिनिट में आरहा है

तुम सीएम के खिलाफ जितने भी सबूत है वो तुम बोलोगे और मैं रेकॉर्ड करूँगा

[15 मिनिट में ही एमएलए ने सारे सबूत गिना दिए]

तभी गाड़ी की आवाज़ आई मास्कमेन छिप गया

सीएम जैसे ही गाड़ी से उतरा एमएलए ने सीएम के सीने में 6 की 6 गोली दाग दी

सीएम वहीं पे ढेर हो गया

मास्कमेन ने एमएलए के सर में गोली मार दी

एमएलए भी वही पे ढेर हो गया

दिलीप- मैं अंगड़ाई लेते हुए उठा और बोला मास्कमेन से

वाह एसपी सर हमारा प्लान कामयाब हो गया...
 
अपडेट 50सी

एसपी- यह सब छोड़ो पहले तुम मुझे पूरी बात बताओ मुझे तो यक़ीन नही हो रहा है गाओं के एक 18 साल के लड़के ने यह सब सोच कैसे लिया

दिलीप- सर आपको पता है हाथ में 5 उंगली क्यूँ होती है

इंसान की इंसानियत

देशभक्ति

माँ की ममता

बहेन की इज़्ज़त

और परिवार का प्यार

जब मदन ने मुझे बताया कि उसका बाप एमएलए बॉम्ब भी बनाता है

तो मेरा दिमाग़ घूम गया मैने अपनी बड़ी नानी के भाई जो अभी इंडिया के डिफेन्स मिनिस्टर हैं तुरंत उन्हे फोन किया

डिफ़ेंस मिनिस्टर- दिलीप तुमने मुझसे वादा किया था कि तुम कोई ग़लत काम नही कर रहे हो

तुमने जो बात बताई है उससे यह सॉफ हो गया है कि अब यह नॅशनल सेक्यूरिटी का मामला है

तुम इससे पीछे हट जाओ मैं कुछ करता हूँ

दिलीप- आपको पता है कि अब मैं पीछे नही हट सकता

अगर मैने एमएलए और उसके बेटे को ऐसे ही छोड़ दिया तो वो कितनी और लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर देगा

यह बात भी छोड़ दीजिए अब एमएलए एक देशद्रोही है और एक इंडियन होने के नाते मैं अपने देश को बचाने के लिए कुछ भी कर सकता हूँ आप मेरी मदद करे या ना करे एमएलए और उसके बेटे को सज़ा मिलके रहेगी

डिफेंसमिनिस्टर- अगर तुम यही चाहते हो तो ठीक है मैं तुम्हारी मदद करूँगा

एक बात याद रहे तुम्हारे मिशन के बीच किसी भी मासूम की जान नही जानी चाहिए

और नही किसी लड़की की इज़्ज़त अगर तुम मुझे यकीन दिलाते हो तो

दिलीप- मैं आपसे वादा करता हूँ

फिर मैने अखिल को ब्लॅकमेल करके अरषि आइजी सर और उनकी फॅमिली आपकी फॅमिली और मेरी फॅमिली तीनो को किडनॅप करके गाओं भेज दिया क्यूंकी मुझे पता था कि एमएलए सबसे पहले हम सबकी फॅमिली पे वार करेगा

उसके बाद मैने डिफेंस मिनिस्टर से कुछ हथियार मंगाए

फिर मैने डिफेंसमिनिस्टर को कहा कि वो आपको सब सच बता दें

एसपी- यह तो अच्छा हुआ डिफेंसमिनिस्टर ने मुझे सब बता दिया वरना जब मुझे पता चला कि तुमने मेरी पूरी फॅमिली को किडनॅप कर लिया मैं तो तुम्हे मारने भी आरहा था

पर तुमने अपने मामा के घर पे गुन्डो को बाज़ूका से क्यूँ उड़ा दिया

दिलीप- सर वो 20 थे और मैं अकेला अगर मेरे गन से एक गोली चलती तो वो 20 गोली चला देते

इससे अच्छा मैने सबको उड़ा दिया वैसे भी सब देशद्रोही थे

फिर बाद का सब तो आपको पता ही है और सर आप यह जो अभी तक रेकॉर्डिंग कर रहे हैं

वो बंद कर दीजिए इसका कोई फ़ायदा नही है क्यूंकी मैने कुछ ग़लत नही किया है

[मैने मुस्कुरा के कहा]

एसपी- तुमने हथियार कैसे चला लिया

दिलीप- फिल्म आज कल फिल्म में सब कुछ दिखा देते हैं

एसपी- पर मदन और उसकी बहेन कहाँ है

दिलीप- निम्मी अपनी मानसी के यहाँ है

और मदन आपको तो क्या किसी को नही मिलेगा

एसपी- तुमने उसे कहीं मार तो नही दिया

दिलीप- उसकी सज़ा मौत नही है और हां कल के न्यूज़ में मुझे हीरो मत बना दीजिएगा

वरना मेरे घरवाले मेरा मुँह लाल करदेंगे ख़ास कर बड़े मामा

एसपी- तुम बड़े ठाकुर से कुछ ज़्यादा नही डरते

[तभी गाडियो की आवाज़ आगयि]

दिलीप- लगता है बड़े मामा आ गये

मैं बेहोश हो रहा हूँ आपको जो स्टोरी बनाके सुनानी हो सुना दीजिएगा

[और मैं बेहोश हो गया]

बड़े मामा गाड़ी से उतरे उन्होने एसपी पे गन तान दी

एसपी ने अपना हाथ उपर उठा लिया

एसपी ने बड़े मामा को सब समझा दिया

बड़े मामा ने मुझको गाड़ी के अंदर अपनी गोद में सुलाया

मेरे लिए यह तो 8वाँ अजूबा था

गाड़ी अपनी रफ़्तार से चल रही थी

पता नही कब मैं बड़े मामा के गोद में सो गया.....
 
अपडेट 51

गाओं पहुँचने में शाम हो गयी

मैं अभी भी सोया हुआ था

जब गाड़ी हवेली के अंदर गयी तो बड़ी नानी दौड़ती गाड़ी के पास पहुँची

ड्राइवर ने गेट खोला

बड़े मामा मुझे गोद में उठाके अंदर हॉल में लेगये और सोफे पे लेटा दिया

बड़ी नानी- धर्मेश क्या हुआ दिलीप को

बड़े मामा- बड़ी माँ कुछ नही हुआ है दिलीप को

[तभी मेरी आँख खुली]

मैने देखा बड़ी नानी रो रही हैं

दिलीप- बड़ी नानी आप रो क्यूँ रही हैं

बड़ी नानी- तुझे कुछ हो जाता तो

दिलीप- पर हुआ तो नही ना अब आप रोना बंद कीजिए

बड़ी नानी- तू जाके अपने रूम में आराम कर

[मैं वहाँ से अपने रूम गया नहा कर कपड़े पहना]

और अपने रूम से बाहर आया

मैने नौकर से पूछा कि अखिल कौन्से रूम में है

मैं पहुँचा अखिल के रूम और गेट नॉक किया

अखिल ने गेट खोला और मुझे घूर्ने लगा

दिलीप- घूरता रहेगा क्या चल हट अंदर आने दे मैं बेड पे बैठ गया

और क्या हाल हैं तेरे

अखिल- अप्पुन को तेरे से बात नही करनी तू जा यहाँ से

दिलीप- अरे तू अभी तक नाराज़ है

अखिल- हाँ

दिलीप- क्यूँ

अखिल- तूने वादा किया था कि हम मिलके एमएलए को बरबाद करेंगे

पर तूने अप्पुन को यहाँ भेज दिया

दिलीप- और अगर तुझे कुछ हो जाता तो अरषि अपनी जान दे देती

अखिल- मनहूस बाते मत कर

दिलीप- पहले पूरी बात सुन फिर जो करना हो करना

[मैने पूरा प्लान अखिल को बता दिया]

अखिल- कितना बड़ा कमीना है तू

जिस एसपी से कोई बात करने में डरता था

तूने उससे जज की बेटी का किडनॅप करवा लिया

दिलीप- अब बताता हूँ कि एसपी ने बड़े मामा को क्या बताया

यह सब दिलीप मजबूरी में कर रहा था

मेघा की फोटो के ज़रिए मदन ने दिलीप को ब्लॅकमेल किया

मदन ने खुद दिलीप से अपनी किडनॅपिंग करवाई

एमएलए मदन का बाप नही था

एमएलए ने ही मदन के माँ बाप को मारा था

मदन एमएलए को बर्बाद करना चाहता था

मदन ने एमएलए के खिलाफ सारे सबूत मेरे घर भेज दिए

मैने एमएलए के खिलाफ कारवाही की

फिर बाद में जब दिलीप को पता चला कि एमएलए बॉम्ब भी बनाता है

तो दिलीप डर गया दिलीप ने मुझको फोन किया

मैने दिलीप को बोला कि अपनी फॅमिली को बेहोश करे मैं अपनी फॅमिली आइजी की फॅमिली और डॉक्टर की फॅमिली को तेरे गाओं भेज दूँगा

फिर मैने प्लान बनाया मैं दिलीप को बोला कि वो मदन को पुराने खंडहर में बुलाए

हम उसे वही अरेस्ट करेंगे

लेकिन जब हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ कोई नही था

तभी वहाँ पे बहुत सी गाड़ी आई एक गाड़ी में से एमएलए निकला

फिर एक गाड़ी आई उसमें से सीएम निकला

सीएम के मुँह पे टेप लगा हुआ था

एमएलए सोच रहा था कि सीएम ने ही उसको बर्बाद किया है

एमएलए ने सीएम को गोली मार दी

फिर मैने एमएलए के एक एक आदमी को गोली मार दी

दिलीप के कंधे में दर्द होने लगा

इसी लिए वो बेहोश है

अखिल- यह एसपी भी कम नही है

पर तेरे मामा को तो मैने बता दिया कि तूने ही यह सब किया है

दिलीप- एसपी ने भी मामा को बता दिया कि एसपी ने ही तुझे बोला था कि दिलीप का नाम बताना

अखिल- मतलब असली प्लान तुझे मुझे और एसपी को ही पता है

दिलीप- जब आइजी यहाँ से जाएगा तो एसपी यह बात उसे भी बतादेगा

अखिल- मतलब न्यूज़ में कल तेरा नाम भी आएगा

दिलीप- नही रे मीडीया वालो को एसपी अलग कहानी सुनाएगा

अखिल- क्यूँ

दिलीप- क्यूंकी ना मैं और ना बड़े मामा चाहते है कि मेरा नाम इस केस में आए

अखिल- अच्छा सुन कल मैं और अरषि चले जाएँगे अरषि को कॉलेज भी जाना है ना

दिलीप- अब कोई ग़लत काम मत करना तेरे अकाउंट में 1 करोड़ रुपया तो है ही

[यह कहके मैं हॉल में गया तो देख बड़े मामा छोटे मामा और आइजी बाते कर रहे थे]

मैं वँया के रूम की तरफ जाने लगा

मैने गेट नॉक किया

वँया ने गेट खोला मुझे देखा फिर गेट मेरे मुँह पे बंद कर दिया....
 
अपडेट 52

दिलीप- चलो और बहने है पहले उनको मनाता हूँ

मैं विद्या दी के रूम पहुँचा

तो देखा विद्या दी और अरुणा दी बाते कर रहे थे

मैं गेट पे ही खड़ा रहा

अरुणा दी ने मुझे देखा

और मेरे पास आई

अरुणा- बाहर क्यूँ खड़ा अंदर आना

[अरुणा दी मेरा हाथ पकड़ के अंदर ले गयी और बेड पे बैठा दिया]

दिलीप- मुझे लगा आप सब मुझसे नाराज़ होंगी

विद्या- हम क्यूँ नाराज़ होंगे तुझसे

पापा ने हमें बता दिया है कि तूने कुछ ग़लत नही किया है

दिलीप- मैं अवन्तिका दी से मिलके आउ

अरुणा- तू हमारे पास बैठता क्यूँ नही है

दिलीप- अभी सोया हुआ हूँ

क्या

अरुणा- वेरी फन्नी

[मैं जैसे ही उठ रहा था कि विद्या दी ने मेरा सर अपनी गोद में रख लिया

और मेरे सर में उंगलिया फिराने लगी]

अरुणा- दी दिलीप को मुझे दीजिए ना

विद्या- अरे यह क्या बच्चा है कि तुझे दे दूं

कितना थका हुआ है सोने दे

अरुणा- तो मैं क्या करूँ

विद्या- पैर दबा

दिलीप- यह आप क्या कह रही हैं

अरुणा- तू चुप रह वरना दाँत तोड़ दूँगी

दिलीप- मैने जल्दी से आँखें बंद करली

[मुझे विद्या दी की गोद में इतना सुकून मिल रहा था कि

तभी मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरे कानो में आके ढोल पीट रहा है]

विद्या- दिलीप बाबू पापा बुला रहे हैं

[बी मामा का नाम सुनके सारा सुकून भाग गया]

[मैं जल्दी से उठा और भागा भी मामा की तरफ]

दिलीप- जी मामा जी

बड़े मामा- जतिन तुम्हे बुला रहा है

[मैं गया छोटे मामा के रूम पे गेट नॉक किया]

[ छोटी मामी ने गेट खोला]

छोटे मामा- अंदर आ जाओ

[मैं अंदर गया]

छोटे मामा- ज़्यादा दर्द तो नही हो रहा है

दिलीप- मैं ठीक हूँ

छोटे मामा- डॉक्टर रंजन कहाँ है उनकी पत्नी उनकेलिए परेशान हो रही हैं

दिलीप- कुछ दिन के लिए बाहर गये है एसपी सर ने भेजा है

मैं उनकी वाइफ से बात कर लेता हूँ

[ छोटी मामी ने मेरे सर पे हाथ फेरा

मैं रूम से बाहर आया

और अपने रूम में गया

और डॉक्टर को फोन लगाया

डॉक्टर को समझा दिया

कि क्या कहना है उसे अपनी फॅमिली से

और उसे अड्रेस भी सेंड कर दिया]

मैं गया डॉक्टर की बीबी के रूम

डॉक्टर की बीबी ने गेट खोला

दिलीप- अभी फोन आएगा डॉक्टर का बात कर लीजिएगा

[तभी रिंग बजने लगी

डॉक्टर की बीबी ने फोन उठाया और बात करने लगी

डॉक्टर की बीबी मुझे घूर रही थी]

मैं वहाँ से सीधा मेघा दी के रूम की तरफ गया

गेट खोलते ही मेघा दी मेरे गले लग्के रोने लगी

मैं उनको अंदर ले गया

अंदर सुनीता दी भी थी

दिलीप- मेरी प्यारी दी क्यूँ रो रही है

मेघा- मेरी वजह से तुझे इतनी तकलीफ़ हुई

मुझे माफ़ कर दे

दिलीप- तब आप मुझे दो थप्पड़ मारिए

मेघा- क्यूँ

दिलीप- क्यूंकी मैं आपका भाई हूँ

और बहेन की वजह से कभी भाई को तकलीफ़ नही होती

सुनीता दी क्या हुआ आप भी रो रही हैं

सुनीता- तू तो कभी मुझसे बात ही नही करता

हमेश मेघा से या वँया से बात करता रहता है

जैसे मैं तेरी कोई नही हूँ

मेघा- ऐसी कोई बात नही है यह तो मेरी वजह से रो रही है

जब भी मैं दुखी होती हूँ यह उदास हो जाती है

दिलीप-[मैं वहाँ से अवन्तिका दी के रूम गया]

अवनतिका दी ने गेट खोला

मैं अंदर गया

कहना तो नही चाहिए पर अवन्तिका दी की नज़र हमेशा मुझे अजीब ही लगती है]

अवन्तिका- तुझसे एक बात करनी है

दिलीप- जी कहिए

अवन्तिका- तुम्हारी कोई गिर्ल्फ्रेंड है

दिलीप- यह कैसा सवाल है

अवन्तिका- बताओ ना

दिलीप- नही है

अवन्तिका- मेरे बॉयफ्रेंड बनोगे

दिलीप- [यह सुनके मेरी जिंदगी के हर एक तार में करेंट दौड़ गया

यह तो एक ही झटका था

दूसरा झटका तो यह है कि अवन्तिका दी ने मुझे किस किया वो भी लिप्स पे

मुझे तो कुछ होश ही नही रहा

मैं बिना कुछ कहे अवन्तिका दी के रूम से बाहर आगया......
 
अपडेट 53

मैं सीधा अपने रूम में गया

और बेड पे बैठ गया

थोड़ी देर बाद किसीने गेट नॉक किया

मैने गेट खोला

बड़ी नानी- क्या हुआ मेरे बेटे को

दिलीप- कुछ नही आइए अंदर

बड़ी नानी- पहले खाना खा ले

सारे बड़े खाना खा चुके है अब तुम बच्चे भी खा लो

दिलीप- गेस्ट सब

बड़े नानी- गेस्ट का खाना उनके रूम में पहुँचा दिया गया है

दिलीप- वो अखिल कल ही जाना चाहता है

अरषि कॉलेज भी जाती है

बड़ी नानी- ठीक है अब चल

[मैं वहाँ से सीधा डाइनिंग टेबल पे गया

सब बहनें खाना खा रही थी]

वँया कहाँ है

बड़ी नानी- उसकी तबीयत ठीक नही है

दिलीप- आप सब खाओ मेरे सर में दर्द है

[सब बहने उठ गयी और मेरा सर दबाने लगी]

अरे मैं ठीक हूँ थोड़ी देर आराम करूँगा फिर ठीक हो जौंगा

[यह कहके मैं अपने रूम में आगया]

2 घंटे बाद

मैं अपने रूम से किचन गया और खाना गरम किया

और वँया के रूम पहुँचा]

वँया मैने कल से कुछ नही खाया है

और अब खाउन्गा तो तुम्हारे हाथो से

प्लेट टेबल पे रख दिया आगे तुम्हारी मर्ज़ी

[मैं अपने रूम में आगया]

गेट खुला ही था

इंतेज़ार करते-2 नींद आ गई

तभी मुझे किसीने जगाया

मैं आँख खोल के देखा तो यह वँया थी

वँया- खाना ख़ालो

दिलीप- मैं उठके बैठ गया वँया मुझे अपने हाथ से खाना खिलाने लगी

[मेरी आँखो से आँसू बहने लगे]

वँया- क्या हुआ

दिलीप- आज तुम्हारी वजह से मेरे पास इतनी बहने हैं

और मैने तुम्हे थॅंक्स भी नही कहा

वँया- इसमे थॅंक्स कहने की क्या बात है

तुमने मेघा के लिए जो किया

दिलीप- वो मेरा फ़र्ज़ था

वँया- तो यह मेरा फ़र्ज़ था

दिलीप- [मैने भी वँया को अपने हाथ से खाना खिलाया

फिर वँया चली गयी

मैने गेट लॉक किया कपड़े बदल के सो गया

अगली सुबह

मैं उठा नहाया तय्यार हुआ

बाहर आया तो देखा सब जाने के लिए तय्यार है

मैं अखिल के पास गया]

अपना और भाभी का ख्याल रखना

अखिल- तू भी अपना ख्याल रखना

और भाभी अगर इसने आपको कभी परेशान किया

तो मुझे फोन करदेना

[आइजी आंड फॅमिली एसपी की फॅमिली अखिल अरषि और डॉक्टर की फॅमिली सब चले गये]

बड़ी नानी मैं गाओं घूम के आता हूँ

[फिर मैं बाइक पे बैठा और विनय के घर गया]

विनय मुझे देखते ही मेरे गले लग गया]

अरे बस हो गया

[मैं विनय के घर में गया

विनय की माँ ओर बहेन चूल्हेे के पास बैठी थी मैं उनको नमस्ते किया

विनय- चलो माँ हमे खेत भी जाना है

[विनय और उसकी माँ चले गये]

मैं विनय की माँ के पास गया

तो आपने जीजाजी को मना ही लिया

विनय की दीदी- हाँ पर आगे क्या करना है

मुझे तो लगा आप भूल गये

दिलीप- चिंता मत कीजिए 2 दिन बाद डॉक्टर के यहाँ जाएँगे

अब मैं चलता हूँ

फिर मैं वहाँ से सीधा बिम्ला के घर गया

मैने गेट नॉक किया

बिम्ला की बेटी ने गेट खोला और मुझे देखके डर गयी

कौन है

[अंदर से बिम्ला की आवाज़ आई]

दिलीप- मैं अंदर गया

बिंला- छोटे मालिक आप यहाँ बैठिए

तू खड़ी क्या देख रही है

जा स्कूल

[बिम्ला की बेटी तो वैसे भी डरी हुई थी बिम्ला के कहते ही वो बाहर निकल गयी]

बिम्ला- छोटे मालिक कुछ काम था क्या

दिलीप- क्यूँ ऐसे नही आसकता

बिम्ला- आप ही का घर है

कुछ लेंगे आप

दिलीप- दूध[मैं बिम्ला के दूध को घुरके कहा]

बिंला- अभी लाती हूँ

दिलीप- रहने दीजिए आप नही समझेंगी

पहले आप यह देखिए

[मैने अपना मोबाइल निकाला और वीडियो प्ले कर दिया

कहना तो नही चाहिए पर वीडियो देखके बिम्ला की फॅट गयी....
 
अपडेट 54

दिलीप- कुछ कहना है

बिम्ला- यह कहाँ से मिला आपको

दिलीप- मैने खुद बनाया है

और जब भी देखता हूँ मज़ा आजाता है

[ऐसा लग रहा था कि बिम्ला कुछ सोच रही है]

आप सोच रही हैं कि मैं आपको ब्लॅकमेल करूँगा

बिम्ला- अगर ऐसा नही होता तो आप यह वीडियो कभी नही बनाते

दिलीप- सच में

[अच्छा यह लीजिए मैने वीडियो डेलीट कर दिया]

अब तो मैं आपको ब्लॅकमेल नही कर पाउगा

बिम्ला- हो सकता है आपके पास और भी हो

दिलीप- अच्छा है अभी तो मुझे सच जानना है

कि आपके घर में एक जवान बेटी है फिर भी आप यह सब कर रही हैं

बिम्ला- मेरा मरद 2 साल पहले मर गया वो एक नंबर का शराबी था

उसने सरपंच से 50000 रुपया उधर लिया था

सरपंच ने मुझे बोला कि या तो 50000 देदो या अपना खेत

अगर मैं खेत देदेति तो भूखी मर जाती

और नही मेरे पास 50000 था

सरपंच ने मुझे तीसरा रास्ता बताया जिससे मेरी उधारी भी माफ़ हो जाएगी और उसका भी काम हो जाएगा

दिलीप- मेरे माथे पे चूतिया लिखा हुआ है

यह चलुपन किसी और के साथ चल जाएगा मेरे साथ नही

सच बताती हो या सरपंच से जाके पुच्छू

बिम्ला- बात यह है कि

मैं यह सब अपनी मर्ज़ी से कर रही हूँ

मेरी कोई मजबूरी नही है

मेरे मरद के मरने के बाद मैं 1साल तक बर्दाश्त करती रही पर

दिलीप- सरपंच अभी भी आता है

बिम्ला- कहाँ जिस दिन से उसके

दिलीप- उसकी गान्ड पे मैने पत्थर मारा है

बिम्ला- आपने पत्थर मारा था

दिलीप- वैसे अभी तक आपने दूध नही पिलाया

[मेरा ध्यान खिड़की की तरफ गया

बिंला- पिलाऊं

[बिम्ला ने एक क़ातिल मुस्कान देते हुए कहा]

दिलीप- नही रहने दो

मुझे नही लगता आपके पास दूध होगा

[यह कहके मैं बाहर आया घर के पीछे गया और देखा बिम्ला की लड़की खिड़की से देख रही थी

मैं धीरे से गया और बिंला की लड़की की गान्ड पे एक थप्पड़ मारा

[बिम्ला की लड़की चीखने ही वाली थी कि मैं उसके मुँह पे हाथ रख दिया]

स्कूल जा हर वक़्त अपनी माँ की जासूसी करती है

उसके बाद मैं बाइक पे बैठा और घर की तरफ बाइक दौड़ा दिया

थोड़ी देर में पहुँचा हवेली

पूरी महिला मंडल हॉल में बैठके बाते कर रहे थे

[मैं भी साथ में बैठ गया यही मेरी सबसे बड़ी ग़लती थी]

विद्या- दिलीप कहाँ गया था

दिलीप- दोस्त से मिलने

अरुणा- तू तो हर वक़्त बाहर घूमता है

हमारे साथ बैठने में तुझे अच्छा नही लगता क्या

अवन्तिका- हाँ दी आज मैं इसको कहाँ कि हम बगीचे में घूमने जाएँगे

तो यह बोला कि नही मुझे आप सबके साथ बोर नही होना है

विद्या- हम तुझे बोर करते हैं

[पीछे से किसी ने मेरी गर्दन पकड़ के हिला दिया]

विद्या- कितना बेशरम है

झूठ ही बोल देता हमारा दिल रखने के लिए

[मैं पीछे मुड़ा तो देखा सुनीता दी हँस रही थी]

विद्या- अभी से कोई दिलीप से बात नही करेगा

[मैं बड़ी नानी की तरफ देखा]

बड़ी नानी- मुझे क्या देख रहा है तेरी बहने है तू ही मना

[बड़ी नानी और दोनो मामी वहाँ से उठके किचन में चली गयी]

दिलीप- मैं सोचने लगा एक तो यह दिमाग़ किसी की बजाना हो तो 4जी की स्पीड में दौड़ता है

और अब ज़रूरत है तो 2जी की स्पीड भी नही दे रहा है

मेघा- भैया दी मज़ाक कर रही है

अरुणा- तू थोड़ी देर चुप नही रह सकती थी

[यह सुनके मैं दूसरी तरफ मुँह फूला कर बैठ गया]

सब बहने हँसने लगी....
 
अपडेट 55

विद्या- अले मेला बाबू गुस्सा हो गया

अच्छा सुनना हम तुझसे मज़ाक भी नही कर सकते

दिलीप- आप ने मज़ाक नही किया

आप ने कहा कि कोई मुझसे बात नही करेगा

अरुणा- दीदी इसका मतलब हमे दिलीप को गिफ्ट देना चाहिए

[सब बहने खुसुर फुसुर करने लगी

मुझे कुछ ठीक नही लगा

मैं जैसे ही उठने वाला था कि अवन्तिका दी और अरुणा दी ने मेरे दोनो हाथ पकड़ लिए

दिलीप- दी छोड़िए मुझे

[तभी सुनतदि और अरुणा दी ने मेरा पैर पकड़ लिया]

विद्या दी मेरे पास आई और मुझे गुदगुदी करने लगी]

विद्या- हम से कभी नाराज़ होगा

दिलीप- नही कभी नही

अरुणा- हमारी हर बात मानेगा

दिलीप- हाँ

अब और नही पेट दर्द कर रहा है

[सब बहनो ने मुझे छोड़ दिया]

[मैं ज़ोर से हाँफने लगा]

[आज एक बड़ी सीख मिली कभी बड़ी बहनों से नाराज़ नही होना चाहिए]

दिलीप- चलिए बगीचे में चलते हैं

विद्या- पहले पापा से पूछ ले

दिलीप- मैं बड़ी नानी से पूछ लेता हूँ

[मैं किचन में बड़ी नानी के पास गया]

बड़ी नानी हम बगीचे में जा रहे हैं

आप मामा जी से बात कर लेना

बड़ी नानी- ठीक है दोपहर के खाने से पहले आ जाना

दिलीप- मेरी प्यारी बड़ी नानी

[मैं फिर हॉल में गया]

आप सब चलिए मैं आता हूँ

विद्या- ठीक है

[मैं अपने रूम में आया बाथरूम गया]

मैं बाथरूम से निकला तो देखा अवन्तिका दी बेड पे बैठी थी]

क्या हुआ दी

अवन्तिका- कुछ नही

इधर बैठ तुझसे बात करनी है

[मैं बैठ गया]

दिलीप- जी कहिए

अवन्तिका- तूने जवाब नही दिया

दिलीप- मुझे कुछ समझ नही आरहा है

अवन्तिका- मुझसे पूछ

शायद मैं तेरी कुछ मदद कर सकूँ

दिलीप- मैं ही क्यूँ

अवन्तिका- क्यूंकी तू मेरा हीरो है

तू मुझे अच्छा लगता है

तू अगर मेरा बॉयफ्रेंड बनेगा तो मुझे कोई डर नही होगा

दिलीप- [मैं कुछ सोच रहा था कि तभी

अवन्तिका दी मुझे किस करने लगी

मुझे तो कुछ समझ ही नही आरहा था

10 मिनिट तक अवन्तिका दी मेरे होंठ चुस्ती रही]

[हम दोनो लंबी-2 साँसे लेने लगे]

अवन्तिका- अब बता तेरी बहेन अगर शादी से पहले ऐसा किसी और के साथ करे तो तुझे अच्छा लगेगा

[मैं अपनी गर्दन ना में हिला दिया]

इसका मतलब तू आज से मेरा बॉयफ्रेंड है

और मैं तेरी गर्लफ्रेंड

दिलीप- हाँ

[यह सुनके अवन्तिका दी खुशी से उछलने कूदने लगी]

दिलीप- चलिए सब इंतज़ार में होंगे

अवन्तिका- 1 मिनिट रुक

[अवन्तिका दी मेरे पास आई और मेरे सर पे हाथ चलाने लगी]

अब ठीक है चल

[फिर हम दोनो बगीचे की तरफ चल दिए

20मिनिट तक चलने के बाद हम बगीचे में पहुँचे

मैं देखा सब बहने आम तोड़ने के लिए पत्थर मार रही हैं

विद्या- कहाँ रह गये थे

इतनी देर कोई लगाता है

दिलीप- आप यह क्या कर रही हैं

अरुणा- आम तोड़ने की कोशिश

दिलीप- यहाँ के नौकर सब कहाँ हैं

विद्या- हमने सबको 3 घंटे की लिए छुट्टी दे दी

वँया- दीदी दिलीप पेड़ पे आसानी से चढ़ जाता है

अरुणा- खड़ा-2 देख क्या रहा है

दिलीप- [मैं पेड़ पे चढ़ गया]

विद्या- मीठे आम ही तोड़ना

दिलीप- मैं आम तोड़के नीचे गिराने लगा

विद्या- बस अब नीचे आजा

[मैं पेड़ से नीचे उतर गया]

दिलीप- मैं चटाई लेके आता हूँ

[मैं जल्दी से गया और चटाई और पानी लेके आया]

मैं चटाई बिच्छा दिया

हम चटाई पे बैठ गये और आम चूसने लगे

दिलीप- आपको पता है आज मैं पहली बार इस बगीचे का आम खा रहा हूँ

अरुणा- हम तो आज 10 साल बाद खा रहे हैं

दिलीप- मेरा ध्यान अवन्तिका दी की तरफ गया

अवन्तिका दी के होंठ पे आम रस लगा हुआ था

[बहुत परेशान किया है आपने]

दीदी वो देखिए

[सब बहने दूसरी तरफ देखने लगी

मैं जल्दी आगे बढ़ा और अवन्तिका दी के होंठ पे अपना होंठ रखके आमरस चुसलिया

अवन्तिका दी- दिलीप

विद्या- क्या हुआ

दिलीप- दी क्या हुआ आपको

अवन्तिका दी- चींटी ने काट लिया

[यह सुनके सब बहने उछलके खड़ी हो गयी]....
 
अपडेट 56

[विद्या दी मॅट उठा के झाड़ने लगी यह सब देख मुझे हँसने का मन हो रहा था]

दिलीप- अवन्तिका दी आपको वहम हुआ होगा

अरुणा- और नही तो क्या

[फिर हम सब बैठ के आम चूसने लगे

इस बार अवन्तिका दी मेरे सामने बैठी थी

दिलीप- बस और नही खा सकता

आप लोग खाओ

मैं और अवन्तिका दी मुँह धोके आते हैं

[अवन्तिका दी कुछ बोल पाती उससे पहले ही मैं उनका हाथ पकड़ के बगीचे वाले घर में ले गया

अवन्तिका- कितना बेशरम है अगर कोई देख लेता तो

[मैं अवन्तिका दी के होन्ट पे अपने होन्ट रखके चूसने लगा

अवन्तिका दी दी भी मेरे होन्ट चूसने लगी

कुछ देर बाद

ह्यूम किसी आने की आहट सुनाई दी

मैं जल्दी से बाथरूम में घुस गया

मुँह धोके बाहर आया

तो कोई नही था

मैं फिर बगीचे में गया

सब बहने मॅट पे बैठी थी

मैं भी जाके बैठ गया

वँया- दी चलो ना कुछ खेलते है

दिलीप- कबड्डी खेले

विद्या- तू अकेले खेल कबड्डी

हम तो हाइड आंड सीक खेलेंगे

दिलीप- ज़रा आप इसका देसी रूपांतरण करेंगी

वँया- छुपम छुपाइ

दिलीप- आप सब छुपो मैं ढूंढूंगा

[मैं अवन्तिका दी की तरफ देखके कहा]

मैने अपनी आँखें बंद कर ली और 1 से 20 तक गिना

मुझे तो सिर्फ़ अवन्तिका दी को ढूंडना था

मैं इधर उधर देखने लगा

मुझे पेड़ के पीछे कोई दिखा

मैं धीरे से गया तो यह मेघा दी थी

मैं दूसरी तरफ देखा वहाँ पे अरुणा दी थी

[मैं सोचा ऐसे नही होगा

मैं एक पेड़ पे चढ़ गया

और वहाँ से मैं सब को देख लिया

बड़े से पेड़ के कोने में अवन्तिका दी छुपि थी

मैं धीरे कदमो से उस तरफ जाने लगा

वहाँ पे पहुँच के मैने अवन्तिका दी को पीछे से गले लगा लिया

अवन्तिका दी ने पीछे मूड कर देखा

अवन्तिका- दिलीप कोई देख लेगा

[मैं अपने होन्ट अवन्तिका दी की गर्दन पे रखके सहलाने लगा]

अवन्तिका- बाबू प्लीज़ घर चलके जो करना हो कर्लेना यहाँ नही कोई देख लेगा

दिलीप- वादा

अवन्तिका- पक्का वादा

[फिर मैं वहाँ पर से आगे गया विद्या दी के पास

फिर मेघा दी सुनीता दी अरुणा दी

लास्ट में मैं वँया के पास गया]

कितनी देर से ढूँढ रहा हूँ

वँया- सबको ढूँढ लिया

दिलीप- हाँ अब चलो खाना खाने का समय हो गया है

फिर हम वहाँ से हँसी मज़ाक करते हुए घर पहुँचे

बड़ी नानी- आगया मेरा बेटा चल बैठ खाना खाले

हम बैठ गये बड़ी मामी और सी मामी खाना सर्फ करने लगी

मेरे बगल में बड़ी नानी बैठ गयी

मैं पहला नीवाला बड़ी नानी को खिलाया

विद्या- मुझे नही खिलाएगा

दिलीप- मैं विद्या दी को भी खिलाया

उसके बाद तो सबने भूख हड़ताल करदी

मैने सब बहनो को खिलाया

विद्या- मम्मी आप भी खाओ ना

भैया के हाथ से

[मैने बड़ी मामी को खिलाया

लास्ट में मैं अपने प्लेट में देखा तो आखरी नीवाला बचा था

मैं वो उठाके खुद खा लिया

जैसे ही मैं उठने वाला था कि सब बहनो ने मेरे प्लेट एक-2 नीवाला रख दिया

फिर हम सबने खाना खाया

और मैं अपने रूम में आगया

तभी मेरा फोन बजा

हेलो

अरविंद बोल रहा हूँ

दिलीप- जी एसपी सर

एसपी- तुम्हे जान के खुशी होगी कि एमएलए ने जितनी भी लड़किया विदेश में बेची थी

वो सब कल वापस अजाएँगी

दिलीप- यह तो बहुत अच्छी बात है

एसपी- एक और बात एमएलए की इल्लीगल प्रॉपर्टीस की कीमत 14000करोड़ है

उसमें से गवर्नमेंट ने 10 पर्सेंट तुम्हे देने को कहा है

दिलीप- इतने पैसे का मैं क्या करूँगा

एसपी- वो तुम जानो

तुम्हे जब भी अपने पैसे लेने हो

मुझे बता देना

फोन कट

मैं अपने रूम से बाहर आया और अवन्तिका दी के रूम पहुँचा

मैं धीरे से गेट खोला

उसके बाद जो मैने देखा

वो देखके मेरा दिमाग़ सुन्न हो गया...
 
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