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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २१४
तो धिरेन नीलमकी पीठसे हट गया.. तो नीलम अपने नीकरसे अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर मन ही मन धिरेनको कोसती जटसे बाथरुममे चली गइ.. ओर चुतको साफ करके अपने आपको सही करने लगी.. फीर सरमाते नंगी ही बहार आगइ.. तो धिरेन भी बाथरुमे चला गया.. ओर अपने आपको सही करने लगा.. तबतक नीलमने अपने कपडे पहेन लीये थे.. ओर अपने बालोको सही कर रही थी.. फीर धिरेन भी बहार आकर कंपलीट हो गया.. ओर दोनो अेक दुसरीकी बाहोमे समा गये.. तभी.... अब आगे

धिरेन : नीलु.. कल हमारे मकानका रजीस्ट्रेशन हे.. अभी मेरे नामपे लोन हे.. ओर नोमीनेशनमे मेने तेरा नाम डाल दीया हे.. अब हम बहुत ही जल्द सादी करलेगे.. तुम तैयार रहेना..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. अभी मुजे तीन साल ओर पढना हे.. क्या हम बादमे सादी नही कर सकते..? हंम..? अभी तो मेरी मम्मी भी इधर हे.. तो कुछ दिन हमे सावधानी रखनी पडेगी..
धिरेन : (जटसे धीरेसे) अरे पागल होगइ हो क्या..? नीलु.. मे तेरे बीना नही रेह सकता.. मे जल्दसे जल्द तुमसे सादी कर लेना चाहता हु.. पढाइ तो तुम मेरे साथ रहेकर भी कर सकती हो..
नीलम : (थोडी परेसानीसे) धिरेन आप समजते क्यु नही..? हमे पुनम दीदीके बारे भी तो सोचना पडेगा.. अगर हम सादी करलेगे तो आप उनको क्या कहोगे..? बाय ध वे.. फीर पुनम दीदीके बारेमे आपने क्या सोचा हे..?
धिरेन : नीलु.. मुजे नही लगता मे उनके साथ रेह पाउगा.. क्युकी उनके आते ही.. हमारे बीच थोडी बहेस होगइ थी.. ये भी नही.. की चलो.. इतने दिनोके बाद पतीको मीली हु.. तो कुछ प्यारकी बाते करले.. अब मुजे ना पुजोकी परवा हे नाही मेरी मम्मीकी.. क्युकी अब वोभी उसी परीवारकी होकर रेह गइ हे.. नीलु.. मुजे नही लगता.. मे पुनोके साथ पुरी जींदगी बीता पाउगां.. मे उनको जल्द से जल्द डीवोर्स देना चाहता हु.. फीर हम दोनो सादी करलेगे.. क्या कहेती हो..?
नीलम : (मनमे खुस होते मुस्कुराते) धिरेन.. देखना जो भी करो.. सोच समजकर करना.. इसमे कही मेरा नाम ना आये.. पहेले आप पुनम दीदीको डिर्वोस देदो.. फीर हम अेकाद दो सालके बाद सादी कर लेगे.. बस.. मुजे सीर्फ मेरी पढाइकी चीन्ता हे.. क्युकी मे भी आपके साथ जोब करना चाहती हु..
धिरेन : (थोडा परेसान होते) दो साल..? नीलु.. हम सादी तो कर ही सकते हे.. सादी करनेके क्या हर्ज हे..? फीर भले ही सादीके बाद तुम दो साल लखन भैयाके घरपे रहो.. हम सबसे हमारी सादी छुपायेगे.. जब तेरी पढाइ खतम होजाये तब तुम हमारे घरपे चली आना.. मे अेक दो दिनमे ही पुनोसे बात कर लेता हु..
नीलम : (थोडी मायुस होते) धिरेन.. फीर भी कुछ महिने तक इन्तजार करना पडेगा.. मे कोइ नीर्णय नही लेपा रही.. मेरी तो कुछ समजमे नही आ रहा.. की मे क्या करु..? क्युकी मुजे मम्मी पापाका सपना भी पुरा करना हे.. ओर लता दीदी ओर भावना मम्मीकी मुजपे पुरी नजर हे.. हमे इस बारेमे जल्द बाजी नही करनी चाहीये.. मुजे तीन साल लखन जीजुके साथ ही रहेकर पढना पडेगा..
धिरेन : (आस्चर्यसे देखते) मतलब..? नीलु.. तुम ये क्या बोल रही हो..? देखना बाबा मे तेरी वजहसे पुनोको डिवोर्स दे रहा हु.. क्युकी मुजे तेरे साथ जींदगी बीतानी हे.. पुनोके साथ नही.. तो तुम कुछ उल्टा सीधा मत सोचना.. तुम जब कहोगी हम सादी कर लेगे.. ओर मे तेरी अभीसे सब जीमेदारी उठानेके लीये तैयार हु.. तुजे कुछ भी चाहीये मुजे बोलना.. मे तुजे लेकर दुगा.. समजलो.. आजसे तुम मेरी बीवी ही हो..
नीलम : (मनमे खुस होते) धिरेन.. वो तो ठीक हे.. लेकीन देखना फीर मे आपसे बहुत खर्चा करवाउगी.. ये बीवी बहुत महेंगी हे.. अेक बार फीर सोचलो.. हें..हें..हें..
धिरेन : (हसते) हां सोचलीया हे.. नीलु.. मे तुजे अपनी रानी बनाके रखुगा.. देखा नही.. मेने हमारे मकानमे भी वारीसमे तेरा नाम रख दीया हे.. तुजे जीतना भी खर्चा करनाहो करना.. मे मना नही करुगा.. बस.. तुम सादीके लीये मना मत करना.. वरना मे तेरे बीना नही जी पाउगा.. क्या तबतक हम अैसे मीलतो सकते हेनां..?
नीलम : (थोडी सरारत करते) नही.. अगर सादीसे पहेले कही कुछ उच नीच होगइ तो..? बाबा मे सबको क्या जवाब दुगी.. की ये बच्चा कीसका हे.. हें..हें..हें.. अब तो जो भी करना हे सादीके बाद..
धिरेन : (थोडा परेसान होते) अरे.. पागल हो गइ हो क्या..? अरे बाबा मे तेरे बीना नही रेह सकता.. तुम कहोतो मे आज ही पुनोको डीवोर्स दे दुगा.. फीर हम कोर्ट मेरीज करलेगे.. फीर तुम लखन जीजुके यहा ही रहेना.. फीर तो हमे मीलनेमे कोइ प्रोबलेम नही हेनां..?
नीलम : (मुस्कुराते) हां.. तो फीर ठीक हे.. आप हीतो केह रहेथे.. की लखन जीजु हमे मीलनेमे पुरी मदद करेगे.. तो आप उनसे बात क्यु नही करते..? हो सकता हे वो कोइ रास्ता नीकाले..
धिरेन : (मुस्कुराते) अरे हां.. नीलु.. अच्छा हुआ तुमने याद दिलवाया.. वो मेरे सालेसे ज्यादा मेरे दोस्त हे.. उसीने कहा हे.. की जब भी नीलुको मीलनेका मन करे.. मुजे बता देना.. मे तुम दोनोके मीलनका इन्तजाम कर दुगा.. नीलु.. मुजे लगता हे.. वो हमारी सादी करवानेमे भी हमारी मदद करेगे.. मे अेक बार उनसे बात कर लुगा..
नीलम : (मनमे) बुध्धु कहीका.. धिरेन.. तुम कितना बुध्धु हो.. तुजे क्या पता.. हमे कीसलीये मीलवाना चाहते हे.. वो हम दोनोके मीलनका नही.. खुदके मीलनका इन्तजाम कर रहे हे.. वो रोज तेरी इस बीवीको चोदेगा.. इनके हथीयारेके आगे आपकी तो नुनी दिखती हे.. ओर मुजे भी तो अपनी जींदगीमे पुरे मजे चाहीये.. बस.. अंदर डाला नही ओर थोडी देरमे ढेर होजाते हो..
मेरी भी तुमसे सादी करनेकी मजबुरी हे.. वरना मे लखन जीजुसे ही सादी करना पसंद करती.. अब देखते हे.. लखन जीजुसे कब मीलन होता हे.. मुजे लगता हे जबतक मम्मी इधर हे.. मुजसे मीलनेका वो कोइ रीस्क नही लेगे.. कमीने कहीके.. अभी तो मेरी मम्मीके पीछे ही पडे हे.. लगता हे.. वो मम्मीको भी जल्द चोद लेगे..
धिरेन : (होंठ चुमते) नीलु.. क्या सोचमे पड गइ..? तुम फीकर मत करो.. हम दोनो अैसे ही मीलते रहेगे.. जबतक हमारी सादी नही होजाती तबतक हम सावधानी बरतेगे.. क्या केहती हो..?

कहातो नीलम जेंप गइ.. ओर फोरन तंद्नासे बहार आगइ.. उसने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके होठोको चुमने लगी.. आज बातो ही बातोमे नीलमने अपने दिलकी बात कहेदी.. ओर उसे जो भी चाहीये धिरेन उनको देनेके लीये तैयार था.. यही सब सोचके नीलमने मन ही मन खुस होने लगी.. उनको अपने प्लानके मुताबीक कामयाबी मीलती नजर आने लगी थी.. लेकीन उसे पता नही था वो आनायस ही लखनकी ओर ढलने लगी थी..
अध्याय - २१४
तो धिरेन नीलमकी पीठसे हट गया.. तो नीलम अपने नीकरसे अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर मन ही मन धिरेनको कोसती जटसे बाथरुममे चली गइ.. ओर चुतको साफ करके अपने आपको सही करने लगी.. फीर सरमाते नंगी ही बहार आगइ.. तो धिरेन भी बाथरुमे चला गया.. ओर अपने आपको सही करने लगा.. तबतक नीलमने अपने कपडे पहेन लीये थे.. ओर अपने बालोको सही कर रही थी.. फीर धिरेन भी बहार आकर कंपलीट हो गया.. ओर दोनो अेक दुसरीकी बाहोमे समा गये.. तभी.... अब आगे

धिरेन : नीलु.. कल हमारे मकानका रजीस्ट्रेशन हे.. अभी मेरे नामपे लोन हे.. ओर नोमीनेशनमे मेने तेरा नाम डाल दीया हे.. अब हम बहुत ही जल्द सादी करलेगे.. तुम तैयार रहेना..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. अभी मुजे तीन साल ओर पढना हे.. क्या हम बादमे सादी नही कर सकते..? हंम..? अभी तो मेरी मम्मी भी इधर हे.. तो कुछ दिन हमे सावधानी रखनी पडेगी..
धिरेन : (जटसे धीरेसे) अरे पागल होगइ हो क्या..? नीलु.. मे तेरे बीना नही रेह सकता.. मे जल्दसे जल्द तुमसे सादी कर लेना चाहता हु.. पढाइ तो तुम मेरे साथ रहेकर भी कर सकती हो..
नीलम : (थोडी परेसानीसे) धिरेन आप समजते क्यु नही..? हमे पुनम दीदीके बारे भी तो सोचना पडेगा.. अगर हम सादी करलेगे तो आप उनको क्या कहोगे..? बाय ध वे.. फीर पुनम दीदीके बारेमे आपने क्या सोचा हे..?
धिरेन : नीलु.. मुजे नही लगता मे उनके साथ रेह पाउगा.. क्युकी उनके आते ही.. हमारे बीच थोडी बहेस होगइ थी.. ये भी नही.. की चलो.. इतने दिनोके बाद पतीको मीली हु.. तो कुछ प्यारकी बाते करले.. अब मुजे ना पुजोकी परवा हे नाही मेरी मम्मीकी.. क्युकी अब वोभी उसी परीवारकी होकर रेह गइ हे.. नीलु.. मुजे नही लगता.. मे पुनोके साथ पुरी जींदगी बीता पाउगां.. मे उनको जल्द से जल्द डीवोर्स देना चाहता हु.. फीर हम दोनो सादी करलेगे.. क्या कहेती हो..?
नीलम : (मनमे खुस होते मुस्कुराते) धिरेन.. देखना जो भी करो.. सोच समजकर करना.. इसमे कही मेरा नाम ना आये.. पहेले आप पुनम दीदीको डिर्वोस देदो.. फीर हम अेकाद दो सालके बाद सादी कर लेगे.. बस.. मुजे सीर्फ मेरी पढाइकी चीन्ता हे.. क्युकी मे भी आपके साथ जोब करना चाहती हु..
धिरेन : (थोडा परेसान होते) दो साल..? नीलु.. हम सादी तो कर ही सकते हे.. सादी करनेके क्या हर्ज हे..? फीर भले ही सादीके बाद तुम दो साल लखन भैयाके घरपे रहो.. हम सबसे हमारी सादी छुपायेगे.. जब तेरी पढाइ खतम होजाये तब तुम हमारे घरपे चली आना.. मे अेक दो दिनमे ही पुनोसे बात कर लेता हु..
नीलम : (थोडी मायुस होते) धिरेन.. फीर भी कुछ महिने तक इन्तजार करना पडेगा.. मे कोइ नीर्णय नही लेपा रही.. मेरी तो कुछ समजमे नही आ रहा.. की मे क्या करु..? क्युकी मुजे मम्मी पापाका सपना भी पुरा करना हे.. ओर लता दीदी ओर भावना मम्मीकी मुजपे पुरी नजर हे.. हमे इस बारेमे जल्द बाजी नही करनी चाहीये.. मुजे तीन साल लखन जीजुके साथ ही रहेकर पढना पडेगा..
धिरेन : (आस्चर्यसे देखते) मतलब..? नीलु.. तुम ये क्या बोल रही हो..? देखना बाबा मे तेरी वजहसे पुनोको डिवोर्स दे रहा हु.. क्युकी मुजे तेरे साथ जींदगी बीतानी हे.. पुनोके साथ नही.. तो तुम कुछ उल्टा सीधा मत सोचना.. तुम जब कहोगी हम सादी कर लेगे.. ओर मे तेरी अभीसे सब जीमेदारी उठानेके लीये तैयार हु.. तुजे कुछ भी चाहीये मुजे बोलना.. मे तुजे लेकर दुगा.. समजलो.. आजसे तुम मेरी बीवी ही हो..
नीलम : (मनमे खुस होते) धिरेन.. वो तो ठीक हे.. लेकीन देखना फीर मे आपसे बहुत खर्चा करवाउगी.. ये बीवी बहुत महेंगी हे.. अेक बार फीर सोचलो.. हें..हें..हें..
धिरेन : (हसते) हां सोचलीया हे.. नीलु.. मे तुजे अपनी रानी बनाके रखुगा.. देखा नही.. मेने हमारे मकानमे भी वारीसमे तेरा नाम रख दीया हे.. तुजे जीतना भी खर्चा करनाहो करना.. मे मना नही करुगा.. बस.. तुम सादीके लीये मना मत करना.. वरना मे तेरे बीना नही जी पाउगा.. क्या तबतक हम अैसे मीलतो सकते हेनां..?
नीलम : (थोडी सरारत करते) नही.. अगर सादीसे पहेले कही कुछ उच नीच होगइ तो..? बाबा मे सबको क्या जवाब दुगी.. की ये बच्चा कीसका हे.. हें..हें..हें.. अब तो जो भी करना हे सादीके बाद..
धिरेन : (थोडा परेसान होते) अरे.. पागल हो गइ हो क्या..? अरे बाबा मे तेरे बीना नही रेह सकता.. तुम कहोतो मे आज ही पुनोको डीवोर्स दे दुगा.. फीर हम कोर्ट मेरीज करलेगे.. फीर तुम लखन जीजुके यहा ही रहेना.. फीर तो हमे मीलनेमे कोइ प्रोबलेम नही हेनां..?
नीलम : (मुस्कुराते) हां.. तो फीर ठीक हे.. आप हीतो केह रहेथे.. की लखन जीजु हमे मीलनेमे पुरी मदद करेगे.. तो आप उनसे बात क्यु नही करते..? हो सकता हे वो कोइ रास्ता नीकाले..
धिरेन : (मुस्कुराते) अरे हां.. नीलु.. अच्छा हुआ तुमने याद दिलवाया.. वो मेरे सालेसे ज्यादा मेरे दोस्त हे.. उसीने कहा हे.. की जब भी नीलुको मीलनेका मन करे.. मुजे बता देना.. मे तुम दोनोके मीलनका इन्तजाम कर दुगा.. नीलु.. मुजे लगता हे.. वो हमारी सादी करवानेमे भी हमारी मदद करेगे.. मे अेक बार उनसे बात कर लुगा..
नीलम : (मनमे) बुध्धु कहीका.. धिरेन.. तुम कितना बुध्धु हो.. तुजे क्या पता.. हमे कीसलीये मीलवाना चाहते हे.. वो हम दोनोके मीलनका नही.. खुदके मीलनका इन्तजाम कर रहे हे.. वो रोज तेरी इस बीवीको चोदेगा.. इनके हथीयारेके आगे आपकी तो नुनी दिखती हे.. ओर मुजे भी तो अपनी जींदगीमे पुरे मजे चाहीये.. बस.. अंदर डाला नही ओर थोडी देरमे ढेर होजाते हो..
मेरी भी तुमसे सादी करनेकी मजबुरी हे.. वरना मे लखन जीजुसे ही सादी करना पसंद करती.. अब देखते हे.. लखन जीजुसे कब मीलन होता हे.. मुजे लगता हे जबतक मम्मी इधर हे.. मुजसे मीलनेका वो कोइ रीस्क नही लेगे.. कमीने कहीके.. अभी तो मेरी मम्मीके पीछे ही पडे हे.. लगता हे.. वो मम्मीको भी जल्द चोद लेगे..
धिरेन : (होंठ चुमते) नीलु.. क्या सोचमे पड गइ..? तुम फीकर मत करो.. हम दोनो अैसे ही मीलते रहेगे.. जबतक हमारी सादी नही होजाती तबतक हम सावधानी बरतेगे.. क्या केहती हो..?

कहातो नीलम जेंप गइ.. ओर फोरन तंद्नासे बहार आगइ.. उसने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके होठोको चुमने लगी.. आज बातो ही बातोमे नीलमने अपने दिलकी बात कहेदी.. ओर उसे जो भी चाहीये धिरेन उनको देनेके लीये तैयार था.. यही सब सोचके नीलमने मन ही मन खुस होने लगी.. उनको अपने प्लानके मुताबीक कामयाबी मीलती नजर आने लगी थी.. लेकीन उसे पता नही था वो आनायस ही लखनकी ओर ढलने लगी थी..







