- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 33,357
नीलम : (मदहोसीमे आंख बंध करते) ओह.. जीजु.. आइ लव यु.. आज सारी हदे पार करदो.. मे आपके लीये बहुत तडपी हु.. मम्मीकी तराह मीललो मुजे.. बनादो मुजे अेक लडकीसे ओरत..
लखन : (बुब्स चुमते) नही नीलु.. आज नही.. वरना तुजे तकलीफ होगी.. इसके लीये हमे दो दिनके लीये वक्त चाहीये.. इसके लीये हमे कही ओर मीलना होगा.. जहा कोइना हो.. वहा सीर्फ मे ओर तुम.. ओर हमारा प्यार..

नीलम : (मदहोसीमे होठ चुमते) जीजु.. तो फीर मुजे कही ले चलो.. अब ओर बरदास्त नही होता.. हम जब भी मीलते हे ओरल सेक्स ही करते हे.. अब मुजे वो सुख चाहीये.. आज ही.. जो मुजे धिरेन कभी नही देपाया.. मे सब दर्द सेह लुगी..

लखन : (जोरोसे उरोज मसलते) नही नीलु.. देखना फीर तु भी तेरी मम्मीकी तराह मेरी दिवानी होजायेगी..

नीलम : (मदहोसीमे धीरेसे) जीजु.. होजायेगी नही होगइ हु.. जबसे आपका वो देखा हे तबसे आपकी दिवानी हो चुकी हु.. मुजे मजबुरन धिरेनके साथ जाना पड रहा हे.. आप मुजसे वो प्यार नही करते.. जो हर लडकी ओर ओरतको चाहीये.. जीजु.. मुजसे करलो मीलन.. आज जी भरके चोदलो मुजे.. मेरी हालत खराब होजाये.. कोइ परवा नही.. मे सेह लुगी..
लखन : (धीरेसे कानकी बुट काटते) नीलु.. थोडासा सबर कर.. तुजे वो प्यार भी मीलेगा जो तु चाहती हे.. बस.. कुछ दिन इन्तजार करले.. तेरी धिरेनके साथ सादी होगी.. उनसे पहेले हम जरुर मीलेगे..
नीलम : (पेन्टके उपरसे ही लंडको पकडते) जीजु.. जीद मत करो.. चोदलो मुजे.. बहुत मन कर रहा हे.. मसल डालो मुजे.. आपकी साली आपसे चुदवानेके लीये तैयार हे.. इस नागको डालदो अंदर..

लखन : (बुब्स चुमते) नीलु.. जीद मत कर.. आइ प्रोमीस हम बहुत जल्द मीलेगे..
नीलम : (मदहोसीमे धीरेसे लंडको चुमते) ठीक हे जीजु.. बस.. थोडासा टच तो करवादे.. बस.. थोडासा अंदर.. पुरा मत डालीयेगा..

नीलम वासनाकी आगमे जलने लगी.. दोनो प्यारकी आगोसमे खोने लगे.. ओर अेक अेक करते दोनोके तनसे कपडे अलग होते गये.. नीलमने लखनके लंडको थाम लीया.. ओर धीरे धीरे सहेलाते मुह लगाकर चुमने लगी.. फीर अचानक लखनको धका मारते बेडपे लीटा दीया.. ओर दोनो पैर पैसारते लखनकी कमरपे बैठ गइ.. लखन उनकी हरकतको देखने लगा..
नीलम नसीली आंदोसे देखते थोडी उची होगइ.. ओर लखनके लंडको सहेलाते मुठीमे पकड लीया.. ओर नसीली आंखोसे देखते अपनी चुतपे घीसने लगी.. वो अंदर डालनेकी कोसीस करे उनसे पहेले ही लखनने नीलमको बाहोमे भीच लीया.. ओर पलटकर लखन सीक्स नाइनमे होते नीलमकी चुतको खरोदने लगा.. दोनोही कामातुर होकर प्यारके सागरमे डुबने लगे.. ओर अपनी मंजीलकी ओर बढते रहे.. नीलम लखनके लंडको लोलीपोपकी तराह चुस रही थी..

फीर कुछ ही देरके बाद दोनो अकडने लगे.. ओर बारी बारी जडने लगे.. लखनने नीलमको सुला दीया ओर उनके सीनेपे बुब्सको मसलते अेक हाथसे अपने लंडको जोरोसे हीलाने लगा.. तो कुछ ही देरमे नीलमके चहेरेपे अपने पानीकी बोछार करदी.. तो नीलमका पुरा चहेरा अपने पानीसे भीगो दीया.. नीलम अपनी जीभ नीकालकर धिरेनके विर्यको चाटने लगी.. फीर दोनो बाथरुममे जाकर सही होगये.. ओर अपने अपने कपडे पहेन लीये.. ओर लखन वहासे अपने रुममे चला गया..

तो दुसरी ओर देर रात पुनम भी नींद ना आनेकी वजहसे करवटे बदलती रही.. आज उसने लखनको फोन करनेको कहा था.. दोनो फोनपे सेक्सकी बाते करते.. ओर पुनम बाते करते अपनी चुतमे उंगली करती.. ओर जड जाती.. पुनमने देखातो भावना ओर लता दोनो सो चुकी थी.. तो पुनमने धिरेसे अपना फोन उठाया.. ओर बाथरुममे चली गइ.. वहा उसने ब्रा पेन्टीके अलावा अपने सभी कपडे नीकाल दीये..

सीर्फ ब्रा पेन्टीमे अपनी अेक सेल्फी लेकर उसने लखनको सेन्ड करदी.. तो लखन नाइट गाउन पहेनकर रजीयाके पास लेटा ही था की उनके मोबाइलकी स्क्रीन जल उठी.. लखन मोबाइल उठाकर देखने लगा.. तो पुनमकी बहुत ही मस्त सेक्सी पीक आइ थी.. तो लखन समज गयाकी पुनम अभी जाग रही हे.. ओर वो मोबाइल लेकर बाथरुममे घुस गया.. ओर पुनमको विडीयो कोल करदीया..
पुनम : (स्क्रीनमे देखकर मुस्कुराते धीरेसे) हंम.. तो आखीर मेरे मजनु भाइको मेरी याद आ ही गइ.. कहाथे अबतक..? मील आये मेरी सौतनको..?
लखन : (मुस्कुराते धीरेसे देखते) अरे वो..? हां.. उनसे बात करने गया था.. तो बस.. थोडा ओरल..
पुनम : (थोडा गुस्सेसे) मे फोन रखती हु.. सबकुछ वही करलेते.. क्यु फोन कीया..?
लखन : (मुस्कुराते) अरे..? इतना गुस्सा..? हंम.. ज्वेलेसी..? हें..हें..हें..
पुनम : (मुह बीगाडते) ज्वेलेसी.. माय फुट.. जाओ.. उनके साथ ही मजे करो.. मुजे नही बात करनी..
लखन : (मुस्कुराते कान पकडते) सोरी सोरी बाबा.. अब नही जाउगा ओके..? दीदी.. बहुत ही सेक्सी ओर मस्त लग रही हो.. इसे भी नीकालदोनां..
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) अरे आप पागल हो गये हो क्या..? वहा देखकर नही आये क्या..?
लखन : (मुस्कुराते) आया हु.. लेकीन आपसे खुबसुरत नही हे.. कसमसे..
पुनम : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) हंम.. अपनी बहेनको नंगी देखोगे..? थोडा सबर नही कर सकते..?
लखन : (मुस्कुराते) हां तो..? बहेनको ही नंगी देखुगानां.. मेरी मासुका जो हे.. अैसी पीक देखकर कोन सबर करेगा..? मे आपका सबकुछ देखना चाहता हु..
पुनम : (सरमाते धीरेसे) अरे..? मेरा सबकुछ देख तो चुके हे.. ओर क्या देखना हे..?
लखन : दीदी.. यही आजाओनां.. आपसे मीलनेका बहुत मन कर रहा हे..
पुनम : (मुस्कुराते) आ रही हु बाबा.. मेरा भी यही हाल हे जो आपका हे.. भाइ.. आपसे मीलनेका बहुत मन कर रहा हे.. पता नही ये भाभीमांना..? ना जाने कब हम दोनोकी सादी करवायेगी.. भाइ.. वोही खेल.. सुरु करे..?
लखन : (बुब्स चुमते) नही नीलु.. आज नही.. वरना तुजे तकलीफ होगी.. इसके लीये हमे दो दिनके लीये वक्त चाहीये.. इसके लीये हमे कही ओर मीलना होगा.. जहा कोइना हो.. वहा सीर्फ मे ओर तुम.. ओर हमारा प्यार..

नीलम : (मदहोसीमे होठ चुमते) जीजु.. तो फीर मुजे कही ले चलो.. अब ओर बरदास्त नही होता.. हम जब भी मीलते हे ओरल सेक्स ही करते हे.. अब मुजे वो सुख चाहीये.. आज ही.. जो मुजे धिरेन कभी नही देपाया.. मे सब दर्द सेह लुगी..

लखन : (जोरोसे उरोज मसलते) नही नीलु.. देखना फीर तु भी तेरी मम्मीकी तराह मेरी दिवानी होजायेगी..

नीलम : (मदहोसीमे धीरेसे) जीजु.. होजायेगी नही होगइ हु.. जबसे आपका वो देखा हे तबसे आपकी दिवानी हो चुकी हु.. मुजे मजबुरन धिरेनके साथ जाना पड रहा हे.. आप मुजसे वो प्यार नही करते.. जो हर लडकी ओर ओरतको चाहीये.. जीजु.. मुजसे करलो मीलन.. आज जी भरके चोदलो मुजे.. मेरी हालत खराब होजाये.. कोइ परवा नही.. मे सेह लुगी..
लखन : (धीरेसे कानकी बुट काटते) नीलु.. थोडासा सबर कर.. तुजे वो प्यार भी मीलेगा जो तु चाहती हे.. बस.. कुछ दिन इन्तजार करले.. तेरी धिरेनके साथ सादी होगी.. उनसे पहेले हम जरुर मीलेगे..
नीलम : (पेन्टके उपरसे ही लंडको पकडते) जीजु.. जीद मत करो.. चोदलो मुजे.. बहुत मन कर रहा हे.. मसल डालो मुजे.. आपकी साली आपसे चुदवानेके लीये तैयार हे.. इस नागको डालदो अंदर..

लखन : (बुब्स चुमते) नीलु.. जीद मत कर.. आइ प्रोमीस हम बहुत जल्द मीलेगे..
नीलम : (मदहोसीमे धीरेसे लंडको चुमते) ठीक हे जीजु.. बस.. थोडासा टच तो करवादे.. बस.. थोडासा अंदर.. पुरा मत डालीयेगा..

नीलम वासनाकी आगमे जलने लगी.. दोनो प्यारकी आगोसमे खोने लगे.. ओर अेक अेक करते दोनोके तनसे कपडे अलग होते गये.. नीलमने लखनके लंडको थाम लीया.. ओर धीरे धीरे सहेलाते मुह लगाकर चुमने लगी.. फीर अचानक लखनको धका मारते बेडपे लीटा दीया.. ओर दोनो पैर पैसारते लखनकी कमरपे बैठ गइ.. लखन उनकी हरकतको देखने लगा..
नीलम नसीली आंदोसे देखते थोडी उची होगइ.. ओर लखनके लंडको सहेलाते मुठीमे पकड लीया.. ओर नसीली आंखोसे देखते अपनी चुतपे घीसने लगी.. वो अंदर डालनेकी कोसीस करे उनसे पहेले ही लखनने नीलमको बाहोमे भीच लीया.. ओर पलटकर लखन सीक्स नाइनमे होते नीलमकी चुतको खरोदने लगा.. दोनोही कामातुर होकर प्यारके सागरमे डुबने लगे.. ओर अपनी मंजीलकी ओर बढते रहे.. नीलम लखनके लंडको लोलीपोपकी तराह चुस रही थी..

फीर कुछ ही देरके बाद दोनो अकडने लगे.. ओर बारी बारी जडने लगे.. लखनने नीलमको सुला दीया ओर उनके सीनेपे बुब्सको मसलते अेक हाथसे अपने लंडको जोरोसे हीलाने लगा.. तो कुछ ही देरमे नीलमके चहेरेपे अपने पानीकी बोछार करदी.. तो नीलमका पुरा चहेरा अपने पानीसे भीगो दीया.. नीलम अपनी जीभ नीकालकर धिरेनके विर्यको चाटने लगी.. फीर दोनो बाथरुममे जाकर सही होगये.. ओर अपने अपने कपडे पहेन लीये.. ओर लखन वहासे अपने रुममे चला गया..

तो दुसरी ओर देर रात पुनम भी नींद ना आनेकी वजहसे करवटे बदलती रही.. आज उसने लखनको फोन करनेको कहा था.. दोनो फोनपे सेक्सकी बाते करते.. ओर पुनम बाते करते अपनी चुतमे उंगली करती.. ओर जड जाती.. पुनमने देखातो भावना ओर लता दोनो सो चुकी थी.. तो पुनमने धिरेसे अपना फोन उठाया.. ओर बाथरुममे चली गइ.. वहा उसने ब्रा पेन्टीके अलावा अपने सभी कपडे नीकाल दीये..

सीर्फ ब्रा पेन्टीमे अपनी अेक सेल्फी लेकर उसने लखनको सेन्ड करदी.. तो लखन नाइट गाउन पहेनकर रजीयाके पास लेटा ही था की उनके मोबाइलकी स्क्रीन जल उठी.. लखन मोबाइल उठाकर देखने लगा.. तो पुनमकी बहुत ही मस्त सेक्सी पीक आइ थी.. तो लखन समज गयाकी पुनम अभी जाग रही हे.. ओर वो मोबाइल लेकर बाथरुममे घुस गया.. ओर पुनमको विडीयो कोल करदीया..
पुनम : (स्क्रीनमे देखकर मुस्कुराते धीरेसे) हंम.. तो आखीर मेरे मजनु भाइको मेरी याद आ ही गइ.. कहाथे अबतक..? मील आये मेरी सौतनको..?
लखन : (मुस्कुराते धीरेसे देखते) अरे वो..? हां.. उनसे बात करने गया था.. तो बस.. थोडा ओरल..
पुनम : (थोडा गुस्सेसे) मे फोन रखती हु.. सबकुछ वही करलेते.. क्यु फोन कीया..?
लखन : (मुस्कुराते) अरे..? इतना गुस्सा..? हंम.. ज्वेलेसी..? हें..हें..हें..
पुनम : (मुह बीगाडते) ज्वेलेसी.. माय फुट.. जाओ.. उनके साथ ही मजे करो.. मुजे नही बात करनी..
लखन : (मुस्कुराते कान पकडते) सोरी सोरी बाबा.. अब नही जाउगा ओके..? दीदी.. बहुत ही सेक्सी ओर मस्त लग रही हो.. इसे भी नीकालदोनां..
पुनम : (सर्मसार होते धीरेसे) अरे आप पागल हो गये हो क्या..? वहा देखकर नही आये क्या..?
लखन : (मुस्कुराते) आया हु.. लेकीन आपसे खुबसुरत नही हे.. कसमसे..
पुनम : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) हंम.. अपनी बहेनको नंगी देखोगे..? थोडा सबर नही कर सकते..?
लखन : (मुस्कुराते) हां तो..? बहेनको ही नंगी देखुगानां.. मेरी मासुका जो हे.. अैसी पीक देखकर कोन सबर करेगा..? मे आपका सबकुछ देखना चाहता हु..
पुनम : (सरमाते धीरेसे) अरे..? मेरा सबकुछ देख तो चुके हे.. ओर क्या देखना हे..?
लखन : दीदी.. यही आजाओनां.. आपसे मीलनेका बहुत मन कर रहा हे..
पुनम : (मुस्कुराते) आ रही हु बाबा.. मेरा भी यही हाल हे जो आपका हे.. भाइ.. आपसे मीलनेका बहुत मन कर रहा हे.. पता नही ये भाभीमांना..? ना जाने कब हम दोनोकी सादी करवायेगी.. भाइ.. वोही खेल.. सुरु करे..?








