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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - १९
कहेके वो वहासे सीधेही राघवके घर चला गया वहा कोइ नजर नही आ रहाथा तो देवायत सीधेही राधवके कमरेमे चला गया तो रश्की राधवके पास बेठके उसे ज्युस पीला रहीथी.. तो देवायतको देखतेही खुसी से हसने लगी ओर इसारा करते वहा पलंगके पास रखा सोफेपे बेठनेको कहातो देवायत हसते बेठ गया तब उसने राघवको हाल चाल पुछा तब राघवको गुसा आने लगा ओर उसने अपना मुह फेर लीया तो ज्युस नीचे गीरने लगा तब रश्मीने ग्लास साइडमे रखके उनका मुह पोछ दीया ओर कहा....अब आगे
रश्मी : देखा.. हीलनेकी ताकात नही हे.. ओर गुसातो अेसे कर रहेहे.. बीस्तरमे पडे हे फीर भी अकड नही जाती.. देखो.. देखो.. कोन आया हे.., आपकी बीवीका यार.. मुजपे बहुत सक करते थेनां..? अब देखना तुम्हारे सामनेही इनसे चुदवाउगी ओर इनका बच्चाभी पैदा करुगी..
कहेके बहार चली गइ ओर मेइन गेइट लोक करके देवायतके लीये पानी लेके वापस अंदर आगइ ओर उसने देवायतको पानी पीलाया फीर ग्लासको सखके उसने अपने सब कपडे नीकाल दीये ओर सीर्फ टु पीसमे रेह गइ ओर आके देवायतकी गोदमे बेठ गइ तब देवायतभी थोडा पीछे होगया ओर रश्मीको अपने दोनो पैर फैलाके उसे आगेकी ओर बीठा दीया तो रश्मीभी जगाह बनामे दोनो पैरके बीच बेठ गइ..
तभी देवायतने पीछेसे दोनो हाथ आगे लेजाते उनके दोनो बुब्स पकड लीये ओर ब्राके उपरसेही हल्का हल्का दबाने लगा तब रश्मी मदहोस होने लगी ओर आख बंध करते देवायतका अेक हाथ पकड लीया.. फीर अपने बुब्सपे दबाके हाथको धीरे धीरे नीचे लेजाने लगी ओर देवायतके हाथोसे अपनी चुतको सहेलवाती रही.. तब वो बहुतही कामारतुर होके प्यारकी आगमे जलने लगी ओर उसने देवायतका हाथ अपनी पेन्टीमे घुसा दीया तब देवायत उसकी चुतको सहेलाते हाथकी मीडल फींगरको चुतमे घुसाने लगा..
रश्मी : (मदहोसीमे) सीसीसीइइइइइ..आआहहहह ससससससइइइइ बाबु इनके सासामममनेनेने चोचोचोदददलोलोलो मुमुमुमुजेजेजेज...सीसीसीइइइइइइ करदोदोदो.. पेपेपेटटटसेसेसे सीसीसीइइइ आह..इइइइ
जबसे चारुभाभीको देखा ओर उसने मीलनेका इसारा कीया तबसे देवायतका लंड फटा जा रहाथा उनके लंडको चुतकी सख्त जरुरत थी वो कीसीभी तराह कीसीभी ओरतकी चुतमे जानेके लीये बेकरार था ओर यहा देवायतको अपने लंडके लीये चुतका इन्तजाम हो गयाथा.. तबसे देवायतभी काफी उतेजीत था फील हाल उसे रश्मीको राघवके सामने चोदना उचीत नही लगा ओर वो रश्मीको गोदमे उठाके दुसरे रुममे ले गया..
ओर वहा रश्मीको बेडपे सुलाते अपने कपडे नीकालने लगा तब रश्मीनेभी अपनी ब्रा ओर पेन्टी नीकाल दी ओर वो पैर फेलाके पीठके बल लेट गइ.. तभी देवायत उनके पैरके बीच आगया.. ओर लंडको चुतपे घीसते धीरे धीरे पुरा लंड चुतमे उतार दीया तब रश्मी ओर देवायतने राहतकी सांस ली ओर देवायत रश्मीके उपर जुकके लेट गया तब रश्मीने उनकी कमरपे दोनो हाथ रखदीये ओर अपनी चुतपे दबाव बनाने लगी तब देवायत उनके होंठ चुमते धीरे धीरे अपनी कमर हीलाते रश्मीको चोदने लगा..
फीर धीरे धीरे दोनोने अपनी रफ्तार पकडली ओर दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी इस बीच रश्मी अेक बार जड चुकीथी ओर दुसरी बार जडनेकी कगारपे थी तब अचानक देवायने लंडको रश्मीकी चुतमे जड तक घुसा दीया ओर रुक गया फीर फोरन रश्मीसे चीपकते उसे बाहोमे भरलीया तो रश्मीने देवायतको जोरोसे बाहोमे भीचते होंठोपे लीपलोक करलीये तभी देवायत रुकरुक के कमरको जटके देने लगा..
तभी रश्मीको अपने गर्भासयपे देवायतके गरम लावेकी बौछार महेसुस हुइ ओर वो अेकदम उतेजीत होके कांपने लगी ओर अेक हल्की चीखके साथ वोभी देवायतके साथ जडने लगी तब वो आंख बडी करते देवायतके चहेरेको देखती ही रही.. ओर तुफान सांत होगया तब दोनोही पसीनेसे भीग चुके थे ओर अपनी सांस दुरस्त कर रहेथे तबतक रश्मी देवायकी पीठ सहेलाती रही.. ओर दोनो सांत होके अेसेही पडे रहे..
रश्मी : (सरमाते) देवु..कीतने दीनोके बाद मजा आया.. आज आपने मुजे तृप्त करदीया.. बाबु बस अेसेही आया करो ओर अपनी इस बीवीकी चुदाइ करते रहो.. वरना आप वहा अकेले हो तब मुजे बुला लीया करो मे आजाउगी.. अब कीसका डर.. अबतो जींदगी भर आपसेही चुदवाना हे..
देवायत : (लंड अबभी चुतमे हे) बस.. बेबी.. सांत होजा.. अबतो मेही तेरा खयाल रखुगा.. चल आजा साथमे नहा लेते हे फीर जानाभी हे.. ओर हां.. अब तु मुनीमकी जगाह काम करेगी.. तेरी नोकरी पकी.. वो रमेशको सरपंच बना रहा हु.. यहा राघवके पास कीतने पेपर पडे हे..?
रश्मी : पता नही.. देखलुगी.. जीतनेभी पेपर नीकलेगे आपको दे दुगी.. अब उतरना नही हे क्या..? की ओर चोदना हे..?
देवायत : (उपरसे उतरते) बेबी चोदनातो चाहता था पर जानाभी हे फीर कभी पुरा दिन चुदाइ करेगे..
इतना कहेके दोनोही बाथरुममे चले जातेहे ओर मस्तीया करते दोनो साथमे नहा लेते हे फीर बहार आके दोनोही कपडे पहेनके तैयार होजातेहे तब रश्मी देवायतकी बाहोमे समा जाती हे ओर दोनोके होंठ मील जाते हे
फीर देवायत बहार नीकल जाता हे ओर रश्मी दरवाजा बंध करते वापस उसी रुममे जाके सोने लगती हे.. उनकी चुतमे देवायतकी दमदार चुदाइकी वजहसे थोडी जलन हो रहीथी तो वो आराम करने लगी.. ओर उधर देवायतभी खेतोपे चला जाता हे वहा भानु धिरेनको जीपमे बीठाके दुर तक अपने खोतेमे घुमा रहा था जब मुजे देखलीया तो दोनोही वापस आगये ओर अेसेही साम ढल गइ तब देवायतने कहा..
देवायत : चल भानु अब घर चलते हे.. अब तुभी घर जा.. कल सुबह लताको हवेलीपे छोड जाना.. हम वो हमारी बडी गाडी ही लेकर जायेगे उनसे ७ आदमीतो आजायेगे.. क्या तुभी चलेगा..?
भानु : नही भाइ आपही सब लेकर आओ.. मे इधर हुनां.. अब दोनोको साथमे कही नही जाना पता नही कब कीसीको लेजाना पडे.. आपही चले जाओ..
तब भानु ओर धिरेन अेक बार फीर गले मीले ओर दोनो वापस हवेलीपे आगये.. तब देवायत ओर धिरेनको नही मालुमथा की मंजु ओर चंदाका रीस्ता बदल गया हे.. अब वो मौसी भांजी नही रहे.. अब वो बडी दीदी ओर छोटी दीदी बन गयेथे यानी अेक दुसरेको सौतनके रुपमे स्वीकार करलीया था.. दोनोही खुस नजर आ रही थी ओर हस हसके बाते कर रहीथी.. अभी तक चंदाने मंजुको नही बताया थाकी देवायत ओर उनकी सादी हो चुकी हे.. दोनोही अभी ये बात सबसे छुपाके रखना चाहती थी..
तभी देवायत ओर धिरेन फ्रेस होके अंदर आगये तो दोनोके चहेरेपे रोनक आ गइ ओर हसने लगी तब धिरेन उनकी मम्मी चंदासे चीपकके बेठ जाता हे ओर उसे बेठेही हग करता हे तो मंजु हसने लगती हे..
मंजुला : क्यु भाइ आज मम्मीपे बहोत प्यार आ रहा हे..? हें..हें..हें..
धिरेन : क्या दीदी.., वोतो बस युही.., (चंदाकी ओर देखते धीरेसे) मोम.. कल आप आ रही हेना..?
चंदा : (उनका सर सहेलाते) हां.. आ रही हु.., तु कहेतो नही आउगी.. हें..हें..हें..
धिरेन : (सरमाके हसते) मोम.., मेने अेसातो नही कहा.. क्या हेना वो कपडे लेने हे..तो..
चंदा : तो क्या हुआ.. अभी तक मोमकी पसंदका पहेनता था अब बीवीकी पसंदका पहेननेकी आदत डालले.. हें..हें..हें..
तो धिरेन मुह बीगाडते सरमा गया ओर उपर रुममे भाग गया तो सब हसने लगे.. फीर रजीयाने आवाज लगाइ ओर सब डीनरके लीये बेठ गये ओर खाना खाते कलकी खरीदीकी बाते करते रहे की क्या क्या लेना हे दुसरी ओर सहेरमे पुनम ओर लखनभी बहोत खुसथे क्युकी कलसे उनका वेकेशन लग रहा थातो दो महीनेकी छुटी.. अबतो वेसेभी वो लोग हमेसाके लीये धरही जाने वाले थे तो दोनोही अपना अपना पेकींग करने लगे ओर रात मे सब फ्रेन्डने विदाइकी पार्टी रखीथी तो दोनोही भाइ बहेन पार्टीमे बीजी थे..
तब दुसरी ओर भानु घर आगया तो सबने खाना खाने बेठ गये तब भावना लताको सब बता रहीथी की क्या क्या लेना हे तब सरलाने उसे अपनी मौसी चंदासे फोनपे बात करलेनेको कहा.. तब लता बार बार भानुकी ओर नजर चुराते देखती रही.. जीस तराह भानुने उनके साथ कीया ओर उनके रुममे बीना संकोच आताथा ओर बात करताथा तो उसे अब भानुसे थोडा डर लगने लगाथा की भानु कुछ गलत कदम ना उठाले..
क्युकी वो अब लखनकी ओर काफी ढल चुकीथी ओर दीनमे अेक बार उनसे फोनपे बात करलीया करती थी.. तब दो बारतो दोनोही उतेजीत होकर फोन सेक्सभी कर चुके थे.. बस अब सीर्फ मीलनेकी ही देरी थी.. वो अब काफी कामुक लडकी हो चुकीथी यहा तककी लखनसे सादीसे पहेले सेक्स करनेकोभी तैयार थी.. तब उसने भावनाने टोकाकी क्या सोच रहीहे तो वो चुपचाप सर जुकाके खाने लगी..
वो खाना खातेभी काफी अेक्साइटेड थी क्युकी कल उनकी लखनके साथ मुलाकातजो होने वालीथी तभी भानु उसे सुबह ज्लदी तैयार होनेको कहेता हे तो वो खाना खाते उठ जाती हे ओर सब खालेते हे तब फटाफट सभी काम नीपटाके अपने रुममे घुस जाती हे तभी भावना उसे भावेसको थमा देतीहे वो भावेसको सुलाके अपना रुम लोक करके सोनेकी कोसीस करने लगती हे..
उधर सब खानेकी पार्टीके साथ अेक दुसरेको गले मीलते अपने अपने रुमकी ओर जाने लगतेहे तब पुनमके मनमे घमासान युध्ध चल रहा हे अेक तरफ लडकेको मीलनेकी तम्मनाथी की कोन होगा वो लडका जो भाइने रीस्ता तैय कीया हे.. ओर दुसरा अपने भाइ देवायतसे मीलनेकी खुसी अंदर जातेही वो दरवाजा बंध करके लोक कर देती हे ओर अपने बेडपे पेटके बल लेट जाती हे फीर मोबाइलमे देवायतका फोटो रखके हसने लगती हे.. ओर देखतेही मनमे उसे बाते करती हे
पुनम : (मनमे) भाइ अब सीर्फ आजकी रात आपके यादोमे काटनी हे.. बस कलतो आपकी पुनम आपके साथ होगी.. पता नही आपने कोनसा लडका मेरे लीये चुना हे.. बस मुजेतो सीर्फ आपसे मतलब हे.. क्या मस्त बोडी हे आपकी.. कइ बार मेने आपका हथीयारभी देखलीया हे तबसे आपने मुजे पागल करके रखा हे.. भाइ आपको नही पता मेने कुछ डीसाइड करलीया हे जो मे आपसे राखीके दीन मांग लुगी..
कहेते वो उतेजीत होगइ ओर सब लाइट बंध करके अपने सब कपडे फटाफट नीकाल दीये सीर्फ टु पीसमेही बाथरुममे चली गइ ओर पेन्टी नीचे करके कमोडपे बेठ गइ ओर अपनी ब्रा भी उची करलीया ओर अपने हाथोसेही अपने बुब्सको मसलने लगी.. तब उनको कुछ याद आया तो उने देवायतको फोन लगा दीया.. ओर अेक हाथकी उंगली अपनी चुतमे घुसादी ओर धीरे धीरे अंदर बहार करने लगी तभी देवायत ओर मंजु सभी होलमे बेठे थे जेसेही पुनमका फोन आया तो देवायत फोन लेके आंगनमे चला गया ओर टहेलते फोन उठालीया तो फोनपे..
देवायत : हां छुटकी बोल क्यु फोन कीया..? क्या कर रही हे..? हम कल आ रहे हे..
पुनम : (कामुक आवाजमे) भाइ.. प्लीज.. जल्दी आजाओ.. मुजे वहा आना हे..
देवायत : (हसते धीरेसे) अरे हम कल आतो रहे हे.. ओर सुन.. कल तु उसे देखभी लेना क्या मस्त लडका हे..
पुनम : भाइ.. आजकी रात कटना बहोत मुस्कील हे.. प्लीज.. आजही आओनां.. सीसीसीइइइइइ
तभी देवायत उनकी सीसकारीया सुनतेही समज जाता हे की पुनम क्या कर रही हे.. तो सोचमे पड जाता हेकी मुजेही फोन क्यु कीया.. क्या वो मुजे.. इमेजींगतो.. नही नही.. सायद मुजे गलतफेमी हुइ हे..
देवायत : सुन छुटकी कल तेरी भाभीभी आ रही हे.. तु अपनी खरीदीकी पुरी लीस्ट बना लेना मे तुजे सब दीलवाउगा..
पुनम : पता हे.. लीस्ट.. बनाली..भाइ.. आह..सीसीइइइ भाइ.. मेरे मेरे.. कपडे.. आप.. चोइस.. करना.. ससससइइइ..
पुनम : (धीरेसे) बेबी.. क्या कर रही हे.. अब सोजा कल मीलके बात करेगे..
पुनम : भाइ.. कुछ.. नही.. बस.. बस.. सीइइइ उउउ गगगइइइइससस रखती हु..सीसीइइइ
कहेके पुनम जड गइ तब उसे होस आयाकी वो क्या कर रहीथी तो उसने फोरन गभराते फोन काट दीया ओर खुब सर्मीन्दा हुइ ओर हसने लगी.. अब वो देवायतसे बात करनेमे बीन्दास होने लगी थी तब देवायतभी सोचमे पड गया की पुनम क्या कर रही होगी.. जरुर उनको अमेजींग करते अपनी चुतमे उंगली कर रही होगी.. आवाजतो अेसेही आ रहीथी.. लगता हे मुजे पुनमको समजाना पडेगा.. आजकल वो मुजसे ज्यादाही बाते कर रही हे ओर उनका मेरे प्रती लगावभी काफी बढ गया हे जो उनके लीये सही नही हे.. तो क्या बाबाने जो कहाथा वो सब सच हो रहा हे.. मुजेभीतो कहाथाकी तुभी अेसे रीस्तोसे बंधा होगा.. तो क्या वो पुनम ओर मेरे बारेमे केह रहे थे..? नही नही.. मे गलत सोच रहा हु.. तभी..
मंजुला : देवु कीसका फोन था.. जो तुम सोचमे पड गये..
देवायत : (अंदर आते) अरे कुछ नही वो छुटकीका फोन था कहेतीथी कल कब आ रहे हो आज दोस्तोने पार्टी रखीथी ओर दोनोने अपना सब बोरीया बीस्तरा पेक करलीया हे उनको बडी जल्दीहे इधर आनेकी..हें..हें..हें..
कहातो सब हसने लगे तभी चंदाने सुबह जल्दी जानेका कहेके धिरेनको सोनेके लीये उपर भेज दीया तो धिरेन हसते खडा हो गया ओर सबको गुडनाइट कहेते उपर अपने रुममे चला गया.. क्युकी वोभी कल पुनमको मीलनेके लीये बडाही उत्साहीत था अंदर जातेही चेन्ज करलीया ओर अपने बेडपे आके लेट गया ओर अपना मोबाइल नीकालके पुनमकी तस्वीर देखने लगा ओर उसे देखतेही रोमांचीत हो गया..
ओर पुनमके साथ सोनेकी कल्पना करते उतेजीत होने लगा.. उनके लोअरमे तंबु होने लगा तो उसने लोअर नीचे करके अपना लंड बहार नीकाल लीया ओर अेक हाथसे मोबाइलमे पुनमको सामने रखते दुसरे हाथसे अपने लंडको सहेलाने लगा ओर धीरे धीरे मुठीमे पकडते हाथ उपर नीचे करने लगा तब थोडीही देरमे उनके लंडने जवाब देदीया.. ओर लंडसे पीचकारीया नीकलके उनकेही सीनेमे गीरने लगी..
फीर वो बाथरुममे चला गया ओर नहाके सोने लगा.. तो उधर नीचे अब चंदा मंजु ओर देवायतही बेठे थे.. तब थोडी देरके बाद देवायतभी साने चला गया तब मंजु ओर चंदाही रेह गये तब मंजुने कहा..
मंजुला : (हसके धीरेसे) दीदी अब आपभी सो जाओ.. कल अपने पतीके साथ जाना हे.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमसे पानीपानी होते मंनुको मुका मारदीया) क्या मंजु.. कुछभी बोलती हे.. अभी कहा हे पती..
मंजुला : (हसते) अरे देखो केसे गालपे लाली छागइ.. हें..हें..हें.., दीदी पती नही हेतो हो जायेगा.. कल अच्छा मौका हे.. आप उनसे बात करलो.. क्युकी मे जल्दसे जल्द आपको इस घरमे देखना चाहती हु..
चंदा : (धीरेसे सरमसे) मंजु.. क्या ये सही होगा.., ओर अभीतक देवुको तुम्हारी बीमारीके बारेमे भी तो नही पता..ठीक हे मे उसे मौका मीलतेही बात करलुगी उसे सम्हालनाभी तो पडेगा.. वोतो सुनके टुट ही जायेगा..
मंजुला : नही दीदी अभी उनको कुछ मत बताना पहेले मेरी डीलीवरी हो जाने दो फीर हम दोनो मीलके उसे बतायेगे.. हम दोनोको ही उसे सम्हालना हे.. पता नही मेरा देवु.. सम्हल पायेगाके नही..
चंदा : चल ठीक हे मे अभी नही बताउगी.. चलजा अब सोजा.. कल जानाभी हे..
मंजुला : (खडी होते सरारतसे) दीदी.. क्या उनको आपके पास भेजदु.. हें..हें..हें..
चंदा : (खडी होते सरमसे पानीपानी होगइ ओर अेक मुका मारते) चल ..हट.. बडी बदमास होगइ हे तु..
फीर दोनोही हसते अपने अपने कमरेमे चली जाती हे.. अंदर जातेही मंजुने चेन्ज करलीया ओर गाउन पहेनके देवायतसे लीपटके सोने लगी तब देवायतने उसे पीछेसे अपनी ओर खीचलीया तो मंजु देवायतके सीनेपे सर रखके उसे देखने लगी तभी देवायतने उनके होंठ चुमलीये ओर मंजुको प्यारसे देखने लगा..
मंजुला : जानु अेसे क्या देख रहे हो.. मुजे पता हे आपको प्यार करना हे पर मे आपको अभी कुछ नही दे सकती.. मेरा बेबी.. नाराज तो नही..? हें..हें..हें..
देवायत : (हसते बाहोमे भीचते) नही.. मुजे पता हे.. अब हमारा बेबी आजायेगा.. फीर तुजे जी भरके प्यार करुगा.. चल सोजा..
मंजुला : जानु आपतो राजा हो.. आप दुसरी सादी क्यु नही कर लेते.. मुजे कोइ अेतराज नही हे.. आप मौसीसेही सादी करलो.. बेचारीकी जींदगीभी सवर जायेगी..
देवायत : (उनकी ओर देखते) बेबी मे देख रहा हु पीछले चार दीनसे तुम मौसीके पीछेही क्यु पडी हे.. ओर तुजे क्या हुआ हे..? बता.. जो बार बार तुम दुसरी सादीकी बात क्यु कर रही हो..?
मंजुला : देवु.. बुरा मत मानना.. मेने आप दोनोकी आंखोमे अेक दुसरेके लीये प्यार देखा हे.., मुजे अेसा लगता हे मौसी आपको प्यार करती हे.. इसीलीये केह रहीथी.. ओर मुजे इस बातका दुखभी नही हे.. क्युकी मेभी मौसीके साथ रहेना चाहती हु.. इनको इस विधवाके रुपको नही देख सकती.. ओर अभी इनकी उमरही क्या हे.. इसीलीये केह रही थी..
देवायत : कभी धिरेनके बारेमे सोचा हे..? जब पता चलेगाकी उनकी माने दुसरी सादी करली ओर वोभी अपने जीजा के साथ तो उनपे क्या बीतेगी सोचा हे..? ओर अबतो हमारा जमाइ होने जा रहा हे..
मंजुला : (कुछ सोचते) जानु बुरा मत मानना.. मेने धिरेनसे इस बारेमे बात करली हे.. उसे कोइ अेतराज नही
देवायत : (चोंकते) क्या..? पागलतो नही होगइ तुम.. अैसी बातेभी कोइ पुछता हे..?
मंजुला : जानु पलीज.. गुसा मत हो.., धिरेन इस मामलेमे बहोत परीपकव हे.. उनकोभी पता हे मम्मीकी उमरभी नही हे ओर ओरतकी जरुरतके बारेमे जानता हे.. उसने मुजे परमीशन देदी हे बस अेकही सर्त पर..
देवायत : (उत्सुक्तासे) कोनसी सर्त..?
मंजुला : देवु.. वो चाहता हे मम्मी सादी करलेगी तो मेरे सामने खुलके जही जी पायेगी ओर सर्मींदा होती रहेगी.. इसीलीये वो अपनी सादीके बाद पुनमके साथ अपनेही घरमे रहेना चाहता हे.. अकेला..
देवायत : (हसते) बेबी तेरी बातोसे लगता हे तुम पुरी तैयारीया करके मुजसे बात कर रही हो.. तबतो येभी बतादो तुमने मौसीेस भी बात करली होगी.. बताओ क्या कहा उसने..
मंजुला : (खुसीसे चुमते) ओह.. हाउस्वीट मेरे अच्छे बेबी.. देखा पकडलीयानां मुजे.., हें..हें..हें.., सुनो.. मौसीभी तैयार हे.. लेकीन अभी नही.. कहेतीथी धिरेनकी सादीके बाद सोचेगे.. जब सही वक्त आजायेगा तब मे तेरे पास आजाउगी.. बस इतना ही कहा.. उनको मेरी सौतन बननेके लीये बडी मुस्कीलसे मनाया हे..
देवायत : ओ..हो.. तभी इतनी जीद कर रही हे.. अब येभी बतादो तुम मेरी दुसरी सादी क्यु करवाना चाहती हो..? क्या हे इनका रीजन..? बेबी मुजे इतनातो पता हे कोइभी अपने पतीकी दुसरी बीवी बरदास्त नही कर सकती.. ओर तुम खुद मेरी दुसरी सादी करजाना चाती हो.. कुछ तो रीजन होगा..
मंजुला : (सीरीयस होते सीनेमे सर रखदीया) जानु.. रीजन हे.. बस अभी मे वो आपको नही बता सकती..
देवायत : (मंजुके सरको सहेलाते) बेबी.. कुछतो गंभीर बात हे.. ठीक हे तो कब बताओगी..?
मंजुला : जानु बस.. मेरी डीलीवरी तक ठहेरजाओ फीर मे आपको सबकुछ बता दुगी..
देवायत : ठीक हे.. चल सोना नही हे क्या..? सुबह जाना भी हे.. आजा..
कहेके देवायत उसे बाहोमे भरके सोने लगता हे.. तब मंजुभी खुस थी.. ओर वोभी सोने लगी.. उधर आज चंदाभी मंजुकी बातोसे अेक्साइटेड थी ओर कलही देवुके साथ जाना था उसेभी कब नींद आगइ पता नही चला.. तब देर रात देवायत चंदाके रुममे आजाता हे तो चंदा अपने बेडपे चदर डालके उनका वेइट कर रहीथी.. देवायत धीरेसे दरवाजा बंध करके चंदाके पास आगया.. ओर चदर हटाली..
तभी चंदा सरमसे पानीपानी होके अपने हाथोसे अपना चहेरा छुपालीया क्युकी वो सब कपडे नीकालके पुरी तराह नंगी होके देवायतका वेइट कर रहीथी वो जानतीथी देर रात देवायत उनके पास उनकी चुदाइ करने जरुर आयेगा तो सब तैयारीया करकेही लेटीथी चंदाको नंगी देखतेही देवायतका लंड जटके मारने लगा ओर देवायत सीधाही उनके पैरके बीच बैठ गया तब चंदा ने अपने दोनो पैर घुटनोसे मोडके फैला दीये..
चंदा : जानु पहेले इसे अंदर डालदो फीर मेरे उपर आजाओ.. आज जल्दी सोना हे..
देवायत : (हसते धीरेसे) डार्लींग अब कोइ जल्दी नही.. अबतो मंजुनेभी सब छुट देदी हे.. तुजे आरामसे चोदुगा.. आजतो सुबह तक चोदना हे..
चंदा : (सरमाते हसते धीरेसे) पागल होगये हो क्या..? जानु सुबह हमे जानाभी हे.. बस अेक बार चोदलो..
देवायत : (चुतपे लंड घीसते) नही कमसे कम दो बार चोदुगा.. नहीतो मे चला..
चंदा : (बुरी तराह सरमाते) आप बहुत नोटीहो नही मानोगे.. ठीक हे लेकीन सीर्फ दो बार ओर ज्यादा नही..
देवायत : (लंड चुतमे फसाते चंदाके उपर लेटते) चल ठीक हे.. दो बारही करुगा बस.. आजा..
कहेते वो चंदाके उपर जुक जाता हे ओर चंदाके होंठ चुमने लगता हे तब चंदाभी मदहोसीमे छाने लगी.. उनकी चुतकी नाजुक चमडीपे देवायतका सख्त लंड महेसुस हो रहाथा तब चंदाकी चुत हरकतमे आके फडफडाने लगी ओर देवायतके सांपको अपने बीलमे घुसानेकी कोसीस करने लगी तभी देवायतने अेकही जटकेमे पुरा लंड चंदाकी चुतमे उतार दीया तो चंदाकी चीख देवायतके मुहमेही दब गइ ओर वो देवायतके सीनेपे मुके मारने लगी.. तब देवायत उसे जटके मारते चोदने लगा.. ओर चंदाकी आहे नीकलने लगी..
दोनोके बीच धुआधार चुदाइ होने लगी आज देवायत पुरे जोसमे चंदाकी चुदाइ कर रहाथा तो चंदाभी कमर उछाल उछालके देवायतका चुदाइमे साथ दे रहीथी दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी.. ओर काफी देरके बाद दोनोही अकडने लगे ओर अेक दुसरेको जोरोसे बाहोमे भीचते साथमे जडने लगे.. तब देवायतने चंदाकी पुरी चुत अपने पानीसे भरदी.. ओर चंदाके सीनेपे ढेर होगया ओर चंदा उनकी पीठ सहेलाती रही..
कुछ देरके बाद दोनोके बीच अेक बार फीर जबरदस्त चुदाइ होने लगी इस बार चंदा पुरी तराह थक गइथी देवायत इतना जोस ओर ताकातसे चंदाको चोद रहाथा की चंदाके सरीरकी अेक अेक नब्स ढीली करदी ओर अेक बार फीर दोनो जड गये तब चंदाकी चुतसे देवायतका विर्य बहार नीकलने लगा.. तब देवायत उसे गोदमे उठाके बाथरुममे ले गया ओर दोनो नहाने लगे तब देवायतने अेक बार वहाभी चंदाको खडे खडे चोद लीया तब चंदा थकके चकनाचुर हो चुकी थी.. ओर देवायतको हसते हुअे धके मारके बहार भेज दीया..
दोनोने नाइटके कपडे पहेनलीये तब देवायत चंदाको बाहोमे भरके होंठ मीलाके प्यार देता हे पुरी रात दोनोके बीच तीन बार जमकर चुदाइ हो चुकीथी हे.. तब चंदा बहुत खुस होगइ ओर देवायत ४ बजे वापस मंजुके पास चला गया ओर उनसे चीपकके सो गया तब मंजुभी देवायतसे चीपकके खुस होते सोने लगी.. वो जान चुकीथी उनका पती उनकी सौतनकी बजाके आया हे....
कन्टीन्यु
अध्याय - १९
कहेके वो वहासे सीधेही राघवके घर चला गया वहा कोइ नजर नही आ रहाथा तो देवायत सीधेही राधवके कमरेमे चला गया तो रश्की राधवके पास बेठके उसे ज्युस पीला रहीथी.. तो देवायतको देखतेही खुसी से हसने लगी ओर इसारा करते वहा पलंगके पास रखा सोफेपे बेठनेको कहातो देवायत हसते बेठ गया तब उसने राघवको हाल चाल पुछा तब राघवको गुसा आने लगा ओर उसने अपना मुह फेर लीया तो ज्युस नीचे गीरने लगा तब रश्मीने ग्लास साइडमे रखके उनका मुह पोछ दीया ओर कहा....अब आगे
रश्मी : देखा.. हीलनेकी ताकात नही हे.. ओर गुसातो अेसे कर रहेहे.. बीस्तरमे पडे हे फीर भी अकड नही जाती.. देखो.. देखो.. कोन आया हे.., आपकी बीवीका यार.. मुजपे बहुत सक करते थेनां..? अब देखना तुम्हारे सामनेही इनसे चुदवाउगी ओर इनका बच्चाभी पैदा करुगी..
कहेके बहार चली गइ ओर मेइन गेइट लोक करके देवायतके लीये पानी लेके वापस अंदर आगइ ओर उसने देवायतको पानी पीलाया फीर ग्लासको सखके उसने अपने सब कपडे नीकाल दीये ओर सीर्फ टु पीसमे रेह गइ ओर आके देवायतकी गोदमे बेठ गइ तब देवायतभी थोडा पीछे होगया ओर रश्मीको अपने दोनो पैर फैलाके उसे आगेकी ओर बीठा दीया तो रश्मीभी जगाह बनामे दोनो पैरके बीच बेठ गइ..
तभी देवायतने पीछेसे दोनो हाथ आगे लेजाते उनके दोनो बुब्स पकड लीये ओर ब्राके उपरसेही हल्का हल्का दबाने लगा तब रश्मी मदहोस होने लगी ओर आख बंध करते देवायतका अेक हाथ पकड लीया.. फीर अपने बुब्सपे दबाके हाथको धीरे धीरे नीचे लेजाने लगी ओर देवायतके हाथोसे अपनी चुतको सहेलवाती रही.. तब वो बहुतही कामारतुर होके प्यारकी आगमे जलने लगी ओर उसने देवायतका हाथ अपनी पेन्टीमे घुसा दीया तब देवायत उसकी चुतको सहेलाते हाथकी मीडल फींगरको चुतमे घुसाने लगा..
रश्मी : (मदहोसीमे) सीसीसीइइइइइ..आआहहहह ससससससइइइइ बाबु इनके सासामममनेनेने चोचोचोदददलोलोलो मुमुमुमुजेजेजेज...सीसीसीइइइइइइ करदोदोदो.. पेपेपेटटटसेसेसे सीसीसीइइइ आह..इइइइ
जबसे चारुभाभीको देखा ओर उसने मीलनेका इसारा कीया तबसे देवायतका लंड फटा जा रहाथा उनके लंडको चुतकी सख्त जरुरत थी वो कीसीभी तराह कीसीभी ओरतकी चुतमे जानेके लीये बेकरार था ओर यहा देवायतको अपने लंडके लीये चुतका इन्तजाम हो गयाथा.. तबसे देवायतभी काफी उतेजीत था फील हाल उसे रश्मीको राघवके सामने चोदना उचीत नही लगा ओर वो रश्मीको गोदमे उठाके दुसरे रुममे ले गया..
ओर वहा रश्मीको बेडपे सुलाते अपने कपडे नीकालने लगा तब रश्मीनेभी अपनी ब्रा ओर पेन्टी नीकाल दी ओर वो पैर फेलाके पीठके बल लेट गइ.. तभी देवायत उनके पैरके बीच आगया.. ओर लंडको चुतपे घीसते धीरे धीरे पुरा लंड चुतमे उतार दीया तब रश्मी ओर देवायतने राहतकी सांस ली ओर देवायत रश्मीके उपर जुकके लेट गया तब रश्मीने उनकी कमरपे दोनो हाथ रखदीये ओर अपनी चुतपे दबाव बनाने लगी तब देवायत उनके होंठ चुमते धीरे धीरे अपनी कमर हीलाते रश्मीको चोदने लगा..
फीर धीरे धीरे दोनोने अपनी रफ्तार पकडली ओर दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी इस बीच रश्मी अेक बार जड चुकीथी ओर दुसरी बार जडनेकी कगारपे थी तब अचानक देवायने लंडको रश्मीकी चुतमे जड तक घुसा दीया ओर रुक गया फीर फोरन रश्मीसे चीपकते उसे बाहोमे भरलीया तो रश्मीने देवायतको जोरोसे बाहोमे भीचते होंठोपे लीपलोक करलीये तभी देवायत रुकरुक के कमरको जटके देने लगा..
तभी रश्मीको अपने गर्भासयपे देवायतके गरम लावेकी बौछार महेसुस हुइ ओर वो अेकदम उतेजीत होके कांपने लगी ओर अेक हल्की चीखके साथ वोभी देवायतके साथ जडने लगी तब वो आंख बडी करते देवायतके चहेरेको देखती ही रही.. ओर तुफान सांत होगया तब दोनोही पसीनेसे भीग चुके थे ओर अपनी सांस दुरस्त कर रहेथे तबतक रश्मी देवायकी पीठ सहेलाती रही.. ओर दोनो सांत होके अेसेही पडे रहे..
रश्मी : (सरमाते) देवु..कीतने दीनोके बाद मजा आया.. आज आपने मुजे तृप्त करदीया.. बाबु बस अेसेही आया करो ओर अपनी इस बीवीकी चुदाइ करते रहो.. वरना आप वहा अकेले हो तब मुजे बुला लीया करो मे आजाउगी.. अब कीसका डर.. अबतो जींदगी भर आपसेही चुदवाना हे..
देवायत : (लंड अबभी चुतमे हे) बस.. बेबी.. सांत होजा.. अबतो मेही तेरा खयाल रखुगा.. चल आजा साथमे नहा लेते हे फीर जानाभी हे.. ओर हां.. अब तु मुनीमकी जगाह काम करेगी.. तेरी नोकरी पकी.. वो रमेशको सरपंच बना रहा हु.. यहा राघवके पास कीतने पेपर पडे हे..?
रश्मी : पता नही.. देखलुगी.. जीतनेभी पेपर नीकलेगे आपको दे दुगी.. अब उतरना नही हे क्या..? की ओर चोदना हे..?
देवायत : (उपरसे उतरते) बेबी चोदनातो चाहता था पर जानाभी हे फीर कभी पुरा दिन चुदाइ करेगे..
इतना कहेके दोनोही बाथरुममे चले जातेहे ओर मस्तीया करते दोनो साथमे नहा लेते हे फीर बहार आके दोनोही कपडे पहेनके तैयार होजातेहे तब रश्मी देवायतकी बाहोमे समा जाती हे ओर दोनोके होंठ मील जाते हे
फीर देवायत बहार नीकल जाता हे ओर रश्मी दरवाजा बंध करते वापस उसी रुममे जाके सोने लगती हे.. उनकी चुतमे देवायतकी दमदार चुदाइकी वजहसे थोडी जलन हो रहीथी तो वो आराम करने लगी.. ओर उधर देवायतभी खेतोपे चला जाता हे वहा भानु धिरेनको जीपमे बीठाके दुर तक अपने खोतेमे घुमा रहा था जब मुजे देखलीया तो दोनोही वापस आगये ओर अेसेही साम ढल गइ तब देवायतने कहा..
देवायत : चल भानु अब घर चलते हे.. अब तुभी घर जा.. कल सुबह लताको हवेलीपे छोड जाना.. हम वो हमारी बडी गाडी ही लेकर जायेगे उनसे ७ आदमीतो आजायेगे.. क्या तुभी चलेगा..?
भानु : नही भाइ आपही सब लेकर आओ.. मे इधर हुनां.. अब दोनोको साथमे कही नही जाना पता नही कब कीसीको लेजाना पडे.. आपही चले जाओ..
तब भानु ओर धिरेन अेक बार फीर गले मीले ओर दोनो वापस हवेलीपे आगये.. तब देवायत ओर धिरेनको नही मालुमथा की मंजु ओर चंदाका रीस्ता बदल गया हे.. अब वो मौसी भांजी नही रहे.. अब वो बडी दीदी ओर छोटी दीदी बन गयेथे यानी अेक दुसरेको सौतनके रुपमे स्वीकार करलीया था.. दोनोही खुस नजर आ रही थी ओर हस हसके बाते कर रहीथी.. अभी तक चंदाने मंजुको नही बताया थाकी देवायत ओर उनकी सादी हो चुकी हे.. दोनोही अभी ये बात सबसे छुपाके रखना चाहती थी..
तभी देवायत ओर धिरेन फ्रेस होके अंदर आगये तो दोनोके चहेरेपे रोनक आ गइ ओर हसने लगी तब धिरेन उनकी मम्मी चंदासे चीपकके बेठ जाता हे ओर उसे बेठेही हग करता हे तो मंजु हसने लगती हे..
मंजुला : क्यु भाइ आज मम्मीपे बहोत प्यार आ रहा हे..? हें..हें..हें..
धिरेन : क्या दीदी.., वोतो बस युही.., (चंदाकी ओर देखते धीरेसे) मोम.. कल आप आ रही हेना..?
चंदा : (उनका सर सहेलाते) हां.. आ रही हु.., तु कहेतो नही आउगी.. हें..हें..हें..
धिरेन : (सरमाके हसते) मोम.., मेने अेसातो नही कहा.. क्या हेना वो कपडे लेने हे..तो..
चंदा : तो क्या हुआ.. अभी तक मोमकी पसंदका पहेनता था अब बीवीकी पसंदका पहेननेकी आदत डालले.. हें..हें..हें..
तो धिरेन मुह बीगाडते सरमा गया ओर उपर रुममे भाग गया तो सब हसने लगे.. फीर रजीयाने आवाज लगाइ ओर सब डीनरके लीये बेठ गये ओर खाना खाते कलकी खरीदीकी बाते करते रहे की क्या क्या लेना हे दुसरी ओर सहेरमे पुनम ओर लखनभी बहोत खुसथे क्युकी कलसे उनका वेकेशन लग रहा थातो दो महीनेकी छुटी.. अबतो वेसेभी वो लोग हमेसाके लीये धरही जाने वाले थे तो दोनोही अपना अपना पेकींग करने लगे ओर रात मे सब फ्रेन्डने विदाइकी पार्टी रखीथी तो दोनोही भाइ बहेन पार्टीमे बीजी थे..
तब दुसरी ओर भानु घर आगया तो सबने खाना खाने बेठ गये तब भावना लताको सब बता रहीथी की क्या क्या लेना हे तब सरलाने उसे अपनी मौसी चंदासे फोनपे बात करलेनेको कहा.. तब लता बार बार भानुकी ओर नजर चुराते देखती रही.. जीस तराह भानुने उनके साथ कीया ओर उनके रुममे बीना संकोच आताथा ओर बात करताथा तो उसे अब भानुसे थोडा डर लगने लगाथा की भानु कुछ गलत कदम ना उठाले..
क्युकी वो अब लखनकी ओर काफी ढल चुकीथी ओर दीनमे अेक बार उनसे फोनपे बात करलीया करती थी.. तब दो बारतो दोनोही उतेजीत होकर फोन सेक्सभी कर चुके थे.. बस अब सीर्फ मीलनेकी ही देरी थी.. वो अब काफी कामुक लडकी हो चुकीथी यहा तककी लखनसे सादीसे पहेले सेक्स करनेकोभी तैयार थी.. तब उसने भावनाने टोकाकी क्या सोच रहीहे तो वो चुपचाप सर जुकाके खाने लगी..
वो खाना खातेभी काफी अेक्साइटेड थी क्युकी कल उनकी लखनके साथ मुलाकातजो होने वालीथी तभी भानु उसे सुबह ज्लदी तैयार होनेको कहेता हे तो वो खाना खाते उठ जाती हे ओर सब खालेते हे तब फटाफट सभी काम नीपटाके अपने रुममे घुस जाती हे तभी भावना उसे भावेसको थमा देतीहे वो भावेसको सुलाके अपना रुम लोक करके सोनेकी कोसीस करने लगती हे..
उधर सब खानेकी पार्टीके साथ अेक दुसरेको गले मीलते अपने अपने रुमकी ओर जाने लगतेहे तब पुनमके मनमे घमासान युध्ध चल रहा हे अेक तरफ लडकेको मीलनेकी तम्मनाथी की कोन होगा वो लडका जो भाइने रीस्ता तैय कीया हे.. ओर दुसरा अपने भाइ देवायतसे मीलनेकी खुसी अंदर जातेही वो दरवाजा बंध करके लोक कर देती हे ओर अपने बेडपे पेटके बल लेट जाती हे फीर मोबाइलमे देवायतका फोटो रखके हसने लगती हे.. ओर देखतेही मनमे उसे बाते करती हे
पुनम : (मनमे) भाइ अब सीर्फ आजकी रात आपके यादोमे काटनी हे.. बस कलतो आपकी पुनम आपके साथ होगी.. पता नही आपने कोनसा लडका मेरे लीये चुना हे.. बस मुजेतो सीर्फ आपसे मतलब हे.. क्या मस्त बोडी हे आपकी.. कइ बार मेने आपका हथीयारभी देखलीया हे तबसे आपने मुजे पागल करके रखा हे.. भाइ आपको नही पता मेने कुछ डीसाइड करलीया हे जो मे आपसे राखीके दीन मांग लुगी..
कहेते वो उतेजीत होगइ ओर सब लाइट बंध करके अपने सब कपडे फटाफट नीकाल दीये सीर्फ टु पीसमेही बाथरुममे चली गइ ओर पेन्टी नीचे करके कमोडपे बेठ गइ ओर अपनी ब्रा भी उची करलीया ओर अपने हाथोसेही अपने बुब्सको मसलने लगी.. तब उनको कुछ याद आया तो उने देवायतको फोन लगा दीया.. ओर अेक हाथकी उंगली अपनी चुतमे घुसादी ओर धीरे धीरे अंदर बहार करने लगी तभी देवायत ओर मंजु सभी होलमे बेठे थे जेसेही पुनमका फोन आया तो देवायत फोन लेके आंगनमे चला गया ओर टहेलते फोन उठालीया तो फोनपे..
देवायत : हां छुटकी बोल क्यु फोन कीया..? क्या कर रही हे..? हम कल आ रहे हे..
पुनम : (कामुक आवाजमे) भाइ.. प्लीज.. जल्दी आजाओ.. मुजे वहा आना हे..
देवायत : (हसते धीरेसे) अरे हम कल आतो रहे हे.. ओर सुन.. कल तु उसे देखभी लेना क्या मस्त लडका हे..
पुनम : भाइ.. आजकी रात कटना बहोत मुस्कील हे.. प्लीज.. आजही आओनां.. सीसीसीइइइइइ
तभी देवायत उनकी सीसकारीया सुनतेही समज जाता हे की पुनम क्या कर रही हे.. तो सोचमे पड जाता हेकी मुजेही फोन क्यु कीया.. क्या वो मुजे.. इमेजींगतो.. नही नही.. सायद मुजे गलतफेमी हुइ हे..
देवायत : सुन छुटकी कल तेरी भाभीभी आ रही हे.. तु अपनी खरीदीकी पुरी लीस्ट बना लेना मे तुजे सब दीलवाउगा..
पुनम : पता हे.. लीस्ट.. बनाली..भाइ.. आह..सीसीइइइ भाइ.. मेरे मेरे.. कपडे.. आप.. चोइस.. करना.. ससससइइइ..
पुनम : (धीरेसे) बेबी.. क्या कर रही हे.. अब सोजा कल मीलके बात करेगे..
पुनम : भाइ.. कुछ.. नही.. बस.. बस.. सीइइइ उउउ गगगइइइइससस रखती हु..सीसीइइइ
कहेके पुनम जड गइ तब उसे होस आयाकी वो क्या कर रहीथी तो उसने फोरन गभराते फोन काट दीया ओर खुब सर्मीन्दा हुइ ओर हसने लगी.. अब वो देवायतसे बात करनेमे बीन्दास होने लगी थी तब देवायतभी सोचमे पड गया की पुनम क्या कर रही होगी.. जरुर उनको अमेजींग करते अपनी चुतमे उंगली कर रही होगी.. आवाजतो अेसेही आ रहीथी.. लगता हे मुजे पुनमको समजाना पडेगा.. आजकल वो मुजसे ज्यादाही बाते कर रही हे ओर उनका मेरे प्रती लगावभी काफी बढ गया हे जो उनके लीये सही नही हे.. तो क्या बाबाने जो कहाथा वो सब सच हो रहा हे.. मुजेभीतो कहाथाकी तुभी अेसे रीस्तोसे बंधा होगा.. तो क्या वो पुनम ओर मेरे बारेमे केह रहे थे..? नही नही.. मे गलत सोच रहा हु.. तभी..
मंजुला : देवु कीसका फोन था.. जो तुम सोचमे पड गये..
देवायत : (अंदर आते) अरे कुछ नही वो छुटकीका फोन था कहेतीथी कल कब आ रहे हो आज दोस्तोने पार्टी रखीथी ओर दोनोने अपना सब बोरीया बीस्तरा पेक करलीया हे उनको बडी जल्दीहे इधर आनेकी..हें..हें..हें..
कहातो सब हसने लगे तभी चंदाने सुबह जल्दी जानेका कहेके धिरेनको सोनेके लीये उपर भेज दीया तो धिरेन हसते खडा हो गया ओर सबको गुडनाइट कहेते उपर अपने रुममे चला गया.. क्युकी वोभी कल पुनमको मीलनेके लीये बडाही उत्साहीत था अंदर जातेही चेन्ज करलीया ओर अपने बेडपे आके लेट गया ओर अपना मोबाइल नीकालके पुनमकी तस्वीर देखने लगा ओर उसे देखतेही रोमांचीत हो गया..
ओर पुनमके साथ सोनेकी कल्पना करते उतेजीत होने लगा.. उनके लोअरमे तंबु होने लगा तो उसने लोअर नीचे करके अपना लंड बहार नीकाल लीया ओर अेक हाथसे मोबाइलमे पुनमको सामने रखते दुसरे हाथसे अपने लंडको सहेलाने लगा ओर धीरे धीरे मुठीमे पकडते हाथ उपर नीचे करने लगा तब थोडीही देरमे उनके लंडने जवाब देदीया.. ओर लंडसे पीचकारीया नीकलके उनकेही सीनेमे गीरने लगी..
फीर वो बाथरुममे चला गया ओर नहाके सोने लगा.. तो उधर नीचे अब चंदा मंजु ओर देवायतही बेठे थे.. तब थोडी देरके बाद देवायतभी साने चला गया तब मंजु ओर चंदाही रेह गये तब मंजुने कहा..
मंजुला : (हसके धीरेसे) दीदी अब आपभी सो जाओ.. कल अपने पतीके साथ जाना हे.. हें..हें..हें..
चंदा : (सरमसे पानीपानी होते मंनुको मुका मारदीया) क्या मंजु.. कुछभी बोलती हे.. अभी कहा हे पती..
मंजुला : (हसते) अरे देखो केसे गालपे लाली छागइ.. हें..हें..हें.., दीदी पती नही हेतो हो जायेगा.. कल अच्छा मौका हे.. आप उनसे बात करलो.. क्युकी मे जल्दसे जल्द आपको इस घरमे देखना चाहती हु..
चंदा : (धीरेसे सरमसे) मंजु.. क्या ये सही होगा.., ओर अभीतक देवुको तुम्हारी बीमारीके बारेमे भी तो नही पता..ठीक हे मे उसे मौका मीलतेही बात करलुगी उसे सम्हालनाभी तो पडेगा.. वोतो सुनके टुट ही जायेगा..
मंजुला : नही दीदी अभी उनको कुछ मत बताना पहेले मेरी डीलीवरी हो जाने दो फीर हम दोनो मीलके उसे बतायेगे.. हम दोनोको ही उसे सम्हालना हे.. पता नही मेरा देवु.. सम्हल पायेगाके नही..
चंदा : चल ठीक हे मे अभी नही बताउगी.. चलजा अब सोजा.. कल जानाभी हे..
मंजुला : (खडी होते सरारतसे) दीदी.. क्या उनको आपके पास भेजदु.. हें..हें..हें..
चंदा : (खडी होते सरमसे पानीपानी होगइ ओर अेक मुका मारते) चल ..हट.. बडी बदमास होगइ हे तु..
फीर दोनोही हसते अपने अपने कमरेमे चली जाती हे.. अंदर जातेही मंजुने चेन्ज करलीया ओर गाउन पहेनके देवायतसे लीपटके सोने लगी तब देवायतने उसे पीछेसे अपनी ओर खीचलीया तो मंजु देवायतके सीनेपे सर रखके उसे देखने लगी तभी देवायतने उनके होंठ चुमलीये ओर मंजुको प्यारसे देखने लगा..
मंजुला : जानु अेसे क्या देख रहे हो.. मुजे पता हे आपको प्यार करना हे पर मे आपको अभी कुछ नही दे सकती.. मेरा बेबी.. नाराज तो नही..? हें..हें..हें..
देवायत : (हसते बाहोमे भीचते) नही.. मुजे पता हे.. अब हमारा बेबी आजायेगा.. फीर तुजे जी भरके प्यार करुगा.. चल सोजा..
मंजुला : जानु आपतो राजा हो.. आप दुसरी सादी क्यु नही कर लेते.. मुजे कोइ अेतराज नही हे.. आप मौसीसेही सादी करलो.. बेचारीकी जींदगीभी सवर जायेगी..
देवायत : (उनकी ओर देखते) बेबी मे देख रहा हु पीछले चार दीनसे तुम मौसीके पीछेही क्यु पडी हे.. ओर तुजे क्या हुआ हे..? बता.. जो बार बार तुम दुसरी सादीकी बात क्यु कर रही हो..?
मंजुला : देवु.. बुरा मत मानना.. मेने आप दोनोकी आंखोमे अेक दुसरेके लीये प्यार देखा हे.., मुजे अेसा लगता हे मौसी आपको प्यार करती हे.. इसीलीये केह रहीथी.. ओर मुजे इस बातका दुखभी नही हे.. क्युकी मेभी मौसीके साथ रहेना चाहती हु.. इनको इस विधवाके रुपको नही देख सकती.. ओर अभी इनकी उमरही क्या हे.. इसीलीये केह रही थी..
देवायत : कभी धिरेनके बारेमे सोचा हे..? जब पता चलेगाकी उनकी माने दुसरी सादी करली ओर वोभी अपने जीजा के साथ तो उनपे क्या बीतेगी सोचा हे..? ओर अबतो हमारा जमाइ होने जा रहा हे..
मंजुला : (कुछ सोचते) जानु बुरा मत मानना.. मेने धिरेनसे इस बारेमे बात करली हे.. उसे कोइ अेतराज नही
देवायत : (चोंकते) क्या..? पागलतो नही होगइ तुम.. अैसी बातेभी कोइ पुछता हे..?
मंजुला : जानु पलीज.. गुसा मत हो.., धिरेन इस मामलेमे बहोत परीपकव हे.. उनकोभी पता हे मम्मीकी उमरभी नही हे ओर ओरतकी जरुरतके बारेमे जानता हे.. उसने मुजे परमीशन देदी हे बस अेकही सर्त पर..
देवायत : (उत्सुक्तासे) कोनसी सर्त..?
मंजुला : देवु.. वो चाहता हे मम्मी सादी करलेगी तो मेरे सामने खुलके जही जी पायेगी ओर सर्मींदा होती रहेगी.. इसीलीये वो अपनी सादीके बाद पुनमके साथ अपनेही घरमे रहेना चाहता हे.. अकेला..
देवायत : (हसते) बेबी तेरी बातोसे लगता हे तुम पुरी तैयारीया करके मुजसे बात कर रही हो.. तबतो येभी बतादो तुमने मौसीेस भी बात करली होगी.. बताओ क्या कहा उसने..
मंजुला : (खुसीसे चुमते) ओह.. हाउस्वीट मेरे अच्छे बेबी.. देखा पकडलीयानां मुजे.., हें..हें..हें.., सुनो.. मौसीभी तैयार हे.. लेकीन अभी नही.. कहेतीथी धिरेनकी सादीके बाद सोचेगे.. जब सही वक्त आजायेगा तब मे तेरे पास आजाउगी.. बस इतना ही कहा.. उनको मेरी सौतन बननेके लीये बडी मुस्कीलसे मनाया हे..
देवायत : ओ..हो.. तभी इतनी जीद कर रही हे.. अब येभी बतादो तुम मेरी दुसरी सादी क्यु करवाना चाहती हो..? क्या हे इनका रीजन..? बेबी मुजे इतनातो पता हे कोइभी अपने पतीकी दुसरी बीवी बरदास्त नही कर सकती.. ओर तुम खुद मेरी दुसरी सादी करजाना चाती हो.. कुछ तो रीजन होगा..
मंजुला : (सीरीयस होते सीनेमे सर रखदीया) जानु.. रीजन हे.. बस अभी मे वो आपको नही बता सकती..
देवायत : (मंजुके सरको सहेलाते) बेबी.. कुछतो गंभीर बात हे.. ठीक हे तो कब बताओगी..?
मंजुला : जानु बस.. मेरी डीलीवरी तक ठहेरजाओ फीर मे आपको सबकुछ बता दुगी..
देवायत : ठीक हे.. चल सोना नही हे क्या..? सुबह जाना भी हे.. आजा..
कहेके देवायत उसे बाहोमे भरके सोने लगता हे.. तब मंजुभी खुस थी.. ओर वोभी सोने लगी.. उधर आज चंदाभी मंजुकी बातोसे अेक्साइटेड थी ओर कलही देवुके साथ जाना था उसेभी कब नींद आगइ पता नही चला.. तब देर रात देवायत चंदाके रुममे आजाता हे तो चंदा अपने बेडपे चदर डालके उनका वेइट कर रहीथी.. देवायत धीरेसे दरवाजा बंध करके चंदाके पास आगया.. ओर चदर हटाली..
तभी चंदा सरमसे पानीपानी होके अपने हाथोसे अपना चहेरा छुपालीया क्युकी वो सब कपडे नीकालके पुरी तराह नंगी होके देवायतका वेइट कर रहीथी वो जानतीथी देर रात देवायत उनके पास उनकी चुदाइ करने जरुर आयेगा तो सब तैयारीया करकेही लेटीथी चंदाको नंगी देखतेही देवायतका लंड जटके मारने लगा ओर देवायत सीधाही उनके पैरके बीच बैठ गया तब चंदा ने अपने दोनो पैर घुटनोसे मोडके फैला दीये..
चंदा : जानु पहेले इसे अंदर डालदो फीर मेरे उपर आजाओ.. आज जल्दी सोना हे..
देवायत : (हसते धीरेसे) डार्लींग अब कोइ जल्दी नही.. अबतो मंजुनेभी सब छुट देदी हे.. तुजे आरामसे चोदुगा.. आजतो सुबह तक चोदना हे..
चंदा : (सरमाते हसते धीरेसे) पागल होगये हो क्या..? जानु सुबह हमे जानाभी हे.. बस अेक बार चोदलो..
देवायत : (चुतपे लंड घीसते) नही कमसे कम दो बार चोदुगा.. नहीतो मे चला..
चंदा : (बुरी तराह सरमाते) आप बहुत नोटीहो नही मानोगे.. ठीक हे लेकीन सीर्फ दो बार ओर ज्यादा नही..
देवायत : (लंड चुतमे फसाते चंदाके उपर लेटते) चल ठीक हे.. दो बारही करुगा बस.. आजा..
कहेते वो चंदाके उपर जुक जाता हे ओर चंदाके होंठ चुमने लगता हे तब चंदाभी मदहोसीमे छाने लगी.. उनकी चुतकी नाजुक चमडीपे देवायतका सख्त लंड महेसुस हो रहाथा तब चंदाकी चुत हरकतमे आके फडफडाने लगी ओर देवायतके सांपको अपने बीलमे घुसानेकी कोसीस करने लगी तभी देवायतने अेकही जटकेमे पुरा लंड चंदाकी चुतमे उतार दीया तो चंदाकी चीख देवायतके मुहमेही दब गइ ओर वो देवायतके सीनेपे मुके मारने लगी.. तब देवायत उसे जटके मारते चोदने लगा.. ओर चंदाकी आहे नीकलने लगी..
दोनोके बीच धुआधार चुदाइ होने लगी आज देवायत पुरे जोसमे चंदाकी चुदाइ कर रहाथा तो चंदाभी कमर उछाल उछालके देवायतका चुदाइमे साथ दे रहीथी दोनोके बीच घमासान चुदाइ होने लगी.. ओर काफी देरके बाद दोनोही अकडने लगे ओर अेक दुसरेको जोरोसे बाहोमे भीचते साथमे जडने लगे.. तब देवायतने चंदाकी पुरी चुत अपने पानीसे भरदी.. ओर चंदाके सीनेपे ढेर होगया ओर चंदा उनकी पीठ सहेलाती रही..
कुछ देरके बाद दोनोके बीच अेक बार फीर जबरदस्त चुदाइ होने लगी इस बार चंदा पुरी तराह थक गइथी देवायत इतना जोस ओर ताकातसे चंदाको चोद रहाथा की चंदाके सरीरकी अेक अेक नब्स ढीली करदी ओर अेक बार फीर दोनो जड गये तब चंदाकी चुतसे देवायतका विर्य बहार नीकलने लगा.. तब देवायत उसे गोदमे उठाके बाथरुममे ले गया ओर दोनो नहाने लगे तब देवायतने अेक बार वहाभी चंदाको खडे खडे चोद लीया तब चंदा थकके चकनाचुर हो चुकी थी.. ओर देवायतको हसते हुअे धके मारके बहार भेज दीया..
दोनोने नाइटके कपडे पहेनलीये तब देवायत चंदाको बाहोमे भरके होंठ मीलाके प्यार देता हे पुरी रात दोनोके बीच तीन बार जमकर चुदाइ हो चुकीथी हे.. तब चंदा बहुत खुस होगइ ओर देवायत ४ बजे वापस मंजुके पास चला गया ओर उनसे चीपकके सो गया तब मंजुभी देवायतसे चीपकके खुस होते सोने लगी.. वो जान चुकीथी उनका पती उनकी सौतनकी बजाके आया हे....
कन्टीन्यु