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“सुलभ भाग गया , ये कैसे हो सकता है ??”
मेरी माँ बहुत hi जयदा दरी हुई थी उन्हें मैंने सांत्वना दी और डॉ. के तरफ रुख दिया जो किसी सोच में पड़े हुए थे
“ये सुलभ का काम नहीं हो सकता , सेंट्रल जेल से भागना वो भी अकेले , वो hi उसे तोड़ कर … जरूर अंदर का कोई आदमी मिला होगा, और सुअलभ के पास अभी इतना पावर नहीं है की वो किसी को पता भी सके , जरूर कोई इन्फ्लुएंटीएल आदमी ने उसकी मदद की है , या ये कह सकते है की किसी ने सुलभ को जेल से निकलवाया है ..”
“डॉ. रंडी ??’ मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया
“हो सकता है , उसके पास इतना पावर तो है की वो ऐसे काम को चुटकियो में कर सकती है और किसी को भी भनक तक नहीं लगेगी … लेकिन सवाल है की क्यों , सुलभ के गांव वाले उसे नहीं चाहते , रिद्धिमा अब गद्देदार बनाने वाली है तो सुलभ के पास कोई पावर भी तो नहीं बचेगी , मतलब साफ़ है की वो बस सुलभ का इस्तमाल करना चाहते है ..”
“हुम्म्म जरूर जिस जंग की बात डॉ. ने उस समय की थी ये उसका पहला वार है “मैंने अपनी शंका जताई
“है मुझे भी यही लगता है “
मैंने जमुना की तरफ देखा , सुलभ के भाग जाने की खबर से उसका चेहरा hi पीला पद गया था
“तुम्हे क्या हुआ तुम तो उसे कण्ट्रोल कर सकती हो न “
“पहले कर सकती थी लेकिन अब नहीं , मैं खुद आपके कण्ट्रोल में हु मालिक .. मुझे बस इस बात का दर है की अगर सुलभ को पता चल गया की मैंने रिद्धिमा और उसके साथ क्या किया है तो … तो वो मुझे जान से मार देगा “
मैंने एक गहरी साँस छोड़ी
“फ़िक्र मत करो जमुना तुम्हे कुछ नहीं होगा .. लेकिन आज से हमारे घर का कोई सदैस बिना सुरक्षा के बहार नहीं जायेगा , सुलभ जंगली आदमी है वो किसी पर भी हमला कर सकता है .. वो बदले की आग में जल रहा होगा “
मैंने बड़ी hi गंभीरता से ये बात कही थी , वही माँ बोल उठी
“बीटा मेरे ख्याल से अब तुम्हे जल्द से जल्द hi गद्दीदार बन जाना चाहिए इससे गांव वालो का भी तुम्हे साथ मिल जायेगा , तुम नए मुखिया होंगे तो गांव के फैसले भी तुम कर सकोगे , “
“लेकिन माँ मैं अभी तैयार नहीं हु “
मेरी बात सुनकर डॉ. मुस्कुराने लगे ..
“कोई कभी तैयार नहीं होता , जो करना है पहले उसमे कूद जाओ , रास्ता अपने आप मिलने लगेगा “
“है डॉ. साहब आप सही कह रहे है आज नहीं तो कल इसे ये करना hi है , कब तक अपनी जिम्मेदारियों से भागेगा .. कल hi इसे यंहा का गद्दीदार बनाया जायेगा “
माँ की बात सुनकर मैं बस सबके चेहरे देखने लगा था ..
*************
इधर
बादलखेड़ा का थाना इंचार्ज हाथ बंधे खड़ा था सामने दो सिंहासननुमा कुर्शियो पर दो बहुत hi प्रभावशाली दिखने वाले लोग बैठे हुए थे ..
उनके एक और वीरेंदर और रहमत खड़े थे वही दूसरी और सोनी और हिना ..
आस पास कई बंदूख धरी लोग खड़े थे हुए सभी के सभी किसी पहलवान से काम नहीं दिख रहे थे ..
वही पास में एक सफारी सुईठे पहने एक आदमी आँखों में चश्मा लगाए हुए खड़ा हुआ था जिसके हाथो में कुछ फाइल्स थे ..
उस ख़ुर्शी में बैठे दो लोग बादलखेड़ा के सबसे प्रभावशाली लोग थे एक था मला बुलंद सिंह और दूसरा था वंहा के गैर कानूनी धंधो का राजा और बुलंद का पार्टनर शरीफ खान जिसे दुनिया शरीफ भाई बुलाती थी ..
“सर दोनों लड़को के साथ कुंदन और जाफर की लड़ाई जरूर हुई थी लेकिन उन्होंने उन्हें मारा नहीं था , उनकी जान लेने वाला कोई दूसरा hi है , और जिसे सोनी और हिना बता रहे है की वो लड़का अजय एक शिकारी है तो मुझे लगता है की चुड़ैल भी होती होंगी , हमने तो बचपन से hi उनकी बहुत कहानिया सुनी है “
इंस्पेक्टर रविंद्र तिवारी बोल उठा …
अभी अभी हिना और सोनी ने अपने तरफ से खोजबीन करके ये कन्फर्म पाया था की अजय सच में एक शिकारी है , और वो सीधे अपने पिता के पास पहुंची थी , इस बारे में चर्चा करने के लिए एक मेटिंग बुलाई गयी जंहा पर दोनों के भरोसेमंद लोग मौजूद थे ..
“है मुझे पता है की वो लड़के ऐसा नहीं कर सकते ..”
बुलंद सींग ने इंस्पेक्टर की बात का समर्थन किया था
“लेकिन पापा इससे क्या फर्क पड़ता है उन्होंने हमारे भाई से लड़ाई की थी इसकी सजा तो उन्हें मिलनी hi चाहिए न “
बुलंद का बीटा वीरेंदर गुस्से में कह रहा था , उन्हें अब भी विस्वास नहीं हो प् रहा था की साला ये अजय बच कैसे गया ..
उसकी बात सुनकर बुलंद एक गहरी साँस लेने लगा ..
“तुम लोगो ने उसे किडनैप किया था , इतना मारा था की कोई दूसरा होता तो कब की उसके प्राण पखेरू उड़ गए होते , लेकिन क्या हुआ .. बीटा वो शिकारी है उससे टकराने से हमें hi नुक्सान होने वाला है “
उसकी बात सुनकर शरीफ का बीटा रहमत और भी गुस्से में आ गया
“आप कहना क्या चाहते है अंकल की हम नामर्दो की तरह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे “
उसकी बात सुनकर बुलंद जोरो से हंस पड़ा और शरीफ की तरफ देखने लगा ,लेकिन इस बार उसके चेहरे में कोई हंसी नहीं थी बल्कि वो थोड़ा गंभीर हो चूका था ..
“शरीफ हमने ये साम्राज्य ये नाम बहुत hi म्हणत से बनाया है , याद है जब मैं और तुम झोपड़ी में रहा करते थे “
“याद है भैया , कैसे भूल सकता हु उन दिनों को , कितने पापड़ बेले तब जाकर ये सब बनाया और इन सेल चुतियो को ये सब फ्री में मिल रहा है , इसीलिए इनके पास अकाल की कमी है “
शरीफ की बात सुनकर उनके बच्चे बिलकुल चुप hi हो गए वो बस एक दूसरे को देख रहे थे ..
“सही कहा तुमने , लेकिन इन्हे सीखना तो हमें hi पड़ेगा न , आखिर आगे जाकर इससे सम्हालना तो इन्हे hi है , और इस सिचुएशन से अच्छा क्या होगा इन्हे समझने के लिए “
“ये आप लोग क्या बोल रहे हो पापा” सोनी बड़ी hi उत्त्सुकता से बोली
और बुलंद ने बड़े hi प्यार से उसे देखा , बुलंद का चेहरा शांत था
“बीटा ईगो इंसान की बुद्धि को मार देता है , हम तुम दोनों लड़कियों की तारीफ करते है की तुमने एक बात सुनी , उसकी गहराई को समझा और फिर उस पर छानबीन करके एक नतीजे में पहुंची … लेकिन ये सेल चूतिये .. बस मसल्स बनाने से काम नहीं होता दिमाग भी लगाना पड़ता है , अपना ईगो साइड में रखो और दिमाग लगाओ , खासकर जब ऐसा दुश्मन तुम्हारे सामने हो जो की तुम्हारा दुश्मन hi नहीं है , लेकिन ताकतवर जरूर है , उससे लड़ने जाओगे तो अपना hi नुक्सान होगा ..”
“लेकिन पापा ..”वीरेंदर कुछ बोलने hi वाला था की बुलंद ने उसे चुप करवा दिया
“जो उसने किया उसकी सजा तुम उसे दे चुके हो अब बात को यही ख़त्म करो “
“लेकिन पापा वो दूसरा लड़का “
“नहीं बोलै न बात यही ख़त्म करो , उस दूसरे लड़के के चक्कर में तुम अजय से फिर से भीड़ जाओगे , और शायद तुम्हे उनके गांव की हिस्ट्री का नहीं पता , वो तीन गांव है और उसमे से अजय एक गांव का मुखिया है और दूसरा लड़का दूसरे गांव के मुखिया का बीटा … “
“लेकिन हमारे पास क्या नहीं है , हमारे पास पैसा है , लोग है पुलिस हमारी है फिर हमें किस बात का दर ..”
बुलंद ने एक गहरी साँस ली
“डॉ. चुटिया को जानते हो …”
सभी के चेहरे में थोड़ा आश्चर्य आ गया
“वो कौन है ..??”
“और डॉ. रंडी को जानते हो ??“
“ये आप किनके नाम ले रहे है कितने अजीब नाम है ये ..”
“ये वो लोग है जो अभी उन गांव वालो के साथ है , हमारा पैसा किसी काम का नहीं है , हमारे लोग उनके लोगो के सामने नहीं टिक पाएंगे , क्योकि हमारे पास सिर्फ गुंडे है लेकिन उनके पास वो लोग है जो उनके एक इशारे पर जान दे भी सकते है और जान ले भी सकते है … तो हमारे पास बचता है सिर्फ पोलिटिकल पावर और पुलिस … लेकिन इन दोनों के गांव में आने से वो भी हमारे काम नहीं आने वाली ..
अगर हमने कोई गैर कानूनी कदम उठाया तो ये दोनों हमें घेर लेंगे , केंद्र से मीडिया और फाॅर्स आ सकती है , या फिर हाई कमांड से हमारे ऊपर प्रेशर बनाया जा सकता है , पॉलिटिक्स में ये लोग मंझे हुए खिलाडी है और इनसे फालतू में पन्गा लेना सिर्फ मूर्खता hi होगी ..
अगर ये डॉन लड़के हमारे बच्चो के कातिल होते तो बात और थी लेकिन हमें बस इतना पता है की उन लोगो से इनकी लड़ाई हुई थी , अब लड़ाई तो वो लोग किसी से भी करते रहते थे छोटी छोटी बात पर लड़ते रहते थे .. तो क्या बस अपने ईगो को संतुष्टि करने के लिए हम अपने इतने म्हणत से बनाये साम्राज्य में आंच आने दे …
तुम लोग भी उन्हें भूल जाओ आयी बात समझ में ..”
बुलंद ने सीधे आदेश सुना दिया ..
वही इंस्पेक्टर रविंद्र तिवारी उसकी बात से थोड़ा आश्चर्य में पद गया था ..
“सर आपको कैसे पता चला की डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी गांव आये हुए है “
बुलंद के चेहरे में मुस्कान आ गयी
“तिवारी इतनी खबर तो हम भी रखते है उन लोगो के बारे में , सभी को उन गांव वालो का पागलपन पता है , और वो तीनो गांव आपने आप में इतने स्वाभिमानी है की हमारी पॉलिटिक्स वंहा पर काम hi नहीं करती , उन तीनो गांव से सत्ता हुआ बड़ा सा जांगले है और जांगले में है बहुत से मिनरल्स का भण्डार … अभी तक जीतनी भी सरकार आयी सब ने उस पर नजर गली लेकिन गांव वालो के विरोध से कुछ नहीं कर पाए , मिनरल्स का मतलब है पैसा लेकिन साथ hi साथ उसका मतलब है जंगलो का खत्म , जब बात जांगले की आती है तो तीनो गांव वाले एक हो जाते है , उनकी परमपरा भी कुछ ऐसी है की शिकारी और चुड़ैलों की बाटे होती है , और अब तो हम भी देख रहे है की ये कितनी सही है ..
इसलिए उन गांवो का पोलिटिकल महत्वा बहुत जयदा है , हमें और हमसे पहले आयी कई सरकारों ने वंहा के मुखिया लोगो को पैसे या डरा धमका कर खरीदने की कोशिस की थी लेकिन , लेकिन सेल सभी एक no. के ईमानदार है अपने जंगलो से उन्हें बहुत hi प्यार है … अपनी परम्पराओ को वो छोड़ना नहीं चाहते ..
लेकिन हम चाहते है की जो काम कोई नहीं कर सका वो हम करेंगे और इसलिए हमें वंहा अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया , कुछ लोग जो पैसो में बिक गए और वंहा की घबरा हमारे तक पहुंचने लगी ..
हमने कुछ ऐसा किया की तीनो गांव में दरार पद जाये खुद hi वो एक दूसरे से लड़ कर मर जाये , लेकिन कोई शिकारी आकर उस अजय को बचा ले गया और लड़ाई वही रुक गयी , सोचा था की अजय काम आएगा वो ठीक होकर अपने पिता और चाचाओं का बदला लेगा लेकिन वो साला भी निकम्मा निकला , फिर हमारे बच्चो से उनकी लड़ाई , मुझे तब पता चला की उस अजय के पास सच में कितनी ताकत है .. बस दिमाग नहीं था , सोचा था की इसी बात का फायदा उठाया जाये, लेकिन दिमाग देने ये सेल पता नहीं क्यों डॉ. चुटिया को अपने साथ ले आये …
लेकिन फिर इतने सालो के बाद फिर से एक उम्मीद दिखाई दे रही है , दोनों गांवो को लड़ने की , जंहा अजय डॉ. चुटिया को ले आये है वही साहनपुर वाली लड़की ने डॉ. रंडी को अपने साथ ला लिया है , शायद कोई ऐसी बात हुई है अजय और उस लड़की के बिच जो थोड़ी पर्सनल है , लेकिन जो भी हो जैसे ये दोनों गट एक दूसरे से मिले हमें समझ आ गया की इन दोनों गुटों के बिच कोई लड़ाई तो होने वाली है , अब ऐसा मौका सामने है और ये चूतिये सालो की म्हणत को बर्बाद करने में तुले हुए है , अगर तीनो गांवो में से किसी पर भी मुसीबत आयी और कोई बहार वाले के कारण आयी तो ये तीनो गांव एक हो जायेंगे , इसलिए बहुत जरुरी है की इन तीनो गांवो के लोगो को आपस में hi लड़ाया जाये … और यही वो मौका है , हमें तो बस दर्शक बनकर मजे लेने है … समझ गए तुम लोग “
बुलंद की बात सुनकर सभी ख़ामोशी थे …
“अंकल तो आपको पहले से पता था की अजय एक शिकारी है “हिना की बात सुनकर बुलंद मुस्कुरा
“है मेरी बच्ची मैंने ये बात पहले से सुनी थी लेकिन कभी विस्वास नहीं हुआ था , लेकिन जब तुम लोगो ने बताया तो विश्वास भी हो गया, मैं तो इस शिकारी और चुड़ैलों की मान्यत्ता को महज कहानिया hi मान रहा था .. लेकिन हमारे बच्चो की मौत और उस लड़के का तुम लोगो के मरने के बाद भी बच जाना hi इसी बात का सबूत है की ये शक्तिया भी है , और हमें अगर अपना मकसद पूरा करना है तो बल से जयदा हमें दिमाग की जरुरत पड़ेगी .. और इसलिए मैं तुम चारो को ये स्ट्रिक्टली हिदायत दे रहा हु की तुम लोग कोई ऐसा कदम नहीं ुतहोगे जिससे उनके गांव वालो से हमारी लड़ाई हो , अभी वो लोग एक दूसरे से लड़ने की तयारी में है हमें देखना है , और सही मौके पर जब वो कमजोर हो जाये तब वार करना है ”
सभी बच्चो ने हां में सर हिलाया ..
“लेकिन सर , गॉव. के पास तो इतनी पावर होती है की वो जिस जमीं को चाहे अधिग्रहित कर ले , और ये जमीं तो गॉव की hi है .. जंगल के अंदर बस कुछ आदिवासी कबीले hi रहते है , उन्हें वो कंपनसेशन दिया जा सकता था ..”
“हुम्म्म बात जीतनी सीधी दिखती है उतनी होती नहीं न , है गॉव. के पास पावर है लेकिन ये डेमोक्रेटिक कंट्री है , सरकारी जनता से hi चलती है , और उन तीनो गांवो का प्रभाव ऐसा रहा है की आसपास ले लोग भी उनकी hi बात सुनते है , वो कबीले वाले भी उनकी hi बात सुनते है , और सोने पर सुहागा वो डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी … एक बार सर्कार ने थोड़ी कड़ाई दिखाई थी , उस समय मैं पार्टी का कार्यकर्ता हुआ करता था गुंडा गर्दी का काम मेरे और शरीफ के हाथो में hi था , सब तरीके का जोर लगाने को तैयार थे हम , केंद्र की सर्कार भी हमारे साथ थी , लेकिन क्या कर पाए … ऐसा आंदोलन चला की पूरा राज्य hi हमारी सर्कार के खिलाफ खड़ा हो गया , विपक्छा चढ़ गयी , हमें उन्हें पैसो का अस्वासन भी दिया लेकिन जब जनता hi जाग जाये तो ब्रिटिश साम्राज्य जैसी तकते सामने नहीं टिक पति तो हम क्या चीज थे , तानाशाहो को भी जनता उखड कर फेक देती है ये तो डेमोक्रेटिक कंट्री है भाई, उस आंदोलन में तीनो गांवो के प्रमुखों के अलावा डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी का भी बहुत बड़ा योगदान था , प्रेस को लेकर छोटी छोटी चीजों को इंटरनेशनल न्यूज़ बनाने तक सब काम उनके hi जिम्मे में था, तभी से मैंने जान लिया था की काम सिर्फ पैसे और पावर से नहीं होता , ये तो बस टूल्स है असली खेल तो दिमाग का hi है … इन टूल्स को इस्तमाल करने के लिए दिमाग जरुरी है …और यंहा पर बात सिर्फ मिनरल्स की खानो से मिलने वाले पैसो की नहीं है बल्कि पुरे एरिया में कण्ट्रोल की भी तो है , अगर हमें वो कर लिया तो समझो यंहा का अगला कम मैं hi बनूँगा ”
सभी के चेहरे में सहमति के भाव आ गए थे …….
***********
वीरेंदर , रहमत , हिना और सोनी चारो एक जगह पर बैठे हुए गहरी चिंता में बैठे थे ..
“पापा से बोलना hi मूर्खता था वो तो बस डिप्लोमेसी hi खेलते रह जायेंगे , हमें hi कुछ करना चाहिए .. सेल दोनों लावांडो को तो घेर कर मार देना चाहिए और जंगल में जाकर उस चुड़ैल की खोज करनी चाहिए ,मैं ऐसे नपुंसक की तरह बैठ कर सब बस देखता नहीं रह सकता, और शरीफ अंकल वो तो बस पापा के है में hi है मिलते रहते है ,क्या मतलब जो इतने बड़े डॉन है “ वीरेंदर गुस्से में आ गया था और अपने सामने रखे व्हिस्की की गलास को एक hi झटके में खली कर गया
“भाईजान शांत हो जाओ , अंकल ने क्या कहा था की ईगो में आकर कोई गलत काम नहीं करना है , सच में वो इन सबकी प्लानिंग कई सालो से कर रहे है, हमारा एक गलत कदम उनके पुरे मेहनत पर पानी फेर सकता है ..” हिना वीरेंदर को समझा रही थी
“लेकिन ..”
वीरेंदर कुछ बोलता उससे पहले सोनी ने उसे टोका
“भैया शांत हो जाओ आपको उससे बदला चाहिए न हम दिलवेनेगे .. ऐसे भी हमें उस शिकारी और उसके दोस्त की मजबूरी का पता चल चूका है “
सोनी के होठो में एक रहस्य्मयी मुस्कान आ गयी , वो दोनों लड़किया कई दिनों से अजय , परिमल और उनकी बहनो और रिद्धिमा के बारे में पता कर रही थी …
“kya???”Virendra के साथ रहमत भी चिल्ला पड़ा
“वो हम पर छोड़ दो अरु आप दोनों दूसरे कामो में ध्यान दो , आप दोनों hi गरम खून के हो न जाने क्या गलत कर दो जिससे पापा का प्लान बिगड़ जाये, हम पर भरोषा रखो हम उनसे हमारे भाइयो का बदला जरूर लेंगे , लेकिन पापा वाले स्टाइल में दिमाग से “सोनी मुस्कुराते हुए बोली
उसकी बात सुनकर वीरेंदर थोड़ा शांत हुआ
“सुलभ भाग गया , ये कैसे हो सकता है ??”
मेरी माँ बहुत hi जयदा दरी हुई थी उन्हें मैंने सांत्वना दी और डॉ. के तरफ रुख दिया जो किसी सोच में पड़े हुए थे
“ये सुलभ का काम नहीं हो सकता , सेंट्रल जेल से भागना वो भी अकेले , वो hi उसे तोड़ कर … जरूर अंदर का कोई आदमी मिला होगा, और सुअलभ के पास अभी इतना पावर नहीं है की वो किसी को पता भी सके , जरूर कोई इन्फ्लुएंटीएल आदमी ने उसकी मदद की है , या ये कह सकते है की किसी ने सुलभ को जेल से निकलवाया है ..”
“डॉ. रंडी ??’ मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया
“हो सकता है , उसके पास इतना पावर तो है की वो ऐसे काम को चुटकियो में कर सकती है और किसी को भी भनक तक नहीं लगेगी … लेकिन सवाल है की क्यों , सुलभ के गांव वाले उसे नहीं चाहते , रिद्धिमा अब गद्देदार बनाने वाली है तो सुलभ के पास कोई पावर भी तो नहीं बचेगी , मतलब साफ़ है की वो बस सुलभ का इस्तमाल करना चाहते है ..”
“हुम्म्म जरूर जिस जंग की बात डॉ. ने उस समय की थी ये उसका पहला वार है “मैंने अपनी शंका जताई
“है मुझे भी यही लगता है “
मैंने जमुना की तरफ देखा , सुलभ के भाग जाने की खबर से उसका चेहरा hi पीला पद गया था
“तुम्हे क्या हुआ तुम तो उसे कण्ट्रोल कर सकती हो न “
“पहले कर सकती थी लेकिन अब नहीं , मैं खुद आपके कण्ट्रोल में हु मालिक .. मुझे बस इस बात का दर है की अगर सुलभ को पता चल गया की मैंने रिद्धिमा और उसके साथ क्या किया है तो … तो वो मुझे जान से मार देगा “
मैंने एक गहरी साँस छोड़ी
“फ़िक्र मत करो जमुना तुम्हे कुछ नहीं होगा .. लेकिन आज से हमारे घर का कोई सदैस बिना सुरक्षा के बहार नहीं जायेगा , सुलभ जंगली आदमी है वो किसी पर भी हमला कर सकता है .. वो बदले की आग में जल रहा होगा “
मैंने बड़ी hi गंभीरता से ये बात कही थी , वही माँ बोल उठी
“बीटा मेरे ख्याल से अब तुम्हे जल्द से जल्द hi गद्दीदार बन जाना चाहिए इससे गांव वालो का भी तुम्हे साथ मिल जायेगा , तुम नए मुखिया होंगे तो गांव के फैसले भी तुम कर सकोगे , “
“लेकिन माँ मैं अभी तैयार नहीं हु “
मेरी बात सुनकर डॉ. मुस्कुराने लगे ..
“कोई कभी तैयार नहीं होता , जो करना है पहले उसमे कूद जाओ , रास्ता अपने आप मिलने लगेगा “
“है डॉ. साहब आप सही कह रहे है आज नहीं तो कल इसे ये करना hi है , कब तक अपनी जिम्मेदारियों से भागेगा .. कल hi इसे यंहा का गद्दीदार बनाया जायेगा “
माँ की बात सुनकर मैं बस सबके चेहरे देखने लगा था ..
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इधर
बादलखेड़ा का थाना इंचार्ज हाथ बंधे खड़ा था सामने दो सिंहासननुमा कुर्शियो पर दो बहुत hi प्रभावशाली दिखने वाले लोग बैठे हुए थे ..
उनके एक और वीरेंदर और रहमत खड़े थे वही दूसरी और सोनी और हिना ..
आस पास कई बंदूख धरी लोग खड़े थे हुए सभी के सभी किसी पहलवान से काम नहीं दिख रहे थे ..
वही पास में एक सफारी सुईठे पहने एक आदमी आँखों में चश्मा लगाए हुए खड़ा हुआ था जिसके हाथो में कुछ फाइल्स थे ..
उस ख़ुर्शी में बैठे दो लोग बादलखेड़ा के सबसे प्रभावशाली लोग थे एक था मला बुलंद सिंह और दूसरा था वंहा के गैर कानूनी धंधो का राजा और बुलंद का पार्टनर शरीफ खान जिसे दुनिया शरीफ भाई बुलाती थी ..
“सर दोनों लड़को के साथ कुंदन और जाफर की लड़ाई जरूर हुई थी लेकिन उन्होंने उन्हें मारा नहीं था , उनकी जान लेने वाला कोई दूसरा hi है , और जिसे सोनी और हिना बता रहे है की वो लड़का अजय एक शिकारी है तो मुझे लगता है की चुड़ैल भी होती होंगी , हमने तो बचपन से hi उनकी बहुत कहानिया सुनी है “
इंस्पेक्टर रविंद्र तिवारी बोल उठा …
अभी अभी हिना और सोनी ने अपने तरफ से खोजबीन करके ये कन्फर्म पाया था की अजय सच में एक शिकारी है , और वो सीधे अपने पिता के पास पहुंची थी , इस बारे में चर्चा करने के लिए एक मेटिंग बुलाई गयी जंहा पर दोनों के भरोसेमंद लोग मौजूद थे ..
“है मुझे पता है की वो लड़के ऐसा नहीं कर सकते ..”
बुलंद सींग ने इंस्पेक्टर की बात का समर्थन किया था
“लेकिन पापा इससे क्या फर्क पड़ता है उन्होंने हमारे भाई से लड़ाई की थी इसकी सजा तो उन्हें मिलनी hi चाहिए न “
बुलंद का बीटा वीरेंदर गुस्से में कह रहा था , उन्हें अब भी विस्वास नहीं हो प् रहा था की साला ये अजय बच कैसे गया ..
उसकी बात सुनकर बुलंद एक गहरी साँस लेने लगा ..
“तुम लोगो ने उसे किडनैप किया था , इतना मारा था की कोई दूसरा होता तो कब की उसके प्राण पखेरू उड़ गए होते , लेकिन क्या हुआ .. बीटा वो शिकारी है उससे टकराने से हमें hi नुक्सान होने वाला है “
उसकी बात सुनकर शरीफ का बीटा रहमत और भी गुस्से में आ गया
“आप कहना क्या चाहते है अंकल की हम नामर्दो की तरह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे “
उसकी बात सुनकर बुलंद जोरो से हंस पड़ा और शरीफ की तरफ देखने लगा ,लेकिन इस बार उसके चेहरे में कोई हंसी नहीं थी बल्कि वो थोड़ा गंभीर हो चूका था ..
“शरीफ हमने ये साम्राज्य ये नाम बहुत hi म्हणत से बनाया है , याद है जब मैं और तुम झोपड़ी में रहा करते थे “
“याद है भैया , कैसे भूल सकता हु उन दिनों को , कितने पापड़ बेले तब जाकर ये सब बनाया और इन सेल चुतियो को ये सब फ्री में मिल रहा है , इसीलिए इनके पास अकाल की कमी है “
शरीफ की बात सुनकर उनके बच्चे बिलकुल चुप hi हो गए वो बस एक दूसरे को देख रहे थे ..
“सही कहा तुमने , लेकिन इन्हे सीखना तो हमें hi पड़ेगा न , आखिर आगे जाकर इससे सम्हालना तो इन्हे hi है , और इस सिचुएशन से अच्छा क्या होगा इन्हे समझने के लिए “
“ये आप लोग क्या बोल रहे हो पापा” सोनी बड़ी hi उत्त्सुकता से बोली
और बुलंद ने बड़े hi प्यार से उसे देखा , बुलंद का चेहरा शांत था
“बीटा ईगो इंसान की बुद्धि को मार देता है , हम तुम दोनों लड़कियों की तारीफ करते है की तुमने एक बात सुनी , उसकी गहराई को समझा और फिर उस पर छानबीन करके एक नतीजे में पहुंची … लेकिन ये सेल चूतिये .. बस मसल्स बनाने से काम नहीं होता दिमाग भी लगाना पड़ता है , अपना ईगो साइड में रखो और दिमाग लगाओ , खासकर जब ऐसा दुश्मन तुम्हारे सामने हो जो की तुम्हारा दुश्मन hi नहीं है , लेकिन ताकतवर जरूर है , उससे लड़ने जाओगे तो अपना hi नुक्सान होगा ..”
“लेकिन पापा ..”वीरेंदर कुछ बोलने hi वाला था की बुलंद ने उसे चुप करवा दिया
“जो उसने किया उसकी सजा तुम उसे दे चुके हो अब बात को यही ख़त्म करो “
“लेकिन पापा वो दूसरा लड़का “
“नहीं बोलै न बात यही ख़त्म करो , उस दूसरे लड़के के चक्कर में तुम अजय से फिर से भीड़ जाओगे , और शायद तुम्हे उनके गांव की हिस्ट्री का नहीं पता , वो तीन गांव है और उसमे से अजय एक गांव का मुखिया है और दूसरा लड़का दूसरे गांव के मुखिया का बीटा … “
“लेकिन हमारे पास क्या नहीं है , हमारे पास पैसा है , लोग है पुलिस हमारी है फिर हमें किस बात का दर ..”
बुलंद ने एक गहरी साँस ली
“डॉ. चुटिया को जानते हो …”
सभी के चेहरे में थोड़ा आश्चर्य आ गया
“वो कौन है ..??”
“और डॉ. रंडी को जानते हो ??“
“ये आप किनके नाम ले रहे है कितने अजीब नाम है ये ..”
“ये वो लोग है जो अभी उन गांव वालो के साथ है , हमारा पैसा किसी काम का नहीं है , हमारे लोग उनके लोगो के सामने नहीं टिक पाएंगे , क्योकि हमारे पास सिर्फ गुंडे है लेकिन उनके पास वो लोग है जो उनके एक इशारे पर जान दे भी सकते है और जान ले भी सकते है … तो हमारे पास बचता है सिर्फ पोलिटिकल पावर और पुलिस … लेकिन इन दोनों के गांव में आने से वो भी हमारे काम नहीं आने वाली ..
अगर हमने कोई गैर कानूनी कदम उठाया तो ये दोनों हमें घेर लेंगे , केंद्र से मीडिया और फाॅर्स आ सकती है , या फिर हाई कमांड से हमारे ऊपर प्रेशर बनाया जा सकता है , पॉलिटिक्स में ये लोग मंझे हुए खिलाडी है और इनसे फालतू में पन्गा लेना सिर्फ मूर्खता hi होगी ..
अगर ये डॉन लड़के हमारे बच्चो के कातिल होते तो बात और थी लेकिन हमें बस इतना पता है की उन लोगो से इनकी लड़ाई हुई थी , अब लड़ाई तो वो लोग किसी से भी करते रहते थे छोटी छोटी बात पर लड़ते रहते थे .. तो क्या बस अपने ईगो को संतुष्टि करने के लिए हम अपने इतने म्हणत से बनाये साम्राज्य में आंच आने दे …
तुम लोग भी उन्हें भूल जाओ आयी बात समझ में ..”
बुलंद ने सीधे आदेश सुना दिया ..
वही इंस्पेक्टर रविंद्र तिवारी उसकी बात से थोड़ा आश्चर्य में पद गया था ..
“सर आपको कैसे पता चला की डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी गांव आये हुए है “
बुलंद के चेहरे में मुस्कान आ गयी
“तिवारी इतनी खबर तो हम भी रखते है उन लोगो के बारे में , सभी को उन गांव वालो का पागलपन पता है , और वो तीनो गांव आपने आप में इतने स्वाभिमानी है की हमारी पॉलिटिक्स वंहा पर काम hi नहीं करती , उन तीनो गांव से सत्ता हुआ बड़ा सा जांगले है और जांगले में है बहुत से मिनरल्स का भण्डार … अभी तक जीतनी भी सरकार आयी सब ने उस पर नजर गली लेकिन गांव वालो के विरोध से कुछ नहीं कर पाए , मिनरल्स का मतलब है पैसा लेकिन साथ hi साथ उसका मतलब है जंगलो का खत्म , जब बात जांगले की आती है तो तीनो गांव वाले एक हो जाते है , उनकी परमपरा भी कुछ ऐसी है की शिकारी और चुड़ैलों की बाटे होती है , और अब तो हम भी देख रहे है की ये कितनी सही है ..
इसलिए उन गांवो का पोलिटिकल महत्वा बहुत जयदा है , हमें और हमसे पहले आयी कई सरकारों ने वंहा के मुखिया लोगो को पैसे या डरा धमका कर खरीदने की कोशिस की थी लेकिन , लेकिन सेल सभी एक no. के ईमानदार है अपने जंगलो से उन्हें बहुत hi प्यार है … अपनी परम्पराओ को वो छोड़ना नहीं चाहते ..
लेकिन हम चाहते है की जो काम कोई नहीं कर सका वो हम करेंगे और इसलिए हमें वंहा अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया , कुछ लोग जो पैसो में बिक गए और वंहा की घबरा हमारे तक पहुंचने लगी ..
हमने कुछ ऐसा किया की तीनो गांव में दरार पद जाये खुद hi वो एक दूसरे से लड़ कर मर जाये , लेकिन कोई शिकारी आकर उस अजय को बचा ले गया और लड़ाई वही रुक गयी , सोचा था की अजय काम आएगा वो ठीक होकर अपने पिता और चाचाओं का बदला लेगा लेकिन वो साला भी निकम्मा निकला , फिर हमारे बच्चो से उनकी लड़ाई , मुझे तब पता चला की उस अजय के पास सच में कितनी ताकत है .. बस दिमाग नहीं था , सोचा था की इसी बात का फायदा उठाया जाये, लेकिन दिमाग देने ये सेल पता नहीं क्यों डॉ. चुटिया को अपने साथ ले आये …
लेकिन फिर इतने सालो के बाद फिर से एक उम्मीद दिखाई दे रही है , दोनों गांवो को लड़ने की , जंहा अजय डॉ. चुटिया को ले आये है वही साहनपुर वाली लड़की ने डॉ. रंडी को अपने साथ ला लिया है , शायद कोई ऐसी बात हुई है अजय और उस लड़की के बिच जो थोड़ी पर्सनल है , लेकिन जो भी हो जैसे ये दोनों गट एक दूसरे से मिले हमें समझ आ गया की इन दोनों गुटों के बिच कोई लड़ाई तो होने वाली है , अब ऐसा मौका सामने है और ये चूतिये सालो की म्हणत को बर्बाद करने में तुले हुए है , अगर तीनो गांवो में से किसी पर भी मुसीबत आयी और कोई बहार वाले के कारण आयी तो ये तीनो गांव एक हो जायेंगे , इसलिए बहुत जरुरी है की इन तीनो गांवो के लोगो को आपस में hi लड़ाया जाये … और यही वो मौका है , हमें तो बस दर्शक बनकर मजे लेने है … समझ गए तुम लोग “
बुलंद की बात सुनकर सभी ख़ामोशी थे …
“अंकल तो आपको पहले से पता था की अजय एक शिकारी है “हिना की बात सुनकर बुलंद मुस्कुरा
“है मेरी बच्ची मैंने ये बात पहले से सुनी थी लेकिन कभी विस्वास नहीं हुआ था , लेकिन जब तुम लोगो ने बताया तो विश्वास भी हो गया, मैं तो इस शिकारी और चुड़ैलों की मान्यत्ता को महज कहानिया hi मान रहा था .. लेकिन हमारे बच्चो की मौत और उस लड़के का तुम लोगो के मरने के बाद भी बच जाना hi इसी बात का सबूत है की ये शक्तिया भी है , और हमें अगर अपना मकसद पूरा करना है तो बल से जयदा हमें दिमाग की जरुरत पड़ेगी .. और इसलिए मैं तुम चारो को ये स्ट्रिक्टली हिदायत दे रहा हु की तुम लोग कोई ऐसा कदम नहीं ुतहोगे जिससे उनके गांव वालो से हमारी लड़ाई हो , अभी वो लोग एक दूसरे से लड़ने की तयारी में है हमें देखना है , और सही मौके पर जब वो कमजोर हो जाये तब वार करना है ”
सभी बच्चो ने हां में सर हिलाया ..
“लेकिन सर , गॉव. के पास तो इतनी पावर होती है की वो जिस जमीं को चाहे अधिग्रहित कर ले , और ये जमीं तो गॉव की hi है .. जंगल के अंदर बस कुछ आदिवासी कबीले hi रहते है , उन्हें वो कंपनसेशन दिया जा सकता था ..”
“हुम्म्म बात जीतनी सीधी दिखती है उतनी होती नहीं न , है गॉव. के पास पावर है लेकिन ये डेमोक्रेटिक कंट्री है , सरकारी जनता से hi चलती है , और उन तीनो गांवो का प्रभाव ऐसा रहा है की आसपास ले लोग भी उनकी hi बात सुनते है , वो कबीले वाले भी उनकी hi बात सुनते है , और सोने पर सुहागा वो डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी … एक बार सर्कार ने थोड़ी कड़ाई दिखाई थी , उस समय मैं पार्टी का कार्यकर्ता हुआ करता था गुंडा गर्दी का काम मेरे और शरीफ के हाथो में hi था , सब तरीके का जोर लगाने को तैयार थे हम , केंद्र की सर्कार भी हमारे साथ थी , लेकिन क्या कर पाए … ऐसा आंदोलन चला की पूरा राज्य hi हमारी सर्कार के खिलाफ खड़ा हो गया , विपक्छा चढ़ गयी , हमें उन्हें पैसो का अस्वासन भी दिया लेकिन जब जनता hi जाग जाये तो ब्रिटिश साम्राज्य जैसी तकते सामने नहीं टिक पति तो हम क्या चीज थे , तानाशाहो को भी जनता उखड कर फेक देती है ये तो डेमोक्रेटिक कंट्री है भाई, उस आंदोलन में तीनो गांवो के प्रमुखों के अलावा डॉ. चुटिया और डॉ. रंडी का भी बहुत बड़ा योगदान था , प्रेस को लेकर छोटी छोटी चीजों को इंटरनेशनल न्यूज़ बनाने तक सब काम उनके hi जिम्मे में था, तभी से मैंने जान लिया था की काम सिर्फ पैसे और पावर से नहीं होता , ये तो बस टूल्स है असली खेल तो दिमाग का hi है … इन टूल्स को इस्तमाल करने के लिए दिमाग जरुरी है …और यंहा पर बात सिर्फ मिनरल्स की खानो से मिलने वाले पैसो की नहीं है बल्कि पुरे एरिया में कण्ट्रोल की भी तो है , अगर हमें वो कर लिया तो समझो यंहा का अगला कम मैं hi बनूँगा ”
सभी के चेहरे में सहमति के भाव आ गए थे …….
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वीरेंदर , रहमत , हिना और सोनी चारो एक जगह पर बैठे हुए गहरी चिंता में बैठे थे ..
“पापा से बोलना hi मूर्खता था वो तो बस डिप्लोमेसी hi खेलते रह जायेंगे , हमें hi कुछ करना चाहिए .. सेल दोनों लावांडो को तो घेर कर मार देना चाहिए और जंगल में जाकर उस चुड़ैल की खोज करनी चाहिए ,मैं ऐसे नपुंसक की तरह बैठ कर सब बस देखता नहीं रह सकता, और शरीफ अंकल वो तो बस पापा के है में hi है मिलते रहते है ,क्या मतलब जो इतने बड़े डॉन है “ वीरेंदर गुस्से में आ गया था और अपने सामने रखे व्हिस्की की गलास को एक hi झटके में खली कर गया
“भाईजान शांत हो जाओ , अंकल ने क्या कहा था की ईगो में आकर कोई गलत काम नहीं करना है , सच में वो इन सबकी प्लानिंग कई सालो से कर रहे है, हमारा एक गलत कदम उनके पुरे मेहनत पर पानी फेर सकता है ..” हिना वीरेंदर को समझा रही थी
“लेकिन ..”
वीरेंदर कुछ बोलता उससे पहले सोनी ने उसे टोका
“भैया शांत हो जाओ आपको उससे बदला चाहिए न हम दिलवेनेगे .. ऐसे भी हमें उस शिकारी और उसके दोस्त की मजबूरी का पता चल चूका है “
सोनी के होठो में एक रहस्य्मयी मुस्कान आ गयी , वो दोनों लड़किया कई दिनों से अजय , परिमल और उनकी बहनो और रिद्धिमा के बारे में पता कर रही थी …
“kya???”Virendra के साथ रहमत भी चिल्ला पड़ा
“वो हम पर छोड़ दो अरु आप दोनों दूसरे कामो में ध्यान दो , आप दोनों hi गरम खून के हो न जाने क्या गलत कर दो जिससे पापा का प्लान बिगड़ जाये, हम पर भरोषा रखो हम उनसे हमारे भाइयो का बदला जरूर लेंगे , लेकिन पापा वाले स्टाइल में दिमाग से “सोनी मुस्कुराते हुए बोली
उसकी बात सुनकर वीरेंदर थोड़ा शांत हुआ