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फीर दोनोने साथमे सावर लीया.. तो श्रीधरने वहा भी वृन्दाके मना करनेके बावजुद उनको फीरसे खडे खडे चोद लीया.. ओर वृन्दाको पुरी तराह संतुस्ट करदीया.. फीर दोनो बहार आकर कंपलीट हो गये.. वृन्दाकी चालमे कुछ खास फर्क नही पडा.. बस.. वो धीरे धीरे चल रही थी.. फीर दोनो बच्चेके कपडे लेकर घरको ताला लगाकर नीकल गये.. तो रास्तेमे..
वृन्दा : (मुस्कुराते) श्रीधर.. आज तुमने मेरा दील जीत लीया.. समजले आजसे बेटीके साथ तेरी सास भी तेरी होगइ.. अेक बार जयश्री तुम्हारे घर आजाये.. फीर यहा कोइ डर नही.. तुम जब भी मेरे घर आना चाहो आ सकते हो.. लेकीन दीनमे.. दोपहोरके वक्त.. तब दोनो भाइ अपने धंधेपे होते हे..
श्रीधर : (मुस्कुराते) ठीक हे.. आजाउगा..
वृन्दा : (मुस्कुराते) क्या सचमे लोग अपनी मांसे सादीया कर रहे हे..?
श्रीधर : (मुस्कुराते) हां.. लेकीन वीधवा ओर त्यक्ता होनेके बाद..
वृन्दा : (मुस्कुराते कामुक नजरोसे) तो फीर तेरी मां भीतो त्यक्ता हे.. तु क्यु उनसे सादी नही करलेता..
श्रीधर : आप पागल होगइ हो क्या..? वो मेरी मां हे.. मे कैसे..? (मनमे) अब आपसे कैसे कहु.. वो भी तेरी बेटीकी सौतन होगइ हे..
वृन्दा : (मुस्कुराते) क्यु.. अभी अभी तो तुमने कहा.. की तेरे दोस्तने उनकी मांसे सादी करली.. तो क्या दीकत हे..? कमीनी अभीभी पटाका लग रही हे.. सीर्फ मजेही तो करने हे..
श्रीधर : (सामने देखते) तो फीर आपको बुरा नही लगेगा..? सोचलो आपकी बेटी मेरी बीवी हे..
वृन्दा : (मुस्कुराते) इसमे बुरा लगनेकी क्या बात हे..? कीतना दमदार हथीयार हे तेरा.. अेक को क्या तु चार चार ओरतोको सम्हाल सकता हे.. अभी अभी बीवीकी मांको तो तीन तीन बार चोद लीया.. तब तो तुजे बुरा नही लगा.. मेभी तो तेरी सासके साथ बडी मम्मी ओर मौसी भी हु.. जब मुजे चोदलीया तो तेरी मांको चोदनेमे क्या दीकत हे..? मुजसे तो काफी जवान ओर खुबृसुरत भी हे.. अेक बार सोचले..
श्रीधर : (मुस्कुराते) मौसी.. पता नही था आप इतने खुले सोच वाली होगी.. तो फीर आपकी बेटीकी सादीसे क्यु नाराज थी..?
वृन्दा : (मुस्कुराते) तुजे तो सब पता हे फीर भी बतादु.. जयश्री मेरी ओर तेरे पापाकी ओलाद हे.. ओर इस नाते तुम दोनो सगे भाइ बहेन हो.. इसीलीये मे मना कर रही थी.. अब गांवमे ही सगे भाइ बहेन सादी कर रहे हे तो फीर मुजे क्या अेतराज हे..? इसीलीये मेने सबकुछ अेक्सेप्ट करलीया..
श्रीधर : (मुस्कुराते) तो फीर आपका ओर पापाका अफैर कब सुरु हुआ..?
वृन्दा : (मुस्कुराते) चल आज तुजे ये राज भी बता देती हु.. लेकीन याद रखना.. ये बात कीसीको मत कहेना.. ना तेरी मांको.. ना जीतुको ओर नाही तेरी बीवीको.. आज मेरा दील तुजपे आगया इसीलीये तुजे बता रही हु..
श्रीधर : (मुस्कुराते) आइ प्रोमीस.. कीसीको नही बताउगा.. क्या आप आइसक्रीम खाओगी..?
वृन्दा : (मुस्कुराते) हां लेले.. देख आइसक्रीम पार्लर इधर ही हे.. आज हम दोनोके नये रीस्तेकी सुरुआत हुइ हे.. तो कुछ मीठा तो बनता ही हे.. चल तुजे वहा आरामसे बैठकर बताती हु..
श्रीधर : (दोनो अंदर जाकर बैठते हे तब आइसक्रीमका ओर्डर देनेके बाद) हां तो सासुमा.. अब बताइअे..
वृन्दा : (सरमाकर मुस्कुराते) क्या बताउ..? सुन.. मेने जवानीके देहलीजपे कदम रखा तबसे ही मे अैसी हु.. बहुत ही कामुक.. चुदकड.. मतलब तबसे ही मुजे चुदाइकी लत लग चुकीथी.. मेने घरमे ही अपनी चुदाइका जुगाड करलीया था.. मेरा छोटा भाइ.. उन्होने मुजे खुब चौदा हे.. दोनोका रुम अेक ही था तो कीसीको सक भी नही हुआ..
श्रीधर : (मुस्कुराते) लेकीन मैने सुनाहे आप मायके बहुत ही कम जाती थी..?
वृन्दा : (सरमाकर मुस्कुराते) हां.. इसी वजहसे.. अेक दीन मेरी माने हम दोनोको चुदाइ करते पकडलीया.. मुजे खुब मारा.. ओर भाइको भी बहुत डाट पडी.. फीर आनन फाननमे मेरी सादी करवादी.. तुम्हारे बडे पापासे.. हम दोनोकी उमरमे काफी फर्क हे.. वो मुजसे दस साल बडे हे..
श्रीधर : (मुस्कुराते) ओह.. समजा.. पापाके साथ क्यु रीलेशनमे आइ..
वृन्दा : (जब आइसक्रीम आगइ तब खाते मुस्कुराते) हां.. क्युकी तेरे बडे पापा मुजे सतुस्ट नही करपा रहे थे.. ओर मुजे चुदाइकी लत लग चुकी थी.. मे इसी वजहसे आपके बडे पापाको छोडने भी वाली थी.. तभी अेक दीन मेने जीतुका लंड देखलीया.. तब उनकी सादी भी नही हइ थी.. वो मेरे भाइकी उमरका ही था..