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अर्जुन शर्मा की हवेली साजिशो से घिरती जा रही थी जिसका अंदाज़ा तो दूर उसकी भनक तक उसे नहीं थी की उसका दादा क्या क्या सपने बन रहा है उसके खिलाफ वो तो बस कारन को रस्ते से हटा ने के लिए बेताब था पैर मिताली के होते हुए कुछ भी कर न उसके लिए आसान नहीं था वही सुदर्शन जो मिताली की जाली कटी सुन ने के बाद अंदर hi अंदर जल भून रहा था जिसे और तेज़ हवा दे दी थी मिताली के नंगे जिस्म ने जिसे सुदर्शन ने धोके से देख लिया था जब वो अपने कपडे चेंज कर रही थी जिस वजह से उसकी वो गोरी गांड सुदर्शन की आँखों में किसी तस्वीर की तरह छाप चुकी थी
सुदर्शन - साली कुटिया की गांड न मारी तो मेरा नाम भी टल्ली नहीं बस एक बार ये अर्जुन उस रघुवीर के खानदान को ख़तम कर दे फिर ऐसी हवेली में नंगा घुमाऊंगा मुझे धमकी देती है साली रांड पैर एक बात है साली जिस्म कमाल का है मजा आएगा मसल ने में ( दारु से अपना गिलास भर कर मैं में बड़बड़ाते हुए बोलै)
मिताली को खबर hi नहीं थी की उसके सुन्दर जिस्म पैर किसी बुरी नज़र पद चुकी है जो नशे में उसके साथ कुछ गलत भी कर सकता था वो तो मस्त थी और आज कारन से मिल ने के लिए बहार जा रही थी जिस के लिए वो अर्जुन को ढून्ढ रही थी ताकि उसे बता सके इसलिए हॉल में आ कर पर्दा हटा कर अर्जुन को देखते हुए बोली
मिताली- भैया हम बहार जा रहे है शाम तक वापस आ जायेंगे
अर्जुन - पैर गुड़िया जा कहा रही हो आदमी ले जाओ साथ में अगर दूर जा रही हो तो
मिताली - नहीं भैया हम अकेले चले जायेंगे वैसे भी जहा हम जा रहे है वह आप के इन गुंडों का कोई काम नहीं है
अर्जुन - गुड़िया ये क्या तरीका है बात कर ने का और ऐसा कहा जा रही हो जो उन्हें साथ नहीं ले जा सकती
मिताली - अगर सुन hi चाहते है तो सुनिए में अपने पति से मिल ने जा रही हु खुश अब चलती हु bye
अर्जुन - मिताली ये क्या पति पति लगा रखा है मैंने कहा न तुम्हारी शादी में करवाऊंगा वो भी वह जहा मुझे ठीक लगेगा इसलिए चुप अपने कमरे में जाओ
मिताली - में आप से परमिशन नहीं मांग रही में बता रही हु और एक बात आप अपने जेहन में बिठा लो की मेरी शादी पापा करवा कर गए थे इस दुनिया से इसलिए मेरे और उनके बिच में आने की कोशिश मत कर न और रोक ने की तो बिलकुल भी नहीं हम जा रहे है bye शाम को मिलते है आप से ( गाडी में बैठ कर सीट बेल्ट लगा कर जाते हुए बोली )
मिताली के तेवर देख कर अर्जुन दांत पीस कर रह गया उसे बहुत गुस्सा आ रहा था मैं तो कर रहा था की कारन को ज़मीन में गाड़ दे पैर अफ़सोस गुस्सा कर ने के शिव उसका कोई बस नहीं चल रहा था इसलिए गुस्से से जाती हुई मिताली की कार को देख कर दांत पीस कर रह गया
मिताली कारन के घर के लिए निकल चुकी थी जहा कारन अपनी बुआ की छूट को अपने कॉमर्स से भर ने के बाद भी बेचैन सा था रह रह कर उसे अपनी माँ साक्षी का जिस्म याद आ रहा था जिसे याद करता वो किचन में जा पंहुचा जहा साक्षी कड़ी थी जिसे देखते hi वो अपनी माँ का हाथ पकड़ते हुए बोलै
कारन - माँ में बहुत बेचैन हु बार बार आपका जिस्म मेरी आँखों के सामने आ रहा है मेरा दिल कही भी नहीं लग रहा प्ल्ज़ कुछ कीजिये माँ वर्ण में पागल हो जाऊंगा
साक्षी - कारन धीरे बोलो किसी ने सुन लिया न तो मुसीबत हो जाएगी और मैंने कहा न तुम रात को मेरे रूम में सोना फिर में पूरा प्यार दूंगी अपने बच्चे को ( कारन को प्यार से समझते हुए बोली)
कारन - मुझे पता है आप ने मुझे रात तक रुक ने के लिए कहा है पैर इस दिल का क्या करू जो समझ hi नहीं रहा इसे तो बस आप hi आप दिख रही हो हर जगह
साक्षी - तुझे अगर मुझसे थोड़ा भी प्यार है तो अपने दिल को समझा और रात का इंतज़ार कर या फिर तू सिर्फ मेरा जिस्म पाना चाहता है और कुछ नहीं तो ले मसल दाल इन्हे जिनका दूध पीकर तू बड़ा हुआ है (पल्लू सरका कर अपनी छाती दिखते हुए बोली )
कारन - में आप से बहुत प्यार करता हु माँ और ये बात आप भी अचे से जानती हो पैर आप hi बताओ में क्या कृ जब से आप के भीतर खुद को महसूस किया है तब से खुद को अधूरा सा महसूस कर रहा हु
साक्षी - इतना दीवानापन अछि बात नहीं है कारन में तेरी माँ हु पैर तेरे प्यार में मैंने वो हद भी पार कर ली जो दुनिया की नज़रो में पाप है उसके शिव कुछ नहीं इसलिए अपने रूम में जा और थोड़ा आराम कर ले
कारन - ठीक है माँ में ऐसा hi करूँगा जैसा आप कह रही है पैर रात को आप वो करेंगी जो में कहूंगा ok ( प्यार से साक्षी को बाहो में भर कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै )
साक्षी - ठीक है वो hi करुँगी जो मेरा लाल कहेगा पैर तब तक के लिए अचे बच्चे बन कर रह न ठीक है
कारन - हम्म ठीक है माँ बिलकुल ाचा बच्चा ok
यही उम्म्मीद हम भी करते है आप से की आप पति भी अचे बनेंगे
ये आवाज़ मिताली की थी जिसे सुनते hi कारन ने पीछे मुद कर मिताली को देखा और उसकी तरफ जाते हुए बोलै
कारन - मिताली तुम यहाँ अचानक कैसे सब ठीक तो है
मिताली - ये हमारा भी घर होने वाला है जी और हम यहाँ दादू और अपनी माँ से मिलने आये है न की आप से इसलिए हटिये और हम माँ जी से मिलने दीजिये( कारन को इग्नोर करती वो हलकी स्माइल के साथ आगे बढ़ गयी )
कारन तो देखता रह गया मिताली को तो वही मिताली को अपनी तरफ आता देख साक्षी ने भी अपनी बाहे फैला दी जिस से दोनों सास बहु ने एक जोर झप्पी डाली एक दूसरे को
साक्षी - कहा चली गयी थी मेरी बच्ची मुझे तो लगा हमें भूल hi गयी सच में इतने सालो बाद देख कर बहुत ाचा लग रहा है
मिताली - बच्चे कभी अपनी माँ को भूल सकते है क्या माँ वो तो हम पढाई पूरी कर ने गए थे अब आ गए तो देख लो आप से मिल ने आ गए और वैसे भी ये घर hi तो हमारी आखिरी मंज़िल है तो यहाँ से जायदा दिन दूर कैसे रहते वैसे आप पहले से और भी जायदा ब्यूटीफुल हो गयी है आप
और तुम शैतान जिस ने आते hi शैतानी शुरू कर दी क्यों
ये आवाज़ थी रघुवीर सिंह जी की जिनकी आवाज़ सुनते hi मिताली बिजली की फुर्ती से दौड़ती हुई उनके गले जा लगी चिल्लाते हुए
मिताली- दादू कैसे है आप पता है हम ने आप को कितना मिस किया
रघुवीर- हम ने भी हमारी गुड़िया को बहुत मिस किया क्युकी हमें यकीन था की तुम जल्द वापस लौटोगी
मिताली - वो तो लोट न hi था दादू पापा आप के हवाले जो कर के गए थे और अब हम जल्द से जल्द यहाँ आना चाहते है
रघुवीर - बिलकुल मेरी गुड़िया बहुत जल्द तुम यहाँ रहोगी हमेशा के लिए बस ये लात साहब अपना काम निपटा दे जल्दी से
रघुवीर जी के कहते hi मिताली ने कारन की तरफ देखा हलकी से स्माइल के साथ और बोली
मिताली - तो कब ला रहे है आप मुझे मेरे घर या फिर साड़ी उम्र मायके में hi राहु
कारन - अब मुझसे तो मिल ने आयी नहीं हो तो में क्या बताऊ तुम hi बोलो ( कहता हुआ बहार निकल गया (
मिताली - दादू लगता है ये नाराज़ हो गए है हम इन्हे अपने साथ लेकर जा रहे है प्ल्ज़ मना मत कीजियेगा
रघुवीर- जाओ गुड़िया मना लो अपने पति को हम नहीं रोकेंगे
मिताली रघुवीर जी की हां सुन कर भाग कर बहार गयी और मुस्कुरा कर कारन के गले लग गयी जिस पैर कारन प्यार से उसका सर सहलाते हुए बोलै
कारन -हो नाटक ख़तम या अभी और कुछ भी बाकि है
मिताली - आपको सत्ता कर बहुत मजा आता है जान पैर आप भी जानते है की हम आप से बहुत प्यार करते है
कारन - शादी हो ने दो फिर बताता हु शता न किसे कहते है मेरी शैतान बीवी( कार ड्राइव करते हुए बोलै)
मिताली - ाचा जी तो क्या करेंगे आप वो भी बता दीजिये
कारन - वो तो सुहागरात को बताऊंगा मरस मिताली कारन सिंह
सुहागरात की बात सुनकर मिताली शर्मा गयी जिसे देख कर कारन है रहा था तो मिताली भी शर्म से सर झुका कर हस्ते हुए बोली
मिताली - बहुत बिगड़ते जा रहे है आप कुछ कर न पड़ेगा
कारन - अब तुम करो या में करो मजा तो दोनों को hi आएगा क्यों
कारन की डबल मीनिंग बात सुन कर मिताली शर्म से सर झुका कर बैठ गयी तो कारन हवा में उड़ती उसकी झुलफो को हाथ से हटा ते हुए बोलै
कारन - क्या हुआ नाराज़ हो गयी क्या
मिताली - मरते दम तक नहीं जान बस जो आप कह रहे हो वो पल में जल्द से जल्द आप के साथ जीना चाहती हु
कारन - ठीक है तो वादा रहा दीदी की सगाई और तुम्हारी बिदाई एक साथ होगी कह देना अपने भाई अर्जुन से
अर्जुन शर्मा की हवेली साजिशो से घिरती जा रही थी जिसका अंदाज़ा तो दूर उसकी भनक तक उसे नहीं थी की उसका दादा क्या क्या सपने बन रहा है उसके खिलाफ वो तो बस कारन को रस्ते से हटा ने के लिए बेताब था पैर मिताली के होते हुए कुछ भी कर न उसके लिए आसान नहीं था वही सुदर्शन जो मिताली की जाली कटी सुन ने के बाद अंदर hi अंदर जल भून रहा था जिसे और तेज़ हवा दे दी थी मिताली के नंगे जिस्म ने जिसे सुदर्शन ने धोके से देख लिया था जब वो अपने कपडे चेंज कर रही थी जिस वजह से उसकी वो गोरी गांड सुदर्शन की आँखों में किसी तस्वीर की तरह छाप चुकी थी
सुदर्शन - साली कुटिया की गांड न मारी तो मेरा नाम भी टल्ली नहीं बस एक बार ये अर्जुन उस रघुवीर के खानदान को ख़तम कर दे फिर ऐसी हवेली में नंगा घुमाऊंगा मुझे धमकी देती है साली रांड पैर एक बात है साली जिस्म कमाल का है मजा आएगा मसल ने में ( दारु से अपना गिलास भर कर मैं में बड़बड़ाते हुए बोलै)
मिताली को खबर hi नहीं थी की उसके सुन्दर जिस्म पैर किसी बुरी नज़र पद चुकी है जो नशे में उसके साथ कुछ गलत भी कर सकता था वो तो मस्त थी और आज कारन से मिल ने के लिए बहार जा रही थी जिस के लिए वो अर्जुन को ढून्ढ रही थी ताकि उसे बता सके इसलिए हॉल में आ कर पर्दा हटा कर अर्जुन को देखते हुए बोली
मिताली- भैया हम बहार जा रहे है शाम तक वापस आ जायेंगे
अर्जुन - पैर गुड़िया जा कहा रही हो आदमी ले जाओ साथ में अगर दूर जा रही हो तो
मिताली - नहीं भैया हम अकेले चले जायेंगे वैसे भी जहा हम जा रहे है वह आप के इन गुंडों का कोई काम नहीं है
अर्जुन - गुड़िया ये क्या तरीका है बात कर ने का और ऐसा कहा जा रही हो जो उन्हें साथ नहीं ले जा सकती
मिताली - अगर सुन hi चाहते है तो सुनिए में अपने पति से मिल ने जा रही हु खुश अब चलती हु bye
अर्जुन - मिताली ये क्या पति पति लगा रखा है मैंने कहा न तुम्हारी शादी में करवाऊंगा वो भी वह जहा मुझे ठीक लगेगा इसलिए चुप अपने कमरे में जाओ
मिताली - में आप से परमिशन नहीं मांग रही में बता रही हु और एक बात आप अपने जेहन में बिठा लो की मेरी शादी पापा करवा कर गए थे इस दुनिया से इसलिए मेरे और उनके बिच में आने की कोशिश मत कर न और रोक ने की तो बिलकुल भी नहीं हम जा रहे है bye शाम को मिलते है आप से ( गाडी में बैठ कर सीट बेल्ट लगा कर जाते हुए बोली )
मिताली के तेवर देख कर अर्जुन दांत पीस कर रह गया उसे बहुत गुस्सा आ रहा था मैं तो कर रहा था की कारन को ज़मीन में गाड़ दे पैर अफ़सोस गुस्सा कर ने के शिव उसका कोई बस नहीं चल रहा था इसलिए गुस्से से जाती हुई मिताली की कार को देख कर दांत पीस कर रह गया
मिताली कारन के घर के लिए निकल चुकी थी जहा कारन अपनी बुआ की छूट को अपने कॉमर्स से भर ने के बाद भी बेचैन सा था रह रह कर उसे अपनी माँ साक्षी का जिस्म याद आ रहा था जिसे याद करता वो किचन में जा पंहुचा जहा साक्षी कड़ी थी जिसे देखते hi वो अपनी माँ का हाथ पकड़ते हुए बोलै
कारन - माँ में बहुत बेचैन हु बार बार आपका जिस्म मेरी आँखों के सामने आ रहा है मेरा दिल कही भी नहीं लग रहा प्ल्ज़ कुछ कीजिये माँ वर्ण में पागल हो जाऊंगा
साक्षी - कारन धीरे बोलो किसी ने सुन लिया न तो मुसीबत हो जाएगी और मैंने कहा न तुम रात को मेरे रूम में सोना फिर में पूरा प्यार दूंगी अपने बच्चे को ( कारन को प्यार से समझते हुए बोली)
कारन - मुझे पता है आप ने मुझे रात तक रुक ने के लिए कहा है पैर इस दिल का क्या करू जो समझ hi नहीं रहा इसे तो बस आप hi आप दिख रही हो हर जगह
साक्षी - तुझे अगर मुझसे थोड़ा भी प्यार है तो अपने दिल को समझा और रात का इंतज़ार कर या फिर तू सिर्फ मेरा जिस्म पाना चाहता है और कुछ नहीं तो ले मसल दाल इन्हे जिनका दूध पीकर तू बड़ा हुआ है (पल्लू सरका कर अपनी छाती दिखते हुए बोली )
कारन - में आप से बहुत प्यार करता हु माँ और ये बात आप भी अचे से जानती हो पैर आप hi बताओ में क्या कृ जब से आप के भीतर खुद को महसूस किया है तब से खुद को अधूरा सा महसूस कर रहा हु
साक्षी - इतना दीवानापन अछि बात नहीं है कारन में तेरी माँ हु पैर तेरे प्यार में मैंने वो हद भी पार कर ली जो दुनिया की नज़रो में पाप है उसके शिव कुछ नहीं इसलिए अपने रूम में जा और थोड़ा आराम कर ले
कारन - ठीक है माँ में ऐसा hi करूँगा जैसा आप कह रही है पैर रात को आप वो करेंगी जो में कहूंगा ok ( प्यार से साक्षी को बाहो में भर कर उसकी आँखों में देखते हुए बोलै )
साक्षी - ठीक है वो hi करुँगी जो मेरा लाल कहेगा पैर तब तक के लिए अचे बच्चे बन कर रह न ठीक है
कारन - हम्म ठीक है माँ बिलकुल ाचा बच्चा ok
यही उम्म्मीद हम भी करते है आप से की आप पति भी अचे बनेंगे
ये आवाज़ मिताली की थी जिसे सुनते hi कारन ने पीछे मुद कर मिताली को देखा और उसकी तरफ जाते हुए बोलै
कारन - मिताली तुम यहाँ अचानक कैसे सब ठीक तो है
मिताली - ये हमारा भी घर होने वाला है जी और हम यहाँ दादू और अपनी माँ से मिलने आये है न की आप से इसलिए हटिये और हम माँ जी से मिलने दीजिये( कारन को इग्नोर करती वो हलकी स्माइल के साथ आगे बढ़ गयी )
कारन तो देखता रह गया मिताली को तो वही मिताली को अपनी तरफ आता देख साक्षी ने भी अपनी बाहे फैला दी जिस से दोनों सास बहु ने एक जोर झप्पी डाली एक दूसरे को
साक्षी - कहा चली गयी थी मेरी बच्ची मुझे तो लगा हमें भूल hi गयी सच में इतने सालो बाद देख कर बहुत ाचा लग रहा है
मिताली - बच्चे कभी अपनी माँ को भूल सकते है क्या माँ वो तो हम पढाई पूरी कर ने गए थे अब आ गए तो देख लो आप से मिल ने आ गए और वैसे भी ये घर hi तो हमारी आखिरी मंज़िल है तो यहाँ से जायदा दिन दूर कैसे रहते वैसे आप पहले से और भी जायदा ब्यूटीफुल हो गयी है आप
और तुम शैतान जिस ने आते hi शैतानी शुरू कर दी क्यों
ये आवाज़ थी रघुवीर सिंह जी की जिनकी आवाज़ सुनते hi मिताली बिजली की फुर्ती से दौड़ती हुई उनके गले जा लगी चिल्लाते हुए
मिताली- दादू कैसे है आप पता है हम ने आप को कितना मिस किया
रघुवीर- हम ने भी हमारी गुड़िया को बहुत मिस किया क्युकी हमें यकीन था की तुम जल्द वापस लौटोगी
मिताली - वो तो लोट न hi था दादू पापा आप के हवाले जो कर के गए थे और अब हम जल्द से जल्द यहाँ आना चाहते है
रघुवीर - बिलकुल मेरी गुड़िया बहुत जल्द तुम यहाँ रहोगी हमेशा के लिए बस ये लात साहब अपना काम निपटा दे जल्दी से
रघुवीर जी के कहते hi मिताली ने कारन की तरफ देखा हलकी से स्माइल के साथ और बोली
मिताली - तो कब ला रहे है आप मुझे मेरे घर या फिर साड़ी उम्र मायके में hi राहु
कारन - अब मुझसे तो मिल ने आयी नहीं हो तो में क्या बताऊ तुम hi बोलो ( कहता हुआ बहार निकल गया (
मिताली - दादू लगता है ये नाराज़ हो गए है हम इन्हे अपने साथ लेकर जा रहे है प्ल्ज़ मना मत कीजियेगा
रघुवीर- जाओ गुड़िया मना लो अपने पति को हम नहीं रोकेंगे
मिताली रघुवीर जी की हां सुन कर भाग कर बहार गयी और मुस्कुरा कर कारन के गले लग गयी जिस पैर कारन प्यार से उसका सर सहलाते हुए बोलै
कारन -हो नाटक ख़तम या अभी और कुछ भी बाकि है
मिताली - आपको सत्ता कर बहुत मजा आता है जान पैर आप भी जानते है की हम आप से बहुत प्यार करते है
कारन - शादी हो ने दो फिर बताता हु शता न किसे कहते है मेरी शैतान बीवी( कार ड्राइव करते हुए बोलै)
मिताली - ाचा जी तो क्या करेंगे आप वो भी बता दीजिये
कारन - वो तो सुहागरात को बताऊंगा मरस मिताली कारन सिंह
सुहागरात की बात सुनकर मिताली शर्मा गयी जिसे देख कर कारन है रहा था तो मिताली भी शर्म से सर झुका कर हस्ते हुए बोली
मिताली - बहुत बिगड़ते जा रहे है आप कुछ कर न पड़ेगा
कारन - अब तुम करो या में करो मजा तो दोनों को hi आएगा क्यों
कारन की डबल मीनिंग बात सुन कर मिताली शर्म से सर झुका कर बैठ गयी तो कारन हवा में उड़ती उसकी झुलफो को हाथ से हटा ते हुए बोलै
कारन - क्या हुआ नाराज़ हो गयी क्या
मिताली - मरते दम तक नहीं जान बस जो आप कह रहे हो वो पल में जल्द से जल्द आप के साथ जीना चाहती हु
कारन - ठीक है तो वादा रहा दीदी की सगाई और तुम्हारी बिदाई एक साथ होगी कह देना अपने भाई अर्जुन से