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अपडेट-116
अभ अग्गे...
"नमस्कार दोस्तों , आपका सवागत है हमारे *** न्यूज़ चैनल पर , अज्ज हम आपको इक ऐसी , रहस्मयी , ब्यांक , रूह कंपा देने वाली न्यूज़ सुना रहे हैं , जिसे सुन आपके रोंगटे खड़े हो जायेगे ,
सही सुना अपने , हमारे शहर का , सबसे रहस्मयी जंगल , वंश जंगल , अज्ज सुबह बर्फ में धक् सा गया है , और चौंकने वाली बात यह है , के यह बर्फ बस जंगल के ऊपर गिर रही है , मासूम में ऐसा बदलाव होना सम्बव नै है , हमारे शहर के साइंटिस्ट यह बता रहे हैं ,
जंगल के अंदर के पेड़ अभ बर्फ के उड़ते गुबार में कही अलोप सा हो गए हैं , जमीन से लेकर आसमान तक , बस बर्फ का सफेद धुआँ सा उड़द रहा है , जंगल के अंदर का कुछ नज़र नै ा रहा , और न hi अंदर जाने का रास्ता मिल रहा है ,
ऐसा सदियों में शयद पहली बार हुआ है , साइंटिस्ट रिसर्च करने वह पहुँच चुके हैं , हम आपके साथ बने रहेंगे , बस इक छोटे से ब्रेक के बाद..."
काट ने न्यूज़ देख टीवी बंद कर दिया , वोह और फर्जी घर ा चुकी थी , काट अपनी तरफ से फर्जी को संभालने की पूरी कोससिह कर रही थी , वोह उसे हर तरह की ख़ुशी दे रही थी , पर फिर भी उसने फर्जी के अंदर , मन की भेटेर छिपे इक दर्द को महसूस किया था , काट में इक शक्ति थी , वोह पोरे ब्रह्माण्ड में किसी भी चीज़ को महसूस कर सकती थी ,
काट अभी सोच hi रही थी के फर्जी उसके पास आकर बेथ गई ,
"अल्ले मेला बचा , उठ गया ..." काट , फर्जी का माथा चूमते हुए बोली , जो अभी अभी सो कर उठी थी ,
"जी काट मुम्मा.." फर्जी मुस्कराते हुए बोली , पर काट जानती थी यह मुस्कान झूठी है , फर्जी अपने पापा से मिलने के लिए तड़फ रही है ,
"पापा की यद् ा रही है..." काट बेहद नाम आँखों से बोली ,
"नै मुम्मा , ऐसी कोई बात नै , में खुश हु.." फर्जी अपना सार काट की जांगू पर रख लेट गई ,
अभी रवि से अलग हुए काट को कुछ घंटे hi हुए थे , पर उसका प्यार उस पर भरी पढ़ रहा था , उसका गुस्सा जीत नै प् रहा था , उसके प्यार से ,
काट बार बार टीवी ों कर वंश जंगल की न्यूज़ सुन रही थी , उसे चिंता हो रही थी , बेबी की , रवि की , लेकिन उसकी बेपनाह ताकत उसे झुकने नै दे रही थी , काट बहुत उदास थी , अपनी भावनायिओं से लड़ रही थी ,
"मुम्मा , पापा की यद् ा रही आपको..." फर्जी टीवी ों करते हुए बोली , वोह भी वंश जंगल के अजीब मासूम को देख रही थी ,
"नै , वोह , वोह , तुम भूक लगी है.." काट अपनी भावनायिओं को छिपाते हुए बोली ,
"हाँ मुम्मा.." फर्जी गहरी मुस्कान के साथ बोली , उसे सब समाज ा रहा था , के उसकी काट मुम्मा अभ बस जाने hi वाली है जंगल के भेटेर....
वही दूसरी तरफ....
"अह्ह्ह्ह यह लो..." ख़ुशी ने उड़ते हुए अपने हाथो से स्टोनमैन पर आग बरसते हुए बोलै ,
लारा और बेबी उसकी तंग पर वॉर कर रही थी , सुहाना ड्रैगन रूप लेकर स्टोनमैन के चेहरे को जला रही थी ,
रवि , रवि इक तरफ खड़ा सब देख रहा था , वोह कुछ सोच रहा था , इस पत्थर का कमज़ोर part कोनसा है , जिस पर वोह वॉर कर सके , पर हैश्च , अभी तक वोह निराश था ,
दूर कड़ी नकाबपोश औरत सब देख रही थी , उसे इतना तोह समाज ा चूका था , के जंगल के चारो और इक रक्षा कवच है ,
जोकर भी बेहद खुश था , हाला की अभी तक उसे अपनी ताकत दिखने का मौका नै मिला था , या वोह जानबूझ कर खुद को जुंग से दूर रख रहा था , वोह खुद को डरपोक दिखा रहा था , शयद उसका कोई प्लान हो ,
रेखा अपने भाई को प्यार भरी निगाहो से देख रही थी , गाओं की उन यादिओं को यद् कर रही थी , गाओं में बिताये खुशनुमा पलु को महसूस कर रही थी , लेकिन अभ कितना कुछ बदल चूका था , कहा ा गए थे वोह , लेकिन सबसे बड़ी बात वोह मर चुकी थी , अभ उसकी वापसी का कोई रास्ता नै था , यही बात उसे बार बार उदास कर रही थी ,
सोचयिए ऐसे पलु का , जब अप्प मर चुके हो , और मरने के बाद भी , अपने प्यार को अपनी आँखों के सामने हर पल देखते हो , पर उसे प्यार नै कर सकते , कितनी बड़ी सजा होगी , कितना दर्द होगा ें लमहु में , ें दर्दनाक पलु में ,
"जोकर , रेखा , तुम ें पर नज़र रखो , में अभी अति हु..." नकाबपोश औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई , शयद वोह जंगल के बहार जाने का कोई रास्ता ढूंढ़ना चाहती होगी ,
"रावी , यह साला तोह बिरला सीमेंट से भी मज़बूत है , टूटता hi नई..." ख़ुशी थक हार कर रवि के पास आकर बोली ,
"हम्म , मुझे लगता है , इसका कोई रूप नै है , यह बस इक एनर्जी से बना है , यह पत्थर का कवच उस एनर्जी की रक्षा कर रहा है , अगर हम इस पत्थर को तोड़ दे तोह एनर्जी बिना बॉडी के किसी काम की नई..." रवि िका इक मुस्करा कर बोलै ,
"कब.." ख़ुशी थोड़ा चौंकते हुए बोली ,
"शठ , बस अभी , तुम इस पर आग बरसा कर इसका ध्यान अपनी तरफ खींचो , जैसे बाकि सब कर रही हैं..." रवि अभी बोल hi रहा था के ख़ुशी बेच में बोली ,
"बस , में क्या रोज़ माचिस कहती हु , जो अंदर से आग निकलती राहु..." ख़ुशी बेहद गुस्से में बोली ,
"ख़ुशी जाओ न , क्या बात कर रही हो , थोड़ी सी आग निकल लो , बस 2 मिंट और..." रवि , ख़ुशी के कण्डु पर दोनों हाथ रख उसके नाराज़ चेहरे को देखते हुए बोलै ,
"अभी ठरकी , 7 जनमु की आग इस पत्थर पर निकल चुकी हु , अभ तोह हाथो से धुआँ भी नै निकल रहा , अभी आराम करना मुझे..." ख़ुशी थोड़ा गुस्से में अंगड़ाई लेते हुए बोली ,
"तमस , तुम यह करना hi होगा , में डेविल तुमसे बोल रहा हु..." रवि अभी ख़ुशी को बोल hi रहा था के लारा , बेबी और सुहाना भी उसके पास ा गई , और स्टोन मन उनकी तरफ बढ़ने लगा ,
"रावी , में तोह थक गई , उस पर मेरी तलवार को कोई असर नै हुआ..." लारा तेज़ तेज़ सांसे भर्ती हुई बोली ,
"हाँ रवि , मेरा तोह हाथ दुखने लगा , लेकिन कोई फिदा नै हो रहा..." बेबी अपने ढाये हाथ को लेफ्ट हाथ से दबाते हुए बोली ,
"मलिका सुहाना आपको भी कुछ कहना है..." रवि थोड़ा चिढ़ते हुए बोलै ,
"हाँ , हमारे ड्रैगन रूप का भी उस पर कोई असर नै , इक घंटे तक उसके चेहरे पर आग बरसते रहे , देखो उसका चेहरा , अभी भी कितना चमक रहा..." सुहाना , स्टोनमैन के चेहरे को देखते हुए बोली ,
"ाचा , एलिज़ा कहा है..." रवि मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै ,
"में , में , यहाँ हु..." एलिज़ा इक डैम से जमीन पर रवि के सामने उतारते हुए बोली ,
"ठीक है , तुम सब से कुछ नै होगा , अभ में जाता हु , में इसको रोकूंगा..." रवि , स्टोनमैन की तरफ जाने लगा , पर फिर पलट कर बोलै..." में तुम सब को बहुत चाहता हु , अगर मुझे कुछ हो ..." रवि अभी इतना hi बोलै था के ख़ुशी बेच में बोल पढ़ी ,
"अभी जा बे ठरकी..." ख़ुशी इक आग का गोला रवि के कंडे पर मरते हुए बोली...
रवि ने पलट कर स्टोनमैन को देखा और उसकी तरफ बढ़ने लगा , सब लड़कियाँ रवि को देख रही थी , सबकी आँखें खुली थी , और शयद मोह भी...
वही दूसरी तरफ...
रमा के as-pas उसकी दुनिआ की अजीज लड़कियाँ कड़ी थी , वोह इक नै , दो नै , बल्कि हज़ारो में थी , यहाँ यहाँ तक नज़र जाती , बस सफेद बर्फ पर काली परछाई शयी हुई थी ,
रमा चौंक सा गई थी , उसके सामने अभ हज़ारो जादू , मायाजाल में निपुण लड़कियाँ कड़ी थी , जिनके जिस्म अँधेरे से भी काळा थे , आँखें सफेद रौशनी से नहायी हुई थी , हाथ उनके सफेद रौशनी में खोयीओं तक चमक रहे थे ,
"बचो अभ क्या होगा..." रमा अपने बालो को देखते हुए बोली , पर तभी उन लड़कयों ने अपने हाथो को जोड़ते हुए इक सफेद रौशनी रमा के जिस्म पर छोड़ी , रमा दर्द में कहरहते दूर जमीन पर जा गिरी ,
रमा ने खड़े होते hi , अपने बालो को और भी बड़ा कर लिया , उसके बाल अभ तलवार का रूप लेकर हवा में लहराने लगे , उनकी लाल चमक और भी बढ़ गई ,
रमा के बाल अभ ऐसे लग रहे थे , जैसे रमा के सार के पीछे हज़ारो लाल तलवारिआं हवा में लहरा रही हो ,
वोह लड़कियाँ अपने हाथो से सफेद रौशनी के गोले रमा की तरफ फेंकते हुए आगे बढ़ने लगी , िका इक रमा के बाल उसके जिस्म के आगे आकर , इक ुचि दीवार का रूप ले गए , अभ उन जादूगर काली लड़कयों के हाथो से निकले सफेद एनर्जी मैजिक बॉल्स रमा के बालो से टकराने लगे ,
रमा के बाल उन सफेद एनर्जी गोलों के टकराते hi आग जैसे जल जाते , पर रमा के माथे के स्टोन से , जब लाल रौशनी उत्पन होती , तब रमा के लाल बाल फिर से आपस में जुड़ जाते ,
लेकिन रमा के बाल बस उन लड़कयों के सफेद एनर्जी मैजिक बॉल्स को रोक रहे थे , पर वोह लड़कियाँ अभ भी अग्गे बढ़ रही थी , धीरे धीरे वोह रमा के करीब अति जा रही थी ,
"आह्ह्हह्ह्ह्ह स्सश्ह..." तभी रमा की दर्द भरी चीख निकल गई , जब उसकी पीठ पर इक सफेद एनर्जी का गोला आकर लगा , रमा इक घुटना जमीन से लगाए और भी ताकत अपने बालो पर लगाने लगी ,
लेकिन अभ रमा चारो तरफ से घिर चुकी थी , रमा उनको रोक नै प् रही थी , तभी रमा ने अपने बालो को और भी बढ़ाते हुए खुद को अपने बालो में छिपा लिया ,
अभ रमा चारो तरफ से अपने जादुई लाल बालो में छिपी हुई थी , और उस पर बारिश की तरह सफेद एनर्जी गोले पढ़ रहे थे ,
धीरे धीरे वोह लड़कियाँ रमा के बेहद करीब ा गई , तभी वोह हुआ जिसका किसी ने सोचा नै था , रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली ,
अचानक उसके माथे के लाल स्टोन से बेहद तेज़ ऊर्जा ऊपर उठने लगी , इतनी तेज़ के रमा के लाल बाल आग में जलते सूरज की तरह दिखने लगे ,
"aahhhhhhhhhhhhhhhhh...." रमा ने बेइंतहा चीखते हुए अपनी पूरी शक्ति लगा दी ,
"बम्मम्मम्म..." इक तेज़ धमाका हुआ , रमा के सरे लाल बाल इस धमाके में आग की तरह उड़द गए , जैसे नुक्लेअर बम्ब विस्फोट हुआ हो , इतनी तेज़ आग चारो तरफ फैल गई के साडी की साडी जादूगर काली लड़कियाँ इस आग की तपश में जल कर रख हो गई ,
"अह्ह्ह्हह भइआए ..." रमा इक बेहद बड़े घड़े से रेंगते हुए बहार बर्फ की सफेद जमीन पर गिरकर तेज़ सांसे भरते हुए बोली , उसका पूरा जिस्म जख्मी हो चूका था , सार के बाल धमाके में उड़द चुके थे , रमा दर्द में तेज़ सिस्कियाँ भर रही थी , और सबसे अजीब बात उसका जिस्म , इंसानी रूप में ा चूका था , उसके हर जखम से खून बह रहा था ,
"ाशहठ mm..mm..muzee अह्ह्ह्ह j..janaa..hh..hogaa..." रमा बेहद दर्द में कहरहते उठ कर खड़े होते हुए खुद से बोली , tabhii...."ahhhhhh..." इक तेज़ दर्द भरी सिसकी रमा के होंठो से निकल गई ,
रमा ने अपना इक हाथ पीछे लेजाकर अपनी पीठ को छुआ , तोह उसने जाना , उसकी पीठ में इक जादुई कंजर घुसा हुआ था , रमा घुटनो के बल गिर कर बेथ गई , उसके मोह से खून बह कर सफेद बर्फ को लाल करने लगा ,
तभी उसके सामने इक काळा लबीएस में इक औरत आकर कड़ी हो गई , रमा ने अपने खून से भेज चेहरे को ऊपर उठा कर देखा , और बस इतना hi बोली..." माँ a...aa...apne..." ?
तो बे कुनिटेड....