Incest Deewanapan... - Page 23 - SexBaba
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Incest Deewanapan...



अपडेट-116

अभ अग्गे...

"नमस्कार दोस्तों , आपका सवागत है हमारे *** न्यूज़ चैनल पर , अज्ज हम आपको इक ऐसी , रहस्मयी , ब्यांक , रूह कंपा देने वाली न्यूज़ सुना रहे हैं , जिसे सुन आपके रोंगटे खड़े हो जायेगे ,

सही सुना अपने , हमारे शहर का , सबसे रहस्मयी जंगल , वंश जंगल , अज्ज सुबह बर्फ में धक् सा गया है , और चौंकने वाली बात यह है , के यह बर्फ बस जंगल के ऊपर गिर रही है , मासूम में ऐसा बदलाव होना सम्बव नै है , हमारे शहर के साइंटिस्ट यह बता रहे हैं ,

जंगल के अंदर के पेड़ अभ बर्फ के उड़ते गुबार में कही अलोप सा हो गए हैं , जमीन से लेकर आसमान तक , बस बर्फ का सफेद धुआँ सा उड़द रहा है , जंगल के अंदर का कुछ नज़र नै ा रहा , और न hi अंदर जाने का रास्ता मिल रहा है ,

ऐसा सदियों में शयद पहली बार हुआ है , साइंटिस्ट रिसर्च करने वह पहुँच चुके हैं , हम आपके साथ बने रहेंगे , बस इक छोटे से ब्रेक के बाद..."

काट ने न्यूज़ देख टीवी बंद कर दिया , वोह और फर्जी घर ा चुकी थी , काट अपनी तरफ से फर्जी को संभालने की पूरी कोससिह कर रही थी , वोह उसे हर तरह की ख़ुशी दे रही थी , पर फिर भी उसने फर्जी के अंदर , मन की भेटेर छिपे इक दर्द को महसूस किया था , काट में इक शक्ति थी , वोह पोरे ब्रह्माण्ड में किसी भी चीज़ को महसूस कर सकती थी ,

काट अभी सोच hi रही थी के फर्जी उसके पास आकर बेथ गई ,

"अल्ले मेला बचा , उठ गया ..." काट , फर्जी का माथा चूमते हुए बोली , जो अभी अभी सो कर उठी थी ,

"जी काट मुम्मा.." फर्जी मुस्कराते हुए बोली , पर काट जानती थी यह मुस्कान झूठी है , फर्जी अपने पापा से मिलने के लिए तड़फ रही है ,

"पापा की यद् ा रही है..." काट बेहद नाम आँखों से बोली ,

"नै मुम्मा , ऐसी कोई बात नै , में खुश हु.." फर्जी अपना सार काट की जांगू पर रख लेट गई ,

अभी रवि से अलग हुए काट को कुछ घंटे hi हुए थे , पर उसका प्यार उस पर भरी पढ़ रहा था , उसका गुस्सा जीत नै प् रहा था , उसके प्यार से ,

काट बार बार टीवी ों कर वंश जंगल की न्यूज़ सुन रही थी , उसे चिंता हो रही थी , बेबी की , रवि की , लेकिन उसकी बेपनाह ताकत उसे झुकने नै दे रही थी , काट बहुत उदास थी , अपनी भावनायिओं से लड़ रही थी ,

"मुम्मा , पापा की यद् ा रही आपको..." फर्जी टीवी ों करते हुए बोली , वोह भी वंश जंगल के अजीब मासूम को देख रही थी ,

"नै , वोह , वोह , तुम भूक लगी है.." काट अपनी भावनायिओं को छिपाते हुए बोली ,

"हाँ मुम्मा.." फर्जी गहरी मुस्कान के साथ बोली , उसे सब समाज ा रहा था , के उसकी काट मुम्मा अभ बस जाने hi वाली है जंगल के भेटेर....

वही दूसरी तरफ....

"अह्ह्ह्ह यह लो..." ख़ुशी ने उड़ते हुए अपने हाथो से स्टोनमैन पर आग बरसते हुए बोलै ,

लारा और बेबी उसकी तंग पर वॉर कर रही थी , सुहाना ड्रैगन रूप लेकर स्टोनमैन के चेहरे को जला रही थी ,

रवि , रवि इक तरफ खड़ा सब देख रहा था , वोह कुछ सोच रहा था , इस पत्थर का कमज़ोर part कोनसा है , जिस पर वोह वॉर कर सके , पर हैश्च , अभी तक वोह निराश था ,

दूर कड़ी नकाबपोश औरत सब देख रही थी , उसे इतना तोह समाज ा चूका था , के जंगल के चारो और इक रक्षा कवच है ,

जोकर भी बेहद खुश था , हाला की अभी तक उसे अपनी ताकत दिखने का मौका नै मिला था , या वोह जानबूझ कर खुद को जुंग से दूर रख रहा था , वोह खुद को डरपोक दिखा रहा था , शयद उसका कोई प्लान हो ,

रेखा अपने भाई को प्यार भरी निगाहो से देख रही थी , गाओं की उन यादिओं को यद् कर रही थी , गाओं में बिताये खुशनुमा पलु को महसूस कर रही थी , लेकिन अभ कितना कुछ बदल चूका था , कहा ा गए थे वोह , लेकिन सबसे बड़ी बात वोह मर चुकी थी , अभ उसकी वापसी का कोई रास्ता नै था , यही बात उसे बार बार उदास कर रही थी ,

सोचयिए ऐसे पलु का , जब अप्प मर चुके हो , और मरने के बाद भी , अपने प्यार को अपनी आँखों के सामने हर पल देखते हो , पर उसे प्यार नै कर सकते , कितनी बड़ी सजा होगी , कितना दर्द होगा ें लमहु में , ें दर्दनाक पलु में ,

"जोकर , रेखा , तुम ें पर नज़र रखो , में अभी अति हु..." नकाबपोश औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई , शयद वोह जंगल के बहार जाने का कोई रास्ता ढूंढ़ना चाहती होगी ,

"रावी , यह साला तोह बिरला सीमेंट से भी मज़बूत है , टूटता hi नई..." ख़ुशी थक हार कर रवि के पास आकर बोली ,

"हम्म , मुझे लगता है , इसका कोई रूप नै है , यह बस इक एनर्जी से बना है , यह पत्थर का कवच उस एनर्जी की रक्षा कर रहा है , अगर हम इस पत्थर को तोड़ दे तोह एनर्जी बिना बॉडी के किसी काम की नई..." रवि िका इक मुस्करा कर बोलै ,

"कब.." ख़ुशी थोड़ा चौंकते हुए बोली ,

"शठ , बस अभी , तुम इस पर आग बरसा कर इसका ध्यान अपनी तरफ खींचो , जैसे बाकि सब कर रही हैं..." रवि अभी बोल hi रहा था के ख़ुशी बेच में बोली ,

"बस , में क्या रोज़ माचिस कहती हु , जो अंदर से आग निकलती राहु..." ख़ुशी बेहद गुस्से में बोली ,

"ख़ुशी जाओ न , क्या बात कर रही हो , थोड़ी सी आग निकल लो , बस 2 मिंट और..." रवि , ख़ुशी के कण्डु पर दोनों हाथ रख उसके नाराज़ चेहरे को देखते हुए बोलै ,

"अभी ठरकी , 7 जनमु की आग इस पत्थर पर निकल चुकी हु , अभ तोह हाथो से धुआँ भी नै निकल रहा , अभी आराम करना मुझे..." ख़ुशी थोड़ा गुस्से में अंगड़ाई लेते हुए बोली ,

"तमस , तुम यह करना hi होगा , में डेविल तुमसे बोल रहा हु..." रवि अभी ख़ुशी को बोल hi रहा था के लारा , बेबी और सुहाना भी उसके पास ा गई , और स्टोन मन उनकी तरफ बढ़ने लगा ,

"रावी , में तोह थक गई , उस पर मेरी तलवार को कोई असर नै हुआ..." लारा तेज़ तेज़ सांसे भर्ती हुई बोली ,

"हाँ रवि , मेरा तोह हाथ दुखने लगा , लेकिन कोई फिदा नै हो रहा..." बेबी अपने ढाये हाथ को लेफ्ट हाथ से दबाते हुए बोली ,

"मलिका सुहाना आपको भी कुछ कहना है..." रवि थोड़ा चिढ़ते हुए बोलै ,

"हाँ , हमारे ड्रैगन रूप का भी उस पर कोई असर नै , इक घंटे तक उसके चेहरे पर आग बरसते रहे , देखो उसका चेहरा , अभी भी कितना चमक रहा..." सुहाना , स्टोनमैन के चेहरे को देखते हुए बोली ,

"ाचा , एलिज़ा कहा है..." रवि मुस्कराने की कोससिह करते हुए बोलै ,

"में , में , यहाँ हु..." एलिज़ा इक डैम से जमीन पर रवि के सामने उतारते हुए बोली ,

"ठीक है , तुम सब से कुछ नै होगा , अभ में जाता हु , में इसको रोकूंगा..." रवि , स्टोनमैन की तरफ जाने लगा , पर फिर पलट कर बोलै..." में तुम सब को बहुत चाहता हु , अगर मुझे कुछ हो ..." रवि अभी इतना hi बोलै था के ख़ुशी बेच में बोल पढ़ी ,

"अभी जा बे ठरकी..." ख़ुशी इक आग का गोला रवि के कंडे पर मरते हुए बोली...

रवि ने पलट कर स्टोनमैन को देखा और उसकी तरफ बढ़ने लगा , सब लड़कियाँ रवि को देख रही थी , सबकी आँखें खुली थी , और शयद मोह भी...

वही दूसरी तरफ...

रमा के as-pas उसकी दुनिआ की अजीज लड़कियाँ कड़ी थी , वोह इक नै , दो नै , बल्कि हज़ारो में थी , यहाँ यहाँ तक नज़र जाती , बस सफेद बर्फ पर काली परछाई शयी हुई थी ,

रमा चौंक सा गई थी , उसके सामने अभ हज़ारो जादू , मायाजाल में निपुण लड़कियाँ कड़ी थी , जिनके जिस्म अँधेरे से भी काळा थे , आँखें सफेद रौशनी से नहायी हुई थी , हाथ उनके सफेद रौशनी में खोयीओं तक चमक रहे थे ,

"बचो अभ क्या होगा..." रमा अपने बालो को देखते हुए बोली , पर तभी उन लड़कयों ने अपने हाथो को जोड़ते हुए इक सफेद रौशनी रमा के जिस्म पर छोड़ी , रमा दर्द में कहरहते दूर जमीन पर जा गिरी ,

रमा ने खड़े होते hi , अपने बालो को और भी बड़ा कर लिया , उसके बाल अभ तलवार का रूप लेकर हवा में लहराने लगे , उनकी लाल चमक और भी बढ़ गई ,

रमा के बाल अभ ऐसे लग रहे थे , जैसे रमा के सार के पीछे हज़ारो लाल तलवारिआं हवा में लहरा रही हो ,

वोह लड़कियाँ अपने हाथो से सफेद रौशनी के गोले रमा की तरफ फेंकते हुए आगे बढ़ने लगी , िका इक रमा के बाल उसके जिस्म के आगे आकर , इक ुचि दीवार का रूप ले गए , अभ उन जादूगर काली लड़कयों के हाथो से निकले सफेद एनर्जी मैजिक बॉल्स रमा के बालो से टकराने लगे ,

रमा के बाल उन सफेद एनर्जी गोलों के टकराते hi आग जैसे जल जाते , पर रमा के माथे के स्टोन से , जब लाल रौशनी उत्पन होती , तब रमा के लाल बाल फिर से आपस में जुड़ जाते ,

लेकिन रमा के बाल बस उन लड़कयों के सफेद एनर्जी मैजिक बॉल्स को रोक रहे थे , पर वोह लड़कियाँ अभ भी अग्गे बढ़ रही थी , धीरे धीरे वोह रमा के करीब अति जा रही थी ,

"आह्ह्हह्ह्ह्ह स्सश्ह..." तभी रमा की दर्द भरी चीख निकल गई , जब उसकी पीठ पर इक सफेद एनर्जी का गोला आकर लगा , रमा इक घुटना जमीन से लगाए और भी ताकत अपने बालो पर लगाने लगी ,

लेकिन अभ रमा चारो तरफ से घिर चुकी थी , रमा उनको रोक नै प् रही थी , तभी रमा ने अपने बालो को और भी बढ़ाते हुए खुद को अपने बालो में छिपा लिया ,

अभ रमा चारो तरफ से अपने जादुई लाल बालो में छिपी हुई थी , और उस पर बारिश की तरह सफेद एनर्जी गोले पढ़ रहे थे ,

धीरे धीरे वोह लड़कियाँ रमा के बेहद करीब ा गई , तभी वोह हुआ जिसका किसी ने सोचा नै था , रमा ने अपनी आँखें बंद कर ली ,

अचानक उसके माथे के लाल स्टोन से बेहद तेज़ ऊर्जा ऊपर उठने लगी , इतनी तेज़ के रमा के लाल बाल आग में जलते सूरज की तरह दिखने लगे ,

"aahhhhhhhhhhhhhhhhh...." रमा ने बेइंतहा चीखते हुए अपनी पूरी शक्ति लगा दी ,

"बम्मम्मम्म..." इक तेज़ धमाका हुआ , रमा के सरे लाल बाल इस धमाके में आग की तरह उड़द गए , जैसे नुक्लेअर बम्ब विस्फोट हुआ हो , इतनी तेज़ आग चारो तरफ फैल गई के साडी की साडी जादूगर काली लड़कियाँ इस आग की तपश में जल कर रख हो गई ,

"अह्ह्ह्हह भइआए ..." रमा इक बेहद बड़े घड़े से रेंगते हुए बहार बर्फ की सफेद जमीन पर गिरकर तेज़ सांसे भरते हुए बोली , उसका पूरा जिस्म जख्मी हो चूका था , सार के बाल धमाके में उड़द चुके थे , रमा दर्द में तेज़ सिस्कियाँ भर रही थी , और सबसे अजीब बात उसका जिस्म , इंसानी रूप में ा चूका था , उसके हर जखम से खून बह रहा था ,

"ाशहठ mm..mm..muzee अह्ह्ह्ह j..janaa..hh..hogaa..." रमा बेहद दर्द में कहरहते उठ कर खड़े होते हुए खुद से बोली , tabhii...."ahhhhhh..." इक तेज़ दर्द भरी सिसकी रमा के होंठो से निकल गई ,

रमा ने अपना इक हाथ पीछे लेजाकर अपनी पीठ को छुआ , तोह उसने जाना , उसकी पीठ में इक जादुई कंजर घुसा हुआ था , रमा घुटनो के बल गिर कर बेथ गई , उसके मोह से खून बह कर सफेद बर्फ को लाल करने लगा ,

तभी उसके सामने इक काळा लबीएस में इक औरत आकर कड़ी हो गई , रमा ने अपने खून से भेज चेहरे को ऊपर उठा कर देखा , और बस इतना hi बोली..." माँ a...aa...apne..." ?

तो बे कुनिटेड....

 


अपडेट-117

अभ अग्गे...

रमा घ्याल घुट्नु के बल बैठी हुई थी , अभ उसमे इतनी ताकत नै थी के वोह उस नकाबपोश औरत का सामना कर पति , उसे बेहद दर्द हो रहा था , पीठ में जड़ तक खंजर घुसा हुआ था ,

सब पिछली बार की तरह हो रहा था , पिछली बार ऐसी तरह रमा जख्मी थी , ऐसी तरह उसे मर दिया गया था , रमा को अभ डुंडला डुंडला सा यद् ऐनी लगा था , उसके साथ यह सब पहले हो चूका था ,

"मेरी बाछीइ , क्यों , आखिर क्यों , तुमने मेरा साथ नै दिया , क्या है तुम्हारे उस बेवकूफ भाई में , जिसके लिए तुमने अपनी माँ को धोका दिया , मने , मने तुम इक नयी जिंदगी दी , तुम पल कर बड़ा किया , तुम जादू सिखाया , तुम बेपनाह ताकत दी , और तुमने , तुमने मुझे धोका दिया , ऐसा क्यों किया मेरी बची , क्यों..." वोह नकाबपोश औरत रेमे के जख्मी खून से lath-path चेहरे को देखते हुए थोड़ा गुस्से में बोली ,

"ाअसशह्ह्ह , mm...maaa अह्ह्ह..." रमा इतना hi बोल पायी और फिर उसकी आँखें बंद हो गई ,

"मेरी बची , सब वैसे hi हुआ , पिछली बार भी मुझे तुम मरना पढ़ा , और इस बार भी , मुझे माफ़ कर देना , लेकिन , लेकिन , तुम्हारी मौत का कारज तुम्हारा भाई चुकाएगा , उसे मरना होगा , पिछली बार की तरह , उन सब को मर दूंगी..." वोह नकाबपोश औरत इतना बोल वह से गयाब हो गई ,

रमा वही पढ़ी थी , उसकी आँखें बंद थी , लेकिन क्या रमा का यही अंत था , या अभी कुछ होना बाकि था , रमा इक तरह से अमर थी , लेकिन सब वैसा hi हुआ था जैसा पिछले जनम में हुआ था , तोह यही लग रहा था रमा मर चुकी है...

वही दूसरी तरफ...

रवि , स्टोन मन की तरफ बाद रहा था , उसके हाथ में उसकी तलवार थी , पर िका इक रवि ने तलवार इक तरफ फेंक दी , ख़ुशी , बेबी और बाकि सब चौंक सा गई ,

रवि अभ स्टोनमैन की तरफ भागने लगा , भागते भागते उसका जिस्म डेविल रूप में ा गया , उसका पूरा जिस्म आग से जलता हुआ दिख रहा था , रवि ने स्टोनमैन के करीब जाकर , उड़ते हुए इक जोरदार पंच उसके सीने पर जड़ दिया , पंच लगते hi ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई उल्का पिंड पृथ्वी की सतह से जा टकराया हो ,

रवि ने अपने जिस्म में जलती आग की पूरी तपश , अपने हाथ में लगा दी , और जैसे hi उसके जिस्म की पूरी एनर्जी उसके पंच के रूप में स्टोनमैन के सीने से टकराई , इक तेज़ , बेहद बड़ा धमाका हुआ ,

स्टोनमैन टूट कर टुकड़ो में भीकर गया , लेकिन उसके टूटते hi इक और धमाका हुआ , रवि उस धमाके को सेहन न कर पते हुए दूर बर्फ की सफेद जमीन पर जा गिरा ,

लेकिन उसने इक मुश्किल काम को अंजाम दिया था , पत्थर के दानव का अंत हो चूका था , पर उसके टूटने से , उसके जिस्म से निकली गुलाबी एनर्जी ने रवि को काफी जख्मी कर दिया था ,

रवि बेहद जख्मी वह पढ़ा हुआ था ,

"रविइइइ..." ख़ुशी उसका नाम लेकर जोर से चीख उठी , वोह और बाकि सब भागते हुए रवि के पास ऐनी लगी ,

अभी वोह रवि की तरफ ा hi रही थी , के इक डैम से वोह नकाबपोश औरत उनके बेच में आकर कड़ी हो गई , ख़ुशी और बाकि सब वही रुक गई ,

"कामिनी तू..." सुहाना बेहद गुस्से में बोली , जैसे वोह इस औरत को अछि तरह से जानती थी , यह हो भी सकता था , क्यों की यह नकाबपोश औरत रवि और रमा से पिछले जनम से सम्बंद रखती थी , और सुहाना को उसका पिछले जनम पूरा यद् था ,

"मलिका सुहाना , आपसे फिर से मुलाकात हो hi गई , हासष्ठ मलिका सुहाना बड़े दुःख की बात है , आपको पिछले जनम में आपका प्यार नै मिला , और इस जनम में , फिर से आपको आपका प्यार नै मिलेगा , अप्प..." वोह नकाबपोश औरत इतना hi बोली थी , के आग से लथपथ इक मैजिक बॉल उसके जिस्म से ा टकराई , जो बेबी ने फेंकी थी ,

"बड़बोली कही की..." बेबी थोड़ा गुस्से में बोली ,

"हूउउउणं , मुझे मारा , तुम सबका वही हल होगा जो रमा का हुआ है..." वोह नकाबपोश औरत बेइंतहा गुस्से में एते हुए चीख कर बोली , उसके अँधेरे जैसे हाथ सफेद रौशनी में चमक उठे ,

तभी रवि इक डैम से खड़ा हो गया , उसने नकाबपोश औरत को अपनी बहु में जकड लिया , और खुद को जलने की कोससिह करने लगा ,

लेकिन स्टोनमैन के मरने के बाद हुए धमाके में वोह काफी कमज़ोर हो गया था , स्टोनमैन की मौत के बाद निकली एनर्जी ने रवि को कमज़ोर कर दिया था ,

"जोकरर्र... " वोह औरत जोर से चीला उठी ,

तभी रवि के पीछे िका इक जोकर और रेखा भी ा गए , जोकर ने जल्दी से आँखें बंद कर कुछ बोलै , तोह उसके हाथ में इक जादुई तीर कमान था ,

"रविइइइ..." ख़ुशी थोड़ा चिंता में चीखते हुए जोकर की तरफ भागी , पर तभी रेखा ने उसका रास्ता रोक लिया ,

जोकर ने इक तीर कमान में भरा , और िका इक रवि की तरफ छोड़ दिया , तीर सीधा रवि के कंडे पर जा लगा ,

"आह्ह्ह्हह्ह..." रवि के कंडे में उस तीर के घुसते hi , रवि के जिस्म में बिजली के तेज़ जटके लगने लगे , रवि बार बार लग रहे उन जातको को सेहन न कर पते हुए घुटनो के बल बेथ गया ,

रेखा यह सब देख रही थी , पर तभी उसका ध्यान नकाबपोश औरत की तरफ गया , तब तक जोकर इक और तीर कमान में भर चूका था , उसके चेहरे पर इक शेतीआणि मुस्कान थी ,

"ख़बरदार , अभ अगर कोई भी अग्गे बड़ा , तोह रवि की गर्दन धड़ से अलग कर दूंगी , यही कड़ी हो वही कड़ी रहो..." नकाबपोश औरत सबकी तरफ देख मुस्कराते हुए बोली ,

"मेरी बेटी रमा कहा हैं..." सुहाना बेहद गुस्से में चीखते हुए बोली ,

"मर गई वोह , मने मारा उसे , उसकी पीठ में खंजर घोप दिया , तड़फ तड़फ कर मर गई वोह , अपनी माँ से धोका किया उसने , उसकी सजा मिली उसे , रमा क्या थी , मने उसे पला था , उसे अमर बना दिया , बेइंतहा शक्तियाँ दी , लेकिन उसने मुझे धोका दिया , फिर से अपने भाई का पक्ष लिया , अपनी माँ को भूल गई , सुहाना इस बार भी उसका अंत वैसे hi हुआ जैसे पिछले जनम में हुआ था..." नकाबपोश औरत बेहद जज्बाती होकर बोली ,

"तुमने उसे पला था , हाँ , लेकिन वोह पारी लोग की मलिका थी , रूही और प्रिंस की बहिन , तुमने उसका अपरहण किया था , उसे सबसे अलग कर दिया , तुमने उसे अमर बनाया , तेन की पारी लोग को जीत सको , उसे शक्तियाँ दी , तेन की पारी लोग पर राज़ कर सको , तुम इक निर्दयी औरत हो , इक शापित दिन हो , तुम , तुम , कैद हो अंधेरो में ..." सुहाना बेहद रट हुए उदास शबदो में बोली ,

"हाँ , में शापित हु , मुझे मुक्ति चाहये ें अंधेरो से , मुझे मेरा जिस्म चाहये , जो मलिका सोना ने अपने जादू से कही कैद किया है , जानती हो मलिका सुहाना , पारी लोक में बस कुछ hi लोक बचे थे , उनमे से तुम्हारी माँ मलिका सोना भी है , हाँ , वोह अज्ज भी जिन्दा है , ऐसी पृथ्वी पर , कही चिप कर बैठी है..." नकाबपोश औरत बहुत घृणा से मलिका सोना को यद् करते हुए बोली , उसे मलिका सोना के नाम से भी घिन अति थी ,

"क्या , माँ जिन्दा है , हमारी माँ .." सुहाना और भी आँखें नाम करते हुए बोली ,

"हाँ , हाँ , वोह जिन्दा है , पर वोह भी मारेगी , इक बार मेरा जिस्म मुझे मिल जाये , तब में अमर हो जोगी , फिर में मलिका सोना को मर दूंगी , पर पहले कोमल को , कोमलललल , सामने ायो , वार्ना जोकर तुम्हारे भाई की गर्दन उड़ा देगा..." वोह औरत पहले सुहाना से और फिर चीला कर कोमल से बात करते हुए बोली ,

जो अभी भी घर की बालकोनी में कड़ी हुई थी , उसकी आँखें नाम थी , शयद उसके जाने का वख्त हो गया था , अभ उसे जुंग में उतरना था , पर क्या यह सही होता ,

वही दूसरी तरफ....

रमा अभी भी बेसुध लेती हुई थी , अचानक उसके माथे का स्टोन चमक उठा , उसकी लाल रौशनी बेहद अधिक होने लगी , उस लाल ऊर्जा का संचार रमा के जिस्म की राग राग में दोड़ने लगा ,

नकाबपोश औरत यह भूल गई थी , के रमा को मरने के बाद उसके माथे के बेच उत्पन , उसके जादुई स्टोन को बहार निकलना था ,

पर यह चूक अभ उसे शयद बहुत भरी पढ़ने वाली थी , क्यों की स्टोन hi रमा की मौत का राज़ था , रमा के बाल उसके सार में फिर से बढ़ने लगे ,

"माँ यह क्या है..." रमा अपनी जादूगरनी माँ के हाथो में इक छोटा सा चमकता लाल पत्थर देखते हुए बोली ,

"यह , यह , अमृता का वरदान है , ऐसे पहने वाला कभी नै मरता , वोह अमर हो जाता है , पर इसको धारण करना बहुत मुश्किल है , बहुत दर्द होता है..." जादूगरनी रहनुमा गहरी मुस्कान के साथ बोली ,

"सच में , माँ फिर तोह मुझे यहाँ की लड़कियाँ नै मर पायेगी , और न hi मुझे कमज़ोर मलिका कहेगी , वैसे मुझे यह सब मलिका क्यों बोलती हैं..." रमा बेहद सोचते हुए बोली ,

"क्यों की , मेरी बची , तुम इस दुनिआ पर राज़ करुँगी , तुम मलिका बानगी इस पोरे ब्रह्माण्ड की , पर पहले तुम यह पत्थर धारण करना होगा..." रहनुमा , रमा को अपनी गॉड में बिठाता कर उसे अपनी बातिओं में उलझते हुए बोली ,

"माँ , में धारण करुँगी इस पत्थर को , मुझे मलिका बनना है .." रमा बेहद खुशनुमा अंदाज़ में बोली , जब की रहनुमा के होंठो पर रहस्मयी मुस्कान थी ,

यह लॉकेट अज्ज तक कोई कुवारी लड़की धारण नै कर पायी थी , ऐसे धारण करने से बेइंतहा दर्द और तकलीफ होती थी , रहनुमा अज्ज तक पता नै कितनी लड़कयों को मर चुकी थी , अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए ,

"शाबाश मेरी बची , मुझे गर्व है तुम पर , तुम यहाँ लेट जाओ , में अभी तुम मलिका बनती हु..." रहनुमा ने मुस्कराते हुए रमा को इक ुचि जगह पर लिटा दिया ,

रहनुमा ने वोह लाल पत्थर लिया और रमा के माथे पर रख दिया , फिर रहनुमा आँखें बंद कर , लगातार कुछ मंत्रो का जाप करने लगी ,

धीरे धीरे मंत्रो के असर से वोह लाल पत्थर चमकने लगा , वोह पत्थर धीरे धीरे रमा के माथे को जलने लगा , रमा दर्द में चखने लगी , पर तब तक देर हो चुकी थी , रहनुमा ने रमा के हाथ और पेअर अपने जादू से पहले hi जकड लिए थे ,

"अह्हह्ह्ह्ह माआ , रहने दोऊ आयआईईईईईईईईईई मा..." रमा दर्द से चखने लगी , आँखों से असनुईओं की बरसात होने लगी , पर रहनुमा तब भी न रुकी ,

उसके लगातार जाप से , अभ लाल पत्थर की ऊर्जा बेहद बढ़ चुकी थी , इतनी अधिक ऊर्जा के वोह आग में जलने लगा था , और वोह पत्थर , रमा के माथे के मास्स को जलाता , अंदर की तरफ घुसने लगा था ,

रमा कुछ देर तड़फती रही और आखिर दर्द न सहते हुए बेहोश हो गई , पर तभी वोह जोर से चीख उठी , उसकी खोपड़ी , उसके माथे से फैट गई , और वोह जादुई लाल पत्थर अंदर तक घुस गया ,

"भ्याआआ...." रमा ने इक जोरदार चीख मरते हुए अपनी आँखें खोली और उठ कर बेथ गई , उसे सब यद् ा गया था , इक इक पल , इक इक लम्हा , उसने जो अपनी जादुई दुनिआ में बिताया था ,

िका इक रमा के लाल बालो ने उसकी पीठ में जेड खंजर को खींच कर बहार निकल दिया , खंजर निकलते hi रमा का जिस्म थोड़ा कम्प सा गया , उसके जखम अपने अप्प भरने लगा ,

और कुछ hi देर में इक ऐसा पल आया , जब रमा फिर से जमीन पर कड़ी थी , लेकिन उसकी तेज़ चलती संसू से यह परतीत हो रहा था , वोह बेइंतहा गुस्से में है...

वही दूसरी तरफ...

"सर में अंदर नै जा प् रही , हर रास्ता बर्फ से बंद हो चूका था , सर , रवि और उसकी बहने , जंगल में फांसी हुई हैं , हम क्या करे..." यह अनु थी , जो कमिश्नर राजेश से बात कर रही थी ,

अनु जंगल के अंदर जाने वाले कच्चे रस्ते के पास कड़ी थी , जो अभ बर्फ में कही दफ़न सा हो चूका था , अंदर जाने का कोई रास्ता नै दिख रहा था ,

"हम्म , अनु तुम अंदर मत जाओ , पता नै कैसे हालत होंगे , तुम वही रुको में अत हु..." राजेश ने इतना बोल फ़ोन कट कर दिया ,

"कहा चले..." प्रिय थोड़ा चिंता में बोली ,

"प्रिय वोह , रवि और उसकी बहने वंश जंगल में फास गई हैं , उनको और कबीले वालो को रेस्क्यू करना है , वंश जंगल में बेहद बर्फ गिर रही है सुबह से , ाचा में चलता हु..." राजेश इतना बोल घर से बहार ा गया , और गाड़ी में बेथ , अनु की बताई लोकेशन की तरफ बढ़ने लगा , उसके साथ रस्ते में दो और गाड़यां मिल गई पुलिस की , क्यों की वोह रेस्क्यू के बाद रवि को पकड़ना भी चाहता था ,

वही दूसरी तरफ....

रवि अभ भी जमीन पर घुटनो के बल बैठा हुआ था , उसकी पीठ में तीर घुसा हुआ था , जो उसे बार बार बिजली के जटके से दे रहा था ,

ख़ुशी के सामने रेखा कड़ी थी , सुहाना , बेबी , लारा और एलिज़ा के सामने वोह नकाबपोश औरत कड़ी हुई थी ,

"कोमल , नई , तुम कोमल को क्यों मरना चाहती हो..." सुहाना ने और भी जानने की ीचा से बोलै ,

"मरना , खीयकहीईई , में कोमल को मरना नै चाहती , में कोमल को उसके पिता शेतीअन को सौंप दूंगी , क्यों की तुम उसकी बलि जो देनी है .." वोह नकाबपोश औरत गहरी मुस्कान के साथ बोली ,

"कामिनी , वोह मेरी बहिन है , अभ में उसे जरा सी भी आंच नै ऐनी दूंगी..." सुहाना थोड़ा सा अग्गे बढ़ बेहद गुस्से में चीखते हुए बोली ,

"यह तोह तुम बोल रही हो , पर रिंग ऐसा नै सोचती , अभ तोह वोह आज़ाद है , इक रूप है उसका , अभ वोह किसी के भी जिस्म में घुस कर , उस पर हावी हो सकती है , किसी का भी रूप ले सकती है , तुम सब रिंग से नै लड़ सकते , उसे मरना नामुमकिन है ..." वोह नकाबपोश औरत बेइंतहा हस्ते हुए बोली ,

"रेमंमाआ..." रवि जोर से चीख उठा , जब से उसे रमा को खोने का एहसास हुआ था , वोह अंदर से टूट सा गया था , रमा तोह उसकी शुरुआत का हिस्सा थी , उसका पहला प्यार , जिसने उसे बहुत कुछ महसूस करवाया , रमा के बिना रवि खुद को अधूरा मंटा था ,

"शह्ह्ह्ह , रवि वोह मर चुकी ही , कोमळळ , में 3 तक जिनगी , अगर मेरे 3 गिनने तक तुम मेरे सामने नै आयी , तोह जोकर का चला तीर , रवि की गर्दन उड़ा देगा..." नकाबपोश औरत बेहद गुस्से में बोली , और फिर वोह 3 तक काउंट करने लगी ,

"1 .....2 ....3...." नकाबपोश औरत ने 3 तक गिना , पर कोमल नै आयी , उसने पलट कर जोकर की तरफ देखा , पर तभी वोह हुआ जिससे सब चौंक सा गए....

कोण आया था कोमल या रमा...?

तो बे कुनिटेड..... [friends next update abh jalad ayega , plot ready kar liya hai , abh preshani nai hogi... ]

 
हलो फ्रेंड्स , सबसे पहले माफ़ी चाहता हु , इतना वख्त लगा दिया , अभ यह नै बता सकता के क्या हुआ था , में स्टोरी रीड कर रहा हु , कुछ दिनों बाद में अपडेट दूंगा , पहले तोह यह बताओ मुझे बन क्यों किया था , में आया था वापिस पर में वापिस चला गया , मुझे इससे कोई फरक नै पढता तुम मुझे बन करो या नै , पर क्या रूल्स तोड़े थे यह जरूर बताना चाहये था , चलो रहने दो इस बात को , में जल्द hi अपडेट दूंगा अगर मेरे पुराने दोस्त यहाँ हुए तोह ....
 
फ्रेंड्स मने पूरी स्टोरी दुबारा रीड की , तेन की मुझे सभी चरक्टेर्स और स्टोरी का प्लाट यद् रहे , मने बहुत सोचा पर इस स्टोरी का रियल एन्ड नै हो सकता , उसके लिए 7तह part hi लिखने पढ़ते , बूत मने इक रास्ता निकल लिया है , इस part का पूरा एन्ड कर दूंगा और कोई कमी भी आपको महसूस नै होगी , अगर आपको लगे के स्टोरी का एन्ड सही नै हुआ , फिर हम अग्गे कुछ सोच लेंगे , नेक्स्ट संडे को में 5-7 उपदटेस देकर इस part का एन्ड कर दूंगा , बाकि का बाद में देख लेंगे , माफ़ करना थोड़ा लेट हु बूत स्टोरी बहुत लम्बी है , रीड करने में टाइम लग गया ,नेक्स्ट संडे को मिलते हैं , शुक्रिया ...
 
अपडेट-118



कोण आया था कोमल या रमा...?

अभ अग्गे:-

रवि अपने घुटनो के बल निचे बैठा हुआ था , वोह चाहता तोह अपने डेविल रूप में ा जाता , पर उसकी सोच , उसकी यदिअण , बस और बस उसकी प्यारी , शरारती और बेइंतहा खूबसूरत बहिन रमा पर hi खोयी हुई थी , उसकी यादिओं में उसे रमा hi दिखाई दे रही थी , उसे वोह प्रेम भरे पल यद् ा रहे थे , जब वोह और रमा इक हुए थे , वोह गाओं का टुटा फोटा झोपड़ा , उसका धुआँ उड़ाते चिलम के काश खींचना , रमा का उसे वासना के सागर में दुब कर उसे अपनी शरारती आँखों से देखना , उसके लाल रास भरे होंठो की वोह कातिल मुस्कान , और फिर दोनों का प्रेम करना ,

रवि कभी कभी सोचता के उसने वोह सब क्यों किया , अपनी बहिन से प्रेम करना , उफ़ शयद तब उसे यह ज्ञात भी नै था , के रमा से उसका प्रेम करना पहले लिखा जा चूका था , रमा पिछले जनम में उसकी सगी बहिन थी , इस जादूगरनी ने उसे उठा लिया था ,
और जब tamas(khushi) के साथ रमा वापिस पारी लोग में आयी थी , तब शयद किसी को भी यह यद् नै था के रमा पारी लोग की मलिका थी , पर पारी लोग में सबको लगा रमा बस ख़ुशी की दोस्त है ,

उफ़ पहली बार जब रमा और प्रिंस की नज़रियन आपस में मिली थी , तब रमा दिल hi दिल में प्रिंस को अपना सब कुछ मन बैठी थी , पारी लोग में रहते हुए वोह चुप चुप कर प्रिंस को देखती रहती , वोह मन hi मन कई सपने संजोये जा रही थी अपने और प्रिंस के बारे में , फिर इक दिन रमा को यह पता चला के प्रिंस तोह मलिका रूही को hi प्रेम करते हैं , यह बात रमा को ख़ुशी ने hi बताई थी , रमा का प्यार अधूरा रह गया , वोह आखरी जुंग में अपने प्यार को बचाना चाहती थी , उसने सुहाना को मर दिया , सुहाना और रमा की आखरी लड़ाई इतनी ब्यांक थी के उसे बयान कर पाना नामुमकिन होगा , रमा ने वोह जुंग जीत ली , पर उसकी माँ ने उसे मर दिया , लेकिन इस जनम में उसने hi सबसे पहले अपने भाई का प्रेम पाया , शयद रमा को अभ सब यद् ा गया था , शयद उसे अभ भी कुछ यद् नै था ,

"भइआए.." रवि के कानो में इक आवाज़ गूंज उठी , जब वोह लगातार रमा के बारे में hi सोचते जा रहा था ,

"कोमल.." रवि ने रमा की यादिओं पर विराम लगते हुए अखन बंद कर मन hi मन बोलै ,

"भइआ , मुझे एना होगा , कही जोकर आपको मर न दे .." कोमल ने दूर उसी बालकोनी में खड़े बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोलै , उसकी भी अखन बंद थी और थोड़ी थोड़ी नमी थी आँखों में ,

"नई , तुम मत एना , प्लस कोमल , मुझे कुछ नै होगा , में इतनी आसानी से नै मर सकता... " रवि ने वैसे hi अखन बंद किये बोलै ,

"पर , भइआ.."

"par-var कुछ नै , मने इक प्लान बना लिया है , बस वैसे hi चलने दो , में और ख़ुशी सब देख लेंगे , तुम मत एना , प्लस , तुम जब तक इस जुंग से दूर हो , तब तक hi हम जीत सकते हैं.." रवि ने वैसे hi अखन बंद किये बोलै ,

"जी भइआ..." कोमल ने इतना बोल अपनी आँखों को खोल दिया और सामने हो रही लड़ाई को दूर से hi देखने लगी ,

वोह नकाबपोश औरत अभ बेचैन हो रही थी , उसे अभ विश्वास हो गया था , के कोमल अभ नै आएगी , उसे समाज ा गया था , के रवि को दर्द देना होगा तभी कोमल भगति हुई आएगी , उसने जोकर को कुछ इशारा किया , उसने 3 तक गईं लिया था , अभ सबकी नज़रियन बस जोकर पर थी ,

"रावी , तेरा खेल ख़तम... ाहः.." जोकर ने बेइंतहा हस्ते हुए , उस तीर को कमान से छोड़ दिया , जो लाल रौशनी से तेज़ तेज़ चमक रहा था ,

"नयी.." सुहाना और बेबी की चीख निकल गई , उन दोनों ने अपनी आँखों को बंद कर लिया ,

"ाआईईईईईई ..." इक तेज़ चीख उस शांत वातावरण में गूंज उठी , वोह चीख इतनी दर्दनाक और ुचि थी के जंगल से पंछी भी उस चीख को सुन आसमान में उड़ने लगे ,

"डीडीई.." रवि के मोह से इक तेज़ आवाज़ निकली और कोई उसकी बहो में लहराता हुआ गिर गया , यह और कोई नै , उसकी बड़ी बहिन रेखा थी ,

हुआ यह था , जब जोकर ने अपनी कमान से तीर छोड़ा , तब रेखा , ख़ुशी के अग्गे कड़ी थी , पर उसकी नज़ायन बस अपने भाई पर hi जमी हुई थी , वोह इक इक पल यद् कर रही रही थी , जो उसने अपने भाई के साथ बिताया था , उसे अपनी बेटी फर्जी की चिंता थी ,वोह नै चाहती थी , के उसकी बेटी के सर से बाप का साया उठे , उसने इक अंतिम फैसला ले लिया , और वोह आँख झपकने से भी तेज़ , अपने भाई के अग्गे पहुँच गई , जिस तीर पर रवि का नाम लिखा था अभ वोह तीर रेखा के पेट में घुस चूका था , और उसे बरसो के असीम दर्द से अभ मुक्ति मिल रही थी , उसके जीवन का मकसद अभ पूरा हो चूका था , वोह जानती थी , उसकी बेटी अभ खुश रहेगी , उसके पापा उसे बहुत खुशियाँ देंगे , उसके पास इतनी साडी माँ भी थी , रेखा मरने से पहले अपने इंसानी रूप में ा चुकी थी ,

"डीडीई , क्योऊ अखिरर क्योऊ ..." रवि ने अपनी बहिन रेखा के चेहरे को बेइंतहा चूमते हुए बोलै , उसकी आँखों में असनु थे ,

"भायी , m..mm...e..rrriii.. bb...beettiii .." रेखा ने आँखों में असनु भरते हुए अपने अंतिम पलु को महसूस करते हुए बेहद दर्द में बोलै , उसके चेहरे पर असीम दर्द के भाव थे ,

"में हमारी बेटी को खुश रखुगा , डीडीई आपको कुछ नै होगा (रट हुए) , देद्दीय ,डीडीई , उठू ना .." रवि बेइंतहा दर्द में डूबा रट हुए , अपनी बहिन रेखा को गले लगाए बोल रहा था , पर रेखा मर चुकी थी , उसकी आत्मा hi जिन्दा थी , वोह आत्मा भी अभ इस संसार से कही दूर जा चुकी थी , अभ रवि के हाथ खली थे , उसके हाथो में कुछ नै था , पर उसकी आँखों में इक अग्ग थी , उसे बदला लेना था ,

"ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह , इस बेवकूफ लड़की ने हमें धोका दिया ..." अभी वोह नकाबपोश औरत इतना hi बोली थी , रवि ने उसकी गर्दन को इक हाथ से जकड लिया , रवि का हाथ अभ अग्ग की तरह गरम तपने लगा था ,

दूर खड़े जोकर ने इक और तीर रवि को मरना चाहा , पर तभी उसके सामने वोह ा गई , वोह थी रमा , रमा ने एते hi जोकर को अपने लाल जादुई बालो में जकड लिया और जोर से chilayii.."komaaallllll.."

तभी िका इक कोमल वह पहुँच गई , रमा ने कोमल को वोह शैतानी खंजर दिया , जो रमा को उसकी माँ ने मारा था , कोमल वोह कंजर हाथ में पकड़े जोकर के सामने ा गई ,

"नीच , पापी , अभ तेरा आखरी वख्त ा गया ही .." इतना बोल कोमल ने वोह कंजर , जोकर के सीने में उतर दिया , जोकर की मौत बस कोमल के हाथिओं hi हो सकती थी , पर क्यों ,

"अह्हह्ह्ह्ह..." जोकर दर्द से तडफने लगा , उसके बदन से धुआँ उठने लगा और देखते hi देखते उसका पूरा जिस्म जल कर रख हो गया ,

अभ बस वोह नकाबपोश औरत hi बची थी , या फिर कोई और ,

"देखा , तूने घटिया औरतट ..." रवि ने अपने हाथ की पकड़ और मज़बूत करते हुए बेहद गुस्से भरी आवाज़ में उस नकाबपोश औरत को बोलै , जिसका चेहरा तोह था hi नै , वोह इक परछाई थी , इक काली परछाईयी

"मने तोह देख लिया , अह्ह्ह अभ तुम भी देखू..." इतना बोल वोह नकाबपोश औरत वह से गयाब होकर थोड़ा दूर कड़ी हो गई , अभ जुंग थी , रवि और उसके प्यार की और उस शेतीआणि नकाबपोश औरत की ,


रवि ने उस नकाबपोश औरत को देखा , उसके साथ , कोमल , बेबी , सुहाना , ख़ुशी , रमा , लारा और एलिज़ाबेथ , सब कड़ी थी , इस बार उसके सभी चाहने वाले उसके साथ थे , उसके लिए मरने को भी त्यार थे , अभ फैसला होना था , यह अंतिम लड़ाई रिंग जीत जाती है या रवि और उसका प्रेम ,

"भईयाए रुकू , ऐसे में hi मृगी , माँ , क्यों अखिरर क्यूँउउ , अपने hi मुझे मारा था , क्यू माँ , अगर मरना hi था , तोह फिर मुझे पल कर बड़ा क्यों किया , क्यू माआ , अपनी सबसे प्यारी बेटी को hi मर दिया ..." रमा ने उन सबसे अग्गे आकर , अपनी माँ ,उस नकाबपोश औरत की आँखों में देखते हुए बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोलै , उस औरत की अखन अभ लाल रौशनी में चमक रही थी , रिंग की असीम काली ताकत उस औरत के पास थी ,

"धोका , तुमने धोका दिया अपनी माँ को , मने तुम असीम ताकत दी , यह कभी न मर सकने वाली ताकत , मने तुम अमर बना दिया , पर , पर तुमने , ओह्ह्हुउउ , तुमने अपने इस भाई को चुना , मुझे अकेला छोड़ दिया , मने तुम पारी लोग से उठा कर तुम्हारी जान बचायी , वार्ना मलिका सुहाना तुम्हारी भी बलि दे देती .." वोह नकाबपोश औरत अभी बोल hi रही थी के रमा बेच में hi बोल पढ़ी ,


"क्याआ , अपने मुझे महल से उठाया था..." रमा को जैसे विश्वास नै हो रहा था ,

"हाँ रमा , यह तुम्हारी माँ नै थी , तुम प्रिंस की बड़ी बहिन हो , इस चालक जादूगरनी ने तुम धोके से उठा लिया , यह राजा ाबून और मलिका सोना से बदला लेना चाहती थी , यह शेतीअन है , यह इक दयँ है .." ख़ुशी ने रमा के कंडे पर हाथ रख , बेहद गुस्से भरी आवाज़ में बोलै ,

"रमा , मेरी बची , वोह..."

"शहहह , में आपकी बेटी हु या नयी , बताओ , वार्ना सब कुछ जला कर रख कर दूंगी..." रमा ने बेहद गुस्से में बोलै , उसके लाल जादुई बाल भी चारो तरफ उड़ने लगे , वोह अग्ग की तेज़ उठती लपटों जैसे परतीत हो रहे थे ,

"नयी , तुम मेरी बेटी नै हो , हाँ , हाँ , तुम इस बेवकूफ प्रिंस की बहिन हो , पर मने तुम इक नयी जिंदगी दी है.." वोह नकाबपोश औरत रमा के बेहद करीब आकर बोली ,

"नयी जिंदगी , अपने मेरा भाई मुज़से चीन लिया , अपने मेरा बचपन मुज़से चीन लिया , मुझे इक शेतीअन बना दिया , यह सब , यह सब , अप्प ने अपना बदला लेने के लिए किया , अभ में आपको जिन्दा नै छोडूगी ..." रमा ने बेहद दर्द और गुस्से भरी आवाज़ में बोलै ,

"हीही , बेटी , तुम मुझे नै मर सकती , यह रिंग अभ भी मेरे हाथ में है , और तुम इसको उतर भी नै सकती हो , जब तक मेरी खुद की ीचा न हो ..." वोह नकाबपोश औरत हस्ते हुए अभी इतना hi बोली थी के रमा ने उसके सीने पर दोनों हाथ मर दिए , वोह औरत उड़ते हुए दूर बर्फ पर जा गिरी ,

"रेम्मा .." उस औरत ने खड़े होते hi , कुछ मंत्र पढ़ , इक मैजिक बॉल उत्पन किया और उसे रमा की तरफ छोड़ दिया ...

वोह मैजिक बॉल बेहद तेज़ रफ़्तार से रमा की तरफ बढ़ता गया और आखिर इक जोरदार चीख वह गूंज उठी ,

"ayyyiieeeeeeeeee माआआ..." इक लड़की तेज़ चीख मरती निचे गिर गयी ,

वोह औरत हरिजन रह गई , क्यों की रमा सही सलामत कड़ी थी , आखिर कैसे , असल में हुआ यह था , जब वोह मैजिक बॉल जो अपने अंदर अनत बिजली समाये रमा के सीने से टकराने वाली थी , तभी वोह भाग कर रमा के अग्गे ा गई ,

"नईईईई.." कोमल जोर से चीख मरते हुए बोली ,

आखिर कोण थी वोह , जिसने रमा के अग्गे आकर अपनी जान दे दी थी , वैसे भी रमा उस लाल स्टोन के रहते अमर थी , पर उसने यह सब क्यों किया , इसके पीछे क्या राज़ था ,

दूसरी तरफ.....

कैटलीन बेहद बेचैन होकर , बेहद गम में , बेहद उदास , घर के हॉल में चाकर कटे जा रही थी , उसके पास hi सोफे पर फर्जी बैठी हुई थी , जो अपनी माँ काट के इस तरह उदास रहने पर मुस्कराये जा रही थी , उसे पता था , उसकी माँ उसके पापा को यद् कर रही है , उसे पता था , उसकी माँ उसके पापा को मिलने के लिए अंदर hi अंदर तड़फ रही थी , और फर्जी का सोचना सही भी था , काट सच में रवि को यद् कर रही थी , उसे रवि की रह रह कर यद् ा रही थी ,

"उफ्फ्फ , मेरा मन उसे यद् कर रहा , क्या करू , पर उसने गलती भी तोह की , उफ़ रवि , तुम मेरी बात क्यों नै सुनते , वोह लाल बालो वाली लड़की कितनी ब्यांक थी , मेरी बची बेहोश हो गई थी , और रवि मेरी गलती निकल रहा , मने जो किया सही किया , पर मेरा दिल नै लग रहा , अगर में वह होती , वोह मुझे चुम लेता , उफ्फ्फ कितना ाचा लगता है उसके साथ , जब वोह मुझे सताता है , उम् , में उससे बात करुँगी , मने उसे कितना दर्द दिया , मने अपने प्यार को दर्द दिया...." काट बस यही सोचती जा रही थी , उसे रवि की यद् ा रही थी , वोह पिछले 2 घंटो से लगातार घर के हॉल में ेहडेर से ोडेर , बस चलते जा रही , आखिर यही तोह प्यार है ,

"ट्रीइंगगगगग त्रिईणणगगगगगगगग.." दरवाजे की दूर बेल्ल बजी , काट ने बेल्ल की आवाज़ सुनी और दरवाजे की तरफ बाद गई , काट ने दरवाजा खोला और सामने खड़े शक्श को देख चौंक गई ,

"तुममममम..." काट ने बेहद चौंकते हुए बोलै , कोण था वोह जिसे देख काट चौंक गई थी , कोई दुश्मन था या कोई दोस्त था....



तो बे कुनिटेड.....
 
फ्रेंड्स अभ डेली अपडेट देने की कोशिश करुगा , अप्प रिप्लाई देना और बताना अपडेट कैसा था , कल रत को अपडेट आएगा...
 
अभ अग्गे...

काट उस इंसान को देख बेहद चौंक गई थी , उसे विश्वास नै हो रहा था , वोह कुछ देर यु hi दरवाजे पर कड़ी कुछ सोचती रही , पर तभी उस इंसान की आवाज़ ने काट को सोचु से बहार निकल लिया ,

"काट , मुझे अंदर ऐनी दो , मुझे तुमसे बात करनी है..." वोह बहार खड़ा शक़श इतना बोल घर के अंदर घुस गया , सोफे पर बैठी फर्जी उस शक़श को देख बेहद खुश हो गई और भाग कर उस इंसान के गले लग गई , आखिर कोण था वोह ,

दूसरी तरफ....

बेहद अँधेरे भरा स्थान , जहा चारो और बस अँधेरा hi पसरा हुआ था , यहाँ रौशनी तोह बस नामतर hi थी , देखने से यह कोई बहुत पुराण रूम लग रहा था , जिसकी दीवारे भी अभ खोखली सी होने लगी थी , रूम के चारो और बस अँधेरा था , इक अजीब सी शांति थी , और रूम के बेचू बेच इक बड़ा सा सोफे था , या यु कहले के इक बड़ा सा सिंघसन था , उस पर इक कला लिबास पहने इक शक़श बैठा हुआ था , यह शक़श कोई और नै , बल्कि काल था , काल अपने सिंघसन पर बैठा , वंश जंगल में हो रही , उस खुखार लड़ाई के बारे में सोच रहा था , यहाँ उसका बीटा , बुराई के खिलाफ लड़ रहा था , अपने प्यार को पाने के लिए लड़ रहा था , पर काल क्या सोच रहा था , क्या काल वह जाने की सोच रहा था , उसे भी लड़ना था , पर वोह रवि का पिता कब बना था , और सबसे बड़ा राज़ , वोह वैम्पायर कैसे बना था , आखिर कोण था काल , और रवि से उसका क्या रिश्ता था ,

"क्या सोच रहे हो अप्प , हमें कब जाना है वह..." इक कला लिबास धारण किये औरत ने काल के सामने आकर उसकी तरफ देखते हुए बोलै , जैसे वोह जुंग में जाने को बेताब थी ,

"शया , में अपने बेटे के बारे में सोच रहा हु , उस रहनुमा से वोह कैसे जीत पायेगा , वोह बेहद चालक जादूगरनी है ..." काल ने उस नकाबपोश औरत के बारे में सोचते हुए बोलै , जैसे काल उसे जनता था ,

"हम्म , क्या अप्प रहनुमा को जानते हो , अगर अप्प जानते हो , तोह आपको यह पता होगा , उसे कैसे ख़तम करना है , फिर तोह बेहद आसानी होगी रवि को..." अभी शया इतना hi बोली थी के काल ने उसकी बात को काट दिया , शया थोड़ी हरिजन सी हो गई , वोह ख़ामोशी से काल की बात को सुनने लगी , उसे भी जानना था रहनुमा के बारे में , उस नकाबपोश औरत के बारे में ,

"मलिका , में उसे जनता हु , पर उसे मारा नै जा सकता , उस महाशक्ति के बिना रहनुमा का अंत होना नामुमकिन है , अगर रवि को उस औरत का अंत करना है तोह उसे महा शक्ति को पाना hi होगा..." काल ने बेहद घम्बिर और भरी आवाज़ में बोलै ,

"महा शक्ति , और रहनुमा कोण है और वोह क्यों आयी है इस पृथ्वी पर , और रवि से वोह क्या चाहती है.." शया थोड़ी बेचैनी में बोली , वोह सब जानना चाहती थी , उसकी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी ,

"शया , यह बात पारी लोग की है , पारी लोग में पहले सभी मिल कर रहते थे , परियां और जादूगर इक साथ , वह बेहद खुशहाली थी , कोई पाप नै था , पर इक बार इक बात को लेकर बहस चीड़ गई , इक पारी में और इक जादूगरनी में ..." काल अभी बोल hi रहा था के शया अपनी उत्सुकता वश बेच में बोल पढ़ी ,

"बहस , किस बात को लेकर..."

"हंम , वोह बहस थी , कोण सबसे शक्तिशाली है , कोण सबसे ाचा जादू जनता है , और यह बहस दो लोग से सुरु होकर , पोरे पारी लोग में फैल गई , अभ पारी लोग के असली निवासी और जादूगर आपस में लड़ने झगड़ने लगे , तभ राजा ाबून बेहद परेशान हो गए , वोह समाज नै प् रहे वोह क्या करे , आखिर कुछ दिन सोचने के बाद उनहोनु उसे मिलने के लिए बुलावा बेह्जा ..." काल ने उस वख्त को यद् करते हुए बोलै ,

"किसे , ओह्ह , रहनुमा को..." शया थोड़ी चौंक कर बोली ,

"हाँ , रहनुमा hi जादूगरो में सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली थी , राजा ाबून के बुलाने पर वोह भी पल भर में वह पहुँच गई , वोह तोह जैसे ऐसी पल को यद् कर रही थी , जब वोह राजा ाबून के महल में पहुंची तब राजा ाबून और मलिका सोना , अपने अपने सिंघसनो पर बैठे हुए थे , रहनुमा ने अपना सार ज़ुका राजा ाबून को अपना प्यार जताया और वही पास में hi इक छोटे से सिंघासन पर बेथ गई , उसकी नज़र बार बार मलिका सोना पर जा रही थी , उसके मन में बेइंतहा ेरखा के भाव उत्पन हो रहे थे , वोह राजा ाबून के बोलने का इंतज़ार कर रही थी..." काल ने उन पलु को यद् करते हुए बेहद उदास और भरी आवाज़ में बोलै , जैसे वोह उस वख्त वही था ,

"ओह्ह्ह , क्या बात हुई सब में , में जानना चाहती हु..." शया बेहद बेचैन हो रही थी , वोह सब जानना चाहती थी , सुरु से अंत तक...

"तोह सुनो..." काल इतना बोल अग्गे बताने लगा..

फ्लैशबैक.....

राजा ाबून और मलिका सोना अपने सामने बैठी जादूगरनी रहनुमा को देख रहे थे , जिसने लाल रंग का लिबास पहन रखा था , वोह बेहद खूबसूरत लग रही थी , पर उसकी खूबसूरती मलिका सोना से काम hi थी , शयद ऐसी बात की ेरखा थी रहनुमा को ,

"रहनुमा..." राजा ाबून ने बात सुरु करते हुए रहनुमा की आँखों में देखते हुए बोलै ,

"जी प्रिंस , कैसे यद् किया इस छोटी सी जादूगरनी को..." रहनुमा , राजा ाबून की खूबसूरत नली नली आँखों में देखते हुए मुस्करा कर बोली , ऐसा लग रहा था जैसे उसे राजा ाबून से बहुत प्रेम था ,

"रहनुमा , हाँ , आपसे इक काम था , पिछली कई सदियों से हम और अप्प , मेरा मतलब , पारी लोग के सरे निवासी और जादूगर , इक साथ मिलकर , बहुत ख़ुशी ख़ुशी रह रहे हैं , पर अभ , अभ मुझे दर है , शयद , वोह वख्त आने वाला है , तुम समाज रही हो न.." राजा ाबून ने थोड़ी परेशानी भरी आवाज़ में बोलै ,

"हम्म , में समज़ती हु , अप्प यही सोच रहे हो , कही जुंग न हो जाये .." रहनुमा बेहद मुस्कराते हुए बोली ,

"हाँ रहनुमा , में यही सोच रहा हु , अगर पारी लोग और जादूगरों में जुंग हुई तोह बहुत विनाश होगा , और पूरा पारी लोग तबाह हो जायेगा..." राजा ाबून और भी परेशान होकर बोले ,

"हाँ प्रिंस , पर देखो न , अभ तोह बचा बचा आपस में जिद्द कर रहा है , ाचा , अप्प hi बताओ जादूगर बेहतर हैं या अप्प की परयाण..." रहनुमा ने बेहद चालाकी से बोलै ,

"ओह्ह , तुम बहुत चालक हो रहनुमा , तुम नै लगता , इसका कोई हल निकलना चाईए , कोई तोह रास्ता होगा hi..." अभी राजा ाबून बोल hi रहे थे के रहनुमा बेच में बोल पढ़ी ,

"इक रास्ता है प्रिंस " रहनुमा ने अपने स्थान से उठते हुए राजा ाबून के पास आकर बोलै ,

"क्या..." इस बार राजा ाबून से पहले मलिका सोना hi बोल पढ़ी ,

"हम्म , देखो प्रिंस , अगर अप्प मुज़से शादी कर लो , तोह शयद , जादूगर और पारी लोग के लोग में जो बहस चल रही है , वोह ख़तम हो जाये , आपकी और मेरी शादी होते hi , सब फिरसे आपस में प्यार से रहने लगेंगे..." रहनुमा ने बेहद मुस्कराते हुए बोलै ,

"क्याआ , नै , ऐसा कभी नै होगा , प्रिंस बस मेरे हैं , में ऐसा कभी नै होने दूंगी..." मलिका सोना ने बेहद गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"ओह्ह्ह , मलिका सोना , माफ़ करिये , पर में तोह सबका भला चाहती हु , मलिका , में , में बस यही चाहती हु , के सब मिलकर रहे , कोई आपस में लाडे न , पारी लोग में सब ख़ुशी ख़ुशी इक साथ रहे , और क्या पता मकीला , दूसरी शादी से , इस पारी लोग को अपना वारिस मिल जाये..." जादूगरनी रहनुमा ने मलिका सोना की दुखती राग पर हाथ रखते हुए बोलै , उसे पता था , राजा ाबून और मलिका सोना बचा न होने को लेकर बहुत परेशान थे ,

"रहनुमा , अपनी जुबान को लगाम दो..." राजा ाबून ने बेइंतहा गुस्से में बोलै , उसे मलिका सोना से बेहद प्रेम था ,

"माफ़ करिये प्रिंस , हमसे गलती हो गई , पर प्रिंस , हम तोह सचाई hi बता रहे हैं , हम आपका और पोरे पारी लोग का ाचा hi चाहते हैं , प्रिंस अप्प चाहते हो न , के पारी लोग में फिरसे शांति फैल जाये..." रहनुमा ने बेहद दर्द भरी आवाज़ में थोड़ा नाम आँखों से बोलै ,

"ओह्ह , रहनुमा , हाँ हम चाहते हैं , पर , पर हम सोना से बहुत प्रेम करते हैं , इक पत्नी का स्थान , हम किसी और को कैसे दे सकते हैं , रहनुमा , अप्प जादूगरों की मलिका हो , अप्प कोई और रास्ता दंड लो , अप्प चाहो तोह सब जादूगर शांत हो सकते हैं , अप्प hi उनको शांत कर सकती हो , पर जो अप्प हमसे मांग रही हो , वोह कीमत बहुत जायदा है ..." राजा ाबून ने बेहद उदास आवाज़ में बोलै ,

"प्रिंस , हम आपसे प्यार करते हैं , और अपने प्रेम को पाना बुरी बात नै है , हम जादूगरों की मलिका , हम आपसे वादा करते हैं , अगर अप्प हमसे शादी करो तोह हम पारी लोग से सरे जादूगरों को लेकर , उन अंधेरो जंगलो में चले जायेगे , और हमारे जादूगर कभी भी आपको परेशान नै करेंगे , कभी पारी लोग में नै आएंगे..." रहनुमा ने राजा ाबून की आँखों में अखन दाल बोलै , उसे लगा के हज़ारो सालो से उसका जो सपना था , अभ वोह पूरा होने वाला है ,

"रहनुमा , हमें कुछ दिन का वख्त दो , हम सोच कर बतायेगे..." राजा ाबून ने कुछ दिनों की मोहलत मांगते हुए बोलै ,

"जी प्रिंस , हमें इंतज़ार रहेगा..." रहनुमा मुस्कराते हुए इतना बोली और वह से गयाब हो गई ,

ऐसी तरह 7 दिन बीत गए , राजा ाबून ने मलिका सोना से बात की , पर मलिका सोना इस बात से बिलकुल भी सहमत नै थी , धीरे धीरे राजा ाबून ने मलिका सोना को मन लिया , पर मलिका सोना ने कुछ शरतीयं राखी थी , अभ वोह क्या थी यह तोह अग्गे hi पता चलना था , आखिर 7 दिन बाद राजा ाबून ने रहनुमा को बुला लिया , इसबार राजा ाबून अकेले थे , वोह मलिका सोना को परेशान नै करना चाहते थे , कुछ hi पालो बाद रहनुमा वह ा गई , अभ राजा ाबून और जादूगरनी रहनुमा अकेले थे ,

"रहनुमा , हम तुमसे शादी करने को त्यार हैं , पर उसके लिए , तुम हमारी इक शरत माननी होगी..." राजा ाबून ने थोड़ा चिंतित होकर बोलै ,

"बोलयी प्रिंस , हम सुन रहे हैं.." रहनुमा बेहद खुश होते हुए बोली ,

"रहनुमा हम चाहते हैं , के सरे जादूगर , उन अँधेरे जंगलो में चले जाये , हमारी शादी गुप्त रहेगी , किसी को पता न चले के हमने आपसे शादी की है , और आखरी बात हम आपसे शादी करेंगे इक आम इंसान बन कर , हम तब प्रिंस नै होंगे , बोलो मंज़ूर है..." राजा ाबून ने अपनी शरत बताते हुए बोलै , उसे लगा शयद रहनुमा मन कर देगी ,

"हमें मंज़ूर है , प्रिंस , हमें आपसे प्रेम है , हमें मलिका नै बनना , हम बस आपका प्रेम चाहते हैं.." रहनुमा बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोली , वैसे वोह समाज चुकी थी के इसके पीछे मलिका सोना का हाथ है ,

इसके बाद रहनुमा ने अपने सरे जादूगरों को अँधेरे जंगलो में बेहज दिया , नए असूल बनाये गए , न तोह पारी लोग से वह कोई जा सकता और न उन जंगलो से कोई पारी लोग ा सकता था ,

राजा ाबून ने अपना वादा निभाया और रहनुमा से शादी कर्ली , राजा ाबून कुछ दिन रहनुमा के पास रहते और कुछ दिन मलिका सोना के पास , आखिर इक दिन रहनुमा और राजा ाबून नदी किनारे बैठे थे तभी रहनुमा ने बताया के वोह माँ बनने वाली है , उसने प्रिंस को बोलै के उसके बचे को उसके सरे अधिकार दो , उसे सिंघासन पर बिठाओ , क्यों की मलिका सोना को कोई बचा नै हो रहा था , इसलिए रहनुमा जानती थी , अभ जल्द hi सदियों बाद कोई जादूगर पारी लोग का राजा बनेगा , और फिर जादूगर राज करेंगे पारी लोग पर ,

पर प्रिंस ने मन कर दिया , वोह नै चाहते थे , के इक जादूगर पारी लोग का राजा बने , और दूसरा कारन मलिका सोना थी , उसने पहले hi राजा ाबून से वचन ले लिया था , राजा ाबून परेशान हो गए थे ,

रहनुमा ने कई बार राजा ाबून को मानाने की कोससिह की , पर राजा ाबून मन करते रहे , जादूगरनी रहनुमा को इस बात से बेहद गुस्सा आया और वोह राजा ाबून से अपने सरे रिश्ते तोड़ जंगलो में चली गई हमेशा हमेशा के लिए , अभ वोह बदला चाहती थी मलिका सोना से , कुछ सालो बाद जब राजा ाबून को 2 जुड़वाँ बेटियां हुई तोह उनमे से इक को रहनुमा चोरी उठा कर ले गई ,

राजा ाबून इस बात से बेहद गुस्सा हुए , वोह पारी लोग और उन जंगलो की हुड पर रुके और रहनुमा से मिलने के लिए बुलावा बेह्जा पर रहनुमा ने मिलने से इंकार कर दिया , उसने यह सन्देश बेह्जा के अगर राजा ाबून ें अँधेरे जंगलो में ए तोह उनकी बेटी को वोह मर देगी , राजा ाबून बेबस और उदास वापिस पारी लोग लोट ए ,

जब पारी लोग की अंतिम लड़ाई हुई , तब रहनुमा ने मलिका सुहाना का साथ दिया , लड़ाई के अंत में अपनी बेटी रमा को धोके से मर दिया , लेकिन मलिका सोना ने अपनी पवितर शक्ति से जादूगरनी रहनुमा के शरीर को कैद कर लिया , मलिका सोना ने जादूगरनी रहनुमा की आत्मा को उसके शरीर से अलग कर दिया और उसकी आत्मा को रमा दुवारा बनाई रिंग में कैद कर दिया , अभ रहनुमा अपना शरीर और वोह महा शक्ति पाना चाहती है ,

जब सीमा ने उस रिंग को धारण किया , तब रहनुमा की आत्मा उस रिंग से आज़ाद हो गई , या रमा या सुहाना ने उसे आज़ाद कर दिया ,

जब रवि और रमा की लड़ाई हुई और रवि मारा गया (3part) , तब सुहाना के अपनी ीचा से रिंग उतारते hi रमा ने वोह रिंग रहनुमा को सौंप दी , अभ रहनुमा बेइंतहा शक्तिशाली थी , उसे मर नै सकते पर उसे कैद कर सकते हैं , उसी रिंग में , जो उसने पहनी हुई है , महाशक्ति के बिना रहनुमा को मर नै सकते ,

बैक तो स्टोरी...

काल ने पूरी कहानी शया को सुना दी , शया भी अभ चिंता में थी , आखिर रवि उस नकाबपोश औरत यानि के रहनुमा को कैसे रोकेगा , काल अभ खामोश था और शया भी....

दूसरी तरफ...

"तुम्हारी इतनी हिमेट , अभ में तुम अपना असली रूप दिखाऊगा , मेरा शैतानी रूप , में तुम ख़तम कर दूंगा घटिया औरत...." रवि ने बेहद गुस्से में आकर अपना शैतानी डेविल वाला रूप अपनाते हुए बोलै , पर आखिर उस नकाबपोश औरत के हाथो मारा कोण था , क्या यह उसकी चाल थी , पर जो भी हो , रवि अभ बेइंतहा गुस्से में उसकी तरफ बढ़ रहा था...


तो बे कुनिटेड.....
 
फ्रेंड्स अपडेट कल आएगा .. वोह फाइट सन है तोह आधा hi लिख पाया और पिक्स भी दंड कर ऐड करनी है... अप्प चिंता मत करना अभ में फ्री हु , तोह अपडेट जरूर आया करेगा , अभ स्टोरी कम्पलीट करके hi जाउगा ,

वैसे अप्प कोनसे ब्राउज़र अप्प को उसे करते हो सफ चलने के लिए प्लस मुझे बताना , में जब भी लोग इन होता हु , साइट बेहद धीमी हो जाती है , कितना वख्त तोह पेज hi नै ओपन होता , मुझे जरूर बताना में कोनसा अप्प उसे करू सफ चलने के लिए , पं मत करना यही बता देना ...
 
अपडेट-120



अभ अग्गे...

रवि बेहद गुस्से में उस औरत की तरफ बढ़ रहा था , इतना गुस्सा उसे पहले कभी महसूस नै हुआ था , आखिर उसकी इक जान बेसुध हालत में जमीन पर गिरी हुई थी , वोह उसे बेइंतहा प्रेम करता था , लेकिन वोह जान कोण थी , आखिर उस नकाबपोश औरत (रहनुमा) ने किसे चोट पहुंचे थी , तोह हुआ यह था ,

जब रमा ने बेहद गुस्से में अपनी माँ रहनुमा को ढाका दिया था , तब रहनुमा को बेइंतहा गुस्सा ा गया था , ऐसी गुस्से में रहनुमा ने अपनी जादुई शक्ति से इक मैजिक बॉल रमा की तरफ बेह्जा था , उस मैजिक बॉल में बेइंतहा ऊर्जा समायी हुई थी , वोह मैजिक बॉल रमा के लिए था , लेकिन िका इक बेबी , रमा के अग्गे ा गई , और वोह मैजिक बॉल बेबी के सीने से टकरा गया , उस मैजिक बॉल से निकलती ऊर्जा ने बेबी के बदन को अनंत बिजली के जटके दिए , बेबी उस दर्द को महसूस न कर पते हुए , निचे जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई , उसकी सांसे भी बेहद धीमी चल रही थी , सब हरिजन थे , आखिर बेबी क्यों रमा को बचने अग्गे आयी , जब की रमा अमर थी , जब तक उसके माथे के बेचू बेच वोह लाल पत्थर मजूद था , रमा को उस मैजिक बॉल से कुछ नै होता , पर बेबी ने आखिर वोह कदम क्यों उठाया , और रहनुमा खुद हरिजन थी बेबी के इस कदम पर , और अभ रवि बेइंतहा गुस्से में उसकी तरफ बढ़ रहा था , रवि , रहनुमा से कुछ कदम दूर , उसके सामने खड़ा हो गया ,

"घटिया औरत , तुम्हारी हिमेट कैसे हुई , मेरे प्यार को चोट पहुंचने की , में तुम मर कर , तुम्हारी आत्मा का , बाजिया तलुगा हेलल में , वोह भी गरम तेल की कड़ाही में..." रवि ने डेविल रूप में बेहद गुस्से में बोलै , उसका बदसूरत लाल जिस्म अग्ग की भाटी तप्त हुआ महसूस हो रहा था ,

"डेविल , अहहहहए , तुम मुझे नै मर सकते , तुम मेरा कुछ नै भिगाड सकते , में रहनुमा हु , जादूगरो की मलिका , में सदियों से अमर हु , इक बार , बस इक बार , मुझे मेरा शरीर मिल गया , में इस दुनिआ पर राज़ करुँगी , इस दुनिआ की भगवन बानगी , सब लोग मेरी पूजा करेंगे ..." रहनुमा ने मुस्कराते हुए बोलै , उसके हाथो में पहनी रिंग सफेद रौशनी में तेज़ तेज़ चमक रही थी , जैसे वोह बेहद खुश थी ,

"शेतें की पूजा..." कोमल ने अपने भाई के साथ खड़े होते हुए बोलै ,

"हहै (बेहद हस्ते हुए) , उनको कोण बताएगा , के में शेतें हु , क्यों की , तुम सबको में मर दूंगी , रूही मेरी बची , इस दुनिआ को मेरी जरुरत है , इस दुनिआ को इक मलिका की जरुरत है , में ें कीड़े मकोड़े जैसे इंसानो को जड़ से मिटा दूंगी..." अभी रहनुमा बोल hi रही थी के रवि बेच में hi बोल पढ़ा ,

"तोह घटिया औरत राज़ किस पर करुँगी तुम ..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,

"प्रिंस , में नयी दुनिआ का निर्माण करुँगी , मेरी दुनिआ , जिसमे मेरे अपने होंगे .."

"तुम्हारा मतलब , जादूगरो की दुनिआ..." कोमल ने बेहद चिंता में बोलै , अपने भाई की तरफ देख कर , जैसे वोह कुछ कहना चाहती हो अपनी भाई की आँखों में देख कर ,

"हाँ रूही , जादूगरो की दुनिआ , जो दुनिआ में पारी लोग में चाहती थी , ऐसी लये मने तुम्हारे पिता से शादी की , ऐसी लिए मने पारी लोग में जादूगरो और पार्यिओं के बेच जगदा करवाया , तुम्हारे पिता जुंग से दर गए , मने तुम्हारे पिता से शादी की शरत राखी , और बदले में , मैं अपने सभी जादूगरो के साथ उन अँधेरे जंगलो में चली गई , यहाँ हम अपनी अलग दुनिआ का निर्माण कर रहने लगे , न तोह हम पारी लोग में जा सकते थे और न पारी लोग से कोई उन जंगलो में ा सकता , लेकिन तुम्हारी माँ मलिका सोना ने मेरा वोह बेशकीमती सपना तोड़ दिया..." रहनुमा ने बेहद नफरत से बोलै , उसे मलिका सोना से बेइंतहा नफरत थी , वोह ेरखा करती थी , पर क्यों , उसे मकीला सोना की बेशुमार सुंदरता से नफरत थी या वोह खुद मलिका नै बन प् रही थी इस कारन उसे इतनी नफरत और ेरखा थी ,

"क्या माँ ने , वोह कैसे..." कोमल ने और भी जानने की ीचा से बोलै , अभ तक रमा , लारा और एलिज़ाबेथ भी उनके साथ आकर कड़ी हो गई थी , वोह भी ें बातिओं को ध्यान से सुन रही थी , और उनके पीछे बेबी बेहोश पढ़ी हुई थी ,

"हाँ रूही , तुम्हारी माँ ने , में तुम्हारी माँ से नफरत करती हु , इतनी नफरत के , अगर मुझे मौका मिले , तोह में , तोह में , उसके खून का इक इक कटरा निगल जाऊ , उसके मास्स की बोटियाँ बोटियाँ करके , उसे कच्चा hi खा जाऊ..." रहनुमा ने मलिका सोना को यद् करते हुए बेइंतहा चीखते हुए बोलै , उसे अभ भी मलिका सोना से नफरत थी ,

"ाहः , मेरी माँ से इतनी नफरत , पर वोह तोह बहुत मासूम और चंचल थी , वोह तोह बेहद नरम दिल और सबका भला चाहने वाली थी , उसने तुम्हारा क्या बुरा किया.." रवि अपनी माँ को यद् करके , उनके दिए प्यार को यद् करके , बेहद इमोशनल होते हुए बोलै ,

"नरम दिल , तुम्हारी माँ इक दिन थी , उसने मेरा प्यार मुज़से चीन लिया , में तुम्हारे पिता से बेहद प्रेम करती थी , जब में जवान हुई तब मने उनको पहली देखा , तब मुझे उनसे प्यार हो गया , मेरी हर साँस में उनका नाम था , पर इक वोह थे , जिनको मलिका सोना के बिना कुछ दीखता hi नै था ..."

"और तुमने उस जगदे का फिदा उठाया , है न..." कोमल ने मुस्करा कर बोलै ,

"हाँ , मने जादूगरो और परियों के बेच चल रहे जगदे का भरपूर फिदा उठाया , जो मने hi सुरु किया था , तुम्हारे पिता मुज़से शादी के लिए मान गए , लेकिन मलिका सोना ने कुछ शरतीयं राखी , पहली शरत थी के मेरे सरे जादूगर अँधेरे जंगलो में चले जाये , दूसरी शरत थी , प्रिंस इक आम इंसान की तरह मुज़से शादी करेंगे और में कभी महल में दाखिल न हो पाव , तीसरी शरत थी के मेरा और प्रिंस का बचा कभी सिंघासन पर नै बैठेगा , और चौथी (4तह) शरत थी के प्रिंस कुछ दिन मेरे पास रहेंगे और कुछ दिन उनके पास और आखरी शरत यह थी के हमारी शादी गुप्त रहेगी , पारी लोग में किसी को भी इस शादी का पता न चले..." रहनुमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,

"और तुम मान गई..." रवि ने शांत आवाज़ में बोलै ,

"हम्म , मुझे प्रिंस का प्यार पाना था , जो सपना मने देखा था , वोह पूरा करना था , ऐसे hi वख्त बीता और इक दिन मुझे पता चला के में माँ बनने वाली हु , मने प्रिंस को यह बात बताई तोह वोह बाबत खुश हुए , क्यों की तब मलिका सोना की कोई ालूड नै थी , में चाहती थी , मेरा बचा राज सिंघासन पर बैठे , यह उसका हुक था , वोह पारी लोग का वारिस था , पर तुम्हारी माँ ने मुज़से मेरा हुक चीन लिया , मने प्रिंस को बहुत मनाया पर वोह नै मने , आखिर में गुस्से से , मैं उनसे सरे रिश्ते तोड़ , उन अँधेरे जंगलो में चली गई , जब कुछ साल बाद मलिका सोना को 2 जुड़वाँ बेतिया हुई , तोह इक को मने उठा लिया , मने तुम्हारे पिता को मज़बूर किया के वोह मेरे पास न ए..." रहनुमा अभी बोल hi रही थी के कोमल बेच में बोल पढ़ी ,

"तुम्हारा बचा , उसका क्या हुआ , वोह लड़की थी या लड़का ..." कोमल अभ परेशान हो गई थी ,

"हहै , रूही तुम बेहद चालक हो , मेरा बचा कोण था , क्या था , अभ कहा है , जिन्दा है या मर गया , लड़का था या लड़की , में तुम कुछ नै बताऊगी , क्या पता वोह तुम में से कोई इक हो ..." रहनुमा ने बेहद ख़ुशी में बोलै ,

"लेकिन अभ तुम क्या चाहती हो..." लारा ने सीधा मुद्दे की बात पर एते हुए बोलै ,

"मैं , मैं , में चाहती हु मेरा शरीर , और महा शक्ति , और आखरी काम , मलिका सुहाना , रूही की बलि दे , बस इतना कुछ hi चाहती हु में..." रहनुमा ने लारा और बाकि सब के करीब आकर बोलै ,

"यह भी तुम्हारा सपना hi रहेगा घटिया औरत..." रवि ने उस औरत के सामने एते हुए बेहद गुस्से से बोलै ,

"ओह यह तुम लगता है पर..." रहनुमा अभी इतना hi बोली थी के सुहाना (सीमा) ने इक सांप का रूप लेकर उसे चारो और से जकड लिया , वोह बेइंतहा ताकत से उसे जकड़ने लगी , और धीरे धीरे उसका सांप का रूप गरम लावे की तरह तपने लगा ,

"आह्ह्ह्हह्ह ..." रहनुमा ने दर्द से चीखते हुए अपनी अखन बंद की , तब आसमान से दानवी सेना धरती पर उतर आयी , उस दानवी सेना का सेनापति इक इंसान की तरह दीखता था जिसके चार हाथ थे , 11 फ़ीट ुचा , रवि और बाकि सब दानवी सेना को देखने लगे , यह शेतीआणि जानवर थे जो मास्स कहते थे , और बेहद तेज़ घाटी से भागते थे ,

तभी रहनुमा , मलिका सुहाना की पकड़ से आज़ाद हो गई , वोह गयाब होकर दूर कड़ी हो गई ,

"अह्ह्ह्ह प्रिंस , तुमने इनके राजा जेनिथ (कुणाल) को मर दिया , और अभ यह बेहद गुस्से में हैं , और इनका सेनापति खुरम , जानते हो इसको , यह पारी लोग का सबसे घातक सेनापति था , तुम्हारे पिता ने जितनी भी लड़ाईआं जीती , वोह इसके कारन hi जीती थी , यह भी तुमसे बदला लेने आया है , आखिर तुम्हारे और रूही के कारन hi इसका परिवार मारा गया..." रहनुमा ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै , वोह बेहद चालक थी ,

रवि और बाकि सभ , दानवी सेना से घिर चुके थे , दानवी सेना , जिनके पास दिल तोह था hi नै , बेरहम , दरिंदे , यह कच्चे मास्स को नोच नोच कर कहते थे ,

इनके तीन हाथ थे , पहले सबसे बड़े , फिर उससे छोटे और फिर कमर के पास सबसे छोटे , यह 6 हाथो वाले दानव किसी जानवर की तरह भागते थे , अजीब अजीब आवाज़ों में चीखते हुए ,

यह किसी शिकारी कुत्तो की तरह , अपने शिकार को झुंड में घेर कर , उसे नोच नोच कर उसकी जान ले लेते थे , बेहद वहशी , और दरिंदगी के साथ ,

दानवी सेना बोलती नै थी , यह जानवर थे , इनकी भूक कभी मरती नै थी , जितना मास्स कहते , उतना और खाने की लालसा बढ़ती जाती ,

"रवि अभ क्या करे , यह जानवर तोह हज़ारो में हैं ..." एलिज़ाबेथ ने बेहद परेशान होकर बोलै ,

"हाँ भइआए , ें जानवरो को हराना है तोह इनके सेनापति खुरम को मरना होगा .." कोमल भी एलिज़ाबेथ की बात का समर्थन करते हुए बोली ,

"इक प्लान है मेरे पास , तुम सब इस सेना को संभालो , में खुरम (सेनापति) को देखता हु , और यद् रहे , तुम सब अपना ख्याल रखना , में तुम सब को चाहता हु , में तुम में से इक को भी खो नै सकता ..." रवि ने उन सबकी तरफ प्रेम से देखते हुए बोलै ,

"जी भइआ , पर भइआ बेबी का क्या करे ..." कोमल ने बेबी के बेसुध शरीर को देखते हुए बोलै ,

"बेबी को कुछ नै होगा , तुम सब दानवी सेना को दूर रखना , एलिज़ाबेथ तुम और लारा यही रुक कर बेबी की रक्षा करना , हम अग्गे जाकर दानवी सेना से मुकाबला करेंगे , और इक बात , यह ख़ुशी कब आएगी..." रवि ने पहले थोड़ा घम्बिर होकर और अंत में अपना माथा पीट कर बोलै , आखिर ख़ुशी को इतना वख्त क्यों लग रहा था ,

दूसरी तरफ...

"ारी वह तेज़ लड़की , क्या चाकू फेका तुमने , तुम तोह अछि तरह सिख गई हो .." ख़ुशी ने फर्जी के चाकू फेंकने से बेहद खुश होते हुए बोलै , उसके हाथो में मदिरा का आधा भरा पियाला था , जो वोह इक इक घुट करके पति जा रही थी ,

हुआ यह था ख़ुशी यहाँ काट को लेने आयी थी , पर वोह सब भूल कर , अपनी बेटी फर्जी से खेलने लगी थी , और फर्जी को चाकू फेंकना सीखा रही थी ,

"उफ्फ्फ्फ़ बच गयी..." काट ने अपनी तंग के बेच देखते हुए मन hi मन बोलै , वोह दीवार के साथ लग कर कड़ी थी , और फर्जी द्वारा फेका चाकू उसके तंग के बेच दीवार में घुसा हुआ था , काट खुश थी के उसका गुप्त स्थान बच गया था , काट अभी भी तेज़ सांसे भर रही थी , उसे लगा अगर चाकू 2 इंच ऊपर होता तोह उसकी छूट में लुंड की जगह चाकू घुस जाता ,

"तेज़ लड़की इक बार और..." ख़ुशी ने इस बार थोड़ा बड़ा चाकू , फर्जी के हाथो में देते हुए बोलै , काट उस बड़े से चाकू को देख बेहद दर गई , और वोह घबराते हुए बोली ,

"नईईई , में चलुगी तुम्हारे साथ , तुम जो कहुगी , में वही करुँगी..." काट ने अपने माथे पर ए पसीने को साफ करते हुए बोलै , उसकी टंगे हलकी हलकी कम्प रही थी , उसे पता था , इक बार वोह किस्मत से बच गई , अभ नै बचेगी , अगर फर्जी ने अभ चाकू फेका तोह उसकी छूट जरूर फैट जाएगी ,

"हेही , क्यों छैंया , पहले बोल रही थी , में नै जोगी , अह्ह्ह मेरी छैंया , मेरी बुलबुल , अभ चल मेरे साथ , और तेज़ लड़की तुम यही रहना , हम 2 घंटो में ा जायेगे , समाजी..." ख़ुशी ने पहले काट की तरफ और फिर फर्जी को गॉड में उठाते हुए बोलै ,

"जी ख़ुशी मुम्मा ..." फर्जी ने मुस्कराते हुए ख़ुशी के गलो को चुम कर बोलै , इसके बाद ख़ुशी , काट को अपने साथ लेकर घर से बहार निकल गई ,

रवि ने hi ख़ुशी को बेह्जा था , तेन की काट को लड़ाई में लाया जा सके , अभ काट hi इक मटर सहारा थी , उस नकाबपोश औरत से जीतने का , और रवि यह बात जनता था , उसने और ख़ुशी ने पहले hi सब प्लान बना लिया था , रहनुमा को लगता था के जुंग उसके हिसाब से हो रही है , पर वोह गलत थी , जुंग रवि के हिसाब से हो रही थी , उसने जो जो प्लान किया था , सब वैसे hi हो रहा था ,

रवि अभ अपने डेविल रूप में भागता हुआ दानवी सेना की तरफ बढ़ रहा था , और दानवी सेना जोर जोर से जानवरो की तरह चीखती चिलाती रवि और उसके चाहने वालो की तरफ बढ़ रही थी , रवि को सेनापति खुरम तक हर हालत में पहुंचना था , उसे खुरम को ख़तम करना था ,

"तुम कहा चली मलिका सुहाना , तुम में प्रिंस के पास नै जाने दूंगी , तुम लड़ना होगा मेरे साथ..." रहनुमा ने सुहाना की तरफ देखते हुए गुस्से में बोलै ,

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"जैसे तुम चाहो , हम भी कब से बेक़रार हैं , तुम मरने के लिए..." सुहाना भी उड़ते हुए जादूगरनी रहनुमा के पास जाते हुए बोली , अभ दोनों लड़ने वाली थी , दोनों को जादू अत था , दोनों शक्तिशाली थी , और दोनों में कुछ न कुछ पाने की भूख थी ,

दूसरी तरफ...

रवि भागता हुआ दानवी सेना पर टूट पढ़ा , उसके हाथ में उसकी तलवार थी , जो गरम बहते लावे जैसी गरम थी और लाल रंग में चमक रही थी , ऐसा लग रहा था , जैसे अभी अभी उसे जवाला मुखी के गरम लावे से बहार निकला गया हो ,

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वोह वेह्शी जानवर झुंड बना कर रवि पर टूट पढ़े , रवि लाल दरिंदे के रूप में , अपनी तलवार से उनको काटने लगा , उसकी तलवार बिजली से भी तेज़ वॉर कर रही थी , उसका लाल बदसूरत जिस्म , दानवी सेना के खून से भेज चूका था , उसकी तलवार उन दरिंदे जानवरो को काटते जा रही थी , किसी की गर्दन काट जाती , किसी का हाथ , किसी के पेअर , तोह किसी का पेट फाड़ते हुए , वोह तलवार अपनी बरसो की प्यास भुजते जा रही थी , और उसकी प्यास थी खून की ,

कोमल भी बेबी के पास hi रुकी हुई थी , उसके हाथ में इक ढल और उसकी खुल्हाडी थी , जो उसकी माँ ने उसे दी थी , कोमल भी दानवी सेना को मरते जा रही थी , उसकी खुल्हाडी से बिजली निकलती थी , और वोह उड़ते हुए तेज़ तेज़ बिजली के जटके उन जानवरो को देते जा रही थी ,

ऐसी तरह लारा और एलिज़ाबेथ भी , बेबी के बेजान जिस्म की रक्षा कर रही थी , लेकिन दानवी सेना की गिनती बहुत जायदा थी ,

"लारा , यह कम्बख्त तोह एते hi जा रहे हैं.." एलिज़ाबेथ ने उड़ते हुए दानवी सेना पर गोलियां बरसते हुए बोलै , उसके हाथो से इक तेज़ लाइट निकल रही थी , उसके एडवांस सूट में हर तरह के हथयार मजूद थे , उसका सूट इक िरोंमें सूट की तरह था ,

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"हाँ जणू , पर लड़ना तोह होगा hi..." लारा इक हाथ में ढल और इक हाथ में तलवार पकड़े , अपने निंजा होने का सबूत दे रही थी , वोह उन जानवरो को चीरती फाड़ती , बेबी की रक्षा कर रही थी , उसका दूध सा सफेद जिस्म खून से नहाया हुआ परतीत हो रहा था ,

दूसरी तरफ...

सुहाना और रहनुमा इक दूसरे के सामने कड़ी थी , पारी लोग में सुहाना और रहनुमा ने मिलकर जुंग लड़ी थी , लेकिन अभ वख्त गुजर चूका था , अभ दोनों इक दूसरे की दुश्मन थी , सुहाना को प्यार पाना था , जो इस जनम में उसने सीमा बनकर प् लिया था , पर रहनुमा ताकत पाना चाहती थी , मलिका बनना चाहती थी , उसका सपना अभी अधूरा था ,

िका इक जादूगरनी रहनुमा को कुछ जादुई मंत्र पढ़ा , इस से पहले सुहाना कुछ समाज पति , उसकी तरफ अग्ग की लपटों से गिरा मैजिक बॉल बिजली से भी तेज़ रफ़्तार से , उसके सीने से ा टकराया ,

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"अह्ह्ह्हैईईईईई...." इक चीख मरती सुहाना बेहद दूर जा गिरी ,

"उफ्फ्फ्फ़ , मलिका सुहाना आपको चोट तोह नै आयी , खीयीकहींईईई ..." रहनुमा बेइंतहा हस्ते हुए अपने चेहरे से नकाब हटा अपने असली रूप में एते हुए बोली , उसका रूप बेहद ब्यांक था ,

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उसके चेहरे पर मास्स तोह जैसे था hi नै , इक इंसानी खोपड़ी थी बस , जो कंकाल के रूप में थी , बेइंतहा खौफनाक थी रहनुमा , इक कंकाल , जिसका अपना कोई वजूद नै था , लेकिन यह भी रहनुमा ने अपनी जादुई शक्ति से निर्मित किया था , उसने इक हाथ को थोड़ा ऊपर उठाया तोह उसके हाथ में इक काली लकड़ी थी , यह जादुई लकड़ी किसी को भी चोट दे सकती थी , अभ सुहाना की जान को खतरा था ,

सुहाना बड़ी मुश्किल से उठ कर कड़ी हुई तभी रहनुमा उसके बेहद करीब ा गई , सुहाना ने देखा , रहनुमा के हाथ में , उसकी जादुई लकड़ी है जो किसी मोठे लम्बे डंडे जैसी लग रही थी , यह हर जादूगरनी (विट्क्स) के पास होती थी ,

"अह्ह्ह्हह" इक दर्दभरी चीख निकल गई सुहाना की जब रहनुमा ने अपनी जादुई लकड़ी से सुहाना की कमर पर जोरदार वॉर कर उसे फिरसे निचे गिरा दिया , क्या सुहाना कमज़ोर थी , या वोह जानबूझ कर कमज़ोर बन रही थी ,

दूसरी तरफ..

रवि पिछले आधे घंटे से दानवी सेना के दानवो से लड़ रहा था , उसने न जाने कितने दानवो को ख़तम कर दिया था , अभ वोह सेनापति खुरम के बेहद करीब था , यह आखरी पड़ाव था जुंग का , इसके बाद कोई सेना नै अति , फिर अकेली रहनुमा hi बचती , जिसके लिए रवि के पास अलग से प्लान था ,

लारा , एलिज़ाबेथ और कोमल तीनो थक चुकी थी , उनको साँस छड़ी हुई थी , क्यों की पिछले आधे घंटे से दोनों बिना रुके लड़ रही थी , तभी रमा ने अभी तक लड़ाई में नै कूदि थी , उसने बेबी के पास बेथ अपने लाल जादुई बालो को बड़ा कर लिया , उसने बेबी को और खुद को अपने लाल बालो से पूरा धक् लिया , अभ छह कर भी दानवी सेना , बेबी के शरीर का कुछ नै भिगाड सकती थी , क्यों की रमा के लाल जादुई बाल उनके काटने या नोचने से नै टूट सकते थे , वही बेबी को सेफ देख , लारा , एलिज़ा और कोमल , तीनो ने चैन की साँस ली ,

अभ दानवी सेना बहुत काम बची थी , लेकिन वोह और भी ा सकती थी ,

रवि दानवी सेना से लड़ता अग्गे बढ़ता जा रहा था , तभी उसके पेट पर किसी ने लत्त जड़ दी , रवि उड़ता हुआ पीछे जा गिरा , जब रवि उठ कर खड़ा हुआ तोह उसके सामने सेनापति खुरम खड़ा था ,

"रुकुओ..." सेनापति खुरम ने चीला कर बोलै तोह दानवी सेना रुक कर अपने मालिक को देखने लगीई , और फिर भागते हुए अपने मालिक के पीछे कड़ी हो गई , अभ बर्फ की वोह विशाल जमीन खून से लाल हुई पढ़ी थी , हर तरफ दानवी सेना की लाशे गिरी हुई थी , हज़ारो लाशो के बेच , रवि और सेनापति खुरम , इक दूसरे के सामने खड़े थे , यह आखरी पड़ाव था जुंग का...



तो बे कुनिटेड.....
 
अपडेट-121

अभ अग्गे...

जिंदगी में कोई लड़ना नै चाहता , लेकिन फिर भी कई बार जीवन हमें उस मोड़ पर ले अत है , यहाँ लड़ना hi आखरी रास्ता होता है , सब चैन और सकूं से जीना चाहते हैं , इक शांतमयी जिंदगी , इक आम इंसान से लेकर बड़े से बड़ा इंसान भी जीवन में


शांति चाहता है , सब अपने जीवन में सुख चाहते हैं , ख़ुशी चाहते हैं , प्रेम चाहते हैं , बिना यह जाने के

पिछले जनम में उनहोनु कितने पाप किये हैं , कितनो को प्रेम नै दिया , कितनो का दिल दुखाया , और कितनो के घरो को उजाड़ दिया ,

रवि अपनी जिंदगी में सकूं और शांति चाहता है , अपना पूरा जीवन , वोह कभी सकूं से नै बैठा , उसके छोटे से जीवन में , इक uthal-puthal भरा वातावरण रहा है , वोह अपने गाओं जाना चाहता है , अपनी 2 एकड़ जमीन पर खूब म्हणत करके , अपने खून पसीने की कमाई हुई रोटी खाना चाहता है , अपने उसी टूटे फूटे झोपड़े में , अपनी बहिन रमा के साथ , वोह प्यार भरे पल बिताना चाहता है , अपने गाओं में , अपने खेत में , वोह अपने जीवन की आखरी साँस लेना चाहता है ,

लेकिन उसके पिछले जनम में किये करम , उसे सकूं की साँस नै लेने दे रहे , उसकी गलती बस इतनी थी , उसने अपनी बहिन से प्रेम किया , इक और गलती की , उसने अपनी बहिन रूही के बिना , किसी और को प्यार नै दिया , ख़ुशी , बेबी , रमा , सुहाना और काट , ें सबको रवि से बेइंतहा प्यार था , पर रवि तब रूही से hi प्रेम करता रहा , और इस जनम में , उसे सबको सवीकार करना पढ़ा , सबको इक सामान प्यार देना पढ़ा , किसी न किसी रूप में , यह सब रवि के जीवन में आयी और अभ रवि की होकर रह गई , ें सबको अपना प्यार मिल गया है , अभ यह अपने प्यार को जीवट रखने के लिए , रवि के हर दुश्मन से लड़ रही हैं , रवि के सबसे बड़े दुश्मन उसके पिता हैं , लेकिन अभ वोह कहा हैं , क्या वोह कोमल और रवि को इक होने देंगे ,

यह बात , रवि और कोमल अछि तरह जानते हैं , उनके पिता कितने शक्तिशाली हैं , यह सब नए नए दुश्मन , वही तोह बेहज रहे हैं , पर फिर भी , रवि और कोमल , इस जनम में भी , अपने पिता से लड़ रहे हैं , रवि और कोमल ने , अनंत दर्द सहकर भी , अपने पवितर प्रेम को जिन्दा रखा है , क्या वोह अपने पिता से जीत पाएंगे , क्या वोह दोनों इक हो पाएंगे , यह इस बार भी दोनों की प्रेम कहानी अधूरी रह जाएगी , पर यह सब तोह , अभ ऐनी वाले वख्त में hi छिपा हुआ है ,

रवि और वोह सेनापति इक दूसरे के सामने खड़े थे , क्या रवि उनको जनता था , आखिर वोह पारी लोग की शक्तिशाली सेना का इक मटर सेनापति था , रवि ने सेनापति खुरम के चेहरे को यद् करते हुए , अपनी सोचु का पह्यिए पिछले जनम की अधूरी यादिओं की तरफ दौडाया तोह उसे कुछ डुंडला डुंडला सा यद् ा गया ,

"ारी यह तोह..." रवि अभी अपने मन में इतना hi बोलै था , के इक जोरदार पंच उसके चेहरे पर ा लगा , रवि पंच लगते hi थोड़ा दूर जा गिरा ,

"कैसे हो बजे.." खुरम ने अपनी तलवार को अछि तरह देखते हुए बोलै , जैसे वोह लाल रंग में चमकती तलवार खून की प्यासी थी ,

"मां app..."ravi ने िका इक उठते हुए बोलै ,

सेनापति खुरम , रवि की माँ मलिका सोना का , इक मटर भाई था , वोह बेहद ताकतवर था , (पारी लोग की पूरी कहानी part 6तह में ांनी थी , पर अभ हम ऐसे यही ख़तम कर रहे हैं ) मलिका सोना का भाई होते हुए भी , सेनापति खुरम ने अपनी पहचान , पारी लोग के सबसे खुखार लोगो में बनायीं थी , उसने सेकड़ो लड़ाईआं लड़ी , पर कभी पारी लोग को हार नसीब न हुई ,

"तुम्हारे कारन , तुम्हारे बेमतलब प्यार के कारन , इस पाप के कारन , हमारा हस्ता खेलता , पारी लोग तबाह हो गया , बर्बाद कर दिया तुमने , भांजे में तुम कितना प्यार करता था , मेरी बहिन के इकलौते बेटे थे तुम , पर , पर तुमने , सब मिटी में मिला दिया , तुमने अपनी बहिन से प्रेम किया , पाप किया , पारी लोग के असूलु को तोडा , तुम्हारे कारन , शेतीअन का आगमन हुआ पारी लोग पर , मेरी , मेरी बेटी और मेरी पत्नी मरे गए , इसके जिम्मेदार तुम हो , तुमने और रूही ने , जो पाप किया , उसकी सजा हम अज्ज भी भुगत रहे हैं , लेकिन अभ इसका अंत होगा , में तुम ख़तम कर , अपनी पत्नी और अपनी बेटी की मौत का बदला लूंगा , तुम्हारे पिता ने मुझे यह काम सौंपा है , तुम और रूही कभी इक नै हो सकते , चाहे सदियाँ बीत जाये , चाहे तुम दोनों हज़ारो जनम लेलो , पर , पर , तुम्हारे पिता , तुम दोनों को मरते रहेंगे , जब तक , तुम दोनों जुक नै जाते , अपनी की हुई गलती मन नै लेते ..." सेनापति खुरम ने बेइंतहा गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"मेरा प्यार कोई गलती नै है , में अपनी कोमल (रूही) से कभी दूर नै हो सकता , पिता जी हमें मर सकते हैं , मां , और यह सब हमारे प्यार के कारन नै हुआ था , वोह सब मलिका सुहाना ने किया था , हाँ मां , मेने सुहाना से प्यार नै किया , ऐसी कारन सुहाना ने शेतीअन की पूजा की ..." रवि ने अपने मां के करीब जाते हुए बोलै ,

"हाँ मां जी , भइआ सही बोल रहे हैं , हम दोनों ने कुछ नै किया , सुहाना ने hi सब किया था , हमें नै पता था , के देदी भी भइआ को चाहती हैं , वार्ना हम भइआ को उनसे मिलवा देते..." कोमल ने बेहद नाम आँखों से अपने भाई के पास एते हुए बोलै ,

"बंद करो अपनी बकवास , तुम दोनों ने पाप किया , अगर सुहाना और तुम भी प्यार करते , तब भी पाप hi होता , सुहाना भी तुम्हारी बहिन hi थी , मने तुम सब बचो को , astar-shastar की विद्या दी , तुम सब को जादू की हर कला में निपुण किया , तुम सब को पालपोष कर बड़ा किया , अगर मुझे यह पहले hi पता होता , के तुम सब पारी लोग का ऐनी वाला विनाश हो , में तुम सब को तभी मर देता , लेकिन , लेकिन अभ में अपनी उस गलती का सुधर करुगा , तुम सबको मर कर , अपनी पत्नी और अपनी बेटी की मौत का बदला लूंगा , लड़ो मुज़से तुम सब..." सेनापति खुरम ने इक हाथ में अपनी तलवार और इक हाथ में अपनी ढल पकड़े हुए गुस्से से चीला कर बोलै ,

"भइआए , अप्प मां से कैसे लड़ोगे , यह हमारे गुरु हैं..." कोमल ने अपनी आँखों में असनु भरते हुए बोलै ,

"कोमल , हम सब मिलकर लड़ेंगे..." लारा और एलिज़ाबेथ ने रवि के साथ खड़े होते हुए बोलै , और तभी रमा भी उन सबके पास ा गई ,

"मां , में आपसे लड़ना नै चाहता , पर , अपने प्यार को पाने के लिए , मेरे रस्ते में जो आएगा , उसे में मर दूंगा , मेरे लिए , मेरी कोमल hi सब कुछ है , इसके लिए में , भगवन से भी लड़ सकता हु और शेतीअन से भी..." रवि ने बेइंतहा गुस्से में , अपने हाथो में , खून से लथपथ तलवार लिए , अपने मां की तरफ बढ़ते हुए बोलै ,

"ा जाओ बजे , में भी देखु , तुमने मुज़से कितना सीखा है..." सेनापति खुरम ने मुस्कराते हुए बोलै , और लड़ने के लिए त्यार हो गया , उसकी आँखें अग्ग उगल रही थी , वोह सदियों से बदले की अग्ग में जल रहा था , पर वोह पारी लोग की अंतिम लड़ाई से बच कैसे गया था ,

सेनापति खुरम अभ अग्गे बढ़ रवि के काफी करीब ा गया , वोह इक वारियर की तरह लग रहा था , उसने अपना पूरा चेहरा इक लोहे के अस्तर से धक् रखा था , उसका शरीर बेहद बलशाली था ,

उसने रवि के करीब एते hi तलवार का जोरदार वॉर रवि पर किया , पर रवि ने अपनी तलवार ऊपर उठा , इस वर को रोक लिया , जब दोनों की तलवारिआं आपस में टकराई तोह , उनके आपसी टकराव से अग्ग की चिंगरियाँ फुट पढ़ी ,

रवि ने खुरम की तलवार के वर को रोक लिया , तभी खुरम ने दूसरे हाथ से , जिसमे उसने इक बड़ी सी ढल पकड़ राखी थी , उस ढल का जोरदार वॉर रवि के चेहरे पर किया , अभी वोह दूसरी बार ढल मरने hi जा रहा था , तभी रवि ने , उसके पेट में इक लत्त जड़ दी , खुरम थोड़ा सा पीछे को हुआ , तभी रवि ने अपनी तलवार का वॉर , उसके चेहरे पर किया , पर खुरम ने तेज़ी से अपनी ढल को ऊपर कर , रवि के जानलेवा वॉर को रोक लिया , रवि तेज़ तेज़ वॉर करता गया , पर खुरम उसके हर वर को कभी अपनी ढल से तोह कभी अपनी तलवार से रोक लेता , आखिर वोह रवि का गुरु था , उसे सब पता था ,

रवि तेज़ तेज़ वॉर करता हाफने लगा , तभी खुरम ने अपनी ढल से रवि को ढाका दिया , और अपनी तलवार जोर से घुमा दी , खुरम का यह वॉर खली न गया , उसकी तेज़धार तलवार रवि के कंडे को चीरती हुई , अपनी खून की प्यास बजती हुई , अग्गे निकल गई , यह इक डेमों तलवार थी , जिसकी छूट रवि को दर्द और जखम दोनों दे सकती थी ,

"अह्ह्ह्ह शहहह..." रवि अपने अप्प पर hi गुस्सा करता हुआ चिलाय , वोह बेइंतहा गुस्से में खुरम पर टूट पढ़ा , उसे नै पता था , अपने गुरु से कैसे जीत सकते हैं और उसका अपना , उसका असली अस्तर भी तोह उसके पास नै था , जिसे सितारों की तेज़ रौशनी में ढल कर , खास उसके लिए बनाया गया था ,

"भईया सम्बल कर..." कोमल बेहद घबराते हुए बोली ,

रवि बार बार वॉर करता पर उसके मां खुरम अपनी तलवार से उसे रोक लेते , आखिर रवि ने बेइंतहा गुस्से में , इक जोरदार वॉर अपने मां पर किया , रवि ने इतने गुस्से में अपनी तलवार का वॉर किया था , के उसकी तलवार अपने मां की तलवार से टकराते hi उनकी तलवार को बेच से काटते हुए अपने मां के मज़बूत सीने को चीरते हुए अग्गे निकल गई , यह टकराव इतना ब्यांक था के , के सेनापति खुरम बेहद दूर जा गिरा , उसकी तलवार अभ टूट चुकी थी , और उसके मज़बूत सीने पर इक चीरा लग चूका था , अभ उसमे से खून बह रहा था ,

"मां , बस करूओ , में आपको नै मरना चाहता , हमारे प्यार को सवीकार करलो , और चले जाओ यहाँ से..." रवि ने बेइंतहा गुस्से और दर्द में बोलै और अपने मां की तरफ बढ़ने लगा ,

सेनापति खुरम कुछ नै बोलै , वोह िका इक उठा और उसने अपनी टूटी हुई तलवार इक तरफ फेंक दी , अभ उसके हाथ में उसकी ढल थी , वोह फिर से अग्गे बढ़ने लगा , उसने अभी हार नै मणि थी , रवि को यह देख और भी गुस्सा ा गया , आखिर था तोह वोह इक बदसूरत लाल शेतीअन hi ,

रवि ने अपने मां के करीब जाते hi फिर से तलवार का जोरदार वॉर किया , पर इस बार खुरम ने अपनी ढल अग्गे कर इस वॉर को रोक लिया , और इक लत्त रवि के पेट में जड़ दी , रवि अभी थोड़ा पीछे hi हुआ था , खुरम ने अपनी ढल से इक जोरदार पंच मारा , ढल रवि की ढाई गाल से टकराते हुए इक तरफ निकल गई , फिर खुरम रुका नै , उसने लगातार कई वॉर रवि के चेहरे पर किये , उसके चेहरे को पूरा खून से भिगो दिया ,

"भईयाए..." कोमल यह न देख पते हुए दर्द से चीला कर बोली , और भागते हुए अपने मां पर अपने अस्तर , अपनी खुल्हाडी का जोरदार वॉर किया , पर खुरम ने कोमल को देख लिया था , खुरम ने अपनी बाये (लेफ्ट) हाथ में ढल पकड़े कोमल के जानलेवा वर को बेच में hi रोक दिया , और ढाये हाथ से इक जोरदार मुक्का कोमल के चेहरे पर जड़ दिया , मुक्का पढ़ते hi कोमल बर्फ पर दूर जा गिरी , उसके होंठ फैट गए थे , और मोह से खून बहने लगा था , वोह बेसुध सी हो गई थी ,

रवि को बेइंतहा गुस्सा ा गया , उसने अपनी तलवार अपने मां के पेट में घुसा दी , जब उसके मां का ध्यान उसकी तरफ नै था ,

"अह्ह्ह्ह..." खुरम की दर्द भरी सिसकी निकल गई , वोह इक घुटना जमीन पर टिकाये बेथ गया , पर क्या वोह इतनी जल्दी मर जाता , या उसकी मौत का राज़ कुछ और था , अभी तोह उसके पेट में तलवार घुसी हुई थी और बेहद खून बह रहा था ,

"मां , क्यों , क्यों किया यह सब , क्यों नै सवीकार करते हमारे प्यार को , क्यों..." रवि ने अपनी कोमल की तरफ देखते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह शहहह..." तभी रवि की इक दर्दनाक सिसकी निकल गई , क्यों की उसके मां खुरम ने अपनी तंग के पास से , इक जादुई खंजर निकल , रवि की कमर में उसे घुसा दिया था , वोह खंजर पूरा रवि की कमर में घुसा हुआ था ,

"आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ..." रवि ने बेहद गुस्से में चीखते हुए अपने मां को पीछे गिरा दिया , और उसके चेहरे पर मुक्के जड़ने लगा , उसका हर मुक्का , उस लोहे की ढल से टकरा रहा था जो उसके मां ने पहन राखी थी , रवि के दोनों हाथ चील चुके थे , हाथो का ऊपरी मास्स फैट चूका था , आखिर यह सरे अस्तर , यह ढल , यह सब जादुई थे , यह रवि को इंसानी दर्द देते थे ,

रवि के मुक्को ने अपने मां के उस कवच को तोड़ दिया था , जिससे उनहोनु अपना चेहरा ढाका हुआ था , तभी रवि के कंधे पर इक आग का गोला ा लगा , रवि उस अग्ग के गोले के लगते hi दूर जा गिरा , यह और कोई नै , जादूगरनी रहनुमा थी , जो तबसे मलिका सुहाना से लड़ रही थी , खैर मलिका सुहाना और रहनुमा के बेच अभ तक यह हुआ था ,

"मलिका सुहाना , अप्प इतनी कमज़ोर कैसे हो गई हो , ओह्ह यद् आया , आपकी शक्ति तोह इस रिंग में है , अप्प कहो तोह , यह रिंग आपको पहना दू..." रहनुमा ने बेइंतहा हस्ते हुए बोलै , उसकी हस्सी बेहद ब्यांक थी ,

"नईईई , हमसे दूर रखो इस मनहूस रिंग को , हम कमज़ोर नै हैं..." सुहाना ने िका इक सांप का रूप धारण कर , रहनुमा को चारो तरफ से जकड़ते हुए बोलै , मलिका सुहाना उसे और भी कास कर जकड़ती जा रही थी ,

"अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..." इक दर्द भरी चीख निकल गई सुहाना के नरम लाल होंठो से , जब रहनुमा ने अपनी जादुई शक्ति से अपने जिस्म को गरम लावे से भी गरम कर लिया , उसका जिस्म जादुई अग्ग में जलने लगा , सुहाना इस अग्ग की तपश को सेहन न कर पते हुए , अपने असली रूप में ा गई ,

"खीयीकहींईईई , मलिका , अप्प कमज़ोर हो ..." रहनुमा ने इतना बोल , अपनी जादुई लकड़ी से , इक तेज़ सफेद रौशनी , सुहाना के जिस्म पर मरी , सुहाना को बिजली के तेज़ जटके लगने लगे , वोह ें जातको को न सेहती हुई जमीन पर दोनों घुटनो के बल बेथ गई , वोह बेसुध सी हो रही थी , और रहनुमा और भी ताकत से , सुहाना को बिजली का तेज़ जटके दिए जा रही थी ,

"बोलो मलिका , यह रिंग पहनती हो या नै , तुम रूही की बलि देनी है , अपना अधूरा काम पूरा करो ..." जादूगरनी रहनुमा ने बिजली के जटके देने बंद करके , बेहद कमज़ोर हो चुकी सुहाना को देखते हुए बोलै ,

"नईईई ..." सुहाना ने बेहद धीमी आवाज़ में बोलै , उसने चारो तरफ नज़र डोडे तोह उसने देखा रवि और सेनापति खुरम लड़ रहे हैं ,

"सुहाना , में तुम्हारे प्रिंस को मर दूंगी , तुम्हारी आँखों के सामने..." रहनुमा ने थोड़ा निचे झुक मलिका सुहाना की आँखों में ज़कते हुए बोलै ,

"नयी , तुम हमारे प्रिंस का कुछ नै भिगाड सकती हो , दुष्ट जादूगरनी..." सुहाना ने इक डैम से रहनुमा की गर्दन को अपने हाथ में जकड़ते हुए कास कर दबाते हुए बोलै ,

"अह्ह्ह आईइइइइइइइइइ माआ..." तभी सुहाना की दर्द से लथपथ चीख निकल गई , जब रहनुमा ने इक जादुई खंजर सुहाना के पेट में घुसा दिया , सुहाना के पेट से खून बहने लगा ,

"ाहेहेहे (हस्ते हुए) , अभ क्या होगा मलिका , तुम मर जोगी , तुम अभ यह रिंग पहननी hi होगी , यह रिंग hi तुम बचा सकती है ..." रहनुमा ने मलिका सुहाना के पेट में और भी वोह जादुई खंजर घुसते हुए बोलै , सुहाना की पकड़ ढेली पढ़ गई , वोह पीछे की तरफ गिर गई , अभी रमा का ध्यान इस तरफ नै था , वोह अपने भाई को लड़ते हुए देख रही थी , वोह अभी खुरम से लड़ने के लिए अग्गे बढ़ने hi वाली थी , तभी वोह अग्ग का गोला उसके भाई से ा टकराया था ,

जब रहनुमा ने देखा , के सेनापति खुरम जमीन पर गिरा हुआ है और रवि उसके ऊपर बेथ , उसके चेहरे पर लगातार मुक्के मर रहा है , तभी रहनुमा ने इक अग्ग का मैजिक बॉल रवि की तरफ छोड़ दिया , उसका ध्यान सुहाना से हैट गया ,

सुहाना ने रहनुमा का ध्यान हट्टे hi , वोह जादुई खंजर अपने पेट से निकल , रहनुमा की पीठ में घुसा दिया , रहनुमा का न दिखने वाला शरीर भी उस जादुई खंजर की ताकत के अग्गे झुक गया "aeeiiiiiiiiiiiii आआआआहहह..." रहनुमा इक तेज़ चीख मरते निचे गिर गई , अभी उसे कुछ वख्त दर्द में गुजरना था , कुछ वख्त बाद शयद वोह फिर से उठ जाती ,

रहनुमा की चीख सुन सबका ध्यान उस तरफ गया , जब रमा की नज़र अपनी माँ सुहाना पर गई , वोह गुस्से से पागल हो गई , उसका शरीर बेइंतहा कला पढ़ गया , उसके लाल जादुई बॉल , अग्ग बरसते हवा में उड़ने लगे , उसकी ब्यांक चीख सुन लारा और एलिज़ाबेथ दर गई , क्यों की कोमल बेसुध गिरी हुई थी , और रवि अभी खड़ा hi हो रहा था ,

पर दानवी सेना यह चीख सुन रमा की तरफ भागी , रमा अपने वहशी रूप में ा चुकी थी , उसके बॉल इतने लम्बे और इतने ब्यांक हो चुके थे के उनका शबदो में वर्णन संभव नै , रमा के लाल जादुई बॉल हज़ारो ास्त्रो का रूप ले चुके थे , रमा ने अपने सीने में फिर से वही ब्लैकहोल का निर्माण कर लिया , और उसकी तरफ अति दानवी सेना , उस ब्लैकहोल में जाने लगी , या यु कहे , रमा अपनी शक्ति से उनको अपने अंदर खींचने लगी , लारा और एलिज़ाबेथ , रमा के पीछे कड़ी हो गई , रवि ने भाग कर कोमल को उठा लिया और उड़द कर थोड़ा दूर चला गया , देखते hi देखते पूरी दानवी सीना , अंधकार लोग में जा चुकी थी , यहाँ पहले रवि और ख़ुशी कैद हुए थे , लेकिन रमा का गुस्सा अभ भी शांत नै हुआ था , वोह अभ दूर जंगल के पढ़ो को भी अपनी तरफ खींचने लगी थी , अगर ऐसा हो जाता तोह पूरी पृथिवी का विनाश हो जाता , रमा का शांत होना जरुरी था ,

"रएमाआ रुकोऊ..." सुहाना बड़ी मुश्किल से रमा के पास एते हुए बोली , और ऐसे hi अग्गे बढ़ते हुए वोह रमा के करीब पहुँच गई , उसने रमा के कंडे पर हाथ रखा , रमा अपनी माँ का एहसास पाकर शांत होने लगी , लेकिन उसने पूरा मदिआं साफ कर दिया था , सेनापति खुरम और उसकी दानवी सीना , अभ अंधकार लोग में कैद हो चुकी थी , रमा अभ पूरी तरह से शांत हो गई थी ,

"माआ..." रमा ने अपनी माँ को बहु में भर लिया , उसे पता था यह उसकी माँ सीमा है , जिसने उसे प्यार किया , उसे सम्बल , उसे इक नयी जिंदगी दी , रमा अपनी माँ का सार अपनी गॉड में रखे जमीन पर बेथ गई थी , अभ सुहाना (सीमा) की अखन बंद हो रही थी , अभ बस इक hi रास्ता बचा था , वोह रास्ता था "रिंग"

"सीमाआ..." रवि ने कोमल के होश में एते hi सीमा के पास एते हुए बोलै , उसके लिए सीमा उसका प्यार थी , चाहे पिछले जनम में दोनों भाई बहिन थे , पर इस जनम में , सीमा उसकी पत्नी थी ,

"सीमाआ , क्योऊ , तुम क्योऊ लड़ी उससे , अरे रमा को आवाज़ दे देती , मने कहा था , सब इक साथ रहे , इक दूसरे के पास , और तुम , तुम सबने सीमा को अकेला क्यों छोड़ा..." रवि ने पहले दर्द में और आखिर में गुस्से से सबकी तरफ देख , चीखते हुए बोलै ,

"नईईई , a..aa...aahhh p...pp...pri...nccee.."seema (सुहाना) ने बेइंतहा दर्द में दुबे रट हुए बोलै , उसे पता था , अभ उसका बचना मुश्किल है , अगर रूही और प्रिंस को मिलाना है , तोह उसे मरना होगा , यह शरीर अभ छोड़ना होगा , क्यों की उसके जिन्दा रहते , रिंग कभी भी रवि और कोमल को इक न होने देती ,

"डीडीईई , आपको कुछ नै होगा , हम इसका कोई न कोई हल दंड लेनेगे , में आपके बिना नै जी सकती , में आपसे प्यार करती हु , चाहे पारी लोग में , हम दोनों इक दूसरे से दूर रही हो , पर , पर अभ (रट हुए) में आपके बिना नै जी पाउगी" कोमल ने बेहद रट हुए सीमा के पास बैठते हुए बोलै ,

"हाँ सीमा , कोमल ठीक बोल रही है , ारी यद् आया , ख़ुशी , हाँ ख़ुशी , वोह , वोह तुम ठीक कर देगी , ख़ुशी कहा हूँ तुम..." रवि ने बेइंतहा गुस्से में चीखते हुए बोलै ,

"रवि शांत हो जाओ.." लारा ने रवि के कंडे पर हाथ रखते हुए बेहद दुःख में बोलै ,

"ारी , कैसे शांत हो जाऊ , मेरा प्यार मर रहा है , और में शांत हो जाऊ , यह मेरी बीवी है , इसने मेरा हर मोड़ पर साथ दिया , मुझे जिन्दा रखा , मुझे गाओं से निकल कर यहाँ तक पहुंचा दिया , मेरा पहला प्यार , अरे हम दोनों को मर्द औरत का पता नै था , तब से हम इक दूसरे से प्यार कर रहे हैं , यह , यह , इक देवी है , इक पवितर लड़की , ईएसएस ने मुझे तब भी आपने लिया जब मेरे जीवन में नजाने कितनी लड़कियाँ थी , इसने अपना प्यार बाँट लिया जब मने इसको बोलै के में कोमल से भी शादी करुगा , इसने उफ़ तक नै की , जब में रमा , रिमी , शूरति , बेबी , ख़ुशी , ें सबको प्यार कर रहा था , इसने कभी नै बोलै के मुझे वख्त दो , इसने कभी कुछ नै माँगा , रमा को ठीक किया उसे अपनी बेटी की तरह सम्बल , मेरे टूटने पर , इसने सबको बांध कर रखा , अपने दुःख , अपने दर्द , यह अपने अंदर छुपा लेती है , यह मेरी सीमा है , यह सबको खुशियाँ देती है , सीमा में तुम बचा लूंगा..." रवि ने बेइंतहा दर्द में बोलै , उसे सीमा भी चाईए थी और कोमल भी ,

"aa...ahhh n..naaaii pp...prin..ce , m..me..rraa waa.kh.टी ा गगया h..haiii , t..tt...tum k..kkomal को p...ppya..rrr d...de..naa , o...oorrr अह्ह्ह्ह m..meeri b..b...be...ttii ko.kk..ku...s..hh..rrr...rakhna.." सुहाना ने पहले रवि और उसके बाद अपनी बेटी के चेहरे को देखते हुए बोलै , रमा और भी रोने लगी अपनी माँ की बात सुन ,

"नईईई , मा , मुझे छोड़ कर मत जाओ , प्लस मा , नई जी पाउगी , प्लस माँ , उठू , उठाऊ माआ , भइआएए माँ को उठाऊ , माआ , में मर्डर जोगीई , मा मने आपकी रक्षा क्यों नई की , क्यूँउउ , aaaaaaaaaa , में मर्डर डुंगीई , सबको मर्डर डूंगीए , रेहनुम्माआआआ..." रमा ने बेइंतहा रट हुए , चीखते हुए , अपने चेहरे को नोचते हुए , चीला कर बोला , वोह पागल हो गई थी अपनी माँ की यह हालत देख कर , उसका रोना और उसका गुस्सा अभ बढ़ता जा रहा था ,

रवि जो रमा के पास बैठा था , उसके साथ बैठा था , उसने रमा के कंडे पर हाथ रखा तोह रमा उसके कंडे पर सार रख रोने लगी , रवि बस अभ बिना बोले , सीमा के चेहरे को देख रहा था , वोह समाज चूका था , अभ इक hi रास्ता बचा है , उसे सीमा को रिंग पहननी होगी , बिना रिंग के अभ सीमा नै बच सकती , पर क्या रिंग पहन कर , सीमा अछि रहती या पहले की तरह उसमे , बेइंतहा बुराई ा जाती , पर और कोई रास्ता भी तोह नै बचा था ,

सुहाना (सीमा) की आँखों में असून थे , जो प्यार पारी लोग में वोह न प् सकीय , वोह उसे अभ अपने प्रिंस की आँखों में दिख रहा था , सुहाना कुछ वख्त के लिए अपना दुःख , दर्द , सब भूल सा गई , सुहाना बस रवि को देख रही थी , और देखते hi देखते उसकी अखन बंद हो गई , उसकी सांसे बंद पढ़ चुकी थी , जिंदगी का सफर अभ थम चूका था , उसकी बंद आँखों में , उसके मन के भीतर , इक ख़ुशी थी , आखिर उसने अपना प्यार प् hi लिया , अपने प्यार को यद् करते करते , उसने अपना जीवन कुर्बान कर दिया , वोह सच में इक देवी थी , इस सब में , वोह सभ जादूगरनी रहनुमा को भूल चुके थे ,

अभ तक रहनुमा ठीक हो चुकी थी , बिना महा शक्ति के उसे मरना कठिन था , रहनुमा उनकी तरफ बढ़ने लगी थी , पर तभी वोह ा गई , जिसका इंतज़ार सब कर रहे थे , वोह थी काट ....


तो बे कुनिटेड... (फ्रेंड्स बस 2 अपडेट और उसके बाद यह part कम्पलीट हो जायेगा...)
 
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