Incest Deewanapan... - Page 2 - SexBaba
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Incest Deewanapan...



update-5a

रवि अपनी बहिन के ऊपर लेट बड़ी बड़ी सांसे ले रहा tha.kush देर ऐसे hi लेटने के बाद

रवि उठ कर खड़ा हो गया.

रमा ने अपनी अखन खोली तोह अपने अप्प को नंगा देख वो थोड़ा सा शर्मा

gai.rema उठी और अपने कपडे पहनने lagi.ravi ने भी अपनी धोती पहन ली thi.vo अब

रमा को hi देख रहा था.

रमा की मोती गांड अपने भाई की और thi.ravi ने फिर से रमा को पीछे से जकड

lya.rema अभी अध्नंगी hi thi.usne अभी चोली hi पहनी थी , और उसका घागरा उसके

हाथों मैं hi tha.ravi ने रमा को घुमा कर अपने सीने से लगा लिए और उसके रास

भरे गुलाबी होंठो को चूसने lga.rema भी पूरा साथ दे रही थी.

रवि अपनी बहिन के होंठो को चाट चाट कर मज़ा ले रहा tha.ravi ने रमा के

मोठे गुदाज चितदो को अपने हाथो से मसलना सुरु कर dya.kya चिताड़ थे इक डैम

सॉफ्ट soft.ravi गेहूं की त्र रमा के चितदो को गन्ने लगा , जिअसे अट्टा गुंड रहा हो.

जब भी रवि उसके मोठे गांड को मसलता रमा आह्हः सीई की आवाज़ करती तालयों के

भर हो जाती , उसकी अडडेयिअन हवा मैं ऊपर उठ जाती.

रवि काफी देर रमा की मोती गांड मसलता रहा , उसकी गांड की दरार मैं अपनी ऊँगली

फेरता रहा , फेर रवि ने अपनी बहिन को सौदा और झोपड़ी के बहार देखने लगा.

रमा ने जल्दी से अपना घागरा पहन lia.or रवि को पीछे से जकड lia.uske मोठे

मोठे चुके अपनी भाई की छाती मैं धस रहे थे.

"भइआ ये बात किसी को मत batana"rema ने थोड़ा शरमाते हुए कहा.

"नै बहना यह बात भी किसी को बताई जाती hai"ravi घूम कर अपनी बहिन रमा की

आँखों मैं देखता हुआ बोलता है.

"पर अप्प मुज़से वादा करो , के ये बात हम दोनों के बेच मैं rhegi"rema अपने

होंठ रवि के होंठो के पास करती हुई बोलती है.

"ठीक है , मैं वादा करता हूँ , अब तुम खुश ho"ravi मुस्करता हुआ बोलता है.

"हैं बहुत khush"rema अपने भाई के होंठो का इक चुमन लेती हुई बोलती है.

"भइआ घर चलो , मुझे ठण्ड और भूख लगी hai"rema झोपड़े के बहार जाती हुई

बोलती है.

"ठीक ा chalo"ravi भी रमा के पीछे पीछे चलने लगता है.

अभी भी काफी bunda-bandi हो रही thi.lekin इस बारिश मैं वो बाटे करते हुए जा

रहे थे.

आधा रास्ता पर कर लिए था , पर दोनों खामोश the.akhir कर रवि ने hi छुपी तोड़ी.

"बहना कोमल कब ा रही है शहर से , कितने साल हो गए उसे देखे hue"ravi अपनी

सब से छोटी बहिन कोमल के बारे मैं पूछ रहा tha.jo की उसके मां के घर

पिछले 8 सालो से रह कर शहर मैं पद रही थी.

"भइआ उसकी चिठ्ठी आयी थी , अगल महीने वो ा रही a"rema ने हस्ते हुए कहा.

"ाचा तोह अब कब छूट डौगी tum"ravi चलते हुए रमा की गांड मसल देता है.

"ुउउक्छ्ह भइआ , कितनी गन्दी बाटे करते हो तुम"

"बताओ न , अब कब डौगी tum"ravi अपनी बहिन के कानो मैं बोलता है.

रमा शर्मा जाती hai.vo थोड़ा लडख़ड़ा कर चल रही thi.abi अभी उसकी छूट मैं

अपने भाई का मोटा लुंड गया tha.vo अपने टंगे थोड़ी छोड़ी कर चल रही थी.

रवि बार बार रमा को देख मुस्करा रहा था.

"क्या हुआ बहना , कही दर्द तोह नै हो रहा "रवि , रमा की लड़कड़ाहटी चल देख

बोलता है.

रमा , रवि की और देख है देती hai.ab गाओं ा गया tha.esi लया वो दोनों चुप हो

gya.ravi और रमा घर ा गए.

सभी घर के अंदर बैठे the.bahar काफी बारिश हो रही thi.ravi और रमा घर के

अंदर ा गए.

"अरे रमा बेटी तुम ऐसे क्यों चल रही o"sangita ने रमा को लडख़ड़ा कर चलते हुए

देख पूछती है.

"माँ वो मैं रस्ते मैं गिर गई थी , थोड़ी मोच आयी है पाऊँ main"rema अपने

पेअर को थोड़ा मसलती हुई बोलती है.

"ाचा तू कपडे बदल मैं तेल गरम करके लती huu"sangita उठ कर तेल गरम करने लगती है.

रमा अपने भाई की और कातिल नज़रो से देखती हुई अंदर चली जाती hai.ravi भी अंदर जा

केर अपने कपडे बदल लेता है.......

कुज समे बाद सभी अंगेठी के पास बेथ अग्ग सेकने का मज़ा ले रहे थे.

"भइआ काम कैसा चल रहा है , कल तुम शहर जा रहो ho"rekha अपने भाई की और

देखती हुई बोलती है.

"हैं बीटा अग्गे दो महीनो के बाद रेखा की शादी है , उसका सारा इंतज़ाम भी तोह

करना hai"sangtia , रवि की और देखती हुई बोलती है.

"हैं माँ , मैं सब देख लूंगा "रवि अपनी बहिन रेखा के मस्त मोठे चुचु की

और देखता हुआ बोलता है.

"अरे भइआ चाय ठंडी हो रही hai"rema मुस्कृते हुए रवि की और देख कर बोलती

है.

"अरे हैं रमा , तू अज्ज मेरे कमरे मैं सो जाना , मुझे तुमसे रेखा दीदी की शादी

के बारे मैं बाटे करनी hai"ravi , रमा की और देख बोलता है.

रमा की नज़रो मैं इक शर्माहट थी , उसके गुलाबी होंठो पर इक मुस्कान थी.

"ठीक है भइआ , मुझे भी आपसे कुश बात करनी hai"rema उठ कर अंदर की तरफ जाती

बोलती है.

रवि करीब 1-2 घंटे और अपनी फॅमिली के साथ बैठा बाटे करता रहता hai.fer वो सब

सोने के लिया चले जाते हैं.......

तबक....
 
अपडेट-6

अभी काफी रत हो गई thi.ravi और उसकी बहिन रमा जमीन पर बिस्तर लगा सो रहे

the.par उनका सोना तोह घर बालो के लिया था , वैसे तोह वो इक दूसरे की बहो मैं

बहा दाल आपस मैं गले लगे हुए थे.

"भइआ आपको ऐसा नै करना च्या tha"rema ने बनावटी गुस्सा करते हुए कहा.

"क्यों बहना क्या हुआ तुझे दर लगता hai"ravi और जोर से रमा को अपने गले लगा लेता है.

रमा की कासी हुई चुच्यां रवि के सीने मैं डाब गई thi.uski छूट तोह कबकी

पनिया रही thi.uski ताज़ा फटी हुई छूट की पहको मैं से पानी बहने लगा tha.rema

भी रवि के चोदे सीने मैं धास्ति जा रही थी.

"भइआ क्या कर रहे ो , मुझे कुछ हो रहा hai"rema थोड़ा kas-masati हुई बोलती

है.

"क्या हुआ बहना , अज्ज तोह हमारी शुअग्रांत hai"ravi इतना बोल रमा की मस्त मोती

गांड को मसल देता है.

"आठ ुच्छ भइआ मत मसलो , दर्द होता hai"rema अपनी इक तंग उठा कर रवि की

जंगो मैं रख बोलती है.

रवि अपनी बहिन के घागरे के ऊपर से hi उसकी गांड की दरार मैं ऊँगली फेरने लगता

hai.ik डैम रवि अपनी ऊँगली से गांड का छेद रगड़ने लगता hai.rema मदहोश हो

जाती है , रमा अपने गर्म रास भरे गुलाबी होंठ रवि के होंठो से जोड़ उनने

बेइंतहा चूसने लगती है.

रवि , रमा के मोठे गदराये चिटेड़ो को मसलने लगता hai.vo इक चीटेड को मुठी

मैं भर कास कास कर मसलता रहता hai.rema का मज़े मैं बुरा हल tha.vo रवि

के होंठो को काटने लगती hai.ravi अपना हाथ उसके घागरे की इलास्टिक मैं लगा उसे

निचे खींच देता hai.rema ने अपने घागरे के निचे खुश नै पहना tha.ravi अपनी

बहिन का घागरा उतर कर फेक देता है.

रवि अपने हाथ को रमा की मस्त गदराई जंगो पर फेरने लगता hai.makhan जैसी

मुलाम मोती जंगो पर हाथ फेरना रवि को ाचा लग रहा tha.rema तोह पागल हो

अपने भाई के होंठ चूस रही थी.

रवि अपनी इक ऊँगली रमा की मोती गांड के छेद मैं रख अंदर की और दाल देता

hai.rema मदहोश हो रवि का होंठ काट देती है.

रमा अपनी गांड को अंदर की और सिकोड़ लेती hai.jisse रवि की ऊँगली गांड के छेद से

बहार निकल जाती hai.par रवि को अपनी बहिन की गांड के छेद के टाइट होने का पता

लग गया था.

रवि रमा को लेता उसके ऊपर ा जाता hai.ravi मदहोश हो रमा की गर्दन , उसके

होंठ , गाल सब चूमने चाटने लगता है.

रमा अपने हाथ से अपने भाई के पीठ को सहलाती रहती hai.ravi अपने हाथों से रमा

की चोली उतर कर फेक देता है.

रमा अपने मन मैं सोचती है के अज्ज तोह वो रवि के मोठे लुंड से कास कर छूट

मरवाउंगी , कितना बड़ा लुंड है भाई का , उफ़ अब दाल भी दो अपनी बहिन की छूट

मैं.

रवि ने जैसे hi रमा के नंगे दूध देखे वो उनमे खो hi gya.mote मोठे

चुचुए , इक डैम रास से भरे हुए थे , मोठे चुके के ब्राउन निपल पोरे तन कर

सलामी दे रहे थे.

रवि अपनी बहिन के मोठे दूध के अपने हाथों मैं भर कास कास कर मसलने

लगता है , रमा भी अपने भाई के लैंड को हाथ मैं पकड़ लेती hai.ravi , रमा के

दूध को दबता हुआ उसकी गांड पर इक हाथ रख उसे मसलने लगता है.

रमा की गदराई गोरी गांड इतनी नरम थी के रवि का लुंड जटके पर जटके मरने

लगता है.

रवि काफी देर तक रमा की मस्त दूध और उसकी गदराई मोती गांड को मसलता रहता

है.

पर जिअसे hi रवि अपना हाथ उसकी फुल्ली हुई मस्त छूट पर लेजाता है , और उसे हाथ मैं

भर कर मसलता है , रमा की आह्ह्ह्ह भइआ करती हुई सिसक पड़ती है.

रवि अपनी उंगलियन से छूट की पह्कों को खोल अपनी दो उंगिलन छूट के अंदर दाल

देता है.

और रमा ोुह्ह्ह शी भइआ करती हुई , अपनी जंगे आपस मैं कास लेती hai.ravi अपनी

उंगलियन से छूट को छोड़ना सुरु कर देता hai.rema के हाथ मैं रवि का मोटा लुंड

था , वो कबि पूरा लुंड हाथ मैं ले मसलती ते कबि उसके सुपडे को दबा देती.

कुछ देर बाद रवि अपनी उंगलियाँ भर निकल लेता hai.rema , रवि की और मदहोश

नज़रो से देख रही thi.ravi , रमा की और देखते हुए उंगलिअ चाट लेता hai.rema

शर्मा कर अपनी अखन बंद कर लेती है.

रवि अपनी बहिन की मस्त मोती जंगो को मसलता हुआ उसे उल्टा लेता देता hai.ab रमा

की मस्त मोती गदराई गांड ऊपर को हो जाती hai.bde बड़े मोठे चितदो के बेच उसका

छेद भी नै दिख रहा tha.ravi अपने दोनों हाथों से चितदो को अलग कर अपनी

बहिन की गांड का छोटा सा छेद देखता hai.ravi का मज़े के मरे बुरा हल हो जाता

hai.uski बहिन का छोटा सा छेद , जो के एकदम कुंवारा था , रवि अपना लुंड हाथ

मैं पकड़ मसल देता है.

रवि तोह अपनी बहिन की मोती गांड को देख पागल हो गया , उसे कोई होश न रहा ,

रवि ने अपनी धोती उतर कर फेकि और रमा के ऊपर लेट gya.ravi का लुंड अपनी बहिन की

मोती गदराई गांड मैं डाब gya.ravi को लगा के वो जानत मैं पहुंच चूका है.

"आह्हः भइआ जल्दी करो , अहह मुज़से और नै रहा jata"rema अपने चितदो को अलग कर

अपनी गांड का छेद अपने भाई को दिखती हुई बोलती है.

रवि से और सेहन नै होता वो अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगा देता hai.eske बाद वो

रमा की गांड की मोरी के पास अपना मोह कर उसपर दो तीन बार थूक देता hai.gand की

मोरी थूक से भर जाती है.

रवि अपने लुंड के मोठे मस्त टोपे को बहार निकल रमा के ऊपर लेट जाता hai.ravi को

लगता है के उसके वजन से गांड फ़ैल रही ho.rema की गांड बहुत नरम थी , जब भी

वो चलती थी तोह उसकी गांड बहुत हिलती thi.rema की मोरी को जब रवि के मोठे लुंड ने

छुआ तोह रमा की सिसकी निकल गई.

"भइया आराम से अह्ह्ह्ह दर्द मत होने देना ahhh"rema सिसकती हुई बोलती है.

जिस गांड को देख रवि रोज़ अपना लुंड हिलता था , वोही गांड अज्ज रवि मर रहा

tha.ravi ने लुंड का जोर से दबा दिया , लुंड का मोटा टोपा गांड की छोटी सी मोरी को

छेरता हुआ अंदर वाद गया.

"आह्हःइईईई भईईई , बहार निकालो aahhhiiii"rema दर्द से चटपटे हुए बोलती है.

रवि , ऐसे hi अपनी बहिन के ऊपर लेट जाता hai.rema का चेहरा इक तरफ tha.uski मस्त

फुल्ली होइ कोमल गाल देख रवि उसकी गलो को चूमने लगता hai.une काटने लगता है.

रवि अपनी जीब निकल उसकी गलो को , उसके होंठो को चाटने लगता hai.rema को फेर

मज़ा आने लगता है.

रवि ने अपने लुंड को थोड़ा सा और दबा कर ढका मारा , टोपे के साथ लुंड काफी अंदर

चला गया.

रमा को लगा जैसे उसकी गांड फैट गई ho.vo रवि को पीछे करने lagi.ravi ने रमा के

मोह पर हाथ रख कास कर ढाका मारा , लुंड गांड को फाड़ता हुआ अंदर घुस

gya.rema दर्द से छटपटने लगी.

"एआइइइइ भइआ छोड़ो मुझे , अह्ह्ह मुझे नै सीई गांड मारवणी , अह्ह्ह निकालो बहार ,

अह्ह्ह छूट मर लो ahh"rema रोटी हुई पता नै क्या कुछ बोली जा रही थी.

रवि काफी देर तक रमा की गलो को चूमता रहा , उसके होंठो को छत्ता रहा , उसके

दूध मसलता reha.akhir रमा का दर्द काम हो gya.ravi ने ढके लगाने सुरु

कर डीईए.

रवि ने वैसे hi गांड मैं लुंड फसये अपनी बहिन को घोड़ी बना lya.gand मैं अभी

भी लुंड फसा हुआ tha.ravi धीरे धीरे ढके लगाने लगा.

रवि ने रमा की गर्दन मैं बहा दाल ढके मरने सुरु कर dyia.ravi रमा के

कानो को काटने लगा , उसकी मस्त गलो को चूमने लगा.

रमा भी मस्ती मैं गांड पीछे कर लुंड अंदर ले रही thi.rema हर ढके के

साथ अपनी गांड को पीछे की और कर deti.ravi को लगा के गांड का गेहरावव बहुत जयादा

है , उसका लुंड जड़ तक अंदर जाता , और टोपे तक बहार निकलता.

थप थप थप पांच पांच पांच की आवाज़े गूंज रही thi.ravi अपनी बहिन की

घोड़सवारी कर रहा tha.uski गांड मैं अपना घोड़े जिअसे लुंड दाल उसकी गांड मर

रहा था.

रवि ने रमा के बाल पकड़ पीछे खेच laye.rema का सर ऊपर की और उठ गया उसकी

कमर मैं थोड़ा झुकाव ा गया., और रमा की गांड ऊपर की और उठ गई.

रमा के मोह se"aahhhhuuu...aahhuuu

आह्ह्ह्हह उउउउ ैई माआ भाई तेज़ ahhhh"esi तेज़ सिस्कियाँ निकल रही थी.

रवि ने रमा को जल्दी से सीधा लेता दया और उसकी छूट मैं लुंड रख इक hi ढके

मैं पूरा लुंड जड़ तक पेल दिए.

"आह्ह्ह्हह्ह भैईयाआ dhere"rema की इक चीख निकल गई.

रवि ने रमा की टंगे अपने कंदो पर रख छूट मैं लुंड पेलने pga.rema मज़े

के सागर मैं दुब आह्ह्हू अह्ह्ह करती छुड़वाने lgi.akhir कुछ मिंटो बाद रमा

की छूट ने हत्यार दाल दिए वो अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह सीई भइआ मई गई अह्ह्ह चिलाती हुई

अपना पानी छोड़ने lgi.rema ने रवि को अपने ऊपर कास कर जकड लिए.

वो रवि के होंठ चूसने lagi.ravi भी फेर साडी रत कबि रमा की गांड मरता रहा तोह

कबि chut.subah होने तक रमा की छूट और गांड सूज कर लाल हो चुकी thi.uski गांड

और छूट रवि के वीर्य से भरो हुई thi.pta नै कितनी बार रवि ने रमा को गदराई

मोती गांड को छोड़ा.....

तो बे कुनिटेड.....
 
अपडेट-7

सुबह होइ तोह रमा से उठा भी नै जा रहा था , वो बड़ी मुश्किल उस उठ कर अपने

कपडे पहनने लगी , रमा ने अपनी चोली पहनते हुए देखा के उसका भाई का मोटा

लुंड सोया हुआ भी कितना बड़ा और मोटा tha.rat भर उसकी जमकर छूट और गांड मरने

वाला घोड़े जिअसे लुंड अब सो रहा tha.rema ने लुंड के जागने से पहले अपने कपडे

पहन झा से भाग जाना hi सही समझा.

रमा ने गेट खोला और बहार निकल gai.ravi अभी भी सो रहा था.

करीब आधे घंटे बाद उसकी माँ कमरे मैं आयी और उसने रवि को उठा diya.ravi

अखन माल्टा हुआ उठा , पर जब उसे अपने नंगे होने का एहसास होया तोह वह जल्दी

से अपनी धोती पहन कर बेथ गया.

रवि ने सोचा ाचा हुआ माँ ने उसे इस हालत मैं नै dekha.ravi भी उठा और मोहहत

धो कर घर के अगन मैं खटिया पर बेथ गया.

उसके सामने उसकी माँ घर के चौंके मैं चाय बना रही थी , रेखा अभी अभी नहा

कर उसके साथ बैठी हुई थी.

"रवि तू अज्ज शहर को जा रहा है na"rekha अपने बड़े काळा बालो को सूखती हुई

बोलती है.

"हैं दीदी थोड़ा काम की वजह से जाना पद रहा hai"ravi , रेखा के मोठे दूध को

देख बोलता है.

रवि को रेखा के लाल ब्लाउज मैं कैद मोठे मोठे दूध का क्लीवेज पागल कर रहा

था.

"ाचा रवि , मैं भी तेरे साथ चलो , मुझे समान लाना hai"rekha अपने बड़े काळा

बालो पर खानगी करती हुई बोलता है.

"हैं , हैं , क्यों नै दीदी , जरूर चलो , मैं अभी त्यार होता huu."etna बोल रवि उठ

कर नलके के पास बेथ जाता है.

इतने मैं रमा भी कही बहार से अति दिखाई देती hai.ravi की अखन रमा के चेहरे

की तरफ जाती hai.jab दोनों की नज़ारे आपस मैं मिलती है , तोइन रमा शर्मा कर अपना

चेहरा दूसरी तरफ कर लेती है.

रवि , रमा को आवाज़ लगता है.

"रमा मेरी बहिन जरा नलका तोह घेड़ de"ravi मुस्कराता हुआ बोलता है.

"हैं भइआ क्यों नै , अभी ayi"rema भी वह आकर नलका घेड़ने लगती है.

रवि अपने मज़बूत सीने , मुसल कंदो पर साबुन लगा रहा tha.ravi ने अपने पोरे

जिस्म पर साबुन लगा लिया था.

रमा , रवि की और देख मुस्करा रही थी , वो हस्ती हुई बहुत धीरे से बोली -----"भइआ

इक जगा तोह रह गई , झा साबुन नै lga"etna बोल रमा ने अपनी नज़रे रवि के लुंड पर

दाल दी.

रवि ने अपनी माँ और रेखा दीदी से बचाकर अपना लुंड धोती से बहार निकल

lya.uska अध् खड़ा लुंड देख रमा शर्माने लगी.

रवि अपने मोठे लुंड पर कास कास कर साबुन मलने lga.apni धुलाई से लुंड भी

खुश हो गया , और वो पूरा तन कर खड़ा हो गया.

रवि की अपनी माँ और बड़ी बहिन रेखा की तरफ पथ थी , इस लिए वो बिना किसी दर से

अपने लुंड पर साबुन लगा रहा था.

रमा इक तक रवि के मोठे लुंड को देखि जा रही thi.uski छूट मैं खुजली होने लगी

thi.rema का दिल कर रहा था , अभी घागरा उतर कर रवि के मोठे लुंड पर चढ़ जाये

, और कास कर छूट फड़वा ले.

पर अभी यह नै हो सकता tha.ravi ने अपने लुंड का सूपड़ा बहार निकल कर उसे कास

कर साबुन लगा मसाला , उसकी अखन बंद हो gai.rema अपने होंठ काट रही थी.

"रमा , मेरी पथ पर तोइन जरा साबुन लगा de"ravi , रमा को साबुन देता हुआ बोलता

है.

रमा इक डैम से रवि के पीछे बेथ जाती hai.abh रवि की माँ और रेखा दीदी आपस मैं

बाटे करती हुई घर के अंदर चली गई थी , उनको जाता हुआ रमा ने देख लिया था.

रमा अपने हाथ मैं साबुन ले उसकी पथ पर लगाने लगती hai.ravi पीछे देखता है ,

तोह घर मैं कोई नै दिख रहा tha.ravi रमा का इक हाथ पकड़ अपने पेट के ऊपर

से अपने लुंड पर रख देता hai.rema भी रवि के मोठे लुंड को कास कर पकड़ लेती

hai.vo इक हाथ से रवि के पथ रगड़ रही थी , और दूसरे हाथ से उसका लुंड सेहला रही

थी.

कुछ देर तक वो लुंड को कास कर मसलती और ऊपर निचे करती रहती , पर लुंड जड़ने

का नाम नै ले रहा था.

रवि , रमा का हाथ हटा देता है और रमा भी उठ कर नलका घेड़ने लगती hai.ravi

नहा कर त्यार हो जाता है.

जब रेखा त्यार हो कर बहार निकलती है , तोइन उसका खूबसूरत बदन देख रवि के

पसीने शट जाते है.

रेखा ने इक लाल रंग की सदी पहनी थी , जिसे उसने अपने पेट से थोड़ा निचे बाँदा था

, रवि को रेखा की गोल नाभि दिख रही thi.uske ऊपर बड़े बड़े मोठे संतरे , रवि का

मन किया अभी साली को पटक कर छोड़ डेल.

रेखा , रवि के अग्गे चलने lagi.ravi अपनी बड़ी बहिन की मोती गांड देख पागल हुआ

जा रहा tha.uski गांड बहार की और कफी जयादा निकली हुई thi.ravi तोह अपनी बहिन की

गांड का दीवाना हो गया था.

रवि और उसकी बहिन रेखा गाओं के चुराहे पर आकर रुक gye.vhai रेखा की इक और

सहेली गीता कड़ी हुई thi.geeta , रेखा की बचपन की दोस्त थी.

गीता की आगे भी 24 साल hai.uske बदन का साइज बहुत मस्त है , उसके चुके रेखा

दीदी जितने बड़े होंगे , मतलब 36 ke.uski चिकनी कमर बहुत नाज़ुक और पतली थी , और गांड तोह इतनी मस्त और गदराई हुई थी के बुड्ढे का लुंड भी पल भर मैं पानी

शोद दे.

गीता की गांड 38 की साइज की thi.usne भी साडी पहनी हुई thi.uski मोती गांड साडी मैं

फास कर बहार की और निकली हुई thi.ravi की नज़र तोइन गीता के मस्त जिस्म पर दौड

रही थी.

शयद इस बात का गीता को भी एहसास हो गया था.

पर वो रवि को इक बार बुला कर रेखा से बाटे करने लगी थी.

गाओं से शहर जाने के लिए इक hi बस अति thi.jo पिछले 4-5 गाओं मैं से होकर

गुजरती थी.

वो काफी देर तक खड़े रहे , और फिर बस भी ा गई.

पर जिअसे hi रेखा , गीता और रवि की नज़र बस मैं पड़ी वो इक डैम शॉकेड हो

gye.bus पूरी त्र भरी हुई thi.bus मैं कदम रखने की भी जगा नै thi.par शहर

तोह जाना tha.es लई वो अग्गे होकर चढ़ने लगे...

तो बे कुनिटेड....
 


अपडेट-8

बस मैं काफी भीड़ thi.etni के पेअर रखने को जगा मिल पाना मुश्किल था.

पर और कोई रास्ता भी तोह नै था.

पिछली खिड़की से कुछ लोग उतरे , और रेखा दीदी को अंदर को जाने की जगा दी.

रेखा दीदी पहला बस मैं छड़ी और उसके पीछे geeta.ravi भी जल्दी से गीता के

पीछे hi बस मैं चढ़ gya.ravi को रोका तोह बहुत गया , पर रवि भी मज़बूत सरीर

का मालिक tha.ravi ने भी दूसरे को ढाका देते हुए गीता के पीछे खाद गया.

बस मैं रवि ने देखा काफी भीड़ thi.lok इक दूसरे के पैरो पर छाडे हुए

the.ravi ने देखा के उसकी बहिन रेखा के अग्गे दो औरते कड़ी thi.ravi भी एकदम

गीता से चिपका हुआ tha.par अभी उसके मन मैं गीता के लिए कोई बुरा खेल नै

आया था , जिसकी वजह से उसका लुंड खड़ा हो jata.ravi को गीता की नरम गांड अपनी

जंगो पर महसूस हो रही थी , पर रवि अभी भी गीता के बारे मैं खुस गलत नै

सोच रहा था.

गीता तोह है है कर रेखा से बाटे कर रही थी.

आखिर गीता ने वो किया जिससे रवि के होश उड़द gye.geeta एकदम से पीछे हो

gai.geeta ने अपनी गांड do-tin बार रवि के लुंड पर दे मरी.

अब रवि क्या करता , इतनी गदराई और मोती नरम गांड का स्पर्श पाकर उसका लुंड

जटके खता खड़ा हो गया.

गीता को भी रवि के मोठे लुंड का एहसास अपनी मोती गांड पर हो गया tha.par इतनी

कच्ची खिलाडी तोह वो भी नै थी.

गीता ने इक बार पीछे पलट कर गुस्से से रवि की और देखा , अब रवि के तोह होश hi

उड़द gye.vo अब्ब कर भी कुछ नै सकता tha.etni भीड़ मैं वो पलट भी नै सकता

tha.ravi का मोटा लम्बा लुंड अब गीता की चितदो पर डाब रहा था.

रवि ने मन मैं सोचा , अब जो होगा देखा जायेगा , और रवि अग्गे की तरफ और कास कर

गीता से चिपक gya.ab हवा क्रॉस करने की जगा भी नै thi.ravi को ऐसा लग रहा था ,

जिअसे उसका मोटा लुंड गीता की गांड मैं चला गया हो.

गीता का बुरा हल tha.vo चाहे दिल से अभी रवि के लुंड का मज़ा नै लेना छाती थी ,

पर छूट का क्या करती , गीता की छूट पूरी गीली हो चुकी thi.or इक खुजलाहट सी होने लगी

थी , गीता को.

रेखा ने अपना चेहरा अग्गे की और कर लय tha.ab गीता ने मौका देख रवि से बात

करनी सुरु की.

बस मैं लगते ढको से गीता को अपनी गांड पर इक लोहा जैसे लुंड का एहसास हो

रहा था.

रवि भी अपना लुंड पूरा दबा कर गीता की गांड पर ढके लगा रहा tha.geeta भी

मस्त हो चुकी thi.vo रवि से डबल मीनिंग बाटे करने लगी.

"अरे रवि तेरा काम कैसा चल रहा hai"geeta ने थोड़ा मुस्कराते हुए पूछा.

"दीदी पुछु मत , बहुत मज़ा ा रहा है काम करने main"ravi ने इक जोरदार प्रहार

गीता की गांड पर करते हुए कहा.

"पहले कबि किया है इस जगा काम , इस खेत मैं काफी म्हणत लगती hai"geeta ने अपनी

मोती गदराई गांड को हिलाते हुए कहा.

"अरे गीता दीदी मेरा hal(lund) इतना जबरदस्त है , के आपके खेत को फाड् कर रख

dega"ravi ने धोती मैं से लुंड का नंगा सूपड़ा गीता की गांड पर दबाते हुए

कहा.

"मेरा खेत मैं बड़े लोक शहद हुए है , इक मौका तोह मैं तुझे भी dungi"geeta

ने अपना इक हाथ पीछे करते हुए कहा.

"अरे दीदी इक बार मौका तोह दो , अप्प तोह मेरे hal(lund) की देवानी हो jaogi"ravi

अपना पूरा लुंड बहार निकल चूका tha.or वो अपने मोठे लुंड को गीता की गदराई

गांड पर दबा रहा था.

"ाचा कबि अपनी बहिन के खेत मैं भी हल चल्या है या nai"geeta , रवि के चेहरे

की और देखती हुई बोलती है.

"अरे गीता दीदी अभी कहा चल्या है , अप्प hi अपना खेत दिखा do"ravi इक हाथ से

गीता के मस्त चीटेड को मसल देता hai.geeta अपनी पैरो को उठा लेती है.

रवि की हिमत अब काफी बाद चुकी thi.vo भीड़ का पूरा फायदा उठा रहा tha.ravi काफी

देर तक गीता की मोती गांड को मसलता रहा.

रवि ने गीता का इक हाथ पकड़ अपने लुंड पर रख दिया.

"आठ , क्या लुंड है तेरा रवि , बहुत मोटा और लम्बा hai"geeta रवि के कानो मैं

फुसफुसाती है.

"दीदी अपने कभी चुदाई करवाई hai"ravi , गीता के चिकनी कमर को मसल कर

बोलता है.

"रवि मेरा बाप , और मेरा भाई मुझे रोज़ कास कास कर पेलते hai"geeta , रवि के लुंड

को ज़ोर से सहलाती हुई बोलती है.

"अरे गीता मैं क्या कह रही थी , ke"rekha पीछे की और चेहरा कर बोलती है.

गीता अपना हाथ इक जटके से हटा लेती hai.geeta हस्ती हुई , अग्गे की और चेहरा कर लेती

है.

अब रेखा और गीता शहर ऐनी तक आपस मैं बाटे करती रहती है.

शहर ऐनी के बाद रवि , गीता और रेखा बस से उतर कर घूमने लगते hai.fer

रेखा इक कपड़ो की दुकान पर जाती है.

वह रवि अपनी बहिन को खूब प्यार से जो वो बोलती है , वो सब दिला देता है.

रवि , अज्ज गीता की और बड़ी मस्ती भरी नज़रो से देख रहा tha.ravi अपने मन मैं

सोच रहा था , के गीता ने बाप और भाई से छुड़वा छुड़वा कर अपनी गांड कितनी बड़ी

कर ले hai.ravi हस्ता हुआ गीता को बार बार अपने लुंड की और इशारा कर रहा था , पर

गीता बार बार है कर ताल रही थी.

ऐसी hi नोकझोक के साथ रवि ने सारा समान खरीद liya.ab रवि , गीता और रेखा वापस

गाओं ा गए.

गीता जब अपने घर की और जाने लगी तोह रवि भी भाग कर उसके पीछे चल पड़ा......

तो बे कुनिटेड....
 


अपडेट-9

रवि , अपनी बहिन रेखा को बोल गीता के पीछे चल पड़ता hai.ravi तोह गीता की

मस्तानी गांड को मटकते हुए देख रहा tha.mote चीटेड आपस मैं रगड़ रगड़

कर अग्ग लगा रहा the.or इस अग्ग का असर रवि के लुंड पर हो रहा tha.ravi का मन कर

रहा था , के अभी गीता की सदी उठा लुंड उसकी गाड़ मैं पेल दे.

geeta:-are रवि तू मेरे पीछे - पीछे क्यों ा रहा hai."geeta अपनी मस्तानी गांड को

और ज्यादा हिला हिला कर चकते हुए बोलती है.

ravi:-vo अभी अभी तोह हमारी दोस्ती हुई है , आपका खेत देखना है muze."ravi

अपने लुंड को मसलता हुआ बोलता है.

geeta:-acha तभी मैं संजू , के तू मेरे पीछे क्यों ा रहा hai."geeta पीछे पलट

कर बोलती है.

गीता मुस्करा रही thi.jiase उसे पता चल गया हो के रवि क्या करना चाहता है.

geeta:-ravi मेरा घर ा गया , कल तुम घर आकर मिलती hu."geeta अपने घर के गेट

पर रुक कर बोलती है.

ravi:-thik ा , अप्प अपने भइआ और पापा से छुड़वा लो , कल मेरी बरी hai."ravi हस्ता

हुआ गीता की मोती गांड देख बोलता है.

गीता है देती hai.jab गीता अपने घर के अंदर चली जाती है , तभी रवि गाओं का इक

चाकर लगाने लगता hai.ravi गाओं मैं घूमता हुआ सरपंच के घर के पास

पहुँच जाता है.

वह रवि को सरपंच की सबसे बड़ी लड़की सीमा दिखती देती hai.seema कोई 20 साल की

लड़की thi.uska रंग एकदम गोरा tha.uske गुलाबी होंठ , मस्त गदराई गांड , पतली

कमर ,.मोठे संते जैसे चुके , इक डैम पताका लड़की थी वो.

गाओं का हर लड़का सीमा का देवना tha.par सीमा किसी को घास तक नै डालती

thi.kyu की उसे घमंड था अपने पिता की दौलत ka.sarpanch गाओं का सबसे आमिर

आदमी tha.bahut बड़ा घर था uska.ik हवेली जिअसे.

सीमा तोह परियो जिअसे जीवन बिता रही thi.kisi चीज़ की कमी नै थी usko.ravi ने

जबसे सीमा को देखा था , तभी से वो सीमा का देवना हो गया था , पर वो डरता

था , अगर सरपंच को कुछ पता चला तोह उसकी जान चली जाएगी.

रवि जनता था इक बार इक लड़के ने सीमा को कुछ उल्टा -सीधा बोल दिया था तोह

सरपंच ने उसकी जान ले लई thi.sare गाओं वाले उससे डरते थे.

सीमा अपनी हवेली की चाट पर कड़ी हुई thi.vo गाओं की हरली भरे खेतो को देख

रही थी.

रवि वह से गुजरते हुए सीमा के मस्त मोठे चुके को देख रहा tha.lekin सीमा

इस सब से बेखबर थी.

आखिर वो हुआ जिसकी किसी को उमेद नै thi.pta नै किऐसे सीमा की नज़र रवि पर चली

gai.seema , रवि को देखने lgi.par जब सीमा को रवि की नज़रो का आभास अपने

मोठे चुचु पर हुआ तोह उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया.

सीमा अपने अप्प से बोलने lgi"yeh दो कोड़ी का मज़दूर मुझे घर कर देख रहा है

, इसकी इतनी हिमेट"

सीमा , रवि की और देख अपना मोह चिड़ा वह से अंदर चली जाती hai.ravi को कुछ

बुरा लगता है , पैर फेर भी वो चुप चाप वह से चले जाता है.

रवि अपने घर पहुचनच जाता ha.ravi शयद जान चूका था के सीमा उसकी नै हो

सकती.

रवि का मोड़ अज्ज कुछ ठीक नै tha.vo अपने कमरे मैं जाकर बेथ गया.

रमा अभी घर नै थी , वो खाई बहार गई थी , रवि खात्या पर लेट गया , वो सीमा

से बहुत प्यार करता था पर सीमा थी के उसकी तरफ देखती तक नै thi.......ese hi

सोचते हुए रवि की आँख लग गई....

शाम को रवि को उसकी माँ ने उठा diya.ravi उठ कर बेथ gya.kuch देर बाद रमा

अंदर आयी और रवि के पास मैं बेथ गई.

"भइआ क्या हुआ , अज्ज कुछ परेशान लग रहे o"rema अपना हाथ रवि के माथे पर

लगा बोलती है.

"नै रमा कुछ नै हुआ , तू बता किऐसा रहा अज्ज का din"ravi चाय की इक चुस्की लेता हुआ बोलता है.

"बहुत बढ़िए , आपको पता है अज्ज मैं रश्मि के पास गई , मेने उसे आपके लये राज़ी कर

liya"rema मुस्कराती हुई बोलती है.

"किस बात के liye"ravi अपने लुंड को मसलता हुआ बोलता है.

"अरे भइआ जब मेने आपके लुंड के बारे मैं उसको बतया तोह रश्मि तोह अपनी छूट

खुजलाने lgi"rema अपनी छूट को खुजलाती हुई बोलती है.

"तूने कही उसे हमारे बेच जो हुआ , वो बता तोह नै diya"ravi थोड़ा परेशान होकर

बोलता है.

"भइआ क्या मैं इतनी पागल hu"rema है कर बोलती है.

इतनी देर मैं रमा को माँ की आवाज़ अति है , रमा उठ कर बहार चली जाती है.

तभी रवि को अपने दोस्त की बात यद् अति hai.usdin चंदू ने उसे जो बतया था , वो

रवि को यद् ा gya.ravi जल्दी से उठा और चंदू से मिलने के लिए घर से निकल पड़ा......
 


अपडेट-10

रवि घर से निकल अपने दोस्त चंदू को मिलने निकल जाता hai.ravi सीधा चंदू के

घर जाता hai.use कही भी चंदू नज़र नै ata.vo आवाज़ देने hi वाला होता है के

उसे बहार से चंदू की आवाज़ अति hai.chandu सामने से ा रहा होता है.

ravi:-"are भाई चंदू मुज़से भी मिल लिया karo."ravi हस्ता हुआ बोलता है.

chandu:-muze ऐसा क्यों लगता है के तुझे मुज़से कोई काम hai"chandu मुस्करता हुआ

बोलता है.

ravi:-"vah रे चंदू तू तोह बड़ा अंतर जमी है , हैं मुझे तुमसे काम है.

chandu:-"are इस नाचीज़ गरीब आदमी से क्या काम पद गया राजकुमार ko"chandu

अपना सर ज़ुका के बोलता है.

रवि को चंदू पे काफी गुस्सा ा जाता है.

ravi:-abhi तुझे इक जोर का छठा पड़ा तोह तेरी अकाल एकदम टिकने ा jayegi"ravi अपने

हाथ को दूसरे हाथ से मसलता हुआ बोलता है.

chandu:-are नै भाई , बता क्या काम था muzse"chandu डरता हुआ बोलता है.

ravi:-toh सुन मुझे उस्मान चाचू की चुदाई देखनी है , तूने कहा था के वो अपनी

बेटी को छोड़ ते है.

chandu:-hain मेने सच कहा था.

ravi:-agar तेरी बात सच हुई तोह तुझे इक लड़की दूंगा छोड़ने के liye."ravi , अपने दोस्त

चंदू को लालच देता हुआ बोलता है.

चंदू भी खुश हो जाता hai.vo रवि को कल ठीक 10 बजे ऐनी का कह कर हस्ता हुआ

घर मैं चला जाता hai.ravi भी अपने घर की और चल देता है.

रवि इक बाप के हाथो अपनी hi बेटी चुड़ते हुए देखना चाहता tha.vo देखना

चाहता था उस्मान चाचू कैसे अपनी गदराई गांड वाली कमसिन लड़की को छोड़ते

हैं.

रवि जब घर आया तोह उसने देखा के रेखा दीदी और माँ घर पर नै thi.akeki रमा

hi उसे घर पर दिखाई di.ravi ने बहार का गेट बंद किया और रमा को आवाज़ दी.

रमा अंदर से बहार आयी और बोली.

rema:-hain भइआ , क्या बात hai"rema , रवि की और देखती हुई बोलती है.

ravi:-vo रमा बाथरूम मैं कुछ कपडे पड़े है , वो उठा कर लाना.

रमा बाथरूम की और जाने लगती hai.ravi अपनी बहिन की मोती गांड देख पागल हुआ जा

रहा tha.ravi सोचता है की क्या मस्तानी चल है घोड़ी ki.eske मुसल जंगे और मोठे

छुटेड देख कही मेरा लुंड पानी न शोद दे.

रवि अपने लुंड को इक बार मसलता है और उठ कर रमा की और चल देता है.

रवि बाथरूम के गेट के पास जा केर देखता है के रमा ज़ुकी होइ कपडे उठा रही

thi.ravi की नज़र रमा की मस्त गदराई गांड पर जाती है जो उसके झुके होने के कारन

काफी छोड़ी और बड़ी लग रही thi.rema के मोठे चिटेड़ो के बेच इक गहरी दरार दिख रही

थी , और उस दरार के बेच रमा की गांड का वो बुरा छेद , रवि से और रहा नै जाता वोह

रमा को पीछे से जकड लेता है.

रवि अपनी प्यारी बहिन की गर्दन चूमने लगता hai.rema कास मस्ती हुई रवि से

छूटने लगती है.

rema:-bhyia माँ और दीदी ा jayegi.chodu मुझे.

ravi:-koi नै आएगा , अज्ज तेरी रास भरी बुर का रास पीला दे.

rema:-ahhh भइआ अप्प बहुत ख़राब हो , अगर कोई ा गया अह्ह्ह तोह.

रवि अपने हाथो से रमा के मोठे दूध मसल रहा tha.rema के ज़ुकी होने के

कारन उसके दूध निचे की और लटक रहे the.ravi कास कास कर रमा के दूध दबाता

hai.rema भी अब गरम हो चुकी थी , उसकी बुर भी पानी छोड़ने लगी thi.rema भी

अपनी गांड रवि के मोठे लुंड पर दबा रही थी.

पतले से घागरे मैं से रमा को रवि का नंगा लुंड अपनी गांड मैं जाता हुआ

महसूस हो रहा था.

रवि अपने इक हाथ से रमा का घागरा खींच कर निचे कर देता hai.rema की मस्त

गदराई चिति गांड रवि की अखनको के सामने ा जाती.

रवि निचे बेथ रमा के चितदो के अपने दोनों हाथो से खोल उसकी गांड का छेद

देखने लगता hai.ik डैम टाइट छेद देख रवि के मोह लार टपकने लगता hai.par अभी

रवि अपनी बहिन की गांड नै मर सकता tha.kyu की अगर अब रवि अपना मोटा लुंड

रमा की गांड मैं घुसा देता तोह रमा ने चीख चीख कर पूरा गाओं सर पर

उठा लेना था.

या लई रवि ने रमा की गांड को अपने दातो से काट दिया.

rema:-uuuucchhhh भइआ , मत काटो अह्ह्ह्ह.

रवि खड़ा हो अपना लुंड घोड़ी बनी रमा की छूट पर रख देता hai.ravi अपनी बहिन

रेखा की पनै छोड़ रही छूट की पहको मैं अपने लुंड का मोटा सूपड़ा घुसा इक

कास कर ढाका लगा देता है.

इक hi ढके में लुंड आधा से ज्यादा छूट की गेहर्य्यं मैं समै जाता है.

रमा अपनी छूट मैं लुंड जाते hi अपने पाऊँ ऊपर इक और उठा लेती a.rema की

अडडेयिअन हवा मैं उठी हुई थी.

rema:-oh यह ओह अह्ह्ह सी भइआ धीरे करो , मैं अह्ह्ह आपकी बीवी नै हूँ.

रवि अब तेज़ तेज़ ढके मरने lga.ravi अपनी घोड़ी बहिन के ऊपर पूरा झुक गया और

ढके लगाने lga.rema की छूट पूरी चिकनी हो गई thi.or अब लुंड भी फिसल फिसल कर

अंदर बहार हो रहा tha.ravi का मोटा लुंड रमा की छूट मैं कसा हुआ जा रहा

tha.rema भी अहह ओह्ह अहह सी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह जिअसे शब्द निकल कर अपनी बुर छुड़वा

रही थी.

रवि भी रमा के दूध मसलता हुआ कास कास कर ढके लगा रहा tha.ravi का लुंड

अपनी मस्तानी घोड़ी की छूट मैं पांच पांच फुट्छ फुट्छ की अवाज़ा करता हुआ जा रहा

था.

रमा को भी अब्ब मज़ा ा रहा था वो भी अब अपनी गांड पीछे की और पटक कर लुंड

अपनी छूट मैं पिलवा रही थी.

ravi:-ahh बहाना कैसा लग रहा है.

rema:-ahhh भइआ पुछु मत अह्ह्ह्ह सीई बस छोड़ते रहो अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मेरी तोह फैट

गई अह्ह्ह्ह .

रवि को रमा की सिस्कियाँ और उतेज़त कर रही thi.ravi ने और कास कास कर ढके लगाने

सुरु कर diya.rema की बुर अब काफी चिकनी हो गई थी और लुंड भी अब सटासट अंदर

बहार हो रहा था.

थोड़ी hi देर मैं रमा की छूट ने रवि के मोठे लुंड को कास कर जकड lyia.ahhh

भइआ छोड़ो छोड़ो अह्ह्ह सीई और रवि अपनी बहिन की मस्ती भरी सिसकार्य्या सुन पागलो

की तरह ढके मरने लगा.

तभी भर से गेट खटखटने की आवाज़ ayi.yeh रवि की माँ thi.jo घर ा गई थी.

पर रवि ने कास कास कर रमा की छूट मैं ऐसे ढके मरे के रमा की आँखों से

पानी निकल gya.uska सारा बैलेंस बिगड़ गया और वो ड्ढध्ड्ढाममम से निचे गिर

gai.rema जड़ चुकी थी और जीअस्स hi रमा निचे गिरी रवि ने अपना लुंड हाथ मैं

पकड़ उसे 4-5 बार हिल्या और उसके वीर्य की पिचकारिया निचे गिरी हुई रमा के मोह

पर पड़ने lgi.rema का गोरा मोह रवि के सफेद वीर्य से भर gya.rema का मोह hi

क्या उसके बालो पर भी रवि का माल लगा हुआ tha.rema बेशुद अखन बंद कर

पड़ी thi.ajj तोह रवि ने उसकी कट्या कड़ी करदी thi.uske भाई के मोठे लुंड ने उसकी

नाज़ुक सी छूट का बर्थ बना दिया था.

रवि ने जल्दी से अपनी धोती पहनी और गेट खोलने के लिए चल पड़ा .पर रवि के

पैसेने इस बात से निकल रहे थे के वो अपनी माँ को क्या जवाब देगा.......
 
फ्रेंड्स 3 या 4 दिन और देदू.. में सरे उपदटेस यही पोस्ट कर दूंगा.. एंड हैप्पी देवली सबको.. खुश रहो...
 
फ्रेंड्स फर्स्ट part में थोड़ा बदलाव कर रहा हु.. ऐसी लिए पोस्ट कर रहा hu....kuch बतिअन अधूरी रह गई थी.... थँक्स ...
 


अपडेट-11

रवि बहार जाकर गेट खोलता है , संगीता थोड़ा गुस्से मैं अंदर अति है , वो रवि

को ऊपर से निचे तक देखती हुई बोलती है.

sangita:-"etna टाइम क्यों लगा दया तूने , क्या कर रहा tha"sangita थोड़ी सी परेशान

होती हुई बोलती है.

ravi:-voh , वोह माँ मैं सो रहा tha"ravi अपना चेहरा निचे कर बोलता है.

sangita:-"chal मेरे साथ अंदर ा , मुझे तुज़से कोई जरूरी बात करनी hai"sangita इतना

बोल अंदर की और चली जाती है.

रवि भी अपना सर जुकेया अपनी माँ के पीछे चल पड़ता है.

संगीता इक खात्या मैं जाकर बेथ जाती hai.ravi भी सर झुकाये अपनी माँ के पास बेथ

जाता है.

ravi:-"kyu हुआ माँ.

sangita:-vo बीटा तेरी बहिन कोमल का फ़ोन आया tha"sangita थोड़ा उदास होकर

बोलती है.

ravi:-toh माँ इस मैं इतना उदास होने की क्या जरुरत है.

sangita:-vo बात यह है के तेरे मां जी थोड़े बीमार हो गए hain.es लई तुम उनकी

देखभाल करने के लिए जाना होगा.

ravi:-"oh माँ , तोह यह कोनसी बड़ी बात hai.mene सोचा पता नै क्या हो गया "रवि

मुस्कराता हुआ बोलता है.

sangita:-"are मैं तेरी माँ हु , इतने दिन तुज़से कैसे डोर rahu"sangita रोटी हुई

बोलती है.

ravi:-"uff ओह मरी प्यारी माँ , देखो कोमल के पास जाना भी जरुरी है.

sangita:-"hain बीटा , पर तेरी बहिन की शादी है , उसकी तयारी भी तोह करनी

hai."sangita थोड़ा परेशान होते हुए बोलती है.

ravi:-"are माँ तुम उसकी चिंता मत करो , मैं कुछ दिन hi वह rahuga"ravi अपनी

माँ के गले लगता हुआ बोलता है.

sangita:-are ओह रमा , अब यह खा मर gai"sangita थोड़ा गुस्से मैं चिलाती है.

तभी रमा बाथरूम से थोड़ा लगड़ाते हुए अति hai.lagta था रवि के आखिरी के ढके

उसकी छूट सेह नै पाई thi.ravi का लुंड वीएस भी घड़े के लुंड जैसा था.

sangita:-rema बीटा अपने भाई का समान इक बैग मैं दाल दे"

rema:-"kyu माँ भइआ कहा जा रहे hai"rema थोड़ा उदास होती हुई बोलती है.

sangita:-hain वो तेरे मां की तबियत थोड़ी ख़राब है , उनकी देखभाल के लिए रवि को जाना पद रहा है.

रमा और उदास हो जाती hai.vo अपना चेहरा निचे किये रवि के कमरे मैं चली जाती

है.

कल सुबह रवि को जाना था , इस लिए वो भी अपने कमरे मैं रमा की मदद करने

के लिए ा जाता है.

रवि कमरे मैं आकर देखता है के रमा की अखन नाम thi.shyad उसे भी रवि से

प्यार हो गया tha.tbi तोह वो अपना सब कुछ रवि को लुटा चुकी थी.

ravi:-"rema तू क्यों रो रही है , क्या ज्यादा तेज़ छोड़ दिया तुझे , बुर मैं दर्द हो

रहा hai."ravi ने रमा को छेड़ते हुए कहा.

रमा गुस्से से रवि की और देखती हुई इक कपडा उसकी तरफ चला के मरती hai.ravi भी

हस्ते हुए रमा की तरफ बढ़ने लगता है.

रमा अपनी नाम अखनो से रवि की अखनो मैं देख रही thi.ravi एकदम से रमा

के बहुत करीब ा gya.rema के इक हाथ मैं रवि के कपडे the.rema के गुलाबी

होंठ कम्प रहे the.rema की आँखों मैं से इक असो का कटरा बह कर निचे गिर

gya.ravi ने रमा की गाल को चुम लय.

रमा रोटी हुई रवि से चिपक gai.ravi बड़े प्यार से उसकी पथ को सहलाता हुआ उसे

शांत कर रहा था.

rema:-"bhyia अप्प मत जाओ , हम आपके बिना कैसे rehege"rema रवि को अपनी बहो

मैं कस्ती हुई बोलती है.

ravi:-"mere बिना या मेरे लुंड के bina"ravi मुस्करता हुआ बोलता है.

रमा , रवि की बात सुन शर्मा जाती है , अब क्या बोले उसे कुछ समाज मैं नै ा

रहा tha.vo अपनी आँखें बंद किये रवि के सीने से लगी रहती है.

रवि , रमा को पीछे कर उस के गुलाबी होंठो को देखता है , और अपने होंठ उसके

होंठो से जोड़ उनका रास पीने लगता hai.rema भी प्यार से अपना रास अपने भाई को पीला

रही thi.ravi काफी देर तक रमा के रास भरे होंठो को चुस्त रहता है.

ravi:-"rema अब तुम रोना मत , मैं जल्दी वापस ा jaoga"ravi इक फेर रमा के होंठो

को चुम कर कहता है.

rema:-"thik ा भइआ अब मैं आपको रो कर परेशान नै करुँगी , पर जल्दी ana"rema

हस्ते हुए कहती है.

फेर ऐसे hi रवि और रमा इक दूसरे से बाटे करते रहते hai.rat को सभी रवि को शहर

के बारे मैं बताते hai.vha किऐसे रहना है , कैसे खाना hai.ravi सबकी बातो को

बड़े दयँ से सुनता hai.par रमा इक तक रवि को देखे जा रही thi.ab अगल 20 दिन उसे

अकेली रहना था , अपने भाई से dor.vo इक लमि साँस लेकर ऐनी वाले पालो को सोचने

लगती है.

अगल दिन सुबह सुबह hi रवि घर से शहर की और चल पड़ता hai.uske मां के

पास जाने के लिए.

पर रवि नै जनता था के शहर मैं जाकर उसकी जिंदगी बदल जाएगी......

तो बे....
 
अपडेट-12

NOTE:-:-friends इक इम्पोटेंट बात बता देता huu.ab से मैं रवि को (मैं) शब्द

मैं लिखा करुगा तेन की स्टोरी की रफ़्तार को कुछ बड़ा saku.ajj मेरे एग्जाम ख़तम

हो गए hai.kal से अगर टाइम मिला तोह दिन मैं भी अपडेट देने की कोससिह

kruga.thanks तू आल फ्रेंड्स.....]

*********** ****************

जैसे hi मैं [Ravi] घर से निकल कर बस का वेट करने lga.mene देखा वह पहला

hi बहुत लोक खड़े the.uff मेने सोचा यह लोक भी शहर की तरफ hi भागते रहते

hai.enko शहर जाने के इलावा कोई काम नै है क्या.

मेरी यह बस तोइन हमारे नजदीक के शहर मैं hi jayegi.jis दिन मैं रेखा दीदी

के साथ गया था पर मुझे बड़े शहर जाना tha.jo इस शहर से भी कोई 15 किलोमीटर

डोर tha.jindgi मैं पहली बार मैं इतने बड़े शहर मैं जा रहा tha.muze बहुत

बेचैनी हो रही थी.

पर क्या करता मां जी के पास भी तोह जाना था.

और इक अछि बात यह थी के मैं अपनी छोटी बहिन कोमल से भी मिल लूंगा.

मैं बस का इंतज़ार कर hi रहा था , के मुझे सरपंच की गाड़ी अति हुई दिखाई di.vo

गाड़ी इक डैम मेरे सामने आकर ruki.mene देखा के उसमे से इक आदमी उतर कर बहार

आया , वो सरपंच जी से कुछ बात कर रहा था.

तभी गाड़ी की पिछली खिड़की का मिरर निचे hua.main तोइन शॉकेड हो गया.

पिछली सीट पर कोई और नै बल्कि सीमा बैठी thi.mere सपनो की razkumari.uski

सूंदर चेहरे को देख मेरा मन उसके प्यार के लिए तड़प utha.kitna खूबसूरत

और प्यारा चेहरा था , उसके नाज़ुक गुलाबी होंठ ,.उसके खुले हुए काले बाल जो उसके

चेहरे पर भी पद रहे the.usne काला चश्मा लगाया हुआ था.

मैं इक तक उसे hi देखे जा रहा tha.jaise hi उसकी नज़र मुझ पर पड़ी गीता का

चेहरा गुस्से से लाल हो gya.vo मेरी तरफ गुस्से से देख रही thi.achank उसने वो किया

जिसने मेरे दिल के टुकड़े टुकड़े कर दिए.

सीमा ने मेरी तरफ देख कर थूक diya.usne इस त्र थूका जैसे मुझ पर उसे घिन ा

रही ho.gussa तोह मुझे भी ा रहा था , पर मैं कर भी कुछ नै सकता था.

पर मैंने अपने अप्प से वादा किया के इसका घमंड इक दिन मैं hi तोड़ूगा.

मेने देखा के कुछ देर बाद वो कार वह से चली gai.mera गुस्से से चेहरा पूरा लाल

tha.par मैं कर कुछ नै सकता था.

ऐसे hi सोचते हुए मेरी बस ा gai.bus मैं jaise-tiase मेने अपना सफर पूरा

kiya.par मेरे पूरी सोच सीमा की उस गन्दी हरकत पर thi.main सोच रहा था के क्या कोई इतनी भी अहकारी हो सकता है , के दोस्रो का मज़ाक उड़ा दे.

ऐसे hi सोचते सोचते शहर ा gya.shehar पहुँच मेने अपना बैग उठा लिया और बस

अड्डे की और चलने लगा.

शेषर से बड़े शहर जाने के लिए बस अड्डे से बस पकड़नी पड़ती thi.main भी

अपनी बस पकड़ने के लिए बस अड्डे की और जा रहा था.

मैं बस अड्डे मैं घुसा तोइन इक बार फेर मैं शॉकेड हो gya.kyu की सरपंच की

कार वह रुकी हुई थी.

मने उनकी तरफ ज्यादा दयँ नै दिया और अपनी बस मैं आकर बेथ gya.kuch hi देर

हुई थी के मैं फिरसे हेरैं हो गया क्यों की जिस बस मैं बैठा था उसी मैं सीमा

आकर बेथ gai.usne मेरी तरफ नै देखा tha.vo थोड़ा अग्गे बैठी थी और मैं

piche.muze सीमा की खूबसूरत बाल दिख रहे the.bahut hi ज्यादा खूबसूरत

चेहरा था सीमा ka.par जब उसकी हरकत मुझे यद् आयी तोह मुझे सीमा से नफरत स

हो gai.shyad सीमा बड़े शहर मैं पद रही ho.ab यह तोह बागवान hi जनता tha.or

मेने भी इसके बारे ज्यादा सोचा नै.

कुज देर बाद बस अपनी मंज़िल की और चल padi.seema चुप चाप बैठी हुई thi.par

उसका ेहकर उसके सर पर बैठा था.

ऐसे hi 2 घंटो के बाद बड़ा शहर ा gya.main तोह चका चंद हुआ बड़ा शहर

देखे जा रहा tha.jindgi मैं अज्ज पहली बार इतने बड़े शहर मैं आया tha.or कितनी

कितनी बड़ी इमारते thi.or बड़े बड़े माकन देख मैं हेरैं हुए जा रहा tha.kabi

अपने झोपड़े से बहार जाकर मेने ऐसी दुनिआ देखि hi कहा thi.main तोह खुश हुए

जा रहा था , पर मुझे सबसे बड़ी चिंता यह थी के इतनी बड़ी ईमारत मैं लोक रहते

कैसे honge.kiase उनने दर नै लगता होगा.

बस ऐसे hi शहर की खूबसूरती का आनद लेते हुए मैं बड़े बस अड्डे मैं

पहुँच गया.

माँ ने मुझे बतया था के ममी जी और कोमल मुझे लेने आएगी.

मैं जब बस से उतरा तोह वह के लोगो के कपडे देख मैं हरिजन हुए जा रहे था.

मेने तोह अपने सबसे खूबसूरत कपडे पहने थे , मेरा चिटा कुरता और मेरी सफेद

dhoti.mere गाओं मैं तोह सभी यही पहनते the.lekin वह शहर के लोगो ने तोह

अजीब अजीब त्र के कपडे पहने हुए the.muze ख़ुशी भी हो रही थी और मैं उन

लोगो को देख घबरा भी रहा था.

अचानक किसी ने मेरे कंडे पर हाथ रखा , मैं तोइन दर hi गया.

मेने डरते हुए अपनी नज़रे पीछे की तोह इक बला की खूबसूरत लड़की मेरे पीछे

कड़ी थी.

मैं ऊपर से निचे तक उसे देख रहा tha.usne अज्जेब से कपडे पहने the.uski

टंगे पूरी नंगी thi.or घुट्नु के ऊपर थोड़ा हिस्सा भी नंगा tha.meri नज़र तोह

उसकी मखमली जंगो पर अटक gai.kya गोरी चिति दूध जैसे जंगे थी उसकी.

उसकी बहा भी पूरी नंगी थी और उसके चुके देख मेरा बुरा हल हो gya.uske गोल

गोल चुचु की गोलाई देख मेरा लुंड खड़ा होने लगा.

उसकी गर्दन भी बहुत कोमल और नाज़ुक लग रही thi.or उसका चेहरा इतना गोरा चिटा

था के मेरी नज़रे उसके चेहरे मैं अटक gai.uski काली अखन , उसके लाल होंठ ,

उसके खुले बाल , मैं तोह उसका दीवाना हो गया था.

अपनी और ऐसे देख उस लड़की ने चुटकी बजाते हुए keha----"bhyia , भइआ अप्प मुझे

ऐसे क्यों देख रहे है"

वो लड़की हस्ती हुई बोलती है.

मैंने अपने मन मैं कहा ाचा तोह यह कोमल hai.meri छोटी बहिन komal.main

भी पागल हु कैसे भूल गया अपनी छोटी बहिन ko.yhi सोच रहा था के इक और आवाज़

ने मेरी तत्र को तोड़ मुझे अपनी और आकर्षित किया.

mami:-"are मुझे भी तोह देखले , क्या अपनी बहिन को hi देखते rehega."mami ने

मुझे गले लगते हुए कहा.

ravi:-mami पाऊँ lagu"mane ममी के पैरो को छूटे हुए बोलै.

mami:-"ab क्या साडी बाटे यही करनी है चलो घर चले"

ममी ने इतना बोल मेरा इक बैग उठा liya.mene काफी मना किया पर वो नै mani.meri

छोटी बहिन कोमल तोह मुझे देख कर मुस्करये जा रही थी.

मने भी इक बैग अपने हाथ मैं ुट्ट्या हुआ tha.or फेर हम सभी बस अड्डे से बहार

की और चल पड़े.......

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