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update-5a
रवि अपनी बहिन के ऊपर लेट बड़ी बड़ी सांसे ले रहा tha.kush देर ऐसे hi लेटने के बाद
रवि उठ कर खड़ा हो गया.
रमा ने अपनी अखन खोली तोह अपने अप्प को नंगा देख वो थोड़ा सा शर्मा
gai.rema उठी और अपने कपडे पहनने lagi.ravi ने भी अपनी धोती पहन ली thi.vo अब
रमा को hi देख रहा था.
रमा की मोती गांड अपने भाई की और thi.ravi ने फिर से रमा को पीछे से जकड
lya.rema अभी अध्नंगी hi thi.usne अभी चोली hi पहनी थी , और उसका घागरा उसके
हाथों मैं hi tha.ravi ने रमा को घुमा कर अपने सीने से लगा लिए और उसके रास
भरे गुलाबी होंठो को चूसने lga.rema भी पूरा साथ दे रही थी.
रवि अपनी बहिन के होंठो को चाट चाट कर मज़ा ले रहा tha.ravi ने रमा के
मोठे गुदाज चितदो को अपने हाथो से मसलना सुरु कर dya.kya चिताड़ थे इक डैम
सॉफ्ट soft.ravi गेहूं की त्र रमा के चितदो को गन्ने लगा , जिअसे अट्टा गुंड रहा हो.
जब भी रवि उसके मोठे गांड को मसलता रमा आह्हः सीई की आवाज़ करती तालयों के
भर हो जाती , उसकी अडडेयिअन हवा मैं ऊपर उठ जाती.
रवि काफी देर रमा की मोती गांड मसलता रहा , उसकी गांड की दरार मैं अपनी ऊँगली
फेरता रहा , फेर रवि ने अपनी बहिन को सौदा और झोपड़ी के बहार देखने लगा.
रमा ने जल्दी से अपना घागरा पहन lia.or रवि को पीछे से जकड lia.uske मोठे
मोठे चुके अपनी भाई की छाती मैं धस रहे थे.
"भइआ ये बात किसी को मत batana"rema ने थोड़ा शरमाते हुए कहा.
"नै बहना यह बात भी किसी को बताई जाती hai"ravi घूम कर अपनी बहिन रमा की
आँखों मैं देखता हुआ बोलता है.
"पर अप्प मुज़से वादा करो , के ये बात हम दोनों के बेच मैं rhegi"rema अपने
होंठ रवि के होंठो के पास करती हुई बोलती है.
"ठीक है , मैं वादा करता हूँ , अब तुम खुश ho"ravi मुस्करता हुआ बोलता है.
"हैं बहुत khush"rema अपने भाई के होंठो का इक चुमन लेती हुई बोलती है.
"भइआ घर चलो , मुझे ठण्ड और भूख लगी hai"rema झोपड़े के बहार जाती हुई
बोलती है.
"ठीक ा chalo"ravi भी रमा के पीछे पीछे चलने लगता है.
अभी भी काफी bunda-bandi हो रही thi.lekin इस बारिश मैं वो बाटे करते हुए जा
रहे थे.
आधा रास्ता पर कर लिए था , पर दोनों खामोश the.akhir कर रवि ने hi छुपी तोड़ी.
"बहना कोमल कब ा रही है शहर से , कितने साल हो गए उसे देखे hue"ravi अपनी
सब से छोटी बहिन कोमल के बारे मैं पूछ रहा tha.jo की उसके मां के घर
पिछले 8 सालो से रह कर शहर मैं पद रही थी.
"भइआ उसकी चिठ्ठी आयी थी , अगल महीने वो ा रही a"rema ने हस्ते हुए कहा.
"ाचा तोह अब कब छूट डौगी tum"ravi चलते हुए रमा की गांड मसल देता है.
"ुउउक्छ्ह भइआ , कितनी गन्दी बाटे करते हो तुम"
"बताओ न , अब कब डौगी tum"ravi अपनी बहिन के कानो मैं बोलता है.
रमा शर्मा जाती hai.vo थोड़ा लडख़ड़ा कर चल रही thi.abi अभी उसकी छूट मैं
अपने भाई का मोटा लुंड गया tha.vo अपने टंगे थोड़ी छोड़ी कर चल रही थी.
रवि बार बार रमा को देख मुस्करा रहा था.
"क्या हुआ बहना , कही दर्द तोह नै हो रहा "रवि , रमा की लड़कड़ाहटी चल देख
बोलता है.
रमा , रवि की और देख है देती hai.ab गाओं ा गया tha.esi लया वो दोनों चुप हो
gya.ravi और रमा घर ा गए.
सभी घर के अंदर बैठे the.bahar काफी बारिश हो रही thi.ravi और रमा घर के
अंदर ा गए.
"अरे रमा बेटी तुम ऐसे क्यों चल रही o"sangita ने रमा को लडख़ड़ा कर चलते हुए
देख पूछती है.
"माँ वो मैं रस्ते मैं गिर गई थी , थोड़ी मोच आयी है पाऊँ main"rema अपने
पेअर को थोड़ा मसलती हुई बोलती है.
"ाचा तू कपडे बदल मैं तेल गरम करके लती huu"sangita उठ कर तेल गरम करने लगती है.
रमा अपने भाई की और कातिल नज़रो से देखती हुई अंदर चली जाती hai.ravi भी अंदर जा
केर अपने कपडे बदल लेता है.......
कुज समे बाद सभी अंगेठी के पास बेथ अग्ग सेकने का मज़ा ले रहे थे.
"भइआ काम कैसा चल रहा है , कल तुम शहर जा रहो ho"rekha अपने भाई की और
देखती हुई बोलती है.
"हैं बीटा अग्गे दो महीनो के बाद रेखा की शादी है , उसका सारा इंतज़ाम भी तोह
करना hai"sangtia , रवि की और देखती हुई बोलती है.
"हैं माँ , मैं सब देख लूंगा "रवि अपनी बहिन रेखा के मस्त मोठे चुचु की
और देखता हुआ बोलता है.
"अरे भइआ चाय ठंडी हो रही hai"rema मुस्कृते हुए रवि की और देख कर बोलती
है.
"अरे हैं रमा , तू अज्ज मेरे कमरे मैं सो जाना , मुझे तुमसे रेखा दीदी की शादी
के बारे मैं बाटे करनी hai"ravi , रमा की और देख बोलता है.
रमा की नज़रो मैं इक शर्माहट थी , उसके गुलाबी होंठो पर इक मुस्कान थी.
"ठीक है भइआ , मुझे भी आपसे कुश बात करनी hai"rema उठ कर अंदर की तरफ जाती
बोलती है.
रवि करीब 1-2 घंटे और अपनी फॅमिली के साथ बैठा बाटे करता रहता hai.fer वो सब
सोने के लिया चले जाते हैं.......
तबक....